News

उफ होली के दिन किया ऐसा पाप, झाड़ियों में नग्नावस्था में फेंका नवजात को, देवदूत बनी ‘चीता’…

यहाँ से दोस्तों को भी शेयर करके पढ़ाइये
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
Displaying WhatsApp-Image-2020-03-09-at-18.27.38-1-715x400.jpeg

नियमित रूप से नैनीताल, कुमाऊं, उत्तराखंड के समाचार अपने फोन पर प्राप्त करना चाहते हैं तो हमारे टेलीग्राम ग्रुप में इस लिंक https://t.me/joinchat/NgtSoxbnPOLCH8bVufyiGQ से एवं ह्वाट्सएप ग्रुप से इस लिंक https://chat.whatsapp.com/BXdT59sVppXJRoqYQQLlAp पर क्लिक करके जुड़ें।

प्रतीकात्मक तस्वीर

नवीन समाचार, देहरादून, 11 मार्च 2020। राजधानी में होली के दिन किसी ने ऐसा पाप किया कि मानवता कांप जाए। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार मंगलवार की शाम समय सवा सात बजे पुलिस की चीता मोबाइल को गश्त के दौरान चोरखाला के समीप स्थित झाड़ियों के बीच से किसी एक शिशु के रोने की आवाज सुनाई दी। जिसे सुनकर चीता मोबाइल पुलिस को वहां एक नवजात शिशु नग्न अवस्था में काफी बुरी स्थिति में पड़ा हुआ मिला। जिसको तुरंत पुलिस कर्मियों के द्वारा कहीं से कपड़े की व्यवस्था करके सीएचसी सहसपुर में भर्ती किया गया। जहां नवजात शिशु को प्राथमिक चिकित्सा दी गयी। नवजात शिशु की हालत मे सुधार होने पर पुलिस द्वारा उसे चाईल्ड हेल्प लाईन 1098 की टीम को सुरक्षा की दृष्टि से सोंप दिया गया। पुलिस ने लावारिस नवजात शिशु के सम्बन्ध में चोरखाला सहसपुर के आस-पास के क्षेत्र में नवजात शिशु के परिजनांे की तलाश शुरू कर दी है।

यह भी पढ़ें : लावारिश मिली नवजात बच्ची के मामले में अपडेट : डीएनए नमूने लिए

नवीन समाचार, नैनीताल, 12 फरवरी 2020। बीती 6 फरवरी को नगर के स्टाफ हाउस सात नंबर हनुमान मंदिर के पास लावारिश अवस्था में मिली समय से पूर्व पैदा हुई नवजात बच्ची का बुधवार को डीएनए नमूने ले लिए गए हैं। उल्लेखनीय है कि मंगलवार को मामले की जांच कर रही नैनीताल पुलिस को न्यायालय से बच्ची व उसकी मां के रूप में चिन्हित लड़की के डीएनए नमूने लेने की अनुमति मिल गई थी। नमूने जनपद की मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. भारती राणा द्वारा नियुक्त विशेषज्ञ चिकित्सक के द्वारा हल्द्वानी के सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज में लिए गए, जहां बच्ची नैनीताल में मिलने के दिन से ही स्वास्थ्य लाभ कर रही है।
मल्लीताल कोतवाल ने बताया कि आगे बृहस्पतिवार को उसे जन्म देने वाली मां के तौर पर चिन्हित हुई नाबालिग लड़की के डीएनए के नमूने लिए जाने की संभावना है, जो कि बच्ची को जन्म देने के बाद से ही नगर के अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती है। पुलिस लड़की के हवाले से बताया है कि उसे चार वर्ष छोटे सगे चचेरे भाई से पिछले चार वर्ष से चल रहे प्रेम संबंध के बाद करीब आठ माह के गर्भ से बच्ची पैदा हुई है। उल्लेखनीय है कि बीती 5 फरवरी को नगर के सात नंबर, स्टाफ हाउस हनुमान मंदिर क्षेत्र में कड़ाके की ठंड के बीच, गर्भनाल से जुड़ी अवस्था में एक तत्काल पैदा हुई बच्ची नाले में लावारिस अवस्था मे मिली थी। लड़की की उम्र 17 वर्ष 1 माह, जबकि आरोपित सगे चचेरे भाई की उम्र लड़की से भी 4 वर्ष कम, 13 वर्ष बताई जा रही है। उसका जन्म वर्ष 2006 बताया गया है। डीएम सविन बंसल द्वारा संज्ञान लिये जाने के बाद जिला प्रशासन के द्वारा बच्ची का उपचार किया जा रहा है, और उसे गोद देने की प्रक्रिया भी शुरू की गई, जबकि मल्लीताल कोतवाली पुलिस ने बच्ची को इस तरह मरने के लिये छोड़ने वाले अज्ञातों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। बताया गया है भारतीय दंड संहिता की धारा 307 और 315 के तहत दर्ज यह उत्तराखंड का पहला मामला है। जिलाधिकारी द्वारा इस मामले से संबंधित जानकारी देने पर 10 हजार रुपए का नगद ईनाम घोषित किया गया था। इस पर एक स्थानीय महिला ने प्रशासन को मामले की सूचना दी गई। आगे पुलिस लड़की के स्वस्थ होने पर संबंधित कानूनी कार्रवाई के साथ उसके मजिस्ट्रेट के समक्ष धारा 164 के तहत बयान दर्ज कराने के प्रयास में है।

यह भी पढ़ें : पुलिस को मिली बड़ी सफलता..

-डीएनए के नमूने लेने की न्यायालय से मिली अनुमति
नवीन समाचार, नैनीताल, 11 फरवरी 2020। बीती 6 फरवरी को नगर के स्टाफ हाउस सात नंबर हनुमान मंदिर के पास लावारिश अवस्था में मिली नवजात बच्ची के मामले में पुलिस को न्यायालय से बच्ची व उसे जन्म देने वाली के तौर पर चिन्हित हुई लड़की के डीएनए के नमूने लेने की अनुमति मिल गई है। इसके बाद मल्लीताल कोतवाल ने बताया कि बच्ची एवं लड़की के डीएनए के नमूने लेने के लिए जनपद की मुख्य चिकित्सा अधिकारी से संपर्क किया गया है, जो विशेषज्ञ चिकित्सकों की मदद से बुधवार को दोनों के नमूने ले सकते हैं। उल्लेखनीय है बच्ची का हल्द्वानी के सुशीला तिवारी में, जबकि चिन्हित लड़की का मुख्यालय के एक अस्पताल में उपचार किया जा रहा है।

पूर्व समाचार :  एक्सक्लुसिव खुलासा : उम्र में 4 साल छोटे सगे चचेरे भाई से 8 वर्ष से चल रहे नाबालिग लड़की के प्रेम (?) का परिणाम थी नवजात बच्ची !

उम्र में 4 साल छोटे सगेरे चचेरे भाई से 8 वर्ष से चल रहे प्रेम-दुष्कर्म से हुआ था बच्ची का जन्म
-पुलिस बच्ची को जन्म देने वाली लड़की और उसके परिवार तक पहुंची, न्यायालय में उसके डीएनए नमूने हासिल करने के लिए लगाई अर्जी
नवीन समाचार, नैनीताल, 10 फरवरी 2020। बीती 6 फरवरी को नगर के सात नंबर, स्टाफ हाउस हनुमान मंदिर क्षेत्र में कड़ाके की ठंड के बीच, गर्भनाल से जुड़ी अवस्था में एक तत्काल पैदा हुई बच्ची नाले में लावारिस अवस्था मे मिली थी। जिलाधिकारी सविन बंसल द्वारा संज्ञान लिये जाने के बाद जिला प्रशासन के द्वारा बच्ची का उपचार किया जा रहा है, और उसे गोद देने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है, जबकि मल्लीताल कोतवाली पुलिस ने बच्ची को इस तरह मरने के लिये छोड़ने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। बताया गया है भारतीय दंड संहिता की धारा 307 और 315 के तहत दर्ज यह उत्तराखंड का पहला मामला है।
जिलाधिकारी द्वारा इस मामले से संबंधित जानकारी देने पर 10 हजार रुपए का नगद ईनाम घोषित किया गया था। इस पर एक स्थानीय महिला ने प्रशासन को मामले की सूचना दी। इस पर सोमवार को पुलिस नवजात को जन्म देने वालों के करीब पहुंच गई। साथ ही पुलिस ने बच्ची को जन्म देने वाली लड़की व उसके परिवार तक पहुंचने के बाद न्यायालय में उसके डीएनए के नमूने हासिल करने के लिए न्यायालय में अर्जी लगा दी है। उधर लड़की शारीरिक रूप से काफी अस्वस्थ बताई गई है और उसका नगर के एक चिकित्सालय में उपचार किया जा रहा है।
पुलिस हालांकि अभी इस मामले में कुछ भी कहने से बच रही है, तथापि पुलिस से जुड़े सूत्रों से आ रही खबरों के अनुसार पूरी कहानी बच्चों में हावी हो रहे प्यार-सेक्स के साथ सामाजिक मान-मर्यादाओं के तार-तार होने व मानवता को शर्मसार करने वाली है। शुरुआती जानकारी के अनुसार बच्ची को जिस लड़की ने जन्म दिया, वह निर्बल आय वर्ग से है। पिता नगर में पर्यटन से जुड़ी गतिविधि में नौकरी करते हैं, और मां दूसरों के घरों में बर्तन मलकर परिवार चलाती हैं। वह नौवीं कक्षा तक पढ़ी है, परंतु फिलहाल स्कूल नहीं जाती है। उसकी उम्र 17 वर्ष 1 माह है, जबकि उसके साथ दुर्भाग्यपूर्ण एवं सोचनीय घटना को उसके ही सगे चचेरे भाई ने अंजाम दिया है। दोनों के बीच 4 वर्ष से प्रेम संबंध होने की बात भी प्रकाश में आ रही है। लड़के की उम्र लड़की से भी 4 वर्ष कम, 13 वर्ष बताई जा रही है। उसका जन्म वर्ष 2006 बताया गया है। लड़की बच्चे को जन्म देने से पहले से ही तनाव में है। वह खाना नहीं खा रही है। उसका नगर के एक अस्पताल में उपचार चल रहा है। घटना के बाद से उसका पूरा परिवार भी तनाव में है। उन पर पहले ही दर्ज हो चुके मुकदमे के तहत पुलिस की कार्रवाई का दबाव भी है। पुलिस ने लड़की के बयान ले लिए हैं, और अब पुलिस मजिस्ट्रेट के समक्ष धारा 164 के तहत उसके बयान कराने एवं बच्ची से उसके संबंध को पक्का करने के लिए दोनों की डीएनए जांच कराने की तैयारी कर रही है। साथ ही पुलिस इस मामले में लड़का-लड़की के साथ ही दोनों के माता-पिता के खिलाफ भी साक्ष्य छुपाने सहित अन्य धाराओं में मामला बढ़ा सकती है। इधर लड़की पक्ष अब मामला उजागर होने के बाद लड़के व उसके माता-पिता के खिलाफ भी पुलिस में मामला दर्ज कर सकती है।
मामले में विवेचना अधिकारी, महिला उप निरीक्षक पुष्पा बिष्ट ने बताया कि नवजात बच्ची और लड़की के डीएनए नमूने लेने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। वहीं नगर कोतवाल अशोक कुमार सिंह ने बताया कि लड़की व बच्ची के डीएनए के नमूने लेने के लिए सोमवार को न्यायालय में प्रार्थना पत्र लगा दिया गया है। मामले की विवेचक आज न्यायालय के समक्ष पेश हुई। आगे लड़की के स्वस्थ होने पर संबंधित कानूनी कार्रवाई के साथ उसके मजिस्ट्रेट के समक्ष धारा 164 के तहत बयान दर्ज कराए जाएंगे।

यह भी पढ़ें : डीएम के प्रयासों से नाले में फेंकी मिली नवजात बालिका को गोद लेने 10 दंपत्ति आगे आए

नवीन समाचार, नैनीताल, 8 फरवरी 2020। बीते बृहस्पतिवार को मुख्यालय के स्टाफ हाउस क्षेत्र में गर्भनाल सेे जुडी मिली लावारिश नवजात बालिका को अपनाने के लिए डीएम सविन बंसल द्वारा किये गए प्रयासों के बाद 10 परिवार आगे आए हैं। कई दंपत्तियों ने डीएम शिविर कार्यालय मे बच्ची को गोद लेने की स्वयं अथवा फोन से तथा कई दम्पत्तियों ने सुशीला तिवारी चिकित्सालय प्रबंधन से बात कर बच्ची को गोद लेने की इच्छा व्यक्त की है। डीएम सविन बंसल ने कहा कि आगे बच्ची को गोद देने के लिए दम्पत्ति का चयन नियमानुसार ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया के द्वारा किया जायेगा। इसके लिए आवेदकों को ऑनलाइन आवेदन के लिए जिला बाल संरक्षण अधिकारी व्योमा जैन से सम्पर्क कर जानकारियां लेनी होगी। बच्ची को गोद लेने के लिए पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होगी। उधर इस मामले में मल्लीताल कोतवाली पुलिस ने अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया है।
डीएम श्री बंसल ने कहा कि वे इन दंपत्तियों का तहेदिल से स्वागत करते है। इन संवेदनशील दंपत्तियों को पीसीपीएनडीटी के अंतर्गत आयोजित होने वाले समारोह मे सम्मानित किया जायेगा। डीएम ने कहा कि यदि कोई दम्पत्ति इस बच्ची को गोद लेता है तो भी वे इस बच्ची के भरण पोषण, पालन-पोषण, शिक्षा आदि का खर्चा स्वयं वहन करेंगे। उन्होने बताया कि एसटीएच के उपचार के बाद जब बच्ची पूर्ण स्वस्थ हो जायेगी तो उसे सीडब्लूसी के माध्यम से अल्मोडा शिशु गृह मे रखा जायेगा।

यह भी पढ़ें : नवजात को फेंकने वालों का नाम बताइए, डीएम देंगे 10 हजार का नगद ईनाम, नाम रहेगा गुप्त

-डीएम ने बच्ची के भविष्य पर भी साफ की स्थिति

नवीन समाचार, नैनीताल, 6 फरवरी 2020। बृहस्पतिवार सुबह नगर के स्टाफ हाउस हनुमान मंदिर के पास नाले में फैंकी हुई में मिली नवजात के मामले में डीएम सविन बंसल ने ऐसा घृणित कार्य को करने वालों के बारे में सूचना देने वालों को जिला प्रशासन की ओर से 10 हजार रुपए का नगद पुरस्कार देने की घोषणा की है। साथ ही साफ किया है कि सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखा जायेगा। इसके अलावा ऐसा घृणित कार्य करने वालों को नियमानुसार दंडित करने की बात भी कही गई है। डीएम ने कहा कि समाज में व्याप्त इस कुरीति को दूर करने की जरूरत है तथा ऐसा अनैतिक कार्य करने वालों का सामाजिक बहिष्कार करते हुए उन्हें दंडित भी किया जाना चाहिए। डीएम ने कहा कि बच्ची को नियमानुसार गोद दिया जाएगा, अथवा ऐसा न होने पर जिला प्रशासन उसके भरण-पोषण, शिक्षा व विवाह की पूरी जिम्मेदारी उठाएगा।
बताया गया है कि मामला की जानकारी मिलने पर डीएम सविन बंसल काफी असहज एवं भावुक हो उठे। उन्होंने तत्काल इस मामले को संज्ञान में लिया और जिला बाल संरक्षण अधिकारी व्योमा जैन को बच्ची की देखभाल के लिए अस्पताल भेजा। उन्होंने इस शर्मनाक कृत्य की भर्त्सना व निन्दा करने के साथ ही कहा कि यह घिनौना कार्य करने वाले जल्द पकड़ में आयेंगे जिसके लिए कार्यवाही प्रारंभ कर दी गयी है। बच्ची का बीडी पांडे जिला चिकित्सालय में चाईल्ड लाईन 1098 की देखरेख में प्रारंभिक उपचार करने के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए सुशीला तिवारी चिकित्सालय हल्द्वानी भेजा गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। श्री बंसल ने उम्मीद जताई कि सुशीला तिवारी में उपचार के बाद जब बच्ची पूर्णतः स्वस्थ हो जायेगी तो उसे अल्मोड़ा के शिशु गृह में रखा जायेगा। नवजात बच्ची को गोद लेने वाले दम्पत्ति को नियमानुसार गोद दे दिया जायेगा। यदि इस बच्ची को गोद लेने के लिए कोई दम्पत्ति सामने नहीं आता है तो इस बच्ची की परवरिश, भरण-पोषण, शिक्षा तथा विवाह तक का सारा खर्चा जिला प्रशासन वहन करेगा।

यह भी पढ़ें : नैनीताल ब्रेकिंग : सुबह-सुबह मानवता शर्मसार, नाले में नग्नावस्था में मिली नवजात बच्ची

-अपनों ने नग्नावस्था में कड़कती ठंड में मरने को छोड़ी नवजात, अनजानों ने बचा लिया, समय से पूर्व पैदा हुई भी बच्ची, पुलिस उसे फेंकने वालों की तलाश में जुटी

तेज सिंह नेगी @ नवीन समाचार, नैनीताल 6 फरवरी 2020। ‘बेटी बचाओ’ के लाख संदेशों को धता बताते हुए सरोवरनगरी में बृहस्पतिवार सुबह-सुबह मानवता को शर्मसार करने वाली खबर आई। एक नवजात बच्ची को गर्भनाल काटे बिना ही उसके अपनों ने शहर में बर्फ की मौजूदगी के बीच हाड़ कंपाती ठंड में बिना कपड़ों के नाले में मरने के लिए छोड़ दिया, लेकिन मारने वाले अपनों पर बचाने वाले अनजानों के भीतर की मानवीयता भारी पड़ी, जो बच्ची को बचाकर बीडी पांडे जिला महिला चिकित्सालय ले आये, जहां बच्ची को उपचार किया जा रहा है। इधर पुलिस ने नवजात के परिजनों की तलाश शुरू कर दी है। इस हेतु सीसीटीवी कैमरे खंगाले जा रहे हैं और क्षेत्र में सुरागकसी की जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बृहस्पतिवार सुबह करीब 6 बजकर 52 मिनट पर नगर के स्टाफ हाउस-7 नंबर क्षेत्र में हनुमान मंदिर के पास एक बच्चे ने नाले में किसी के रोने की आवाज सुनी। उसने आसपास के लोगों को इसकी सूचना दी। वहां नाले में एक नवजात बच्ची नग्न अवस्था में मौजूद थी और रो रही थी। उसका पूरा शरीर नीला पड़ चुका था उसके शरीर पर कई जगह चोट के निशान भी थे। अच्छी बात यह रही कि मजमा लगाने-तमाशा देखने के बजाय वहां से गुजरते राशिद अली, शांति देवी व रमेश चंद्र उसे बीडी पांडे जिला चिकित्सालय ले आए। जहां बच्ची को ऑक्सीजन व गर्मी देकर उसका उपचार किया गया। नवजात बच्ची को सुबह तड़के ही पैदा हुआ बताया जा रहा है, जिसे जन्म के तुरंत बाद ही नाले में आज सुबह ही फेंक दिया गया। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व जिला न्यायालय के पास एक कूड़ेदान में भी एक नवजात का भ्रूण मिला था, जिसे तब बचाया नहीं जा सका था।

समय से पूर्व पैदा हुई थी बच्ची
नैनीताल। जिला चिकित्सालय के बाल रोग विशेषज्ञ डा. खर्कवाल के अनुसार नवजात शिशु प्री मेच्योर है यानी समय से पूर्व पैदा हुई है। उसे गैसपिंग अवस्था मे बच्ची को अस्पताल लाया गया था, काफी देर ठंड में नग्न अवस्था मे नाले के अंदर पड़े रहने की वजह से बच्ची को हाइपोथर्मिया की शिकायत हो गयी है। इस वजह से बच्ची की सांस की नली में रुकावट आ रही है। बच्ची की स्थिति गंभीर बनी हुई है। इसीलिए अभी अस्पताल में उसका इलाज जारी रहेगा। उधर मल्लीताल कोतवाली के वरिष्ठ उप निरीक्षक भुवन चंद्र मासीवाल ने कहा कि बच्ची के बारे में उच्चाधिकारियों एवं जनपद में लावारिश बच्चों की देखभाल करने वाली संस्था विमर्श चाइल्ड लाइन को सूचना दे दी गई है। उसे जिसने मारने की नीयत से फेंका है, उसकी तलाश की जा रही है। उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

यह भी पढ़ें : उच्च अधिकारी के घर 2 वर्ष से हो रहा था बच्ची का उत्पीड़न

नवीन समाचार, देहरादून, 18 दिसंबर 2019। बाल संरक्षण आयोग ने राजस्व विभाग के संयुक्त सचिव प्रेम प्रकाश के घर से एक 12 वर्षीय बालिका को मुक्त कराया है आयोग के अध्यक्ष उषा नेगी के अनुसार संयुक्त सचिव के घर 2 वर्ष से 12 वर्षीय बालिका से घरेलू कार्य करवाने सहित उत्पीड़न करने की शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों पर ही कार्रवाई कर बच्ची को मुक्त कराया गया है आगे आरोपित संयुक्त सचिव पर वैधानिक कार्यवाही की तैयारी की जा रही है।

यह भी पढ़ें : नवजात बच्ची रो रही थी, इसलिये कलयुगी मां ने कर दी थी 28 दिन की बच्ची की हत्या

-खुद ही तहरीर सौंपकर बच्ची के गायब होने की दी थी सूचना
-पति-पत्नी के झगड़े के दौरान बच्ची के रोने पर मां ने मुंह दबाकर कर की हत्या

प्रतीकात्मक तस्वीर

नवीन समाचार, खटीमा, 18 दिसंबर 2019। तीन दिन पूर्व 28 दिन की बच्ची को चारपाई से लापता हो जाने के मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए बच्ची के मां व पिता को उसकी हत्या करने के जुर्म मे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। ग्राम सभा पचौरिया चकरपुर निवासी गोविन्द प्रसाद उर्फ विजय व उसकी पत्नी निशा उर्फ नगमा ने बीते 16 दिसम्बर को पुलिस को तहरीर सौंपकर कहा था कि उसकी 28 दिन की पुत्री प्रियांशिका को रात में चारपाई से गायब हो गई। सूचना मिलते ही परिजनों व ग्रामीणों ने बच्ची की खोजबीन शुरू कर दी, लेकिन उसका कही पता नहीं चला। कम्बल शारदा नदी के किनारे पड़ा मिला। मामले की तहरीर मिलते ही पुलिस ने जांच पड़ताल में जुट गई। बुधवार को अपर पुलिस अधीक्षक देवेंन्द्र पिंचा ने कोतवाली पहुंचकर मामले का खुलासा किया। अपर पुलिस अधीक्षक पिंचा ने बताया कि पति-पत्नी के आपसी झगड़े के दौरान बच्ची रो रही थी, इसी बीच उसकी मां निशा उर्फ नगमा ने बच्ची का मुंह हाथ से बंद कर दिया, जिससे बच्ची की मौत हो गई। बच्ची की मौत होते ही पति-पत्नी घबरा गये और बच्ची के शव को घर के पास ही शारदा नहर में डाल दिया और बच्ची के गायब होने की सूचना पुलिस को दी। अपर पुलिस अधीक्षक पिंचा ने कहा कि पुलिस जांच में पति-पत्नी के बयान में विरोधाभास होने पर पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तो निशा उर्फ नगमा ने बच्ची की हत्या कर पति के साथ मिलकर शव को नदी में फेंकने की बात कबूल कर ली। शव की तलाश जारी है, वहीं आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया। इस दौरान सीओ महेश बिन्जौला, कोतवाल संजय पाठक, एसएसआई देवेन्द्र गौरव, एसआई देवेन्द्र राजपूत, अनिल चौहान, बबीता, तपेन्द्र जोशी, महेन्द्र डंगवाल आदि मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें : अल्मोड़ा में बीती रात्रि मानवता हुई शर्मसार, कूड़ेदान में कुत्ते नोंच रहे थे नवजात को, और…

नवीन समाचार, अल्मोड़ा, 21 नवंबर 2019। अल्मोड़ा में बीती बुधवार की रात्रि मानवता एक बार पुनः शर्मसार हो गई। नजाने किन कारणों से एक मां ने अपनी नवजात बच्ची को सीने पर पत्थर रखकर सर्द रात में कूड़ेदान में डाल दिया। वहां बच्ची को कुत्ते नोंचने लगे। गनीमत रही कि किसी देवदूत की तरह पहुंचे एक स्थानीय युवक की नजर बच्ची को नोंचते कुत्तों पर पड़ गई। उसने कुत्तों से किसी तरह बच्ची को छुड़वाया और अपनी जैकेट पहनाकर स्थानीय लोगों व पुलिस की मदद से बच्ची को बेस चिकित्सालय पहुंचवाया। वहां उपचार के बाद बच्ची की सांसें लौट पाई हैं। बच्ची के शरीर पर कम से कम तीन जगह कुत्तों द्वारा नोंचे जाने के, पंजों के निसान हैं।
मामला अल्मोड़ा के धारानौला रोड स्थित भ्याखोला के पास सड़क पर रखे कूड़ेदान का है। युवक के अनुसार यहां एक नवजात बच्ची मिट्टी से लथपथ थी और उसे कुत्ते नोंच रहे थे। पुलिस बच्ची के परिजनों की तलाश कर रही है, जिन्होंने उसे इस तरह कूड़ेदान में मरने के लिए छोड़ दिया।

यह भी पढ़ें : 6 माह का बच्चा मां के दूध के लिए रोता रहता था, इसलिए मां ने नदी में बहा दिया, और पुलिस को बताई अपहरण की कहानी

-सीसीटीवी फुटेज से हुआ खुलासा
नवीन समाचार, हरिद्वार, 4 नवंबर 2019। धर्मनगरी में रविवार को एक मां ने अपने 6 माह के मासूम बच्चे का अपहरण होने की सूचना दी थी। इस पर पुलिस बच्चे की तलाश कर रही थी। शहर वासी भी मां को बच्चा मिलने की दुवा कर रहे थे। लेकिन तलाश के दौरान सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में एक महिला एक बच्चे को काले रंग के बैग में गंगा नदी की ओर ले जाती दिखी। इस बीच शिकायकर्ता महिला के बयानों में भी विरोधाभास दिखा। इस पर पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो महिला ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया कि उसी ने अपने मासूम बच्चे को गंगा नदी में बहा दिया। इस पर पुलिस ने आरोपित हत्यारिन
कलयुगी मां संगीता बलूनी पत्नी दीपक बलूनी निवासी संदेश नगर कनखल हरिद्वार को गिरफ्तार कर लिया। महिला का पति सिडकुल में हीरो होंडा फैक्टरी में कार्यरत है। बताया जा रहा है कि बच्चा मां के दूध के लिए रोता रहता था और बाहर का कुछ नहीं खाता था। इस कारण बच्चे को नदी में फेंक दिया।

Leave a Reply

Loading...
loading...