उच्च अधिकारी के घर 2 वर्ष से हो रहा था बच्ची का उत्पीड़न

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नवीन समाचार, देहरादून, 18 दिसंबर 2019। बाल संरक्षण आयोग ने राजस्व विभाग के संयुक्त सचिव प्रेम प्रकाश के घर से एक 12 वर्षीय बालिका को मुक्त कराया है आयोग के अध्यक्ष उषा नेगी के अनुसार संयुक्त सचिव के घर 2 वर्ष से 12 वर्षीय बालिका से घरेलू कार्य करवाने सहित उत्पीड़न करने की शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों पर ही कार्रवाई कर बच्ची को मुक्त कराया गया है आगे आरोपित संयुक्त सचिव पर वैधानिक कार्यवाही की तैयारी की जा रही है।

यह भी पढ़ें : नवजात बच्ची रो रही थी, इसलिये कलयुगी मां ने कर दी थी 28 दिन की बच्ची की हत्या

-खुद ही तहरीर सौंपकर बच्ची के गायब होने की दी थी सूचना
-पति-पत्नी के झगड़े के दौरान बच्ची के रोने पर मां ने मुंह दबाकर कर की हत्या

प्रतीकात्मक तस्वीर

नवीन समाचार, खटीमा, 18 दिसंबर 2019। तीन दिन पूर्व 28 दिन की बच्ची को चारपाई से लापता हो जाने के मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए बच्ची के मां व पिता को उसकी हत्या करने के जुर्म मे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। ग्राम सभा पचौरिया चकरपुर निवासी गोविन्द प्रसाद उर्फ विजय व उसकी पत्नी निशा उर्फ नगमा ने बीते 16 दिसम्बर को पुलिस को तहरीर सौंपकर कहा था कि उसकी 28 दिन की पुत्री प्रियांशिका को रात में चारपाई से गायब हो गई। सूचना मिलते ही परिजनों व ग्रामीणों ने बच्ची की खोजबीन शुरू कर दी, लेकिन उसका कही पता नहीं चला। कम्बल शारदा नदी के किनारे पड़ा मिला। मामले की तहरीर मिलते ही पुलिस ने जांच पड़ताल में जुट गई। बुधवार को अपर पुलिस अधीक्षक देवेंन्द्र पिंचा ने कोतवाली पहुंचकर मामले का खुलासा किया। अपर पुलिस अधीक्षक पिंचा ने बताया कि पति-पत्नी के आपसी झगड़े के दौरान बच्ची रो रही थी, इसी बीच उसकी मां निशा उर्फ नगमा ने बच्ची का मुंह हाथ से बंद कर दिया, जिससे बच्ची की मौत हो गई। बच्ची की मौत होते ही पति-पत्नी घबरा गये और बच्ची के शव को घर के पास ही शारदा नहर में डाल दिया और बच्ची के गायब होने की सूचना पुलिस को दी। अपर पुलिस अधीक्षक पिंचा ने कहा कि पुलिस जांच में पति-पत्नी के बयान में विरोधाभास होने पर पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तो निशा उर्फ नगमा ने बच्ची की हत्या कर पति के साथ मिलकर शव को नदी में फेंकने की बात कबूल कर ली। शव की तलाश जारी है, वहीं आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया। इस दौरान सीओ महेश बिन्जौला, कोतवाल संजय पाठक, एसएसआई देवेन्द्र गौरव, एसआई देवेन्द्र राजपूत, अनिल चौहान, बबीता, तपेन्द्र जोशी, महेन्द्र डंगवाल आदि मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें : अल्मोड़ा में बीती रात्रि मानवता हुई शर्मसार, कूड़ेदान में कुत्ते नोंच रहे थे नवजात को, और…

नवीन समाचार, अल्मोड़ा, 21 नवंबर 2019। अल्मोड़ा में बीती बुधवार की रात्रि मानवता एक बार पुनः शर्मसार हो गई। नजाने किन कारणों से एक मां ने अपनी नवजात बच्ची को सीने पर पत्थर रखकर सर्द रात में कूड़ेदान में डाल दिया। वहां बच्ची को कुत्ते नोंचने लगे। गनीमत रही कि किसी देवदूत की तरह पहुंचे एक स्थानीय युवक की नजर बच्ची को नोंचते कुत्तों पर पड़ गई। उसने कुत्तों से किसी तरह बच्ची को छुड़वाया और अपनी जैकेट पहनाकर स्थानीय लोगों व पुलिस की मदद से बच्ची को बेस चिकित्सालय पहुंचवाया। वहां उपचार के बाद बच्ची की सांसें लौट पाई हैं। बच्ची के शरीर पर कम से कम तीन जगह कुत्तों द्वारा नोंचे जाने के, पंजों के निसान हैं।
मामला अल्मोड़ा के धारानौला रोड स्थित भ्याखोला के पास सड़क पर रखे कूड़ेदान का है। युवक के अनुसार यहां एक नवजात बच्ची मिट्टी से लथपथ थी और उसे कुत्ते नोंच रहे थे। पुलिस बच्ची के परिजनों की तलाश कर रही है, जिन्होंने उसे इस तरह कूड़ेदान में मरने के लिए छोड़ दिया।

यह भी पढ़ें : 6 माह का बच्चा मां के दूध के लिए रोता रहता था, इसलिए मां ने नदी में बहा दिया, और पुलिस को बताई अपहरण की कहानी

-सीसीटीवी फुटेज से हुआ खुलासा
नवीन समाचार, हरिद्वार, 4 नवंबर 2019। धर्मनगरी में रविवार को एक मां ने अपने 6 माह के मासूम बच्चे का अपहरण होने की सूचना दी थी। इस पर पुलिस बच्चे की तलाश कर रही थी। शहर वासी भी मां को बच्चा मिलने की दुवा कर रहे थे। लेकिन तलाश के दौरान सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में एक महिला एक बच्चे को काले रंग के बैग में गंगा नदी की ओर ले जाती दिखी। इस बीच शिकायकर्ता महिला के बयानों में भी विरोधाभास दिखा। इस पर पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो महिला ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया कि उसी ने अपने मासूम बच्चे को गंगा नदी में बहा दिया। इस पर पुलिस ने आरोपित हत्यारिन
कलयुगी मां संगीता बलूनी पत्नी दीपक बलूनी निवासी संदेश नगर कनखल हरिद्वार को गिरफ्तार कर लिया। महिला का पति सिडकुल में हीरो होंडा फैक्टरी में कार्यरत है। बताया जा रहा है कि बच्चा मां के दूध के लिए रोता रहता था और बाहर का कुछ नहीं खाता था। इस कारण बच्चे को नदी में फेंक दिया।

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