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कोरोना के मोर्चे पर तीन वर्ष बाद सबसे बड़ा समाचार: कोरोना मुक्त हुआ उत्तराखंड, एक सप्ताह से नहीं आया कोई मामला

नवीन समाचार, देहरादून, 24 फरवरी 2023। आखिर तीन वर्ष बाद उत्तराखंड पूरी तरह से कोरोना मुक्त हो गया है। राज्य में पिछले एक सप्ताह से कोरोना का कोई नया मामला नहीं आया है और न ही राज्य में अब कोई सक्रिय मामला है। ऐसे में यह प्रदेशवासियों के लिए राहत का समाचार है। हालांकि अभी भी प्रदेश के सभी अस्पतालों में कोरोना जांच और सक्रियता जारी है। यह भी पढ़ें : सुबह का सुखद समाचार: एरीज नैनीताल में निकली नियुक्तियां, जल्द करें आवेदन…

उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड में 15 मार्च 2020 को कोरोना का पहला मामला सामने आया था। तब से लेकर अब तक प्रदेश में कोरोना की तीन लहरों के साथ कुल चार लाख 49 हजार मामले दर्ज किए गए। सैकड़ों लोगों को अपनी जान भी गंवानी पड़ी और राज्य वासियों ने बेहद बुरा, डरावना और कभी न भुलाया जा सकने वाला समय भी देखा। यह भी पढ़ें : उत्तराखंड में ब्यूटी पार्लरों में भी हो रहा बड़ा कारोबार, पहली बार पड़े छापे तो हुआ खुलासा…

बताया गया है कि इस साल यानी एक जनवरी 2023 से अब तक राज्य में कोरोना संक्रमण के सिर्फ 78 ही मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य मंत्री डा. धन सिंह रावत ने इस पर खुशी जताई है। उन्होंने कोविड-19 के प्रति प्रदेशवासियों की सतर्कता व विभागीय अधिकारियों के प्रयासों की सराहना की। कहा कि कोरोना महामारी को लेकर विभागीय अधिकारियों को विशेष सावधानी बरतकर और जागरूकता अभियान संचालित करने के निर्देश समय-समय पर दिए गए, जिसका नतीजा है कि प्रदेश में अब कोरोना का एक भी सक्रिय मामला नहीं है। यह भी पढ़ें : प्रेमी-प्रेमिका के कोर्ट मैरिज करने पर बवाल, तीन महिलाओं सहित चार लोग घायल…

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि भले ही प्रदेश में कोरोना का एक भी सक्रिय मामला न हो लेकिन मौसम को देखते हुए सभी को सर्तक रहने की आवश्यकता है। केंद्र व राज्य सरकार की ओर से समय-समय पर जारी गाइडलाइन का पालन करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए विभाग लगातार टीकाकरण अभियान संचालित कर रहा है। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए भीड़ वाले स्थानों पर मास्क अवश्य पहनें। जिन लोग ने टीकाकरण का कोर्स पूरा नहीं किया है वह जल्द से जल्द टीका लगवाएं। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : फिर कोरोना ने चौंकाया, एक विद्यालय में 9 छात्र-छात्राओं सहित 16 लोग मिले कोरोना संक्रमित

नवीन समाचार, अल्मोड़ा, 8 फरवरी 2023। उत्तराखंड में एक बार कोरोना के मोर्चे पर चौंकाने वाला समाचार है। अल्मोड़ा के सोमेश्वर क्षेत्र में एक विद्यालय में 9 छात्र-छात्राओं सहित 16 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग के साथ शासन-प्रशासन में भी हड़कंप मच गया है। यह भी पढ़ें : नैनीताल में प्राधिकरण की बड़ी कार्रवाई: ग्रीन बेल्ट में किए गए तीन मंजिला भवन पर चल रहा हथौड़ा….

प्राप्त जानकारी के अनुसार बुधवार को सोमेश्वर के अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज सलोंज में 12 से अधिक छात्र-छात्राओं को तेज बुखार और सर्दी जुकाम की शिकायत के बाद कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई। इसके कारण उन्हें विद्यालय से छुट्टी दे दी गई। इसके बाद लोगों में दहशत का माहौल है। अभिभावकों और शिक्षकों ने विद्यालय को कुछ दिनों तक बंद करने और सभी शिक्षकों और छात्र-छात्राओं की कोरोना जांच करने की मांग की है। यह भी पढ़ें : जवान ने खुद को अपनी 5.56 बोर की इंसास राइफल से गोली मारी, खुद पर भी अभियोग दर्ज…

वहीं, कोरोना संक्रमण के नये मामले मिलने के बाद बरगला निवासी समाजसेवी प्रकाश सिंह रावत ने विद्यालय में छात्र छात्राओं को सैनिटाइजर, मास्क, अश्वगंधा की गोलियां और एलोवेरा का काढ़ा वितरित किया। (डॉ. नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड में अमेरिका में कहर बरपाने वाले कोरोना के ‘एक्स बीबी’ वैरिएंट की आमद, युवक में हुई पुष्टि

नवीन समाचार, देहरादून, 10 जनवरी 2023। अमेरिका में कोविड-19 मामलों में बढ़ोतरी के लिए जिम्मेदार एक्स बीबी 1.5 स्ट्रेन का एक नया मामला उत्तराखंड में पाया गया है। अमेरिका से लौटे देहरादून के एक युवक का दिल्ली एयरपोर्ट पर एहतियात के तौर पर नमूना लिया गया था। जांच में वह कोरोना संक्रमित पाया गया था। यह भी पढ़ें : हल्द्वानी में 45 वर्षीय अधेड़ की पार्टी के बाद हृदयाघात से मौत…

इसके बाद युवक के नमूने की देहरादून में जिनोम सीक्वेंसिंग की गई जिसमें एक्स बीबी 1.5 वैरियंट की पुष्टि हुई है। भारतीय सार्स कोच-2 जिनोनिकी संगठन (इसाकोग) के अनुसार देश में यह इस वैरिएंट का आठवां मामला है। अलबत्ता युवक में कोरोना से संबंधित किसी तरह की कोई लक्षण भी नहीं दिखाई दिया है। राज्य कोविड कंट्रोल रूम के नोडल अधिकारी डॉ पंकज सिंह ने इसकी पुष्टि की है। यह भी पढ़ें : पत्नी ने किया नौकर प्रेमी के प्रेम में ट्रेवल्स व्यवसायी पति की गला घोंटकर हत्या करने का प्रयास, गिरफ्तार…

इसाकोग के अनुसार, पिछले 24 घंटों में स्ट्रेन का नया मामला उत्तराखंड में मिला है। इससे पहले गुजरात में तीन, कर्नाटक, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में एक-एक मामले मिले थे। एक्सबीबी 1.5 स्ट्रेन, ओमिक्रॉन एक्सबीबी वेरिएंट का रिश्तेदार है, जोकि ऑमिक्रॉन सीए 2.10.1 और बीए 2.75 का मिलाजुला रूप है। एक्सबीबी और एक्सबाबी 1.5 का संयुक्त रूप अमेरिका में कोविड मामलों में 44 प्रतिशत वृद्धि के लिए जिम्मेदार है। (डॉ. नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड के स्कूलों में कोरोना को लेकर शिक्षा महानिदेशक ने दिए नए निर्देश, जरूरी होगा नियमों का पालन…

नवीन समाचार, देहरादून, 29 दिसंबर 2022। उत्तराखंड के शिक्षा महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने कोरोना को लेकर शासन की ओर से जारी एसओपी का स्कूलों में भी पूरी तरह से पालन कराने के निर्देश दिए हैं। उनके आदेश की कड़ी में देहरादून जिले के सीईओ यानी मुख्य शिक्षा अधिकारी डॉ. मुकुल कुमार सती सहित कई जिलों के सीईओ ने अपने जिलों के सभी सरकारी, निजी और अशासकीय स्कूलों के प्रधानाचार्यों को पत्र जारी कर स्कूलों में आवश्यक तौर पर मास्क पहनने तथा थर्मल स्कैनिंग व सैनिटाइजर की व्यवस्था करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। यह भी पढ़ें : अजब-गजब : मूंगफली-लहसुन खाने वाली मुर्गी ने एक दिन में दिए 31 अंडे, विश्व रिकॉर्ड खंगाला जाने लगा…

उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड उच्च न्यायालय में इससे पहले ही रजिस्ट्रार जनरल की ओर से प्रदेश के सभी न्यायालय परिसरों व अदालतों में मास्क पहनने के साथ ही सामाजिक दूरी का पालन करने के निर्देश दिए जा चुके हैं। वहीं, कोरोना के दृष्टिगत व्यवस्थाएं जांचने के लिए प्रदेश के चिकित्सालयों में मॉक ड्रिल की जा रही है। मॉकड्रिल का मकसद कोरोना से निपटने के लिए व्यवस्थाओं को पूरा करना है। ताकि, कोरोना के नए वेरिएंट से निपटा जा सके। यह भी पढ़ें : महिला से दहेज न मिलने पर पति ने की दरिंदगी, अप्राकृतिक संबंध बनाकर और एक साथ दे दिया तीन तलाक….

इस कड़ी में उत्तराखंड के स्वास्थ्य सचिव आर राजेश कुमार ने गुरुवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय जिला चिकित्सालय यानी कोरोनेशन अस्पताल देहरादून में चल रहे मॉकड्रिल का औचक निरीक्षण किया और यहां ऑक्सीजन की उपलब्धता और अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि राज्य में अभी ओमिक्रोन बीएफ.7 का अब तक कोई भी मामला सामने नहीं आया है। फिर भी अधिकारियों को अलर्ट रहने के लिए भी कहा गया। इससे निपटने के लिए विशेष व्यवस्था बनाई जा रही है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : कोरोना के नए दिशा-निर्देशों के तहत जिला चिकित्सालय में बदली व्यवस्थाएं, अब जरूरी होगा मास्क पहनना और सामाजिक दूरी रखना

नवीन समाचार, नैनीताल, 23 दिसंबर 2022। देश में कोरोना के नए वेरिएंट बीएस-7 की दस्तक के दृष्टिगत उत्तराखंड सरकार द्वारा जारी की गई नए एसओपी यानी मानक प्रचालन प्रक्रिया के बाद उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए शुक्रवार से भीड़ वाले स्थानों पर मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही अस्पतालों में आने वाले सर्दी-जुकाम, बुखार व श्वसन तंत्र से संबंधित मरीजों की आरटीपीसीआर जांच भी जरूरी कर दी गई है। यह भी पढ़ें : 25 वर्षीय शिक्षिका ने सैनिक के लिए दी जान

शुक्रवार को बीडी पांडे जिला चिकित्सालय के पीएमएस डॉ. एलएमएस रावत ने बताया कि जिला चिकित्सालय में पहले भी आंतरिक मरीजों की कोरोना जांच लगातार जारी थी, अब चिकित्सालय की ओपीडी में आने वाले बाहरी मरीजों की रेंडम आधार पर यानी किसी-किसी मरीज की कोरोना जांच किए जाने की व्यवस्था शुरू कर दी गई है। इसके अलावा चिकित्सालय में सभी कर्मियों एवं यहां आने वाले रोगियों व उनके तीमारदारों को मास्क पहनने एवं दो गज की सामाजिक दूरी बरतने को कहा गया है। यह भी पढ़ें : युवक ने पड़ोस की 14 वर्षीया नाबालिग से किया जबरन दुष्कर्म

जबकि कुमाऊं मंडल की अपर स्वास्थ्य निदेशक डॉ. तारा आर्य ने कहा कि अभी एसओपी उन्हें प्राप्त नहीं हुई है। बहरहाल, बताया कि पूर्व की तरह ही कोविड से संबंधित पाबंदियों का पालन किया जाना है। उधर प्रदेश के स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर राजेश कुमार ने बताया कि सभी डीएम और सीएमओ को कोरोना संक्रमितों के नमूनों की अनिवार्य रूप से जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज देहरादून भेजें। जिससे कोरोना वायरस के नए वेरिएंट का पता लग सके और उसके प्रसार को रोका जा सके। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : कोरोना के नए विषाणु को लेकर उत्तराखंड में भी सक्रियता बढ़ाने की तैयारी, आ सकती है नई एसओपी….

नवीन समाचार, नैनीताल, 22 दिसंबर 2022। चीन वाले कोरोना के नए वैरिएंट बीएफ-7 की भारत में भी एंट्री हो गई है। गुजरात के वडनगर में इस वैरिएंट का पहला मामला एक एनआरआई महिला में पाया गया है। इसका पता अक्टूबर में गुजरात बायोटेक्नॉली रिसर्च सेंटर में पता चला था। इसके अलावा गुजरात और उड़ीसा में एक-एक और यानी देश में कुल तीन मामले आए हैं। यह भी पढ़ें : उत्तराखंड रोडवेज के आदेश पर उच्च न्यायालय ने लगाई रोक…

इस नए वैरिएंट को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बीते बुधवार को तत्काल बैठक आयोजित कर देश भर के अधिकारियों को सजग रहने और निगरानी तंत्र मजबूत करने का निर्देश दिये हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि नए वैरिएंट से सजग रहने और निगरानी बढ़ाने की आवश्यकता है। वहीं नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. वीके पॉल ने लोगों को टीका लेने तथा भीड़-भाड़ वाली जगह पर मास्क पहनने की सलाह दी है। यह भी पढ़ें : उत्तराखंड ब्रेकिंग : 13 आईएएस अधिकारियों को नए वर्ष से पहले मिला पदोन्नति का तोहफा….

इस नए वेरिएंट को लेकर उत्तराखंड भी सतर्क हो गया है। केंद्र सरकार के दिशा-निर्देश के बाद जल्द ही राज्य में नई एसओपी (मानक प्रचलन प्रक्रिया) जारी करने की तैयारी है। प्रदेश के स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. शैलजा भट्ट ने सभी जिलों को कोरोना संक्रमितों के 10 प्रतिशत सैंपलों को जीनोम सीक्वेसिंग के लिए भेजने के लिए निर्देश दिए हैं। उन्होंने विभागीय अधिकारियों की बैठक कर सभी जिलों के सीएमओ को निर्देश दिए कि कोरोना संक्रमितों के 10 प्रतिशत सैंपलों की अनिवार्य रूप से जीनोम सीक्वेंसिंग कराई जाए। जिससे कोरोना के नए स्ट्रेन का पता लग सके। उन्होंने बताया कि राज्य में अभी तक ओमिक्रॉन के पुराना स्वरूप का प्रभाव है। वायरस का नया वेरिएंट नहीं मिला है। यह भी पढ़ें : खुलासा: युवक ने लिव-इन साथी महिला के अन्य व्यक्ति से अवैध संबंधों के शक में की उसके 12 वर्षीय बेटे की हत्या

स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोरोना विषाणु के नए स्वरूप का पता लगने के लिए दून मेडिकल कॉलेज में संक्रमित सैंपलों की जीनोम सीक्वेसिंग की जा रही है। इसमें यह पाया गया कि कोरोना की तीसरी लहर में सामने आया ओमिक्रॉन वेरिएंट राज्य में सक्रिय है। जो घातक नहीं है। शीघ्र ही अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में भी जीनोम सीक्वेंसिंग की जाएगी। इसके लिए लैब स्थापित की जा रही है। वर्तमान में कोविड जांच के लिए 12 सरकारी लैब स्थापित हैं। इसके अलावा 30 से अधिक निजी पैथोलॉजी लैब में भी कोविड जांच हो रही है। यह भी पढ़ें : हद हो गई, बड़ी बहन की शादी के लिए रखे सोने के आभूषण लेकर 15 वर्षीय नाबालिग बहन फरार….

इधर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरूवार को सचिवालय में बैठक लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिये कि कोविड-19 पर प्रभावी नियंत्रण के लिए राज्य में बूस्टर डोज लगवाने का अभियान चलाया जाए। बूस्टर डोज लगवाने के लिए कल से ही कैम्प लगाना शुरू करें। जनपदों में बूस्टर डोज के लिए कैम्प लगाए जाएं। सभी जनपदों में कंट्रोल रूम सक्रिय किये जाएं। कोविड के जो भी नये मामले आयें, उनकी जीनोम सिक्वेंसिंग भी कराई जाए। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : सप्ताहांत पर नैनीताल सहित पहाड़ों की ओर आने वाले यात्रियों के लिए कोरोना के दृष्टिगत नई व्यवस्थाएं लागू, सप्ताहांत पर होगी रेंडम सेंपलिंग

नवीन समाचार, रुद्रपुर, 29 अप्रैल 2022। कोरोना संक्रमण की चौथी लहर की आशंकाओं के बीच उत्तराखंड के सीमावर्ती ऊधमसिंह नगर जिले में स्वास्थ्य विभाग ने सप्ताहांत पर कोरोना जांच की तैयारी कर ली है। उत्तर प्रदेश व दिल्ली सहित पड़ोसी राज्यों से नैनीताल की ओर आने वाले पर्यटकों की उत्तराखंड आगमन पर जनपद में पड़ने वाली सभी सीमाओं पर हर शनिवार-रविवार को रैंडम सैंपलिंग की जायेगी। 

बताया गया है कि ऊधमसिंह नगर जिले में रुद्रपुर-रामपुर बार्डर से प्रतिदिन अन्य राज्यों से 250 से 300 वाहनों की आवाजाही और किच्छा में पुलभट्टा बार्डर से 500 से 600 वाहनों की आवाजाही रहती है। इसके अलावा खटीमा के सत्रह मील मझोला बार्डर से प्रतिदिन 450 से 500 और नेपाल के मेलाघाट बार्डर से प्रतिदिन 100 से 200 वाहनों एवं काशीपुर में सूर्या बार्डर से 1000 वाहनों व अलीगंज बार्डर से 300 से 400 वाहनों की आवाजाही रहती है।

इसी तरह बाजपुर में दोहरा बार्डर से प्रतिदिन 500 से 600 वाहनों और जसपुर के धरमपुर बार्डर से 300 से 400 वाहनों की आवाजाही रहती है। जबकि शनिवार और रविवार को बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों की संख्या में दो से तीन गुना तक बढ़ोत्तरी हो जाती है। इनमें अधिकतर वे सैलानी होते हैं जो सप्ताहांत पर नैनीताल, अल्मोड़ा और अन्य पर्वतीय क्षेत्रों में घूमने जाते हैं। इसे देखते हुये स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार और रविवार को सभी सीमाओं पर बाहर से आने वाले सैलानियों की कोरोना जांच करने का निर्णय लिया है। ताकि कोरोना के मामलों को बढ़ने से रोका जा सके।

जनपद की सीएमओ डॉ.सुनीता चुफाल ने कहा कि कोरोना की चौथी लहर को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग चौकन्ना है। कोरोना के मामलों को देखते हुए हर शनिवार और रविवार को जिले की सीमाओं पर बाहर से आने वालों की कोरोना जांच की जाएगी।  सीमा पर जांच और स्वास्थ्य केंद्रों पर टीकाकरण में तेजी लाने के लिये विभाग ने जिले भर में 160 टीमों की तैनाती कर दी है।12 से 14 वर्ष के बच्चों के टीकाकरण में भी तेजी लायी जा रही है। (डॉ. नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : देहरादून के बाद नैनीताल जिले में भी लागू हुईं कोरोना की पाबंदियां, 1000 रुपए तक लग सकता है जुर्माना

नवीन समाचार, देहरादून, 28 अप्रैल 2022। उत्तराखंड में राजधानी देहरादून के बाद नैनीताल जिले में भी कोरोना की पाबंदियां लागू हो गई हैं। नैनीताल के डीएम धिराज गर्ब्याल ने फिर कोरोना के बाबत बड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

अब जनपद में कोविड-19 संक्रमण के मामलों में हो रही बढ़ोत्तरी के दृष्टिगत संक्रमण की रोकथाम के लिए हर व्यक्ति के लिए पूर्व की भाँति सार्वजनिक स्थान पर अथवा घर के बाहर मास्क, गमछा, रूमाल, दुपट्टा या स्कार्फ पहनना अनिवार्य होगा। साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर थूकना प्रतिबंधित रहेगा। इन दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करना उत्तराखण्ड राज्य महामारी कोविड-19 (द्वितीय संशोधन) विनियमावली 2021 में प्रदत्त व्यवस्था के अनुरूप् दण्डनीय अपराध होगा। इस पर 500 से 1000 रूपये तक जुर्माना वसूला जायेगा। (डॉ. नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : चौथी लहर की आशंका के बीच दो बच्चे और शिक्षक आए संक्रमित, बच्चों के प्रति बढ़ी चिंता, सतर्कता के निर्देश…

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 26 अप्रैल 2022। देश में कोविड-19 के नए ओमीक्रोन वेरिएंट के साथ चौथी लहर की आशंका के बीच देहरादून में दो बच्चे एवं एक शिक्षक भी कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। दूसरी ओर बच्चों-बड़ों सभी ने सोशल डिस्टेंसिंग के साथ मास्क पहनने भी कमोबेश बंद कर दिए हैं। ऐसी परिस्थितियों में राज्य के खासकर विद्यालयों में बच्चों के प्रति चिंता बढ़ गई है।

ऐसी में स्वास्थ्य विभाग ने नैनीताल जनपद में कोरोना की जाचे बढ़ाने के साथ ही विद्यालयों को दिशा-निर्देश जारी किये हैं। छात्रों को मास्क के साथ-साथ साफ-सफाई और सैनिटाइजर का विशेष ध्यान देने को कहा गया है। ताकि नए वेरिएंट को फैलने से रोका जा सके।

अपर मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी रश्मि पंत ने कहा कि नए एक्सई वेरिएंट के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से सचेत है। जनपद में विकास खंड स्तर पर जांच का कार्य शुरू कर दिया गया है। इसके अलावा सभी स्कूलों को कोरोना के प्रति सतर्कता बरतने और स्कूलों में साफ सफाई के साथ बच्चों के मास्क और सैनिटाइजर का प्रयोग करने के निर्देश दिये गये हैं।

इसके साथ ही लोगों से अपील की गयी है कि इस बीमारी से किसी तरह से घबराने की जरूरत नहीं है। केवल बचाव ही इस बीमारी से बचने का सर्वश्रेष्ठ तरीका है। इसके अलावा बुजुर्गों को घर-घर जाकर बूस्टर डोज लगायी जा रही है। चौथी लहर की आशंका को देखते हुए सभी तरह की व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई है। जल्द ही बैठक कर कुछ और दिशा निर्देश जारी किए जाएंगे। इसके अलावा शासन द्वारा जो भी गाइडलाइन आएगी, उसका पालन कराया जाएगा। (डॉ. नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : कोरोना ने फिर चिंता में डाला, चौथी कक्षा की छात्रा के पॉजिटिव आने के बाद आज बंद करना पड़ा एक स्कूल..

नवीन समाचार, देहरादून, 23 अप्रैल 2022। देश के कुछ हिस्सों के साथ साथ उत्तराखंड में भी कोरोना एक बार फिर चिंता पैदा कर रहा है। राजधानी देहरादून के कर्जन रोड स्थित एक प्राइवेट स्कूल में एक चौथी कक्षा की छात्रा के कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग और शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। आनन-फानन में शनिवार को स्कूल को बंद करवा दिया गया। आगे सोमवार को पूरी स्थिति का जायजा लेने के बाद स्कूल खोलने पर निर्णय होगा।

विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि शुक्रवार शाम को छात्रा के परिजनों ने फोन पर उसके पॉजिटिव आने की जानकारी दी। इस पर उन्होंने तत्काल जिलाधिकारी और मुख्य शिक्षा अधिकारी को इसकी जानकारी दी। उनके निर्देश पर शनिवार को बच्चों की छुट्टी कर दी गई। हालांकि, राहत की बात यह है कि छात्रा तीन दिन से स्कूल नहीं आ रही थी। ऐसे में अन्य बच्चों में संक्रमण की आशंका कम है।

फिर भी स्कूल को पूरी तरह बंद कर सेनेटाइज किया गया है। रविवार को भी सेनेटाइजेशन किया जाएगा। विद्यालय में पहले से भी सेनेटाइजेशन, मास्क और अन्य तरह की एहतियात बरती जा रही है। आगे जो भी शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन की ओर से निर्देश मिलेंगे उसी के अनुसार स्कूल खोलने पर फैसला किया जाएगा। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : देश में कोरोना पाबंदियां हटाने की समयसीमा तय, लेकिन विशेषज्ञ अब भी जता रहे चिंता

नवीन समाचार, नई दिल्ली, 24 मार्च 2022। केंद्र सरकार ने देश में कोरोना से संबंधित प्रतिबंधों को हटाने के लिए आदेश जारी कर दिया है। केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को इस बारे में पत्र भेजा है। पत्र में कहा गया है कि बीते 7 हफ्तों में कोरोना के मामलों में लगातार गिरावट आई है। ऐसे में गृह मंत्रालय की ओर से 31 मार्च के बाद ‘डिजास्टर मैनेजमेंट ऐक्ट’ के तहत कोरोना से जुड़ा कोई आदेश जारी नहीं किया जाएगा, लेकिन महामारी पर अब भी सतर्क रहने की जरूरत है। जब भी मामले बढ़ें तो राज्य और केंद्र शासित प्रदेश स्थानीय स्तर पर तेजी से कदम उठा सकते हैं।

पत्र में लिखा गया है कि बीते 24 महीनों में कोरोना महामारी से जुड़े विभिन्न पहलुओं जैसे – जांच, निगरानी, मरीजों के संपर्क में आए लोगों का पता लगाने, इलाज, टीकाकरण आदि के बारे में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। आम जनता भी कोरोना से बचाव के उपायों के प्रति काफी जागरूक हुई है।

इस फैसले पर प्रश्न भी उठ रहे हैं। कहा जा रहा है कि यह फैसले उस वक्त लिए जा रहे हैं जब ओमीक्रोन के सब-वेरिएंट बीए.2 ने चीन, हान्गकॉन्ग, जर्मनी व यूरोप के अन्य देशों में कहर बरपा रखा है। साइंटिफिक जर्नल ‘नेचर’ ने अपने संपादकीय में कहा है कि बीए.2 के प्रसार को देखते हुए देशों को कोविड-19 सर्विलांस और ट्रैकिंग की रफ्तार धीमी नहीं करनी चाहिए। विशेषज्ञों ने चेताया है कि अगर लापरवाही बरती गई तो खतरा बढ़ जाएगा और संक्रमण और बड़े पैमाने पर फैल सकता है। यह रोग का बीच में उपचार छोड़ने जैसा खतरनाक हो सकता है।

नेचर ने अपने संपादकीय में लिखा है कि कई देशों ने पाबंदियां घटा दी हैं, लेकिन ऐसे फैसले भविष्य को ध्यान में रखकर नहीं किए जा रहे। जर्नल ने ऐंटीबॉयटिक्स की एनॉलजी दी है कि यह फैसले कुछ वैसे ही हैं कि लक्षण में राहत मिलने पर ऐंटीबॉयटिक्स का कोर्स बंद कर दिया जाए, जबकि इससे यह खतरा बढ़ जाता है कि संक्रमण वापस आ जाएगा।

दावा किया गया है कि नया वेरिएंट इस वक्त फैल रहे वेरिएंटस से काफी ज्यादा खतरनाक हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, अब भी दुनिया की बड़ी आबादी का टीकाकरण नहीं हुआ है। ऐसे में वायरस को ट्रैक और ट्रीट करने में ढिलाई भारी पड़ सकती है। उन्होंने चेताया कि अगर सरकारें ही ढुलमुल रवैया अपनाएंगी तो पब्लिक और लापरवाह हो जाएगी। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : नैनीताल, हल्द्वानी, रामनगर पहुंचा ओमिक्रॉन, पुष्टि

दुनिया में कोरोना की नई लहर ला सकता ओमिक्रॉन - इंडिया न्यूज़ स्ट्रीम

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 16 जनवरी 2022। कोरोना का ओमिक्रॉन वैरिएंट नैनीताल जनपद मुख्यालय सहित जनपद के विभिन्न जनपदों में फैल गया है। रविवार रात्रि पूर्व में जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए देहरादून भेजे गए कोरोना के 6 नमूनों में ओमिक्रॉन संक्रमण की पुष्टि हुई है।

जनपद की मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. भागीरथी जोशी ने बताया कि इनमें एक नमूना शेरवुड परिसर नैनीताल, एक रामनगर तथा अन्य हल्द्वानी के दमुआढ़ूंगा, आरटीओ रोड आदि के लोगों के हैं। उन्होंने बताया कि यह नमूने पुराने हैं। वर्तमान में इनमें से सभी स्वस्थ हो चुके हैं। अलबत्ता अन्य लोगों में भी ओमिक्रॉन हो सकता है। इसलिए मौजूदा दौर में जबकि कोरोना अपने चरम की ओर बढ़ रहा है, आम जन को विशेष रूप से सतर्क रहने की आवश्यकता है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

प्रतीकात्मक चित्र

यह भी पढ़ें : नैनीताल: नए मामले एक दिन में 174 फीसद बढ़े, एक कॉलेज में ही आए 93 मामले

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 7 जनवरी 2022। देश-प्रदेश में ओमिक्रॉन व कोरोना की तीसरी लहर के साथ कोरोना संक्रमण के मामलों में तेजी से हो रही बढ़ोत्तरी के साथ नैनीताल जनपद में भी पिछले करीब आठ माह के सर्वाधिक 233 लोग एक दिन में संक्रमित पाए गए हैं। जहां एक दिन पहले एक ही दिन में 85 लोग संक्रमित मिले थे, वहीं शुक्रवार को नए मामलों में 174 प्रतिशत की वृद्धि हो गई। इसमें अकेले 93 विद्यार्थी पाल नर्सिंग कालेज के हैं।

एसीएमओ डा. रश्मि पंत ने बताया कि 1169 लोगों की जांच रिपोर्ट में 233 लोग संक्रमित मिले हैं। इसमें पाल नर्सिंग कालेज में ही 450 छात्र-छात्राओं की जांच हुई। इसमें 93 विद्यार्थी संक्रमित पाए गए हैं। इसके बाद पॉल कालेज को कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया गया है। कुछ विद्यार्थियों को छात्रावास में जबकि अन्य को उनके घरों पर ही क्वारंटाइन किया गया है। अधिकांश बच्चों में किसी तरह के लक्षण नहीं हैं। अलबत्ता, वर्तमान में जनपद में कोरोना संक्रमित छह मरीज भर्ती हैं। इसमें तीन मरीज निजी चिकित्सालयों में और तीन मरीज अस्थायी कोविड अस्पताल में भर्ती हैं। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड में एक दिन में आए ओमिक्रॉन के चार नए मामले…

नवीन समाचार, देहरादून, 1 जनवरी 2022। उत्तराखंड में शनिवार को ओमिक्रॉन के एक साथ चार नए मामले सामने आए हैं। इसके साथ राज्य में ओमिक्रॉन के कुल मामलों की संख्या आठ हो गई है। गौरतलब है कि राज्य में ओमिक्रॉन के पहले आए चारों संक्रमित स्वस्थ हो चुके हैं। इस प्रकार राज्य में अभी ओमिक्रॉन के केवल चार मरीज ही सक्रिय हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार दून मेडिकल कॉलेज की लैब द्वारा चार मरीजों की कोविड 19 जांच पॉजिटिव पाए जाने के बाद जिनोम सिक्वेंसिंग के लिए भेजी गई थी। जिसमें ओमिक्रॉन वैरिएंट होने की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार तीन मरीज देहरादून के हैं, जबकि एक 27 वर्षीय युवक गुजराज का रहने वाला है। जो ऋषिकेश आया था और लौट गया था। अब वह अहमदाबाद में आइसोलेशन पर है। चारों संक्रमितों की उम्र तीस साल से कम है। देहरादून निवासी ओमिक्रॉन संक्रमितों में 23 व 28 साल के दो युवक एक 15 वर्षीय किशोरी शामिल हैं। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड में ओमिक्रॉन ने आज लगाई हैट-ट्रिक

नवीन समाचार, देहरादून, 27 दिसंबर 2021। देश-दुनिया को परेशान किए ओमिक्रॉन के सोमवार को उत्तराखंड में एक दिन में ही तीन नए मामले आए हैं, और इस तरह से ओमिक्रॉन ने हैट-ट्रिक लगा दी है। इसके साथ राज्य में अब ओमिक्रॉन से पीड़ित लोगों की संख्या बढ़कर 4 हो गई है।

नए ओमिक्रोन पॉजिटिव मरीजों के बारे में जानकारी देते हुए स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. तृप्ति बहुगुणा ने बताया कि 28 वर्षीय व्यक्ति का अमन से भारत आने पर मेला चिकित्सालय हरिद्वार में कोरोना जांच हेतु नमूना लिया गया था। जांच में कोरोना संक्रमित पाए जाने के उसे आइसोलेशन में भेजकर ओमिक्रॉन जांच हेतु उसका नमूना भेजा गया था। अब उसके ओमिक्रॉन संक्रमण की पुष्टि हुई है।

इसी तरह राजपुर रोड देहरादून निवासी दुबई से लौटे 74 वर्षीय पुरुष एवं 65 वर्षीय महिला में भी ओमिक्रोन वेरिएंट से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। उल्लेखनीय है कि गत 11 दिसंबर को स्काटलैंड से लौटी दून के बसंत विहार निवासी 34 वर्षीय महिला यात्री में भी ओमिक्रॉन की पुष्टि हुई थी। बताया गया है कि इस महिला के माता-पिता भी कोरोना संक्रमित हैं। उनकी जीनोम सिक्वेंसिंग की रिपोर्ट का अभी इंतजार है।

राज्य में ओमिक्रोन वैरीअंट के मरीजों की संख्या में वृद्धि को देखते हुए प्रदेश के स्वास्थ्य सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडे ने आज समस्त जनपदों के सीएमओ को ओमिक्रोन वैरीअंट से बचाव एवं नियंत्रण को लेकर विस्तृत निर्देश जारी किए हैं। निर्देशों में सभी चिकित्सा इकाइयों पर इन्फ्लूएंजा तथा गंभीर श्वसन संक्रमण ग्रसित मरीजों की सघन निगरानी करने, सभी मरीजों के कोविड-19 टेस्ट भी कराने, पूर्व से ही अन्य रोगों से पीड़ित संवेदनशील मरीजों को भी कोविड-19 जांच की परिधि में रखने, संक्रमित पाए जाने पर उन्हें होम आइसोलेशन अथवा चिकित्सा इकाइयों पर यात्रा उपचार की स्थिति अनुसार रखने को कहा गया है। बाहर से आए कोरोना संक्रमितों के बिना किसी विलंब के जिनोम सीक्वेंसिंग हेतु दून मेडिकल कॉलेज की लैब को जांच हेतु भेजने, होम आइसोलेशन क्वॉरेंटाइन एवं कंटेन्मेंट जाने बनाने जैसी गतिविधियों को प्रभावी तौर पर अमल में लाने के भी निर्देश दिए। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड में आया ओमिक्रॉन का पहला मामला, युवती निकली पॉजिटिव

नवीन समाचार, देहरादून, 22 दिसंबर 2021। उत्तराखंड भी कोरोना का नया वेरिएंट ओमिक्रान पहुंच गया है। राजधानी देहरादून में प्रदेश का पहला ओमिक्रान का मामला सामने आया है। देहरादून की कांवली रोड निवासी 23 वर्षीय युवती की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। युवती आठ दिसंबर को स्कॉटलैंड से भारत पहुंची थी। इंदिरा गांधी एयरपोर्ट पर उसकी कोरोना की आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट निगेटिव पाई गई, इसके बाद युवती उसी दिन शाम को कार से अपने माता-पिता के साथ देहरादून पहुंची थी।

इसके बाद 11 दिसंबर को युवती ने अपना सैंपल जांच के लिए एसआरएल लैब को अपने घर पर बुलाकर दिया। लैब रिपोर्ट के अनुसार युवती का सैंपल 12 दिसंबर को पॉजिटिव पाया गया। इसके बाद युवती घर पर ही आइसोलेट हो गयी। युवती को जिला आईडीएसपी यूनिट ने 14 दिनों तक होम आइसोलेशन में रहने और होम आइसोलेशन के कड़े निर्देशों का पालन करने के लिए कहा था। अब उसमें ओमिक्रॉन की पुष्टि होने के बाद जिला सर्विलांस इकाई द्वारा युवती की निरंतर निगरानी की जा रही है और उसके माता-पिता का नमूना भी जांच के लिए भेज दिया गया है।

प्रदेश की स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ तुप्ति बहुगुणा ने बताया कि एसआरएल लैब को युवती के सैंपल की जीनोम सीक्वेसिंग जांच के लिए भेजे जाने के निर्देश दे दिए गए हैं, ताकि ओमिक्रान वेरिएंट को अलग किया जा सके। युवती में ओमिक्रान वेरिएंट के होने की पुष्टि दिल्ली स्थित आईडीएसपी यूनिट की ओर से भी कर दी गयी है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड पहुंचा ओमिक्रॉन ? दिल्ली में ओमिक्रॉन संक्रमित रिश्तेदारों से मिलकर लौटे दम्पति निकले संक्रमित

नवीन समाचार, देहरादून, 20 दिसंबर 2021। पूरी दुनिया में तीसरी लहर के रूप में दहशत फैलाने वाला कोरोना का ओमिक्रॉन वैरिएंट क्या उत्तराखंड पहुंच गया है ? यह सवाल इसलिए उठ रहा है कि दिल्ली में ओमिक्रॉन संक्रमित रिश्तेदारों से मिलकर लौटे देहरादून के एक दम्पति में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हो गई है। इसके बाद उनके नमूनों की जीनोम सीक्वेंसिंग की जा रही है, जिससे पता चलेगा कि उन्हें हुआ कोरोना कहीं ओमिक्रॉन वैरिएंट की वजह से तो नहीं हुआ है। इसके बाद इन लोगों के राजपुर रोड स्थित अपार्टमेंट को कंटेनमेंट जोन घोषित करने की तैयारी भी चल रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार दिल्ली में एक परिवार के लोग कुवैत से लौटे थे, जिसके बाद उनमें ओमिक्रॉन के संक्रमण की पुष्टि हुई। इधर देहरादून के राजपुर रोड स्थित एक अपार्टमेंट के निवासी दंपत्ति दिल्ली में इन ओमिक्रॉन संक्रमित रिश्तेदारों से मिलकर लौटे तो उनमें भी कोरोना संक्रमण की पुष्टि हो गई। जिले के सीएमओ डॉ. मनोज उप्रेती ने बताया कि इसके बाद उनके नमूने जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए दून मेडिकल कॉलेज की वायरोलॉजी लैब भेजे गए हैं। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : नेपाल से भारत पहुंचे 25 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए

cabinet meeting decision all check post around india nepal border will open  were closed for one and half year due to corona infection - कैबिनेट बैठक  में फैसला, खोले जाएंगे भारत-नेपाल सीमानवीन समाचार, टनकपुर, 15 दिसंबर 2021। उत्तराखंड के चंपावत जनपद के बनबसा में भारत-नेपाल सीमा पर कोरोना बम फूटा है। यहां नेपाल से भारत आ रहे 25 लोग एक ही दिन में संक्रमित पाए गए हैं। इनमें भारत-नेपाल मैत्री बस सेवा में सवार 14 यात्री भी शामिल हैं। एक साथ कोरोना के इतने मामले सामने आने पर प्रशासन ने मैत्री बसों को नेपाल वापस लौटा दिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार करीब एक माह पहले भारत-नेपाल सीमा खुलने के बाद दोनों देशों के बीच अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सामान्य आवाजाही शुरू हो गई थी। इधर देश-विदेश में ओमिक्रॉन की दस्तक के बाद चम्पावत जिले में कोरोना सैंपलिंग बढ़ा दी गई थी। इसी कड़ी में छह बसों में नेपाल से आए लोगों की जांच की गई।

बनबसा के चिकित्साधिकारी डॉ. दानिश ने बताया कि मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर नेपाल से चौपहिया या दोपहिया में आने वाले दर्जनों लोगों रैपिड एंटीजन जांच की गई। इसमें 11 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए थे। शाम को नेपाल से आने वाली बसों के यात्रियों की भी जांच हुई। इस पर कुल 25 यात्री संक्रमित पाए गए। बाद में अधिकारियों ने बताया कि जिन मैत्री बसों में कोरोना मामले सामने आए, उन्हें वापस नेपाल भेजा जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय सीमा पर कोविड जांच जारी है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : नैनीताल में कोरोना के प्रति फिर सतर्कता: कंटेनमेंट जोन में 75 एवं पुलिस कर्मियों की हुई करीब 375 जांचें

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 30 नवंबर 2021। जिला मुख्यालय के शेरवुड स्टाफ क्वार्टर में रहने वाली एक शिक्षिका के पति की कोरोना से सोमवार को मौत होने के बाद पुलिस ने इस क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन बना दिया है। जनपद में तीन माह के बाद इस तरह कंटेनमेंट जोन बना है। इसके बाद मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग ने इस क्षेत्र में शिक्षिका के संपर्क में आए 75 परिवारों की कोरोना की आरटीपीसीआर जांच की गई है। साथ प्रदेश के डीजीपी अशोक कुमार के निर्देशों पर बीडी पांडे जिला चिकित्सालय में पुलिस, एलआईयू एवं अग्निशमन बलों के 132 लोगों की आरटीपीसीआर एंव 242 लोगों लोगों की रैपिड एंटीजन जांच की गई है। गनीमत है कि 242 लोगों की रैपिड एंटीजन जांच में किसी में भी कोरोना की पुष्टि नहीं हुई है।

आगे स्वास्थ्य विभाग बुधवार से पूर्व की तरह नगर के प्रवेश द्वारों पर बाहर से आने वाले सैलानियों की जांच के लिए अभियान चलाने वाली है। साथ ही चिकित्सालय में आने वाले रोगियों की भी कोरोना जांच की जाएगी। जिला चिकित्सालय के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केएस धामी ने बताया कि शेरवुड कॉलेज के स्टाफ क्वार्टर्स में शिक्षिका के संपर्क में आए कॉलेज के कर्मियों के परिवारजनों की और जिला चिकित्सालय में आपातकालीन सेवाओं से जुड़े पुलिस विभाग से संबंधित कर्मियों की जांच की गई है।

इधर, नगर में पुलिस ने भी कोरोना के नए वैरिएंट के दृष्टिगत स्थानीय लोगों एवं सैलानियों को मास्क पहनने एवं सामाजिक दूरी बरतने के लिए अभियान शुरू कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि शेरवुड कॉलेज में कार्यरत शिक्षिका के 70 वर्षीय पति की मृत्यु के बाद संयुक्त मजिस्ट्रेट प्रतीक जैन ने शेरवुड स्टाफ क्वार्टर क्षेत्र के एपी सिंह, प्रदीप भट्ट व पूजा रौतेला के घरों को कोरोना के संक्रमण की संभावना के दृष्टिगत अगले आदेशों तक माइक्रो कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया है। इस क्षेत्र में बाहरी लोगों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया है। साथ ही प्रभावित परिवार के संपर्क में आए लोगों की कोरोना जांच कराने के आदेश दिए गए हैं।

जिला चिकित्सालय में बढ़े वायरल बुखार के मरीज
नैनीताल। मुख्यालय में मौसम के बदलाव, ठंड की दस्तक के साथ वायरल बुखार का प्रकोप हो गया है। बीडी पांडे जिला चिकित्सालय के पीएमएस डॉ. केएस धामी ने बताया कि प्रतिदिन दो से ढाई सौ वायरल बुखार के मरीज पहुंच रहे हैं। अब बुधवार से इन सभी की कोरोना जांच भी कराई जाएगी। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : ओमिक्रॉन की दस्तक के बीच दक्षिण अफ्रीका सहित विदेशों से उत्तराखंड आऐ 25 लोग, 14 होम आइसोलेश में भेजे, शेष 11 की तलाश

नवीन समाचार, देहरादून, 30 नवंबर 2021। कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन की दस्तक के बीच उत्तराखंड में विदेशों से आए 25 लोग रडार पर हैं। इनमें से देहरादून आए 14 लोगों को अगले 15 दिन के लिए होम आइसोलेशन में रहने के निर्देश दिए गए हैं। सभी के सैंपल आरटीपीसीआर जांच के लिए भेजे गए हैं। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम उनकी निगरानी कर रही है। राज्य में शेष 11 की तलाश की जा रही है।

जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज उप्रेती ने बताया कि नई दिल्ली से 25 ऐसे लोगों की सूची भेजी गई थी, जो हाल ही में विदेश से लौटे हैं। इनमें से 14 लोग देहरादून जिले के हैं। छह लोग ऐसे हैं जो दक्षिण अफ्रिका से लौटे हैं। इन सभी के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। केंद्र और शासन से मिले दिशा-निर्देशों के क्रम में सभी 14 लोगों को होम आइसोलेशन में रहने के लिए कहा गया है। साथ ही उनके संपर्क में आए लोगों का भी पता किया जा रहा है। जिसके बाद उनका भी आरटीपीसीआर जांच के लिए सैंपल लिया जाएगा।

इसके अलावा मंगलवार से जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर और बुधवार से सीमावर्ती चौकियों पर कोरोना की आरटीपीसीआर और एंटीजन जांच शुरू की जा रही है। इसी तरह रेलवे स्टेशन, बस अड्डों पर भी फिलहाल रेंडम जांच शुरू की जाएगी। जिनके पास 72 घंटे की आरटीपीसीआर जांच की निगेटिव रिपोर्ट होगी, उनकी जांच नहीं की जाएगी। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : दक्षिण अफ्रीका से अपनी शादी के लिए आया युवक, कोविड के नए वैरिएंट ‘ओमिक्रॉन’ को लेकर सनसनी

नवीन समाचार, रुद्रपुर, 28 नवंबर 2021। दक्षिण अफ्रीकी देशों में फैले कोविड-19 के नए वैरिएंट ओमिक्रान से दुनियाभर में फिर से फैली चिंता और उत्तराखंड में भी जारी हुए अलर्ट के बीच एक अफ्रीकी देश से एक युवक के आने से सनसनी फैल गई है। अफ्रीका के कांगों से ऊधमसिंह नगर के दिनेशपुर में एक 25 वर्षीय युवक आया है। स्वास्थ्य विभाग ने उसकी एवं उसके परिवार के लोगों के साथ ही उसके संपर्क में आए लोगों की सभी कोरोना जांच करा दी हैं। गनीमत है कि इनमें से ट्रूनेट और एंटीजन जांच में सभी की रिपोर्ट निगेटिव आ गई है। इसके बाद अब आरटीपीसीआर की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। सभी को आइसोलेट भी कर दिया गया है।

स्वास्थ्य विभाग के जिला सर्विलांस अधिकारी-एसीएमओ डॉ. अविनाश खन्ना ने बताया कि सीएमओ अल्मोड़ा की ओर से जानकारी दी गयी थी कि मूल रूप से हवालबाग ब्लॉक के छानागोलू गांव निवासी 25 वर्षीय युवक बीती 25 नवंबर को कांगो से आया है और ऊधमसिंह नगर के दिनेशपुर में रह रहा है। जानकारी मिलते ही शनिवार की रात ही टीम ने दिनेशपुर से युवक और उसके माता-पिता-भाई और भाभी की ट्रूनेट और रैपिड एंटीजन टेस्ट कराये, जिसमें सभी की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। इस पर रात में ही उन्हें घर पर आइसोलेट रहने की सलाह देते हुए घर वापस भेज दिया गया।

एसीएमओ ने बताया कि युवक कांगो के किंचासा में प्रिंटिंग प्रेस में काम करता है। उसकी आगामी दो दिसंबर को शादी है। इस हेतु वह क्ररीब डेढ़ माह की छुट्टी पर पहले ही अपनी आरटीपीसीआर जांच कराकर आया है। युवक को निर्देश दिए गए है कि वह बिना अनुमति कहीं न जाए। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड में कोरोना के नए खतरनाक वैरिएंट ‘ओमिक्रॉन’ के लिए फिर से हाईअलर्ट, CM ने जारी किया विशेष सन्देश…

नवीन समाचार, देहरादून, 27 नवंबर 2021। दक्षिण अफ्रीका में मिले कोरोना के नये खतरनाक वैरिएंट बी.1.1.529 को लेकर उत्तराखंड में भी खतरा बताया जा रहा है। डब्लूएचओ द्वारा ओमिक्रॉन नाम दिये गए व बेहद तेजी से फैलने वाले तथा खतरनाक बताए गए वैरिएंट के प्रति उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को विशेष संदेश जारी किया है। उन्होंने अपने अपने संदेश में प्रदेश वासियों से कहा है कि कोरोना के नए वैरिएंट के दृष्टिगत ‘कोविड एप्रोप्रियेट बिहेवियर’ का पूरा पालन करें। जिन लोगों को अभी दूसरा टीका नहीं लगा है, वह समय होते ही टीकाकरण करा लें। मास्क का उपयोग जरूर करें एवं एक दूसरे से उचित दूरी बनाए रखें।

उन्होंने इस हेतु प्रदेश के मुख्य सचिव, डीजीपी एवं सचिव स्वास्थ्य को ‘कोविड एप्रोप्रियेट बिहेवियर’ का पालन सुनिश्चित कराने एवं सभी आवश्यक व्यवस्थाएं कराने के निर्देश दिए है। मुख्यमंत्री ने सचिव स्वास्थ्य को निर्देश दिए कि यह सुनिश्चित किया जाय कि कोविड पर प्रभावी नियंत्रण के लिए अस्पतालों में सभी व्यवस्थाएं हो। (डॉ. नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड में जहां आया था कोरोना का सबसे पहला मामला, वहीं फिर कोरोना संक्रमित मिले 11 प्रशिक्षु अधिकारी

Coronavirus In India: All Three Infected Ifs Stay Together In Spain Hotel  Room - कोरोना: स्पेन में एक ही कमरे में रुके थे उत्तराखंड के तीनों संक्रमित  आईएफएस, एफआरआई 'लॉक डाउन' -नवीन समाचार, देहरादून, 25 नवंबर 2021। देहरादून में इंदिरा गांधी नेशनल फॉरेस्ट अकेडमी में मिड टर्म प्रशिक्षण के लिए बुलाए गए यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों के 11 प्रशिक्षु अधिकारी कोरोना संक्रमित मिले हैं। आईएफएस अधिकारियों के कोरोना संक्रमित मिलने के बाद उन्हें एकेडमी में ही क्वारंटीन कर दिया गया है।

अकेडमी के अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार विभिन्न राज्यों के 40 आईएफएस अधिकारियों को ‘मिड टर्म ट्रेनिंग’ के लिए यहां बुलाया गया था। इन अधिकारियों को पहले लखनऊ आईआईएम में प्रबंधन का प्रशिक्षण देने के बाद नई दिल्ली भेजा गया था। नई दिल्ली में सभी अधिकारियों का कोरोना टेस्ट कराया गया तो छह अधिकारी कोरोना संक्रमित पाए गए लेकिन रिपोर्ट आने से पहले ही सभी अधिकारी देहरादून पहुंच गए थे। अधिकारियों के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद एकेडमी में अधिकारियों की ओर से सुरक्षात्मक कदम उठा लिए गए हैं।

उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड में कोरोना का सबसे पहला मामला इंदिरा गांधी नेशनल फॉरेस्ट एकेडमी के ही प्रशिक्षु अधिकारियों में ही सामने आया था। उस वक्त प्रशिक्षु आईएफएस अधिकारियों का दल स्पेन समेत कई यूरोपीय देशों के भ्रमण पर गया था, और वहां से लौटने पर उनमें कोरोना की पुष्टि हुई थी। (डॉ. नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

 

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार
‘नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से ‘मन कही’ के रूप में जनवरी 2010 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
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2 Replies to “कोरोना के मोर्चे पर तीन वर्ष बाद सबसे बड़ा समाचार: कोरोना मुक्त हुआ उत्तराखंड, एक सप्ताह से नहीं आया कोई मामला

  1. ” राज्य में पुरुषों को कोरोना से अधिक खतरा” , क्या यह राज्य सरकार द्वारा आधिकारिक रूप से कहा गया है???

    1. महिलाओं की अपेक्षा संख्या में पुरुषों के कोरोना से संक्रमित होने के आंकड़ों में यह बात दिखती है …

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