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पालिका ने बदला बोर्ड, अब 18 नई 5 घंटे ही देना पड़ेगी दोगुनी चंुगी

मंगलवार को नगर पालिका द्वारा लेक ब्रिज चुंगी पर बदला गया बोर्ड।

नवीन समाचार, नैनीताल, 24 जून 2019। आपके प्रिय एवं भरोसेमंद समाचार पोर्टल ‘नवीन समाचार’ की खबर का बड़ा असर हुआ है। अब नगर में आने वाले सैलानियों को नगर में आगमन पर लेक ब्रिज चुंगी पर नियमानुसार दिन में केवल 5 घंटे ही दोगुना शुल्क देना पड़ेगा। जबकि अब तक पालिका के अधिशासी अधिकारी के आदेशों का हवाला देते हुए 18 घंटे दो गुना शुल्क देना पड़ रहा था। इस विषय को प्रमुखता से उठाने के बाद मंगलवार को चुंगी पर बोर्ड बदल दिया गया है, और नियमानुसार चुंगी वसूली जाने लगी है।
उल्लेखनीय है कि ‘राष्ट्रीय सहारा’ ने गत 20 जून को समाचार प्रकाशित किया था कि नगर की लेक ब्रिज चुंगी के जरिये इस वर्ष स्वयं नगर पालिका की सरपरस्ती में पालिका के कई उप नियमों (बाईलॉज), कायदे-कानूनों को खुले आम तोड़ा जा रहा है। उल्लेखनीय है कि पालिका के उप नियमों के अनुसार ग्रीष्मकाल में 16 मार्च से 15 नवंबर तक शाम चार से रात्रि नौ बजे तक एवं शीतकाल में यानी 16 नवंबर से 15 मार्च तक शाम तीन बजे से रात्रि आठ बजे तक वाहनों से निर्धारित से दोगुना शुल्क लिया जाने का प्राविधान है। यानी दोनों अवधि में दिन में केवल पांच घंटे ही दोगुना शुल्क लिया जाना है। किंतु लेक ब्रिज चुंगी पर इस उपनियम की अलग ही व्याख्या कर प्रातः नौ से दोपहर तीन बजे के बीच के 6 घंटे छोड़कर दिन के शेष 18 घंटों में दो गुना शुल्क लिया जा रहा था। साथ ही ग्रीष्मकाल होने के बावजूद शीतकाल का समय लागू किया गया था, यानी शाम चार बजे की जगह तीन बजे ही दोगुना शुल्क लिया जा रहा था। इस संबंध में बकायदा चुंगी पर नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी के नाम से सूचना भी सार्वजनिक की गयी थी।

इस समाचार का हुआ असर : बड़ा एक्सक्लूसिव समाचार: नैनीताल की लेक ब्रिज चुंगी पर ‘नगर पालिका ईओ के आदेशों पर’ बड़ा घोटाला ! एक दिन में पांच की जगह 18 घंटे वसूला जा रहा है दो गुना शुल्क !!

-लेक ब्रिज चुंगी में टूट रहे कई कायदे-कानून

लेक ब्रिज चुंगी पर नगर पालिका के आदेशों का बोर्ड।

नवीन समाचार, नैनीताल, 19 जून 2019। नगर की लेक ब्रिज चुंगी के जरिये इस वर्ष स्वयं नगर पालिका की सरपरस्ती में पालिका के कई उप नियमों (बाईलॉज), कायदे-कानूनों को खुले आम तोड़ा जा रहा है। पालिका के उप नियमों के अनुसार ग्रीष्मकाल में 16 मार्च से 15 नवंबर तक शाम चार से रात्रि नौ बजे तक एवं शीतकाल में यानी 16 नवंबर से 15 मार्च तक शाम तीन बजे से रात्रि आठ बजे तक वाहनों से निर्धारित से दोगुना शुल्क लिया जाने का प्राविधान है। यानी दोनों अवधि में दिन में केवल पांच घंटे ही दोगुना शुल्क लिया जाना है। किंतु लेक ब्रिज चुंगी पर इस उपनियम की अलग ही व्याख्या कर दिन के 18 घंटे दो गुना शुल्क लिया जा रहा है। साथ ही ग्रीष्मकाल होने के बावजूद शीतकाल का समय लागू किया गया है, यानी शाम चार बजे की जगह तीन बजे ही दोगुना शुल्क लिया जा रहा है। इस संबंध में बकायदा चुंगी पर नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी के नाम से सूचना भी सार्वजनिक की गयी है। यह बड़ा बड़ा घोटाला हो सकता है।

नगर पालिका के उपनियमों में लेक ब्रिज चुंगी के प्राविधान।
नगर पालिका के उपनियमों में लेक ब्रिज चुंगी के प्राविधान।

सूचना पट के अनुसार प्रातः नौ बजे से दोपहर तीन बजे तक जीएसटी सहित 59 रुपए एवं दोपहर तीन बजे के पश्चात (कब तक का जिक्र नहीं जबकि यह शीतकाल के अनुसार आठ बजे, एवं ग्रीष्मकाल के अनुसार शाम चार से रात्रि नौ बजे होना चाहिए) पूरी रात्रि और सुबह नौ बजे तक दोगुना यानी 118 रुपए शुल्क वसूला जा रहा है। इसमें भी यात्रियों की शिकायत है कि खुले पैंसे न होने की आढ़ में 60 व 120 रुपए वसूले जाते हैं। बताया गया है कि इस संबंध में कुमाऊं मंडल के आयुक्त राजीव रौतेला से भी शिकायत की गयी हैं पूछे जाने पर सभी संबंधित लोग अज्ञानता जाहिर कर रहे हैं, व जानकारी से इंकार कर रहे हैं। लेक ब्रिज चुंगी के ठेकेदार के प्रतिनिधि का कहना है, हो सकता है चुंगी कर्मी अज्ञानतावश ऐसा कर रहे हों। वहीं नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी रोहिताश शर्मा ने भी उनके आदेश से लगे किसी सूचना पट की जानकारी से इंकार करते हुए मामले का संज्ञान लेने की बात कही है। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व लेक ब्रिज चुंगी को शहर से बाहर करके, खासकर बल्दियाखान में स्थानांतरित कर ऐसी पर्यटक बसों से भी शुल्क बसूले जाने की शिकायतें आई थीं, जिनका मूल लेक ब्रिज यानी माल रोड पर गुजरने का प्राविधान ही नहीं है। वहीं ऐसे वाहनों से भी शुल्क वसूला गया, जिन्हें पुलिस ने शहर में प्रवेश ही नहीं करने दिया और रूसी बाईपास पर ही रोक दिया।

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नवीन समाचार

मेरा जन्म 26 नवंबर 1972 को हुआ था। मैं नैनीताल, भारत में मूलतः एक पत्रकार हूँ। वर्तमान में मार्च 2010 से राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक समाचार पत्र-राष्ट्रीय सहारा में ब्यूरो चीफ के रूप में कार्य कर रहा हूँ। इससे पहले मैं पांच साल के लिए दैनिक जागरण के लिए काम कर चुका हूँ। कुमाऊँ विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग से ‘नए मीडिया’ विषय पर शोधरत हूँ। फोटोग्राफ़ी मेरा शौक है। मैं NIKON COOLPIX P530 और अडोब फोटोशॉप 7.0 के साथ फोटोग्राफी कर रहा हूँ। फोटोग्राफी मेरे लिए दुनियां की खूबसूरती को अपनी ओर से चिरस्थाई बनाने का बहुत छोटा सा प्रयास है। एक फोटो पत्रकार के रूप में मेरी तस्वीरों को नैनीताल राजभवन सहित विभिन्न प्रदर्शनियों में प्रस्तुत किया गया, तथा उत्तराखंड की राज्यपाल श्रीमती मार्गरेट अलवा द्वारा सम्मानित किया गया है। कुछ चित्रों को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हो चुके हैं। गूगल अर्थ पर चित्र उपलब्ध कराने वाली पैनोरामियो साइट पर मेरी प्रोफाइल को 18.85 Lacs से भी अधिक हिट्स प्राप्त हैं।पत्रकारिता और फोटोग्राफी के अलावा मुझे कवितायेँ लिखना पसंद है। काव्य क्षेत्र में मैंने नवीन जोशी “नवेन्दु” के रूप में अपनी पहचान बनाई है। मैंने बहुत सी कुमाउनी कवितायेँ लिखी हैं, कुमाउनी भाषा में मेरा काव्य संकलन उघड़ी आंखोंक स्वींड़ प्रकाशित हो चुका है, जो कि पुस्तक के के साथ ही डिजिटल (PDF) फार्मेट पर भी उपलब्ध होने वाली कुमाउनी की पहली पुस्तक है। मेरी यह पुस्तक गूगल एप्स पर भी उपलब्ध है। ’ यहां है एक पत्रकार, लेखक, कवि एवं छाया चित्रकार के रूप में मेरी रचनात्मकता, लेख, आलेख, छायाचित्र, कविताएं, हिंदी-कुमाउनी के ब्लॉग आदि कार्यों का पूरा समग्र। मेरी कोशिश है कि यहां नैनीताल, कुमाऊं, उत्तराखंड और वृहद संदर्भ में देश की विरासत, संस्कृति, इतिहास और वर्तमान को समग्र रूप में संग्रहीत करने की….।मेरे दिल में बसता है, मेरा नैनीताल, मेरा कुमाऊं और मेरा उत्तराखंड

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