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प्राथमिक विद्यालय खोलने के लिए जारी हुए दिशा-निर्देश, जानें कितनी देर व किन शर्तों के साथ खुलेंगे स्कूल

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नवीन समाचार, देहरादून, 18 सितंबर 2021। उत्तराखंड सरकार ने राज्य में आगामी 21 सितंबर से प्राथमिक विद्यालयों को खोलने के लिए शनिवार को एसओपी यानी दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। एसओपी के अनुसार एक से पांचवीं तक के विद्यालय तीन घंटे के लिए ही चलेंगे। विद्यालयों को खोले जाने से पहले सैनिटाइज किया जाएगा। विद्यालयों छात्रों से केवल ट्यूशन फीस ही ले सकेंगे। अन्य किसी भी गतिविधि का शुल्क नहीं लिया जाएगा। साथ ही स्कूलों में पाठ्यक्रम से इतर अन्य सभी गतिविधियों पर भी रोक रहेगी। छात्रों को स्कूल आने के तीन दिन के भीतर अभिभावकों से सहमति पत्र विद्यालय में जमा कराना होगा।

इस आदेश के बाद प्रदेश में कोविड की वजह से पिछले डेढ़ साल से अधिक समय से बंद चल रहे कक्षा एक से पांचवीं तक के 14007 सरकारी और निजी विद्यालयों के 21 सितंबर से खुलने का रास्ता साफ हो गया है। शिक्षा सचिव राधिका झा ने शनिवार को प्राथमिक स्कूलों के लिए एसओपी जारी करते हुए कहा कि हर जिले में सीईओ की जिम्मेदारी होगी कि कि संक्रमण पाए जाने पर तत्काल प्रशासन-स्वास्थ्य विभाग को सूचना हो जाए। कोविड़ 19 सुरक्षा से जुड़े बाकी सभी मानक पूर्व में जारी एसओपी के अनुसार लागू रहेंगे। जर्जर स्कूलों में पढाई नहीं कराई जाएगी। घर से पढ़ने के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन पढृाई के लिए शिक्षक अपने हिसाब से समय तय कर सकते हैं। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड में प्राथमिक विद्यालयों के खुलने की तारीख तय

नवीन समाचार, देहरादून, 17 सितंबर 2021। उत्तराखंड में प्राथमिक विद्यालयों के खुलने की तारीख तय हो गई हैं राज्य में 21 सितंबर से प्राथमिक विद्यालय खुल जाएंगे। सीएम पुष्कर सिंह धामी की मंजूरी के बाद शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने इसके आदेश दे दिए हैं। शिक्षा मंत्री ने बताया कि स्कूल बंद होने की वजह से शिक्षा पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। इधर कुछ समय में कोविड-19 के संक्रमण में गिरावट आई है। इसलिए स्कूल खोले जा रहे हैं।

मंत्री ने जोर देते हुए कहा कि स्कूल तो जरूर खोले जा रहे हैं, लेकिन छात्र अपने अभिभावकों की सहमति के बाद ही स्कूल आएंगे। जो अभिभावक अपने बच्चों को अभी स्कूल नहीं भेजना चाहते, उन पर स्कूल दबाव नहीं बनाएंगे। उन्होंने कहा कि कक्षाएं शुरू करने के लिए कोविड दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाएगा। जो छात्र घरों से ही पढ़ाई जारी रखना चाहेंगे, उनके लिए ऑनलाइन, वर्कशीट आदि की पूर्व की व्यवस्था को जारी रहेगी। विद्यालयों को खोलने के लिए पूर्व में जारी विस्तृत एसओपी का पालन किया जाएगा। फिलहाल वहीं जारी रहेगी। प्राइमरी स्तर के बच्चों की सुरक्षा के लिए जो भी आवश्यक होगा, उसके भी प्रावधान किए जाएंगे।

उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड में कोरोना की महामारी की वजह से मार्च 2020 से प्राथमिक विद्यालय बंद हैं। जबकि इधर 2 अगस्त से 9वीं से 12 वीं तक के और 16 अगस्त से छठी से आठवीं तक के स्कूलों में पढ़ाई शुरू हो चुकी है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : शिक्षक दिवस: दो पूर्व शिक्षिकाओं को पूर्व छात्रों ने दिया ऐसा तोहफा कि रखेंगी ताउम्र याद

डॉ. नवीन जोशी, नवीन समाचार, नैनीताल, 5 सितंबर 2021। शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षकों के सम्मान की बात तो बहुत होती है, पर वास्तव में कितने लोग अपने शिक्षकों का सम्मान कर पाते हैं। इधर शिक्षा नगरी भी कही जाने वाली सरोवरनगरी के प्रतिष्ठित सेंट जोजेफ कॉलेज के पूर्व छात्रों के संगठन-ओल्ड बॉयज एसोसिएशन ने अपनी दो पूर्व अध्यापिकाओं कालीन डेनियल पाल्मर एवं पामेला जेन मेडली का जैसा सम्मान किया, उसे वह निश्चित ही ताउम्र याद रखेंगी।

एसोसिएशन के सदस्यों ने उन्हें आज प्रशस्ति पत्र एवं 50000 रुपये के चेक प्रदान किये। इस पर दोनों अध्यापिकाओं ने भावुक होकर ओल्ड बॉयज एसोसिएशन को धन्यवाद दिया। इसके अलावा विद्यालय के टॉपर छात्रों-उत्कर्ष सती, देव बवाड़ी, अयान बजाज एवम अभिजीत लोधियाल को 60 हजार रुपए के चेक भी भंेट किए गए। बताया गया कि एसोसिएशन प्रति वर्ष विद्यालय के टॉपर छात्रों को 60 हजार रुपयों की आर्थिक मदद प्रदान करती है। इस अवसर पर सेंट जोजेफ कॉलेज नैनीताल ओल्ड बॉयज एसोसिएशन के अध्यक्ष अंतरराष्ट्रीय धावक हरीश तिवारी, सचिव गगनदीप चढ्ढा एवं कोषाध्यक्ष नोमान सिद्दीकी के साथ ही विद्यालय के प्रधानाचार्य ब्रदर हेक्टर पिंटो एवं ब्रदर सुपीरियर ब्रदर रायन फर्नांडेज उपस्थित रहे। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : पांचवी तक के विद्यालय खोले जाने पर दो टूक बोले उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री

नवीन समाचार, देहरादून, 3 सितंबर 2021। राज्य के शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे एक बार फिर पांचवी तक की कक्षाओं को खोले जाने पर बोले हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों की पढ़ाई का काफी नुकसान हुआ है, लेकिन बच्चों के जीवन से अधिक जरूरी कुछ भी नहीं है। उनके जीवन का जोखिम नहीं लिया जा सकता है। देश के कई राज्यों में कोविड के प्रभाव के साथ ही बुखार आदि से भी जनहानि हुई है।

इन विषयों को देखते हुए उत्तराखंड सरकार स्वास्थ्य विभाग की गाइड लाइन का पालन करेगी। जब राज्य सरकार को स्वास्थ्य विभाग से स्पष्ट दिशा-निर्देश मिलेंगे। सरकार तत्काल बच्चों के स्कूल खोलने पर विचार करेगी। बहरहाल, अभी राज्य सरकार का छोटे बच्चों के स्कूल खोलने का कोई इरादा नहीं है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : ऑनलाइन कक्षाएं जारी रखने की मांग पर डीएम से मिले अभिभावक, शिक्षकों ने भी रखा अपना पक्ष

UP Government Allows Universities and Colleges to Conducted Online Classes  from Today, Roaster wise 50 per cent Staff to Attend Campusडॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 23 अगस्त 2021। नैनीताल पेरेंट्स एसोसिएशन नैनीताल ने सोमवार को जिलाधिकारी धीराज गर्ब्याल को पत्र सौंपकर ऑनलाईन कक्षा का संचालन जारी रखने की मांग की। ज्ञापन सोंपते हुए एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना था कि नैनीताल के कुछ विद्यालयों के द्वारा अभिभावकों को सूचना दी जा रही है कि विद्यालय खुलने के पश्चात ऑनलाईन कक्षाएं नहीं चलेंगी। इसका संज्ञान लेकर अभिभावक संघ ने डीएम गर्ब्याल से भेंट कर उन्हें पत्र सौपा।

इस पर डीएम श्री गर्ब्याल ने तत्काल जनपद के मुख्य शिक्षा अधिकारी केके गुप्ता को फोन कर सभी विद्यालयों को ऑनलाइन कक्षाएं जारी रखने हेतु निर्देश दिये, और कहा कि इस बारे में सभी विद्यालयों को आदेश जारी कर व्यवस्था को बनाए रखें। डीएम से मिलने वालों में एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष कुमार, सचिव नीरज जोशी, निवेदिता, और हितेश साह आदि शामिल रहे।

गौरतलब है कि इस मामले में निजी स्कूलों के कई शिक्षकों ने ‘नवीन समाचार’ को संपर्क कर कहा कि ऑनलाइन कक्षाएं पढ़ाने में उन्हें काफी समस्याएं आ रही हैं। खासकर विद्यालय खुलने के बाद ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों तरीके से पढ़ाया जाना उनके लिए समय की उपलब्धता के दृष्टिकोण से संभव नहीं है। यदि ऑनलाइन-ऑफलाइन दोनों तरह से पढ़ाने की बाध्यता होगी तो उन्हें भी उच्च न्यायालय की शरण लेनी पड़ेगी। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : एक्सक्लूसिव: नैनीताल में एक विद्यालय का फरमान, 24 से नहीं होगी ऑनलाइन पढ़ाई, पैरेंट्स एसोसिएशन ने दी हाईकोर्ट जाने की धमकी

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 21 अगस्त 2021। नैनीताल के एक विद्यालय द्वारा अपने यहां पढ़ने वाले बच्चों से कहा गया है कि आगामी 24 अगस्त से ऑनलाइन कक्षाएं नहीं होंगी, और बच्चों को कक्षाओं में आना होगा। विद्यालय की एक शिक्षिका द्वारा ह्वाट्सएप बच्चों को इस संबंध में मैसेज भेजा गया है। इस पर नैनीताल पैरेंट्स एसोसिएशन में जबर्दस्त विरोध शुरू हो गया है।

नैनीताल पैरेंट्स एसोसिएशन ने इस पर मुख्यालय के समस्त विधालयों के प्रधानाचार्यों को पत्र भेजकर इसे विद्यालय की ओर से धमकी बताते हुए विरोध जताया है, और इसे उत्तराखंड शासन के गत 31 जुलाई के आदेश संख्या 492 का उल्लंघन बताया है, जिसमें कहा गया था कि विद्यालय ‘हाइब्रिड मोड में’ यानी ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों मोड में चलेंगे। किसी विद्यार्थी पर विद्यालय आने के लिए दबाव नहीं बनाया जाएगा। साथ ही शासनादेश के अनुरूप ऑनलाइन कक्षाएं भी जारी रखने को कहा है।

इस बारे में आपकी प्रिय एवं भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ से बात करते हुए नैनीताल पैरेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष कुमार ने कहा कि 24 अगस्त से ऑनलाइन कक्षाएं नहीं होने के साथ परीक्षा भी विद्यालय में आकर देने को कहा गया है। जबकि अब तक बच्चों को टीके भी नहीं लगे हैं, और कोविड की तीसरी लहर की आशंका बनी हुई है। इस मुद्दे पर प्रधानाचार्यों को पत्र भेजने के बाद संगठन के सदस्य सोमवार को जिलाधिकारी से मिलेंगे, और यदि इसके बावजूद विद्यालय अपना फरमान वापस नहीं लेता है तो उच्च न्यायालय में याचिका दायर की जाएगी। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : राष्ट्रीय शहीद सैनिक स्मारक विद्यापीठ के बच्चों को मिले तोहफे

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 14 अगस्त 2021। मुख्यालय स्थित राष्ट्रीय शहीद सैनिक स्मारक विद्यापीठ में शनिवार को नैनीताल ज्ञान प्रगति समूह एवं गुरुग्राम के संदीप अग्रवाल फाउंडेशन (ड्रूम कंपनी) के द्वारा विद्यालय में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत व सम्मानित किया गया। फाउंडेशन की ओर से कक्षा 12 एवं कक्षा 10 में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली दो छात्राओं स्वाति गैड़ा तथा अंजलि आर्या को सम्मानित किया। साथ ही राकेश कुमार व विनीता को विद्यालय में काम करने हेतु एवं नेहा बिष्ट, अनिल, वर्षा व ललिता, आदि को लैपटॉप प्रदान किए गए।

राष्ट्रीय शहीद सैनिक स्मारक विद्यापीठ में लैपटॉप एवं पुरस्कार प्राप्त करने वाले बच्चे।

बताया गया कि फाउंडेशन के द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे गरीब एवं जरूरतमंद लोगों को लैपटॉप प्रदान किए जाते हैं। इसके अलावा नैनीताल ज्ञान प्रगति समूह की अध्यक्ष ललिता नैनवाल एवं पंकज ने संस्था के अध्यक्ष आईपीएस अधिकारी विनोद कुमार के नेतृत्व में छात्रों को सम्मानित किया। बताया गया कि यह संस्था विद्यालय के कक्षा 1 से लेकर 12 तक प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों को वर्ष 2014 से पुरस्कृत करती है। विद्यालय की प्रधानाचार्य तारा बोरा ने 10 लैपटॉप देने के लिए संदीप अग्रवाल फाउंडेशन के प्रति आभार व्यक्त किया, तथा छात्रों का आह्वान किया कि वह अपने जीवन में हमेशा आगे बढं़े और लेपटाप का प्रयोग अपने तकनीकी ज्ञान को बढ़ाने में करें। सम्मान समारोह में विद्यालय के शिक्षक डीएस मेहरा, कुंदन, विमलेश, ममता, मधुर लता, राजेंद्र सिंह, विनीता, तारा बिष्ट, गीता तिवारी, राधा जोशी, भगवती व राकेश कुमार आदि भी उपस्थित रहे।

यह भी पढ़ें : ग्लोबल एकेडमी और सीएससी बाल विद्यालय के नव निर्मित भवन का विधायक ने किया उद्घाटन

अल्चौना में ग्लोबल एकेडमी स्कूल के नए भवन का शुभारंभ करते विधायक राम सिंह कैड़ा।

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 13 अगस्त 2021। क्षेत्रीय विधायक राम सिंह कैड़ा ने शुक्रवार को जनपद के अल्चौना में ग्लोबल एकेडमी और सीएससी बाल विद्यालय के नव निर्मित भवन का उद्घाटन किया। बताया गया है कि नवनिर्मित विद्यालय भवन में सुसज्जित स्मार्ट क्लास, 15 कम्प्यूटर की आकर्षक कम्प्यूटर लैब, एलेक्सा लैब, विज्ञान प्रयोगशाला के साथ खेलों तथा स्काउट कक्ष आदि बनाए गए हैं। साथ ही विद्यालय में ‘टेक्नोलॉजी बेस्ड प्लेफुल लर्निंग’ यानी तकनीकी आधारित एवं खेल-खेल में शिक्षा की प्रविधि पर शिक्षा दी जाएगी, तथा बच्चों को प्राथमिक स्तर से ही तकनीकी का ज्ञान कराया जाएगा। यहां प्री-प्राइमरी स्तर से ही टेबलेट के द्वारा पढ़ाये जाने की भी योजना है।

इसके अलावा विद्यालय के प्रबंधक लोकेश तिवारी ने बताया कि आगामी 1 सितंबर से स्थानीय युवाओं को प्रधानमंत्री डिजिटल साक्षरता अभियान के तहत कम्प्यूटर का 1 माह का प्रशिक्षण मुफ्त में कराया जाएगा। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य अनिल चनौतिया, ग्राम प्रधान पूरन भट्ट, क्षेत्र पंचायत सदस्य अनिता आर्या, फाउंडेशन लोकेश एग्रो के लोकेश वर्मा, प्रधानाचार्य सुनीता तिवारी, रेनू देवका, ललित पलड़िया, नरेंद्र तिवारी, धीरेंद्र अलचौनी, दयाकिशन पलड़िया, डुंगर पडियार, जानकी आर्या, गिरीश बिष्ट व हेमा जोशी आदि लोग उपस्थित रहे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : विद्यालयों को दो से खोलने पर HC ने किया सरकार का जवाब तलब

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 4 अगस्त 2021। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार के दो अगस्त से स्कूल खोले जाने से संबंधित मंत्रिमंडल के फैसले और शासनादेश के खिलाफ दायर याचिका पर राज्य सरकार से 17 अगस्त तक जवाब देने को कहा है।

देहरादून निवासी विजय सिंह ने उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर कर कहा है कि शासनादेश में कई तरह की खामियां है। पर्वतीय क्षेत्रों के सरकारी विद्यालयों में इन मानकों को पूरा करना संभव नहीं है। जैसे शासनादेश में कहा गया है कि कि स्कूल 4-4 घंटे की दो पालियों में खोले जाएंगे। पहली पाली में 9 से 12 की कक्षाओं और दूसरी पाली में 6 से 8 तक की होगी। मध्याह्न में कक्षाओं को पूर्ण रूप से सेनेटाइज किया जाएगा। शनिवार व रविवार को जिला प्रशासन, नगर पालिका व स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से स्कूल सेनेटाइज होंगे। जिसकी जिम्मेदारी प्रत्येक जिले के मुख्य शिक्षा अधिकारी की होगी, सरकारी स्कूल व दुर्गम क्षेत्र के विद्यालयों में ऐसा कर पाना नामुमकिन है। शासनादेश में यह भी कहा गया है कि बिना अभिभावकों के सहमति के बच्चों को स्कूल नही बुलाया जाएगा और कक्षाएं ऑनलाइन और भौतिक रूप से चलेंगी। इसमे भी समस्याएं आएंगी। पिछले डेढ़ साल से बच्चों की स्कूल जाने की आदत छूट चुकी है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : हाईकोर्ट पहुंचा आज से स्कूलों के खुलने का मामला, उधर कम ही बच्चों ने कहा ‘स्कूल चले हम’

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 2 अगस्त 2021। उत्तराखंड उच्च न्यायालय में आज दो अगस्त से स्कूल खोले जाने के राज्य मंत्रिमंडल के फैसले के खिलाफ जनहित याचिका दायर हो गई है। याचिका पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति आरएस चौहान व न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता से शासनादेश को चुनौती देने को कहा है, और मामले में अगली सुनवाई के लिए चार अगस्त की तिथि नियत कर दी है।

देहरादून निवासी विजय सिंह ने उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर कर कहा है कि राज्य मंत्रिमंडल प्रदेश में कोरोना संक्रमण के मामले जारी रहने कौर राज्य के पहाड़ी क्षेत्रों में अभी भी काफी लोगों को कोरोना के टीके की पहली डोज भी नहीं लगने के बावजूद स्कूल खोले जाने का निर्णय ले लिया है, जो कि गलत है। सोमवार को सुनवाई के दौरान याची की ओर से न्यायालय को यह भी अवगत कराया कि उन्होंने मंत्रिमंडल के निर्णय को चुनौती देते हुए 29 जुलाई को याचिका दायर कर दी थी, जबकि सरकार ने शासनादेश 31 जुलाई को जारी किया है। इसलिए उन्हें जनहित याचिका में संशोधन के लिए समय दिया जाए। इस पर पीठ ने याची को दो दिन का समय देते हुए सुनवाई के लिए चार अगस्त की तिथि तय कर दी है।

खुले स्कूल, पर कम ही बच्चों ने कहा ‘स्कूल चले हम’
नैनीताल। कोरोना के मामले बढ़ने के कारण लगे लॉकडाउन की वजह के बंद उत्तराखंड के अधिकांश विद्यालय सोमवार को खुल गए और नौवीं से 12वीं कक्षा के बच्चे ‘स्कूल चले हम’ कहते हुए स्कूलों को निकले। इस दौरान कक्षाओं में उपस्थिति सामान्य तौर पर कम ही रही, फिर भी शुरुआत अच्छी रही। विद्यालयों में प्रवेश के लिए बच्चों से उनके अभिभावकों की ओर से अनापत्ति घोषणा पत्र भी लिया गया। पहला दिन होने की वजह से कई बच्चे स्वीकृति पत्र की जानकारी न होने के कारण इसे नहीं ला पाए। इस कारण कुछ बच्चों को वापस भी लौटाया गया अथवा मंगलवार को लाने को कहा गया।

विद्यालयों में बच्चों को एक सीट छोड़ते हुए दूर-दून बैठाया गया। लंबे समय बाद विद्यालय खुलने से बच्चों के चेहरों पर खुशी भी देखी गई, अलबत्ता अभिभावक एवं शिक्षक कुछ हद तक कोरोना के संक्रमण के बढ़ने के प्रति सशंकित भी दिखे। नगर के सीआरएसटी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य मनोज पांडे ने बताया कि काफी कम बच्चे विद्यालय पहुंचे। जो पहुंचे वे अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं लाए थे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : कल से खुलने हैं प्रदेश भर में विद्यालय, नैनीताल के विद्यालयों की खुलने-न खुलने की अपडेट यह रही

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 1 अगस्त 2021। राज्य सरकार ने राज्य भर में सोमवार दो अगस्त से नौवीं से 12वीं कक्षा के विद्यालय खोलने के दिशा-निर्देश 31 जुलाई शनिवारर को जारी किए हैं। चूंकि दिशा-निर्देश विद्यालय खोले जाने से दो दिन पूर्व ही जारी हुए और अगला दिन रविवार यानी अवकाश का रहा, इसलिए राज्य भर के खासकर निजी, बोर्डिंग व कॉन्वेंट स्कूलों के खुलने पर असमंजस अभी भी बना हुआ है। अलबत्ता सरकारी विद्यालयों के सोमवार से खुलने की उम्मीद है।

शिक्षा नगरी नैनीताल की बात करें तो यहां दो अगस्त से किसी भी निजी, बोर्डिंग व कॉन्वेंट स्कूल के खुलने की संभावना ना के बराबर है। नैनीताल, भीमताल, नौकुचियाताल सहित नजदीकी निजी विद्यालयों के संगठन सोपसन यानी सोसायटी ऑफ पब्लिक स्कूल्स ऑफ नैनीताल के अध्यक्ष, बिड़ला विद्या मंदिर के प्रधानाचार्य अनिल शर्मा ने बताया कि शनिवार को आदेश आने और अगले दिन रविवार होने के कारण अभी स्कूलों को खोले जाने पर कोई निर्णय नहीं हुआ है। बल्कि अभी संगठन की इस बारे में कोई बैठक भी नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि विद्यालय छोटे-बड़े, बोर्डिंग-डे बोर्डिंग आदि अलग-अलग प्रकृत्ति के हैं।

पहले मीडिया में छठी से 12वीं कक्षा के विद्यालय दो अगस्त से खुलने की बात आई थी, अब एक दिन पहले केवल 9वीं से 12वीं की कक्षाएं शुरू करने का आदेश आया है। इन स्थितियों पर जल्द विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दो अगस्त से तो नहीं, अलबत्ता अगले दो-चार दिनों में अलग-अलग तिथियों से अलग-अलग विद्यालय खुल सकते हैं। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन होने व विद्यालय न खुलने की वजह से इस वर्ष विद्यालयों में प्रवेश भी काफी हद तक प्रभावित हुए हैं। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : विद्या ने 10 वीं में हासिल किए 99 % अंक तो प्रियंका रोज विद्यालय के लिए 10 किमी पैदल आना जाना कर बनी टॉपर

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 31 जुलाई 2021। शनिवार को आए उत्तराखंड बोर्ड के परीक्षाफल में निकटवर्ती पटवाडांगर स्थित एपाल देवता इंटर कालेज पटवाडांगर की छात्रा प्रियंका बिष्ट ने 12वीं की परीक्षा में 97 फीसद अंक प्राप्त किये हैं। प्रियंका के पिता मदन सिंह बिष्ट होमगार्ड हैं और एसएसपी कार्यालय नैनीताल में कार्यरत है जबकि माता भगवती बिष्ट गृहणी है। इसी विद्यालय के 12वीं के छात्र तुषार बिष्ट पुत्र भूपाल बिष्ट ने बोर्ड परीक्षाओं में 96 प्रतिशत अंक प्राप्त किये हैं। तुषार के पिता दैनिक मजदूर हैं जबकि माता संतोष बिष्ट गृहणी हैं। तुषार सेना में अफसर बन देशसेवा करना चाहता है। वहीं प्रियंका प्रशासनिक सेवा में जाना चाहती है।उल्लेखनीय है कि प्रियंका अपने घर ग्राम कूण से विद्यालय आने के लिए रोज 10 किमी पैदल आना जाना करती है।

उधर, सेंट एंथोनी इंटर कालेज में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट का परीक्षाफल शतप्रतिशत रहा है। दसवीं में विद्यालय की छात्रा विद्या भंडारी पुत्री मोहन सिंह भंडारी ने 99 फीसद अंक प्राप्त किये हैं। जबकि इंटर में रितिका नेगी पुत्री गोविंद नेगी 94 फीसद अंक प्राप्त कर विद्यालय में अग्रणी रही। प्रधानाचार्य सिस्टर दीपिका ने अच्छे शिक्षा परिणामों के लिये विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं का आभार व्यक्त किया है। उल्लेखनीय है कि बीते 15 वर्षो से विद्यालय का परीक्षाफल शतप्रतिशत रहा है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : शिक्षा विभागीय कर्मियों को शासन से जल्द बड़े तोहफे की तैयारी

नवीन समाचार, देहरादून, 31 जुलाई 2021। शिक्षा विभाग में प्रोन्नति का एक और बड़ा तोहफा मिलने वाला है। हाल में प्रधानाध्यापकों की पदोन्नति के बाद विभाग में एलटी से प्रवक्ता व प्रधानाध्यापकेां से प्रधानाचायों की प्रोन्नति पर काम चल रहा है। इसके बाद जल्द ही यह तोहफा भी मिलने की उम्मीद है।

उल्लेखनीय है कि विभाग से 75 प्रधानाध्यापकों की प्रोन्नति की पत्रावली शासन को जा चुकी है। ये वो प्रधानाध्यापक हैं, जो इस पद पर पांच साल पूरे कर चुके हैं। सरकार ने प्रधानाचार्यों के खाली पदों को देखते हुए उन प्रधानाध्यापकों को भी प्रोन्नत करने का निर्णय लिया है, जिन्हें इस पद पर ढाई साल ही हुए हैं। अलबत्ता, इस मामले को पहले मंत्रिमंडल की बैठक में लाना होगा और उसके बाद ही इस पर अमल किया जा सकेगा।

वर्तमान में शिक्षा विभाग में प्रधानाचार्यों के 1386 पद स्वीकृत हैं। इसमें से 306 पर ही प्रधानाचार्य तैनात हैं। इस प्रकार 1080 पद रिक्त चल रहे हैं। ज्यादातर पदों पर या तो प्रभारी प्रधानाचार्य काम कर रहे हैं या फिर वरिष्ठ प्रवक्ता ही काम काज संभाल रहे हैं। इसलिए विभाग ने पदोन्नति से इन पदों को भरने के लिए प्रधानाध्यापक के पद पर ढाई साल की सेवा का फार्मूला निकाला है। इसके साथ ही एलटी से प्रवक्ता के लिए भी पदोन्नति की पत्रावली चल पड़ी है। इस बार करीब दो हजार एलटी शिक्षकों को प्रवक्ता के पद पर प्रोन्नति मिलेगी। इसके लिए शासन ने लोक सेवा आयोग को अधियाचन भी भेज दिया है।

वहीं, लोक सेवा आयोग सभी एलटी शिक्षकों के प्रकरणों पर जल्द निर्णय लेगा और विषयवार वरिष्ठताक्रम तैयार करके शासन को देगा। उल्लेखनीय है कि सरकार ने हाल ही में प्रवक्ता व एलटी के वरिष्ठ शिक्षकों को प्रोन्नति देकर प्रधानाध्यापक के पद पर प्रोन्नति दी है। इसमें 303 प्रधानाध्यापक पुरुष संवर्ग से और 44 प्रधानाध्यापक महिला वर्ग से हैं। इन दिनों बहुत सारे प्रधानाध्यापक अपनी तैनाती स्थल बदलने के लिए शासन में चक्कर काट रहे हैं।

राजकीय शिक्षक संघ के प्रांतीय महामंत्री डा. सोहन सिंह माजिला ने प्रोन्नति प्रकरणों में तेजी लाये जाने पर खुशी जतायी है। साथ ही उन्होंने यह भी मांग की है कि प्रधानाध्यापक से प्रधानाचार्य के पदों के लिए ढाई साल की सेवा के प्रस्ताव पर जल्द से जल्द मुहर लगनी चाहिए, ताकि रिक्त पदों को प्रोन्नति से भरा जा सके। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : विधायक संजीव आर्य ने सिर्फ 1-1 लाख रुपए में बदल ही गांवों के स्कूलों की तस्वीर

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 15 जुलाई 2021। जी हां, ईमानदारी से कुछ कर गुजरने का जज्बा और मजबूत संकल्प हो तो कुछ भी करने में कोई बाधा नहीं रहती है। राज्य में सरकारी स्कूलों की दुर्दशा की आए दिन छपने वाली तस्वीरों के इतर नैनीताल विधानसभा के स्कूलों की तस्वीर जन प्रतिनिधियों के साथ ही अधिकारियों को भी आईना दिखाने वाली है। बड़ी बात यह भी है कि नैनीताल के इन विद्यालयों की तस्वीर केवल 1-1 लाख रुपए से बदली है।

नैनीताल विधानसभा के राप्रावि बोहराकोट का नजारा।

विधायक संजीव आर्य ने बताया कि उन्होंने अपनी विधानसभा के दूरस्थ कोटाबाग विकास खंड के ग्रामीण क्षेत्र अमगढ़ी, बोहराकोट, परेवा व अमतोली के राजकीय प्राथमिक विद्यालयों को फर्नीचर उपलब्ध कराने के लिए विधायक निधि से लगभग 1-1 लाख रुपए की धनराशि दी थी। जिसके फलस्वरूप बच्चे अब विद्यालयों में बेहद सुकून एवं आराम के साथ पढ़ सकते हैं। विधायक की इस पहल की ग्रामीण क्षेत्रों में भी तारीफ हो रही है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : कब खुलेंगे स्कूल ? केंद्रीय नीति आयोग ने दिया बड़ा जवाब….

नवीन समाचार, नई दिल्ली, 19 जून 2021। कोरोना की दूसरी लहर की गति कुंद पड़ने व लॉकडाउन खत्म होने के साथ अब हर कोई बस यही सवाल पूछ रहा है-स्कूल कब खुलेंगे। इसका जवाब नीति आयोग की ओर से आया है। जिसमें कहा गया है कि अभी स्कूल जल्द खुलने वाले नहीं है। हालांकि एम्स और डब्लूएचओ के अध्ययन में सामने आया है कि बच्चों में भी उतना ही संक्रमण पाया गया, जितना बड़ो या वयस्कों में था। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अगर कोई तीसरी लहर आती है तो बच्चों को उतना ही खतरा नहीं होगा, जितना बताया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन और एम्स ने अपने एक अध्ययन में बताया है कि 18 साल के कम के उम्र के बच्चों में कोविड-19 के खिलाफ लड़ने वाली एंटीबॉडी विकसित हुई है। इसलिए ऐसी उम्मीद है कि कोरोना की तीसरी लहर का असर बच्चों पर ज्यादा नहीं होगा। वहीं पिछले कुछ दिनों से देश में कोरोना विषाणु के नये मामलों में कमी आई है। कुछ राज्यों ने इस बीच अपने यहां पांबदियों में भी कमी की है। कई लोगों के मन में यह सवाल भी चल रहा है कि देश में स्कूल कब से खुलेंगे? इसे लेकर सरकार की तरफ से जानकारी दी गई है।

नीति आयोग (स्वास्थ्य), के अधिकारी डॉक्टर वीके पॉल ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कई अहम बातों की जानकारी दी है। उन्होंने बताया है कि राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय बोर्ड परीक्षाएं कोविड-19 महामारी की वजह से रद्द कर दी गईं हैं। केंद्र सरकार ने कहा है कि कोरोना के बाद से ही बंद स्कूलों को फिर से खोलने पर तब ही विचार किया जाएगा जब ज्यादा से ज्यादा शिक्षकों व गैर शैक्षणिक कर्मियों को टीका लग जाएगा। इसके अलावा कोविड के बच्चों पर पड़ने वाले प्रभाव की और अधिक जानकारी सामने आने के बाद ही स्कूल खोलने पर विचार किया जाएगा। डॉक्टर पॉल ने कहा कि वह समय जल्दी ही आना चाहिए। लेकिन हमें यह भी ध्यान रखना चाहिए कि कैसे विदेशों में स्कूल खोले गए थे लेकिन उन्हें फिर कोरोना के मामले बढ़ने के बाद फिर से बंद करना पड़ा था। हम अपने छात्रों और शिक्षकों को ऐसे हालात में नहीं डालना चाहते हैं। डॉक्टर पॉल ने कहा कि ऐसी कई चीजे हैं जिसके बारे में अभी तक हम नहीं जानते हैं।

स्कूलों को दोबारा खोलना एक बड़ा मुद्दा है। यह सिर्फ छात्रों के बारे में नहीं है बल्कि इसमें शिक्षक और गैर शैक्षणिक कर्मचारी भी शामिल हैं। जिस तरह कोरोना का विषाणु अपना रुप बदल रहा है उसे ध्यान में रखना होगा। आज यह बच्चों के बीच कम असरदार है लेकिन अगर कल यह ज्यादा संक्रामक हो गया तब क्या होगा? साथ ही अगर विषाणु में कोई ऐसा म्युटेशन या बदलाव आता है, तो स्थिति बदल सकती है। यही वजह है कि जब तक स्थिति और साफ नहीं हो जाती है, तब तक स्कूल जल्द नहीं खुलेंगे। सरकार भी इसको लेकर जल्दबाजी के मूड में नहीं है। डॉ पॉल ने कहा कि स्कूल में उतनी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो पाता है। जैसे-जैसे वैज्ञानिक जानकारियां और बढ़ेंगी तथा टीके उपलब्ध होते है, और शिक्षकों व अन्य गैर शैक्षणिक कर्मियों का टीकाकरण हो जाता है और हम आदत बदल लेते हैं तो ऐसा वक्त जरूर आना चाहिए जब स्कूल खुल जाएं। लेकिन फिलहाल जो हालात हैं उसे देखते हुए यही कहा जा सकता है कि अभी कुछ और समय तक स्कूल नहीं खुलेंगे और डिजिटल एजुकेशन ही जारी रहेगी। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : कोरोना के दृष्टिगत नैनीताल के दो और विद्यालय डेस्कॉलर्स के लिए बंद…

नवीन समाचार, नैनीताल, 09 अप्रैल 2021। कोरोना की दूसरी लहर के भयावह तरीके से बढ़ने के दृष्टिगत नगर के दो और प्राइवेट स्कूलों-सेंट जोसफ कॉलेज और ऑल सेंट्स कॉलेज को अगले आदेशों तक डे स्कॉलर्स के लिए बंद कर दिया गया है। इन विद्यालयों की ओर से बच्चों के अभिभावकों को भेजे गए संदेशों में बताया गया है कि नैनीताल में कोरोना के मामले अचानक तेजी से बढ़ने के कारण सुरक्षा के दृष्टिकोण से छठी से 12वीं कक्षा के डेस्कॉलर यानी रोज अपने घरों से विद्यालय आने वाले बच्चों को विद्यालय आने की आवश्यकता नहीं है। इन दोनों विद्यालयों में आगामी सोमवार से डेस्कॉलर्स के लिए ऑनलाइन कक्षाएं शुरू करने की बात कही गई है। वहीं सेंट जोसफ कॉलेज से प्राप्त जानकारी के अनुसार विद्यालय में अभी बोर्डर्स बने हुए हैं। वे विद्यालय में रहकर ही पढ़ाई करेंगे।

उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व बृहस्पतिवार को भी इसी तरह से नगर के एक विद्यालय सेंट मेरीज कॉन्वेंट को डेस्कॉलर्स के लिए बंद कर दिया गया था। गौरतलब है कि अभी केवल छठी से 12वीं कक्षाओं के लिए ही करीब एक वर्ष बाद मार्च माह में विद्यालय खुले थे और एक माह से भी कम समय बाद पुनः विद्यालय कोरोना की वजह से बंद होने लगे हैं।

यह भी पढ़ें : सेंट मेरीज कॉन्वेंट कॉलेज कोरोना के बढ़ते मामलों के दृष्टिगत बंद

नवीन समाचार, नैनीताल, 08 अप्रैल 2021। शहर में कोरोना के मामलों के बढ़ने के दृष्टिगत नगर के प्रतिष्ठित सेंट मेरीज कॉन्वेंट कॉलेज में नियमित पठन-पाठन अगले आदेशों तक बंद कर दिया गया है। विद्यालय की प्रधानाचार्या सिस्टर मंजूषा की ओर से अभिभावकों को संदेश भेजकर कहा गया है कि शुक्रवार नौ अप्रैल से छठी से 12वीं कक्षा के डे-स्कॉलर्स की डिजिटल कक्षाएं चलेंगी। वहीं ‘नवीन समाचार’ से उन्होंने कहा कि नगर में कोरोना के बढ़ते मामलों के कारण सावधानी बरतने के लिए यह निर्णय लेना पड़ा है। बॉडर्स के अभिभावकों को भी अलग से सूचना दी जा रही है।

यह भी पढ़ें : प्रधानाचार्य के रूप में अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत कर रहे नेगी

नवीन समाचार, नैनीताल, 07 अप्रैल 2021। जनपद के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय महरागांव में प्रधानार्चा धीरेंद्र नेगी अपने नवाचारों से खुद की पहलों से अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं। जुलाई 2019 से इस विद्यालय में प्रधानाचार्य पद की जिम्मेदारी संभाल रहे नेगी प्रतिवर्ष बोर्ड परीक्षा के मेधावी बच्चों को अपने वेतन से 25 हजार रुपए का नगद पुरस्कार देते हैं।

राउमावि महरागांव के प्रधानाचार्य धीरेंद्र नेगी।

इसी तरह विद्यालय के संगीत, कला, साहित्य, रंगमंच, विज्ञान एवं खेलकूद की राष्ट्रीय स्तर की प्रतिभाओं के लिए भी उन्होंने नगद पुरस्कार की घोषणा की है। इसके अलावा उन्होंने सरकारी सहायता से इतर स्थानीय जनता, अभिभावकों, ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य व प्रमुख् आदि जनप्रतिनिधियों व उदार मानसिकता वाले लोगों को साथ लेकर उनके सहयोग से विद्यालय कक्षा कक्षों को को आधुनिक फर्नीचर, ह्वाइट बोर्ड्स, उत्तम मध्याह्न व्यवस्था के साथ अत्याधुनिक तकनीकी व नवाचार से युक्त शिक्षण व्यवस्था के साथ परिसर को स्वच्छ एवं सुसज्जित कर दिया है। ऐसे कार्यों के लिए उनकी काफी सराहना भी हो रही है।

यह भी पढ़ें : निजी स्कूलों का अजब फरमान: अब ऑनलाइन पढ़ाई के लिए भी बच्चों को पहननी होगी स्कूल ड्रेस, साथ में खास जूते मौजे भी

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 06 अप्रैल 2021। कोरोना ने निजी दुकानों की तरह खुले निजी स्कूल संचालकों की कमाई पर बुरा असर डाला है। लेकिन वे भी एक व्यवसायी की तरह हर समस्या का तोड़ निकालने में माहिर हैं। सरकार-न्यायालय ने कहा कि ऑनलाइन पढ़ाई के लिए केवल ट्यूशन फीस ही ले सकते हैं, तो उन्होंने अपनी फीस के लगभग पूरे हिस्से को ट्यूशन फीस ही बता डाला और पूरी फीस वसूलने लगे। लेकिन इसके बावजूद उनकी स्कूल ड्रेस और जूते-मौजों की दुकानों से कमीशन के रूप में होने वाली कमाई बंद हो गई तो उन्होंने इसका भी तोड़ निकाल लिया है। हल्द्वानी के कुछ निजी स्कूल संचालकों ने अभिभावकों को मैसेज भेजकर ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान भी स्कूल ड्रेस और यहां तक कि साथ में खास जूते मौजे भी पहनने को कहा है।

इसके पीछे उनका तर्क यह है कि बच्चे घर से ऑनलाइन पढ़ाई करने को गंभीरता से नहीं लेते हैं। घर के रंग-बिरंगे कपड़े पहनने से पढ़ाई का माहौल भी नहीं बनता है। कई बच्चे खेलते-घूमते भी ऑनलाइन कक्षा में उपस्थित होने का अभिनय जैसा भी कर लेते हैं। इसलिए यह फरमान जारी किया गया है। उनके इस तर्क को एक हद तक मान भी लें तो क्या यह बेहतर नहीं होता कि बच्चों को उनकी पुरानी, गत वर्ष के ही शरीर के ऊपरी हिस्से में पहने जाने वाले कपड़े पहनने या नहा-धोकर, ठीक से बाल बनाकर, तैयार होकर ऑनलाइन कक्षा में बैठने को कहा जा सकता है। इससे बच्चे ऑनलाइन कक्षा के प्रति अधिक सतर्क हो सकते हैं। जबकि स्कूल संचालकों के नए फरमान के अनुसार बच्चों को खास तरह के जूते-मौजे पहनाने की क्या तुक है। क्या ऑनलाइन कक्षा के जरिए शिक्षक बच्चों को पढ़ाने की जगह एक-एक बच्चे की रंग-बिरंगे स्कूल ड्रेस और जूते-मौजे चेक करेंगे।

यह भी पढ़ें : स्कूल की प्रधानाचार्या ने खुद को कमरे में किया बंद

-बच्चों के अभिभावक स्कूल से नाम कटाकर टीसी लेने के लिए पहुंचे थे विद्यालय

नवीन समाचार, नैनीताल, 17 मार्च 2021। नगर के शेरवानी कंपाउंड स्थित एक प्राइवेट प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाचार्या द्वारा खुद को कमरे में बंद करने का मामला प्रकाश में आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार रेसी पब्लिक स्कूल में पढ़ने वाले कुछ बच्चों के अभिभावक अपने बच्चों को दूसरे विद्यालयों में प्रवेश दिलाने के लिए काफी दिनों से प्रधानाचार्या गीता घिल्डियाल से टीसी यानी ट्रांसफर सर्टिफिकेट की मांग कर रहे हैं। अभिभावकों का आरोप है कि वह पिछले दो माह से टीसी की मांग कर रहे हैं, लेकिन प्रधानाचार्या टीसी देने से इंकार कर रही हैं। बुधवार सुबह जब ऐसे ही कुछ अभिभावक टीसी लेने के लिए विद्यालय पहुंचे तो प्रधानाचार्या गीता ने खुद को कमरे में बंद कर लिया। इस पर प्रधानाचार्या के परिवार के हल्द्वानी व दिल्ली में रहने वाले लोग भी परेशान हैं। वे भी उन्हें समझाने का प्रयास का प्रयास कर रहे हैं।

उनकी एक रिश्तेदार ने बताया कि प्रधानाचार्या गीता किसी का फोन भी नहीं उठा रही हैं। उन्होंने पहले बताया था कि बच्चों को कोरोना काल में ऑनलाइन पढ़ाया गया, लेकिन अभिभावकों ने पिछले छह माह की फीस नहीं दी है, और वे फीस दिए बिना टीसी की मांग कर रहे हैं। इससे परेशान होकर उन्होंने खुद को कमरे में बंद कर लिया है।

यह भी पढ़ें : नैनीताल पैरेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन ने पब्लिक स्कूलों व सीईओ को भेजा ज्ञापन

नवीन समाचार, नैनीताल, 22 फरवरी 2021। नैनीताल नगर के अभिभावकों के संगठन ‘पेरेंट्स स्टूडेंट वेलफेयर एसोसिएशन नैनीताल’ द्वारा सभी पब्लिक स्कूलों व जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन भेजा गया। ज्ञापन में विद्यालयों में छात्र-छात्राओं एवं अभिभावकों के लिए सुलभता और बच्चों के भविष्य को लेकर चिंताएं जताई गईं। कहा गया कि पब्लिक स्कूलों के द्वारा ‘डे स्कॉलर’ बच्चों से कोरोना का आरटी-पीसीआर टेस्ट मांगा जाना गलत है। जबकि सरकार के आदेश पत्र संख्या 463, 464 के तहत केवल बोर्डिंग स्कूल के बच्चों से ही आरटी-पीसीआर टेस्ट की निगेटिव रिपोर्ट ली जानी है। साथ ही विद्यालयों से आग्रह किया गया कि सरकार के आदेशों का पालन करते हुए ही अभिभावकों से अभिभावकों की सुविधा के अनुसार फीस ली जाए। साथ ही विद्यालयों में सुरक्षा के दृष्टिगत जो भी इंतजाम विद्यालय प्रबंधन द्वारा किए गए हैं उनको जांचने एवं अभिभावकों की संतुष्टि हेतु अभिभावकों के प्रतिनिधिमंडल को इन व्यवस्थाओ को जांचने हेतु अनुमति दी जाए। इसके साथ ही एसोसिएशन की ओर से स्कूल प्रबंधन को आश्वस्त किया गया कि पेरेंट्स एसोसिएशन सभी पब्लिक स्कूलों के साथ कंधे से कंधा मिला कर खड़ा है। लेकिन इन विषम परिस्थितियों में स्कूल प्रबंधनों के द्वारा भी अभिभावकों एवं छात्रों के हित में उचित निर्णय और कदम उठाने चाहिए। एसोसिएशन की ओर से दावा किया गया कि अभी अभिभावक चाहते हैं कि उनके बच्चे इस समय स्कूल ना जाकर ऑनलाइन कक्षा में भाग लें। इसलिए सभी पब्लिक स्कूलों के प्रबंधकों से अनुरोध किया गया कि ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों प्रकार की शिक्षा की व्यवस्था की जाए।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड सरकार ने मध्याह्न भोजन के नियमों में किया बदलाव…

नवीन समाचार, देहरादून, 15 फरवरी 2021। उत्तराखंड सरकार ने मध्यान्ह भोजन से संबंधित नियमों में परिवर्तन कर दिया है। अब मध्यान्ह भोजन योजना का लाभ लेना है तो सरकारी स्कूलों के छात्रों को अनिवार्य रूप से स्कूल आना होगा। छठी से आठवीं कक्षा के छात्रों के लिए स्कूल खुलने के बाद शिक्षा विभाग ने इन कक्षाओं के छात्रों को भोजन पकाने का पैसा देना बंद कर दिया है। हालांकि, पांचवीं से नीचे की कक्षाओं के छात्रों को स्कूल खुलने तक यह धनराशि मिलती रहेगी।
उल्लेखनीय है कि स्कूल बंद होने के बाद से अब तक मध्यान्ह भोजन का लाभ लेने वाले छह लाख से ज्यादा छात्रों को हर दिन प्रति बच्चे पर सरकार की ओर से दी जाने वाली भोजन पकाने की कीमत उनके खाते में या नगद दी जा रही थी। जबकि, चावल छात्रों को स्कूल बुलवा कर वितरित किए जा रहे थे। लेकिन आठ फरवरी को छोटी कक्षाओं के लिए स्कूल खुलने के बाद शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम ने आदेश जारी कर यह व्यवस्था खत्म करने के आदेश दे दिए हैं।

यह भी पढ़ें : हल्द्वानी के नामी स्कूल ने बच्चों को दी ‘शराब’ के इस्तेमाल की सलाह

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 11 फरवरी 2021। कहने को नामी पब्लिक स्कूल और अंग्रेजी को हिंदी में अनुवाद करने का सहूर नहीं। नतीजा स्कूल की बच्चों व उनके परिजनों के साथ आम लोगों में ही मजाक बन रही है। शहर के एक नामी प्राइवेट स्कूल ने विद्यार्थियों को अजीबोगरीब सलाह दी है। कोरोना काल के बाद स्कूल खुलने पर अभिभावकों को अनुमति पत्र के साथ-साथ माता-पिता के लिए चेकलिस्ट भी दी गई है। जिसमें कहा गया है, ‘बच्चों को घर पर स्वच्छता अभ्यास के लिए कम से कम 70 फीसद शराब आधारित हैंड सैनिटाइजर का उपयोग कराया जाए।’ इतना ही नहीं चेकलिस्ट में कई ऐसी बातें भी लिखी गई हैं जिन्हें अभिभावक तो दूर खुद स्कूल प्रबंधक नहीं समझ पाये होंगे। कहा है, ‘तथ्यों का उपयोग करके स्टिग्मा को रोकें और अपने बच्चों को एक दूसरे के बारे में विचार करना सिखाएं’। इसका अर्थ निकालना वाकई मुश्किल है।
दरअसल यह सारी गफलत अंग्रेजी का ‘गूगल ट्रांसलेटर’ से करने से हुई है। यदि विद्यालय ने शराब की जगह वाक्य की जरूरत के आधार पर ‘एल्कोहॉल’ शब्द का प्रयोग कर दिया होता तो ऐसा न होता। वहीं दूसरे वाक्य का प्रयोग भी ‘गूगल ट्रांसलेटर’ से करने की जगह यदि जरूरत के अनुसार शब्दों का प्रयोग करते हुए किया जाता तो ऐसी जगहंसाई न होती।

यह भी पढ़ें : नैनीताल में अस्तित्व में आया अभिभावकों का संगठन, कोरोना काल की फीस सहित कई मुद्दों पर लिए निर्णय..

नवीन समाचार, नैनीताल, 30 जनवरी 2021। नगर में अभिभावकों का संगठन ‘नैनीताल पैरंट्स एसोसिएशन’ अस्तित्व में आ गया है। शनिवार को नैनीताल क्लब में नैनीताल पैरंट्स एसोसिएशन की बैठक आयोजित हुई। बैठक में छात्रों के हित में कई बिंदुओं पर चर्चा की गई। बताया गया कि इसमें मुख्यता लॉकडाउन के समय अभिभावकों द्वारा उठाई गई फीस संबंधी मांग के बारे में बात हुई। तय हुआ कि इस मुद्दे को पब्लिक स्कूलों के सामने रखने की बात तय की गई। साथ ही विद्यालय प्रबंधनों को छात्राओं के हित में सभी छात्राओं वाले विद्यालयों में सेनेटरी पैड मशीन लगाने को कहा जाएगा। साथ ही विद्यालय प्रबंधन से यह भी जानकारी उपलब्ध कराने को कहा जाएगा कि विद्यालय एवं उनमें कक्षा प्रारंभ होने का समय और स्कूल समाप्त होने का समय क्या है।
इसके अलावा बैठक में तय किया गया कि संगठन द्वारा हर रविवार को छात्र-छात्राओं के लिए ‘नेचर वॉक’ और ऐसी अन्य शारीरिक गतिविधियों और मनोरंजन के कार्यक्रमों को आयोजित किया जाएगा, ताकि कोरोना काल में मानसिक रूप से परेशान छात्र छात्राओं का मनोबल बढ़ सके। साथ ही संगठन के पास उपलब्ध कैरियर काउंसलर सदस्यों द्वारा 10वीं व 12वीं कक्षाओं में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को कैरियर काउंसलिंग की जाएगी। बैठक में पेरेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष कुमार, सचिव नीरज जोशी, कोषाध्यक्ष प्रेमा अधिकारी, गजाला कमाल, गीता मेहरा, शैली सूरी, कृपा, ममता रावत, रिया लांबा, तनूजा जोशी नीरज पांडे,, मोहम्मद बिलाल, अमन दीप सिंह ‘सनी’ सहित कई अन्य अभिभावक मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें : छठी कक्षा से स्कूल-कॉलेज खोलने पर भी सरकार ने ले लिया निर्णय, NIOS-D.El.Ed. व PTA आदि शिक्षकों पर भी लिए गए निर्णय

नवीन समाचार, देहरादून, 18 जनवरी 2021। राज्य में घटते कोरोना के मामलों से उत्साहित उत्तराखंड सरकार उच्च शिक्षण संस्थानों के साथ अब स्कूल-कॉलेजों को भी खोलने जा रही है। सोमवार को प्रदेश के शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने सचिवालय में विभागीय अधिकारियों की बैठक के दौरान कहा कि कोरोना संक्रमण के कारण बच्चों की पढ़ाई काफी प्रभावित हुई है। इसलिए प्रयास है कि जल्द से जल्द सभी छात्र-छात्राओं के लिए स्कूल खोले जा सकें।
इसके बाद माना जा रहा है कि सरकार राज्य में दो दिन के अंदर 9वीं और 11वीं कक्षाओं के छात्र-छात्राओं के स्कूल खोल देगी, जबकि एक फरवरी से प्रदेश में कक्षा छह से 12 तक सभी छात्र-छात्राओं के लिए स्कूल खोले जाएंगे। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने विभागीय अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं।
इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश में एनआईओएस से डीएलएड करने वाले अभ्यर्थियों को केंद्र सरकार के निर्देशों के विपरीत शिक्षक भर्ती में शामिल नहीं करने, प्रदेश में पीटीए शिक्षकों को 10000 और गेस्ट टीचरों को 25000 मानदेय देने, 190 अटल उत्कृष्ट स्कूलों के लिए बजट जारी करने, नया शिक्षा सत्र शुरू होने से पहले प्रदेश में प्रधानाचार्यों के एक हजार से अधिक खाली पदों को भरने और समायोजित लगभग 7000 शिक्षकों को भी चयन और प्रोन्नत वेतनमान में पुरानी सेवाओं का लाभ देने के निर्णय लेने की बात भी कही।

यह भी पढ़ें : बहुत खूब: नैनीताल की दो छात्राओं सहित राज्य के सरकारी विद्यालयों के सात बच्चे राष्ट्रीय प्रतियोगिता में शीर्ष 125 में चुने गए

नवीन समाचार, नैनीताल, 16 जनवरी 2021। भारत सरकार के राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस डिवीजन, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा इंटेल इंडिया के सरकारी स्कूलों के लिए आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम ‘रिस्पॉसिबल एआई फॉर यूथ’ यानी युवाओं के लिए जिम्मेदार कृत्रिम विद्वता’ कार्यक्रम में जिला मुख्यालय नैनीताल की तीन छात्रों ने देश के शीर्ष 125 चुने गए बच्चों में स्थान बनाया है। वहीं पूरे उत्तराखंड राज्य से इस कार्यक्रम में कुल सात बच्चों का चयन हुआ है।
चुने गए बच्चों में मुख्यालय स्थित आदर्श राजकीय बालिका इंटर कॉलेज नैनीताल की 10वीं की छात्रा वंदना अधिकारी व 12वीं की दिव्यांशी ओली शामिल है। इनके अलावा उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जनपद के जीआईसी फाटा के 12वीं कक्षा की छात्रा मनीषा रमोला, जीआईसी नारायणकोटी के 12वीं के छात्र कृतेश पुरोहित, टिहरी जनपद के जीआईसी केशरधार नाईचोली चम्बा नई टिहरी के 9वीं के अखिलेश उनियाल, 11वीं की मानसी रावत व स्वाति रजवार शामिल हैं। बताया गया है कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को ‘एआई रेडी’ बनने के लिए सशक्त बनाना और भारत में एआई कौशल अंतर को कम करने में मदद करना है। यह कार्यक्रम सरकारी स्कूलों के छात्रों से भारत तक पहुंचने और उन्हें समावेशी तरीके से कुशल कार्यबल का हिस्सा बनने का अवसर प्रदान करने के लिए बनाया गया है।

यह भी पढ़ें : राधा चिल्ड्रन एकेडमी को सीबीएसई से मिला ‘ए’ ग्रेड

नवीन समाचार, नैनीताल, 05 जनवरी 2020। नगर के स्नोव्यू स्थित राधा चिल्ड्रन एकेडमी को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय देहरादून की ओर से ‘ए’ श्रेणी के विद्यालयों में शामिल किया है। यह जानकारी देते हुए विद्यालय की प्रबंधक रिंकू साह ने बताया कि सीबीएसई की ओर से सभी सीबीएसई विद्यालयों को परीक्षा परिणाम के आधार पर मूल्यांकन कर ग्रेड प्रदान किये जा रहे हैं। इसी क्रम में राधा चिल्ड्रन एकेडमी के वार्षिक परीक्षा परिणाम को देखते हुए सीबीएसई की जांच समिति ने ‘ए ग्रेड’ प्रदान कर गौरवांवित किया है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय विद्यालय की भावना साह व व्यवस्थापक नितिन कार्की सहित सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं व छात्र-छात्राओें की मेहनत को दिया है तथा इस उपलब्धि के लिए सीबीएसई के उच्चाधिकारियों का आभार व्यक्त किया है।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड सरकार ने सर्दियों की छुट्टियों में स्कूलों के खुले रहने पर लिया बड़ा निर्णय…

नवीन समाचार, देहरादून, 24 दिसम्बर 2020। उत्तराखंड सरकार ने राज्य के बोर्ड परीक्षा देने वाले छात्रों के भविष्य को देखते हुए इस वर्ष 10वीं और 12वीं कक्षाओं के छात्रों एवं उनके अध्यापकों की सर्दियों की छुट्टियों को अध्यापकों के विरोध के बावजूद रद्द कर दिया है। सभी राजकीय और अनुदानप्राप्त अशासकीय विद्यालयों में यह व्यवस्था केवल मौजूदा सत्र के लिए ही लागू होगी। गुरूवार देर शाम शिक्षा सचिव आर. मीनाक्षीसुंदरम ने इसके आदेश किए। उल्लेखनीय है कि इससे पहले शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने इस बारे में शिक्षकों से भावुक अपील की थी।
शिक्षा सचिव ने बताया कि सर्दियों की छुट्टियों में केवल 10 और 12 वीं कक्षा के शिक्षक ही स्कूल आएंगे। अलबत्ता, यदि किसी क्षेत्र में मौसम खराब होता है तो जिले के डीएम स्कूल बंद करने का निर्णय ले सकते हैं। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष मार्च से स्कूल बंद हैं। इससे खासकर बोर्ड परीक्षा देने वाले बच्चों का भविष्य अधर में लटक गया है। इससे पहले दो नवंबर से सरकार ने कक्षा 10 और 12 वीं को खोलने की अनुमति दी थी। मालूम हो कि उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में 26 दिसंबर से 31 जनवरी और मैदानी इलाकों में एक से 13 जनवरी तक सर्दियों का अवकाश रहता है।

यह भी पढ़ें : उच्च न्यायालय ने सरकारी विद्यालयों के विलीनीकरण पर रोक के अपने पूर्व के आदेश को जारी रखा..

-याचिकाकर्ता ने कहा रोक के बावजूद सरकार ने विलीनीकरण जारी रखा, अब इसके खिलाफ उच्च न्यायालय में अवमानना याचिका दायर करेंगे
नवीन समाचार, नैनीताल, 22 दिसम्बर 2020। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने ऊधम सिंह नगर के जिलाधिकारी के सरकारी प्राथमिक विद्यालयों और जूनियर हाईस्कूलों के विलीनीकरण के आदेश पर पूर्व में उच्च न्यायालय द्वारा लगाई गई रोक को हटाये जाने को लेकर उत्तराखंड सरकार द्वारा दायर प्रार्थना पत्र को कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रवि मलिमथ एवं न्यायाधीश आलोक वर्मा की खंडपीठ ने मंगलवार को खारिज कर दिया। उल्लेखनीय है कि इस मामले में शांतिपुरी निवासी डॉ. गणेश उपाध्याय ने मार्च 2020 में उच्च न्यायालय शिक्षा विभाग द्वारा प्राथमिक और जूनियर विद्यालयों के विलीनीकरण के खिलाफ याचिका दायर की थी जिसमें उच्च न्यायालय ने सरकारी विद्यालयों के विलीनीकरण पर रोक लगा दी थी। उत्तराखंड सरकार ने उच्च न्यायालय में इस याचिका को खारिज करने के साथ ही उच्च न्यायालय के आदेश पर स्थगनादेश लेने के लिए याचना की थी, जिसको उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने खारिज करते हुए विलीनीकरण पर रोक जारी रखने के आदेश दिए हैं। इस मामले में याचिकाकर्ता डॉ. गणेश उपाध्याय ने कहा कि ऊधमसिंह नगर के जिलाधिकारी द्वारा सरकारी विद्यालयों के विलीनीकरण की कार्यवाही लगातार जारी रखी गई और 19 प्राथमिक विद्यालयों का विलीनीकरण कर दिया गया। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के स्थगनादेश के बावजूद सरकार द्वारा विलीनीकरण की कार्यवाही जारी रखने पर वह जल्द ही उच्च न्यायालय में आदेश की अवहेलना पर अवमानना याचिका दायर करेंगे तथा व्यक्तिगत तौर पर प्रत्येक विद्यालय का मौका निरीक्षण कर विलीनीकरण की स्थिति की जानकारी लेंगे।

यह भी पढ़ें : सीबीएसई से नैनीताल का ‘ए प्लस’ श्रेणी का विद्यालय घोषित हुआ सरस्वती विहार

नवीन समाचार, नैनीताल, 19 दिसम्बर 2020। शिक्षा नगरी के दुर्गापुर स्थित पार्वती प्रेमा जगाती सरस्वती विहार को सीबीएसई देहरादून के द्वारा नैनीताल नगर का ‘ए प्लस’ श्रेणी का विद्यालय घोषित किया है। बताया गया है कि सीबीएसई अपने विद्यालयों का उनके शैक्षिक प्रदर्शन, शैक्षिक पाठ्य सहगामी एवं शिक्षणेत्तर गतिविधियों के साथ ही परीक्षा परिणाम तथा प्रधानाचार्य एवं शिक्षकों की कार्यशैली के आधार पर समय-समय पर विश्लेषण एवं मूल्यांकन करता रहता है। इस आधार पर सरस्वती विहार को ‘ए प्लस’ श्रेणी का विद्यालय घोषित करते हुए अपेक्षा की गई है कि वह अन्य विद्यालयों को भी उनकी श्रेणी सुधारने में सहायता व मार्गदर्शन करे।

पार्वती विहार के प्रधानाचार्य नरेंद्र सिंह।

विद्यालय की इस उपलब्धि पर प्रधानाचार्य नरेंद्र सिंह ने सीबीएसई का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षण अधिगम प्रक्रिया नूतन एवं प्रयोगान्मुख होनी चाहिए। इसलिए अपने विद्यालय में वह निरंतर ऐसा वातावरण बनाते हैं कि छात्र नवाचार एवं तकनीकी का प्रयोग कर अध्ययन करें और अपने जीवन के लक्ष्यों को प्राप्त करें। विद्यालय के प्रबंध समिति के व्यवस्थापक केपी सिंह ने इस उपलब्धि पर प्रधानाचार्य एवं शिक्षकों को बधाई दी है।

यह भी पढ़ें : महत्वपूर्ण : नगर के प्रतिष्ठित कॉन्वेंट कॉलेज में स्वामित्व का विवाद गेट तक पहुंचा..

-आगरा डायेसिस से नए घोषित प्रधानाचार्य पुलिस सुरक्षा में विद्यालय में प्रवेश करने का प्रयास कर रहे, कॉलेज के गेट को किया गया है बंद

शनिवार को नगर के प्रतिष्ठित विद्यालय के गेट पर पुलिस की मौजूदगी में खड़े नवनियुक्त प्रधानाचार्य व आगरा डायेसिस के बिशप व अन्य।

नवीन समाचार, नैनीताल, 12 दिसम्बर 2020। शिक्षा नगरी के रूप में प्रसिद्ध नगर के एक प्रतिष्ठित कॉन्वेंट विद्यालय में स्वामित्व का न्यायालयों में चल रहा विवाद शनिवार को विद्यालय के गेट तक पहुंच गया। नगर के एक अन्य विद्यालय में प्रधानाचार्य रहे पीटर धीरज इमेन्युअल आगरा डायेसिस के बिशप डॉ. पीपी हाविल एवं अन्य के साथ तल्लीताल थाना प्रभारी विजय मेहता एवं पुलिस बल के साथ प्रतिष्ठित कॉन्वेंट विद्यालय के गेट पर पहुंचे। उधर गेट पर ताला लगा हुआ था और लिखा हुआ था कि कोविद-19 की वजह से विद्यालय परिसर में आरटी-पीसीआर जांच के बिना किसी भी व्यक्ति को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। लिहाजा उन्हें भीतर प्रवेश नहीं करने दिया गया। डा. इमेन्युअल एवं उनके अधिवक्ताओं ने इस दौरान मीडिया कर्मियों के समक्ष दावा किया कि आगरा डायेसिस ने अक्टूबर 2020 में इस विद्यालय के प्रधानाचार्य को निलंबित कर दिया है, और उनकी जगह श्री इमेन्युअल को प्रधानाचार्य नियुक्त कर दिया है। इधर उच्च न्यायालय ने पुलिस-प्रशासन को श्री इमेन्युअल एवं उनके साथियों को पुलिस सुरक्षा में विद्यालय में प्रवेश कराने के आदेश दिए हैं। अलबत्ता, उन्होंने मांगे जाने के बावजूद इस संबंध में उच्च न्यायालय के कोई आदेश नहीं दिखाए।

शनिवार को नगर के प्रतिष्ठित विद्यालय के गेट पर लगे ताले को काटने के लिए आए कर्मी को रोकता गेटमैन।

उधर विद्यालय के मौजूदा प्रधानाचार्य अमनदीप संधू की ओर से मीडिया को उच्च न्यायालय का गत 9 दिसंबर का एक आदेश दिया गया, जिसमें उत्तराखंड उच्च न्यायालय के कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रवि मलिमठ व न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी की खंडपीठ ने संबंधितों को पुलिस सुरक्षा देने के आदेश देते हुए संबंधित याचिका को निस्तारित कर दिया है। अलबत्ता आदेश में स्पष्ट रूप से संबंधितों को विद्यालय में प्रवेश कराने को नहीं लिखा गया है। इस बीच पुलिस की मौजूदगी में विद्यालय के गेट पर लगे चेन युक्त ताले को कटर की मदद से काटने का प्रयास भी किया गया। इसका नगर पालिका की सभासद गजाला कमाल ने कटर के सामने आकर और अंदर विद्यालय के कर्मचारियों व उनके परिजनों ने चीखते हुए विरोध किया। उनका कहना था, नगर के अन्य विद्यालय बर्बाद कर दिए गए हैं। इस सबसे प्रतिष्ठित विद्यालय को भी बर्बाद करने की साजिश की जा रही है।

विरोध करने पर नगर पालिका सभासद को गेट से हटाकर ले जाते पुलिस कर्मी।

इस पर चेन काटने की कार्रवाई रोकी गई और सभासद गजाला कमाल को महिला पुलिस के द्वारा गेट से हटाया गया। समाचार लिखे जाने तक विद्यालय के गेट के बाहर पुलिस एवं आगरा डायेसिस के अधिकारी एवं नियुक्त प्रधानाचार्य पीटर इमेन्युअल डटे हुए हैं। मौके पर मौजूद थाना प्रभारी विजय मेहता ने कहा कि पीटर इमेन्युअल को पुलिस सुरक्षा में विद्यालय में प्रवेश कराने के आदेश हैं। आदेश का पालन कराया जा रहा है। अलबत्ता, कई घंटों की कवायद के बाद में पुलिस एवं गेट पर पहुंचे लोग बिना किसी कार्रवाई के बैरंग वापस लौट आए।

प्रधानाचार्य संधू का आया बयान

प्रधानाचार्य अमनदीप संधू।

नैनीताल। इस बारे में विद्यालय के प्रधानाचार्य अमनदीप संधू ने ‘नवीन समाचार’ को बताया कि शडयंत्र के तहत ठीक शनिवार को कार्रवाई की गई, ताकि हम तत्काल न्यायालय की मदद न ले सकें। उन्होंने आरोप लगाया कि इस साजिश में जिले का पुलिस-प्रशासन भी शामिल है। जबकि विद्यालय को तीन डीजीपी दे चुका है। उच्च न्यायालय ने केवल पीटर इमेन्युअल को सुरक्षा देने के आदेश दिए हैं, न कि विद्यालय में घुसने के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि शेरवुड कॉलेज के अधीन चलता है और वर्ष 2010 से आगरा डायेसिस के बिशप शेरवुड कॉलेज के प्रबंधक नहीं हैं। इसलिए उन्हें विद्यालय में किसी नियुक्ति या निलंबन का अधिकार नहीं है।

संधू के समर्थन में आए क्षेत्रीय सभासद
नैनीताल। नगर के अयारपाटा वार्ड के सभासद मनोज साह जगाती ने शनिवार को उनके वार्ड स्थित प्रतिष्ठित कान्वेंट कॉलेज के गेट पर हुए मामले पर प्रधानाचार्य अमनदीप संधू एवं विद्यालय कर्मियों के समर्थन का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि प्रतिष्ठित विद्यालय में बिना आदेश के जबर्दस्ती घुसने का प्रयास किया गया। कहा-‘किसी ऐरे-गैरे को क्षेत्र की मुख्य पहचान-इस विद्यालय में प्रधानाचार्य नियुक्त नहीं होने दिया जाएगा।’ इस मामले में प्रदेश के मुख्यमंत्री को भी अवगत कराया जाएगा। यदि जबर्दस्ती संधू को हटाया जाता है तो जनता के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा।

यह भी पढ़ें : सुखद संयोग: महर्षि वाल्मीकि जयंती पर आयोजित प्रतियोगिताओं में देव, ऋषि व सुदर्शन जीते

नवीन समाचार, नैनीताल, 10 नवम्बर 2020। नगर के पार्वती प्रेमा जगाती सरस्वती विहार महाविद्यालय में मंगलवार को आदि कवि महर्षि वाल्मीकि की जयंती पर तीन वर्गांेे में अलग-अलग प्रतियोगिताऐं आयोजित की गई। यह सुखद संयोग रहा कि महर्षि की जयंती पर आयोजित प्रतियोगिताओं में देव, ऋषि व सुदर्शन जैसे देश की प्राचीन संस्कृति से जुड़े नामों के छात्र जीते। बाल वर्ग में आयोजित लोक गायन प्रतियोगिता में देव ध्यानी ने प्रथम, शरद मेहता ने द्वितीय तथा ध्रुव चौधरी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं माध्यमिक वर्ग में आयोजित ड्राइंग प्रतियोगिता में विश्वजीत मिश्रा ने प्रथम, ऋषि जोशी ने द्वितीय तथा सावन शर्मा ने तृतीय एवं वरिष्ठ वर्ग में आयोजित हिंदी निबंध प्रतियोगिता में सुदर्शन सोराड़ी ने प्रथम, रचित विक्रम सिंह ने द्वितीय तथा कनिष्क पांडे ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्रतियोगिताओं में डॉ. माधव प्रसाद त्रिपाठी, दीप जोशी, भुवन जोशी, भूपाल विष्ट और पवन जोशी ने निर्णायक के रूप में योगदान दिया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य नरेन्द्र सिंह ने कहा कि भगवान वाल्मीकि हम सभी के आदर्श एवं प्रथम कवि हैं। उनके बताये मार्ग पर चलकर हमें अपने देश और समाज को आगे बढ़ाने का प्रयत्न करना चाहिए। कार्यक्रम का संचालन घनश्याम ने किया।

यह भी पढ़ें : 231 दिन बाद स्कूल खुले, पर कई जगह 10 फीसद भी नहीं पहुंचे बच्चे, बच्चों को बुलाने में सरकारी स्कूल रहे पीछे

नवीन समाचार, नैनीताल, 2 नवम्बर 2020। उत्तराखंड सरकार की गाइड लाइन का पालन करते हुए सोमवार को 14 मार्च से बंद यानी 231 दिनों के बाद 10वीं व 12वीं कक्षाओं के छात्र-छात्राओं के लिए विद्यालय खुल गए। अलबत्ता अभी मुख्यालय एवं निकटवर्ती क्षेत्रों के किसी प्राइवेट आवासीय-गैर आवासीय विद्यालय के आज से खुलने की सूचना नहीं है।पहले दिन विद्यालयों में 10 से 25 फीसद तक ही विद्यार्थी पहंुचे। उपस्थिति के मामले में सरकारी प्राप्त अशासकीय विद्यालयों के मुकाबले सरकारी हाईस्कूल एवं इंटर कॉलेज काफी पीछे रहे। इनमें से भी कई विद्यार्थी बिना अपने माता-पिता की ओर से अनुमति पत्र लिए पहुंचे। अलबत्ता, आगे विद्यालय उम्मीद जता रहे हैं कि अगले कुछ दिनों में विद्यार्थियों के विद्यालय आने की संख्या में बढ़ोत्तरी होगी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मुख्यालय स्थित आदर्श विद्यालय के रूप में विकसित किए जा रहे राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में तो मात्र 7 छात्राएं ही विद्यालय पहुंचीं। जबकि यहां 12वीं में 75 व 10वीं में 55 छात्राएं पंजीकृत हैं। प्रधानाचार्या सावित्री दुग्ताल ने बताया कि उन्होंने ऐहतियात के तौर पर आज केवल 12वीं की और मंगलवार को केवल 10वीं की छात्राओं को ही बुलाया था। इनमें से भी 10 फीसद से कम छात्राएं पहुंचीं। इसी तरह शहीद मेजर राजेश अधिकारी राजकीय इंटर कॉलेज में 12वीं के 41 छात्रों में से मात्र 12 और 10वीं में 32 में से मात्र 10 छात्र ही पहुंचे। वहीं अशासकीय विद्यालयों की बात करें तो नगर के सबसे पुराने सीआरएसटी इंटर कॉलेज में 12 के 45 छात्रों में से 21 और 10वीं के 23 में से 5 बच्चे ही पहुंचे। वहीं भारतीय शहीद सैनिक विद्यालय में 12वीं के 164 बच्चों में से 21 यानी मात्र 12 फीसद और 10वीं के 131 बच्चों में से 40 बच्चे ही पहुंचे। अलबत्ता सभी विद्यालयों में बच्चे मास्क पहनकर पहुंच रहे हैं। विद्यालयों में थर्मल स्कैनर तथा कक्षों एवं शौचालयों के बाहर सैनिटाइजर आदि की व्यवस्था भी की गई है। उल्लेखनीय है कि 10वीं व 12वीं के विद्यार्थियों के लिए बोर्ड परीक्षाओं की फीस जमा करने की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है। प्राइवेट-रेगुलर दोनों तरह के परीक्षार्थियों को 10 नवंबर से पहले फीस जमा करनी है।

यह भी पढ़ें : बड़ा समाचार : उत्तराखंड: 231 दिन बाद सोमवार से खुलेंगे स्कूल…

नवीन समाचार, देहरादून, 1 नवम्बर 2020। राज्य में 14 मार्च से यानी 231 दिन बंद रहने के बाद यानी करीब सात माह के अंतराल के बाद उत्तराखंड में सोमवार दो नवंबर से 10वीं और 12वीं के छात्र-छात्राओं के लिए स्कूल खुलेंगे। स्कूल खोलने को लेकर विभाग की ओर से सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। शिक्षा निदेशक आरके कुंवर के मुताबिक सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों, जिला शिक्षा खंड शिक्षा और उप शिक्षा अधिकारियों को शासन की गाइड लाइन के हिसाब से पूरी तैयारी करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और शिक्षा सचिव आर. मीनाक्षीसुंदरम ने शनिवार देर रात से केंद्र सरकार के कुछ आदेशों के हवाले से सोशल मीडिया पर स्कूलों के 30 नवंबर तक बंद रहने की अफवाहों का खंडन किया। सीएम ने मीडिया को बताया कि स्कूल दो नवंबर से खुलने जा रहे हैं। पहले चरण में केवल बोर्ड परीक्षा वाली 10 और 12 वीं कक्षाएं ही शुरू करने का निर्णय किया गया है। स्कूल खोलने के लिए कैबिनेट में निर्णय किया गया है। स्कूल खुलने पर कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए सरकार ने काफी पहले ही विस्तृत एसओपी जारी कर दी है। एसओपी के मानक के अनुसार ही स्कूलों का संचालन होगा। सीएम का बयान आने के बाद ही स्कूलों के न खुलने की अफवाहों पर विराम लगा। अलबत्ता, कुछ प्राइवेट स्कूलों के सोमवार से खुलने की संभावना कम है। बताया गया है कि प्राइवेट स्कूलों को चलाने की अनुमति पर फैसला प्रशासन और शिक्षा विभाग के संयुक्त निरीक्षण के बाद होगा। 10वीं और 12वीं के स्कूलों को खोलने से पहले जिला प्रशासन को आवेदन करना होगा। केवल वे ही छात्र स्कूल आ सकते हैं, जिनके अभिभावक उन्हें मंजूरी देंगे। सर्दियों के समय के अनुसार सुबह 9.15 बजे सभी स्कूल खुल जाएंगे। शिक्षा सचिव आर. मीनाक्षीसुंदरम ने शिक्षा निदेशक और सभी नोडल अफसरों को व्यवस्था पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। उल्लेखनीय है कि राज्य में 3791 सरकारी, प्राइवेट और सहायता प्राप्त माध्यमिक स्कूल हैं। इनमें 6 लाख से ज्यादा छात्र माध्यमिक स्तर पर अध्ययन कर रहे हैं।
सोमवार से सरकारी के साथ ही अशासकीय स्कूल भी खुल जाएंगे। अलबत्ता, अशासकीय स्कूलों ने सेनिटाइजेशन के लिए सरकार से बजट की मांग की है। प्रधानाचार्य परिषद भी सचिव शिक्षा को पत्र लिखकर बजट की मांग कर चुकी है। सरकार ने भले ही दो नवंबर से 10वीं और 12वीं छात्रों के लिए स्कूल खोलने की मंजूरी दे दी है, लेकिन अभिभावक बच्चों को भेजने के लिए तैयार नहीं है। यही कारण है कि ज्यादातर प्राइवेट स्कूल अभी असमंजस की स्थिति में हैं। नैनीताल के लांग व्यू पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य भुवन त्रिपाठी ने बताया कि केवल 20 से 30 फीसद अभिभावकों ने ही अपने बच्चों को स्कूल भेजे जाने पर सहमति जताई है।
कोरेाना संक्रमण की शुरूआत पर राज्य के सभी शैक्षिक संस्थानों को पूरी तरह से बंद कर दिया गया था। कल सोमवार से स्कूल खोलने का पहला चरण शुरू होने जा रहा है। शिक्षा सचिव ने बताया कि स्कूल संचालन के लिए विस्तृत एसओपी जारी की जा चुकी है। हर स्कूल का प्रधानाचार्य नोडल अधिकारी बनाया गया है। नोडल अधिकारी कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए तय मानकों के पालन के लिए जिम्मेदार होंगे। इधर एडी-कुमाऊं डॉ. मुकुल कुमार सती के अनुसार कुमाऊं मंडल के 996 माध्यमिक स्कूलों में स्वच्छता और सेनेटाइजेशन कराया जा चुका है। प्रधानाचार्य और शिक्षकों को कोरोना संक्रमण की रोकथाम के मानकों को सख्ती से पालन करने और कराने के निर्देश दिए गए हैं।

यह भी पढ़ें : दो नवंबर से नैनीताल के प्राइवेट विद्यालयों के खुलने पर संशय बरकरार

नवीन समाचार, नैनीताल, 30 अक्टूबर 2020। प्रदेश सरकार के आगामी दो नवंबर से 10वीं एवं 12वीं की कक्षाओं के लिए विद्यालय खोलने के निर्देशों के बावजूद अभी शिक्षा नगरी तथा जिला एवं मंडल मुख्यालय तथा आसपास के प्राइवेट विद्यालयों के खुलने पर संशय बरकरार है। इस संबंध में अभी नगर तथा आसपास के प्राइवेट विद्यालयों के संगठन सोसायटी ऑफ प्राइवेट स्कूल्स ऑफ नैनीताल की बैठक नहीं हुई है, और कुछ बोर्डिंग यानी आवासीय विद्यालय प्रबंधनों ने अभी विद्यालयों को खोले जाने को लेकर अभिभावकों को कोई संदेश भी नहीं भेजा है। अलबत्ता नगर के ‘डे स्कॉलर’ यानी गैर आवासीय विद्यालय खुलने के लिए तैयार बताए गए हैं।
सोसायटी ऑफ प्राइवेट स्कूल्स ऑफ नैनीताल के सदस्य एवं लांग व्यू पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य भुवन त्रिपाठी ने बताया कि निजी तौर पर वह विद्यालय खोलने के लिए तैयार हैं। उन्होंने इस बारे में अभिभावकों की राय ली थी, किंतु 20-30 फीसद अभिभावकों ने ही दो नवंबर से अपने बच्चों को स्कूल भेजने के लिए हामी भरी है। उन्होंने कहा कि वह इतने बच्चों के आने पर भी कुछ घंटों के लिए विद्यालय खोलने को तैयार हैं। इस हेतु 10-12वीं कक्षाओं की 50 फीसद शिक्षिकाओं को भी विद्यालय आने के निर्देश दे दिए गए हैं। अलबत्ता, अन्य अलग-अलग तरह के आवासीय, गैरआवासीय प्राइवेट, कान्वेंट विद्यालयों की अलग-अलग समस्याएं हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि 2 नवंबर के बाद अधिक एक-दूसरे को देखकर अधिक संख्या में बच्चे विद्यालय आने को प्रेरित होंगे।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड सरकार ने 2 नवंबर से स्कूल खोलने को लेकर जारी किये नए दिशा-निर्देश

नवीन समाचार, देहरादून, 24 अक्टूबर 2020। उत्तराखंड में आने वाले 2 नवंबर से प्राइवेट बोर्डिंग स्कूलों में दसवीं और बारहवीं की कक्षाओं की पढ़ाई के संचालन को कैबिनेट द्वारा मंजूरी दिए जाने के बाद मुख्य सचिव ओमप्रकाश ने शनिवार को दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। सरकारी बोर्डिंग स्कूल को खोलने को मंजूरी अभी नहीं दी गई है। जो स्कूल इन दिशा-निर्देशों के मानकों को पूरा करते होंगे, वह स्कूल खोलने से पहले अपने क्षेत्र के मुख्य शिक्षा अधिकारी से इसकी मंजूरी लेंगे।
दिशा-निर्देशों में शर्तों की भरमार है। उन्हीं छात्र-छात्राओं और स्टाफ को बोर्डिंग में रहने के निर्देश दिए हैं जिनके पास कोरोना विषाणु की रिपोर्ट कम से कम 72 घंटे पहले की होगी। इसके अलावा जो बच्चे ऑनलाइन पढ़ना चाहेंगे उनके लिए ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था की जाएगी। बोर्डिंग स्कूलों में बच्चों के बिस्तरों में सामाजिक दूरी के मद्देनजर पर्याप्त जगह रखी जानी होगी। स्टाफ और छात्र छात्राओं के लिए अलग-अलग क्वारंटाइन सेंटर भी बनाए जाएंगे। इसके अलावा स्कूलों को नोडल अफसर भी नियुक्त करने होंगे। डीएम जिला स्तर पर नोडल अफसर नियुक्त करेंगे। अभिभावकों के लिए यह जरूरी किया गया है कि वह अपने बच्चे को स्कूल भेजने से पहले ईमेल के जरिए सहमति भेजेंगे और स्कूलों को बच्चों की संख्या के अनुसार बोर्डिंग की व्यवस्था करनी होगी।
शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम ने अपने आदेश में कहा है कि कंटेनमेंट जोन से बाहर भारत सरकार ने पिछले 5 अक्टूबर से स्कूल खोलने को मंजूरी दी थी इसकी SOP जारी होने का इंतजार किया जा रहा था। 

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड सरकार का स्कूलों को खोले जाने को लेकर हुआ निर्णायक-बड़ा एलान, कैबिनेट ने 18 प्रस्तावों को दी मंजूरी…

नवीन समाचार, देहरादून, 14 अक्टूबर 2020। उत्तराखंड सरकार ने राज्य में स्कूलों को खोले जाने को लेकर निर्णय ले लिया है, तथा इसका ऐलान भी कर दिया है। करीब डेढ़ घंटे चली राज्य मंत्रिमंडल की बैठक के उपरांत उत्तराखंड सरकार के शासकीय प्रवक्ता व कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने बताया कि प्रदेश में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के स्कूल आगामी 2 नवंबर से खोले जाएंगे।  विद्यालयों में कोरोना की महामारी के दृष्टिगत केंद्र व राज्य सरकार के समस्त सुरक्षात्मक दिशा निर्देशों का पालन भी सुनिश्चित किया जाएगा। स्कूलों में समग्र शिक्षा अभियान के तहत सैनिटाइजेशन एवं थर्मल स्कैनिंग के लिए धन की व्यवस्था की जाएगी। फिलहाल बच्चों को स्कूल आने के लिए विवश नहीं किया जाएगा।

बैठक में निर्णय लिया गया है कि पहले चरण में एक नवम्बर से 10 वीं और 12 वीं के सरकारी व प्राइवेट स्कूल खोले जाएंगे। स्कूल खोलने के बाद सोशल डिस्टेंसिंग और स्कूल परिसर को सेनेटाइज करना होगा। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे का कहना है कि स्कूलों में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम हों और कक्षा 50 फीसदी क्षमता के साथ चलाई जाएं। नवीं से 12वीं की माध्यमिक कक्षाओं में भी बोर्ड इम्तहान वाली 10वीं व 12वीं को ही शुरू करने पर ज्यादा जोर दिया गया। बोर्ड परीक्षा वाली कक्षाओं को लेकर बैठक में भी सहमति बनी। स्कूलों को सेनेटाइजेशन के लिए कुछ समय देते हुए कक्षाएं शुरू की जा सकती हैं। 

कैबिनेट के निर्णय:

-राज्य के कर्मचारियों को त्यौहार का तोहफा। कोविड फंड में अक्टूबर से नहीं कटेगा एक दिन का वेतन। मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक, आईएएस, पीसीएस, आईएफएस अधिकारियों के वेतन से होती रहेगी कटौती।
– 2004 के सर्किल रेट के आधार पर वर्ग 03 व 04 की भूमि का मिलेगा मालिकाना हक। हजारों कब्जेदारों को मिलेगा फायदा।
– उद्योग विभाग की सेवा नियमावली में संशोधन।
– उत्तराखंड पुलिस आर मोरल (संशोधन) नियमावली में किया गया संशोधन।
– उत्तराखंड नागरिक सुरक्षा अधीनस्थ चयन आयोग नियमावली में किया गया संशोधन।
– हिमालय गढ़वाल विश्वविद्यालय 2016 में किया गया संशोधन। हिमालय गढ़वाल विश्वविद्यालय का नाम बदलकर अटल बिहारी वाजपेई हिमालयन गढ़वाल विश्वविद्यालय किया गया। 
– आबकारी विभाग में मदिरा की बिक्री के लिए ट्रेक एंड ट्रेस प्रणाली शुरू होगी। 
 – पीरुल नीति के तहत, पीरुल इकट्ठा करने पर 2 रुपए प्रति किलो का दाम तय किया गया।
– महाकुंभ को देखते हुए सभी अखाड़ा परिषदों को एक-एक करोड़ रुपए दिए जाने का सरकार ने लिया निर्णय। 
– उत्तराखंड अधी प्रमाणीकरण नियमावली बनाई गई।
– प्रदेश में दो लाख 43 हजार ड्राइवर और ई रिक्शा चालकों को एक-एक हजार रुपए और दिए जाएंगे।
– खेल नीति 2020 पर मंत्रिमंडल ने दी मंजूरी। खेल नीति में वित्त से जुड़े हुए प्रावधान के लिए वित्त विभाग को आकलन करने के दिए निर्देश। खेल पदक विजेता, प्रशिक्षकों, खेल पत्रकार को पुरस्कार का किया गया प्रावधान।

यह भी पढ़ें : बड़ा एक्सक्लूसिव समाचार नैनीताल: 12 विद्यालय पाए गए शासनादेश के विपरीत शुल्क लिये जाने के दोषी..

नवीन समाचार, नैनीताल, 14 सितंबर 2020। नैनीताल जनपद के एक दर्जन विद्यालय- केवीएस सीनियर सेकेंडरी स्कूल, डॉन बॉस्को सीनियर सेकेंडरी स्कूल, एसकेएम सीनियर सेकेंडरी स्कूल, स्कॉलर्स एकेडमी, टिक्कू मॉडर्न पब्लिक स्कूल, डीएवी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, ह्वाइट हॉल स्कूल, आर्यमान विक्रम बिड़ला स्कूल, हिमालया विद्या मंदिर गौजाजाली, यूनिवर्सल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, नैनी वैली सीनियर सेकेंडरी स्कूल और सरस्वती एकेडमी शासनादेश के विपरीत शुल्क लेते हुए पाए गए हैं। इस पर जनपद के मुख्य शिक्षा अधिकारी ने इन विद्यालयों को नोटिस जारी कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालयों का पक्ष जानने के बाद और उत्तर संतोषजनक न होने पर इन विद्यालयों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य शिक्षा अधिकारी ने बताया कि डीएम सविन बंसल के निर्देशों पर हल्द्वानी विकासखंड के 40 विद्यालयों का गत 7 व 8 सितंबर को निरीक्षण किया गया। अभिभावकों से कुल 27 शिकायतें प्राप्त हुई थीं। इनमें तीन स्कूलों यूनिवर्सल, डॉन बॉस्को व सरस्वती एकेडमी के खिलाफ अधिक शुल्क लेने की 6 शिकायतें थीं, जबकि अनय शिकायतें शुल्क में कटौती या छूट से संबंधित थीं।

यह भी पढ़ें : नैनीताल : नई स्वयं सेवी संस्था ने 30 मेधावी बच्चों को बांटी 1.35 लाख रुपए की छात्रवृत्ति

नवीन समाचार, नैनीताल, अगस्त 2020। मुख्यालय में समाजसेवी डा. सरस्वती खेतवाल की अगुवाई में डीडीएस चाइल्ड फाउंडेशन के नाम से एक स्वयं सेवी संस्था स्थापित हुई है। संस्था ने रविवार को हल्द्वानी के चार सहित 30 बच्चों को प्रति माह 1500 रुपए की दर से इस वर्ष के अगस्त, सितंबर व अक्टूबर के लिए 4500 रुपए यानी कुल एक लाख 35 हजार रुपए की छात्रवृत्ति प्रदान की। डा. खेतवाल ने बताया कि यह धनराशि मेधावी बच्चों को 12वीं उत्तीर्ण करने तक दी जाएगी। यह धनराशि अमेरिका में शोधरत उनके पुत्र संदीप खेतवाल के प्रयासों से प्राप्त हुई है। आज साहिल मोमिन, लोकेश मेहरा, विक्रम ढैला, ललित जनौटी, कुशल मेहता, अक्षत बिष्ट, अंचल सरकार, हिमानी बिष्ट, सिद्धि लोहनी, माही बुधलाकोटी, वर्णिका आर्या, विनीता देउपा, प्रियांशी बिष्ट, सौम्या जोशी, योगिता पांडे, अक्षिता चम्याल, दीपिका रावत, कृतिका दानी, दिया गोस्वामी, रश्मि नयाल, कृतिका आर्या, दिया पंत, खुशी महतोलिया, साक्षी आर्या, अनुष्का आर्या, नेहा चम्याल, भावना मठपाल, तनूजा साह, कृतिका शर्मा व सुदीक्षा बिष्ट को छात्रवृत्ति भेंट की गई। इस मौके पर संस्था के अध्यक्ष डीसीएस खेतवाल, सचिव ममता रावत, शंकर दत्त जोशी, तारा साह, अरुण साह, मनीष पंत, जीतेंद्र बिष्ट व गोविंद कोरंगा तथा बच्चों के अभिभावक मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें : स्कूलों पर उच्च न्यायालय के आदेश भी निष्प्रभावी, कोरोना काल में भी बढ़ा दी फीस

नवीन समाचार, देहरादून, 28 अगस्त 2020। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने विद्यालयों से कोरोना काल में केवल ऑनलाइन पढ़ाने पर समर्थ अभिभावकों से ही फीस लेने और फीस न बढ़ाने के आदेश जारी किए थे, लेकिन स्कूलों ने उच्च न्यायालय के आदेशों का भी मखौल उड़ा दिया है, और फीस बढ़ा दी है। राज्य में ऐसे अनेकानेक स्कूलों की शिकायत आ रही हैं।
उदाहरण के लिए ‘नवीन समाचार’ के एक पाठक ने बताया कि उनके बच्चे राजधानी में कक्षा नौ व 11 में पढ़ते हैं। पिछले सत्र में उन्होंने जुलाई से सितंबर 2019 की तिमाही फीस कक्षा आठ के लिए 6000 रुपए प्रति तिमाही एवं दसवीं कक्षा के बच्चे की फीस दोनों बच्चे एक ही विद्यालय में होने के कारण आधी फीस रूप में 3000 रुपए चुकाए थे। लेकिन इस वर्ष उन्हें नौवीं कक्षा में गए बच्चे की फीसद 6675 व 11वीं कक्षा में गए बच्चे की आधी फीस 3750 रुपए ली गई है। यानी नौवीं कक्षा में 675 रुपए प्रति तिमाही यानी 2,700 रुपए वार्षिक और 11वीं कक्षा के लिए 1,500 रुपए प्रति तिमाही यानी 6 हजार रुपए वार्षिक फीस बढ़ा दी है। उन्होंने यह भी बताया कि अभिभावकों को कहा गया है हर वर्ष वार्षिक शुल्क के तौर पर जो 10 हजार रुपए लिये जाते हैं, वे इस तरह समायोजित किये जा रहे हैं। यह स्थिति राज्य के एक नहीं, अनेकों स्कूलों में है। इस समाचार से हमारा उद्देश्य किसी एक विद्यालय को लक्षित करना नहीं, वरन उस समस्या को तथ्यपूर्वक उजागर करना है, जो राज्य के समस्त अभिभावक झेल रहे हैं।

यह भी पढ़ें : तुलसीदास जयंती पर विद्यालय में आयोजित हुई रामचरितमानस चौपाई प्रतियोगिता के परिणाम घोषित

नवीन समाचार, नैनीताल, 28 जुलाई 2020। नगर के पार्वती प्रेमा जगाती सरस्वती विहार माध्यमिक विद्यालय में सोमवार को गोस्वामी तुलसीदास जयंती के अवसर पर रामचरितमानस चौपाई प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियागिता के परिणाम मंगलवार को जारी किये गये। परिणामों के अनुसरा शांतनु सिंह, एकाग्र कटियार, श्रेष्ठ अग्रवाल, श्रेय सक्सेना, प्रिंस चौधरी, अरमान परासर, सर्वेश तिवारी, माधव गुप्ता, सूर्यांश सक्सेना, अंकुश भदौरिया, शरद मेहता, भव्य अग्रवाल व प्रणव तिवारी प्रथम, सावन शर्मा, शांतनु सिंह, वासु धारीवाल, रचित विक्रम, विश्वत, स्वश्तिक, राहुल सिंह, भावेश भट्ट, रचित विक्रम, दिव्यांश, आकर्ष, ध्रुव चौधरी, प्रसून कुमार सिंह व मुकुल डागर द्वितीय तथा सर्वेश तिवारी, अराध्य, अभिषेक चौधरी, तेजश्व संखधार, हर्षित पाठक, अथर्व अग्रवाल, ध्रुव राजपूत, प्रियांशु जोशी व कुशाग्र वत्स तृतीय रहे। विद्यालय के प्रधानाचार्य नरेंद्र सिंह ने विजेता छात्रों को बधाई तथा तुलसीदास जयंती की शुभकामना देते हुए भारतीय दर्शन को जानने तथा उसका अनुसरण करने की प्रेरणा दी। प्रतियोगिता का सयोजन उमेश अतुल ने किया जबकि निर्णायक मंडल में पवन, पवन, माधव, जनार्दन, दीप, अरुण, माधव, कौशल आदि रहे।

शिक्षक दिवस पर मुख्यमंत्री के हाथों पुरस्कृत हुए नैनीताल के प्रो. साहू गीता, वीना, गौरव व मोनिका

यह भी पढ़ें : हाईकोर्ट के आदेशों की पृष्ठभूमि में नोडल अधिकारी से मिले स्कूलों के प्रधानाचार्य

नवीन समाचार, नैनीताल, 20 जुलाई 2020। कोरोना की महामारी के दौर में फीस लेने पर अभिभावकों की नाराजगी का केंद्र बने नगर एवं आसपास के प्राइवेट विद्यालयों के प्रतिनिधियों व प्रधानाचार्यों ने जनपद के मुख्य शिक्षा अधिकारी केके गुप्ता से पहली समूह में शिष्टाचार भेंट की। उल्लेखनीय है कि मुख्य शिक्षा अधिकारी उत्तराखंड उच्च न्यायालय के आदेशों पर विद्यालयों की फीस एवं अनय मामलों के लिए नोडल अधिकारी भी बनाये गये हैं। इस दौरान विद्यालयों के प्रतिनिधियों एवं मुख्य शिक्षा अधिकारी के बीच कोविद-19 के कारण शिक्षा क्षेत्र में उत्पन्न हुई नई विषम परिस्थितियों तथा परेशानियों पर वार्ता हुई। बताया गया कि मुख्य शिक्षा अधिकारी ने उनकी समस्याओं को ध्यान से सुना और उनका संज्ञान लेने की बात कही।
बिड़ला विद्या मंदिर के प्रधानाचार्य अनिल शर्मा ने बताया कि सभी स्कूलों की अर्थिक स्थिति नाजुक स्थिति में पहुंच गयी है। फिर भी सभी शिक्षा संस्थान इस मुश्किल समय में सरकार के साथ है और जरूरतमंद जनता की हरसंभव मदद कर रहे हैं। बताया गया है कि आगे अगले सोमवार तक मुख्यालय एवं भवाली, भीमताल, ज्योलीकोट व नौकुचियाताल तक के प्राइवेट विद्यालयों का पिछले फरवरी माह में नवगठित संगठन भी अस्तित्व में आ जाएगा तथा मौजूदा स्थितियों पर भी चर्चा की जायेगी। आज की मुलाकात में सेंट जोसफ कॉलेज के ब्रदर हैक्टर पिंटो, ओकवुड स्कूल की लता साह, लांग व्यू पब्लिक स्कूल के भुवन त्रिपाठी, ऑल सेंट्स की किरन जरमाया, अम्तुल्स पब्लिक स्कूल की अनीता खान, वृंदावन पब्लिक स्कूल के आलोक साह लेक्स इंटरनेशनल भीमताल के एसएस नेगी, जीडी गोयनका के अनुराग माथुर, वुडब्रिज स्कूल के विनय केर आदि लोग उपस्थित रहे।

यह भी पढ़ें : बोर्ड परीक्षा में अब तक के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन पर विद्यालय में उल्लास

नवीन समाचार, नैनीताल, 18 जुलाई 2020। नगर के दुर्गापुर स्थित पार्वती प्रेमा जगाती माध्यमिक विद्यालय सरस्वती विहार में सीबीएसई बोर्ड की परीक्षाओं में अब तक के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन पर उल्लास का माहौल है। इसी कड़ी में शनिवार को विद्यालय में पत्रकार वार्ता आयोजित हुई। इस मौके पर विद्यालय के प्रधानाचार्य नरेंद्र सिंह ने कहा कि कोरोना संक्रमण के कारण पूरी दुनिया में व्याप्त अव्यवस्था के बावजूद विद्यालय के 10वीं व 12वीं के विद्यार्थियों ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है।

12वीं की बोर्ड परीक्षा में प्रतिभाग करने वाले 62 छात्रों में से भास्कर पंत ने 97 फीसद अंकों के साथ विद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त किया। साथ ही शरीरिक विज्ञान में तीन छात्रों ने शत प्रतिशत एवं 18 छात्रों ने 90 फीसद से अधिक अंक प्राप्त किये। वहीं विद्यालय के सभी छात्र न्यूनतम 80 फीसद अंक प्राप्त कर प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए। वहीं 10वीं की बोर्ड परीक्षा में भी परीक्षा परिणाम अब तक का सर्वोच्च रहा। इस वर्ष 10वीं की बोर्ड परीक्षा देने वाले 138 छात्रों में से 39 छात्रों ने 90 फीसद से अधिक, 11 छात्रों ने 95 फीसद से अधिक अंक प्राप्त किये। जबकि देवांश सक्सेना ने 99.4 फीसद अंक प्राप्त कर नैनीताल नगर के सभी विद्यालयों में प्रथम तथा राज्य की मेरिट लिस्ट में पांचवा स्थान प्राप्त किया।
प्रधानचार्य नरेंद्र सिंह ने कहा कि इस उपलब्धि का पूरा श्रेय विद्यालय के छात्रों और आचार्यों को जाता है। वहीं विद्या भारती के क्षेत्र संगठन मंत्री पश्चिम क्षेत्र डोमेश्वर साहू ने कहा कि सरस्वती विहार लॉर्ड मैकाले द्वारा बनायी गयी शिक्षा पद्धति के कारण देश में मूल्यहीनता, मूल्यह्रास के अजीवोगरीब वातावरण में बच्चों में शारीरिक, बौद्धिक, सांस्कृतिक, योग, नैतिक एवं आध्यात्मिक आदि आधारभूत विषयों के द्वारा सर्वांगीण विकास करना है।

यह भी पढ़ें : प्रधानाचार्या ने किया अम्तुल्स पब्लिक स्कूल के बंद होने की अफवाहों का खंडन

नवीन समाचार, नैनीताल, 16 जुलाई 2020। अम्तुल्स पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्या अनीता खान ने विद्यालय के बंद होने की अफवाहों का खंडन किया है। बृहस्पतिवार को जारी एक बयान में उन्होंने कहा कि कुछ लोगों द्वारा अम्तुल पब्लिक स्कूल के बंद होने की भ्रामक अफवाह फैलायी जा रही है, जो बिल्कुल निराधार है। विद्यालय का सिर्फ बोर्डिंग यानी छात्रावास बंद किया गया है, जबकि डे-स्कॉलर यानी दैनिक विद्यार्थियों के विद्यालय खुला है। इन दिनो विद्यालय में शासन के निर्देशों के तहत ऑनलाइन पढ़ाई निरंतर जारी है। विद्यालय प्रबंधन विद्यालय को डे-स्कॉलर स्कूल के रूप में चलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल की मार अम्तुल्स जैसे मध्यम श्रेणी के स्कूलों पर भारी पड़ी है। आर्थिक संकट बड़ी समस्या है। जिस कारण छात्रावास चला पाने में प्रबंधन असमर्थ हैं। इसकी घोषणा कर दी गई है। वह विद्यालय के अभिभावकों से अनुरोध करती हैं कि स्कूल बंद होने की अफवाहों पर न जाएं। स्कूल में डे-स्कालर पठन-पाठन कार्य जैसे पूर्व में चल रहा था, वैसे ही भविष्य में भी जारी रहेगा।

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यह भी पढ़ें : सीबीएसई: नैनीताल के देवांश ने 99.4 फीसद अंकों के साथ हासिल किया प्रदेश में शीर्ष स्थान

-अपने विद्यालय का अब तक का सर्वाधिक अंकों का रिकॉर्ड दो फीसद अंकों के साथ तोड़ा
नवीन समाचार, नैनीताल, 15 जुलाई 2020। शिक्षा नगरी नैनीताल के पार्वती प्रेमा जगाती माध्यमिक विद्यालय सरस्वती विहार के छात्र देवांश ने सीबीएसई की 10वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा में छह में से पांच शीर्ष विषयों में 99.4 अंक प्राप्त कर राज्य की मैरिट सूची में पांचवा स्थान बनाया है। देवांश के अंग्रेजी, हिंदी, कम्प्यूटर में 100 में से 100, एसएसटी में 99, गणित में 98 एवं विज्ञान में 97 अंक आये हैं। देवांश ने आपके प्रिय एवं भरोसेमंद ‘नवीन समाचार’ से बात करते हुए बताया कि उन्होंने अपने विद्यालय के अब तक के सर्वाधिक 97.4 फीसद अंकों के रिकॉर्ड को तोड़ने का लक्ष्य बनाया था। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए उन्होंने अपने गुरुजनों के ‘कक्षा में पढ़ाई के समय ध्यान लगाकर पढ़ने एवं खेलने के समय खेलने’ के मूलमंत्र का पालन किया और यह सफलता अर्जित की। बताया कि वह बास्केटबॉल भी अच्छा खेलते हैं। देवांश मुरादाबाद यूपी के रहने वाले हैं। उनके पिता अरविंद सक्सेनाबरेली के मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में कार्यरत हैं, जबकि उनकी मां नंदिनी गृहणी हैं। परिवार में उनकी छोटी बहन आराध्या भी है, जो पांचवी कक्षा में पढ़ती है। आगे वह भविष्य में इंजीनियरिंग या न्यायिक सेवाओं में जाना चाहते हैं।

पार्वती प्रेमा जगाती के शीर्ष 10 में आये छात्र। देवांशु सक्सेना सबसे ऊपर बांये।

देवांश के अलावा पार्वती प्रेमा जगाती में छात्र आयन गोयल ने 98, प्रियांशु सती ने 97.2, जयेश शर्मा व प्रियाश केतकर ने 96.4, तनिष्क घ्यानी ने 95.6, ऋषांक रंजन व अर्पण गंगवार ने 95.4, मृणाल गुप्ता, आर्यन चौधरी व निकुंज अग्रवाल ने 95, चित्रांशु जोशी ने 94.6 व आरव भारद्वाज ने 94.4 फीसद अंकों के साथ विद्यालय के शीर्ष 10 में स्थान बनाया है। प्रधानाचार्य नरेंद्र सिंह ने उल्लेखनीय प्रदर्शन कर विद्यालय का नाम रोशन करने वाले विद्यार्थियों को बधाई एवं उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं।

प्रदेश के टॉपरों की बात करें तो ऊधमसिंह नगर के भारतीयम इंटर स्कूल रामेश्वरपुर के छात्र ऋषित अग्रवाल ने 500 में से 498 अंकों के साथ पहला तथा मैरिट सूची में नैनीताल जनपद के छात्रों की बात करें तो जनपद के आर्यमान बिड़ला हल्द्वानी के छात्र आर्यन भट्ट व ऋतिक पालीवाल ने 497 अंकों के साथ दूसरा, निर्मला कान्वेंट हल्द्वानी की छात्रा काव्या उपाध्याय ने 496 अंकों के साथ तीसरा, न्यू बीयरशिबा स्कूल पिथौरागढ़ के प्रखर उपाध्याय ने 495 अंकों के साथ चौथे एवं पार्वती प्रेमा जगाती स्कूल नैनीताल के छात्र देवांश सक्सेना, सैनिक स्कूल घोड़ाखाल के सूरज कुमार व निर्मला कान्वेंट हल्द्वानी की शगुन नेगी ने 494 अंकों के साथ पांचवा स्थान प्राप्त किया है।

इधर नगर के स्नोव्यू स्थित राधा चिल्ड्रन एकेडमी की प्रबंधक रिंकू साह व प्रधानाचार्या भावना साह ने बताया कि विद्यालय के मयंक बिष्ट ने 96.6, अजय अधिकारी ने 94.6 व रोहित पपनै ने 90.2 फीसद अंक प्राप्त कर अपने परिवार के साथ विद्यालय का मान भी बढ़ाया है।
वहीं अम्तुल्स पब्लिक स्कूल के छात्र सुमित सिंह अधिकारी ने 94, अयुष डोगरा ने 88 व अमन गोदियाल ने 84 फीसद अंकों के साथ विद्यालय में शीर्ष तीन में स्थान बनाया है। विद्यालय की प्रधानाचार्या अनीता खान के अनुसार विद्यालय के 79 फीसद बच्चे प्रथम जबकि 21 फीसद बच्चे द्वितीय श्रेणी में उत्तीर्ण हुए हैं।
इधर नगर के लांग व्यू पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य भुवन चंद्र त्रिपाठी के अनुसार छात्र मयंक शर्मा ने 96 फीसद अंकों के साथ विद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, वहीं पार्थ कपकोटी 95 फीसद अंकों के साथ दूसरे और अनीन हसन 94 फीसद के साथ तीसरे स्थान पर रहे हैं। इसके अतिरिक्त मनीष फर्त्याल ने 94, संजय बिष्ट ने 93, कार्तिक जोशी ने 92, हर्षवर्धन ने 92, निलाक्ष गोस्वामी ने 91, सानिध्य मारुत साह ने 91, अर्णव त्रिपाठी ने 90, कुणाल कलकल, हर्षित त्रिपाठी व नवदीप साह ने 89 फीसद अंकों के साथ शीर्ष 10 में स्थान बनाया है। साथ ही उन्होंने बताया कि आईटी में निलाक्ष ने 100 एवं नौ छात्रों ने 95 फीसद से अधिक, जबकि हिंदी में चार और सामाजिक अध्ययन में 10 छात्रों ने 95 फीसद से अधिक अंक प्राप्त किये हैं।

वहीं होली एंजिल्स स्कूल की प्रबंधक अल्का अग्रवाल ने बताया कि विद्यालय के सभी छात्र उत्तीर्ण हुए हैं और तनुज नैनवाल ने 91, सौरभ चमियाल ने 81 एवं पंकज टम्टा ने 79 फीसद अंक प्राप्त किये हैं।

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-बिड़ला के स्वयं पांडे को मिले 98.8 फीसद अंक
नवीन समाचार, नैनीताल, 13 जुलाई 2020। सीबीएसई की 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा में नैनीताल के बच्चों ने किया उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। बताया गया है कि बिड़ला के स्वयं पांडे ने नैनीताल टॉप किया है, जबकि सेंट जेवियर के संभावी जोशी दूसरे तथा मोहन लाल साह बाल विद्या मंदिर की ईसा सक्सेना व दीप्ति दानू संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर रहीं हैं। नगर के पार्वती प्रेमा जगाती सरस्वती विहार विद्यालय में कुल 38 छात्रों ने विज्ञान एवं 24 छात्रों ने वाणिज्य वर्ग से बोर्ड परीक्षा दी। विज्ञान वर्ग में भाष्कर पंत ने 97 फीसद के साथ प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि शायोन कुमार विस्वास ने 95.8, सक्षम टम्टा ने 95.2, उत्कर्ष गंगवार ने 94.6 व उज्जवल राणा ने 93.6 तथा वाणिज्य वर्ग मे ऋतिक सोनी ने 96, यश गोयल ने 95.4, रवि परिहार ने 95, प्रियांशु तिवारी ने 94.4 व हर्षित राज ने 93 फीसद अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान प्राप्त किये। विद्यालय के प्रधानाचार्य नरेंद्र सिंह और प्रबंध समिति के अध्यक्ष कामेश्वर प्रसाद काला ने छात्रों को कोरोना की विकट परिस्थितियों के बावजूद इस उल्लेखनीय प्रदर्शन के लिए बधाई दी।
वहीं बिड़ला विद्या मंदिर में सभी 61 परीक्षार्थियों ने प्रथम श्रेणी में तथा 58 ने डिस्टिंक्शन हासिल की। जबकि इनमें से विज्ञान वर्ग में पंखुड़ी सक्सेना ने 96.6 एवं वाणिज्य में स्वयं पांडे ने 98.8 फीसद अंकों के साथ प्रथम स्थान प्राप्त किया। विज्ञान वर्ग में सभी छात्रों का औसत 87.1 व वाणिज्य में 89.8 फीसद तथा विद्यालय के सभी परीक्षार्थियों का औसत 88.3 फीसद अंकों का रहा है। विज्ञान वर्ग में अमन कुमार गुप्ता व अनुज ब्रह्म को 95.8, आदित्य पांडे व यश मिश्रा ने 95.6, प्रत्यूष ने 95.4 व अक्षत बत्रा ने 94.6 तथा वाणिज्य वर्ग में राघवेंद्र गहलौत ने 97.6, केशव केजरीवाल ने 97, अर्चित रुंगला ने 96.4 व राघव बंसल से 94.6 फीसद अंक प्राप्त किये।

इधर अम्तुल्स पब्लिक स्कूल के 53 परीक्षार्थियों में से 44 ने प्रथम एवं 9 ने द्वितीय श्रेणी में परीक्षा उत्तीर्ण की। विज्ञान वर्ग के छात्र मुकेश जोशी ने शारीरिक शिक्षा व वनस्पति विज्ञान में 100 फीसद सहित कुल मिलाकर 96 प्रतिशत अंकों के साथ विद्यालय में प्रतिशत, तनुज मेहरा ने 95.4 फीसद अंकों के साथ दूसरा व देवेश वर्मा ने 93 फीसद के साथ तीसरा, जबकि वाणिज्य वर्ग में आयुष्मान नगरकोटी ने 84 फीसद के साथ पहला, शिवम टम्टा ने 82 फीसद के साथ दूसरा व जीशान अली ने 81 फीसद के साथ तीसरा स्थान प्राप्त किया।

वहीं, मोहन लाल साह बाल विद्या मंदिर की प्रधानाचार्य अनुपमा साह ने बताया कि ईसा सक्सेना तथा दीप्ति दानू 97.6 अंकों के साथ पहले, हर्षिता साह 97.4 अंकों के साथ दूसरे तथा गरिमा जोशी 97.2 अंकों पाकर तीसरे स्थान पर रहीं। विद्यालय के कुल 88 छात्राओं में से 32 ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए हैं।

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सेंट मेरीज कॉलेज की टॉप-3 छात्राएं।

नवीन समाचार, नैनीताल, 10 जुलाई 2020। नगर के सेंट मेरीज कान्वेंट कॉलेज के 12वीं आईएससी बोर्ड की परीक्षा में 71 छात्राओं में से तनीषा कौर सेठी को 97.25 प्रतिशत, स्कंदिता तिवारी 97 फीसद व सेरेना मैथ्यू ने 94 प्रतिशत अंक प्राप्त किये हैं। वहीं 10वीं में विदुषी साह ने 95.8, भूमिका भनौट ने 95.6 तथा साक्षी बिष्ट ने 94.6 फीसद अंक हासिल कर प्रथम तीन स्थान प्राप्त किये हैं। बताया गया है कि 98 छात्राओं ने 10वीं की बोर्ड परीक्षा दी थी। इनमें से 20 छात्राओं ने 90 फीसद से अधिक अंक हासिल किये हैं। वहीं हाईस्कूल की परीक्षा में प्रो. गीता तिवारी व डा. ललित तिवारी की पुत्री कल्याणी तिवारी ने भी 94 प्रतिशत अंकों के साथ उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। उन्होंने अपनी उपलब्धि का श्रेय अपनी नानी भगवती तिवारी व गुरुजनों को दिया है।

देव बवाड़ी को सेंट जोसफ कॉलेज टॉप करने पर मिठाई खिलाते परिजन।

वहीं सेंट जोसफ कॉलेज में 10वीं में देव बवाड़ी ने 96.8, उत्कर्ष सती ने 95.8 व गर्वित कांडपाल ने 95.6 जबकि 12वीं के विज्ञान वर्ग में आदित्य साह ने 96.75, भूमिक रावत ने 96 व विनय नगरकोटी ने 92.7, वाणिज्य वर्ग में तनिष्क छावड़ा व लोकेश मेलकानी ने 85.5, कुशाग्र सिंह ने 83.25 व अमन साबरी ने 83 जबकि मानविकी वर्ग में भूपेश साह ने 88, शौर्य वर्धन मेहरा ने 81.75 व कृष्ण शर्मा ने 78.25 फीसद अंकों के साथ प्रथम तीन स्थान प्राप्त किये हैं।

देखें शेरवुड कॉलेज के टॉपर्स की सूची –

यह भी पढ़ें : लॉक डाउन में बच्चों-शिक्षकों को मोबाइल-कम्प्यूटर से दी ‘छुट्टी’, ओकवुड स्कूल की निदेशक गीतांजलि आनंद ने की अलग पहल

गीतांजलि आनंद।

नवीन समाचार, नैनीताल, 07 जून 2020। लॉक डाउन के दौरान देश भर में बच्चे पढ़ाई के लिए भी मोबाइल व कम्प्यूटर की स्क्रीन पर चिपकने को मजबूर हैं, जबकि इससे पहले बच्चों को इनसे दूर ही रहने की सलाह दी जाती थी। इन स्थितियों में शिक्षा नगरी के ओकवुड स्कूल ने बच्चों को 9 जून से 29 जून तक ग्रीष्मकालीन छुट्टियां घोषित कर दी हैं। साथ ही एक अलग तरह की पहल करते हुए इस दौरान बच्चों को ऐसी परियोजना देने की बात कही है जिसमें अभिभावकों की न्यूनतम भागीदारी होगी और मोबाइल फोन तथा कंप्यूटर जैसे इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का कम से कम उपयोग होगा।
इस संबंध में विद्यालय की निदेशक गीतांजलि आनंद ने अभिभावकों के लिए एक पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने कहा है कि बच्चे और शिक्षक पिछले दो माह से फोन या कंप्यूटर स्क्रीन के सामने एकटक घंटों बैठकर स्कूल का काम पूरा करने में जुटे हुए हैं। शायद सामान्य परिस्थितियों में उन्हें ना ही इतना मोबाइल फोन और ना ही कंप्यूटर पर रहने की इजाजत दी जाती। सामान्य स्थितियां होती तो 31 मई से ओकवुड स्कूल में वार्षिक ग्रीष्म काल की छुट्टियां हो गई होतीं। उन्हें लगता हे कि बच्चों और शिक्षकों को स्क्रीन से कुछ दिनों के लिए राहत देना जरूरी है। इसलिए यह छुट्टियां दी जा रही हैं। इन छुट्टियों के दौरान शिक्षक प्रत्येक बच्चे को अखबार, पत्रिकाओं, पाठ्यपुस्तकों, बुजुर्गों के अनुभवों व कहानी कहने के तरीको पर आधारित परियोजनाएं देंगे। इसका उद्देश्य है कि बच्चे समाचार पत्रों के माध्यम से अपने उत्तरों का खोजना, घर में रखी अनुपयुक्त वस्तुओं का उचित उपयोग करना सीख सकें, तथा अपने आसपास के वातावरण के विषय में सामान्य जागरूकता उत्पन्न कर सके, और परिवार के बड़े लोगों से बात करके ज्ञान अर्जित कर सकें। उन्हें उम्मीद है कि बच्चे व शिक्षक इन छुट्टियों में निरंतर स्क्रीन के उपयोग से दूर रहकर आवश्यक ब्रेक का आनंद लेंगे और बच्चे घर बैठे शिक्षा दिलाने में हमें अपना पूर्ण सहयोग देंगे। विद्यालय के प्रबंधक संतोष कुमार ने बताया कि विद्यालय की ओर से बच्चों के लिए परियोजनाएं तैयार की जा रही हैं।

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सेंट जोसफ कॉलेज के प्रधानाचार्य ब्रदर हैक्टर पिंटो।

नवीन समाचार, नैनीताल, 30 मई 2020। शिक्षा नगरी नैनीताल के प्रतिष्ठित विद्यालय सेंट जोसफ कॉलेज की फीस की दूसरी किस्त जमा करने की आखिरी तिथि 1 जून है। किंतु विद्यालय की ओर से बड़ा ऐलान करते हुए कहा गया है कि कोरोना विषाणु की महामारी और लॉक डाउन की वजह से आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण यदि कोई अभिभावक अभी फीस नहीं दे पा रहे हैं तो उन्हें चिता करने की आवश्यकता नहीं है। विद्यालय के प्रधानाचार्य ब्रदर हैक्टर पिंटो के हवाले से विद्यालय के धर्मेंद्र शर्मा ने बताया कि जो अभिभावक समर्थ हों, वे फीस जमा कर सकते हैं। लेकिन यदि कोई अभिभावक समर्थ न हों तो ऐसे अभिभावकों से अगस्त माह तक भी लेट फीस नहीं ली जाएगी। साथ ही यह भी कहा कि यदि राज्य अथवा केंद्र सरकार भविष्य में फीस कम करने जैसा कोई निर्णय करती है तो अभी जमा की गई फीस आगे समायोजित भी की जा सकती है। यदि किसी अंतिम वर्ष के विद्यार्थी की फीस जमा हो जाती है तो वह वापस भी की जा सकती है।

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जेईई मेन्स परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले छात्रों भास्कर पंत व आदित्य मित्तल को बधाई देते प्रधानाचार्य नरेंद्र सिंह।

नवीन समाचार, नैनीताल, 21 जनवरी 2020। नगर के वीर भट्टी स्थित पार्वती प्रेमा जगाती सरस्वती विहार दुर्गापुर के 12 कक्षा में अध्ययनरत दो मेधावी छात्रों भास्कर पंत और आदित्य मित्तल ने जेईई मेन्स परीक्षा उत्तीर्ण कर ली है। उल्लेखनीय है कि भास्कर एवं आदित्य दोनों सूर्य के पर्यायवाची शब्द हैं। भास्कर पंत ने इस परीक्षा में 90 परसेंटाईल तथा अदित्य ने 77.70 परसेंटाईल अंक हासिल किये हैं। उल्लेखनीय है कि गत वर्ष इसी विद्यालय के 12वीं कक्षा के छात्र शिव त्यागी ने भी अपनी प्रखर मेधा का परिचय देते हुए 90 परसेंटाईल के साथ जेईई मेन क्वालीफाई किया था। विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष कामेश्वर प्रसाद काला, प्रबंधक डा. केपी सिंह तथा प्रधानाचार्य नरेंद्र सिंह ने दोनों छात्रों की इस सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुऐ उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है।

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-सुप्रसिद्ध अभिनेत्री सुश्री मंदिरा बेदी के हाथों प्रदान किया गया पुरस्कार

नई दिल्ली में अभिनेत्री मंदिरा बेदी से ‘मोस्ट रिकमंडेड डे बोर्डिंग स्कूल इन नैनीताल’ पुरस्कार ग्रहण करते एलपीएस के प्रधानाचार्य एवं शिक्षिका।

नवीन समाचार, नैनीताल, 20 जनवरी 2020। नगर के एलपीएस यानी लांग व्यू पब्लिक स्कूल को वर्ष 2020 के लिए ‘मोस्ट रिकमंडेड डे बोर्डिंग स्कूल इन नैनीताल’ यानी नैनीताल नगर के सर्वाधिक संदर्भित किये जाने वाले गैर छात्रावासी विद्यालय के पुरस्कार से नवाजा गया है। विद्यालय को यह पुरस्कार ‘ब्रांड इम्पैक्ट’ संस्था के द्वारा ‘प्राइड ऑफ इंडिया एजुकेशन अवार्ड’ के तहत नई दिल्ली के पश्चिम विहार स्थित रेडिसन ब्लू होटल में आयोजित एक भव्य समारोह में सुप्रसिद्ध अभिनेत्री सुश्री मंदिरा बेदी के हाथों प्रदान किया गया। विद्यालय के लिए आयोजन में उपस्थित प्रधानाचार्य भुवन त्रिपाठी और वरिष्ठ शिक्षिका कविता सनवाल ने यह पुरस्कार ग्रहण किया। को दिया गया। आयोजन में ‘राइट च्वाइस अवार्ड्स’ और भारत के बेस्ट डॉक्टर्स अवार्ड्स भी दिये गये।

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-विद्यालय के पूर्व ताइक्वांडो कोच ललित आर्य को समर्पित रहा वार्षिकोत्सव
नवीन समाचार, नैनीताल, 24 नवंबर 2019। नगर के तल्लीताल स्थित वृंदावन पब्लिक स्कूल में रविवार को बच्चों के मासूमियत भरे रंगारंग कार्यक्रमों की धूम रही। मौका था विद्यालय के वार्षिकोत्सव कार्यक्रम की। कार्यक्रम विद्यालय के पूर्व दिवंगत कोच ललित आर्य को समर्पित रहा। कार्यक्रम में बच्चों ने वंदना, फ्रंेड्स, ब्रेकअप, बोलो तारा रारा, देशी गर्ल्स, अली, चोगारा तारा, सानू केंदी, ये जवानी आदि गीतों पर रंगारंग प्रस्तुतियां दीं। किंतु खास बात यूकेजी व प्ले वे के नन्हे बच्चों की मासूमियत ही रही, जो हर नृत्य प्रस्तुति में दर्शकों को भावुक किये रही। बच्चों ने छोलिया नृत्य की प्रस्तुति भी दी।

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आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में सेंट मेरीज कॉन्वेंट की प्रधानाचार्या सिस्टर मंजूषा, विशिष्ट अतिथि सिस्टर डिग्ना, विद्यालय के चेयरमैन राजेंद्र लाल साह, प्रबंधक आलोक साह, प्रधानाचार्या राखी साह, ओकवुड स्कूल की प्रधानाचार्या लता साह, रामा मांटेसरी स्कूल की प्रधानाचार्या नीलू एल्हेंस, एसडीएम विनोद कुमार, आलोक जोशी, हरीश लाल साह, डा. अनंता ठुलघरिया, दीपाली साह के साथ ही विद्यालय की संघमित्रा, नेहा, किरन, सुप्रीता, उज्मा, कंचन, मनीष व नारायण आदि शिथिकाएं व सहयोगी कर्मी मौजूद रहे।
वार्षिकोत्सव में एक मासूमियत भरा नृत्य प्रस्तुत करते वृंदावन पब्लिक स्कूल के नन्हे बच्चे।

नवीन समाचार
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