खुद युवा, करते थे ऐसा पाप, नहीं होगा सजा से भी प्रायश्चित !

  • दबोचा गया मासूमों को भीख मंगवाने-चोरी करवाने वाला 19-22 के युवाओं का अंतर्राज्यीय गिरोह
  • झारखंड-पश्चिम बंगाल के युवाओं द्वारा पकड़ी जा रही राह चिंताजनक
पुलिस लाइन में पत्रकार वार्ता के दौरान पुलिस गिरफ्त में नाबालिग बच्चों से भीख मंगवाने-चोरी करवाने वाले गिरोह के सदस्य।

नैनीताल, 5 जुलाई 2018। नैनीताल जिला पुलिस के एंटी ह्यूमन ट्रेफिकिंग सेल ने झारखंड व पश्चिम बंगाल से लाकर मासूम बच्चों को भिक्षावृत्ति व चोरी के काम में लगाने तथा बेचने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने चार बच्चों को लाने वाले चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। खास बात यह भी है कि यह चारों भी 19 से 22 की उम्र के युवा हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि देश की भावी पीढ़ी किस ओर जा रही है। अपनी युवा शक्ति को परिश्रम से अच्छे कार्यों पर लगाने के बजाय खासकर झारखंड, पश्चिम बंगाल के युवा चोरी, भिक्षावृत्ति की ओर जा रहे हैं तो यह बहुत बुरे संकेत हैं। खुद युवा जैसा होते हुए यह देश के भविष्य कहे जाने वाले नन्हे बच्चों का जिस तरह से भविष्य खराब करने का पाप कर रहे थे, उसका प्रायश्चित उन्हें कानूनी शिकंजे में फंसने के बाद मिलने वाली सजा से भी हो पायेगा, कहना मुश्किल है। बहरहाल, पुलिस की इस सफलता पर जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जन्मेजय खंडूरी ने बृहस्पतिवार को मुख्यालय में प्रेस कांफ्रेंस के माध्यम से इस सफलता का खुलासा करते हुए पुलिस टीम को प्रोत्साहन हेतु 2500 रुपए के नगद पुरस्कार से पुरस्कृत किया है।
बताया गया कि बुधवार को कोतवाली हल्द्वानी के वरिष्ठ उपनिरीक्षक मनोहर सिंह दसौनी को कुछ लोगों के द्वारा झारखंड व पश्चिम बंगाल से छोटे बच्चों को हल्द्वानी व आसपास के क्षेत्रों में लाकर भीड़ वाली जगहों पर उनसे चोरी व भिक्षावृत्ति का काम करवाने की जानकारी मिली। छोटे बच्चों एवं ह्यूमन ट्रेफिकिंग से जुड़ा मामला होने के मद्देनजर मामले को एंटी ह्यूमन ट्रेफिकिंग सेल को संदर्भित किया गया। इस पर एंटी ह्यूमन ट्रेफिकिंग सेल के प्रभारी नित्यानंद पंत व विशेष बाल पुलिस अधिकारी-चौकी प्रभारी हीरानगर निर्मल लटवाल तथा विमर्श संस्था द्वारा संचालित चाइल्ड हेल्पलाइन के द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए झारखंड के ग्राम महाराजपुर जिला साहबगंज निवासी 19-19 वर्षीय विष्णु नौनिया पुत्र अनिल नौनिया व मो. इरशार अंसारी पुत्र मो. नौशाद अंसारी तथा मो. आकाश अंसारी पुत्र मो. मुर्शीद अंसारी निवासी ग्राम बड़ा मदनशाही थाना जिरवाबाड़ी तथा पश्चिम बंगाल के जिला वर्धमान चोनाकुड़ी आसनसोल निवासी सुभाष नौनिया पुत्र अर्जुन नौनिया को रेलवे स्टेशन के पास से पास से गिरफ्तार किया तथा उनके कब्जे से झारखंड व पश्चिम बंगाल से लाये गये 8 से 10 साल के चार नाबालिग बच्चे तथा बच्चों द्वारा काशीपुर क्षेत्र से चुराये गये चार मोबाइल फोन भी बरामद किये गये। पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि ये बच्चे गरीब परिवारों के हैं, उन्हें बहला-फुसलाकर व रुपयों का लालच देकर यहां लाये हैं, और काठगोदाम में किराये के घर में रखकर और प्रशिक्षण देकर भीड़भाड़ वाले स्थानों पर भीख मंगवाते तथा मोबाइल फोन व अन्य सामान चोरी करवाते हैं, व चोरी के सामान को झारखंड ले जाकर बेच देते हैं। यह भी बताया कि वे उत्तराखंड, दिल्ली, यूपी, पंजाब व गुजरात से भी ऐसे ही बच्चों को लाकर यही काम करवाते हैं। आरोपितों को आवश्यक कार्रवाई कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। वहीं बच्चों को काउंसिलिंग करके विमर्श संस्था के सुपुर्द किया गया एवं आगे उनके पुर्नवास तथा परिजनों की तलाश के प्रयास भी किये जाएंगे। पुरस्कृत किये गये पुलिस बल में उप निरीक्षक प्रीति, एचसीपी प्रदीप जोशी तथा आरक्षी घनश्याम रौतेला, बंशीधर जोशी, मो. अजहर, हरजीत सिंह, धीरज सिंह व अनीता फुलैरिया शामिल हैं।

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-आईजी ने उनके कार्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके कार्य को ‘रोल मॉडल’ की तरह अन्य जिलों-थाना क्षेत्रों में भी कराया जाएगा
-अर्धशहरी क्षेत्र होने के बावजूद बिना सीपीयू के 75 फीसद से अधिक दुपहिया वाहनों में हेलमेट का प्रयोग किया सुनिश्चित

दिनेशपुर के थानाध्यक्ष दौलत राम वर्मा को पुलिसमैन ऑफ द मंथ का पुरस्कार देते आईजी पूरन सिंह रावत।

नैनीताल। ऊधमसिंह नगर जिले के दिनेशपुर थानाध्यक्ष दौलत राम वर्मा दुपहिया वाहनों में हेलमेट का शत-प्रतिशत प्रयोग सुनिश्चित कराने के लिए कुमाऊं पुलिस के ‘ब्रांड एंबेसडर’ होंगे। कुमाऊं परिक्षेत्र के आईजी पूरन सिंह रावत ने उनके द्वारा बीते मई माह में अपने अर्धशहरी-ग्रामीण पृष्ठभूमि के थाना क्षेत्र में बिना सीपीयू की मदद के दुपहिया वाहन चालकों को शत-प्रतिशत हेलमेट धारण करने की दिशा में जागरूकता अभियान चलाने और 115 वाहनों के विरुद्ध कार्यवाही करने तथा एक वारदात का अनावरण करते हुए के लिए 9 किलो चांदी व आधा किलो सोना बरामद करने के लिए ‘पुलिसमैन ऑफ द मंथ’ के पुरस्कार से नवाजा, तथा उनके हेलमेट अभियान वाले कार्य को कुमाऊं पुलिस के लिए ‘रोल मॉडल’ की तरह प्रयोग करते हुए पूरे मंडल में शत-प्रतिशत हेलमेट पहनाने का अभियान चलाने की बात कही। साथ ही बताया कि मई माह में थानेदार वर्मा ने आबकारी अधिनियम व पुलिस अधिनियिम के अन्तर्गत 55 मामलों में भी कार्यवाही की।
बुधवार को कुमाऊं परिक्षेत्र कार्यालय में आईजी पूरन सिंह रावत ने परिक्षेत्र के सभी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की समीक्षा बैठक के दौरान यह बात कही। साथ ही परिक्षेत्र में अन्य अपराधों के संतोषजनक स्तर पर होने पर संतोष जताते हुए गृहभेदन व धोखाधड़ी के मामलों में वृद्धि को चिंताजनक बताते हुए अधिकारियों से इस दिशा में कार्य करने को कहा। साथ ही इन दिनों चल रहे पर्यटन सीजन को दृष्टिगत रखते हुए सभी महत्वपूर्ण स्थानों पर पुलिस कर्मी नियुक्त करने तथा यातायात तथा आगे रमजान के बाद ईद, कैंची मेला आदि को दृष्टिगत रखते हुए समुचित पुलिस प्रबन्ध करने तथा शांति कमेटी की बैठक करने और इसके बाद वर्षाकाल में आपदा सम्भावित क्षेत्रों में समुचित प्रबन्ध पूर्व में ही करने के निर्देश दिये। इसके अलावा साईबर अपराधों से बचाव एवं बैंकों से पैसा वापस दिलाये जाने के सम्बन्ध में जागरूकता अभियान चलने, बढ़ती गृहभेदन की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिऐ निरोधात्मक कार्यवाही बढ़ाने, अज्ञात शवों की शिनाख्त के प्रयास करने तथा बाहर से शव लाकर सीमावर्ती जनपदों एंव पर्वतीय जनपदों में विशेषकर नैनीताल में डालने अथवा हत्या किये जाने के अपराधों की रोकथाम के लिए कार्ययोजना बनाने के भी उन्होंने निर्देश दिये। साथ ही वर्तमान में माओवाद से सम्बन्धित चल रही गतिविधियों पर सतर्क दृष्टि रखने एवं प्रकाश में आये एवं नामजद अभियुक्तों की गिरफ्तारी करने को भी कहा। समीक्षा बैठक में जन्मेजय खंडुरी, डा. सदानन्द दाते, पी रेणुका देवी, मुकेश कुमार, धीरेन्द्र गुंज्याल व रामचन्द्र राजगुरू आदि सभी जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक उपस्थित रहे।

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डीएसबी परिसर में पत्रकारिता विभाग के छात्र-छात्राओं को संबोधित करते पुलिस कप्तान।

नैनीताल। जनपद के पुलिस कप्तान जनमेजय खंडूड़ी ने कहा कि सही तरह से अपने कॅरियर की योजना बनाने और आगे लक्ष्य के लिए संघर्ष करने से ही मंजिल मिलती है। साथ ही लक्ष्य की प्राप्ति के लिए धैर्य और सब्र भी जरूरी है। श्री खंडूड़ी ने सफलता का यह मूलमंत्र सोमवार को कुमाऊं विवि के सर्वप्रमुख डीएसबी परिसर के पत्रकारिता विभाग के छात्र-छात्राओं को एक खास तौर पर आयोजित कार्यक्रम में दिया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हमेशा उस क्षेत्र में कॅरियर तलाशना चाहिए, जहां अधिक संभावनाएं हों। कहा कि आज के दौर में मीडिया कॅरियर के लिहाज से अत्यधिक संभावनाओं वाला क्षेत्र है। साथ ही यह भी जोड़ा कि भारतीय प्रशासनिक सेवाओं का क्षेत्र देश का इकलौता ऐसा क्षेत्र हैं, जहां हर वर्ष 150 पदों के लिए नियुक्तियां होती हैं। विद्यार्थी यदि दृढ़ निश्चय करें तो इस क्षेत्र में आकर भी देश सेवा कर सकते हैं। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों के पुलिस व पत्रकारों के पेशेवर संबंधों से संबंधित प्रश्नों के उत्तर भी दिये, व जिज्ञासाएं शांत कीं, तथा उनके निवेदन पर अपनी बोली-गढ़वाली में एक गीत सुनाते हुए विद्यार्थियों से अपने राज्य, अपनी बोली-भाषा और संस्कृति के लिए कार्य करने का भी आह्वान किया। कहा, यदि उत्तराखंड का हर छात्र स्वयं को संवार ले तो उत्तराखंड राज्य स्वयं ही सुधर जाएगा। इस दौरान छात्र विकास कत्यूरा की एक फिल्म भी दिखाई गयी। कार्यक्रम में पत्रकारिता विभाग के विभागाध्यक्ष डा. गिरीश रंजन तिवारी ने भी वक्तव्य दिया। इस मौके पर शोध छात्र नवीन जोशी, कुविवि छात्र महासंघ के अध्यक्ष व विभाग के ही छात्र पुष्कर नैनवाल, डीएसबी छात्र संघ अध्यक्ष अभिषेक मेहरा, नवीन भट्ट, रुचिर साह सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं भी मौजूद रहे।

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बैंड स्टेंड में बैंड वादन करते पुलिस बैंड के सदस्य।

नैनीताल। एसएसपी जन्मेजय खडूंड़ी की पहल पर मुख्यालय स्थित अंग्रेजी दौर में तत्कालीन म्युनिसिपल कमिश्नर जिम कॉर्बेट के द्वारा बनाए गऐ ऐतिहासिक बैंड स्टेंड में आसन्न ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन को देखते हुये पर्यटकों में पुलिस तथा जनता के बीच बेहतर समन्यव स्थापित करने, पर्यटन को बढ़ावा देने तथा जनपद नैनीताल एवं उत्तराखंड की ओर आर्कषित करने के उददेश्य से पुलिस बैंड की तैनाती की जा रही है। बताया गया है कि इस नए सिरे से हो रही पहल के तहत आम जनता तथा पर्यटकों को लुभाने के लिए हर रोज शाम छह से आठ बजे तक नगर वासियों एवं सैलानियों को सीजन में लगातार पुलिस बैंड के धुनों को सुनने का अवसर प्राप्त होगा। उल्लेखनीय है कि आजादी से पूर्व एवं बाद में भी ‘बैंड स्टेंड’ में सीजन के दौरान पुलिस व सेना का बैंड आकर्षण का केंद्र होता था। नेताजी सुभाष चंद्र बोस के सहयोगी कैप्टन राम सिंह के बैंड का भी इस स्थान पर बैंड वादन का लंबा इतिहास रहा है।

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सरोवरनगरी के ऐतिहासिक बैंड हाउस के निर्माण का श्रेय नगर के तत्कालीन म्युनिसिपल कमिश्नर अंतरराष्ट्रीय पर्यावरणविद व सुप्रसिद्ध शिकारी जिम कार्बेट को जाता है। कहते हैं कि उन्होंने स्वयं के चार हजार रुपये से यहां पर लकड़ी का बैंड स्टैंड बनाया था। 1960 के दशक से तत्कालीन पालिका अध्यक्ष मनोहर लाल साह ने इसका जीर्णोद्धार कर इसे वर्तमान स्वरूप दिलाया, और तभी से आजाद हिंद फौज में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के करीबी रहे कैप्टन राम सिंह ने यहां सीजन के दिनों में बैंडवादन की शुरूआत की। करीब ढाई दशक पूर्व तक वह यहां हर वर्ष नियमित रूप से सीजन के दौरान बैंडवादन करते रहे। इसके बाद से बीच-बीच में कई बार बैंड वादन होता और छूटता रहा। इधर 2016 में पुनः बैंड स्टैंड का नए सिरे से जीर्णोद्धार किया गया है।

एसएसपी ने किया एक गुडवर्क : ढूंढे 5.31 लाख रुपए मूल्य के 54 खोये हुए मोबाइल

-उत्तराखंड के साथ ही यूपी व दिल्ली से किये गए बरामद
नैनीताल, 5 अप्रैल 2018। सामान्यतया लोगों के फोन खोते हैं तो लोग नुकसान समझकर भूल जाते हैं। चोरी होने पर भी पुलिस भी गुमशुदगी में दर्ज कर खानापूरी कर लेती है, और फोन के वापस मिलने की तो उम्मीद ही नहीं रहती। लेकिन नैनीताल पुलिस ने खोये हुए फोनों को ढूंढ निकालने में मिसाल कायम की है। बीते करीब छह माह में नैनीताल जनपद में करीब 600 फोनों की गुमशुदगी पुलिस में दर्ज हुई, इसमें से पुलिस ने पूर्व में दो चरणों में 132 फोन ढूंढे थे, जबकि इधर बृहस्पतिवार को तीसरी बार 54 फोन ढूंढने का जिले के पुलिस कप्तान जनमेजय खंडूड़ी ने खुलासा किया। करीब 5.31 लाख रुपए मूल्य के यह फोन अब उनके वास्तविक मालिकों को सोंप दिये जाएंगे।
बृहस्पतिवार को मुख्यालय स्थित रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित पत्रकार वार्ता में एसएसपी खंडूड़ी ने बताया कि अक्टूबर में जनपद में ‘लॉस्ट एंड फाइन्ड मोबाइल सेल’ गठित किया था, जिसमें मोबाइल फोन खोने और पाने की ऑनलाइन शिकायतें दर्ज की जाती हैं। एसओजी प्रभारी दिनेश पंत को इसकी कमान सोंपी गयी है, जो खोए हुए मोबाइलों को सर्विलांस पर लगाकर इनकी ढूंढखोज करते हैं। बताया उत्तराखंड के अलावा दिल्ली और यूपी के बरेली, मुरादाबाद से यह फोन बरामद किये गए हैं। पत्रकार वार्ता में एएसपी हरीश चंद्र सती तथा मोबाइलों की खोज में शामिल रही टीम में शामिल एसओजी प्रभारी दिनेश पंत तथा आरक्षी रणवीर सिंह, अशोक रावत, चंदन सिंह व सुरेंद्र रौतेला भी मौजूद रहे।

अब पुलिस कर्मी होटल दिलाने में भी करेंगे सैलानियों की मदद !

-होटल एसोसिएशन से समन्वय के लिए संबंधित वाट्सएप ग्रुप में भी जोड़े जाएंगे पर्यटन पुलिस कर्मी
-पर्यटन पुलिस कर्मियों के लिए 5 दिन का प्रशिक्षण शिविर हुआ प्रारंभ
नैनीताल। नैनीताल पुलिस आगामी ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन के दौरान सैलानियों को पार्किंग स्थलों के साथ ही होटलों के बारे में भी जानकारी देगी। इस हेतु पर्यटन ड्यूटी में लगने वाले पुलिस कर्मियों को नैनीताल जनपद के सभी पर्यटन व पार्किंग स्थलों के साथ ही मुख्यालय के सभी होटलों व गेस्ट हाउसों के मोबाइल नंबरों सहित समस्त जानकारी दी जाएगी, ताकि वे सैलानियों को यह जानकारी दे सकें। इसके साथ ही उन्हें होटल एसोसिएशन व पुलिस अधिकारियों के वाट्सएप ग्रुप में जोड़ा जाएगा, ताकि वे सीजन के दौरान सड़कों पर लगने वाले जाम व पार्किंग स्थलों की अपडेटेड जानकारी से भी अवगत रहें। इसके अलावा पुलिस कर्मियों को पीएस मनराल के द्वारा नैनीताल जनपद से इतर पूरे कुमाऊं मंडल के पर्यटन स्थलों की जानकारी भी दी जाएगी।

उल्लेखनीय है कि इस वर्ष ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन के लिए नैनीताल पुलिस की तैयारियां अपेक्षाकृत जल्दी ही शुरू हो गयी हैं। सोमवार को इसकी शुरुआत एसएसपी जनमेजय खंडूड़ी ने मुख्यालय स्थित रिजर्व पुलिस लाइन में सुगम पर्यटन को लेकर पुलिसकर्मियों के पांच दिवसीय प्रशिक्षण के जरिये की। पुलिस कर्मियों को मूलमंत्र दिया गया कि वे पर्यटकों से मधुर व्यवहार करते हुए मित्रता, सेवा व सुरक्षा का स्लोगन उन तक पहुंचाएं, जिससे नैनीताल जनपद का नाम देश के साथ विश्व स्तर पर आलोकित हो। इस अवसर पर एसएसपी खंडूड़ी ने पुलिस सहित पर्यटन से जुड़े सभी लोगों के बीच समन्वय बनाकर कार्य करने की बात कही। बताया गया कि आगे प्रशिक्षण सत्र के दौरान पुलिस कर्मियों को आपदा प्रबंधन अधिकारी शैलेश कुमार आपदा से संबंधित प्रशिक्षण देंगे। इस मौके पर एएसपी सती, सीओ सिटी विजय थापा, प्रतिसार निरीक्षक हरीश भट्ट, लाइन सूबेदार जहीर अहमद, कोतवाल विपिन पंत, एसओ प्रमोद पाठक के साथ ही नैनीताल होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश साह, वेद आदि भी मौजूद रहे।

प्रेरणास्पद : मैकेनिक की दुकान में काम कर रहे बच्चे का कराया स्कूल में प्रवेश

1857 में बना सीआरएसटी इंटर कॉलेज

नैनीताल। बात छोटी लग सकती है, परंतु गंभीरता से सोचें तो है बहुत बड़ी। मैकेनिक की दुनिया में कार्य कर रहे एक बच्चे का स्कूल में प्रवेश कराया गया है। बुधवार को नगर के सबसे पुराने 1857 में स्थापित सीआरएसटी यानी चेतराम साह ठुलघरिया इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य मनोज पांडे ने एक अनुकरणीय पहल की। सुबह उन्हें कहीं से जानकारी मिली कि एक मेधावी बच्चा परिवार की पढ़ाने योग्य आय न होने की वजह से मैकेनिक की दुकान पर कार्य कर रहा है। इस पर उन्होंने अपने शिक्षक रितेश साह को मैकेनिक की दुकान पर भेजा, और वहां कार्य कर रहे बच्चे फरीद को समझाया। फरीद का कहना था कि वह नगर के मिडिल स्कूल से आठवीं कक्षा में अच्छे अंकों से उत्तीर्ण हुआ है, किंतु परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि आगे पढ़ सकूं। इस पर उसके पिता अतीक अहमद को स्कूल में बुलाया गया।
नगर के पॉपुलर कंपाउंड निवासी अतीक का कहना था कि उसके पास कोई स्थायी रोजगार नहीं है, और वह मेहनत-मजदूरी करके 5 बच्चों का परिवार चलाता है। बड़े बेटे फरीद को आठवीं पास करने के बाद मजबूरी में काम पर लगाया है। एक बेटा व बेटी छठी कक्षा में पढ़ती हैं। बेटी कक्षा में तीसरे स्थान पर आयी है। एक अन्य बेटी चौथी एवं सबसे छोटा बेटा दूसरी कक्षा में पढ़ता है। इस पर प्रधानाचार्य ने बच्चे के लिए स्वयं के खर्च से स्कूल की वर्दी, कापी-किताब आदि दिलाने तथा फीस में भी छूट दिलाने का आश्वासन देकर उसे आगे स्कूल पढ़ाने के लिए मनाया। समझाया कि अभी मैकेनिक की दुकान पर जितना कमाता है, आगे पढ़-लिखकर उससे कहीं अधिक कमाकर बेटा परिवार का सहारा बनेगा।
उल्लेखनीय है कि अशासकीय विद्यालयों को सरकार से अन्य सरकारी विद्यालयों की तरह रमसा यानी राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत कोई आर्थिक सहायता नहीं मिलती है। फलस्वरूप सीआरएसटी जैसे अन्य आर्थिक स्रोत विहीन निजी विद्यालयों में चॉक, डस्टर आदि के मामूली खर्च भी शिक्षकों अथवा विद्यार्थियों को अपनी जेब से वहन करने पड़ते हैं। ऐसे में सीआरएसटी की यह पहल निश्चित ही अन्य विद्यालयों के लिए भी प्रेरणा लेने वाली है।

घटती छात्र संख्या के मद्देनजर सीआरएसटी के शिक्षक खुद बना रहे छात्रों की वर्दी

नैनीताल। कम फीस के बावजूद मुख्यालय स्थित सरकारी व अर्धशासकीय हिंदी माध्यम के विद्यालयों में विद्यार्थी नहीं आ रहे हैं। ऐसे में नगर के सबसे पुराने 1857 में स्थापित सीआरएसटी यानी चेतराम साह ठुलघरिया इंटर कॉलेज के शिक्षकों ने छात्रों को विद्यालय में पढ़ने को आकर्षित करने के लिए अलग तरह से प्रयास शुरू किये हैं। इसी कड़ी में विद्यालय के शिक्षक स्वयं के वेतन से धनराशि एकत्र कर गरीब बच्चों के लिए स्कूल वर्दी, जूते, किताबें व यहां तक कि किताबों की जिल्द भी उपलब्ध करा रहे हैं।

हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश शर्मा ने पेश की मानवता की अनूठी व अनुकरणीय मिसाल

-घायल सैनिक को अस्पताल पहुंचाकर अपने सामने प्राथमिक उपचार कराने के बाद हल्द्वानी भी ले गये
-रविवार को अवकाश होने पर निकले थे सैर पर, इस तरह किया अवकाश का सदुपयोग

बीडी पांडे जिला चिकित्सालय में घायल सैनिक का उपचार करवाते उच्च न्यायालय के वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायूमूर्ति राजीव शर्मा।

नैनीताल। उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय के वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्मि राजीव शर्मा ने मानवता की अनूठी व अनुकरणीय मिसाल पेश करते हुए सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल 29 वर्षीय युवक को अस्पताल पहुंचाया, और अपने सामने प्राथमिक उपचार करने के बाद उच्च केंद्र हल्द्वानी भी ले गये।
प्राप्त जानकारी के अनुसार रविवार सुबह करीब करीब साढ़े आठ बजे न्यायमूर्ति शर्मा सुबह की सैर के लिए अपनी निजी कार से किलबरी की ओर गए थे। तभी किलबरी के पास नगर में चल रही एमटीबी माउंटेन बाइकिंग के एक प्रतिभागी-मूलतः रूपनगर पंजाब निवासी एवं वर्तमान में एजुकेशन रेजिमेंट पिथौरागढ़ में हवलदार के पद पर तैनात निर्मल सिंह (29) पुत्र छतर सिंह पंगूठ से नैनीताल की ओर आ रही व सड़क पर खड़ी टैक्सी संख्या यूके01टीए-0772 से टकराकर बुरी तरह से घायल हो गये। न्यायमूर्ति शर्मा ने यह घटना देखी तो तुरंत ही अपनी सैर छोड़कर घायल को अपने साथ बीडी पांडे जिला चिकित्सालय ले कर आये, और यहां सैनिक का प्राथमिक उपचार कराया। चिकित्सकों ने गंभीर दशा को देखते हुए घायल सैनिक को हल्द्वानी के उच्च केंद्र हल्द्वानी के सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज सीटी स्कैन के लिए रेफर किया तो वे उसे हल्द्वानी भी लेकर गये। इस प्रकार न्यायमूर्ति शर्मा ने अपनी रविवार की छुट्टी का उपयोग एक अनुकरणीय मिसाल पेश करके किया।
इस दौरान जिला चिकित्सालय में हाईकोर्ट के चिकित्सालय के एलपी ढोंडियाल, जिला चिकित्सालय की पीएमएस डा. तारा आर्या, डा. मोनिका कांडपाल, डा. एमएस रावत ने घायल सैनिक का उपचार किया, जबकि सीओ विजय थापा, प्रभारी कोतवाल बीसी मासीवाल, एसआई शंकर नयाल आरक्षी विनोद यादव, सोनू सिंह, मनोज जोशी व महेश चंद्र भट्ट आदि भी मौजूद रहे।

साइकिलें आने पर खड़ी थी कार
नैनीताल। मल्लीताल कोतवाली के प्रभारी कोतवाल बीसी मासीवाल ने बताया कि जिस कार से टकराकर दुर्घटना हुई, वह बेड़जूला शहरफाटक निवासी राजेंद्र सिंह नयाल की थी, और इसे उसका रिस्ते का भाई मेहरोड़ा पट्टी निवासी धाम सिंह दानी पुत्र डुंगर सिंह चलाता है। घटना के समय टैक्सी साइकिलों की रेस को देखकर सड़क किनारे खड़ी थी। साइकिलिस्ट सैनिक ही तेज गति की वजह से साइकिल पर नियंत्रण न रख पाने की वजह से उससे टकरा गया था। मामले में अब तक किसी तरह की तहरीर भी प्राप्त नहीं हुई है।

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सोमवार को स्ट्रीट लाइट जलवाने के लिए नगर पालिका के ईओ को निर्देशित करते एडीएम, साथ में शिकायतकर्ता एवं अन्य।

नैनीताल। मुख्यालय स्थित नैनी पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य गिरीश सनवाल पिछले एक माह से अपने स्कूल के पास बंद पड़ी स्ट्रीट लाईटों को जलवाने के लिए नगर पालिका नैनीताल से शिकायत कर रहे थे। स्कूल के आस-पास रात के अधेरे मे जनता को बड़ी समस्या हो रही थी। इधर उन्होंने रविवार को मुख्यमंत्री उत्तराखंड के मोबाइल एप पर जन समस्याओं का समाधान बहुत जल्दी होने का समाचार पढ़ने पर इसकी शिकायत की। मुख्यमंत्री कार्यालय ने शिकायत प्राप्त होते ही नैनीताल जिला प्रशासन को शिकायत का अतिशीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए। सोमवार को एडीएम हरवीर सिंह ने मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश पर शिकायत की गंभीरता को देखते हुए नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी रोहिताश शर्मा को साथ लेकर स्वयं 15 घंटे में ही स्ट्रीट लाईट बदलवाई और लाईट को जलवाकर प्रधानाचार्य को चेक भी करवाई। शिकायत कर्ता ने इस त्वरित कार्यवाही से संतुष्ट होकर मुख्यमंत्रीं उत्तराखण्ड त्रिवेन्द्र सिंह रावत और नैनीताल जिले के अधिकारियों को धन्यवाद दिया। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों ऐसे ही जनपद के गरमपानी कस्बे में सीएम मोबाइल ऐप पर अवैध निर्माण की शिकायत पर भी जिला विकास प्राधिकरण द्वारा ध्वस्तीकरण की कार्यवाही की गई थी।

पर्वतीय क्षेत्रों में पुराने टायरों से बने पैराफिट रोकेंगे वाहन दुर्घटनाएं, लोग करें मदद

नैनीताल। पर्वतीय क्षेत्रों में सडक सुरक्षा के दृष्टिगत प्रयोग के तौर पर पुराने टायरों के पैराफिट बनाकर लगाये गये, और यह प्रयोग सफल रहा है। इस सफलता से उत्साहित डीएम विनोद कुमार सुमन ने आगे पर्वतीय क्षेत्रों में वाहनो की सुरक्षा एवं सडक दुर्घटनाओ की रोकथाम हेतु पुराने टायरो के पैराफिट बनाने की बात कही है, और उन्होंने इन पैराफिट के निर्माण हेतु सर्वसाधारण से अपने वाहनो के पुराने दो-तीन, चार पहिया वाहनों के पुराने निष्प्रयोज्य टायर आरटीओ कार्यालय हल्द्वानी व एआरटीओ कार्यालय रामनगर के माध्यम से देकर सहयोग करने की अपील की है। इसके अलावा लोग पैराफिट निर्माण हेतु सीमेंट पिलर, लोहे व जीआई के पाईप एवं एंगल आदि भी उपलब्ध करा सकते है।

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मेरा जन्म 26 नवंबर 1972 को हुआ था। मैं नैनीताल, भारत में मूलतः एक पत्रकार हूँ। वर्तमान में मार्च 2010 से राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक समाचार पत्र-राष्ट्रीय सहारा में ब्यूरो चीफ के रूप में कार्य कर रहा हूँ। इससे पहले मैं पांच साल के लिए दैनिक जागरण के लिए काम कर चुका हूँ। कुमाऊँ विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग से ‘नए मीडिया’ विषय पर शोधरत हूँ। फोटोग्राफ़ी मेरा शौक है। मैं NIKON COOLPIX P530 और अडोब फोटोशॉप 7.0 के साथ फोटोग्राफी कर रहा हूँ। फोटोग्राफी मेरे लिए दुनियां की खूबसूरती को अपनी ओर से चिरस्थाई बनाने का बहुत छोटा सा प्रयास है। एक फोटो पत्रकार के रूप में मेरी तस्वीरों को नैनीताल राजभवन सहित विभिन्न प्रदर्शनियों में प्रस्तुत किया गया, तथा उत्तराखंड की राज्यपाल श्रीमती मार्गरेट अलवा द्वारा सम्मानित किया गया है। कुछ चित्रों को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हो चुके हैं। गूगल अर्थ पर चित्र उपलब्ध कराने वाली पैनोरामियो साइट पर मेरी प्रोफाइल को 18.85 Lacs से भी अधिक हिट्स प्राप्त हैं।पत्रकारिता और फोटोग्राफी के अलावा मुझे कवितायेँ लिखना पसंद है। काव्य क्षेत्र में मैंने नवीन जोशी “नवेन्दु” के रूप में अपनी पहचान बनाई है। मैंने बहुत सी कुमाउनी कवितायेँ लिखी हैं, कुमाउनी भाषा में मेरा काव्य संकलन उघड़ी आंखोंक स्वींड़ प्रकाशित हो चुका है, जो कि पुस्तक के के साथ ही डिजिटल (PDF) फार्मेट पर भी उपलब्ध होने वाली कुमाउनी की पहली पुस्तक है। मेरी यह पुस्तक गूगल एप्स पर भी उपलब्ध है। ’ यहां है एक पत्रकार, लेखक, कवि एवं छाया चित्रकार के रूप में मेरी रचनात्मकता, लेख, आलेख, छायाचित्र, कविताएं, हिंदी-कुमाउनी के ब्लॉग आदि कार्यों का पूरा समग्र। मेरी कोशिश है कि यहां नैनीताल, कुमाऊं, उत्तराखंड और वृहद संदर्भ में देश की विरासत, संस्कृति, इतिहास और वर्तमान को समग्र रूप में संग्रहीत करने की….। मेरे दिल में बसता है, मेरा नैनीताल, मेरा कुमाऊं और मेरा उत्तराखंड

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