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बड़ा समाचार : केंद्र सरकार से आज उत्तराखंड को मिला 970 करोड़ रुपए का तोहफा, जानें क्या होगा इतनी बड़ी धनराशि से

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आज उत्तराखंड के हलद्वानी जाएंगे PM मोदी, 17547 करोड़ के प्रोजेक्ट्स का  देंगे तोहफा Pm Narendra modi will give gifts of 17547 crores on his visit  to Uttarakhand todayनवीन समाचार, देहरादून, 13 मई 2022। केंद्र सरकार ने उत्तराखंड को शुक्रवार को 970 करोड़ का बड़ा तोहफा दिया है। इस धनराशि से उत्तराखंड के 22 हजार बेसिक शिक्षक जल्द ही टैबलेट की मदद से स्कूल में पढ़ाई कराते नजर आएंगे। शुक्रवार को समग्र शिक्षा अभियान की प्लॉन अप्रुवल बोर्ड की बैठक में राज्य के लिए राज्य द्वारा मांगे गए 1167 करोड़ रुपये की मांग के सापेक्ष 970 करोड़ रुपये का बजट प्लॉन मंजूर किया गया है।

शुक्रवार को समग्र शिक्षा अभियान के तहत प्रोजेक्ट एप्रूवल बोर्ड की बैठक में उत्तराखंड शिक्षा विभाग से शिक्षा सचिव शिक्षा रविनाथ रमन, शिक्षा महानिदेशक के साथ समग्र शिक्षा अभियान के निदेशक बंशीधर तिवारी, अपर परियोजना निदेशक डॉ मुकुल सती के साथ कई अधिकारी ऑनलाइन बैठक से जुड़े।

इस दौरान उत्तराखंड को अप्रूवल बैठक से मिली सौगातों को लेकर समग्र शिक्षा के निदेशक बंशीधर तिवारी ने बताया कि उत्तराखंड शिक्षा व्यवस्था के लिए 970 करोड़ का बजट स्वीकृत हुआ है, इससे 133 विद्यालों के भवनों की स्थिति सुधारी जाएगी। साथ ही बीआरसी और सीआरसी के लिए भी पैसा जारी किया जाएगा।

इसके अलावा आईटी लैब के साथ कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में व्यवस्थाएं बढ़ाने के लिए भी बजट को मंजूरी मिली है। साथ ही नई शिक्षा नीति के तहत आंगनवाड़ी केंद्रों को बाल वाटिका बनाए जाने के लिए भी बजट स्वीकृत हुआ है। जबकि 22000 शिक्षकों को ई-टैब देने के लिए 10-10 हजार की राशि भी स्वीकृत हुई है।

इसके अलावा नए शिक्षा सत्र में पहली से आठवीं कक्षा तक प्रवेश लेने वाले एक लाख से भी ज्यादा छात्र-छात्राओं के लिए केंद्र सरकार ने एसएसए के बजट प्लॉन के तहत निःशुल्क किताबें और विद्यालय गणवेश योजना में शामिल करने पर सहमति दे दी। बताया गया है कि पहले शिक्षा विभाग ने बजट प्लॉन के तहत जो संख्या पहले भेजी थी, उसमें नए प्रवेश वाले छात्र शामिल नहीं थे। शिक्षा सचिव रविनाथ रमन ने इस मुद्दे को प्रमुखता से केंद्र के सामने रखा। कहा कि सभी छात्रों को लाभ दिया जाना चाहिए।

अपर परियोजना निदेशक डॉ मुकुल सती ने बताया कि 840 विद्यालयों में आटीसी लैब, 1124 स्मार्ट क्लास व 200 नए विद्यालयों में वोकेशनल कोर्स, 40 विद्यालयों में विज्ञान की प्रयोगशालाएं, पीटसैंड, झंडी पानी मसूरी, कौलागढ़ में गरीब एवं आवासीय हॉस्टल बनेंगे। उन्होंने कहा कि जो पैसे केंद्र सरकार के द्वारा राज्य के लिए स्वीकृत हुए हैं उसकी लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी। हर महीने विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी कि कितना काम केंद्र सरकार के द्वारा दिए गए बजट से किया जा रहा है और उसकी क्या प्रगति रिपोर्ट है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : इसलिए नहीं मिलती सरकारी नौकरी ! आठ शिक्षकों का वेतन रोकना पड़ा….

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 8 मई 2022। युवा पहले रोजगार के लिए रोते हैं। रोजगार मे भी बहुतों की चाहत व कोशिश होती है कि सरकारी नौकरी मिले। शायद इसलिए कि नौकरी मिले और सरकारी दामाद बन जाएं। नौकरी पर भी न जाना पड़े। बस मोटा वेतन बैक खाते में आ जाए। सच्चाई यह है कि ऐसे सरकारी नौकरी करने वालों की वजह से देश-प्रदेश की युवा पीढियों की सरकारी नौकरी पाने की चाहतें दम तोड़ रही हैं। उनके पापों की सजा युवा पीढ़ियां भुगतने को मजबूर हैं।

खासकर सर्वाधिक सरकारी नौकरी की संभावना वाले शिक्षा विभाग में, जहां से नई पीढ़ी को अच्छी शिक्षा देने की अपेक्षा की जाती है, वहीं फर्जी प्रमाण पत्रों से नौकरी पाने से लेकर विद्यालयों-कार्यालयों में न जाने, शिक्षकों द्वारा ही नहीं शिक्षा मित्रों के द्वारा भी अपनी जगह ‘मित्रों के मित्र’ रखे जाने के भी मामले सामने आते रहते हैं। अपने कार्यस्थल पर ही नौकरी करने और अवकाश के साथ ही कार्यस्थल छोडने की अनुमति लेने के कायदे-कानून तो न जाने कहां पीछे छूट गए हैं। किराया भत्ता लेने के बावजूद 100-50 किलोमीटर दूर रहकर भी नौकरी करने जाना आम है….

बहरहाल, शनिवार को नैनीताल जनपद में विभागीय अधिकारियों द्वारा किए गए मात्र 25 विद्यालयों के औचक निरीक्षण में आठ शिक्षक-जीआइसी जंगलियागांव में किरन भाटिया, उच्च प्राथमिक विद्यालय हल्द्वानी के पीपलपोखरा में कमला देवी व भीमताल के विनायक में हरीश पाठक, प्राथमिक विद्यालय पीपलपोखरा में जमुना पांगती, रामगढ़ के सिरसा में रवींद्र कुमार, बेतालघाट के चांदपुर में भारती लखचौरा, धारी के पोखराड़ में कंचन शाह व दीप चंद्र बिना पूर्व सूचना के अनुपस्थित मिले।

जनपद के मुख्य शिक्षाधिकारी केएस रावत ने इन शिक्षकों का वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं, तथा उनके वेतन आहरण पर रोक लगा दी है। श्री रावत ने कहा है कि सात दिन में संतोषजनक स्पष्टीकरण न मिलने पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : गजब हैं नियम ! सालों फर्जी कागजों से नौकरी करो-करोड़ों रुपए हजम करो, कोई वसूली नहीं, 22 साल वाली के बाद 5 साल से नौकरी कर रही एक और शिक्षिका बर्खास्त

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 29 अप्रैल 2022। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नैनीताल जनपद के सरकारी विद्यालय में 5 वर्ष तक नौकरी करने वाली एक और शिक्षिका नौकरी से बर्खास्त हो गई है। लेकिन क्या पात्रों का हक मारकर और इस दौरान राजकोष से लाखों-करोड़ों रुपए वसूलने वाले ऐसे शिक्षकों के लिए यही सजा काफी है। जालसाजी का कोई मुकदमा नहीं, राजस्व की कोई वसूली नहीं। विभाग का कहना है यह तो 5 साल वाली शिक्षिका बर्खास्त हुई हैं, यहां तो फर्जी कागजातों से 25 से 30 साल तक नौकरी करने के भी उदाहरण हैं। उनके खिलाफ भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। क्या करें, नियम ही ऐसे हैं।

शुक्रवार को फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर नौकरी पाने की विभागीय पुष्टि के बाद जिला शिक्षाधिकारी ने 2017 में नौकरी पाने वाली यानी पांच वर्ष से नौकरी कर रही ओखलकांडा ब्लाक के राजकीय प्राथमिक विद्यालय क्वेराल में तैनात कविता नेगी को बर्खास्त कर दिया। जिला शिक्षाधिकारी-प्रारंभिक शिक्षा एचबी चंद ने बताया कि जांच में शिक्षिका कविता नेगी का शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी टीईटी प्रमाणपत्र गलत पाया गया। यानी शिक्षिका बिना शिक्षक की योग्यता के पांच वर्ष से नौकरी कर रही थी।

बताया गया है कि अभी भी शिक्षकों के हाईस्कूल से लेकर उच्च शिक्षा तक के करीब 18 हजार से अधिक प्रमाणपत्रों का सत्यापन होना बाकी है। जिले में कुल 12 हजार शिक्षकों के प्रमाणपत्रों की जांच होनी थी। इनमें से 9500 शिक्षकों के प्रमाणपत्रों की जांच पूरी हो चुकी है। इनमें सात शिक्षक बर्खास्त हुए हैं। गुरुवार को एक शिक्षिका को 22 वर्ष की नौकरी के बाद बाहर किया गया था। डीईओ चंद ने बताया कि फर्जी प्रमाण पत्रों की पुष्टि होने पर शिक्षकों केा बाहर किया जाता है। अन्य कोई कार्रवाई किए जाने का प्राविधान नहीं है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : आखिर यह शिक्षा विभाग में ही क्यों होता है, शिक्षक व शिक्षक गलत प्रमाण पत्रों के आधार पर नौकरी से बर्खास्त

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 29 अप्रैल 2022। उत्तराखंड में अभी भी ऐसे शिक्षक हैं, जिन्होंने गलत तरीके से नौकरी प्राप्त की है। पात्रों का हक मारकर और और राजकीय कोष से लाखों रुपए हड़पने के बाद शिक्षा विभाग उन्हें लंबी जांच के बाद बर्खास्त कर अपनी पीठ थपथपा रहा है। सवाल यह है कि क्या नौकरी लगते समय ही ठीक से प्रपत्रों की जांच सुनिश्चित नहीं की जा सकती। और पीढ़ियों को अच्छी शिक्षा देने का दायित्व रखने वाले शिक्षा विभाग में ही ऐसे मामले क्यों आते हैं।

आज यह बात इसलिए कि विभाग ने दो शिक्षकों को गलत प्रमाण पत्रों के आधार पर नौकरी करने के कारण बर्खास्त कर दिया है। जांच में एक शिक्षिका भावना छिम्वाल का हाईस्कूल का प्रमाणपत्र गलत मिला है, जबकि एक शिक्षक मोहन चंद्र ब्रजवासी ने नौकरी पाने के लिए जन्मतिथि में छेड़छाड़ कर उम्र कम दिखाकर नौकरी पाई थी। बर्खास्त की गई शिक्षिका दुर्गम का सेवाकाल पूरा करने के बाद हल्द्वानी के कालाढूंगी रोड स्थित प्राथमिक विद्यालय तथा कोटाबाग में नौकरी कर चुकी हैं। जांच प्रक्रिया में शिक्षिका के हाईस्कूल प्रमाणपत्र का माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश के दस्तावेजों से मिलान कराया गया तो बोर्ड के दस्तावेजों में शिक्षिका के प्रमाणपत्र का मिलान नहीं हुआ।

वहीं, बर्खास्त किए गए शिक्षक मोहन चंद्र ब्रजवासी कोटाबाग ब्लाक के राजकीय प्राथमिक विद्यालय झलुवाजाला में कार्यरत रहे। उनके दस्तावेजों की जांच में पाया गया कि उन्होंने नौकरी के समय 40 वर्ष की आयु सीमा पार कर ली थी। लेकिन नौकरी पाने के लिए जन्मतिथि में छेड़छाड़ कर उम्र घटाकर शिक्षा विभाग में नौकरी पाई। दोनों शिक्षक और शिक्षिका करीब दो साल से निलंबित थे, और दोनों के विरुद्ध विभागीय जांच गतिमान थी। जांच पूरी होने के बाद अब दोषी पाए जाने पर बर्खास्त की कार्रवाई की गई है। डीईओ एचबी चंद ने कार्रवाई की पुष्टि की है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : 37 हजार एनआईओएस प्रशिक्षितों के शिक्षक बनने का रास्ता साफ

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 28 अप्रैल 2022। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को एनआईओएस यानी दूरस्थ शिक्षा माध्यम से डीएलएड प्रशिक्षण प्राप्त अभ्यर्थियों को भी शिक्षक भर्ती की काउंसिलिंग में शामिल करने के निर्देश दिए हैं। इससे राज्य के करीब 37 हजार एनआईओएस से डीएलएड प्रशिक्षण प्राप्त अभ्यर्थियों के शिक्षक बनने का रास्ता खुल गया है।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले एक सितंबर 2021 को एकलपीठ ने इस मामले शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पर लगी रोक को हटाते हुए सरकार को निर्देश दिए थे कि एनआईओएस के दूरस्थ शिक्षा माध्यम से डीएलएड प्रशिक्षण प्राप्त अभ्यर्थियो को नियुक्ति प्रकिया में सम्मिलित करते हुए भर्ती प्रक्रिया प्रारम्भ करें।

ये नियुक्तियां कोर्ट के आदेश के अधीन रहेंगी। कोर्ट ने राज्य सरकार से यह भी कहा था कि इनकी नियुक्ति 2012 की नियमावली व शिक्षा का अधिकार अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत करें। अब एक तरह से इन अभ्यर्थियों को अंतिम राहत मिल गई है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : प्रवेशोत्सव में एडी माध्यमिक हुए शामिल, पुस्तकें वितरित कीं

टनकपुर में प्रवेशोत्सव के मौके पर बच्चों को निःशुल्क पुस्तकें वितरित करते एडी माध्यमिक लीलाधर व्यास।

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 20 अप्रैल 2022। कुमाऊं मंडल के शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में विद्यालयों में 1 से 19 अप्रैल तक बच्चों के शत-प्रतिशत पंजीकरण को लेकर प्रवेश पखवाड़ा आयोजित होने के बाद बुधवार को प्रवेशोत्सव मनाया गया।

इस कार्यक्रम के तहत कुमाऊं मंडल के अपर निदेशक-माध्यमिक शिक्षा लीलाधर व्यास ने चंपावत जनपद के टनकपुर स्थित राजकीय कन्या इंटर कॉलेज व राजकीय इंटर कॉलेज तथा महात्मा गांधी जूनियर हाईस्कूल में आहूत प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में प्रतिभाग किया, और अभिभावकों से बच्चों का प्रवेश सरकारी विद्यालयों में कराने का अनुरोध किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों को निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें भी वितरित कीं। कार्यक्रम में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी जगमोहन रौतेला भी साथ मौजूद रहे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : प्राथमिक विद्यालयों के सहायक अध्यापकों की भर्ती में एससी-एसटी व दिव्यांग अभ्यर्थियों को 5 प्रतिशत छूट देने के आदेश

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 19 अप्रैल 2022। उत्तराखंड उच्च न्यायालय की वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी व न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खंडपीठ ने राज्य के प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक के पदों के लिए बीएड सहित स्नातक में 50 फीसद अंकों की बाध्यता को समाप्त करने सबंधी 50 से अधिक याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई की और एनसीटीई यानी नेशनल काउंसिल ऑफ टीचर्स एजुकेशन के दिशा-निर्देशों के तहत स्नातक व बीएड में 45 से 50 के बीच मे अंक अर्जित करने वाले अनुसूचित जाति-जनजाति व दिव्यांग अभ्यर्थियों को पांच प्रतिशत की छूट देने के आदेश दिए है।

इसके अलावा पीठ ने सामान्य अभ्यर्थियों के मामले में एनसीटीई से चार सप्ताह के भीतर यह स्पष्ट करने को कहा है कि जब एनसीटीई ने कक्षा 6 से 8 तक के अध्यापकों की नियुक्ति के लिए 50 प्रतिशत की बाध्यता रखी है तो प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति पर क्यों नही रखी है? इसके पीछे क्या अवधारणा रही है ?

उल्लेखनीय है कि उच्च न्यायालय में दायर याचिकाओं में कहा गया था कि राज्य के प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक पद के लिए एनसीटीई व राज्य सरकार ने बीएड और स्नातक में 50 प्रतिशत अंकों की बाध्यता रखी है, जो उच्च न्यायलय व सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के विपरीत है। राज्य सरकार को सर्वोच्च न्यायालय व उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए बीएड व स्नातक में 50 प्रतिशत अंकों की बाध्यता को समाप्त करने के आदेश दिए जाएं। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : सरकारी विद्यालयों में छात्र संख्या बढ़ाने के लिए अब 10-10 हजार रुपए के पुरस्कार की पहल

नवीन समाचार, देहरादून, 9 अप्रैल 2022। प्राथमिक विद्यालयों में छात्र संख्या बढ़ाने के लिए राज्य सरकार पहली बार बड़े प्रयास करती नजर आ रही है। इन प्रयासों के तहत राज्य सरकार सबसे अधिक नए प्रवेश कराने वाले विद्यालयों को 10-10 हजार रुपए के पुरस्कार प्रदान करेगी।

प्रदेश के विद्यालयी शिक्षा महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने बताया है कि प्रत्येक विकासखंड में प्रारंभिक और माध्यमिक स्तर पर सबसे अधिक दाखिले कराने वाले एक-एक विद्यालय को 10 हजार रुपये की धनराशि और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। विद्यालयो में कोरोना काल में बाहरी प्रदेशों से लौटे व आधे में अपनी पढ़ाई छोड़ने वाले बच्चों का वापस स्कूलों से जोड़ने के लिए भी विद्यालयों को विशेष प्रयास करने को कहा गया है। आगामी 20 अप्रैल को सभी विद्यालयों में प्रवेशोत्सव भी मनाया जाएगा।

श्री तिवारी ने बताया कि शैक्षिक सत्र 2022-23 में छात्र नामांकन और प्रवेशोत्सव को लेकर सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी किया है। डीजी शिक्षा ने मुख्य शिक्षा अधिकारियों से कहा है कि 19 अप्रैल तक प्रत्येक स्कूल के शिक्षकों को अपने सेवित क्षेत्र की निकटवर्ती बस्तियों में जाकर घर-घर सर्वेक्षण के माध्यम से बच्चों को स्कूल में दाखिला दिलाने को चिह्नित करना होगा। इस तिथि तक सभी स्कूलों में प्रवेश पखवाड़ा मनाया जाएगा।

वहीं, 20 अप्रैल को सभी सरकारी और अशासकीय सहायता प्राप्त स्कूलों में प्रवेशोत्सव मनाया जाएगा। इस दिन क्षेत्र के गणमान्य व्यक्तियों, जनप्रतिनिधियों, मंत्री, सांसद, विधायक, पंचायत प्रतिनिधि को स्कूल में आमंत्रित कर नए प्रवेश लेने वाले बच्चों का स्वागत करना होगा। इस कार्यक्रम की जिम्मेदारी प्रत्येक ब्लॉक में बीईओ व डिप्टी बीईओ को दी गई है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : जनपद के विद्यालयों में शिक्षकों पर मोबाइल का इस्तेमाल करने पर लगा प्रतिबंध

नवीन समाचार, हरिद्वार, 24 मार्च 2022। जनपद के विद्यालयों में शिक्षक अब मोबाइल का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। डीएम ने विद्यालय के समय में शिक्षक के मोबाइल इस्तेमाल पर डीएम ने रोक लगा दी। विद्यालय पहुंचने पर शिक्षकों को अपना मोबाइल प्रधानाध्यापक या प्रधानाचार्य के पास जमा करना होगा। केवल आपातकालीन परिस्थितियों में ही मोबाइल का इस्तेमाल किया जा सकेगा।

जिलाधिकारी विनय शंकर पांडेय की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि जनप्रतिनिधियों, अभिभावकों और प्रशासनिक अधिकारियों के औचक निरीक्षण में सामने आया है कि जनपद के शासकीय व अशासकीय विद्यालयों के शिक्षक अपने मूल-शिक्षण कार्य के दौरान मोबाइल में सोशल मीडिया, मोबाइल गेम और वार्तालाप करने में व्यस्त रहते है। इससे विद्यालयों के बच्चों की शैक्षणिक स्थिति पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। ऐसे में अब शिक्षक केवल परिजनों के बीमार होने या आकस्मिक चिकित्सा के लिए ही मोबाइल चलाने के लिए दिया जायेगा।

आदेशों का अनुपालन नहीं करने की दशा में संबंधित शिक्षक के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की ही जाएगी। साथ ही संबंधित प्रधानाचार्य व प्रधानाध्यापक भी जिम्मेदार होंगे। आदेशों का पालन कराने के लिए समस्त एसडीएम व मुख्य शिक्षा अधिकारी से लेकर खंड शिक्षा अधिकारियों और प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापकों को स्कूलों का औचक निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए गए हैं। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : …जब मध्याह्न भोजन को पकाने के लिए खुद ही करछी चलाने लगे एडी

-एडी ने लिया विद्यालयों में पठन-पाठन एवं मध्याह्न भोजन का जायजा
-गैस के बजाय लकड़ी के चूल्हे पर मध्याह्न भोजन बनाने पर जताई नाराजगी, शिक्षकों को बिना आदेश कहीं न भेजने के निर्देश

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 11 मार्च 2022। कुमाऊं मण्डल के अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा लीलाधर व्यास ने शुक्रवार को जनपद के आधा दर्जन से अधिक विद्यालयों का निरीक्षण कर पठन-पाठन का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने विद्यालयों में शैक्षिक गतिविधियों के साथ बच्चों के लिये बनाये जा रहे मध्याहन भोजन की गुणवत्ता की जांच भी की। 

जीजीआई खुर्पाताल में उन्होंने मध्याहन भोजन कक्ष में जाकर मीनू के अनुसार भोजन माताओं के द्वारा बच्चों के लिये बनाये गये भट्ट की चुड़कानी एवं भिंडी की सब्जी तथा चावल आदि की जानकारी ली। इस दौरान वह खुद ही पकते भोजन में करछी चलाने लगे।जीआईसी कालाढुंगी में मध्याहन भोजन गैस के चूल्हे के बजाय लकडी के चूल्हे में बनाये जाने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की, और प्रधानाचार्य को तत्काल एलपीजी गैस के माध्यम से मध्याहन भोजन बनाने के निर्देश दिये।

उन्होंने जीआईसी मंगोली, जीआईसी कालाढुंगी, जीजीआईसी रामनगर के अलावा प्राथमिक विद्यालय खुर्पाताल, धनपुर कोटाबाग, गेबुआ कोटाबाग, धमोला में बच्चों के पठन-पाठन की समीक्षा की। श्री व्यास ने बताया कि इस दौरान विद्यालयों में गृह परीक्षायें एवं बोर्ड की प्रयोगात्मक परीक्षायें चल रही हैं। उन्होंने प्रधानाचार्यो को निर्देशित किया कि बिना आदेश के कहीं न भेजा जाय। निरीक्षण में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी जगमोहन रौतेला भी मौजूद रहे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : शिक्षा विभाग का अजब फरमान: कल बच्चों की रहेगी छुट्टी, शिक्षक आएंगे स्कूल, निजी स्कूलों में छुट्टी

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 9 मार्च 2022। शुक्रवार को राज्य में मतगणना के दिन शिक्षा विभाग की ओर से अवकाश को लेकर भ्रमपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई है। शिक्षा विभाग ने प्राथमिक व माध्यमिक शिक्षा के अंतर्गत विद्यालयों में चल रही परीक्षाओं के कार्यक्रम में शुक्रवार को कोई परीक्षा नहीं रखी है। इसका अर्थ यह माना जा रहा है कि बच्चों की इस दिन परीक्षा नहीं होने के साथ वह अवकाश पर रहेंगे।

ऐसे आदेश भी विद्यालयों के स्तर से बच्चों को दे दिए गए हैं, जबकि बाद में यह बताया गया कि शिक्षकों को विद्यालय आना है। यह स्थिति तब है जबकि नैनीताल में सभी प्रमुख निजी-कॉन्वेंट विद्यालयों ने शुक्रवार को मतगणना के दिन अवकाश घोषित कर दिया है।

चूंकि विद्यालय व शिक्षक होते ही विद्यार्थियों को लेकर हैं, ऐसे में विद्यार्थियों के विद्यालय न आने की स्थिति में शिक्षकों के विद्यालय आने का कोई अर्थ नहीं है। शिक्षकों का कहना है कि विद्यार्थी भी भले बिना परीक्षा के भी विद्यालय बुलाए जाते तो उनकी अगली परीक्षा की तैयारी करा ली जाती, लेकिन वह ही नहीं आएंगे तो वह पूरे दिन विद्यालय में क्यों सजा सी झेलेंगे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : औचक निरीक्षण में मिली खामियां, प्रधानाचार्य को व्यवस्थाएं सुचारू करने हेतु मिली 4 माह की मोहलत

-एडी माध्यमिक लीलाधर व्यास ने किया भीमताल के विद्यालयों का औचक निरीक्षण
डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 23 फरवरी 2022। अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा लीलाधर व्यास अक्सर विद्यार्थियों के बीच देखे जाते हैं, उन्होंने विभागीय अधिकारियों को भी कक्षाओं में पढ़ाने के निर्देश दिए थे। इसी कड़ी में बुधवार को उन्होंने राइंका भीमताल का औचक निरीक्षण कर वहां पठन-पाठन का जायजा लिया, और कार्यालय कक्ष में अभिलेख अव्यवस्थित होने तथा प्रधानाचार्य कक्ष, स्टाफ रूम एवं विद्यालय में जहां-तहां गंदगी फैले होने पर सख्त नाराजगी जताते हुए प्रधानाचार्य आरके वर्मा को व्यवस्थाओं में सुधार लाने हेतु चार माह की मोहलत दी। 

अलबत्ता उन्होंने विद्यार्थियों के पठन-पाठन, किताबी एवं सामान्य ज्ञान पर संतोष जताया। निरीक्षण के दौरान विद्यालय में 241 पंजीकृत विद्यार्थियों में से केवल 85 बच्चे उपस्थित मिले। श्री व्यास ने बच्चों की कक्षा भी ली।

वहीं जीजीआईसी भीमताल का निरीक्षण करते हुए उन्होंने व्यवस्थाएं सही पाते हुए प्रधानाचार्या इला कैड़ा को छात्राओं के सर्वांगीण विकास हेतु बेहतर प्रयास करने को प्रेरित किया। यहां 340 पंजीकृत छात्राओं में से 243 उपस्थित रहीं। निरीक्षण में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी जगमोहन रौतेला भी शामिल रहे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : इग्नू के नए छात्रों के लिए आयोजित हुआ इंडक्शन कार्यक्रम

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 22 फरवरी 2022। इग्नू यानी इंदिरा गांधी मुक्त विश्वविद्यालय के नैनीताल केंद्र द्वारा जुलाई 2021 में नए प्रवेश लिए विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन इंडक्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर इग्नू की क्षेत्रीय निदेशक डॉ. आशा शर्मा, उपनिदेशक डॉ.रंजन कुमार, सह निदेशक डॉ.जगदम्बा प्रसाद ने विचार रखे, जबकि संचालन प्रो ललित तिवारी ने किया।

इस अवसर पर बताया गया कि इग्नू से लगभग 71 लाख विद्यार्थी अपनी पढ़ाई पूरी कर चुके हैं। विदेशों में भी इग्नू के अध्यसन केंद्र है तथा 280 से अधिक पाठ्यक्रम हैं। इग्नू के माध्यम से ट्विटर, यूट्यूब तथा टेलीग्राम के माध्यम से भी पढ़ाई की जा सकती है। इस दौरान विद्यार्थियों को इग्नू के ई कंटेंट ऐप, परिचय पत्र डाउनलोड करने, असाइनमेंट तैयार करने, पासवर्ड बनाने व ऑनलाइन पाठ्य सामग्री को डाउनलोड करने आदि की जानकारी दी गई, तथा विद्यार्थियों की शंकाओ का समाधान भी किया गया।

बताया कि इग्नू में प्रायः परीक्षा जून तथा दिसंबर माह में आयोजित की जाती है। कार्यक्रम में सहायक समन्वयक डॉ विजय कुमार, नंदबल्ल्भ पालीवाल, ध्रुव कांडपाल, अनमोल, रेनू, भावना, रश्मि, कमलेश, अनुराग व यशोधरा सहित लगभग 75 विद्यार्थी शामिल रहे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

प्रकृति एवं पर्यावरण के विविध पहलुओं से अवगत हुए जैव प्रौद्योगिकी विभाग के प्रतिभागी

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 22 फरवरी 2022। कुमाऊं विश्वविद्यालय के भीमताल परिसर स्थित जैव प्रौद्योगिकी विभाग के छात्र-छात्राओं के लिए मंगलवार को विज्ञान जागरूकता अभियान के अंतर्गत पर्यावरण संरक्षण हेतु ‘नेचर वॉक’ का आयोजन किया गया।

इस दौरान प्रतिभागियों को प्रकृति एवं पर्यावरण के विविध पहलुओं से अवगत कराया गया। विभागाध्यक्ष प्रो. वीना पांडेय, डॉ. तपन कुमार नैलवाल, डा. ऋषेंद्र कुमार, डॉ. संतोष कुमार उपाध्याय, डॉ. मयंक पांडे व डॉ. प्रवीण ध्यानी सहित बड़ी संख्या में शोधार्थी, विद्यार्थी एवं कर्मचारी शामिल रहे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : कुमाऊं मंडल के शिक्षकों ने जीते पुरस्कार….

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 17 फरवरी 2022। कुमाऊं मंडल के शिक्षा विभाग के विद्यालयो में कार्यरत शिक्षिक-शिक्षिकाओं में छुपी हुई प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से बृहस्पतिवार को मुख्यालय में मंडल स्तरीय प्रतिभा सम्मान प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया।

मुख्यालय स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा लीलाधर व्यास ने पोस्टर चित्रांकन में राइंका बबियाल की नीलम पांडे को प्रथम, स्याकोट बागेश्वर की पूनम को द्वितीय व धैना बागेश्वर की नम्रता बिष्ट को तृतीय, चित्र संयोजन में चित्रेश्वर अल्मोड़ा के कृष्ण चंद्र को प्रथम, टांडी पोखराड़ की गीता को द्वितीय व तिलसारी बागेश्वर के हरिमोहन कंसेरी को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया।

इसके अलावा लघु चित्रकला में लोहाघाट की ज्योत्सना बोहरा को प्रथम, लोहारचौरा बागेश्वर की अनुराधा रानी को द्वितीय कुन्यारी अल्मोड़ा की तनीषा रानी को तृतीय, इसी तरह लोक चित्रकला में बसेड़ी अल्मोड़ा की रजनी सैनी, गलई कन्धार बागेश्वर की भावना लोहनी व कौलांग बागेश्वर की दीपा पांडे के साथ राबाइंका नैनीताल की प्रधानाचार्या सावित्री दुग्ताल को भी सम्मानित किया गया।

अपर निदेशक व्यास ने बताया कि गत वर्ष से यह प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। इस मौके पर सीईओ केएस रावत, राजेंद्र अधिकारी, पूरन बिष्ट, आलोक जोशी, ललित सती, सुरेंद्र वर्मा, प्रेमा फर्त्याल, रेनू त्रिपाठी, बीना पंत व अमिता कीर्ति आदि भी मौजूद रहे। संचालन जगमोहन रौतेला व उमा जोशी ने किया। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : कोविड-19 के दृष्टिगत विद्यालयों को खोलने पर आया राज्य सरकार का नया आदेश

नवीन समाचार, देहरादून, 16 जनवरी 2022। राज्य में कोविड-19 के बढ़ते जा रहे संक्रमण के दृष्टिगत राज्य सरकार ने राज्य के विद्यालयों को अभी नहीं खोलने का निर्णय किया है। शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम के अनुसार पहले स्कूलों को 16 जनवरी तक ही बंद रखने के आदेश दिए गए थे, यानी विद्यालयों को 17 जनवरी को खुलना था, लेकिन अब विद्यालयों को अगले आदेशों तक बंद रखने के आदेश जारी हो गए हैं। इस अवधि में पूर्व की तरह ऑनलाइन पढ़ाई जारी रहेगी।

शिक्षा सचिव ने बताया कि स्कूलों को लेकर आज आपदा प्रबंधन सचिव से विस्तृत बात की गई थी। आपदा प्रबंधन विभाग कोविड 19 के लिए नई एसओपी तैयार कर रहा है। इस क्रम में शिक्षा विभाग ने ऐहतियातन स्कूलों को अग्रिम आदेश तक बंद रखने का निर्णय किया है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड में शिक्षकों के स्थानांतरण निरस्त

नवीन समाचार, देहरादून, 13 जनवरी 2022। उत्तराखंड शिक्षा विभाग में आचार संहिता से ठीक पहले बड़ी संख्या में शिक्षकों के तबादलों को लेकर महकमे ने एक बड़ा आदेश जारी किया है। प्रदेश के शिक्षा सचिव मीनाक्षी सुंदरम की ओर से गत सात जनवरी को जारी आदेश में हुए तबादलों पर गुरुवार को शासन ने रोक लगा दी है।

सूचना सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम की ओर से आज जारी आदेशों में कहा गया है कि स्थानांतरित शिक्षकों को नवीन तैनाती न दी जाए। जिन शिक्षकों ने नवीन तैनाती ले ली गई है उनको भी पूर्व की मूल तैनाती पर वापस जाना होगा। उल्लेखनीय है कि राज्य में शिक्षकों के स्थानांतरण को लेकर आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायतें की जा रही थीं, क्योंकि इसके अगले ही दिन यानी 8 जनवरी को प्रदेश में आचार संहिता लागू हो गई थी। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड में 12वीं तक के सभी विद्यालयों के लिए आए नए दिशा-निर्देश…

नवीन समाचार, देहरादून, 10 जनवरी 2022। उत्तराखंड में सोमवार को ऊधमसिंहनगर जिले में सितारगंज के जीएस कॉन्वेंट स्कूल के 55 बच्चे कोरोना संक्रमित पाए गए। राज्य में कोरोना का संक्रमण भी बढ़ता जा रहा है। इसके देखते हुए राज्य सरकार ने राज्य के सभी 12वीं कक्षा तक के सरकारी और प्राइवेट स्कूल 16 जनवरी तक बंद रखने के आदेश जारी कर दिए हैं।

शिक्षा सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम ने सोमवार को इसके आदेश किए। उल्लेखनीय है कि इससे पहले सात जनवरी को राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने इस बाबत दिशानिर्देश जारी किए थे। गौरतलब है कि मैदानी जिलों के सरकारी स्कूल पहले ही 13 जनवरी तक बंद हैं, जो आगे तीन दिन भी बंद रहेंगे। आम दिनों में इस अवधि में कुछ प्राइवेट स्कुल खुल जाया करते थे। लेकिन अब वो भी 16 तक पूरी तरह से बंद रहेंगे। इस दौरान पढ़ाई ऑनलाइन माध्यम से जारी रहेगी। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : आचार संहिता से पहले हाईस्कूल से प्रधानाध्यापकों को पदोन्नति का तोहफा देगी सरकार

जनसम्पर्क विभाग के तीन अधिकारियों को मिली पदोन्नतिनवीन समाचार, देहरादून, 3 जनवरी 2022। पदोन्नति में शिथिलीकरण की मांग मानने के बाद सरकार ने 199 हाईस्कूल में कार्यरत प्रधानाध्यापकों को इंटर कालेज का प्रधानाचार्य बनाने की तैयार कर ली है। आचार संहिता से पहले इन सभी लोगों को प्रोन्नति का यह तोहफा मिलना तय है।

शिथिलीकरण की मांग मानने के बाद उन सभी प्रधानाध्यापकों को प्रोन्नति मिलने जा रही है, जिनको प्रधानाध्यापक के पद पर कम से कम ढाई साल की सेवा पूरी हो चुकी है। जबकि नियमावली के अनुसार वही प्रधानाध्यापका प्रोन्नति के लिए अर्ह माना जाता था, इस पद पर कम से कम पांच साल की सेवा पूर्ण कर चुका हो। शासन के स्तर पर इन सभी की नवीन तैनाती के आदेश भी तैयार किये जा रहे हैं। उम्मीद है कि अगले एक दो दिन के भीतर इन प्रधानाध्यापकों को प्रोन्नति के साथ ही नवीन तैनाती भी मिल जाएगी। सभी को नवीन तैनाती स्थलों पर भेजा जाना अनिवार्य है।

प्रोन्नति पाने वाले सभी प्रधानाध्यापका अब तक राजकीय उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालयों व राजकीय उच्चत्तर बालिका माध्यमिक विद्यालयों में तैनात हैं और प्रोन्नति के बाद इन सभी को इंटर कालेजों में तैनात किया जाना है। प्रोन्नति के बाद नयी पोस्टिंग में मनचाही जगह पाने के लिए प्रधानाचार्यों ने हाथ पैर मारने शुरू कर दिये हैं। बताया जा रहा है मुख्यमंत्री कार्यालय से लेकर मंत्रालय, शासन और निदेशालय स्तर पर जोर आजमाइश चल रही है। आसपास के विद्यालयों में ही प्रोन्नति पोस्टिंग मिल जाए इसके लिए प्रधानाध्यापकों में से अधिकतर ने खुद के, पत्नी या परिवार के किसी सदस्य की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को आधार बनाकर दुर्गम में जाने से बचने की जुगत में हैं।

प्रधानाध्यापक अपने राजनीतिक संबंधों के जरिये भी दूरस्थ विद्यालयों में जाने से बचने की पूरी कोशिश में लगे हैं। ऐसे में यह तय है कि प्रदेश के पर्वतीय जिलों के दूर-दराज के इंटर कालेज इतने बड़े पैमाने पर प्रोन्नति होने के बाद ही प्रधानाचार्य से वंचित रह जाएंगे। इन दिनों प्रोन्नति के दायरे में आये प्रधानाध्यापक सचिवालय व मंत्रालय की गणेश परिक्रमा में लग गये हैं। प्रोन्नति एलटी से प्रवक्ता के 2269 पदों पर भी होनी है, सरकार ने लोक सेवा आयोग को सूची भी भेज दी है, लेकिन अभी तक डीपीसी नहीं हो पायी है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने स्वीकार किया है कि रिक्तियों के हिसाब से तैनाती स्थल पर काम हो रहा है, जल्द आदेश जारी हो जाएंगे। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

 

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नवीन समाचार
‘नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से ‘मन कही’ के रूप में जनवरी 2010 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
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