News

कुछ अलग, दिलचस्प व अनुकरणीय : 11 साल की उम्र में ‘फील्ड बॉय’ से काम शुरू कर किया शिपिंग-एक्सपोर्ट का कारोबार, अब 40 की उम्र में समाजसेवा में राज्यपाल से पाया पुरस्कार

2 0

यहाँ से दोस्तों को भी शेयर करके पढ़ाइये
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
Read Time:98 Minute, 22 Second

नवीन समाचार, नैनीताल, 6 नवम्बर 2020। मूलतः पंजाब के होशियारपुर के एक गांव के सामान्य परिवार से निकलकर एक 11 वर्ष के बालक राहुल अरोड़ा ने दिल्ली में एक कंपनी में ‘फील्ड बॉय’ के रूप में नौकरी शुरू की और एक दिन वैसी ही कंपनी का मालिक बन गया। आगे शिपिंग और एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट के कारोबार में बेशुमार दौलत हासिल कर कभी दिल्ली तो कभी दुबई और कभी लंदन से कारोबार का संचालन करने लगा। इस बीच नैनीताल जनपद के निवासी भेल में इंजीनियर एवं चिकित्सक माता पिता की चिकित्सक पुत्री भावना से मुलाकात और फिर शादी हुई। 2012 के आसपार इंजीनियर ससुर अपने गांव बेतालघाट लौट आए तो उनके साथ राहुल भी यहां ससुराल के नाते आ गए। यहां राहुल बेतालेश्वर महादेव का ऐसे आकर्षण में बंधे कि कोसी नदी किनारे 300 नाली जमीन खरीद ली। खनन से जुड़े लोगों ने इस भूमि पर क्रेसर बनाने की पहले सलाह और बाद में दबाव बनाया तथा प्रतिवर्ष तीन करोड़ रुपए कमाने का ऑफर दिया, किंतु राहुल ने इसकी जगह यहां 300 गायों की डेरी खोलकर पहाड़ के लोगों को रोजगार से जोड़ने का बीड़ा उठाया। उत्तराखंड की राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने करीब तीन वर्ष पूर्व इस ‘ढिनाई डेरी’ का उद्घाटन किया था। आज श्रीमती मौर्य ने श्री अरोड़ा को उत्कृष्ट समाजसेवा के लिए सम्मानित और 75 हजार रुपए की धनराशि से पुरस्कृत किया तो अरोड़ा ने इस धनराशि से क्षेत्र में कूड़ेदान बनाने का ऐलान किया है। इस दौरान राज्यपाल श्रीमती मौर्य ने यह भी कहा कि उनके कार्यों को देखकर ही उन्होंने हर वर्ष राज्य स्थापना दिवस से पूर्व उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों एवं कार्मिको को सम्मानित करने की शुरुआत की है।
राहुल अरोड़ा की कहानी इससे आगे भी काफी दिलचस्प है। शुक्रवार को नैनीताल राजभवन में सम्मानित होने के बाद पत्रकार वार्ता करते हुए उन्होंने बताया, समाजसेवा के बारे में उन्होंने कभी भी नहीं सोचा था। वर्तमान में 40 वर्षीय राहुल ने सोचा था कि 40 की उम्र में अपने कारोबार से सेवानिवृत्ति लेकर कहीं विदेश में शांति से रहेंगे। पर नियति पत्नी के साथ पहाड़ खींच लाई। यहां करीब तीन वर्ष पूर्व 7 माह से ह्वीलचेयर के लिए जगह-जगह गुहार लगा रहे एक व्यक्ति को ह्वीलचेयर दिलाने तथा बेतालघाट महोत्सव में सहयोग करने के साथ अनायास समाजसेवा करने का मौका मिला तो बेतालेश्वर सेवा समिति बनाकर इसी में रम गए। बकौल राहुल अब वे अपने कारोबार को केवल इसलिए जारी रखे हुए हैं कि इससे उनके समाज सेवा के कार्य चलते रहें। इस मौके पर उनके साथ बेतालेश्वर सेवा समिति के सचिव दीप रेखाड़ी एवं रमेश तिवाड़ी आदि सदस्य भी मौजूद रहे।

समाजसेवा में इतने कार्य कर चुके हैं राहुल
नैनीताल। राहुल की ढिनाई डेरी में वर्तमान में 50 गायें एसी एवं कालीनों का आनंद लेती हुई खास जैविक चारा खाती हैं। उनसे प्राप्त जैविक दूध प्रतिमाह लाखों रुपए के नुकसान के बावजूद बेतालघाट में मात्र 38 रुपए प्रति लीटर के भाव बेचा जाता है। राहुल ने बेतालघाट में तीन मंजिला ‘विकास भवन’ बनाया है, जहां क्षेत्रवासियों के सरकारी कार्यों के लिए आवेदन, प्रार्थना पत्र लिखने जैसे कार्य चार कार्मिकों के जरिए निःशुल्क होते हैं। यहां निःशुल्क बच्चों को ट्यूशन, कोचिंत, गीत-संगीत एवं नृत्य की शिक्षा तथा सिलाई-कढ़ाई एवं ब्यूटीशियन का प्रशिक्षण दिया जाता है। बच्चों के लिए निःशुल्क पुस्तकालय भी खोला है। मंदिरों का सौंदर्यीकरण किया है। वह बेतालघाट में अपने खर्च पर खेल महाकुंभ व राज्य स्तरीय बॉक्सिंग प्रतियोगिता करा चुके हैं। आगे उनकी योजना परित्यकता गायों के लिए गौसदन एवं आयुष फार्मिंग करने तथा अपने कार्य को बेतालघाट से बाहर भी यथाशक्ति फैलाने की है। साथ ही उन्होंने दावा कि इतने कार्य करने के बावजूद उनकी राजनीति में जाने के कई प्रस्तावों के बावजूद कोई योजना नहीं है।

यह भी पढ़ें : कर्म का जज्बा : नैनीताल के खुले डीएसए मैदान में उगा दिया उद्यान

डीएसए मैदान के किनारे लगे टमाटर दिखाता विनोद यादव।

नवीन समाचार, नैनीताल, 16 सितंबर 2020। कर्तव्यशील व्यक्ति जहां भी रहे, कुछ न कुछ सकारात्मक कर देता है। ऐसा ही कुछ नजारा इन दिनों नगर की खेल गतिविधियों के केंद्र, डीएसए के ऐतिहासिक फ्लैट्स मैदान में नजर आ रहा है। यहां भगवत यादव नाम के व्यक्ति ने खुले मैदान के किनारे, जहां पौधों की सुरक्षा का कोई प्रबंध नहीं है, एवं आवारा पशुओं-बंदर, लंगूरों से लेकर बच्चों व आम लोगों द्वारा भी छेड़छाड़ कर पौधों को हानि पहुंचाने का खतरा रहता है, लगातर देखरेख कर, बिना किसी अनुमति के ही सही, पर खाने योग्य पांगर, सूरजमुखी, टमाटर व गैंदा आदि के पौधों का छोटा सा उद्यान बना डाला है। भगवत के इस उद्यान में सूरजमुखी के फूल खिले हुए हैं, वहीं बड़े-बड़े टमाटर भी पके हुए हैं। इसे देखकर हर कोई भगवत की कर्तव्यशीलता की तारीफ कर रहा है।

यह भी पढ़ें : छात्रा ने कोरोना काल में प्राप्त किये 100 से अधिक राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रमाण पत्र

नवीन समाचार, नैनीताल, 04 सितंबर 2020। नगर निवासी डीएसबी परिसर नैनीताल की एमए राजनीति विज्ञान चतुर्थ सेमेस्टर की छात्रा सोनी अनीश ‘एनी’ ने कोरोना काल में लगातार कई क्षेत्रों में कार्य करते हुए कई उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने इस दौरान घर में रहने इंटरनेट के माध्यम से International Forensic Science,Entrepreneurship and Startup India, Google Analytics for beginners, Advanced Google Analytics, Google Analytics for power users, Getting started with Google Analytics 360, Introduction to data Studio, Google tag manager fundamentals, Web App Beginner, Mobile App, National Level Quiz on Income Tax Quest, Constitution of India,Professional Digital Photography, World Environment, Indian Heritage and Culture, Library Science, Japanese Martial Art Judo, Microsoft Excel, SEMrush SEO tool kit, Ek Bharat Shreshtha Bharat, Entrepreneurship, IFS Forensic Investigation, Cyber Security, Artificial Intelligence and Machine Learning, AYUSH Yoga , Nutrition for Optical Health Learning Programme, Plastic Waste Management, International Programme on Computer Sciences, International Youth Day, Anti Drug Abuse, AYUSH Sanjivani, WASH Poshan Abhiyan Ministry of Women & Child Development, Basic Nutrition Poshan Abhiyan Ministry of Women & Child Development, Break the Stigma,E-Waste of Electronics and Information Technology, Entrepreneurship, Ministry of Youth Affairs and Sports, National Human Rights Commission India, National Commission for Women India, Ministry of Women and Child Development International Women’s Day, All India Council for Technical Skill Development, Be vocal about local, shreshth Gyan, International Forensic Science Investigation, National ( Electrical and Electronics Engineering), Social Media Marketing, National Service Scheme Cell APJ Abdul Kalam, Samanya Gyan, Cyber Security, International Yoga, Artificial Intelligence and Machine learning, Covid-19 awareness management and economy, Prime Minister self-reliant Indian movement, Accountancy, Indian Government and Politics, Feminism, Insolvency & Bankruptcy Board of India, Umang, Machine Learning, Basics of Computer Science, Theory of Machines, DNA Replication Transcription and Translation, All India Institute of Public and Physical Health Sciences ( AIIPPHS), Indian Constitution, Covid Awareness, International Level on Etiquettes and Manners, Aptitude and English Grammar, Business, Research Publication and Patent Creation, Cloud Computing, International Programme on Age of Exploration of Sea Routes, National Level programme in Python, EOT Crane Safety, National Level programme on Commerce, Skills for a Resilient Youth आदि में भागीदारी कर जिला, राज्य, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सौ से अधिक प्रमाण पत्र प्राप्त किए हैं। सोनी की राजनैतिक, सामाजिक और धार्मिक क्षेत्रों में भी भागीदारी रहती है। जहां कोरोना काल में लोग अपने घरों में असमंजस की स्थिति में भीतर बैठे थे, वहीं सोनी ने इंटरनेट का लाभ उठाते हुए अपनी योग्यता एवं जुझारू पन का परिचय देते हुए यह उपलब्धि हासिल की, जो कि युवाओं एवं छात्र-छात्राओं के लिए प्रेरणादायी साबित हो सकती है।

यह भी पढ़ें : आशा ने लॉक डाउन में बना डालीं 190 पेंटिंग, कमाई से करेंगी केंसर पीड़ितों की मदद

नवीन समाचार, नैनीताल, 18 अगस्त 2020। बिड़ला विद्या मंदिर के प्रधानाचार्य अनिल शर्मा की धर्मपत्नी एवं कई सामाजिक संगठनों से जुड़ी आशा शर्मा ने लॉक डाउन का सदुपयोग करते हुए करीब 190 पेंटिंग बनाई हैं। आगे वह इन पेंटिंग को बेचकर इससे प्राप्त होने वाली धनराशि को केंसर पीड़ितों को भेंट करना चाहती हैं।आशा ने कैंसर पीड़ितों के लिए शुरू अनूठी पहल
श्रीमती शर्मा ने कहा कि उन्होंने यह कार्य महिलाओं को प्रेरित करने के लिए किया है कि कोई भी महिला अपने शौक को अपने रोजगार का जरिया बनाने के साथ ही लॉक डाउन जैसी परिस्थितियों में समय का सदुपयोग करने का माध्यम भी बना सकती है। उन्होंने कहा कि अपने शौक से इस तरह जुड़ना मेडिटेशन यानी ध्यान लगाने का सबसे अच्छा माध्यम भी है। इससे मनुष्य की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है। क्योंकि इसमें सर्वाधिक ध्यान केंद्रित होता है। उन्होंने बताया कि यह पेंटिंग बनाने के लिए वह आठ घंटों तक लगातार रात्रि में बैठकर भी काम किया है।

यह भी पढ़ें : ‘वोकल फॉर लोकल’-‘आत्मनिर्भर भारत’ : भाईयों की कलाई पर बधेंगी ‘स्पर्श गंगा-जैविक राखियां’, भीगने पर सैनिटाइजर का कार्य करेंगी..

-बच्चों ने शिक्षक द्वारा ऑनलाइन दिये गये निर्देशों पर अपने घर पर शून्य लागत में, आसपास मिलने वाले जंगली फल, फूलों व घासों से तैयार की हैं जैविक राखियां

बच्चों द्वारा तैयार की गयीं जैविक राखियां।

नवीन जोशी, नैनीताल। इन दिनों कोरोना की महामारी व लॉक डाउन के कारण स्कूल नहीं पा रहे बच्चे भी अच्छे रचनात्मक शिक्षकों के माध्यम से कई उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं। ऐसा ही एक उल्लेखनीय कार्य किया है अल्मोड़ा जनपद के विकासखंड धौलादेवी के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र में स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय बजेला के बच्चों ने। इस विद्यालय में सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत शिक्षक भास्कर जोशी ने बताया कि इस दौरान वे बच्चों को व्हाट्सएप के जरिये ऑनलाइन कक्षाएं चलाकर पढ़ा रहे हैं। साथ ही बच्चों से नये-नये क्रियाकलाप भी करा रहे हैं। इसी कड़ी में बच्चों ने इन दिनों मिलने वाले फूल, पत्तियों, मक्के के जंेेमस यानी नर फूल, बाबिल घास व घिंघारू के फलों आदि का प्रयोग कर 100 फीसद जैविक सामग्रियों से ‘जैविक राखियां’ तैयार की हैं। दिखने में बेहद सुंदर, बेमिसाल इन राखियों को बनाने में शून्य लागत आई है। शिक्षा के साथ-साथ बच्चो में राष्ट्रीय मूल्यों की अलख जगाने, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ ‘वोकल फॉर लोकल’ के आह्वान को आगे बढ़ाते हुए तथा बच्चों की सृजन क्षमता को विकसित करने के उद्देश्य से इस गतिविधि को बच्चों से उनके घरों पर ही कराया गया व चित्र कक्षा समूह में साझा किये गये। जोशी ने कहा कि यह बच्चों की रचनात्मकता का अलग सोपान है। इस कोरोना काल में बच्चे विद्यालय से भौतिक रूप में दूर अवश्य हैं परंतु विभिन्न शैक्षिक व पाठ्य सहगामी क्रियाओं से अपनी रचनात्मकता का लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं।

आत्मनिर्भर भारत: भाईयों की कलाई पर बधेंगी ‘स्पर्श गंगा राखियां’, भीगने पर सैनिटाइजर का कार्य करेंगी

शुक्रवार को स्पर्श गंगा राखियों का प्रदर्शन करती ‘स्पर्श गंगा अभियान’ से जुड़ी छात्राएं।

नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल के आईपीएसडीआर में शुक्रवार को छात्राओं ने हस्तनिर्मित सांस्कृतिक, मेडिकेटेड स्पर्श गंगा राखियों का प्रदर्शन किया। बीबीए की छात्रा स्वेता राणा ने बताया कि इन ‘स्पर्श गंगा राखियों’ में पहाड़ की परम्परागत औषधियों हल्दी, राई और कपूर का उपयोग किया गया है जो पानी से भीगने पर सेनेटाइजर का कार्य करेंगी। बीकॉम ऑनर्स की छात्रा दिव्या साह ने बताया कि इन राखियों को उत्तराखंड की लोक चित्रकला ‘ऐपण’ से सुसज्जित किया गया है जिससे हमारी परम्पराओं के प्रति जागरूकता उत्पन्न होगी। एमकॉम की छात्रा ऋचा पांडे ने बताया कि उन्होंने मेंहदी का उपयोग करते हुए राखियां तैयार की हैं। वहीं स्पर्श गंगा अभियान के राष्ट्रीय समन्वयक एवं आईपीएसडीआर के निदेशक प्रो. अतुल जोशी ने बताया कि पूरे प्रदेश में इस अभियान से जुड़ी मातृशक्ति द्वारा केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ की प्रेरणा से ‘आत्मनिर्भर भारत’ बनाने के संकल्प को पूरा करने के उद्देश्य को लेकर ‘स्पर्श गंगा अभियान’ से जुड़ी मातृशक्ति ने रक्षाबंधन के पवित्र त्योहार पर चाइनीज राखी का पूर्ण बहिष्कार कर, स्वनिर्मित राखियों को भाइयों की कलाई पर बांधने का संकल्प जताया है। उन्होंने बताया कि इस अभियान से जुड़ी रुड़की निवासी गीता कार्की ने गंगा तट के खूबसूरत चमकीले पत्थरों तथा परम्परागत पूजा अर्चना में प्रयुक्त किए जाने वाले कलावा धागों से स्पर्श गंगा रक्षा सूत्र बनाए हैं। हरिद्वार में रीता चमोली, पिथौरागढ़ में मोहन जोशी, हल्द्वानी में डॉ. एसडी तिवारी एवं सोनल पाण्डे के नेतृत्व में भी स्पर्श गंगा राखियाँ तैयार की जा रही हैं।

यह भी पढ़ें : लॉक डाउन में गांव लौटी ब्यूटीशियन ने घर में भर दी ब्यूटी..

कैलाश जोशी @ नवीन समाचार, ज्योलीकोट, 16 जून 2020। कोरोना महामारी के कारण घोषित लॉकडाउन में समीपवर्ती बेलुवाखान में घर लौटी प्रवासी युवती कुमारी स्मृति बोरा ने अपने पैतृक आवास में लौट कर अपने स्वर्गीय पिता कमल बोरा की स्मृतियों को रंगों और ब्रश की जुगलबंदी से नई जान दे दी है। स्मृति ने अपने पारिवारिक आवासीय परिसर को भी नया रंगरूप देकर अपनी प्रतिभा का सदुपयोग किया है। उसके द्वारा टायरों, पुराने अनुपयोगी बर्तनों व गमलों के साथ ही घर के मंदिर को नया रूप दिया गया है, जिसे देख कर सभी लोग स्मृति की सराहना किये बिना नहीं रह पा रहे हैं।
पोस्ट ग्रेजुएट स्मृति बीते मार्च में अपनी माँ प्रवीणा बोरा के साथ फैजाबाद उत्तर प्रदेश से बेलुवाखान स्थित अपने पैतृक आवसीय परिसर शंकर सदन में स्थायी रूप से लौट आयी है, जहां परिवार के अन्य लोग भी पहले से ही रहते हैं। हालांकि स्मृति का अधिकांश समय बाहर ही व्यतीत हुआ है। वह वहां ब्यूटीशियन का कार्य करती थी और उसने कला सम्बंधित विधिवत शिक्षा भी ग्रहण नहीं कि है। फिर भी स्मृति बताती है कि कला की प्रेरणा और शिक्षा उसे अपने स्वर्गीय पिता कमल बोरा से मिली। लॉक डॉउन में उसे अपने हुनर को दिखाने का मौका मिला। स्मृति की भविष्य में इस कला को और निखारने व आगे बढ़ाने की इच्छा भी है। बताते चलंे कि बोरा परिवार के अन्य सदस्यों की तरह स्मृति के पिता स्वर्गीय कमल बोरा ज्योलीकोट की 70 वर्ष पुरानी रामलीला के स्तम्भ रहे हैं।

यह भी पढ़ें : बच्चियों ने गुल्लक तोड़कर पीएम केयर्स में जमा की पूरी राशि

पीएम केयर्स में अपने गुल्लक की धनराशि भिजवाती बच्चियां।

नवीन समाचार, नैनीताल, 27 अप्रैल 2020। एक बोध कथा में एक नन्ही चिड़िया जंगल में आग लगने पर अपनी चोंच से दूर समुद्र से जल लाकर आग बुझाने का प्रयास करती थी। कुछ इसी भाव के साथ नगर की दो बच्चियों ने कोरोना की महामारी से लड़ने के लिए अपना गुल्लक तोड़कर इसमें मिली 2,313 रुपए की पूरी धनराशि सोमवार को भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष नितिन कार्की के माध्यम से प्रधानमंत्री के पीएम केयर्स फंड में जमा करा दी है। बच्चियों ने यह धनराशि पिछले एक वर्ष में अपने जेब खर्च से बचाकर जमा की थी। इनमें एक बच्ची नगर के ऑल सेंट्स कॉलेज में छठी कक्षा की छात्रा 11 वर्षीया सुहार्दिका व दूसरी उसकी छोटी बहन छह वर्ष की पहली कक्षा में पढ़ने वाली याशिका है। वे कुमाऊं विवि के डीएसबी परिसर के पर्यटन विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर डा. अशोक कुमार व सुविध्या की पुत्रियां हैं।

यह भी पढ़ें : सेवानिवृत्त दरोगा को फंड मिले नहीं, फिर भी पीएम-सीएम राहत कोष में दिये 24 हजार

नवीन समाचार, नैनीताल, 25 अप्रैल 2020। विजिलेंस विभाग से नवंबर 2019 में सेवानिवृत्त हुए उपनिरीक्षक दीवान सिंह चम्याल ने कोरोना विषाणु कोविद-19 की महामारी में योगदान देकर अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। नगर के तल्लीताल क्लर्क क्वार्टर में रहने वाले चम्याल को सेवानिवृत्ति के करीब पांच माह बीतने तक अपने जीपीएफ सेवानिवृत्ति लाभ की धनराशि भी नहीं मिली है। इधर कोरोना व लॉक डाउन के कारण वे सरकारी पूल्ड आवास खाली करने के साथ अपने लिए घर भी नहीं बना पा रहे हैं। फिर भी उन्होंने अपने मार्च माह की पेंशन में 12 हजार रुपए प्रधानमंत्री के पीएम केयर्स फंड में तथा 12 हजार रुपए प्रदेश के मुख्यमंत्री के राहत कोष में शुक्रवार को जमा करा दिये हैं।

यह भी पढ़ें : सांसद अजय भट्ट के साथ ही उनकी पत्नी व पुत्री भी दे रहे कोरोना से जंग में योगदान

-सांसद ने कहा, प्रधानमंत्री मोदी की अगुवाई में देश कोरोना से जंग जीतने की राह पर, विश्व में हो रही प्रशंसा
-पत्नी हल्द्वानी में घर पर स्वयं सिल रही हैं मास्क, वहीं पत्नी जम्मू में जरूरतमंदों को उपलब्ध करा रही हैं राशन

जम्मू में पुलिस कर्मियों के साथ जरूरतमंदों को राशन भेंट करती सांसद अजय भट्ट की पुत्री मेघा भट्ट।

नवीन समाचार, नैनीताल, 23 अप्रैल 2020। नैनीताल-ऊधमसिंह नगर लोकसभा के सांसद अजय भट्ट का पूरा परिवार इन दिनों कोरोना की वैश्विक महामारी के दौरान लागू लॉक डाउन में जरूरतमंदों की मदद में जुटा हुआ है। स्वयं भट्ट जहां बतौर सांसद अपनी जिम्मेदारियों को अंजाम दे रहे हैं, और अपने वेतन के एक लाख रुपए पीएम केयर्स में जमा करा चुके हैं, वहीं उनकी अधिवक्ता पत्नी पुष्पा भट्ट हल्द्वानी स्थित घर में जरूरतमंदों के लिए घर पर स्वयं सिलाई मशीन पर मास्क सिलने में लगी हुई हैं, वहीं उनकी पुत्री मेघा घर से दूर जम्मू में अपने परिवार के साथ रहते हुए वहां भी जरूरतमंदों की मदद में जुटी गई हैं।
श्री भट्ट ने बताया कि इस आपातकाल में हर किसी को अपनी सामर्थ्य की ओर से फसल बचाने वाली गिलहरी व आग बुझाने वाली नन्ही चिड़िया की कहानियों की तरह अपना योगदान देने की जरूरत है। इसी कोशिश में वे स्वयं तथा उनके परिवार के सदस्य स्वयं अपनी प्रेरणा से अपना योगदान दे रहे हैं। कहा कि वर्तमान में यहां-वहां फंसे लोगों को उनके इच्छित स्थानों पर भेजना संभव नहीं है। बहरहाल, वे देश भर में फंसे उत्तराखंडी लोगों को उनके स्थान पर यथासंभव सुविधाएं उपलब्ध कराने के कार्य में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुरुआत में ही लॉक डाउन का कड़ा निर्णय लेकर पूरे देश को कोरोना की महामारी से बचाने का प्रयास किया है। वहीं विश्व के दूसरे देशों की भी मदद की है। ऐसे में भारत पूरी दुनिया में कोरोना से लड़ने में नंबर-1 साबित हुआ है। प्रधानमंत्री मोदी की अगुवाई में देश कोरोना से जंग जीतने की राह पर है, और पूरे विश्व में भारत की प्रशंसा हो रही है। कहा कि इस समय आर्थिक रूप से पूरे देश में नुकसान हो रहा है। लोग भी समस्याएं झेल रहे हैं। लेकिन उन्हें किसी तरह के क्षोभ या अवसाद में नहीं जाना चाहिए।

यह भी पढ़ें : वाकई मित्र पुलिस: 100 किमी दूर से लाकर 180 किमी दूर वृद्धा के घर पर पहुंचाईं दवाइयां

Blog single photoनवीन समाचार, अल्मोड़ा, 21 अप्रैल 2020। अल्मोड़ा पुलिस ने लॉक डाउन के दौरान मुख्यालय से 180 दूर एक गांव में दवाई के लिए तरसती वृद्धा को 100 किमी दूर हल्द्वानी से दवाइयां मंगाकर और उसके घर पर पहुंचाकर वास्तव में मित्र पुलिस का नाम साकार कर दिया है। हुआ यह कि सल्ट क्षेत्र के एक सामाजिक कार्यकर्ता अमित रावत ने अल्मोड़ा पुलिस के फेसबुक पेज पर मधुमेह, अस्थमा आदि बीमारियों से पीड़ित करीब 80 वर्षीया वृद्धा झपरी देवी पत्नी स्व. दामोदर खंतवाल निवासी ग्राम कोट जसपुर पो. बॉगीधार को दवादयां न मिलने की शिकायत वृद्धा की भावुक वीडियो अपील के साथ पोस्ट की। इस पर अल्मोड़ा पुलिस के मीडिया सेल में कार्यरत पुलिस कर्मियों ने वृद्धा से दूरभाष पर बात की और उसकी समस्या से संतुष्ट होने पर एसएसपी प्रह्लाद नारायण मीणा ने हल्द्वानी से दवाइयां मंगवाईं और मंगलवार को दवाइयां वृद्धा के घर पर दवाइयां पहुंचाईं। इस पर अल्मोड़ा पुलिस के साथ ही उत्तराखंड पुलिस को तारीफंे मिलनीं तय हैं।

यह भी पढ़ें : छात्र-छात्राओं ने घर पर रहकर तैयार कोलाज पोस्टर से दिया एकता से कोरोना को हराने का संदेश

नवीन समाचार, नैनीताल, 19 अप्रैल 2020। कोरोना विषाणु से बचाव व राहत कार्यों में समाज का हर वर्ग अपनी ओर से संभव योगदान कर रहा है। चिकित्सक चिकित्सा, पुलिस कर्मी सुरक्षा, पर्यावरण मित्र सफाई एवं समर्थ लोग प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री राहत कोष एवं अन्य माध्यमों से जरूरतमंदों की मदद कर रहे हैं तो अनेक लोग जागरूकता फैलाने में भी योगदान दे रहे हैं। ऐसा ही एक प्रयास कुमाऊं विवि के सर्वप्रमुख डीएसबी परिसर के छात्र-छात्राओं ने अपने एक कोलाज पोस्टर के जरिये कोरोना के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने का संदेश दिया है। इस कोलाज पोस्टर में बीएससी व बीकॉम द्वितीय वर्ष के समीर राज आर्य, मीनाक्षी बिष्ट, प्रभात बजाज, जेबा नाज, समृद्धि बिष्ट, मनीष जोशी ,प्रियंका बिष्ट, धीरज कुमार, रेचेल, पंकज भट्ट, वर्षा, कृति, अक्षांश जोशी, जीत बिष्ट, पूजा जोशी, सूरज, हिमांशु मेहरा व कस्तूरबा कनवाल आदि छात्र-छात्राएं अपने हाथों में लिखे पोस्टरों से अंग्रेजी में लिखे पोस्टर में कह रहे हैं, ‘यह पूरी मानव सभ्यता के खिलाफ लड़ाई है। कुछ हारों के बावजूद अभी भी उम्मीदें जिंदा हैं कि हम इससे जीतेंगे। क्योंकि एकता सकारात्मकता को बढ़ाती है’। यह भी बताया जा रहा है इन छात्र-छात्राओं ने यह कोलाज पोस्टर अपने घरों पर मौजूद रहकर यानी बिना एक साथ आये, सामाजिक दूरी का पूरा ध्यान रखकर तैयार किया है।

नैनीताल : यह भी पढ़ें : टीम ग्रीन अनूठे तरह से फैला रही कोरोना के प्रति जागरूकता

नवीन समाचार, नैनीताल, 18 अप्रैल 2020। कोरोना संक्रमण की रोकथाम को लेकर डीएसबी परिसर के छात्र-छात्राओं की ‘टीम ग्रीन’ अनोखे तरीके से लोगों को जागरूक करने का प्रयास कर रही है। छात्र-छात्राओं ने एक फोटो के जरिये लोगों से घर पर रहने का संदेश दिया है। कोलाज कर बनाई गई फोटो में छात्र छात्राएं अलग अलग अंग्रेजी शब्द को कागज पर लिखकर ‘स्टे होम-स्टे सेफ’ यानी घर पर रहिये-सुरक्षित रहिये का संदेश लिखे दिखाई दे रहे हैं। टीम ग्रीन के इस कोलाज में निर्मला, पल्लवी, भोला, शिखा, हिमांशु, मजहर, निहारिका, दीक्षा नेगी, गरिमा जोशी, मृदुल, तन्मय, विपुल, जलज, राहुल, तरुण राज, अक्षत कौशिक व प्रदीप शामिल हैं।

यह भी पढ़ें : पालिकाध्यक्ष ने खुद उठाया शहर से गुजरने वाले वाहनों को विसंक्रमित करने का जिम्मा

भवाली में वाहन को सेनिटाइज करते नगर पालिका अध्यक्ष संजय वर्मा।

नवीन समाचार, नैनीताल, 11 अप्रैल 2020। निकटवर्ती भवाली नगर में शनिवार को नगर पालिका अध्यक्ष संजय वर्मा ने नगर के बाजार व नगर से गुजरने वाले वाहनों को सैनिटाईज करने का जिम्मा खुद संभाला। इस दौरान पालिका अध्यक्ष संजय वर्मा, ईओ ईश्वर सिह रावत, सभासद किशन अधिकारी, पूर्व सभासद इदरीश खान, पालिका लिपिक इंदर कपिल, मनोज तिवाडी, योगेश कुमार, दीपक भंडारी, रमेश भट्ट, राजा राम वाल्मिकी, समाजसेवी मनोज नयाल, मनीष साह, संजयलोहनी, कंचन बेलवाल, किशन नयाल, सोनू सिजवाली व दीपू कपिल आदि ने भवाली नगर व बाजार में आने-जाने वाले वाहनों को सैनिटाईज किया। साथ ही लोगों को सोसियल डिस्टेंसिंग व मुंह को मास्क, गमछे या रुमाल से ढककर रखने के लिए जागरूक किया।

यह भी पढ़ें : आवारा कुत्तों को अंडा दूध, ब्रेड व बेसहारा गाय-बैलों को हरा चारा खिलाया

-नगर पालिका भवाली की अभिनव पहल
नवीन समाचार, नैनीताल, 9 अप्रैल 2020। नगर.पालिका परिषद भवाली द्वारा नगर मे लगातार सैनिटाइजर करने का कार्य किया जा रहा है। इसी कड़ी में बृहस्पतिवार को पालिका के पर्यावरण मित्रों ने नगर के बैंकों व विभिन्न क्षेत्रों को दवा छिडकाव कर सैनिटराईज किया। साथ ही पालिका कर्मचारियों तथा आगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व आशा कार्यकत्रियों की सयुक्त टीम ने नगर के सभी बार्डो मे कोरोना के प्रति लोगो को जागरूक कर सामाजिक दूरी बनाये रखने का संदेश दिया। साथ ही नगर पालिकाध्यक्ष संजय वर्मा व ईओ ईश्वर सिह रावत के निर्देशन में पशु चिकित्सा विभाग के पशुचिकित्सा अधिकारी डा मोहन, पशुधन प्रसार अधिकारी राशिद हुसैन, अजय कुमार, मुकेश कुमार, पालिका के पर्यावरण मित्र प्रभारी शिशुपाल वाल्मिकी, रोहित कुमार, राजा राम वाल्मिकी ने नगर के आवारा कुत्तों को नंदा देवी सांस्कृतिक मंच, अल्मोडा रोड, नैनीताल रोड, भीमताल रोड व रामगढ रोड में अलग-अलग स्थानों पर अंडा दूध, ब्रेड व बेसहारा गाय-बैलों को हरा चारा खिलाया।

यह भी पढ़ें : इमरान के निकाह में ‘रिद्धि सिद्धि संग निमंत्रित हैं गौरी पुत्र गणेश और ब्रह्मा, विष्णु, महेश’, आप भी आकर दीजिएगा ‘आशीष’

इमरान (मध्य में) अपनी शादी का कार्ड दिखाते हुए।
इमरान (मध्य में) अपनी शादी का कार्ड दिखाते हुए।

नवीन समाचार, किच्छा (ऊधमसिंह नगर), 4 मार्च 2020। दिल्ली में दो धर्मों के लोगों को दंगों की आग में जलाने की कोशिश के बीच किच्छा दोनों धर्मों के दिलों को जोड़ने और देश के धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने को मजबूत करने वाला समाचार है। यहां हिंदुओं के घरों में निकटवर्ती ग्राम सैजना निवासी इमरान हुसैन सुपुत्र फरियाद हुसैन के इमराना बी सुपुत्री जान मोहम्मद निवासी गुलहिया मो. हुसैन तहसील बहेड़ी जिला बरेली यूपी परिणय बंधन का निमंत्रण देता कार्ड आया है। कार्ड की शुरुआत में लिखा गया है-रिद्धि सिद्धि सहित पधारो, गौरी पुत्र गणेश। कुटुंब सहित सब देव पधारो ब्रह्मा, विष्णु, महेश।। विघ्न हरण मंगल करण श्री गणपति महाराज, प्रथम निमंत्रण आपको, पूरण कीजै काज।।’ बीच में बाकायदा गणेश जी की फोटो भी बनी है। आगे नवयुगल को सस्नेह आशीष प्रदान करने हेतु आपकी उपस्थिति प्रार्थनीय भी बताई गई है। वहीं बारात के कार्यक्रम के अनुसार पांच मार्च को सुबह 9 बजे सेहराबंदी, 11 बजे बारात प्रस्थान, शाम चार बजे शुभ विवाह एवं शाम पांच बजे बारात वापसी है। ऐसे निमंत्रण के बाद ऐसी खास शादी में जाना तो बनता है।
बताया गया है कि दूल्हे इमरान के पिता कम पढ़े-लिखे हैं, परंतु इस कार्ड के जरिये उन्होंने देश के कथित धर्म निरपेक्ष कहलाकर दोनों धर्मों को लड़ाकर सियासत की रोटी सेंकने वाले सियासतदानों को बड़ा पाठ पढ़ाया है। उनका कहना है उनके चार बेटों-इमरान, उस्मान, जीशान व फैजान में इमरान सबसे बड़ा है। उन्होने इमरान के निकाह के लिए अपने हिंदू मित्रों के लिए यह खास कार्ड छपवाया है। उनका कहना है, हिंदू-मुसलमान आपस में भाई हैं। उनकी इस पहल से यह रिश्ता दोनों कौमों के लिए और मजबूत है, इसी सोच से यह कार्ड छपवाए गए हैं।

यह भी पढ़ें : सेवानिवृत्ति पर की गई अनुकरणीय पहल, आप भी कीजिएगा-अच्छा लगेगा..

-रोपा ‘एक पौधा धरती मां के नाम’

पर्यटक आवास गृह रामगढ़ में प्रबंधक की सेवानिवृत्ति पर पौधा रोपते निगम कर्मचारी।

नवीन समाचार, नैनीताल, 1 मार्च 2020। कुमाऊं मंडल विकास निगम के पर्यटक आवास गृह रामगढ़ में एक अनुकरणीय पहल की गई। यहां के प्रबंधक चंद्र सिंह राठौर की सेवानिवृत्ति पर निगम के कर्मचारियों ने उन्हें विदाई देकर सम्मानित किया। साथ ही इस मौके पर कुमाऊं मंडल विकास एवं कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष दिनेश गुरुरानी की पहल ‘एक पौधा धरती मां के नाम’ अभियान के तहत आवास गृह परिसर में एक पौधा लगाया गया। गुरुरानी ने कहा कि राठौर का कार्यकाल सराहनीय रहा। उन्होंने अपनी सेवा के साथ-साथ कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए संगठन को भी महत्वपूर्ण सहयोग दिया। उनकी यादों को चिरस्थायी बनाने के लिए पौधे का रोपण किया जा रहा है। वहीं राठौड़ ने कहा कि निगम व महासंघ ने उन्हें जो सम्मान दिया उसे भुलाया नहीं जा सकता है। उल्लेखनीय है कि गुरुरानी लंबे समय से ‘एक पौधा धरती मां के नाम’ अभियान चलाए हुए हैं। वे निगम के माध्यम से कैलाश यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं से भी पौधे लगवाते हैं। यहां तक कि अपने आंदोलन के दौरान सहित अन्य मौकों पर भी पौधे लगाते हैं। कार्यक्रम में दिल्ली से आये सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता अशोक हुड्डा, मुंबई से आए श्री पांड्या, संजय कुमार, चंदन बिष्ट, कमल राठौर, जगदीश पलड़िया, राजू ,मोती व कुमार सहित पर्यटक व निगम कर्मचारी उपस्थित रहे।

यह भी पढ़ें : चौराहे पर भीख मांगने वाली बच्ची बनी मुख्य अतिथि, दीप जलाकर किया कार्यक्रम का शुभारंभ

नवीन समाचार, देहरादून, 25 जनवरी 2020। चार साल पहले तक देहरादून के दर्शन लाल चौक पर भीख मांगने वाली लड़की चांदनी के लिए राष्ट्रीय बालिका दिवस खास बन गया। बतौर मुख्य अतिथि, मंच से जब उसने अपने बीते दिनों को बयां कर भविष्य के सपने साझा किए तो वहां मौजूद लोगों ने नम आंखों से उसकी जीवटता को सराहा। जीजीआईसी, राजपुर रोड में दसवीं की छात्रा चांदनी को बाल संरक्षण आयोग ने चौराहे पर भीख मांगने से रेस्क्यू कर पढ़ाया और राष्ट्रीय बालिका दिवस पर आयोजित समारोह में उसे मुख्य अतिथि बनाया। जहां उसने बाल आयोग की अध्यक्ष उषा नेगी, पुलिस मुख्यालय की एडिशनल एसपी क्राइम ममता बोरा, अनुसचिव रोशनी सती के साथ दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
चांदनी ने समारोह में अपने बीते दिनों का बयां करते हुए कहा कि, दर्शनलाल चौक पर मैंने भीख मांगी है। मुझे लगने लगा था कि यही मेरी दुनिया है। लेकिन मेरा समय बदला। आज मैं दर्शनलाल चौक पर नहीं, जीजीआईसी में हूं। मैं टीचर बनकर अपने जैसे हजारों बच्चों को भिक्षावृत्ति से निकालकर उनके सपनों को साकार करना चाहती हूं। वह बोलीं, कमजोर, लाचार, चांदनी से सशक्त, सक्षम चांदनी के रूप में इस तरह मुख्य अतिथि बनने के बारे में उसने सपने में भी नहीं सोचा था। बाल आयोग अध्यक्ष उषा नेगी ने चांदनी की जीवटता की प्रशंसा करते हुए बताया कि, चार साल पहले आश्रय संस्था ने उसे दर्शनलाल चौक से रेस्क्यू किया था। वह एक महीने में ही पढ़ना सीख गई थी। इसके बाद ओपन बोर्ड से उसे आठवीं कराकर जीजीआईसी, राजपुर में प्रवेश दिलाया गया। राजपुर रोड स्थित राजकीय छात्रावास में शिक्षिका संगीता और प्रिंसिपल हुकुम सिंह उनियाल की कड़ी मेहनत के दम पर चांदनी अब दसवीं की छात्रा है।

यह भी पढ़ें : अनुकरणीय : एसडीएम ने सरकारी अस्पताल में कराया पत्नी का प्रसव

नवीन समाचार, पिथौरागढ़, 30 दिसंबर 2019। उत्तरकाशी की बड़कोट तहसील में एसडीएम के पद पर तैनात पीसीएस अधिकारी अनुराग आर्य ने अपनी पत्नी सरिता महर का प्रसव पिथौरागढ़ के राजकीय महिला चिकित्सालय में कराकर अनुकरणीय मिसाल पेश की है। आर्य दंपति को पहली संतान के रूप में सिजेरियन ऑपरेशन के जरिए कन्या की प्राप्ति हुई है। आर्य इससे पूर्व पिथौरागढ़ व गंगोलीहाट में भी एसडीएम रह चुके हैं। उनका कहना है कि इस तरह अधिकारियों के सरकारी सुविधाओं के उपयोग से सरकारी सेवाओं में सुधार किया जा सकता है।

यह भी पढ़ें : 80 की उम्र के बुजुर्ग ने कर दिया पढ़ाई के लिए कमाल

नवीन समाचार, सितारगंज, 14 दिसंबर 2019। कहते हैं पढ़ने की कोई उम्र नहीं होती। एक 80 बुजुर्ग ने इस कहावत को चरितार्थ कर दिया है। शहर के निकटवर्ती चकरपुर निवासी 80 वर्षीय बुजुर्ग दानी राम ने राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी संस्थान से इस वर्ष 10वीं की परीक्षा 60.2 फीसद अंकों के साथ यानी प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की है। इससे वह पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनने के साथ ही बीच में पढ़ाई छोड़ने एवं पढ़ाई से दूर करने वालों के लिए अनुकरणीय हो गए हैं।
उल्लेखनीय है कि दानी राम सीआईएफ से सूबेदार मेजर पल पद से सेवानिवृत्त हैं। उनके 3-3 पुत्र-पुत्रियां व 5 पोते हैं। अब तक वे आठ पास थे। उनका कहना है कि कोई उनके पोतों को न चिढ़ाए कि उनके दादा कम पढ़े लिखे हैं, इसलिये उन्होंने हाई स्कूल किया। आगे वह इंटर की पढ़ाई भी करेंगे।

यह भी पढ़ें : नैनीताल घूमने आये गुजरात के सैलानी की मौत, कानपुर के घायल हुए सैलानी की लोगों ने की मदद..

नवीन समाचार, नैनीताल, 1 नवंबर 2019। गुजरात से नैनीताल घूमने आए एक सैलानी की हृदयाघात से मौत हो गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सोंप दिया है। पुलिस के अनुसार दीपक रावल (69) पुत्र दिनकर रावल निवासी शिवम फ्लैट्स बड़ोदरा गुजरात अपने परिजनों के साथ नैनीताल घूमने आए हुए थे, और यहां मल्लीताल स्थित स्टार गेस्ट हाउस में ठहरे हुए थे। गुरुवार देर रात अचानक उनकी तबियत बिगड़ गई। आनन-फानन में परिजन उन्हें लेकर बीडी पांडे जिला चिकित्सालय पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इधर शुक्रवार को कानपुर यूपी के एक करीब 70 वर्षीय कमाल खान नाम के सैलानी मल्लीताल बड़ा बाजार क्षेत्र में चलते-चलते दो बार चक्कर आने से गिर पड़े। इससे उनके पीछे के हिस्से से रक्तस्राव होने लगा। नगर के रामा मांटेसरी स्कूल की प्रधानाचार्या नीलू एल्हेंस ने कंचन व साजिद हुसैन आदि स्थानीय युवकों की मदद से मल्लीताल कोतवाली से सटे होटल में रह रहे उनके परिजनों तक उन्हें पहुंचाकर घायल बुजुर्ग की मदद करने की मिसाल पेश की।

यह भी पढ़ें : नैनीताल नगर पालिका अध्यक्ष एवं सभासदों ने मिसाल की पेश, घायल महिला सैलानी को खुद रिक्शा चलाकर पहुंचाया अस्पताल

घायल महिला पर्यटक को अस्पताल ले जाते नगर पालिका अध्यक्ष सचिन नेगी एवं सभासद।

नवीन समाचार, नैनीताल, 30 अक्टूबर 2019। नगर के प्रथम नागरिक यानी नगर पालिका अध्यक्ष सचिन नेगी और उनके साथी सागर आर्या, पुष्कर बोरा व भगवत रावत ने बुधवार को मानवता की अनूठी मिसाल पेश की। उन्होंने एक महिला सैलानी के अचानक गिर कर घायल होने पर किसी अन्य को मदद के लिए बुलाने के बजाय खुद ही पास पड़ा रिक्शा चलाकर घायल महिला को अस्पताल पहुंचाया।
हुआ यह कि शाम करीब साढ़े चार-पांच नगर के मल्लीताल क्षेत्र में स्थित कैपिटॉल सिनेमा के पास देहरादून निवासी करीब 60 वर्षीय महिला सैलानी कुसुम रावत सीढ़ियों पर अचानक चक्कर खाकर गिर पड़ी, जिससे उनके सिर और पैर में गंभीर चोटें आईं। संयोग से वहीं निरीक्षण कर रहे पालिकाध्यक्ष श्री नेगी एवं सभासदों ने उन्हें देख लिया। उन्होंने तुरंत पास ही खड़े रिक्शे चलाकर उन्हें करीब 500 मीटर दूर बीडी पांडे जिला चिकित्सालय पहुंचाया। जहां महिला के सिर में दो-तीन टांके आये और उसे प्राथमिक उपचार के उपरांत सिर में लगी चोट को देखते हुए सीटी स्कैन के लिए हल्द्वानी भेज दिया गया।

यह भी पढ़ें : एक बच्ची ने बताया, निरुपयोगी व परेशानी का कारण बने पिरूल से यह भी हो सकता है…

-ईशा व किरन की पिरूल से बनी टोकरियां जगा रही नई संभावनाएं

पिरूल की बनी टोकरियों के साथ ईशा आर्या।

नवीन समाचार, नैनीताल, 15 अक्टूबर 2019। जनपद के दूरस्थ अल्मोड़ा जनपद की सीमा से लगे रामगढ़ विकासखंड के गांव खैरदा निवासी नौवीं कक्षा की छात्रा ईशा आर्या व उसकी ममेरी बहन किरन आर्या ने पिरूल से डलिया व टोकरियां बनाने का नया प्रयोग किया है। उनका यह नया प्रयोग निरुपयोगी एवं वनाग्नि का बड़ा कारण बनने वाले पिरूल के इस अनुप्रयोग से रोजगार की नई संभावनाएं जगाने वाला है। ईशा पिरूल कही जाने वाली चीड़ की हरी पत्तियांे से बिना सुंदरता के लिए कोइ्र अतिरिक्त प्रबंध किये सुंदर टोकरियां बनाती हैं, जो देखने में तो सुंदर हैं ही, टेबल पर पेन स्टेंड व पूजन सामग्री आदि रखने की टोकरी व रोटियां रखने की छापरी के साथ ही सजावटी डडिया सहित अन्य प्रयोगों में भी इनका प्रयोग किया जा सकता हैं, और प्लास्टिक के छोटे सजावटी उत्पादों का बेहतर विकल्प भी हो सकती हैं। आगे इनकी तरह और भी मिलते-जुलते सुंदर उत्पाद पिरूल की पत्तियांे से बनाने की संभावना साफ नजर आती हैं, और चूंकि पिरूल की पत्तियों की उम्र भी काफी होती है, इसलिए इन उत्पादों को काफी समय तक सुरक्षित भी रखा जा सकता है। जनपद के राइंका ल्वेशाल में नौवीं कक्षा की छात्रा र्इ्रशा के अनुसार उन्होंने यह कला अपनी ताई से सीखी है। अपनी पढ़ाई व अन्य कार्यों के बीच समय मिलने पर वह इस कला को आगे बढ़ा रही हैं।

यह भी पढ़ें : राजकीय इंटर कॉलेज की महिला प्रवक्ता ने बेटी को प्रतिष्ठित स्कूल से हटाकर सरकारी स्कूल में भर्ती कराकर पेश की मिसाल

-आदर्श राइंका पतलोट में कार्यरत हैं बेबी बिष्ट

शिक्षिका मां एवं बेटी।

दान सिंह लोधियाल @ नवीन समाचार, धानाचूली, 2 अक्तूबर 2019। जनपद के आदर्श राजकीय इंटर कॉलेज पतलोट में गणित की प्रवक्ता के पद पर नव नियुक्त शिक्षिका बेबी बिष्ट थायत ने मिसाल पेश की है। बेबी ने सरकारी शिक्षकों को अनुकरणीय संदेश देते हुए अपनी बेटी का प्रतिष्ठित पब्लिक स्कूल से नाम कटा कर सरकारी विद्यालय में नाम लिखा दिया है। प्रवक्ता बेबी बिष्ट की बेटी हर्षना हल्द्वानी के एक प्रतिष्ठित पब्लिक स्कूल में कक्षा-7 में पढ़ती है। इधर बेबी ने अपनी बेटी का पब्लिक स्कूल से नाम कटाकर दुर्गम क्षेत्र के राइंका पतलोट में नाम लिखा दिया है। प्रवेश कराकर विद्यालय में आदर्श प्रस्तुत करने के साथ ही साथी शिक्षक व शिक्षिकाओं को एक नई पहल की शुरुआत करने का संदेश दिया है। उल्लेखनीय है बेबी बिष्ट लोक सेवा आयोग से चयनित होकर इसी वर्ष 31 जुलाई को राइका पतलोट में प्रवक्ता के पद पर नियुक्त हुई हैं। वह पूर्व में हल्द्वानी के कई प्रतिष्ठित पब्लिक स्कूलों में 7 वर्ष तक अध्यापन कर चुकी हैं। उनका कहना है कि उन्हें सरकारी सेवा में आने और कुछ नवाचार एवं सकारात्मक कार्य करने का जुनून था। इसलिए जैसे ही सरकारी सेवा प्राप्त हुई तो उन्होंने अपनी एक मात्र बेटी का हल्द्वानी के निजी स्कूल से नाम कटाकर ओखलकांडा विकास खंड के इस दूरस्थ व दुर्गम विद्यालय में प्रवेश कराकर सम्पूर्ण शिक्षा जगत के लिए एक बड़ा संदेश दे दिया है। आगे देखना होगा कि उनकी इस पहल से कितने अन्य गुरुजन भी उनकी राह पर चलकर सरकारी शिक्षा पर भरोसा करते हैं। इस पर पतलोट के प्रधानाचार्य डॉ.महेश चन्द्र शर्मा ने शिक्षिका के अभिप्रेरणात्मक कार्य करने के लिए अत्यधिक प्रशंसा की है। इस सकारात्मक कार्य पर संस्कृत प्रवक्ता डॉ. हेमन्त कुमार जोशी एवं समस्त सहयोगी शिक्षकों ने मिष्ठान्न कराया तथा बेटी हर्षना के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

यह भी पढ़ें : अनुकरणीय मिसाल: चार धर्मों के चार छायाकारों ने 750 किमी साथ चलकर दिया अनूठा संदेश

-साथ ऊं पर्वत व आदि कैलाश की साथ यात्रा पर गए

उच्च हिमालयी क्षेत्र में साथ पहुंचे चार धर्मों के छायाकार।

नवीन समाचार, नैनीताल, 24 सितंबर 2019। देश मे कथित ‘असहिष्णुता’ होने के राजनीतिक शोर के बीच प्रदेश के चार छायाकारों ने साम्प्रदायिक सौहार्द की अनूठी मिसाल पेश की है। इत्तफाकन चार अलग-अलग धर्मो को मानने वाले नैनीताल के छायाकार अमित साह (हिन्दू, 37) व सूरज एहरन सिंह (ईसाई, 37), अल्मोड़ा के छायाकार कमाल खावर (मुस्लिम, 43) व बाजपुर के छायाकार हृदयपाल सिंह खेड़ा (सिख, 23) ने साथ मिलकर राज्य के उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित व्यास घाटी, ‘ऊं’ पर्वत और आदि कैलाश की समुद्र की सतह से 15000 फिट तक की ऊंचाई से गुजरते हुए रोमांचक यात्रा की, और प्रकृति के अद्भुत नैसर्गिक सुंदरता युक्त चित्रों का संकलन किया।

नोट : पंचायत चुनाव में ‘सबसे सस्ते’ विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें हमारे मोबाइल-व्हाट्सएप नंबर 8077566792 अथवा 9412037779 पर

अमित ने बताया कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य देश की जनता को धार्मिक सद्भाव व एकता का संदेश देना था। इस 600 किलोमीटर की सड़क मार्ग से वाहनों पर व 157 किलोमीटर की यात्रा पैदल कठिन यात्रा को एक साथ पूरा करने में उन्हें 14 दिन का समय लगा। बताया कि चारों गत 10 सितंबर को अल्मोड़ा में इकट्ठे हुए और 23 को धारचूला लौटे। उन्होंने कहा कि जिस तरह उन चारों ने साथ मिलकर इस कठिन यात्रा को आसानी से पूरा किया, उसी तरह देशवासी भी साथ मिलकर देश को कठिन परिस्थितियों में भी आगे ले जाने का काम करें। यही संदेश वे सभी देशवासियों को देना चाहते हैं।

यह भी पढ़ें : प्रोफेसर जोशी ने अपने प्राथमिक विद्यालय के लिए छोटी सी पहल कर दिया बड़ा संदेश

अपने प्राथमिक विद्यालय को साउंड सिस्टम भेंट करते प्रो0 जोशी।

नवीन समाचार, नैनीताल, 14 अगस्त 2019। कुमाऊं विवि के डीएसबी परिसर में कार्यरत वाणिज्य विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष अतुल जोशी के द्वारा बुधवार को नगर के राजकीय प्राथमिक विद्यालय तल्लीताल में विद्यार्थियों के लिए एक छोटी सी पहल कर सभी समर्थ लोगों को बड़ा संदेश दिया। उन्होंने अपने विद्यालय को उसकी जरूरत के लिए साउंड सिस्टम भेंट किया गया। साथ ही स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मिष्ठान वितरण हेतु भी वित्तीय सहयोग भी दिया। इस अवसर पर प्रो. जोशी ने बताया कि इस विद्यालय में उन्होंने प्राथमिक शिक्षा प्राप्त की है और उन्हें अत्यंत लगाव भी है। वह चाहते हैं कि जन सहयोग से इस विद्यालय में पढाई कर रहे विद्यार्थियों को हर वह सुविधा मिल सके जिससे यह विद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा सके।
इस अवसर पर उपस्थित संयुक्त शिक्षा निदेशक आरएल आर्या ने कहा कि अगर सरकारी स्कूलों में शिक्षा प्राप्त कर अच्छे मुकाम पर पहुंचे सभी प्रतिष्ठित और सक्षम लोग मदद करें और अपने पूर्व स्कूलों के कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी निभायंे तो देश की शिक्षा व्यवस्था में क्रांतिकारी परिवर्तन आ सकता है। इस अवसर पर सहायक प्राध्यापक केके पांडेय, आलोक जोशी, मोहम्मद नफीस, जगदीश नेगी, संगीता त्रिपाठी एवं उज्जवला चौधरी आदि भी उपस्थित रहे।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड की दो बेटियों ने पुरुषों के इस क्षेत्र में वर्चस्व को भी तोड़ा, वह किया जो पुरुष भी करने से डरते हैं…

गीता और आशा।

नवीन समाचार, पिथौरागढ़, 28 जुलाई 2019। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ की सीमांत तहसील धारचूला के बॉर्डर में रहने वाली दो महिलाओं ने कुछ ऐसे काम किये हैं, जिन पर अभी तक पुरुषों का ही कब्जा था। आपदाग्रस्त गांव जिप्ती की गीता ठाकुर ने जहां अपने परिवार को पालने के लिए पोर्टर यानी कुली का काम शुरू किया है, वहीं बालिंग गांव की आशा बंग्याल ‘आदि कैलाश’ यात्रियों के लिए गाइड का काम कर रही है। यह पहला मौका है जब चीन सीमा पर रहने वाली महिलाएं पोर्टर और गाइड जैसे पेशों को अपना रहीं हैं। वहीं करीब 150 किमी की दुर्गम मार्गों पर पैदल चलकर किये जाने वाले यह कार्य इतने कठिन हैं कि युवा पुरुष भी इन कार्यों को करने से डरते हैं।
गीता ने गत दिवस आदि कैलाश यात्रियों के 7 वें दल के 22 यात्रियों के साथ पोर्टर के रूप में कार्य शुरू करते हुए 140 किलोमीटर की दुर्गम पैदल यात्रा की। गीता ने बताया कि पोर्टर का काम शुरू करने पर उसे गांव के कई लोगों का विरोध भी झेलना पड़ा। लेकिन उसने लम्बी दुर्गम पैदल यात्रा को सफलता के साथ पूरा कर विरोध करने वालों को करारा जवाब दिया है। गरीब परिवार की बेटी गीता के 6 भाई-बहन हैं और माता-पिता जिप्ती गांव में ही छोटी जोत पर खेती करते हैं। वहीं गीता धारचूला में किराये पर कमरा लेकर अपनी बहन और भतीजी को पढ़ा भी रही है। घर का खर्चा चलाने के लिए गीता ने उसने यह नया बेहद कठिन पेशा अपनाया है।
गीता की तरह आशा बंग्याल ने भी गाइड का काम शुरू किया है। 40 साल की आशा विधवा हैं और उनके दो बच्चे भी हैं, जिनकी परवरिश का पूरा जिम्मा उन्हीं पर है। आशा ने ट्रैकर लक्ष्मण सिंह के साथ गाइड का काम शुरू किया है। वे पर्यटकों को पंचाचूली ग्लेशियर, आदि कैलाश जैसे स्थलों पर सुरक्षित पहुंचाती हैं। आशा ने दारमा घाटी में पहली बार हुई आदि कैलाश यात्रियों के 21 सदस्यों के दल के साथ गाइड का काम किया। आशा एक अच्छी गायिका भी हैं, जो यात्रा के दौरान स्थानीय संस्कृति पर आधारित लोक गीत गाकर सैलानियों के सफर को आसान भी बना देती हैं। आदि कैलाश यात्री दल के टीम लीडर चैतन्य का कहना है कि आशा को पूरी दारमा घाटी के बारे बेहतरीन जानकारी है और उनका व्यवहार ऐसा है कि 140 किलोमीटर का पैदल सफर कब पूरा हुआ पता भी नहीं चला। (इनपुट हिंदी न्यूज 18)

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड के एक पिता ने ब्रेन-डेड बेटे के अंगदान से बचा लीं चार जिंदगियां, एम्स दिल्ली में किया गया सलाम…

नवीन समाचार, नई दिल्ली, 7 जुलाई 2019। एम्स में शनिवार को मानव अंग प्रत्यारोपण अधिनियम बनने की 25वीं वर्षगांठ पर हुए कार्यक्रम में डॉक्टरों और अंग दान करने वाले मरीजों ने अनुभव साझा किए। बताया कि उत्तराखंड के रहने वाले प्रेम सिंह ने अपने बेटे का अंगदान कर चार को नई जिंदगी दी। उन्होंने बताया कि पिछले जून महीने में दुर्घटना में उनके बेटे की जान चली गई। उन्होंने बेटे के अंगदान का फैसला लिया। उन्होंने अपने बेटे के दिल, दोनों किडनियां और लिवर दान कर दीं।
उन्होंने बताया कि इसी साल अप्रैल में प्रेम सिंह की पत्नी की तबीयत खराब हो गई थी तो उनके बेटे ने उन्हें फोन पर बताने का कई बार प्रयास किया। पहाड़ों में घर होने की वजह से नेटवर्क की दिक्कत आती है। इसके बाद उनका बेटा मोहन नेटवर्क जोन में फोन को ले जाने के लिए पास वाले पहाड़ पर चला गया। वह कॉल कर रहा था तो उसका पैर फिसल गया और वह 30 फुट नीचे गिर गया। उसे जिला अस्पताल ले गए। वहां से उसे एम्स रेफर कर दिया गया। दुर्घटना में बेटा ब्रेन डेड  हो गया था। डॉक्टरों ने उन्हें अंगदान के बारे में प्रेरित किया तो उनके बेटे का दिल, दोनों किडनी और लिवर दान किया गया। प्रेम सिंह ने बताया कि बेटे का दिल किसी और के सीने में धड़क रहा है। उसने चार को नई जिंदगी दी।

यह भी पढ़ें : बेटी ने अपनी शादी पर की ऐसी पहल कि हर कोई कर रहा तारीफ और बता रहा अनुकरणीय

नवीन जोशी @ नवीन समाचार, चम्ब्बा, टिहरी, 19 फरवरी 2019।शादी से पहले एक बेटी ने अपने परिजनों से ऐसी शर्त रखी कि परिजनों को उसके आगे झुकना पड़ा। विवाह समारोह में कॉकटेल पार्टी का प्रचलन रोकने के लिए कोटी बहेड़ा गांव की एक बेटी ने अपनी शादी में शराब परोसने के खिलाफ आवाज उठाई है। बेटी की जिद के आगे परिजनों को शादी के कार्ड पर मेंहदी रस्म में शराब नहीं परोसे जाने का नोटिस छापना पड़ा है।
बताने की जरूरत नहीं कि पहाड़ में नशाखोरी बड़ी समस्या बनती जा रही है। विवाह और अन्य कार्यक्रमों में तो कॉकटेल पार्टी आम होती जा रही है। कोटी गांव के हरीश प्रसाद सकलानी भी शादी की तैयारियों में जुटे हैं, जिसमें कॉकटेल पार्टी भी प्रस्तावित थी, लेकिन बेटी मनीषा ने अपनी शादी पर कॉकटेल पार्टी के खिलाफ आवाज उठाई तो परिजनों को  शादी के कार्ड पर छपवाना पड़ा कि शादी की मेंहदी रस्म में शराब नहीं परोसी जाएगी।
मनीषा का विवाह 25 फरवरी को डोईवाला के फतेहपुर टांडा निवासी मोहित से होनी है। मनीषा ने बताया कि राड्स संस्था की मुहिम से प्रेरित होकर अपनी शादी में शराब नहीं परोसने की ठानी थी। उन्होंने कहा कि सभी लड़कियों को आगे आना चाहिए। शादी में शराब का विरोध करने पर मंगलवार को राड्स संस्था अध्यक्ष सुशील बहुगुणा ने मनीषा को 21 सौ रुपये और सम्मान पत्र भेंट किया। इस मौके पर राजेश सेमवाल, राजेश कुकरेती, गिरीश सकलानी, वाचस्पति ममगाईं, लक्ष्मीकांत ममगाईं और राधाकृष्ण आदि मौजूद थे।

यह भी पढ़ें : देखें विडियो : खून को जमा देने वाली बर्फीली ठंड में नंगे बदन जवानों का यह हौंसला देखकर आप दंग रह जाएंगे

नवीन जोशी @ नवीन समाचार, औली, 7 दिसंबर 2018। देश की सरहदों की रखवाली करने वाले जवानों के जोश, जुनून और जज्बे को बयां करती एक और तस्वीर सामने आई है। खून को जमा देने वाली बर्फीली ठंड में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के जवानों का हौंसला देखकर आप दंग रह जाएंगे। चारों तरफ बर्फ से घिरी वादियों में जवानों ने अपने अदम्य साहस की नजीर पेश की है। उत्तराखंड के औली में तकरीबन 11 हजार फीट की ऊंचाई पर आईटीबीपी के जवानों ने मार्शल आर्ट की प्रैक्टिस की। आईटीबीपी की तरफ से जारी विडियो में नजर आ रहा है कि भीषण ठंड और बर्फ के बीच जवान लगातार मार्शल आर्ट का अभ्यास कर रहे हैं। सिर्फ पैंट और जूते पहनकर आईटीबीपी जवानों ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रदर्शन किया।

बता दें कि 2017 में लश्कर आतंकी अबू दुजाना को मार गिराने वाली टीम में शामिल आईटीबीपी के एक अधिकारी अनुराग कुमार सिंह को 70वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर पुलिस वीरता पद से सम्मानित किया गया था। आईटीबीपी के 15 अन्य अधिकारियों को भी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए पदक प्रदान किए गए थे। सहायक कमांडेंट अनुराग कुमार सिंह को सेना के राष्ट्रीय राइफल्स के साथ तैनात किया गया था। सिंह वर्तमान में उत्तराखंड के मसूरी में आईटीबीपी ऑफिसर्स ऐकडमी में तैनात हैं। बल के 15 अन्य अधिकारियों को उत्कृष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति के पुलिस पदक एवं सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक से नवाजा गया। पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) मनोज कुमार सिंह को उत्कृष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया वहीं सहायक कमांडेंट गिरीश चंद्र पटनी को सराहनीय सेवा के लिए पदक प्रदान किया गया। इसके अलावा इंस्पेक्टर एन एस सती और कॉन्स्टेबल कुंवर पाल को सराहनीय सेवा के लिए सम्मानित किया गया।

यह भी पढ़ें : अल्मोड़ा के प्राथमिक विद्यालय बजेला जैसे प्रयोग से भी बदल सकती है राज्य में प्राथमिक शिक्षा की स्थिति !

नवीन जोशी @ नवीन समाचार, 7 दिसंबर 2018। प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में जहां शिक्षकों पर बच्चों को न पढ़ाने, ऐसे में शिक्षा मित्रों को रखने की नौबत आने और बाद में शिक्षा मित्रों द्वारा भी ‘मित्र’ रख लेने और खुद न पढ़ाने की शिकायतें आती रहती हैं, ऐसे में अल्मोड़ा जिले के दूरस्थ धौलादेवी विकास खंड क्रे राजकीय प्राथमिक विद्यालय बजेला में सहायक अध्यापक भास्कर जोशी जैसे कुछ शिक्षक सरकारी स्कूलों की इस छवि को तोड़ने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं। इस विद्यालय में पिछले 6 वर्षों से कार्यरत जोशी का कहना है कि अपने विद्यालय के सेवित क्षेत्र के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना उनकी पहली प्राथमिकता रही है। इस हेतु विद्यालय में नित नए नवाचार करते रहते है, और उसे शिक्षा सुधी और आम जनो के साथ व्हाट्सएप, फेसबुक, ट्विटर, ब्लॉगर आदि सोशल मीडिया के विभिन्न मंचों पर भी साझा कर अपने सीखने-सिखाने की प्रक्रिया को और बेहतर करने का प्रयास करते हैं।
उनके इन्ही प्रयासों से प्रभावित हो कर कुछ स्वयं सेवी संस्थाएं दुर्गम एवं विकास से अछूते बजेला गाँव के बच्चो की मदद को आगे आई हैं। इन्हीं में एक खुसी उन्नति केंद्र यानी ‘कुक एनजीओ’ ने बच्चों को शाम को पढ़ाने के लिए गांव की ही एक शिक्षित बेरोजगार युवती को 1500 रुपय के मानदेय पर नियुक्त किया है, जहां सभी बच्चे पढाई के साथ नई-नई गतिविधिया करते हैं। इससे जहां गांव की बेरोजगार युवती को रोजगार मिला है वहीं बच्चों को निःशुल्क सायंकालीन कक्षाएं प्राप्त हो रही हैं, और शिक्षकों का शैक्षिक उन्नयन का प्रयास और अधिक फलीभूत भी हो रहा है। उन्होंने बताया कि कुक एनजीओ ने ने भविष्य मे गांव के पढे़-लिखे बेरोजगार युवकों को मोबाइल रिपेयरिंग का प्रशिक्षण देने और क्षेत्र के गरीब और वंचितो हेतु कंप्यूटर शिक्षा प्रदान करने की बात भी कही है।

उत्तराखंड बोर्ड के विद्यार्थियों को 10 दिवसीय निःशुल्क प्रशिक्षण देंगे शिक्षक

नवीन समाचार, नैनीताल, 30 नवंबर 2018। जनपद के शिक्षकों ने आगामी शीतकालीन छुट्टियों में बोर्ड की परीक्षाएं देने जा रहे कक्षा 10 तथा 12 के छात्र-छात्राओं को 10 दिन निःशुल्क पढ़ाने की अनुकरणीय पहल की है। जनपद के विभिन्न राजकीय व अशासकीय विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने इस संबंध में जिले के मुख्य शिक्षा अधिकारी एवं संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों व प्रधानाचार्यों को भी इस निर्णय की सूचना दी है। इस प्रकार नैनीताल जनपद के तीन ब्लॉकों-हल्द्वानी, भीमताल व कोटाबाग के 6 केंद्रों राजकीय बालिका इंटर कॉलेज हल्द्वानी, राइंका नारायण नगर, कुसुमखेड़ा, राइंका कालाढूंगी कोटाबाग, राइंका भीमताल तथा राबाइंका कालाढूंगी व भीमताल में बच्चों को पढ़ाया जाएगा। बताया गया है कि हल्द्वानी के केन्द्रों पर 12वीं के छात्रों को अंग्रेजी, राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान व गणित तथा 10वीं के बच्चों को अंग्रेजी, विज्ञान व गणित भीमताल ब्लॉक के केंद्रों पर इंटर के भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान व गणित तथा हाईस्कूल के विज्ञान, गणित व अंग्रेजी तथा कोटाबाग ब्लॉक के केंद्रों पर इंटर के भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, गणित व जीव विज्ञान तथा हाईस्कूल के विज्ञान, गणित व अंग्रेजी विषय पढ़ाए जाएंगे। इसके साथ ही इस पहल से जुड़ने के लिए साथी शिक्षक-शिक्षिकाओं से भी संपर्क करने को कहा गया है।

शीतावकाश में निशुल्क पढ़ सकेंगे बोर्ड के विद्यार्थी

  • विद्यार्थियों-कक्षाओं के लिए एकैडेमिक सेल उत्तराखण्ड द्वारा चलाएगा जाएगा विशेष कार्यक्रम
  • निःशुल्क विशेष कक्षाओं के लिए ऑनलाइन पंजीकरण प्रारम्भ
  • 2 दिसम्बर से शुरू हो गया ऑनलाइन पंजीकरण
  • 28 दिसम्बर तक कर सकते है पंजीकरण
  • हाईस्कूल व इंटर के बोर्ड के विद्यार्थियों के लिए है ये सुविधा
  • गत तीन वर्षों से लगातार चल रही है यह एकेडमी

दानसिंह लोधियाल, धानाचूली। प्रति वर्ष शीतावकाश में उत्तराखण्ड बोर्ड के कक्षा 10 तथा 12 के विद्यार्थियों के लिए शासकीय तथा अशासकीय शिक्षकों के ‘एकैडेमिक सेल उत्तराखण्ड’ द्वारा हल्द्वानी में विभिन्न विषयों में निःशुल्क कक्षाएं संचालित की जाती हैं। इस शैक्षिक सत्र में भी 02 जनवरी 2019 से 10 जनवरी 2019 तक कक्षाएं चलायी जाएंगी। यह जानकारी डॉ गोकूल मर्तोलिया ,कोर्डिनेटर एकैडेमिक सेल उत्तराखण्ड द्वारा दी गयी। उन्होंने बताया कि उत्तराखण्ड बोर्ड के छात्र एवं छात्रायें पंजीकरण कर इस व्यवस्था का लाभ उठा सकेंगे । निःशुल्क कक्षाओं के लिये 02 दिसम्बर 2018 से ऑनलाइन पंजीकरण प्रारम्भ हो चुका है। ऑनलाइन पंजीकरण 28-12-2018 तक जारी रहेगाऑनलाइन पंजीकरण वेबसाइट www.academiccell.in के माध्यम से हो गया। जबकि ऑफलाइन पंजीकरण के लिए सीधे फॉर्म जमा करना होगा।
■ ऐसे करें ऑनलाइन पंजीकरण
वेबसाइट www.academiccell.in पर जाकर रजिस्ट्रेशन सेक्शन में जाना है तथा ऑनलाइन फॉर्म में नाम ,ई मेल ,पिता का नाम ,जन्म तिथि,लिंग,विद्यालय का नाम, प्रधानाचार्य का नाम,केंद्र का नाम, विषय, मोबाइल नंबर भरकर सेंड का बटन क्लिक करना है। डाउनलोड सेक्शन से आवेदन पत्र तथा परिचय पत्र का प्रारूप डाउनलोड करना करके उसे भरकर अपने विद्यालय के प्रधानाचार्य से हस्ताक्षरित कर दिनांक 29 दिसम्बर 2018 को राजकीय बालिका इण्टर कॉलेज हल्द्वानी में एकैडेमिक सेल के प्रतिनिधि के पास जमा करना होगा। पंजीकरण के बाद पंजीकरण कोड मोबाइल नंबर पर आ जाएगा।
■ लाभ कौन – कौन ले सकेगा
उत्तराखण्ड बोर्ड के कक्षा 10, कक्षा 12 के विज्ञान वर्ग तथा मानविकी विषय के कोई भी छात्र तथा छात्रा निःशुल्क कक्षाओं का लाभ ले सकते हैं।
■ क्या है एकैडेमिक सेल
उत्तराखण्ड के विभिन्न जनपदों के शासकीय तथा अशासकीय शिक्षकों का प्रकोष्ठ है जो प्रतिवर्ष शीतकालीन अवकाश में बोर्ड विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा की तैयारी कराते हैं।

■ नैनीताल जिले में 6 केंद्र हैं
1- राजकीय बालिका इण्टर कॉलेज हल्द्वानी (केवल बालिकाओं के लिए )। 2. एच.एन.इण्टर कॉलेज हल्द्वानी, (केवल बालकों के लिए । 3- राजकीय बालिका इण्टर कॉलेज भीमताल (केवल बालिकाओं के लिए )। 4- लीलावती पन्त राजकीय इण्टर कॉलेज भीमताल (केवल बालकों के लिए )। 5 – राजकीय बालिका इण्टर कॉलेज कालाढूंगी (केवल बालिकाओं के लिए। 6- राजकीय बालिका इण्टर कॉलेज कालाढूंगी (केवल बालकों के लिए )
■ केन्द्रवार कौन-कौन से विषय पढ़ाये जायेंगे।
कक्षा 10 – विज्ञान,गणित,अंग्रेजी (सभी केंद्रों पर)
कक्षा 12 (विज्ञान ) -भौतिक विज्ञान,रसायन विज्ञान,गणित,जीव विज्ञान, अंग्रेजी (सभी केंद्रों पर )
कक्षा 12 (मानविकी ) – राजनीति विज्ञान,अंग्रेजी, अर्थशास्त्र (केवल राजकीय बालिका इण्टर कॉलेज हल्द्वानी में )
कक्षाओं का समय – 10 AM से 03 PM तक प्रतिदिन (2 जनवरी से 10 जनवरी 2018)
■ किसी भी जानकारी के लिए इन शिक्षकों से सम्पर्क सकते है।
1. अमर सिंह बिष्ट, प्रवक्ता गणित 9412967078(W) – केंद्र प्रभारी -राजकीय बालिका इण्टर कॉलेज हल्द्वानी
2. हेमन्त डुंगराकोटी,प्रवक्ता (अंग्रेजी ) 9412044080(W), -राजकीय बालिका इण्टर कॉलेज हल्द्वानी
4. पी.सी.जोशी प्रवक्ता (अंग्रेजी ) 9719971736(W), -केन्द्र प्रभारी, एच.एन.इण्टर कॉलेज हल्द्वानी
5. सौरभ दयाल,प्रवक्ता (रसायन विज्ञान) 9410589277 -केन्द्र प्रभारी, एच.एन.इण्टर कॉलेज हल्द्वानी
6 . गिरीश पाण्डे प्रवक्ता (गणित) 9411705002 (W) -केंद्र प्रभारी -राजकीय इण्टर कॉलेज कालाढूँगी
8. बी.एम.तिवारी,प्रवक्ता (जीव विज्ञान) -9634756717 -केंद्र प्रभारी -राजकीय इण्टर कॉलेज भीमताल
9. हेम त्रिपाठी,प्रवक्ता (भौतिक विज्ञान) -9761269253 – (पूछताछ )
नोट। प्रत्येक केंद्र पर छात्र पंजीकरण संख्या के आधार पर केंद्र संख्या, स्थान, तथा पढ़ाये जाने वाले विषयों की संख्या में परिवर्तन किया जा सकते है।

यह भी पढ़ें : पति को खोने के बाद बहु बनी बेटी, और सास-ससुर ने माता-पिता बनकर किया कन्‍यादान, भावुक कर देगी यह कहानी

देहरादून, 29 नवंबर 2018। अपने पति को कम उम्र में ही खोने के बाद बहु ने बेटी बनकर सास-ससुर का खयाल रखा, तो सास-ससुर ने भी उसका बेटी की तरह कन्यादान कर दिया। फिल्मों जैसी ऐसी एक कहानी देेेवभूमि की राजधानी देहरादून में सच साबित हुई। यहां सास-ससुर ने पिता बनकर अपनी विधवा बहू की धूमधाम से शादी की और कन्‍यादान भी किया। आइए आपको बताते हैं पूरी कहानी।

About Post Author

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleppy
Sleppy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

loading...