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सेना भर्ती के दौरान युवक की पीटकर हत्या करने वाले आईटीबीपी के तीन सैनिकों को नहीं मिली जमानत

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नवीन समाचार, नैनीताल, 13 सितंबर 2019। गत 15 अगस्त को आईटीबीपी की भर्ती के दौरान भर्ती होने के लिए आये एक प्रतिभागी युवक की मृत्यु हो गई थी। बाद में युवक के पिता ने आईटीबीपी के जवानों पर उसकी हत्या करने का आरोप लगाया। माजले में क्षेत्रवासियों के आंदोलन, धरना-प्रदर्शन के बाद पुलिस ने आईटीबीपी के तीन सैनिको को गिरफ्तार किया था। इधर तीनों आरोपित सैनिकों ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत में जमानत प्रार्थना पत्र दिया, जिसे अभियोजन पक्ष के विरोध के बाद न्यायालय ने खारिज कर दिया।
आरोपितों की जमानत अर्जी का अभियोजन पक्ष की ओर से विरोध करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने मृतक सूरज कुमार के पिता ओम प्रकाश निवासी नानकमत्ता जिला ऊधमसिंह नगर की तहरीर के आधार पर बताया कि भर्ती के लिए दौड़ के बाद क्वालीफाई करने को लेकर सूरन का आईटीबीपी के जवानों से विवाद हुआ, इस पर आईटीबीपी के 5-6 लोगों ने योजनाबद्ध तरीके से सूरज को अपनी कस्टडी में लेकर मारा और अपने कैंप की ओर ले गये। बाद में सूरज के शव को आईटीबीपी की गारद के झाड़ियों में फेंक दिया जहां से उसकी लाश सड़ी-गली अवस्था में मिली। मामले में आईटीबीपी के हेड कांस्टेबल संतोष यादव पुत्र राम सिंह निवासी ग्राम सिरोही जिला सीकर राजस्थान, कान्सेटब सुरेंद्र कुमार पुत्र शेर सिंह निवासी ग्राम सलेमपुर थाना अटेली हरियाणा व कांस्टेबल चंद्र शेखर पुत्र ओम प्रकाश निवासी सानीपुर कला थाना सीकारपुर जिला बुलंदशहर यूपी को 26 अगस्त को गिरफ्तार किया गया। मामले में एक चश्मदीद आनंद गिरि ने पूरी घटना का ब्यौरा भी प्रस्तुत किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मृत्यु पूर्व के डंडों के काफी निशान मिले। अभियोजन पक्ष के तर्कों से सहमत होते हुए न्यायालय ने तीनों सैनिकों की जमानत अर्जी खारिज कर दी।

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-पहाड़पानी में मामूली विवाद पर युवक की हत्या, हत्यारा गिरफ्तार
-शव का पीएम कर परिजनों को सौंपा राजस्व पुलिस ने आरोपित को किया गिरफ्तार

हत्याकांड का आरोपित के साथ राजस्व पुलिस।

दान सिंह लोधियाल @ नवीन समाचार, धानाचूली, 8 सितंबर 2019। तहसील धारी के पहाड़पानी में मामूली विवाद पर एक युवक की हत्या कर दी गई है। बात इतनी सी हुई कि पूजा के दौरान पकाए गये मीट में नमक-मिर्च अधिक पड़ गया था, इस पर दोस्त ने ही युवक की दिल के पास संभवतया मीट काटने के लिए भी प्रयुक्त किया गया नुकीला चाकू घोंप दिया, जिससे युवक की मौत हो गई। राजस्व पुलिस ने शव का पीएम करा कर परिजनों को सौप दिया है, तथा हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार भी कर लिया है। खास बात यह भी है कि जिस गांव में यह हत्या हुई है वहीं पूर्व में भी इस गांव में अपनी शादी के लिए घर आये सैनिक की मामूली बात पर गुप्तांग में लात मारकर हत्या कर दी गयी थी, वहीं एक घटना में एक पति ने भी भावावेश में अपनी पत्नी की हत्या कर दी थी और फिर अफसोस होने पर खुद भी आत्महत्या कर ली थी।
राजस्व पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार पहाड़पानी के अर्नपा ग्राम सभा के तोक जोनपोखरा निवासी अशोक मेलकानी (31) पुत्र हरीश मेलकानी की जंगल में पूजा के दौरान मामूली कहासुनी पर नुकीले हत्यार से वार कर हत्या कर दी गई है। हत्या का आरोप ललित चौसाली (26) पुत्र जीवानन्द निवासी सकदीना पहाड़पानी पर लगा है। मृतक के भाई बबलू मेलकानी ने पटवारी चौकी में हत्या का मुकदमा दर्ज करा कर आरोपित को सजा दिलाने की मांग की थी। वही उपनिरीक्षक चन्द्रा नाथ ने भादंस की धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज कर शाम को आरोपित को गिरफ्तार भी कर लिया है। राजस्व पुलिस ने बताया बीते शनिवार को हल्द्वानी से एक पूजा पहाड़पानी क्षेत्र में आई थी। जिसमे बकरे का मीट भी बनाया गया। मीट में मिर्च और नमक ज्यादा हो गया, जिस पर आरोपित ललित व मृतक अशोक में कहा सुनी हो गयी, जो बढ़कर हाथापाई में बदल गयी। आवेश में आकर ललित ने नुकीले चाकू से अशोक के बाये सीने पर वार कर दिया। वही बीच बचाव करने उतरा मोहन चंद (24) पुत्र जीवानन्द निवासी सकदीना पहाड़पानी भी घायल हो गया। पदमपुरी के डॉक्टर दीपक शर्मा ने बताया कि मृतक के बाएं सीने में दिल के ऊपर करीब डेढ़ सेमी गहरा घाव था जिससे उसकी मौत हो सकती है। स्थिति पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो सकेगी। वही घायल मोहनचंद के बाएं हाथ और पीठ में ढाई से तीन सेमी गहरा घाव था जिसकी सर्जरी कर उसे घर भेज दिया गया। उधर उपनिरीक्षक हेम पलड़िया और ललितमोहन जैड़ा ने शव का पीएम कर परिजनों को सौप दिया। जिसके गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया।
राजस्व पुलिस ने घटना के 10 घण्टे के भीतर पकड़ा आरोपी को
धानाचूली। शनिवार की सुबह घटी घटना के 10 घण्टे के भीतर ही राजस्व पुलिस की टीम ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया। इस टीम में कानूनगो राजेन्द्र प्रसाद, उपनिरीक्षक हेम पलड़िया, ललितमोहन जैड़ा, चन्द्रा नाथ, पूरन गुड़वन्त होमगार्ड बालम, भीम, और नारायण शामिल रहे। इस कार्यवाही पर उपजिलाधिकारी विजयनाथ शुक्ला व तहसीलदार नितेश डांगर ने पूरी टीम को बधाई दी है।

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-केरल में बिटक्वाइन के 485 करोड़ हड़पने के बाद नुकसान होने पर फरार होकर देहरादून में रह रहा था मृतक

नवीन समाचार, देहरादून, 30 अगस्त 2019। उत्तराखंड में 485 करोड़ की भारी भरकम धनराशि के लिए एक युवक की हत्या किये जाने की पुष्टि हुई है। दून पुलिस ने आज इसका खुलासा करते हुए बताया कि दो दिन पूर्व गत 28 अगस्त 2019 की रात्रि करीब 11.30 बजे दून के मैक्स हॉस्पिटल से जिस युवक को मृत अवस्था में लाया गया था, उसकी पहचान अब्दुल शकूर पुत्र मोहम्मद निवासी सुद्धोवाला चौक, नियर टेम्पल प्रेमनगर दून और मूल निवासी मेलीपीडीयीटील हाउस नार्थ पुलकित डुलामेंथोल मल्लापुरम थर्ड केरला के रूप में हुई है। उसे उसके साथी युवकों ने कई यातनाओं के बाद मारा था। हत्या बिटक्वाइन के कारोबार में लगाये गए 485 करोड़ रुपये हड़पने के लिए साथियों ने ही योजनाबद्ध तरीके से की गई।
शुक्रवार को पुलिस कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में एसएसपी अरुण मोहन जोशी ने बताया कि मृतक को उसके साथी ही मृत अवस्था में मैक्स अस्पताल छोड़ कर फरार हो गए थे। सीसीटीवी फुटेज की मदद से उनमें से 5 युवकों-फारिस ममनून पुत्र अब्दुल्ला अबुलन निवासी सबना मंजिल, करूवंबरम, जिला मंजीरी केरल, अरविन्द सी पुत्र रविन्द्रन सी निवासी चेन्निक कठहोडी मंजीरी मल्लापुरम केरल, अंसिफ पुत्र शौकत अली पी निवासी पलाई पुथनकलइथिल मंजीरी करूवंबरम केरल, सुफेल मुख्तार पुत्र मो. अली निवासी पुथईकलम पलपत्ता केरल और आफताब मौहम्मद पुत्र सादिक पी निवासी पलाई पुथनकलइथिल मंजीरी करूवंबरम केरल गिरफ्तार कियेे जा चुके हैं, जबकि आशिक निवासी निल्लीपुरम, मंजीरी, मल्लपपुरम केरल, अरशद निवासी वेंगरा, मल्लपपुरम, केरल, यासीन निवासी मल्लपपुरम, मंजीरी, केरल, सिहाब निवासी वेंगरा, मल्लपपुरम, केरल और मुनीफ निवासी मल्लापपुरम, मंजीरी केरल फरार हैं।
एसएसपी ने घटना का खुलासा करते हुए बताया कि मृतक अब्दुल शकूर द्वारा बिटक्वाइन में इन्वेस्टमेंट के नाम पर लगभग 485 करोड़ रुपये केरल में मंजीरी, पांडीकर तथा मल्लपुरम आदि क्षेत्रों में कई लोगों से लिये गये थे। इसके लिए अब्दुल शकूर द्वारा अपना एक कोर ग्रुप बनाया गया है, जिसमें सिहाब, आसिफ, अरशद और मुनीफ शामिल थे। इस कोर ग्रुप द्वारा भी अपनी अलग-अलग टीमें बनाई गईं थी। इसमें आशिक के ग्रुप में आफताब, अंसिफ, फरासी, सुहेल तथा अरविन्द थे। जिनके द्वारा कई लोगों से पैसा बिटक्वाइन में इनवेस्ट कराने के लिये एकत्रित किया गया। इनवेस्ट किया गया सारा पैसा इन लोगों के माध्यम से एकत्रित होकर अब्दुल शकूर के पास आता था। जब शकूर को बिटक्वाइन में घाटा हो गया तो अब्दुल शकूर अपनी कंपनी के चार साथियों आशिक, अरशद, मुनीफ और सिहाब के साथ चार महीने पहले केरल से फरार हो गया था। इस पर आशिक के द्वारा यासीन, आफताब, आसिफ, फरासी, सुहेल तथा अरविन्द को भी अपनी योजना में शामिल कर लिया गया, और शकूर की हत्या कर दी गयी। योजना थी कि यदि शकूर के ये तीन साथी अरशद, मुनीफ और सिहाब उनके षड्यंत्र में साथ न आते तो उन्हें बंधक बना लिया जाता। लेकिन उन्होंने भी हत्या में सहयोग किया।

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नवीन समाचार, हल्द्वानी, 26 अगस्त 2019। प्रदेश के बहुचर्चित हो चुके सूरज सक्सेना हत्याकांड मामले में नैनीताल पुलिस द्वारा 34वीं वाहिनी आईटीबीपी के तीन जवानों को गिरफ्तार करने का समाचार है। जनपद के एसएसपी सुनील कुमार मीणा ने सोमवार को यह जानकारी दी, अलबत्ता आरोपितों के भारतीय सेना से जुड़े होने के दृष्टिगत नामों का खुलासा करने से इंकार किया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में कानूनी राय भी ली जा रही है। आरोपितों के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 343, 302 व 201 लगाई गई हैं। गिरफ्तारी हल्द्वानी के पुलिस बहुउद्देश्यीय भवन में तब की गयी, जबकि मामले में परिजनों व ग्रामीणों का दबाब बढ़ने के बाद आईटीबीपी के करीब 18 अधिकारियों व कर्मचारियों को तफ्तीश के लिए बुलाया गया था। इस दौरान मृतक सूरज के दोस्तों के द्वारा सूरज की पिटाई करने वाले जवानों की पहचान करने के बाद गिरफ्तारी की गई। आरोपी यादव व 5-6 अन्य जवानों पर मृतक सूरज सक्सेना के साथ भर्ती के दौरान मारपीट कर हत्या करने और शव को आईटीबीपी के लालकुआं परिसर के पास जंगल में फेंकने का आरोप लगाया गया है।
गिरफ्तारी करने वाली टीम में लालकुआं कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक योगेश उपाध्याय, निरीक्षक सुधीर कुमार, संजय कुमार, अब्दुल कलाम, एसएसआई प्रेम विश्वकर्मा, एसआई नरेेश पंत, राकेश कठायत, कमित जोशी, नीरज सिंघल व आरक्षी विनोद कुमार, केशव बोरा व रंजीत सिंह शामिल रहे। मामले की विवेचना सुधीर कुमार कर रहे हैं।
नानकमत्ता के विधायक प्रेम सिंह राणा के द्वारा सोमवार को मामले में आईटीबीपी के मुख्यालय के बाहर पिछले तीन दिनों से प्रदर्शन कर रहे सूरज के परिजनो ंव ग्रामीणों को भी यह जानकारी दी गई। अलबत्ता, इसके बावजूद धरने पर बैठे परिजनों व ग्रामीणों का प्रदर्शन सोमवार को भी जारी रहा। प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचकर उनको मनाने की कोशिश कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि गत 18 अगस्त को आइटीबीपी के लालकुआं स्थित पुराने परिसर की झाडियों में नानकमत्ता निवासी युवक सूरज सक्सेना का सड़ा गला शव बरामद हुआ था। सूरज 16 अगस्त को आइटीबीपी की भर्ती के लिए यहां पहुंचा था। शव बरामद होने पर परिजनों ने आइटीबीपी जवानों पर सूरज की हत्या का आरोप लगाते हुए अज्ञात जवानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। शुक्रवार को पुलिस द्वारा पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक करते हुए बताया गया कि रिपोर्ट में बाहरी चोट के निशान तो आए हैं, लेकिन मौत के कारणों का पता नहीं चल सका है। जिसके बाद पुलिस ने मृतक का बिसरा जांच के लिए फोरेंसिंक लैब भेजा गया। इधर पुलिस के लचर रवैये से परिजनों तथा ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। शनिवार को परिजनों के साथ आए सैकड़ों ग्रामीणों ने यहां आइटीबीपी गेट पर बेमियादी धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। रविवार को धरना-प्रदर्शन में ग्रामीणों की संख्या बढ़ गई। प्रदर्शनकारी हत्याकांड का खुलासा करने की मांग तक अड़े हैं।

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नवीन समाचार, रुद्रपुर, 14 अगस्त 2019। बेखौफ बदमाशों ने उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर में सुबह-सुबह ऊधम मचा दिया। एक ढाबे पर खाना खा रहे यूपी में कार्यरत पुलिस कर्मी की नजदीक से गोली मारकर हत्या कर दी। मामला दो राज्यों से जुड़ा एवं एक पुलिस कर्मी की हत्या से जुड़ा होने के कारण अधिक गंभीर हो गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बुधवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे ऊधमसिंह नगर जिले के गदरपुर थाना क्षेत्र में चौकी महतोष के अंतर्गत प्रेमनगर पुलिया के पास स्थित खालसा ढाबे पर एक 27 वर्षीय युवक अपने दोस्तों के साथ खाना खा रहा था, तभी अज्ञात बदमाशों ने उसे करीब से गोली मार दी। गोली उसकी गर्दन में लगी। सूचना मिलते ही ऊधमसिंह नगर जिले के एसएसपी बरिंदरजीत सिंह भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और बुरी तरह से घायल को रुद्रपुर उपचार के लिए लाने लगे किंतु उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। मृतक की पहचान पीलीभीत जिले के माधव टांडा चौकी में यूपी पुलिस में कार्यरत सिपाही मयंक निवासी चंदेला बिलासपुर यूपी के रूप में हुई। वह इन दिनों छुट्टी पर घर आया हुआ था। पुलिस ने हत्यारों की तलाश के लिए चार टीमों का गठन कर दिया है। हत्या का कारण जमीनी विवाद बताया जा रहा है।

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मृतक जवान जगत सिंह।

नवीन समाचार, नैनीताल, 16 जुलाई 2019। गत वर्ष 7 मई 2018 को अपनी शादी के लिए घर आये कुमाऊं रेजीमेंट के जवान जगत सिंह पुत्र खीम सिंह निवासी ग्राम मजूली तोक जोलपोखरा तहसील व जिला नैनीताल की हुई हत्या के गांव के ही निवासी आरोपित गोपाल सिंह पुत्र पूरन सिंह ने हत्या कर दी थी। इस मामले में मंगलवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव खुल्बे की अदालत ने आरोपित को भारतीय दंड संहिता की धारा 304 के तहत 6 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने अदालत को बताया कि हत्या गांव के ही महेश मेलकानी पुत्र रेबाधर मेलकानी की शादी के प्रीतिभोज कार्यक्रम के दौरान हुई, जहां आरोपित ने मृतक के साथ दो बार झगड़ा किया, और मृतक के गुप्तांग में लात मारकर चोट पहुंचाई, जिससे उसकी मृत्यु हो गयी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण अंडकोश में चोट को बताया गया। मृतक की खुद भी इसी बीच शादी थी और वह 10 दिन पूर्व ही अपनी शादी के लिए सेना से घर आया था। मामले में अभियोजन की ओर से सात गवाह पेश किये गये। आरोपित 9 मई को गिरफ्तार होने के बाद से जेल में ही था। सजा सुनाने के बाद उसे नैनीताल जेल भेज दिया गया।

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मृतका

नवीन समाचार, रामनगर, 23 जून 2019। बीती 15 जून को सिंचाई नहर में मिला शव दिल्ली की महिला का था। महिला के जीजा ने ही उसको मौत के घाट उतारकर शव नहर में फेंका था। पुलिस का दावा है कि जीजा उसे देह व्यापार के धंधे में धकेलना चाहता था। झगड़ा होने पर जीजा ने पहली पत्‍‌नी के भाई यानी साले के साथ मिलकर महिला को ठिकाने लगा दिया। बहरहाल आरोपित व उसका साला पुलिस गिरफ्त में है। उनकी निशानदेही पर गला घोंटने में प्रयुक्त बिजली का तार व महिला के कान के कुंडल व अंगूठी भी पुलिस ने बरामद कर ली।

बीते 15 जून को पुलिस ने नंदपुर गाव की सिंचाई नहर में एक अज्ञात महिला का शव बरामद किया था। मौके पर मिले शव के आधार पर महिला की हत्या कर नहर में डाले जाने की पुष्टि हुई थी। जिसके बाद पुलिस ने मृतका की शिनाख्त करने का प्रयास किया। पुलिस द्वारा महिला की शिनाख्त के लिए उत्तराखंड से लगे हुए राज्यों के थानों व कोतवाली में पंपलेट छपवा कर नोटिस बोर्ड पर चस्पा करवा दिए। कोतवाली में घटना का खुलासा करते हुए एसएसपी सुनील कुमार मीणा ने बताया कि 22 जून को अंकित शर्मा निवासी 123-5 भजनपुरा दिल्ली-53 द्वारा अज्ञात महिला की पहचान रामनगर कोतवाली आकर अपनी पत्‍‌नी जन्नत उर्फ निखत अंसारी के रूप में की। अंकित ने बताया कुछ समय पहले किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया था। वह अपनी बहन के घर आ कर रहने लगी थी। पंपलेट देखकर अंकित ने उसके जीजा सोनू पर हत्या का शक जाहिर करते हुए मुकदमा दर्ज कराया। जिस पर पीरूमदारा चौकी इंचार्ज कवींद्र शर्मा ने दबिश दे शनिवार देर रात आरोपित जीजा सोनू सैनी पुत्र पूरन सिंह सैनी निवासी चोरपानी रामनगर एवं साले गुड्डू पुत्र ओमप्रकाश निवासी रफातपुरा थापस जिला अमरोहा (उप्र) को रामनगर स्थित हनुमान मंदिर से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपित सोनू सैनी ने बताया कि वह देह व्यापार का धंधा करता है। 2005 में उसका विवाह हुआ था, इस दौरान उसके संपर्क में रुखसार उर्फ प्रिया निवासी नूरपुर बिजनौर (उप्र) आई। बाद में उसने पहली बीवी को छोड़ रुखसार से विवाह कर लिया। करीब छह माह पहले रुखसार की छोटी बहन जन्नत उर्फ निखत मेरे संपर्क में आई। दिल्ली से आकर वह नौ मई 2019 से मेरे साथ रह रही थी। जिसे उसने 14 जून को पीरूमदारा में किराए के मकान में रखा। बताया जाता है कि सोनू निखत को देह व्यापार के धंधे में उतारना चाहता था, लेकिन वह इसके लिए तैयार नहीं हुई। जिससे दोनों के बीच तनाव बढ़ गया था। 14 जून की रात को उसने अपनी पहली पत्‍‌नी मीना के भाई गुड्डू व निखत के साथ शराब पी। शराब पिलाने के दौरान भी उसका निखत के साथ झगड़ा हुआ। जिस पर उसने निखत को पटक दिया और गुड्डू को बाथरूम में बंद कर बिजली की तार से निखत का गला घोंट दिया। बाद में गुड्डू की मदद से शव को अपनी कार में रख नहर में डाल आया। उसके बाद वह गुड्डू के साथ भवानीगंज पेट्रोल पंप पर पहुंचा। यहां से पेट्रोल लेकर पुन: नहर पर गया और लाश पर पेट्रोल डाल कर जला दिया। उसके कान की रिग व सोने की अंगूठी निकाल कर उसने चोरपानी वाले मकान में रख दी। आरोपित ने स्वीकार किया कि उसने इसलिए मार डाला कि क्योंकि निखत बच जाती तो उसे मार सकती थी। वहीं, ब्लाइड मर्डर का खुलासा किए जाने पर पुलिस कप्तान ने एसओजी एवं पुलिस पार्टी को ढाई हजार रुपया पुरस्कार देने की घोषणा की है।

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पुलिस की गिरफ्त में हत्यारा

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 6 जून 2019। हल्द्वानी के दमुवाढूंगा में चंबल पुल सरदार कोठी के पास बुधवार रात पड़ोसी ने गाय के फसल चर जाने को लेकर गाय के मालिक एक टैक्सी चालक कृष्ण पाल मौर्य पुत्र लालता प्रसाद मौर्य की धारदार हथियार-बड्याठ से हाथ व गला काटकर निर्ममा से हत्या कर दी गई। हत्या का आरोप पड़ोस में रहने वाले पूर्व नौसैनिक पर लगा है। पुलिस ने आरोपित राजेंद्र मेहरा पुत्र जीत सिंह मेहरा निवासी कृष्णा विहार मल्ली बमौरी को गिरफ्तार कर लिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार दमुवाढूंगा में चंबलपुल सरदार की कोठी निवासी कृष्णा मौर्या (35) टैक्सी चलाता था। उसने मकान के सामने बंटाई पर सब्जी बोई थी। आरोप है कि इस सब्जी को पड़ोसी सेवानिवृत्त नौसेना कर्मी की गाय चट कर जाती थी। इसी को लेकर दोनों के बीच पिछले करीब एक पखवाड़े से कहासुनी चल रही थी। बुधवार की रात्रि को भी राजेंद्र की गाय कृष्णा के खेत में सब्जी को चर रही थी। इस पर उनका विवाद हुआ था। रात करीब 9.30 बजे कृष्णा और उसकी पत्नी इंदिरा मौर्या कुत्ते को टहला रहे थे। इसी बीच राजेंद्र अचानक आ धमका और उसने कृष्णा की गर्दन व हाथ पर धारदार हथियार से वार कर दिये। इस पर इंदिरा अपने भाइयों को बुलाने चली गई। लेकिन जब तक वह रिश्तेदारों को साथ लेकर लौटी, तब तक राजेंद्र ने कृष्णा का एक हाथ भी काट दिया था। कृष्णा के साथ उसके रिश्तेदारों को आता देख हमलावर राजेंद्र मौके से भाग निकला, जबकि कृष्णा की मौके पर मौत हो गई। सूचना मिलने पर पहुंची काठगोदाम पुलिस ने मौके का मुआयना कर राजेंद्र को गिरफ्तार कर लिया। उससे हत्या में प्रयुक्त बड्याठ व खून से सने हुए कपड़े आदि भी बरामद कर लिये गये हैं। उसे मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की तैयारी चल रही है।

यह भी पढ़ें : पत्नी से परेशान पति ने 7.5 लाख रुपये देकर कराया एक्सीडेंट…

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 25 फरवरी 2019। बीते 7 मई की देर शाम को लालकुआं कोतवाली के हल्दुचौड़ क्षेत्र में कुलजीत कौर नामक महिला की तेज रफ्तार कार से कुचलकर सड़क हादसे में मौत हो गई थी। शुरूआती जांच में तो मौत की वजह हादसे को बताया गया था, अलबत्ता घटना के बाद मृतका की बड़ी बहन ने उसके पति हरचरण सिंह के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करवाया था। अब जांच में हत्या का एंगल निकलकर सामने आया है। जिसका खुलासा करते हुए पुलिस ने मृतक महिला के पति सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

एसएसपी सुनील कुमार मीणा ने खुलासा करते हुए बताया कि लंबे समय से कुलजीत कौर और उसके पति हरचरण सिंह के बीच विवाद चल रहा था। दोनों काफी समय से अलग-अलग रह रहे थे। हरचरण सिंह ने संपत्ति विवाद और तलाक न देने की वजह से अपनी पत्नी को रास्ते से हटाने की साजिश रची। जिसके बाद आरोपी ने खटीमा के लक्ष्मण सिंह भाटिया से 7 लाख 50 हजार में अपनी पत्नी की हत्या का सौदा किया। जिसके लिए तीन लाख रुपये एडवांस भी दिए गये। एसएसपी ने बताया कि कुलजीत कौर हत्या मामले में सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।

यह भी पढ़ें : विधवा की सामान्य बताई जा रही मौत पर छह साल की बच्ची ने खोल दिया राज, जीजा-साली निकले हत्यारे

नवीन समाचार, रुड़की, 25 फरवरी 2019। रुड़की में गंगनहर कोतवाली अंतर्गत इब्राहिमपुर देह गांव में सोमवार सुबह तब हड़कंप मच गया जब परिजन एक विधवा महिला की मौत को सामान्य व हृदयाघात से होना बता रहे थे, किंतु तभी मृतका की छह वर्षीय बेटी काजल ने यह कहकर सनसनी फैला दी कि उसकी मां की सामान्य मौत नहीं बल्कि हत्या हुई है, और हत्या किसी और नहीं बल्कि उसकी सौतेली बहन व उसके जीजा ने की है। हत्या का कारण संपत्ति विवाद माना जा रहा है। पुलिस ने दोनों आरोपित जीजा-साली को दबोच लिया है।
बताया जा रहा है कि शनिवार देर शाम मृतका संजो देवी (40 वर्ष) की सौतेला दामाद से किसी बात पर कहासुनी हुई। जिसके बाद दामाद ने अपनी साली की मदद से विधवा महिला की तकिये से दम घोंटकर हत्या कर दी। बच्ची ने पुलिस को बताया कि उसकी मां के गले पर तकिया रखकर हत्या की है। जब उसने शोर मचाया तो उसके हाथ-पैर बांधकर कमरे से बाहर फेंक दिया। हत्या में उसकी सौतेली बहन का पति सचिन और सौतेली बहन नेहा शामिल हैं। बताया गया कि संजो देवी का छह साल पहले राजेंद्र से दूसरा विवाह हुआ था। दोनों के पहले से दो-दो बच्चे हैं। काजल, लड्डू और राजेंद्र की पूर्व पत्नी से दो बेटियां सिम्मी व नेहा हैं। सिम्मी का सचिन से विवाह हुआ है। वह भी संजो के घर में रहते हैं। दो साल पहले राजेंद्र का निधन हो गया था। इसके बाद से ही सचिन के दिमाग में संपत्ति हड़पने का प्लान चल रहा था। जिसके कारण उसने अपनी साली की मदद से सौतेली सास की हत्या कर दी।

यह भी पढ़ें : अवैध संबंधों के शक ने ले ली 24 साल के युवक की जान, दोस्त ने ही रेत दिया गला

नवीन समाचार, हरिद्वार, 11 फरवरी 2019। विवाहिता से अवैध संबंध रखने पर एक 24 वर्षीय नौजवान अब दुनिया में नहीं है। हरिद्वार निवासी उसके दोस्त ने ही अपनी पत्नी से अवैध संबंधों के शक में उसकी शराब पिलाने के बाद गला घोंटकर निर्ममता से हत्या कर दी, और शव को राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क में पत्थरों के बीच जंगल में दबा दिया। पुलिस ने हत्या का खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस के अनुसार बीती 18 जनवरी को भीमगोड़ा की कुष्ठ बस्ती में रहने वाला 24 वर्षीय भूरी उर्फ अंकुर पुत्र किशन चंद संदिग्ध परिस्थितियों में घर से लापता हो गया था। 31 जनवरी को उसकी मां शकुंतला देवी ने पुलिस में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। जांच में सामने आया कि भूरी आखिरी बार कुष्ठ बस्ती में ही रहने वाले अपने दोस्त अमित उर्फ गंजा के साथ देखा गया था। पुलिस ने अमित से सख्ती से पूछताछ की तो उसने हत्या की बात कबूल कर ली। बकौल अमित, मृतक के उसकी पत्नी से नाजायज संबंध थे। घटना के दिन अमित ने भूरी के साथ उसके ही घर में शराब पी। इसके बाद उसने गला घोंटकर भूरी की हत्या कर दी। अमित शव को दबा आया। बताया कि वह पत्नी से अवैध संबंधों का पता चलने के बाद पिछले चार माह से भूरी की हत्या की तैयारी कर रहा था। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर भूरी का शव बरामद कर लिया है। 

यह भी पढ़ें : सिर्फ कोल्ड ड्रिंक की एक बोतल के लिए मीट काटने वाली छुरी से काट दिए पति पत्नी, मौत, कोई बचाने नहीं आया, वीडियो बनाते रहे…

नवीन समाचार, नई दिल्ली, 17 जनवरी, 2019। नई दिल्ली की जेजे कॉलोनी की उस गली में गुरुवार को सिर्फ हृदय विदारक रोने-चीखने की आवाजें सुनाई दे रही थीं। बुधवार शाम गली में जो कत्लेआम हुआ, उसे देख-सुनकर हर कोई कांप उठा। पहले सुनीता की हत्या, फिर अस्पताल में उसके पति वीरू ने दम तोड़ दिया। वहीं उनके बेटे आकाश की हालत अभी भी गंभीर है।
कत्लेआम की सबसे अहम चश्मदीद वीरू की बड़ी बेटी 19 साल की खुशबू हैं। शादीशुदा हैं। ससुराल आगरा में है। 5 महीने की गर्भवती हैं। खुशबू रविवार को ही मायके आई थीं। वीरू के परिवार को मारने की स्क्रिप्ट आरोपी 2 महीने पहले ही लिख चुका था। वजह थी कोल्डड्रिंक की एक बोतल। उस दिन वीरू की सबसे छोटी बेटी खुशी और 11 साल का अमन छत पर खेल रहे थे। अचानक कोल्डड्रिंक की बोतल आरोपी के चबूतरे पर गिरी। बाहर निकलकर उसने बच्चों और पड़ोसियों को बहुत देर तक गाली दी। सभी पड़ोसियों को जान से मारने की धमकी दी। उस वक्त सुनीता ने बच्ची को गाली देने का विरोध किया था और पुलिस आई थी। तब मामले को सुलझाकर शांत करा दिया था। खुशबू ने पुलिस को बताया कि बुधवार शाम मां गली के नुक्कड़ पर कुछ सामान लेने जा रही थीं। रास्ते में आरोपी सब्जी लेकर लौट रहा था। आरोपी ने सुनीता को घूरकर देखा और बुदबुदाते हुए गंदी बात बोलते हुए पास से गुजरा। सुनीता लौटीं। घर के गेट पर पति और बेटे को आवाज लगाते हुए मोबाइल मंगवाया। कहा कि ‘जल्दी फोन ला 100 नंबर पर कॉल कर पुलिस को बुला’। सुनीता के पति वीरू और बेटा आकाश नीचे उतरकर आए। आकाश उसके दरवाजे पर पहुंचा। जोर-जोर से दरवाजा खटखटकाया। आरोपी को बाहर निकलने के लिए कहा।
आरोपी कमरे से मीट काटने वाला छुरा हाथ में लेकर निकला। दरवाजा खोलते ही सीधे आकाश के पेट में घोंप दिया। फिर बाहर की ओर भागा। वीरू ने आरोपी को रोकने की कोशिश की तो उन पर भी हमला कर दिया। इतने में सुनीता ने ईंट उठा ली। तभी आरोपी ने सुनीता के पेट और सिर पर हमला कर दिया। गली में वीरू, सुनीता और आकाश तड़पने लगे। प्रेग्नेंट खुशबू बहन को साथ लेकर भागी थी
आरोपी ने वीरू की बेटी खुशबू और सबसे छोटी बेटी खुशी को भी देख लिया था। वह उनके पीछे भागा। गर्भवती खुशबू, छोटी बहन को लेकर चिल्लाते हुए भागती रही। वह लोगों से कहती रही, ‘मेरे घरवालों को बचा लो’। कोई भी मदद को नहीं आया। लोग विडियो बनाने में लगे थे।

यह भी पढ़ें : रुद्रपुर में कांग्रेस नेता की हत्या, आरोपित भाजपा नेता

नवीन समाचार रुदपुर, 4 जनवरी 2019। मंदिर कमेटी के विवाद में कांग्रेस पार्टी के वार्ड अध्यक्ष की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई है। पुलिस ने आरोपित को  हिरासत में ले लिया है। आरोपित भाजपा कार्यकर्ता एवं पूर्व सभासद बतायाा गया है।

संजय नगर खेड़ा वार्ड संख्या 11 में दुर्गा पूजा समिति के विवाद को निपटाने के लिए गणमान्य लोगों की एक पंचायत बुलाई गई थी। इसी दौरान भाजपा के पूर्व मेंबर सुभाष विश्वास अपने पुत्र संजू व अन्य लोगों के साथ वहां पहुंचे। जिससे दोनों पक्षों के बीच तनाव का माहौल बन गया। इसी दौरान संजू ने पंचायत में मौजूद कांग्रेस वार्ड अध्यक्ष डॉक्टर नीरज के सिर पर सटाकर तमंचे से फायर झोंक दिया। इससे डाक्‍टर नीरज धड़ाम से नीचे गिर पड़े। फायर होते ही मौके पर भगदड़ मच गई। आनन-फानन में गंभीर रूप से घायल डॉक्टर नीरज को इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने डॉ नीरज को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टर नीरज की मौत की सूचना शहर में जंगल में आग की तरह फैल गई। महानगर में मौजूद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह व पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तिलकराज बेहड़ ने भी सूचना मिलते ही जिला अस्पताल की ओर कूच कर दिया। जहां भारी संख्या में तादाद क्षेत्रवासियों ने जमकर आरोपियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। मौके पर पहुंचे अपर पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय व स्वतंत्र कुमार के सामने ही कैंप पुलिस के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। इधर, प्रशासन ने संजय नगर में पीएसी तैनात कर दी है। वहीं जिला अस्पताल में भी भारी पुलिस फोर्स में डेरा डाल दिया है। पुलिस अधिकरियों ने मुख्य आरोपी समेत कई लोगों को हिरासत में लेने का दावा किया है।

यह भी पढ़ें : दूसरी शादी की राह में आयी पहली पत्नी तो कर दी हत्या, एक माह बाद हुआ खुलासा

नवीन समाचार, देहरादून, 30 दिसंबर 2018। बीती 25 नवंबर को थाना विकासनगर क्षेत्र में के अंतर्गत आसन नदी से बरामद हुए अज्ञात महिला के शव की शिनाख्त एक माह बाद मीना (38) नाम की महिला के रूप में हो गई है। उसकी हत्या उसके ही पति मधुसूदन जगूड़ी (41) पुत्र सुरेशानंद निवासी ग्राम जोगत पट्टी थाना धरासू जिला उत्तरकाशी ने की थी। उसके पति ने 22 नवंबर को उसकी हत्या करने की बात स्वीकार कर ली है। मृतका अपने पति की पहली पत्नी थी। मधुसूदन ने उसकी हत्या उसे रास्ते से हटाने के लिए पहले पत्थरों से कुचलकर और फिर उसका सिर नदी के पानी में डुबोकर की थी। थाना विकासनगर पुलिस ने अभियुक्त मधुसूदन को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 व 201 के तहत ग्राम फतेहपुर से गिरफ्तार कर लिया है।
उल्लेखनीय है कि इधर 25 दिसंबर को थाना सहसपुर पर जयंती प्रसाद नौटियाल पुत्र सत्येश्वर प्रसाद, निवासी ग्राम जगड गांव थाना धरासू जिला उत्तरकाशी ने अपनी पुत्री मीना देवी के गायब होने की सूचना दी थी। उनका कहना था कि मीना का विवाह वर्ष 2001 में मधुसूदन के साथ किया गया था। दोनो पति पत्नी 2010 तक साथ रहे, जिससे उनके दो बच्चे हुए। एक दिन अचानक मधुसूदन मीना को छोड़ कर बिना बताए गांव से चला गया। काफी तलाश करने पर पता चला वह देहरादून के ग्राम फतेहपुर में दूसरी शादी करके रह रहा है, और मीना को बच्चों सहित ग्राम फतेहपुर धर्मावाला में एक कमरे में रखा था। इधर करीब एक महीने से मीना से कोई संपर्क न होने पर उसके पति ने पूछने पर बताया मीना 22 नवंबर को घर से उत्तरकाशी बोल कर गई है, लेकिन उसका कहीं कोई अता-पता नहीं चला।

इस गुमशुदगी पर पुलिस को जांच करते हुए पता चला कि दो बच्चे होने के बाद पति-पत्नी में विवाद होने लगा था जिस कारण मधुसूदन निे उसे छोड़ दिया और दिसंबर 2011 में टिहरी जिले से शीतल नामक दूसरी महिला से कर ली। इधर मीना के वापस आ जाने से उसने मीना को ग्राम फतेहपुर में अलग एक कमरा किराये पर दे दिया और हर रोज उसके पास भी आने-जाने लगा। इधर उसे रास्ते से हटाने के लिए उसने 22 नवंबर की शाम 7 बजे उसे घुमाने के बहाने आसन पुल धर्मावाला नदी के पास ले जा कर उसके सर पर पत्थर से वार किये और बेहोश हो जाने पर नदी में लगभग 15 मिनट तक डुबा कर रखा और मीना के मर जाने पर उसके शव को नदी में बहा दिया और घर आकर सबको बोल दिया कि वह उत्तरकाशी वापस चली गई है।

नवीन जोशी

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