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March 2, 2024

साढ़े 10 लाख रुपए की आय पर भी नहीं भरना पड़ेगा टैक्स (Income Tax), सिर्फ 3 दिन शेष…

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Income Tax

नवीन समाचार, विविध डेस्क, 29 जुलाई 2023। जैसा कि पहले से तय है, अब आईटीआर (Income Tax) यानी आय कर भरने के लिए सिर्फ 3 दिन का समय बचा है। 31 जुलाई के बाद में आय कर फाइल करने वालों को भारी जुर्माना भरना पड़ेगा।

Income Tax

गौरतलब है कि आयकर विभाग के नियमों के अनुसार 2 लाख 50 हजार रुपये वार्षिक से ज्यादा कमाने पर आय कर भरना पड़ता है, लेकिन यहां हम आपको आयकर विशेषज्ञों के आधार पर ऐसे प्राविधान-नियमों के बारे में बता रहे हैं, जिनसे आप 10.5 लाख रुपए की आय होने पर भी अपने टैक्स को आसानी से बचा सकेंगे।

  • मान लीजिए कि आपकी वार्षिक आय 10 लाख 50 हजार रुपये है तो आप आय कर एक्ट के तहत स्टैंडर्ड डिडक्शन क्लेम कर सकते हैं। इसके तहत आपको 50 हजार रुपये की छूट मिल जाएगी। अब टैक्सेबल आय 10 लाख रुपये बची। आइए जानते हैं इसे कैसे कम कर सकते हैं।
  • अब आप आयकर विभाग अधिनियम की धारा 80सी के तहत 1 लाख 50 हजार रुपये का क्लेम कर सकते हैं। इसके तहत आप एलाईसी, पीपीएफ, बच्चों की ट्यूशन फी, म्यूचुअल फंड और ईपीएफ में निवेश किए गए पैसों को क्लेम कर सकते हैं। इसके अलावा आप होम लोन की राशि को भी क्लेम कर सकते हैं। इसके बाद आपकी टैक्सेबल इनकम यानी कर योग्य आय 8 लाख 50 हजार रुपये रह जाती है।
  • आप नेशनल पेंशन सिस्टम में 50 हजार रुपये निवेश कर सकते हैं। इसके तहत आप 80सीसीडी (1बी) के तहत क्लेम कर सकेंगे। इस तरह बचते हैं 8 लाख रुपये की आय बनती है। इसे और कैसे कम किया जा सकता है। आइए जानते हैं।
  • आप आयकर अधिनियम की धारा 24बी के तहत दो लाख रुपये क्लेम कर सकते हैं। यह छूट आपको तब मिलती है जब आपने इतनी धनराशि होम लोन के ब्याज के रूप में भुगतान की हो। इस तरह अब आपको 6 लाख रुपये की आय पर ही टैक्स देना होगा।
  • इसके अलावा आप धारा 80डी के तहत भी 25 हजार रुपये का मेडकिल हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम ले सकते हैं। इतना ही नहीं अगर आप अपने माता-पिता के लिए सीनियर सिटीजन हेल्थ इंश्योरेंस खरीदते हैं तो 50 हजार रुपये का अतिरिक्त यानी कुल 75 हजार रुपए की कर छूट ले सकते हैं।
  • अगर आप 25 हजार रुपये किसी संस्था या ट्रस्ट को दान देते हैं तो आयकर की धारा 80जी के तहत इसे भी क्लेम किया जा सकता है। इस प्रकार आपकी कर युक्त आय 5 लाख रुपये बचती है।
  • गौरतलब है कि जिन लोगों की आय 2 लाख 50 हजार रुपये से 5 लाख रुपये के बीच में होती है, उन्हें टैक्स नहीं भरना पड़ता है क्योंकि सरकार इस आय पर 5 प्रतिशत की छूट देती है। इस तरह आप 10 लाख 50 हजार रुपये पर टैक्स बचा सकते हैं।

    (डॉ. नवीन जोशी) आज के अन्य एवं अधिक पढ़े जा रहे ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। यदि आपको लगता है कि ‘नवीन समाचार’ अच्छा कार्य कर रहा है तो हमें सहयोग करें..यहां क्लिक कर हमें गूगल न्यूज पर फॉलो करें। यहां क्लिक कर यहां क्लिक कर हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से, हमारे टेलीग्राम पेज से और यहां क्लिक कर हमारे फेसबुक ग्रुप में जुड़ें। हमारे माध्यम से अमेजॉन पर सर्वाधिक छूटों के साथ खरीददारी करने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : करीब आई आयकर (Income Tax) भरने की आखिरी तिथि, जान लें यह जानकारियां-वरना बड़े नुकसान के साथ पछताना पड़ सकता है..

नवीन समाचार, नैनीताल, 24 जुलाई 2023। आईटीआर यानी इन्कम टैक्स (Income Tax) फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2023 करीब आ गई है। यदि आपने अब भी आयकर नहीं भरा है तो आखिरी समय का इंतजार न करें। यहां हम आपको आयकर रिटर्न भरने के बारे में अलग-अलग संबंधित विषयों पर विस्तार से जानकारी देने जा रहे हैं।

टैक्स रिजीम का रखें ध्यान

आप जब भी टैक्स रिटर्न फाइल करें तब आपको सही टैक्स रिजीम का चयन करना चाहिए। केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस साल के बजट में नई टैक्स रिजीम का ऐलान किया है। आईटीआर फाइल करने के बाद इसे वेरीफाई करना भी जरूरी होता है। इसके लिए आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस से एक ओटीपी आता है। उसे जरूर वेरीफाई कर लें। यदि आप का रिटर्न वेरीफाई नहीं होता तो आपका रिटर्न अमान्य माना जाएगा।

करदाता ऐसे भर सकते हैं अपना आईटीआर

-आईटीआर दाखिल करने के लिए सबसे पहले ई-फाइलिंग पोर्टल खोलें।
-यदि अकाउंट नहीं है तो रजिस्ट्रेशन का विकल्प चुनें ई-फाइल का विकल्प चुनें।
-फाइल इनकम टैक्स रिटर्न पर क्लिक करें। असेसमेंट ईयर चुने
-आपको ऑनलाइन आईटीआर भरने के लिए पर्सनल विकल्प में जाना है। इसे करने के बाद आपको उचित फॉर्म को सलेक्ट करना है।

-अगर आप वेतनभोगी हैं तो आईटीआर-1 फॉर्म चुनें। यहां आपको पहले से ही भरा हुआ फॉर्म मिल जाएगा।
-यहां आप सैलरी स्लिप, फॉर्म-16, एआईएस और 26एएस से डाटा मिलाएं
-रिटर्न क्लेम करने से पहले अपनी बैंक की जानकारी को जांचें।
-सभी जरूरी बातों को ध्यान में रखते हुए आईटीआर सबमिट कर दें।
-30 दिन बाद आईटीआर को ई-वेरिफाई करें। 

गलत तरीके से टैक्स छूट लेने का न करें प्रयास

पहले ज्यादातर लोग आयकर रिटर्न भरते समय अपने रिश्तेदारों के फर्जी किराये की रसीदों, गृह ऋण के झूठे दस्तावेजों, फर्जी डोनेशन की रसीदों आदि से गलत तरीके से छूट लेने का प्रयास करते थे। पहले इसका पता भी नहीं चल पाता था और लोग इसका फायदा भी उठाते थे। लेकिन अब ऐसा करने वालों को सावधान हो जाने की जरूरत है क्योंकि आयकर विभाग ने ऐसा सॉफ्टवेयर तैयार कर लिया है, जो फर्जी क्लेम और शंका वाले आयकर रिटर्न को तुरंत पकड़ लेता है।

आय गलत बताने पर 200 प्रतिशत तक जुर्माना

आय कम बताने पर 50 प्रतिशत तक और आय गलत बताने पर 200 प्रतिशत तक जुर्माना लगाया जा सकता है। वहीं रिटर्न दाखिल न करने की स्थिति में मूल्यांकन अधिकारी के पास 3 महीने से 7 साल तक की कैद और जुर्माने के साथ मुकदमा चलाने के लिए नोटिस जारी करने का विकल्प होगा। करदाताओं को बेहतर ई-फाइलिंग का लाभ उठाकर समय पर रिटर्न दाखिल करने का प्रयास करना चाहिए।

विभाग अब कर छूटें लेने वाले कर दाताओं से सेक्शन 10 (13ए) के अंतर्गत छूट लेने के लिए प्रयोग किए गए प्रपत्र भी मांग रहा है। 2022-23 के लिए नोटिस जारी किए जा रहे हैं। बताया गया है कि आयकर विभाग अब आयकर के डाटा के आधार पर कर दाताओं की अन्य स्रोतों से भी सूचनाएं एकत्र कर उनका सत्यापन और कर छूटों की पुष्टि करा रहा है। वहीं गलत छूट लेने का प्रयास करने वालों का डाटा तैयार कर बाद में उनसे वसूली भी की जा सकती है। आयकर विभाग ने ऐसे करदाताओं को नोटिस भेजना भी शुरू कर दिया है।

बैंक खाते का सत्यापन

आपको अपने आयकर खाते से जुड़े बैंक खाते का सत्यापन जरूर करवा लेना चाहिए। इस बात का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए कि आप सही पोर्टल से और सही फार्म व रिजीम का चयन कर आईटीआर फाइल कर रहे हैं।

बचत योजनाओं से लें टैक्स छूट

यदि आप ज्यादा से ज्यादा रिफंड पाना चाहते हैं तो राष्ट्रीय पेंशन योजना, पीपीएफ यानी पब्लिक प्रोविडेंट फंड, लाइफ इंश्योरेंस-मेडिकल इंश्योरेंस प्रीमियम, राष्ट्रीय बचत प्रमाण पत्र और होम लोन के ब्याज से टैक्स लाभ लेने का प्रयास करें। आईटीआर फाइल करते समय जरूर जांच लें कि आप कितनी टैक्स कटौती कर सकते हैं।

कर छूटों का मिलान कर लें

आयकर भरते समय 26 एएस से करों की कटौती का मिलान अवश्य करें। टैक्स भरते समय अपनी सारी आय दिखाएं, बैंक से मिलने वाले ब्याज का ब्यौरा भी दें। 

आयकर भरने में कितना आता है खर्च

यदि आप स्वयं आयकर विभाग की वेबसाइट से आयकर रिटर्न फाइल करते हैं तो यह निःशुल्क हो जाता है। जबकि निजी पोर्टलों का उपयोग करने में लगभग 1,500 रुपये से 2,000 रुपये और विदेशी संपत्ति वाले व्यक्तियों के लिए विशेषज्ञ सहायता के लिए लगभग 3,000 रुपये से 4,000 रुपये का भुगतान करना पड़ सकता है।

जबकि अधिक जटिल परिस्थितियों वाले व्यक्तियों को 4,500 रुपये से 7,000 रुपये का शुल्क देना पड़ सकता है। व्यापक विदेशी संपत्ति और जटिल रिपोर्टिंग आवश्यकताओं वाले लोगों को विशेषज्ञ सहायता के लिए 7,000 रुपये से 10,000 रुपये के बीच भुगतान करना पड़ सकता है। यदि आपको अपना आईटीआर दाखिल करने में कोई कठिनाई आती है, तो सीए की मदद लें।

31 जुलाई के बाद रिटर्न भरने पर देना होगा जुर्माना

आयकर विभाग के अनुसार 31 जुलाई के बाद 31 दिसंबर तक पांच लाख से अधिक आय वाले करदाताओं को पांच हजार, जबकि इससे कम आय वाले करदाताओं को एक हजार रुपये जुर्माना देना होगा। अभी तक निर्धारित तिथि बढ़ाने की कोई घोषणा भी नहीं की है। यह भी माना जा रहा है कि संभवत इस बार तिथि न बढ़े, क्योंकि सीबीसीटी ने जनवरी में ही वर्ष 2023-24 के लिए आईटीआर फार्म अधिसूचित कर दिया था।

यह भी हो सकता है कि विभाग द्वारा आगे देर से रिटर्न दाखिल करने पर रिटर्न दाखिल करने की तारीख तक 1 प्रतिशत ब्याज लगाया जाएगा। 31 दिसंबर के बाद करदाता के पास अपडेटेड रिटर्न दाखिल करने का विकल्प केवल तभी होगा जब कोई टैक्स की देनदारी हो, लेकिन अतिरिक्त 31 मार्च 2024 तक दाखिल किए गए अपडेटेड रिटर्न के लिए 25 प्रतिशत टैक्स का भुगतान करना होगा और उसके बाद 31 दिसंबर 2024 तक 50 प्रतिशत अतिरिक्त टैक्स का भुगतान करना होगा। 

यह भी पढ़ें : 8 लाख रुपए तक आयकर (Income Tax) बचाने के 17 तरीके, 17वां तरीका आपने अब तक न सुना होगा…

नवीन समाचार, विविध डेस्क। आय कर (Income Tax) यानी आय कर विभाग ने वित्त वर्ष 2022-23 के लिए आय कर रिटर्न फाइल करने के लिए आईटीआर-1 और आईटीआर-4 फार्म भरने जा रहे हैं तो यह समाचार आपके लिए है। यहां हम आयकर भरने और टैक्स बचाने से संबंधित महत्वपूर्ण व पूरी जानकारी उपलब्ध कराने जा रहे हैं।

आईटीआर फाइल करने के लिए आपका आय कर ई-फाइलिंग पोर्टल से यूटिलिटी डाउनलोड करनी होगी। आईटीआर दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2023 है। ई-फाइलिंग आयकर पोर्टल के अनुसार वित वर्ष 2023-24 के लिए आईटीआर-1 और आईटीआर-4 की एक्सेल यूटिलिटीज फाइलिंग के लिए उपलब्ध हैं। एक बार यूटिलिटी फॉर्म में अपनी आय और आयकर छूट से जुड़ी जानकारी भर जाने के बाद इसे आय कर ई-फाइलिंग पोर्टल पर अपलोड करना जरूरी होगा।

ऑनलाइन आईटीआर फॉर्म के लिए सीधे ई-फाइलिंग आय कर पोर्टल पर उपलब्ध ऑनलाइन फॉर्म में जानकारी भरनी होती है। साथ ही आईटीआर फॉर्म ऑफलाइन या ऑनलाइन जमा करने के बाद उसे सत्यापित करना अनिवार्य है। क्योंकि, बिना सत्यापित आईटीआर को आयकर विभाग प्रक्रिया के लिए आगे नहीं बढ़ाता है।

कर दाताओं की सुविधा के लिए आयकर विभाग ने ऑफलाइन फॉर्म जारी किए हैं, लेकिन वेतनभोगी कर दाताओं को आईटीआर फाइल करने के लिए अपने नियोक्ता से फॉर्म 16 लेना होगा। नियोक्ता द्वारा फॉर्म 16 जारी करने की तारीख 15 जून 2023 और वित्त वर्ष 2022-23 2023-24 के लिए कर दाताओं को आईटीआर दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2023 है। हालांकि, जिन कर दाताओं के खातों को ऑडिट करने की आवश्यकता होगी उन्हें समयसीमा अधिक दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष आयकर कानूनों में संशोधन कर 1 अप्रैल 2022 से क्रिप्टो और अन्य वर्चुअल संपत्ति को भी टैक्सेबल यानी कर योग्य बना दिया।

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ऐसे बचा सकते हैं 8 लाख रुपए तक टैक्स (Income Tax)

1. एलआईसी प्रीमियम, ईपीएफ, पीपीएफ, एनपीएस और पेंशन स्कीम में निवेश
आय कर बचाने के लिए सबसे आसान और बेहतरीन विकल्प है सेक्शन 80सी। इसके तहत आप तमाम टैक्स छूट क्लेम कर सकते हैं। एलआईसी पॉलिसी के प्रीमियम को आप क्लेम कर सकते हैं। प्रोविडेंट फंड, बच्चों की ट्यूशन फीस, नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट, होम लोन के प्रिंसिपल पर भी आप 80सी के तहत डेढ़ लाख रुपए तक टैक्स छूट हासिल कर सकते हैं।

वहीं सेक्शन 80सीसीसी के तहत एलआईसी या किसी भी बीमा कंपनी से अगर आपने पेंशन प्लान खरीदा है तो टैक्स छूट ले सकते हैं। सेक्शन 80 सीसीडी (1) के तहत केंद्र सरकार का पेंशन प्लान खरीदा है तो उसे भी क्लेम कर सकते हैं। लेकिन ध्यान देने वाली बात यह भी है कि इन सभी को मिलाकर टैक्स छूट 150000 रुपए से ज्यादा नहीं हो सकती।

राष्ट्रीय पेंशन योजना यानी एनपीएस में किए गए योगदान के लिए भी 50,000 रुपये तक की अतिरिक्त कटौती का दावा कर सकते हैं। नई कर व्यवस्था में, नियोक्ता का एनपीएस, सेवानिवृत्ति या ईपीएफ में 7.5 लाख रुपये से अधिक का योगदान कर योग्य है। लेकिन आप संचित ब्याज व एनपीएस में नियोक्ता के योगदान पर कटौती दावा कर सकते हैं।

2. होम लोन से करें आय कर बचत
होम लोन के प्रिंसिपल पर भी आप सेक्शन 80सी के तहत डेढ़ लाख रुपए तक टैक्स छूट ले सकते हैं। इसलिए अगर 80सी में आपने पहले प्वाइंट के सभी प्लान के तहत अन्य कोई छूट ली है तो याद रखें ये सभी 1.50 लाख रुपए तक ही हो सकता है।
3. होम लोन के ब्याज से बचाएं पैसा
होम लोन के प्रिंसिपल यानी मुख्य ऋण के अलावा होम लोन के ब्याज पर भी छूट मिलती है। इस छूट को आप आय कर के सेक्शन 24 (इ) के तहत ले सकते हैं। इसमें सिर्फ आपकी तरफ से चुकाए गए ब्याज पर छूट ली जा सकती है। आय कर नियमों के अनुसार 2 लाख रुपए तक के ब्याज पर टैक्स छूट ली जा सकती है। यह टैक्स छूट तभी मिलेगी जब प्रॉपर्टी ‘सेल्फ ऑक्यूपाइड’ हो।

4. केंद्र सरकार की पेंशन स्कीम
केंद्र सरकार की पेंशन स्कीम नेशनल पेमेंट सिस्टम में निवेश करते हैं तो आपको 50,000 रुपए की अतिरिक्त छूट मिलती है। यह छूट सेक्शन 80सी के तहत मिली 1.5 लाख रुपए की टैक्स छूट से अलग है। सेक्शन 80सीसीडी-2 के तहत केंद्र सरकार की पेंशन स्कीम में नियोक्ता के योगदान को क्लेम किया जा सकता है। इसकी दो शर्तें हैं। पहली यह कि नियोक्ता कोई पब्लिक सेक्टर यूनिट हो, राज्य सरकार की हो या कोई और। इसमें डिडक्शन की सीमा वेतन का 10 प्रतिशत है। अगर नियोक्ता केंद्र सरकार है तो छूट की सीमा 14 प्रतिशत होगी।

5. हेल्थ इंश्योरेंस यानी स्वास्थ्य बीमा का प्रीमियम
अगर आपने कोई स्वास्थ्य बीमा लिया है या फिर नियमित स्वास्थ्य जांच कराते हैं तो सेक्शन 80डी के तहत उसके प्रीमियम पर छूट ले सकते हैं। अगर आपने खुद के लिए, जीवनसाथी, बच्चों और 60 वर्ष से कम उम्र के माता-पिता के लिए स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी ली है तो आप 25,000 रुपए तक की छूट ले सकते हैं। यदि आपके माता-पिता 60 वर्ष से अधिक उम्र के हैं तो टैक्स छूट की सीमा 50,000 रुपए हो जाएगी। 5000 रुपए की स्वास्थ्य जांच छूट भी इसमें मिलती है। हालांकि, छूट स्वास्थ्य बीमा के प्रीमियम से अधिक नहीं हो सकती है।

6. विकलांग आश्रितों के इलाज का खर्च
विकलांग आश्रितों के इलाज या उनके रखरखाव पर होने वाले खर्च भी 75,000 रुपए तक आय कर छूट ली जा सकती है। अगर आश्रित व्यक्ति की अपंगता 80 प्रतिशत या इससे अधिक है तो 1.25 लाख रुपए की छूट मेडिकल खर्चों पर ली जा सकती है।

7. चिकित्सा-इलाज के भुगतान पर कर छूट
आय कर के सेक्शन 80डीडी 1बी के तहत खुद या किसी आश्रित की विशिष्ट बीमारी के इलाज के लिए भुगतान किए गए 40,000 रुपए तक की कटौती पर भी छूट ली जा सकती है। अगर व्यक्ति वरिष्ठ नागरिक है तो यह सीमा 1 लाख रुपए होती है।

8. बच्चों की शिक्षा पर लिए गए ऋण के ब्याज पर टैक्स छूट
एजुकेशन लोन यानी बच्चों की शिक्षा पर लिए गए ऋण के ब्याज में पूरी कर छूट मिलती है। छूट उस वर्ष से शुरू हो जाता है, जिस वर्ष में ऋण चुकाना शुरू होता है। अगले 7 साल तक इसका फायदा मिलता है। यानी कुल 8 साल तक टैक्स छूट ले सकते हैं। दो बच्चों के शिक्षा ऋण पर एक साथ टैक्स छूट मिलती है। अगर दो बच्चों के लिए 10 प्रतिशत ब्याज दर पर 25-25 लाख का लोन लिया है, तो कुल 50 लाख रुपए पर सालाना ब्याज 5 लाख रुपए देना होगा। इस पूरी राशि पर टैक्स छूट मिलेगी।

9. इलेक्ट्रिक वाहनों के ऋण पर छूट
आय कर के सेक्शन 80ईईबी के तहत, अगर आपने कोई इलेक्ट्रिक गाड़ी खरीदने के लिए ऋण लिया है तो उसके ब्याज के भुगतार पर 1.5 लाख रुपए तक टैक्स छूट मिलती है।यह टैक्स छूट 31 मार्च 2023 से पहले लिए गए ऋण पर ही मिलेगी।

10. हाउस रेंट अलाउंस-एचआरए
अगर आपको वेतन में एचआरए नहीं मिलता है तो आप सेक्शन 80जीजी के तहत मकान के किराये के भुगतान पर कर छूट ले सकते हैं। लेकिन यदि आपकी कंपनी एचआरए देती है तब आप 80जीजी के तहत कर छूट नहीं ले सकते हैं।
11. इसके अलावा कर दाता स्वयं, आश्रित बच्चों, जीवनसाथी और माता-पिता के लिए रोकथाम निवारक जांच पर 5000 रुपये तक की कटौती का दावा आयकर अधिनियम की धारा 80डी के तहत कर सकते हैं।
12. करदाता जीवन बीमा पॉलिसी के तहत मिली रकम पर कटौती का दावा कर सकते हैं, इसमें ऐसी पॉलिसी जिसमें बोनस के रूप में आवंटित राशि शामिल है और कुछ शर्तों के साथ धारा 10(10डी) के तहत कर से मुक्त है।

13. आयकर अधिनियम की धारा 80सी से 80यू के तहत बच्चों, माता-पिता और अन्य आश्रितों पर किए गए खर्चों पर भी कटौती के लिए दावा कर सकते हैं।
14. पोस्ट ऑफिस की जमा योजनाओं में एक वित्तीय वर्ष में 3,500 रुपये (व्यक्तिगत खातों के मामले में) और 7,000 रुपये (संयुक्त खातों के मामले में) तक के ब्याज पर कटौती का दावा कर सकते हैं।

15. व्यक्तिगत कर दाता आयकर अधिनियम की धारा 80सी के तहत बच्चों की शिक्षा के लिए भुगतान की गई ट्यूशन फीस पर भी कर कटौती का दावा कर सकते हैं। हालाँकि, इसके लिए कुछ तय नियम और सीमाएं हैं। इसके अलावा आप आय कर एक्ट के सेक्शन 80ई के तहत शिक्षा ऋण पर भुगतान किए गए ब्याज पर कटौती का दावा भी कर सकते हैं।
16. लीव ट्रैवल कंसेशन: कुछ शर्तों के साथ आय कर की धारा 10(5) के तहत छुट्टी पर यात्रा के दौरान होने वाले खर्च के लिए लीव ट्रैवल कंसेशन छूट का दावा भी कर सकते हैं।

17. अपने माता-पिता को किराया देकर भी बचा सकते हैं 99 हजार रुपए: आप बाहर कितना भी किराया दें, लेकिन अगर आप अपने माता-पिता को हर महीने 8,333 रुपये किराया देते हैं। तो आपको दो फायदे होंगे। एक तो आप हाउस रेंट अलाउंस पर मिलने वाली टैक्स छूट का फायदा उठा सकेंगे। दूसरा, आपकी करीब 99,000 रुपये की आय कर-मुक्त हो जाएगी। खास बात यह भी है कि हाउस रेंट अलाउंस पर टैक्स छूट में 8,333 रुपये प्रति माह तक के किराए की जानकारी मकान मालिक (इस मामले में माता-पिता) को आय कर विभाग को अपने पैन कार्ड के साथ नहीं देनी होती है।

ऐसे में यह आय उनके लिए भी टैक्स फ्री यानी कर मुक्त हो सकती है। उल्लेखनीय है हाउस रेंट अलाउंस पर टैक्स छूट का लाभ पुरानी टैक्स व्यवस्था में ही लिया जा सकता है। इसमें कर छूट की सीमा 5 लाख रुपये तक है। जबकि नई टैक्स व्यवस्था में टैक्स छूट की सीमा अधिकतम 7,50,000 रुपये तक है। उसमें आपको हाउस रेंट अलाउंस, अन्य बचत पर टैक्स छूट का लाभ नहीं मिलता है। (डॉ. नवीन जोशी) आज के अन्य एवं अधिक पढ़े जा रहे ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

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