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अन्य पिछड़ा वर्ग की समस्याओं के समाधान को आयोग ने की जनसुनवाई, मिला समस्याओं के समाधान का आश्वासन

जनसुनवाई करते अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य।डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 22 सितंबर 2022। अन्य पिछड़ा वर्ग के एकल सदस्यीय समर्पित आयोग ने शुक्रवार को जनपद नैनीताल के विकासखंड ओखलकांडा, रामगढ़, बेतालघाट व धारी तथा शहरी नगर निकाय भीमताल व भवाली क्षेत्र के अंतर्गत अन्य पिछड़ा वर्ग के सर्वेक्षण से संबंधित जन सुनवाई की। जन सुनवाई के दौरान अन्य पिछड़ा वर्ग समुदाय के जनप्रतिनिधियों ने आयोग के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं। इसके अलावा हल्द्वानी विकास खंड की भी सुनवाई की गई।

इस दौरान आयोग के अध्यक्ष सेवानिवृत्त न्यायाधीश बीए वर्मा ने कहा कि सरकार अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के आरक्षण के प्रति पूर्ण रूप से प्रतिबंध है। कार्यक्रम मे अपर सचिव पंचायती राज ओमकार सिंह ने कहा कि शासन द्वारा पंचायती राज को मजबूत करने के लिए हर संभव प्रयास जा रहे हैं। विकास खंड बेतालघाट के अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रधान संगठन के उपाध्यक्ष ने अनुरोध किया कि समस्त ग्राम पंचायतों को पंचायती राज एक्ट की प्रति तथा सूचनाएं उपलब्ध कराई जाएं।

इसके अतिरिक्त विकास खंड स्तरीय अधिकारियों द्वारा अन्य पिछड़ा वर्ग सर्वेक्षण कार्य में लगी आंगनबाड़ी कार्यकर्तियो के मानदेय हेतु अनुरोध किया गया। आयोग के अध्यक्ष व अपर सचिव पंचायती राज ने समस्याओं के निराकरण हेतु एक सप्ताह के अंतर्गत पंचायती राज अधिनियम की प्रति समस्त ग्राम पंचायतों को उपलब्ध कराने व मानदेय में वृद्धि कराने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम में ग्राम प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष हीराबल्लभ बधानी, भवाली के नगर पालिका अध्यक्ष संजय वर्मा ने भी अन्य पिछड़ा वर्ग की समस्याएं रखी।

कार्यक्रम में उपनिदेशक पंचायत राज मनोज तिवारी, जिला पंचायत राज अधिकारी सुरेश बैनी, सहायक जिला पंचायत राज अधिकारी असलम अली, राजेंद्र प्रसाद टम्टा, तनवीर असगर, एनडी भट्ट, जगदीश पंत, विनोद भट्ट, गोपाल वर्मा, प्रकाश कांडपाल, दिनेश जोशी, हेम आर्य, कैलाश गोस्वामी, राकेश प्रसाद, अशोक जोशी व अर्जुन राणा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। 

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डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 20 सितंबर 2022। बीते माह अल्मोड़ा जनपद के भिकियासेंण में सवर्ण जाति की युवती से विवाह करने पर उसके परिजनों द्वारा हत्या कर दिए गए पनुवाद्योखन निवासी जगदीश चंद्र को मुख्यालय में भारतीय विद्यार्थी मोर्चा एवं शिल्पकार सभा नैनीताल के द्वारा कैंडिल मार्च निकालकर श्रद्धांजलि दी गई। 

इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि जगदीश को उसके अनुसूचित जाति से होने व सवर्ण युवती से विवाह करने के कारण मार दिया गया। इस मौके पर भारतीय विद्यार्थी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अचपाल शाह, शिल्पकार सभा के अध्यक्ष संजय कुमार, डॉ. गौरव कुमार विश्लेश्वर, अरविंद, राजेन्द्र प्रसाद, प्रेमप्रकाश, डॉ. प्रह्लाद, रितेश, कमल, सुरेंद्र व प्रमोद शाह आदि लोग मौजूद रहे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : अनुसूचित जाति बाहुल्य गांवों को स्वयं स्थलीय निरीक्षण व आउटसोर्सिंग में भी आरक्षण देने के निर्देश….

-राज्य अनुसूचित जाति कल्याण आयोग के अध्यक्ष ने की एससीपी के तहत योजनाओं की समीक्षा
डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 12 सितंबर 2022। राज्य अनुसूचित जाति कल्याण आयोग के अध्यक्ष मुकेश कुमार ने अधिकारियों को अनुसूचित जाति के लोगों तक योजनाओं का सही तरह से लाभ पहुंचाने के लिए अनुसूचित जाति बाहुल्य गांवों की जमीनी वास्तविकता की जांच हेतु स्वयं स्थलीय निरीक्षण करने तथा विभागीय स्तर पर आउटसोर्सिंग के माध्यम से होने वाली नियुक्तियों में भी आरक्षण का विशेष रूप से अनुपालन करने के निर्देश दिए हैं।

जिला मुख्यालय स्थित नैनीताल क्लब में सोमवार को राज्य अनुसूचित जाति कल्याण आयोग के अध्यक्ष मुकेश कुमार ने जनपद में एससीपी यानी अनुसूचित जाति कम्पोनेंट प्लान के अंतर्गत पशुपालन, नलकूप खंड, समाज कल्याण, कृषि उद्यान, रेशम, स्वास्थ्य, उरेडा, जल संस्थान, पंचायती राज आदि विभागीय अधिकारियों के द्वारा जनपद में अनुसूचित जाति बाहुल्य क्षेत्र में किये जाने वाले विकास कार्यों व योजनाओं की समीक्षा की।

इस दौरान श्री कुमार ने अधिकारियों को तहसील दिवस, बीडीसी बैठक, कैम्प के माध्यम से योजनाओं की जानकारी के साथ ही आशा आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को ग्राम स्तर पर योजनाओं की जानकारी से जागरूक करने तथा कृषि, उद्यान, पशुपालन व सहकारिता विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर नैनीताल विधायक सरिता आर्य, भाजपा मंडल अध्यक्ष प्रताप बिष्ट, आनंद बिष्ट, भावना मेहरा, पुलिस अधीक्षक डॉ. जगदीश चंद्रा, सीडीओ डॉ. संदीप तिवारी, एडीएम शिवचरण द्विवेदी, जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. एमएस गुंज्याल, डॉ. मीरा, डॉ भूपेंद्र जंगपांगी, दीपांकर घिल्डियाल, व्योमा जैन, मीनाक्षी कांडपाल व पूनम रावत सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : दोस्ती के दो रंग: एक ने 5000 के लिए कर दिया दोस्त का खून, वहीं नैनीताल का युवक उधार लिए रुपए लौटाने को किडनी बेचने पहुंच गया सरकारी अस्पताल

example of an amazing childhood friendship continue till death - दोस्ती की  अनोखी मिसाल: जीते जी निभाई बचपन की दोस्ती, मौत में भी दिया साथनवीन समाचार, हरिद्वार, 6 सितंबर 2022। धर्मनगरी हरिद्वार में सोमवार को दोस्ती के दो रंग व दोस्तों के दो चेहरे नजर आए। पहली घटना में एक दोस्त ने मात्र 5000 रुपए के लिए अपने ही दोस्त की जान ले ली, वहीं दूसरी घटना में नैनीताल निवासी युवक अपने दोस्त से लिए रुपए न लौटा पाने के कारण नासमझी में अपनी किडनी बेचने के लिए जिला चिकित्सालय पहुंच गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह 11 बजे एक युवक जिला अस्पताल परिसर पहुंचा और एक कर्मचारी को बताया कि वह अपनी किडनी बेचना चाहता है। कर्मचारी ने उसे सीएमएस के कार्यालय में भेज दिया। वहां मौजूद कर्मचारियों को भी युवक ने बताया कि वह किडनी बेचना चाहता है, तो कुछ देर के लिए कर्मचारी समझ ही नहीं पाए।

जब कर्मचारियों ने उससे बातचीत की तो उसने बताया कि वह नैनीताल जिले के देवीधुरा का रहने वाला है। हरिद्वार सिडकुल की एक कंपनी में काम करता है। फैक्टरी में उसे 16 हजार रुपये मिलते हैं। किराया और अपने खर्चे पूरे नहीं हो पाते हैं। घर में पिता बेरोजगार और मां गृहणी है। तीन भाई हैं जो दिल्ली में रहते हैं। एक वर्ष पहले पिथौरागढ़ निवासी दोस्त से एक लाख रुपये उधार लिए थे जो अब तक नहीं चुका पाया हैं। दोस्त को आज सोमवार तक रुपए देने का वादा किया था, और कोई तरीका न होने के कारण अपनी किडनी बेचने आया है। इस पर कर्मचारियों ने उसे बताया कि शरीर के अंगों की खरीद फरोख्त अपराध है। इसके बाद युवक को अस्पताल से समझाकर वापस भेजा गया।

उधर दूसरी घटना में पुलिस ने सोमवार को विगत एक जून को सिडकुल थाना क्षेत्र में हुई एक फैक्टरी कर्मचारी अंकित पुत्र ओमकार निवासी उत्तर प्रदेश की चाकू घोंप कर हत्या के आरोपी को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा करते हुए बताया कि हत्या उसके ही दोस्त सुनील मिश्रा ने मात्र 5000 रुपए के लिए की थी। लिया है। पुलिस ने आरोपित के खिलाफ मुकद्मा दर्ज कर उसका चालान कर दिया है। हत्यारोपित सुनील ने पुलिस के समक्ष स्वीकार किया है कि अंकित ने उससे पांच हजार रुपय उधार लिए थे। बार-बार मांगने पर भी अंकित उसके रुपये नहीं लौटा रहा था, जिस कारण उसने अंकित के शरीर में चाकू घोप दिए, जिससे अंकित की मृत्यु हो गई। आरोपित को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : युवा दलित नेता की ‘हॉरर-ऑनर किलिंग’ पर संगठनों ने जताया शोक, की निंदा…

पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद जगदीश की हत्या को लेकर कई खुलासे हुए हैं।डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 2 सितंबर 2022। अल्मोड़ा जनपद के भिक्यासैण में अनुसूचित जाति के एक व्यक्ति जगदीश चद्र की उसके ही सवर्ण समाज के सुसरालियों द्वारा निर्मम तरीके से की गई हत्या के मीडिया में आये समाचारों पर पर शिल्पकार सभा, उत्तराखंड महिला मंच आदि संगठनों ने रोष व्यक्त किया है। बताया जा रहा है कि उत्तराखण्ड परिवर्तन पार्टी से विधान सभा का चुनाव लड चुके जगदीश चंद्र ने सवर्ण जाति की युवती से हाल ही में प्रेम विवाह किया था। इस पर उसकी घर से अपहरण कर रास्ते में हत्या कर दी गई।

शिल्पकार सभा नैनीताल के महामंत्री रमेश चंद्रा ने कहा कि कुछ समय से उत्तराखंड की पवित्र भूमि पर अनूसूचित जाति के लोगों पर अत्याचार बढ़ गए है। कभी स्कूल में अनुसूचित जाति की भोजन माता के हाथ से भोजन नहीं खाना और कभी किसी की हत्या कर देना आम बात हो गई है। अभी नैनीताल के समीप भुजान के विद्यालय में सवर्ण शिक्षकों द्वारा अनुसूचित जाति की शिक्षिका को अपशब्द कह कर बेईज्जत करने की निंदनीय घटना भी संज्ञान में आयी है।

इस तरह की घटनाओं से कुछ असामाजिक लोग प्रदेश में सौहार्दपूर्ण माहौल को खराब करने का प्रयास कर रहे है। सभा सरकार से मांग करती है कि प्रदेश में अनुसूचित जाति अत्याचार निवारण अधिनियम को सख्ती से लागू कर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाय। दूसरी ओर उत्तराखंड महिला मंच ने भी उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के युवा दलित नेता जगदीश चंद्र की हत्या की घटना को शर्मसार करने वाली घटना बताया है और इसकी कड़े शब्दों में घोर निंदा व भर्त्सना करने की बात कही है।

कहा कि अभी तक हम अन्य राज्यों में हुई ऑनर किलिंग की बातें सुना करते थे। परंतु अब अपने छोटे व शांत प्रदेश उत्तराखंड भी इस तरह की घटना से अछूता नहीं रहा है। मंच की माया चिलवाल ने इसे घोर चिंता का विषय बताते हुए शासन व प्रशासन से यह उम्मीद की है कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले ताकि राज्य में ऐसी जातिगत भेदभाव की हिंसाओं पर अंकुश लग सके। इसके साथ ही मृतक की पत्नी की सुरक्षा, संरक्षण व जीवनयापन के लिये उचित व्यवस्था किए जाने की मांग भी की है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : शिक्षक ने तीसरी कक्षा के बच्चे को स्कूल के मटके का पानी पीने पर मार डाला, राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर की फांसी की मांग

-राजस्थान में 9वर्षीय दलित छात्र की शिक्षक की पिटाई से मौत का मामला
डीएम को ज्ञापन सोंपते शिल्पकार सभा के पदाधिकारी।डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 18 अगस्त 2022। राजस्थान के जालौन जनपद में 9 वर्षीय कक्षा 3 के अनुसुचित जाति के छात्र इंद्र कुमार मेघवाल की उसी के विद्यालय के अध्यापक द्वारा निर्ममता से पीटकर हत्या किए जाने की मांग को लेकर शिल्पकार सभा के पदाधिकारियों ने देश के राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में आरोपित शिक्षक को फांसी की सजा देने की मांग की गई।

डीएम धीराज गर्ब्याल के माध्यम से भेजे गए ज्ञापन में सभा के महामंत्री रमेश चंद्रा ने बताया कि मासूम छात्र इंद्र कुमार मेघवाल ने विद्यालय में रखे गए पानी के मटके से पानी पी लिया था। इस कारण शिक्षक छैल सिंह ने उसे इतना पीटा की उसकी मृत्यु हो गई। इस घटना का विरोध कर रहे विभिन्न संगठनों के लोगों पर भी राजस्थान सरकार ने लाठी चलाई, जो निंदनीय है।

अध्यक्ष संजय कुमार ‘संजू’ ने कहा कि देश में अनुसूचित जाति-जनजाति के लोगों पर शोषण व अत्याचार बढ़ गए हैं। कोई भी सरकार अनुसूचित जाति-जनजाति के प्रति संवेदनशील नही है। सरकार अनुसूचित जाति जनजाति निवारण कानून को कमजोर कर रही है जो सहन करने योग्य नही है। ज्ञापन देने में सभा के संरक्षक केएल आर्य, उपाध्यक्ष बच्ची चंद, मंत्री राजेश लाल, कोषाध्यक्ष कैलाश आगरकोटी, कार्यकारिणी सदस्य राजेंद्र प्रसाद, विनोद कुमार व शशांक कुमार भी शामिल रहे।  (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : इतिहासकार डॉ. अजय रावत के खिलाफ मुकदमा दर्ज, जानें क्यों और क्या है इस पर डॉ. रावत का कहना…

सक्षम व्यक्ति खुद न्याय कर डालता है जबकि कमजोर व्यक्ति न्याय का इंतजार करते  हैं… — नवीन समाचार : समाचार नवीन दृष्टिकोण से….नवीन समाचार, खटीमा, 4 अगस्त 2022। इतिहासकार डॉ. अजय रावत के खिलाफ खटीमा थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। उन पर उनकी ‘उत्तराखंड का समग्र राजनीतिक इतिहास‘ नाम की नई किताब में थारू समाज के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करने का आरोप है।

Uttarakhand Ka Samagra Rajnetik Itihas: Buy Uttarakhand Ka Samagra Rajnetik  Itihas by DR. AJAY SINGH RAWAT at Low Price in India | Flipkart.comइस मामले में थारू समाज की ओर से पिछले दिनों नगर के साथ ही जिला मुख्यालय स्थित एसपी कार्यालय पर प्रदर्शन भी किया गया था। साथ ही कई एक शिकायती पत्र भी दिए गए थे। इस पर कार्रवाई करते हुए कोतवाली खटीमा पुलिस ने गुरुवार को उनके विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 153-ए-505(2) तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (नृशंसता निवारण) अधिनियम 1989 की धारा 3(1)(यू) के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया है।

इस बारे में पूछे जाने पर डॉ. रावत ने बताया कि उन्होंने अपनी पुस्तक ‘उत्तराखंड का समग्र राजनीतिक इतिहास‘ में नेविल द्वारा 1904 में लिखे नैनीताल के सरकारी गजेटियर को उद्धरित कर थारू समाज के इतिहास को लिखा है। अपनी ओर से कुछ भी नहीं लिखा है। साथ ही इस उल्लेख पर थारू समाज की आपत्ति आने के बाद अपनी पुस्तक को बाजार से हटा दिया है तथा पुस्तक से भी आपत्तिजनक शब्द को हटा दिया हैं। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : पत्नी को चिकित्सक का ‘भाभी’ कहना ऐसा खला कि… पत्नी को पहुंचाना पड़ गया अस्पताल

प्रतीकात्मक तस्वीर नवीन समाचार, हल्द्वानी, 21 फरवरी 2022। आजकल कौन ‘भैया’, ‘भाभी’, ‘अंकल’ या ‘आंटी’ कहने से भी चिढ़ जाए, कुछ पता नहीं चलता। अब एक ऐसा मामला आया है कि एक व्यक्ति को एक चिकित्सक का अपनी पत्नी को भाभी कहना ऐसा खला कि पत्नी को अस्पताल ही भर्ती करने की जरूरत पड़ गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार शहर के बनभूलपुरा थाना क्षेत्र में एक महिला की तबीयत कुछ दिन से खराब थी। इलाके का ही एक चिकित्सक उसका इलाज करने के लिए घर पर जा रहा था। इधर शनिवार को चिकित्सक ने महिला को घर पर आकर भाभी कहकर तबीयत पूछी तो वहां मौजूद उसका पति भड़क गया।

पति का कहना है कि उसे लगा कि चिकित्सक जानबूझकर उसकी पत्नी से नजदीकी बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। इसलिए उसने हंगामा कर चिकित्सक को घर से भगा दिया। वह इतना भड़क गया था कि आसपास के लोगों ने किसी तरह उसे शांत कराया। उधर, बेवजह हंगामा करने से तनाव में आई उसकी पत्नी ने एक साथ पैरासिटामोल की पांच गोलियां खा लीं। हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : बड़ा समाचार: एससी-एसटी एक्ट में बिना हिरासत में गए ही मिली जमानत

अधिवक्ता पर दो लाख का जुर्माना - Hindi Newspaper | National News Paper |  Weekly Newspaper | thesundaypost.inनवीन समाचार, देहरादून, 25 नवंबर 2021। उत्तराखंड में अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम १९८९ के मामले में बिना हिरासत के ही आरोपित को जमानत मिल गई है। मामला भ्रष्टाचार के विरुद्ध संघर्षरत सामाजिक कार्यकर्ता चंद्रशेखर करगेती का है। चंद्रशेखर करगेती ने प्रदेश में अरबों रुपये के समाज कल्याण छात्रवृत्ति घोटाले का खुलासा किया था। उन्होंने उत्तराखंड बहुउद्देश्यीय वित्त विकास निगम में धनराशि के दुरुपयोग के मामले में जनहित याचिका दायर की थी।

तब निगम का जिम्मा गीताराम नौटियाल के पास था। इसके बाद अनुसूचित जाति आयोग के तत्कालीन सचिव गीता राम नौटियाल ने करगेती पर उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाते हुए बसंत विहार थाने में करगेती के खिलाफ एससीएसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करवाया था। गीताराम नौटियाल जौनसार वावर क्षेत्र के जनजातीय व्यक्ति हैं। बहरहाल इस मामले में करगेती ने सुप्रीम कोर्ट से राहत पा ली थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने २६ अक्टूबर २०२१ को उनकी अग्रिम जमानत के लिए विशेष अनुमति याचिका रद्द कर दी।

हाईकोर्ट ने निर्देश दिये करगेती १० नवम्बर २०२१ को संबंधित अदालत यानी अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम १९८९, पंचम सत्र न्यायाधीश देहरादून के समक्ष पेश होकर जमानत याचिका दाखिल करें। इस पर गीताराम नौटियाल ने जमानत का यह कहकर विरोध किया कि आरोपित सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना करते हुए खुद उपस्थित नहीं हुए। एससीएसटी एक्ट में दर्ज मामले का निस्तारण दो माह में पूरा होना होता है, लेकिन करगेती मामले में सहयोग नहीं कर रहे व सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट के आदेशों की अवहेलना व दुरुपयोग कर रहे हैं, जबकि आरोपित के अधिवक्ता ने कहा कि उन्होंने सतेंद्र कुमार अंतिल बनाम सीबीआई एवं अन्य मामले में सुप्रीम कोर्ट की दी गई व्यवस्था में साफ है कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम १९८९ में यह व्यवस्था लागू नहीं होती।

२३ नवम्बर को अंतरिम जमानत को लेकर जारी आदेश के क्रम में करगेती खुद अदालत में उपस्थित हुए। उनकी ओर से तर्क दिया गया कि सतेंद्र कुमार अंतिल बनाम सीबीआई एवं अन्य मामले में सुप्रीम कोर्ट ने साफ निर्देश दिये हैं कि जहां अन्वेषण के दौरान आरोपित को गिरफ्तार न किया गया हो और मामला सात साल या उससे कम सजा का हो तो आरोपित को बिना हिरासत में लिए उसके जमानत प्रार्थनापत्र को करना चाहिए। इस मामले में तो अधिकतम पांच साल की सजा ही है। विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट पंचम अपर सत्र न्यायाधीश आशुतोष मिश्रा ने आरोपित के अधिवक्ता चंद्रशेखर तिवारी, विशेष लोक अभियोजक संजीव सिसौदिया व पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता रजनीश गुप्ता के तर्क सुने व आरोपित पक्ष की ओर से पेश किये गए दृष्टांत को मानते हुए उनकी जमानत अर्जी मान ली और उन्हें २० हजार रुपये के निजी बांड व इसी धनराशि की दो जमानत पेश करने पर जमानत पर रिहा करने के आदेश दे दिये। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : ब्राह्मण भी हो रहे एकजुट, इसी सप्ताह धर्म नगरी से भरेंगे हुंकार

-26 सितम्बर को हरिद्वार में अखिल ब्राह्मण उत्थान महासभा के तत्वावधान में आयोजित होगा ‘विशाल ब्राह्मण हुंकार महासम्मेलन’
Parshuram jayanti 2021: क्षत्रियों के विनाश के बाद हताश हो गए थे भगवान  परशुराम - Spirituality AajTakडॉ. नवीन जोशी, नवीन समाचार, नैनीताल, 22 सितंबर 2021। बदलते समय के साथ स्वयं को उपेक्षित महसूस कर रहे ब्राह्मण भी अपनी मांगों व समस्याओं पर मुखर होने जा रहे हैं। अखिल ब्राह्मण उत्थान महासभा के तत्वावधान में ब्राह्मणों के सभी संगठन आगामी 26 सितंबर को एक मंच पर आकर धर्म नगरी हरिद्वार के ज्वालापुर में आयोजित होने वाले विशाल ब्राह्मण हुंकार महासम्मेलन में शिरकत कर सरकार को कई बिंदुओं पर मांग पत्र प्रेषित करेंगे।

महासभा के प्रदेश मीडिया प्रभारी राजू पांडे ने बताया कि हरिद्वार में होने वाले विशाल ब्राह्मण हुंकार महासम्मेलन में राज्य भर से करीब 3 हजार से अधिक ब्राह्मण एकजुट होंगे। इस महासम्मेलन में भगवान परशुराम के जन्म दिवस पर सार्वजनिक अवकाश की मांग, उत्तराखंड के मंदिरों के पुरोहितों को मासिक भत्ता दिये जाने, सवर्ण आयोग का शीघ्र गठन करने, राज्य के प्रत्येक शहर में भगवान परशुराम की प्रतिमा लगाने की अनुमति देने व ब्राह्मण निर्धन कन्याओं के लिये शिक्षा एवं विवाह हेतु आर्थिक सहायता प्रदान किये जाने सहित अन्य बिंदुओं पर सरकार को मांग पत्र प्रेषित किया जायेगा।

उन्होंने बताया कि सम्मेलन की तैयारियों को लेकर अखिल ब्राह्मण उत्थान महासभा के प्रदेश अध्यक्ष पंडित विशाल शर्मा व वरिष्ठ उपाध्यक्ष पंडित हेम चंद्र भट्ट सहित अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी जुटे हुए हैं। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। 

यह भी पढ़ें : आयोग की जनसुनवाई में अनुपस्थित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस, खनन मामले में निलंबन के आदेश

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 18 अगस्त 2021। मुख्यालय स्थित नैनीताल क्लब में मंगलवार और बुधवार को अनुसूचित जाति आयोग के उपाध्यक्ष पीसी गोरखा द्वारा विभिन्न शिकायतों का निस्तारण करने हेतु जनसुनवाई की गई। इस दौरान मंगलवार को 23 और बुधवार को बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के पंजीकृत 28 में से 25 मामलों की सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अनुपस्थित रहे अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस भेजा गया।

इसके अलावा एसडीएम मुनस्यारी को खड़िया खनन के प्रकरण में शिकायत कर्ता के फर्जी हस्ताक्षर की जांच कर मामले में लिप्त अधिकारियों की संलिप्तता पाए जाने पर उन्हें निलम्बित करने के सख्त आदेश भी जारी हुए। साथ ही मामले की गम्भीरता को देखते हुए अग्रिम आदेश तक खड़िया की निकासी पर रोक लगा दी गयी। इस अवसर पर अनुसूचित जाति आयोग की सचिव कविता टम्टा, विधि सलाहकार देव सिंह व मनीष सेमवाल तथा एसडीएम बागेश्वर जोगेंदर सिंह, नैनीताल प्रतीक जैन, आरएस रौतेला, मानस मित्तल, पदमेंद्र सकलानी, हेम चंद्र तिवाड़ी, नरेश कुमार, सपना रानी सहित अनेक अधिकारी और लाभार्थी मौजूद रहे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। 

यह भी पढ़ें : ब्राह्मण महासभा ने पूछा-20 फीसद होने के बावजूद 10 फीसद में ही भागीदार क्यों, कहा-मांगा ब्राह्मणों के लिए आरक्षण व अगला मुख्यमंत्री

नवीन समाचार, नैनीताल, 03 अप्रैल 2021। अखिल ब्राह्मण उत्थान महासभा के प्रदेश अध्यक्ष पंडित विशाल शर्मा ने कहा कि उत्तराखंड में 22 लाख यानी राज्य की जनसंख्या के 20 फीसद ब्राह्मण हैं, फिर भी राज्य में उनकी भागेदारी राज्य की मौजूदा सरकार में 90 फीसद भागीदारी वाली केवल एक जाति विशेष को छोड़कर शेष अन्य सभी जातियों के साथ केवल 10 फीसद में है। राज्य सरकार में 90 फीसद फीसद दायित्व भी एक ही जाति विशेष के लोगों के पास हैं। उन्होंने कहा कि ब्राह्मणों के बच्चे अच्छे प्रदर्शन के बावजूद सरकारी नौकरियां प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं, और फलस्वरूप आत्महत्या कर रहे हैं।

इसलिए अखिल ब्राह्मण उत्थान महासभा ब्राह्मणों के लिए गुजरात व पंजाब की तरह आरक्षण की मांग करती है। करीब 40 हजार की सदस्य संख्या वाली महासभा आगामी विधानसभा चुनाव में उसी पार्टी का सहयोग करेगी जो अपने चुनावी एजेंडे में साफ तौर पर ब्राह्मणों को आरक्षण देने की घोषणा करेंगे। उन्होंने राज्य में पिछले 10 वर्षों से एक ही जाति विशेष से मुख्यमंत्री से होने की बात करते हुए राज्य में अगला मुख्यमंत्री ब्राह्मणों से बनाने की मांग भी की।

पत्रकार वार्ता में मौजूद ब्राह्मण महासभा के पदाधिकारी।

पंडित शर्मा रविवार को नगर में एक पत्रकार वार्ता में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण शास्त्रों के साथ ही शस्त्रों में भी निपुण हैं। परशुराम उनके आदि भगवान हैं। इसलिए वे प्रारंभिक तौर पर भगवान परशुराम की जयंती 14 मई को उसी तरह अवकाश घोषित करने की मांग कर रहे हैं, जैसे राज्य में बेहद कम जनसंख्या के बावजूद छठ पूजा व गुड फ्राइडे को अवकाश होते हैं।

उन्होंने बताया कि आगामी 14 मई को राज्य के 10 हजार ब्राह्मणों का सर्वदलीय सम्मेलन हल्द्वानी में होगा। उन्होंने दोहराया कि देश में या तो आरक्षण की व्यवस्था समाप्त होनी चाहिए, अथवा आर्थिक आधार पर आरक्षण दिया जाना चाहिए अथवा ब्राह्मणों को आरक्षण दिया जाना चाहिए। इस मौके पर महासभा के प्रदेश मीडिया प्रभारी राजू पांडे व हल्द्वानी के नगर महामंत्री ललित मोहन पांडे भी मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें : हद है: लॉक डाउन में सरकार ने काम तो करा लिया पर मानदेय नहीं देगी

-सेवाओं के बावजूद भोजनमाताओं को जून माह का वेतन नहीं मिलने का प्राविधान, भोजनमाताओं ने मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
नवीन समाचार, नैनीताल, 30 जून 2020। प्रगतिशील भोजन माता संगठन के नैनीताल जनपद के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को अपनी 5 सूत्री मांग को लेकर सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में संगठन का कहना है कि भोजन माताओं को क्वारंन्टाइन सेंटरों में काम पर लगाया गया है, लेकिन उनको सुरक्षा के कोई उपकरण मुहैया नहीं कराए गए हैं, साथ ही मदद के रूप में कोई सहयोग राशि भी नहीं दी गई है।

संगठन की महामंत्री रजनी जोशी ने कहा कि भोजन माता बहुत गरीब परिवारों से आती हैं और उन्हें मिलने वाला मानदेय मात्र मात्र 2000 रुपए मासिक वर्ष में केवल 11 माह ही मिलता है। बढ़ती महंगाई में इससे उनका घर चलना पहले मुश्किल ही होता है, जबकि अब लॉक डाउन में कार्यरत रहने के बावजूद उन्हें इस जून माह का मानदेय नहीं मिलना है। उन्होंने बताया कि ज्ञापन देने के दौरान एसडीएम अपने कार्यालय में मौजूद नहीं थे।

करीब डेढ़ घंटे के इंतजार के बाद उनकीएसडीएम ने फोन पर बात हो पाई, और काफी देर रुकने के बाद ही ज्ञापन दे पाये। ज्ञापन में उन्होंने न्यूनतम मानदेय 15000 रुपए करने, महंगाई भत्ता तथा जून माह का मानदेय भी देने, क्वारंटाइन सैंटरों में लगी भोजन माताओं को सुरक्षा के उपकरण मुहैया कराने एवं मदद के रूप में प्रतिमाह हजार रुपए की सहयोग राशि देने की मांग भी की है।

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-दलित भोजन माता के हाथ का खाना न खाकर घर से खाना मंगवाने का आरोप
नवीन समाचार, नैनीताल 20 मई 2020। देश में कोरोना संक्रमण के बीच देश-दुनिया में साफ-सफाई व संक्रमण के दृष्टिगत सामाजिक-शारीरिक दूरी बरतने के दिशा-निर्देशों के बीच अस्पृश्यता को लेकर उठे प्रश्नों के बीच नैनीताल जनपद में एक नाबालिग सहित दो लोगो पर अस्पृश्यता निवारण अधिनियम 1955 सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ है। गांव के विद्यालय में क्वारन्टाइन किये गये सवर्ण जाति के 12 वर्षीय नाबालिग व उसके चाचा पर आरोप है कि वह दलित भोजन माता के हाथ का बना खाना नहीं खा रहे हैं, बल्कि अपने घर से भोजन मंगा कर खा रहे हैं। इस मामले में ग्राम प्रधान मुकेश चंद्र की शिकायत पर राजस्व पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।

मामले में ग्राम पंचायत भुमका के ग्राम प्रधान मुकेश चंद्र ने राजस्व निरीक्षक पट्टी नाई तहसील धारी जनपद नैनीताल को लिखित शिकायती पत्र दिया है कि पूर्व माध्यमिम विद्यालय ग्राम सभा भुमका में बाहर से आने के कारण क्वारन्टाइन किये गये पांच लोगों में से तीन लोग अनुसूचित जाति के व दो सवर्ण जाति के हैं। सवर्ण जाति के दिनेश मेलकानी पुत्र पान देव मेलकानी व नाबालिग अंकित चंद्र पुत्र कैलाश चंद्र मेलकानी जातिवादी हीन भावना के कारण भोजन माता के हाथ का बना भोजन-पानी नहीं ले रहे हैं, बल्कि अपने घर से मंगा रहे हैं। इस मामले में उन्होंने अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार अधिनियम 1989, अस्पृश्यता निवारण अधिनियम 1955 व महामारी एक्ट 188 एवं संबंधित प्राविधानों के तहत कार्रवाई करने की मांग की। इस पर राजस्व उपनिरीक्षक रवि पांडे ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू करने की बात कही है।

इस मामले में कुछ नये तथ्य भी उजागर हुए हैं। देश-प्रदेश के एक प्रतिष्ठित समाचार चैनल की हूबहू कॉपी कर बनाये गये एक यूट्यूब चैनल न्यूज31 उत्तराखंड का एक वीडियो इस संबंध में सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। जिसमें कथित तौर पर चेहरे पर मास्क लगाया हुआ रिपोर्टर पूर्व माध्यमिम विद्यालय भुमका में बने क्वारन्टाइन सेंटर में क्वारन्टाइन किये गये लोगों का इसी विषय में साक्षात्कार लेता नजर आता है। बाद में उसी के डीलडॉल व कमीज पहने व्यक्ति इसी वीडियो में ग्राम प्रधान के रूप में अपना वक्तव्य देता है। यानी ऐसा लगता है कि ग्राम प्रधान ही रिपोर्टर के रूप में लोगों के साक्षात्कार ले रहा है। इस साक्षात्कार के शुरू में यह बात भी कही जाती है कि अब तक क्वारन्टाइन किये गये अनुसूचित जाति के व्यक्ति भी अपने घरों से ही भोजन ला रहे थे। इस मामले में क्षेत्रीय लोग ग्राम प्रधान के गैर अधिकृत यूट्यूब चैनल के रिर्पोटर के रूप में क्वारन्टाइन में जाकर नाबालिग बच्चे व अन्य की निजता को सार्वजनिक करने के भी आरोप लगा रहे हैं।

दूसरे, आरोपित युवक दिनेश मेलकानी के द्वारा नैनीताल के जिलाधिकारी को पत्र लिखकर कहा है कि वह स्वयं अथवा अपनी माता आदि परिजनों के हाथ का ही भोजन करते हैं। उन्हें धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार भी स्वयं बनाये भोजन को ग्रहण करने का अधिकार देता है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उसे ग्राम प्रधान मुकेश बौद्ध उन पर भोजन माता के द्वारा बनाया भोजन ग्रहण करने के लिए बाध्य किया जा है। इस कारण वह मानसिक तनाव महसूस कर रहा है। मुकेश बौद्ध के खिलाफ जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाये, अन्यथा वह आत्महत्या के लिये विवश होगा।

इधर नैनीताल जनपद के जिलाधिकारी सविन बंसल ने अन्य मामले में बुधवार को जनपद के ग्राम प्रधानों को पत्र लिखकर कहा है, ‘चूंकि गांव में क्वारन्टाइन किये गये लोग गांव के ही निवासी हैं, इसलिये उनके भोजन व बिस्तर की व्यवस्था उनके घरों से करा ली जाये। यदि प्रवासी के घर के लोग बहुत गरीब हैं तो ग्राम प्रधान इसकी व्यवस्था करें और खर्च की प्रतिपूर्ति वित्त आयोग की कन्टीजेंसी मद से करा लें’।

इस प्रकार देखें तो क्वारन्टाइन में रखे गये लोगों के भोजना का पहला विकल्प उनके घरों से भेाजन मंगाने का ही है। घरों की आर्थिक स्थिति खराब होने पर ही ग्राम प्रधानों को भोजन का प्रबंध करना है। इस तरह इस मामले में कई नये पक्ष भी सामने आ रहे हैं। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

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