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विधायक की जिला पंचायत सीट पर दो प्रत्याशियों ने नामांकन वापस लिया….

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 16 जून 2022। जनपद में जिला पंचायत की दो रिक्त सीटों के लिए हो रहे उपचुनाव में लालकुआं विधायक मोहन बिष्ट के जीतने से रिक्त हुई जग्गी बंगर सीट से दो प्रत्याशियों- संदीप कुकसाल व संजय सुनाल ने नाम वापस ले लिए हैं। इससे पूर्व नामांकन करने वाले एक प्रत्याशी हिमांशु का नामांकन निरस्त हो गया है। इसके बाद इस सीट पर त्रिकोणीय संघर्ष तय हो गया है।

सहायक निर्वाचन अधिकारी डॉ. नारायण सिंह ने बताया कि इसके बाद जग्गी बंगर सीट पर 3 प्रत्याशी, विधायक मोहन बिष्ट के भाई व पिछली बार भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़कर तीसरे स्थान पर रहे इंद्र सिंह बिष्ट, भाजपा से जुड़े कमलेश चंदोला एवं मोहन गोस्वामी और कालाढूंगी की गुलजारपुर बंकी महिला आरक्षित सीट के लिए अनीता आर्य व आरती प्रत्याशी चुनाव मैदान में बचे हैं। आगे शुक्रवार को प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे। जबकि 27 जून को मतदान और 29 जून को परिणामों की घोषणा होगी। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

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डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 15 जून 2022। जनपद में जिला पंचायत की दो रिक्त सीटों के लिए हो रहे उपचुनाव में से लालकुआं की जग्गी बंगर सीट से नामांकन करने वाले एक प्रत्याशी हिमांशु का नामांकन निरस्त हो गया है। सहायक निर्वाचन अधिकारी डॉ. नारायण सिंह ने बताया कि उनका नाम आयोग की पिछली बार लड़े चुनाव में आय-व्यय का ब्यौरा प्रस्तुत न करने वालों की सूची में शामिल था। हालांकि उन्होंने दावा किया था कि इधर उन्होंने आयोग में आय-व्यय का ब्यौरा जमा करने का दावा किया था, लेकिन वह इसका कोई प्रमाण नियत समय तक नहीं कर पाए।

इस कारण उनका नामांकन पत्र खारिज कर दिया गया। इसके बाद जग्गी बंगर सीट पर 5 प्रत्याशी इंद्र सिंह बिष्ट, मोहन गोस्वामी, मलेश, संजय व संदीप और कालाढूंगी की गुलजारपुर बंकी महिला आरक्षित सीट के लिए अनीता आर्य व आरती प्रत्याशी के रूप में बचे हैं। आगे 16 जून को नाम वापसी व 27 जून को मतदान और 29 जून को परिणामों की घोषणा होनी है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

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लालकुआं विधानसभा क्षेत्र) डॉ मोहन सिंह बिष्ट ने ठोकी ताल,बिगड़ेंगे  समीकरण,क्या कहा डॉक्टर मोहन सिंह बिष्ट ने, जाने एक क्लिक में - Uttarakhand  City Newsडॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 15 जून 2022। जिला पंचायत उपचुनाव को लेकर नैनीताल जिपं कार्यालय में मंगलवार को चुनाव प्रक्रिया शुरू हो गई। लालकुआं जग्गी बंगर व कालाढूंगी गुलजारपुर बंकी जिपं सदस्य के लिए नामांकन पत्र भरे गये।

लालकुआं जग्गी बंगर जिपं सदस्य के लिए 9 नामांकन पत्र की बिक्री हुई थी जिसमें से 6 उम्मीदवारों ने आज नामांकन पत्र भरा। जिसमें इंद्र सिंह बिष्ट, मोहन गोस्वामी, मलेश, हिमांशु ,संजय, संदीप शामिल हैं। वहीं कालाढूंगी गुलजारपुर बंकी महिला आरक्षित जिला पंचायत सदस्य के लिए अनीता आर्य व आरती ने अपना नामांकन पत्र भरा है। जानकारी देते हुए नरेंद्र सिंह ने बताया कि 15 को नामांकन पत्रों की जांच 16 जून को नाम वापसी, 27 जून को उप चुनाव और 29 जून को परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे।

खासकर जग्गी बंगर सीट की बात करें तो यह सीट इस सीट के जिला पंचायत सदस्य मोहन सिंह बिष्ट के हरीश रावत को हराकर लालकुआं का विधायक चुने जाने के कारण रिक्त हुई है। इस सीट पर नामांकन करने वालों में पूर्व में मोहन बिष्ट के खिलाफ कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़कर दूसरे स्थान पर रहे हिमांशु कबडवाल व मोहित गोस्वामी के अलावा अन्य चार प्रत्याशी भाजपा से जुड़े हैं। इनमें निर्दलीय चुनाव लड़कर जीते मोहन बिष्ट के खिलाफ भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़े और तीसरे स्थान पर रहे उनके सगे भाई इंदर बिष्ट, गत विस चुनाव में विधायक पद के दावेदार रहे कमलेश चंदोला के अलावा संदीप कुकसाल व संजय सुनाल भी शामिल हैं।

भाजपा ने गत दिनों अपने प्रत्याशियों में सर्वानुमति बनाने का प्रयास भी किया था, लेकिन बात न बनने पर किसी भी प्रत्याशी को टिकट नहीं दिया है। ऐसे में आगे देखने वाली बात होगी कि कल 16 जून को नाम वापसी की समय सीमा तक क्या कोई सर्वानुमति बन पाती है। यदि नहीं तो विधायक इस चुनाव में अपने भाई की ओर होंगे या अपने समर्थक व पार्टी कार्यकर्ता कमलेश चंदोला, संदीप कुकसाल या संजय सुयाल। हर स्थिति में उनके लिए यह चुनाव बड़ी चुनौती व उनके राजनीतिक कौशल को परखने वाला होने वाला हैं। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

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जानें कौन हैं सीएम पुष्कर धामी को उपचुनाव में टक्कर देने वाली निर्मला  गहतोड़ी, कैसा है उनका राजनीतिक सफर - nirmala gehtodi of congress will give  competition to cm ...नवीन समाचार, चंपावत, 2 जून 2022। चंपावत उप चुनाव की मतगणना शुरू होने से एक दिन पहले ही कांग्रेस की प्रत्याशी निर्मला गहतोड़ी ने एक तरह से हार मान ली है, लेकिन साथ ही अपनी व्यथा भी प्रकट की है। कहा है कि उन्हें अपने परिवार तक से साथ नहीं मिला। बोलीं, इन स्थितियों में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी तक पहुंचाएंगी।

कांग्रेस प्रत्याशी निर्मला गहतोड़ी ने कहा, चुनाव के नतीजे पर उन्हें कोई संशय नहीं है। लेकिन हार पर भी वे संघर्ष से डिगेंगी नहीं। उनका मुकाबला सीएम से था। गहतोड़ी ने कहा, राजनीति में हार क्या होती है, ये तो सीएम को भी पता है। हार ही नहीं, जमानत जब्त होने से भी वे भयभीत नहीं होंगी। उन्हें सबसे बड़ी खुशी पार्टी के वजूद को बचाने की है। उन्होंने कहा, अगर 2021 में सल्ट में हुए उपचुनाव की तरह स्थानीय संगठन ने साथ दिया होता तो ये मुकाबला एकतरफा नहीं होता।

उन्होंने कहा, लोगों ने विकास की आस में पार्टी लाइन से भी आगे बढ़कर उनका समर्थन किया है। लेकिन कार्यकर्ताओं व नेताओं का साथ नहीं मिला। उनके पास इस चुनाव में केवल 137 साल पुरानी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का चुनाव निशान ही अकेली पूंजी थी। सब कुछ ‘एकला चलो…’ की तर्ज पर उन्हें ही करना पड़ा। यहां तक कि पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की चुनावी सभा की व्यवस्था भी उन्हें ही करनी पड़ी।

उन्होंने कहा, चुनाव प्रचार शुरू होने से मतदान निपटने तक कांग्रेस के 90 प्रतिशत वरिष्ठ कार्यकर्ता नदारद थे। इसके लिए सबने कई बहाने बनाए। उल्टे उन्हें मैदान से हटाने के लिए प्रलोभन दिए गए लेकिन वह मैदान में डटीं रहीं। आठ साल तक जिलाध्यक्ष और तीन साल तक महिला एवं बाल विकास बोर्ड की अध्यक्ष भी रहीं कांग्रेस प्रत्याशी ने कहा कि संगठन से लेकर कई वरिष्ठ और जिम्मेदार नेताओं का अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। पार्टी के अधिकतर दिग्गज नेता, यहां तक कि फरवरी में हुए आम चुनाव में टिकट के लिए आवेदन करने वाले कई नेता भी कांग्रेस से अलग हो गए थे।

उन्होंने कहा, कांग्रेस ने इस चुनाव को गंभीरता से नहीं लड़ा। कई वरिष्ठ नेताओं के मना करने के बावजूद उन्होंने पार्टी की खातिर इस चुनाव में उतरने पर रजामंदी जताई लेकिन चुनाव में उनके साथ धोखा हुआ। इसमें अपने घर के लोग भी शामिल थे, इसकी सबसे ज्यादा पीड़ा है। पार्टी के अधिकतर पदाधिकारी व कार्यकर्ता भाजपा की गोद में बैठ गए थे और बचे कार्यकर्ताओं में से भी 90 प्रतिशत तो जनता के बीच आने से ही कतराते रहे। 

गहतोड़ी ने कहा, नारी सम्मान के नारों के बीच महिला उम्मीदवार पर हुए हमले पर भी कांग्रेस के बड़े नेताओं ने भाजपा की निंदा नहीं की। कहा कि इन बिंदुओं को पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी तक पहुंचाएंगी। उनसे कई मतदाताओं ने कहा कि इस बार नहीं, वर्ष 2027 में वे उन्हें वोट देंगे। चंपावत उपचुनाव में आचार संहिता के उल्लंघन से लेकर कार्यकर्ताओं और एजेंटों को डराने-धमकाने के मामले को पार्टी की राज्य इकाई चुनाव आयोग के समक्ष उठाएगी। फिर भी कार्रवाई न हुई तो वे आंदोलन करेंगी। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

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Rajya Sabha Election: बीजेपी ने उत्तराखंड से डॉ. कल्‍पना सैनी को बनाया  प्रत्‍याशी, जानें उनके बारे में सबकुछ - rajya sabha election bjp fields dr  kalpana saini from uttarakhand nodark ...नवीन समाचार, देहरादून, 29 मई 2022। भाजपा ने राज्यसभा प्रत्याशी के पद पर बनी संशय की स्थित समाप्त हो गई है। पार्टी ने उत्तराखंड से पार्टी की, विरासत में पार्टी की विचारधारा से जुड़ीं एक महिला नेत्री डॉ. कल्पना सैनी के नाम का राज्यसभा सांसद के पद के लिए ऐलान कर दिया है। सुषमा स्वराज के बाद उत्तराखंड से राज्यसभा जाने वाली वह दूसरी महिला होंगी। कल्पना उत्तराखंड से अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष रही हैं। माना जा रहा है कि भाजपा ने उन्हें प्रत्याशी बनाकर महिला वर्ग के साथ ही हरिद्वार जनपद व लोकसभा के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने का संदेश दिया है।

क्योंकि पिछले दिनों केंद्रीय मंत्रिमंडल से हरिद्वार सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल से हटने तथा हरिद्वार लोकसभा में विधानसभा चुनाव में पार्टी को अपेक्षित परिणाम नहीं मिले थे, और राज्य मंत्रिमंडल में भी हरिद्वार को प्रतिनिधिमंडल नहीं मिल पाया था। उन्हें टिकट की घोषणा को चंपावत उप चुनाव से ठीक एक दिन पहले किए जाने के पीछे भी माना जा रहा है कि चंूकि कांग्रेस से चंपावत से एक महिला प्रत्याशी को उम्मीदवार बनाया है, इसलिए भाजपा भी महिलाओं के पक्ष में संदेश देना चाहती है, ताकि चुनाव के दिन भी कांग्रेस खुद को महिला हितैषी बताकर लाभ न ले सके।

डॉ. कल्पना सैनी की बात करें तो वह मूल रूप से हरिद्वार जिले के ग्राम शिवदासपुर-तेलीवाला (रुड़की) की रहने वाली हैं। उनके पिता पृथ्वी सिंह विकसित वर्ष 1991 में भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़े और जीते और उनको उत्तर प्रदेश सरकार में सिंचाई राज्यमंत्री बनाया गया था। इसके बाद 1993 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने फिर से जीत हासिल की थी हालांकि उत्तराखंड बनने के बाद वह बहादराबाद सीट से दो बार भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़कर हार गए थे। जबकि डॉ. सैनी ने संस्कृत से पीएचडी की डिग्री हासिल की है।

बाद में वह गांधी महिला शिल्प इंटर कालेज रुड़की की प्राचार्य रहीं। उन्होंने हरिद्वार भाजपा के जिलाध्यक्ष सहित अन्य पदों पर भी कार्य किया है। इसके बाद उनको वर्ष 2019 में भाजपा सरकार ने राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष मनोनीत किया था। उनके पति डा. नाथीराम सैनी आयुर्वेद चिकित्सक हैं वह भी समाज सेवा में सक्रिय हैं। उनके दो संतान एक बेटा और एक बेटी। वह रुड़की और कलियर विधानसभा सीट से टिकट की दावेदारी पार्टी फोरम पर करती रही हैं। उन्होंने पार्टी अनुशासन पर उन्होंने हमेशा जोर दिया।

उल्लेखनीय है कि राज्यसभा सांसद व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रदीप टम्टा का कार्यकाल चार जुलाई को खत्म होने से यह पद रिक्त हो रहा है। राज्यसभा सदस्य के लिए नामांकन की अंतिम तिथि 31 मई है, जबकि 10 जून को मतदान होना है। जून माह में ही उनका कार्यकाल खत्म होने जा रहा है। विधानसभा में भाजपा के दो तिहाई बहुमत होने से डा. सैनी की जीत तय मानी जा रही है। वह निर्विरोध भी राज्यसभा के लिए चुनी जा सकती हैं।

गौरतलब है कि राज्यसभा सांसद पद के पैनल में पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत, प्रदेश महामंत्री कुलदीप कुमार, भाजपा अनुशासन समिति के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष केदार जोशी, भाजपा ओबीसी मोर्चा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष श्यामवीर सैनी, पूर्व विधायक आशा नौटियाल, राष्ट्रीय एससी-एसटी आयोग की पूर्व सदस्य स्वराज विद्वान सहित दस नाम शामिल थे, लेकिन बाजी डॉ. सैनी के हाथ लगी। उल्लेखनीय है कि विधानसभा में अभी 46 विधायक भाजपा, 19 कांग्रेस, 2 बसपा व 2 निर्दलीय हैं, जबकि चंपावत में उपचुनाव हो रहा है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : कांग्रेस ने चंपावत से निर्मला गहतोड़ी को टिकट देकर मुकाबला रोचक बनाया

चंपावत में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को चुनौती देने के लिए कांग्रेस ने निर्मला  गहतोड़ी को मैदान में उतारानवीन समाचार, देहरादून, 6 मई 2022। चंपावत में होने वाले विधानसभा के उपचुनाव के लिए कांग्रेस ने मुख्यमंत्री के खिलाफ अपने प्रत्याशी की चौंकाने वाली घोषणा कर दी है। पूर्व विधायक हेमेश खर्कवाल की जगह पार्टी की जिलाध्यक्ष रहने के साथ कई महत्वपूर्ण पदों पर काम कर चुकी निर्मला गहतोड़ी को कांग्रेस पार्टी ने अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया है।

उन्हें टिकट देने में जातिगत समीकरण भी साधा गया है और जनसंघर्षों से जुड़ी एक महिला को टिकट देकर मुकाबले को रोचक व कड़ा भी बना दिया है। इसे पार्टी की महिला एवं ब्राह्मण वोटरों को साधने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। ब्राह्मण जाति से ताल्लुक रखने वाली निर्मला गहतोड़ी की छवि कांग्रेस पार्टी में तेज तर्रार महिला नेता के रूप में है। वह वर्ष 1992 में चम्पावत जिले के खेतीखान में लगातार 108 दिन तक चले शराब विरोधी धरना-प्रदर्शन में शामिल होने के साथ चर्चा में आई थीं।

वह परिवार से ही कांग्रेसी पृष्ठभूमि से होने के कारण शुरू से ही कांग्रेस की गतिविधियों में हिस्सा लेती रही हैं। वह वर्ष 1997 से वर्ष 1999 तक पाटी ब्लाक महिला कांग्रेस उपाध्यक्ष, 1999 से 2001 तक प्रदेश कांग्रेस कमेटी की सदस्य, वर्ष 2001 से 2010 तक कांग्रेस की चम्पावत जिलाध्यक्ष, वर्ष 2011 से एआइसीसी की सदस्य, वर्ष 2012 से कांग्रेस सरकार में बीस सूत्रीय कार्यक्रम की उपाध्यक्ष रही हैं। उन्होंने वर्ष 2017 में महिला कोटे से विधान सभा चुनाव के लिए दावेदारी की थी। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

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हॉट सीट चंपावत में 31 मई को होगी वोटिंग, उपचुनाव में सीएम धामी मैदान में -  Uttarakhand Raibarडॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 4 मई 2022। चंपावत में नामांकन के लिए 11 मई की अंतिम तिथि और 31 मई को होने वाले उपचुनाव के लिए अब अधिक समय नहीं बचा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इस सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने जा रहे हैं। उनके खिलाफ राज्य की प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस के साथ ही आम आदमी पार्टी व उत्तराखंड क्रांति दल ने पूरी ताकत से चुनाव लड़ने का जुबानी दावा तो किया है, लेकिन धरातल पर उनका जोर कहीं नजर नहीं आ रहा है। ऐसे में प्रत्याशी की घोषणा और उनकी मुख्यमंत्री के खिलाफ जीत की संभावनाएं लगातार पिछड़ती जा रही हैं।

गौरतलब है कि धामी के चंपावत से चुनाव लड़ने की घोषणा के बाद अनेक कांग्रेसी ही भाजपा में शामिल हो गए हैं। इससे जहां भाजपा को बड़ा मनोवैज्ञानिक लाभ मिला है, वहीं कांग्रेस सहित विपक्ष के होंसले पस्त पड़ गए हैं। बताया जा रहा है कि विपक्ष की ओर से सीएम के खिलाफ एक संयुक्त प्रत्याशी लड़ाए जाने के भी प्रयास हुए किंतु प्रयास सफल नहीं हुए। आआपा और उक्रांद भी शुरुआती दावा करने के बाद जनता से अपेक्षित रिस्पॉंस न मिलने के कारण चुनाव से पहले ही ढीले पड़ गए हैं।

दूसरी ओर कांग्रेस की ओर से दावा किया गया कि चुनाव लड़ने के लिए 6 नाम आए हैं, लेकिन यह भी चर्चा रही कि सबसे मजबूत संभावित प्रत्याशी पूर्व विधायक हेमेश खर्कवाल प्रत्याशी चयन के लिए आए पर्यवेक्षकों की बैठक में नहीं पहुंचे। ऐसी भी चर्चा है कि कोई भी प्रत्याशी अपने खर्च पर चुनाव लड़ने को तैयार नहीं है, और पार्टी संगठन से चुनाव खर्च मिलने पर चुनाव लड़ने की बात कर रहे हैं। इस कारण ही प्रत्याशी की घोषणा में विलंब हो रहा है।

यहाँ तक कि कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा, जिन्हें बकौल नेता प्रतिपक्ष-यशपाल आर्य, टिकट पर निर्णय लेना है, वह भी चंपावत पर ध्यान केंद्रित करने की जगह गढ़वाल के दौरे पर हैं। ऐसे में सूत्रों की मानें तो पार्टी हेमेश खर्कवाल को ही चुनाव लड़ने के लिए मनाने का प्रयास कर रही है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : सीएम धामी के लिए पद पर बने रहने के लिए उपचुनाव का कार्यक्रम जारी

नवीन समाचार, देहरादून, 2 मई 2022। उत्तराखंड में चंपावत विधानसभा में उप चुनाव की तारीख की घोषणा हो गई है। आगामी 31 मई को चंपावत विधानसभा का उपचुनाव होगा और 3 जून को मतगणना के साथ परिणाम आ जाएंगे। इसके साथ चंपावत विधानसभा के लिए चुनाव आचार संहिता भी प्रभावी हो गई है। कहने की आवश्यकता नहीं कि चंपावत विधानसभा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे। उनके विरुद्ध कांग्रेस, उक्रांद व आम आदमी पार्टी अब तक चुनाव लड़ने की घोषणा कर चुके हैं।

बताया गया है कि 4 मई को चंपावत चुनाव को लेकर चुनाव आयोग नोटिफिकेशन जारी करेगा। नामांकन की आखिरी तारीख 11 मई और नामांकन वापस लेने की तारीख 17 मई तय की गई है। विदित हो कि कैलाश गहतोड़ी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के लिए अपनी विधायकी से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद धामी ने चंपावत से चुनाव लड़े का ऐलान किया था। गौरतलब है कि धामी के लिए मुख्यमंत्री पद पर बने रहने के यह चुनाव जीतना जरूरी है। अन्यथा उन्हें पद छोड़ना भी पड़ सकता है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : जानें विधानसभा चुनाव में सबसे अधिक व सबसे कम अंतर से जीतने वाले 10-10 विधायकों के बारे में…

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 11 मार्च 2022। चुनाव में जीत-हार एक वोट के अंतर से भी हो सकती है। और यह लोकतंत्र की खूबसूरती है कि यहां एक वोट से हारने वाला प्रत्याशी भी अपनी हार स्वीकार कर लेता है और कई बार एक वोट से तख्ता पलट भी हो जाता है। बहरहाल विधानसभा चुनाव में 10 सबसे कम अंतर से चुनाव जीते विधायकों की बात करें तो इनमें 5 कांग्रेस, चार भाजपा व एक बसपा के, जबकि सर्वाधिक अंतर से जीते विधायकों की बात करें तो इनमें 9 भाजपा के व एक कांग्रेस के हैं। इस तरह अंतर साफ है।

jagranसबसे पहले कम अंतर से जीते प्रत्याशियों में अल्मोड़ा से कांग्रेस के मनोज तिवारी सबसे कम मात्र 141 व द्वाराहाट से कांग्रेस के मदन बिष्ट 182 वोटों से जीते हैं। वहीं प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत श्रीनगर से 587, बसपा के सरवत करीम अंसारी मंगलौर से 598, टिहरी से भाजपा के किशोर उपाध्याय 951 से, बाजपुर से कांग्रेस के यशपाल आर्य 1611 से, नरेंद्र नगर से भाजपा के कृषि मंत्री सुबोध उनियाल 1798, बदरीनाथ से कांग्रेस के राजेंद्र भंडारी 2066 से, रुड़की से भाजपा के प्रदीप बत्रा 2277 व प्रतापनगर से कांग्रेस के विक्रम नेगी 2341 वोटों से जीते हैं।

वहीं सर्वाधिक वोटों से जीतने वालों की बात करें तो रायपुर से उमेश शर्मा काऊ 30052, डोईवाला से बृजभूषण गैरोला 29021, कालाढुंगी से बंशीधर भगत 23931, देहरादून कैंट से सविता कपूर 20938, रुद्रपुर से शिव अरोड़ा 19750, ऋशिकेश से प्रेम चंद्र अग्रवाल 19057, लालकुआं से डॉ. मोहन बिष्ट 17527, काशीपुर से त्रिलोक चीमा 15743, पिरानकलियर से कांग्रेस के फुरकान अहमद 15743 व मसूरी से भाजपा के गणेश जोशी 15325 से जीते हैं। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : सरिता की जीत पर होली मनाई, पार्टी के झंडे के साथ लहराये भगवे, मिर्च भी उड़ाई…

भाजपा प्रत्याशी की जीत पर रंगों तथा पार्टी के झंडे के साथ भगवा ध्वज लहराते भाजपा कार्यकर्ता।

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 10 मार्च 2022। नैनीताल सीट पर भाजपा प्रत्याशी सरिता आर्य की जीत पर नगर में भाजपाइयों में जर्बदस्त उत्साह देखा गया। यहां पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रत्याशी की जीत से पहले ही होली मनानी शुरू कर दी थी। इस दौरान खास बात यह भी रही कि पार्टी के झंडे के साथ भगवा ध्वज भी लहराया गया और सरिता की जीत को हिंदुत्व की जीत के रूप में भी प्रदर्शित किया गया।

इसके अलावा तल्लीताल में रंगों के साथ मिर्च का पाउडर भी उड़ाया गया। पूछने पर बताया गया कि कुछ लोग सरिता आर्य के कांग्रेस छोड़कर भाजपा में जाने को उनकी बेवकूफी बता रहे थे, और उनकी जीत की एक फीसद भी संभावना न होने की बात कह रहे थे, उन्हें संदेश देने के लिए ही मिर्च उड़ाई गई।

इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने जमकर नृत्य भी किया और मिष्ठान्न वितरण भी किया। नगर में तल्लीताल व मल्लीताल में पार्टी कार्यकर्ता जुलूस के रूप में भी निकले। वहीं शाम ढले सरिता आर्य के जीत के बाद नगर में पहुंचने पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने तल्लीताल में उनका स्वागत किया और फिर आर्शीवाद-आभार जुलूस निकाला। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : इस तरह राउंड-दर-राउंड मजबूत होती गई भाजपा प्रत्याशी सरिता आर्य की जीत, जानें पहली बात क्या बोलीं जीत के बाद

उत्तराखंड में कांग्रेस की सूची जारी होने से पहले ही बगावत, सरिता आर्य  बोलीं- भाजपा टिकट देगी तो जाऊंगी | Rebellion even before the release of the  list of candidates of ...डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 10 मार्च 2022। हल्द्वानी के एमबी राजकीय महाविद्यालय में 12वें राउंड तक चली मतगणना में सरिता आर्य ने अब तक के सर्वाधिक रिकॉर्ड 7881 वोटों से चुनाव जीता। उन्हें कुल मिलाकर 31443, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी संजीव आर्य को 23525 वोट मिले। वहीं आम आदमी पार्टी सहित कोई भी प्रत्याशी प्रभावी प्रदर्शन नहीं कर पाया। यहां यह जानना भी दिलचस्प है कि किस तरह भाजपा प्रत्याशी सरिता आर्य की राउंड दर राउंड बढ़त बढ़ती चली गई।

पहले राउंड में सरिता को 2252 व संजीव को 1652 जबकि दूसरे राउंड में 2052 व संजीव को 1445 मत मिले। इसके साथ सरिता को 2 राउंड तक सरिता को 4604 व संजीव को 3292 वोट मिल गए। तीसरे राउंड में सरिता को 3135 व संजीव को 1657 मत मिले और दोनों के मतों की संख्या 7739 व 4949 हो गई। चौथे राउंड में सरिता को 2849 व संजीव को 1657 वोट मिले और दोनों के मतों की संख्या बढ़कर 10588 व 6606 हो गई। 5वें राउंड में सरिता को 2551 व संजीव को 1813 मत मिले तथा कुल मतों की संख्या 13139 व 8419 हो गई।

छठे राउंड में सरिता को 2765 व संजीव को 2631 मतों के साथ अंतर कम रहा और सरिता व संजीव के वोटों की संख्या 15904 व 11050 हो गई। सातवें व आठवें राउंड से भीमताल व नैनीताल नगर क्षेत्र की ईवीएम खुलनी शुरू हुईं व यहां संजीव आर्य सरिता की बढ़त को कम करते दिखे। सातवें राउंड में सरिता को 2485 व संजीव को 2528 जबकि आठवें राउंड में सरिता को 1720 व संजीव को 2214 वोट मिले।

यानी इन दो राउंड में संजीव को सरिता से 537 अधिक वोट मिले और यहां तक सरिता को 20109 मतों के साथ संजीव पर उनके 15792 मतों के साथ करीब पांच हजार वोटों की निर्णायक बढ़त मिल गई। इसके बाद 9वें राउंड में सरिता ने 3043 व संजीव ने 2539, 10वें राउंड में सरिता ने 2758 व सरिता ने 2210, 11वें राउंड में सरिता ने 3297 व संजीव ने 1332 तथा 12वें व अंतिम राउंड में सरिता ने 2236 व संजीव ने 1652 वोट प्राप्त कर अपने अंतर को 31443 व 23525 यानी 7918 वोटों का कर लिया।

भाजपा ने सिद्ध किया ‘लड़की व लड़ सकती हूं’ का नारा: सरिता
नैनीताल। अपनी जीत के बाद भाजपा की नवनिर्वाचित विधायक सरिता आर्य ने कहा, ‘कांग्रेस के ‘लड़की व लड़ सकती हूं’ के नारे को भाजपा ने सिद्ध किया। अपनी जीत के लिए वह नैनीताल की देवतुल्य जनता के साथ कार्यकर्ताओं, नैना देवी, ग्वेल देवता व नकुवा बूबू का आर्शीवाद मानती हैं। आगे कार्यकर्ताओं के साथ बैठकर आगे की योजना बनाएंगी और नैनीताल के विकास को आगे बढ़ाएंगी। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

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When and Where Watch LIVE Counting For UP Punjab Uttarakhand Manipur Goa  election results, Results trends will start from 8 AM on 10th March 2022,  यूपी के चुनाव नतीजे कब और कहांडॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 9 मार्च 2022। उत्तराखंड में हुए विधानसभा चुनाव के बाद मतगणना और चुनाव परिणाम के लंबे इंतजार का अंतराल अब समाप्त होने को है। अगले 24 घंटों के भीतर न केवल यह स्थिति साफ हो जाएगी कि कौन से प्रत्याशी चुनाव जीत गए हैं, बल्कि बहुत संभावना है कि किसकी सरकार बनेगी यह भी शुक्रवार को इस समय तक पता चल जाएगा। आपको बता दें कि आपकी प्रिय एवं भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ ने मतगणना के लाइव प्रसारण की व्यवस्था की है, जिसका खुलासा हम शीघ्र ही करेंगे। इसलिए आप चुनाव परिणामों के लिए पूरी तरह से ‘नवीन समाचार’ पर निर्भर रह सकते हैं।

अलबत्ता अभी मतगणना के बारे में कुछ बातें जानना जरूरी है। जैसे यह कि मतगणना कैसे होगी और परिणाम कब तक आएंगे। कैसे प्रत्याशी जीतेंगे और कैसे कई प्रत्याशियों की जमानत भी जब्त हो जाएगी। किस विधानसभा का परिणाम जल्दी व किसका देरी से आएगा।

मतगणना शुक्रवार सुबह आठ बजे से हल्द्वानी के एमबीपीजी कॉलेज में बनाए गए मतगणना केंद्र में शुरू होगी। इसके लिए वहां कोविड को देखते हुए एक कक्ष में सात मशीनें ही खोलने की व्यवस्था की गई है। सबसे पहले आठ बजे से पोस्टल बैलेट की गणना शुरू होगी। इसके बाद करीब साढ़े आठ बजे से ईवीएम की गणना शुरू होगी और करीब नौ बजे से रुझान आने शुरू होंगे। इसके बाद लगभग प्रत्येक 20 मिनट में अगला चरण की मतगणना शुरू होगी और करीब एक बजे तक पूरी स्थिति साफ हो जाएगी की किस पार्टी को कितनी सीटें मिल रही हैं। डीएम धीराज गर्ब्याल ने बताया कि ईवीएम की गिनती करीब अपराह्न तीन बजे तक समाप्त हो जाएगी। इसके बाद रेंडम आधार वीवीपैट मशीनों की गणना होगी, और ईवीएम और वीवीपैट के मतों का मिलान कर जिला निर्वाचन विभाग चार बजे पूरा परिणाम घोषित कर देंगे।

नैनीताल जनपद की बात करें तो यहां नैनीताल विधानसभा सीट पर सबसे कम पांच प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। इस कारण सबसे जल्दी नैनीताल विधानसभा का परिणाम आने की उम्मीद है। इसके बाद लालकुआं, रामनगर, भीमताल, हल्द्वानी और सबसे अंत में कालाढूंगी विधानसभा का परिणाम आ सकता है। इसका कारण यह है कि लालकुआं सीट के 142 बूथों की यानी 142 ईवीएम के वोटों की गणना 11 चरणों में, इसी तरह रामनगर की 148 ईवीएम एवं भीमताल की 153 ईवीएम की गणना 11 चरणों में, नैनीताल की 164 ईवीएम की गणना 12 चरणों में, हल्द्वानी की 183 ईवीएम की गणना 14 चरणों में और कालाढूंगी की 218 ईवीएम की गणना 16 चरणों में होगी।

परिणाम आने में कम-अधिक प्रत्याशियों की संख्या से भी फर्क पड़ेगा। उल्लेखनीय है कि नैनीताल में 5, कालाढूंगी में 11, लालकुआं में 13, भीमताल में 10, हल्द्वानी में 13, रामनगर में 11 प्रत्याशी हैं, जबकि लालकुआं में 81029, भीमताल में 61373, नैनीताल में 61484, हल्द्वानी में 94,312 कालाढूंगी में 102104 एवं रामनगर में 83975 मतदाताओं से मतदान किया है। ऐसे में लालकुआं में इसके छठे हिस्से यानी 13505, भीमताल में 10229, कालाढुंगी में 17017, नैनीताल में 10247, हल्द्वानी में 15719 व रामनगर में 13 हजार 996 से अधिक वोट लाने वाले प्रत्याशियों की ही जमानत बच पाएगी। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

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डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार
‘नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से ‘मन कही’ के रूप में जनवरी 2010 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
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