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रिश्ते के नाना ने मात्र 100 रुपए के लिए की थी हत्या, सनसनीखेज खुलासा

हत्या: यहां मात्र 100 रूपए के लिए कर दी हत्या। पढ़िए हत्यारे की जुबानी। |  Hatakshep Newsनवीन समाचार, रामनगर, 21 नवंबर 2022। नैनीताल जिले के रामनगर में शनिवार 19 नवंबर को एक युवक की हत्या कर दी गई थी। सोमवार को घटना की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मंगलवार को 24 घंटे के भीतर इस घटना का खुलासा करने की बात कही है। लेकिन जो खुलासा पुलिस ने हत्यारोपित के हवाले से किया है, वह काफी चौंकाने वाला और आज के लाखों-करोड़ों व कम से कम हजारों की बात होने के दौर में मात्र 100 रुपए के लिए हत्या किए जाने का है। यह भी पढ़ें : 35 वर्षीय व्यापारी नेता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत…

पुलिस ने इस मामले में हत्यारोपित अमन उर्फ मुल्ला की ओर से पूरी घटना का खुलासा करते हुए बताया कि वह यानी हत्यारोपित टैन्ट हाऊस की दुकानों पर दिहाड़ी मजदूरी का काम करता है। अमन ने बताया, ’मैं मृतक अर्जुन कुमार अमन का ननिहाल की ओर से रिश्ते का नाना लगता हूं। अर्जुन भी टैन्ट हाउस में काम करता था इसलिए उससे उसकी जान पहचान थी। 18 नवंबर को शाम करीब 4.30 बजे मैं अपने घर से डैम की तरफ साइकिल से जा रहा था तो गांधीनगर फील्ड के पास मोहन लाल बूचड़ की दुकान पर मुझे अर्जुन कुमार खड़ा दिखायी दिया। यह भी पढ़ें : विराट-अनुष्का नैनीताल जनपद के एक सप्ताह के प्रवास से लौटे…

वो बूचड़ की दुकान से मीट खरीद रहा था। मैं उसके पास गया तो उसके पास कच्ची शराब भी थी। मैने उससे पूछा कि क्या मुझे भी शराब पिलायेगा तो उसने हां कहा। फिर बूचड़ की दुकान से 20 रुपये का सुअर का मीट (पेड़ा) खरीदा तथा वहीं गोविन्दी देवी की दुकान से गिलास खरीदे फिर चार नम्बर को जाने वाली सड़क पर गये व वहां 2 नम्बर को जाने वाले चौराहे पर पहुंचकर पुलिया के पास खेत में बैठकर हम दोनों ने शराब पी। यह भी पढ़ें : धामी मंत्रिमंडल ने लगाई सभी 18 प्रस्तावों पर मुहर, जानें क्या लिए गए फैसले….

शराब पीने के बाद हम दोनों अपनी अपनी साइकिलों से पैट्रोल पम्प के सामने से होते हुए अर्जुन कुमार के टैन्ट मालिक की दुकान पर पहुंचे और मकान मालिक पुष्कर के घर पर अर्जुन ने अपनी साइकिल खड़ी कर दी। फिर हम दोनों मेरी साइकिल से ढेला पुल से होते हुए रामनगर रोड से होते हुए पीर बाबा की मजार के पास से कच्चे रास्ते पर गये तथा नदी पार कर नदी किनारे से होते हुए हरीश लाला के पॉपलर के खेत में पहुंचे। यह भी पढ़ें : रात में गिरी कार, सुबह-सुबह दिखी तो हो चुकी थी कार सवारों की मौत…

हम लोग वापिस देवीपुरा को जा रहे थे, पॉपलर के खेत में कुछ देर बैठ गये वहां मैंने अर्जुन कुमार से 10-12 दिन पहले उसे उधार दिये गये अपने 100 रुपये वापिस मांगे तो पैसे देने के बजाय अर्जुन मुझे गन्दी-गन्दी गालियां देने लगा तो मैने उसे दो थप्पड़ मार दिये, जिससे वो जमीन पर गिर गया और मुझे फिर जोर-जोर से गालियां देने लगा तो मुझे भी गुस्सा आ गया। मैने दोनों हाथों से उसकी टाई को जोर लगाकर खींच दिया तो वो छपटाकर बेहोश हो गया। यह भी पढ़ें : केएमवीएन ने 32 अधिकारियों एवं कर्मचारियों को दिया पदोन्नति का तोहफा, देखें किन्हें…?

फिर मुझे लगा कि अगर अर्जुन बच गया तो पुलिस में जायेगा, इसलिए मैंने उसकी टाई में गांठ लगाकर उसका गला घोंटकर उसे मार दिया। खींचतान में अर्जुन की टाई टुट गयी थी व उसकी कमीज भी फट गयी थी। जब मुझे यकीन हो गया कि अर्जुन मर गया है तो मैने उसकी जेबों की तलाशी ली तो उसकी जेब से मुझे एक सफेद रंग का टूटा मोबाइल, एक राशन कार्ड व उसका पर्श मिला जिसमें 250 रुपये थे। यह भी पढ़ें : दो बच्चों के पिता ने किया धोखे में रखकर निकाह, अप्राकृतिक संबंध बनाए, ननदोई ने भी किया दुष्कर्म

मैने रुपये निकाल कर अपने पास रख लिये व उसका मोबाइल, राशनकार्ड व पर्स वही थोड़ी दूर झाडियों में फेंक दिये। फिर मैं साइकिल उठाकर अपने घर को चल दिया व रास्ते में एक जगह झाडियों में साइकिल छुपा दी और मैं पैदल अपने घर चला गया। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

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नवीन समाचार, हल्द्वानी, 15 नवंबर 2022। हल्द्वानी के सर्राफा व्यापारी कुमाऊं ज्वैलर्स के स्वामी राजीव वर्मा पुत्र राम शरन निवासी हीरानगर हल्द्वानी पर गत दो नवंबर की शाम प्रतिष्ठान से लौटकर घर पहुंचते हुए गोलीबारी की गई थी। इस मामले में मंगलवार को पुलिस ने 20 हजार रुपए के मुख्य आरोपित मनोज अधिकारी को पकड़ने के साथ दावा किया है कि 2018 में यानी करीब चार वर्ष पूर्व सोशल मीडिया पर किसी पोस्ट को लेकर मनोज का राजीव व पंकज वर्मा से झगड़ा हुआ था। यह भी पढ़ें : वहां लिव-इन में रहने वाली महिला के 35 टुकड़े, यहां भतीजे के साथ लिव-इन में रहने वाली महिला की संदिग्ध मौत… देखें वीडियो:

बताया कि इस झगड़े के कारण उसकी नौकरी चली गई थी। नौकरी जाने व उससे हुए नुकसान की भरपाई करने के लिए उसने राजीव से पैसे मांगने एवं धमकाने के लिए गोली चलाई थी। इस कार्य में उसने जेल में बन्द रहने के दौरान गुरदीप व देवेन्द्र से हुई जान पहचान के साथियों की मदद ली थी। यह भी बताया कि पुलिस की टीमें कई राज्यों में उसकी तलाश में लगाई गई थीं, जबकि उसे हल्द्वानी में ही रामपुर रोड पर बेलबाबा मंदिर के पास ही पकड़ा गया है। आरोपित पर पांच मुकदमे दर्ज हैं। उसका 2021 से आपराधिक इतिहास पुलिस के पास दर्ज है। यह भी पढ़ें : पोल से टकराई बाइक, 22-24 वर्षीय दो युवकों की मौत

यह भी बताया कि आरोपित मनोज मूलतः नेपाल का निवासी है। वह कुछ वर्ष पूर्व अपने भाई व दो बहनों तथा माता-पिता के साथ कामकाज के लिए हल्द्वानी आया था। उसके पिता यहां नौकरी करते थे। इधर दो माह पूर्व उसका परिवार हैदराबाद चला गया है। यह भी पढ़ें : क्यों झांसे में आती हैं लड़कियां ? कथित प्यार में युवती से दुष्कर्म किया, गर्भपात कराया, 7 लाख भी हड़पे…

वह इतना शातिर था कि पुलिस की गिरफ्त में आने से बचने के लिए एवं अपनी लोकेशन को छुपाने के लिए अलग-अलग स्थानों के हॉटस्पॉट्स लेकर एवं व्हाटसएप कॉल व मैसेज के माध्यम से राजीव वर्मा को इस घटना के बाद भी फिर से रंगदारी मांग रहा था व अंजाम भुगतने की धमकी दे रहा था। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : अंकिता भंडारी हत्याकांड में क्यों हो रही है एसआईटी की ओर से देरी, एसआईटी प्रमुख ने बताई पूरी सच्चाई

अंकिता भंडारी को 'स्पेशल सर्विसेज' देने हेतु सहमत न होने के कारण बलिदान  देना पड़ा भविष्य में फिर किसी बेटी के साथ ऐसा ना हो हत्यारों को ...नवीन समाचार, देहरादून, 10 नवंबर 2022। प्रदेश के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में अंकिता के माता-पिता से लेकर प्रदेश के आमजन के मन में भी यह बात आ रही है कि मामले की जांच कर रही एसआईटी यानी विशेष जांच एजेंसी जांच में देरी कर रही है। खासकर इस बात का आरोप लग रहा है कि एक माह में जांच पूरी करने का दावा कर रही एसआईटी अब तक मामले में आरोप पत्र तैयार नहीं कर पाई है। क्योंकि एसआईटी के आरोप पत्र दाखिल करने से पहले मामले में न्यायालय में सुनवाई शुरू नहीं हो सकती है। परिजनों का आरोप यह भी है कि घटनास्थल रिजॉर्ट से सबूत पहले बुल्डोजर चलाकर और दो बार आग लगाकर मिटाए जा चुके हैं। यह भी पढ़ें : हल्द्वानी में कबूतरबाजी के नाम पर लाखों की धोखाधड़ी, बैंक मैनेजर सहित 8 लोगों पर मुकदमा दर्ज…

इस बारे में ‘नवीन समाचार’ आपको सही तथ्य प्रस्तुत करने जा रहा है। गौरतलब है कि आरोप पत्र दाखिल करने के लिए पुलिस के पास 90 दिन का समय होता है। लेकिन इस मामले में एसआईटी ने एक माह में जांच पूरी करने की बात कही थी। इससे यही समझा जा रहा था कि एसआईटी एक माह में आरोप पत्र दाखिल कर देगी। यह भी पढ़ें : भूकंप के झटके के बीच खुद को बचाने के लिए छत से कूदी युवती…

इस बारे में एसआईटी प्रमुख और डीआईजी कानून व्यवस्था पी. रेणुका देवी ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि ‘एसआईटी की ओर से जांच में कोई देरी नहीं है। हमने सबकुछ तैयार करके रखा है। जो साइंटिफिकल एवीडेंसेज यानी वैज्ञानिक सबूत हैं, उनका इंतजार कर रहे हैं।’ उन्होने बताया, “गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। पुलिस को जो सबूत घटनास्थल से उठाने थे वे ले लिए गए हैं। यह भी पढ़ें : नैनीताल के आज के चुनिन्दा ‘नवीन समाचार’ एक साथ…

राज्य सरकार ने मुकदमे की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट से भी निवेदन कर दिया है। कुछ ऐसे सबूत थे जिनकी जांच रिपोर्ट चंडीगढ़ स्थित सीएफएसएल से आनी हैं। उन्हीं रिपोर्टों के आने का इंतजार किया जा रहा है। इस बारे में लगातार चंडीगढ़ की प्रयोगशाला के संपर्क में बने हुए हैं। जैसे ही रिपोर्ट मिलती हैं। हमें जांच को अंतिम रूप देने में बिलकुल वक्त नहीं लगेगा। यह भी पढ़ें : दो महिलाओं, किशोरी व युवती गायब, पुलिस तलाश में…

सिर्फ हमारे पास पहले से मौजूद तथ्यों का चंडीगढ़ लैब से आने वाली रिपोर्टों से मिलान कराके, तरीके से चार्ज शीट यानी आरोप पत्र ट्रायल कोर्ट या फास्ट ट्रैक कोर्ट में दाखिल करनी होगी।” उन्होंने यह भी कहा कि जांच में और भी कई महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल हुई हैं, जिनको उजागर करना अभी सही नहीं होगा। हमारी जवाबदेही चूंकि न्यायालय के प्रति है। लिहाजा, एसआईटी अपनी रिपोर्ट आरोप पत्र के रूप में न्यायालय में दाखिल करने की पूरी तैयारी किए हुए है।” यह भी पढ़ें : नैनीताल जिले के थाना चोरगलिया को मिला उत्कृष्ठ थाने का खिताब…

एसआईटी प्रमुख ने उन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया कि किसी की लापरवाही के चलते घटना से जुड़े सबूत या गवाह कमजोर कर दिए गए हैं। या फिर वे किसी तरह से प्रभावित हो रहे हैं। डीआईजी पी रेणुका ने कहा, “अब तक हुई जांच से वह संतुष्ट हैं। एसआईटी के स्तर से जांच में कहीं कोई देर नहीं हुई है। बस प्रयोगशाला से रिपोर्ट आने भर की देर है। (डॉ. नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

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Mamta Bisht Murder Haldwani: पुलिस ने किया पर्दाफाश, परिचित ने की थी हत्या,  पहचान का फायदा उठाकर पहुंचा था घर - Mamta Bisht Murder Haldwani Police  caught the murderer a welder fromनवीन समाचार, हल्द्वानी, 7 नवंबर 2022। बीते तीन नवंबर को हल्द्वानी में एक पुलिस कर्मी शंकर बिष्ट की पत्नी ममता बिष्ट की हत्या लूट के लिए की गई। पुलिस ने सोमवार को यह दावा करते हुए घटना के चार दिन बाद एक आरोपित को गिरफ्तार करते हुए उसके पास से एक जोडी कान के झुमके, लॉकेट, एक सोने का गलोबन्द, एक सोने का मंगलसूत्र व तीन हजार रुपये नकदी बरामद किये। यह भी पढ़ें : सुबह का सुखद समाचार : नैनीताल की एक सहित उत्तराखंड की 5 हस्तियों को सरकार देगी उत्तराखंड गौरव सम्मान

पुलिस की इस सफलता पर पुलिस टीम को प्रदेश के डीजीपी अशोक कुमार ने एक लाख रुपये, डॉ. नीलेश आनन्द भरणे ने 50 हजार रुपये, एसएसपी पंकज भट्ट ने 25 हजार रुपये, कालाढुंगी के विधायक बंशीधर भगत ने व हल्द्वानी के महापौर डॉ. जोगेन्द्र रौतेला ने 11 हजार रुपये यानी कुल दो लाख सात हजार रुपए के नगद पुरस्कार देने की घोषणा की गई है। यह भी पढ़ें : भाजपा ने की जिलाध्यक्षों की घोषणा, जानें किसे मिली आपके जिले की कमान, और किस वर्ग को मिला कितना प्रतिनिधित्व…?

सोमवार को घटना का खुलासा करते हुए बताया गया कि पुलिस की तीन टीमें लगाई गई थीं। इन टीमों ने 39 वर्षीय मौ. अशरफ उर्फ भूरा पुत्र अब्दुल नवी निवासी 88 सुनेरी, वार्ड नंबर 15 किच्छा ऊधमसिंह नगर वर्तमान निवासी नई बस्ती किच्छा ऊधमसिंह नगर को वार्ड नंबर 11, नई बस्ती नूरी मस्जिद के पास किच्छा ऊधमसिंह नगर से गिरफ्तार किया गया है। यह भी पढ़ें : राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों ‘राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगल अवार्ड-2021” से सम्मानित हुईं नैनीताल की शशिकला पांडे

पुलिस के अनुसार आरोपित से पूछताछ करने पर ज्ञात हुआ कि लगभग ढेड से दो वर्ष पूर्व उसने आरक्षी शंकर सिंह बिष्ट के घर पर ग्रिल का काम किया था। उसे मालूम था कि उसकी पत्नी अकेले ही घर पर रहती है। उसे पता था कि उसे देखकर पुलिस कर्मी की पत्नी उसे अपने घर में आने देगी। वह कर्जे में डूबने के कारण पैसे जुटाने के लिये पुलिस कर्मी के घर में लूट की योजना बनाकर अपनी मोटर साईकिल की पहचान बदलकर व नम्बर प्लेट मे कपडा बांध कर अपने जेब में एक हथोडा लेकर गया। यह भी पढ़ें : 23 वर्षीय नवविवाहिता की शादी के 2 वर्ष से भी पहले हुई संदिग्ध मौत, ससुरालियों पर आरोप…

लूट करने के लिये उसके द्वारा पुलिस कर्मी की पत्नी से अन्य जगह ग्रिल लगाने के लिये ग्रिल की फोटो खीचने व पानी पीने का बहाना बनाकर अपने जेब में रखे हथोडे से पुलिस कर्मी की पत्नी को सिर पर पीछे से हथौडे से लगातार वार कर मौत के घाट उतार दिया और पुलिस कर्मी के घर से जेवरात व नगदी लूट कर फरार हो गया। यह भी पढ़ें : सुबह का सुखद समाचार : नैनीताल की एक सहित उत्तराखंड की 5 हस्तियों को सरकार देगी उत्तराखंड गौरव सम्मान

उल्लेखनीय है कि पूर्व में कहा जा रहा था कि आरोपित घर से और चोरी कर सकता था, किंतु पूरा सामान चोरी करके नहीं ले गया। कहा जा रहा था कि चोरी केवल पुलिस को भ्रमित करने के लिए दिखाई गई। (डॉ. नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : नैनीताल में पिछले दिनों हुई बाइक, टीवी, मंगलसूत्र, लैपटॉप आदि की चोरियों का खुलासा

नवीन समाचार, नैनीताल, 3 नवंबर 2022। जिला-मंडल मुख्यालय में विगत दिनों लगातार हुई ताबड़तोड़ चोरियों का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। गुरुवार को सीओ सिटी विभा दीक्षित ने मल्लीताल कोतवाली में की गई पत्रकार वार्ता कर खुलासा किया कि चोरी की घटनाओं में शामिल आरोपित मुकेश धामी पुत्र कुंवर सिंह धामी निवासी सात नम्बर मल्लीताल नैनीताल को बीती रात्रि बिड़ला चुंगी के पास से गिरफ्तार किया गया। यह भी पढ़ें : नैनीताल बैक में नौकरी-नई नियुक्तियों का सुनहरा अवसर, यहां देखें कैसे करे आवेदन…

उसके कब्जे से थाना मल्लीताल में पंजीकृत मामले से सम्बन्धित चोरी की गयी होंडा साईन मोटर साइकिल संख्या यूके04वी-8438 बिड़ला चूंगी के पास से जंगल की ओर जाने वाले रास्ते से बरामद की गई। आरोपित ने सख्ती एवं गहन पूछताछ करने पर बताया है कि कुछ दिन पूर्व तल्लीताल क्षेत्र में एक अधिवक्ता के घर में हुई चोरी में भी वह शामिल है। वह विगत दिनों सात नम्बर व मल्लीताल क्षेत्र मे छोटी-मोटी चोरिया करता रहा है तथा चोरी किये गये सामान को हल्द्वानी निवासी अपने दोस्त चन्द्रशेखर चनियाल पुत्र बच्ची राम निवासी जवाहर ज्योति मल्ला प्लॉट दमुवाढूंगा काठगोदाम के माध्यम से हल्द्वानी मे बेचता है। यह भी पढ़ें : अंकिता के माता-पिता पहुंचे नैनीताल हाईकोर्ट, की मामले की सीबीआई जांच की मांग

इसके पश्चात आरोपित मुकेश धामी की निशानदेही पर चन्द्रशेखर चनियाल के घर से अन्य चोरी के मामलों से सम्बन्धित चोरी का सामान, एक बीपीएल कंपनी का 32 इंच का एलईडी टीवी, एक लैपटाप और एक मंगल सूत्र बरामद कर इन मुकदमों मे भारतीय दंड संहिता की धारा 411 बढ़ाई गयी है। यह भी पढ़ें : ऐसी भी मजबूरी, दुष्कर्म पीड़िता ने नाबालिग अवस्था में हुए दुष्कर्म के मामले को खारिज करने की गुहार लगाई…

सीओ सुश्री दीक्षित ने आरोपित मुकेश धामी के हवाले से यह भी बताया कि वह अक्सर घरों से नकदी या केवल ऐसा सामान चोरी करता था जिसे वह आसानी से किसी को भी बेच सकता है। आरोपितों ने पूछताछ में यह भी बताया कि उन्होंने चोरी का अधिकतर सामान फेरी करने वाले कबाडियो को बेच दिया है। गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में एसएसआई दीपक बिष्ट, एसआई अविनाश मौर्य, आरक्षी राधेश्माम लोहनी, हरेन्द्र तोमर, सोनू सिंह व अमित गहलोत शामिल रहे। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : अंकिता हत्याकांड में एक नई अपडेट: अंकिता की स्वैप डीएनए जांच की फॉरेंसिक रिपोर्ट आई

अंकिता हत्याकांड को लेकर बवाल, गुस्साए लोगों ने फूंकी आरोपी रिजॉर्ट मालिक  की अचार फैक्ट्री - Ankita murder case update people ransacked the pickle  factory of accused Pulkit Arya ...नवीन समाचार, देहरादून, 18 अक्तूबर 2022। उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता हत्याकांड में एक नई अपडेट है। अब पुष्टि हो गई है कि हत्यारों ने कम से कम 19 वर्ष की अंकिता भंडारी के साथ हत्या करने से पूर्व दुष्कर्म नहीं किया था। अंकिता की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद अब स्वैप डीएनए जांच की फॉरेंसिक रिपोर्ट में दुष्कर्म होने की पुष्टि नहीं हुई है।

उल्लेखनीय है कि अंकिता के पोस्टमार्टम के उपरांत उसका स्वैप डीएनए जांच के लिए फॉरेंसिक टीम को भेजा गया था। इसकी रिपोर्ट आने के उपरांत यह खुलासा हुआ है कि हत्या से पहले अंकिता के साथ किसी तरह का कोई भी यौन संबंध नहीं बनाया गया था। उसमें किसी और का डीएनए नहीं मिला है। यह भी पढ़ें : एक थाना क्षेत्र में दो छात्राओं की मौत से शोक का माहौल…

उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व अंकिमा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी किसी तरह के शारीरिक शोषण की बात अब तक सामने नहीं आई थी। इसके उपरांत पुष्टि के लिए अंकिता के स्वैप को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया था। इसके बाद उत्तराखंड पुलिस अब इस मामले में चार्जशीट दाखिल करने वाली है। यह भी पढ़ें : बिग ब्रेकिंग: हल्द्वानी के 2 स्पा सेंटरों से मुक्त कराई गईं 10 युवतियां

विदित हो कि पौड़ी जिले के यमकेश्वर में गंगा भोगपुर में वनंतरा रिजॉर्ट में 19 वर्ष की अंकिता भंडारी रिसेप्शनिस्ट के तौर पर कार्य करती थी। अंकिता भंडारी की कथित रूप से रिजॉर्ट संचालक पुलकित आर्य ने अपने 2 कर्मचारियों, प्रबंधक सौरभ भास्कर और सहायक प्रबंधक अंकित गुप्ता के साथ मिलकर ऋषिकेश के पास चीला नहर में धकेलकर हत्या कर दी थी। एसआईटी इस मामले की जांच कर रही है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : ऐसा क्या हुआ कि यूपी पुलिस ने उत्तराखंड में कर दिया इतना बड़ा कांड और खुद भी पिट गई….

उत्तराखंड में जान के लाले पड़े यूपी पुलिस के, इनाम पकड़ने गए थे, आफत गले  पड़ गईनवीन समाचार, मुरादाबाद, 13 अक्तूबर 2022। यूपी पुलिस बुधवार शाम उत्तराखंड में एक फार्म हाउस में घुस गई। यहां पुलिस कर्मियों को घेर लिया गया और उनके साथ जमकर मारपीट की गई। ऐसे में जवाबी कार्रवाई में यूपी पुलिस की गोलीबारी में एक युवा महिला, ज्येष्ठ प्रमुख गुरताज भुल्लर की पत्नी गुरप्रीत कौर सीने में गोली लगने से अकारण मौत हो गई, जबकि घटना में यूपी पुलिस के छह कर्मी भी घायल हुए हैं। जानते हैं, इसके पीछे की कहानी। सम्बंधित समाचार : बड़ा बवाल: यूपी पुलिस की फायरिंग में उत्तराखंड में ज्येष्ठ प्रमुख की पत्नी की मौत,….

बताया गया है कि मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा में खनन माफिया पर कार्रवाई के मामले में पुलिस कदम-कदम पर नाकाम साबित हो रही थी। यहां खनन माफिया ने ठाकुरद्वारा में एसडीएम और खनन अधिकारी पर हमला किया और उनके द्वारा अवैध खनन के आरोप में पकड़ा गया डंपर छुड़ा लिया था। इस मामले में पुलिस खनन माफिया आबिद हुसैन निवासी गोपीवाला को नहीं पकड़ पाई। इससे ठाकुरद्वारा पुलिस पर खनन माफिया को संरक्षण देने के आरोप और भी गहरे हो गए थे।

मामला यूपी के मुख्यमंत्री योगी तक भी पहुंच गया था और योगी ने वर्चुअल समीक्षा बैठक में मुरादाबाद के डीआईजी शलभ माथुर को भी इस मामले में फटकार लगाई थी। ऐसे में डीआईजी ने ठाकुरद्वारा व मुरादाबाद पुलिस को खुद को पिटी डांट आगे बढ़ाते हुए ठाकुरद्वारा के थाना प्रभारी के खिलाफ जांच बैठा दी। इसके बाद पुलिस ने खनन माफिया आबिद हुसैन व डिलारी के कांकरखेड़ा निवासी डम्पर चालक जफर पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित किया। इधर सोमवार को एसटीएफ की बरेली यूनिट ने बमुश्किल आबिद हुसैन को पीलीभीत में उसके रिश्तेदार के घर से दबोचा।

इसके बाद पुलिस 50 हजार के इनामी डम्पर चालक जफर की तलाश में जुटी थी। इस बीच बुधवार शाम पुलिस को सूचना मिली कि आरोपित जफर ऊधमसिंह नगर के कुंडा थानाक्षेत्र में एक फार्म हाउस में छिपा हुआ है। ऐसे में पुलिस के आला अधिकारी भी अपनी पुरानी नाकामी को ढकने के लिए गुडवर्क दिखाने और को डम्पर चालक को जल्द गिरफ्तार करने के फेर में कमजोर रणनीति का परिचय दे बैठे। ठाकुरद्वारा पुलिस बिना मजबूत योजना के उत्तराखंड में कुंडा के गांव भरतपुर में एसओजी टीम के साथ पहुंच गई। योजना में कमजोरी व चूक इतनी बड़ी की कि को पकड़ने के लिए स्थानीय पुलिस को सूचना तक नहीं दी।

वहां थाना प्रभारी योगेंद्र कुमार सिंह और एसओजी टीम ने आरोपित जफर को पकड़ा तो वहां लोगों की भीड़ जुट गई और जमकर बवाल हुआ। जफर और उसके साथियों ने पुलिस टीम को बंधक बना लिया। पुलिस टीम पर फायरिंग की गई, जिसमें दो सिपाही सहित पांच लोग घायल हुए हैं। पूरे मामले की जानकारी जुटाई जा रही है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

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Saurabh Bahuguna Murder Conspiracy case: हीरा सिंह रातों-रात गेहूं की फसल काटकर चंपत हो गया था।नवीन समाचार, रुद्रपुर, 10 अक्तूबर 2022। प्रदेश के गन्ना विकास एवं पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा की हल्द्वानी जेल से हत्या की साजिश रचने के मामले में पुलिस ने एक तांत्रिक सहित चारों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार इस मामले का मास्टरमाइंड नैनीताल जनपद के कोटाबाग का रहने वाला हीरा सिंह पुत्र चंबा सिंह है, जो कि खनन माफिया है। उस पर सरकारी जमीनों को कब्जाने के भी आरोप हैं, जबकि हाल में वह सरकारी गेहूं की चोरी के आरोप में जेल की हवा खा चुका है। यह भी पढ़ें : दुस्साहस : उत्तराखंड के एक काबीना मंत्री की जेल से हत्या की रची गई साजिश, 4 के खिलाफ मुकदमा दर्ज…

ऊधमसिंह नगर जिले के एसएसपी टीआर मंजूनाथ ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि काबीना मंत्री सौरभ बहुगुणा की हत्या की साजिश चार महीने पूर्व हल्द्वानी जेल में रची गई थी। बताया कि इस मामले में मुख्य आरोपित मूलतः कोटाबाग नैनीताल व वर्तमान में कोटा फार्म सितारगंज निवासी हीरा सिंह अपने अवैध खनन के कारोबार के बंद होने के लिए काबीना मंत्री बहुगुणा को जिम्मेदार मानता था। इधर वह गेहूं चोरी के मामले में जेल गया था। इसलिए उसने जेल में बहेड़ी निवासी सतनाम सिंह की मदद से मंत्री को रास्ते से हटाने का षड्यंत्र रचा।

जमानत पर छूटने के बाद योजना के अनुसार, हीरा सिंह ने सतनाम के परिचित सितारगंज निवासी हरभजन सिंह के माध्यम से किच्छा निवासी तांत्रिक मो.अजीज उर्फ गुड्डू से मंत्री को रास्ते से हटाने के लिए 20 लाख की सुपारी दी। इस ऐवज में तांत्रिक को करीब 5.7 लाख रुपए भी दे दिए गए थे। पुलिस ने अजीज से 2 लाख 70 हजार रुपए और हीरा सिंह की स्विफ्ट कार बरामद कर ली है। अजीज ने बताया कि 3 लाख रुपए उसने मां के इलाज में खर्च कर दिए हैं। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : क्यों की गई अंकिता की हत्या ? काफी हद तक साफ हुई स्थिति…. रिजॉर्ट में बुल्डोजर चलाने की भी होगी जांच…

नवीन समाचार, देहरादून, 5 अक्तूबर 2022। अंकिता की हत्या क्यों की गई, एसआईटी की जांच में अब काफी कुछ साफ होने लगा है। एसआईटी को इस मामले में अभी तक जो सबूत हाथ लगे हैं उनकी कड़ियां जोड़ रही है। उसके मुताबिक रिजॉर्ट लगातार घाटे में चल रहा था। पुलकित स्पेशल सर्विस के जरिए रिजॉर्ट से मुनाफा कमाना चाहता था। एसआईटी का दावा है कि पुलकित ने अंकिता पर इसके लिए दबाव बनाया था।

अंकिता की उम्र मजह 19 साल थी। वह काफी गरीब परिवार से थी। आर्थिक मजबूरियों के चलते वह नौकरी कर रही थी। पुलकित इसी का फायदा उठाकर लगातार उस पर दबाव बना रहा था। जबकि अंकिता ने ऐसा करने से मना कर दिया था और वह उसके काले कारनामों को बाहर उजागर करने की बात भी कह रही थी। इसलिए पुलकित को डर था कि कहीं अंकिता उसके काले कारनामे का खुलासा ना कर दे। इसलिए उसने अंकिता की हत्या कर दी।

दूसरा, इस मामले की जांच में एक और अहम बात यह भी सामने आ रही है कि वनंतरा रिजॉर्ट में अक्तूबर पहले सप्ताह के आखिर में कुछ वीआईपी गेस्ट आने वाले थे। इसके लिए वहां बड़ी पार्टी के आयोजन की तैयारी थी। पुलकित चाहता था कि रिजॉर्ट को जो घाटा हो रहा था, उसकी भरपाई ऐसी पार्टियों से की जाए। इस पार्टी में आने वाले वीआईपी ग्राहको को पुलकित ‘एक्स्ट्रा सुविधा’ देना चाहता था। इसी पार्टी के लिए वह अंकिता को तैयार करना चाहता था, और इसी कारण हुए विवाद के कारण उसने अंकिता की हत्या कर दी।

इस कड़ी के जुड़ने के बाद एसआईटी इन वीआईपी ग्राहकों का पता लगा रही है। पुलिस मुख्यालय के मुख्य प्रवक्ता एडीजी वी. मुरुगेशन ने बताया कि जांच में ऐसी बातें आ रही हैं कि अक्तूबर के पहले सप्ताह के आखिर में वहां कुछ बड़ी बुकिंग थी। वहां कौन लोग आने वाले थे, इसकी जांच की जा रही है। अगर उनका इस मामले से कोई कड़ी जुड़ी तो उनसे भी पूछताछ की जाएगी। वनंतरा रिजॉर्ट में काले रंग की एक गाड़ी की बात भी सामने आ रही है, उसका पता लगाया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि आरोपियों की रिमांड के दौरान पूछताछ में अब तक की पूरी कहानी लगभग सही साबित हुई है।
नौकरी दिलवाने वाला दोस्त जांच के दायरे में

एसआईटी सूत्रों ने बताया कि इस हत्याकांड की जांच का दायरा अंकिता के एक दोस्त तक भी पहुंच गया है। पुलिस अभी उसकी ओर से दी गई चैटिंग की जांच-पड़ताल भी कर रही है। इसके अलावा उसकी लोकेशन, नौकरी दिलवाने और आरोपियों से संपर्क की भी जांच की जा रही है। नौकरी दिलवाना और उसके बाद अंकिता के घरवालों को बताए बिना उसे लेने आने की बात कहने की जांच भी तेजी से हो रही है।

आरोपियों पर साक्ष्य को मिटाने का भी मुकदमा
एडीजी ने बताया कि इस मामले में हत्या के अलावा साक्ष्य मिटाने की धारा आईपीसी-201 के तहत भी मुकदमा चलाया गया है। उन्होंने साफ किया कि जांच में जो लोग भी संलिप्त पाए जाएंगे, उनके नाम भी इस मुकदमे में जोड़े जाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस हत्या से लेकर बुलडोजर चलाने समेत तमाम पहलुओं की भी जांच कर रही है।

पुलिस को फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार
एडीजी के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तमाम गवाहों के बयान भी यही संकेत दे रहे हैं कि इस रिजॉर्ट के काले-कारनामे छिपाने के लिए अंकिता की हत्या की गई। हालांकि, अभी जांच जारी है और इसमें तीन से चार सप्ताह का वक्त लग सकता है। उन्होंने बताया कि अभी फॉरेंसिक रिपोर्ट और इलेक्ट्रॉनिक सबूत भी मिलने हैं, जो इस मुकदमे को और पुख्ता करेंगे। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : अंकिता हत्याकांड में कई नए सनसनीखेज खुलासे : योजनाबद्ध तरीके से ‘मूड फ्रेश’ करने के बहाने ले जाकर मारा गया था अंकिता को !

नवीन समाचार, हरिद्वार, 3 अक्तूबर 2022। प्रदेश के बहुचर्चित अंकिता हत्याकांड में नित नए खुलासे हो रहे हैं। बताया गया है कि हत्याकांड की जांच के लिए गठित एसआईटी ने जांच को काफी हद तक पूर कर लिया है। एसआईटी की डीआईजी पी. रेणुका ने जांच के कुछ हिस्सों को सार्वजनिक किया है, जबकि कुछ तथ्य छन-छन कर बाहर आ रहे हैं। इनके अनुसार पुलकित आर्या के विवादित वनंतरा रिजॉर्ट में ‘वीआईपी ग्राहकों को अतिरिक्त शारीरिक सुख उपलब्ध कराने की ‘एक्स्ट्रा सर्विस’ दी जाती थी।

घटना के दिन यानी 18 सितंबर को अंकिता के साथ इस ‘एक्स्ट्रा सर्विस’ की मांग पूरी न करने और इसे सार्वजनिक करने की धमकी देने पर मारपीट की गई थी, पर शायद इस मारपीट की वजह से उसकी मृत्यु नहीं हुई थी, और घटना के दौरान अंकिता द्वारा पुलकित का मोबाइल नहर में फेंकने की बात झूठी थी। उसके मोबाइल पर 19 सितंबर यानी घटना के दूसरे दिन तक ह्वाट्सएप चला था, और उसने पुलिस को भ्रमित करने के लिए दूसरे दिन सीसीटीवी कैमरों की जद से बच कर दुबारा नहर के पास यानी घटनास्थल पर जाकर अपना मोबाइल खुद नहर में फेंका था और वह उसे एक दिन पूर्व हुए झगड़े के बाद ‘मूड फ्रेश’ करने के बहाने से नहर के पास ले गया था।

इसका अर्थ यह भी हो सकता है कि अंकिता की हत्या आकस्मिक आक्रोश के कारण नहीं, बल्कि पहले से सोची समझी साजिश के तहत उसे नहर पर योजनाबद्ध तरीके से नहर पर ले जाकर और वहां से धक्का देकर की गई हो सकती है। पुलिस इस बात की पुख्ता तरीके से जांच कर रही है।

एसआईटी प्रभारी डीआईजी पी रेणुका देवी ने हत्याकांड में जांच को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने लक्ष्मणझूला थाने में बताया कि एसआईटी की जांच काफी आगे बढ़ चुकी है। हत्या के मसकद और कैसे-कैसे घटनाक्रम हुआ, इस पर टीम ने काफी काम कर लिया है। एसआईटी ने आरोपितों को साथ लेकर कुनाऊं पुलिया के पास घटनास्थल पर क्राइम सीन को रिक्रिएट भी कर लिया है। इसके अलावा रिजॉर्ट में काम करने वाले सभी चार कर्मचारियों व पूर्व कर्मचारियों के न्यायालय में बयान भी करवा दिए गए हैं, साथ ही उनके पास मौजूद साक्ष्यों को भी टीम ने कब्जे में ले लिया है। अंकिता के दोस्त से भी पूछताछ की गई है। डीआईजी ने बताया कि रिजॉर्ट में 18 सितंबर की रात्रि मारपीट जैसी कुछ घटना जरूर हुई है। लेकिन ज्यादा मारपीट नहीं हुई। जांच में यह सामने आया है कि रिजॉर्ट में कमरों के वीआईपी स्यूट भी हैं।

एसआईटी ने मुख्य आरोपित पुलकित का मोबाइल पहले ही बरामद कर लिया था। एक-दो मोबाइल और हैं, जिनकी तलाश जा रही है। घटना के दिन पूरे क्षेत्र में सक्रिय मोबाइलों की भी सर्विलांस के माध्यम से पहचान व तलाश भी की जा रही है, इससे पता चलेगा कि उस दिन रिजॉर्ट और आसपास कितने लोग और ग्राहक मौजूद थे। उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल इस मामले में वर्तमान में 23 सितंबर को गिरफ्तार किए गए केवल तीन आरोपी पुलकित, अंकित और सौरभ ही हैं। इन आरोपितों से इतर अभी किसी अन्य को लेकर कोई साक्ष्य नहीं है। यदि विवेचना में किसी अन्य के बारे में भी सबूत मिलते हैं, तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। यह भी बताया कि तीनों हत्यारोपितों को पुलिस रिमांड की अवधि पूरी होने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में पौड़ी के जिला कारागार खांड्यूसैंण जेल में दाखिल करवा दिया है।

पूछताछ में रिजार्ट के एक कर्मचारी ने बताया कि हत्या से एक दिन पहले यानी 17 सितंबर की रात आरोपी पुलकित ने अंकिता को डराने की कोशिश की थी, और कई बातें भी कही थीं। यह सारा वाक्या इस चश्मदीद के सामने ही हुआ था। लेकिन अंकिता के इरादे भांपकर पुलकित ने उसे ठिकाने लगाने की योजना तभी बना ली थी। जिसके तहत ही वह अगले दिन अंकिता को ‘मूड फ्रेश’ करने के बहाने रिजार्ट से बाहर ले गया था, और वहां उसने अंकिता को नहर में धक्का दे दिया। सूत्रों के अनुसार पुलकित को जब सामने बैठाकर प्रमाण दिखाए गए कि उसका मोबाइल तो घटना के अगले दिन भी सक्रिय था, उसके मोबाइल पर 19 सितंबर को भी घंटी जा रही थी। इस पर वह टूट गया।

यह भी बताया जा रहा है कि अंकिता हत्याकांड में एसआईटी अब वनंत्रा रिजॉर्ट के उन खास मेहमानों का पता लगाने में जुट गई है, जिनको ‘एक्स्ट्रा सर्विस’ देने का दबाव अंकिता पर बनाया जा रहा था। इसके लिए एसआईटी साइबर सेल की मदद ले रही है। साइबर सेल की टीम ने घटनास्थल और रिजॉर्ट के पास सक्रिय रहे मोबाइल नंबरों की टॉवर सेल आईडी ट्रेकर लगाकर जांच की है। इस तकनीक के जरिये मोबाइल टॉवरों की मदद से घटना के दिन रिजॉर्ट और घटनास्थल पर मौजूद मोबाइल नंबरों की जानकारी मिलेगी।

वहीं, हाल ही में एसआईटी को चीला शक्ति नहर से एक मोबाइल मिला था। यह अंकिता या पुलकित आर्य का हो सकता है। मौके पर अंकिता और पुलकित दोनों के पास मोबाइल थे। ऐसे में मोबाइल नंबर से दूसरे मोबाइल और उसकी अंतिम लोकेशन भी मिल जाएगी। नंबरों से घटना के दिन रिजॉर्ट में मौजूद खास मेहमानों की जानकारी भी मिल सकेगी। हालांकि, विशेषज्ञ सूत्रों के अनुसार, प्रक्रिया जटिल होने के कारण जांच में कुछ समय जरूर लगेगा। लेकिन, रिजॉर्ट में मौजमस्ती के लिए आने वाले खास मेहमान एसआईटी के शिकंजे में आ सकते हैं। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : अंकिता हत्याकांड में एक चश्मदीद का दावा, अंकिता को रिजॉर्ट में ही इतना प्रताणित किया गया था, जो उसकी मौत का कारण बना

नवीन समाचार, देहरादून, 2 अक्तूबर 2022। अंकिता भंडारी हत्याकांड में नित नये खुलासे हो रहे हैं। इससे मामला और पेंचीदा होता जा रहा है, साथ ही यह भी पता चल रहा है कि नेता पुत्र पुलकित आर्या कितनी दबंगई से अपना रिजॉर्ट चला रहा था। इस मामले में अब एक चश्मदीद, जिसे मुख्य चश्मदीद भी कहा जा रहा है। रिजॉर्ट में मौजूद चश्मदीद के यह बयान इस ओर इशारा कर रहे हैं कि 18 सितंबर को हत्या से पहले अंकिता को रिजॉर्ट में ही इतना प्रताड़ित किया गया और मारा-पीटा गया था जो शायद उसकी मौत की वजह बनी हो। उल्लेखनीय है पोस्टमार्टम में अंकिता के शरीर में चोट के निशान पाए जाने की बात भी कही जा रही थी।

चश्मदीद के अनुसार अंकिता ‘वनंत्रा रिजॉर्ट से जाना है और हेल्प-हेल्प चिल्ला रही थी, तथा पुलकित उसे कमरे में खींच कर ले जा रहा था। चश्मदीद ने खुलासा किया है कि उसने अपनी आंखों से देखा कि कैसे पुलकित अंकिता पर अत्याचार कर रहा था। चश्मदीद के अनुसार, ‘यह 18 सितंबर की बात है, जब कुछ गेस्ट होटल के अंदर आए थे, चश्मदीद उस समय छत पर खड़ा नीचे की ओर देख रहा था कि तभी अंकिता जोर-जोर से ‘हेल्प मी-हेल्प मी’ और यह कहते हुए चिल्लाते हुए कह रही थी, उसे यहां से निकलना है। जैसे ही अंकिता चिल्लाने लगी, तो शराब के नशे में धुत पुलकित उसका मुंह पकड़ कर उसे घसीटते हुए अंदर ले गया। चश्मदीद के अनुसार इससे पहले भी कई बार शराब के नशे में पुलकित अंकिता के साथ इस तरह की हरकत को अंजाम दे चुका था।

लेकिन इस मामले में दूसरी ओर यह बात भी सामने आ रही है कि अंकिता रिजॉर्ट से पुलकित सौरभ और अंकित के साथ ऋषिकेश गई थी। पुलिस अंकिता के पुलकित के साथ ऋषिकेश जाने की बात करती आई है। बताया जा रहा है कि पुलिस के पास इन तीनों के सीसीटीवी फुटेज मौजूद हैं। वहीं एक और बात यह भी प्रकाश में आई है कि पुलकित ने एशियन हाथी के सबसे बड़े गलियारे और बाघ संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण तथा हर तरह की बाह्य गतिविधियों के लिए प्रतिबंधित राजाजी टाइगर रिजर्व के अंतर्गत शक्ति नहर के बगल में स्थित गंगा भोगपुर मल्ला क्षेत्र से सटे एक चरागाह में पैराग्लाइडिंग कर उतरा था। वन विभाग के अधिकारी भी उसकी इस हिमाकत की पुष्टि कर रहे हैं, अलबत्ता उनका कहना है कि सूचना मिलने पर जब वह मौके पर पहुंचे तो पुलकित अपना सामान पैक कर रहा था। इसके बाद उसे सख्त चेतावनी दी गई थी। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : अंकिता हत्याकांड में एक और नेता पुत्र के शामिल होने की चर्चाएं…

नवीन समाचार, देहरादून, 1 अक्तूबर 2022। प्रदेश के बहुचर्चित अंकिता हत्याकांड मामले में एक और वीआईपी युवक चर्चा में है। बताया जा रहा है कि यह युवक भी घटना के दिन उस रिजॉर्ट में मौजूद था, जहां अंकिता काम करती थी और उसे चिल्ला नहर में ले जाकर धक्का देकर मार डाला गया था। इस युवक के नेता पुत्र होने की भी चर्चाओं का बाजार गर्म है।

उल्लेखनीय है कि अंकिता के अपने पुष्प नाम के जम्मू में रहने वाले दोस्त से इस वीआईपी का जिक्र किया था। इधर जांच में यह बात प्रकाश में आ रही है कि बीते 18 सितंबर को अंकिता को चिल्ला नहर में धक्का दे देने के बाद पुलकित और उसके मैनेजर व सहायक मैनेजर जहां इस घटना को छुपाने और रिजॉर्ट के कर्मचारियों के सामने ऐसा दर्शाने की कोशिश कर रहे थे जैसे कुछ हुआ ही नहीं था। इसी कोशिश में उसने अन्य कर्मचारी से अंकिता के कमरे में खाना भी भिजवाया था, और उस कर्मचारी ने ही बताया कि अंकिता कमरे में नहीं है। यह खाना रिजॉर्ट में बुल्डोजर चलने के बाद भी कमरे में पड़ा हुआ था।

बताया जा रहा है कि इसके बाद रिजॉर्ट में मौजूदा इस वीआईपी युवक ने ही पुलकित को राजस्व पुलिस में अंकिता की गुमशुदगी की सूचना देने को कहा था, इसके बाद रात्रि दो बजे पुलकित ने पटवारी वैभव प्रताप सिंह को अंकिता की गुमशुदगी की सूचना दी। कहा जा रहा है कि गुमशुदगी की राय देने वाला यह युवक और अंकिता की चैट में बताया जा रहा युवक एक ही था और किसी नेता का पुत्र था। हालांकि अब तक इन तीनों तथ्यो की पुष्टि करने वाला कोई तथ्य प्रकाश में नहीं आया है।

उधर, पुलिस को इस मामले में कोटद्वार न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रथम श्रेणी) भावना पांडे की अदालत से पुलकित व मैनेजर व सहायक मैनेजर की शुक्रवार से रविवार तक की तीन दिन की रिमांड मिल गई है। पुलिस की ओर से बताया गया है कि चूंकि इन तीनों की गिरफ्तारी के दिन स्थानीय लोगों की आक्रोशित भीड़ ने पुलिस की मौजूदगी में इन लोगों की बुरी तरह से पिटाई कर दी थी, इसलिए पुलिस ने लोगों के आक्रोश और ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न होने देने की नीयत से अदालत से इनकी रिमांड मांगी ही नहीं थी। उल्लेखनीय है कि पुलिस की रिमांड न लेने को लेकर काफी आलोचना की जा रही थी। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : फॉलोअप अंकिता हत्याकांड: पूर्व कर्मचारी ने बताया पहले भी अंकिता को घुमाने ले गया था पुलकित, एक ग्राहक ने अंकिता को…

नवीन समाचार, देहरादून, 28 सितंबर 2022। उत्तराखंड के वनंतरा रिजॉर्ट में 19 साल की अंकिता भंडारी की हत्या के मामले में कई चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। रिसॉर्ट के एक पूर्व कर्मचारी ने दावा किया है कि सितंबर के पहले हफ्ते में भी पुलकित आर्य अंकिता को कहीं घुमाने के लिए ले गया था। इस कर्मचारी ने दावा किया कि उसकी अंकिता के साथ दोस्ती थी। इस कारण उसे प्रताड़ित किया गया और उसे छह दिन में ही नौकरी छोड़नी पड़ी।

इस पूर्व कर्मचारी ने एक समाचार चैनल को बताया, ‘एक सितंबर को रिजॉर्ट में एक पार्टी हुई थी। इसमें एक समलैंगिक तरह के ग्राहक ने अंकिता को जबरन गले भी लगाया था। वह भारतीय था, लेकिन देश से बाहर कहीं नौकरी करता था। पार्टी में एक अन्य युवक था, जो अक्सर रिजॉर्ट में आकर ड्रोन भी उड़ाता था।’ पूर्व कर्मचारी के अनुसार इस व्यक्ति का देहरादून में ड्रोन का बिजनेस है और वह पार्टी के बाद एक रात और रिजॉर्ट में बिता कर गया था।’

पूर्व कर्मचारी ने बताया, ‘इन 5 दिनों में अंकिता मेरी अच्छी दोस्त बन गई थी। इस नाते वह मुझसे सब कुछ शेयर करती थी। रिसॉर्ट में दोनों को दिक्कतें होने लगीं और मेरे काम पर सवाल उठाया जाता था कि तू काम नहीं करता। इन्हें यह लग गया था कि मेरे रहते अंकिता यहां पर सुरक्षित है और इनको यह पता नहीं था कि अंकिता मेरे अलावा किसी और अपने दोस्त के साथ बात करती है।’

पूर्व कर्मचारी ने बताया ‘सितंबर के पहले सप्ताह में भी पुलकित आर्य अंकिता को घुमाने ले गया था। उस दिन भी बहुत दारू पीकर रिजॉर्ट में वापस आया था। पुलकित अपने वर्करों को बोलता था कि मुझे बहुत जल्द गुस्सा आता है।’ रिजॉर्ट में काम करने वाले पूर्व कर्मचारी ने बताया, ‘मैंने 31 अगस्त 2022 को रिजॉर्ट ज्वाइन किया था और 5 सितंबर 2022 को छोड़ दी थी। रिसोर्ट के मालिक पुलकित आर्य, मैनेजर सौरभ भास्कर, अंकित गुप्ता का व्यवहार कर्मचारियों के साथ पहले दिन कुछ और रहता है और बाद में कुछ और हो जाता था।’

उसने बताया, ‘मुझे सेलरी भी नही दी गई और अगर मैं छोड़ता नहीं तो जो अंकिता के साथ हुआ वह मेरे साथ भी हो सकता था। रिसोर्ट में सौरभ भास्कर, पुलकित और अंकित गुप्ता आपस में काफी करीब थे। यह कोई भी काम करते थे किसी अन्य कर्मचारी को नहीं बताते थे कि क्या-क्या होना है और क्या नहीं। सबके सामने यह साबित करते थे कि तीनों में से किसी एक की बात, किसी दूसरे को पता नहीं है।’

पूर्व कर्मचारी के अनुसार, ‘तीनों लोग एक ही कमरे में रहते थे, जबकि एक असिस्टेंट मैनेजर था, एक मैनेजर था। कर्मचारी कभी भी मालिक के साथ नहीं रहते। मगर, ये तीनों एक ही रिजॉर्ट में एक ही कमरे में रहते थे। सौरभ भास्कर और पुलकित आर्य क्लासमेट हैं। पूर्व कर्मचारी ने यह भी बताया कि अपना काम करने के बाद सभी कर्मचारियों को बोला जाता था कि वे वापस किचन में चले जाएं।’

उधर मेरठ की रहने वाली इसी रिजॉर्ट की एक पूर्व कर्मचारी लड़की ने बताया कि रिजॉर्ट में लड़कियां आती थीं और उनका कोई रिकॉर्ड नहीं रखा जाता था। रसूखदार पुलकित ग्राहकों की शराब तक चोरी करता था। पुलकित रिजॉर्ट की महिला कर्मचारियों पर गलत नीयत रखता था। वह नशे में गाली गलौज करता था। वहां से परेशान होकर नौकरी छोड़नी चाही तो उसे सैलरी नहीं दी गई। लड़की ने आरोप लगाते हुए कहा, ‘रिजॉर्ट में लड़कियों के साथ अच्छा व्यवहार नहीं किया जाता था। ग्राहकों को परोसने के लिए लड़कियों को रिजॉर्ट तक लाने की जिम्मेदारी खुद अंकित आर्य संभालता।’ (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : अंकिता के हत्यारोपित पुलकित व क्षेत्रीय पटवारी पर पूर्व में काम कर चुकी शादीशुदा युवती ने लगाए बड़े आरोप, कमरे में बुलाता था, पति सहित रात में भागकर बचाई जान

नवीन समाचार, देहरादून, 26 सितंबर 2022। अंकिता भंडारी हत्याकांड में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। जून 2022 तक वनंतरा रिजॉर्ट में काम कर चुके पति-पत्नी ने सामने आकर इस विवादास्पद रिजॉर्ट और रिजॉर्ट स्वामी अंकिता के हत्यारोपित पुलकित आर्य एवं स्थानीय पटवारी के बारे में कई बड़े खुलासे किए हैं। वर्तमान में मेरठ में अपने पति के साथ रहने वाली देहरादून की वनिता (गोपनीयता के दृष्टिगत बदला हुआ नाम) ने बताया कि वनंतरा रिजॉर्ट में मात्र 2 महीने काम करने में वह इतने परेशान हो गए कि यहां से रातोंरात भागकर अपनी जान बचानी पड़ी।

उन्होंने बताया कि होटल मैनेजमेंट के कोर्स करने के बाद दोनों पति-पत्नी नौकरी की तलाश रहे थे, तभी उन्हें पुलकित आर्य के इस रिजॉर्ट में नौकरी उपलब्ध होने की जानकारी मिली। दोनों ने यहां आकर पुलकित आर्य से संपर्क किया, तो दोनों की यहां नौकरी लग गई। लेकिन पुलकित उन्हें इतना परेशान करता था कि कई बार उन्होंने यहां से भागने की सफल न हो पाई कोशिशें की। उन्होंने बताया कि पुलकित अपने स्टाफ को यहां फंसाकर रखता था, जिसके कारण यहां से निकलना मुश्किल होता था। वनिता पर पुलकित ने चोरी का आरोप लगाया। इसके बाद उससे बकायदा लिखित में माफी मंगवाई, जबकि उसने कोई चोरी नहीं की थी। इस तरह अन्य कर्मियों को भी वह अपने यहां फंसाकर रखता था।

वनिता ने यह भी बताया कि पुलकित ने उसके पति से कहा कि अपनी पत्नी को रूम में भेज दो। यह बाद पति-पत्नी को बहुत अजीब लगी। पुलकित ने इशिता से जबरदस्ती रूम में खाना मंगवाने की जिद भी की। उस वक्त पुलकित शराब के नशे में था, लेकिन इशिता वहां नहीं गई। इस बात से पुलकित बेहद नाराज हुआ। ऐसी स्थितियों में उन्होंने परेशान होकर पुलिस को फोन किया तो पुलिस ने कहा कि यह पुलिस क्षेत्र नहीं बल्कि राजस्व क्षेत्र है। इसके बाद उन्होंने पटवारी को फोन किया, तो उनका दावा है कि पटवारी ने वहां आकर उल्टा उन्हें ही धमकाया। पटवारी ने यह हिदायत दी कि अगर यहां ज्यादा तेज बनने की कोशिश की तो उन्हें अंजाम भुगतने होंगे। उन्होंने यह भी बताया कि पटवारी अमूमन यहां पर कई बार रात और दिन में आया करता था। पुलकित आर्य के पटवारी और उससे जुड़े हुए लोगों से अच्छे संबंध थे। इन स्थितियों में उन्होंने यहां से रात में भागकर अपनी जान बचाई।

दंपति ने यह खुलासा भी किया कि पुलकित रिजॉर्ट में कुछ वीआईपी लोगों व अपने दोस्तों को लेकर आता था जिनके लिए लड़कियां मंगाई जाती थी। रिजॉर्ट में हमेशा कुछ लड़कियों का आना-जाना लगा रहता था, उनके नाम और नंबर पुलकित कभी नोट नहीं करने देता था। पुलकित भी इन लड़कियों को अपने साथ रखकर समय बिताता था। उन्होंने बताया कि रिसोर्ट में भारी मात्रा में शराब तो आती ही थी बल्कि साथ में सुल्फा-गांजा और अन्य तरह की नशीली चीजें भी रिसोर्ट में मौजूद रहती थीं।

पुलकित का पुराना इतिहास भी खराब
उल्लेखनीय है कि अपने पिता के लिए ‘सीधा-साधा बच्चा’, अंकिता का हत्यारोपित पुलकित आर्या अपने कारनामों की वजह से पहले भी कई बार सुर्खियों में आ चुका है। आपराधिक प्रवृत्ति का पुलकित पहली बार उस समय सुर्खियों में आया था जब 2016 में उसने उत्तराखंड आयुष प्री मेडिकल टेस्ट (UAPMT) में अपनी जगह किसी और को बैठाकर परीक्षा पास की थी। इस पर उसके खिलाफ पुलिस में अभियोग भी दर्ज हुआ था और उसे कॉलेज ने उसे निकाल दिया गया था, लेकिन राजनीतिक रसूख के चलते उसे फिर से प्रवेश मिल गया। विश्वविद्यालय ने इस पर सफाई दी थी कि यदि उस पर दोषी सिद्ध हो जाते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

इसके अलावा पुलकित आर्या दूसरी बार मई 2020 में तक सुर्खियों में आया, जब पूरे देश में कोरोना की वजह से लगे लॉकडाउन के दौरान वह कोविड नियमों को धता बताते हुए बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर हेलंग से लगे उर्गम गांव पहुंच गया था। वहां ग्रामीणों ने उसका विरोध किया। इस दौरान उसने वहां पत्रकारों और ग्रामीणों के साथ अभद्रता भी की थी। इसी दौरान वह यूपी के विवादित नेता अमरमणि त्रिपाठी के साथ भी उत्तरकाशी के प्रतिबंधित क्षेत्र में चला गया था।

इसके अलावा आरोप है कि पुलकित के रिजॉर्ट से कुछ साल पहले प्रियंका नाम की एक अन्य लड़की भी गायब हुई थी। उस पर भी पुलकित ने चोरी का आरोप लगाया था। जोकि उसका अपने कर्मियों को फंसाकर रखने का उपक्रम हो सकता है। इसकी पुष्टि वनिता के आरोपों से भी होती है। प्रियंका का अब तक कोई पता नहीं चल सका है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

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Rishikesh News : रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की हत्या कर शव चीला नहर में फेंक दिया। फाइल फोटोनवीन समाचार, देहरादून, 23 सितंबर 2022। गंगा भोगपुर स्थित वनतरा रिसॉर्ट में संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हुई पौड़ी गढ़वाल निवासी 19 वर्षीय रिसेप्सनिस्ट अंकिता भंडारी के मामले का पुलिस ने करीब 24 घंटे में ही खुलासा कर दिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपितों पुलकित आर्य, अंकित और सौरभ भाष्कर ने जुर्म कबूल लिया और पूरे मामले का सच बताया। मुख्य आरोपित पुलकित हरिद्वार के भाजपा नेता डॉ. विनोद आर्य का पुत्र है।

पुलिस पूछताछ में पता चला कि रिसॉर्ट का मालिक पुलकित आर्य और अन्य आरोपित अंकिता पर ग्राहकों से शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाते थे। यह बात अंकिता ने अपने कुछ साथियों को बता दी थी। इसी को लेकर अंकिता और आरोपितों के बीच विगत 18 सितंबर को विवाद हुआ था। जिसके बाद आरोपित उसे अपने साथ दोपहिया वाहन में घुमाने के लिए ले गए।

रास्ते में तीनों आरोपितों के बीच दोबारा कहासुनी हुई। इस दौरान उनके बीच हाथापाई भी हुई। जिससे अंकिता को धक्का लगा और वह नहर में गिर गई। आरोपित अंकिता को ऐसे ही छोड़ वापस रिसॉर्ट आ गए और सबको नई कहानी सुनाई। लेकिन पुलिस पूछताछ में आरोपितों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। हालांकि अभी तक अंकिता का शव बरामद नहीं हो पाया है। शव की तलाश हेतु एसडीआरएफ द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि अंकिता भंडारी का वनतरा रिजॉर्ट गंगा भोगपुर से दिनांक 18 सितंबर से लापता थी। पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने मामले की जांच वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी गढ़वाल यशवंत सिंह चौहान को सौंपी थी। जिसका शुक्रवार को खुलासा कर दिया गया।

रिजॉर्ट से मिले सीसीटीवी फुटेज से पूरे मामले का पता चला। जिसके आधार पर मामले में रिजॉर्ट का मालिक पुलकित आर्य, मैनेजर सौरभ भाष्कर और अंकित उर्फ पुलकित गुप्ता की संलिप्तता सामने आई। सीसीटीवी में अंकिता इन तीनों के साथ रिजॉर्ट से जाती दिखी।

रिजॉट कर्मियों से पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि 18 सितंबर को अंकिता काफी परेशान थी। उन्होंने बताया कि अंकिता रात करीब आठ बजे पुलकित आर्य, मैनेजर सौरभ भाष्कर और अंकित उर्फ पुलकित गुप्ता के साथ गई थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। उस रात लौटने के बाद तीनों आरोपितों ने स्टाफ को अंकिता के कमरे में खाना देने नहीं भेजा, बल्कि खुद अंकित उर्फ पुलकित गुप्ता उसके कमरे में खाना लेकर गया था।

इसके बाद पुलकित आर्य पुत्र डॉ. विनोद आर्य निवासी स्वदेशी भवन आर्यनगर थाना ज्वालापुर हरिद्वार उम्र करीब 35 वर्ष, अंकित उर्फ पुलकित गुप्ता पुत्र राजेन्द्र कुमार गुप्ता निवासी 42 ए दयानंद नगरी थाना ज्वालापुर हरिद्वार उम्र करीब 19 वर्ष और सौरभ भाष्कर पुत्र शक्ति भाष्कर निवासी 18 ए सूरजनगर थाना ज्वालापुर हरिद्वार उम्र करीब 35 वर्ष को हिरासत में लिया गया।

तीनों से पूछताछ की गई तो उन्होंने अपराध कबूल कर लिया। इकबाले जुर्म करते हुए आरोपित सौरभ ने बताया कि 18 सितंबर की शाम पुलकित व अंकिता रिजॉर्ट में थे तब दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इस पर पुलकित ने कहा कि अंकिता गुस्से में है इसे लेकर ऋषिकेश चलते हैं। चारों एक बाइक और एक स्कूटी से रिजॉर्ट से निकले। हम लोग बैराज होते हुए एम्स के पास पंहुचे। तब बैराज चौकी से करीब 1.5 किमी दूर पुलकित अंधेरे में रुका तो हम भी रुक गए। उसके बाद वह हमने शराब पी और मोमो खाए।

हम अंकित व पुलकित चीला रोड पर नहर के किनारे बैठे हुए थे। तभी दोबारा अंकिता व पुलकित के बीच विवाद हुआ। पुलकित ने कहा कि अंकिता हमें अपने साथियों के बीच बदनाम करती है। हमारी बातें अपने साथियों को बताती थी कि हम उसे ग्राहकों से शारीरिक संबंध बनाने के लिये कहते हैं।

इस पर अंकिता गुस्सा हो गयी और उससे हमारी झड़प हो गयी। तब अंकिता ने कहा कि मैं रिजॉर्ट की हकीकत सबको बता दूंगी और इतना कहकर उसने पुलकित का मोबाइल नहर में फेंक दिया। इस पर हमें गुस्सा आ गया। हम नशे में थे, पता नहीं चला कि हम क्या कर रहे हैं। अंकिता हमसे हाथापाई करने लगी तो हमने गुस्से में उसे धक्का दे दिया और वह नहर में गिर गई। हम घबरा गए और प्लान के तहत रिजॉर्ट पहुंचकर शैफ मनवीर से अंकिता के बारे में पूछने पर कहा कि वह हमारे साथ नहीं थी। प्लान के तहत अंकित ही खाना लेकर अंकिता के कमरे मे गया और खाना रखकर आ गया। अगली सुबह पुलकित और अंकित गुप्ता हरिद्वार चले गये और हरिद्वार से पुलकित ने नया मोबाइल और अपने जियो का डमी सिम खरीदा।

प्लान के तहत पुलकित ने हमारे रिजॉर्ट में काम करने वाले सौरव बिष्ट को कहा कि अंकिता को कमरे में जाकर उसका फोन ले आओ ताकि सौरव बिष्ट कमरे में जाये और हमें बताये की अंकिता कमरे में नहीं है और न ही फोन है। और यही हुआ। पुलकित ने ही अंकिता की गुम होने की एफआइआर दर्ज कराई। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : युवक की हत्या के मामले में उसका प्रेमी व दो अन्य हत्यारोपित गिरफ्तार

Two murderers arrested High court recovered - दो हत्यारोपी गिरफ्तार,  आलाकत्ल हुआ बरामदनवीन समाचार, रुड़की, 2 सितंबर 2022। रुड़की की गंगनहर कोतवाली पुलिस को मंगलवार को हुई पथरी के युवक एक्कड़ गांव निवासी सतबीर की हत्या की गुत्थी सुलझाने में सफलता हासिल कर ली है। इस मामले में मृतक की पत्नी और दूर के दो रिश्तेदारों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के द्वारा बताया गया है कि मृतक की पत्नी का आरोपित के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था और इसलिए सभी ने साजिश रचकर सतबीर को मौत के घाट उतार दिया।

घटना का खुलासा करते हुए एसपी देहात परमेंद्र सिंह डोभाल ने बताया कि 30 अगस्त को सालियर मंगलौर रोड पर एक युवक का शव पड़ा होने की सूचना मिली थी। शिनाख्त करने पर उसकी पहचान सतबीर पुत्र कुलबीर निवासी एकड़ थाना पथरी के रूप में हुई थी, मामले के खुलासे के लिए टीमों का गठन किया गया। सुरागकसी करते हुए पता लगा कि सतबीर अपनी बुलेरो गाड़ी से दोस्तों के साथ पंजाब जाने की बात कहकर निकला था, लेकिन ज्वालापुर में गाड़ी ठीक करवाने के बाद पंजाब की ओर दोस्तों के साथ रवाना हुआ।

पुलिस ने बाहदराबाद टोल प्लाजा पर सीसीटीवी कैमरे चेक किए तो पता लगा कि सतबीर की गाड़ी में उसके रिश्तेदार गुरुसेवक देओल पुत्र कर्मवीर सिंह निवासी ग्राम मदपुरी थाना बड़ापुर जिला बिजनौर और सोनू कुमार पुत्र खुशीराम निवासी हिदायतपुर अफजलगढ़ बिजनौर सवार हुए। पुलिस ने दोनों आरोपितों को एथल से गिरफ्तार किया तो पता लगा कि गुरुसेवक का मृतक सतबीर की पत्नी नवनीत कौर से प्रेम प्रसंग चल रहा था। इसलिए उन्होंने मिलकर उसके पति सतबीर को मारने की योजना बनाई। इसके लिए पहले वह सतबीर को गोली मारकर मौत के घाट उतारना चाहते थे। बाद में चाकू से गला रेतकर उसे मारा गया। पुलिस ने मृतक की पत्नी को भी गिरफ्तार किया है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : सुबह हुई मा-बेटी की हत्या में सनसनीखेज खुलासा, 13 साल का प्यार और….

नवीन समाचार, काशीपुर, 1 सितंबर 2022। काशीपुर में गुरुवार सुबह हुए मां-बेटी के दोहरे हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। बताया गया है कि 13 साल का प्यार शादी के मुकाम तक न पहुंचने पर सिरफिरे प्रेमी ने अपनी प्रेमिका और उसकी मां की गला रेत कर हत्या कर दी, और खून से सने हाथों के साथ थाने में जाकर आत्मसमर्पण कर दिया।

मालूम हो कि गुरुवार की सुबह लगभग पौने 11 बजे शहर के अल्ली खां मोहल्ले का निवासी मौ. सलमान पुत्र इसरार हुसैन कोतवाली आया और पुलिस को बताया कि उसने अपनी प्रेमिका शीबा पुत्री रहीस अहमद और उसकी माँ शबाना पत्नी रहीश अहमद निवासी अल्ली खां, इमली चौक काशीपुर को चाकू से जान से मार दिया है। शीबा का शव घर के पास गली में तथा माँ का शव उसी के घर में पड़ा है और जिस चाकू से हत्या की है वह चाकू उसने उन्हीं के घर के कमरे में फेंका है।

इस सूचना की सत्यता व पुष्टि हेतु पुलिस की एक टीम उसे साथ लेकर घटनास्थल पर पहुंची और उसकी निशानदेही पर मृतका शीबा और उसकी माँ शबाना के शव को कब्जे में लेकर 108 एम्बुलेंस के माध्यम से एलडी भट्ट उप जिला चिकित्सालय भेजा व आरोपित की निशानदेही पर घटना में प्रय चाकू बरामद कर कब्जे में लिया।

आगे इस घटना के संबंध में ग्राम मिस्सरवाला थाना कुण्डा जिला उधमसिंह नगर निवासी जमीर अहमद पुत्र अब्दुल वहीद ने पुलिस को तहरीर दकर बताया कि उसकी बहन और भांजी की हत्या मौ. सलमान ने की है। तहरीर के आधार पर कोतवाली काशीपुर में आरोपित के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया।

मामले का खुलासा करते हुए एसएसपी उधमसिंह नगर डॉ. मंजूनाथ टीसी ने बताया कि जब आरोपित मौ. सलमान से पूछताछ की तो उसने बताया कि उसका शीबा पुत्री रहीस अहमद के साथ विगत 13 वर्ष से प्रेम-प्रंसग चल रहा था। उसने अपने परिवार के सदस्यों के जरिए शीबा के घर अपनी शादी का रिश्ता भिजवाया था। जिस पर शीबा के घरवालों ने उनकी शादी के लिए रजामंदी दे दी थी। लेकिन कुछ समय पश्चात शीबा के परिवार ने शादी करने से मना कर दिया और उन्होंने शीबा की शादी मुरादाबाद उत्तर प्रदेश निवासी युवक से तय कर दी। लेकिन किन्हीं कारणों से शीबा का रिश्ता वहां से टूट गया।

सलमान ने बताया कि शीबा के परिवार वाले शीबा का रिश्ता टूटने का ठीकरा उसके ऊपर फोड़ने लगे। जिस कारण उनके बीच आपस में अनबन होने लगी। फिर कुछ दिन पूर्व उसका शीबा से पुनः प्रेम प्रसंग शरू हो गया। उसने पूर्व में करीब तीन-चार लाख रुपये उनकी जरूरतों के सम्बन्ध में दिये थे। सलमान ने बताया कि शीबा उसके अलावा अन्य कई लड़कों के सम्पर्क में थी। वह कई अन्य लड़कों से भी बात करती थी।

सलमान ने यह भी बताया कि वह सउदी अरब में अरर नामक शहर में प्लम्बिग का काम करता है। जब वह वहां से शीबा को फोन करता था तो उसका फोन अक्सर बिजी रहता था। वह उसका फोन बहुत कम उठाती थी। इधर अगस्त के प्रथम सप्ताह में वह करीब 4 साल बाद घर आया और शीबा से शादी व अपने प्रेम-प्रसंग के बारे में बातें करनी चाही तो शीबा बार-बार टाल-मटोल कर रही थी। कल 31 अगस्त को शीबा और उसकी व्हाट्सअप के माध्यम से अपने सम्बन्ध में चैटिंग हुई। वह उस पर मुरादाबाद से उसकी शादी टूटने का आरोप लगाने लगी। इस पर दोनों का चैट में ही झगड़ा हो गया था।

रात्रि करीब पौने एक बजे सलमान ने शीबा को फोन किया तो शीबा का फोन वेटिंग में आ रहा था। उसे यकीन हो गया कि शीबा उसे धोखा दे रही है। उसे लगा कि दोनों माँ-बेटी के द्वारा उसके साथ घोखा किया गया था और साथ ही उसके तीन-चार लाख रुपये भी खर्च करवाये तो उसने आज प्रातः दोनों मां-बेटी पर चाकू से वार करके तथा उनका गला रेत कर उनकी हत्या कर दी। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : 17 साल की अंजली को सोशल मीडिया पर यामीन से दोस्ती पड़ी भारी, गला रेत कर दी हत्या, 24 दिन बाद मिला शव

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 27 अगस्त 2022। मोटाहल्दू की 17 वर्षीय किशोरी की मौत के मामले में बेहद चिंताजनक खुलासा हुआ है। अंजली के लिए फेसबुक पर अंजान शख्स से दोस्ती और फिर शादी के सपने देखना जानलेवा साबित हुआ। अंजली ने फेसबुक की दोस्ती के बाद जब अपने प्रेमी यामीन पर शादी का दबाव बनाया तो यह यामीन को इतना नागवार गुजरा कि उससे छुटकारा पाने के लिए यामीन ने दोस्त की मदद से अंजली की गला रेतकर हत्या कर दी। हल्द्वानी पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए हत्यारोपी यामीन और उसके साथी सचिन सक्सेना को धर दबोचा। आरोपितों की निशानदेही पर ही आज पुलिस ने युवती का शव बरामद किया।

मामले का खुलासा करते हुए एसपी सिटी हरबंस सिंह ने बताया कि तीन अगस्त को लालकुआं क्षेत्र निवासी अंजली आर्या की मां ने लालकुआं कोतवाली में गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखाई थी। जिसके बाद पुलिस ने तीन पुलिस टीमों का गठन किया था। आरोपितों ने पूछताछ में बताया कि अंजली और गांव बरा थाना पुलभट्टा निवासी प्रेमी यामीन की फेसबुक पर दोस्ती हुई थी। आगे व्हाट्सएप पर बातचीत के बाद दोनों किच्छा क्षेत्र में अक्सर मिला करते थे। इस बीच जब अंजली ने यामीन पर शादी का दबाव बनाया तो उसने साफ मना कर दिया।

अंजली की जिद बढ़ी तो यामीन ने उसे ठिकाने लगाने का प्लान बना दिया। इसके बाद यामीन ने तीन अगस्त को अंजली को सामान के साथ किच्छा बुलाया और अपने दोस्त सचिन सक्सेना की मदद से शक्तिफार्म रोड पर शहदौरान के जंगल में अंजली की गला रेतकर हत्या कर दी। आरोपितों की निशानदेही पर आज पुलिस ने मौके से युवती का शव भी बरामद कर लिया। अब पुलिस दोनों आरोपितों को कोर्ट में पेश करने की तैयारी में है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 27 अगस्त 2022। लालकुआं कोतवाली क्षेत्र से गत 3 अगस्त को गायब हुई एक 17 वर्षीय नाबालिग किशोरी का शव 24 दिन बाद किच्छा के पास बरा के जंगल में मिलने से सनसनी फैल गई। बताया गया है कि नाबालिग की गला रेतकर हत्या की गई है। मामले में ग्रामीणों ने हल्दूचौड़ पुलिस चौकी में धरना-प्रदर्शन कर पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।

मालूम हो कि मोटाहल्दू के खड़कपुर गांव निवासी खीम राम की 17 वर्षीय पुत्री अंजली उर्फ प्रिया गत 3 अगस्त को अचानक लापता हो गई थी। इस पर उसके परिजनों ने 4 अगस्त को कोतवाली लालकुआं में मामले की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। तभी से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। इधर पुलिस ने किशोरी से बात करने वाले एक युवक को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की तो उसकी निशानदेही पर शनिवार सुबह किच्छा-बरा के पास जंगल में किशोरी का शव बरामद किया। मामले में पुलिस ने किच्छा निवासी दो युवकों को भी हिरासत में लिया है।

इधर बालिका का शव बरामद होने के बाद ग्राम प्रधान शंकर जोशी, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि भुवन प्रसाद, क्षेत्र पंचायत सदस्य रिंकू पाठक, पूर्व प्रधान भास्कर के नेतृत्व में दर्जनों लोगों ने हल्दूचौड़ चौकी पहुंच कर हंगामा शुरू कर दिया। ग्रामीण चौकी पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगा रहे थे। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : हल्द्वानी में चार दिन पहले बने थे अग्निवीर भर्ती में पकड़े गए यूपी के मुन्नाभाई ताहिर के फर्जी प्रमाण पत्र, और भी बेपर्दा हो रहे हैं कई राज…

jagranनवीन समाचार, हल्द्वानी, 24 अगस्त 2022। रानीखेत के सोमनाथ ग्राउंड में अग्निवीर भर्ती के दौरान पकड़े गए ताहिर खान का स्थायी निवास प्रमाण पत्र जांच में फर्जी पाया गया है। जांच समिति की रिपोर्ट पर एसडीएम ने इसे निरस्त कर दिया है। अलबत्ता यह बात भी उभर कर आ रही है यूकेएसएसएससी परीक्षाओं की तरह इस मामले में भी यूपी के गिरोह भी उत्तराखंड में यहां की तहसीलों आदि में गहरी पैठ बना चुके हैं। यह भी पढ़ें : हल्द्वानी से फर्जी आधार कार्ड तथा जाति व स्थायी निवास प्रमाण पत्र बनाकर अग्निवीर भर्ती में पहुंचा मुन्ना भाई ताहिर, फिर…

इस मामले में यह बात भी प्रकाश में आई है कि आरोपित ताहिर खान यूपी के बुलंदशहर के अलीपुरा, थाना सिकंदराबाद, कोकड़ का रहने वाला है। उसने स्थायी निवास, जाति प्रमाणपत्र और आधार कार्ड भर्ती प्रक्रिया शुरू होन से चार दिन पूर्व यानि 16 अगस्त को हल्द्वानी के पते पर बनवाए गए थे। ताहिर खान का भर्ती के लिए जो पंजीकरण हुआ था वह अमित के नाम से था।

रैकेट ने हल्द्वानी तहसील कार्यालय में स्थायी निवास व जाति प्रमाणपत्र तथा आधारकार्ड के लिए आवेदन कब किया, पूछताछ में ताहिर ने सब कुछ तो नहीं उगला है मगर प्रमाणपत्रों के जारी होने की तारीख 16 अगस्त 2022 दर्ज है। सूत्रों के अनुसार दस्तावेजों में बाकायदा एसडीएम हल्द्वानी की मुहर भी लगी है। पुलिस भी इस मामले में बड़े गिरोह के शामिल होने की बात स्वीकार कर रही है। पुलिस का मानना है कि युवक ने यह फर्जी कार्य अकेले नहीं किया है। इसके पीछे एक बड़ा गिरोह हो सकता है। इसकी एवज में ताहिर ने रुपये भी दिए। पुलिस का कहना है कि जल्द इस गिरोह का पर्दाफाश किया जाएगा।

सीओ तिलक राम वर्मा ने बताया कि ताहिर खान के खिलाफ आईपीसी की धारा 467, 468, 471 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। अदालत में पेश कर आरोपी को जेल भेज दिया गया है। उधर हल्द्वानी के एसडीएम हल्द्वानी के अनुसार जांच में आया है कि रेलवे बाजार में रहने वाले एक व्यक्ति के बिजली के बिल, राशन कार्ड में नाम में परिवर्तित करके और अपने आधार कार्ड में अपना यूपी का पता हटाकर रेलवे बाजार का पता एक कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) से कूटरचित दस्तावेजों के जरिये यह प्रमाणपत्र बनाया गया था। इस सीएससी के लाइसेंस को निरस्त करने की संस्तुति डीएम से की गई है। पुलिस ने आरोपित के जाति प्रमाणपत्र, स्थायी निवास प्रमाणपत्र, हाईस्कूल का प्रमाणपत्र और आधार कार्ड अपने कब्जे में कर लिए गए हैं। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : आखिर दो माह बाद नैनीताल के चंदन हत्याकांड का खुलासा, पत्नी सहित 3 गिरफ्तार….

-शादी के 3 वर्ष ही हुए थे, ससुराल जाते-ससुराल के पास ही जंगल में की गई थी चंदन की हत्या, पत्नी-उसका भाई व एक अन्य गिरफ्तार

नवीन समाचार, भवाली, 10 अगस्त 2022। जिले के चर्चित चंदन सिंह गौनिया हत्याकांड का पुलिस ने आखिरकार दो महीने 10 दिन बाद खुलासा कर दिया है। इस मामले में मृतक की पत्नी 21 वर्षीय यशवंती देवी, उसके भाई 22 वर्षीय दिनेश रावत और एक टैक्सी चालक 25 वर्षीय कमल रावत पुत्र चैन सिंह रावत को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार दांपत्य जीवन अच्छा न चलने के कारण चंदन की हत्या की गई। अलबत्ता पुलिस इस बात का ठीक से खुलासा नहीं कर पाई कि आखिर तीन वर्ष के दांपत्य जीवन में ही एक 21 वर्षीय लड़की ने क्यों अपने पति की हत्या करवा दी।

विदित हो कि धारी के गौनियारो गांव निवासी 32 वर्षीय चंदन गौनिया पुत्र शिवराज सिंह की शादी वर्ष 2019 में डूंगरी गांव की यशवंती पुत्री चंदन सिंह रावत से हुई थी। बीती 29 मई को यशवंती अपने भाई दिनेश के साथ रामलीला देखने की बात कह मायके गई थी। लेकिन एक जून को ही उसने पति चंदन को अपने मायके बुला लिया।

ससुराल जाने के दौरान ही चंदन लापता हो गया और खोजबीन करने पर छह जून को यानी 5 दिन के बाद चंदन की लाश ससुराल के पास मुख्य मार्ग से एक किलोमीटर दूर जंगल में मिली। लाश को तेजाब से जलाया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए राजस्व क्षेत्र के इस मामले को पुलिस ने अपने हाथ में लिया। आगे 13 जून को मुक्तेश्वर पुलिस ने चंदन के भाई सुरेश की तहरीर पर अज्ञात हत्यारों के खिलाफ अभियोग पंजीकृत किया। तभी से पुलिस हत्याकांड का खुलासा करने के प्रयास में थी।

एसपी-अपराध डॉ.जगदीश चंद्र और एसओजी भी इस मामले की जांच कर रही थी। इस बीच पुलिस ने गांव 250 से अधिक लोगों से पूछताछ व गत 26 जुलाई को मृतक की पत्नी यशवंती, उसके भाई दिनेश व जीजा नरेद्र मेवाड़ी को दिल्ली स्थित सीबीआई के कार्यालय में ले जाकर उनकी पॉलीग्राफ जांच भी कराई थी, ताकि उनसे सच उगलवाया जा सके। लेकिन पॉलीग्राफ जांच की रिपोर्ट आने से पूर्व ही पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा कर दिया है।

एसएसपी पंकज भट्ट ने बताया कि हत्यारोपितों ने अपने जुर्म को पुलिस के समक्ष स्वीकार कर लिया है। पुलिस ने आज घटना का खुलासा करते हुए बताया कि पति-पत्नी के बीच दांपत्य जीवन ठीक नहीं चल रहा था। इसलिए यशवंती अपने पति चंदन से मुक्त होना चाहती थी। इसलिए उसने चंदन को बुलाया और दिनेश को बहन होने का वास्ता देकर कहा, उसे मार दो-अन्यथा मैं मर जाऊंगी। दिनेश ने चंदन को मारने में कमल की मदद ली।

उन्होंने चंदन को फोन कर डुंगरी बैंड में ही रुकने को कहा और वहीं उसकी पत्थर से मारकर हत्या कर दी और शव को जंगल में फेंककर चुपचाप रामलीला देखने आ गए। पहले हत्यारोपित लगातार अपने बयान बदलते रहे, और आखिर दबाव में आकर अपना जुर्म कबूल लिया। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

एसएसपी ने मामले का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को 5 हजार रुपए के नगद पुरस्कार देने की घोषणा की है। पुलिस टीम में थानाध्यक्ष मुक्तेश्वर महेश जोशी, एसओजी प्रभारी नंदन सिंह रावत, आरक्षी विपिन शर्मा, राजेश कुमार, प्रदीप पिल्ख्वाल, चंद्रशेखर मल्होत्रा, सुमन राणा, त्रिलोक सिंह व अशोक शामिल रहे। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : नाबालिग बहन से दुष्कर्म व उसकी मौत का बदला लेने के लिए भाई ने किया 10 वर्ष का इंतजार, फिर मार डाला…

एक हत्यारोपित पकड़ लिया, जबकि दूसरा फरार है।नवीन समाचार, रामनगर, 5 अगस्त 2022। बीते मंगलवार यानी 2 जुलाई को नगर का एक पुस्तक व्यवसायी सुहेल गायब हो गया था। आज उसका शव बरामद हो गया, साथ ही पुलिस ने खुलासा किया कि उसकी हत्या की गई थी। लेकिन हत्या क्यों की गई-इस बात का खुलासा और भी अधिक चौंकाने वाला है।

खास बात यह है कि एक भाई ने अपनी बहन से किए गए दुष्कर्म और बहन की मौत का बदला लेने के लिए 10 वर्ष का इंतजार किया। क्योंकि तब उसकी बदला लेने की आर्थिक व सामाजिक हैसियत नहीं थी। इस बीच वह फौज में भर्ती होकर समर्थ हो गया, और आखिर वह अपनी बहन से दुष्कर्म और उसकी मौत के लिए जिम्मेदार को सजा दिलाने के लिए हत्यारा बन गया।

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार सुहेल की स्टेशनरी की दुकान थी। उसने पड़ोस में रहने वाली दूसरे धर्म की अनुसूचित वर्ग की एक नाबालिग लड़की से प्रेम प्रसंग के नाम पर दुष्कर्म किया था। इसके बावजूद वह एक अन्य लड़की से भी संबंध बनाए हुए था। इसका पता जब नाबालिग लड़की को चला तो उसने उससे शादी करने को कहा, लेकिन सुहेल ने शादी करने से साफ इंकार कर दिया। इस पर नाबालिग ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी।

यह बात जब लड़की के भाई भरत आर्या को पता चली तो उसकी मनोदशा समझी जा सकती थी। लेकिन वह तब कुछ कर पाने में समर्थ नहीं था। बदले की आग में जलते हुए वह कुमाऊं रेजीमेंट में भर्ती हो गया और करीब 10 वर्ष बाद वह इधर बीती जुलाई माह की 14 तारीख को भरत एक माह की छुट्टी पर घर आया और उसने सुहैल को ठिकाने लगाने का प्लान बना लिया। उसने इस काम के लिए नारायणपुर मूल्या निवासी दिनेश टम्टा पुत्र भोपाल राम की मदद ली, और घटना के दिन जब सुहेल दुकान से घर जा रहा था तो पहले उसकी बाइक पर कार से टक्कर मार दी, जब वह नीचे गिर गया,

तो उसके बाद उसके सिर पर लोहे की राड से प्रहार किया गया। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद दोनों उसे कार में डालकर ले गए। उसकी बाइक को दिनेश चलाकर ले गया। उन्होंने सुहेल का मोबाइल, आधार कार्ड व पर्स नहर में फेंक दिया, और मुरादाबाद के छजलैट ले जाकर बाइक को फेंक दिया, और सुहेल के शव को गन्ने के खेत में ले जाकर फेंक दिया। पेट्रोल से उसका चेहरा भी जला दिया, ताकि उसकी पहचान न हो सके। इसके बाद दोनों रामनगर आ गए।

लेकिन पुलिस ने सीसीटीवी से मिले एक सुराग के आधार पर आरोपितों को पकड़कर न केवल मृतक के शव की बरामदगी बल्कि चार दिन में ही घटना का खुलासा भी कर दिया है। साथ ही मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरोपित को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : रिजॉर्ट कर्मी की हत्या का 24 घंटे के भीतर सनसनीखेज खुलासा, परेशान करते थे, इसलिए दो चाकुओं से एक साथ ताबड़तोड़ गोद कर मार डाला..

नवीन समाचार, नैनीताल, 4 अगस्त 2022। नैनीताल पुलिस ने बुधवार शाम पवलगढ़ के बक्सेन्ट रिसोर्ट में हुई कुक की हत्या का 24 घंटे से पहले ही सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार हत्या मृतक के रिजॉर्ट के ही सहकर्मी अमन सैनी पुत्र राम चंद्र सैनी निवासी जोगीपुरा रामनगर ने की थी, और वह रिजॉर्ट के मैनेजर सहित अन्य लोगों की भी हत्या करना चाहता था।

उल्लेखनीय है कि इस मामले में मृतक के भाई ने होटल के मालिक व मैनेजर पर हत्या का शक जताया था, जबकि वास्तविक हत्या करने वाले पर किसी को शक नहीं था। खुलासा करने वाली पुलिस टीम को अधिकारियों ने ईनामों से भी नवाजा हैं। हत्या का कारण मृतक एवं अन्य होटल कर्मियों के द्वारा आरोपित को परेशान करना बताया गया है।

इस सनसनीखेज हत्याकांड का अनावरण करते हुए एसपी सिटी हरवंश सिंह ने बताया कि 54 वर्षीय कुक गिरीश चंद्र त्रिपाठी पुत्र दिनेश चंद्र त्रिपाठी निवासी पवलगढ़ बैलपड़ाव की धारदार हथियार से की गई हत्या के मामले में ज्ञात हुआ कि आज पकड़े गए आरोपित को होटल कर्मी-मैनेजर राजेंद्र डोबाल, सुरेश सनवाल, पुष्कर धामी व कुक गिरीश चंद्र त्रिपाठी द्वारा छोटी छोटी बातो को लेकर परेशान किया जाता था व लड़ाई-झगड़ा करते हुए मारने की बात कह परेशान करते थे।

बीती 2 अगस्त को रिसोर्ट परिसर में राजेंद्र डोभाल एवं कुक गिरीश चंद्र त्रिपाठी ने मोबाइल मांगने के दौरान मोबाइल रिचार्ज को लेकर उसे पुनः लड़ाई- झगड़ा कर मारने को आने की बात कही थी। इससे क्षुब्ध होकर उसने दोनो को जान से मारने का इरादा बनाया था। चूंकि राजेन्द्र डोबाल दुबले-पतले थे, इसलिए आरोपित ने पहले कुक गिरीश चन्द्र त्रिपाठी को मारने का मन बनाकर उसे गार्ड रुम से सोने के बहाने ड्राईवर रुम ले ले गया और उसके लिए बीडी लाने हेतु बाहर जाना कहकर किचन में जाकर एक स्टील का एवं एक लोहे का चाकू पेट में छुपाकर लाया तथा बीड़ी जलाने के बहाने कुक त्रिपाठी के पास गया और दोनों चाकूओं को तकिये के नीचे छुपाकर रख दिया।

आगे कुक गिरीश चंद्र त्रिपाठी के सोने के 5 मिनट के पश्चात आरोपित ने अपने बायें हाथ में तकिया व दाहिने हाथ में चाकू लेकर पहले तकिये से कुक त्रिपाठी का मुंह दबाया और दूसरे हाथ से पेट व पीठ पर लगातार कई वार किए गए। इससे कुक गिरीश चंद त्रिपाठी की मौके पर ही मृत्यु हो गई। मामले का खुलासा करने वाली पुलिस टीम में थानाध्यक्ष कालाढूंगी राजवीर सिंह नेगी, उप निरीक्षक बीरेंद्र बिष्ट, विजय कुमार व गगनदीप सिंह तथा आरक्षी गगनदीप सिंह, नसीम अहमद, वीरेन्द्र रौतेला, रविन्द्र सिंह, लेखराज सिंह, मिथुन कुमार, जसवीर सिंह व अमरेन्द्र सिंह शामिल रहे। उन्हें एसएसपी ने 5000 रुपए नगद पुरस्कार देने की घोषणा की है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : हल्द्वानी में अजब चोरी का गजब खुलासा: बंद पड़े घर में चोरों ने अपना ताला लगा दिया और घर की मालकिन को बहन बताकर हर रोज खुलेआम सामान ले जाते रहे…

CHHATTISGARH :अजब- गजब चोरी.. कीमती चीज को नहीं लगाया हाथ..लेकिन चुरा ले गए  ये सामान.. जानिए पूरी खबर - पंचायत समीक्षानवीन समाचार, हल्द्वानी, 3 अगस्त 2022। पिछले दिनों शहर के मुखानी थाना क्षेत्र में एक अनूठी चोरी की घटना हुई थी, जिसमें चोर एक फौजी के घर का सामान खुले आम यह बताकर ले गए थे कि घर सामान सहित बिक गया है, इसलिए सामान ले जा रहे हैं। अब पुलिस ने इस इस मामले में खुलासा करते हुए दावा किया है कि चोरों ने जिस फौजी के घर में चोरी की, उनकी पत्नी को उन्होने अपनी बहन बना लिया था और हर रोज घर से चोरी कर रहे थे। चोर फौजी का घर भी बेचने की फिराक में भी थे, लेकिन इससे पहले पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

उल्लेखनीय है कि भगवानपुर मुखानी निवासी सेना में नायक सुरेंद्र सिंह अपने घर में ताला लगाकर अपनी नौकरी पर राज्य से बाहर रहते हैं। बताया गया है कि एक नाबालिग तथा दूसरे मनीष नाम के चोर ने पहले घर में लगे ताले को तोड़ कर ने वहां अपना ताला लगा दिया। घर से मिले आधार कार्ड में चोरों को फौजी की पत्नी ममता का नाम दिखाई दिया। इसके बाद चोरों ने घर से रोजाना चोरी करनी शुरू कर दी और पड़ोसियों के पूछने पर वह फौजी की पत्नी ममता को अपनी बहन बता देते थे।

अंतिम दिन उन्होंने बचा सामान लोडर पर लादा और बाकी बचे एक फ्रिज को फौजी की ही स्कूटी पर लाद कर फरार हो गए। मुखानी थानाध्यक्ष रमेश बोरा ने बताया कि मामले में एक नाबालिग को पहले ही पकड़ा जा चुका है, जबकि दूसरे फरार मनीष की तलाश की जा रही है। इस चोर की गिरफ्तारी के लिए गौरव सेनानी, कर्नल बीडी कांडपाल के नेतृत्व मे एसपी सिटी हसबंस सिंह से मिलें और खुलासे की मांग की है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

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कारीगर (उस्ताद) को भागीरथी नदी में गिराने वाले हेल्पर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।नवीन समाचार, उत्तरकाशी, 1 अगस्त 2022। वरिष्ठ कारीगर के बार-बार आदेश देने से नाराज मिठाई की दुकान में काम करने वाले हेल्पर ने ऐसी घटना को अंजाम दिया है, जैसा शायद कोई सोच भी नहीं सकता। उसने कारीगर को धोखे में रखकर शराब पिलाई और चुपचाप उफनती भागीरथी नदी में धक्का दे दिया। गनीमत रही कि सीसीटीवी में उसकी ऐसी जघन्य हरकत कैद हो गई। इस पर पुलिस ने उसके विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर दिया है। खास बात यह है कि हत्यारा ही इस मामले में पुलिस में मृतक कारीगर की गुमशुदगी दर्ज कराने पहुंचा था। देखें विडियो कैसे उस्ताद को फैंका नदी में :

घटना उत्तरकाशी की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार गत 30 जुलाई को एक मिठाई की दुकान में काम करने वाले महादेव नौटियाल पुत्र गोविंद राम नौटियाल निवासी ज्ञानसू ने होटल के कारीगर सोबन सिंह पंवार के गायब होने की पुलिस को सूचना दी। इस पर पुलिस व एसडीआरएफ यानी राज्य आपदा मोचन बल ने सोबन सिंह की तलाश शुरू की तो सीसीटीवी कैमरे में नजर आया कि 30 जुलाई की रात्रि को शिकायतकर्ता हेल्पर महादेव नौटियाल ने ही कारीगर सोबन सिंह पंवार को धक्का मारकर नदी में फेंका। इस पर पुलिस ने 31 जुलाई की रात्रि को महादेव नौटियाल को गिरफ्तार किया।

पुलिस की पूछताछ में आरोपित ने बताया कि मिठाई की दुकान में काम करने के दौरान अक्सर सोबन सिंह उसे अपने ऑर्डर चलाकर डांटता व प्रताणित करता रहता था। इस कारण से उसके मन में सोबन सिंह पंवार के प्रति बहुत गुस्सा था। इस पर उसने 30 जुलाई की रात को कारीगर के साथ मिलकर शराब पी। उसके बाद कारीगर को केदारघाट पर ले गया और बातों में उलझाया। भागीरथी नदी किनारे रेलिंग से जब सोबन सिंह भी मोबाइल फोन से वीडियो बनाने लगा मौका पाकर उसने सोबन सिंह को नदी में गिरा दिया। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : काठगोदाम निवासी एक बच्चे की मां, विधवा महिला से स्पा में कराया जा रहा था देह व्यापार

नवीन समाचार, सितारगंज, 31 जुलाई 2022। नगर के जिस ‘दि रॉयल स्पा मसाज पार्लर’ में पुलिस के एंटी ह्यूमन ट्रेफिकिंग सेल ने छापा मारा था, उसमें देह व्यापार चलने की पुष्टि हो गई है। पहले कहा गया था कि स्पा में कोई आपत्तिजनक सामान नही मिला है, केवल कुछ दूरी पर प्रयोग की गई गर्भनिरोधक सामग्री मिली थी। किंतु अब बताया गया है कि कमरे में एक स्त्री व एक पुरुष आपत्तिजनक स्थिति में मिले। स्त्री काठगोदाम थाना क्षेत्र की निवासी है। उसके पति की मौत हो चुकी है और उसका एक दिव्यांग बेटा भी है। संबंधित समाचार: स्पा में चलता मिला सेक्स रैकेट, गर्भ निरोधकों सहित दो युवक, दो युवतियां और….

23 वर्षीय यह महिला रोजगार की तलाश में विपिन श्रीवास्तव नाम के व्यक्ति के चंगुल में फंसी। उसने उसे अपने पार्लर में सितारगंज बुलाया और गुरुग्राम निवासी संचालिका से मिलवाया। तब संचालिका ने उससे कहा था कि वह उनके साथ कम समय में ज्यादा पैसे कमा सकती है। पार्लर संचालकों ने उसका नाम भी बदल दिया था। वह अपने ग्राहकों को इस महिला के फोटो व्हाट्सअप पर भेजते थे।

बताया गया है कि इस मामले पार्लर संचालक युवक विपिन श्रीवास्तव हल्द्वानी के बरेली रोड स्थित पुरानी आईटीआई का रहने वाला है। पार्लर को चलाने वाली 25 वर्षीय युवती ने खुद को गुरुग्राम निवासी बताया है। जबकि पकड़ा गया सचिन पांडेय कूर्मांचल कालोनी चिंती मझरा सितारगंज का रहने वाला दूसरा 26 वर्षीय अजय कुमार सितारगंज के ही गांव बरूआबाग झाड़ी का रहने वाला है।

जबकि कमरे में आपत्तिजनक हालात में पकड़े गये 23 वर्षीय युवक ने पुलिस को अपना नाम परविंदर सिंह निवासी मोहम्मंज नानकमत्ता का रहने वाला बताया है। पार्लर के कस्टमर एंट्री रजिस्टर में 27 जुलाई के बाद किसी भी ग्राहक की जानकारी नहीं भरी गई है। जबकि छापा 29 जुलाई को पड़ा। पुलिस ने काठगोदाम निवासी महिला को अपने संरक्षण में ले लिया है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : एक और फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा, चार युवतियों सहित छह लोग एसटीएफ की हिरासत में

नवीन समाचार, देहरादून, 27 जुलाई 2022। उत्तराखंड एसटीएफ यानी स्पेशल टास्क फोर्स के प्रयासों से राजधानी के थाना पटेल नगर क्षेत्र में एक और फर्जी कॉलसेंटर का बुधवार को पर्दाफाश किया गया है। लोगों को लोक लुभावनी योजनाओं के जाल में फंसाकर संचालित होने वाला यह कॉल सेंटर थाना पटेल नगर क्षेत्र के अंतर्गत शिमला बाइपास रोड पर गणेशपुर इलाके से चलाया जा रहा था। कॉल सेंटर से चार युवतियों सहित छह लोगों को एसटीएफ ने हिरासत में लिया गया है। अभी छापेमारी का कार्य जारी है।

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प्रतीकात्मक चित्र

एसटीएफ ने बताया कि इस फर्जी कॉल सेंटर के लोग प्रधानमंत्री की विभिन्न योजनाओं सहित मोबाइल टावर लगाने की लुभावनी योजनाओं का झांसा देकर लोगों से ठगी करते थे। इसका केन्द्र दिल्ली था, जहां से पूरी ठगी चल रही थी। उसे पूरा करने का काम देहरादून केंद्र के लोग करते थे। इस मामले में पुलिस बाद में जानकारी देगी। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : दोस्त ने (या नशे ने) ऐसे वीभत्स तरीके से किया दोस्त का कत्ल कि…. खाने में सल्फास मिलाया और तड़पते-मरते हुए देखता रहा…

Rudrapur Murder Case: अपने ही दोस्त की मौत को सुनिश्चित करने वाली यह खबर बहुत ही बीभत्स है।नवीन समाचार, खटीमा 26 जुलाई 2022। नशेड़ी दोस्त ने अमानवीयता की इंतहा कर दी। उसने अपने दोस्त के खाने में सल्फास मिला दिया और फिर दोस्त बच न जाए और कोई उसकी मदद न करें, इसलिए हत्यारा रात भर उसके ही कमरे में उसे तड़पते और मरते हुए देखता रहा। पुलिस ने करीब ढाई माह बाद फॉरेंसिक तरीकों से बेहद वीभत्स तरीके से हुई हत्या का खुलासा करते हुए यह दावा किया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार खटीमा निवासी पीयूष और अभिषेक सिंह के बीच करीब तीन साल से साथ नशा करने को लेकर दोस्ती पहले हुई। दोनों ही नशीले इंजेक्शन और स्मैक के आदी थे। बताया गया है कि इधर करीब छह माह पहले दोनों को नशा करते अभिषेक के मां ने देख लिया था। तब मौका पाकर अभिषेक तो भाग गया था लेकिन पीयूष को अभिषेक की मां ने पकड़ लिया था, और पीयूष को पीटा भी था। तथा उसे पीयूष से दूर रहने को कहा था।

इस पर पीयूष ने अभिषेक से उसकी मां के संबंध में अपशब्द कहे थे, जो अभिषेक को चुभ गए थे। इस पर उसने पीयूष से बदला लेने की योजना बनाई। योजना के तहत एक मई 2022 को अभिषेक पीयूष के छतरपुर स्थित किराए के कमरे में आया और उसने पीयूष की दाल में घर से लाए सल्फास को मिला दिया। दाल खाने के बाद पीयूष की हालत बिगड़ने लगी तो अभिषेक उसे तड़प-तड़प कर मरते हुए देखता रहा। एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने बताया कि अभिषेक ने पूछताछ में बताया कि पीयूष को जहर देने के बाद वह भाग सकता था लेकिन वह बच न जाए और कोई उसकी मदद न करें, इसलिए वह रात भर उसके ही कमरे में रुका रहा।

पीयूष ने बताया कि घटना के दिन एक बार पीयूष को सल्फास न खिलाने को लेकर मन बदल भी गया था, लेकिन उसने एक बाद फिर उसकी मां के लिए अपशब्द कहे। इसे लेकर दोनों के बी बहस भी हुई। जिसके बाद मौका मिलते ही उसने पीयूष की दाल में सल्फास मिला दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। एसएसपी ने हत्या का पर्दाफाश करने वाली पुलिस टीम को 2500 का इनाम देने की घोषणा की है। टीम में थानाध्यक्ष पंतनगर राजेंद्र सिंह डांगी, सिडकुल चौकी प्रभारी पंकज कुमार समेत अन्य पुलिस कर्मी शामिल हैं।

ऐसे हुआ घटना का खुलासा
सीओ सिटी अभय सिंह ने बताया कि दो मई को पीयूष की मौत के बाद मौका मुआयना करते हुए कमरे में एविल के नशीले इंजेक्शन तथा पीयूष की थाली में चावल और दाल मिले थे। जिसे टीम ने जांच के लिए एफएसएल देहरादून भेजा था। जहां दाल में सल्फास मिले होने की पुष्टि हुई। इसके बाद ही पुलिस हत्यारे तक पहुंची। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : UKSSSC में फर्जीवाड़े को लेकर बड़ा खुलासा, करीब 60 लाख के फर्जीवाड़े में 6 गिरफ्तार, 37 लाख की नकदी बरामद, कुमाऊं रहा फर्जीवाड़े का केंद्र !

Thumbnail imageनवीन समाचार, देहरादून, 24 जुलाई 2022। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग में फर्जीवाड़े को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। इस मामले में उत्तराखंड एसटीएफ की टीम ने 6 लोगों को दबोचा है। इनमें परीक्षा करवाने वाली कंपनी के तकनीकी कर्मी, आयोग के होमगार्ड, कोचिंग संचालक और कुछ अभ्यर्थी शामिल हैं। इस पूरे मामले में तकरीबन 60 लाख के फर्जीवाड़े का अनुमान लगाया जा रहा है। जिसमें से आज 37 लाख की नकदी बरामद की गई है।

उत्तराखंड एसटीएफ के डीआईजी सेंथिल अबुदई कृष्णराज एस ने रविवार को बताया कि उत्तराखंड में अधीनस्थ चयन सेवा आयोग की ओर से वर्ष 2021 में स्नातक स्तरीय परीक्षाएं संचालित कराई गई थी। परीक्षा में राज्य के करीब 1.60 लाख युवाओं ने भाग लिया था। परीक्षा परिणाम के बाद कई छात्र संगठनों ने इस परीक्षा के संबंध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के समक्ष परीक्षा में गड़बड़ी की आशंका को लेकर मुलाकात की थी। साथ ही मामले में कार्रवाई को लेकर ज्ञापन भी सौंपा था।

मुख्यमंत्री धामी ने इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए त्वरित निर्णय लेते परीक्षा की अनियमित्ताओं के संबंध में मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए। इस पर थाना रायपुर में भारतीय दंड संहिता की धारा 420 के तहत पंजीकृत किया गया। इसके बाद डीजीपी अशोक कुमार ने इस मामले को स्पेशल टास्क फोर्स को ट्रांसफर किया और इस मामले पर त्वरित कार्रवाई की गई।

मामले में डीआईजी एसटीएफ के निर्देश पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक स्पेशल टास्क फोर्स उत्तराखंड ने अलग-अलग टीमें गठित की। साथ ही परीक्षा में अनियमित्ताओं के संबंध में गोपनीय जानकारी जुटाई। इसी कड़ी में एसटीएफ की टीम ने मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिसमें जयजीत दास, मनोज जोशी, कुलवीर सिंह चौहान, मनोज जोशी, शूरवीर सिंह चौहान और गौरव नेगी शामिल हैं।

यूकेएसएसएससी भर्ती परीक्षा धांधली का पूरा खेलः
पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि मनोज जोशी पुत्र बाल किशन जोशी निवासी ग्राम मयोली, थाना दनिया, जिला अल्मोड़ा साल 2014-2015 से साल 2018 तक रायपुर स्थित अधीनस्थ चयन सेवा आयोग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी (पीआरडी) के रूप में तैनात था। साल 2018 में विभागीय शिकायत पर उसे आयोग से हटा दिया गया। इससे पूर्व वह 12 साल तक लखनऊ की सूर्या प्रिंटिंग प्रेस में कार्य कर चुका था। वहीं, जयजीत दास निवासी पंडितवाड़ी, थाना कैंट, देहरादून आउटसोर्स कंपनी आरएमएस टेक्नो सॉल्यूशंस इंडिया प्रालि के माध्यम से कंप्यूटर प्रोग्रामर के रूप में साल 2015 से कार्यरत था।

इस कंपनी की ओर से अधीनस्थ चयन सेवा आयोग के गोपनीय कार्य किए जाते थे। इस कारण जयजीत दास की जान पहचान मनोज जोशी से हुई थी। एसएससी आयोग कार्यालय में मनोज जोशी पुत्र रमेश जोशी निवासी ग्राम पाटी, जिला चंपावत का भी परीक्षाओं के कार्यक्रम के संबंध में जानकारी के लिए आना जाना लगा रहता था। जिस कारण उसकी पहचान पीआरडी मनोज जोशी से हुई। मनोज जोशी विभिन्न परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। इस कारण उसका आरोपी कुलवीर सिंह चौहान पुत्र सुखवीर सिंह निवासी चांदपुर बिजनौर उप्र से मुलाकात हुई।

कुलवीर करनपुर डालनवाला में संचालित डेल्टा डिफेंस कोचिंग इंस्टीट्यूट-एकेडमी सेंटर में कोंचिग ले रहा था। जो बाद में वहां पढ़ाने का कार्य करने लगा। इतना ही नहीं इस कोचिंग सेंटर में कुलवीर डायरेक्टर के पद पर भी तैनात हो गया। डायरेक्टर कुलवीर के माध्यम से शूरवीर सिंह चौहान पुत्र अतर सिंह चौहान निवासी कालसी, देहरादून की पहचान मनोज जोशी से हुई। वहीं, सितारगंज में गौरव नेगी पुत्र गोपाल सिंह निवासी नजीमाबाद किच्छा, ऊधमसिंह नगर की मुलाकात मनोज जोशी से हुई। जो किच्छा में ही प्राईवेट स्कूल में शिक्षक था और ग्रुप सी में स्नातक स्तर की परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था।

शूरवीर व कुलवीर ने अपने जान पहचान के परीक्षार्थियों के संबंध में मनोज जोशी को बताया था। इस पर मनोज जोशी ने दूसरे मनोज जोशी के साथ मिलकर कंप्यूटर प्रोग्रामर जयजीत दास से पेपर लीक कराने के संबंध में बातचीत की। जिसके लिए जयजीत दास को मनोज के माध्यम से 60 लाख रुपए दिए गए।

रामनगर के रिसोर्ट में किया जाता था पेपर लीकः
जयजीत दास यूकेएसएससी में जाकर पेपरों की सेटिंग और अन्य तकनीकी कार्यों के कारण परीक्षा के प्रश्न निकाल लेता था। फिर उन प्रश्नों को मनोज जोशी के माध्यम से मनोज जोशी, कोचिंग डायरेक्टर कुलवीर सिंह चौहान, शूरवीर सिंह चौहान, गौरव आदि के माध्यम से परीक्षा में शामिल परीक्षार्थियों को परीक्षा की तिथि से एक दिन पहले रामनगर स्थित एक रिसोर्ट में पेपर लीक किया जाता था। जहां मनोज के नाम से 3 कमरे बुक कराए जाते थे। रिसोर्ट में लीक प्रश्नों को याद कराकर छात्रों को अगली सुबह एग्जाम सेंटर तक छोड़ दिया जाता था। आरोपी जयदीप की निशानदेही पर उनके कब्जे से 37.10 लाख रुपए नगद बरामद किये गये, जो विभिन्न छात्रों से लिए गए थे। (डॉ. नवीन जोशी) अन्य ताज़ा नवीन समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : नैनीताल : पवित्र श्रावण मास के ठीक पहले मंदिर से चोरी हुआ भगवान भोलेनाथ का कीमती नाग, शाहरुख के कब्जे से हुआ बरामद

नवीन समाचार, नैनीताल, 14 जुलाई 2022। नैनीताल की तल्लीताल थाना पुलिस ने गुरुवार को हुई एक चोरी का कुछ ही घंटों में खुलासा कर दिया है। बताया गया है कि शुरु हो रहे भगवान भोलेनाथ के पवित्र श्रावण मास से केवल दो दिन पहले गुरुवार 14 जुलाई को नगर के तल्लीताल हरिनगर स्थित भूमिया मंदिर से भगवान भोलेनाथ के नाग की कीमती प्रतिमा चोरी हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने मोहम्मद शाहरुख नाम के 30 वर्षीय युवक को चोरी की गई कीमती नाग की प्रतिमा के साथ गिरफ्तार कर लिया है।

तल्लीताल थाना पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार गुरुवार को हरिनगर स्थित भूमिया मंदिर के पुजारी रोहित कुमार पुत्र भगवत प्रसाद निवासी हरिनगर तल्लीताल ने थाना तल्लीताल में तहरीर दी थी कि मंदिर से भगवान भोलेनाथ का कीमती नाग किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा चोरी कर लिया गया है। इस पर पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 379 के तहत अभियोग पंजीकृत कर विवेेचना उपनिरीक्षक बबीता के सुपुर्द की थी।

इसके बाद तेजी से की गई विवेचना के आधार पर 30 वर्षीय मोहम्मद शाहरुख पुत्र अकबर अली निवासी हरिनगर तल्लीताल नैनीताल को चोरी किये गए भगवान भोलेनाथ के कीमती नाग के साथ गिरफ्तार कर लिया गया। चोरी के सामान की बरामदगी के आधार पर मामले में धारा 411 की वृद्धि भी की गई है, तथा आरोपित को न्यायालय में प्रस्तुत किया जा रहा है। उसे गिरफ्तार करने वाली टीम में उपनिरीक्षक बबीता के साथ आरक्षी अमित कुमार, शिवराज राणा व चनीराम शामिल रहे। (डॉ. नवीन जोशी) अन्य ताज़ा नवीन समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

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नवीन समाचार, रामनगर, 11 जुलाई 2022। नगर के सांवल्दे पश्चिम में गत 14 जून को मृत अवस्था में चिकित्सालय में लाए गए युवक भूपाल सिंह बिष्ट उर्फ रोहित ठाकुर की मौत का पुलिस ने अविश्वसनीय सा खुलासा किया है। उसकी हत्या उसकी सगी मां व बहन ने गले में चाकू मारकर की थी, जबकि पिता व भाई ने भी साथ दिया था। हत्या के आरोप में पुलिस ने उसके पिता व भाई को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। बताया गया है कि रोहित नशे का आदी था। उसकी इसी बुरी आदत की वजह से परिवार जनो ने ही गला काटकर उसकी हत्या कर दी थी।

पुलिस के दावे के अनुसार 14 जून को भूपाल सिंह बिष्ट उर्फ रोहित ठाकुर पुत्र मोहन सिंह बिष्ट निवासी सावल्दे पश्चिम रामनगर जिला नैनीताल को उसके परिजन मृत अवस्था में राजकीय संयुक्त चिकित्सालय रामनगर लाये थे, यहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव की जांच की तो मृतक की गला काटकर हत्या करना प्रतीत हुआ।
लेकिन इस सम्बन्ध में मृतक के परिजनों की ओर से कोई तहरीर या अन्य कोई सूचना पुलिस को नई दी गई। इस पर पुलिस को उसके परिजनों पर ही शक हुआ। आगे पोस्टमार्टम में मृतक की गला काटकर हत्या किए जाने की बात सामने आने पर उप निरीक्षक बीसी मासीवाल एवं प्रभारी निरीक्षक अरुण कुमार सैनी ने हत्या के कोण से मामले की जांच की तो पता चला कि मृतक अपने पिता के 3 बच्चों में सबसे बड़ा था। वह घर के बगल में ही परचून व सब्जी की दुकान चलाता था। वह विगत तीन साल से स्मैक पीने का आदि हो गया था।

वह इस कदर नशे की गिरफ्त में आ चुका था कि उसे अच्छा-बुरा कुछ समझ में नहीं आता था। उसके घर वालों ने कई बार उसे नशा मुक्ति केन्द्र भेजा मगर नशा मुक्ति केन्द्र से आने के बाद कुछ वह दिन ठीक रहता था फिर नशा करने लग जाता। 11 जून को भूपाल ने शाम को घर में झगडा किया तथा अपने ताऊ आनंद सिह के साथ मार-पीट कर उनका अंगूठा काट दिया। इसमें 5-6 टांके आये थे, इस सम्बन्ध में थाना रामनगर में उसके खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। जब घटना की जानकारी भूपाल की बहन किरन ने अपने दूसरे भाई दीपक बिष्ट को दी तो वह 12 जून को रविवार के दिन काशीपुर से अपने घर सावल्दे-सुबह लगभग 8 बजे पहुंचा। घर आते ही भूपाल ने दीपक से झगडा किया और उसके साथ मार-पीट की उसके बाद घर से बाजार की तरफ चला गया।

भूपाल सिंह ने घटना के दिन भी शाम को घर में झगड़ा फसाद किया। अगले दिन यानी 13 जून को लगभग 10 बजे रात रोहित अपने घर आया और घर में फिर लड़ाई, झगडा मारपीट करने लगा और कहने लगा कि तुमने मेरी रिपोर्ट करायी हैं मैं तुम सब को देख लूंगा। वह अपने भाई दीपक बिष्ट को भी लात-घूसों से मारने लगा तो पिता मोहन सिंह के दिमाग में उसे जान से मारने का ख्याल आ गया।

फिर मोहन सिंह, बहन किरन तथा मां राधा देवी ने रोहित के गले पर सब्जी काटने वाले चाकू से 2 प्रहार किये। जिससे उसकी मौके पर ही मृत्यु हो गयी, उसके बाद सबने मिलकर रोहित की लाश अपने घर के गेट से बाहर सड़क पर फेंक दी। फंस जाने के डर से दुनिया को दिखाने के लिये पिता मोहन सिंह ने डायल 108 से सूचना देकर बेटे की लाश को अस्पताल पहुंचाया, और दूसरे बेटे दीपक को घर से भगा दिया। समाज को दिखाने के लिए भाई दीपक बिष्ट काशीपुर से अगले दिन पुनः घर वापिस आया ।

इस घटना में पिता मोहन सिंह, भाई दीपक बिष्ट, मां राधा देवी तथा बहन किरन की संलिप्तता प्रकाश में आने पर पुलिस ने 10 जुलाई को पिता व भाई को सावल्दे में उनके घर से घटना में प्रयुक्त चाकू के साथ गिरफ्तार कर लिया, और न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। पुलिस की टीम में एसएसआई प्रेमराम विश्वकर्मा, हवलदार नदन सिंह नेगी, आरक्षी हेमंत सिंह, भूपेंद्र सिंह, गगन भंडारी व राजेंद्र पुंडीर भी शामिल रहे। (डॉ. नवीन जोशी) अन्य ताज़ा नवीन समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : रिजॉर्ट में डांस पार्टी में शामिल हुए थे रामनगर हादसे के हताहत, रिजॉर्ट में और भी बहुत कुछ चल रहा था अवैधानिक, इसलिए हुआ सीज…

 नवीन समाचार, रामनगर, 9 जुलाई 2022। रामनगर में ढेला नदी में शुक्रवार सुबह हुए हादसे में 6 युवतियों सहित 9 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि एक युवती घायल होने के बाद बच गई। अब इस मामले में खुलासा हुआ है कि यह सभी 10 हताहत रात्रि में ढेला स्थित कॉर्बेट स्मॉल टाउन होटल एंड रिजॉर्ट नाम के रिजॉर्ट में चली डांस पार्टी में शामिल हुए थे। रिजॉर्ट में और भी बहुत कुछ अवैधानिक चल रहा था।

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रात में गिरी कार, सुबह-सुबह दिखी तो हो चुकी थी कार सवारों की मौत…

 शुरुआती पूछताछ में ही यह सामने आया है ढेला पुलिस चौकी से लगा होने के बावजूद यहां कई अवांछित गतिविधियां चलती रहती हैं। जिस जगह पर रिजॉर्ट बना है, वह जमीन रिजॉर्ट के नाम पर ही नहीं है। रिजॉर्ट पंजीकृत भी नहीं है। इसलिए पुलिस व प्रशासन की टीम ने रिजॉर्ट को सीज कर दिया है। पुलिस ने रिजॉर्ट के सीसीटीवी की डीवीआर भी कब्जे में ले ली है। उल्लेखनीय है कि ‘नवीन समाचार’ ने इस घटना पर पहले ही संदेह जाहिर कर दिया था।

यह भी पता चला है कि दुर्घटना के हताहत गुरुवार शाम 4 बजे ही इस रिजॉर्ट में आए थे और रात्रि में पार्टी करके लौट रहे थे। रिजॉर्ट से निकलते ही 300 मीटर दूर ढेला नदी के रपटे में यह दुर्घटना हो गई।

यह भी पता चला है कि इस मामले में एक मात्र बची युवती 22 वर्षीय नाजिया पत्नी शाहने आलम निवासी कार्बेट कॉलोनी पहले शाहने आलम से प्रेम विवाह करने के बावजूद लंबे समय से नाराज होकर अपने मायके फरीद नगर ठाकुरद्वारा रह रही थी। इस दुर्घटना में उसकी सगी बड़ी बहन 24 वर्षीया आशिया पत्नी मौ. उमर की भी मौत हुई है। उसका वर्तमान पता भी उसके मायके का ही बताया जा रहा है।

यह भी पता चला है कि रिजॉर्ट में डांसिंग पार्टी घटना में मृत इवेंट मैनेजर पवन जैकब पुत्र सुरजीत जैकब निवासी भीमनगर सफाबादी गेट झुगिया पटियाला पंजाब ने आयोजित की थी। रिजॉर्ट में उसने अपना व अपने साथ 7 महिलाएं होना लिखाया था। बताया गया है कि वह ही ठाकुरद्वारा से दो बहनों नाजिया व आशिया के अलावा अपने साथ कविता पत्नी भूपेंद्र सिंह निवासी गुरु अंगल देव कॉलोनी राजपुरा पटियाला, संगीता तमांग उर्फ माही पुत्री नारायण तमांग निवासी कल्लू मोहल्ला गढ़ी ईस्ट ऑफ कैलाश नई दिल्ली, पिंकी कुमारी उर्फ शकीना पत्नी देवेंद्र साहनी निवासी ऑमेक्स फॉरेस्ट, नॉएडा, जाह्नवी उर्फ सपना द्वारा बलविंदर सिंह निवासी इंद्रपुरा पटियाला व हिना निवासी अमनवाला एजेंसी रिवर्स फाउंडेशन सुभाष विहार भजनपुरा दिल्ली को लेकर आया था। उनके साथ अमनदीप सिंह पुत्र मनोहर सिंह निवासी चालान पट्टी भवानीगढ़ा संगरूर पंजाब भी था। दुर्घटना में नाजिया को छोड़कर अज्ञात चालक सहित शेष सभी लोगों की मौत हो गई। (डॉ. नवीन जोशी) अन्य ताज़ा नवीन समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

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बाजपुर : किराये के लिए परेशान कर रहा था बैंक मैनेजर इसलिए चली थी गोली, 3  आरोपी गिरफ्तार - Mahanaad Newsनवीन समाचार, बाजपुर, 21 जून 2022। नैनीताल बैंक की बरहैनी शाखा प्रबंधक पर बीते माह कार में हुई फायरिंग प्रकरण का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा कर लिया है। सनसनीखेज बात यह कि पुलिस के दावे के अनुसार शाखा प्रबंधक पर एक महिला ने दो युवकों के जरिए हमला करवाया था। पुलिस ने मुख्य महिला आरोपित और दोनों हमलावरों को एक पिस्टल और घटना में प्रयुक्त बाइक के साथ गिरफ्तार कर लिया है।

ऊधमसिंह नगर जनपद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजूनाथ टीसी ने बताया कि गत 10 मई की शाम नैनीताल बैंक की बरहैनी शाखा के प्रबंधक विवेक कुमार यादव ड्यूटी करके अपनी कार से घर की ओर जा रहे थे। तभी रास्ते में बाइक सवार दो अज्ञात लोगों ने चलती कार पर फायरिंग कर उन्हें घायल कर दिया था। इस घटना पर पुलिस ने विवेक के पिता महेश कुमार यादव की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।

इधर, 19 जून को मुखबिर से सूचना मिली कि हल्द्वानी में उपचार कराकर लौटे विवेक यादव को दोबारा डराने-धमकाने और जानलेवा हमला करने के लिए बाइक पर सवार दो युवक जाने वाले हैं। इस पर पुलिस टीम ने भैंसिया तिराहा के पास घेराबंदी करके बाइक सवारों को दबोच लिया। उन्होंने पूछताछ में अपने नाम नैनीताल-बाजपुर मुख्यमार्ग स्थित यादव होटल के पीछे निवासी गुरपाल उर्फ रिंकू पुत्र तरसेम सिंह, ग्राम पहाड़पुर निवासी चरणजीत सिंह उर्फ दीपू पुत्र बलविंदर सिंह बताया। तलाशी में दीपू के कब्जे से एक अवैध पिस्टल व दो जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं।

दीपू ने घटना का खुलासा करते हुए बताया कि वह पिछले कई वर्षों से बरहैनी निवासी नीलम आनंद पत्नी स्वर्गीय लाज कुमार के यहां काम करता है। चूंकि उनके बेटे व पति की मौत हो चुकी है और वर्तमान में कोई पारिवारिक सदस्य भी नहीं है। इसकी वजह से नीलम दीपू को ही अपने परिवार का सदस्य मानती है। बताया कि नीलम के भवन में ही किराए पर नैनीताल बैंक की शाखा है। मैनेजर विवेक यादव से नीलम का किराए को लेकर विवाद चल रहा था।

विवेक ने नीलम के पति की मृत्यु के बाद उनके खाते में किराए के पैसे दे पाने में असमर्थता जता दी थी और कागजी कार्रवाई पूर्ण करने पर ही किराया संबंधित के खाते में देने की बात कही थी। इस कारण वह काफी परेशान थी और उसने ही दीपू के साथ मिलकर दीपक को डराने-धमकाने के उद्देश्य से इस घटना को अंजाम दिया था। इस पर पुलिस ने भवन मालकिन नीलम आनंद को भी उसके घर से गिरफ्तार कर लिया और न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया। (डॉ. नवीन जोशी) अन्य ताज़ा नवीन समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : पुलिस ने 48 घंटे के भीतर किया बैंक से 15 लाख से अधिक की लूट का सनसनीखेज खुलासा, बैंक प्रबंधन के खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी

नवीन समाचार, काशीपुर, 11 जून 2022। काशीपुर के मुरादाबाद रोड स्थित पंजाब नेशनल बैंक में गत दिवस 15 लाख 8 हजार 960 रुपए की नगदी की लूट की घटना पंजाब के तरणतारण में जन्मे तीन शातिर अपराधियों ने अंजाम दी थी। यह अपराधी शनिवार को आखिर उत्तराखंड की ऊधमसिंह नगर पुलिस ने 48 घंटे के भीतर ही खुलासा कर दिया है। इन तीनों बदमाशों ने दिन दहाडे बैखौफ व हथियारबंद होकर-तमंचे की नोक पर पंजाब नेशनल बैंक में लूट की वारदात को अंजाम दिया था।

काशीपुर में पीएनबी बैंक में लूट को अंजाम देने वाले बदमाश पंजाब के जिला तरनतारन के है निवासीपकड़े गए युवकों की पहचान पंजाब के जिला तरनतारन के ग्राम कुहाड़का निवासी जुगराज सिंह, जगदीप सिंह व अर्शदीप सिंह के रूप में हुई। बताया जा रहा है कि इस मामले में पुलिस बैंक प्रबंधन के खिलाफ भी तय सुरक्षा मानकों का पालन न करने, सुरक्षा गार्ड तैनात न होने एवं साइरन न बजने आदि पर आपराधिक मामला दर्ज कर सकती है। यह भी बताया जा रहा है कि बदमाशों को पुलिस ने घटना के एक दिन बाद ही दबोच लिया था।

बताया जा रहा है कि बैंक से लूट के बाद बदमाश पुलिस की आंखों में धूल झोंक कर फरार हो गए थे। पुलिस ने इसे चुनौती के रूप में लेते हुए बैंक प्रबंधक के बयानों पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की तफ्तीश और जिले के पुलिस कप्तान के निर्देशों पर आठ टीमों का गठन कर बदमाशों की तलाश शुरु की। बताया गया है कि पुलिस को तभी तात्कालिक जांच करते हुए यह पता चल गया था कि अपराधी पहले क्षेत्र के अपने एक रिश्तेदार की मोटरसाइकिल से भागे और काशीपुर से दिल्ली चले गए हैं।

पुलिस ने भी उनकी गिरफ्तारी के लिए काशीपुर से दिल्ली टीम रवाना की। वहां पुलिस ने मुखबिर की मदद से तीनों शतिर बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है, लुटेरों के पास से बैंक से लूटी हुई रकम और लूट में इस्तेमाल हुए दो तमंचे एक पिस्टल और बाइक भी बरामद कर ली है। पूछताछ में पता चला है कि तीनों लुटेरे पंजाब के ग्राम कुहाड़का के रहने वाले हैं, और लूट की रकम से दिल्ली जाकर एक पुरानी स्कॉर्पियो कार खरीदने के बाद महाराष्ट्र औरंगाबाद भागने की तैयारी में थे। इसके लिए लुटेरों ने हवाई जहाज के टिकट भी बुक कर लिए थे। (डॉ. नवीन जोशी) अन्य ताज़ा नवीन समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : पति के देवरानी से अवैध संबंधों के कारण की थी विवाहिता ने अपनी 8 माह की बेटी के साथ आत्महत्या…!

पेड़ पर लटकी मिली महिला और नीचे पड़ा मिला उसकी 8 माह की बच्ची का शव, बच्ची  के गले पर मिले निशान — नवीन समाचार : समाचार नवीन दृष्टिकोण से….नवीन समाचार, शक्तिफार्म, 9 जून 2022। गत दिवस शक्तिफार्म में एक पेड़ से लटकी मिली महिला और पास में मिली नवजात बेटी की मौत के मामले में पुलिस ने मृतका के पति और उसके छोटे भाई की पत्नी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले में दावा किया गया है कि महिला ने अपने पति के छोटे भाई की पत्नी से अवैध संबंधों तथा पत्नी को अवैध संबंधों का उलाहना देने व बच्ची को अपनी बेटी न मानने के कारण इस हृदयविदारक घटना को अंजाम दिया।

मामले में मृतका के भाई शक्तिफार्म के जयंत नगर निवासी राजेश हालदार ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया है कि उसकी बहन पिंकी हालदार का विवाह वर्ष 2014 में माला कॉलोनी गांधीनगर थाना गजरौला पीलीभीत निवासी नित्यानंद हालदार के साथ हुआ था। आरोप लगाया है कि उसके जीजा नित्यानंद हालदार का उसके छोटे भाई की पत्नी के साथ गलत संबंध थे। जिसके बारे में उसकी बहन ने उसे भी अवगत कराया था। जीजा खुद के संबंधों को छुपाने के लिए उसकी बहन को गलत तरीके से प्रताणित करता था।

यहां तक कि अपनी आठ मां की बेटी जाह्नवी को खुद की बेटी नहीं मानता था। शिकायतकर्ता ने कहा है कि 29 मई को वह अपनी बहन पिंकी को आठ माह की भांजी जाह्नवी के अन्नप्राशन के लिए मायके लेकर आया था। तीन जून की रात को उसके जीजा नित्यानंद ने फोन पर उसकी बहन को दिल दुखाने वाली बातें की। इससे आहत होकर पिंकी ने बेटी के साथ दो जीवन होम कर दिए। इस पर पुलिस ने मृतका के पति व देवरानी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। (डॉ. नवीन जोशी) अन्य ताज़ा नवीन समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : सनसनीखेज खुलासा: प्रेम विवाह के बाद प्रताणित करता था पति, भांजे पर डाले डोरे और उसकी मदद से पति को मार डाला…

Wife kills husband with help her lover in Madhubani bihar crime news | अवैध  संबंधों में रोड़ा बना पति तो पड़ोसी की मदद से पत्नी ने ऐसे लगाया ठिकाने,  जानकर आप भीनवीन समाचार, काशीपुर, 22 मई 2022। काशीपुर कोतवाली क्षेत्र में बीते माह 20 मई को हुई एक व्यक्ति की मौत के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। मृतक ने प्रेम विवाह किया था, लेकिन विवाह के बाद पत्नी को मारा-पीटा करता था। इससे तंग आकर पत्नी ने अपने भांजे पर ही डोरे डाले और उसकी मदद से अपने पति की हत्या करवा दी। मामले में पुलिस ने मृतक की पत्नी व भांजे को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया है।

रविवार को कोतवाली में घटना का खुलासा करते हुए जनपद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजूनाथ टीसी ने बताया कि 20 मई की देर रात्रि ग्राम गोपीपुरा निवासी ब्रजमोहन पुत्र शिवचरन का शव गांव के ही पास एक खाली पड़े प्लॉट में खून से लथपथ अवस्था में मिला था। मृतक के भाई बुद्ध सिंह ने कोतवाली में तहरीर देकर सगे भांजे सौरभ पुत्र नरेश सिंह हाल निवासी गौशाला हेमपुर डिपो काशीपुर पर ब्रजमोहन की हत्या करने का आरोप लगाया था। पुलिस ने सौरभ को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने बताया कि मामा ब्रजमोहन ने मेरठ निवासी प्रीति कौर उर्फ लाडो से प्रेम विवाह किया था।

मामा ब्रजमोहन अक्सर शराब पीकर मामी प्रीति को मारा-पीटा करते थे। सौरभ एक दिन अपनी मामी के घर गया तो मामी ने उसके साथ अश्लील हरकतें कीं। इसके बाद दोनों मौका देखकर दोनों एक दूसरे से मिलने लगे, और में अवैध संबंध स्थापित हो गये। एक दिन अपने पति की प्रताड़ना से तंग आकर लाडो ने भांजे सौरभ से अपने पति को रास्ते से हटाने को कहा। इस पर घटना के दिन सौरभ ने पहले योजना बनाकर ब्रजमोहन को पहले शराब पिलाई। जब वह नशे में हो गया तो उसने ब्रजमोहन के सिर पर पत्थर से वार किया तथा उसके बाद गला घोंटकर हत्या कर दी।

पुलिस ने सौरभ व प्रीति कौर को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया है। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। घटना का खुलासा करने वाली पुलिस टीम में कोतवाली प्रभारी निरीक्षक मनोज रतूड़ी, वरिष्ठ उपनिरीक्षक प्रदीप मिश्रा, उपनिरीक्षक धीरेंद्र बिष्ट, नवीन बुधानी, प्रदीप पंत, रूबी मौर्य, आरक्षी महेंद्र डंगवाल, राजवीर सिंह, हेम चंद्र, अनिल कुमार, हरिशंकर, सुरेंद्र सिंह, जगदीश फर्त्याल, ऋचा तिवारी, एसओजी के उपनिरीक्षक रविंद्र सिंह, आरक्षी दीवान बोरा, प्रदीप बिष्ट, कैलाश तोमक्याल व दीपक कठैत शामिल रहे। (डॉ. नवीन जोशी) अन्य ताज़ा नवीन समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : हल्द्वानी : प्यार में पागल बेटी ने अपने ही घर में की चोरी, लाखों के जेवहरात समेट प्रेमिका को भी छोड़ भागा प्रेमी

-अब पुलिस ने दोनों को किया गिरफ्तार
Lover's girlfriend arrested by police In Kachahri Faizabad | दिलचस्प : प्रेमी  प्रेमिका गए थे कोर्ट मैरिज करने पहुँच गए थाने | Patrika Newsनवीन समाचार, हल्द्वानी, 11 मई 2022। प्रेमी के प्यार में अंधी हुई लड़की द्वारा प्रेमी के कहने पर अपने ही घर में लाखों की चोरी करने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। हद तो यह हो गई कि प्रेमी लाखों के जेवहरात समेटने के बाद प्रेमिका को ही छोड़ कर भाग गया। गनीमत रही कि पुलिस ने लाखों की चोरी की इस घटना का अनावरण कर दिया है। एसएसपी पंकज भट्ट ने पुलिस टीम को ढाई हजार रुपए का नगद पुरस्कार देने की भी घोषणा की है।

बनभूलपुरा के थानाध्यक्ष नीरज भाकुनी ने पत्रकारों को घटना की जानकारी देते हुए बताया कि बीती 4 मई को लाइन नंबर 15 आजाद नगर निवासी 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला मुन्नी बेगम पत्नी स्व. मो. हनीफ ने अपनी तलाकशुदा बेटी रुमा नाज पर उसे दवाई की अतिरिक्त मात्रा खिलाकर लाखों की नगदी व जेवहरात पर चोरी करने के आरोप में पुलिस में तहरीर दी थी। मामले की जांच में जुटी पुलिस को पता चला कि आरोपित रुमा फेसबुक के जरिये अजीजाबाद कस्बा औरंगाबाद बुलंदशहर उत्तर प्रदेश निवासी आदिल से संपर्क में थी।

आदिल ने रुमा को शादी का भरोसा दिया और उसी के घर में उसे चोरी करने के लिए राजी कर लिया। बीती 4 मई को रुमा ने अपनी मां मुन्नी को शुगर व अन्य बीमारियों की ओवरडोज दवा दी। इसके बाद मुन्नी सो गईं और सुबह जब वह देर उठीं तो देखा कि जेवर का बक्सा खुला था और सात लाख के जेवर गायब थे। पुलिस ने रुमा से पूछताछ की तो उसने चोरी की बात कुबूल कर ली और बताया कि चोरी के बाद उसने जेवर आदिल को दे दिए। घटना के बाद आदिल गाजियाबाद फरार हो गया। आदिल ने अपना फोन भी बंद कर दिया। इसके बाद रुमा भी फरार हो गई।

प्रेमी जोड़े की तलाश में जुटी पुलिस ने बुधवार दोनों को गौला बाईपास पर स्लाटर हाउस के पास से दोनों को गिरफ्तार कर लिया। दोनों के पास से चोरी के जेवर भी बरामद कर लिए गए। पुलिस टीम में बनभूलपुरा थानाध्यक्ष नीरज भाकुनी, एसआई पंकज जोशी, हेड कांस्टेबल दीपक अरोरा व आरक्षी दिलशाद अहमद व पुनीता पाठक शामिल रहीं। (डॉ. नवीन जोशी) अन्य ताज़ा नवीन समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : इधर पुलिस का सत्यापन अभियान, और उधर पंजाब के दो शातिर बदमाशों ने कर दी त्रिकोणीय प्रेम संबंधों के कारण युवक की हत्या

नवीन समाचार, रुद्रपुर, 4 मई 2022। ऊधमसिंह नगर पुलिस ने दो दिन पूर्व जिले के सीमावर्तीं सुरई रेंज के जंगल में दो वर्ष पूर्व प्रेम विवाह करने वाले एक 30 युवक की गला रेतकर हत्या किए जाने की घटना का खुलासा कर दिया है। खास बात यह है कि पुलिस ने इस मामले में पंजाब के दो शातिर अपराधी भी शामिल हैं। जबकि इस बीच पुलिस क्षेत्र सहित पूरे प्रदेश में संपूर्ण सत्यापन अभियान चलाये हुए थी। ऐसे में पुलिस के सत्यापन अभियान पर सवाल उठ रहे हैं। यह भी पढ़ें : दो वर्ष पूर्व प्रेम विवाह करने वाले 30 वर्षीय युवक की गला रेतकर हत्या, दोस्त पर ही शक…

उल्लेखनीय है कि सुरई रेंज के जंगल में साइफन के पास सोमवार को जमौर गांव निवासी 30 वर्षीय मो.आरिफ पुत्र अब्दुल करीम का शव पड़ा मिला था। उसकी गला रेतकर हत्या की गई है। मृतक राजमिस्त्री का काम करता था। इस मामले में मृतक के छोटे भाई राशिद ने गांव के एक युवक आजाद पर हत्या की आशंका जताते हुए नामजद तहरीर पुलिस को दी है। अब जनपद के एसएसपी डॉ मंजूनाथ टीसी ने इस मामले का खुलासा करते हुए बताया कि आरिफ की हत्या त्रिकोणीय प्रेम प्रसंग के चलते की गई थी।

उन्होंने बताया कि पुलिस ने नामजद आरोपित आजाद को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने पूरे हत्याकांड का राज उगल दिया। एसएसपी के अनुसार आरिफ व आजाद दोनों मित्र थे और एक ही युवती से प्रेम करते थे। इसका पता चलने पर आजाद आरिफ से अंदरुनी ईर्ष्या-रंजिश रखता था। कुछ दिनों पहले इसी मामले में आरिफ की आजाद से तू-तू मैं-मैं हो गई थी।

इसके बाद आजाद ने आरिफ को अपने प्रेम में रोड़ा समझते हुए रास्ते से हटाने के लिए योजना बनाकर हत्या को अंजाम दिया था। पहले उसने अपने साथी सुखविंदर उर्फ सुख्खा से आरिफ की पहचान कराईं। कुछ दिनों तक दोस्ती के बाद सुक्खा ने आरिफ को शराब पीने के लिए बुलाया, जहां पर आजाद, विजय व आशीष पहले से ही मौजूद थे। चारों ने मिलकर आरिफ की चापड से गला रेत कर हत्या कर दी। पुलिस ने चारों को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही इस हत्याकांड में प्रयुक्त चापड और बाइक भी पुलिस ने बरामद कर लिया है। वही पुलिस ने आरिफ के खून से लथपथ वह कपड़े भी बरामद कर लिए हैं। जिन्हें पहनकर आरिफ की हत्या कर लिए हैं।

एसएसपी ने बताया कि कि आशीष व विजय पंजाब के शातिर अपराधी है। पटियाला में इन शातिरों के खिलाफ हाल ही में जानलेवा हमले मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। गिरफ्तारी से बचने के लिए यह दोनों अपने मित्र हल्दीफार्म के रहने वाले सुखविंदर सिंह उर्फ सुक्खा के घर शरण लिए हुए थे। (डॉ. नवीन जोशी) अन्य ताज़ा नवीन समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला से बलात्कार के आरोप में आधी से भी कम उम्र का युवक भूरा गिरफ्तार

नवीन समाचार, सितारगंज, 25 अप्रैल 2022। नगर की गत 14 अप्रैल को एक 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला से आधी उम्र के एक 28 साल के युवक ने दुष्कर्म कर दिया था। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की मदद से पड़ताल करने इस मामले में आरोपित की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। बुजुर्ग महिला ने भी उसकी शिनाख्त कर ली है। पुलिस ने आरोपित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

उल्लेखनीय है गत 14 अप्रैल को सितारगंज में समाज के एक वर्ग में बढ़ती हैवानियत को लेकर विचारणीय व शर्मनाक घटना सामने आई। एक बाइक सवार युवक शादियों में बर्तन मलकर गुजारा करने वाली खुद से दोगुनी से भी अधिक उम्र की करीब 65 वर्षीय वृद्धा को काम दिलाने का झांसा देकर अपने साथ ले गया और उसके साथ जबरन बलात्कार किया।

इस मामले में पुलिस ने बुजुर्ग महिला के साथ हुये दुष्कर्म के मामले को गंभीरता से लिया। कोतवाल प्रकाश सिंह दानू ने बताया कि आरोपित की शिनाख्त के लिये मार्गों में लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगालकर बाइक का नम्बर ट्रेस किया और इसके आधार पर ब्लाक अमरिया ग्राम मुंगलाखेड़ा निवासी 28 वर्षीय भूरा पुत्र रियाजुद्दीन को हिरासत में ले लिया। बुजुर्ग महिला ने आरोपित भूरा को पहचान लिया। पुलिस ने आरोपित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोपित दुराचारी की गिरफ्तारी होने के बाद वृद्धा ने कहा कि उसे न्याय मिला है। (डॉ. नवीन जोशी) अन्य ताज़ा नवीन समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : राजधानी में चार दिन पहले बेड में मिली महिला की तीन माह पुरानी सड़ी-गली लाश के मामले में नया चौंकाने वाला खुलासा

-पहले से शादीशुदा थी मृतका, प्रेमी के साथ आई थी देहरादून, उसकी हत्या के बाद प्रेमी ने भी कोलकाता जाकर कर ली आत्महत्या
देहरादून के एक मकान से सड़ी-गली हालत में महिला की लाश मिलने के मामले में नया मोड़ आ गया है।नवीन समाचार, देहरादून, 18 अप्रैल 2022। राजधानी के जाखन स्थित एक मकान में पिछले सप्ताह एक महिला की करीब तीन माह पुरानी सड़ी-गली लाश मिली थी। हत्या का शक उसके साथ आए उसके प्रेमी पर जताया गया था। अब इस मामले में नया मोड़ आ गया है। पुलिस के अनुसार, महिला के साथ कमरे में रहने वाले प्रेमी ने भी कोलकाता लौटकर आत्महत्या कर ली है।

विदित हो कि गत 14 अप्रैल को बद्रीपुर निवासी शालीन सिंह के जाखन स्थित मकान से एक महिला की लाश बेड के अंदर कंबल में लिपटी हुई मिली थी। शालीन सिंह ने बताया था कि 16 जनवरी को मातपाड़ा कटुवा (जिला वर्धमान, बंगाल) की रहने वाली रीफैन बीवी ने अपने दोस्त अजरूल लश्कर निवासी भंगौनखाली, बंगाल के साथ उनके मकान में दो हजार रुपये प्रतिमाह पर कमरा लिया था। 18 जनवरी को अजरूल ने उससे फोन पर कहा कि रीफैन वर्धमान जा चुकी है और अब वह भी जा रहा है। इसके बाद कमरे पर ताला लगाकर वह भी चला गया। तब से वह लौटा नहीं।

इधर, थानाध्यक्ष ने जांच के आधार पर बताया कि मृतका रीफैन बीवी के पति का नाम राजीबुर शेख है। पहले वह दिल्ली में ब्यूटीपार्लर का काम करती थी। इसके बाद उसे अजरूल लश्कर देहरादून लेकर आ गया। रीफैन बीवी मसूरी स्थित एक स्पा सेंटर में काम करती थी। मसूरी में कमरे का किराया अधिक होने के चलते दोनों ने जाखन में कमरा किराये पर लिया था।

थानाध्यक्ष ने बताया कि इस मामले में उन्होंने अजरूल लश्कर के बारे में भंगौनखाली में पड़ने वाले थाना बसंती से संपर्क किया तो पता चला कि अजरूल लश्कर ने तीन फरवरी को आत्महत्या कर ली है। जिस कमरे में रीफैन बीवी की लाश मिली थी कि वहां से पुलिस को कोई साक्ष्य नहीं मिल पाया है। ऐसे में पुलिस फिलहाल यही मान रही है कि अजरूल लश्कर ने ही अपनी प्रेमिका को मौत के घाट उतारा, और इसके बाद कोलकाता लौटकर खुद भी आत्महत्या कर ली। (डॉ. नवीन जोशी) अन्य ताज़ा नवीन समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : नैनीताल: तल्लीताल पुलिस ने किया 24 घंटे में ‘डकैती’ की घटना के खुलासे का दावा

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 5 अप्रैल 2022। नैनीताल की तल्लीताल पुलिस ने 24 घंटे के अंदर डकैती का खुलासा करने का दावा किया है। बताया गया है कि सोमवार की रात्रि सैलानी मोहित पुत्र हीरा लाल निवासी ग्राम निमचा शाहजहांपुर थाना जेवर जिला गौतमबुद्ध नगर उत्तर प्रदेश ने पुलिस को सूचना दी थी कि भवाली रोड पर शहर से करीब 4-5 किलोमीटर दूर 3-4 लोगों ने उनकी डस्टर कार को हाथ देकर रोका और छीनकर भाग गए। इस पर पुलिस ने अभियोग पंजीकृत किया।

इस पर जनपद के एसएसपी व एसपी अपराध के निर्देशों पर सीओ व तल्लीताल थानाध्यक्ष रोहताश सिंह सागर ने थाने एवं एसओजी की संयुक्त टीम का गठन किया और सीसीटीवी फुटेज व सर्विलांस तथा ठोस साक्ष्यों के आधार पर लूट में शामिल रहे 28 वर्षीय अखिलेश टम्टा पुत्र महावीर प्रसाद टम्टा निवासी दमुवाढूंगा जवाहर ज्योति काठगोदाम को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से लूटी गई कार संख्या एचआर51एडब्लू-3737 के साथ गिरफ्तार किया व न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया। साथ ही मामले में 4 अन्य लोगों की संलिप्तता भी होने की बात प्रकाश में आने पर मुकदमे में भारतीय दंड संहिता की धारा 395, 412, 34 व 120 जोड़ दी।

आरोपित की मारुति अल्टो कार भी पुलिस ने कब्जे में ली है। पुलिस टीम में उपनिरीक्षक त्रिवेणी प्रसाद जोशी, केवलानंद पाठक व बबीता के साथ एचसीपी संदीप नेगी, आरक्षी दीपक उपाध्याय, शिवराज राणा, अमित कुमार, संदीप पांडे, गोविंद उप्रेती, मब्बू मियां, कुलदीप चौधरी, एसओजी प्रभारी नंदन रावत व उनकी टीम तथा सर्विलांस प्रभारी किशन शर्मा की मुख्य भूमिका रही। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

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सैमलैंगिक सेक्स केवल गुदा मैथून तक सीमित नहीं | Love Mattersनवीन समाचार, रुद्रपुर, 11 मार्च 2022। उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले में एक किशोर की हत्या और हत्या के कारणों का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। हत्यारोपित ने मोबाइल पर अनजान लड़की से संपर्क बढ़ाया, और उसके प्यार में पड़ गया, और साथ रहने के लिए उसे भगा ले गया। लेकिन उसके पैरों तले से जमीन तब खिसक गई जब उसे पता चला कि जिसे वह भगाकर लाया है वह एक लड़की नहीं बल्कि गे यानी समलैंगिक है। इस पर हत्यारोपित ने उसके रहने से इनकार कर दिया तो किशोर उसके साथ रहने की जिद पर अड़ गया। इस कारण आरोपित ने अपने दोस्त के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी और शव को ठिकाने लगा दिया। आरोपित अब पुलिस की गिरफ्त में है।

रुद्रपुर के कोतवाल विक्रम राठौर ने बताया कि 24 मार्च 2021 को भूरारानी निवासी 17 साल का किशोर लापता हो गया था। काफी खोजबीन के बाद भी जब उसका पता नहीं चला तो पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की। पांच दिन बाद 29 मार्च 2021 को किशोर की लाश खटीमा-मझौला के बीच मिली। इस पर पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसकी मुंह दबाकर हत्या की पुष्टि हुई थी। इसके बाद से ही पुलिस हत्या के पर्दाफाश में जुटी थी।

इधर, जांच अधिकारी एसआइ मंगल सिंह ने सर्विलांस आदि की मदद से मृतक के मोबाइल की सीडीआर और सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद खजुरिया, रामपुर निवासी गुरजिंदर सिंह पुत्र बखविंदर सिंह और मझौला, न्यूरिया, पीलीभीत निवासी साहब सिंह उर्फ शब्बी पुत्र करतार सिंह को गुरुवार शाम गिरफ्तार किया।

कोतवाल ने बताया कि पूछताछ में गुरजिंदर सिंह ने बताया कि एक साल पहले उसे एक नंबर मिला। जिस पर उसने बात की तो वह युवती का नंबर निकला। धीरे धीरे दोनों की बात होने लगी। इस पर वह उसे 24 मार्च को अपने साथ भगा ले गया। इस दौरान उसे पता चला कि वह लड़की नहीं लड़का है तो उसने उसे घर जाने को कहा। लेकिन वह उसके साथ शादी करके रहने की जिद पर अड़ गया। जिसके बाद उसने अपने साथी साहब सिंह के साथ मिलकर उसे ठिकाने लगा दिया। फिलहाल पुलिस हत्यारोपितों से पूछताछ कर रही है। शुक्रवार को मामले का पर्दाफाश किया जाएगा। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : पत्नी के सामने गालीगलौज की तो हत्या कर खेत में गाढ़ दिया युवक का शव…

After killing a young man in Munger his body was buried in the field :  मुंगेर में युवक की हत्या कर उसका शव खेत में दफना दिया - Navbharat Timesनवीन समाचार, रुद्रपुर, 7 मार्च 2022। शहर के ट्रांजिट कैंप क्षेत्र से लापता एक युवक की हत्या कर शव बिलासपुर नई बस्ती में एक खेत में दफन कर दिया गया। इस मामले में पुलिस ने हत्या के मुख्य षड़यंत्रकारी को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर शव बरामद कर लिया है। बाद में पुलिस ने को शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस को इस मामले में हत्या में संलिप्त तीन अन्य हत्यारोपितों की भी तलाश है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार ट्रांजिट कैंप, राजा कालोनी निवासी 25 वर्षीय अमित पुत्र अशर्फी लाल गत 28 फरवरी को गायब हो गया था। इस पर उसकी मां मोहन देई ने उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। जिसके बाद से पुलिस अमित की तलाश कर रही थी। इस दौरान पुलिस को सीसीटीवी फुटेज में अमित बुलेट सवार युवक के साथ जाते हुए दिखाई दिया था। परिजनों और अन्य लोगों से पूछताछ में पता चला कि बुलेट चालक जीम मेडिकल स्टोर गली, ट्रांजिट कैंप निवासी रोहित सरकार पुत्र विजय सरकार है।

रविवार शाम को पुलिस ने रोहित को पकड़ लिया और सख्ती से पूछताछ की। इस दौरान रोहित ने अमित की हत्या की बात कबूल की। बताया कि अमित से वह रंजिश रखता था। अमित ने उसकी पत्नी के सामने गालीगलौज की थी, जिसके बाद उसने अमित की हत्या की योजना बनाई। इसके लिए उसने अपने खानपुर, नई बस्ती, बिलासपुर, रामपुर निवासी दोस्त प्रकाश पुत्र कश्मीर सिंह के साथ ही वहीं के ही नंदू पुत्र सालेग्राम और गोविंद की मदद ली।

बताया कि 28 फरवरी को वह अमित को अपने साथ बिलासपुर नई बस्ती ले गया। जहां उन्होंने अमित के साथ शराब पी। बाद में उसका नायलॉन की रस्सी से गला घोंटा और फिर कुल्हाड़ी से कई वार कर हत्या कर दी। फिर प्रकाश के घर से 300 मीटर दूर खेत में उसकी लाश दफन कर दी।

ट्रांजिट कैँप के थानाध्यक्ष सुंदरम शर्मा ने बताया कि हत्यारोपित रोहित की निशानदेही पर सोमवार तड़के एसआई विजय सिंह, एसआई धीरज टम्टा, एसआई मनोज कुमार पुलिस कर्मियों के साथ बिलासपुर, नई बस्ती गए और खेत में दफन शव बरामद किया। बताया कि चारों हत्यारोपितों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया है। फरार तीन आरोपितों की तलाश की जा रही है, जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

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Dehradun Vanshika Bansal Murder : Dehradun Vanshika Bansal Murder Full Storyनवीन समाचार, देहरादून, 4 मार्च 2022। गुरुवार की शाम देहरादून में वंशिका बंसल नाम की एक छात्रा की उसके ही सहपाठी छात्र ने हत्या कर दी थी। पुलिस ने शुक्रवार को आरोपित छात्र आदित्य तोमर को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद छात्रा की हत्या का जो कारण बताया गया है, वह झकझोरने वाला है।

देहरादून के एसएसपी ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि सहपाठी होने के नाते वंशिका व आदित्य के बीच आम सहपाठी जैसे संबंध हुए। लेकिन करीब एक महीने पहले वंशिका ने सोशल मीडिया पर अपनी एक फोटो डाली। उस पर आदित्य ने कुछ ऐसा कमेंट किया कि जिस पर वंशिका इससे नाराज हुई और उसने आदित्य को इस पर न केवल फटकारा बल्कि वरिष्ठ छात्रों व स्कूल प्रबंधन से इसकी शिकायत की।

स्कूल प्रबंधन ने छात्रा के परिजनों को इस बारे में बताया। इसके बाद कॉलेज बंद हो गया। इधर गुरुवार को जब दोबारा कॉलेज खुला तो शाम को उसका सामना वंशिका से हो गया। फिर दोनों में कहासुनी हो गई। वंशिका ने अपने परिचित वरिष्ठ छात्रों को बुला लिया। आरोप है कि इस दौरान उन्होंने आदित्य को डराया और मारते हुए वंशिका के पैर छुआए। वंशिका के पैरों पर ऐसे झुकना आदित्य के अहम को ठेस दे गया। वह वहां से घर गया और तमंचा लेकर आया। तब वंशिका स्कूल के पास कैफे से कुछ सामान लेने आई थी।

इस दौरान उसने पहले वंशिका को धमकी दी कि वह अब अपने साथियों को बुलाए, और उसने आवेश में वंशिका की सीने पर गोली माकर हत्या कर दी। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। इस तरह छोटी सी बात पर एक होनहार छात्रा की मौत हो गई है और एक छात्र जेल पहुंच गया है और उसकी जिंदगी भी बर्बाद होने की कगार पर है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : नैनीताल पुलिस ने मोबाइल लूटने के आरोपित को किया गिरफ्तार

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 8 फरवरी 2022। नैनीताल की तल्लीताल थाना पुलिस ने एक शादी समारोह में मोबाइल लूटकर फरार हुए एक 40 वर्षीय आरोपित युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

बताया गया है कि खडक सिंह मालडा पुत्र उमेद सिंह निवासी ग्राम व पोस्ट बेल थाना तल्लीताल ने राजन सिंह उर्फ राजेन्द्र रंगवाल पुत्र नारायण सिंह निवासी नाईसैला पर एक शादी समारोह में हमला कर मोबाइल लूटना का आरोप लगाते हुए तहरीर दी थी। इस पर पुलिस ने अभियोग पंजीकृत किया था।

उप निरीक्षक केवलानन्द पाठक ने मामले की विवेचना करते हुए आरोपित को उसकी निशादेही पर घटना मे लूटा गया मोबाइल बरामद करते हुए मंगलवार को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया और न्यायालय के आदेश पर जिला कारागार नैनीताल भेज दिया। उसे गिरफ्तारी करने में आरक्षी मब्बू मियां का भी सहयोग रहा। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : ‘घंटी और टोंटी चोर को नैनीताल पुलिस ने 24 घंटे के अंदर लिया हिरासत में

नवीन समाचार, लालकुआं, 3 फरवरी 2022। नैनीताल जनपद की हल्द्वानी पुलिस ने बुधवार को एक मंदिर से घंटी और टोंटी चुराने वाले चोर को 24 घंटे के अंदर धर दबोचा। विदित हो कि दो फरवरी को बच्चीधर्मा हल्दूचौड़ निवासी दिनेश जोशी ने थाना लालकुआ में तहरीर देकर बताया था कि एक फरवरी की रात्रि को अज्ञात चोरों द्वारा मंदिर से 12000 रुपए कीमत की घंटियां और नल की टोंटियां चोरी कर ली गई है।

इस संबंध में कोतवाली लालकुआ में अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया, और पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों से प्राप्त सूचना से 24 घंटे के भीतर ही आरोपित मनोज शर्मा को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से चोरी का पूरे सामान बरामद कर लिया गया।

पुलिस टीम में उप निरीक्षक जगदीप सिंह नेगी चौकी प्रभारी हल्दूचौड़ तथा उप निरीक्षक रजनी आर्य एवं आरक्षी गोविंद सिंह व अनिल शर्मा शामिल रहे। (डॉ. नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : सनसनीखेज खुलासा: भाभी से अवैध संबंध बनाए, गर्भवती हुई तो खाई में धकेल दिया

नवीन समाचार, पिथौरागढ़, 29 जनवरी 2022। पिथौरागढ़ जनपद के बुंगली गांव में एक देवर ने अवैध संबंधों के कारण गर्भवती होने पर अपनी भाभी को धक्का मार कर गहरी खाई में धक्का मारकर मार दिया। पुलिस ने आरोपित देवर को भाभी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार राजस्व क्षेत्र बुंगली में शीला देवी पत्नी दीवान सिंह निवासी बुंगली 29 सितंबर 2021 से लापता थी। तभी से उसकी तलाश की जा रही थी। सफलता न मिलने पर राजस्व पुलिस ने इस मामले को सिविल पुलिस को हस्तांतरित किया। मामले की विवेचना करते हुए चौकी प्रभारी पनार एसआइ दिनेश चंद्र सिंह ने विवेचना के दौरान शक के आधार पर महिला के देवर बबलू को थाने में बुलाया और पूछताछ की। पूछताछ के दौरान बबलू ने अपराध कबूलते हुए ऐसा खुलासा किया कि पुलिस भी सकते में आ गई।

बबलू ने बताया कि उसके अपने भाभी से अवैध संबंध थे। इससे वह गर्भवती हो गई थी। बच्चा गिराने से मना करने के साथ उसके साथ रहने की जिद कर रही थी। इसी कारण उसने अपनी भाभी को 29 सितंबर 2021 को पिथौरागढ़ बुलाया और पिथौरागढ़ से वापस अपने गांव बुंगली ले जाते हुए गुरना मंदिर से सौ मीटर आगे गहरी खाई में धक्का मार कर फेंक दिया। पुलिस ने घटनास्थल से गुमशुदा का दुपट्टा बरामद किया है।

पुलिस ने मामले में 32 वर्षीय आरोपित बबलू पुत्र हिम्मत सिंह निवासी ग्राम डुमरी तहसील गंगोलीहाट हाल निवासी निकट चंद्रभागा पुल ऐंचोली पिथौरागढ़ को भारतीय दंड संहिता की धारा 376 व 221 के तहत मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया और न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। (डॉ. नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : नैनीताल पुलिस ने 13 व 16 जनवरी की रात 10 चोरियां करने वाला शातिर पिद्दा को किया गिरफ्तार

-28 मुकदमों में पहले भी जा चुका है जेल, हर बार बदलता है भेष

Pidda arrested for carrying out 10 thefts - 10 चोरियों को अंजाम देने वाला  पिद्दा गिरफ्तारनवीन समाचार, हल्द्वानी, 18 जनवरी 2022। हल्द्वानी पुलिस ने बीते पांच दिनों की दो रातों में 10 ताबड़तोड़ चोरियों को अंजाम देने वाले व हर बार अपना भेष बदलने वाले शातिर चोर पिद्दा को पकड़ लिया है। बताया गया है कि आरोपित पूर्व में भी 28 मुकदमों में जेल भेजा जा चुका है।

इधर 13 जनवरी से ही वह 8 चोरी की घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं। इस दौरान 13 जनवरी की रात्रि को रात्रि में तीनपानी हल्द्वानी की श्री साई डिजिटल फोटो स्टूडियो से ताला तोड़कर लगभग 1300 रुपए चोरी करने, इसी दिन तनूज सोनकर निवासी तीनपानी हल्द्वानी की मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान से ताला तोड़कर लगभग 12,700 रूपए, बबलू कश्यप निवासी तीनपानी हल्द्वानी की प्रिंस टेलर नाम से कपड़े की दुकान से ताला तोड़कर लगभग 1100 रूपए, चम्पा मेहता निवासी तीनपानी हल्द्वानी की माँ कालिका गृह उद्योग नाम की दुकान से ताला तोड़कर लगभग 16 हजार रुपए व अन्य सामान, कविता निवासी तीनपानी हल्द्वानी की डॉ. लाल पैथोलोजी लैब से ताला तोड़कर लगभग 6,500 रुपए, 16 जनवरी की रात्रि दलीप रावत निवासी सत्यलोक कालोनी यातायात नगर की दुकान महालक्ष्मी इन्टरप्राइजेज का ताला तोड़कर पांच हजार 3पए एंव मोबाइल फोन, इसी रात्रि अज्ञात चोरों द्वारा तारा सिंह राणा निवासी सत्यलोक कालोनी यातायात नगर की दुकान मेटलिंग मुवमेंट बेकरी से ताला तोड़कर लगभग 3 हजार रुपए व पर्स, सत्यलोक कालोनी यातायात नगर में नीरज आर्या की दुकान जय माँ ट्रैडर्स, देवी दत्त सनवाल की जय माँ बाराही नाम की दुकान व ललित मिगलानी की फास्ट फूड की दुकान में ताला तोड़कर सेंधमारी करने की घटनाओं को अंजाम दिया।

मंगलवार को इन मामलों पर पुलिस के अधिकारियों ने कहा कि पुलिस द्वारा लगभग 350 सीसीटीवी कैमरो की फुटेज खंगाल कर और लगभग 70 से 80 संदिग्धांे व पुराने शातिरांे का सत्यापन एंव पूछताछ कर इन मामलों में संलिप्त प्रमोद कुमार उर्फ पिद्दा पुत्र स्वर्गीय बची राम निवासी दीना डी क्लास हल्दूचौड़ थाना लालकुआ जनपद नैनीताल को गिरफ्तार किया है। बताया गया कि वह अब पूर्व में भी हल्द्वानी मुखानी, काठगोदाम, बनभुलपुरा, लालकुआं आदि थानाक्षेत्रो मे कई नकबजनी की घटनाओ को अंजाम दे चुका है। उससे कुल 37 हजार व एक मोबाइल फोन व पर्स बरामद हुआ है। उसे गिरफ्तार करने वालीे पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली हल्द्वानी हरेन्द्र चौधरी, उप निरीक्षक विजय पाल सिंह व मनोज कुमार, हेड कांस्टेबल गणेश कुमार व मौ. आकिल तथा आरक्षी जगदीश भारती, सुरेन्द्र सिंह, जितेन्द्र, विरेन्द्र चौहान, इसरार नवी, इसरार अहमद, वंशीधर जोशी व भगवान सिंह सैलाल शामिल रहे। (डॉ. नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : पुलिस ने किया रुद्रपुर में गौवंशीय पशुओं को काटने की घटना का खुलासा, एक हत्यारे गौ-तस्कर सहित तीन गिरफ्तार, तीन और शेष….

lockdown: लॉकडाउन: बेवजह घूमते मिले 9 लोग, पुलिस ने किया गिरफ्तार - 9  people found wandering in kakori, police arrested | Navbharat Times

नवीन समाचार, रुद्रपुर, 14 जनवरी 2022। पुलिस ने गत 9 जनवरी को दो गोवंशीय पशुओं को काटकर खाली प्लाट में फेंकने के मामले का पर्दाफाश कर लिया है। इस मामले में कुल चार गौ-तस्कर शामिल थे। इनमें से एक गौ तस्कर और उसका मांस खरीदने वाले दो लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक आरोपित ने रामपुर में न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया है, जबकि फरार चल रहे दो आरोपितों की तलाश में पुलिस और एसओजी जुटी हुई हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार पकड़े गए आरोपित ने बताया कि पुलिस के वाहन को देखकर वह गौमांस के अवशेष छोड़कर भाग गए थे।

एसएसपी दलीप सिंह कुंवर ने बताया कि इस मामले में गुरुवार रात्रि वर्तमान में जाफरपुर महतोष मस्जिद वाली गली गदरपुर रहने वाले मूलरूप से मोहल्ला अगलका, थाना स्वार, रामपुर निवासी आरोपित अयूब उर्फ हक्ला पुत्र मोहम्मद अहमद को गिरफ्तार किया गया। अयूब ने बताया कि घटना में उसके साथ खिदरपुर, अजीमनगर, रामुपर निवासी दानिश पुत्र अफसर अली, खेमपुर, थाना अजीमपुर, रामपुर निवासी उस्मान पुत्र नक्शे अली और अगलका, थाना स्वार, रामपुर निवासी नईम पुत्र मोहम्मद अहमद शामिल थे।

घटना वाली रात वह तीनों सफेद रंग की होंडा कार संख्या यूपी25एक्स-0240 से आए थे और गौवंशीय पशु को पार्क में काटने के बाद कार में डाल रहे थे। कार में आगे से कुछ मांस रख लेने के बाद उनकी कार का पिछला लॉक जाम हो गया और इसी दौरान पुलिस का वाहन भी आ गया। इस कारण वे लोग बाकी अवशेष मौके पर छोड़कर फरार हो गए।

कार में रखा गोमांस उन्होंने रामपुर के खिदरपुर, थाना अजीमनगर निवासी अफसर अली पुत्र अली हुसैन और खेमपुर, थाना अजीमनगर, निवासी शौकत अली पुत्र नक्शे अली को बेच दिया। एसएसपी ने बताया कि पुलिस ने अयूब की निशानदेही पर अफसर अली और शौकत अली को भी गिरफ्तार कर लिया है। जबकि उस्मान और नईम के घर में दबिश दी गई लेकिन वह फरार हो गए। जबकि गिरोह के सरगना दानिश ने गुरुवार को रामपुर कोर्ट में एक अन्य मामले में सरेंडर कर दिया।

एसएसपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपित को कोर्ट में पेश कर जेल भेजा जा रहा है। साथ ही दोनों फरार आरोपितों की तलाश की जा रही है, जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। आरोपितों की गिरफ्तारी करने वाली टीम में सीओ सिटी अभय सिंह, एसओजी प्रभारी कमलेश भट्ट, एसआइ धीरेंद्र, कौशल भाकुनी, विजय सिंह आदि शामिल रहे। (डॉ. नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : लूटपाट में शामिल 3 आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजा…

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 6 जनवरी 2022। गत 31 दिसंबर को श्यामखेत भवाली निवासी मनोज कुमार आर्य पुत्र प्रताप राम निवासी की रात्रि करीब साढ़े 10 बजे नैनीताल से अपने परिवार के साथ कार से घर लौटने के भवाली रोड पर मंशा देवी मंदिर के पास सेंट्रो कार संख्या यूके04के-0071 में बैठे तीन अज्ञात लोगों’ ने मारपीट की थी, और उनका मोबाइल फोन, पर्स व पर्स में रखे करीब 7500 रुपए, आधार कार्ड, एटीएम कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस’ छीनकर फरार हो गए थे।

इस मामले में मनोज ने गत तीन जनवरी को तल्लीताल थाना पुलिस को इसकी सूचना दी। इस पर तल्लीताल थाना पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 392 व 427 के तहत अज्ञात के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत किया।

अब थाना पुलिस की सीओ संदीप नेगी के दिशा-निर्देश में गठित टीम ने सीसीटीवी फुटेज, मुखबिरों और संदिग्ध लोगों की जांच करते हुए घटना में प्रयुक्त सैंट्रो कार के साथ ही घटना में शामिल तीनों आरोपितो नितेश नेगी पुत्र प्रवीण सिंह, नानक सिंह बोरा पुत्र मोहन सिंह व करन नेगी पुत्र राजेंद्र नेगी निवासी बिठौरिया नंबर 1 मुखानी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस आरोपितों से लूटे गए रूपयों में से 2600 रुपए भी बरामद किए हैं।

गुरुवार को आरोपितों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस टीम में उपनिरीक्षक दीपक बिष्ट, आरक्षी अमित कुमार, शिवराज राणा व राजकुमार शामिल रहे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : पुलिस ने किया एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या का सनसनीखेज खुलासा….

नवीन समाचार, रुद्रपुर, 3 जनवरी 2022। जनपद के नानकमत्ता में बीते बुधवार को ग्राम सिद्दा में एक ही परिवार के चार लोगों की गला रेतकर की गई हत्या के मामले का पुलिस ने सोमवार को खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने तीन हत्यारोपितों को गिरफ्तार कर उनसे लूटे गए 35 हजार रुपये और हत्या में प्रयुक्त कार सहित बरामद कर लिए हैं। तीनों हत्यारोपितों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है। एक हत्यारोपित फरार है। पुलिस उसकी तलाश में है।

उल्लेखनीय है कि बीते बुधवार को ग्राम सिद्दा के अंतर्गत देवहा नदी किनारे दो युवकों अंकित रस्तोगी उर्फ अजय पुत्र शिवशंकर रस्तोगी और उसके ममेरे भाई उदित रस्तोगी पुत्र अनिल रस्तोगी के शव मिले थे। जबकि उनके घर अंकित की मां आशा देवी व नानी सन्नो देवी के शव भी बरामद हुए थे।

डीआइजी डॉ. नीलेश आनंद भरणे ने बताया कि इस मामले में पुलिस ने 20 टीमोें का गठन कर मृतक अंकित के सगे संबेधी व दोस्तों के साथ ही कई संदिग्धों से पूछताछ कर सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इस मामले में पुलिस ने नानकमत्ता गुरुद्वारा रोड निवासी रानू रस्तोगी पुत्र अनिल रस्तोगी, रुद्रपुर, सुभाष कालोनी निवासी विवेक वर्मा पुत्र ओमप्रकाश वर्मा और मुकेश शर्मा उर्फ राहुल रस्तोगी पुत्र तुलसी राम को हत्या में प्रयुक्त आला कत्ल, वाहन कार वैगनआर और लूटे गए 35 हजार की नकदी के साथ गिरफ्तार किया है।

हत्यारोपितों रानू रस्तोगी ने बताया कि अंकित उसका दोस्त था और पहले कबाड़ की दुकान चलाने का काम करता था। करीब एक माह पूर्व उसने 30-40 लाख रुपये की लागत लगाकर सुनार की दुकान खोली थी। रानू का अंकित के घर में आना जाना व घर की स्थिति से बखूबी वाकिफ था। उसने शातिर किस्म के गैंगस्टर अपराधी सचिन सक्सेना तथा विवेक वर्मा व मुकेश वर्मा के साथ मिलकर 28 दिसंबर को डकैती करने के उद्देश्य से मृतक अंकित रस्तोगी व उदित रस्तोगी को किसी बहाने से घर से बाहर बुलाकर देवहा नदी के किनारे ले जाकर डंडे व रॉड से वार करते हुए घायल किया और सर्जिकल ब्लेड से दोनों के गले रेतकर उनकी निर्मम हत्या कर दी।

इसके बाद वह मृतक के घर पर पहुंचे और अंकित की मां आशा देवी और नानी सन्नो देवी की भी हंसिए से गला रेतकर हत्या की। बाद में दुकान से करीब 40 हजार रुपये लूट लिए। वह दुकान में रखा लॉकर भी खोलना चाहते थे पर उसे खोल नही पाये और मौके से फरार हो गये थे। (डॉ. नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : तीन ताबड़तोड़ चोरियों के मामले में हल्द्वानी से तीन नाबालिग गिरफ्तार…

नवीन समाचार, कपकोट-बागेश्वर, 20 दिसंबर 2021। बागेश्वर जनपद पुलिस व एसओजी टीम ने गत 14 दिसंबर को थाना कपकोट क्षेत्र में हुई तीन चोरियों का खुलासा कर दिया है। खास बात यह है कि तीनों चोरियों को तीन नाबालिगों ने अंजाम दिया था उनहें पुलिस ने हल्द्वानी से पकड कर संरक्षण में ले लिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार गत 15 दिसंबर को ग्राम तोली निवासी खिलाफ सिंह पुत्र नैन सिंह ने थाना कपकोट में तहरीर दी थी कि 14 अक्टूबर की रात्रि अज्ञात लोगों ने उसकी दुकान का ताला तोड़कर कुछ नगदी एवं सामान चोरी कर लिया। इसी दिन ग्राम बघर निवासी सुंदर सिंह पुत्र त्रिलोक सिंह ने भी शिकायत दर्ज कराई कि 14 दिसंबर को कपकोट तोली मोटर मार्ग स्थित डना बैंड के पास खड़ी उसकी मैक्स गाड़ी संख्या यूके04टी-3001 चोरी हो गई है।

इसके अलावा 18 अक्टूबर को ग्राम बघर निवासी स्वरूप सिंह पुत्र मलक सिंह ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि 16 अक्टूबर को उसकी दुकान का कुंडा टूटा हुआ और दुकान से कुछ पैंसे व सामान चोरी मिले। इस मामले में बागेश्वर जनपद की एसओजी ने रविवार को को प्रकाश में आये तीन आरोपितों को रणवीर गार्डन हल्द्वानी से पुलिस संरक्षण में ले लिया। तीनों नाबालिगों से चोरी किये गये वाहन मैक्स व अन्य सामान बरामद कर लिया गया है। सोमवार को उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।

एसपी बागेश्वर ने इस मामले का खुलासा करने के लिए एसओजी व पुलिस टीम को उत्साहवर्धन हेतु दो हजार रुपये के नगद पुरस्कार से पुरुस्कृत करने की घोषणा की है। मामलों का खुलासा करने वालों में एसओजी के प्रभारी उप निरीक्षक कुंदन सिंह रौतेला, आरक्षी राजेश भट्ट, संतोष सिंह, रमेश सिंह व राजेन्द्र प्रसाद, साइबर सेल के चंदन कोहली व इमरान खान थानाध्यक्ष उप निरीक्षक प्रताप नगरकोटी, मनवर सिंह व प्रहलाद सिंह तथा आरक्षी वीरेंद्र गैड़ा व त्रिभुवन मर्तोलिया शामिल हैं। (डॉ. नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : नैनीताल : कोतवाली पुलिस ने दो घटनाओं का किया खुलासा

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 20 दिसंबर 2021। मल्लीताल कोतवाली पुलिस ने सोमवार को दो घटनाओं का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने गत 10 दिसंबर को ठंडी सड़क में एरिएशन ऑपरेटर हयात बोरा के साथ हुई मारपीट व लूटपाट के मामले में सीसीटीवी कैमरों एवं मुखबिरों से सुरागकसी करते हुए सर्विंलांस सेल की मदद से 19 वर्षीय पंकज जोशी पुत्र सुरेश जोशी मूल निवासी ग्राम नायल थाना दन्या जिला अल्मोड़ा व 20 वर्षीय ग्राम सैलाकोट पोस्ट दौड़म थाना दन्या अल्मोड़ा को हनुमानगढ़ी तल्लीताल से लूटी गई सामग्री के साथ गिरफ्तार करने का दावा किया है। दोनों , वर्तमान निवासी गायत्री कुंज हल्दूचौड़ लालकुआं में किराए के घर में साथ रहते हैं। पकड़े गए आरोपितों ने खुलासा किया है कि वह नौकरी के लिए नैनीताल आए थे। यहां नौकरी न मिलने और रुपए खर्च हो जाने के कारण उन्होंने पीड़ित के साथ मारपीट व लूटपाट की।

इसके साथ ही पुलिस ने रविवार की रात्रि नासिर पुत्र नाशै निवासी पॉपुलर कंपाउंड मल्लीताल के वाहन से एम्प्लीफायर, स्पीकर, पेन ड्राइव व स्टेपनी का टायर आदि चोरी होने की घटना हुई थी। इस मामले में कोतवाली पुलिस ने पुराना खत्ता बिंदूखत्ता लालकुआं निवासी महेंद्र साह पुत्र मोहन साह को चोरी की सामग्री से बीडी पांडे जिला चिकित्सालय मार्ग से गिरफ्तार करने का दावा किया है। दोनों घटनाओं के खुलासे में प्रभारी निरीक्षक धर्मवीर सोलंकी, एसएसआई प्रेम राम विश्वकर्मा, उप निरीक्षक हरीश सिंह व उमेश रजवार, आरक्षी एहसान अली, तारा कम्बोज, संजीव कुमार, संजय कुमार व सर्विलांस सेल के किशन चंद्र शर्मा की प्रमुख भूमिका रही है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : बिग ब्रेकिंग-एक्सक्लूसिव: कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद के आवास पर आगजनी व फायरिंग करने वाले चार आरोपित गिरफ्तार

-भवाली के क्षेत्राधिकारी के पर्यवेक्षण में की गई पूरी पुलिस कार्रवाई, आरोपितों के अनुसार वह पुतला दहन करने गए थे, केयर टेकर ने की अभद्रता तो की तोड़फोड़ व आगजनी

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 18 नवंबर 2021। गत 15 नवंबर 2021 को पूर्व केंद्रीय मंत्री व वरिष्ठ कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद के भवाली थानांतर्गत प्यूड़ा सतखोल स्थित कॉटेज हुई आगजनी एवं फायरिंग के मामले में पुलिस ने चार आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में कोतवाली भवाली में भारतीय दंड संहिता की धारा 147, 148, 452, 436 व 504 के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया था।

बताया गया है कि वांछित आरोपितों की तलाश एवं गिरफ्तारी हेतु भवाली के क्षेत्राधिकारी भूपेंद्र सिंह धौनी के पर्यवेक्षण में तीन टीमें लगी हुई थीं। इन्हीं में से भवाली के कोतवाली प्रभारी अशोक कुमार के नेतृत्व में लगी टीम ने भवाली में रामगढ़ रोड स्विस बैंक के आगे वाले बैंड के पास चार लोगों को गिरफ्तार किया। बताया गया कि वह अपने बचाव के लिए हल्द्वानी की ओर भागने की फिराक में खड़े थे।

बताया गया है कि पकड़े गए आरोपितों में से 27 वर्षीय चंदन सिंह लोधियाल पुत्र हरेंद्र सिंह निवासी ग्राम नथुवाखान के कब्जे से 32 बोर की मैगजीन सहित अवैध पिस्टल बरामद हुई। उसके अलावा ग्राम सूपी थाना मुक्तेश्वर निवासी 30 वर्षीय कृष्णा सिंह बिष्ट पुत्र शंकर सिंह बिष्ट, 30 वर्षीय उमेश मेहता पुत्र गंगा सिंह मेहता व राजकुमार मेहता पुत्र गंगा सिंह मेहता भी पकड़े गए हैं। आरोपितों ने बताया है कि वह कुंदन चिलवाल के नेतृत्व में कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद के घर पर उनका पुतला दहन करने गए थे। उन्होंने वहां पर केवल पुतला फूका और नारेबाजी की थी। इस दौरान सलमान खुर्शीद जी आवास के केयर टेकर ने उनसे गाली गलौज व अभद्रता की, इस पर विरोध के आवेश में आकर उन्होंने खुर्शीद के मकान पर आगजनी व फायरिंग कर दी। इसके बाद मुकदमा कायम होने व वीडियो वायरल होने की जानकारी लगने पर वह अपने बचाव में वकील के पास हल्द्वानी जाने के दौरान पकड़े गए।

इस पर चंदन लोधियाल के खिलाफ अन्य धाराओं के साथ ही 25 शस्त्र अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस टीम में मुक्तेश्वर के थानाध्यक्ष मो. आसिफ, भवाली के एसएसआई प्रकाश मेहरा, उप निरीक्षक मनोज कुमार, महिला उपनिरीक्षक प्रियंका मौर्य, आरक्षी विपिन शर्मा, उमेश राज व विनोद रावत शामिल रहे। सीओ भूपेंद्र सिंह धौनी ने बताया कि इनसे पूछताछ में और कई नाम सामने आए हैं। विवेचना जारी है। घटना में एक दर्जन लोग और शामिल हो सकते हैं। इधर डीआइजी डॉ. नीलेश आनंद भरणे का कहना है कि पुलिस क्षेत्र में तत्परता से आरोपितों की तलाश में जुटी हुई है। जल्द ही मामले के मुख्य आरोपितो को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। यदि आरोपित पकड़ में नहीं आए तो उनके खिलाफ वारंट जारी किया जाएगा। यह भी पढ़ें : नैनीताल सलमान के कई एकड़ में फैले फार्म हाउस में आगजनी- तोड़फोड़ की जांच शुरू, खोखे भी बरामद…

मारपीट के बाद युवक की मौत, ग्रामीणों का शव को कोतवाली के सामने रखकर हंगामा, विरोध-प्रदर्शन, जाम….

जिसमें प्रथम टीम का निर्देशन प्रभारी निरीक्षक कोतवाली भवाली श्री अशोक कुमार, दूसरी टीम का निर्देशन थानाध्यक्ष मुक्तेश्वर मो0 आसिफ खान व तीसरी टीम का निर्देशन थानाध्यक्ष भीमताल श्री रमेश बोहरा कर रहे थे। इसी क्रम में दिनांक 17 नवंबर 2021 को वांछित अभियुक्त गणों की तलाश एवं गिरफ्तारी हेतु क्षेत्राधिकारी भवाली के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली भवाली के नेतृत्व में संचालित टीम प्रथम जब रामगढ़ रोड स्विस बैंक के आगे वाले बैंड पर पहुंचे तो मुखबिर की सूचना ज्ञात हुआ कि कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद की भवाली स्थित कोठी (आवास) पर जिन लोगों ने आगजनी व गोलीबारी की घटना को अंजाम दिया था उनमें से चार लोग अपने बचाव के लिए हल्द्वानी की ओर भागने की फिराक में खड़े हैं।

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नवीन समाचार, देहरादून, 12 नवंबर 2021। पटेलनगर पुलिस को शुक्रवार को सीमेंट के फर्जीवाड़े में बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने शहर में आईएसबीटी के पास स्थित शकुंतला एनक्लेव व हरभजवाला मे अवैध रुप से संचालित सीमेंट की दो फैक्ट्रियो का किया खुलासा करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार है, साथ ही मौके से नकली अल्ट्राटेक, एसीसी व माईसेम ब्रांड के सीमेंट के भरे हुए 1043 कट्टे, व सीमेंट कंपनियों की मुहर वाले 350 खाली अन्य सामग्री व दस्तावेज बरामद किये हैं।

Imageएसएसपी जन्मेजय खंडूड़ी ने बताया कि यह लोग बाहर से खराब सीमेंट लेकर उससे नकली सीमेंट बनाते थे। उनके द्वारा दी गई जानकारियों की विवेचना में पुष्टि की जा रही है। नसीर नाम के एक अन्य आरोपित की भी तलाश है। एसएसपी ने कहा कि यह अपनी जीवन भर की पूंजी लगाकर घर बनाने वाले लोगांे के घरों को कमजोर करने का बड़ा अपराध है। इसलिए संबंधित थाना प्रभारी को इस मामले में आरोपितों के खिलाफ गैंग्स्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए हैं।

पकड़े गए आरोपितों के नाम नदीम व मोहम्मद राशिद बताए गए हैं। उनके विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 120बी, 476, 482, 483 व 486 तथा 51/63 कॉपीराइट एक्ट के अंतर्गत कार्रवाई की गई है। आरोपितों ने बताया है कि वह जामिया नगर नई दिल्ली से 250 रुपए में खराब सीमेंट लाते थे और इसे असली सीमेंट से 20-30 रुपए कम, 420 रुपए प्रति कट्टे की दर से बेचते थे। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : एक की पत्नी व बच्चे को सम्मोहित कर ले आया यूपी का 10 हजार रुपए का ईनामी तांत्रिक किसी दूसरे की पत्नी के साथ नैनीताल में गिरफ्तार

डॉ. नवीन जोशी, नवीन समाचार, नैनीताल, 27 अक्टूबर 2021। तल्लीताल थाना पुलिस ने शामली उत्तर प्रदेश के 10 हजार रुपए के ईनामी तांत्रिक को एक महिला के साथ कर लिया है। उसके साथ मिली मिली महिला का नाम महेंदू्र बताया गया है। वह भी किसी अन्य की पत्नी है और उसे भी तांत्रिक सम्मोहित करके अपने साथ लाया था। आरोपित तांत्रिक व महिला को थाना पुलिस ने यूपी पुलिस के सुपुर्द कर दिया है। देखें विडियो :

प्राप्त जानकारी के अनुसार गत माह 29 सितंबर को तांत्रिक जोनू पुत्र ऋषिपाल निवासी ग्राम खोड़समा चौकी चौसाना थाना जिंजाना शामली उत्तर प्रदेश अपने गांव के ही निवासी मुमतीज पुत्र पाली राम की 32 वर्षीय नरेशी व उसके 10 वर्षीय बेटे शिवा को वश में करके तथा पांच-छह सोने के आभूषण व 35 हजार रुपए साथ लेकर भगा ले गए थे। मुमतीज ने इसकी शिकायत थाना जांजली पुलिस में की तो जिंजाना पुलिस दोनों की तलाश में जुटी तो उनकी अंतिम लोकेशन नैनीताल पाई गई। मुमतीज का कहना था कि वह उसके बेटे की किसी तांत्रिक क्रिया के तहत हत्या कर सकता है।

इस पर जिंजाना पुलिस के कर्मी मंगलवार 26 अक्टूबर को नैनीताल पहुंचे और तल्लीताल थाना पुलिस से मदद मांगी। थाना प्रभारी रोहताश सिंह सागर ने उप निरीक्षक दीपक बिष्ट व चीता मोबाइल प्रभारी शिवराज राणा को यूपी पुलिस की मदद के लिए नियुक्त किया। पता चला कि जोनू व रवि के पास कोई मोबाइल नहीं था, उन्होंने अपना मोबाइल सिम यहां आकर तोड़कर फेंक दिया था। अलबत्ता उन्होंने नगर के हारून पुत्र अफजाल निवासी मल्लीताल के सिम से फोन किया था। इस पर जोनू व महिंदू्र नाम की महिला को हारून के माध्यम से तल्ला कृष्णापुर में एक गधेरे के पास स्थित एक घर से गिरफ्तार किया गया।

अलबत्ता उसके पास से पीड़ित मुमतीज की पत्नी व बच्चा नहीं मिले। इधर जांच में यह भी पता चला कि तांत्रित जोनू के चेले रवि ने कुछ दिन मल्लीताल बड़ा बाजार स्थित एक मिष्ठान्न भंडार में कुछ दिन बिना सत्यापन कराए नौकरी की, और इधर करीब एक सप्ताह पहले वह एक महिला व बच्चे के साथ अपने गांव जाने की बात कहकर चला गया था। इससे माना जा रहा है कि महिला व बच्चा उसके साथ ही गए हैं। यूपी पुलिस मुख्य आरोपित के पकड़े जाने के साथ मानकर चल रही है कि अब उसकी निशानदेही में उसके चेले व उसके कब्जे से महिला व उसके बेटे को बरामद कर लिया जाएगा।

बताया गया है कि यह गिरोह बिहार में भी ऐसी ही घटना को अंजाम दे चुका है। वह एक स्थान पर कुछ दिन ठहरकर खासकर महिलाओं को उनका भाग्य बदलने का झांसा लेकर अपने वश में करके उनकी धन-संपत्ति लेकर फरार हो जाते हैं। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : शातिर नाबालिगों ने नैनीताल से हल्द्वानी लौटते हुए चुराई थी बाइक, बाइक का नंबर के साथ ही रंग भी बदल दिया था

डॉ. नवीन जोशी, नवीन समाचार, नैनीताल, 17 सितंबर 2021। ज्योलीकोट चौकी पुलिस गत दिवस निकटवर्ती ज्योलीकोट में पुलिस चौकी के पास से गायब हुई मोटर साइकिल संख्या यूके07एस-8219 को हल्द्वानी से बरामद कर लिया है। खास बात यह है कि वाहन चोरी करने वाले तीनों किशोर नाबालिग हैं। उन्होंने चोरी की गई बाइक का रंग से लेकर नंबर तक बदल दिया था। पुलिस अब उन्हें किशोर न्यायालय में पेश करने की तैयारी कर रही है।

उल्लेखनीय है कि ज्योलीकोट के समीपवर्ती ग्राम भल्यूटी निवासी विक्रम सिंह बर्गली पुत्र हरपाल सिंह बर्गली की घर के समीप एनएच के किनारे खड़ी अपाची मोटरसाइकिल गत छह सितंबर की रात्रि चोरी हो गई। विक्रम ने इस संबंध में ज्योलीकोट चौकी में अपनी मोटरसाइकिल चोरी की तहरीर दी, और थाना तल्लीताल में ऑनलाइन रिपोर्ट दर्ज कराई। मामले का खुलासा करते हुए ज्योलीकोट चौकी प्रभारी जोगा सिंह ने पकड़े गऐ आरोपित नाबालिग किशोरों की स्वीकारोक्ति के हवाले से बताया कि उन्होंने 6 सितंबर की रात्रि दो बजे नैनीताल से हल्द्वानी लौटते हुए ज्योलकोट से बाइक चुराई थी और इसे हल्द्वानी ले गए थे, व वहां बाइक का नंबर तथा उसका सफेद रंग काला कर दिया था। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : आखिर पकड़ा शराब की दुकान में हुई चोरी का ‘नाबालिग’ आरोपित, बालिग निकलने पर जेल भेजा

डॉ. नवीन जोशी, नवीन समाचार, नैनीताल, 6 सितंबर 2021। नगर के मल्लीताल गाड़ी पड़ाव के पास स्थित शराब की दुकान में गत 31 अगस्त को चोरी की घटना हुई थी। दुकान के संचालक आकाश जायसवाल ने मामले में मल्लीताल कोतवाली में तहरीर देकर 29 व 30 अगस्त की रात्रि दुकान से 3 हजार रुपए व करीब 6 हजार रुपए की शराब चोरी होने की शिकायत की थी।

इधर सोमवार को मल्लीताल कोतवाली के एसआई नितिन बहुगुणा ने शराब की दुकान के पास ही रहने वाले देव सिंह पुत्र रघु निवासी गाड़ी पड़ाव को दुकान से चोरी की गई 4 बोतल व तीन पव्वे शराब के साथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपित के अनुसार वह चोरी किए तीन हजार रुपए खर्च कर चुका है। एसआई कश्मीर सिंह ने बताया कि आरोपित नशेड़ी प्रवृत्ति का है, और ऐसी कई घटनाओं को अंजाम दे चुका है। अब तक वह खुद को नाबालिग बताता था, लेकिन इस बार पकड़े जाने पर जांच में वह बालिग निकला। इसके बाद उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : पकड़ा गया नशे के लिए तीन दिन में ताबड़तोड़ आठ चोरी व लूट की घटनाओं को अंजाम देने वाला, 19 मामले हैं दर्ज

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 3 सितंबर 2021। नैनीताल जनपद की हल्द्वानी पुलिस ने शुक्रवार को हरियाणा निवासी एक ऐसे बड़े चोर को गिरफ्तार किया है, जिसके खिलाफ हरियाणा के चंडीगढ़ व पंचकूला क्षेत्र में 10 एवं हल्द्वानी क्षेत्र में नौ यानी कुल 19 मामले दर्ज हैं। आरोपित मूलतः उत्तराखंड का निवासी है तथा पिछले 14 वर्षों से मोहाली चंडीगढ़ में रहता है। उसने यहां तीन दिनों के भीतर चोरी व लूट की आठ घटनाओं को अंजाम दिया था। उसके कब्जे से तीन स्कूटी सहित चोरी किए गए कई पर्स व अन्य सामग्री बरामद हुई है। उसका कहना है कि वह नशे के लिए इन घटनाओं को अंजाम देता था। जनपद की एसएसपी ने उसे गिरफ्तार करने वाली टीम को उत्साहवर्धन के लिए ढाई हजार रुपए का ईनाम देने की घोषणा की है।

नैनीताल जनपद की एसएसपी प्रीति प्रियदर्शिनी ने शुक्रवार को बाकायदा पत्रकार वार्ता कर हल्द्वानी क्षेत्र के राम लीला ग्राउंड मंगलपडाव से स्कूटी संख्या यूके0र्4-3391 एक्टिवा, एसडीएम कोर्ट के सामने नैनीताल रोड पर महिला से पर्स लूट, बृजवासी कालोनी पीलीकोठी से महिला से पर्स, आईटीआई से स्कूटी सं0 यूके0र्4-1768 एक्टिवा, जीआरपी काठगोदाम से स्कूटी संख्या यूपी87एन-2450 को चोरी करने, जजफार्म में महिला से पर्स लूट, गैस गोदाम रोड में बुजुर्ग महिला से पर्स लूट तथा मानपुर पश्चिम टीपीनगर से 50 हजार रुपए सहित पर्स चोरी के मामलों का खुलासा करने का दावा किया।

बताया कि इन घटनाओं के खुलासे के लिए गठित पांच टीमों ने क्षेत्र के लगभग 650 से अधिक सीसीटीवी कैमरों का अवलोकन करने के बाद कवि बिष्ट पुत्र कुंदन सिंह बिष्ट निवासी ग्राम काँसिल थाना नया गांव जिला मोहाली चंडीगढ को इन चोरी व लूट की घटनाओं की स्कूटी व माल सहित गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपित ने बताया कि वह पहले हल्द्वानी में रहता था और वर्ष 2016 से परिवार सहित चंडीगढ मोहाली शिप्ट हो गया है। नशे की लत के कारण उसने पहले चंड़ीगढ हरियाणा में और इधर गत 30 व 31 अगस्त तथा एक सितंबर को हल्द्वानी आकर इन घटनाओं को ताबड़तोड़ अंजाम दिया।

एसएसपी ने उसे गिरफ्तार करने वाले उप निरीक्षक देवेन्द्र बिष्ट, मनोज यादव, रविंद्र राणा, दिनेश जोशी, इंद्रजीत सिंह, निर्मल लटवाल, धरम सिंह, त्रिभुवन जोशी, कीर्ति राय तथा आरक्षी संजय कुमार, परवेज अली, हितेन्द्र वर्मा, इसरार नवी व बंशीधर जोशी की टीम को उत्साहवर्धन के लिए ढाई हजार रुपए के पुरस्कार देने की घोषणा की है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : नैनीताल में एक खास ब्रांड की कारों के साइलेंसर चोरों का अंतर्राज्यीय गिरोह पकड़ा गया, वजह बहुत ही खास

-चोरों से चार साइलेंसर बरामद, आधा दर्जन साइलेंसर चोरी की बात स्वीकारी, साइलेंसर चोरी का कारण खास

डॉ. नवीन जोशी, नवीन समाचार, नैनीताल, 28 अगस्त 2021। अब तक दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय मारुति ईको कार के साइलेंसरों को चोरी करने वाला गिरोह नैनीताल भी पहुंच गया है। इस गिरोह की कारस्तानियों का खुलासा शनिवार को इनके पकड़े जाने के बाद हुआ।

हुआ यह कि शुक्रवार की रात्रि नगर के बाहरी क्षेत्र बारापत्थर स्थित पार्किंग में खड़ी नगर के मो. हुसैन पुत्र मो. जमील निवासी मेट्रोपोल कंपाउंड मल्लीताल की ईको कार से कुछ लोग साइलेंसर चोरी कर रहे थे। संयोग से कार मालिक ने उन्हें देख लिया और दोनों पिता-पुत्र ने साजिद नाम के युवक की मदद से उन्हें पकड़ लिया और पास ही स्थित बारापत्थर चौकी पर पुलिस कर्मियों के सुपुर्द कर दिया।

पकड़े गए लोगों की पहचान ग्राम मोहम्मदपुर रुस्तमपुर थाना बहादुरगढ़ जनपद हापुड़ उत्तर प्रदेश निवासी 32 वर्षीय अफजल उर्फ फतेह खान पुत्र जाहिद खान, 25 वर्षीय रिहान खां पुत्र अफसर खां व 19 वर्षीय कमाल अहमद पुत्र रियाज अहमद के रूप में हुई। उनके कब्जे से ईको कारों के ही चार साइलेंसर बरामद हुए, जबकि उन्होंने पिछले 15-20 दिन से यहां आने तथा नगर के तल्लीताल व भवाली सहित अन्य स्थानों से करीब आधा दर्जन साइलेंसर चोरी करने की बात स्वीकारी है। यह भी खुलासा किया है कि वह इन साइलेंसरों को पांच हजार रुपए में कामरान नाम के व्यक्ति को बेचते थे। उनके गिरोह में एक चांद नाम का व्यक्ति भी शामिल है। उन्हें पकड़ने वाली पुलिस टीम में एसआई नितिन बहुगुणा, गणेश कुमार, जय प्रकाश व शाहिद आदि पुलिस कर्मी शामिल रहे।

ईको कारों के साइलेंसर चोरी की खास वजह
नैनीताल। विशेषज्ञों के अनुसार सभी कारों के साइलेंसर में प्लेटिनम, पैलेडियम और रोडियम धातुओं के संयुक्त तौर पर पीजीएम यानी प्लेटिनम ग्रुप ऑफ मेटल्स कही जाने वाली धातु का पट्टी नुमा कैटेलिटिक कन्वर्टर मौजूद होता है। इसका कार्य वाहन से निकलने वाले धुंवे के कार्बन के प्रदूषण को समाप्त करना होता है। यह नई पट्टी बाजार में 12 से 13 हजार रुपये की आती है। चांदी की तरह सफेद दिखने वाले पीजीएम को ‘सफेद सोना’ या ह्वाइट गोल्ड और देशी भाषा में धूल या मिट्टी भी कहा जाता है, और इसकी कीमत सोने से भी ज्यादा होती है। अन्य वाहनों के साइलेंसर में 450 जबकि ईको के साइलेंसर में 950 ग्राम तक पीजीएम की मिट्टी होती है। इस कारण ही चोर देश भर में ईको कारों के साइलेंसर की बड़े पैमाने पर चोरी कर रहे हैं। बताया जाता है कि आगे इन धातुओं की धूल या मिट्टी को बड़े उद्योगों को प्रति 10 ग्राम 3 से 6 हजार रुपये के भाव में बेचा जाता हैं। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : दीक्षा हत्याकांड का पुलिस ने 36 घंटों के भीतर किया खुलासा, साल भर से पहले ही पीछा छुड़ाने पर तुला था इमरान

-लिवइन में साथ रहते हुए एक वर्ष में ही पीछा छुड़ाना चाहता था हत्यारोपित, इसीलिए की हत्या

हत्यारोपित को न्यायालय में पेश करने ले जाती पुलिस।

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 17 अगस्त 2021। सोमवार को नगर के मल्लीताल कोतवाली के पास नोएडा निवासी 30 वर्षीय दीक्षा मिश्रा नाम की महिला की नग्नावस्था में मौत के मामले में पुलिस ने 36 घंटे के भीतर ही हत्यारोपित इमरान उर्फ ऋषभ को पकड़ लिया है। हत्यारोपित से हुई पूछताछ के आधार पर पुलिस ने जानकारी दी है, उसके अनुसार आरोपित एक वर्ष से दीक्षा के साथ रह रहा था, और इतने समय में ही उससे परेशान हो गया था।

हत्यारोपित का कहना है कि 6-10 सबकुछ ठीक चलने के बाद पिछले दो-ढाई माह से दोनों के बीच अनबन होने लगी थी। इसलिए वह उससे पीछा छुड़ाना चाहता था। घटना के दिन भी जन्म दिन की पार्टी करने के बाद दोनों की तू-तू मैं-मैं हुई। इस पर दोनों ने एक-दूसरे को थप्पड़ मारे। फिर इमरान ने दीक्षा को धक्का दिया, जिससे उसका सिर पलंग पर लगा। तभी उसने पूर्व से चले आ रहे गुस्से के कारण दीक्षा की गला दबाकर हत्या कर दी।

बुधवार को मल्लीताल कोतवाली में आयोजित पत्रकार वार्ता में एसपी-अपराध देवेंद्र पींचा ने बताया कि हत्यारोपित इमरान उर्फ ऋषभ पुत्र इत्वेजामुद्दीन निवासी ई-220 पटेलनगर-़िद्वतीय थाना सिहानी जिला गाजियाबाद उत्तर प्रदेश को कोतवाली पुलिस ने एसओजी एवं स्थानीय पुलिस की मदद से मंगलवार शाम 7.40 बजे गाजियाबाद में उसके घर के पास से गिरफ्तार कर लिया। उसे गिरफ्तार करने वाली टीम में उप निरीक्षक नितिन बहुगुणा, आरक्षी जगपाल सिंह, एसओजी के त्रिलोक सिंह, कुंदन सिंह कठायत व शाहिद अली आदि शामिल रहे। एसएसपी की ओर से पुलिस टीम को ढाई हजार रुपए का ईनाम देने की घोषणा की जा रही है। आरोपित को न्यायालय में पेश करने के लिए ले जाया गया है।

पुराने प्रेमी से भी थे सम्बन्ध, परिजनों ने नहीं-दोस्त ने दर्ज कराई है प्राथमिकी

मामले में यह बात भी प्रकाश में आई कि अपने पति से शादी के करीब दो साल बाद ही तलाक हो गया था। इसके बाद दीक्षा करीब पांच वर्ष तक किसी अन्य युवक के साथ संबंधों में रही, और इधर एक वर्ष से इमरान उर्फ ऋषभ के साथ लिव-इन में रह रही थी। यह भी पता चला है कि दीक्षा की अपने पूर्व प्रेमी से अब भी बात होती थी। बताया जा रहा है कि घटना के दिन भी दीक्षा के मोबाइल पर उसके पूर्व प्रेमी का मैसेज आया था। इसे देखकर ही इमरान और दीक्षा के बीच विवाद हुआ था, और इसे लेकर ही उसकी हत्या कर दी गई। कुल मिलाकर इस घटना से फिर साबित हो गया कि अवैध संबंधों का अंजाम हमेशा बुरा ही होता है। फिर चाहे अवैध संबंध पुरुष रखे या महिला। इस मामले में भी जहां एक से अधिक लोगों से संबंध रखने वाली महिला की जान चली गई है, वहीं ऐसा ही कुछ करने वाले युवक की जिंदगी अब जेल की सींखचों के पीछे कटेगी। इस मामले में एक और बात यह भी है कि मामले में हत्यारोपित इमरान के खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट मृतका के भाई या किसी परिवार वाले ने नहीं, बल्कि उसकी दोस्त श्वेता ने दर्ज कराई है। ऐसे में वह भविष्य में इस केस को कितनी मजबूती से लड़ेगी यह कहना भी मुश्किल है। ऐसे में यदि इमरान जल्द जेल से छूट जाए तो आश्चर्य नहीं होगा।

घर वालों को लगा चुका है 70 लाख का चूना
नैनीताल। हत्यारोपित के बारे में यह भी खुलासा हुआ है कि उसने अपने परिजनों को बताए बिना अपने घर को गिरवी रखकर 70 लाख रुपए का लोन लिया हुआ है। इस कारण उसके अपने परिजनों से भी अच्छे संबंध नहीं है। इसके अलावा उसके विरुद्ध दुर्घटना के मामले में भी केस चल रहा है। यह भी दावा किया गया कि दीक्षा को उसका नाम इमरान होने का पता था। पर उसके साथ रहते हुए स्थानीय लोगों को आपत्ति न हो, इसलिए उसके साथ वह ऋषभ के नाम से रहता था।

नैनीताल व रामनगर के होटल का चालान, सब होटलों की होगी जांच
नैनीताल। इस मामले में मृतका सहित दो जोड़े यानी चार लोग 13 अगस्त को रामनगर के ‘ला सीजन’ व 14 व 15 अगस्त को नैनीताल के गैलेक्सी होम स्टे में रुके थे। दोनों जगह होटलों ने उनसे चारों की जगह दो ही लोगों के पहचान पत्र लिए थे। इसलिए पुलिस दोनों होटलों का पुलिस एक्ट में चालान कर रही है। साथ ही एसपी देवेंद्र पींचा ने बताया कि पर्यटन विभाग के साथ नगर के सभी होटलों की जांच की जाएगी कि वह वैध रूप से चल रहे हैं और उनमें मानकों का पालन किया जा रहा है और उनमें मानकों का पालन किया जा रहा है अथवा नहीं। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : जिसका नाम दिल के पास गुदा रखा था, वही नंगा कर मार कर फरार हो गया, अच्छी नौकरी करने वाली दीक्षा व कबाड़ी इमरान की लव (?) स्टोरी की भयावह कहानी

-इमरान बना था ऋषभ, खुद भी पत्नी से तलाक ले चुका है, साथ आई दूसरे जोड़े की मुस्लिम लड़के के साथ आई हिंदू लड़की भी तलाकशुदा
-आरोपित दिल्ली से भी फरार, उसके अपने माता-पिता से भी ठीक संबंध नहीं, वहां भी धोखाधड़ी कर चुका

इमरान उर्फ़ ऋषभ के साथ कमरे में मृतका (फाइल फोटो)।

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 17 अगस्त 2021। सोमवार को नगर के मल्लीताल कोतवाली के पास नोएडा निवासी 30 वर्षीय दीक्षा मिश्रा नाम की महिला की नग्नावस्था में मौत के मामले में कई सनसनीखेज खुलासे हुए हैं। पुलिस से प्राप्त जानकारियों के अनुसार मृतका को साथ लाया और उसकी हत्या कर फरार हुआ युवक अपना नाम ऋषभ तिवारी बताता था, लेकिन उसका वास्तविक नाम इमरान था, और वह कबाड़ी का काम करता था। जबकि महिला रियल स्टेट में अच्छी नौकरी करती थी, और अपने पिता की निधन के बाद वही पूरे घर को संभालती थी। देखें विडियो :

अपने पति से कई वर्षों से अलग रहने के बावजूद उसने दो माह पूर्व अपना फ्लैट व इधर हाल में नई कार ली थी और अपनी 10-11 वर्षीय बेटी को खुद पालती थी। यह भी खुलासा हुआ कि मृतका को इमरान उर्फ ऋषभ की हकीकत पता थी। वह 6 वर्ष से जाने कैसा ‘लव’ करते हुए उसके साथ लिव-इन में रह रही थी और उसने अपने सीने पर दिल के पास उसे नंगा कर मारकर फरार हुए इमरान का नाम गुदा रखा था।

यह भी खुलासा हुआ है कि हत्यारे इमरान का भी अपनी पत्नी से तलाक हो चुका है। साथ ही उसके अपने माता-पिता से संबंध ठीक नहीं है। वह करीब एक वर्ष से अपने माता-पिता के संपर्क में नहीं है। उसने अपने परिजनों के साथ भी धोखाधड़ी की है और बदमाश प्रवृत्ति का है। उसने धोखाधड़ी के लिए अपनी फेसबुक आईडी भी ऋषभ तिवारी के नाम से बनाई थी। यह खुलासा भी हुआ है कि उनके साथ जो एक अन्य युगल भी यहां आया था, उसमें लड़की श्वेता हिंदू व लड़का अलमास उल हक यानी मुस्लिम था और करीब 30 वर्षीय युवती से करीब 10 साल छोटा भी था। श्वेता का भी अपने पति से तलाक हो चुका है और उसके भी पूर्व पति से 11 व 12 वर्षीय दो बच्चे हैं। यानी दोनों युवक अच्छे पैंसों वाली तलाकशुदा महिलाओं से संबंध बनाए हुए थे।

यह भी पता चला है कि घटना से पहले मृतका के जन्म दिन की पार्टी में इमरान उर्फ ऋषभ के अलावा मृतका सहित तीनों ने शराब पी थी। इसके बाद दूसरे युगल के अपने कमरे में जाने के बाद इमरान ने दीक्षा की हत्या रात्रि साढ़े 12 से ढाई बजे के बीच किसी समय की और होटल के सीसीटीवी में वह रात्रि दो बजकर 55 मिनट पर होटल से भागा। वह साथ में मृतका का मोबाइल व अन्य कागजात भी साथ ले गया। दिल्ली पहुंचकर दीक्षा के फ्लैट में गया और उसकी बेटी से दीक्षा के मोबाइल का पासवर्ड लेकर व अन्य सामान व कागजात लेकर कहीं और फरार हो गया। यह भी पता चला है कि मृतका दीक्षा का विवाह 2008 में खुर्जा यूपी निवासी पवन शर्मा के साथ हुआ था। अक्सर पति द्वारा शराब पीकर मारपीट करने के कारण दो साल बाद ही दीक्षा बेटी के पैदा होने के बाद पति से अलग रहने लगी थी। फिलहाल दोनों का तलाक का मामला कोर्ट में लंबित है।

इधर एसपी-अपराध देवेंद्र पींचा ने बताया कि मामले में आरोपित इमरान उर्फ ऋषभ तिवारी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। साथ ही उसकी तलाश में एसओजी व कोतवाली के एसआई नितिन बहुगुणा की अगुवाई में पुलिस की टीमें भेजी गई हैं। हत्यारा दिल्ली से भी फरार हो गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि शीघ्र ही हत्यारा सलाखों के पीछे होगा।

‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ के साथ ‘बेटी संभालो’ भी जरूरी

नैनीताल। पोस्टमार्टम हाउस में मृतका के पोस्टमार्टम में काफी विलंब हुआ। गत रात्रि ही नगर में आ चुके मृतका के परिजन, उसकी मां बीना मिश्रा, भाई अंकुर मिश्रा, दोस्त सीमा शर्मा व कशिश चौधरी सुबह साढ़े 10 बजे मोर्चरी में बेटी का पोस्टमार्टम होने के भरोसे में पहुंच गए थे, ताकि पोस्टमार्टम के उपरांत उसके शव को जल्दी अपने घर ले जा सकें, लेकिन करीब साढ़े 11 बजे शव पहुंचा जबकि पोस्टमार्टम करीब सवा 12 बजे शुरू हो पाया। इस दौरान मृतका की मई कई बार बेहोश होती रही। इस कार उपस्थित लोग भी दुःखी होते रहे और पुलिस एवं चिकित्सकों की पोस्टमार्टम जैसे कार्यों में भी देरी करने को लेकर संवेदनहीनता के आरोप लगाते रहे। साथ ही यह भी सुना गया कि ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ के साथ ‘बेटी संभालो’ भी होना चाहिए। बेटियों को खुद भी संभलना चाहिए, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

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डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 16 अगस्त 2021। सोमवार को नगर के मल्लीताल कोतवाली के पास नोएडा निवासी 30 वर्षीय दीक्षा मिश्रा नाम की महिला की नग्नावस्था में मौत के मामले में नया खुलासा हो रहा है। पुलिस के भरोसेमंद सूत्रों के अनुसार महिला के साथ जो युवक आया और रह रहा था और हत्या करने के बाद फरार हुआ, उसका नाम ऋषभ नहीं, बल्कि इमरान था, और वह कबाड़ का काम करता था। इस तरह यह मामला ‘लव जिहाद’ की दृष्टि से भी देखा जा रहा है।

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बताया जा रहा है कि इमरान ने ऋषभ बनकर शादीशुदा व एक 10 वर्षीय बेटी की मां दीक्षा को अपने झूठे प्यार के जाल में फंसाकर उसका उसके पति से तलाक करवाया और फिर नोएडा से उसे मारने की नीयत से ही 13 अगस्त को यहां लेकर आया। 13 को रामनगर में रुकने के बाद 14 को वह नैनीताल पहुंचे थे और यहां गैलेक्सी होम स्टे में रुके थे। गौरतलब है कि उनके साथ जो दूसरा युगल आया है उसमें भी लड़की श्वेता यानी हिंदू और लड़का अलमास उल हक यानी मुस्लिम बताया जा रहा है। यह भी बताया जा रहा है कि दूसरा युगल भी आपस में पति-पत्नी नहीं हैं।

वहीं होमस्टे के सीसीटीवी से खुलासा हुआ है कि इमरान उर्फ ऋषभ दीक्षा को मारने के बाद रात्रि दो बजकर 55 मिनट पर होटल से भागा। बताया जा रहा है कि वह नैनीताल से पहले दिल्ली भागा और वहां से भी आगे फरार हो गया है। बहरहाल, पुलिस उसके काफी करीब पहुंच गई बताई जा रही है।

यह भी पता चला है कि दीक्षा नोएडा में एक रियल स्टेट कंपनी में काम करती थी। उसके पास अपनी गाड़ी भी थी, लेकिन नैनीताल आते समय दीक्षा ने अपने एक दोस्त को अपनी गाड़ी दे दी और खुद उसकी आई—20 कार लेकर यहां आई थी। इमरान नैनीताल से भागते समय इसी गाड़ी को लेकर फरार हुआ है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

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डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार
‘नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से ‘मन कही’ के रूप में जनवरी 2010 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
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2 Replies to “रिश्ते के नाना ने मात्र 100 रुपए के लिए की थी हत्या, सनसनीखेज खुलासा

  1. Amit ka shadi se phele kafi salo se chakkar the xxxxxx xxxx se
    Is wajha se Nikita Amit ko chod k apne mayke rhene lgi

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