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कोरोना : कुमाऊं विवि के परिसरों के शिक्षकों व कर्मियों को भी कुछ प्रतिबंधों के साथ 31 तक छुट्टी

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नवीन समाचार, नैनीताल, 18 मार्च 2020। कुमाऊं विवि के कुलपति प्रो. केएस राणा ने यूजीसी एवं शासन के निर्देशों के क्रम में विश्वविद्यालय परिसरों में कार्यरत शिक्षक एवं कर्मचारियों को कुछ प्रतिबंधों के साथ 31 मार्च तक छुट्टी दे दी है। अलबत्ता इस दौरान प्रशासनिक पदों पर कार्यरत एवं वित्तीय वर्ष की समाप्ति के दृष्टिगत जिन प्राध्यापकों एवं कार्मिकों की आवश्यकता प्रशासन को होगी उनको अपने कार्य स्थल पर विधिवत रूप से 11 से 2.30 बजे तक उपस्थित रहना होगा। इन अवकाशों को शिक्षकों को जून में अनुमन्य ग्रीष्मकालीन अवकाशों में से समायोजित कर लिया जायेगा तथा अपै्रल माह में छात्रों को 2 पीरियड प्रतिदिन अतिरिक्त शिक्षण की सुविधा भी देनी होगी। साथ ही इस दौरान केन्द्र या राज्य सरकार से पोषित शोध परियोजनाओं में कार्यरत शिक्षक एवं शोधार्थी कोरोना के दृष्टिगत जारी दिशा-निर्देशों व सावधानियों को बरतते हुए कार्य करते रहेंगे। प्राध्यापकों से यह भी अपेक्षा की गई है कि ऑनलाईन माध्यम एवं ई-रिसोर्सेज का इस्तेमाल करते हुए छात्रों को पाठ्यक्रम से सम्बन्धित आवश्यक दिशा निर्देश, पाठ्य सामग्री उपलब्ध कराते हुए इस समयावधि का सदुपयोग करें।

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-प्रोफेसरों को ड्यूटी पर आना होगा: कुलपति
नवीन समाचार, नैनीताल, 16 मार्च 2020। कोरोना की महामारी के दृष्टिगत कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. केएस राणा ने साफ किया है कि छात्र-छात्राओं के लिए 31 मार्च तक अवकाश अवश्य घोषित किया गया है, किंतु सभी श्रेणियों के प्रोफेसरों एवं कर्मचारियों को अपने कार्य पर आना होगा। उन्होंने शासन से प्राप्त आदेशों का हवाला देते हुए कहा कि कार्य पर न आने वाले शिक्षकों व कर्मचारियों को वेतन नहीं मिलेगा। बताया कि शिक्षकांे एवं कर्मचारियों के विवि के नैनीताल, अल्मोडा व भीमताल परिसरों के निदेशकों से मंगलवार को बैठक करने को भी कहा गया है। यह पूछे जाने पर कि कोरोना की महामारी तो समान रूप से बच्चों व बड़ों को प्रभावित कर सकती है। कुलपति ने कहा कि संक्रमण अधिक भीड़भाड़ व असुरक्षित लोगों में ही हो सकता है। इससे कार्य प्रभावित नहीं होने हैं।

समस्त शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों में 31 तक शिक्षण स्थगित रखने के आदेश
नैनीताल। उच्च शिक्षा निदेशालय ने गत दिवस राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में लिये गए निर्देशो के क्रम में सोमवार को प्रदेश के समस्त शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों में 31 तक शिक्षण स्थगित रखने के आदेश जारी कर दिए हैं। आदेश में कहा गया है कि वित्तीय वर्ष की समाप्ति को दृष्टिगत रखते हुए जिन प्राध्यापकों की आवश्यकता महाविद्यालय को होगी, उनको महाविद्यालय में उपस्थित होना होगा। शेष प्राध्यापक 1 अप्रैल को महाविद्यालय में विधिवत उपस्थित होंगे।

कोरोना: कुमाऊं विवि के छात्रावासों को 17 तक खाली करने के आदेश

-कुलपति ने जारी किए परिसरों व महाविद्यालयों को बंद करने के आदेश
नवीन समाचार, नैनीताल, 15 मार्च 2020। कुमाऊं विवि के कुलपति ने शासन के आदेश पर विवि से संबद्ध तीनों परिसरों-नैनीताल, अल्मोड़ा व भीमताल परिसरों के साथ ही महादेवी वर्मा सृजन पीठ रामगढ़ में पठन-पाठन के साथ ही संगोष्ठी, कार्यशाला आदि सभी तरह की गतिविधियों एवं बायोमैट्रिक मशीन से उपस्थिति दर्ज कराने पर रोक लगा दी है। साथ ही सभी छात्रावासों को 17 मार्च तक खाली करने एवं इनमें 31 मार्च तक इनमें प्रवेश प्रतिबंधित रखने के आदेश जारी कर दिये हैं। केवल शोध कार्य के दौरान प्रयोगात्मक कार्य कर रहे विद्यार्थी संबंधित संकायाध्यक्ष से अनुमति लेकर छात्रावास में रह सकते हैं। कुलपति ने आदेश में कहा है कि प्रस्तावित परीक्षाओं के लिए भी आगे अलग से कार्यक्रम जारी किया जाएगा।

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-कुमाऊं विवि के 16वें दीक्षांत समारोह में एक डीलिट, 38,581 छात्र-छात्राओं को शोध उपाधियां व डिग्रियां तथा 53 मेधावी विद्यार्थियों को दिये गए पदक
नवीन समाचार, नैनीताल 7 मार्च 2020। 48 वर्ष पुराने 1973 में स्थापित कुमाऊं विश्वविद्यालय का 16वां दीक्षांत समारोह शनिवार को हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विवि की कुलाधिपति एवं प्रदेश की राज्यपाल बेबी रानी मौर्या ने सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश, कोलोजियम के सदस्य एवं दो वर्ष बाद देश के संभावित मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ को डीएलडी एवं सर गंगाराम अस्पताल में लीवर प्रत्यावर्तन यूनिट के अध्यक्ष एवं विशेषज्ञ उत्तराखंड निवासी पद्मश्री डा. सौमित्र रावत को डीएससी की मानद उपाधियां, विवि के इतिहास विभाग की प्रवक्ता प्रो. सावित्री कैड़ा जंतवाल को डीलिट की उपाधि के साथ ही विवि के 38,581 छात्र-छात्राओं को शोध उपाधियां व डिग्रियां तथा 17 श्रेणियों में 53 मेधावी विद्यार्थियों को पदक प्रदान किए।
इस अवसर पर अपने संबोधन में राज्यपाल श्रीमती मौर्य ने कुमाऊं विवि दो वर्ष बाद अपने 50 वर्ष पूर्ण होने के खास मौके के लिए विशेष लक्ष्य रखने एवं पारंपरिक शिक्षा प्रणालियों के साथ ही आधुनिक सूचना प्रोद्योगिकी के अधिकतम प्रयोग से नवाचार करते हुए उत्कृष्टता के केंद्र के रूप में स्थापित होने को कहा। इससे पूर्व दीक्षांत समारोह की शुरुआत वेदों की ऋचाओं की स्वर लहरियों के बीच अकादमिक शोभायात्रा के साथ हुई। कुलपति ने विवि की प्रगित आख्या पेश की एवं भावी योजनाएं भी गिनाईं तथा राज्यपाल द्वारा लगातार किये जान रहे प्रयासों से आठ किमी दूर पंतनगर विवि के अधीन पटवाडांगर परिसर कुविवि को मिलने की उम्मीद जताई। कहा कि इसके मिलने से विवि में 25 नये पाठ्यक्रम संचालित हो सकेंगे। कार्यक्रम में विवि का कुलगीत एवं राष्ट्रगान भी गाया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने भी विचार रखे। संचालन करते हुए कुलसचिव डा. महेश कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन भी किया। कार्यक्रम मंे अरविंद पडियान, प्रकाश पांडे व कैलाश जोशी जोशी आदि कार्य परिषद सदस्य, प्रो. एसपीएस मेहता, प्रो. सतपाल बिष्ट, प्रो. गिरीश रंजन तिवारी, प्रो. अनिल जोशी, प्रो. नीता बोरा शर्मा व डा. महेंद्र राणा सहित सभी संकायाध्यक्ष व विभागाध्यक्ष, पूर्व सांसद डा. महेंद्र पाल, पूर्व विधायक डा. नारायण सिंह जंतवाल, मंडी परिषद के अध्यक्ष मनोज साह, भाजपा नगर अध्यक्ष आनंद बिष्ट, कुंदन बिष्ट सहित कई भाजपा नेता भी मौजूद रहे। संचालन प्रो. ललित तिवारी ने किया। कार्यक्रम में केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री डा. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, प्रदेश के कृषि मंत्री सुबोध उनियाल एवं इंडिया टीवी के प्रमुख रजत शर्मा को भी आना था, परंतु बताया गया कि खराब मौसम की वजह से वे नहीं पहुंच पाए।
चित्र परिचयः 07एनटीएल-1ः नैनीताल। कुमाऊं विवि के दीक्षांत समारोह में मंचासीन कुलाधिपति राज्यपाल बेबी रानी मौर्या, कुलपति, कुलसचिव, सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ व पद्मश्री सौमित्र रावत आदि।

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-आगामी 7 मार्च को होगा 48 वर्ष के कुमाऊं विवि का 16वां दीक्षांत समारोह

16वें दीक्षांत समारोह की जानकारी देते कुलपति प्रो. केएस राना, साथ में कुलसचिव।

नवीन समाचार, नैनीताल, 5 मार्च 2020। आगामी 7 मार्च को 48 वर्ष पुराने 1973 में स्थापित कुमाऊं विश्वविद्यालय का 16वां दीक्षांत समारोह आयोजित होने जा रहा है। इस अवसर पर सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश, कोलोजियम के सदस्य एवं दो वर्ष बाद देश के संभावित मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ को एलएलडी, इंडिया टीवी के सीईओ पद्मभूषण रजत शर्मा को डीलिट एवं सर गंगाराम अस्पताल में लीवर प्रत्यावर्तन यूनिट के अध्यक्ष एवं विशेषज्ञ उत्तराखंड निवासी पद्मश्री डा. सौमित्र रावत को डीएससी की मानद उपाधियां दी जाएंगी। इस कार्यक्रम में देश के मानव संसाधन मंत्री डा. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, राज्यपाल बेबी रानी मौर्या, प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत एवं कृषि मंत्री सुबोध रावत मौजूद रहेंगे।
बृहस्पतिवार को कुमाऊं विवि के कुलपति प्रो. केएस राना ने दीक्षांत समारोह के डीएसबी परिसर स्थित कार्यक्रम स्थल में पूरे कार्यक्रम का पूर्वाभ्यास करने के उपरांत पत्रकारों को यह जानकारी दी। बताया कि न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ एक दिन पहले ही छह मार्च को नैनीताल आ जाएंगे और शाम चार बजे से विवि के स्वामी विवेकानंद परिसर में प्रस्तावित लॉ कॉलेज का उत्तराखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश रंगनाथन के साथ ऑपचारिक शुभारंभ करेंगे। बताया कि लॉ कॉलेज में शीघ्र ही बार काउंसिल ऑफ इंडिया से अंतिम स्वीकृति मिलने के बाद विधि व्यवसाय से संबंधित अनेक पाठ्यक्रम चलेंगे। इसके साथ ही विवि कृषि मंत्री के विवि में आगमन के साथ पटवाडांगर स्थित पंतनगर विवि के परिसर को कुमाऊं विवि को हस्तांतरित होने की उम्मीद कर रहा है। कुलपति ने उम्मीद जताई कि पटवाडांगर में कुमाऊं विवि के द्वारा अगले सत्र से बीएससी-एजी यानी कृषि से संबंधित पाठ्यक्रम शुरू हो सकेंगे।
कुलपति ने बताया कि दीक्षांत समारोह में 38,581 छात्र-छात्राओं को शोध उपाधियां व डिग्रियां एवं 53 मेधावी विद्यार्थियों को पदक तथा इतिहास विभाग की प्रवक्ता प्रो. सावित्री कैड़ा जंतवाल को डीलिट की उपाधि प्रदान किए जाएंगे। बताया कि मौसम की खराबी को देखते हुए दीक्षांत समारोह साढ़े 10 की जगह 11 बजे से प्रारंभ होगा। इस मौके पर विवि के कुलसचिव डा. महेश कुमार सहित विवि के उच्चाधिकारी मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें : कुमाऊं विवि के पांच शोधार्थी बने सहायक प्राध्यापक

नवीन समाचार, नैनीताल, 28 फरवरी 2020। कुमाऊं विवि के डीएसबी परिसर के भौतिक विज्ञान विभाग के पांच शोधार्थियों का सहायक प्राध्यापक पद पर चयन हुआ है। लोक सेवा आयोग उत्तराखंड की ओर से शुक्रवार को भौतिक विज्ञान के 36 अभ्यर्थियों की चयन सूची जारी की गई है। इनमें डीएसबी परिसर के पांच शोधार्थी-नीतू पांडे, किरन पंत, गरिमा, रिया गहलोत तथा श्रेया जोशी शामिल हैं। शोधार्थियों के चयन पर कुमाऊं विवि शिक्षक संघ कूटा के अध्यक्ष प्रो. ललित तिवारी, महासचिव डॉ. सुचेतन साह, डॉ. दीपक कुमार, डॉ. विजय कुमार, डॉ. दीपिका गोस्वामी, डॉ. सोहेल जावेद आदि ने उन्हें बधाई दी है।

यह भी पढ़ें : कुमाऊं विवि में नियुक्तियों पर रोक संबंधी पत्र साजिशन वायरल, कुलपति ने कहा-नियुक्ति प्रक्रिया पर नहीं पड़ेगा प्रभाव

नवीन समाचार, नैनीताल, 5 फरवरी 2020। उत्तराखंड शासन से कुमाऊं विवि में होने वाली हर तरह की स्थायी व अस्थायी नियुक्तियों पर रोक लगाने से संबंधित एक पत्र बुधवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। प्रभारी सचिव अशोक कुमार के हस्ताक्षरों से गत 30 जनवरी को कुमाऊं विवि के कुलपति प्रो. केएस राणा को भेजे गए पत्र में कार्मिक विभाग के 27 अप्रैल 2018 के शासनादेश के प्रति के साथ कहा गया है कि इस शासनादेश में कुमाऊं विवि में अग्रिम आदेशों तक किसी भी प्रकार की अस्थायी नियुक्तियां नहीं की जाएंगी। अपरिहार्य परिस्थितियों में स्थायी या अस्थायी नियुक्तियों के लिए शासन से अनुमति लेनी होगी। बताया जा रहा है कि कुमाऊं विवि के ही कर्मियों ने इस पत्र को वायरल किया है। इसकी भी जांच हो रही है।
इस आदेश पर कुलपति प्रो. केएस राणा ने कहा कि वर्ष 2018 में विवि में 186 पदों पर नियुक्तियों में अनियमितताओं की शिकायतें प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंच गई थीं। प्रधानमंत्री कार्यालय से आए पत्र पर उन्होंने तीन अधिकारियों से जांच कराई थी और जांच रिपोर्ट शासन को भेजते हुए मामले में एसआईटी से जांच कराने की संस्तुति भी की थी। उन्हीं अनियमितताओं को देखते हुए संभवतया नियुक्तियों पर रोक लगाई गई है। इसके साथ ही उन्होंने साफ किया कि विवि मंे शासन के स्तर से 35 स्वीकृत पदों पर लोक सेवा आयोग से चल रही नियुक्तियों की प्रक्रिया पर कोई रोक नहीं लगी है। यह प्रक्रिया जारी रहेगी। साथ ही उनका मानना है कि हर तरह की नियुक्तियां शासन से ही होनी चाहिए, स्थानीय स्तर पर कोई नियुक्तियां नहीं होनी चाहिए।

यह भी पढ़ें : बड़ा समाचार : कुमाऊं विश्वविद्यालय को भारतीय शिक्षा में उत्कृष्टता के लिए एक और पुरस्कार

नवीन समाचार, नैनीताल, 29 जनवरी 2020। कुमाऊं विश्वविद्यालय को भारतीय शिक्षा उत्कृष्टता पुरस्कार हेतु नामित किया गया है। अंतरराष्ट्रीय संस्था बर्कशायर मीडिया अमेरिका द्वारा कुमाऊँ विश्वविद्यालय को इस पुरस्कार हेतु नामित किया गया है। बताया गया है कि कुमाऊँ विश्वविद्यालय को विगत 10 महीनों में चौथे बड़े पुरस्कार हेतु नामित होने से विश्वविद्यालय के छात्र, शिक्षक एवं कार्मिक उत्साहित हैं। इस हेतु सभी ने कुविवि के कुलपति प्रो. केएस राणा के सकारात्मक प्रयासों को इसका श्रेय दिया। कहा कि कुलपति प्रो. राणा के प्रयासों से कुमाऊँ विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन के अगले चरण हेतु तैयार करने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में नए विभागों के सृजन, परीक्षा एवं मूल्यांकन में नवाचार, पुराने भवनों का जींर्णोधार या नए आधारभूत सुविधाओं का सृजन विगत 10 महीनों में किए गए कार्यों की परिणीति यह है कि कुमाऊँ विश्वविद्यालय को लगातार वैश्विक संस्थाओं द्वारा पुरस्कारों हेतु नामित किया जा रहा है। विश्वविद्यालय की रैंकिंग में भी लगातार सुधार देखा जा रहा है।

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-कुमाऊं विश्वविद्यालय एवं पोलेंड की यूनिवर्सिटी के छात्रों-शोधार्थियों एवं प्राध्यापकों के अकादमिक विनिमय को हुआ अनुबंध
-पोलेंड की पोजनान यूनिवर्सिटी के छात्र-शोधार्थी एवं प्राध्यापक उत्तराखंड की भाषाओं एवं लोक संस्कृति का अध्ययन करने के इच्छुक
नवीन समाचार, नैनीताल, 18 जनवरी 2020। कुमाऊं विवि के छात्र अब यूरोपीय देश पोलेंड के ऐडम मिक्कीविज यूनिवर्सिटी पोजनान के साथ शिक्षा एवं विचार विनिमय कर पाएंगे। कुलपति प्रो. केएस राणा के प्रयासों से कुमाऊं विवि में गुणवत्तापरक शिक्षा एवं अकादमिक, सांस्कृतिक एवं शोध के क्षेत्र में पारस्परिक विनिमय स्थापित करने के उद्देश्य से यूरोपियन यूनियर द्वारा प्रायोजित अंतर्राष्ट्रीय अकादमिक एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत कुमाऊं विवि नैनीताल तथा ऐडम मिक्कीविज यूनिवर्सिटी पोजनान, पोलेंड के बीच गतिविधियां बढ़ाने के लिए पांच वर्ष का अनुबंध स्थापित किया जा रहा है। विवि के जनसंपर्क अधिकारी डा. महेंद्र राणा ने बताया कि इस अनुबंध के तहत दोनों विवि में शैक्षणिक गतिविधियों को बढ़ावा देने हेतु छात्रों-शोधार्थियों एवं प्राध्यापकों के अकादमिक विनिमय को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।

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इस कार्यक्रम में प्रतिभाग करने वाले दोनों ही विवि के छात्रों-शोधार्थियों एवं प्राध्यापकों को यात्रा भत्ते इत्यादि का खर्च प्रायोजित कार्यक्रम के तहत वहन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पोजनान यूनिवर्सिटी ने यह भी प्रस्तावित किया है कि उनके छात्र-शोधार्थी एवं प्राध्यापक उत्तराखंड की भाषाओं एवं लोक संस्कृति के संदर्भ में अध्ययन करना चाहते हैं। बताया कि अनुबंध अल्मोड़ा परिसर के इतिहास विभाग के सेवानिवृत्त विभागाध्यक्ष प्रो. एमपी जोशी व कुविवि के आईक्यूसी के निदेशक प्रो. राजीव उपाध्याय ने इस प्रस्ताव के क्रियान्वयन हेतु प्रस्ताव तैयार किया। आगे कुलपति प्रो. राणा ने अपेक्षा की है कि विवि के अनय विभाग भी वैश्विक स्तर पर इस तरह के अनुबंध स्थापित कर शोध एवं अकादमिक गतिविधियों को परिस्कृत करने के प्रयास करें।

यह भी पढ़ें : एक्सक्लूसिव: सीएम के सामने उठी एक महाविद्यालय को कुमाऊं विवि का परिसर बनाने की मांग

खटीमा महाविद्यालय के लिए इमेज परिणामनवीन समाचार, नैनीताल, 3 जनवरी 2019। ऊधमसिंह नगर जनपद के खटीमा स्थित महाविद्यालय को कुमाऊं विवि का महाविद्यालय बनाए जाने की मांग उठी है। खटीमा महाविद्यालय के वर्तमान छात्र संघ अध्यक्ष सुमित बहादुर पाल एवं पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष सिद्धांत सिंह ने इस संबंध में क्षेत्रीय विधायक पुष्कर धामी के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री को एक पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया है कि कुमाऊं विवि से पृथक कर अल्मोड़ा विवि का निर्माण किया जा रहा है और इसके लिए पिथौरागढ़ व बागेश्वर महाविद्यालयों को परिसर बनाया जा रहा है। इसी तरह नैनीताल व ऊधमसिंह नगर जनपदों में कुमाऊं विवि के परिसरों का दर्जा दिया जाना प्रस्तावित है। इसी कड़ी में खटीमा महाविद्यालय को कुमाऊं विवि का परिसर बनाया जाए।

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पत्र में कहा गया है कि खटीमा क्षेत्र पड़ोसी देश नेपाल एवं उत्तर प्रदेश की सीमा से लगा सीमांत व आर्थिक रूप से पिछड़ा होने के साथ उत्तराखंड राज्य के निर्माण में विशेष भूमिका निभा चुका है। राज्य आंदोलन का पहला गोलीकांड खटीमा में ही हुआ था। इसमें कई लोगों ने अपनी शहादत दी थी। लेकिन राज्य गठन के बाद खटीमा को कोई विशेष उपलब्धि नहीं मिली। विवि का परिसर स्थापित होने से यह क्षेत्र शिक्षा का हब बनेगा, साथ ही यहां रोजगारपरक पाठ्यक्रम भी संचालित होंगे। सीमांत क्षेत्र होने के कारण यहां पड़ोसी देश नेपाल एवं पड़ोसी राज्य यूपी के छात्र-छात्राओं की समस्याओं का समाधान क्षेत्रीय स्तर पर हो सकेगा। पत्र में विवि प्रतिनिधि गौरव कोटिया, अभाविप के कॉलेज इकाई अध्यक्ष नीरज धामी व कॉलेज मंत्री प्रमोद गड़कोटी के भी हस्ताक्षर हैं।

यह भी पढ़ें : पीएचडी प्रवेश परीक्षा के लिए अब साक्षात्कार भी होंगे, आरएसी की बैठक में लिये गए और भी कई निर्णय

-असंपन्न-निशक्त वर्ग के अभ्यर्थियों को मिलेगी 5 फीसद की छूट
नवीन समाचार, नैनीताल, 28 नवंबर 2019। कुमाऊं विवि में अब पीएचडी प्रवेश परीक्षा के साथ साक्षात्कार की प्रक्रिया भी होगी, जिसमें प्रवेश परीक्षा में उत्तीर्ण शोधार्थी विभागीय शोध समिति के समक्ष अपने इच्छित अनुसंधान क्षेत्र व रुझान के बारे में अपना प्रस्तुतीकरण देंगे। इसके बाद ही समग्र वरीयता के आधार पर उन्हें शोध निर्देशक आवंटित किये जाएंगे। इसके साथ ही कुविवि में अब यूजीसी यानी विवि अनुदान आयोग द्वारा गत 27 अगस्त 2018 को जारी अधिसूचना के अनुरूप प्रवेश परीक्षा में असंपन्न वर्ग यानी नॉन क्रीमी लेयर के निशक्त श्रेणी तथा अनुसूचित जाति, जनजाति व अन्य पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवारों को प्रवेश परीक्षा में प्राप्त अंकों में 5 फीसद की छूट दी जाएगी। यानी वे 50 की जग 45 फीसद पर प्रवेश दिया जाएगा। साथ ही यह प्राविधान भी होगा कि यदि इस छूट के बावजूद इस वर्ग की सीट खाली रह जाती है तो सामान्य वर्ग की प्रवेश प्रक्रिया की समाप्ति के बाद एक माह के भीतर इस श्रेणी के लिए विशेष प्रवेश अभियान चलाया जाएगा।
बृहस्पतिवार को कुविवि के प्रशासनिक भवन में कुलपति प्रो. केएस राना की अध्यक्षता में हुई आरएसी यानी शोध सलाहकारी समिति की बैठक में यह बाद उभर कर आई। बैठक में कुलपति ने शोध की गुणवत्ता एवं शोध उपाधि प्रदान किये जाने में समयबद्धता के प्राविधान किये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने शोधग्रंथों के कुछ प्रकरणों में वर्षों तक मूल्यांकन पूर्ण न होने पर गहरी चिंता जताई तथा समिति से मूल्यांकन के लिए अधिकतम समयसीमा निश्चित करने को कहा। कहा कि 6 माह से अधिक अवधि तक शोध प्रबंध पर कोई कार्रवाई न करने वाले परीक्षकों को काली सूची में डाल दिया जाएगा। साथ ही पीएचडी में दो तथा डी लिट व डीएससी में तीन सकारात्मक रिपोर्ट विवि को प्राप्त होन के बाद तीन माह के भीतर मौखिक परीक्षा करनी होगी। यह भी तय हुआ कि एक शोधार्थी को एक विषय में एक बार ही पीएचडी, डी लिट या डीएससी की उपाधि दी जाएगी। आरडीसी में अनुपस्थित शोधार्थियों को एक बार पुनः आरडीसी में शोध प्रस्ताव प्रस्तुत करने का मौका दिया जाएगा। बैठक में कुलसचिव डा. महेश कुमार, वित्त नियंत्रक दिनेश राणा, विज्ञान संकायाध्यक्ष प्रो. एसपीएस मेहता, कार्यपरिषद सदस्य केवल सती व अरविंद पडियार, प्रो. अजय अरोड़ा, प्रो. एमसी जोशी, प्रो. राजीव उपाध्याय, डा. अर्चना नेगी, प्रो. जेएस बिष्ट, प्रो. अमित जोशी, प्रो. संजय टम्टा व डा. आशीष तिवारी आदि ने सहभागिता की।

भूपेश ने कम्प्यूटर साइंस में की पीएचडी

डा. भूपेश रावत

नैनीताल। ग्राफिक ऐरा विवि भीमताल परिसर के कम्प्यूटर साइंस विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत डा. भूपेश रावत ने कम्प्यूटर साइंस से पीएचडी की डिग्री प्राप्त कर ली है। उन्होंने अपना शोध कार्य बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विवि लखनऊ के विज्ञान प्रोफेसर संजय कुमार द्विवेदी के निर्देशन में ‘सिफारिश प्रणाली की सटीकता में सुधार करने के लिए फर्जी तकनीक के साथ एकीकृत सिमेंटिक वेब उपयोग खनन’ विषय पर किया है। बताया गया है कि इस विषय पर शोध करने वाले भूपेश उत्तराखंड के पहले शोधार्थी हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि उनके शोध का लाभ उत्तराखंड के छात्रों को मिलेगा। उन्होंने प्रदेश के नौजवानों को शिक्षा के क्षेत्र में आने वाली समस्याओं के समाधान में मदद करने की पेशकश भी की है।

कुमाऊं विवि की व्यवसायिक पाठ्यकमों की विषम सेमेस्टर की परीक्षाएं 10 से

नैनीताल। कुमाऊं विवि की विभिन्न व्यवसायिक पाठ्यकमों की विषम सेमेस्टर की परीक्षाएं 10 दिसंबर से प्रारंभ होंगी। विवि के परीक्षा नियंत्रक प्रो. संजय पंत ने बताया कि परीक्षाओं का विस्तृत कार्यक्रम विवि की आधिकारिक वेबसाइट पर बृहस्पतिवार को अपलोड कर दिया गया है।

यह भी पढ़ें : कैसे स्थापित होगा अल्मोड़ा विवि ? शिक्षकों ने जताई कुमाऊं विवि में ही रहने की इच्छा

नवीन समाचार, नैनीताल, 24 नवंबर 2019। यह कुमाऊं विवि की प्रसिद्धि एवं विश्व विख्यात छवि का ही प्रभाव है कि एसएसजे परिसर अल्मोड़ा के करीब दो दर्जन शिक्षकों ने एसएसजे परिसर के एकता शिक्षक संगठन के बैनर तले कुलाधिपति-प्रदेश की राज्यपाल बेबी रानी मौर्य को पत्र लिखकर कुमाऊं विवि में ही अपनी सेवाएं देने की इच्छा जताई है। उनकी यह इच्छा इस संदर्भ में है कि गत 23 अक्टूबर को अल्मोड़ा में आयोजित हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में कुमाऊं विवि के एसएसजे परिसर एवं आवासीय विवि अल्मोड़ा का विलय कर एक नये शोबन सिंह जीना विवि अल्मोड़ा की स्थापना का प्रस्ताव पारित किया गया है। एकता शिक्षक संगठन के सचिव की ओर से कुलाधिपति को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि उनकी नियुक्ति कुमाऊं विवि में हुई है तथा उनकी सेवा संविदा यानी कांटेªक्ट ऑफ इम्प्लॉयमेंट कुमाऊं विवि के साथ है। लिहाजा वे कुमाऊं विवि में ही अपनी सेवाएं देना चाहते हैं। उन्हें प्रस्तावित नये विवि में उनकी इच्छा व भावनाओं के विपरीत बनाये रखना न्यायसंगत नहीं होगा। पूर्व में भी ऐसी परिस्थितियों में विकल्प प्रदान करने का न्यायोचित प्राविधान रहा है। इसलिए उन्हें कुमाऊं विवि में ही रहने का विकल्प उपलब्ध कराया जाए। इस पर कुमाऊं विवि के कुलपति प्रो. केएस राणा ने शिक्षकों की इच्छा का सम्मान करने की बात कही है।

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बताया गया है कि इससे पूर्व भी विधि, शिक्षा एवं योग विभाग के शिक्षकों ने पूर्व में ही ऐसी इच्छा ताते हुए विवि की कार्य परिषद से इस बाबत प्रस्ताव पारित करने को कहा था। इस पर विवि कार्य परिषद उनके लिए प्रस्ताव पारित कर चुकी है।

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-विवि में 15 फैकल्टी सहित तीन नये विभागों के सृजन के लिए शासनादेश हुआ जारी
नवीन समाचार, नैनीताल, 5 नवंबर 2019। कुमाऊं विश्वविद्यालय में क्रिमिनोलॉजी, फोरेंसिक साइंस एवं साइबर सेक्यूरिटी के तीन नए विभागों के सृजन तथा इनके लिए 15 पदों के सृजन का शासनादेश जारी हो गया है। कुलपति प्रो. केएस राना ने बताया कि बीती एक नवंबर को जारी यह शासनादेश मंगलवार को विश्वविद्यालय को प्राप्त हो गया है। इसके लिए विवि के द्वारा बीते 15 माह से प्रयास किये जा रहे थे। इन विभागों को संचालित करने वाला कुमाऊं विवि पूरे उत्तर भारत का पहला विवि होगा।
कुलपति ने कहा कि इन पाठ्यक्रमों की मदद से कुमाऊं विवि देश के अन्वेषण संस्थानों को अपराधों की तहकीकात करने हेतु सुप्रशिक्षित मानव शक्ति उपलब्ध कराएगा, तथा यहां के विद्यार्थियों को भविष्य की बेहतर संभावनाओं वाले कॅरियर के अवसर उपलब्ध होंगे। आगे इन विभागों के ढांचे पर विवि स्तर पर विस्तार से चर्चा कर निर्णय लिया जाएगा। बताया कि विवि में बायो मेडिकल साइंस फैकेल्टी के गठन की पहल भी की गई है, जिसके जरिये विवि बायो फॉरेंसिक साइंसेज के विशेषज्ञ तैयार करने में सक्षम है। रूसा परियोजना के अंतर्गत कुमाऊं विश्वविद्यालय द्वारा विगत 2 वर्षों में अन्वेषण हेतु प्रयोगशाला तैयार कर ली गई है। उम्मीद जताई कि इन पाठ्यक्रमों को बायोमेडिकल साइंस फैकेल्टी के अंतर्गत संचालित किये जाने से विश्वविद्यालय में नवसृजित बायो मेडिकल फैकेल्टी का विस्तार होगा।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 24 अक्तूबर 2019। विश्वविद्यालयों को रैंकिंग देने वाली अंतर्राष्ट्रीय संस्था क्यूएस इंडिया युनिवर्सिटी रैंकिंग 2020 संस्था ने कुमाऊं विवि को 81 से 85 रैंक की श्रेणी में रखा है। कुविवि को खासकर अकादमिक ध्याति हेतु सर्वाधिक 30 फीसद एवं उत्कृष्ट पेशेवर बनाने हेतु प्राप्त विभिन्न मतों के आधार पर 20 फीसद अंक प्राप्त हुए हैं। इसके अतिरिक्त विवि को इंडिया टुडे की एमडीआरए से 2019-20 हेतु 25वीं रैंक तथा द वीक मैगजीत से 15वां स्थान प्राप्त हुआ है।
कुलपति प्रो. केएस राना ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय संस्थानों को रैंकिग प्रदान करने वाली इंग्लेंड की क्यूएस रैंकिंग द्वारा कराये गये सर्वेक्षण के आधार पर भारतीय विवि की रैंकिंग गत 22 अक्तूबर को जारी की गई है। इसके देश के शीर्ष 100 विवि की रैंकिंग सूची जारी की गई है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा विवि को चिया यानी सेंट्रल हिमालयन इंवायरनमेंट एसोसिएशन संस्था के निदेशक डा. पीपी ध्यानी से अकादमिक एवं शोध गतिविधियों को समृद्ध करने के लिए भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय को डीआरएसी यानी देहरादून रिसर्च एंड एकेडमिक कंसोर्सिया के गठन में सहभागिता हेतु अनुरोध पत्र मिला है। इस पर विवि ने करार हेतु सहमति पत्र भेज दिया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि विवि की रैंकिंग में हो रहे सुधार से विवि में शोधार्थियों, शिक्षकों व अन्वेषकों को लाभ मिलेगा।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 18 सितंबर। राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने कुमाऊं विवि में ‘प्रबंध अध्ययन संकाय’ को स्वीकृति दे दी है। 16 सितंबर को राज्यपाल के सचिव रमेश कुमार सुधांशु की ओर से इस बारे में स्वीकृति आदेश बुधवार को विवि को प्राप्त हो गया है। इसके अनुसार कुमाऊं विवि की परिनियमावली में परिनियम 7.01 के अंतर्गत प्रबंध अध्ययन संकाय को समाहित करने की राज्यपाल ने स्वीकृति प्रदान कर दी है।
अब तक वाणिज्य एवं प्रबंध अध्ययन एक ही संकाय था। इसके अंतर्गत वाणिज्य एवं प्रबंध अध्ययन विभाग कार्यरत थे। वर्ष 2007-08 से प्रबंधन अध्ययन संकाय की स्थापना का मामला शासन में लंबित था, जिसे अब कुलपति प्रो. केएस राणा के प्रयासों से करीब 12 वर्ष बाद स्वीकृति मिल पाई है। इसके बाद प्रबंध अध्ययन विभाग अलग संकाय के रूप में कार्य करेगा। इस हेतु नये संकायाध्यक्ष की नियुक्ति भी होगी। इसके अंतर्गत अलग-अलग विभाग भी स्थापित किये जाएंगे, तथा प्रबंधन संबंधी समस्त विभाग इसके अंतर्गत कार्य करेंगे।

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