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कुमाऊं विश्वविद्यालय के प्रवेश, परीक्षा व परिणाम के तीन महत्वपूर्ण समाचार

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कुमाऊं विश्वविद्यालय में प्रवेश के लिए 23 तक पूरी करनी होंगी औपचारिकताएं
डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 2 अगस्त 2021। नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय में प्रवेश के लिए विद्यार्थियों को 23 अगस्त तक 50 रुपए पंजीकरण शुल्क जमा कराने के साथ ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा। साथ ही अंतिम तिथि से पूर्व अर्हता कक्षा के अंकों का विवरण आदि भी विश्वविद्यालय के पोर्टल में अपडेट करना होगा। विश्वविद्यालय के डीआईसी निदेशक प्रो. संजय पंत ने बताया कि बिना वांछित सूचनाओं के विद्यार्थियों का नाम योग्यता सूची में शामिल नहीं किया जाएगा। अलग-अलग विषयों एवं परिसरों व महाविद्यालयों के लिए अलग-अलग आवेदन करना होगा, परंतु पंजीकरण शुल्क एक बार ही देना होगा।

प्री-पीएचडी कोर्स वर्क परीक्षा फॉर्म भरने की तिथि 7 तक बढ़ी
नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय की प्री-पीएचडी कोर्स वर्क की परीक्षा में सम्मिलित होने वाले अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा आवेदन पत्र, कोर्स वर्क शुल्क व परीक्षा शुल्क रुपए 4,550 ऑनलाइन माध्यम से जमा करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई से बढ़ाकर 7 अगस्त कर दी गई है। विश्वविद्यालय के डीआईसी निदेशक प्रो. संजय पंत ने जानकारी देते हुए बताया कि इसके अलावा प्री-पीएचडी कोर्स वर्क के अभ्यर्थियों के लिए बिना विलंब शुल्क के लघु शोध प्रबंध जमा करने की अंतिम तिथि भी 7 अगस्त तक बढ़ा दी गई है।

डिग्री व अंक तालिका महीनों बाद भी नहीं मिलने का आरोप
नैनीताल। छात्र नेता हरीश राणा ने सोमवार को कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति को एक शिकायती पत्र सोंपकर कहा कि विश्वविद्यालय के लिए डिग्री और अंक तालिका बनाने का कार्य करने लिए अनुबंधित कंपनियां सही समय पर डिग्री व अंक तालिकाएं उपलब्ध नहीं करा पा रही हैं। इससे विश्वविद्यालय की छवि धूमिल हो रही है। लोक सेवा आयोग में सहायक अध्यापक भर्ती के प्रतिभागी नवंबर माह में डिग्रियों के लिए आवेदन करने के बावजूद विश्वविद्यालय में डिग्रियों के लिए भटक रहे हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में हो रही अव्यवस्थाओं एवं भ्रष्टाचार के संबंध में छात्रों का एक प्रतिनिधिमंडल अतिशीघ्र प्रदेश के नवनियुक्त मुख्यमंत्री पुष्कर धामी से मिलेगा।

यह भी पढ़ें : कुमाऊं विश्वविद्यालय में होगा शिकायतों के निराकरण हेतु सेल का गठन

-कार्य संस्कृति में सुधार लाकर गुड गर्वनेंस का परिचय दें अधिकारी एवं कर्मचारी

कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलसचिव दिनेश चंद्रा।

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 26 जुलाई 2021। कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलसचिव दिनेश चंद्रा ने सोमवार को विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में प्रशासनिक अधिकारियों व कर्मचारियों को समय पर कार्यालय आने व कार्य संस्कृति में सुधार लाने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को विकास के पथ पर आगे ले जाने के लिए सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को अपनी जवाबदेही निभानी होगी। उन्होंने कहा कि जो विद्यार्थी या संस्था के प्रतिनिधि हमारे पास अपनी समस्या लेकर आते हैं हमारी कोशिश होनी चाहिए कि समय पर और विनम्रता से उनकी समस्या का समाधान हो। लोग आपसे प्रभावित हों और आपके कार्यों की प्रशंसा करें।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों एवं सम्बद्ध संस्थाओं को प्रशासनिक भवन के चक्कर नहीं लगाने पड़ें, इसके लिए कुलपति प्रो. एनके जोशी की अनुमति से ‘कंप्लेंट एंड मॉनिटरिंग सेल’ का गठन किया जायेगा। सभी अधिकारी इसकी गंभीरता को समझते हुए प्राप्त होने वाले आवेदनों को अपने स्तर पर निराकरण करने की कार्रवाई समय सीमा में करेंगे। इस सेल के माध्यम से माह में दो बार सभी सेक्शनों के कार्यों की समीक्षा की जाएगी साथ ही प्रशासनिक कार्यों में तेजी लायी जायेगी। इस अवसर पर वित्त नियंत्रक आरएल आर्या, परीक्षा नियंत्रक प्रो. एचसीएस बिष्ट, उप कुलसचिव दुर्गेश डिमरी, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी पूरन चंद्र पाठक, अभिराम पंत एवं आशा आर्या के साथ ही समस्त प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

पंजीकृत स्नातकों को पते सही कराने का अंतिम अवसर
नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय के 15 पंजीकृत स्नातक प्रतिनिधियों के चुनाव की प्रक्रिया के तहत पंजीकृत स्नातकों की अनंतिम सूची तैयार कर विश्वविद्यालय की वेबसाइट में अपलोड कर दी गई है। पंजीकृत स्नातकों से अपील की गई है कि इस सूची में उनके पते किसी अन्य सदस्य के ‘द्वारा’ दर्ज हैं, या अपूर्ण हैं, जो अपने पते की पुष्टि हेतु प्रामाणिक आधार के प्रपत्र 15 दिन के भीतर उपलब्ध कराने का अंतिम अवसर दिया जा रहा है।

डॉ. हरबोला व शहीदों को दी श्रद्धांजलि
नैनीताल। कुमाऊँ विश्वविद्यालय शिक्षक संघ-कूटा ने सहायक निदेशक उच्च शिक्षा डॉ. बृजमोहन हरबोला के असमय निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है, एवं दिवंगत आत्मा की चिर शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है। कूटा के अध्यक्ष प्रो. ललित तिवाड़ी ने बताया कि डॉ. हरबोला दून विश्वविद्यालय देहरादून के कुलसचिव भी रहे थे। साथ ही उन्होंने उत्तराखंड प्रशासनिक अकादमी नैनीताल में भी सेवाएं दी थीं। इसके अलावा शिक्षक संघ ने आज शौर्य दिवस पर देश के लिए बलिदान हो चुके सैनिकों को भी श्रद्धांजलि दी एवं नमन किया। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : कुमाऊं विश्वविद्यालय की वार्षिक व सम सेमेस्टर परीक्षाओं की तिथि घोषित

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 22 जुलाई 2021। कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल की गत 8 जुलाई को हुई परीक्षा समिति तथा 9 जुलाई को हुई विद्या परिषद की बैठक में लिए गए निर्णय एवं अनुमोहन के आधार पर विश्वविद्यालय की वर्ष 2021 की स्नातक वार्षिक पद्धति की प्रथम, द्वितीय व तृतीय वर्ष की तथा स्नातक, स्नातकोत्तर की सम सेमेस्टर की परीक्षाएं आगामी एक सितंबर से प्रारंभ होंगी। विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक प्रो. एचसीएस बिष्ट ने बताया कि परीक्षाओं के लिए दो घंटे का समय रखा गया है तथा प्रश्न पत्र का प्रारूप पूर्व की तरह लघु एवं दीर्घ उत्तरीय दो खंडों का होगा। इन परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन करने हेतु पोर्टल जल्द खोला जाएगा। इस बारे में आगे जानकारी दी जाएगी। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : कूटा ने सीएम को भेजीं संविदा-अतिथि प्राध्यापकों की मांगें

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 19 जुलाई 2021। कुमाऊं विश्वविद्यालय शिक्षक संघ-कूटा के पदाधिकारियों ने सोमवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन भेजकर विश्विद्यालयों तथा महविद्यालयों में संविदा एवं अतिथि शिक्षक के तौर पर कार्यरत शिक्षकों का न्यूनतम वेतनमान विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के दिशनिर्देशों के अनुसार 50 हजार रुपए प्रतिमाह करने का निवेदन किया। कूटा के अध्यक्ष प्रो. ललित तिवारी ने बताया कि हाल ही में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय द्वारा अपने संविदा व अतिथि प्राध्यापकों का वेतन सहायक प्राध्यापक के न्यूनतम वेतनमान के बराबर रुपए 57,700 किया है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री धामी ने हाल ही में माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों के मानदेय में वृद्धि की है, इससे उच्च शिक्षा के शिक्षकों को भी उम्मीद बनी है। इसके अलावा उच्च शिक्षा में 5 वर्षों से अधिक समय से काम कर रहे शिक्षकों को समायोजित करनेकी मांग भी की है। ज्ञापन में प्रो. ललित तिवारी, डॉ. विजय कुमार, डॉ. सुहैल जावेद, डॉ. दीपिका गोस्वामी, डॉ. दीपक कुमार, डॉ. पैनी जोशी, डॉ. प्रदीप कुमार, डॉ. सीमा चौहान, डॉ. गगन होती व डॉ.रीतेश साह इत्यादि के हस्ताक्षर हैं।

प्री पीएचडी कोर्स वर्क परीक्षा के लिए करें ऑनलाइन आवेदन
नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय ने वर्ष 2020 की प्री-पीएचडी कोर्स वर्क की परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए अभ्यर्थियों से विश्वविद्यालय की वेबसाइट से ऑनलाइन आवेदन करने को कहा है। आवेदन 4,550 रुपए का शुल्क ऑनलाइन जमा कर 19 से 31 जुलाई तक किया जा सकता है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : जैव प्रौद्योगिकी विभाग में प्रवेश व पंजीकृत स्नातकों के चुनाव पर आई नई अपडेट

जैव प्रौद्योगिकी में प्रवेश के लिए आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ
डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 17 जुलाई 2021। कुमाऊं विश्वविद्यालय के भीमताल परिसर स्थित जैव प्रौद्योगिकी विभाग में संचालित एमएससी बायो टेक्नोलॉजी एवं माइक्रो बायलॉजी में विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु आवेदन की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। विभागाध्यक्ष प्रो. वीना पांडेय ने बताया कि इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश के इच्छुक अभ्यर्थी विश्वविद्यालय की वेबसाइट केयू डॉट नैनीताल डॉट एसी डॉट इन पर पंजीकरण करा सकते हैं। उन्होंने बताया कि स्नातक स्तर के अभ्यर्थी भी आवेदन कर सकते हैं। प्रवेश से संबंधित पूरी जानकारी भी वेबसाइट पर उपलब्ध है।

पंजीकृत स्नातकों के चुनाव में द्वारा वाले पते नहीं चलेंगे
नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय में 15 पंजीकृत स्नातकों के चयन की चुनाव प्रक्रिया के तहत पंजीकृत स्नातकों की सूची को फिर से अद्यतन करेगा। कुलसचिव दिनेश कुमार ने बताया कि इस हेतु चुनाव प्रक्रिया के तहत मतपत्र भेजने, उन्हें प्राप्त करने व मतपत्रों की गणना के कार्य को स्थगित कर दिया गया है। श्री कुमार ने बताया कि कुछ पंजीकृत सदस्यों ने दूसरों के पते यानी ‘द्वारा वाले’ पते दिए गए हैं। ऐसे पंजीकृत स्नातकों से उनका खुद का पता मांगा गया है। उन्होंने कहा कि दूसरों के पते नहीं चलेंगे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : कुमाऊं विश्वविद्यालय ने विषम सेमेस्टरों के परीक्षार्थियों को प्रोन्नत करने के मानकों पर लिया अंतिम फैसला

-विद्या परिषद की बैठक में कुलपति ने गुणवत्तापरक शिक्षा पर फोकस करते हुए शैक्षणिक पाठ्यक्रमों का विस्तार कर डिग्री के साथ-साथ होने वाले नये रोजगारपरक पाठ्यक्रम आरम्भ करने को कहा
– बीटेक पाठ्यक्रम आरम्भ करने का भी हुआ निर्णय

कुमाऊं विश्वविद्यालय की विद्या परिषद की बैठक में मौजूद कुलपति एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी।

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 09 जुलाई 2021। कुमाऊं विश्वविद्यालय ने शुक्रवार को आयोजित हुई एकेडमिक काउंसिल यानी विद्या परिषद की बैठक में विषम सेमेस्टरों के परीक्षार्थियों को प्रोन्नत करने के मानकों पर अंतिम फैसला ले लिया है। तय किया गया है कि हो चुकी परीक्षाओं में वास्तविक अंक तथा न हो सकी परीक्षाओं में आंतरिक मूल्यांकन एवं पिछले सेमेस्टर की परीक्षाओं के आधार पर 50-50 फीसद अंक दिए जाएंगे। बैठक की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. एनके जोशी ने गुणवत्तापरक शिक्षा पर फोकस करते हुए शैक्षणिक पाठ्यक्रमों का विस्तार कर नये रोजगारपरक पाठ्यक्रम आरम्भ करने की बात कही। बैठक में विश्वविद्यालय में बीटेक पाठ्यक्रम को आरम्भ करने का भी निर्णय किया गया

बैठक में तय हुआ कि कोविड-19 से उत्पन्न विषम परिस्थितियों के दृष्टिगत विश्वविद्यालय के स्नातक, स्नातकोत्तर एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के समस्त अंतरिम विषम सेमेस्टरों के परीक्षार्थियों के जिन प्रश्नपत्रों-विषयों की परीक्षाएं नहीं कराई जा सकी हैं, उनके सन्दर्भ में व्यापक छात्रहित में निर्णय किया गया। इस दौरान कुलपति प्रो. जोशी सभी विभागाध्यक्षों को नये रोजगारपरक ऐड-ऑन एवं वैल्यू ऐडेड कोर्स आरम्भ करने को भी कहा जिन्हें विद्यार्थी अपने डिग्री पाठ्यक्रम के साथ-साथ कर सकें। बैठक में तय किया गया कि विद्यार्थियों को उनके द्वारा किन्ही विषयों-प्रश्नपत्रों की बाह्य-लिखित परीक्षाओं, प्रयोगात्मक-मौखिकी परीक्षाओं व आंतरिक मूल्यांकन के उपरांत अर्जित अंक ही यथावत दिए जाएंगे। वहीं न हो सकी परीक्षाओं के लिए तय हुआ कि आंतरिक मूल्यांकन में अर्जित अंकों तथा पूर्व सेमेस्टरों में अर्जित कुल अंकों के योग के आधार पर 50-50 फीसद अंक दिए जाएंगे। वहीं अंतरिम विषम सेमेस्टरों की परीक्षाओं के लिए तय किया गया कि गत 17 अप्रैल तक कराई जा चुकी परीक्षाओं में अर्जित अंक ही दिए जाएंगे, जबकि न हो सकी परीक्षाओं के लिए भी आंतरिक मूल्यांकन में अर्जित अंकों तथा पूर्व सेमेस्टरों में अर्जित कुल अंकों के योग के आधार पर 50-50 फीसद अंक दिए जाएंगे।

यह भी तय किया गया कि कोविड-19 के कारण विश्वविद्यालय की वार्षिक पद्धति की स्थगित परीक्षाओं एवं स्नातक, स्नातकोत्तर व व्यवसायिक पाठ्यक्रमों की सम-सेमेस्टर की परीक्षायें को माह सितम्बर-अक्टूबर, 2021 में करायी जायेंगी। बैठक में कुलसचिव दिनेश चंद्रा, डीएसबी परिसर के निदेशक प्रो. एलएम जोशी, जेसी बोस परिसर के निदेशक प्रो. पीसी कविदयाल, वित्त नियंत्रक एलआर आर्या, प्रो. संजय पंत, प्रो. अतुल जोशी, प्रो. एससी सती, प्रो. एमएस मावरी, प्रो. आरके पांडे, डॉ अर्चना नेगी साह, डॉ. रितेश साह सहित सभी विभागाध्यक्ष, वरिष्ठ प्राध्यापक एवं राजकीय महाविद्यालय हल्द्वानी, राजकीय महाविद्यालय रामनगर, राजकीय महाविद्यालय रुद्रपुर, राजकीय महाविद्यालय कोटाबाग के प्राचार्य उपस्थित रहे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : राज्यपाल ने किया कुमाऊं विश्वविद्यालय के सभागार एवं विधि संस्थान के मूट कोर्ट का शुभारंभ…

-विश्व में अपनी अकादमिक उपलब्धियों के निमित्त पहचाना जाए कुमाऊं विश्वविद्यालय: राज्यपाल

कुलपति प्रो. जोशी के साथ कुमाऊं विश्वविद्यालय में जीर्णोद्धार कार्यों का लोकार्पण व मूट कोर्ट का शुभारंभ करतीं राज्यपाल बेबी रानी मौर्या।

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 26 जून 2021। उत्तराखंड की राज्यपाल एवं कुमाऊं विश्वविद्यालय की कुलपति बेबी रानी मौर्य ने शुक्रवार को कुमाऊं विश्वविद्यालय के हरमिटेज-विवेकानंद परिसर स्थित डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन सभागार का जीर्णोद्धार के उपरांत लोकार्पण एवं डॉ. राजेंद्र प्रसाद विधि संस्थान के मूट कोर्ट का शुभारम्भ किया। साथ ही यहीं चलने वाले यूजीसी-एचआरडीसी का निरीक्षण भी किया और यहां चल रही शैक्षिक तथा अकादमिक उपलब्धियों के लिए विश्वविद्यालय के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि कुमाऊं विश्वविद्यालय न केवल देश में बल्कि विश्व में भी अपनी अकादमिक उपलब्धियों के निमित्त पहचाना जाए साथ ही इस विश्वविद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थी अपनी प्रतिभा से प्रदेश और देश के कीर्तिमान में वृद्धि करें।

इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों, प्राध्यापकों एवं अथितियों को सम्बोधित करते हुए राज्यपाल मौर्या ने कहा कि इस वर्ष कोरोना संकट के बावजूद भी कुमाऊं विश्वविद्यालय शैक्षिक सेवाओं तथा अकादमिक उपलब्धियों के साथ निरंतर उन्नति कर रहा है। उन्होंने इस बात पर खुशी जताई कि कुमाऊं विश्वविद्यालय के डॉ राजेंद्र प्रसाद लॉ इंस्टिट्यूट द्वारा वर्तमान में एलएलएम कोर्स का संचालन किया जा रहा है, एवं पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड बीए-एलएलबी कोर्स हेतु बीसीआई की टीम द्वारा निरीक्षण किया जा चुका है। उन्होंने विश्वास जताया कि कुलपति प्रो. एनके जोशी के कुशल मार्गदर्शन से बीए-एलएलबी कोर्स भी शीघ्र ही आरंभ हो जायेगा। उन्होंने कुमाऊं विश्वविद्यालय द्वारा नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क में स्थान बनाने हेतु भी किए जा रहे प्रयासों, प्लेसमेंट एंड कॉउंसलिंग सेल का पुनर्गठन करते हुए इनोवेशन एंड इन्क्यूबेशन सेंटर (नवोन्मेष व उद्भवन केंद्र) तथा कॉम्पिटीटिव एग्जामिनेशन सेंटर (प्रतियोगी परीक्षा केंद्र) की स्थापना किए जाने पर भी हर्ष जताया। उन्होंने विश्वविद्यालय में अकादमिक एवं प्रशासनिक क्रियाकलापों में पारदर्शिता एवं गुणवत्ता लाने हेतु विकसित किए गए ईआरपी सॉफ्टवेयर सिस्टम के लिए विश्वविद्यालय से जुड़े लोगों को बधाई भी दी। इस मौके पर कुलपति प्रो. जोशी ने कहा कि कोरोना की वैश्विक महामारी के दौर में भी कुमाऊं विश्वविद्यालय में इस समय बदलते वैश्विक परिदृश्य को देखते हुए पूर्ण डिजीटाइशेन की दिशा में कदम बढ़ाते हुए सूचना प्रौद्योगिकी अवस्थापनाओं के सृजन और उन्नयन हेतु प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा इस वर्ष से फाइन आर्ट, साइबर सिक्योरिटी, क्रीमोनोलॉजी में परास्नातक पाठ्यक्रम आंरभ किया है साथ ही मेडिकल बायोटेक्नोलॉजी, मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी, बायो मेडिकल साइंस में भी परास्नातक पाठ्यक्रम शीघ्र शुरू किये जाएंगे। यह भी बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा बीटेक कंप्यूटर साइंस पाठ्यक्रम आरम्भ करने हेतु भी प्रयास शुरू कर दिए है। कार्यक्रम के समापन पर कुलसचिव डॉ. दिनेश चंद्रा ने समापन करते हुए सभी का आभार ज्ञापित किया। संचालन प्रो. दिव्या उपाध्याय ने किया। इस अवसर पर डीएसबी परिसर के निदेशक प्रो. एलएम जोशी, सर जेसीबोस परिसर भीमताल के निदेशक प्रा.े पीसी कविदयाल, वित्त नियंत्रक एलआर आर्या, परीक्षा नियंत्रक प्रो. एचएस बिष्ट तथा राज्यपाल के परिसहाय मूदित सूद के साथ समस्त संकायाध्यक्ष व विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। 

यह भी पढ़ें : कुमाऊं विवि में प्रवेश के लिए ऑनलाइन पंजीकरण प्रारंभ

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 21 जून 2021। कुमाऊं विवि में शैक्षणिक सत्र 2021-22 हेतु प्रवेश के लिए ऑनलाइन पंजीकरण प्रारंभ हो गए हैं। प्रवेशार्थी विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से 50 रुपए ऑनलाइन पंजीकरण शुल्क जमा कर पंजीकरण करा सकते हैं। एक बार ही पंजीकरण शुल्क कराकर अलग-अलग महाविद्यालयों के लिए अलग-अलग पंजीकरण करना होगा। बताया गया है कि प्रवेश योग्यता सूची के आधार पर दिए जाएंगे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। 

यह भी पढ़ें : कुमाऊं एवं सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय में पूर्व सृजित पदों पर हुआ विधिवत बंटवारा

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 18 जून 2021। शासन से प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुसार कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल एवं सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय अल्मोड़ा में पूर्व सृजित पदों पर शुक्रवार 18 जून को विधिवत बंटवारा हो गया है। कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल के प्रशासनिक भवन में शुक्रवार को दोनों विश्वविद्यालयों के अधिकारियों की एक उच्चस्तरीय बैठक में सर्वसम्मिति से पृथक विश्वविद्यालय बनने से पूर्व सोबन सिंह जीना परिसर अल्मोड़ा हेतु सृजित शैक्षिक एवं शिक्षणेत्तर पदों को सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय अल्मोड़ा को शासनादेश सहित विधिवत हस्तांतरित कर दिया गया।

बैठक में तय किया गया कि इसके उपरांत जिस विश्वविद्यालय के सापेक्ष जो पद सृजित हैं उन पदों पर कार्यरत कार्मिकों पर समस्त प्रशासनिक नियंत्रण सम्बंधित विश्वविद्यालय का रहेगा। उल्लेखनीय है कि सोबन सिंह जीना परिसर अल्मोड़ा पूर्व में कुमाऊँ विश्वविद्यालय का ही एक परिसर था परन्तु शासन द्वारा बीते वर्ष आवासीय विवि का एसएसजे परिसर में विलय करते हुए सोबन सिंह जीना विवि का गठन कर दिया था। नए विवि के गठन के बाद एसएसजे परिसर सहित अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और चंपावत जिलों के सभी महाविद्यालय कुमाऊं विवि से अलग करके नए विवि से संबद्ध कर दिए गए थे। इस अवसर पर कुमाऊँ विश्वविद्यालय के कुलसचिव श्री दिनेश चंद्रा ने आज के दिन को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि दोनों विश्वविद्यालय आगे भी आपसी समन्वय से लोगों की अपेक्षा के अनुसार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देकर पहाड़ के युवाओं की आकांक्षाओं को पूरा करने का प्रयास करेंगे। बैठक में डीएसबी परिसर के निदेशक नैनीताल प्रो. एलएम जोशी, सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. बिपिन चंद्र जोशी, सोबन सिंह जीना परिसर अल्मोड़ा के निदेशक प्रो. जगत सिंह बिष्ट, वित्त नियंत्रक कुमाऊँ विश्वविद्यालय एलआर आर्या, उप कुलसचिव दुर्गेश डिमरी, नीरज साह, जेएस मेहरा व पार्वती आर्या आदि उपस्थित रहे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। 

यह भी पढ़ें : कुमाऊं विश्वविद्यालय की सभी परीक्षाएं व ऑफलाइन कक्षाएं 17 अप्रैल से स्थगित, 19 से शुरू होंगी अगले सेमेस्टर की ऑनलाइन कक्षाएं

नवीन समाचार, नैनीताल, 16 अप्रैल 2021। कुमाऊं विश्वविद्यालय ने कोरोना महामारी के लगातार बढ़ने के दृष्टिगत विश्वविद्यालय द्वारा वर्तमान में संचालित सभी परीक्षाओं के साथ ही प्रायोगिक, मौखिकी व डिजर्टेशन परीक्षाओं को 17 अप्रैल से अगले आदेशों तक स्थगित कर दिया है। साथ ही आगामी 24 मई से प्रस्तावित स्नातक पद्धति की वार्षिक परीक्षाओं एवं प्रायोगिक, मौखिकी व डिजर्टेशन परीक्षाओं के बारे में तब की परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लेने की बात कही है। इस दौरान जिन स्नातक कक्षाओं के पाठ्यक्रम पूरे नहीं हुए हैं, उनके पाठ्यक्रम अनिवार्य रूप से इस बीच ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से पूरे कराए जाएंगे।
शुक्रवार को कुलपति प्रो. एनके जोशी की अध्यक्षता में आयोजित हुई परीक्षा समिति की बैठक में यह निर्णय लिए गए। यह भी निर्णय लिया है कि इस सत्र में प्रभावित हो रही पढ़ाई को देखते हुए 19 अप्रैल से आगामी सम सेमेस्टरों की ऑनलाइन कक्षाएं प्रारंभ की जाएंगी। इन कक्षाओं में विषम सेमेस्टर की परीक्षाओं में सम्मिलित हो रहे विद्यार्थी पूरी तरह से अस्थाई तौर पर प्रतिभाग कर सकेंगे। जिससे आगे स्थितियां सामान्य होने पर इन विद्यार्थियों की सम सेमेस्टर की परीक्षाएं कराई जा सकें। ऐसे विद्यार्थियों का डाटा आगे 18 अप्रैल तक परिसरों, महाविद्यालयों व संस्थानों के पोर्टल पर उपलब्ध करा दिया जाएगा। यह भी साफ किया गया है कि विद्यार्थियों के आगामी सम सेमेस्टरों की कक्षाओं में ऑनलाइन कक्षाओं में प्रतिभाग करने का आशय यह नहीं होगा कि उन्हें प्रोन्नत कर दिया गया है। यदि कोई परीक्षार्थी शेष परीक्षाओं के बाद अनुत्तीर्ण घोषित होता है तो उसे पूर्व विषम सेमेस्टर की कक्षा में ही अध्ययन करना होगा। बैठक में कुलसचिव दिनेश चंद्रा, वित्त अधिकारी केएल आर्या, डीआईसी निदेशक प्रो. संजय पंत, परीक्षा नियंत्रक प्रो. एचसीएस बिष्ट, डॉ. रीतेश साह, डॉ. गगनदीप होठी, डॉ. दीपक कुमार, डीएसबी परिसर निदेशक प्रो. एलएम जोशी व अभिराम पंत आदि मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें : दीक्षांत समारोह हेतु वरीयता सूची पर 12 तक दे सकते हैं प्रत्यावेदन..

नवीन समाचार, नैनीताल, 03 अप्रैल 2021। कुमाऊं विश्वविद्यालय में वर्ष 2020-21 के आगामी आठ मई को प्रस्तावित दीक्षांत समारोह की तैयारियां प्रारंभ हो गई हैं। बताया गया है कि इस वर्ष दीक्षांत समारोह वर्चुअल मोड में होगा। यानी इस दौरान मंच पर दीक्षा देने के लिए कुलाधिपति, कुलपति, परिसर निदेशक, संकायाध्यक्ष आदि तो होंगे परंतु जिन्हें दीक्षा दी जाएगी वे ऑनलाइन मौजूद होंगे। बताया गया है कि इसी तर्ज पर गत दिनों गढ़वाल विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह भी वर्चुअल मोड में ऑनलाइन आयोजित हो चुका है।
इस संबंध में सहायक परीक्षा नियंत्रक ने बताया कि इस हेतु विभिन्न पाठ्यक्रमों में मेधावी विद्यार्थियों की वरीयता सूची विश्वविद्यालय की वेबसाइट में तीन अप्रैल को अपलोड कर दी है। इस संबंध में कोई भी प्रत्यावेदन आगामी 12 अप्रैल की शाम पांच बजे तक विश्वविद्यालय में आकर दिया जा सकता है। 

यह भी पढ़ें : समस्याओं को लेकर विधायक से मिला कुमाऊं विवि कर्मचारी महासंघ..

नवीन समाचार, नैनीताल, 15 फरवरी 2021। कुमाऊं विश्वविद्यालय शिक्षणेत्तर कर्मचारी महासंघ के एक शिष्टमंडल ने सोमवार को स्थानीय विधायक संजीव आर्य से मिलकर उन्हें विश्वविद्यालय की चार समस्याओं में सहयोग का अनुरोध किया। जानकारी देते हुए महासंघ के अध्यक्ष भूपाल सिंह करायत ने बताया कि एसएसजे परिसर अल्मोड़ा को विश्वविद्यालय बनाए जाने के उपरांत वर्तमान में कुमाऊं विश्वविद्यालय के पास केवल डीएसबी परिसर बचा है, जबकि भीमताल परिसर को एक लंबे समय से पूर्णकालिक परिसर का दर्जा दिए जाने की मांग की जाती रही है। इसके बावजूद इसे अभी तक शासन से मान्यता प्राप्त नहीं हो पाई है।
साथ ही विश्वविद्यालय में दीर्घावधि से लंबित सात चतुर्थ श्रेणी कर्मियों के नियमितीकरण का प्रकरण, विश्वविद्यालय में कई विभागों में कोई भी पद उपलब्ध ना होने तथा अल्मोड़ा विश्वविद्यालय को पदों का आवंटन हो जाने से विश्वविद्यालय में कार्मिकों की होने वाली कमी के निराकरण हेतु पदों के नवीन सृजन एवं कृष्णापुर में कृषि विज्ञान भवन हेतु मोटर मार्ग के निर्माण का अनुरोध भी किया गया। प्रतिनिधिमंडल में महासंघ के महामंत्री लक्ष्मण सिंह रौतेला, प्रशासनिक भवन शाखा अध्यक्ष दीपक बिष्ट, भीमताल परिसर सचिव मनोज रौतेला, उपाध्यक्ष हीरा सिंह किरौला शामिल रहे। इससे पूर्व महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति प्रो. एनके जोशी के साथ बैठक करके भी विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की, जिसमें प्रो. जोशी ने भीमताल परिसर के गठन हेतु पुनरीक्षित प्रस्ताव भेजे जाने का निर्देश अधिकारियों को दिया।

यह भी पढ़ें : कुमाऊं विश्वविद्यालय ने की परीक्षाओं की घोषणा

नवीन समाचार, नैनीताल, 11 फरवरी 2021। कुमाऊं विश्वविद्यालय की स्नातक वार्षिक पद्धति की ‘एन प्लस-टू’ के अंतर्गत अंतिम अवसर के तहत प्रथम, द्वितीय व तृतीय वर्ष की संस्थागत एवं व्यक्तिगत परीक्षाएं आगामी 24 मई से चार जुलाई तक एवं विषम सेमेस्टर की परीक्षाएं 8 मार्च से आयोजित होंगे। विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक ने यह जानकारी दी है।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 10 फरवरी 2021। कुमाऊं विश्वविद्यालय के मुख्यालय स्थित नव स्थापित ‘डॉ. राजेंद्र प्रसाद लॉ इंस्टिट्यूट’ में पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड बीए-एलएलबी कोर्स शुरू किया जाएगा। इसकी मान्यता के लिए बार काउंसिल ऑफ इंडिया की टीम ने बुधवार को इंस्टीट्यूट का निरीक्षण किया, और उपलब्ध संसाधनों पर संतोष व्यक्त किया। इस दौरान इंस्टीट्यूट के प्राध्यापकों ने प्रस्तावित पाठ्यक्रम के लिए संस्थान में उपलब्ध संसाधनों की उपलब्धता का समिति के समक्ष प्रस्तुतीकरण किया। बताया कि वर्तमान में भी इस संस्थान में एलएलएम पाठ्यक्रम का संचालन किया जा रहा है। निरीक्षण करने वाली समिति में उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति रमेश चंद्र खुल्बे, बीसीआई के सदस्य डीके शर्मा, दिलीप पटेल, शांभवी श्रीमली, दिल्ली विवि की डॉ साहिवाल सत्यार्थी, डॉ श्वेता मोहन, राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय रांची के अशोक कुमार पांडे एवं भारतीय विधिक परिषद के संयुक्त सचिव आदि सदस्य मौजूद रहे। कुलपति प्रो एनके जोशी ने बताया कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया से अनुमति मिलने के बाद तुरंत जुलाई 2021 हेतु नामांकन प्रक्रिया प्रारंभ हो जाएगी।
उल्लेखनीय है अब तक कुमाऊँ विश्वविद्यालय के अल्मोड़ा परिसर में यह पाठ्यक्रम संचालित हो रहा था, लेकिन अल्मोड़ा परिसर के अलग होने से यह पाठ्यक्रम सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय को मिल गये। इसके बाद कुलपति प्रो. जोशी के प्रयासों से एक माह के भीतर एमएड कोर्स हेतु काउंसलिंग करवाकर विश्वविद्यालय के विवेकानंद भवन में 50 छात्रों का प्रवेश कर एमएड आरम्भ कर दिया गया और अब है, अब शीघ्र ही इंटीग्रेटेड बीए-एलएलबी कोर्स शुरू भी शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इस अवसर पर विभागाध्यक्ष डॉ दीपाक्षी, परिसर निदेशक प्रो. एलएम जोशी, प्रो. अतुल जोशी, प्रो. नीता बोरा शर्मा, प्रा.े पद्म सिंह बिष्ट, प्रो. सावित्री कैड़ा, प्रो. अर्चना श्रीवास्तव, डॉ. सुरेश पांडेय सहित विवि के वित्त अधिकारी व कुलसचिव आदि भी उपस्थित रहे।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 25 जनवरी 2021। कुमाऊं विश्वविद्यालय द्वारा शैक्षणिक सत्र 2020-21 के लिए एमएड पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए परिसर व संस्थान का आवंटन आगामी एक फरवरी को मैरिट के आधार पर किया जाएगा। विश्वविद्यालय के डीआईसी निदेशक प्रो. संजय पंत ने बताया कि कांउसिलिंग यूजीसी मानव संसाधन विकास केंद्र हरमिटेज परिसर में पूर्वाह्न 11 से एक बजे तक आयोजित होगी। इस पाठ्यक्रम के लिए विश्वविद्यालय के स्लीपी हॉलो नैनीताल एवं सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट रुद्रपुर में 50-50 सीटें उपलब्ध हैं। काउंसिलिंग के लिए 500 रुपए की फीस काउंसिलिंग के स्थान पर ही जमा करनी होगी और अभ्यर्थियों को शैक्षिक अर्हता, आरक्षण व स्थायी निवास, पहचान व जाति तथा अन्य आरक्षण संबंधित प्रमाण पत्र लाने होंगे।
इसी तरह बीएड पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए विश्वविद्यालय की वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन काउंसिलिंग का समय सोमवार 25 जनवरी की मध्य रात्रि तक रखा गया था। इसके बाद अभ्यर्थियों के आवंटन पत्र ऑनलाइन ही वेबसाइट में अपलोड किए जाएंगे।

पर्यावरण विज्ञान की परीक्षा 28 को
नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय की बीए, बीएससी व बीकॉम की द्वितीय व तृतीय वर्ष की पर्यावरण विज्ञान की परीक्षा आगामी 28 जनवरी को सायंकालीन सत्र में अपराह्न 1 से 3 बजे तक आयोजित की जाएगी। विश्वविद्यालय के उप परीक्षा नियंत्रक डा. रीतेश साह ने यह जानकारी दी है।

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-प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने कही बात

बुधवार को कुमाऊं विश्वविद्यालय में पहुंचे उच्च शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत को ज्ञापन सोंपते शिक्षणेत्तर कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारी।

नवीन समाचार, नैनीताल, 20 जनवरी 2021। प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बुधवार को कुमाऊं विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में विश्वविद्यालय के परिसर निदेशकों, विभागाध्यक्षों एवं अधिकारियों के साथ कार्मिक, परीक्षा, सम्बद्धता और प्रबंधन से सम्बंधित समीक्षा बैठक ली तथा विश्वविद्यालय से सम्बद्ध सभी संस्थानों के प्रबंधकों एवं निदेशकों से वार्ता भी की। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन को एक माह के भीतर विश्वविद्यालय में रिक्त पड़े शिक्षणेत्तर पदों को विज्ञापित करने के साथ ही रिक्त शिक्षकों के पद भरने हेतु भी कार्यवाही करने तथा नए पाठ्यक्रमों हेतु पदों के सृजन का औचित्यपूर्ण प्रस्ताव शासन को प्रेषित करने को कहा। उन्होंने हर वर्ष दीक्षांत समारोह आयोजित करने एवं समारोह में मितव्ययिता का विशेष ध्यान रखने को भी कहा। उन्होंने ‘ए-प्लस ग्रेड’ प्राप्त करने एवं राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क में अग्रिम स्थान प्राप्त करने के लिए कुलपति प्रो. एनके जोशी के नवाचारों एवं प्रयासों पर संतुष्टि प्रकट की तथा विश्वविद्यालय को नया परिसर शीघ्र देने का आश्वासन भी दिया।
इस अवसर पर उच्च शिक्षा उन्नयन समिति के उपाध्यक्ष प्रो. बीएस बिष्ट ने डा. रावत का आभार ज्ञापित करते हुए विश्वविद्यालय की प्रगति हेतु समस्त प्राध्यापकों एवं अधिकारियों का मार्गदर्शन किया। वहीं कुलपति प्रो. जोशी ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों, शैक्षणिक उत्कृष्टता, नए उपक्रम एवं भावी योजनाओं के सन्दर्भ में उच्च शिक्षा मंत्री को जानकारी दी। बैठक में परिसर निदेशक प्रो. एलएम जोशी व प्रो. पीसी कविदयाल, प्रो. एचसीएस बिष्ट, प्रो. राजीव उपाध्याय, प्रो. ललित तिवारी, प्रो. विजया रानी ढोंढियाल प्रो. एससी सती, प्रो. एमएस मावड़ी, अर्चना नेगी साह, एलआर आर्य, दुर्गेश डिमरी व विधान चौधरी आदि उपस्थित रहे।

रूसा में हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया
नैनीताल। इससे पूर्व मंगलवार को उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. रावत ने रूसा यानी राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के अंतर्गत किये जा रहे कार्यों के संदर्भ मे समीक्षा बैठक ली, और रूसा के अंतर्गत कराये गये कार्यों का स्थलीय निरिक्षण भी किया इस दौरान उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के विकास के कार्यों में शासन स्तर पर हर संभव मदद की जायेगी। बैठक में रूसा के नोडल अधिकारी प्रो. अतुल जोशी द्वारा रूसा के अंतर्गत विश्वविद्यालय में सम्पन्न कार्य एवं वर्तमान में कराये जा रहे कार्यों का प्रस्तुतिकरण दिया।

शिक्षकों व कर्मचारी संगठनों ने सोंपे उच्च शिक्षा मंत्री को ज्ञापन
नैनीताल। उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के कुमाऊं विश्वविद्यालय आगमन पर कुमाऊं विश्वविद्यालय शिक्षणेत्तर कर्मचारी महासंघ की ओर से कर्मचारियों की तीन सूत्रीय ज्ञापन भी दिया गया। ज्ञापन में विश्वविद्यालय की नियमितीकरण नियमावली 2013 के अधीन 22 चतुर्थ श्रेणी संविदा कर्मचारियों के लंबित नियमितीकरण को निस्तारित करने, अल्मोड़ा परिसर में कार्यरत कुमाऊं विवि में वापस आने के इच्छुक कर्मियों को विकल्प देने तथा भीमताल परिसर को स्वतंत्र परिसर का दर्जा देने की मांग भी की गई। शिष्टमंडल में अध्यक्ष भूपाल सिंह करायत, महामंत्री लक्ष्मण सिंह रौतेला, कोषाध्यक्ष राजेंद्र कुमार सहित कई कर्मचारी शामिल रहे।

उच्च शिक्षा मंत्री ने की रूसा के कार्यों की समीक्षा, कूटा ने सोंपा मांग पत्र
नैनीताल। प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के कुमाऊं विश्वविद्यालय आगमन पर कुमाऊं विश्वविद्यालय शिक्षक संगठन-कूटा के शिष्टमंडल ने भी उन्हें शिक्षकों से संबंधित विभिन्न समस्याओं से संबंधित ज्ञापन दिया। ज्ञापन में संविदा शिक्षकों को उत्तर प्रदेश की तर्ज पर नियमित करना, संविदा एवं अतिथि शिक्षकों का वेतन यूजीसी नियमानुसार व हरियाणा सरकार की तरह रुपए 57700 प्रतिमाह करने, विश्वविद्यालय में कार्यरत सहायक प्राध्यापकों का अतिरिक्त वेतन वृद्धि का शासनादेश शीघ्र जारी करने, विश्वविद्यालय के शिक्षकों के निवास निर्माण के लिए धनराशि निर्गत करने, तथा विष्वविद्यालय का एक परिसर हल्द्वानी अथवा रुद्रपुर में बनाने की मांग की गई। इस दौरान शिक्षक संघ के प्रो. ललित तिवारी, डॉ. सुचेतन साह, डॉ. विजय कुमार एवं डॉ. दीपक कुमार मौजूद रहे।

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-कुलपति ने कहा पारदर्शिता एवं गुणवत्ता के साथ कार्यों के क्रियान्वयन के लिए विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली को बेहतर एवं कंप्यूटरीकृत करंेगे
नवीन समाचार, नैनीताल, 06 जनवरी 2020। कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एनके जोशी ने कहा कि आगामी शैक्षणिक सत्र 2021-22 से विश्वविद्यालय के अधिकांश कार्य ऑनलाइन सम्पादित होंगे। इस हेतु विश्वविद्यालय द्वारा अपने ईआरपी सिस्टम को विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली को बेहतर करते हुए पूर्णतः कंप्यूटरीकृत करना है ताकि पारदर्शिता एवं गुणवत्ता के साथ कार्यों का क्रियान्वयन हो एवं विश्वविद्यालय आने वाले वर्षों में शोध, शिक्षण, प्रशिक्षण व संस्कृति के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई उंचाइयों को छुए।
प्रो. जोशी ने यह बाद विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में आयोजित हुई विश्वविद्यालय की वित्त समिति की 25वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। इस दौरान विश्वविद्यालय के वित्तीय वर्ष 2021-22 के बजट को अनुमोदित किया गया। बैठक में शोध एवं प्रसार, ऑनलाइन उपाधि प्रपत्र, विश्वविद्यालय के विकास कार्यो, शारीरिक शिक्षा अनुभाग आदि विभिन्न विषयों पर गहन चर्चा के उपरांत मामले निस्तारित किये गये। बैठक में मुख्य कोषाधिकारी व अपर सचिव वित्त की प्रतिनिधि अनीता आर्या, डीएसबी परिसर के निदेशक प्रो एलएम जोशी, परीक्षा नियंत्रक प्रो एचसीएस बिष्ट, कुलसचिव केआर भट्ट, विश्वविद्यालय कार्यपरिषद् द्वारा नामित दस्य पीसी आर्य, वित्त नियंत्रक एलआर आर्य, उप कुलसचिव दुर्गेश डिमरी, विधान चौधरी, एलडी उपाध्याय एवं दीपक बिष्ट आदि उपस्थित रहे।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 29 दिसम्बर 2020। कुमाऊं विश्वविद्यालय में 2020-21 के यानी आगामी शैक्षणिक सत्र से सभी स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में यूजीसी यानी विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ‘च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम’ लागू होने जा रहा है। इस हेतु विश्वविद्यालय के डीआईसी निदेशक प्रो. संजय पंत ने सभी विभागाध्यक्षों एवं पाठ्यक्रम संयोजकों से इस प्रणाली पर आधारित पाठ्यक्रम तैयार कर उसे संबंधित पाठ्य समिति से अनुमोदित कराने एवं 31 दिसंबर तक विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट में अपलोड कराने की अपेक्षा की है।
उल्लेखनीय है कि सीबीसीएस यानी विकल्प आधारित क्रेडिट प्रणाली में छात्रों के पास निर्धारित पाठ्यक्रमों के अतिरिक्त अन्य पाठ्यक्रमों का चयन करने का विकल्प होता है, जिसे वह अपने हिसाब से सीख सकते हैं। साथ ही इसमें अंकों की जगह ग्रेड मिलते हैं।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 21 दिसम्बर 2020। कुमाऊं विश्वविद्यालय के मानव संसाधन विकास केंद्र एवं स्वामी विवकानन्द भवन मंे सोमवार से पीएचडी हेतु साक्षात्कार प्रारंभ हुए। पहले दिन 15 विषयों के साक्षात्कार हुए। बताया गया कि यूजीसी के नियमानुसार लिखित में 70 अंक तथा 30 अंक के साक्षात्कार निर्धारित हैं। आज रसायान विज्ञान, वाणिज्य, भूगोल, ग्रह विज्ञान, इतिहास, संगीत, कंप्यूटर, भेषज विज्ञान, भूगर्भ विज्ञान, संस्कृत, समाजशास्त्र, सांख्यिकी, वन एवं पर्यावरण व पर्यटन में लगभग 400 विद्यार्थियों ने मोखिकी परीक्षा दी। अन्य विषयों की मौखिकी परीक्षा 22 एवं 23 दिसंबर को भी जारी रहेगी। कुलपति प्रो. एनके जोशी ने भी साक्षात्कार स्थल का निरीक्षण किया तथा शोधार्थियों को शुभकामनाएं दीं। मौखिकी परीक्षा में प्रो. संजय पंत, प्रो. राजीव उपाध्याय, प्रो. एससी सती, प्रो. आरके पाण्डेय, प्रो. अतुल जोशी, प्रो. ललित तिवारी, डॉ.आशीष तिवारी, डॉ. महेश चन्द्रा, डॉ. विजय कुमार डॉ. सुचेतन साह, जगनमोहन मेहरा, आशा आर्य, ओमप्रकाश शक्टा, दीपक देव, केसी पाठक व सुमन पाण्डेय आदि ने सहयोग दिया। कल प्रातः 10 बजे से पुनः साक्षात्कार प्रारम्भ होंगे।

पीएचडी गणित के साक्षात्कार स्थगित
नवीन समाचार, नैनीताल, 21 दिसम्बर 2020। कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल ने शैक्षणिक सत्र 2020-21 की पीएचडी पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु गणित विषय से संबंधित अर्ह अभ्यर्थियों के आगामी 23 दिसंबर को प्रस्तावित साक्षात्कार अगले आदेशों तक के लिए स्थगित कर दिए हैं। डीआईसी निदेशक प्रो. संजय पंत ने बताया कि अपरिहार्य कारणाों से साक्षात्कार स्थगित किये गए हैं।

स्नातक कक्षाओं की स्पेशल बैक परीक्षाएं 28 से
नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल की वर्ष 20202 की स्नातक व व्यवसायिक पाठ्यक्रमों की प्रथम, तृतीय, पंचम व छठे सेमेस्टर की स्पेशल बैक परीक्षाएं 28 दिसंबर से शुरू होगी। परीक्षा नियंत्रक प्रो. एचसीएस बिष्ट ने बताया कि विस्तृत परीक्षा कार्यक्रम विश्वविद्यालय की वेबसाइट से देखा जा सकता है। स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम की परीक्षाओं की जानकारी अलग से दी जाएगी।

परीक्षा परिणाम घोषित
नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय ने सोमवार को बीए तृतीय वर्ष तथा बीएससी ऑनर्स रसायन विज्ञान व बीएससी ऑनर्स गणित के प्रथम सेमेस्टर के परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए हैं। परीक्षा नियंत्रक प्रो. एचसीएस बिष्ट ने बताया कि परीक्षाफल के साथ ही अंकतालिकाएं विश्वविद्यालय की वेबसाइट से डाउनलोड की जा सकती हैं।

यह भी पढ़ें : कुमाऊं विश्वविद्यालय ने घोषित किए कई परीक्षा परिणाम

नवीन समाचार, नैनीताल, 08 दिसम्बर 2020। कुमाऊं विश्वविद्यालय ने मंगलवार को एमकॉम, एमएससी-बॉटनी, कैमिस्ट्री, जियोलॉजी, इन्फॉमेशन टेक्नोलॉजी, गणित, भौतिकी, जंतु विज्ञान, एमए-चित्रकला, अर्थशास्त्र, अंग्रेजी, भूगोल, हिंदी, इतिहास, गृह विज्ञान, गणित, राजनीति विज्ञान व समाजशास्त्र के चौथे तथा एमएससी रसायन विज्ञान, एमलिब व बीलिब के दूसरे सेमेस्टर तथा बीबीए इंटीग्रेटेड, बीकॉम ऑनर्स, बीए, बीकॉम व बीएससी के छठे सेमेस्टर के परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए हैं। इनके अलावा बीए, बीकॉम व बीएससी के दूसरे व चौथे सेमेस्टर के परिणाम भी घोषित किए गए हैं।
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व सोमवार को गत 27 नवंबर को हुई कार्य परिषद की 144वीं बैठक की कड़ी में सम सेमेस्टर की एमकॉम, एमएससी बॉटनी, एमएससी इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, मैथमैटिक्स, फिजिक्स, स्टैटिस्टिक्स व जूलॉजी और एमए ड्रॉइंग एंड पेंटिंग, इकॉनॉमिक्स, इंग्लिश, जियोग्राफी, हिंदी, हिस्ट्री, होम साइंस, मैथमैटिक्स, पॉलीटिकल साइंस, साइकोलॉजी, संस्कृत व सोसियोलॉजी के दूसरे सेमेस्टर के परीक्षा परिणाम घोषित किये गए थे। परीक्षा नियंत्रक प्रो. एचसीएस बिष्ट ने बताया कि परीक्षार्थी विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट से अपनी अंकतालिकाओं के प्रिंट आउट ले सकते हैं। जिन परीक्षार्थियों के आवेदन फार्म या शुल्क विश्वविद्यालय को ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त नहीं हुआ है, उनका परीक्षाफल रोका गया है।

21 दिसंबर से होने वाली परीक्षाओं के लिए 16 तक जमा करना होगा शुल्क
नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय आगामी 21 दिसंबर से अंतिम सेमेस्टर के विद्यार्थियों हेतु स्पेशल परीक्षा, स्पेशल बैक परीक्षा, स्नातकोत्तर कक्षाओं हेतु सुधार परीक्षा, पर्यावरण विज्ञान की परीक्षा आयोजित करेगा। इन परीक्षाओं के लिए परीक्षा शुल्क ऑनलाइन 16 दिसंबर तक जमा करना होगा। विस्तृत जानकारी विश्वविद्यालय की वेबसाइट में देखा जा सकता है।

प्रवेश हेतु 12 तक कर सकते हैं पंजीकरण
नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय ने बीए की परीक्षाओं का परीक्षाफल घोषित करने के उपरांत स्नातकोत्तर व व्यवसायिक पाठ्यक्रमों के प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की आखिरी तिथि 12 दिसंबर नियत की थी। डीआईसी निदेशक ने प्रवेशार्थियों को याद दिलाया है कि निर्धारित तिथि से पूर्व पंजीकरण व आवेदन पत्र को अपडेट कर सकते हैं। इसके उपरांत नये पंजीकरण या संशोधन नहीं हो पाएंगे।

यह भी पढ़ें : उपलब्धि: कुमाऊं विश्वविद्यालय को विश्व की प्रतिष्ठित क्यूएस एशिया रैंकिंग में मिला स्थान

नवीन समाचार, नैनीताल, 29 नवम्बर 2020। कुमाऊं विश्वविद्यालय को शैक्षिक उत्कृष्टता के लिए वैश्विक उच्च शिक्षा थिंक-टैंक और दुनिया के सबसे बड़े परामर्श विश्वविद्यालय रैंकिंग पोर्टफोलियो के संकलक-क्यूएस यानी क्वैकारेल्ली सिमोंड्स ने एशिया महाद्वीप के सर्वश्रेष्ठ उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए जारी ताजा रैंकिंग में 551 से 600 के वर्ग में तथा भारतीय विश्वविद्यालयों की रैंकिंग में 81 से 85 के बीच स्थान दिया है। उल्लेखनीय है कि कुमाऊं विश्वविद्यालय के साथ यही रैंकिंग भारतीय विद्यापीठ, पुणे एवं दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी को भी मिली है।
बीती
प्राप्त जानकारी के अनुसार क्यूएस ने गत 23 नवंबर कोएशिया-विशिष्ट संस्करण के लिए 11 प्रमुख मापदंडों के आधार पर विश्वविद्यालयों की शैक्षिक स्थिति, स्नातक रोजगार, अनुसंधान गुणवत्ता, वेब उपस्थिति, परिसर में अंतर्राष्ट्रीयकरण, अंतर्राष्ट्रीय अनुसंधान नेटवर्क और संस्थानों के अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की विविधता को शामिल करते हुए उनकी समग्र रैंकिंग जारी की है। उल्लेखनीय है कि कुमाऊं विश्वविद्यालय द्वारा कुलपति प्रो. एनके जोशी के नेतृत्व में राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय रैंकिंग में सुधार हेतु शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में उत्कृष्टता हेतु हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं। क्यूएस द्वारा प्राप्त रैंकिंग को इसी का परिणाम माना जा रहा है।
विश्वविद्यालय की इस उपलब्धि पर कुलपति प्रो. जोशी ने सभी प्राध्यापकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि उनका उद्देश्य विश्वविद्यालय को सृजनात्मकता, उद्यमिता, नवाचार, शोध एवं अनुसंधान का महत्वपूर्ण केंद्र बनाना है। वहीं इस उपलब्धि पर परिसर निदेशक, संकायाध्यक्षों, विभागाध्यक्षों, कुमाऊँ यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कुलपति को विश्वविद्यालय की इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए हर्ष व्यक्त किया है।

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-कुमाऊं विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद् की बैठक में लिए गए कई अ्रन्य महत्वपूर्ण फैसले भी
नवीन समाचार, नैनीताल, 27 नवम्बर 2020। कुमाऊं विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद् की बैठक में कार्यपरिषद के साथ ही परीक्षा समिति एवं क्रीड़ा समिति की पिछली बैठकों की कार्यवाही एवं राजकीय एवं निजी संस्थानों की अस्थाई सम्बद्धता हेतु पूर्व के अनुमोदनों का अनुमोदन किया किया। साथ ही महादेवी सृजन पीठ की नियमावली और अलग-अलग विभागों के 86 विद्यार्थियों को शोध उपाधि प्रदान की गई। इसके अलावा डीएसबी परिसर के प्रॉक्टर बोर्ड का एक वर्ष के लिए सेवा विस्तार किया गया। साथ ही सर्वोच्च न्यायालय से आदेश पाने वाले 5 प्राध्यापकों के संत्रात लाभ का भी अनुमोदन किया गया। इसके अलावा आयुष्मान भारत, अटल भारत, आयुष्मान उत्तराखंड योजना को विश्वविद्यालय में लागू किये जाने हेतु शासन को प्रेषित किये गए पत्र का भी बैठक में अनुमोदन किया गया।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. एनके जोशी ने विश्वविद्यालय के गौरवशाली इतिहास का जिक्र करते हुए प्रवेश प्रक्रिया, एडमिशन मेरिट लिस्ट, परीक्षा संचालन, परिणामों की घोषणा, डिजिटल डिग्री, स्टूडेंट फीडबैक, शिकायत निवारण आदि में विश्वविद्यालय के पूर्ण डिजिटाइजेशन की ओर बढ़ते हुए राष्ट्रीय रैंकिंग में शीर्ष स्थान पर लाने के साथ ही शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में सम्मानजनक स्थान दिलाने को अपनी प्राथमिकता बताया। बताया कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए विश्वविद्यालय आने वाले समय में ई-लाइब्रेरी, शैक्षणिक सामग्री और ज्ञान के स्रोतों तक सार्वभौमिक पहुंच को बढ़ावा देगा साथ ही उत्तराखंड की परंपरागत कला और शिल्पकारी में कौशल और प्रशिक्षण और उन्हें बाजार से जोड़ने हेतु भी प्रयास करेगा। विद्यार्थी विश्वविद्यालय की डिग्री पाने में नहीं बल्कि समाज और समुदाय की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए प्रेरित हों, ऐसी उनकी कोशिश है। बैठक में कार्यपरिषद सदस्य डॉ. बीएस बिष्ट, प्रो. डीडी चौनियाल, प्रकाश पांडेय, अरविंद पडियार, कैलाश जोशी, डॉ. पुष्पेश पांडेय, डॉ. शशि पुरोहित, प्रो. विजिया ढौंडियाल, प्रो. पीसी कविदयाल, प्रो. एमएस मावड़ी, कुलसचिव खेमराज भट्ट, वित्त अधिकारी एलआर आर्या व डॉ. अंजू अग्रवाल आदि सदस्य उपस्थित रहे।

यह भी पढ़ें : कुमाऊं विश्वविद्यालय में पीएचडी में प्रवेश से लेकर शोध कार्य तक बहुत कुछ बदलेगा, लिये गए एक दर्जन बड़े निर्णय

नवीन समाचार, नैनीताल, 25 नवम्बर 2020। कुमाऊं विश्वविद्यालय की शोध सलाहकार समिति की बैठक विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन के सभागार में आयोजित हुई। बैठक में पी-एचडी में प्रवेश हेतु पूर्व के लिखित के 7 व साक्षात्कार के 3 अंक के नियम की जगह लिखित के 8 व साक्षात्कार के 2 अंक निर्धारित करना प्रस्तावित किया गया। नया नियम वर्ष 2021-22 के सत्र लागू किया जायेगा। यह भी तय हुआ कि जेआरएफ व नेट इस्पायर प्राध्यापकों को भी साक्षात्कार देना होगा। केवल लिखित में पास होने पर ही मौखिकी परीक्षा में आमंत्रित किया जायेगा। साक्षात्कार हेतु गठित समिति में संकायाध्यक्ष एवं विभागाध्यक्ष (संयोजक), शोध निदेशक प्रतिनिधि तथा कुलपति द्वारा नामित विषय विशेषज्ञ होंगे।

कुमाऊं विश्वविद्यालय की शोध सलाहकार समिति की बैठक में मौजूद कुलपति एवं अन्य सदस्य।

यह भी तय हुआ कि एक वर्ष में कुल इम्पैक्ट फैक्टर 10 वाले बेहतर शोध कार्य करने वाले कुमाऊॅं विश्वविद्यालय के शोधार्थी सम्मानित किये जायेगें। एक अभ्यर्थी द्वारा एक बार ही एक विषय में पीएचडी-डीएससी की जा सकेगी। दूसरी विषय में पीएचडी-डीएससी करने के लिए अभ्यर्थी को विश्वविद्यालय से दूसरे विषय में स्नातकोत्तर परीक्षा उत्तीर्ण करनी अनिवार्य होगी। यह भी तय किया गया कि प्रोजेक्ट कर रहे शोध निर्देशकों को शोध कार्य हेतु फील्ड में जाने तथा अन्य शोध कार्य हेतु कुलपति की अनुमति से 2 दिन का अतिरिक्त कार्यावकाश देय होगा। लेकिन उन्हें इस दौरान अपनी कक्षाओं के सुचारू संचालन की व्यवस्था स्वयं करनी होगी। यह भी तय हुआ कि सभी विभाग अनिवार्य रूप से वर्ष में एक बार शोध समिति की बैठक आवश्यक रूप में आयोजित करेगे। बैठक में एक केंद्रीय प्रयोगशाला के निर्माण की सैंद्धातिक सहमति भी दी गई, जहां विभिन्न विषयों के शोधार्थी आवश्यक शुल्क जमाकर अपने नमूनों का विश्लेषण करा सकेगे। इस प्रस्ताव हेतु रूसा तथा शोध खाते से 10 लाख की धनराशि दी जायेगी। शोध ग्रंथ के साथ विश्वविद्यालय के सूचना वैज्ञानिक द्वारा हस्ताक्षरित 10 फीसद से कम प्लेजेरिज्म यानी नकल होने का प्रमाण पत्र लगाना अनिवार्य होगा तथा यूजीसी केयर लिस्ट, एससीआई, स्कूपस या वेब ऑफ साइंस में दो शोध पत्र प्रकाशित करने एवं संगोष्ठियों में शोध पत्र प्रस्तुतीकरण के प्रमाण पत्र अनिवार्य रूप से संलग्न करने होगे। जिन विषयों में यूजीसी केयर लिस्ट, एससीआई, स्कूपस या वेब ऑफ साइंस मे रिसर्च जनरल उपलब्ध नही है, वहां जनरल की संमतुल्यता हेतु एक समिति का गठित की जायेगी, जिसमें संकायाध्यक्षों एवं विभागाध्यक्ष (संयोजक) सदस्य होगें। आरडीसी में अनुपस्थित रहने वाले प्री-पी-एचडी कोर्स पूर्ण करने वाले अभ्यर्थी को एक वर्ष की छूट ही अनुमन्य होगी तथा एक वर्ष पश्चात उनका प्री-पीएचडी कोर्स निरस्त माना जायेगा तथा अभ्यर्थी को एक हजार रुपए विलम्ब शुल्क अलग से देना होगा तथा इसकी अनुमति भी लेनी होगी। यही प्रक्रिया प्रवेश परीक्षा पास अभ्यार्थियों के लिये भी होगी।
एसएसजे परिसर, अल्मोडा की स्थापना के पश्चात सभी पंजीकृत शोधार्थियों के प्री पीएचडी सेमीनार तथा मौखिकी परीक्षा डीएसबी परिसर नैनीताल या भीमताल में सम्पन्न होगी। केवल एसएसजे विश्वविद्यालय, अल्मोडा में शिक्षा संकाय, विधि संकाय एवं मनोविज्ञान से सम्बन्धित शोधार्थियों की मौखिकी परीक्षा में ही सम्पन्न होगी। शोध गुणवत्ता बढाने के लिये इस वर्ष शोध में प्रवेश लेने वाले शोधाथियों को शोध प्रबंध जमा करने पर दो शोध पत्र यूजीसी निर्धारित जनरल में प्रकाशित कराना अनिवार्य होगा तथा इसका मूल्यांकन प्री पीएचडी सेमीनार में संयोजक द्वारा किया जायेगा। वर्ष 2012 के पंजीकरण वाली महिला एवं 2014 के पंजीकरण वाले पुरुष अभ्यर्थी ही विस्तारण हेतु आवेदन कर सकते है। अन्य को इसकी आवश्यकता नहीं होगी। बैठक में कुलसचिव केआर भट्ट, वित्त अधिकारी एलआर आर्या, डीएसबी परिसर निदेशक प्रो. एलएम जोशी, कार्य परिषद सदस्य प्रकाश पांडे, कैलाश जोशी व अरविंद पडियार, ,एसआरआईसीसी निदेशक प्रो. ललित तिवारी, प्रो. अतुल जोशी, प्रो. एससी सती, प्रो. राजीव उपाध्याय, प्रो. विजयारानी ढोडियाल, प्रो. संजय पंत, प्रो. आशीष तिवारी,, प्रो. एमएस मावडी, डा. महेंद्र आर्या व प्रो. आरसी उपस्थित रहे।

कुलपति ने दिया तीन सूत्रीय मंत्र
नैनीताल। बैठक की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. एनके जोशी ने विश्वविद्यालय में शोध का स्तर उठाने हेतु सजगता एवं गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए तीन बिंदुओं पर विशेष कार्य करने पर बल दिया। उन्हांेने प्राध्यापकों को हर वर्ष कम से कम एक शोध पत्र यूजीसी से स्वीकृत जर्नल में प्रकाशित कराने, उच्च गुणवत्ता युक्त शोधों को पेटेंट कराने के लिए आवेदन करने एवं हर वर्ष प्राध्यापकों द्वारा कम से कम एक अनुदान एजेंसी को अनुदान हेतु क्षोध प्रस्ताव जमा कराने का मंत्र दिया।

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-ऑनलाइन डाउनलोड कर सकेंगे अपनी प्रोविजनल डिग्री, मूल डिग्री भी घर से ही आवेदन कर घर के पते पर मंगा सकेंगे
नवीन समाचार, नैनीताल, 23 नवम्बर 2020। कुमाऊं विश्वविद्यालय प्रशासन ने कोरोना महामारी के समय अपने पूर्व छात्र-छात्राओं को बड़ी राहत दी है। विश्वविद्यालय से 2016 एवं उसके बाद के उत्तीर्ण छात्र-छात्राएं अब अपनी प्रोविजनल डिग्री विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर आवेदन एवं ऑनलाइन फीस जमा करने के पश्चात् ऑनलाइन डाउनलोड कर सकते हैं। साथ ही मूल डिग्री अपने घर पर भी मंगा सकते हैं। उन्हें इसके लिए विश्वविद्यालय में आकर लाइन में लगने की जरूरत नहीं होगी। उल्लेखनीय है कि गत दिनों शिक्षा विभाग में निकली नियुक्तियों के लिए प्रोविजनल डिग्री लेने के लिए छात्र-छात्राओं को काफी परेशान होना पड़ रहा है। अब उन्हें परेशान नहीं होना पड़ेगा।
कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एनके जोशी ने बताया कि उत्तराखंड सरकार ने माध्यमिक शिक्षा में प्रवक्ता तथा एलटी शिक्षकों की भर्ती हेतु आवेदन मांगे हैं। इसमें शैक्षणिक योग्यता की डिग्री भी मांगी गई है। इसके लिए विद्यार्थी काफी परेशान हैं और लगातार विवि में संपर्क कर रहे हैं। विद्यार्थियों की सुविधा को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा ऑनलाइन प्रोविजनल डिग्री जारी करने का निर्णय लिया गया है। अब डिग्री लेने के लिए विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में नहीं आना पड़ेगा। छात्र-छात्राएं विश्वविद्यालय की वेबसाइट https://kuadmission.com/provisional-degree-kumaun पर आवेदन एवं शुल्क जमा करके द्वारा प्रोविजनल डिग्री डाउनलोड कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि ऑनलाइन आवेदन के द्वारा दो विकल्प दिए गए हैं। इसमें वह प्रोविजनल डिग्री ऑनलाइन डाउनलोड कर सकते हैं अथवा ऑनलाइन आवेदन कर ओरिजिनल डिग्री अपने घर के पते पर मंगवा सकते हैं। प्रो जोशी ने बताया कि ऑनलाइन के साथ अभी यह व्यवस्था मैन्युअल भी रहेगी। 2016 से पहले पासआउट होने वाले विद्यार्थी एवं जिन विद्यार्थियों के दस्तावेजों में गलतियां हैं वे विश्वविद्यालय में उपस्थित होकर अपनी प्रोविजन डिग्री बना सकते हैं। उन्होंने बताया कि जल्दी ही विश्वविद्यालय अपने विद्यार्थियों का डेटा डीजी लॉकर के जरिए सुरक्षित भी करेगा। विश्वविद्यालय द्वारा इसके लिए कार्यवाही करनी शुरू कर दी है। इस अवसर पर परीक्षा नियंत्रक प्रो. एचसीएस बिष्ट, उप परीक्षा नियंत्रक डॉ. रितेश साह, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी अभिराम पंत, कमला आर्या व जीसी पांडेय आदि अधिकारी भी उपस्थित रहे।

परीक्षा परिणाम घोषित
नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय ने सोमवार को एमए इकॉनॉमिक्स के चौथे सेमेस्टर की परीक्षाओं के परिणाम घोषित कर दिए हैं। उप परीक्षा नियंत्रक डा. रितेश साह ने बताया कि परीक्षार्थी विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट से अपनी अंकतालिका भी डाउनलोड कर सकते हैं।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 5 नवम्बर 2020। उत्तराखंड की राज्यपाल एवं कुलाधिपति बेबी रानी मौर्य ने बृहस्पतिवार को नैनीताल राजभवन मे कुमाऊं विश्वविद्यालय के कृषि एव वन विज्ञान संकाय के भवन एवं नवनिर्मित वेबसाइट का विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एनके राणा की मौजूदगी में वर्चुअल लोकार्पण किया। इस अवसर पर राज्यपाल श्रीमती मौर्य ने कृषि एव वन विज्ञान संकाय का वर्चुअल निरीक्षण भी किया एवं विश्वविद्यालय द्वारा शिक्षा, शोध एवं नवाचार हेतु किये जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए विद्यार्थियों को उज्जवल भविष्य हेतु शुभकामनाएं भी दीं। इस मौके पर कुलपति प्रो. जोशी ने राज्यपाल को बताया कि विगत 40 वर्षो से नगर के तल्लीताल क्षेत्र में कृष्णापुर, गुफा महादेव मंदिर में पास विश्वविद्यालय की 26 एकड जमीन खाली पडी थी। इस जमीन पर बीएससी एग्रीकल्चर, एमएससी इन्वायरमेंट, एमएससी एग्रोनोमी आदि पाठ्यक्रमों का संचालन आरम्भ किया गया है। भविष्य में अन्य रोजगारपरक पाठ्यक्रमों का भी संचालन किया जायेगा। इस वर्ष बीएससी एग्रीकल्चर पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु 250 से ज्यादा विद्यार्थियों ने आवेदन किया था, जिनमें से 80 विद्यार्थियों को प्रवेश दिया गया है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान मे रखते हुए बनाई गई नयी वेबसाइट में ऑनलाइन काउंसिलिंग, स्टूडेंट ग्रिवेंस, स्टुडेंट फीडबैक, ऑनलाइन एडमिशन, मैरिट लिस्ट, कम्पटीटिव एक्जाम प्रिपरेशन आदि को भी सम्मिलित किया गया है। राज्यपाल श्रीमती मौर्य ने कुलपति के इन प्रयासों की सराहना की।

यह भी पढ़ें : कुमाऊं विश्वविद्यालय के डॉ. शर्मा ने लिखी ‘बास्केटबॉल रूल बुक’, कुलपति ने किया विमोचन

डॉ. शर्मा की पुस्तक का विमोचन करते कुलपति प्रो. जोशी।

नवीन समाचार, नैनीताल, 4 नवम्बर 2020। कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एनके जोशी ने बुधवार को विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन मे विश्वविद्यालय के क्रीड़ाधिकारी व क्रीड़ा परिषद के सचिव डॉ नागेंद्र शर्मा द्वारा लिखी पुस्तक ‘बास्केटबॉल रूल बुक’ का विमोचन किया।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. जोशी ने डॉ. शर्मा को बधाई देते हुए कहा कि बास्केटबॉल विश्व के सबसे तीव्र गति से खेले जाने वाले और व्यापक रूप से देखे जाने वाले खेलों में से एक है। डॉ. शर्मा ने इस खेल में राष्ट्रीय क्रीड़ा संस्थान पटियाला से एनआईएस कोचिंग डिप्लोमा की उपाधि हासिल की है, एवं बास्केटबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय रेफरी के साथ-साथ वर्तमान में उत्तराखंड बास्केटबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस पुस्तक के माध्यम से कुमाऊं विश्वविद्यालय एवं उत्तराखंड बास्केटबॉल खेल के सभी खिलाड़ी लाभान्वित होंगे। वहीं डॉ. शर्मा ने बताया कि इस पुस्तक का उद्देश्य देश के खिलाड़ियों को बास्केटबॉल खेल पर अधिक ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रोत्साहित करना है, तथा खिलाड़ी कुशलता पूर्वक समस्त तकनीकों का परीक्षण कर अपनी कमियों का विश्लेषण कर सकेंगे। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव केआर भट्ट, वित्त अधिकारी एलआर आर्य, डॉ. रितेश शाह आदि उपस्थित रहे, जबकि दुर्गेश डिमरी, प्रो. संजय पंत, प्रो. एलएम जोशी, प्रो. अतुल जोशी, प्रो. डीएस बिष्ट, प्रो. पीएस बिष्ट, डॉ. ललित तिवारी, डॉ. युगल जोशी, डॉ. प्रकाश चनियाल, डॉ. अजय अरोरा, प्रो. वीएल साह, डॉ. एचसीएस बिष्ट, डॉ. अमित जोशी, डॉ. राजीव उपाध्याय, डॉ. महेंद्र राणा, डॉ. गिरीश रंजन तिवारी, डॉ. केके पांडेय, डॉ. एमएस मावड़ी, डॉ. कुमुद उपाध्याय, प्रो. पी.सी कविदयाल, डॉ. संतोष कुमार, विधान चौधरी, पीएस बिष्ट, अभिराम पंत, गजेंद्र प्रसाद, एलडी उपाध्याय, नवीन जोशी, जीएस भंडारी, संजय साह, जीवन रावत सहित कुमाऊं विश्वविद्यालय कर्मचारी संगठन ने डॉ नागेंद्र शर्मा की इस उपलब्धि पर बधाई दी।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 30 अक्टूबर 2020। कुमाऊं विश्वविद्यालय की पीएचडी प्रवेश परीक्षा आगामी एक नवंबर को पांच केंद्रों पर सुबह 11 से दोपहर एक बजे तक एवं बीएड व एमएड प्रवेश परीक्षा कुमाऊं मंडल के 17 परीक्षा केंद्रों पर आगामी आठ नवंबर को सुबह 11 से सवा दो बजे तक आयोजित की जाएगी। विश्वविद्यालय ने पीएचडी की प्रस्तावित परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दिए गए हैं, जबकि बीएड-एमएड परीक्षा के प्रवेश पत्र आगामी दो नवंबर को अपलोड किये जाएंगे। बताया गया है कि 28 विषयों के लिए होने वाली प्रवेश परीक्षा में कुल 3411 अभ्यर्थी शामिल होंगे।
विश्वविद्यालय के डीआईसी निदेशक प्रो. संजय पंत ने बताया कि दोनों परीक्षाओं के लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। परीक्षा के बाद शाम पांच बजे विश्वविद्यालय की ओर से समस्त विषयों की उत्तर कुंजियां विवि की वेबसाइट पर अपलोड कर दी जाएंगी। यदि किसी भी अभ्यर्थी को अपने विषय किसी प्रश्न तथा अपलोड की गई उत्तर कुंजिका के संबंध में कोई प्रत्यावेदन प्रेषित करना हो तो पीएचडी परीक्षा के अभ्यर्थी 4 नवंबर की शाम पांच बजे तक एवं बीएड-एमएड के अभ्यर्थी 12 नवंबर की शाम पांच बजे तक अपना प्रत्यावेदन ई-मेल के जरिए विवि को प्रस्तुत कर सकते हैं। इसके बाद किसी भी प्रत्यावेदन पर विचार नहीं किया जाएगा। परीक्षा में शामिल होने वाले समस्त अभ्यर्थियों से अपील की गई है कि वह कोविड नियमों का पूर्ण रूप से पालन करेंगे।

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-अब चार माह से अंकतालिका के लिए भटक रहे विद्यार्थी
नवीन समाचार, नैनीताल, 22 अक्टूबर 2020। कुमाऊं विश्वविद्यालय और इसके सर्वप्रमुख मुख्यालय स्थित डीएसबी परिसर में एक परीक्षा में विश्वविद्यालय एवं परिसर प्रशासन के बीच संवादहीनता की वजह से अजब मामला सामने आया है। पहले डीएसबी परिसर में परीक्षा के दिन कुमाऊं विश्वविद्यालय से प्रश्नपत्र ही नहीं आया। इस कारण परीक्षा ही नहीं हो पाई। इसके बावजूद कुमाऊं विश्वविद्यालय प्रशासन ने बिना परीक्षा हुए ही परीक्षार्थियों को अनुत्तीर्ण दिखाकर उनका परीक्षाफल घोषित कर दिया। बाद में परीक्षार्थियों के अनेक प्रयासों के बाद परीक्षा हुई तो परीक्षार्थी अंकपत्र के लिए चार माह से भटक रहे हैं।
मामला बीएससी फारेस्ट्री के छठे सेमेस्टर के दूसरे प्रश्न पत्र का है। यह परीक्षा गत दो नवंबर 2019 को तिथि नियत थी। छात्रों का कहना है कि उस दिन प्रश्न पत्र ही नहीं आया। बताया जाता है कि डीएसबी परिसर ने परीक्षा न होने की सूचना विश्वविद्यालय को नहीं दी। इसके बाद परीक्षार्थी खुद ही अपनी परीक्षा करा लेने को दो माह तक विश्वविद्यालय और डीएसबी परिसर के चक्कर काटते रहे। इस बीच 16 नवंबर को छात्रों को बिना परीक्षा दिये ही परीक्षा में फेल होने का परिणाम घोषित हो गया। आखिर छात्रों के प्रयासों से 6 जनवरी 2020 को फिर से परीक्षा हुई। इस परीक्षा का परिणाम भी समय पर नहंी निकला। बीच में लॉक डाउन हो गया और लॉक डाउन खुलने पर जून माह में परीक्षा परिणाम आया। लेकिन इसके बावजूद अब तक छात्रों को अंकतालिकाएं नहीं मिली हैं। अब विश्वविद्यालय की ओर से कहा जा रहा है कि अंकपत्र डीएसबी परिसर को भेज दिए गए हैं, जबकि परिसर अंकपत्र नहीं मिलने की बात कह रहा है। इस संबंध में छात्र नेता हरीश राणा ने बताया कि वह भी नवंबर माह से लगातार इस प्रकरण के संबंध में परीक्षा अनुभाग एवं कुलपति सचिवालय से वार्ता कर चुके हैं। लेकिन विश्वविद्यालय में केवल कार्य को टाल देने की व्यवस्था बनी हुई है। इधर मामला संज्ञान में आने के बाद कुलपति ने संबंधित पक्षों को तलब किया है।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 19 अक्टूबर 2020। लॉक डाउन की समाप्ति के साथ कुमाऊं विवि के डीएसबी व भीमताल परिसरों में भी नौकरियों के अवसर उपलब्ध होने जा रहे हैं। विश्वविद्यालय के कुलसचिव खेमराज भट्ट की ओर से सोमवार को कुमाऊं विवि के डीएसबी व भीमताल परिसरों में में शिक्षकों के रिक्त पदों व स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों के संचालन के लिए आवश्यक पदों पर गेस्ट फैकल्टी यानी अतिथि शिक्षकों के पदों की भर्ती के लिए विज्ञप्ति जारी कर दी है। विज्ञप्ति के अनुसार अर्थशास्त्र विभाग में पांच, कृषि में चार, रसायन विज्ञान में तीन तथा जंतु विज्ञान, समाजशास्त्र, वनस्पति विज्ञान, राजनीति शास्त्र, गणित, वानिकी एवं पर्यावरण विज्ञान, पर्यटन बीएचएम तथा समाजशास्त्र विभाग के अंतर्गत एनएसडब्ल्यू में दो-दो एवं भू विज्ञान, फार्मेसी, भूगोल, वाणिज्य, हिंदी, सांख्यिकी, जैव प्रौद्योगिकी, बीकॉम ऑनर्स, माइक्रोबायोलॉजी व चित्रकला विभागों में एक-एक पदों के लिए ‘वॉक इन इंटरव्यू’ यानी सीधे साक्षात्कार आगामी 26, 27 व 28 अक्टूबर को हरमिटेज परिसर स्थित स्वामी विवेकानंद भवन में सुबह दस बजे से आयोजित होंगे।
बताया गया है कि आंतरिक व्यवस्था के तहत वर्ष 2020-21 के शैक्षणिक सत्र में 31 दिसंबर 2020 तक या नियमित नियुक्ति तक नितांत अस्थाई व्यवस्था के तहत अतिथि शिक्षकों की यह नियुक्तियां की जाएंगी। चयनित होने वाले अतिथि शिक्षकों को प्रति वादन 500 रुपये या मासिक 25 हजार अथवा यूजीसी व उत्तराखंड शासन से सहायक प्राध्यापकों के लिए निर्धारित पारिश्रमिक देय होगा। इच्छुक अभ्यर्थी न्यूनतम शैक्षिक योग्यता के प्रमाणपत्रों की सत्यापित प्रति व आवेदन पत्र के साथ नकद या पोस्टल ऑर्डर अथवा बैंक ड्राफ्ट से विज्ञान संकाय में 26 अक्टूबर, कला संकाय में 27 अक्टूबर व अन्य संकायों में 28 अक्टूबर तक शुल्क जमा करना होगा। सामान्य वर्ग के लिए आवेदन शुल्क एक हजार व आरक्षित वर्ग के लिए पांच सौ रुपए नियत किया गया है।

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-हल्द्वानी में अतिरिक्त परीक्षा केंद्र पर होगी कुमाऊं विश्वविद्यालय की पीएचडी प्रवेश परीक्षा
नवीन समाचार, नैनीताल, 15 अक्टूबर 2020। कुमाऊं विश्वविद्यालय की आगामी 1 नवंबर को प्रस्तावित पीएचडी प्रवेश परीक्षा कोरोना के कारण पहले से तय चार परीक्षा केंद्रों-नैनीताल, अल्मोड़ा,, पिथौरागढ़ व हल्द्वानी के चार परीक्षा केंद्रों के अतिरिक्त एक अन्य परीक्षा केंद्र पर भी आयोजित होगी। विश्वविद्यालय के डीआईसी निदेशक संजय पंत ने बताया कि सामाजिक दूरी तथा अधिक परीक्षार्थियों के कारण हल्द्वानी के एमबी महाविद्यालय के अतिरिक्त आम्रपाल संस्थान, शिक्षानगर लामाचौड़ को भी परीक्षा केंद्र बनाया गया है।
इस नए केंद्र के लिए परीक्षार्थियों को उनके प्रवेश पत्र के माध्यम से जानकारी दी जा रही है। प्रवेश पत्र विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर आगामी 20 अक्टूबर के बाद डाउनलोड किए जाएंगे। प्रो. पंत ने इसके साथ ही कहा कि यदि किसी परीक्षार्थी ने इस परीक्षा के लिए अपने आवेदन पत्र में त्रुटिवश ‘आरडीईटी एक्जैम्टेड कैटेगरी’ में आवेदन कर दिया है तो वे विश्वविद्यालय को अपना प्रत्यावेदन दे सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि परीक्षा के उपरांत एक नवंबर को ही शाम पांच बजे विश्वविद्यालय के द्वारा सभी विषयों की उत्तर कुंजियां विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड कर दी जाएंगी। उत्तरों पर कोई मतभिन्नता होने पर विश्वविद्यालय को अपने प्रत्यावेदन चार नवंबर की शाम तक दिये जा सकते हैं। उन्होंने परीक्षार्थियों से परीक्षा देने के लिए मास्क पहनकर आने और सामाजिक दूरी का पालन करने की अपील भी की है।

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-नीता राजनीतिशास्त्र की विभागाध्यक्ष एवं सती विज्ञान संकायाध्यक्ष होंगे
नवीन समाचार, नैनीताल, 28 अगस्त 2020। प्रो. नीता बोरा शर्मा कुमाऊं विश्वविद्यालय के अगले तीन वर्ष के लिए राजनीतिशास्त्र विभाग की अध्यक्ष एवं प्रो. एससी सती विज्ञान संकाय के अध्यक्ष होंगे। कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलसचिव खेमराज बिष्ट ने सोमवार को कुलपति प्रो. एनके जोशी की स्वीकृति पर उनकी नियुक्ति के आदेश जारी कर दिए हैं। यह पद प्रो. मधुरेंद्र कुमार के राजनीतिशास्त्र के विभागाध्यक्ष पद से इस्तीफा देने एवं प्रो. नीरजा पांडे के बीती 30 सितंबर को विश्वविद्यालय की सेवाओं से सेवानिवृत्त होने के कारण रिक्त हुए थे।
उल्लेखनीय है कि प्रो. सती के 150 से अधिक शोध पत्र तथा कई पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं, वहीं प्रो. नीता डीएसबी परिसर की चीफ प्रॉक्टर भी हैं। कूटा यानी कुमाऊं विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रो. ललित तिवारी सहित डा. सुचेतन साह, डा. विजय कुमार, डा. दीपक कुमार, डा. दीपिका, डा. सोहेल आदि ने भी नवनियुक्त प्राध्यापकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

यह भी पढ़ें : कुमाऊं विश्वविद्यालय की पीएचडी और एलएलएम में प्रवेश के लिए महत्वपूर्ण सूचनाएं

नवीन समाचार, नैनीताल, 24 सितंबर 2020। कुमाऊं विश्वविद्यालय की पीएचडी प्रवेश परीक्षा आगामी एक नवंबर को आयोजित की जाएगी। परीक्षा के लिए बृहस्पतिवार केा ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित कर दिए गए हैं। आवेदन 30 सितंबर की मध्य रात्रि तक वांछित शुल्क चुकाकर किये जा सकते हैं। यह भी बताया गया है कि जो विद्यार्थी पीएचडी करने के लिए परीक्षा से मुक्त हैं, उनके लिए भी ऑनलाइन माध्यम से आवेदन करना अनिवार्य होगा। तथा उन्हें भी वांछित शुल्क जमा करना होगा। विश्वविद्यालय के डीआईसी निदेशक प्रो. संजय पंत ने बताया कि आवेदन न करने पर उन्हें वरीयता सूची में शामिल नहीं किया जाएगा। इस बारे में विस्तृत जानकारी विश्वविद्यालय की वेबसाइट https://www.kunainital.ac.in/ से प्राप्त की जा सकती है।

कुमाऊं विश्वविद्यालय के एलएलएम पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए कल से हो सकेंगे पंजीकरण
नवीन समाचार, नैनीताल, 24 सितंबर 2020। कुमाऊं विश्वविद्यालय के डा. राजेंद्र प्रसाद लॉ इंस्टीट्यूट हरमिटेज परिसर में संचालित एलएलएम प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश के लिए ऑनलाइन पंजीकरण 25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक 50 रुपए का ऑनलाइन पंजीकरण शुल्क जमा करके किये जा सकेंगे। विश्वविद्यालय के डीआईसी निदेशक प्रो. संजय पंत ने बताया कि इस बारे में विस्तृत जानकारी विश्वविद्यालय की वेबसाइट https://www.kunainital.ac.in/ से प्राप्त की जा सकती है।

यह भी पढ़ें : बड़ा समाचार : अल्मोड़ा विश्वविद्यालय जाने के लिए कुमाऊं विश्वविद्यालय के प्रोफेसरों से मांगे जाएंगे विकल्प, पुनः यूसेट की परीक्षाएं करेगा कुमाऊं विश्वविद्यालय

नवीन समाचार, नैनीताल, 20 सितंबर 2020। प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री धनसिंह रावत ने रविवार को कुमाऊं विश्वविद्यालय पहुंचकर प्रशासनिक भवन में कुलपति एवं अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने कहा कि अल्मोड़ा में नया विश्वविद्यालय बनने के बाद विश्वविद्यालय के सभी प्रोफेसरों और सहायक प्रोफेसरों से दो माह में विकल्प मांगे जाएंगे कि वह कुमाऊं विश्वविद्यालय में कार्य करना चाहते हैं या फिर अल्मोड़ा विश्वविद्यालय में। जिसकी रुचि जहां होगी, उसे वहां रखा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि कुमाऊं विश्वविद्यालय नए सत्र से पुनः यूसेट की परीक्षाएं करेगा।
इसके अलावा उन्होंने कहा कि 2015 से 2019 तक की डिग्री जिन विद्यार्थियों को नहीं मिल पाई हैं वह 50 दिन के भीतर आवेदन कर डिग्री प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए विश्वविद्याीलय 100 दिन में 2019 तक की सभी डिग्रियां उपलब्ध कराएगा। इसके बाद 2020 से विश्वविद्यालय द्वारा सभी डिग्रियां डिजिलॉकर से भी भेजी जाएंगी। उन्होंने कहा कि अक्टूबर माह से हर विश्वविद्यालय का दो दिन का दौरा कर प्रदेश के विश्वविद्यालयों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने के लिए चर्चा कर रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय स्तर से कराई जा रही परीक्षाओं के परीक्षाफल 35 दिन में जारी किये जाएंगे। उन्होंने कुमाऊं विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में अनियमितताओं के बाबत की गई शिकायतों के निस्तारण के लिए कमेटी गठित करने की जानकारी भी दी। बैठक में कुलपति प्रो एनके जोशी, कुलसचिव केआर भट्ट, परीक्षा नियंत्रक प्रो एचसीएस बिष्ट, डीएसबी परिसर निदेशक प्रो एलएम जोशी, प्रो पदम सिंह बिष्ट आदि मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें : कुमाऊं विश्वविद्यालय की परीक्षाएं शुरू, पहले दिन ही एक छात्र निकला कोरोना पॉजिटिव

नवीन समाचार, नैनीताल, 14 सितंबर 2020। कुमाऊं विश्वविद्यालय में सोमवार से परीक्षाएं प्रारंभ हो गईं। पहले दिन बीए प्रथम, बीएड, एमकॉम द्वितीय, बीए सिक्स सेमेस्टर और बीकॉम सिक्स सेमेस्टर की परीक्षाएं कहीं दो तो कहीं तीन पालियों में आयोजित की गईं। इस दौरान परीक्षा प्रारंभ होने से पूर्व परीक्षा कक्षों को सैनिटाइज किया गया व परीक्षार्थियों को सैनिटाइजर से हैंड वाश कराकर मास्क वितरित किए गये। साथ ही परीक्षार्थियों की थर्मल स्क्रीनिंग भी की गई। इस दौरान राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में पहली पाली में एक छात्र का तापमान 99.3 और दूसरे बार कराने पर 98.4 डिग्री सेल्सियस निकलने पर कॉलेज में हड़कंप मच गया। इस पर चिकित्सकों की टीम कॉलेज पहुंची और छात्र को रैपिड टेस्ट के लिए अस्पताल ले गई। जहां वह जांच में कोरोना पॉजिटिव पाया गया। इस पर उसे आइसोलेट कर दिया गया। जबकि अन्य 15 बच्चों के तापमान मिले। इस पर उन्हें अलग कमरे में परीक्षा देनी पड़ी। बताया गया है कि कि अधिक तापमान आने पर बच्चों को परीक्षा देने से रोका जाएगा। अलबत्ता यदि कोई बच्चा परीक्षा नहीं दे पा रहा है तो वह बाद में दे सकता है।
इधर कुमाऊं विश्वविद्यालय के सर्वप्रमुख डीएसबी परिसर में दो पालियों में परीक्षाएं हुईं। परीक्षा कक्षों में आधी संख्या में भी परीक्षार्थियों को बैठाया गया, एवं प्रवेश करते हुए सभी का थर्मल स्क्रीनिंग से तापमान लेने के साथ उनके द्वारा मास्क पहना जाना एवं सामाजिक दूरी बनाये रखते हुए व सेनेटाइज किया जाना भी सुनिश्चित किया गया। जनपद के शहीद खेम चंद डौर्बी राजकीय महाविद्यालय बेतालघाट में पहले दिन बीए छठे सेमेस्टर के परीक्षार्थियों ने अर्थशास्त्र प्रथम प्रश्न पत्र की परीक्षा दी। प्रधानाचार्य कमल जोशी ने बताया कि परीक्षा में आईसीएमआर के निर्देशों का पूर्णतया पालन किया गया। जांच में सभी परीक्षार्थियों को स्वस्थ पाया गया। पूर्व छात्र संघ सचिव तारा सिंह भंडारी के द्वारा विद्यालय प्रबंधन को परीक्षाओं के सफल आयोजन के लिये निशुल्क 200 मास्क, सेनेटाईजर व 100 ग्लब्ज उपलब्ध कराये गये।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 08 सितंबर 2020। देश में एक नया स्वदेशी खेल ‘ड्रॉप रोबॉल’ विश्वभर में लोकप्रिय हो रहा है। कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एनके जोशी ने मंगलवार को इस खेल के नियमों पर विश्वविद्यालय के क्रीड़ाधिकारी, क्रीड़ा परिषद के सचिव एवं ड्रॉप रोबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. नागेंद्र शर्मा द्वारा लिखी पुस्तक का विमोचन किया।

‘ड्रॉप रोबॉल’ खेल की रूल बुक का विमोचन करते कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एनके जोशी।

इस अवसर पर कुलपति प्रोफेसर एन.के जोशी ने डॉ नागेंद्र शर्मा को बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि यह पुस्तक खेल प्रेमियों व खिलाड़ियों को रुचिकर तथा उपयोगी लगेगी एवं इस खेल के सभी खिलाड़ी इससे लाभान्वित होंगे। डॉ शर्मा ने बताया कि भारतीय ड्रॉप रो बॉल के संस्थापक, रोहतक, हरियाणा के ईश्वर सिंह आर्य है। यह खेल भारत, बांग्लादेश, श्रीलंका, नेपाल, भूटान आदि का सबसे पुराना पारंपरिक खेल है, जो भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय के साथ-साथ एशियन व विश्व ड्रॉप रोबॉल संघो से पंजीकृत है। इस खेल को सिंगल, डबल, ट्रिपल, सुपर इवेन्ट व मिक्स डबल में खेला जाता है। इस खेल को भारतीय विश्वविद्यालय संघ एआईयू व स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इण्डिया एसजीएफआई की राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में भी खेला जा रहा है। कुमाऊं विश्वविद्यालय के खिलाड़ी ड्रॉप रोबॉल की अखिल भारतीय विश्वविद्यालय व राष्ट्रीय ड्रॉप रोबॉल प्रतियोगिताओं में कई पदक अर्जित कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके हैं।
इस अवसर पर कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलसचिव खेमराज भट्ट, परीक्षा नियंत्रक डॉ. हरीश चंद्र सिंह बिष्ट, व्यक्तिगत सहायक विधान चौधरी आदि भी मौजूद रहे। वहीं वित्त अधिकारी एलआर आर्या, डॉ केके पांडे, प्रो. संजय पंत, डॉ. कुमुद उपाध्याय, डॉ. ललित तिवारी, डॉ. राजीव उपाध्याय, डॉ. अजय अरोरा, डॉ. संतोष कुमार, दुर्गेश डिमरी, पीएस बिष्ट, गजेंद्र प्रसाद, जीएस भंडारी, संजय साह, अभिराम पंत सहित सभी कुमाऊं विश्वविद्यालय के कर्मचारी शिक्षक संघ ने इस पर बधाई दी।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 05 सितंबर 2020। कुमाऊं विश्वविद्यालय आगामी 14 सितंबर से 14 अक्तूबर तक स्नातक, स्नातकोतर और वार्षिक पद्धति से आच्छादित स्नातक स्तर पर प्रथम, द्वितीय, तृतीय वर्ष और स्नातकोतर स्तर पर द्वितीय वर्ष की प्रस्तावित परीक्षाओं की तैयारियों में जुट गया है। इसके लिए विश्वविद्यालय ने संबद्ध परिसरों, कॉलेजों और संस्थानों को कोरोना संक्रमण के चलते परीक्षाएं करने के संबंध में गाइडलाइन जारी कर दी है। परीक्षा में करीब 48 हजार विद्यार्थी शामिल होंगे। विश्वविद्यालय ने परीक्षा कार्यक्रम भी अपनी वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है।
विश्वविद्यालय के कुलसचिव खेमराज भट्ट ने बताया कि तीन पालियों में परीक्षाएं कराई जानी हैं। हर पाली की परीक्षा समाप्त होने के बाद परीक्षा कक्ष को सैनिटाइज कराया जाएगा। हर परीक्षार्थी के परीक्षा कक्ष में प्रवेश करने से पहले थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी। भट्ट ने बताया कि पहले एक परीक्षा कक्ष में 60 छात्रों को बैठाया जाता था। इस बार एक कक्ष में 30 विद्यार्थियों की परीक्षा ही कराई जाएगी।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 1 सितंबर 2020। कुमाऊं विश्वविद्यालय ने मंगलवार को बीएचएम के दूसरे व चौथे सेमेस्टर के परीक्षा के परिणाम घोषित कर दिये हैं। परीक्षा नियंत्रक ने बताया कि विश्वविद्यालय की अधिकृत वेबसाइट से परीक्षाफल के साथ ही अंकतालिकाओं के प्रिंट आउट भी लिये जा सकते हैं। परीक्षाफल से असंतुष्ट परीक्षार्थियों को भविष्य में संबंधित सेमेस्टर की परीक्षा में पुनः सम्मिलित होने का एक अवसर दिया जा सकता है। वहीं विवि के डीआईसी निदेशक संजय पंत ने बताया कि आगामी 14 सितंबर से होने वाली परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन पत्र भरने व परीक्षा शुल्क जमा करने के लिए 6 सितंबर तक अंतिम तिथि पांचवी बार बढ़ा दिया गया है। पूर्व में चार बार यह तिथि बढ़ाई जा चुकी है।

इग्नू की परीक्षाएं 17 से, प्रवेश की तिथि 15 तक बढ़ी
नैनीताल। इग्नू यानी इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय की जून 2020 के अंतिम वर्ष तथा अंतिम सेमेस्टर के विद्यार्थियों की परीक्षा 17 सितंबर 2020 से आयोजित होंगी। इग्नू के समन्वयक प्रो. ललित तिवारी ने बताया कि विद्यार्थी इग्नू की वेबसाइट से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा जुलाई 2020 से शुरू होने वाले सत्र हेतु प्रवेश तथा पूर्व पंजीकरण की तिथि बढ़ाकर 15 सितंबर 2020 कर दी गई है। इच्छुक विद्यार्थी कोर्स की जानकारी लेते हुए ऑनलाइन प्रवेश ले सकते हैं।

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कुमाऊं विश्वविद्यालय में परीक्षा के कार्य परीक्षा विभाग व डीआईसी से कराने से भ्रम की स्थिति
नवीन समाचार, नैनीताल, 31 अगस्त 2020। छात्र नेता हरीश राणा ने सोमवार को कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो एनके जोशी को विश्वविद्यालय की परीक्षाओं से संबंधित अव्यवस्थाओं में सुधार हेतु ज्ञापन सोंपा। ज्ञापन में बताया गया कि विश्वविद्यालय द्वारा ऑनलाइन माध्यम से की जा रही अव्यवस्थाओं के कारण विद्यार्थियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि परीक्षा आवेदन फॉर्म के बारे में किसी भी प्रकार की जानकारी परीक्षा अनुभाग को नहीं रहती है, क्योंकि फॉर्म भरने एवं तिथि परिवर्तन डीआईसी विभाग द्वारा किया जाता है। परीक्षाफल की त्रुटियों व परीक्षाफल का इंटरनेट पर ना होना, आंतरिक मूल्यांकन के अंक परीक्षाफल में शामिल नहीं किया जाना आदि समस्याओं पर भी छात्र-छात्राओं को परीक्षा विभाग एवं डीआईसी के चक्कर काटने पड़ते हैं। विगत सप्ताह से विश्वविद्यालय के परीक्षाफल घोषित होने प्रारंभ हुए, लेकिन अधिकांश विद्यार्थियों के परीक्षाफल इंटरनेट पर उपलब्ध नहीं है जिसके लिए वह परीक्षा अनुभाग में संपर्क कर रहे हैं। लेकिन परीक्षाफल डीआईसी द्वारा संचालित किया जा रहा है, और डीआईसी आम छात्र छात्राओं की पहुंच से बाहर है। उन्होंने कुलपति से यह भी आग्रह किया कि परीक्षा आवेदन एवं परीक्षाफल से संबंधित ऑनलाइन कार्य परीक्षा विभाग द्वारा ही करवाए जाने चाहिए। जिससे कि छात्र-छात्राओं में भ्रम की स्थिति उत्पन्न ना हो। उन्हांेने इन समस्याओं का समाधान न होने पर आंदोलन हेतु बाध्य होने की बात भी कही।

कुमाऊं विश्वविद्यालय ने परीक्षा कार्यक्रम घोषित किया
नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय ने सोमवार को स्नातक, स्नातकोत्तर एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के अंतिम सेमेस्टर एवं वार्षिक पद्धति की परीक्षाओं के लिए विस्तृत परीक्षा कार्यक्रम घोषित कर दिया है। उल्लेखनीय है कि पहले यह परीक्षाएं 24 अगस्त से प्रस्तावित थीं। अब इन्हें आगे बढ़ाकर 14 सितंबर कर दिया गया है।

बीएड व एमएड के द्वितीय सेमेस्टर के परीक्षा परिणाम घोषित
नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय ने सोमवार को बीएड व एमएड के द्वितीय सेमेस्टर के परीक्षा परिणाम घोषित कर दिये हैं। परीक्षा नियंत्रक ने बताया कि विश्वविद्यालय की अधिकृत वेबसाइट से परीक्षाफल के साथ ही अंकतालिकाओं के प्रिंट आउट भी लिये जा सकते हैं। परीक्षाफल से असंतुष्ट परीक्षार्थियों को भविष्य में संबंधित सेमेस्टर की परीक्षा में पुनः सम्मिलित होने का एक अवसर दिया जा सकता है।

यह भी पढ़ें : प्रवेश के लिए पंजीकरण की तिथि 31 तक बढ़ी

नवीन समाचार, नैनीताल, 25 अगस्त 2020। कुमाऊं विश्वविद्यालय ने विभिन्न कक्षाओं में प्रवेश के लिए ऑनलाइन पंजीकरण करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त तक बढ़ा दी है। इस तिथि से पूर्व ही 50 रुपए का ऑनलाइन शुल्क भी जमा करना होगा।

कुमाऊं विश्वविद्यालय में 14 सितंबर से होंगी परीक्षाएं
नैनीताल। यूजीसी के दिशा-निर्देशों के क्रम में कुमाऊं विश्वविद्यालय में स्नातक, स्नातकोत्तर एवं व्यवसायिक पाठ्यक्रमों के अंतिम सेमेस्टर एवं वार्षिक पद्धति के अंतर्गत स्नातक स्तर पर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय वर्ष एवं स्नातकोत्तर स्तर पर द्वितीय वर्ष की परीक्षाएं प्रारंभ करने की तिथि 24 अगस्त तय की गई थी। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एनके जोशी ने इस तिथि को मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए 14 सितंबर तक के लिए बढ़ा दिया है। परीक्षा नियंत्रक डा. एचसीएस बिष्ट ने कहा कि 14 सितंबर से होेने वाली परीक्षा कार्यक्रम शीघ्र ही विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर जारी कर दिया जाएगा।

बीए एनीमेशन एंड डिजाइन के चौथे सेमेस्टर का परीक्षा परिणाम घोषित
नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय ने मंगलवार को बीए एनीमेशन एंड डिजाइन के चौथे सेमेस्टर का परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया है। परिणाम कुमाऊं विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर देखा जा सकता है।

यह भी पढ़ें : कुमाऊं विश्वविद्यालय में विभिन्न पाठ्यक्रमों में सीटें बढ़ाने और ऑनलाइन पढ़ाई शुरू करने पर हो गया निर्णय..

नवीन समाचार, नैनीताल, 22 अगस्त 2020। कुमाऊं विश्वविद्यालय द्वारा संचालित बीएससी फॉरेस्ट्री, बीबीए, स्पोर्ट्स एंड फिजिकल एजुकेशन, बी-लिब, एम-लिब, पत्रकारिता तथा एमएससी बायो टेक्नोलॉजी, एमएससी माइक्रो बायोलॉजी आदि पाठ्यक्रमों में स्वीकृत सीटों से अधिक संख्या में छात्र-छात्राओं ने ऑनलाइन पंजीकरण कराए थे। इसे देखते हुए कुलपति प्रो. एनके जोशी की अध्यक्षता में शनिवार को आयोजित बैठक में इन पाठ्यक्रमों में सीटें बढ़ाने तथा स्नातक स्तर की कक्षाएं आगामी 15 सितंबर से ऑनलाइन प्रारंभ किये जाने का निर्णय ले लिया गया है।
बैठक में कुलपति ने बताया कि इस वर्ष प्रारंभ किये गए बीएससी एग्रीकल्चर, एमएससी एग्रोनोमी, एमएससी हॉर्टिकल्चर सहित बीए, बीएससी पाठ्यक्रमों में भी काफी तादाद में बहुत अच्छे अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों ने आवेदन किया है। इसलिए सीटें बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। बैठक में परीक्षा नियंत्रक प्रो. एचसीएस बिष्ट, डीआईसी निदेशक प्रो. संजय पंत, डीएसबी परिसर निदेशक प्रो. एलएम जोशी, भीमताल परिसर निदेशक प्रो. पीसी कविदयाल, कुलसचिव खेमराज भट्ट, पीएस विधान चौधरी सहित सभी व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के समन्वयक शामिल रहे।

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-कुमाऊं विश्वविद्यालय ने अस्थाई कुलसचिव की प्रतिनियुक्ति के लिए मांगे आवेदन
नवीन समाचार, नैनीताल, 09 अगस्त 2020। कुमाऊं विश्वविद्यालय में लगता है कि अस्थाई कुलसचिव से ही काम चलाया जाता रहेगा। प्रदेश शासन के लोक सेवा आयोग के अंतर्गत आने वाले इस पद के लिए स्थायी भर्ती की औपचारिकता निभाने की जगह एक बार पुनः कुलसचिव पद पर एक साल की प्रतिनियुक्ति के लिए एक माह के भीतर आवेदन आमंत्रित करने के आदेश जारी किये हैं। इसके बाद कुमाऊं विश्वविद्यालय ने भी इस बारे में विज्ञप्ति जारी कर दी है। इससे इस बात की संभावना व्यक्त की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि कुलसचिव कैडर के अधिकारी सुधीर बुड़ाकोटी के 2017 में जाने के बाद से कुमाऊं विश्वविद्यालय में अस्थायी कुलसचिवों से ही काम चलाया जा रहा है। इधर ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारी डा. महेश कुमार के लगभग दो साल तक प्रतिनियुक्ति पर इस पद पर रहने के बाद कुलपति प्रो.एनके जोशी के आदेशों पर गत 28 मई से उप कुलसचिव खीमराज भट्ट को कुलसचिव पद का दायित्व सौंपा गया है। प्रदेश के प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा आनंद वर्धन ने 27 जुलाई 2020 इस आशय की विज्ञप्ति जारी की थी, इस पर कुमाऊं विवि के कुलसचिव की ओर से भी 6 अगस्त 2020 को एक विज्ञप्ति जारी कर दी गई है।

साहित्य सिर्फ पाठयक्रम का हिस्सा नहीं बल्कि जीवन जीने की कला: डॉ. सिद्धेश्वर सिंह
नवीन समाचार, नैनीताल, 09 अगस्त 2020। साहित्य सिर्फ पाठयक्रम का हिस्सा नहीं बल्कि जीवन जीने की कला है। साहित्य, संस्कृति व कला ऐसे क्षेत्र हैं जिन्हें सिर्फ पाठयक्रम में शामिल कर देने भर से हमारे कर्तव्यों की इतिश्री नहीं हो जाती। यह ऐसे क्षेत्र हैं जिन्हें अपने जीवन में आत्मसात किए बिना हम इनसे नहीं जुड़ सकते। उक्त विचार कवि-कथाकार, अनुवादक व समीक्षक डॉ. सिद्धेश्वर सिंह ने कुमाऊँ विश्वविद्यालय की रामगढ़ स्थित महादेवी वर्मा सृजन पीठ द्वारा ‘हमारी हिंदी की कविताई और पढ़ाई-लिखाई’ विषय पर फेसबुक लाइव के जरिए आयोजित ऑनलाइन चर्चा में व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि हमारे पाठयक्रमों में हिंदी, भारतीय भाषाओं और विश्व साहित्य के सभी प्रमुख साहित्यकारों की कृतियाँ सम्मिलित हैं लेकिन इन्हें सिर्फ पाठयक्रम और परीक्षा उत्तीर्ण करने का जरिया मानने से अधिक महत्व नहीं दिया गया। यही कारण है कि साहित्य, संस्कृति और कला क्षेत्र का हमारे समाज में वैसा प्रभाव नजर नहीं आता, जैसा होना चाहिए। आज धीरे-धीरे हमारा समाज अपनी जड़ों से कटता जा रहा है। अपने समाज, उसके अतीत और उसकी अच्छाई-बुराईयों को जाने-समझे बिना शिक्षा की कोई भी इमारत बिना नींव के उस भवन की तरह है जो कभी भी भरभरा कर गिर सकती है। चर्चा के उपरांत डॉ. सिद्धेश्वर सिंह ने अपनी रात, कवि समय, प्रोफाइल पिक, माड़व के बाँस, स्मृति और टेथिस सागर, खिड़की पार की बारिश आदि कविताओं का पाठ किया, जिसे ऑनलाइन जुड़े श्रोताओं ने काफी सराहा।
महादेवी वर्मा सृजन पीठ के निदेशक प्रो. शिरीष कुमार मौर्य ने बताया कि पीठ कोरोना काल में डिजिटल माध्यम से साहित्यिक गतिविधियाँ आयोजित कर रही है। साहित्यिक अभिरुचि रखने वाले व्यक्ति महादेवी वर्मा सृजन पीठ के फेसबुक पेज के माध्यम से सीधे इन कार्यक्रमों से जुड़ सकते हैं। आज के कार्यक्रम में पीठ के शोध अधिकारी मोहन सिंह रावत सहित वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. हरिसुमन बिष्ट, बल्ली सिंह चीमा, जहूर आलम, डॉ. जितेन्द्र श्रीवास्तव, महेश पुनेठा, अरूण देव, अमित श्रीवास्तव, दिनेश कर्नाटक, स्वाति मेलकानी, , रमेश चंद्र पंत, डॉ. शशांक शुक्ला, डॉ. तेजपाल सिंह, मनोहर चमोली ‘मनु’, शेखर पाखी, संतोष कुमार तिवारी, रमेश द्विवेदी, अजय रिछारिया, डॉ. नेहा पालनी, खेमकरण सोमन, शिव प्रकाश त्रिपाठी, डॉ. अर्चिता सिंह, डॉ. ललित जोशी, भावना उपाध्याय, अजेय पांडेय, बीना जोशी, राजू महर, शालिनी मिश्रा, जितेन्द्र यादव, सपना भट्ट, पंकज शाह, निर्मल निओलिया, राम रतन यादव, सुनीता बिष्ट, बिलास सिंह, राम कुमार तिवारी, ज्योति कुमार, राम सिंह सैनी, रूप चंद्र शास्त्री, हेमा तिवारी, सत्य प्रकाश शर्मा, प्रदीप सैनी आदि साहित्य-प्रेमी सम्मिलित हुए।

यह भी पढ़ें : कुमाऊं विश्वविद्यालय ने बीए व बीएससी के सम सेमस्टर के परीक्षाफल घोषित किये

नवीन समाचार, नैनीताल, 07 अगस्त 2020। कुमाऊं विश्वविद्यालय ने शुक्रवार को बीए व बीएससी के द्वितीय व चतुर्थ सेमेस्टर के परीक्षाफल घोषित कर दिये हैं। परीक्षा नियंत्रक ने बताया कि परीक्षा विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट https://www.kunainital.ac.in/ से परीक्षाफल एवं अंकपत्र डाउनलोड कर सकते हैं। जिन विद्यार्थियों के आंतरिक मूल्यांकन के अंक तथा परीक्षा आवेदन पत्र व परीक्षा शुल्क अभी विश्वविद्यालय को नहीं मिले हैं, उनके परीक्षाफल रोके गए हैं। उन्होंने यह भी साफ किया है कि यदि कोई विद्यार्थी परीक्षाफल से संतुष्ट नहीं है तो उसे संबंधित सेमेस्टर की परीक्षा में शामिल होने का पुनः एक अवसर दिया जा सकता है। यदि कोई परीक्षाफल परीक्षा में शामिल होता है तो उसका वर्तमान में घोषित परीक्षाफल निरस्त समझा जाएगा।

यह भी पढ़ें : कुमाऊं विश्वविद्यालय के द्वितीय सेमेस्टर के परिणाम घोषित, चौथी बार आगे बढ़ी फार्म भरने की तिथि

नवीन समाचार, नैनीताल, 05 अगस्त 2020। कुमाऊं विश्वविद्यालय ने बुधवार को एमए के हिंदी, इतिहास, गृह विज्ञान, अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान, संस्कृति, अंग्रेजी, गणित, साइकोलॉजी, समाजशास्त्र, डिफेंस स्टडीज, शिक्षा शास्त्र, भूगोल, वनस्पति विज्ञान, कम्प्यूटर विज्ञान, सूचना प्रौद्योगिकी, भौतिकी, जंतु विज्ञान, रसायन विज्ञान, रसायन विज्ञान, सांख्यिकी, वन विज्ञान विभाग विषयों के द्वितीय सेमेस्टर के परीक्षा परिणाम घोषित कर दिये हैं। विवि के परीक्षा नियंत्रक ने बताया कि परीक्षार्थी विवि की आधिकारिक वेबसाइट से अपने परीक्षा परिणाम के साथ अंकतालिका भी डाउनलोड कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि जिन परीक्षार्थियों के परीक्षा आवेदन फार्म व परीक्षा आवेदन शुल्क विश्वविद्यालय को ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त नहीं हुआ है, उनका परीक्षाफल रोका गया है।

चौथी बार आगे बढ़ी फार्म भरने की तिथि
नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय के डीआईसी के निदेशक संजय पंत ने बताया कि विश्वविद्यालय की स्नातक एवं परास्नातक एवं बीएड पाठ्यक्रम की सम सेमेस्टरों की मुख्य एवं बैक परीक्षा के परीक्षा फार्म ऑनलाइन भरने की तिथि एक बार फिर-चौथी बार नौ अगस्त तक बढ़ा दी है। पहले यह तिथि 30 जून से तीन बार बढ़ाकर 10 जुलाई, 17 जुलाई व 29 जुलाई तक बढ़ा दी गई थी।

यह भी पढ़ें : असाइनमेंट जमा करने की वजह से विद्यार्थियों को स्वतः प्रोन्नतीकरण लटका, महाविद्यालय को परिसर घोषित करने की मांगें

नवीन समाचार, नैनीताल, 24 जुलाई 2020। कुमाऊं विश्वविद्यालय के द्वारा सम सेमेस्टर के छात्रों को इस वर्ष कोरोना-लॉकडाउन की वजह से स्वतः प्रोन्नत किया जाना है। इस हेतु महाविद्यालयों से 25 जुलाई यानी शनिवार तक आंतरिक मूल्यांकन के अंक दिये जाने थे। किंतु अब तक अनेक विद्यार्थियों ने अपने असाइनमेंट ही अपने महाविद्यालयों में जमा नहीं किये हैं। इससे विद्यार्थियों को स्वतः प्रोन्नत किये जाने का कार्य लटकना तय माना जा रहा है। इस पर निदेशक डीआईसी संजय पंत ने विद्यार्थियों ने अपने असाइनमेंट अविलंब अपने परिसरों व महाविद्यालयों में जमा करने की अपील की है। डॉ. रितेश शाह ने बताया कि जो विद्यार्थी 31 जुलाई तक परीक्षा हेतु आवेदन कर लेंगे उनके आंतरिक परीक्षा के अंक भी जोड़ लिए जाएंगे।

विश्वविद्यालय की योजनाओं में कन्टेनमेंट व बफर जोन में रह रहे छात्रों का भी ध्यान रखें
नैनीताल। डीएसबी परिसर छात्र संघ के अध्यक्ष विशाल वर्मा के नेतृत्व में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े छात्रों के एक शिष्टमंडल ने शुक्रवार को कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एनके जोशी से भंेट कर उन्हें छात्रों की समस्याओं से अवगत कराया। उन्होंने कोरोना की महामारी के दौरान सुदूर पर्वतीय क्षेत्रों में इंटरनेट की खराब व्यवस्था को देखते हुए परीक्षाओं के लिए आवेदन करने की तिथि को आगे बढ़ाने, साथ ही असाइनमेंट जमा करने की तिथि को बढ़ाने एवं स्नातक व परास्नातक में सीटों को बढ़ाने की मांग रखी। साथ ही अंतिम वर्ष की परीक्षाएं कराने में सुरक्षा प्रबंधों का ध्यान रखने एवं जो छात्र कन्टेनमेंट जोन या बफर जोन में रह रहे हैं, उनको भी विश्वविद्यालय की योजनाओं में दृष्टिगत रखने को कहा। ज्ञापन देने वालों में पूर्व छात्र महासंघ सचिव सौरभ शर्मा, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अभाविप रचित सिंह, हरीश राणा व सचिन बाबा आदि भी शामिल रहे।

रामनगर महाविद्यालय को कुमाऊं विश्वविद्यालय का परिसर बनाने की मांग
नैनीताल। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय रामनगर के छात्र संघ अध्यक्ष अमित पाल सिंह रावत ने शुक्रवार को कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एनके जोशी को ज्ञापन सोंपकर रामनगर महाविद्यालय को कुमाऊं विश्वविद्यालय का परिसर महाविद्यालय बनाने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि कुमाऊं विश्वविद्यालय के अल्मोड़ा परिसर के अलग महाविद्यालय बन जाने के बाद कुमाऊं विश्वविद्यालय के पास केवल नैनीताल का ही परिसर बचा है। इसलिए 14 एकड़ की भूमि में बने छात्रावास, खेल प्रांगण, ऑडिटोरियम, नौ प्रयोगशालाओं एवं 30 छोटे-बड़े कक्षों एवं योग विभाग आदि युक्त रामनगर महाविद्यालय को कुमाऊं विश्वविद्यालय का महाविद्यालय बनाने की मांग की है।

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-दोनों विश्वविद्यालय मिलकर अकादमिक क्रियाकलाप एवं शोधार्थियों व विद्यार्थियों का आदान-प्रदान कर सकेंगे

समझौता पत्र पर हस्ताक्षर करते कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एनके जोशी।

नवीन समाचार, नैनीताल, 22 जुलाई 2020। कुमाऊं विश्वविद्यालय और रूस के विश्वविद्यालय यूसीपीटीयू के बीच संयुक्त रूप से अकादमिक क्रियाकलाप करने, शोधार्थियों के आदान-प्रदान, शोधार्थियों तथा परास्नातक विद्याथ्रियों के बीच शोध एवं उनके परीक्षण, विशेष पाठ्यक्रम बनाने, विशिष्ट प्रोजेक्ट तैयार करने तथा कार्यशाला, प्रशिक्षण एवं अकादमिक क्रियात्मकता के कार्य हो सकेंगे। इस संबंध में कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एनके जोशी ने बुधवार को विश्वविद्यालय के एलुमिनाई सेल की बैठक के दौरान ऊफा-रूस के यूएसपीटीयू यानी फेडरल स्टेट बजट एजुकेशनल इंस्टिट्यूट्स ऑफ हायर एजुकेशन ऊफा स्टेट पेट्रोलियम टेक्नोलॉजी यूनियनिवर्सिटी के बीच एक समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किये। बताया गया है कि यूएसपीटीयू के लिए रेक्टर ओलेम बार्डालन ने पहले ही समझौता पत्र में हस्ताक्षर कर दिये थे। इस मौके पर बैठक में एलुमिनाई सेल के समन्वयक प्रो. अमित जोशी, प्रो. ललित तिवारी, प्रो. दिव्या उपाध्याय, डा. सुचेतन साह आदि मौजूद रहे। बैठक में एलुमिनाई सेल से जुड़ने तथा अपनी विशिष्टता से सहयोग देने के लिए पूर्व छात्रों से अपील भी की गई।

अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में दोहराया गया जैव प्रौद्योगिकी के जरिए राष्ट्र निर्माण की मुहिम में भागीदार बनने का संकल्प

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नवीन समाचार, नैनीताल, 14 जुलाई 2020। कुमाऊं विश्वविद्यालय के स्नातक-स्नातकोत्तर के सभी सेमेस्टरों के अभी तक परीक्षा आवेदन पत्र ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से न भर पाये छात्रों को 17 जुलाई की मध्य रात्रि तक ऑनलाइन आवेदन करना होगा। वहीं आंतरिक परीक्षा के अंक पोर्टल में अंकित करने के लिए 25 जुलाई की आखिरी तिथि घोषित की गई हैं। विवि के परीक्षा नियंत्रक ने बताया कि इसके आधार पर विवि पांच अगस्त को स्वतः प्रोन्नत का परीक्षाफल घोषित कर देगा।

यह भी पढ़ें : राज्य विश्वविद्यालयों हेतु अंब्रेला एक्ट का स्वागत, कुलपति संबंधित नियम अव्यवहारिक

नवीन समाचार, नैनीताल, 2 जुलाई 2020। कूटा यानी कुमाऊं विश्वविद्यालय शिक्षक संघ ने राज्य के विश्वविद्यालयों हेतु अंब्रेला एक्ट बनाने का स्वागत किया है। कहा है कि इससे राज्य के विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता बनाये रखते हुए इसके क्रियान्वयन में सरलता आएगी और एकरूपता रहेगी। वहीं कुलपति की अधिवर्षता आयुक्त 65 से बढ़ाकर 70 वर्ष किये जाने को अव्यवहारिक बताया है। कूटा ने स्पष्ट किया है कि यूजीसी के नियमानुसार भी अधिवर्षता आयु 70 वर्ष है, किंतु इससे कार्यों में विलंब होगा। बेहतर होता कि अनुभवों का लाभ सलाहकार के रूप में लिया जाता। कूटा ने इस निर्णय को वापस लेने के लिए मुख्यमंत्री व राज्यपाल को ज्ञापन भी भेजे हैं।
इसके साथ ही कूटा के अध्यक्ष प्रो. ललित तिवारी ने वर्षों से संविदा पर कार्य कर रहे संविदा प्राध्यापकों को नियमित करने एवं उच्च शिक्षा प्राध्यापकों को सातवें वेतनमान का एरियर शीघ्र देने की मांग भी दोहराई है।

पत्रकारिता विभाग की शोध छात्रा पूनम बिष्ट का ऑनलाइन वाइवा हुआ

नवीन समाचार, नैनीताल, 2 जुलाई 2020। कुमाऊं विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जन संचार विभाग की शोध छात्रा एवं सहायक प्राध्यापक पूनम बिष्ट का ऑनलाइन वाइवा यानी साक्षात्कार आयोजित हुआ। श्रीमती बिष्ट ने ऑनलाइन माध्यम से महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक के शोध परीक्षक प्रो. हरीश कुमार के समक्ष अपनी ‘स्वच्छता कार्यक्रमों के प्रति जागरूकता’ विषयक शोध रिपोर्ट का प्रस्तुतीकरण किया। इस मौके पर डीएसबी परिसर के अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. पद्म सिंह बिष्ट, पत्रकारिता विभाग के अध्यक्ष प्रो. गिरीश रंजन तिवारी, प्रो. ललित तिवारी सहित विभाग के सभी शोध छात्र ऑनलाइन मौजूद रहे। प्रो. एचसीएस बिष्ट डा. नीरजा टंडन, चंदन कुमार, जशोदा बिष्ट, सुनील भारती, किशन कश्यप, नवीन जोशी, मोअज्जम खान व नवीन भट्ट आदि शोध छात्र मौजूद रहे।

सेवानिवृत्त प्राध्यापकों को कूटा ने दी विदाई
नवीन समाचार, नैनीताल, 2 जुलाई 2020। कुमाऊं विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर में कार्यरत भूगर्भ विज्ञानी प्रो. चारु चंद्र पंत, गणितज्ञ प्रो. आरपी पंत, सांख्यिकी विभाग के प्रो. मनोज पांडे, रसायन शास्त्री प्रो. एसपीएस मेहता, हिंदी के प्रो. मानवेंद्र पाठक, अर्थशास्त्र की प्रो. निर्मला बोरा व राजनीति विज्ञान की प्रो. मुन्नी पडलिया बीती 30 जून को अधिवर्षता आयु पूरी करने पर सेवानिवृत्त हो गए। कूटा यानी कुमाऊं विश्वविद्यालय शिक्षक संघ ने इन सभी को सेवानिवृत्ति पर विदाई एवं स्वस्थ दीर्घायु की कामना की। इसके अलावा विश्वविद्यालय में अल्मोड़ा परिसर के प्रो. विजय पांडे को अधिष्ठाता छात्र कल्याण, प्रो. नीरजा पांडे को डीएसबी परिसर का विज्ञान संकायाध्यक्ष बनाया गया है। इस पर भी कूटा के अध्यक्ष प्रो. ललित तिवारी सहित अन्य पदाधिकारियों ने बधाई दी है।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 24 जून 2020। कुमाऊं विश्वविद्यालय के इतिहास में संभवतया पहली बार बुधवार को कुछ छात्र परीक्षा नियंत्रक के कक्ष में शराब पीकर घुसने की घटना रिकॉर्ड हुई है। विश्वविद्यालय के उप कुलसचिव ने बताया कि कुछ छात्र नशे में परीक्षा नियंत्रक के कक्ष में घुसे और कर्मचारियों से अभद्र आचरण करते हुए परीक्षा संबंधी आवश्यक गोपनीय प्रपत्र बिना अनुमति के उठाकर भागने लगे। अलबत्ता उन्हें उप परीक्षा नियंत्रक, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी व कुलसचिव आदि ने उन्हें गोपनीय प्रपत्रों के साथ पकड़ लिया। इस दौरान सभी नशे की अवस्था में पाये गये।
बाद में छात्रों के भविष्य को देखते हुए तथा उनके द्वारा कुलसचिव व परीक्षा नियंत्रक को लिखित रूप से इस घटना की पुनरावृत्ति न करने का आश्वासन देने एवं घटना हेतु माफी मांगने पर चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। उन्हें चेतावनी दी गई कि यदि भविष्य में ऐसी किसी घटना की पुनरावृत्ति होती है तो विश्वविद्यालय प्रशासन उनके खिलाफ प्रशासनिक व विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करेगा। उप कुलसचिव ने इस घटना के बाद सभी अभिभावकों एवं छात्र संघ के प्रतिनिधियों से अपेक्षा की है कि सभी विद्यार्थियों को अपने स्तर से संयमित व्यवहार के लिए निर्देशित करेंगे, ताकि विश्वविद्यालय की गरिमा बनी रह सके।

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-कुमाऊं विवि की परीक्षाओं के फार्म भरने की अंतिम तिथि 30 जून
नवीन समाचार, नैनीताल, 11 जून 2020। कुमाऊं विश्वविद्यालय ने अपनी स्नातक व स्नातकोत्तर दोनों स्तरों पर सम सेमेस्टर की मुख्य एवं बैक परीक्षाओं के फार्म भरने की अंतिम तिथि 30 जून घोषित कर दी है। विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक ने बताया कि बीए, बीएससी, बीकॉम के दूसरे, चौथे व छठे तथा एमए, एमएससी व एमकॉम के दूसरे व चौथे सेमेस्टर के परीक्षा आवेदन पत्र ऑनलाइन तरीके से विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर 30 जून से भरे जाएंगे। उन्होंने बताया कि परीक्षाथ्रियों को हर सेमेस्टर के लिए अलग-अलग परीक्षा शुल्क तथा परीक्षा आवेदन पत्र जमा कराना होगा। स्वतः प्रोन्नत किये जाने वाले विद्यार्थियों को भी परीक्षा शुल्क तथा परीक्षा आवेदन पत्र जमा कराना अनिवार्य होगा। अन्यथा उन्हें स्वतः प्रोन्नत नहीं किया जाएगा।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 10 जून 2020। कुमाऊं विवि की सेमेस्टर प्रणाली में शामिल स्नातक, स्नातकोतर और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के अंतिम सेमेस्टर में अध्ययनरत विद्यार्थियों और स्नातकोत्तर व्यक्तिगत के प्रथम, द्वितीय तृतीय वर्ष तथा सेमेस्टर प्रणाली के सभी पाठ्यक्रमों के अंतिम सेमेस्टर में अध्ययनरत एवं वार्षिक पद्धति के स्नातक बीए, बीएससी, बीकॉम के द्वितीय, तृतीय वर्ष में अध्ययनरत ऐसे अभ्यर्थी जिनके ओर से पर्यावरण विज्ञान विषय की परीक्षा उत्तीर्ण नहीं की गई है, उनकी परीक्षा चार से 31 अगस्त के बीच होगी। स्नातक व व्यवसायिक पाठ्यक्रम के ऐसे विद्यार्थी जिन्हें पर्यावरण विज्ञान विषय की परीक्षा में चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षा में शामिल होना था, उनकी पर्यावरण विज्ञान विषय की परीक्षा पंचम और छठे सेमेस्टर की भविष्य में आयोजित होने वाली परीक्षा के साथ होगी। व्यवसायिक पाठ्यक्रमों के अंतरिम सम सेमेस्टर में अध्ययनरत विद्यार्थियों को सशर्त प्रोन्नत किया जाएगा।
बुधवार को कुमाऊँ विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में कुलपति प्रो.एनके जोशी की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 75 सदस्यों की ऑनलाइन मौजूदगी में आयोजित हुई विद्या परिषद की बैठक में यह निर्णय लिए गए। बैठक में कुलपति ने कहा कि कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत विभिन्न चरणों में लागू देशव्यापी लॉकडाउन के कारण एमएचआरडी, भारत सरकार/यूजीसी/उत्तराखण्ड शासन द्वारा समस्त शिक्षण संस्थाओं को दिनांक 30 जून, 2020 तक पूर्ण रूप से बंद रखा गया है। उन्होंने बताया कि सेमेस्टर प्रणाली के अन्तर्गत आने वाले सभी स्नातक/स्नातकोत्तर/व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के अन्तिम सेमेस्टर में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए लिखित परीक्षा 4 अगस्त से 31 अगस्त के बीच कराए जाएंगे।उन्होंने बताया कि सेमेस्टर प्रणाली के अन्तर्गत आने वाले सभी स्नातक/स्नातकोत्तर/व्यवसायिक पाठ्यक्रमों तथा वार्षिक पद्धति की परीक्षा में सम्मिलित होने वाले विद्यार्थियों तथा समस्त स्नातक/स्नातकोत्तर/व्यवसायिक पाठ्यक्रमों के अंतरिम सम सेमेस्टर के सीओपी बैक प्रश्नपत्रों हेतु अर्ह विद्यार्थियों सहित, जिन्हें उपरोक्त वर्णित व्यवस्था के अन्तर्गत स्वतः प्रोन्नत, किया जाना प्रस्तावित है, इन सभी विद्यार्थियों को भी स्वतः प्रोन्नत किये जाने हेतु विश्वविद्यालय के पोर्टल पर परीक्षा आवेदन पत्र तथा परीक्षा शुल्क ऑनलाईन माध्यम से दिनांक 30 जून, 2020 तक जमा कराया जाना आवश्यक होगा। सेमेस्टर प्रणाली के अन्तर्गत समस्त विद्यार्थियों (सीओपी/बैक प्रश्नपत्रों हेतु अर्ह विद्यार्थियों सहित) हेतु विश्वविद्यालय का पोर्टल दिनांक 10 जून, 2020 से खोला जायेगा। उपरोक्त समस्त निर्णय कोविड-19 महामारी से वर्तमान में उत्पन्न विषम परिस्थितियों के दृष्टिगत केवल वर्तमान सेमेस्टर/सत्र के विद्यार्थियों के लिये ही मान्य होंगे। आगामी सत्र की स्नातक/स्नातकोत्तर/व्यवसायिक पाठ्यक्रमों की समस्त कक्षाओं का संचालन दिनांक 1 सितम्बर, से कराया जायेगा।

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-कुमाऊं विश्वविद्यालय में में शोध छात्र जम्मू से, परीक्षक फैजाबाद व शोध समन्वयक मुरादाबाद यूपी से गूगल मीट से परीक्षा में ऑनलाइन जुड़े
नवीन समाचार, नैनीताल, 29 मई 2020। शुक्रवार को कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल में मानव संसाधन विकास मंत्रालय के दिशा-निदेशों के अनुपालन में लॉकडाउन के दौरान पहली ऑनलाईन पीएचडी वाइवा परीक्षा आयोजित की गई। डीएसबी परिसर के राजनीति विज्ञान विभाग के वरिष्ठ प्राध्यापक व यूजीसी-मानव संसाधन विकास केंद्र के निदेशक प्रो. बीएल साह के निर्देशन में जम्मू कश्मीर के निवासी व डीएसबी परिसर के शोध छात्र बंटी कुमार द्वारा ‘पॉलिटिकल अवेयरनेस अमंग गद्दी शेड्यूल्ड ट्राइब इन जम्मू एंड कश्मीर’ विषय पर शोध कार्य पूर्ण करने के उपरांत विश्वविद्यालय द्वारा पीएचडी वाइवा परीक्षा गूगल मीट के माध्यम से ऑनलाईन आयोजित की गई।
लॉकडाउन के बावजूद इस परीक्षा के अवसर पर आरएमएल अवध विश्वविद्यालय फैजाबाद के कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित प्रधान परीक्षक के रूप में ऑनलाईन जुड़े। साथ ही विभाग के समन्वयक प्रो मधुरेंद्र कुमार मुरादाबाद व शोध छात्र बंटी कुमार जम्मू से ऑनलाईन सम्मिलित हुए। शोध निदेशक प्रो. एमसी जोशी ने बताया कि लॉकडाउन की इस अवधि में शोध छात्रों के हित में कुलपित प्रो. एनके जोशी के द्वारा ऑनलाईन परीक्षा कराने की अनुमति दी गई। इस अवसर पर कुलपति प्रो. जोशी, अधिष्ठाता, कला संकाय प्रो. पद्म सिंह बिष्ट, प्रो. नीता बोरा शर्मा, विधान चौधरी, डा. रीतेश साह, डा. केतकी तारा कुमय्या, डा. राजेंद्र बोरा, जसोद सिंह बिष्ट, इंद्र सिंह नेगी, अरविंद बंगियाल, शोध छात्र, पवन कुमार व दलीप कुमार आदि भी उपस्थित रहे।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 22 मई 2020। डीएसबी परिसर छात्रसंघ अध्यक्ष विशाल वर्मा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एनके जोशी को परीक्षाओं के संचालन में आने वाली समस्याओं एवं ऑनलाइन पढ़ाई की परेशानियों से अवगत कराया, और उन्हें ज्ञापन भी सौंपा। इस मौके पर छात्र नेता हरीश राणा ने प्रदेश से बाहर जा चुके छात्रों को आने वाली समस्याओं, सार्वजनिक परिवहन की कमी, दूरस्थ क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्याओं एवं सुगम क्षेत्रों में व्हाट्सएप ग्रुप में 40 फीसद से भी कम छात्रों की उपस्थिति पर विश्वविद्यालय की ऑनलाइन पढ़ाई पर प्रश्नचिन्ह उठाए। साथ ही विज्ञान एवं प्रयोगात्मक विषयों के लिए केवल पीडीएफ या वीडिया आदि ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई को छात्रों के साथ धोखा बताया। इस दौरान द्वितीय एवं चतुर्थ सेमेस्टर एवं मध्यवर्ती सेमेस्टर के विद्यार्थियों को ऑटो प्रमोट करने की व्यवस्था लागू करने, अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों की परीक्षा के समय में कटौती करते हुए 2 घंटा करने, दीर्घ उत्तरीय प्रश्न समाप्त कर केवल लघु उत्तरीय प्रश्न पत्र तैयार करने, प्रश्न पत्रों के पाठ्यक्रम में भी 50 फीसद कटौती करने एवं आसान एवं सरल प्रश्न पत्र की मांग की गई। प्रतिनिधिमंडल में हल्द्वानी छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कुलदीप कुल्याल, कौशल बिरखानी, छात्रसंघ सचिव हिमांशु भट्ट, सांस्कृतिक सचिव करण बिष्ट व कोषाध्यक्ष फैजान आदि उपस्थित रहे।

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-वर्ष 2018 में अनेक छात्रों ने विश्वविद्यालय के नये सिस्टम के तहत दो-दो बार शुल्क जमा कर दिया था, साथ ही और भी कई कमियां थीं
नवीन समाचार, 19 मई 2020। कुमाऊं विवि को ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत वर्ष 2018 की विभिन्न परीक्षाओं के लिए विभिन्न परीक्षाओं के लिए एसबीआई कलेक्ट के माध्यम से त्रुटिवश जमा किया गया शुल्क अब वापस किया जाएगा। विवि प्रशासन की ओर से इस संबंध में निर्णय लेने के बाद परीक्षा नियंत्रक प्रो. एचसीएस बिष्ट ने पत्र जारी किया है। शुल्क वापसी के लिए 30 जून तक ऑनलाइन आवेदन करना होगा। जिसके बाद संबंधित छात्र के खाते में उक्त धनराशि आरटीजीएस के जरिए प्रेषित की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि कुविवि की ओर से शुल्क की वापसी के लिए मानक तय किए हैं। परीक्षा नियंत्रक प्रो. बिष्ट के अनुसार ऐसे छात्रों को शुल्क वापसी की जाएगी जिन्होंने एक ही परीक्षा का शुल्क एक से अधिक बार जमा कर दिया हो। पहली बार गलत जानकारी या गलत परीक्षा के लिए शुल्क जमा करने के बाद सही जानकारी से शुल्क जमा करने वाले विद्यार्थियों को भी पहले जमा की गई धनराशि लौटाई जाएगी। इसके अलावा ऐसे विद्यार्थी शुल्क वापसी के लिए अर्ह होंगे जिनका परीक्षाफल विवि की ओर से देरी से घोषित किया गया था, जबकि वह परीक्षा में उत्तीर्ण थे। लेकिन तब तक उनके द्वारा जानकारी के अभाव में विवि परीक्षा शुल्क जमा कर दिया गया था। उन्होंने बताया कि पहले चरण में सिर्फ एसबीआई कलेक्ट के माध्यम से जमा शुल्क ही वापस किया जा रहा है। अन्य आवेदनों पर विचार विमर्श के बाद निर्णय लिया जाएगा।

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-तीन चरणों में कर्मचारी करेंगे काम
-निजी महाविद्यालय व शिक्षण संस्थान विद्यार्थियों से शिक्षण शुल्क के लिए अनावश्यक दबाव न बनाने, शिक्षकों एवं कार्मिकों को नौकरी से न हटाने, तत्काल वेतन का भुगतान करने एवं कोरोना की रोकथाम के लिए यथासंभव सहयोग करने की अपील
नवीन समाचार, नैनीताल, 17 अप्रैल 2020। कुमाऊं विश्वविद्यालय के कर्मचारी आगामी 20 अप्रैल से विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में आकर सामाजिक दूरी का पालन करते हुए तीन शिफ्टों में कार्यालयी कार्य करेंगे और 10 मई तक छूट गए कार्यों को पूरा करेंगे। शुक्रवार को विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में कुलपति प्रो. केएस राणा की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में इस बात पर कार्यों के पिछड़ने पर चिंता जताई गई कि अधिकांश कर्मचारी घर से कम्प्यूटर, लैपटॉप आदि पर कार्य करने में असमर्थ हैं। उधर उत्तराखंड शासन ने प्रदेश के सभी सरकारी एवं अशासकीय महाविद्यालयों में पठन-पाठन एवं परीक्षा के आयोजन के लिए आगामी 20 अप्रैल को वीडियो कांफ्रेंस से उच्च शिक्षा निदेशक एवं सभी कुलपतियों की बैठक आहूत की है।
बैठक में तय किया गया कि दीक्षांत समारोह, कर्मचारियों की हड़ताल तथा लॉक डाउन की वहह से करीब 25 प्रतिशत परीक्षाफल अधूरे रह गए हैं। इसलिए उन्हें पूरा कर 30 अप्रैल तक परीक्षाफल घोषित करने कर लिये जाएंगे। साथ ही तीन मई के उपरांत लॉक डाउन में छूट मिलने के बाद छूट गई परीक्षाओं को जून-जुलाई में पूरा करा लिया जाएगा। वहीं आगामी सत्र के कार्य शुरू करने के लिए 25 मई को नियोजन बोर्ड की बैठक बुलायी जायेगी। बैठक में कुलपति प्रो. राणा ने लॉक डाउन के दौरान ऑनलाइन शिक्षण को जारी रखने के लिए जुटे रहने की अपील भी की। साथ ही उन्होंने कुलसचिव डा. महेश कुमार को निर्देशित किया कि निजी महाविद्यालय व शिक्षण संस्थान विद्यार्थियों से शिक्षण शुल्क के लिए अनावश्यक दबाव न बनाएं और शिक्षकों एवं कार्मिकों को तत्काल वेतन का भुगतान सुनिश्चित कराएं तथा उनकी सेवाएं समाप्त न करें। साथ ही मुख्यमंत्री राहत कोष में भी कोविद-19 की रोकथाम के लिए यथासंभव सहयोग भी दें। बैठक में डीएसबी के परिसर निदेशक प्रो. एचसी चंदोला, प्रो. एमएस मावड़ी, वित्त नियंत्रक दिनेश कुमार, प्रभारी कुलसचिव केआर भट्ट, संजय पंत, विधान चौधरी व कुलदीप सिंह आदि नियोजन बोर्ड के सदस्य मौजूद रहे।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 18 मार्च 2020। कुमाऊं विवि के कुलपति प्रो. केएस राणा ने यूजीसी एवं शासन के निर्देशों के क्रम में विश्वविद्यालय परिसरों में कार्यरत शिक्षक एवं कर्मचारियों को कुछ प्रतिबंधों के साथ 31 मार्च तक छुट्टी दे दी है। अलबत्ता इस दौरान प्रशासनिक पदों पर कार्यरत एवं वित्तीय वर्ष की समाप्ति के दृष्टिगत जिन प्राध्यापकों एवं कार्मिकों की आवश्यकता प्रशासन को होगी उनको अपने कार्य स्थल पर विधिवत रूप से 11 से 2.30 बजे तक उपस्थित रहना होगा। इन अवकाशों को शिक्षकों को जून में अनुमन्य ग्रीष्मकालीन अवकाशों में से समायोजित कर लिया जायेगा तथा अपै्रल माह में छात्रों को 2 पीरियड प्रतिदिन अतिरिक्त शिक्षण की सुविधा भी देनी होगी। साथ ही इस दौरान केन्द्र या राज्य सरकार से पोषित शोध परियोजनाओं में कार्यरत शिक्षक एवं शोधार्थी कोरोना के दृष्टिगत जारी दिशा-निर्देशों व सावधानियों को बरतते हुए कार्य करते रहेंगे। प्राध्यापकों से यह भी अपेक्षा की गई है कि ऑनलाईन माध्यम एवं ई-रिसोर्सेज का इस्तेमाल करते हुए छात्रों को पाठ्यक्रम से सम्बन्धित आवश्यक दिशा निर्देश, पाठ्य सामग्री उपलब्ध कराते हुए इस समयावधि का सदुपयोग करें।

यह भी पढ़ें : कुमाऊं विश्वविद्यालय के परिसरों व महाविद्यालयों में प्रोफेसरों की उपस्थिति पर साफ हुई स्थिति

-प्रोफेसरों को ड्यूटी पर आना होगा: कुलपति
नवीन समाचार, नैनीताल, 16 मार्च 2020। कोरोना की महामारी के दृष्टिगत कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. केएस राणा ने साफ किया है कि छात्र-छात्राओं के लिए 31 मार्च तक अवकाश अवश्य घोषित किया गया है, किंतु सभी श्रेणियों के प्रोफेसरों एवं कर्मचारियों को अपने कार्य पर आना होगा। उन्होंने शासन से प्राप्त आदेशों का हवाला देते हुए कहा कि कार्य पर न आने वाले शिक्षकों व कर्मचारियों को वेतन नहीं मिलेगा। बताया कि शिक्षकांे एवं कर्मचारियों के विवि के नैनीताल, अल्मोडा व भीमताल परिसरों के निदेशकों से मंगलवार को बैठक करने को भी कहा गया है। यह पूछे जाने पर कि कोरोना की महामारी तो समान रूप से बच्चों व बड़ों को प्रभावित कर सकती है। कुलपति ने कहा कि संक्रमण अधिक भीड़भाड़ व असुरक्षित लोगों में ही हो सकता है। इससे कार्य प्रभावित नहीं होने हैं।

समस्त शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों में 31 तक शिक्षण स्थगित रखने के आदेश
नैनीताल। उच्च शिक्षा निदेशालय ने गत दिवस राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में लिये गए निर्देशो के क्रम में सोमवार को प्रदेश के समस्त शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों में 31 तक शिक्षण स्थगित रखने के आदेश जारी कर दिए हैं। आदेश में कहा गया है कि वित्तीय वर्ष की समाप्ति को दृष्टिगत रखते हुए जिन प्राध्यापकों की आवश्यकता महाविद्यालय को होगी, उनको महाविद्यालय में उपस्थित होना होगा। शेष प्राध्यापक 1 अप्रैल को महाविद्यालय में विधिवत उपस्थित होंगे।

कोरोना: कुमाऊं विवि के छात्रावासों को 17 तक खाली करने के आदेश

-कुलपति ने जारी किए परिसरों व महाविद्यालयों को बंद करने के आदेश
नवीन समाचार, नैनीताल, 15 मार्च 2020। कुमाऊं विवि के कुलपति ने शासन के आदेश पर विवि से संबद्ध तीनों परिसरों-नैनीताल, अल्मोड़ा व भीमताल परिसरों के साथ ही महादेवी वर्मा सृजन पीठ रामगढ़ में पठन-पाठन के साथ ही संगोष्ठी, कार्यशाला आदि सभी तरह की गतिविधियों एवं बायोमैट्रिक मशीन से उपस्थिति दर्ज कराने पर रोक लगा दी है। साथ ही सभी छात्रावासों को 17 मार्च तक खाली करने एवं इनमें 31 मार्च तक इनमें प्रवेश प्रतिबंधित रखने के आदेश जारी कर दिये हैं। केवल शोध कार्य के दौरान प्रयोगात्मक कार्य कर रहे विद्यार्थी संबंधित संकायाध्यक्ष से अनुमति लेकर छात्रावास में रह सकते हैं। कुलपति ने आदेश में कहा है कि प्रस्तावित परीक्षाओं के लिए भी आगे अलग से कार्यक्रम जारी किया जाएगा।

यह भी पढ़ें : सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ व पद्मश्री रावत को कुमाऊं विवि ने दी मानद उपाधि

-कुमाऊं विवि के 16वें दीक्षांत समारोह में एक डीलिट, 38,581 छात्र-छात्राओं को शोध उपाधियां व डिग्रियां तथा 53 मेधावी विद्यार्थियों को दिये गए पदक
नवीन समाचार, नैनीताल 7 मार्च 2020। 48 वर्ष पुराने 1973 में स्थापित कुमाऊं विश्वविद्यालय का 16वां दीक्षांत समारोह शनिवार को हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विवि की कुलाधिपति एवं प्रदेश की राज्यपाल बेबी रानी मौर्या ने सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश, कोलोजियम के सदस्य एवं दो वर्ष बाद देश के संभावित मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ को डीएलडी एवं सर गंगाराम अस्पताल में लीवर प्रत्यावर्तन यूनिट के अध्यक्ष एवं विशेषज्ञ उत्तराखंड निवासी पद्मश्री डा. सौमित्र रावत को डीएससी की मानद उपाधियां, विवि के इतिहास विभाग की प्रवक्ता प्रो. सावित्री कैड़ा जंतवाल को डीलिट की उपाधि के साथ ही विवि के 38,581 छात्र-छात्राओं को शोध उपाधियां व डिग्रियां तथा 17 श्रेणियों में 53 मेधावी विद्यार्थियों को पदक प्रदान किए।
इस अवसर पर अपने संबोधन में राज्यपाल श्रीमती मौर्य ने कुमाऊं विवि दो वर्ष बाद अपने 50 वर्ष पूर्ण होने के खास मौके के लिए विशेष लक्ष्य रखने एवं पारंपरिक शिक्षा प्रणालियों के साथ ही आधुनिक सूचना प्रोद्योगिकी के अधिकतम प्रयोग से नवाचार करते हुए उत्कृष्टता के केंद्र के रूप में स्थापित होने को कहा। इससे पूर्व दीक्षांत समारोह की शुरुआत वेदों की ऋचाओं की स्वर लहरियों के बीच अकादमिक शोभायात्रा के साथ हुई। कुलपति ने विवि की प्रगित आख्या पेश की एवं भावी योजनाएं भी गिनाईं तथा राज्यपाल द्वारा लगातार किये जान रहे प्रयासों से आठ किमी दूर पंतनगर विवि के अधीन पटवाडांगर परिसर कुविवि को मिलने की उम्मीद जताई। कहा कि इसके मिलने से विवि में 25 नये पाठ्यक्रम संचालित हो सकेंगे। कार्यक्रम में विवि का कुलगीत एवं राष्ट्रगान भी गाया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने भी विचार रखे। संचालन करते हुए कुलसचिव डा. महेश कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन भी किया। कार्यक्रम मंे अरविंद पडियान, प्रकाश पांडे व कैलाश जोशी जोशी आदि कार्य परिषद सदस्य, प्रो. एसपीएस मेहता, प्रो. सतपाल बिष्ट, प्रो. गिरीश रंजन तिवारी, प्रो. अनिल जोशी, प्रो. नीता बोरा शर्मा व डा. महेंद्र राणा सहित सभी संकायाध्यक्ष व विभागाध्यक्ष, पूर्व सांसद डा. महेंद्र पाल, पूर्व विधायक डा. नारायण सिंह जंतवाल, मंडी परिषद के अध्यक्ष मनोज साह, भाजपा नगर अध्यक्ष आनंद बिष्ट, कुंदन बिष्ट सहित कई भाजपा नेता भी मौजूद रहे। संचालन प्रो. ललित तिवारी ने किया। कार्यक्रम में केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री डा. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, प्रदेश के कृषि मंत्री सुबोध उनियाल एवं इंडिया टीवी के प्रमुख रजत शर्मा को भी आना था, परंतु बताया गया कि खराब मौसम की वजह से वे नहीं पहुंच पाए।
चित्र परिचयः 07एनटीएल-1ः नैनीताल। कुमाऊं विवि के दीक्षांत समारोह में मंचासीन कुलाधिपति राज्यपाल बेबी रानी मौर्या, कुलपति, कुलसचिव, सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ व पद्मश्री सौमित्र रावत आदि।

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-आगामी 7 मार्च को होगा 48 वर्ष के कुमाऊं विवि का 16वां दीक्षांत समारोह

16वें दीक्षांत समारोह की जानकारी देते कुलपति प्रो. केएस राना, साथ में कुलसचिव।

नवीन समाचार, नैनीताल, 5 मार्च 2020। आगामी 7 मार्च को 48 वर्ष पुराने 1973 में स्थापित कुमाऊं विश्वविद्यालय का 16वां दीक्षांत समारोह आयोजित होने जा रहा है। इस अवसर पर सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश, कोलोजियम के सदस्य एवं दो वर्ष बाद देश के संभावित मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ को एलएलडी, इंडिया टीवी के सीईओ पद्मभूषण रजत शर्मा को डीलिट एवं सर गंगाराम अस्पताल में लीवर प्रत्यावर्तन यूनिट के अध्यक्ष एवं विशेषज्ञ उत्तराखंड निवासी पद्मश्री डा. सौमित्र रावत को डीएससी की मानद उपाधियां दी जाएंगी। इस कार्यक्रम में देश के मानव संसाधन मंत्री डा. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, राज्यपाल बेबी रानी मौर्या, प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत एवं कृषि मंत्री सुबोध रावत मौजूद रहेंगे।
बृहस्पतिवार को कुमाऊं विवि के कुलपति प्रो. केएस राना ने दीक्षांत समारोह के डीएसबी परिसर स्थित कार्यक्रम स्थल में पूरे कार्यक्रम का पूर्वाभ्यास करने के उपरांत पत्रकारों को यह जानकारी दी। बताया कि न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ एक दिन पहले ही छह मार्च को नैनीताल आ जाएंगे और शाम चार बजे से विवि के स्वामी विवेकानंद परिसर में प्रस्तावित लॉ कॉलेज का उत्तराखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश रंगनाथन के साथ ऑपचारिक शुभारंभ करेंगे। बताया कि लॉ कॉलेज में शीघ्र ही बार काउंसिल ऑफ इंडिया से अंतिम स्वीकृति मिलने के बाद विधि व्यवसाय से संबंधित अनेक पाठ्यक्रम चलेंगे। इसके साथ ही विवि कृषि मंत्री के विवि में आगमन के साथ पटवाडांगर स्थित पंतनगर विवि के परिसर को कुमाऊं विवि को हस्तांतरित होने की उम्मीद कर रहा है। कुलपति ने उम्मीद जताई कि पटवाडांगर में कुमाऊं विवि के द्वारा अगले सत्र से बीएससी-एजी यानी कृषि से संबंधित पाठ्यक्रम शुरू हो सकेंगे।
कुलपति ने बताया कि दीक्षांत समारोह में 38,581 छात्र-छात्राओं को शोध उपाधियां व डिग्रियां एवं 53 मेधावी विद्यार्थियों को पदक तथा इतिहास विभाग की प्रवक्ता प्रो. सावित्री कैड़ा जंतवाल को डीलिट की उपाधि प्रदान किए जाएंगे। बताया कि मौसम की खराबी को देखते हुए दीक्षांत समारोह साढ़े 10 की जगह 11 बजे से प्रारंभ होगा। इस मौके पर विवि के कुलसचिव डा. महेश कुमार सहित विवि के उच्चाधिकारी मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें : कुमाऊं विवि के पांच शोधार्थी बने सहायक प्राध्यापक

नवीन समाचार, नैनीताल, 28 फरवरी 2020। कुमाऊं विवि के डीएसबी परिसर के भौतिक विज्ञान विभाग के पांच शोधार्थियों का सहायक प्राध्यापक पद पर चयन हुआ है। लोक सेवा आयोग उत्तराखंड की ओर से शुक्रवार को भौतिक विज्ञान के 36 अभ्यर्थियों की चयन सूची जारी की गई है। इनमें डीएसबी परिसर के पांच शोधार्थी-नीतू पांडे, किरन पंत, गरिमा, रिया गहलोत तथा श्रेया जोशी शामिल हैं। शोधार्थियों के चयन पर कुमाऊं विवि शिक्षक संघ कूटा के अध्यक्ष प्रो. ललित तिवारी, महासचिव डॉ. सुचेतन साह, डॉ. दीपक कुमार, डॉ. विजय कुमार, डॉ. दीपिका गोस्वामी, डॉ. सोहेल जावेद आदि ने उन्हें बधाई दी है।

यह भी पढ़ें : कुमाऊं विवि में नियुक्तियों पर रोक संबंधी पत्र साजिशन वायरल, कुलपति ने कहा-नियुक्ति प्रक्रिया पर नहीं पड़ेगा प्रभाव

नवीन समाचार, नैनीताल, 5 फरवरी 2020। उत्तराखंड शासन से कुमाऊं विवि में होने वाली हर तरह की स्थायी व अस्थायी नियुक्तियों पर रोक लगाने से संबंधित एक पत्र बुधवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। प्रभारी सचिव अशोक कुमार के हस्ताक्षरों से गत 30 जनवरी को कुमाऊं विवि के कुलपति प्रो. केएस राणा को भेजे गए पत्र में कार्मिक विभाग के 27 अप्रैल 2018 के शासनादेश के प्रति के साथ कहा गया है कि इस शासनादेश में कुमाऊं विवि में अग्रिम आदेशों तक किसी भी प्रकार की अस्थायी नियुक्तियां नहीं की जाएंगी। अपरिहार्य परिस्थितियों में स्थायी या अस्थायी नियुक्तियों के लिए शासन से अनुमति लेनी होगी। बताया जा रहा है कि कुमाऊं विवि के ही कर्मियों ने इस पत्र को वायरल किया है। इसकी भी जांच हो रही है।
इस आदेश पर कुलपति प्रो. केएस राणा ने कहा कि वर्ष 2018 में विवि में 186 पदों पर नियुक्तियों में अनियमितताओं की शिकायतें प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंच गई थीं। प्रधानमंत्री कार्यालय से आए पत्र पर उन्होंने तीन अधिकारियों से जांच कराई थी और जांच रिपोर्ट शासन को भेजते हुए मामले में एसआईटी से जांच कराने की संस्तुति भी की थी। उन्हीं अनियमितताओं को देखते हुए संभवतया नियुक्तियों पर रोक लगाई गई है। इसके साथ ही उन्होंने साफ किया कि विवि मंे शासन के स्तर से 35 स्वीकृत पदों पर लोक सेवा आयोग से चल रही नियुक्तियों की प्रक्रिया पर कोई रोक नहीं लगी है। यह प्रक्रिया जारी रहेगी। साथ ही उनका मानना है कि हर तरह की नियुक्तियां शासन से ही होनी चाहिए, स्थानीय स्तर पर कोई नियुक्तियां नहीं होनी चाहिए।

यह भी पढ़ें : बड़ा समाचार : कुमाऊं विश्वविद्यालय को भारतीय शिक्षा में उत्कृष्टता के लिए एक और पुरस्कार

नवीन समाचार, नैनीताल, 29 जनवरी 2020। कुमाऊं विश्वविद्यालय को भारतीय शिक्षा उत्कृष्टता पुरस्कार हेतु नामित किया गया है। अंतरराष्ट्रीय संस्था बर्कशायर मीडिया अमेरिका द्वारा कुमाऊँ विश्वविद्यालय को इस पुरस्कार हेतु नामित किया गया है। बताया गया है कि कुमाऊँ विश्वविद्यालय को विगत 10 महीनों में चौथे बड़े पुरस्कार हेतु नामित होने से विश्वविद्यालय के छात्र, शिक्षक एवं कार्मिक उत्साहित हैं। इस हेतु सभी ने कुविवि के कुलपति प्रो. केएस राणा के सकारात्मक प्रयासों को इसका श्रेय दिया। कहा कि कुलपति प्रो. राणा के प्रयासों से कुमाऊँ विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन के अगले चरण हेतु तैयार करने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में नए विभागों के सृजन, परीक्षा एवं मूल्यांकन में नवाचार, पुराने भवनों का जींर्णोधार या नए आधारभूत सुविधाओं का सृजन विगत 10 महीनों में किए गए कार्यों की परिणीति यह है कि कुमाऊँ विश्वविद्यालय को लगातार वैश्विक संस्थाओं द्वारा पुरस्कारों हेतु नामित किया जा रहा है। विश्वविद्यालय की रैंकिंग में भी लगातार सुधार देखा जा रहा है।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड की लोक भाषाओं पर अध्ययन करेंगे पोलेंड के छात्र और कुमाऊं विश्वविद्यालय के छात्र भी….

-कुमाऊं विश्वविद्यालय एवं पोलेंड की यूनिवर्सिटी के छात्रों-शोधार्थियों एवं प्राध्यापकों के अकादमिक विनिमय को हुआ अनुबंध
-पोलेंड की पोजनान यूनिवर्सिटी के छात्र-शोधार्थी एवं प्राध्यापक उत्तराखंड की भाषाओं एवं लोक संस्कृति का अध्ययन करने के इच्छुक
नवीन समाचार, नैनीताल, 18 जनवरी 2020। कुमाऊं विवि के छात्र अब यूरोपीय देश पोलेंड के ऐडम मिक्कीविज यूनिवर्सिटी पोजनान के साथ शिक्षा एवं विचार विनिमय कर पाएंगे। कुलपति प्रो. केएस राणा के प्रयासों से कुमाऊं विवि में गुणवत्तापरक शिक्षा एवं अकादमिक, सांस्कृतिक एवं शोध के क्षेत्र में पारस्परिक विनिमय स्थापित करने के उद्देश्य से यूरोपियन यूनियर द्वारा प्रायोजित अंतर्राष्ट्रीय अकादमिक एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत कुमाऊं विवि नैनीताल तथा ऐडम मिक्कीविज यूनिवर्सिटी पोजनान, पोलेंड के बीच गतिविधियां बढ़ाने के लिए पांच वर्ष का अनुबंध स्थापित किया जा रहा है। विवि के जनसंपर्क अधिकारी डा. महेंद्र राणा ने बताया कि इस अनुबंध के तहत दोनों विवि में शैक्षणिक गतिविधियों को बढ़ावा देने हेतु छात्रों-शोधार्थियों एवं प्राध्यापकों के अकादमिक विनिमय को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।

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इस कार्यक्रम में प्रतिभाग करने वाले दोनों ही विवि के छात्रों-शोधार्थियों एवं प्राध्यापकों को यात्रा भत्ते इत्यादि का खर्च प्रायोजित कार्यक्रम के तहत वहन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पोजनान यूनिवर्सिटी ने यह भी प्रस्तावित किया है कि उनके छात्र-शोधार्थी एवं प्राध्यापक उत्तराखंड की भाषाओं एवं लोक संस्कृति के संदर्भ में अध्ययन करना चाहते हैं। बताया कि अनुबंध अल्मोड़ा परिसर के इतिहास विभाग के सेवानिवृत्त विभागाध्यक्ष प्रो. एमपी जोशी व कुविवि के आईक्यूसी के निदेशक प्रो. राजीव उपाध्याय ने इस प्रस्ताव के क्रियान्वयन हेतु प्रस्ताव तैयार किया। आगे कुलपति प्रो. राणा ने अपेक्षा की है कि विवि के अनय विभाग भी वैश्विक स्तर पर इस तरह के अनुबंध स्थापित कर शोध एवं अकादमिक गतिविधियों को परिस्कृत करने के प्रयास करें।

यह भी पढ़ें : एक्सक्लूसिव: सीएम के सामने उठी एक महाविद्यालय को कुमाऊं विवि का परिसर बनाने की मांग

खटीमा महाविद्यालय के लिए इमेज परिणामनवीन समाचार, नैनीताल, 3 जनवरी 2019। ऊधमसिंह नगर जनपद के खटीमा स्थित महाविद्यालय को कुमाऊं विवि का महाविद्यालय बनाए जाने की मांग उठी है। खटीमा महाविद्यालय के वर्तमान छात्र संघ अध्यक्ष सुमित बहादुर पाल एवं पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष सिद्धांत सिंह ने इस संबंध में क्षेत्रीय विधायक पुष्कर धामी के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री को एक पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया है कि कुमाऊं विवि से पृथक कर अल्मोड़ा विवि का निर्माण किया जा रहा है और इसके लिए पिथौरागढ़ व बागेश्वर महाविद्यालयों को परिसर बनाया जा रहा है। इसी तरह नैनीताल व ऊधमसिंह नगर जनपदों में कुमाऊं विवि के परिसरों का दर्जा दिया जाना प्रस्तावित है। इसी कड़ी में खटीमा महाविद्यालय को कुमाऊं विवि का परिसर बनाया जाए।

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पत्र में कहा गया है कि खटीमा क्षेत्र पड़ोसी देश नेपाल एवं उत्तर प्रदेश की सीमा से लगा सीमांत व आर्थिक रूप से पिछड़ा होने के साथ उत्तराखंड राज्य के निर्माण में विशेष भूमिका निभा चुका है। राज्य आंदोलन का पहला गोलीकांड खटीमा में ही हुआ था। इसमें कई लोगों ने अपनी शहादत दी थी। लेकिन राज्य गठन के बाद खटीमा को कोई विशेष उपलब्धि नहीं मिली। विवि का परिसर स्थापित होने से यह क्षेत्र शिक्षा का हब बनेगा, साथ ही यहां रोजगारपरक पाठ्यक्रम भी संचालित होंगे। सीमांत क्षेत्र होने के कारण यहां पड़ोसी देश नेपाल एवं पड़ोसी राज्य यूपी के छात्र-छात्राओं की समस्याओं का समाधान क्षेत्रीय स्तर पर हो सकेगा। पत्र में विवि प्रतिनिधि गौरव कोटिया, अभाविप के कॉलेज इकाई अध्यक्ष नीरज धामी व कॉलेज मंत्री प्रमोद गड़कोटी के भी हस्ताक्षर हैं।

यह भी पढ़ें : पीएचडी प्रवेश परीक्षा के लिए अब साक्षात्कार भी होंगे, आरएसी की बैठक में लिये गए और भी कई निर्णय

-असंपन्न-निशक्त वर्ग के अभ्यर्थियों को मिलेगी 5 फीसद की छूट
नवीन समाचार, नैनीताल, 28 नवंबर 2019। कुमाऊं विवि में अब पीएचडी प्रवेश परीक्षा के साथ साक्षात्कार की प्रक्रिया भी होगी, जिसमें प्रवेश परीक्षा में उत्तीर्ण शोधार्थी विभागीय शोध समिति के समक्ष अपने इच्छित अनुसंधान क्षेत्र व रुझान के बारे में अपना प्रस्तुतीकरण देंगे। इसके बाद ही समग्र वरीयता के आधार पर उन्हें शोध निर्देशक आवंटित किये जाएंगे। इसके साथ ही कुविवि में अब यूजीसी यानी विवि अनुदान आयोग द्वारा गत 27 अगस्त 2018 को जारी अधिसूचना के अनुरूप प्रवेश परीक्षा में असंपन्न वर्ग यानी नॉन क्रीमी लेयर के निशक्त श्रेणी तथा अनुसूचित जाति, जनजाति व अन्य पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवारों को प्रवेश परीक्षा में प्राप्त अंकों में 5 फीसद की छूट दी जाएगी। यानी वे 50 की जग 45 फीसद पर प्रवेश दिया जाएगा। साथ ही यह प्राविधान भी होगा कि यदि इस छूट के बावजूद इस वर्ग की सीट खाली रह जाती है तो सामान्य वर्ग की प्रवेश प्रक्रिया की समाप्ति के बाद एक माह के भीतर इस श्रेणी के लिए विशेष प्रवेश अभियान चलाया जाएगा।
बृहस्पतिवार को कुविवि के प्रशासनिक भवन में कुलपति प्रो. केएस राना की अध्यक्षता में हुई आरएसी यानी शोध सलाहकारी समिति की बैठक में यह बाद उभर कर आई। बैठक में कुलपति ने शोध की गुणवत्ता एवं शोध उपाधि प्रदान किये जाने में समयबद्धता के प्राविधान किये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने शोधग्रंथों के कुछ प्रकरणों में वर्षों तक मूल्यांकन पूर्ण न होने पर गहरी चिंता जताई तथा समिति से मूल्यांकन के लिए अधिकतम समयसीमा निश्चित करने को कहा। कहा कि 6 माह से अधिक अवधि तक शोध प्रबंध पर कोई कार्रवाई न करने वाले परीक्षकों को काली सूची में डाल दिया जाएगा। साथ ही पीएचडी में दो तथा डी लिट व डीएससी में तीन सकारात्मक रिपोर्ट विवि को प्राप्त होन के बाद तीन माह के भीतर मौखिक परीक्षा करनी होगी। यह भी तय हुआ कि एक शोधार्थी को एक विषय में एक बार ही पीएचडी, डी लिट या डीएससी की उपाधि दी जाएगी। आरडीसी में अनुपस्थित शोधार्थियों को एक बार पुनः आरडीसी में शोध प्रस्ताव प्रस्तुत करने का मौका दिया जाएगा। बैठक में कुलसचिव डा. महेश कुमार, वित्त नियंत्रक दिनेश राणा, विज्ञान संकायाध्यक्ष प्रो. एसपीएस मेहता, कार्यपरिषद सदस्य केवल सती व अरविंद पडियार, प्रो. अजय अरोड़ा, प्रो. एमसी जोशी, प्रो. राजीव उपाध्याय, डा. अर्चना नेगी, प्रो. जेएस बिष्ट, प्रो. अमित जोशी, प्रो. संजय टम्टा व डा. आशीष तिवारी आदि ने सहभागिता की।

भूपेश ने कम्प्यूटर साइंस में की पीएचडी

डा. भूपेश रावत

नैनीताल। ग्राफिक ऐरा विवि भीमताल परिसर के कम्प्यूटर साइंस विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत डा. भूपेश रावत ने कम्प्यूटर साइंस से पीएचडी की डिग्री प्राप्त कर ली है। उन्होंने अपना शोध कार्य बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विवि लखनऊ के विज्ञान प्रोफेसर संजय कुमार द्विवेदी के निर्देशन में ‘सिफारिश प्रणाली की सटीकता में सुधार करने के लिए फर्जी तकनीक के साथ एकीकृत सिमेंटिक वेब उपयोग खनन’ विषय पर किया है। बताया गया है कि इस विषय पर शोध करने वाले भूपेश उत्तराखंड के पहले शोधार्थी हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि उनके शोध का लाभ उत्तराखंड के छात्रों को मिलेगा। उन्होंने प्रदेश के नौजवानों को शिक्षा के क्षेत्र में आने वाली समस्याओं के समाधान में मदद करने की पेशकश भी की है।

कुमाऊं विवि की व्यवसायिक पाठ्यकमों की विषम सेमेस्टर की परीक्षाएं 10 से

नैनीताल। कुमाऊं विवि की विभिन्न व्यवसायिक पाठ्यकमों की विषम सेमेस्टर की परीक्षाएं 10 दिसंबर से प्रारंभ होंगी। विवि के परीक्षा नियंत्रक प्रो. संजय पंत ने बताया कि परीक्षाओं का विस्तृत कार्यक्रम विवि की आधिकारिक वेबसाइट पर बृहस्पतिवार को अपलोड कर दिया गया है।

यह भी पढ़ें : कैसे स्थापित होगा अल्मोड़ा विवि ? शिक्षकों ने जताई कुमाऊं विवि में ही रहने की इच्छा

नवीन समाचार, नैनीताल, 24 नवंबर 2019। यह कुमाऊं विवि की प्रसिद्धि एवं विश्व विख्यात छवि का ही प्रभाव है कि एसएसजे परिसर अल्मोड़ा के करीब दो दर्जन शिक्षकों ने एसएसजे परिसर के एकता शिक्षक संगठन के बैनर तले कुलाधिपति-प्रदेश की राज्यपाल बेबी रानी मौर्य को पत्र लिखकर कुमाऊं विवि में ही अपनी सेवाएं देने की इच्छा जताई है। उनकी यह इच्छा इस संदर्भ में है कि गत 23 अक्टूबर को अल्मोड़ा में आयोजित हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में कुमाऊं विवि के एसएसजे परिसर एवं आवासीय विवि अल्मोड़ा का विलय कर एक नये शोबन सिंह जीना विवि अल्मोड़ा की स्थापना का प्रस्ताव पारित किया गया है। एकता शिक्षक संगठन के सचिव की ओर से कुलाधिपति को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि उनकी नियुक्ति कुमाऊं विवि में हुई है तथा उनकी सेवा संविदा यानी कांटेªक्ट ऑफ इम्प्लॉयमेंट कुमाऊं विवि के साथ है। लिहाजा वे कुमाऊं विवि में ही अपनी सेवाएं देना चाहते हैं। उन्हें प्रस्तावित नये विवि में उनकी इच्छा व भावनाओं के विपरीत बनाये रखना न्यायसंगत नहीं होगा। पूर्व में भी ऐसी परिस्थितियों में विकल्प प्रदान करने का न्यायोचित प्राविधान रहा है। इसलिए उन्हें कुमाऊं विवि में ही रहने का विकल्प उपलब्ध कराया जाए। इस पर कुमाऊं विवि के कुलपति प्रो. केएस राणा ने शिक्षकों की इच्छा का सम्मान करने की बात कही है।

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बताया गया है कि इससे पूर्व भी विधि, शिक्षा एवं योग विभाग के शिक्षकों ने पूर्व में ही ऐसी इच्छा ताते हुए विवि की कार्य परिषद से इस बाबत प्रस्ताव पारित करने को कहा था। इस पर विवि कार्य परिषद उनके लिए प्रस्ताव पारित कर चुकी है।

यह भी पढ़ें : सुखद समाचार : उत्तर भारत में पहली बार, देश के अन्वेषण संस्थानों को अपराधों की तहकीकात करने हेतु सुप्रशिक्षित मानव शक्ति उपलब्ध कराएगा कुमाऊं विवि

-विवि में 15 फैकल्टी सहित तीन नये विभागों के सृजन के लिए शासनादेश हुआ जारी
नवीन समाचार, नैनीताल, 5 नवंबर 2019। कुमाऊं विश्वविद्यालय में क्रिमिनोलॉजी, फोरेंसिक साइंस एवं साइबर सेक्यूरिटी के तीन नए विभागों के सृजन तथा इनके लिए 15 पदों के सृजन का शासनादेश जारी हो गया है। कुलपति प्रो. केएस राना ने बताया कि बीती एक नवंबर को जारी यह शासनादेश मंगलवार को विश्वविद्यालय को प्राप्त हो गया है। इसके लिए विवि के द्वारा बीते 15 माह से प्रयास किये जा रहे थे। इन विभागों को संचालित करने वाला कुमाऊं विवि पूरे उत्तर भारत का पहला विवि होगा।
कुलपति ने कहा कि इन पाठ्यक्रमों की मदद से कुमाऊं विवि देश के अन्वेषण संस्थानों को अपराधों की तहकीकात करने हेतु सुप्रशिक्षित मानव शक्ति उपलब्ध कराएगा, तथा यहां के विद्यार्थियों को भविष्य की बेहतर संभावनाओं वाले कॅरियर के अवसर उपलब्ध होंगे। आगे इन विभागों के ढांचे पर विवि स्तर पर विस्तार से चर्चा कर निर्णय लिया जाएगा। बताया कि विवि में बायो मेडिकल साइंस फैकेल्टी के गठन की पहल भी की गई है, जिसके जरिये विवि बायो फॉरेंसिक साइंसेज के विशेषज्ञ तैयार करने में सक्षम है। रूसा परियोजना के अंतर्गत कुमाऊं विश्वविद्यालय द्वारा विगत 2 वर्षों में अन्वेषण हेतु प्रयोगशाला तैयार कर ली गई है। उम्मीद जताई कि इन पाठ्यक्रमों को बायोमेडिकल साइंस फैकेल्टी के अंतर्गत संचालित किये जाने से विश्वविद्यालय में नवसृजित बायो मेडिकल फैकेल्टी का विस्तार होगा।

यह भी पढ़ें : कुमाऊं विवि को विभिन्न एजेंसियों से मिली उत्कृष्ट रैंकिंग

नवीन समाचार, नैनीताल, 24 अक्तूबर 2019। विश्वविद्यालयों को रैंकिंग देने वाली अंतर्राष्ट्रीय संस्था क्यूएस इंडिया युनिवर्सिटी रैंकिंग 2020 संस्था ने कुमाऊं विवि को 81 से 85 रैंक की श्रेणी में रखा है। कुविवि को खासकर अकादमिक ध्याति हेतु सर्वाधिक 30 फीसद एवं उत्कृष्ट पेशेवर बनाने हेतु प्राप्त विभिन्न मतों के आधार पर 20 फीसद अंक प्राप्त हुए हैं। इसके अतिरिक्त विवि को इंडिया टुडे की एमडीआरए से 2019-20 हेतु 25वीं रैंक तथा द वीक मैगजीत से 15वां स्थान प्राप्त हुआ है।
कुलपति प्रो. केएस राना ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय संस्थानों को रैंकिग प्रदान करने वाली इंग्लेंड की क्यूएस रैंकिंग द्वारा कराये गये सर्वेक्षण के आधार पर भारतीय विवि की रैंकिंग गत 22 अक्तूबर को जारी की गई है। इसके देश के शीर्ष 100 विवि की रैंकिंग सूची जारी की गई है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा विवि को चिया यानी सेंट्रल हिमालयन इंवायरनमेंट एसोसिएशन संस्था के निदेशक डा. पीपी ध्यानी से अकादमिक एवं शोध गतिविधियों को समृद्ध करने के लिए भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय को डीआरएसी यानी देहरादून रिसर्च एंड एकेडमिक कंसोर्सिया के गठन में सहभागिता हेतु अनुरोध पत्र मिला है। इस पर विवि ने करार हेतु सहमति पत्र भेज दिया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि विवि की रैंकिंग में हो रहे सुधार से विवि में शोधार्थियों, शिक्षकों व अन्वेषकों को लाभ मिलेगा।

यह भी पढ़ें : कुलपति राणा के प्रयासों से 12 वर्ष बाद मिली कुमाऊं विवि में एक नये संकाय को स्वीकृति

नवीन समाचार, नैनीताल, 18 सितंबर। राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने कुमाऊं विवि में ‘प्रबंध अध्ययन संकाय’ को स्वीकृति दे दी है। 16 सितंबर को राज्यपाल के सचिव रमेश कुमार सुधांशु की ओर से इस बारे में स्वीकृति आदेश बुधवार को विवि को प्राप्त हो गया है। इसके अनुसार कुमाऊं विवि की परिनियमावली में परिनियम 7.01 के अंतर्गत प्रबंध अध्ययन संकाय को समाहित करने की राज्यपाल ने स्वीकृति प्रदान कर दी है।
अब तक वाणिज्य एवं प्रबंध अध्ययन एक ही संकाय था। इसके अंतर्गत वाणिज्य एवं प्रबंध अध्ययन विभाग कार्यरत थे। वर्ष 2007-08 से प्रबंधन अध्ययन संकाय की स्थापना का मामला शासन में लंबित था, जिसे अब कुलपति प्रो. केएस राणा के प्रयासों से करीब 12 वर्ष बाद स्वीकृति मिल पाई है। इसके बाद प्रबंध अध्ययन विभाग अलग संकाय के रूप में कार्य करेगा। इस हेतु नये संकायाध्यक्ष की नियुक्ति भी होगी। इसके अंतर्गत अलग-अलग विभाग भी स्थापित किये जाएंगे, तथा प्रबंधन संबंधी समस्त विभाग इसके अंतर्गत कार्य करेंगे।

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‘नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से ‘मन कही’ के रूप में जनवरी 2010 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
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