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निष्काशित होने के बाद आया ‘बेचारे’ हरक का पहला बयान…

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Expelled from Uttarakhand Cabinet and BJP, Harak Singh Rawat likely to join  Congress on Monday - India Newsनवीन समाचार, देहरादून, 16 जनवरी 2022। हमेशा चर्चाओं में रहने के अभ्यस्त भाजपा से निष्काशित डॉ. हरक सिंह रावत का भाजपा द्वारा पार्टी एवं मंत्रिमंडल से निष्काशित होने के बाद पहला बयान आया है। इस बयान में हरक ने जहां खुद को ‘बेचारा और भाजपा के प्रति समर्पित’ बताने का प्रयास किया है, वहीं यह कहने का भी प्रयास किया है कि राज्य में भाजपा कमजोर हो रही है, और कांग्रेस चुनाव जीतने जा रही है। इससे उनके इरादे साफ हो जाते हैं। यह भी चर्चा है कि वह आज ही नई दिल्ली में कांग्रेस पार्टी में शामिल हो जाएंगे, परंतु यह भी है कि अब तक कांग्रेस के किसी नेता की ओर से उनके बाबत कोई बयान नहीं आया है।

यह भी है कि कांग्रेस एक परिवार से एक ही व्यक्ति को टिकट देने की बात कह रही है, और हरक ने अभी भी दोहराया है कि वह खुद के साथ अपनी बहु के लिए भी टिकट चाह रहे थे। कांग्रेस उनकी यह मांग करेगी या नहीं ? साथ ही हरीश रावत से माफी मांगने की शर्त पर हरक का क्या रुख होगा ? तथा उनके साथ क्या कुछ और लोग भी भाजपा से कांग्रेस में लौटेंगे ? तथा कांग्रेस में लौटने के बाद हरक कितना सहज और शांत रहेंगे ? यह भी देखने वाली बात होगी।

अलबत्ता, हरक ने अपने पहले बयान में कहा है, ‘मुझे सोशल मीडिया के माध्यम से पता चला कि भाजपा ने मुझे बर्खास्त कर दिया है। मैं लगातार इस बात को पार्टी के अंदर बोलता रहा कि इस बार भाजपा की सरकार नहीं आने वाली है, प्रदेश भर में आम लोग भाजपा की सरकार से बहुत ज्यादा परेशान हैं लेकिन मैंने कभी भी यह नहीं सोचा कि मैं बीजेपी को छोड़कर किसी और दल में चला जाऊं। हां कभी-कभी मजाक में जरूर यह बात कही लेकिन दिल से कभी मैंने भाजपा को छोड़ने की बात नहीं कही। भाजपा ने फर्जी खबरों के आधार पर मुझे बाहर निकाला। मैं ईमानदारी से काम कर रहा था…।’

‘…मैंने कांग्रेस में जाने पर अभी कोई फैसला नहीं लिया है, लेकिन गणेश गोदियाल से मेरी लगातार बात हो रही है। इस बार प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने जा रही है। युवा, आम लोग, कर्मचारी सभी कांग्रेस को वोट दे रहे हैं। भाजपा में मुझे 5 साल तक काम नहीं करने दिया गया। मैं इस बात से बहुत नाराज था। मैं परिवारवाद के खिलाफ हूं, लेकिन मेरी बहू को टिकट मैंने जरूर मांगा था। मुझे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बहुत सहयोग मिला। पर भाजपा न जाने कैसे इतना बड़ा देश चला रही हैं। इनके पास इंटेलिजेंस है, सीबीआई है, सब कुछ है, पूरा तंत्र इनके पास है, फिर भी एक झूठी खबर से इन्होंने मुझे पार्टी से निकाल दिया।’ (डॉ. नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

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नवीन समाचार, देहरादून, 16 जनवरी 2022। उत्तराखंड के एक भाजपा विधायक महंत गोपाल रावत का एक बयान खासा चर्चा में है। रावत ने मीडिया कर्मियों से बात करते हुए कहा- भारतीय जनता पार्टी उनकी अकेली परिवार है। उनके पास पार्टी के रूप में भारतीय जनता पार्टी ही एकमात्र विकल्प है, और सीट के रूप में लैंसडौन ही एकमात्र विकल्प है। इसी कड़ी में वह बोल गए, ‘ऐसे ही उनके पास पत्नी का भी एक ही विकल्प है..’। आगे उन्होंने कटाक्ष भरे अंदाज में कहा, ‘बहुतों के पास बहुत सारे विकल्प हो सकते हैं…’। देखिये वीडियो रावत ने क्या कहा:

अब उनके ऐसे बयान के मायने समझिये। उनके बयान के पीछे उत्तराखंड के काबीना मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत हैं। हरक हर बार अपनी सीट बदलते हैं। एक सीट पर टिके नहीं रहते हैं। पिछली बार कोटद्वार सीट पर पूर्व सीएम खंडूड़ी की हार का बदला देने के नाम पर चुनाव लड़े हरक की नजर इस बार लैंसडौन सीट पर हैं। हरक के रंगीन मिजाजी के भी अनेक चर्चे रहे हैं। इसलिए गोपाल रावत को यह बयान देना पड़ा है।

यह भी कहा जा रहा है कि हरक खुद कोटद्वार से इतर दूसरी सीट के साथ ही अपने पुत्रवधु मॉडल-अदाकारा अनुकृति गुसाईं के लिए भी टिकट चाहते हैं। भाजपा उन्हें दूसरी सीट के साथ बहु के लिए एक और सीट देने को तैयार नहीं है। कांग्रेस भी एक परिवार को एक से अधिक वोट नहीं देने की बात कर रही है। इसलिए हरक के पास विकल्प कम होते जा रहे हैं। शनिवार को कोर कमेटी की बैठक में उनके न आने पर भी भाजपा द्वारा तरजीह न दिया जाना इसी का परिणाम बताया जा रहा है। (डॉ. नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

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Cabinet Minister Rekha Arya said Children who were orphaned during Corona  period will now get love in true senseनवीन समाचार, रुद्रपुर, 15 दिसंबर 2021। पूर्व में कांग्रेस पार्टी में रही उत्तराखंड की महिला एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य ने कांग्रेस पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल को लेकर विवादित बयान दिया है। रेखा ने कहा, राहुल गांधी अब कहीं चले जाएं, उन्हें कोई गंभीरता से नहीं लेता है। उन्हें मंदबुद्धि और पप्पू की संज्ञा दी जाती है। आज भी भी यह संज्ञाएं उन पर लागू हैं।

मंत्री रेखा आर्य ने यह बाद बुधवार को दो वर्षों में तैयार करीब पांच करोड़ रुपए से बन कर तैयार हुए बाल संप्रेक्षण गृह का उद्घाटन करते हुए पत्रकारों द्वारा राहुल गांधी की उत्तराखंड में जनसभा को लेकर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में कही। वहीं केजरीवाल की महिलाओं को एक हजार रुपए प्रतिमाह दिए जाने की घोषणा पर पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि केजरीवाल उत्तराखंड में महिलाओं को क्या दे रहे हैं, इससे समझा जा सकता है कि वह उत्तराखंड में महिलाओं को क्या देंगे।

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नवीन समाचार, देहरादून, 2 दिसंबर 2021। उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत की भाजपा छोड़कर कांग्रेस में जाने की लंबे समय से चर्चाएं चल रही हैं। इन चर्चाओं और इस संबंध में मीडिया में आ रही खबरों पर डॉ. रावत पहली बार खुलकर बोले हैं। देखें वीडियो कि उन्होंने क्या कहा :

बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देहरादून आगमन से ठीक पहले भाजपा छोड़कर कांग्रेस में जाने की चर्चाओं पर डॉ. हरक सिंह रावत परेशान हैं। उन्होंने इस संबंध में सोशल मीडिया पर वायरल हुई खबरों को कुछ लोगों की शरारत करार दिया। उन्होंने कहा-‘मैं इन खबरों का खंडन करता हूं।

उल्लेखनीय है कि लंबे समय से भाजपा सरकार में मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत और रायपुर विस से भाजपा विधायक उमेश शर्मा ‘काऊ’ के कांग्रेस में जाने की अटकलों का बाजार गर्म है। दोनों नेता पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के साथ 2016 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे।विधानसभा चुनाव करीब आते ही उनकी दल-बदल की चर्चाओं ने जोर पकड़ा। लेकिन हरक और काऊ दोनों अब तक उन्हें लेकर दलबदल की चर्चाओं की अनदेखी करते आए हैं। पिछले दिनों उनकी नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह से बंद कमरे में हुई मुलाकात के भी सियासी मायने टटोले गए, लेकिन इस पर भी हरक सिंह ने खुद सामने आकर कोई सफाई नहीं दी।

माना जा रहा है कि लेकिन अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहले राजनीतिक दौरे पर देहरादून आने से ठीक पहले सोशल मीडिया पर भाजपा छोड़कर कांग्रेस में जाने की संभावना से जुड़ी खबरों ने कैबिनेट मंत्री रावत को असहज कर दिया। इसलिए उन्हें आगे आकर इन खबरों का खंडन करना पड़ा है।

इसीलिए उन्होंने कहा कि उन्हें बहुत दुख है कि सोशल मीडिया और मीडिया में कुछ लोग जानबूझकर शरारत कर रहे हैं। मनगढ़ंत समाचार प्रकाशित कर रहे हैं। विशेष कर प्रधानमंत्री के देहरादून आगमन के मौके पर। उन्होंने कहा वह अगले दो दिन में भाजपा से त्यागपत्र देने की खबरों का खंडन और भर्त्सना करते हैं।

हरक ने कहा, हम सभी लोग प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में चार दिसंबर के कार्यक्रम की तैयारी में लगे हैं। प्रधानमंत्री का यह पहला राजनीतिक कार्यक्रम है। प्रदेश के लोगों में बहुत उत्साह है। उन्होंने कहा कि मोदी के उत्तराखंड में आने के बाद पूरे राज्य में भाजपा के पक्ष में संदेश जाएगा। सकारात्मक वातावरण बनेगा। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : हरक ने की प्रीतम सिंह के सामने राहुल गांधी के लिए ऐसी टिप्पणी कि भड़क गए प्रीतम, मोदी, सोनिया पर भी बोले

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 28 नवंबर 2021। भाजपा नेता व कबीना मंत्री हरक सिंह और कांग्रेस नेता व नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह कई बार साथ नजर आकर चर्चा बटोर रहे हैं। दोनों नेता पुनः एक समाचार चैनल पर साथ आते और अगल-बगल बैठे नजर आए।

यहां खासकर हरक ने प्रीतम से उनके पिता गुलाब सिंह के दौर से व्यक्तिगत प्रगाढ़ सबंधों से लेकर कांग्रेस सरकार में मंत्री रहते प्रधानमंत्री मोदी से प्रभावित होने के कारण लेकर राहुल गांधी व सोनिया गांधी पर अपने विचार एवं भाजपा के कार्यों पर खुल कर टिप्पणी की। इस दौरान खासकर राहुल गांधी पर रावत ने जो टिप्पणी की उस पर शांत माने जाने वाले प्रीतम भी भड़क उठे। उन्होंने कहा हरक जब कांग्रेस सरकार में मंत्री थे और नेता प्रतिपक्ष रहे, तब उन्हें राहुल गांधी बुरे नहीं लगे। इस पर हरक फिर बोल उठे और ऐसा खुलासा किया कि फिर प्रीतम के पास भी बोलने को कुछ नही बचा। देखें वीडियो:

इस दौरान हरक ने बताया कि कांग्रेस सरकार में मंत्री रहते उन्हें प्रधानमंत्री मोदी की एक चाय वाला यानी बहुत छोटे स्तर से आने के बाद गरीबों के लिए बड़ा कार्य करने की बात पसंद आई, और इसके कारण ही वह भाजपा में आए। इस दौरान उन्होंने टिप्पणी की कि राहुल गांधी में की ‘बॉडी लैंग्वेज’ नेताओं जैसी नहीं है। उन्हें नेता के तौर पर राहुल गांधी से सोनिया गांधी बेहतर लगती हैं। इस पर साथ बैठे प्रीतम सिंह भड़क उठे। उन्होंने कहा कि हरक को राहुल गांधी की ‘बॉडी लैंग्वेज’ तब बुरी नहीं लगी जब वह कांग्रेस पार्टी में मंत्री और नेता प्रतिपक्ष बने। अब उनका भाजपा में जाने में जाने के बाद हृदय परिवर्तन हो गया है, इसलिए ऐसा बोल रहे हैं। इस पर हरक ने जो कहा, उसके बाद प्रीतम इस मुद्दे पर चुप रह गए।

हरक ने कहा जब वे कांग्रेस पार्टी के नेता के रूप में भाजपा सरकार के दौरान नेता प्रतिपक्ष थे, तब राहुल गांधी के उत्तराखंड में एक कार्यक्रम के दौरान जब सभी कांग्रेस नेता राहुल गांधी की जमकर तारीफ कर रहे थे, तब उन्होंने राहुल गांधी के सामने कहा कि उन्हें लाखों देशवासियों के साथ राहुल गांधी का संसद में दिया गया भाषण पसंद नहीं आया। हरक ने कहा, ऐसा कहते हुए पूरी कांग्रेस पार्टी को जैसे सांप सूंघ गया था, और हरक को लगा था कि उन्हें कांग्रेस पार्टी से तत्काल निकाल दिया जाएगा। फिर भी उन्होंने इसकी परवाह नहीं की।

इस दौरान दोनों नेता शुरू में काफी सौहार्दपूर्ण माहौल में साथ बैठे और एक दूसरे की बातें भी सुनीं और अपनी पाटियों के पक्ष भी दोनों ने मजबूती से रखे। प्रीतम सिंह ने खासकर उत्तराखंड की भाजपा सरकार की नहीं, वरन मोदी सरकार की नीतियों की महंगाई, 15 लाख आदि मुद्दों पर कड़ी आलोचना भी की। दोनों नेता दल-बदल के मुद्दे पर भी बोले। हरक ने इस पर कहा कि वह कोई साधु नहीं हैं। यह भी कहा कि राजनीति में खासकर विधानसभा चुनाव के दौरान लोग एक से दूसरे दल में आते-जाते रहते हैं, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी से लेकर भाजपा सरकार की राष्ट्रवाद के मुद्दे पर दमदार तरीके से बात करके साथ सोनिया गांधी को राहुल गांधी से बेहतर मानने की बात कहकर उन्होंने अपने राजनीतिक भविष्य का भी कुछ हद तक इशारा भी कर दिया। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : विधान परिषद के मुद्दे पर हरीश रावत को उनके ही पूर्व सहयोगी भाजपा सरकार के कबीना मंत्री ने दिया करारा जवाब

नवीन समाचार, देहरादून, 25 नवंबर 2021। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के उत्तराखंड में विधान परिषद की वकालत करने पर कभी रावत के सहयोगी रहे वरिष्ठ भाजपा नेता और कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने जवाब दिया है। उन्होंने कहा है कि देशभर के छोटे राज्यों में विधान परिषद का कोई उदाहरण नहीं है। इसलिए उत्तराखंड में विधान परिषद बनाए जाने की बात कहना सरासर बेईमानी और जनता के पैसों की बर्बादी के सिवाय और कुछ नहीं है।

Satpal Maharaj slams former Chief Minister Harish Rawat demands an apology  | पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत पर भड़के सतपाल महाराज, इस बात के लिए की माफी  की मांगवरिष्ठ भाजपा नेता एवं कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के उत्तराखंड में विधान परिषद बनाए जाने के विषय पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि उत्तराखंड जैसे छोटे राज्य में विधान परिषद का गठन औचित्यहीन और जनता के पैसे की बर्बादी है। उन्होंने कहा कि वह प्रदेश के कांग्रेस नेता को याद दिलाना चाहते हैं कि उन्हीं की पार्टी के एक प्रमुख नेता तत्कालीन चुनाव प्रभारी सुरेश पचौरी के सामने भी जब 2002 में विधान परिषद के गठन का विषय आया था तो उन्होंने स्पष्ट कहा था कि यह व्यवस्था छोटे राज्य में नहीं है इसलिए उत्तराखंड में विधान परिषद का कोई औचित्य नहीं है। तब उन्होंने इस विषय को चुनाव घोषणा पत्र में भी शामिल करने से इंकार कर दिया था।

श्री महाराज ने कहा हिमाचल के साथ-साथ नवगठित छत्तीसगढ़, झारखंड और देश के अन्य किसी भी छोटे राज्य में विधान परिषद नहीं है। आंध्र प्रदेश तक ने अपने यहां विधान परिषद को समाप्त करने का प्रस्ताव पारित किया हुआ है। उत्तराखंड जैसे छोटे राज्य में भी विधान परिषद के गठन की बात कहना सरासर बेईमानी और जनता की गाढी कमाई की लूट के अलावा और कुछ नहीं है। इसके बजाए पूरा पैसा विकास कार्यों में लगने चाहिए ताकि प्रदेश का सर्रवांगीण विकास हो सके।

गौरतलब है कि हरीश रावत की विधान परिषद गठित करने संबंधित पोस्ट पर कई मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आईं, जिनमें यह भी कहा गया कि किसी भी राज्य में कुल विधानसभा सीटों की एक तिहाई और कम से कम 40 सीटों वाली विधान परिषद हो सकती है। इस लिहाज से उत्तराखंड में विधानसभा की सीटों को 70 से बढ़ाकर 120 किए जाने पर ही राज्य में 40 सीटों वाली विधान परिषद हो सकती है। साथ ही हरीश रावत से कुछ लोगों ने पूछा कि वह राज्य में राजनेताओं को ‘एडजस्ट’ करने के लिए इतने फिक्रमंद क्यों हैं ? (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : हरीश रावत को एक कबीना मंत्री से मिला ऐसा जवाब कि आई राजनीति से सन्यास लेने की नौबत

नवीन समाचार, देहरादून, 13 नवंबर 2021। गत दिवस सत्ता में वापसी के लिए हर कोई दांव आजमाने को उद्यत कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने हल्द्वानी में कहा था कि यदि भाजपा सरकारी नौकरी लगे 3200 लोगों के नाम भी बता दे तो वह राजनीति छोड़ देंगे। उनके इस बयान को भाजपा या भाजपा सरकार ने तो पता नहीं गंभीरता से लिया अथवा नहीं, अलबत्ता प्रदेश के शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने बिना हरीश रावत का नाम लिये जो जवाब दिया है, उसके बाद रावत के समक्ष नैतिकता के आधार पर राजनीति छोड़ने जैसी स्थिति जरूर उत्पन्न हो गई है।

Imageश्री पांडे ने आज अपने सोशल मीडिया खाते पर लिखा है, ‘प्रदेश के एक कांग्रेसी नेता, आम जनमानस के उन्नयन के लिए किये गए कार्यों और युवाओं को दिए गए रोजगार के विषय में भाजपा सरकार पर प्रश्न चिन्ह खड़ा कर रहे हैं जो अत्यंत आश्चर्यजनक है। उन महानुभाव को बताना चाहता हूँ कि यदि मैं शिक्षा विभाग की ही बात करूं तो शिक्षा विभाग ने लगभग 10000 लोगों को रोजगार दिया है। जिसके आंकड़े निम्नवत हैं।

प्राथमिक शिक्षा में 1881 पदों पर नियुक्तियां दे दी गयी है तथा 2648 पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया गतिमान है। माध्यमिक शिक्षा में सहायक अध्यापक एलटी के पदों पर 1818 पदों पर तैनाती दे दी गयी है तथा 1431 पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया गतिमान है। प्रवक्ता पद पर 1414 पदों पर तैनाती दे दी गयी है तथा 571 पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया गतिमान है।

साथ ही गेस्ट टीचरों के 4410 पदों पर तैनाती दे दी गयी है। इन आंकड़ों से प्रदेश की जनता के लिए आपका भ्रामक वक्तव्य धूमिल होता है। साथ ही आपको एक सुझाव देना चाहता हूँ कि आप, सन्यास लेने की बात करने के बजाय अपने सूचनाओं के स्रोत, सही और मजबूत करें।’

शिक्षा मंत्री के इस बयान पर टिप्पणियां भी रोचक आ रही हैं। ‘वॉइस ऑफ हिल्स’ नाम के खाते से टिप्पणी की गई है, ‘उस नेता का नाम तो बताये सर। हम भी जानें कितना पढ़ा-लिखा है और फिर मूल उत्तराखण्डी है या नही, कहीं खाली बदनाम करने वाला बाहरी तो नहीं है।’

बहरहाल, अब देखने वाली बात होगी कि अपेक्षित जवाब मिलने के बाद हरीश रावत कोई टिप्पणी करते हैं, या अपनी आदत के अनुसार तीर छोड़कर फिर चुप्पी साध जाते हैं। जैसा उन्होंने राज्य में ‘दलित के बेटे को मुख्यमंत्री देखने की इच्छा’ जताकर किया था। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : अब अपने पूर्व अध्यक्ष के बयानों से सांसत में कांग्रेस, केंद्रीय नेतृत्व की प्रतिद्वंद्विता को लेकर अंदरूनी द्वंद्व भी उजागर…

Kishor upadhyay gave big statement at haridwarडॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 6 नवंबर 2021। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं वरिष्ठ नेता किशोर उपाध्याय ने शनिवार को अपने एक बयान से लगता है कि अपनी पार्टी को न केवल सांसत में डाल दिया है, वरन पार्टी के भीतर पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व में राहुल-प्रियंका की प्रतिद्वंद्विता को लेकर चल रहे द्वंद्व को भी सतह पर ला दिया है।

श्री उपाध्याय ने उत्तराखंड के कांग्रेस नेताओं के साथ ही प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं अन्य राजनीतिक दलों के नाम भी एक अपील जारी की है, जिसमें प्रियंका गांधी द्वारा यूपी में 40 फीसद टिकट महिलाओं को देने और तीन गैस सिलेंडर मुफ्त देने को कहा है। इससे दो बातें साफ होती हैं कि उत्तराखंड कांग्रेस प्रियंका गांधी की यूपी में की गई इस पहल से अलग राय रखता है। यानी उत्तराखंड कांग्रेस के नेता प्रियंका गांधी की इस राय से इत्तेफाक नहीं रखते हैं। इसीलिए किशोर को प्रियंका के फॉर्मूले को उत्तराखंड में भी लागू करने के लिए पहल करनी पड़ी है। देखें किशोर उपाध्याय ने क्या कहा:

दूसरे, ऐसा कहकर उन्होंने उन्होंने उत्तराखंड कांग्रेस के नेताओं के लिए अब प्रियंका के फैसले को मानने के लिए दबाव भी बना दिया है। यदि उत्तराखंड कांग्रेस ऐसा करती है तो वहां न केवल टिकट वरन जीत का गणित भी बिगड़ सकता है। क्योंकि उत्तराखंड की महिला कांग्रेस की नेत्रियां पूर्व में ही प्रियंका की इस मांग पर जोड़ चुकी हैं कि न केवल 40 फीसद टिकट महिलाओं को मिलने चाहिए, बल्कि जिताऊ सीटों पर भी मिलने चाहिए।

गौरतलब है कि प्रियंका गांधी का बयान वास्तव में केवल उत्तर प्रदेश के लिए है, जहां कांग्रेस की जीत और सरकार बनाने की संभावना नां के बराबर बताई जा रही है। वहां प्रियंका गांधी की योजना है कि उनके इस फॉर्मूले से महिला मतदाता कांग्रेस की ओर आएंगी। वैसे भी वहा कांग्रेस के पास न ही हर सीट पर जिताऊ उम्मीदवार हैं, और न ही जिताऊ सीटें ही हैं। जबकि उत्तराखंड में कांग्रेस राज्य के अब तक के हर 5 वर्ष में सरकार बदलने के चुनावी इतिहास के आधार पर सत्ता की उम्मीद लगा रही है। यदि यहां कांग्रेस ने 40 फीसद यानी 28 सीटें महिलाओं को दे दीं तो उसका चुनावी गणित गणबड़ाना तय है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : भगत बोले, नैनीताल पालिका को इतिहास में सर्वाधिक धनराशि दी… पार्टी से आने-जाने वालों पर भी बोले….

डॉ. नवीन जोशी  @ नवीन समाचार, नैनीताल, 5 नवंबर 2021। उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री बंशीधर भगत शुक्रवार को नैनीताल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के केदारनाथ से लाइव प्रसारण देखने के लिए पहुंचे थे। इस दौरान यशपाल आर्य के पार्टी छोड़ कर जाने के सवाल पर उन्होंने कहा, जाने वालों को कोई नहीं रोक सकता।

इस पर जब उनसे पूछा गया कि क्या कोई और तथा कितने लोग जाने वाले हैं ? इस प्रश्न को भगत अनसुना कर गए। यानी उन्होंने इस प्रश्न पर इंकार भी नहीं किया। अलबत्ता कोई आने वाले हैं ? पूछे जाने पर भगत ने कहा, आने वालों का स्वागत है। इसके साथ ही उन्होंने कहा, भाजपा कैडर आधारित पार्टी है। यहां किसी के जाने से कोई फर्क नहीं पड़ता है। हिमांचल प्रदेश की हार पर उन्होंने कहा, यह उपचुनाव था। इसमें हार का बहुत अर्थ नहीं है। भाजपा अन्य जगह जीती भी है।

वहीं, प्रदेश के शहरी विकास मंत्री होने के नाते नैनीताल नगर पालिका के कर्मियों को दीपावली पर भी वेतन न मिल पाने के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि नैनीताल नगर पालिका को इतिहास में पहली बार सरकार ने 11 करोड़ 33 लाख रुपए दिये हैं। इससे नैनीताल पालिका इतिहास में पहली बार कर्ज मुक्त नगर पालिका बनी है। उन्होंने कहा कि पालिका को आय बढ़ाने के उपायों पर कार्य करना चाहिए। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

भगत सहित भाजपाइयों ने देखा प्रधानमंत्री का लाइव प्रसारण
नैनीताल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शुक्रवार को केदारनाथ धाम में आगमन, रुद्राभिषेक, आदि गुरु शंकराचार्य की मूर्ति के अनावरण एवं करोड़ों रुपए की विकास योजनाओं के शिलान्यास व लोकार्पण का मुख्यालय में सीधा प्रसारण किया गया।

इस दौरान नयना देवी मंदिर के पास लगाई गई बड़ी स्क्रीन पर प्रदेश के कबीना मंत्री बंशीधर भगत, जिलाधिकारी धीराज गर्ब्याल, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप बिष्ट, महामंत्री कमल नयन जोशी, प्रदेश महामंत्री गोपाल रावत, देवेंद्र ढैला, भानु पंत, विवेक साह, आनंद बिष्ट, मोहन पाल, विश्वकेतु वैद्य, संतोष साह, हरीश भट्ट, कलावती असवाल, गजाला कमाल आदि ने भी सीधा प्रसारण देखा।

इसके उपरांत श्री भगत ने जिला प्रशासन की ओर से नगर में कुमाऊं की परंपरागत शैली में विकसित किए जा रहे मल्लीताल खड़ी बाजार एवं रिक्शा स्टेंड आदि का अवलोकन भी किया। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : फिर रावत-रावत भाई-भाई, 24 घंटे के भीतर फिर हुई हरीश व हरक सिंह रावत में बात…

नवीन समाचार, देहरादून, 24 अक्टूबर 2021। उत्तराखंड की राजनीति में पिछले कुछ दिनों से कुछ अजीब हो रहा है। कहने को लोग सत्तारूढ़ दल में हैं, और करीब विरोधी दल के हैं। ऐसे कई उदाहरण इस बीच नजर आ रहे हैं। इसी कड़ी में दो दिन पूर्व तक एक-दूसरे को महापापी-महा अपराधी तक कह रहे हरीश व हरक रावत, अब रावत-रावत भाई-भाई का गीत गाते नजर आ रहे हैं। पहले हरक ने हरीश को अपना भाई बताया। फिर हरीश ने कल सांप-नेवला का जिक्र करते हुए हरक के लिए भाई साहब शब्द का प्रयोग किया।  देखें हरीश व हरक की 24 घंटे में दूसरी बातचीतः

अब आज हरीश रावत फिर हरक से बात करते हुए, पिटकुल के आंदोलित अवर अभियंताओं के मुद्दे पर हरक से फोन करते कैमरे में रिकार्ड हुए हैं। इस दौरान हरीश हरक से इन अभियंताओं की पैरवी करते हुए अपनी ओर से उन्हें आश्वासन देने की बात कर रहे हैं। साफ है कि यदि हरक हरीश के बताए कार्य करते हैं तो भविष्य में दोनों इस बात का श्रेय लेंगे। सुनें हरीश रावत व हरक सिंह रावत का सांप-नेवला वाला चर्चित वार्तालाप :

बातचीत के बीच में हरीश को पिटकुल के आंदोलित अवर अभियंता समझा रहे हैं कि 102 पदों पर नियुक्ति रोकी गई है। हरीश यही बात हरक को समझाते हुए उनके मामले को हल करने और कैबिनेट में इस बारे में प्रस्ताव लाने को कह रहे हैं। आगे देखने वाली बात होगी कि हरक व हरीश की यह बातचीत जनता के हित में साबित होती है, अथवा भविष्य में कोई नया राजनीतिक गुल खिलाती है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : बिग ब्रेकिंग: हरक के एक और भाजपा सरकार विरोधी बयान के बीच हरीश ने हरक से की बात, कहा-आपदा में सांप और नेवला साथ आ जाते हैं…

नवीन समाचार, रामनगर, 24 अक्टूबर 2021। उत्तराखंड के कबीना मंत्री डॉ. हरक सिंह ने रविवार को एक और बयान दिया है, जिसके बाद भाजपा भी मान कर चल रही है कि वह कभी भी कांग्रेस में जा सकते हैं। अलबत्ता, पार्टी की नीति अभी अन्जान कारणों से ‘वेट एंड वॉच’ की ही नजर आ रही है। हरक ने कहा है कि वह भाजपा सरकार के समय में उतना काम नहीं कर पाए, जितना करना चाहते थे। उनके कामों में लगातार अड़ंगे लगते रहे। फिर भी उन्होंने बेहतर कार्य किया है। देखें हरीश रावत ने क्या कहा:

Uttarakhand Assembly Election 2022 Harak Singh Rawat Calls Harish Rawat  Bada Bhai What can it mean | उत्तराखंड के सियासी गलियारों में हलचल: क्या  हरीश रावत के आगे सरेंडर हुए हरक? जानें 'इस बयान के बीच ही एक और खबर यह है कि कांग्रेस नेता हरीश रावत और यशपाल आर्य ने हरक सिंह से फोन पर लंबी बात की है। यह बात हुई तो रामनगर के सुंदरखाल और चुकम में आई दैवीय आपदा को लेकर है, लेकिन इसकी शुरुआत जिन शब्दों से हरीश रावत ने की, उससे इसका चर्चा में आना तय है। हरीश ने फोन उठाते ही हरक से कहा, अभी आपदा आई है, और आपदा में सांप और नेवला साथ आ जाते हैं। यह तो साफ है कि इशारों में अधिक बात करने वाले हरीश रावत अपने और हरक में से ही एक को सांप और नेवला कह रहे हैं, पर किसे सांप और किसे नेवला कह रहे हैं, यह वह ही बेहतर बता सकते हैं।

बहरहाल, वीडियो में दिख रहा है कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल किसी को फोन मिलाकर गढ़वाली में कहते हैं कि दोनों भाइयों को मिला देता हूं। फिर वह हरीश को फोन देते हैं। फोन पर पहले बोलते हुए हरीश कहते हैं, ‘आपदा के समय में सांप और नेवला एक साथ आ जाते हैं। अभी चुकम व सुंदरखाल गांव में हमारे लोगों पर आपदा आई है। आप वन मंत्री हैं, मेरी आपसे प्रार्थना व सलाह है कि आप यहां आकर देखें, जिस समय आप और हम एक ही जगह थे, उस समय हमने इनके विस्थापन का कागज चलाया था। इस समय आपके प्रमुख सचिव या सचिव के पास फाइल पड़ी है। उसे जरा धक्का लगवा दो…’ उधर से शायद हरक कहते हैं कि आपने यह काम पूरा क्यों नहीं किया, इस पर हरीश कहते हैं, ‘देखिए भाई साहब यदि हम यह काम कर जाते तो हमें पुण्य मिलता, आप तो कम के कम इस मामले में पुण्य कमा लो… उनकी लाइट का काम भी करवा दो।’ आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

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नवीन समाचार, देहरादून, 22 अक्टूबर 2021। उत्तराखंड के कुछ राजनेताओं के बारे में कोई भी बात दावे से नहीं की जा सकती। यहां जिम्मेदार पदों पर बैठे ऐसे नेता भी हैं, जो कब क्या कह दें-क्या कर लें, शायद वे खुद भी नहीं जानते। अब प्रदेश के कबीना मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने शुक्रवार को पत्रकारों से बात करते हुए प्रणव सिंह चैंपियन को छोटा और हरीश रावत को बड़ा भाई बताते हुए कहा है कि उनकी किसी बात का वह बुरा नहीं मानते। उन्हें सौ खून भी माफ हैं।

खासकर हरीश रावत के लिए हाथ जोड़ते हुए कहा कि वह उनसे माफी मांगते हैं। अलबत्ता जोड़ा कि वह माफी इसलिए नहीं मांग रहे कि उन्हें कांग्रेस पार्टी में जाना है, बल्कि इसलिए कि वह उनके बड़े भाई हैं। हरीश उन्हें चोर कहें, अपराधी कहें, हरीश के शब्द उनके लिए फूल व आशीर्वाद की तरह हैं। आप भी देखें और सुनें कि हरक ने क्या कहा :

उल्लेखनीय है कि हरीश रावत ने कहा है कि बागी पापी व अपराधी हैं। वे मांफी मांगें, तभी कांग्रेस में वापसी कर सकते हैं। दूसरी ओर डॉ. हरक सिंह रावत की लंबे समय से कांग्रेस में वापसी के कयास लग रहे हैं। हालांकि अब तक भी हरक कांग्रेस में वापसी करने से इंकार कर रहे हैं। वह अगला विधानसभा चुनाव न लड़ने की इच्छा भी जता चुके हैं। अलबत्ता उनके खुद के साथ ही पुत्रवधु के लिए टिकट की जुगत करने की भी चर्चा है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : ‘खामोशी का मतलब लिहाज भी होता है….लोग इसे कमजोरी भी समझ लेते हैं’ संजीव का ट्वीट हो रहा वायरल

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 13 अक्टूबर 2021। भाजपा छोड़कर कांग्रेस पार्टी में घर वापसी करने के साथ नैनीताल के विधायक पद से इस्तीफा देने के बाद संजीव आर्य पांच दिन के बाद सोशल मीडिया पर प्रकट हुए हैं। अपनी प्रोफाइल पर विधायक की जगह पूर्व विधायक संशोधित करने के साथ संजीव ने दो लाइनें लिखी हैं, जो वायरल हो रही हैं। संजीव ने लिखा है, ‘खामोशी का मतलब लिहाज भी होता है….लोग इसे कमजोरी भी समझ लेते हैं’। लोग इसके तरह-तरह के अर्थ लगा रहे हैं, वहीँ इस पर तरह-तरह की टिप्पणियां भी आ रही हैं।

इस पर पहली प्रतिक्रिया के रूप में खुशाल हाल्सी ने कुमार विश्वास की एक वीडियो क्लिपिंग लगाई है, जिसमें कुमार कह रहे हैं, ‘दुनियां की आधी लडाइयां अधैर्यता के कारण होती हैं, बड़ी लड़ाई जीतने के लिए शौर्य के साथ धैर्य की भी आवश्यकता होती है’। वहीं दीपक पांडे ने लिखा है, कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना…। अरुण कुमार ने टिप्पणी की है, ‘नैनीताल और बाजपुर दोनों ही सीट तो आप जीत रहे थे पता नहीं ऐसा कौन सा मंदबुद्धि सलाहकार निकला आपका जिसके कहने पर आपने पार्टी ही बदल ली भैया अपने दो कौड़ी के सलाहकारों को बदलिए नहीं तो आप की राजनीति खत्म करवा कर ही मानेंगे यह लोग’। इसके अलावा भाष्कर जोशी का कहना है, ‘नेता जी के पार्टी बदलने से सबसे ज्यादा समस्या तो चमचों को होती है। बेचारों को नेताजी के साथ-साथ पार्टी बदलनी पड़ती है।’

इससे इतर भी टिप्पणियां आ रही हैं। चंद्रशेखर ने टिप्पणी की है, ‘आप इसी तरह जनता की सेवा करते रहिए जनता आपके साथ है। आप जहां हम वहां’। इसके अलावा ‘जनता का भी लिहाज करना चाहिए’ और ‘बड़ी जल्दी याद आयी बीजेपी छोड़ने की’, तथा ‘जनता अब बेवकूफ नहीं, या तो बीजेपी नहीं तो आप….’ जैसी टिप्पणियां भी आ रही हैं। देखें संजीव आर्य का ट्वीट :

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यह भी पढ़ें : हरक ने दिया हरीश रावत के मांफी मांगने से बयान पर जवाब, बताया कौन बड़ा ‘पापी’, भाजपा छोड़ने पर भी साफ की मंशा

Dehradun City Uttarakhand Cabinet Minister Harak singh rawat attacked on  former CM Harish Rawatनवीन समाचार, देहरादून, 13 अक्टूबर 2021। प्रदेश के सबसे मुखर मंत्री के रूप में गिने जाने वाले डॉ. हरक सिंह रावत ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत के बागियों द्वारा माफी मांगने पर ही कांग्रेस पार्टी में शामिल करने से संबंधित बयान पर अपनी बात रखी है। हरक ने कहा है कि 2016 में किसने गलत किया, जनता की अदालत में यह फैसला हो चुका है।

उन्होंने इस पर बात साफ करते हुए इशारा किया कि 2017 में वह जीत कर आए जबकि हरीश रावत दो-दो सीटों से बुरी तरह से हारे। वहीं भाजपा छोड़ने के प्रश्न पर उन्होंने कहा, ‘यशपाल भाई को जाना था, वह चले गए। अब कहीं ऐसी कोई बात नहीं है। ऐसे में हरीश रावत केवल इसलिए यह बात कह रहे हैं, क्योंकि पंजाब में उनकी दुकान बंद हो गई है। और ऐसी बातें करके वह सुर्खियों में बने रहना चाहते हैं।’देखें विडियो :

हरक ने कहा, जेनी प्रकरण में नाम आने के बाद वह डीएनए व सीबीआई की जांच में साफ तौर पर बरी हुए। फिर भी उन्होंने इस मामले को निर्दोष साबित होने के लिए अपने मामले को जनता की अदालत में ले गए, और वहां से निर्दोश होकर आए। उन्होंने कहा, लोकतंत्र में जनता ही जनार्दन और सर्वोच्च अदालत होती है। जनता ने तय कर दिया है कि उस मामले में असली पापी कौन है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। 

यह भी पढ़ें : इस बार बुरे फंसे हरीश रावत, काबीना मंत्रीं को कहा ‘उज्याड़ू बल्द व बकरियां’ तो मिला करार जवाब, ‘प्यारी भुली-चेली’ पर लौट आए..

रेखा आर्य ने लंबा पोस्‍ट लिखकर हरदा को घेरा, हरदा ने लिखा उज्‍याड़ू बल्‍द, बकरियां मुझसे पूछ रहे सवालडॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 11 अगस्त 2021। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत सोशल मीडिया और उससे पहले खुले पत्र लिखने में माहिर जाने जाते हैं। इसका उन्हें दीर्घकालीन अनुभव भी रहा है, और ऐसा कम ही रहा है कि उनके क्षेत्र से ही आने वाले उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के अध्यक्ष पीसी तिवारी के अलावा कभी किसी ने उन्हें उनके पत्रों की भाषा में ही जवाब देने का साहस किया हो। लेकिन इस बार वह कभी अपनी पूर्व सहयोगी रही काबीना मंत्री रेखा आर्या से उलझ पड़े हैं तो उन्हें करार जवाब मिल रहे हैं। इस आरोप-प्रत्यारोप में जैसी फजीहत रावत की हो रही है, ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि रावत अब अगला जवाब शायद न देना ही उचित समझें।

गत दिनों भाजपा नेता अनिल बलूनी और त्रिवेंद्र सिंह रावत से उलझने के बाद बैकफुट पर आए हरीश रावत से जुड़े ताजा विवाद की शुरुआत उनके द्वारा महिला सशक्तीकरण विभाग की टेक होम राशन योजना पर टिप्पणी करने से हुई। उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि ‘सहयोगी की बहुत चहेती कंपनी’ को काम देकर महिलाओं के सपनों को लूट लिया, बरबाद कर दिया। यह टिप्पणी भी की कि ‘आपके दांत भी खाने और दिखाने के और ही हैं’। साथ ही इसी बीच दूसरी ओर रावत ने आगामी विधानसभा चुनाव को उनका (रावत का) आखिरी चुनाव बताकर इमोशनल कार्ड खेलने की भी कोशिश की।
देखें हरीश रावत की पोस्ट :

इस बयान पर मुख्यमंत्री ने तो कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, पर चूंकि मामला महिला एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य के विभाग का था, इसलिए उन्होंने मोर्चा संभाला और हरीश रावत के लिए सोशल मीडिया पर ‘सेवानिवृत्तत दाज्यू’ शब्द और हरीश रावत के मुख्यमंत्री रहते उनके पैरों में पड़कर गिड़गिड़ाती महिला के चित्रों का प्रयोग करते हुए लंबी पोस्ट लिखी। लिखा कि हरीश रावत को तो जनता 2017 में ही सेवानिवृत्त कर चुकी है। साथ ही कंपनी को काम देने पर जवाब देते हुए लिखा कि रावत तो ‘टेंडर’ सुनते ही बोल जाते हैं, क्योंकि उनका पूरा कार्यकाल सेवा की बजाय टेंडर दिलाने में ही बीता है। पोस्ट में रेखा ने रावत को ‘डेनिस वाले हरदा’ बोलते हुए लाखों महिलाओं के सपनों को बरबाद करने का आरोप भी जड़ दिया।

देखें रेखा आर्या की पोस्ट:

रेखा आर्य की इस पोस्ट पर हरीश रावत भी कहां चुप रहने वाले थे। उन्होंने रेखा आर्य को नाम लिए बिना लिखा, ‘कुछ उज्याड़ू बल्द और उज्याड़ू बकरियां’ उनसे पूछ रहे हैं कि उनका कौन सा चुनाव आखिरी है। जब-जब उत्तराखंडियत पर आक्रमण होगा व किसानों और दलितों के हितों पर चोट पहुंचेगी, महिलाओं का निवाला छीना जाएगा, वह श्मशान से भी आकर खड़े हो जाएंगे। साथ ही ‘खेला होवे’ शब्द का भी प्रयोग किया।

देखें हरीश रावत की पोस्ट:

रावत की इस पोस्ट पर रेखा आर्य ने फिर लंबी पोस्ट लिखी और जैसे कह दिया कि वह इस बार चुप नहीं बैठेंगी। उन्होंने इस बार रावत के लिए ‘मुनठेपी व मारखुली बल्द’ शब्द का प्रयोग करते हुए लिखा, ‘दाज्यू उज्याड़ू बल्द और बकरियाँ तो एक बार आवाज से वापस भी आ जाते हैं लेकिन हमारे वहां एक और खतरनाक बल्द होता है जिसे कहते हैं ‘मारखूली- मुनठेपी बल्द’ ये बल्द अपने आसपास किसी को फटकने नहीं देता और हमेशा खुद का ही पेट भरने में रहता है जिस की प्रवृत्ति से हार कर सभी उसके इर्द-गिर्द से दूर हो जाते हैं, और अंत में वह अकेला ही रह जाता है।’

यह भी लिखा, ‘अबकी दाज्यू बोले खेल खेला होवे, दाज्यू होवे तो जरूर लेकिन पहले अपनी पार्टी से करो। अभी तो आपकी पहली लड़ाई अपनी पार्टी से है अपना चेहरा बनाने की। अब तक आप स्वयंभू मुख्यमंत्री चेहरा जो ठैरे।’ यह भी लिखा, ‘अब जब उत्तराखंडियत की नही मुख्यमंत्री पद की बात होती है, तब-तब आप जवान हो जाते हो और जब-जब आप जवान होने की कोशिश करते हो तब-तब आप की पार्टी के ही नेता जो आपके टॉप 10 के खास थे वह कह देते हैं कि अब आपके कांपते हाथ सत्ता नहीं संभाल सकते। दाज्यू ये आपकी पार्टी के लोग आपका ऐसा उपहास करते है जिससे हमें भी तकलीफ होती है। दाज्यू आप बुढ़ापे में ऐसी हरकत करते ही क्यों हो, आप का बुढ़ापा और भी खराब होने वाला है। जिस दिन रामपुर तिराहा, मंसूरी, खटीमा जैसे शर्मनाक गोली कांड हुए उस दिन आपके भीतर की उत्तराखंडियत क्यों अवतरित नहीं हुई’
देखें रेखा आर्य की पोस्ट:

इस द्वंद्व की अगली कड़ी में हरीश रावत ठंडे पड़ते नजर आ रहे हैं। उन्होंने अब पूरी पोस्ट कुमाउनी में भावनात्मक तरीके से शायद इमोशनल कार्ड चलते हुए लिखा है, ‘मेरि प्यारी-प्यारी भुली, दल बदलनक हैबेर पैलिक मैं त्वैंकें आपड़ि चेलि मानछी। जदिन विधानसभा में शक्ति परीक्षण छी, मैंकें अन्तिम दमतक यो भरोस छी कि सोमेश्वरक म्यरि चेलि, म्यर बगल में आबेर हाथ ठाड़ करैलि और कैलि कका चिंता नीं करो मैं छौ न…’। इस तरह रावत ‘उज्याड़ू बकरी’ को अब अपनी प्यारी बहन और पूर्व की बेटी कहने लगे हैं। और यह भी कह रहे हैं कि रेखा के उत्तराखंडी वस्त्र आभूषणों की प्रतियोगिता कराने पर उन्होंने उनकी प्रशंषा भी की थी। अब देखने वाली बात होगी कि रेखा उनकी इस भावनात्मक पोस्ट को पढ़ने के बाद शांत हो जाती हैं या और जवाब देती हैं…

देखें हरीश रावत की पोस्ट:

यह भी पढ़ें : ‘चार कंधों’ से ‘जनाजे’ तक पहुंचे भाजपा-कांग्रेस के बयान बहादुरों के बिगड़े बोल

Dushyant Kumar Gautam becomes Uttarakhand incharge of BJPडॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 30 जुलाई 2021। भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री और उत्तराखंड के प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम ने उत्तराखंड कांग्रेस में एक अध्यक्ष के साथ चार कार्यकारी अध्यक्ष बनाने पर एक समाचार चैनल पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘किसी भी व्यक्ति को अंतिम जगह ले जाने के लिए चार कंधो की जरूरत पड़ती है। यही हालत कांग्रेस की हो गई है। उसने चार कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर पांचवें को ले जाने का इंतजाम कर लिया है। कांग्रेस इतनी कमजोर हो गई है कि उसे अब चार कंधों की जरूरत पड़ने लग गई है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘कांग्रेस अब मात्र 25 फीसदी बची है, उत्तराखंड में सल्ट उपचुनाव में उसकी हार इसी का परिणाम है और आगे भी यही होने वाला है।’

भाजपा के सांसदों को इस्तीफा दे देना चाहिए – धीरेंद्र प्रताप सिंह | Khabar  Uttarakhand Newsगौतम ने अपने इस बयान में सब कुछ कहते हुए भी जिस शब्द को किसी तरह कहने से बचा लिया, उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धीरेंद्र प्रताप ने वही शब्द कहकर राजनीति में अपेक्षित शब्दों की मर्यादा लांघ दी। उन्होंने इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘ये खुद को पार्टी विद डिफरेंस कहने वाले, राम के नाम पर सियासत करने वाले लोगों का असल आचरण कैसा है ये उनकी अर्मायादित भाषा से पता लगता है। कांग्रेस का कहना है कि ये जनाजा ले जाने वाले लोग नहीं कांग्रेस के ‘पंच प्यारों’ की टीम है, जो 2022 में भाजपा का ‘जनाजा’ निकालेंगे।’

21 दिसंबर को विधानसभा घेराव के लिए दून पहुंचेंगे कांग्रेस प्रदेश प्रभारी देवेंद्र  यादवगौतम का बयान कांग्रेस को इस कदर चुभा है कि पार्टी के प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव भी इस पर बोले बिना न रह सके। उन्होंने गौतम के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, ‘भाजपा पहले अपनी चिंता करे। भाजपा ने साढ़े चार साल में तीन मुख्यमंत्री बदल दिए और अब एक बार फिर अध्यक्ष को भी बदलने की तैयारी है। कांग्रेस अपने घर और उत्तराखंड की जरूरतों को जानती है। इसी लिहाज से लोगों की राय लेकर कांग्रेस ने (चार कार्यकारी अध्यक्ष) बनाकर ये फेरबदल किया है।’ आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : आप के पास एक कर्नल, हमारे पास सिपाही से लेकर जनरल तक की फौज

सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाने वालों के बहकावे में नहीं आएंगे

यह बातें भाजपा सरकार में काबीना मंत्री गणेश जोशी ने एक कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान कहीं।
काबीना मंत्री गणेश जोशी

नवीन समाचार, देहरादून, 25 जुलाई 2021। ‘आम आदमी पार्टी के पास एक कर्नल है, जबकि, उत्तराखंड में भाजपा के पास सिपाही से लेकर जनरल तक की फौज है। सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाने वाली आम आदमी पार्टी की दाल उत्तराखंड में नहीं गलेगी। यह बातें भाजपा सरकार में काबीना मंत्री गणेश जोशी ने रविवार को एक कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान कहीं।

श्री जोशी ने आम आदमी पार्टी को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उत्तराखंड से हर पांचवा व्यक्ति सेना में है और यह वीरों की भूमि है। ऐसे में आम आदमी पार्टी के एक कर्नल के नाम पर यहां सत्ता में आने का सपना हास्यास्पद है। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी का मुख्यमंत्री केंद्र सरकार से सर्जिकल स्ट्राइक का सबूत मांगता हो, उसे वीरों के राज्य उत्तराखंड में कौन स्वीकार करेगा। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। 

यह भी पढ़ें : राजनीति बाद में कर लेंगे…. अभी कोरोना को हराने के लिए समर्थ लोगों के लिए सेवा का समय…

डॉ.नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 29 मई 2021। भीमताल के ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश बिष्ट ने खनन व्यवसायियों व होटल स्वामियों व उद्योगपतियों एवं समर्थ लोगों से कोरोना के विरुद्ध सेवा कार्य में आगे आने का आह्वान करते हुए कहा कि समर्थ लोग सेवा के लिए आगे आएंगे, तभी कोरोना हारेगा। डॉ. बिष्ट शनिवार को वाईएमसीए के तत्वावधान में प्रथम पंक्ति के कोरोना योद्धाओं एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को बतौर मुख्य अतिथि सम्मानित कर रहे थे। उन्होंने संस्था की ओर से कोरोना योद्धाओं एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को कोरोना किट व प्रोटीन युक्त अनाज भी प्रदान किया। उन्होंने कहा कि इस आपदा से निपटे तो राजनीति के लिए भविष्य में अवसर मिलते रहेंगे। अभी समर्थ लोगों के लिए सेवा का समय है। सेवा ही संकल्प के अभियान को मूर्त रूप देकर ही देश कोरोना से जीतेगा। कार्यक्रम में पवन शाह, संदीप पांडे, प्रिंस, आशा उप्रेती, दुर्गा दत्त पलड़िया, दीपक पांडे, दिग्विजय बिष्ट, दीपक पलड़िया, विनोद आर्या, रमेश शर्मा व प्रकाश चंद्र आदि भी मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें : नैनीताल में चैंपियन ने कहा-कांग्रेस बुझता हुआ दिया, आआपा चाय की प्याली का तूफान

-पत्नी-बच्चों के साथ नैनीताल पहुंचे भाजपा के बहुचर्चित विधायक प्रणव चैंपियन राजनीतिक मुद्दों पर खुलकर बोले

नवीन समाचार, नैनीताल, 20 जनवरी 2021। बुधवार को भाजपा के बहुचर्चित विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन सरोवर नगरी नैनीताल पहुंचे। इस दौरान उन्होंने यहां विश्व प्रसिद्ध नैनी झील में नौकायन का आनंद लिया तथा नगर की आराध्य देवी माता नयना के मंदिर में पूजा अर्चना भी की। इस मौके पर पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी आपसी कलह से अपने पतन की राह पर है, और आगामी विधानसभा चुनाव में 11 से शून्य पर आने वाली है। साथ ही उन्होंने राज्य में भाजपा के दूसरी बार प्रचंड बहुमत से सरकार बनाने की बात भी कही। वहीं आम आदमी पार्टी पर कहा कि वह चाय की प्याली में आए तूफान की तरह है। त्रिवेंद्र सरकार शुरू से जीरो टॉलरेंस की सरकार रही। सरकार पर एक भी भ्रष्टाचार का दाग नहीं है। यह भी खुलासा किया कि वह आगामी विधानसभा चुनाव के लिए स्वयं के साथ ही अपनी पत्नी के लिए भी तैयारी कर रहे हैं। जबकि उनके पुत्र की जिला पंचायत चुनाव के लिए तैयारी चल रही है। उन्होंने राज्य में बेरोजगारों के लिए वोकेशनल पाठ्यक्रम चलाने और साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने की आवश्यकता जताई। दावा किया कि बच्चों के लिए कार्बेट पार्क का भ्रमण करने के दौरान उन्होंने एक दिन में चार बाघ देखे। एक बाघ ने हाथी का सिर फाड़ा हुआ था। एक बाघ ने उनकी जिप्सी पर भी हमला किया।

यह भी पढ़ें : सिसौदिया को कौशिक ने उन्हीं की भाषा में दिया जवाब, पत्र की छोटी सी कमी उजागर कर लगाया बड़ा आरोप

नवीन समाचार देहरादून, 03 जनवरी 2021। विकास के उत्तराखंड और दिल्ली मॉडल पर आप नेता व दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया की बहस की चुनौती का उत्तराखंड के नेता प्रतिपक्ष मदन कौशिक ने उन्हीं की भाषा में जवाब दिया है। यानी बयान का जवाब बयान व पत्र का जवाब पत्र से। वहीं दोनों नेताओं के बीच जिस असंभव बहस की लोग उम्मीद करने लगे थे, वह कभी उस रूप में न होनी थी, न होगी। राजनीति को जानने वाले लोग जानते हैं ऐसी बहस की सिर्फ जुबानी चुनौतियां अक्सर दी जाती हैं। लेकिन ऐसी बहसें शायद ही किसी ने देखी होंगी।
सिसौदिया की चुनौती का जवाब देते हुए कौशिक ने पहले तो सिसौदिया के पत्र की छोटी सी कमी, बहस की तारीख 4 जनवरी 2021 की जगह 4 जनवरी 2020 लिखने को रेखांकित करते हुए उनकी गैर गंभीरता पर सवाल उठाए। कहा, पत्र जल्दबाजी में लिखा गया है। राजनीति बेहद गंभीर विषय है। उसमें ऐसी गैर गंभीरता का कोई स्थान नहीं है। साथ ही उत्तराखंड के विकास के कई विषय रखे। खासकर स्वास्थ्य के विषय पर कहा कि उत्तराखंड ने कोरोना की बेहद विषम स्थितियों में अपने राज्य वासियों का खयाल रखा। जबकि दिल्ली में कोरोना के उपचार की स्थितियां किसी से छुपी नहीं हैं। उन्होंने आआपा को उत्तराखंड में अबकी बार केजरीवाल सरकार के होर्डिंग्स को लेकर भी घेरा। पूछा कि क्या केजरीवाल उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के प्रत्याशी होंगे या आप पार्टी का मतलब केजरीवाल हैं। उन्होंने सिसौदिया को उत्तराखंड के समाचार चैनलों पर होने वाली बहस में हिस्सा लेने की भी लगे हाथ सलाह दे डाली।

यह भी पढ़ें : कौशिक से उत्तराखंड व दिल्ली के विकास पर बहस के लिए सिसौदिया ने की समय की पेशकश

नवीन समाचार, देहरादून, 02 जनवरी 2021। उत्तराखंड सरकार के प्रवक्ता व कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक के बीच पिछले कई दिनों से खुली बहस की चुनौती पर आम आदमी पार्टी बढ़त लेने की कोशिश करती दिख रही है। पार्टी ने शनिवार को प्रदेश में कई स्थानों पर अपने नेताओं की प्रेस वार्ता के जरिये यह प्रचार करने की कोशिश की उनके नेता, दिल्ली के उप मुख्यमंत्री व आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने कौशिक की चुनौती के अनुरूप बहस की तिथि की पेशकश कर दी है। सिसौदिया तीन जनवरी को देहरादून पहुंचेंगे और चार जनवरी को कौशिक से दिन में 11 बजे देहरादून के सर्वे चौक स्थित आइआरडीटी सभागार में में बहस के लिए तैयार रहेंगे। आगे उन्होंने कौशिक को छह जनवरी को दिल्ली मॉडल पर डिबेट और दिल्ली के विकास को दिखाने के लिए दिल्ली में आमंत्रित किया गया है। बताया गया कि मनीष सिसोदिया ने मदन कौशिक को लिखे पत्र में कहा है, ‘मैं उम्मीद करता हूं कि आप अपने निमंत्रण से पीछे नहीं हटेंगे और चार जनवरी को देहरादून में और छह जनवरी को दिल्ली में मेरे साथ जनहित कार्यों व विकास मॉडल पर खुली चर्चा के लिए समय निकालेंगे।’ आगे देखने वाली बात होगी कि कौशिक इस पेशकश पर क्या रुख दिखाते हैं। हालांकि मौजूदा स्थितियों में उनके लिए ऐसा करना राजनीतिक तौर पर मुफीद नहीं होगा।

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यह भी पढ़ें : हरीश रावत के कांग्रेस में वापसी संबंधी ट्वीट पर बोले हरक

नवीन समाचार, नैनीताल, 26 जनवरी 2020। नैनीताल चिड़ियाघर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए प्रदेश के वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के ट्वीट और कांग्रेस में वापसी की बात से जवाब दिया। हरीश रावत की ट्वीट का हवाला देते हुए उनसे पूछा गया कि हरदा ने कहा है कि वह किसी की वापसी में बाधा नहीं बनेंगे। इस पर हरक सिंह रावत ने कहा कि वापसी का सवाल ही नहीं है। कहा कि जब पार्टी में हालात बेहद खराब हो गए थे, तब हरीश रावत को हर स्तर पर समझाने की कोशिश की गई थी। पार्टी पदाधिकारियों की उपेक्षा पर भी उनसे सवाल किए गए थे। लेकिन तब उन्होंने एक न सुनी, जिसके कारण कांग्रेस छोड़ने का निर्णय लेना पड़ा। हालांकि उन्होंने हंसते हुए यह भी कहा कि राजनीति में ना तो कोई स्थायी दोस्त होता है और ना ही स्थायी दुश्मन। कहा कि उनकी हरीश रावत के साथ कोई व्यक्तिगत नाराजगी या तनातनी नहीं है। जो कुछ है राजनीतिक है। उल्लेखनीय है कि हरक सिंह रावत उन नौ विधायकों में शामिल थे जिन्होंने 18 मार्च 2016 को तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत की सरकार में मंत्री होते हुए भी बगावत कर बगावत कर भाजपा के लैटर पैड पर राज्यपाल को समर्थन वापस लेने का पत्र सौंपा था, जिसके बाद हरीश रावत को कुछ समय के लिए अपदस्थ होना पड़ा था और राज्य को राष्ट्रपति शासन भी झेलना पड़ा था। बाद में सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों से हरीश रावत की सरकार बहाल हो पाई थी। इन नौ कद्दावर नेताओं के भाजपा में आने के बाद कांग्रेस काफी कमजोर हुई और पिछले विधानसभा चुनावों में 70 सदस्यीय विधानसभा में 11 की संख्या पर सिमट गई, लेकिन इन नेताओं के भाजपा में होने के बावजूद खासकर हरक सिंह के कई बयानों से बागियों के कांग्रेस में वापसी की चर्चाएं भी होती रही हैं।1

नवीन समाचार
‘नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से ‘मन कही’ के रूप में जनवरी 2010 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
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