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नैनीताल : लालकुआं के कोतवाल को हटाने को कांग्रेसियों ने आईजी से उठाई मांग

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नवीन समाचार, नैनीताल, 18 जनवरी 2021। लालकुआं कोतवाली क्षेत्र में इन दिनों चल रहे विवाद में कांग्रेस पार्टी से जुड़े लोगों ने सोमवार को मंडल मुख्यालय में आईजी अजय रौतेला से मुलाकात की और लालकुआं के कोतवाल को हटाने की मांग की। उन्होंने लालकुआं कोतवाल पर जनप्रतिनिधियों व वरिष्ठ नागरिकों के साथ दुर्व्यवहार करने व अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करने का आरोप लगाते हुए हटाने की मांग की। साथ ही पुलिस द्वारा 45 लोगों पर दर्ज मुकदमे निरस्त नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। वहीं आईजी ने उन्हें भरोसा दिया कि मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
नैनीताल में आईजी से मिले लालकुआं क्षेत्र के कांग्रेसी, कोतवाल को हटाने की मांगसोमवार दोपहर पूर्व मंत्री हरीश दुर्गापाल व कांग्रेस जिलाध्यक्ष सतीश नैनवाल के नेतृत्व में कांग्रेसी नेताओं ने नैनीताल में आईजी अजय रौतेला से मुलाकात की और ज्ञापन सौंपा। उन्होंने बताया कि गत 10 जनवरी को जन्मदिन की पार्टी में दो पक्षों में विवाद के बाद अगले दिन जब जनप्रतिनिधि व ग्रामीण कोतवाली में वार्ता करने पहुंचे और संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर पुलिस के खिलाफ कोतवाली में ही धरने पर बैठे, और उच्चाधिकारियों के साथ वार्ता के बाद चले गए। लेकिन अगले दिन पता चला कि पुलिस ने 45 लोगों पर संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। इस दौरान आईजी से मिलने वालों में पूर्व सांसद डा. महेंद्र पाल, हल्द्वानी महानगर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल छिमवाल, नगर पंचायत लालकुआं के अध्यक्ष लाल चंद्र सिंह, पूर्व चेयरमैन रामबाबू मिश्रा, हरेंद्र बोरा, किरन डालाकोटी, संध्या डालाकोटी, खष्टी बिष्ट, गोपाल बिष्ट, राजेंद्र खनवाल, जीवन कबड़वाल व संजय कुमार आदि शामिल रहे।

यह भी पढ़ें : फ्रंट लाइन वॉरियर्स के रूप में पर्यावरण मित्रों को कोरोना वैक्सीन लगाने की मांग

नवीन समाचार, नैनीताल, 04 जनवरी 2021। नगर पालिका नैनीताल के मनोनीत सभासद एवं भाजपा के मंडल मंत्री राहुल पुजारी ने फ्रंट लाइन वॉरियर्स के रूप में पर्यावरण मित्रों को कोरोना वैक्सीन लगाने की मांग उठाई है। उन्होंने इस मामले में कुमाऊं मंडल के आयुक्त के माध्यम से प्रदेश के मुख्यंत्री को ज्ञापन भेजा है। ज्ञापन में उन्होंने कहा है कि कोरोना की महामारी में पर्यावरण मित्रों ने भी स्वास्थ्य एवं पुलिस कर्मियों की तरह अपनी जान की परवाह किए बिना प्रथम मोर्चे पर कार्य किया है, और अभी भी कर रहे हैं। इसलिए कोरोना वैक्सीन का टीकाकरण शुरू होने पर प्रथम पंक्ति के कोरोना योद्धाओं के सम्मान स्वरूप पर्यावरण मित्रों को भी प्राथमिकता के साथ कोरोना के टीके लगाए जाएं। इससे सभी पर्यावरण मित्रों में अपने कार्य व समाज तथा देश के प्रति विश्वास बढ़ेगा।

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-आत्मदाह के लिए पूरे वाल्मीकि समाज को किया गया था नगर पालिका पर आमंत्रित

नैनीताल नगर पालिका में वार्ता के दौरान निकाले गए कर्मचारी एवं वाल्मीकि समाज के लोग।

नवीन समाचार, नैनीताल, 31 दिसम्बर 2020। नगर पालिका के निकाले गए दो आउट सोर्स कर्मियों-सौरभ पुत्र राजू व पवन पुत्र भागवत ने बृहस्पतिवार को दोपहर 1 बजे नगर पालिका कार्यालय के समक्ष आत्मदाह करने की अपनी धमकी दोहराई थी। और दूसरी बार भी उनका आत्मदाह का ऐलान स्थगित हो गया है। वाल्मीकि सभा के सरपंच मनोज पंवार व महासचिव दिनेश कटियार एवं अन्य पदाधिकारियों की मौजूदगी में नगर पालिका अध्यक्ष सचिन नेगी ने उनके परिवार की समस्याआंे को देखते हुए उन्हें नगर पालिका अथवा नगर पालिका में आउट सोर्स से कर्मचारी उपलब्ध कराने वाली कंपनी के माध्यम से नगर पालिका में अथवा अन्यत्र आउट सोर्स पर नौकरी पर रखवाने का आश्वासन दिया। साफ किया गया कि नगर पालिका में उनके पूर्व कार्य पर उन्हें वापस नहीं लिया जाएगा। पुलिस के अधिकारियों ने ताकीद की कि आगे से सोशल मीडिया पर इस तरह की बातों को न फैलाएं। इस दौरान दोनों कर्मचारियों ने माफी भी मांगी।
उल्लेखनीय है कि दोनों पूर्व कर्मचारियों ने अपने आत्मदाह की घोषणा पर अमल करने के लिए पूरे वाल्मीकि समाज को दोपहर साढ़े 12 बजे से नगर पालिका कार्यालय के समक्ष एकत्र होने को आमंत्रित किया था। अलबत्ता इस पर गिने-चुने लोग ही नगर पालिका पहुंचे। वाल्मीकि सभा के सरपंच मनोज पंवार व महासचिव दिनेश कटियार के साथ ही धर्मेश प्रसाद व अन्य लोगों ने नगर पालिका अध्यक्ष सचिन नेगी के कक्ष में इस मौके पर वार्ता की और तय किया कि उन्हें आउटसोर्स से कहीं कार्य दिलाया जाएगा। वार्ता के अंतिम चरण में बात बन जाने के बाद दोनों कर्मचारी पहुंचे और इस दौरान हुई सहमति पर हामी भरी।

यह भी पढ़ें : आत्मदाह के लिए पूरे वाल्मीकि समाज को किया नगर पालिका पर आमंत्रित

नवीन समाचार, नैनीताल, 30 दिसम्बर 2020। नगर पालिका के निकाले गए दो कर्मियों-सौरभ पुत्र राजू व पवन पुत्र भागवत ने बृहस्पतिवार 31 दिसंबर को दोपहर 1 बजे नगर पालिका कार्यालय के समक्ष आत्मदाह करने की अपनी धमकी दोहराई हैं। इस मौके के लिए उन्होंने अपने पूरे वाल्मीकि समाज को भी दोपहर साढ़े 12 बजे से नगर पालिका कार्यालय के समक्ष आमंत्रित किया है। उन्होंने कहा है कि उन्हें एक वर्ष पूर्व नगर पालिका द्वारा झूठा इल्जाम लगाकर कार्य से हटाया गया है। आत्मदाह की धमकी देने के बावजूद उनकी मांग पर संज्ञान नहीं लिया गया है। ऐसे में वह अपना व परिवार का जीवन यापन करने में असमर्थ हैं। इसलिए आत्मदाह करने के अलावा उनके समक्ष कोई चारा नहीं है। इस बारे में नगर पालिका अध्यक्ष से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, किंतु उनका फोन नहीं उठा।

यह भी पढ़ें : पालिका के दो कर्मचारियों ने घोषित किया आत्मदाह का दिन व समय, सफाई कर्मचारी आयोग ने भी कहा-बहाल करो..

नवीन समाचार, नैनीताल, 28 दिसम्बर 2020। नगर पालिका के निकाले गए दो कर्मियों-सौरभ पुत्र राजू व पवन पुत्र भागवत ने पूर्व आत्मदाह की तिथि नियत कर दी है। घोषणा की है कि आगामी 31 दिसंबर को दोपहर एक बजे पालिका कार्यालय के समक्ष आत्मदाह करेंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी नगर पालिका अध्यक्ष सचिन नेगी व सफाई निरीक्षक कुलदीप कुमार की होगी। इस संबंध में उनकी शिकायत पर राज्य सफाई कर्मचारी आयोग ने भी संज्ञान लिया है। आयोग के अध्यक्ष अमिलाल सिंह वाल्मीकि ने नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को पत्र लिखकर कहा है कि उनके (पालिका के अधिशासी अधिकारी के) द्वारा आयोग में इन कर्मचारियों को निकाले जाने का कोई ठोस प्रमाण नहीं दिया गया। इसलिए आयोग का मत है कि निकाले गए कर्मचारियों को पुनः बहाल करें और आयोग को की गई कार्रवाई से शीघ्र अवगत कराएं।
इस बारे में आत्मदाह की धमकी देने वाले कर्मचारियों ने कहा है कि उन्हें एक वर्ष पूर्व झूठा इल्जाम लगाकर कार्य से हटाया गया है। इस पर गत दो नवंबर को उन्होंने कुमाऊं कमिश्नर, डीएम नैनीताल, नैनीताल विधायक, वाल्मीकि सभा के सचिव तथा देवभूमि उत्तराखंड सफाई मजदूर संघ को पत्र देकर 10 दिन के भीतर उन्हें कार्य पर वापस लेने व नगर पालिका के सफाई निरीक्षक पर कार्रवाई करने की मांग पर नगर पालिका के समक्ष आत्मदाह करने की धमकी दी थी। इस पर नगर पालिका अध्यक्ष ने 9 नवंबर को एक समिति बनाई व 12 नवंबर को पत्र के जरिये 10 दिन में जांच पूरी कर आरोपी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही थी। किंतु अब तक भी न ही उन्हें कार्य पर वापस लिया गया है, न ही अधिकारी पर कोई कार्रवाई की है। वाल्मीकि समुदाय के होने के कारण उनके साथ भेदभाव किया गया है। अधिकारियों ने अपना दोष उन पर डाला है।

इस विषय में नगर पालिका के सफाई निरीक्षक कुलदीप कुमार का पक्ष:

जून 2018 से नवम्बर 2019 तक डीजल व्यय का ब्यौरा व 22 दिसम्बर 2019 से उपरोक्त कर्मचारियों के पालिका द्वारा हटाने के बाद डीजल पर व्यय में काफी अंतर हैं। मेरे द्वारा नगर पालिका में हो रहे भृष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई गई, इसलिए मुझे बदनाम करने के लिए वे दोषारोपण कर रहे हैं, उनके द्वारा जो भ्रष्टाचार किये गए हैं, उन पर पर्दा डालने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वो लोग कब तक सच्चाई से बचते फिरेंगे, सच एक दिन सभी के सामने आ ही जायेगा।

यह भी पढ़ें : नगर पालिका के तीन पूर्व कर्मियों ने दी कल आत्मदाह करने की धमकी

नवीन समाचार, नैनीताल, 11 नवम्बर 2020। नगर पालिका से निकाले गए तीन कर्मचारियों-पवन कुमार, मोहित पवार व सौरभ साजन ने उन्हें रोजगार पर वापस न लिए जाने पर बृहस्पतिवार 12 नवंबर को दोपहर 12 से 1 बजे के बीच आत्मदाह करने की धमकी दी है। उनका कहना है कि उनके पत्र पर नगर पालिका ने संज्ञान नहीं लिया। इस पर उन्होंने दो नवंबर को कुमाऊं कमिश्नर, डीएम, विधायक तथा वाल्मीकि सभा के अध्यक्ष एवं सचिव को आखिरी पत्र देकर 10 दिन के भीतर उन्हें कार्य पर वापस लेने की मांग की थी और अन्यथा आत्मदाह करने की धमकी दी थी। इसकी पूरी जिम्मेदारी नगर पालिका के अध्यक्ष व सफाई निरीक्षक की होगी।
उल्लेखनीय है कि मंगलवार को नगर पालिका अध्यक्ष ने तीनों पूर्व कर्मियों के पत्र का हवाला देते हुए उनके द्वारा लगाए गए आरोपों पर नगर पालिका के सफाई निरीक्षक कुलदीप कुमार के खिलाफ सात दिन के भीतर जांच के आदेश दिए हैं।

यह भी पढ़ें : आशाओं ने की एक माह के कार्य बहिस्कार का ऐलान, ….एसडीएम व डॉक्टर को हटाने की की मांग

नवीन समाचार, नैनीताल, 24 जुलाई 2020। एक्टू से संबद्ध उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन शुक्रवार को मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को ज्ञापन सोंपकर 25 जुलाई से 25 अगस्त तक कार्य बहिस्कार पर रहने का ऐलान किया है। प्रदेश अध्यक्ष कमला कुंजवाल की ओर से दिये गये ज्ञापन में कहा गया है कि एक आशा कार्यकत्री के कोरोना पॉजिटिव निकलने के बाद से लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। लोगों ने अन्य आशाओं से भी उनके घर न आने न आने को कहा है। उन्होंने कार्य बहिस्कार की घोषणा करते हुए कहा है कि यदि कोई आशा कार्य पर आती है तो यूनियन की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी। ज्ञापन में रश्मि राणा, पुष्पा खुल्बे, रमा गैड़ा, प्रेमा पंत, कुसुम सनवाल व पंकज गहलौत सहित करीब दो दर्जन आशाओं के के हस्ताक्षर भी हैं।

आशाओं ने की पाटी की एसडीएम व प्रभारी चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग
नैनीताल। एक्टू से संबद्ध उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन से शुक्रवार को अपनी मांगों पर मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है। ज्ञापन में पाटी जिला चंपावत की एसडीएम सुप्रिया पर यूनियन की पाटी ब्लॉक की अध्यक्ष ज्योति उपाध्याय के साथ सर्वे के दौरान दुर्व्यवहार करने, सभी आशाओं को बैठक कक्ष से बाहर करने, प्रताणित करने व धमकाने का आरोप लगाने एवं इस कार्य में पीएसी पाटी के प्रभारी चिकित्सक डा. आभास सिंह व उपस्थित एएनएम द्वारा भी उनका साथ देने का आरोप लगाते हुए इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है और एसडीएम सुप्रिया और डा. सिंह के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। कार्रवाई न होने पर आंदोलन की धमकी भी दी गई है। ज्ञापन में प्रदेश अध्यक्ष कमला कुंजवाल, प्रेमा पंत, दीपा अधिकारी, नीरू पुजारी, कमला बिष्ट, रश्मि राणा, भगवती शर्मा, निर्मला चंद्रा, माधवी दर्मवाल, कुसुम सनवाल आदि के भी हस्ताक्षर हैं।

यह भी पढ़ें : आशा बहनों ने की कोरोना के मुफ्त उपचार व लॉकडाउन भत्ते की मांग

नवीन समाचार, नैनीताल, 22 जुलाई 2020। एक्टू से संबद्ध आशा कार्यकत्रियों के संगठन उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन ने बुधवार को कुमाऊं मंडल के आयुक्त अरविंद सिंह ह्यांकी को चार सूत्रीय ज्ञापन सोंपा। ज्ञापन में कहा गया कि वे कोरोना से जंग में अग्रिज पंक्ति में अपनी सेवाएं दे रही हैं। फिर भी उनकी उपेक्षा की जा रही है। यहां तक कि कोरोना से पीड़ित आशा कार्यकत्रियों की देखभाल भी ठीक से नहीं की जा रही है। लिहाजा उन्होंने कोरोना पीड़ित आशाओं का मुफ्त में एवं उचित उपचार करने, उनके परिवार का पूरा खर्चा भी वहन करने, उन्हें 10 हजार रुपए लॉक डाउन भत्ता व मासिक मानदेय देने की मांगें भी की गई हैं। ज्ञापन सोंपने वालों में संगठन की प्रदेश अध्यक्ष कमला कुंजवाल, रश्मि राणा, रमा गैड़ा, दुर्गा टम्टा, हेमा आर्या, नीरू पुजारी, मिर्मला चंद्रा, कमला बिष्ट व नीता नैनवाल आदि आशा बहनें मौजूद रहीं।

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‘नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से ‘मन कही’ के रूप में जनवरी 2010 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
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