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आखिरी क्षणों में स्टाफ नर्सों की भर्ती परीक्षा दुबारा स्थगित

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नवीन समाचार, नैनीताल, 14 जून 2021। स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग में स्टाफ नर्सों के 2621 खाली पदों की मंगलवार 15 जून को प्रस्तावित लिखित भर्ती परीक्षा दुबारा स्थगित कर दी गई है। अचानक आखिरी समय में परीक्षा स्थगित किए जाने और इसकी जानकारी ठीक से पता न चल पाने पर अभ्यर्थी परेशान हैं।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले मई माह में भी कोरोना संक्रमण तेजी से फैलने के कारण सरकार ने भर्ती परीक्षा रोक दी थी। उस समय परिषद ने सिर्फ देहरादून और हल्द्वानी में 27 परीक्षा केंद्र बनाए थे। कई संगठनों की मांग के बाद शासन ने प्रत्येक जिला स्तर परीक्षा केंद्र बनाने का आदेश जारी किया था। जिसके बाद 15 जून को लिखित परीक्षा निर्धारित की गई थी लेकिन एक दिन पहले ही सरकार ने दोबारा से परीक्षा स्थगित कर दी है। 2621 पदों के लिए लगभग 10 हजार उम्मीदवारों ने आवेदन किया है। देहरादून के 2673 और नैनीताल के 1222 उम्मीदवार पंजीकृत हैं। इसके अलावा चमोली के 280, हरिद्वार के 759, पौड़ी के 465, रुद्रप्रयाग के 159, टिहरी के 372, उत्तरकाशी के 321, अल्मोड़ा के 477, बागेश्वर के 262, चंपावत के 126, पिथौरागढ़ के 723 और ऊधमसिंह नगर के 759 उम्मीदवारों ने आवेदन किया है। वहीं, उत्तर प्रदेश के 165, दिल्ली के 156, हरियाणा के 31 और पंजाब से 16 उम्मीदवारों ने भी आवेदन किया है। इसके अलावा राजस्थान से दस, हिमाचल से छह, चंडीगढ़ और महाराष्ट्र से पांच-पांच, मध्य प्रदेश से चार, छत्तीसगढ़ से तीन, आंध्र प्रदेश, बिहार और कर्नाटक से दो-दो, उड़ीसा और तमिलनाडु से एक-एक उम्मीदवार ने आवेदन किया हुआ है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

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नवीन समाचार, देहरादून, 02 जून 2021। उत्तराखंड सरकार ने भी उत्तराखंड माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 12वीं की परीक्षाओं को स्थगित कर दिया है। बुधवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने सोशल मीडिया के जरिये इसकी जानकारी दी। उन्होंने लिखा है। ‘प्रिय प्रदेशवासियों, आप सभी का उत्तम स्वास्थ्य एवं कोरोना महामारी से सुरक्षा ही मेरी सरकार का परम कर्तव्य है। इसी क्रम में आज प्रदेश सरकार ने उत्तराखण्ड विद्यालयी शिक्षा परिषद की 12वीं कक्षा की परीक्षाएं रद्द करने का निर्णय लिया है।’ (डॉ.नवीन जोशी)

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नवीन समाचार, नई दिल्ली, 01 जून 2021। सीबीएसई यानी केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 12वीं बोर्ड की परीक्षा पर सस्पेंस खत्म हो गया है। अब यह नहीं होगी। इसे रद्द करने का फैसला लिया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई एक अहम बैठक में इस पर फैसला ले लिया गया है। वहीं सीबीएसई के बाद आईसीएसई बोर्ड ने भी 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं रद्द करने की घोषणा कर दी है। साथ ही उम्मीद की जा रही है कि राज्यों के एवं अन्य बोर्डों की 12वीं की परीक्षाओं को भी प्रधानमंत्री के इस निर्णय के बाद रद्द कर दिया जाएगा। बैठक के दौरान पीएम को उन सभी संभावित विकल्पों के बारे में बताया गया जो विभिन्न राज्यों और अन्य पक्षकारों के साथ हुए व्यापक विचार-विमर्श के बाद सामने आए थे। आगे 12वीं के परीक्षार्थियांे का मूल्यांकन किस तरह होगा इस पर संशय बना हुआ है। इधर, इस बैठक में मौजूद रहे केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र मंत्री ने मीडिया से कहा कि 11वीं और 12वीं कक्षा के आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर 12वीं की बोर्ड परीक्षा के नतीजे घोषित किये जा सकते हैं। आगे कोरोना की स्थितियां सुधरने पर यदि कोई परीक्षार्थी परीक्षा देना चाहे तो उसे परीक्षा देने का अवसर दिया जा सकता है। साथ ही उच्च शिक्षा में प्रवेश के लिए बच्चों को विशेष सुविधा भी दी जा सकती है।
उल्लेखनीय है कि शिक्षा मंत्रालय ने हाल ही में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में राज्यों और विभिन्न पक्षकारों के साथ व्यापक विचार विमर्श किया था। इस बैठक में केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, प्रकाश जावडेकर, स्मृति ईरानी आदि ने हिस्सा लिया था। अलबत्ता आज स्वास्थ्य खराब होने पर एम्स में भर्ती होने के कारण शिक्षा मंत्री डॉ. निशंक बैठक में मौजूद नहीं रहे। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने विभिन्न राज्यों और अन्य पक्षकारों से परीक्षा को लेकर सुझाव मांगा था। सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय को सूचित किया था कि वह इस बारे में अंतिम फैसला तीन जून तक लेगी। सुप्रीम कोर्ट इस संबंध में याचिका पर सुनवाई कर रही है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने कोरोना विषाणु की महामारी फैलने के कारण 14 अप्रैल को 10वीं बोर्ड परीक्षा रद्द करने और 12वीं बोर्ड परीक्षा स्थगित करने की घोषणा की थी।

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नवीन समाचार, नई दिल्ली, 01 जून 2021। देश में 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर अगले दो दिन में,  3 जून को स्थिति साफ हो सकती है। देश के अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने सोमवार को भारतीय विद्यालय प्रमाणपत्र परीक्षा परिषद (सीआईएससीई) और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीसई) की 12वीं कक्षा की परीक्षाएं रद्द करने का अनुरोध करने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही सर्वोच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति एएम खानविलकर और न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी की पीठ को बताया कि सरकार कोरोना महामारी के बीच १२वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं आयोजित करने या नहीं करने के बारे में अगले दो दिन में अंतिम फैसला कर लेगी। पीठ ने कहा, यदि केंद्र वैश्विक महामारी के कारण शेष बोर्ड परीक्षाएं रद्द करने की पिछले साल की नीति से अलग फैसला करता है, तो उसे इसका ठोस कारण देना होगा। सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने कहा, पिछले साल सोच-समझकर निर्णय लिया गया था। लेकिन यदि आप इस नीति से अलग फैसला करते हैं, तो कृपया हमें इसका ठोस कारण दीजिए, ताकि हम समीक्षा कर सकें। इससे संभावना जताई जा रही है कि शीर्ष अदालत परीक्षाएं न कराने के पक्ष में है। माना जा रहा है कि सर्वोच्च न्यायालय का जो भी फैसला आता है, देश के राज्यों के एवं अन्य बोर्ड भी उसी फॉर्मूले के आधार पर परीक्षाएं कराने या न कराने का निर्णय ले सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि शीर्ष अदालत ने कोरोना महामारी के कारण पिछले साल एक जुलाई से 15 जुलाई तक होने वाली बोर्ड परीक्षाओं को रद्द करने के लिए सीबीएसई और सीआईएससीई की योजनाओं को 26 जून 2020 को मंजूरी और परीक्षार्थियों के आकलन संबंधी फॉर्मूले को भी स्वीकृति दे दी थी। इधर, सुनवाई के दौरान वेणुगोपाल ने कहा, पिछले साल मार्च २०२० में राष्ट्रीय स्तर पर लॉकडाउन लगाए जाने से पहले की कुछ विषयों की बोर्ड परीक्षा हो गई थी। पीठ ने कहा, हम इस चरण पर बारीकियों में नहीं जाना चाहते। आप फैसला कीजिए। याचिकाकर्ता ममता शर्मा ने भी उम्मीद जताई है कि पिछले साल की नीति इस साल भी अपनाई जा सकती है। यदि आप इस नीति से अलग फैसला करते हैं, तो आपके पास इसका ठोस आधार होना चाहिए। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ममता शर्मा ने परिणाम में देरी होने की स्थिति में उन छात्रों के सामने समस्या पैदा हो सकने का मामला उठाया। पीठ ने कहा, उन्हें फैसला करने दीजिए। यदि पुरानी नीति से अलग फैसला होता है, तो हम गौर करेंगे। हम हमारे समक्ष सैद्धांतिक फैसला आने पर इस पर विचार करेंगे। (डॉ.नवीन जोशी)

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-अंतिम फैसला एक जून तक आने के शिक्षा मंत्री ने दिए निर्देश
नवीन समाचार, देहरादून, 24 मई 2021। उत्तराखंड बोर्ड की इंटर की परीक्षा अगले माह जून के आखिर या जुलाई माह के पहले हफ्ते में हो सकती है। प्रदेश के शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने सोमवार को विधानसभा में हुई विभागीय अधिकारियों की बैठक में परीक्षा के संबंध में अंतिम फैसला हर हालत में एक जून तक करने के निर्देश दिए हैं। परीक्षा पुराने प्रचलित पैटर्न पर कराई जाए या प्रतियोगी परीक्षाओं के ओएमआर शीट वाले बहुविकल्पीय प्रश्नों के पैटर्न को अपनाया जाए, इस पर विभिन्न पक्षों को ध्यान में रखकर एक सप्ताह के भीतर फैसला लिया जाएगा।
बताया जा रहा है कि बैठक में यह सहमति बनी कि कोरोना काल में छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को ध्यान में रखकर परीक्षा कराई जाएगी। परीक्षा के लिए और 500 केंद्र बढ़ाए जाएंगे, ताकि सुरक्षित शारीरिक दूरी समेत कोविड सुरक्षा प्रोटोकाल का पूरी तरह पालन किया जा सके। इंटर की परीक्षा में एक लाख से ज्यादा परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। बोर्ड ने परीक्षा के लिए 1350 परीक्षा केंद्र तय किए हैं। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने बताया कि परीक्षा के पुराने और नए पैटर्न पर विचार किया गया। पुराने पैटर्न की स्थिति में परीक्षा केंद्रों से लेकर मूल्यांकन की व्यवस्था में विस्तार करने की आवश्यकता होगी। वहीं नए बहुविकल्पीय प्रश्नों के पैटर्न पर भी विभाग से नजरिया स्पष्ट करने को कहा गया है। नए पैटर्न में प्रश्नपत्र की अवधि तीन घंटे से घटकर 1.30 घंटा हो सकती है। इसमें जवाब प्रतियोगी परीक्षा की तर्ज पर ओएमआर शीट पर देने की व्यवस्था की जा सकती है। शिक्षा मंत्री ने बताया कि इससे मूल्यांकन में आसानी रहेगी। दोनों ही विकल्पों के लाभ और हानि को ध्यान में रखकर फैसला लिया जाएगा। मंत्री ने कहा कि परीक्षा और मूल्यांकन में छात्र-छात्राओं व शिक्षकों की सुरक्षा का ध्यान रखा जाएगा। मूल्यांकन के लिए जरूरत पड़ी तो संबंधित शिक्षकों के टीकाकरण की व्यवस्था कराई जा सकती है। इस बारे में वह मुख्यमंत्री के साथ मुलाकात कर चर्चा करेंगे। बैठक में शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, अपर शिक्षा निदेशक वंदना गर्ब्याल समेत कई अधिकारी मौजूद थे।

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नवीन समाचार, नई दिल्ली, 23 मई 2021। वैश्विक महामारी कोरोना के कारण देश में अधर में लटकी 12वीं कक्षा की परीक्षा के साथ-साथ कई प्रवेश परीक्षाओं व व्यावसायिक पाठयक्रमों अन्य परीक्षाओं पर रविवार को कोई फैसला हो सकता है। परीक्षाओं पर फैसला लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर शिक्षा मंत्रालय ने रविवार को एक उच्चस्तरीय मंत्रिसमूह की बैठक बुलाई है। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखिरयाल ‘निशंक’, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति जुबिन ईरानी और केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, प्रदेशों के शिक्षा मंत्री, राज्य शिक्षा बोर्डों के अध्यक्ष व शिक्षा सचिव भी शामिल होंगे।
शिक्षा मंत्रालय ने परीक्षाओं को लेकर सभी राज्यों को एक पत्र भी लिखा है। पत्र में कहा गया है कि शिक्षा मंत्रालय का स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग एवं सीबीएसई परीक्षा आयोजित करने के संबंध में छात्रों और शिक्षकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विकल्प की तलाश कर रहे हैं। उच्च शिक्षा विभाग भी उच्चतर शिक्षण संस्थानों के लिए परीक्षाओं की तिथियों को अंतिम रूप देने पर विचार-विर्मश कर रहा है। पत्र के अनुसार छात्रों के बीच उत्पन्न अनिश्चितता को कम करने के लिए यह आवश्यक है कि विभिन्न राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासनों के सुझावों के आधार पर देश भर के सभी छात्रों के हित में बारहवीं कक्षा की सीबीएसई परीक्षा के बारे में विचार किया जाए।

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नवीन समाचार, देहरादून, 18 अप्रैल 2021। सीबीएसई की तर्ज पर उत्तराखंड सरकार ने भी दसवीं की परीक्षा को रद करते हुए 12वीं की परीक्षाओं को स्थगित करने का निर्णय रविवार को आखिर ले लिया है। यह जानकारी देते हुए प्रदेश के शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने कहा है कि प्रदेश में कोरोना महामारी के दृष्टिगत परीक्षार्थियों की सुरक्षा और बचाव के लिए उत्तराखण्ड विद्यालयी शिक्षा परिषद की कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षाओं को निरस्त करने और कक्षा 12 की परीक्षाओं को स्थगित करने का निर्णय लिया गया है। आगे भी विद्यार्थियों के स्वास्थ्य व उज्ज्वल भविष्य के दृष्टिगत ही निर्णय लिए जाएंगे।
उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड में बोर्ड परीक्षाएं इस बार चार मई से शुरू होकर 22 मई तक होने वाली थी। जिसमें हाईस्कूल में 145691 संस्थागत व 2664 व्यक्तिगत सहित कुल 148355 तथा इंटर में 118135 संस्थागत व 4049 व्यक्तिगत परीक्षार्थी सहित कुल 122184 परीक्षार्थी शामिल होने थे। इससे पहले परीक्षा को लेकर बीते दिनों शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ‘वेट एंड वॉच’ की रणनीति पर परीक्षाएं कराने की बात कह रहे थे। लेकिन रविवार को शिक्षा मंत्री ने अपने फेसबुक पेज पर परीक्षाओं को लेकर बयान दिया। फेसबुक के माध्यम से उन्होंने बताया कि कोराना महामारी के दृष्टिगत परीक्षार्थियों की सुरक्षा व बचाव के लिए दसवीं की बोर्ड परीक्षा को निरस्त करने व 12 वीं की परीक्षा को स्थगित करने का निर्णय लिया गया है। दो मई से शुरू होने जा रही बोर्ड परीक्षा को टालने का निर्णय लिया गया है।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड सरकार ने स्टाफ नर्स के बाद एलटी भर्ती परीक्षा भी स्थगित की, कुछ घंटों में बदला अपना फैसला

नवीन समाचार, देहरादून, 16 अप्रैल 2021। उत्तराखंड सरकार ने स्टाफ नर्स (ग्रुप-सी) के 2,621 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए आगामी 18 अप्रैल को आयोजित होने वाली लिखित परीक्षा को अग्रिम आदेशों तक स्थगित कर दिया है। आगे स्थितियां ठीक होने पर परीक्षा की नई तिथि घोषित की जाएगी। इसके अलावा उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने एलटी भर्ती परीक्षा भी स्थगित कर दी है। अब हालात सामान्य होने के बाद दोबारा परीक्षा की तिथि जारी की जाएगी।

इसके अलावा भी उत्तराखंड में बढ़ते कोरोना प्रकोप को देखते हुए मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने बड़ा फैसला लेते हुए सभी परीक्षाओं को स्थगित करने के निर्देश दिए है। कोरोना वायरस के विषय पर शुक्रवार को मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने निर्देश दिये कि कोविड प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित कराया जाए। जो लोग मास्क सही तरीके से नहीं पहन रहे हैं और सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन कर रहे हैं, उन पर सख्त कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने प्रदेश ने कहा कि परीक्षाओं को स्थगित किया जाए और कॉलेजों में केवल ऑनलाइन क्लासेज की अनुमति दी जाए।
उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को दिन में मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने आदेश जारी किया था कि अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की एलटी भर्ती और अन्य परीक्षाओं के लिए बाहरी राज्यों से आने वाले उम्मीदवारों को आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट की आवश्यकता नहीं है। वह केवल अपने प्रवेश पत्र दिखाकर उत्तराखंड की सीमा में प्रवेश कर सकते हैं। इसके अलावा जो उम्मीदवार कंटेनमेंट जोन में हैं, उन्हें जिला प्रशासन की मदद से कोरोना जांच करानी होगी। प्रवेश पत्र के साथ ही आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट भी दिखानी होगी। हालांकि शाम को आयोग ने एलटी भर्ती परीक्षा रद्द कर दी। आयोग के सचिव संतोष बडोनी ने कहा कि जिस तरह से प्रदेश में कोरोना का संक्रमण फैला हुआ है, उस हिसाब से परीक्षा कराना संभव नहीं है। लिहाजा, एलटी भर्ती परीक्षा फिलहाल स्थगित की जा रही है। हालात सामान्य होने के बाद दोबारा परीक्षा की तिथि जारी की जाएगी। बता दें कि यह परीक्षा 25 अप्रैल को होनी थी।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड में सरकार पिछले वर्ष की तरह बोर्ड परीक्षाएं कराने की कोशिश में…

नवीन समाचार, नैनीताल, 16 अप्रैल 2021। सीबीएसई ने देश में 10वीं की बोर्ड परीक्षाएं रद्द और 12वीं की स्थगित कर दी हैं। पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में बोर्ड परीक्षाओं को स्थगित किया जा चुका है। ऐसे में उत्तराखंड बोर्ड के छात्र भी हाईस्कूल व इंटर की बोर्ड की परीक्षाओं को लेकर कयास लगा रहे हैं।
इन स्थितियों के बीच उत्तराखंड में बृहस्पतिवार 15 अप्रैल से राज्य में वर्ष 2021-22 का शैक्षणिक सत्र प्रारंभ हो गया है। इसके तहत राज्य में देहरादून, हरिद्वार व नैनीताल जनपद के कुछ नगर निकायों को छोड़कर शेष जगह कक्षाएं नियमानुसार शुरू होनी हैं। हालांकि सरकार ने 10वीं व 12वीं कक्षाओं को छोड़कर अन्य कक्षाओं को बंद करने का आदेश भी जारी किया है। वहीं बोर्ड परीक्षाओं को लेकर सरकार ‘वेट एंड वॉच’ यानी हालातों को देखने और किसी तरह पिछले वर्ष की तरह बोर्ड परीक्षाएं करा लेने की कोशिश में है। इस संबंध में राज्य के शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने कहा कि बोर्ड परीक्षा कार्यक्रम में अभी किसी तरह की तब्दीली नहीं की गई है। उत्तराखंड बोर्ड ने पिछले सत्र में कोरोना के बीच ही परीक्षाएं कराई थीं। अब कोरोना संक्रमण से उत्पन्न परिस्थितियों पर नजर रखी जा रही है। जरूरत हुई तो परीक्षा कार्यक्रम में फेरबदल या परीक्षाएं स्थगित करने पर विचार किया जाएगा। वहीं शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम का कहना है कि सीबीएसई राष्ट्रीय बोर्ड है, इसलिए वह परीक्षाओं पर फैसला राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में लेता है। कई राज्यों में कोरोना से हालात चिंताजनक हैं, इसलिए परीक्षाओं पर फैसला ले लिया गया है। पर, उत्तराखंड बोर्ड राज्य का बोर्ड है। पिछले साल भी राज्य ने बोर्ड परीक्षा को सफलतापूर्वक पूरा करा लिया था। अभी उत्तराखंड बोर्ड परीक्षाओं को रद्द अथवा स्थगित करने का कोई विचार नहीं है। उल्लेखनीय है कि गत वर्ष उत्तराखंड सरकार ने परीक्षाओं को कुछ समय स्थगित रखा था और हालात कुछ सामान्य होने पर बोर्ड परीक्षाओं को पूरा करा लिया था। साथ ही कंटेनमेंट जोन के कारण बोर्ड परीक्षा देने से चूके छात्रों के लिए अलग से परीक्षाएं कराई गई थीं।
उल्लेखनीय है कि तय कार्यक्रम के अनुसार राज्य में हाईस्कूल और इंटर की बोर्ड परीक्षाएं आगामी चार मई से 22 मई तक होनी हैं। प्रदेश में बोर्ड परीक्षाओं के लिए 1347 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों में हाईस्कूल के 1,48,355 और इंटरमीडिएट के 1,22,184 छात्र-छात्राओं को परीक्षा देनी है। हाईस्कूल में 1,45,691 लाख संस्थागत और 2664 व्यक्तिगत तथा इंटरमीडिएट में 1,18,135 संस्थागत और 4049 व्यक्तिगत परीक्षार्थी है।

यह भी पढ़ें : हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता पर लगाया 50 हजार रुपए का जुर्माना…

-याचिकाकर्ता ने यूकेपीएससी की परीक्षा को कुंभ के दौरान न कराने की याचिका दायर करना पड़ा भारी, अदालत ने बताया समय बरबाद करने वाली याचिका
नवीन समाचार, नैनीताल, 11 मार्च 2021। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने एक मामले में गंभीर रुख अख्तियार करते हुए याचिकाकर्ता पर अदालत को समय व्यर्थ करने पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। याचिकाकर्ता को जमानत की इस धनराशि को दो सप्ताह के अंदर अधिवक्ता कल्याण कोष में जमा करने के निर्देश दिए हैं।
मामला उत्तराखंड लोक सेवा आयोग-यूकेपीएससी की ओर से सहायक वन संरक्षक एवं उत्तराखंड स्पेशल सब-ऑर्डनेट एजुकेशन (लेक्चरर ग्रेड) सर्विस (सामान्य एवं महिला) पदों के लिए होने वाली परीक्षा से जुड़ा है। आयोग इन परीक्षाओं को 13 से 21 मार्च के बीच आयोजित कर रहा है। आयोग के इस कदम को कुलदीप चंद्र रतूड़ी की ओर से एक जनहित याचिका के माध्यम से चुनौती दी गई। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि हरिद्वार में आयोजित महाकुंभ के बीच यूकेपीएससी की ओर से इन परीक्षाओं का आयोजन किया जा रहा है, जो कि गलत है। याचिकाकर्ता की आगे कहा गया कि न्यायालय की ओर से भी विगत पांच मार्च को एक आदेश जारी कर सरकार को 11 और 12 मार्च को होने वाले विशेष पर्वों के लिये भी एसओपी लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार की ओर से कोरोना महामारी को देखते हुए महाकुंभ के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की गयी है। इसके तहत महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। याचिकाकर्ता की ओर से यह भी कहा गया है कि उसने आयोग को इस मामले में प्रत्यावेदन दिया था लेकिन उसके प्रत्यावेदन पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। महाकुंभ 30 अप्रैल तक है और इस दौरान छह विशेष पर्व हैं। महाकुंभ के दौरान लाखों लोगों की भीड़ जुटने की आशंका है। ऐसे में याचिकाकर्ता की ओर से अदालत से दोनों परीक्षाओं को महाकुंभ के बाद आयोजित करने के निर्देश देने की मांग की गई। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान और न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ में हुई। अदालत ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया और इसे नियमों के विपरीत मानते हुए अदालत का समय व्यर्थ करने वाला कदम बताया। अदालत ने याचिकाकर्ता पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाते हुए इस राशि को दो सप्ताह के अंदर अधिवक्ता कल्याण कोष में जमा कराने के निर्देश दिए हैं।

यह भी पढ़ें : सीबीएसई ने किया गणित-विज्ञान सहित कई विषयों की १०वीं, १२वीं की परीक्षा तिथियों में बदलाव

नवीन समाचार, नई दिल्ली, 06 मार्च 2021। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने १०वीं और १२वीं कक्षाओं के लिए शुक्रवार को कुछ विषयों की बोर्ड परीक्षा की नई तिथियां जारी की हैं, जिसमें गणित, वाणिज्य और भौतिक विज्ञान शामिल हैं। नई परीक्षा तिथि के मुताबिक १०वीं कक्षा की विज्ञान विषय की परीक्षा को २१ मई के लिए कर दिया गया है। इससे पहले यह १५ मई को आयोजित होने वाली थी। वहीं गणित की २१ मई को होने वाली परीक्षा अब दो जून को होगी।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने कहा कि १२वीं कक्षा की भौतिकी की परीक्षा १३ मई को होने वाली थी जो अब आठ जून को होगी। नई तारीख के मुताबिक १२वीं कक्षा के विज्ञान एवं वाणिज्य के छात्रों के लिए गणित और प्रायोगिक गणित की परीक्षा पहले एक जून को होने वाली थी जो अब ३१ मई को होगी। बोर्ड ने कला संकाय के लिए भूगोल की परीक्षा दो जून के बजाए तीन जून को आयोजित कराने का फैसला किया है।१०वीं एवं १२वीं कक्षाओं की परीक्षाएं चार मई से शुरू होंगी और दस जून को समाप्त होंगी।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड में गृह परीक्षाओं के लिए तारीखों और दिशा-निर्देशों का हुआ ऐलान

नवीन समाचार, नैनीताल, 28 फरवरी 2021। उत्तराखंड में सरकारी और अशासकीय स्कूलों में छठी से 11 वीं कक्षा के लिए गृह परीक्षा परीक्षाएं 22 अप्रैल से 25 मई के बीच होंगी। अलबत्ता राज्य सरकार ने शिक्षा विभाग को छूट दी है कि वो अपनी सुविधा के अनुसार 10वीं और 12 वीं की चार मई से शुरू होने जा रही बोर्ड परीक्षाओं के पहले या बाद में गृह परीक्षाएं करा सकता है। यह जरूर है कि गर्मियों की छुटटियों से पहले परीक्षाओं का परिणाम जारी करना होगा। शिक्षा सचिव आर. मीनाक्षीसुंदरम ने गृह परीक्षा के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए महानिदेशक-शिक्षा, शिक्षा निदेशक को कार्यवाही शुरू करने के आदेश दिए हैं। शिक्षा सचिव ने बताया कि पहली से पांचवीं कक्षा के छात्रों की परीक्षा नहीं होगी। उनका मूल्यांकन समग्र शिक्षा अभियान द्वारा तैयार वर्कशीट के आधार पर किया जाएगा और ग्रेडिंग के आधार पर उन्हंे उत्तीर्ण किया जाएगा। जो छात्र विद्यालय नहीं आ पा रहे हैं, उनकी ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन माध्यम से परीक्षा ली जाएगी।
यह भी कहा गया है कि जिन विद्यालयों में बोर्ड परीक्षा के केंद्र बने हुए हैं, वहां बोर्ड परीक्षा से पहले या बाद में गृह परीक्षा हो सकती है। जिन स्कूलों में केंद्र नहीं हैं, वह बोर्ड परीक्षा के दौरान भी परीक्षा करा सकेंगे। जूनियर हाईस्कूलों में परीक्षा बोर्ड परीक्षा के दौरान ही कराई जाएंगी। यह भी साफ किया है कि परीक्षा के लिए प्रश्नपत्र विद्यालय स्तर पर ही तैयार किए जाएंगे। सरकार का कहना है कि कोरोना काल में शिक्षकों ने विपरीत परिस्थितियों में ऑनलाइन और ऑफलाइन पढ़ाई कराई है। इसलिए वो ज्यादा बेहतर तरीके से मूल्यांकन का मानक बना सकते हैं। अलबत्ता, गृह परीक्षा का कार्यक्रम प्राइवेट विद्यालयों पर लागू नहीं होगा। वह अपनी व्यवस्था के अनुसार परीक्षाएं करा सकते हैं।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षाओं का कार्यक्रम जारी

नवीन समाचार, देहरादून, 06 फरवरी 2021। उत्तराखंड बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं आगामी चार मई से 22 मई तक दो पालियों में होंगी। उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद, रामनगर (नैनीताल) ने परीक्षा कार्यक्रम घोषित कर दिया है। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने रुद्रपुर में पत्रकार वार्ता के दौरान परीक्षा कार्यक्रम की जानकारी दी। यह भी बताया कि हाईस्कूल में संस्थागत-145691 व व्यक्तिगत-2664 मिलाकर कुल 148355 तथा इंटरमीडिएट में संस्थागत-118135 व व्यक्तिगत-4049 मिलाकर कुल 122184 परीक्षार्थी 1347 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा देंगे।
उन्होंने बताया कि उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद, रामनगर (नैनीताल) से संबंद्ध हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 4 मई 2021 से 22 मई 2021 तक संपन्न होंगी। उन्होंने बताया कि परीक्षाएं सुबह आठ बजे से 11 बजे तक और दोपहर बाद दो बजे से शाम पांच बजे तक होंगी। इससे पहले तीन अप्रैल 2021 से 25 अप्रैल 2021 तक प्रयोगात्मक और आंतरिक मूल्याकंन परीक्षाएं होंगी। इसके बाद 1 जून से 15 जून 2021 तक लिखित उत्तर पुस्तिकाओं का 15 दिनों तक मूल्याकंन कार्य किया जाएगा। वहीं 16 जून से 15 जुलाई 2021 तक हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के परीक्षा परिणाम की तैयार और परीक्षाफल की घोषणा कर दी जाएगी। इस अवसर पर सचिव उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद, रामनगर (नैनीताल) डॉ. नीता तिवारी, मुख्य शिक्षा अधिकारी ऊधमसिंह नगर रमेश चन्द्र आर्या समेत अन्य शिक्षा अधिकारी मौजूद रहे।

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नवीन समाचार, नई दिल्ली, 31 दिसम्बर 2020। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई बोर्ड) की परीक्षा की तारीखों का ऐलान हो गया है। शिक्षामंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की कक्षा 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा 2021 की डेटशीट जारी कर दी है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने अपने ट्विटर हैंडल पर सीबीएसई बोर्ड परीक्षाओं की तारीख घोषित की है।

निशंक ने बताया कि 10वीं व 12वीं के लिए सीबीएसई बोर्ड परीक्षा 4 मई 2021 से शुरू होगी। ये परीक्षाएं 10 जून 2021 तक पूरी की जाएंगी। परिणाम की घोषणा 15 जुलाई 2021 तक की जाएगी। प्रैक्टिकल परीक्षाएं 1 मार्च 2021 से शुरू की जाएंगी। कुछ देर में सीबीएसई अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर भी ये डेटशीट्स अपलोड कर देगा। स्टूडेंट्स वहां से भी इसे डाउनलोड कर सकते हैं। हालांकि अभी यह नहीं बताया गया है कि किस विषय की परीक्षा किस तारीख को ली जाएगी। कहा जा रहा है कि सीबीएसई जल्द ही दोनों कक्षाओं के लिए बोर्ड परीक्षा की विस्तृत डेटशीट जारी करेगा।

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बदले पैटर्न पर होगी परीक्षा
कोरोना वायरस महामारी के कारण विशेष परिस्थितियों में इस बार सीबीएसई ने दोनों कक्षाओं के लिए 30 फीसदी सिलेबस कम किया है। घटाए गए सिलेबस पर ही बोर्ड परीक्षाएं ली जाएंगी। इसके अलावा बोर्ड ने पेपर पैटर्न में भी कुछ अहम बदलाव किए हैं।

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-बोर्ड व शिक्षा विभाग की संवादनहीनता से बोर्ड परीक्षा से वंचित रहने की कगार पर आ गए थे छात्र
नवीन समाचार, नैनीताल, 23 नवम्बर 2020। शिक्षा विभाग एवं उत्तराखंड माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के बीच आपसी संवादहीनता की वजह से मुख्यालय के कॉमर्स यानी वाणिज्य वर्ग के छात्र परीक्षा शुल्क जमा कर लेने के बावजूद इंटर बोर्ड की प्राइवेट परीक्षा का फार्म ही न भर पाने की कगार पर पहुंच गए। अलबत्ता, अंतिम क्षणों में ‘नवीन समाचार’ के प्रयासों से उनके परीक्षा फार्म भरने की राह निकल गई है। लेकिन उनके पास फॉर्म भरने का केवल एक दिन ही शेष है। इस पर छात्रों में खुशी देखी जा रही है।
उल्लेखनीय है कि बोर्ड परीक्षा के लिए 25 नवंबर को आवेदन फॉर्म भरने की आखिरी तिथि है। इससे पहले 24 नवंबर को विद्यालयों में अवकाश है। इसके बावजूद नगर के वाणिज्य वर्ग के छात्र इंटर मीडिएट की बोर्ड परीक्षा के लिए फार्म नहीं भर पाए हैं। ऐसा इसलिए कि नगर में केवल सीआरएसटी इंटर कॉलेज में इंटर में वाणिज्य विषय है। गत वर्षों तक वाणिज्य वर्ग के छात्र इसी विद्यालय में बोर्ड परीक्षा देते थे। बोर्ड परीक्षा के लिए छात्र कम होने के कारण बोर्ड ने इस वर्ष नगर में बोर्ड परीक्षाओं के लिए केवल दो परीक्षा केंद्र राजकीय इंटर कॉलेज व भारतीय शहीद सैनिक विद्यालय ही रखे हैं। इधर राजकीय इंटर कॉलेज ने वाणिज्य वर्ग के छात्रों का परीक्षा फार्म यह कहकर बंद कर दिया कि उनके विद्यालय में वाणिज्य वर्ग नहीं है, वे अपने यहां पढ़ाए जाने वाले विषयों के ही प्राइवेट परीक्षा के फार्म भर सकते हैं, जबकि बोर्ड के साथ ही शिक्षा विभाग के अधिकरियों ने भी साफ किया कि अन्य विषयों के परीक्षा फार्म भी भरे जा सकते हैं। राइंका के मना करने पर पूर्व में शुल्क जमा कर चुके कई छात्र भी परेशान रहे। सोमवार को उन्होंने ‘नवीन समाचार’ को भी इसकी जानकारी दी। इसके बाद ‘नवीन समाचार’ द्वारा पूछे जाने के बाद विभाग हरकत में आया। इसके बाद राइंका के प्रधानाचार्य आरएस अधिकारी ने कहा कि मुख्य शिक्षा अधिकारी से निर्देश आने के बाद अब वाणिज्य वर्ग के फार्म भरे जा सकेंगे।

यह भी पढ़ें : कुमाऊं विश्वविद्यालय की बीएड-एमएड प्रवेश परीक्षा कल, आज कुछ परीक्षा परिणाम भी घोषित..

नवीन समाचार, नैनीताल, 7 नवंबर 2020। कुमाऊं विश्वविद्यालय के द्वारा रविवार को बीएड व एमएड की प्रवेश परीक्षा आयोजित की जा रही है। विश्वविद्यालय के डीआईसी निदेशक प्रो. संजय पंत ने बताया कि यह परीक्षा 17 परीक्षा केंद्रों-एसएसजे परिसर अल्मोड़ा के अपर व लोअर कैंपस, बागेश्वर, बेरीनाग, द्वाराहाट, हल्द्वानी के एमबी पीजी कॉलेज व आम्रपाली, काशीपुर, खटीमा, किच्छा, लोहाघाट, डीएसबी नैनीताल, पिथौरागढ़, रामनगर, रानीखेत तथा रुद्रपुर के पीजी कॉलेज व कन्या महाविद्यालय में दो पालियों में सुबह 11 से एक व सवा बजे से सवा दो बजे तक तथा 11 से दो की एक पारी में आयोजित की जाएगी। बीएड परीक्षा में 9275 व एमएड परीक्षा में 248 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। परीक्षार्थियों से अपना प्रवेश पत्र विवि की वेबसाइट https://kuadmission.com/home/admit-cards.php से डाउनलोड करने तथा मास्क पहनकर व सामाजिक दूरी बरतकर परीक्षा केंद्र आने को कहा गया है।

परीक्षा परिणाम घोषित
नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय ने शनिवार को बीएससी होम साइंस व बीएससी फूड टेक्नोलॉजी के छठे तथा पीजी डिप्लोमा इन योगा के दूसरे सेमेस्टर के परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए। विवि के उप परीक्षा नियंत्रक डा. रीतेश साह ने बताया कि विवि की आधिकारिक वेबसाइट पर परीक्षा परिणाम के साथ ही अंकतालिका डाउनलोड की जा सकती है।

यह भी पढ़ें : 71 फीसद ने ही आज दी कुमाऊं विश्वविद्यालय की पीएचडी प्रवेश परीक्षा, एक विषय को छोड़कर शेष की उत्तर कुंजियां जारी..

नवीन समाचार, नैनीताल, 1 नवम्बर 2020। कुमाऊं विश्वविद्यालय की पीएचडी प्रवेश परीक्षा 2020 रविवार को कुमाऊं मंडल के पांच केंद्रों पर आयोजित हुई। इस अवसर पर कुल पंजीकृत 3421 परीक्षार्थियों में से 2433 यानी 71 फीसद ने परीक्षा दी और 988 यानी करीब 29 फीसद परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। एसएसजे परिसर अल्मोड़ा में 376, डीएसबी परिसर नैनीताल में 398, एमबी पीजी कॉलेज हल्द्वानी में 731, आम्रपाली संस्थान हल्द्वानी में 716 व एलएसएमजीपीजी कॉलेज पिथौरागढ़ में 212 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। परीक्षा में परीक्षार्थियों की पहचान करने के लिए चेहरे पहचानने की ‘फेशियल रिकॉग्निशन’ तथा नकलविहीन परीक्षा कराने के लिए वायरलेस सीसीटीवी कैमरों का प्रयोग किया गया। परीक्षा के संचालन में प्रो. पीसी कविदयाल, प्रो. प्रदीप गोस्वामी, प्रो. डीएस बिष्ट, प्रो. अतुल जोशी व डा. विजय कुमार के साथ ही एसआरआईसीसी के निदेशक प्रो. ललित तिवारी तथा विश्वविद्यालय के परीक्षा-शोध अनुभाग के कार्मिकों ने सहयोग प्रदान किया। विश्वविद्यालय के डीआईसी निदेशक एवं प्रवेश परीक्षा के समन्वयक प्रो. संजय पंत ने बताया कि कुल 28 विषयों में से रसायन विज्ञान को छोड़कर शेष सभी 27 विषयों की उत्तर कुंजी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड की जा चुकी है। रसायन विज्ञान की उत्तर कुंजी दो नवंबर को अपलोड की जाएगी।

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यह भी पढ़ें : फिर एक परीक्षा में धांधली ? 10 के 100 में 100, एक ही शहर के 15 के चयनित होने की चर्चाएं…

नवीन समाचार, नैनीताल, 1 मार्च 2020। उत्तराखंड में विवादों में आई वन आरक्षी भर्ती परीक्षा के बाद फिर एक परीक्षा में बड़ी धांधली की चर्चाएं हैं। सोशल मीडिया पर रविवार को तेजी से हो रही चर्चाओं के अनुसार एक दिन पूर्व यानी 29 फरवरी को घोषित उत्तराखंड प्राविधिक शिक्षा परिषद द्वारा उच्च न्यायालय उत्तराखंड नैनीताल में समूह घ की भर्ती परीक्षा-2019 के अंतर्गत लिखित परीक्षा के उपरांत अभिलेख सत्यापन हेतु जारी विज्ञप्ति के साथ दावा किया जा रहा है कि इस परीक्षा में 10 अभ्यर्थियों के 100 में से 100 अंक आए हैं। यही नहीं, चयनित होने अभ्यर्थियों में से 10 अभ्यर्थी एक ही शहर रुड़की से हैं। वायरल संदेश के साथ व्यंग्यपूर्वक लिखा गया है-‘हमारा उत्तराखंड बहुत आगे बढ़ रहा है…’ हम इन दावों की पुष्टि नहीं कर रहे, क्योंकि उत्तराखंड प्राविधिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट से सभी अभ्यर्थियों को प्राप्त अंकों की जानकारी नहीं ली जा सकती है, बल्कि अभ्यर्थी अपने अनुक्रमांक, नाम-पिता का नाम आदि डालकर ही अपना परीक्षाफल जान सकते हैं।
इधर उत्तराखंड प्राविधिक शिक्षा परिषद की विज्ञप्ति में अभिलेख सत्यापन की तिथि 20 मार्च के आगे 37 अभ्यर्थियों के अनुक्रमांक लिखे गए हैं, परंतु उन्हें प्राप्त अंकों के बारे में जानकारी नहीं दी गई है। अलबत्ता एससी वर्ग के अलग-अलग वर्गों के लिए कट ऑफ 97, एसटी के लिए 85 व 84, ओबीसी के लिए 98, 97 व 94, 9 व 89 आदि बताई गई है। इससे भी शंका उत्पन्न होती है। इसलिए उत्तराखंड प्राविधिक शिक्षा परिषद के जिम्मेदार अधिकारियों से शंका समाधान किए जाने की अपेक्षा की जा रही है।

यह भी पढ़ें : UKSSC : तब कामयाबी की कहानी में चला था पापा के नाम का जादू, अबकी कोचिंग सेंटर का, लगी नियुक्तियों पर रोक

-इस परीक्षा की मैरिट लिस्ट में एक ही कोचिंग सेंटर के 66 प्रतिभागियो का नाम आ गया था

-पहले 2016 में ही ग्राम पंचायत विकास अधिकारी पद की मैरिट सूची में भी किया था ऐसा ही कारनामा 

नैनीताल। UKSSC यानी उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने फिर ग्राम पंचायत विकास अधिकारी पद जैसा ही कारनामा कर डाला है। तब एक ही पिता के पुत्रों को मैरिट लिस्ट में शामिल करने का कारनामा किया था, अबकी एक ही कोचिंग सेंटर से 66 प्रतिभागियों को मैरिट लिस्ट में डाल दिया है। अलबत्ता, उच्च न्यायालय ने पिटकुल और उत्तराखण्ड़ पावर कारपोरेशन की हालिया विवादित जूनियर इंजीनियर की परीक्षा के जरिये नियुक्तियों पर रोक लगा दी है। साथ ही न्यायालय ने कहा है कि पूरे मामले में जो भी जांचें चल रही है उसकी रिपोर्ट को उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग समय-समय पर उच्च न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करे। उल्लेखनीय है कि इस परीक्षा की मैरिट लिस्ट में एक ही कोचिंग सेंटर के 66 प्रतिभागियो का नाम आ गया था।
विदित हो कि उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने 515 जूनियर इंजीनियरों की भर्ती के लिये 21 सितम्बर 2016 को विज्ञप्ति निकाली थी, जिसमें ऑनलाइन आवेदन करने की आखिरी तिथि 31 अक्टूबर 2016 तय थी। इसके बाद आयोग ने 5 नवंबर 2017 को परीक्षा कर 6 फरवरी 2018 को मैरिट लिस्ट जारी की। आगे पता चला कि रुड़की के एक ही कोचिंग सेंटर-जीनियस कोचिंग सेंटर से 66 बच्चों का चयन हुआ। इसके बाद जगदीश प्रसाद सहित अन्य चार लोगों ने उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल करते हुये कहा कि 66 छात्रों का चयन एक ही कोचिंग सेंटर से होना असंभव है। इसमें कोचिंग सेंटर और बोर्ड की मिलीभगत है। इसके साथ ही याचिका में कहा गया कि मैरिट लिस्ट ग्रेड़ के हिसाब से बनायी जानी चाहिये ना कि संयुक्त रुप से। याचिका में मैरिट लिस्ट को निरस्त कर दुबारा मैरिट लिस्ट बनाने की मांग भी की गयी। पूरे मामले पर नैनीताल उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह की अदालत ने नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगाते हुये जांच रिपोर्ट को भी न्यायालय में प्रस्तुत करने के आदेश दिये हैं।

UKSSC का एक और कारनामा भी पढ़ें : ग्राम पंचायत विकास अधिकारी पद की मेरिट में सफल कई परीक्षार्थियों के पिता के नाम थे समान

  • समूह ग की परीक्षा का परिणाम 23 दिन में ही आ गया
  • भाग्यशाली साबित हुए संग्राम, लियाकत, विनोद, विजयपाल नाम वालों के बच्चे

नवीन जोशी, नैनीताल। यों सभी के “पापा कहते हैं बेटा बड़ा नाम करेगा”, और यदि पिता बड़े नाम के हों, तो भी उनके नाम का लाभ उनके बच्चों को मिलता है। लेकिन शायद ऐसा इत्तफाक कम ही हुआ हो कि एक नाम के पिताओं के बेटे ही दो जगह से किसी परीक्षा में ‘टॉप’ करें। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के तहत समूह ग के ग्राम पंचायत विकास अधिकारी पदों के लिए हुई परीक्षा में ऐसा इत्तफ़ाक या कहें कि कमाल देखने को मिला है। वह भी एक नहीं कई पिता नामों के साथ, और दो नहीं तीन-तीन परीक्षा प्रतिभागियों के साथ, जिनके पिता के नाम समान हैं ।

उत्तराखंड अधीनस्थ चयन आयोग द्वारा घोषित ग्राम पंचायत विकास अधिकारी की मैरिट सूची के कुछ उदहारण : 

सौरब नेगी s/o संग्राम सिंह नेगी (टॉपर टिहरी)
गौरब नेगी s/o संग्राम सिंह नेगी (टॉपर रुद्रप्रयाग)

शेर अली s/o लियाकत अली
हमीद अली s/o लियाकत अली (दोनों पौड़ी जिले से चयनित)

प्रदीप कुमार s/o विनोद कुमार (पौड़ी से चयनित)
अमन कुमार s/o विनोद कुमार (पिथौरागढ़ से चयनित)

दिनेश कुमार पुत्र विरेन्द्र कुमार (पौड़ी से चयनित)
विकास कुमार पुत्र विरेन्द्र कुमार (पिथौरागढ़ से चयनित)

अमन कुमार पुत्र विनोद कुमार (रुद्रप्रयाग)
प्रदीप कुमार पुत्र विनोद कुमार (पौड़ी)

इशु पुत्री नीरज चौहान (टिहरी) जन्मतिथि 10-02-97
महज 20 साल की उम्र में 98 में से प्राप्तांक 92

पिथौरागढ़ टॉपर नवीन सिंह मेहरा 98 में से 96.5 प्राप्तांक
(एक प्रश्न के लिए एक अंक, गलत अंक पर 1/4 अंक की कटौती, और एक प्रश्न छोड़ने पर 0 अंक मिलने के बाद 98 में से 96.5 नम्बर कैसे आ सकते हैं किसी की reasoning knowledge अच्छी हो तो हमें भी बताना- नवीन सिंह मेहरा को भी अगर ये सवाल मिले तो वो भी जवाब दे सकते हैं)

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की परीक्षा देने वाले परीक्षार्थी पहले इस मायने में खुशकिस्मत रहे कि उन्हें परीक्षा परिणाम के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ा। उनकी परीक्षा बीती छह मार्च को हुई और 23 दिन में ही रिजल्ट आ गया। सबसे अहम यह कि इस परीक्षा में कामयाब कई परीक्षार्थियों के पिताओं के नाम समान होने का अजब इत्तेफाक रहा। ऐसा किसी एक परीक्षार्थी के साथ नहीं बल्कि कई के साथ हुआ है। यह संयोग हो सकता है कि इन नाम के पिताओं के पुत्र-पुत्रियों ने इस परीक्षा को न केवल उत्तीर्ण किया है वरन जिलों में टॉप भी किया है। खास बात यह है कि ऐसे संयोग दूरस्थ पर्वतीय जिलों में ही हुए हैं। इससे परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल भी उठ रहे हैं। इन इत्तेफाकों को शंका की दृष्टि से देखा जा रहा है। यह संयोग केवल पिता के नाम तक ही सीमित है या उनकी माताओं के नाम भी समान हैं। कहीं वे एक ही माता-पिता के पुत्र तो नहीं। इसकी जांच की जा सकती है।

ग्राम पंचायत विकास अधिकारी परीक्षा परिणाम (Result) जानने हेतु यहाँ क्लिक करें।

रुद्रप्रयाग जनपद में 93.75 प्रतिशत अंकों के साथ टॉप करने वाले गौरव नेगी के पिता का नाम संग्राम सिंह नेगी है। टिहरी जिले में 94.75 फीसद अंकों के साथ टॉप करने वाले सौरभ नेगी के पिता का नाम भी संग्राम सिंह नेगी है। रुद्रप्रयाग जिले की सूची में ही छठे स्थान पर कृष्णपाल के पिता का नाम विजयपाल हैं तो पिथौरागढ़ जिले की सूची में छठे स्थान पर रहे शुभम चौधरी और पौड़ी जिले में 44वें स्थान पर रहे महिपाल सिंह के पिता के नाम भी विजयपाल सिंह ही हैं। विमल कुमार पुत्र विनोद कुमार नैनीताल जिले में टॉप-3 में हैं तो अमन कुमार पुत्र विनोद 92 फीसद अंकों के साथ रुद्रप्रयाग जिले में चौथे स्थान पर हैं। वहीं प्रदीप कुमार पुत्र विनोद कुमार पौड़ी जिले में 93 फीसद अंकों के साथ 13वें स्थान पर हैं। पौड़ी जिले में 93.75 फीसद अंकों के साथ छठे स्थान पर शेर अली और 16वें स्थान पर 92.5 फीसद अंकों के साथ हामिल अली हैं। दोनों के पिताओं के नाम लियाकत अली यानी एक समान हैं। वहीं दिनेश कुमार पुत्र वीरेंद्र कुमार 93.25 फीसद अंकों के साथ पौड़ी जिले में नौवें स्थान पर हैं तो विकास पुत्र वीरेंद्र कुमार 93 फीसद अंकों के साथ पिथौरागढ़ जिले में शीर्ष 10वें स्थान पर हैं। इसी तरह गौरव चौहान पुत्र यशपाल सिंह 93.5 फीसद अंकों के साथ अल्मोड़ा जिले में शीर्ष चार में हैं तो चंद्रपाल सिंह पुत्र यशपाल सिंह 92.5 फीसद अंकों के साथ अल्मोड़ा जिले में 12वें स्थान पर हैं। ओमप्रकाश नाम भी खुशकिस्मत साबित हुआ है। रुद्रप्रयाग जिले में 92 फीसद अंकों के साथ तीसरे स्थान पर सुधीर कुमार पुत्र ओमप्रकाश सिंह हैं तो पौड़ी जिले में 42वें स्थान पर रहीं मंजू के पिता का नाम भी ओमप्रकाश ही है।

नवीन समाचार
‘नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से ‘मन कही’ के रूप में जनवरी 2010 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
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