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रेलवे ने नैनी-दून जन शताब्दी एक्सप्रेस सहित राज्य की अधिकांश ट्रेनों के समय में बदलाव की घोषणा

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-अगले वर्ष दो अप्रैल से होगा समय में मामूली बदलाव
-काठगोदाम से 15 मिनट देरी से चलेगी, परंतु देहरादून पहुंचने तक समय की क्षतिपूर्ति कर अब के ही समय पर ही पहुंचेगी
-सप्ताह में चलने वाले दिनों में भी होगा बदलाव, सोमवार व बृहस्पतिवार के अलावा सप्ताह में अन्य पांच दिन चलेगी
नवीन समाचार, नैनीताल, 5 दिसंबर 2018। काठगोदाम से देहरादून के बीच चलने वाली नैनी दून जन शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन की समय सारिणी हाल-फिलहाल नहीं बल्कि 2 अप्रैल 2019 से बदलेगा। उल्लेखनीय है कि इस संबंधित रेलवे ने पिछले माह 17 नवंबर को ही समय बदलने की घोषणा कर दी थी, किंतु बदलावा कब से होगा यह साफ नहीं किया था। इधर बुधवार को रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी संजय यादव ने मीडिया को जारी विज्ञप्ति के माध्यम से यह जानकारी दी है, साथ ही सप्ताह में चलने वाले दिनों में भी बदलाव होने की जानकारी देते हुए बताया है कि यह सोमवार व बृहस्पतिवार के अलावा सप्ताह में अन्य पांच दिन चलेगी जबकि वर्तमान में यह रविवार व बृहस्पतिवार को छोड़कर शेष पांच दिन चलती है।

रेलवे ने नैनी-दून जनशताब्दी एक्सप्रेस का समय बदलने को ‘नवीन समाचार’ की सुनी, नहीं सुनी ‘उल्टी मांग’, धन्यवाद रेलवे !

उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए इस रेलगाड़ी के समय में बदलाव कर इसे काठगोदाम से सुबह के बजाय शाम को चलाने के निर्देश दिए थे। अलबत्ता, रेलवे ने इसके काठगोदाम से चलने में केवल 15 मिनट की देरी का ही बदलाव किया है। यह ट्रेन दो अप्रैल 2019 से काठगोदाम से साढ़े पांच बजे देहरादून के लिए रवाना होगी। जबकि अब तक यह सवा पांच बजे रवाना होती है। उम्मीद की जा रही है कि इससे यात्रियों को सुबह रेलगाड़ी पकड़ने की हड़बड़ी से कुछ राहत मिलेगी। बताया गया है कि नैनी दून जन शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन काठगोदाम से सुबह 5 बजकर 15 मिनट की जगह अब 5 बजकर 30 मिनट पर चलेगी, और आगे के स्टेशनों पर इस देरी की क्षतिपूर्ति भी कर लेगी। रामपुर में सुबह पौने आठ बजे की जगह केवल सात मिनट देरी से सुबह 7 बजकर 52 मिनट पर और मुरादाबाद में केवल दो मिनट की देरी से साढ़े आठ बजे की जगह आठ बजकर 32 मिनट पर और देहरादून में अपने निर्धारित समय साढ़े बारह बजे ही पहुंचेगी। इसी तरह लौटते हुए देहरादून से शाम पौने चार बजे चलेगी और रात्रि 11.35 बजे काठगोदाम पहुंच जाएगी।

दो अप्रैल से राज्य की अन्य गाड़ियों के समय में भी होगा बदलाव

नैनीताल। रेलवे की विज्ञप्ति के अनुसार नैनी-दून जन शताब्दी एक्सप्रेस के समय में बदलाव की वजह से अन्य रेलगाड़ियों के समय में भी बदलाव होगा। देहरादून-काठगोदाम एक्सप्रेस काठगोदाम सुबह 7.10 की जगह 7.20 पर, लखनऊ-काठगोदाम एक्सप्रेस काठगोदाम सुबह 8 बजे की जगह 8.10 बजे, हावड़ा-काठगोदाम एक्सप्रेस 9.25 की जगह 9.30 बजे पहुंचेगी। वहीं काठगोदाम जैसलमेर एक्सप्रेस काठगोदाम से शाम 8.40 की जगह 8.35 बजे छूटेगी तथा हल्द्वानी से 9.02 की जगह 8.57 बजे और लालकुआ से 9.30 की जगह 9.25 बजे पहुंचेगी। इसी तरह काठगोदाम हावड़ा एक्सप्रेस, दिल्ली काठगोदाम एक्सप्रेस आदि के भी काठगोदाम, हल्द्वानी व लालकुआ पहुंचने व छूटने के समय में 5-10 मिनट का बदलाव होगा, साथ ही कई अन्य रेलों के हरिद्वार, ऋषिकेष, देहरादून पहुंचने व छूटने के समय में भी बदलाव होगा।

उल्लेखनीय है कि एकमात्र ‘नवीन समाचार’ में ही इस ‘उल्टी मांग’ के औचित्य पर सवाल उठाये गए, जिसके बाद इसका समय नहीं बदला गया। धन्यवाद रेलवे ! 

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यह पूर्व समाचार भी पढ़ें : हाईकोर्ट ने उत्तराखंड की इस नयी रेलगाड़ी का समय ‘उल्टा’ करने के दिये निर्देश

नैनीताल, 30 अगस्त 2018। उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय की कार्यवाहक मुख्य न्यायधीश राजीव शर्मा व न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की खण्डपीठ ने अधिवक्ता पंकज मिगलानी ने जनहित याचिका पर भारतीय रेलवे को काठगोदाम से देहरादून के बीच इसी सप्ताह शुरू हुई नैनी-दून जनशताब्दी एक्सप्रेस का समय बदलकर कमोबेश ‘उल्टा’ यानी काठगोदाम से देहरादून को सुबह के बजाय शाम को 5 बजे और देहरादून से काठगोदाम के लिए सुुबह 5 बजे करने के आदेश दिए हैं। साथ ही इस गाड़ी को रविवार के दिन भी चलाने को कहा है। उल्लेखनीय है कि याची ने अपनी याचिका में काठगोदाम व देहरादून के रेलवे स्टेशनों की दुर्दशा और रेलों का समय सही न होने को लेकर सवाल उठाये हैं। रेलवे से जवाब पेश करने को भी कहा हैं। उल्लेखनीय है कि पूर्व में भी उच्च न्यायालय के अधिवक्ता इस रेलगाड़ी के चलने से पूर्व से ही इसका समय बदले जाने की मांग कर रहे थे।

नैनी-दून जनशताब्दी हुई शुरू

राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी के प्रयासों से नैनी-दून जनशताब्दी आगामी 25 अगस्त को शुरू हो गई। इस दिन केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने 25 अगस्त की सुबह 11 बजे विडिओ कॉन्फ्रेंस के माध्यम से इस बहुप्रतीक्षित रेलगाड़ी का औपचारिक शुभारम्भ किया। इसके बाद यह रेलगाड़ी काठगोदाम से पूर्वाह्न 11.40  बजे ‘विशेष रेलगाड़ी’ के रूप में देहरादून के लिए चली। आगे इस ट्रेन में सोमवार 27 अगस्त से  पहले से बुकिंग करके यात्रा की जा सकेगी।

उल्लेखनीय है कि यह यह रेलगाड़ी रास्ते में हल्द्वानी, लालकुआं, रुद्रपुर, रामपुर, मुरादाबाद, नजीबाबाद व हरिद्वार में रुकेगी। इस रेलगाड़ी में 5 कुर्सीयान, 3 साधारण श्रेणी एवं 2-2 एसएलआर व वातानुकूलित कुर्सीयान सहित कुल 12 डिब्बे होंगे। यह रेलगाड़ी काठगोदाम और देहरादून दोनों ओर से सप्ताह में रविवार व बृहस्पतिवार को छोड़कर शेष पांच दिन काठगोदाम से रोजाना सुबह 5 बजकर 15  मिनट पर चलकर दोपहर 12:30 बजे देहरादून पहुंचेगी, और देहरादून से शाम 4:15 पर चलकर रात 11:50 बजे काठगोदाम पहुंचेगी।

यह काठगोदाम रेलवे स्टेशन से चलने वाली 10वीं ट्रेन होगी। अलबत्ता, इसके रविवार को नहीं चलने से सोमवार को सप्ताहांत पर घर लौटे कुमाऊं वासियों को समय पर लौटने का फिलहाल लाभ नहीं मिल पायेगा। इधर नैनीताल वासियों को इस रेलगाड़ी का लाभ मिले, इस हेतु इसे सुबह सवा पांच बजे काठगोदाम से पकड़ने और वापसी में रात्रि में 11.50 बजे पहुंचने पर नैनीताल आने के लिए एक-एक रोडवेज की बस चलाये जाने की भी आवश्यकता महसूस की जा रही है।  

यह पूर्व समाचार भी पढ़ें :  ‘जनशताब्दी’ चली नहीं, अभी से होने लगी यह ‘उल्टी मांग’

नैनीताल। प्रदेश के राज्य सभा सांसद अनिल बलूनी की पहल पर शुरू होने जा रही काठगोदाम से देहरादून के लिए जन शताब्दी सुपरफास्ट एक्सप्रेस का समय प्रातः 5.10 बजे काठगोदाम से चलकर दोपहर 12.30 बजे देहरादून पहुंचने तथा शाम 4.15 बजे देहरादून से चलकर रात्रि 11.50 बजे काठगोदाम पहुंचने का है। उच्च न्यायालय के महाधिवक्ता कार्यालय के कर्मचारी संघ ने इस मामले में सांसद को ज्ञापन भेजकर जन शताब्दी एक्सप्रेस चलाने के लिए आभार चलाने के साथ अनुरोध किया है कि इसे सुबह 6 बजे देहरादून से तथा शाम 4 बजे काठगोदाम से चलाया जाए। क्योंकि तय कार्यक्रम के अनुसार पहाड़वासियों को इसे पकड़ने के लिए सुबह 6 बजे काठगोदाम और रात्रि 11 बजे काठगोदाम पहुंचने पर पहाड़ को जाना संभव नहीं होगा। वहीं इस संबंध में हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ललित बेलवाल ने इस रेलगाड़ी को सुबह 5 बजे देहरादून से तथा शाम 5 बजे काठगोदाम से चलाने की मांग करते हुए प्रधानमंत्री, केंद्रीय रेल मंत्री व राज्य सभा सांसद को ज्ञापन भेजे हैं।

तय समय पर चलने से ही मिलेंगे कुमाऊंवासियों को लाभ

वहीं अनेक लोगों का कहना है कि समय परिवर्तन करने से काठगोदाम से देहरादून जाने वालों को लाभ नहीं मिल पायेगा। तय समय ही ठीक है। तय समय से ही जन शताब्दी एक्सप्रेस के चलने पर कुमाऊं के लोग सुबह यहां से चलकर दिन के कार्य करने तक देहरादून पहुंच पाएंगे, और शाम 4 बजे तक कार्य निपटाकर वापस भी लौट सकेंगे। लेकिन यदि जैसी मांग की जा रही है, वैसा समय बदला तो इसका कुमाऊं वासियों को कोई लाभ नहीं मिलेगा। पहले की तरह शाम को चलेंगे, रात में देहरादून पहुचेंगे। रात को होटल लेना पड़ेगा। और सुबह लौटते समय भी इसका कोई लाभ नहीं मिल सकेगा।

एक हफ्ते में ही यात्रियों ने कर दी नयी ‘डेमू ट्रेन’ की ‘ऐसी की तैसी’

बरेली, 8 अक्टूबर, 2018। इज्जतनगर मंडल पर अत्यधिक लम्बे इंतजार के बाद गत 29 सितम्बर 2018 से बरेली सिटी से लालकुआं एवं पीलीभीत के बीच शुरू हुई रेल कोच फैक्ट्री, चेन्नई में विशेष रूप से निर्मित डेमू रेलगाड़ी की एक सप्ताह के भीतर ही इसमें यात्रा करने वाले यात्रियों ने ‘ऐसी की तैसी’ कर दी है। 1 अक्टूबर 2018 से जनता की सेवा में चल रही इस रेलगाड़ी के अन्दर की विशिष्ट साज-सज्जा की रविवार 7 अक्टूगर को पहली बार साफ-सफाई एवं तकनीकी अनुरक्षण के लिए डेमू शेड में आने पर निरीक्षण के दौरान प्रकाश में आया कि इस रेलगाड़ी के अन्दर लगी टायलट फिटिंग्स जैसे-फ्लश कॉक, डस्टबिन, मग, दरवाजों के हैंडल आदि गायब हो चुके हैं एवं वाशवेशिन, टायलट के दरवाजों, कोच की सीटों आदि को भी भारी हानि पहुंचायी गयी है। रेलवे की ओर से कहा गया है कि बरेली-लालकुआं एवं बरेली-पीलीभीत के मध्य जनता द्वारा किया गया यह कृत्य बहुत ही ज्यादा शर्मनाक है। यह सभी आवश्यक सुविधाओं से युक्त रेलगाड़ी क्षेत्र की जनता को तोहफे के रूप में दी गयी थी, किन्तु जनता द्वारा सरकारी सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाकर इस तरह की सुविधायें प्रदान करने की प्रक्रिया पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है।

यह भी पढ़ें : ‘शान-ए-भोपाल’ की तर्ज पर अपग्रेड हुई रानीखेत व कार्बेट पार्क लिंक एक्सप्रेस

नयना देवी के चित्र युक्त नये कलेवर में सजी रानीखेत एक्सप्रेस।

-नयना देवी मंदिर चित्रों से भी सजी रानीखेत एक्सप्रेस
-इन गाडियों में यात्रियों को मिलेगा सुरक्षित, आरामदायक व घर जैसा स्वच्छ वातावरण
नैनीताल। उत्तराखंड की काठगोदाम व रामनगर से चलने वाली रानीखेत एक्सप्रेस (15013/15014) व जिम कार्बेट पार्क लिंक एक्सप्रेस (25013/25014) ‘शान-ए-भोपाल’ की तर्ज पर अपग्रेड हो गयी हैं। रेलवे बोर्ड, नई दिल्ली से इस संबंध में जारी निर्देशों के क्रम में शनिवार को रेलवे के इज्जतनगर मंडल में इस गाड़ियो के सभी कोचों को अपग्रेड कर दिया गया है। इस नयी पहल के फलस्वरूप इन गाडियों में यात्रा करने वाले यात्रियों को सुरक्षित, आरामदायक व घर जैसा स्वच्छ वातावरण उपलब्ध होगा।

चित्रों में काठगोदाम रेलवे स्टेशन तब और अब :  

काठगोदाम रेलवे स्टेशन तब
काठगोदाम रेलवे स्टेशन अब

इन गाड़ियों को अपग्रेड करने गाडियों में उनके गन्तव्य स्थलों को दर्शाने वाले स्क्रीन प्रिन्टेड बोर्ड लगाये गये हैं। साथ ही गाडी के अन्य स्टेशनों पर आगमन व प्रस्थान की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए सभी कोचों के अन्दर समय सारणी तथा यात्रियों की सुविधा एवं सुरक्षा से सम्बन्धित निर्देश व जानकारी दर्शाने वाले एकीकृत स्टीकर लगाये गये हैं। इसके अलावा कोचों के शौचालयों को स्वच्छ बनाने रखने के उददे्श्य से, सभी शौचालयों में हेल्थ फॉसेट, फ्लावर पोस्टर्स, स्टेनलेस स्टील मग व डस्टबिन लगाये गये हैं। साथ ही एसी टू टियर व थ्री टियर कोचों में उच्च गुणवत्ता के कंबल, एसी प्रथम श्रेणी कोचों में उच्च गुणवत्ता के मिंक ब्लैंकेट (कंबल) उपलब्ध कराए गए हैं, तथा केबिनों मंे फूट स्टेप का प्रावधान किया गया है। साथ ही कॉरीडोर में स्टेनलेस स्टील की हैंड रेल व फ्लावर बेस लगाये गये हैं। इसके अलावा अनारक्षित यानों की सीटों के कोनों पर रिइन्फोर्समेंट लगाये गये हैं, तथा यानों के प्रवेश द्वार पर स्वागत चिन्ह व बराबर में कलश का शुभ चिन्ह बनाया गया है। बताया गया है कि इन कार्यों को पूरा करने हेतु रेलवे बोर्ड द्वारा 31 मार्च 2018 का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसे तय समय सीमा में पूरा कर लिया गया है। ऐसी पहली रेलगाड़ी 31 मार्च को काठगोदाम व रामनगर से चला भी दी गयी है।

यह भी पढ़ें : केंद्रीय बजट से कुमाऊं में रेल लाइनों के विदयुतीकरण  का तोहफा, कायाकल्प होगा

अपर मंडल रेल प्रबंधक-(ढांचा) आशीष कुमार अग्रवाल

-मुरादाबाद-काशीपुर-रामनगर, रामपुर-काठगोदाम, काशीपुर-लालकुआ तथा बरेली-लालकुआ रेल लाइनों का विदयुतीकरण  करने को मिली स्वीकृति
-काठगोदाम व टनकपुर की लाउंड्री के गंदे पानी के रिसाइकिलिंग का प्लांट, कई उपरिगामी पथ भी बनेंगे 
-रामपुर-काठगोदाम, मुरादाबाद-रामनगर, लालकुआं-काशीपुर व भोजीपुरा-लालकुआ के बीच रेल लाइनों के नवीनीकरण कार्यो को भी मिली स्वीकृति
नवीन जोशी, नैनीताल। आगामी वित्तीय वर्ष 2018-19 के बजट से कुमाऊं मंडल की रेल लाइनों को काफी कुछ मिलने जा रहा है। आगामी वित्तीय वर्ष में भारतीय रेलवे के कुमाऊं से संबंधित इज्जतनगर रेल मंडल में 6000 किमी रेल विदयुतीकरण  का लक्ष्य रखा गया है। इसमें कमोबेश पूरा लाभ कुमाऊं को मिलने जा रहा है। स्वीकृत बजट के अनुसार आगामी वर्ष में कुमाऊं के सभी प्रमुख रेल मार्गोे मुरादाबाद-काशीपुर-रामनगर, रामपुर-काठगोदाम, काशीपुर-लालकुआ तथा बरेली-लालकुआ रेल लाइनों का विद्युतीकरण करने को स्वीकृति मिल गयी है, तथा इज्जतनगर रेल मंडल ने इसे अपने लक्ष्य में भी रख लिया है। इन लाइनों में रेल विद्युतीकरण से रेलगाड़ियों की गति में वृद्धि होने के साथ ही इलेक्ट्रिक इंजनों के ईको-फ्रेंडली हाने से पर्यावरण भी संरक्षित होगा।

यह भी पढ़ें : 
राष्ट्रीय सहारा, 10 फ़रवरी 2018

इसके अतिरिक्त रेलवे पीलीभीत जिले की ओर से उत्तराखंड को जोड़ने वाली मझोला पकड़िया-टनकपुर रेल खंड का आमान परिवर्तन का कार्य पूरा करने के साथ पूर्णागिरि मेले से पहले रेलगाड़ी चलाने की भी योजना बना रहा है। यह रेलगाड़ी 21 फरवरी से चल सकती है। इसके अलावा बाजपुर-हेमपुर इस्माइल स्टेशनों के बीच किमी संख्या 48/9 से 29/1 पर स्थित पुल संख्या 104 के पुर्ननिर्माण के लिए 25.8 करोड़ की स्वीकृति भी बजट में मिल गयी है। इसमें से 10 लाख रुपए 2018-19 में मिलेंगे। इसके अलावा काठगोदाम, लालकुआ व टनकपुर रेलवे स्टेशनों पर मैकेनाइज्ड लाउंड्री से निकलने वाले गंदे पानी को रि-साइकिल करने के लिए संयंत्र बनाए जाएंगे। बजट में इसके लिए 3.75 करोड़ की स्वीकृति दी गयी है, जिसमें से 2018-19 में 5 लाख का आउटले है। इसके अलावा रामपुर-काठगोदाम के बीच 57.41 किमी तथा मुरादाबाद से रामनगर के बीच 25.18 किमी इकहरी रेल लाइन खंडों के सतत नवीनीकरण, लालकुआं-काशीपुर के बीच 51 किमी तथा भोजीपुरा से लालकुआ के बीच 64.271 किमी रेल खंड का रेल फिटिंग नवीनीकरण के साथ ही कई स्टेशनों पर उपरिगामी पथों एवं रोड ओवर ब्रिज व रोड अंडर ब्रिजों के लिए भी केंद्रीय बजट में प्राविधान किये गये हैं। इज्जतनगर मंडल के अपर मंडल रेल प्रबंधक-(ढांचा) आशीष कुमार अग्रवाल, परिचालन विनोद कुमार गुप्ता ने बताया कि भारतीय रेलवे मौजूदा वित्तीय वर्ष 2017-18 में इज्जतनगर रेल मंडल में 4000 किमी रेल लाइनों का विदयुतीकरण कर रही है, अलबत्ता कुमाऊं में रेल विदयुतीकरण के कार्य अभी शुरू नहीं हुए हैं। लिहाजा आने वाले वित्तीय वर्ष में कुमाऊं में रेलवे का कायाकल्प होने जा रहा है।

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मेरा जन्म 26 नवंबर 1972 को हुआ था। मैं नैनीताल, भारत में मूलतः एक पत्रकार हूँ। वर्तमान में मार्च 2010 से राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक समाचार पत्र-राष्ट्रीय सहारा में ब्यूरो चीफ के रूप में कार्य कर रहा हूँ। इससे पहले मैं पांच साल के लिए दैनिक जागरण के लिए काम कर चुका हूँ। कुमाऊँ विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग से ‘नए मीडिया’ विषय पर शोधरत हूँ। फोटोग्राफ़ी मेरा शौक है। मैं NIKON COOLPIX P530 और अडोब फोटोशॉप 7.0 के साथ फोटोग्राफी कर रहा हूँ। फोटोग्राफी मेरे लिए दुनियां की खूबसूरती को अपनी ओर से चिरस्थाई बनाने का बहुत छोटा सा प्रयास है। एक फोटो पत्रकार के रूप में मेरी तस्वीरों को नैनीताल राजभवन सहित विभिन्न प्रदर्शनियों में प्रस्तुत किया गया, तथा उत्तराखंड की राज्यपाल श्रीमती मार्गरेट अलवा द्वारा सम्मानित किया गया है। कुछ चित्रों को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हो चुके हैं। गूगल अर्थ पर चित्र उपलब्ध कराने वाली पैनोरामियो साइट पर मेरी प्रोफाइल को 18.85 Lacs से भी अधिक हिट्स प्राप्त हैं।पत्रकारिता और फोटोग्राफी के अलावा मुझे कवितायेँ लिखना पसंद है। काव्य क्षेत्र में मैंने नवीन जोशी “नवेन्दु” के रूप में अपनी पहचान बनाई है। मैंने बहुत सी कुमाउनी कवितायेँ लिखी हैं, कुमाउनी भाषा में मेरा काव्य संकलन उघड़ी आंखोंक स्वींड़ प्रकाशित हो चुका है, जो कि पुस्तक के के साथ ही डिजिटल (PDF) फार्मेट पर भी उपलब्ध होने वाली कुमाउनी की पहली पुस्तक है। मेरी यह पुस्तक गूगल एप्स पर भी उपलब्ध है। ’ यहां है एक पत्रकार, लेखक, कवि एवं छाया चित्रकार के रूप में मेरी रचनात्मकता, लेख, आलेख, छायाचित्र, कविताएं, हिंदी-कुमाउनी के ब्लॉग आदि कार्यों का पूरा समग्र। मेरी कोशिश है कि यहां नैनीताल, कुमाऊं, उत्तराखंड और वृहद संदर्भ में देश की विरासत, संस्कृति, इतिहास और वर्तमान को समग्र रूप में संग्रहीत करने की….। मेरे दिल में बसता है, मेरा नैनीताल, मेरा कुमाऊं और मेरा उत्तराखंड

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