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छठ पर उत्तराखंड में लगातार तीसरे वर्ष भी छुट्टी घोषित

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पहला पत्र

नैनीताल, 12 नवंबर 2018। छठ पर उत्तराखंड में लगातार तीसरे वर्ष भी छुट्टी घोषित हो सकती है। सोमवार को इस संबंध में मुख्यमंत्री सचिवालय से मुख्यमंत्री के निजी सचिव सुरेश चंद्र जोशी की ओर से प्रदेश के अपर मुख्य सचिव-सामान्य प्रशासन विभाग को पत्र लिखा गया है। पत्र में कहा गया है कि बुधवार 13 नवंबर को छठ पूजा के अवसर पर राज्य के शासकीय, अर्द्धशासकीय कार्यालयों, समस्त सरकारी, अर्द्ध सरकारी व गैर सरकारी शिक्षण संस्थानों तथा विश्वविद्यालयों में सार्वजनिक अवकाश घोषित की किये जाने की अपेक्षा की गयी है।  उल्लेखनीय है कि पहले 13 नवंबर को अवकाश घोषित करने को कहा गया था, बाद में इसमें संशोधन किया गया। इसके बाद माना जा रहा है कि शासन की ओर से शीघ्र की अवकाश की घोषणा कर दी जाएगी।
गौरतलब है कि छठ मुख्यतया पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार व झारखंड में मनाया जाने वाला सूर्य की आराधना का पर्व है। लेकिन उत्तराखंड में यह त्योहार मनाने वाले लोगों की संख्या बेहद सीमित बतायी जाती है। बावजूद वर्ष 2016 में विधानसभा चुनाव में जा रहे तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सर्वप्रथम छठ पर्व पर छुट्टी की घोषणा की थी, और इसकी काफी आलोचना भी हुई थी। कहा गया था कि इसकी जगह उत्तराखंड में हरेला, फूलदेई व नंदाष्टमी जैसे लोकपर्वों पर राज्य सरकार की ओर से सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाना चाहिए, जोकि नहीं होते हैं, अथवा जिला प्रशासन की ओर से केवल जिले या नगर में घोषित किये जाते हैं।

यह भी पढ़ें : 14 अगस्त छुट्टी की झूठी वायरल खबर का जारी हुआ खंडन

नैनीताल 13 अगस्त (सू.वि.) – समाचार खण्डन : कुछ शरारती तत्वों एवं व्यक्तियों द्वारा मेंरे नाम व पदनाम का गलत उपयोग करते हुए सोशल मीडिया पर दिनांक 14 अगस्त को कक्षा एक से 12 तक के सभी सरकारी व गैर सरकारी विद्यालयों में अवकाश घोषित किये जाने की गलत जानकारी प्रसारित की जा रही है। आप सभी को अवगत कराना है कि जिलाधिकारी विनोद कुमार सुमन द्वारा 14 अगस्त को सरकारी, गैर सरकारी विद्यालयों व आंगनबाड़ी केन्द्रों के लिए किसी भी प्रकार का अवकाश घोषित नहीं किया गया है तथा जिला सूचना कार्यालय नैनीताल एवं मीडिया सेन्टर हल्द्वानी से अवकाश से सम्बन्धित कोई भी प्रेस विज्ञप्ति जारी नहीं की गयी है।
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अहमद नदीम, अपर जिला सूचना अधिकारी, 7055007024

पूर्व समाचार : सोमवार 6 अगस्त को नैनीताल जिले के 12वीं तक के स्कूलों में छुट्टी घोषित

नैनीताल, 5 अगस्त 2018। जनपद में भारी बारिश को देखते हुए डीएम विनोद कुमार सुमन ने सोमवार को जनपद के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों सहित कक्षा एक से 12वीं तक के सभी सरकारी-गैरसरकारी स्कूल में बच्चों के लिए अवकाश घोषित कर दिया है। अलबत्ता स्कूलों के शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं आंगनबाड़ी कर्मियों के लिए अवकाश घोषित नहीं किया है।

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नवीन समाचार

मेरा जन्म 26 नवंबर 1972 को हुआ था। मैं नैनीताल, भारत में मूलतः एक पत्रकार हूँ। वर्तमान में मार्च 2010 से राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक समाचार पत्र-राष्ट्रीय सहारा में ब्यूरो चीफ के रूप में कार्य कर रहा हूँ। इससे पहले मैं पांच साल के लिए दैनिक जागरण के लिए काम कर चुका हूँ। कुमाऊँ विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग से ‘नए मीडिया’ विषय पर शोधरत हूँ। फोटोग्राफ़ी मेरा शौक है। मैं NIKON COOLPIX P530 और अडोब फोटोशॉप 7.0 के साथ फोटोग्राफी कर रहा हूँ। फोटोग्राफी मेरे लिए दुनियां की खूबसूरती को अपनी ओर से चिरस्थाई बनाने का बहुत छोटा सा प्रयास है। एक फोटो पत्रकार के रूप में मेरी तस्वीरों को नैनीताल राजभवन सहित विभिन्न प्रदर्शनियों में प्रस्तुत किया गया, तथा उत्तराखंड की राज्यपाल श्रीमती मार्गरेट अलवा द्वारा सम्मानित किया गया है। कुछ चित्रों को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हो चुके हैं। गूगल अर्थ पर चित्र उपलब्ध कराने वाली पैनोरामियो साइट पर मेरी प्रोफाइल को 18.85 Lacs से भी अधिक हिट्स प्राप्त हैं।पत्रकारिता और फोटोग्राफी के अलावा मुझे कवितायेँ लिखना पसंद है। काव्य क्षेत्र में मैंने नवीन जोशी “नवेन्दु” के रूप में अपनी पहचान बनाई है। मैंने बहुत सी कुमाउनी कवितायेँ लिखी हैं, कुमाउनी भाषा में मेरा काव्य संकलन उघड़ी आंखोंक स्वींड़ प्रकाशित हो चुका है, जो कि पुस्तक के के साथ ही डिजिटल (PDF) फार्मेट पर भी उपलब्ध होने वाली कुमाउनी की पहली पुस्तक है। मेरी यह पुस्तक गूगल एप्स पर भी उपलब्ध है। ’ यहां है एक पत्रकार, लेखक, कवि एवं छाया चित्रकार के रूप में मेरी रचनात्मकता, लेख, आलेख, छायाचित्र, कविताएं, हिंदी-कुमाउनी के ब्लॉग आदि कार्यों का पूरा समग्र। मेरी कोशिश है कि यहां नैनीताल, कुमाऊं, उत्तराखंड और वृहद संदर्भ में देश की विरासत, संस्कृति, इतिहास और वर्तमान को समग्र रूप में संग्रहीत करने की….। मेरे दिल में बसता है, मेरा नैनीताल, मेरा कुमाऊं और मेरा उत्तराखंड

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