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नैनीताल की बेटी किरन को इलाज के लिए मदद की दरकार

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बालिका किरन पांडे।

नैनीताल, 26 सितंबर 2018। मुख्यालय स्थित जीजीआईसी में नौवीं कक्षा में पढ़ने वाली 16 वर्ष की मेधावी छात्रा किरन के इलाज के लिए उसके पिता कृष्ण पांडे ने आम लोगों से मदद की गुहार लगायी है। बताया गया है कि किरन को पिछले सात वर्षों से रीढ़ की हड्डी में अपनी तरह की अलग बीमारी है। जिसके कारण उसकी रीढ़ की हड्डी मुड़ी हुई है, और इस कारण उसका बांया हिस्सा प्रभावित है। चिकित्सा के क्षेत्र में इस बीमारी को ‘किफोस्कोलोटिक डिफॉरमिटी ऑफ द डॉर्सल स्पाइन विद द बैक एक विद रेडिकुलोपैथी टु राइट अपर लिम्ब’ बताया गया है। इधर उसका उपचार उत्तराखंड उच्च न्यायालय के कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजीव शर्मा के प्रयासों से पीजीआई चंडीगढ़ में चल रहा है, और उनके प्रयासों से ही आगे 30 अक्टूबर को कई भारतीय और विदेशी चिकित्सकों द्वारा मिलकर उसकी रीढ़ की हड्डी का ऑपरेशन किया जाना तय हुआ है। इस ऑपरेशन में बड़ी धनराशि खर्च होनी है। किरन के पिता नगर के एक स्कूल की गाड़ी चलाते हैं। लिहाजा उन्होंने मदद के लिए गुहार लगायी है। धनराशि उनके यश बैंक के खाता संख्या 8080811049045, IFSC कोड YESBOCMSNOC में जमा करायी जा सकती है।

विस्तृत विवरण एवं मदद के लिए यहां क्लिक करें। 

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मेरा जन्म 26 नवंबर 1972 को हुआ था। मैं नैनीताल, भारत में मूलतः एक पत्रकार हूँ। वर्तमान में मार्च 2010 से राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक समाचार पत्र-राष्ट्रीय सहारा में ब्यूरो चीफ के रूप में कार्य कर रहा हूँ। इससे पहले मैं पांच साल के लिए दैनिक जागरण के लिए काम कर चुका हूँ। कुमाऊँ विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग से ‘नए मीडिया’ विषय पर शोधरत हूँ। फोटोग्राफ़ी मेरा शौक है। मैं NIKON COOLPIX P530 और अडोब फोटोशॉप 7.0 के साथ फोटोग्राफी कर रहा हूँ। फोटोग्राफी मेरे लिए दुनियां की खूबसूरती को अपनी ओर से चिरस्थाई बनाने का बहुत छोटा सा प्रयास है। एक फोटो पत्रकार के रूप में मेरी तस्वीरों को नैनीताल राजभवन सहित विभिन्न प्रदर्शनियों में प्रस्तुत किया गया, तथा उत्तराखंड की राज्यपाल श्रीमती मार्गरेट अलवा द्वारा सम्मानित किया गया है। कुछ चित्रों को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हो चुके हैं। गूगल अर्थ पर चित्र उपलब्ध कराने वाली पैनोरामियो साइट पर मेरी प्रोफाइल को 18.85 Lacs से भी अधिक हिट्स प्राप्त हैं।पत्रकारिता और फोटोग्राफी के अलावा मुझे कवितायेँ लिखना पसंद है। काव्य क्षेत्र में मैंने नवीन जोशी “नवेन्दु” के रूप में अपनी पहचान बनाई है। मैंने बहुत सी कुमाउनी कवितायेँ लिखी हैं, कुमाउनी भाषा में मेरा काव्य संकलन उघड़ी आंखोंक स्वींड़ प्रकाशित हो चुका है, जो कि पुस्तक के के साथ ही डिजिटल (PDF) फार्मेट पर भी उपलब्ध होने वाली कुमाउनी की पहली पुस्तक है। मेरी यह पुस्तक गूगल एप्स पर भी उपलब्ध है। ’ यहां है एक पत्रकार, लेखक, कवि एवं छाया चित्रकार के रूप में मेरी रचनात्मकता, लेख, आलेख, छायाचित्र, कविताएं, हिंदी-कुमाउनी के ब्लॉग आदि कार्यों का पूरा समग्र। मेरी कोशिश है कि यहां नैनीताल, कुमाऊं, उत्तराखंड और वृहद संदर्भ में देश की विरासत, संस्कृति, इतिहास और वर्तमान को समग्र रूप में संग्रहीत करने की….। मेरे दिल में बसता है, मेरा नैनीताल, मेरा कुमाऊं और मेरा उत्तराखंड

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