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हाई कोर्ट ने एससी-एसटी छात्रवृत्ति घोटाले पर सरकार से मांगा जवाब

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नवीन समाचार, नैनीताल, 6 दिसंबर  2018। उत्तराखंड उच्च न्यायालय  ने अनुसूचित जाति व जनजाति छात्रों की छात्रवृत्ति में घोटाले के आरोपों को गंभीरता से लिया है। मुख्य न्यायधीश रमेश रंगनाथन व न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खण्डपीठ ने इस मामले में सुनवाई करते हुए सरकार से अगले बुधवार तक रिपोर्ट कोर्ट में पेश कर स्थिति साफ करने के निर्देश दिये हैं। उल्लेखनीय राज्य आंदोलनकारी रविन्द्र जुगरान ने जनहित याचिका दायर कर कहा है कि समाज कल्याण विभाग द्वारा 2003 से अब तक अनुसूचित जाति व जनजाति के छात्रों का छात्रवृत्ति का पैसा नहीं दिया गया, जिससे स्पष्ट होता है कि 2003 से अब तक विभाग द्वारा करोड़ों रूपये का घोटाला किया गया है । 2017 में इसकी जांच के लिए मुख्यमन्त्री द्वारा एसआईटी गठित की गयी थी और तीन माह के भीतर जांच पूरी करने को भी कहा था परन्तु इस पर आगे की कोई कार्यवाही नही हो सकी । याचिकाकर्ता का यह भी कहना है कि इस मामले में सीबीआई जांच की जानी चाहिए । मामले को सुनने के बाद खण्डपीठ ने सरकार से बुधवार तक स्थिति साफ करते हुए रिपोर्ट पेश करने को कहा है।

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इंटरनेट पर वायरल प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र के मुख्य बिंदु : (नोट: हम इन आरोपों की पुष्टि नहीं करते, केवल अपना नाम भी न लिखकर आवाज उठा रहे लोगों के स्वर बनने  की कोशिश भर है)

  1. ऊधमसिंह नगर के मुख्य विकास अधिकारी पर लगाया गया है कोई भी कार्य बिना कमीशन के न करने का आरोप
  2. 14वें वित्त आयोग की धनराशि प्रधानों को जारी करने में 15 फीसद तक कमीशन लेने, डीपीआरओ का भी हिस्सा होने का आरोप
  3. एक भी शौचालय व प्रधानमंत्री आवास बिना कमीशन लिए न बनवाने का आरोप
  4. शिकायत करने वालों की जांच कराने का आरोप
  5. मंत्री के नाम पर भी कमीशन लेने का आरोप
  6. परियोजना निदेशक को इस भ्रष्टाचार की दूसरी सबसे महत्वपूर्ण कड़ी बताया गया है 
  7. पूर्व परियोजना निदेशक 400-500 लेकर करती थी शौचालय का भुगतान, भ्रष्टाचार के आरोप में हटाया गया 
  8. अब 1500-2000 तक लिए जा रहे हैं प्रत्येक शौचालय के भुगतान के एवज में 
  9. खंड विकास अधिकारी को भी कमीशन जाने का आरोप 
  10. जिला पंचायत राज अधिकारी व उपरोक्त अधिकारीयों पर पंचायती राज मंत्री के नाम पर करोड़ों रुपये एकत्र करने का आरोप 
  11. मंत्री पुत्र की शादी में प्रति ग्राम पंचायत अधिकारी 20000 रुपये लेने का आरोप 
  12. जिला पंचायत राज अधिकारी पर पंचायत विकास अधिकारियों व ग्राम प्रधानों से टीएम, पंचायती राज मंत्री व सीडीओ के नाम पर 1-1 व अपना 3 मिलाकर 6 प्रतिशत कमीशन लेने का आरोप 
  13. इधर नगर निगमों में शामिल हुई पंचायतों के लिए 8 से 15 प्रतिशत तक नगद कमीशन तय करने का आरोप 
  14. ग्राम प्रधानों द्वारा प्रधानमंत्री आवासों के लिए 10 से 40 हजार व शौचालयों के लिए 2 से 3 हजार तक कमीशन दिया गया 
  15. अनाम पत्र को जनहित याचिका की तरह मानने की मांग 

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नवीन समाचार

मेरा जन्म 26 नवंबर 1972 को हुआ था। मैं नैनीताल, भारत में मूलतः एक पत्रकार हूँ। वर्तमान में मार्च 2010 से राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक समाचार पत्र-राष्ट्रीय सहारा में ब्यूरो चीफ के रूप में कार्य कर रहा हूँ। इससे पहले मैं पांच साल के लिए दैनिक जागरण के लिए काम कर चुका हूँ। कुमाऊँ विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग से ‘नए मीडिया’ विषय पर शोधरत हूँ। फोटोग्राफ़ी मेरा शौक है। मैं NIKON COOLPIX P530 और अडोब फोटोशॉप 7.0 के साथ फोटोग्राफी कर रहा हूँ। फोटोग्राफी मेरे लिए दुनियां की खूबसूरती को अपनी ओर से चिरस्थाई बनाने का बहुत छोटा सा प्रयास है। एक फोटो पत्रकार के रूप में मेरी तस्वीरों को नैनीताल राजभवन सहित विभिन्न प्रदर्शनियों में प्रस्तुत किया गया, तथा उत्तराखंड की राज्यपाल श्रीमती मार्गरेट अलवा द्वारा सम्मानित किया गया है। कुछ चित्रों को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हो चुके हैं। गूगल अर्थ पर चित्र उपलब्ध कराने वाली पैनोरामियो साइट पर मेरी प्रोफाइल को 18.85 Lacs से भी अधिक हिट्स प्राप्त हैं।पत्रकारिता और फोटोग्राफी के अलावा मुझे कवितायेँ लिखना पसंद है। काव्य क्षेत्र में मैंने नवीन जोशी “नवेन्दु” के रूप में अपनी पहचान बनाई है। मैंने बहुत सी कुमाउनी कवितायेँ लिखी हैं, कुमाउनी भाषा में मेरा काव्य संकलन उघड़ी आंखोंक स्वींड़ प्रकाशित हो चुका है, जो कि पुस्तक के के साथ ही डिजिटल (PDF) फार्मेट पर भी उपलब्ध होने वाली कुमाउनी की पहली पुस्तक है। मेरी यह पुस्तक गूगल एप्स पर भी उपलब्ध है। ’ यहां है एक पत्रकार, लेखक, कवि एवं छाया चित्रकार के रूप में मेरी रचनात्मकता, लेख, आलेख, छायाचित्र, कविताएं, हिंदी-कुमाउनी के ब्लॉग आदि कार्यों का पूरा समग्र। मेरी कोशिश है कि यहां नैनीताल, कुमाऊं, उत्तराखंड और वृहद संदर्भ में देश की विरासत, संस्कृति, इतिहास और वर्तमान को समग्र रूप में संग्रहीत करने की….। मेरे दिल में बसता है, मेरा नैनीताल, मेरा कुमाऊं और मेरा उत्तराखंड

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