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नैनीताल : असहनीय प्रसव पीड़ा के बीच कुर्सी पर 5 किलोमीटर पहुंची गर्भवती, सड़क पर दिया बच्चे को जन्म

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 27 जुलाई 2022। उत्तराखंड के दूरस्थ-सीमांत जनपदों की तर्ज पर सुविधा संपन्न माने जाने वाले नैनीताल जनपद में भी स्वास्थ्य सेवाओं की असलियत दिखाने वाला, एक प्रसूता का प्रसव पीड़ा के बीच डोली पर 5 किलोमीटर दूर सड़क तक लाने और सड़क पर ही प्रसूता का प्रसव होने का मामला प्रकाश में आया है। राज्य बने 21 वर्ष के बाद भी ऐसे मामले वाकई चिंताजनक हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार पूर्व मुख्यमंत्री पंडित एनडी तिवारी के नाम से पहचाने जाने वाले बल्यूटी मोरा की एक 30 वर्षीय गर्भवती महिला दीपा जीना को बुधवार को तीव्र प्रसव पीड़ा होने पर ग्रामीण कुर्सी से डोली बनाकर निकटतम सड़क तक पहुंचने के लिए पांच किलोमीटर दूर भुजियाघाट लेकर पहुंचे। यहां पहुंचते ही प्रसूता को असहनीय प्रसव पीड़ा होेने पर सड़क पर ही प्रसव कराना पड़ गया। इसके बाद मौके पर पहुंची 108 की टीम जच्चा और बच्चा को महिला अस्पताल लेकर आई। जहां दोनों स्वस्थ्य बताए जा रहे हैं।

घटना को लेकर क्षेत्र पंचायत सदस्य मुन्नी जीना, पूर्व जिला पंचायत सदस्य संजय साह व कुंदन सिंह जीना ने आक्रोश जताया। उनका कहना है कि समय पर उपचार न मिलने से आए दिन ग्रामीणों को परेशानी होती है। कई लोगों की मौत भी हो चुकी है। बताया कि 10 किलोमीटर के दायरे में कोई स्वास्थ्य केंद्र नहीं उन्होंने क्षेत्र में स्वास्थ्य केन्द्र खोलने की भी मांग की है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : नाबालिग ने जिला अस्पताल में दिया बच्ची को जन्म, जच्चा-बच्चा की मौत

नवीन समाचार, रुद्रप्रयाग, 23 जुलाई 2022। जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां पेट में दर्द की शिकायत पर अस्पताल में भर्ती एक 17 वर्षीय नाबालिग ने बच्चे को जन्म दिया। बताया जा रहा है कि परिजनों द्वारा चिकित्सकों से नाबालिग के गर्भवती होने की जानकारी छुपाई गई। इस कारण उचित इलाज न होने से जच्चा-बच्चा दोनों की मौत हो गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार रुद्रप्रयाग के एक निकटवर्ती गांव की 17 वर्षीय नाबालिग को पेट दर्द की शिकायत पर उसकी मां ने शुक्रवार दोपहर को जिला अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन नाबालिग की मां ने उसके गर्भवती होने की बात चिकित्सकों से भी छुपा कर रखी। इस कारण चिकित्सक भी नाबालिग का सामान्य उपचार करते रहे।

बताया जा रहा है कि नाबालिग नौ माह की गर्भवती थी। रात को ज्यादा दर्द होने पर नाबालिग की मां उसे शौचालय में ले गई और वहीं उसका प्रसव कराया। नाबालिग ने शौचालय में नवजात को जन्म दिया। प्रसव के बाद जहां नाबालिग की मौत हो गई। वहीं सुबह के समय चिकित्सालय के शौचालय में सफाई कर्मियों को एक नवजात मृत अवस्था में मिला। इससे अस्पताल प्रशासन सकते में आ गया। पता चला कि मृत नाबालिग ने ही इस बच्ची को जन्म दिया था। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। क्षेत्र में मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : अस्पताल के लिए पैदल चलते गर्भस्थ शिशु के पैर निकले बाहर, चिकित्सक ने बताया मृत, तभी हुआ चमत्कार…

नवीन समाचार, चौखुटिया, 4 जुलाई 2022। अल्मोड़ा के चौखुटिया स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक प्रसूता के साथ चिकित्सकों द्वारा की गई जानलेवा लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। यहां चिकित्सक ने गर्भवती महिला की जांच की तो बच्चा उल्टा था। यही नहीं उसका पांव बाहर निकला था। बताया गया है कि पांव नीला भी पड़ा हुआ था।

इस पर चिकित्सक ने गर्भस्थ शिशु को मृत घोषित कर महिला को संयुक्त चिकित्सालय रानीखेत के लिए रेफर कर दिया। लेकिन, गनीमत रही कि रानीखेत ले जाते वक्त 108 एंबुलेंस में चमत्कार हुआ। एक फार्मासिस्ट ने गर्भवती महिला का एंबुलेंस में सुरक्षित प्रसव करा दिया। इसके बाद जच्चा व बच्चा दोनों स्वस्थ बताए जा रहे हैं। दोनों को सीएचसी चौखुटिया में भर्ती कराया गया है। घटनाक्रम के बाद अस्पताल प्रशासन और सरकारी सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ खड़े हुए हैं।

आंगनबाड़ी कार्यकत्री लीला देवी के हवाले से प्राप्त जानकारी के अनुसार चमोली जिले के गैरसैंण ब्लॉक के ग्राम पंचायत कोलानी के खोलीधार तोक निवासी रविंद्र सिंह की पत्नी कुसुम देवी (23) को रविवार सुबह अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई। इस पर उसके परिजन उसे करीब डेढ़ किमी पैदल चलाकर सड़क तक लेकर पहुंचे। पैदल चलने के दौरान नवजात के पांव गर्भ से बाहर आ गए। इस पर परिजनों ने उसे निकटवर्ती सीएचसी चौखुटिया पहुंचाया।

आंगनबाड़ी कार्यकत्री लीला और गर्भवती की सास तारा देवी का आरोप है कि सीएचसी चौखुटिया के चिकित्सक ने हल्की जांच के बाद कह दिया कि बच्चे की धड़कनें बंद हो गई है। साथ ही कहा कि मृत बच्चे की डिलीवरी के लिए उनके अस्पताल में कोई साधन नहीं हैं। लिहाजा उन्होंने प्रसव के लिए गर्भवती को रानीखेत रेफर कर दिया। निराश परिजन 108 सेवा से प्रसव पीड़िता को लेकर रानीखेत निकले। चौखुटिया से करीब दो किमी आगे बढ़ने पर महिला का 108 में ही एक फार्मासिस्ट ने सुरक्षित प्रसव करा दिया। कुसुम ने बेटे को जन्म दिया। इसके बाद जच्चा-बच्चा को चौखुटिया सीएचसी में ही भर्ती करा दिया गया है।

इस मामले में सीएचसी चौखुटिया के प्रभारी डॉ. अमित रतन ने बताया कि अस्पताल पहुंचने पर प्रसव पीड़िता के गर्भ से बच्चे के पैर बाहर निकल चुके थे, और नीले पड़े हुए थे। महिला चिकित्सक ने जांच में पाया था कि बच्चे की धड़कनें नहीं चल रही हैं। अलबत्ता नवजात को मृत घोषित नहीं किया था, सिर्फ संभावना जताई थी। अस्पताल में निश्चेतक की व्यवस्था नहीं होने के कारण रेफर किया गया था। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : 16 वर्षीय नाबालिग लड़के ने किया 12 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म, बच्ची ने दिया बच्चे को जन्म

नवीन समाचार, अल्मोड़ा, 30 जून 2022। एक 12 वर्षीया नाबालिग ने दुष्कर्म के बाद बच्चे को जन्म दिया है। गनीमत है पीड़िता और नवजात दोनों सुरक्षित बताया जा रहा है और चिकित्सकों की देख-रेख में है। बताया गया है कि आरोपित भी नाबालिग है और उसने पीड़िता को धमकी भी दी है। इस कारण पीड़िता की सुरक्षा व्यवस्था के लिए अस्पताल में पुलिस भी लगाई गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव के एक 16 वर्ष के नाबालिग ने अपने गांव की ही 12 वर्षीया नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया था। दुष्कर्म का पता परिजनों को सात माह बाद चला। बीते अप्रैल माह में परिजन अपनी बच्ची को लेकर अस्पताल पहुंचे। जहां उन्होंने बच्ची का पेट फूलने की बात चिकित्सकों को बताई। जिसके बाद चिकित्सकों ने बताया कि इसके पेट में गर्भ पल रहा है।

घटना के बाद परिजनों ने राजस्व पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई। राजस्व पुलिस से मामला भतरौंजखान थाने को ट्रांसफर हुआ। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपित पंकज को गिरफ्तार किया। आरोपित पंकज फिलहाल जमानत में है। इधर बुधवार को अस्पताल में नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता ने सुरक्षित तरीके से बच्चे को जन्म दिया। जच्चा-बच्चा की हालत ठीक बताई जा रही है। ठीक होने के बाद नवजात और नाबालिग के भविष्य का फैसला बाल कल्याण समिति करेगी। समिति के समक्ष ठीक होने के 24 घंटे के अंदर पेश करना होगा। नवजात को शिशु निकेतन में रखा जा सकता है।

आरोपित के धमकी देने के बाद पीड़िता नाबालिग की अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस तैनात की गई है। ताकि किसी प्रकार की दिक्कत ना हो। वहीं महिला आयोग ने भी स्वजनों की काउंसिलिंग की। ताकि पीड़िता को किसी प्रकार की परेशानी ना हो सके।

राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष ज्योति साह मिश्रा ने कहा कि पीड़िता के परिजनों की काउंसिलिंग की गई है। किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। बाकि पीड़िता और नवजात पर निर्णय सीडब्ल्यूसी करेगी। पीड़िता की सुरक्षा की व्यवस्था के निर्देश दिए हैं। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार
‘नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से ‘मन कही’ के रूप में जनवरी 2010 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
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