बिग ब्रेकिंग: हाईकोर्ट के आदेशों पर उत्तराखंड पुलिस व एलआईयू के 32 दरोगा बने इंस्पेक्टर
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बिग ब्रेकिंग: हाईकोर्ट के आदेशों पर उत्तराखंड पुलिस व एलआईयू के 32 दरोगा बने इंस्पेक्टर

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नवीन समाचार, नैनीताल, 29 सितंबर 2020। उत्तराखंड पुलिस व अभिसूचना इकाई के 32 दरोगा यानी उपनिरीक्षक इंस्पेक्टर यानी निरीक्षक के पद पर पदोन्नत हो गए हैं। मंगलवार को पुलिस महानिदेशालय से मुलिस महानिरीक्षक पुष्पक ज्योति के हस्ताक्षरों से इस आशय के आदेश जारी हो गए हैं।
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उल्लेखनीय है कि यह पदोन्नतियां उत्तराखंड उच्च न्यायालय में चल रही राज जुयाल की याचिका पर उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेशों पर की गई हैं।

यह भी पढ़ें : पुलिस के 88 दरोगा बने इंस्पैक्टर

नवीन समाचार, देहरादून, 31 अगस्त 2020। उत्तराखंड पुलिस के वर्ष 2017, 2018, 2019 व 2020 में चयनित नागरिक पुलिस के उप निरीक्षकों यानी दरोगाओं के निरीक्षकों यानी सब इंस्पैक्टरों के इंस्सपैक्टरों के पदों पर पदोन्नति प्रक्रिया के परिप्रेक्ष्य में गठित विभागीय चयन समिति द्वारा की गई संस्तुति के आधार पर 88 उप निरीक्षकों को तत्काल प्रभाव से निरीक्षक पद पर पदोन्नति दे दी है।
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यह भी पढ़ें : सप्ताह भर में कोतवाली पुलिस ने सरकारी खजाने में भरे करीब एक लाख रुपए

नवीन समाचार, नैनीताल, 24 अगस्त 2020। कोरोना काल सरकार के लिए पुलिस के जरिये जनता को नियमों का पाठ पढ़ाते हुए सरकारी खजाना भरने का बड़ा माध्यम बन रहा है। वरिष्ठ उप निरीक्षक मो. यूनुस ने बताया कि बीते एक सप्ताह में कोतवाली मल्लीताल पुलिस, ट्रैफिक पुलिस एवं चौकी मंगोली पुलिस ने बीती 17 अगस्त से 23 अगस्त के दौरान नियमों का उल्लंघन करने पर 272 लोगों के विरुद्ध विभिन्न अधिनियम में कार्यवाही करते हुये 97,500 रुपए संयोजन शुल्क वसूल किया है। इनमें से 138 लोगों के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम में कार्यवाही करते हुए 71500, 30 लोगों के विरुद्ध पुलिस अधिनियम की धारा धारा 81 पुलिस एक्ट में कार्रवाई करते हुए 7500 रुपए एवं सार्वजनिक स्थान पर लॉक डाउन के नियमों का उल्लंघन करने एवं मास्क न पहनने पर 104 लोगों के विरुद्ध अंतर्गत महामारी अधिनियम के तहत 18500 संयोजन शुल्क वसूल किया गया।

पुलिस ने नशा करने वाले युवाओं की की काउंसिलिंग
नैनीताल। सोमवार को कोतवाली मल्लीताल में प्रभारी निरीक्षक अशोक कुमार के निर्देशों पर बीट आरक्षियों द्वारा अपने बीट क्षेत्रों से नशा करने वाले युवाओं को बुला कर उनकी काउंसलिंग की गई। इस दौरान कोतवाल अशोक कुमार सिंह व वरिष्ठ उप निरीक्षक मो. यूनुस ने इन युवाओं की नशा न करने के संबंध में काउंसलिंग की तथा उन्हें नशा न करने की शपथ दिलाई। साथ ही उन्हें नशे से होने वाले दुष्प्रभावो के बारे में जानकारी दी तथा हिदायत दी कि भविष्य में नशे को हाथ नही लगाएंगे। क्षेत्र में यदि कोई नशे का कारोबार करता है तो उसके संबंध में पुलिस को जानकारी भी देंगे, तथा अपने आसपास भी नशा करने वालो को नशा न करने व नशे के बुरे परिणामों के बारे में बतायेंगें।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड पुलिस के लिए खास रहा 74वां स्वतंत्रता दिवस, 4 को राष्ट्रपति, 1-1 को गृह मंत्री व मुख्यमंत्री से सहित 116 को मिले उत्कृष्ट, सराहनीय व विशिष्ट सेवाओं के लिए पदक, देखें पूरी सूची

नवीन समाचार, देहरादून/नैनीताल, 14 अगस्त 2020। उत्तराखंड पुलिस के लिए 74वां स्वतंत्रता दिवस खास रहा। इस दौरान केएस नगन्याल, दलीप सिंह कुंवर, कैलाश चंद्र पंवार व पीएस बहुगुणा को राष्ट्रपति, कमलेश कुमार भट्ट को गृह मंत्री व धीरेंद्र रावत को मुख्यमंत्री से पदक प्राप्त हुए। साथ ही डीसी ढोंढियाल, डीसी बडोला, पीएस बहुगुणा, तारा दत्त जोशी, जीएस गुलेरिया व शिव कुमार को उत्कृष्ट सेवाओं के लिए पदक मिले। साथ ही 13 पुलिस कर्मियों को सराहनीय सेवा सम्मान चिन्ह तथा 103 को विशिष्ट सेवाओं के लिए सम्मान चिन्ह प्रदान किये गये।
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इधर इस दौरान कुमाऊं मंडल एवं जिला मुख्यालय में आईजी अजय रौतेला ने ध्वजारोहण करने के उपरांत कर्मचारियों को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई तथा पदक प्राप्त अधिकारियों व कर्मचारियों के नाम पढ़े। जबकि पुलिस लाइन में एसएसपी सुनील कुमार मीणा ने ध्वजारोहण किया। साथ ही जनपद के विशिष्ट कार्य के लिए सराहनीय सेवा सम्मान चिन्ह प्राप्त रवि कुमार सैनी (प्रभारी निरीक्षक रामनगर), अशोक कुमार (प्रभारी निरीक्षक मल्लीताल), सुशील कुमार (थानाध्यक्ष वनभूलपुरा), प्रमोद पाठक (पी.आर.ओ. एस.एस.पी. नैनीताल) देवनाथ गोस्वामी (वाचक अ.पु.अ. नैनीताल, मनवर सिंह (प्रभारी चौकी मेडिकल)एवं कैलाश नेगी (प्रभारी चौकी मंगलपडाव) तथा सराहनीय सेवा के लिए सराहनीय सेवा सम्मान चिन्ह प्राप्त पुलिस लाइन में तैनात उप निरीक्षक-विशेष श्रेणी दिनेश चन्द्र पन्त एवं वरिष्ठ आरक्षी भूपाल सिंह रावत को सम्मान चिन्ह एवं सम्मान राशि से सम्मानित किया। इस अवसर पर एएसपी राजीव मोहन, सीओ विजय थापा, प्रतिसार निरीक्षक महेश चंद्र कांडपाल, सूबेदार मेजर जहीर अहमद सहित अन्य पुलिस कर्मी मौजूद रहे।

पुलिस की कोरोना वॉरियर इंस्टाग्राम प्रतियोगिता में सद्भावना यूथ फाउंडेशन रही प्रथम
नैनीताल। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर नैनीताल पुलिस द्वारा इंस्टाग्राम पर कोरोना वारियर प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर टीम हल्द्वानी के लामाचौड़ निवासी हेमू पडलिया एवं उनकी संस्था ’सद्भावना यूथ फाउंडेशन’ को एसएसपी सुनील कुमार मीणा ने सम्मानित किया। बताया गया कि उन्हें इंस्टाग्राम पर 3607 लाइक्स मिले। इस मौके पर पूर्व जिला पंचायत सदस्य नीरज तिवारी व भास्कर पडलिया भी मौजूद रहे। 

यह भी पढ़ें : चर्चित लूट कांड में एक दरोगा सहित तीन पुलिस कर्मियों पर बर्खास्तगी की तलवार !

नवीन समाचार, नैनीताल, 09 अगस्त 2020। उत्तराखंड में अप्रैल 2019 में हुए चर्चित ‘पुलिस लूटकांड’ के आरोपी एक सब इंस्पेक्टर और दो सिपाहियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हो सकती है। सूत्रों के अनुसार निलंबित चल रहे तीनों पुलिस कर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच पूरी हो गई है और जांच में तीनों को दोषी पाया गया है। उल्लेखनीय है कि इस लूट कांड में तत्कालीन आईजी गढ़वाल अजय रौतेला की सरकारी कार का इस्तेमाल किया गया था।
विदित हो कि चार अप्रैल-2019 की रात लोकसभा चुनाव के दौरान एक प्रॉपर्टी डीलर ने तीन पुलिसकर्मियों और एक कांग्रेस नेता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर आरोप लगाया कि राजपुर रोड स्थित एक होटल के पास उसे एक सफेद रंग की स्कॉर्पियो कार सवार पुलिसकर्मियों ने रोका और खुद को चुनाव स्टेटिक टीम का सदस्य बताकर उससे रुपयों से भरा बैग ले लिया और स्कॉर्पियो में रखकर फरार हो गए। मामले में जब प्राथमिक जांच हुई तो सीसीटीवी कैमरों के आधार पर तीनों पुलिसकर्मियों की पहचान सब इंस्पेक्टर दिनेश नेगी, सिपाही मनोज अधिकारी और हिमांशु उपाध्याय के रूप में हुई। इनके खिलाफ डालनवाला थाने में मुकदमा दर्ज हुआ। इसके बाद जांच एसटीएफ को सौंपी गई। एसटीएफ ने तीनों पुलिसकर्मियों और कांग्रेसी नेता अनुपम शर्मा को गिरफ्तार किया। कांग्रेसी नेता पर आरोप था कि उसने इन पुलिसकर्मियों का इस घटना में पूरा-पूरा साथ दिया था। हालांकि, एसटीएफ लूटी गई रकम बरामद नहीं कर पाई थी। एसटीएफ ने पूछताछ और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मिले सुबूतों के आधार पर चारों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। इधर, इस मामले में एसपी देहात देहरादून को पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच सौंपी गई थी। अब यह जांच पड़ताल पूरी हो चुकी है, जिसकी रिपोर्ट उन्होंने डीआईजी अरुण मोहन जोशी को सौंप दी है। सूत्रों के मुताबिक जांच में तीनों पुलिसकर्मी दोषी पाए गए हैं। ऐसे में मुख्यालय इनके खिलाफ अब बड़ी कार्रवाई यहां तक कि तीनों के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई भी हो सकती है।

यह भी पढ़ें : नैनीताल : कोविद केयर सेंटर में शराब के नशे में धुत मिला पुलिस कर्मी

नवीन समाचार, नैनीताल, 21 जुलाई 2020। मुख्यालय के रियो ग्रांड होटल में बने कोरोना केयर सेंटर में तैनात एक पुलिसकर्मी मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग के निरीक्षण के दौरान नशे में धुत मिला। इस पर उसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से की गई। फलस्वरूप उसे लाइन हाजिर कर दिया गया है। बताया गया है कि वह नशे में इतना धुत था कि चिकित्सकों को पूछने पर कोई जवाब नहीं दे पाया। मल्लीताल कोतवाली के वरिष्ठ उप निरीक्षक मो. यूनुस ने बताया कि पुलिस कर्मी शराब के नशे में धुत मिला। वह पुलिस लाइन में तैनात पुलिस कर्मी था और उसकी ड्यूटी कोविद केयर सेंटर में थी। उसे वापस पुलिस लाइन भेज दिया गया है। वहां अधिकारी तय करेंगे कि उसे क्या सजा दी जाए।

यह भी पढ़ें : कुमाऊं में पुलिस कर्मियों को मिलेगा आराम, बदलेगी भूमिका

आईजी अजय रौतेला

नवीन समाचार, नैनीताल, 2 जुलाई 2020। पिछले करीब 100 दिन से कोरोना के संक्रमण काल में दिन-रात लगे पुलिस कर्मचारियों को अब सप्ताह में एक दिन आराम मिल सकेगा। कुमाऊं मंडल के नवनियुक्त आईजी अजय रौतेला ने कहा कि ऐसा प्रयास किया जा रहा है, ताकि दिन-रात ड्यूटी कर रहे पुलिस कर्मियों को कुछ आराम मिल पाये। साथ ही उन्होंने कहा कि अब पुलिस कर्मियों की भूमिका भी कुछ बदलने जा रही है। अब तक पुलिस कर्मी सीमा व बैरियरों पर बाहर से आने वाले लोगों की जांच करने में सक्रियता बरत रही थी, जबकि अब उन्हें होम क्वारन्टाइन में रह रहे एवं अन्य लोगों को मास्क एवं सैनिटाइजर के प्रयोग आदि नियमों का पालन कराने के प्रति अधिक सतर्कता बरतनी होगी।
श्री रौतेला बृहस्पतिवार को मुख्यालय स्थित अपने कार्यालय में पत्रकारों के साथ पहली, परिचयात्मक वार्ता कर रहे थे। एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि नेपाल सीमा पर वहां के बदलते हालातों के दृष्टिगत पुलिस को सीमावर्ती क्षेत्रों में अधिक सतर्कता बरती जाएगी।

ह भी पढ़ें : ब्रेकिंग : उत्तराखंड में 22 पुलिस इंस्पेक्टर बने सीओ…

नवीन समाचार, देहरादून, 23 मई 2020। उत्तराखण्ड राज्य में पुरे 22 इंस्पेक्टर अब सीओ बन गए है। प्रान्तीय  पुलिस सेवा संवर्ग के पुलिस उपाधीक्षक कनिष्ठ वेतनमान  (पे मैट्रिक्स में लेवल—10) के पद पर प्रोन्नति कोटे की चयन वर्ष 2019—20 की रिक्तियों के सापेक्ष उत्तराखंड लोक सेवा अयोग, हरिद्वार द्वारा की गई संस्तुति के आधार पर स्थायी पुलिस निरीक्षकों को पुलिस उपाधीक्षक, कनिष्ठ वेतनमान के पद प्रोन्नति प्रदान करने के लिए राज्यपाल ने अपनी संस्तुति दे दी है। अपर सचिव अतर सिंह द्वारा जारी सूची के अनुसार इंस्पेक्टर अब सीओ बन गए है।   प्रोन्नत होने वाले निरीक्षकों में हरिद्वार में तैनात इंस्पेक्टर प्रकाश चंद मठपाल और विशेष अभिसूचना विभाग में तैनात प्रभारी निरीक्षक सुनीता वर्मा सहित पंकज कुमार उप्रेती, होशियार चन्द, बलजीत सिंह भाकुनी, अनिल कुमार शर्मा, श्यामदत्त नैटियाल, अजय कुमार त्यागी,वीरेन्द्र दत्त उनियाल, विनोद कुमार थापा, विमल प्रसाद, दिनेश चन्द बडोला, भूपेन्द्र सिंह भण्डारी, कमलेश पंत, उमेश पाल सिंह रावत, अनराम आर्य, तिलक राम वर्मा, चन्द्र  सिंह बिष्ट, प्रकाश कम्बोज, अनिल मनराल, सुरेन्द्र सिंह सामन्त व रमा देवी को सीओ बनाया गया है।

यह भी पढ़ें : बड़ी सफलता : नैनीताल पुलिस ने दो लोगों से पकड़ी 1.4 करोड़ रुपए की भारतीय मुद्रा

नवीन समाचार, नैनीताल, 14 मई 2020। नैनीताल पुलिस की एसओजी यानी विशेष जांच दल को बृहस्पतिवार को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस के विशेष जांच दल ने प्रभाी अबुल कलाम के नेतृत्व में शहर के मुखानी क्षेत्र मंे एक इनोवा क्रिस्टा ब्रांड की कार को रोका तो कार सवार लोगों ने मेडिकल इमरजेंसी यानी स्वास्थ्य आपातकाल में जाने की बात कही, लेकिन इस बारे में वे कोई पास नहीं दिखा पाये। आगे जांच में उनके पास एक करोड़ 40 लाख रुपये की भारतीय मुद्रा होेन की बात प्रकाश में आई। पुलिस क्षेत्राधिकारी शांतनु ने बताया कि गिनने पर धनराशि 1.4 करोड़ से एक हजार रुपए कम पायी गयी। पुलिस के अधिकारी ने कहा कि कार में एक चालक व एक अन्य व्यक्ति था। इनमें से एक दिल्ली व दूसरा राजस्थान निवासी है। उन्होंने इस धनराशि को दिल्ली ले जाने की बात कही, लेकिन वे इतनी बड़ी धनराशि का स्रोत नहीं बता पाये। इसलिये दोनों को गिरफ्तार कर धनराशि को सीज कर कोषागार में जमा कराया जा रहा है। मामले की जानकारी सतर्कता आयुक्त एवं आयकर विभाग के उच्चाधिकारियों को भी भेजी जा रही है।
बताया गया है कि लॉक डाउन के दौरान पुलिस इन दिनों विशेष सख्ती व सतर्कता बरत रही है। इसी के तहत संदेह होने पर हर वाहन को रोका जा रहा है। इसी दौरान पुलिस के विशेष जांच दल को यह बड़ी कामयाबी मिली है। इधर पुलिस सूत्रों का कहना है कि वास्तव में दोनों दिल्ली के किसी मंडी व्यापारी के कर्मचारी हैं, औ यहां हल्द्वानी मंडी से पिछले बकाये की उगाही करके यह धनराशि ले जा रहे थे। तभी पुलिस की पकड़ में आ गये, किं इस धनराशि का स्रोत नहीं बता पाये।

यह भी पढ़ें : महाधिवक्ता कार्यालय में कार्यरत पुलिस हेड कांस्टेबल का निधन

नवीन समाचार, नैनीताल, 13 मई 2020। उत्तराखंड महाधिवक्ता कार्यालय में तैनात मूलतः ग्राम भटेड़ी जिला पिथौरागढ़ निवासी 57 वर्षीय पुलिस हेड कॉन्स्टेबल प्रेम सिंह गबाड़ी की बुधवार रात्रि हृदयाघात से मृत्यु हो गई। वे मुख्यालय स्थित रिजर्व पुलिस लाइन में रहते थे। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद उनके पार्थिव शरीर को उनके परिजनों के साथ पिथौरागढ़ स्थित उनके मूल घर भेज दिया है।
जनपद के प्रतिसार निरीक्षक भूपेंद्र सिंह भंडारी ने बताया कि दिवंगत प्रेम सिंह बीती को बीती रात करीब साढ़े दस बजे दिल का दौरा पड़ा। इस पर उनके साथ कक्ष में रहने वाले दो हेड कांस्टेबल उन्हें उपचार के लिए बीडी पांडे जिला चिकित्सालय ले गये, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इससे पुलिस विभाग में शोक व्याप्त हो गया। बुधवार को पुलिस ने उनके शव का पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम कराया और सूचना पर पहुंचे उन के दामाद व पुत्र तथा गारद के साथ उनके घर पिथौरागढ़ भेज दिया। मृतक कांस्टेबल के परिवार में पत्नी, दो बेटे, दो विवाहित बेटियां हैं। इस बीच पुलिस लाइन में महाधिवक्ता एसएन बाबुलकर, प्रतिसार निरीक्षक भूपेंद्र सिंह भंडारी, सीओ सिटी विजय थापा, महाधिवक्ता के प्रोटोकॉल अफसर चंद्रशेखर दुम्का, मल्लीताल कोतवाल अशोक कुमार सिंह व तल्लीताल के थाना प्रभारी विजय मेहता आदि ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।

यह भी पढ़ें : पुलिस कर्मी पर महिला राजस्व उप निरीक्षक व उसके परिजनों से अभद्रता का आरोप, कार्य बहिष्कार की धमकी..

नवीन समाचार, नैनीताल, 29 अप्रैल 2020। कालाढूंगी पुलिस के आरक्षी अशोक काम्बोज पर रामनगर तहसील में तैनात महिला राजस्व उप निरीक्षक (पटवारी) रंजना आर्या के साथ अभद्रता किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। पटवारी ने एसडीएम व पुलिस क्षेत्राधिकारी रामनगर को पत्र लिख कर उक्त पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं मामला तूल पकड़ता भी नजर आ रहा है। उत्तर भारत पटवारी-कानूनगो संघ व पर्वतीय पटवारी महासंघ ने भी महिला पटवारी के पक्ष में आकर कार्य बहिष्कार की धमकी देते हुए मामले में कार्रवाई की मांग की है।
इधर एसडीएम रामनगर को लिखे पत्र में रंजना आर्या ने कहा है कि बुधवार को वह अपने परिजनों के साथ एसडीएम से विधिवत अनुमति लेकर नैनीताल जा रही थी। तभी कालाढूंगी में पुलिस आरक्षी अशोक काम्बोज ने चेकिंग के नाम पर उनके व उनके परिवार के साथ अभद्रता की। उन्हें जबरदस्ती गाड़ी से उतरने के लिए कहा। उनकी माता जी ने जब इस पर आपत्ति की तो उन्हें व उनके पति को भी भला बुरा कहा। साथ ही यह बताने पर कि वह पटवारी है तो जवाब मिला कि ‘तू पटवारी होगी अपने घर की’। जब पुलिसकर्मी को बताया गया कि उनको एसडीएम द्वारा अनुमति प्राप्त है तो उसने कहा कि ‘एसडीएम क्या तोप है।’ उन्होंने एसडीएम रामनगर से उक्त पुलिसकर्मी अशोक काम्बोज के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करने की मांग की है। वहीं, उत्तर भारत पटवारी-कानूनगो संघ के महासचिव तारा चन्द्र घिल्डियाल ने घटना की निंदा करते हुए तथा राजस्व कार्मिकों के कार्य बहिष्कार की धमकी देते हुए जनपद के डीएम तथा एसएसपी से शीघ्र आरोतिप पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वाही हो, अन्यथा समस्त के लिए बाध्य होंगे।’ साथ ही पर्वतीय पटवारी महासंघ के जनपद शाखा नैनीताल के मीडिया प्रभारी भुवन चंद्र जोशी ने भी इस घटना में अपना रोष व्यक्त किया और तत्काल अभद्रता करने वाले पुलिस कर्मी के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही करने की मांग की है।

यह भी पढ़ें : इलाका 72 घंटे के लिए सील, पुलिस दरोगा गीत से कर रहे कोरोना के प्रति जागरूक

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 9 अप्रैल 2020। हल्द्वानी का बनभूलपुरा थाना क्षेत्र वैश्विक महामारी कोरोना से सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्र है। पूरे कुमाऊं मंडल में इसी क्षेत्र से सर्वाधिक कोरोना संक्रमित मामले आये हैं। इसलिए बृहस्पतिवार रात्रि 12 बजे से यह पूरा क्षेत्र 72 घंटे के लिए लॉक डाउन होने जा रहा है। यहां हर किसी को चिंता है कि किसी तरह से यह क्षेत्र कोरोना से बच पाए। हर कोई अपनी ओर से ऐसा प्रयास भी कर रहा है। ऐसी ही एक कोशिश बनभूलपुरा थाने में कार्यरत पुलिस उप निरीक्षक सादिक हुसैन द्वारा भी की जा रही है। सादिक गीत गाकर लोगों को कोरोना से बचाने के लिए जागरूक कर रहे हैं। देखें-सुनें उप निरीक्षक साद

यह भी पढ़ें : ‘लॉक डाउन’ में बुजुर्गों की मददगार बनी नैनीताल पुलिस

नवीन समाचार, नैनीताल, 25 मार्च 2020। नगर की तल्लीताल थाने के अंतर्गत ज्योलीकोट चौकी पुलिस बुधवार को एक बुजुर्ग दंपत्ति की मददगार साबित हुई। हुआ यह कि कोरोना विषाणु के संक्रमण के दृष्टिगत लगे लॉक डाउन के कारण निकटवर्ती गांव भूमियाधार निवासी 75 वर्षीय बुजुर्ग दंपत्ति ने बुधवार को किसी तरह 112 आपातकालीन सेवा के माध्यम से पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी कि वह दोनों पति-पत्नी बुजुर्ग हैं व अकेले रहते हैं। उनके पास खाने की सामग्री नहीं है। पुलिस कंट्रोल रूम ने यह सूचना तत्काल प्रभारी चौकी ज्योलीकोट चंद्रशेखर कन्याल को दी। इस पर चौकी प्रभारी ने संबंधित फोन नंबर से संपर्क कर सामान की सूची मांगकर उनके घर पर 10 किलो आटा, 2 किलो दाल, 1 किलो चीनी, चाय पत्ती एवं तेल पहुंचवाया, तथा बुजुर्ग दंपत्ति का हालचाल पूछा गया। दोनों बुजुर्गों ने नैनीताल पुलिस की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए पुलिस द्वारा उपलब्ध कराए गए सामान का भुगतान भी किया।

यह भी पढ़ें : ब्रेकिंग नैनीताल: एक दर्जन पुलिस इंस्पेक्टर-सब इंस्पेक्टरों के तबादले, नैनीताल-लालकुआं के कोतवाल भी बदले

नवीन समाचार, नैनीताल, 11 मार्च 2020। नैनीताल जनपद के एसएसपी सुनील कुमार मीणा ने बुधवार 11 मार्च की देर शाम को जनपद के 11 पुलिस निरीक्षक व उपनिरीक्षकों के तत्काल प्रभाव से स्थानांतरण कर दिए हैं। इन स्थानांतरणों में खास बात यह है कि नैनीताल व लालकुआं कोतवाली के थाना प्रभारी बदल दिए गए हैं। निरीक्षक नागरिक पुलिस सुधीर कुमार प्रभारी को डीसीआरबी से प्रभारी निरीक्षक थाना लालकुआं, निरीक्षक योगेश चंद्र उपाध्याय को प्रभारी निरीक्षक थाना लालकुआं से प्रभारी निरीक्षक थाना मल्लीताल, निरीक्षक नागरिक पुलिस अशोक कुमार को प्रभारी निरीक्षक थाना मल्लीताल से प्रभारी निरीक्षक डीसीआरबी के अलावा उप निरीक्षक विमल कुमार मिश्रा को थाना काठगोदाम से वरिष्ठ उपनिरीक्षक थाना भवाली, नीरज चौहान को पुलिस लाइन नैनीताल से थाना बेतालघाट, रविद्र सिंह राणा को थाना बेतालघाट से चौकी भोटिया पड़ाव हल्द्वानी, नरेंद्र कुमार को थाना कालाढूंगी से थाना मल्लीताल, दीपक कुमार बिष्ट को पुलिस लाइन नैनीताल से थाना तल्लीताल, राजेश कुमार मिश्रा को पुलिस लाइन नैनीताल से थाना भीमताल, सुशील चंद्र जोशी को आर्थिक अपराध सैल हल्द्वानी से थाना हल्द्वानी तथा राजेंद्र सिंह रावत को थाना भीमताल से थाना काठगोदाम स्थानांतरित किया गया है।

यह भी पढ़ें : सिपाही व दरोगा ने डीआईजी से पूछा, कौन डीआईजी-कहां के डीआईजी… हुए लाइन हाजिर, निलंबित

नवीन समाचार, नैनीताल, 25 फरवरी 2020। जिला-मंडल मुख्यालय में मित्र पुलिस का ऐसा चेहरा सामने आया है, जो उनके नाम को साकार नहीं करता है। बेशक पुलिस कर्मी अपनी कार्य परिस्थितियों में काफी तनावों व दबावों में होते हैं, लेकिन उनसे उम्मीद की जाती है कि वे आम लोगो के साथ पूरी सादगी और संवेदनशीलता से पेश आएं। उनके लिए कठिन परिस्थितियों में भी शांत रहने और परेशान लोगों की समस्या सुनने की उम्मीद की जाती है। लेकिन मुख्यालय में सोमवार अपराह्न एक ऐसा मामला प्रकाश मंे आया है, जहां मल्लीताल कोतवाली पुलिस के एक सिपाही व एक दरोगा ने चेकिंग के दौरान एक महिला की समस्या नहीं सुनी। महिला वाहन के कुछ कागजात घर पर भूल आई थी और उसके पास पैंसे भी नहीं थे। उधर पुलिस कर्मी उसका चालान करने पर उतारू थे। महिला ने कुमाऊं रेंज के डीआईजी जगतराम जोशी से बात की। डीआईजी जोशी ने संबंधित पुलिस कर्मी से बात कराने को कहा तो महिला ने अपना फोन सिपाही को थमा दिया। सिपाही ने फोन कान पर लगा कर दूसरी ओर से डीआईजी की आवाज को भी गंभीरता से लिए बगैर डीआईजी से भी अभद्रता कर डाली। डीआईजी जोशी ने बताया, उनसे सिपाही ने कहा, ‘कौन डीआईजी ? कहां के डीआईजी ?’ साथ ही और भी अभद्रता करने लगा। डीआईजी जोशी ने बताया, उन्हें लगा कि संभवतया महिला ने किसी और को फोन मिला दिया है। क्योंकि जैसी बातें सिपाही कर रहा था, वैसी बातें एक पुलिस कर्मी कर ही नहीं सकता। इस पर उन्होंने सिपाही से दरोगा से बात करने को कहा तो दरोगा भी डीआईजी से अभद्रता करने लगा। डीआईजी जोशी ने बताया, उन्होंने अपने पूरे जीवन व सेवा में किसी पुलिस कर्मी से इस तरह की भाषा व व्यवहार नहीं देखा था। इसलिए दोनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की संस्तुति की गई है। सिपाही को निलंबित करने एवं दरोगा को लाइन हाजिर किया जा रहा है।

यह भी पढ़ें : एसएसपी का एक्शन: छोटों पर मार, बड़े बरकरार…. दो लाइन हाजिर, एक सस्पेंड, 15 इधर से उधर..

नवीन समाचार, रुद्रपुर, 22 फरवरी 2020। ऊधमसिंह नगर जनपद के एसएसपी बरिंदरजीत सिंह ने बाजपुर कोतवाली में तैनात दरोगा मदन मोहन जोशी और संविदा पर तैनात चालक दिनेश राणा को उत्तराखंड उच्च न्यायालय के न्यायाधीश को गत 19 फरवरी को एस्कॉर्ट देने में लापरवाही बरतने पर लाइन हाजिर कर दिया है। वहीं एसएसपी ने खटीमा सीओ महेश चंद्र बिंजोला के पेशकार गोपाल राम चंदेल को विभागीय कार्रवाई में लापरवाही बरतने पर सस्पेंड कर दिया है। इनके अलावा सात सिपाहियों को थानों में इधर से उधर कर दिया है, जबकि आठ को रिजर्व पुलिस लाइन से थानों में तैनाती दे दी गई है। इस पर जनपद के पुलिस कर्मियों में चर्चा है, छोटों पर मार की गई है, और बड़े बरकरार है।

यह भी पढ़ें : भारी पड़ी सिपाही को हनक, रात भर ग्रामीणों ने बंधक रखा

नवीन समाचार, नैनीताल, 17 फरवरी 2020। रीठासाहिब थाने के ‘अजीन’ नाम के एक पुलिस के सिपाही को हनक दिखाना भारी पड़ गया। ग्रामीणों ने उसे रात भर बंधक बनाकर बैठाए रखा और उस पर अपहरण करने का आरोप भी लगाया। आखिर सिविल एवं राजस्व पुलिस के जवानों ने दूसरे दिन मौके पर जाकर पुलिस कर्मी को ग्रामीणों के चंगुल से बचाया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार रविवार की रात करीब नौ बजे काठगोदाम-हैड़ाखान रोड पर रौंसिला के पास कुछ लड़के सड़क पर दौड़ने का अभ्यास कर रहे थे। इस बीच चंपावत की ओर से कार चालक से लड़कों का विवाद हो गया। कार चालक ने स्थानीय ग्राम तिल्वाड़ी निवासी एक 12वीं कक्षा के छात्र 18 वर्षीय नीरज सिंह पुत्र तुला सिंह को जबरन कार में बैठा लिया और साथ ले जाने लगा। वह खुद को पुलिस का डीआइजी बताकर सरकार को गाली भी देते रहा। इस बीच ग्रामीणों में छात्र के अपहरण होने की आशंका को लेकर हल्ला मच गया और ग्रामीण जुट गए। उन्होंने आगे घेर कर, वाहन सड़क पर टेढ़े खड़े कर कार चालक को पकड़ लिया और उसके कब्जे से स्थानीय लड़के को छुड़ा कर चालक की जमकर पिटाई भी कर दी। कार चालक पूछताछ में खुद को सरकारी अधिकारी बताने लगा। इस पर ग्रामीणों ने रात भर उसे बंधक बनाकर रख दिया। सोमवार सुबह आक्रोशित ग्रामीणों ने हैड़ाखान मार्ग पर जाम लगाकर सिपाही के निलंबन व मुकदमा दर्ज करने की मांग शुरू कर दी। सुबह जानकारी मिलने पर काठगोदाम थानाध्यक्ष नंदन सिंह रावत दल-बल के साथ मौके पर पहंुचे। बाद में राजस्व पुलिस का क्षेत्र होने की जानकारी मिलने पर स्थानीय राजस्व उप निरीक्षक व तहसीलदार भी मौके पर पहुंचे। एक बजे प्रशासन के मोबाइल पर चम्पावत एसपी के निलंबन का आदेश मंगाने व ग्रामीणों को दिखाने पर मामला शांत हुआ। काठगोदाम थानाध्यक्ष नंदन सिंह रावत ने बताया कि पूछताछ में चालक रीठासाहिब जनपद चंपावत निवासी पुलिस का सिपाही निकला। उसका आते हुए ग्रामीण युवकों से विवाद हो गया था। इस पर वह एक युवक को साथ में ले आया था। राजस्व पुलिस की मौजूदगी में ग्रामीणों के साथ वार्ता कर उसे मुक्त करा लिया गया है, और दोनों पक्षों में विवाद शांत करा लिया गया है। छात्र को नशे की बिक्री की सूचना पर ले जाने की दलील भी पुलिस कर्मी के द्वारा दी गई।

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नवीन समाचार, रुद्रपुर, 5 फरवरी 2020। उत्तराखंड पुलिस के लिए एक दुःख भरी खबर है। ऊधमसिंह नगर जनपद के मुख्यालय रुद्रपुर के पुलिस क्षेत्राधिकारी रहे व वर्तमान में यातायात पुलिस के सीओ हिमांशु साह का हृदयाघात से असामयिक निधन हो गया है। बुधवार शाम अचानक सीने में दर्द की शिकायत होने पर साथी पुलिस कर्मी उन्हें शहर के मेडिसिटी अस्पताल में उपचार के लिए ले गए, जहां उपचार से उन्हें बचाया नहीं जा सका। जनपद के पुलिस के उच्चाधिकारी साह के असामयिक निधन के समाचार से स्तब्ध रह गए हैं, तथा अस्पताल पहुंच गए हैं, जहां से उनके पार्थिव शरीर को पुलिस कार्यालय लाया जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार करीब 56 वर्षीय स्वर्गीय साह का रुद्रपुर के पुलिस क्षेत्राधिकारी रहते स्वास्थ्य हो गया था। इस कारण ही उन्हें रुद्रपुर के पुलिस क्षेत्राधिकारी पद से हटाकर यातायात पुलिस की जिम्मेदारी सोंपी गई थी। इधर हाल ही में वे दिल्ली में उपचार कराकर लौटे थे। जबकि आज यह घटना हो गई।

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नवीन समाचार, अल्मोड़ा, 3 फरवरी 2020। बरेली में हत्या के एक मामले में नामजद आरोपित रहे युवक के उत्तराखंड पुलिस में फर्जी तरीके से भर्ती होने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। इधर बरेली की अदालत ने उसके साथ ही हत्याकांड के सभी छह आरोपितों को उम्र कैद की सजा सुना दी है। खुद को शहदौरा (किच्छा) का मूल निवासी बताकर 2001 में उत्तराखंड गठन के बाद हुई पहली पुलिस भर्ती में भर्ती हुआ और गत वर्ष अल्मोड़ा व इससे पहले ऊधमसिंह नगर में भी तैनात रहा तथा यहां से विजिलेंस देहरादून में संबद्ध कर दिये गये आरक्षी मुकेश कुमार के खिलाफ अब पंतनगर थाने में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर जांच तेज कर दी गई है।
मामले में अल्मोड़ा के एसएसपी कार्यालय के वरिष्ठ प्रधान लिपिक जोध सिंह तोमक्याल ने तहरीर देकर कहा कि वर्ष 2001 में उत्तराखंड पुलिस में कांस्टेबल पद की भर्ती में मूलरूप से अभयपुर, थाना कैंट, बरेली निवासी मुकेश कुमार पुत्र सतेंद्र पाल ने ऊधम सिंह नगर से आवेदन भरा। उसने दस्तावेज में अपना पता शहदौरा गांव किच्छा लिखाया। भर्ती के बाद पुलिस ने शहदौरा जाकर बकायदा सत्यापन भी किया, मगर फर्जी पता पकड़ में न आ सका। अब खुलासा हुआ है कि फर्जी पता बता कांस्टेबल बना मुकेश कुमार 25 दिसंबर 1997 को बरेली में एक हत्या के मामले में नामजद था। इस मामले में वादी रहे नरेश कुमार ने एसएसपी अल्मोड़ा को हत्यारोपित कांस्टेबल के खिलाफ शिकायती पत्र भेजा। इसमें मुकेश के अल्मोड़ा में तैनात होने का जिक्र किया गया था। अल्मोड़ा से रिपोर्ट ऊधम सिंह नगर एसएसपी कार्यालय भेजी गई। इस पर गहन जांच की गई तो खुलासा हुआ कि हत्याकांड में नामजद आरोपित अपना पता बदल उत्तराखंड पुलिस में भर्ती हो गया। इधर पंतनगर थाने में आरोपित कांस्टेबल मुकेश के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

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नवीन समाचार, देहरादून, 22 जनवरी 2020। पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड द्वारा गणतंत्र दिवस-2020 के अवसर पर सेवा आधार पर एवं विशिष्ट कार्य के लिए निम्नलिखित पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को राज्यपाल उत्कृष्ट सेवा पदक एवं उत्कृष्ट-सराहनीय सेवा सम्मान चिन्ह प्रदान किये जाने की घोषणा की गई है, जिन्हें गणतंत्र दिवस के अवसर पर परेड ग्राउंड में आयोजित होने वाली परेड के समय राज्यपाल, उत्तराखण्ड द्वारा अलंकृत किया जायेगा।
उत्कृष्ट सेवा के लिए (सेवा के आधार पर) राज्यपाल उत्कृष्ट सेवा पदक-(4)
1- प्रकाश चन्द्र देवली, पुलिस उपाधीक्षक, पीटीसी नरेन्द्रनगर (सम्बद्ध कुम्भ मेला 2021)
2- विक्रम सिंह नेगी, उप निक्षक विशेष श्रेणी , जनपद हरिद्वार।
3- हरि सिंह, हेड कान्सटेबल 4049, आईआरबी द्वितीय।
4- कंवर पाल आरक्षी, सतर्कता मुख्यालय, देहरादून।

विशिष्ट कार्य के लिए राज्यपाल उत्कृष्ट सेवा पदक-(4)
1- रविन्द्र शाह, उपनिक्षक , जनपद हरिद्वार।
2- अर्जुन कुमार, उपनिक्षक , जनपद हरिद्वार।
3- अमित कुमार आरक्षी 60 , जनपद हरिद्वार।
4- प्रभाकर, आरक्षी 729, जनपद हरिद्वार।

उपरोक्त के अतिरिक्त निम्निलिखत पुलिस कर्मियों को उत्कृष्ठ एवं सराहनीय सेवा सम्मान चिन्ह प्रदान करने की घोषणा की गई है जिन्हें गणतंत्र दिवस-2020 के अवसर पर पुलिस महानिदेशक,उत्तराखण्ड द्वारा पुलिस मुख्यालय प्रागण में सम्मान चिन्ह से अलंकृत किया जायेगा। अराजपत्रित अधिका-कर्मचारियांे को सम्मान चिन्ह के साथ क्रमशः रु0 5000-. एवं रु0 2000ध्- नकद पुरस्कार प्रदान किया जायेगा ।

उत्कृष्ट सेवा के लिए (सेवा के आधार पर) उत्कृष्ट सेवा सम्मान चिन्ह-(6)
1- बिजेन्द्र दत्त डोभाल, पुलिस उपाधीक्षक, जनपद हरिद्वार।
2- राकेश चन्द्र देवली, पुलिस उपाधीक्षक, यातायात जनपद देहरादून।
3- दिग्विजय सिंह परिहार, पुलिस उपाधीक्षक(पुलिस दूरसंचार), संचार मुख्यालय, देहरादून।
4- देवेन्द्र सिंह नेगी, उप निक्षक, जनपद ऊधमसिंहनगर।
5- सैनपाल सिंह, प्लाटून कमाण्डर, 46 वीं वाहिनी पीएसी।
6- पूरन चन्द्र जोशी, उप निक्षक विशेष श्रेणी , जनपद बागेश्वर।

विशिष्ट कार्य के लिए उत्कृष्ट सेवा सम्मान चिन्ह-(2)
1- विद्या दत्त जोशी, उपनिक्षक , जनपद ऊधमसिंहनगर।
2- धर्मेन्द्र सिंह रौतेला, उपनिक्षक , जनपद देहरादून।

सराहनीय सेवा के लिए (सेवा के आधार पर) सराहनीय सेवा सम्मान चिन्ह-(16)
1- गणेश लाल, पुलिस उपाधीक्षक, जनपद रुद्रप्रयाग।
2- राम सिंह रावत , दलनायक, 40 वीं वाहिनी पीएसी।
3- अशोक कुमार सिंह, प्रतिसार निक्षक जनपद अल्मोड़ा।
4- महेशपाल सिंह, निक्षक , एसटीएफ उत्तराखण्ड।
5- कुन्दन सिंह राणा, निक्षक , एटीसी हरिद्वार।
6- राममूर्ति सिंह रावत, उप निक्षक अभिसूचना, मुख्यमंत्री सुरक्षा, देहरादून।
7- पीताम्बर भट्ट, उप निक्षक , जनपद चम्पावत।
8- रमेश चन्द्र तिवा, उप निक्षक , जनपद ऊधमसिंहनगर।
9- रमेश चन्द्र देवरानी, उ0नि0न0पु0, जनपद ऊधमसिंहनगर।
10- रुपलाल, हे0का0प्रो0 , सीबीसीआईडी उत्तराखण्ड देहरादून।
11- कुन्दन सिंह, उ0नि0, जनपद हरिद्वार।
12- गोवर्धन प्रसाद, उ0नि0 , जनपद पौड़ी गढ़वाल।
13- जई राम, हे0का0 विशेष श्रेणी चालक, 46 वीं वाहिनी पीएसी ।
14- रमेशचन्द्र, हे0कां0 3137, आईआरबी प्रथम रामनगर।
15- भवान सिंह, हे0कां0 49, 31वीं वाहिनी पीएसी रूद्रपुर।
16- पूरन राम, नायक 290, 31वीं वाहिनी पीएसी रूद्रपुर।

विशिष्ट कार्य के लिए सराहनीय सेवा सम्मान चिन्ह-( 26)
1- दिलवर सिंह नेगी, उप निक्षक , जनपद देहरादून।
2- संजय मिश्रा, उप निक्षक , जनपद देहरादून।
3- ललित कुमार, आरक्षी 61 , जनपद देहरादून।
4- दीप प्रकाश, आरक्षी 653 , जनपद देहरादून।
5- राजेश सिंह कुंवर, आरक्षी 1775 जनपद देहरादून।
6- देवेन्द्र सिंह, आरक्षी 232 , जनपद देहरादून।
7- दिनेश सिंह, आरक्षी 1099 , जनपद देहरादून।
8- अशोक राठौर, उप निक्षक , जनपद देहरादून।
9- अरशद, आरक्षी 1783 , जनपद देहरादून।
10- पंकज, आरक्षी 1130 , जनपद देहरादून।
11- केदार सिंह चौहान, उप निक्षक , जनपद उत्तरकाशी।
12- ऋतुराज, उप निक्षक , जनपद उत्तरकाशी।
13- चंदन सिंह, आरक्षी 119 , जनपद उत्तरकाशी।
14- उत्तम सिंह, आरक्षी 71 , जनपद उत्तरकाशी।
15- रमेश राणा, आरक्षी 197 , जनपद उत्तरकाशी।
16- अमर चन्द्र शर्मा, निक्षक , एसटीएफ उत्तराखण्ड।
17- सुनील कुमार, हे0का0प्रो0, एसटीएफ उत्तराखण्ड।
18- मनोज कुमार, आरक्षी, एसटीएफ उत्तराखण्ड।
19- सुरेन्द्र कुमार, आरक्षी चालक, एसटीएफ उत्तराखण्ड।
20- मनोज रावत, उप निक्षक एसडीआरएफ उत्तराखण्ड।
21- सुशील कुमार, अरक्षी, एसडीआरएफ उत्तराखण्ड।
22- सुरेश मलासी, आरक्षी, एसडीआरएफ उत्तराखण्ड।
23- कुन्दन तोमर, आरक्षी, एसडीआरएफ उत्तराखण्ड।
24- राजेन्द्र नाथ, आरक्षी 282 , एसडीआरएफ उत्तराखण्ड।
25- गोपाल दत्त जोशी, निक्षक अभिसूचना, अभिसूचनाध्सुरक्षा मुख्यालय।
26- जीवन सिंह रावत, उप निक्षक , सीसीटीएनएस पुलिस मुख्यालय।

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नवीन समाचार, रुद्रपुर, 20 जनवरी 2020। उत्तराखंड पुलिस में ट्रांसफर-पोस्टिंग के मसले को उठाते एक बेनाम ‘लेटर बम’ से हड़कंप मच गया है। बात मुख्यालय तक पहुंच गई है। मीडिया के साथ पुलिस के अधिकारियों व मुख्यालय को भेजे गये बेनाम पत्र में इंस्पेक्टर, दरोगा, कांस्टेबलों के ट्रांसफर और पोस्टिंग कराने के नाम पर वसूली के आरोप लगाए गए हैं। पत्र में शिकायकर्ता ने अपना नाम नहीं लिखा है, लेकिन आरोप बेहद संगीन है। मामला पुलिस मुख्यालय पहुंचने के बाद जांच के आदेश हो गए हैं। एसएसपी ने ट्रांसफर, पोस्टिंग को गोपनीय करार देते हुए जांच के बाद कार्रवाई करने की बात कही है। पत्र में कहा गया है कि एसएसपी ऊधमसिंह नगर कार्यालय में तैनात दो कर्मचारियों ने कुछ इंस्पेक्टर, दरोगा और कर्मचारियों का एक ग्रुप बनाया है। इनसे वे एकमुश्त राशि वसूलते हैं, जो इनको पैसा नहीं देता है, उसकी नेगेटिव फीड बैक एसएसपी को देते हैं।
ट्रांसफर कराने के नाम पर मोटी रकम वसूली इससे बेहतर कार्य करने वाले कर्मचारी कुंठित हो रहे हैं। पत्र में दोनों कर्मचारियों की अर्जित संपत्ति की जांच करने और आरोपों के संबंध में दोनों की कॉल डिटेल निकाल कर जांच कराने को कहा है। यह भी आरोप है कि ट्रांसफर कराने के नाम पर मोटी रकम वसूली जाती है। इनके ग्रुप के लोग दस साल से एक ही सर्किल में नियुक्त हैं। जिनके घर रामनगर, काशीपुर में हैं, वे काशीपुर सर्किल और जिनके घर हल्द्वानी में हैं वे रुद्रपुर सर्किल में पोस्टिंग करा लेते हैं। पुलिस की गोपनीय बातें नेताओं तक पहुंच रही हैं।
गोपनीय पत्र में एसएसपी को ईमानदार बताया गया है, लेकिन यह भी कहा कि गलत फीडबैक का फायदा ये दोनों कर्मचारी उठा रहे हैं। इनमें से एक कर्मी का दूसरे जिले में तबादला होने के बावजूद रसूख के दम पर जिला नहीं छोड़ने का आरोप लगा है।
इस पर एसएसपी बरिंदरजीत सिंह का कहना है कि ट्रांसफर और पोस्टिंग में घपलेबाजी को लेकर कोई तथ्य सामने नहीं आया है। जिनके बारे में कहा जा रहा है, उनके लिए यह करना संभव नहीं है। ट्रांसफर और पोस्टिंग गोपनीय प्रक्रिया होती है। बिना नाम के शिकायती पत्र में तथ्य नहीं होने से जांच संभव नहीं होती है। शिकायती पत्र की सूचना मुख्यालय को भी है और इस मामले में वहां से जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच के अनुरूप कार्यवाही की जाएगी। आगे से इस संबंध में ज्यादा ध्यान रखा जाएगा। हो सकता है किसी को मनपंसद पोस्टिंग न मिली हो या पुलिस को बदनाम करने के मकसद से भी बिना नाम का पत्र भेजा गया हो।

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-आरोपी के महिला मित्र को फैमिली क्वार्टर में लाने पर 11 दिसम्बर को दोनों के बीच हुआ था विवाद
—2 जनवरी से लापता चल रहा था काशीपुर निवासी कॉन्स्टेबल

मृतक पुलिस कर्मी

नवीन समाचार, पिथौरागढ़, 6 जनवरी 2019। गत 2 जनवरी को पुलिस लाइन से गायब हुए पुलिस कर्मी मोहित जोशी (35) का सोमवार को चौथे दिन शव बरामद हो गया। मालूम हो कि 3 जून को मृतक की पत्नी भारती देवी ने उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी
इधर आज पुलिस ने खुलासा किया कि महिला मित्र को पुलिस लाइन के अपने आवास में लाने पर हुए विवाद के बाद साथी पुलिस कर्मी-गिरीश चंद्र जोशी ने मोहित की हत्या कर दी थी। आरोपी पुलिसकर्मी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
उल्लेखनीय है कि ऊधमसिंह नगर जिले के भीमनगर, कुंडेश्वरी निवासी 35 वर्षीय कॉन्स्टेबल मोहित जोशी पुत्र रामप्रसाद जोशी पिथौरागढ़ पुलिस लाइन में अपने परिवार के साथ रहता था। उसके आवास के अगल बगल ही कॉन्स्टेबल गिरीश चंद्र जोशी भी परिवार सहित रह रहा था। कोतवाली प्रभारी ओपी शर्मा के अनुसार बीती 11 दिसम्बर को कॉन्स्टेबल गिरीश जोशी एक महिला मित्र को अपने आवास पर लेकर आया था। इस दौरान मोहित और उसके परिवार ने इस पर आपत्ति जताई और कहा कि खुद शादीशुदा होने के बावजूद फैमिली क्वार्टर में इस तरह की हरकत अनुचित है। बताया जाता है कि इस पर गिरीश और मोहित के बीच काफी विवाद हुआ। इस बीच 2 जनवरी को मोहित लापता हो गया। सोमवार को उसका शव
जिला मुख्यालय से करीब 8-10 किमी दूर कफलडुंगरी, चंडाक क्षेत्र में सड़क से नीचे खाई में बरामद हुआ। पुलिस जांच पड़ताल में पता चला कि 2 जनवरी को कॉन्स्टेबल गिरीश सिपाही मोहित के साथ कार से चंडाक क्षेत्र की तरफ गया था। मामले की विवेचना कर रहे एसआई एचएस डांगी के अनुसार घटनास्थल से बरामद शव पर चोटों के निशान हैं, लेकिन बांकी स्थिति सोमवार शाम किये गए पोस्टमार्टम रिपोर्ट से सामने आएगी। मामले में कॉन्स्टेबल गिरीश को सोमवार शाम हत्या का मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है।

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नवीन समाचार, अल्मोड़ा, 12 दिसंबर 2019। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने देश के कमोबेश सभी प्रांतों में राज्यवार सर्वश्रेष्ठ थानों की घोषणा कर दी है। इस बार अल्मोड़ा जनपद के उत्तराखंड के चौखुटिया थाने को प्रदेश के सर्वश्रेष्ठ थाने का खिताब मिला है।
उल्लेखनीय है कि देश भर से 15,579 पुलिस थानों में से शीर्ष 10 शीर्ष पुलिस थानों के साथ ही हर प्रदेश के एक-एक सर्वश्रेष्ठ थानों की घोषणा की गई है। इसके लिए पहले थानों में डाटा विश्लेषण, सीधी परख और सार्वजनिक तौर पर लोगों से मिली जानकारी के माध्यम से रैंकिंग प्रक्रिया के तहत प्रत्येक राज्य में श्रेष्ठ कार्य प्रदर्शन करने वाले थानों की संक्षिप्त सूची तैयार की गई। ये सूची थानों द्वारा सम्पत्ति अपराध, महिलाओं के विरूद्ध अपराध और कमजोर वर्गों के विरूद्ध अपराधों के समाधान के आधार पर बनाई गई। शुरुआत में प्रत्येक राज्य से तीन थानों का चयन करते हुए 750 थानों को शार्टिलिस्ट किया गया। इनमें सभी राज्यों और दिल्ली से दो थानों को शामिल किया गया और केंद्रशासित प्रदेशों से एक थानों को। इसके बाद रैंकिंग प्रक्रिया के अगले चरण के लिए उनमें से 79 थानों को चुना गया।

19 मापदंडों से होकर गुजरना पड़ा
अंतिम चरण में सेवा वितरण के मानकों का मूल्यांकन करने और पुलिसिंग में सुधार की तकनीकों की पहचान करने के लिए 19 मापदंडों की पहचान की गई थी। यह भाग सम्पूर्ण स्कोर में 80 प्रतिशत भारांक का था। शेष 20 प्रतिशत भारांक थाने की आधारभूत संरचना तथा कर्मियों से सम्पर्क सुग्यमता और नागरिकों से प्राप्त जानकारी पर आधारित था। प्रत्येक स्थान से लगभग 60 लोगों को शामिल करके 5,461 लोगों से फीडबैक लिया गया। अंत में इस आधार पर टॉप-10 थानों की सूची तैयार की गई।

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नवीन समाचार, भोपाल, 30 नवंबर 2019। मध्य प्रदेश के छतरपुर में एक महिला पुलिसकर्मी ने फिल्म ‘खलनायक’ की तरह दुल्हन बनकर एक खूंखार हत्या आरोपी गैंगस्टर डकैत बालकिशन को, जिसे लोग सीधा गोली चलाने के लिए जानते थे, को अपने जाल में फंसाया और धर दबोचा। सब-इंस्पेक्टर माधवी अग्हिहोत्री (28) ने ‘राधा’ बनकर बाल किशन चौबे से फोन पर तीन दिन बात की और अपने जाल में फंसाया। बालकिशन को यह नहीं पता था कि मंदिर में जिस राधा से मिलने वह पहुंचा था वह एक पुलिस कर्मी है। उसे जब पुलिसवालों ने जमीन पर गिरा लिया तो माधवी ने सामने आकर कहा- ‘राधा आ गई’ पुलिस को चौबे की तलाश उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में हत्या और डकैती के 15 मामलों में थी। हर बार छत्तरपुर की पुलिस उसे गिरफ्तार करने के बेहद करीब पहुंच जाती थी लेकिन हर बार वह बच निकलता था।

गोल्ड मेडलिस्ट है माधवी
यूनिवर्सिटी नैशनल चैंपियनशिप में माधवी को गोला-फेंक और दूसरी प्रतियोगिता में गोल्ड मिला था। माधवी ने बताया, ‘मुझे पता चला कि वह हथियार चलाने से पहले कभी नहीं सोचता था। मुझे यह भी पता चला कि उसे महिलाओं में दिलचस्पी थी।’
तीन दिन की चैटिंग, तय शादी की बात
पुलिस ने चौबे को फेसबुक अकाउंट के जरिए ट्रैककरना शुरू किया। माधवी ने फेसबुक पर ही उसका नंबर मांगा और राधा लोधी बनकर उससे बात की। माधवी ने उसे बताया कि वह छतरपुर से है और दिल्ली में मजदूरी करती है। सिर्फ तीन दिन चैटिंग करने के बाद बालकिशन ने ‘राधा’ के सामने शादी का प्रस्ताव रख दिया। चौबे ने उससे शादी से पहले एक बार मिलने के लिए कहा और यूपी-एमपी की सीमा पर एक गांव के मंदिर में मिलना तय हुआ।

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-डीआईजी जोशी ने परिक्षेत्रीय मासिक समीक्षा बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को दिये निर्देश

मंडल के एसपी-एसएसपी की मासिक समीक्षा बैठक लेते पुलिस उप महानिरीक्षक जगत राम जोशी।

नवीन समाचार, नैनीताल, 21 नवंबर 2019। पुलिस उपमहानिरीक्षक कुमाऊं जगतराम जोशी ने कुमाऊं परिक्षेत्र के पुलिस अधिकारियों को शराब एवं नशीले पदार्थों की तस्करी के मामलों में आरोपितों की संपत्ति भी अभियोग में संबद्ध करने के आदेश दिये हैं। इसके लिए उन्होंने पुलिस को अभियोग, दुर्घटनाएं आदि होने ही न देने के लिए निरोधात्मक कार्रवाइयां, वाहनों की जांच बढ़ाने, बाहरी व्यक्तियों के सत्यापन पर जोर देने एवं सीसीटीवी कैमरे स्थापित करने के मंत्र दिये।

देखें राज्य के सभी प्रमुख समाचार पोर्टलों में प्रकाशित आज-अभी तक के समाचार एक जगह इस लिंक पर…
डीआईजी जोशी ने बृहस्पतिवार को परिक्षेत्र के एसएसपी एवं एसपी स्तर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ परिक्षेत्र स्तर की मासिक समीक्षा बैठक में इसके साथ ही चोरी की बढ़ती घटनाओं पर चिन्ता प्रकट की। पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिये कि वह आपराधिक घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठायें। बैठक में अपराध स्थिति एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा के अतिरिक्त जनपदों में लम्बित विवेचनाधीन अभियोग, वांछित अपराधियों, बरामदगी, गिरफ्तारी, सम्मन वारंटियों की तामीली, मालखानों में मालों के निस्तारण एवं यातायात व्यवस्था की समीक्षा की गई। सभी जनपद प्रभारियों को नियमित वाहन चेकिंग किये जाने के निर्देश दिये गये। जनपद प्रभारियों को स्थानीय व्यक्तियों की सहायता से गली-मोहल्लों में फेरी इत्यादि करने वाले व्यक्तियों के सत्यापन कराये जाने के निर्देश दिये गये, जिससे चोरी, नकबजनी एवं ठगी की घटनाओं की रोकथाम में सहायता मिलेगी। डीआईजी ने सत्यापन कार्य प्रभावी ढंग से करने के निर्देश भी दिये। बैठक में पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर विगत एक माह से चल रहे अपराध अभियान की समीक्षा की गयी। लंबित विवेचनाओं का निस्तारण करने, जिला प्रशासन से समन्वय स्थापित कर गुंडा प्रवृति के व्यक्तियों को जिला बदर करने, तथा फरार चल रहे अपराधियों, पेशेवरों, हिस्टीशीटरों का सत्यापन करने के निर्देश दिये गये। बैठक में एसएसपी नैनीताल सुनील कुमार मीणा, उधमसिंह नगर के बरिंदर जीत सिंह, अल्मोड़ा के प्रहलाद मीणा, बागेश्वर की प्रियदर्शनी, चम्पावत के धीरेन्द्र गुंज्याल व पिथौरागढ़ के रामचन्द्र राजगुरु के अलावा जगदीश देउपा, बिशन सिंह व संजय कुमार आदि भी मौजूद रहे।
ःःइनसेटःः
एसआई मंगल ‘पुलिसमैन आफ द मंथ’ चुने गए
नैनीताल। परिक्षेत्रीय अपराध समीक्षा बैठक के दौरान डीआईजी जगतराम जोशी ने हल्द्वानी के थाना बनभूलपुरा में तैनात उप निरीक्षक मंगल सिंह द्वारा गौलापर क्षेत्र में खटीमा निवासी मोहम्मद सुहेल से 45.15 ग्राम स्मैक सहित गिरफ्तार करने पर, तथा साथ ही कई अन्य अपराधों का अनावरण करने पर उन्हें ‘पुलिसमैन आफ द मंथ’ का पुरस्कार प्रदान किया। उन्हें प्रशस्ति पत्र के साथ एक हजार रुपये का नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

यह भी पढ़ें : पत्रकार के लिए खोदे गड्ढे में खुद गिरा कोतवाल, पड़ गए लेने के देने…..

नवीन समाचार, पीलीभीत, 8 नवंबर 2019। कहते हैं दूसरों के लिए गड्ढा खोदने वाला अक्सर खुद ही अपने खोदे हुए गड्ढे में गिर जाता है। ऐसा ही एक वाकया उत्तर प्रदेश के योगी राज में बेलगाम पुलिस के एक कोतवाल के साथ घटित हुआ है। जनपद पीलीभीत के थाना बरखेड़ा के कोतवाल बृजकिशोर मिश्रा ने एक शिकायतकर्ता- ग्राम नगरा ताल्लुके मूसेपुर के मुकेश कुमार का पैसे लेने के बाद भी जब काम नहीं किया तो मामला मीडिया की सुर्खियों में आ गया। इसके बाद बौखलाए कोतवाल ने वर्दी के नशे में पीड़ित को बुलाया और थाने में धमका कर खबर छापने वाले पत्रकार के खिलाफ बयान लिखवा दिया। बाद में पत्रकार को बुलाकर पीड़ित का दबाव में दिया गया बयान और वीडियो दिखाकर पत्रकार को ब्लैकमेल करने की कोशिश की। उधर, पत्रकारों ने भी पीड़ित को थाने से बाहर आते ही घेर लिया और पीड़ित के उस बयान को कैमरे में कैद कर लिया, जिसमें उसने कोतवाल की पत्रकारों के विरुद्ध साजिश का पर्दाफाश कर दिया।
आगे श्रमजीवी पत्रकार यूनियन ने कोतवाल की पत्रकारों के विरुद्ध साजिश का पर्दाफाश करने वाला वीडियो अपर पुलिस महानिदेशक बरेली जोन को ट्वीट कर दिया, जिसके बाद एडीजी बरेली व डीआईजी रेंज बरेली ने पीलीभीत पुलिस का जवाब तलब कर लिया। जवाब तलब होते ही कोतवाल के होश उड़ गए और वह पत्रकारों से मान-मनौब्बल करने लगे। बीती गुरुवार देर रात पुलिस अधीक्षक ने बरखेड़ा कोतवाल की पत्रकारों के विरुद्ध साजिश वाले वीडियो की जांच पुलिस क्षेत्राधिकारी बीसलपुर प्रवीण मलिक को सौंप दी है।
मामले के अनुसार मुकेश कुमार नाम के व्यक्ति ने डेढ़ माह पहले बरखेड़ा थानाध्यक्ष को शिकायती प्रार्थना पत्र देकर कथा कि ग्राम आमडार के प्रेमपाल से उसने बटाई पर खेतिहर जमीन ली थी लेकिन कुछ दिनों बाद शर्तों का उल्लंघन कर भू स्वामी ने जमीन वापस ले ली लेकिन उसका हिसाब नहीं किया। उसके प्रेमपाल पर 3 लाख 60 हजार हिसाब में आ रहे हैं। तब उसने बरखेड़ा थानाध्यक्ष को प्रेमपाल के विरुद्ध शिकायती प्रार्थना पत्र देकर न्याय की फरियाद की थी। कोतवाल ने मुकेश से कथित तौर पर रुपए ले लिए बावजूद उसे न्याय नहीं दिलवाय।

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नवीन स9माचार, रुद्रपुऱ, 27 अक्तूबर 2019। दीपावली पर उत्तराखंड पुलिस के एक और जवान की दुःखद मौत हो गई। रुद्रपुर पुलिस कोतवाली में तैनात पुलिस व पास ही स्थित लालपुर निवासी जवान मनोज कुमार की डेंगू से असामयिक मृत्यु हो गई। रविवार को मनोज ने बरेली के बहेड़ी स्थित श्रीराम मूर्ति अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। इसके बाद रुद्रपुर पुलिस लाइन में उसे सलामी दी गई। इसके बाद शव को परिजनों के हवाले किया गया। बाद में उसकी अंतिम यात्रा में ऊधमसिंह नगर जनपद के एसएसपी बरिंदरजीत सिंह, एसपी देवेंद्र पिंचा व एसपी-क्राइम प्रमोद कुमार सहित बड़ी संख्या में पुलिस कर्मी शामिल रहे तथा उसके शव को कंधा दिया।

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महिला उप निरीक्षक माया बिष्ट

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 26 अक्तूबर 2019। बीती 22 अक्तूबर को जनपद मुख्यालय के निकट दुर्गापुर स्थित विद्यालय में राज्यपाल की फ्लीट गुजरने से कुछ देर पहले हुई पुलिस वाहन की दुर्घटना में घायल हुई महिला उप निरीक्षक माया बिष्ट ने शनिवार को उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। उनका इस दुर्घटना के बाद से नगर के एक निजी अस्पताल में उपचार चल रहा था। इस दुर्घटना में पहले ही दो पुलिस कर्मियों की मृत्यु हो चुकी है। उनकी मृत्यु के बाद शासन-प्रशासन से हताहत पुलिस कर्मियों की मदद के लिए कोई सरकारी मदद-मुआवजा नहीं दिया गया। ऐसे में स्वयं पुलिस कर्मियों की ओर से सवाल उठ रहे हैं कि क्या पुलिस कर्मी इंसान नहीं होते। जब जहरीली शराब पीकर और पुलिस से भिड़ने पर मृत्यु होने पर आम लोगों को सरकार 50 लाख रुपए तक मुआवजा और आश्रित को सरकारी नौकरी दे देती है तो पुलिस कर्मियों को क्यों नहीं। क्या इसलिए कि वह अनुशासित बल हैं, या कि वे अपनी नौकरी की व्यस्तता के बीच किसी राजनीतिक दल के लिए ‘वोट’ नहीं होते।
इधर साथी पुलिस कर्मियों के अनुसार दिवंगत एसआई माया बिष्ट एक कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधिकारी के साथ ही व्यवहार कुशल व मृदुभाषी महिला, पत्नी और एक बेटी की मां भी थीं। वे थाना लालकुआं में तैनात थीं। उनके पति सुरेश बिष्ट यहीं ईएसआई अस्पताल में कार्यरत हैं।

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