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‘नवीन समाचार’ के प्रयासों से बोर्ड परीक्षा का फार्म भर पाएंगे छात्र, फीस जमा करने के बाद भी नहीं मिल रही थी इजाजत

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-बोर्ड व शिक्षा विभाग की संवादनहीनता से बोर्ड परीक्षा से वंचित रहने की कगार पर आ गए थे छात्र
नवीन समाचार, नैनीताल, 23 नवम्बर 2020। शिक्षा विभाग एवं उत्तराखंड माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के बीच आपसी संवादहीनता की वजह से मुख्यालय के कॉमर्स यानी वाणिज्य वर्ग के छात्र परीक्षा शुल्क जमा कर लेने के बावजूद इंटर बोर्ड की प्राइवेट परीक्षा का फार्म ही न भर पाने की कगार पर पहुंच गए। अलबत्ता, अंतिम क्षणों में ‘नवीन समाचार’ के प्रयासों से उनके परीक्षा फार्म भरने की राह निकल गई है। लेकिन उनके पास फॉर्म भरने का केवल एक दिन ही शेष है। इस पर छात्रों में खुशी देखी जा रही है।
उल्लेखनीय है कि बोर्ड परीक्षा के लिए 25 नवंबर को आवेदन फॉर्म भरने की आखिरी तिथि है। इससे पहले 24 नवंबर को विद्यालयों में अवकाश है। इसके बावजूद नगर के वाणिज्य वर्ग के छात्र इंटर मीडिएट की बोर्ड परीक्षा के लिए फार्म नहीं भर पाए हैं। ऐसा इसलिए कि नगर में केवल सीआरएसटी इंटर कॉलेज में इंटर में वाणिज्य विषय है। गत वर्षों तक वाणिज्य वर्ग के छात्र इसी विद्यालय में बोर्ड परीक्षा देते थे। बोर्ड परीक्षा के लिए छात्र कम होने के कारण बोर्ड ने इस वर्ष नगर में बोर्ड परीक्षाओं के लिए केवल दो परीक्षा केंद्र राजकीय इंटर कॉलेज व भारतीय शहीद सैनिक विद्यालय ही रखे हैं। इधर राजकीय इंटर कॉलेज ने वाणिज्य वर्ग के छात्रों का परीक्षा फार्म यह कहकर बंद कर दिया कि उनके विद्यालय में वाणिज्य वर्ग नहीं है, वे अपने यहां पढ़ाए जाने वाले विषयों के ही प्राइवेट परीक्षा के फार्म भर सकते हैं, जबकि बोर्ड के साथ ही शिक्षा विभाग के अधिकरियों ने भी साफ किया कि अन्य विषयों के परीक्षा फार्म भी भरे जा सकते हैं। राइंका के मना करने पर पूर्व में शुल्क जमा कर चुके कई छात्र भी परेशान रहे। सोमवार को उन्होंने ‘नवीन समाचार’ को भी इसकी जानकारी दी। इसके बाद ‘नवीन समाचार’ द्वारा पूछे जाने के बाद विभाग हरकत में आया। इसके बाद राइंका के प्रधानाचार्य आरएस अधिकारी ने कहा कि मुख्य शिक्षा अधिकारी से निर्देश आने के बाद अब वाणिज्य वर्ग के फार्म भरे जा सकेंगे।

यह भी पढ़ें : कुमाऊं विश्वविद्यालय की बीएड-एमएड प्रवेश परीक्षा कल, आज कुछ परीक्षा परिणाम भी घोषित..

नवीन समाचार, नैनीताल, 7 नवंबर 2020। कुमाऊं विश्वविद्यालय के द्वारा रविवार को बीएड व एमएड की प्रवेश परीक्षा आयोजित की जा रही है। विश्वविद्यालय के डीआईसी निदेशक प्रो. संजय पंत ने बताया कि यह परीक्षा 17 परीक्षा केंद्रों-एसएसजे परिसर अल्मोड़ा के अपर व लोअर कैंपस, बागेश्वर, बेरीनाग, द्वाराहाट, हल्द्वानी के एमबी पीजी कॉलेज व आम्रपाली, काशीपुर, खटीमा, किच्छा, लोहाघाट, डीएसबी नैनीताल, पिथौरागढ़, रामनगर, रानीखेत तथा रुद्रपुर के पीजी कॉलेज व कन्या महाविद्यालय में दो पालियों में सुबह 11 से एक व सवा बजे से सवा दो बजे तक तथा 11 से दो की एक पारी में आयोजित की जाएगी। बीएड परीक्षा में 9275 व एमएड परीक्षा में 248 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। परीक्षार्थियों से अपना प्रवेश पत्र विवि की वेबसाइट https://kuadmission.com/home/admit-cards.php से डाउनलोड करने तथा मास्क पहनकर व सामाजिक दूरी बरतकर परीक्षा केंद्र आने को कहा गया है।

परीक्षा परिणाम घोषित
नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय ने शनिवार को बीएससी होम साइंस व बीएससी फूड टेक्नोलॉजी के छठे तथा पीजी डिप्लोमा इन योगा के दूसरे सेमेस्टर के परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए। विवि के उप परीक्षा नियंत्रक डा. रीतेश साह ने बताया कि विवि की आधिकारिक वेबसाइट पर परीक्षा परिणाम के साथ ही अंकतालिका डाउनलोड की जा सकती है।

यह भी पढ़ें : 71 फीसद ने ही आज दी कुमाऊं विश्वविद्यालय की पीएचडी प्रवेश परीक्षा, एक विषय को छोड़कर शेष की उत्तर कुंजियां जारी..

नवीन समाचार, नैनीताल, 1 नवम्बर 2020। कुमाऊं विश्वविद्यालय की पीएचडी प्रवेश परीक्षा 2020 रविवार को कुमाऊं मंडल के पांच केंद्रों पर आयोजित हुई। इस अवसर पर कुल पंजीकृत 3421 परीक्षार्थियों में से 2433 यानी 71 फीसद ने परीक्षा दी और 988 यानी करीब 29 फीसद परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। एसएसजे परिसर अल्मोड़ा में 376, डीएसबी परिसर नैनीताल में 398, एमबी पीजी कॉलेज हल्द्वानी में 731, आम्रपाली संस्थान हल्द्वानी में 716 व एलएसएमजीपीजी कॉलेज पिथौरागढ़ में 212 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। परीक्षा में परीक्षार्थियों की पहचान करने के लिए चेहरे पहचानने की ‘फेशियल रिकॉग्निशन’ तथा नकलविहीन परीक्षा कराने के लिए वायरलेस सीसीटीवी कैमरों का प्रयोग किया गया। परीक्षा के संचालन में प्रो. पीसी कविदयाल, प्रो. प्रदीप गोस्वामी, प्रो. डीएस बिष्ट, प्रो. अतुल जोशी व डा. विजय कुमार के साथ ही एसआरआईसीसी के निदेशक प्रो. ललित तिवारी तथा विश्वविद्यालय के परीक्षा-शोध अनुभाग के कार्मिकों ने सहयोग प्रदान किया। विश्वविद्यालय के डीआईसी निदेशक एवं प्रवेश परीक्षा के समन्वयक प्रो. संजय पंत ने बताया कि कुल 28 विषयों में से रसायन विज्ञान को छोड़कर शेष सभी 27 विषयों की उत्तर कुंजी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड की जा चुकी है। रसायन विज्ञान की उत्तर कुंजी दो नवंबर को अपलोड की जाएगी।

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यह भी पढ़ें : फिर एक परीक्षा में धांधली ? 10 के 100 में 100, एक ही शहर के 15 के चयनित होने की चर्चाएं…

नवीन समाचार, नैनीताल, 1 मार्च 2020। उत्तराखंड में विवादों में आई वन आरक्षी भर्ती परीक्षा के बाद फिर एक परीक्षा में बड़ी धांधली की चर्चाएं हैं। सोशल मीडिया पर रविवार को तेजी से हो रही चर्चाओं के अनुसार एक दिन पूर्व यानी 29 फरवरी को घोषित उत्तराखंड प्राविधिक शिक्षा परिषद द्वारा उच्च न्यायालय उत्तराखंड नैनीताल में समूह घ की भर्ती परीक्षा-2019 के अंतर्गत लिखित परीक्षा के उपरांत अभिलेख सत्यापन हेतु जारी विज्ञप्ति के साथ दावा किया जा रहा है कि इस परीक्षा में 10 अभ्यर्थियों के 100 में से 100 अंक आए हैं। यही नहीं, चयनित होने अभ्यर्थियों में से 10 अभ्यर्थी एक ही शहर रुड़की से हैं। वायरल संदेश के साथ व्यंग्यपूर्वक लिखा गया है-‘हमारा उत्तराखंड बहुत आगे बढ़ रहा है…’ हम इन दावों की पुष्टि नहीं कर रहे, क्योंकि उत्तराखंड प्राविधिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट से सभी अभ्यर्थियों को प्राप्त अंकों की जानकारी नहीं ली जा सकती है, बल्कि अभ्यर्थी अपने अनुक्रमांक, नाम-पिता का नाम आदि डालकर ही अपना परीक्षाफल जान सकते हैं।
इधर उत्तराखंड प्राविधिक शिक्षा परिषद की विज्ञप्ति में अभिलेख सत्यापन की तिथि 20 मार्च के आगे 37 अभ्यर्थियों के अनुक्रमांक लिखे गए हैं, परंतु उन्हें प्राप्त अंकों के बारे में जानकारी नहीं दी गई है। अलबत्ता एससी वर्ग के अलग-अलग वर्गों के लिए कट ऑफ 97, एसटी के लिए 85 व 84, ओबीसी के लिए 98, 97 व 94, 9 व 89 आदि बताई गई है। इससे भी शंका उत्पन्न होती है। इसलिए उत्तराखंड प्राविधिक शिक्षा परिषद के जिम्मेदार अधिकारियों से शंका समाधान किए जाने की अपेक्षा की जा रही है।

यह भी पढ़ें : UKSSC : तब कामयाबी की कहानी में चला था पापा के नाम का जादू, अबकी कोचिंग सेंटर का, लगी नियुक्तियों पर रोक

-इस परीक्षा की मैरिट लिस्ट में एक ही कोचिंग सेंटर के 66 प्रतिभागियो का नाम आ गया था

-पहले 2016 में ही ग्राम पंचायत विकास अधिकारी पद की मैरिट सूची में भी किया था ऐसा ही कारनामा 

नैनीताल। UKSSC यानी उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने फिर ग्राम पंचायत विकास अधिकारी पद जैसा ही कारनामा कर डाला है। तब एक ही पिता के पुत्रों को मैरिट लिस्ट में शामिल करने का कारनामा किया था, अबकी एक ही कोचिंग सेंटर से 66 प्रतिभागियों को मैरिट लिस्ट में डाल दिया है। अलबत्ता, उच्च न्यायालय ने पिटकुल और उत्तराखण्ड़ पावर कारपोरेशन की हालिया विवादित जूनियर इंजीनियर की परीक्षा के जरिये नियुक्तियों पर रोक लगा दी है। साथ ही न्यायालय ने कहा है कि पूरे मामले में जो भी जांचें चल रही है उसकी रिपोर्ट को उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग समय-समय पर उच्च न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करे। उल्लेखनीय है कि इस परीक्षा की मैरिट लिस्ट में एक ही कोचिंग सेंटर के 66 प्रतिभागियो का नाम आ गया था।
विदित हो कि उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने 515 जूनियर इंजीनियरों की भर्ती के लिये 21 सितम्बर 2016 को विज्ञप्ति निकाली थी, जिसमें ऑनलाइन आवेदन करने की आखिरी तिथि 31 अक्टूबर 2016 तय थी। इसके बाद आयोग ने 5 नवंबर 2017 को परीक्षा कर 6 फरवरी 2018 को मैरिट लिस्ट जारी की। आगे पता चला कि रुड़की के एक ही कोचिंग सेंटर-जीनियस कोचिंग सेंटर से 66 बच्चों का चयन हुआ। इसके बाद जगदीश प्रसाद सहित अन्य चार लोगों ने उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल करते हुये कहा कि 66 छात्रों का चयन एक ही कोचिंग सेंटर से होना असंभव है। इसमें कोचिंग सेंटर और बोर्ड की मिलीभगत है। इसके साथ ही याचिका में कहा गया कि मैरिट लिस्ट ग्रेड़ के हिसाब से बनायी जानी चाहिये ना कि संयुक्त रुप से। याचिका में मैरिट लिस्ट को निरस्त कर दुबारा मैरिट लिस्ट बनाने की मांग भी की गयी। पूरे मामले पर नैनीताल उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह की अदालत ने नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगाते हुये जांच रिपोर्ट को भी न्यायालय में प्रस्तुत करने के आदेश दिये हैं।

UKSSC का एक और कारनामा भी पढ़ें : ग्राम पंचायत विकास अधिकारी पद की मेरिट में सफल कई परीक्षार्थियों के पिता के नाम थे समान

  • समूह ग की परीक्षा का परिणाम 23 दिन में ही आ गया
  • भाग्यशाली साबित हुए संग्राम, लियाकत, विनोद, विजयपाल नाम वालों के बच्चे

नवीन जोशी, नैनीताल। यों सभी के “पापा कहते हैं बेटा बड़ा नाम करेगा”, और यदि पिता बड़े नाम के हों, तो भी उनके नाम का लाभ उनके बच्चों को मिलता है। लेकिन शायद ऐसा इत्तफाक कम ही हुआ हो कि एक नाम के पिताओं के बेटे ही दो जगह से किसी परीक्षा में ‘टॉप’ करें। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के तहत समूह ग के ग्राम पंचायत विकास अधिकारी पदों के लिए हुई परीक्षा में ऐसा इत्तफ़ाक या कहें कि कमाल देखने को मिला है। वह भी एक नहीं कई पिता नामों के साथ, और दो नहीं तीन-तीन परीक्षा प्रतिभागियों के साथ, जिनके पिता के नाम समान हैं ।

उत्तराखंड अधीनस्थ चयन आयोग द्वारा घोषित ग्राम पंचायत विकास अधिकारी की मैरिट सूची के कुछ उदहारण : 

सौरब नेगी s/o संग्राम सिंह नेगी (टॉपर टिहरी)
गौरब नेगी s/o संग्राम सिंह नेगी (टॉपर रुद्रप्रयाग)

शेर अली s/o लियाकत अली
हमीद अली s/o लियाकत अली (दोनों पौड़ी जिले से चयनित)

प्रदीप कुमार s/o विनोद कुमार (पौड़ी से चयनित)
अमन कुमार s/o विनोद कुमार (पिथौरागढ़ से चयनित)

दिनेश कुमार पुत्र विरेन्द्र कुमार (पौड़ी से चयनित)
विकास कुमार पुत्र विरेन्द्र कुमार (पिथौरागढ़ से चयनित)

अमन कुमार पुत्र विनोद कुमार (रुद्रप्रयाग)
प्रदीप कुमार पुत्र विनोद कुमार (पौड़ी)

इशु पुत्री नीरज चौहान (टिहरी) जन्मतिथि 10-02-97
महज 20 साल की उम्र में 98 में से प्राप्तांक 92

पिथौरागढ़ टॉपर नवीन सिंह मेहरा 98 में से 96.5 प्राप्तांक
(एक प्रश्न के लिए एक अंक, गलत अंक पर 1/4 अंक की कटौती, और एक प्रश्न छोड़ने पर 0 अंक मिलने के बाद 98 में से 96.5 नम्बर कैसे आ सकते हैं किसी की reasoning knowledge अच्छी हो तो हमें भी बताना- नवीन सिंह मेहरा को भी अगर ये सवाल मिले तो वो भी जवाब दे सकते हैं)

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की परीक्षा देने वाले परीक्षार्थी पहले इस मायने में खुशकिस्मत रहे कि उन्हें परीक्षा परिणाम के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ा। उनकी परीक्षा बीती छह मार्च को हुई और 23 दिन में ही रिजल्ट आ गया। सबसे अहम यह कि इस परीक्षा में कामयाब कई परीक्षार्थियों के पिताओं के नाम समान होने का अजब इत्तेफाक रहा। ऐसा किसी एक परीक्षार्थी के साथ नहीं बल्कि कई के साथ हुआ है। यह संयोग हो सकता है कि इन नाम के पिताओं के पुत्र-पुत्रियों ने इस परीक्षा को न केवल उत्तीर्ण किया है वरन जिलों में टॉप भी किया है। खास बात यह है कि ऐसे संयोग दूरस्थ पर्वतीय जिलों में ही हुए हैं। इससे परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल भी उठ रहे हैं। इन इत्तेफाकों को शंका की दृष्टि से देखा जा रहा है। यह संयोग केवल पिता के नाम तक ही सीमित है या उनकी माताओं के नाम भी समान हैं। कहीं वे एक ही माता-पिता के पुत्र तो नहीं। इसकी जांच की जा सकती है।

ग्राम पंचायत विकास अधिकारी परीक्षा परिणाम (Result) जानने हेतु यहाँ क्लिक करें।

रुद्रप्रयाग जनपद में 93.75 प्रतिशत अंकों के साथ टॉप करने वाले गौरव नेगी के पिता का नाम संग्राम सिंह नेगी है। टिहरी जिले में 94.75 फीसद अंकों के साथ टॉप करने वाले सौरभ नेगी के पिता का नाम भी संग्राम सिंह नेगी है। रुद्रप्रयाग जिले की सूची में ही छठे स्थान पर कृष्णपाल के पिता का नाम विजयपाल हैं तो पिथौरागढ़ जिले की सूची में छठे स्थान पर रहे शुभम चौधरी और पौड़ी जिले में 44वें स्थान पर रहे महिपाल सिंह के पिता के नाम भी विजयपाल सिंह ही हैं। विमल कुमार पुत्र विनोद कुमार नैनीताल जिले में टॉप-3 में हैं तो अमन कुमार पुत्र विनोद 92 फीसद अंकों के साथ रुद्रप्रयाग जिले में चौथे स्थान पर हैं। वहीं प्रदीप कुमार पुत्र विनोद कुमार पौड़ी जिले में 93 फीसद अंकों के साथ 13वें स्थान पर हैं। पौड़ी जिले में 93.75 फीसद अंकों के साथ छठे स्थान पर शेर अली और 16वें स्थान पर 92.5 फीसद अंकों के साथ हामिल अली हैं। दोनों के पिताओं के नाम लियाकत अली यानी एक समान हैं। वहीं दिनेश कुमार पुत्र वीरेंद्र कुमार 93.25 फीसद अंकों के साथ पौड़ी जिले में नौवें स्थान पर हैं तो विकास पुत्र वीरेंद्र कुमार 93 फीसद अंकों के साथ पिथौरागढ़ जिले में शीर्ष 10वें स्थान पर हैं। इसी तरह गौरव चौहान पुत्र यशपाल सिंह 93.5 फीसद अंकों के साथ अल्मोड़ा जिले में शीर्ष चार में हैं तो चंद्रपाल सिंह पुत्र यशपाल सिंह 92.5 फीसद अंकों के साथ अल्मोड़ा जिले में 12वें स्थान पर हैं। ओमप्रकाश नाम भी खुशकिस्मत साबित हुआ है। रुद्रप्रयाग जिले में 92 फीसद अंकों के साथ तीसरे स्थान पर सुधीर कुमार पुत्र ओमप्रकाश सिंह हैं तो पौड़ी जिले में 42वें स्थान पर रहीं मंजू के पिता का नाम भी ओमप्रकाश ही है।

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नवीन समाचार

‘नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से ‘मन कही’ के रूप में जनवरी 2010 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
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