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कोश्यारी ने जताई महाराष्ट्र के राज्यपाल के पद से हटने की इच्छा, अपनी भविष्य की इच्छा का भी किया खुलासा….

Imageनवीन समाचार, मुंबई, 23 जनवरी 2023। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी ने महाराष्ट्र के राज्यपाल के पद से हटने की इच्छा जताई है। कोश्यारी ने सोमवार को ट्वीट के माध्यम से यह जानकारी सार्वजनिक करते हुए कहा है, ‘मैंने पीएम को अपनी सभी राजनीतिक जिम्मेदारियों से मुक्त होने की इच्छा से अवगत कराया है। राज्यपाल ने कहा है कि उन्होंने हालिया मुंबई यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राजनीतिक जिम्मेदारियों से हटने की अपनी इच्छा के बारे में बताया है। वहीं राजभवन की और से जारी बयान में कहा गया, ‘राज्यपाल कोश्यारी ने अपना शेष जीवन पढ़ने, लिखने और अन्य इत्मीनान की गतिविधियों में बिताने की इच्छा व्यक्त की है।’ यह भी पढ़ें : बच्चे के साथ सफर कर रही महिला से चलती ट्रेन में सामूहिक दुष्कर्म

ट्विटर पर दिए अपने बयान में कोश्यारी ने कहा है, ‘महाराष्ट्र जैसे महान राज्य-संतों, समाज सुधारकों और बहादुर सेनानियों की भूमि के राज्य सेवक या राज्यपाल के रूप में सेवा करना मेरे लिए पूर्ण सम्मान और सौभाग्य की बात थी। पिछले तीन साल से ज्यादा समय के दौरान महाराष्ट्र की जनता से मिले प्यार और स्नेह को वह कभी नहीं भूल सकते। उन्हें प्रधानमंत्री से हमेशा प्यार और स्नेह मिला। यह भी पढ़ें : ब्रेकिंग: बदले नैनीताल के कोतवाल, फिर बनाए गए

उल्लेखनीय है कि कोश्यारी पर पिछले दिनों मराठा क्षत्रप शिवाजी महाराज पर दिए बयान के बाद से इस्तीफा देने का दबाव पड़ रहा था। इसके बाद उन्होंने पिछले माह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर शिवाजी महाराज पर अपनी टिप्पणी पर खेद जाहिर किया था। इसके अलावा अमित शाह से पूछा था कि वह अब क्या करें ? यह भी पढ़ें : घर में साथ मृत मिले युवक व शादीशुदा युवती, एक-दूसरे को जहर के इंजेक्शन लगाकर की खुदकुशी, लिखा ‘बाय एवरीवन…’

इससे पहले जुलाई 2022 में उन्होंने कहा था कि अगर महाराष्ट्र से गुजराती और राजस्थानी हट जाएंगे तो मुंबई देश की आर्थिक राजधानी होने का अपना स्टेट्स खो देगी। उनकी इस टिप्पणी पर भी सभी पार्टियों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी। बाद में उन्होंने एक माफीनामा जारी करते हुए कहा था कि मुंबई के विकास में कुछ समुदायों के योगदान की सराहना करते हुए शायद मैंने गलती की। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

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नवीन समाचार, नई दिल्ली, 12 दिसंबर 2022। लगातार कई विवादों के बाद महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने अपने त्याग पत्र की पेशकश कर दी है। मीडिया में ऐसी चर्चाएं हैं, हालांकि इस बारे में कोई अधिकृत जानकारी प्राप्त नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि पिछले दिनों छत्रपति शिवाजी महाराज पर उनके द्वारा की गई टिप्पणी के विवादों में आने और इस मामले में विपक्ष के लगातार कड़े रुख व खासकर इधर प्रस्तावित मार्च के बाद राज्यपाल कोश्यारी ने गत 6 दिसंबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को चिट्ठी लिखकर अपनी परेशानी बताई है, और पद से त्याग पत्र देने की पेशकश की है। यह भी पढ़ें : भारी पड़ा अपनी पत्नी से उसकी इच्छा के विरुद्ध शारीरिक संबंध बनाना, मिली बड़ी सजा…

मीडिया में आ रही और सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्यपाल कोश्यारी ने गृह मंत्री को लिखी चिट्ठी में कहा है कि उन्होंने जब से महाराष्ट्र के राज्यपाल का पदभार ग्रहण किया है तभी से वह महाराष्ट्र के महापुरुषों के दर्शन करते रहे हैं और उन्होंने कभी महापुरुषों का अपमान नहीं किया। इधर मीडिया ने उनके बयानों को तोड़ मरोड़ कर पेश किया। इससे विवाद पैदा हुआ है। ऐसे में वह पशोपेश में हैं कि आखिर क्या करें। यह भी पढ़ें : डॉक्टर को पेट दर्द दिखने गई छात्रा, उसने कर दिया दुष्कर्म, , निबंधित, संबद्ध, मुकदमा दर्ज….

कोश्यारी ने चिट्ठी में लिखा है कि जब वह सक्रिय राजनीति से दूर हो गए थे तो केंद्र सरकार ने उन्हें महाराष्ट्र का राज्यपाल बना कर भेजा था। लेकिन जब वह महाराष्ट्र के महापुरुषों के बारे में बातचीत करते हैं तो उन्हें आलोचनाओं का शिकार होना पड़ रहा है। ऐसे में अमित शाह बताएं कि उन्हें क्या करना चाहिए। यह भी लिखा है कि विपक्षी दल तो उनका विरोध कर ही रहे हैं लेकिन भाजपा के सांसद उदयनराजे भोसले और मराठा आरक्षण समाज के लोग भी उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। यह भी पढ़ें : दुःखद समाचार: बेटी की शादी में नाचते-नाचते पिता की हुई मौत

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार और कांग्रेस के नेता राज्यपाल कोश्यारी के बयान को लेकर उन पर निशाना साध चुके हैं और उन्हें हटाए जाने की मांग कर चुके हैं। एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने कहा था कि यह पहला मौका नहीं है कि राज्यपाल कोश्यारी ने महाराष्ट्र की जनता की भावनाओं से खिलवाड़ किया हो। इससे पहले भी उन्होंने सावित्री बाई फुले और मराठी-गुजरातियों को लेकर विवादास्पद बयान दिया था। इससे महाराष्ट्र की जनता में पहले से ही काफी गुस्सा है। यही कारण है कि महाराष्ट्र के सभी विपक्षी दलों ने 17 दिसंबर को राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के खिलाफ एक बड़े लॉन्ग मार्च का आयोजन किया है जिसमें उन्हें राज्यपाल पद से हटाने की मांग की जाएगी। यह भी पढ़ें : नर्सिंग की छात्रा से रिश्तेदार युवक ने किया दुष्कर्म, अश्लील वीडियो भी किया वायरल…

कोश्यारी ने खत में लिखा है कि उन्होंने कभी भी छत्रपति शिवाजी महाराज या फिर दूसरे महापुरुषों पर कोई ऐसी टिप्पणी नहीं की है जिससे विवाद हो। मीडिया में उनके बयान को काट-छांट करके चलाया जा रहा है। इसकी वजह से लोगों में गलतफहमियां पैदा हुई हैं। यह भी पढ़ें : रोहित शर्मा की जगह भारतीय टेस्ट क्रिकेट टीम में चुने गए उत्तराखंड के धाकड़ बल्लेबाज अभिमन्यु ईश्वरन

इस पत्र में कोश्यारी ने छत्रपति शिवाजी महाराज का जिक्र करते हुए कहा है कि जब कोरोना काल में पूरा देश बंद था तो वह महाराष्ट्र के शिवनेरी, सिंहगढ़, प्रतापगढ़ और रायगढ़ किलों पर हेलीकॉप्टर से नहीं बल्कि अपनी गाड़ी से और पैदल चलकर गये थे। ऐसे में इन महापुरुषों के अपमान का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता है। कोश्यारी ने लिखा है कि पिछले 30 सालों में वह महाराष्ट्र के ऐसे पहले राज्यपाल हैं जिन्होंने इन किलों पर जाकर महापुरुषों के दर्शन किए हैं। छत्रपति शिवाजी महाराज मेरे हमेशा प्रेरणा स्रोत रहे हैं। यह भी पढ़ें : नशे के लिए कर दी कुमाऊं कमिश्नर के भाई सहित अन्य की कारों के शीशे तोड़ कर चोरी, 2 गिरफ्तार…

कोश्यारी ने लिखा है कि साल 2016 में उन्होंने घोषणा की थी कि वह ना तो कोई चुनाव लड़ेंगे और ना ही कोई राजनीतिक पद लेंगे लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रेम की वजह से उन्होंने महाराष्ट्र के राज्यपाल का पद संभाला था। कोश्यारी ने आगे लिखा है कि उन्हें माफी मांगने में कभी कोई गुरेज नहीं है लेकिन वह छत्रपति शिवाजी महाराज, महाराणा प्रताप और गुरु गोविंद जैसे महानुभावों का अपमान करने के बारे में कभी सोच भी नहीं सकते। इसलिए उचित सलाह के लिए वह यह खत लिख रहे हैं। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : महाराष्ट्र के राज्यपाल से मिले नैनीताल के भाजपा नेता, कोश्यारी ने जताया उत्तराखंड में भाजपा सरकार लौटने का भरोसा

नवीन समाचार, नैनीताल, 30 अक्टूबर 2020। नगर के भाजपा नेता महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के आमंत्रण पर महाराष्ट्र पहुंचे और महाराष्ट्र राजभवन में राज्यपाल कोश्यारी से मुलाकात की। एक दिन वहां रुकने के उपरांत कार्यकर्ता नई दिल्ली स्थित महाराष्ट्र सदन में भी रुके और अब मुख्यालय लौट रहे हैं।

महाराष्ट्र के राज्यपाल कोश्यारी से मिलने के उपरांत भाजपा के पूर्व नगर अध्यक्ष मनोज जोशी ने बताया कि उन्होंने श्री कोश्यारी से उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली, तथा उन्हें नैनीताल आने का न्यौता दिया। उन्हें बताया कि नगर एवं राज्य के कार्यकर्ता एवं लोग श्री कोश्यारी को काफी याद करते हैं। उन्होंने श्री कोश्यारी को नगर के रैमजे अस्पताल को विधायक संजीव आर्य के प्रयासों से मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा पीपीपी मोड में देने के निर्णय की भी जानकारी दी। इस पर श्री कोश्यारी ने विधायक एवं मुख्यमंत्री की इस पहल के लिए प्रशंसा की, तथा राज्य की राजनीति पर चर्चा करते हुए विश्वास जताया कि राज्य में त्रिवेंद्र सिंह रावत की अगुवाई में भाजपा सरकार आगामी विधानसभा चुनाव जीत कर वापस लौटेगी। राज्यपाल कोश्यारी ने कार्यकर्ताओं को बताया कि उनका इस बीच अपने पैतृक क्षेत्र में एक पूजा आयोजन के लिए आना था, किंतु किन्ही कारणों से फिलहाल इस कार्यक्रम के लिए उनका आना स्थगित हो गया। राज्यपाल से मिलने वालों में भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ता विकास जोशी, अभय बवाड़ी व सूरज मेहरा शामिल रहे।

यह भी पढ़ें : अमिताभ, अभिषेक, ऐश्वर्या, आराध्या के बाद महाराष्ट्र राजभवन पहुंचा कोरोना, 18 को कोरोना के बाद राज्यपाल कोश्यारी ने दिया बयान

नवीन समाचार, मुंबई, 12 जुलाई 2020। मुंबई में सदी के महानायक कहे जाने वाले अमिताभ बच्चन व उनके पुत्र अभिषेक बच्चन के बाद उनकी बहु ऐश्वर्या और पोती आराध्या को भी कोरोना की पुष्टि हो गई है। वहीं कोरोना महाराष्ट्र के राजभवन भी पहुंच गया है। राजभवन में 18 कर्मचारियों को कोरोना की पुष्टि होने से हड़कंप मच गया है। ऐसे में पहले राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के भी खुद को आइसोलेट करने की खबरें आ रही थीं, लेकिन राज्यपाल कोश्यारी ने साफ किया है कि उनका कोरोना टेस्ट नेगेटिव आया है। उन्होंने बताया है कि वह पूरी तरह से ठीक हैं। और सेल्फ आइसोलेशन में नहीं हूं। उन्होंने बताया कि मैंने अपना कोरोना टेस्ट कराया है, जिसका रिजल्ट नेगेटिव आया है। उनमें कोरोना के कोई लक्षण नहीं हैं। गौरतलब है कि बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के सूत्रों ने रविवार को बताया कि महाराष्ट्र के राजभवन के 18 कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इसके बाद से ही उनके स्वास्थ्य को लेकर खबरें आ रही थीं।
उल्लेखनीय है कि बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के सूत्रों ने रविवार को बताया कि महाराष्ट्र के राजभवन के 18 कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इस बीच खबरें आईं कि राज्यपाल भगत सिंह ने खुद को आइसोलेट कर लिया है। आधिकारिक सूत्रों ने रविवार को बताया था कि महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने राजभवन में 18 कर्मचारियों के कोरोना पॉजिटिव निकलने के बाद खुद को आइसोलेट कर लिया है। सूत्रों ने बताया है कि राजभवन में कोरोना पॉजिटिव पाए गए 18 कर्मचारियों का नगर निगम दोबारा कोरोना टेस्ट कराएगा। हालांकि, राजभवन में संक्रमण का स्रोत स्पष्ट नहीं है। नागरिक स्वास्थ्य दल दक्षिण मुंबई में राजभवन परिसर में विभिन्न निवारक उपाय करने में लगे हुए हैं। उल्लेखनीय है कि ताजा आंकड़ों के अनुसार महाराष्ट्र में अब तक कोरोना वायरस कुल 2,46,600 मामले सामने आ चुके हैं। यहां कुल मामलों में से 99,499 सक्रिय मामले हैं जबकि 1,36,985 लोगो कोरोना से ठीक होकर अस्पताल से डिस्चार्ज हो चुके हैं। महाराष्ट्र में कुल 10,116 लोगों की मौत कोरोना वायरस के कारण मौत हो चुकी है।

यह भी पढ़ें : सूत्रों से बड़ी खबर : हटाये जा सकते हैं महाराष्ट्र के राज्यपाल कोश्यारी…

नवीन समाचार, नई दिल्ली, 27 नवंबर 2019। सूत्रों के हवाले से राजनीति से जुड़ी एक बड़ी खबर आ रही है। संभावना है कि महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को जल्द ही वहां से हटाया जा सकता है और उनकी जगह किसी और को राज्यपाल बनाया जा सकता है, और उन्हें कहीं और भेजा जा सकता है। ऐसा महाराष्ट्र में हुई राजनीतिक उठापटक व छीछालेदर के डैमेज कंट्रोल के रूप में किया जा सकता है।
उल्लेखनीय है कि राज्यपाल राष्ट्रपति के प्रतिनिधि होते हैं। उनका किसी राजनीतिक दल से कोई संबंध नहीं होता। कोश्यारी भी राज्यपाल बनते ही भाजपा से इस्तीफा दे चुके हैं। उन्होंने महाराष्ट्र में जो भी किया, उस पर सवाल उठे हैं। इसे देखते हुए राष्ट्रपति की ओर से उन्हें बदला जा सकता है, ताकि अच्छा संदेश जाए।
उल्लेखनीय है कि भाजपा की महाराष्ट्र में बड़ी छीछालेदर हुई है। आनन-फानन में राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने सीएम और डिप्टी सीएम को शपथ दिलाई थी उससे भाजपा पर ज्यादा दाग लगे। इस पूरे राजनीतिक घटनाचक्र में कोश्यारी की होशियारी सवालों के घेरे में आ गई। मालूम हो कि कोश्यारी को हाल ही में महाराष्ट्र का राज्यपाल नियुक्त किया गया था। यदि ऐसा हुआ तो यह कोश्यारी व उनके समर्थकों के साथ ही उनके गृह प्रदेश उत्तराखंड के लिए भी झटका होगा, जहां से गिने-चुने लोग ही राज्यपाल के सम्मानित पद तक पहुंच पाए हैं।

यह भी पढ़ें : महाराष्ट्र में मराठी रंग में रंगे पहाड़ के लाल कोश्यारी, ली राज्यपाल पद की शपथ, देखें एक्सक्लुसिव वीडियो

नवीन समाचार, देहरादून 5 सितंबर 2019। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता भगत सिंह कोश्यारी ने गुरुवार 5 सितंबर की शाम 6 बजे राजभवन में शपथ ग्रहण कर ली है।महाराष्ट्र पहुंचते ही कोश्यारी मराठी रंग में रंगे दिखे। शपथ लेते हुए कोश्यारी ने परिधान तो पर्वतीय ही पहने थे किंतु उनकी जुबान पर मराठी थी। उन्होंने मराठी में शपथ ली।

देखें कोश्यारी के महाराष्ट्र के राज्यपाल पद की शपथ लेने का एक्सक्लुसिव वीडियो :

कोश्यारी जी राज्यपाल पद का गौरव व गरिमा आगे बढ़ाएंगे, इस उम्मीद व आकांक्षा के साथ असीम हार्दिक बधाइयां एवं शुभकामनाएं…

देखें कोश्यारी के मुंबई पहुंचने का एक्सक्लुसिव वीडियो :

यह भी पढ़ें : कोश्यारी ने दिया भारतीय जनता पार्टी से इस्तीफा..

नवीन समाचार, देहरादून 2 सितंबर 2019। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता भगत सिंह कोश्यारी ने महाराष्ट्र का राज्यपाल नियुक्त होने के बाद अपनी-भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अजय भटट को इस संबंध में एक पत्र लिखकर कोश्यारी ने संवैधानिक जिम्मेदारी संभालने के मददेनजर उनसे इस्तीफा स्वीकार करने का आग्रह किया, जिसे स्वीकार कर लिया गया है।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 1 सितंबर 2019। उत्तराखंड के वरिष्ठ भाजपा नेता भगत सिंह कोश्यारी को देश के बड़े प्रांत महाराष्ट्र का नया राज्यपाल बनाया जा रहा है।  उनकी नियुक्ति सी विद्यासागर राव के स्थान पर की जा रही है, जिनका पांच वर्ष का कार्यकाल 30 अगस्त 2019 को समाप्त हो गया है। बताया जा रहा है कि हल्द्वानी में अपने आवास में मौजूद कोश्यारी को इस संबंध में सूचना आ गई है। पुख्ता मानी जा रही इस सूचना से भाजपाइयों में हर्ष का माहौल व्याप्त हो गया है। लोग एक दूसरे को एवं श्री कोश्यारी को बधाइयां दे रहे हैं। कोश्यारी ने अपना मोबाइल फोन बंद कर लिया है। वे स्वर्गीय नारायण दत्त तिवारी के बाद उत्तराखंड से राज्यपाल बनने वाले देश के दूसरे राजनेता तथा अल्मोड़ा निवासी भैरव दत्त पांडे के बाद तीसरे व्यक्ति होंगे। आधुनिकता के दौर में भारतीय संसद के साथ देश-विदेश की यात्राओं में अपनी पहाड़ी टोपी व धोती के साथ ही बोलचाल में पहाड़ी-कुमाउनी पुट कोश्यारी की विशिष्टताओं में शामिल है।

उल्लेखनीय है कि भगत सिंह कोश्यारी का जन्म 17 जून 1942 को हुआ था। आरएसएस के अनुभवी कोश्यारी ने बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और उत्तराखंड के लिए पार्टी के पहले राज्य अध्यक्ष भी रह चुके है। उन्होंने 2001 से 2002 तक उत्तराखंड (पूर्व में उत्तरांचल) के दूसरे मुख्यमंत्री के रूप में भी कार्य किया और उसके बाद, 2002 से 2007 तक उत्तराखंड विधान सभा के विपक्ष के नेता रहे। उन्होंने उत्तर प्रदेश विधान परिषद में एमए[wp-rss-aggregator]लसी के रूप में भी कार्य किया है ( जब उत्तराखंड अविभाजित उत्तर प्रदेश का हिस्सा था) और उत्तराखंड विधानसभा में विधायक के रूप में नियुक्त हुए।बाद में उत्तराखंड से 2008 से 2014 तक राज्यसभा में एक सांसद के रूप में सेवा दी और वर्तमान में नैनीताल-उधमसिंह नगर निर्वाचन क्षेत्र से 16 वीं लोक सभा में सांसद हैं। उन्हें राज्य विधायी विधानसभा और राष्ट्रीय संसद के दोनों सदनों में निर्वाचित होने का गौरव प्राप्त हुआ। नैनीताल के मौजूदा सांसद अजय भट्ट से पूर्व उनके नाम पर नैनीताल एवं उत्तराखंड मंे सर्वाधिक वोटों से जीतने का रिकार्ड रहा। उल्लेखनीय है कोश्यारी को इस चुनाव में कुल पड़े 11,01,435 मतों में से 57.78 फीसद यानी 6,36,669 मत मिले, जबकि उनके विरोध में अन्य सभी प्रत्याशियों को मिलाकर 4,64,666 वोट ही मिले थे।

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार
‘नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से ‘मन कही’ के रूप में जनवरी 2010 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
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