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कुमाऊं में पुलिस कर्मियों को मिलेगा आराम, बदलेगी भूमिका

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आईजी अजय रौतेला

नवीन समाचार, नैनीताल, 2 जुलाई 2020। पिछले करीब 100 दिन से कोरोना के संक्रमण काल में दिन-रात लगे पुलिस कर्मचारियों को अब सप्ताह में एक दिन आराम मिल सकेगा। कुमाऊं मंडल के नवनियुक्त आईजी अजय रौतेला ने कहा कि ऐसा प्रयास किया जा रहा है, ताकि दिन-रात ड्यूटी कर रहे पुलिस कर्मियों को कुछ आराम मिल पाये। साथ ही उन्होंने कहा कि अब पुलिस कर्मियों की भूमिका भी कुछ बदलने जा रही है। अब तक पुलिस कर्मी सीमा व बैरियरों पर बाहर से आने वाले लोगों की जांच करने में सक्रियता बरत रही थी, जबकि अब उन्हें होम क्वारन्टाइन में रह रहे एवं अन्य लोगों को मास्क एवं सैनिटाइजर के प्रयोग आदि नियमों का पालन कराने के प्रति अधिक सतर्कता बरतनी होगी।
श्री रौतेला बृहस्पतिवार को मुख्यालय स्थित अपने कार्यालय में पत्रकारों के साथ पहली, परिचयात्मक वार्ता कर रहे थे। एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि नेपाल सीमा पर वहां के बदलते हालातों के दृष्टिगत पुलिस को सीमावर्ती क्षेत्रों में अधिक सतर्कता बरती जाएगी।

ह भी पढ़ें : ब्रेकिंग : उत्तराखंड में 22 पुलिस इंस्पेक्टर बने सीओ…

नवीन समाचार, देहरादून, 23 मई 2020। उत्तराखण्ड राज्य में पुरे 22 इंस्पेक्टर अब सीओ बन गए है। प्रान्तीय  पुलिस सेवा संवर्ग के पुलिस उपाधीक्षक कनिष्ठ वेतनमान  (पे मैट्रिक्स में लेवल—10) के पद पर प्रोन्नति कोटे की चयन वर्ष 2019—20 की रिक्तियों के सापेक्ष उत्तराखंड लोक सेवा अयोग, हरिद्वार द्वारा की गई संस्तुति के आधार पर स्थायी पुलिस निरीक्षकों को पुलिस उपाधीक्षक, कनिष्ठ वेतनमान के पद प्रोन्नति प्रदान करने के लिए राज्यपाल ने अपनी संस्तुति दे दी है। अपर सचिव अतर सिंह द्वारा जारी सूची के अनुसार इंस्पेक्टर अब सीओ बन गए है।   प्रोन्नत होने वाले निरीक्षकों में हरिद्वार में तैनात इंस्पेक्टर प्रकाश चंद मठपाल और विशेष अभिसूचना विभाग में तैनात प्रभारी निरीक्षक सुनीता वर्मा सहित पंकज कुमार उप्रेती, होशियार चन्द, बलजीत सिंह भाकुनी, अनिल कुमार शर्मा, श्यामदत्त नैटियाल, अजय कुमार त्यागी,वीरेन्द्र दत्त उनियाल, विनोद कुमार थापा, विमल प्रसाद, दिनेश चन्द बडोला, भूपेन्द्र सिंह भण्डारी, कमलेश पंत, उमेश पाल सिंह रावत, अनराम आर्य, तिलक राम वर्मा, चन्द्र  सिंह बिष्ट, प्रकाश कम्बोज, अनिल मनराल, सुरेन्द्र सिंह सामन्त व रमा देवी को सीओ बनाया गया है।

यह भी पढ़ें : बड़ी सफलता : नैनीताल पुलिस ने दो लोगों से पकड़ी 1.4 करोड़ रुपए की भारतीय मुद्रा

नवीन समाचार, नैनीताल, 14 मई 2020। नैनीताल पुलिस की एसओजी यानी विशेष जांच दल को बृहस्पतिवार को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस के विशेष जांच दल ने प्रभाी अबुल कलाम के नेतृत्व में शहर के मुखानी क्षेत्र मंे एक इनोवा क्रिस्टा ब्रांड की कार को रोका तो कार सवार लोगों ने मेडिकल इमरजेंसी यानी स्वास्थ्य आपातकाल में जाने की बात कही, लेकिन इस बारे में वे कोई पास नहीं दिखा पाये। आगे जांच में उनके पास एक करोड़ 40 लाख रुपये की भारतीय मुद्रा होेन की बात प्रकाश में आई। पुलिस क्षेत्राधिकारी शांतनु ने बताया कि गिनने पर धनराशि 1.4 करोड़ से एक हजार रुपए कम पायी गयी। पुलिस के अधिकारी ने कहा कि कार में एक चालक व एक अन्य व्यक्ति था। इनमें से एक दिल्ली व दूसरा राजस्थान निवासी है। उन्होंने इस धनराशि को दिल्ली ले जाने की बात कही, लेकिन वे इतनी बड़ी धनराशि का स्रोत नहीं बता पाये। इसलिये दोनों को गिरफ्तार कर धनराशि को सीज कर कोषागार में जमा कराया जा रहा है। मामले की जानकारी सतर्कता आयुक्त एवं आयकर विभाग के उच्चाधिकारियों को भी भेजी जा रही है।
बताया गया है कि लॉक डाउन के दौरान पुलिस इन दिनों विशेष सख्ती व सतर्कता बरत रही है। इसी के तहत संदेह होने पर हर वाहन को रोका जा रहा है। इसी दौरान पुलिस के विशेष जांच दल को यह बड़ी कामयाबी मिली है। इधर पुलिस सूत्रों का कहना है कि वास्तव में दोनों दिल्ली के किसी मंडी व्यापारी के कर्मचारी हैं, औ यहां हल्द्वानी मंडी से पिछले बकाये की उगाही करके यह धनराशि ले जा रहे थे। तभी पुलिस की पकड़ में आ गये, किं इस धनराशि का स्रोत नहीं बता पाये।

यह भी पढ़ें : महाधिवक्ता कार्यालय में कार्यरत पुलिस हेड कांस्टेबल का निधन

नवीन समाचार, नैनीताल, 13 मई 2020। उत्तराखंड महाधिवक्ता कार्यालय में तैनात मूलतः ग्राम भटेड़ी जिला पिथौरागढ़ निवासी 57 वर्षीय पुलिस हेड कॉन्स्टेबल प्रेम सिंह गबाड़ी की बुधवार रात्रि हृदयाघात से मृत्यु हो गई। वे मुख्यालय स्थित रिजर्व पुलिस लाइन में रहते थे। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद उनके पार्थिव शरीर को उनके परिजनों के साथ पिथौरागढ़ स्थित उनके मूल घर भेज दिया है।
जनपद के प्रतिसार निरीक्षक भूपेंद्र सिंह भंडारी ने बताया कि दिवंगत प्रेम सिंह बीती को बीती रात करीब साढ़े दस बजे दिल का दौरा पड़ा। इस पर उनके साथ कक्ष में रहने वाले दो हेड कांस्टेबल उन्हें उपचार के लिए बीडी पांडे जिला चिकित्सालय ले गये, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इससे पुलिस विभाग में शोक व्याप्त हो गया। बुधवार को पुलिस ने उनके शव का पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम कराया और सूचना पर पहुंचे उन के दामाद व पुत्र तथा गारद के साथ उनके घर पिथौरागढ़ भेज दिया। मृतक कांस्टेबल के परिवार में पत्नी, दो बेटे, दो विवाहित बेटियां हैं। इस बीच पुलिस लाइन में महाधिवक्ता एसएन बाबुलकर, प्रतिसार निरीक्षक भूपेंद्र सिंह भंडारी, सीओ सिटी विजय थापा, महाधिवक्ता के प्रोटोकॉल अफसर चंद्रशेखर दुम्का, मल्लीताल कोतवाल अशोक कुमार सिंह व तल्लीताल के थाना प्रभारी विजय मेहता आदि ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।

यह भी पढ़ें : पुलिस कर्मी पर महिला राजस्व उप निरीक्षक व उसके परिजनों से अभद्रता का आरोप, कार्य बहिष्कार की धमकी..

नवीन समाचार, नैनीताल, 29 अप्रैल 2020। कालाढूंगी पुलिस के आरक्षी अशोक काम्बोज पर रामनगर तहसील में तैनात महिला राजस्व उप निरीक्षक (पटवारी) रंजना आर्या के साथ अभद्रता किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। पटवारी ने एसडीएम व पुलिस क्षेत्राधिकारी रामनगर को पत्र लिख कर उक्त पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं मामला तूल पकड़ता भी नजर आ रहा है। उत्तर भारत पटवारी-कानूनगो संघ व पर्वतीय पटवारी महासंघ ने भी महिला पटवारी के पक्ष में आकर कार्य बहिष्कार की धमकी देते हुए मामले में कार्रवाई की मांग की है।
इधर एसडीएम रामनगर को लिखे पत्र में रंजना आर्या ने कहा है कि बुधवार को वह अपने परिजनों के साथ एसडीएम से विधिवत अनुमति लेकर नैनीताल जा रही थी। तभी कालाढूंगी में पुलिस आरक्षी अशोक काम्बोज ने चेकिंग के नाम पर उनके व उनके परिवार के साथ अभद्रता की। उन्हें जबरदस्ती गाड़ी से उतरने के लिए कहा। उनकी माता जी ने जब इस पर आपत्ति की तो उन्हें व उनके पति को भी भला बुरा कहा। साथ ही यह बताने पर कि वह पटवारी है तो जवाब मिला कि ‘तू पटवारी होगी अपने घर की’। जब पुलिसकर्मी को बताया गया कि उनको एसडीएम द्वारा अनुमति प्राप्त है तो उसने कहा कि ‘एसडीएम क्या तोप है।’ उन्होंने एसडीएम रामनगर से उक्त पुलिसकर्मी अशोक काम्बोज के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करने की मांग की है। वहीं, उत्तर भारत पटवारी-कानूनगो संघ के महासचिव तारा चन्द्र घिल्डियाल ने घटना की निंदा करते हुए तथा राजस्व कार्मिकों के कार्य बहिष्कार की धमकी देते हुए जनपद के डीएम तथा एसएसपी से शीघ्र आरोतिप पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वाही हो, अन्यथा समस्त के लिए बाध्य होंगे।’ साथ ही पर्वतीय पटवारी महासंघ के जनपद शाखा नैनीताल के मीडिया प्रभारी भुवन चंद्र जोशी ने भी इस घटना में अपना रोष व्यक्त किया और तत्काल अभद्रता करने वाले पुलिस कर्मी के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही करने की मांग की है।

यह भी पढ़ें : इलाका 72 घंटे के लिए सील, पुलिस दरोगा गीत से कर रहे कोरोना के प्रति जागरूक

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 9 अप्रैल 2020। हल्द्वानी का बनभूलपुरा थाना क्षेत्र वैश्विक महामारी कोरोना से सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्र है। पूरे कुमाऊं मंडल में इसी क्षेत्र से सर्वाधिक कोरोना संक्रमित मामले आये हैं। इसलिए बृहस्पतिवार रात्रि 12 बजे से यह पूरा क्षेत्र 72 घंटे के लिए लॉक डाउन होने जा रहा है। यहां हर किसी को चिंता है कि किसी तरह से यह क्षेत्र कोरोना से बच पाए। हर कोई अपनी ओर से ऐसा प्रयास भी कर रहा है। ऐसी ही एक कोशिश बनभूलपुरा थाने में कार्यरत पुलिस उप निरीक्षक सादिक हुसैन द्वारा भी की जा रही है। सादिक गीत गाकर लोगों को कोरोना से बचाने के लिए जागरूक कर रहे हैं। देखें-सुनें उप निरीक्षक साद

यह भी पढ़ें : ‘लॉक डाउन’ में बुजुर्गों की मददगार बनी नैनीताल पुलिस

नवीन समाचार, नैनीताल, 25 मार्च 2020। नगर की तल्लीताल थाने के अंतर्गत ज्योलीकोट चौकी पुलिस बुधवार को एक बुजुर्ग दंपत्ति की मददगार साबित हुई। हुआ यह कि कोरोना विषाणु के संक्रमण के दृष्टिगत लगे लॉक डाउन के कारण निकटवर्ती गांव भूमियाधार निवासी 75 वर्षीय बुजुर्ग दंपत्ति ने बुधवार को किसी तरह 112 आपातकालीन सेवा के माध्यम से पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी कि वह दोनों पति-पत्नी बुजुर्ग हैं व अकेले रहते हैं। उनके पास खाने की सामग्री नहीं है। पुलिस कंट्रोल रूम ने यह सूचना तत्काल प्रभारी चौकी ज्योलीकोट चंद्रशेखर कन्याल को दी। इस पर चौकी प्रभारी ने संबंधित फोन नंबर से संपर्क कर सामान की सूची मांगकर उनके घर पर 10 किलो आटा, 2 किलो दाल, 1 किलो चीनी, चाय पत्ती एवं तेल पहुंचवाया, तथा बुजुर्ग दंपत्ति का हालचाल पूछा गया। दोनों बुजुर्गों ने नैनीताल पुलिस की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए पुलिस द्वारा उपलब्ध कराए गए सामान का भुगतान भी किया।

यह भी पढ़ें : ब्रेकिंग नैनीताल: एक दर्जन पुलिस इंस्पेक्टर-सब इंस्पेक्टरों के तबादले, नैनीताल-लालकुआं के कोतवाल भी बदले

नवीन समाचार, नैनीताल, 11 मार्च 2020। नैनीताल जनपद के एसएसपी सुनील कुमार मीणा ने बुधवार 11 मार्च की देर शाम को जनपद के 11 पुलिस निरीक्षक व उपनिरीक्षकों के तत्काल प्रभाव से स्थानांतरण कर दिए हैं। इन स्थानांतरणों में खास बात यह है कि नैनीताल व लालकुआं कोतवाली के थाना प्रभारी बदल दिए गए हैं। निरीक्षक नागरिक पुलिस सुधीर कुमार प्रभारी को डीसीआरबी से प्रभारी निरीक्षक थाना लालकुआं, निरीक्षक योगेश चंद्र उपाध्याय को प्रभारी निरीक्षक थाना लालकुआं से प्रभारी निरीक्षक थाना मल्लीताल, निरीक्षक नागरिक पुलिस अशोक कुमार को प्रभारी निरीक्षक थाना मल्लीताल से प्रभारी निरीक्षक डीसीआरबी के अलावा उप निरीक्षक विमल कुमार मिश्रा को थाना काठगोदाम से वरिष्ठ उपनिरीक्षक थाना भवाली, नीरज चौहान को पुलिस लाइन नैनीताल से थाना बेतालघाट, रविद्र सिंह राणा को थाना बेतालघाट से चौकी भोटिया पड़ाव हल्द्वानी, नरेंद्र कुमार को थाना कालाढूंगी से थाना मल्लीताल, दीपक कुमार बिष्ट को पुलिस लाइन नैनीताल से थाना तल्लीताल, राजेश कुमार मिश्रा को पुलिस लाइन नैनीताल से थाना भीमताल, सुशील चंद्र जोशी को आर्थिक अपराध सैल हल्द्वानी से थाना हल्द्वानी तथा राजेंद्र सिंह रावत को थाना भीमताल से थाना काठगोदाम स्थानांतरित किया गया है।

यह भी पढ़ें : सिपाही व दरोगा ने डीआईजी से पूछा, कौन डीआईजी-कहां के डीआईजी… हुए लाइन हाजिर, निलंबित

नवीन समाचार, नैनीताल, 25 फरवरी 2020। जिला-मंडल मुख्यालय में मित्र पुलिस का ऐसा चेहरा सामने आया है, जो उनके नाम को साकार नहीं करता है। बेशक पुलिस कर्मी अपनी कार्य परिस्थितियों में काफी तनावों व दबावों में होते हैं, लेकिन उनसे उम्मीद की जाती है कि वे आम लोगो के साथ पूरी सादगी और संवेदनशीलता से पेश आएं। उनके लिए कठिन परिस्थितियों में भी शांत रहने और परेशान लोगों की समस्या सुनने की उम्मीद की जाती है। लेकिन मुख्यालय में सोमवार अपराह्न एक ऐसा मामला प्रकाश मंे आया है, जहां मल्लीताल कोतवाली पुलिस के एक सिपाही व एक दरोगा ने चेकिंग के दौरान एक महिला की समस्या नहीं सुनी। महिला वाहन के कुछ कागजात घर पर भूल आई थी और उसके पास पैंसे भी नहीं थे। उधर पुलिस कर्मी उसका चालान करने पर उतारू थे। महिला ने कुमाऊं रेंज के डीआईजी जगतराम जोशी से बात की। डीआईजी जोशी ने संबंधित पुलिस कर्मी से बात कराने को कहा तो महिला ने अपना फोन सिपाही को थमा दिया। सिपाही ने फोन कान पर लगा कर दूसरी ओर से डीआईजी की आवाज को भी गंभीरता से लिए बगैर डीआईजी से भी अभद्रता कर डाली। डीआईजी जोशी ने बताया, उनसे सिपाही ने कहा, ‘कौन डीआईजी ? कहां के डीआईजी ?’ साथ ही और भी अभद्रता करने लगा। डीआईजी जोशी ने बताया, उन्हें लगा कि संभवतया महिला ने किसी और को फोन मिला दिया है। क्योंकि जैसी बातें सिपाही कर रहा था, वैसी बातें एक पुलिस कर्मी कर ही नहीं सकता। इस पर उन्होंने सिपाही से दरोगा से बात करने को कहा तो दरोगा भी डीआईजी से अभद्रता करने लगा। डीआईजी जोशी ने बताया, उन्होंने अपने पूरे जीवन व सेवा में किसी पुलिस कर्मी से इस तरह की भाषा व व्यवहार नहीं देखा था। इसलिए दोनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की संस्तुति की गई है। सिपाही को निलंबित करने एवं दरोगा को लाइन हाजिर किया जा रहा है।

यह भी पढ़ें : एसएसपी का एक्शन: छोटों पर मार, बड़े बरकरार…. दो लाइन हाजिर, एक सस्पेंड, 15 इधर से उधर..

नवीन समाचार, रुद्रपुर, 22 फरवरी 2020। ऊधमसिंह नगर जनपद के एसएसपी बरिंदरजीत सिंह ने बाजपुर कोतवाली में तैनात दरोगा मदन मोहन जोशी और संविदा पर तैनात चालक दिनेश राणा को उत्तराखंड उच्च न्यायालय के न्यायाधीश को गत 19 फरवरी को एस्कॉर्ट देने में लापरवाही बरतने पर लाइन हाजिर कर दिया है। वहीं एसएसपी ने खटीमा सीओ महेश चंद्र बिंजोला के पेशकार गोपाल राम चंदेल को विभागीय कार्रवाई में लापरवाही बरतने पर सस्पेंड कर दिया है। इनके अलावा सात सिपाहियों को थानों में इधर से उधर कर दिया है, जबकि आठ को रिजर्व पुलिस लाइन से थानों में तैनाती दे दी गई है। इस पर जनपद के पुलिस कर्मियों में चर्चा है, छोटों पर मार की गई है, और बड़े बरकरार है।

यह भी पढ़ें : भारी पड़ी सिपाही को हनक, रात भर ग्रामीणों ने बंधक रखा

नवीन समाचार, नैनीताल, 17 फरवरी 2020। रीठासाहिब थाने के ‘अजीन’ नाम के एक पुलिस के सिपाही को हनक दिखाना भारी पड़ गया। ग्रामीणों ने उसे रात भर बंधक बनाकर बैठाए रखा और उस पर अपहरण करने का आरोप भी लगाया। आखिर सिविल एवं राजस्व पुलिस के जवानों ने दूसरे दिन मौके पर जाकर पुलिस कर्मी को ग्रामीणों के चंगुल से बचाया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार रविवार की रात करीब नौ बजे काठगोदाम-हैड़ाखान रोड पर रौंसिला के पास कुछ लड़के सड़क पर दौड़ने का अभ्यास कर रहे थे। इस बीच चंपावत की ओर से कार चालक से लड़कों का विवाद हो गया। कार चालक ने स्थानीय ग्राम तिल्वाड़ी निवासी एक 12वीं कक्षा के छात्र 18 वर्षीय नीरज सिंह पुत्र तुला सिंह को जबरन कार में बैठा लिया और साथ ले जाने लगा। वह खुद को पुलिस का डीआइजी बताकर सरकार को गाली भी देते रहा। इस बीच ग्रामीणों में छात्र के अपहरण होने की आशंका को लेकर हल्ला मच गया और ग्रामीण जुट गए। उन्होंने आगे घेर कर, वाहन सड़क पर टेढ़े खड़े कर कार चालक को पकड़ लिया और उसके कब्जे से स्थानीय लड़के को छुड़ा कर चालक की जमकर पिटाई भी कर दी। कार चालक पूछताछ में खुद को सरकारी अधिकारी बताने लगा। इस पर ग्रामीणों ने रात भर उसे बंधक बनाकर रख दिया। सोमवार सुबह आक्रोशित ग्रामीणों ने हैड़ाखान मार्ग पर जाम लगाकर सिपाही के निलंबन व मुकदमा दर्ज करने की मांग शुरू कर दी। सुबह जानकारी मिलने पर काठगोदाम थानाध्यक्ष नंदन सिंह रावत दल-बल के साथ मौके पर पहंुचे। बाद में राजस्व पुलिस का क्षेत्र होने की जानकारी मिलने पर स्थानीय राजस्व उप निरीक्षक व तहसीलदार भी मौके पर पहुंचे। एक बजे प्रशासन के मोबाइल पर चम्पावत एसपी के निलंबन का आदेश मंगाने व ग्रामीणों को दिखाने पर मामला शांत हुआ। काठगोदाम थानाध्यक्ष नंदन सिंह रावत ने बताया कि पूछताछ में चालक रीठासाहिब जनपद चंपावत निवासी पुलिस का सिपाही निकला। उसका आते हुए ग्रामीण युवकों से विवाद हो गया था। इस पर वह एक युवक को साथ में ले आया था। राजस्व पुलिस की मौजूदगी में ग्रामीणों के साथ वार्ता कर उसे मुक्त करा लिया गया है, और दोनों पक्षों में विवाद शांत करा लिया गया है। छात्र को नशे की बिक्री की सूचना पर ले जाने की दलील भी पुलिस कर्मी के द्वारा दी गई।

यह भी पढ़ें : अभी-अभी : एक उच्चाधिकारी के असामयिक निधन से उत्तराखंड पुलिस में शोक की लहर…

नवीन समाचार, रुद्रपुर, 5 फरवरी 2020। उत्तराखंड पुलिस के लिए एक दुःख भरी खबर है। ऊधमसिंह नगर जनपद के मुख्यालय रुद्रपुर के पुलिस क्षेत्राधिकारी रहे व वर्तमान में यातायात पुलिस के सीओ हिमांशु साह का हृदयाघात से असामयिक निधन हो गया है। बुधवार शाम अचानक सीने में दर्द की शिकायत होने पर साथी पुलिस कर्मी उन्हें शहर के मेडिसिटी अस्पताल में उपचार के लिए ले गए, जहां उपचार से उन्हें बचाया नहीं जा सका। जनपद के पुलिस के उच्चाधिकारी साह के असामयिक निधन के समाचार से स्तब्ध रह गए हैं, तथा अस्पताल पहुंच गए हैं, जहां से उनके पार्थिव शरीर को पुलिस कार्यालय लाया जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार करीब 56 वर्षीय स्वर्गीय साह का रुद्रपुर के पुलिस क्षेत्राधिकारी रहते स्वास्थ्य हो गया था। इस कारण ही उन्हें रुद्रपुर के पुलिस क्षेत्राधिकारी पद से हटाकर यातायात पुलिस की जिम्मेदारी सोंपी गई थी। इधर हाल ही में वे दिल्ली में उपचार कराकर लौटे थे। जबकि आज यह घटना हो गई।

यह भी पढ़ें : फर्जी तरीके से उत्तराखंड पुलिस में भर्ती हो गया हत्यारा, उम्रकैद की हुई है सजा

नवीन समाचार, अल्मोड़ा, 3 फरवरी 2020। बरेली में हत्या के एक मामले में नामजद आरोपित रहे युवक के उत्तराखंड पुलिस में फर्जी तरीके से भर्ती होने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। इधर बरेली की अदालत ने उसके साथ ही हत्याकांड के सभी छह आरोपितों को उम्र कैद की सजा सुना दी है। खुद को शहदौरा (किच्छा) का मूल निवासी बताकर 2001 में उत्तराखंड गठन के बाद हुई पहली पुलिस भर्ती में भर्ती हुआ और गत वर्ष अल्मोड़ा व इससे पहले ऊधमसिंह नगर में भी तैनात रहा तथा यहां से विजिलेंस देहरादून में संबद्ध कर दिये गये आरक्षी मुकेश कुमार के खिलाफ अब पंतनगर थाने में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर जांच तेज कर दी गई है।
मामले में अल्मोड़ा के एसएसपी कार्यालय के वरिष्ठ प्रधान लिपिक जोध सिंह तोमक्याल ने तहरीर देकर कहा कि वर्ष 2001 में उत्तराखंड पुलिस में कांस्टेबल पद की भर्ती में मूलरूप से अभयपुर, थाना कैंट, बरेली निवासी मुकेश कुमार पुत्र सतेंद्र पाल ने ऊधम सिंह नगर से आवेदन भरा। उसने दस्तावेज में अपना पता शहदौरा गांव किच्छा लिखाया। भर्ती के बाद पुलिस ने शहदौरा जाकर बकायदा सत्यापन भी किया, मगर फर्जी पता पकड़ में न आ सका। अब खुलासा हुआ है कि फर्जी पता बता कांस्टेबल बना मुकेश कुमार 25 दिसंबर 1997 को बरेली में एक हत्या के मामले में नामजद था। इस मामले में वादी रहे नरेश कुमार ने एसएसपी अल्मोड़ा को हत्यारोपित कांस्टेबल के खिलाफ शिकायती पत्र भेजा। इसमें मुकेश के अल्मोड़ा में तैनात होने का जिक्र किया गया था। अल्मोड़ा से रिपोर्ट ऊधम सिंह नगर एसएसपी कार्यालय भेजी गई। इस पर गहन जांच की गई तो खुलासा हुआ कि हत्याकांड में नामजद आरोपित अपना पता बदल उत्तराखंड पुलिस में भर्ती हो गया। इधर पंतनगर थाने में आरोपित कांस्टेबल मुकेश के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

यह भी पढ़ें : गणतंत्र दिवस पर 58 पुलिस अधिकारी-कर्मचारी होंगे सम्मानित..

नवीन समाचार, देहरादून, 22 जनवरी 2020। पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड द्वारा गणतंत्र दिवस-2020 के अवसर पर सेवा आधार पर एवं विशिष्ट कार्य के लिए निम्नलिखित पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को राज्यपाल उत्कृष्ट सेवा पदक एवं उत्कृष्ट-सराहनीय सेवा सम्मान चिन्ह प्रदान किये जाने की घोषणा की गई है, जिन्हें गणतंत्र दिवस के अवसर पर परेड ग्राउंड में आयोजित होने वाली परेड के समय राज्यपाल, उत्तराखण्ड द्वारा अलंकृत किया जायेगा।
उत्कृष्ट सेवा के लिए (सेवा के आधार पर) राज्यपाल उत्कृष्ट सेवा पदक-(4)
1- प्रकाश चन्द्र देवली, पुलिस उपाधीक्षक, पीटीसी नरेन्द्रनगर (सम्बद्ध कुम्भ मेला 2021)
2- विक्रम सिंह नेगी, उप निक्षक विशेष श्रेणी , जनपद हरिद्वार।
3- हरि सिंह, हेड कान्सटेबल 4049, आईआरबी द्वितीय।
4- कंवर पाल आरक्षी, सतर्कता मुख्यालय, देहरादून।

विशिष्ट कार्य के लिए राज्यपाल उत्कृष्ट सेवा पदक-(4)
1- रविन्द्र शाह, उपनिक्षक , जनपद हरिद्वार।
2- अर्जुन कुमार, उपनिक्षक , जनपद हरिद्वार।
3- अमित कुमार आरक्षी 60 , जनपद हरिद्वार।
4- प्रभाकर, आरक्षी 729, जनपद हरिद्वार।

उपरोक्त के अतिरिक्त निम्निलिखत पुलिस कर्मियों को उत्कृष्ठ एवं सराहनीय सेवा सम्मान चिन्ह प्रदान करने की घोषणा की गई है जिन्हें गणतंत्र दिवस-2020 के अवसर पर पुलिस महानिदेशक,उत्तराखण्ड द्वारा पुलिस मुख्यालय प्रागण में सम्मान चिन्ह से अलंकृत किया जायेगा। अराजपत्रित अधिका-कर्मचारियांे को सम्मान चिन्ह के साथ क्रमशः रु0 5000-. एवं रु0 2000ध्- नकद पुरस्कार प्रदान किया जायेगा ।

उत्कृष्ट सेवा के लिए (सेवा के आधार पर) उत्कृष्ट सेवा सम्मान चिन्ह-(6)
1- बिजेन्द्र दत्त डोभाल, पुलिस उपाधीक्षक, जनपद हरिद्वार।
2- राकेश चन्द्र देवली, पुलिस उपाधीक्षक, यातायात जनपद देहरादून।
3- दिग्विजय सिंह परिहार, पुलिस उपाधीक्षक(पुलिस दूरसंचार), संचार मुख्यालय, देहरादून।
4- देवेन्द्र सिंह नेगी, उप निक्षक, जनपद ऊधमसिंहनगर।
5- सैनपाल सिंह, प्लाटून कमाण्डर, 46 वीं वाहिनी पीएसी।
6- पूरन चन्द्र जोशी, उप निक्षक विशेष श्रेणी , जनपद बागेश्वर।

विशिष्ट कार्य के लिए उत्कृष्ट सेवा सम्मान चिन्ह-(2)
1- विद्या दत्त जोशी, उपनिक्षक , जनपद ऊधमसिंहनगर।
2- धर्मेन्द्र सिंह रौतेला, उपनिक्षक , जनपद देहरादून।

सराहनीय सेवा के लिए (सेवा के आधार पर) सराहनीय सेवा सम्मान चिन्ह-(16)
1- गणेश लाल, पुलिस उपाधीक्षक, जनपद रुद्रप्रयाग।
2- राम सिंह रावत , दलनायक, 40 वीं वाहिनी पीएसी।
3- अशोक कुमार सिंह, प्रतिसार निक्षक जनपद अल्मोड़ा।
4- महेशपाल सिंह, निक्षक , एसटीएफ उत्तराखण्ड।
5- कुन्दन सिंह राणा, निक्षक , एटीसी हरिद्वार।
6- राममूर्ति सिंह रावत, उप निक्षक अभिसूचना, मुख्यमंत्री सुरक्षा, देहरादून।
7- पीताम्बर भट्ट, उप निक्षक , जनपद चम्पावत।
8- रमेश चन्द्र तिवा, उप निक्षक , जनपद ऊधमसिंहनगर।
9- रमेश चन्द्र देवरानी, उ0नि0न0पु0, जनपद ऊधमसिंहनगर।
10- रुपलाल, हे0का0प्रो0 , सीबीसीआईडी उत्तराखण्ड देहरादून।
11- कुन्दन सिंह, उ0नि0, जनपद हरिद्वार।
12- गोवर्धन प्रसाद, उ0नि0 , जनपद पौड़ी गढ़वाल।
13- जई राम, हे0का0 विशेष श्रेणी चालक, 46 वीं वाहिनी पीएसी ।
14- रमेशचन्द्र, हे0कां0 3137, आईआरबी प्रथम रामनगर।
15- भवान सिंह, हे0कां0 49, 31वीं वाहिनी पीएसी रूद्रपुर।
16- पूरन राम, नायक 290, 31वीं वाहिनी पीएसी रूद्रपुर।

विशिष्ट कार्य के लिए सराहनीय सेवा सम्मान चिन्ह-( 26)
1- दिलवर सिंह नेगी, उप निक्षक , जनपद देहरादून।
2- संजय मिश्रा, उप निक्षक , जनपद देहरादून।
3- ललित कुमार, आरक्षी 61 , जनपद देहरादून।
4- दीप प्रकाश, आरक्षी 653 , जनपद देहरादून।
5- राजेश सिंह कुंवर, आरक्षी 1775 जनपद देहरादून।
6- देवेन्द्र सिंह, आरक्षी 232 , जनपद देहरादून।
7- दिनेश सिंह, आरक्षी 1099 , जनपद देहरादून।
8- अशोक राठौर, उप निक्षक , जनपद देहरादून।
9- अरशद, आरक्षी 1783 , जनपद देहरादून।
10- पंकज, आरक्षी 1130 , जनपद देहरादून।
11- केदार सिंह चौहान, उप निक्षक , जनपद उत्तरकाशी।
12- ऋतुराज, उप निक्षक , जनपद उत्तरकाशी।
13- चंदन सिंह, आरक्षी 119 , जनपद उत्तरकाशी।
14- उत्तम सिंह, आरक्षी 71 , जनपद उत्तरकाशी।
15- रमेश राणा, आरक्षी 197 , जनपद उत्तरकाशी।
16- अमर चन्द्र शर्मा, निक्षक , एसटीएफ उत्तराखण्ड।
17- सुनील कुमार, हे0का0प्रो0, एसटीएफ उत्तराखण्ड।
18- मनोज कुमार, आरक्षी, एसटीएफ उत्तराखण्ड।
19- सुरेन्द्र कुमार, आरक्षी चालक, एसटीएफ उत्तराखण्ड।
20- मनोज रावत, उप निक्षक एसडीआरएफ उत्तराखण्ड।
21- सुशील कुमार, अरक्षी, एसडीआरएफ उत्तराखण्ड।
22- सुरेश मलासी, आरक्षी, एसडीआरएफ उत्तराखण्ड।
23- कुन्दन तोमर, आरक्षी, एसडीआरएफ उत्तराखण्ड।
24- राजेन्द्र नाथ, आरक्षी 282 , एसडीआरएफ उत्तराखण्ड।
25- गोपाल दत्त जोशी, निक्षक अभिसूचना, अभिसूचनाध्सुरक्षा मुख्यालय।
26- जीवन सिंह रावत, उप निक्षक , सीसीटीएनएस पुलिस मुख्यालय।

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नवीन समाचार, रुद्रपुर, 20 जनवरी 2020। उत्तराखंड पुलिस में ट्रांसफर-पोस्टिंग के मसले को उठाते एक बेनाम ‘लेटर बम’ से हड़कंप मच गया है। बात मुख्यालय तक पहुंच गई है। मीडिया के साथ पुलिस के अधिकारियों व मुख्यालय को भेजे गये बेनाम पत्र में इंस्पेक्टर, दरोगा, कांस्टेबलों के ट्रांसफर और पोस्टिंग कराने के नाम पर वसूली के आरोप लगाए गए हैं। पत्र में शिकायकर्ता ने अपना नाम नहीं लिखा है, लेकिन आरोप बेहद संगीन है। मामला पुलिस मुख्यालय पहुंचने के बाद जांच के आदेश हो गए हैं। एसएसपी ने ट्रांसफर, पोस्टिंग को गोपनीय करार देते हुए जांच के बाद कार्रवाई करने की बात कही है। पत्र में कहा गया है कि एसएसपी ऊधमसिंह नगर कार्यालय में तैनात दो कर्मचारियों ने कुछ इंस्पेक्टर, दरोगा और कर्मचारियों का एक ग्रुप बनाया है। इनसे वे एकमुश्त राशि वसूलते हैं, जो इनको पैसा नहीं देता है, उसकी नेगेटिव फीड बैक एसएसपी को देते हैं।
ट्रांसफर कराने के नाम पर मोटी रकम वसूली इससे बेहतर कार्य करने वाले कर्मचारी कुंठित हो रहे हैं। पत्र में दोनों कर्मचारियों की अर्जित संपत्ति की जांच करने और आरोपों के संबंध में दोनों की कॉल डिटेल निकाल कर जांच कराने को कहा है। यह भी आरोप है कि ट्रांसफर कराने के नाम पर मोटी रकम वसूली जाती है। इनके ग्रुप के लोग दस साल से एक ही सर्किल में नियुक्त हैं। जिनके घर रामनगर, काशीपुर में हैं, वे काशीपुर सर्किल और जिनके घर हल्द्वानी में हैं वे रुद्रपुर सर्किल में पोस्टिंग करा लेते हैं। पुलिस की गोपनीय बातें नेताओं तक पहुंच रही हैं।
गोपनीय पत्र में एसएसपी को ईमानदार बताया गया है, लेकिन यह भी कहा कि गलत फीडबैक का फायदा ये दोनों कर्मचारी उठा रहे हैं। इनमें से एक कर्मी का दूसरे जिले में तबादला होने के बावजूद रसूख के दम पर जिला नहीं छोड़ने का आरोप लगा है।
इस पर एसएसपी बरिंदरजीत सिंह का कहना है कि ट्रांसफर और पोस्टिंग में घपलेबाजी को लेकर कोई तथ्य सामने नहीं आया है। जिनके बारे में कहा जा रहा है, उनके लिए यह करना संभव नहीं है। ट्रांसफर और पोस्टिंग गोपनीय प्रक्रिया होती है। बिना नाम के शिकायती पत्र में तथ्य नहीं होने से जांच संभव नहीं होती है। शिकायती पत्र की सूचना मुख्यालय को भी है और इस मामले में वहां से जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच के अनुरूप कार्यवाही की जाएगी। आगे से इस संबंध में ज्यादा ध्यान रखा जाएगा। हो सकता है किसी को मनपंसद पोस्टिंग न मिली हो या पुलिस को बदनाम करने के मकसद से भी बिना नाम का पत्र भेजा गया हो।

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-आरोपी के महिला मित्र को फैमिली क्वार्टर में लाने पर 11 दिसम्बर को दोनों के बीच हुआ था विवाद
—2 जनवरी से लापता चल रहा था काशीपुर निवासी कॉन्स्टेबल

मृतक पुलिस कर्मी

नवीन समाचार, पिथौरागढ़, 6 जनवरी 2019। गत 2 जनवरी को पुलिस लाइन से गायब हुए पुलिस कर्मी मोहित जोशी (35) का सोमवार को चौथे दिन शव बरामद हो गया। मालूम हो कि 3 जून को मृतक की पत्नी भारती देवी ने उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी
इधर आज पुलिस ने खुलासा किया कि महिला मित्र को पुलिस लाइन के अपने आवास में लाने पर हुए विवाद के बाद साथी पुलिस कर्मी-गिरीश चंद्र जोशी ने मोहित की हत्या कर दी थी। आरोपी पुलिसकर्मी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
उल्लेखनीय है कि ऊधमसिंह नगर जिले के भीमनगर, कुंडेश्वरी निवासी 35 वर्षीय कॉन्स्टेबल मोहित जोशी पुत्र रामप्रसाद जोशी पिथौरागढ़ पुलिस लाइन में अपने परिवार के साथ रहता था। उसके आवास के अगल बगल ही कॉन्स्टेबल गिरीश चंद्र जोशी भी परिवार सहित रह रहा था। कोतवाली प्रभारी ओपी शर्मा के अनुसार बीती 11 दिसम्बर को कॉन्स्टेबल गिरीश जोशी एक महिला मित्र को अपने आवास पर लेकर आया था। इस दौरान मोहित और उसके परिवार ने इस पर आपत्ति जताई और कहा कि खुद शादीशुदा होने के बावजूद फैमिली क्वार्टर में इस तरह की हरकत अनुचित है। बताया जाता है कि इस पर गिरीश और मोहित के बीच काफी विवाद हुआ। इस बीच 2 जनवरी को मोहित लापता हो गया। सोमवार को उसका शव
जिला मुख्यालय से करीब 8-10 किमी दूर कफलडुंगरी, चंडाक क्षेत्र में सड़क से नीचे खाई में बरामद हुआ। पुलिस जांच पड़ताल में पता चला कि 2 जनवरी को कॉन्स्टेबल गिरीश सिपाही मोहित के साथ कार से चंडाक क्षेत्र की तरफ गया था। मामले की विवेचना कर रहे एसआई एचएस डांगी के अनुसार घटनास्थल से बरामद शव पर चोटों के निशान हैं, लेकिन बांकी स्थिति सोमवार शाम किये गए पोस्टमार्टम रिपोर्ट से सामने आएगी। मामले में कॉन्स्टेबल गिरीश को सोमवार शाम हत्या का मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है।

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नवीन समाचार, अल्मोड़ा, 12 दिसंबर 2019। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने देश के कमोबेश सभी प्रांतों में राज्यवार सर्वश्रेष्ठ थानों की घोषणा कर दी है। इस बार अल्मोड़ा जनपद के उत्तराखंड के चौखुटिया थाने को प्रदेश के सर्वश्रेष्ठ थाने का खिताब मिला है।
उल्लेखनीय है कि देश भर से 15,579 पुलिस थानों में से शीर्ष 10 शीर्ष पुलिस थानों के साथ ही हर प्रदेश के एक-एक सर्वश्रेष्ठ थानों की घोषणा की गई है। इसके लिए पहले थानों में डाटा विश्लेषण, सीधी परख और सार्वजनिक तौर पर लोगों से मिली जानकारी के माध्यम से रैंकिंग प्रक्रिया के तहत प्रत्येक राज्य में श्रेष्ठ कार्य प्रदर्शन करने वाले थानों की संक्षिप्त सूची तैयार की गई। ये सूची थानों द्वारा सम्पत्ति अपराध, महिलाओं के विरूद्ध अपराध और कमजोर वर्गों के विरूद्ध अपराधों के समाधान के आधार पर बनाई गई। शुरुआत में प्रत्येक राज्य से तीन थानों का चयन करते हुए 750 थानों को शार्टिलिस्ट किया गया। इनमें सभी राज्यों और दिल्ली से दो थानों को शामिल किया गया और केंद्रशासित प्रदेशों से एक थानों को। इसके बाद रैंकिंग प्रक्रिया के अगले चरण के लिए उनमें से 79 थानों को चुना गया।

19 मापदंडों से होकर गुजरना पड़ा
अंतिम चरण में सेवा वितरण के मानकों का मूल्यांकन करने और पुलिसिंग में सुधार की तकनीकों की पहचान करने के लिए 19 मापदंडों की पहचान की गई थी। यह भाग सम्पूर्ण स्कोर में 80 प्रतिशत भारांक का था। शेष 20 प्रतिशत भारांक थाने की आधारभूत संरचना तथा कर्मियों से सम्पर्क सुग्यमता और नागरिकों से प्राप्त जानकारी पर आधारित था। प्रत्येक स्थान से लगभग 60 लोगों को शामिल करके 5,461 लोगों से फीडबैक लिया गया। अंत में इस आधार पर टॉप-10 थानों की सूची तैयार की गई।

यह भी पढ़ें : खूंखार हत्या आरोपी गैंगस्टर ‘खलनायक’ को गोल्ड मेडेलिस्ट महिला पुलिस कर्मी ने दुल्हन बनकर पकड़वाया..

नवीन समाचार, भोपाल, 30 नवंबर 2019। मध्य प्रदेश के छतरपुर में एक महिला पुलिसकर्मी ने फिल्म ‘खलनायक’ की तरह दुल्हन बनकर एक खूंखार हत्या आरोपी गैंगस्टर डकैत बालकिशन को, जिसे लोग सीधा गोली चलाने के लिए जानते थे, को अपने जाल में फंसाया और धर दबोचा। सब-इंस्पेक्टर माधवी अग्हिहोत्री (28) ने ‘राधा’ बनकर बाल किशन चौबे से फोन पर तीन दिन बात की और अपने जाल में फंसाया। बालकिशन को यह नहीं पता था कि मंदिर में जिस राधा से मिलने वह पहुंचा था वह एक पुलिस कर्मी है। उसे जब पुलिसवालों ने जमीन पर गिरा लिया तो माधवी ने सामने आकर कहा- ‘राधा आ गई’ पुलिस को चौबे की तलाश उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में हत्या और डकैती के 15 मामलों में थी। हर बार छत्तरपुर की पुलिस उसे गिरफ्तार करने के बेहद करीब पहुंच जाती थी लेकिन हर बार वह बच निकलता था।

गोल्ड मेडलिस्ट है माधवी
यूनिवर्सिटी नैशनल चैंपियनशिप में माधवी को गोला-फेंक और दूसरी प्रतियोगिता में गोल्ड मिला था। माधवी ने बताया, ‘मुझे पता चला कि वह हथियार चलाने से पहले कभी नहीं सोचता था। मुझे यह भी पता चला कि उसे महिलाओं में दिलचस्पी थी।’
तीन दिन की चैटिंग, तय शादी की बात
पुलिस ने चौबे को फेसबुक अकाउंट के जरिए ट्रैककरना शुरू किया। माधवी ने फेसबुक पर ही उसका नंबर मांगा और राधा लोधी बनकर उससे बात की। माधवी ने उसे बताया कि वह छतरपुर से है और दिल्ली में मजदूरी करती है। सिर्फ तीन दिन चैटिंग करने के बाद बालकिशन ने ‘राधा’ के सामने शादी का प्रस्ताव रख दिया। चौबे ने उससे शादी से पहले एक बार मिलने के लिए कहा और यूपी-एमपी की सीमा पर एक गांव के मंदिर में मिलना तय हुआ।

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-डीआईजी जोशी ने परिक्षेत्रीय मासिक समीक्षा बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को दिये निर्देश

मंडल के एसपी-एसएसपी की मासिक समीक्षा बैठक लेते पुलिस उप महानिरीक्षक जगत राम जोशी।

नवीन समाचार, नैनीताल, 21 नवंबर 2019। पुलिस उपमहानिरीक्षक कुमाऊं जगतराम जोशी ने कुमाऊं परिक्षेत्र के पुलिस अधिकारियों को शराब एवं नशीले पदार्थों की तस्करी के मामलों में आरोपितों की संपत्ति भी अभियोग में संबद्ध करने के आदेश दिये हैं। इसके लिए उन्होंने पुलिस को अभियोग, दुर्घटनाएं आदि होने ही न देने के लिए निरोधात्मक कार्रवाइयां, वाहनों की जांच बढ़ाने, बाहरी व्यक्तियों के सत्यापन पर जोर देने एवं सीसीटीवी कैमरे स्थापित करने के मंत्र दिये।

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डीआईजी जोशी ने बृहस्पतिवार को परिक्षेत्र के एसएसपी एवं एसपी स्तर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ परिक्षेत्र स्तर की मासिक समीक्षा बैठक में इसके साथ ही चोरी की बढ़ती घटनाओं पर चिन्ता प्रकट की। पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिये कि वह आपराधिक घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठायें। बैठक में अपराध स्थिति एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा के अतिरिक्त जनपदों में लम्बित विवेचनाधीन अभियोग, वांछित अपराधियों, बरामदगी, गिरफ्तारी, सम्मन वारंटियों की तामीली, मालखानों में मालों के निस्तारण एवं यातायात व्यवस्था की समीक्षा की गई। सभी जनपद प्रभारियों को नियमित वाहन चेकिंग किये जाने के निर्देश दिये गये। जनपद प्रभारियों को स्थानीय व्यक्तियों की सहायता से गली-मोहल्लों में फेरी इत्यादि करने वाले व्यक्तियों के सत्यापन कराये जाने के निर्देश दिये गये, जिससे चोरी, नकबजनी एवं ठगी की घटनाओं की रोकथाम में सहायता मिलेगी। डीआईजी ने सत्यापन कार्य प्रभावी ढंग से करने के निर्देश भी दिये। बैठक में पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर विगत एक माह से चल रहे अपराध अभियान की समीक्षा की गयी। लंबित विवेचनाओं का निस्तारण करने, जिला प्रशासन से समन्वय स्थापित कर गुंडा प्रवृति के व्यक्तियों को जिला बदर करने, तथा फरार चल रहे अपराधियों, पेशेवरों, हिस्टीशीटरों का सत्यापन करने के निर्देश दिये गये। बैठक में एसएसपी नैनीताल सुनील कुमार मीणा, उधमसिंह नगर के बरिंदर जीत सिंह, अल्मोड़ा के प्रहलाद मीणा, बागेश्वर की प्रियदर्शनी, चम्पावत के धीरेन्द्र गुंज्याल व पिथौरागढ़ के रामचन्द्र राजगुरु के अलावा जगदीश देउपा, बिशन सिंह व संजय कुमार आदि भी मौजूद रहे।
ःःइनसेटःः
एसआई मंगल ‘पुलिसमैन आफ द मंथ’ चुने गए
नैनीताल। परिक्षेत्रीय अपराध समीक्षा बैठक के दौरान डीआईजी जगतराम जोशी ने हल्द्वानी के थाना बनभूलपुरा में तैनात उप निरीक्षक मंगल सिंह द्वारा गौलापर क्षेत्र में खटीमा निवासी मोहम्मद सुहेल से 45.15 ग्राम स्मैक सहित गिरफ्तार करने पर, तथा साथ ही कई अन्य अपराधों का अनावरण करने पर उन्हें ‘पुलिसमैन आफ द मंथ’ का पुरस्कार प्रदान किया। उन्हें प्रशस्ति पत्र के साथ एक हजार रुपये का नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

यह भी पढ़ें : पत्रकार के लिए खोदे गड्ढे में खुद गिरा कोतवाल, पड़ गए लेने के देने…..

नवीन समाचार, पीलीभीत, 8 नवंबर 2019। कहते हैं दूसरों के लिए गड्ढा खोदने वाला अक्सर खुद ही अपने खोदे हुए गड्ढे में गिर जाता है। ऐसा ही एक वाकया उत्तर प्रदेश के योगी राज में बेलगाम पुलिस के एक कोतवाल के साथ घटित हुआ है। जनपद पीलीभीत के थाना बरखेड़ा के कोतवाल बृजकिशोर मिश्रा ने एक शिकायतकर्ता- ग्राम नगरा ताल्लुके मूसेपुर के मुकेश कुमार का पैसे लेने के बाद भी जब काम नहीं किया तो मामला मीडिया की सुर्खियों में आ गया। इसके बाद बौखलाए कोतवाल ने वर्दी के नशे में पीड़ित को बुलाया और थाने में धमका कर खबर छापने वाले पत्रकार के खिलाफ बयान लिखवा दिया। बाद में पत्रकार को बुलाकर पीड़ित का दबाव में दिया गया बयान और वीडियो दिखाकर पत्रकार को ब्लैकमेल करने की कोशिश की। उधर, पत्रकारों ने भी पीड़ित को थाने से बाहर आते ही घेर लिया और पीड़ित के उस बयान को कैमरे में कैद कर लिया, जिसमें उसने कोतवाल की पत्रकारों के विरुद्ध साजिश का पर्दाफाश कर दिया।
आगे श्रमजीवी पत्रकार यूनियन ने कोतवाल की पत्रकारों के विरुद्ध साजिश का पर्दाफाश करने वाला वीडियो अपर पुलिस महानिदेशक बरेली जोन को ट्वीट कर दिया, जिसके बाद एडीजी बरेली व डीआईजी रेंज बरेली ने पीलीभीत पुलिस का जवाब तलब कर लिया। जवाब तलब होते ही कोतवाल के होश उड़ गए और वह पत्रकारों से मान-मनौब्बल करने लगे। बीती गुरुवार देर रात पुलिस अधीक्षक ने बरखेड़ा कोतवाल की पत्रकारों के विरुद्ध साजिश वाले वीडियो की जांच पुलिस क्षेत्राधिकारी बीसलपुर प्रवीण मलिक को सौंप दी है।
मामले के अनुसार मुकेश कुमार नाम के व्यक्ति ने डेढ़ माह पहले बरखेड़ा थानाध्यक्ष को शिकायती प्रार्थना पत्र देकर कथा कि ग्राम आमडार के प्रेमपाल से उसने बटाई पर खेतिहर जमीन ली थी लेकिन कुछ दिनों बाद शर्तों का उल्लंघन कर भू स्वामी ने जमीन वापस ले ली लेकिन उसका हिसाब नहीं किया। उसके प्रेमपाल पर 3 लाख 60 हजार हिसाब में आ रहे हैं। तब उसने बरखेड़ा थानाध्यक्ष को प्रेमपाल के विरुद्ध शिकायती प्रार्थना पत्र देकर न्याय की फरियाद की थी। कोतवाल ने मुकेश से कथित तौर पर रुपए ले लिए बावजूद उसे न्याय नहीं दिलवाय।

यह भी पढ़ें : दीपावली पर उत्तराखंड पुलिस के एक और जवान की मौत, एसएसपी-एसपी भी हुए अंतिम यात्रा में शामिल

नवीन स9माचार, रुद्रपुऱ, 27 अक्तूबर 2019। दीपावली पर उत्तराखंड पुलिस के एक और जवान की दुःखद मौत हो गई। रुद्रपुर पुलिस कोतवाली में तैनात पुलिस व पास ही स्थित लालपुर निवासी जवान मनोज कुमार की डेंगू से असामयिक मृत्यु हो गई। रविवार को मनोज ने बरेली के बहेड़ी स्थित श्रीराम मूर्ति अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। इसके बाद रुद्रपुर पुलिस लाइन में उसे सलामी दी गई। इसके बाद शव को परिजनों के हवाले किया गया। बाद में उसकी अंतिम यात्रा में ऊधमसिंह नगर जनपद के एसएसपी बरिंदरजीत सिंह, एसपी देवेंद्र पिंचा व एसपी-क्राइम प्रमोद कुमार सहित बड़ी संख्या में पुलिस कर्मी शामिल रहे तथा उसके शव को कंधा दिया।

यह भी पढ़ें : राज्यपाल की फ्लीट के दौरान हुई पुलिस वाहन की दुर्घटना में घायल हुई महिला एसआई ने भी तोड़ा दम, बड़ा सवाल-क्या पुलिस वाले इंसान नहीं होते…?

महिला उप निरीक्षक माया बिष्ट

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 26 अक्तूबर 2019। बीती 22 अक्तूबर को जनपद मुख्यालय के निकट दुर्गापुर स्थित विद्यालय में राज्यपाल की फ्लीट गुजरने से कुछ देर पहले हुई पुलिस वाहन की दुर्घटना में घायल हुई महिला उप निरीक्षक माया बिष्ट ने शनिवार को उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। उनका इस दुर्घटना के बाद से नगर के एक निजी अस्पताल में उपचार चल रहा था। इस दुर्घटना में पहले ही दो पुलिस कर्मियों की मृत्यु हो चुकी है। उनकी मृत्यु के बाद शासन-प्रशासन से हताहत पुलिस कर्मियों की मदद के लिए कोई सरकारी मदद-मुआवजा नहीं दिया गया। ऐसे में स्वयं पुलिस कर्मियों की ओर से सवाल उठ रहे हैं कि क्या पुलिस कर्मी इंसान नहीं होते। जब जहरीली शराब पीकर और पुलिस से भिड़ने पर मृत्यु होने पर आम लोगों को सरकार 50 लाख रुपए तक मुआवजा और आश्रित को सरकारी नौकरी दे देती है तो पुलिस कर्मियों को क्यों नहीं। क्या इसलिए कि वह अनुशासित बल हैं, या कि वे अपनी नौकरी की व्यस्तता के बीच किसी राजनीतिक दल के लिए ‘वोट’ नहीं होते।
इधर साथी पुलिस कर्मियों के अनुसार दिवंगत एसआई माया बिष्ट एक कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधिकारी के साथ ही व्यवहार कुशल व मृदुभाषी महिला, पत्नी और एक बेटी की मां भी थीं। वे थाना लालकुआं में तैनात थीं। उनके पति सुरेश बिष्ट यहीं ईएसआई अस्पताल में कार्यरत हैं।

यह भी पढ़ें : लोग मना रहे दीपावली का त्योहार, पुलिस वाले दो घरों के बुझे दिये जलाने 500-हजार की लगा रहे गुहार..

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 25 अक्तूबर 2019। जी हां, जब पूरा प्रदेश-देश आज धनतेरस के पर्व के जरिये दीपावली के त्योहार में दिये जगमगाने की तैयारी कर रहा है, वहीं उत्तराखंड के पुलिस कर्मी अपने दो साथियों के घरों के बुझे दियों को किसी तरह जलाने के लिए आपस में पांच सौ-हजार रुपए जुटाने को गुहार लगा रहे हैं।उल्लेखनीय है कि गत 22 अक्तूबर को एक विद्यालय में बतौर मुख्य अतिथि पहुंची उत्तराखंड की राज्यपाल बेबी रानी मौर्या के लौटने से ठीक पहले हुई एक दुर्घटना में दो पुलिसकर्मियों की मौत हो गई थी और काठगोदाम थाना प्रभारी नंदन सिंह रावत व एक महिला उप निरीक्षक माया बिष्ट घायल हो गए थे। इस पर काठगोदाम के पूर्व थानाध्यक्ष रहे व वर्तमान में अल्मोड़ा जनपद के थानाध्यक्ष उप निरीक्षक नीरज भाकुनी ने एक मार्मिक अपील की।

देखें नीरज भाकुनी द्वारा की गई मार्मिक अपील-अनुरोध:

कल दिनाँक 22.10.2019 को ‘महामहिम राजयपाल महोदया की सुरक्षा में तैनात पुलिस परिवार के हमारे साथी-भाई आरक्षी ललित मोहन और नंदन सिंह बिष्ट अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए सड़क दुर्घटना में क्रूर काल का ग्रास बन गए और अपने पीछे छोड़ गए शोकाकुल परिवार और छोटे-छोटे बच्चे’। हम काल के इस क्रूर चक्र को तो नही रोक सके लेकिन उस शोक संतप्त परिवार के साथ तन, मन, धन से खड़े होकर यह विश्वास दिला सकते हैं कि पुलिस का परिवार बहुत विशाल है। अगर परिवार के किसी सदस्य पर विपत्ति आएगी तो परिवार का छोड़ा-बड़ा हर व्यक्ति कंधे से कंधा मिलाये खड़ा होगा। हम अपने साथियों द्वारा एक बेटे, पिता और पति के रूप में निभाये जा रहे आर्थिक फर्ज में अपना अंशदान करके उस परिवार को भविष्य के लिए कुछ राहत दे सकते हैं। क्योंकि व्यक्ति के जाने के बाद शायद उन सबके भविष्य के लिए हमारी ओर से इस से बड़ा सहयोग और सच्ची श्रद्धांजलि कुछ नही हो सकती। इसलिए आप सबसे अनुरोध है कि कृपया आहत परिवारों के लिए स्वेच्छा से अंशदान करें । दिवंगत साथियों के बैंक खाता डिटेल प्रेषित की जा रही है।
आरक्षी नन्दन सिहं बिष्ट थाना – काठगोदाम एकाउंट नंबर – 30884157156 SBI haldwani IFSC code – 0000646
आरक्षी ललित मोहन थाना काठगोदाम एकाउंट नंबर- 2717001300001156 – 2717001300001156 PNB haldwani, IFSC code-PUNB0019600
साथ ही हम इस दुर्घटना में घायल मेरे भाई नंदन सिंह रावत और बहिन माया बिष्ट के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए परम पिता परमेश्वर से करबद्ध प्रार्थना करते हैं।

इस पर अब तक पुलिस कर्मियों ने करीब ढाई लाख रुपए की धनराशि एकत्र भी कर ली है। देखें अब तक जमा की गई धनराशि के ब्यौरे : 

1- श्री नीरज भाकुनी उपनिरीक्षक  (अल्मोड़ा )- 10000
2- श्री हीरा भोरियाल (देहरादून)- 2000
3- श्री जितेन्द्र सिंह (UDN)- 1000
4- श्री हीरा सिंह डांगी उपनिरीक्षक  (पिथौरागढ़)-2000 
5- चौकी भिकियासैण (अल्मोड़ा) - 8500
6- श्री जगदीश जोशी (नैनीताल)-1000
7- श्री मनमोहन भण्डारी (पिथौरागढ़) - 2000
8- श्री प्रकाश (उधम सिंह नगर )-1000 
9-  श्री कैलाश मनराल (UDN)- 1000 
10- श्री सुनील कुमार (UDN)- 1000
11- श्री दिवान कोरंगा (अल्मोड़ा )-1000 
12- श्री जगदीश जोशी(नैनीताल)-1000 
13- श्री राजेश (उधम सिंह नगर)-1000
14- श्री कैलाश नयाल - 1000
15- श्री कुन्दन खङायत(नैनीताल)- 1000
16- श्री त्रिलोक (नैनीताल)- 1000 
17- श्री नरेन्दर यादव (UDN)-2000
18- श्री संदीप सिंह कोतवाली अल्मोड़ा-1000 
19- श्री संदीप सिंह अभियोजन कार्यालय अल्मोड़ा-2000
20- श्री राजा गौतम-1000 
21- श्री प्रमोद गुप्ता-400
22- श्री राजेन्द्र जोशी (नैनीताल)2000
23- श्री खङक सिह (चम्पावत)-500
24- श्री वीरेन्द्र सामंत (नैनीताल)-1000
25- श्री अब्बल सिंह (हरिद्वार )-2000
26- श्री भास्कर भरोला(चम्पावत)-500
27- श्री मनोहर सिह रावत(UDN)-500
28- सुशील जोशी उपनिरीक्षक  (नैनीताल)-5000
29- सुश्री रितु मेहरा नैनीताल-1000
30- श्री कुलदीप काण्डपाल उपनिरीक्षक (चमोली)-2000
31- मो0 बबलू खान (हरिद्वार)-1000
32- श्री संजय कुमार (हरिद्वार)-1000
33- श्री जोनी चंद्रप्रकाश उ0स0न0 (बाजपुर)1000
34- श्री कुंदन जी  (बाजपुर )1000
35- श्री किशोर जी (बाजपुर) 1000
36- श्री जगदीश राठौर (हल्द्वानी)- 1000
37- श्री के0पी0 रावत (हल्द्वानी)- 2000
38- श्री  घनश्याम रौतेला (हल्द्वानी) 2000
39- श्री वीरेन्द्र गैरोला(PHQ) -1000
40- श्री संजीव कुमार (पिथौरागढ़)-1000
41- श्री जितेन्द्र कुमार(नैनीताल)-1000
42-श्री रविन्द्र भोज (देहरादून )-1000
43-श्री किशन आर्या (पिथौरागढ़)-1000
44-श्री भूपी भाई (UDN)-1000
45-श्री नरेश राठौर उपनिरीक्षक  (देहरादून)3000
46- श्री मनोहर भण्डारी उपनिरीक्षक (चमोली)-2000
47- श्री गोविंद चंद (हल्द्वानी)-1000
48- श्री दीपक कुवँर  (हल्द्वानी)-1000
49- श्री नरेश मेहरा(एसपी सिटी ऑफिस हल्द्वानी)-1000
50-श्री प्रकाश सिह विष्ठ (हल्द्वानी)-1000
51- *थाना चोरगलिया(नैनीताल)-9500
52- *श्री विपिन जोशी & पुनीता जोशी(उधम सिंह नगर)-5000
53- श्री विनोद कुमार  (हल्द्वानी)-1000
54-श्री अशोक राठोड उपनिरीक्षक(देहरादून)-2000
55- श्री सन्तोष ध्यानी (सीपीयू हल्द्वानी)- 1000
56-श्री कुन्दन बोरा उपनिरीक्षक  (सीपीयू हल्द्वानी)-1000
57- श्री कमल सिंह कोरंगा उपनिरीक्षक (सी0पी0यू0 हल्द्वानी)-5000
58-श्री अरविंद कुमार (पिथौरागढ़)-2000
59-श्री देवेन्द्र सामंत (एसपी सिटी कार्यालय हल्द्वानी)-1000
60-श्री अनिल सिंह( देहरादून )-1000
61-श्री दरबान सिंह मेहता उपनिरीक्षक (पिथौरागढ़)-2000
62-श्री किशोर पंत,उपनिरीक्षक (पिथौरागढ़)-2000
63-मीना रेखाडी  (UDN)1000
64-रमा गिरी (पिथोरागढ़)1000
65-मन्जू धामी (नैनीताल)2000
66-अनिता फुलारा (हल्द्वानी)1000
67-नीरु (बेतालघाट नैनीताल) 1000
68- श्री राजेश (बेतालघाट नैनीताल)1000
69- श्री लोकेंद्र बहुगुणा उ0नि0 (दून)-2000
70- नेहा कोरंगा (शांतिपुरी)-4200
71-श्री चन्दर पाल सिंह,अल्मोड़ा-1000
72-श्री मनोहर सिह उ0नि0,अल्मोड़ा-1000
73-श्री दिवान राम आर्या,अल्मोड़ा-1000
74-श्री महेश आर्या,अल्मोड़ा-1000
75-श्री राजेश वर्मा,अल्मोड़ा-1000
76-श्री जगदीश सिंह,अल्मोड़ा-1000
77-श्री शंकर नाथ,अल्मोड़ा-1000
78-श्री अरविंद कुमार,अल्मोड़ा-1000
79- श्री विशन राम उ0नि0,अल्मोड़ा-4000
80-श्री दिनेश कुमार,अल्मोड़ा-1000
81-श्री भूपेन्द्र वल्दिया,अल्मोड़ा-1000
82-श्री मान सिंह, अल्मोड़ा-1000
83-श्री भानू प्रकाश,अल्मोड़ा-1000
84-श्री राजीव उप्रेती उ0नि0,अल्मोड़ा-1000
85- श्री सन्तोष ध्यानी (सीपीयू हल्द्वानी)- 1000
86- एस. आई. श्री कुन्दन बोरा (सीपीयू हल्द्वानी)- 1000
87-उ.नि. श्री कमल सिंह कोरंगा (सी0पी0यू0 हल्द्वानी)-5000
88- श्री देवेन्द्र सामन्त (एसपी सिटी ऑफिस हल्द्वानी)-1000
89- श्री अर्जुन सामन्त (बम निरोधक दस्ता हल्द्वानी)- 1000
90- श्री अशोक रावत(मोबाइल एप्प हल्द्वानी)-1000
91- श्री भूपेन्द्र भाकुनी (एसपी सिटी ऑफिस हल्द्वानी)-1000
92- श्री गिरीश पाण्डेय(एसपी सिटी ऑफिस हल्द्वानी)-1000
93- श्री किशन कुँवर (श्रमिक प्रकोष्ठ हल्द्वानी)-1000
94- श्री अमरेश मेहता (श्रमिक प्रकोष्ठ हल्द्वानी)-1000
95-उ.नि. श्री गोविन्द नाथ(वाचक एसपी सिटी हल्द्वानी)-1000
96-श्री अशोक बोरा (थाना कुंडा उधम सिंह नगर)-2000
97-श्री राकेश बृजवाल(डे हवालात हल्द्वानी)-1000
98-श्री ओम प्रकाश मिश्रा (एसएसपी कैंप ऑफिस हल्द्वानी)-1000
99-श्री सुबोध रावल (कोतवाली किच्छा, जिला उधम सिंह नगर)-1000
100- श्री पुष्कर राठौर (मानव वध विवेचना सेल हल्द्वानी)-1000
101- उ0नि0 श्री  दया चन्द रजवार  (पुलिस लाइन नैनीताल)-2500
102- उप निरीक्षक, रुकमणी चंद (अभिसूचना इकाई नैनीताल)-2500
103- समस्त कर्मचारीगण, बम निरोधक दस्ता (हल्द्वानी जनपद नैनीताल)-5000
104-उप निरीक्षक श्री प्रवीण बर्थवाल देहरादून ₹2000 
105- श्री गोविंद सिंह अधिकारी उ0नि0, उधम सिंह नगर ₹4000
106-श्री राकेश भट्ट उ0नि0, देहरादून 2000
107-श्री कवींद्र देवपा-1000
108- संगीता कार्की,अल्मोड़ा-1000
109-प्रेमा ,अल्मोड़ा-500
110-सुनीता कुवर उ0नि0,अल्मोड़ा-1000
111- श्री जीवन सिह उ0नि0,अल्मोड़ा -1000
112-श्री सुरज प्रकाश, अल्मोड़ा-500
113-श्री रामानन्द सागर,चम्पावत-1000
114-श्री अंनत राम,UDN-1000
115-श्री खुशाल राम,अल्मोड़ा-1000
116-श्री महेश पंचपाल,अल्मोड़ा-1500
117-आशा,अल्मोड़ा-500
118-दशरथी,अल्मोड़ा-500
119-श्री सौरभ भारती,अल्मोड़ा-1000
120-श्री प्रवीन वर्थवाल,PHQ-2000
121- थाना लमगङा,अल्मोड़ा-16000*
122- चौकी मौरनोला,थाना लमगङा,अल्मोड़ा-4500*
123- चौकी जैती,थाना लमगङा,अल्मोड़ा-6500*
124-श्री राकेश भट्ट Ins.Ddn-2000
125-श्री जगदीश पुजारी,चम्पावत-1000
126-उप निरीक्षक श्री त्रिभुवन सिंह अधिकारी हल्द्वानी ₹2000 
127-श्री विजय कुमार,नैनीताल-1000
128-उ.नि. नवीन सुयाल (सीपीयू हल्द्वानी)-1000
129-हरीश बनकोटी(सीपीयू हल्द्वानी)-1000
130- सहदेव राना(डे हवालात हहल्द्वानी-1000
131- हयात सिंह (डे हवालात हल्द्वानी)-1000
132- गणेश सिंह (डे हवालात हल्द्वानी)-1000
133- अरुण  मौर्या (डे हवालात हल्द्वानी)-1000
134- विनोद कुमार (डे हवालात हल्द्वानी)-500
135- भूपेंद्र सिंह (डे हवालात हल्द्वानी )-500
136- देवेंद्र सिंह (डे हवालात हल्द्वानी)-1000
137- नवीन जोशी (पुलिस लाइन नैनीताल)-1000
138- पूनम कोरंगा (अपराध अनुसंधान विभाग हल्द्वानी)-1000
वहीं इस मामले में दो पुलिसकर्मियों की मौत के तत्काल बाद राज्यपाल के कथित तौर पर बिना एक पल भी दुर्घटनास्थल पर रुके सीधे निकल जाने और मृत पुलिस कर्मियों को सरकार से कोई मदद न मिलने पर भी राज्य के पुलिस कर्मियों में खासी नाराजगी नजर आ रही है।

देखें एक नाराजगी भरी पोस्ट : लाचार और बेसहारा खाकी

               महोदय SO काठगोदाम की गाड़ी सड़के किनारे पड़ी थी। दो सिपाही मर चुके थे, SO और एक महिला उप निरीक्षक गंभीर रूप से घायल पड़े थे। राज्यपाल का VVIP काफिला ठीक 5 मिनट बाद गुजरा। सड़क पर खून बिखरा हुआ था पर लाल बत्तियां साईरन बजाते हुए निकल गयी, किसी ने रुक कर देखने की जहमत नही उठायी। संवेदनहीनता की पराकाष्ठा।
जानबूझ कर जहरीली शराब पीनेवालों के लिए 5 लाख, पुलिस से भिड़ने के बाद अचानक मृत्यु के लिए 50 लाख और नौकरी और ये जो राज्यपाल की सुरक्षा में बिना ब्रेक की गाड़ी से दुर्घटना के कारण मरे हैं और घायल हुए हैं, ना ये शहीद हैं ना ये नागरिक हैं बस मर गए तो मर गए न इनकी दीवाली है न कोई बेटी फुलझड़ी और न कोई बेटा मुर्गा छाप पटाखे की आस में इंतज़ार कर रहा है कोई पत्नी लक्ष्मी पूजा के लिए या धनतेरस में एक चमच्च जो घर के लिए पति लाये या बूढ़े मां बाप जो बग्वाल में बेटे का मुंह देख कर भैला जलाये का इंतज़ार बेकार है क्योंकि वो पोलिस वाला था बेटा, पति, बाप या सामाजिक नहीं था।
सबसे बड़ी बात पुलिस के किसी भी वाहन का बीमा नही होता ऐसे में मुआवज़ा कौन से?? सरकार कुछ रुपये फैंक खाना पूर्ति कर देती है।

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-एसआई द्वारा नशे में मौजूद दो लोगों का चालान करने के बाद लामबंद हुए ग्रामीण, भटेलिया बाजार को कराया बंद, सड़क पर लगाया जाम

थाना मुक्तेश्वर में जमीन पर बैठे विधायक राम सिंह कैड़ा को मनाते सीओ आरएस नबियाल।

नवीन समाचार, मुक्तेश्वर, 15 सितंबर 2019। जनपद के मुक्तेश्वर में पंचायत चुनाव की आदर्श आचार संहिता की जमकर धज्जियां उड़ाई गयीं। यहां मुक्तेश्वर पुलिस के द्वारा शराब पीकर पुलिस से उलझ रहे, और गाली-गलौच कर रहे दो लोगों का चालान किये जाने के बाद रविवार को जमकर राजनीति हुई। यहां तक कि राज्य आंदोलनकारी भी रहे और आंदोलनों का लंबा अनुभव रखने वाले क्षेत्रीय विधायक राम सिंह कैड़ा थाने के एक दरोगा और दो पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर कराने की मांग पर जमीन पर बैठ गये और आगे थाने में आने को मजबूर हुआ पूरा प्रशासन आचार संहिता को ताक पर रखकर राजनीति के आगे मजबूर हो पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर कराने को मजबूर हो गया।
आरोप है कि मुक्तेश्वर थाने के एसआई कुंदन सिंह रौतेला ने शनिवार की देर शाम को भटेलिया के रेस्टोरेंट संचालक सुनील पांडे व सुनकिया निवासी राजू डंगवाल का मेडिकल में शराब के नशे में होने की पुष्टि होने के बाद सीआरपीासी की धारा 151 के तहत चालान कर उन्हें हवालात में डाल दिया। इस पर स्थानीय लोग रविवार को सुबह से ही थाने में इकट्ठा होने लगे, और एसआई व दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ नारे बाजी कर धरने में बैठ गए। उन लोगों को भी मौका मिल गया जो एसआई के तेज तर्रार मिजाज से पहले से खार खाये हुए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस के यह लोग बेवजह परेशान करते है। यहां तक कह दिया गया कि वे रिश्वत की मांग करते है। इस पर खूब नारेबाजी करते हुए आचार संहिता के बीच सड़क भी जाम कर दी गई। इससे आने जाने वाले पर्यटकों व आम जनता को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
मामले के तूल पकड़ने पर सीओ भवाली आरएस नबियाल, थानाध्यक्ष भीमताल कैलाश जोशी व एसडीएम धारी विजयनाथ शुक्ल मौके पर पहुँचे और लोगों को समझाने की कोशिश की पर नही माने। आखिर विधायक रामसिंह कैड़ा के हस्तक्षेप पर एसआई कुंदन रौतेला व दो आरक्षियों को लाइन हाजिर करने पर धरना समाप्त हुआ। इस दौरान लाखन नेगी, हरीश नयाल, गुडू नयाल, राज बिष्ट, नितिन साह, थान सिंह बिष्ट, मोहन बिष्ट सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे। सीओ आरएस नबियाल ने पूछे जाने पर कहा कि पूरे मामले में दोषियो के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 9 सितंबर 2019। मुख्यालय में सोमवार देर शाम करीब 10 बजे एक पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष के भाई द्वारा लोगों पर पिस्टल तानने की घटना सामने आई है। आरोपित ने पुलिस के साथ भी धक्का-मुक्की की और पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मल्लीताल मोहन-को चौराहे के पास एक स्कॉर्पियो कार संख्या यूके06एए-3335 द्वारा किसी बच्चे को कुचले जाने की खबर आई। इस पर मल्लीताल कोतवाली के एचसीपी सत्येंद्र गंगोला जल्दी में अकेले ही मौके को रवाना हुए। बताया गया कि तब तक बच्चा कुचलने का आरोपित भी मौके पर आ गया और उसने स्थानीय लोगों पर पिस्टल तान दिया। वह भीड़ के बीच एचसीपी गंगोला से भी टकरा गया, लेकिन गंगोला के पुलिस कर्मी होने का अहसास होने पर भीड़ में गायब हो गया। इस पर एचसीपी गंगोला ने थाने से पुलिस बल भी मौके पर बुलाया किंतु आरोपित का कोई पता नहीं चला। आरोपित एक पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष का भाई तथा पूर्व में भी ऐसी ही कुछ घटनाओं में शामिल बताया जा रहा है।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 9 अगस्त 2019। नैनीताल। निकटवर्ती भवाली थाना क्षेत्र के ग्राम मल्ला निगलाट निवासी युवक गिरीश आर्या पुत्र धनी राम आर्या ने जनपद के डीएम एवं एसएसपी को पत्र लिखकर इच्छा मृत्यु की मांग की है। उसका कहना है कि वह कोतवाली भवाली पुलिस व उसकी शह पर क्षेत्र में उत्पीड़न कर रहे एक फर्जी पुलिस वाले के खिलाफ पांच दिन से धरने पर बैठा है, लेकिन उसकी दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर कोई अमल नहीं किया गया। उल्टे एसडीएम ने उसे मौखिक तौर पर भवाली कोतवाली ही जाने को कहा गया। इधर मंगलवार को भाजपा नेता अरविंद पडियार ने धरना स्थल पर आकर उसके धरने का समर्थन किया और एसडीएम से वार्ता की, बावजूद एसडीएम ने भवाली कोतवाली जाने की बात ही दोहराई। इस तरह लगता है कि प्रशासन दोषियों को बचा रहा है। लिहाजा उसकी मांग पर कार्रवाई की जाये, अन्यथा उसे इच्छा मृत्यु की इजाजत दी जाए। 

अबला के लिए इंसाफ की कर रहा है मांग…

नैनीताल। आंदोलित युवक का कहना है कि वास्तव में मामले के मूल में एक अबला युवती है। मूलतः मात्र करीब 20 वर्षीय युवती के सहारनपुर यूपी निवासी पिता के देहांत के बाद उसकी मां ने भवाली के निकट गांव के व्यक्ति से विवाह कर लिया। आरोप है कि उसके इस नये पिता ने मात्र 14 वर्ष की उम्र में इस युवती को आगरा निवासी किसी वृद्ध को शादी के नाम पर बेच दिया। वहां से वह किसी तरह भाग आई। लिहाजा उसका कोई सहारा नहीं है। एक छोटा नाबालिग भाई किसी तरह घर चलाता है। ऐसे में हर कोई इस युवती पर उसके चरित्र को शंका में रखकर नजर रखता है। ताजा मामले में भी वन विभाग से संबंधित लोगों ने उसके साथ छेड़छाड़ की। शिकायत करने पर पुलिस भी उल्टे युवती और उसकी मदद कर रहे आंदोलित युवक के पीछे पड़ गयी है।

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-अनुसूचित जाति की गरीब महिला से हुई छेड़छाड़ पर कार्रवाई के लिए प्रयास करने पर प्रताड़ित करने का लगाया है आरोप

नवीन समाचार, नैनीताल, 9 अगस्त 2019। निकटवर्ती भवाली थाना क्षेत्र के ग्राम मल्ला निगलाट निवासी युवक गिरीश आर्या पुत्र धनी राम आर्या ने गत 6 अगस्त को डीएम एवं एसएसपी को पत्र सोंपकर 24 घंटे में उसकी मांग पर कार्रवाई न होने पर जिलाधिकारी कार्यालय के प्रांगण में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन करने की चेतावनी दी थी। शुक्रवार को तीन दिन के बाद युवक ने जिलाधिकारी कार्यालय के प्रांगण में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। युवक अपने साथ एक पोस्टर लिये हुए है, जिसमें भवाली में फर्जी पुलिस और असली पुलिस द्वारा प्रताड़ित किये जाने, जान-माल की सुरक्षा आदि के संबंध में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन’ लिखा गया है।
युवक का आरोप है कि गत 8 जनवरी को अनुसूचित जाति की गरीब महिला ज्योति आर्या पुत्री राजेंद्र प्रसाद निवासी मल्ला निगलात के साथ छेड़छाड़ की घटना हुई थी। पुलिस में शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई न होने पर युवक ने थाना भवाली से सूचना के अधिकार के तहत भवाली थाने में दर्ज हुए छेड़खानी के मामलों व उन पर हुई कार्रवाई, तथा भवाली थाना क्षेत्र में निजी वाहन में पुलिस विभाग का प्रतीक लगा कर घूमने वाले एक फर्जी पुलिस वाले के बारे में सूचना मांगी गई थी। इस पर पुलिस द्वारा युवक को प्रताड़ित किया गया। आरोप है कि भवाली पुलिस इसी ‘फर्जी पुलिस वाले’ के इशारे पर कार्य करती है।इधर शुक्रवार को धरने पर बैठने के बाद उसकी एसडीएम से वार्ता हुई। युवक के अनुसार उसे एसडीएम ने भवाली कोतवाली जाने का सुझाव दिया गया। इस सुझाव से असंतुष्टि जताकर युवक ने धरना-प्रदर्शन जारी रखा है।

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नवीन समाचार, हल्द्वानी, 12 अगस्त 2019। नैनीताल व ऊधमसिंह नगर के नागरिक पुलिस में कार्यरत पुलिस कर्मियों की अभिसूचना इकाई में तबादले की प्रक्रिया विवादों में घिर गई है। आरोप है कि मुख्यालय से जिलों तक इस पूरी प्रक्रिया की जानकारी पहुंची भी नहीं कि प्रक्रिया पूरी हो गई। इस कारण मांगे गए 85 पदों में से 44 पुलिस कर्मियों ने ही आवेदन किया है। इससे 2016 बैच के अर्हता पूरी नहीं करने वाले पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। इस पर पुलिस कर्मियों ने पुलिस मुख्यालय के साथ ही पुलिस उपमहानिरीक्षक अभिसूचना को सामूहिक पत्र भेजकर पूरी प्रक्रिया पर रोक लगाते हुए नए सिरे से तबादला प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है। कहा है कि थानास्तर पर सूचना नहीं दिए जाने की वजह से कर्मचारी आवेदन से वंचित रह गए, जिस कारण उनमें असंतोष पनप रहा है। पुलिस कर्मियों के पत्र से महकमे में खलबली मचना तय है।
उल्लेखनीय है कि बीती 24 जुलाई को उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय ने सिविल पुलिस से एलआईयू में स्थानांतरण के लिए पत्र भेजा था, लेकिन यह पत्र कुमाऊं के नैनीताल व ऊधमसिंह नगर जिलों के थानों तक पहुंचता इससे पहले ही प्रक्रिया पूरी होने की तिथि आ गई। इसका फायदा उठाते हुए पुलिस कार्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों ने ही इसके लिए आवेदन किया, जबकि थानों में तैनात व एलआइयू में जाने के इच्छुक व अर्हता पूरी करने वाले पुलिस कर्मी आवेदन से वंचित हो गए। लिहाजा उन्होंने नए सिरे से प्रक्रिया शुरू करने की मांग की गई है। पत्र भेजने वालों के नाम पर नैनीताल और ऊधमसिंह नगर से समस्त संबंधित पुलिसगण लिखा गया है।

यह भी पढ़ें : गरीब महिला ने खुद ही पुलिस को सोंपा चुराया मोबाइल ताकि सुधर जाए चुराने वाला पति, पर नैनीताल पुलिस ने बताया अपना ‘गुड वर्क’

नवीन समाचार, नैनीताल, 29 जुलाई 2019। नगर के तल्लीताल निवासी एक गरीब महिला ने अपने पति के पास चोरी का मोबाइल देखा तो बरीबी के बावजूद एक अच्छे नागरिक का फर्ज निभाते हुए पुलिस को इसकी सूचना पुलिस को दे दी। उसकी यह भी इच्छा थी कि उसका पति चोरी जैसा गलत कार्य न करे। परंतु कोतवाली पुलिस ने इस घटना को अपना ‘गुड वर्क’ बता दिया। यहां तक कि तीन-चार दिन पहले हुई चोरी की घटना में शुक्रवार को ही मुकदमा दर्ज कर इसी दिन सीसीटीवी फुटेज देखकर चोरी का खुलासा करने का दावा कर डाला।
प्राप्त जानकारी के अनुसार चार दिन पूर्व रानीखेत के निकट बिड़ला स्कूल चिलियानौला के रहने वाले नवीन चंद्र पुत्र मदन राम की पत्नी सुधा का नगर के नयना देवी मंदिर परिसर में पर्स चोरी हो गया था। इधर शुक्रवार को नगर के तल्लीताल हरीनगर कृष्णापुर निवासी एक गरीब महिला सुनीता ने चोरी के मोबाइल को कोतवाली पुलिस को सांेप दिया। जिसके बाद पुलिस ने उसके पति बसंत राम पुत्र हीरा राम नाम के व्यक्ति को चोरी के मोबाइल के साथ दबोचने का दावा किया। उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 379 व 411 के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश कर उसे जेल भी भेज दिया। पुलिस बल में प्रभारी निरीक्षक अशोक कुमार, उप निरीक्षक हरीश सिंह, आरक्षी आनंद व मनोज जोशी शामिल बताये गये। वहीं पूछे जाने पर प्रभारी निरीक्षक अशोक कुमार ने बताया कि पुलिस ने सूचना मिलने पर मंदिर की सीसीटीवी फुटेज में चोर की पहचान कर उसके घर पर दबिश दी थी। जिसके बाद चोर की पत्नी मोबाइल ले आई। बताया कि पीड़ित पक्ष भी नगर से चला गया था, शुक्रवार को ही उसने हल्द्वानी से फोन पर सूचना दर्ज कराई।

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नवीन समाचार, ज्योलीकोट (नैनीताल) 11 जुलाई 2019। ज्योलीकोट नैनीताल राष्ट्रीय राजमार्ग में खतरनाक विशालकाय पेडों को वन विभाग द्वारा इन दिनों काटा जा रहा है। इसी क्रम में वन विभाग की टीम द्वारा गुरुवार को ज्योलीकोट से 500 मीटर पहले एक सूखे पेड़ को गिराया गया, जिससे 45 मिनट तक यातायात बाधित रहा और दोनों और वाहनों की कतार लग गयी। देर शाम पुलिस चौकी के आगे भी एक पेड़ को गिराया गया। पेड़ सुरक्षित रूप से काटा चुका था और इसका बड़ा हिस्सा एक अन्य पेड़ के सहारे रुका था कि अचानक उक्त पेड़ जड़ सहित उखड़ गया जिससे काटा गया पेड़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर बनाये चैक पोस्ट पर आ गिरा। पेड़ गिरने से चेक पोस्ट से सटे पुलिस कर्मियों का रसोईघर तहस-नहस हो गया। साथ ही पुलिस द्वारा सीज कर खड़े किये गये कई दुपहिया वाहन क्षति ग्रस्त हो गए। गनीमत रही कि कोई पुलिसकर्मी चपेट में नहीं आया।

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-सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त जानकारी में स्वीकारा गया है कि यह लापता हैं
-एसएसपी ने कहा, इन्हें तलाशने के लिए चलाएंगे अभियान
नवीन समाचार, नैनीताल, 9 जुलाई 2019। पुलिस अपराधियों पर कितना नजर रखती है और अपराधों पर नियंत्रण व कानून व्यवस्था बनाये रखने के प्रति कितनी संवेदनशील रहती है, यह आंकड़े इसका प्रतिमान हैं। हल्द्वानी के सूचना अधिकार कार्यकर्ता हेमंत गौनिया को सूचना के अधिकार के तहत पुलिस विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गयी सूचना के अनुसार अकेले नैनीताल जनपद में करीब ढाई दर्जन हिस्ट्रीशीटर बदमाश ‘लापता’ हैं। उनके बारे में संबंधित थानों को कोई जानकारी ही नहीं है। यह संख्या व जानकारी इसलिए भी चौंकाने वाली हैं कि जनपद में हिस्ट्रीशीटर बदमाशों की संख्या हजारों में यानी बहुत बड़ी भी नहीं है, कि उन पर नजर बनाये रखना मुश्किल हो, बल्कि जनपद में कुल 133 ही हिस्ट्रीशीटर बदमाश है।
उल्लेखनीय है कि एक से अधिक अपराध करने पर ही किसी अपराधी के अपराधों का इतिहास यानी हिस्ट्री शीट बनती है, और ऐसे आपराधिक इतिहास वाले बदमाशों को हिस्ट्रीशीटर बदमाश कहा जाता है। इन हिस्ट्रीशीटर बदमाशों की तीन श्रेणियां होती हैं। पहले-जेल में बंद, दूसरे अपराध से दूर हो चुके यानी शांत और तीसरे जिनके बारे में पुलिस को कोई जानकारी नहीं होते, उन्हें ‘लापता’ की श्रेणी में रखा जाता है। जनपद में थानावार बात करें तो कोतवाली हल्द्वानी में 19 हिस्ट्रीशीटरों में से 4 लापता व एक जेल में, थाना मुखानी का एक हिस्ट्रीशीटर जेल में व दो लापता, बनभुलपूरा थाने के 26 हिस्ट्रीशीटरों में से एक हिस्ट्रीशीटर निगरानी में, एक जेल में व 6 लापता, काठगोदाम के 9 हिस्ट्रीशीटरों में से 3 जेल में व 2 लापता, लालकुआं के 15 हिस्ट्रीशीटरों में से 3 लापता व 1 जेल में, चोरगलिया के 3 हिस्ट्रीशीटरों में से तीनों निगरानी में, रामनगर के सर्वाधिक 42 हिस्ट्रीशीटरों में से 6 लापता, कालाढुंगी के 3 हिस्ट्रीशीटरों में से 1 लापता, तल्लीताल के 5 हिस्ट्रीशीटरों में से 2 लापता, मल्लीताल के 6 में से 2 जेल में व 3 लापता तथा भवाली के 2 में से दोनों मौजूद हैं। जनपद के एसएसपी सुनील कुमार मीणा ने पूछे जाने पर कहा कि इन्हें तलाशने के लिए अभियान चलाया जाएगा।

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-इसके तहत पुलिस कर्मी एवं अधिकारी बुजुर्गों व विकलांगों से मिलकर उनकी समस्याओं के समाधान करेंगे व उन्हें आवश्यक उपकरण भी उपलब्ध कराऐंगे

एसएसपी सुनील कुमार मीणा से कार्यभार ग्रहण करने के मौके पर डीआईजी जगत राम जोशी।

नवीन समाचार, नैनीताल, 2 जुलाई 2019। कुमाऊं परिक्षेत्र के नये पुलिस उपमहानिरीक्षक जगतराम जोशी परिक्षेत्र की पुलिस में ‘सोशल पुलिसिंग’ का नया आयाम जोड़ेंगे। इसके तहत पुलिस कर्मी एवं अधिकारी बुजुर्गों व विकलांगों से मिलकर उनकी समस्याओं के समाधान करेंगे व उन्हें आवश्यक उपकरण भी उपलब्ध कराऐंगे। सोमवार देर शाम मुख्यालय पहुंचने के बाद मंगलवार सुबह पिछले एक दिन से यह जिम्मेदारी संभाल रहे नैनीताल के एसएसपी सुनील कुमार मीणा से कार्यभार ग्रहण करते हुए पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने यह बात कही।
पूर्व में 2007-08 में हल्द्वानी के एएसपी सहित यूपी एवं उत्तराखंड में अनेक जिम्मेदारी संभाल चुके 2005 बैच के आईपीएस अधिकारी मूलतः जनपद देहरादून के निवासी श्री जोशी ने कानून व्यवस्था, परिक्षेत्र में अमन-चैन व सुरक्षित होने का माहौल बनाने तथा सुगम यातायात को अपनी प्राथमिकता बताया। साथ ही कहा कि उत्तरकाशी जनपद में एसएसपी के पद पर रहते उन्होंने जो सोशल पुलिसिंग की शुरुआत की थी, उसे यहां भी लागू करने का प्रयास करेंगे। इसके तहत खासकर अकेले रहने वाले बुजुर्गों से पुलिस कर्मी व अधिकारी मिलते हैं व उनकी समस्याओं का समाधान करते हैं। उन्होंने नशे के बढ़ते दुष्प्रभाव की रोकथाम के लिए स्कूल, कालेजों मे जाकर जागरूकता अभियान चलाने तथा नशा बेचने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की बात भी कही।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 30 जून 2019। ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन के दौरान एसएसपी सुनील कुमार मीणा ने रविवार को पुलिस लाइन में ‘उच्च कोटि का अनुशासन रखने, मेहनत, लगन व ईमानदारी से ड्यूटी करने तथा पर्यटको के साथ मधुर व्यवहार’ करने वाले पुलिस के अधिकारियों व कर्मचारियों को सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में मल्लीताल के कोतवाली प्रभारी अशोक कुमार, उप निरीक्षक कुमार प्रभारी निरीक्षक मल्लीताल, उप निरीक्षक जगदीश ढकरियाल, नासिर हुसैन, दीपक बिष्ट, उप निरीक्षक विशेष श्रेणी जयानन्द पाण्डे, प्रोन्नत हेड कांस्टेबल सतेन्द्र गंगोला व कमल कुमार तथा आरक्षी नीरज चन्द, खीमानन्द, दीपक नेगी, पूनम पंकज, सुनील कुमार, सोनू सिंह, मनोज जोशी, जयप्रकाश, प्रहलाद सिंह, शाहिद अली तथा थाना तल्लीताल के थानाध्यक्ष राहुल राठी, उप निरीक्षक मनोज नयाल, दिलीप कुमार, कमित जोशी व आरक्षी भानु प्रताप ओली, सुरेंद्र सिंह, राजाराम, राकेश जोशी, जगदीश सिंह, कोतवाली भवाली के उप निरीक्षक सुनील कुमार, शाहिद हुसैन, राजभानू सिंह, दीवान सिंह, कमल सिंह व सुरेश गिरी, थाना भीमताल के उप निरीक्षक मनवर सिंह, आरक्षी भरत सिंह, रमेश चन्याल, लोकेश उपाध्याय व सुमित चौधरी तथा यातायात सैल के आरक्षी सोबन सिंह, जनक राम, राजेन्द्र प्रसाद, मनोज नाथ, दलीप सिंह, गिरीश पाटनी, मनोज आय, सन्तोष सिंह, कैलाश सिंह, इंदर भंडारी, मनोज बिष्ट, सुखदेव सिंह, ताज मोहम्मद, फरियाद खान, नवीन भट्ट, रणजीत सिंह, संजय रस्तोगी, पंकज शाही व शेखर चंद शामिल रहे।

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पर्स स्वामी छात्रा को पर्स लौटाते एसआई मनोज नयाल।

नवीन समाचार, नैनीताल, 29 मई 2019। नैनीताल के एक पुलिस दारोगा ने बुधवार को गजब की ईमानदारी और कर्तव्य परायणता का परिचय दिया। हुआ यह कि तल्लीताल थाने मे तैनात उप निरीक्षक मनोज नयाल को माल रोड पर ड्यूटी करते समय एक महिला का पर्स मिला, जिसमें उसका आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर कार्ड, एटीएम कार्ड, 500 रुपये कैश और उसमें एटीएम का पिन कोड भी लिखा हुआ मिला। इस पर मनोज नयाल ने तुरंत बैंक जाकर उक्त एटीएम के माध्यम से मोबाइल नंबर की जानकारी प्राप्त की और महिला से सम्पर्क कर पर्स को सही सलामत सुपुर्द किया। पर्स अंजू मेहरा पुत्री विक्रम सिंह निवासी गंगोलीहाट पिथौरागढ़ का निकला, जिसने बताया कि वह नैनीताल से एमएससी कर रही है। इधर घूमने आयी थी, तभी उसका पर्स खो गया। उसके बैंक खाते में 60 हजार रुपये थे, और पर्स में पिन कोड भी लिखा हुआ था। यदि वह पर्स किसी और को मिलता तो उसके पूरे रुपये जाने तय थे। इस पर नयाल ने अंजू को हिदायत भी दी कि कभी भी पर्स मे एटीएम के साथ पिन कोड नही रखना चाहिए। तल्लीताल थाना प्रभारी राहुल राठी एवं अन्य पुलिस बलों ने मनोज नयाल की इस ईमानदारी की भूरि-भूरि प्रशंशा की है, वहीं महिला ने भी उनका आभार जताया। श्री राठी ने कहा कि नयाल ने ईमानदारी की मिसाल पेश कर के एक जिम्मेदार पुलिस कर्मी का दायित्व निभाकर नैनीताल पुलिस का नाम रोशन किया है।

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-हल्द्वानी की बैंकट हॉल की दुर्घटना, श्रीलंका में हुए बम विष्फोटों एवं ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन के दृष्टिगत विशेष सतर्कता बरतने के डीआईजी ने दिये निर्देश

बुधवार को कुमाऊं परिक्षेत्र की अपराध समीक्षा बैठक में बागेश्वर के एसओजी प्रभारी को सर्वश्रेष्ठ ‘पुलिसमैन ऑफ द मंथ’ का पुरस्कार भेंट करते डीआईजी।

नवीन समाचार, नैनीताल, 24 अप्रैल 2019। बागेश्वर के एसओजी प्रभारी उप निरीक्षक पंकज जोशी को बीते मार्च माह के लिए कुमाऊं परिक्षेत्र का सर्वश्रेष्ठ ‘पुलिसमैन ऑफ द मंथ’ के रूप में सम्मानित किया गया। बुधवार को कुमाऊं परिक्षेत्र की अपराध समीक्षा बैठक में डीआईजी अजय जोशी ने उन्हें बागेश्वर के एसपी लोकेश्वर सिंह के साथ नियमानुसार 1000 रुपये की नगद धनराशि एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। उन्हें यह पुरस्कार बीते माह 13 मार्च को लोक सभा चुनाव के दौरान सबसे बड़ी 424 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब की बरामदगी करने पर दिया गया।
बुधवार को परिक्षेत्र मुख्यालय में आयोजित हुई समीक्षा बैठक में इसके अलावा पिछले दिनों हल्द्वानी के एक बैंकट हॉल में बरातियों को कार से कुचलने की घटना से सबक लेते हुए इनमें समुचित पार्किंग व अग्निशमन की व्यवस्था बनाने के लिए कार्रवाई किये जाने के आदेश दिये गये। साथ ही ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन में सुचारू यातायात व्यवस्था बनाने पर विशेष ध्यान देने, दुर्घटनाओं को रोकने के लिए हर तरह की प्रभावी कार्रवाई करने, फेरी लगाने वालों आदि बाहरी व्यक्तियों का सत्यापन कराने तथा श्रीलंका में हुई सीरियल बम ब्लास्ट की घटना के परिप्रेक्ष्य में सुरक्षा की दृष्टि से होटलों, धार्मिक स्थलों, भीड़भाड़ के स्थलों व खासकर विदेशी लोगों के ठहरने के स्थानों पर खास सतर्कता बरतने के निर्देश दिये गये।

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कोतवाली की बैरक में विषाक्त पदार्थ पीता पुलिस कर्मी।

नवीन समाचार, नैनीताल, 15 अप्रैल 2019। मित्र पुलिस की कार्यप्रणाली पर बड़ा प्रश्न चिन्ह लगाते हुए सोमवार को एक पुलिस कर्मी ने नगर की मल्लीताल कोतवाली की बैरक में जहर गटक लिया। गनीमत रही कि उसे जल्दी पुलिस कर्मियों ने पास ही स्थित बीडी पांडे जिला चिकित्सालय पहुंचा दिया, जहां जल्दी उपचार मिलने से उसकी जान बच गयी है। बताया गया है यह पुलिस कर्मी पूर्व में भी अपने एक मामले की सुनवाई न होने का आरोप लगाते हुए नैनी झील में कूद कर डूबने का प्रयास भी कर चुका है, और मल्लीताल कोतवाली में तैनाती के दौरान हंगामा भी कर चुका है। वह कई वीआईपी की सुरक्षा में भी तैनात रहा बताया जा रहा है। खास बात यह है कि पुलिस द्वारा पुलिस कर्मी के मामले की सुनवाई न होने की इस घटना की गंभीरता इसलिये भी बढ़ जाती है कि यह कुमाऊं परिक्षेत्र के सबसे बड़े पुलिस अधिकारी डीआईजी कार्यालय के बगल में स्थित मल्लीताल कोतवाली में हुई है, और पीड़ित पुलिस कर्मी डीआईजी कार्यालय में भी अपनी समस्या के समाधान के लिए गुहार लगा चुका है। पीड़ित पुलिसकर्मी ने विषपान करने का वीडियो भी बनाया है, और इसे स्वयं कुछ मीडिया कर्मियों को भी भेजा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पूर्व में मल्लीताल कोतवाली में भी तैनात रहा व वर्तमान में ऊधमसिंह नगर किच्छा में तैनात पुलिस आरक्षी लक्ष्मण सिंह राणा सोमवार को मुख्यालय में डीआईजी अजय जोशी को एक शिकायती पत्र देने आया था। इसके बाद वह मल्लीताल कोतवाली के दोमंजिले में स्थित पुलिस कर्मियों के लिए बैरक में चला गया। बैरक में ही अपराह्न करीब तीन बजे शूट हुए बताये जा रहे एक वीडियो में नजर आ रहा है कि वह फैंटा कोल्ड ड्रिंक की नीले रंग के पेय से भरी बोतल से पेय पी रहा है, और संभवतया साथ में मौजूद किसी अन्य पुलिस कर्मी से बात भी कर रहा है। बताया गया है कि नीला पेय नुवान नाम का जहर है। पता चलने पर मल्लीताल कोतवाली के एसएसआई बीसी मासीवाल, एसआई दीपक बिष्ट व सतेंद्र गंगोला आदि उसे बीडी पांडे जिला चिकित्सालय ले गये। बाद में डीआईजी अजय जोशी सहित नगर कोतवाल ध्यान सिंह आदि भी अस्पताल पहुंचे। जहां उपचार के बाद ईएमओ डा. जाने आलम ने उसकी स्थिति में सुधार बताया है।

यह है पुलिस कर्मी की समस्या

बृहस्पतिवार को पत्रकार वार्ता करते डीआईजी अजय जोशी।

नैनीताल। विषपान करने वाले पुलिस कर्मी लक्ष्मण सिंह राणा के अनुसार वर्ष 2015 में मल्लीताल कोतवाली में तैनाती के दौरान कोतवाली परिसर में ही खड़ी उसकी बोलेरा कार संख्या यूके04एम-7467 गाड़ी के कागजात तथा उसकी पुलिस की वर्दी व अन्य सामान के साथ चोरी हो गयी थी, जो बाद में पुलिस ने बरामद भी कर ली, किंतु तब से यह गाड़ी उसे वापस नहीं मिल पायी। बताया जा रहा है कि यह गाड़ी लक्ष्मण ने किसी और से खरीदी थी और वह उसके नाम पर ट्रांसफर नहीं हुई थी, इस कारण ही गाड़ी मिलने के बावजूद उसे लौटाने में समस्या है। डीआईजी अजय जोशी ने बताया कि गाड़ी नाम पर न होने के कारण उसे वापस नहीं दी जा सकी। इस कारण ही उसे लगता है कि पुलिस में होने के बावजूद उसे न्याय नहीं मिला। इस कारण भी उसने ऐसा कदम उठाया है। इधर उसने एक प्रार्थना पत्र दिया है। उस पर यथोचित कार्रवाई करने का प्रयास किया जाएगा।

थराली के गांव में सड़ी-गली अवस्था में मिला बागेश्वर में तैनात पुलिस कर्मी

बागेश्वर। बागेश्वर पुलिस लाइन में तैनात और बीते दो सप्ताह से गायब एक पुलिस आरक्षी कैलाश चित्रवान का शव चमोली जिले के थराली के पास के राजस्व क्षेत्र कुलसारी गांव स्थित नहर में सड़ी-गली अवस्था में मिला। उसकी जेब से परिचय पत्र से उसकी शिनाख्त हुई। इस आधार पर ही राजस्व उपनिरीक्षक कृष्ण सिंह रावत ने बागेश्वर पुलिस को सूचित किया। करीब 35 साल का कैलाश उत्तरकाशी जिले का रहने वाला था। बैजनाथ पुलिस शव की शिनाख्त के लिए घटनास्थल की ओर रवाना हो गयी है।

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हिमांशु गढ़िया @ नवीन समाचार, बागेश्वर, 9 अप्रैल 2019। शायद ‘पर उपदेश कुशल बहुतेरे’ का इससे बेहतर उदाहरण करीब में नहीं मिलेगा। सोशल मीडिया पर सोमवार को एक वीडियो फेसबुक के माध्यम से वायरल हुआ है जिसमें दो दुपहिया वाहनों पर चलती चार युवतियां पहाड़ की सर्पीली सड़क पर जमकर मस्ती कर रही हैं। उनमें से एक बाइक चालक युवती हैंडल से हाथ छोड़कर भी बाइक को चला रही है। साथ ही दो बाइकों में से केवल आगे चल रही बाइक की चालक ही हेलमेट पहनी हुई हैं, और अन्य तीन ने हेलमेट नहीं पहना है। वीडियो में साफ नजर आ रहा है कि वीडियो बनाने वाली और पीछे से आ रही मोटर साइकिल दोनों ही रॉंग साइड (गलत तरफ से) चल रहे हैं। इससे भी अधिक चौंकाने वाली बात यह है कि बाइक सवार चारों युवतियां पीएसी रुद्रपुर में तैनात बताई जा रही हैं और इनकी लोक सभा चुनाव में सुरक्षा के लिए बागेश्वर में ड्यूटी लगी है। यानी युवतियां कोई आम नहीं, बल्कि जनता को नियमविरुद्ध यातायात पर चालान की कड़वी दवा पिलाने वाली उत्तराखंड पुलिस की महिला पुलिसकर्मी हैं।

देखें वीडियो :

सोशियल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में सड़क के एक ओर पहाड़ तो दूसरी तरफ खाई साफ नजर आ रही है। वीडियो में आ रहे जिक्र के अनुसार बागेश्वर जिले के कौसानी की हसीन वादियों से गुजरते हुए बिना हेलमेट पहने पीछे बैठे बैठक वीडियो बना रही एक पुलिस कर्मी (संभवतः मीना गोस्वामी) सहित एक अन्य टीवीएस अपाचे मोटर साइकिल में सवार कुल चार युवतियों में से केवल आगे चल रही स्कूटी चालक ने ही हैलमेट पहन रखा है। वीडियो में भले युवतियों का मोटर साइकिल को हाथ छोड़कर चलाना देखने वालों को भी रोमांचक कर रहा हो और युवतियां भी अपनी हिम्मत दिखा रही हों, लेकिन जैसा कि बताया जा रहा है कि युवतियां पुलिस कर्मी हैं, स्वाभाविक तौर पर प्रश्न उठ रहा है कि दूसरों को नियम-कानूनों का पाठ सिखाने वाली पुलिस इस पर क्या कहेगी।
वीडियो में कहा जा रहा है कि वीडियो बनाने वाली मीना गोस्वामी का भी वीडियो बनाने के लिए धन्यवाद होना चाहिए। सफर में खुश नजर आ रही स्कूटी चालक युवती का कहना है कि ऐसा आनंद उन्होंने कभी नहीं उठाया है। परिजनों के साथ तो बहुत घूमी हैं लेकिन दोस्तों के साथ पहली बाद सैर-सपाटे पर निकली हैं। वीडियो में पीले स्वेटर में काला सन ग्लास लगाए युवती कह रही हैं कि उन्होंने बहुत मुश्किल से स्कूटी का इंतजाम किया है। वीडियो का खतरनाक हिस्सा 1 मिनट 10 सेकेंड पर आता है जब पीछे मोटर साइकिल चला रही युवती दोनों हाथ छोड़ देती है। बताया जा रहा है कि सिविल ड्रेस में घूम रही इन पुलिस कर्मियों ने अपने फ्री टाइम में ना केवल कौसानी के गांधी ग्राम का दौरा किया बल्कि वो बैजनाथ मंदिर दर्शनों के लिए भी रुकी।
पुलिस कर्मियों के इस वीडियो संदेश से बागेश्वर और अल्मोड़ा जिले समेत राज्य के अन्य जिलों में मोटर साइकिल चालकों के कानून का सम्मान करने वालों के लिए अच्छा संदेश नहीं जा रहा है। साथ ही यह खतरनाक भी साबित हो सकता था। जरूरत यह भी है कि कानून की अवमानना करते इस तरह के वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट नहीं किये जाने चाहिए ताकि ये वाइरल ना हो सकें। इस बाबत पुलिस अब मामले की जांच करने की बात कर रही है।

पर उपदेश कुशल बहुतेरे

महिला पुलिस कर्मियों की इस जानलेवा मस्ती के उलट पुलिस दोपहिया वाहनों पर कितना सख्ती बरतती है, इसकी बानगी है कि बागेश्वर जैसे छोटे से जिले में पुलिस ने बीते केवल मार्च माह में ही 1852 चालान किये हैं, और 145 दुपहिया वाहनों को तो सीज ही कर दिया है, और इनसे दो लाख आठ हजार 350 रुपये जुर्माना वसूले हैं।

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तलवारबाजी मामले में 60 अज्ञात के खिलाफ एफआईआर, लाठी चार्ज की होगी मैजिस्ट्रेट जांचनवीन समाचार, रुद्रपुर, 31 मार्च 2019। ऊधमसिंह नगर जनपद के रुद्रपुर में 29 मार्च को हाथ में तलवार लेकर उत्पात मचाने वाले ट्रक चालक को गिरफ्तार करने गई पुलिस टीम और एसपी क्राइम पर हमला करने के मामले में खुलासा हुआ है कि सिख ट्रक ड्राइवर ने खुद ही अपनी पगड़ी उतारी थी। घटना के दौरान सीपीयू द्वारा बनाये गये वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि 29 जुलाई की शाम करीब आठ बजकर 34 मिनट पर सिख ट्रक चालक खुद ही अपनी पगड़ी उतार रहा है, और सीपीयू कर्मियों के शांत तरीके से किये जा रहे अनुरोध पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। उल्लेखनीय है सिख ट्रक चालक की पगड़ी उतारे जाने को सांप्रदायिक रंग दिये जाने के कारण ही यह इस मामले में बड़ा बवाल हुआ। बाद में सिख ट्रक चालक ने पुलिस के अधिकारियों पर प्रहार करने के लिए तलवार भी निकाली।
इधर पुलिस के अधिकारियों पर हमला करने वाले 60 अज्ञात लोगों के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। साथ ही धारा 144 का उल्लंघन कर पुलिस टीम पर हमला करने वाले लोगों पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज के मामले की डीएम नीरज खैरवाल ने एसडीएम रुद्रपुर को मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए हैं। उधर इस पूरे मामले में एसएसपी ने सिटी पेट्रोल यूनिट के दो कांस्टेबल को मजिस्ट्रेट जांच पूरी होने तक पद से हटाते हुए लाइन हाजिर कर दिया है। हालांकि इस बेहद गंभीर मामले पर जिले के एसएसपी के साथ ही पुलिस-प्रशासन का कोई भी अधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।
गौरतलब है कि 29 मार्च की रात रुद्रपुर-नैनीताल हाईवे पर हाथ में तलवार लेकर नो एंट्री में घुसे एक ट्रक चालक को हिरासत में लेने के दौरान एक समुदाय विशेष के लोगों ने एसपी क्राइम पर हमला कर दिया था। शराब के नशे में धुत ट्रक चालक करीब आधे घंटे तक हाईवे पर ट्रक खड़ा कर उत्पात मचाता रहा था। मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद इस शराबी ट्रक चालक पर काबू पाया था। इस दौरान ट्रक चालक ने तलवार से सीओ पर भी हमला करने का प्रयास किया था। बचाव में पुलिसकर्मियों द्वारा हवाई फायर भी करनी पड़ी थी। ऐसे में पुलिस को मौके पर विरोध कर रहे लोगों पर लाठीचार्ज करना पड़ा था।

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नये नगर कोतवाल ध्यान सिंह।

नवीन समाचार, नैनीताल, 5 फरवरी 2019। नैनीताल नगर की मल्लीताल कोतवाली के नये कोतवाल ध्यान सिंह ने नशेड़ियों व नशे के तस्करों के खिलाफ बेहद कड़ा प्रहार करने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा, लोग बस उन्हें इनकी सूचना दे दें, बाकी काम उनका है। वे उन पर डंडे फाड़ कर रख देंगे।
उत्तराखंड पुलिस के तेजतर्रार, अपने सेवाकाल का काफी समय यूपी में बिताने वाले पुलिस निरीक्षक ध्यान सिंह ने सोमवार को कार्यभार ग्रहण किया। कार्यभार ग्रहण करते ही उन्होंने नगर के पत्रकारों एवं सभासदों सहित समाज के विभिन्न वर्ग के लोगों के साथ बैठक की, एवं समाज में बढ़ते नशे को जड़ से समाप्त करना उनकी पहली प्राथमिकता है। इसके लिए सभी वर्गों से सहयोग की अपील करते हुए उन्होंने नगर में नशेड़ियों के अड्डे बन चुके स्थानों एवं नशे का कारोबार फैला रहे लोगों के बारे में फीडबैक ली। कहा कि नशा संबंधित व्यक्ति का तो जीवन नष्ट कर ही देता है, उसके परिवार और समाज को भी दूषित करता है। नशे की गिरफ्त में आये व्यक्ति दुर्घटनाओं व आत्महत्या आदि के कारण भी अपना जीवन खो बैठते हैं और समाज में छेड़छाड़, चोरी-नकबजनी आदि अपराधों में भी संलिप्त होते है। इसके अलावा समाज को साथ लेकर यातायात व अपराध नियंत्रण के कार्य भी किये जाएंगे।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 3 फरवरी 2019। जनपद में गत दिवस हुए एक दर्जन इंस्पेक्टरों के अंतरजिला स्थानांतरणों के बाद एसएसपी सुनील कुमार मीणा ने तत्काल प्रभाव से नागरिक  पुलिस के 26 उप निरीक्षकों  के स्थानांतरण कर दिए हैंः-
1 उ0नि0 श्री शांति कुमार गंगवार थानाध्यक्ष चोरगलिया थानाध्यक्ष कालाढूंगी
2 उ0नि0 संजय जोशी प्रभारी चौकी लामाचौड़ थानाध्यक्ष चोरगलिया
3 उ0नि0 श्री कुलदीप सिंह थाना मुखानी एसएसआई भवाली एसएसआई भवाली
4 उ0नि0 श्री जितेन्द्र गर्ब्याल थाना चोरगलिया मानव वध विवेचना सैल,फील्ड यूनिट
5 उ0नि0 श्री मनोहर सिंह पांगती थाना काठगोदाम थाना लालकुंआ
6 उ0नि0 श्री इन्द्रजीत थाना रामनगर थाना लालकुंआ
7 उ0नि0 श्री विपिन चन्द्र जोशी प्रभारी चौकी पीरूमदारा थाना हल्द्वानी
8 उ0नि0 श्री चेतन रावत थाना रामनगर थाना हल्द्वानी
9 उ0नि0 श्री अजेन्द्र प्रसाद प्रभारी चौकी टी0पी0 नगर प्रभारी चौकी गर्जिया रामनगर
10 उ0नि0 श्री देवनाथ गोस्वामी थाना भवाली थाना मल्लीताल
11 उ0नि0 श्री हरीश पुरी प्रभारी चौकी गर्जिया रामनगर प्रभारी चौकी खैरना भवाली
12 उ0नि0 श्री राजेन्द्र कुमार पुलिस लाइन प्रभारी चौकी मालधन रामनगर
13 म0उ0नि0 आशा बिष्ट थाना मल्लीताल थाना भवाली
14 उ0नि0 श्री राजेश मिश्रा थाना लालकुंआ थाना बलभूलपुरा
15 उ0नि0 श्री संजय बृजवाल थाना कालाढूंगी प्रभारी चौकी आरटीओ रोड मुखानी
16 उ0नि0 श्री देवेन्द्र बिष्ट प्रभारी चौकी खैरना प्रभारी चौकी मण्डी हल्द्वानी
17 उ0नि0 श्री प्रताप सिंह नगरकोटी प्रभारी चौकी भोटिया पड़ाव थाना रामनगर
18 उ0नि0 श्री निर्मल लटवाल प्रभारी चौकी हीरानगर थाना चोरगलिया
19 म0उ0नि0 दीपा भट्ट थाना हल्द्वानी थाना चोरगलिया
20 उ0नि0 जगबीर सिंह पुलिस लाइन थाना काठगोदाम
21 उ0नि0 श्री कैलाश नेगी प्रभारी चौकी मण्डी प्रभारी चौकी टी0पी0 नगर
22 उ0नि0 श्री कवीन्द्र शर्मा थाना रामनगर प्रभारी चौकी पीरूमदारा
23 उ0नि0 श्री विनय मित्तल चौकी की मालधन प्रभारी चौकी लामाचौड़
24 उ0नि0 श्री राजेन्द्र रावत प्रभारी चौकी आरटीओ रोड थाना रामनगऱ
25 उ0नि0 श्री मंगल सिंह नेगी थाना बलभूलपुरा प्रभारी चौकी मेडिकल
26 उ0नि0 श्री भगवान महर पीआरओ प्रभारी चौकी भोटिया पड़ाव

उल्लेखनीय है कि इससे पहले रविवार को तीन इंस्पेक्टरों को खाली हुई कोतवालियों का प्रभार सोंपा गया था। निरीक्षक योगेश चंद्र उपाध्याय थाना लालकुआं और आशुतोष कुमार सिंह प्रभारी निरीक्षक कोतवाली भवाली की जिम्मेदारी दी गयी है। वहीं पिथौरागढ़ से आये ध्यान सिंह को जिला व मंडल मुख्यालय स्थित मल्लीताल कोतवाली का नया कोतवाल बनाया गया है।

यह भी पढ़ें : गणतंत्र दिवस पर नित्यानंद पन्त सहित उत्तराखंड के 52 पुलिस अधिकारी-कर्मचारी होंगे राज्यपाल से सम्मानित

-परेड ग्राउण्ड में होने वाले समारोह में राज्यपाल करेंगे सम्मानित 
नवीन समाचार, देहरादून, 23 जनवरी 2019। पुलिस विभाग में उत्कृष्ट कार्य के लिए गणतंत्र दिवस पर पुलिस विभाग के 52 अधिकारी और कर्मचारी सम्मानित होंगे। परेड ग्राउंड में आयोजित होने वाले समारोह में राज्यपाल इन अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित करेंगे। पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार गणतंत्र दिवस-2019 पर सेवा आधार पर एवं विशिष्ट कार्य के लिए अधिकारियों व कर्मचारियों को राज्यपाल उत्कृष्ट सेवा पदक एवं उत्कृष्ट व सराहनीय सेवा सम्मान चिह्न प्रदान करने की घोषणा की गई है। इनमें उत्कृष्ट सेवा के लिए (सेवा के आधार पर) राज्यपाल उत्कृष्ट सेवा पदक से वीरेन्द्र सिंह रावत (पुलिस उपाधीक्षक देहरादून), प्रकाश चन्द्र देवली (पुलिस उपाधीक्षक पीटीसी नरेन्द्रनगर), धन सिंह तोमर (पुलिस उपाधीक्षक/सहायक सेनानायक 46वीं वाहिनी पीएसी रुद्रपुर), महेश चन्द्र जोशी (पुलिस उपाधीक्षक बागेश्वर), रमेश कुमार पाल (निरीक्षक एम/अनुभाग अधिकारी पुलिस मुख्यालय देहरादून) और राजेन्द्र सिंह नेगी (प्लाटून कमाण्डर 46वीं वाहिनी पीएसी रुद्रपुर) शामिल हैं। इसके अलावा विशिष्ट कार्य के लिए राज्यपाल उत्कृष्ट सेवा पदक से संजय उप्रेती (निरीक्षक एसडीआरएफ), सतीश शर्मा (उप निरीक्षक नागरिक पुलिस एसडीआरएफ), मनोज सिंह रावत (उप निरीक्षक नागरिक पुलिस एसडीआरएफ), रवि चौहान (लीडिंग फायरमैन एसडीआरएफ उत्तराखंड), रोशन कोठारी (लीडिंग फायरमैन एसडीआरएफ उत्तराखंड), वीरेन्द्र प्रसाद काला (आरक्षी नागरिक पुलिस एसडीआरएफ), सूर्यकान्त उनियाल (आरक्षी नागरिक पुलिस एसडीआरएफ), मनोज जोशी (आरक्षी नागरिक पुलिस एसडीआरएफ), विजेन्द्र कुड़ियाल (आरक्षी नागरिक पुलिस एसडीआरएफ), प्रवीण सिंह (फायरमैन एसडीआरएफ), योगेश रावत (फायरमैन एसडीआरएफ), सुशील कुमार (आरक्षी एसडीआरएफ), दिगम्बर सिंह (आरक्षी एसडीआरएफ) सम्मानित किए जाएंगे। इनके अलावा उत्कृष्ट एवं सराहनीय सेवा सम्मान चिह्न के लिए भी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के नामों की घोषणा की गई है, जिन्हें गणतंत्र दिवस पर पुलिस महानिदेशक द्वारा पुलिस मुख्यालय में सम्मान चिह्न से अलंकृत किया जाएगा। अराजपत्रित अधिकारी/कर्मचारी को सम्मान चिह्न के साथ पांच हजार और दो हजार रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। इनमें उत्कृष्ट सेवा के लिए (सेवा के आधार पर) उत्कृष्ट सेवा सम्मान चिह्न के लिए चार अधिकारियों को सम्मानित किया जाएगा। नित्यानन्द पंत (निरीक्षक नागरिक पुलिस जनपद नैनीताल), हरीश मोहन मठपाल (उप निरीक्षक एम पुलिस मुख्यालय देहरादून), शिव प्रसाद (उपनिरीक्षक विशेष श्रेणी परिवहन एसटीएफ), मोहन राम (उपनिरीक्षक विशेष श्रेणी अभिसूचना पुलिस अधीक्षक (क्षेत्रीय) हल्द्वानी), विशिष्ट कार्य के लिए उत्कृष्ट सेवा सम्मान चिह्न से जसवीर सिंह (आरक्षी नागरिक पुलिस देहरादून) को सम्मानित किया जाएगा। सराहनीय सेवा के लिए (सेवा के आधार पर) सराहनीय सेवा सम्मान चिह्न से सुरजीत कुमार (पुलिस उपाधीक्षक द्यमसिंहनगर), महेश चन्द्र (निरीक्षक एम/गोपनीय सहायक पुलिस मुख्यालय देहरादून), मोहन लाल (दलनायक आईआरबी-द्वितीय हरिद्वार), ललित मोहन भट्ट (रेडियो केन्द्र अधिकारी बागेश्वर), योगेन्द्र प्रसाद (द्वितीय अग्निशमन अधिकारी चमोली), मदन मोहन ढ़ौडियाल (उपनिरीक्षक अभिसूचना मुख्यालय देहरादून), दर्शन सिंह (प्लाटून कमाण्डर विशेष श्रेणी आईआरबी प्रथम रामनगर नैनीताल), लक्ष्मण राम ( प्लाटून कमाण्डर विशेष श्रेणी 46वीं पीएसी रुद्रपुर), मोहन सिंह (प्लाटून कमाण्डर विशेष श्रेणी 46वीं पीएसी रुद्रपुर), प्यारे लाल ( हेड कांस्टेबल प्रोन्नत नागरिक पुलिस बागेश्वर), तनवीर अब्बास (हेड कांस्टेबल प्रोन्नत नागरिक पुलिस ऊामसिहंनगर), सतीश चन्द्र (उपनिरीक्षक विशेष श्रेणी देहरादून), रमेश चन्द्र देवरानी (उप निरीक्षक विशेष श्रेणी नागरकि पुलिस ऊधमसिंहनगर), केदार दत्त (उपनिरीक्षक विशेष श्रेणी नागरिक पुलिस चम्पावत), जगदीश राम (प्लाटून कमाण्डर विशेष श्रेणी 46 वीं वाहिनी पीएसी रुद्रपुर), विक्रम सिंह (प्लाटून कमांडर विशेष श्रेणी 31वीं वाहिनी पीएसी रुद्रपुर), शान्ति प्रकाश (उप निरीक्षक विशेष श्रेणी सीआईडी खंड देहरादून) और रोहन सिंह (हेड कांस्टेबल नागरिक पुलिस नैनीताल) को सम्मानित किया जाएगा। विशिष्ट कार्य के लिए सराहनीय सेवा सम्मान चिह्न के लिए धर्मेन्द्र सिंह रौतेला (उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस/थानाध्यक्ष क्लेमेनटाउन देहरादून), नरेश राठौर (उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस /थानाध्यक्ष सहसपुर देहरादून), मोहन चन्द्र पाण्डे (उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस जनपद ऊधमसिंहनगर), नीरज कुमार (प्लाटून कमाण्डर एटीएस/40वीं वाहिनी पीएसी हरिद्वार), मदन सिंह (हेड कांस्टेबल कमाण्डो, एटीएस,/40वीं वाहिनी पीएसी हरिद्वार), लोकेन्द्र सिंह बिष्ट (उपनिरीक्षक अभिसूचना ऊधमसिंहनगर), जगदेव सिंह (हेड कांस्टेबल विशेष श्रेणी उत्तराखण्ड सदन नई दिल्ली), अनिल कुमार (आरक्षी नागरिक पुलिस देहरादून), आशीष रावत (उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस देहरादून), मुनीत कुमार (आरक्षी पुलिस मुख्यालय देहरादून), संदीप नेगी (निरीक्षक नागरिक पुलिस एसटीएफ), आशुतोष सिंह (उप निरीक्षक नागरिक पुलिस एसटीएफ), वेद प्रकाश भट्ट ( मुख्य आरक्षी एसटीएफ), विजेन्द्र चौहान (आरक्षी एसटीएफ) और लोकेन्द्र सिंह (आरक्षी एसटीएफ) के नाम की घोषणा की गई है।

यह भी पढ़ें : कुमाऊं रेंज के नवागत डीआईजी ने बताया, कैसी हो ‘मित्र पुलिस’

  • कहा, अपराधियों पर सख्त, आम जन से नम्र रहे ‘मित्र पुलिस’, अपनी पहली औपचारिक पत्रकार वार्ता में बोले कुमाऊं परिक्षेत्र के नवागत उपमहानिरीक्षक अजय जोशी
बृहस्पतिवार को पत्रकार वार्ता करते डीआईजी अजय जोशी।

नवीन समाचार, नैनीताल, 3 जनवरी 2018। कुमाऊं परिक्षेत्र के नवागत उपमहानिरीक्षक डीआईजी अजय जोशी ने कमजोर व निचले वर्ग के लोगों व आम लोगों की शिकायतों पर तत्काल कार्यवाही किये जाने को अपनी पहली प्राथमिकता बताया। उन्होंने मित्र पुलिस की भूमिका को साफ करते हुए कहा कि उसे गंभीर आपराधिक मामलों में अपराधियों के साथ सख्ती दिखानी चाहिए जबकि सामान्य मामलों में सामाजिक पहलू को देखते हुए दोनों पक्षों के राजी होने पर समझौतावादी दृष्टिकोण भी अपनाना चाहिए तथा आम लोगों के प्रति मित्रवत नम्र होना चाहिए।
डीआईजी जोशी बृहस्पतिवार को अपने परिक्षेत्र कार्यालय में कार्यभार ग्रहण करने के उपरांत पत्रकारों से पहली औपचारिकत वार्ता कर रहे थे। उन्होने इस बात पर भी चिंता जताई कि अपराधों से कई गुना अधिक लोग सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवा रहे हैं। इस पर नियंत्रण लगाने के लिए हर स्तर पर प्रयास करने की आवश्यकता है। साथ ही उन्होंने सडक दुर्घटनाओं में अंकुश लगाकर उनमें जान माल की कमी लाने तथा नशाखोरी के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही किये जाने को भी अपनी प्राथमिकताओं’ में शामिल किया। साथ ही उन्होंने साइबर अपराधों के मामले पंजीकृत कर उनका अनावरण करने, आगामी लोकसभा चुनाव को सफलतापूवर्क सम्पन्न कराने, कानून व्यवस्था बनाये रखने में समन्वय स्थापित करने, सोशल मीडिया में अफवाहों का तत्काल खंडन करने, आपदा प्रबंधन मे बेहतर तालमेल किये जाने एवं पुलिस कर्मचारियों के कल्याण पर कार्य किये जाने की भी बात कही।इसके पश्चात उन्होंने पुलिस उपमहानिरीक्षक कार्यालय का भ्रमण भी किया, एवं लंबित प्रकरणों की जानकारी भी ली। साथ ही सभी कर्मचारियों के साथ वार्तालाप कर ईमानदारी व अनुशासन से कार्य करने की बात कही। इस अवसर पर अपर राज्य रेडियो अधिकारी गिरिजाशंकर पांडेय व देवेश पांडे आदि भी मौजूद रहे।
चित्र परिचयः 03एनटीएल-1ः नैनीताल। बृहस्पतिवार को पत्रकार वार्ता करते डीआईजी अजय जोशी।

यह भी पढ़ें : 18 साल बाद उत्तराखंड पुलिस की नियमावली तैयार, पुलिसकर्मियों के लिए बहुत कुछ होगा खास

नैनीताल, 27 अक्तूबर 2018। 18 साल के लंबे इंतजार के बाद उत्तराखंड पुलिस नियमावली बनकर तैयार हो गई हैं। इसी के साथ कांस्टेबल से लेकर इंस्पेक्टर तक के प्रमोशन का रास्ता साफ हो गया हैं। नियमावली न बन पाने के कारण काफी समय से कई सौ पुलिस कर्मियों के प्रमोशन अटके हुए थे। नियमावली आने के बाद नवंबर माह के अंत तक विभागीय प्रमोशन प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद जग गई हैं।

उत्तराखंड बनने के बाद पुलिस महकमे की नियमावली नहीं बन पाई थी। विभागीय प्रमोशन प्रक्रिया पुलिस स्थापना कमेटी के माध्यम से होते रहे हैं। पुलिस नियमावली न होने के चलते अधिकांश प्रमोशन प्रक्रिया को पुलिसकर्मी कोर्ट में चुनौती देते रहे हैं। इस कारण कई पदाें की प्रमोशन प्रक्रिया कई-कई साल उलझी रही हैं। लंबे समय से पुलिस नियमावली तैयार करने की कवायद चल रही थी। अब त्रिवेंद्र रावत सरकार में पुलिस नियमावली बनकर तैयार हुई हैं। कांस्टेबल, उप निरीक्षक, इंस्पेक्टर की नियमावली पर सरकार की मुहर लग चुकी है। हेड कांस्टेबल की नियमावली में थोड़ा सुधार अपेक्षित हैं। पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों के मुताबिक नियमावली तैयार होने के बाद विभाग में 600 कांस्टेबल, 70 हेड कांस्टेबल, 37 दारोगा और करीब 50 इंस्पेक्टरों के प्रमोशन का रास्ता साफ हो गया है।

प्रमोशन के बाद होगी सिपाहियों की भर्ती

पुलिस और पीएसी के कांस्टेबलों को बड़ी संख्या में प्रोन्नति मिलने के बाद प्रदेश भर में कांस्टेबल के छह सौ ज्यादा पद रिक्त होने का अनुमान है। ऐसे में नई भर्ती कर कांस्टेबल के पदों को भरा जाएगा। पुलिस मुख्यालय प्रमोशन प्रक्रिया पूरी करने के बाद शासन को कांस्टेबलों की भर्ती का प्रस्ताव भेजेगा।

मिनिस्ट्रीयल स्टाफ को करना होगा इंतजार 
पीएसी और पुलिस महकमे के मिनिस्ट्रीयल स्टाफ की नियमावली बननी बाकी हैं। पीएसी की नियमावली तो शासन में विचाराधीन है, जबकि मिनिस्ट्रीयल स्टाफ की नियमावली बनने में अभी थोड़ा समय लगेगा।

253 फायर कर्मियों की होगी भर्ती
अग्निशमन विभाग में फायर कर्मियों की कमी को भी पूरा किया जाएगा। शासन ने हाल में रिक्त चल रहे 253 फायर कर्मियों के पदों पर भर्ती को स्वीकृति प्रदान कर दी है। निकाय चुनाव के बाद फायर कर्मियों की भर्ती प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही हैं।

पुलिस नियमावली बनकर तैयार हो गई हैं। निकाय चुनाव की आचार संहिता हटने के बाद कांस्टेबल, हेड कांस्टेबल, उप निरीक्षक और इंस्पेक्टर के प्रमोशन की प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाएगा। महकमे में बड़े पैमाने पर प्रमोशन प्रस्तावित हैं। हेड कांस्टेबल की नियमावली को संशोधन के साथ स्वीकृति के लिए भेजा गया हैं।
जीएस मत्तोलिया, पुलिस महानिरीक्षक कार्मिक

यह भी पढ़ें : पुलिस सुधार-पुलिस के काम के घंटे आठ घंटे तक सीमित करने का हाईकोर्ट का आदेश लागू करना दूर की कौड़ी

राष्ट्रीय सहारा, 18 मई 2018

-इसी कारण आदेशों पर राज्य के पुलिस कर्मियों में नहीं दिख रहा है खास उत्साह, उन्हें उम्मीद नहीं है कि राज्य सरकार इसे लागू कर पाएगी
नवीन जोशी, नैनीताल, 17 मई 2018। नैनीताल उच्च न्यायालय के राज्य पुलिस सुधार आयोग की 2012 में आई सिफारिशें लागू करने के सरकार को दिये गये आदेशों को लागू करने के लिए तीन माह का समय दिया है, लेकिन आसान नहीं लगता है। खासकर उत्तराखंड पुलिस के काम के घंटे आठ घंटे तक सीमित करने का आदेश लागू करना तो बहुत दूर की ही कौड़ी होगा। कारण, उत्तराखंड पुलिस में मौजूदा जरूरतों, यानी जब पुलिस कर्मी दिन के 24 घंटे कार्य करने के लिए पाबंद हैं, तब 1500 से अधिक स्वीकृत पद ही रिक्त पड़े हैं, जबकि मौजूदा जरूरतों के लिहाज से भी इसके कम से कम दोगुने पुलिस यानी 3000 कर्मियों की आवश्यकता है। और यदि राज्य सरकार नैनीताल उच्च न्यायालय के आदेशों पर राज्य पुलिस सुधार आयोग की सिफारिशें लागू करती है तो आठ-आठ घंटे की तीन शिफ्टों के लिए 3 गुना अधिक पुलिस कर्मियों की आवश्यकता पड़ेगी, जो कार्मिकों को वेतन देने के लिए सरकार के समक्ष आ रही कर्ज लेने की मजबूरी की स्थितियों में आसान नहीं लगता।

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p style=”text-align: justify;”>एक रिपोर्ट के अनुसार पूरे देश में पुलिस महकमे में पांच लाख पद रिक्त हैं। इसका असर पुलिसिंग पर पड़ रहा है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों से रिक्त पदों का ब्यौरा तलब किया है। उत्तराखंड पुलिस में भारतीय पुलिस सेवा, प्रांतीय पुलिस सेवा समेत सभी पदों को मिलाकर 27,442 पद हैं। इन पदों के सापेक्ष 26 हजार पदों पर कर्मचारी तैनात हैं। ऐसे में मौजूदा समय में रिक्त पदों की संख्या तकरीबन डेढ़ हजार है।
यही कारण है कि उत्तराखंड उच्च न्यायालय के ताजा आदेश ऊपरी तौर पर खासे आकर्षक नजर आने के बावजूद राज्य के पुलिस कर्मियों में खास उत्साह पैदा नहीं कर पाये हैं। पुलिस कर्मियों को उम्मीद नहीं है कि पुलिस इन आदेशों को लागू कर पायेगी। अलबत्ता उन्हें केवल इतना लगता है कि सरकार उन्हें उच्च न्यायालय के आदेशों पर वर्ष भर में 30 दिनों की जगह 45 दिनों का अतिरिक्त वेतन दे सकती है। इससे आरक्षियों को प्रतिवर्ष लगभग 14000, उपनिरीक्षकों को 18 हजार और निरीक्षकों को 22000 रुपयों का लाभ होगा, और सरकार पर करीब 28 करोड़ का प्रतिवर्ष अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। कुमाऊं परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक पूरन सिंह रावत ने भी माना कि आदेशों को लागू करना सरकार के लिए आसान नहीं होगा। अलबत्ता, उम्मीद जताई कि सरकार कोई बीच का रास्ता निकाल सकती है।

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p style=”text-align: justify;”>कुमाऊं परिक्षेत्र में 544 पद हैं रिक्त
नैनीताल। कुमाऊं परिक्षेत्र में निरीक्षक के स्वीकृत 56 में से 23, उप निरीक्षक नागरिक पुलिस के 297 में से 54, उप निरीक्षक सशस्त्र पुलिस के 14 में से 7, मुख्य आरक्षी नागरिक पुलिस के 393 में से 120, सशस्त्र पुलिस के 343 में से 64, आरक्षी सशस्त्र पुलिस के 1330 में से 250 व लिपिक संवर्ग के 79 में से 26 यानी कुल 544 पद रिक्त हैं। वहीं आरक्षी नागरिक पुलिस के 3182 स्वीकृत पदों पर अभी हाल में राज्य को मिली 700 में से 370 महिला आरक्षियों की नियुक्ति पदों को बढ़ाए बिना भविष्य में होने वाली रिक्तियों के सापेक्ष तैनात किये गये हैं। यही स्थित उपनिरीक्षक के पदों पर भी है, जहां 140 महिला उपनिरीक्षकों की तैनाती की गयी है।

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p style=”text-align: justify;”>उपलब्ध पदों के एक तिहाई पुलिस कर्मी ही हैं थानों में तैनात
नैनीताल। पुलिस महकमे की मौजूदा स्थितियों को देखें तो जितने पुलिस कर्मी जिलों में तैनात हैं, उनके एक तिहाई ही थानों पर रहकर अपना मूल कार्य कर पा रहे हैं। पुलिस से ही जुड़े सूत्रों ने उदाहरण के तौर पर बताया कि नैनीताल जिले में करीब 2100 पुलिस कर्मी तैनात हैं, इनमें से करीब 1250 नागरिक पुलिस व 850 सशस्त्र एवं एलआईयू, अग्निशमन, रेडियो व लिपिक संवर्ग आदि में कार्यरत हैं। नागरिक पुलिस के 1250 पदों में से करीब आधे कर्मी थानों-कोतवालियों व चौकियों से इतर नित नये खुल रहे विभिन्न प्रकोष्ठों (सेलों), एसआईटी, हाईकोर्ट, जीआरपी, सीपीयू, पुलिस मुख्यालय एवं कुमाऊं परिक्षेत्र कार्यालय आदि में संबद्ध हैं। ऐसे में केवल 700 के करीब पुलिस कर्मियों पर ही जनपद की 2011 की जनगणना के अनुसार करीब 9.55 लाख व वर्तमान में करीब 11 लाख की जनसंख्या की सुरक्षा व कानून व्यवस्था बनाये रखने का बोझ है।

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p style=”text-align: justify;”>आंध्र, तमिलनाडु, कर्नाटक में पहले से हैं प्राविधान
नैनीताल। पुलिस कर्मियों को आठ घंटे ही नौकरी कराने के प्राविधान देश के आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु व कर्नाटक आदि राज्यों की पुलिस नियमावली में पहले से हैं, बावजूद वहां भी इसका पालन नहीं हो पा रहा है। देश में केवल राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली की पुलिस में ही आंशिक तौर पर यह व्यवस्था लागू हो पा रही है। अलबत्ता संबंधित याचिका के अनुसार केरल और मध्य प्रदेश के पांच पुलिस थानों में इस प्रयोग के बेहतर परिणाम देखने को मिले हैं, तथा मेघालय व पंजाब में इसके लिए पहल हुई हैं, लेकिन उत्तराखंड सहित अन्य राज्यों में इस संबंध में कोई प्राविधान नहीं हैं।

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने राज्य पुलिस सुधार आयोग की सिफारिशों के तहत दिए 12 बड़े निर्देश

उत्तराखंड हाईकोर्ट की वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजीव शर्मा व न्यायमूर्ति शरत शर्मा की खंडपीठ ने अधिवक्ता अरूण भदौरिया की जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद प्रदेश में राज्य पुलिस सुधार आयोग की सिफारिशों के तहत पुलिस कर्मियों के कल्याण के लिये राज्य सरकार को पुलिस एक्ट व पुलिस कर्मियों के बाबत 10 बड़े आदेश-निर्देश दिए हैं। यह निर्देश हैं : 

  1. सरकार को दिए पुलिस एक्ट में बदलाव करने के निर्देश
  2. पुलिस कर्मियों से रोजाना आठ घंटे से अधिक काम न लेने के निर्देश
  3. कठिन ड्यूटी करने पर 45 दिन का अतिरिक्त वेतन देने के निर्देश
  4. पुलिसकर्मी को करियर के दौरान तीन प्रमोशन जरूरी
  5. तीन माह में पुलिस अतिरिक्त (कॉर्पस) फंड का गठन करने के निर्देश
  6. पुलिसकर्मियों की हर तीन महीने के भीतर स्वास्थ्य जांच हो
  7. पुलिस विभाग में योग्य चिकित्सकों खासकर पुलिस कर्मियों के तनाव को दूर करने के लिये मनोचिकित्सकों की भी नियुक्ति करे सरकार
  8. ट्रैफिक पुलिस कर्मियों को मिले मास्क व अन्य आवश्यक सुविधायें और गर्मी में आवश्यक अंतराल में ब्रेक देने के निर्देश
  9. पुलिस कर्मियों की आवासीय सुविधा में सुधार करें
  10. पुलिस वालों के रहने के लिए बनाई जाए हाउसिंग स्कीम
  11. खाली पदों को भरने के लिये विशेष चयन बोर्ड गठित करने के निर्देश
  12. पुलिस थानों में हो जिम और स्वीमिंग पूल की व्यवस्था

उल्लेखनीय है कि इस मामले में याचिकाकर्ता की ओर से मार्च 2013 में प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र दिया था। साथ ही प्रदेश मानवाधिकार आयोग में भी मामला दायर किया था। उसके बाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को पत्र भेजा था।

आज से इतिहास हो गई शेरशाह सूरी के जमाने की ‘गांधी पुलिस’ और ‘गाँधी’ !!

प्रदेश में राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी के नाम से ‘गाँधी पुलिस’ कही जाने वाली 150 वर्षों से चली आ रही राजस्व पुलिस व्यवस्था अब इतिहास बन जाएगी। और इसके साथ लगता है कि गाँधी के ‘अहिंसात्मक’ सन्देश भी कहीं पीछे छूट जायेंगे। उत्तराखंड उच्च न्यायलय नैनीताल ने राजस्व पुलिस को तफ्तीश व कार्यवाही में असफल बताते हुए पूरे प्रदेश को सिविल पुलिस व्यवस्था के तहत लाने का आदेश दिया है। इधर शुक्रवार (12 जनवरी 2018) को नैनीताल हाईकोर्ट ने टिहरी जनपद के दहेज हत्या के एक मामले की सुनवाई करते हुए राजस्व पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े  किये और राज्य सरकार को छह महीने के अंदर इस व्यवस्था को खत्म करने के निर्देश दिये। जस्टिस राजीव शर्मा  व आलोक सिंह की खंडपीठ ने यह फैसला दिया है। बताते चलें कि वर्ष 2013 में केदारनाथ व प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्र  में आई आपदा के दौरान भी राजस्व पुलिस की कार्यशैली व क्षमता पर सवाल खड़े हुए थे और सरकार ने क्रमिक रूप से इस व्यवस्था को खत्म करने और उसके स्थान पर सिविल पुलिस का दायरा बढाने की नीति बनाई थी। त्यूनी थाने और कई पुलिस चौकियों को इसी उद्देश्य से गठित किया गया था। तत्कालीन पुलिस महानिदेशक ने भी राजस्व पुलिस को खत्म करने की सलाह सरकार को दी थी।

ऐतिहासिक संदर्भों की बात करें तो देश में ग्रांड ट्रंक रोड के निर्माता अफगान बादशाह शेरशाह सूरी के दौर में उनके दरबार में भूलेख के मंत्री राजा टोडरमल के द्वारा जमीन संबंधी कार्याे के सम्पादन के लिये पटवारी पद की स्थापना की गयी थी। बाद में मुगह शहंशाह अकबर ने भी इस प्रणाली को बढ़ावा दिया। ब्रितानी शासनकाल के दौरान इसमें मामूली परिवर्तन हुये यह प्रणाली जारी रही। उत्तराखंड में हाथ में बिना लाठी-डंडे के तकरीबन गांधी जी की ही तरह गांधी पुलिस भी कहे जाने वाले यह जवान देश आजाद होने और राज्य अलग होने के बाद भी अब तक उत्तराखण्ड राज्य के पर्वतीय भू भाग में शान्ति व्यवस्था का दायित्व सम्भाले हुऐ थे। लेकिन इधर अपराधों के बढने के साथ बदले हालातों में राजस्व पुलिस के जवानों ने व्यवस्था और वर्तमान दौर से तंग आकर स्वयं भी इस दायित्व का परित्याग कर दिया था।

1857 में जब देश का पहला स्वतंत्रता संग्राम यानी गदर लड़ा जा रहा था, तत्कालीन हुक्मरान अंग्रेजों को पहली बार देश में कानून व्यवस्था और शान्ति व्यवस्था बनाने की सूझी थी। अमूमन पूरे देश में उसी दौर में पुलिस व्यवस्था की शुरूआत हुई, लेकिन उत्तराखण्ड के पहाड़ों के लोगों की शान्ति प्रियता, सादगी और अपराधों से दूरी ने अंग्रेजों को अत्यधिक प्रभावित किया था, सम्भवतया इसी कारण अंग्रेजों ने 1861 में यहां अलग से ‘कुमाऊँ रूल्स” के तहत पूरे देश से इतर ‘बिना शस्त्रों वाली” गांधी जी की ही तरह केवल लाठी से संचालित ‘राजस्व पुलिस व्यवस्था” शुरू की, जो बाद में देश में ‘गांधी पुलिस व्यवस्था” के रूप में भी जानी गई। इस व्यवस्था के तहत पहाड़ के इस भूभाग में पुलिस के कार्य भूमि के राजस्व सम्बंधी कार्य करने वाले राजस्व लेखपालों को पटवारी का नाम देकर ही सोंप दिऐ गऐ। पटवारी, और उनके ऊपर के कानूनगो व नायब तहसीलदार जैसे अधिकारी भी बिना लाठी-डंडे के ही यहां पुलिस का कार्य संभाले रहे। गांवों में उनका काफी प्रभाव होता था, और उन्हें सम्मान से अहिंसावादी गांधी पुलिस भी कहा जाता था। कहा जाता था कि यदि पटवारी क्या उसका चपरासी यानी सटवारी भी यदि गांव का रुख कर ले तो कोशों दूर गांव में खबर लग जाती थी, और ग्रामीण डर से थर-थरा उठते थे।

एक किंवदन्ती के अनुसार कानूनगो के रूप में प्रोन्नत हुऐ पुत्र ने नई नियुक्ति पर जाने से पूर्व अपनी मां के चरण छूकर आशीर्वाद मांगा तो मां ने कह दिया, `बेटा, भगवान चाहेंगे तो तू फिर पटवारी ही हो जाएगा´। यह किंवदन्ती पटवारी के प्रभाव को इंगित करती है।

कहते हैं कि तत्कालीन ब्रिटिश सरकार ने प्रदेश के पर्वतीय इलाकों में पुलिस खर्च का बजट कम रखने के उद्देश्य से यह व्यवस्था की थी। इसके तहत पटवारी, कानूनगो और तहसीलदार जैसे राजस्व अधिकारी ही पुलिस, दरोगा व इंस्पेक्टर का काम काज देखते हैं। आईपीसी के आरोपियों की गिरफ्तारी व उन्हें जेल भेजने की जिम्मेदारी भी उन्हीं की होती है। आज की तारीख में भी प्रदेश के 65 फीसदी इलाके में अपराध नियंत्रण, राजस्व संबंधी कार्यों के साथ ही वन संपदा की हकदारी का काम पटवारी ही संभाल रहे हैं।लेकिन अब यह व्यवस्था खत्म होने वाली है।

पूर्व आलेख : ‘तदर्थ” आधार पर चल रही प्रदेश की राजस्व व्यवस्था

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p style=”text-align: justify;”>नवीन जोशी, नैनीताल। अंग्रेजों से भी पहले मुगल शासक शेरशाह सूरी के शासनकाल से देश में शुरू हुई और खासकर उत्तराखंड में प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के दौर से सफलता से चल रही ‘गांधी पुलिस” के रूप में शुरू हुई राजस्व पुलिस व्यवस्था कमोबेश ‘तदर्थ” आधार पर चल रही है। प्रदेश के संपूर्ण राजस्व क्षेत्रों में पुलिस कार्य संभालते आ रहे पटवारियों ने बीते वर्ष दो अक्टूबर से पुलिस कार्यों का बहिस्कार किया हुआ है, जबकि उनसे ऊपर के कानूनगो, नायब तहसीलदार व तहसीलदार के अधिसंख्य पद रिक्त हैं। और जो भरे हैं वह, तदर्थ आधार पर भरे हैं। शुक्रवार (22.01.2015) को उत्तराखंड सरकार के इस मामले में पटवारियों के लिए ‘नो वर्क-नो पे” की कार्रवाई करने के फरमान से व्यवस्था की कलई खुलने के साथ ही सरकार की कारगुजारी भी सामने आने की उम्मीद बनती नजर आ रही है।
कुमाऊं मंडल की बात करें तो यहां 325 लेखपालों में से 204 एवं पटवारियों के 410 पदों में से 82 रिक्त हैं। आज से भी उनकी भर्ती की कवायद शुरू हो तो वह 30 जून 2016 के बाद ही मिल पाएंगे, और तब तक रिक्तियां क्रमश: 212 और 123 हो जानी हैं। इसी तरह नायब तहसीलदारों के 60 में से 14 तथा तहसीलदारों के 49 में से 33 पद रिक्त पड़े हैं। यही नहीं इन पदों पर जो लोग कार्यरत हैं, वह भी पिछले दो वर्ष से डीपीसी न हो पाने के कारण तदर्थ आधार पर कार्य करने को मजबूर हैं। स्थिति यह है कि उनकी तदर्थ नियुक्ति में डीपीसी होने पर दो वर्ष पुरानी ही तिथि से नियुक्ति माने जाने का उल्लेख है, किंतु इस दौरान नई नियुक्ति पर आए कर्मी उन्हें खुद से जूनियर बता रहे हैं। ऐसे में उनका मनोबल टूट रहा है। प्रदेश में 2006 से पटवारियों की नई भर्तियां नहीं हुई हैं, जबकि इनका हर वर्ष, अगले दो वर्ष की रिक्तियों का पहले से हिसाब लगाकर भर्ती किये जाने का प्राविधान है।

अब पटवारी खुद नहीं चाहते खुद की व्यवस्था, चाहते हैं पुलिस की तरह थानेदार बनना

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p style=”text-align: justify;”>-1857 के गदर के जमाने से चल रही पटवारी व्यवस्था से पटवारी व कानूनगो पहले ही हैं विरत
-पहले आधुनिक संसाधनों के लिए थे आंदोलित, सरकार के उदासीन रवैये के बाद अब कोई मांग नहीं
-हाईटेक अपराधियों और सरकार की अनसुनी के आगे हुए पस्त
नवीन जोशी, नैनीताल। अंग्रेजों से भी पहले मुगल शासक शेर शाह सूरी के शासनकाल से देश में शुरू हुई और उत्तराखंड में खासकर 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के दौर से सफलता से चल रही ‘गांधी पुलिस” व्यवस्था बीती दो अक्टूबर यानी गांधी जयंती के दिन से कमोबेश इतिहास ही बन गई है। पूरे देश से इतर राज्य के 65 फीसदी पर्वतीय हिस्से में राजस्व संबंधी कार्यों के साथ ही अपराध नियंत्रण और पूर्व में वन संपदा की हकदारी का काम भी संभालने वाले पटवारियों ने अपने बस्ते अपने जिलों के कलक्ट्रेटों में जमा करा दिए हैं, और मौजूदा स्थितियों में खुद भी अपनी व्यवस्था के तहत कार्य करने से एक तरह से हाथ खड़े कर दिए हैं। सवालिया तथ्य यह भी है कि इतनी बड़ी व्यवस्था के ठप होने के बावजूद शासन व सरकार में इस मामले में कोई हरकत नजर नहीं आ रही है।

लेकिन बदले हालातों और हर वर्ग के सरकारी कर्मचारियों के कार्य से अधिक मांगों पर अड़ने के चलन में पटवारी भी कई दशकों तक बेहतर संसाधनों की मांगों के साथ आन्दोलित रहे। उनका कहना था कि वर्तमान गांवों तक हाई-टेक होते अपराधों के दौर में उन्हें भी पुलिस की तरह बेहतर संसाधन चाहिऐ, लेकिन सरकार ने कुछ पटवारी चौकियां बनाने के अतिरिक्त उनकी एक नहीं सुनी। यहाँ तक कि वह 1947 की बनी हथकडि़यों से ही दुर्दांत अपराधियों को भी गिरफ्त में लेने को मजबूर थे। 2010 में  40-40 जिप्सियां व मोटर साईकिलें मिलीं भी तो अधिकाँश पर कमिश्नर-डीएम जैसे अधिकारियों ने तक कब्ज़ा जमा लिया। 1982 से पटवारियों को प्रभारी पुलिस थानाध्यक्ष की तरह राजस्व पुलिस चौकी प्रभारी बना दिया गया, लेकिन वेतन तब भी पुलिस के सिपाही से भी कम था। अभी हाल तक वह केवल एक हजार रुपऐ के पुलिस भत्ते के साथ अपने इस दायित्व को अंजाम दे रहे थे। उनकी संख्या भी बेहद कम थी।प्रदेश के समस्त पर्वतीय अंचलों के राजस्व क्षेत्रों की जिम्मेदारी केवल 1250 पटवारी, उनके इतने ही अनुसेवक, 150 राजस्व निरीक्षक यानी कानूनगो और इतने ही चेनमैन सहित कुल 2813 राजस्व कर्मी सम्भाल रहे थे। इनमें से कुमाऊं मंडल में 408 पद हैं, जिनमें से 124 पद लंबे समय से रिक्त पड़े हैं। इस पर पटवारियों ने मई 2008 से पुलिस भत्ते सहित अपने पुलिस के दायित्वों का स्वयं परित्याग कर दिया। इसके बाद थोड़ा बहुत काम चला रहे कानूनगो के बाद पहले 30 मार्च 2010 से प्रदेश के रहे सहे नायब तहसीलदारों ने भी पुलिस कार्यों का परित्याग कर दिया था, जबकि इधर बीती दो अक्टूबर से एक बार फिर गांधी पुलिस के जवानों ने गांधी जयंती के दिन से अपने कार्य का परित्याग कर दिया है। खास बात यह है कि उनकी अब कोई खास मांग भी नहीं है। मंडलीय अध्यक्ष कमाल अशरफ ने कहा कि मौजूदा व्यवस्थाओं, सुविधाओं से वर्तमान हाई-टेक अपराधियों के दौर में कार्य कर पाना संभव नहीं है। अच्छा हो कि चार-पांच पटवारी सर्किलों को जोड़कर नागरिक पुलिस के थाने-कोतवाली जैसी कोई व्यवस्था ही कर दी जाए। कुमाऊं परिक्षेत्र के पुलिस डीआईजी गणेश सिंह मर्तोलिया ने कहा कि जब तक राजस्व पुलिस कार्य से विरत है, नागरिक पुलिस कार्य करने को तैयार नहीं है।

1.5 करोड़ में करते हैं 400 करोड़ का काम

नैनीताल। उत्तराखंड के मुख्य सचिव सुभाष कुमार ने कुछ समय पूर्व एक मुलाकात में इस प्रतिनिधि को साफगोई से बताया कि पूरे प्रदेश में राजस्व पुलिस व्यवस्था पर करीब केवल 1.5 करोड़ रुपये खर्च होते हैं, जबकि इसकी जगह यदि नागरिक पुलिस लगाई जाए तो 400 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यही बड़ा कारण है कि राज्य सरकार राजस्व पुलिस व्यवस्था को जारी भी रखना चाहती है, लेकिन उनकी सुन भी नहीं रही, यह सवालिया निशान खड़े करता है।

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मेरा जन्म 26 नवंबर 1972 को हुआ था। मैं नैनीताल, भारत में मूलतः एक पत्रकार हूँ। वर्तमान में मार्च 2010 से राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक समाचार पत्र-राष्ट्रीय सहारा में ब्यूरो चीफ के रूप में कार्य कर रहा हूँ। इससे पहले मैं पांच साल के लिए दैनिक जागरण के लिए काम कर चुका हूँ। कुमाऊँ विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग से ‘नए मीडिया’ विषय पर शोधरत हूँ। फोटोग्राफ़ी मेरा शौक है। मैं NIKON COOLPIX P530 और अडोब फोटोशॉप 7.0 के साथ फोटोग्राफी कर रहा हूँ। फोटोग्राफी मेरे लिए दुनियां की खूबसूरती को अपनी ओर से चिरस्थाई बनाने का बहुत छोटा सा प्रयास है। एक फोटो पत्रकार के रूप में मेरी तस्वीरों को नैनीताल राजभवन सहित विभिन्न प्रदर्शनियों में प्रस्तुत किया गया, तथा उत्तराखंड की राज्यपाल श्रीमती मार्गरेट अलवा द्वारा सम्मानित किया गया है। कुछ चित्रों को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हो चुके हैं। गूगल अर्थ पर चित्र उपलब्ध कराने वाली पैनोरामियो साइट पर मेरी प्रोफाइल को 18.85 Lacs से भी अधिक हिट्स प्राप्त हैं।पत्रकारिता और फोटोग्राफी के अलावा मुझे कवितायेँ लिखना पसंद है। काव्य क्षेत्र में मैंने नवीन जोशी “नवेन्दु” के रूप में अपनी पहचान बनाई है। मैंने बहुत सी कुमाउनी कवितायेँ लिखी हैं, कुमाउनी भाषा में मेरा काव्य संकलन उघड़ी आंखोंक स्वींड़ प्रकाशित हो चुका है, जो कि पुस्तक के के साथ ही डिजिटल (PDF) फार्मेट पर भी उपलब्ध होने वाली कुमाउनी की पहली पुस्तक है। मेरी यह पुस्तक गूगल एप्स पर भी उपलब्ध है। ’ यहां है एक पत्रकार, लेखक, कवि एवं छाया चित्रकार के रूप में मेरी रचनात्मकता, लेख, आलेख, छायाचित्र, कविताएं, हिंदी-कुमाउनी के ब्लॉग आदि कार्यों का पूरा समग्र। मेरी कोशिश है कि यहां नैनीताल, कुमाऊं, उत्तराखंड और वृहद संदर्भ में देश की विरासत, संस्कृति, इतिहास और वर्तमान को समग्र रूप में संग्रहीत करने की….। मेरे दिल में बसता है, मेरा नैनीताल, मेरा कुमाऊं और मेरा उत्तराखंड
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