News

मानवता शर्मसार ! बेरोजगार हुए फैक्ट्री कर्मी तो अपनों ने भी छोड़ा, लावारिश के तौर पर हुई मौत, अंतिम संस्कार को भी नहीं आ रहे परिजन

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 15 सितंबर 2022। दो बेटियों का भरा-पूरा परिवार होने के बावजूद पूर्व में अच्छी नौकरी के बाद बेरोजगार हुए एक व्यक्ति की हल्द्वानी के सोबन सिंह जीना बेस चिकित्सालय में गुरुवार सुबह सात बजे एक लावारिश के तौर पर उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। अमानवीयता की हद देखिए कि उनके बेटे-बेटी उनकी मौत के बाद उनके अंतिम संस्कार के लिए भी नहीं आ रहे हैं।

समाजसेवी हेमंत गौनिया ने बताया कि मृतक भास्कर दत्त पूर्व में मैग्नेटाइट फैक्ट्री पर कार्य करते थे। फैक्ट्री बंद होने के बाद वह बेरोजगार हो गए और दर-दर की ठोकरें खाने लगे। उनकी दो बेटियां हैं। गौनिया ने बताया कि वह हल्द्वानी बेस अस्पताल में लावारिस हालत में में पड़े हुए थे। उन्हें गौनिया ने प्रेम रतन आश्रम लामाचौड़ में भी रखा। उनका स्वास्थ्य बिगड़ने पर उन्हें पुनः अस्पताल पर भर्ती कराया। इस बीच उनकी पुत्रियों व दामाद से भी संपर्क किया, लेकिन उन्होंने कोई मदद नहीं की और न ही उन्हें यहां देखने आए।

गौनिया ने उन्हें अस्पताल में सांस लेने वाली मशीन, कपड़े व नगद राशि लोगों से सहयोग से उपलब्ध कराई। आज उनका निधन होने की सूचना देने के लिए उनकी पुत्री पल्लवी का नंबर मिलाया, पर उन्होंने फोन नहीं उठाया और स्विच ऑफ कर दिया। जीते जी तो छोड़ा ही, मरने के बाद दाह संस्कार के लिए नहीं आ रहे हैं। यदि यह बात सच है तो यह मानवता को शर्मसार करने वाली है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : कोरोना ने ऐसा मजबूर किया कि पिता के इलाज हेतु 40 हजार रुपयों के लिए जिस्म बेचने को तैयार हो गईं बेटियां…

-पिता के उपचार के लिए लाखों रुपए हो चुके खर्च, पड़ोसी ने दिया रुपयों के लिए जिस्म फरोशी करने का सुझाव
नवीन समाचार, देहरादून, 27 मई 2021। यह समाचार वाकई दिल को दहलाने वाला है। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून की दो बेटियां अपने कोरोना से पीड़ित पिता के इलाज के लिए तत्काल जरूरी 40 हजार रुपयों के लिए अपना जिम्स बेचने के लिए तैयार हो गईं। जबकि सरकार बड़े चिकित्सालयों में भी कोरोना रोगियों का निःशुल्क इलाज करा रही है। फिर क्यों जरूरतमंदों तक यह जानकारी नहीं पहुंच रही है, और क्यों समाज के कमजोर वर्ग के लोग कोरोना के उपचार के लिए निजी अस्पतालों का रुख कर रहे हैं, जिनके लिए उपचार से पहले पैंसा अहम है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार देहरादून के एक थाने की पुलिस ने बीती रात दो युवतियों को सेक्स स्कैंडल के शक में पकड़ा। लेकिन पुलिस थाने में पूछताछ में उनकी जो कहानी सामने आई उसे सुनकर पुलिस भी हिल व पिघल गई। बताया गया है कि युवतियों ने पुलिस को बताया कि वे दोनों सगी बहनें हैं। उनके पिता शहर के एक निजी चिकित्सालय में कोरोना से मौत से जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं। पिता की बीमारी पर अब तक उनके जीवन भर की कमाई के लाखों रूपये खर्च हो चुके हैं। कल शाम ही उन्हें अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि उन्हें आज सुबह तक 40 हजार रुपये जमा कराने होंगे। उनके पास और रुपये नहीं थे।

इसलिए उन्होंने अपने एक परिचित से मदद मांगी तो उसने देह व्यापार के बदले में रुपये देने का वादा किया। पिता को बचाने के लिए युवतियों ने इस रास्ते पर चलने की मन बना लिया लेकिन संयोग से ऐन वक्त पर पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। बताया जा रहा है कि पुलिस कर्मियों ने अपनी ओर से उन्हें कुछ आर्थिक मदद देकर घर भेज दिया और उन्हें जिस्मफरोशी की राय देने वाले उनके पड़ोसी की अच्छी खबर ली। उल्लेखनीय है कि एक दिन पहले ही नैनीताल में एक अर्द्ध विक्षिप्त व्यक्ति द्वारा कोविड कर्फ्यू के दौरान भूख बर्दास्त न कर पाने के कारण एक दुकान के बाहर रखे बड़े फ्रिज से चिप्स व बिस्किट चुराकर खाने का मामला प्रकाश में आया था। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : कोविड कर्फ्यू में अब सहन नहीं हो पा रही भूख, दुकान से चोरी हुए चिप्स-बिस्किट पर खुलासा

डॉ.नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 26 मई 2021। पिछले दो सप्ताह से लगा कोविड कर्फ्यू समाज के कमजोर वर्ग पर बहुत भारी पड़ रहा है। बहुत से लोगों के लिए अब भोजन न मिलने के कारण भूख पर काबू रख पाना मुश्किल हो गया है। मुख्यालय में ऐसा ही एक मामला प्रकाश में आया है।

यहां बीती रात्रि नगर के मल्लीताल गोवर्धन हॉल सेवा समिति के नीचे भोटिया माला बाजार में स्थित एक जरनल स्टोर में चोरी की घटना का पता चला। बुधवार सुबह जब दुकान स्वामी अरविंद बर्गली अपनी दुकान का निरीक्षण करने दुकान पर पहुंचे तो उनको दुकान के बाहर रखे बड़े फ्रिज का ताला टूटा हुआ मिला। फ्रिज से चिप्स व बिस्किट जैसा सामान गायब था। साथ ही दुकान स्वामी के अनुसार दुकान के शटर का ताला भी तोड़ने का प्रयास किया गया था।

सूचना मिलने पर पुलिस ने पड़ताल की तो वहीं घूमने वाले एक अर्धविक्षिप्त व्यक्ति ने कबूल कर लिया कि भूख सहन न कर पाने के कारण उसने ही फ्रिज का ताला तोड़कर बिस्किट व चिप्स आदि खा लिये। उसका चोरी करने का कोई इरादा नहीं था, पर भूख सहन न करने के कारण उसने ऐसा कर दिया। पुलिस कोतवाली के एसएसआई कश्मीर सिंह ने बताया कि अर्द्ध विक्षिप्त को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

Leave a Reply