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शनिवार को हल्द्वानी से बेरीपड़ाव तक आग का रहा शोर, आधा दर्जन झोपड़ियों संग दंपति ने 16 दिन का नवजात गंवाया, चार दुकानों व एक घर में भी लगी आग

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-बाजार क्षेत्र में लगी आग से भगदड़, फायर बिग्रेड की 6 गाड़ियों ने बमुश्किल आग पर काबू पाया, लाखों का सामान जलकर स्वाह
दीपक भंडारी @ नवीन समाचार, हल्द्वानी, 20 अप्रैल 2019। सुबह बेरीपड़ाव में मजदूरों की आधा दर्जन झोपडियों के चूल्हे की आग की चपेट में आकर खाक होने और मजदूर दंपत्ति के 16 दिन के नवजात के जिंदा जल जाने की घटना से लोग द्रवित हो उठे थे। वहीं शाम को शहर के पटेल चौक स्थित भैरव चौक में एक रेस्टोरेंट में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने आस-पास की चार दुकान और दुकान के ऊपर बने पुराने घर को भी अपने चपेट में ले लिया। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची फायर बिग्रेड कर्मियों ने बमुश्किल आग पर काबू पाया। पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। आग से लाखों रुपये का नुकसान बताया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार पटेल चौक स्थित भैरव चौक के समीप विनोद बिष्ट का मिलन रेस्टोरेंट व फास्ट फूड की दुकान है। बताया जा रहा हैं कि अचानक शाम पांच बजे दुकान में आग लग गई। इससे रेस्टोरेंटों में खाना खा रहे लोगों में भगदड़ मच गई। लोगों ने बाहर निकल कर अपनी जान बचाई। देखते ही देखते आग ने अपना विकराल रूप धारण कर लिया। इससे बाजार क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। आगे आग पास में स्थित मोहन बोरा के बोरा भोजनालय में और इसके बाद आग विजय कार्की की दुकान कार्की मेडिकल स्टोर, व उमेद सिंह बोरा के बोरा जनरल स्टोर में धमक गई। चार दुकानों में लगी आग लपटों ने इन दुकानों के ऊपर बने लकड़ी के मकान को भी अपने कब्जे में ले लिया। बताया जा रहा हैं कि यह सब किराए की दुकान व मकान है। वहीं आस-पास के लोग अपने घरों से आग को बुझाने का प्रयास करते रहे लेकिन आग कम नही हुई। आग की लपटें देखकर आस-पास स्थित घर व दुकान वालों ने भी दुकान खाली करनी शुरू कर दी। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची फायर बिग्रेड तथा मंगल पड़ाव पुलिस व कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। स्थानीय लोगों व फायर बिग्रेड की 6 गाड़ियों ने चार पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बुमश्किल आग पर काबू पाया। साथ ही पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई।

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राख में अपने बेटे के अंश तलाशता बेबश पिता…

नवीन समाचार, लालकुआं, 20 अप्रैल 2019। मोतीनगर बेरीपड़ाव गोला गेट के पास अचानक आग लगने से गौला श्रमिकों की करीब आधा दर्जन झोपडियां जलकर खाक हो गयीं। स्थिति ऐसी भयावह रही कि बेबश पिता को राख में अपने नवजात 16 दिन के मासूम बच्चे की अंश तलाशने पड़े। पुलिस ने शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए हल्द्वानी भेज दिया है।
शनिवार को प्रातः लगभग 10.30 बजे बेरीपड़ाव के गौला नदी के खनन निकासी गेट में खनन कार्य करने वाले मजदूर महेंद्र पाल पुत्र अगुन पाल उम्र 35 वर्ष निवासी खुशी नगर गोरखपुर की झोपड़ी को खाना बनाने के दौरान चूल्हे में जल रही आग ने चपेट में ले लिया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। मजदूरों ने आग को बुझाने का भरपूर प्रयास किया लेकिन तेज हवा के कारण आग बढ़ती चली गई, और आग की चपेट में आने से महेंद्र पाल का 16 दिन के नवजात बेटे राजा की भी मौके पर ही जल कर मौत हो गई। सूचना के बाद चौकी इंचार्ज विमल कुमार मिश्रा अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे उनकी सूचना से सेंचुरी पेपर मिल व दमकल विभाग की दो गाड़ियों ने बमुश्किल आदमी काबू पाया। जिस वक्त झोपड़ी में आग लगी महेंद्र कुमार की पत्नी चूल्हे में खाना रख पानी लेने गई हुई थी और महेंद्र गौला नदी में मजदूरी करने गए थे। महेंद्र यहां अपनी पत्नी व दो बेटे व एक बेटी के साथ रहता था आग लगने से महेंद्र के दो बच्चे तो किसी तरह बच गए मगर 16 दिन का राजा आग की चपेट में बुरी तरह जल गया जिस वजह से उसकी मौत हो गई। जिस वक्त आग लगी भीषण अग्निकांड और श्रमिकों के आवास भी चपेट में आ गए जिसमें खाद्य सामग्री के साथ आवश्यक चीजे भी आग की भेंट चढ़ गई। चौकी इंचार्ज विमल कुमार मिश्रा ने बताया कि शव का पंचनामा भर शव को पोस्टमार्टम के लिए हल्द्वानी भेज दिया है। उल्लेखनीय है कि झारखण्ड, यूपी, बिहार व अन्य राज्यों से खनन कार्य करने आने वाले मजदर विगत कई वर्षों से मोटाहल्दू, हल्दूचौड़, गोरापडाव व बेरीपडा़व खनन निकासी गेट के आसपास रहते हैं, और उनकी झोपड़ियों में आग लगना आम बात हो गई है। प्रशासन का इस ओर कोई ध्यान नहीं है जबकि खनन से जिला खनन फंड में करोड़ों रुपए हैं जिसका कोई उपयोग नहीं किया जा रहा है।

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नवीन समाचार, खटीमा, 31 मार्च 2019। ऊधमसिंह नगर जिले के खटीमा के निकट जमौर गांव में रविवार को गैस पाइप लीकेज के बाद सिलिंडर फटने से भीषण आग लग गयी। और आग से आधा दर्जन झोपड़ियां व उनमें रखा सामान जलकर खाक हो गया है। ग्रामीणों और फायर ब्रिगेड ने भारी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया है। सूचना पाकर घटना स्थल पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी पहुंचे और नुकसान का जायजा लिया जा रहा है। 

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-अग्निकांड के बाद तेजी से सुचारू हो रही है बीएसएनएल की सेवाएं

रविवार दोपहर बीएसएनएल मुख्यालय में केबलों पर लगी आग बुझाने को जुटे अग्निशमन कर्मी।

नवीन समाचार, नैनीताल, 25 मार्च 2019। जिला-मंडल मुख्यालय नैनीताल स्थित बीएसएनएल के मुख्यालय में रविवार दोपहर लगी आग में वास्तव में नुकसान नहीं हुआ है, और 25 घंटों के भीतर ही बीएसएनएल के अभियंताओं व कर्मचारियों ने स्थितियों को काफी हद तक सामान्य कर लिया है।
बीएसएनएल के मंडलीय अभियंता विनोद कुमार भसीन ने बताया कि सभी मोबाइल फोन संयोजनों एवं लीज लाइनों को सुचारू कर दिया गया है। साथ ही करीब 3500 में से 1500 लैंड लाइन फोन भी सुचारू कर दिये गये हैं। यह सुचारू किये गये लैंड लाइन फोन चार में से दो रैकों के हैं, जबकि शेष दो रैकों में शामिल करीब 2000 खराब फोनों को भी अलग-अलग टीम बनाकर ठीक किया जा रहा है। उम्मीद है कि यह सब भी रात्रि या मंगलवार सुबह तक सुचारू हो जाएंगे। इसके अलावा ब्रॉड बैंड के करीब 350 नंबरों के भी शाम पांच बजे तक सुचारू होने एवं शेष करीब 1000 को रात्रि तक ठीक करने की कोशिश की जा रही है। श्री भसीन ने बताया कि इसके अलावा निगम की प्राथमिकता चुनाव कार्यालय, जिलाधिकारी कार्यालय एवं उत्तराखंड हाईकोर्ट के नंबरों को ठीक करने की है, जो कि शीघ्र सुचारू कर दिये जाएंगे। नुकसान के बाबत पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि निगम को अग्निकांड की घटना से अधिक नुकसान नहीं हुआ। गनीमत रही कि प्राइवेट कंपनी की ओर से लगे सौर पैनल एवं कुछ केबलों को ही नुकसान पहुंचा, और बीएसएनएल के मुख्य उपकरण फुंकने से बच गये।

उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व बीएसएनएल के मुख्यालय स्थित सी-डॉट एक्सचेंज में रविवार दोपहर हुए अग्निकांड में सीटीआर एवं दो अन्य कमरों के उपकरण एवं सौर पैनल तथा इसकी केबलों के फुंकने से करीब एक करोड़ रुपये के खर्च की जानकारी आई थी। साथ ही इस अग्निकांड में यहां से जुड़े करीब 40 हजार मोबाइल, करीब 3500 लैंडलाइन, 1400 ब्रॉडबैंड संयोजन सहित करीब 45 हजार उपभोक्ताओं की सहित जिला मुख्यालय के सूचना केंद्र-एनआईसी, लोक सभा चुनाव की व्यवस्थाओं, उत्तराखंड उच्च न्यायालय, जिला मुख्यालय व कुमाऊं कमिश्नरी कार्यालय, बैंक, पोस्टऑफिस, एलआईसी आदि की सेवाएं व एटीएम आदि की सेवाएं अनिश्चितकाल तक के लिए ठप होने की बात कही जा रही थी।

पूर्व समाचार : सरोवरनगरी स्थित बीएसएनएल मुख्यालय में लगी आग, मोबाइल-लेंडलाइन, ब्रॉडबेंड आदि समस्त सेवाएं अनिश्चितकाल के लिए ठप

नवीन समाचार, नैनीताल, 24 मार्च 2019। जिला-मंडल मुख्यालय नैनीताल स्थित बीएसएनएल के मुख्यालय में रविवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे आग लग गयी। बताया गया है कि आग बीएसएनएल के मुख्यालय स्थित सर्वर रूम में लगी और इससे महत्वपूर्ण केबल लाइनें जलकर खाक हो गयीं। सूचना मिलने पर अग्निशमन विभाग के कर्मी फायर स्टेशन ऑफीसर कैलाश जाटव के नेतृत्व में मौके पर पहुंचे। सर्वप्रथम बिजली की आपूर्ति को कटवाया गया, बावजूद प्लास्टिक की केबलों में आग लगी होने की वजह से सर्वर रूम में भीतर घुसना संभव नहीं हुआ। इस पर अग्निशमन कर्मी ‘बीएएस’ यानी ब्रीदिंग एप्रेटस सेट पहनकर पीठ पर ऑक्सीजन सिलेंडर बांधकर सर्वर रूम में गये और पानी डालकर आग बुझाई। लेकिन आग बुझाने से पहले ही सर्वर रूम की समस्त केबल लाइनें जल चुकी थीं, जिस कारण मुख्यालय सहित मुख्यालय सहित आसपास के क्षेत्रों में यहां से जुड़ी मोबाइल, लैंडलाइन व ब्रॉडबेंड सेवाएं पूरी तरह से अनिश्चितकाल के लिए ठप हो गयी हैं। सेवाएं कब बहाल होंगी, फिलहाल बीएसएनएल के अधिकारी यह बताने की स्थिति में नहीं हैं।

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नवीन समाचार, हल्द्वानी, 16 मार्च 2019।  हल्द्वानी मंडी में बीती रात्रि भीषण अग्निकांड हो गया अग्निकांड में कम से कम 4 गोदाम सहित एक जनरेटर, एक चार एवं एक दो पहिया वाहन भी जलकर खाक हो गए।  बताया गया है कि रात करीब 2:15 बजे आग सबसे पहले नाजिम नाम के कारोबारी के बारदाना गोदाम से शुरू हुई और बाद में इसने परवेज व भोलानाथ केसरवानी सहित 1 दर्जन कारोबारियों के गोदामों को भी अपने कब्जे में ले लिया। आग में कुछ लोगों के झुलसने की भी खबरें हैं। उन्हें हल्द्वानी के बेस अस्पताल में इलाज के लिए भेजा गया है। आग लगने की घटना से क्षेत्र में बुरी तरह से अफरा-तफरी फैल गई। अग्निशमन दस्ते को भी घटनास्थल तक पहुंचने में करीब 15 मिनट की देरी हुई। तब तक स्थानीय लोगों ने खुद ही आग बुझाना प्रारंभ कर दिया था।  बाद में फायर ब्रिगेड की एक दर्जन गाड़ियां आग बुझाने में जुटी। गनीमत रही कि आग आगे नहीं बड़ी वरना हल्द्वानी का पूरा मंडी क्षेत्र आग की चपेट में आ सकता था।आग के कारणों का पता नहीं चला है विस्तृत विवरण की प्रतीक्षा है।

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-पुराने बिक्री कर कार्यालय भवन में लगी आग, जिला प्रशासन है आग से खाक हुए भवन का कस्टोडियन

नवीन समाचार, नैनीताल, 4 मार्च 2019। जिला-मंडल मुख्यालय नैनीताल में सोमवार शाम मल्लीताल स्थित शत्रु संपत्ति मेट्रोपोल होटल परिसर में देर शाम करीब सात बजे भीषण आग लग गई। आग मुख्य होटल भवन के बजाय इसके पीछ की ओर स्थित लकड़ी के उस भवन की दूसरी मंजिल में लगी जो पूर्व में बिक्री कर विभाग का कार्यालय था, और वर्तमान में इसका कस्टोडियन जिला प्रशासन है। आग बेहद विकराल थी। आग की लपटें पूरे नगर से नजर आ रही थीं। बाद में आग इस दौरान हुई मूसलाधार बारिश व ओलावृष्टि के कारण आसानी के बुझ गयी।
आग चूंकि शत्रु संपत्ति में लगी थी, इसलिये आग लगने की खबर से प्रशासन में भी हड़कंप मच गया। प्रशासन की ओर से जिला विकास प्राधिकरण के सचिव हरबीर सिंह भी मौके पर पहुंचे, वहीं अग्निशमन और पुलिस महकमे के जवानों ने भी मौके पर पहुंचकर आग बुझाने में मदद की।

आग नशेड़ियों की हरकत मानी जा रही, आकाशीय बिजली भी कही जा रही
नैनीताल। शत्रु संपत्ति मेट्रोपोल होटल के बारे में लंबे समय से बताया जा रहा है कि यह स्थान स्मैक एवं अन्य नशे करने वालों का अड्डा बना हुआ है। माना जा रहा है कि आग इन्हीं नशेड़ियों के द्वारा लगाई गयी होगी, अथवा किन्हीं अन्य लोगों के द्वारा कड़ाके की ठंड के दौरान आग जली छोड़ देने से आग लगी होगी। क्योंकि जिस भवन में आग लगी है वहां बिजली का कोई संयोजन भी नहीं है। वहीं कुछ लोग आकाशीय बिजली गिरने को भी आग का कारण बता रहे हैं, हालांकि आकाशीय बिजली गिरने जैसी जोरदार आवाज सुनने की पुष्टि कोई नहीं कर रहा है। इसलिए इतना साफ है कि आग किसी बाहरी कारण से ही लगी है।
अपने दौर का सबसे बड़ा होटल था मेट्रोपोल, यहीं जिन्ना ने मनाया था हनीमून
नैनीताल। नगर के अपने दौर के सबसे बड़े 41 कमरे के मेट्रोपोल होटल का निर्माण मि. रेंडल नाम के अंग्रेज ने किया था। बाद में यह राजा महमूदाबाद की संपत्ति हो गई। देश की आजादी के बाद यह संपत्ति राजा के इकलौते चश्मो-चिराग राजा अमीर मोहम्मद खान के हिस्से आयी, लेकिन इस पर अनेक लोगों का कब्जा रहा। इनमें से एक प्रमुख श्री लूथरा 1995 तक इसे होटल के रूप में चलाते रहे। वर्ष 2005 में न्यायिक प्रक्रिया के बाद इसे प्रशासन द्वारा शत्रु संपत्ति घोषित कर तथा कब्जे छुड़वाकर राजा के हवाले कर दिया गया, लेकिन बाद में दो अगस्त 2010 को न्यायालय के आदेशों पर इसे वापस जिला प्रशासन ने बतौर कस्टोडियन कब्जे में ले लिया था। इसी होटल में पाकिस्तान के जनक मोहम्मद अली जिन्ना ने दूसरी शादी करके हनीमून मनाया था।
लाखों की आय के बावजूद सुरक्षा के कोई प्रबंध नहीं, 2013 में भी हुआ था अग्निकांड
नैनीताल। अरबों रुपये की प्रशासन के कब्जे वाली शत्रु संपत्ति मेट्रोपोल होटल में 26 नवम्बर 2013 की रात्रि भी भीषण अग्निकांड हो गया था, जिसमें होटल के बॉइलर रूम व बैडमिंटन कोर्ट तथा 14 कमरों वाला हिस्सा कमोबेश खाक हो गया था। तब भी होटल में कोई सुरक्षा प्रबंध नहीं थे और इसके बाद भी प्रशासन ने इसकी सुरक्षा के कोई प्रबंध नहीं किये हैं। गौरतलब है कि इस संपत्ति के मैदान को प्रशासन पार्किग के रूप में प्रयोग करता है, जिससे लाखों रुपये की आय भी प्राप्त होती है। लेकिन सुरक्षा के कोई प्रबंध नहीं हैं।

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-स्थानीय लोगों ने आपसी सहयोग का अनुकरणीय उदाहरण देकर बुझायी आग
नवीन समाचार, नैनीताल, 12 दिसंबर 2018। नगर के घने बसे पॉपुलर कंपाउंड-स्टाफ हाउस क्षेत्र में बुधवार देर शाम एक घर में आग लगने से दहशत फैल गयी। जिस स्थान पर आग लगी थी वहां अग्निशमन दस्ते के पहुंचने की गुंजाइश नहीं थी। ऐसे में स्थानीय लोगों ने आपसी सहयोग का अनुकरणीय उदाहरण पेश करते हुए धधकती हुई आग को अपनी जान की परवाह किये बिना घुसकर बुझा दिया। इस कोशिश में सबसे पहले दुर्घटनाग्रस्त घर के साथ ही आस पास के घरों की रसोइयों में रखे गैस सिलेंडर भी हटाये गये।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग बुधवार शाम करीब साढ़े छह बजे के करीब नगर के सनवाल स्कूल में कार्यरत राजवीर नाम के व्यक्ति के टिन के बने कच्चे घर में लगी, और आग ने देखते ही देखते पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी अधिक थी कि इसकी लपटें दूर-दूर से देखी जा रही थीं। सूचना लगते ही पहुुचे स्थानीय सभासद सागर आर्या व राजू टांक के साथ ही मनोज, आशू, सचिन वाल्मीकि, अमित, नदीम, वाहिद, गौरव, सरताज, मो. इब्राहीम शहजाद आदि अन्य लोगों ने जुटकर और अपने घरों से पानी लाकर व धूल-मिट्टी डालकर आग पर काबू पाया। इस बीच क्षेत्र की बिजली काट दी गयी। सूचना मिलने पर मल्लीताल कोतवाली से वरिष्ठ उप निरीक्षक बीसी मासीवाल एवं अन्य पुलिस कर्मी तथा पूर्व सभासद कैलाश अधिकारी व भाजपा के नगर अध्यक्ष मनोज जोशी भी मौके पर पहुंचे और प्रभावित परिवार को ढांढस बंधाया।

बताया गया है कि स्टाफ हाउस क्षेत्र में  राजबीर वाल्मीकि पुत्र रोशन लाल के घर में पत्नी मुनेश देवी (40) समेत बेटी पूजा, अमन व भतीजे रोहित, अमित भी रहते हैं। घटना में उनके घर में रखा फ्रिज, टीवी, अल्मारी, पलंग, बिस्तर, अल्मारी उसमें रखा सामान समेत किचन में रखा खाने आदि का सामान भी जल गया। साथ ही बगल के कक्ष में रहने वाले उनके किरायेदार कृष्णकुमार, अर्जुन, दीवान राम का सामान भी खाक हो गया।

ठंड में खुले आसमान के नीचे आया प्रभावित परिवार
नैनीताल। आग से घर का सारा सामान खाक हो गया, और प्रभावित परिवार के सिर से छत छिन गयी। फलस्वरूप परिवार खुले आसमान के नीचे आ गया है। स्थानीय लोगों ने फिलहाल उन्हें शरण दी है। प्रभावित परिवार को आर्थिक मदद की गुहार लगायी जा रही है। घर में गृह स्वामी राजवीर, उसकी पत्नी, पुत्र अमित सहित दो अन्य छोटे पुत्र-पुत्री के साथ ही अन्य रिश्तेदार के दो बच्चे भी रहते बताये गये हैं।

नैनीताल के एक प्रतिष्ठान में आग से 10 लाख की नगदी सहित 50 लाख का सामान खाक

नैनीताल। नगर के माल रोड पर मेथोडिस्ट चर्च के नीचे स्थित प्रतिष्ठान ‘बनारसी पान भंडार एवं गिफ्ट सेंटर’ में 10 लाख रुपए की नगदी सहित करीब 50 से 60 लाख रुपए के सामान का नुकसान होने का अनुमान है। आग लगने की घटना बृहस्पतिवार रात्रि साढ़े 11 बजे के आसपास शुरू हुई, जिसके केवल करीब आधा घंटा पहले ही दुकान कर्मी दुकान बंद करके घर गये थे। आग का कारण साफ तौर पर बिजली के ‘शॉर्ट सर्किट’ होना माना जा रहा है। दुकान के दोमंजिले की टिन की छत के ठीक ऊपर से पड़ोस में स्थित सरोवर होटल एवं इसके नीचे की तीन दुकानों की बिजली की केबिलें जा रही थीं, जबकि बिजली का पोल दुकान से सटकर खड़ा है। आग लगने की सूचना राहगीरों ने दी, लेकिन जब तक दुकान स्वामी सारिका चौरसिया व कर्मी घर से दुकान पर पहुंचते व अग्निशमन बल आग बुझाने में जुटते आग विकराल रूप ले चुकी थी। इस कारण कोई दुकान के अंदर घुसने की हिम्मत भी नहीं जुटा पाया। इस वजह से दुकान में मौजूद करीब 10 लाख रुपए की नगदी को भी नहीं बचाया जा सका। बताया गया है कि दुकान में कपड़ों का गोदाम भी था और एक दिन पूर्व ही सामान लाया गया था, और भुगतान के लिए नगदी के साथ ही कुछ चेक भी तैयार रखे गये थे।

बिजली के पोल से सटी आग से खाक हुई दुकान

 

दुकान स्वामी सारिका पर लगातार टूट रहे दुःखों के पहाड़

नैनीताल। चौरसिया पान भंडार को सारिका चौरसिया नाम की महिला चार वर्ष पूर्व अपने युवा पति राजू चौरसिया के असामयिक निधन के बाद से चला रही है। उनके दो बच्चे हैं, बेटा 12वीं व बेटी सातवीं कक्षा में पढ़ती है। पति की मृत्यु के दुःख को भुलाकर वह घर-परिवार, बच्चों व दुकान की अनेक जिम्मेदारियों को दुकान पर 38 वर्ष से अनवरत कार्य कर रहे कर्मी गोपाल बिष्ट की मदद से निभा रही हैं। आज की घटना के बाद सारिका के आंसू बरबस निकल रहे हैं। दुःखद बात यह भी है कि दुकान का किसी तरह का कोई बीमा भी नहीं है।

इधर संवेदनशीलता प्रदर्शित करते हुए जिले के डीएम विनोद कुमार सुमन एवं सीडीओ ने भी अग्निदुर्घटना से प्रभावित दुकान पर पहुंचकर दुकान स्वामी महिला को सांत्वना एवं दैवीय आपदा मद से हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया।

पत्नी वियोग में जलती आग में कूदा प्रतिष्ठित परिवार का युवक

-बीते वर्ष ही हुआ था विवाह, विवाह के कुछ ही दिनों साथ रहकर पत्नी चले गयी थी मायके
नैनीताल, 3 मार्च 2018। नगर के प्रतिष्ठित परिवार का युवक बीती रात्रि घर में लगी आग में जलकर जिंदा भुन गया। युवक का विवाह बीते वर्ष ही 28 अप्रैल 2017 को हुआ था, और विवाह के बाद कुछ ही दिन साथ रहने के बाद उसकी पत्नी मायके चली गयी थी। बताया गया है कि तभी से वह गहरे अवसाद में था।

घटनाक्रम के अनुसार शुक्रवार रात्रि करीब 12 बजे नगर के शेरवानी लॉज क्षेत्र में अज्ञात कारणों से जबर्दस्त आग लग गयी। घर में नगर पालिका के अध्यक्ष पद के लिए भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुकी विद्या भास्कर पत्नी स्वर्गीय मदन लाल भास्कर (पूर्व सहायक शिक्षाधिकारी) अपने पुत्र पंकज कुमार (37) के साथ रहती थीं। आग लगने के बाद दोनों घर से बाहर निकल आए, और स्थानीय लोगों की मदद से आग बुझाने का प्रयास हुआ। आग न बुझने व विकराल रूप लेने पर करीब एक बजे आग की सूचना अग्निशमन विभाग को एवं कालाढुंगी रोड पर रहने वाली वाणिज्य कर विभाग में उपायुक्त के पद पर कार्यरत बेटी एवं नैनीताल जिले के मुख्य विकास अधिकारी प्रकाश चंद्र व दूसरे बेटे गदरपुर (ऊधमसिंह नगर) में ग्राम विकास अधिकारी के पद पर कार्यरत विमल कुमार आदि को दी गयी, तथा वे करीब डेढ़ बजे मौके पर पहुंचे। इस बीच आग को अन्य सटे हुए घरों में फैलने से बचाने के लिए टिन की छत को तोड़ने व खास कर घर के भीतर मौजूद गैस सिलेंडरों को बाहर निकालने, के काम में व्यस्त लोगों के बीच से पंकज किसी समय धधकती आग से घिरे घर के भीतर चला गया, और किसी तरह चीखा-चिल्लाया भी नहीं। स्थिति यह रही कि आग के करीब-करीब बुझने के बाद सुबह चार-साढ़े चार बजे उसके धधकते घर के भीतर होने का पता चला। तब तक वह बुरी तरह से भुन चुका था। सुबह करीब सात बजे उसके शव को घर से बाहर लाया जा सका। वहीं करीब 12-13 वर्ष पूर्व घर की दूसरी मंजिल कमोबेश भष्म हो चुकी है। आग बुझाने में अग्निशमन विभाग व एसडीआरएफ के जवानों के साथ ही क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता भूपेंद्र बिष्ट, पप्पू भट्ट, राम सिंह रौतेला, हरीश जोशी, गोपाल मेहरा, प्रताप बिष्ट आदि ने उल्लेखनीय योगदान दिया। घर में सुबह नौ बजे भी आग की लपटें उठती देखी गयीं। वाहनों के लिए तीक्ष्ण चढ़ाई का मार्ग होने की वजह से अग्निशमन विभाग के वाहन चढ़ने में दिक्कत आई, जबकि पेयजल की हो रही कटौती के कारण पानी भी उपलब्ध नहीं हुआ। आसपास के लोगों ने अपनी पानी की टंकियां खाली कर आग बुझाने में योगदान दिया।

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मंगलवार को होने वाले अधिकांश अग्निकांडों में खाक हुए हैं कई विरासत महत्व के भवन

नैनीताल। इसे दुर्योग कहें या कुछ और, नैनीताल के ऐतिहासिक भवनों और आग का मानो चोली दामन का साथ है, वहीं यह भी अजब संयोग है कि यहां आग की अमंगलकारी घटनाएं अक्सर मंगलवार को होती हैं। उस मंगलवार को, जिसे धार्मिक दृष्टिकोण से पंचतत्वों में अग्नि से जोड़ा जाता है। नैनीताल नगर का नाम ‘न” वर्ण से शुरू होने के नाते इस नगर की राशि बृश्चिक है, जिसका स्वामी मंगल होता है। मंगल ग्रह को लाल ग्रह, भूमि पुत्र व अंगारक भी कहा जाता है, लिहाजा मंगल का अग्नि से सीधा संबंध बताया जाता है। नैनीताल में मंगल और आग के बीच का यह संबंध अनेक एतिहासिक भवनों में हुए भीषण अग्निकांडों के रूप में दिखाई देता है। नैनीताल जिला कलक्ट्रेट 5 अक्टूबर 2010 एवं राजभवन में 2 अप्रेल 2013 के अग्निकांड मंगलवार को ही हुए थे। गौरतलब है कि मंगल को लाल ग्रह भी कहा जाता है, तथा अग्नि से उसका सीधा संबंध बताया जाता है। 5 अक्टूबर 2010 जिला कलक्ट्रेट को भीषण अग्निकांड का शिकार होना पड़ा था, उस दिन भी मंगल ही था।
इसके अलावा भी नगर में अग्नि दुर्घटनाएं होती रहती हैं। 1960 के दशक में जिम कार्बेट का कैलाश व्यू (हाडी-भांडी), शेरवुड के निकट क्लिफ्टन, 70 के दशक में तत्कालीन सेक्रेटरिएट (वर्तमान हाईकोर्ट), 27 नवंबर 1977 को नैनीताल क्लब, 1992 में डीएसबी परिसर का भौतिक विज्ञान विभाग, 2003 में राजभवन के एक हिस्से, 14 सितंबर 2013 को नयना देवी मंदिर के पास गोवर्धन संकीर्तन हॉल एवं 26 अक्टूबर 2013 की मध्य रात्रि नगर स्थित राजा महमूदाबाद अमीर मोहम्मद खान की प्रशासन के कब्जे वाली अरबों रुपए की ‘शत्रु संपत्ति”-मेट्रोपोल होटल का बॉइलर रूम व बैडमिंटन कोर्ट तथा 14 कमरों वाला हिस्सा पूरी तरह खाक हो गया था। इसके अलावा अयारपाटा का प्रायरी लॉज, हटन कॉटेज व वियना लॉज (धामपुर हाउस) में भी भीषण अग्निकांड हुए।

केएमवीएन मुख्यालय में भीषण अग्निकांड

 

29 अक्टूबर 2015 को हुए भीषण अग्निकांड के बाद कुमाऊँ मंडल विकास निगम का मुख्यालय

-गैस, मार्केटिंग, खनन व कम्प्यूटर रूम आदि युक्त ऊपरी मंजिल पूरी तरह खाक, कर्मचारी निचली मंजिल से आग के बीच घुसकर दस्तावेजों को बाहर लाने में रहे सफल
नैनीताल, 29 अक्टूबर 2015। बृहस्पतिवार सुबह तड़के नैनीताल स्थित कुमाऊं मंडल विकास निगम को अंग्रेजी दौर के बने विरासत महत्व के ओक पार्क स्थित ओक लॉज भवन कहे जाने वाले मुख्यालय में भीषण अग्निकांड हो गया। अग्निकांड में मुख्यालय की दूसरी मंजिल पूरी तरह से खाक हो गई, जबकि निचली मंजिल से हालांकि काफी उपयोगी सामग्री कर्मचारियों ने जान जोखिम में डालकर सक्रियता व तेजी बरतते हुए सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन वह भी उपयोगी नहीं बची है। ऊपरी मंजिल में स्थित निगम के सर्वाधिक आय व लाभ प्रदान करने वाली एकमात्र इकाई गैस का पूरा डिवीजन खाक हो गया है, इसी तरह निगम के एमडी, अध्यक्ष व उपाध्यक्ष तथा कार्मिक अधिकारी आदि के कार्यालय, मार्केटिंग से संबंधित खनन, जड़ी-बूटी, एफएल-2, कंपनी सेक्रेटरी कार्यालय व कम्प्यूटर कक्ष आदि भी पूरी तरह से खाक हो गए हैं।

 
कुमाऊँ मंडल विकास निगम का मुख्यालय अग्निकांड से पहले
कुमाऊँ मंडल विकास निगम का मुख्यालय अग्निकांड से पहले

नैनीताल। 1976 में स्थापित केएमवीएन का मुख्यालय पूर्व में वर्तमान हाईकोर्ट व तत्कालीन सेक्रेटरिएट में संचालित था। बताया जाता है कि उत्तराखंड बनने की संभावनाओं और सेक्रेटरिएट में नए राज्य का सेक्रेटरिएट या हाईकोर्ट संचालित किए जाने की संभावनाओं के बीच इसे वहां से हटाकर राज्य संपत्ति विभाग व लोनिवि की संपत्ति रहे ओक पार्क स्थित ओक लॉज हाउस में नवंबर 1995 से इसे संचालित किया जाने लगा। इधर वर्ष 2010में यह भवन निगम को हस्तांतरित हुआ था। इससे पूर्व 1935 में देश में ब्रिटिश राज में अंतरिम सरकार बनने के दौरान भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत भी इस घर में रहे थे।

सूखाताल टीआरएच से चलेगा निगम मुख्यालय, नवंबर 95 से यहां संचालित था निगम मुख्यालय
नैनीताल। ओक पार्क स्थित कार्यालय बृहस्पतिवार सुबह अग्निकांड में खाक होने के बाद इसके प्रतिस्थापन का खाका भी खींच लिया गया है। निगम के प्रबंध निदेशक धीराज गर्ब्याल ने कहा कि शीघ्र ही मुख्यालय को सूखाताल स्थित पर्यटक आवास गृह से संचालित किया जाएगा। यहां हाल में डांडी हाउस के टूटने के बाद से संचालित हो रहे केंद्रीय रिजर्वेशन सेंटर के साथ ही निचले तल में मुख्यालय के अलग-अलग खंड चलाए जाएंगे। जरूरत पड़ने पर केवर्न रेस्टारेंट के कुछ हिस्से का उपयोग भी किया जा सकता है। इसके अलावा वर्तमान मुख्यालय को फिर से पुराने स्वरूप में ही पुर्नस्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यालय स्थानांतरित होने से निगम अपने दायित्वों पर प्रभाव नहीं पड़ने देगा, ऐसी कोशिश की जाएगी। कर्मचारियों के सर्विस बुक तरह के प्रपत्र कमोबेश सुरक्षित हैं, इसलिए उन्हें भी चिंता करने की जरूरत नहीं है। अलबत्ता, उनकी एक वर्ष के भीतर निगम के सभी टीआरएच को आधुनिक करने की मुहिम पर हल्का प्रभाव पड़ सकता है।

कागजों पर गायब हुआ केएमवीएन, धरातल पर हुआ चालू
नैनीताल। बृहस्पतिवार को भीषण अग्निकांड में कुमाऊं मंडल विकास निगम का मुख्यालय बुरी तरह से क्षतिग्रस्त ही नहीं हुआ, वरन कागजों पर निगम का अस्तित्व ही समाप्त हो गया है। जी हां, इस दुर्घटना में 1976 में स्थापित निगम के कंपनी रजिस्ट्रार से रजिस्ट्रेशन के उपरांत प्राप्त सर्वाधिक महत्वपूर्ण एवं निगम को एक प्रतिष्ठान-कंपनी के रूप में मान्यता देने वाला फ्रेम कर संभाला गया इनकॉर्पोरेशन प्रमाण पत्र तथा 1976 से अब तक कंपनी एक्ट के तहत बेहद जरूरी वर्ष में चार बार होने वाली बोर्ड बैठकों के ‘मिनट्स’ भी जलकर खाक हो गए हैं। कंपनी सचिव अनिल आर्य ने शुक्रवार को इसकी जानकारी निगम के एमडी धीराज गर्ब्याल को देकर पुलिस में इसकी एफआईआर करा दी है। उनका कहना था कि इन प्रपत्रों की अनुपस्थिति में निगम कागजों में एक कंपनी के रूप में नहीं रह गया है। हालांकि उन्होंने बताया कि इसकी फोटो स्टेट कॉपी ढूंढ ली गई है, जिसके जरिए इसकी दूसरी कॉपी हासिल करने का प्रयास किया जाएगा। इसी तरह अन्य अनेकों दस्तावेज भी आग की भेंट चढ़ गए हैं।

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मेरा जन्म 26 नवंबर 1972 को हुआ था। मैं नैनीताल, भारत में मूलतः एक पत्रकार हूँ। वर्तमान में मार्च 2010 से राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक समाचार पत्र-राष्ट्रीय सहारा में ब्यूरो चीफ के रूप में कार्य कर रहा हूँ। इससे पहले मैं पांच साल के लिए दैनिक जागरण के लिए काम कर चुका हूँ। कुमाऊँ विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग से ‘नए मीडिया’ विषय पर शोधरत हूँ। फोटोग्राफ़ी मेरा शौक है। मैं NIKON COOLPIX P530 और अडोब फोटोशॉप 7.0 के साथ फोटोग्राफी कर रहा हूँ। फोटोग्राफी मेरे लिए दुनियां की खूबसूरती को अपनी ओर से चिरस्थाई बनाने का बहुत छोटा सा प्रयास है। एक फोटो पत्रकार के रूप में मेरी तस्वीरों को नैनीताल राजभवन सहित विभिन्न प्रदर्शनियों में प्रस्तुत किया गया, तथा उत्तराखंड की राज्यपाल श्रीमती मार्गरेट अलवा द्वारा सम्मानित किया गया है। कुछ चित्रों को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हो चुके हैं। गूगल अर्थ पर चित्र उपलब्ध कराने वाली पैनोरामियो साइट पर मेरी प्रोफाइल को 18.85 Lacs से भी अधिक हिट्स प्राप्त हैं।पत्रकारिता और फोटोग्राफी के अलावा मुझे कवितायेँ लिखना पसंद है। काव्य क्षेत्र में मैंने नवीन जोशी “नवेन्दु” के रूप में अपनी पहचान बनाई है। मैंने बहुत सी कुमाउनी कवितायेँ लिखी हैं, कुमाउनी भाषा में मेरा काव्य संकलन उघड़ी आंखोंक स्वींड़ प्रकाशित हो चुका है, जो कि पुस्तक के के साथ ही डिजिटल (PDF) फार्मेट पर भी उपलब्ध होने वाली कुमाउनी की पहली पुस्तक है। मेरी यह पुस्तक गूगल एप्स पर भी उपलब्ध है। ’ यहां है एक पत्रकार, लेखक, कवि एवं छाया चित्रकार के रूप में मेरी रचनात्मकता, लेख, आलेख, छायाचित्र, कविताएं, हिंदी-कुमाउनी के ब्लॉग आदि कार्यों का पूरा समग्र। मेरी कोशिश है कि यहां नैनीताल, कुमाऊं, उत्तराखंड और वृहद संदर्भ में देश की विरासत, संस्कृति, इतिहास और वर्तमान को समग्र रूप में संग्रहीत करने की….।मेरे दिल में बसता है, मेरा नैनीताल, मेरा कुमाऊं और मेरा उत्तराखंड

2 thoughts on “शनिवार को हल्द्वानी से बेरीपड़ाव तक आग का रहा शोर, आधा दर्जन झोपड़ियों संग दंपति ने 16 दिन का नवजात गंवाया, चार दुकानों व एक घर में भी लगी आग

  • April 20, 2018 at 9:09 PM
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    your information about money is totally wrong you have posted wrong information about money. according to the owner there was not that much cash in the shop.

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    • April 20, 2018 at 10:43 PM
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      प्रेस को यही जानकारी दी गयी दुकान स्वामी के द्वारा.. अब शायद इनकम टैक्स-जीएसटी सम्बन्धी दिक्कतें होंगी.. हम सुधार भी कर देंगे, अगर वे कहें तो..

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