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बिग ब्रेकिंग: मुख्यमंत्री रावत ने की पत्रकार वार्ता, इस्तीफे पर कुछ भी नहीं कहा…

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नवीन समाचार, देहरादून, 02 जुलाई 2021। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने अभी-अभी देहरादून में पत्रकार वार्ता की। इस दौरान उन्होंने अपनी 114 दिन की सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। बताया कि इस दौरान राज्य की जनता को कोविड-19 से हुई आर्थिक स्थिति से राहत के लिए दो हजार करोड़ रुपए की राहत दिलाई गई। आगे उन्होंने 22340 पदों पर नियुक्तियां देने की बात कही। 11 व 12वीं कक्षा के बच्चों को कम्प्यूटर देने की बात कही, लेकिन अपने इस्तीफे को लेकर ना ही पत्रकार वार्ता और ना ही पत्रकार वार्ता से लौटते हुए पत्रकारों द्वारा पूछे जाने पर ही कोई टिप्पणी की। इसके साथ आज रात्रि में इस्तीफा देने की संभावना भी कम ही नजर आ रही है।
वहीं एक महत्वपूर्ण अपडेट यह है कि भाजपा विधायक दल की बैठक शनिवार की अपराह्न तीन बजे बुला ली गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के नेतृत्व में होने वाली इस बैठक के लिए पार्टी के सभी विधायकों को देहरादून बुला लिया गया है। केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर इस बैठक में केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में बैठक में मौजूद रहेंगे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : चिंतन शिविर के तत्काल बाद सीएम रावत दिल्ली बुलाए गए, नेतृत्व परिवर्तन तक पहुंची चर्चाएं

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 29 जून 2021। उत्तराखंड भाजपा में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर चले तीन दिन लंबे मंथन के तत्काल बाद अचानक प्रदेश के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को भाजपा हाईकमान ने दिल्ली बुला लिया है। इसके बाद मुख्यमंत्री के पहले से तय आज के सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं। मुख्यमंत्री को आज ही दिल्ली रवाना होना है। उन्हें दिल्ली से बुलावे की कोई वजह अभी तक सामने नहीं आ सकी है। हालांकि चर्चाएं मुख्यमंत्री को बदले जाने तक की चल पड़ी हैं। हालांकि माना जा रहा है सीएम को पार्टी हाईकमान ने उपचुनाव को लेकर रणनीति पर विचार करने के लिए बुलाया है। भाजपा के तीन दिवसीय चिंतन शिविर से लौटते ही सीएम को दिल्ली का यह बुलावा मिला। उपचुनाव के बारे में चिंतन शिविर में भी पार्टी कोर ग्रुप के कुछ प्रमुख नेताओं के बीच चर्चा हुई थी। मुख्यमंत्री को दिल्ली बुलाकर केंद्रीय नेतृत्व उनसे इस विषय पर विस्तार से चर्चा कर सकता है।

उल्लेखनीय है कि रामनगर में हुए चिंतन शिविर से छन कर खबरें आईं कि इस दौरान भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री के उपचुनाव को लेकर नहीं, बल्कि विधानसभा चुनाव को लेकर चर्चा कीं। पार्टी ने आगामी 6 माह के कार्यक्रम भी तय किए पर उप चुनाव को लेकर कुछ नहीं कहा। लेकिन राज्य की जनता इस शिविर से मुख्यमंत्री के साथ राज्य के राजनीतिक भविष्य को जानने को लेकर अधिक उत्सुक थी। ऐसे में राज्य मंे हो रही हर राजनीतिक गतिविधि के अर्थ निकाले जा रहे हैं। मुख्यमंत्री को दिल्ली बुलाने पर भी इसी कारण कयास लगाए जा रहे हैं। गौरतलब है कि उत्तराखंड विधानसभा की दो सीटों पर उपचुनाव होना है। बताया जा रहा है सीएम तीरथ सिंह रावत गंगोत्री सीट से उपचुनाव लड़ सकते हैं। हालांकि फिलहाल चुनाव आयोग की उपचुनाव पर लगी रोक है। नियमों के मुताबिक मुख्यमंत्री को 10 सितंबर से पहले चुनकर आना है। ऐसा न होने पर राज्य में राष्ट्रपति शासन लगने या जल्दी चुनाव होने के भी कयास लगाए जा रहे हैं, लेकिन जिस तरह पार्टी ने अगले 6 माह के कार्यक्रम तय किए हैं, उससे इस कयास को बल नहीं मिलता है। ऐसे में माना जा रहा है कि केंद्रीय नेतृत्व और सीएम तीरथ के बीच इन विषयों पर चर्चा हो सकती है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

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