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उत्तराखंड में भयावह तरीके से हो रही मानसूनी बारिश, मां-बेटी सहित तीन की मौत, चार की तलाश जारी

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डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 19 जुलाई 2021। उत्तराखंड में रविवार रात्रि से लगातार मानसूनी वर्षा हो रही हैं। इससे नदी, नाले, गाड़-गधेरे उफन आए हैं, और ये मानव जीवन के लिए जानलेवा भी साबित भी हो रहे हैं। बीते कुछ घंटों में ऐसी सबसे बड़ी घटना उत्तरकाशी जिले में सामने आई है। यहां रविवार देर रात बादल फटने के बाद मांडो गांव में मां-बेटी सहित तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि एक परिवार के तीन लोगों सहित चार लोग लापता हैं। तीन घायलों को बचाकर चिकित्सालय ले जाया गया है। रात्रि में भी उनकी तलाश की गई, लेकिन अब तक किसी का कुछ भी पता नहीं चला है।

इधर, मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में भी देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और पौड़ी जैसे जिलों में अत्यंत भारी बारिश की संभावना जताई है। राज्य के बाकी हिस्सों में भी भारी से बहुत भारी बारिश के आसार है। मौसम विभाग की ओर से ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग की चेतावनी को सही साबित करते हुए कमोबेश पूरे प्रदेश में बीती शाम से ही लगातार बारिश हो रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार यहां अचानक भागीरथी नदी समेत गाड़-गधेरे उफान पर आ गए। बादल फटने से मांडो, निराकोट, पनवाड़ी और कंकराड़ी गांवों के आवासीय घरों में पानी घुस गया। इससे दो मकान पूरी तरह से ध्वस्त हो गए और 6 लोग मलबे में फंस गए। इनमें से मांडो गांव में तीन लोगों-42 वर्षीया माधुरी पत्नी देवानंद, 38 वर्षीया रितु पत्नी दीपक व 6 वर्षीय ईशू पुत्री दीपक की मौत हो गई। एसडीआरएफ व आपदा प्रबंधन विभाग की टीम ने गणेश बहादुर पुत्र काली बहादुर, रविंद्र पुत्र गणेश बहादुर, रामबालक यादव पुत्र मकुर यादव को रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचाया। घायलों का इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार तीनों खतरे से बाहर हैं। इसके अलावा ग्रामीणों के अनुसार, क्षेत्र में एक ही परिवार के तीन लोग मलबे में दबे हुए हैं। एसडीएम भटवाड़ी देवेंद्र नेगी ने बताया कि मांडो गांव में गदेरे के उफान पर आने से दो मकान ध्वस्त हुए हैं। एक ही परिवार के तीन लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। सर्च ऑपरेशन जारी है। कई जगहों पर वाहनों के बहने की भी सूचना है। घटना की सूचना मिलने के बाद सीएम पुष्कर सिंह धामी ने डीएम को राहत और बचाव कार्य शीर्ष प्राथमिकता पर कराने के निर्देश दिए हैं। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। 

यह भी पढ़ें : बागेश्वर जिले में हुई अतिवृष्टि, 50 नाली से अधिक कृषि भूमि, पुल, घराट, रास्ते बहे

नवीन समाचार, नैनीताल, 17 जुलाई 2021। ढाई वर्ष पूर्व एक बारात में 200 से अधिक लोगों के फूड प्वाइजनिंग की घटना के लिए चर्चा में रहे बास्ती गांव में बीती रात्रि अतिवृष्टि होने की घटना सामने आई है। इस घटना में आधा दर्जन से अधिक ग्रामीणों की लगभग 50 नाली कृषि भूमि और घराट के साथ नहर व रास्ते बह गए और गांव में दहशत का माहौल बन गया। नहर व रास्ते के साथ एक मोटर पुल भी क्षतिग्रस्त हो गया हैं। सूचना मिलने के बाद प्रशासन तहसील प्रशासन गांव की ओर बचाव कार्यों के लिए रवाना हो गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार शुक्रवार रात्रि लगभग दो बजे कांडा तहसील के दूरस्थ, प्रसिद्ध शिखर मंदिर की तलहटी में बसे बास्ती गांव में अतिवृष्टि होने से शिखर की ओर का गधेरा गांव की ओर भयावह तरीके से किनारे खड़े पेड़ों व बोल्डरों को लेकर उफन पड़ा। इसने गांव में भी तबाही मचाते हुए गांव के दान सिंह, मोहन सिंह, पान सिंह, जोगा सिंह, हीरा सिंह, रमेश सिंह व बबलू मेहरा आदि के खेतों की करीब 50 नाली कृषि भूमि को तबाह कर दिया। इसका गड़गड़ाता शोर सुन ग्रामीण रात्रि में ही जाग गए और अपनी जान बचाने की जुगत करते रहे। गनीमत रही कि उफना हुआ गधेरा आबादी से कुछ दूर था, इससे कोई जनहानि होने से बच गई। ग्राम प्रधान केदार सिंह महर ने घटना की सूचना कांडा तहसील प्रशासन को दी है। उपजिलाधिकारी राकेश चंद्र तिवारी की ओर से बताया गया है कि राजस्व विभाग की टीम गांव की ओर रवाना हो गई है। गांव में जन और पशुहानि की सूचना नहीं है। एक मोटर पुल भी क्षतिग्रस्त हुआ है, जबकि एक सामूहिक घराट बह गया है। (डॉ. नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। 

यह भी पढ़ें : भारी बारिश से नैनीताल में दो घरों पर गिरे विशाल बोल्डर, अल्मोड़ा एनएच सहित नैनीताल जनपद की करीब दो दर्जन सड़कें बंद…

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 19 जून 2021। डॉ. नवीन जोशी / नवीन समाचार, नैनीताल, 19 जून 2021। जिला व मंडल मुख्यालय सहित समस्त पर्वतीय क्षेत्रों में पिछले करीब 40 घंटों से मानसून के आने की औपचारिक घोषणा से पहले से कमोबेश लगातार तेज बरसाती बारिश काफी नुकसानदेह साबित हुई है। बारिश की वजह से मुख्यालय में तल्लीताल डीएम आवास से करीब 50-100 मीटर की दूरी पर जॉय विला रोड पर स्थित हैजवार्टन कंपाउंड के दो घरों में लांग व्यू पब्लिक स्कूल के नीचे से विशालकाय बोल्डर गिरे। इनमें से एक बोल्डर तल्लीताल बाजार के चश्मा व्यवसायी परिचय त्रिवेदी के घर की टिन की छत पर गिरा और छत को तोड़ता हुआ नीचे दीवार व दरवाजा तथा रेलिंग आदि तोड़कर घर का एक हिस्सा खुला कर दिया है। इसके अलावा एक अन्य विशाल बोल्डर हाल में दिवंगत हुए मल्लीताल स्थित ताज होटल वाले हाजी सैयद के घर के लिंटर पर गिरा और लिंटर में विशाल छेद कर दिया। इसके अलावा भी अगल-बगल के घरों में इससे छोटे बोल्डर गिरे हैं, और इन घरों में रहने वाले राइंका के प्रवक्ता रमेश जोशी के सहित करीब आधा दर्जन परिवारों के लिए सुरक्षित रहने के लिए अन्यत्र स्थान तलाशने की नौबत आ गई है।

उधर, बारिश की वजह से अल्मोड़ा एनएच नैनी पुल, काकड़ीघाट, दोपाखी व भौर्याबैंड सहित अनेक स्थानों पर भारी मात्रा में मलबा आने के कारण वाहनों के लिए पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। इसके बाद वाहनों को भवाली व खुटानी से क्वारब के लिए डाइवर्ट करके भेजा गया। उल्लेखनीय है कि यह मार्ग पूर्व में चौड़ीकरण के लिए खैरना से काकड़ीघाट के बीच कई जगह पर 90 डिग्री के कोण पर काटकर खतरनाक बना दिया गया है, वहीं अब काकड़ीघाट से आगे क्वारब तक चौड़ा करने के लिए इसी तरह से काटा जा रहा है। गौरतलब है कि चौड़ीकरण से पहले कभी इस तरह एक-दो दिन की बारिश में यह मार्ग बंद नहीं हुआ था। इसके अलावा नैनीताल जनपद में आवागमन की बात करें तो 17 सड़कें बारिश की वजह से भूस्खलन होने के कारण बंद हो गई हैं।

जिला आपदा नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला मुख्यालय की रूसी बाइपास और एरीज मोड़ से एरीज को जाने वाले मार्ग मलबा आने से बंद हो गए हैं। इसी तरह खुटानी-भवाली, भुजान-बेतालघाट, रातीघाट-बेतालघाट, मल्ला रामगढ़ की डाकबंगले को जाने वाली सड़क, गढ़खेत मोटरमार्ग, अंबेडकरगांव-रिखौली, कसियालेख-सूपी, भवाली सेनिटोरियम-सिरोड़ी, काठगोदाम-हैड़ाखान, पंगूट-तल्ला बगड़, कैंची-हरतपा, भौंरसा-पिनरौ, गर्जिया-बेतालघाट, रामनगर-तल्ली सेठी-बेतालघाट आदि सड़कें बंद होने की सूचना है। इधर मुख्यालय में मल्लीताल मेट्रोपोल कंपाउंड क्षेत्र में घरों से सटकर लगा एक बांज का पुराना पेड़ नाले की ओर गिर गया। गनीमत रही कि पेड़ नाले की ओर गिरा अन्यथा इसके घरों पर गिरने से जान-माल की क्षति भी हो सकती थी।

इधर, नैनीताल जिला मुख्यालय में पिछले 24 घंटों में 115 मिमी बारिश दर्ज की गई है। बारिश की वजह से गाड़-गधेरों व नदियों का जल स्तर बढ़ गया है। काठगोदाम बैराज में गौला नदी का जल स्तर 16 हजार क्यूसेक व रामनगर में कोसी नदी का जल स्तर 12,400 क्यूसेक पर पहुंच गया है। इधर नैनी झील का जल स्तर भी पिछले 24 घंटे में 13 इंच बढ़कर 4 फिट 3 इंच हो गया है। वहीं भूस्खलन एवं पेड़ों की शाखाओं के टूटने व उखड़ने की घटनाओं से विद्युत आपूर्ति भी पूरे दिन बाधित रही है। लोग घरों के भीतर कैद रहने को मजबूर हैं, और जनजीवन काफी हद तक प्रभावित हो रहा है।

कैंची धाम में भवाली-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग 87 पर पानी आने से रुका वाहनों का आवागमन।

कैंची धाम में एक माह बाद भी कलमठ न खोलने से सड़क पर फिर आया गधेरा
नैनीताल। बाबा नीब करौरी के कैंची धाम क्षेत्र में गधेरे का पानी एक बार फिर सांई मंदिर के पास भवाली-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग 87 पर आ गया, और इस कारण सड़क पर वाहनों का आवागमन बाधित हो गया। साथ ही सड़क से पानी सड़क के नीचे स्थित प्रेम सिंह कनवाल के खेत में जाकर काफी नुकसान कर गया। बताया गया है कि यहां गत 12 मई हुई भीषण बारिश के बाद अवरुद्ध हुई सड़क को कामचलाऊ तौर पर तो खोल दिया गया, लेकिन इस स्थान पर सड़क के नीचे का कलमठ नहीं खोला। इस कारण ही आज यहां फिर से सड़क पर पानी आ गया। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : एनएच-87 बीरभट्टी पुल पर भारी मात्रा में मलबा आने से ज्योलीकोट-भवाली के बीच बंद

नवीन समाचार, नैनीताल, 20 मई 2021। बृहस्पतिवार को पूरे दिन बिना एक भी पल रुके लगातार हुई बारिश के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग 87 सुबह करीब 10 बजे ज्योलीकोट व भवाली के बीच बीरभट्टी नाम के स्थान पर स्थित वैली ब्रिज अस्थायी पुल के पास मलबा आने से बंद हो गया। बताया गया कि यहां बीरभट्टी से आगे वैली ब्रिज के दूसरी ओर पुल के मुहाने पर भारी मात्रा में पूर्व में काटे गए पहाड़ का मलबा आ गया। काफी देर बाद मलबा हटाने के लिए एक जेसीबी तैनात की गई, किंतु बारिश के लगातार जारी रहने से कार्य प्रभावित रहा। मलबा हटाने पर पहाड़ से और मलबा गिरने की आशंका भी बनी रही। इस दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार भी लग गई। लेकिन मलबा काफी अधिक होने और इसे जल्द हटाए जाने की कोई संभावना न दिखने पर वाहन खुद भी नैनीताल व भीमताल के रास्तों से मुड़कर अपने गंतव्य को रवाना हुए। सूचना मिलने पर ज्योलीकोट, काठगोदाम, तल्लीताल व भवाली पुलिस ने भी वाहनों को इस मार्ग से जाने से रोका।

यह भी पढ़ें : हल्दवानी, रानीबाग, गदरपुर, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, बागेश्वर, चमोली व देहरादून में एनडीआरएफ को जमीन उपलब्ध करवाने का किया अनुरोध

-मुख्यमंत्री ने दिया एनडीआरएफ को हर संभव मदद का आश्वासन
-एनडीआरएफ के कमांडेंट सुदेश कुमार दराल ने कि मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत से की मुलाकात
नवीन समाचार, देहरादून, 16 मई 2021। भारत सरकार द्वारा उत्तराखंड राज्य में बढ़ती आपदाओं को देखते हुए एनडीआरएफ की एक बटालियन को तैनात किया है, जिसका अभी प्रशिक्षण चल रहा है। इसी कड़ी में 15वीं बटालियन एनडीआरएफ के कमांडेंट सुदेश कुमार दराल द्वारा कार्यभार संभालने के उपरांत प्रदेश का दौरा किया तथा देहरादून में मुख्यमंत्री कार्यालय में तीरथ सिंह रावत से मुलाकात की। कमांडेंट ने मुख्यमंत्री को उत्तराखंड के संभावित आपदाओं के संवेदनशील तथा अति संवेदनशील इलाकों के बारे में अवगत कराया। एनडीआरएफ बटालियन की तैनाती बटालियन मुख्यालय के लिए हल्दवानी, रानीबाग स्थित एचएमटी पुरानी फैक्टरी, गदरपुर, आरआरसी यानी रीजनल रिस्पांस सेंटर उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, बागेश्वर, चमोली व देहरादून में जल्द से जल्द जमीन उपलब्ध करवाने का अनुरोध किया। इस दौरान मुख्यमंत्री द्वारा आश्वासन दिया गया कि एनडीआरएफ की नई बटालियन के लिए तथा आरआरसी के लिए यथा संभव शीघ्र जमीन उपलब्ध कराई जाएगी एवं जो भी प्रशासनिक मदद की आवश्यकता होगी वह तुरंत की जाएगी। इस अवसर पर कमांडेंट दराल ने बताया कि जैसे ही जमीन की उपलब्धता हो जाएगी तो प्रदेश के सभी आपदाओं के दृष्टिकोण से संवेदनशील तथा अति संवेदनशील स्थानों पर टीमों को तैनात किया जाएगा ताकि आने वाली आपदाओं में तुरंत राहत एवं बचाव का कार्य किया जा सके एवं लोगों को जागरूक कर उत्तराखंड को आपदा मुक्त करने के लिए एनडीआरएफ हमेशा प्रयासरत रहेगी।

यह भी पढ़ें : कैंची धाम में अतिवृष्टि के बाद प्रशासन ने 11 घंटे में खोल दिया अल्मोड़ा हाईवे, उधर उड़ुवा में पैदल रास्ता व पेयजल व्यवस्था ध्वस्त

नवीन समाचार, नैनीताल, 13 मई 2021। बुधवार को जिला मुख्यालय से करीब 25 किमी दूर बाबा नीब करौरी के कैंची धाम में इस वर्ष का महाभंडारा आयोजित न होने का समाचार आने के अतिवृष्टि के साथ बड़ी प्राकृतिक कोप की घटना हुई। इससे भवाली-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग-87 कैंची धाम के पास ही तीन स्थानों पर बंद हो गया था। इस कारण अल्मोड़ा की ओर ऑक्सीजन सिलेंडर सहित कई चिकित्सा सुविधाएं लेकर जा रहे वाहन भी मार्ग में फंस गए थे। सांसद प्रतिनिधि गोपाल रावत ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही सांसद अजय भट्ट ने बीती शाम ही इस मामले में डीएम से वार्ता कर सड़क को तत्काल खोलने एवं कैंची धाम से मलवा हटाने के निर्देश दिए। इससे प्रशासन तत्काल सक्रिय हुआ।

वहीं एसडीएम विनोद कुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह तड़के चार बजे तीनों स्थानों से जेसीबी से मलबा हटाकर अल्मोड़ा के लिए सड़क खोल दी गई है। इसके बाद कैंची धाम स्थित बाबा नीब करौरी के धाम से मलबा साफ करने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि रात्रि 11 बजे तक वह स्वयं तथा प्रशासनिक टीमें भी मौके पर जीम हुई थीं। श्री कुमार ने बताया कि बुधवार शाम करीब पांच बजे भवाली से शुरू होने वाली उत्तरवाहिनी शिप्रा नदी के साथ ही खासकर कैंची धाम में, किरौला रेस्टोरेंट के पास का नाला, प्रसाद वितरण के पास एक नया नाला तथा मुख्य मंदिर से थोड़ा आगे सांई मंदिर के सामने का पुराना नाला अतिवृष्टि की वजह से उफन पड़े थे। गनीमत रही कि शिप्रा नदी अथवा मंदिर के पीछे से आया मलबा मंदिर में पूरी तरह से नहीं घुसा। साथ ही कोविद कर्फ्यू लगने की वजह से श्रद्धालुओं की मंदिर परिसर एवं आसपास मौजूदगी नहीं होने की वजह से कोई जनहानि नहीं हुई। यह भी गनीमत रही कि इस दौरान हुई अतिवृष्टि का आसपास के गांवों में उतना असर नहीं रहा। इस कारण वहां खेती, किसानों को उस अनुपात में नुकसान नहीं हुआ। प्रशासन को केवल तीन लोगों के घरों में मलबा आने की सूचना मिली है। वहां सहायता पहुंचाई जा रही है।

उड़ुवा में पैदल रास्ता व पेयजल व्यवस्था ध्वस्त
नैनीताल। बुधवार को जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में हुई भारी बारिश, अंधड़ व ओलावृष्टि का प्रभाव जनपद के भीमताल विकास खंड के अनुसूचित जाति बहुल ग्राम उड़ुवा का पैदल संपर्क मार्ग तथा पेयजल की व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है। इससे ग्रामीणों का गांव से आना-जाना मुश्किल हो गया है, तथा पेयजल के लिए नदी में उतरना पड़ रहा है। साथ ही हल्द्वानी से हैड़ाखान जाने वाली सड़क भी कई जगह बारिश से क्षतिग्रस्त हुई है।

यह भी पढ़ें : बिग ब्रेकिंग: इधर कैंची धाम में महाभंडारा निरस्त होने का समाचार, उधर मंदिर परिसर में भारी बारिश-बादल फटा !!

नवीन समाचार, नैनीताल, 12 मई 2021। बाबा नीब करौरी के कैंची धाम में आज ही इस वर्ष का महाभंडारा आयोजित न होने का समाचार आया और आज ही संयोग अथवा दुर्योग रहा कि मंदिर परिसर सहित क्षेत्र में बादल फटने की बड़ी प्राकृतिक कोप की घटना हो गई। क्षेत्र में बीते कई दिनों से अपराह्न से हो रही वर्षा, अंधड़ व ओलावृष्टि की कड़ी में बुधवार शाम पांच बजे के बाद बादल फटने जैसी क्षेत्र में संभवतया अब तक की पहली घटना हो गई। इस घटना के बाद भवाली-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग कई स्थानों पर भारी मात्रा में मलबा आने से अवरुद्ध हो गया है। साथ ही बाबा नीब करौरी के मुख्य एवं पास स्थित गुफा वाले वाले मंदिर में भी काफी मलबा आया है। मुख्य मंदिर में मलबा हटाने का कार्य प्रारंभ हो गया है। शाम घिरने एवं हल्की बारिश जारी रहने के कारण मलबा हटाने के कार्य में व्यवधान भी आ रहा है। पुलिस-प्रशासन की टीमें भी मौके पर पहुंच रही हैं।

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यह भी पढ़ें : बारिश व अधूरी सड़क की वजह से गरीब का आशियाना ढहा, इंदिरा योजना पर भारी पड़ी प्रधानमंत्री योजना

-इंदिरा आवास योजना के तहत हुआ था एक कमरे के घर का निर्माण, पीएमजीएसवाई के तहत बन रही सड़क की अधूरी सुरक्षा दीवार की वजह से हुआ हादसा
नवीन समाचार, नैनीताल, 14 अगस्त 2020। जनपद के ओखलकांडा विकास खंड के टांडा गांव में शुक्रवार सुबह बारिश एवं प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत अधूरी बनी सुरक्षा दीवार की वजह से एक गरीब का आशियाना ढह गया। वहीं इस अधूरी व असुरक्षित तरीके से बन रही सड़क व सुरक्षा दीवार की वजह से कई अन्य घरों को भी खतरा उत्पन्न हो गया है।
क्षेत्रीय सामाजिक कार्यकर्ता व नवयुवक मंगल दन टांडा के अध्यक्ष मदन परगांई ने बताया कि टांडा गांव में खनस्यूं से टांडा के लिए प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत सड़क बन रही है। इस सड़क की सुरक्षा दीवार की वजह से सड़क के ऊपर स्थित घरों के लिए करीब 20 मीटर की गहरी खाई बन गई है। इससे कई घरों को खतरा पैदा हो गया है। इधर शुक्रवार पूर्वाह्न 11 बजे इसकी वजह से टांडा गांव के ज्ञानेंद्र प्रकाश का मकान ध्वस्त हो गया। यह सिर्फ एक कमरे का मकान कुछ वर्ष पूर्व इंदिरा आवास योजना के तहत बना था। उन्होंने बताया कि कुछ माह पूर्व से ही सड़क की वजह से मलबा गिर रहा था, इसलिए भवन स्वामी ने घर खाली कर दिया था। इसलिए हादसे में किसी की जान नहीं गई। परगांई ने स्थानीय राजस्व उपनिरीक्षक को घटना की सूचना देकर गरीब भवन स्वामी को जल्द भी मुआवजा एवं नया घर बना कर देने की मांग की है।

पहाड़ों पर बारिश के साथ बदला मौसम का मिजाज, पर्यटन के प्रभावित होने की संभावना

यह भी पढ़ें : ब्रेकिंग उत्तराखंड : तेज बारिश के दौरान मकान ढहा, 8 लोग मलबे में दबे, गर्भवती सहित 3 की मौत

-एसडीआरएफ ने एक गर्भवती महिला समेत तीन लोगों को मलबे से निकाला 
नवीन समाचार, देहरादून, 15 जुलाई 2020। राजधानी के चुखुवाला इन्दिरा कालोनी में बीती रात तेज बारिश के दौरान एक मकान ढह गया, जिसमे कई लोग दबे हुए हैं। स्थानीय पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के साथ एसडीआरएफ की टीम राहत और बचाव कार्यों में जुटी हुई है। 
एसडीआरएफ की सेना नायक तृप्ति भट्ट के अनुसार रेस्क्यू में अभी तक तीन घायल लोगों को बाहर निकाल लिया गया है। इनमें एक पुरुष, एक बच्चा और एक गर्भवती महिला है। घायलों को 108 एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल भेज दिया गया है।उन्होंने बताया कि मकान के मलबे में कम से कम 8 लोगों के फंसे होने की आशंका है जिसमें से 3 लोगों को निकाल लिया गया है। राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है।
अब तक एक गर्भवती महिला सहित तीन लोगों के शव निकाले जा चुके हैं. जबकि दो लोगों को जिंदा निकाला जा चुका है। बताया जा रहा है कि घर मे कुल 6 सदस्य थे। 
अब तक एक गर्भवती महिला सहित तीन लोगों के शव निकाले जा चुके हैं. जबकि तीन लोगों को जिंदा निकाला जा चुका है। बताया जा रहा है कि घर मे कुल 6 सदस्य थे। एक अन्य सदस्य को निकालने के प्रयास जारी रहा। मकान ढहने की वजह एक पुश्ता बना जो मकान के पीछे की तरफ बना हुआ था। उस पुश्ते के गिरने से मकान ढह गया।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड में रात्रि की वर्षा से कई महत्वपूर्ण सड़क मार्ग बंद

नवीन समाचार, नैनीताल, 11 जुलाई 2020। शुक्रवार रात्रि हुई वर्षा के फलस्वरूप शनिवार सुबह दोगांव से आगे भेड़िया पखांणा पर बड़े पत्थर सड़क पर आ गये हैं। साथ ही आगे और पत्थर गिरने की संभावना बनी हुई है। आपदा प्रबंधन अधिकारी शैलेश कुमार ने बताया कि मौके पर जेसीबी पहुंच रही है। जल्द मार्ग खुलने की उम्मीद है।
इधर, उत्तराखंड में बीती रात्रि में हुई वर्षा के कारण खासकर सीमांत जिलों के कई महत्वपूर्ण मार्ग बंद हो गये हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार कुमाऊं तथा गढ़वाल दोनों मंडलों के कमोबेश सभी जनपदों में बादल छाये हुए हैं और आगे भी बारिश की स्थिति बनी हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार उत्तरकाशी जनपद का यमुनोत्री मार्ग पालीगाड के पास बंद है। वहीं चमोली जिले का बद्रीनाथ मार्ग चमोली में लामबगड़ पीपलकोटी टंगड़ी और पागलनाला के पास बंद है। इसी तरह पिथौरागढ़ में थल मुंसारी मार्ग अररिया के पास और चीन सीमा को जोड़ने वाला गूंजी-कुट्टी मार्ग 1 किलोमीटर टूट गया है। इसमें बीआरओ द्वारा कार्य किया जा रहा है।

यह भी पढ़ें : एक परिवार के लिए काल बनी बारिश, घर ढहा, परिवार के तीन सदस्यों, मां-बेटियों की मौत

नवीन समाचार, रानीखेत/अल्मोड़ा, 8 जुलाई 2020। कल से ही लगातार हो रही बारिश अल्मोड़ा जनपद के द्वाराहाट क्षेत्र के एक गांव तैलमनारी के रहने वाले रमेश राम के परिवार के लिए काल साबित हुई। इस मौसम की कमोबेश पहली बारिश में ही रमेश राम का जीर्ण-शीर्ण घर मंगलवार की देर रात्रि करीब 11 बजे ढह गया। उस समय घर में रमेश के साथ ही उसकी पत्नी करीब 35 वर्षीया चंद्रा देवी, तथा तीन बेटियां-17 वर्षीया कमला, 12 वर्षीया पिंकी सो रहे थे। मकान दबने से तीनों मकान के मलबे में दब गए। प्रशासन ने सूचना मिलने पर रात्रि में ही गांव में बचाव-अभियान चलाया। घर में मौजूद लोगों को बाहर निकाला गया और घायलों को अस्पताल ले जाया गया। अलबत्ता, जब तक मां चंद्रा देवी और बेटी कमला को मलबे से बाहर निकाला जा सका, तक तक वे दम तोड़ चुकी थीं। जबकि दूसरी बेटी पिंकी ने रानीखेत के अस्पताल लाने के दौरान रास्ते में दम तोड़ा। रमेश जरूर बच गया। उसे प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। परिवार के एक अन्य सदस्य के भी बचने का समाचार है। जिलाधिकारी नितिन भदौरिया ने पीड़ित परिवार को यथाशीघ्र आपदा मद से अनुमन्य आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की बात कही है।
वहीं अल्मोड़ा में माल रोड पर पोस्ट ऑफिस के पास पंत पार्क में स्थित नगर की खूबसूरती का दशकों से प्रतीक व पहचान बना वोगेनवेलिया की बेल युक्त विशाल देवदार का वृक्ष बुधवार सुबह ढह गया है। इससे माल रोड पर भी आवागमन प्रभावित हुआ है। इस पर कहा जा रहा है कि देवदार का यह विशाल पेड़ और वोगेनवेलिया की विशाल बेल दशकों से आपस में प्रेम में आलिंगनबद्ध थे। दोनों के साथ जीने-साथ मरने वाले इस प्रेम का बुधवार सुबह एक तरह से अंत हो गया। हालांकि कहा जा रहा है कि वोगेनबेलिया की बेल को पार्क के दूसरे पेड़ों के सहारे बचाने का प्रयास किया जाएगा।

यह भी पढ़ें : सिर्फ 10 मिमी बारिश, मल्लीताल बाजार में रेस्टोरेंट मलबे से पटा

नवीन समाचार, नैनीताल, 7 जुलाई 2020। इस वर्ष मामूली बरसात में भी नुकसान की खबरें आ रही हैं। पहले रविवार को केवल 4 मिमी बारिश में ही लंघम छात्रावास के पास दो घरों और बिड़ला रोड पर बिल्डर द्वारा किये जा रहे निर्माण के पानी की टंकी के साथ ढहने की घटना हुई थी। अब आज भी मात्र 10 मिमी बारिश होने पर नगर के मल्लीताल बाजार स्थित ‘प्रताप रेस्टोरेंट’ नाम का एक प्रतिष्ठान रात्रि में हुई बारिश की वजह से ऊपरी जीर्ण-शीर्ण मंजिल के ढह जाने से पीछे की ओर से आये मलबे से पट गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसर दुकान नंबर 5 स्थित यह प्रतिष्ठान पूर्व में चार मंजिल रहे भवन के सबसे निचले तल में स्थित था। इसकी ऊपरी मंजिलें पिछले कई वर्षों से ढहती जा रही हैं, लेकिन भवन की मरम्मत नहीं की जा रही है। ऐसे में अब इस भवन के निचले तल में भी मलबा आ गया है। संयोग से मलबा रात्रि में आया। तब वहां कोई नहीं था। अन्यथा कोई जनहानि भी हो सकती थी। बताया गया है कि यह प्रतिष्ठान प्रेमा चमियाल के नाम से है।
उल्लेखनीय है कि नगर में ऐसे कई बहुमंजिले भवन बेहद जीर्ण-शीर्ण हालत में हैं। किराया व स्वामित्व संबंधी अन्य विवादों के चलते इन भवनों की कोई मरम्मत नहीं करता है, और इन्हें सुरक्षित तरीके से ढहाने की जगह लोग स्वयं बचकर इन्हें दूसरों की जान जोखिम में डाकलर स्वयं ढहने के लिए छोड़ देते हैं।

यह भी पढ़ें : सिर्फ 4 मिमी बारिश, फिर भी दो घर क्षतिग्रस्त, चार सड़कें बंद, नैनी झील का जल स्तर भी बढ़ा..

-मुख्यालय में भी बिड़ला रोड पर भूस्खलन

लंघम छात्रावास के पास बस्ती में भूस्खलन होने पर घर से बाहर निकले लोग।

नवीन समाचार, नैनीताल, 4 जुलाई 2020। इस वर्ष अभी बरसात ठीक से शुरू भी नहीं हुई कि अभी से बारिश से नुकसान की खबरें आनी शुरू हो गई हैं। इससे आगे के लिए चिंताजनक संदेश नजर आ रहे हैं। मौसम विभाग की चेतावनी को एक हद तक सही साबित करते हुए शनिवार को सरोवरनगरी सहित निकटवर्ती पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला शुरू हुआ। बारिश मामूली ही हुई, फिर भी अप्रत्याशित तौर पर बारिश से भूस्खलन के साथ संपत्ति का नुकसान होना प्रारंभ हो गया। पहली घटना नगर के तल्लीताल क्षेत्र में डीएसबी परिसर के लंघम छात्रावास के पास अयारपाटा वार्ड में देखने को मिली। यहां सुबह करीब 11 बजे लंघम छात्रावास के पीछे की बस्ती में दीपक कुमार व बाबूलाल के घर की छत पर पीछे की दीवार गिर गई। इससे दोनों के घर क्षतिग्रस्त हो गये। घटना के दौरान एक घर में दीपक कुमार टांक के 3 बच्चे और दूसरे घर में बाबूलाल की दो विवाहिता पुत्रियां और उनके 4 बच्चे घर के अंदर सोए हुए थे। वे भूस्खलन की आहट होते ही घर से बाहर भाग आए, अन्यथा कोई जनहानि भी हो सकती थी। अलबत्ता, घर के अंदर का सामान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया।

मुख्यालय में बिड़ला रोड पर भूस्खलन, जनपद में चार सड़कें बंद
नैनीताल। जनपद में बीते 24 घंटों में हुई बारिश के फलस्वरूप चार सड़कें-फतेहपुर-पीपलअनिया, डोला न्याय पंचायत मोटर मार्ग, सिमलखेत सनना एवं पतलोट-ल्वाड़ डोबा मोटर मार्ग मलबा आने से बंद हो गये हैं। सभी मार्गों को खोलने के लिए जेसीबी लगाई गई है। वहीं मुख्यालय में सीमेंट हाउस में बिड़ला रोड पर ओल्ड ग्रोव हाउसिंग सोसायटी की पार्किंग और सड़क के पास हो रहे एक भवन निर्माण के पास एक हिस्से पर भूस्खलन हो गया। इससे पानी का टैंक और सड़क क्षतिग्रस्त हो गयी। गनीमत रही कि धंसी सड़क व भूस्खलन का मलबा नीचे रहने वाली आबादी तक नहीं पहुंच पाया, इस कारण किसी का जान माल का नुकसान नहीं हुआ। अलबत्ता, नीचे की ओर रहने वाले लोगों में भविष्य के लिए भय जरूर व्याप्त हो गया है। सूचना मिलने पर जिला विकास प्राधिकरण, वन विभाग, लोनिवि और पुलिस की टीम ने मौका मुआयना किया। बताया गया है कि बिल्डर द्वारा सड़क के नीचे गलत तरीके से किये जा रहे निर्माण की वजह से यह भूस्खलन हुआ है। अधिशासी अभियंता विजय माथुर ने बताया कि फिलहाल भवन स्वामी को निर्माण कार्य रोकने को नोटिस भेजा जा रहा है।

एक इंच बढ़ा नैनी झील का जलस्तर
नैनीताल। झील नियंत्रण कक्ष के प्रभारी रजत पांडे से प्राप्त जानकारी के अनुसार मुख्यालय में सुबह आठ बजे तक मात्र चार मिमी बारिश हुई। इसके फलस्वरूप नगर की विश्वप्रसिद्ध नैनी झील का जल स्तर कल के मुकाबले एक इंच बढ़कर 6 फिट 7 इंच हो गया। यह जल स्तर पिछले वर्ष आज की तिथि में रहे एक फिट के जल स्तर से 5 फिट 6 इंच अधिक है। वहीं मौसम विभाग के अनुसर जनपद में सर्वाधिक 78 मिमी वर्षा कालाढुंगी एवं 21.6 मिमी वर्षा रामनगर में दर्ज की गई है।

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-नैनी झील का जल स्तर सात वर्षों के शीर्ष पर
नवीन समाचार, नैनीताल, 26 जून 2020। जनपद में बारिश का सिलसिला जारी है। फल स्वरूप विश्व प्रसिद्ध नैनी झील के जल स्तर में वृद्धि हो रही है, और सड़कों के मलबा आने के कारण बंद होने का सिलसिला भी प्रारंभ हो गया है। वहीं बीते 24 घंटे में हुई बारिश से जनपद के भवाली के पास स्थित ग्राम मेहरागांव धुलई निवासी महेश चंद्र पुत्र गोवर्धन की गौशाला ढह गई। इससे एक बकरी की मौत हो गई, जबकि दो बकरियां घायल हो गईं।
मौसम विभाग के अनुसार आज नैनीताल मुख्यालय में 20, कालाढुंगी में 23 तथा हल्द्वानी-काठगोदाम में 15 मिकी बारिश दर्ज की गई। वहीं बृहस्पतिवार को बंद हुई जनपद की दो सड़कें मंगोली-खमारी-जलालगांव व हैड़ाखान धाम मोटर मार्ग आज भी नहीं खुल पाई हैं। बताया गया है कि हैड़ाखान धाम रोड किमी संख्या दो पर बंद हुई है। जेसीबी से इसे खोलने का प्रयास किया जा रहा है। इसे कल शाम खोल लिया गया था, कितु यह पुनः मलबा आने से बंद हो गई। वहीं आज नैनीताल-कालाढुंगी रोड पर मुख्यालय से 23 किमी दूर सुबह एक पेड़ आने से यातायात अवरुद्ध हो गया था। इसके अलावा किमी संख्या 25 में सड़क की दीवार ढह गई है। इसकी मरम्मत पर करीब ढाई लाख रुपए का खर्च बताया गया है। वहीं मंगोली-खमारी रोड किमी संख्या 5, 6 व 9 पर बंद हो गई है। इसी कड़ी में आज नैनी झील का जल स्तर निर्धारित पैमाने पर एक इंच बढ़कर 6 फिट साढ़े सात इंच हो गया। बताया गया है कि वर्ष 2013 में इस दौरान नैनी झील का जल स्तर 8 फिट के स्तर पर था।

नवीन समाचार
‘नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से ‘मन कही’ के रूप में जनवरी 2010 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
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