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FINALLY… देखें 17 एक्जिट पोल्स में मिलाकर यानी ‘पोल ऑफ पोल्स’ के अनुसार उत्तराखंड में किसकी बन रही है सरकार

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Uttarakhand Election 2022 Exit Polls : उत्तराखण्ड में सत्ता गंवाने के  मुहाने पर खड़ी है भाजपाडॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 7 मार्च 2022। देश में सात चरणों के चुनाव सोमवार को समाप्त हो जाने के बाद अनेक टीवी चैनलों ने अपने एक्जिट पोल्स के परिणाम जारी करने प्रारंभ कर दिए हैं। अधिकांश एक्जिट पोल्स में उत्तराखंड में कांग्रेस के भाजपा से आगे रहने और सरकार बनाने के दावे किए जा रहे हैं।

इस पोस्ट में हम अन्य चैनलों के एक्जिट पोल्स को भी शामिल करेंगे, इसलिए उनके नतीजे भी जानने के लिए इस लिंक को लगातार रिफ्रेश करते रहें।

आज तक के एक्जिट पोल के अनुसार उत्तराखंड में भाजपा को 36 से 46, कांग्रेस को 20 से 30, आआपा को 2 से 4 एवं अन्य को 2 से 5 सीटें मिल सकती हैं, यानी भाजपा की लगातार दूसरी बार सरकार बन सकती है।

वहीं सीएनएक्स के एक्जिट पोल के अनुसार भी भाजपा को 35 से 43, कांग्रेस को 24 से 32, आआपा को शून्य एवं अन्य को 2 से 4 सीटें मिल सकती हैं। यानी उत्तराखंड में भाजपा की सरकार बन सकती है।

वहीं, टाइम्स नाउ वीटो के एक्जिट पोल में भाजपा को उत्तराखंड में सबसे ज्यादा 37 सीटें मिलने का अनुमान है। वहीं, कांग्रेस को 31 और पहली बार चुनाव मैदान में कूदी आम आदमी पार्टी सिर्फ एक सीट, तो अन्य को भी एक सीट मिलने का अनुमान है। एक्जिट पोल में भाजपा को 46.95 फीसदी, कांग्रेस को 35.94, आम आदमी पार्टी को 8.25 और अन्य को 8.86 फीसदी वोट मिलता दिख रहा है। इस एक्जिट पोल में सीएम पुष्कर सिंह धामी को 40.51 फीसदी, हरीश रावत को 40.05 फीसदी और आप के अजय कोठियाल को 11.10 फीसदी व अन्य को 8.35 फीसदी वोट अन्य को मिला है।

जबकि न्यूज 24-टुडे चाणक्या के एग्जिट पोल में भाजपा को 43 सीट मिलती दिख रही हैं। जबकि कांग्रेस 24 पर सिमटती नजर आ रही है। वहीं, अन्य को तीन सीटें मिल रही हैं। इस एग्जिट पोल में भाजपा को 53 फीसदी ब्राह्मण वोट, 50 फीसदी राजपूत, 49 फीसदी ओबीसी, 42 फीसदी एससी और 6 फीसदी मुस्लिम वोट मिलता दिख रहा है। जबकि कांग्रेस को 24 फीसदी ब्राह्मण, 28 फीसदी राजपूत, 27 फीसदी ओबीसी, 32 फीसदी एससी और 71 फीसदी मुस्लिम वोट मिलता दिख रहा है।

इसके अलावा जन की बात के एग्जिट पोल में भाजपा को 32 से 41 सीटों के साथ पूर्ण बहुमत मिलता दिख रहा है। जबकि कांग्रेस के खाते में 27 से 35 सीटें तथा बसपा और आम आदमी पार्टी को एक-एक जबकि अन्य को तीन सीटें मिलने का अनुमान है।

इसी तरह एक्सिस माय इंडिया के एग्जिट पोल में भाजपा को 36 से 46 सीटें मिलने का अनुमान है। जबकि कांग्रेस को 20-30 सीटें मिलती दिख रही हैं। इसके अलावा अन्य को चार से नौ सीटें मिलने का अनुमान है। वहीं, आम आदमी पार्टी का खाता नहीं खुल रहा है।

यही नहीं, ईटीजी रिसर्च के एग्जिट पोल में भी भाजपा को 37-40 सीटें मिलने का अनुमान है। जबकि कांग्रेस को 29-32 सीटें मिलती दिख रही हैं। इसके अलावा अन्य को दो और आम आदमी पार्टी को एक सीट मिल रही है।
इसी तरह पी मार्क के एग्जिट पोल में भी भाजपा को 35 से 39, कांग्रेस को 28 से 34, आप को शून्य से तीन और अन्य के खाते में एक से तीन सीटें जाने का अनुमान है।

जबकि सी-वोटर के एग्जिट पोल में कांग्रेस को सबसे ज्यादा 32 से 38 सीटें जाती दिखाई दे रही हैं, वहीं भाजपा को 26 से 32 सीट मिलने का अनुमान लगाया है। जबकि आम आदमी पार्टी के हिस्से में दो तो अन्य के पक्ष में 3 से 7 सीटें जाती दिख रही हैं।

इसी तरह और डिजाइन बॉक्स्ड के एक्जिट पोल में भाजपा को 26-30, कांग्रेस को 35-40 और अन्य को तीन से छह सीटें दी गई हैं। जबकि इस एग्जिट पोल में आप का खाता नहीं खुला है।

इसके अलावा इंडिया टुडे-एक्सिस के एक्जिट पोल में भाजपा को 36 से 46, कांग्रेस को 20 से 30 आआपा को शून्य व अन्य को 4 से 9 तथा रिपब्लिक-पी मार्क के एक्जिट पोल में भाजपा को 35 से 39, कांग्रेस को 28 से 34, आआपा एवं अन्य को शून्य से 3 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है।

जबकि एबीपी न्यूज के एक्जिट पोल के अनुसार उत्तराखंड में भाजपा को 41, कांग्रेस को 39, आआपा को 9 व अन्य को 11 प्रतिशत वोट तथा भाजपा को 26 से 32, कांग्रेस को 32 से 38, आआपा को शून्य से 2 एवं अन्य को तीन से सात सीटें मिल सकती हैं।

वहीं जी न्यूज के एक्जिट पोल्स के अनुसार उत्तराखंड में भाजपा को 35, कांग्रेस को 39, आआपा को 9, बसपा को 8 व अन्य को 9 प्रतिशत वोट एवं भाजपा को 26 से 30, कांग्रेस को 35 से 40, आआपा को शून्य, बसपा को 2 से 3 तथा अन्य को 1 से 3 सीटें मिल सकती हैं।

इसी तरह टीवी9 भारतवर्ष के एक्जिट पोल के अनुसार भाजपा को 31 से 33, कांग्रेस को 33 से 35, आआपा को शून्य से 3 तथा अन्य को शून्य से दो सीटें मिल सकती हैं।

आर-भारत के एक्जिट पोल के अनुसार भाजपा को 29 से 34, कांग्रेस को 33 से 38, बसपा को 1 से 3 एवं अन्य को भी 1 से 3 सीटें मिल सकती हैं।

जबकि न्यूज 18 के अनुसार भाजपा को 29, कांग्रेस को 35, आआपा को 1 एवं अन्य को 5 सीटें मिल सकती हैं।

वहीं इंडिया टीवी पर प्रदर्शित ग्राउंड जीरो के एक्जिट पोल के अनुसार भाजपा को 25 से 29, कांग्रेस को 37 से 41, आआपा को शून्य एवं अन्य को दो से चार सीटें मिल सकती हैं।

इसके अलावा एनडीवी के एक्जिट पोल के अनुसार उत्तराखंड में भाजपा को 26 से 32, कांग्रेस को 32 से 38, आआपा को शून्य से 1 तथा अन्य को शून्य से 4 सीटें मिल सकती हैं।

इस आधार पर यदि सभी एक्जिट पोल्स का औसत यानी ‘पोल्स ऑफ पोल्स’ का अनुमान देखें तो उत्तराखंड में भाजपा को 36 से 42 सीटें मिल रही हैं। वहीं, कांग्रेस को 26 से 34 सीटें मिलने का अनुमान लगाया है। इसके साथ ही आम आदमी पार्टी को एक सीट मिल सकती है। जबकि एक से छह सीटें अन्य को मिलने का अनुमान है।

हालांकि ध्यान में रखना होगा कि यह एक्जिट पोल के नतीजे हैं, एक्जैक्ट पोल के नतीजे नहीं, जो आगामी 10 मार्च के लिए आएंगे और इसके लिए 10 मार्च तक का ही इंतजार करना पड़ेगा। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : हरीश रावत के रामनगर छोड़ लालकुआं से चुनाव लड़ने पर होगा फायदा या नुकसान, आया सर्वे…

नवीन समाचार, देहरादून, 31 जनवरी 2022। कांग्रेस ने तीसरी सूची में हरीश रावत का विधान सभा क्षेत्र बदल दिया। पहले उन्हें नैनीताल जिले की रामनगर विधान सभा सीट से उम्मीदवार बनाया गया था., लेकिन बाद में उन्हें नैनीताल जिले की ही लालकुआं सीट से टिकट दे दिया गया। इस पर काफी राजनीति भी हो रही है। पहले प्रत्याशी घोषित हुई संध्या डालाकोटी ने यहां से कांग्रेस के ‘लड़की हूं-लड़ सकती हूं’ के नारे को निशाने पर लेते हुए ‘महिलाओं के सम्मान’ का प्रश्न उठाते हुए निर्दलीय ताल ठोक दी है। बताया जा रहा है कि उन्हें पार्टी के प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव व नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह समर्थन भी प्राप्त है। इस बारे में भाजपा-कांग्रेस में आरोप-प्रत्यारोप भी हो रहे हैं।

सवाल उठ रहा है कि आसन्न विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के राजनीतिक भविष्य पर इस पूरे घटनाक्रम से क्या फर्क पड़ेगा। इसी प्रश्न को लेकर एबीपी न्यूज द्वारा लोगों की राय ली गई। लोगों से पूछा गया कि रामनगर से टिकट देकर हरीश रावत का सीट बदल देने से कांग्रेस को फायदा होगा या नुकसान ? इस पर करीब 42 प्रतिशत लोगों ने कहा कि नुकसान होगा. जबकि 39 प्रतिशत लोग ने कहा कि इससे कांग्रेस को फायदा होगा. 19 प्रतिशत लोगों ने पता नहीं में जवाब दिया। (डॉ. नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : एक और ओपिनियन पोल : जानें किसके ‘हाथ’ में होगा ‘फूल’, किसके अरमानों पर फिरेगा ‘झाड़ू’…

नवीन समाचार, देहरादून, 30 जनवरी 2022। उत्तराखंड में विधानसभ्ज्ञा के चुनावी समर के बीच एक और, इंडिया टीवी का ओपिनियन पोल सामने आया है। इसके अनुसार भाजपा और कांग्रेस दोनों के बीच मुकाबला बेहद करीबी है और बाजी किसी के भी हाथ लग सकती है। सर्वे के नतीजे कहते हैं कि 70 सीटों वाली विधानसभा में भाजपा और कांग्रेस दोनों को 33 से 35 सीटें मिल सकती हैं, वहीं, आम आदमी पार्टी के अरमानों पर भी 0 से 1 सीटों के साथ झाड़ू फिर सकता है। वहीं अन्य के खाते में 0 से 2 सीटें जा सकती हैं। जबकि बसपा और सपा का भी यहां खाता खुलता नहीं दिख रहा है।

इस प्रकार उत्तराखंड में भाजपा को 2017 विधानसभा चुनाव के मुकाबले उत्तराखंड में नुकसान होता दिख रहा है तो कांग्रेस छलांग लगाती दिख रही है, पर सरकार बनाती नहीं दिख रही है। वहीं वोट शेयर की बात करें तो ओपिनियन पोल के अनुसार भाजपा को 45 फीसदी,, कांग्रेस को 46 फीसदी, आप को 4 फीसदी तथा बीएसपी के खाते में 2 और अन्य के खाते में 3 फीसदी वोट जा सकते हैं।

इसके अलावा ओपनियन पोल के अनुसा पुष्कर सिंह धामी को 41 फीसदी व कांग्रेस के चेहरे हरीश रावत को 44 फीसदी लोगों ने मुख्यमंत्री पद के लिए अपनी पसंद बताया है। ओपिनियन पोल के अनुसार प्रदेश के पर्वतीय जिलों में कांग्रेस आसानी से बढ़त बना लेगी, जबकि मैदानी जिलों में कांग्रेस को भाजपा से अच्छी टक्कर मिलेगी। उत्तराखंड के गढ़वाल व कुमाऊं मंडल के विभिन्न जिलों में भाजपा को बढ़त मिलने की बात सर्वे में आ रही है।

साथ ही सर्वे के नतीजों के अनुसार गढ़वाल मंडल के मैदानी इलाकों में भाजपा आसानी से 10-12 सीटें जीत सकती है, जबकि कांग्रेस के हाथ सिर्फ 9-11 सीटें ही आएंगी। जबकि कुमाऊं में भी भाजपा को बढ़त मिलेगी, लेकिन भाजपा और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर होगी। सर्वे में यह भी माना गया है कि भाजपा में फिलहाल धामी ही सीएम को चेहरा हो सकते हैं। हालांकि, पार्टी में मुख्यमंत्री के कई दावेदार हैं, इनमें पूर्व सीएम डा. रमेश पोखरियाल निशंक, पूर्व सीएम त्रिवेंद्र रावत, राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी और कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज तथा कांग्रेस में चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष पूर्व सीएम हरीश रावत और नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ही भावी सीएम की दौड़ में है। लेकिन यदि इन सबके बीच दलित सीएम की बात आती है तो यशपाल आर्य का नाम भी इस दौड़ में शामिल हो जाता है। जबकि गणेश गोदियाल के समर्थक उन्हें छुपे रूस्तम की तरह देख रहे हैं। कांग्रेस में हरीश रावत को मुख्यमंत्री का चेहरा मानने को लेकर भारी अंतरविरोध है।(डॉ. नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड में चुनाव सर्वेक्षणों पर रोक, जानें कैसे सर्वेक्षणों पर लगी है रोक और कब से कब तक ?

नवीन समाचार, देहरादून, 30 जनवरी 2022। निर्वाचन आयोग ने उत्तराखंड में आगामी दस फरवरी से सात मार्च के बीच एक्जिट पोल पर रोक लगा दी है। उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने भारत निर्वाचन आयोग की ओर से जारी दिशा निर्देशों के क्रम में 10 फरवरी को सुबह सात बजे से सात मार्च की शाम साढ़े छह बजे तक एग्जिट पोल के प्रकाशन पर रोक लगाा दी है। इस दौरान प्रिंट या इलेक्ट्रोनिक मीडिया में किसी भी तरह से चुनावी नतीजों का प्रकाशन नहीं किया जाएगा। इसका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि एक्जिट पोल का अर्थ ऐसे पोल या सर्वे से है, जिसमें पत्रकार चुनाव के लिए मतदान कर लौट रहे मतदाताओं से उनके द्वारा दिए गए वोट की जानकारी लेता है, और उसके आधार पर सर्वेक्षण कर किसी पार्टी या प्रत्याशी के जीतने-हारने की संभावनाओं का अनुमान लगाता है। दूसरी ओर ओपिनियन पोल वे सर्वेक्षण होते हैं, जो मतदाताओं से मतदान करने के इतर उनके पार्टियों-प्रत्याशियों के बारे में राय पूछते हुए लिए जाते हैं। ऐसे में यह साफ नहीं है कि आयोग ने ओपिनियन पोल्स पर रोक लगाई है अथवा नहीं। (डॉ. नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : आया नया ओपिनियन पोल, देखें किसकी बनेगी सरकार, कौन सीएम के रूप में पसंद, हरक किसे दिलाएंगे लाभ

AAP Ka Mehta - Ek Mauka AAP Ko  on Twitter: "TIMES NOW NAVBHARAT OPINION  POLL - UTTARAKHAND AAP likely to get 5-8 Seats in Uttarakhand as per the  Latest Opinion Poll

नवीन समाचार, नैनीताल, 29 जनवरी 2022। उत्तराखंड में आसन्न विधानसभा चुनाव की नामांकन प्रक्रिया के बीच टाइम्स नाउ एवं नवभारत टाइम्स का ओपिनियन पोल सामने आया है। इस ओपिनियन पोल की मानें तो उत्तराखंड में भाजपा को 41.11 प्रतिशत वोट मिलने के आसार हैं जबकि दूसरे स्थान पर कांग्रेस को 27.31 प्रतिशत वोट मिल सकते हैं। वहीं, आम आदमी पार्टी को 18.67 प्रतिशत वोट मिल सकते हैं, जबकि अन्य के खाते में 12.91 प्रतिशत वोट जा सकते हैं।

वहीं सर्वे में पसंदीदा मुख्यमंत्री के प्रश्न पर सबसे अधिक 39.54 प्रतिशत मत पुष्कर सिंह धामी को, जबकि हरीश रावत को 25.42 प्रतिशत और कर्नल अजय कोटियाल को 17.32 प्रतिशत लोगों की पसंद बताया गया है। जबकि भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री के पद पर पसंद के रूप में पुष्कर सिंह धामी 76.63 प्रतिशत फीसदी वोटों के साथ पार्टी के अन्य नेताओं से काफी आगे, अनिल बलूनी 10.42 प्रतिशत और त्रिवेंद्र सिंह रावत 9.42 प्रतिशत प्रतिशत लोगों की पसंद हैं, जबकि कांग्रेस में सीएम की पहली पसंद के तौर पर हरीश रावत को 65.32 प्रतिशत व प्रीतम सिंह को 25.24 प्रतिशत लोगों की पहली पसंद है।

ओपिनियन पोल के अनुसार भाजपा उत्तराखंड में 42 से 46 सीटों पर जीत दर्ज कर सरकार बना सकती है। वहीं, कांग्रेस के खाते में 12-14 सीटें और आम आदमी पार्टी को 8 से 11 सीटें मिल सकती हैं। इसके अलावा, 2-5 सीटों पर अन्य उम्मीदवार जीत दर्ज कर सकते हैं। ओपिनियन पोल में 42.53 फीसदी लोगों का मानना है कि हरक सिंह रावत के कांग्रेस में आने से फायदा होगा, जबकि 24.42 फीसदी लोगों को लगता है कि कांग्रेस को इसका लाभ नहीं मिलेगा। वहीं, 33.05 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे इस पर कुछ कह नहीं सकते हैं। (डॉ. नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : जानें नैनीताल, हल्द्वानी, रामनगर, रुद्रपुर, कोटद्वार एवं देहरादून के नगर निकाय चुनावों के एकमात्र ओपीनियन पोल के परिणाम:

नोटः सर्वप्रथम हम साफ कर देना चाहते हैं कि हम किसी एक्जिट पोल के नहीं बल्कि ओपीनियन पोल के परिणाम जारी कर रहे हैं। यह ओपीनियन पोल निकाय चुनाव के लिए नामांकन होने के बाद शुरू किये गये थे। हमारा इन ओपीनियन पोल्स के परिणामों से संतुष्ट होना जरूरी नहीं है। हम इन परिणामों के चुनाव परिणामों के रूप में सही साबित होने का भी किसी तरह का दावा नहीं करते हैं। साथ ही यह भी साफ करते हैं कि यह परिणाम किसी नगर निकाय के संपूर्ण मतदाताओं का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं, बल्कि यह केवल उन लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं जो हमारे पोर्टल पर आये। इस तरह यह केवल उन लोगों के ही ‘ओपीनियन’ यानी विचार भी हो सकते हैं जो कि स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते हैं, और ऑनलाइन रहते हैं। अब यह आपीनियन पोल बंद कर दिये गये हैं। आप स्वयं भी इनके परिणाम देख सकते हैं। संक्षिप्त में परिणाम इस तरह हैं:

1. नैनीताल : नैनीताल के लिए दो ओपीनियन पोल किये गये थे। पहला ओपीनियन पोल नामांकन के पहले 5 दिन तक ही सक्रिय रहा था। इस प्रकार शुरुआती दिनों में यह स्थिति थी :
सरस्वती खेतवाल को 30 प्रतिशत, खजान डंगवाल को 16 प्रतिशत, सचिन नेगी कांग्रेस को 14 प्रतिशत, अरविंद पडियार भाजपा को 14 प्रतिशत, नीरज जोशी-7 प्रतिशत, प्रकाश पांडे उक्रांद को 5 प्रतिशत, राजेंद्र परगाई को 4 प्रतिशत, नोटा यानी किसी को नहीं को 3 प्रतिशत, दीपा मिश्रा को 2 प्रतिशत, किशन नेगी को 1 प्रतिशत और नलिनी नेगी, रईश अहमद अंसारी व संजय साह को एक फीसद से कम मत पड़ रहे थे।
वहीं 30 अक्तूबर से शुरू हुए दूसरे ‘गुप्त’ ओपीनियन पोल के अनुसार भाजपा के अरविंद पडियार को सर्वाधिक 23.39 प्रतिशत, कांग्रेस के सचिन नेगी को 17.29 प्रतिशत, नोटा यानी किसी को नहीं को 14.58 प्रतिशत, उक्रांद के प्रकाश पांडे को 12.37 प्रतिशत, निर्दलीय डा. सरस्वती खेतवाल को 7.12 प्रतिशत, नीरज जोशी को 5.76 प्रतिशत, किशन नेगी को 4.92 प्रतिशत, राजेंद्र परगाई को 3.9 प्रतिशत, अजय साह को 3.56 प्रतिशत, खजान सिंह डंगवाल को 3.39 प्रतिशत, नलिनी नेगी को 1.86 प्रतिशत, दीपा मिश्रा को 1.53 प्रतिशत एवं रईश अहमद अंसारी को 0.33 प्रतिशत एंव संजय साह को 0 प्रतिशत मतदान हुआ है।

अलबत्ता, यदि चुनाव के दिन के रुझानों की बात करें तो निर्दलीय प्रत्याशी किशन नेगी की सर्वाधिक चर्चा रही है, और उनके बाद निर्दलीय प्रत्याशी डा. सरस्वती खेतवाल, कांग्रेस के सचिन नेगी, उक्रांद के प्रकाश पांडे, भाजपा के अरविंद पडियार, निर्दलीय अजय साह के नाम मुकाबले में सुनाई दिये हैं। वहीं निर्दलीय प्रत्याशी राजेंद्र परगांई व खजान डंगवाल का भी कुछ क्षेत्रों में व्यापक प्रभाव दिखाई दिया है। चुनाव प्रचार के काफी दिनों तक मुकाबले से बाहर बताये जा रहे भाजपा व कांग्रेस प्रत्याशियों ने आखिरी एक-दो दिनों में दमदार उपस्थिति दर्ज कराई है।

इन मुद्दों पर किया गया मतदान : 
मुद्दों की बात करें तो सर्वाधिक 17 प्रतिशत मतदाताओं ने नैनीताल नगर के अस्तित्व को बचाने के मुद्दे पर वोट देने, 16 प्रतिशत ने नगर की साफ-सफाई के मुद्दे पर, 14 प्रतिशत ने नैनीताल में पर्यटकों से पहले नगरवासियों की सुविधाओं के कार्यों की जरूरत के मुद्दे पर, 10 प्रतिशत ने नगर के आधार बलियानाला के सुधार कार्यों के मुद्दे पर, 8 प्रतिशत ने नगर में पर्यटक सुविधाओं के विस्तार के मुद्दे पर, 8 प्रतिशत ने ही अपने क्षेत्र में सुविधाओं के विकास के लिए, 7 प्रतिशत ने नगर में अवस्थापना सुविधाओं के विस्तार के मुद्दे पर, 5 प्रतिशत ने नगर पालिका के अधिकारों में वृद्धि के मुद्दे पर, 3 प्रतिशत ने आवारा कुत्तों के आतंक से निजात प्राप्त करने के लिए तथा 1 प्रतिशत ने निजी कार्यों के लिए मतदान करने की बात कही।

इस आधार पर किया गया  मतदान :
वहीं 45 प्रतिशत मतदाताओं ने प्रत्याशी की व्यक्तिगत छवि के आधार पर, 25 प्रतिशत ने प्रत्याशी की प्रशासनिक क्षमताओं के आधार पर, 17 प्रतिशत ने प्रत्याशी के शिक्षा के स्तर को देखकर, 5 प्रतिशत ने प्रत्याशी से निजी संबंधों के आधार पर, 4 प्रतिशत ने दलगत आधार पर और 1 प्रतिशत ने जातिगत आधार पर मतदान करने की बात ओपीनियन पोल में कही।

2. हल्द्वानी का ओपीनियन पोल:
इस ओपीनियन पोल में मतदान करने वालों के अनुसार हल्द्वानी में 61 प्रतिशत मतदाताओं ने भाजपा के जोगेंद्र सिंह रौतेला, 30 प्रतिशत ने कांग्रेस के सुमित हृदयेश को, 3-3 प्रतिशत ने नोटा एवं आप की गीता बल्यूटिया को, 2 प्रतिशत ने उक्रांद के सुशील उनियाल को, 1 प्रतिशत ने सपा के शोएब अहमद को एवं शेष प्रत्याशियों को 1 प्रतिशत से कम मतदाताओं ने अपना मतदान किया है।

3. देहरादून का ओपीनियन पोल:
देहरादून के ओपीनियन पोल के अनुसार यहां भाजपा के सुनील उनियाल गामा को 43 प्रतिशत, कांग्रेस के दिनेश अग्रवाल को 30 प्रतिशत, आप की रजनी रावत को 16 प्रतिशत, बसपा के विभूति भूषण को 7 प्रतिशत, नोटा यानी किसी को नहीं को 4 प्रतिशत तथा अन्य प्रत्याशियों को 1 प्रतिशत से कम मत मिले हैं।

4. कोटद्वार का ओपीनियन पोल:
कोटद्वार के ओपीनियन पोल के अनुसार उक्रांद की उषा सजवाण को सर्वाधिक 31 प्रतिशत, भाजपा की बागी निर्दलीय विभा चौहान को 19 प्रतिशत, कांग्रेस की हेमलता नेगी को 17 प्रतिशत, भाजपा की नीतू रावत को 16 प्रतिशत, निदर्लीय सुधा सती को 11 प्रतिशत, नोटा यानी किसी को नहीं को 3 प्रतिशत, निर्दलीय शशि नैनवाल को 1 प्रतिशत एवं शेष तीन प्रत्याशियों को 1 प्रतिशत से कम मत मिले हैं।

5. रामनगर का ओपीनियन पोल:
रामनगर के ओपीनियन पोल के अनुसार यहां भाजपा की रुचि गिरि शर्मा को सर्वाधिक 71 प्रतिशत, कांग्रेस के मो. अकरम एवं निर्दलीय ममता गोस्वामी को केवल 3 प्रतिशत मत मिले हैं। यहां हम साफ कर दें कि रामनगर के काफी कम संख्या में लोगों ने इस ओपीनियन पोल में वोट दिये।

6. रुद्रपुर का ओपीनियन पोल:
रुद्रपुर के ओपीनियन पोल में आम आदमी पार्टी के राम बाबू ने सर्वाधिक 30 प्रतिशत, भाजपा के रामपाल सिंह ने 27 प्रतिशत, कांग्रेस के नंदलाल ने 10 प्रतिशत और नोटा ने 14 प्रतिशत मत प्राप्त किये। गौरतलब है कि यहां भी कम ही लोगों ने ऑनलाइन मतदान किया।

(यह हमारी ओर  पुनश्च: यह हमारी ओर से पहला प्रयास था। हमने अपनी ओर से परिणामों में पूरी ईमानदारी बरती गयी है। परिणाम पूरी तरह ऑनलाइन मतदान करने वालों पर निर्भर हैं। यह वास्तविक परिणामों से पूरी तरह उलट भी हो सकते हैं। ऐसा हमें भी लगता है। हम इन परिणामों को जारी भी नहीं करना चाहते थे, लेकिन हमारे बहुत से पाठकों की ओर से इन्हें जारी करने की मांग की जा रही थी। इसलिये इन्हें जारी किया जा रहा है। परिणामों को दिल से न लें। धन्यवाद। )

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