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कुमाऊं विश्वविद्यालय के डॉ. ध्यानी का चयन जर्मनी की यूनिवर्सिटी में

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 15 सितंबर 2022। कुमाऊं विश्वविद्यालय के भीमताल परिसर स्थित जैव प्रौद्योगिकी विभाग में कार्यरत डॉ. प्रवीण ध्यानी का चयन जर्मनी स्थित कोब्लेंज यूनिवर्सिटी में पोस्ट डॉक्टरल फेलो के लिए हुआ है। अंतराष्ट्रीय स्तर पर हुई प्रतिस्पर्धा में पहले ही प्रयास में डॉ. ध्यानी ने यह सफलता प्राप्त की है।

उल्लेखनीय है कि डॉ. ध्यानी ने अपनी पीएचडी संयुक्त रूप से जैव प्रौद्योगिकी विभाग की अध्यक्ष डॉ. वीना पांडे एवं जीबी पंत इंस्टीटयूट कोसी, कटारमल के डॉ. आईडी भट्ट के निर्देशन में की, एवं इसके बाद भारतीय हिमालयी जैव संपदा प्रौद्योगिकी संस्थान पालमपुर में उच्च शोध कार्य करने के उपरांत वर्तमान में कुमाऊं विश्विद्यालय के भीमताल परिसर स्थित जैव प्रौद्योगिकी विभाग में कार्यरत हैं।

उन्होंने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता के साथ ही अपने दोनों शोध निर्देशकों को दिया है। उनकी इस उपलब्धि पर कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एनके जोशी, कुलसचिव दिनेश चंद्रा, शोध निदेशक डॉ. ललित तिवारी, संकायाध्यक्ष डॉ. एबी मेलकानी, विभागाध्यक्ष डॉ. वीना पांडे, डॉ. तपन नैलवाल, डॉ. ऋषेंद्र कुमार, डॉ. संतोष उपाध्याय डॉ. मयंक पांडे, हीरा सिंह किरोला, किशन नेगी व आनंद रैखोला एवं सभी विभागीय कर्मचारियों ने खुशी जाहिर करते हुए उन्हें बधाई दी है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : नैनीताल : देव ने जेईई एडवांस में सफलता अर्जित किया नाम रोशन…

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 11 सितंबर 2022। नगर के सेंट जोसेफ कॉलेज नैनीताल के छात्र रहे देव बवाड़ी ने जेईई एडवांस में सफलता हासिल कर नैनीताल का नाम रोशन किया है। देव ने जेईई एडवांस में 5190वी रैंक हासिल की है।

उल्लेखनीय है कि इस वर्ष इंटरमीडिएट में उन्होंने 97.5 प्रतिशत एवं हाई स्कूल में 96.8 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। देव नगर की धार्मिक-सामाजिक संस्था श्रीराम सेवक सभा के महासचिव तथा व्यवसाई व भाजपा के पूर्व नगर मंडल अध्यक्ष जगदीश बवाड़ी के पुत्र हैं। उनकी माता पुष्पा बवाड़ी गृहणी है, जबकि उनकी बहन गुरुग्राम से एमबीए कर रही है।

देव ने यह सफलता पहली बार में बिना कोचिंग के प्राप्त की है। देव ने अपनी सफलता का श्रेय अपने दादा व स्वर्गीय दादी के साथ अपने गुरुजनों, माता-पिता, चाचा-चाची तथा यूट्यूब को दिया है, जिसके माध्यम से उन्होंने तैयारी पूरी की। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : डीएसबी की पूर्व छात्रा जान्हवी के आईआईएससी बेंगलुरु में चयन, हर्ष की लहर

डीएसबी की पूर्व छात्रा जान्हवी के आईआईएससी बेंगलुरु में चयन से हर्ष की लहर  - हिन्दुस्थान समाचारडॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 20 जुलाई 2022। डीएसबी परिसर के पूर्व छात्रा जान्हवी तिवारी का चयन देश की प्रथम रैंकिंग वाले आईआईएससी यानी इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस बंगलुरु के लिए हुआ है। मूल रूप से जनपद के दूरस्थ बेतालघाट विकासखंड के तिवारी गांव निवासी शिक्षक प्रकाश चंद्र तिवारी तथा सीमा तिवारी की बेटी एवं तल्लीताल नैनीताल निवासी चंद्रा जोशी की नातिन जान्हवी ने कुमाऊं विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर से बीएससी तथा पंतनगर विश्वविद्यालय से एमएससी एंटोमोलॉजी की है। इसके बाद उन्होंने आईसीएआर नेट गेट में दो बार सफलता प्राप्त की तथा पीएचडी हेतु आईआईएससी बंगलुरु के साइंसेज इकोलॉजिकल ग्रुप में प्रथम श्रेणी में परीक्षा उत्तीर्ण कर प्रवेश प्राप्त किया है।

उनकी इस सफलता पर कूटा यानी कुमाऊं विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रो. ललित तिवारी, डॉ. विजय कुमार, डॉ. दीपक कुमार, डॉ. दीपिका गोस्वामी, डॉ. सोहेल जावेद, डॉ.प्रदीप, डॉ. पैनी जोशी, डॉ. गगन होती, डॉ. मनोज धूनी व डॉ. सीमा चौहान ने बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। जान्हवी के चयन से परिजनों के साथ साथ पूरे क्षेत्र में भी हर्ष की लहर है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : साबाश ! पत्रकार पुत्र का दून स्पोर्ट्स कॉलेज में चयन

हल्द्वानी: फुटबॉल के प्रति गजब का जुनून, काठगोदाम के युवा खिलाड़ी अभय का  दून स्पोर्ट्स कॉलेज में चयननवीन समाचार, हल्द्वानी, 14 जुलाई 2022। जनपद के युवा फुटबाल खिलाड़ी और काठगोदाम गोला बैराज निवासी अभय भंडारी का चयन देहरादून के महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में हुआ है। वरिष्ठ पत्रकार दीपक भंडारी के पुत्र अभय भंडारी में बचपन से फुटबाल का जुनून रहा है। अंडर-16 ग्रुप के युवा फुटबाल खिलाड़ी अभय की फुटबाल की पाठशाला काठगोदाम नगर निगम का मैदान रही है और यहां की गई मेहनत से उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की है।

अभय के चयन से मूलरूप से बगवालीपोखर के भंडरीगाँव के निवासी एवं हल्द्वानी में एक दैनिक समाचार पत्र के माध्यम से करीब दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय उनके पिता दीपक भंडारी और माता पुष्पा भंडारी गद्गद् हैं। साथ ही पत्रकारिता एवं खेल जगत में भी हर्ष की लहर है। दीपक को उम्मीद है कि उनका बेटा मेहनत कर उत्तराखंड और देश के लिये खेलेगा।

उन्हें पढाई के साथ ही खेल में भी गुरुजनों, व बड़े बुजुर्गों का आशीर्वाद मिलता रहेगा। उन्होंने बताया कि अभय फिलहाल गुरु तेगबहादुर स्कूल में पढ़ रहे हैं। अभय के चयन पर प्रधानाचार्य विजय जोशी ने भी बधाई दी है व उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : कुमाऊं विश्विद्यालय के छात्र तरुण बिष्ट का आईआईटी व आस्ट्रेलिया की यूनिवर्सिटी में चयन

तरुण बिष्ट

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 30 मई 2022। कुमाऊं विश्विद्यालय के सर्वप्रमुख डीएसबी परिसर नैनीताल के कंप्यूटर विज्ञान के छात्र तरुण बिष्ट का आईआईटी मुंबई तथा मोनाश यूनिवर्सिटी ऑस्ट्रेलिया के लिए चयन हुआ हैं। पिथौरागढ़ निवासी कैलाश बिष्ट तथा रेखा बिष्ट के पुत्र तरुण ने हाई स्कूल तथा इंटरमीडिएट की पढ़ाई पिथौरागढ़ से करने के बाद डीएसबी परिसर से बीएससी व एमएससी की है। उन्हें एमएससी में स्वर्ण पदक भी हासिल हुआ है।

तरुण 2020 में यूजीसी नेट तथा 2021 में यूजीसी नेट जेआरएफ तथा गेट की परीक्षा भी उत्तीर्ण कर चुके हैं। गूगल के केगल प्रतियोगिता में तरुण की रैंकिंग 139/1138, गूगल रिसर्च फुटबॉल रैंक तथा जी 2नेट ग्रेविटेशनल वेव डिटेक्शन चेलेंज में उनकी रैंक 388/1219 है। विभागाध्यक्ष डॉ. आशीष मेहता, हेम भट्ट, अनुभव मेहरा ,प्रभात मठपाल सहित कुमाऊं विश्वविद्यालय के शोध निदेशक प्रो. ललित तिवारी, डॉ. महेश आर्य एवं कूटा ने तरुण बिष्ट को बधाई दी है तथा उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : कुमाऊं विश्वविद्यालय के 5 छात्रों ने पाई अखिल भारतीय प्रतियोगिता में सफलता

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 21 मई 2022। कुमाऊं विश्वविद्यालय के भीमताल परिसर स्थित भेषज विज्ञान विभाग के बीफार्मा अंतिम के 5 विद्यार्थियों ने अखिल भारतीय स्तर पर आयोजित फार्मेसी स्नातक दक्षता परीक्षा (जीपैट 2022) में सफलता हासिल की है।

विभागाध्यक्ष डॉ अनीता सिंह ने बताया कि प्रतिवर्ष अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद द्वारा नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के माध्यम से प्रतिवर्ष आयोजित होने वाली इस परीक्षा में विभाग के तुषार मिश्रा, योगेश शर्मा, दीपराज रौतेला, वंशू भारद्वाज व गुलशन सिंह राणा ने सफलता प्राप्त कर अखिल भारतीय रैंक हासिल की है।

शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार से अखिल भारतीय स्तर पर 58वीं रैंक प्राप्त विश्वविद्यालय के इस विभाग की उपलब्धि पर कुलपति प्रो. एनके जोशी, कुलसचिव दिनेश चंद्र, वित्त अधिकारी अनीता आर्य, परिसर निदेशक प्रो. पीसी कविदयाल, तकनीकी संकायाध्यक्ष डा अर्चना नेगी साह, विभागाध्यक्ष डॉ अनीता सिंह सहित डॉ. कुमुद उपाध्याय, डॉ. तीरथ कुमार, डॉ. महेंद्र राणा, डॉ. राजेश्वर कमल कांत, डॉ.एमएल साह, डॉ. अमिता राणा, डॉ. वीरेंद्र कौर, डॉ. धीरज बिष्ट, डॉ. आदेश कुमार, तनुज जोशी, सुमित दुर्गापाल, गोविंद राजपाल, अरविंद जंतवाल, नितिशा नेगी, कोमल चंद्र, डॉ. एलएस रौतेला सहित परिसर एवं विश्वविद्यालय के सभी शिक्षकों कर्मचारियों ने बधाई देते हुए प्रसन्नता व्यक्त की है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : होंसलों की उड़ान से मंजिल के करीब पहुंचा उत्तराखंड का रनिंग बॉय प्रदीप

UTTARAKHAND: पहाड़ के प्रदीप के सपनें होंगे साकार, देश की इस प्रतिष्ठित सैन्य  अकादमी ने दिया ट्रेनिंग का ऑफर… - Pahad Prabhat (पहाड़ प्रभात)नवीन समाचार, नई दिल्ली, 21 अप्रैल 2022। ‘मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है, पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है’ इस कहावत को आखिर उत्तराखंड के ‘रनिंग बॉय’ के नाम से सोशल मीडिया पर वायरल हुए चौखुटिया क्षेत्र के निवासी प्रदीप मेहरा के अपने कड़े तप और संघर्ष से सच कर दिखाया है। देर रात तक काम के बाद घर के लिए 10 किलोमीटर दौड़ते हुए भारतीय सेना में शामिल होने के लिए मेहनत करने वाले प्रदीप का चयन मोहाली (पंजाब) की मिनर्वा सैन्य अकादमी में सौ फीसदी छात्रवृत्ति के साथ हो गया है।

फिल्मकार विनोद कापड़ी की उनसे संबंधित पोस्ट देखने के बाद मिनर्वा अकादमी के संचालक रंजीत बजाज ने प्रदीप को अकादमी में शामिल होने का आमंत्रण दिया था, जिसे प्रदीप ने स्वीकार कर लिया है। यही नहीं वह वहां फिटनेस टेस्ट में 50 प्रशिक्षुओं में शीर्ष पांच में भी रहा है। अब प्रदीप अगले 3 साल तक मिनर्वा अकादमी मोहाली में ही रहकर पढ़ाई करेगा। उसकी पढ़ाई-लिखाई, खाने-पीने तथा रहने का खर्च अकादमी के द्वारा ही उठाया जाएगा। अकादमी में रहकर प्रदीप मेहरा स्नातक करने के साथ एसएसबी की तैयारी भी करेगा। और उम्मीद है कि सैन्य अफसर बनकर ही अकादमी से बाहर आएगा।

अकादमी के संचालक रणजीत बजाज का कहना है कि अकादमी को ज्वाइन करने के बाद प्रदीप मेहरा का फिटनेस टेस्ट लिया गया जिसमें 50 ट्रेनी स्टूडेंट के बीच प्रदीप मेहरा ने टॉप फाइव पोजीशन में अपनी जगह हासिल की। प्रदीप मेहरा के फिटनेस काफी अच्छी है। रंजीत मेहरा के अनुसार अकादमी पहले प्रदीप मेहरा को स्नाक की पढ़ाई कराएगी तथा इसके साथ ही उन्हें सैन्य अफसर बनाने के लिए तैयार करेगी। अभी तक मिनर्वा अकादमी से हजारों सैन्य अफसर बन चुके हैं। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : नैनीताल : शोभा ने देश भर में पाई 23वीं रैंक, ललिता व गौरव ने भी पास की यूजीसी नेट परीक्षा

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 27 मार्च 2022। कुमाऊं विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर नैनीताल की एमएससी अकार्बनिक रसायन की पूर्व छात्रा ललिता जोशी और भूगर्भ विज्ञान विषय में एमएससी कर चुकी पूर्व छात्रा शोभा मेहता ने यूजीसी नेट परीक्षा जेआरएफ के साथ उत्तीर्ण की है।

यूजीसी नेट-जेआरएफ परीक्षा उत्तीर्ण करने वाली ललिता जोशी व शोभा मेहता।

शोभा ने देश भर में 23 रैंक प्राप्त कर कुमाऊं विश्वविद्यालय का नाम भी रोशन किया है। उनका चयन आईआईटी मुंबई में शोध कार्य के लिए भी हुआ हैं। उनके पिता बलवंत मेहता कुमाऊं विश्वविद्यालय में कार्यरत हैं तथा माता आनंदी मेहता गृहणी है। ललिता ने अपनी उपलब्धि का श्रेय अपने गुरुजनों प्रो. एबी मेलकानी, डॉ. गीता तिवारी सहित अपने माता-पिता को दिया है। इसके अलावा जंतु विज्ञान विभाग के पूर्व छात्र गौरव रावत ने भी यूजीसी नेट परीक्षा पास की है।

कूटा यानी कुमाऊं विश्वविद्यालय शिक्षक संघ की ओर से अध्यक्ष प्रो ललित तिवारी, डॉ. विजय कुमार, डॉ. दीपिका गोस्वामी, डॉ. सोहैल जावेद, डॉ. प्रदीप, डॉ. पैनी जोशी, डॉ. गगन होती , डॉ. मनोज धोनी, डॉ. सीमा व डॉ. रितेश साह आदि ने खुशी व्यक्त की है, और शुभकामनाएं दी हैं।

यह भी पढ़ें : आयुष ने उत्तीर्ण की प्रतिष्ठित गेट परीक्षा

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 17 मार्च 2022। आईआईटी यानी भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान खड़गपुर ने गुरुवार को गेट यानी ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग परीक्षा-2022 का परिणाम घोषित कर दिया है। गत 5, 6, 12 एवं 13 फरवरी को आयोजित इस प्रतिष्ठित परीक्षा के गुरुवार को घोषित परिणामों में नगर के आयुष शाह ठुलघरिया का नाम भी अर्थशास्त्र विषय की सूची में शामिल है।

वर्तमान में कुमाऊं विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर से एमए तृतीय सेमेस्टर की परीक्षा कर रहे आयुष ने इससे पूर्व गत 19 फरवरी को घोषित यूजीसी-नेट की परीक्षा भी उत्तीर्ण की थी। इससे पूर्व उन्होंने नगर के सेंट जोसफ कॉलेज से 2014 में आईसीएसई व 2016 में आईएससी की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। उनकी माता प्रीति शाह सिविल न्यायालय में अधिवक्ता हैं जबकि पिता स्वर्गीय योगेश शाह भी सिविल न्यायालय में अधिवक्ता थे। उनकी बहन स्तुति आईआईटी रुड़की से जल विज्ञान में शोधरत हैं। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : तीन छात्रों ने सैनिक स्कूलों की अखिल भारतीय प्रवेश परीक्षा की उत्तीर्ण

वैभव रौतेला व गौरव नैनवाल।

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 2 मार्च 2022। नगर के तीन छात्रों ने देश भर के सैनिक स्कूलों की अखिल भारतीय प्रवेश परीक्षा-2022 की लिखित परीक्षा उत्तीर्ण की है। इनमें में से एक लोंग व्यू पब्लिक स्कूल के छात्र वैभव रौतेला व दूसरे गौरव नैनवाल हैं। इनके अलावा नगर के नयना देवी मंदिर के पुजारी बसंत बल्लभ पांडे के पुत्र दक्ष पांडे ने भी यह प्रतिष्ठित परीक्षा उत्तीर्ण की है। दक्ष नगर के सेंट जोसफ कॉलेज में 9वीं कक्षा के छात्र हैं।

वैभव अपनी कक्षा का प्रतिभावान छात्र है। उसके पिता किशन रौतेला निजी संस्था में कार्यरत है एवं माता बबली रौतेला एक कुशल गृहणी हैं। वैभव मूल रूप से ग्राम नौगांव तहसील भनोली अल्मोड़ा से है और वर्तमान में लौंग व्यू अपार्टमेंट नैनीताल में रहते हैं। जबकि गौरव ने कक्षा 8 तक की पढ़ाई उमा लवली स्कूल मल्लीताल से की है।

वर्तमान में वह नगर के सनवाल स्कूल के कक्षा 9 के छात्र है। गौरव के पिता व्यवसाई व माता गृहणी हैं। गौरव ने अपनी सफलता के लिए अपने माता-पिता के साथ बड़े भाई तनुज और स्कूल के शिक्षकों के मेहनत को श्रेय दिया है। दोनों की सफलता पर उनके विद्यालयों के प्रधानाचार्यों एवं शिक्षको में हर्ष जताया है और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की हैं। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : बाबा नीब करौरी के आशीर्वाद से उत्तीर्ण की सीए परीक्षा

नवीन समाचार, भवाली, 10 फरवरी 2022। भवाली नगर निवासी मोनिका पाटनी ने इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर अकाउंटेंट ऑफ इंडिया द्वारा अखिल भारतीय स्तर पर आयोजित की जाने वाली सीए यानी चार्टर्ड अकाउंटेंट की परीक्षा पास की है। बताया गया है कि तीन चरणों मे आयोजित की जाने वाली इस परीक्षा में मुख्य रूप से सीपीटी, आईपीसीसी व अंत मे सीए की फाइनल परीक्षा कुल 19 प्रश्नपत्र के साथ उत्तीर्ण करने पर सीए की डिग्री दी जाती है। इस परीक्षा में केवल 1.42 फीसद अभ्यर्थी ही उत्तीर्ण हुए हैं।

मोनिका की प्रारंभिक शिक्षा भवाली स्थित महर्षि विद्या मंदिर व भीमताल के हरमन माइनर से हुई है जिसके बाद आगे की शिक्षा लेने वह दिल्ली चली गयी वही से उन्होंने सीए की परीक्षा की तैयारी की। गुरुवार को परीक्षा परिणाम आने पर मोनिका ने बताया कि उन्हें 16-16 घंटे तक परीक्षा की तैयारी व सालों की मेहनत का फल मिला है। उनकी सफलता के पीछे उन्होंने पिता आईडी पाटनी व माता मधु पाटनी के साथ ही बाबा नीब करौरी को श्रेय दिया है। उन्होंने कहा कि वह बाबा की अनन्य भक्त हैं।

जब भी उनका विश्वास डगमगाया तब-तब बाबा ने उन्हें संभाला है। कहा कि कैंची धाम परिवार के गुरु विनोद जोशी व प्रदीप साह उर्फ भैय्यू साह के साथ ही उनके चाचा अशोक कुमार व चाची मधु का भी उनको बेहद सहयोग मिला है। वह अपनी उपलब्धि का श्रेय इन सभी के अलावा अपने रिश्तेदारों, दोस्तों व शुभचिंतकों को देती हैं। कहा कि वह अपनी सामाजिक जिम्मेदारी भी बखूबी समझती हैं। आने वाले वक्त में वह समाज के लिये भी कुछ अच्छा करना चाहती हैं, जिसमे विशेषकर पहाड़ के दूरस्थ क्षेत्रों में निवास करने वाली लड़किया व महिलाएं उनकी प्राथमिकता में होंगी जिनके लिये भी वह कुछ न कुछ जरूर करना चाहेंगी। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : गणतंत्र दिवस परेड में कुमाऊं विवि का गौरव बढ़ाएंगे गौरव, अमन, सचिन, मनीषा, अंकिता, हिमांशु व आकांक्षा भी करेगे प्रतिभाग

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 13 जनवरी 2022। कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल के डीएसबी परिसर के एनसीसी नेवल यूनिट के कैडेट गौरव तड़ियाल इस वर्ष गणतंत्र दिवस परेड में एनसीसी कंटिजेंट में सम्मिलित होकर राजपथ पर परेड में शामिल होंगे।

उनके साथ सीनियर कैडेट कैप्टन अमन कुमार व कैडेट सचिन जलाल प्रधानमंत्री रैली में प्रतिभाग करेंगे। साथ ही कैडेट कैप्टन मनीषा तिवारी व पीओ कैडेट अंकिता कुल्याल सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ प्रधानमंत्री रैली मैं भी प्रतिभाग करेंगे। इनके अलावा कैडेट हिमांशु मठपाल और कैडेट आकांक्षा चंद बेस्ट कैडेट श्रेणी में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करेंगे।

डीएसबी परिसर के एनसीसी अधिकारी सब लेफ्टिनेंट डॉ. रीतेश साह ने बताया कि नेवल एनसीसी कैडेट पेटी ऑफिसर गौरव तड़ियाल डीएसबी परिसर नैनीताल में बीएससी पंचम सेमेस्टर के छात्र हैं। उन्होंने बताया कि आरडीसी कहा जाने वाला गणतंत्र दिवस शिविर एनसीसी का सबसे बड़ा शिविर माना जाता है। इसमें शामिल होने के लिए कैडेटों को कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है। सितंबर माह से इसके लिए चयन की प्रक्रिया यूनिट व ग्रुप स्तर से शुरू हो जाती है। इसके पश्चात कैडेट देहरादून जाते हैं जहां पर उन्हें चयनित करके दिल्ली भेजा जाता है और दिल्ली में अंतिम रूप से कैडेटों का चयन किया जाता है।

कैडेटों की इस उपलब्धि पर कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एनके जोशी, कमान अधिकारी 5 यूके नेवल यूनिट एनसीसी कमांडर डीके सिंह, कुलसचिव दिनेश चंद्रा, परीक्षा नियंत्रक प्रो. एचसीएस बिष्ट, शोध निदेशक प्रो. ललित तिवारी, डीआईसी निदेशक प्रो. संजय पंत, आइक्यूएसी निदेशक प्रो. राजीव उपाध्याय, अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. डीएस बिष्ट, चीफ प्रॉक्टर प्रो. नीता बोरा शर्मा, यूजीसी एचआरडीसी निदेशक प्रोफेसर दिव्या उपाध्याय जोशी, सहायक परीक्षा नियंत्रक डॉ. गगनदीप होती, क्रीड़ा अधिकारी डॉ. नागेंद्र शर्मा आदि ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कैडेटों को शुभकामनाएं की हैं। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : रत्नगर्भा कुमाऊं की धरा से निकला एक और रत्न, संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा में किया इंडिया टॉप

जागरण से बातचीत में अभय ने बताया कि वह आर्थिक सुधारों की दिशा में विशेष काम करना चाहते हैं।नवीन समाचार, हल्द्वानी, 15 दिसंबर 2021। कुमाऊं की रत्नगर्भा धरा से एक और रत्न निकला है। मूल रूप से अल्मोड़ा निवासी और वर्तमान में हल्द्वानी के शीशमहल शिवालिक विहार फेज-टू में रहने वाले अभय जोशी ने संघ लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित आईईएस यानी इंडियन इकोनामिक सर्विसेज में देश भर में प्रथम स्थान हासिल कर कुमाऊं व उत्तराखंड का नाम रोशन किया है।

अभय के पिता ललित मोहन जोशी का बचपन में ही देहांत हो गया था। उन्हें मां दया जोशी ने अकेले पाला है जो जलागम विभाग में कार्यरत हैं। अभय ने 10वीं तक की पढ़ाई दून पब्लिक स्कूल और इंटरमीडिएट की पढ़ाई सेंट पाल स्कूल से करने के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में आनर्स और स्नातकोत्तर की डिग्री लेने के बाद दो साल निजी कंपनी में काम करते हुए सिविल सेवा की पढ़ाई की है।

अभय ने सफलता के लिए अपनी मां व गुरुजनों को श्रेय दिया है। उन्होंने कहा कि उनका सपना आर्थिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करना है। वह आर्थिक सुधारों की दिशा में विशेष काम करना चाहते हैं। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज के फेलो चुने गए डीएसबी के पूर्व छात्र प्रो. रावत

-यह सम्मान प्राप्त करने वाले उत्तराखंड व दिल्ली विश्वविद्यालय के तीसरे व्यक्ति

प्रो. दीवान सिंह रावत

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 30 नवंबर 2021। कुमाऊं विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर से पढ़े, मूलतः बागेश्वर जनपद के ग्राम रैखोली ताकुला निवासी दिल्ली विवि के प्रो. दीवान सिंह रावत नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज (एफएनएएससी) के फेलो के रूप में चुने गये हैं। गौरतलब है कि नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज की फेलोशिप विज्ञान के क्षेत्र में सर्वोच्च सम्मान में से एक है।

उल्लेखनीय है कि नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज भारत की सबसे पुरानी अकादमी है। इसकी स्थापना 1930 में प्रोफेसर मेघनाथ साहा ने की थी। अब तक विज्ञान के सभी विषयों में केवल 1921 प्रोफेसर व वैज्ञानिक इस 90 वर्ष पुरानी अकादमी में फेलो के रूप में चुने गए हैं। प्रो. रावत दिल्ली विश्वविद्यालय के रसायन विज्ञान विभाग के तीसरे व्यक्ति हैं, जिन्हें दिल्ली विश्वविद्यालय के 100 वर्ष के इतिहास में यह सम्मान प्राप्त हुआ है। साथ ही वह उत्तराखंड से भी तीसरे व्यक्ति हैं, जिन्हें रसायन विज्ञान में यह सम्मान प्राप्त हुआ है। इससे पूर्व 1977 में डॉ डीएस भाकुनी इस अकादमी के फेलो चुने गए थे।

उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व प्रो. रावत विश्व की शीर्ष विद्यान शोध जनरल पत्रिका ‘नेचर’ के वैज्ञानिक रिपोर्टों के एसोसिएट एडीटर चुने गए थे। प्रो. रावत रॉयल सोसायटी ऑफ कैमिस्ट्री लंदन की अंतर्राष्ट्रीय शोध पत्रिका आरएससी एडवांसेज में भी एसोसिएट एडीटर के रूप में कार्य कर रहे हैं। 135 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित कर चुके प्रो. रावत को 2010 में दिल्ली विवि के सबसे कम उम्र के प्रोफेसर बनने का भी गौरव प्राप्त हुआ था। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : नैनीताल की नैनिका बनी नौसेना में सब लेफ्टिनेंट

केरल स्थित ‘नौसेना अकादमी ऐजिमाला’ में पासिंग आउट परेड के दौरान बेटी नैनिका को नौसेना में सब लेफ्टिनेंट के स्ट्राइप्स पहनाते माता-पिता।

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 27 नवंबर 2021। नगर की नैनिका रौतेला एशिया की सबसे बड़ी केरल स्थित ‘नौसेना अकादमी ऐजिमाला’ में आयोजित हुई पासिंग आउट परेड-2021 का हिस्सा बन नौसेना में सब लेफ्टिनेंट बन गई हैं। नैनिका रौतेला के पिता अधिवक्ता राम सिंह रौतेला एवं माता डॉ. बसंती रौतेला ने इस समारोह में अपनी बेटी को स्ट्राइप्स पहनाकर स्वयं को गौरवान्वित महसूस किया तथा छोटे भाई हर्ष रौतेला ने अपनी बड़ी बहन को गोद में उठा कर इन अनमोल खुशी के पलों को यादगार बनाया।

उल्लेखनीय है कि नैनिका का मई 2021 में नौसेना में सब लेफ्टिनेंट पद पर चयन हुआ था। इसके बाद से वह केरल स्थित ‘नौसेना अकादमी ऐजिमाला’ में 22 सप्ताह का प्रशिक्षण ले रही थीं। नैनिका के पिता राम सिंह रौतेला ने बताया कि नैनिका ने उनका 28-30 साल पुराना सपना पूरा किया है। वह स्वयं भारतीय सेना का हिस्सा बनना चाहते थे, और उन्होंने सेना के अलावा कभी किसी सरकारी नौकरी के लिये आवेदन नहीं किया। किन्तु उनका चयन भारतीय नौ सेना में नहीं हो सका। लेकिन उनकी पुत्री ने उनका यह सपना पूरा किया है।

उल्लेखनीय है कि नैनिका कक्षा 6 तक नगर के मोहन लाल साह बाल विद्या मंदिर से व इंटर तक सेंट मेरीज कॉंन्वेंट से पढ़ी हैं। उनकी माता डॉ. बसंती रौतेला मोहन लाल साह इंटर कॉलेज में प्रवक्ता हैं। शुरू से मेधावी छात्रा रही नैनिका ने कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग रुड़की से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की है, और नौसेना में चयनित होने से पूर्व वह एक बहुराष्ट्रीय कंपनी एक्सेंसर के लिए गुड़गांव में गूगल के लिये बतौर इंजीनियर सेवा दे रही थीं। उनके छोटे भाई हर्ष सेंट जोजेफ कॉलेज नैनीताल से इंटर करने के बाद देहरादून से बीबीए व एलएलबी कर रहे हैं। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

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शुक्रवार को परिणाम आने पर प्रसन्न मुद्रा में नैनिका तथा उनके माता-पिता व भाई।

डॉ.नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 28 मई 2021। नैनीताल की बेटी नैनिका रौतेला ने वह कर दिखाया जो उसके पिता का सपना था, और जिसे उसके पिता खुद पूरा नहीं कर पाए थे। शुक्रवार को घोषित हुए परिणाम में नैनिका रौतेला का चयन सब लेफ्टिनेंट पद पर होने पर उसके परिवार के साथ ही शहर के लोग भी गौरव की अनुभूति कर रहे हैं। उन्हें प्रशिक्षण के लिये 27 जून को केरल पहुचना है। नैनिका ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता के मार्गदर्शन व अनुशासन को दिया है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : पुलिस की वाद-विवाद प्रतियोगिता में प्रदेश में प्रथम रहे नैनीताल के आयुष

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 29 अक्टूबर 2021। उत्तराखंड पुलिस द्वारा नशे के प्रति युवाओं को जागरूक करने के उद्देश्य से ऑनलाइन माध्यम से ‘मेहनत से कतराती, नशे और साइबर अपराध की ओर जाती युवा पीढ़ी’ विषय पर शुक्रवार को प्रदेश स्तरीय वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया। प्रतियोगिता में नैनीताल जनपद के प्रतियोगी के रूप में मुख्यालय के बिड़ला विद्या मंदिर के 10वीं कक्षा के छात्र आयुष आनंद ने प्रदेश स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया है।

प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर रहे आयुष आनंद।

बताया गया है कि इस प्रतियोगिता में पूरे राज्य के सभी 13 जनपदों के कुल 26 छात्र- छात्राओं ने प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता में आयुष ने जनपद मुख्यालय स्थित रिजर्व पुलिस लाइन नैनीताल के सभागार से पक्ष में और वेदांत नाम के अन्य छात्र ने विपक्ष में बोलते हुए ऑनलाइन प्रतिभाग किया।

प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में प्रदेश के पूर्व सेवानिवृत्त डीजीपी अनिल रतूड़ी, डीजीपी अशोक कुमार, पुलिस महानिरीक्षक एपी अंशुमन एवं प्रतियोगिता का संचालन कर रही जया बलूनी ने आयुष के प्रथम स्थान प्राप्त करने की घोषणा की। जबकि द्वितीय स्थान पर जनपद चमोली एवं तृतीय स्थान पर रुद्रप्रयाग जनपद के छात्र-छात्राएं रहे। आगे विजेता छात्र छात्राओं को सम्मान चिन्ह के रूप में ट्रॉफी एवं प्रमाण पत्र प्रमाण पत्र दिए जायेंगे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : नैनीताल की छात्रा ने पहले प्रयास में जेईई एडवांस में हासिल की सफलता

ध्रुवी जैन

डॉ. नवीन जोशी, नवीन समाचार, नैनीताल, 16 अक्टूबर 2021। नगर की छात्रा ध्रुवी जैन ने जेईई-एडवांस परीक्षा में पहले प्रयास में देश भर में 5261वीं रैंक हासिल की है। धु्रवी इससे पूर्व 10वीं कक्षा में नगर के ऑल सेंट्स कॉलेज की टॉपर रहीं।

उन्होंने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपनी माता मीनाक्षी जैन को दिया है, जिन्होंने उन्होंने इस उपलब्धि में हर तरह से मदद दी है। ध्रुवी के पिता जेके जैन उत्तराखंड उच्च न्यायालय में निजी सचिव के पद पर कार्यरत हैं। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : नैनीताल की ‘चौथी बेटी’ बनी आईएएस, शैलजा पांडे ने सिविल सेवा परीक्षा में प्राप्त की 61वीं रैंक

डॉ. नवीन जोशी, नवीन समाचार, नैनीताल, 24 सितंबर 2021। नैनीताल की बेटी शैलजा पांडे ने अपने दूसरे प्रयास में देश की प्रतिष्ठित संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा में 61वीं रैंक प्राप्त कर आसमान छू लिया है। मूल रूप से नैनीताल जनपद के मझेड़ा (प्रेमपुर) गरमपानी निवासी और नैनीताल के चिड़ियाघर रोड पर लोवर डांडा कंपाउंड निवासी शैलजा नगर के सेंट मेरीज कॉन्वेंट कॉलेज से पढ़ी हैं।

अपने माता-पिता के साथ आईएएस शैलजा पांडे।

उनके पिता दीप चंद्र पांडे सिडकुल में ऊर्जा निगम के मुख्य अभियंता और माता डॉ. शोभा पांडे बीडी पांडे जिला चिकित्सालय में चिकित्सक हैं। प्रतिभा की धनी शैलजा के ‘पूत के पांव पालने में ही’ दिखाई देने लगे थे, जब उन्होंन 2011 में हाईस्कूल और 2013 में इंटरमीडिएट की परीक्षा में जिला टॉप किया था। इसके बाद अपने पहले प्रयास में ही उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा में देश में 266वीं रैंक प्राप्त की थी, लेकिन उन्होंने वहीं संतोष नहीं किया और नतीजा सबके सामने है। वर्तमान में वह इंडियन ऑडिट एंड अकाउंट सर्विस (आईएएएस) की अहमदाबाद में प्रशिक्षण ले रही हैं।

उन्होंने अपनी सफलता को माता-पिता के साथ नानी रेवती लोहनी, नाना स्व. पूरन चंद्र लोहनी और मौसी हेमा लोहनी का भी आशीर्वाद बताया है। उन्हें पढ़ाई के साथ गिटार बजाना, संगीत सुनना, बास्केटबॉल खेलना भी पसंद है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : नैनीताल की ‘तीसरी’ बेटी अपूर्वा बनीं आईएएस, 39वीं रैंक हासिल कर किया उत्तराखंड टॉप

Upsc Civil Services 2017 Examinations Results Apoorva Pandey Uttaraklhand  Topper, Dehradun - Upsc Result 2017: उत्तराखंड में अपूर्वा पांडेय बनीं  टॉपर,पहले प्रयास में पूरा किया Ias बनने का ...नैनीताल की ‘तीसरी’ बेटी हल्द्वानी निवासी और नैनीताल के सेंट मेरीज स्कूल की पूर्व छात्रा अपूर्वा पांडे ‘मन्नू’ ने दूसरे ही प्रयास में आईएएस की परीक्षा में 39वीं रैंक हासिल कर किया उत्तराखंड में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने अपना और परिजनों का सपना पूरा कर पूरे प्रदेश का नाम रोशन किया है। इस प्रतिष्ठित परीक्षा में प्रदेश के दो और मेधावियों ने भी परचम लहराया है। इनमें से 188वीं रैंक हासिल करने वाली श्वेता मेहरा भी हल्द्वानी के लोहारियासाल तल्ला की हैं, जबकि ऋषिकेश निवासी वर्णित नेगी ने 504वीं व देहरादून की मोनिका राणा ने 577वीं रैंक हासिल की है।

आइएएस ज्योति साह

उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व नैनीताल के सेंट मेरीज कान्वेंट की ही छात्रा रही, कुमाऊँ विवि के भूगोल विभाग के प्राध्यापक नैनीताल निवासी डा. जीएल साह की पुत्री ज्योति साह ने 2009 में आइएएस परीक्षा में 115वीं रैंक हासिल की थी। वर्तमान में वे अहमदाबाद में संयुक्त आयकर आयुक्त के पद पर कार्यरत हैं।

अपने माता-पिता के साथ सोनाक्षी तोमर

इनके अलावा नैनीताल के सेंट मेरीज कान्वेंट की ही छात्रा सोनाक्षी सिंह तोमर ने संघ लोक सेवा आयोग की 2016 में परीक्षा में 747वीं रेंक हासिल की थी। मूल रूप से पौड़ी जिले के तहसील लैंसडाउन स्थित ग्राम गुमखाल निवासी सोनाक्षी सिंह तोमर के पिता मुकेश तोमर क्रिकेट के बेहतरीन खिलाड़ी, तथा वर्तमान में कुमाऊं मंडल विकास निगम नैनीताल के पर्यटन अनुभाग में वरिष्ठ प्रबंधक के पद पर तथा माता पुष्पा तोमर भारतीय स्टेट बैंक नैनीताल में स्पेशल असिस्टेंट हैं।
सोनाक्षी ने प्राथमिक से लेकर इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई सेंट मैरी कालेज से की। बचपन से ही पढ़ाई में अव्वल रहीं सोनाक्षी ने हाईस्कूल की परीक्षा 91.3 फीसदी तथा इंटर की परीक्षा 92.3 फीसदी अंकों से उत्तीर्ण की। उसके बाद उसने दिल्ली विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र विषय में ऑनर्स किया। फिर दिल्ली ओपन यूनिवर्सिटी से एमए समाजशास्त्र किया। पहले प्रयास में उन्होंने यूपीएससी की प्री परीक्षा उत्तीर्ण की। दूसरे प्रयास में प्री परीक्षा के साथ मुख्य परीक्षा भी उत्तीर्ण कर ली थी लेकिन इंटरव्यू में रह गईं। लेकिन तीसरे प्रयास में उन्होंने कामयाबी हासिल कर की।वर्तमान में वे त्रिपुरा कैडर की आईएएस अधिकारी हैं। 

कंचन कांडपाल

वहीं 2017 में नैनीताल के भारतीय शहीद सैनिक विद्यालय के छात्र कंचन कांडपाल ने इस इस प्रतिष्ठित परीक्षा में 263वीं रैंक हासिल की थी।

अपूर्वा जीजीआईसी नैनीताल में रसायन विज्ञान की शिक्षिका मीना पांडे और कोटाबाग पॉलिटेक्निक के अध्यापक किशन चंद्र पांडे की पुत्री हैं। वर्तमान में उनका परिवार अमरावती कॉलोनी हल्द्वानी में रहता है। उनके चाचा डा. विमल पांडे व चाची डा. सीमा पांडे नैनीताल में डीएसबी परिसर में भौतिकी के प्राध्यापक हैं, जबकि भाई इंडियन स्टैटिस्टिकल इंस्टीट्यूट से बैचलर ऑफ मैथमेटिक्स कर रहा है। उन्होंने वर्ष 2010 में नैनीताल के सेंट मेरीज स्कूल से हाईस्कूल और हल्द्वानी के बीरशिबा स्कूल से इंटर करके जीबी पंत कृषि विश्वविद्यालय पंतनगर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया है।

अपूर्वा ने बीटेक के बाद एक वर्ष घर पर ही रह कर आईएएस की तैयारी की। इसके लिए उन्होंने बिल्कुल नए विषय राजनीतिशास्त्र और अंतरराष्ट्रीय संबंध चुनकर पहले ही प्रयास में सफलता की बुलंदियां छू लीं। उन्होंने बताया कि उनका बचपन से ही आईएएस बनने का ख्वाब था। इसके लिए उन्होंने भरपूर परिश्रम किया लेकिन उसके माता-पिता ने उनका सपना पूरा करने को उससे भी ज्यादा परिश्रम किया और वे ही उनके प्रेरणा स्रोत रहे। अपूर्वा ने अपने माता पिता की 23 साल की मेहनत को अपनी सफलता का श्रेया दिया। कहा कि आज इस मुकाम को हासिल करने में उनके माता पिता का बहुत बड़ा योगदान है।  दृढ निश्चय और अपने लक्ष्य को निर्धारित कर ही आज उन्होंने यह स्थान पाया है। इस लक्ष्य को पाने में काफी कठिन परिश्रम भी किया है। उन्होंने बताया की पहली बार कॉलेज में पढ़ते हुए परीक्षा के पैटर्न को समझने के लिए उन्होंने यह परीक्षा दी थी लेकिन दूसरे प्रयास में उन्हें इस परिणाम को पाने की पूर्ण उम्मीद एवं विश्वास था। 

यह भी पढ़ें : नैनीताल के युवा व्यवसायी एकेश ने अपना ही रिकॉर्ड तोड़ अंतर्राष्ट्रीय दौड़ प्रतियोगिता में किया कमाल…

-30 दिनों में 480 किमी दौड़ने के लक्ष्य को केवल 13 दिनों में पूरा कर पाया चौथा स्थान, लॉकडाउन के बावजूद एक दिन मंे 50 किमी से भी अधिक दौड़े

एकेश तिवाड़ी

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 13 जून 2021। नैनीताल निवासी युवा व्यावसायी एकेश तिवाड़ी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऑनलाइन-वर्चुअल माध्यम से आयोजित होने वाली ‘हेल-480’ दौड़ में भाग लेते हुए 115 प्रतिभागियों में चौथा स्थान प्राप्त किया है। ‘द हेल रेस’ द्वारा आयोजित इस वर्चुअल दौड़ में भारत, कोरिया गणराज्य, संयुक्त अरब अमीरात के धावकों ने भी भाग लिया। धावकों को एक महीने में 480 किलोमीटर दौड़ने के लक्ष्य को पूरा करना था। लेकिन एकेश ने 30 दिनों की जगह की इस दौड़ को सिर्फ 13 दिनों में पूरा कर अपना ही रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है।
एकेश ने कहा है कि लॉकडाउन के दौरान सीमित समय मिलने के बावजूद, वह 37.5 किमी प्रति दिन दौड़ने की औसत बनाए रखने में सफल रहे, जबकि कई दिन वह एक दिन में 50 किलोमीटर से भी अधिक दौड़े। उनकी इस सफलता पर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री बंशीधर भगत, नैनीताल विधायक संजीव आर्या, नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष बेला तोलिया और प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य प्रमोद सिंह तोलिया ने नैनीताल का नाम रोशन करने पर एकेश को बधाई दी है। उल्लेखनीय है कि एकेश नैनीताल के एक युवा व्यवसायी हैं और अक्सर लंबी दौड़ प्रतियोगिताओं में भाग लेते रहते हैं। उन्होंने अपने मेंटर हरीश तिवारी को धन्यवाद देते हुए कहा कि वह नैनीताल के युवाओं को फिटनेस के प्रति प्रेरित करना चाहते हैं, और नैनीताल व आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में धावकों के लिए रेस आयोजित करने के इच्छुक हैं। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : नैनीताल की छात्रा श्रीया ने किया कमाल, विश्व के 11 शीर्षतम विश्वविद्यालयों में किया अपना प्रवेश सुनिश्चित

-यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया में ‘टॉप स्कॉलर डीन स्कालरशिप’ भी प्राप्त की तो यूनिवर्सिटी ऑफ कोलोराडो बोल्डर में सर्वोत्तम 17 विद्यार्थियों में शामिल, फ्रांस के इकोल विश्वविद्यालय में 70 विद्यार्थियों में चयनित
नवीन समाचार, नैनीताल, 18 मई 2021। शिक्षानगरी नैनीताल के आल सेंटस कॉलेज नैनीताल की 12वीं कक्षा की छात्रा श्रीया उपाध्याय ने विश्व के 11 शीर्षतम विश्वविद्यालयों में अपना प्रवेश सुनिश्चित कर उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अपना परचम लहराया है। साथ ही नगर, क्षेत्र एवं अपने विद्यालय का नाम रोशन किया है। श्रीया ने अथक परिश्रम से अमेरिका में यूनिवर्सिटी ऑफ कोलोराडो बोल्डर, यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया संेडिएगो, यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया सांता क्रूज, यूनिवर्सिटी ऑफ इलेनॉइस-अरबाना शैम्पेन, यूनिवर्सिटी ऑफ विस्कॉन्सिन मैडिसन तथा यूनाइटेड किंगडम के श्रेष्ठतम विश्वविद्यालयो-यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन, यूनिवर्सिटी ऑफ मेनचेस्टर, किंग्स कॉलेज लंदन, यूनिवर्सिटी ऑफ एडिनबर्घ तथा सेंट एंड्रयूज यूनिवर्सिटी एवं फ्रांस के इकोल यूनिवर्सिटी में भौतिकी एवं गणित की उच्च शिक्षा हेतु सफलतापूर्वक प्रवेश अर्जित किया है। यही नहीं उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ कोलोराडो बोल्डर में लाखो प्रवेशार्थियों में सर्वोत्तम 17 विद्यार्थियों की सूची में स्थान प्राप्त किया है तथा उन्हें चांसलर स्कालरशिप भी प्रदान की गयी है। वहीं यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया के सांता क्रूज में उन्हें ऑनर स्कॉलर होने के नाते ‘टॉप स्कॉलर डीन स्कालरशिप’ प्रदान की गयी है। यह भी उल्लेखनीय है कि फ्रांस के जिस इकोल विश्वविद्यालय में उनका चयन हुआ है, उसमें पूरे विश्व के मात्र 70 विद्यार्थियों का ही चयन होता है।

गौरतलब है कि कोविद-19 की महामारी के चलते इस बार सभी शीर्ष विश्वविद्यालयो में सर्वाधिक प्रवेशार्थी होने के कारण प्रवेश प्रक्रिया में अत्यधिक कठिन प्रतिस्पर्धा थी। उल्लेखनीय है कि श्रीया की भौतिकी में गहन रूचि है। उन्होंने भौतिकी में तीन परिकल्पनाएँ भी दी हैं। पढ़ाई के अलावा श्रीया भारतीय शास्त्रीय संगीत में भी अध्यनरत हैं तथा वायलिन एवं गिटार में उन्हें बहुत रूचि हैं। श्रीया के पिता डॉ. राजीव उपाध्याय कुमाऊं विश्वविद्यालय के भूगर्भ विज्ञान विभाग में प्रोफेसर है तथा माता डॉ. इरा उपाध्याय वन एवं पर्यावरण विभाग में सहायक प्राध्यापक हैं। श्रीया ने इस उपलब्धि का श्रेय सर्वप्रथम ईश्वर को दिया हैं, तथा अपने नाना-नानी, दादा-दादी एवं माता-पिता को अपना प्रेरणास्त्रोत बताया हैं। साथ ही अपनी प्रधानाचार्या किरन जरमाया और अपने सभी शिक्षकों का सहृदय आभार प्रकट किया हैं, जिन्होंने उन्हें प्रोत्साहित कर हमेशा सफलता की ओर अग्रसारित किया। उनकी इस उपलब्धि उनके विद्यालय में हर्ष का माहौल है।

यह भी पढ़ें : टेलर पिता का सपना पूरा करने को बेटी ने पास की नेट परीक्षा, अपना आईएएस बनने का सपना बाकी..

नवीन समाचार, नैनीताल, 04 दिसम्बर 2020। नैनीताल शहर में टेलर यानी कपड़े सिलने का काम करने वाले एक व्यक्ति की बेटी ने नेट परीक्षा उत्तीर्ण की है। एक गरीब परिवार की बेटी की इस कामयाबी पर परिवार में खुशी का माहौल है। हालांकि नेट उत्तीर्ण करने वाली खुशबू आर्या इससे संतुष्ट नहीं। उनका सपना है कि वो आईएएस बनें और पहाड़ में अपने लोगों की सेवा करें।
उल्लेखनीय है कि खुशबू आर्या के पिता राजकुमार शहर के प्रतिष्ठान सरदार संस के लिए 1977 से ड्रेस डिजाइनिंग का काम करते हैं, जबकि उनकी माता जया राज गृहणी हैं। खुशबू ने नगर के मोहन लाल साह बाल विद्या मंदिर से 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण कर दिल्ली के गार्गी कालेज से राजनीतिशास्त्र से बीए और एमए ऑनर्स किया है। खुशबू के अनुसार 5 साल तक दिन-रात की गई मेहनत के बाद उन्हें यह मुकाम मिला है। आगे वह आईएएस बनना चाहती हैं, ताकि पहाड़ के लोगों की मदद कर सकें और समाज मे शिक्षा स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए काम कर सकें।
वहीं उनके पिता राजकुमार कहते है कि कोरोना के चलते बेटी परीक्षा देने नहीं जा रही थी लेकिन बेटी को खतरे के बाद भी वो अपने साथ परीक्षा देने रुड़की ले गए। राजकुमार कहते हैं कि बेटी के लिए कभी कोई कमी नहीं की, लेकिन उन्हें यकीन है कि एक दिन उनकी बेटी उनका सपना पूरा करेगी। राजकुमार कहते है कि 1977 में परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के चलते वो नैनीताल कमाई के लिए आ गए थे जिसके चलते पढ़ाई नही कर सके लेकिन बच्चे में अपना सपना पूरा करना था तो उनके लिए हर संभव कोशिश कर रहे है।

यह भी पढ़ें : पिता चलाते हैं दुकान, बेटे बनेंगे प्रोफेसर, उत्तीर्ण की नेट परीक्षा..

-तरुण बिष्ट व हर्षवर्धन चौधरी के पिता चलाते हैं दुकान, दोनों डीएसबी परिसर नैनीताल के छात्र रहे हैं

नवीन समाचार, नैनीताल, 04 दिसम्बर 2020। डीएसबी परिसर नैनीताल के छात्र रहे तरुण बिष्ट एवं हर्षवर्धन चौधरी ने कंप्यूटर साइंस मे नेट की परीक्षा उत्तीण कर ली है। मूल रूप से पिथौरागढ़ के जोशी भवन कोतवाली के पास रहने वाले तरुण इंटरमीडिएट के बाद तरुण ने अपनी उच्च शिक्षा के लिये अपने मौसा मौसी चंद्रशेखर पांडे व तनूजा पांडे के पास विजिटर्स होम रॉक हाउस तल्लीताल में रहकर पूरी की और यहां उत्तराखंड उच्च न्यायालय नैनीताल में समीक्षा अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। तरुण के पिता कैलाश चंद्र बिष्ट पिथौरागढ़ में ही दुकान चलाते है और माता रश्मि बिष्ट ग्रहणी हैं। वहीं हर्षवर्धन चौधरी के पिता बंशी कुमार चौधरी नगर के तल्लीताल में बंशी पान भंडार नाम से पानी की दुकान है। वर्तमान में बिड़ला विद्या मंदिर में कम्प्यूटर के शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं।
सामान्य परिवार के तरुण एवं हर्ष की इस सफलता पर उनके परिवार वालों, मित्रों और रिश्तेदारों में हर्ष की लहर है और सब उनके उज्ज्वल भाविष्य की कामना करते हुए उन्हें बधाईयां दे रहे है।

यह भी पढ़ें : दो महिलाओं सहित 5 उत्तराखंडियों ने रिकार्ड 5 दिन में किया कमाल, पहली बार मुम्बा पर्वत पर फहराया तिरंगा…

नवीन समाचार, उत्तरकाशी, 21 जुलाई 2019। प्रदेश के उत्तरकाशी स्थित निम यानी नेहरू पर्वतारोहण संस्थान के पर्वतारोहियों ने उत्तराखंड की एक चोटी को पहली बार और रिकार्ड पांच दिन में चढ़कर वहां भारतीय ध्वज फहरा दिया है। संस्थान के प्रधानाचार्य कर्नल अमित बिष्ट के नेतृत्व में प्रशिक्षक दीप शाही, हवलदार अनिल कुमार, देवेश्वरी बिष्ट व सुश्री नवमी का दल गत 14 जुलाई को मुम्बा के आरोहण पर निकला था और 18 जुलाई को गंगोत्री क्षेत्र के अत्यंत दुर्गम निलांग घाटी में स्थित 5236 मीटर ऊंची इस पर्वत की चोटी को फतह कर लिया। इंडियन माउंटेनियरिंग फेडरेशन-आईएमएफ ने पुष्टि की है कि मुम्बा पर्वत के बारे में कोई जानकारी नहीं है, तथा इसका आरोहण नहीं किया गया है।
रविवार को वापस लौटने पर निम के प्रधानाचार्य कर्नल अमित बिष्ट ने बताया कि वह पूर्व में भी गंगोत्री क्षेत्र की चार अनाम एवं अब तक नापी न गयी पर्वत चोटियों का आरोहण कर चुके हैं। उन्होंने बताया है कि इस आरोहण के जरिये मुम्बा पर्वत के बारे में अनेक जानकारियां जुटाई गयी हैं। कर्नल बिष्ट के बैच में ही निम से 2001 मंे पर्वतारोहण का प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले नैनीताल के पर्वतारोही सुमित साह ने इसे बड़ी सफलता बताते हुए कहा कि इससे गढ़वाल के गंगोत्री क्षेत्र को पर्वतारोहण के नये क्षेत्र के रूप में संभावनाओं के द्वार खुल गए हैं।

यह भी पढ़ें : केन्द्रीय मंत्री ने नैनीताल में साहू, तिवारी सहित 6 को उत्तराखंड, 3 को यूपी व 13 को महाराष्ट्र रत्न से नवाजा

नवीन समाचार, नैनीताल, 30 जून 2019।नैनीताल में रविवार को चौथी ऑल इंडिया कांफ्रेंस ऑफ इंटेलेक्चुअल के तहत राज्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं सशक्तिकरण राज्य मंत्री रामदास अठावले ने विशिष्ट सेवा के लिए 22 लोगों को सम्मानित किया।

कुमाऊं विवि के हरमिटेज भवन में हुए कार्यक्रम का दीप जलाकर शुभारंभ किया गया। इस दौरान छह व्यक्तियों को उत्तराखंड तथा तीन को उत्तर प्रदेश रत्न से सम्मानित किया गया। जबकि 13 लोगों को महाराष्ट्र गौरव पुरस्कार दिया गया। उत्तराखंड में औषधिय पौधों में कार्य के लिए हल्द्वानी के डॉ. बहादुर सिंह कालाकोटी, बेहतर शोध कार्यो के लिए नैनीताल के प्रो. नंद गोपाल साहू व आशीष तिवारी तथा फिल्म के क्षेत्र में बेहतर कार्य के लिए कोटद्वार के शिव नारायण सिंह रावत, जगजीत कौर व एके अरोरा को उत्तराखंड रत्न सम्मान से सम्मानित किया गया। जबकि लखनऊ के प्रो. कमान सिंह, चंदौसी के राजीव अग्रवाल, बिजनौर के समर इलाही उत्तर प्रदेश रत्न से सम्मानित हुए। इसके अलावा शिवराज, विजयराज, गौतमश्री पवार, संजय नाना, उमादिंके, सविता गंगोई, शीतल भामरे, शिवाजी सिंधे, प्रवीण, सचिन कुड़े, अरूणानाई, मंदानाई व नूतन निस्ती को महाराष्ट्र गौरव सम्मान दिया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि अठावले ने कहा कि सरकार सभी पक्षों व वर्गों के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में विशेष कार्यों के लिए बुद्धिजीवियों को सम्मानित किया जाना चाहिए। आयोजक संस्था के महासचिव अधिवक्ता जीएन शर्मा ने अतिथियों का स्वागत एवं आभार जताया। कार्यक्रम का संचालन प्रो. नीता बोरा शर्मा तथा प्रो. ललित तिवारी ने किया। इस मौके पर डॉ. अल्का अग्रवाल, प्रो. सावित्री कैड़ा जंतवाल, प्रो. चंद्रकला रावत, डॉ. गीता तिवारी, अनुश्री शर्मा, भास्कर बोरा, डॉ. श्रुति, नीता, नंदन बिष्ट आदि मौजूद रहे।

इधर देर रात्रि सामाजिक न्याय एवं अधिकाररिता केन्द्रीय राज्यमंत्री रामदास अठावले ने नैनीताल क्लब में जिलाधिकारी सविन बंसल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार मीणा तथा समाज कल्याण से जुड़े अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक ली। उन्होंने अधिकारीयों से नागरिकों के सामाजिक उत्थान से जुड़े विभिन्न बिन्दुओं पर विस्तार से जानकारी ली और आश्वस्त किया कि मंत्रालय द्वारा उत्तराखण्ड से उपलब्ध होने वाले प्रस्तावों पर प्राथमिकता से कार्य किया जाएगा। उन्होंने निःशक्त एवं आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्तियों के उत्थान हेतु सभी अधिकारियों को आपसी तालमेल से कार्य करते हुए सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को लाभ समय से पहुॅचाने के निर्देश दिए। 

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नवीन समाचार, नैनीताल, 28 जून 2019। नैनीताल के भारतीय शहीद सैनिक विद्यालय से इंटर मीडिएट तक पढ़े एक छात्र गौरव कन्याल का चयन भाभा परमाणु अनुसंधान संस्थान मुंबई में ए श्रेणी के वैज्ञानिक के पद पर हुआ है। गौरव की इस उपलब्धि से सैनिक विद्यालय में खुशी का माहौल है। उल्लेखनीय है कि इसी विद्यालय के एक और छात्र गौरव भोज का चयन भी पिछले दिनों इसी संस्थान में वैज्ञानिक पद के लिए हुआ था।
गौरव कन्याल ने 2011 में भारतीय शहीद सैनिक विद्यालय से इंटर की परीक्षा 81 फीसदी अंकों के साथ उत्तीर्ण की थी। उनकी प्रारम्भिक शिक्षा उनके गांव चौवारी व चामा मुनस्यारी में हुई। उनके पिता पूरन सिंह कन्याल राइंका डीडीहाट में एलटी संवर्ग में तथा मां तारा देवी सहायक अध्यापक हैं। गौरव ने कोर रुड़की से बी टेक व आईआईटी धनबाद से एम टेक गोल्ड मेडल के साथ उत्तीर्ण की। वे वर्तमान में बीएसएनएल पिथौरागढ़ में जेटीओ के पद पर तैनात हैं। उन्होंने आईईइस की प्री परीक्षा उत्तीर्ण भी कर ली है, साथ ही ओएनजीसी व एनएचपीसीएल के लिए भी उनका नाम प्रतीक्षाधीन है। गौरव की इस उपलब्धि पर भारतीय शहीद सैनिक विद्यालय के व्यवस्थापक ज्योति प्रकाश, प्रधानाचार्य बिशन सिंह मेहता, पूर्व शिक्षक केदार सिंह व आलोक साह आदि ने खुशी व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी है।

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-दिव्यांशु तिवाड़ी बने अंडर-17 शतरंज में, छोटे भाई भी जीते

नवीन समाचार, नैनीताल,13 मई 2019। यह ही कहते हैं, बड़े मियां तो बड़े मियां-छोटे मिया भी शुभानअल्लाह’। नगर के दिव्यांशु तिवाड़ी 17 वर्ष से कम आयु के वर्ग मंें राज्य के चैंपियन बन गये हैं। वहीं उनके छोटे भाई भी महज एक अंक से पिछड़ने के साथ अपने वर्ग के 50 खिलाड़ियों में आठवें स्थान पर रहे।
दिव्यांशु ने गत 11 व 12 मई को रुद्रपुर के कांफ्लूएंस स्कूल में आयोजित 14वीं स्टेट चेस शतरंज चैंपियनशिप के अंडर-17 वर्ग में उन्होंने अपने पांचों मुकाबले जीतकर यानी पांच में से पांच अंक हासिल स्टेट चैंपियनशिप हासिल की है। साथ ही उन्होंने उत्तराखंड की टीम का प्रतिनिधित्व करने का गौरव भी हासिल किया है। उल्लेखनीय है कि दिव्यांशु ने अम्तुल्स पब्लिक स्कूल के छात्र के रूप में गत दिवस घोषित सीबीएसई की 10वीं की बोर्ड परीक्षा 90.4 फीसद अंकों के साथ उत्तीर्ण की है। उनकी इस उपलब्धि पर अम्तुल्स की प्रधानाचार्या अनीता खान, उप प्रधानाचार्य डा. मनोज बिष्ट, सभी विद्यालय कर्मी, शेर सिंह बिष्ट, नीरज साह व समस्त खेल प्रेमियों ने उन्हें उनके प्रदर्शन के लिए बधाई दी है। उल्लेखनीय है कि इसी स्टेट चैंपियनशिप में अंडर-15 आयु वर्ग में दिव्यांशु के भाई तोषित तिवाड़ी ने भी 50 खिलाड़ियों के बीच पांच में से 4 अंक हासिल कर प्रतियोगिता में नौवां स्थान प्राप्त किया। विदित हो कि दिव्यांशु व तोषित नैनीताल जिला शतरंज संघ के सचिव ईश्वर दत्त तिवाड़ी के पुत्र हैं।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 8 मई 2019। 5 यूके नेवल सब यूनिट एनसीसी डीएसबी परिसर नैनीताल की सीनियर कैडेट कैप्टन निशा भाटिया को उनकी अत्यन्त सार्थक कर्तव्य निष्ठा, कार्यकुशलता व उनके सराहनीय योगदान के लिए महानिदेशक राष्ट्रीय कैडिट कोर के द्वारा बैस्ट कैडेट का प्रसंशा पत्र व मैडल प्रदान किया गया है। बुधवार को कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डीके नौडियाल ने कैडट निशा भाटिया को प्रशासनिक भवन में प्रमाण पत्र व मैडल प्रदान किया और उनकी इस उपलब्धि को विवि के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया।
डीएबी परिसर के एनसीसी अधिकारी सब लैफ्टिनेंट डा. रीतेश साह ने बताया कि बीएससी छठे सेमेस्टर की छात्रा निशा यह प्रशंसा पत्र व मैडल पाने वाली उत्तराखंड की पहली सीनियर विंग नेवल छात्रा कैडेट है। उन्हें पूर्व में नौ सैनिक कैम्प 2017 में गोल्ड मैडल बोट पुलिंग व आल इंडिया याटिंग रिगाटा में सिल्वर मैडल तथा 2018 में ईवीएसबी कैम्प में 2 गोल्ड तथा दो सिल्वर मैडल तथा बेस्ट कैडिट आफ उत्त्तराखण्ड-2018 के पुरस्कार भी मिल चुके हैं। खटीमा निवासी निशा के पिता शंकर सिंह भाटिया भूतपूर्व सैनिक तथा माता जानकी देवी ग्रहणी हैं। उनकी इस अनुकरणीय उपलब्धि पर कमाडिंग आफिसर लैफ्टिनेन्ट बीएस राणा, परीक्षा नियत्रंक प्रो. संजय पंत, एसआरआईसीसी निदेशक प्रो. राजीव उपाध्याय, सहायक परीक्षा नियत्रंक डा. गगनदीप होथी व विधान चौधरी आदि ने भी सराहना करते हुए कैडेट निशा के उज्जवल भविष्य की कामना की है।

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एनसीसी अधिकारी सब-लेफ्टिनेन्ट डा. रीतेश साह।

नवीन समाचार, नैनीताल, 13 फरवरी 2019। कुमाऊं विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर नैनीताल के नौसेना विंग के एनसीसी अधिकारी सब-लेफ्टिनेन्ट डा. रीतेश साह को एनसीसी हेतु इस वर्ष के प्रतिष्ठित भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के रक्षा सचिव प्रशंसा पत्र से सम्मानित किया गया है। उन्हें कर्तव्य निष्ठा, सेवा और अनुशासन की भावना के लिए भारत सरकार के रक्षा सचिव संजय मित्रा के हस्ताक्षरों से जारी प्रशंसा पत्र प्रदान किया गया है। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व भी डा. साल को वर्ष 2017-18 में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तथा उत्तराखंड के एनसीसी महानिदेशक की ओर से प्रशस्ति पत्र एवं दक्षिणी नौसेना कमान कोच्चि में आयोजित प्री-कमीशन कोर्स में भी बेस्ट ऑफिसर कैडेट का सम्मान भी प्राप्त हो चुका है।

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डीएसबी की कैडेट प्रिया का यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम के लिए श्रीलंका जाने को हुआ चयन

नेवल कैडेट प्रिया बमेठा।

नैनीताल, 27 अक्तूबर। कुमाऊं विवि के डीएसबी परिसर नैनीताल की नेवल एनसीसी की पैटी ऑफीसर कैडेट प्रिया बमेठा का चयन इस वर्ष के यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत आगामी 7 से 9 नवंबर तक श्रीलंका जाने के लिए हुआ है। डीएसबी परिसर के एनसीसी अधिकारी सब लेफ्टिनेंट डा. रीतेश साह ने प्रिया के चयन को कुमाऊं विवि के डीएसबी परिसर के साथ ही 5 उत्तराखंड नेवल डीएसबी सब यूनिट के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण उपलब्धि करार देते हुए बताया कि मूलतः हल्दूचौड़ निवासी पिता चंद्र बल्लभ बमेठा व माता बसंती बमेठा की पुत्री प्रिया बीएससी पांचवे सेमेस्टर की छात्रा है और यहां डीएसबी के केपी हॉस्टल में रहती है। एनसीसी का यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम अखिल भारतीय स्तर का सबसे प्रतिष्ठित कैंप है। इसमें प्रतिभाग करने के लिए कैडेट को प्रतिष्ठित गणतंत्र दिवस परेड में प्रतिभाग करना अनिवार्य होता है, और इसमें प्रदर्शन के जरिये ही इस प्रोग्राम के लिये चयन अन्य निदेशालयों के कैडेटों के बीच लिखित परीक्षा, समूह चर्चा, व्यक्तिगत ड्रिल प्रतिस्पर्धा और डीजी साक्षात्कार जैसे कई चरणों की राष्ट्रीय स्तर की कड़ी प्रस्पिर्धा के जरिये होता है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य देश के एनसीसी कैडेटों द्वारा मेजबान देश की एनसीसी गतिविधियों में प्रतिभाग कर अपने देश की सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक श्रेष्ठता को प्रदर्शित करना और वहां की इन्ही विशिष्टताओं से अवगत होना होता है। प्रिया इससे पूर्व गणतंत्र दिवस शिविर दिल्ली, अखिल भारतीय नौसैनिक शिविर व वार्षिक प्रशिक्षण शिविर आदि में भी प्रतिभाग कर चुकी हैं। उनके चयन पर विवि, परिसर एवं उत्तराखंड एनसीसी नेवल यूनिट में हर्ष की लहर है।

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नवीन समाचार, भीमताल, 5 अप्रैल 2019। युवाओं के लिये यह समाचार बेहद प्रेरणादायी हो सकता है। अपनी प्रतिभा एवं मेहनत के बल पर थोड़ा सा किस्मत का साथ मिलने पर कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता। इस बात का भी कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपकी पारिवारिक पृष्ठभूमि कैसी है एवं आम कितने छोटे से स्थान के रहने वाले हैं। बस जो आपके पास है, उसका सर्वश्रेष्ठ उपयोग करें तो कोई भी मंजिल प्राप्त की जा सकती है।
भीमताल में चाय की दुकान चलाने वाले मोहन चंद्र सनवाल के बेटे सचिन ने कमाल कर दिया है। भीमताल के ही बिड़ला इंस्टीट्यूट ऑफ एप्लाइट सांइसेज से बी-टेक की चौथे वर्ष में पढ़ाई करने वाले सचिन को डिग्री तो जून 2019 में मिलेगी, किन्तु इससे पूर्व ही उन्हें कनाडा की बहुराष्ट्रीय कंपनी-ऐरोफ्लोट ऐविएशन में इंजीनियर के पद पर भारतीय मुद्रा में एक करोड़ रुपये सालाना के पैकेज एवं अन्य व्ययों के साथ नौकरी मिल गयी है। उनकी इस उपलब्धि पर संस्थान के निदेशक डा. बीएस बिष्ट ने सचिन के साथ ही उनके माता-पिता को विद्यालय में बुलाकर बधाई दी एवं उन्हें सम्मानित किया है। उन्होंने बताया कि इस संस्थान के एक छात्र मुनीर खान की पूर्व में बहुचर्चित ‘गॉड पार्टिकिल्स’ की खोज करने वाली स्विटजरलेंड की सर्न प्रयोगशाला में वैज्ञानिक के पद पर नियुक्ति हो चुकी हैं।

यह भी पढ़ें : राष्ट्रपति भवन में नैनीताल के अनूप शाह को मिला ‘पद्मश्री’ सम्मान

नवीन समाचार, नैनीताल, 16 मार्च 2019। नैनीताल के प्रख्यात अंतर्राष्ट्रीय छायाकार एवं पर्वतारोही अनूप साह को शनिवार को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हाथों देश-विदेश की 112 हस्तियों के साथ ‘पद्मश्री’ सम्मान से नवाजा। श्री साह ने अपना यह पुरस्कार हिमालय एवं हिमालयी समाज को अपना सम्मान समर्पित किया, तथा उन्हे अनपेक्षित तौर पर बिना प्रयास के यह सम्मान देने के लिए केंद्र सरकार एवं खासकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया है।

उल्लेखनीय है कि 65 वर्षीय अनूप साह 1964 से हिमालय और उसके सौंदर्य, पर्वतारोहण, जैव विविधता धर्म और संस्कृति आदि को अपने कैमरे में कैद करते आए हैं। वे अपनी फोटोग्राफी का लोहा विदेशों में भी मनवाते हुए 1990 से 2005 तक कई वर्षों में देश के शीर्ष 10 छायाकारों में शामिल रहे हैं। उनके द्वारा खींची गई आदि कैलाश ट्रेक पर ‘ऊं पर्वत’ का बर्फ से लिखे ‘ऊं’ के चिन्ह युक्त, हिमालय पर्वत की विभिन्न चोटियों की लंबी श्रृंखला एवं नैनीताल नगर के बिहंगम नजारों सहित हिमालय और उसके सौंदर्य, पर्वतारोहण, जैव विविधता धर्म और संस्कृति आदि की करीब 1500 से अधिक तस्वीरें विश्व के विभिन्न मंचों पर सराही जा चुकी हैं, तथा वे 300 से अधिक पुरस्कार प्राप्त कर चुके हैं। वे विश्व के छायाकारों की शीर्ष संस्था आईआईपीसी से डायमंड ग्रेड प्राप्त छायाकार भी हैं, तथा पर्वतारोही के रूप में नंदा खाट, कैलाश मानसरोवर, अस्कोट-आराकोट अभियान, ट्रेल्स पास व नंदा देवी अभयारण्य की यात्रा कर चुके हैं। वे फ्लोरिस्ट लीग, नैनीताल माउंटेनियरिंग क्लब के अध्यक्ष तथा सीआरएसटी इंटर कॉलेज के प्रबंधक भी हैं। इतिहासकार शेखर पाठक के साथ उनकी पुस्तक ‘कुमाऊं हिमालय टेंपटेशन’ भी प्रकाशित हुई है।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड के सैनिक को नियंत्रण रेखा पर अदम्य वीरता के लिए सेना मेडल देने की हुई घोषणा

नवीन समाचार, लखनऊ, 21 फरवरी 2019। उत्तराखंड के 3 पैरा (स्पेशल फोर्स) रेजीमेंट के हवलदार लक्ष्मण सिंह को भारतीय सेना ने नियंत्रण रेखा पर अदम्य साहस दिखाने के लिए ‘सेना मेडल (वीरता) पुरस्कार’ देने की बृहस्पतिवार को घोषणा हुई है। उन्हें आगामी दिनांक 23 फरवरी को यह पुरस्कार सप्त शक्ति कमान के जनरल अफसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल चेरिश मैथसन के द्वारा प्रदान किया जायेगा। वे उत्तराखंड के ग्राम चिरोंग, तहसील व जिला चमोली के रहने वाले हैं।

भारतीय सेना की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार ‘‘हवलदार लक्ष्मण सिंह ने अगस्त 2017 में ‘ऑपरेशन फतह’ के दौरान अत्यंत अनुशासनात्मक रणकौशल दिखाते हुए जम्मू-कश्मीर के बारामुला जिले मे सटीक फायर करते हुए दुश्मन के पोस्ट कमांडर को मार गिराया।’’ बताया गया है कि दुश्मन द्वारा संघर्ष विराम के उल्लंघन के बाद हवलदार लक्ष्मण सिंह दुश्मन की घुसपैठ को नाकाम करने हेतु 28 घंटे से नियंत्रण रेखा के निकट खतरनाक माइन फील्ड के पास तैनात थे। इस दौरान दुश्मन के जयश्री दक्षिणी पोस्ट से भारतीय पोस्ट पर अचानक फायरिंग होने लगी। इस पर हवलदार लक्ष्मण सिंह ने पलटवार करते हुए बेहद जटिल ऑपरेशनल परिस्थितियों में उच्च कोटि के साहस एंव धैर्य के साथ विशिष्ट बहादुरी का प्रदर्शन करने हेतु दुश्मन की पोस्ट के कमांडर को निशाना बनाते हुए फायरिंग की और उसे मार गिराया। साथ ही माइन फील्ड के खतरे को ध्यान में रखते हुए अपनी जान की परवाह किये बिना उत्तम रणकौशल कला का उपयोग करके दुश्मन की एक टूकडी को व्यस्त रखा। इससे दुश्मन के कैम्प मे भय का माहौल पैदा होने मे देर नहीं लगी।

यह भी पढ़ें : विश्व की शीर्ष विज्ञान शोध पत्रिका ‘नेचर’ के एसोसिएट एडीटर बने उत्तराखंड के प्रो. रावत

प्रो. दीवान सिंह रावत

नवीन समाचार, नैनीताल, 15 फरवरी 2019। कुमाऊं विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर से पढ़े, मूलतः बागेश्वर जनपद के ग्राम रैखोली ताकुला निवासी दिल्ली विवि के प्रो. दीवान सिंह रावत विश्व की शीर्ष विद्यान शोध जनरल पत्रिका ‘नेचर’ के वैज्ञानिक रिपोर्टों के एसोसिएट  एडीटर (Associate Editor of Scientific Reports) होंगे। उन्हें नेचर पत्रिका के प्रो. रिचर्ड ह्वाइट ने रसायन विज्ञान से संबंधित शोध पत्रों के प्रकाशन संबंधी निर्णय लेने के लिए एसोसिएट एडिटर का पद ग्रहण करने का अनुरोध किया है, जिसके बाद प्रो. रावत प्रो. स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी की प्रो.यी कुई के साथ मिलकर कार्य करेंगे। नेचर के एसोसिएट एडीटर के पद पर रहते प्रो. रावत की जिम्मेदारी स्तरीय शोध पत्रों को जांचने एवं उन्हें प्रकाशन योग्य मानने अथवा न मानने की होगी। उल्लेखनीय है कि यह पत्रिका प्राप्त होने केवल 25 फीसद शोध पत्रों को ही प्रकाशित करती है। मालूम हो कि प्रो. रावत वर्तमान में भी रॉयल सोसायटी ऑफ कैमिस्ट्री लंदन की अंतर्राष्ट्रीय शोध पत्रिका आरएससी एडवांसेज में भी एसोसिएट एडीटर के रूप में कार्य कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि 1993 में कुमाऊं विवि के सर्वप्रमुख डीएसबी परिसर से एमएससी करने के बाद प्रो. रावत ने सीडीआरआई लखनऊ से डा. डीएस भाकुनी के निर्देशन में पीएचडी उपाधि प्राप्त की, एवं अमेरिका की इंडियाना यूनिवर्सिटी व पुरड्यू युनिवर्विटी के लिए कार्य किया। 2002 में अमेरिका से लौटने के बाद उन्होंने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च मोहाली और दिल्ली विवि में रीडर के पद पर कार्य किया। 2010 में वे दिल्ली विवि के सबसे कम उम्र के प्रोफेसर बने। उनके 135 शोध पत्र भी प्रकाशित हो चुके हैं।

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अनूप साह

नवीन समाचार, नैनीताल, 25 जनवरी 2019। भारत सरकार ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर देश-विदेश की 112 हस्तियों को पद्म पुरस्कार देने की घोषणा की है। उल्लेखनीय है कि आज ही देश के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, भूपेन हजारिका व नानाजी देशमुख को देश के सर्वोच्च पुरस्कार भारत रत्न देने की भी घोषणा हुई है।

प्रीतम भरतवाण।

वहीं जिन 112 हस्तियों को पद्म पुरस्कार देने की घोषणा हुई है, उनमें उत्तराखंड की तीन हस्तियां भी शामिल हैं। प्रदेश की रहने वाली व देश की पहली एवरेस्ट विजेता महिला बछेंद्री पाल को इस वर्ष प्रतिष्ठित पद्म भूषण जबकि नैनीताल निवासी अंतरराष्ट्रीय छायाकार व पर्वतारोही अनूप साह तथा जागर सम्राट के नाम से प्रसिद्ध गढ़वाली लोक गायक प्रीतम भर्तवाण को पद्मश्री पुरस्कार देने की घोषणा हुई है। साह को पद्मश्री पुरस्कार मिलने पर खासकर सरोवरनगरी में हर्ष का माहौल है। श्री साह को बधाइयां देने का सिलसिला प्रारंभ हो गया है।

वहीं श्री साह ने हिमालय एवं हिमालयी समाज को अपना सम्मान समर्पित किया है, तथा उन्हे अनपेक्षित तौर पर बिना प्रयास के यह सम्मान देने के लिए केंद्र सरकार एवं खासकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया है।
उल्लेखनीय है कि 1990 से 2005 तक कई वर्षों में देश के शीर्ष 10 छायाकारों में शामिल 65 वर्षीय अनूप साह 1964 से हिमालय और उसके सौंदर्य, पर्वतारोहण, जैव विविधता धर्म और संस्कृति आदि को अपने कैमरे में कैद करते आए हैं। उनका आदि कैलाश ट्रेक पर ‘ऊं पर्वत’ का बर्फ से लिखे ‘ऊं’ के चिन्ह युक्त, हिमालय पर्वत की विभिन्न चोटियों की लंबी श्रृंखला एवं नैनीताल नगर के बिहंगम नजारों के चित्र खासे प्रसिद्ध रहे हैं। वे दशकों से हिमालय और उसके सौंदर्य, पर्वतारोहण, जैव विविधता धर्म और संस्कृति आदि को अपने कैमरे में कैद करते आए हैं, और अपनी फोटोग्राफी का लोहा विदेशों में भी मनवा चुके हैं। अनूप साह द्वारा खींची गई करीब 1500 से अधिक तस्वीरें विश्व के विभिन्न मंचों पर सराही जा चुकी हैं, तथा वे 300 से अधिक पुरस्कार प्राप्त कर चुके हैं। वे विश्व के छायाकारों की शीर्ष संस्था आईआईपीसी से डायमंड ग्रेड प्राप्त छायाकार भी हैं, तथा पर्वतारोही के रूप में नंदा खाट, कैलाश मानसरोवर, अस्कोट-आराकोट अभियान, ट्रेल्स पास व नंदा देवी अभयारण्य की यात्रा कर चुके हैं। वे फ्लोरिस्ट लीग, नैनीताल माउंटेनियरिंग क्लब के अध्यक्ष तथा सीआरएसटी इंटर कॉलेज के प्रबंधक भी हैं।

यह भी पढ़ें : नैनीताल की बेटी स्वाति ने अमेरिका में पीएचडी की डिग्री प्राप्त कर बढ़ाया मान

नवीन समाचार, नैनीताल, 17 दिसंबर 2018। सरोवरनगरी की एक बेटी स्वाति रावत ने सात समुंदर पार अमेरिका के टेक्सास विवि से पीएचडी की डिग्री हासिल कर अपने माता-पिता व परिजनों के साथ ही नगर एवं राज्य वासियों का सिर भी गर्व से ऊंचा कर दिया है।

टेक्सास विवि में पीएचडी की डिग्री प्राप्त करती स्वाति रावत।

स्वाति नगर के आर्य समाज मंदिर के मंत्री केदार सिंह रावत की पुत्री हैं। उन्होंने इंटर तक की शिक्षा नगर के सेंट मेरीज कान्वेंट कॉलेज से वर्ष 2002 में प्राप्त की है। इसी वर्ष उन्होंने अखिल भारतीय इंजीनियरिंग प्रतियोगिता उत्तीर्ण करके पं. गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्यागिकी विश्वविद्यालय पंतनगर से कृषि इंजीनियरिंग में बीटेक किया। इसी बीच उनका कैंपस सलेक्स टेफे-चेन्नई हेतु हो गया था। 2006-2007 में वहां कार्य करने के बाद वे उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए विदेश में अध्ययन करने हेतु जीआरई एवं टोकिल परीक्षा उत्तीर्ण कर अमेरिका के बेलर यूनिवर्सिटी चली गयीं, और वहां से 2011 में एमएस इन्वायरमेंटल साइंस में डिग्री प्राप्त की। आगे अमेरिका की इनवायरनमेंटल प्रोटेक्शन एजेंसी में भी नियुक्त हुईं और इधर उन्होंने टेक्सास यूनिवर्सिटी से एग्रीकल्चर एंड इन्वायरमेंटल साइंस में पीएचडी की डिग्री प्राप्त कर ली है। विदेश में रह कर एवं वहीं शिक्षा प्राप्त करने के बाद भी स्वाति अपनी मातृभूमि को नहीं भूलने की बात करती हैं। आगे उनकी इच्छा वैज्ञानिक बनने की है।

-पिता डा. राजेश साह बीडी पांडे जिला चिकित्सालय में पीएमएस एवं माता डा. विनीता साह अल्मोड़ा की सीएमओ
नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 16 दिसंबर 2018। नगर के होनहार छात्र विभूति रतन साह सीआरपीएफ में असिस्टेंट कमांडेंट बन गये हैं। रविवार को गुरुग्राम में आयोजित हुई सीआरपीएफ की पासिंग आउट परेड में उन्हें देश के उपराष्ट्रपति वेंकया नायडू की उपस्थिति में 52 सप्ताह के कठिन प्रशिक्षण के उपरांत यह उपलब्धि हासिल हुई। उल्लेखनीय है कि विभूति के पिता डा. कैप्टन राजेश बीडी पांडे जिला चिकित्सालय में पीएमएस हैं, तथा पूर्व में भारतीय सेना में अपनी सेवा दे चुके हैं, जबकि उनकी माता डा. विनीता साह अल्मोड़ा जिले की सीएमओ यानी मुख्य चिकित्सा अधिकारी हैं। उनकी प्रारंभिक पढ़ाई नगर के सेंट जोसफ कॉलेज से हुई है। उनकी इस उपलब्धि पर उनके माता-पिता के साथ ही सभी परिचित व नगरवासी गौरवान्वित हैं।

नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 8 दिसंबर 2018। नगर के पार्वती प्रेमा जगाती वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सरस्वती विहार के 12वीं कक्षा के छात्र शिव त्यागी ने अपने नवोन्मेष से इतिहास रच दिया है। शिव का प्रोजेक्ट अखिल भारतीय स्तर पर प्रथम स्थान पर चयनित हुआ है। बताया गया है कि गत तीन व चार दिसंबर को दिल्ली में भारत-अमेरिका के संयुक्त तत्वावधान में इंटेल द्वारा नीति आयोग के अटल टिकरिंग लैब व इंडो-यूएस विज्ञान और तकनीकी फोरम के माध्यम से आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय स्तर की ‘मेक टुमॉरो फॉर इनोवेशन जनरेशन शोकेश 2018’ प्रतियोगिता में देश के कुल 50 सर्वश्रेष्ठ प्रोजेक्ट आमंत्रित किये गये थे, जिसमें शिव के प्रोजेक्ट ‘स्मार्ट इलेक्ट्रो प्लेटर’ नाम के प्रोजेक्ट को प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ। प्रधानाचार्य डा. किशन वीर सिंह शाक्य ने कहा है कि विद्यालय की ओर से शिव के प्रोजेक्ट को पेटेंट भी कराया जाएगा। साथ ही इसे आगामी मई 2019 में अमेरिका में आयोजित होने जा रहे ‘मेकर्स मेले’ में भी भारत सरकार की ओर से भी भेजा जाएगा। इसका खर्च इंटेल के द्वारा वहन किया जाएगा।
इस विशिष्ट उपलब्धि पर शनिवार को लौटने पर शिव का विद्यालय में फूल मालाओं से भव्य स्वागत एवं सम्मान किया गया। विद्यालय की प्रबंध समिति के अध्यक्ष कामेश्वर प्रसाद काला, प्रबंधक डा. केपी सिंह, सह प्रबंधक श्री राम एवं प्रधानाचार्य एवं शिव तथा उनके कोच रजत कुमार सिंह की इस उपलब्धि की मुक्त कंठ से प्रशंषा करते हुए विश्वास जताया कि वे भविष्य में देश ही नहीं विश्व में अपना, अपने परिवार तथा विद्यालय का नाम रोशन करेंगे।

बिना तोले पता चल जाएगा किसी वस्तु पर चढ़ाई जाने वाली धातु का वजन

नैनीताल। शिव त्यागी ने आपके भरोसेमंद ‘नवीन समाचार’ को बताया कि उनके प्रोजेक्ट से किसी वस्तु-आभूषण पर चढ़ाई जाने वाली सोने या अन्य धातु की परत का वजन बिना तोले ही इलेक्ट्रो प्लेटिंग यानी परत चढ़ाये जाने की प्रक्रिया के दौरान ही स्क्रीन पर आ सकेगा। इससे सही मात्रा में धातु की परत चढ़ाई जाएगी। यह मशीन स्वर्णाभूषण बनाने वाले छोटे स्वर्णकारों के लिए अत्यधिक लाभप्रद हो सकती है। क्योंकि कम या अधिक धातु की परत चढ़ने पर कई बार उन्हें नुकसान होता है, अथवा ग्राहक को अतिरिक्त कीमत चुकानी पड़ती है। दिल्ली निवासी शिव ने बताया कि उनके पिता संजय त्यागी इलेक्ट्रो प्लेटिंग की मशीनों का व्यवसाय करते हैं। इस कार्य में होने वाली दिक्कत को देखकर एवं पिता से प्रेरणा लेकर उन्होंने इस कार्य की नयी प्रविधि की खोज की है, जो इस क्षेत्र में करिश्माई हो सकती है। उल्लेखनीय है कि बीते सितंबर माह में नगर के बिड़ला विद्या मंदिर में आयोजित नगर एवं आसपास के 13 विद्यालयों की प्रतियोगिता में भी वे प्रथम आये थे।

ऐसे काम करती है शिव की डिवाइस

शिव की डिवाइस किसी वस्तु (अंगूठी, गाड़ियों के पार्ट आदि) पर किसी अन्य धातु (सोना, चांदी, तांबा, क्रोमियम) आदि की परत इलेक्ट्रोप्लेटिंग के द्वारा चढ़ा सकता है। इस डिवाइस की यह विशेषता है की ये बिना उस वस्तु को तोले और बिना इलेक्ट्रोप्लेटिंग को रोके उस वस्तु में वज़न के अंतर को एलसीडी डिस्प्ले पर बता सकता है। यह डिवाइस वजन का अंतर सर्किट में करंट के प्रवाह से पता लगाता है, और करंट में छोटे से छोटे अंतर को भी भांप सकता है। यह डिवाइस किसी भी समय करंट को नाप कर प्रक्रिया पूरे होने में शेष बचे समय को भी बताता है। इस डिवाइस को इस तरह बनाया गया है कि इसे कोई भी नया व्यक्ति इस्तेमाल कर सकता है। यह डिवाइस छोटे सुनार आदि लोगों के लिए लगभग 5000  रूपए में उपलब्ध होगा, साथ भी इस डिवाइस को बड़े उद्योगों (जैसे ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री आदि जहाँ इलेक्ट्रोप्लेटिंग होती है) के बड़े इलेक्ट्रोप्लेटिंग प्लांटों के सर्किट में भी जोड़ा जा सकता है। इस डिवाइस से एलेक्ट्रोप्लेटिंग करने वाले व्यक्तियों के समय की बचत होगी और वस्तुओं पर धातुओं के ज़्यादा चढ़ जाने के  वजह से हो रहे नुकसान में भी कमी आएगी।

नैनीताल, 3 दिसंबर 2018। डीएसबी परिसर के एमएससी भूविज्ञान प्रथम सेमेस्टर के छात्र हिमांशु नेगी पुत्र शंकर सिंह नेगी ने पहले प्रयास में ही प्रतिष्ठित नेट परीक्षा 68वीं रैंक से उत्तीर्ण कर गजब का प्रदर्शन किया है। उनकी इस उपलब्धि पर परिसर के निदेशक प्रो. एलएम जोशी, डीएसडब्लू प्रो. पीएस बिष्ट, कुलानुशासक प्रो. एचसीएस बिष्ट व भूविज्ञान के विभागाध्यक्ष प्रो. जीके शर्मा ने हिमांशु को स्वयं उपस्थित होकर बधाई एवं उज्जवल भविष्य हेतु शुभकामनाएं दीं। बताया गया कि हिमांशु मूलतः सोमेश्वर के निवासी हैं और सोमेश्वर के जीआईसी से ही हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की शिक्षा ग्रहण की है।

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-पिता की है अंडों की दुकान, दो बहनों व एक भाई में है सबसे बड़ी, परिवार में लेखन का कोई संस्कार नहीं

नैनीताल, 22 नवंबर 2018। नगर की एक 10वीं कक्षा की छात्रा अर्शिया मोईन ने अंग्रेजी भाषा में पुस्तक लिखकर मिसाल पेश कर दी है। नगर के रामा मांटेसरी स्कूल की छात्रा रही और इसी विद्यालय की प्रधानाचार्या नीलू एल्हेंस की प्रेरणा से पुस्तक प्रकाशित कराने वाली छात्रा अर्शिया ने बताया कि उन्होंने 10वीं कक्षा की छुट्टियों के दौरान ‘मिस्टीरियस मिसिंग’ पुस्तक लिखी है। उनकी पुस्तक उनकी ही उम्र की एक ऐसी किशोरी की कहानी है जिसके अभिभावक उसे रोज बुरी तरह से पीटते हैं। इस उत्पीड़न से तंग आकर वह घर से कहीं चली जाती है, और अकेले संघर्ष करती है। आखिर उसका दोस्त उसे इन स्थितियों से वापस लेकर आता है। इस तरह उनकी पुस्तक एक अकेली किशोरी के संघर्ष के जरिये ‘महिला सशक्तीकरण’ का संदेश भी देती है। अर्शिया नगर के मल्लीताल क्षेत्र के एक सामान्य परिवार से है। पिता की संयुक्त परिवार में अंडों की दुकान है, और वह दो बहनों व एक भाई में सबसे बड़ी है। वर्तमान में नगर के मोहन लाल साह बाल विद्या मंदिर की छात्रा है।

बड़ी गौरवपूर्ण उपलब्धि: वैश्विक कंपनी एमवे के पहले ग्लोबल सीईओ बने नैनीताल के मिलिंद पंत

एमवे के नये सीईओ मिलिंद पंत।

नैनीताल, 12 अक्तूबर 2018। नैनीताल के एक बेटे, नैनीताल के निकटवर्ती भीमताल के निवासी और नैनीताल के प्रतिष्ठित सेंट जोसफ कॉलेज के छात्र रहे मिलिंद पंत (64) 1959 में स्थापित दुनिया की पहली मल्टी लेवल मार्केटिंग-डायरेक्ट होम सेलिंग के कान्सेंप्ट वाली प्रसिद्ध बहुराष्ट्रीय कंपनी ‘एमवे’ के पहले ‘ग्लोबल सीईओ’ यानी वैश्विक मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किये गये हैं। वे आगामी 2 जनवरी 2019 को इस पद की जिम्मेदारी संभालेंगे। सीईओ का पद पहली बार रखा गया है।

उनके साथ पहले सेंट जोसेफ कॉलेज में तीसरी से दसवीं कक्षा तक और फिर देहरादून के सेंट जोसफ एकेडमी में 11वीं व 12वीं कक्षा में भी साथ पड़े तथा इधर सोशल मीडिया के जरिये लगातार जुड़े उनके सहपाठी, नैनीताल के अल्का होटल के स्वामी वेद साह ने बताया कि मिलिंद मिशीगन अमेरिका स्थित इस कंपनी के पहले गैर अमेरिकी, भारतीय सीईओ होंगे। 

पंत को एमवे के बोर्ड में भी जगह मिलेगी और सीधे बोर्ड ऑफ डायरेक्टर को उनकी रिपोर्टिंग होगी। मिलिंद पंत फिलहाल पिज्जा हट व केएफसी की पैतृक अमेरिकी कंपनी यम ब्रांड्स के साथ जुड़े हुए हैं। वो पिज्जा हट इंटरनेशनल के प्रेसिडेंट हैं। यम ब्रांड्स से पहले पंत ने 14 साल तक यूनीलीवर कंपनी में काम किया। पंत ने वहां अलग-अलग जिम्मेदारियां संभालीं। वो अफ्रीका, मिडिल ईस्ट और टर्की रीजन के वाइस प्रेसिडेंट (फूड) भी रहे। मिलिंद  अपने परिवार के साथ अमेरिका के डलास शहर में रह रहे हैं। एमवे में टॉप मैनेजेमेंट फिलहाल स्टीव वैन एंडल और डग देवोस संभाल रहे हैं। एंडल साल 1995 से चेयरमैन के पद पर हैं। देवोस साल 2002 से प्रेसिडेंट की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। दोनों अब बोर्ड ऑफ डायरेक्टर में शामिल होंगे।
वेद साह ने बताया कि मिलिंद ने वर्ष 1978 में सेंट जोसेफ में तीसरी कक्षा में प्रवेश लिया था, और 1985 में यहीं से हाईस्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण की। सेंट जोसेफ से पढ़ाई के बाद दोनों ने साथ ही सेंट जोसेफ अकादमी देहरादून से इंटरमीडिएट किया। सीधे और सरल स्वभाव के मिलिंद बेहद मेहनती थे, तथा हमेशा पढ़ाई में लगे रहते थे। इंटर के बाद मिलिंद ने बिट्स पिलानी से इंजीनियरिंग और फिर बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस से मैनेजमेंट में पीजी किया था। आज भी मिलिंद के संपर्क में रहने वाले वेद को ही सबसे पहले मिलिंद के एमवे में सीईओ बनने की जानकारी मिली। उन्होंने बताया कि इससे पूर्व मिलिंद यूनीलीवर व यम ब्रांड कंपनी में दक्षिण एशिया के प्रमुख रहे। बताया कि मिलिंद के पिता देहरादून में एलआईसी में मैनेजर पद पर और माता गृहिणी थी। 

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नैनीताल, 30 सितंबर 2018। उत्तराखंड की एक बहू और एक बेटे की ओर से सीना चौड़ा करने वाली खबरें हैं। उत्तराखंड की एक बहू डॉ. अमरप्रीत कौर चावला को प्रतिष्ठित मिसेज नार्थ पैसिफिक एशिया यूनिवर्स-2018 के खिताब से नवाजा गया है। इस सफलता के बाद वह इस साल के अंत में फिलीपींस में होने वाले 41 वें मिसेज यूनिवर्स खिताब के लिए प्रतिभाग करेंगी। वहीं उत्तराखंड के एक बेटा चंपावत के मूल निवासी अनिल चंद्र पुनेठा को सुदूर दक्षिणी राज्य आंध्र प्रदेश का मुख्य सचिव बनाया गया है।
पेशे से डेंटिस्ट (एंडोडोंटिस्ट) डा. अमरप्रीत लंदन तथा हल्द्वानी में डेंटल स्पा क्लिनिक संचालित करती हैं। उन्हें इससे पहले मिसेज इंडिया क्वीन ऑफ सबस्टेंस और मिसेज इंडिया यूके खिताब से भी नवाजा जा चुका है। उनके सास-ससुर हल्द्वानी के तिकोनिया में रहते हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने पति बनमीत सिंह नरुला के साथ ही स्व. पिता गुरभेज सिंह चावला, माता सुरजीत कौर चावला और सास-ससुर को दिया है।
वहीं पुनेठा की बात करें तो 1984 बैच के यह आईएएस अधिकारी लोहाघाट के सरकारी स्कूल से पढ़े हैं। उनके एक भाई रमेश पुनेठा भारतीय रेल में और दूसरे अलकेश पुनेठा जर्मनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। अनिल को आंध्र के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के पसंदीदा अधिकारी होने के कारण उनसे आधा दर्जन से अधिक वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के होने के बावजूद मुख्य सचिव बनाया जा रहा है। वे मई 2019 में अपनी सेवानिवृत्ति तक इस पद पर बने रह सकते हैं।

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शैलेंद्र कुमार जोशी

(10 जून 2017) बागेश्वर जनपद के ग्राम तोली के बेटे शैलेंद्र कुमार जोशी ने इसरो में वैज्ञानिक बनकर उत्तराखंड का नाम रोशन किया है। उन्होंने इसरो में सेटेलाइट सेंटर बंगलूरू में ज्वाइन कर लिया है। उनकी इस कामयाबी पर उनके गांव में खुशी का माहोल है। शैलेंद्र के पिता पितांबर जोशी केंद्रीय जल आयोग हल्द्वानी में एसडीओ हैं। जबकि माता दीपा जोशी आश्रम पद्वति विद्यालय बागेश्वर में प्रधानाचार्य हैं। मूल रूप से बागेश्वर जिले के कपकोट तहसील के तोली गांव का रहने वाला शैलेंद्र का परिवार अल्मोड़ा के जाखन देवी में रहता है। उनकी प्राथमिक से लेकर जूनियर तक की शिक्षा नेशनल मिशन हाइस्कूल बागेश्वर से हुई। 2008 में विवेकानंद विद्या मंदिर मंडलसेरा से 84 प्रतिशत अंक के साथ जिला टॉपर किया। 2010 में इसी स्कूल से 80 प्रतिशत अंक के साथ इंटर परीक्षा उत्तीर्ण की। विरला इंस्टूयूट ऑफ एप्लाइड सांइसेज भीमताल से बीटेक और आईआईआईटी हैदराबाद से एमटेक किया। इस बीच इसरो से आईसीआरबी के रिटर्न एक्जाम का फार्म भरा और पहले ही प्रयास में उन्हें सफलता मिल गई। 07 जून को उन्होंने इसरो सेटेलाइट सेंटर बंगलूरू में ज्वाइन किया। उनके पिता के अनुसार शैलेंद्र बच्चपन से मेधावी थे। क्विज प्रतियोगिता में वे हमेशा अव्वल रहे। उनकी बड़ी बहन गरिमा जोशी पीएचडी कर रही हैं। उन्होंने कभी भी इसरो के बारे में नहीं सोचा था। हालांकि वह एक अच्छी जॉब के बारे में जरूर सोचते रहे हैं। शैलेंद्र के गांव में खुशी: जिला मुख्यालय से करीब 40 किमी दूर तोली गांव में शैलेंद्र के वैज्ञानिक बनने की खबर पहुंची, तो गांव के लोग खुशी में झूम उठे। जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी ने कहा कि सुविधाओं के अभाव में कपकोट के तमाम गांवों के बच्चे पढ़ाई के लिए पलायन कर रहे हैं। उनमें से एक परिवार जोशी का भी रहा है। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने कपकोट से नाज है। वैज्ञानिक बनकर राज्य का नाम रोशन किया है।

उत्तराखंड की बेटी बनी ‘मिस इंडिया खादी’

अपने माता-पिता व उपविजेता रही प्रतिभागियों के साथ मिस इंडिया खादी खुशबू रावत।

नैनीताल। बीता वर्ष-2017 अपनी आखिरी शाम उत्तराखंड की एक बेटी के ‘मिस इंडिया खादी-2017’ बनने की खबर लेकर आया है। मूलतः अल्मोड़ा जिले के भिकियासैंण के ग्राम बघाड़ की तथा नैनीताल के राजकीय पॉलीटेक्निक क्षेत्र में रहने वाले राजकीय वाहन चालक हीरा सिंह रावत व गृहणी दीपाली रावत की होनहार बेटी खुशबू रावत ने बीते वर्ष के आखिरी दिन दिल्ली के ताज होटल में केंद्रीय खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा खादी के वस्त्रों को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित प्रतियोगिता को जीतकर ‘मिस इंडिया खादी’ का तमगा हासिल किया। वर्तमान में निफ्ट यानी नॉदर्न इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी चंडीगढ़ की द्वितीय सेमेस्टर की छात्रा खुशबू इससे पूर्व ‘मिस हरियाणा-खादी’ भी रह चुकी हैं। बताया गया है कि इस प्रतियोगिता के दिल्ली में आयोजित हुए ऑडिशन में देश के करीब 200 विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थान की करीब 50 हजार छात्राओं ने हिस्सा लिया था। इसका ऑडिशन दिल्ली में कराया गया था। इस प्रतियोगित में खूशबू को हरियाणा का प्रतिनिधित्व करते हुए पहला जबकि मोहाली चंडीगढ़ की घुरलीन मधोक को दूसरा स्थान मिला है। उन्होंने 12वीं कक्षा नैनीताल के ही मोहन लाल साह बाल विद्या मंदिर से प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की थी।

ज्योलीकोट के धवल शेखर जोशी बने आईटीबीपी में अधिकारी

नैनीताल। मुख्यालय के निकटवर्ती ज्योलीकोट के ग्राम भल्यूटी निवासी रमेश चंद्र जोशी के पुत्र धवल शेखर जोशी आईटीबीपी में सहायक सेनानायक के पद पर नियुक्त हो गये हैं। गत दिवस आयोजित हुई आईटीबीपी की पासिंग आउट परेड में उन्हें सहायक सेनानायक पद प्रदान किया गया। धवल के बड़े भाई रजत जोशी भी सेना में मेजर पद पर हैं, जबकि पिता उत्तराखंड पुलिस में उपाधीक्षक पद से सेवानिवृत्त एवं माता ललिता जोशी गृहणी हैं। उनकी प्राथमिक शिक्षा बरेली से हुई है, जबकि वे कक्षा छह से 12 तक सैनिक स्कूल घोड़ाखाल में पढ़े हैं। जिसके बाद उन्होंने एमेटी यूनिवर्सिटी से बीटेक किया। उनकी उपलब्धि पर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य लोगों ने हर्ष जताया है।

इतिहास रच, वीरों की भूमि-उत्तराखंड का लाल बना एनडीए का टॉपर

सेना में भर्ती होकर देश सेवा करने के जुनून ने बनाया शिवांश को एनडीए का टाॅपर

रवीन्द्र देवलियाल, नैनीताल, 26 नवम्बर। सेना में भर्ती होकर देश सेवा करने का जुनून उत्तराखंड के एक होनहार छात्र पर ऐसा छाया कि उसने आज के दौर में प्रचलित आईआईटी व एनआईटी जैसे विकल्पों को छोड़कर, एनडीए यानी राष्ट्रीय सुरक्षा अकादमी की प्रवेश परीक्षा दी और इस सर्वोच्च परीक्षा में देश में सर्वोच्च स्थान प्राप्त कर अपना, अपने परिवार, शहर व प्रदेश का नाम रोशन करते हुए इतिहास रच दिया है। दिलचस्प बात यह कि छात्र शिवांश जोशी देश के पहले सेनाध्यक्ष जनरल सैम मानेकशॉ,  पहले परमवीर चक्र विजेता मेजर सोमनाथ शर्मा, पूर्व सेना प्रमुख जनरल बीसी जोशी, पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल डीके जोशी व वर्तमान सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत जैसे वीरों की भूमि कहे जाने वाले उत्तराखंड के एक छोटे से कस्बे रामनगर का रहने वाला है। शिवांश की इस उपलब्धि से सैनिक पृष्ठभूमि वाला पूरा उत्तराखंड झूम उठा और गौरवान्वित महसूस कर रहा है। उम्मीद करनी होगी कि शिवांश सत्य एवेम सुन्दर के सहगामी सृष्टि के संहारक ‘शिव’ के ‘अंश’ के रूप में देश की सुरक्षा के आगे मिलने वाले दायित्व में भी अपने नाम को साकार करेगा।

शिवांश जोशी (17) कार्बेट सिटी के नाम से प्रसिद्ध रामनगर के भवानीगंज स्थित पंचवटी कालोनी का रहने वाला है। शिवांश एक सामान्य परिवार से संबंध रखता है। उसके पिता सुभाष जोशी भारतीय जीवन बीमा निगम में सहायक प्रशासनिक अधिकारी, और मां तनूजा जोशी अध्यापिका हैं। शिवांश जोशी ने गत 24 अप्रैल को संपन्न एनडीए की प्रवेश परीक्षा में हिस्सा लिया था। आज घोषित परिणाम में शिवांश ने 97 प्रतिशत अंक हासिल कर देश भर के 371 अभ्यर्थियों में प्रथम स्थान हासिल किया है।

शिवांश ने इसी साल काशीपुर के लिटिल स्काॅलर स्कूल से 12वीं की परीक्षा अच्छे अंकों से उत्तीर्ण की है। शिवांश की इस उपलब्धि पर परिवारजन अत्यधिक प्रसन्न महसूस कर रहे हैं। पिता सुभाष जोशी ने बताया कि शिवांश को सेना में अफसर बनकर देश सेवा करने का बड़ा शौक है, और उसी जुनून से उसने यह स्थान हासिल किया है। मृदुभाषी शिवांश अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने माता पिता और गुरूजनों को देता है। शिवांश की इस उपलब्धि पर उत्तराखंड के लोगों खासकर सैनिकों व उनके परिवारजन गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।

एनडीए प्रवेश परीक्षा के लिए शिवांश जोशी को मुख्यमंत्री ने दी बधाई

एनडीए प्रवेश परीक्षा में देशभर में टाॅप करने पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शिवांश जोशी एवं उसके परिवार को बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने शिवांश जोशी के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि शिवांश ने अपनी लगन और दृढ़ इच्छाशक्ति से यह सफलता हासिल की है। इससे अन्य युवाओं को भी प्रेरणा मिलेगी मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के लोगों में देशप्रेम का असीमित जज्बा है। उत्तराखण्ड ने ऐसे बहुत से वीर सपूत दिये हैं जो देश की सुरक्षा से जुड़ी अहम जिम्मेदारियाँ निभा रहे हैं।

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार
‘नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से ‘मन कही’ के रूप में जनवरी 2010 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
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