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नैनीताल, हल्द्वानी, रामनगर पहुंचा ओमिक्रॉन, पुष्टि

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दुनिया में कोरोना की नई लहर ला सकता ओमिक्रॉन - इंडिया न्यूज़ स्ट्रीम

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 16 जनवरी 2022। कोरोना का ओमिक्रॉन वैरिएंट नैनीताल जनपद मुख्यालय सहित जनपद के विभिन्न जनपदों में फैल गया है। रविवार रात्रि पूर्व में जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए देहरादून भेजे गए कोरोना के 6 नमूनों में ओमिक्रॉन संक्रमण की पुष्टि हुई है।

जनपद की मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. भागीरथी जोशी ने बताया कि इनमें एक नमूना शेरवुड परिसर नैनीताल, एक रामनगर तथा अन्य हल्द्वानी के दमुआढ़ूंगा, आरटीओ रोड आदि के लोगों के हैं। उन्होंने बताया कि यह नमूने पुराने हैं। वर्तमान में इनमें से सभी स्वस्थ हो चुके हैं। अलबत्ता अन्य लोगों में भी ओमिक्रॉन हो सकता है। इसलिए मौजूदा दौर में जबकि कोरोना अपने चरम की ओर बढ़ रहा है, आम जन को विशेष रूप से सतर्क रहने की आवश्यकता है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

प्रतीकात्मक चित्र

यह भी पढ़ें : नैनीताल: नए मामले एक दिन में 174 फीसद बढ़े, एक कॉलेज में ही आए 93 मामले

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 7 जनवरी 2022। देश-प्रदेश में ओमिक्रॉन व कोरोना की तीसरी लहर के साथ कोरोना संक्रमण के मामलों में तेजी से हो रही बढ़ोत्तरी के साथ नैनीताल जनपद में भी पिछले करीब आठ माह के सर्वाधिक 233 लोग एक दिन में संक्रमित पाए गए हैं। जहां एक दिन पहले एक ही दिन में 85 लोग संक्रमित मिले थे, वहीं शुक्रवार को नए मामलों में 174 प्रतिशत की वृद्धि हो गई। इसमें अकेले 93 विद्यार्थी पाल नर्सिंग कालेज के हैं।

एसीएमओ डा. रश्मि पंत ने बताया कि 1169 लोगों की जांच रिपोर्ट में 233 लोग संक्रमित मिले हैं। इसमें पाल नर्सिंग कालेज में ही 450 छात्र-छात्राओं की जांच हुई। इसमें 93 विद्यार्थी संक्रमित पाए गए हैं। इसके बाद पॉल कालेज को कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया गया है। कुछ विद्यार्थियों को छात्रावास में जबकि अन्य को उनके घरों पर ही क्वारंटाइन किया गया है। अधिकांश बच्चों में किसी तरह के लक्षण नहीं हैं। अलबत्ता, वर्तमान में जनपद में कोरोना संक्रमित छह मरीज भर्ती हैं। इसमें तीन मरीज निजी चिकित्सालयों में और तीन मरीज अस्थायी कोविड अस्पताल में भर्ती हैं। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड में एक दिन में आए ओमिक्रॉन के चार नए मामले…

नवीन समाचार, देहरादून, 1 जनवरी 2022। उत्तराखंड में शनिवार को ओमिक्रॉन के एक साथ चार नए मामले सामने आए हैं। इसके साथ राज्य में ओमिक्रॉन के कुल मामलों की संख्या आठ हो गई है। गौरतलब है कि राज्य में ओमिक्रॉन के पहले आए चारों संक्रमित स्वस्थ हो चुके हैं। इस प्रकार राज्य में अभी ओमिक्रॉन के केवल चार मरीज ही सक्रिय हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार दून मेडिकल कॉलेज की लैब द्वारा चार मरीजों की कोविड 19 जांच पॉजिटिव पाए जाने के बाद जिनोम सिक्वेंसिंग के लिए भेजी गई थी। जिसमें ओमिक्रॉन वैरिएंट होने की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार तीन मरीज देहरादून के हैं, जबकि एक 27 वर्षीय युवक गुजराज का रहने वाला है। जो ऋषिकेश आया था और लौट गया था। अब वह अहमदाबाद में आइसोलेशन पर है। चारों संक्रमितों की उम्र तीस साल से कम है। देहरादून निवासी ओमिक्रॉन संक्रमितों में 23 व 28 साल के दो युवक एक 15 वर्षीय किशोरी शामिल हैं। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड में ओमिक्रॉन ने आज लगाई हैट-ट्रिक

नवीन समाचार, देहरादून, 27 दिसंबर 2021। देश-दुनिया को परेशान किए ओमिक्रॉन के सोमवार को उत्तराखंड में एक दिन में ही तीन नए मामले आए हैं, और इस तरह से ओमिक्रॉन ने हैट-ट्रिक लगा दी है। इसके साथ राज्य में अब ओमिक्रॉन से पीड़ित लोगों की संख्या बढ़कर 4 हो गई है।

नए ओमिक्रोन पॉजिटिव मरीजों के बारे में जानकारी देते हुए स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. तृप्ति बहुगुणा ने बताया कि 28 वर्षीय व्यक्ति का अमन से भारत आने पर मेला चिकित्सालय हरिद्वार में कोरोना जांच हेतु नमूना लिया गया था। जांच में कोरोना संक्रमित पाए जाने के उसे आइसोलेशन में भेजकर ओमिक्रॉन जांच हेतु उसका नमूना भेजा गया था। अब उसके ओमिक्रॉन संक्रमण की पुष्टि हुई है।

इसी तरह राजपुर रोड देहरादून निवासी दुबई से लौटे 74 वर्षीय पुरुष एवं 65 वर्षीय महिला में भी ओमिक्रोन वेरिएंट से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। उल्लेखनीय है कि गत 11 दिसंबर को स्काटलैंड से लौटी दून के बसंत विहार निवासी 34 वर्षीय महिला यात्री में भी ओमिक्रॉन की पुष्टि हुई थी। बताया गया है कि इस महिला के माता-पिता भी कोरोना संक्रमित हैं। उनकी जीनोम सिक्वेंसिंग की रिपोर्ट का अभी इंतजार है।

राज्य में ओमिक्रोन वैरीअंट के मरीजों की संख्या में वृद्धि को देखते हुए प्रदेश के स्वास्थ्य सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडे ने आज समस्त जनपदों के सीएमओ को ओमिक्रोन वैरीअंट से बचाव एवं नियंत्रण को लेकर विस्तृत निर्देश जारी किए हैं। निर्देशों में सभी चिकित्सा इकाइयों पर इन्फ्लूएंजा तथा गंभीर श्वसन संक्रमण ग्रसित मरीजों की सघन निगरानी करने, सभी मरीजों के कोविड-19 टेस्ट भी कराने, पूर्व से ही अन्य रोगों से पीड़ित संवेदनशील मरीजों को भी कोविड-19 जांच की परिधि में रखने, संक्रमित पाए जाने पर उन्हें होम आइसोलेशन अथवा चिकित्सा इकाइयों पर यात्रा उपचार की स्थिति अनुसार रखने को कहा गया है। बाहर से आए कोरोना संक्रमितों के बिना किसी विलंब के जिनोम सीक्वेंसिंग हेतु दून मेडिकल कॉलेज की लैब को जांच हेतु भेजने, होम आइसोलेशन क्वॉरेंटाइन एवं कंटेन्मेंट जाने बनाने जैसी गतिविधियों को प्रभावी तौर पर अमल में लाने के भी निर्देश दिए। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड में आया ओमिक्रॉन का पहला मामला, युवती निकली पॉजिटिव

नवीन समाचार, देहरादून, 22 दिसंबर 2021। उत्तराखंड भी कोरोना का नया वेरिएंट ओमिक्रान पहुंच गया है। राजधानी देहरादून में प्रदेश का पहला ओमिक्रान का मामला सामने आया है। देहरादून की कांवली रोड निवासी 23 वर्षीय युवती की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। युवती आठ दिसंबर को स्कॉटलैंड से भारत पहुंची थी। इंदिरा गांधी एयरपोर्ट पर उसकी कोरोना की आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट निगेटिव पाई गई, इसके बाद युवती उसी दिन शाम को कार से अपने माता-पिता के साथ देहरादून पहुंची थी।

इसके बाद 11 दिसंबर को युवती ने अपना सैंपल जांच के लिए एसआरएल लैब को अपने घर पर बुलाकर दिया। लैब रिपोर्ट के अनुसार युवती का सैंपल 12 दिसंबर को पॉजिटिव पाया गया। इसके बाद युवती घर पर ही आइसोलेट हो गयी। युवती को जिला आईडीएसपी यूनिट ने 14 दिनों तक होम आइसोलेशन में रहने और होम आइसोलेशन के कड़े निर्देशों का पालन करने के लिए कहा था। अब उसमें ओमिक्रॉन की पुष्टि होने के बाद जिला सर्विलांस इकाई द्वारा युवती की निरंतर निगरानी की जा रही है और उसके माता-पिता का नमूना भी जांच के लिए भेज दिया गया है।

प्रदेश की स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ तुप्ति बहुगुणा ने बताया कि एसआरएल लैब को युवती के सैंपल की जीनोम सीक्वेसिंग जांच के लिए भेजे जाने के निर्देश दे दिए गए हैं, ताकि ओमिक्रान वेरिएंट को अलग किया जा सके। युवती में ओमिक्रान वेरिएंट के होने की पुष्टि दिल्ली स्थित आईडीएसपी यूनिट की ओर से भी कर दी गयी है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड पहुंचा ओमिक्रॉन ? दिल्ली में ओमिक्रॉन संक्रमित रिश्तेदारों से मिलकर लौटे दम्पति निकले संक्रमित

नवीन समाचार, देहरादून, 20 दिसंबर 2021। पूरी दुनिया में तीसरी लहर के रूप में दहशत फैलाने वाला कोरोना का ओमिक्रॉन वैरिएंट क्या उत्तराखंड पहुंच गया है ? यह सवाल इसलिए उठ रहा है कि दिल्ली में ओमिक्रॉन संक्रमित रिश्तेदारों से मिलकर लौटे देहरादून के एक दम्पति में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हो गई है। इसके बाद उनके नमूनों की जीनोम सीक्वेंसिंग की जा रही है, जिससे पता चलेगा कि उन्हें हुआ कोरोना कहीं ओमिक्रॉन वैरिएंट की वजह से तो नहीं हुआ है। इसके बाद इन लोगों के राजपुर रोड स्थित अपार्टमेंट को कंटेनमेंट जोन घोषित करने की तैयारी भी चल रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार दिल्ली में एक परिवार के लोग कुवैत से लौटे थे, जिसके बाद उनमें ओमिक्रॉन के संक्रमण की पुष्टि हुई। इधर देहरादून के राजपुर रोड स्थित एक अपार्टमेंट के निवासी दंपत्ति दिल्ली में इन ओमिक्रॉन संक्रमित रिश्तेदारों से मिलकर लौटे तो उनमें भी कोरोना संक्रमण की पुष्टि हो गई। जिले के सीएमओ डॉ. मनोज उप्रेती ने बताया कि इसके बाद उनके नमूने जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए दून मेडिकल कॉलेज की वायरोलॉजी लैब भेजे गए हैं। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : नेपाल से भारत पहुंचे 25 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए

cabinet meeting decision all check post around india nepal border will open  were closed for one and half year due to corona infection - कैबिनेट बैठक  में फैसला, खोले जाएंगे भारत-नेपाल सीमानवीन समाचार, टनकपुर, 15 दिसंबर 2021। उत्तराखंड के चंपावत जनपद के बनबसा में भारत-नेपाल सीमा पर कोरोना बम फूटा है। यहां नेपाल से भारत आ रहे 25 लोग एक ही दिन में संक्रमित पाए गए हैं। इनमें भारत-नेपाल मैत्री बस सेवा में सवार 14 यात्री भी शामिल हैं। एक साथ कोरोना के इतने मामले सामने आने पर प्रशासन ने मैत्री बसों को नेपाल वापस लौटा दिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार करीब एक माह पहले भारत-नेपाल सीमा खुलने के बाद दोनों देशों के बीच अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सामान्य आवाजाही शुरू हो गई थी। इधर देश-विदेश में ओमिक्रॉन की दस्तक के बाद चम्पावत जिले में कोरोना सैंपलिंग बढ़ा दी गई थी। इसी कड़ी में छह बसों में नेपाल से आए लोगों की जांच की गई।

बनबसा के चिकित्साधिकारी डॉ. दानिश ने बताया कि मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर नेपाल से चौपहिया या दोपहिया में आने वाले दर्जनों लोगों रैपिड एंटीजन जांच की गई। इसमें 11 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए थे। शाम को नेपाल से आने वाली बसों के यात्रियों की भी जांच हुई। इस पर कुल 25 यात्री संक्रमित पाए गए। बाद में अधिकारियों ने बताया कि जिन मैत्री बसों में कोरोना मामले सामने आए, उन्हें वापस नेपाल भेजा जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय सीमा पर कोविड जांच जारी है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : नैनीताल में कोरोना के प्रति फिर सतर्कता: कंटेनमेंट जोन में 75 एवं पुलिस कर्मियों की हुई करीब 375 जांचें

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 30 नवंबर 2021। जिला मुख्यालय के शेरवुड स्टाफ क्वार्टर में रहने वाली एक शिक्षिका के पति की कोरोना से सोमवार को मौत होने के बाद पुलिस ने इस क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन बना दिया है। जनपद में तीन माह के बाद इस तरह कंटेनमेंट जोन बना है। इसके बाद मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग ने इस क्षेत्र में शिक्षिका के संपर्क में आए 75 परिवारों की कोरोना की आरटीपीसीआर जांच की गई है। साथ प्रदेश के डीजीपी अशोक कुमार के निर्देशों पर बीडी पांडे जिला चिकित्सालय में पुलिस, एलआईयू एवं अग्निशमन बलों के 132 लोगों की आरटीपीसीआर एंव 242 लोगों लोगों की रैपिड एंटीजन जांच की गई है। गनीमत है कि 242 लोगों की रैपिड एंटीजन जांच में किसी में भी कोरोना की पुष्टि नहीं हुई है।

आगे स्वास्थ्य विभाग बुधवार से पूर्व की तरह नगर के प्रवेश द्वारों पर बाहर से आने वाले सैलानियों की जांच के लिए अभियान चलाने वाली है। साथ ही चिकित्सालय में आने वाले रोगियों की भी कोरोना जांच की जाएगी। जिला चिकित्सालय के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केएस धामी ने बताया कि शेरवुड कॉलेज के स्टाफ क्वार्टर्स में शिक्षिका के संपर्क में आए कॉलेज के कर्मियों के परिवारजनों की और जिला चिकित्सालय में आपातकालीन सेवाओं से जुड़े पुलिस विभाग से संबंधित कर्मियों की जांच की गई है।

इधर, नगर में पुलिस ने भी कोरोना के नए वैरिएंट के दृष्टिगत स्थानीय लोगों एवं सैलानियों को मास्क पहनने एवं सामाजिक दूरी बरतने के लिए अभियान शुरू कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि शेरवुड कॉलेज में कार्यरत शिक्षिका के 70 वर्षीय पति की मृत्यु के बाद संयुक्त मजिस्ट्रेट प्रतीक जैन ने शेरवुड स्टाफ क्वार्टर क्षेत्र के एपी सिंह, प्रदीप भट्ट व पूजा रौतेला के घरों को कोरोना के संक्रमण की संभावना के दृष्टिगत अगले आदेशों तक माइक्रो कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया है। इस क्षेत्र में बाहरी लोगों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया है। साथ ही प्रभावित परिवार के संपर्क में आए लोगों की कोरोना जांच कराने के आदेश दिए गए हैं।

जिला चिकित्सालय में बढ़े वायरल बुखार के मरीज
नैनीताल। मुख्यालय में मौसम के बदलाव, ठंड की दस्तक के साथ वायरल बुखार का प्रकोप हो गया है। बीडी पांडे जिला चिकित्सालय के पीएमएस डॉ. केएस धामी ने बताया कि प्रतिदिन दो से ढाई सौ वायरल बुखार के मरीज पहुंच रहे हैं। अब बुधवार से इन सभी की कोरोना जांच भी कराई जाएगी। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : ओमिक्रॉन की दस्तक के बीच दक्षिण अफ्रीका सहित विदेशों से उत्तराखंड आऐ 25 लोग, 14 होम आइसोलेश में भेजे, शेष 11 की तलाश

नवीन समाचार, देहरादून, 30 नवंबर 2021। कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन की दस्तक के बीच उत्तराखंड में विदेशों से आए 25 लोग रडार पर हैं। इनमें से देहरादून आए 14 लोगों को अगले 15 दिन के लिए होम आइसोलेशन में रहने के निर्देश दिए गए हैं। सभी के सैंपल आरटीपीसीआर जांच के लिए भेजे गए हैं। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम उनकी निगरानी कर रही है। राज्य में शेष 11 की तलाश की जा रही है।

जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज उप्रेती ने बताया कि नई दिल्ली से 25 ऐसे लोगों की सूची भेजी गई थी, जो हाल ही में विदेश से लौटे हैं। इनमें से 14 लोग देहरादून जिले के हैं। छह लोग ऐसे हैं जो दक्षिण अफ्रिका से लौटे हैं। इन सभी के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। केंद्र और शासन से मिले दिशा-निर्देशों के क्रम में सभी 14 लोगों को होम आइसोलेशन में रहने के लिए कहा गया है। साथ ही उनके संपर्क में आए लोगों का भी पता किया जा रहा है। जिसके बाद उनका भी आरटीपीसीआर जांच के लिए सैंपल लिया जाएगा।

इसके अलावा मंगलवार से जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर और बुधवार से सीमावर्ती चौकियों पर कोरोना की आरटीपीसीआर और एंटीजन जांच शुरू की जा रही है। इसी तरह रेलवे स्टेशन, बस अड्डों पर भी फिलहाल रेंडम जांच शुरू की जाएगी। जिनके पास 72 घंटे की आरटीपीसीआर जांच की निगेटिव रिपोर्ट होगी, उनकी जांच नहीं की जाएगी। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : दक्षिण अफ्रीका से अपनी शादी के लिए आया युवक, कोविड के नए वैरिएंट ‘ओमिक्रॉन’ को लेकर सनसनी

नवीन समाचार, रुद्रपुर, 28 नवंबर 2021। दक्षिण अफ्रीकी देशों में फैले कोविड-19 के नए वैरिएंट ओमिक्रान से दुनियाभर में फिर से फैली चिंता और उत्तराखंड में भी जारी हुए अलर्ट के बीच एक अफ्रीकी देश से एक युवक के आने से सनसनी फैल गई है। अफ्रीका के कांगों से ऊधमसिंह नगर के दिनेशपुर में एक 25 वर्षीय युवक आया है। स्वास्थ्य विभाग ने उसकी एवं उसके परिवार के लोगों के साथ ही उसके संपर्क में आए लोगों की सभी कोरोना जांच करा दी हैं। गनीमत है कि इनमें से ट्रूनेट और एंटीजन जांच में सभी की रिपोर्ट निगेटिव आ गई है। इसके बाद अब आरटीपीसीआर की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। सभी को आइसोलेट भी कर दिया गया है।

स्वास्थ्य विभाग के जिला सर्विलांस अधिकारी-एसीएमओ डॉ. अविनाश खन्ना ने बताया कि सीएमओ अल्मोड़ा की ओर से जानकारी दी गयी थी कि मूल रूप से हवालबाग ब्लॉक के छानागोलू गांव निवासी 25 वर्षीय युवक बीती 25 नवंबर को कांगो से आया है और ऊधमसिंह नगर के दिनेशपुर में रह रहा है। जानकारी मिलते ही शनिवार की रात ही टीम ने दिनेशपुर से युवक और उसके माता-पिता-भाई और भाभी की ट्रूनेट और रैपिड एंटीजन टेस्ट कराये, जिसमें सभी की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। इस पर रात में ही उन्हें घर पर आइसोलेट रहने की सलाह देते हुए घर वापस भेज दिया गया।

एसीएमओ ने बताया कि युवक कांगो के किंचासा में प्रिंटिंग प्रेस में काम करता है। उसकी आगामी दो दिसंबर को शादी है। इस हेतु वह क्ररीब डेढ़ माह की छुट्टी पर पहले ही अपनी आरटीपीसीआर जांच कराकर आया है। युवक को निर्देश दिए गए है कि वह बिना अनुमति कहीं न जाए। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड में कोरोना के नए खतरनाक वैरिएंट ‘ओमिक्रॉन’ के लिए फिर से हाईअलर्ट, CM ने जारी किया विशेष सन्देश…

नवीन समाचार, देहरादून, 27 नवंबर 2021। दक्षिण अफ्रीका में मिले कोरोना के नये खतरनाक वैरिएंट बी.1.1.529 को लेकर उत्तराखंड में भी खतरा बताया जा रहा है। डब्लूएचओ द्वारा ओमिक्रॉन नाम दिये गए व बेहद तेजी से फैलने वाले तथा खतरनाक बताए गए वैरिएंट के प्रति उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को विशेष संदेश जारी किया है। उन्होंने अपने अपने संदेश में प्रदेश वासियों से कहा है कि कोरोना के नए वैरिएंट के दृष्टिगत ‘कोविड एप्रोप्रियेट बिहेवियर’ का पूरा पालन करें। जिन लोगों को अभी दूसरा टीका नहीं लगा है, वह समय होते ही टीकाकरण करा लें। मास्क का उपयोग जरूर करें एवं एक दूसरे से उचित दूरी बनाए रखें।

उन्होंने इस हेतु प्रदेश के मुख्य सचिव, डीजीपी एवं सचिव स्वास्थ्य को ‘कोविड एप्रोप्रियेट बिहेवियर’ का पालन सुनिश्चित कराने एवं सभी आवश्यक व्यवस्थाएं कराने के निर्देश दिए है। मुख्यमंत्री ने सचिव स्वास्थ्य को निर्देश दिए कि यह सुनिश्चित किया जाय कि कोविड पर प्रभावी नियंत्रण के लिए अस्पतालों में सभी व्यवस्थाएं हो। (डॉ. नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड में जहां आया था कोरोना का सबसे पहला मामला, वहीं फिर कोरोना संक्रमित मिले 11 प्रशिक्षु अधिकारी

Coronavirus In India: All Three Infected Ifs Stay Together In Spain Hotel  Room - कोरोना: स्पेन में एक ही कमरे में रुके थे उत्तराखंड के तीनों संक्रमित  आईएफएस, एफआरआई 'लॉक डाउन' -नवीन समाचार, देहरादून, 25 नवंबर 2021। देहरादून में इंदिरा गांधी नेशनल फॉरेस्ट अकेडमी में मिड टर्म प्रशिक्षण के लिए बुलाए गए यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों के 11 प्रशिक्षु अधिकारी कोरोना संक्रमित मिले हैं। आईएफएस अधिकारियों के कोरोना संक्रमित मिलने के बाद उन्हें एकेडमी में ही क्वारंटीन कर दिया गया है।

अकेडमी के अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार विभिन्न राज्यों के 40 आईएफएस अधिकारियों को ‘मिड टर्म ट्रेनिंग’ के लिए यहां बुलाया गया था। इन अधिकारियों को पहले लखनऊ आईआईएम में प्रबंधन का प्रशिक्षण देने के बाद नई दिल्ली भेजा गया था। नई दिल्ली में सभी अधिकारियों का कोरोना टेस्ट कराया गया तो छह अधिकारी कोरोना संक्रमित पाए गए लेकिन रिपोर्ट आने से पहले ही सभी अधिकारी देहरादून पहुंच गए थे। अधिकारियों के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद एकेडमी में अधिकारियों की ओर से सुरक्षात्मक कदम उठा लिए गए हैं।

उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड में कोरोना का सबसे पहला मामला इंदिरा गांधी नेशनल फॉरेस्ट एकेडमी के ही प्रशिक्षु अधिकारियों में ही सामने आया था। उस वक्त प्रशिक्षु आईएफएस अधिकारियों का दल स्पेन समेत कई यूरोपीय देशों के भ्रमण पर गया था, और वहां से लौटने पर उनमें कोरोना की पुष्टि हुई थी। (डॉ. नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : कोरोना से लड़ने को सभी विधायक देंगे 15-15 लाख, KMVN-GMVN के गेस्ट हाउस व स्टेडियमों का होगा एकांतवास के लिए उपयोग

नवीन समाचार, देहरादून, 19 मार्च 2020। कोरोना से बचाव के लिए उत्तराखंड सरकार ने एक बड़ा प्रशंसनीय फैसला लिया है। इसके मुताबिक, सभी विधायक अपनी विधायक निधि से 15-15 लाख रुपये अपने जिले के सीएमओ को जारी करेंगे। ताकि कोरोना के संक्रमण से बचने के लिए इसे जरूरत के हिसाब से खर्च किया जा सके। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में इसके अलावा राज्य के ऋषिकेश और टिहरी क्षेत्र में आने वाले विदेशियों पर पैनी नजर रखने तथा सभी विदेशियों को निगरानी में रखने का निर्णय लिया गया है।
कैबिनेट के फैसलों की जानकारी पत्रकारों को देते हुए शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक ने बताया कि अगर कोरोना संदिग्धों को अलग रखने के लिए जरूरत पड़ी तो कुमाऊं विकास निगम लिमिटेड व गढ़वाल विकास निगम लिमिटेड के गेस्ट हाउस और स्टेडियम को अधिकृत किया जाएगा।

यह भी पढ़ें : नैनीताल के होटल, केव गार्डन, फड़ लगने,  तिब्बती मार्केट और हैड़ाखान, कैंची धाम  मंदिर व आश्रम भी बंद 

-शुक्रवार से सैलानियों को नहीं लेंगे और शनिवार से 31 मार्च तक पूरी तरह बंद रहेंगे नैनीताल होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के सदस्य होटल, बुकिंग बंद की
नवीन समाचार, नैनीताल, 19 मार्च 2020। देश-दुनिया में फैले कोरोना के जानलेवा संक्रमण का आगे प्रसार न हो इस दृष्टिकोण से पर्यटन नगरी नैनीताल के होटल-रेस्टोरेंटों ने 31 मार्च तक बंद रहने का फैसला ले लिया है। नैनीताल होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन की कार्यकारिणी द्वारा बृहस्पतिवार को लिये गए निर्णय के अनुसार आज से ही होटलों ने पर्यटकों की बुकिंग लेनी बंद कर दी हैं, वहीं होटलों में रह रहे सैलानियों को एक दिन का समय दिया गया। शुक्रवार यानी 20 मार्च से होटल नए आने वाले सैलानियों को नहीं लंेगे और शनिवार यानी 21 मार्च से होटल 31 मार्च तक के लिए बंद कर दिए जाएंगे। आगे 31 मार्च को स्थितियों को देखकर आगे का निर्णय लिया जाएगा। एसोसिएशन ने अपने सदस्यों को जारी आदेश में कहा है कि समय की जरूरत को देखते हुए और अपनी एकता को दिखाते हुए सभी सदस्यों को इस आदेश को मानना जरूरी होगा। इधर उत्तराखंड शासन ने नैनीताल क्लब सहित पूरे प्रदेश के अतिथि गृहों में भी माननीयों के अतिरिक्त अन्य सभी बुकिंग पर रोक लगा दी है। वहीं मुख्यालय में नगर पालिका ने मल्लीताल फ्लैट्स मैदान के पास फड़ लगाने पर भी अगले आदेशों तक प्रतिबंध लगा दिया है। इस आदेश पर बृहस्पतिवार को भी फड़ नहीं लगे। वहीँ नैनीताल की प्रसिद्ध बाजार तिब्बती मार्केट और हेड़ाखान बाबा मंदिर व आश्रम भी बंद कर दिए गये हैं। 

नैनीताल होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश साह के हवाले से कार्यकारिणी सदस्य दिग्विजय बिष्ट ने बताया कि इस अवधि में होटल के कर्मचारियों को होटल निःशुल्क भोजन आदि कराएंगे। वहीं जो कर्मचारी इस अवधि में अपने घर चले जाएंगे उन्हें लौटते हुए मेडिकल सर्टिफिकेट लाना होगा। उल्लेखनीय है नगर में ऐसोसिएशन से संबद्ध 114 होटल एवं रेस्टोरेंट हैं। उल्लेखनीय है कि इस आदेश के बाद भी नगर के सभी होटलों का बंद होना साफ नहीं है। क्योंकि नगर में इस संख्या से कहीं अधिक एसोसिएशन से असम्बद्ध होटलों, गेस्ट हाउसों आदि की भी है, एवं उनके द्वारा अब तक बंदी से संबंधित कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
उधर, कुमाऊं मंडल विकास निगम के प्रबंध निदेशक रोहित मीणा ने बताया कि निगम द्वारा संचालित केव गार्डन को भी 31 मार्च तक बंद किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि संभवतया राज्य मंत्रिमंडल ने बेहद विषम परिस्थितियों में केएमवीएन व जीएमवीएन के पर्यटक आवास गृहों को ‘होम कोरोन्टाइन’ के रूप में उपयोग किया जा सकता है।

यह भी पढ़ें : कोरोना पर सरकार के बड़े एलान : घर से काम करेंगे यह सरकारी-निगमों के कर्मचारी…

नवीन समाचार, देहरादून, 18 मार्च 2020। राज्य सरकार ने कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए एक और बड़े कदम का एलान कर दिया है। राज्य का सचिवालय एक सप्ताह के लिए बंद कर दिया है, वहीं राज्य के अन्य सरकारी, अर्द्ध सरकारी विभागों व निगमों के कर्मचारियों को 25 मार्च तक घरों से ही काम करने के आदेश कर दिए हैं। अलबत्ता प्रदेश में स्वास्थ्य, पुलिस, परिवहन, खाद्य आपूर्ति, विद्युत, पेयजल और सफाई व्यवस्था आदि आवश्यक सेवाओं के कर्मचारी इस अवधि में कार्यालय आएंगे। 

बुधवार को मुख्य सचिव उत्पल कुमार और अपर मुख्य सचिव (सचिवालय प्रशासन) राधा रतूड़ी की तरफ से इस बाबत दो अलग-अलग आदेश जारी किए गए हैं। मुख्य सचिव ने आदेश में सभी एसीएस, प्रमुख सचिव, सचिव, विभागाध्यक्षों को गुरुवार से 25 मार्च तक सभी कर्मचारियों को घरों से काम करने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान सिर्फ जरूरी कर्मचारी कार्यालय बुलाए जाएंगे। जिलाधिकारी कोविड-19 की रोकथाम तथा अन्य किसी सरकारी आवश्यकता के मद्देनजर इस बीच किसी भी अधिकारी और कर्मचारी की सेवाएं प्राप्त करने के लिए अधिकृत होंगे। वहीं, अपर मुख्य सचिव (सचिवालय प्रशासन) राधा रतूड़ी ने आदेश में वायरस संक्रमण के नियंत्रण के लिए प्रभावी रोकथाम को जरूरी बताते हुए सचिवालय गुरुवार से 24 मार्च तक सचिवालय बंद रखने के आदेश किए हैं। कहा कि सभी कर्मचारी अपने घरों से कार्य करेंगे और दूरभाष पर उपलब्ध रहेंगे। इस बीच यदि आवश्यक कार्य हुआ तो अधिकारी-कर्मचारियों को सचिवालय भी आना पड़ सकता है।

यह भी पढ़ें : कोरोना से डरने नहीं लड़ने को नैनीताल हो रहा तैयार, कोरोना पर आज की तमाम खबरें… चिड़ियाघर 31 तक रहेगा बंद

नवीन समाचार, नैनीताल, 17 मार्च 2020। देश-दुनिया में कोरोना के विषाणु कोविद-19 की ‘महामारी’ फैलने की चिंताओं के बीच पर्यटन नगरी नैनीताल कोरोना से डरने नहीं लड़ने को तैयार हो रही है। शहर में खासकर विभिन्न संस्थान अपनी ओर से कोरोना से लड़ने के लिए तैयारी करते नजर आ रहे हैं। इसी कड़ी में मुख्यालय स्थित गोविंद बल्लभ पंत यानी नैनीताल चिड़ियाघर को 18 से 31 मार्च तक बंद करने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा भी यहां मंगलवार को पशु-पक्षियों के बाड़ों के बाहर की रेलिंग जैसे सैलानियों के छूने वाले स्थानों पर पोटैशियम का छिड़काव किया गया। साथ ही पशु-पक्षियों में स्वाइन फ्लू जैसे किसी अन्य संक्रमण से बचने के लिए उनके नियमित भोजन से अंडों को हटा लिया गया है।
वहीं इधर नगर के नैनीताल होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने कोरोना से मिलकर लड़ने का फैसला लिया है। इस कोशिश में सभी होटलों में कर्मचारियों तथा बाहर से आने वाले सैलानियों के लिए दिशा-निर्देश पत्रक के रूप में प्रकाशित किये जा रहे हैं। साथ ही होटलों में रिसेप्सन पर सेनिटाइजर रखवा दिये गए हैं, और आने वाले सैलानियों के होटल में प्रवेश करने पर हाथ सेनिटाइजर से विसंक्रमित कराए जा रहे हैं। नैनीताल दुग्ध डेयरी में बाहर हाथ धोने के लिए पानी, साबुन व सेनिटाइजर रखवा दिया गया है। इसी तरह हर प्रतिष्ठान में यथासंभव कोरोना से लड़ने के प्रबंध किये जा रहे हैं।

जनपद के सभी न्यायालयों में भी आवश्यक मामलों की ही होगी सुनवाई

नैनीताल। उत्तराखंड उच्च न्यायालय के बाद जनपद के जिला न्यायालय सहित सभी न्यायालय में आगामी 31 मार्च तक केवल आवश्यक मामलों की ही सुनवाई की जाएगी तथा न्यायालय में लंबित वादों पर न्यायालय द्वारा आवश्यक समझे जाने के अतिरिक्त वादकारियों की उपस्थिति आवश्यक नहीं होगी। इस दौरान कोई भी वाद वादकारी या अधिवक्ता की अनुपस्थिति में खारिज नहीं किया जाएगा। साथ ही विचाराधीन कैदियों की उपस्थित वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से दर्ज कराई जाएगी। उन्हें जरूरी होने पर ही न्यायालय में बुलाया जाएगा। साथ ही वादकारियों का न्यायालय परिसर में प्रवेश निषिद्ध रहेगा। इस बाबत मंगलवार को जिला एवं सत्र न्याायाधीश आरके खुल्बे ने आदेश जारी कर दिये हैं। उन्होंने अधिवक्ताओं से कहा है कि वादकारियों को अनावश्यक रूप से न्यायालय में न बुलाएं और न्यायालय परिसर स्थित कैंटीन व सभागार में भीड़भाड़ से बचें।

कोरोना से बचाव को स्काउट-गाइड जागरूकता अभियान का हिस्सा बनेगी स्मृति की डॉक्यूमेंट्री

नैनीताल। नगर के सेंट मेरीज कॉन्वेंट कॉलेज की 10वीं कक्षा की छात्रा एवं रेनबो साइंस एंड ईको क्लब की सचिव स्मृति पांडे की डॉक्यूमेंट्री फिल्म-प्रिवेंशन इज बेटर दैन क्योर कोरोना से बचाव को स्काउट-गाइड जागरूकता अभियान का हिस्सा बनेगी। जनपद के सचिव आरएस जीना ने बताया कि स्मृति की फिल्म को उत्तराखंड भारत स्काउट-गाइट के राज्य सचिव आरएम काला ने राज्य मुख्यालय के यूट्यूब चैनल तथा वेबसाइट पर लांच किया गया है। यह फिल्म अब वर्ल्ड एसोसिएशन ऑफ गर्ल गाइड एवं गर्ल स्काउट यानी वैग्स के तहत भारत स्काउट गाइड द्वारा विश्व स्तर पर किये जा रहे जागरूकता के प्रयासों के तहत राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करते हुए दिखाई जाएगी। इस फिल्म के निर्माण में ज्योति भट्ट, संस्कृति पांडे, शिवानी बिष्ट व संस्कार बिष्ट आदि ने भी योगदान दिया है। उल्लेखनीय है कि स्मृति की कई डॉक्यूमेंट्री फिल्में पहले भी कई राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर सम्मानित हो चुकी हैं।

उत्तराखंड बार काउंसिल कार्यालय 31 मार्च तक बंद

नैनीताल। बार काउंसिल ऑफ इंडिया के निर्देशों पर कोरोना विषाणु के संक्रमण को देखते हुए मंगलवार को उत्तराखंड उच्च न्यायालय परिसर स्थित उत्तराखंड बार काउंसिल के कार्यालय को 31 मार्च तक के लिए बंद कर दिया गया है।

21 से प्रस्तावित राष्ट्रीय संगोष्ठी कोरोना की वजह से स्थगित

नैनीताल। कोरोना के दृष्टिगत आगामी 21 से 23 मार्च तक मुख्यालय में ‘प्राचीन ज्ञान एवं समकालीन ब्रह्मांड: स्वामी विवेकानंद, महात्मा गांधी एवं पंडित दीन दयाल उपाध्याय के विशेष संदर्भ में’ विषय पर प्रस्तावित राष्ट्रीय संगोष्ठी अगली सूचना तक के लिए स्थगित कर दी गई है। आयोजक समिति के सह संयोजक हरीश राणा ने बताया कि कुमाऊं विवि के इतिहास विभाग के द्वारा आयोजित इस राष्ट्रीय संगोष्ठी मंे भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री शिव प्रकाश, पांचजन्य के प्रधान संपादक हितेश शंकर, विज्ञान भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री जयंत सहस्रबुद्धे को भी आना था।

कोरोना के दृष्टिगत पर्यटकों की अनिवार्य स्क्रीनिंग हो

नैनीताल। नगर के अधिवक्ता एवं ग्वाल सेवा समिति के संस्थापक पंकज कुलौरा ने डीएम को ज्ञापन भेजकर पर्यटन नगरी में आने वाले हर सैलानी की अनिवार्य स्क्रीनिंग किये जाने की मांग की है। साथ ही नगर के होटलों व पर्यटक आवास गृहों को 31 मार्च तक बंद किये जाने की आवश्यकता जताई है। उन्होंने नगर के होटल व्यवसायियों पर कोरोना संक्रमण से बचाव में सहयोग न करने का आरोप भी लगाया है। कहा है कि पर्यटन नगरी होने के कारण यहां कोरोना के फैलने का अधिक खतरा है। उन्होंने जनपद के हैड़ाखान धाम में विदेशी तथा खासकर इटली के अधिक श्रद्धालुओं के आने की ओर भी ध्यान आकृष्ट किया है।

इग्नू की काउंसिलिंग स्थगित

नैनीताल। इग्नू यानी इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विवि के डीएसबी परिसर नैनीताल के समन्वयक प्रो. ललित तिवारी ने क्षेत्रीय कार्यालय से मिले निर्देशों के आधार पर बताया कि 16 से 31 मार्च तक प्रस्तावित काउंसिलिंग स्थगित कर दी गई है। साथ ही सत्रीय कार्य जमा करने की तिथि भी 31 मार्च से बढ़ाकर 30 अप्रैल कर दी गयी है। अलबत्ता जून माह में आयोजित होने वाली परीक्षा के ऑनलाइन फार्म भरने की अंतिम तिथि 31 मार्च ही है।

यह भी पढ़ें : नैनीताल में एक होटल बंद, पर वजह जानकर आप तारीफ करेंगे..

नवीन समाचार, नैनीताल, 16 मार्च 2020। देश-दुनिया में कोरोना के विषाणु एम कोविद-19 की ‘महामारी’ फैलने की चिंताओं के बीच पर्यटन नगरी नैनीताल के एक होटल व्यवसायी अतुल साह ने सोमवार से अपने प्रशांत होटल को बंद कर दिया है। नगर के चिड़ियाघर रोड स्थित 30 कमरों के इस होटल को बंद करते हुए होटल स्वामी अतुल साह ने सकारात्मक बात कही है। उन्होंने कोरोना से डर कर होटल बंद करने से इंकार करते हुए कहा कि सरकार के कोरोना से लड़ने के प्रयासों में सहयोग करने के लिए उन्होंने होटल बंद किया है।
श्री साह ने ‘नवीन समाचार’ से बात करते हुए कहा कि सरकार अपनी ओर से कोरोना से जनता को बचाने के लिए काफी प्रयास कर रही है। इसी कोशिश में स्कूल, कॉलेजों आदि को बंद कर दिया गया है। इसी कड़ी में उन्होंने भी अपना होटल बंद किया है ताकि वे कोरोना के संक्रमण को फैलने से बचाने के लिए अपना योगदान दे सकें। उन्होंने कहा कि सरकार अकेले कुछ नहंी कर सकती है। सरकार के किसी भी अभियान में तभी सफलता मिल सकती है, जब उसमें जनता भी सहयोग करे। उन्होंने अन्य लोगों से भी अपनी तरह से कोरोना का संक्रमण बचाने में योगदान देने की अपील की है। उधर नगर के एक अन्य होटल, भुवन लाल साह द्वारा अपने स्वामित्व वाले पर्यटक होटल के करीब 5-6 कमरों वाले निचले हिस्से को भी बंद करने की सूचना है, अलबत्ता इस बाबत श्री साह से संपर्क नहीं हो पाया। वहीं नैनीताल होटल एंड रेस्टोरेंट ऐसोएिशन के अध्यक्ष दिनेश साह ने होटलों के बंद होने में ऐसोसिएशन की भूमिका से इंकार किया। अलबत्ता दावा किया कि कोरोना की वजह से नैनीताल के होटलों की 70 फीसद बुकिंग निरस्त हो गई है। साथ ही उन्होंने बताया कि कोरोना के संक्रमण पर विमर्श करने के लिए शाम को बैठक बुलाई है जिसमें इस बाबत कोई निर्णय हो सकता है।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड में एक प्रशिक्षु आईएफएस अधिकारी में कोरोना संक्रमण की पुष्टि

नवीन समाचार, नैनीताल, 15 मार्च 2020। उत्तराखंड में कोरोना वायरस को महामारी घोषित करने के 24 घंटे के अंदर ही कोरोना वायरस-कोविद-19 के पहले मामले की पुष्टि हो गई है। गत दिनों स्पेन से लौटे भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) के 25 में से एक, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी के 26 वर्षीय एक प्रशिक्षु आईएफएस अधिकारी में कोरोना वायरस के संक्रमण की पुष्टि हुई है। यह अधिकारी हाल ही में देहरादून से हल्द्वानी आए थे। स्वास्थ्य खराब होने पर मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में उनकी जांच हुई। रविवार को जांच में उनका सैंपल कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया है। इसके बाद उन्हें शाम को ही अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स),ऋषिकेश में भर्ती कराया गया है। मेडिकल कॉलेज के प्रबंधन के साथ ही प्रदेश के मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने भी इस मामले की पुष्टि कर दी है। यह उत्तराखंड में कोरोना वायरस संक्रमण का पहला मामला है। 
बताया गया है कि गत दिनों देश के भारतीय विदेश सेवा के 25 अधिकारी स्पेन गए थे। इन सबके नमूने लेकर जांच की गई थी। जांच में उत्तराखंड के एक आईएफएस अधिकारी के नमूने में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। बताया जा रहा है कि इस मामले के सामने आने से पहले तक भारत में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या 107 हो गई थी जो कि अब 108 हो गई है।

यह भी पढ़ें : शिक्षा विभाग ने जारी किए नये दिशा-निर्देश, 9वीं-11वीं की होंगी गृह परीक्षाएं, पर 10वीं-12वीं पर स्थिति साफ नहीं..

नवीन समाचार, नैनीताल, 14 मार्च 2020। उत्तराखंड शासन ने शनिवार को निजी शिक्षण संस्थाओं के लिए नये दिशा-निर्देश जारी कर दिये हैं। सचिव आर मीनाक्षी संुदरम के हस्ताक्षरों से माध्यमिक व प्राथमिक शिक्षा निदेशक को भेजे पत्र में 13 मार्च के आदेश के संदर्भ में नई व्यवस्था देते हुए कक्षा नौ व 11 की गृह परीक्षाएं कराने की अनुमति दे दी गई है। किंतु कक्षा आठ तक की कक्षाएं पूर्ण रूप से बंद रहेंगी। कक्षा आठ तक के छात्र-छात्राओं को पूर्व के मूल्यांकन के आधार पर प्रोन्नत-उत्तीर्ण कर दिया जाएगा। आदेश में साफ किया गया है कि कुछ निजी विद्यालयों के द्वारा अध्यापकों को उपस्थित होने को कहा जा रहा है। जो उचित नहीं है। केवल परीक्षा ड्यूटी वाले अध्यापक ही स्कूल में उपस्थित रहेंगे। अन्य अध्यापक स्कूल में उपस्थित नहीं होंगे।
जो स्कूल पूर्ण रूप से बोर्डिंग स्कूल हैं, वे पूर्व की भांति संचालित किए जा सकते हैं। परंतु छात्रों को संपूर्ण रूप से फनंतंदजपदम में रखेंगे। बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर यथासंभव प्रतिबंध रखना होगा। यदि उनके कर्मचारी बाहर से आते हैं तो उनको सैनिटाइजर से हाथ धोने के उपरांत ही अंदर प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। बोर्डिंग स्कूल के द्वारा अपने छात्र-छात्राओं को विदेश भ्रमण नहीं कराया जाएगा। अलबत्ता, बोर्डिंग के साथ-साथ डे स्कॉलर भी पढ़ते हैं, वे अन्य स्कूलों की तरह बंद रहेंगे। उल्लेखनीय है कि नैनीताल में जो छात्र-छात्राएं 11वीं कक्षा उत्तीर्ण कर अभी 10वीं तथा 12वीं में गए हैं, उनके बारे में स्थिति साफ नहीं की गई है। सवाल उठता है कि जब नौवीं व 11वीं कक्षाओं के छात्र-छात्राएं गृह परीक्षाएं दे पाएंगे तो 10वीं व 12वीं कक्षा के छात्र-छात्राओं को, जिन्हें आगे इसी वर्ष बोर्ड की परीक्षाएं भी देनी होंगी, उनके बारे में शासन कोई नई व्यवस्था क्यों नहीं दे पाया।

बिग ब्रेकिंग कोरोना : यह भी पढ़ें : राज्य सरकार का ‘बातें कम-काम ज्यादा’ कार्यक्रम, सरकारी-निजी स्कूलों में गृह परीक्षायें भी स्थगित..

नवीन समाचार, नैनीताल, 13 मार्च 2020। कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते उत्तराखंड सरकार ने आगामी 18 मार्च को सरकार के तीन वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर पूरे प्रदेश में सभी 70 विधानसभाओं में आयोजित हेाने वाले प्रस्तावित कार्यक्रम ‘बातें कम-काम ज्यादा’ को स्थगित कर दिया है। नैनीताल विधायक संजीव आर्य ने बताया कि प्रदेश के मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने शुक्रवार शाम इस आशय के आदेश जारी कर दिये हैं। इस मौके पर सरकार की सभी विधानसभाओं में अपनी तीन वर्ष की सफलताओं को जनता के बीच बढ़चढ़कर प्रचार करने की योजना थी।

गृह परीक्षा को लेकर उपजा संशय आखिरकार दूर हो गया है। सरकारी व निजी स्कूलों में गृह परीक्षायें भी स्थगित कर दी गई हैं। सरकारी स्कूलों में 16 मार्च से प्रस्तावित गृह परीक्षा कार्यक्रम निरस्त कर दिया गया है जबकि प्राइवेट स्कूलों में भी 31 मार्च तक कोई भी गृह परीक्षा नहीं होगी। शिक्षा विभाग के अफसरों के अनुसार अब गृह परीक्षाएं अप्रैल पहले सप्ताह में कराई जाएंगी। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार शुक्रवार दोपहर को शिक्षा निदेशक की ओर से नया आदेश जारी कर सभी संशय दूर कर दिया गया है।

इधर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा है कि जरूरत पड़ी तो राज्य की अंतरराष्ट्रीय सीमा सील की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है। सरहद पर सभी लोगों की जांच की जा रही है। मुख्यमंत्री ने लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की और कहा कि सरकार इसे लेकर पूरी तरह सतर्क है।

नवीन समाचार
‘नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से ‘मन कही’ के रूप में जनवरी 2010 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
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2 Replies to “नैनीताल, हल्द्वानी, रामनगर पहुंचा ओमिक्रॉन, पुष्टि

  1. ” राज्य में पुरुषों को कोरोना से अधिक खतरा” , क्या यह राज्य सरकार द्वारा आधिकारिक रूप से कहा गया है???

    1. महिलाओं की अपेक्षा संख्या में पुरुषों के कोरोना से संक्रमित होने के आंकड़ों में यह बात दिखती है …

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