गन्ने के खेत में अर्धनग्न मिली महिला की गला दबाकर की गई थी हत्या, पति सहित 4 हुए नामजद

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नवीन समाचार, जसपुर, 14 फरवरी 2020। गत 12 फरवरी को हाईवे से 200 मीटर अंदर एलबीएस काॅलेज महुआडाबरा के निकट स्थित निर्माणाधीन पुलिया के पास खेत में अर्धनग्न अवस्था में मिली मृत महिला के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मुंह दबाकर मार डालने का खुलासा हुआ है। इसके बाद मृतका के भाई ने दहेज की खातिर उसकी बहन की हत्या करने का शक जाहिर करते हुए उसके पति हरविंदर सिंह, ससुर चरनजीत सिंह, सास राणो कौर, देवर हरजीत सिंह उर्फ बाऊ के खिलाफ तहरीर देकर धारा 302, 201 के तहत हत्या का मुकदमा दर्ज करा दिया है।
उधर, कोतवाल उमेद सिंह दानू ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार मृतका जसवीर कौर की मौत 12 से 36 घंटे पूर्व दम घुटने की वजह से हुई थी। उन्होंने बताया कि घटनास्थल से पुलिस को एक मोबाइल, पर्स और एक जूता मिला है। पुलिस घटना के खुलासे को लेकर कोतवाली अंतर्गत लगे सभी सीसीटीवी कैमरो की फुटेज खंगाल रही है। पुलिस ने अब तक एक दर्जन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की है। पुलिस मामले की तह तक पहुंचने के लिए हर पहलू जांच कर रही है । कोतवाल ने घटना का शीघ्र ही खुलासा करने का दावा किया है। एएसपी राजेश भट्ट ने भी कोतवाली पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी ली तथा संदिग्धों से पूछताछ की और पुलिस को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
उल्लेखनीय है कि क्षेत्र के ग्राम मलपुरी निवासी राजेंद्र सिंह पुत्र अमर जीत सिंह ने पुलिस को दी हुई तहरीर में कहा है कि उसकी बहन जसवीर कौर उर्फ सिमरन कौर की शादी वर्ष 2005 में ग्राम शेरगढ़ बहादर नगर थाना अफजलगढ़ जिला बिजनौर (उत्तर प्रदेश) निवासी हरविंदर सिंह पुत्र चरनजीत सिंह के साथ सिख रीति रिवाज के अनुसार हुई थी। शादी के दौरान सामर्थ्य के अनुसार दान दहेज भी दिया गया था। बावजूद कम दहेज मिलने के ताने देकर ससुराल वाले उसकी बहन को आये दिन प्रताड़ित करते रहते थे, करीब तीन महीने पूर्व उसकी बहन के साथ ससुरालियों ने कई बार मारपीट की। उसकी बहन ने थाना अफजलगढ़ में 100 नंबर पर डायल कर मारपीट की शिकायत दर्ज कराकर जैसे-तैसे कर अपनी जान बचाई थी। इसके बाद उसके साथ मारपीट कर उसको जलाने का प्रयास भी किया गया था। कई बार पंचायतें कर उसके ससुराल वालों को समझाया गया। लेकिन वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आए और लगातार पैसों की मांग करते थे। इधर एक पखवाडे पूर्व उसकी बहन अपने मायके आई थी और एक सप्ताह रहकर वापस अपनी ससुराल चली गई थी।

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नवीन समाचार, देहरादून, 8 फरवरी 2020। देहरादून के नेहरू कालोनी थाना क्षेत्र के नत्थनपुर निवासी हिस्ट्रीशीटर पंकज सिंह की खतौली-मुजफ्फरनगर में गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई है। तीन गोलियां सीने और एक गर्दन के नीचे मारी गई है। पंकज का शव मुजफ्फरनगर जिले के खतौली में जानसठ बस अड्डे पर पुलिस सहायता केंद्र के बाहर खड़ी काले रंग की फॉरच्युनर गाड़ी की डिग्गी से बरामद हुआ। पंकज की पत्नी अंशु ने इस मामले में टिहरी जेल में बंद जितेंद्र रावत उर्फ जित्ती, देहरादून निवासी यतेन्द्र सिंह (मूल निवासी मेरठ), रोजी और रामबीर (मूल निवासी मुजफ्फरनगर) को नामजद कराया है। दून पुलिस गैंगवार में हत्या की आशंका जता रही है।

हिस्ट्रीशीटर पंकज सिंह
हिस्ट्रीशीटर पंकज सिंह
बताया गया है कि अपराध की दुनिया में लंबे समय तक सक्रिय रहा पंकज सिंह 2010 में एक साथी की हत्या में जेल गया था। सीओ खतौली आशीष प्रताप सिंह की मौजूदगी में पुलिस ने कार का शीशा तोड़कर शव को बाहर निकाला। कार के अंदर ड्राइवर के बराबर वाली सीट खून से सनी हुई थी। खिड़की से गोली निकलने का निशान था। कार से शराब की बोतल और तमंचा भी बरामद हुआ है। खतौली पुलिस ने कार से मिले मोबाइल नंबर से परिजनों से बात की, तब जाकर शव की पहचान हो सकी। पत्नी का आरोप है कि जेल से जितेंद्र उसके पति से रंगदारी मांग रहा था। आरोप लगाया कि रोजी नाम की महिला ने पति पंकज सिंह को शुक्रवार रात करीब 8:30 बजे फोन करके बुलाया था। खतौली पुलिस ने इस मामले में देहरादून की एसपी सिटी श्वेता चौबे से बात कर पूरे मामले पर चर्चा की है।
एसपी सिटी श्वेता चौबे का कहना है कि पंकज सिंह का अपराध से पुराना जुड़ाव रहा है। प्रापर्टी विवाद में छह मार्च 2010 को पंकज सिंह ने जेल में बंद शातिर अपराधी जितेन्द्र उर्फ जित्ती के साथ मिलकर अपने साथी मुनीर उर्फ बब्बल की हत्या की थी। पंकज सिंह नेहरू कालोनी थाने का हिस्ट्रीशीटर था, लेकिन कई बरस से वह शांत था। पंकज सिंह प्रापर्टी की खरीद-फरोख्त के साथ रिंग रोड पर गेस्ट हाउस चला रहा था। उन्होंने कहा कि प्रापर्टी विवाद या गैंगवार में कत्ल की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। दून पुलिस हत्या के कारणों की जांच कर रही है। 

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नवीन समाचार, किच्छा, 3 फरवरी 2020। किच्छा में पुरानी रंजिश के चलते घर से बेटे के साथ दवाई लेने निकले 30 वर्षीय एक युवक की चाकू से कई वार कर हत्या कर दी गई। घटना के बाद हत्यारा वार्ड 15 निवासी सूरज राठौर पुत्र स्वर्गीय केदार राठौर खुद ही खून से सना चाकू लेकर पुलिस के पास पहुंच गया और आत्मसमर्पण कर दिया। हत्या का कारण पुरानी रंजिश बताया जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक मूल रूप से मुरादाबाद निवासी विकास कुमार पुत्र रूप किशोर नगर के वार्ड 15 में अपनी पत्नी व बेटे के साथ रहता था और मजदूरी कर अपने परिवार का भरण पोषण करता था। बताया गया है कि तीन माह पूर्व किच्छा की विकास कॉलोनी में हुए संघर्ष में घायल सूरज राठौर के पिता स्वर्गीय केदार राठौर की मौत उपचार के दौरान हल्द्वानी में हो गयी थी। पुलिस ने आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मृतक हत्यारोपितों का ही पारिवारिक सदस्य था। आरोपित को यह बात नागवार गुजर रही थी। अंदर ही अंदर पनपते आक्रोश के कारण सोमवार सुबह जब विकास अपने बेटे के साथ बाजार की तरफ जा रहा था। इसी दौरान पहने से घात लगाए आरोपित ने उसे घेर कर चाकू से ताबड़ तोड़ हमला कर घायल कर दिया। जबकि वहां खड़े लोग मूकदर्शक बने रहे। बाद में एक युवक ने साहस कर सड़क पर पड़े विकास को टुकटुक से सीएचसी किच्छा पहुंचाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अस्पताल में चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हत्या की सूचना पर पुलिस में हड़कंप मच गया और आनन फानन में पुलिस घटना स्थल पहुंच गयी।

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हत्यारोपी बेटी व मृतक पिता।

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 19 जनवरी 2020। हल्द्वानी में 2 दिन पूर्व 17 जनवरी की करीब मध्य रात्रि विवाहिता बेटी द्वारा अपने ही पिता की हत्या किये जाने की हर किसी को झकझोरने वाली खबर में लगातार नई-नई बातें सामने आ रहे हैं। हम इनमें से किसी बात की पुष्टि नहीं कर रहे हैं, न ही अपनी कोई राय या अंदाजा जाहिर कर रहे हैं, बल्कि जैसे जैसे जो बातें सामने आ रही हैं, उन्हें अपने पाठकों के सामने रख रहे हैं। पहले मामले में बेटी के नशे की अवस्था में पिता की हत्या करने की बात सामने आई थी। फिर उसके मानसिक रूप से बीमार होने की स्थिति में हत्या किये जाने की बात कही गई। अब पुलिस के अनुसार लड़की कथित तौर पर भारत मे प्रतिबंधित एक ऑनलाइन गेम ‘ब्लू व्हेल’ के कारण पिता की हत्या किये जाने की बात कर रही है। इस ऑनलाइन गेम के आखिरी चरण में कथित तौर पर खेलने वाले को आत्महत्या या दूसरों की हत्या करने के टास्क दिये जाते हैं। वहीं, पिता की मौत के बाद पुणे से अपनी माँ को लेकर लौटे इकलौते बेटे श्याम सिंह नेगी ने पिता की पोस्टमार्टम रिपोर्ट देखने का दावा करते हुए कहा है कि पिता की मौत हार्ट अटैक से हुई है। उसकी बहन ज्योति मानसिक रूप से बीमार जरूर है, पर उसने पिता की हत्या नहीं की है, जबकि पुलिस अभी पोस्टमार्टम की रिपोर्ट ही नहीं आने की बात कह रही है। मृत्यु का सही कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने के बाद ही पता चलेगा।
उधर हत्यारोपी बेटी ज्योति का अब भी सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज में उपचार चल रहा हा। पुलिस ने पोस्टमार्टम के उपरांत शव पुत्र को सौंप दिया है, जबकि ज्योति का पति राजेंद्र अपनी तीन साल की बेटी को अपने घर छोड़कर अपनी पत्नी की देखभाल के लिए सुशीला तिवारी अस्पताल आ गया है। पुलिस को मामले में किसी की ओर से कोई शिकायती तहरीर नहीं मिली है, फिर भी पुलिस मामले की जांच कर रही है। मृतक के परिजनों के साथ ही पड़ोसियों के बयान भी लिए जा रहे हैं।
मामले में यह बातें भी सामने आ रही है कि रात्रि करीब 11 बजे हत्या होने से पहले सांय पांच बजे से पिता ज्योति से दवा खाने का आग्रह कर रहे थे। बताया जा रहा है कि अपने पिता की शिकायत करने के लिए ज्योति ने कई बार पुलिस की महिला सेल में शिकायत की थी। कई बार महिला सिपाही घर पर भी आईं, पर पिता ने किसी तरह से उन्हें लौटा दिया। इधर, बनभूलपुरा उप निरीक्षक सुशील कुमार ने बताया कि सुशीला तिवारी में भर्ती करने के दौरान आरोपिता केवल ब्लू ह्वेल से आदेश मिलने की बात कर रही थी। इसके बाद किसी तरह की जानकारी से इंकार कर रही है। उप निरीक्षक ने बताया कि कुछ समय से ज्योति का डा.मनोज त्रिवेद्वी से इलाज चल रहा था। उन्होंने कहा कि आरोपिता गंभीर रूप से मानसिक रोगी है। उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस ने मृतक के शव का पीएम और जांच का काम पूरा कर लिया है। साक्ष्य भी एकत्र कर लिए हैं।

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नवीन समाचार, हल्द्वानी, 18 जनवरी 2020। हल्द्वानी में बरेली रोड स्थित चौधरी कॉलोनी में शुक्रवार देर शाम बेटी ज्योति ने अपने पिता की हत्या मानसिक रोग की अवस्था में की थी। पुलिस से हत्यारोपी बेटी को सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज में भर्ती करा दिया है। अब पता चला है कि ज्योति अपने पति राजेंद्र कन्याल के साथ दिल्ली में रहती थी। इधर वह मानसिक रूप से बीमार हो गई। जानकारी मिलने पर 2 दिन पूर्व 15 जनवरी को उसके पिता पूर्व फौजी सूर्य सिंह नेगी बेटी व दामाद तथा उनकी 3 साल की बेटी को हल्द्वानी ले आये थे। इसके बाद ज्योति का पति राजेन्द्र 16 जनवरी को उसे नवाबी रोड स्थित मानसिक अस्पताल में दिखाकर अपने घर कोटाबाग चला गया था, जबकि घर पर सूर्य सिंह नेगी, ज्योति और उसकी 3 साल की बेटी ही थे। जबकि सूर्य सिंह नेगी की पत्नी पुणे में कार्यरत अपने फौजी बेटे के पास गई हुई थी। पड़ोसियों के अनुसार यहां आने के बाद से ही ज्योति लगातार हंगामा कर रही थी। लोग इसे देवी-देवता का प्रकोप मान रहे थे। घटना के दौरान मानसिक रोग की अवस्था में ही हंगामा कर रही ज्योति ने अपने पिता का गला दबा दिया। नेगी के शोर मचाने पर पड़ोसी किराएदार राकेश घर में पहुंचे। इस बीच किसी तरह ज्योति ने ही अंदर से दरवाजा खोल दिया। वह विकराल लग रही थी जबकि सूर्य सिंह नेगी जमीन पर अचेत पड़े थे। लोग उन्हें सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल लेकर पहुंचे जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

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नवीन समाचार, हल्द्वानी, 17 जनवरी 2020। हल्द्वानी में ऐसी घटना हुई है, जैसी कभी न देखी न सुनी होगी। यहां थाना बनभूलपुरा क्षेत्र अंतर्गत चौधरी कॉलोनी में एक 28 साल की शादीशुदा महिला ने नशे की हालत में अपने ही पिता-पूर्व सैनिक की गला घोंट कर हत्या कर दी है। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर हत्यारोपी बेटी को हिरासत में ले लिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार चौधरी कॉलोनी में रहने वाले पूर्व सैनिक सूर्य सिंह नेगी की बेटी ज्योति कन्याल नेगी शादीशुदा व नशे की आदी है। वह अपनी बेटी को लेकर कुछ दिन पहले ही अपने पिता के घर आयी थी। इधर शुक्रवार देर रात्रि उसने नशे की हालत में अपने पिता की गला दबाकर हत्या कर दी। थाना प्रभारी सुशील जोशी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लिया और हत्यारी बेटी को हिरासत में ले लिया। पुलिस मामले की पड़ताल कर रही है।

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नवीन समाचार, हल्द्वानी, 10 जनवरी 2020। हल्द्वानी के बहुचर्चित भूपेंद्र पांडे उर्फ भुप्पी के एक हत्यारोपित गौरव गुप्ता सीजीएम की अदालत में पेश होने से पहले ही कथित तौर पर बेहोश हो गया। बेस अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद हत्यारोपित को न्यायालय में पेश करने के बाद वापस जेल भेज दिया गया है। वहीं हत्यारोपित को नैनीताल से प्राइवेट कार से हल्द्वानी लाने पर भी कई सवाल उठे।
उल्लेखनीय है कि सरेराह दिनदहाड़े प्रोपटी डीलर भूपेंद्र पाण्डे उर्फ भूप्पी पांडे हत्याकांड में जेल में बंद सौरभ गुप्ता और गौरव गुप्ता को धोखधड़ी के एक मामले में शुक्रवार को नैनीताल से प्राइवेट कार में हल्द्वानी सीजीएम की अदालत में लाया गया। इससे पूर्व नैनीताल के अस्पताल भी उसे पुलिस प्राइवेट कार से ही लाई थी। बताया जा रहा है कि यहां न्यायालय परिसर के बाहर ही आरोपित गौरव गुप्ता की तबियत खराब हो गई और वह बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ा। आनन-फानन में आरोपित का बेस अस्पताल में प्राथमिक उपचार किया गया। करीब एक घंटे बाद आरोपित को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। पुलिस सूत्रों के अनुसार यह मामला रामपुर रोड निवासी लेखिका सौम्या दुआ से ज़ुड़ा है। सौम्या ने सौरभ और गौरव गुप्ता पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है। आज दोनों की कोर्ट में पेशी थी। बताया जा रहा है कि कोर्ट परिसर में पहुंचते ही गौरव गुप्ता उल्टियां करने लगा। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इलाज के बाद दोनों को दोबारा कोर्ट में पेश किया गया।

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-फिर उभरा भुप्पी पांडे हत्याकांड का जिन्न
नवीन समाचार, हल्द्वानी, 21 दिसंबर 2019। शनिवार को हल्द्वानी के लोनिवि गेस्ट हाउस तिकोनिया में अनेक सामाजिक एवं राजनीतिक दलों के लोग गत 15 दिसंबर को दिनदहाड़े हुए भुप्पी पांडे हत्याकांड को लेकर जुटे और अभी तक भी मामले में दोषी पूर्व शहर कोतवाल विक्रम राठौर को निलंबित नही करने पर तीव्र आक्रोश प्रकट किया। उन्होंने आपसी सहमति एवं विचार विमर्श करके इस मुद्दे पर उग्र आंदोलन करना तय किया, ताकि भुप्पी पांडे के परिवारवालों को न्याय मिल सके।
छात्र संघ के पूर्व सचिव योगेन्द्र बिष्ट ने कहा कि 15 दिसंबर को दिनदहाड़े हुए भुप्पी पांडे हत्याकांड में अभी तक दोषी पूर्व शहर कोतवाल विक्रम राठौर को निलंबित नही करने के संदर्भ में उच्च अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इससे सभी राजनीतिक एवं सामाजिक दलों में रोष व्याप्त है। इसलिए कल दिनांक 22 दिसंबर को बुध पार्क तिकोनिया में धरना प्रदर्शन किया जाएगा। देवभूमि उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष हुकुम सिंह कुंवर ने कहा कि यह हत्याकांड पुलिस की मिलीभगत का नतीजा है। इस हत्याकांड में शहर कोतवाल के ऊपर भी हत्या का मुकदमा दर्ज होना चाहिए।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुमित हृदयेश ने कहा कि यह हत्याकांड पुलिस अधिकारियों और अपराधियों के गठबंधन का नतीजा है। मंजू तिवारी ने कहा कि यह हत्याकांड हमारे समाज को शर्मसार कर गया है। इस मौके पर संतोष कबडवाल, डा. केदार पलडिया, गोपाल अधिकारी, गोविंद बग्डवाल; एनडी तिवारी, रवि वाल्मीकि, हिमांशु सनवाल, त्रिलोक बनौली, अमित गुप्ता, पूरन सिंह, दिनेश सागर, राजू रावत, मदन मोहन जोशी व अखिलेश भारद्वाज आदि मौजूद रहे।सभा का संचालन संदीप कुकसाल ने किया।

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-कल पुलिस के अधिकारी संपर्क करने पर भी नहीं कर रहे थे पुष्टि

नवीन समाचार, नैनीताल, 18 दिसंबर 2019। आपके प्रिय एवं भरोसेमंद तथा उत्तराखंड के अग्रणी समाचार पोर्टल ‘नवीन समाचार’ ने मंगलवार शाम हल्द्वानी के भूपेंद्र पांडे हत्याकांड के मुख्य आरोपित गौरव गुप्ता को अपराह्न डेढ़ बजे नैनीताल पुलिस द्वारा गिरफ्तार किये जाने की खबर ब्रेक की थी। तब हमने अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए पुलिस के जनपद एवं परिक्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारियों से इस समाचार की पुष्टि करने का प्रयास किया, किंतु पहले अधिकारियों ने फोन ही नहीं उठाए और किसी भी अधिकारी ने आखिर तक इस समाचार की पुष्टि नहीं की। इसलिए हम समाचार पहले से होने के बावजूद कई घंटों बाद इस समाचार को ब्रेक कर पाए। अलबत्ता इधर बुधवार को जनपद के एसएसपी सुनील कुमार मीणा द्वारा हल्द्वानी में की गई पत्रकार वार्ता में ‘नवीन समाचार’ के समाचार पर पूरी तरह से मुहर लगी। आगे भी हमारी कोशिश अपने पाठकों के भरोसे पर खरा उतरने की रहेगी।

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यह भी पढ़ें : हल्द्वानी के भूप्पी हत्याकांड के लिए पुलिस अधिकारियों व हत्यारोपितों की मित्रता को बताया जिम्मेदार

-पूर्व छात्र नेताओं ने डीआईजी को ज्ञापन सोंप कर लगाया आरोप
नवीन समाचार, नैनीताल, 18 दिसंबर 2019। हल्द्वानी शहर में बीते रविवार को प्रॉपर्टी डीलर भूपेंद्र पांडे उर्फ भुप्पी पांडे दिन दहाड़े गोली मारकर की गई हत्या के दृष्टिगत बुधवार को पूर्व छात्र संघ सचिव योगेंद्र बिष्ट के नेतृत्व में पूर्व छात्र नेताओं ने डीआईजी जगत राम जोशी को ज्ञापन दिया गया। ज्ञापन सोंपते हुए बिष्ट ने कहा कि भूप्पी पांडे हत्याकांड बहुत ही निंदनीय एवं दुखद है। आरोप लगाया कि यह हत्याकांड शहर कोतवाल और अपराधियों की मिलीभगत का नतीजा है। यदि जल्द से जल्द शहर कोतवाल को निलंबित नहीं किया गया तो सारे समाजसेवी संगठनों को साथ लेकर धरना-प्रदर्शन व आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

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वहीं पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष केदार पलड़िया ने कहा कि भुप्पी पांडे हत्याकांड से पूरे शहर में दहशत का माहौल है। पूर्व सचिव गजेंद्र सिंह गौनिया ने कहा कि हत्याकांड रोका जा सकता था लेकिन पुलिस की मिलीभगत से हत्यारों ने इस घटना को अंजाम दिया है। छात्र नेताओं ने शहर की बिगड़ती कानून व्यवस्था के लिए पुलिस अधिकारियों की हत्या आरोपियों के साथ मित्रता को जिम्मेदार ठहराया। ज्ञापन देने वालों में पूर्व सचिव दीपक बेलवाल, गजेंद्र सिंह गौनिया, मुकुल बल्यूटिया, रविंद्र बाली, आशीष कुड़ाई व मानस बेलवाल आदि भी शामिल रहे।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 17 दिसंबर 2019। हल्द्वानी में रविवार 15 दिसंबर की अपराह्न गोलीकांड को अंजाम देकर प्रॉपर्टी डीलर भूपेंद्र पांडे उर्फ भुप्पी की हत्या करने वाला मुख्य आरोपित गौरव गुप्ता पुलिस की गिरफ्त में आ गया है। नवीन समाचार को भरोसेमंद सूत्रों से मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के अनुसार गौरव को पुलिस ने यूपी के मैनपुरी इटावा स्थित उसके पुश्तैनी घर से से मंगलवार अपराह्न डेढ़ बजे गिरफ्तार कर लिया गया है। साथ ही देर रात्रि उसे गुपचुप हल्द्वानी भी ले आयी है, और बुधवार को किसी भी समय उसकी गिरफ्तारी होने की घोषणा कर सकती है। बताया गया है कि मंगलवार को हत्याकांड को अंजाम देने के बाद वह बाजपुर दोराहा के रास्ते पुलिस को चकमा देकर बस के जरिये मैनपुरी यूपी को भाग गया था, जहां उसका मूल गांव है। अलबत्ता अभी जनपद के पुलिस अधिकारी इस समाचार की पुष्टि नहीं कर पा रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि नैनीताल पुलिस ने उसकी पत्नी व बच्चों तथा उसे भागने में मदद करने वाले फूफा को रविवार को ही दोराहा के पास शिव सेना का झंडा लगी कार से गिरफ्तार कर लिया था। तभी से पुलिस उसके परिजनों से पूछताछ कर उसे गिरफ्त में लेने के प्रयास में थी। बताया गया है कि मंगलवार अपराह्न करीब डेढ़ बजे पुलिस ने उसे मैनपुरी के पास से गिरफ्त में ले लिया है, और अब उसे वहीं न्यायालय में पेश कर ट्रांजिट रिमांड में लेकर हल्द्वानी लाने के प्रयास किये जा रहे हैं।

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-आरोपित का बड़ा दावा: मृतक की पिस्टल से ही चली गोली
नवीन समाचार, नैनीताल, 16 दिसंबर 2019। हल्द्वानी के भूप्पी पांडे हत्याकांड मामले में सोमवार को सीजेएम न्यायालय में पेश किये गये आरोपित ने पूरे मामले की दिशा बदलने वाला बयान दिया है। आरोपित ने न्यायालय में बयान दिया कि भूप्पी पांडे की हत्या वास्तव में मृतक की ही पिस्टल से हुई। हत्यारोपित ने दावा किया कि वह एससी-एसटी एक्ट से संबंधित एक मामले में उच्च न्यायालय से गिरफ्तारी पर रोक लगने संबंधी आदेश को लेकर पुलिस कोतवाली गया था। वहां से अपनी दुकान पर लौटा तो वहां भूप्पी पांडे व अन्य आ गए और उससे मारपीट करने लगे तथा अपनी पिस्टल से दोनों भाइयों पर गोली चलाने लगा। इस पर वह भूप्पी पांडे से पिस्टल छीनने लगा तो पिस्टल छीनते समय गोली चल गईं, जिससे भूप्पी पांडे की मृत्यु हो गयी। इस तरह आरोपित ने हत्या को आत्मरक्षा में गैरइरादतन हत्या बताने की कोशिश की है। घटने के बाद पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त पिस्टल के साथ ही उसके बड़े भाई गौरव गुप्ता की लाइसेंसी पिस्टल बरामद की है। आगे घटनास्थल की सीसीटीवी फुटेज और मृतक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही साफ होगा कि वास्तव में मृतक किसकी गोली से मारा गया और हत्या किन परिस्थितियों में हुई।

आरोपित को सिर्फ 8 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा

जनपद के सीजेएम यानी मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी मुकेश चंद्र की अदालत ने हल्द्वानी में रविवार को प्रॉपर्टी डीलर भूपेंद्र पांडे उर्फ भूप्पी पांडे की दिन-दहाड़े पिस्तौल से 6 गोलियां मारकर की गई हत्या के आरोपित सौरभ गुप्ता को केवल आठ दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। ऐसा आरोपित के न्यायालय में दिये गये बयानों के बाद हुआ। उल्लेखनीय है कि सामान्यतया न्यायालय 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजती है। न्यायालय ने पुलिस को आरोपित के बयान दर्ज न करने को लेकर भी आश्चर्य जताया और अगली सुनवाई की तिथि 24 दिसंबर को आरोपित के बयान दर्ज कर लाने को कहा।
उल्लेखनीय है कि सोमवार को हल्द्वानी पुलिस कड़ी सुरक्षा के बीच हत्यारोपित सौरभ गुप्ता को सीजेएम कोर्ट में पेशी के लिए लायी और अदालत के समक्ष पेश किया। इस पर सीजेएम मुकेश चंद्र की अदालत ने आरोपित को 8 दिन की न्यायिक हिरासत में 24 दिसंबर तक के लिए जेल भेज दिया। इसके बाद पुलिस ने आरोपितों को नैनीताल जिला कारागार में दाखिल करा दिया।

लक्जरी गाड़ी से लाये अस्पताल

नैनीताल। पुलिस हत्यारोपित सौरभ गुप्ता को पुलिस न्यायालय में पेश करने से पूर्व बीडी पांडे जिला अस्पताल में मेडिकल कराने के लिए निजी कार संख्या यूके07बीटी-9346 से लेकर आई। हत्यारोपित को निजी लग्जरी कार से मेडिकल के लिए जिला चिकित्सालय लाने पर लोगों ने आपत्ति जताई।

शिव सेना ने की हल्द्वानी हत्याकांड की निंदा, कहा हत्यारों का सेना से संबंध नहीं

नैनीताल। शिव सेना व युवा सेना की जिला व नगर इकाइयों ने हल्द्वानी में रविवार को हुए भूपेंद्र पांडे हत्याकांड की कड़े शब्दों में निंदा की है। साथ ही कहा है कि हत्यारोपी भाइयों सौरभ व गौरव पांडे से शिव सेना का कोई संबंध नहीं है। उल्लेखनीय है कि दोनों भाई शिव सेना की युवा सेना के नेता बताए जा रहे थे। रविवार को मुख्यालय में शिव सेना के प्रदेश महामंत्री एवं पूर्व सभासद भूपाल सिंह कार्की एवं प्रदेश उप प्रमुख रुपेंद्र नागर द्वारा ने इस संबंध में बुलाई गई पार्टी कार्यकर्ताओं की आपातकालीन बैठक के बाद कहा कि सौरभ गुप्ता और गौरव गुप्ता पहले ही पार्टी से निष्कासित हैं। उनका शिवसेना संगठन एवं शिव सैनिकों से कोई भी लेना देना नहीं है। पार्टी ऐसे अन्य आपराधिक छवि के लोगों को भी किसी कीमत पर बर्दाश नहीं करेगी। शिवसेना संगठन हिंदूवादी विचारधाराओं का सम्मान करती है और ऐसे आपराधिक लोगों को शरण नहीं देती है।

युवा सेना ने भी की निंदा, पर नहीं नकारे हत्यारों से संबंध

वहीं युवा सेना के जिलाध्यक्ष हेमंत बेदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में हल्द्वानी की घटना की कड़ी निंदा की गई। साथ ही कहा गया कि इस घटना का युवा सेना से कोई लेना-देना नहीं है। इनका निजी मामला था। युवा सेना पीड़ित परिवार के प्रति पूर्ण सहानुभूति रखती है। अलबत्ता हत्यारों से युवा सेना के संबंधों को नकारा नहीं गया।

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नवीन समाचार, हल्द्वानी, 16 दिसंबर 2019। बीते दिवस लेन-देन के विवाद में प्रोपर्टी डीलर की हत्या के विरोध में परिजनों ने लोगों के साथ आज कोतवाली में शव रखकर प्रदर्शन किया और कोतवाल व दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्यवाही के साथ ही फरार हत्यारोपी की गिरफ्तारी की मांग की। 3 घंटे तक चले इस हंगामे के बाद एसएसपी सुनील कुमार मीणा में कोतवाल विक्रम राठौर को लाइन हाजिर करते हुए डीआईजी को कोतवाल के निलंबन की संस्तुति भेजी है। इसके अलावा एसएसपी ने जल्द फरार हत्यारोपी गौरव गुप्ता की गिरफ्तारी का आश्वासन भी उग्र भीड़ को दिया तब जाकर लोगों ने भुप्पी पांडे के शव को उठाकर अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया।

आरोपी के परिजनों से हो रही पूछताछ

जानकारी के अनुसार गौरव गुप्ता मौका ए वारदात से सीधे अपने घर पर पंहुचा और वहां से जल्दी बाजी में पत्नी व बच्चों को लेकर बाजपुर की  पर्वतीय कॉलोनी में रहने वाले रिश्ते के अपने फूफा के घर पहुंच गया। यहां बीवी बच्चों को कार में छोड़ कर वह आगे निकल गया। फूफा ने गौरव के दो बच्चे और पत्नी को सुरक्षित स्थान पहुंचाने के लिए ड्राइवर के साथ दोराहे के रास्ते निकालने की योजना बनाई लेकिन रेलवे क्रॉसिंग पर बाजपुर पुलिस में उन्हें दबोच लिया कार में गौरव गुप्ता की पत्नी व दो बच्चे तो मिले लेकिन गौरव गुप्ता नहीं मिला। मजबूर पुलिस में हल्द्वानी पुलिस को घटना की जानकारी दी और तब तक हुआ कि गौरव की परिवार से उसके सभी ठिकानों के बारे में जानकारी हासिल की जाए हल्द्वानी पुलिस की एक टीम बाजपुर पहुंची और गौरव की पत्नी और बच्चों से उसके छिपने के सभी संभावित ठिकानों के बारे में जानकारी जुटाई गई परिजन पुलिस की ही सुरक्षा में है। पुलिस गौरव के फूफा से भी पूछताछ कर रही है।

सीएम तक भी पहुंची गूंज

भूप्पी हत्याकांड की गूंज सीएम तक भी पहुंच गयी है। सीएम के पीआरओ विजय बिष्ट ने कोतवाली पहुंचकर एसएसपी सुनील कुमार मीणा से भूप्पी हत्याकांड के बारे में चर्चा की तथा हत्यारोपियों तथा दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई किये जाने को कहा।

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-1 भाई गिरफ्तार-दूसरा फरार

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 15 दिसंबर 2019। रविवार की भरी दोपहर दिनदहाड़े सिंधी चौराहे पर शिव सेना नेता भाइयों ने एक प्रॉपर्टी डीलर की हत्या कर दी। हत्यारे ने एक के बाद एक छह गोलियां प्रॉपर्टी डीलर को मारी। इस पूरी घटना से बाजार में दहशत मच गई लगातार छह राउंड हुई फायरिंग की आवाज सुन लोगों में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने तत्काल एक आरोपी सौरभ गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया, जबकि दूसरा फरार हो गया। इधर विश्वस्त सूत्रों के अनुसार, फरार गौरव गुप्ता का वाहन बाजपुर पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। उसके पत्नी और बच्चों से पुलिस पूछताछ कर रही है।
देखें वीडियो :

सौरव गुप्ता ने दिए थे हत्या के संकेत !
सौरव गुप्ता ने दो दिन पहले ही हत्या के संकेत दे दिए थे।उसने अपने फेसबुक वॉल पर 13 दिसंबर को शायराना अंदाज में इस हत्याकांड के कुछ संकेत दिए थे। सौरव ने अपने फेसबुक वॉल पर लिखा ”कुछ देर की खामोशी है फिर शोर आएगा, तुम्हारा सिर्फ वक्त आया है हमारा दौर आएगा” अपना यह संदेश उसने अपने भाई गौरव गुप्ता के वॉल पर भी शेयर किया था।  देखें हत्यारे की आखिरी फेसबुक पोस्ट :

बताया जा रहा है कि काठगोदाम निवासी प्रॉपर्टी डीलर भूपेंद्र पांडे उर्फ भूप्पी (50) सिंधी चौराहे पर था इसी बीच सौरभ गुप्ता और गौरव गुप्ता दोनों भाई आए और सौरव गुप्ता ने भरे बाजार भूप्पी पर गोलियां चला दी। जिससे गंभीर रूप से घायल भूपी पांडे को अस्पताल में मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि गुप्ता बंधुओं और भूपी पांडे के बीच लंबे समय से जमीन और पैसों को लेकर विवाद बताया जा रहा है।  बताया गया है कि इसके पहले भी दोनों भाइयों ने प्रॉपर्टी डीलर की हत्‍या के लिए सुपारी दी थी। बताया जा रहा है कि काठगोदाम निवासी भूपेंद्र पांडे उर्फ भूप्पी, सिंधी चौराहे में मोबाइल की दुकान चलाने वाले दिनेश सागर व संदीप कुकसाल का दोनहरिया में रहने वाले सौरभ गुप्ता व उसके भाई गौरव गुप्ता से लंबे समय से रुपयों के लेन-देन को लेकर विवाद चला आ रहा है। बताया जाता है कि सप्ताहभर पूर्व भी दिनेश सागर का गौरव व सौरभ से लेन-देन को लेकर विवाद हो गया था। इस मामले में उसने पुलिस में मुकदमा दर्ज कराया था। रविवार को इस मुकदमे में कार्यवाही के बावत जानने के लिए दिनेश, संदीप व भूपेंद्र भोटिया पड़ाव चौैकी गये थे। जहां उन्होंने चौकी प्रभारी प्रताप नगरकोटी के समक्ष अब तक गिरफ्तारी न होने पर नाराजगी जाहिर की। चौकी प्रभारी ने उन्हें बताया कि आरोपियों के कोर्ट से स्टे लाने के चलते गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। इसके बाद तीनों वहां से सिंधी चौराहा स्थित दिनेश सागर की दुकान के लिए निकले। दिनेश व भूपेंद्र पांडे स्कूटी तथा संदीप उनके पीछे अपनी बाइक से चल रहा था। अभी दिनेश व भूपेंद्र सिंधी चौराहे के पास पहुंचे ही थे कि तभी पहले से ही अपनी जोहा ईगल नामक दुकान के बाहर खड़े गौरव व सौरभ ने उनके साथ गाली-गलौज करनी शुरू कर दी। दोनों ने इसका विरोध किया तो गौरव व सौरभ ने अपनी लाईसेंसी पिस्टल निकाल ली। इस बीच मौका पाकर दिनेश सागर तो वहां से बच निकला लेकिन गौरव व सौरभ ने भूपेंद्र पांडे उर्फ भूप्पी की कनपटी से पिस्टल सटाकर गोलियां चलानी शुरू कर दी। बताया जाता है कि दोनों ने 6 के 6 राउंड फायर भूपेंद्र पर झोंक दिये। जिससे भूपेंद्र जमीन पर गिर गया और उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

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नवीन समाचार, काशीपुर, 29 अक्तूबर 2019। काशीपुर (ऊधमसिंह नगर) में बीती रात्रि एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी से अवैध संबंधों के शक में मोटरसाइकिल सवारों पर कार चला दी। घटना में मोटरसाइकिल चला रहे एक राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी की कार से कुचलकर मृत्यु हो गई, जबकि आरोपित की पत्नी का कथित प्रेमी बच गया। मृतक के घर में इसी पखवाड़े आगामी 13 नवंबर को बहन की शादी थी। ऐसे में शादी की जोरशोर से चल रही तैयारियों के बीच घर में खुशी का माहौल मातम में बदल गया है। कार से कुचलने की घटना सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हो गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मूल रूप से ग्राम तेलीपुरा, थाना टांडा, रामपुर, उप्र निवासी भरपूर सिंह उर्फ भूपेंद्र करीब 6 साल से काशीपुर में ट्रांसपोर्ट का काम करता है और वर्तमान में काशीपुर की रामपुरम कॉलोनी में अपनी पत्नी के साथ रहता है। दोनों का विवाह 2010 में थाना पायल, लुधियाना, पंजाब निवासी महिला से हुआ था। दोनों का एक नौ साल का बेटा है। करीब दस माह से भूपेंद्र की पत्नी बाजपुर रोड स्थित एक जिम में जाती है। वहां उसकी दोस्ती और प्यार खरमासा निवासी जसविंदर उर्फ जस्सा (24) से हो गया। बीती शाम महिला ने जसविंदर को फोन कर बताया कि उसका पति उसे मार रहा है। वह उसे बचा ले। इस पर वह अपने दोस्त चेकबॉल के राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी, 2014 में नेपाल में हुई नेशनल चैंपियनशिप में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व कर चुके, ग्राम खरमासा निवासी अमनदीप सिंह (19) पुत्र गुरूबख्श सिंह को साथ लेकर रामपुरम कालोनी गया। इसी दौरान महिला का पति भूपेंद्र बाहर आ गया, और उसने सुबह करीब पौने चार बजे के आसपास बाजपुर मोड के समीप अपनी चंडीगढ़ नंबर की कार से पीछे से बाइक में टक्कर मार दी। जिससे वह और बाइक चला रहा अमनदीप छिटक कर दूर जा गिरे। उसने आगे जाकर कार बैक की और फिर से उन्हें कुचलने लगा। इस पर जस्सा तो बचकर भाग गया और अमनदीप नहीं उठ पाया, और भूपेंद्र ने अमनदीप पर कार चढ़ा दी। अमनदीप को सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस को पास लगे सीसीटीवी फुटेज में कार चालक तेजी से बाइक का पीछा करते मिला है। फुटेज में दिखी कार की खोज करते हुए पुलिस ने आरोपित भूपेंद्र को गिरफ्तार कर कर उसकी कार को कब्जे में ले लिया। उधर मृतक के भाई ग्राम खरमासा निवासी गुरविंदर सिंह पुत्र गुरबख्श सिंह की तहरीर पर पुलिस ने आरोपित कार चालक पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है।

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नवीन समाचार, नानकमत्ता, 25 अक्तूबर 2019। नानकमत्ता निवासी गोविंद नाम के युवक ने देर रात अपने ही घर मे फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। खास बात यह है कि बीते अगस्त माह में गोविंद के भाई सूरज की मौत लालकुआं भर्ती के दौरान मौत हो गई थी, और इस बहुचर्चित मामले में सूरज की हत्या के आरोप में आइटीबीपी के तीन जवान इन दिनों जेल में हैं। बताया जा रहा है कि गोविंद अपने भाई सूरज की मौत के बाद से काफी परेशान रहता था। हत्यारों पर कोई ठोस कार्रवाई और अन्य लोगों की गिरफ्तारी नहीं होने से वह परेशान था।एक ही परिवार के दो भाइयों की मौत से परिवार के साथ ही क्षेत्रवासी हतप्रभ हैं और क्षेत्र में गम का माहौल है।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 13 सितंबर 2019। गत 15 अगस्त को आईटीबीपी की भर्ती के दौरान भर्ती होने के लिए आये एक प्रतिभागी युवक की मृत्यु हो गई थी। बाद में युवक के पिता ने आईटीबीपी के जवानों पर उसकी हत्या करने का आरोप लगाया। माजले में क्षेत्रवासियों के आंदोलन, धरना-प्रदर्शन के बाद पुलिस ने आईटीबीपी के तीन सैनिको को गिरफ्तार किया था। इधर तीनों आरोपित सैनिकों ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत में जमानत प्रार्थना पत्र दिया, जिसे अभियोजन पक्ष के विरोध के बाद न्यायालय ने खारिज कर दिया।
आरोपितों की जमानत अर्जी का अभियोजन पक्ष की ओर से विरोध करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने मृतक सूरज कुमार के पिता ओम प्रकाश निवासी नानकमत्ता जिला ऊधमसिंह नगर की तहरीर के आधार पर बताया कि भर्ती के लिए दौड़ के बाद क्वालीफाई करने को लेकर सूरन का आईटीबीपी के जवानों से विवाद हुआ, इस पर आईटीबीपी के 5-6 लोगों ने योजनाबद्ध तरीके से सूरज को अपनी कस्टडी में लेकर मारा और अपने कैंप की ओर ले गये। बाद में सूरज के शव को आईटीबीपी की गारद के झाड़ियों में फेंक दिया जहां से उसकी लाश सड़ी-गली अवस्था में मिली। मामले में आईटीबीपी के हेड कांस्टेबल संतोष यादव पुत्र राम सिंह निवासी ग्राम सिरोही जिला सीकर राजस्थान, कान्सेटब सुरेंद्र कुमार पुत्र शेर सिंह निवासी ग्राम सलेमपुर थाना अटेली हरियाणा व कांस्टेबल चंद्र शेखर पुत्र ओम प्रकाश निवासी सानीपुर कला थाना सीकारपुर जिला बुलंदशहर यूपी को 26 अगस्त को गिरफ्तार किया गया। मामले में एक चश्मदीद आनंद गिरि ने पूरी घटना का ब्यौरा भी प्रस्तुत किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मृत्यु पूर्व के डंडों के काफी निशान मिले। अभियोजन पक्ष के तर्कों से सहमत होते हुए न्यायालय ने तीनों सैनिकों की जमानत अर्जी खारिज कर दी।

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नवीन समाचार, रुद्रपुर, 19 अक्तूबर 2019। घरेलू कलह और पत्नी पर अवैध संबंधों के शक के चलते सिडकुल की एक कंपनी में कार्यरत पति ने पत्नी की हत्या करने के बाद फांसी पर लटक कर आत्महत्या कर ली। कमरे में युवक फंदे से लटका मिला, जबकि पत्नी का शव बेड के नीचे पड़ा था। शव पुराना होने की वजह से हत्या दो से तीन दिन पहले होने का अनुमान है। मकान मालिक की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजे।
पुलिस के अनुसार बरेली जिले के बारादरी थाना क्षेत्र के चंद्रगुप्ता कॉलोनी बाईपास निवासी अमित राजा (33) पुत्र श्रीराम राजा अपनी पत्नी रितु उर्फ डॉली (26) के साथ रेशमबाड़ी में प्रेमपाल के मकान में किराए में रहता था। अमित सिडकुल की एक कंपनी में हेल्पर का काम करता था। पुलिस के अनुसार अमित अपनी पत्नी के चरित्र पर शक करता था। इस कारण दोनों में अक्सर विवाद होता रहता था। दंपति की अभी कोई संतान भी नहीं थी। आसपास के लोगों के मुताबिक अमित शुक्रवार को ड्यूटी पर गया था, लेकिन ड्यूटी से आने के बाद वह कमरे से बाहर नहीं निकला।
शनिवार देर शाम जब कमरा बंद होने पर मकान मालिक को शक हुआ तो उसने इसकी सूचना रम्पुरा चौकी पुलिस को दी। चौकी प्रभारी सतीश कापड़ी मौके पर पहुंचे और दरवाजा तोड़ कर अंदर गए तो अमित फांसी के फंदे पर लटका था। वहीं उसकी पत्नी डॉली का शव बेड के नीचे पड़ा था। पुलिस को कमरे से एक सुसाइड नोट भी मिला, जिसमें अमित ने घरेलू कलह के चलते पत्नी की हत्या करने की बात कुबूल की है। इसके बाद एसपी क्राइम प्रमोद कुमार, सीओ हिमांशु साह, इंस्पेक्टर कैलाश चंद्र भट्ट फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस के मुताबिक शव दो तीन दिन पुराना लग रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही साफ होगा कि पति ने पत्नी की हत्या कैसे और कब की और फिर खुदकुशी कब की। एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने बताया कि अमित ने सुसाइड नोट में पत्नी पर धोखा देने और अवैध संबंध का जिक्र करते हुए हत्या करने की बात कही है घटना की जानकारी मृतक के परिजनों को दे दी गई है।

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धड़ रहित मां का शव

नवीन समाचार, चोरगलिया (हल्द्वानी), नैनीताल, 7 अक्तूबर 2019। अपना नाम ‘नंधौर वैली’ कर अपनी छवि सुधारने की कोशिश कर रहे चोरगलिया क्षेत्र का नाम एक ऐसी दुर्दांत घटना से जुड़ गया है, कि इसका दाग केवल इस स्थान पर ही नहीं, पूरी मानवता पर लग गया है। जब पूरा देश नवरात्र में माता जगदम्बा की भक्ति में डूबा, मां के गुणगान में लगा है, यहां एक कलयुगी पुत्र ने अपनी सगी मां का गला धड़ से अलग कर दिया। पुलिस का उसकी मां की गर्दन धड़ से करीब 3 फिट दूर मिला। ग्रामीणों ने हत्यारे बेटे को पीटकर पुलिस के हवाले कर दिया है। ग्रामीणों के साथ पुलिस भी मौका-ए-वारदात को देखकर हतप्रभ है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार चोरगलिया-गौलापार के उदयपुर गांव में एक 35 वर्षीय कलयुगी, मानसिक रूप से बीमार युवक डिगर मेवाड़ी ने घास काटने जंगल जा रही अपनी माँ पर धारदार हथियार से वार कर उसकी गर्दन को धड़ से अलग कर दिया। घटना के बारे में जानकारी मिलने पर सीओ और एसपी सिटी भी मौके पर पहुंचे, और आसपास के लोगों से पूछताछ कर पूरी घटना की जानकारी प्राप्त की।

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वीन समाचार, कोटद्वार, 2 अक्तूबर 2019। ‘फौजी फौज में, भौजी मौज में’ देश की रक्षा के लिए घर-परिवार से दूर सीमाओं पर तैनात फौजियों के निजी जीवन का एक दुखद पक्ष यह भी है। इस दुःखद पक्ष को कोटद्वार की एक कलयुगी पत्नी ने सही साबित करके दिखा दिया है। उधर उसका पति देश की रक्षा के लिए अपना जीवन लगाता रहा, और इधर पत्नी पड़ोस के अपने मनमौजी के साथ मौज करती रही। पति सेवानिवृत्त होकर घर आया तो उनकी मौज में खलल पड़ने लगा। पत्नी को यह बर्दाश्त नहीं हुआ तो उसने अपने मनमौजी यार के जरिए पति की हत्या ही करवा दी। बाकी पूरा वाकिया पुलिस की इस रिपोर्ट में देख लीजिए :

कोतवाली कोटद्वार पुलिस को राजकीय अस्पताल कोटद्वार से सूचना प्रातः हुई कि राम सिंह s/o स्व0 ठाकुर सिंह नि0 मानपुर कलालघाटी कोटद्वार पौड़ी गढ़वाल को मृत अवस्था मे अस्पताल लाया गया है। इस सूचना पर अस्पताल जाकर जाँच की गई तो जानकारी प्राप्त हुई कि मृतक राम सिंह को उसकी पत्नी भूमा देवी मृत अवस्था मे अस्पताल लेकर आयी थी। इस सम्बंध में जब भूमा देवी से पूछताछ की तो बताया कि सीढ़ियों से गिरने के कारण उसके पति की मृत्यु हुई है। इसके विपरीत मृतक के शरीर पर कई जगह चोटो के गंभीर निशान थे। मामला संदिग्ध प्रतीत होने पर इसकी जानकारी तुरंत उच्चाधिकारियों को दी गयी। घटनास्थल के आस पास गोपनीय रूप से जानकारी प्राप्त की गयी तो पता चला कि मृतक की पत्नी भूमा देवी के पड़ोस में ही रहने वाले संतोष चौधरी (जो पलम्बर का कार्य करता है) के साथ अवैध संबंध है। इस पर जब भूमा देवी से सख्ताई से पूछताछ की तो बताया कि उसका पति अभी एक माह पूर्व ही आर्मी से रिटायर होकर आया है, व बताया कि पति राम सिंह को मेरे और संतोष के मध्य अवैध संबंधों की जानकारी हो गयी थी। इस बात पर भूमा देवी और राम सिंह के बीच रोजाना झगड़ा होता था। भूमा देवी और संतोष ने मृतक राम सिंह को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। दिनाँक 27.9.19 को जब मृतक राम सिंह अपने घर पर शराब के नशे में मौजूद था तो भूमा देवी ने फोन करके संतोष को अपने घर बुलाया और राम सिंह को सीढ़ियों से धक्का देकर व ईट से पीट-पीट कर हत्या कर दी। मृतक की माता श्रीमती पारेश्वरी देवी द्वारा पुलिस को दी गयी तहरीर के आधार पर कोतवाली कोटद्वार में दि0 29.9.19 को मु0अ0सं0: 265/19 धारा 302 भादवि का अभियोग पंजीकृत कर विवेचना प्रारंभ की गयी। श्रीमान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय के आदेशानुसार व श्रीमान अपर पुलिस अधीक्षक महोदय कोटद्वार व श्रीमान पुलिस उपाधीक्षक महोदय कोटद्वार के निर्देशन में उक्त जघन्य हत्याकाण्ड के खुलासे के लिए अलग अलग निगरानी व सर्विलांस टीम का गठन कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। आज दिनांक 02.10.2019 को दौराने विवेचना अभियुक्तगण भूमा देवी व संतोष चौधरी को गिरफ्तार किया गया व हत्या में प्रयुक्त ईट को कब्जे पुलिस लिया गया।अभियुक्तगणों को मा0 न्यायालय पेश किया जा रहा है।

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नवीन समाचार, खटीमा, 28 सितंबर 2019। खटीमा के झनकइया थानाक्षेत्र के अंतर्गत बगुलिया गांव में अवैध संबंध से आजिज आकर निकेश अधिकारी नाम के एक व्यक्ति ने रात में अपनी 38 वर्षीय पत्नी मीरा की साइकिल की चेन में कपड़ा लपेटकर गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद शव का घसीटकर उसने झाड़ियों के बीच छिपा दिया। सुबह जब बच्चों ने मां के बारे में पूछा तो आरोपित सीधा थाने पहुंच गया और हत्या करने का गुनाह कबूल कर लिया।

आरोपित ने बताया कि उसकी पत्नी का गांव के ही किसी व्यक्ति से अवैध संबंध था। इस कारण आए दिन घर में झगड़ा होता रहता था। वह इससे आजिज आ गया था। पुलिस ने आरोपित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया। फॉरेंसिक टीम व अपर पुलिस अधीक्षक ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने बताया कि आरोपित ट्रक चालक है। उसके तीन बच्चे हैं। बड़ा बेटा नीलकांतो दिल्ली में है, जबकि दूसरा नितीश हाईस्कूल एवं तीसरा बेटा सर्वेश कक्षा छह में पढ़ता है। घर में आरोपित की मां दुर्गावती व बीमार पिता निरंजन भी रहते हैं। मृतका की शादी 19 साल पूर्व उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जनपद के भरतपुर न्यूरिया से हुई थी। रुद्रपुर से आए फोरेंसिक टीम के दीपक शर्मा व दीपक चौहान ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर मौके से फिंगर प्रिंट लिए। साथ ही परिजनों से जरुरी जानकारी जुटाई। बताया गया है कि मृतका मीरा अक्सर घर से बाहर रहती थी। इसी वजह उसका पति के साथ झगड़ा होता रहता था। कई बार मामला थाने भी पहुंचा था। बताते हैं कि मीरा दो दिन पूर्व दिल्ली से छोटे बेटे सर्वेश के साथ आई थी।

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शाकिर हुसैन @ नवीन समाचार, कालाढुंगी, 23 सितम्बर 2019। सोमवार को कालाढूंगी बाजपुर मार्ग से लगभग 300 मीटर जंगल में झलुवाझाला गांव के पास बौर नदी के किनारे एक महिला का शव पड़ा मिला। महिला का पेट भी फाड़ा गया है तथा गर्दन पर भी चाकुओं से वार किए गए हैं। इतना ही नही शिनाख्त छुपाने के लिए मुंह को पत्थर से भी कुचला गया है। महिला के हाथ में ‘ओंकार’ शब्द गुदा हुआ है, इससे माना जा रहा है कि करीब 30 वर्षीय महिला सिख संप्रदाय की हो सकती है।  किसी ग्रामीण ने शव पड़ा देख इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलने के बाद थानाध्यक्ष दिनेश नाथ महंत, एसआई रजनी आर्या व भूपाल पोरी सहित कई पुलिस कर्मी मौके पर पहुंचे, तथा ग्रामीणों से शव की शिनाख्त के असफल प्रयास किये। जिसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए हल्द्वानी भेज दिया। जानकारी मिलने पर अपर पुलिस अधीक्षक अमित श्रीवास्तव ने भी मौका मुआयना कर मामले की जानकारी ली। मृतक महिला लगभग 30 वर्षीय है तथा उसका पेट फटा होने व गर्दन पर चाकुओं के निशान व मुंह पत्थर से कुचला होने से मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है। थानाध्यक्ष दिनेश नाथ महंत ने बताया कि शव की जानकारी आसपास के थानों को दी जा चुकी है तथा शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए हल्द्वानी भेज दिया गया है।

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-पहाड़पानी में मामूली विवाद पर युवक की हत्या, हत्यारा गिरफ्तार
-शव का पीएम कर परिजनों को सौंपा राजस्व पुलिस ने आरोपित को किया गिरफ्तार

दान सिंह लोधियाल @ नवीन समाचार, धानाचूली, 8 सितंबर 2019। तहसील धारी के पहाड़पानी में मामूली विवाद पर एक युवक की हत्या कर दी गई है। बात इतनी सी हुई कि पूजा के दौरान पकाए गये मीट में नमक-मिर्च अधिक पड़ गया था, इस पर दोस्त ने ही युवक की दिल के पास संभवतया मीट काटने के लिए भी प्रयुक्त किया गया नुकीला चाकू घोंप दिया, जिससे युवक की मौत हो गई। राजस्व पुलिस ने शव का पीएम करा कर परिजनों को सौप दिया है, तथा हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार भी कर लिया है। खास बात यह भी है कि जिस गांव में यह हत्या हुई है वहीं पूर्व में भी इस गांव में अपनी शादी के लिए घर आये सैनिक की मामूली बात पर गुप्तांग में लात मारकर हत्या कर दी गयी थी, वहीं एक घटना में एक पति ने भी भावावेश में अपनी पत्नी की हत्या कर दी थी और फिर अफसोस होने पर खुद भी आत्महत्या कर ली थी।
राजस्व पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार पहाड़पानी के अर्नपा ग्राम सभा के तोक जोनपोखरा निवासी अशोक मेलकानी (31) पुत्र हरीश मेलकानी की जंगल में पूजा के दौरान मामूली कहासुनी पर नुकीले हत्यार से वार कर हत्या कर दी गई है। हत्या का आरोप ललित चौसाली (26) पुत्र जीवानन्द निवासी सकदीना पहाड़पानी पर लगा है। मृतक के भाई बबलू मेलकानी ने पटवारी चौकी में हत्या का मुकदमा दर्ज करा कर आरोपित को सजा दिलाने की मांग की थी। वही उपनिरीक्षक चन्द्रा नाथ ने भादंस की धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज कर शाम को आरोपित को गिरफ्तार भी कर लिया है। राजस्व पुलिस ने बताया बीते शनिवार को हल्द्वानी से एक पूजा पहाड़पानी क्षेत्र में आई थी। जिसमे बकरे का मीट भी बनाया गया। मीट में मिर्च और नमक ज्यादा हो गया, जिस पर आरोपित ललित व मृतक अशोक में कहा सुनी हो गयी, जो बढ़कर हाथापाई में बदल गयी। आवेश में आकर ललित ने नुकीले चाकू से अशोक के बाये सीने पर वार कर दिया। वही बीच बचाव करने उतरा मोहन चंद (24) पुत्र जीवानन्द निवासी सकदीना पहाड़पानी भी घायल हो गया। पदमपुरी के डॉक्टर दीपक शर्मा ने बताया कि मृतक के बाएं सीने में दिल के ऊपर करीब डेढ़ सेमी गहरा घाव था जिससे उसकी मौत हो सकती है। स्थिति पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो सकेगी। वही घायल मोहनचंद के बाएं हाथ और पीठ में ढाई से तीन सेमी गहरा घाव था जिसकी सर्जरी कर उसे घर भेज दिया गया। उधर उपनिरीक्षक हेम पलड़िया और ललितमोहन जैड़ा ने शव का पीएम कर परिजनों को सौप दिया। जिसके गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया।
राजस्व पुलिस ने घटना के 10 घण्टे के भीतर पकड़ा आरोपी को
धानाचूली। शनिवार की सुबह घटी घटना के 10 घण्टे के भीतर ही राजस्व पुलिस की टीम ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया। इस टीम में कानूनगो राजेन्द्र प्रसाद, उपनिरीक्षक हेम पलड़िया, ललितमोहन जैड़ा, चन्द्रा नाथ, पूरन गुड़वन्त होमगार्ड बालम, भीम, और नारायण शामिल रहे। इस कार्यवाही पर उपजिलाधिकारी विजयनाथ शुक्ला व तहसीलदार नितेश डांगर ने पूरी टीम को बधाई दी है।

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-केरल में बिटक्वाइन के 485 करोड़ हड़पने के बाद नुकसान होने पर फरार होकर देहरादून में रह रहा था मृतक
नवीन समाचार, देहरादून, 30 अगस्त 2019। उत्तराखंड में 485 करोड़ की भारी भरकम धनराशि के लिए एक युवक की हत्या किये जाने की पुष्टि हुई है। दून पुलिस ने आज इसका खुलासा करते हुए बताया कि दो दिन पूर्व गत 28 अगस्त 2019 की रात्रि करीब 11.30 बजे दून के मैक्स हॉस्पिटल से जिस युवक को मृत अवस्था में लाया गया था, उसकी पहचान अब्दुल शकूर पुत्र मोहम्मद निवासी सुद्धोवाला चौक, नियर टेम्पल प्रेमनगर दून और मूल निवासी मेलीपीडीयीटील हाउस नार्थ पुलकित डुलामेंथोल मल्लापुरम थर्ड केरला के रूप में हुई है। उसे उसके साथी युवकों ने कई यातनाओं के बाद मारा था। हत्या बिटक्वाइन के कारोबार में लगाये गए 485 करोड़ रुपये हड़पने के लिए साथियों ने ही योजनाबद्ध तरीके से की गई।
शुक्रवार को पुलिस कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में एसएसपी अरुण मोहन जोशी ने बताया कि मृतक को उसके साथी ही मृत अवस्था में मैक्स अस्पताल छोड़ कर फरार हो गए थे। सीसीटीवी फुटेज की मदद से उनमें से 5 युवकों-फारिस ममनून पुत्र अब्दुल्ला अबुलन निवासी सबना मंजिल, करूवंबरम, जिला मंजीरी केरल, अरविन्द सी पुत्र रविन्द्रन सी निवासी चेन्निक कठहोडी मंजीरी मल्लापुरम केरल, अंसिफ पुत्र शौकत अली पी निवासी पलाई पुथनकलइथिल मंजीरी करूवंबरम केरल, सुफेल मुख्तार पुत्र मो. अली निवासी पुथईकलम पलपत्ता केरल और आफताब मौहम्मद पुत्र सादिक पी निवासी पलाई पुथनकलइथिल मंजीरी करूवंबरम केरल गिरफ्तार कियेे जा चुके हैं, जबकि आशिक निवासी निल्लीपुरम, मंजीरी, मल्लपपुरम केरल, अरशद निवासी वेंगरा, मल्लपपुरम, केरल, यासीन निवासी मल्लपपुरम, मंजीरी, केरल, सिहाब निवासी वेंगरा, मल्लपपुरम, केरल और मुनीफ निवासी मल्लापपुरम, मंजीरी केरल फरार हैं।
एसएसपी ने घटना का खुलासा करते हुए बताया कि मृतक अब्दुल शकूर द्वारा बिटक्वाइन में इन्वेस्टमेंट के नाम पर लगभग 485 करोड़ रुपये केरल में मंजीरी, पांडीकर तथा मल्लपुरम आदि क्षेत्रों में कई लोगों से लिये गये थे। इसके लिए अब्दुल शकूर द्वारा अपना एक कोर ग्रुप बनाया गया है, जिसमें सिहाब, आसिफ, अरशद और मुनीफ शामिल थे। इस कोर ग्रुप द्वारा भी अपनी अलग-अलग टीमें बनाई गईं थी। इसमें आशिक के ग्रुप में आफताब, अंसिफ, फरासी, सुहेल तथा अरविन्द थे। जिनके द्वारा कई लोगों से पैसा बिटक्वाइन में इनवेस्ट कराने के लिये एकत्रित किया गया। इनवेस्ट किया गया सारा पैसा इन लोगों के माध्यम से एकत्रित होकर अब्दुल शकूर के पास आता था। जब शकूर को बिटक्वाइन में घाटा हो गया तो अब्दुल शकूर अपनी कंपनी के चार साथियों आशिक, अरशद, मुनीफ और सिहाब के साथ चार महीने पहले केरल से फरार हो गया था। इस पर आशिक के द्वारा यासीन, आफताब, आसिफ, फरासी, सुहेल तथा अरविन्द को भी अपनी योजना में शामिल कर लिया गया, और शकूर की हत्या कर दी गयी। योजना थी कि यदि शकूर के ये तीन साथी अरशद, मुनीफ और सिहाब उनके षड्यंत्र में साथ न आते तो उन्हें बंधक बना लिया जाता। लेकिन उन्होंने भी हत्या में सहयोग किया।

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नवीन समाचार, हल्द्वानी, 26 अगस्त 2019। प्रदेश के बहुचर्चित हो चुके सूरज सक्सेना हत्याकांड मामले में नैनीताल पुलिस द्वारा 34वीं वाहिनी आईटीबीपी के तीन जवानों को गिरफ्तार करने का समाचार है। जनपद के एसएसपी सुनील कुमार मीणा ने सोमवार को यह जानकारी दी, अलबत्ता आरोपितों के भारतीय सेना से जुड़े होने के दृष्टिगत नामों का खुलासा करने से इंकार किया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में कानूनी राय भी ली जा रही है। आरोपितों के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 343, 302 व 201 लगाई गई हैं। गिरफ्तारी हल्द्वानी के पुलिस बहुउद्देश्यीय भवन में तब की गयी, जबकि मामले में परिजनों व ग्रामीणों का दबाब बढ़ने के बाद आईटीबीपी के करीब 18 अधिकारियों व कर्मचारियों को तफ्तीश के लिए बुलाया गया था। इस दौरान मृतक सूरज के दोस्तों के द्वारा सूरज की पिटाई करने वाले जवानों की पहचान करने के बाद गिरफ्तारी की गई। आरोपी यादव व 5-6 अन्य जवानों पर मृतक सूरज सक्सेना के साथ भर्ती के दौरान मारपीट कर हत्या करने और शव को आईटीबीपी के लालकुआं परिसर के पास जंगल में फेंकने का आरोप लगाया गया है।
गिरफ्तारी करने वाली टीम में लालकुआं कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक योगेश उपाध्याय, निरीक्षक सुधीर कुमार, संजय कुमार, अब्दुल कलाम, एसएसआई प्रेम विश्वकर्मा, एसआई नरेेश पंत, राकेश कठायत, कमित जोशी, नीरज सिंघल व आरक्षी विनोद कुमार, केशव बोरा व रंजीत सिंह शामिल रहे। मामले की विवेचना सुधीर कुमार कर रहे हैं।
नानकमत्ता के विधायक प्रेम सिंह राणा के द्वारा सोमवार को मामले में आईटीबीपी के मुख्यालय के बाहर पिछले तीन दिनों से प्रदर्शन कर रहे सूरज के परिजनो ंव ग्रामीणों को भी यह जानकारी दी गई। अलबत्ता, इसके बावजूद धरने पर बैठे परिजनों व ग्रामीणों का प्रदर्शन सोमवार को भी जारी रहा। प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचकर उनको मनाने की कोशिश कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि गत 18 अगस्त को आइटीबीपी के लालकुआं स्थित पुराने परिसर की झाडियों में नानकमत्ता निवासी युवक सूरज सक्सेना का सड़ा गला शव बरामद हुआ था। सूरज 16 अगस्त को आइटीबीपी की भर्ती के लिए यहां पहुंचा था। शव बरामद होने पर परिजनों ने आइटीबीपी जवानों पर सूरज की हत्या का आरोप लगाते हुए अज्ञात जवानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। शुक्रवार को पुलिस द्वारा पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक करते हुए बताया गया कि रिपोर्ट में बाहरी चोट के निशान तो आए हैं, लेकिन मौत के कारणों का पता नहीं चल सका है। जिसके बाद पुलिस ने मृतक का बिसरा जांच के लिए फोरेंसिंक लैब भेजा गया। इधर पुलिस के लचर रवैये से परिजनों तथा ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। शनिवार को परिजनों के साथ आए सैकड़ों ग्रामीणों ने यहां आइटीबीपी गेट पर बेमियादी धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। रविवार को धरना-प्रदर्शन में ग्रामीणों की संख्या बढ़ गई। प्रदर्शनकारी हत्याकांड का खुलासा करने की मांग तक अड़े हैं।

यह भी पढ़ें : ऊधमसिंह नगर में सुबह-सुबह ऊधम, यूपी के पुलिस जवान की शरेआम ढाबे पर गोली मारकर हत्या

नवीन समाचार, रुद्रपुर, 14 अगस्त 2019। बेखौफ बदमाशों ने उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर में सुबह-सुबह ऊधम मचा दिया। एक ढाबे पर खाना खा रहे यूपी में कार्यरत पुलिस कर्मी की नजदीक से गोली मारकर हत्या कर दी। मामला दो राज्यों से जुड़ा एवं एक पुलिस कर्मी की हत्या से जुड़ा होने के कारण अधिक गंभीर हो गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बुधवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे ऊधमसिंह नगर जिले के गदरपुर थाना क्षेत्र में चौकी महतोष के अंतर्गत प्रेमनगर पुलिया के पास स्थित खालसा ढाबे पर एक 27 वर्षीय युवक अपने दोस्तों के साथ खाना खा रहा था, तभी अज्ञात बदमाशों ने उसे करीब से गोली मार दी। गोली उसकी गर्दन में लगी। सूचना मिलते ही ऊधमसिंह नगर जिले के एसएसपी बरिंदरजीत सिंह भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और बुरी तरह से घायल को रुद्रपुर उपचार के लिए लाने लगे किंतु उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। मृतक की पहचान पीलीभीत जिले के माधव टांडा चौकी में यूपी पुलिस में कार्यरत सिपाही मयंक निवासी चंदेला बिलासपुर यूपी के रूप में हुई। वह इन दिनों छुट्टी पर घर आया हुआ था। पुलिस ने हत्यारों की तलाश के लिए चार टीमों का गठन कर दिया है। हत्या का कारण जमीनी विवाद बताया जा रहा है।

यह भी पढ़ें : सैनिक के हत्यारे को 6 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा, शादी से ठीक पहले गुप्तांग में मार कर की थी हत्या..

मृतक जवान जगत सिंह।

नवीन समाचार, नैनीताल, 16 जुलाई 2019। गत वर्ष 7 मई 2018 को अपनी शादी के लिए घर आये कुमाऊं रेजीमेंट के जवान जगत सिंह पुत्र खीम सिंह निवासी ग्राम मजूली तोक जोलपोखरा तहसील व जिला नैनीताल की हुई हत्या के गांव के ही निवासी आरोपित गोपाल सिंह पुत्र पूरन सिंह ने हत्या कर दी थी। इस मामले में मंगलवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव खुल्बे की अदालत ने आरोपित को भारतीय दंड संहिता की धारा 304 के तहत 6 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने अदालत को बताया कि हत्या गांव के ही महेश मेलकानी पुत्र रेबाधर मेलकानी की शादी के प्रीतिभोज कार्यक्रम के दौरान हुई, जहां आरोपित ने मृतक के साथ दो बार झगड़ा किया, और मृतक के गुप्तांग में लात मारकर चोट पहुंचाई, जिससे उसकी मृत्यु हो गयी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण अंडकोश में चोट को बताया गया। मृतक की खुद भी इसी बीच शादी थी और वह 10 दिन पूर्व ही अपनी शादी के लिए सेना से घर आया था। मामले में अभियोजन की ओर से सात गवाह पेश किये गये। आरोपित 9 मई को गिरफ्तार होने के बाद से जेल में ही था। सजा सुनाने के बाद उसे नैनीताल जेल भेज दिया गया।

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मृतका

नवीन समाचार, रामनगर, 23 जून 2019। बीती 15 जून को सिंचाई नहर में मिला शव दिल्ली की महिला का था। महिला के जीजा ने ही उसको मौत के घाट उतारकर शव नहर में फेंका था। पुलिस का दावा है कि जीजा उसे देह व्यापार के धंधे में धकेलना चाहता था। झगड़ा होने पर जीजा ने पहली पत्‍‌नी के भाई यानी साले के साथ मिलकर महिला को ठिकाने लगा दिया। बहरहाल आरोपित व उसका साला पुलिस गिरफ्त में है। उनकी निशानदेही पर गला घोंटने में प्रयुक्त बिजली का तार व महिला के कान के कुंडल व अंगूठी भी पुलिस ने बरामद कर ली।

बीते 15 जून को पुलिस ने नंदपुर गाव की सिंचाई नहर में एक अज्ञात महिला का शव बरामद किया था। मौके पर मिले शव के आधार पर महिला की हत्या कर नहर में डाले जाने की पुष्टि हुई थी। जिसके बाद पुलिस ने मृतका की शिनाख्त करने का प्रयास किया। पुलिस द्वारा महिला की शिनाख्त के लिए उत्तराखंड से लगे हुए राज्यों के थानों व कोतवाली में पंपलेट छपवा कर नोटिस बोर्ड पर चस्पा करवा दिए। कोतवाली में घटना का खुलासा करते हुए एसएसपी सुनील कुमार मीणा ने बताया कि 22 जून को अंकित शर्मा निवासी 123-5 भजनपुरा दिल्ली-53 द्वारा अज्ञात महिला की पहचान रामनगर कोतवाली आकर अपनी पत्‍‌नी जन्नत उर्फ निखत अंसारी के रूप में की। अंकित ने बताया कुछ समय पहले किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया था। वह अपनी बहन के घर आ कर रहने लगी थी। पंपलेट देखकर अंकित ने उसके जीजा सोनू पर हत्या का शक जाहिर करते हुए मुकदमा दर्ज कराया। जिस पर पीरूमदारा चौकी इंचार्ज कवींद्र शर्मा ने दबिश दे शनिवार देर रात आरोपित जीजा सोनू सैनी पुत्र पूरन सिंह सैनी निवासी चोरपानी रामनगर एवं साले गुड्डू पुत्र ओमप्रकाश निवासी रफातपुरा थापस जिला अमरोहा (उप्र) को रामनगर स्थित हनुमान मंदिर से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपित सोनू सैनी ने बताया कि वह देह व्यापार का धंधा करता है। 2005 में उसका विवाह हुआ था, इस दौरान उसके संपर्क में रुखसार उर्फ प्रिया निवासी नूरपुर बिजनौर (उप्र) आई। बाद में उसने पहली बीवी को छोड़ रुखसार से विवाह कर लिया। करीब छह माह पहले रुखसार की छोटी बहन जन्नत उर्फ निखत मेरे संपर्क में आई। दिल्ली से आकर वह नौ मई 2019 से मेरे साथ रह रही थी। जिसे उसने 14 जून को पीरूमदारा में किराए के मकान में रखा। बताया जाता है कि सोनू निखत को देह व्यापार के धंधे में उतारना चाहता था, लेकिन वह इसके लिए तैयार नहीं हुई। जिससे दोनों के बीच तनाव बढ़ गया था। 14 जून की रात को उसने अपनी पहली पत्‍‌नी मीना के भाई गुड्डू व निखत के साथ शराब पी। शराब पिलाने के दौरान भी उसका निखत के साथ झगड़ा हुआ। जिस पर उसने निखत को पटक दिया और गुड्डू को बाथरूम में बंद कर बिजली की तार से निखत का गला घोंट दिया। बाद में गुड्डू की मदद से शव को अपनी कार में रख नहर में डाल आया। उसके बाद वह गुड्डू के साथ भवानीगंज पेट्रोल पंप पर पहुंचा। यहां से पेट्रोल लेकर पुन: नहर पर गया और लाश पर पेट्रोल डाल कर जला दिया। उसके कान की रिग व सोने की अंगूठी निकाल कर उसने चोरपानी वाले मकान में रख दी। आरोपित ने स्वीकार किया कि उसने इसलिए मार डाला कि क्योंकि निखत बच जाती तो उसे मार सकती थी। वहीं, ब्लाइड मर्डर का खुलासा किए जाने पर पुलिस कप्तान ने एसओजी एवं पुलिस पार्टी को ढाई हजार रुपया पुरस्कार देने की घोषणा की है।

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पुलिस की गिरफ्त में हत्यारा

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 6 जून 2019। हल्द्वानी के दमुवाढूंगा में चंबल पुल सरदार कोठी के पास बुधवार रात पड़ोसी ने गाय के फसल चर जाने को लेकर गाय के मालिक एक टैक्सी चालक कृष्ण पाल मौर्य पुत्र लालता प्रसाद मौर्य की धारदार हथियार-बड्याठ से हाथ व गला काटकर निर्ममा से हत्या कर दी गई। हत्या का आरोप पड़ोस में रहने वाले पूर्व नौसैनिक पर लगा है। पुलिस ने आरोपित राजेंद्र मेहरा पुत्र जीत सिंह मेहरा निवासी कृष्णा विहार मल्ली बमौरी को गिरफ्तार कर लिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार दमुवाढूंगा में चंबलपुल सरदार की कोठी निवासी कृष्णा मौर्या (35) टैक्सी चलाता था। उसने मकान के सामने बंटाई पर सब्जी बोई थी। आरोप है कि इस सब्जी को पड़ोसी सेवानिवृत्त नौसेना कर्मी की गाय चट कर जाती थी। इसी को लेकर दोनों के बीच पिछले करीब एक पखवाड़े से कहासुनी चल रही थी। बुधवार की रात्रि को भी राजेंद्र की गाय कृष्णा के खेत में सब्जी को चर रही थी। इस पर उनका विवाद हुआ था। रात करीब 9.30 बजे कृष्णा और उसकी पत्नी इंदिरा मौर्या कुत्ते को टहला रहे थे। इसी बीच राजेंद्र अचानक आ धमका और उसने कृष्णा की गर्दन व हाथ पर धारदार हथियार से वार कर दिये। इस पर इंदिरा अपने भाइयों को बुलाने चली गई। लेकिन जब तक वह रिश्तेदारों को साथ लेकर लौटी, तब तक राजेंद्र ने कृष्णा का एक हाथ भी काट दिया था। कृष्णा के साथ उसके रिश्तेदारों को आता देख हमलावर राजेंद्र मौके से भाग निकला, जबकि कृष्णा की मौके पर मौत हो गई। सूचना मिलने पर पहुंची काठगोदाम पुलिस ने मौके का मुआयना कर राजेंद्र को गिरफ्तार कर लिया। उससे हत्या में प्रयुक्त बड्याठ व खून से सने हुए कपड़े आदि भी बरामद कर लिये गये हैं। उसे मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की तैयारी चल रही है।

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