Khanan

अवैध खनन लाते पकड़े गए डंपरों को वन कर्मियों से धक्का-मुक्की कर छुड़ा ले गए खनन माफिया

नवीन समाचार, रामनगर, 5 नवंबर 2022। उत्तराखंड में खनन प्रत्यक्ष व परोक्ष अपराधों का सबसे बड़ा कारण बनता जा रहा है। बाहर की रॉयल्टी पर उपखनिज का अवैध परिवहन करने पर वन विभाग ने तीन डंपर पकड़ लिए थे। लेकिन खनन माफिया रात्रि में एसडीओ से धक्कामुक्की कर पकड़े गए तीन डंपरों को छुड़ा ले गए। इस घटना को लेकर वन विभाग की ओर से पुलिस में तहरीर दी गई है। यह भी पढ़ें : नैनीताल : नैनीताल: चेक बाउंस के मामले में एक वारंटी गिरफ्तार

बताया गया है कि बीते गुरुवार को तराई पश्चिमी वन प्रभाग के अंतर्गत डीएफओ कुंदन कुमार के निर्देशन में एसडीओ अनिल जोशी, रामनगर के रेंजर देवेंद्र रजवार व बन्नाखेड़ा रेंज की संयुक्त टीम ने गश्त के दौरान रात लगभग 11 बजे दस व 12 टायरा तीन वाहन उपखनिज लेकर आते हुए पकड़े। इन सभी वाहनों में रॉयल्टी टनकपुर से बाजपुर आने तक की थी। उस रायल्टी की आड़ में लोकल से ही उपखनिज लाया जा रहा था। यह भी पढ़ें : शादी में हुए विवाद के बाद रिश्ते के मामा ने किया 21 वर्षीय भांजे का कत्ल….

एसडीओ ने बताया कि यदि टनकपुर से उपखनिज लाया जा रहा था तो रास्ते में छह सात वन उपज निकासी बैरियर हैं। रायल्टी में किसी भी बैरियर की मुहर नहीं थी। इससे स्पष्ट था कि बाहर की रायल्टी की आड़ में स्थानीय स्तर पर उपखनिज का अवैध कारोबार कर सरकार को राजस्व को चूना लगाया जा रहा था। यह भी पढ़ें : जिला चिकित्सालय का एक गेट खुलवाने को लगानी पड़ी हाईकोर्ट में गुहार, फिर भी हीलाहवाली

वन विभाग के एसडीओ अनिल जोशी ने बताया कि रॉयल्टी के नाम पर उपखनिज परिवहन के फर्जीवाड़े का अंदेशा होने पर तीनों वाहनों को कब्जे में लेकर जांच के लिए बन्नाखेड़ा चौकी लाया जा रहा था। इसी बीच वाहन चालकों की सूचना पर वाहन मालिक व अन्य लोग मौके पर पहुंच गए और वन कर्मियों से धक्कामुक्की व अभद्रता करने लगे। संख्या बल में अधिक होने की वजह से वह तीनों वाहनों को जबरन छुड़ा ले गए। डीएफओ कुंदन कुमार ने बताया कि इस मामले में रामनगर प्रभाग के रेंजर देवेंद्र रजवार की ओर से बैलपड़ाव चौकी में तहरीर दी गई है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : महिला की मौत मामले में उत्तराखंड में जिस खनन माफिया जफर की तलाश में घुसी थी यूपी पुलिस, उसके साथ हुआ पुलिस का इन्काउंटर

-पैर में गोली लगने के बाद हुआ गिरफ्तार, एक पुलिस कर्मी भी हुआ घायल
criminal zafar mainनवीन समाचार, मुरादाबाद, 15 अक्तूबर 2022। यूपी की मुरादाबाद पुलिस ने उत्तराखंड के कुंडा थाना क्षेत्र के ग्राम भरतपुर में उप ज्येष्ठ ब्लॉक प्रमुख की पत्नी गुरजीत भुल्लर की मौत के मामले के मुख्य कारण खनन माफिया जफर को शनिवार सुबह एक मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। मुरादाबाद के पकवाड़ा इलाके में हुए एनकाउंटर में जफर के पैर में गोली लगी है, जिसके बाद वह पकड़ लिया गया है। इस मुठभेड़ में एक सिपाही भी घायल हुआ है। उल्लेखनीय है कि भगोड़े खनन माफिया जफर पर एक दिन पूर्व ही ईनाम की राशि 50 हजार से बढ़ाकर 1 लाख कर दी गई थी। इसलिए इस मुठभेड़ में शामिल होने वाले पुलिस कर्मियों को एक लाख रुपए का ईनाम मिलने की भी पूरी संभावना है। यह भी पढ़ें : केंद्रीय मंत्री के कार्यक्रम में एक साथ जुटे भाजपा-कांग्रेस के नेता…

उल्लेखनीय है कि जफर की ही तलाश में मुरादाबाद पुलिस की टीम पीछा करते हुए उत्तराखंड के काशीपुर में दाखिल हुई थी। जहां फायरिंग में एक महिला की मौत और 3 पुलिसकर्मियों के घायल होने की घटना के बाद यूपी और उत्तराखंड पुलिस के बीच तनातनी हो गई थी। जफर को गिरफ्तार करने के लिए कई टीमें लगाई गई थीं। बताया गया है कि कांकरखेड़ा का निवासी जफर पुत्र अख्तर ने दिल्ली की जामिया मिल्लिया यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। पुलिस के अनुसार वह कई साल पहले मुरादाबाद-ठाकुरद्वारा मार्ग पर अपने भाइयों के साथ सीमेंट और बजरी आदि की दुकान करता था। उसी दौरान वह खनन माफिया के कारोबार में आ गया। यह भी पढ़ें : हल्द्वानी में 15 स्पा सेंटरों में की गई छापेमारी, सभी में मिलीं अनियमितताएं, मात्र 70….

वर्तमान में उसके करीब डेढ़ दर्जन डंपर अवैध खनन के कारोबार में लगे हुए हैं। उस पर वर्ष 2005 में स्थानीय एसडीएम और खनन अफसर से मारपीट का भी आरोप लगा था। उसने एसडीएम को बंधक बनाकर खनन में पकड़ी गई गाड़ी छुड़ा ली थी। इसमें उसका भाई नबी मोहम्मद भी शामिल था। नबी पर भी 50 हजार का इनाम रखा गया था। उसे कुछ दिन पहले ही पुलिस ने गिरफ्तार किया है। ठाकुरद्वारा थाने में भी जफर पर 2 अभियोग दर्ज हैं। काफी समय से मुरादाबाद पुलिस को जफर की तलाश थी। अब वह पुलिस के हत्थे चढ़ा है। यह भी पढ़ें : आक्रोशित करने वाली वारदात: उत्तराखंड के युवक की हरियाणा में हैवानियत के बाद …

गौरतलब है कि जफर की तलाश में ही ठाकुरद्वारा पुलिस की टीम उत्तराखंड के थाना कुंडा क्षेत्र के ग्राम भरतपुर पहुँची थी, जहाँ जफर व उसके शरण दाताओं ने पुलिस को बंधक बनाते हुए पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमला किया था। इस दौरान चली गोलीबारी में एक महिला की मौत भी हुई थी। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण संदीप कुमार मीणा ने बताया है कि शरणदाताओं की क्राइम कुंडली खोली गयी है और इन पर हत्या, हत्या के प्रयास, धोखाधड़ी, गैंगस्टर आदि धाराओं में कई दर्जन मुकदमे उत्तरप्रदेश व उत्तराखंड राज्य के अलग अलग थाना क्षेत्रों में दर्ज हैं। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार जफर व उसका भाई नबी दोनो उत्तराखंड के थाना कुंडा क्षेत्र के ग्राम भरतपुर निवासी भुल्लर के साथ मिलकर लंबे समय से खनन के कारोबार में शामिल थे और गुरताज भुल्लर द्वारा चलाये जा रहे नशामुक्ति केंद्र की आड़ में प्रतिबंधित नशे का कारोबार भी करते थे। यह भी पढ़ें : युवा हैं, और नौकरी चाहिए तो नैनीताल बैंक में करें आवेदन…

पुलिस अधीक्षक ने बताया है कि क्योंकि मामला दूसरे राज्य का था और खनन माफिया का पीछा करते हुए टीम गुरताज भुल्लर के घर तक पहुंच गई थी लेकिन टीम को इनके आपराधिक इतिहास की कोई जानकारी नहीं थी। अगर जानकारी होती तो फिर उसी तरह से पूरी तैयारी के साथ खनन माफिया को गिरफ्तार करने का कार्य किया जाता। घटना के समय जो कुछ हुआ वह अप्रत्याशित था और पुलिस टीम को हमले की उम्मीद नहीं थी। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : दो राज्यों की पुलिस को आमने-सामने लाने वाले 50 हजार के ईनामी जफर के बारे में हैरतअंगेज खुलासा

नवीन समाचार, काशीपुर, 14 अक्तूबर 2022। कुंडा थाना में ब्लॉक प्रमुख की पत्नी की हत्या की दो राज्यो की पुलिस को आमने-सामने लाने वाली घटना में यूपी पुलिस जिस खनन माफिया जफर की तलाश में उत्तराखंड में घुसी थी, उसके बारे में अनोखा खुलासा हुआ है। मुरादाबाद जिले के डिलारी के कांकरखेड़ा गांव निवासी जफर पर 50 हजार रुपए का ईनाम था। कुछ साल पहले उसने दिल्ली के जामिया विश्वविद्यालय से एमए किया था।

दिल्ली में पढ़ाई के दौरान ही वह खनन कारोबार से जुड़े सिडिंकेट के लोगों के संपर्क में आ गया था। इस कारोबार से उसने कुछ ही समय में 18 डंपर चलवाता था। सत्ता में बैठे सफेदपोश व प्रशासन में हनक के बल पर वह पूरे सिंडीकेट पर राज करने की सोच रहा था। इसी दुस्साहस के चलते वह एसडीएम को बंधक बनाकर अपने अवैध खनन में लिप्त एक डंपर को छुड़ा लाया था। इस कारण ही पुलिस उसके पीछे पड़ी थी। उसका भाई नबी भी उसके साथ इस धंधे में शामिल था।

बताया गया है कि जफर की कांकरखेड़ा में एक भवन निर्माण सामग्री की दुकान भी है, जिसके जरिये ही यह खनन कारोबारियों के संपर्क में आया। खनन में उतरने के बाद से ही उसकी संपत्ति बढ़ती गई। बीती 13 सितंबर को एसडीएम और खनन अधिकारी को बंधक बनाने के मामले में जफर मुख्य अभियुक्त के रूप में शामिल रहा। सिंडीकेट माफिया मुहम्मद तैय्यब ने पूछताछ में उसका नाम लिया। यूपी क्षेत्र में अनेक स्थानों पर दबिश के बाद जफर ने उत्तराखंड की सीमा में काशीपुर के कुंडा में बचने के लिए शरण ले रखी थी।

उत्तराखंड और यूपी के बार्डरों पर दूसरे अवैध खनन में लिप्त डंपरों को पार कराने के लिए जफर और मुहम्मद तैय्यब का नेटवर्क लंबे समय से काम कर रहा है। दोनों के गुर्गे इसके लिए हर डम्पर से एक हजार रुपये की वसूली करते थे ओर यह पैसा कुछ सफेदपोश और कुछ अफसरों तक भी पहुंचाते थे। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश में खनन पर लिया बड़ा फैसला, अब नहीं मिलेगी यहाँ खनन कि अनुमति

नवीन समाचार, देहरादून , 19 सितम्बर 2022। धामी सरकार ने खनन पर एक बड़ा फैसला लिया है। उत्तराखंड में हो रही भारी बारिश को देखते हुए सरकार ने पुलों के नजदीक खनन पर रोक लगा दी है। पिछले कुछ सालों में आपदा की वजह से पुल क्षतिग्रस्त होने की घटनाओं को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव आर के सुधांशु की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि खनन नीति के तहत राज्य में अनेक स्थानों पर खनन की अनुमति दी जाती है।

किंतु कई बार यह देखने में आ रहा है कि खनन के लिए निर्धारित स्थानों के साथ ही नदियों पर बने पुलों के आसपास भी बड़े स्तर पर खनन किया जा रहा है। इस वजह से राज्य में पिछले कई सालों से पुलों को नुकसान पहुंच रहा है। इस वजह से आपदा की कई घटनाएं भी घट चुकी हैं। इस परेशानी को देखते हुए सभी जिलाधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि पुलों की दोनों ओर एक किमी क्षेत्र तक खनन न किया जाए। यदि कोई ऐसा करते पकड़ा जाता है तो ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

पांच सालों में 35 पुलों को नुकसान

उत्तराखंड में पिछले पांच सालों के दौरान 35 के करीब पुलों को नुकसान हुआ है। इसमें से कुछ पुल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए जबकि कई की सुरक्षा दीवार आदि को बड़े स्तर पर नुकसान पहुंचा है। इसमें से कई पुल नए थे। लोक निर्माण विभाग ने इन पुलों के क्षतिग्रस्त होने के पीछे मुख्य वजह नदी में पुलों के नीचे और आसपास बड़े स्तर पर खनन को माना था।

पिछले साल टूटे रानीपोखरी पुल और उससे पहले हल्द्वानी में गौला पुल के ध्वस्त होने की मुख्य वजह से पुल के नीचे खनन को माना गया था। इसके साथ ही इस साल की आपदा में रायपुर पुल की एप्रोच रोड के टूटने के पीछे भी खनन को मुख्य वजह माना जा रहा है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : KMVN ने खनन पट्टों की दरें घटाईं, जानें क्यों?

नवीन समाचार, नैनीताल, 17 सितम्बर 2022। कुमाऊं मंडल विकास निगम ने कुमाऊं में अलग-अलग स्थानों पर नदियों में खनन पट्टों की दरें घटा दी हैं। निगम के अधिकारियों का दावा है कि इससे निगम को लाभ होगा और खनन पट्टे लेने के लिए कारोबारी आगे आएंगे।

कुमाऊं मंडल विकास निगम के महाप्रबंधक एपी वाजपेयी ने प्रबंध निदेशक विनीत तोमर के हवाले से बताया कि निगम खनन नीति-2016 के तहत राजस्व क्षेत्रों में उप खनिज लॉटों में उप खनिज (बालू, बजरी, बोल्डर) का चुगान कराता है। रीवर ड्रेजिंग के कारण बाजार में उप खनिज का विक्रय मूल्य कम होने के कारण निगम की ओर से संचालित खनिज लॉटों से पर्याप्त उप खनिज की निकासी नहीं हो पा रही है। निगम के लॉट संचालनकर्ता न तो खनन में रुचि ले रहे हैं और न ही पूरी तरह निकासी कर रहे हैं। ऐसे मैं निगम के लॉटो से उप खनिज की मांग कम हो रही है और निगम को राजस्व की हानि हो रही है।

उन्होंने बताया कि निगम शासन स्तर पर हुई वार्ता के बाद निविदा दरों को कम किया गया है। बताया कि नैनीताल जिले के भौर्सा, वर्धों, ऊधमसिंह नगर जिले के मड़ैयागुजारी, पिथौरागढ़ के भंडारी गांव और चंपावत के दियूरी स्थित नदियों के खनन क्षेत्र में निविदा दरें कम की गई हैं। उन्होंने कहा कि इससे निगम और निविदा दाता दोनों को लाभ होगा। निगम के खनन सहायक हेमंत जोशी ने बताया कि निविदा दरों में करीब 25 फीसद कि कमी की गयी है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र में अवैध खनन का वीडियो वायरल, देखें वीडियो सहित…

नवीन समाचार, टनकपुर, 18 अगस्त 2022। उत्तराखंड में खनन, शराब और लीसे का कारोबार ऐसा है, जो हमेशा से वैध से अधिक अवैध तरीके से होने के लिए कुख्यात रहा है, और इन्हें करने वाले लोग माफिया कहलाते हैं। राज्य की कमोबेश सभी सरकारों पर इनके अवैध कारोबार के आरोप लगते रहते हैं। खासकर जीरो टॉलरेंस एवं भ्रष्टाचार मुक्त तरीके से चलने के लिए प्रचारित की जाने वाली सरकारें भी इन आरोपों से बच नहीं पा रही हैं।

अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विधानसभा क्षेत्र चंपावत जिले के टनकपुर के उचौलीगोठ गांव से सटे 28 हेक्टेयर क्षेत्र से अवैध खनन का ताजा मामला सामने आया है। इस मामले में एक वीडियो वायरल होने के बाद से प्रशासन भी सकते में आ गया है। टनकपुर के एसडीएम हिमांशु कफल्टिया ने वायरल वीडियो की जांच के आदेश दे दिए हैं। साथ ही राजस्व विभाग की टीम को मौके पर भेज दिया है। देखें वायरल वीडियो:

उल्लेखनीय है कि पूरे उत्तराखंड में वर्षा काल के लिए 15 जून के बाद से नदी नालों में खनन कार्यों पर रोक है। लेकिन उचौलीगोठ गांव से सटे विवादित 28 हेक्टेयर क्षेत्र में अवैध खनन होने का वीडियो वायरल सामने आया है। वीडियो में अवैध खनन का भंडारण कर खनन सामग्री मजदूरों द्वारा छनवाए जाने की रिकार्डिंग की गई है। वीडियो में अवैध खनन से जुड़े स्थानीय लोगों के नाम भी सामने आए हैं। वीडियो बनाने वाला शख्स स्थानीय प्रधान व एक अन्य का नाम ले रहा है।

एसडीएम हिमांशु कफल्टिया ने बताया कि शुक्रवार को वायरल वीडियो के माध्यम से अवैध खनन का मामला संज्ञान में आया है। वीडियो की सच्चाई की जांच और घटना स्थल का मौका मुआयना किया जा रहा है। वीडियो सही पाया गया तो अवैध खनन करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : अवैध खनन होते हुए पकड़ा, लगाया 40 लाख 68 हजार से अधिक का जुर्माना

नवीन समाचार, कालाढूंगी, 30 मई 2022। खनन विभाग एवं राजस्व विभाग की टीम ने सोमवार को जनपद के कालाढूंगी तहसील क्षेत्र के उदयपुरी व बंदरजूड़ा में छापेमारी करते हुए अवैध खनन होते हुए पकड़ा है, और दो अवैध खननकर्ताओं पर 40 लाख 68 हजार 708 रुपये का जुर्माना लगाया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार अपर निदेशक खनन राजपाल लेघा एवं एसडीएम कालाढूंगी रेखा कोहली ने सोमवार को भूमि समतलीकरण की अनुमति वाले स्थानों पर छापेमारी कार्रवाई की। इस दौरान उदयपुरी में गुरविंदर सिंह व बंदरजूड़ा में रविंदर बोरा के यहां अवैध खनन होता पाया गया। दोनों पर कुल 40 लाख 68 हजार 708 रुपये का जुर्माना लगाया गया।

इसके अलावा बंदरजूड़ा में एक दस टायरा ट्रक अवैध खनन में लिप्त पाए जाने पर सीज कर पुलिस चौकी बैलपड़ाव के सुपुर्द किया गया। छापेमारी करने वाली टीम में ऐश्वर्या साह, राजस्व उप निरीक्षक अरुण देवरानी, महेंद्र सिंह, प्रताप सिंह व मदन सिंह आदि शामिल रहे। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : अवैध खनन पर जिला प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, दो पट्टाधारकों पर 24 करोड़ का जुर्माना

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 26 अप्रैल 2022। मंगलवार को जिलाधिकारी के निर्देशों के क्रम में अपर जिलाधिकारी अशोक जोशी व उप जिलाधिकारी कालाढुंगी रेखा कोहली द्वारा ग्राम सेमलचौड़ व पत्तापनी में स्वीकृत समतलीकरण अनुज्ञा में अनियमितताओं का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान ग्राम सेमलचौड़ में 3 व पत्ता पानी मे 2 अनुज्ञाधारकों के कार्य बंद पाए गये। अलबत्ता ग्राम पत्ता पानी में हिम्मत सिंह पुत्र करतार सिंह का कार्य मौके पर बंद तो पाया गया पर अनुज्ञाधारक द्वारा कुल 1 लाख 35 हजार 792 घन मीटर अवैध खनन किया गया था। इस पर 10 करोड़ 45 लाख 59 हजार 840 रुपये का अर्थदंड आरोपित किया गया। साथ ही सुभाष चंद्र पुत्र टीका राम ग्राम सेमलचौड़ का भी कार्य मौके पर बंद पाया गया पर उनके द्वारा कुल एक लाख 74 हजार 400 घन मीटर पर अवैध खनन किया गया था।

इस पर 13 करोड़ 42 लाख 88 हजार 4400 रुपये का अर्थदंड आरोपित किया गया।
वहीं ग्राम सेमलचौड़ के अनुज्ञाधारक कृपाल सिंह व करम सिंह का कार्य भी मौके पर बंद पाया गया पर उनके द्वारा गड्ढांे को भरा नहीं गया है। इस पर उन्हें गड्ढे भरने के निर्देश दिए गये। इस अवसर पर सर्वेक्षक ऐश्वर्य शाह, अरुण कुमार देवरानी व अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : दिल्ली निवासी के अवैध निर्माण पर चला तहसील प्रशासन का डंडा, खुद ही तोड़ने में जुटा अतिक्रमणकारी

-धारी के कालापातल में साढ़े चार नाली सरकारी भूमि पर बने भवन को तोड़ने का कार्य किया शुरू
दान सिंह लोधियाल @ नवीन समाचार, धानाचूली, 26 अप्रैल 2022। तहसील प्रशासन ने मंगलार को फिर से सरकारी भूमि पर किये गए अवैध अतिक्रमण को हटाने की कार्यवाही शुरू कर दी है। इस कार्यवाही से क्षेत्र में अवैध अतिक्रमणकारियो में हड़कंप मच गया है।

तहसीलदार तान्या रजवार ने बताया कि कालापातल में सलियाकोट सड़क के ऊपर करीब साढ़े चार नाली सरकारी भूमि में दिल्ली निवासी दीपक चावला द्वारा अवैध तरीके से दो लकड़ी के भवनों का निर्माण किया गया था। मंगलवार को तहसीलदार तान्या रजवार के नेतृत्व में भारी पुलिस फोर्स की मौजूदगी में दीपक चावला द्वारा सरकारी भूमि में बनाये गए भवन को खुद ही हटाने का काम शुरू किया गया।

तहसीलदार तान्या ने बताया अतिक्रमणकारी द्वारा स्वयं ही अवैध कब्जे मैं बनाए गए भवन को तोड़ा जा रहा है। प्रशासन द्वारा भी मौके पर जेसीबी व लोक निर्माण विभाग के कर्मचारियों को बुलाया गया था। सड़क से ऊपर होने की वजह से वहां जेसीबी नहीं जा पहुंची इसलिए अतिक्रमणकारी के लोगों एवं विभाग के कर्मचारी द्वारा भवन को तोड़ा जा रहा है। जिसका मलवा हटाने में 2 से 3 दिन लगने की संभावना है।

वहीं, एसडीएम योगेश मेहरा ने बताया कि सरकारी भूमि पर किये गए अवैध निर्माण व कब्जों को तहसील प्रशासन द्वारा हटाया जा रहा है। इसी के तहत कालापातल में यह कार्यवाही की गई। प्रशासन द्वारा सरकारी भूमि पर अवैध कब्जेदारों को चिन्हित किये जाने का कार्य तेजी से चल रहा है। उन्हें भी जल्दी हटाया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व लेटीबुंगा में भी तहसील प्रशासन द्वारा जेसीबी चलाकर सरकारी भूमि पर बने भवन को तोड़कर जमींदोज कर मलवे को साफ कर दिया गया था। इस कार्यवाही में तहसीलदार तान्या रजवार, थानाध्यक्ष महेश जोशी, कानूनगों नारायण वर्मा, उपनिरीक्षक हेम जोशी, ललित मोहन सिंह जैड़ा सहित पुलिस बल मौजूद रहे। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : बारिश में भी खड़िया खनन के लिए चीर रहे थे धरती का सीना, दरका पहाड़ चार लोगों पर गिरा, एक गंभीर

जिला प्रशासन घटना की जांच में जुट गया है।नवीन समाचार, बागेश्वर, 15 अप्रैल 2022। बागेश्वर जनपद के रीमा क्षेत्र में मौसम के बदले मिजाज के बीच एक खड़िया खान में पहाड़ भरभरा कर गिर गया, और इसकी चपेट में आने से चार मजदूर घायल हो गए हैं। इसमें एक की हालत नाजुक बनी हुई है। जिला प्रशासन घटना की जांच में जुट गया है।

बागेश्वर जनपद में अपने लाभ के लिए धरती का सीना चीरने का काम बरसों से चल रहा है। बारिश में भी यहां काम रोका नहीं जाता। ऐसी ही स्थिति में जिले के रीमा क्षेत्र के एक खड़िया खान में मजदूर काम कर रहे थे। इस बीच बारिश होने के कारण पहाड़ दरकने लगा। जिसके मलबे की चपेट में आकर उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी निवासी मजदूर 55 वर्षीय राम किशन पुत्र गोकुल, 18 वर्षीय अभिषेक पुत्र सुखदेव, 55 वर्षीय अमर सिंह पुत्र हरि लाल और 17 वर्षीय सूरजीत पुत्र दुल्ले घायल हो गए।

घायलों को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती किया गया, जहां तीन घायलों का उपचार चल रहा है और वह खतरे से बाहर हैं। जबकि अमर सिंह की हालत गंभीर बनी हुई है। उसका उपचार किया जा रहा है। इधर, उपजिलाधिकारी हर गिरी ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : अवैध खनन में लिप्त पाये जाने पर क्रेशर सीज

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 9 दिसंबर 2021। अल्मोड़ा के बाद नैनीताल जनपद में भी प्रशासन का अवैध खनन पर डंडा चला है। जिलाधिकारी के निर्देश पर खनन विभाग के अपर निदेशक राजपाल लेघा और एसडीएम राहुल शाह ने बृहस्पतिवार को छापेमारी कर बेतालघाट क्षेत्र में चार डंपर ओवरलोडिंग करते हुए पकड़ा और उन्हें सीज कर दिया।

इसके अलावा वाहनों को अधिक उप खनिज ले जाने लेकिन कम की रॉयल्टी जमा करते हुए पाया है। इस तरह क्रेशर को रॉयल्टी चोरी का भी दोषी पाया गया। बताया गया है कि मापे जाने पर 2045 घन मीटर उप खनिज अवैध रूप से पाया गया है। इस पर छापेमारी टीम ने क्रैशर का चालान करने के साथ ही उसे सीज कर क्रेशर का संचालन बंद कर दिया है। उसकी ई रवन्ना पोर्टल आईडी भी बंद कर दी है।

यह भी पढ़ें : अवैध खनन पर डीएम सख्त, लगाया 48 लाख से अधिक का जुर्माना…

DM Vandana Singh Archives - Raj Satta News - Latest News | Today's Newsनवीन समाचार, अल्मोड़ा, 8 दिसंबर 2021। अल्मोड़ा की जिलाधिकारी वंदना सिंह ने अवैध खनन पर कड़ी कार्रवाई की है। दो मामलों में अवैध खनन पर 48 लाख रुपए से अधिक का जुर्माना लगाया गया है। इनमें से पहले मामले में जिलाधिकारी ने अवैध तरीके से स्टोन क्रैशर चलाने, अवैध भंडारण व खनन करने के आरोप में नोएडा उत्तर प्रदेश की मां भगवती कंस्ट्रक्शन कंपनी पर 40 लाख 60 हजार 156 रुपए का जुर्माना लगाया है। साथ ही क्रैशर को सीज कर दिया है। कंपनी को तीस दिन के अंदर अर्थदंड जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा एक अन्य मामले में अरुण कुमार पपनोई निवासी कैहड़गांव स्याल्दे पर बिना अनुमति के खनिजों का अवैध भंडारण करने पर दो लाख 4 हजार 862 रुपए का जुर्माना लगाया गया है।

इसके अलावा एक अन्य मामले में सड़क निर्माण में अनियमितता बरतने पर एक ठेकेदार पर दो लाख 29 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। बताया गया है कि निर्माणाधीन दाड़िमखोला-सकनिया कोट मोटर मार्ग निर्माण में लगी जेसीबी मशीन द्वारा रास्ते का मलबा हटाते हुए भूमि कटान किया गया था। सड़क निर्माण करने में कुल 250 घन मीटर मिट्टी का अवैध खनन किया गया। साथ ही 10 हरे चीड़ के पेड़ों को भी काटकर नुकसान पहुंचाया गया। तहसीलदार सोमेश्वर ने 14 व्यक्तियों को खनन अधिनियम के तहत जुर्माने से दंडित किए जाने की संस्तुति की थी। इनमें से एक व्यक्ति की इस दौरान मौत भी हो गई है। डीएम ने 13 लोगों पर कार्रवाई करते हुए 3 लाख 37 हजार 500 रुपया का अर्थदंड लगाया है। एक माह के अंदर जुर्माना जमा नही होने पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

इसके अलावा पीएमजीएसवाई के तहत धारी गांव में 24 मीटर गार्डर पुल के निर्माण का कार्य ठेकेदार पृथ्वीराज सिंह मटेला निवासी ढुंगाधारा, अल्मोड़ा के माध्यम से हो रहा था। इसमें प्रयुक्त होने वाले पत्थर, रेता आदि खनिजों की रायल्टी संबंधी अभिलेख नही दिखाने पर डीएम ने 2 लाख 29 हजार 175 रुपए का जुर्माना लगाया है। (डॉ. नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : 100 घन मीटर अतिरिक्त उपखनिज भंडारण पर 2.44 लाख रुपए का जुर्माना लगाया

-एसडीएस कोश्यां-कुटौली ने मल्ली सेठी के ओम शिवा ट्रेडर्स पर की कार्रवाई
नवीन समाचार, नैनीताल, 3 जुलाई 2020। डीएम सविन बंसल के निर्देशों पर जनपद के कोश्यॉ कुटौली तहसील की एसडीएम ऋचा सिंह ने शुक्रवार को अपनी टीम के साथ पट्टी मल्लीसेठी स्थित राहुल भट्ट निवासी ग्राम लामखेड़ा तहसील सितारगंज के ओम शिवा ट्रेडर्स के उप खनिज भंडारण स्थल का औचक निरीक्षण कर नाप-जोख की। नाप जोख में 100 घन मीटर अधिक भंडारण पाये जाने पर पट्टे धारक पर उत्तराखंड खनिज नियमावली तथा उत्तराखण्ड खनिज नीति 2016 के अनुसार रॉयल्टी का 5 गुना अर्थात 440 प्रति घनमीटर की दर से 44 हजार रुपये तथा अर्थदंड के रूप में दो लाख रूपये अर्थात कुल 2.44 लाख चवालीस हजार रूपये आरोपित करने तथा पट्टाधारक के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की संस्तुति की गई है।

बताया गया है कि नाप-जोख में प्रथम लॉट की माप 7629 घन मीटर, दूसरे की 766 घन मीटर व तीसरे की माप 105 घन मीटर यानी कुल 8500 घन मीटर उप खनिज मौके पर पाया गया। वहीं अभिलेखों की जॉच करने पर पाया गया कि उप खनिज भंडारण के लिए 8400 घन मीटर की स्वीकृति ही प्राप्त थी। सामग्री की लिखा-पढ़ी की प्रतियां मौके पर खनन पट्टे के संचालनकर्ता (मुंशी) महेश सिंह महरा के सुपुर्द की गईं। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

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-एसडीएम ऋचा सिंह ने पट्टा धारक के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही की संस्तुति भी की
नवीन समाचार, नैनीताल, 11 जून 2020। जनपद के कोश्यॉ कुटौली तहसील की एसडीएम ऋचा सिंह ने बृहस्पतिवार को अवैध उप खनिज के भण्डारण एवं परिवहन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए को अपनी टीम के साथ ग्राम सेठी धारा में स्थित एसएस इंटरपाईजेज के भंडारण स्थल पर औचक छापेमारी की। छापेमारी के दौरान लगभग 144 घन मीटर उप खजिन का अवैध भंडारण मौके पर पकड़ा। इस पर पट्टा धारक पर उत्तराखंड खनिज नियमावली 2006 एवं उत्तराखण्ड खनिज नीति 2016 के अनुसार रॉयल्टी का 5 गुना अर्थात 440 प्रति घनमीटर की दर से 63 हजार 228 रुपये तथा अर्थदंड के रूप में दो लाख रुपये यानी कुल दो लाख 63 हजार 228 रुपये का जुर्माना लगाया गया। साथ ही पट्टाधारक के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही की संस्तुति भी एसडीएम ने कर दी है।

एसडीएम सिंह ने बताया कि डीएम सविन बंसल के निर्देशों पर लगातार अवैध खनन पर छापेमारी की जा रही है। इसी क्रम में यह छापेमारी भी की गयी। उन्होंने बताया कि अवैध उप खजिन को भंडारण करने वाले संचालनकर्ता (मुंशी) बक्तावर सिंह पुत्र प्रेम सिंह के सुपर्द करते हुए निर्देश दिए कि अवैध उप खनिज के खुर्द-बुर्द होने की दशा में सम्पूर्ण जिम्मेदारी संचालनकर्ता की होगी। छापेमारी टीम में बेतालघाट की तहसीलदार नीतेश डागर तथा राजस्व उप निरीक्षक प्रवीण सिंह ह्यांकी, राकेश कठायत आदि भी शामिल रहे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : खनन डंपरों की वजह से नये 16 करोड़ से बने पुल पर आई दरारें

नवीन समाचार, नैनीताल, 01 जून 2020। नैनीताल जनपद के बेतालघाट ब्लॉक के ओखलढुंगा, अमगढ़ी होते हुए बेतालघाट-रामनगर जाने वाले मोटर मार्ग पर हालिया वर्षों में बने अमेल और मल्ली सेठी के बीच कोसी नदी पर बने पुल में दरारें आने की सूचना है। बेतालघाट के ज्येष्ठ प्रमुख गिरधर सिंह मजखोली ने जानकारी देते हुए बताया कि लगभग 7-8 साल पहले काबीना मंत्री यशपाल आर्या के प्रयासों से लगभग 16 करोड़़ की लागत से बने इस पुल पर एक बार में आरबीएम से लदे हुए 7 से 10 डंपर एक साथ चल रहे हैं।

इस कारण पुल पर इतनी कम अवधि में ही दरारें उभर आई हैं, और इन्हें कच्चा प्लास्टर लगाकर भरा जा रहा है। वहीं स्थानीय विधायक संजीव आर्य ने बताया कि 2006-07 में यह पुल बना था। इस क्षेत्र में सरकार से स्वीकृत खनन होता है, यहां पांच-छह स्टोन क्रेशर भी हैं और स्थानीय लोगों के ही डम्पर चलते हैं और यह राजस्व पुलिस के अंतर्गत है। उन्होंने पुल पर आ रही दरारों पर संज्ञान में लेने की बात कही है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

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