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फिर लगी ‘नवीन समाचार’ की खबर की सत्यता पर मुहर : नगर पालिका की सभी पार्किंग व लेक ब्रिज चुंगी के अनुबंध तत्काल समाप्त करने के आदेश

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-शिकायत पर कराई गई जांच में अनेक अनियमितताएं पाये जाने पर डीएम ने कड़ा रुख अपनाते हुए दिये आदेश
नवीन समाचार, नैनीताल, 9 अक्तूबर 2019। आपके प्रिय एवं भरोसेमंद समाचार पोर्टल ‘नवीन समाचार’ की खबर की सत्यता पर फिर पुष्टि की मुहर लगी है। डीएम सविन बंसल द्वारा नगर पालिका परिषद नैनीताल में विभिन्न पार्किंगों एवं लेक ब्रिज टोल टैक्स बैरियर में ठेकेदारों द्वारा की बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमित्ताओं की जांच समिति से कराई थी। समिति की रिपोर्ट में आरोपों की पुष्टि होने पर डीएम श्री बंसल ने कड़ा रूख अपनाते हुए नगर पालिका परिषद नैनीताल के अधिशासी अधिकारी को आदेशित किया है कि वह लेक ब्रिज टॉल टैक्स बैरियर तथा आख्या में वर्णित समस्त पार्किंग स्थलों के अनुबन्ध तत्काल निरस्त करते हुए तीन दिन के भीतर कृत कार्यवाही से जिला कार्यालय को सूचित करें।
उल्लेखनीय है कि गृह मंत्रालय भारत सरकार के इंटेलीजेंस ब्यूरो के नगर निवासी सेवानिवृत्त सहायक निदेशक अरुण कुमार साह ने डीएम सविन बंसल को पत्र भेजकर नगर पालिका परिषद नैनीताल की विभिन्न पार्किंगों एवं लेक ब्रिज टोल टैक्स बैरियर में ठेकेदारों द्वारा बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमित्ताएं किये जाने की शिकायत की थी। इस पर डीएम श्री बंसल ने जांच के लिए जिले के एडीएम वित्त एवं राजस्व की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित की थी। कमेटी में मुख्य कोषाधिकारी तथा मुख्य कृषि अधिकारी भी शामिल किये गए थे।
अब डीएम को समिति द्वारा दी गई रिपोर्ट में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमित्ताएं उजागर हुई हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि लेकब्रिज टोल टैक्स बेरियर नैनीताल, बीडी पांडे, अंडा मार्केट, बारा पत्थर, फ्लैट मैदान मल्लीताल पार्किंग के ठेकेदारों के द्वारा वित्तीय अनियमित्ताएं करते हुए सरकार को राजस्व की हानि पहुंचाई गई है। रिपोर्ट के अनुसार लेक ब्रिज टोल टैक्स बैरियर के निविदा दाता मैसर्स एमपी इंटरप्राईजेज की प्रोपराईटर ममता भट्ट द्वारा प्रथम किश्त 40 प्रतिशत धनराशि का भुगतान निर्धारित तिथि के पश्चात किया गया। इस तिथि में अनुबंध की शर्तों के अनुसार पालिका परिषद द्वारा धरोहर राशि को जब्त करते हुए द्वितीय उच्चतम निविदा दाता को कार्य आदेश जारी किया जाना चाहिए था तथा ठेका स्वतः निरस्त मानते हुए नगर पालिका परिषद द्वारा तत्काल लेकब्रिज का कब्जा लिये जाने व देय धनराशि की वसूली संबंधित ठेकेदार के चल-अचल सम्पत्ति से करते हुए धरोहर धनराशि जब्त की जानी चाहिए थी, जोकि नगर पालिका परिषद द्वारा नहीं की गयी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि टौल टैक्स बैरियर का मौका मुआयना करने पर ठेकेदार के द्वारा छापी गयी नॉन कम्प्यूटराईज्ड रसीदें दी जा रहीं थी, जिन पर क्रमांक के अलावा कोई भी विवरण अंकित नहीं है। इस प्रकार ठेकेदार द्वारा शर्त संख्या 10 का भी उल्लंघन किया जा रहा है। साथ ही समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि बीडी पांडे, अंडा मार्केट व बारा पत्थर की पार्किंग में समिति को निरीक्षण किये जाने पर घोर अनियमित्ताएं मिली। इन स्थानों के ठेकेदार नरदेव शर्मा निवासी विलायत कॉटेज मल्लीताल द्वारा स्वीकृति निविदा राशि पहली किश्त की धनराशि का भुगतान अनुबंध की शर्तों के मुताबिक 28 फरवरी को न कर 16 मार्च को व दूसरी किश्त की धनराशि का भुगतान निर्धारित तिथि 30 जून की जगह 8 अगस्त को आंशिक रूप से किया गया। वर्तमान में ठेकेदार के ऊपर 2 लाख 38 हजार रूपये का भुगतान शेष है। इस प्रकरण में भी नगर पालिका को धरोहर राशि जब्त करते हुए कार्यवाही की जानी थी, जोकि नहीं की गयी। इस ठेकेदार द्वारा भी नॉन कम्प्यूटराईज रसीदों का प्रयोग किया जा रहा है। समिति की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि फ्लैट पार्किंग मल्लीताल के ठेकेदार विशेष इंटरप्राईजेज के प्रोपराईटर शिव शंकर गुहा मजूमदार बैरम विला मॉल रोड नैनीताल द्वारा भी स्वीकृत निविदा की पहली किश्त का भुगतान 7 जून की जगह 3 जुलाई तक किया गया तथा दूसरी किश्त का भुगतान 31 अगस्त से पूर्व न कर के 2 सितम्बर को आंशिक रूप से किया गया। वर्तमान में इस पार्किंग के ठेकेदार के ऊपर 11 लाख 40 हजार का बकाया है। पार्किंग में चेक-आउट टाईम का भी कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं है, इस अनियमित्ता को लेकर भी नगर पालिका को धरोहर राशि जब्त करते हुए कब्जा लेना चाहिए था। समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि ठेकेदार द्वारा बरती जा रही वित्तीय अनियमित्ता एवं नगर पालिका परिषद की उदासीनता एवं लापरवाही से सरकार को बड़े पैमाने पर राजस्व की क्षति हुई है। इस कृत्य से बाहर से आने वाले पर्यटकों के समक्ष जिला प्रशासन, प्रदेश सरकार की ही नहीं वरन सम्पूर्ण देश की छवि धूमिल हो रही है जोकि नैनीताल शहर के पर्यटन के हित में उचित नहीं है।

यह भी पढ़ें : नैनीताल नगर पालिका का एक और बड़ा घोटाला : पार्किंगों में भी खेल कर गये हैं स्थानांतरित ईओ शर्मा !

-बड़े आकार की कारों से भी बसों-ट्रकों के लिए अनुमन्य 200 रुपए लिया जा रहा है शुल्क
-पार्किंग का चेक-आउट समय 11 की जगह 9 बजे करके भी किया गया है खेल

तमाम कमियों से भरी नगर पालिका की पार्किंग की स्लिप, जिसमें न गाड़ी का पूरा नंबर है न ही हस्ताक्षर

नवीन समाचार, नैनीताल, 13 जुलाई 2019। शनिवार को नगर से हटाये गये नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी रोहिताश शर्मा के आदेशों पर नगर की लेक ब्रिज चुंगी में पालिका उपनियमों के विपरीत 5 की जगह 13 घंटे दोगुना शुल्क वसूले जाने का समाचार ‘नवीन समाचार’ ने प्रकाशित किया था। इस समाचार के बाद नगर पालिका को चुंगी पर लगाये गये बोर्डों में सुधार कर नियमानुसार चुंगी वसूलने की व्यवस्था लागू करनी पड़ी थी। इधर ईओ शर्मा के द्वारा नगर की पार्किंगों में भी किये गये एक बड़े गोलमाल की बात सामने आयी है।

नगर की पार्किंगों में दो तरीके से नगर के आम जन व सैलानियों की जेब पर डाका डालने एवं ठेकेदारों को अनावश्यक लाभ पहुंचाने का प्रबंध किया गया है। पालिका उपनियमों के अनुसार नगर की पार्किंगों में छोटे वाहनों के लिए 100 एवं बड़े वाहनों के लिए 200 रुपए शुल्क लिये जाने की व्यवस्था है। परंतु यह साफ-साफ लिखा है कि बड़े वाहनों की श्रेणी में बस एवं ट्रक जाएंगे। वर्तमान में नगर में बस एवं ट्रकों का आना ही प्रतिबंधित है। शेष सभी चार पहिया वाहन छोटे वाहनों में ही गिने जाने हैं, किंतु नगर पालिका की पार्किंगों में एसयूवी की श्रेणी वाली बड़े आकार की कारों से बस एवं ट्रकों के लिए अनुमन्य दोगुना शुल्क लिया जा रहा है। अंडा मार्किट सहित कई पार्किंग में पार्किंग की दर सार्वजनिक न करके भी मनमाना शुल्क वसूलने का इंतजाम किया गया है। 

वहीं दूसरा गोलमाल चेक-आउट यानी पार्किंग छोड़ने के समय में किया गया है। पूर्व में नगर की पार्किंगों का चेक-आउट समय सुबह 11 बजे का था, जिसे बिना नियमों में परिवर्तन के 9 बजे कर दिया गया है। इसके परिणामस्वरूप पहले दिन पार्किंग में वाहन खड़े करने वालों को दूसरी सुबह 11 की जगह 9 बजे से ही दूसरे दिन का शुल्क देना पड़ता है। उल्लेखनीय है कि नगर के होटलों का चेक-आउट समय 10 बजे का है। इस प्रकार नगर में एक रात्रि ही रहकर अगली सुबह 10 बजे होटल छोड़कर जाने वाले यात्रियों को देा दिन का पार्किंग शुल्क देना पड़ता है। यदि चेक आउट समय पूर्व की तरह 11 बजे होता तो उन्हें एक दिन का ही शुल्क देना पड़ता।

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पालिका ने बदला बोर्ड, अब 18 नई 5 घंटे ही देना पड़ेगी दोगुनी चंुगी

मंगलवार को नगर पालिका द्वारा लेक ब्रिज चुंगी पर बदला गया बोर्ड।

नवीन समाचार, नैनीताल, 24 जून 2019। आपके प्रिय एवं भरोसेमंद समाचार पोर्टल ‘नवीन समाचार’ की खबर का बड़ा असर हुआ है। अब नगर में आने वाले सैलानियों को नगर में आगमन पर लेक ब्रिज चुंगी पर नियमानुसार दिन में केवल 5 घंटे ही दोगुना शुल्क देना पड़ेगा। जबकि अब तक पालिका के अधिशासी अधिकारी के आदेशों का हवाला देते हुए 18 घंटे दो गुना शुल्क देना पड़ रहा था। इस विषय को प्रमुखता से उठाने के बाद मंगलवार को चुंगी पर बोर्ड बदल दिया गया है, और नियमानुसार चुंगी वसूली जाने लगी है।
उल्लेखनीय है कि ‘राष्ट्रीय सहारा’ ने गत 20 जून को समाचार प्रकाशित किया था कि नगर की लेक ब्रिज चुंगी के जरिये इस वर्ष स्वयं नगर पालिका की सरपरस्ती में पालिका के कई उप नियमों (बाईलॉज), कायदे-कानूनों को खुले आम तोड़ा जा रहा है। उल्लेखनीय है कि पालिका के उप नियमों के अनुसार ग्रीष्मकाल में 16 मार्च से 15 नवंबर तक शाम चार से रात्रि नौ बजे तक एवं शीतकाल में यानी 16 नवंबर से 15 मार्च तक शाम तीन बजे से रात्रि आठ बजे तक वाहनों से निर्धारित से दोगुना शुल्क लिया जाने का प्राविधान है। यानी दोनों अवधि में दिन में केवल पांच घंटे ही दोगुना शुल्क लिया जाना है। किंतु लेक ब्रिज चुंगी पर इस उपनियम की अलग ही व्याख्या कर प्रातः नौ से दोपहर तीन बजे के बीच के 6 घंटे छोड़कर दिन के शेष 18 घंटों में दो गुना शुल्क लिया जा रहा था। साथ ही ग्रीष्मकाल होने के बावजूद शीतकाल का समय लागू किया गया था, यानी शाम चार बजे की जगह तीन बजे ही दोगुना शुल्क लिया जा रहा था। इस संबंध में बकायदा चुंगी पर नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी के नाम से सूचना भी सार्वजनिक की गयी थी।

इस समाचार का हुआ असर : बड़ा एक्सक्लूसिव समाचार: नैनीताल की लेक ब्रिज चुंगी पर ‘नगर पालिका ईओ के आदेशों पर’ बड़ा घोटाला ! एक दिन में पांच की जगह 18 घंटे वसूला जा रहा है दो गुना शुल्क !!

-लेक ब्रिज चुंगी में टूट रहे कई कायदे-कानून

लेक ब्रिज चुंगी पर नगर पालिका के आदेशों का बोर्ड।

नवीन समाचार, नैनीताल, 19 जून 2019। नगर की लेक ब्रिज चुंगी के जरिये इस वर्ष स्वयं नगर पालिका की सरपरस्ती में पालिका के कई उप नियमों (बाईलॉज), कायदे-कानूनों को खुले आम तोड़ा जा रहा है। पालिका के उप नियमों के अनुसार ग्रीष्मकाल में 16 मार्च से 15 नवंबर तक शाम चार से रात्रि नौ बजे तक एवं शीतकाल में यानी 16 नवंबर से 15 मार्च तक शाम तीन बजे से रात्रि आठ बजे तक वाहनों से निर्धारित से दोगुना शुल्क लिया जाने का प्राविधान है। यानी दोनों अवधि में दिन में केवल पांच घंटे ही दोगुना शुल्क लिया जाना है। किंतु लेक ब्रिज चुंगी पर इस उपनियम की अलग ही व्याख्या कर दिन के 18 घंटे दो गुना शुल्क लिया जा रहा है। साथ ही ग्रीष्मकाल होने के बावजूद शीतकाल का समय लागू किया गया है, यानी शाम चार बजे की जगह तीन बजे ही दोगुना शुल्क लिया जा रहा है। इस संबंध में बकायदा चुंगी पर नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी के नाम से सूचना भी सार्वजनिक की गयी है। यह बड़ा बड़ा घोटाला हो सकता है।

नगर पालिका के उपनियमों में लेक ब्रिज चुंगी के प्राविधान।
नगर पालिका के उपनियमों में लेक ब्रिज चुंगी के प्राविधान।

सूचना पट के अनुसार प्रातः नौ बजे से दोपहर तीन बजे तक जीएसटी सहित 59 रुपए एवं दोपहर तीन बजे के पश्चात (कब तक का जिक्र नहीं जबकि यह शीतकाल के अनुसार आठ बजे, एवं ग्रीष्मकाल के अनुसार शाम चार से रात्रि नौ बजे होना चाहिए) पूरी रात्रि और सुबह नौ बजे तक दोगुना यानी 118 रुपए शुल्क वसूला जा रहा है। इसमें भी यात्रियों की शिकायत है कि खुले पैंसे न होने की आढ़ में 60 व 120 रुपए वसूले जाते हैं। बताया गया है कि इस संबंध में कुमाऊं मंडल के आयुक्त राजीव रौतेला से भी शिकायत की गयी हैं पूछे जाने पर सभी संबंधित लोग अज्ञानता जाहिर कर रहे हैं, व जानकारी से इंकार कर रहे हैं। लेक ब्रिज चुंगी के ठेकेदार के प्रतिनिधि का कहना है, हो सकता है चुंगी कर्मी अज्ञानतावश ऐसा कर रहे हों। वहीं नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी रोहिताश शर्मा ने भी उनके आदेश से लगे किसी सूचना पट की जानकारी से इंकार करते हुए मामले का संज्ञान लेने की बात कही है। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व लेक ब्रिज चुंगी को शहर से बाहर करके, खासकर बल्दियाखान में स्थानांतरित कर ऐसी पर्यटक बसों से भी शुल्क बसूले जाने की शिकायतें आई थीं, जिनका मूल लेक ब्रिज यानी माल रोड पर गुजरने का प्राविधान ही नहीं है। वहीं ऐसे वाहनों से भी शुल्क वसूला गया, जिन्हें पुलिस ने शहर में प्रवेश ही नहीं करने दिया और रूसी बाईपास पर ही रोक दिया।

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-टिन शेड की आढ़ में हो रहे आधा दर्जन अवैध निर्माणों पर कार्रवाई

टिन शेड की आढ़ में किये गय अवैध निर्माण को हटाते प्राधिकरण कर्मी।

नवीन समाचार, नैनीताल, 5 अगस्त 2019। गत दिवस आपके प्रिय एवं भरोसेमंद समाचार पोर्टल ‘नवीन समाचार’ के द्वारा गत 30 जुलाई को ‘नैनीताल में टिन शेडों की आढ़ में अवैध निर्माणों की बाढ़’ शीर्षक से प्रकाशित समाचार का बड़ा असर हुआ है। डीएम सविन बंसल द्वारा समाचार का संज्ञान लेकर सोमवार को एसडीएम विनोद कुमार को नगर में टिन शेडों की आढ़ में हो रहे अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिये गये। इसके लिए प्रशासन ने इस बीच अवैध निर्माणों के फोटो एवं अन्य जानकारियां एकत्र कीं और सोमवार को जिला विकास प्राधिकरण एवं मल्लीताल कोतवाली पुलिस के संयुक्त अभियान में आधा दर्जन से अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई की गई। सर्वाधिक 4 अवैध निर्माणों पर कार्रवाई नगर के चार्टन लॉज क्षेत्र में की गयी। यहां किशोर भटनागर के द्वारा भूतल पर 20 गुणा 20 वर्ग फिट आकार का स्लैब डालने का प्रयास किया जा रहा था। वहीं मेंहदी हसन के द्वारा पूर्व में भूतल के प्राधिकरण द्वारा कराये गये सील किये गये निर्माण की छत में निर्माण किया जा रहा था। वहीं प्रेम सिंह के द्वारा पहले व भूतल में व श्याम सिंह के द्वारा दूसरे तल में टिन शेड डाला जा रहा था। इसी तरह पास के ही आवागढ़ वार्ड में राजा साह के द्वारा टिन शेड डालकर गोदाम बनाया जा रहा था तथा अयारपाटा के फर्न कॉटेज क्षेत्र में किसी भट्ट जाति नाम के व्यक्ति के द्वारा चार कॉलम डाले गये थे। इनमें से दो कॉलम को प्राधिकरण की टीम ने ध्वस्त किया व नये बने दो कॉलम सील कर लिये। कार्रवाई करने वाली टीम में प्राधिकरण के अधिशासी अभियंता विजय माथुर, सीएम साह, अजय गुप्ता, बलवीर सिंह व नगर कोतवाल अशोक कुमार सिंह आदि प्रमुख रहे।

पूर्व समाचार, जिस पर हुई कार्रवाई : नैनीताल में टिन शेडों की आढ़ में अवैध निर्माणों की बाढ़…

नवीन समाचार, नैनीताल, 30 जुलाई 2019। नैनीताल जिला व मंडल मुख्यालय में टिन शेड अवैध निर्माण कर्ताओं के लिए बड़ी आढ़ बन गये हैं। इनकी आढ़ में नगर में अवैध निर्माणों की बाढ़ आ गयी है। नगर के कमोबेश हर क्षेत्र में लोग पहले अवैध रूप से टिन शेड बनाते हैं, और धीरे-धीरे टिन शेड की आढ़ में पक्का अवैध निर्माण कर डालते हैं। इस मामले में कमजोर तबके के लोग भी पीछे नहीं हैं जो पहले कहीं भी कच्ची-पक्की, सरकारी राजस्व, नगर पालिका की नजूल अथवा किसी के द्वारा पूर्व में कब्जाई हुई जमीनों को मामूली कीमत पर 10 रुपए के स्टांप पेपर पर लेकर उस पर पहले टिन शेड और बाद में धीरे-धीरे लिंटर वाला भवन खड़ा कर देते हैं। यह प्रवृत्ति उच्च-मध्यम वर्ग में भी दिखती है, जो अपने पूर्व के निर्माणों को टिनों से छुपाकर अपना निर्माण बढ़ाते जाते हैं। नगर के भूगर्भीय दृष्टिकोण से सर्वाधिक संवेदनशील सात नंबर, चार्टन लांज, रुकुट कंपाउंड, पिटरिया, सूखाताल, बंगाली कॉलोनी, राजपुरा व मंगावली क्षेत्रों में यह प्रवृत्ति कुछ अधिक ही नजर आ रही है। टिन शेडों की आढ़ में रातों-रात जल्दबाजी में निर्माण किये जाते हैं, जिस कारण इनकी गुणवत्ता भी बेहद खराब होती है, और इनमें आगे दुर्घटना की संभावना बनी रहती है। लेकिन इन अवैध निर्माणों में प्राधिकरण की भूमिका आंख मूंदने अथवा किसी को बेवजह परेशान करने वाली ही बताई जा रही है।

प्राधिकरण की नाक के नीचे बड़े होटलों, कॉलोनियों का निर्माण भी बेरोकटोक जारी

नैनीताल। नगर में ही पूर्व में झील विकास प्राधिकरण एवं वर्तमान में जिला विकास प्राधिकरण का मुख्यालय स्थित है। बावजूद नगर में अवैध निर्माणकर्ताओं के होंसले बुलंद हैं। नगर में कहने को सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों पर हर तरह के व्यवसायिक निर्माणों पर रोक लगा चुका है, और सरकार इन आदेशों की आढ़ में पार्किंग जैसे जनोपयोगी निर्माण भी नहीं करा पा रही है, किंतु सूखाताल झील के जल भराव क्षेत्र से लेकर उच्च न्यायालय के करीब भी हाल के दौर में बडे़ होटलों के निर्माण किसी से छुपे नहीं हैं। उच्च न्यायालय व सर्वोच्च न्यायालय में नगर में निर्माणों पर रोक लगाने वाली जनहित याचिका दायर करने वाले डा. अजय रावत ने सोमवार को एक सार्वजनिक कार्यक्रम में सूखाताल में एक भवन व उच्च न्यायालय के पास फ्लैटों के निर्माण पर प्रश्न भी उठाए।

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