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हो गई उत्तराखंड बोर्ड का परिणाम निकलने की घोषणा..

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नवीन समाचार, रामनगर (नैनीताल), 19मई 2019। उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद द्वारा संचालित प्रदेश की बोर्ड परीक्षाओं का परीक्षा परिणाम निकलने की घोषणा हो गई है। परिणाम 30 मई को परिषद मुख्यालय के सभागार में घोषित किया जायेगा। हाई स्कूल व इंटरमीडिएट दोनों कक्षाओं का परिणाम बोर्ड के सभापति सुबह साढ़े दस बजे घोषित करेंगे। यह जानकारी सोमवार को परिषद की सचिव डा. नीता तिवारी ने दी।

नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके 30 मई के बाद अपना रिजल्ट प्राप्त कर सकते हैं :

Xth Class Examination Result 2018
XIth/XIIth Class Examination Result 2018 

उत्तराखंड बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं एक मार्च से शुरू होकर 26 मार्च तक चली थी। इस बार कक्षा 10 की परीक्षा के लिए 149927 और कक्षा 12 की परीक्षा के लिए 124867 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। रिजल्ट बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट uaresults.nic.in पर भी प्राप्त किए जा सकेंगे।

पिछले वर्ष 10वीं में 74.57 प्रतिशत और 12वीं में 78.9 प्रतिशत स्टूडेंट्स पास हुए थे। 12वीं में लड़कियों ने बाजी मारी थी। लड़कियों का पास प्रतिशत 82.83 फीसदी रहा था जबकि लड़कों का पास प्रतिशत 75.3 प्रतिशत रहा था। 10वीं में पास होने वाले छात्रों का प्रतिशत 68.96 और छात्राओं का प्रतिशत 80 रहा था। 12वीं में 98.40 प्रतिशत अंकों के साथ दिव्यांशी राज ने और 10वीं में 98.40 प्रतिशत अंकों के साथ काजल प्रजापति ने टॉप किया था।

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देशभक्ति व सेना के शौर्य पर केंद्रित रहा सेंट जोसफ का वार्षिकोत्सव
नवीन समाचार, नैनीताल, 17 मई 2019। शिक्षा नगरी के सुप्रसिद्ध सैम यानी सेंट जोसफ कालेज का शुक्रवार को मनाया गया 131वां वार्षिकोत्सव देश भक्ति एवं सैनिकों के शौर्य एवं बलिदान पर केंद्रित रहा। नौवीं से 12वीं कक्षा के सैकड़ों बच्चों ने एक साथ मिलकर मैदान में भारतीय सेना को समर्पित, सैनिकों पर आतंकी हमले और बाद में सैनिकों के द्वारा आतंकियों का खात्मा करने का हर देशभक्त की आंखों को नम कर देने वाला बेहद भावुक प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रस्तुति में शामिल बच्चों के साथ ही लाउड स्पीकर पर उभरी ‘हाउ इज द जोश’ की ध्वनि पर आम दर्शक व अभिभावक भी ‘हाई सर…’ का जयकारा लगा रहे थे। वहीं तिरंगे झंडों के साथ छात्रों के पूरे मैदान का चक्कर लगाने के दौरान भी उपस्थित लोगों का जोश देखने लायक था। और आखिरी दृश्य में जब तिरंगे राष्ट्रध्वज को सैनिक बने बच्चे सिर झुकाकर नमन कर रहे थे, वहीं मुख्य अतिथि कुमाऊं रेजीमेंटल सेंटर रानीखेत के ब्रिगेडियर जीएस राठौर सहित नगर के सभी स्कूलों के प्रधानाचार्य, अन्य गणमान्य अतिथि एवं अभिभावक गर्व से खड़े होकर सलामी दे रहे थे।
इससे पूर्व भी विद्यार्थियों ने स्व-सुरक्षा की ताइक्वांडो विधा एवं जिमनास्टिक का बेहतरीन व आपसी सामंजस्यपूर्ण प्रदर्शन कर दर्शकों व अभिभावकों को देर तक तालियां बजाने को मजबूर किया। पांचवी से आठवीं के बच्चों में बाल श्रम पर आधारित नृत्य प्रस्तुत किया। मुख्य अतिथि ने प्रस्तुतियों एवं प्रधानाचार्य ब्रदर हैक्टर पिंटो व उनकी टीम के प्रयासों की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। इस दौरान समग्र प्रदर्शन के आधार पर गांधी हाउस को चैंपियनशिप तथा अन्य प्रतियोगिताओं के विजेताओं को भी पुरस्कृत किया गया। इस अवसर सैंट मेरी कालेज की प्रधानाचार्य सिस्टर सीमा, प्रबंधक सिस्टर दीपा, शेरवुड कालेज के प्रधानाचार्य अमनदीप संधू, अम्तुल्स पब्लिक स्कूल की अनीता खान, एलपीएस के भुवन त्रिपाठी, सनवाल स्कूल के ए एमेन्युअल, पूर्व प्रधानाचार्य पीटर एमेन्युअल, होली एंजिल्स की सारिका भट्ट, मोहन लाल साह स्कूल की अनुपमा साह, ओकवुड की प्रधानाचार्य लता साह, धर्मेंद्र शर्मा, मिस जेम्स, सारिक ख्वाजा, अनीता तोमर, मनीष गंगोला, वी डिसूजा, लूजा गौतम, ब्रदर साइमन ब्रांडिस, सिस्टर मैकी समेत विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राएं एवं अभिभावक मौजूद रहे।

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-महिला समानता व सशक्तीकरण पर केंद्रित रहा विद्यालय का वार्षिकोत्सव

सेंट मेरीज कॉन्वेंट के वार्षिकोत्सव में कार्यक्रम प्रस्तुत करते बच्चे।

नवीन समाचार, नैनीताल, 16 मई 2019। 19वीं सदी में स्थापित नगर के पुराने व प्रतिष्ठित विद्यालयों में शामिल रैमनी कॉन्वेंट यानी सेंट मेरीज कान्वेंट का 59वां वार्षिक पीटी-डिस्प्ले वार्षिकोत्सव ‘महिला समानता व सशक्तीकरण’ का संदेश देता हुआ बृहस्पतिवार को भव्य कार्यक्रमों के साथ मनाया गया। इस अवसर पर एवं पूर्व में आयोजित हुई प्रतियोगिताओं के आधार पर विवि का प्रतिष्ठित मैरी वार्ड कम ब्लू हाउस को प्रदान किया गया। वहीं रेड हाउस उपविजेता रहा। इसके अलावा मार्च पास्ट शील्ड रेड हाउस को, पिरामिड शील्ड ग्रीन हाउस को मिली। जबकि ऑल राउंड परफॉमेंस के लिए तान्या गक्कर, सर्वश्रेष्ठ प्रतिभावान खिलाड़ी के रूप में वैष्णवी वर्मा को पुरस्कृत किया गया। वहीं ए वर्ग के काव्या तिवारी, बी के लिए तान्या गक्कर, सी के लिए मॉली मेघना नेगी, डी के लिए गीतिका उप्रेती व ई के लिए वैष्णवी वर्मा विक्टर घोषित हुईं।
इस अवसर विद्यालय की टाइनी टैट्स यानी प्रेप से दूसरी कक्षा की बच्चियों ने ‘लव यू जिंदगी’ से देश के बेहतर भविष्य के लिए महिलाओं के साथ विभेद को रोकने का संदेश दिया। मुख्य अतिथि के रूप में पहुंची प्रोवंेशियल सुपीरियर सीनियर एल्सी सीजे, विशिष्ट अतिथि विद्यालय की ही 1965 बैच की छात्रा रही पद्मश्री सुमन सहाय के साथ ही शहर के विद्यालयों के बीसी त्रिपाठी, अनिल कुमार शर्मा आदि प्रधानाचार्यों ने विजेता खिलाड़ियों के साथ ही विद्यालय की आईसीएसई टॉपर कशिश जायसवाल-96.8 फीसद, अरुंधति साह-95.6 तथा आईएससी टॉपर-हुदा नदीम-94.75 तथा निधि गोस्वामी-92.25 फीसद को भी सम्मानित किया। आयोजन में विद्यालय की प्रधानाचार्या सिस्टर सीमा, प्रबंधक, हेड गर्ल तान्या गक्कर, वाइस हेड गर्ल संस्कृति जोशी, गेम्स कैप्टेन अरलीन सेठी, वाइस कैप्टन तेंजिन चोत्सो सहित हाउस कैप्टन अक्षिता अग्रवाल, ऋतुंजया, अनंदिता, मल्लिका, सेरेना, प्रसिद्धि, स्कंदिता, श्रिंजल, हर्षिता व इशिका के साथ ही समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भी योगदान दिया।

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सेंट जोसफ कॉलेज के टॉपर शिवाय को मिठाई खिलाते माता-पिता एवं नकुल बिष्ट।

नवीन समाचार, नैनीताल, 8 मई 2019। नगर के सेंट जोसफ कॉलेज में आईएससी में शिवाय नागपाल ने 500 में से 472 यानी 94.4 फीसद अंकों के साथ पहला, अनिरुद्ध सिंह ने 470 अंकों के साथ 94 व राहुल चबडाल ने 89.8 फीसद अंकों के साथ विद्यालय में तृतीय स्थान प्राप्त किया है। बचपन से ही मेधावी रहे नगर के बड़ा बाजार निवासी शिवाय नागपाल ने कठिन माने वाले पीसीएम ग्रुप में यह सफलता हाँसिल की है। उन्होंने बताया कि वह शुरू से ही पाँच से छः घंटे का स्वयं अध्ययन करते रहे। बालपन से ही अंतरिक्ष विज्ञान की ओर उनका विशेष लगाव रखने वाले शिवाय का सपना वैज्ञानिक बन कर देश के लिए कुछ करने का है। आगे वे भौतिक शास्त्र से ऑनर्स करना चाहते है। उनके पिता वरिष्ठ स्वतंत्र पत्रकार संजय नागपाल और मां सीमा नागपाल व्यवसायी हैं। अपनी इस सफलता का श्रेय शिवाय ने माता-पिता, शिक्षण संस्थान, गुरुजनों व मित्रों को दिया है।

नकुल ने संयुक्त परिवार को दिया सफलता का श्रेय

नैनीताल। सेंट जोसफ कॉलेज के छात्र नकुल बिष्ट ने आईसीएसई की 10वीं की परीक्षा में 92.2 फीसद अंकों के साथ उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। नकुल नगर के अम्तुल्स पब्लिक स्कूल के उप प्रधानाचार्य डा. मनोज बिष्ट के पुत्र हैं। उनकी मां भी ऑल सेंट्स कॉलेज में अध्यापिका हैं। नकुल ने अपनी इस सफलता का श्रेय लगातार अध्ययन, अध्यापकों के मार्गदर्शन तथा अपने संयुक्त परिवार को दिया है, जिसके सदस्यों का मार्गदर्शन लगातार उन्हें मिलता रहता है।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 7 मई 2019। मंगलवार को आये सीआईएससीई यानी काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट के मंगलवार को घोषित हुए 10वीं व 12वीं कक्षा के परिणामों में शिक्षा नगरी के विद्यालयों का उत्कृष्ट प्रदर्शन रहा है। अपनी स्थापना के 150 वर्ष का जश्न मनाने जा रहे शेरवुड कॉलेज ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। वहीं मुख्यालय स्थित सेंट जोसफ कॉलेज में आईएससी में शिवय नागपाल ने 500 में से 472 यानी 94.4 फीसद अंकों के साथ पहला, अनिरुद्ध सिंह ने 470 अंकों के साथ 94 व राहुल चबडाल ने 89.8 फीसद अंकों के साथ विद्यालय में तृतीय स्थान प्राप्त किया है। सेंट जोसफ कॉलेज के नगर के सेंट जोसफ कॉलेज के प्रधानाचार्य मनोज पांडे के जुड़वा पुत्र, वैभव पांडे ने 10वीं में 92.2 एवं विनय पांडे ने 87 फीसद अंक प्राप्त किये हैं। उधर केंद्रीय विद्यालय भीमताल में छात्रा संध्या गोस्वामी ने 458 यानी 91.6 फीसद अंकों के साथ विद्यालय में प्रथम, योगेश भंडारी ने 91.4 फीसद अंकों के साथ द्वितीय तथा करण तिवारी ने 90.4 फीसद अंकों के साथ तृतीय स्थान प्राप्त किया है।

वहीं ऑल सेंट्स कॉलेज में छात्रा ध्रुवी जैन ने 10वीं की परीक्षा में 96 फीसद अंक प्राप्त कर कॉलेज टौप किया है। ध्रुवी के पिता जेके जैन उत्तराखंड उच्च न्यायालय में कार्यरत हैं। जबकि मुद्रिका अग्रवाल ने 95 प्रतिशत अंक के साथ दूसरा व श्रेया उपाध्याय ने 94.8 अंक के साथ तीसरा स्थान प्राप्त किया। वहीं 12वीं में ऑल सेंट्स की अदिभा तस्लीम रिजवी ने 97.5 अंक हासिल कर नैनीताल टॉप किया। जबकि उत्तरा जंतवाल ने 97.27 अंक के साथ दूसरा व जन्नत ढिल्लन ने 95.5 प्रतिशत के साथ तीसरा स्थान प्राप्त किया है। सेंट् मेरी कॉलेज की हुदा नदीम ने 94.97 प्रतिशत अंक के साथ विद्यालय टॉप किया। उल्लेखनीय है विनय राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा भी उत्तीर्ण कर चुके हैं, और ऐसा करने वाले नैनीताल जनपद के इकलौते छात्र बताये गये हैं।

सीआईएससीई बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले नैनीताल के नौनिहाल।

शेरवुड कॉलेज: 12वीं में आनंदिनी व 10वीं में विस्मय ने किया टॉप

नैनीताल। मंगलवार को आये सीआईएससीई यानी काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट के परिणामों में शेरवुड कॉलेज का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा है। विद्यालय के 10वीं के परिणामों में विस्मय गुप्ता ने गणित, अंग्रेजी, कैमिस्ट्री व फिजिक्स में 100 फीसद व भूगोल तथा इतिहास में 99 फीसद अंकों के साथ कुल मिलाकर 97.2 फीसद अंक हासिल किये। वहीं पीयूष मंगलम व शोभित वर्मा ने सीटीए में 100 फीसद अंकों के साथ कुल मिलाकर 94.2 फीसद तथा वेद आर्यन ने 94 फीसद अंक प्राप्त किये। वहीं पूरी कक्षा के औसत अंक 80 फीसद रहे। जबकि 12वीं में आनंदिनी बधवार ने 94.25, सदी के महानायक अमिताभ बच्चन से अपनी कविताओं व वाक् शैली व दमदार आवाज के लिए कई बार सराहना प्राप्त कर चुके अपूर्व गौरव बिक्रम शाह ने 91 फीसद एवं हरविंदर सिंह ढिल्लों ने 90.5 फीसद अंक हासिल किये हैं, एवं पूरी कक्षा के अंकों का औसत 81 फीसद रहा है।

वहीं चोरगलिया स्थित जीडीजेएम सीनियर सेकेंडरी स्कूल का 10वीं कक्षा का परिणाम भी शत-प्रतिशत रहा है। इस विद्यालय की छात्रा आकांक्षा फर्त्याल ने 94 फीसद अंक प्राप्त कर विद्यालय में पहला जबकि फूलपतिया ने 93, हिमानी चौसाली ने 90, इशिका बोरा ने 87 व शैली पलड़िया ने 85 अंक प्राप्त कर शीर्ष पांच में स्थान बनाया है।

उल्लेखनीय है कि सीआईएससीई ने दसवीं और बारहवीं कक्षा के परिणाम मंगलवार दोपहर घोषित किए। नतीजो को ऑफिशल वेबसाइट cisce.org एवं results.cisce.org पर भी देख सकते हैं। आपको बता दें कि ICSE की परीक्षा 22 फरवरी से 25 मार्च 2019 तक आयोजित की गई थी। वहीं बारहवीं या ISC परीक्षा का आयोजन 4 फरवरी से 25 मार्च 2019 तक किया गया था।
अगर छात्र आप अपने पेपर में आए अंकों से संतुष्ट नहीं हैं और पेपर को दोबारा चेक करवाना चाहता हैं तो आप ऑफिशल वेबसाइट cisce.org के जरिए ऐसा कर सकता है। पेपर को दोबारा चेक करने की सुविधा रिजल्ट घोषित होने के बाद 7 दिनो तक उपलब्ध रहेगी। अगर विद्यालयों को रिजल्ट से जुड़ी कोई परेशानी है तो वो cisehelpdesk@orioninc.com पर मेल भेज सकते हैं या 022-67226106 पर कॉल कर सकते हैं।

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सीबीएसई की 10वीं की बोर्ड परीक्षा में नैनीताल नगर में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राएं।

नवीन समाचार, नैनीताल, 6 मई 2019। नगर के अम्तुल्स पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने सीबीएसई की 10वीं की बोर्ड परीक्षा में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। विद्यालय के अक्षत कुमार सिंह जीना ने 500 में से 491 यानी 98.2 अंक प्राप्त कर नगर में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया है। वहीं विद्यालय के मोहित अधिकारी ने 93.6 व सानिया अंजुम ने 91.8 फीसद अंक प्राप्त किये हैं। विद्यालय के सभी 21 छात्रों का परीक्षाफल भी शत-प्रतिशत रहा है। उधर बिड़ला विद्या मंदिर में भी सर्वाधिक अंक प्रतिशत 97.2 रहा। यहां विद्यालय के शिक्षक एवं पत्रकार लीला सिंह बिष्ट के पुत्र हर्षवर्धन सिंह बिष्ट ने 97.2 फीसद अंकों के साथ विद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त किया। मुख्यालय स्थित कुमाऊं विवि के डीएसबी परिसर स्थित नैनो साइंस सेंटर के प्रभारी प्रो. नंद गोपाल साहू व कोली साहू के पुत्र निर्वीक साहू ने भी 10वीं की बोर्ड परीक्षा में 97.2 फीसद अंक प्राप्त किये हैं। वहीं सनवाल स्कूल में पारस जोशी ने गणित में 98 अंकों के साथ 94.3 फीसद, हिमांशु बगडवाल ने विद्यालय में सर्वाधिक 92.4, सावन बिष्ट ने 92.2 तथा जतिन धामी ने 90.6 फीसद अंक हासिल किये हैं। उधर नगर के अयारपाटा स्थित ‘द होली एंजिल्स’ स्कूल के सभी सात विद्यार्थी अच्छे अंकों से उत्तीर्ण हुए हैं। अक्षित पांडे ने 94.8 फीसद के साथ पहला, मयंक चिलवाल ने 88.4 के साथ दूसरा व प्रयास शर्मा ने 84.2 प्रतिशत के साथ तीसरा स्थान हासिल किया है। जबकि शिवांग पाठक ने 82.6, रचित सम्मल ने 79.2, दीक्षा सुंठा ने 77.6 व जैनब कुरैशी ने 74.4 प्रतिशत अंक प्राप्त किये हैं। वहीं राधा चिल्ड्रन एकेडमी स्कूल के सभी 13 छात्रों का परीक्षाफल भी शत-प्रतिशत रहा है। सर्वाधिक 75 फीसद अंक आये हैं।

सरस्वती विहार के 148 में 42 ने प्राप्त किये 90 फीसद से अधिक अंक

नैनीताल। पार्वती प्रेमा जगाती सरस्वती विहार माध्यमिक विद्यालय में पीयूष अग्रवाल ने 97.2, धीरज प्रताप सिंह व आदित्य वर्मा ने 97 तथा हिमांशु शर्मा ने 96.8 फीसद अंक प्राप्त कर विद्यालय में क्रमशः प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त किया। इसके अलावा विद्यालय के नौ छात्रों ने वीआईटी, 3 ने गणित, 2 ने सामाजिक विज्ञान व एक संस्कृत में 100 फीसद के साथ ही विद्यालय के 148 छात्रों में से रोशन कुमार, अभिनव ंिसह, मनीष राज, विशाल सिंह, सौजन्य कुमार, शुभ गर्ग, अनिवेश कुमार, पारस मित्तल, यथार्थ राणा, हर्ष जायसवाल, अभिमन्यु तोमर, नवदीप मलिक, देवांशु असवाल, प्रथम कुमार, प्रियंाश्ुा अतिरिश, रितुल चित्र, कमल जोशी, साहिल सक्सेना, शुभम केतकर, दिव्यांशु गौड़, लोकेश रौतेला, आदित्य कुमार, मानस अरोरा, विजय कैड़ा, प्रत्यूष सिंह, तुषार बंसल, हर्षित सिंह, राजकुमार, निशांत यादव, अभिनव पंत, राजेंद्र प्रताप, तेजस चहल, शुभम शर्मा, श्रेय गुप्ता, ललित मोहन, वरेन विसेन व समर्थ सहित 42 छात्रों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक अर्जित किये।

लांग व्यू के तीन छात्रों ने विषयों में हासिल किये 100 में से 100 अंक

नैनीताल। लांगव्यू पब्लिक स्कूल में विकास कुमार व अक्षत बिष्ट ने 98 फीसद अंकों के साथ संयुक्त रूप से प्रथम स्थान प्राप्त किया। जबकि विद्यालय के 9 विद्याार्थियों-भावेष कोठारी ने 97, हर्षित मेहरा ने 96, वैभव डंगवाल ने 95, पंकज बिष्ट ने 94, देवाषीश बिष्ट व सागर बिष्ट ने 93, फरदीन खान व पंकज नायक ने 92 तथा दीपक बिष्ट ने 91 फीसद सहित 11 छात्रों ने 90 फीसद से अधिक अंक हसिल किये। इसके अलावा विद्यालय के 98 फीसद विद्यार्थियों ने प्रथम श्रेणी में 60 से 89 प्रतिशत तथा एक विद्यार्थी ने द्वितीय श्रेणी में परीक्षा उत्तीर्ण की। अक्षत बिष्ट तथा भावेष कोठारी ने अंग्रेजी एवं सूचना प्रौद्योगिकी में हर्षित मेहरा ने हिंदी एवं सूचना प्रौद्योगिकी में तथा विकास कुमार व लक्ष्य बृजवाल ने सूचना प्रौद्योगिकी में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त किए। वहीं विकास कुमार ने हिंदी, अक्षत बिष्ट ने गणित, भावेष कोठारी व वैभव डंगवाल ने सामाजिक अध्ययन तथा पंकज बिष्ट, दीपक बिष्ट व वंश शाह ने सूचना प्रौद्योगिकी में 99 अंक प्राप्त किए।

उत्तराखंड में जिन तीन बच्चों ने राज्य मे टॉप किया है उनमें से दो लड़कियां हैं. टॉपर्स की सूची में 45वें स्थान पर रुद्रपुर के एमनिटि स्कूल की छात्रा जगनूर कौर हैं. सूची में 46वें स्थान पर ऊधम सिंह नगर ज़िले के सेंट पीटर्स स्कूल, किशन नगर के छात्र लोकेश जोशी हैं. सूची में 82वें स्थान पर दिल्ली पब्लिक स्कूल, देहरादून के शगुन मित्तल हैं. तीनों 497 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहे हैं. किच्छा के सेंट पीटर्स स्कूल के दसवीं के छात्र लोकेश जोशी राज्य के एकमात्र छात्र हैं जिन्हें पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे 97 छात्र-छात्राओं की सूची में स्थान मिला है. ऊधम सिंह नगर ज़िले के लोकेश जोशी एक सामान्य परिवार से हैं. उनके पिता बरेली में शिक्षा विभाग में हिंदी के टीचर हैं. लोकेश आगे चलकर इंजीनियर के क्षेत्र में अपना हाथ आजमाना चाहते हैं. लोकेश की सफलता से लोकेश के माता-पिता भी काफी प्रसन्न हैं. पिता रमेश चंद्र जोशी ने दूसरे अभिभावकों को भी बच्चों की पढ़ाई को लेकर सलाह दी.

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नवीन समाचार, नई दिल्ली, 6 मई 2019। सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन (सीबीएसई बोर्ड) ने 12वीं के बाद सोमवार को 10वीं के छात्रों को भी अचानक रिजल्ट जारी कर सरप्राइज दिया। आज पहले रिजल्ट घोषित किए जाने की कोई सूचना नहीं थी, लेकिन फिर अचानक रिजल्ट 3 बजे आने की खबर आई। हालांकि CBSE की तरफ से इससे पहले ही करीब 2 बजे ही रिजल्ट जारी कर दिया गया। इससे पूर्व 5 मई को 10वीं के रिजल्‍ट घोषित होने की ख़बरें आयीं थीं । अगर आपने अभी तक 10वीं का रिजल्ट चेक नहीं किया है, तो आप http://cbseresults.nic.in/class10/Class10th19.htm के साथ ही results.nic.in, cbseresults.nic.in और cbse.nic.in पर जाकर परिणाम देख सकते हैं। इसके अलावा छात्र माइक्रोसॉफ्ट ऐप- एसएमएस ऑर्गनाइजर के जरिए भी अपना रिजल्‍ट देख सकते हैं। इसके लिए उन्‍हें अपना रोल नंबर, डेट ऑफ बर्थ और स्‍कूल कोड को रजिस्‍टर करना होगा। 10वीं में 13 बच्चों को 500 में से 499 मार्क्स आए हैं।

रैंक 2 पर 498 अंकों के साथ 24 बच्चे हैं और तीसरे स्थान 497 मार्क्स के साथ 58 बच्चे हैं। रैंक 1 के 13 बच्चों में से 6 छात्राएं हैं और 7 छात्र हैं। सीबीएसई 10वीं के रिजल्ट में इस बार 91.1% छात्र उत्तीर्ण हुए हैं। त्रिवेंद्रम (99.85%) चेन्नै (99%) और अजमेर रीजन (95.89%) क्रमश: पहले, दूसरे और तीसरे नंबर पर रहे। पास होने के मामले में लड़कियों का प्रतिशत लड़कों की तुलना में ज्यादा है। लड़कों से 2.31% ज्यादा 92.45% लड़कियां सफल रही हैं। सवा दो लाख स्टूडेंट्स के 90% से अधिक और 57,256 स्टूडेंट्स ने 95% से अधिक मार्क्स स्कोर किए हैं।

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-बेहतर रहा है शिक्षा नगरी के विद्यार्थियों का सीबीएसई बोर्ड की 12वीं का परीक्षा परिणाम

सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में नैनीताल के शीर्ष स्थानों पर रहे विद्यार्थी।

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p style=”text-align: justify;”>नवीन समाचार, नैनीताल, 2 मई 2019। शिक्षा नगर के नाम से विख्यात सरोवरनगरी के विद्यालयों के बच्चों ने सीबीएसई बोर्ड की 12वीं की परीक्षा में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। नगर के मोहन लाल साह बाल विद्या मंदिर की छात्रा ह्यूमैनिटीज की छात्रा कंचन कनवाल ने इस परीक्षा में 98.4 फीसद अंक हासिल कर शहर में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया है। बताया गया है कि कंचन निकटवर्ती बजून गांव की निवासी है। पिता गांव में ही खेती-बाड़ी और दूध बेचकर परिवार का भरण पोषण करते हैं। वह बचपन से ही घर से दूर नगर में वन विभाग में कार्यरत अपने एक रिश्तेदार के साथ मल्लीताल कोयला टाल के पास रहकर पढ़ती रही है। उसकी आगे भविष्य में आईएएस अधिकारी बनने की योजना है। वह सभी के लिए प्रेरणास्रोत हो सकती हैं। वहीं विद्यालय की विज्ञान वर्ग की छात्रा श्रिया बिष्ट ने 96.8, भूमिका पपनै ने 95.4, रीना पोखरिया ने 95 व प्रिया मित्तल ने 94.8 फीसद अंक प्राप्त किये हैं। श्रिया चिकित्सक बनना चाहती है। इसी विद्यालय में शिक्षिका गीता तिवारी की पुत्री लक्षिता तिवारी ने 92 फीसद अंक प्राप्त किये हैं। 
वहीं नगर के बिड़ला विद्या मंदिर के विज्ञान वर्ग के छात्रों में आदित्येंद्र तिवारी ने 97, नमन गोयल ने 96.2, अभिषेक राजवंशी ने 95.8, वैभव राय ने 95.6 व वैभव सिंघल ने 95.4 एवं वाणिज्य वर्ग में विघ्नेष बंसल ने 96.4, सूर्यांश केड़िया ने 95.6, अनमोल चौधरी ने 94, मोहित मेहरा ने 93.6, अविजित विक्रम सिंह किरौला, दीपांशु व सौरभ साहू ने 93 फीसद अंक प्राप्त कर शीर्ष 5 में स्थान बनाया है। विद्यालय के प्रधानाचार्य अनिल शर्मा ने परिणामों पर खुशी जताते हुए बताया कि विद्यालय के 58 में से 57 विद्यार्थियों ने प्रथम श्रेणी में परीक्षा उत्तीर्ण की है। विद्यालय में अंग्रेजी, ईकोनॉमिक्स व आईपी में विद्यार्थियों ने 100 में से 99 अंक भी प्राप्त किये हैं। जबकि नगर के पार्वती प्रेमा जगाती सरस्वती विहार माध्यमिक विद्यालय दुर्गापुर में विज्ञान वर्ग में शिव त्यागी ने 96.8, कुणाल मेहता ने 94.8, आयुष आनंद ने 94.6 तथा वाणिज्य वर्ग में मनन विश्नोई ने 91.8 व सत्यम सिंह ने 90.2 प्रतिशत अंक प्राप्त कर शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। विद्यालय के नये प्रधानाचार्य नरेंद्र सिंह ने शीर्ष स्थानों पर रहे विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है। इधर अम्तुल्स पब्लिक स्कूल में 61 छात्रों में से 47 ने प्रथम श्रेणी में परीक्षा उत्तीर्ण की है। हिमांशु जोशी 94.6 फीसद अंकों के साथ विद्यालय में प्रथम, कृतिक मनराल 93.2 फीसद अंकों के साथ दूसरे, गौरव प्रताप सिंह खाती 91.4 फीसद अंकों के साथ तीसरे, सार्थक शर्मा 90.8 फीसद के साथ चौथे व प्रियांशु चुफाल 90.4 फीसद अंकों के साथ पांचवे स्थान पर रहे हैं। प्रधानाचार्या अनीता खान ने बच्चों को बधाई देते हुए नये सत्र में और भी बेहतर प्रदर्शन का विश्वास जताया है। वहीं सेंट जेवियर स्कूल का परिणाम अपेक्षित नजर नहीं आ रहा हैं। यहां नेहा चंद्रा ने 85, मोहम्मद महद ने 80 व ऐश्वर्या ने 75 फीसद अंक प्राप्त कर अपनी कक्षा में प्रथम तीन स्थान प्राप्त किये हैं।

ऋषिकेश की गौरांगी, दून के पीयूष और हल्द्वानी की श्रेया  भी हैं CBSE की मेरिट सूची में, यह हैं सीबीएसई के टॉपर

  1. हंसिका शुक्ला (499 अंक) – गाजियाबाद, यूपी
  2. करिश्मा अरोरा (499 अंक) – मुजफ्फरनगर, यूपी
  3. गौरांगी चावला (498 अंक) – ऋषिकेश, उत्तराखंड
  4. ऐश्वर्या (498 अंक) – रायबरेली, यूपी
  5. भव्या (498 अंक) – जींद, हरियाणा
  6. आयुषी उपाध्याय (497 अंक) – लखनऊ, यूपी
  7. महक तलवार (497 अंक)- दिल्ली
  8. पार्थ सेनी (497 अंक) – सोलान, हिमाचल प्रदेश
  9. विराज जिंदल (497 अंक) – नई दिल्ली
  10. अनन्या गोयल (497 अंक) – मेरठ, यूपी
  11. रुबानी चीमा (497 अंक) – हिसार, हरियाणा
  12. ऐशना जैन (497 अंक) – गाजियाबाद, यूपी
  13. वंशिका भगत (497 अंक) – मेरठ, यूपी
  14. अर्पित माहेश्नरी (497 अंक) – गाजियाबाद, यूपी
  15. दिशांक जिंदल (497 अंक) – चंडीगढ़, पंजाब
  16. दिव्या अग्रवाल (497 अंक) – मेरठ, यूपी
  17. पीयूष झा (497 अंक) – देहरादून, उत्तराखंड
  18. तिशा गुप्ता (497 अंक) – अलवर, राजस्थान
  19. जी. कार्तिक बालाजी (497 अंक) – चेन्नई, तमिलनाडु
  20. गरिमा शर्मा (497 अंक) – नोएडा, यूपी
  21. इबादत सिंह बक्षी (497 अंक) – नोएडा, यूपी
  22. प्रज्ञा खारकवाल (497 अंक) – गाजियाबाद, यूपी
  23. श्रेया पांडे (497 अंक) – नैनीताल, उत्तराखंड

यह भी पढ़ें : मई दिवस पर स्कूलों में हुआ कर्मचारियों का सम्मान

सनवाल स्कूल में कर्मचारियों को उपहार प्रदान करने के अवसर पर प्रधानाचार्या एवं कर्मचारी।

नवीन समाचार, नैनीताल, 1 मई 2019। मई दिवस के अवसर पर मुख्यालय में खासकर स्कूलों में चर्तुर्थ श्रेणी कर्मियों को सम्मानित किया गया। नगर के मल्लीताल स्थित सनवाल स्कूल में श्रमिक दिवस हर्षोल्लास से मनाया गया। इस अवसर पर प्रधानाचार्या ए इमेन्युअल ने विद्यालय के श्रमिक वर्ग को उपहार स्वरूप स्वेटर व नगद धनराशि भेंट की तथा इस दिवस की बधाइयां दीं। इस मौके पर विद्यालय के विनय साह, वी महरोत्रा, कविता सक्सेना व इंदु अरोड़ा सहित सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं भी मौजूद रहे।

रामा मांटेसरी स्कूल में कर्मचारियों को उपहार प्रदान करने के अवसर पर प्रधानाचार्या एवं शिक्षिकाएं।

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p style=”text-align: justify;”>वहीं मल्लीताल रामलीला मैदान के पास स्थित रामा मांटेसरी स्कूल में इस अवसर पर बच्चों के द्वारा श्रमिकों पर कविताएं एवं लेख प्रस्तुत किये। प्रधानाचार्या नीलू एल्हेंस ने बच्चों को श्रमिकों के कठिन जीवन से अवगत कराया तथा अपने कर्मचारियों को प्रोत्साहन पुरस्कार दिये गये। इस मौके पर आरती साह, हिमानी साह, हुमा नाज व मीनाक्षी आदि शिक्षिकाएं भी मौजूद रहीं।
वहीं मजदूर दिवस के अवसर पर पीपुल्स फोरम के द्वारा तल्लीताल क्रांति चौक से माल रोड होते हुए पंत पार्क तक जुलूस निकाला। जुलूस में कार्यक्रम समन्वयक राजीव लोचन साह, कैलाश जोशी, जहूर आलम, अरुण रौतेला, उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन की प्रदेश अध्यक्ष कमला कुंजवाल, हेमलता तिवारी, मुन्नी तिवारी, विनीता यशस्वी, हिमांशु पांडे ‘मित्र’ व नवीन बेगाना के साथ ही कैंटोनमेंट बोर्ड कर्मचारी संगठन के सुशील कुमार, चंदन मेहरा सहित अनेक अन्य सदस्य भी शामिल रहे। इस मौके पर श्रमिकों के संघर्ष के साथ ही उत्तराखंड में सिडकुल में श्रमिकों के उत्पीड़न अन्य संबंधित विषयों पर भी चर्चा की गयी।

नरेंद्र सिंह बने पार्वती प्रेमा जगाती सरस्वती विहार के प्रधानाचार्य

सरस्वती विहार में नये प्रधानाचार्य नरेंद्र सिंह को कार्यभार ग्रहण करवाते निवर्तमान प्रधानाचार्य डा. शाक्य एवं प्रबंधन के उच्चाधिकारी।

नवीन समाचार, नैनीताल, 30 अप्रैल 2019। नगर के संस्कारवान शिक्षा देने के लिए पहचाने जाने वाले दुर्गापुर स्थित पार्वती प्रेमा जगाती सरस्वती विहार माध्यमिक विद्यालय में नरेंद्र सिंह ने नये प्रधानाचार्य के पद पर कार्यभार ग्रहण कर लिया है। निवर्तमान प्रधानाचार्य डा. किशनवीर सिंह शाक्य एवं विद्यालय प्रबंधन के उच्चाधिकारियों ने उन्हें कार्यभार ग्रहण कराया। श्री सिंह इससे पूर्व स्वामी विवेकानंद सरस्वती विद्या मंदिर साहिबाबाद-उत्तर प्रदेश में 12 वर्ष तक वाणिज्य विषय के प्रवक्ता के पद पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को बड़े लक्ष्य बनाने एवं उन्हें प्राप्त करने के लिए प्रेरित करने के साथ ही विद्यालय के शिक्षकों एवं अन्य सहयोगियों तथा अभिभावकों की मदद से उन्हें उनके लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए हर सहयोग करना उनकी प्राथमिकता होगा। उल्लेखनीय है कि विद्यालय के निवर्तमान प्रधानाचार्य डा. किशनवीर सिंह शाक्य उत्तर प्रदेश के माध्यमिक शिक्षा परिषद चयन आयोग के सदस्य मनोनीत हुए हैं, जिसके बाद नरेंद्र सिंह को उनकी जगह प्रधानाचार्य पद का दायित्व सोंपा गया है।

यह भी पढ़ें : कुमाऊं मंडल के दो शिक्षक नौकरी से बर्खास्त, 13 अन्य की नौकरी भी खतरे में, इन्हें भी भेजा गया अंतिम नोटिस..

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p style=”text-align: justify;”>नवीन समाचार, नैनीताल, 27 अप्रैल 2019। शिक्षा विभाग ने कुमाऊं मंडल के स्कूलों में लंबे समय से अनुपस्थित चल रहे दो एलटी वेतनमान के यानी माध्यमिक कक्षाओं के सहायक अध्यापकों-राजकीय कन्या इंटर कॉलेज स्यालदे अल्मोड़ा में तैनात सोनी पंत और राइंका देवरी ऊधमसिंह नगर में तैनात वीरपाल सिंह की सेवाएं शनिवार को समाप्ति कर दी हैं। साथ ही 13 अन्य शिक्षकों को अंतिम चेतावनी के नोटिस भी जारी कर दिये हैं।
उल्लेखीय है कि इससे पूर्व विभाग ने जनवरी माह में भी राउमावि सौड़ नैनीताल के अनिल गड़िया, लालनगरी अल्मोड़ा की रुचिका, जीआइसी झीपा की अनुपमा चौहान की सेवाएं समाप्ति कर दिये थे। जबकि जीजीआइसी भटेलिया नैनीताल की वंदना जोशी, जीआइसी महतगांव अल्मोड़ा की कविता त्रिपाठी, राउमावि पनघट अल्मोड़ा की शोभा बिष्ट, जीजीआइसी भिकियासैंण की ममता भट्ट, जीजीआइसी स्याल्दे की सोनी पंत, जीजीआइसी पिथौरागढ़ की नीमा जोशी, जीआइसी राइआगर पिथौरागढ़ की एकता, ऊधमसिंह नगर के जीआइसी देवरी के वीरपाल सिंह, जीआइसी गढ़ीनेगी की कनिका अग्रवाल को अंतिम नोटिस जारी किये थे। इनमें से राउमावि डांडा ककनई चम्पावत के दिनेश चंद्र, जीआइसी पीपली पिथौरागढ़ के सुरेश सार्की आदि ने कार्यभार ग्रहण कर लिया था, जबकि एक दर्जन शिक्षकों ने न ज्वाइनिंग दी और न नोटिस का जवाब दिया। शेष बचे शिक्षकों की नौकरी भी कभी भी जा सकती है।

यह भी पढ़ें : नैनीताल के इस स्कूल में फीस व अतिरिक्त वार्षिक शुल्क पर अभिभावकों के किया हंगामा, लगाये गंभीर आरोप

-12 की जगह 13 माह की फीस लिये जाने का लगाया आरोप, प्रधानाचार्य ने नकारे आरोप

सनवाल स्कूल में विरोध करने को जुटे बच्चों के अभिभावक।

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p style=”text-align: justify;”>नवीन समाचार, नैनीताल, 25 अप्रैल 2019। नगर के मल्लीताल रिक्शा स्टेंड के पास स्थित सनवाल स्कूल में सुबह अभिभावकों ने जमकर हंगामा कर दिया। उनका कहना था कि विद्यालय प्रबंधन वर्ष में 12 की जगह 13 माह की फीस ले रहा है। जबकि सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के अनुसार छुट्टियों के महीनों की भी फीस नहीं ली जा सकती है। उन्होंने वार्षिक शुल्क के नाम पर विद्यालय द्वारा 3000 रुपये अलग से मांगे जाने पर भी नाराजगी जताई। काफी देर हंगामा होने के बाद अभिभावकों की प्रधानाचार्या ए इमेन्युअल से वार्ता हुई। इमेन्युअल ने समझाने की कोशिश की कि अतिरिक्त माह की फीस नहीं ली जा रही है। विद्यालय द्वारा पहले फरवरी से अगले वर्ष की जनवरी तक सत्र मानकर 12 माह की फीस ली जाती थी, लेकिन इस वर्ष अप्रैल से मार्च का कलेंडर लागू किया जा रहा है, जिस कारण अभिभावकों को अतिरिक्त माह की फीस लिये जाने का भ्रम हो रहा है। वहीं 3000 रुपये वार्षिक शुल्क पर उन्होंने सफाई दी कि विद्यालय द्वारा वर्ष में अलग-अलग मौकों पर ली जाने वाली धनराशि की जगह इस बार एकमुश्त धनराशि अपेक्षित की गयी थी। दावा किया कि यह धनराशि पिछले वर्षों में ली जाने वाली धनराशि के मुकाबले कम है। उन्होंने अभिभावकों को सोमवार को विद्यालय प्रबंधन के समक्ष अभिभावकों का पक्ष रखने का आश्वासन दिया, जिस पर अभिभावक शांत हुए। कहा कि शिक्षा विभाग से जब भी छुट्टियों की फीस न लिये जाने का आदेश आयेगा तो उसे भी माना जाएगा।
वहीं इस दौरान अभिभावकों ने विद्यालय प्रबंधन पर वर्ष भर बाल दिवस, शिक्षक दिवस जैसे मौकों पर नित नये बहानों से रुपये ऐंठे जाने, स्कूल में बच्चों के चोटिल होने पर पल्ला झाड़ने, घर से कभी कुछ तो कभी कुछ बनाकर लाने, घर से मंगाकर पुरानी किताबें रद्दी में बेचने, विद्यालय में बच्चों के बैठने, शौचालय, रोशनी, पंखे आदि की सुविधा न होने के भी आरोप लगाये। विरोध करने वालों में महेंद्र वर्मा, गणेश जोशी, विजय पंवार, इरशाद हुसैन, वैशाली, साबिया, नासिर खान, राम सिंह, दीवान सिह सहित अनेक अभिभावक शामिल रहे।

यह भी पढ़ें : शिक्षा मित्रों को हाईकोर्ट ने दी बड़ी राहत, फिलहाल बची नौकरी…

नवीन समाचार, नैनीताल, 4 अप्रैल 2019। उत्तराखंड हाई कोर्ट ने सरकार को राज्य में शिक्षको की स्थायी नियुक्ति होने तक शिक्षा मित्रों को उनके पदों पर बनाये रखने का निर्देश दिए हैं। वहीं इसी से सम्बंधित दूसरे मामले में सरकार द्वारा टीईटी की परीक्षा समय पर नही कराने पर माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के सचिव से तीन सप्ताह के भीतर व्यक्तिगत रूप से शपथपत्र पेश करने को कहा है।

मामले के अनुसार अमर सिंह व अन्य शिक्षा मित्रों ने हाई कोर्ट में विशेष अपील दायर कर कहा है कि शिक्षा मित्रों का कार्यकाल 31 मार्च को समाप्त हो गया है, और सरकार उन्हें अब सेवा विस्तार नही दे रही है जबकि सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को आदेश दिया था कि जब तक नई नियुक्तियां नही हो जाती हैं तब तक इनको कार्य करते रहने दिया जाये। सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से वताया गया कि शिक्षको की स्थायी नियुक्ति शुरू की जा चुकी है। मामले को सुनने के बाद मुख्य न्यायधीश रमेश रंगनाथन व न्यायमूर्ति एनएस धनिक की खंडपीठ ने सरकार को निर्देश दिए हैं कि जब तक शिक्षकों की स्थायी नियुक्ति नही हो जाती तब तक शिक्षा मित्रों की सेवाएं जारी रखी जायंे। वहीं दूसरे मामले में सल्ट निवासी सुरेन्द्र ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर कहा है कि कोर्ट ने पूर्व में सरकार को निर्देश हर छः माह में टीईटी की परीक्षा कराने के निर्देश दिये थे, किन्तु राज्य में लम्बे समय के बाद भी टीईटी की परीक्षा नही कराई गयी है। मामले को सुनने के बाद न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ ने माध्यमिक शिक्षा सचिव को इस मामले में व्यक्तिगत रूप से तीन सप्ताह में शपथपत्र पेश करने के आदेश दिए हैं।

यह भी पढ़ें : स्कूल की अमानवीयता: परीक्षा की रात 43 छात्रों को भूखे स्कूल से बाहर निकाला, मंदिर में गुजारनी पड़ी रात-सैनिक स्कूल घोड़ाखाल का मामला

-प्रवेश पत्र लेने के लिए स्कूल बुलाया था, किंतु रहने-खाने की स्वयं व्यवस्था करने को कहा गया था: प्रधानाचार्या

रात्रि में मंदिर के धर्मशाला में परीक्षा के लिए पढ़ते सैनिक स्कूल घोड़ाखाल के छात्र

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p style=”text-align: justify;”>कुलदीप कुमार @ नवीन समाचार, भीमताल, 3 अप्रैल 2019। न्याय के देवता-ग्वेल के स्थान घोड़ाखाल स्थित सैनिक स्कूल का बेहद अमानवीय चेहरा सामने आया है। यहां विद्यालय प्रबंधन ने परीक्षा देने आये अपने ही 43 छात्रों को रात्रि में स्कूल से बाहर निकाल दिया। जिस कारण बच्चों को ग्वेल देवता के मंदिर में रात गुजारनी और वहीं परीक्षा की तैयारी करनी पड़ी। अब जिला प्रशासन मामले की जांच कराने की बात कर रहा है।
मामला यह है कि स्थित पूरी तरह से आवासीय सैनिक स्कूल घोड़ाखाल के 12वीं कक्षा के छात्रों की मुख्य वार्षिक परीक्षा बीती 18 मार्च को पूरी हो गयी थी। यह परीक्षाएं देकर छात्र अपने घरों को चले गये थे। इधर आज तीन अप्रैल को 43 छात्रों की मल्टी मीडिया वेब डिजाइनिंग की वैकल्पिक परीक्षा थी। इसके लिए उनका परीक्षा केंद्र सातताल रोड स्थित वुडब्रिज स्कूल में था। इसके लिये यूपी, बिहार, पश्चिम बंगाल, पंजाब व उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों के रहने वाले छात्र दो अप्रैल को दिन में ही अपना परीक्षा का प्रवेश पत्र लेने सैनिक स्कूल आ गये थे। परेशानी यह थी कि वे स्कूल की वर्दी में नहीं थे, क्योंकि वे अपनी वर्दी अपनी पढ़ाई पूरी होने पर विद्यालय के अन्य जूनियर छात्रों को दे गये थे और जूनियर छात्र इन दिनों छुट्टी पर घर गये थे। आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने इन छात्रों को पूरे दिन स्कूल में बैठाये रखा। उन्हें रात्रि के भोजन के लिए भी नहीं पूछा और रात्रि आठ बजे स्कूल से यह कहकर बाहर निकाल दिया कि उनका विद्यालय से ‘क्लियरेंस’ हो चुका है। उन्हें स्वयं ही अपने रहने-खाने की व्यवस्था करनी होगी। इनमें 9 छात्र देश की प्रतिष्ठित एनडीए की प्रवेश परीक्षा भी पास कर चुके थे। यहां प्रतिष्ठित घरों के होनहार बच्चे पढ़ते हैं। स्कूल से बाहर निकाले जाने पर कुछ छात्र भवाली के होटलों में चले गये, जबकि 28 छात्रों को ग्वेल देवता के मंदिर में रात गुजारनी पड़ी। मंदिर प्रबंधन के लोगों ने उनके भोजन का प्रबंध किया। इधर पूछे जाने पर डीएम विनोद कुमार सुमन ने कहा कि मामले की जांच करायी जाएगी। वहीं प्रधानाचार्या कर्नल स्मिता मिश्रा का कहना था कि सभी छात्रों को स्कूल से पहले ही क्लेरेंस दे दिया गया था। उनका कहना था कि सब कुछ पहले ही बता दिया गया था, छात्रों को स्कूल में आना ही नहीं चाहिये था, बल्कि सीधे परीक्षा केंद्र पर जाना चाहिए था। उनके प्रवेश पत्र नियत समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचा दिए जाएंगे। इस बारे में परीक्षा केंद्र प्रभारी को अवगत करा दिया गया है।

यह भी पढ़ें : कुमाऊं विश्वविद्यालय की बीएड-एमएड प्रवेश परीक्षा कल, विस्तृत जानकारी यहाँ देखें…

नवीन समाचार, नैनीताल, 30 मार्च 2019। कुमाऊं विश्वविद्यालय की बीएड, एमएड प्रवेश परीक्षा का आयोजन रविवार को किया जाएगा। विवि के मुख्य परीक्षा नियंत्रक प्रो. संजय पंत ने बताया कि प्रवेश परीक्षा की तिथि आगे बढ़ाने को लेकर अफवाहें फैलाई जा रही हैं, जबकि ऐसा नहीं है। बताया कि परीक्षा रविवार को सभी केंद्रों पर निर्धारित समय पर होगी। बीएड में 11 हजार, एमएड में 271 विद्यार्थियों ने आवेदन किए हैं। 14 शहरों में कुल 20 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। विस्तृत जानकारी इस लिंक पर देखें।

लोकसभा चुनाव के कारण बदलीं कई परीक्षाओं की तिथियां, मूल्यांकन भी आगे बढ़ा…

नवीन समाचार, नैनीताल/रामनगर, 25 मार्च 2019। लोकसभा चुनावों के कारण कई प्रतियोगी परीक्षाओं की तिथियां बदलकर आगे बढ़ गई हैं। इससे परीक्षार्थियों बढ़ी हुई तिथियों के हिसाब से परीक्षाओं की तैयारी के लिए अधिक समय मिलेगा।
देखें परीक्षाओं की पुरानी व नई तिथियां

परीक्षा का नाम पुरानी तिथि नई तिथि
जेईई मेन : 7-20 अप्रैल 7,8,9,10,12 अप्रैल
जेईई एडवांस : 19 मई 27 मई
क्लैट : 12 मई 26 मई
सीए : 2-17 मई 27 मई-12 जून
एलसैट : 26 मई 12 जून
एएमयूईईई : 28 अप्रैल 26 मई
एएमयू बीएएलएलबी : 26 मई 27 मई
यूपीजेईईपी : 18 अप्रैल 26 मई

वहीं उत्तराखंड प्राविधिक शिक्षा परिषद ने संयुक्त प्रवेश परीक्षा पॉलिटेक्निक (जीप) के आवेदन की तिथि बढ़ा दी है। परिषद के मुताबिक अब 31 मार्च तक आवेदन कर सकते हैं। पहले इसके आवेदन की अंतिम तिथि 15 मार्च थी। परीक्षा की तिथियों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। प्रदेश में यह प्रवेश परीक्षा 28 व 29 अप्रैल को आयोजित की जाएगी। ऑनलाइन आवेदन www.ubterjeep.in पर किए जा सकते हैं।

इसके साथ ही उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद ने उत्तराखंड बोर्ड परीक्षाओं के मूल्यांकन की तिथियां भी लोकसभा चुनाव की वजह से पिछले साल की तुलना में 20 दिन आगे बढ़ा दी हैं। हालांकि बताया गया है कि देरी से शुरू होने वाले मूल्यांकन की वजह से परीक्षा परिणाम पर कोई असर नहीं होगा। पांच जून तक रिजल्ट जारी करने की समय सीमा है। उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा एक मार्च से शुरू होकर 27 मार्च तक चलेगी। पहले उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद ने एक अप्रैल से 15 अप्रैल तक परीक्षा के मूल्यांकन कार्य की तिथि तय कर तैयारी भी कर ली थी। लेकिन लोकसभा चुनाव 11 अप्रैल को होने की वजह से मूल्यांकन कार्य अब मूल्यांकन कार्य 20 अप्रैल से 4 मई तक कराने का निर्णय लिया गया है।

यह भी पढ़ें : स्नातक में 50 फीसद से कम अंकों वाले प्राथमिक शिक्षकों के मामले में केंद्र व राज्य सरकार को नोटिस

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p style=”text-align: justify;”>p style=”text-align: justify;”>नवीन समाचार, नैनीताल, 20 मार्च 2019। उत्तराखंड उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ ने प्राथमिक शिक्षक के पदों के लिए स्नातक स्तर पर 50 प्रतिशत अंकों की अर्हता को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र एवं राज्य सरकार तथा एनसीटीई से चार सप्ताह में जवाब तलब किया है।
इस मामले में अशोक रावत व राधा रानी आदि ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर एनसीईआरटी के 28 जून 2018 को जारी नोटिफिकेशन तथा 18 दिसंबर 2018 को जारी उत्तराखंड राजकीय प्राथमिक शिक्षक सेवा नियमावली के पांचवें संशोधन को चुनौती दी है। याचिका में कहा गया है कि 2010 से पूर्व प्राथमिक शिक्षक बनने के लिए बीएड की डिग्री हासिल करने के लिए 50 प्रतिशत अंकों की अर्हता नहीं थी। लिहाजा ऐसे हजारों शिक्षक हैं जिनके पास बीएड की डिग्री है परंतु वे 50 प्रतिशत अंकों की अर्हता नहीं रखते हैं। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा की जा रही भर्ती प्रक्रिया में 2010 से पुराने स्नातक स्तर पर 50 प्रतिशत से कम अंकों वाले बीएड डिग्री धारकों को भी शामिल करने की मांग भी की है।

यह भी पढ़ें : बड़ा समाचार : उत्तराखंड में सहायक अध्यापक पद के लिए मान्य हुआ इग्नू से डीएलएल

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p style=”text-align: justify;”>p style=”text-align: justify;”>-खंडपीठ ने सरकार की तीन विशेष अपीलों को खारिज कर एकलपीठ के आदेश को फिर से बरकरार रखा
नवीन समाचार, नैनीताल, 18 मार्च 2019। उत्तराखंड उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन व न्यायमूर्ति नारायण सिंह धानिक की खंडपीठ ने अपने 1 जून 2018 को दिए गए निर्णय को यथावत रखते हुए इसके खिलाफ सरकार द्वारा दाखिल अपील को खारिज कर दिया है। इस आदेश के बाद एक बार फिर इग्नू से डीएलएड किये अभ्यर्थी सहायक अध्यापक पद पर नियुक्ति हेतु योग्य घोषित हो गये हैं।
उल्लेखनीय है कि फरवरी 2016 मंे पुष्पा बलोदी, दयाल कुमार व कमला आर्या आदि याचिकाकर्ताओं ने एकलपीठ में याचिका दायर कर कहा था कि उन्होंने 2014 में इग्नू से एनसीटीई द्वारा मान्यता प्राप्त दो वर्षीय डीएलएड किया है। साथ ही वे टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण भी हैं। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक द्वारा सहायक अध्यापक भर्ती प्रक्रिया हेतु जारी विज्ञप्ति दिनांक 21 नवम्बर 2015 के क्रम में आवेदन किया था, लेकिन जिला शिक्षा अधिकारी (बेसिक) बागेश्वर द्वारा उनका अभ्यर्थन इग्नू से डीएलएड को अमान्य बताते हुए निरस्त कर दिया था। 1 जून 2018 को एकल पीठ ने इस याचिका को स्वीकार करते हुए याचिकाकर्ताओं को योग्य घोषित किया। इस दौरान एनसीटीई ने भी शपथ पत्र दाखिल कर हाईकोर्ट को अवगत कराया था कि याचिका कर्ताओं द्वारा इग्नू से किया गया डीएलएड मान्यता प्राप्त है। ऐसे ही समान मामले में अल्मोड़ा निवासी ममता आर्य की याचिका में भी उपरोक्त निर्णय को आधार बना कर एकल पीठ ने यही फैसला दिया था। अलबत्ता विभाग का आधार यह था कि इग्नू से डीएलएड केवल सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा मित्र के रूप में सेवारत अभ्यर्थियों के लिए हैं जबकि याचिकाकर्ता पुष्पा बलोदी व दयाल कुमार शिक्षा मित्र नहीं हैं। लिहाजा सरकार की ओर तीन विशेष अपीलें दायर की गयीं, जिन्हें खारिज कर खंड पीठ ने एकल पीठ के फैसले को बरकरार रखा है।

यह भी पढ़ें : रेवरन ब्रदर हैक्टर पिंटो बने सेंट जोसफ कॉलेज के प्रधानाचार्य

सेंट जोसफ कॉलेज के नये प्रधानाचार्य हैक्टर पिंटो।

नवीन समाचार, नैनीताल, 1 मार्च 2019। मार्च 1888 में आयरलेंड के शिक्षाविद् एडमंड राइस की प्रेरणा से फादर रेवरन एंगलबर्ट ओएमसी द्वारा स्थापित नगर के 130 वर्ष पुराने व ऐतिहासिक सेंट जोसफ कॉलेज में नये प्रधानाचार्य रेवरन ब्रदर हैक्टर पिंटो ने नये प्रधानाचार्य के पद पर कार्यभार ग्रहण कर लिया है। वे पिछले दो वर्षों से स्कूल में ब्रदर के पद पर कार्यरत थे। इससे पूर्व विद्यालय में 13 वर्षों से कार्यरत प्रधानाचार्य डा. पीटर इमेन्युअल सेवानिवृत्त हो गये।

राष्ट्रीय सहारा, 3 मार्च 2019।

कार्यभार ग्रहण करने के साथ ही उन्होंने विद्यालय की नयी वेबसाइट http://www.stjosephscollege.in/ का भी लोकार्पण किया है, जिसमें विद्यालय के गौरवशाली इतिहास से लेकर वर्तमान तक की संपूर्ण जानकारियां उपलब्ध हैं। इस अवसर पर आयोजित एसेंबली में उन्होंने विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें इस ऐतिहासिक विद्यालय की प्रतिष्ठा को आगे बढ़ाना है। विद्यालय में अनुशासन बनाना उनकी प्राथमिकता होगी। इसके लिए उन्होंने अभिभावकों सहित सभी वर्गों से सहयोग की अपेक्षा की। साथ ही कहा है कि उनके दरवाजे हमेशा सभी के लिए बेहतर सुझावों हेतु खुले हुए हैं।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 1 मार्च 2019। नगर से लगे गांधी ग्राम ताकुला में महर्षि विद्या मंदिर विद्यालय शुरू हो गया है। शुक्रवार 1 मार्च से विद्यालय में विधिवत कक्षाएं शुरू हो गईं। उद्घाटन अवसर पर विशेष हवन पूजा-पाठ के साथ धार्मिक अनुष्ठान हुए।

राष्ट्रीय सहारा, 3 मार्च 2019।

उद्घाटन अवसर पर  मुख्य अतिथि बेलुवाखान ग्राम पंचायत के प्रधान हिमांशु पांडे ने फीता काटकर कर विद्यालय का शुभारंभ किया। उन्होंने ग्राम पंचायत के अंदर विद्यालय की स्थापना होने पर प्रबंधन को बधाई दी व आभार जताया। कहा कि इससे महात्मा गांधी की स्मृति से जुड़े ताकुला गांव को नया आयाम मिला है। प्रधानाचार्या डा. अंजलि चंद्रा ने ग्रामीणों व अभिभावकों के विद्यालय के नए परिसर में सहयोग की अपील की। सभी का स्वागत करते हुए कहा कि विद्यालय उच्च आदर्श के साथ गांव का नाम रोशन करेगा। प्रबंधन ने उच्च स्तरीय गुणवत्तापूर्वक व सस्ती शिक्षा देने के लिए ग्रामीण इलाके में विद्यालय की स्थापना की है। फिलहाल विद्यालय नर्सरी से कक्षा 6 तक संचालित होगा। बच्चों के लिए बस सेवा उपलब्ध है। इस मौके पर विद्यालय के चंचल पांडे, राजेश कुमार सेन, आशुतोष भट्ट, दीवान सिंह अधिकारी, पूजा जोशी, दीपा बिष्ट समेत गंगादत्त भट्ट, रमेश जोशी, सतीश जोशी, यादराम, राकेश भट्ट, नेहा जोशी, , पीएस परिहार आदि लोग मौजूद रहे।

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-व्यायाम शिक्षक को विधि अधिकारी तो अंग्रेजी प्रवक्ता बने हज अधिकारी
-पहुंच वाले शिक्षकों की पौ बारह, स्कूलों में हो रहा शिक्षकों का इंतजार

नवीन समाचार, देहरादून,  22 फरवरी 2019। कहावत है, जिसकी चलती है, उसकी क्या गलती है। ऐसा ही कुछ उत्तराखंड में हो रहा है। सैकड़ों स्कूल शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं, लेकिन सरकारों में बैठे लोग अपने चहेते शिक्षकों पर इतने मेहरबान रहे हैं कि वे उन्हें उनकी मनपसंद जगहों पर भेज देते हैं। शिक्षकों की पहुंच और सत्ता में पकड़ का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कोई हज अधिकारी बन गया है तो कोई विधि अधिकारी, कोई वैज्ञानिक तो आयोगों में मौज काट रहे हैं। उत्तराखंड शिक्षा विभाग में कार्यरत 20 प्रवक्ता, सात सहायक अध्यापक, एक प्रधानाचार्य, प्राइमरी के तीन शिक्षक व पांच अन्य कर्मचारी प्रतिनियुक्ति पर हैं। मजेदार बात यह है कि शिक्षक यूपी के कई जिलों से लेकर विहार, आयोग, निगमों व सचिवालय तक में पहुंचे हुए हैं। राइंका घिंडवाड़ा, पौड़ी में समाज शास्त्र के प्रवक्ता वर्तमान में नेहरू युवा केंद्र भागलपुर (विहार) में तैनात हैं। इसी तरह राइंका वज्यूला, बागेश्वर के प्रवक्ता सत्येंद्र कुमार मिश्रा सीतापुर (उत्तरप्रदेश) में, राइंका कौसानी के प्रवक्ता हरीश चंद्र संतकबीर नगर (यूपी) में तैनात हैं। राइंका बाड़ाकांडा, पौड़ी के प्रवक्ता विनोद कुमार मिश्रा इलाहाबाद तो राइंका साकिनखत, पौड़ी के प्रवक्ता शरद सिंह प्रतापगढ़ में तैनात हैं। एक अन्य एलटी शिक्षक पंकज कुमार वशिष्ठ मुजफ्फरनगर तो राइंका चौंरीखाल के प्रवक्ता शंकर सुवन प्रतापगढ़ में हैं। मजेदार बात यह है कि राइंका महुआखेड़ा ऊधमसिंहनगर के अंग्रेजी के प्रवक्ता नफीस अहमद उत्तराखंड हज कमेटी में हज अधिकारी के पद पर काम कर रहे हैं। राइंका चौरिया भरदार, रुद्रप्रयाग में भौतिकी के प्रवक्ता ओमप्रकाश नौटियाल उत्तराखंड विज्ञान एवं अनुसंधान केंद्र देहरादून में वैज्ञानिक के पद पर काम कर रहे हैं। ऊंची पहुंच वाला एक वाकया तो बहुत ही दिलचस्प है। राइंका गजरौला, ऊधमसिंहनगर में एलटी के सहायक अध्यापक (व्यायाम) संजीव पांडेय उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय देहरादून में विधि अधिकारी के पद पर तैनात हैं। एक अन्य प्रवक्ता संतोष कुमार सिंह जो रुद्रप्रयाग में तैनात थे, वर्तमान में वे चंदौली (उत्तरप्रदेश) में सेवाएं दे रहे हैं। इसके अलावा टिहरी में तैनात प्रवक्ता सत्यनारायण कटियार रमाबाई नगर (यूपी), रामचंद्र चौहान टिहरी के बजाय आजमगढ़ में प्रतिनियुक्ति पर सेवाएं दे रहे हैं। उत्तराखंड का शिक्षा विभाग शिक्षकों की कमी का रोना रोता रहता है। इसके लिए लोक सेवा आयोग और अधीनस्थ सेवा चयन आयोग में रिक्तियों के अध्याचन भी भेजे गये हैं। भर्तियों में विलंब होने की वजह से सैकड़ों स्कूल ऐसे हैं, जहां छात्र बिना शिक्षकों के ही समय काट रहे हैं, लेकिन विज्ञान, गणित और अंग्रेजी जैसे विषयों के प्रवक्ताओं को उनके व्यक्तिगत फायदे के लिए मनचाही जगहों पर भेज दिया गया है। (इनपुट राष्ट्रीय सहारा देहरादून)

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नवीन समाचार, देहरादून/नैनीताल,  17 फरवरी 2019। फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरी कर रहे जिन 80 शिक्षकों को शिक्षा विभाग ने बर्खास्त कर दिया था, अब सूत्रों के अनुसार उन्हें बहाल करने की तैयारी चल रही है। कहा जा रहा है कि शिक्षा विभाग की एकतरफा कार्रवाई पर कुछ दिन पहले हाईकोर्ट ने सख्त नाराजगी जताते हुए आदेश दिया था कि शिक्षकों को अपना पक्ष रखने को मौका दिया जाना चाहिए। इसके अनुपालन में विभाग अब इन्हें बहाल कर कारण बताओ नोटिस जारी कर सकता है।

हालांकि उच्च न्यायालय की ओर से बताया जा रहा है कि संबंधित शिक्षकों को बहाल करने का कोई आदेश पारित नहीं हुआ है। केवल नैनीताल जिले से संबंधित 5-6 शिक्षकों के मामले में यह कहा गया था कि उन्हें जांच अधिकारी द्वारा जांच रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई गयी थी। इस मामले में संबंधित औपचारिकता पूरी करने को कहा गया। वहीं उधमसिंह नगर जिले के कुछ मामलों में चार्ज शीट नहीं लगी थी। इस मामले में भी निलंबन जारी रखते हुए पुरानी चार्जशीट के आधार पर ही जांच पूरी करने को कहा गया है।

उधर शिक्षा विभाग की ओर से बताया गया है कि काफी समय से शिक्षा विभाग और सरकार को शिकायतें मिल रही थी कि राज्य में बड़ी संख्या में शिक्षक फर्जी प्रमाणपत्र हासिल कर नौकरी कर रहे हैं। सरकार ने इसकी जांच के लिए एसआईटी गठित की थी। एसआईटी की जांच में बड़ी संख्या में ऐसे शिक्षक मिले, जिनके प्रमाणपत्र जांच के दौरान फर्जी पाए गए थे। ऐसे करीब 80 शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए विभाग ने उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया था। इसके खिलाफ कई शिक्षकों ने हाईकोर्ट में अपील दायर की। हाईकोर्ट ने नियमों का पालन न करने पर सख्त नाराजगी जताते हुए विभागीय अधिकारियों को फटकार लगाई। डबल बेंच में अपील के बाद भी शिक्षा विभाग को राहत नहीं मिली। हाईकोर्ट ने कहा, शिक्षकों को बर्खास्त करने से पहले अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाना चाहिए था। शिक्षकों को नोटिस दिए बिना एकतरफा कार्रवाई की गई है। आरोपी शिक्षकों का पक्ष सुना जाना चाहिए था।

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सदी के महानायक अमिताभ बच्चन को मुंबई में शुक्रवार को एक लाइव शो के दौरान मंच से एक बच्चे में अपना अक्स दिखाई दिया। उन्हें वह बालक पहचाना भी लगा। उन्होंने उसे मंच पर बुला लिया। परिचय पूछा तो पूरी फिल्म आंखों के आगे घूम गई। इस फ़िल्म में खुद अमिताभ तो थे ही, साथ ही था, उनके स्मृतियों में बसे उनके अपने शेरवुड कॉलेज, और नैनीताल, साथ ही वह होनहार छात्र अपूर्व गौरव, जिससे वह पहले भी इसी लाइव शो पर ऑनलाइन पर्दे पर मिल चुके थे।

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उल्लेखनीय है कि नैनीताल के प्रतिष्ठित शेरवुड कॉलेज के 12 वीं के छात्र अपूर्व गौरव को स्वच्छ बनेगा इंडिया कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया था। महानायक अमिताभ भी शेरवुड के 1958 बैच के छात्र रहे हैं। पिछले वर्ष आयोजित हुए कार्यक्रम में अपूर्व ने अपनी कविता पाठ के जरिए अमिताभ को खासा प्रभावित किया था। सो शो के दौरान अमिताभ बच्चन ने अपूर्व को स्टेज पर बुला लिया। अपूर्व ने यहां भी अपनी स्वरचित कविताओं से महानायक समेत कार्यक्रम में मौजूद लोगों को खासा प्रभावित किया।

अमिताभ सहित मंच पर मौजूद लोग अपूर्व की कविता से खासे प्रभावित हुए। कविता समाप्त होते ही उन्होंने अपूर्व को गले मिलकर शाबासी दी।

इस दौरान अपूर्व ने उन्हें शेरवुड कॉलेज के 2019 में मनाये जा रहे गौरवशाली 150वें स्थापना दिवस में मुख्य अतिथि के रूप में सपरिवार आने के लिए आमंत्रण भी दे दिया। अमिताभ अपूर्व के इस आग्रह को नहीं ठुकरा सके। अमिताभ ने उन्हें कार्यक्रम में आने की मौखिक सहमति दे दी। विद्यालय में अमिताभ के मुख्य अतिथि बनने के आग्रह को स्वीकार करने से खुशी का माहौल है।

अपने ‘सुपर-डुपर जूनियर’ के ‘जबरा फैन’ हुए सदी के महानायक, अपूर्व ने कुछ ‘अपूर्व’ कर बढ़ाया ‘गौरव’

अपूर्व गौरव शाह

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p style=”text-align: justify;”>-शेरवुड कॉलेज के छात्र अपूर्व की कविता से अभिभूत होकर मांगा वीडियो, कहा अपने फेसबुक तथा अन्य सोशल साइटों पर करेंगे कविता का प्रचार
नवीन जोशी, नैनीताल। व्यक्ति की महानता अपनी नहीं दूसरों में प्रशंसा में निहित होती है। एक दिन पूर्व ही फिल्म ‘ठग ऑफ हिंदुस्तान’ के लिये स्वयं के बजाय अपने सह कलाकार आमिर खान को ‘महान’ बताने वाले सदी के महानायक-बिग बी यानी अमिताभ बच्चन अब अपने एक ‘सुपर-डुपर जूनियर” के मानो ‘जबरा फैन’ हो गये हैं। एक राष्ट्रीय चैनल द्वारा सीधे प्रसारित हो रहे एक कार्यक्रम में अमिताभ को उनके पूर्व विद्यालय रहे शेरवुड कॉलेज नैनीताल के नौवीं कक्षा के छात्र अपूर्व गौरव शाह ने स्वच्छता अभियान पर लिखी हुई कविता सुनाते हुए कुछ ऐसा ‘अपूर्व’ कर ‘गौरव’ बढ़ाया कि उसकी प्रशंशा करते हुये अमिताभ ने टिप्पणी की-ऐसी कविता उन्होंने आज तक कभी नहीं सुनी। उन्होंने अपूर्व का उत्साहवर्धन करते हुए उनसे उनकी कविता का वीडियो भी मांगा और कहा कि वह अपने फेसबुक तथा अन्य सोशल साइटों पर इस कविता को अपलोड कर इसका प्रचार करेंगे।

फिर अपने ‘सुपर जूनियर’ की कविता के कायल हुए ‘सीनियर बच्चन’

नैनीताल। अपने कवि पिता हरवंश राय बच्चन की तरह स्वयं भी कवि हृदय बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन एक बार पुनः अपने शेरवुड कॉलेज के ‘सुपर जूनियर’ अपूर्व गौरव की कविता के एक बार फिर से कायल हो गये, और उन्होंने एक टीवी चैनल पर बीती 2 अक्टूबर 2017 को सीधे जुड़ते हुए अपूर्व की स्वच्छता से संबंधित कविता की तालियां बजाकर सराहना की, और इस कविता की प्रति उन्हें अलग से भेजने को कहा। उल्लेखनीय है कि अमिताभ पूर्व में भी इसी चैनल के एक ऐसे ही कार्यक्रम में अपूर्व की स्वच्छता पर ही एक अन्य कविता सुन और सराह चुके हैं। गौरतलब है कि कि अपूर्व मूलतः बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के रामनगर कस्बे का निवासी है। अपनी नयी कविता में अपूर्व ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तर्ज पर सफाई करने वालों को देश की रक्षा करने वाले सैनिकों की तरह बड़ा काम करने वाला बताया है। गौरतलब है कि अपूर्व की कविता सुनने के बाद तत्कालीन डीएम दीपक रावत ने भी उसे स्वच्छता अभियान के लिये जनपद का ब्रांड एंबेसडर बनाने की बात कही थी, हालांकि बात आगे बढ़ती नहीं दिखाई दी है। अपनी ताजा कविता से भी अपूर्व ने एक बार फिर अपने नाम के अनुरूप अपने विद्यालय व नगर का ‘गौरव’ बढ़ाया है। गत दिवस वे अपने विद्यालय में आयोजित हुई अखिल भारतीय वाद-विवाद प्रतियोगिता के विजेता भी चुने गए थे।

अपूर्व की अमिताभ के सम्मुख प्रस्तुत कविता को यहाँ क्लिक कर के देख सुन सकते हैं।

भूलना न होगा कि अमिताभ अपने दौर के महान कवि हरवंश राय बच्चन के पुत्र हैं। वह स्वयं भी कविता करते रहे हैं, और कई बार फिल्मों तथा अन्य मंचों पर स्वयं की तथा अपने पिता की प्रसिद्ध कविता मधुशाला के कई छंदों को खास अंदाज में स्वर भी देते रहे हैं। फिल्म ‘कभी-कभी’ में शीर्षक गीत ‘कभी कभी मेरे दिल में खयाल आता है’ हो या फिल्म अग्निपथ का शीर्षक गीत, उसे कविता के रूप में अमिताभ ने अपने स्वर देकर हमेशा के लिये अपने प्रशंसकों के दिलों में अमिट छाप छोड़ी है। लेकिन उनकी वास्तविक महानता अपने प्रशंसकों की प्रशंसा करने में भी निहित है, जो यहां लाइव प्रसारित हो रहे टीवी कार्यक्रम के दौरान दिखी। उन्होंने अपूर्व की कविता के शब्दों-‘यदि निकला सफाई करने, संकल्प कड़ा मानें हम, कचरा उठाने की शर्मिंदगी से, देश बड़ा मानें हम।” को एकटक सुनते हुये आखिर में अपने खास अंदाज में जमकर तालियां बजायीं। अमिताभ ने कहा, ‘उन्होंने ऐसी कविता न कभी सुनी और न ही कभी बनाई। उन्होंने अपूर्व से पूछा, कहां से उसने यह सब सीखा और कहां से इतना आत्म विश्वास उसके अंदर आया। हमारे जमाने में तो ऐसा कुछ भी नहीं होता था।’ साथ ही उन्होंने गर्व जताया कि वह खुद शेरवुड कलेज के विद्यार्थी रहे हैं। इसके बाद अमिताभ से प्रशंसा के बोल सुनकर गदगद हुये मूल रूप से बिहार के पश्चिमी चम्पारण जिले के रामनगर निवासी अपूर्व ने कहा कि उनके क्षेत्र के एक दशरथ मांझी जब पहाड़ काट सकते हैँ तो हजारों-लाखों लोग भारत को स्वच्छ क्यों नहीं बना सकते। उसने बताया कि वह बचपन से ही कविता का शौक रहा है। वह पहले भी वाद विवाद समेत कई अन्य प्रतियोगिताएं जीतकर विद्यालय का नाम रोशन कर चुका है। अपूर्व के प्रधानाचार्य अमनदीप संधु ने कहा कि अमिताभ द्वारा उनके विद्यालय के छात्र की सराहना करना बेहद गर्व की बात है। इधर डीएम दीपक रावत ने अपूर्व को स्वच्छता अभियान के लिये नैनीताल जिले का ब्रांड एंबेसडर बनाने की घोषणा की।

अपनी कविता से अमिताभ बच्चन से प्रशस्ति पा चुके शेरवुड के अपूर्व गौरव रहे प्रतियोगिता के सर्वश्रेष्ठ वक्ता

नैनीताल। नगर के शेरवुड कॉलेज में चल रही पांचवी लेवलिन अखिल भारतीय अंतरविद्यालयी वाद-विवाद प्रतियोगिता मेजबान शेरवुड कॉलेज ने जीत ली, जबकि अजमेर राजस्थान का मेयो कॉलेज उपविजेता रहा। वहीं प्रतियोगिता के दौरान ही आयोजित हुई क्विज ट्रॉफी सैनिक स्कूल घोड़ाखाल को प्राप्त हुई, जबकि हिमांचल प्रदेश का पाइनग्रोव स्कूल उपविजेता रहा। प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ वक्ता का पुरस्कार शेरवुड के अपूर्व विक्रम शाह को चुना गया। उल्लेखनीय है कि अपूर्व पूर्व में स्वच्छता पर अपनी एक कविता से एक टीवी चैनल पर लाइव शो के दौरान इसी विद्यालय के छात्र अमिताभ बच्चन को प्रभावित कर उनसे हौंसला अफजाई प्राप्त कर चुके हैं। उनके अतिरिक्त नई दिल्ली के वसंत वैली स्कूल की अद्वया गुलाती को विपक्ष की सर्वश्रेष्ठ वक्ता का पुरस्कार दिया गया। इससे पूर्व मेयो कॉलेज अजमेर की फाल्गुनी जोशी सेमी फाइनल की सर्वश्रेष्ठ वक्ता रहीं और अवंतिका छोडा को एक्सीलेंस अवार्ड प्राप्त हुआ।

अमिताभ के शेरवुड कॉलेज में उतरे ‘तारे जमीन पर’ : ‘तारे जमीन पर’ फेम दर्शील ने नाटक से रिझाया

शेरवुड कॉलेज में नाटक ‘द अडॉरेबल लूजर्स’ के एक दृश्य में सिने कलाकार दर्शील सफारी व अभिषेक पटनायक।

नैनीताल, 1 मई 2018। शिक्षा नगरी नैनीताल के सर्वश्रेष्ठ, सदी के महानायक अमिताभ बच्चन के विद्यालय-शेरवुड कॉलेज में मंगलवार को एक तरह से ‘तारे जमीन पर’ नजर आये। विद्यालय में ‘तारे जमीन पर’ हिंदी फिल्म से चर्चित हुए बाल कलाकार दर्शील सफारी ने कॉलेज के ‘बैस्टन सेंटर’ में अपने सह कलाकार अभिषेक पटनायक के साथ केवल दो चरित्रों, प्रोफेसर एवं छात्र युक्त हास्य नाटक प्रस्तुत किया। अभिषेक द्वारा ही लिखे एवं अनुराग खन्ना द्वारा ‘आउट ऑफ द वर्ल्ड’ थियेटर ग्रुप की ओर से प्रदर्षित नाटक ‘द अडॉरेबल लूजर्स’ का यहां 61वां शो था। बताया गया कि इससे पूर्व दर्शील स्कूली बच्चों को थियेटर से जोड़ने, उन्हें थियेटर की बारीकियों से अवगत कराने के लिए देश भर में इस नाटक के 60 शो कर चुके हैं। नाटक एक गणित में कमजोर छात्र-दर्शील एवं अंग्रेजी में कमजोर शिक्षक-अभिषेक के बीच के वार्तालापों व कई भावपूर्ण एवं हास्य दृश्यों के जरिये छात्र एवं शिक्षक के संबंधों को आगे बढ़ाता हुआ चलता है।

नाटक के समापन पर दर्शील एवं उनकी टीम को सम्मानित करते शेरवुड के प्रधानाचार्य अमनदीप संधू

नाटक में विन्सो मिनोला, मनीस केतकर, सुभेदु साह, ऋतिक सिंह आदि ने भी सहयोग दिया। नाटक के समापन पर शेरवुड के प्रधानाचार्य अमनदीप संधू ने दर्शील एवं उनकी टीम को सम्मानित किया। विद्यालय के उप प्रधानाचार्य हेम चंद्र पांडे, बासु साह, एसडी पाठक, पंकज चौधरी व अजय शर्मा सहित अनेक शिक्षकों व विद्याथियों ने करीब एक घंटा 40 मिनट के नाटक का पूरे समय खूब आनंद लिया।

नैनीताल के श्रेष्ठ शिक्षण संस्थान

शिक्षा नगरी के रूप में नैनीताल

नैनीताल को यूं ही शिक्षा नगरी के रूप में नहीं जाना जाता है। दरअसल, इसके अंग्रेज निर्माताओं ने यहां की शीतल व शांत जलवायु को देखते हुऐ इसे विकसित ही इसी प्रकार किया। १८ नवंबर १८४१ को आधिकारिक रूप से खोजा गया यह नगर अंग्रेजों को अपने घर जैसा लगा और उन्होंने इसे ‘छोटी बिलायत” के रूप में बसाया। सर्वप्रथम १८५७ में अमेरिकी मिशनरियों के आने से यहां शिक्षा का सूत्रपात हुआ। उन्होंने मल्लीताल में एशिया का पहला मैथोडिस्ट चर्च बनाया, तथा इसके पीछे ही नगर के पहले अमेरिकन मिशनरी स्कूल की आधारशिला रखी, जो वर्तमान में सीआरएसटी स्कूल के रूप में नऐ गौरव के साथ मौजूद है। १८६९ में यूरोपियन डायसन बॉइज स्कूल के रूप में वर्तमान के शेरवुड कालेज एवं लड़कियांे के लिए यूरोपियन डायसन गल्र्स स्कूल भी खुला, जो वर्तमान में ऑल सेंट्स कालेज के रूप में विद्यमान है। सदी के महानायक अमिताभ बच्चन शेरवुड कालेज व सैम बहादुर जनरल मानेकशॉ जैसी हस्तियां यहां के छात्र रहे। इसके अलावा १८७७ में ओक ओपनिंग हाइस्कूल के रूप में वर्तमान बिड़ला विद्या मंदिर, १८७८ में वेलेजली गल्र्स हाइस्कूल के रूप में वर्तमान कुमाऊं  विश्व विद्यालय का डीएसबी परिसर, १८८६ में सेंट एन्थनी कान्वेंट ज्योलीकोट तथा १८८८ मंे सेंट जोजफ सेमीनरी के रूप में वर्तमान सेंट जोजफ कालेज की स्थापना हुई। इस दौर में यहां रहने वाले अंग्रेजों के बच्चे इन स्कूलों में पढ़ते थे, और उन्हें अपने देश से बाहर होने या कमतर शिक्षा लेने का अहसास नहीं होता था। इस प्रकार आजादी के बाद २०वीं सदी के आने से पहले ही यह नगर शिक्षा नगरी के रूप में अपनी पहचान बना चुका था। यह परंपरा आज भी जारी है। नगर के द होली एकेडमी, अमेरिकन किड्ज व वृंदावन पब्लिक स्कूल आदि छोटे बच्चों के प्रिपरेटरी स्कूल और बिड़ला विद्या मंदिर, लोंग व्यू पब्लिक स्कूल, राधा चिल्ड्रन एकेडमी, ओकवुड स्कूल, रामा मांटेसरी, होली एंजिल्स स्कूल, द मदर्स हर्ट, बिशप शॉ इंटर कॉलेज, अम्तुल्स पब्लिक स्कूल व वसंत वैली पब्लिक स्कूल आदि स्कूल भी शिक्षा नगरी की इस प्रतिष्ठा को बढ़ाने में अपनी पूरी ऊर्जा लगा रहे हैं। खास बात यह भी है कि यहां के स्कूलों ने आजादी के बाद भी अपना स्तर न केवल बनाऐ रखा, वरन ‘गुरु गोविंद दोउं खड़े, काके लागूं पांय, बलिहारी गुरु आपने जिन गोविंद बताय” की विवशता यहां से निकले छात्र छात्रााओं में कभी भी नहीं दिखाई दी। आज भी दशकों पूर्व यहां से निकले बच्चे वृद्धों के रूप मंे जब यहां घूमने भी आते हैं तो नऐ शिक्षकों में अपने शिक्षकों की छवि देखते हुऐ उनके पैर छू लेते हैं।जाना जाता है। दरअसल, इसके अंग्रेज निर्माताओं ने यहां की शीतल व शांत जलवायु को देखते हुऐ इसे विकसित ही इसी प्रकार किया। १८ नवंबर १८४१ को आधिकारिक रूप से खोजा गया यह नगर अंग्रेजों को अपने घर जैसा लगा और उन्होंने इसे ‘छोटी बिलायत” के रूप में बसाया। सर्वप्रथम १८५७ में अमेरिकी मिशनरियों के आने से यहां शिक्षा का सूत्रपात हुआ। उन्होंने मल्लीताल में एशिया का पहला मैथोडिस्ट चर्च बनाया, तथा इसके पीछे ही नगर के पहले अमेरिकन मिशनरी स्कूल की आधारशिला रखी, जो वर्तमान में सीआरएसटी स्कूल के रूप में नऐ गौरव के साथ मौजूद है। १८६९ में यूरोपियन डायसन बॉइज स्कूल के रूप में वर्तमान के शेरवुड कालेज एवं लड़कियांे के लिए यूरोपियन डायसन गल्र्स स्कूल भी खुला, जो वर्तमान में ऑल सेंट्स कालेज के रूप में विद्यमान है। सदी के महानायक अमिताभ बच्चन शेरवुड कालेज व सैम बहादुर जनरल मानेकशॉ जैसी हस्तियां यहां के छात्र रहे। इसके अलावा १८७७ में ओक ओपनिंग हाइस्कूल के रूप में वर्तमान बिड़ला विद्या मंदिर, १८७८ में वेलेजली गल्र्स हाइस्कूल के रूप में वर्तमान कुमाऊं  विश्व विद्यालय का डीएसबी परिसर, १८८६ में सेंट एन्थनी कान्वेंट ज्योलीकोट तथा १८८८ में सेंट जोजफ सेमीनरी के रूप में वर्तमान सेंट जोजफ कालेज की स्थापना हुई। इस दौर में यहां रहने वाले अंग्रेजों के बच्चे इन स्कूलों में पढ़ते थे, और उन्हें अपने देश से बाहर होने या कमतर शिक्षा लेने का अहसास नहीं होता था। इस प्रकार आजादी के बाद २०वीं सदी के आने से पहले ही यह नगर शिक्षा नगरी के रूप मंे अपनी पहचान बना चुका था। यह परंपरा आज भी जारी है। नगर के द होली एकेडमी, अमेरिकन किड्ज व वृंदावन पब्लिक स्कूल आदि छोटे बच्चों के प्रिपरेटरी स्कूल और बिड़ला विद्या मंदिर, लोंग व्यू पब्लिक स्कूल, राधा चिल्ड्रन एकेडमी, ओकवुड स्कूल, रामा मांटेसरी, होली एंजिल्स स्कूल, द मदर्स हर्ट, बिशप शॉ इंटर कॉलेज, अम्तुल्स पब्लिक स्कूल व वसंत वैली पब्लिक स्कूल आदि स्कूल भी शिक्षा नगरी की इस प्रतिष्ठा को बढ़ाने में अपनी पूरी ऊर्जा लगा रहे हैं। खास बात यह भी है कि यहां के स्कूलों ने आजादी के बाद भी अपना स्तर न केवल बनाऐ रखा, वरन ‘गुरु गोविंद दोउं खड़े, काके लागूं पांय, बलिहारी गुरु आपने जिन गोविंद बताय” की विवशता यहां से निकले छात्र छात्रााओं में कभी भी नहीं दिखाई दी। आज भी दशकों पूर्व यहां से निकले बच्चे वृद्धों के रूप मंे जब यहां घूमने भी आते हैं तो नऐ शिक्षकों में अपने शिक्षकों की छवि देखते हुऐ उनके पैर छू लेते हैं।राधा चिल्ड्रन अकेडमी& साकार हुआ शिक्षा का सपनाराधा चिल्ड्रन अकेडमी की स्थापना सरोवरनगरी के संस्थापकों में शुमार स्वर्गीय मोती राम शाह के वंशज युवा शिक्षा प्रेमी दीपक शाह व उनके साथियों ने वर्ष १९९९ में छात्र-छात्राओं को महंगी शिक्षा से इतर सस्ती व गुणवत्तापूर्वक शिक्षा देने के उद्देश्य से की गई। कम समय में ही स्नोभ्यू स्थित राधा चिल्ड्रन अकेडमी की पहचान गरीब बच्चों को अच्छी व गुणवत्तापूर्वक शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए नगर भर में बन गई है, और इस क्षेत्र में यह विद्यालय अभिभावकों की पहली पसंद बन गया है। यहां पर आसपास के क्षेत्रों के करीब ढाई सौ से अधिक बच्चों को कुशल व अनुभवी शिक्षक-शिक्षिकाओं के द्वारा पढ़ाया जाता है। बेहतर क्लास रुम, कंप्यूटर लैब आदि की सुविधाएं स्कूल में उपलब्ध कराई गई हैं। आज विद्यालय के बच्चे नगर में आयोजित होने वाले विभिन्न प्रतियोगिताओं में सर्वश्रेष्ठ स्थानों पर अपना नाम दर्ज करा रहे हैं।

नगर के आम बच्चों की पहली पसंद बिशप शॉ इंटर कॉलेज

नगर का तल्लीताल डांठ जैसे सर्वाधिक सुगम स्थान पर स्थित बिशप शॉ इंटर कालेज नगर के आम निम्न एवं मध्यम वर्ग के बच्चों एवं उनके अभिभावकों की पहली पसंद है। मार्च १९७१ में स्थापित विद्यालय चार वर्ष पूर्व से उत्तराखंड बोर्ड के अंतर्गत बेहद कम शुल्क पर सीबीएसई पैटर्न पर इंटरमीडिएट तक की अंग्रेजी माध्यम से गुणवत्ता युक्त शिक्षा दे रहा है। यही नहीं विद्यालय में नैतिक शिक्षा एवं कम्प्यूटर शिक्षा भी दी जाती है। विद्यालय में विज्ञान वर्ग की शिक्षा भी उपलब्ध है। प्रबंधक नीलम दानी एवं प्रधानाचार्य जे.ए. विल्सन के कुशल निर्देशन में विद्यालय के विद्यार्थियों को खेल तथा नगर में होने वाली निबंध, चित्रकला, भाषण आदि प्रतियोगिताओं में भाग लेने और पढ़ाई के साथ ही चहुमुंखी व सर्वांगीण विकास करने का मौका उपलब्ध होता है। विद्यालय उत्तरोत्तर विकास के पथ पर अग्रसर है। इधर बीते वर्ष यहां के चंदन जोशी ने इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा में उत्तराखंड राज्य में १७वां और कुलदीप सिंह कुरिया ने १९वां स्थान प्राप्त किया।

प्रगति पथ पर वसंत वैली पब्लिक स्कूल

वसंत वैली वेलफेयर सोसायटी द्वारा संचालित वसंत वैली पब्लिक स्कूल की स्थापना वर्ष १९९८ में की गई थी। विद्यालय कान्वेंट शिक्षित एवं नैनीताल के शेरवुड कालेज के साथ दिल्ली के स्कूलों में शिक्षण कर चुकी एमए, एलएलबी व बीएड की उच्च शिक्षा प्राप्त प्रधानाचार्या श्रीमती नीरज सिंह के सफल निर्देशन में उत्तरोत्तर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। वर्तमान में उत्तराखंड शासन की मान्यता प्राप्त यह स्कूल नर्सरी से आठवीं कक्षा तक की उच्च स्तरीय शिक्षा उपलब्ध करा रहा है, तथा शीघ्र ही सीबीएसई बोर्ड से दसवीं तक की मान्यता प्राप्त करने जा रहा है। बच्चों को स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाने के लिए किताबी ज्ञान के अलावा यहां समय समय पर खेल-कूद, वाद-विवाद, कला तथा संगीत की प्रतियोगिताऐं आयोजित की जाती हैं। समाज के कमजोर वर्ग के बच्चों को शिक्षा का महादान देने के लिये इस विद्यालय की अलग पहचान है।

गौरवशाली शेरवुड कालेज

शेरवुड कालेज को नगर के सबसे पुराने प्रतिष्ठित पब्लिक स्कूल के रूप में जाना जाता है। १८५९ में इस विद्यालय की स्थापना यूरोपियन डायसन बॉइज स्कूल के रूप में हुई थी। सदी के महानायक अमिताभ बच्चन, देश के पहले थल सेनाध्यक्ष जनरल सैम मानेकशॉ सहित कई जानी मानी हस्तियों को शिक्षा व अनुशासन के साथ चर्तुर्दिक ज्ञान की दीक्षा देने वाले इस विद्यालय का अपना करीब डेढ़ शताब्दी लंबा गौरवशाली इतिहास रहा है। एटकिंसन लिखित प्रतिष्ठित ‘हिमालयन गजेटियर” में विद्यालय का उल्लेख है, जिससे इसकी प्रतिश्ठा का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। अपनी प्रतिश्ठा के अनुरूप दिनों दिन अत्याधुनिकता से कदमताल करता हुआ विद्यालय पठन पाठन के साथ विद्यार्थियों के चतुर्दिक विकास के महायज्ञ में जुटा हुआ है। इस प्रगति का श्रेय नि:संदेह विद्यालय के प्रधानाचार्य अमनदीप संधू की नेतृत्व क्षमता और अनुशासन प्रियता को जाता है, जिन्होंने ‘ब्रांड’ बन चुके ‘शेरवुडियन्स’ में पुरानी बेहतरीन छवि के साथ जीवन के हर क्षेत्र में आगे बढ़ने का नयां जज्बा और जोश भरा है। विगत वर्ष विद्यालय में पत्नी जया, पुत्र अभिषेक, बहु ऐश्वर्या के साथ पधारे महानायक अमिताभ बच्चन के साथ ही इस वर्ष उनके भाई अजिताभ बच्चन, बॉलीवुड-हॉलीवुड कलाकार कबीर बेदी से भी श्री संधू को इन्हीं गुणों के लिए दिल खोलकर मिली प्रशंशा से इसकी पुष्टि हो गई।

शैक्षणिक उत्कृष्टता के नित नऐ मानदंड स्थापित करता बिड़ला विद्या मंदिर

शैक्षणिक उत्कृष्टता एवं मूल्यों पर आधारित शिक्षा के समन्वय के बिना एक अच्छे समाज एवं उन्नत देश के निर्माण की कल्पना नहीं की जा सकती। १९७७ में स्थापित नगर के बिड़ला विद्या मंदिर नैनीताल का सतत प्रयास है कि यहां पढ़ने वाले बच्चों को शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ ही उनके शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक, भावात्मक, सामाजिक एवं आध्यात्मिक विकास के भरपूर अवसर दिऐ जाऐं। यही कारण है कि यहां से पढ़े हुऐ विद्यार्थी अपने निजी जीवन में अत्यंत सफल रहने के साथ ही प्रशासनिक, इंजीनियरिंग, मेडिकल, सैन्य बलों तथा रंगमंच, राजनीति एवं अभिनय जैसे क्षेत्रों में अपनी सफलता के झंडे गाड़ते रहते हैं। यह विद्यालय अत्यंत योग्य एवं अनुभवी शिक्षकों से युक्त होने के साथ-साथ बच्चों के विकास के लिए जरूरी सभी खेल-कूद सुविधाओं से संपन्न हैं। यहां कक्षा दस एवं बारह के बोर्ड परिणाम प्रति वर्ष अत्यंत उत्कृष्ट कोटि के होते हैं। यहां के विद्यार्थी हर वर्ष ही राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर की मेरिट में उत्कृष्ट स्थान प्राप्त करते हैं। विद्यालय में एक बार पुन: पदार्पण करने वाले विद्वान एवं लंबा शैक्षणिक अनुभव रखने वाले प्रधानाचार्य एके शर्मा का मानना है कि बच्चों में शैक्षणिक उत्कृष्टता,

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मेरा जन्म 26 नवंबर 1972 को हुआ था। मैं नैनीताल, भारत में मूलतः एक पत्रकार हूँ। वर्तमान में मार्च 2010 से राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक समाचार पत्र-राष्ट्रीय सहारा में ब्यूरो चीफ के रूप में कार्य कर रहा हूँ। इससे पहले मैं पांच साल के लिए दैनिक जागरण के लिए काम कर चुका हूँ। कुमाऊँ विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग से ‘नए मीडिया’ विषय पर शोधरत हूँ। फोटोग्राफ़ी मेरा शौक है। मैं NIKON COOLPIX P530 और अडोब फोटोशॉप 7.0 के साथ फोटोग्राफी कर रहा हूँ। फोटोग्राफी मेरे लिए दुनियां की खूबसूरती को अपनी ओर से चिरस्थाई बनाने का बहुत छोटा सा प्रयास है। एक फोटो पत्रकार के रूप में मेरी तस्वीरों को नैनीताल राजभवन सहित विभिन्न प्रदर्शनियों में प्रस्तुत किया गया, तथा उत्तराखंड की राज्यपाल श्रीमती मार्गरेट अलवा द्वारा सम्मानित किया गया है। कुछ चित्रों को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हो चुके हैं। गूगल अर्थ पर चित्र उपलब्ध कराने वाली पैनोरामियो साइट पर मेरी प्रोफाइल को 18.85 Lacs से भी अधिक हिट्स प्राप्त हैं।पत्रकारिता और फोटोग्राफी के अलावा मुझे कवितायेँ लिखना पसंद है। काव्य क्षेत्र में मैंने नवीन जोशी “नवेन्दु” के रूप में अपनी पहचान बनाई है। मैंने बहुत सी कुमाउनी कवितायेँ लिखी हैं, कुमाउनी भाषा में मेरा काव्य संकलन उघड़ी आंखोंक स्वींड़ प्रकाशित हो चुका है, जो कि पुस्तक के के साथ ही डिजिटल (PDF) फार्मेट पर भी उपलब्ध होने वाली कुमाउनी की पहली पुस्तक है। मेरी यह पुस्तक गूगल एप्स पर भी उपलब्ध है। ’ यहां है एक पत्रकार, लेखक, कवि एवं छाया चित्रकार के रूप में मेरी रचनात्मकता, लेख, आलेख, छायाचित्र, कविताएं, हिंदी-कुमाउनी के ब्लॉग आदि कार्यों का पूरा समग्र। मेरी कोशिश है कि यहां नैनीताल, कुमाऊं, उत्तराखंड और वृहद संदर्भ में देश की विरासत, संस्कृति, इतिहास और वर्तमान को समग्र रूप में संग्रहीत करने की….।मेरे दिल में बसता है, मेरा नैनीताल, मेरा कुमाऊं और मेरा उत्तराखंड

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