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पालिका ने भी फड़वालों को दिए नोटिस, सवाल-डीएम के आदेशों पर खानापूरी या कुछ करेंगे भी ?

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डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 17 मई 2022। डीएम धीराज गर्ब्याल ने गत 12 मई को नगर के फड़वालों द्वारा की जा रही अव्यवस्थाओं के खिलाफ कड़ा रुख दिखाते हुए एसडीएम, ईओ, सीओ व खाद्य अभिहीत अधिकारी की चार सदस्यीय समिति बना दी थी।

अब डीएम द्वारा उठाए गए बिंदुओं को ही नगर पालिका ने भी उठाते हुए भी फड़वालों को मंगलवार को नोटिस जारी कर अवैधानिक तरीके से लगने वाले फड़ों को हटाने को कहा है, और अन्यथा वैधानिक कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। अलबत्ता सवाल उठ रहा है कि पालिका का यह आदेश डीएम के आदेशों पर खानापूरी है या पालिका वास्तव में इस पर कुछ कार्रवाई करेगी भी ?

पालिका द्वारा मंगलवार फड़ों के क्षेत्र में चस्पा किए गए नोटिस में पंत पार्क, महर्षि वाल्मीकि पार्क व चिल्ड्रन पार्क क्षेत्र में लगने वाले फड़-खोखे तत्काल हटाने, केवल 121 लाइसेंसशुदा फड़ ही नियत समय एवं नियत स्थान पर ही लगाने, झील के किनारे कपड़े न लटकाने, खाद्य उत्पादों की बिक्री में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने तथा पॉलीथीन या प्रदूषणयुक्त सामग्री का प्रयोग न करने व उच्च न्यायालय के आदेशों का अक्षरशः पालन करने को कहा गया है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : ‘नवीन समाचार’ एक्सक्लूसिव: अब फड़ वालों की अव्यवस्था के लिए ईओ के साथ एसडीएम, सीओ व खाद्य अधिकारी सीधे होंगे जिम्मेदार

-डीएम ने बनाई चार अधिकारियों की समिति, एडीएम के माध्यम से डीएम स्वयं भी रखेंगे नजर
डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 12 मई 2022। पर्यटन नगरी नैनीताल में अब अवैध तरीके से फड़ लगने पर अब नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी के साथ ही उप जिलाधिकारी के साथ पुलिस क्षेत्राधिकारी नैनीताल भी जिम्मेदार होंगे।

जिलाधिकारी धीराज गर्ब्याल नगर के पंत पार्क-बैंड स्टेंड एवं उसके आसपास फड़ व्यवसायियों द्वारा की जाने वाली मनमानी रोकने के लिए गुरुवार को तीन सदस्यीय समिति गठित कर दी है, जिसमें उप जिलाधिकारी, पुलिस क्षेत्राधिकारी, नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी व खाद्य सुरक्षा अभिहीत अधिकारी को रखा है। यही नहीं एडीएम हर सप्ताह बुधवार को इन अधिकारियों द्वारा की जा रही कार्रवाई का स्वयं इस क्षेत्र का निरीक्षण कर डीएम को अवगत कराएंगे।

वहीं समिति से प्रतिदिन इस स्थल का निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करने और डीएम को अवगत कराने को कहा गया है कि इस क्षेत्र में केवल लाइसेंसधारी फड़-खोखा व्यवसायी ही निर्धारित स्थान पर फड़-खोखे पंक्ति में एवं निर्धारित समय सीमा में ही उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन सुनिश्चित करते हुए ही लगाएं।

अवैध फड़-खोखों को तत्काल हटाया एवं नियमविरुद्ध लगने वाले फड़ों के लाइसेंस निरस्त किए जाये। बैंड स्टेंड एवं उसके झील से लगे परिसर में किसी भी दशा में खाद्य सामग्री संबंधी फड़-खोखे न लगें। स्थान-स्थान पर अथवा नैनी झील के किनारे कपड़े के टुकड़े सुखाने आदि को न हटकाने को प्रतिबंधित किया जाए। यहां बिक रही खाद्य सामग्री गुणवत्तायुक्त हो। उसमें पॉलीथीन या प्रदूषणयुक्त किसी भी सामग्री का प्रयोग न हो। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : हद है : अपनी जगह किराये पर देकर खुद दूसरी जगह फड़ लगाते मिले नैनीताल के कथित गरीब फड़ वाले

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 11 मई 2022। नैनीताल में फड़ वाले खुद को बेचारा बताकर प्रशासन के साथ हमेशा चूहे-बिल्ली का खेल खेलते रहते हैं। पालिका-प्रशासन हो चाहे उच्च न्यायालय के आदेश, उन्हें किसी की परवाह नहीं। खुद को कभी गरीब बेचारे तो कभी धार्मिक आधार पर सताये हुए बताकर फायदा उठाना कोई इनसे सीखे। न समय न ही स्थान के नियम इनके लिए कोई मायने रखते हैं।

और अब तो हद हो गई है। खुलासा यह हुआ है कि कुछ लाइसेंसधारी फड़ वाले अपनी नियत जगह तो अन्य को किराये पर फड़ लगाने को दे रहे हैं और खुद दूसरी गैरनियत जगह पर फड़ लगाते हुए मिले हैं।

बुधवार को फड़वालों पर कार्रवाई के लिए सिटी मजिस्ट्रेट एवं सीओ सिटी के नेतृत्व में मल्लीताल के साथ ही तल्लीताल पुलिस ने भी उनके विरुद्ध अभियान चलाया और उन्हें ऐसा करने व गंगदी पर लाइसेंस निरस्त करने की चेतावनी दी। आगे देखने वाली बात होगी कि प्रशासन की चेतावनी का उन पर कोई प्रभाव पड़ता भी है या नहीं। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : पंत पार्क क्षेत्र के 21 व 12 चाय व अन्य खाद्य उत्पाद बेचने वालों पर हुई कार्रवाई

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 4 मई 2022। नैनीताल नगर पालिका प्रशासन एवं खाद्य सुरक्षा विभाग के द्वारा बुधवार को नगर के मल्लीताल पंत पार्क क्षेत्र में संयुक्त निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान चाय के ठेलों पर काफी गंदगी देखी गई।

इस पर नगर पालिका द्वारा 21 चाय व अन्य खाद्य उत्पाद बेचने वालों के 500-500 रुपए के चालान किए गए। इसके अलावा खाद्य सुरक्षा विभाग के द्वारा भी धारा 31-58 के तहत 12 विक्रेताओं के चालान किए गए। इस तरह इस क्षेत्र के करीब-करीब सभी खाद्य सामग्री विक्रेता गंदगी करते एवं नियमों का पालन न करते पाए गए।

इस कार्रवाई में नगर स्वास्थ्य अधिकारी गणेश धर्मसत्तू, खाद्य सुरक्षा अधिकारी कैलाश टम्टा, स्वास्थ्य निरीक्षक कुलदीप कुमार, कर अधीक्षक सुनील खोलिया, कर निरीक्षक हिमांशु चंद्रा, दीपराज व मोहन चिलवाल आदि पालिका कर्मी शामिल रहे।आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : नैनीताल में हाईकोर्ट के आदेशों को धता, एक लाइसेंस पर लग रहे चार फड़

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 13 अप्रैल 2022। नैनीताल नगर में उत्तराखंड उच्च न्यायालय के आदेशों पर व्यवस्थित तरीके से व्यवसाय करने के निर्देशों पर न केवल निर्धारित समय से बाहर पूरे दिन, बल्कि एक लाइसेंस पर चार फड़ लगते मिले हैं। बुधवार को अधिशासी अधिकारी अशोक कुमार वर्मा के निर्देश पर यहां पालिका की संयुक्त टीम ने जब पंत पार्क का निरीक्षण तो निरीक्षण के दौरान देखा गया कि 121 लाइसेंसधारियों के 4-4 फड़ लगे हुए मिले।

इस पर प्रभारी कर अधीक्षक सुनील खोलिया ने फड़ व्यवसायियों को फटकार लगाई और हिदायत दी कि एक टोकन पर केवल एक ही चारपाई लगाएं। याद दिलाया कि उच्च न्यायालय द्वारा शाम चार से छह बजे के दौरान ही फड़ लगाएं। अन्यथा की स्थिति में सामान जब्त कर लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा। निरीक्षण में कर निरीक्षक हिमांशु चंद्रा, कर समाहर्ता मोहन चिलवाल, दीपराज, कंचन चंद्र व जफर आदि पालिका कर्मी शामिल रहे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : फड़ वाले प्रशासन के खिलाफ लामबंद होने की ओर, सड़क से लेकर न्यायालय तक घेरने की रणनीति

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 10 दिसंबर 2021। बीते दिनों जिला मुख्यालय में पालिका-प्रशासन द्वारा पंत पार्क में लगने वाले फड़ो को जब्त करने की कार्रवाई को लेकर फड़ कारोबारियों का संगठन विरोध व दबाव की रणनीति बनाने में जुट गया हैं। उन्हें हवा दी है नेशनल हॉकर फेडरेशन ने। फेडरेशन के महासचिव शक्तिमान घोष ने नगर की वेंडर कमेटी को ही अवैध बताकर उसके द्वारा की गई अन्य कार्रवाइयों एवं इधर प्रशासन की जब्ती की कार्रवाई को अवैध ठहराया है। साथ ही कारोबारियों के साथ बैठक कर फड़ कारोबारियों को संगठित कर एक ओर आंदोलन के लिए तैयार करने और दूसरी ओर उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की चेतावनी दी है।

कोलकाता से नैनीताल पहुंचे घोष ने कहा कि 2014 में सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के आधार पर फड़ कारोबारियों को देश में कहीं भी फड़ संचालन करने का कानूनी अधिकार प्राप्त है। लेकिन प्रशासनिक अधिकारी इस कानून की धज्जियां उड़ाते हुए कारोबारियों पर कार्रवाई कर रहे हैं। शहर में बनी वेंडर कमेटी को में 40 फीसदी सदस्य फड़ कारोबारी होने चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं है। इसलिए वेंडर कमेटी और उनके द्वारा बनाए गए निर्णय भी अवैध है। साथ ही जिला प्रशासन और पालिका द्वारा की गई कार्रवाई गरीबों का दमन है।

जिला प्रशासन और पालिका को कोई अधिकार नहीं कि वह इस तरह सामान जब्त और ध्वस्त करने की कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि इस हेतु फड़ कारोबारियों को जागरूक कर उन्हें उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी दी जाएगी। साथ ही प्रशासन और पालिका द्वारा की गई कार्रवाई के खिलाफ सड़कों पर उतर कर धरना प्रदर्शन भी किया जाएगा। उनके साथ नेशनल हॉकर फेडरेशन के अध्यक्ष संदीप वर्मा, हल्द्वानी के अध्यक्ष प्रदीप अग्निहोत्री, नैनीताल के अध्यक्ष जमीर अहमद, अधिवक्ता पीसी तिवारी, स्निग्धा तिवारी, प्रज्ञा दुबे, चंदना देवनाथ, कमलेश मिश्रा सहित बड़ी संख्या में फड़ कारोबारी मौजूद रहे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: करीब 4 दर्जन फड़-ठेले जब्त, व्यापार मंडल ने भी फड़वालों पर निकाली भड़ास…

एक ठेले को जब्त करते प्रशासनिक कर्मी।

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 6 दिसंबर 2021। उत्तराखंड उच्च न्यायालय में चल रही अवमानना याचिका के बाद नगर पालिका व स्थानीय प्रशासन की फड़ वालों के खिलाफ सोमवार को सबसे बड़ी कार्रवाई कार्रवाई सामने आई। इस दौरान मल्लीताल पंत पार्क क्षेत्र में अवैध रूप से लगने वाले व खासकर रात्रि में भी वहीं खड़े होने वाले करीब 15 ठेलों और 30 फड़ों के सामान को प्रशासन ने कब्जे में लेकर हल्द्वानी भेज दिया गया। इसके अलावा भोटिया मार्केट क्षेत्र में भी मुनादी करवाकर सामान को दुकानों के बाहर नहीं लगाने की मुनादी करवाई गई। चेतावनी दी गई कि यदि दुकानदारों ने दुकानों से बाहर सामान लगाया तो वहां भी ऐसी ही कार्रवाई कर सामान जब्त कर लिया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि नगर के मल्लीताल में पंत पार्क से गुरुद्वारे तक अस्थायी तौर पर और नियत समय पर ही दुकानें लगाने की ही अनुमति है, लेकिन एसडीएम प्रतीक जैन का कहना था कि यहां कई लोग स्थायी तौर पर ठेले लगाते हैं। इसलिए चार दिन पूर्व भी यहां कार्रवाई की गई थी और इसके बाद रविवार को फड़ व ठेले वालों को चेतावनी दी गई थी यहां स्थायी तौर पर फड़ व ठेले न लगाएं। इस पर आज कार्रवाई करते हुए करीब 15 ठेले एवं करीब 30 फड़ों का सामान जब्त कर लिया गया। एसडीएम जैन ने कहा कि कुल लोग स्थायी तौर पर यहां दुकानें लगाते हैं, जबकि अधिकांश ठेले लगाने वाले अपने घर दूर बताकर रात्रि में भी ठेलों को यहीं खड़ा कर जाते हैं। जबकि फड़ वाले भी रेलिंग आदि पर बांधकर सामान को वहीं छोड़ जाते हैं। ऐसे ही लोगों को चेतावनी दी गई थी। लेकिन इसके बावजूद आज भी ठेले व फड़ सुबह मौके पर ही मिले।

इस पर ठेले व फड़ जब्त करने की कार्रवाई की गई। एसडीएम जैन ने बताया कि अधिकांश ठेलों का कोई मालिक भी सामने नहीं आया, जबकि मौके पर पहुंचे 4-5 लोगों को चेतावनी देते हुए सामान लौटा भी दिया गया। इस दौरान कुछ फड़ वालों ने जब्त किए जा रहे सामान को बचाने के लिए प्रशासनिक टीम के साथ छीना झपटी भी की गई। एसडीएम जैन ने बताया कि जब्त किया गया सामान हल्द्वानी भेज दिया गया है। इसे लौटाया नहीं जाएगा। आगे इसकी नीलामी कर दी जाएगी। प्रशासनिक कार्रवाई में ईओ अशोक वर्मा, कोतवाल डीआर वर्मा, टीआई हिमांशु चंद्रा, दीपराज, मोहन चिलवाल शिवराज नेगी, शाकिर अली, जाकिर अली, अमित, मोहन चिलवाल व जफर अली आदि कर्मी शामिल रहे।

फड़ों के विरोध में व्यापार मंडल ने दी आंदोलन की धमकी
नैनीताल। नगर के व्यापार मंडल ने सोमवार को डीएम को संबोधित एक ज्ञापन एडीएम अशोक जोशी को सोंपा और नगर के मल्लीताल में लगने वाले फड़ों को नियमविरुद्ध बताया है और इस मुद्दे पर आंदोलन करने की धमकी दी है। व्यापार मंडल का कहना है कि उच्च न्यायालय के आदेशों के विरुद्ध यहां सुबह से ही 350 के करीब फड़ अवैध तरीके से लगते हैं। इनके लिए अतिशीघ्र वेंडर जोन घोषित किए जाने की आवश्यकता है। इस हेतु कई बैठकों के बावजूद परिणाम शून्य है। इसके अलावा मल्लीताल की खड़ी बाजार में सौंदर्यीकरण के लिए सीढ़ियां व उद्यान निर्माण के कार्य को अप्रासंगिक बताते हुए कहा है कि इसकी वजह से भविष्य में यहां अग्निकांड जैसी घटनाओं में आपात वाहनों का आवागमन प्रभावित हो सकता है। ज्ञापन सोंपने वालों में व्यापार मंडल अध्यक्ष किशन नेगी, त्रिभुवन फर्त्याल, राजेश वर्मा, श्याम सिंह खम्पा आदि व्यापारी शामिल रहे। (डॉ. नवीन जोशी)  आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : नैनीताल में फड़ लगने में हाईकोर्ट की अवमानना पर पालिका के ईओ से प्रति शपथ पत्र मांगा

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 30 नवंबर 2021। पर्यटन नगरी नैनीताल में उत्तराखंड उच्च न्यायालय के आदेश के विरुद्ध बाहरी लोगों द्वारा लगाई जा रही दुकानों पर दायर अवमानना याचिका पर न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ ने नैनीताल नगर पालिका को प्रति शपथ पत्र पेश करने के आदेश दिए हैं, और याचिका पर सुनवाई की अगली तिथि 21 दिसंबर को नियत कर दी है।

उल्लेखनीय है कि अधिवक्ता नितिन कार्की द्वारा ‘इन पर्सन’ दायर इस याचिका पर उच्च न्यायालय ने नैनीताल के जिलाधिकारी से इस संबंध में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट तलब की थी, इस पर जिलाधिकारी की ओर से मंगलवार को एकलपीठ में सुनवाई के दौरान रिपोर्ट प्रस्तुत की गई, जिसमें सब कुछ व्यवस्थित होने की बात कही गई।

इस पर कार्की की ओर से कहा गया कि ऐसा नहीं है। प्रतिबंधित क्षेत्र में दोनों ओर और नियत समय से कहीं अधिक समय तक फड़ लग रहे हैं। यह उच्च न्यायालय के आदेश की अवहेलना है। 2018 के बाद उत्तराखंड उच्च न्यायालय के निर्देशों पर 121 फड़वालों का जो चिन्हीकरण किया गया है, उसमें भी अनियमितता बरती गई है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : हद है, नैनीताल में बाहरियों के दबाव में स्थानीय लाइसेंसधारी नहीं लगा पा रहे फड़ !

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 13 नवंबर 2021। नगर में फड़ हमेशा ही विवाद में रहते हैं। अब एक स्थानीय लाइसेंस धारी फड़ व्यवासी लोकेश बिष्ट ने आरोप लगाया है कि लाइसेंस होने के बावजूद वह फड़ नहीं लगाकर अपने परिवार का भरण-पोषण नहीं कर पा रहा है। क्योंकि यहां बाहरी फड़ व्यवसायी हावी हैं। वे समूह में कार्य करते हैं और अपने लोगों के बिना लाइसेंस के भी कई-कई फड़ लगवाते हैं।

फड़वालों के द्वारा तय स्थान से बाहर अतिक्रमण कर फड़ लगाना भी आम है। जबकि स्थानीय लाइसेंसधारी अपने चिन्हित स्थान पर भी फड़ नहीं लगा पाते हैं। इसके अलावा फड़ व्यवसायियों के द्वारा नगर के नये बने वाल्मीकि पार्क व चिल्ड्रन पार्क तथा डीएसए मैदान की रेलिंग पर अपनी दुकानें सजाना भी आम है, जबकि इन पार्कों का लाभ सैलानियों व स्थानीय लोगों को लाभ नहीं मिल पा रहा है।

इस पर नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी अशोक कुमार वर्मा ने कहा कि फड़ों के लिए पूर्व में किया गया चिन्हीकरण मिट गया है। इसे फिर से लगाया जा रहा है। अब फड़ केवल गुरुद्वारे से कैपिटॉल सिनेमा के पास ही लगवाए जाएंगे। वहीं फड़ों के मामले में उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर चुके अधिवक्ता नितिन कार्की ने उम्मीद जताई कि उच्च न्यायालय के कड़े रुख के बाद अब वह फड़ लगा सकेंगे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : आपस में भिड़ने पर तीन लघु व्यवसायी गिरफ्तार

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 30 अक्टूबर 2021। नगर के पंत पार्क से गुरुद्वारे तक फड़ लगाने को लेकर कभी फड़वालों का प्रशासन के साथ चूहे-बिल्ली का खेल और कभी प्रशासन द्वारा फड़ वालों को चिन्हित कर लेने व उनके लिए स्थान भी नियत कर लेने के बावजूद आपस में झगड़े आम हैं।

फाइल फोटो

शनिवार को फड़ वालों के दो पक्ष आपस में एक बार फिर भिड़ गए। इस पर पुलिस ने न्यू चार्टन लॉज पॉपुलर कंपाउंड निवासी एक पक्ष में मो. सईब पुत्र शमशाद हुसैन तथा दूसरे पक्ष के मो. इमरान पुत्र मो. हनीफ तथा ताहिर पुत्र मो. हनीफ के खिलाफ भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 151, 107 व 116 के तहत कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर लिया।

मल्लीताल कोतवाली प्रभारी प्रीतम सिंह ने बताया कि यह दोनों पक्ष लगातार आपस में लड़ाई-झगड़ा करते रहते हैं। आज भी दोनों पक्षों में लड़ाई-झगड़ा हो गया था। दोनों पक्षों के द्वारा पूर्व में भी एक-दूसरे के विरुद्ध मुकदमे दर्ज किये गये थे। यह मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं। दोनों पक्ष आपस में लड़ाई-झगड़ा करने के आदी हैं। इसलिए शांति व्यवस्था के भंग होने की पूर्ण संभावना को देखते हुए दोनों पक्षों के तीन लोगों को उप निरीक्षक हरीश सिंह तथा चीता मोबाइल तारा कंबोज के द्वारा गिरफ्तार किया गया। इसके बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया जा रहा है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : नैनीताल में लग रहे फड़ों पर उच्च न्यायालय में दायर हुई अवमानना याचिका, डीएम से जवाब तलब

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 29 अक्टूबर 2021। पर्यटन नगरी नैनीताल में उत्तराखंड उच्च न्यायालय के आदेश के विरुद्ध बाहरी लोगों द्वारा लगाई जा रही दुकानों पर अवमानना याचिका दायर कर दी गई है। अधिवक्ता नितिन कार्की द्वारा दायर इस याचिका पर उच्च न्यायालय ने नैनीताल के जिलाधिकारी से इस संबंध में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट तलब कर ली है। पूछा है कि अवमानना याचिका में जो आरोप लगाये गए हैं उनमें क्या सत्यता है।

याचिका में याचिकाकर्ता कार्की ने कहा है कि 2018 के बाद उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने 121 चिन्हित लोगों को फड़ लगाने की अनुमति दी थी और फड़ लगाने का समय भी नियत किया था। इसके विपरीत कहीं अधिक संख्या में और नियत समय से कहीं अधिक समय तक फड़ लग रहे हैं। यह उच्च न्यायालय के आदेश की अवहेलना है। आदेश का पालन नहीं होने पर उन्होंने अवमानना याचिका दाखिल की है। याचिका पर सुनवाई अब दीपावली के बाद होगी। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : अधिवक्ता ने लगाया फड़ लगाने में हाईकोर्ट के आदेशों के उल्लंघन का आरोप

डॉ. नवीन जोशी, नवीन समाचार, नैनीताल, 22 सितंबर 2021। नगर के अधिवक्ता, पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष व भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष रहे नितिन कार्की ने नगर पालिका नैनीताल के अधिशासी अधिकारी को पत्र भेजकर नगर में लगने वाले फड़ों में उत्तराखंड उच्च न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। पत्र की प्रति जिलाधिकारी नैनीताल को भी भेजी गई है।

अधिवक्ता कार्की ने पत्र में कहा है कि उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने अपने 4 सितंबर 2018 के आदेश के पैरा 8 व 9 में निर्देश दिए थे कि गर्मियों में 15 मार्च से 15 सितंबर के बीच शाम 5 से 8 व सर्दियों में 16 सितंबर से 14 मार्च तक शाम 4 से 6 बजे तक फुटपाथ के केवल एक ओर वीआईपी कार पार्किंग से गुरुद्वारे के बीच केवल चार गुणा 6 फिट आकार के फड़ लगाए जा सकेंगे। फड़ लगाने की अनुमति केवल पहले से पंजीकृत फड़ वालों को होगी। उन्हें साफ-सफाई का ध्यान रखना होगा। अधिशासी अधिकारी को नियमों का पालन कराना होगा।

परंतु फड़ अनियंत्रित तरीके से व तय लाइसेंसों से कहीं अधिक संख्या में लगाए जा रहे हैं। आवंटित फड़ों के क्रमांक का कोई उल्लेख फड़वालों द्वारा नहीं किया जा रहा है। एक लाइसेंस पर कई लोग फड़ लगा रहे हैं। लिहाजा उन्होंने बिना लाइसेंस के लग रहे फड़ों की छंटनी करने और एक से अधिक फड़ लगा रहे फड़ वालों के लाइसेंस निरस्त करने की मांग की है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : एसडीएम ने अवैध तरीके से लगे फड़ हटवाए

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 4 अगस्त 2021। सरोवरनगरी में फड़-खोखों की समस्या ‘सुरसा के मुंह’ की तरह है। यहां जितना फड़-खोखे वालों को स्थान देकर समायोजित किया जाता है, उतनी ही अधिक संख्या में नए फड़-खोखे वाले आ जाते हैं, और स्थान भर देते हैं। इस पर प्रशासनिक कार्रवाई जितनी देर की जाती है, उतनी देर ही हो-हल्ला रहता है, और किसी तरह फड़-खोखे वाले हट जाते हैं, और कार्रवाई के निपटते ही वापस लौट आते हैं। इस तरह प्रशासन व फड़ वालों के बीच ‘चूहे-बिल्ली’ का सा खेल चलता रहता है।

बुधवार को पंत पार्क क्षेत्र से अवैध तरीके से लगे फड़ हटवाते नगर पालिका कर्मी।(गुड्डू ठठोला)

बुधवार को एसडीएम प्रतीक जैन ने पंत पार्क क्षेत्र मंे नियम विरुद्ध लगे फडों को हटाने के लिए अभियान चलाया और नगर पालिका कर्मियों की मदद से नियमविरुद्ध लगे कई फड़ों को हटवा दिया। बताया गया कि कई लोगों ने बिना टोकन के और कई एक परिवार के लोगों ने चार-चार दुकानें लगा रखी थीं। इससे रिक्शा स्टेंड के पास पुलिस चौकी तक फड़ लग गए थे।

उन्होंने कहा कि फड़ वालों को उच्च न्यायालय ने शाम 4 बजे से 7 बजे तक दुकानें लगाने की इजाजत दी है, फिर भी फड़ वाले सुबह से ही दुकानें लगा रहे हैं। इस कार्रवाई में नगर कोतवाल अशोक कुमार व नगर पालिका के अधिकारी, कर्मचारी भी शामिल रहे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : फड़वालों का माल रोड पर खुलेआम शराब-सिगरेट पीने व मारपीट का वीडियो वायरल

नवीन समाचार, नैनीताल, 30 मार्च 2021। नगर में फड़वालों के द्वारा अक्सर अतिक्रमण कर समस्याएं खड़ी किया जाना आम है। पिछले दिनों फड़वालों ने नगर की माल रोड स्थित एक प्रतिष्ठान के सामने अनाधिकृत तरीके से फड़ लगाते हुए प्रतिष्ठान के स्वामी भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष व बुजुर्ग व्यवसायी भुवन हरबोला के साथ मारपीट कर दी थी। अब माल रोड पर ही फड़वालों के द्वारा खुलेआम शराब पीने का खुलासा हुआ है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में माल रोड पर फड़ पर 100 रुपए में जैकेट बेच रहा फड़ वाला और उसके साथी पीछे की ओर मुंहकर खुलेआम सार्वजनिक तौर पर शराब पी रहे हैं, और धूम्रपान कर रहे हैं। वहीं वीडियो के आखिर में आपस में हाथापाई भी कर रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि सार्वजनिक तौर पर इस तरह शराब पीना व धूम्रपान करना कानूनी रूप से अपराध है, लेकिन इस पर अब तक किसी तरह की कार्रवाई की सूचना नहीं है। इससे नगर में फड़वालों के द्वारा सैलानियों से अभद्रता की आशंका भी साफ नजर आ रही है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : तस्वीर गवाह है : सीजन में लग्जरी कार से आ रहे और माल रोड पर लगा रहे हैं फड़

लग्जरी कार से सामान उतारकर माल रोड पर फढ़ लगाते युवक

नवीन समाचार, नैनीताल, 22 मई 2019। जहां नगर के गरीब फड़ वाले हाड़ कंपाने वाली बर्फीली सर्दियों में भी अपने परिवार का पालन करने के लिए फड़ लगाते हुए प्रशासन के कोप का शिकार बनते हैं, वहीं ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन में सैलानियों के साथ ही बाहरी फड़ लगाने वालों, फेरी लगाकर सामान बेचने वालों की भी बाढ़ आ जाती है, और प्रशासन का रवैया उनके प्रति कमोबेश मेहमानों की तरह दरियादिली वाला दिखाई देता है।

यह अलग बात है कि नगर में आने वाले सैलानियों व खासकर वाहन चालकों को नगर में तैनात पुलिस कर्मियों को गालियों से कम, कम ही सुनाई देता है। सड़क जाम करने के नाम पर माल रोड क्या गलियों में भी चालान के कागज बिना कारण पकड़ा दिये जाते हैं।

लेकिन इधर तस्वीर गवाह है कि कैसे एक लग्जरी कार से सामान उतारकर नगर की शान माल रोड पर बाहरी युवक फड़ लगा रहे हैं, और उन पर प्रशासन में से किसी की नजर नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि एक ओर माल रोड पर साइकिलें खड़ी तक नहीं करने दी जा रही हैं, वहीं दूसरी ओर प्रशासन ऐसे बाहरी लोगों के प्रति आंखें मूंदे बैठा है। यहां तक कि बाहरी लोगों का सत्यापन भी महज अखबारों में शोर मचाने व अपने फोटो खिंचवाने और कागजी खानापूर्ति के लिए होताा है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : पंत पार्क के पास नहीं, चार बाहरी स्थानों पर ही लग पाएंगे फड़

-नैनीताल में 121 फड़ निर्धारित समय व स्थान पर ही लगेंगे
नवीन समाचार, नैनीताल, 11 जनवरी 2021। नैनीताल नगरपालिका उत्तराखंड उच्च न्यायालय के निर्देशों पर चिन्हित 121 फड़ व्यवसायियों को पूर्व में निर्धारित चार वेंडिंग जोन में ही फड़ लगाने देगी। इस बारे में सोमवार को 2017 में वेंडिंग जोन कमेटी की नगर पालिका के सभागार में अधिशासी अधिकारी अशोक कुमार वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित हुई बैठक में नगर पालिका की ओर यह सुनिश्चित करने का संकल्प जताया गया। पालिका के निर्णय के तहत अब तक चिन्हित 121 फड़ व्यवसायी निर्धारित समय, सर्दियों शाम 4 बजे से 6 बजे व गर्मियों में शाम पांच से आठ बजे तक निर्धारित 4 वेडिंग जोन में ही दुकानें लगाएंगे। बारापत्थर में सार्वजनिक शौचालय के समीप 26, बारापत्थर में ही पुलिस चेकपोस्ट के समीप 33, तल्लीताल में 19 तथा किलबरी मार्ग चौराहे पर 43 पात्रों को स्थान आवंटित किए गए हैं।

अलबत्ता पालिका कुछ और लोगों को चिन्हित कर सकती है। यदि क्षमता से अधिक लोग चिन्हित होते हैं तो एक स्थान आधे-आधे दिन के लिए दो लोगों को आवंटित किया जा सकता है। पालिका को इस हेतु 186 नए आवेदन भी प्राप्त हुए हैं। वेंडर जोन कमेटी की ओर से लिए गए निर्णय के उल्लंघन पर संबंधित पात्र के अनुमति पत्र को निरस्त किया जाएगा। वहीं एवं फड़ व्यवसायियों ने कमेटी के निर्णय पर असंतोष जताया। उन्होंने कहा कि चिह्नित किए गए स्थल वेंडर जोन निर्धारण के मानकों पर खरे नहीं हैं। उन्होंने पालिका पर निर्णय थोपने का आरोप लगाया। इस बीच कारोबारियों और ईओ के बीच काफी तनातनी भी हुई।

बैठक में नगर पालिका के नगर स्वास्थ्य अधिकारी जीएस धर्मसत्तू, कर अधीक्षक लता आर्य, जिला विकास प्राधिकरण के चंद्रमौलि साह, राजस्व निरीक्षक राजेश सनवाल, मल्लीताल व्यापार मंडल के अध्यक्ष किशन नेगी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेश वर्मा, कनिष्ठ उपाध्यक्ष रईस अहमद, सचिव त्रिभुवन फर्त्याल, उप सचिव परीक्षित साह, कोषाध्यक्ष सिद्धार्थ क्षेत्री, मल्लीताल कोतवाली के एसआई हरीश सिंह, रेहड़ी पटरी हॉकर्स यूनियन के अध्यक्ष जमीर अहमद, खोखा फड़ एशोसिएशन के अध्यक्ष दीवान सिंह, स्थानीय शिक्षित बेरोजगार फड़ व्यवसायी समिति के संजय कुमार, फड़ पटरी एकता व्यवसायी समिति के वीएस रावत व शिवराज नेगी आदि मौजूद रहे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

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-समय बढ़ाने को उच्च न्यायालय की शरण में जाने का किया ऐलान
नवीन समाचार, नैनीताल, 11 दिसंबर 2020। नगर के फड़ वाले अब तक फड़ लगाने के लिए नगर पालिका-प्रशासन से भिड़े रहते थे। अब नगर पालिका ने पिछले सप्ताह ही 121 फड़ वालों को फड़ लगाने का लाइसेंस देकर मल्लीताल पंत पार्क से गुरुद्वारे तक सर्दियों में शाम 4 बजे से 6 बजे तक यानी दो घंटे एवं गमिमें में शाम पांच से आठ यानी तीन घंटे फड़ लगाने की इजाजत दे दी है। लेकिन फड़ वाले इससे संतुष्ठ नहीं हैं। अब उन्होंने अधिक समय तक फड़ लगने देने के लिए कवायद शुरू कर दी है।

शुक्रवार को फड़ कारोबारियों ने जूम लैंड के पास के पार्क में फड़ व्यवसायियों ने एक बैठक का आयोजन कर निर्णय लिया कि उच्च न्यायालय में समय सीमा बढ़ाने की गुहार लगाएंगे। रेहड़ी फड़ एसोसिएशन के अध्यक्ष जमीर अहमद ने कहा कि कोरोना की वजह से फड़ व्यवसाई बीते 6 माह से कोई आमदनी नही होने सेे आर्थिक संकट से जूझ रहे है। उन्हें दो घंटे फड़ लगाने की अनुमति की समय सीमा काफी कम है। क्योंकि उन्हें काफी समय दुकान लगाने में ही लग जाता है। इसलिए समय सीमा बढ़नी चाहिए।

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नैनीताल के पंत पार्क में फड़ कारोबारियों की झड़प में पुलिस फड़कारोबारियों से जानकारी लेती हुई।नवीन समाचार, नैनीताल, 15 मार्च 2020। फड़ व्यवसायियों में तनातनी नई बात नहीं है। नगर पालिका से आवंटित जगह को भी वे अपनी समझकर अक्सर लड़ते रहते हैं। इससे नगर का माहौल खराब होता है। ऐसी ही किसी बात पर शनिवार को मल्लीताल पंत पार्क के पास दो फड़ व्यवसायियों के बीच तनातनी हो गई। इस दौरान एक एक फड़ व्यवसायी दानिश खान ने दूसरे फड़ व्यवसायी से अभद्र गाली-गलौज कर दी। इस पर लोगों की भीड़ जुट गई। पुलिस भी सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची और मामला शांत कराने के साथ गाली गलौच करने के आरोप में एक फड़ व्यवसायी दानिश खान का पुलिस एक्ट के तहत चालान कर दिया।

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नैनीताल। नगर पालिका के ईओ रोहिताश शर्मा की अगुवाई में नगर पालिका ने मंगलवार को चाट पार्क क्षेत्र में दुकानदारों द्वारा दुकानों के बाहर बनाये गये हल्की ऊंचाई के चबूतरों के निर्माण को ध्वस्त कर दिया। प्राधिकरण की टीम में कर अधीक्षक लता आर्या, निरीक्षक अनुपमा भट्ट, ईश्वरी दत्त बहुगुणा सहित अन्य कर्मचारी शामिल रहे।

ध्वस्तीकरण के बाद मलबे के ढेर में तब्दील हुआ चाट पार्क

-सुबह 9 बजे से गरजी जेसीबी-मजदूरों ने 2 बजे तक ध्वस्त किये दोमंजिले अवैध निर्माण व झांपें
नैनीताल, 21 अगस्त 2018। नगर पालिका तथा जिला विकास प्राधिकरण ने सोमवार के बाद मंगलवार सुबह तड़के नौ बजे से गरजी जेसीबी मशीन और निजी मजदूरों के जरिये किये गये ध्वस्तीकरण के बाद अपराह्न 2 बजे की तय समय सीमा में ही नगर का चार्ट पार्क क्षेत्र मलबे के ढेर में तब्दील हो गया है।

उल्लेखनीय है कि रात्रि में भी दुकानदारों ने दोमंजिलों का कुछ हिस्सा ध्वस्त किया था, अलबत्ता सुबह तक कुछ खास काम नहीं हो पाया था। खासकर एडीएम हरबीर सिंह के सुबह 9 बजे मौके पर पहुंचने पर ध्वस्तीकरण की कुछ खास प्रगति न दिखने पर उन्होंने तत्काल ही जेसीबी की मदद से अभियान शुरू कर दिया। बाद में व्यापारियों के स्वयं तेजी से अवैध निर्माण ध्वस्त करने की गुजारिश पर उन्हें समय दिया गया। आगे करीब साढ़े 10 बजे डीएम विनोद कुमार सुमन मौके पर पहुंचे, और उन्होंने भी मौके को देखते हुए दुबारा जेसीबी से ध्वस्तीकरण में मदद करने और एक बजे तक दुकानदारों को समय देकर दो बजे तक पूरा अवैध निर्माण ध्वस्त करने के आदेश दिये।

इसके बाद अभियान में तेजी आयी और सभी 36 दुकानों की झांपें व चाट पार्क की 18 दुकानों में किया गया दोमंजिला अवैध निर्माण ध्वस्त कर दिया। बताया गया कि ध्वस्तीकरण के बाद दो बजे डीएम सुमन को हाईकोर्ट में ध्वस्तीकरण पूरा होने की रिपोर्ट देनी है। बताया गया कि नगर पालिका की नियमावली के अनुरूप संबंधित आवंटित दुकानों की ऊंचाई पूर्व में स्वीकृत 9 तथा लंबाई व चौड़ाई 7 से 10 फीट के अतिरिक्त निर्माण को हटाने की कार्रवाई की गयी। जबकि व्यापारियों ने दुकानों की ऊंचाई 14 से 15 फीट तक तथा चौड़ाई 8 से 10 फीट तक कर दी है। अभियान में एडीएम हरबीर सिंह, संयुक्त मजिस्ट्रेट अभिषेक रुहेला, एएसपी हरिश्चंद्र सती, सीओ विजय थापा, नगर पालिका के ईओ रोहिताश शर्मा, कर अधीक्षक लता आर्या, कर निरीक्षक अनुपमा भट्ट, शिवराज नेगी, धर्मेश प्रसाद, दीपराज, जफर व विकास आदि कर्मी शामिल रहे।

तिब्बती मार्केट में केवल 1 फिट बॉक्स की ही अनुमति
नैनीताल। डीएम विनोद कुमार सुमन ने तिब्बती मार्केट में निरीक्षण करते हुए केवल 1 फिट के बॉक्सों को अनुमन्य मानते हुए इससे आगे लगायी गयी करीब 2 फिट की टिन की झांपों को भी हटाने के आदेश दिये हैं। उन्होंने इस मार्केट में बाहर लगने वाली मोमो की दुकान का सामान जब्त करने व दुकानस्वामी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश भी मौके पर दिये, अलबत्ता व्यापारी नेताओं द्वारा माफी मांगने व पुनरावृत्ति न होने के आश्वासन पर बख्श दिया।

व्यापारियों ने कहा नहीं की हाईकोर्ट के खिलाफ कोई टिप्पणी, फिर भी माफी मांगी
नैनीताल। बीती 18 अगस्त को मल्लीताल व्यापार मण्डल एवं नगर के कुछ संगठनों के द्वारा चाट मार्केट, तिब्बती मार्केट मे नगर पालिका परिषद द्वारा अतिक्रमण हटाये जान के विरोध मे उच्च न्यायालय एवं प्रशासन विरोधी नारेबाजी किये जाने की घटना पर मंगलवार को डीएम विनोद कुुमार सुमन ने व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों के साथ कलक्ट्रेट मे वार्ता की। इस दौरान व्यापार मंडल अध्यक्ष किशन सिह नेगी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष कमलेश ढौडियाल व उपसचिव विवेक वर्मा के कहा कि उनके द्वारा रैली में उच्च न्यायालय के विरूद्व किसी भी प्रकार की विरोधात्मक टिप्पणी या नारेबाजी नहीं की गयी। बावजूद यदि किसी कारण से अज्ञानता में ऐसे किसी शब्द का प्रयोग हो गया हो तो उसके लिए वे क्षमा चाहते हैं। वार्ता में त्रिभुवन फर्त्याल, आनंद सिह खम्पा, सरन दास, लोतरन, समतुला कुंता, निर्मला, पाशंग डोमा, लेनजीन, श्याम सिंह, पान सिंह, प्रताप सिंह, जितेंद्र सिंह, सोमेश किशोर, प्रशांत, गुल्लू रमन, विक्रम सहित अन्य स्थानीय व्यापारी मौजूद रहे।

इससे पूर्व रात्रि में भी दुकानदारों ने दोमंजिलों का कुछ हिस्सा ध्वस्त किया था, अलबत्ता सुबह तक कुछ खास काम नहीं हुआ था। खासकर एडीएम हरबीर सिंह के सुबह 9 बजे मौके पर पहुंचने पर ध्वस्तीकरण की कुछ खास प्रगति न दिखने पर उन्होंने तत्काल ही जेसीबी की मदद से अभियान शुरू कर दिया। बाद में व्यापारियों के स्वयं तेजी से अवैध निर्माण ध्वस्त करने की गुजारिश पर उन्हें समय दिया गया। आगे करीब साढ़े 10 बजे डीएम मौके पर पहुंचे, और उन्होंने भी मौके को देखते हुए दुबारा जेसीबी से ध्वस्तीकरण में मदद करने और एक बजे तक दुकानदारों को समय देकर दो बजे तक पूरा अवैध निर्माण ध्वस्त करने के आदेश दिये।

यह भी पढ़ें: हाईकोर्ट के खिलाफ प्रदर्शनों पर डीएम को अवमानना की चेतावनी, व्यापारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश

-हाईकोर्ट की अधिवक्ता के खिलाफ नैनीताल में प्रदर्शन करने वाले व्यापारियों के खिलाफ मुकदमे दर्ज करने के आदेश
-हाई कोर्ट के ज्युडिशल रजिस्ट्रार को भी नोटिस जारी
नैनीताल, 20 अगस्त 2018। उत्तराखंड हाई कोर्ट ने न्यायालयों के आदेशों के खिलाफ किये जा रहे धरना-प्रदर्शन व नारेबाजी पर कडा रुख अपनाते हुए जिलाधिकारियों से पूछा है कि क्यों न उनके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही की जाये। साथ ही नैनीताल में हाईकोर्ट की एक अधिवक्ता अंजली भार्गव के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे व्यापारियो के ऊपर मुकदमा दर्ज करने के आदेश नैनीताल के जिलाधिकारी को दिये हैं, साथ में जिलाधिकारी से प्रदर्शनकारियों के नाम कोर्ट में देने को कहा है। इसके अलावा नैनीताल के एसएसपी को अधिवक्ता अंजली भार्गव को 24 घंटे सुरक्षा देने के आदेश भी दिए हैं। साथ ही हाई कोर्ट के ज्युडिशल रजिस्ट्रार को नोटिस जारी किया है।

यह है मामला
नैनीताल। मामले के अनुसार जून 2018 में हाईकोर्ट की खंडपीठ ने भोटिया मार्केट, न्यू पालिका मार्केट व चाट मार्केट में हुए अतिक्रमण को हटाने के आदेश दिए थे। इधर इसी मामले में 16 अगस्त 2018 को खंडपीठ ने पूर्व में जारी आदेश का पूर्णतया पालन नहीं करने पर जिला विकास प्राधिकरण के सचिव व ईओ नगर पालिका के खिलाफ अवमानना नोटिस जारी किये थे। इसके बाद नगर पालिका ने भोटिया माला मार्केट व चाट मार्केट के 18-18 यानी कुल 36 व्यापारियों को नोटिस जारी कर उनके द्वारा अपनी दूकान के ऊपर लगाई गई झांप को हटाने के लिए 48 घंटे का समय दिया था।

गौरतलब है कि खासकर चाट पार्क के व्यापारियों ने इन झांपों पर अपनी नगर पालिका से आवंटित दुकानों में आगे से दुकानों के नाम के बड़े होर्डिंग लगाकर उनकी आढ़ में छत पर गुपचुप दोमंजिलों का निर्माण कर लिया था। इसका खुलासा अभी हाल ही में तब हुआ, जब व्यापारियों ने दबाव बनाकर नगर के पंत पार्क से गुरुद्वारे तक लगने वाले फड़ वालों को हटवा दिया था। तब फड़ वालों के पलटवार पर नगर पालिका की कर अधीक्षक लता आर्या इस क्षेत्र की दुकानों की जांच करते हुए अचानक सीढ़ियां चढ़कर दोमंजिलों में पहुंच गयीं। इधर मल्लीताल व्यापार मंडल अध्यक्ष किसन नेगी की अगुवाई में व्यापारियों के एक वर्ग ने इस मामले में जिला प्रशासन के साथ ही अधिवक्ता अंजली भार्गव के खिलाफ नारेबाजी की थी।

दिन पर उच्च न्यायालय में रही गहमागहमी, अधिवक्ताओं ने खंडपीठ को कर डाला गुमराह
नैनीताल। नगर पालिका द्वारा 36 दुकानदारों को 48 घंटे के भीतर झांप हटाने के नोटिस को दीवान सिंह व 7 अन्य दुकानदारों ने सोमवार को अपने अधिवक्ता के माध्यम से न्यायमूर्ति शुधांशु धूलिया की एकलपीठ में चुनौती दे दी। जबकि मामला खंडपीठ में सुना जाना था। एकलपीठ ने इस याचिका पर सुनवाई कर 25 अगस्त तक यथास्थिति बनाये रखने का आदेश भी दे दिये। वहीं धन सिंह व 22 अन्य दुकानदारों ने कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजीव शर्मा की कोर्ट में इस आदेश को मेन्शन कराया। कार्यवाहक मुख्य न्यायधीश ने इस मामले को सुनने के लिए न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह की कोर्ट को भेज दिया।

न्यायमूर्ति सिंह की एकलपीठ ने मामले को सुनने के बाद आदेश में कहा है कि यह जनहित याचिका से जुड़ा हुआ मामला है, इसलिए यह खंडपीठ में ही सुना जायेगा। इसके बाद देर शाम को कार्यवाहक मुख्य न्यायधीश राजीव शर्मा व न्यायधीश लोकपाल सिंह की खंडपीठ में दोनों याचिकाओं की सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने पाया कि कुछ अधिवक्ताओं ने एकलपीठ के समक्ष खंडपीठ द्वारा पारित आदेशों का जिक्र नही किया और इस तरह कोर्ट को गुमराह किया। खंडपीठ ने इस हरकत को अधिवक्ता के पेशे के खिलाफ माना, और इस मामले में सुनवाई 21 अगस्त मंगलवार को नियत की है। इसके अतिरिक्त खंडपीठ ने हाईकोर्ट के ज्युडिशल रजिस्ट्रार को नोटिस जारी किया है कि उन्होंने खंडपीठ के आदेश को एकलपीठ में सुनवाई के लिए क्यों पंजीकृत किया ? जबकि खंडपीठ ने पूर्व में ही देहरादून में अतिक्रमण सम्बन्धी जनहित याचिका में सुनवाई के दौरान आदेश दिए थे कि जनहित याचिकाओं से सम्बंधित मामलों की सुनवाई एकलपीठ में न हो।

चाट पार्क के अवैध दोमंजिलों पर चले प्रशासन के हथौड़े

-उच्च न्यायालय में मामला जाने से बाधित भी हुई कार्रवाई
नैनीताल। नगर पालिका तथा जिला विकास प्राधिकरण ने सोमवार को पूर्व में दिये गये 24 घंटें में अतिक्रमण हटाने के अपने नोटिस की समयावधि बीतने के बाद चार्ट पार्क में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया है। यहां नगर पालिका द्वारा आवंटित दुकानों पर दुकानदारों के द्वारा गुपचुप तरीके से आगे पालिका से मिली झांप बनाने की अनुमति की आढ़ में झांपों पर दुकानों के नामों के होर्डिंगों से छुपाकर दोमंजिलों का निर्माण कर दिया गया था, जिन्हें हटाया जा रहा है।

बीते गुरुवार 16 अगस्त को डीएम विनोद कुमार सुमन के आदेशों पर नगर पालिका ने शनिवार 18 अगस्त को भोटिया माला बाजार व चाट पार्क की 18-18 यानी कुल 36 दुकानों को पूर्व में झांप बनाने के लिए दी गयी अनुमति को खारिज करने के बाद 48 घंटे के भीतर अतिक्रमण हटाने के नोटिस दिये थे। इस पर कई दुकानदार आज हाईकोर्ट की शरण में भी चले गये थे। इस कारण प्रशासनिक कार्रवाई में कुछ व्यवधान भी आया। प्रशासन को सुबह अपनी कार्रवाई रोकनी पड़ी, अलबत्ता एक बजे प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की। इस दौरान प्रशासन झांपों पर कार्रवाई करने से बचता रहा, अलबत्ता गुरुद्वारे की ओर से अवैध दोमंजिले हटाने की कार्रवाई प्रारंभ कर दी। वहीं शाम को हाईकोर्ट से स्थिति साफ होने के बाद प्रशासन के साथ ही व्यापारियों ने भी खुद ही अपने अवैध निर्माण तेजी से तोड़ने शुरू कर दिये। रात्रि में भी दुकानों में घन-हथौड़े चलते रहे।

इससे पूर्व सुबह पालिका प्रशासन की ओर से अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू करने पर व्यापारियों की ओर से कुछ अधिवक्ताओं ने हाईकोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल करने की बात बताते हुए समय दिए जाने की मांग की। इस पर प्रशासन ने कुछ देर के लिए अभियान बंद कर दिया, लेकिन दोपहर एक बजे के बाद एक बार फिर प्रशासन ने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया। इस दौरान नगर पालिका की नियमावली के अनुरूप संबंधित आवंटित दुकानों की ऊंचाई 9 तथा चौड़ाई 6 फीट के अतिरिक्त निर्माण को हटाने की कार्रवाई की गयी। बताया गया कि व्यापारियों ने दुकानों की ऊंचाई 14 से 15 फीट तक तथा चौड़ाई 8 से 10 फीट तक कर दी है। अभियान में एडीएम हरबीर सिंह, संयुक्त मजिस्ट्रेट अभिषेक रुहेला, एएसपी हरिश्चंद्र सती, सीओ विजय थापा, नगर पालिका के ईओ रोहिताश शर्मा, कर अधीक्षक लता आर्या, कर निरीक्षक अनुपमा भट्ट, शिवराज नेगी, धर्मेश प्रसाद, दीपराज, जफर व विकास आदि कर्मी शामिल रहे। समाचार लिखे जाने तक प्रशासन की कार्रवाई जारी है।

पूर्व समाचार : नैनीताल में फिर अतिक्रमण पर रार, चलने लगे हथौड़े, अधिवक्ता के खिलाफ लगे नारे..

चाट पार्क-भोटिया माला बाजार की 36 दुकानों की झांपें हटाने को 48 घंटे का नोटिस
नैनीताल, 18 अगस्त 2018। नैनीताल नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी के द्वारा नगर की चाट पार्क-भोटिया माला बाजार की 18-18 यानी कुल 36 दुकानों को झांपें (बारिश से बचाने के लिए दुकानों की छत से बाहर की ओर निकला हिस्सा) हटाने के लिए शनिवार को 48 घंटे का नोटिस दिया गया। नोटिस के जरिये दुकानदारों से कहा गया है कि वह अपने अतिक्रमण इस अवधि में स्वयं हटा लें, अन्यथा अतिक्रमण हटाने का खर्च भी उन्हीं से लेकर अतिक्रमण हटा दिया जाएगा। इधर नोटिस के बाद चाट पार्क की दुकानों में दुकानदारों ने खुद ही अपने अतिक्रमण पर हथौड़े चलाने शुरू भी कर दिए हैं।

उल्लेखनीय है कि गत दिवस उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने जिले के एडीएम व नगर पालिका के ईओ को चाट पार्क व भोटिया माला बाजार में पक्षपातपूर्ण तरीके से झांपों की आड़ में चाट पार्क के कई दुकानदारों द्वारा किये गये दोमंजिले निर्माणों को न तोड़ने का आरोप लगाते हुए उनके विरुद्ध न्यायालय की अवमानना करने का नोटिस दिया था। इसके बाद गुरुवार 16 अगस्त को डीएम विनोद कुमार सुमन ने नगर पालिका द्वारा 36 दुकानों को पूर्व में झांप बनाने के लिए दी गयी अनुमति को खारिज कर दिया और 48 घंटे के भीतर अतिक्रमण हटाने के निर्देशित किया। इस पर नगर पालिका दो दिन के बाद नोटिस तैयार कर पाई, और आज इन बाजारों के कथित तौर पर किसी की मृत्यु के कारण बंद होने की स्थिति में बंद दुकानों के बाहर चस्पा किया, व कई दुकानदारों को नोटिस प्राप्त भी करवाया। पालिका की टीम में कर अधीक्षक लता आर्या, कर निरीक्षक अनुपमा भट्ट, शिवराज नेगी, धर्मेश प्रसाद, दीपराज, जफर व विकास आदि कर्मी शामिल रहे।

शनिवार को नोटिस देने पर दुकानदारों को आपत्ति
नैनीताल। डीएम की ओर से दो दिन पूर्व ही आदेश जारी होने के बावजूद नगर पालिका द्वारा दो बिन बाद शनिवार को सप्ताहांत पर नोटिस देने पर दुकानदारों ने नोटिस देने गये पालिका कर्मियों के समक्ष आपत्ति जताई। उनका कहना था कि पालिका ने ऐसे समय 48 घंटे के नोटिस दिये हैं, जबकि अगले दिन रविवार है, और उनके पास न्याय मांगने के प्राकृतिक अधिकार के तहत न्यायालय की शरण में जाने का भी समय नहीं है।

लगे अधिवक्ता के खिलाफ नारे
नैनीताल। शनिवार देर शाम मल्लीताल बाजार में व्यापार मंडल की अगुवाई में एक विरोध प्रदर्शन आयोजित हुआ। इस दौरान कथित तौर पर मूलतः नंदा देवी महोत्सव के मामले में इधर भोटिया, तिब्बती व पालिका मार्केट तथा चाट पार्क के अतिक्रण पर हो रही कार्रवाई को लेकर संबंधित अधिवक्ता के खिलाफ भी नारेबाजी की गयी। यह भी आरोप लगाये गये कि मामले में व्यक्तिगत खुन्नस के लिए अदालत का दुरुपयोग किया जा रहा है।

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-दी डीएम के खिलाफ धरने पर बैठने व एडीएम को ट्रांसफर कराने की धमकी

रविवार को दुकान के बाहर अतिक्रमण कर लटकाये गये कपड़े हटाने पर से भिड़ते तिब्बती शरणार्थी का नौकर व महिला।

-कई बार चेतावनी के बावजूद दुकानों से आगे सामान फैलाने पर बिफरे थे डीएम, खुद हटाया सामान, जब्त भी किया
नैनीताल। गत दिवस तक ‘भारत धन्यवाद वर्ष’ के तहत डीएम, एसएसपी आदि अधिकारियों का अभिनंदन कर रहे तिब्बती शरणार्थी रविवार को डीएम विनोद कुमार सुमन से भिड़ गये। उन्होंने डीएम द्वारा दुकानों से बाहर अतिक्रमण किये गये सामान को जब्त किये जाने का न केवल विरोध किया, वरन सामान छीनने और धक्का-मुक्की का भी प्रयास किया।

हुआ यह कि डीएम विनोद कुमार सुमन रविवार अपराह्न नगर के पंत पार्क के पास चल रहे सौंदर्यीकरण के कार्यों का अवलोकन करने आये हुए थे। इसके बाद वे चलते-चलते पहले गुरुद्वारा और आगे तिब्बती मार्केट तक पहुंच गये। उल्लेखनीय है कि यहां प्रशासन द्वारा अभी हाल में दुकानदारों द्वारा किये गये अतिक्रमण का चिन्हीकरण कर अतिक्रमण हटाने और यहां तक दुकान से आगे 1 फिट तक झांप लगाने की भी अनौपचारिक तौर पर इजाजत दे दी थी, लेकिन रविवार को तिब्बतियों के द्वारा दुकानें इस सीमा के बाद भी आगे बढ़ाई गयी थीं। इसे देखकर डीएम का पारा चढ़ा और वे अधिकारियों के साथ स्वयं भी दुकानों के बाहर लगा सामान हटाने व जब्त करने लगे।

इस पर तिब्बती दुकानदारों ने डीएम पद की गरिमा भी न रखते हुए अपने ‘बाल श्रमिकों’ और महिलाओं को आगे कर डीएम के साथ सामान को वापस खींचने और धक्का-मुक्की करने का जोरदार प्रयास और हंगामा किया। डीएम ने कहा कि एक मीटर की झांप दुकान के बाहर लोगों के खड़े होने के लिए है, न कि सामान रखने-लटकाने के लिए। इस दौरान महिला पुलिस उपलब्ध नहीं थी, इसलिए डीएम को मौके से बिना कार्रवाई पूरी किये लौटना पड़ा। इस दौरान एडीएम हरबीर सिंह व बीएल फिरमाल, एएसपी हरीश चंद्र सती व पालिका ईओ रोहिताश शर्मा आदि भी मौजूद रहे।

डीएम के खिलाफ धरने पर बैठने व एडीएम को ट्रांसफर कराने की धमकी

नैनीताल। डीएम के हंगामे के बाद राजनीति भी हावी होती नजर आई। पिछले दिनों अपने विरोध से नगर में लघु फड़ व्यवसायियों की दुकानों को अतिक्रमण बताकर दुकानें न लगाने के लिए प्रशासन पर दबाव बनाने वाले व्यापारी व व अन्य तिब्बती शरणार्थी दुकानदारों के अतिक्रमण के समर्थन में आ खड़े हुए, और एडीएम हरबीर सिंह की मौजूदगी में जमकर हंगामा किया। वे डीएम के बचाव में प्रमुख भूमिका निभाने वाले अग्निशमन अधिकारी के माफी मांगने की मांग भी करने लगे। एडीएम हरबीर सिंह ने बताया कि एक कांग्रेसी नेता ने डीएम के खिलाफ धरने पर बैठने व उनका (एडीएम का) ट्रांसफर कराने की भी धमकी दी। कहा कि हल्द्वानी जैसी कार्यशैली नहीं चलेगी। इस पर साफ तौर पर बता दिया गया कि व्यापारियों को पूर्व में ही दुकानों के बाहर के एंगल काटकर उनकी ‘हद’ बता दी गयी थी। देहरादून में भी यही कार्यशैली रही है। ट्रांसफर के लिए तैयार हैं। वहीं डीएम श्री सुमन ने कहा कि अतिक्रमण किसी कीमत पर बर्दास्त नहीं किया जाएगा। अतिक्रमण हटाने को कह दिया गया है। यदि इसके बावजूद भी अतिक्रमण नहीं हटाया जाता है तो नियमानुसार हर कार्रवाई की जाएगी।

पूर्व आलेख : नैनीताल के व्यापारियों का हाईकोर्ट के कूच का ऐलान, अपनी तरह की दूसरी घटना

  • अपराह्न तीन बजे से बाजार बंद किए, दूसरे दिन भी बाजार बंद रखकर सुबह 10 बजे मल्लीताल रामलीला मैदान में एकत्र होकर हाईकोर्ट कूच करने का किया ऐलान
  • हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद नगर के मल्लीताल गुरुद्वारे से पंत पार्क तक के प्रतिबंधित क्षेत्र में फड़ लगने को लेकर जताया गया विरोध
घेराव के दौरान पालिका ईओ रोहिताश शर्मा की ओर अंगुली उठाकर बात करता व्यापारी।

नैनीताल। गत दिनों से नगर के व्यवसायियों की प्रशासन के आदेशों के खिलाफ चल रही नाराजगी,  नए वर्ष की पूर्व संध्या (31 दिसंबर 2017) पर नैनीताल नागरिक मंच के बैनर तले जनाक्रोश रैली की कड़ी में बुधवार को व्यापार मंडल मल्लीताल व तल्लीताल की नाराजगी नगर पालिका के विरोध-प्रदर्शन के रूप में सामने आई। और आगे कमोबेश पूरे दिन नगर पालिका के सामने चले विरोध-प्रदर्शन के आखिर में मामला 3 जनवरी 2018 को अपराह्न तीन बजे से नगर की बाजारों को बंद करने और 4 जनवरी को सुबह 10 बजे मल्लीताल रामलीला मैदान में एकत्र होकर उच्च न्यायालय का कूच करने का ऐलान किया गया। आंदोलन की अगुवाई कर रहे मल्लीताल व्यापार मंडल अध्यक्ष किशन सिंह नेगी व तल्लीताल व्यापार मंडल अध्यक्ष भुवन लाल साह ने कहा कि प्रशासन उच्च न्यायालय के अतिक्रमण विरोधी अभियान के तहत केवल उन्हें निशाना बना रहा है, और उच्च न्यायालय के आदेशों के बावजूद फड़ वालों को नहीं हटा रहा है। इसलिए उच्च न्यायालय के कूच का निर्णय लिया गया है। उन्होंने पूछे जाने पर आज के आंदोलन का पूर्व के आंदोलनों से संबंध न होने का दावा भी किया।

इससे पूर्व बुधवार (3 जनवरी 2018) सुबह करीब 11 बजे ही नगर के व्यापारी नगर पालिका कार्यालय के सामने नारेबाजी करते हुए धमक आए। इस दौरान उन्होंने पालिका के अधिशासी अधिकारी रोहिताश शर्मा को ज्ञापन सोंपा, और पहले उनका करीब एक घंटे, और बाद में संयुक्त मजिस्ट्रेट अभिषेक रुहेला एएसपी हरीश चंद्र सती आदि का भी काफी देर घेराव किया। ज्ञापन में उनका कहना था कि वह कई वर्षों से और इधर नैनीताल क्लब में हुई बैठक में भी अवैध अतिक्रमणकारी फड़ वालों को हटाने की मांग प्रशासन के साथ कोर्ट कमिश्नर को भी कह चुके हैं। लेकिन इस पर कार्रवाई करने की जगह उल्टे प्रशासन द्वारा व्यवसायियों को रोड से सामान हटाने के लिए भारी जुर्माना लगाने की धमकी दी जा रही है।

इसके बाद ईओ ने पुलिस बल की मौजूदगी में फड़ हटाने निकले, जहां फड़ वालों ने उन पर व्यापारियों के दबाव में कार्य करने का आरोप लगाते हुए विरोध किया, और आगे स्वयं फड़ हटाने की बात कही। वहीं बाद में अपराह्न तीन बजे के बाद संयुक्त मजिस्ट्रेट अभिषेक रुहेला एएसपी हरीश चंद्र सती आदि के साथ व्यापारियों से वार्ता करने पहुंचे, लेकिन व्यापारियों ने प्रशासन पर दबाव में कार्य करने का आरोप लगाते हुए वार्ता नहीं की, और घेराव कर दिया। समाचार लिखे जाने तक व्यापारी कल बाजार बंद व हाई कोर्ट कूच करने के लिए बाजार में लाउड स्पीकर से घोषणा कर रहे हैं। प्रदर्शन करने वालों में व्यापारी नेता कमलेश ढोंडियाल, सोनू बिष्ट, विवेक साह, जीत सिंह आनंद, त्रिभुवन फर्त्याल, विक्की वर्मा, आनंद खम्पा, दिग्विजय बिष्ट, कुंदन बिष्ट सहित अनेक व्यापारी शामिल रहे।

नवीन समाचार
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