April 23, 2024

(Creation) आ गया ऐसा कुमाउनी गीत-रंगभंग खोला पारी, जिसे कहा जा रहा अब तक का सर्वश्रेष्ठ उत्तराखंडी गीत, पहाड़ी गीत न सुनने वाले भी सुनने लगे…

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Creation

नवीन समाचार, नैनीताल, 12 दिसंबर 2023। गीत-संगीत (Creation) और संस्कृति को समझने के लिये किसी भाषा की आवश्यकता नहीं होती। इस बात को सही साबित करता नजर आ रहा है नया कुमाउनी गीत-रंगभंग खोला पारी (RangBhang Khola Pari)। जिसके शब्द पूरी तरह से समझ में न आते हुए भी उसे वे लोग भी सुन व देख रहे हैं जो कुमाउनी या उत्तराखंडी लोकभाषाओं को नहीं जानते हैं।

RangBhang - Khola Pari | New Kumauni Song | Prahlad Mehra & Mamta  Arya|Himanshu Arya & Shweta Mahara - YouTubeकुमाऊं या उत्तराखंड की नई पीढ़ी भी इसके बोलों को नहीं समझ पा रही है लेकिन इसके भीतर जो मन को लुभाने वाले शब्द व भावुक कर देने वाले दृश्य हैं, उन्हें देख-सुनकर लोग इसे अब तक का सर्वश्रेष्ठ उत्तराखंडी गीत कहने लगे हैं। अब तक पहाड़ी गीतों को न सुनने वाले लोग भी पहाड़ी गीतों के प्रशंसक हो गये हैं और दूसरे प्रदेशों से भी इस गीत को सराहना मिल रही है।

कुमाउनी गीतों में ‘जोड़’ और शेरो-शायरी की प्रश्नोत्तरी जैसी विधा तो परंपरागत तरीके से दिखती है, जिसमें एक पक्ष कोई बात कहता या प्रश्न पूछता और दूसरा उसका और भी दमदार तरीके से जवाब देता है। पहाड़ के परंपरागत मेलों में हर वर्ष तत्कालीन देश-काल, परिस्थितियों को केवल एक लाइन में कह दिया जाता है। जबकि ‘रंगभंग’ परंपरा के बारे में कम ही लोग जानते हैं।

इस गीत पर ही आयी टिप्पणियों में बताया गया है कि ‘रंगभंग’ उत्तराखंड के कुमाऊं अंचल में रहने वाली भोटिया जनजाति में प्रचलित रही और अब लुप्तप्राय हो चुकी विवाह की प्रथा है। उस संस्कृति को इस प्रस्तुति के माध्यम से एक बार फिर से सामने लाया गया है।

इस गीत का फिल्मांकन (Creation) भी उत्कृष्ट कोटि का किया गया है, जिसमें एक फौजी लड़का अपने परिवार व दोस्तों के साथ विवाह हेतु लड़की को देखने उसके घर आया है। वहां बैठक सजती है, जिसमें लड़का-लड़की दोनों झिझकते हुये अपने मन की बात कहते हैं और आपस में विवाह के पवित्र बंधन में बंधने का निर्णय सबके सामने सुनाते हैं। अंत में नायक का फौज के लिये विदा होने का दृश्य भी भावुक करने वाला है।

गोपाल बाबू गोस्वामी और उनके समकालीन गायकों के सुनहरे दौर के एक सुंदर व सुनहरे अतीत के बावजूद खासकर उत्तराखंड बनने के शुरुआती दौर में खासकर कुमाउनी गीत जंगल में घास काटते हुये भी नायिकाओं को पवित्र रंग्वाली पिछौड़े में दिखाते हुये जिस फूहड़ता एवं हल्के शब्दों के साथ गाये-दिखाये गये, उसमें हालिया वर्षों में आये ‘अल्मोड़ा अंग्रेज आयो टैक्सी में’ जैसे गीतों के साथ पारंपरिक कुमाउनी गीतों की जो शुरुआत हुई, ‘रंगभंग-खोला पारी’ गीत उस कड़ी को सुंदर तरीके से आगे बढ़ाता नजर आता है।

इसी लिये गीत के गायक प्रह्लाद मेहरा व ममता आर्य के साथ गीत में मुख्य भूमिकाओं में नजर आ रहे हिमांशु आर्या व श्वेता महरा को हर ओर से प्रशंसा मिल रही है। गीत पर एक हिमांचल प्रदेश निवासी प्रशंसक ने टिप्पणी की है, ‘समझ में तो नहीं आया, लेकिन बहुत सुंदर, कुमाऊं की संस्कृति बहुत अच्छी है। हिमांचल से बहुत मेल खाती है।’

वहीं एक अन्य टिप्पणी में कहा गया है, ‘मैं पहले पहाड़ी गाने नहीं सुनता था, एक पहाड़ी होते हुए पहाड़ी गाना ना सुनना थोड़ा अजीब था लेकिन कुछ वर्षों से पहाड़ी गानों में एक अलग सी फील आने लगी है। सैल्यूट उन सभी लेखकों का इन संगीतकारों का, और साथ ही साथ अभिनय कर रहे अभिनेताओं का, पहाड़ी संगीत से अब मेरा भी दिल लगने लगा है…’

वहीं अन्य टिप्पणियों में कहा गया है, इस गीत के साथ उत्तराखंडी, कुमाऊनी, धारचूली संस्कृति का ये गाना भी एक अमर गीत में शामिल हो गया… उत्तराखंड की संस्कृति को इतनी सादगी और गहराई से दिखाने और महसूस कराने के लिए आपका दिल से धन्यवाद… मैं निश्चित रूप से ये कह सकता हूं कि उत्तराखंडी संगीत का सबसे सुनहरा दौर शुरू हो चुका है।

आज हमारे उत्तराखंडी संगीत को देश-विदेश में पहचान मिल रही है… जिन शब्दों को लेखक ने एक सूत्र में पिरोया है और संगीतकार ने मधुर संगीत से सजाया है धन्यवाद के लिए कोई शब्द नहीं हैं.. हमारे पूर्वजों के रीति-रिवाज में कितनी मर्यादा और मिठास रही होगी.. आज की पीढी को बहुत गहरे गीत के बोल सुनने और समझने चाहिए… यह आज तक का सबसे बढ़िया वीडियो पूरे कुमाऊं-गढ़वाल उत्तराखंड का…।

अनेक अनसुने पर्वतीय प्रतीकों व उपमाओं के साथ अंग्रेजी के भी कुछ शब्दों-‘दिस इज ए आम को दाना देट इज ए पकन्या हो, यू आर की गैली माया आयम को लागन्या हो, अरे रे रे रे बट मानी लेकिन वट मानी क्या होलो, यूआर की क्यूट इस्माइल आयम को खै जालो’ के समावेश वाले इस गीत पर अंग्रेजी में आयी एक टिप्पणी में कहा गया है, ‘इस गीत ने समान डांस मूव्स के साथ हमारे पहाड़ी गानों की भीड़ भरी एकरसता को तोड़ दिया है।

पिछले कुछ वर्षों में नए प्रतिभाशाली कोरियोग्राफरों के उद्भव के साथ इसमें निश्चित रूप से सुधार हुआ है, और हमारे कानों को वास्तविक संगीत मिलने लगा है। हमारे प्रह्लाद दाज्यू की भावपूर्ण पहाड़ी स्वाद में डूबी आवाज और ममता की सुंदर सुरीली आवाज ने एक मंत्रमुग्ध कर देने वाला जादू पैदा कर दिया है। यह गीत अपने संवादी रूप में हर सामान्य पहाड़ी आत्मा के दिल को छू जाता है।

श्वेता मेहरा और हिमांशु के बीच अच्छी केमिस्ट्री बनी है। अपनी प्यारी शरारतों के साथ मासूमियत के आवरण के साथ श्वेता का सूक्ष्म अभिनय वास्तव में सोने पर सुहागा है। तालियों की गड़गड़ाहट, मशकबीन स्टूडियो, निर्देशक, संगीतकार और इसमें शामिल सभी लोगों को जाती है। कोरियोग्राफर को विशेष धन्यवाद, जिन्होंने डांस के लिए हमेशा तैयार रहने वाली श्वेता पर नियंत्रण रखा और उन्हें बैठाकर और अभिनय करवाकर बेहतरीन काम करवाया और यही गाने का सबसे खूबसूरत हिस्सा है…।’ देखें गीत-रंगभंग

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नवीन समाचार, हल्द्वानी।, 28 अगस्त 2022। बीते 3 दिनों से यूट्यूब पर फिल्म ‘प्रेम गीत 3’ का एक गाना ‘कोई ना कोई नाता है’ काफी पसंद किया जा रहा है। इस गीत को पांच दिनों में 12 लाख से अधिक दर्शक देख चुके हैं।

खास बात यह है कि यह गीत काफी हद तक उत्तराखंड व पहाड़ के लोगों का गीत है। इस गीत को लिखा है हल्द्वानी के निकट हल्दूचौड़ के गुमटी गांव की रहने वाली रूबी फुलारा ने, संगीत दिया है पहाड़ के ही सुप्रसिद्ध गायक व संगीतकार पवनदीप राजन ने तथा स्वर दिए हैं उत्तराखंड के ही जुबिन नौटियाल ने।

यह भी है कि यह गीत पड़ोसी देश नेपाल से आने वाले अभिनेता प्रदीप खड़का पर फिल्माया गया है। बताया गया है कि ‘प्रेम गीत 3’ पहली भारतीय-नेपाली फिल्म है, यह गत 23 सितंबर को रिलीज हुई है। प्रेम गीत और प्रेम गीत 2 के विपरीत यह भव्य तरीके से फिल्माई गई एक एक्शन फिल्म है।

हल्दूचौड़ में गुमटी नाम के गांव में खीमानंद फुलारा और विनिता फुलारा की बेटी रूबी ने इस फिल्म से बॉलीवुड में डेब्यू किया है। बचपन से ही संगीत, नृत्य और थियेटर में सक्रिय रही रूबी ने हल्द्वानी के महर्षि विद्या मंदिर से बारहवीं तक और ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय देहरादून से एमबीए की डिग्री हासिल की है। उनके भाई विनय फुलारा भी सिनेमेटोग्राफर हैं।

वर्तमान में सात समुंदर पार इंग्लेंड के नॉटिंघम में रह रही रूबी पहाड़ की संस्कृति से गहराई से जुड़ी हैं। वह कहती हैं ‘सुंदरता, सरलता और सादगी है मेरे पहाड़ में, जिंदगी कठिन हैं पर सुकून है मेरे पहाड़ में। संस्कार, सभ्यता और सुशीलता मेरे पहाड़ में, जिंदगी कठिन हैं पर सहजता है मेरे पहाड़ में। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

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नवीन समाचार, हल्द्वानी, 23 जुलाई 2023 (Creation)। हल्द्वानी के बहुचर्चित व्यवसायी अंकित चौहान हत्याकांड के मामले में मुख्य आरोपित डॉली आर्या उर्फ माही सिंह व उसके प्रेमी सहित कई लोग गिरफ्तार हो चुके है। अब इस मामले में ताजा जानकारी यह है कि इस बहुचर्चित मामले में एक वेब सिरीज बनने जा रही है।

मुंबई के एक निर्देशक ने इस हेतु एसएसपी पकंज भट्ट से संपर्क किया है। ऐसे में जल्द ही हल्द्वानी में अपने प्रेमी को दूसरे प्रेमी के साथ मिलकर सांप से कटवाकर जान से मारने तथा आरोपों के अनुसार माही के गलत महिलाओं से साथ मिलकर गलत काम के धंधे की पूरी दास्तान परदे पर आ सकती है।  

Mahila Apradhi, Creationउल्लेखनीय है कि इस अपनी तरह के अनूठे व जघन्य हत्याकांड की जांच में प्रकाश में आया है कि अंकित की हत्या उसकी कथित प्रेमिका गोरापड़ाव निवासी डॉली आर्या उर्फ माही सिंह ने अपने दूसरे प्रेमी दीप कांडपाल तथा नौकर व नौकरानी राम अवतार व उषा तथा सपेरे रमेश नाथ की मदद से खुद ‘नागिन’ जैसी भूमिका निभाते हुए सांप से कटवाकर की थी। इस बात का खुलासा पूर्व में पकड़ा जा चुका सपरा रमेश नाथ कर चुका है। हत्या के बाद डॉली सहित अन्य सभी चार आरोपितों के पीलीभीत की ओर से नेपाल भागने की संभावना जताई गई थी।

मामले में यह भी सामने आया है कि 15 जुलाई को तीनपानी गौलापार बाइपास रोड पर एक कार के अन्दर संदिग्ध अवस्था में एक व्यक्ति के होने की सूचना प्राप्त होने पर पुलिस द्वारा मौके पर पहुंचकर जांच प्रारंभ की गयी तो वहां नीले रंग की पोलो कार संख्या यूके04क्यू-1574 की पिछली सीट पर एक व्यक्ति अचेत अवस्था में पड़ा मिला। उसकी शिनाख्त अंकित चौहान पुत्र धर्मपाल चौहान के रुप में हुई। उसे अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

इस मामले में मृतक की बहन ईशा चौहान की तहरीर के आधार पर भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया। मृतक अंकित की पोस्टमार्टम पंचायतनामा के पश्चात पुसिल कार्यवाही में बारीकी से निरीक्षण करने पर पाया गया कि उसके दोनों पैरों के पिछले हिस्से में दो बार सांप के काटने के सर्पदंश के निशान थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी सर्पदंश की पुष्टि हुई। इस मामले में 18 जुलाई को रमेश नाथ नाम के सपेरे को गिरफ्तार किया गया, जबकि शेष अभियुक्त तब से लगातार फरार चल रहे थे।

इसके बाद 17 जुलाई 2023 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल पंकज भट्ट ने चारों आरोपितों माही उर्फ डॉली, दीपू कांडपाल, राम अवतार व उषा देवी पर 25-25 हजार रुपये व आईजी डॉ नीलेश आनन्द भरणे ने 50,000 रुपये के नगद ईनाम की घोषणा की।

जबकि 23 जुलाई को पुलिस टीमों के ताबड़तोड़ दबिश व कार्यवाही से दबाब में आये हत्याकांड के मुख्य आरोपित डॉली आर्या को उसके प्रेमी दीपू कांडपाल सहित वकील से सम्पर्क करने की कोशिश के दौरान एएन झा इंटर कॉलेज के समीप रुद्रपुर से गिरफ्तार किया गया। प्रारम्भिक पूछताछ में आरोपितों ने अपने जुर्म का इकबाल कर लिया।

इसलिए की अंकित की हत्या

प्रेमपुर लोस्ज्ञानी में परिवार के साथ रहने वाली माही उर्फ डॉली आर्या ने बताया कि वह वर्ष 2008 में बचपन के प्रेमी द्वारा धोखे दिये जाने से आहत होकर घर छोड़कर अलग रहने लगी थी। इस दौरान वह हल्द्वानी में गलत धंधा करने वाली महिलाओं के सम्पर्क में आ गयी थी और उनके साथ उसने भी गलत काम करना शुरू कर दिया था।

इस दौरान 2016 में दीप कांडपाल निवासी मोटाहल्दू से उसकी मुलाकात हुई। तब से दीप काण्डपाल उसका दोस्त बन गया और उसके घरेलू आदि कामों में मदद करने लगा। इस दौराने माही और दीप काण्डपाल के शारीरिक संबंध भी बन गये तथा वर्ष 2017 में माही द्वारा अर्जुनपुर में प्लॉट खरीदकर अपना मकान बनाया।

वर्ष 2020 में हल्द्वानी के किसी जानने वाले की मदद से उसकी मुलाकात गाड़ी खरीदने को लेकर अंकित से हुई। इस बीच अंकित व माही की भी दोस्ती हो गयी। अंकित माही के घर आने-जाने लगा। वह हर शनिवार माही के घर में ही रहता था और दोनो आपस में पार्टी करते थे और दोनों साथ में शराब भी पीते थे।

अंकित से दोस्ती होने के उपरान्त कुछ समय बाद अंकित माही को लेकर ज्यादा गंभीर होने लगा और वह छोटी-छोटी बात पर माही को टोकने लगा और माही के अन्य लोगों से बात करने व बाहर जाने पर रोक-टोक लगाने लगा। इस कारण माही अपने अन्य ग्राहकों के पास नहीं जा पा रही थी और उसके आय के स्रोत बंद होने लगे। इस बात को लेकर अंकित आये दिन माही के साथ शराब पीकर गाली-गलौच और मार पीट करने लगा। दोनों के बीच कई बार झगड़े हुए एवं कई बार अंकित द्वारा उसके घर में तोड़फोड़ भी की गयी।

अंकित की एक अन्य लड़की से दोस्ती की बात को लेकर भी माही उससे नाराज रहने लगी और अंकित के व्यवहार से उसे पता चल गया था कि वह उससे शादी नहीं करेगा वह सिर्फ उसका उपयोग कर रहा है। इस कारण धीरे-धीरे माही के अंदर अंकित के प्रति द्वेश भवाना पनपने लगी तथा अंकित के व्यवहार को लेकर दीप काण्डपाल भी आपत्ति करने लगा था क्योंकि दीप काण्डपाल ज्यादातर माही के घर में ही रहता था और उसके संबंध माही से स्वच्छन्द नहीं बन पा रहे थे इस कारण उसने भी अंकित को रास्ते से हटाने के लिए माही से कहा।

इस दौरान माही अपने पारिवारिक समस्याओं के चलते पूजा पाठ आदि विधि-विधानों में विश्वास करने लगी और अपने परिचित के माध्यम से रमेश नाथ सपेरे से उसकी मुलाकात हुई। वर्ष 2022 में माही ने सपेरे के माध्यम से अपने घर में कालसर्प दोष की पूजा की। इस दौरान सपेरा पूजा के लिए जंगल से साँप पकड़कर लाया था और पूजा का विधान पूरा कर साँप को जंगल में छोड़ दिया था। माही ने सपेरे रमेश नाथ से 6 महीने पहले दीक्षा ग्रहण की तब से सपेरे का उसके घर आना-जाना शुरू हो गया और माही के सपेरे से भी शारीरिक संबंध बन गये।

एक साल पहले आदर्श नर्सरी के पास रहने वाली उषा देवी को माही ने अपने घर पर काम करने के लिए रखा था जिस कारण उषा देवी व उसके पति राम अवतार का भी माही के घर आना-जाना शुरू हो गया। अंकित द्वारा मारपीट किये जाने के कारण कभी-कभी माही रामअवतार की झोपड़ी में चली जाती थी और वही रुकती थी और कभी-कभी खाना खाने भी वहीं जाती थी।

इस तरह माही की दीपू काण्डपाल, रमेश नाथ सपेरा, राम अवतार व उसकी पत्नी उषा देवी से गहरी घनिष्ठता हो गयी और ये लोग ही अंकित की हरकतों की वजह से उसको कई बार समझा चुके थे परन्तु अंकित का बदस्तूर आना-जाना रहा।

इधर 24 जून को माही दीपू कांडपाल के साथ अपनी स्कूटी से अंकित के घर के पास पहुँच गयी और उसके परिजनों से उसकी शिकायत करने की बात कहने लगी। इस दौरान अंकित उन दोनों को लेकर माही के घर पर आ गया जहाँ उन लोगों के बीच बातें हुई परन्तु कुछ दिन बाद अंकित फिर से माही के घर में घुसकर गाली-गलौच मारपीट करने लगा।

इस बीच माही व दीपू कांडपाल ने अंकित को रास्ते से हटाने की सहमति बनायी। उस दौराने सपेरा रमेश नाथ व रामअवतार व उसकी बीबी उषा भी घर पर थी। सपेरे ने उनको सुझाव दिया कि अंकित को साँप से कटवा दो जिससे कोई उन पर कोई शक नहीं करेगा।

चूंकि घटना में सम्मिलित सभी अभियुक्तो का किसी न किसी प्रकार स्वार्थ सिद्ध हो रहा था। इस कारण सभी योजना में शामिल हो गये। इस पर माही ने सपेरे से साँप की व्यवस्था करने को कहा और इन सब लोगों ने अंकित को रास्ते से हटाने की बात सोच ली।

6 जुलाई को रमेश नाथ को पंचायतघर के पास एक ब्यूटी पार्लर की दुकान में एक साँप घुसने की बात पता चली और उसने मौके पर जाकर कोबरा प्रजाति के साँप को पकड़ कर अपने पास रख लिया और साँप वाली बात माही व अन्य लोगों को भी बता दी। फिर माही और उसके साथियों ने 8 जुलाई को अंकित के जन्मदिन वाले दिन उसके रास्ते से हटाने की योजना बनायी परंतु योजना के तहत काम न हो पाने के कारण उस दिन वह लोग कुछ नहीं कर पाये।

इसके बाद फिर माही, दीपू काण्डपाल ने रमेश नाथ सपेरा, राम अवतार व उसकी पत्नी उषा देवी के साथ मिलकर योजना बनायी कि अंकित को घर बुलाकर साँप से कटवाने के बाद उसी की गाड़ी में डालकर कही ठिकाने लगा देंगे। योजना के तहत 14 जुलाई को माही ने अंकित को कहीं चलकर पार्टी करने और बीयर पिलाने के लिये कहा तो अंकित राजी हो गया। फिर माही ने सभी लोगों को अपने घर पर बुलाया। सपेरा भी साँप लेकर माही के घर पर आ गया। योजना के तहत रमेश नाथ सपेरा, राम अवतार व उसकी पत्नी उषा देवी घर के मंदिर वाले कमरे मे छुप गये।

शाम के 6 बजे के लगभग अंकित घर पर पहुँचा। उस दौरान बारिश हो रही थी। उसके पीछे-पीछे दीपू कांडपाल भी माही की स्कूटी से आ गया। अंकित माही के बेड पर बैठा था माही ने उसे पानी में नीद की गोलियाँ मिलाकर पिला दीं। इसी बीच दीपू काण्डपाल ने अपने आप को सुखाने के लिये जो कम्बल पकड़ रखी थी उसकी आड़ में इन सब ने अंकित के ऊपर कम्बल डाल दिया और उसे पूरी तरह से दबा दिया।

जब अंकित के ऊपर नीद की गोली का असर होने लगा और वो काबू में आ गया तो माही ने सपेरे से साँप लाने के लिये कहा। वह साँप लाया माही ने अंकित की जीन्स ऊपर की और साँप से कटवाया। थोड़ी देर में उन्होंने जल्दीबाजी में पैर में देखा तो जिस पैर में साँप से कटवाया था उस पैर की बजाय दूसरे पैर को देखा तो वहाँ साँप के काटने का निशान नहीं दिख रहा था। जिस कारण दुबारा दूसरे पैर पर साँप से कटवाया।

थोड़ी देर में अंकित ठंडा पड़ गया। जिस पर दीपू ने कहा की बॉडी को कुर्सी में बैठा दो जिससे गाड़ी में डालने में आसानी हो। बॉडी अकड़ सकती है इस बीच माही ने दिल्ली जाने के लिए टैक्सी बुक कर ली और टैक्सी चालक दिल्ली निवासी को अपनी लोकेशन भेजी।

इसके बाद इन लोगों ने अंकित के शरीर को उसकी गाड़ी की पिछली सीट में बैठाया और गाडी से दीपू काण्डपाल व राम अवतार निकले। सपेरा माही को उसकी स्कूटी में बैठाकर राम अवतार की झोपड़ी में छोड़ने गया। इसके बाद वह भी स्कूटी से अंकित की गाड़ी के पीछे पीछे भुजियाघाट की और चला। वहां पहुँच कर उनका प्लान बदल गया।

उन्होंने अंकित की गाड़ी को तीनपानी गोला बाईपास रोड पर गाड़ी को स्टार्ट कर एसी ऑन कर छोड़ दिया और चले गये। फिर राम अवतार के घर के पास से ही टैक्सी से दिल्ली को निकल गये। गाजियाबाद पहुँच कर सभी लोग वापस बरेली आये। फिर माही और दीपू कांडपाल, राम अवतार के पीलीभीत स्थित गाँव चले गये और सपेरा बहेड़ी अपने घर चला गया। अगले दिन माही और दीपू कांडपाल वापस दिल्ली गये और माही ने अपनी बहन के घर अपनी दोनों पालतू बिल्लियां छोड दीं।

इधर माही और दीपू अपने किसी परिचित के माध्यम से न्यायालय में आत्मसमर्पण करने के लिये वकील से मिलने आ रहे थे। इस दौरान ही पुलिस ने रुद्रपुर से माही उर्फ डौली आर्या पुत्री स्वर्गीय इंद्र लाल निवासी शान्ति विहार कालौनी गोरापड़ाव हल्द्वानी व दीप कांडपाल निवासी हल्दूचौड़ थाना लालकुँआ को गिरफ्तार कर लिया।

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यह भी पढ़ें Creation : जी-म्यूजिक की वीडियो में छाये नैनीताल के कलाकार बॉबी मलिक…

नवीन समाचार, नैनीताल, 22 जनवरी 2023। नगर के एक कलाकार बॉबी मलिक की एक म्यूजिक वीडियो इन दिनों कई म्यूजिक चैनल्स व यूट्यूब आदि पर छाई हुई है। जी-म्यूजिक के द्वारा बनाई गई वीडियो-‘जो तेरा साथ’ में बॉबी बेटी के पिता के रूप में दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियो को अब तक केवल यूट्यूब पर ही 1.6 लाख से अधिक बार देखा जा चुका है। यह भी पढ़ें : 8वीं कक्षा की छात्रा पेट दर्द की शिकायत लेकर पहुंची अस्पताल, निकली 12वीं के छात्र की हरकत से 9 माह की गर्भवती… 

उल्लेखनीय है कि बॉबी नगर में गत दिनों फिल्माई गई वेब सिरीज ब्रीथ, कैंडी, कॉलर बॉम्ब, ब्लर व लेडी किलर आदि वेब सिरीज व फिल्मों में भी दिखाई दिए हैं। उन्होंने पिछले दिनों एक सरकारी प्रोजेक्ट के लिए त्रिमाला अधिकारी के साथ भी शूटिंग की है। उनके पुत्र व पुत्री सादात व हमीरा भी कलाकार हैं। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। 

यह भी पढ़ें Creation : हर्षित ने सितार वादन से श्रोताओं को क्या मंत्रमुग्ध

-आगामी 16 जनवरी को उत्तरायणी मेले में प्रस्तुति देंगे एवं 26 को पद्म भूषण पंडित हरिप्रसाद चौरसिया व पंडित साजन मिश्रा के हाथों गंधर्व भूषण सम्मान प्राप्त करेंगे
हिन्दुस्थान समाचारनवीन समाचार, नैनीताल, 14 जनवरी 2023। हल्द्वानी की धात स्वयं सेवी संस्था के द्वारा भारत रत्न स्वर्गीय भीमसेन जोशी जी को समर्पित करते हुए आयोजित की गई दो दिवसीय उत्तरायण शास्त्रीय संगीत प्रतियोगिता में नगर के बाल कलाकार हर्षित ने सितार वादन कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

(Creation) हर्षित ने प्रतियोगिता में राग बागेश्री बजाकर कार्यक्रम की शुरुआत की। हर्षित सरोवर नगरी नैनीताल के निवासी हैं और लेक्स इंटरनेशनल स्कूल भीमताल में कक्षा 9 के छात्र हैं। यह भी पढ़ें : कलयुगी चाचा ने बनाया नाबालिग भतीजी को हवस का शिकार, बच्चे को जन्म देने पर हुआ खुलासा….

हर्षित ने बताया कि वह आगामी 16 जनवरी को उत्तराखंड के प्रसिद्ध बागेश्वर के उत्तरायणी मेले में भी सितार वादन की प्रस्तुति देंगे। साथ ही आगे आगामी 28 जनवरी को बेंगलुरु में हर्षित को पद्म भूषण पंडित हरिप्रसाद चौरसिया व पंडित साजन मिश्रा के हाथों गंधर्व भूषण सम्मान भी प्राप्त करने जा रहे हैं। यह भी पढ़ें : ब्रेकिंग: युवक का अपहरण कर परिजनों से मांगी जा रही थी 70 लाख रुपए की फिरौती, नहीं देने पर कर दी हत्या

हर्षित ने बताया कि वह संगीत की शिक्षा अपने पिता सितार वादक अमृत कुमार व अपने दादा गुरु सुरेश से ले रहे हैं। कार्यक्रम में धात के अध्यक्ष रविकांत राजू, अतिथि हेमा हरबोला, विशेष अतिथि एनएस बनकोटी जी व प्रख्यात गायक पंडित हरीश तिवारी ने भी हर्षित की प्रस्तुति की सराहना की एवं उन्हें शुभकामनाएं दीं। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

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Sourav Joshi Vlogs - YouTubeनवीन समाचार, हल्द्वानी, 15 दिसंबर 2022। आखिर एक सप्ताह के बाद यूट्यूबर व्लॉगर सौरभ जोशी, हल्द्वानी व उत्तराखंड के लिए दिए गए अपने विवादित बयान पर देर से ही सही लेकिन माफी मांग ली है। यह भी पढ़ें : भवाली में शादी का झांसा देकर किया गया युवती से दुष्कर्म, आरोपित गिरफ्तार देखें वीडियो:

विदित हो कि सौरभ ने गत 7 दिसंबर को विवादित बयान देते हुए कहा था कि उनकी वजह से लोग हल्द्वानी व उत्तराखंड को जान रहे हैं। इस बयान पर सौरभ जोशी को हर ओर से काफी आलोचना झेलनी पड़ी थी। यहां तक कि लोगों ने उनके पुतले फूक दिए थे और उनके विरुद्ध राष्ट्रद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की मांग भी कर दी गई थी। यह भी पढ़ें : नैनीताल बैंक में अपनी अधिकांश हिस्सेदारी बेचेगा बैंक ऑफ बड़ौदा, बड़ा सवाल-नैनीताल बैंक रहेगा या नहीं ?

बहरहाल, यह मामला 13 दिसंबर को काफी बढ़ने के बाद 14 दिसंबर को रामगढ़ से लौटते हुए सौरभ ने माफी वाला वीडियो रिकॉर्ड किया है, और इसे आज 14 दिसंबर को अपलोड किया है। अब देखने वाली बात होगी कि उनके जुबानी तीर से राज्यवासियों के दिलों पर लगे गहरे घाव पर उनकी माफी कितना मरहम साबित हो पाती है, और हो भी पाती भी है, या नहीं। यह भी पढ़ें : कुमाऊं विश्वविद्यालय की डॉ. चेतना राज्यपाल के हाथों हुईं ‘यंग वूमन साइंटिस्ट एक्सेलेंसी अवार्ड 2022’ से सम्मानित…

क्योंकि कहा जाता है कि जुबान से निकले किसी भी बुरे शब्द की चोट आसानी से नहीं भरती। इसका स्वयं सौरभ को भी जो नुकसान हुआ होगा, उन पर चाहे-अनचाहे जो दाग लगा है, उसका मिट पाना भी मुश्किल होगा। इसीलिए कहा जाता है कि व्यक्ति को सोच-समझकर ही बोलना चाहिए। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

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-डीआईजी कुमाऊं के आमंत्रण पर यह क्या कह बैठे व्लॉगर सौरभ जोशी, हो रहे पूरे कुमाऊं में ट्रोल
नवीन समाचार, नैनीताल, 13 दिसंबर 2022। कहते हैं, सफलता यदि आसानी से मिल जाए तो पैर जमीं पर नहीं रहते। कई बार पैर ऊपर कर लेटी टिटहरी को लगने लगता है कि उसने ही आसमान को अपने पैरों पर उठा रखा है। लगता है, ऐसा ही कुछ हल्द्वानी के व्लॉगर सौरभ जोशी के साथ हो गया है।

बीते 7 दिसंबर को कुमाऊं परिक्षेत्र के डीआईजी डॉ. नीलेश आनंद भरणे ने उनकी युवा वर्ग व बच्चों में लोकप्रियता को लेखते हुए उन्हें साइबर अपराधों के प्रति युवाओं को जागरूक करने के उद्देश्य से अपने हल्द्वानी स्थित कार्यालय में क्या आमंत्रित कर लिया, कि इस कार्यक्रम के लिए जाते हुए संभवतया पहली बार किसी डीआईजी स्तर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी द्वारा बुलाये जाने पर सौरभ ऐसे  आत्ममुग्ध हुए कि सौरभ ‘अपने मुंह खुद मियां मिट्ठू’ बन गए, और कहने लगे उनकी वजह से हल्द्वानी, उत्तराखंड व इंडिया ट्रेंड हो रहे हैं…

यह भी पढ़ें : भवाली के गांव में ‘लव व लेंड जिहाद’ की मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री को भेजी गई शिकायत.. देखें सौरभ जोशी का हल्द्वानी-उत्तराखंड पर विवादित वीडियो :

अपने इस व्लॉग में सौरभ जोशी ने कहा है, ‘क्योंकि मेरे वीडियो के जरिए लोग उत्तराखंड को जान रहे हैं, हल्द्वानी को जान रहे हैं, हल्द्वानी को पहले कोई नहीं जानता था, अब हल्द्वानी को हर कोई जान रहा है, अब ट्रेडिंग में हर रोज हल्द्वानी रह रहा है, उत्तराखंड रह रहा है, हमारा इंडिया रह रहा है, यह काफी गर्व की बात है, मेरे लिए भी, आप लोगों के लिए भी, और पूरे उत्तराखंड के लिए भी और पूरे इंडिया के लिए भी, काफी अच्छा लग रहा है….’ यह भी पढ़ें : पिता को भारी पड़ा दुष्कर्म के आरोपित बेटे को नाबालिग दर्शाने के लिए प्रपत्रों में हेरफेर करना

उनके इस वक्तव्य का जमकर विरोध हो रहा है। सोशल मीडिया पर उनका विरोध करने वालों की बाढ़ आ गई है। लोग कह रहे हैं, हल्द्वानी-उत्तराखंड को उनकी वजह से जानने का दावा तो कभी वीर चंद्र सिंह गढ़वाली, गोविंद वल्लभ पंत और सुंदर लाल बहुगुणा ने भी नहीं किया। सौरभ को या तो इलाज की आवश्यकता है, अथवा सुधार की दृष्टि से सीमित पिटाई की।

कदाचित उनके यू ट्यूब में पंचर हो गया है, जिसे दुरुस्त करवाने पंचर वाले के पास ले जाना होगा। लोग उन्हें प्रसिद्ध करने वालों पर भी लानत-मलानत कर रहे हैं। लिखा गया है, लानत है उन पर, जो तुम्हे देखते, सुनते हैं। यह भी पढ़ें : संचार, समाचार लेखन, संपादन, विज्ञापन, टेलीविजन, रेडियो, फीचर व ब्रांड प्रबंधन

उल्लेखनीय है कि सौरभ जोशी का यह वीडियो गत 7 दिसंबर की गतिविधियों का है, जब उन्हें कुमाऊं परिक्षेत्र के डीआईजी डॉ. नीलेश आनंद भरणे ने उनकी युवा वर्ग व बच्चों में लोकप्रियता को लेखते हुए साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से अपने हल्द्वानी स्थित कार्यालय में आमंत्रित किया था।

इस कार्यक्रम के लिए जाते हुए संभवतया पहली बार किसी डीआईजी स्तर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी द्वारा बुलाये जाने पर सौरभ ऐसे आत्ममुग्ध हुए कि ‘अपने मुंह मियां मिट्ठू’ बनते हुए वह हल्द्वानी, उत्तराखंड व इंडिया की प्रसिद्धि का कारण खुद को बताने लगे।  (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : कौन हैं, यूट्यूब पर प्रधानमंत्री मोदी से भी अधिक फ़ोलोवर्स वाले, देश के शीर्ष 10 व्लॉगरों में शामिल हल्द्वानी के सौरभ जोशी

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 27 अप्रैल 2022। अपनी प्रतिभा को सही समय पर पहचान लिया जाए और समय से कदमताल की जाए यानी समय की जरूरत के हिसाब से चला जाए तो समय व्यक्ति को प्रसिद्धि के आसमान पर पहुंचा सकता है। यही कुछ हुआ है मूलतः अल्मोड़ा जनपद के सोमेश्वर-कौसानी व वर्तमान में हल्द्वानी की ओलीविया कॉलोनी में रहने वाले सौरभ जोशी के साथ।

एक आम पहाड़ी पिता के बेटे, जिन्हें रोजी-रोटी के लिए घर से पलायन कर सैकड़ों किलोमीटर दूर हरियाणा के हिसार में लोगों के घरों में काम करना पड़ा, आज उनके बेटे ‘रिवर्स पलायन’ कर पहाड़ लौट आए हैं, और अपने घर से हर महीने औसतन 40 लाख रुपए तक कमा रहे हैं। इस तरह वह प्रदेश की युवा पीढ़ी के लिए तो प्रेरणादायी बने ही हुए हैं, देश भर में अनेक लोग, खासकर युवा बच्चे उनके नक्शेकदम पर चलकर सौरभ जोशी बनना चाहते हैं।

जो लोग सौरभ जोशी को नहीं जानते, वह जान लें कि आज मात्र 23 वर्ष के सौरभ जोशी के यूट्यूब पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से करीब डेढ़ गुना अधिक सबस्क्राइबर हैं। वर्तमान में प्रधानमंत्री मोदी को जहां 10.8 मिलियन यानी एक करोड़ आठ लाख सबस्क्राइबर हैं, वहीं सौरभ जोशी के 14.4 मिलियन यानी एक करोड़ 44 लाख सब्स्क्राइबर हैं। सौरभ जोशी देश के शीर्ष व्लॉगरों (ब्लॉगर नहीं) की सूची में भी शामिल हैं।

बात व्लॉगिंग की तो व्लॉगिंग एक ऐसी विधा है, जिसमें लोग अपने पूरे दिन की गतिविधियों को यूट्यूब के माध्यम से दिखाते हैं। 8 सितंबर, 1999 को देश के स्विट्जरलेंड कहे गए उत्तराखंड के सोमेश्वर-कौसानी के पास के टोटासिलिंग गांव में जन्मे सौरभ मूलत: एक चित्रकार हैं। 5 सितंबर, 2015 को उन्होंने ‘सौरभ जोशी आर्ट्स’ के नाम के अपना यूट्यूब चैनल की शुरुआत की।

अच्छी चित्रकारी की कला होने के बावजूद सौरभ इस चैनल पर वैसा अपेक्षित नहीं कर पाए जैसी उनकी चाहत थी। चैनल पर अब उनके प्रसिद्ध हो जाने के बाद भी उनके करीब 3.21 मिलियन यानी 31.5 लाख सब्स्क्राइबर और 15 करोड़ से अधिक व्यूज हैं।

इस पर उन्होंने 19 फरवरी, 2019 को अपने दूसरे यूट्यूब चैनल ‘सौरव जोशी व्लॉग्स’ की शुरुआत की। इस चैनल पर भी शुरुआत में सौरभ अपनी चित्रकला ही प्रदर्शित करते थे। इस चैनल पर 20 फरवरी 2019 को अपलोड किए उनके पहले वीडियो का शीर्षक था, ‘हाउ आई ड्रॉ धौनी’। इस वीडियो में सौरभ सौरभ धौनी का स्कैच बनाने का पूरा चित्रण करते देखे गए। आगे उन्होंने और भी कई सितारों के चित्र बनाए लेकिन प्रसिद्धि अब भी उनसे दूर थी।

सौरभ के लिए प्रसिद्धि के द्वार खोले कोरोना ने। हरियाणा में रहते सौरभ जोशी का परिवार भी कोरोना की गिरफ्त में आया। इस दौरान पूरा देश घरों में कैद था और लोग घर पर ही कुछ नया तलाश रहे थे। सौरभ ने कोरोना के दौरान घर से अपने घर की गतिविधियों को व्लॉगिंग के रूप में यूट्यूब में प्रदर्शित करना प्रारंभ किया तो उनके वीडियो को लाखों व्यूज आने लगे और उनके सब्स्क्राइबर्स की संख्या दिन दूनी रात चौगुनी बढ़ने लगी। यहीं से सौरभ को जीवन की दिशा मिली कि वह इसमें कुछ कर सकते हैं।

मौके को भांपते हुए सौरभ ने 365 दिनों तक हर रोज एक नया व्लॉग लाने का चेलेंज लिया और उसे पूरा भी किया। यह कोई आसान काम नहीं था। फिर भी मिलती प्रसिद्धि के साथ उनके होंसले और संकल्प मजबूत होते चले गए और आज वह देश के शीर्ष 10 व्लॉगर्स में तथा यूट्यूब पर प्रधानमंत्री से भी अधिक प्रसिद्ध यूट्यूबर बन गए हैं, और इसलिए भी प्रसिद्ध हो रहे हैं कि वह एक माह में 40 लाख रुपए तक कमा रहे हैं। उनके व्लॉग कई महीनों तक यूट्यूब की ट्रेंडिंग लिस्ट में शामिल रह चुके हैं।

व्लॉगिंग के साथ सौरभ छोटे पर्दे के आज के दौर के सर्वाधिक पसंदीदा धारावाहिक अनुपमा की अभिनेत्री अनघा भौंसले के साथ झूठा लगदा सहित मौजा, तेरा हो रहा हूँ जैसे कई वीडियो गीत भी कर चुके हैं। एक माह पूर्व उनका अपना, अपने भाइयों साहिल व कुनाली के साथ नया वीडियो ‘भाई मेरे भाई’ रिलीज हुआ है। देश के शीर्ष 10 यूट्यूबरों में शामिल मिस्टर इंडियन हैकर और देश के ख्यातिलब्ध कलाकार आशीष विद्यार्थी उन्हें तलाशते हुए उनके हल्द्वानी स्थित घर आ चुके हैं।

सौरभ की इस उपलब्धि के पीछे उनकी मेहनत, अपने काम के प्रति तपस्या तो है ही, साथ ही उनकी सादगी भी है, जो उनके हर वीडियो में नजर आती है। आज सौरभ भले अपनी कमाई से हल्द्वानी की बड़ी कॉलोनी में घर और इनोवा, फॉच्यूनर व थार जैसी महंगी गाड़ियां ले चुके हैं,

बावजूद वह अपने घर में अपनी मां से लाड़, घर पर झोली, चावल, भट्ट की चुड़कानी खाना, नैनीताल की ओर आते दोगांव से आगे भट्ट जी के भुट्टे खाने और कमोबेश हर माह अपने गांव टोटासिलिंग जाकर वहां का रहन-सहन, स्थानीय दूनागिरि मंदिर व जागेश्वर धाम आदि दिखाकर स्थानीय लोक संस्कृति को भी आगे बढ़ा रहे हैं।

साथ ही इस सब के साथ खुद दिख रही सादगी के कारण भी युवाओं की पसंद और प्रेरणा बने हुए हैं। हजारों युवा उन्हें देखकर व्लॉगिंग के क्षेत्र में आ रहे हैं। अलबत्ता सौरभ से उनकी इस उपलब्धि व प्रसिद्धि के साथ अपनी मिट्टी-अपने लोगों के उत्थान के लिए कुछ और बड़ा किए जाने की उम्मीद है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : इस बार प्रशासन नहीं, नई प्रतिभाओं को मंच उपलब्ध करा रहा रॉयल होटल, पसंद की जा रही है गौरव की गायकी…

Should I take singing lessons? » Your Voice Studioडॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 21 जून 2022। ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन में जब देश-दुनिया के सैलानी सरोवरनगरी नैनीताल घूमने के लिए आते हैं, तो हर तरह से सैलानियों के स्वागत के प्रबंध किए जाते हैं। इस कड़ी में लोगों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका एवं रोजगार भी मिलता है। इस वर्ष प्रशासन की ओर से पूर्व वर्षों की तरह ऐसे मंच उपलब्ध नहीं कराए गए, अलबत्ता नगर के रॉयल होटल में इस तरह का एक मंच नई प्रतिभाओं के लिए तैयार किया गया है। देखें गौरव की गायकी का विडियो :

होटल संचालक विमल चौधरी ने बताया कि यहां युवाओं को उनकी गायकी प्रतिभा के लिए मंच उपलब्ध कराया जा रहा है। अवसर मिलने पर यहां स्थानीय कलाकार गौरव आर्या सैलानियों को अपनी गायकी में डूबोने में काफी हद तक सफल होते नजर आ रहे हैं। वह रोज होटल में शाम 8 से 10 बजे तक अन्य साथी गायकों के साथ सुरों की सरगम छेड़ते हैं, जिसमें सैलानी खिंचे चले आतें हैं।

खासकर उनके गाये पुराने गीत-ये शाम मस्तानी, क्या हुआ तेरा वादा, गुलाबी आखें जो तेरी देखीं, धीरे-धीरे से मेरी जिदंगी में आना आदि काफी पसंद किए जा रहे हैं। गौरव ने बताया, उन्हें संगीत की लगन है। वह 8वीं कक्षा से गा रहे हैं। भविष्य में भी वह पार्श्व गायक बनना चाहते हैं। गौरव घर पर 3 से 4 घंटे तक रियाज करते हैं, साथ में सितार भी बजाते हैं। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : नैनीताल: स्थापित होगी ‘वृंदावन डांस एण्ड म्यूजिक अकादमी’

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 31 मई 2022। नगर की वर्ष 2009 में स्थापित चंद्र लाल साह मेमोरियल एजुकेशन सोसाइटी के तहत ‘वृंदावन डांस एण्ड म्यूजिक अकादमी’ शुरू की जा रही है। उम्मीद की गई है कि यह अकादमी स्थानीय बच्चों के हुनर को तराशने में मददगार सिद्ध होगी। मंगलवार को वृंदावन स्कूल के सभागार में आयोजित एक सादे समारोह में अकादमी का उद्घाटन किया गया।

सोसाइटी के सचिव आलोक साह ने बताया कि केपी साह व रवि जोशी अकादमी के सलाहकार, राखी साह प्रधानाचार्य तथा सुप्रिया साह समन्वयक होंगी। अकादमी में 15 दिन से लेकर 6 वर्ष तक के पाठ्यक्रम में कत्थक, लाइट डांस, हारमोनियम, तबला व वोकल सिखाया जाएगा। अगस्त व अक्टूबर माह में अंर्तविद्यालयी प्रतियोगिता का आयोजन होगा। 3 आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों की फीस का खर्च सोसायटी उठाएगी। अकादमी का मुख्य उद्देश्य बच्चो को मंच उपलब्ध कराना है।

उन्होंने बताया कि उनके प्रेरणास्रोत स्वर्गीय चंद्र लाल साह प्रतिष्ठित संस्था शारदा संघ के संस्थापक थे, जबकि सोसायटी के संस्थापक अध्यक्ष स्वर्गीय राजेंद्र लाल साह ने शारदा संघ के सचिव रहते संगीत विद्यालय की स्थापना की थी। उन्हीं के प्रेरणा से यह पहल की जा रही है। शुभारंभ के अवसर पर हरीश लाल साह, शीला साह, मनीष साह, संघमित्रा साह नेहा साह, भवानी बिष्ट, गीता रावत, हेमा किरौला, प्रेम फर्त्याल, रचना साह, ममता नेगी, शरद जॉन व सोनी जंतवाल आदि लोग उपस्थित रहे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : नैनीताल-उत्तराखंड में हुए अपराध दिखेंगे ‘क्राइम अलर्ट’ धारावाहिक में

-‘शिव शांति फिल्म कम्बाईन्स’ के बैनर तले बने धारावाहिक की शूटिंग हुई पूरी

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 21 फरवरी 2022। नैनीताल जनपद सहित उत्तराखंड में हुए अपराधों पर आधारित पहले काल्पनिक व नाट्य रूपान्तर धारावाहिक ‘क्राईम अलर्ट’ की शूटिंग पूरी हो गई है। शीघ्र ही यूट्यूब चैनल व अन्य सोशल मीडिया चैनलों पर यह धारावाहिक रूप में प्रसारित की जाएगी।

‘शिव शांति फिल्म कम्बाईन्स’ के बैनर तले इस धारावाहिक का निर्माण ने प्रेरणा गुप्ता ने और निर्देशन रजनीश थापा और हेमंत कुमार भइयू ने किया है। फिल्म यूनिट के सदस्यों ने पत्रकार वार्ता में बताया कि इस धारावाहिक में स्थानीय कलाकारों के साथ ही रंगमंच के अनुभवी कलाकारों ने भी अपनी प्रतिभा का अच्छा प्रर्दशन किया है।

धारावाहिक में मुख्य नायिका के रूप में सुप्रीत कौर सहित उत्तराखंड के नाना पाटेकर कहे जाने वाले अभिनेता धनश्याम भट्ट, नैनीताल की अदाकारा सोनी अनीश ऊर्फ एनी मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगी।

इनके साथ ही विक्रम सिंह, सिड सिरेलिया, दीपक थापा, शम्भू दत्त साहिल, प्रमोद गोल्डी, जमीर खान, सुप्रीत, शिवांग मित्तल, राजीव राठौर आदि कलाकार भी शामिल हैं। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : UP की तर्ज पर अब उत्तराखंड में भी ‘का बा’, देखें ‘का-का बा….’

नवीन समाचार, हरिद्वार, 3 फरवरी 2022। अच्छी कविता किसी भाषा में सीमित नहीं रहती। ‘यूपी में का बा’ की तर्ज पर अब ‘उत्तराखंड में का बा’ कविता भी बन गई है। हरिद्वार के कवि सत्यदेव सोनी ‘सत्य’ ने उत्तराखंड की राजनीतिक हलचल को देखते हुए यह रचना लिखी है। आप भी पढ़ें यह कविता और बताएं आपको यह कविता कैसी लगी।

‘बदरी केदार बा गंगा के धार बा।
उत्तराखंड देवभूमि यहीं हरिद्वार बा।
धाम यहां चार बा, पुण्य भूमि सार बा।
तीरथ त्रिवेंद्र यहां, धामी सरकार बा।
टिहरी गढ़वाल बा, झील नैनी ताल बा।
मसूरी में मेला लागे, यहां हर साल बा।
सीधे साधे लोग बा, छप्पन हैं भोग बा।
रामदेव कर रहे, बैठे हुए योग बा।
मनसा मां चंडी बा, नागा साधु दंडी बा।
महाकुंभ नगरी ये, रहती अखंडी बा।
नीलकंठ भोला बा, सीधा साधा चोला बा।
अद्भुत ऋषिकेश, देख मन डोला बा।
हिमगिरि का माथ बा। गोमुख का साथ बा।
जीवन संवार रही, जल औषधि हाथ बा।
आदर सत्कार बा। प्रकृति के दुलार बा।
सबसे हो निश्छल, उत्तराखंड के प्यार बा। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : आ गई वेद की ‘वन डे बरयात नॉन स्टॉप’……

-हाल में दिवंगत हुए तारा राम कवि के पुत्र वेद का पहला वीडियो गीत ‘वन डे बरयात नॉन स्टॉप’ हुआ रिलीज

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 10 जनवरी 2022। नैनीताल जनपद के ओखलकांड विकासखंड के सुरंग गांव के उभरते हुए लोक गायक एवं कुमाऊनी हास्य कलाकार वेद रंगधारी का पहला कुमाउनी गीत ‘वन डे बरयात नॉन स्टॉप’ के नाम से यूट्यूब पर जारी हुआ है।

उल्लेखनीय है कि वेद रंगधारी कुमाऊं के सुप्रसिद्ध लोक गायक तारा राम ‘कवि’ के पुत्र हैं, जिनका अभी हाल ही में स्वर्गवास हुआ है। इस प्रकार से उन्हें गायकी विरासत में मिली है। वह बचपन से स्कूल, रामलीला आदि में और अपने पिता के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों में लगातार प्रतिभाग करते आ रहे हैं। उनके गीत को संगीत कुमाऊं के सुप्रसिद्ध गायक गोविंद दिगारी ने दिया है, जबकि गीत उनकी पत्नी खुशी जोशी के यूट्यूब चैनल द्वारा जारी हुआ है। यहाँ देखें वेद का गीत :

 बताया गया है कि इससे पहले भी उनकी परदेस में तेरी याद, हाथ मा रुमाल, मेरी पीड़ा कुमाउनी पिक्चर, छोरी विमला आदि कई ऑडियो कैसेट आ चुकी है। करीब नौ मिनट की इस ताजा प्रस्तुति में वह कई नए-पुराने कुमाउनी लोक गीतों की एक-दो लाइनों का चित्रहार सा वीडियो स्वरूप में प्रस्तुत करते नजर आ रहे हैं। कुमाउनी लोकगीतों के प्रेमियों को उनकी यह प्रस्तुति पसंद आ सकती है। क्षेत्रीय सामाजिक कार्यकर्ता रमेश टम्टा सहित क्षेत्रीय वासियों ने उन्हें इस प्रस्तुति पर बधाई दी है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : हेमंत बिष्ट द्वारा लिखा ‘उत्तराखंड प्रेरणा गीत’ किया जा रहा पसंद

Uttarakhand Prerna Geet Songs Download - Free Online Songs @ JioSaavnडॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 15 दिसंबर 2021। पूर्व में उत्तराखंड का राज्य गीत लिखने वाले कवि-लेखक व उद्घोषक हेमंत बिष्ट द्वारा लिखा गया ‘उत्तराखंड प्रेरणा गीत’ अच्छे फिल्मांकन व गायकी के साथ काफी पसंद किया जा रहा है।

श्री बिष्ट ने बताया कि गत दिनों राज्य में आई दैवी आपदा के दौरान दिल्ली में रहने वाले समाजसेवी वीरेंद्र नौटियाल, सिंगापुर मंे रहने वाले कैप्टर सुनील थपलियाल व मोहनी थपलियाल के मन में विचार आया कि हमें आपदाओं से लड़ते हुए भी उत्तराखंड की आन-बान व शान तथा प्रगति बनाए रखनी है। इसी सोच पर उन्होंने हेमंत को गीत लिखने की जिम्मेदारी सोंपी।

आगे संगीतकार विनोद चौहान के संगीत पर राज्य के बॉलीवुड गायक संकल्प चौहान, माया उपाध्याय, किशन महिपाल, संगीता ढोंढियाल व सन्नी दयाल की आवाज में पवन गुसांई, सुभाष पांडे आदि के द्वारा यह गीत गाया और सिनेमेटाग्राफर युवी नेगी युद्धवीर प्रकाश गुसाई नेक्स्ट फ्रेम कंपनी, नेचुरल ईको वाटर सर्विसेज के सहयोग से यह गीत काफी सुंदर व कर्णप्रिय बना है। गीत में उत्तराखंड पर्यटन का लोगो भी लगाया गया है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड की महिला पुलिस कर्मी अपनी गायकी से छायीं-ये उत्तराखंड है मेरा…

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 24 नवंबर 2021। उत्तराखंड पुलिस की अभिसूचना इकाई-एलआईयू में कार्यरत इंदु बाला अपनी सुमधुर आवाज में गायकी से प्रभावित कर रही हैं। उनका गाया गीत जहां गांव-गांव में देवी देवताओं ने डाला डेरा-उत्तराखंड है मेरा’ काफी पसंद किया जा रहा है। इससे पूर्व देश के 75वे स्वतंत्रता दिवस पर उन्होंने हल्द्वानी स्थित पुलिस के बहुउद्देश्यीय भवन में ‘ए मेरे वतन के लोगों’ देशभक्ति गीत गाकर विभागीय अधिकारियों व कर्मियों को प्रभावित किया था। जबकि 2007 में पुलिस विभाग में भर्ती होने के पश्चात हरिद्वार रोशनाबाद में प्रशिक्षण के दौरान जन्माष्टमी पर उन्होंने कृष्ण भजन गाया था, और उसे खूब सराहा गया था।

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जनपद में गंगोलीहाट के ग्राम खेतीगाड़ा निवासी इंदुबाला पत्नी हरीश कोहली वर्तमान में नैनीताल जिले के चोरगलिया में एलआईयू में कार्यरत हैं। मधुर कंठ से सुरीली आवाज उन्हें ईश्वर प्रदत्त है। जब भी उन्हें मौका मिलता है तो वह गाती हैं। आप भी सुनें उनके गाये कुछ गीत:

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड के ‘कला, पर्यटन और संस्कृति के ब्रांड एम्बेसडर’ का हुआ ऐलान…

नवीन समाचार, देहरादून, 25 अगस्त 2021। उत्तराखंड सरकार ने गत दिनों इंडियन आइडल का खिताब जीतने वाले राज्य के युवा गायक पवनदीप राजन को राज्य का ‘कला, पर्यटन और संस्कृति में उत्तराखण्ड का ब्रांड एम्बेसडर’ बनाने का निर्णय लिया है।

यह पुरस्कार जीतने के बाद अपने गृह राज्य आए पवनदीप ने अपने गृह जनपद चंपावत से लौटते हुए बुधवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से देहरादून में मुलाकात की। इस दौरान श्री धामी ने पवनदीप का शॉल ओढ़ाकर व स्मृति चिन्ह भेंटकर अभिनंदन किया। साथ ही उन्हें ‘कला, पर्यटन और संस्कृति में उत्तराखण्ड का ब्रांड एम्बेसडर’ बनाने की घोषणा की। इसके उपरांत सोशल मीडिया पर इस मौके की तस्वीरें साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने लिखा है :

(डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : पूरा हुआ उत्तराखंड सहित देश-दुनिया के हर संगीत प्रेमी का सपना, इंडियन आइडल का विजेता रहा पवनदीप अपना

Imageडॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 16 अगस्त 2021। उत्तराखंड के साथ देश-दुनिया के हर संगीत प्रेमी दिल को जिसका इंतजार था, वह कारनामा बीती मध्य रात्रि हो चुका है। देश के सबसे बड़़े, 10 महीनों तक चले, सिंगिंग रियलिटी शो इंडियन आइडल के सीजन-12 में जीत का खिताब उत्तराखंड के पवनदीप राजन ने अपने नाम कर लिया है। जबकि दूसरे और तीसरे स्थान पर अरुणिमा कांजीलाल एवं सायली कांबले, चौथे स्थान पर मोहम्मद दानिश, 5वें पर निहाल टोरो और छठे स्थान पर शनमुखप्रिया रहीं।

रविवार को देश के 75वें स्थापना दिवस अमृत महोत्सव पर दिन में 12 बजे से रात्रि 12 तक रिकॉर्ड 12 घंटे चले किसी भी प्रतियोगिता के सबसे लंबे फाइनल का देर रात परिणाम आने के बाद हर संगीत प्रेमी खुशी से झूम पड़ा। पवनदीप को इस शो का विजेता बनने पर चमचमाती ट्रॉफी के साथ ही 25 लाख रुपए का पुरस्कार, म्यूजिक इंडस्ट्री का सबसे बड़ा कॉन्ट्रैक्ट तथा कई फिल्मों में गाने के प्रस्ताव मिले हैं। साथ ही उन्हें उनके ही क्षेत्र पिथौरागढ़ से आने वाले उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व उत्तराखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक सहित अनेकानेक लोगों के बधाई संदेशों की बाढ़ आ गई है।

उल्लेखनीय है कि चम्पावत जिले के पंचेश्वर क्षेत्र में वलचूड़ा निवासी लोक कलाकार सुरेश राजन के घर 27 जुलाई 1996 में जन्मे पवनदीप अपनी नानी, उत्तराखंड की पहली लोकगायिका कबूतरी देवी के परिवार से हैं और उनकी ही संगीत विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कबूतरी के पुराने दौर के प्रसिद्ध गीत ‘स्टेशन जूूं ला, टिकट ल्यूं ला, गाड़ी में बैज्यूंला’ को भी गाकर नई युवा पीढ़ी की जुबां पर चढ़ाया था।

उन्होंने मात्र ढाई साल की उम्र में लोहाघाट में रायनगर चौड़ी की रामलीला में तबला बजाकर प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार का ध्यान अपनी ओर आकृष्ट कर दिया था। इसी दौरान वह भारत सरकार के प्रसारण मंत्रालय में बतौर कलाकार अपनी टीम के साथ पंजीकृत हो गए थे। आगे 2001 में हुए नैनीताल शरदोत्सव में मात्र 6 वर्ष की आयु में उन्होंने तबला वादन कर तत्कालीन राज्यपाल सुरजीत सिंह बरनाला के हाथों 11 हजार का नगद पुरस्कार जीता था।

बचपन में दूध की घुट्टी से मिला संगीत का माहौल व तबला वादन भी उन्हें इंडियन आइडल का विजेता बनने में सहायक रहा। शो के बीच उन्होंने जब तबला बजाते हुए ‘किसी नजर को तेरा इंतजार आज भी है।’ गाया तो शो पर मौजूद प्रसिद्ध गायक बप्पी लाहिरी ने कहा कि उन्होंने अपने पूरे करियर में किसी को इस तरह से गाते और बजाते हुए नहीं देखा है, क्योंकि ऐसा करना बहुत ही मुश्किल होता है। उन्होंने अगले दिन अपने घर से लाकर उन्हें तबला भेंट किया। वहीं सोनू कक्कड़ ने उनकी तारीफ करते हुए कहा कि आप एक अजूबा हैं।

इधर, 15 अगस्त को भारतीय जवानों को समर्पित किए गए फाइनल में पवनदीप ने काफिराना, सड्डा हक और हवाएं गाने गाए और नादान परिंदे के लिए ड्रम्स बजाए। इसे ही फाइनल की सर्वश्रेष्ठ एकल प्रस्तुति माना गया। पवनदीप ने सिद्धार्थ मल्होत्रा की गुजारिश पर कारगिल के हीरो कैप्टन विक्रम बत्रा को केसरी के गीत ‘तेरी मिट्टी’ गाकर भावुक करते हुए श्रद्धांजलि भी दी। साथ ही सोनू कक्कड़ के साथ पहाड़ी लोक गीत ‘चंबा’ गाकर अपने प्रशंसकों के साथ निर्णायकों का दिल जीत लिया।

इस पर निर्णायक विशाल डडलानी ने कहा कि जब उन्होंने पहली बार पवनदीप को सुना था, तभी से उन्हें लग गया था कि वह एक स्टार परफॉर्मर हैं। वहीं शो में बतौर गेस्ट आए ‘द ग्रेट खली’ ने कहा, आप भी पहाड़ से हैं और मैं भी पहाड़ से। हम पहाड़ी काफी मेहनत करते हैं और आज जो आपको मुकाम हासिल हुआ है उससे मैं काफी खुश हूं। इस दौरान उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी पवनदीप के लिए विशेष वीडियो मैसेज भेजा। साथ ही इस दौरान यह भी पता चला कि पवनदीप के सम्मान में एक मार्ग का नाम उनके नाम पर रखा गया है। पवनदीप इतना प्यार और सम्मान देखकर काफी भावुक हो गए।

इस दौरान आदित्य ने बताया कि पवनदीप के विजेता बनने से पहले ही काफी जबरदस्त फैन फॉलोइंग हो गई है। पवनदीप इस सीजन के पहले प्रतिभागी हैं जिनके 1 मिलियन से ज्यादा फॉलोअर हो गए हैं। फिर सोनू कक्कड ने कहा, आप बहुत अच्छा गाते हैं और क्योंकि आप उत्तराखंड से हैं तो मैं यही चाहती हूं कि आप इस सीजन की ट्रॉफी अपने नाम करो। इस सीजन में पवनदीप राजन की एक प्रस्तुति ने यूट्यूब पर 100 मिलियन व्यूज भी हासिल किए जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है।

पवनदीप ने इस दौरान एलान किया कि आगे चलकर वह अपने इंडियन आईडल 12 के ही सह प्रतिभागी आशीष कुलकर्णी के साथ मिलकर संगीत निर्देशक की जोड़ी बनाएंगे। दोनों ने शो के दौरान कई धुनें बनाईं। आशीष ने तो उन दोनों के नाम की नेम प्लेट भी तैयार कर ली है। उल्लेखनीय है पवनदीप वर्ष 2015 में टीवी शो ‘द वाइस’ भी जीत चुके हैं। 2015 में पवनदीप शो द वॉइस इंडिया के विजेता बने थे और ट्रॉफी संग उन्होंने 50 लाख रुपये का इनाम जीता था।

इसके साथ उन्हें ऑल्टो के-10 कार भी मिली थी। इसके अलावा उन्होंने यूनिवर्सल म्यूजिक ग्रुप के साथ अपना पहला गाना रिलीज करने का कॉन्ट्रैक्ट भी साइन किया था। उनके दादा स्व. रति राजन, पिता सुरेश राजन, ताऊ सतीश राजन तथा बहन ज्योतिदीप भी गायक हैं। उन्हें उत्तराखंड का यूथ ब्रांड अम्बासडर भी चुना गया था। अपनी वेबसाइट के अनुसार वह अब तक करीब 13 देशों और भारत के 14 राज्यों में करीब 1200 शो कर चुके हैं।

हिमेश रेशमिया पवनदीप को अपनी नई एल्बम से बॉलीवुड म्यूजिक इंडस्ट्री में लॉन्च भी करने वाले हैं। शो पर अरुणिता कंजीलाल से उनका नाम जोड़ा गया था और हिमेश, अरुणिता को पवनदीप के साथ लॉन्च करेंगे। पवनदीप राजन पियानो से लेकर ढोलक, ड्रम, कीबोर्ड और गिटार जैसे कई म्यूजिकल इंस्ट्रमेंट बजा लेते हैं और साथ में आसानी से गा भी लेते हैं। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : नैनीताल की महिला पुलिस कर्मी ने गाया ‘ऐ मेरे वतन के लोगो’ मिल रही खूब तारीफ

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 15 अगस्त 2021। प्रतिभा किसी दायरे में बंध नहीं सकती। वह कभी भी मौका मिलते ही बाहर आ जाती है। उत्तराखंड पुलिस की महिला पुलिस कर्मी का स्वतंत्रता दिवस पर गाया गीत-‘ऐ मेरे वतन के लोगो’ बेहद पसंद किया जा रहा है। नैनीताल जनपद में अभिसूचना इकाई-एलआईयू में कार्यरत इंदु कोहली की आवाज काफी हद तक इस गीत की मूल गायिका लता मंगेशकर से मिलती नजर आ रही है। आप भी सुनें यह गीत और खुद महसूस करें। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
देखें इंदु कोहली द्वारा गाया गीत-ऐ मेरे वतन के लोगो

यह भी पढ़ें : नैनीताल के विद्यालय कर्मी ‘गोल्डन ब्वॉय’ नीरज चोपड़ा को स्वतंत्रता दिवस पर देंगे खास तोहफा

-मोहन लाल साह बाल विद्या मंदिर के कर्मी प्रताप सिंह नगरकोटी का ‘गोल्डन ब्वॉय’ नीरज चोपड़ा की शान में तैयार किया गीत चर्चा में

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 14 अगस्त 2021। देश के लिए ओलंपिक में भाला फेंक प्रतियोगिता में 87 मीटर से अधिक दूर तक भाला फेंक कर विश्वविजयी बने भारत के नीरज चोपड़ा पर ईनामों की बौछार हो रही है। लेकिन नैनीताल के एक विद्यालय कर्मी प्रताप सिंह नगरकोटी ने नीरज के लिए ऐसा तोहफा तैयार किया है जो अपने आप में अनूठा है। नीरज के नाम पर भले मीम्स आदि में भी चाहे जितनी रचनात्मकता भी दिख रही हो, लेकिन प्रताप का प्रयास इन सबसे अलग है, और अपनी तरह का अब तक इकलौता हो। देखें प्रताप सिंह नगरकोटी का नीरज चोपड़ा पर गीत: 

प्रताप ने नीरज के लिए खुद एक गीत लिखा, गाया व संगीत बद्ध किया और और इसे यूट्यूब पर भी डाला है। गीत के बोल हैं, ‘भलों-भलों को तेरे भाले ने कर दिया बाहर…’ गीत के वीडियो में नीरज चोपड़ा को ओलंपिक स्वर्ण पदक जीतने वाला भाला फेंकते और उनके पदक प्राप्त करने व भारत का तिरंगा फहराते हुए दिखाया गया है। प्रताप नगर के मोहन लाल साह बाल विद्या मंदिर में चर्तुर्थ श्रेणी कर्मी हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में कहीं से कोई मदद न मिलने पर यूट्यूब के माध्यय से अपनी शौकिया गायकी को भजनों के जरिए आगे बढ़ाया है। यूट्यूब पर उनके दो दर्जन से अधिक भजन काफी लोगों द्वारा देखे जाते हैं। इधर नीरज चोपड़ा के स्वर्ण पदक जीतने की खुशी में उन्होंने स्वतंत्रता दिवस के लिए यह गीत तैयार किया है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : कोरोना काल में यूट्यूब पर छाये कुमाऊं विश्वविद्यालय के शिक्षक…

-यूट्यूब पर वीडियो बनाकर पूरा कर रहे विद्यार्थियों की पढ़ाई
डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 1 जुलाई 2021। कोविड़-19 की वैश्विक महामारी में ऑनलाइन माध्यम से ज्ञान अर्जित किया जा रहा है, जिससे विद्यार्थी सुरक्षित रहकर अपनी पढ़ाई कर पा रहे। कुमाऊं विश्वविद्यालय के अनेक शिक्षकों के द्वारा यूट्यूब, गूगल मीट तथा गूगल क्लास रूम आदि के द्वारा शिक्षण कार्य किया जा रहा है।

इसी कड़ी में रसायन विभाग की सहप्राध्यापक डॉ. गीता तिवारी द्वारा रसायन विज्ञान विषय पर यूट्यूब चैनल के माध्यम से 294 वीडियो बनाकर शिक्षण कार्य किया जा चुका है। इससे उनके सब्सक्राइबरों की संख्या भी 2970 हो गई है। उनके वीडियो लेक्चरों को विद्यार्थियों द्वारा काफी पसंद किया जा रहा है। रसायन विभाग की ही प्रो. चित्रा पांडे भी अब तक यूट्यूब पर 113 वीडियो बना चुकी हैं। उनके सब्सक्राइबर 1280 है।

इसी तरह डॉ.महेश आर्या के भी रसायन विषय 21 वीडियो यूट्यूब पर उपलब्ध है तथा इनके सब्क्राइबर की संख्या 800है। वहीं जैव प्रौद्योगिकी विभाग के डॉ. मयंक पांडे के 3 वीडियो यूट्यूब पर हैं और सब्सक्राइबरों की संख्या 1240 है। इसी तरह विश्वविद्यालय के अन्य शिक्षक भी यूट्यूब के साथ अन्य माध्यमों से शिक्षण कार्य में लगे हैं, और विद्यार्थियों का पाठ्यक्रम पूरा करा रहे है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : लोक संपर्क ब्यूरो ने तैयार किया टोक्यो ओलंपिक खेलों के लिए गीत, किया जा रहा पसंद

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 29 जून 2021। क्षेत्रीय लोक संपर्क ब्यूरो नैनीताल के कलाकारों ने टोक्यो ओलंपिक खेलों के प्रचार प्रसार तथा ‘चियर फॉर इंडिया’ के लिए एक बेहद कर्णप्रिय एवं दर्शनीय गीत का वीडियो तैयार किया है। अपर महानिदेशक आरओबी आरपी सरोज के मार्गदर्शन में तैयार इस वीडियो के लिए गीत डॉ. संतोष आशीष ने लिखा है, जबकि इसे स्वर क्षेत्रीय लोक संपर्क ब्यूरो नैनीताल की कलाकार शर्मिष्ठा बिष्ट ने दिया है।

गीत की धुन एवं संगीत भी यहीं कार्यरत आनंद सिंह व गोपेश बिष्ट ने दिया है। वीडियो के निर्माण में क्षेत्रीय प्रचार अधिकारी राजेश सिन्हा का भी सहयोग रहा है। गीत को क्षेत्रीय लोक संपर्क ब्यूरो देहरादून के फेसबुक पेज पर पोस्ट किया गया है, और इसे जनता द्वारा अत्यधिक पसंद किया जा रहा है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : शिक्षक-उद्घोषक पांडे कुमाउनी गीत से कर रहे कोरोना के प्रति जागरूक

नवीन समाचार, नैनीताल, 20 मई 2021। कोरोना काल में जब लोग इस घातक बीमारी से जूझ रहे हैं और घरों में कैद है ऐसे समय में नगर के प्रख्यात उद्घोषक और शिक्षक नवीन पांडे ने समाज में गीतों के माध्यम से सकारात्मक सोच पैदा करने की अनुकरणीय मिसाल प्रस्तुत की है। उनका गीत यूट्यूब पर भी काफी पसंद किया जा रहा है, एवं इसे काफी सराहना मिल रही है।

नैनीताल निवासी व यहीं शहीद मेजर राजेश अधिकारी राजकीय इंटर कालेज में कार्यरत व्यायाम शिक्षक पांडे इन दिनों अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से लोगों में सकारात्मक सोच जगाने की कोशिश कर रहे हैं। इस सिलसिले में एक दिन पूर्व ही यानी 18 मई को उन्होंने कोरोना से बचाव के लिए कुमाऊंनी गीत लिखा, और इसे खुद कंपोज कर खुद ही गाया। उन्होंने इस गीत को अपने जीवन की परवाह किए बिना कोरोना से बचाव में लगे लोगों को समर्पित किया है।

उल्लेखनीय है कि श्री पांडे वर्ष 2000 से शिक्षण के साथ साथ पेशेवर उद्घोषक के रूप में कार्य कर रहे हैं, और इस दौरान 53 वें एसजीएफआई राष्ट्रीय खेल मिजोरम-2007, 36वें नेशनल स्कूल गेम्स देहरादून-2010, अन्तर्राष्टीय क्वीन्स बैटन रैली-2016 सहित देश के अलग अलग प्रांतों में सैकड़ों कार्यक्रमों व मेगा इवेंटस में उद्घोषणा कर चुके हैं।

पिछले वर्ष उन्होंने 30 और 31 जुलाई को एथलेटिक एसोसिएशन आफ इंडिया द्वारा आयोजित अन्तर्राष्टीय एनाउंसर सेमिनार लंदन में उत्तराखंड की ओर से प्रतिभाग भी किया था जिसमें ओलम्पिक खेलों के मशहूर ब्रोडकास्टिंग कमेंटेटर क्रिस के साथ-साथ राबिन सोपोंग, यूरोपियन एथलेटिक्स के अध्यक्ष डोबोरोमीर कारमानिरोव व सैफ खेलों के अध्यक्ष ललित कुमार भनौट ने व्याख्यान दिया था। इसके अलावा पांडे भजन, न्योली, छपेली, टकीला व आण, बैर आदि के 111 कुमाउनी गीतों की एक सिरीज भी लिख चुके हैं।

नवीन पांडे के कोरोना जागरूकता हेतु गाए गए कुमाउनी गीत के बोल:
कोरोना इलाजा कर लिया लोगो, कर लिया लोगो हो।
म्यारा दीदि म्यारा भुलि याद धरिया, कोरोना बचावा हो।
पैलि कदमा मास्का पैरणा,सभै ठुल इलाजा हो।
मास्का बिगरा जन जाया कती,जन जाया कती हो।
द्वि गजै दूरी भौते जरुरी,
उकै जन छोड़िया हो।
हाथन धोया बीसै सेकेण्डा ,
जब आला भ्यार बै हो।
कोरोना इलाजा करि…….
भ्यार निकलणा नि भै जरुरी,
नि जया भ्यारा हो।
नि मिलाया हाथा कैही,
दूरै बै नमस्कारै हो।
हाथन सैनेटाइज करते रैया,
जब निकला भ्यारा हो।
सबै ठुल कामा वैक्सीन लगूणक,
द्विए खुराकैणि लगा लिया हो।
सरकारि नियमक पालन करिया,दूसरों छै कया हो।
अपु कै बचाया दुसर कै बचाया, सबै जी रैया हो।
उत्तराखंडक नाम कै तुमै बढ़ाया,तुमै बढ़ाया हो।
जी रैया जागि रैया,यो दिना यो मासा हो।
कोरोना इलाजा कर लिया लोगो,कर लिया लोगो हो।।

यह भी पढ़ें : पंकज व मीनाक्षी चुने गए ‘पहाड़ की आवाज’

नवीन समाचार, नैनीताल, 1 मार्च 2021। आयुर विजन ग्रुप द्वारा आयोजित ‘द वॉइस

ऑफ हिल सिंगिग रियलिटी शो’ का रविवार रात्रि हल्द्वानी के होटल लावण्या टावर में 28 फरवरी को ग्रांड फिनाले आयोजित हुआ। जिसमें सीनियर वर्ग में बागेश्वर के पंकज पांडेय एवं जूनियर वर्ग में काशीपुर की मीनाक्षी पांडेय ने “द वॉइस ऑफ हिल” का टाईटिल अपने नाम किया। वहीं जूनियर वर्ग में भीमताल की सौम्या बिष्ट फर्स्ट रनरअप और भावेश पांडे सैकंड रनरअप रहे।

बेस्ट परफॉर्मर 7 साल की तेजस्विनी नेगी और शिवानी आर्या और धीरज मेलकानी को सांत्वना पुरस्कार दिया गया। जबकि सीनियर वर्ग में अल्मोड़ा के पवन कुमार तिवारी फर्स्ट रनर अप और चम्पावत के ध्रुव पांडेय, बेस्ट परफॉर्मर सूरज प्रकाश और सांत्वना पुरस्कार पौड़ी गढ़वाल से अमूल ललित और टिहरी से विकास कुमार को दिया गया।

ग्रांड फिनाले बहुत रोचक रहा ग्रांड फिनाले का संचालन युवा कवि दीपांशु कुंवर, तालिब खान एवं उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध वरिष्ठ कवि व उत्तराखंड राज्य गीत के लेखक हेमंत बिष्ट द्वारा किया गया। निर्णायक के तौर पर उत्तराखंड की सुप्रसिद्ध गायिका माया उपाध्याय, संगीत में पीएचडी डॉ. गुंजन जोशी एवं युवा गायक सौरव मैठानी रहे।

आयोजन में प्रतिभागियों का उत्साह वर्धन करने के लिए व्यापक जोशी, लोकगायक प्रहलाद मेहरा, गोविन्द दिगारी, संदीप सोनू, राधा द्विवेदी , पुष्कर महर आदि स्टार कलाकारों ने अपनी बेहतरीन प्रस्तुति से ग्रांड फिनाले में चार चांद लगाए और सभी प्रतिभागियों को सम्मानित किया और आशीर्वाद दिया। चांदनी इंटरप्राइजेज से नवीन टोलिया द्वारा सभी विजेताओं को 1000 रुपए की धनराशि देकर सम्मानित किया और जीते हुए प्रतिभागियों का अपने चैनल के माध्यम से गीत बनाने का ऑफर भी किया।

छीतकू हिवाल प्रोडक्शन से देबू पांगती द्वारा टॉप 3 जीते हुए प्रतिभागियों के साथ अपने चैनल में गीत ऑफर किया है। हिल्स वन प्रोडक्शन के हरीश रावतने भी जीते हुए प्रतिभागियों के संगीत को फिल्मांकन करने का ऑफर दिया । दोनों वर्गों में प्रथम जीते हुए प्रतिभागियों को टाइगर केस्टल रिसोर्ट का टूर भी मिलेगा। सभी फाइनलिस्ट को डटसन रेडी गो कार में ₹ 40000 का केशबैक भी दिया जाएगा।

सभी प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र सहित गिफ्ट हेंपर देकर सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि गोपाल रावत, अतिविशिष्ट अतिथि हरीश रावत, अमर उजाला से डीडी जोशी, मधुसूदन थपलियाल, नितेश बिष्ट, विशिष्ट अतिथि कनक चंद, डॉ. राम शर्मा, नवीन तोलिया, नदीम खान, शैलेन्द्र दानू, देवेन्द्र कुमार आदि उपस्थित रहे। JJN की पूरी टीम के द्वारा इस पूरे ग्रांड फिनाले कार्यक्रम का JJN चैनल के माध्यम से लाईव टेलीकास्ट हुआ जिसमें देश विदेश से 5 हजार से भी अधिक लोगो ने इस कार्यक्रम से लाईव टेलीकास्ट के माध्यम से जुड़े। इस फिनाले को सफल बनाने के लिए मीडिया पार्टनर के रूप में अमर उजाला, डिजिटल मीडिया पार्टनर के रूप में JJN, ट्रिपल ए मैनेजमेंट, पाल निशान, डटसन, , UIHMT
CIMS ग्रुप ऑफ कॉलेेज देहरादून, ऑटलार प्राइवेट लिमिटेड, रॉयल कम्प्य़ूटर, स्किल फिक्स ने अपना सहयोग दिया। इस कार्यक्रम के शुरू से लेकर अंत तक न्यूज पोर्टल पार्टनर के रूप में उत्तराखंड लाईव, नवीन समाचार, वॉइस ऑफ उत्तराखंड, यूके लाईव, खबर पहाड़, हिल्स मिरर, कॉर्बेट हलचल, पहाड़ तक ने अपना भरपूर सहयोग दिया।

यह भी पढ़ें : हल्द्वानी में ‘द वॉइस ऑफ हिल’ सिंगिग रियलिटी शो का ग्रांड फिनाले तय.. ‘नवीन समाचार’ भी करेगा लाइव प्रसारण

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 24 फरवरी 2021। उत्तराखंड के गायक कलाकारों को मंच देने के उद्देश्य से आयुर विजन ग्रुप द्वारा आयोजित किए जा रहे ‘द वॉइस ऑफ हिल’ सिंगिग रियलिटी शो अब अपने मुकाम पर पहुंचने वाला है।

गायकी के इस रियलिटी शो में जूनियर वर्ग में अल्मोड़ा के भरत बिष्ट, बागेश्वर के शिवानी आर्य, श्रृष्टि पांडेय, गौरव कोरंगा, मीनाक्षी पांडे, तेजस्वी नेगी व पीयूष माजिला, काशीपुर के पवन कुमार, भीमताल के सौम्या बिष्ट, पौड़ी गढ़वाल के शिवम बिष्ट, मीनाक्षी रतूड़ी व काजल भट्ट, श्रीनगर गढ़वाल की रश्मि और नैनीताल के धीरज मेलकानी, हल्द्वानी के भावेश पांडे एवं सीनियर वर्ग में अल्मोड़ा के सूरज प्रकाश व पवन तिवारी, बागेश्वर के पंकज पांडे, प्रिया आर्या, विजय कुमार, कमला जागेटिया व प्रदीप कुमार,

काशीपुर के दीप जोशी, पिथौरागढ़ के यश भंडारी, टिहरी गढ़वाल के विकाश कुमार, राधा राणा व अमूल ललित, चम्पावत के ध्रुव पांडेय, कोटद्वार के शशांक घिल्डियाल, द्वाराहाट के रजत कबडवाल और नैनीताल के धीरज मेलकानी व हल्द्वानी से दीपक गुप्ता का चयन हुआ है। ग्रैंड फिनाले का लाइव प्रसारण जेजेएन न्यूज के यूट्यूब चैनल व आयोजन के मीडिया पार्टनर ‘नवीन समाचार’ के माध्यम से किया जाएगा।

अब यह सभी चयनित प्रतिभागी ग्रेंड फिनाले में अपने संगीत के सुरों को हल्द्वानी में आयोजित ‘द वॉयस ऑफ हिल’ में बिखेरेंगे। बताया गया है कि फाइनल में निर्णायक की भूमिका उत्तराखंड की मशहूर गायिका माया उपाध्याय, स्टार युवा गायक सौरव मैठानी व संगीत से पीएचडी डॉ. गुंजन जोशी निभाएंगे। ग्रैंड फिनाले का संचालन युवा कवि दीपांशु कुवर द्वारा किया जाएगा। इसके अलावा ग्रैंड फिनाले में उत्तराखंड के मशहूर लोक गायक प्रह्लाद मेहरा, मशहूर अभिनेता देव करन धामी, मशहूर कवि एवं रचनाकार हेमंत बिष्ट एवं मधुसूदन थपलियाल, गायक गोविन्द दिगारी सहित युवा गायक संदीप सोनू, राधा द्विवेदी, संगीतकार व्यापक जोशी, दिव्य दर्शन जोशी, अंकित खुल्बे, बाल लोक गायक स्वर्गीय पप्पू कार्की के बेटे दक्ष कार्की सहित अन्य कई स्टार कलाकार प्रतिभागियों को अपना आशीर्वाद देंगे।

यह भी पढ़ें : ‘द वॉइस ऑफ हिल’ सिंगिंग शो के लिए ऑडीशन मंगलवार से

नवीन समाचार, नैनीताल, 04 जनवरी 2020। आयुर विजन ग्रुप द्वारा उत्तराखंड के गायक कलाकारों को आगे बढ़ाने एवं उचित मंच देने के उद्देश्य से राष्ट्रीय स्तर पर ‘द वॉइस ऑफ हिल’ सिंगिंग शो का आयोजन किया जा रहा है। इसके ऑडिशन मंगलवार 5 जनवरी से 30 जनवरी तक ‘इंडियन आइडल’ के तर्ज पर ऑनलाइन होंगे। जबकि ग्रांड फिनाले 28 फरवरी को भव्य रूप से हल्द्वानी में आयोजित किया जाएगा। बताया गया है कि ग्रांड फिनाले को उत्तराखंड के सभी केबल नेटवर्क के साथ ग्रुप के ऑफिसियल पेज और चैनल पर प्रसारित किया जाएगा, और विजेता को ‘द वॉइस ऑफ हिल’ के टाईटिल के अलावा नकद पुरस्कार, म्यूजिक एल्बम, एवं परिवार के साथ टूर, गिफ्ट हेंपर्स एवं आकर्षक ट्रॉफी से पुरस्कृत किया जाएगा।
बताया गया है कि ‘द वॉइस ऑफ हिल सिंगिग शो’ 7 से 18 वर्ष तक जूनियर और 19 से अधिक वर्ष के लिए सीनियर वर्ग में आयोजित किया जाएगा। इसमें सभी प्रकार की संगीत विधाएं मान्य होंगे। शो में निर्णायक के तौर पर उत्तराखंड की लोकप्रिय लोकगायिका माया उपाध्याय एवं संगीत में पीएचडी, आरके म्यूजिक संस्थान की निदेशक, गायिका, डॉ. गुंजन जोशी और गढ़वाल से उत्तराखंड के युवा लोक गायक सौरव मैठानी योगदान देंगे। आयुर विजन ग्रुप चार युवाओं भूपेंद्र कोरंगा, विजया कोरंगा, दीपक बिष्ट एवं धीरज बिष्ट द्वारा स्थापित किया गया है, जिसके माध्यम से वे उत्तराखंड के कीवी उत्पादन एवं कीवी जूस, जैम, चटनी और केंडी जैसे विशुद्ध पहाड़ी उत्पादों को पूरे भारत देश में पहुंचाने के उद्देश्य पर भी कार्य कर रहे हैं।

अधिक जानकारी के लिए यहां संपर्क कर सकते हैं : मोबाइल नंबर :- 7302521147, 9410971034. www.ayurvisiongroup.com Mail :- ayurvision2020@gmail.com

यह भी पढ़ें : पलायन के दर्द को सामने लाते गीत का हुआ विमोचन, नहीं रुक पाएंगे आंखों में आंसू

नवीन समाचार, नैनीताल, 9 नवम्बर 2020। पहाड़ वासियों की सबसे बड़ी पलायन की समस्या पर केजेएस म्यूजिक एंड रिकॉर्ड्स द्वारा ‘पलायन’ शीर्षक गीत बनाया गया है। सोमवार को इस गीत का विमोचन नगर के वरिष्ठ रंगकर्मी जहूर आलम के हाथों किया गया। गीत के बोल दीपक तिरुवा ने, संगीत निर्देशन नवीन बेगाना ने, स्वर पूजा आर्य ने तथा अभिनय राजेश आर्य, लीला बिष्ट, आशीष आर्य मोनिका आर्य ने किया है।

गीत में संगीत केजेएस म्यूजिक एंड रिकॉर्ड्स द्वारा दिया गया है, जबकि गीत की स्क्रिप्ट हेमंत बिष्ट एवं दीपक तिरूवा ने लिखी है। गीत में पर्वतीय गांवों से हो रहे पलायन, खाली हो चुके गांव व घरों सहित पहाड़ की पीड़ा को बड़ी संजीदगी व भावपूर्ण तरीके से दर्शाया गया है कि किस तरह वर्तमान में पहाड़ के गांव खाली हो चुके हैं।

देखें गीत : 

केजेएस टीम के सदस्यों-करण बिष्ट, शरद जॉन व भानु प्रताप ने कहा कि वह आगे भी अपनी संस्कृति के लिए कार्य करते रहेंगे। वहंी इस गाने के कम्पोजर और संगीत निर्देशक नवीन बेगाना ने कहा कि अपनी लोक संस्कृति के प्रचार-प्रसार का यह प्रयास आगे भी रहेगा। विमोचन के अवसर पर वरिष्ठ रंगककर्मी हरीश राणा, माधव पालीवाल, पवन कुमार, अदिति खुराना, मयंक साह, भारती जोशी, पंकज भट्ट, नेहा जॉन, गौरव बिष्ट, अमन महाजन, संतोख बिष्ट व दीपक पुल्स आदि संस्कृतिकर्मी मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें : एक पहाड़ी के नजरिये से पहाड़ की खूबसूरती देखेगी फिल्मी दुनिया

-कार्तिक नैनीताल सहित पर्वतीय स्थलों में बनाएंगे म्यूजिक वीडियो ‘एक वारी’
नैनीताल। मुंबई में स्थापित उत्तराखंड के युवा कास्टिंग डायरेक्टर कार्तिक पालीवाल जल्द ही पहली बार प्रोड्यूसर के रूप में नैनीताल सहित निकटवर्ती पर्वतीय स्थलों में म्यूजिक वीडियो ‘एक वारी’ का निर्माण करने जा रहे हैं। इसमें मुख्य किरदार मे ‘जिन्दगी की महक’ के अभिनेता सिद्धार्थ सिपानी निभाएंगे, जबकि ‘साथ निभाना साथिया’ एवं ‘नागिन-4’ के प्रसिद्ध अभिनेता कुनाल सिंह इस संगीत वीडियो में नकारात्मक भूमिका में दिखाई देंगे।

कार्तिक ने बताया कि उन्होंने ‘पालीवाल ग्रुप ऑफ कंपनी’ नाम से अपनी खुद की प्रोडक्शन कंपनी शुरू की है। इसके तहत ही वह पहाड़ की खूबसूरती को एक पहाड़ी की नजर से फिल्मी दुनिया के समक्ष रखने के लिए यह म्यूजिक वीडियो बना रहे हैं। एक वारी गीत में संगीत और आवाज ऋषि रॉय द्वारा दी गई है, जबकि इसे तलवार, अंकी और ऋषि ने लिखा है।

यह भी पढ़ें : ‘ओ साथी नि जाओ शहर, मिली-जुली बचूंलो पहाड़ा’, आते ही सोशल मीडिया पर छाया कुमाउनी गीत

नवीन समाचार, नैनीताल, 20 सितंबर 2020। यूट्यूब पर दो दिन पूर्व बृहस्पतिवार 17 सितंबर को नया कुमाउनी गीत ‘ऐजा म्यर पहाड़’ आया है, और दो दिन में ही यूट्यूब के अलावा सोशल मीडिया पर भी छा गया है। लोग इस गीत को अपने स्टेटस पर लगा रहे हैं। इस कारण दो दिन में इसे 22 हजार से अधिक बार देखा जा चुका है। खास कर इस गीत के बोल ‘ओ साथी नि जाओ शहर, मिली-जुली बचूंलो पहाड़ा’ काफी पसंद किया जा रहा है, जो कि राज्य वासियों को पलायन करने की जगह गांव लौटकर आने की प्रेरणा दे रहा है।

देखें  ‘ओ साथी नि जाओ शहर :

नैनीताल के केजेएस रिकॉर्ड्स में रिकार्ड हुए इस गीत में पहाड़ की संस्कृति रहन-सहन को बिना किसी बनावटीपन के उनके मूल स्वरूप में दिखाने के साथ ही आधुनिकता से भी जोड़ा गया है। गीत के गायक चंद्रशेखर टम्टा हैं, साथ ही इसमें रैपर करन बेनी का रैप भी शामिल है। संगीत रुहान भारद्वाज ने दिया है व वीडियो जतिन तिवारी ने बनाया है। वीडियो में खुशबू चौधरी ‘खुशी’ व शंकर सोनू भी अच्छे लग रहे हैं। कोरियाग्राफी अभय आर्या की है, जबकि प्रियांशु कुमार, एकता आर्या, प्रिया खोलिया, शुभम कुमार, अंकित कुमार, वैभव सिंह आदि ने भी सहयोग किया है।

यह भी पढ़ें : नगर के युवा गायक का पहला गीत आया-मेरी पराणी

नवीन समाचार, नैनीताल, 16 सितंबर 2020। नगर के युवा गायक नीरज कुमार का पहला गीत ‘मेरी पराणी’ यूट्यूब पर आ गया है। हेमंत बिष्ट के लिखे गीत में नीरज की आवाज काफी अच्छी लग रही है। बताया गया है कि नगर के मेट्रोपोल कंपाउंड के निवासी 22 वर्षीय नीरज को बचपन से ही गीत गाने का शौक रहा, लेकिन पहली बार उन्होंने कोई कोई गीत गाया है, फिर भी गीत सुनकर इसका आभास नहीं होता है।

गीत के निर्माता गोविंद कोरंगा हैं, जबकि संगीत रोहित भंडारी ने दिया। गीत की रिकॉडिंग हल्द्वानी में हाल ही में स्थापित पीके स्टूडियो में नगर के ही प्रिंस परसाल ने कराई है। गीत गायन में नगर के गुड्डू ठठोला, हयात बोरा व आनंद कोरंगा आदि ने भी सहयोग किया है।

उल्लेखनीय है कि इस गीत के गीतकार हेमंत बिष्ट प्रदेश के सुप्रसिद्ध उद्घोषक एवं कवि-गीतकार हैं। वे उत्तराखंड का राज्य गीत भी रच चुके हैं।

यह भी पढ़ें : मॉं नंदा को समर्पित भजन ‘जय देवी जय नंदे’ का हुआ शुभारंभ..

नवीन समाचार, नैनीताल, 23 अगस्त 2020। नैनीताल के केजेएफ म्यूजिक रिकॉर्ड ने माता नंदा को समर्पित एक वीडिओ तैयार किया है। रविवार को नंदा देवी महोत्सव के शुभारंभ के दिन नगर पालिका अध्यक्ष सचिन नेगी के हाथों इसका विमोचन किया गया। वीडिओ में शामिल युवा कलाकारों करन बिष्ट, शरद जॉन, और श्रेयश कुमार (भानू) ने बताया कि स्व. ब्रजेन्द्र लाल साह जी की अमर कृति इस भजन में पूजा आर्या तथा मोनिका आर्या ने स्वर दिये हैं।

संगीत संयोजन एवं रिकार्डिंग केजेएस स्टूडियो तल्लीताल में किया गया है। भजन में वीडियोग्राफी आशीष राणा ने की है, जबकि तथा पार्श्व स्वर हेमंत बिष्ट ने दिये हैं। वीडिओ में उत्तराखंड तथा अन्य राज्यों के कलाकारों से मां नंदा देवी से सम्बंधित चित्रों को मंगवाया गया और सुंदरता से दर्शाया गया है। भजन को स्व.ब्रजेन्द्र लाल साह जी तथा स्व. वाचस्पति ड्यूडी को समर्पित किया गया है। नगरपालिका अध्यक्ष नेगी जी ने इन कलाकारों के कार्यों की सराहना की, और युवाओं से इसी तरह अपनी संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए आगे आने का आह्वान भी किया।

यह भी पढ़ें : इधर जिले में तीन कैदी फरार, उधर हल्द्वानी जेल के फरार कैदी चंद्रकांत पर ‘लॉकडाउन स्टोरी-चंद्रकांत दास तू मरेगा’ चर्चा में

-लॉक डाउन के दौरान किया गया है निर्माण
नवीन समाचार, नैनीताल, 10 जुलाई 2020। जनपद एवं जनपद मुख्यालय के कलाकारों ने लॉक डाउन के दौरान मिले खाली समय का सदुपयोग करते हुए सस्पेंस-थ्रिलर वेब-सीरीज ‘लॉकडाउन-स्टोरीज-चंद्रकांत दास तू मरेगा’ का निर्माण किया है। यूट्यूब पर यह वेब सिरीज इन दिनों काफी चर्चा में है।

बड़ी बात यह भी है कि इस वेब सिरीज में में तनुज पाठक, सुनील पंत, अनवर रजा, स्नेहा चौधरी और अर्जुन नैलवाल आदि स्थानीय नये एवं स्थापित कलाकार मुख्य भूमिकाओं में हैं, तथा वेब सिरीज कहानी हल्द्वानी व खासकर यहां की जेल से फरार हुए एक अपराधी चंद्रकांत पर है। साथ ही इस वेबसिरीज के अंकों में अंक-दर-अंक सस्पेंस गहराता ही जा रहा है। यह संयोग भी दिलचस्प है कि जनपद में पिछले एक पखवाड़े में ही तीन अपराधी पुलिस की गिरफ्त से भाग चुके हैं।

इस वेब सिरीज के निर्माता, निर्देशक व पटकथा लेखक हल्द्वानी निवासी अभय डालाकोटी ने बताया कि लॉक-डाउन के दौरान इस वेब सीरीज का निर्माण लॉक डाउन के नियमों का पालन करने के साथ ही पूरी ऐहतियात बरतते हुए सीमित क्षेत्र तथा सुविधाओं व लोगों के साथ बहुत छोटी टीम के जरिये किया गया है। यहां तक कि अभय ने इस वेब-सीरीज के निर्माता, निर्देशक होने के साथ ही कैमरामैन और संपादन का काम भी खुद ही किया है। उल्लेखनीय है कि अभय राज्य के के प्रतिभावान युवा फिल्मकार हैं। उन्होंने कहा कि उनकी कोशिश है कि आस पास के अभिनेताओं को अपने सपने पूरे करने के लिए कहीं बाहर न जाना पड़े। इससे पूर्व उनकी लघु फिल्म ‘चैंपियन’ जयपुर अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव-2019 में प्रदर्शित हो कर सराहना बटोर चुकी है।

दिल्ली, मुंबई, पिथौरागढ़ के अपने घरों से फेसबुक पर नाटक करेंगे कलाकार

नैनीताल। लॉक डाउन के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग के कारण नाटक, फिल्में दूर, साथ मिलकर प्रैक्टिस भी नहीं कर पा रहे कलाकार शनिवार को एक अनूठा प्रयोग करने जा रहे हैं। दिल्ली, मुंबई, पिथौरागढ़ के अपने घरों से कुछ कलाकार जूम ऐप के माध्यम से शनिवार को शाम सात बजे से मिलकर ‘एक अजीब दास्तान’ नाम का नाटक करने का प्रयोग करने जा रहे हैं। इस अनूठे नाटक को नगर की नाट्य संस्था युगमंच के अध्यक्ष जहूर आलम ने बताया कि संस्था के फेसबुक पेज पर इस अनूठे नाटक लाइव पर देखा जा सकेगा। उन्होंने बताया कि इस नाटक में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय व विवेकानंद नाट्य अकादमी के साथ ही युगमंच से जुड़े बृजेश पंत आदि लोग विभिन्न भूमिकाओं में होंगे।

यह भी पढ़ें : ‘अनिल’ में उड़कर पहाड़ पहुंचे अनिल, दो दिन में 19.5 लाख लोगों ने देखा

नवीन समाचार, नैनीताल, 16 मई 2020। शीर्षक पढ़कर शायद कुछ समझ में न आया हो। हम बात कर रहे दिल्ली में रहने वाले उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जनपद के डीडीहाट के निकट ग्राम स्याल्बे निवासी सुप्रसिद्ध युवा यूट्यूबर अनिल सिंह पानू की है, जो इन दिनों अपने नाम के अनुरूप अनिल यानी हवा में उड़ रहे हैं और अपने दर्शकों के बीच खूब पसंद किये जा रहे हैं।

अपने ताजा टिकटॉक वीडियो में से लॉक डाउन के दौरान चेहरे पर मास्क पहुंचकर मैदानी शहर से कुछ सेकेंड में उड़कर पहाड़ के गांव पहंुचते हैं। उन्होंने बताया कि दो दिन में उनके इस वीडियो को 19.5 लाख देख चुके हैं। उनके बारे में प्रसिद्ध है कि वे यूट्यूब से प्रतिमाह घर बैठे डेढ़ लाख रुपये तक कमा रहे हैं।

देखें अनिल पानू का चर्चित विडियो : https://vm.tiktok.com/Tkdk47/

उल्लेखनीय है अनिल सोशल मीडिया के अन्य प्लेटफॉर्म्स पर भी सक्रिय हैं। उनके ‘21 जनवरी 2012 को शुरू, सात लाख से अधिक सबस्क्राइबर वाले ‘जेएमएस आर्ट्स’ नाम के यूट्यूब चैनल पर मौजूद देशी शोले, कव्वा बिरयानी जैसे हिंदी-कुमाउनी के मजाकिया और विभिन्न उत्पादों सहित अलग-अलग तरह की जानकारियों के वीडियो 25 करोड़ से अधिक बार देखे जा चुके हैं। इन उपलब्धियों के साथ वे यूट्यूब से सिल्वर बटन भी जीत चुके हैं।

यह भी पढ़ें : नैनीताल : गीत-संगीत से कर रहे कोरोना के प्रति जागरूक

नवीन समाचार, नैनीताल, 19 अप्रैल 2020। कोरोना की जागरूकता में सुप्रसिद्ध गायिका एवं सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के नैनीताल स्थित कार्यालय में कलाकार के पद पर कार्यरत श्रमिष्ठा बिष्ट भी लॉक डाउन के दौरान घर पर रहते हुए भी कोरोना के प्रति जागरूकता में गीतों के माध्यम से अप्रतिम योगदान दे रही हैं। इन दिनों सोशल मीडिया पर उनके द्वारा गाये गये हेमंत बिष्ट द्वारा लिखित कुमाउनी गीत-‘कोराना यसि बीमारी है गे छौ, डरिया छु सारो दुणी संसार’ तथा हिंदी गीत ‘’जागे हम सारे हिम्मत न हारे, कोरोना को हमने हराना है’ काफी पसंद किये जा रहे हैं।

इनके वीडियो भी यूट्यूब पर मौजूद हैं। उनका कुमाउनी गीत दूरदर्शन उत्तराखंड तथा हिंदी गीत विभिन्न राष्ट्रीय चैनलों से भी प्रसारित हो चुका है। उन्होंने बताया कि वे देश के विभिन्न शहरों में मौजूद अपने शिष्यों को ऑनलाइन संगीत की शिक्षा भी दे रही हैं।

यह भी पढ़ें : पिता-पुत्री ने बनाया बेहद कर्णप्रिय गीत, दे रहे कोरोना से बचने का खूबसूरत संदेश

नवीन समाचार, नैनीताल, 13 अप्रैल 2020। सरोवरनगरी नैनीताल को कला व थियेटर की नगरी भी कहा जाता है। इस प्रकृति के स्वर्ग में हर कोई कल्पनाशील-रचनाशील कवि व कलाकार है। ऐसे ही एक पिता-पुत्री अनिल नेगी व आयुषी नेगी का एक बेहद कर्णप्रिय गीत सामने आया है। अनिल व आयुषी का यह गीत प्रसिद्ध बॉलीवुड गायक किशोर कुमार द्वारा गाये गए गीत फूलों का तारा का सबका कहना है, की पैरोडी है।

गीत के बोल हैं: पीएम का सीएम का सबका कहना है, अपने ही घर में सबको रहना है। कोरोना से हमें बच के रहना है। उल्लेखनीय है कि अनिल नगर के विक्रम विंटेज होटल में कार्यरत हैं, जबकि आयुषी शास्त्रीय नृत्य एवं थियेटर से भी जुड़ी हैं। सुनिये उनका गीत:

यह भी पढ़ें : नैनीताल के युवाओं को गीत ‘बोल दो’ हो रहा हिट

-प्रारम्भ प्रोडक्शन्स ने किया है रिलीज

नवीन समाचार, नैनीताल, 28 अगस्त 2019। नैनीताल नगर के युवाओं की जुबान पर इन दिनों एक नया गीत ‘बोल दो’ छाने लगा है। हर ओर इस गीत के बोलों और इसके पिक्चराइजेशन की चर्चा है। युवा अक्सर इस गीत को गुनगुनाते नजर आ रहे हैं। दरअसल यह नया गीत ‘बोल दो’ नगर के प्रतिभाशील कलाकार प्रभात सिंह के इसी वर्ष स्थापित ‘प्रारम्भ प्रोडक्शंस’ की प्रस्तुति है। रोहित वर्मा के निर्देशन में फिल्माए गये इस गीत को नगर के मल्लीताल पंत पार्क एवं कैपिटॉल सिनेमा के सामने व बास्केट बॉल कोर्ट के सीमित दायरे और डीएसबी परिसर की एक कक्षा में फिल्माया गया है, बावजूद गीत का फिल्मांकन इतना दिलकश है कि बार-बार देखने को मजबूर करता है। गत 21 अगस्त 2019 को रिलीज हुए इस गीत को एक सप्ताह से भी कम समय में हजारों व्यूज और सैकड़ों लाइक्स मिल चुके हैं। गीत में डीएसबी परिसर के कई छात्र-छात्रा भी नजर आ रहे हैं। प्रभात ने बताया कि उनके ‘प्रारम्भ प्रोडक्शंस’ का मकसद नैनीताल व नैनीताल से जुड़े क्षेत्रों में रहने वाले प्रतिभाशील कलाकारों को एक नई पहचान देना और उत्तराखंड की संस्कृति को पूरी दुनिया के सामने लाना है। आगे ‘प्रारम्भ प्रोडक्शन्स’ द्वारा उत्तराखंड में युवाओं में बढ़ते स्मैक के जानलेवा नशे के दुष्प्रभावों पर एक नई प्रेरणादायक लघु फिल्म पर भी काम किया जा रहा है। गीत में आवाज व संगीत प्रिंस परसाल का है, जबकि स्क्रीन पर काजल बोरा, सम्राट सिंह और प्रिंस परसाल के साथ ही हिमानी बोरा, अलोना बिष्ट, शिवानी बोरा, सोनी अनीश, शिवानी पवार, सिमरन सिंह, अलफजा नदीम, दीप्ति बोरा, धैर्य बिष्ट, कार्तिक पंत, दक्ष्य कश्यप, शाहरुख अंसारी, अंकित चंद्रा, अतुल बेदी, गौरव सिलोरियाल, नवीन जोशी व मुकुल आनंद नजर आ रहे हैं।

यह भी पढ़ें : नगर के युवाओं ने बनाया शहीद सैनिकों के लिए गीत, हो रहा वायरल…

वीडियो में सरहद गीत गाते युवा।

नवीन समाचार, नैनीताल, 25 अगस्त 2019। देश के शहीद जवानों को याद करते हुए उन्हें सम्मान व उनकी सेवाओं के लिए देश की ओर से धन्यवाद देने के लिए नगर के युवाओं की ‘टीम बेनी’ के सदस्यों ने एक ऑडियो-वीडियो गीत तैयार किया है। यूट्यूब पर ‘सरहद’ नाम से मौजूद यह गीत खासा पसंद किया जा रहा है।

देखें गीत :

‘सरहद पे जो लड़ाई है भारत माता पे जो आंच आई है’ शब्दों युक्त गीत में देश की सीमा पर देश की सुरक्षा में तैनात जवानों और उनके परिवारों की कुर्बानी का गुणगान किया गया है। टीम के सदस्यों का कहना है कि यह गीत सीमा पर खड़े होकर देश की रक्षा करने वाले जवानों को देश की ओर से धन्यवाद देना है। वे आगे भी देश के जवानों के लिए ऐसे ही प्रोत्साहित करने वाले गीत बनाएंगे। गीत बनाने वाली टीम बेनी में नगर के नारायण नगर वार्ड के सामान्य घरों से ताल्लुक रखने वाले करन कुमार, नगर के सेंट जेवियर के 12वीं कक्षा के छात्र अभय कुमार, 10वीं के छात्र ध्रुवांश यशवर्धन, कमलेश कुमार, प्रियांशु कुमार, मोहित पंत, वैभव सिंह, रोहित बरसीला, अंकित कुमार व शुभम कुमार शामिल हैं।

यह भी पढ़ें : जरूर देखें-सुनें, हर कुमाउनी की सामाजिक पीड़ा को प्रदर्शित करता भावपूर्ण गीत-‘भागै लेख’

नवीन समाचार, नैनीताल, 19 अगस्त 2019। एक बड़ी प्रसिद्ध कहावत व यथार्थ है-‘एक मॉ अपने चार बच्चों को अकेले, अपने मुंह का निवाला भी बराबर मात्रा में देकर, बड़े आराम से पाल-पोश कर बड़ा करती है। वहीं, दूसरी ओर यही चार चार बच्चे बड़े होकर, एक अकेली मां को उसके बुढ़ापे मे पालने में असमर्थ रहते है।’

देखें विडियो :

2004 में उत्तराखंडी सुपर हिट फिल्म ‘तीन ऑखर’ से अपना कैरियर शुरू करने वाले जगदीश तिवारी द्वारा अभिनित नया कुमाउनी गीत ‘भागै लेख’ ऐसे बुजुर्ग माता-पिताओं को समर्पित है, जो बुढ़ापे में पहाड़ में अकेले अपने घरों की देहली में अपने बच्चों का इन्तजार करने को अभिशप्त हैं। वे नाती-पोतों सहित अपने दर्जनों पारिवारिक सदस्य होने के बाबजूद भी एक गिलास पानी के लिये पड़ोस के बच्चों पर निर्भर रहने को मजबूर हैं। वे सोचते हैं ‘काश, हमें भी कोई पानी देने वाला होता। हमारे लिये भी उम्र के इस पड़ाव में कोई दो रोटी बनाकर कहता-लीजिये पिताजी, लीजिये माताजी, खाना खा लीजिये।’
इंसान अपना जीवन अपनी आशाओं, आकांक्षाओं के लिये परिवार रूपी महाजाल के पालन-पोषण में बिताता हुआ कब बुढ़ापे तक पहुंच जाता है। और देखते-देखते कब उसके बच्चे पंछियों की तरह बड़े होते जाते है, और घोंसले से फुर्र-फुर्र उड़ते चले जाते हैं उसे स्वयं भी पता नहीं चल पाता। और उसके पास बचती हैं तो सिर्फ उनकी यादें, आसुओं में डूबती आंखें और अकेलापन।
इन्हीं तानों-बानों पर बुना उत्तराखण्ड स्टूडियो के वरिष्ठ सम्पादक जगदीश तिवारी द्वारा अभिनित व निर्देशित गीत ‘भागै-लेख’ अपील करता है कि अपने बच्चों के भविष्य की चिन्ता के साथ शहरों में रह रहे प्रवासी एक बार उन माता-पिता की भी सुध लें, जो उनके उज्जवल भविष्य के लिए अपना वर्तमान चैन से नहीं जी सके।
वहीं दूसरी ओर, गीत में कुमाऊं की समृद्ध परम्पराओं व रीति-रिवाजों को भी खूबसूरती से दर्शाया गया है। खासकर बच्चे के नामकरण व इस दौरान सूर्य पूजन का दृश्य काफी अच्छा, स्वाभाविक व अपने मूल-वास्तविक स्वरूप में ही लिया गया लगता है। गीत की शूटिंग, पहाड़ की हसीन वादियों में हल्द्वानी, जागेश्वर, रामनगर व दिल्ली स्टूडियों में की गई है। संुदर कुमाउनी शब्दों के साथ व अच्छी आवाज में रचित व गाया गया ‘भागै-लेख’ गीत पहाड़ के आम व्यक्ति की पीड़ा को दर्शाता हुआ यूट्यूब पर काफल डिजिटल प्रोडक्शन चैनल में उपलब्ध है, एवं दर्शकों को काफी पसंद आ रहा है।

काफल डिजिटल प्रोडक्शंस प्रस्तुति :
अभिनय : जगदीश तिवारी, गीता न्योलिया, बीना कांडपाल, गिरीश भट्ट, बबिता देवी, नवीन पाठक, भुवन भट्ट
बाल कलाकार : नम्रता, मानवी व दिव्यांश, स्वर : गिरीश भट्ट , गीतकार : हरीश वर्मा, संगीत : जयराज, रिकार्डिस्ट : संजीव महंतो, कैमरा : ध्रुव त्यागी व सुभाष मंडल, एडिटिंग व निर्देशन : जगदीश तिवारी, सहयोग : हरीश वर्मा, नवीन पाठक, सुनील, भुवन भट्ट, अल्मोड़ा स्वीट, निर्माता : गिरीश भट्ट, काफल डिजिटल प्रोडक्शंस
अपील : आस्था हो, विश्वास हो, अंधविश्वास ना हो।

यह भी पढ़ें : दिवंगत लोकगायक पप्पू कार्की के बेटे ने एक माह में हासिल कर लिया पिता से भी बड़ा मुकाम, दर्ज की यूट्यूब पर यह उपलब्धि

नैनीताल, 5 नवंबर 2018। हर पिता का यह स्वप्न होता है कि उसका बेटा उससे भी बड़ा नाम बनाये। प्रसिद्ध दिवंगत लोकगायक पप्पू कार्की के बेटे दक्ष कार्की ने अपनी गायकी के बल पर केवल एक माह में वह मुकाम हासिल कर लिया है, जिसके लोग अरमान पालते हैं, और सालों तरसते हैं। दक्ष का गाया अपने पिता का गीत ‘सुन ले दगडिया’ केवल 1 माह में यूट्यूब पर 3 मिलियन व्यूज का आंकड़ा पार कर चुका है। साथ ही दक्ष का गाना रिलीज होने के बाद करीब 1 लाख लोग उनके पिता के ‘पप्पू कार्की’ चैनल को सब्सक्राइब कर चुके हैं। इस मुकाम को हासिल करने पर पप्पू कार्की चैनल को यूट्यूब की और से ‘सिल्वर बटन’ भी दे दिया गया है। जो कि एक बड़ी उपलब्धि माना जाता है। मालूम हो कि सिल्वर बटन एक ‘यूट्यूब रिवार्ड’ है जो चैनल पर एक लाख सब्सक्राइब होने पर एवं हर वीडियो ओरिजनल होने पर ही मिलता है।

दक्ष कार्की के इस गीत के बाद पप्पू कार्की चैनल पर सब्सक्राइबर्स उमड़ पड़े हैं। एक बेटे ने जिस तरह पिता कि मौत के बाद एक तरह से पिता के सपने को पूरा किया, वह वाकई लाजवाब है। अब यूट्यूब चैनल पर इस बटन के मिलने के बाद पीके एंटरटेंटमेंट ग्रुप के सभी सदस्य खुश हैं। आखिर उनकी मेहनत रंग लाई है। विशेषकर उनकी पत्नी इस सफलता से काफी खुश हैं। देखिये दक्ष का गीत : (साभार)

यह भी पढ़ें : आया पहले उत्तराखंडी रैपर राज सिंह का पहला कुमाउनी गीत-चम्पावत की बाना, मिले 1 लाख से अधिक व्यूज

उत्तराखंडी रैपर राज सिंह

नवीन जोशी, नैनीताल। यदि आप गायकी की नयी विधा रैप के शौकीन हैं तो उत्तराखंड के रैपर राज सिंह-हनी सिंह के बेहतर विकल्प हो सकते हैं। हो सकता है आप रैपर राज सिंह को सुनेंगे तो हनी सिंह को भूल जाएंगे। रैपर राज सिंह पहाड़ों की अपनी अलग ठसक व मखमली अंदाज युक्त गायकी के लिए पहचाने जाने वाले उत्तराखंड के चंपावत जिले के दूरस्थ पाटी विकास खंड के ग्राम चौड़ाकोट डूंगरा के रहने वाले हैं। इधर इस पहले उत्तराखंडी रैपर राज सिंह का पहला कुमाउनी गीत-चम्पावत की बाना आ गया है, और इसे 1 लाख से अधिक व्यूज भी मिल गए हैं।

देखें राज का पहला कुमाउनी गीत-चम्पावत की बाना :

राज ने ‘नवीन समाचार’ को बताया कि वे लगातार उत्तराखंड और कुमाउनी लोक गीत-संगीत के लिए कुछ नया करना चाहते हैं। हिंदी व पंजाबी रैप में अपना नाम बना चुके राज शीघ्र कुमाउनी रैप गीत भी लाने जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह पहला कुमाउनी रैप आगामी 1 अक्टूबर को सुबह नौ बजे उनके यूट्यूब चैनल आरएस प्रोडक्शन पर लॉंच किया जाएगा।

इस उत्तराखंडी रैपर को सुनेंगे तो हनी सिंह को भूल जाएंगे ! रैप गायन में नाम बना रहे उत्तराखंडी रैपर हनी (राज) सिंह

राष्ट्रीय सहारा 13 मई 2018

अब तक उनके हिंदी व पंजाबी में चार म्यूजिक एल्बम-हिंदी गीतों की ‘स्पेशल पार्टी’, ‘शाम की पार्टी’ व ‘हॉट गर्ल तथा पंजाबी गीतों की ‘मेरे नाल’ से धूम मचा रहे हैं, साथ ही वह अपने ‘आरएस प्रोडक्शन’ नाम के यूट्यूब चैनल के माध्यम से इंटरनेट की दुनिया में भी छा मचा रहे हैं।

रैपर राज के कुछ रैप वीडियो यहाँ देखें :

रैपर राज की पढ़ाई चंपावत के जीआईसी पाटी से हुई है और वह वर्तमान में अपने व्यवसायी पिता के साथ दिल्ली में रहकर ही गायकी कर रहे हैं। बावजूद वह अपनी जड़ों से भी जुड़े हैं। हाल ही में उन्होंने चंपावत के डिग्री कॉलेज में भी एक लाइव शो किया, वहीं अपने राज्य उत्तराखंड, चंपावत जिले तथा अपने विकास खंड पाटी व गांव के नाम को शामिल करते हुए भी ‘मेरी शुरुआत’ नाम से एक रैप तैयार कर गाया है। साथ ही आगे उनकी कुमाउनी लोक गायिका जानकी कोरंगा के साथ कुमाउनी रैप गीतों की एक श्रृंखला शुरू करने की भी योजना है।

यह भी पढ़ें : पहाड़ के बेटे मनीष की ‘ईजा’ की म्यूजिक वीडियो हुई सुपर हिट, 4 दिन में 15.76 लाख ने देखी

ईजा प्रोडक्शन के तहत हुआ है ‘जाना कहाँ’ म्यूजिक वीडियो का निर्माण

मनीष मेहता

नैनीताल। पहाड़ के बेटे हर हुनर में माहिर हैं। ऐसे ही एक बेटे हैं उत्तराखंड के गरुड़ बागेश्वर निवासी  निवासी नारायण सिंह मेहता व पुष्पा मेहता के पुत्र,  2013 में ‘मिस्टर इंडिया’ के उप विजेता रहे तथा कई पंजाबी और हिंदी म्यूजिक वीडियो में अभिनय कर चुके फैशन मॉडल, अभिनेता एवं निर्देशक के साथ ही दिल्ली में  प्रवास में रहने के बावजूद पहाड़ से गहरे जुड़े संस्कृतिकर्मी मनीष मेहता। उनके द्वारा ‘ईजा प्रोडक्शन’ के तहत निर्देशित म्यूजिक वीडियो ‘जाना कहाँ’ ने बीती 9 जुलाई को टी सीरीज के जरिये विश्व भर में रिलीज होने के बाद मात्र चार दिन में ही 15.76 लाख से अधिक ‘व्यूज’ एवं 5.3 हजार ‘लाइक्स’ हासिल कर प्रसिद्धि की ऐसी ऊंचाइयां छू ली हैं, जिसके लिए बड़े कलाकार भी तरसते हैं।

मनीष के इस म्यूजिक वीडियो की सह निर्देशक भी उत्तराखंड की ही एक बेटी नेहा सामंत हैं, जो कि पिथौरागढ़ जिले के डीडीहाट की हैं, और इंडिया टुडे मीडिया इंस्टिट्यूट से पत्रकारिता की छात्रा रही हैं। जबकि गीत में आवाज जय तनेजा एवं यूक्रेनिया की गायिका एलेना लिमान की हैं, एवं इसमें इन दोनों ने ही अभिनय भी किया है।

ईजा यानी मां के आशीर्वाद से छुवी हैं उपलब्धियां

नैनीताल। मनीष की उपलब्धियों के पीछे उनका पहाड़ से जुड़ाव बड़ी भूमिका अदा करता रहा है। आधुनिक अंग्रेजी-पंजाबी दौर में मनीश हमेशा पहाड़ को अपने साथ ले कर चलते हैं। इसीलिये 2016 में उन्होंने अपने होम प्रॉडक्शन का नाम रखा ‘ईजा प्रॉडक्शन’ (कुमाउनी में ईजा मतलब मां)। इसके अलावा ईजा वेडिंग स्टूडियो, ईजा मीडिया, ईजा डिजिटल आदि नामों से अलग-अलग वेंचर भी उन्होंने स्थापना किये हैं। वे पहाड़ में गप्पबाजी के लिये प्रसिद्ध ‘फसक’ नाम के कार्यक्रमों की श्रृंखला के जरिये भी उत्तराखंड की बात पूरी दुनिया में फैला रहे हैं।

मनीष की ‘द बेंच’ ने जीते हैं तीन पुरस्कार

नैनीताल। मनीष मेहता के लेखन व निर्देशन में बनी पारिवारिक पृष्ठभूमि व आधुनिक समय में रिश्तों की अहमियत खोते समाज को आईना दिखाती हुई लघु फिल्म ‘द बेंच’ को भी दर्शकों ने खूब सराहना मिल चुकी है। यह फिल्म नैनीताल फिल्म फेस्टिवल में भी सर्वश्रेष्ठ फिल्म सहित तीन पुरस्कार जीत चुकी है।

‘फूलदेई’ फैशन ब्रांड करने वाले हैं शुरू, पहाड़ के बच्चों को देते हैं निःशुल्क प्रशिक्षण

नैनीताल। मनीष मेहता कहते हैं कि उनका प्रयास पहाड़ और पहाड़ से जुड़ी चीजों के लिए कुछ न कुछ करने का रहता है। वे पहाड़ के बच्चों को निःशुल्क प्रशिक्षण तथा युवा प्रतिभाओं को अपने यहां प्राथमिकता से मौका देते हैं। जल्दी ही वे उत्तराखंड की प्रकृति से जुड़े एक नए फैशन एन्ड लाइफस्टाइल ब्रांड ‘फूलदेई’ को लॉन्च करने वाले हैं। साथ ही वे अपने निर्देशन में एक फीचर फिल्म शुरू करने जा रहे हैं।

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गर्मियों में करना हो सर्दियों का अहसास तो.. ये वादियाँ ये फिजायें बुला रही हैं तुम्हें… नये वर्ष के स्वागत के लिये सर्वश्रेष्ठ हैं यह 13 डेस्टिनेशन आपके सबसे करीब, सबसे अच्छे, सबसे खूबसूरत एवं सबसे रोमांटिक 10 हनीमून डेस्टिनेशन सर्दियों के इस मौसम में जरूर जायें इन 10 स्थानों की सैर पर… इस मौसम में घूमने निकलने की सोच रहे हों तो यहां जाएं, यहां बरसात भी होती है लाजवाब नैनीताल में सिर्फ नैनी ताल नहीं, इतनी झीलें हैं, 8वीं, 9वीं, 10वीं आपने शायद ही देखी हो… नैनीताल आयें तो जरूर देखें उत्तराखंड की एक बेटी बनेंगी सुपरस्टार की दुल्हन उत्तराखंड के आज 9 जून 2023 के ‘नवीन समाचार’ बाबा नीब करौरी के बारे में यह जान लें, निश्चित ही बरसेगी कृपा नैनीताल के चुनिंदा होटल्स, जहां आप जरूर ठहरना चाहेंगे… नैनीताल आयें तो इन 10 स्वादों को लेना न भूलें बालासोर का दु:खद ट्रेन हादसा तस्वीरों में नैनीताल आयें तो क्या जरूर खरीदें.. उत्तराखंड की बेटी उर्वशी रौतेला ने मुंबई में खरीदा 190 करोड़ का लक्जरी बंगला