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एक ही दिन में दो दिन का पार्किंग शुल्क लिये जाने पर सैलानियों व पार्किंग संचालकों में मारपीट

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नवीन समाचार, नैनीताल, 18 नवंबर 2019। नगर के मल्लीताल कोतवाली के सामने स्थित अशोक टॉकीज की पार्किंग में एक ही दिन में दो दिन का पार्किंग शुल्क लिये जाने पर सैलानियों व पार्किंग संचालकों में मारपीट हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर में {ाूमने आये हरियाणा के युवकों ने अपनी कार संख्या एचआर12एजे-2673 शनिवार अपराह्न पार्किंग में खड़ी की थी और रविवार को इसे वापस लेने आये तो पार्किंग संचालकों ने चेक आउट का समय बीत जाने की बात कह उनसे दो दिन का किराया मांगा। इस पर पाकिंग संचालकों व पर्यटकों में विवाद हो गया और एक पर्यटक का होंठ भी फट गया। उसे बीडी पांडे जिला चिकित्सालय में उपचार के लिए ले जाना पड़ा। बाद में दोनों पक्ष एक-दूसरे के खिलाफ तहरीर लेकर मल्लीताल कोतवाली पहुंचे लेकिन वहां दोनों के बीच समझौता हो गया। लिहाजा किसी पक्ष के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं की गई।

नवीन समाचार
मेरा जन्म 26 नवंबर 1972 को हुआ था। मैं नैनीताल, भारत में मूलतः एक पत्रकार हूँ। वर्तमान में मार्च 2010 से राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक समाचार पत्र-राष्ट्रीय सहारा में ब्यूरो चीफ के रूप में कार्य कर रहा हूँ। इससे पहले मैं पांच साल के लिए दैनिक जागरण के लिए काम कर चुका हूँ। कुमाऊँ विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग से ‘नए मीडिया’ विषय पर शोधरत हूँ। फोटोग्राफ़ी मेरा शौक है। मैं NIKON COOLPIX P530 और अडोब फोटोशॉप 7.0 के साथ फोटोग्राफी कर रहा हूँ। फोटोग्राफी मेरे लिए दुनियां की खूबसूरती को अपनी ओर से चिरस्थाई बनाने का बहुत छोटा सा प्रयास है। एक फोटो पत्रकार के रूप में मेरी तस्वीरों को नैनीताल राजभवन सहित विभिन्न प्रदर्शनियों में प्रस्तुत किया गया, तथा उत्तराखंड की राज्यपाल श्रीमती मार्गरेट अलवा द्वारा सम्मानित किया गया है। कुछ चित्रों को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हो चुके हैं। गूगल अर्थ पर चित्र उपलब्ध कराने वाली पैनोरामियो साइट पर मेरी प्रोफाइल को 18.85 Lacs से भी अधिक हिट्स प्राप्त हैं।पत्रकारिता और फोटोग्राफी के अलावा मुझे कवितायेँ लिखना पसंद है। काव्य क्षेत्र में मैंने नवीन जोशी “नवेन्दु” के रूप में अपनी पहचान बनाई है। मैंने बहुत सी कुमाउनी कवितायेँ लिखी हैं, कुमाउनी भाषा में मेरा काव्य संकलन उघड़ी आंखोंक स्वींड़ प्रकाशित हो चुका है, जो कि पुस्तक के के साथ ही डिजिटल (PDF) फार्मेट पर भी उपलब्ध होने वाली कुमाउनी की पहली पुस्तक है। मेरी यह पुस्तक गूगल एप्स पर भी उपलब्ध है। ’ यहां है एक पत्रकार, लेखक, कवि एवं छाया चित्रकार के रूप में मेरी रचनात्मकता, लेख, आलेख, छायाचित्र, कविताएं, हिंदी-कुमाउनी के ब्लॉग आदि कार्यों का पूरा समग्र। मेरी कोशिश है कि यहां नैनीताल, कुमाऊं, उत्तराखंड और वृहद संदर्भ में देश की विरासत, संस्कृति, इतिहास और वर्तमान को समग्र रूप में संग्रहीत करने की….। मेरे दिल में बसता है, मेरा नैनीताल, मेरा कुमाऊं और मेरा उत्तराखंड
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