‘राम’नगर के पिता-पुत्र दोनों निकले कुकर्मी, बिन बाप की नाबालिग बेटी के साथ किया मुंह काला

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 नवीन समाचार, रामनगर, 19 जनवरी 2020। रामनगर में कलयुगी पिता-पुत्र की मानवता को शर्मनाक करने वाली करतूत सामने आयी है। पिता-पुत्र पर मां के साथ किराए पर रहने वाली बिन बाप की, सातवीं कक्षा में पढ़ने वाली नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगा है। पुलिस ने आरोपित पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि उसके फरार हो गये बेटे की सरगर्मी से तलाश कर रही है। घटना को लेकर क्षेत्र के लोगों में खास आक्रोश है।
शहर के ग्रामीण क्षेत्र में 14 वर्षीय छात्रा अपनी मां के साथ किराए के मकान में रहती है। उसी घर में आरोपित कुंदन पटवाल व उसका पुत्र दीपक पटवाल भी किराये पर रहते हैं। बताया जा रहा है कि छात्रा के पिता की कुछ साल पूर्व मृत्यु हो चुकी है, जबकि मां प्राइवेट नौकरी करती है। मां के ड्यूटी पर जाने के बाद नाबालिग छात्रा के अकेले होने का फायदा उठाकर कुछ दिन पूर्व उसके पड़ोस में रहने वाला कुंदन पटवाल कमरे में घुस गया। आरोप है कि उसने छात्रा से छेड़छाड़ करते हुए उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। पिता की हरकत देखने के बाद उसके बेटे दीपक पटवाल ने भी मौका मिलते ही छात्रा से दुष्कर्म किया। किसी को बताने पर उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई। इधर शुक्रवार को छात्रा ने अपनी मां को जब घटना के बारे में बताया तो वह स्‍तब्‍ध रह गई। छात्रा की मां ने रामनगर कोतवाली पहुंचकर आरोपितों के खिलाफ तहरीर दी। पीरूमदारा चौकी इंचार्ज कवींद्र शर्मा ने बताया कि इस मामले में आरोपित पिता-पुत्र के खिलाफ दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। एक आरोपित कुंदन पटवाल को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है जबकि उसके बेटे की तलाश की जा रही है।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड की एक ‘निर्भया’ के बलात्कारी-हत्यारोपी की फांसी की सजा बरकरार

नवीन समाचार, नैनीताल, 7 जनवरी 2020। उधर दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने देश के बहुचर्चित निर्भया मामले में 4 आरोपियों की फांसी की सजा बरकरार रखी है, वहीं उत्तराखंड के नैनीताल उच्च न्यायालय ने भी राज्य की राजधानी देहरादून के सहसपुर थाने के अंतर्गत एक दस साल की बच्ची के साथ बलात्कार व उसके बाद उसकी हत्या करने के मामले में निचली कोर्ट से फांसी की सजा पाए हुए अभियुक्त की अपील पर सुनवाई करते हुए निचली अदालत के फांसी की सजा को बरकरार रखा है और अभियुक्त की अपील की खारिज कर दिया है । मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति आलोक सिंह व न्यायमूर्ति रविन्द्र मैठाणी की खंडपीठ में हुई। मामले के अनुसार 28 जुलाई 2018 को लड़की के पिता ने देहरादून के सहसपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि वे और अभियुक्त जय प्रकाश शिवालिक इंजीनियरिंग कालेज के निर्माणाधीन कालेज में मजदूरी का कार्य करते हैं। 28 जुलाई 2018 को वे काम पर गए थे। उनके झोपड़ी में उस दिन उनकी तीन लडकियां ही थीं और अभियुक्त उस दिन काम पर नही गया। अभियुक्त जयप्रकाश उस दिन उनकी तीनों लड़कियों को अपनी झोपडी में चीज खिलाने के बहाने बुला के ले गया। दो छोटी लड़कियों को उसने दस-दस रुपये देकर चीज खाने के लिए भेज दिया और बड़ी लडक़ी को दस रुपए देकर उसके साथ बलात्कार करके उसकी हत्या कर दी और उसकी लाश कमरे में गड्ढा बनाकर शव को उसमें सीमेंट की बोरियो से दबा दिया। पाक्सो कोर्ट में इस मामले में अभियुक्त को भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 376 व 377 के अन्तगर्त 28 अगस्त 2019 को फांसी की सजा सुनाई थी। इस आदेश को रिफरेंस के लिए 29 अगस्त 2019 को हाई कोर्ट भेजा गया था। इसी बीच अभियुक्त ने भी फांसी की सजा से बचने के लिए हाई कोर्ट में अपील दायर की। कोर्ट ने निचली अदालत के फांसी के आदेश को सही पाते हुए फांसी की सजा को बरकरार रखा है और अभियुक्त की अपील को खारीज दिया है।

यह भी पढ़ें : युवक ने खुद से तीन गुनी उम्र की बुजुर्ग महिला से किया दुष्कर्म

नवीन समाचार, रुड़की, 31 दिसंबर 2019। रुड़की में एक युवक ने खुद से करीब तीन गुनी उम्र की महिला के घर में जबरन घुसकर उससे डरा-धमकाकर दुष्कर्म कर दिया और शोर मचाने पर जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गया। महिला ने घटना की जानकारी अपनी बेटी को दी। बेटी ने आरोपी युवक के खिलाफ तहरीर दी है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर बुजुर्ग महिला का मेडिकल कराया है, और आरोपित युवक की तलाश शुरू कर दी है।

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प्राप्त जानकारी के अनुसार सिविल लाइंस कोतवाली क्षेत्र स्थित एक गांव में एक युवक की 25 दिसंबर को सगाई थी। सगाई में उसका रिश्तेदार ज्वालापुर निवासी एक युवक भी आया था। उसी ने रात में पड़ोस में अकेली रहने वाली बुजुर्ग महिला से इस हैवानियत भरी वारदात को अंजाम दिया।

यह भी पढ़ें : हल्द्वानी में बहु से दुष्कर्म के आरोप में ससुर हिरासत में, मुकदमा भी दर्ज…

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 25 दिसंबर 2019। शहर के बनभूलपुरा क्षेत्र में एक बुजुर्ग पर बहू से दुष्कर्म करने का आरोप लगा है। आरोप है कि मूलतः बरेली के रहने वाले ससुर ने मुंह खोलने पर बहू को जान से मारने की धमकी भी दी। लोक लाज के चलते वह कुछ दिनों तक चुप रही लेकिन दोबारा हरकत करने पर वह बनभूलपुरा पुलिस के पास पहुंच गई। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर ससुर को हिरासत में ले लिया है।
पुलिस के अनुसार महिला की शादी एक साल पहले गौला में ट्रक चलाने वाले व्यक्ति से हुई थी। इधर छह दिसंबर की सुबह दस बजे वह अपने घर पर अकेली थी। ससुर ने चाय बनाने के लिए कहा था। रसोईघर में जाने पर ससुर भी चला आया। शोर मचाने पर बहू का मुंह बंद कर कमरे में ले गया। महिला का आरोप है कि ससुर ने उसके साथ दुष्कर्म किया। मुंह खोलने पर जान से मारने की धमकी दी। भयभीत महिला काफी दिनों तक परेशान रही। दोबारा दुष्कर्म करने पर उसने पति को इस बारे में बताया और बनभूलपुरा थाने पहुंची। थानाध्यक्ष सुशील कुमार ने मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए। पुलिस ने इस मामले में ससुर के खिलाफ धारा 376 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया।

यह भी पढ़ें : 12 साल के बच्चे पर सात साल की परिचित बच्ची से जबर्दस्ती दुष्कर्म करने का आरोप

नवीन समाचार, दिनेशपुर (ऊधमसिंह नगर), 24 दिसंबर 2019। क्षेत्र के एक 15 वर्षीय बच्चे पर 7 साल की मासूम से दुष्कर्म करने का आरोप लगा है। आरोप है कि बच्चे ने अपनी परिचित बच्ची को मां की बीमारी की झूठी कहानी बनाकर अपने घर ले गया और वहां उससे जबर्दस्ती दुष्कर्म किया। उसके साथ क्या हुआ, इस बात से अनभिज्ञ बच्ची ने अत्यधिक दर्द होने पर अपनी मां को आपबीती बताई। इस पर बच्ची की मां ने पुलिस को तहरीर सोंपकर आरोपित के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। पुलिस ने तहरीर के आधार पर आरोपित के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 366ए व 376 तथा 3/4 पॉस्को अधिनियम के तहत मुकदमा पंजीकृत कर आरोपित की तलाश कर दी है। बच्ची का मेडिकल कराया गया है। वहींघटना के बाद से फरार आरोपित की तलाश शुरू कर दी गई है।

यह भी पढ़ें : पीसीएस की तैयारी कर रही युवती से दुष्कर्म, आरोपी, उसके पिता अन्य युवती के खिलाफ राज्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद मुकदमा दर्ज

-पीड़िता को आरोपित ने करीब डेढ़ साल अपनी पत्नी के रूप में रखा, अब किसी और से शादी कर रहा
नवीन समाचार, उत्तरकाशी, 23 दिसंबर 2019। राज्यमंत्री रेखा आर्य के हस्तक्षेप के बाद पीसीएस की तैयारी कर रही युवती से दुष्कर्म का मुकदमा उत्तरकाशी पुलिस ने दर्ज कर लिया है। आरोपी ने शादी करने का झांसा देकर कई साल तक उसका यौन शोषण किया। बाद में दूसरी शादी रचाकर पीड़िता को छोड़ दिया। आरोप है कि लखनऊ के इस युवक ने पीड़िता को डेढ़ साल तक गाजीपुर में पत्नी के रूप में रखा।

उत्तरकाशी जिले की पीड़िता ने राज्यमंत्री रेखा आर्य से मिलकर आपबीती बताई थी। पीड़िता ने बताया कि उत्तरकाशी में एनबीसीसी कंपनी में काम करने वाला अभिषेक चौहान निवासी गोमतीनगर, लखनऊ 2013 में उसके संपर्क में आया था। चौहान ने घर आकर कई बार प्रेम प्रस्ताव दिया, लेकिन वह टालती रही। 21 नवंबर 2014 को आरोपी अपने परिवार के साथ उसे जन्मदिन के बहाने एक होटल में ले गया और कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। विरोध करने पर आरोपी ने उसे शादी करने का झांसा दिया। इसी बीच 2015 में गर्भ ठहरा तो आरोपी ने दवा खिलाकर गर्भपात करा दिया। इधर, सितंबर 2017 में शादी का झांसा देकर फिर कई होटलों में उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। वह विरोध करती तो अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसके मुंह को बंद करा दिया जाता। इसके बाद आरोपी एक कंपनी में नौकरी लगने की बात कहकर उसे गाजीपुर ले गया, जहां किराए पर कमरा लेकर अपने साथ रखा। पीड़िता ने आरोप लगाया कि सितंबर 2019 में अभिषेक के पिता शादी कराने की बहाने उसे उत्तरकाशी छोड़ गए। धोखे का पता चलने पर विरोध किया तो आरोपी पक्ष ने जान से मारने की धमकी दी। इसी बीच 22 नवंबर को अभिषेक के मोबाइल से एक युवती का फोन आया, जिसने अभिषेक से शादी करने की बात कही। धमकी दी कि यदि शादी में अड़ंगा लगाया तो वह उसे मरवा देगी। राज्यमंत्री रेखा आर्य ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उत्तरकाशी के पुलिस अधीक्षक से बात की। एसपी के निर्देश पर उत्तरकाशी में पीड़ित की तहरीर पर आरोपी अभिषेक चौहान, उसके पिता और धमकी देने वाली युवती के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि विवेचना में आने वाले तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

यह भी पढ़ें : 68 साल के कुकर्मी बुड्ढे की हवस का शिकार हुई 13 साल की बच्ची ने दिया बच्चे को जन्म..

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 19 दिसंबर 2019। हल्द्वानी के सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज में एक 13 साल की बच्ची द्वारा बच्चे को जन्म देने का मामला प्रकाश में आया है। किंतु इससे भी अधिक बड़ी बात यह है कि बच्ची खुद से पांच गुने से भी अधिक उम्र के एक 68 साल के कुकर्मी बुड्ढे की हवस का शिकार होकर गर्भवती हुई थी। गनीमत रही कि बच्ची को सामान्य प्रसव से ही बच्चा पैदा हो गया और जच्चा-बच्चा दोनों की जान भी बच गई है। बच्ची की मां ने नवजात बच्चे को स्वयं पालने की बात कही है। बच्ची से दुष्कर्म के आरोप में बुड्ढा पहले से ही जेल में है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार गत सितंबर माह में दिनेशपुर के कालीनगर क्षेत्र में 65 साल के वृद्ध दुकानदार द्वारा 13 वर्ष की बच्ची को हवस का शिकार बनाकर गर्भवती बनाने का मामला प्रकाश में आया था। पीड़िता के पिता ने आरोप लगाया था कि पांच माह पहले उनके घर के सामने रहने वाले 68 वर्षीय नरेंद्र सिंह नेगी पुत्र चंदन सिंह नेगी की दुकान में लकड़ी का बुरादा लेने गई बच्ची को बिस्कुट-चॉकलेट देने के बहाने दुष्कर्म कर दिया तथा किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। जिस कारण बच्ची चुप रही लेकिन 28 सितंबर को पेट दर्द की शिकायत होने पर परिजनों को बच्ची के गर्भवती होने का पता चला।

यह भी पढ़ें : भेड़ों के बीच भेड़िया: हिंदू जागरण मंच के नेता पर महिला से तीन वर्ष से दुष्कर्म करने का आरोप..

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 10 दिसंबर 2019। भेड़ों के बीच भेड़िये हर कहीं छुपे बैठे हैं। स्वयं को हिंदू जागरण मंच की युवा वाहिनी का प्रदेश उपाध्यक्ष बताने वाले मुकेश भट्ट नाम के युवक के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। युवक पर एक महिला से उसकी पारिवारिक परेशानियों का फायदा उठाकर नजदीकियां बढ़ाने और शारीरिक संबंध बनाने और इसके बाद अश्लील वीडियो व फोटो वायरल करने की धमकियां देकर तीन साल तक महिला से दुष्कर्म करने तथा परिवार को मारने की धमकी देने का आरोप है। महिला की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपों की जांच शुरू कर दी है।

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महिला ने बताया कि वर्ष 2017 में उसका पारिवारिक जीवन सही नहीं चल रहा था। इसी का फायदा उठाकर भोटिया पड़ाव में रहने वाले हिंजामं की युवा वाहिनी के प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश भट्ट ने उससे नजदीकियां बढ़ाईं। इसके बाद मुकेश वॉट्सएप व फेसबुक के माध्यम से उससे बातें करने लगा। आरोप है कि अपनी बातों में फंसाकर मुकेश ने उसका शारीरिक शोषण करना शुरू कर दिया। महिला की अश्लील वीडियो व फोटो भी बना दी गई। आरोप है कि वीडियो, फोटो को वायरल करने और पति को भेजने की धमकी देकर मुकेश ने लगातार कमलुवागांजा स्थित किराये के कमरे में ले जाकर शारीरिक शोषण शुरू कर दिया। इस साल 27 नवंबर को भी मुकेश ने फोन कर महिला को कमलुवागांजा स्थित कमरे में बुलाया और नहीं आने पर पति को फोटो व वीडियो भेजने की धमकी देने लगा। परेशान महिला ने खुद पति को आपबीती बता दी। आरोप है कि इसके बाद मुकेश ने पति व बच्चों को मारने की धमकी दी। इससे घबराकर महिला के कमलुवागांजा जाने पर मुकेश से शारीरिक शोषण किया। पीड़िता ने मुकेश से खुद व परिवार को जान का खतरा बताकर मदद की गुहार लगाई है। कोतवाल विक्रम राठौर ने बताया कि आरोपित के विरुद्ध दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मुकेश ने अपनी फेसबुक प्रोफाइल पर हिंदू जागरण मंच की युवा वाहिनी प्रदेश उपाध्यक्ष लिखा है। वहीं, उसकी भाजपा व उसके आनुषांगिक संगठन के कई नेताओं से नजदीकियां भी हैं। फेसबुक पर अपलोड कई फोटो में वह मंच पर नेताओं के साथ खड़ा व बैठा दिख रहा है। वहीं, हिंजामं नेता पर दुष्कर्म का मुकदमा होने की खबर सोमवार शाम से लोगों में चर्चा का विषय रही। सोशल मीडिया में भी यह खबर तेजी से वायरल हो गई।

यह भी पढ़ें : खतरनाक आंकड़े: देश की जेलों में बंद एक लाख कैदियों में से 10,892 बलात्कारी, 15 से 49 आयु वर्ग की 30 फीसदी महिलाओं को 15 साल की आयु से ही झेलनी पड़ी शारीरिक हिंसा

नवीन समाचार, नई दिल्ली, 8 दिसंबर 2019। देश में हैदराबाद व उन्नाव की घटनाओं की चल रही बहस के बीच यह समाचार भी देश में बलात्कार के मामलों पर ध्यान आकृष्ट करने वाली है। देश की जेलों में सजा काट रहे एक लाख से ज्यादा कैदियों में से 10,892 बलात्कारी हैं। वहीं नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) का वर्ष 2017 तक के महिलाओं के प्रति अपराधों का आंकड़ा साढ़े 3 लाख पार की संख्या पार कर चुका है। वहीं 2015-16 में कराए गए राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-4 में इस बात का उल्लेख किया गया है कि भारत में 15 से 49 आयु वर्ग की 30 फीसदी महिलाओं को 15 साल की आयु से ही शारीरिक हिंसा का सामना करना पड़ता है।

एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक 2017 तक भारतीय दंड संहिता के तहत 1 लाख 21 हजार 997 कैदी जेलों में सजा काट रहे हैं। इनमें सबसे ज्यादा 84 फीसदी (102535) मामले मानव शरीर को नुक्सान पहुंचाने और कत्ल के हैं। ऐसे मामलों में सिर्फ कत्ल के मामलों की संख्या 68.4 फीसदी यानि 70,170 है। अब रेप के मामलों की बात की जाए तो 10.6 फीसदी (10,892) बलात्कारी जेलों में सजा काट रहे हैं। ये आंकड़े 31 दिसम्बर 2017 तक के हैं। यहां सिर्फ उन मामलों की बात हो रही है, जिनमें अपराधियों को सजा हो चुकी है।
बीते माह एनसीआरबी की पब्लिक डोमेन पर डाली गई रिपोर्ट के मुताबिक भी देश की महिलाओं की स्थिति कुछ अच्छी नहीं है। महिलाओं के प्रति अपराध कम नहीं हो रहे हैं, बल्कि बढ़ते जा रहे हैं। एनसीआरबी की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक साल 2017 में 50 लाख 7 हजार 44 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 3 लाख 59 हजार 849 मामले महिलाओं के खिलाफ अपराध संबंधी हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि साल 2015 में महिलाओं के प्रति अपराध के 3 लाख 29 हजार 243 मामले दर्ज किए गए। 2016 में यह आंकड़ा में 3 लाख 38 हजार 954 तक पहुंच गया था।
वहीं, थॉमसन रायटर्स फाऊंडेशन केे 2018 में किऐ गए एक जनमत सर्वेक्षण में कहा गया था कि भारत महिलाओं के लिए सबसे खतरनाक देश है। रायटर्स के अनुसार ये व्यक्ति महिला संबंधी मामलों के विशेषज्ञ हैं।

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