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‘खामोशी का मतलब लिहाज भी होता है….लोग इसे कमजोरी भी समझ लेते हैं’ संजीव का ट्वीट हो रहा वायरल

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डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 13 अक्टूबर 2021। भाजपा छोड़कर कांग्रेस पार्टी में घर वापसी करने के साथ नैनीताल के विधायक पद से इस्तीफा देने के बाद संजीव आर्य पांच दिन के बाद सोशल मीडिया पर प्रकट हुए हैं। अपनी प्रोफाइल पर विधायक की जगह पूर्व विधायक संशोधित करने के साथ संजीव ने दो लाइनें लिखी हैं, जो वायरल हो रही हैं। संजीव ने लिखा है, ‘खामोशी का मतलब लिहाज भी होता है….लोग इसे कमजोरी भी समझ लेते हैं’। लोग इसके तरह-तरह के अर्थ लगा रहे हैं, वहीँ इस पर तरह-तरह की टिप्पणियां भी आ रही हैं।

इस पर पहली प्रतिक्रिया के रूप में खुशाल हाल्सी ने कुमार विश्वास की एक वीडियो क्लिपिंग लगाई है, जिसमें कुमार कह रहे हैं, ‘दुनियां की आधी लडाइयां अधैर्यता के कारण होती हैं, बड़ी लड़ाई जीतने के लिए शौर्य के साथ धैर्य की भी आवश्यकता होती है’। वहीं दीपक पांडे ने लिखा है, कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना…। अरुण कुमार ने टिप्पणी की है, ‘नैनीताल और बाजपुर दोनों ही सीट तो आप जीत रहे थे पता नहीं ऐसा कौन सा मंदबुद्धि सलाहकार निकला आपका जिसके कहने पर आपने पार्टी ही बदल ली भैया अपने दो कौड़ी के सलाहकारों को बदलिए नहीं तो आप की राजनीति खत्म करवा कर ही मानेंगे यह लोग’। इसके अलावा भाष्कर जोशी का कहना है, ‘नेता जी के पार्टी बदलने से सबसे ज्यादा समस्या तो चमचों को होती है। बेचारों को नेताजी के साथ-साथ पार्टी बदलनी पड़ती है।’

इससे इतर भी टिप्पणियां आ रही हैं। चंद्रशेखर ने टिप्पणी की है, ‘आप इसी तरह जनता की सेवा करते रहिए जनता आपके साथ है। आप जहां हम वहां’। इसके अलावा ‘जनता का भी लिहाज करना चाहिए’ और ‘बड़ी जल्दी याद आयी बीजेपी छोड़ने की’, तथा ‘जनता अब बेवकूफ नहीं, या तो बीजेपी नहीं तो आप….’ जैसी टिप्पणियां भी आ रही हैं। देखें संजीव आर्य का ट्वीट :

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यह भी पढ़ें : हरक ने दिया हरीश रावत के मांफी मांगने से बयान पर जवाब, बताया कौन बड़ा ‘पापी’, भाजपा छोड़ने पर भी साफ की मंशा

Dehradun City Uttarakhand Cabinet Minister Harak singh rawat attacked on  former CM Harish Rawatनवीन समाचार, देहरादून, 13 अक्टूबर 2021। प्रदेश के सबसे मुखर मंत्री के रूप में गिने जाने वाले डॉ. हरक सिंह रावत ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत के बागियों द्वारा माफी मांगने पर ही कांग्रेस पार्टी में शामिल करने से संबंधित बयान पर अपनी बात रखी है। हरक ने कहा है कि 2016 में किसने गलत किया, जनता की अदालत में यह फैसला हो चुका है।

उन्होंने इस पर बात साफ करते हुए इशारा किया कि 2017 में वह जीत कर आए जबकि हरीश रावत दो-दो सीटों से बुरी तरह से हारे। वहीं भाजपा छोड़ने के प्रश्न पर उन्होंने कहा, ‘यशपाल भाई को जाना था, वह चले गए। अब कहीं ऐसी कोई बात नहीं है। ऐसे में हरीश रावत केवल इसलिए यह बात कह रहे हैं, क्योंकि पंजाब में उनकी दुकान बंद हो गई है। और ऐसी बातें करके वह सुर्खियों में बने रहना चाहते हैं।’देखें विडियो :

हरक ने कहा, जेनी प्रकरण में नाम आने के बाद वह डीएनए व सीबीआई की जांच में साफ तौर पर बरी हुए। फिर भी उन्होंने इस मामले को निर्दोष साबित होने के लिए अपने मामले को जनता की अदालत में ले गए, और वहां से निर्दोश होकर आए। उन्होंने कहा, लोकतंत्र में जनता ही जनार्दन और सर्वोच्च अदालत होती है। जनता ने तय कर दिया है कि उस मामले में असली पापी कौन है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। 

यह भी पढ़ें : इस बार बुरे फंसे हरीश रावत, काबीना मंत्रीं को कहा ‘उज्याड़ू बल्द व बकरियां’ तो मिला करार जवाब, ‘प्यारी भुली-चेली’ पर लौट आए..

रेखा आर्य ने लंबा पोस्‍ट लिखकर हरदा को घेरा, हरदा ने लिखा उज्‍याड़ू बल्‍द, बकरियां मुझसे पूछ रहे सवालडॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 11 अगस्त 2021। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत सोशल मीडिया और उससे पहले खुले पत्र लिखने में माहिर जाने जाते हैं। इसका उन्हें दीर्घकालीन अनुभव भी रहा है, और ऐसा कम ही रहा है कि उनके क्षेत्र से ही आने वाले उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के अध्यक्ष पीसी तिवारी के अलावा कभी किसी ने उन्हें उनके पत्रों की भाषा में ही जवाब देने का साहस किया हो। लेकिन इस बार वह कभी अपनी पूर्व सहयोगी रही काबीना मंत्री रेखा आर्या से उलझ पड़े हैं तो उन्हें करार जवाब मिल रहे हैं। इस आरोप-प्रत्यारोप में जैसी फजीहत रावत की हो रही है, ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि रावत अब अगला जवाब शायद न देना ही उचित समझें।

गत दिनों भाजपा नेता अनिल बलूनी और त्रिवेंद्र सिंह रावत से उलझने के बाद बैकफुट पर आए हरीश रावत से जुड़े ताजा विवाद की शुरुआत उनके द्वारा महिला सशक्तीकरण विभाग की टेक होम राशन योजना पर टिप्पणी करने से हुई। उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि ‘सहयोगी की बहुत चहेती कंपनी’ को काम देकर महिलाओं के सपनों को लूट लिया, बरबाद कर दिया। यह टिप्पणी भी की कि ‘आपके दांत भी खाने और दिखाने के और ही हैं’। साथ ही इसी बीच दूसरी ओर रावत ने आगामी विधानसभा चुनाव को उनका (रावत का) आखिरी चुनाव बताकर इमोशनल कार्ड खेलने की भी कोशिश की।
देखें हरीश रावत की पोस्ट :

इस बयान पर मुख्यमंत्री ने तो कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, पर चूंकि मामला महिला एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य के विभाग का था, इसलिए उन्होंने मोर्चा संभाला और हरीश रावत के लिए सोशल मीडिया पर ‘सेवानिवृत्तत दाज्यू’ शब्द और हरीश रावत के मुख्यमंत्री रहते उनके पैरों में पड़कर गिड़गिड़ाती महिला के चित्रों का प्रयोग करते हुए लंबी पोस्ट लिखी। लिखा कि हरीश रावत को तो जनता 2017 में ही सेवानिवृत्त कर चुकी है। साथ ही कंपनी को काम देने पर जवाब देते हुए लिखा कि रावत तो ‘टेंडर’ सुनते ही बोल जाते हैं, क्योंकि उनका पूरा कार्यकाल सेवा की बजाय टेंडर दिलाने में ही बीता है। पोस्ट में रेखा ने रावत को ‘डेनिस वाले हरदा’ बोलते हुए लाखों महिलाओं के सपनों को बरबाद करने का आरोप भी जड़ दिया।

देखें रेखा आर्या की पोस्ट:

रेखा आर्य की इस पोस्ट पर हरीश रावत भी कहां चुप रहने वाले थे। उन्होंने रेखा आर्य को नाम लिए बिना लिखा, ‘कुछ उज्याड़ू बल्द और उज्याड़ू बकरियां’ उनसे पूछ रहे हैं कि उनका कौन सा चुनाव आखिरी है। जब-जब उत्तराखंडियत पर आक्रमण होगा व किसानों और दलितों के हितों पर चोट पहुंचेगी, महिलाओं का निवाला छीना जाएगा, वह श्मशान से भी आकर खड़े हो जाएंगे। साथ ही ‘खेला होवे’ शब्द का भी प्रयोग किया।

देखें हरीश रावत की पोस्ट:

रावत की इस पोस्ट पर रेखा आर्य ने फिर लंबी पोस्ट लिखी और जैसे कह दिया कि वह इस बार चुप नहीं बैठेंगी। उन्होंने इस बार रावत के लिए ‘मुनठेपी व मारखुली बल्द’ शब्द का प्रयोग करते हुए लिखा, ‘दाज्यू उज्याड़ू बल्द और बकरियाँ तो एक बार आवाज से वापस भी आ जाते हैं लेकिन हमारे वहां एक और खतरनाक बल्द होता है जिसे कहते हैं ‘मारखूली- मुनठेपी बल्द’ ये बल्द अपने आसपास किसी को फटकने नहीं देता और हमेशा खुद का ही पेट भरने में रहता है जिस की प्रवृत्ति से हार कर सभी उसके इर्द-गिर्द से दूर हो जाते हैं, और अंत में वह अकेला ही रह जाता है।’

यह भी लिखा, ‘अबकी दाज्यू बोले खेल खेला होवे, दाज्यू होवे तो जरूर लेकिन पहले अपनी पार्टी से करो। अभी तो आपकी पहली लड़ाई अपनी पार्टी से है अपना चेहरा बनाने की। अब तक आप स्वयंभू मुख्यमंत्री चेहरा जो ठैरे।’ यह भी लिखा, ‘अब जब उत्तराखंडियत की नही मुख्यमंत्री पद की बात होती है, तब-तब आप जवान हो जाते हो और जब-जब आप जवान होने की कोशिश करते हो तब-तब आप की पार्टी के ही नेता जो आपके टॉप 10 के खास थे वह कह देते हैं कि अब आपके कांपते हाथ सत्ता नहीं संभाल सकते। दाज्यू ये आपकी पार्टी के लोग आपका ऐसा उपहास करते है जिससे हमें भी तकलीफ होती है। दाज्यू आप बुढ़ापे में ऐसी हरकत करते ही क्यों हो, आप का बुढ़ापा और भी खराब होने वाला है। जिस दिन रामपुर तिराहा, मंसूरी, खटीमा जैसे शर्मनाक गोली कांड हुए उस दिन आपके भीतर की उत्तराखंडियत क्यों अवतरित नहीं हुई’
देखें रेखा आर्य की पोस्ट:

इस द्वंद्व की अगली कड़ी में हरीश रावत ठंडे पड़ते नजर आ रहे हैं। उन्होंने अब पूरी पोस्ट कुमाउनी में भावनात्मक तरीके से शायद इमोशनल कार्ड चलते हुए लिखा है, ‘मेरि प्यारी-प्यारी भुली, दल बदलनक हैबेर पैलिक मैं त्वैंकें आपड़ि चेलि मानछी। जदिन विधानसभा में शक्ति परीक्षण छी, मैंकें अन्तिम दमतक यो भरोस छी कि सोमेश्वरक म्यरि चेलि, म्यर बगल में आबेर हाथ ठाड़ करैलि और कैलि कका चिंता नीं करो मैं छौ न…’। इस तरह रावत ‘उज्याड़ू बकरी’ को अब अपनी प्यारी बहन और पूर्व की बेटी कहने लगे हैं। और यह भी कह रहे हैं कि रेखा के उत्तराखंडी वस्त्र आभूषणों की प्रतियोगिता कराने पर उन्होंने उनकी प्रशंषा भी की थी। अब देखने वाली बात होगी कि रेखा उनकी इस भावनात्मक पोस्ट को पढ़ने के बाद शांत हो जाती हैं या और जवाब देती हैं…

देखें हरीश रावत की पोस्ट:

यह भी पढ़ें : ‘चार कंधों’ से ‘जनाजे’ तक पहुंचे भाजपा-कांग्रेस के बयान बहादुरों के बिगड़े बोल

Dushyant Kumar Gautam becomes Uttarakhand incharge of BJPडॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 30 जुलाई 2021। भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री और उत्तराखंड के प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम ने उत्तराखंड कांग्रेस में एक अध्यक्ष के साथ चार कार्यकारी अध्यक्ष बनाने पर एक समाचार चैनल पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘किसी भी व्यक्ति को अंतिम जगह ले जाने के लिए चार कंधो की जरूरत पड़ती है। यही हालत कांग्रेस की हो गई है। उसने चार कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर पांचवें को ले जाने का इंतजाम कर लिया है। कांग्रेस इतनी कमजोर हो गई है कि उसे अब चार कंधों की जरूरत पड़ने लग गई है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘कांग्रेस अब मात्र 25 फीसदी बची है, उत्तराखंड में सल्ट उपचुनाव में उसकी हार इसी का परिणाम है और आगे भी यही होने वाला है।’

भाजपा के सांसदों को इस्तीफा दे देना चाहिए – धीरेंद्र प्रताप सिंह | Khabar  Uttarakhand Newsगौतम ने अपने इस बयान में सब कुछ कहते हुए भी जिस शब्द को किसी तरह कहने से बचा लिया, उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धीरेंद्र प्रताप ने वही शब्द कहकर राजनीति में अपेक्षित शब्दों की मर्यादा लांघ दी। उन्होंने इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘ये खुद को पार्टी विद डिफरेंस कहने वाले, राम के नाम पर सियासत करने वाले लोगों का असल आचरण कैसा है ये उनकी अर्मायादित भाषा से पता लगता है। कांग्रेस का कहना है कि ये जनाजा ले जाने वाले लोग नहीं कांग्रेस के ‘पंच प्यारों’ की टीम है, जो 2022 में भाजपा का ‘जनाजा’ निकालेंगे।’

21 दिसंबर को विधानसभा घेराव के लिए दून पहुंचेंगे कांग्रेस प्रदेश प्रभारी देवेंद्र  यादवगौतम का बयान कांग्रेस को इस कदर चुभा है कि पार्टी के प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव भी इस पर बोले बिना न रह सके। उन्होंने गौतम के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, ‘भाजपा पहले अपनी चिंता करे। भाजपा ने साढ़े चार साल में तीन मुख्यमंत्री बदल दिए और अब एक बार फिर अध्यक्ष को भी बदलने की तैयारी है। कांग्रेस अपने घर और उत्तराखंड की जरूरतों को जानती है। इसी लिहाज से लोगों की राय लेकर कांग्रेस ने (चार कार्यकारी अध्यक्ष) बनाकर ये फेरबदल किया है।’ आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : आप के पास एक कर्नल, हमारे पास सिपाही से लेकर जनरल तक की फौज

सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाने वालों के बहकावे में नहीं आएंगे

यह बातें भाजपा सरकार में काबीना मंत्री गणेश जोशी ने एक कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान कहीं।
काबीना मंत्री गणेश जोशी

नवीन समाचार, देहरादून, 25 जुलाई 2021। ‘आम आदमी पार्टी के पास एक कर्नल है, जबकि, उत्तराखंड में भाजपा के पास सिपाही से लेकर जनरल तक की फौज है। सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाने वाली आम आदमी पार्टी की दाल उत्तराखंड में नहीं गलेगी। यह बातें भाजपा सरकार में काबीना मंत्री गणेश जोशी ने रविवार को एक कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान कहीं।

श्री जोशी ने आम आदमी पार्टी को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उत्तराखंड से हर पांचवा व्यक्ति सेना में है और यह वीरों की भूमि है। ऐसे में आम आदमी पार्टी के एक कर्नल के नाम पर यहां सत्ता में आने का सपना हास्यास्पद है। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी का मुख्यमंत्री केंद्र सरकार से सर्जिकल स्ट्राइक का सबूत मांगता हो, उसे वीरों के राज्य उत्तराखंड में कौन स्वीकार करेगा। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। 

यह भी पढ़ें : राजनीति बाद में कर लेंगे…. अभी कोरोना को हराने के लिए समर्थ लोगों के लिए सेवा का समय…

डॉ.नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 29 मई 2021। भीमताल के ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश बिष्ट ने खनन व्यवसायियों व होटल स्वामियों व उद्योगपतियों एवं समर्थ लोगों से कोरोना के विरुद्ध सेवा कार्य में आगे आने का आह्वान करते हुए कहा कि समर्थ लोग सेवा के लिए आगे आएंगे, तभी कोरोना हारेगा। डॉ. बिष्ट शनिवार को वाईएमसीए के तत्वावधान में प्रथम पंक्ति के कोरोना योद्धाओं एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को बतौर मुख्य अतिथि सम्मानित कर रहे थे। उन्होंने संस्था की ओर से कोरोना योद्धाओं एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को कोरोना किट व प्रोटीन युक्त अनाज भी प्रदान किया। उन्होंने कहा कि इस आपदा से निपटे तो राजनीति के लिए भविष्य में अवसर मिलते रहेंगे। अभी समर्थ लोगों के लिए सेवा का समय है। सेवा ही संकल्प के अभियान को मूर्त रूप देकर ही देश कोरोना से जीतेगा। कार्यक्रम में पवन शाह, संदीप पांडे, प्रिंस, आशा उप्रेती, दुर्गा दत्त पलड़िया, दीपक पांडे, दिग्विजय बिष्ट, दीपक पलड़िया, विनोद आर्या, रमेश शर्मा व प्रकाश चंद्र आदि भी मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें : नैनीताल में चैंपियन ने कहा-कांग्रेस बुझता हुआ दिया, आआपा चाय की प्याली का तूफान

-पत्नी-बच्चों के साथ नैनीताल पहुंचे भाजपा के बहुचर्चित विधायक प्रणव चैंपियन राजनीतिक मुद्दों पर खुलकर बोले

नवीन समाचार, नैनीताल, 20 जनवरी 2021। बुधवार को भाजपा के बहुचर्चित विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन सरोवर नगरी नैनीताल पहुंचे। इस दौरान उन्होंने यहां विश्व प्रसिद्ध नैनी झील में नौकायन का आनंद लिया तथा नगर की आराध्य देवी माता नयना के मंदिर में पूजा अर्चना भी की। इस मौके पर पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी आपसी कलह से अपने पतन की राह पर है, और आगामी विधानसभा चुनाव में 11 से शून्य पर आने वाली है। साथ ही उन्होंने राज्य में भाजपा के दूसरी बार प्रचंड बहुमत से सरकार बनाने की बात भी कही। वहीं आम आदमी पार्टी पर कहा कि वह चाय की प्याली में आए तूफान की तरह है। त्रिवेंद्र सरकार शुरू से जीरो टॉलरेंस की सरकार रही। सरकार पर एक भी भ्रष्टाचार का दाग नहीं है। यह भी खुलासा किया कि वह आगामी विधानसभा चुनाव के लिए स्वयं के साथ ही अपनी पत्नी के लिए भी तैयारी कर रहे हैं। जबकि उनके पुत्र की जिला पंचायत चुनाव के लिए तैयारी चल रही है। उन्होंने राज्य में बेरोजगारों के लिए वोकेशनल पाठ्यक्रम चलाने और साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने की आवश्यकता जताई। दावा किया कि बच्चों के लिए कार्बेट पार्क का भ्रमण करने के दौरान उन्होंने एक दिन में चार बाघ देखे। एक बाघ ने हाथी का सिर फाड़ा हुआ था। एक बाघ ने उनकी जिप्सी पर भी हमला किया।

यह भी पढ़ें : सिसौदिया को कौशिक ने उन्हीं की भाषा में दिया जवाब, पत्र की छोटी सी कमी उजागर कर लगाया बड़ा आरोप

नवीन समाचार देहरादून, 03 जनवरी 2021। विकास के उत्तराखंड और दिल्ली मॉडल पर आप नेता व दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया की बहस की चुनौती का उत्तराखंड के नेता प्रतिपक्ष मदन कौशिक ने उन्हीं की भाषा में जवाब दिया है। यानी बयान का जवाब बयान व पत्र का जवाब पत्र से। वहीं दोनों नेताओं के बीच जिस असंभव बहस की लोग उम्मीद करने लगे थे, वह कभी उस रूप में न होनी थी, न होगी। राजनीति को जानने वाले लोग जानते हैं ऐसी बहस की सिर्फ जुबानी चुनौतियां अक्सर दी जाती हैं। लेकिन ऐसी बहसें शायद ही किसी ने देखी होंगी।
सिसौदिया की चुनौती का जवाब देते हुए कौशिक ने पहले तो सिसौदिया के पत्र की छोटी सी कमी, बहस की तारीख 4 जनवरी 2021 की जगह 4 जनवरी 2020 लिखने को रेखांकित करते हुए उनकी गैर गंभीरता पर सवाल उठाए। कहा, पत्र जल्दबाजी में लिखा गया है। राजनीति बेहद गंभीर विषय है। उसमें ऐसी गैर गंभीरता का कोई स्थान नहीं है। साथ ही उत्तराखंड के विकास के कई विषय रखे। खासकर स्वास्थ्य के विषय पर कहा कि उत्तराखंड ने कोरोना की बेहद विषम स्थितियों में अपने राज्य वासियों का खयाल रखा। जबकि दिल्ली में कोरोना के उपचार की स्थितियां किसी से छुपी नहीं हैं। उन्होंने आआपा को उत्तराखंड में अबकी बार केजरीवाल सरकार के होर्डिंग्स को लेकर भी घेरा। पूछा कि क्या केजरीवाल उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के प्रत्याशी होंगे या आप पार्टी का मतलब केजरीवाल हैं। उन्होंने सिसौदिया को उत्तराखंड के समाचार चैनलों पर होने वाली बहस में हिस्सा लेने की भी लगे हाथ सलाह दे डाली।

यह भी पढ़ें : कौशिक से उत्तराखंड व दिल्ली के विकास पर बहस के लिए सिसौदिया ने की समय की पेशकश

नवीन समाचार, देहरादून, 02 जनवरी 2021। उत्तराखंड सरकार के प्रवक्ता व कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक के बीच पिछले कई दिनों से खुली बहस की चुनौती पर आम आदमी पार्टी बढ़त लेने की कोशिश करती दिख रही है। पार्टी ने शनिवार को प्रदेश में कई स्थानों पर अपने नेताओं की प्रेस वार्ता के जरिये यह प्रचार करने की कोशिश की उनके नेता, दिल्ली के उप मुख्यमंत्री व आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने कौशिक की चुनौती के अनुरूप बहस की तिथि की पेशकश कर दी है। सिसौदिया तीन जनवरी को देहरादून पहुंचेंगे और चार जनवरी को कौशिक से दिन में 11 बजे देहरादून के सर्वे चौक स्थित आइआरडीटी सभागार में में बहस के लिए तैयार रहेंगे। आगे उन्होंने कौशिक को छह जनवरी को दिल्ली मॉडल पर डिबेट और दिल्ली के विकास को दिखाने के लिए दिल्ली में आमंत्रित किया गया है। बताया गया कि मनीष सिसोदिया ने मदन कौशिक को लिखे पत्र में कहा है, ‘मैं उम्मीद करता हूं कि आप अपने निमंत्रण से पीछे नहीं हटेंगे और चार जनवरी को देहरादून में और छह जनवरी को दिल्ली में मेरे साथ जनहित कार्यों व विकास मॉडल पर खुली चर्चा के लिए समय निकालेंगे।’ आगे देखने वाली बात होगी कि कौशिक इस पेशकश पर क्या रुख दिखाते हैं। हालांकि मौजूदा स्थितियों में उनके लिए ऐसा करना राजनीतिक तौर पर मुफीद नहीं होगा।

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यह भी पढ़ें : हरीश रावत के कांग्रेस में वापसी संबंधी ट्वीट पर बोले हरक

नवीन समाचार, नैनीताल, 26 जनवरी 2020। नैनीताल चिड़ियाघर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए प्रदेश के वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के ट्वीट और कांग्रेस में वापसी की बात से जवाब दिया। हरीश रावत की ट्वीट का हवाला देते हुए उनसे पूछा गया कि हरदा ने कहा है कि वह किसी की वापसी में बाधा नहीं बनेंगे। इस पर हरक सिंह रावत ने कहा कि वापसी का सवाल ही नहीं है। कहा कि जब पार्टी में हालात बेहद खराब हो गए थे, तब हरीश रावत को हर स्तर पर समझाने की कोशिश की गई थी। पार्टी पदाधिकारियों की उपेक्षा पर भी उनसे सवाल किए गए थे। लेकिन तब उन्होंने एक न सुनी, जिसके कारण कांग्रेस छोड़ने का निर्णय लेना पड़ा। हालांकि उन्होंने हंसते हुए यह भी कहा कि राजनीति में ना तो कोई स्थायी दोस्त होता है और ना ही स्थायी दुश्मन। कहा कि उनकी हरीश रावत के साथ कोई व्यक्तिगत नाराजगी या तनातनी नहीं है। जो कुछ है राजनीतिक है। उल्लेखनीय है कि हरक सिंह रावत उन नौ विधायकों में शामिल थे जिन्होंने 18 मार्च 2016 को तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत की सरकार में मंत्री होते हुए भी बगावत कर बगावत कर भाजपा के लैटर पैड पर राज्यपाल को समर्थन वापस लेने का पत्र सौंपा था, जिसके बाद हरीश रावत को कुछ समय के लिए अपदस्थ होना पड़ा था और राज्य को राष्ट्रपति शासन भी झेलना पड़ा था। बाद में सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों से हरीश रावत की सरकार बहाल हो पाई थी। इन नौ कद्दावर नेताओं के भाजपा में आने के बाद कांग्रेस काफी कमजोर हुई और पिछले विधानसभा चुनावों में 70 सदस्यीय विधानसभा में 11 की संख्या पर सिमट गई, लेकिन इन नेताओं के भाजपा में होने के बावजूद खासकर हरक सिंह के कई बयानों से बागियों के कांग्रेस में वापसी की चर्चाएं भी होती रही हैं।

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‘नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से ‘मन कही’ के रूप में जनवरी 2010 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
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