Oops! It appears that you have disabled your Javascript. In order for you to see this page as it is meant to appear, we ask that you please re-enable your Javascript!

उत्तराखंड में 6 माह से बंद पड़े स्लॉटर हाउसों को खोलने के लिए हाईकोर्ट के आशाजनक आदेश

यहाँ से दोस्तों को भी शेयर करके पढ़ाइये

-राज्य में तीन माह के भीतर स्लॉटर हाउसों को अस्तित्व में लाने के आदेश

नवीन समाचार, नैनीताल, 7 मार्च 2019। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने अपने आदेश पर सितम्बर 2018 से राज्य में बंद पड़े स्लॉटर हाउसों यानी पशुवधशालाओं के मामले में सख्त रुख अपनाते हुए नगर आयुक्त हल्द्वानी नगर निगम को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होने तथा नगर पालिका नैनीताल के अधिशासी अधिकारी 1 सप्ताह के भीतर अपना पक्ष रखने एवं नगर पालिका रामनगर को डीपीआर तथा स्लॉटर हाउस को चालू करने के समय की जानकारी प्रस्तुत करने के आदेश दिये हैं। साथ ही राज्य सरकार से 3 माह के भीतर स्लॉटर हाउसों को अस्तित्व में लाने के आदेश जारी किये है राज्य सरकार से सुप्रीम कोर्ट में फाइल एसएलपी जानकारी कोर्ट में पेश करने को भी कहा है। आगे मामले की अगली सुनवाई के एक सप्ताह बाद की तिथि नियत की गई है।
उल्लेखनीय है कि पूर्व में नैनीताल हाईकोर्ट की एकलपीठ ने प्रदेश के सभी अवैध स्लॉटर हाउसों को बंद करने के आदेश दिए थे और कहा था कि खुले में किसी भी प्रकार से जानवरों को ना काटा जाए। इसके बाद से पूरे प्रदेश भर में सरकार ने स्लॉटर हाउसों को बंद कर दिया हैं, और राज्य में बाहरी राज्यों खासकर पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश से लाकर मांश बेचा जा रहा है। सरकार के आदेश को प्रदेश के मीट कारोबारियों-रामनगर के मोहम्मद यूनूस और नैनीताल के जाकिर हसन ने नैनीताल हाईकोर्ट में चुनौती देकर कहा था पूर्व में हाईकोर्ट ने 9 दिसंबर 2011 को एक आदेश जारी कर प्रदेश में मानकों के अनुसार स्लॉटर हाउस बनाने के निर्देश दिये थे, लेकिन आठ साल बीत जाने के बाद भी कोर्ट के आदेशो का पालन नही किया गया है। इस वजह से स्लॉटर हाउस बंद पड़े हैं। लिहाजा कोर्ट के आदेश का पालन ना करने वाले अधिकारियो के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही की जाए।
वहीं स्लॉटर हाउस बंद किये जाने के उच्च न्यायालय आदेश के खिलाफ सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय में विशेष अपील-एसएलपी भी दायर की है ताकि मीट कारोबारियो को राहत मिल सके।

Loading...

Leave a Reply