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सुबह का सुखद समाचार: परीक्षार्थियों की बड़ी मांग मानी गई, पीसीएस की मुख्य परीक्षा दूसरी बार स्थगित, जानें अब कब होगी परीक्षा और क्यों ?

uttarakhand public service commission revised preliminary examination  results - UKPSC: उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने किया गलत जवाब को सही, 452  अभ्यर्थियों को मिला इसका फायदानवीन समाचार, हल्द्वानी, 29 अक्तूबर 2022। उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने परीक्षार्थियों की बड़ी मांग मानते हुए पीसीएस की मुख्य परीक्षा स्थगित कर दी है। यह परीक्षा 12 से 15 नवंबर के बीच आयोजित की जानी थी, लेकिन अब यह अगले वर्ष 28 जनवरी से 31 जनवरी के बीच होगी। परीक्षा की तिथि हाल ही में क्वालीफाई हुए परीक्षार्थियों को मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए कम समय मिलने की उनकी मांग की वजह से आगे बढ़ाई गई है। यह भी पढ़ें : अजब मामला : चोरों ने रात्रि में दुकान का गल्ला तोड़कर उड़ाए 9 लाख रुपए, पर सुबह दुकान में होने लगी नोटों की बारिश….

उल्लेखनीय है कि राज्य लोक सेवा आयोग की पीसीएस मुख्य परीक्षा पहले अगस्त में प्रस्तावित थी। इस बीच हाईकोर्ट के आदेश के बाद आयोग ने पीसीएस प्री-परीक्षा का परिणाम रिवाइज किया था। ऐसे जिन नए उम्मीदवारों को क्वालीफाई घोषित किया गया, उन्होंने परीक्षा की तैयारी के लिए समय की मांग की थी। इसके बाद आयोग ने परीक्षा की तिथि 12 से 15 नवंबर तय कर दी थी। यह भी पढ़ें : बिग ब्रेकिंग: तीन जिलों के डीएम व दो के एसपी-एसएसपी बदले, डीएम-एसएसपी पर गिरी अंकिता हत्याकांड की गाज !

लेकिन इसके बाद हाल ही में उत्तराखंड उच्च न्यायालय के आदेश के बाद कुछ और उम्मीदवारों को पीसीएस प्रीपरीक्षा में क्वालीफाई घोषित किया गया है। अब यह उम्मीदवार भी परीक्षा की तैयारी के लिए समय की मांग कर रहे थे। लिहाजा आयोग ने परीक्षा स्थगित करते हुए अब नई तिथि जारी कर दी है। पीसीएस मुख्य परीक्षा अब अगले साल 28 जनवरी से 31 जनवरी के बीच होगी। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

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उत्तराखंड टीईटी 2022 (UTET 2022)- एडमिट कार्ड जारी, उत्तराखंड शिक्षक  पात्रता परीक्षा 30 सितंबर को होगी - Pariksha Pointनवीन समाचार, रामनगर, 23 सितंबर 2022। उत्तराखंड शिक्षा परिषद आगामी 30 सितंबर को यूटीईटी यानी उत्तराखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा कराने जा रहा है। इसके लिए शुक्रवार को बोर्ड सभागार में परीक्षा को लेकर प्रदेश के अधिकारियों की बैठक आयोजित हुई। बैठक में परीक्षा को दो पालियों में कराने का निर्णय लिया गया।

बैठक के दौरान बोर्ड की सचिव डॉ. नीता तिवारी ने बताया कि यूटीईटी परीक्षा प्रदेश के 29 शहरों के 139 परीक्षा केंद्र में कराई जाएगी। पहली पारी के लिए 29545 व दूसरी पाली में 30755 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। उन्होंने बताया कि परीक्षा केंद्रों में किसी भी परीक्षक एवं परीक्षार्थी के लिए मोबाइल फोन ले जाना वर्जित है। सभी शिक्षा अधिकारियों को परीक्षा शांतिपूर्ण एवं नकल विहीन किये जाने के निर्देश जारी किए गए हैं। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

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नवीन समाचार, देहरादून, 15 सितंबर 2022। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की परिधि में शामिल रही 23 परीक्षाएं उत्तराखंड लोक सेवा आयोग द्वारा कराई जायेगी। इस सम्बन्ध में आज सचिव कार्मिक एवं सतर्कता शैलेश बगौली की ओर से शासनादेश जारी कर दिया गया है। शासनादेश में बताया गया है कि उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग की परिधि में संशोधन करते हुए समूह ‘ग की 23 परीक्षाओं की जिम्मेदारी उत्तराखंड लोक सेवा आयोग को दे दी गई है।

अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की विभिन्न परीक्षाओं में पेपर लीक प्रकरण का खुलासा होने के बाद से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से लगातार युवाओं के हित में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की गतिमान परीक्षाओं को मंत्रिमंडल ने उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग से कराने का फैसला लिया था। अब इसी क्रम में उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग की परीधि में बदलाव करते हुए 23 परीक्षाओ का जिम्मा भी उत्तराखंड लोक सेवा आयोग को दिया गया है। इन परीक्षाओं में राजस्व उपनिरीक्षक, लेखपाल, बंदी रक्षक, पर्यावरण पर्यवेक्षक, प्रयोगशाला सहायक(समस्त विभाग), राज्य सरकार द्वारा स्थापित या नियंत्रित निगम, निकाय संस्थान, मानचित्रकार, सर्वेयर (समस्त विभाग, राज्य सरकार द्वारा स्थापित या नियंत्रित निगम, निकाय, संस्थान, वन आरक्षी, अवर अभियंता, अनवेक्षक कम संगणक, पुलिस आरक्षी-पीएससी, आईआरबी, अग्निशामक, उपनिरीक्षक पुलिस, अग्निशमन द्वितीय अधिकारी, कृषि, पशुपालन, उद्यान (स्नातक), सहकारिता पर्यवेक्षक, गन्ना पर्यवेक्षक, दुग्ध पर्यवेक्षक, सहायक लेखाकार, लेखा निरीक्षक, कनिष्ठ सहायक, वैयक्तिक सहायक, सहायक लेखाकार, व्यवस्थापक, व्यावस्थाधिकारी, पुलिस रैंकर्स, वाहन चालक, अनुदेशक, मत्स्य निरीक्षक, मुख्य आरक्षी, दूरसंचार पुलिस, स्केलर (वन विभाग) शामिल हैं।

सरकार द्वारा सौंपी गई समूह ‘ग की परीक्षाओं के लिये उत्तराखण्ड राज्य लोक सेवा आयोग तैयारियों में जुटा
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग को सौंपी गई विभिन्न समूह ‘ग की परीक्षाओं का आयोजन पूरी पारदर्शिता और समयबद्ध तरीके से जल्द से जल्द कराने के लिए उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार द्वारा महत्वपूर्ण निर्णय लिए गये हैं। डॉ. कुमार ने बताया कि आयोग को उपलब्ध कराई गई रिक्तियों के सापेक्ष पहले चरण में चयन प्रक्रिया प्रारम्भ करते हुए पुलिस आरक्षी, राजस्व उप निरीक्षक, लेखपाल, वन आरक्षी एवं सहायक लेखाकार, लेखा परीक्षक आदि विभिन्न पदों के लिये विस्तृत रिक्ति विज्ञापन माह अक्टूबर 2022 में साप्ताहिक आधार पर जारी किया जाना प्रस्तावित हैं।

परीक्षाओं का आयोजन माह दिसम्बर 2022, जनवरी फरवरी तथा मार्च, 2023 में प्रस्तावित
अभ्यर्थियों के हित को ध्यान में रखते हुए उनको परीक्षाओं की तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिले, इसके लिए इन पदों हेतु परीक्षा का आयोजन माह दिसम्बर 2022 तथा जनवरी फरवरी तथा मार्च 2023 में किया जा सकता है। इसकी सूचना यथासमय प्रतिष्ठित समाचार-पत्रों में अलग से विज्ञप्ति जारी कर दी जाएगी।

परीक्षाओं के सुचारू संचालन के लिए अलग अनुभाग का गठन, कार्मिकों की तैनाती
डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि समूह ग के इन पदों की चयन प्रक्रिया को जल्द से जल्द सुचारू ढंग से संचालित किये जाने के लिए एक अलग अनुभाग का गठन करते हुए 6 कार्मिकों की तैनाती की गयी है।

आयोग में अभ्यर्थी पृच्छा निवारण प्रकोष्ठ की स्थापना

आयोग में अभ्यर्थी पृच्छा निवारण प्रकोष्ठ स्थापित कर दिया गया है। अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की जानकारी लेनी हो तो यहाँ से ऑफलाईन अथवा ऑनलाईन जानकारी ली जा सकती है। इसके लिये आयोग में स्थापित टोल फ्री नम्बर 07060002410 या दूरभाष 01334-244143 आयोग की email ID ukpschelpline@gmail.com, Website link psc.uk.gov.in/ commission/suggestions अथवा Twitter Handle @ukpscofficial का उपयोग किया जा सकेगा। विस्तृत विवरण आयोग की वेबसाईट psc.uk.gov.in पर देखा जा सकता है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : रानीखेत में होने वाली अग्निवीर भर्ती परीक्षा का कार्यक्रम जारी….

अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीर के 46 हजार पदों पर निकली भर्ती, देखें पूरी  जानकारीडॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 16 अगस्त 2022। भारतीय थल सेना की भर्ती कार्यालय अल्मोड़ा के द्वारा सोमनाथ मैदान रानीखेत में अग्निवीर जीडी, अग्निवीर तकनीकी, अग्निवीर क्लर्क, स्टोर कीपर और अग्निवीर ट्रेडमैन के पदों हेतु आठवीं और दसवीं पास अभ्यर्थियों की भर्ती का आयोजन 20 अगस्त से 31 अगस्त 2022 तक किया जाएगा। सेना की ओर से बताया गया है कि भर्ती हेतु अभ्यर्थियों को अपने प्रवेश पत्र में दिए गए दिन और समय पर भर्ती स्थल पर पहुंचना है।

बिना प्रवेश पत्र के भर्ती स्थल पर प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी एवं नियमों का उल्लंघन करने पर अभ्यर्थी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। भर्ती प्रक्रिया को ट्रेड, तहसील व जिला के अनुसार विभाजित किया गया है। 20 को अल्मोड़ा, बागेश्वर, नैनीताल व ऊधमसिंह नगर जनपदों के अग्निवीर ट्रेड्समैन, 21 को अग्निवीर तकनीकी, क्लर्क एवं स्टोर कीपर पद के अभ्यर्थियों की भर्ती होगी।

आगे अग्निवीर जीडी पद के लिए 22 को बागेश्वर जनपद, 23 को नैनीताल की रामनगर, हल्द्वानी, कालाढुंगी व लालकुआं तहसील, 24 को धारी, कोश्यांकुटौली, बेतालघाट व नैनीताल, 25 को अल्मोड़ा के भिकियासेंण, चॉखुटिया, द्वाराहाट व सल्ट, 26 को अल्मोड़ा, रानीखेत व लमगड़ा, 27 को जैंती, सोमेश्वर, स्याल्दे व भनोली तहसील, 29 को उधमसिंह नगर की बाजपुर, काशीपुर, जसपुर व किच्छा तहसील, 30 को गदरपुर, सितारगंज व खटीमा तहसील के अभ्यर्थियों की भर्ती होगी। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : हद हो गई, कुमाऊं विवि ने परीक्षा में पूछे अधूरे प्रश्न, परीक्षार्थियों की आपत्ति के बाद परीक्षा के बीच बदला गया प्रश्न पत्र

प्रतीकात्मक चित्र नवीन समाचार, हल्द्वानी, 13 मई 2022। हल्द्वानी के एमबीपीजी महाविद्यालय में परीक्षा के दौरान अजीबोगरीक स्थिति उत्पन्न हो गई। बताया गया कि यहां एमएससी के प्रथम सेमेस्टर के विद्यार्थियों की गणित की परीक्षा में परीक्षार्थियों ने प्रश्नपत्र पर ही सवाल खड़े कर दिए। उनका आरोप था कि प्रश्नपत्र में अधूरे प्रश्न पूछे गए हैं।

इस पर महाविद्यालय प्रशासन भौंचक रह गया। प्रश्नपत्र की जांच की गई और शिकायत सही लगने पर कुमाऊं विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग को सूचित किया गया। इसके बाद प्रश्न पत्र बदला गया। इस अव्यवस्था के कारण परीक्षा आधे घंटे से अधिक देरी से शुरू हुई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार शुक्रवार को सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे तक एमएससी प्रथम सेमेस्टर के गणित की परीक्षा होनी थी। परीक्षा के लिए पंजीकृत 80 परीक्षार्थियों में से उपस्थित परीक्षार्थियों ने जब प्रश्नपत्र मिलने पर पढ़ना शुरू किया तो उनका कहना था कि 15 में से 12 प्रश्न अधूरे और गलत थे, और किताब से पूरी तरह से हटकर थे।

उन्होंने इसकी जानकारी महाविद्यालय प्रशासन को दी तो प्रश्नपत्र की जांच की। शिकायत सही पाई जाने पर दूसरा प्रश्न पत्र आया। हालांकि परीक्षार्थियों के अनुसार इस प्रश्न पत्र में भी दो-तीन प्रश्न गलत थे। हालांकि इसकी शिकायत उन्होंने नहीं की। (डॉ. नवीन जोशी) अन्य ताज़ा नवीन समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : कुमाऊं विश्वविद्यालय ने किया परीक्षा कार्यक्रम में बदलाव

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 8 मई 2022। कुमाऊं विश्वविद्यालय ने आगामी 9 मई यानी सोमवार से शुरू हो रही वार्षिक पद्धति की स्नातक प्रथम, द्वितीय व तृतय वर्ष की कुछ परीक्षाओं के कार्यक्रम में परीक्षार्थियों के प्रत्यावेदनों को देखते हुए बदलाव कर दिया है।

परीक्षा नियंत्रक की ओर से बताया गया है कि बीए प्रथम वर्ष की 9त्र 11, 26 व 28 मई, द्वितीय वर्ष की 10 व 12 मई, तृतीय वर्ष की 9, 11, 19, 24 व 28 मई, बीकॉम द्वितीय वर्ष की 14 व 18 मई, तृतीय वर्ष की 18 व 20 मई तथा बीएससी तृतीय वर्ष की 19, 24 व 28 मई की एक विषय की परीक्षाओं की तिथि में बदलाव कर दिया है। विस्तृत परीक्षा कार्यक्रम विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध कराया गया है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : अज़ब-गज़ब : परीक्षा देने पहुंचा छात्र लेकिन विषय का प्रश्न पत्र ही नहीं छपा…

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 27 अप्रैल 2022। कुमाऊं विश्वविद्यालय ने मंगलवार को एसएसजे परिसर अल्मोड़ा में प्रस्तावित एलएलबी व बीएएलएलबी के एक छात्र ने परीक्षा का समय पूरा होने के बाद परीक्षा के निरस्त होने की सूचना देने का आरोप लगाया है। बताया गया कि छात्र जिस विषय की परीक्षा देने पहुंचा था, उस विषय का प्रश्न पत्र ही नहीं छपा था।

छात्र प्रकाश ने बताया कि एलएलबी के पांचवे सेमेस्टर में इंटरनेशनल इंवॉरमेंट लॉ व प्रॉपर्टी राइट्स विषयों के दो विकल्प थे। इनमें से उन्होंने इंटरनेशनल इंवॉरमेंट लॉ विषय लिया। इस विषय में वह इकलौते छात्र थे। हालांकि वह प्रश्नपत्र बदलने को भी तैयार थे, इसके लिए भी बात हुई लेकिन उनका प्रश्न पत्र नहीं बदला गया और जब वह प्रश्न पत्र देने पहुंचे तो वहां बताया गया कि इस विषय का प्रश्न पत्र ही नहीं छपा।

प्रकाश ने बताया कि विश्वविद्यालय के पोर्टल पर विषय उपलब्ध था, इसलिए उन्होंने भरा। बाद में विश्वविद्यालय की ओर से अपनी गलती छुपाने की कोशिश करते प्रेस को जारी विज्ञप्ति छात्र को प्रश्न पत्र का समय निकलने के बाद दिखाई, जबकि यह विज्ञप्ति प्रेस को वास्तव में प्राप्त ही नहीं हुई। वहीं इस बारे में पूछे जाने पर विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग के अधिकारियों ने फोन ही नहीं उठाया। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : कुमाऊं मंडल में एक लाख से अधिक बच्चों ने दी बोर्ड परीक्षा

class 9th 11th result 2021: Class 9, 11 Result 2021: कक्षा 9 और 11वीं की  परीक्षा रद्द, रिजल्ट 22 जून को, मनीष सिसोदिया ने दी ये सूचना - class 9, 11  exam

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 28 मार्च 2022। प्रदेश के साथ कुमाऊं मंडल में हाईस्कूल एवं इंटर की बोर्ड परीक्षा सोमवार को प्रारंभ हो गयी। परीक्षा के लिए मंडल में एक लाख पांच हजार 869 बच्चों ने 8 एकल यानी केवल हाईस्कूल एवं 522 मिश्रित यानी हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा दी।

अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा लीलाधर व्यास ने स्वयं भी भवाली सहित कई परीक्षा केंद्रों में परीक्षा का जायजा लेने के बाद बताया कि परीक्षा पूरी तरह से शांति पूर्वक रही है। उन्होंने बताया कि मंडल में 124 परीक्षा केंद्र संवेदनशील तथा एकमात्र परीक्षा केंद्र जीआईसी कनालीछीना अति संवेदनशील की श्रेणी में हे।

बोर्ड परीक्षा जहां पूर्व में केवल एक ही पाली में 10 से 1 बजे तक होती थीं, लेकिन इस बार बच्चों की सुविधा के लिए दो पालियों में सुबह 8 से 11 व अपराह्न 2 से 5 बजे तक आयोजित हो रही हैं। परीक्षाएं 19 अप्रैल तक चलेंगी। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : Big Breaking उत्तराखंड: उत्तराखंड की बोर्ड परीक्षा के कार्यक्रम में हुआ बदलाव

नवीन समाचार, रामनगर, 25 फरवरी 2022। उत्तराखंड बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडियट की 28 मार्च से 18 अप्रैल तक चलने वाली बोर्ड परीक्षाओं के कार्यक्र्रम में शुक्रवार को परिवर्तन किया गया है। उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की ओर से शुक्रवार को बोर्ड परीक्षा का संशोधित कार्यक्रम जारी करते हुए बताया गया है कि अब 19 अप्रैल को परीक्षा खत्म होगी। जबकि इससे पहले 11 फरवरी को जारी कार्यक्रम में यह 18 अप्रैल को खत्म हो रही थी।

यह बदलाव इसलिए हो रहा है कि 9 अप्रैल को पहले अंग्रेजी व कृषि अभियंत्रण चतुर्थ प्रश्न पत्र ( केवल कृषि भाग-1 के लिए) कृषि पशुपालन तथा पशु चिकित्सा विज्ञान नवम् प्रश्न पत्र (केवल कृषि भाग-प्प् के लिए) का प्रश्न पत्र था। जोकि अब 19 अप्रैल को होगा। ऐसा इसलिए कि 9 अप्रैल को पूरे देश में जवाहर नवोदय की परीक्षा है। इसलिए 9 अप्रैल की परीक्षा बदली गई है।

गौरतलब है कि बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षा प्रदेश में 1333 केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। सबसे अधिक परीक्षा केंद्र पौड़ी जनपद में व चंपावत में सबसे कम बनाए गए हैं। दसवीं में 1,29,784 व बारहवीं में 1,13,166 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। सबसे ज्यादा परीक्षार्थी हरिद्वार और सबसे कम चंपावत में है। (डॉ. नवीन जोशी) अन्य ताज़ा नवीन समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : वार्षिक परीक्षाओं के कार्यक्रम में बदलाव की घोषणा

नवीन समाचार, रामनगर, 24 फरवरी 2022। उत्तराखंड शिक्षा विभाग ने 24 घंटे के भीतर ही छठवीं से लेकर 11वीं तक की वार्षिक परीक्षाओं के कार्यक्रम में बदलाव कर दिया है। राज्य में अब 14 मार्च के बदले 9 मार्च से वार्षिक परीक्षाएं शुरू हो जाएंगी। बताया गया है कि यह बदलाव होली के अवकाश की वजह से किया गया है।

उत्तराखंड माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा अपने विद्यालयों में परीक्षाओं के कार्यक्रम हेतु जारी संशोधन आदेश में कहा गया है कि छठवीं से नौवीं और 11वीं की कक्षाओं में गृह परीक्षाएं अब 9 मार्च से शुरू होकर 24 मार्च के बीच होंगी। कक्षा नौवीं और 11वीं की परीक्षाएं पहली पाली में साढ़े नौ से साढ़े 12 और दूसरी पाली में दोपहर एक बजे से चार बजे के बीच होंगी। जबकि अन्य कक्षाओं की परीक्षाएं पहली पाली में साढ़े नौ से 12 बजे और दोपहर बाद डेढ़ बजे से तीन बजे के बीच होंगी। परीक्षाओं में कोविड प्रोटोकॉल का पालन किया जाना अनिवार्य है।

उल्लेखनीय है कि पहले जारी किए गए विभागीय कार्यक्रम के अनुसार, गृह परीक्षाएं 14 मार्च से शुरू होकर 25 मार्च को खत्म होनी थी। इस कार्यक्रम में 19 मार्च को होली वाले दिनो में भी परीक्षा तय की थी। जिसके बाद अब शासन ने नया आदेश जारी कर परीक्षा कार्यक्रम में बदलाव किया है। (डॉ. नवीन जोशी) अन्य ताज़ा नवीन समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : राजीव गांधी नवोदय विद्यालय के लिए प्रवेश परीक्षा 27 फरवरी को

राजीव गांधी नवोदय विद्यालय -Rajeev Gandhi Novodaya Vidyalaya Admissionनवीन समाचार, हल्द्वानी, 18 फरवरी 2022। प्रदेश के 105 केंद्रों में राजीव गांधी नवोदय विद्यालय के लिए प्रवेश परीक्षा 27 फरवरी को कराई जाएगी। इसके लिए उत्तराखंड बोर्ड के उपसचिव ने शुक्रवार को उत्तराखंड बोर्ड कार्यालय में परीक्षा को लेकर उपशिक्षा अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में उपसचिव सीपी रतूड़ी ने उपशिक्षा अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश दिए।

बैठक के बाद श्री रतूड़ी ने बताया कि 27 फरवरी को 2022 की राजीव गांघी नवोदय विद्यालय में प्रवेश के लिए परीक्षा कराई जाएगी। परीक्षा के लिए 13943 छात्र-छात्राओं ने आवेदन किया है। परीक्षा को प्रदेश के सभी विकासखंडों के 105 केंद्रों में कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि सभी उपशिक्षा अधिकारियों और नवोदय विद्यालय में प्रधानाचार्यों को परीक्षा को लेकर निर्देश दिए गए हैं। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड बोर्ड परीक्षाओं का कार्यक्रम घोषित

Uttarakhand Board Exam 2021: Uk Board 12th Class Exam Cancelled Order  Issued - Uk Board Exam 2021: 10वीं के बाद अब 12वीं की परीक्षा भी रद्द, सभी  छात्र-छात्राएं होंगे प्रमोट - Amarनवीन समाचार, रामनगर, 11 फरवरी 2022। उत्तराखंड बोर्ड ने दसवीं और 12वीं की परीक्षाओं का कार्यक्रम जारी कर दिया है। यह परीक्षाएं 28 मार्च से शुरू होंगी और 18 अप्रैल तक चलेंगी। हाईस्कूल की परीक्षा सुबह आठ बजे और इंटर की परीक्षाएं दोपहर दो बजे से शुरू होने वाली पाली में होंगी।

विद्यालयी शिक्षा परिषद की सभापति सीमा जौनसारी ने शुक्रवार को परीक्षा कार्यक्रम की घोषणा करते हुए बताया कि हाईस्कूल के छात्रों को सुबह 7.30 बजे तक और इंटर मीडिएट के छात्रों केा 1.30 बजे तक अपने कक्ष में पहुंचना होगा। हाईस्कूल के परीक्षार्थियों को सुबह 7.45 बजे से आठ बजे तक और इंटर मीडिएट के परीक्षार्थियों को दोपहर 1.45 बजे से दो बजे तक प्रश्नपत्र को पढ़ने के लिए अतिरिक्त समय दिया जाएगा। दृष्टि दिव्यांग, मस्तिष्क स्तंभ से पीड़ित (स्पेस्टिक), शारारिक रूप से दिव्यांग और डिस्लेक्सिक परीक्षार्थियों को अतिरिक्त समय मिलेगा। उनके लिए दो घंटे का प्रश्न पत्र 2.40 घंटे और तीन घंटे का प्रश्न पत्र चार घंटे का होगा।

यह भी बताया कि 29 से 31 मार्च तक परीक्षाएं लगातार होंगी। आगे एक अप्रैल के बाद दो दिन अवकाश रहेगा। इसके बाद चार अप्रैल से नौ तक, उसके बाद 11 से 13 तक लगातार और फिर दो दिन के अवकाश के बाद 16 और 18 अप्रैल को परीक्षाएं होंगी। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : एनएसएस की बी-सी सर्टिफिकेट व हिंदी साहित्य की परीक्षा 27 को

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 19 नवंबर 2021। कुमाऊं विश्वविद्यालय के विभिन्न परिसरों व महाविद्यालयों में एनएसएस के कार्यक्रमों के विद्यार्थियों की बी व सी सर्टिफिकेट परीक्षा आगामी 27 नवंबर को आयोजित की जाएगी।

विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. एससीएस बिष्ट ने बताया कि इसके अलावा विश्वविद्यालय की 17 नवंबर को निरस्त की गई हिंदी साहित्य के द्वितीय प्रश्नपत्र की परीक्षा भी आगामी 27 नवंबर को आयोजित की जाएगी। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : राज्य के विद्यालयो में अर्द्धवार्षिक परीक्षा कराने के लिए आदेश जारी…

नवीन समाचार देहरादून, 2 नवंबर 2021। कोरोना काल में पढ़ाई पूरी तरह से प्रतिबंधित हुई थी, लेकिन अब कोरोना की गति क्षींण पड़ने के साथ पढ़ाई भी पटरी पर लौटती नजर आ रही है। राज्य सरकार ने अब प्रदेश के माध्यमिक विद्यालयों में अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं के लिए आदेश जारी कर दिए हैं।

माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीमा जौनसारी के हस्ताक्षरों से जारी आदेश के अनुसार कक्षा 6 से 12 की अर्धवार्षिक परीक्षाएं नवंबर माह में ही आयोजित की जानी है।

इस हेतु जनपदों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों से अपने स्तर से निर्धारित पाठ्यक्रम को दृष्टिगत रखते हुए प्रश्न पत्र तैयार करवाने और निर्धारित पंचाग के अनुसार अर्द्धवार्षिक परीक्षाऐं कराने और परीक्षाओं में शुचिता एवं गोपनीयता को बनाये रखने को कहा गया है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : पीएचडी करने के इच्छुकों के लिए महत्वपूर्ण निर्देश जारी

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 28 अक्टूबर 2021। कुमाऊं विश्वविद्यालय ने वर्ष 2021 की पीएचडी प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन पत्र अपनी वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिए हैं।

कुलसचिव दिनेश चंद्रा ने बताया कि आवेदन पत्र ऑनलाइन माध्यम से 2050 रुपए का परीक्षा शुल्क जमा कर 5 दिसंबर तक जमा किए जा सकते हैं। प्रवेश परीक्षा से मुक्त छात्रों को भी परीक्षा हेतु ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : कुमाऊं विश्वविद्यालय ने बारिश की वजह से स्थगित की परीक्षाएं

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 20 अक्टूबर 2021। मौसम की दुश्वारियों, पिछले तीन दिन भारी बारिश को देखते हुए कुमाऊं विश्वविद्यालय ने आगामी 21, 22 व 23 अक्टूबर को प्रस्तावित सभी परीक्षाओं को स्थगित कर दिया है।

इसके बाद 25 सितंबर से परीक्षाएं पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होंगी। परीक्षा नियंत्रक प्रो. एचसीएस बिष्ट ने बताया कि इन तीन दिन के लिए नियम परीक्षाओं का कार्यक्रम शीघ्र विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर घोषित किया जाएगा। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : मौसम के दृष्टिगत कुमाऊं विश्वविद्यालय ने कुछ परीक्षाएं की स्थगित, परिणाम किए घोषित

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 18 अक्टूबर 2021। कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एनके जोशी ने विषम भौगोलिक परिस्थितियों एवं मौसम विभाग की चेतावनी के दृष्टिगत 21 अक्टूबर से प्रस्तावित बीएड-एमएड की परीक्षाएं अगले आदेशों तक स्थगित कर दी है। परीक्षा नियंत्रक ने बताया कि परीक्षाओं की परीक्षाओं की अगली तिथि एवं संशोधित परीक्षा कार्यक्रम बाद में जारी किया जाएगा।

एमएससी गणित के प्रथम सेमेस्टर का परीक्षा परिणाम घोषित
नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर ने सोमवार को एमएससी गणित के प्रथम सेमेस्टर का परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया है। परीक्षा नियंत्रक प्रो. एचसीएस बिष्ट ने बताया कि परीक्षाफल विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर देखा जा सकता है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : फिर छात्र नेताओं के आगे झुका कुमाऊं विवि, कल से शुरू होने वाली परीक्षाओं में किया बदलाव

-प्रथम वर्ष की इस परीक्षा में प्राप्त अंकों के साथ ही इंटर में प्राप्त अंकों को भी परीक्षा में शामिल किया जाएगा
डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 3 अक्टूबर 2021। कुमाऊं विश्वविद्यालय फिर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं के विरोध के बाद झुक गया है। विश्वविद्यालय ने आगामी 4 अक्टूबर से आयोजित होने वाली स्नातक प्रथम वर्ष की वार्षिक परीक्षाओं के लिए निर्णय लिया है कि स्नातक प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के परीक्षाफल को उनके प्रथम वर्ष के प्रश्नपत्रों की लिखित परीक्षा में अर्जित अंकों एवं पूर्व योग्यता परीक्षा यानी इंटरमीडिएट के अंकों के आधार पर घोषित किया जाएगा।

70 प्रतिशत अधिमान अंक प्रथम वर्ष के प्रश्नपत्रों की लिखित परीक्षा में अर्जित अंकों से एवं 30 प्रतिशत अधिमान पूर्व इंटरमीडिएट के कुल प्राप्तांको से लिया जायेगा। बैठक में यह भी तय किया गया कि प्रयोगात्मक परीक्षाओं में छात्र-छात्राओं द्वारा प्राप्त अंकों को यथावत रखा जायेगा। अलबत्ता एक नियम यह भी रखा है कि अगर कोई विद्यार्थी लिखित परीक्षा में अनुपस्थित रहता है तो इन मानकों के अनुरूप सम्बंधित विद्यार्थी का परीक्षाफल नहीं घोषित किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि गत दिवस अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने मानकों के आधार पर परीक्षाफल घोषित करने अथवा ओपन बुक सिस्टम से परीक्षा करवाने अथवा आंतरिक परीक्षा एवं असाइनमेंट के अंकों के आधार पर प्रमोट करने हेतु रात्रि 10 बजे तक प्रदर्शन किया था। इसके अंत में कोविड-19 से उत्पन्न विषम परिस्थितियों को देखते हुए छात्रों की मांगों को उच्चाधिकारियों की बैठक में रखकर उनमें व्यापक छात्र-हित में विचार करने पर सहमति बनी थी।

इसी क्रम में आज कुलपति प्रो. एनके जोशी के निर्देशों पर आयोजित हुई बैठक में यह निर्णय लिए गए। बैठक में कुलसचिव दिनेश चंद्रा, वित्त नियंत्रक आरएल आर्या, प्रो. पीसी कविदयाल, प्रो. एससी सती, प्रो. अतुल जोशी, प्रो. आरके पांडे, प्रो. एमएस मावरी, प्रो. डीएस बिष्ट, प्रो. नीता बोरा शर्मा, प्रो. एचसीएस बिष्ट, डॉ. रितेश साह, डॉ. गगनदीप होती आदि अधिकारी उपस्थित रहे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : शिक्षा विभाग के 355 कार्मिकों ने दी पदोन्नति और 259 ने दी प्री पीएचडी परीक्षा

डॉ. नवीन जोशी, नवीन समाचार, नैनीताल, 12 सितंबर 2021। शिक्षा विभाग के चतुर्थ श्रेणी मंे कार्यरत कार्मिकों के तृतीय श्रेणी में पदोन्नति के लिए रविवार को मुख्यालय स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में पदोन्नति हेतु लिखित परीक्षा आयोजित की गई। 95 पदों के लिए आयोजित हुई इस परीक्षा में 355 कार्मिकों ने परीक्षा दी। अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा लीलाधर व्यास ने परीक्षा का अवलोकन किया।

उन्होंने बताया कि इस पदोन्नति परीक्षा के लिए 468 कार्मियों ने आवेदन किया था। जांच के उपरांत इनमें से 400 को लिखित परीक्षा हेतु आमंत्रित किया गया था। इनमें से 45 कार्मिक अनुपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि लिखित परीक्षा में चयनित कार्मिकों की टंकण परीक्षा आयोजित की जाएगी और उसके बाद पदोन्नति सूची जारी की जाएगी। लिखित परीक्षा को आयोजित करने में प्रधानाचार्या सावित्री दुग्ताल राकेश मोहन पाठक, सुभाष जोशी, जगमोहन रौतेला, कविता पांडे, पूरन सिंह, प्रेमा फर्त्याल व रीता वर्मा आदि ने योगदान दिया।

259 ने दी प्री पीएचडी परीक्षा
नैनीताल। डीएसबी परिसर कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल में प्री पीएचडी कोर्स वर्क की परीक्षा 11 व 12 सितंबर को आयोजित हुई। कोविड-19 के नियमों को पालन करते हुए आयोजित हुई प्रथम व द्वितीय प्रश्न पत्र की परीक्षा डीएसबी परिसर में वरिष्ठ केंद्राध्यक्ष एवं परिसर निदेशक प्रो. एलएम जोशी, केंद्राध्यक्ष डॉ. आशीष तिवारी, पर्यवेक्षक प्रोफेसर संजय पंत एवं शोध एवं प्रसार निदेशक प्रो. ललित तिवारी की देखरेख में आयोजित हुई। 263 शोधार्थियों में से 259 ने यह परीक्षा दी। वाणिज्य, जंतुविज्ञान एवम भूविज्ञान के शोधार्थियों की द्वितीय प्रश्न पत्र की परीक्षा 16सितंबर को होगी तथा वाणिज्य विषय के शोधार्थियों की प्रथम प्रश्न पत्र की परीक्षा 17 सितंबर को होगी। परीक्षा को संपन्न करवाने में डॉ. विजय कुमार, डॉ. हरिप्रिया पाठक, डॉ. रीना साह, डॉ. नीता आर्या, डॉ. नंदन मेहरा, डॉ. प्रसाष्ठि जोशी, डॉ. निधि वर्मा, हरीश चौधरी, रमेश पंत आदि ने सहयोग किया। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : दूसरी बार हुआ कुमाऊँ विश्वविद्यालय की इस परीक्षा के कार्यक्रम में भी बदलाव

-वाणिज्य विषय की प्री पीएचडी की परीक्षा 11 की जगह 17 को
डॉ. नवीन जोशी, नवीन समाचार, नैनीताल, 3 सितंबर 2021। कुमाऊँ विश्वविद्यालय का प्रवेश, परीक्षा और परिणाम के तय कार्यक्रमों में बदलाव नई बात नहीं है। विश्वविद्यालय ने अब वाणिज्य विषय की 11 सितंबर को प्रस्तावित प्रथम प्रश्न पत्र की प्री पीएचडी कोर्स वर्क परीक्षा उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा की परीक्षा के कारण स्थगित कर दी है। अब यह परीक्षा 17 सितंबर को होगी। इसके अलावा अन्य विषयों की पहले व दूसरे प्रश्न पत्र की परीक्षाएं 11 व 12 सितंबर को 11 से दो बजे तक होंगी। अलबत्ता जंतु विज्ञान, भूगर्भ विज्ञान व वाणिज्य विज्ञान विषयों को छोड़कर अन्य विषयाों के दूसरे प्रश्न पत्र की परीक्षा 12 को एवं इन विषयों की परीक्षा 16 सितंबर को होगी।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले सभी विषयों की परीक्षाएं 11 व 12 सितंबरको आयोजित करने की घोषणा की गई थी। फिर जंतु विज्ञान, भूगर्भ विज्ञान व वाणिज्य विज्ञान विषयों के दूसरे प्रश्न पत्र की तिथि 12 की जगह 16 सितंबर की गई, और अब दूसरी बार यह बदलाव किया गया है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : Big Breaking : कुमाऊँ विवि की अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाएं 10 सितंबर व प्रथम सेमेस्टर की 4 अक्टूबर से होंगी

-अंतरिम यानी दूसरे व चौथे सेमेस्टर की परीक्षाएं नहीं होंगी
डॉ. नवीन जोशी, नवीन समाचार, नैनीताल, 2 सितंबर 2021। कुमाऊँ विश्वविद्यालय नैनीताल ने अपनी परीक्षाओं को लेकर बुधवार को स्थिति साफ कर दी है। विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में कुलपति प्रो. एनके जोशी की अध्यक्षता में हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि स्नातक व स्नातकोत्तर अंतिम सेमेस्टर व अंतिम वर्ष की एक सितंबर से प्रस्तावित परीक्षाओं को पूर्व में स्थगित कर दिया गया था, अब यह 10 सितंबर से होंगी। इस संबंध में संशोधित परीक्षा कार्यक्रम विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर 3 सितंबर को अपलोड किया जाएगा।

यह भी तय हुआ है कि विश्वविद्यालय की वार्षिक पद्धति की प्रथम वर्ष की परीक्षाएं एक माह बाद चार अक्टूबर से प्रारंभ होंगी। इसके अलावा विलंब से शुरू हो रहे शैक्षणिक सत्र को नियमित करने के दृष्टिगत नियमित व व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के अंतरिम सम सेमेस्टर यानी दूसरी व चौथे आदि सेमेस्टर की परीक्षाएं नहीं कराई जाएंगी तथा इनके परीक्षाफल निर्धारित मानकों के आधार पर घोषित किए जाएंगे, तथा आगामी 10 सितंबर से ऑफलाइन व ऑनलाइन मोड में नियमित कक्षाएं चलेंगी। यह भी तय किया अन्य किसी नियामक संस्था से संचालित होने वाले सभी पाठ्यक्रमों की परीक्षाएं व परीक्षाफल उनके मानकों के अनुसार होंगे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : हाईकोर्ट के पीसीएस परीक्षा में आयु में छूट देने के आदेश

डॉ. नवीन जोशी, नवीन समाचार, नैनीताल, 1 सितंबर 2021। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने पीसीएस परीक्षा में आयु सीमा में छूट दिए जाने को लेकर याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने अभ्यथियों को राहत देते हुए राज्य के सचिव कार्मिक को निर्देश दिया है कि पीसीएस परीक्षा में अभ्यर्थियों की आयु सीमा बढ़ाने व फार्म भरने की अंतिम तिथि को बढ़ाने को लेकर निर्णय लें। मामले की सुनवाई वरिष्ठ न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी व न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खण्डपीठ में हुई।

मामले के अनुसार आशुतोष भट्ट, अमित बाटला, गुलफाम व हरेंद्र रावत ने याचिका दाखिल कर कहा कि उनकी आयु 45 साल हो गयी है जबकि इस परीक्षा के लिए आयु सीमा 42 साल है। याचिका में कहा गया है कि 10 अगस्त 2021 को परीक्षा का विज्ञापन जारी किया गया था जिसकी परीक्षा 10 अक्टूबर को होनी तय है। याचिका में कहा गया है कि राज्य बनने के बाद पीसीएस की 6 बार ही परीक्षा हुई है और 2016 के बाद कोई परीक्षा नहीं हुई है जिस कारण वह इस परीक्षा से वंचित हो गए हैं। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : आखिरी क्षणों में स्टाफ नर्सों की भर्ती परीक्षा दुबारा स्थगित

नवीन समाचार, नैनीताल, 14 जून 2021। स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग में स्टाफ नर्सों के 2621 खाली पदों की मंगलवार 15 जून को प्रस्तावित लिखित भर्ती परीक्षा दुबारा स्थगित कर दी गई है। अचानक आखिरी समय में परीक्षा स्थगित किए जाने और इसकी जानकारी ठीक से पता न चल पाने पर अभ्यर्थी परेशान हैं।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले मई माह में भी कोरोना संक्रमण तेजी से फैलने के कारण सरकार ने भर्ती परीक्षा रोक दी थी। उस समय परिषद ने सिर्फ देहरादून और हल्द्वानी में 27 परीक्षा केंद्र बनाए थे। कई संगठनों की मांग के बाद शासन ने प्रत्येक जिला स्तर परीक्षा केंद्र बनाने का आदेश जारी किया था। जिसके बाद 15 जून को लिखित परीक्षा निर्धारित की गई थी लेकिन एक दिन पहले ही सरकार ने दोबारा से परीक्षा स्थगित कर दी है। 2621 पदों के लिए लगभग 10 हजार उम्मीदवारों ने आवेदन किया है। देहरादून के 2673 और नैनीताल के 1222 उम्मीदवार पंजीकृत हैं। इसके अलावा चमोली के 280, हरिद्वार के 759, पौड़ी के 465, रुद्रप्रयाग के 159, टिहरी के 372, उत्तरकाशी के 321, अल्मोड़ा के 477, बागेश्वर के 262, चंपावत के 126, पिथौरागढ़ के 723 और ऊधमसिंह नगर के 759 उम्मीदवारों ने आवेदन किया है। वहीं, उत्तर प्रदेश के 165, दिल्ली के 156, हरियाणा के 31 और पंजाब से 16 उम्मीदवारों ने भी आवेदन किया है। इसके अलावा राजस्थान से दस, हिमाचल से छह, चंडीगढ़ और महाराष्ट्र से पांच-पांच, मध्य प्रदेश से चार, छत्तीसगढ़ से तीन, आंध्र प्रदेश, बिहार और कर्नाटक से दो-दो, उड़ीसा और तमिलनाडु से एक-एक उम्मीदवार ने आवेदन किया हुआ है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड सरकार ने भी लिया 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं पर निर्णय

नवीन समाचार, देहरादून, 02 जून 2021। उत्तराखंड सरकार ने भी उत्तराखंड माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 12वीं की परीक्षाओं को स्थगित कर दिया है। बुधवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने सोशल मीडिया के जरिये इसकी जानकारी दी। उन्होंने लिखा है। ‘प्रिय प्रदेशवासियों, आप सभी का उत्तम स्वास्थ्य एवं कोरोना महामारी से सुरक्षा ही मेरी सरकार का परम कर्तव्य है। इसी क्रम में आज प्रदेश सरकार ने उत्तराखण्ड विद्यालयी शिक्षा परिषद की 12वीं कक्षा की परीक्षाएं रद्द करने का निर्णय लिया है।’ (डॉ.नवीन जोशी)

यह भी पढ़ें : 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर संशय समाप्त, प्रधानमंत्री मोदी ने लिया बड़ा निर्णय…
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नवीन समाचार, नई दिल्ली, 01 जून 2021। सीबीएसई यानी केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 12वीं बोर्ड की परीक्षा पर सस्पेंस खत्म हो गया है। अब यह नहीं होगी। इसे रद्द करने का फैसला लिया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई एक अहम बैठक में इस पर फैसला ले लिया गया है। वहीं सीबीएसई के बाद आईसीएसई बोर्ड ने भी 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं रद्द करने की घोषणा कर दी है। साथ ही उम्मीद की जा रही है कि राज्यों के एवं अन्य बोर्डों की 12वीं की परीक्षाओं को भी प्रधानमंत्री के इस निर्णय के बाद रद्द कर दिया जाएगा। बैठक के दौरान पीएम को उन सभी संभावित विकल्पों के बारे में बताया गया जो विभिन्न राज्यों और अन्य पक्षकारों के साथ हुए व्यापक विचार-विमर्श के बाद सामने आए थे। आगे 12वीं के परीक्षार्थियांे का मूल्यांकन किस तरह होगा इस पर संशय बना हुआ है। इधर, इस बैठक में मौजूद रहे केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र मंत्री ने मीडिया से कहा कि 11वीं और 12वीं कक्षा के आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर 12वीं की बोर्ड परीक्षा के नतीजे घोषित किये जा सकते हैं। आगे कोरोना की स्थितियां सुधरने पर यदि कोई परीक्षार्थी परीक्षा देना चाहे तो उसे परीक्षा देने का अवसर दिया जा सकता है। साथ ही उच्च शिक्षा में प्रवेश के लिए बच्चों को विशेष सुविधा भी दी जा सकती है।
उल्लेखनीय है कि शिक्षा मंत्रालय ने हाल ही में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में राज्यों और विभिन्न पक्षकारों के साथ व्यापक विचार विमर्श किया था। इस बैठक में केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, प्रकाश जावडेकर, स्मृति ईरानी आदि ने हिस्सा लिया था। अलबत्ता आज स्वास्थ्य खराब होने पर एम्स में भर्ती होने के कारण शिक्षा मंत्री डॉ. निशंक बैठक में मौजूद नहीं रहे। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने विभिन्न राज्यों और अन्य पक्षकारों से परीक्षा को लेकर सुझाव मांगा था। सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय को सूचित किया था कि वह इस बारे में अंतिम फैसला तीन जून तक लेगी। सुप्रीम कोर्ट इस संबंध में याचिका पर सुनवाई कर रही है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने कोरोना विषाणु की महामारी फैलने के कारण 14 अप्रैल को 10वीं बोर्ड परीक्षा रद्द करने और 12वीं बोर्ड परीक्षा स्थगित करने की घोषणा की थी।

यह भी पढ़ें : 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर उहापोह पर इंतजार समाप्त होने की ओर, आ रहा है सुप्रीम फैसला, फैसले के भी मिले संकेत

नवीन समाचार, नई दिल्ली, 01 जून 2021। देश में 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर अगले दो दिन में,  3 जून को स्थिति साफ हो सकती है। देश के अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने सोमवार को भारतीय विद्यालय प्रमाणपत्र परीक्षा परिषद (सीआईएससीई) और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीसई) की 12वीं कक्षा की परीक्षाएं रद्द करने का अनुरोध करने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही सर्वोच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति एएम खानविलकर और न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी की पीठ को बताया कि सरकार कोरोना महामारी के बीच १२वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं आयोजित करने या नहीं करने के बारे में अगले दो दिन में अंतिम फैसला कर लेगी। पीठ ने कहा, यदि केंद्र वैश्विक महामारी के कारण शेष बोर्ड परीक्षाएं रद्द करने की पिछले साल की नीति से अलग फैसला करता है, तो उसे इसका ठोस कारण देना होगा। सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने कहा, पिछले साल सोच-समझकर निर्णय लिया गया था। लेकिन यदि आप इस नीति से अलग फैसला करते हैं, तो कृपया हमें इसका ठोस कारण दीजिए, ताकि हम समीक्षा कर सकें। इससे संभावना जताई जा रही है कि शीर्ष अदालत परीक्षाएं न कराने के पक्ष में है। माना जा रहा है कि सर्वोच्च न्यायालय का जो भी फैसला आता है, देश के राज्यों के एवं अन्य बोर्ड भी उसी फॉर्मूले के आधार पर परीक्षाएं कराने या न कराने का निर्णय ले सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि शीर्ष अदालत ने कोरोना महामारी के कारण पिछले साल एक जुलाई से 15 जुलाई तक होने वाली बोर्ड परीक्षाओं को रद्द करने के लिए सीबीएसई और सीआईएससीई की योजनाओं को 26 जून 2020 को मंजूरी और परीक्षार्थियों के आकलन संबंधी फॉर्मूले को भी स्वीकृति दे दी थी। इधर, सुनवाई के दौरान वेणुगोपाल ने कहा, पिछले साल मार्च २०२० में राष्ट्रीय स्तर पर लॉकडाउन लगाए जाने से पहले की कुछ विषयों की बोर्ड परीक्षा हो गई थी। पीठ ने कहा, हम इस चरण पर बारीकियों में नहीं जाना चाहते। आप फैसला कीजिए। याचिकाकर्ता ममता शर्मा ने भी उम्मीद जताई है कि पिछले साल की नीति इस साल भी अपनाई जा सकती है। यदि आप इस नीति से अलग फैसला करते हैं, तो आपके पास इसका ठोस आधार होना चाहिए। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ममता शर्मा ने परिणाम में देरी होने की स्थिति में उन छात्रों के सामने समस्या पैदा हो सकने का मामला उठाया। पीठ ने कहा, उन्हें फैसला करने दीजिए। यदि पुरानी नीति से अलग फैसला होता है, तो हम गौर करेंगे। हम हमारे समक्ष सैद्धांतिक फैसला आने पर इस पर विचार करेंगे। (डॉ.नवीन जोशी)

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड बोर्ड की परीक्षाएं नए-पुराने पैटर्न पर कराने व समय को लेकर हुआ मंथन..

-अंतिम फैसला एक जून तक आने के शिक्षा मंत्री ने दिए निर्देश
नवीन समाचार, देहरादून, 24 मई 2021। उत्तराखंड बोर्ड की इंटर की परीक्षा अगले माह जून के आखिर या जुलाई माह के पहले हफ्ते में हो सकती है। प्रदेश के शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने सोमवार को विधानसभा में हुई विभागीय अधिकारियों की बैठक में परीक्षा के संबंध में अंतिम फैसला हर हालत में एक जून तक करने के निर्देश दिए हैं। परीक्षा पुराने प्रचलित पैटर्न पर कराई जाए या प्रतियोगी परीक्षाओं के ओएमआर शीट वाले बहुविकल्पीय प्रश्नों के पैटर्न को अपनाया जाए, इस पर विभिन्न पक्षों को ध्यान में रखकर एक सप्ताह के भीतर फैसला लिया जाएगा।
बताया जा रहा है कि बैठक में यह सहमति बनी कि कोरोना काल में छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को ध्यान में रखकर परीक्षा कराई जाएगी। परीक्षा के लिए और 500 केंद्र बढ़ाए जाएंगे, ताकि सुरक्षित शारीरिक दूरी समेत कोविड सुरक्षा प्रोटोकाल का पूरी तरह पालन किया जा सके। इंटर की परीक्षा में एक लाख से ज्यादा परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। बोर्ड ने परीक्षा के लिए 1350 परीक्षा केंद्र तय किए हैं। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने बताया कि परीक्षा के पुराने और नए पैटर्न पर विचार किया गया। पुराने पैटर्न की स्थिति में परीक्षा केंद्रों से लेकर मूल्यांकन की व्यवस्था में विस्तार करने की आवश्यकता होगी। वहीं नए बहुविकल्पीय प्रश्नों के पैटर्न पर भी विभाग से नजरिया स्पष्ट करने को कहा गया है। नए पैटर्न में प्रश्नपत्र की अवधि तीन घंटे से घटकर 1.30 घंटा हो सकती है। इसमें जवाब प्रतियोगी परीक्षा की तर्ज पर ओएमआर शीट पर देने की व्यवस्था की जा सकती है। शिक्षा मंत्री ने बताया कि इससे मूल्यांकन में आसानी रहेगी। दोनों ही विकल्पों के लाभ और हानि को ध्यान में रखकर फैसला लिया जाएगा। मंत्री ने कहा कि परीक्षा और मूल्यांकन में छात्र-छात्राओं व शिक्षकों की सुरक्षा का ध्यान रखा जाएगा। मूल्यांकन के लिए जरूरत पड़ी तो संबंधित शिक्षकों के टीकाकरण की व्यवस्था कराई जा सकती है। इस बारे में वह मुख्यमंत्री के साथ मुलाकात कर चर्चा करेंगे। बैठक में शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, अपर शिक्षा निदेशक वंदना गर्ब्याल समेत कई अधिकारी मौजूद थे।

यह भी पढ़ें : 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं तथा कई प्रवेश परीक्षाओं व व्यवसायिक परीक्षाओं पर आज हो सकता है निर्णय…

नवीन समाचार, नई दिल्ली, 23 मई 2021। वैश्विक महामारी कोरोना के कारण देश में अधर में लटकी 12वीं कक्षा की परीक्षा के साथ-साथ कई प्रवेश परीक्षाओं व व्यावसायिक पाठयक्रमों अन्य परीक्षाओं पर रविवार को कोई फैसला हो सकता है। परीक्षाओं पर फैसला लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर शिक्षा मंत्रालय ने रविवार को एक उच्चस्तरीय मंत्रिसमूह की बैठक बुलाई है। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखिरयाल ‘निशंक’, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति जुबिन ईरानी और केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, प्रदेशों के शिक्षा मंत्री, राज्य शिक्षा बोर्डों के अध्यक्ष व शिक्षा सचिव भी शामिल होंगे।
शिक्षा मंत्रालय ने परीक्षाओं को लेकर सभी राज्यों को एक पत्र भी लिखा है। पत्र में कहा गया है कि शिक्षा मंत्रालय का स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग एवं सीबीएसई परीक्षा आयोजित करने के संबंध में छात्रों और शिक्षकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विकल्प की तलाश कर रहे हैं। उच्च शिक्षा विभाग भी उच्चतर शिक्षण संस्थानों के लिए परीक्षाओं की तिथियों को अंतिम रूप देने पर विचार-विर्मश कर रहा है। पत्र के अनुसार छात्रों के बीच उत्पन्न अनिश्चितता को कम करने के लिए यह आवश्यक है कि विभिन्न राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासनों के सुझावों के आधार पर देश भर के सभी छात्रों के हित में बारहवीं कक्षा की सीबीएसई परीक्षा के बारे में विचार किया जाए।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड बोर्ड की 10वीं की बोर्ड परीक्षाएं निरस्त व 12वीं की स्थगित…

नवीन समाचार, देहरादून, 18 अप्रैल 2021। सीबीएसई की तर्ज पर उत्तराखंड सरकार ने भी दसवीं की परीक्षा को रद करते हुए 12वीं की परीक्षाओं को स्थगित करने का निर्णय रविवार को आखिर ले लिया है। यह जानकारी देते हुए प्रदेश के शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने कहा है कि प्रदेश में कोरोना महामारी के दृष्टिगत परीक्षार्थियों की सुरक्षा और बचाव के लिए उत्तराखण्ड विद्यालयी शिक्षा परिषद की कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षाओं को निरस्त करने और कक्षा 12 की परीक्षाओं को स्थगित करने का निर्णय लिया गया है। आगे भी विद्यार्थियों के स्वास्थ्य व उज्ज्वल भविष्य के दृष्टिगत ही निर्णय लिए जाएंगे।
उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड में बोर्ड परीक्षाएं इस बार चार मई से शुरू होकर 22 मई तक होने वाली थी। जिसमें हाईस्कूल में 145691 संस्थागत व 2664 व्यक्तिगत सहित कुल 148355 तथा इंटर में 118135 संस्थागत व 4049 व्यक्तिगत परीक्षार्थी सहित कुल 122184 परीक्षार्थी शामिल होने थे। इससे पहले परीक्षा को लेकर बीते दिनों शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ‘वेट एंड वॉच’ की रणनीति पर परीक्षाएं कराने की बात कह रहे थे। लेकिन रविवार को शिक्षा मंत्री ने अपने फेसबुक पेज पर परीक्षाओं को लेकर बयान दिया। फेसबुक के माध्यम से उन्होंने बताया कि कोराना महामारी के दृष्टिगत परीक्षार्थियों की सुरक्षा व बचाव के लिए दसवीं की बोर्ड परीक्षा को निरस्त करने व 12 वीं की परीक्षा को स्थगित करने का निर्णय लिया गया है। दो मई से शुरू होने जा रही बोर्ड परीक्षा को टालने का निर्णय लिया गया है।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड सरकार ने स्टाफ नर्स के बाद एलटी भर्ती परीक्षा भी स्थगित की, कुछ घंटों में बदला अपना फैसला

नवीन समाचार, देहरादून, 16 अप्रैल 2021। उत्तराखंड सरकार ने स्टाफ नर्स (ग्रुप-सी) के 2,621 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए आगामी 18 अप्रैल को आयोजित होने वाली लिखित परीक्षा को अग्रिम आदेशों तक स्थगित कर दिया है। आगे स्थितियां ठीक होने पर परीक्षा की नई तिथि घोषित की जाएगी। इसके अलावा उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने एलटी भर्ती परीक्षा भी स्थगित कर दी है। अब हालात सामान्य होने के बाद दोबारा परीक्षा की तिथि जारी की जाएगी।

इसके अलावा भी उत्तराखंड में बढ़ते कोरोना प्रकोप को देखते हुए मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने बड़ा फैसला लेते हुए सभी परीक्षाओं को स्थगित करने के निर्देश दिए है। कोरोना वायरस के विषय पर शुक्रवार को मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने निर्देश दिये कि कोविड प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित कराया जाए। जो लोग मास्क सही तरीके से नहीं पहन रहे हैं और सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन कर रहे हैं, उन पर सख्त कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने प्रदेश ने कहा कि परीक्षाओं को स्थगित किया जाए और कॉलेजों में केवल ऑनलाइन क्लासेज की अनुमति दी जाए।
उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को दिन में मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने आदेश जारी किया था कि अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की एलटी भर्ती और अन्य परीक्षाओं के लिए बाहरी राज्यों से आने वाले उम्मीदवारों को आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट की आवश्यकता नहीं है। वह केवल अपने प्रवेश पत्र दिखाकर उत्तराखंड की सीमा में प्रवेश कर सकते हैं। इसके अलावा जो उम्मीदवार कंटेनमेंट जोन में हैं, उन्हें जिला प्रशासन की मदद से कोरोना जांच करानी होगी। प्रवेश पत्र के साथ ही आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट भी दिखानी होगी। हालांकि शाम को आयोग ने एलटी भर्ती परीक्षा रद्द कर दी। आयोग के सचिव संतोष बडोनी ने कहा कि जिस तरह से प्रदेश में कोरोना का संक्रमण फैला हुआ है, उस हिसाब से परीक्षा कराना संभव नहीं है। लिहाजा, एलटी भर्ती परीक्षा फिलहाल स्थगित की जा रही है। हालात सामान्य होने के बाद दोबारा परीक्षा की तिथि जारी की जाएगी। बता दें कि यह परीक्षा 25 अप्रैल को होनी थी।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड में सरकार पिछले वर्ष की तरह बोर्ड परीक्षाएं कराने की कोशिश में…

नवीन समाचार, नैनीताल, 16 अप्रैल 2021। सीबीएसई ने देश में 10वीं की बोर्ड परीक्षाएं रद्द और 12वीं की स्थगित कर दी हैं। पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में बोर्ड परीक्षाओं को स्थगित किया जा चुका है। ऐसे में उत्तराखंड बोर्ड के छात्र भी हाईस्कूल व इंटर की बोर्ड की परीक्षाओं को लेकर कयास लगा रहे हैं।
इन स्थितियों के बीच उत्तराखंड में बृहस्पतिवार 15 अप्रैल से राज्य में वर्ष 2021-22 का शैक्षणिक सत्र प्रारंभ हो गया है। इसके तहत राज्य में देहरादून, हरिद्वार व नैनीताल जनपद के कुछ नगर निकायों को छोड़कर शेष जगह कक्षाएं नियमानुसार शुरू होनी हैं। हालांकि सरकार ने 10वीं व 12वीं कक्षाओं को छोड़कर अन्य कक्षाओं को बंद करने का आदेश भी जारी किया है। वहीं बोर्ड परीक्षाओं को लेकर सरकार ‘वेट एंड वॉच’ यानी हालातों को देखने और किसी तरह पिछले वर्ष की तरह बोर्ड परीक्षाएं करा लेने की कोशिश में है। इस संबंध में राज्य के शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने कहा कि बोर्ड परीक्षा कार्यक्रम में अभी किसी तरह की तब्दीली नहीं की गई है। उत्तराखंड बोर्ड ने पिछले सत्र में कोरोना के बीच ही परीक्षाएं कराई थीं। अब कोरोना संक्रमण से उत्पन्न परिस्थितियों पर नजर रखी जा रही है। जरूरत हुई तो परीक्षा कार्यक्रम में फेरबदल या परीक्षाएं स्थगित करने पर विचार किया जाएगा। वहीं शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम का कहना है कि सीबीएसई राष्ट्रीय बोर्ड है, इसलिए वह परीक्षाओं पर फैसला राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में लेता है। कई राज्यों में कोरोना से हालात चिंताजनक हैं, इसलिए परीक्षाओं पर फैसला ले लिया गया है। पर, उत्तराखंड बोर्ड राज्य का बोर्ड है। पिछले साल भी राज्य ने बोर्ड परीक्षा को सफलतापूर्वक पूरा करा लिया था। अभी उत्तराखंड बोर्ड परीक्षाओं को रद्द अथवा स्थगित करने का कोई विचार नहीं है। उल्लेखनीय है कि गत वर्ष उत्तराखंड सरकार ने परीक्षाओं को कुछ समय स्थगित रखा था और हालात कुछ सामान्य होने पर बोर्ड परीक्षाओं को पूरा करा लिया था। साथ ही कंटेनमेंट जोन के कारण बोर्ड परीक्षा देने से चूके छात्रों के लिए अलग से परीक्षाएं कराई गई थीं।
उल्लेखनीय है कि तय कार्यक्रम के अनुसार राज्य में हाईस्कूल और इंटर की बोर्ड परीक्षाएं आगामी चार मई से 22 मई तक होनी हैं। प्रदेश में बोर्ड परीक्षाओं के लिए 1347 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों में हाईस्कूल के 1,48,355 और इंटरमीडिएट के 1,22,184 छात्र-छात्राओं को परीक्षा देनी है। हाईस्कूल में 1,45,691 लाख संस्थागत और 2664 व्यक्तिगत तथा इंटरमीडिएट में 1,18,135 संस्थागत और 4049 व्यक्तिगत परीक्षार्थी है।

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-याचिकाकर्ता ने यूकेपीएससी की परीक्षा को कुंभ के दौरान न कराने की याचिका दायर करना पड़ा भारी, अदालत ने बताया समय बरबाद करने वाली याचिका
नवीन समाचार, नैनीताल, 11 मार्च 2021। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने एक मामले में गंभीर रुख अख्तियार करते हुए याचिकाकर्ता पर अदालत को समय व्यर्थ करने पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। याचिकाकर्ता को जमानत की इस धनराशि को दो सप्ताह के अंदर अधिवक्ता कल्याण कोष में जमा करने के निर्देश दिए हैं।
मामला उत्तराखंड लोक सेवा आयोग-यूकेपीएससी की ओर से सहायक वन संरक्षक एवं उत्तराखंड स्पेशल सब-ऑर्डनेट एजुकेशन (लेक्चरर ग्रेड) सर्विस (सामान्य एवं महिला) पदों के लिए होने वाली परीक्षा से जुड़ा है। आयोग इन परीक्षाओं को 13 से 21 मार्च के बीच आयोजित कर रहा है। आयोग के इस कदम को कुलदीप चंद्र रतूड़ी की ओर से एक जनहित याचिका के माध्यम से चुनौती दी गई। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि हरिद्वार में आयोजित महाकुंभ के बीच यूकेपीएससी की ओर से इन परीक्षाओं का आयोजन किया जा रहा है, जो कि गलत है। याचिकाकर्ता की आगे कहा गया कि न्यायालय की ओर से भी विगत पांच मार्च को एक आदेश जारी कर सरकार को 11 और 12 मार्च को होने वाले विशेष पर्वों के लिये भी एसओपी लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार की ओर से कोरोना महामारी को देखते हुए महाकुंभ के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की गयी है। इसके तहत महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। याचिकाकर्ता की ओर से यह भी कहा गया है कि उसने आयोग को इस मामले में प्रत्यावेदन दिया था लेकिन उसके प्रत्यावेदन पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। महाकुंभ 30 अप्रैल तक है और इस दौरान छह विशेष पर्व हैं। महाकुंभ के दौरान लाखों लोगों की भीड़ जुटने की आशंका है। ऐसे में याचिकाकर्ता की ओर से अदालत से दोनों परीक्षाओं को महाकुंभ के बाद आयोजित करने के निर्देश देने की मांग की गई। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान और न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ में हुई। अदालत ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया और इसे नियमों के विपरीत मानते हुए अदालत का समय व्यर्थ करने वाला कदम बताया। अदालत ने याचिकाकर्ता पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाते हुए इस राशि को दो सप्ताह के अंदर अधिवक्ता कल्याण कोष में जमा कराने के निर्देश दिए हैं।

यह भी पढ़ें : सीबीएसई ने किया गणित-विज्ञान सहित कई विषयों की १०वीं, १२वीं की परीक्षा तिथियों में बदलाव

नवीन समाचार, नई दिल्ली, 06 मार्च 2021। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने १०वीं और १२वीं कक्षाओं के लिए शुक्रवार को कुछ विषयों की बोर्ड परीक्षा की नई तिथियां जारी की हैं, जिसमें गणित, वाणिज्य और भौतिक विज्ञान शामिल हैं। नई परीक्षा तिथि के मुताबिक १०वीं कक्षा की विज्ञान विषय की परीक्षा को २१ मई के लिए कर दिया गया है। इससे पहले यह १५ मई को आयोजित होने वाली थी। वहीं गणित की २१ मई को होने वाली परीक्षा अब दो जून को होगी।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने कहा कि १२वीं कक्षा की भौतिकी की परीक्षा १३ मई को होने वाली थी जो अब आठ जून को होगी। नई तारीख के मुताबिक १२वीं कक्षा के विज्ञान एवं वाणिज्य के छात्रों के लिए गणित और प्रायोगिक गणित की परीक्षा पहले एक जून को होने वाली थी जो अब ३१ मई को होगी। बोर्ड ने कला संकाय के लिए भूगोल की परीक्षा दो जून के बजाए तीन जून को आयोजित कराने का फैसला किया है।१०वीं एवं १२वीं कक्षाओं की परीक्षाएं चार मई से शुरू होंगी और दस जून को समाप्त होंगी।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड में गृह परीक्षाओं के लिए तारीखों और दिशा-निर्देशों का हुआ ऐलान

नवीन समाचार, नैनीताल, 28 फरवरी 2021। उत्तराखंड में सरकारी और अशासकीय स्कूलों में छठी से 11 वीं कक्षा के लिए गृह परीक्षा परीक्षाएं 22 अप्रैल से 25 मई के बीच होंगी। अलबत्ता राज्य सरकार ने शिक्षा विभाग को छूट दी है कि वो अपनी सुविधा के अनुसार 10वीं और 12 वीं की चार मई से शुरू होने जा रही बोर्ड परीक्षाओं के पहले या बाद में गृह परीक्षाएं करा सकता है। यह जरूर है कि गर्मियों की छुटटियों से पहले परीक्षाओं का परिणाम जारी करना होगा। शिक्षा सचिव आर. मीनाक्षीसुंदरम ने गृह परीक्षा के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए महानिदेशक-शिक्षा, शिक्षा निदेशक को कार्यवाही शुरू करने के आदेश दिए हैं। शिक्षा सचिव ने बताया कि पहली से पांचवीं कक्षा के छात्रों की परीक्षा नहीं होगी। उनका मूल्यांकन समग्र शिक्षा अभियान द्वारा तैयार वर्कशीट के आधार पर किया जाएगा और ग्रेडिंग के आधार पर उन्हंे उत्तीर्ण किया जाएगा। जो छात्र विद्यालय नहीं आ पा रहे हैं, उनकी ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन माध्यम से परीक्षा ली जाएगी।
यह भी कहा गया है कि जिन विद्यालयों में बोर्ड परीक्षा के केंद्र बने हुए हैं, वहां बोर्ड परीक्षा से पहले या बाद में गृह परीक्षा हो सकती है। जिन स्कूलों में केंद्र नहीं हैं, वह बोर्ड परीक्षा के दौरान भी परीक्षा करा सकेंगे। जूनियर हाईस्कूलों में परीक्षा बोर्ड परीक्षा के दौरान ही कराई जाएंगी। यह भी साफ किया है कि परीक्षा के लिए प्रश्नपत्र विद्यालय स्तर पर ही तैयार किए जाएंगे। सरकार का कहना है कि कोरोना काल में शिक्षकों ने विपरीत परिस्थितियों में ऑनलाइन और ऑफलाइन पढ़ाई कराई है। इसलिए वो ज्यादा बेहतर तरीके से मूल्यांकन का मानक बना सकते हैं। अलबत्ता, गृह परीक्षा का कार्यक्रम प्राइवेट विद्यालयों पर लागू नहीं होगा। वह अपनी व्यवस्था के अनुसार परीक्षाएं करा सकते हैं।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षाओं का कार्यक्रम जारी

नवीन समाचार, देहरादून, 06 फरवरी 2021। उत्तराखंड बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं आगामी चार मई से 22 मई तक दो पालियों में होंगी। उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद, रामनगर (नैनीताल) ने परीक्षा कार्यक्रम घोषित कर दिया है। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने रुद्रपुर में पत्रकार वार्ता के दौरान परीक्षा कार्यक्रम की जानकारी दी। यह भी बताया कि हाईस्कूल में संस्थागत-145691 व व्यक्तिगत-2664 मिलाकर कुल 148355 तथा इंटरमीडिएट में संस्थागत-118135 व व्यक्तिगत-4049 मिलाकर कुल 122184 परीक्षार्थी 1347 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा देंगे।
उन्होंने बताया कि उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद, रामनगर (नैनीताल) से संबंद्ध हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 4 मई 2021 से 22 मई 2021 तक संपन्न होंगी। उन्होंने बताया कि परीक्षाएं सुबह आठ बजे से 11 बजे तक और दोपहर बाद दो बजे से शाम पांच बजे तक होंगी। इससे पहले तीन अप्रैल 2021 से 25 अप्रैल 2021 तक प्रयोगात्मक और आंतरिक मूल्याकंन परीक्षाएं होंगी। इसके बाद 1 जून से 15 जून 2021 तक लिखित उत्तर पुस्तिकाओं का 15 दिनों तक मूल्याकंन कार्य किया जाएगा। वहीं 16 जून से 15 जुलाई 2021 तक हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के परीक्षा परिणाम की तैयार और परीक्षाफल की घोषणा कर दी जाएगी। इस अवसर पर सचिव उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद, रामनगर (नैनीताल) डॉ. नीता तिवारी, मुख्य शिक्षा अधिकारी ऊधमसिंह नगर रमेश चन्द्र आर्या समेत अन्य शिक्षा अधिकारी मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें : हो गया सीबीएसई बोर्ड की परीक्षाओं की तारीखों का ऐलान

नवीन समाचार, नई दिल्ली, 31 दिसम्बर 2020। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई बोर्ड) की परीक्षा की तारीखों का ऐलान हो गया है। शिक्षामंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की कक्षा 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा 2021 की डेटशीट जारी कर दी है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने अपने ट्विटर हैंडल पर सीबीएसई बोर्ड परीक्षाओं की तारीख घोषित की है।

निशंक ने बताया कि 10वीं व 12वीं के लिए सीबीएसई बोर्ड परीक्षा 4 मई 2021 से शुरू होगी। ये परीक्षाएं 10 जून 2021 तक पूरी की जाएंगी। परिणाम की घोषणा 15 जुलाई 2021 तक की जाएगी। प्रैक्टिकल परीक्षाएं 1 मार्च 2021 से शुरू की जाएंगी। कुछ देर में सीबीएसई अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर भी ये डेटशीट्स अपलोड कर देगा। स्टूडेंट्स वहां से भी इसे डाउनलोड कर सकते हैं। हालांकि अभी यह नहीं बताया गया है कि किस विषय की परीक्षा किस तारीख को ली जाएगी। कहा जा रहा है कि सीबीएसई जल्द ही दोनों कक्षाओं के लिए बोर्ड परीक्षा की विस्तृत डेटशीट जारी करेगा।

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बदले पैटर्न पर होगी परीक्षा
कोरोना वायरस महामारी के कारण विशेष परिस्थितियों में इस बार सीबीएसई ने दोनों कक्षाओं के लिए 30 फीसदी सिलेबस कम किया है। घटाए गए सिलेबस पर ही बोर्ड परीक्षाएं ली जाएंगी। इसके अलावा बोर्ड ने पेपर पैटर्न में भी कुछ अहम बदलाव किए हैं।

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-बोर्ड व शिक्षा विभाग की संवादनहीनता से बोर्ड परीक्षा से वंचित रहने की कगार पर आ गए थे छात्र
नवीन समाचार, नैनीताल, 23 नवम्बर 2020। शिक्षा विभाग एवं उत्तराखंड माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के बीच आपसी संवादहीनता की वजह से मुख्यालय के कॉमर्स यानी वाणिज्य वर्ग के छात्र परीक्षा शुल्क जमा कर लेने के बावजूद इंटर बोर्ड की प्राइवेट परीक्षा का फार्म ही न भर पाने की कगार पर पहुंच गए। अलबत्ता, अंतिम क्षणों में ‘नवीन समाचार’ के प्रयासों से उनके परीक्षा फार्म भरने की राह निकल गई है। लेकिन उनके पास फॉर्म भरने का केवल एक दिन ही शेष है। इस पर छात्रों में खुशी देखी जा रही है।
उल्लेखनीय है कि बोर्ड परीक्षा के लिए 25 नवंबर को आवेदन फॉर्म भरने की आखिरी तिथि है। इससे पहले 24 नवंबर को विद्यालयों में अवकाश है। इसके बावजूद नगर के वाणिज्य वर्ग के छात्र इंटर मीडिएट की बोर्ड परीक्षा के लिए फार्म नहीं भर पाए हैं। ऐसा इसलिए कि नगर में केवल सीआरएसटी इंटर कॉलेज में इंटर में वाणिज्य विषय है। गत वर्षों तक वाणिज्य वर्ग के छात्र इसी विद्यालय में बोर्ड परीक्षा देते थे। बोर्ड परीक्षा के लिए छात्र कम होने के कारण बोर्ड ने इस वर्ष नगर में बोर्ड परीक्षाओं के लिए केवल दो परीक्षा केंद्र राजकीय इंटर कॉलेज व भारतीय शहीद सैनिक विद्यालय ही रखे हैं। इधर राजकीय इंटर कॉलेज ने वाणिज्य वर्ग के छात्रों का परीक्षा फार्म यह कहकर बंद कर दिया कि उनके विद्यालय में वाणिज्य वर्ग नहीं है, वे अपने यहां पढ़ाए जाने वाले विषयों के ही प्राइवेट परीक्षा के फार्म भर सकते हैं, जबकि बोर्ड के साथ ही शिक्षा विभाग के अधिकरियों ने भी साफ किया कि अन्य विषयों के परीक्षा फार्म भी भरे जा सकते हैं। राइंका के मना करने पर पूर्व में शुल्क जमा कर चुके कई छात्र भी परेशान रहे। सोमवार को उन्होंने ‘नवीन समाचार’ को भी इसकी जानकारी दी। इसके बाद ‘नवीन समाचार’ द्वारा पूछे जाने के बाद विभाग हरकत में आया। इसके बाद राइंका के प्रधानाचार्य आरएस अधिकारी ने कहा कि मुख्य शिक्षा अधिकारी से निर्देश आने के बाद अब वाणिज्य वर्ग के फार्म भरे जा सकेंगे।

यह भी पढ़ें : कुमाऊं विश्वविद्यालय की बीएड-एमएड प्रवेश परीक्षा कल, आज कुछ परीक्षा परिणाम भी घोषित..

नवीन समाचार, नैनीताल, 7 नवंबर 2020। कुमाऊं विश्वविद्यालय के द्वारा रविवार को बीएड व एमएड की प्रवेश परीक्षा आयोजित की जा रही है। विश्वविद्यालय के डीआईसी निदेशक प्रो. संजय पंत ने बताया कि यह परीक्षा 17 परीक्षा केंद्रों-एसएसजे परिसर अल्मोड़ा के अपर व लोअर कैंपस, बागेश्वर, बेरीनाग, द्वाराहाट, हल्द्वानी के एमबी पीजी कॉलेज व आम्रपाली, काशीपुर, खटीमा, किच्छा, लोहाघाट, डीएसबी नैनीताल, पिथौरागढ़, रामनगर, रानीखेत तथा रुद्रपुर के पीजी कॉलेज व कन्या महाविद्यालय में दो पालियों में सुबह 11 से एक व सवा बजे से सवा दो बजे तक तथा 11 से दो की एक पारी में आयोजित की जाएगी। बीएड परीक्षा में 9275 व एमएड परीक्षा में 248 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। परीक्षार्थियों से अपना प्रवेश पत्र विवि की वेबसाइट https://kuadmission.com/home/admit-cards.php से डाउनलोड करने तथा मास्क पहनकर व सामाजिक दूरी बरतकर परीक्षा केंद्र आने को कहा गया है।

परीक्षा परिणाम घोषित
नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय ने शनिवार को बीएससी होम साइंस व बीएससी फूड टेक्नोलॉजी के छठे तथा पीजी डिप्लोमा इन योगा के दूसरे सेमेस्टर के परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए। विवि के उप परीक्षा नियंत्रक डा. रीतेश साह ने बताया कि विवि की आधिकारिक वेबसाइट पर परीक्षा परिणाम के साथ ही अंकतालिका डाउनलोड की जा सकती है।

यह भी पढ़ें : 71 फीसद ने ही आज दी कुमाऊं विश्वविद्यालय की पीएचडी प्रवेश परीक्षा, एक विषय को छोड़कर शेष की उत्तर कुंजियां जारी..

नवीन समाचार, नैनीताल, 1 नवम्बर 2020। कुमाऊं विश्वविद्यालय की पीएचडी प्रवेश परीक्षा 2020 रविवार को कुमाऊं मंडल के पांच केंद्रों पर आयोजित हुई। इस अवसर पर कुल पंजीकृत 3421 परीक्षार्थियों में से 2433 यानी 71 फीसद ने परीक्षा दी और 988 यानी करीब 29 फीसद परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। एसएसजे परिसर अल्मोड़ा में 376, डीएसबी परिसर नैनीताल में 398, एमबी पीजी कॉलेज हल्द्वानी में 731, आम्रपाली संस्थान हल्द्वानी में 716 व एलएसएमजीपीजी कॉलेज पिथौरागढ़ में 212 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। परीक्षा में परीक्षार्थियों की पहचान करने के लिए चेहरे पहचानने की ‘फेशियल रिकॉग्निशन’ तथा नकलविहीन परीक्षा कराने के लिए वायरलेस सीसीटीवी कैमरों का प्रयोग किया गया। परीक्षा के संचालन में प्रो. पीसी कविदयाल, प्रो. प्रदीप गोस्वामी, प्रो. डीएस बिष्ट, प्रो. अतुल जोशी व डा. विजय कुमार के साथ ही एसआरआईसीसी के निदेशक प्रो. ललित तिवारी तथा विश्वविद्यालय के परीक्षा-शोध अनुभाग के कार्मिकों ने सहयोग प्रदान किया। विश्वविद्यालय के डीआईसी निदेशक एवं प्रवेश परीक्षा के समन्वयक प्रो. संजय पंत ने बताया कि कुल 28 विषयों में से रसायन विज्ञान को छोड़कर शेष सभी 27 विषयों की उत्तर कुंजी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड की जा चुकी है। रसायन विज्ञान की उत्तर कुंजी दो नवंबर को अपलोड की जाएगी।

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यह भी पढ़ें : फिर एक परीक्षा में धांधली ? 10 के 100 में 100, एक ही शहर के 15 के चयनित होने की चर्चाएं…

नवीन समाचार, नैनीताल, 1 मार्च 2020। उत्तराखंड में विवादों में आई वन आरक्षी भर्ती परीक्षा के बाद फिर एक परीक्षा में बड़ी धांधली की चर्चाएं हैं। सोशल मीडिया पर रविवार को तेजी से हो रही चर्चाओं के अनुसार एक दिन पूर्व यानी 29 फरवरी को घोषित उत्तराखंड प्राविधिक शिक्षा परिषद द्वारा उच्च न्यायालय उत्तराखंड नैनीताल में समूह घ की भर्ती परीक्षा-2019 के अंतर्गत लिखित परीक्षा के उपरांत अभिलेख सत्यापन हेतु जारी विज्ञप्ति के साथ दावा किया जा रहा है कि इस परीक्षा में 10 अभ्यर्थियों के 100 में से 100 अंक आए हैं। यही नहीं, चयनित होने अभ्यर्थियों में से 10 अभ्यर्थी एक ही शहर रुड़की से हैं। वायरल संदेश के साथ व्यंग्यपूर्वक लिखा गया है-‘हमारा उत्तराखंड बहुत आगे बढ़ रहा है…’ हम इन दावों की पुष्टि नहीं कर रहे, क्योंकि उत्तराखंड प्राविधिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट से सभी अभ्यर्थियों को प्राप्त अंकों की जानकारी नहीं ली जा सकती है, बल्कि अभ्यर्थी अपने अनुक्रमांक, नाम-पिता का नाम आदि डालकर ही अपना परीक्षाफल जान सकते हैं।
इधर उत्तराखंड प्राविधिक शिक्षा परिषद की विज्ञप्ति में अभिलेख सत्यापन की तिथि 20 मार्च के आगे 37 अभ्यर्थियों के अनुक्रमांक लिखे गए हैं, परंतु उन्हें प्राप्त अंकों के बारे में जानकारी नहीं दी गई है। अलबत्ता एससी वर्ग के अलग-अलग वर्गों के लिए कट ऑफ 97, एसटी के लिए 85 व 84, ओबीसी के लिए 98, 97 व 94, 9 व 89 आदि बताई गई है। इससे भी शंका उत्पन्न होती है। इसलिए उत्तराखंड प्राविधिक शिक्षा परिषद के जिम्मेदार अधिकारियों से शंका समाधान किए जाने की अपेक्षा की जा रही है।

यह भी पढ़ें : UKSSC : तब कामयाबी की कहानी में चला था पापा के नाम का जादू, अबकी कोचिंग सेंटर का, लगी नियुक्तियों पर रोक

-इस परीक्षा की मैरिट लिस्ट में एक ही कोचिंग सेंटर के 66 प्रतिभागियो का नाम आ गया था

-पहले 2016 में ही ग्राम पंचायत विकास अधिकारी पद की मैरिट सूची में भी किया था ऐसा ही कारनामा 

नैनीताल। UKSSC यानी उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने फिर ग्राम पंचायत विकास अधिकारी पद जैसा ही कारनामा कर डाला है। तब एक ही पिता के पुत्रों को मैरिट लिस्ट में शामिल करने का कारनामा किया था, अबकी एक ही कोचिंग सेंटर से 66 प्रतिभागियों को मैरिट लिस्ट में डाल दिया है। अलबत्ता, उच्च न्यायालय ने पिटकुल और उत्तराखण्ड़ पावर कारपोरेशन की हालिया विवादित जूनियर इंजीनियर की परीक्षा के जरिये नियुक्तियों पर रोक लगा दी है। साथ ही न्यायालय ने कहा है कि पूरे मामले में जो भी जांचें चल रही है उसकी रिपोर्ट को उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग समय-समय पर उच्च न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करे। उल्लेखनीय है कि इस परीक्षा की मैरिट लिस्ट में एक ही कोचिंग सेंटर के 66 प्रतिभागियो का नाम आ गया था।
विदित हो कि उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने 515 जूनियर इंजीनियरों की भर्ती के लिये 21 सितम्बर 2016 को विज्ञप्ति निकाली थी, जिसमें ऑनलाइन आवेदन करने की आखिरी तिथि 31 अक्टूबर 2016 तय थी। इसके बाद आयोग ने 5 नवंबर 2017 को परीक्षा कर 6 फरवरी 2018 को मैरिट लिस्ट जारी की। आगे पता चला कि रुड़की के एक ही कोचिंग सेंटर-जीनियस कोचिंग सेंटर से 66 बच्चों का चयन हुआ। इसके बाद जगदीश प्रसाद सहित अन्य चार लोगों ने उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल करते हुये कहा कि 66 छात्रों का चयन एक ही कोचिंग सेंटर से होना असंभव है। इसमें कोचिंग सेंटर और बोर्ड की मिलीभगत है। इसके साथ ही याचिका में कहा गया कि मैरिट लिस्ट ग्रेड़ के हिसाब से बनायी जानी चाहिये ना कि संयुक्त रुप से। याचिका में मैरिट लिस्ट को निरस्त कर दुबारा मैरिट लिस्ट बनाने की मांग भी की गयी। पूरे मामले पर नैनीताल उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह की अदालत ने नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगाते हुये जांच रिपोर्ट को भी न्यायालय में प्रस्तुत करने के आदेश दिये हैं।

UKSSC का एक और कारनामा भी पढ़ें : ग्राम पंचायत विकास अधिकारी पद की मेरिट में सफल कई परीक्षार्थियों के पिता के नाम थे समान

  • समूह ग की परीक्षा का परिणाम 23 दिन में ही आ गया
  • भाग्यशाली साबित हुए संग्राम, लियाकत, विनोद, विजयपाल नाम वालों के बच्चे

नवीन जोशी, नैनीताल। यों सभी के “पापा कहते हैं बेटा बड़ा नाम करेगा”, और यदि पिता बड़े नाम के हों, तो भी उनके नाम का लाभ उनके बच्चों को मिलता है। लेकिन शायद ऐसा इत्तफाक कम ही हुआ हो कि एक नाम के पिताओं के बेटे ही दो जगह से किसी परीक्षा में ‘टॉप’ करें। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के तहत समूह ग के ग्राम पंचायत विकास अधिकारी पदों के लिए हुई परीक्षा में ऐसा इत्तफ़ाक या कहें कि कमाल देखने को मिला है। वह भी एक नहीं कई पिता नामों के साथ, और दो नहीं तीन-तीन परीक्षा प्रतिभागियों के साथ, जिनके पिता के नाम समान हैं ।

उत्तराखंड अधीनस्थ चयन आयोग द्वारा घोषित ग्राम पंचायत विकास अधिकारी की मैरिट सूची के कुछ उदहारण : 

सौरब नेगी s/o संग्राम सिंह नेगी (टॉपर टिहरी)
गौरब नेगी s/o संग्राम सिंह नेगी (टॉपर रुद्रप्रयाग)

शेर अली s/o लियाकत अली
हमीद अली s/o लियाकत अली (दोनों पौड़ी जिले से चयनित)

प्रदीप कुमार s/o विनोद कुमार (पौड़ी से चयनित)
अमन कुमार s/o विनोद कुमार (पिथौरागढ़ से चयनित)

दिनेश कुमार पुत्र विरेन्द्र कुमार (पौड़ी से चयनित)
विकास कुमार पुत्र विरेन्द्र कुमार (पिथौरागढ़ से चयनित)

अमन कुमार पुत्र विनोद कुमार (रुद्रप्रयाग)
प्रदीप कुमार पुत्र विनोद कुमार (पौड़ी)

इशु पुत्री नीरज चौहान (टिहरी) जन्मतिथि 10-02-97
महज 20 साल की उम्र में 98 में से प्राप्तांक 92

पिथौरागढ़ टॉपर नवीन सिंह मेहरा 98 में से 96.5 प्राप्तांक
(एक प्रश्न के लिए एक अंक, गलत अंक पर 1/4 अंक की कटौती, और एक प्रश्न छोड़ने पर 0 अंक मिलने के बाद 98 में से 96.5 नम्बर कैसे आ सकते हैं किसी की reasoning knowledge अच्छी हो तो हमें भी बताना- नवीन सिंह मेहरा को भी अगर ये सवाल मिले तो वो भी जवाब दे सकते हैं)

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की परीक्षा देने वाले परीक्षार्थी पहले इस मायने में खुशकिस्मत रहे कि उन्हें परीक्षा परिणाम के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ा। उनकी परीक्षा बीती छह मार्च को हुई और 23 दिन में ही रिजल्ट आ गया। सबसे अहम यह कि इस परीक्षा में कामयाब कई परीक्षार्थियों के पिताओं के नाम समान होने का अजब इत्तेफाक रहा। ऐसा किसी एक परीक्षार्थी के साथ नहीं बल्कि कई के साथ हुआ है। यह संयोग हो सकता है कि इन नाम के पिताओं के पुत्र-पुत्रियों ने इस परीक्षा को न केवल उत्तीर्ण किया है वरन जिलों में टॉप भी किया है। खास बात यह है कि ऐसे संयोग दूरस्थ पर्वतीय जिलों में ही हुए हैं। इससे परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल भी उठ रहे हैं। इन इत्तेफाकों को शंका की दृष्टि से देखा जा रहा है। यह संयोग केवल पिता के नाम तक ही सीमित है या उनकी माताओं के नाम भी समान हैं। कहीं वे एक ही माता-पिता के पुत्र तो नहीं। इसकी जांच की जा सकती है।

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रुद्रप्रयाग जनपद में 93.75 प्रतिशत अंकों के साथ टॉप करने वाले गौरव नेगी के पिता का नाम संग्राम सिंह नेगी है। टिहरी जिले में 94.75 फीसद अंकों के साथ टॉप करने वाले सौरभ नेगी के पिता का नाम भी संग्राम सिंह नेगी है। रुद्रप्रयाग जिले की सूची में ही छठे स्थान पर कृष्णपाल के पिता का नाम विजयपाल हैं तो पिथौरागढ़ जिले की सूची में छठे स्थान पर रहे शुभम चौधरी और पौड़ी जिले में 44वें स्थान पर रहे महिपाल सिंह के पिता के नाम भी विजयपाल सिंह ही हैं। विमल कुमार पुत्र विनोद कुमार नैनीताल जिले में टॉप-3 में हैं तो अमन कुमार पुत्र विनोद 92 फीसद अंकों के साथ रुद्रप्रयाग जिले में चौथे स्थान पर हैं। वहीं प्रदीप कुमार पुत्र विनोद कुमार पौड़ी जिले में 93 फीसद अंकों के साथ 13वें स्थान पर हैं। पौड़ी जिले में 93.75 फीसद अंकों के साथ छठे स्थान पर शेर अली और 16वें स्थान पर 92.5 फीसद अंकों के साथ हामिल अली हैं। दोनों के पिताओं के नाम लियाकत अली यानी एक समान हैं। वहीं दिनेश कुमार पुत्र वीरेंद्र कुमार 93.25 फीसद अंकों के साथ पौड़ी जिले में नौवें स्थान पर हैं तो विकास पुत्र वीरेंद्र कुमार 93 फीसद अंकों के साथ पिथौरागढ़ जिले में शीर्ष 10वें स्थान पर हैं। इसी तरह गौरव चौहान पुत्र यशपाल सिंह 93.5 फीसद अंकों के साथ अल्मोड़ा जिले में शीर्ष चार में हैं तो चंद्रपाल सिंह पुत्र यशपाल सिंह 92.5 फीसद अंकों के साथ अल्मोड़ा जिले में 12वें स्थान पर हैं। ओमप्रकाश नाम भी खुशकिस्मत साबित हुआ है। रुद्रप्रयाग जिले में 92 फीसद अंकों के साथ तीसरे स्थान पर सुधीर कुमार पुत्र ओमप्रकाश सिंह हैं तो पौड़ी जिले में 42वें स्थान पर रहीं मंजू के पिता का नाम भी ओमप्रकाश ही है।

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार
‘नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से ‘मन कही’ के रूप में जनवरी 2010 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
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