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जिला पंचायत के निर्माण कर के नए फरमान पर भीमताल से गौलापार तक विरोध के स्वर

-क्षेत्रीय जन प्रतिनिधियों ने ब्लॉक प्रमुख को सोंपा ज्ञापन
ब्लॉक प्रमुख डॉ. बिष्ट को ज्ञापन सोंपते क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि।नवीन समाचार, नैनीताल, 29 नवंबर 2022। जिला पंचायत नैनीताल के ग्रामीण क्षेत्रों में बनने वाले आवासीय व व्यवसायिक आवासीय व अनावासीय भवनों के निर्माण पर शुल्क आरोपित करने के निर्णय के विरोध में मंगलवार को भीमताल विकास खंड मुख्यालय में ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश बिष्ट के आह्वान के बाद बैठक आयोजित हुई। इस दौरान क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने डॉ. बिष्ट को ज्ञापन सोंपा। वहीं गौलापार क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने भी इस पर विरोध जताया है। यह भी पढ़ें : आशिक की घर बुलाकर की जमकर लाठी-डंडों से पिटाई, वीडियो वायरल…

इधर भीमताल में ब्लॉक प्रमुख को दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब परिवार निवास करते हैं जिसमें भारत सरकार द्वारा मनरेगा जैसी योजनाए चलाई गयी हैं। इसमें गौशाला जैसी योजनाए भी हैं। लेकिन जिला पंचायत अब इनके निर्माण पर भी शुल्क लेगी। यह भी पढ़ें : बिग ब्रेकिंग नैनीताल: एसएसपी ने किए कई उप निरीक्षकों के स्थानांतरण

ब्लॉक सभागार में आयोजित बैठक में पंचायत प्रतिनिधियों व जागरुक नागरिकों के बीच ब्लॉक प्रमुख डॉ बिष्ट ने कहा कि पहले ही महंगाई से त्रस्त जनता पर एक और शुल्क लगाकर जिला पंचायत नैनीताल जले पर नमक लगाने का कार्य कर रही है। यह भी पढ़ें : दिन दहाड़े युवक व उसकी मां सहित तीन लोगों पर झपटा गुलदार, गंभीर रूप से घायल किया…

ग्राम पंचायत को शुल्क लेने का अधिकार है। फिर भी आम लोगों पर बोझ न हो इसलिए कोई कर नही लिया जाता है। अन्य वक्ताओं ने जिला पंचायत के इस निर्णय को तुगलकी करार देते हुए इस पर विरोध जताया और ग्रामवासियों से भी आपत्ति दर्ज कराने की अपील की। यह भी पढ़ें : प्राधिकरण ने अवैध निर्माण पर चलाया बुल्डोजर

जिला पंचायत सदस्य प्रेम बृजवासी, गीता बिष्ट, प्रधान संगठन की अध्यक्ष हेमा आर्य, कमला आर्य, इंद्र मेहता, रजनी रावत, प्रेम मेहरा, धर्मेंद्र रावत, जानकी चनियाल, दुर्गा दत्त पलड़िया शेखर भट्ट, जया बोरा, राधा कुल्याल, लता पलड़िया, क्षेत्र पंचायत सदस्य चन्द्रकला जोशी, कमल गोस्वामी, पवन बेलवाल राजू कोटलिया, पूनम भट्ट, ललित मोहन, खष्टी राघव. विनोद कुमार, शांति भट्ट, डीके शर्मा, रजनी महरा, इन्दर सिंह व जीवन चंद आदि ने भी जिला पंचायत के इस प्रस्ताव की घोर निन्दा की। यह भी पढ़ें : वाहन चलाने वाले नाबालिगों नैनीताल पुलिस का अभियान और तेज, 2 दर्जन वाहन सीज, 3 दर्जन से अधिक के चालान

उधर गौलापार हल्द्वानी में पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य खेड़ा अर्जुन बिष्ट, ग्राम प्रधान खेड़ा लीला बिष्ट, ग्राम प्रधान नवाड़ खेड़ा हीरा सिंह बिष्ट, प्रधान देवला मल्ला रमा मेहता, क्षेत्र पंचायत सदस्य मनोज रावत, पूर्व प्रधान मुकेश जोशी, नीरज रैक्वाल, हरीश बिष्ट, भुवन लोशाली व रमेश जोशी आदि ने ग्रामीण क्षेत्रों में जिला पंचायत द्वारा नक्शा पास करने एवं टैक्स वसूलने पर घोर विरोध दर्ज करने की बात कही। यह भी पढ़ें : नेता जी को भारी पड़ी अपनी ही शादी में राइफल से हर्ष फायरिंग, मामला दर्ज, राइफल भी जब्त…

गौरतलब है कि इस मामले में जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी पीएस बिष्ट ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में होटल, गेस्ट हाउस, शिक्षा प्रतिष्ठान जैसे बड़े व्यवसायिक प्रयोजनों के निर्माणों पर यह शुल्क लगेगा। अभी निजी आवासीय भवनों यानी निजी आशियानों पर कोई शुल्क नहीं लगेगा। उन्होंने बताया कि व्यवसायिक भवनों पर शुल्क की दर कई जनपदों से कम है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

यह भी पढ़ें : जिला पंचायत ग्रामीण क्षेत्रों में व्यवसायिक निर्माणों पर लगाएगी शुल्क, विरोध में बैठक कल…

Income Tax- पर्सनल लोन पर भी उठा सकते हैं टैक्स छूट का फायदा, ये तरीका आएगा  आपके काम | Zee Business Hindiनवीन समाचार, नैनीताल, 28 नवंबर 2022। जिला पंचायत नैनीताल ने ग्रामीण क्षेत्रों में बनने वाले आवासीय व व्यवसायिक आवासीय व अनावासीय भवनों के निर्माण पर 12 रुपए वर्ग फिट तक निर्माण कर तथा लेंड डेवलपमेंट पार्किंग पर 4 फीसद शुल्क लगा दिया है। इसे उपविधि यानी बाइलॉज के रूप में गजट प्रकाशित की प्रक्रिया चल रही है। यह भी पढ़ें : बड़ी दुर्घटना : बेकाबू ट्रक ने कई लोगों को रोंदा..

विरोध का एलान : अलबत्ता जिला पंचायत की इस पहल पर विरोध भी शुरू हो गया है। भीमताल के ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश बिष्ट एवं उनकी धर्मपत्नी, पूर्व ब्लॉक प्रमुख व जिला पंचायत सदस्य गीता बिष्ट ने इस पर विरोध जताते हुए कहा है कि इससे ग्रामीण जनता के लिए एक अदद आशियाने का सपना देखना भी मुश्किल हो गया है। यह न्याय संगत नहीं है। यह भी पढ़ें : सुबह-सुबह शव मिलने से सनसनी

उन्होंने कहा पंचायतों का कार्य ग्रामीण जनता को रास्ता, बिजली, पानी व स्वास्थ्य आदि मूलभूत सुविधा देना होता है, जिसके लिए सरकार 15वंे वित्त व राज्य वित्त के माध्यम से सीधे खाते में पैसा स्थानांतरित करती है। लेकिन यहां सुविधा देना छोड़ जिला पंचायत द्वारा ग्रामीण जनता पर कर लगाया जा रहा है। यह भी पढ़ें : खेल कर लौटते गायब हुआ 13 वर्षीय बच्चा, जंगल में मिला शव…

उन्होंने सभी ब्लॉक प्रमुख, ग्राम प्रधान, जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत सदस्यों, सामाजिक कार्यकर्ताओ से ऐसे कर का विरोध जिला पंचायत में दर्ज कराने का अनुरोध किया है। उन्होंने बताया कि इस विषय पर मंगलवार 29 नवंबर को भीमताल ब्लॉक कार्यालय में बैठक का आयोजन कर इस मुद्दे पर विरोध के लिए आगामी रणनीति तय की जाएगी। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

यह भी पढ़ें : अब दूरस्थ गांव में भी स्थापित हुआ खुला रंगमंच, छोटा कैलाश धाम में ब्लॉक प्रमुख ने किया लोकार्पण

नवीन समाचार, नैनीताल, 13 नवंबर 2022। ब्लाक प्रमुख डॉ. हरीश बिष्ट ने रविवार को भीमताल विकास खण्ड के छोटा कैलाश धाम में 21 लाख से बने ओपन थियेटर यानी खुले रंग मंच का लोकार्पण किया। इस दौरान यहां 7 दिन की भागवत कथा का शुभारम्भ भी परम्परागत वस्त्रों में कलश यात्रा निकालकर किया गया। यह भी पढ़ें : जीजा-साली नेे अवैध संबंधों में बाधक बने पति की कर दी थी हत्या, मामला दर्ज

इस मौके पर ब्लाक प्रमुख डॉ. बिष्ट ने कहा कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में कला संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य के साथ ही क्षेत्र मे उभरते युवाओं, युवतियों को मंच तो मिलेगा ही, साथ ही सेल्फी व्यू प्वाइट व पर्यटकों का ध्यान पहाडी संस्कृति को आकर्षित करने के लिये, यह ओपन थियेटर, व्यू प्वाइट वृक्षारोपण, कैलाश पर्वत में पार्वती कुण्ड व पानी की सुचारू व्यवस्था बनाकर पर्यटकों को आकर्षित करने में मील के पत्थर साबित होंगे। यह भी पढ़ें : बाप-बेटे के विवाद के कारण पांच दिन बाद हो पाई मृतका की अंत्येष्टि, लेकिन बाप-बेटे दोनों महिला से संबंध के प्रमाण नहीं दे पाये…

इससे क्षेत्र के वाशिंदे आत्मनिर्भरता की गाथा भी लिखने में सफल होंगे। इससे क्षेत्रीय लोगों को शादी ब्याह या अन्य सामाजिक कार्यों से होने वाले अतिरिक्त खर्चों से भी निजात मिलेगी। बताया कि पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए यहां व्यू प्वाइंट का कार्य प्रगति पर है यह भी जल्दी ही जनता को समर्पित होगा। यह भी पढ़ें : यह भी पढ़ें : नैनीताल: मंदिरो में लगे होर्डिंग चर्चा में….

उन्होंने कहा कि नौकुचियाताल में गेस्ट हाउस का कार्य भी प्रगति पर है। इस अवसर पर खंड विकास अधिकारी जगदीश पंत, तारा पलड़िया, यशपाल आर्य, उमेश पलड़िया, हेमा आर्य, रेनू मेहरा, जया बोहरा, कमलेश आर्या, लता पलडिया, संजय साह, मीरा, प्रेम मेहरा संजय प्रसाद, धर्मेंद्र शर्मा, लक्ष्मण गंगोला, राधा कुलियाल, धर्मेंद्र जीना डीके शर्मा, महेश भंडारी, दुर्गादत्त पलडिया इत्यादि लोग उपस्थित रहे। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : भ्रष्टाचार के आरोपों पर आमने-सामने आए जिला पंचायत अध्यक्ष-उपाध्यक्ष एवं विपक्षी सदस्य…

-जिला पंचायत अध्यक्ष के अपनी हत्या की आशंका व अधिकारियों को बंधक बनाने के आरोपों पर जिपं उपाध्यक्ष सहित अन्य ने किया पलटवार…
District Panchayat members will agitate from November 1 - एक नवंबर से  आंदोलन करेंगे जिला पंचायत सदस्यभावना रावत @ नवीन समाचार, बागेश्वर, 28 अक्तूबर 2022। बागेश्वर जिला पंचायत में सत्ता पक्ष व विपक्ष की लड़ाई अब प्रशासनिक और कानूनी स्तर पर पहुँच गई है। पूर्व में इस मामले में जिला पंचायत अध्यक्ष ने सदस्यों पर गंभीर आरोप लगाए थे, जबकि शुक्रवार को इसी मामले में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी सहित विपक्षी सदस्यों ने जिला पंचायत पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा है कि भाजपा सत्ता की हनक में जिला पंचायत को भ्रष्टाचार का अडडा बना चुकी है। इस मामले में उन्होंने एसडीएम व नगर कोतवाल के खिलाफ एक नवंबर से आंदोलन की चेतावनी भी दी। यह भी पढ़ें : हाथ में फटा पटाखा, महंगे उपचार के बाद भी काटना पड़ गया हाथ

उल्लेखनीय है कि गत दिवस जिला पंचायत अध्यक्ष ने जिला पंचायत उपाध्यक्ष व अन्य विपक्षी सदस्यों पर पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष की तरह अपनी हत्या किए जाने की संभावना जताने के साथ ही जिला पंचायत के अधिकारियों को बंधक बनाने सहित कई गंभीर आरोप लगाए थे। इसके जवाब में शुक्रवार को स्थानीय पर्यटक आवास गृह में विपक्षी सदस्यों ने पत्रकार वार्ता की। इस दौरान पूर्व जिपं अध्यक्ष व वर्तमान में सदस्य हरीश ऐठानी ने कहा कि सत्ता की शह में जिपं अध्यक्ष द्वारा भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है। आगामी नगर पंचायत के चुनावों को देखते हुए गरुड़ के भकुनखोला गांव में सोलर लाइट लगाने के नाम पर धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। भाजपा के सदस्य को फायदा पहुंचाने के लिए महंगी सोलर लाइटें खरीदी जा रही हैं। यह भी पढ़ें : सुबह का सुखद समाचार : आज निकलेंगी 891 पदों पर भर्तियां

कहा कि पूर्व में हुई जांच में दोषी पाए जाने व प्रभारी मंत्री द्वारा जांच कराने के आदेश के बाद भी प्रशासन जिपं की जांच करके कार्रवाई नहीं कर पा रहा है। उन्होंने जिपं पर सोबन सिंह जीना परिसर में भी मनमानी का आरोप लगाया तथा कहा कि अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए एक के बाद एक गलत कार्य किए जा रहे हैं। यह भी पढ़ें : अजब मामला : चोरों ने रात्रि में दुकान का गल्ला तोड़कर उड़ाए 9 लाख रुपए, पर सुबह दुकान में होने लगी नोटों की बारिश….

वहीं जिपं उपाध्यक्ष नवीन परिहार ने गत दिवस हुई बैठक में जिपं अध्यक्ष द्वारा ईएमई और अन्य कर्मियों को बंधक बनाए जाने की सूचना पर एसडीएम बागेश्वर के आदेश पर कोतवाली पुलिस और कोतवाल द्वारा की गई अभद्रता पर अफसोस जताते हुए इसे सत्ता की हनक में पद के दुरुपयोग करने का आरोप लगाया, और किसी भी जिपं के अधिकारी या कर्मी को बंधक बनाए जाने से इंकार किया। कहा कि अपनी बात मनाने के लिए ईएमई और अन्य कर्मियों से बंद कमरे में सदस्यों के साथ वार्ता चल रही थी। यह भी पढ़ें : यह भी पढ़ें :  हल्द्वानी में 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला का शव मिलने से हड़कंप, पुलिस को भी हत्या की आशंका

कहा कि एक नवंबर से सदस्यों के साथ इस मामले में आंदोलन किया जाएगा। वही जिपं अध्यक्ष बसंती देव के पूर्व पालिकाध्यक्ष की तरह राजनीतिक षड्यंत्र के तहत हत्या की आशंका की साजिश की बात पर तंज कसते हुए उन्हें वाई श्रेणी की सुरक्षा और मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की तथा उनके आरोपों को जिपं में चल रहे भ्रष्टाचार को छुपाने के लिए मनगढ़ंत और निराधार बताया। यह भी पढ़ें : नैनीताल : पत्नी ने करा दी थी पति की हत्या, 4 माह बाद भी नहीं मिली जमानत…

पूर्व जिपं अध्यक्ष हरीश ऐठानी ने कहा कि शायद उन्हें याद नहीं है कि हत्या का शिकार हुए स्वर्गीय रमेश जौहरी भाजपा के नेता थे तथा उनकी हत्या भी भाजपा नेता के पुत्र ने ही की थी। उन्होंने कहा कि विपक्षी सदस्य किसी भी कीमत में जिपं के भ्रष्टाचार को पनपने नहीं देंगे। इस दौरान जिपं उपाध्यक्ष नवीन परिहार समेत सदस्य वंदना ऐठानी, इंद्रा परिहार, रूपा कोरंगा, गोपा धपोला, सुरेश खेतवाल, रेखा देवी, रेखा देवी भी उपस्थित थे। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : तीसरा बच्चा होने के बाद गई ग्राम प्रधान की कुर्सी, नैनीताल-अल्मोड़ा में दो ग्राम प्रधानों पर भी लटकी तलवार

Planning to Have a Third Child? Know the Advantages and Disadvantagesनवीन समाचार, अल्मोड़ा, 2 अक्तूबर 2022। अल्मोड़ा की जिलाधिकारी वंदना सिंह ने लमगड़ा क्षेत्र के सेल्टा चापड़ गांव की ग्राम प्रधान को तीसरा बच्च पैदा होने पर पदमुक्त कर दिया है। तीन बच्चे होने पर नोटिस दिए जाने के बाद भी प्रधान ने यह कहकर कुर्सी छोड़ने से इंकार कर दिया था कि उन्होंने ऐसा कोई शपथ पत्र नहीं दिया था। बताया गया है कि स्याल्दे विकास खंड के कफलगांव के प्रधान को भी तीन बच्चे होने पर पदमुक्त करने की कार्रवाई चल रही है।

उल्लेखनीय है कि करीब तीन साल पहले हुए पंचायत चुनावों में लागू नियम के अनुसार दो से अधिक बच्चे होने पर कोई भी व्यक्ति त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव नहीं लड़ सकता था। जिसके बाद उस समय सभी योग्य प्रत्याशियों ने पंचायत के चुनाव लड़े थे। लेकिन पंचायत चुनावों में जीत के बाद सेल्टा चापड़ की ग्राम प्रधान रेखा देवी ने तीसरे शिशु को जन्म दिया। शिकायत पर मामले की जांच की गई और बीते दिनों रेखा देवी को प्रशासन की ओर से नोटिस जारी किया गया। लेकिन ग्राम प्रधान द्वारा नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया गया। जिसके बाद कार्रवाई करते हुए अब डीएम ने रेखा देवी को ग्राम प्रधान पद से मुक्त कर दिया है।

इसी प्रकार स्याल्दे ब्लॉक के कफलगांव के ग्राम प्रधान विनोद कुमार के घर में भी चुनाव जीतने के बाद उनका तीसरा शिशु जन्मा है। जिसके बाद विभाग उन्हें भी पद छोडने के लिए नोटिस दे चुका है। लेकिन विनोद कुमार द्वारा एक भी नोटिस स्वीकार नहीं किया गया है। प्रधान विनोद कुमार का कहना है कि नामांकन के समय उन्होंने इस प्रकार का कोई शपथ पत्र नहीं दिया था कि तीसरी संतान होने के बाद वह पद छोड़ देंगे। बताया गया है कि जिले में इससे पूर्व भी दो प्रधान तीन संतान होने पर स्वतरू त्यागपत्र दे चुके हैं।

नैनीताल जनपद में भी एक महिला प्रधान के भी तीसरे बच्चे को जन्म देने की चर्चा…
नैनीताल। बताया जा रहा है कि नैनीताल जनपद के फतेहपुर क्षेत्र की एक महिला प्रधान ने भी इस बीच हल्द्वानी के महिला चिकित्सालय में दो बेटियों के बाद एक बेटे को जन्म दिया है। इसके बाद क्षेत्रीय ग्रामीण इस बारे में सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने बताया कि बच्चे का शनिवार को नामकरण भी हो गया है। इसके लिए पूरे गांव में नामकरण के कार्ड भी बंटे हैं, जिसमें ग्राम प्रधान का नाम भी बच्चे की मां के रूप में अपने पति के साथ अंकित है। इस बारे में अभी औपचारिक तौर पर कोई शिकायत भी नहीं की गई है।

यह भी पढ़ें : ब्लॉक प्रमुख भीमताल की अच्छी पहल, किया यात्री प्रतीक्षालय का लोकार्पण…

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 29 अगस्त 2022। भीमताल विकास खंड के ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश बिष्ट ने सोमवार को ज्योलीकोट नैनीताल के बीच एक नंबर बैंड पर अपनी धर्मपत्नी जिला पंचायत सदस्य गीता बिष्ट के साथ यात्री प्रतीक्षालय का लोकार्पण किया। इस मौके पर स्थानीय लोग खुश नजर आए। उनका कहना था कि हल्द्वानी, अल्मोड़ा एवं नैनीताल रोड का संगम होने के कारण इस स्थान पर अक्सर स्थानीय लोगों को वाहनों का इंतजार करना पड़ता है।

शेड न होने के कारण बहुत बार बारिश में भीग जाते थे। यह समस्या दूर हो गई। इसलिए उन्होंने वहां पहुंचने पर डॉ. बिष्ट का ग्राम प्रधान जानकी चनियाल एवं क्षेत्र पंचायत सदस्य निर्मला बोरा ने पारंपरिक वस्त्रों में पुष्पगुच्छ भेंटकर एवं तिलक लगाकर स्वागत किया।

इस मौके पर डॉ. बिष्ट ने कहा कि विकासखंड के अन्य दूरस्थ क्षेत्रों में भी जहां पर प्रतीक्षालय की आवश्यकता होगी उन्हें चिन्हित कर यात्री प्रतीक्षालय बनाएंगे। इस दौरान उन्होंने दिवंगत लोगों की याद में पौधरोपण भी किया। इस मौके पर ज्येष्ठ उप प्रमुख हिमांशु पांडे, हेमा आर्य, रजनी रावत, रानी कोटलिया, शेखर भट्ट, धीरेंद्र रावत, अमित कुमार, कुंदन जीना, मनोज चनियाल, धीरेंद्र जीना, राकेश मेहरा, नवीन क्वीरा व दुर्गा दत्त पलड़िया आदि लोग उपस्थित रहे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : दो नवनिर्वाचित जिला पंचायत सदस्यों ने ली शपथ…

नवनिर्वाचित जिला पंचायत सदस्यों को शपथ दिलाती जिला पंचायत अध्यक्ष बेला तोलिया।डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 14 जुलाई 2022। जनपद में गत दिनों दो सीटों के लिए हुए चुनाव के नवनिर्वाचित सदस्यों को बृहस्पतिवार को जिला पंचायत नैनीताल के सभागार में आयोजित सादे समारोह में शपथ दिलाई गई। जिला पंचायत अध्यक्ष बेला तोलिया ने लालकुंआ की जग्गी और कालाढुंगी की गुलजारपुर बंकी सीटों पर हुए उपचुनाव में विजयी रहे कमलेश चंदोला तथा आरती टम्टा को पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई

उल्लेखनीय है कि सीट तत्कालीन जिला पंचायत सदस्य मोहन बिष्ट के विधायक बनने के बाद गुलजारपुर बंकी सीट तत्कालीन जिला पंचायत सदस्य आशा आर्य का वन विभाग में चयन होने पर खाली हो गई थी। इसलिए इन दोनों सीटों पर उपचुनाव हुए। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी पीएस बिष्ट ने बताया कि शासन के निर्देश पर शपथ ग्रहण समारोह बिना फूल-मालाओं के बेहद सादे तरीके से हुए। कार्यक्रम का संचालन चंद्रपाल सिंह बिष्ट राजस्व अधिकारी द्वारा किया गया। इस मौके पर सहायक अभियंता अनिल जोशी, प्रमोद तोलिया, कालाढूंगी भाजपा मंडल अध्यक्ष महेंद्र सिंह, राजेंद्र, जीवन, हेम बिष्ट, भुवन कुमार, विनोद बुढलाकोटी, नवीन पांडे, ममता साह, शोभा टम्टा, बिहारी लाल, शिवराज सिंह व शोभा पांडे आदि मौजूद रहे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : भूमियाधार में महिलाओं द्वारा संचालित हिलांस आउटलेट का शुभारंभ

भूमियाधार में हिलांस आउटलेट का शुभारंभ करते ब्लॉक प्रमुख।

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 14 मई 2022। नैनीताल जनपद के भीमताल विकासखंड के प्रमुख डॉ. हरीश बिष्ट के प्रयासों से नैनीताल-भवाली रोड पर भूमियाधार के पास नया ‘व्यू प्वाइंट’ सैलानियों के लिए एक आकर्षण के रूप में स्थापित हो गया है। यहां व्यवसायिक गतिविधियां भी होने लगी हैं।

शनिवार को यहां डॉ. बिष्ट ने हिलांस आउटलेट का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि इससे महिला समूहों को आजीविका संवर्धन में मदद मिलेगी। इससे पूर्व आउटलेट का संचालन करने वाली ‘भिटौली स्वयं सहायता समूह’ की महिलाओं ने तिलक कर डॉ बिष्ट का परंपरागत तरीके से स्वागत किया, और क्षेत्र में एसएचजी की महिलाओं की ओर से किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी।

इस पर डॉ बिष्ट ने समूह के प्रयासों की सराहना की। इस मौके पर ग्राम प्रधान अनीता आर्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य अंजली बिष्ट, सीमा बगड़वाल, विनीता बोरा, राजेंद्र कोटलिया, अमित कुमार, दुर्गा दत्त पलड़िया, पंकज बिष्ट, कुंदन जीना व रानी कौटिल्य इत्यादि मौजूद रहे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : अच्छी शुरुआत: अब भीमताल के ग्रामीण क्षेत्रों में भी गाड़ी से उठेगा कूड़ा

कचरे की गाड़ी वाला नहीं बजा रहा था गाने (जिंगल), अधिकारी ने कर्मचारियों पर  लगाया जुर्माना – New India Timesडॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 13 मई 2022। अब नैनीताल जनपद के भीमताल विकास खंड के ग्रामीण क्षेत्रों के होटलों एवं प्रतिष्ठानो से भी वाहन के माध्यम से कूड़ा उठ सकेगा। ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश बिष्ट की पहल पर इस विशेष पहल की शुरुआत हुई है। शुक्रवार को डा. बिष्ट व जनपद के मुख्य विकास अधिकारी डा. संदीप तिवारी ने संयुक्त रुप से हरी झंडी दिखाकर कूड़ा वाहन को रवाना किया।

इस दौरान डा. बिष्ट ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कूड़ा निस्तारण के लिए इसकी शुरुआत की है। शुरुआती चरण में इसे होटलों-प्रतिष्ठानों से जोड़ा गया है। दूसरे चरण में इसे ग्रामीण क्षेत्र के प्रत्येक घर से जोड़ने की योजना हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में वाहन से कूड़े को उठाकर उसका निस्तारण भी किया जाएगा। मुख्य विकास अधिकारी डा. तिवारी ने इसे विशेष पहल बताते हुए कहा कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में कूड़ा व स्वच्छता के प्रति जागरुकता बढ़ाने में इससे मदद मिलेगी।

इस मौके पर परियोजना निदेशक अभय प्रताप सिंह, खंड विकास अधिकारी जेसी पंत, ग्राम प्रधान जया बोहरा, हेमा आर्या, भाजपा मंडल अध्यक्ष मनोज भट्ट व पुष्कर जोशी लता पलड़िया, मंजू पलड़िया, राधा कुल्याल, मनोज चनियाल, दुर्गा दत्त पलड़िया, राजेंद्र कोटलिया, नवीन क्वीरा, पूरन भट्ट, राधा कुल्याल, धमेंद्र कुमार, कुंदन जीना आदि लोग मौजूद रहे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष के अध्यक्ष खिलाफ जांच में हीलाहवाली सवालों में….

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 5 मई 2022। नैनीताल की जिला पंचायत अध्यक्ष बेला तोलिया पर गत वर्ष नवंबर 2021 में हुए डीपीसी यानी जिला नियोजन समिति के चुनाव में अपने समर्थित उम्मीदवारों को जिताने के लिए अपने सरकारी लेटर हेड का इस्तेमाल करने के आरोप लगे हैं। इस पर शासन के निर्देश पर होने वाली जांच में हीलाहवाली-देरी होने का आरोप लगा है।

चोरगलिया-गौलापार की जिला पंचायत सदस्य निवेदिता जोशी ने आरोप लगाया था कि अध्यक्ष बेला तोलिया ने डीपीसी के चुनाव में अपने समर्थित उम्मीदवारों को जिताने के लिए अपने सरकारी लेटर हेड का इस्तेमाल किया था। निवेदिता ने इसकी शिकायत निर्वाचन आयोग के नियमों का उल्लंघन का हवाला देते हुए प्रदेश के पंचायती राज सचिव व राज्य निर्वाचन आयोग से इसकी लिखित शिकायत की थी।

बताया गया है शासन ने नैनीताल के डीएम से इस मामले की जांच करने को कहा, तो सीडीओ ने तीन सदस्यीय कमेटी का गठन कर सात दिन में जांच रिपोर्ट देने को कहा। कमेटी में परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अधिकरण, जिला पंचायती राज अधिकारी और जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी को शामिल किया गया था। अब जबकि सात दिन की समय सीमा 11 अप्रैल को खत्म हुए भी करीब एक माह होने को है, लेकिन जांच रिपोर्ट अभी तक रिपोर्ट तैयार नहीं हुई है। इसलिए सवाल उठ रहे हैं।

इस मामले में जहां बेला तोलिया ने अपेक्षित तौर पर आरोपों से इंकार किया है, वहीं सीडीओ डॉ. संदीप तिवारी ने व्यस्तता के कारण जांच रिपोर्ट के बारे में जानकारी नहीं ले पाने की बात कही है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : जिला पंचायतों को मिला सीडीओ व एएमए की सीआर लिखने का अधिकार

Uttarakhand: जिला पंचायत अध्यक्ष लिख सकेंगे सीडीओ-एडीओ की एसीआर : मंत्री सतपाल महराजनवीन समाचार, रामनगर, 2 मई 2022। सोमवार को पंचायती राज मंत्री सतपाल महाराज ने उत्तराखंड राज्य के समस्त जिला पंचायत अध्यक्षों के साथ रामनगर के एक रिसोर्ट में बैठक की। इस मौके पर जिला पंचायत अध्यक्ष संगठन की अध्यक्ष-टिहरी की जिला पंचायत अध्यक्ष सोना सजवाण ने मंत्री के सामने मांग पत्र रखा, जिसमें 73वें संविधान संशोधन के तहत पंचायतों को हस्तान्तरित किये जाने वाले जो 29 विभागों को तुरंत पंचायतों को हस्तांतरित किये जाने, सीडीओ और एएमए की सीआर लिखने का अधिकार दिए जाने सहित कई माँगे रखीं। इस पर श्री महाराज ने इसका अनुपालन करने का आश्वासन दिया। साथ ही कहा कि मुख्य विकास अधिकारी तथा अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत के सीआर के अंकन के समय अध्यक्ष अपना मन्तव्य अंकित कर सकेंगे।

उन्होने जिला पंचायत अध्यक्षों को राज्य मंत्री स्तर का दर्जा और अन्य सुविधाएं भी दिए जाने के सम्बंध में सम्यक् निर्णय शीघ्र लेने की बात कही। मंत्री ने इस संबंध मे शासन को प्रस्ताव प्रेषित करते हुए शीघ्र निर्णय लेने के सम्बंध में अवगत कराया। संगठन की ये भी मांग थी कि सरकारी गेस्ट हाउसों में राज्य मंत्री के लिए अनुमान्य दरों के सापेक्ष छूट प्रदान की जाए।

पंचायती राज मंत्री द्वारा पंचायत क्षेत्रों में साफ सफाई ठीक रखने, पेयजल स्रोतों को पुनर्जीवित करने तथा उनके संरक्षण करने, बाल हितैषी पंचायत बनाने, आजीविका संवर्धन सहित सतत विकास लक्ष्यों के सभी सत्रह लक्ष्यों को प्राप्त करने के सम्बंध में सक्रिय और समयबद्ध तरीके से कार्यवाही करने के निर्देश दिए। साथ ही पंचायतों के आय के स्रोत बढ़ाने के लिए परियोजनाओं बनाने के निर्देश दिए। कहा कि इसके लिए किसी सरकारी विभाग के भूमि के हस्तांतरण की आवश्यकता होगी तो उसको भी किया जाएगा। कार्यक्रम मे रामनगर विधायक दीवान सिंह बिष्ट सहित 11 जिला पंचायतों के जिलाध्यक्ष उपस्थित रहे। (डॉ. नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : ब्लॉक प्रमुख ने पशुपालकों को वितरित किए चेक

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 6 अप्रैल 2022। भीमताल विकास खंड के क्षेत्र पंचायत प्रमुख डा. हरीश बिष्ट ने बुधवार को विकासखंड कार्यालय में आयोजित जन संवाद कार्यक्रम के दौरान राज्य सेक्टर, गौ-पालन, बकरी पालन तथा बकरा व सांड आदि योजनाओं के लाभार्थी 16 पशुपालकों को प्रोत्साहन धनराशि के चेक वितरित किए।

इस मौके पर विकास खंड स्तर पर संचालित योजनाओं की समीक्षा करते हुए ब्लॉक प्रमुख ने संबंधित अधिकारियों को योजनाओं में तेजी लाने व गुणवत्ता का ध्यान रखने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि पशुपालन आजीविका संवर्धन का अहम स्रोत है। विकास खंड में कृषि व पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इस दौरान विकास खंड में कूड़ा निस्तारण के लिए चल रही प्रक्रिया की समीक्षा भी की गई।

बैठक में जिला पंचायत राज अधिकारी सुरेश प्रकाश बैनी, खंड विकास अधिकारी आरसी भट्ट, डीपीओ मनरेगा नीरज जोशी, एडीओ पंचायत गोपाल राम, डा. दीपाली लालवानी, दुर्गा दत्त पलड़िया, हेमा आर्या, संजय कुमार, जया बोहरा, राधा कुल्याल, चंद्रप्रकाश पलड़िया, कृष्ण राघव, प्रेम मेहरा, कमल जोशी, मंजू पलड़िया, नवीन क्वीरा, गणेश आर्या, धर्मेंद्र शर्मा, श्याम सिंह मेहरा, कमला आर्या आदि मौजूद रहे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : भवाली की तरह कालाढुंगी रोड पर भी सड़क किनारे बनेंगे सेल्फी व व्यू प्वॉइंट

-जंगलों में गंदगी फेंकने वाले होटलों पर वन विभाग करेगा कार्रवाई

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 8 मार्च 2022। भीमताल विकास खंड के प्रमुख डॉ हरीश बिष्ट ने कालाढूंगी रोड पर खुर्पाताल के पास सड़क किनारे पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए तीन स्थानों पर सेल्फी पॉइंट व व्यू पॉइंट बनाने की बात कही है। इसके लिए उन्होंने मंगलवार को वन विभाग व पंचायत विभाग के अधिकारियों के साथ अनेक स्थानों को देखकर 3 स्थान चयनित किये। इस हेतु खुर्पाताल, मंगोली व नलनी ग्राम पंचायतों में सर्वसम्मति भी बनी। उल्लेखनीय है कि डॉ. बिष्ट पूर्व में भवाली रोड पर भूमियाधार में भी ऐसा ही एक सेल्फी प्वॉइंट बना चुके हैं, जो स्थानीय लोगो के लिए रोजगार का नया स्थल बनकर भी उभरा है।

साथ ही यह भी तय किया गया कि पंचायतें जंगलों में कूड़ा फेंकने वाले होटल स्वामियों की सूचना वन विभाग को देगी जो उन पर चालान या अन्य कार्रवाई सुनिश्चित कराएंगे, ताकि पर्यावरण भी संरक्षित रहे और पंचायतें भी स्वच्छ रहें। भ्रमण के दौरान वन राजि अधिकारी गोपाल मेहता, फॉरेस्टर अशोक कुमार, प्रधान मोहनी कनवाल, मनमोहन कनवाल, विक्रम कनवाल, नवीन क्वीरा, श्याम सिंह मेहरा, पूरन अधिकारी, देवकी अधिकारी व ग्राम पंचायत अधिकारी किरन सहित अनेक अधिकारी व गणमान्य लोग मौजूद रहे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : ब्रेकिंग न्यूज: जिला पंचायत अध्यक्षों को फिर मिलेगा राज्य मंत्री का दर्जा, ग्राम प्रधानों को मिलेगी 10 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि…

-पंचायत प्रतिनिधियों के सम्मान में राज्य सरकार ने लिया निर्णय
नवीन समाचार, देहरादून, 25 नवंबर 2021। उत्तराखंड सरकार जिला पंचायत अध्यक्षों को फिर से राज्य मंत्री का दर्जा और ग्राम प्रधानों को कोरोना काल में किए गए बेहतरीन कार्य के लिए सम्मान स्वरूप 10 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि देगी। सरकार ने पंचायत प्रतिनिधियों के सम्मान में यह निर्णय लिया है। बताया गया है कि राज्य के लगभग 8 हजार से अधिक ग्राम प्रधानों को प्रोत्साहन राशि का लाभ मिलेगा।

प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बृहस्पतिवार को लोक योजना अभियान ‘सबकी योजना-सबका विकास’ के अंतर्गत पंचायत प्रतिनिधियों की राज्य स्तरीय अभिमुखीकरण कार्यशाला में यह घोषणा की। उन्होंने कहा, पंचायत प्रतिनिधि हमेशा से ही आमजन और सरकार के बीच सेतु के रूप में कार्य करते रहे हैं। (डॉ. नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : गज़ब हाल : नैनीताल की एक ग्राम सभा की झोली में 24 लाख और तीन साल से काम सिफर…

डॉ. नवीन जोशी, नवीन समाचार, नैनीताल, 29 अक्टूबर 2021। नैनीताल जनपद की ग्राम सभा तिरछाखेत में पिछले दो वर्षों में कोई काम नहीं होने का मामला प्रकाश में आया है। ग्राम सभा की खुली बैठक में खुलासा हुआ कि ग्राम सभा तिरछाखेत के लिए राज्य वित्त आयोग से इस अवधि में ग्राम स्वराज योजना के तहत एक लाख 60 हजार रुपए और 15वें वित्त आयोग में सात लाख 19 हजार 434 रुपए आये हैं।

जबकि पिछले तीन वर्षों में इसी तरह करीब 24 लाख रुपए ग्राम सभा के पास पड़ हुए हैं। इनमें टाइड व अनटाइड फंड का हिस्सा 60 व 40 फीसद का है। अभी गांव में वित्तीय वर्ष 2019-20 के काम भी नहीं हुए हैं, बल्कि अभी हाल ही में इनके प्रस्ताव बने हैं। बैठक में बताया गया कि इस पूरी अवधि में केवल एक सीसी रोड बनी है।

इसके बाद काम न होने का कारण कोरोना को बताया गया है। इसके लिए ग्राम प्रधान को जिम्मेदार बताया जा रहा है। वहीं ग्राम प्रधान काम न होने के पीछे टालमटोल कर रहे हैं। ग्राम वासियों ने चिंता जताई कि 2022 में ग्राम सभा का कार्यकाल पूरा होने पर यह धनराशि लैप्स हो जाएगी। ऐसे ही हाल कई अन्य ग्राम सभाओं के भी बताए जा रहे हैं। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : आपदा से ग्रामीण क्षेत्रों में हुआ है व्यापक नुकसान

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 21 अक्टूबर 2021। जनपद के अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों में बीते तीन दिन आई दैवीय आपदा से कुछ न कुछ नुकसान हुआ है। प्राप्त जानकारी के अनुसार भवाली के निकट ग्राम सभा कूण में इस दौरानघरों में पानी घुसने के साथ ही बोई हुई फसल के खेतों के बीच में नया गधेरा बना गया। इससे किसानों को भारी नुकसान हुआ। साथ ही जगह-जगह सड़क के बह जाने से कूँण गाँव का भवाली से संपर्क कट गया। विद्युत आपूर्ति भी पूर्ण रूप से बंद हो गई। ऐसे में ग्रामवासी भय के साये में रात काट रहे हैं। आपदा में गांव के ज्वाला दत्त भट्ट, जीवन चंद्र भट्ट, गौरी दत्त भट्ट, देवी दत्त जोशी, रमेश जोशी, माधवानंद जोशी, सुरेश जोशी व जगदीश जोशी की कृषि योग्य भूमि के साथ रसोई, पानी की डिग्गी व अन्य संपत्ति को नुकसान पहुंचा।

उधर रोपड़ा ज्योलीकोट में शहीद हीरा बल्लभ भट्ट की जमीन में पीएमजीएसवाई की रोड कटिंग के बाद सुरक्षा दीवार न बनाए जाने के कारण भूस्खलन हुआ। इससे शहीद के भाई घनानंद भट्ट के मकान के पास तक दरारें आ गईं और भविष्य में दुर्घटना की आशंका हो गई है। इससे बचने के लिए प्राथमिकता के तौर पर सुरक्षा दीवार बनाए जाने की आवश्यता है।

इधर, कोटाबाग के पर्वतीय क्षेत्रों के ग्राम पंचायत डोला, रियाड़, जलना, बाघनी, बांसी, सौड, बगड़, ओखलढुंगा, डॉन परेवा, गोरियादेव तलिया आदि 20 ग्राम पंचायतों में भी आपदा से जनजीवन प्रभावित हुआ है। कोटाबाग से पहाड़ को जोड़ने वाली एक मात्र सड़क रानीकोटा-देवीपुरा-सौड मोटर मार्ग जगह-जगह मलवा आने और बह जाने से पूरी तरह से टूट चुका है। इससे 14 ग्राम पंचायतों का संपर्क कोटाबाग और नैनीताल से पूरी तरह टूट चुका है। बांसी के बुरासी नाले में बना पुल भी टूटने की कगार पर है।

पूर्व विधायक प्रतिनिधि कृपाल बिष्ट ने बताया की सड़क मार्ग पूरी तरह से अवरुद्ध होने से पूरे पर्वतीय क्षेत्र के किसानों और निवासियों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनकी सब्जी व अन्य फसल आपदा में पूरी तरह से नष्ट हो चुकी है। इससे किसानों के सामने अब आजीविका का संकट उत्पन्न हो गया है। उन्होंने कोटाबाग के अमगड़ी, डोला और स्यात न्याय पंचायत में तहसीलदार और संबंधित पट्टी पटवारी से आपदा का स्थलीय निरीक्षण करवाने, आपदा में नष्ट हुए ग्रामीणों के मकान, गौशाला और कृषि भूमि का आंकलन कर शासन को भेजने व किसानों को फसलों का मुआवजा दिलवाने की मांग की है।  आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : ग्राम प्रधान संगठन ने 12 सूत्रीय मांगों पर किया प्रदर्शन, भेजा सीएम को ज्ञापन

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 05 जुलाई 2021। भीमताल विकास खंड के ग्राम प्रधान संगठन ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर प्रदेश प्रधान संगठन की 12 सूत्रीय मांगों पर विचार कर अतिशीघ्र निस्तारित करने की मांग करते हुए सोमवार को प्रदर्शन किया। ज्ञापन में गांवों के सीएससी यानी कॉमन सर्विस सेंटर को हर माह 2500 रुपए प्रतिमाह ग्राम पंचायत से देने का आदेश वापस लेने, 15वें वित्त आयोग की धनराशि में हो रही कटौती पर रोक लगाने और कंटिन्जेंसी की राशि 10 फीसद रखने, 73वें संविधान संशोधन के प्राविधानों को लागू करते हुए 29 विभागों को शीघ्र ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित करने,

ग्राम प्रधानों का मानदेय 1500 रुपए से बढ़ाकर 10 हजार रुपए करने व 5000 रुपए मासिक पेंशन करने, मनरेशा के कार्यदिवस प्रति परिवार 100 दिन से बढ़ाकर 200 दिन करने, ग्राम पंचायतों में पंचायतों के जेई व कम्प्यूटर ऑपरेटर की नियुक्ति करने, ग्राम विकास विभाग व ग्राम पंचायत विभाग का पूर्व की भांति एकीकरण करने, ग्राम पंचायतों को भी 5 लाख रुपए की प्रतिवर्ष निधि की व्यवस्था करने आदि की मांगें की गई हैं। उनका कहना है कि पिछले एक वर्ष से संगठन प्रदेश सरकार को प्रदेशव्यापी आंदोलन के जरिए अवगत कराता आ रहा है। ज्ञापन में लक्ष्मण सिंह गंगोला, सुमन सूर्या, शांति भट्ट, अमित कुमार, धर्मेंद्र, विपिन जंतवाल, जया बोहरा, हेमा आर्या व कमला मेहरा आदि शामिल रहे।

ब्लॉक प्रमुख ने दिये नगारीगांव में भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र से सड़क व बिजली की लाइन हटाने के निर्देश
नैनीताल। भीमताल के ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश बिष्ट ने सोमवार को भूस्खलन प्रभावित नगारीगांव का भ्रमण किया और लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं को गांव में भूस्खलन का कारण बन रही सड़क के 15 मीटर हिस्से को हटाकर दूसरी ओर से बनाने को कहा। उन्होंने इसके अलावा विद्युत विभाग के अभियंताओं को भी इस क्षेत्र से बिजली की लाइन हटाने के निर्देश दिए। इस दौरान डॉ. बिष्ट ने क्षेत्र में विकास खंड द्वारा संचालित योजनाओं एवं किए गए कार्यों का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ खंड विकास अधिकारी रमेश भट्ट, प्रधान विनोद आर्या, क्षेत्र पंचायत सदस्य कमल किशोर पाठक, नवीन क्वीरा, दुर्गा दत्त पलड़िया, नरेंद्र रावत, मुकेश कुमार, राजेंद्र कोटलिया, बीरबल, रमेश कनवाल, मंदिरा बुदयाल, तरुण कुमार, गोपाल राम, अजय कुमार, विजय, जीवन लाल, संजय कुमार व भूपेंद्र कुमार आदि लोग मौजूद रहे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : गांवों में फैल रहा कोरोना, पत्रकार की कोरोना से मौत के बाद 8 पड़ोसियों में कोरोना की पुष्टि, निकटवर्ती तीन गांवों में 38 लोग पाए गए संक्रमित

नवीन समाचार, नैनीताल, 23 मई 2021। शहरी क्षेत्रों में नियंत्रण के बाद अब ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना के काफी नए मामले आ रहे हैं। जनपद मुख्यालय से करीब 55 किलोमीटर दूर, काठगोदाम-हैड़ाखाम धाम मार्ग पर स्थित एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रानीबाग से जुड़े तीन गांवों में कोरोना के 38 नए मामले सामने आए हैं। बताया गया है कि इनमें से एक गांव-गुमालगांव निवासी 35 वर्षीय पत्रकार ओमकार बिष्ट पुत्र देव सिंह की गत 14 मई को हल्द्वानी के सुशीला तिवारी चिकित्सालय में कोरोना के उपचार के दौरान मौत हो गई थी। रानीबाग की महिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. बलराज कौर ने बताया कि पत्रकार बिष्ट की मौत के बाद गुमालगांव के कुल 53 लोगों की जांच की गई थी, इनमें से 8 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। इनमें से स्वर्गीय बिष्ट के 8 पड़ोसियों में कोरोना की पुष्टि हुई है। इसके अलावा निकटवर्ती गांव भौरसा में 13, सौनकोट में 27 तथा पसोला में 1 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। उन्होंने बताया कि निकटवर्ती अन्य गांवों में भी काफी लोग कोरोना संक्रमित मिल रहे हैं।

यह भी पढ़ें : जनपद के 94 गांवों में निकले 330 कोरोना संक्रमित, संक्रमण दर 6.91 फीसद

नवीन समाचार, नैनीताल, 22 मई 2021। नैनीताल जिला प्रशासन ने बृहस्पतिवार से जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना की जांच के शिविर लगाने प्रारंभ कर दिये हैं। शुक्रवार को पहले जांच शिविर की जांच रिपोर्ट आ गई है। जांच रिपोर्ट में गांवों में 6.91 फीसद की कोरोना संक्रमण दर पाई गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जनपद के 479 ग्राम पंचायतों में से पहले दिन 94 गांवों में कोरोना जांच शिविर लगाए गए। इन शिविरों में जनपद के कोटाबाग विकास खंडके 14 गांवो में 16, हल्द्वानी के 15 गांवों में 44, भीमतालके 3 गांवों में 12, रामगढ़ के 3 गांवों में 1, धारी के 10 गांवों में 33, ओखलकांडा के 18 गांवों में 61, बेतालघाट के 15 गांवों में 122 व रामनगर के 16 गांवों में 41 लोगों में, और कुल मिलाकर कुल 4774 ग्रामीणों की जांच में से कुल 330 लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई है। इस प्रकार कुल जांचों में से 6.91 फीसद लोगों की जांच में कोरोना संक्रमण पाया गया है।

यह भी पढ़ें : नैनीताल तहसील में कोरोना जांच शिविरों के लिए रोस्टर जारी..

नवीन समाचार, नैनीताल, 20 मई 2021। डीएम धीराज गर्ब्याल के जनपद में ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना की जांच बढ़ाने के निर्देशों पर नैनीताल तहसील प्रशासन ने क्षेत्र के गांवों के राजकीय विद्यालयों में कोरोना की आरटीपीसीआर जांच हेतु रोस्टर जारी कर दिया है। जांच शिविरों के आयोजन के लिए संबंधित राजस्व उपनिरीक्षकों को जिम्मेदारी दी गई है। बताया गया है कि थापला में 22 मई को, खमारी में 24 मई को, जलालगांव में 25 मई को, मंगोली में 27 मई को, घटगढ़ में 28 मई को, पांडेगांव में 29 मई को, बागजाला फतेहपुर में 31 मई को, बाघनी व स्यात में 1 जून को, थपलियागांजा में 2 जून को, 3 को अड़िया छड़ा में, 4 को बांसी में, 5 को सौड़, 7 को घुघुखान, 8 को अमगड़ी, 9 को डौन, 10 को कुणखेत, 11 को अमतोली, 12 को ओखलढूंगा, 14 को गोरियादेव, 15 को अमोठा, 16 को जलना, 17 को डोला, 18 को रियाड़ तल्ला, 19 को बगड़ मल्ला, 21 को पिनौनिया व 22 को महरौड़ा जानवी कॉटेज में कोरोना के जांच शिविर लगाए जाएंगे।

यह भी पढ़ें : पर्वतीय ग्रामीण क्षेत्रों में लगेंगे कोविड जांच शिविर, तिथियां घोषित, देखें आपके गांव में कब लगेगा शिविर…

नवीन समाचार, नैनीताल, 18 मई 2021। जनपद के शहरी क्षेत्रों के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी कोविड-19 के संक्रमण को रोकने के लिए पर्वतीय ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड-19 के जांच शिविर लगाये जाएंगे। डीएम धीराज सिंह गर्ब्याल ने बताया कि इन जांच शिविरों में संबंधित क्षेत्र के ग्राम विकास अधिकारी व राजस्व उप निरीक्षक अनिवार्य रूप से मौजूद रहेगे। उन्होने बताया कि विकास खंड रामगढ के बोहराकोट, भियालगॉव व जौरासी में 19 मई को, नैकाना, गढगांव, म्यौडा व कूल में 20 मई को दरमोली, नथुवाखान व सुयालबाडी ग्रामीण बाजार में 21 मई को, मौना, बडे़त, सिमायल रैक्वाल व कमोली में व 22 मई को, सतबंूगा, दाड़िम, दुबखड़ व सिरसा में तथा 23 मई को, सूपी, हरतोला व चोपडा में 24 मई को, खेरदा, लोश्ज्ञानी व क्वारब में 25 मई को, मुक्तेश्वर, सुरालगांव व मल्ला क्वारब में 26 मई को, गहना, टिकुरी व गंगरकोट में 27 मई को तथा लाद, गल्ला, दियारी व कफलाड में 28 मई को कोविड-19 जांच शिविर लगाये जायेंगे।
इसी तरह विकास खंड भीमताल में 19 मई को ग्राम पंचायत खुर्पाताल, 21 मई को ग्राम पंचायत चोपडा, 22 मई को ज्योली, 23 को ज्योलीकोट, 24 मई को भल्यूटी, 25 मई को देवीधुरा, 26 मई को जलालगांव, 27 मई को रोखड़, 28 मई को अधौड़ा, 29 मई को गेठिया, 30 मई को गहलना, 1 जून को बजून, 2 जून को खमारी, 3 जून को बोहरागांव, 4 जून को नाईसेला, 5 जून को बेल, 6 जून को सड़ियाताल व 7 जून को थापला को कोविड-19 जांच हेतु शिविर लगाये जायेगे।

इसी तरह विकास खंड हल्द्वानी के लालकुआं क्षेत्र में 19 मई को घोडानाला, बिन्दुखत्ता, सुभाषनगर व दवाईफार्म की जांच राउमावि घोडानाला में, 20 मई को बंगाली कॉलोनी, बजरी कम्पानी, हाथीखाना, 25 एकड़, नगीना कॉलोनी की जांच काली मन्दिर बंगाली कॉलौनी, 21 मई को दुम्काबंगर, बच्चीधर्मा की पंचायतघर डूॅगरपुर में, 22 मई को पंचायतघर हल्दूचौड दौलिया, 24 मई को राप्रावि हल्दूचौड दीना, 25 मई को पंचायत भवन बमेठा बंगर केशवदत्त, 26 मई को पंचायत भवन शिवपुरी, 27 मई प्रा वि इन्द्रा नगर कार रोड, 28 मई बाइंका तिवारी नगर बिन्दुखत्ता, 29 मई इ कालेज खुरियाखत्ता, 31 मई को राप्रावि संजय नगर बिन्दुखत्ता, 01 जून को पुराना बारात घर लालकुऑ, 02 व 03 जून को पुराना स्वास्थ्य केन्द्र लालकुऑ, 04 जून रेलवे स्टेशन लालकुऑ, 05 जून राप्रावि हाटाग्राम इन्द्रानगर प्रथम, 07 जून को एक्सपोनेनशियल हाई स्कूल राजीवनगर, 08 जून को राप्रावि रावतनगर बिन्दुखत्ता, 09 जून को राइका बिन्दुखेडा, 10 जून को राप्रावि शान्तिनगर व 11 जून को राप्रावि गॉधीनगर बिन्दुखत्ता में, इसी तरह 19 मई को राप्रावि जयपुर खीमा, 20 मई कालिका मन्दिर, 21 मई को पंचायतघर गंगापुर कब्डाल, 22 मई को जग्गी बंगर , 24 मई डुगरपुर, 25 मई दुर्गापालपुर परमा, 26 मई राविप्रा हाथीखाल, 27 मई प्रावि बकुलिया, 28 मई को सूपी भगवानपुर व 29 मई को पंचायतघर फत्ताबंगर में शिविर लगाया जायेगा। इसी तरह 19 व 20 मई को राआप्रावि धौलाखेडा, 21 मई राप्रावि हैडागज्जर, 22 मई को राउमावि धौलाखेडा में, 19 मई को ही लाखनमंडी चोरगलिया, 20 मई को देवपुर सनवाल, 21 मई नयागांव कटान, 22 मई भवानीपुर खनवालकटान, 24 मई को राप्रावि कुॅवरपुर, 25 व 26 मई राइका दौलतपुर, 27 मई राप्रावि नवाड़खेडा, 28 राप्रावि सुल्ताननगरी, 29 मई को राप्रावि देवला मल्ला, 31 मई को राप्रावि बागजाला, 01 व 02 जून को राबामावि किशनपुर, 03 राप्रावि लछमपुर, 04 जून को राप्रावि जगतपुर में एवं रामनगर क्षेत्र में 19 मई को कठिया पुल, पत्तापीन, बन्दरजूडा, भवानीपुर पंजाबी, बेडा झाल की जांच होगी। 20 मई को पीरूमादारा, व नाथूपुर छोई, गैबुआ, 21 मई को ढिकुली गर्जिया, सुन्दरखाल, चेरपानी, गौजानी, 22 मई को सॉवल्दे पश्चिम, कानिया, चिल्किया, टॉडा, 23 मई को बसई धरमपुर ऑलिया, मालधन में व 24 मई को बैलपडाव, सैमलचौड, तेलीपुरा, जस्सागॉजा में कोविड जांच की जायेगी। इसी तरह 20 मई को कालाढॅूगी तहसील के अन्तर्गत 20 मई को बैलपडाव, 21 मई को गैबुआ, 22 मई को पत्तापानी, 23 मई को बन्दरजूडा, 24 धनपुर, 25 बैलपोखरा, 26 मई हंसरामपुर, 27 विजयपुर धमौला, 28 मई को मनकण्ठपुर पवलगढ व 29 मई को नन्दपुर में कोविड जांच की जायेगी।

यह भी पढ़ें : ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना जांच एवं टीकाकरण शिविर लगेंगे: बंशीधर

-जनपद के कोविड प्रभारी मंत्री ने मुख्यालय में कोविड नियंत्रण कार्यों पर जताया संतोष
नवीन समाचार, नैनीताल, 16 मई 2021। प्रदेश के शहरी विकास एवं कोविड-19 प्रभारी मंत्री बंशीधर भगत रविवार को सरोवर नगरी पहुंचे। यहां उन्होंने सभी कोविड केंद्रों तथा वैक्सीनेशन केंद्रों का निरीक्षण किया और यहां जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोविड नियंत्रण को लेकर किये जा रहे कार्यो के प्रति संतोष व्यक्त करते हुये कहा कि राज्य सरकार कोविड से बचाव के लिए पूरी तत्परता के साथ काम कर रही है।

उन्होेने कहा कि जल्द ही जिले के दूरस्थ ग्रामीण इलाकों-बेतालघाट, ओखलकांडा, पंगूट, भीमताल, ज्योलीकोट, रामगढ तथा धारी सहित सभी पर्वतीय क्षेत्रों में कोरोना जांच कराने के साथ ही टीकाकरण के शिविर लगाये जायेंगे। उन्होने कहा कि राज्य सरकार द्वारा कोविड संक्रमण से जान गंवाने वाले लोगो की अन्त्येष्टि के लिए सरकार ने शवों को शमशान घाट तक ले आने तथा अंतिम संस्कार के लिए लकड़ियांे के लिए निःशुल्क व्यवस्था की है। इस मौके पर विधायक संजीव आर्य ने कहा कि बेतालघाट के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय जनप्रतिनिधि व आंगनबाडी कार्यकर्ता लगातार गांव-गांव जाकर लोगों के आरटीपीसीआर टेस्ट कर रहे है तथा लोगों को कोविड के प्रति जागरूक कर रहे है। उन्हांेने अस्पतालों की जरूरतों को पूरा करने की बात भी कही। उन्होंने लोगों से अनुरोध किया कि थोडी सी भी तबियत खराब होने या आक्सीजन की कमी महसूस होने पर तुरंत चिकित्सकों की सलाह लें। निरीक्षण के दौरान सभासद मनोज जोशी, गजाल कमाल, मोहन नेगी व नीरज जोशी के अलावा नगर अध्यक्ष भाजपा आनंद बिष्ट, गोपाल रावत, तरूण कुमार, व्यापार मंडल अध्यक्ष मारुती नंदन साह, दयाकिशन पोखरिया, विश्वकेतु वैद्य, मोहित साह, हरीश राणा, संयुक्त मजिस्टेट प्रतीक जैन, एडीएम सुरेंद्र सिह जंगपांगी, पीएमएस डा. केएस धामी व अन्य लोग मौजूद थे।

बेतालघाट-कोटाबाग में भी अधिग्रहीत होंगे होटल
नैनीताल। विधायक संजीव आर्य ने बताया कि रामगढ़, भवाली तथा भीमताल के बाद बेतालघाट व कोटाबाग में भी होटल अधिग्रहीत कर कोविद केयर सेंटर बनाए जाएंगे। यहां 24 घंटे सातों दिन कोरोना रोगियों को चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इन केंद्रों के लिए पीपीई किट, पल्स ऑक्सीमीटर, एंबुलेंस तथा ऑक्सीजन की व्यवस्था की जा रही है। कोटाबाग में दो तथा ज्योलीकोट में एक ऑक्सीजन कंसंट्रेटर सहित एंबुलेंस की व्यवस्था की जा रही है।

यह भी पढ़ें : नैनीताल विधायक के प्रयासों से राज्य की त्रिस्तरीय पंचायतों को कोरोना से जंग हेतु मिले 90.24 करोड़ रुपए

-ग्रामीण क्षेत्रों में विकासपरक योजनाओं के साथ कोरोना महामारी के संक्रमण से ग्रामवासियों के बचाव हेतु आवश्यक उपायों और बाहर से आये नागरिकों के संस्थागत क्वारेंटीन संबंधी व्यवस्थाओं हेतु सामुदायिक भवनों की साफ-सफाई, विद्युत, पेयजल, शौचालय व्यवस्था, तथा सेनिटाईजेशन आदि कार्यो में हो सकेगा उपयोग
नवीन समाचार, नैनीताल, 5 मई 2021। अच्छी पहलें देर से ही सही पर अक्सर स्वीकार कर ली जाती हैं। उत्तराखंउ के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने नैनीताल के विधायक संजीव आर्य की मांग पर मुहर लगाते हुए, राज्य वित्त आयोग के अंतर्गत वर्ष 2021-22 की प्रथम त्रैमासिक किस्त का डिजिटल हस्तांतरण किया। इसके तहत प्रदेश के ग्राम पंचायतों हेतु 27 करोड़ 20 लाख रुपए, प्रदेश के क्षेत्र पंचायतों हेतु 20 करोड़ 40 लाख रुपए, जबकि जिला पंचायतों हेतु 42 करोड़ 64 लाख 84 हजार रुपए की धनराशि हस्तांतरित की गई। इस प्रकार राज्य वित्त आयोग के अंतर्गत वर्ष 2021-22 की प्रथम त्रैमासिक किश्त के रूप में कुल 90 करोड़ 24 लाख 84 हजार रुपए की धनराशि स्वीकृत की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अनुदान की धनराशि सभी पंचायतों को पीएफएमएस द्वारा एक साथ डिजिटल हस्तांतरण के माध्यम से अनुदान के रूप में हस्तांतरित की जा रही है, ताकि यह धनराशि बिना विलंब के संबंधित पंचायतों के खाते में हस्तांतरित हो सके, तथा इसका उपयोग ग्रामीण क्षेत्रों में विकासपरक योजनाओं के साथ-साथ कोरोना विषाणु महामारी के संक्रमण से ग्रामवासियों के बचाव हेतु आवश्यक उपायों और बाहर से आये नागरिकों के संस्थागत क्वारेंटीन संबंधी व्यवस्थाओं हेतु विद्यालय, पंचायत भवन व अन्य सामुदायिक भवनों की साफ-सफाई, विद्युत, पेयजल, शौचालय व्यवस्था, तथा सेनिटाईजेशन आदि कार्यो को पूर्ण करने में सहायता मिल सके। ग्राम पंचायतों को हस्तांतरण की जा रही धनराशि के सापेक्ष 20 प्रतिशत धनराशि कोरोना महामारी के संक्रमण से बचाव हेतु प्रचार-प्रसार, सेनेटाईजेशन व महामारी से संबंधित अन्य कार्यों पर व्यय की जा सकेगी।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 20 मार्च 2021। ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश बिष्ट की अध्यक्षता में शनिवार को ग्राम पंचायत रानीबाग के राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में बहुउद्देश्यीय शिविर का आयोजन किया गया। इस मौके पर आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में क्षेत्रीय ग्रामीणों ने क्षेत्र में पेयजल की लंबे समय से बनी समस्या, बिजली के तारों को छू रहे पेड़ों की लॉपिंग करवाने, चौहानपाटा से एसटी लाइन हटाने, सड़क पर पड़े गड्ढों की मरम्मत कराने, अन्य क्षेत्रों से लाकर बंदरों को यहां न छोड़ने आदि की मांगें रखीं, वहीं विधायक ने सभी समस्याओं, खासकर 24 घंटे में पेयजल की समस्या के समाधान का आश्वासन देते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया। साथ ही क्षेत्र में 15 सोलर लाइटें लगवाने की घोषणा भी की।

इस दौरान डॉ. बिष्ट एवं उनकी धर्मपत्नी जिला पंचायत सदस्य गीता बिष्ट का क्षेत्रवासियों ने भव्य स्वागत भी किया। संचालन पूर्व जिला पंचायत सदस्य संजय साह ने किया। इस मौके पर क्षेत्र की सभी पांच ग्राम पंचायतों के प्रधान, कलावती थापा, जिपं सदस्य प्रेम बल्लभ बृजवासी, क्षेपं सदस्य महेश भंडारी, पूनम गोस्वामी, मनोज चनौतिया, डीके शर्मा, कुंदन जीना, दुर्गा दत्त पलड़िया, धीरेंद्र जीना, भीमसेन राणा, ललित मोहन, चंदन पलड़िया, विपिन जंतवाल, राजेंद्र कोटलिया व कृष्ण राघव सहित दिनेश दिगारी, डा. ममता जोशी, दीपाली लालवानी, कमला मासीवाल, पूनम रावत, तारा नेगी, अनिल परिहार, सुरेश पाठक, नीरज पंाडे, संजय कुमार, ज्योति तिवारी व उत्तम नाथ आदि अनेक अधिकारी भी मौजूद रहे।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 05 दिसम्बर 2020। उत्तराखंड उच्च न्यायालय की कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रवि कुमार मलिमथ और न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खंडपीठ ने पौड़ी गढ़वाल के ब्लाक प्रमुख पति-पत्नी को नोटिस जारी कर तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने को कहा है। एक याचिका में आरोप लगाया गया है कि यह पति-पत्नी जन प्रतिनिधि होने के बावजूद निजी नामों से ठेके ले रहे हैं।
मामले के अनुसार पौड़ी गढवाल के महेंद्र असवाल ने जनिहत याचिका दायर कर कहा है कि द्वारीखाल में ब्लॉक प्रमुख महेंद्र राणा और कल्जीखाल में ब्लॉक प्रमुख बीना राणा के बीच पति-पत्नी का रिश्ता है। दोनों जनसेवक होने के बाद भी सरकारी ठेके ले रहे हैं। याची ने आरोप लगाया है कि दोनों की कंपनी का पंजीकरण निरस्त हो चुका है। इसके बाद भी उन्हें लोनिवि, पीएमजीएसवाई के द्वारा 20 करोड़ के ठेके दिए गए हैं। याची ने दोनों ब्लाकों के क्षेत्र पंचायत प्रमुख के खिलाफ कार्रवाई करने, उन्हें पद से हटाने और उनके खिलाफ प्राथमिक दर्ज करने के निर्देश देने की मांग की है। जिससे उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा सके।

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-ब्लॉक प्रमुख ने चकबहैड़ी-बैड़ियागांव, दूनी, धूरा व विनायक के लिए भेंट किए
नवीन समाचार, नैनीताल, 20 नवम्बर 2020। भीमताल के ब्लॉक प्रमुख डा. हरीश बिष्ट ने शुक्र्रवार को ग्राम पंचायत चकबहैड़ी-बैड़ियागांव में जनता दरबार आयोजित कर ग्राम पंचायत को 40 सौर ऊर्जा से संचालित लाइटें भेंट कीं। साथ ही पंचायत घर में इन्हें स्थापित कर इनका विधिवत शुभारंभ भी किया। इस पर ग्राम प्रधान दिनेश आर्य व क्षेत्र पंचायत सदस्य चंद्रकला जोशी ने ब्लॉक प्रमुख को सौर ऊर्जा से संचालित लाइटें भेंट करने के लिए आभार जताया। बताया कि इन सौर ऊर्जा से संचालित लाइटों से गांव के दूनी, धूरा, विनायक आदि तोक भी रात्रि में सौर ऊर्जा से रोशन होंगे।

इस दौरान ब्लॉक प्रमुख बिष्ट ने ग्रामीण योजनाओं से संबंधित विभागों की समीक्षा भी की और ग्रामीणों की शिकायत पर तीन दिन के भीतर जल संस्थान से पेयजल लाइन को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। इस दौरान ग्रामीणों को मौन पालन के लिए 50 फीसद अनुदान के साथ 4 डिब्बे मुफ्त में दिये जाने जैसी योजनाओं की जानकारी भी दी। इस मौके पर कंुंवर नंदन जोशी, हिमानी, नवीन क्वीरा, प्रधान कमला देवी, गणेश जोशी, कमल जोशी, प्रदीप कुमार, दुर्गा दत्त पलड़िया व धीरेंद्र जीना आदि ग्रामीण एवं दिनेश दिगारी, डा. ममता जोशी, निहारिका शर्मा, अनिल परिहार, संजय बिष्ट, नीरज जलाल, कमला मासीवाल व मंदिरा बुदियाल आदि अधिकारी मौजूद रहे। संचालन रमेश कनवाल ने किया।

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-अध्यक्ष पर भाजपा से जुड़े एक जिला पंचायत सदस्य ने लगाया है करोड़ों रुपए के सरकारी धन के दुरुपयोग व गबन करने का आरोप
नवीन समाचार, देहरादून, 19 नवंबर 2020। उत्तराखंड सरकार ने भ्रष्टाचार के आरोपों पर एक जनप्रतिनिधि के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। उत्तरकाशी के जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजल्वाण के कार्यालय को सील कर उनके अधिकारों को सीज कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के निर्देशों पर की गई है।
गौरतलब है कि भाजपा से जुड़े एक जिला पंचायत सदस्य हाकम सिंह रावत ने उत्तरकाशी के डीएम व गढ़वाल मंडल के आयुक्त के साथ ही मुख्यमंत्री रावत को पत्र लिखकर उत्तरकाशी के जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजल्वाण पर जनपद में नवंबर 2019 के बाद से धरातल पर कोई कार्य किए बिना दूसरे क्षेत्र के अभियंता से मस्ट्रोल सत्यापित कराकर व वित्त अधिकारी के संज्ञान के बिना करोड़ों रुपए के निर्माणों व सफाई कर्मचारियों के नाम पर सरकारी धन का दुरुपयोग व गबन करने,
वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए पत्र लिखे थे। इसका संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री रावत ने गढ़वाल मंडल के आयुक्त को ‘गंभीर प्रकृति का प्रकरण’ बताते हुए एक पखवाड़े में जांच करने के निर्देश दिए थे। जिस पर गढ़वाल आयुक्त रविनाथ रमन ने डीएम उत्तरकाशी से एक सप्ताह के भीतर जांच कर विस्तृत जांच आख्या प्रस्तुत करने के आदेश जारी कर दिए हैं और जिला पंचायत अध्यक्ष कार्यालय को सीज भी कर दिया गया है। एक सप्ताह के भीतर जांच रिपार्ट जिला अधिकारी को गढ़वाल आयुक्त को सौंपनी होगी।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 8 नवम्बर 2020। उत्तराखंड के पंचायती राज विभाग की ओर सेत्रिस्तरीय पंचायतों (ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत व जिला पंचायत) के लिए राज्य स्थापना दिवस 9 नवम्बर को कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
पंचायतीराज विभाग उत्तराखंड के सचिव एवं निदेशक हरीश चंद्र सेमवाल ने बताया कि उत्तराखंड में न्याय पंचायत स्तर पर आईटीडीए के माध्यम से सीएससी-एसपीवी के द्वारा सभी 662 न्याय पंचायतों में कॉमन सर्विस सेंटर का मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा शुभारंभ किया जा रहा है। इसके साथ ही त्रिस्तरीय पंचायतों के सभी पंचायत प्रतिनिधियों एवं हितधारकों के क्षमता विकास हेतु पंचायतीराज विभाग में हेल्प डैस्क प्रणाली की स्थापना की जा रही है। कहा कि हैल्प डैस्क प्रणाली के सुचारू संचालन हेतु पंचायतीराज निदेशालय भवन का आधुनिकीकरण कर स्मार्ट एंड इको फ्रैडली के रुप में परिवर्तन किया जा रहा है। इसके अलावा त्रिस्तरीय पंचायतों के सभी पंचायत प्रतिनिधियों के क्षमता विकास हेतु विशेष रूप से तैयार ऑन लाईन प्रशिक्षण माडल द्वारा विभागीय वेबसाईट यू-ट्यूब के माध्यम से ऑनलाईन प्रशिक्षण की व्यवस्था की जा रही है।
सेमवाल ने कहा कि राज्य स्थापना दिवस के मौके पर 15वें वित्त आयोग की संस्तुतियों के क्रम में क्षेत्र पंचायत विकास योजना तथा जिला पंचायत विकास योजना का शुभारम्भ किया जा रहा है। सेमवाल ने राज्य की समस्त पंचायतों-ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत व जिला पंचायत से अपील है कि वह इन सभी योजनाओं का लाभ उठाते हुए अपनी पंचायतों के समग्र विकास में अपना योगदान दें तथा मूल्यांकन वर्ष 2019-20 के लिए राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार-2021 हेतु https://panchyataward.gov.in पर ऑनलाईन नामांकन कर पुरस्कारों हेतु प्रतिभाग करें।

यह भी पढ़ें : ब्लॉक प्रमुख ने किया 10 लाख से बनने वाली चाहरदीवारी का शिलान्यास..

नवीन समाचार, नैनीताल, 24 सितंबर 2020। भीमताल के ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश बिष्ट ब्लॉक ने शुक्रवार को राजकीय इंटर कॉलेज बानना में 10 लाख की लागत से बनने वाली चाहरदीवारी का विधिवत शिलान्याश किया। इस अवसर पर विद्यालय की प्रार्थना सभा में उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे विद्यालय परिवर में जानवरों या अनावश्यक रूप से विद्यालय परिसर में लोगों का आना बंद हो जायेगा और इससे विद्यालय में अच्छा शैक्षणिक माहौल बन पाएगा। इस मौके पर उन्होंने प्रवासियों से स्वरोजगार अपनाने की अपील भी की और सरकारी योजनाओं के माध्यम से सहायता करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर प्रधानाचार्य रमेश चंद्र कांडपाल, प्रधान कमलेश आर्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य प्रकाश चंद्र, धर्मेंद्र शर्मा, सरपंच राजू शर्मा, दुर्गा दत्त पलड़िया, मनोहर पलड़िया, अभिवावक संघ के अध्यक्ष ईश्वरी दत्त, पूर्व प्रधान रमेश शर्मा, गणेश दत्त, भैरव दत्त व संजू पलड़िया ने भी विचार रखे। संचालन उमेश पलड़िया व दीपक पांडे ने किया।

यह भी पढ़ें : ढलान वाले क्षेत्रों में न बनाएं जाएं सीसी मार्ग : डा. बिष्ट

नवीन समाचार, भीमताल, 20 अगस्त 2020। बृहस्पतिवार को भीमताल विकासखंड के सभागार में ब्लॉक प्रमुख डा. हरीश बिष्ट की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में डा. बिष्ट ने भवाली-घोड़ाखाल मोटर मार्ग की मरम्मत कराने, बंदरों के आतंक से मुक्ति दिलाने के लिए पिंजरे लगाने, हैड़ाखान के मुरकुड़िया क्षेत्र में क्षतिग्रस्त सड़क के लिए जल्द ही क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों का भ्रमण व निरीक्षण कराकर समस्या का समाधान कराने, आवारा पशुओं को पकड़कर गौशालाओं में डालने के आदेश दिये। पशुओं की नस्ल सुधारने पर भी चर्चा हुई। डा. बिष्ट ने विभागीय अधिकारियों से आपसी समन्वय से कार्य करने और ढलान वाले क्षेत्रों में सीसी मार्ग न बनाने व रोजगार तलाशने को भी कहा। बैठक में केएस बिष्ट, सुभाष भट्ट, प्रेम सागर भंडारी, लालवानी, मुकुल शर्मा, बीएस मेहता, केएस तोमर आदि अधिकारी एवं हेमा आर्या, नवीन क्वीरा, दुर्गा दत्त पलड़िया, ललित गुठलिया, दीपांशु जीना सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें : ब्लॉक प्रमुख पहुंचे पसोली व गुमालगांव, किया आत्मनिर्भर बनने का आह्वान

नवीन समाचार, नैनीताल, 22 जुलाई 2020। ब्लाक प्रमुख डॉ. हरीश बिष्ट ने बुधवार को न्याय पंचायत ओखलढुंगा के ग्राम पंचायत पसोली व गुमालगांव का भ्रमण कर वहां चल रहे विकाश कार्यों का निरीक्षण भी किया। इस दौरान उन्होंने पंचायत घर गुमालगांव में ग्राम वासियों व प्रवासियों के साथ बैठक की तथा ग्रामीणों केा मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना व अन्य विभागीय योजनाओं के बारे में जानकारी देकर उन्हें आत्म निर्भर होने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान उन्होंने किसानों को पर्यावरण को सुरक्षित रखने के साथ ही आजीविका चलाने के लिए फलदार पौधे भी निशुल्क वितरण किए। गांव में पहुंचने पर ग्रामीणों ने ब्लॉक प्रमुख का फूल माला पहनाकर स्वागत किया एवं उन्हें क्षेत्रीय समस्याओं से अवगत भी कराया।
इस दौरान ब्लॉक कृषि अधिकारी डॉ. ममता जोशी ने भी ग्रामीणों को विभागीय योजनाओं की जानकारी दीं। इस मौके पर ग्राम प्रधान रंजना बिष्ट, हेमा महतोलिया, ललित मोहन, इंद्र सिंह मेहता, क्षेत्र पंचायत सदस्य बिशन सिह मेहता, निखिल महतोलिया, ग्राम पंचायत अधिकारी राकेश कुमार, दीपक पांडे प्रदीप पंत सहित अन्य विभागीय अधिकारी भी मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें : संयोग: पत्नी ब्लॉक प्रमुख के लिए 25 लाख रुपए का पुरस्कार ग्रहण करेंगे पति ब्लॉक प्रमुख

नवीन समाचार, नैनीताल, 23 जून 2020। देश भर में उत्कृष्ट कार्य करने वाली पंचायतों में नैनीताल जनपद के भीमताल विकास खंड का नाम भी जुड़ गया है। भीमताल विकास खंड दीन दयाल पंचायत सशक्तीकरण पुरस्कार के लिए चुना गया है। यह पुरस्कार वर्ष 2018-19 में नियमित बैठकें करने, कोरम पूरा करने, उप समितियों की बैठकें करने व समस्याओं का समाधान करने, सरकारी योजनाओं के सही क्रियान्वयन, मनरेगा एवं राज्य वित्त के कार्यों तथा क्षेत्र पंचायत की अपनी स्वयं की आय अर्जित करने आदि मानकों पर तय अंकों के आधार पर दिया जा रहा है। इस पुरस्कार के रूप में भीमताल को 25 लाख रुपए की राशि प्राप्त होगी।
खास बात यह है कि यह पुरस्कार वर्ष 2018-19 के लिए दिया जा रहा है, जब गीता बिष्ट ब्लॉक प्रमुख थीं और वर्तमान में उनके पति डा. हरीश बिष्ट ब्लॉक प्रमुख हैं। इस प्रकार पत्नी द्वारा अर्जित पुरस्कार पति द्वारा प्राप्त किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि गीता बिष्ट वर्ष 2003 से लगातार पंचायतों में भागीदारी कर रही हैं। इससे पूर्व से नैनीताल जिला पंचायत की सदस्य भी रह चुकी हैं। डीपीआरओ अतुल प्रताप सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि भीमताल विकास खंड को यह पुरस्कार प्राप्त होना गौरव की बात है।

यह भी पढ़ें : गांवों में क्वारन्टाइन किये लोग अपने घर से करेंगे बिस्तर-भोजन का प्रबंध -डीएम ने ग्राम प्रधानों को लिखा पत्र

नवीन समाचार, नैनीताल, 20 मई 2020। डीएम सविन बंसल ने ग्राम प्रधानों को पत्र लिखा है। उन्होंने पत्र में कहा है कि कोविड-19 के संक्रमण के दौर में ग्राम प्रधानों की अहम भूमिका है। वे अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए ग्राम स्तर पर व्यवस्थाओं में प्रशासन का सहयोग करें। उन्होंने उत्तराखण्ड शासन द्वारा ग्राम पंचायत में आने वाले सभी बाहरी लोगों के निगरानी, क्वारन्टाइन करने, घर पर क्वारन्टाई हेतु आवश्यक सुविधाएं व पृथक कक्ष न होने पर संबंधित व्यक्तियों को निकटवर्ती विद्यालय, पंचायत भवन, अन्य सामुदायिक स्थान में क्वारन्टाइन किये जाने एवं इन स्थानों में बिजली, पानी, साफ-सफाई आदि की व्यवस्था करने तथा संबंधित के स्वास्थ्य रिथति पर नजर रखते हुए किसी लक्षण की रिथति में स्वारथ्य विभाग को सूचना उपलब्ध करवाने आदि के दायित्व प्रधानों को प्रदान करते हुए इस व्यवस्था में व्यवधान पैदा करने वाले व्यक्तियों के विरूद्ध विधिक कार्यवाही प्रारम्भ करने के अधिकार देने की बात भी कही। कहा कि वे इस व्यवस्था में कर्मचारियों, अधिकारियों का सहयोग ले सकते है।
श्री बंसल ने कहा कि विद्यालय, पंचायत भवन, अन्य सामुदायिक स्थान की साफ-सफाई, सेनिटाइजेसन हेतु छिड़काव, महामारी से बचाव के संबंध में जनजागरूकता हेतु दीवार लेखन आदि पर व्यय का वहन ग्राम पंचायत स्वयं के राजस्व व वित्त आयोग की कन्टीजेन्सी की धनराशि से कर सकते है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत में आने वाले प्रवासी चूंकि संबंधित गांव के ही निवासी है, अतः सामुदायिक स्थानों में क्वारन्टाईन किये जाने पर उनके भोजन, बिस्तर आदि की व्यवस्था उनके घरों से करा ली जाये। यदि संबंधित प्रवासी के घर के लोग बहुत गरीब होने के कारण यह व्यवस्था करने में सक्षम नहीं है, तो यह व्यवस्था ग्राम पंचायत द्वारा तात्कालिक रूप से करते हुए उसकी प्रतिपूर्ति वित्त आयोग की कन्टींजेन्सी मद में उपलब्ध धनराशि से कर सकते है। ऐसे प्रवासी जिनके पास ऑनलाइन राशनकार्ड नहीं है और उन व्यक्तियों को सन्निर्माण श्रमिक के रूप में भी श्रम विभाग, उत्तराखण्ड से कोई लाभ प्राप्त नहीं हुआ है, को चिन्हित करते हुए ऐसे प्रवासियों की सूची ग्राम पंचायत अधिकारी को उपल्ब्ध करा दी जाये और इस प्रकार के पात्र प्रवासियों को तहसील के माध्यम से मुख्यमंत्री राहत कोष राशन किट उपलब्ध करा दी जायेगी।

यह भी पढ़ें : प्रवासियों के गांव लौटने पर कोरोना के खिलाफ ग्राम प्रधानों को मिली बड़ी जिम्मेदारी

नवीन समाचार, देहरादून, 4 मई 2020। राज्य सरकार ने लॉकडाउन के दौरान प्रवासियों के राज्य में लौटने के दौरान व्यवस्थाओं के लिए ग्राम प्रधानों को बड़ी जिम्मेदारी दे दी है। प्रदेश के मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने बताया कि जनपद प्रशासन गांव में आने वाले समस्त बाहरी लोगों की सूचना तथा उनके स्वास्थ्य से संबंधित सूचनाएं संकलित कर संबंधित ग्राम प्रधान को उपलब्ध करवाएगा। इन लोगों का पंजीकरण करने का उत्तरदायित्व संबंधित ग्राम प्रधान का होगा। ग्राम प्रधान इन लोगांे एवं गांव में रहने वाले सभी लोगों के एंड्राइड फोनों के लिए गूगल प्ले स्टोर व एप्पल फोनों के लिए एप स्टोर पर उपलब्ध आरोग्य सेतु मोबाइल एप को इंस्टॉल करवाने व इसे उपयोग में लाना सुनिश्चित करेंगे। श्री सिंह ने बताया कि भारत सरकार के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा कोविड-19 सुरक्षित के रूप में चिन्हित उत्तराखंड के जनपदों में निर्धारित क्वारनटाइन अवधि पूर्ण करने का साक्ष्य प्रस्तुत करने वाले व्यक्तियों को छोड़कर अन्य समस्त स्थानों से ग्राम सभा क्षेत्र में आने वाले सभी लोगों को अनिवार्य रूप से घर पर 14 दिनों की निर्धारित अवधि के लिए क्वारनटाइन करने का उत्तरदायित्व संबंधित ग्राम प्रधान का होगा। घर पर क्वॉरेंटाइन ना हो पाने की स्थिति में ग्राम प्रधान के द्वारा इन लोगों को 14 दिन की निर्धारित अवधि के लिए निकटवर्ती विद्यालय, पंचायत घर या अन्य सामुदायिक स्थान में क्वॉरेंटाइन किया जाएगा तथा इन स्थानों में बिजली पानी साफ-सफाई आदि की व्यवस्था की जाएगी। इस पर जो खर्च आयेगा, उसकी प्रतिपूर्ति के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय के नियमों के तहत राज्य आपदा मोचन निधि (एसडीआरएफ) के मानकों से संबंधित शासनादेश के अनुसार अपने जिला अधिकारी को सुसंगत अभिलेखों के साथ आवेदन करना होगा।
उन्होंने बताया कि क्वॉरेंटाइन किए गए लोगों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण करवाने के लिए जिलों के सीएमओ या उनके द्वारा प्राधिकृत अधिकारी को सूचित करने की जिम्मेदरी भी ग्राम प्रधानों की होगी। ग्राम प्रधान के द्वारा क्वॉरेंटाइन किए जाने के निर्देशों का पालन न करने या व्यवधान डालने वाले लोगों के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के साथ साथ एपिडेमिक डिजीजेस एक्ट, 1897 तथा उत्तराखंड एपिडेमिक डिजीजेस कोविड-19 रेगुलेशन, 2020 के अंतर्गत विधिक कार्यवाही की जाएगी।

यह भी पढ़ें : बड़ा काम का समाचार : उत्तराखंड में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू होगी केंद्र की योजना, गांवों की संपत्ति पर मिलेगा ‘स्वामित्व’

नवीन समाचार, नैनीताल, 25 अप्रैल 2020। ऐसे करोड़ों लोग जिनकी गांवों में संपत्ति है, उनके लिए बड़ी खुशखबरी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को पंचायती राज दिवस के अवसर पर ‘स्वामित्व योजना’ लॉन्च की है। इस योजना में गांवों में मौजूद आवासीय भवन व अन्य संपत्तियों के स्वामियों को ‘स्वामित्व प्रमाण पत्र’ दिये जायेंगे, जिसके तहत इन संपत्तियों के स्वामी पहली बार बैंक से ऋण लेने सहित कई सुविधाएं प्राप्त कर सकते हैं। पहले चरण में यह योजना उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, हरियाणा, मध्यप्रदेश और उत्तराखंड में प्रारंभिक तौर पर शुरू होने जा रही है।
इस योजना के तहत पंचायती राज मंत्रालय राज्यों के पंचायती राज तथा राजस्व विभाग और भारतीय सर्वेक्षण विभाग सभी गांवों में ड्रोन के माध्यम से गांव की हर संपत्ति की मैपिंग करेंगे। ड्रोन से गांव की सीमा में आने वाली प्रत्येक संपत्ति का ड्रोन से डिजिटल रूप में नक्शा बनाया जाएगा, साथ ही प्रत्येक राजस्व खंड की सीमाओं का निर्धारण किया जाएगा। सटीक मापन के आधार पर गांव की प्रत्येक घर का संपत्ति कार्ड राज्य सरकारों की ओर से बनाया जाएगा। मैपिंग के बाद संपत्ति के मालिक गांव के लोगों को आसानी से उनकी संपत्ति का मालिकाना प्रमाण पत्र दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि अभी गांव की खेती की जमीन का रिकॉर्ड खसरा-खतौनी में तो होता है, लेकिन, गांवों की आवासीय संपत्ति का मालिकाना हक के आधार पर कोई रिकॉर्ड नहीं है। अब नयी योजना के जरिए हर आवासीय संपत्ति की पैमाइश कर मालिकाना हक सुनिश्चित किया जाएगा। उम्मीद की जा रही है कि इस नयी योजना से गांवों में आवासीय संपत्ति को लेकर भ्रम और झगड़े खत्म होंगे। गांव में विकास योजनाएं बनाने में मदद मिलेगी। सबसे बड़ा फायदा ये है कि अब तक गांव की आवासीय संपत्ति पर बैंक लोन नहीं देते थे। अब इस स्कीम के बाद शहरों की तरह गांवों में भी आप बैंकों से लोन ले सकेंगे।

यह भी पढ़ें : राज्य की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने को ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने का सुझाव

-भीमताल के ब्लॉक प्रमुख ने मुख्यमंत्री को भेजे सुझाव
नवीन समाचार, देहरादून, 24 अप्रैल 2020। भीमताल के ब्लॉक प्रमुख डा. हरीश बिष्ट ने राज्य में कोरोना की महामारी व लॉक डाउन के पश्चात राज्य की अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए पर्यटन से जुड़े कारोबारियों के ऋणों की अवधि बढ़ाने और ब्याज की दरें घटाने एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा का सुझाव दिया है। डा. बिष्ट ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में डा. बिष्ट ने ग्रामीण व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए रिंगाल के सामान बनाने, तेजपात, जड़ी बूटी व अन्य उपज में वन विभाग का हस्तक्षेप समाप्त कर स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने, स्थानीय स्तर पर सैनेटरी पैड, फेस मास्क, सैनेटाइजर व फेस कवर जैसे अन्य सामानों के लिए कच्चा माल उपलब्ध कराकर लोगों को स्वरोजगार से जोड़ने, कृषि कार्य व पशुपालन को मनरेगा की श्रेणी में शामिल करने तथा उत्तम कृषि बीज व पशु आहार निःशुल्क उपलब्ध कराने तथा कृषि व पशु बीमा की अनिवार्य करने, जंगली जानवरों से फसलों को हो रहे नुकसान को देखते हुए जंगली सुअरों को मारने की अनुमति देने व बंदरों को जंगलों में छोड़ने, नदियों का चुगान व खदान कार्य पंचायतों से कराकर पंचायतों को आर्थिक मजबूती देने एवं पंचायत प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण देकर ग्राम पंचायतों में बंद पड़े स्कूल, पंचायतघर व अन्य सार्वजनिक भवनों को बाहर से आने वाले लोगों के लिए क्वारन्टाइन सेंटर बनाने और 10 से 15 हजार रुपए प्रतिमाह की नौकरी छोड़कर गांव लौटे प्रवासी युवाओं व स्थानीय बेरोजगारों में मंडी में स्थानीय उत्पाद बेचने में प्राथमिकता देने की अपील की है।

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-बेतालघाट में कांग्रेस से आयी भावना भाजपा प्रत्याशी और भाजपाई हुए बागी
नवीन समाचार, नैनीताल, 2 नवंबर 2019। जनपद के बेतालघाट विकास खंड में ब्लॉक प्रमुख पद के लिए भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी के तौर पर भावना जोशी के साथ ही आपस में भाभी-ननद का रिस्ता रखने वाली गरिमा नैनवाल और आनंदी देवी ने भी नामांकन कराये हैं। इसके अलावा कनिष्ठ प्रमुख के पद पर दो प्रत्याशियों- करन सिंह चिलवाल व दीपा बिष्ट एवं ज्येष्ठ प्रमुख के पद पर तीन प्रत्याशियों-जमुना दत्त, गिरधर सिंह व पूजा ने अपने नामांकन कराये हैं।
यहां इस अर्थ में अनूठी स्थिति नजर आ रही है कि भावना जोशी व उनके पति सुरेश जोशी अन्य कांग्रेसी नेताओं के साथ एक दिन पूर्व ही भाजपा में शामिल हुए हैं, और उन्हें भाजपा का अधिकृत प्रत्याशी घोषित कर दिया गया है, जबकि भाजपा से टिकट की उम्मीद लगा रहे, पिछली बार स्वयं ब्लॉक प्रमुख का चुनाव लड़े सतीष नैनवाल ने अपनी पत्नी गरिमा नैनवाल और बहन आनंदी देवी का नामांकन करा दिया है। माना जा रहा है कि ननद भाभी में से कोई एक आगे चार नवंबर को नाम वापस ले लेगा।

पीछे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट को लेकर चर्चा

28 जून को अजय भट्ट के हाथ थामे डा. इंदिरा हृदयेश (File Photo).

नैनीताल। बेतालघाट में ब्लॉक प्रमुख पद पर भाजपा के लिए बनी संशयपूर्ण स्थिति के पीछे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट के होने की क्षेत्र में जबर्दस्त चर्चा है। प्रदेश अध्यक्ष के साथ ही स्थानीय विधायक संजीव आर्य एवं काबीना मंत्री यशपाल आर्य के प्रभाव वाले बेतालघाट क्षेत्र में जिला पंचायत व क्षेत्र पंचायत के चुनाव परिणामों में सत्तारूढ़ भाजपा विपक्षी कांग्रेस के मुकाबले काफी कमजोर बतायी जा रही थी, किंतु यशपाल आर्य एवं संजीव आर्य के प्रभाव से भाजपा ने यहां एक बार फिर बाजी पलट कर जिला पंचायत व क्षेत्र पंचायत दोनों स्तरों पर कांग्रेसियों को भाजपा में शामिल कर बेतालघाट को भगवा रंग में रंग दिया था। किंतु टिकट वितरण से एक बार फिर बाजी भाजपा के हाथ में फिसलती नजर आ रही है। 26 सदस्यों में से भाजपा प्रत्याशी के समर्थक 13 एवं नैनवाल समर्थक 17 सदस्यों के समर्थन का दावा कर रहे हैं। वहीं यह भी चर्चा है कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने नैनवाल बंधुओं से अपनी पुरानी अदावत के कारण एक दिन पहले ही भाजपा में आई भावना जोशी को भाजपा का टिकट दिला दिया। उल्लेखनीय है कि भावना जोशी के जेठ यानी सतीष नैनवाल के बड़े भाई प्रमोद नैनवाल 2012 के विधान सभा चुनाव में भट्ट के खिलाफ बागी होकर निर्दलीय चुनाव लड़े थे। इस चुनाव में भट्ट की हार के लिए नैनवाल को बड़ा कारण माना गया। इसके बाद भट्ट नैनवाल बंधुओं की पार्टी में वापसी न होने देने पर अड़ गए, अलबत्ता बाद में भट्ट के विरोध के बावजूद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अल्मोड़ा में उन्हें पार्टी में वापसी कराई। अब एक बार फिर नैनवाल बंधुओं के भाजपा से बागी होने की नौबत आ गई है।

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-प्रदेश मंत्री रवि कन्याल ने कोटाबाग ब्लॉक प्रमुख पद के लिए अपने पक्ष में संख्याबल बताकर किया निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान

नवीन समाचार, नैनीताल, 30 अक्टूबर 2019। भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश मंत्री रवि कन्याल ने कोटाबाग ब्लॉक प्रमुख के पद पर भाजपा से बागी होकर निर्दलीय ताल ठोंकने की धमकी दे दी है। बुधवार को नैनीताल क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में कन्याल ने कहा कि भाजपा ने पूरे प्रदेश में संख्याबल के आधार पर टिकट देने की बात कही थी। उन्होंने क्षेत्र पंचायत का निर्विरोध चुनाव जीतने और नियमानुसार दावेदारी पेश करने के बाद कोटाबाग विकास खंड के 30 में से 18 से 19 क्षेत्र पंचायत सदस्यों को पर्यवेक्षेक से लेकर प्रदेश अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री तक प्रस्तुत कराया था। बावजूद पार्टी ने भाई-भतीजावाद के फेर में, पार्टी के एक बड़े नेता के रिश्तेदार को प्रत्याशी घोषित कर दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने यदि कोटाबाग ब्लॉक प्रमुख के टिकट पर पुर्नविचार न किया तो उनके समक्ष पार्टी से नाता तोड़ने और निर्दलीय चुनाव लड़ने के अलावा कोई चारा नहीं रहेगा। बताया कि वे पिछले करीब डेढ़ दशक से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद एवं भाजयुमो में विभिन्न पदों पर रहे हैं। इस मौके पर भाजयुमो के नैनीताल मंडल अध्यक्ष विकास जोशी व कालाढुंगी के मंडल अध्यक्ष महिपाल खाती व भूपाल कार्की सहित अनेक अन्य छात्र नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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नवीन समाचार, देहरादून, 29 अक्तूबर 2019। उत्तराखंड भाजपा ने मंगलवार को नैनीताल की भीमताल व कोटाबाग सहित 6 विकासखंडों के ब्लॉक प्रमुख पदों के लिए अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। भीमताल से जहाँ डा. हरीश बिष्ट को टिकट दिया गया है, वहीं कोटाबाग में पार्टी ने अपने संख्याबल को तरजीह देने के स्वघोषित सिद्धांत को तिलांजलि देकर जीवन भट्ट को टिकट दे दिया है। भट्ट भाजपा के हरियाणा के संगठन मंत्री सुरेश भट्ट के करीबी बताए गये हैं। जबकि यहां दूसरे प्रत्याशी रवि कन्याल ने यहां 18 सदस्यों की परेड कराई थी।

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-एसएसपी ने कहा-जनपद में किसी भी सदस्य के गायब होने की सूचना नहीं
नवीन समाचार, नैनीताल, 26 अक्तूबर 2019। एक समाचार चैनल की क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत के 50 सदस्यों के गायब होने की खबर पर राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव रोशन लाल ने नैनीताल, चंपावत, पिथौरागढ़ व पौढ़ी गढ़वाल के डीएम व एसएसपी को पत्र लिखा है, और अपने जिलों में गायब हुए सदस्यों को तलाशने और आवश्यक कार्रवाई करते हुए दोषियों के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराते हुए तत्काल कृत कार्रवाई से अवगत कराने को कहा है। खबर के अनुसार नैनीताल, चंपावत, पिथौरागढ़ व पौढ़ी गढ़वाल के अनुसार आठ विकास खंडों से 50 क्षेत्र पंचायत व जिला पंचायत सदस्य गायब हो गए हैं।
इस बारे में पूछे जाने पर नैनीताल जनपद के एसएसपी ने निर्वाचन आयोग का इस संबंध मंे पत्र प्राप्त होने की पुष्टि करते हुए जनपद में किसी भी सदस्य के गायब होने की सूचना से इंकार किया है।

यह भी पढ़ें : जिला पंचायत अध्यक्ष के आरक्षण को लेकर आपत्ति, क्षेत्र पंचायत चुनाव में जीतने के बावजूद हराने के आरोप पर कोर्ट जाने की धमकी

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 25 अक्तूबर 2019। जिला पंचायत अध्यक्ष पद को नैनीताल जिले में अन्य महिला के लिए आरक्षित करने के खिलाफ दो आपत्तियां दर्ज हुई हैं। डीएम सविन बंसल ने यह जानकारी दी है। डीएम ने दर्ज आपत्तियों को निस्तारण के लिए सचिव (प्रभारी) पंचायतीराज को भेज दिया है। आपत्ति दर्ज करने वालों में जिला पंचायत के दो नवनिर्वाचित सदस्य शामिल हैं।
पिछले दिनों हुए पंचायती चुनावो की मतगणना के बाद कम मतो से हारे प्रतियाशियो ने कई जगहों पर गलत मतगणना होने के आरोप लागए है। वही मुख्यालय के नजदीकी भूमियाधार ग्रामसभा से बीडीसी द्वितीय से प्रतियासी अभिरूचिका ने आरोप लगाया है कि मतगणना के दौरान वह जीत चुकी थी दूसरे पक्ष द्वारा दोबारा मतगणना कराई गई, जिसके बाद वह एक वोट से हार गईउसके बाद अभिरूचिका के समर्थकों द्वारा एक बार और मतगणना कराने की मांग की गई पर उनका कहना है कि उपस्थित आरओ द्वारा उनकी इस मांग को नही माना और प्रतिद्वंद्वी पक्ष को जीता घोषित कर दिया गया। उनका कहना है कि आरओ द्वारा केवल एक पक्ष को फायदा दिया गया है और दूसरे पक्ष के कहने पर तीन बार मतगणना कराई गई, जबकि उनके पक्ष से कहे जाने पर मतगणना के लिए मना कर दिया गया। अभिरूचिका का कहना है कि अब वो कोर्ट की शरण मे जाने को मजबूर है ताकि उनको न्याय मिल सके।
रामगढ़ ब्लॉक के दाड़िमा गांव निवासी लाखन सिंह नेगी और हल्द्वानी के ग्राम हल्दूचौड़ जग्गी बंगर निवासी मोहन सिंह बिष्ट ने लिखित आपत्ति दर्ज कराई है। इसमें कहा है कि आरक्षण तय करने के लिए विधिक प्राविधानों का पालन नहीं हुआ है। इसको देखते हुए इसको निरस्त कर नए सिरे से आरक्षण तय करने की मांग की है। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए आरक्षण को लेकर आ रही आपत्तियों का निस्तारण सचिव पंचायतीराज के स्तर पर होना है। यहां बता दें कि शासन ने आरक्षण की अनंतिम सूची जारी करने के साथ ही इसको लेकर आपत्ति मांगी थी। शासन से मिले दिशा-निर्देश पर डीएम ने आपत्ति 22 व 23 अक्तूबर को कलक्ट्रेट नैनीताल में लिखित तौर पर दर्ज कराने को कहा था। इसके तहत दर्ज दो आपत्तियों को शासन को भेज दिया गया है।

वहीं पंचायती चुनावो की मतगणना के बाद कम मतों से हारी नजदीकी भूमियाधार ग्रामसभा से बीडीसी द्वितीय से प्रत्याशी अभिरूचिका ने आरोप लगाया है कि मतगणना के दौरान वह जीत चुकी थी। परंतु दूसरे पक्ष द्वारा दोबारा मतगणना कराई गई, जिसके बाद वह एक वोट से हार गई। उसके बाद उनके समर्थकों द्वारा एक बार और मतगणना कराने की मांग की गई। उनका कहना है कि आरओ द्वारा उनकी इस मांग को नही माना और प्रतिद्वंद्वी पक्ष को जीता घोषित कर दिया गया। आरोप लगाया कि आरओ द्वारा केवल एक पक्ष को फायदा दिया गया, और दूसरे पक्ष के कहने पर तीन बार मतगणना कराई गई, जबकि उनके पक्ष से कहे जाने पर मतगणना के लिए मना कर दिया गया। अभिरूचिका का कहना है कि अब वो कोर्ट की शरण मे जाने को मजबूर हैं ताकि उनको न्याय मिल सके।

यह भी पढ़ें : भाजपा ने घोषित किये नैनीताल सहित 4 जिलों के लिए जिला पंचायत उम्मीदवार

नवीन समाचार, नैनीताल, 22 अक्टूबर 2019। भारतीय जनता पार्टी ने नैनीताल सहित 4 जिलों के लिये अपने जिला पंचायत अध्यक्ष पद के उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। देहरादून के लिए पार्टी के वरिष्ठ नेता मुन्ना सिंह चौहान की धर्मपत्नी मधु चौहान, टिहरी गढ़वाल से सोना सजवाण, नैनीताल से चुनाव से पूर्व ही निर्विरोध निर्वाचित हुए बेला तोलिया तथा उधमसिंह नगर में रेनू गंगवार को जिला पंचायत के अध्यक्ष पद हेतु भारतीय जनता पार्टी का उम्मीदवार बनाया गया है। अन्य जनपदों के लिए भी पार्टी जल्द ही अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर विपक्षियों को किसी भी तरह का मौका नहीं देना चाहती है।

यह भी पढ़ें : पंचायत चुनाव : जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए आरक्षण जारी

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 20 अक्तूबर 2019। उत्तराखंड में जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर अनंतिम आरक्षण जारी हो गया है। जिला पंचायत अध्यक्ष पौड़ी की सीट अनुसूचित जाति के लिए, रुद्रप्रयाग की सीट अनुसूचित जाति की महिला, देहरादून की अनुसूचित जनजाति की महिला, पिथौरागढ़ अन्य पिछड़ा वर्ग की महिला, ऊधमसिंह नगर, नैनीताल, चंपावत व बागेश्वर अन्य महिला प्रत्याशी के लिए अरक्षित की गई हैं। जबकि उत्तरकाशी, टिहरी, चमोली, अल्मोड़ा की सीटें अनारक्षित रखी गई हैं। आगेआपत्तियों के बाद 29 अकटूबर को आरक्षण का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा।

यह भी पढ़ें : आखिरी चरण की आठ सीटों के लिए चुनाव चिन्ह आवंटित

नवीन समाचार, नैनीताल, 9 अक्तूबर 2019। तीसरे व अंतिम चरण में जनपद के बेतालघाट व ओखलकांडा ब्लॉक में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के तहत जिला पंचायत सदस्य की 8 सीटों के लिए आगामी 16 अक्तूबर को होने वाले मतदान के लिए बुधवार को चुनाव चिह्न आवंटित कर दिये गये हैं। चुनाव अधिकारी धनपत कुमार ने बताया कि बड़ौन सीट के लिए गीता देवी को उगता सूरज, चंपा को कप और प्लेट, चंपा देवी को कलम दवात, तुलसी देवी ग्राम बड़ौन को कुल्हाड़ी, तुलसी देवी ग्राम क्वैराला को केतली, मीना देवी को कैंची, सीमा ढोलगाई को खजूर का पेड़, संगीता चिलवाल को गमला व हेमा पलड़िया को गिटार चिन्ह दिये गये हैं।

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इसी तरह ओखलकांडा मल्ला से ज्योति बिष्ट को उगता सूरज, बसंती देवी को कप और प्लेट, मनीषा बिष्ट को कलम दवात, ममता को कुल्हाड़ी, राधा नयाल को केतली, ललिता देवी को कैंची, विजय लक्ष्मी कोटलिया को खजूर का पेड़ व हेमा देवी को गमला, ढोलीगांव से चंद्रा गोस्वामी को उगता सूरज व प्रेमा गोस्वामी को कप और प्लेट, चापड़ से बीना आर्या को उगता सूरज, मंजू आर्या को कप और प्लेट, रेखा निवासी ग्राम जोशीखोला को कलम दवात व रेखा निवासी ग्राम बिनकोट को कुल्हाड़ी, सिमलखा से आशा देवी को उगता सूरज, सुनीता देवी को कप और प्लेट व सोनी को कलम दवात, भवालीगांव से अंकित साह को उगता सूरज, कृपाल सिंह को कप और प्लेट, मनोज को कलम दवात, मीनाक्षी आर्या को कुल्हाड़ी व रोहित कुमार को केतली, ककोड़ से आनंदी आर्या को उगता सूरज, इंद्रा आर्या को कप और प्लेट, किरन को कलम दवात, गोविंदी आर्या को कुल्हाड़ी, नीमा देवी को केतली, नेहा को कैंची व विमला देवी को खजूर का पेड़ चुनाव चिन्ह दिये गये हैं।
उल्लेखनीय है कि जिला पंचायत सदस्य के लिए बेतालघाट ब्लॉक की चापड़ सीट पर 4, सिमलखा में 3 और भवाली गांव में 5 प्रत्याशी मैदान में हैं। वहीं ओखलकांडा ब्लॉक की ककोड़ सीट पर 7, बडौन में 9 और ओखलकांडा मल्ला में 8 तथा ढोली गांव में 2 प्रत्याशी मैदान में हैं। चुनाव चिह्न आवंटन प्रक्रिया में अक्षय चौधरी आदि अधिकारी सहयोग कर रहे हैं। इधर, 11 अक्तूबर को जिले के विकासखंड कोटाबाग, धारी व रामगढ़ में चुनाव होने हैं। यहां जिला पंचायत की कुल 9 सीटों पर 57 प्रत्याशियों के बीच मुकाबला होगा।

यह भी पढ़ें : हल्द्वानी की पूर्व ब्लॉक प्रमुख को जिला पंचायत अध्यक्ष बनाने के लिए बन रहा माहौल

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 30 सितंबर 2019। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए हर सीट का अलग-अलग गणित है। हल्द्वानी से सटी गौलापार की आमखेड़ा-चोरगलिया सीट की बात करें तो यहां चुनाव हल्द्वानी की पूर्व ब्लॉक प्रमुख संध्या डालाकोटी को जिला पंचायत अध्यक्ष बनाने की मुहिम पर सिमटता नजर आ रहा है। संध्या और उनके पति कांग्रेस नेता किरन डालाकोटी दशकों से न केवल राजनीतिक तौर पर सक्रिय हैं, वरन सामाजिक तौर पर भी उनकी सहभागिता रहती है। हल्द्वानी की ब्लॉक प्रमुख रहने के नाते भी उनका अन्य सभी प्रत्याशियों में बड़ा कद है। वे कांग्रेस पार्टी की अधिकृत प्रत्याशी हैं, इस लिहाज से पार्टी संगठन भी उनकी जीत को सुनिश्ति मानते हुए उनके लिए जोर लगाए हुए है। साथ ही कांग्रेस पार्टी से उनके जिला पंचायत अध्यक्ष पद की एकमात्र प्रबल प्रत्याशी घोषित होने और भाजपा की अनेक प्रत्याशी होने के दृष्टिगत जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर ताजपोषी की संभावनाओं के दृष्टिगत भी क्षेत्र में जिला पंचायत सदस्य नहीं जिला पंचायत अध्यक्ष बनाने के लिए संध्या को जिताने की बात अंदरखाने चल पड़ी है।
वहीं दूसरी ओर भाजपा प्रत्याशी को विधायक से लेकर हर स्तर की ‘एंटी एंकमबेंसी’ का सामना करना पड़ रहा है। भाजपा की पृष्ठभूमि की दूसरी प्रत्याशी रचना बेलवाल के होने से भी उनकी चुनावी रणनीति पर प्रभाव पड़ रहा है।

क्षेत्र में समस्याओं का अंबार, जनप्रतिनिधि खुद तक सीमित

महानगर के बेहद करीब होने के बावजूद गौलापार क्षेत्र आज भी विकास के मामले में कोसों पीछे है। पानी, बिजली, सड़क के साथ आवागमन आज भी यहां सबसे बड़ी समस्याएं हैं। पानी सिचाई का हो अथवा पीने का, दोनों की समस्या बरकरार है। इसी पखवाड़े क्षेत्र की खेड़ा ग्राम सभा में कालीचौड़ के प्राकृतिक पानी की लाइन के बरसात में ध्वस्त हो जाने और ट्यूबवेल भी फुक जाने के कारण पूरे 10 नलों से क्या-टैंकरों से भी पानी नहीं आया। न ही किसी निर्वाचित जन प्रतिनिधि की ही कोई सकारात्मक पहल कहीं दिखी। क्षेत्र में बिजली जानी बहुत सामान्य बात है, परंतु जल्द आये इसकी कोई स्थायी व्यवस्था नहीं है। ग्रामीण क्षेत्र मानकर दोयम दर्जे का व्यवहार होता है। क्षेत्र में सरकारी आवागमन सुविधाओं का नितांत अभाव है, और तिपहिये वाहन छोटी सी दूरियों के लिए भी किसी भी अन्य स्थान से अधिक किराया वसूलते हैं, और इसके बाद भी जल्दी मिलते नहीं हैं। पूर्व में प्रस्तावित होने के बावजूद गौलापार क्षेत्र में आईएसबीटी के हट जाने से क्षेत्र के विकास की उम्मीदें धूमिल हुई हैं। अंतरराष्ट्रीय बताया जा रहा क्रिकेट स्टेडियम व अन्य स्टेडियम भी ढपोल शंख साबित होते नजर आ रहे हैं। यहां कब मैच होंगे और कब इसकी वजह से क्षेत्र के विकास को कब पंख लगंेगे, हर किसी की जुबान पर यह सवाल हैं। क्षेत्र में फसलों को हाथी आदि जंगली जानवरों से नुकसान और हल्की बारिश से भी सूखी व अन्य नदियों के विकराल रूप धारण करने से क्षेत्रवासियों का शेष दुनिया से संपर्क कटना आम बात है। दूरसंचार सुविधाओं की कमी भी अपनी जगह है। इन सभी समस्याओं के लिए क्षेत्रवासियों का वर्तमान जनप्रतिनिधियों के प्रति जबर्दस्त नाराजगी है।

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-उगता सूरज, कप और प्लेट, कलम दवात, कुल्हाड़ी व केतली के क्रम में आवंटित हुए चुनाव चिन्ह
नवीन समाचार, नैनीताल, 27 सितंबर 2019। जिला पंचायत नैनीताल के लिए पहले चरण में होने वाले मतदान के लिए शनिवार को नाम वापसी के बाद मैदान में बचे प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आवंटित कर दिये गये।

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रामनगर विकासखंड की शिवलालपुर पांडे-छोई सीट से आशा देवी को उगता सूरज, किशोरी लाल को कप और प्लेट व प्रीतम आर्या को कलम दवात, मालधनचौड़-चंद्रनगर से काजल को उगता सूरज, जया देवी को कप और प्लेट, नीरू रावत को कलम दवात, पूनम टम्टा को कुल्हाड़ी, वंदना सैनी को केतली, ममता देवी को कैंची, मीरा को खजूर का पेड़, सुमन को गमला, सुरेंद्र कौर को गिटार व हंसी देवी को घुड़सवार, चिल्किया से नरेंद्र सिंह को उगता सूरज, पूनम को कप और प्लेट, मो. गुलफाम को कलम दवात, हल्द्वानी विकास खंड की चोरगलिया आमखेड़ा सीट से निवेदिता जोशी को उगता सूरज, ममता कार्की को कप और प्लेट, रचना बेलवाल को कलम दवात व संध्या को कुल्हाड़ी, देवलचौड़ बंदोबस्ती से आनंद सिंह को उगता सूरज, कुंदन बिष्ट को कप और प्लेट व चंदन सिंह को कलम दवात, जग्गी बंगर से इंद्र सिंह बिष्ट को उगता सूरज, मोहन सिंह बिष्ट व हिमांशु को कलम दवात, भीमताल विकासखंड के जंगलियागांव से अनिल कुमार को उगता सूरज, छाया को कप और प्लेट, दीपिका मेर को कलम दवात, निर्मला कर्नाटक को कुल्हाड़ी व बीरेंद्र सिंह को केतली, मेहरागांव से गीता बिष्ट को उगता सूरज व मीना बिष्ट को कप और प्लेट, ज्योलीकोट से दमयंती देवी उर्फ चंपा देवी को उगता सूरज, देवकी को कप और प्लेट, पुष्पा जोशी को कलम दवात, लीला को कुल्हाड़ी व लेखा भट्ट को केतली, अमृतपुर से आनंद सिंह रावत को उगता सूरज, डा. केदार पलड़िया को कप और प्लेट, प्रेम बल्लभ को कलम दवात व मंजू बिष्ट को कुल्हाड़ी चुनाव चिन्ह आवंटित किये गये।

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-दूसरे प्रसव में पैदा होने वाले जुड़वा बच्चों को माना जाएगा एक ही
नवीन समाचार, देहरादून, 28 सितंबर 2019। उत्तराखंड में चुनाव लड़ने के लिए दो बच्चों की शर्त में दूसरे प्रसव में पैदा होने वाली जुड़वा संतानों को एक माना जाएगा। शासन ने जुड़वा बच्चों पर राज्य निर्वाचन आयोग के सामने स्थिति स्पष्ट कर दी है। इस पर आयोग ने सभी जिलों को दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। फिलहाल यह आदेश पंचायत चुनाव के लिए है। पूरी उम्मीद है कि भविष्य में अन्य चुनावों व दो बच्चों के लिए पाबंदी वाली अन्य स्थितियों में भी इसे यथावत मान लिया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि पंचायत चुनाव लड़ने के लिए दो बच्चों की शर्त पर जुड़वा संतान को लेकर असमंजस की स्थिति बनी थी। इस पर राज्य निर्वाचन आयोग ने जुड़वा बच्चों को लेकर शासन से परामर्श मांगा था। न्याय विभाग से परामर्श लेने के बाद शासन ने स्पष्ट किया कि जुड़वा बच्चों को एक ही माना जाएगा। इससे जुड़वा संतान वालों को चुनाव लड़ने में राहत मिली है। यदि एक संतान के बाद जुड़वा बच्चों का जन्म हुआ है तो संख्या के हिसाब से तीन बच्चे हैं। ऐसे में दो बच्चों की शर्त को लेकर चुनाव लड़ने वालों में असमंजस बना हुआ था। लेकिन अब शासन ने स्पष्ट किया कि जुड़वा संतान को एक बच्चे में गणना की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2004 के निकाय चुनाव में भी पहली बार दो बच्चों की शर्त लागू की गई थी। उस समय भी यह सवाल प्रमुखता से उठा था कि जुड़वा बच्चों को लेकर क्या व्यवस्था रहेगी। क्या उन्हें एक माना जाएगा या फिर उनकी गणना दो के रूप में ही होगी। वहां भी जुड़वा बच्चों को एक ही माना गया था। लिहाजा उम्मीद है कि भविष्य में अन्य चुनावों व अन्य स्थितियों में भी इस आदेश का विस्तार हो सकेगा।

यह भी पढ़ें : चुनावी रंजिश में निवर्तमान ग्राम प्रधान ने प्रत्याशी के पति पर चलाई गोली, गुस्साए लोगों ने किया थाने का घेराव

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 8 अक्तूबर 2019। हल्दुचौड़ पुलिस चौकी क्षेत्र अंतर्गत दुर्गापालपुर परमागांव में निवर्तमान ग्राम प्रधान संजय राणा ने सोमवार देर रात एक प्रत्याशी के पति जीवन बोरा पर फायरिंग कर दी। साथ ही जान से मारने की धमकी भी दी, और बीच-बचाव करने पहुंचे लोगों को भी धमकाया। इसके विरोध में ग्रामीणों ने मंगलवार को हल्दूचौड़ पुलिस चौकी का घेराव करते हुए आरोपी की जल्द गिरफ्तारी और साथ ही आरोपी को गिरफ्तारी और उसका शस्त्र लाइसेंस रद्द करने की मांग की की। वहीं, पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। ग्रामीणों ने पुलिस को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर 12 घंटे में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। ग्रामीणों का आरोप है कि आचार संहिता के दौरान शस्त्र लाइसेंस जमा किया जाता है। लेकिन ग्राम प्रधान द्वारा हथियार जमा नहीं किया गया, जिसके चलते उसने प्रत्याशी पर सरेआम फायर कर आचार संहिता का उल्लंघन किया है। इस पूरे मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार मीणा का कहना है कि ग्राम प्रधान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही आरोपी का शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने की भी कार्रवाई की जाएगी।

यह भी पढ़ें : ड्यूटी से गायब मतदान अधिकारी पर दर्ज हुई एफआईआर

नवीन समाचार, नैनीताल, 5 अक्तूबर 2019। भीमताल विकासखंड में चुनाव ड्यूटी पर तैनात एक मतदान अधिकारी गायब हो गया। इस पर उप जिला निर्वाचन अधिकारी के द्वारा भीमताल थाना पुलिस में इसकी प्रथम सूचना रिपोर्ट दी गई। बताया गया कि वन निगम में वन उपज रक्षक के पद पर तैनात कैलाश चंद्र आर्या की पंचायत चुनाव में मतदान अधिकारी-तृतीय के रूप में भीमताल ब्लॉक में ड्यूटी लगी थी। थानाध्यक्ष भीमताल कैलाश जोशी ने उसके परिजनों के हवाले से बताया कि कैलाश की मानसिक स्थिति खराब है। वह पिछले लोक सभा चुनाव में भी गायब हो गया था। इधर शनिवार की रात्रि भी वह भीमताल विकास भवन परिसर में चुनाव ड्यूटी पर आने के बाद सोया हुआ था, लेकिन रात्रि करीब तीन बजे उठकर कहीं चला गया। तब से उसका कोई पता नहीं चला है। प्राप्त एफआईआर पर उसकी गुमशुदगी दर्ज कर ली गयी है।

यह भी पढ़ें : भाजपा ने 40 बागियों को दिखाया बाहर का रास्ता, नैनीताल जिले के पूर्व ब्लॉक प्रमुख भी शामिल..

नवीन समाचार, देहरादून, 29 सितंबर 2019। उत्तराखंड भाजपा ने पंचायत चुनाव में पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ भी मैदान में अड़े अपने 40 कार्यकर्ताओं को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। इनमें नैनीताल जिले के एक पूर्व ब्लॉक प्रमुख लाखन नेगी व उत्तराखंड दुग्ध फेडरेशन के पूर्व अध्यक्ष व पूर्व प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य मोहन बिष्ट सहित 9 कार्यकर्ता शामिल हैं। रविवार को पार्टी के प्रदेश महामंत्री राजेंद्र भंडारी के हस्ताक्षरों से पार्टी से हटाये गये कार्यकर्ताओं में नैनीताल जिले से रामगढ़ के पूर्व मंडल महामंत्री खीम सिंह, भवान सिंह, कमल गौड़, रवि नयाल, हरेंद्र दरम्वाल, लोकेश बिष्ट व सुनीता बिष्ट शामिल हैं। इनके अलावा पिथौरागढ़ जिले के जिला मीडिया प्रभारी जगत मर्तोलिया, भुवन पांडे, हरीश सिंह व राजेंद्र सिंह, अल्मोड़ा जिले से महिला मोर्चा की प्रदेश मंत्री कल्पना बोरा, बागेश्वर जिले से मोहन रावत, सुनील दोसाद, महेश बघरी, नवीन परिहार, पुष्पा टाकुली व महेश गड़िया, टिहरी जिले से सुशीला देवी प्रमिला उनियाल, सचेंद्र सेमवाल, अनोर सिंह, मगन लाल, सिद्धार्थ राणा, उर्मिला पंुडीर, सरिता रौतेला, राजेश गुनसोला, नीलम बिष्ट, नरेंद्र रावत, नरेंद्र सिंह, ताजवीर खाती व भोला परमार, पौड़ी जिले से मीरा रतूड़ी व संजय गौड़, उत्तरकाशी से चैन सिंह तोमर व राजीव बहुगुणा तथा देहरादून जिले से किशन नेगी व रजनीश वर्मा शामिल हैं।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 28 सितंबर 2019। जनपद की रामड़ी आनसिंह-पन्याली जिला पंचायत सीट से शनिवार को तीन में से दो प्रत्याशियों-सुमन बिष्ट व मीना पांडे ने अपने नाम वापस ले लिये हैं। इस प्रकार इस सीट से एक दिन पहले ही भाजपा की समर्थित प्रत्याशी घोषित हुई बेला तोलिया का निर्विरोध निर्वाचन तय हो गया है। उल्लेखनीय है कि नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष की सीट सामान्य महिला के लिए आरक्षित है। ऐसे बेला के सत्तारूढ़ भाजपा से अध्यक्ष पद की प्रत्याशी घोषित होने की प्रबल संभावना बताई जा रही है, हालांकि चुनाव जीतने पर हाल में भाजपा में आयी भीमताल की निवर्तमान ब्लॉक प्रमुख गीता बिष्ट सहित कुछ अन्य महिला प्रत्याशी भी दावेदार हो सकती हैं।
शुक्रवार को नाम वापसी के दिन अमृतपुर से पूर्व जिला पंचायत सदस्य संजय साह व दीपा दर्मवाल, भवालीगांव से नीतू साह व सुरेश जोशी, सूपी से महेंद्र बिष्ट व अनिल आर्य, देवलचौड़ से दीपा दर्मवाल ने भी नाम वापस ले लिया है। इधर कांग्रेसी नेताओं से नाखुश बताये जा रहे निवर्तमान जिला पंचायत उपाध्यक्ष पुष्कर नयाल ने भी नाम वापस लिये जाने की बात कही है, परंतु समाचार लिखे जाने तक उनके द्वारा नाम वापस लिये जाने की जानकारी नहीं है। इधर कोटाबाग विकासखंड से एक क्षेत्र पंचायत सदस्य लाल सिंह के गायब होने की भी सूचना है। एक स्थानीय नेता पर उनका अपहरण किये जाने का मामला दर्ज होने की जानकारी आ रही है।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 27 सितंबर 2019। नैनीताल जिला पंचायत की 27 सीटों के लिए नामांकन कराने वाले कुल 166 में से एक दर्जन प्रत्याशियों पर दो से अधिक बच्चे होने के कारण राज्य सरकार के नये अधिनियम की गाज गिर गई है। इस कारण उनके नामांकन पत्र खारिज हो गए हैं। इनके अतिरिक्त दो प्रत्याशियों के नामांकन निर्धारित शैक्षिक योग्यता पूरी न होने तथा एक का नाम मतदाता सूची में नाम न होने के कारण नामांकन खारिज हो गया है। उल्लेखनीय है कि दो दिन पहले भी एक प्रत्याशी का नामांकन बैंक से लिये गये ऋण को नामांकन पत्र में न दिखाने के कारण खारिज किया जा चुका है। इस प्रकार कुल 16 प्रत्याशियों के नामांकन खारिज हो गए हैं, और प्रत्याशियों की संख्या 150 रह गई है।
निर्वाचन अधिकारी धनपत कुमार ने बताया कि जिला पंचायत सीट सूपी से प्रत्याशी प्रकाश सिंह, बड़ौन से प्रेमा देवी, दीनी तल्ली से जीवन सिंह, ओखलकांडा मल्ला से सुमन बर्गलीख् सरना से पान सिंह, सरना से खुशाल सिंह, देवलचौड़ से नवीन भट्ट, मेहरागांव से रमा बिष्ट व भवालीगांव से बालम सिंह मेहरा तथा विद्या सागर व मीना देवी के नामांकन दो से अधिक बच्चे होने के कारण खारिज हो गए हैं। इन लोगों ने न्यायालय अथवा सरकार से राहत मिलने की उम्मीद में नामांकन करा दिये थे, लेकिन कोई राहत मिल नहीं पाये। वहीं जंगलियागांव से राकेश का नामांकन साधन सहकारी समिति से लिये ऋण को प्रदर्शित न करने के कारण, जंगलियागांव से प्रत्याशी संदीप गोस्वामी का नामावली में नाम न होने तथा दाड़िमा के प्रत्याशी खुशाल सिंह व ईश्वर चंद्र का निर्धारित शैक्षिक योग्यता के प्रपत्र प्रस्तुत न कर पाने के कारण नामांकन खारिज हुए।

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-जिला पंचायत क्षेत्र जंगलियागांव से एक नामांकन पत्र खारिज
नवीन समाचार, नैनीताल, 25 सितंबर 2019। जनपद की जंगलियागांव जिला पंचायत सीट से राकेश चंद्र पुत्र पूरन चंद्र का नामांकन बुधवार को जांच के बाद खारिज कर दिया गया। बताया गया कि उन्होंने नौल साधन सहकारी समिति ने कोई ऋण लिया था, जिसकी कुछ धनराशि उन पर शेष था। यह जानकारी उन्होंने अपने नामांकन पत्र में दिखायी नहीं थी। क्षेत्र के ही एक प्रत्याशी ने इसकी शिकायत की थी। निर्वाचन अधिकारी धनपत कुमार ने बताया कि जांच में आरोप सही पाये जाने पर नामांकन पत्र खारिज कर दिया गया। उन्होंने बताया कि बैंक का शेष होना नहीं बल्कि इसकी जानकारी न दिया जाना आपत्तिजनक है। इस आधार पर ही नामांकन पत्र खारिज किया गया। श्री कुमार ने बताया कि कुल जमा 166 नामांकन पत्रों में से आज 59 नामांकन पत्रों की जांच की गयी, जिनमें से एक खारिज कर दिया गया, जबकि शेष 58 सही पाये गये हैं। नामांकन पत्रों की जांच की प्रक्रिया अगले दो दिन भी चलेगी।

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-कुल 166 में से 83-83 महिला-पुरुषों ने कराए नामांकन
नवीन समाचार, नैनीताल, 24 सितंबर 2019। जिला पंचायत नैनीताल के लिए हुए नामांकनों में महिला सशक्तीकरण की नई मिसाल देखने को मिली है। चार दिनों तक चली नामांकन की प्रक्रिया में कुल 327 दावेदारों ने नामांकन पत्र लिये। इनमें से 166 यानी करीब आधे उम्मीदवारों ने नामांकन कराये और नामांकन कराने वालों में अनूठा संयोग रहा कि इनमें 83 महिलाएं एवं 83 ही पुरुष शामिल हैं। यही नहीं, अनारक्षित पदों पर भी आठ महिलाओं ने नामांकन कराये हैं। इस तरह भविष्य की तस्वीर भी प्रस्तुत हो रही है। इसे महिलाओं के पीछे पुरुषों के ही खड़े होने व महिलाओं के केवल हस्ताक्षर करने तक सीमित होने की खबरों से आगे बढ़कर देखा जा सकता है।

मंगलवार को जिला मुख्यालय में नामांकन की प्रक्रिया तय कार्यक्रम के आखिरी दिन भी जारी रही। आज पांच लोगों ने नामांकन पत्र लिये और इस प्रकार पूरी प्रक्रिया के दौरान कुल 327 लोगों ने नामांकन पत्र लिये। वहीं इनमें से आखिरी समय सीमा तक कुल 166 यानी करीब आधे प्रत्याशियों ने ही नामांकन पत्र भरकर जमा कराये। आखिरी दिन अपेक्षा से कहीं कम 58 नामांकन ही हुए। वहीं कुल मिलाकर जनपद के रामनगर विकासखंड से 18, कोटाबाग से 21, हल्द्वानी से 15, भीमताल से 21, धारी से सर्वाधिक 24, रामगढ़ से 22, बेतालघाट से 16 व ओखलकांडा से सर्वाधिक 29 प्रत्याशियों ने नामांकन कराये। संयोग है कि नामांकन कराने वालों में 83 पुरुष एवं 83 ही पुरुष हैं। इनमें अनुसूचित जनजाति की 1, अनुसूचित जाति की 32, पिछड़ा वर्ग की 4 एवं सामान्य वर्ग की 46 महिलाएं शामिल हैं। आज नामांकन कराने वालों में हल्द्वानी की पूर्व ब्लॉक प्रमुख संध्या डालाकोटी प्रमुख रहीं, जिन्हें कांग्रेस पार्टी की ओर से जिला पंचायत अध्यक्ष पद का प्रमुख दावेदार भी माना जा रहा है।
इधर आज जिला पंचायत सीट ककोड़ से 4-इंदा आर्या, गोविंदी आर्या, नेहा व आनंदी आर्या, बड़ौन से 1-गीता देवी, ओखलकांडा मल्ला से 4-राधा नयाल, ज्योति बिष्ट, ममता व सुशीला देवी, दीनी तल्ली से 2-पीयूष कुमार व जीवन सिंह, सरना से 2-खुशाल सिंह व कृपाल सिंह बिष्ट, गहना से 1-सरिता नेगी, दाड़िमा से 4-लाखन सिंह, कैलाश चंद्र, चंदन नयाल व खुशाल सिंह, सूपी से 5-प्रकाश सिंह, अजीत सिंह, रवि मोहन, अनिल आर्या व कमलेश गौड़, चापड़ से 1-रेखा, चौखुटा से 1-नारायण राम, सिमलखा से 3-सुनीता देवी, सोनी व मीना देवी, शिवलालपुर पांडे-छोई से 1-अजय कुमार, मालधनचौड़-चंद्रनगर से 4-मीरा, शैलजा आनंद, काजल व जया देवी, गैबुआ-पत्तापानी से 1-पूरन प्रकाश, गुलजारपुर बंकी से 2-रुचि आर्या व कविता देवी, चोरगलिया आमखेड़ा से 2-संध्या डालाकोटी व रचना बेलवाल, देवलचौड़ बंदोबस्ती से 4-आनंद सिंह, दीपा दरम्वाल, चंदन सिंह व नवीन भट्ट, रामड़ी आन सिंह-पनियाली से 2-सुमन बिष्ट व मीना पांडे, जग्गी बंगर से 1-हिमांशु, जंगलियागांव में 3-निर्मला कर्नाटक, वीरेंद्र सिंह व संदीप गोस्वामी, मेहरागांव से 1-मीना बिष्ट, ज्योलीकोट से 3-पुष्पा जोशी, दमयंती देवी उर्फ चंपा देवी, अमृतपुर से 3-देवी दत्त दुम्का, मनोहर दत्त व कन्हैया लाल साह, भवालीगांव में 3-बालम मेहरा, नीतू साह व सुरेश जोशी सहित कुल 58 ने नामांकन किये हैं। वहीं ढोलीगांव, तलिया व चिल्कया से किसी भी प्रत्याशी ने नामांकन नहीं कराया।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 23 सितंबर 2019। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने राज्य के पंचायती राज निदेशक के आदेश के खिलाफ आरक्षण को चुनौती देने वाली ऊधमसिंह नगर जिले के अरुण कुमार शुक्ला की जनहित याचिका को निरस्त कर दिया है। कहा कि याचिका दायर करने वाले लोग आदेश से सीधे तौर पर स्वयं प्रभावित नहीं हैं। आरक्षण से प्रभावितों को ही याचिका दायर करनी चाहिए थी। मामला जनहित से संबंधित नहीं है। उल्लेखनीय है कि इस जनहित याचिका में चुनाव की अधिसूचना के बाद गत 16 सितंबर को आरक्षण में फेरबदल करने को चुनौती दी गयी थी।

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दीपक, पुष्कर व गीता सहित 77 ने कराया नामांकन

नैनीताल। जिला पंचायत नैनीताल के लिए सोमवार को नवमी के अवकाश के बावजूद नामांकन की प्रक्रिया जारी रही। नामांकन कराने वालों में कुमाऊं विवि छात्र महासंघ के पूर्व अध्यक्ष दीपक मेलकानी, जिला पंचायत के निवर्तमान उपाध्यक्ष पुष्कर नयाल व भीमताल की निवर्तमान ब्लॉक प्रमुख गीता बिष्ट भी शामिल रहीं। इस प्रकार आज जिले की कुल 27 जिपं सीटों के लिए कुल 77 प्रत्याशियों ने नामांकन कराए, जबकि इससे पूर्व 31 प्रत्याशी नामांकन करा चुके हैं। आज जिला पंचायत सीट ककोड़ से 3, बड़ौन से 9, ओखलकांडा मल्ला से 6, ढोलीगांव से 2, दीनी तल्ली से दीपक मेलकानी सहित 6, सरना से 9, गहना से 4, दाड़िमा से पुष्कर नयाल सहित 2, सूपी से 7, चापड़ से 3, चौखुटा से 2, शिवलालपुर से 2, मालधनचौड़ से 4, गैबुआ से 6, तलिया से 3, चिल्किया से 1, गुलजारपुर बंकी से 4, चोरगलिया आमखेड़ा से 2, देवलचौड़ से 1, रामड़ी आन सिंह से 1, जग्गी बंगर से 2, जंगलियागांव में 4, मेहरागांव से गीता बिष्ट सहित 2, ज्योलीकोट से 2, अमृतपुर से 3, भवालीगांव में 4 प्रत्याशियों सहित कुल 77 ने नामांकन किये हैं। वहीं सिमलखा से किसी भी प्रत्याशी ने नामांकन नहीं कराया। इधर आज जिला पंचायत सदस्य पद के लिए कुल 20 दावेदारों ने नामांकन पत्र लिये और इस तरह नामांकन कराने वालों की कुल संख्या 322 पहुंच गई है। उधर हल्द्वानी में निवर्तमान जिला पंचायत सदस्य सुमित्रा प्रसाद ने क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के लिए आज नामांकन किया।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 23 सितंबर 2019। उत्तराखंड उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने राज्य में हो रहे पंचायत चुनाव में दो से अधिक बच्चों के माता-पिता के जिला पंचायत व क्षेत्र पंचायत चुनाव लड़ने के मामले में दायर याचिका पर तत्काल-आज ही सुनवाई करने से इंकार कर दिया। मामले में सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने साफ कहा कि चुनाव की अधिसूचना जारी हुए दो माह बीत गए हैं। किसी को समस्या थी तो तब आते। अब आज ही सुनवाई क्यों की जाए। पहले आने पर न्यायालय ग्राम पंचायत के प्रत्याशियों को पहले राहत दे चुकी है।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 21 सितंबर 2019। उत्तराखंड उच्च न्यायालय में पंचायती राज निदेशक के पंचायत चुनाव में आरक्षण संशोधन करने संबंधी 16 सितम्बर के नोटिफिकेशन को चुनौती दी गयी है। मामले की सुनवाई सोमवार को हो सकती है।

मामले के अनुसार जिला ऊधम सिंह नगर निवासी अरुण कुमार शुक्ला ने नैनीताल हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा है कि निदेशक पंचायती राज ने चुनाव आयोग द्वारा जारी चुनाव की अधिसूचना के बाद 16 सितंबर को आरक्षण में फेरबदल कर दिया है। आरक्षण को चुनौती देने वाली अन्य याचिकाओं में कोर्ट ने कहा था कि याचिकाकर्ताओ के प्रत्यावेदनों को दो सप्ताह में निस्तारित करें। जिसके बाद निदेशक ने दुबारा से चुनाव आयोग से कह कर आरक्षण में फेरबदल कर दिया है। याचिका में यह भी कहा गया है कि अगर एक बार चुनाव की अधिसूचना जारी हो जाती है तो उसके बाद उसमे कोई भी फेरबदल नही कर सकता है इसे चुनाव सम्पन्न होने के बाद ही चुनाव याचिका दायर कर चुनौती दी जा सकती है। इसलिए निदेशक का 16 सितम्बर का नोटिफिकेशन निरस्त करने योग्य है।

जिला पंचायत के लिए 26 ने किये नामांकन

नवीन समाचार, नैनीताल, 21 सितंबर 2019। जिला पंचायत चुनाव के लिए शनिवार को दूसरे दिन जिला पंचायत सीट ककोड़ से किरन, बड़ौन से मीना देवी, चंपा व चंपा देवी, ढोलीगांव से चंद्रा गोस्वामी, दीनी तल्ली से हरीश सिंह, अनिल कुमार, आनंद बिष्ट व दीवान सिंह, सरना से संजय कुमार व प्रकाश सती, गहना से भावना कपिल व ललिता सनवाल, सूपी से हरीश बिष्ट व हरवेंद्र सिंह, चौखुटा से विपिन चंद्र, सिमलखा से आशा देवी, शिवलालपुर पांडे-छोई से आशा देवी, मालधनचौड़ चंद्रनगर से सुरेंद्र कौर व हंसी देवी, गैबुआ पत्ता पानी से ओम प्रकाश व राजेश चंद्र, तलिया के कमलेश चौधरी, चिल्किया से मो. गुलफाम, गुलजारपुर बंकी से आरती व भवालीगांव से रोहित कुमार ने नामांकन कराये। वहीं ओखलकांडा मल्ला, दाड़िमा, चापड़, चोरगलिया आमखेड़ा, देवलचौड़ बंदोबस्ती, रामड़ी आनसिंह-पनियाली, जग्गी बंगर, जंगलियागांव, मेहरागांव, ज्योलीकोट व अमृतपुर से किसी भी प्रत्याशी ने नामांकन नहीं किया। इस प्रकार पहले दिन के पांच मिलाकर अब तक कुल 31 प्रत्याशी अपने नामांकन करा चुके हैं। नामांकन की प्रक्रिया निर्वाचन अधिकारी धनपत कुमार, सहायक निर्वाचन अधिकारी अक्षय कुमार चौधरी, अफरोज अहमद, डा. नारायण सिंह रावत व अश्वनी रावत के द्वारा कराई गई।

पंचायत चुनाव की निगरानी के लिए योगेश मिश्रा नोडल अधिकारी नियुक्त

नैनीताल। जिला निर्वाचन अधिकारी सविन बंसल ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को शांतिपूर्ण एवं पारदर्शिता से सम्पन्न कराने एवं चुनाव में प्रत्याशियों के सोशल मीडिया पर किए जाने वाले प्रचार-प्रसार की निरगानी एवं अनुश्रवण हेतु उप निदेशक सूचना योगेश मिश्रा को नोडल अधिकारी नियुक्त कर दिया है। साथ ही सोशल मीडिया पर निगरानी रखने के लिए तकनीकी विशेषज्ञ के रूप में राजकीय पोलीटेक्निक भीमताल के अंग्रेजी व्याख्याता राजेंद्र कुमार तथा राजकीय पॉलीटेक्निक कोटाबाग के कम्प्यूटर साईंस के व्याख्याता राजेश कोहली को भी नियुक्त किया है। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों से सोशल मीडिया पर नजर रखते हुए अपनी नियमित रिपोर्ट निर्वाचन कंट्रोल रूम को देने के निर्देश दिये हैं।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 20 सितंबर 2019। उत्तराखंड हाई कोर्ट ने आज क्षेत्र पंचायत व जिला पंचायतो के सदस्यों के दो से अधिक बच्चे के होने पर चुनाव लड़ने के भ्रम में साफ तौर पर कहा कि उनके सामने यह मामला नही आया। उनके सामने केवल ग्राम प्रधानो का मामला आया था। लिहाजा उनके लिये ही कोर्ट ने आदेश दिए। उल्लेखनीय है कि कोर्ट के निर्णय पर कल यह संशय लगाया जा रहा था कि यह आदेश सभी पर लागु होगा। किंतु ऐसा नहीं हुआ। पंचायती राज संशोधित नियमावली में स्पष्ट कहा गया है कि धारा 8(1) आर ग्राम प्रधान व उप ग्राम प्रधानों से सम्बंधित है, और धारा 53(1) आर जिला पंचायत और 91(1) आर क्षेत्र पंचायत के सदस्यों के चुनाव लड़ने की योग्यताओं से सम्बंधित है। कोर्ट के सम्मुख केवल 8(1)आर को चुनौती दी गयी थी। कोर्ट ने अपने निर्णय में सरकार की नई संशोधित पंचायतीराज नियमावली 2019 के 8(1)आर पर रोक लगाया और बाकी संशोधन नियमावली में कोई हस्तक्षेप नही किया।

जिला पंचायत नैनीताल के लिए पहले दिन इतने दावेदारों ने किये नामांकन

नवीन समाचार, नैनीताल, 20 सितंबर 2019। जिला पंचायत चुनाव के लिए नैनीताल जनपद में शुक्रवार को नामांकन के पहले दिन पांच प्रत्याशियों ने अपने नामांकन कर दिये हैं। आज नामांकन करने वालों में सबसे पहले बड़ौन की महिलाओं के लिए आरक्षित सीट से संगीता चिलवाल रहीं। उनके बाद अनारक्षित सूपी सीट से महेंद्र सिंह बिष्ट, फिर अन्य पिछड़ी महिला के लिए आरक्षित चिल्किया सीट से पूनम तथा अन्य महिलाओं के लिए आरक्षित मालधनचौड़ से वंदना सैनी व तलिया से सुनीता बिष्ट ने नामांकन कराये।
वहीं शुक्रवार को जिले की 27 जिला पंचायत सीटों के लिए 74 दावेदारों ने नामांकन पत्र लिये। इस प्रकार अब तक जनपद में कुल 275 दावेदार नामांकन पत्र ले चुके हैं। इनमें ओखलकांडा के सरना से सर्वाधिक 18, बड़ौन से 13, ओखलकांडा मल्ला से 16, दीनी तल्ली से 12, रामगढ़ के सूपी से 17, रामनगर के मालधनचौड़ से 14, गैबुआ व चिल्किया से 11-11, गुलजारपुर बंकी से 16, हल्द्वानी के देवलचौड़ बंदोबस्ती व रामड़ी आनसिंह से 15-15, जंगलियागांव से 11 तथा भीमताल के अमृतपुर से 10 व भवालीगांव से 12 लोगों ने नामांकन पत्र लिये हैं, जबकि शेष सीटों पर नामांकन पत्र लेने वालों की संख्या दहाई से कम में है। वहीं अब तक सबसे कम 2 नामांकन पत्र बेतालघाट के अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित चापड़ से तथा यहीं की अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए आरक्षित सिमलखा सीट से मात्र तीन लोगों ने नामांकन पत्र लिये हैं। नामांकन की प्रक्रिया निर्वाचन अधिकारी धनपत कुमार, सहायक निर्वाचन अधिकारी अक्षय कुमार चौधरी, अफरोज अहमद, डा. नारायण सिंह रावत व अश्वनी रावत के द्वारा कराई जा रही है।

देखें भाजपा के अधिकृत प्रत्याशियों की सूची

पंचायत चुनाव हेतु विभिन्न जनपदों हेतु भाजपा के अधिकृत प्रत्याशियों की सूची के लिये यह लिंक क्लिक करें ⇒New Doc 2019-09-19 21.01.37

3 बच्चों पर चुनाव लड़ने को लेकर उच्च न्यायालय के आदेश पर उभरा बड़ा संशय

-आदेश 25 जुलाई के बाद प्रभावी होगा, यानी 25 जुलाई से पहले जन्मे तीन बच्चों के माता-पिता भी चुनाव लड़ पाएंगे
-परंतु एक वर्ग इसे केवल ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधान, उप प्रधान व सदस्यों तक के लिए सीमित मान रहा है
नवीन समाचार, नैनीताल, 19 सितंबर 2019। पंचायत चुनाव को लेकर हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। जिसमें साफ तौर पर कहा गया है कि तीन बच्चों वाले उम्मीदवारों को भी पंचायत चुनाव लड़ने के लिये 26 जुलाई 2019 के बाद ही प्रावधान लागू होंगे। लेकिन हाईकोर्ट के आदेश की व्याख्या करने वालों के दो वर्ग बन गए हैं। एक वर्ग हाईकोर्ट के 43 पन्नों व 95 बिंदुओं के आदेश के अंतिम बिंदुओं में उल्लेखित धारा 8(1)(आर) के आधार पर केवल ग्राम पंचायतों के लिए इस आदेश के प्रभावी होने की व्याख्या कर रहे हैं। कहा जा रहा है कि धारा 8(1)(आर) में केवल ग्राम पंचायतों का जिक्र है, इसलिए यह आदेश केवल ग्राम पंचायतों के लिए है। जबकि आदेश में पंचायती राज संस्थाओं का जिक्र भी है, इस आधार पर आदेश को पूरे त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के सभी पदों के लिए यानी जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत व ग्राम पंचायत के पदों के लिए माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि इस मामले में संबंधित अधिवक्ता भी शुक्रवार को खंडपीठ से स्पष्ट व्याख्या जानने का अनुरोध कर सकते हैं।
मालूम हो कि मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने इस मामले में सुनवाई कर फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे आज सुनाया गया। सरकार के दो बच्चों से अधिक वाले प्रत्याशियों को चुनाव में प्रतिबंधित करने के पंचायत एक्ट के प्रावधान को पूर्व ब्लॉक प्रमुख जोत सिंह बिष्ट, कोटाबाग के मनोहर लाल आर्य, पिंकी देवी, एस रहमान, मोहन प्रसाद काला, कविंद्र ईष्टवाल व राधा कैलाश भट्ट आदि ने संशोधित अधिनियम के सेक्सन 8(1) आर को चुनौती दी थी। कहा था कि सरकार ने दो बच्चों की सीमा लागू कर दी है। जबकि प्रावधान लागू करने के लिए तीन सौ दिन का ग्रेस पीरियड दिया जाता है, जो नहीं दिया गया। कोई भी अधिनियम अथवा प्राविधान उसके लागू किए जाने की तिथि से प्रभावी होता है। सरकार का यह कदम मुख्य तौर पर संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन करता है। संयुक्त पीठ ने अपने 43 पेज के फैसले में सभी बिंदुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला है। याचिकाकर्ताओं ने पंचायत प्रतिनिधियों के पद के लिए हाईस्कूल पास होने की शैक्षिक योग्यता को भी चुनौती दी है। इसके अलावा कहा है कि को-ऑपरेटिव सोसाइटी सदस्य दो से अधिक बच्चे होने की वजह से चुनाव नहीं लड़ सकते हैं, मगर गांव में प्रत्येक किसी ना किसी कॉपरेटिव सोसाइटी का सदस्य है। अदालत ने शैक्षिक योग्यता वाले प्रावधान पर कोई टिप्पणी नहीं की है। मतलब शैक्षिक योग्यता को लेकर राज्य सरकार का प्रावधान प्रभावी रहेगा। सुनवाई के दौरान मुस्लिम पर्सनल लॉ का भी जिक्र आया, जिसमें पूछा गया कि मुस्लिम एक से अधिक विवाह कर सकते हैं, तो उनके दो से अधिक बच्चे होने पर क्या नियम लागू होगा।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 18 सितंबर 2019। पंचायत चुनाव में आरक्षण में बदलाव की संभावनाएं करीब-करीब समाप्त हो गई हैं। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने पंचायत चुनाव में आरक्षण चक्र को गलत तरीके से लागू करने के खिलाफ दायर जनहित याचिका को सुनवाई करते हुए खारिज कर दिया है। मुख्य न्यायधीश रमेश रंगनाथन व न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ ने याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि सरकार द्वारा की गयी पंचायतों की आरक्षण प्रक्रिया सही है। यह भी कहा कि चुनाव अधिसूचना जारी होने के कारण भी जनहित याचिका निरस्त होने योग्य है।
मामले के अनुसार किच्छा निवासी लाल बाहादुर कुशवाह ने उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर कर सरकार के आरक्षण सम्बंधित 13 अगस्त और 22 अगस्त के नोटिफिकेशन को चुनौती देते हुए कहा कि सरकार ने पंचायत चुनाव में आरक्षण व्यवस्था को दो भागो में विभाजित किया गया है। एक तो ग्राम पंचायतें जिनमे कोई फेरबदल नहीं किया गया है। उनमें आरक्षण चौथे चक्र में लागू करने की व्यवस्था की है। दूसर,े वे ग्राम पंचायतें जिनमे नए वार्ड बने हैं, या जिनमें 50 प्रतिशत नए सदस्य जुड़े हैं, या कोई नई ग्राम पंचायत बनी हैं, उनमे प्रथम चक्र का आरक्षण लगने की व्यवस्था निर्धारित की है। याची का यह भी कहना है कि सरकार की यह आरक्षण व्यवस्था उत्तर प्रदेश पंचायती राज अधिनियम 1994 के प्रावधानो के विरुद्ध है, इसलिए सरकार के ये नोटिफिकेशन निरस्त करने योग्य हैं। लेकिन न्यायालय ने उनकी किसी दलील को नहीं सुना।

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नवीन समाचार, देहरादून, 14 सितंबर 2019। राज्य सरकार आधी-अधूरी तैयारियों के साथ पंचायत चुनाव में जा रही है। यहां तक कि पंचायत चुनाव का जो कार्यक्रम सरकार ने तय किया है, उसमें भी गलती हो गई, इसलिए एक दिन बाद ही चुनाव कार्यक्रम में बदलाव करना पड़ गया है। अब पंचायत चुनाव में पहले चरण का मतदान 6 नहीं पांच अक्टूबर को होगा। सरकार की ओर से इस बाबत संशोधित कार्यक्रम घोषित किया गया है। इसे देखते हुए प्रथम चरण के चुनाव के लिए चुनाव चिह्न आवंटन 28 सितंबर को होगा। पहले इसके लिए 29 सितंबर की तिथि तय थी।

उधर, हाईकोर्ट के निर्देश के बाद पंचायतों में आरक्षण निर्धारण को लेकर आई 44 आपत्तियों का पंचायतीराज निदेशालय ने निस्तारण कर दिया है। हाईकोर्ट ने इस संबंध में निदेशक को निर्देश दिए थे। पंचायतीराज निदेशालय ने आठ ब्लाक प्रमुख, 10 ग्राम प्रधान और 17 जिला पंचायत सदस्य पदों के आरक्षण में बदलाव किया है। नौ पदों पर आरक्षण यथावत रखा गया है। निदेशालय ने इस बारे में आयोग को सूचित भी कर दिया है।

चुनाव की तारीख में एक दिन का बदलाव क्यों किया गया है, यह तो नहीं बताया गया है, परंतु माना जा रहा है कि 6 अक्टूबर को शारदीय नवरात्रि की अष्टमी पड़ रही है, इस दिन लोग धार्मिक क्रियाकलापों में व्यस्त रहते हैं। अवकाश भी रहता है। संभवतया इस कारण ही चुनाव की तिथि में बदलाव किया गया हो। इस बारे में सरकारी पक्ष प्राप्त नहीं हो पाया है। 

आठ प्रमुखों के आरक्षण में बदलाव

राज्य में आठ ब्लाक प्रमुखों के आरक्षण में बदलाव किया गया है। इनमें पौड़ी जिले में जयहरीखाल में प्रमुख का पद अनारक्षित किया गया है। पहले यह महिला आरक्षित था। इसी प्रकार यमकेश्वर के प्रमुख का अनारक्षित से महिला आरक्षित किया गया है। पिथौरागढ़ जिले में मूनाकोट के प्रमुख का पद महिला से अनारक्षित, बेरीनाग का प्रमुख पद अनारक्षित से महिला आरक्षित, धारचूला का प्रमुख पद अनुसूचित जाति से अनारक्षित और गंगोलीहाट प्रमुख का पद अनारक्षित से अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित किया गया है। चमोली जिले में देवाल के प्रमुख का पद अब अनुसूचित जाति से अनारक्षित और गैरसैण का प्रमुख पद अनारक्षित से अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित किया गया है।

प्रधान के 10 पदों के आरक्षण में तब्दीली

उत्तरकाशी जिले में डोभालगांव में प्रधान का पद अनुसूचित जाति महिला से अनारक्षित, बरी का अनारक्षित से अनुसूचित जाति महिला, देवरा का अनुसूचित जाति महिला से अन्य पिछड़ा वर्ग और विंगसारी का प्रधान पद अन्य पिछड़ा वर्ग से अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित किया गया है। इसी प्रकार देहरादून जिले में रावना का प्रधान पद अनुसूचित जाति महिला से अनारक्षित, हरटाड़ संताड़ में अनारक्षित से अनुसूचित जाति महिला, जीवनगढ़ में अनुसूचित जाति महिला से अनारक्षित, मदर्सू में अनारक्षित से अनुसूचित जनजाति महिला, खैरी खुर्द में अन्य पिछड़ा वर्ग महिला से अनारक्षित और गुमानीवाला में प्रधान पद अनारक्षित से अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है।

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-तीन चरणों में 6,11 व 16 अक्टूवर को होंगे तीन चरणों के चुनाव, राज्य निर्वाचन आयोग ने जारी की अधिसूचना, 20 सितंबर से होंगे नामांकन, 21 अक्टूवर को सुबह आठ बजे से शुरू होगी मतगणना, 43,11,423 मतदाता करेंगे 66,399 प्रतिनिधियों का चुनाव
नवीन समाचार, देहरादून, 13 सितंबर 2019। राज्य निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को प्रदेश में जनपद हरिद्वार को छोड़ शेष 12 जनपदों के लिए पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी है। इसके साथ ही प्रदेश में नगरीय क्षेत्रों एवं जनपद हरिद्वार को छोड़कर चुनाव आचार संहिता लागू हो गई है। आयोग ने तीन चरणों में चुनाव कराने का निर्णय लिया है। चुनाव कार्यक्रम के अनुसार 20 सितंबर को नामांकन शुरू होंगे और 21 अक्टूबर को मतगणना की जाएगी। इन चुनावों में 43,11,423 मतदाता 66,399 प्रतिनिधियों का निर्वाचन करेंगे। मतदान के लिए कुल 9856 मतदेय स्थल व 8051 मतदान केंद्र बनाये गये हैं।शुक्रवार को अचानक पंचायत चुनाव की घोषणा हुई तो संशय के बादल भी छंट गये। इससे पहले लोग पंचायत चुनावों के लिए कयासबाजी लगा रहे थे। घोषणा के साथ ही राज्य में एक बार फिर आदर्श आचार संहिता भी लागू हो गयी है। राज्य निर्वाचन आयुक्त चन्द्रशेखर भट्ट ने शुक्रवार को पंचायत चुनावों की अधिसूचना जारी की। इसके तहत 20 सितम्बर से नामांकन व 21 अक्टूबर तक मतगणना की तिथि घोषित की गयी है। हरिद्वार जनपद को छोड़ शेष सभी 12 जिलों में पंचायत चुनाव होंगे। निर्वाचन आयोग की अधिसूचना के अनुसार इस चुनाव में कुल 7485 ग्राम प्रधान, 2984 बीडीसी मेम्बर व 356 जिला पंचायत सदस्यों के साथ ही 55,574 ग्राम पंचायत के वार्ड मेंबर भी चुने जाएंगे। आयोग ने 12 जिलों के पंचायत चुनावों के कार्यक्रम तीन चरणों के अनुसार घोषित किये हैं। इसके अनुसार 20 से 24 सितम्बर को सुबह आठ से चार बजे तक नामांकन होंगे, 25 से 27 सितम्बर तक नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। इसके बाद 28 सितम्बर का दिन नाम वापसी के लिए रखा गया है। 28 सितम्बर को नाम वापसी के साथ ही क्रमशः तीनों चरणों में 29 सितम्बर, 04 अक्टूवर व 09 अक्टूबर को चुनाव चिह्न आवंटित किये जाएंगे। इसके बाद तीनों चरणों में क्रमशरू 6 अक्टूवर, 11 अक्टूबर व 16 अक्टूबर को सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक मतदान होगा। तीनों चरणों के मतदान के बाद 21 अक्टूबर को सुबह आठ बजे से मतगणना शुरू होगी। मतगणना पूरी होने तक शहरी निकाय क्षेत्रों को छोड़कर प्रदेश के ग्रामीण हिस्सों में आचार संहिता लागू रहेगी।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 12 सितंबर 2019। उत्तराखंड उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायधीश रमेश रंगनाथन व न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ ने पंचायत चुनावों की वोटर लिस्ट को आधार कार्ड से लिंक करने की मांग करने वाली एक जनहित याचिका को स्वीकार कर, और उस पर सुनवाई कर याचिका को निस्तारित करते हुए राज्य निर्वार्चन आयोग को याची के प्रत्यावेदन पर विचार करने के निर्देश दिये हैं। यह निर्देश लोक सभा, विधान सभा व निकायों आदि के चुनावों के लिए भी दूरगामी प्रभावोत्पादक हो सकते हैं।
मामले के अनुसार देहरादून निवासी रविंद्र जुगरान ने हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा है कि चुनाव आयोग द्वारा लोक सभा, विधान सभा, निकाय चुनाव व पंचायत चुनावो में अलग अलग वोटर लिस्ट जारी की जाती है जिसमे कई लोगो के नाम छूट जाते है और वे मतदान से वंचित रह जाते हैं। याची का कहना है कि जब हर नागरिक की नागरिकता एक, पैन कार्ड एक और आधार कार्ड एक होता है तो मतदाता सूची अलग-अलग क्यों होते हैं। याची का यह भी कहना है कि मतदाता सूची को आधार कार्ड से लिंक किया जाये।

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-भाजपा-कांग्रेस व अन्य दर्जन भर दावेदारों की नजर है इस सीट पर
नवीन समाचार, नैनीताल, 5 सितंबर 2019। जिला पंचायत चुनावों की हालांकि अभी अधिसूचना भी जारी नहीं हुई है, किंतु चुनाव कराये जाने हेतु उच्च न्यायालय से आदेश जारी होने के बाद से ही दावेदारों की सरगर्मियां बढ़ गयी हैं। वहीं नैनीताल जनपद की जंगलियागांव सीट सबसे हाई प्रोफाइल सीट बनती नजर आ रही है।
जंगलियागांव सीट में 60 ग्राम सभाओं की 47,127 की आबादी रहती है। अभी तक इस सीट पर भीमताल विकास खंड की निवर्तमान ब्लॉक प्रमुख व पूर्व जिला पंचायत सदस्य गीता बिष्ट के साथ ही निवर्तमान ज्येष्ठ प्रमुख एवं प्रदेश के इकलौते स्थानीय निर्दलीय विधायक राम सिंह कैड़ा के करीबी अनिल चनौतिया के साथ पूर्व जिपं सदस्य राकेश बृजवासी, युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष नितेश बिष्ट, भाजपा के जंगलियागांव के मंडल अध्यक्ष दुर्गा दत्त पलड़िया, ए श्रेणी बड़े ठेकेदार संदीप गोस्वामी, जंगलियागांव के पूर्व प्रधान प्रेम कुल्याल व युवा नेत्री निर्मला कर्नाटक सहित कई अन्य ने भी क्षेत्र में अपने होर्डिंग लगाकर चुनाव लड़ने के अपने इरादे जता दिये हैं, साथ ही घर-घर जाकर अपना चुनाव प्रचार भी प्रारंभ कर दिया है। हालांकि कुछ प्रत्याशियों के आसपास की दूसरी मुफीद सीटों पर भी नजर बताई जा रही है। बहरहाल, इन बड़े नामों के बीच सर्वाधिक परेशानी में क्षेत्रीय जनता बताई जा रही है। क्षेत्रीय युवा सामाजिक कार्यकर्ता गौरव भट्ट का कहना है कि ऐसे में क्षेत्रीय लोगों को चार-चार प्रत्याशियों के साथ भी चुनाव प्रचार में जाना पड़ रहा है।

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पंचायत चुनाव : 250 किमी दूर से आएंगी नई ग्राम प्रधाननवीन समाचार, नैनीताल, 4 सितंबर 2019। उत्तराखंड में हो रहे त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में नैनीताल के दूरस्थ बेतालघाट विकासखंड के एक गांव-कफूल्टा के चुनाव परिणाम चाहे तो अभी से आप लिख लीजिए। इस 167 परिवारों वाले 453 मतदाताओं के गांव की अगली ग्राम प्रधान दिल्ली में अपने पति के साथ रह रहीं सुनीता देवी नाम की महिला ही बनेंगी। व्यवस्था और किस्मत का अजूबा खेल देखिए कि तय आरक्षण के अनुसार यहां अनुसूचित जाति की महिला को ग्राम प्रधान बनना है। इस पर किसी ने आपत्ति भी दर्ज नहीं की है। पूरे कफूल्टा गांव में अनुसूचित जाति के केवल दो परिवार ही रहते हैं, और इनमें से भी केवल एक महिला सुनीता देवी ही ग्राम प्रधान पद की पात्रता रखती हैं, जो कि वर्तमान में दिल्ली में एक निजी कंपनी में कार्यरत अपने पति गणेश राम और दो अविवाहित बेटों के साथ रहती हैं। गांव में दूसरा अनुसूचित जाति का परिवार किशन राम का है, जिसकी तीन बेटियां ही बेटियां हैं परंतु वे तीनों दूसरे गांव में स्थित अपनी ससुराल में रहती हैं। लिहाजा वे इस गांव की ग्राम प्रधान की दावेदारी नहीं कर सकती हैं। बताया जा रहा है सुनीता देवी ने दिल्ली से आकर ग्राम प्रधान पद के लिए नामांकन कराने का मन भी बना लिया है। नामांकन कराते ही, और नामांकन पत्र में कोई त्रुटि न हुई तो उनका ग्राम प्रधान बनना महज औपचारिकता होगी।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 1 सितंबर, 2019।  उत्तराखंड के हरिद्वार को छोड़कर शेष सभी 12 जिलों में पंचायतों के 66 हजार से ज्यादा पदों के लिए पंचायतों में आरक्षण की 28 अगस्त को अनंतिम सूची के बाद 31 अगस्त को अंतिम प्रकाशन कर दिया गया है। आरक्षण की अंतिम सूची शासन को भेजी जाएगी। उल्लेखनीय है कि हाईकोर्ट के सख्त रुख के बाद राज्य में आगामी 30 नवंबर 2019 तक त्रिस्तरीय पंचायतों में चुनाव कराए जाने हैं।

देखें अंतिम प्रकाशन में नैनीताल जिले में आरक्षण की स्थिति इस लिंक पर : reservation 2019 nainital

सूची के अनुसार जनपद के हल्द्वानी में ब्लॉक प्रमुख अनुसूचित जाति की महिला, धारी में अनुसूचित जाति, ओखलकांडा, बेतालघाट व रामनगर में अन्य महिला के लिए आरक्षित होगा, जबकि भीमता, कोटाबाग व रामगढ़ में ब्लॉक प्रमुख की सीट अनारक्षित होगी। वहीं जिला पंचायत की बात करें तो ककोड़, गुलजारपुर बंकी, चापड़ व सिमलखा अनुसूचित जाति की महिला, चौखुटा, शिवलालपुर पांडे-छोई व गैबुआ अनुसूचित जाति, ढोलीगांव पिछड़ी जाति की महिला, चिल्किया पिछड़ी जाति, ज्योलीकोट, चोरगलिया आमखेड़ा, बड़ौन, रामड़ी आन सिंह पनियाली, तलिया, ओखलकांडा मल्ला, गहना, मेहरागांव व मालधनचौड़ चंद्र नगर की सीटें अन्य महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी, जबकि जग्गी बंगर, अमृतपुर, देवलचौड़ बंदोबस्ती-तल्ली हल्द्वानी, सूपी, जंगलियागांव, दाड़िमा, भवालीगांव, दीनी तल्ली व सरना की सीटें अनारक्षित होंगी।
देखें नैनीताल जिले में आरक्षण की अनंतिम सूची :

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नवीन समाचार, नैनीताल, 8 अगस्त 2019। उत्तराखंड प्रदेश के साथ जनपद की समस्त क्षेत्र पंचायतों के निर्वाचित प्रतिनिधियों का कार्यक्राल 9 अगस्त को समाप्त हो रहा है। इसे देखते हुए नैनीताल के जिलाधिकारी सविन बंसल ने एक दिन पूर्व ही जनपद की सभी क्षेत्र पंचायतों में प्रशासक नियुक्त कर दिये हैं। जिला अधिकारी के स्तर से जारी आदेश के अनुसार क्षेत्र पंचायत समिति रामनगर का प्रशासक एसडीएम रामनगर हरगिरी गोस्वामी को बनाया गया है जबकि एसडीएमहल्द्वानी विवेक राय क्षेत्र पंचायत कोटाबाग व हल्द्वानी के प्रशासक नामित किये गये हैं। इसी प्रकार एसडीएम नैनीताल विनोद कुमार को भीमताल तथा रामगढ का, एसडीएम धारी विजयनाथ शुक्ल को धारी तथा ओखलकांडा तथा एसडीएम कोश्याकुटौली गौरव चटवाल को बेेतालघाट का प्रशासक नामित किया गया है। डीएम ने नवनियुक्त प्रशासकों को आदेशित किया है कि वह नियमानुसार निर्धारित क्षेत्र पंचायत समिति का कार्यभार ग्रहण करना सुनिश्चित करें। गौरतलब है कि क्षेत्र पंचायतों की प्रथम बैठक 9 अगस्त 2014 को आयोजित हुई थी।

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार
‘नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से ‘मन कही’ के रूप में जनवरी 2010 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
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