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धामी मंत्रिमंडल ने लिए यूकेएसएसएससी परीक्षाओं से संबंधित सहित कई बड़े निर्णय

नवीन समाचार, देहरादून, 9 सितंबर 2022। उत्तराखंड में भर्ती घोटाले के बीच उत्तराखंड सरकार ने यूकेएसएसएससी यानी उत्तराखंड अधनस्थ सेवा चयन आयोग की परीक्षाएं रद्द कर दी हैं। शुक्रवार को सीएम पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला लिया गया है। अब कुल सात हजार पदों के लिए दोबारा परीक्षाएं आयोजित होंगी। इन 25 के करीब परीक्षाओ को कराने की जिम्मेदारी अब लोक सेवा आयोग को जिम्मेदारी दी जाएगी। आयोग जल्द ही इन परीक्षाओं के लिए कैलेंडर जारी करेगा।

मंत्रिमंडल के अन्य फैसले:
-पीएम आवास योजना के तहत आवास विभाग को निःशुल्क छह हेक्टेयर भूमि मिलेगी
-माध्यमिक शिक्षा विभाग में प्रधानाचार्य के 50 फीसदी पद पदोन्न्ति से से भरे जाएंगे
-500 वर्ग मीटर से कम भूमि पर निर्माण करने वालों को केंद्रीय बिल्डिंग बायलॉज का भी मिलेगा विकल्प
-जीएसटी बिल को प्रमोट करने को बिल लाओ, ईनाम पाओ योजना को मंजूरी
-पांच नवोदय स्कूलों को पीपीपी मोड पर देने का फैसला

कैबिनेट बैठक में 770 पदों के लिए पांच परीक्षाएं रद्द की गईं हैं। इनमें वाहन चालक, कर्मशाला अनुदेशक, मत्स्य निरीक्षक, मुख्य आरक्षी पुलिस दूरसंचार और पुलिस रैंकर्स की परीक्षाएं शामिल हैं। जबकि यूकेएसएससी से होने वाले ऐसे परीक्षाएं जिनकी विज्ञप्ति अभी जारी नही हुई हैं, उन्हें अब लोक सेवा आयोग के विनियम तहत आयोजित किया जाएगा। वहीं ऐसी भर्ती परीक्षाएं, जिनका अभी परिणाम जारी नहीं हुआ है, ऐसी 7 हजार पदों की परीक्षाएं लोक सेवा आयोग करायेगा। मंत्रिमंडल के इस फैसले से सबसे बड़ा झटका उत्तराखंड पुलिस को लगा है जहाँ रैंकर्स परीक्षा के परिणाम का इंतजार कर रहे पुलिसकर्मियों के अरमान टूट गए हैं। इसके अलावा मुख्य आरक्षी यानी पुलिस हेड कांस्टेबल की परीक्षा को भी रद्द कर दिया गया है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : बिग ब्रेकिंग: धामी मंत्रिमंडल की बैठक में करीब 3 दर्जन प्रस्तावों पर मुहर…

नवीन समाचार, देहरादून, 27 जुलाई 2022। सीएम पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज राज्य मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित हुई। मुख्य सचिव ने मंत्रिमंडल की बैठक की जानकारी देते हुए बताया कि बैठक में 36 प्रस्ताव आए। इनमें से निम्न अधिकांश को मंजूरी दे दी गई:

लैब टेक्नीशियन की नियुक्ति की नियमावली में संशोधन,
मंत्रिमंडल ऑफिस में ई ऑफिस व्यवस्था की शुरू,
सेवा के अधिकार के वार्षिक प्रतिवेदन को कैबिनेट की मंजूरी,
योजना आयोग की नियमावली पर संशोधन के प्रस्ताव पर मुहर
योजना आयोग की नियमावली में संसोधन
उत्तराखंड परियोजना एवं निर्माण निगम कार्यादाई संस्था के रूप
ग्राम विकास विभाग में रूरल incubetar तैनात किए गए थे उनकी नियमावली बनाई गई

E-ऑफिस अब मंत्रिमंडल ऑफिस में भी लागू आज से किया गया
2019 में कलेक्ट्रेट कर्मियों के 6 दिन के हड़ताल के पैसों को देने का फैसला
MSME में भू खंडो के आवंटन की नियमावली में बदलाव, अब सर्किल रेट के हिसाब से दिया जाएगा
कौशल विकास विभाग की नियमावली स्वीकृति की गई
अनुदेशक नियमावली में संशोधन
केदारनाथ में JSR निर्माण कार्य कर रही है सोनप्रयाग में भी वो ही करेंगी
चीनी मिल गदरपुर की भूमि को किसी को नहीं दी जाएगी
उत्तराखंड trasferable devlepment राइट की नियमावली को मिली मंजूरी

किच्छा में AIIMS खोला जाएगा 100 एकड़ भूमि निशुल्क केंद्र सरकार को दी जाएगी
देहरादून रोप वे को लेकर नियमों को शिथिलीकरण करने को
दूरसंचार कंपनियों को राहत दिया गया नॉमिनल चार्ज किए गए प्राधिकारण इलाके में 50 हजार ग्रामीण इलाकों में 25 हजार
इलेक्ट्रानिक मीडिया की नियमावली को 6 महीने आगे किया गया ।
लैब टेक्नीशियन की नियुक्ति की नियमावली में संशोधन,
मंत्रिमंडल ऑफिस में ई ऑफिस व्यवस्था की शुरू,
सेवा के अधिकार के वार्षिक प्रतिवेदन को कैबिनेट की मंजूरी,
योजना आयोग की नियमावली पर संशोधन के प्रस्ताव पर मुहर,

विधानसभा सत्र के सत्रावसान को मंजूरी
कौशल विकास विभाग एवं सेवा नियोजकन विभाग की नियमावली को मंजूरी
केदारनाथ मास्टर प्लान पूरा होने जा रहा है जबकि सोनप्रयाग मास्टर प्लान का निर्माण भी केदारनाथ मास्टर प्लान काम कर रही एजेंसी को मिली जिम्मेदारी
गदरपुर की चीनी मिल की अतिरिक्त भूमि को सरकार अपने पास ही रखेगी
कार्मिक विभाग के तहत सेवा नियमावली चयन आयोग की नियमावली के तहत संशोशन। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : सुखद समाचार : उत्तराखंड में प्रति व्यक्ति आय में 8 प्रतिशत और विकास दर में 6.13 प्रतिशत की वृद्धि, जानें कितनी हो गई उत्तराखंडवासियों की प्रति व्यक्ति आय

नवीन समाचार, देहरादून, 17 जून 2022। आर्थिक सर्वेक्षण 2021-22 की रिपोर्ट में उत्तराखंड में प्रति व्यक्ति आय में करीब आठ फीसदी की वृद्धि हुई है। शुक्रवार को विधानसभा बजट सत्र में वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने आर्थिक सर्वेक्षण 2021-22 की रिपोर्ट सदन में रखी, जिसमें यह खुलासा हुआ।

विधानसभा बजट सत्र में वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने आर्थिक सर्वेक्षण 2021-22 की रिपोर्ट सदन के पटल रखी। इसमें बताया गया कि उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था कृषि, बागवानी, पशुपालन, वन, खनन, विनिर्माण, निर्माण, व्यापार, होटल व रेस्टोरेंट तथा अन्य क्षेत्रों पर निर्भर है। रिपोर्ट की मानें तो उत्तराखंड में विकास दर में भी सुधार दर्ज किया गया है। उत्तराखंड की विकास दर 6.13 प्रतिशत आंकी गई है, जबकि साल 2020-21 में 4.42 प्रतिशत की वृद्धि आंकी गई थी। लेकिन, राष्ट्रीय स्तर से उत्तराखंड की विकास दर अभी भी काफी कम है। रिपोर्ट की मानें तो पिछले साल 2020-21 में राज्य की प्रति व्यक्ति आय 1 लाख 82 हजार 696 रुपए थी, जो करीब आठ फीसदी की वृद्धि के साथ वर्ष 2021-22 में बढ़कर 1 लाख 96 हजार 282 रुपए पहुंच गई है।

उल्लेखनीय हे कि उत्तराखंड विधानसभ में शुक्रवार को विपक्ष के हंगामे के बीच सत्ता पक्ष ने विभागवार बजट पर चर्चा की। सत्ता पक्ष के सदस्यों की संख्या अधिक होने के चलते विभागवार बजट ध्वनिमत से पास हुआ। इस दौरान सरकार ने विभागवार बजट पास किया, जिसमें जलापूर्ति आवास एवं नगर विकास विभाग का 2110 करोड़ 25 लाख 53 हजार रुपये का बजट पास हुआ। इसी प्रकार कृषि विभाग का 1206 करोड़ 19 लाख 93 हजार, परिवहन विभाग का 337 करोड़ 4 लाख 95 हजार, समाज कल्याण विभाग का 2022 करोड़ 65 लाख 78 हजार, पशुपालन विभाग का 531 करोड़ 66 लाख 61 हजार, श्रम एवं रोजगार विभाग का 605 करोड़ 31 लाख 88 हजार, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग का 534 करोड़ 32 लाख 54 हजार, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग का 2804 करोड़ 19 लाख 76 हजार, संसदीय कार्य विभाग का 94 करोड़ 28 लाख 63 हजार, पुलिस एवं जेल विभाग का 2423 करोड़ 55 लाख 4 हजार, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग का 3994 करोड़ 16 लाख 38 हजार, ग्रामीण विकास विभाग का 3699 करोड़ 13 लाख 37 हजार, लोक निर्माण विभाग का 2338 करोड़ 86 लाख 50 हजार का बजट पास किया गया।

बताया गया कि उत्तराखंड सरकार की कुल कमाई में से 19 प्रतिशत हिस्सेदारी आबकारी विभाग की है। इस साल शराब से 3260 करोड़ का राजस्व कमाया है। अल्मोड़ा में गरीबी राष्ट्रीय औसत से अधिक है। अल्मोड़ा की 25.65 प्रतिशत आबादी बहुआयामी गरीब की श्रेणी में आई है। जबकि उत्तराखंड की करीब 17 प्रतिशत आबादी गरीब है। शिक्षा के बाद सर्वाधिक खर्च 22 प्रतिशत खर्च प्रशासनिक सेवाओं पर किया गया है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड ब्रेकिंग: प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक से निकले गरीबों, पशु पालन कर्मियों, गेहूं किसानों व केदारनाथ वासियों के लिए तोहफे सहित बहुत कुछ…

नवीन समाचार, देहरादून, 12 मई 2022। पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार की गुरुवार को दूसरी मंत्रिमंडल की बैठक हुईं बैठक में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई, साथ ही कई बिंदुओं पर मुहर भी लग गई। बैठक में सबसे बड़ी बात राज्य में अंत्योदय राशन कार्ड धारकों के लिए तीन गैस सिलिंडर मुफ्त दिए जाने का निर्णय लिया गया है। मुख्यसचिव एसएस संधू ने बताया कि खाद्य आपूर्ति विभाग 1.84 लाख परिवारों को साल में 3 गैस सिलेंडर मुफ्त देगा। इस योजना से सरकार पर प्रतिवर्ष 55 करोड़ का अतिरिक्त भार पड़ेगा।

इसके साथ ही मंत्रिमंडल ने किसानों को प्रति कुंतल गेहूं पर 20 रुपए बोनस देने का भी निर्णय लिया है। अभी सरकार किसानों को प्रति कुंतल 2015 रुपए दे रही है, अब बोनस मिलाकर कुल 2035 रुपए मिलेंगे। इसके अलावा मंत्रिमंडल ने केदारनाथ में स्थानीय व्यक्तियों को एक मंजिले की जगह दो मंजिले भवन बनाने की अनुमति भी दे दी है।

इसके अलावा गन्ना मूल्य भुगतान के लिए दी जाने वाली शासकीय गारंटी के लिए विभाग शासन को एक्ट के हिसाब से शुल्क देगा। यदि किसानों को मदद की आवश्यकता होगी तो विभाग शासन को अवगत कराएगा इसके पश्चात शासन द्वारा मदद की जाएगी। इसके अलावा मंत्रिमंडल ने कृत्रिम गर्भाधान करने वाले कर्मचारियों को पूर्व की भांति पहाड़ी क्षेत्रों में प्रति पशु 50 रुपये और मैदानी क्षेत्रों में 40 रुपये प्रति पशु धनराशि देने, गेंहू खरीद पर किसानों को मिलेगा प्रति कुंतल 20 रुपये बोनस देने को भी मंजूरी दे दी। मंत्रिमंडल ने विधानसभा के सत्रावसान का अनुमोदन भी कर दिया और हरिद्वार में पंचायत चुनाव मामले में अगली बैठक में निर्णय लेने की बात कही।

हालांकि उम्मीद की ja रही थी की इस बैठक में यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर भी चर्चा हो सकती है। साथ ही स्वास्थ्य विभाग को लेकर कई प्रस्ताव भी आ सकते हैं। कोविड काल में अस्पतालों में रखे गए आउटसोर्स कर्मचारियों को भी सरकार दोबारा रख सकती है। नौकरी से हटाए जाने के बाद ये कर्मचारी आंदोलनरत हैं। स्वास्थ्य मंत्री इन्हें दोबारा रखने का आश्वासन दे चुके हैं। इसके साथ ही जल जीवन मिशन के तहत पाइपों के दाम संशोधित करने, ई वाहन पालिसी आदि महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी मिल सकती है। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड को मिली गंगा किनारे यूपी की अलकनंदा और यूपी को उत्तराखंड में भागीरथी…

नवीन समाचार, हरिद्वार, 5 मई 2022। देश की आत्मा से जुड़ी मां स्वरूप गंगा नदी के दो अन्य नाम है भागीरथी और अलकनंदा। आज यूपी व उत्तराखंड के बीच इन तीनों का अजब संयोग देखने को मिला। हरिद्वार में गंगा किनारे बने उत्तराखंड पर्यटन विभाग के नए होटल भागीरथी का यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने साथ मिलकर लोकार्पण किया और इसके बाद यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने अलकनंदा होटल की चाबी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सौंपी।

सीएम योगी ने हरिद्वार में भागीरथी पर्यटक आवास का किया लोकार्पण, बोले- नई  विकासगाथा लिख रहे हैं यूपी और उत्तराखंड – चम्पावत ख़बरमालूम हो कि वर्ष 2000 में उत्तर प्रदेश से अलग होकर उत्तराखण्ड राज्य का गठन होने के बाद से दोनों राज्यों के बीच में परिसंपत्तियों का बंटवारा नहीं हो पाया था। इस बीच यूपी के स्वामित्व वाले अलकनंदा होटल पर उत्तराखंड ने अपने हक जताया, जिसका मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, और शीर्ष अदालत ने उत्तराखंड के दावे को सही माना। बाद में दोनों सरकारों के बीच हुए समझौते के तहत उत्तर प्रदेश को उत्तराखंड में जमीन उपलब्ध करवाई, जिस पर यूपी सरकार ने एक 100 कमरों का आलीशान पर्यटक आवास तैयार किया है और उसे भागीरथी पर्यटन आवास नाम दिया। साथ ही अलकनंदा को उत्तराखंड को हस्तांतरित कर दिया।

बताया गया दें कि पहाड़ी शैली से गंगा नदी किनारे बनाए गए भागीरथी होटल में 100 कमरों में 12 वीआईपी और 88 लग्जरी रूम हैं। आधुनिक सुख-सुविधाओं से युक्त भागीरथी होटल में लिफ्ट, एसी और बैंक्वेट हॉल की व्यवस्था भी है। इस होटल के एक बैंक्वेट हॉल में 100 लोगों जबकि दूसरे में 150 लोगों के जमा होने की क्षमता है। इस होटल की बालकनी से पर्यटक गंगा नदी के दर्शन कर सकते हैं। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : बिग ब्रेकिंग: उत्तराखंड की धामी 2.0 सरकार की पहली मंत्रिमंडल की बैठक में यूनिफार्म सिविल कोड पर हुआ बड़ा निर्णय

उत्तराखंड सरकार की पहली कैबिनेटनवीन समाचार, देहरादून, 24 मार्च 2022। उत्तराखंड की धामी सरकार पहली मंत्रिमंडल की बैठक में यूनिफार्म सिविल कोड पर बड़ा निर्णय ले लिया गया है। राज्य में यूनिफार्म सिविल कोड यानी समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए समिति बनाने का निर्णय ले लिया गया है। समिति में विधि विशेषज्ञ शामिल होंगे।

उल्लेखनीय है कि देश में अब तक केवल गोवा में यूनिफार्म सिविल कोड लागू है। पहली कैबिनेट बैठक में पार्टी संगठन ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सरकार का दृष्टि पत्र सौंपा। प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक और प्रदेश महामंत्री अजेय कुमार ने सीएम को दृष्टि पत्र सौंपा। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने कहा कि जनता ने भाजपा और भाजपा के दृष्टि पत्र पर भरोसा किया है और सरकार उस पर पूरी तरह से खरी उतरेगी।

सीएम धामी ने कहा कि हमने चुनाव से पहले कहा था कि यूनिफ़ॉर्म सिविल कोड लेकर आएंगे। हमारा राज्य दो-दो अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से भी लगा है। ऐसे में जरूरी है कि उत्तराखंड में ऐसा कानून हो जो सभी के लिए समान हो। समाज, विधि विशेषज्ञ को मिलाकर हम एक समिति बनाएंगे। यह कमेटी ड्राफ्ट तैयार करेगी और इस यूनिफ़ॉर्म सिविल कोड को लागू करेंगे। आर्टिकल 44 के तहत राज्य को इसकी पावर है। मंत्रिमंडल ने तय किया है कि जल्द ही इसे लागू करेंगे। गोवा के बाद उत्तराखंड देश का पहला राज्य होगा जो यूनिफ़ॉर्म सिविल कोड लाएगा। बताया कि विधानसभा सत्र का प्रस्ताव भी मंत्रिमंडल के पास है।

उन्होंने कहा कि युवा सीएम पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व मे मंत्रिमंडल के सदस्य राज्य को तरक्की की दिशा मे ले जाने के लिए अधिक ऊर्जा से कार्य करेंगे। कहा कि हमने जो संकल्प प्रदेश की देवतुल्य जनता के समक्ष रखे थे, उन पर जनता ने सहमति देते हुए अपना आशीर्वाद दिया। राज्य सरकार जनता की अपेक्षाओं और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए दृढ़ संकल्प बद्ध है। इस अवसर पर प्रदेश महामंत्री श्री सुरेश भट्ट व सभी कैबिनेट मंत्री उपस्थित रहे। विस्तृत समाचार पाने के लिए इस लिंक को रिफ्रेश करते रहें। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड को दो माह के भीतर मिले दूसरे नए ब्रांड एंबेसडर, अभिनेता अक्षय कुमार पहले भी रह चुके हैं राज्य के ब्रांड एंबेसडर

Imageनवीन समाचार, देहरादून, 7 फरवरी 2022। बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार दूसरी बार उत्तराखंड के ‘ब्रांड एंबेसडर’ होंगे। सोमवार को प्रदेश मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यह जानकारी दी। इससे पूर्व उन्होंने मिलने आए अक्षय कुमार को पहाड़ी टोपी और पुष्प गुच्छ देते हुए अपने आवास पर उनका स्वागत किया और बाद में उन्हें प्रदेश का ब्रांड एंबेसडर बनाते हुए उन्हें केदारनाथ मंदिर की प्रतिमूर्ति भेंट की।

इससे पहले धामी सरकार ने गत 20 दिसंबर 2021 को राज्य के अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट खिलाड़ी ऋषभ पंत को जबकि पूर्ववर्ती हरीश रावत सरकार क्रिकेट खिलाड़ी महेंद्र सिंह धौनी और विराट कोहली को भी ब्रांड एंबेसडर बना चुकी है। स्वयं अक्षय कुमार को भी वर्ष 2017 में भी स्वच्छता अभियान के लिए उत्तराखंड के ब्रांड एंबेसडर के लिए नामित किया गया था। उस समय उन्होंने इस काम के लिए कोई फीस नहीं ली थी। अलबत्ता यह पब्लिक डोमेन में नहीं है कि इन ब्रांड एंबेसडरों ने उत्तराखंड के लिए क्या कार्य किये।

प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि उन्होंने अक्षय कुमार को प्रस्ताव दिया था, जिसे उन्होंने स्वीकार लिया। अब वे प्रदेश के लिए एंबेसडर के तौर पर काम करेंगे। उन्होंने कहा, “एक कलाकार के साथ-साथ अक्षय कुमार एक अच्छे इंसान भी हैं। हमने उनसे कहा और वे तैयार हो गए हैं। वे उत्तराखंड के लिए ब्रांड एंबेसडर के रूप में काम करेंगे।”

इससे पहले सीएम धामी ने ट्वीट में कहा था, “आज प्रख्यात अभिनेता, युवाओं के प्रेरणास्रोत और मेरे मित्र अक्षय कुमार का मुख्यमंत्री आवास में स्वागत एवं अभिनन्दन किया। अक्षय कुमार ने राज्य के युवाओं को प्रेरित करने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना की और हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।”

उल्लेखनीय है कि अक्षय कुमार कई समय से मसूरी में अपनी फिल्म की शूटिंग कर रहे हैं। उन्हें उत्तराखंड से इतना लगाव है कि उन्होंने यहाँ अपना एक घर बनाने की इच्छा भी जताई। उन्होंने 31 साल के फिल्मी करियर में उत्तराखंड को बेहद खूबसूरत कहा और बताया कि वह प्रदेश की खूबसूरती देख ज्यादा प्रभावित हैं। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : राज्य आंदोलनकारियों को क्षैतिज आरक्षण व पेंशनों में बढ़ोत्तरी सहित राज्य मंत्रिमंडल ने लिए अनेक निर्णय…

नवीन समाचार, देहरादून, 5 जनवरी 2022। धामी मंत्रिमंडल की बुधवार को जल्द चुनाव आचार संहिता लागू होने की संभावनाओं के बीच अंतिम बताई जा रही बैठक आयोजित हुई। बैठक में निम्न निर्णय लिए गए:

  • अन्य राज्यों से उत्तराखंड आने के लिए कोविड वैक्सीनेशन की दोनो डोज का प्रमाणपत्र अथवा कोरोना जांच की निगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य की गई है।
  • कोविड के कारण रात्रि कर्फ्यू रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक रहेगा।
  • मास्क का प्रयोग अब अनिवार्य हो गया है।
  • कृषि व उधान विभाग के एकीकरण के लिए सहमति मामला सीएम को रेफर
  • पुरानी पेंशन मामले में एक विज्ञप्ति के आधार पर उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड में जो एक समय नियक्ति हुई है या बाद में सभी को एक समान पेंशन मिलेगी
  • शिक्षा मित्रों को 15000 की जगह 20000 मिलेगा मानदेय
  • राज्य में 112 आयुर्वेदिक चिकित्सालय में 224 डॉक्टरों के पदों को मंजूरी
  • बिल्डिंग बायलॉज में किया गया संशोधन, पर्यटन के दृष्टिगत लिया गया है निर्णय।
  • हल्द्वानी और हरिद्वार में बनाए गए 500 बेड के अस्पताल को मार्च 2022 तक के लिए दिया गया एक्सटेंशन
  • प्रदेश के 94 बगीचो की व्यवस्था को सुधारने के लिए इसे तीन कैटेगरी में बांटकर डिपार्टमेंटल/लीज पर देने पर चर्चा किया गया है, इसपर अंतिम फैसले के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया है।
  • प्राइवेट गार्ड सुरक्षा नियमावली 2021 को मंजूरी
  • शुगर मिलों के मृतक आश्रितों को दी जाएगी नौकरी।
  • राज्य की स्वास्थ्य नीति को किया गया प्रत्याक्षित
  • गंगोलीहाट को नगर पालिका परिषद बनाए जाने पर बनी सहमति।
  • फाइनेंशियल हैंडबुक नियमावली- 2018 में किया गया संशोधन
  • लैंडस्लाइड एंड लिटिगेशन सेंटर उत्तराखंड में स्थापित किए जाने का लिया गया निर्णय
  • वृद्धावस्था पेंशन, विधवा और दिव्यांग पेंशन को बढ़ाकर 1500 रुपये किया गया है।
  • सभी भूतपूर्व सैनिकों को भवन कर से छूट दी गई है।
  • राज्य आंदोलनकारियों को 10 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने संबंधी विधेयक को अनुमति देने को राज्यपाल से किया जाएगा अनुरोध।
  • पुरानी पेंशन से वंचित कार्मिकों को राहत (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : धामी सरकार की वर्ष की अंतिम मंत्रिमंडल बैठक में 26 प्रस्तावों पर लगी मुहर

नवीन समाचार, देहरादून, 31 दिसंबर 2021। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को वर्ष के अंतिम दिन वर्ष की अंतिम मंत्रिमंडल की बैठक हुई। इस दौरान 26 प्रस्ताव पर मुहर लगी है। बैठक में निम्न प्रस्तावों पर मुहर लगी:

  • अस्पतालों में हर साल बढ़ने वाले 10 प्रतिशत सरचार्ज को किया गया स्थगित।
  • वृद्धावस्था और विधवा पेंशन को 1200 से बढ़ाकर 1400 किया गया।
  • मनरेगा कर्मचारियों की हड़ताल के दिनों को उनकी छुट्टियों से समायोजित किया जाएगा।
  • राज्य के सभी महाविद्यालयों में और हर विकासखंड के एक इंटर कॉलेज में करीब 214 पदों पर योग प्रशिक्षकों को आउट सोर्स के माध्यम से रखा जाएगा।
  • महिला अतिथि शिक्षकों को भी मातृत्व अवकाश दिया जाएगा।
  • नगर निकायों के क्षेत्र में किये गये विस्तार वाले क्षेत्रों के आवासीय घरों से 10 साल तक टैक्स नहीं लिया जाएगा, वाणिज्यिक भवनों के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया।
  • नरेंद्र नगर में लॉ कॉलेज खोलने का लिया गया निर्णय।
  • वीर चंद्र सिंह गढ़वाली योजना में किया गया आंशिक संशोधन।
  • हर जिले में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में डीटीडीसी (जिला पर्यटन विकास समिति) का गठन।
  • दीनदयाल उपाध्याय होम स्टे योजना में किया गया संशोधन।
  • केदारनाथ में बनने वाले भवनों के निर्माण में नियमों में दी गयी छूट।
  • उत्तराखंड न्यायिक सेवा नियमावली में किया गया संसोधन।
  • उत्तराखंड खाद्य सुरक्षा सेवा संवर्ग, के संशोधित नियमावली को मिली मंजूरी।
  • जीतपुर नेगी कॉलोनी को नगर निगम हल्द्वानी में शामिल करने का निर्णय।
  • जीएमवीएन के कर्मचारियों को संविदा के आधार पर किया जाएगा सम्मिलित।
  • मसूरी के सेवाय होटल में हेलीपैड बनाने की अनुमति।
  • ग्राम सुल्तान-आदमपुर को नगर पंचायत बनाने का लिया निर्णय।
  • धनौल्टी विधानसभा में बने आवास एवं व्यवसायिक भवनों को मान्यता दिए जाने पर सहमति।
  • बाजपुर चीनी मील के मृतको के आश्रितों की नियुक्ति के संबंध में मांगी गई विस्तृत रिपोर्ट।
  • धनौल्टी में 1980 से पहले जिला अधिकारी की ओर से दिए गए पट्टे के मालिकाना हक के संबंध में मांगी गई विस्तृत रिपोर्ट।
  • एलटी में 25 फीसदी सीट बढ़ाने के निर्णय पर मुख्य सचिव रिपोर्ट सौपेंगे। (डॉ. नवीन समाचार) अन्य नवीन समाचार पढ़ने के लिये यहाँ क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड कैबिनेट ने लिए 2 अरब के टेबलेट, मातृभाषा में पढ़ाई, केंद्रीय विवि के परिसर, नियुक्तियों, डीए सहित 41 बड़े निर्णय…

नवीन समाचार, देहरादून, 25 दिसंबर 2021। शुक्रवार रात्रि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल की मैराथन बैठक में 41 निर्णय लिए गए। निर्णयों की जानकारी शासकीय प्रवक्ता सुबोध उनियाल ने दी। उन्होंने बताया कि बैठक में:
1. उत्तराखंड इलेक्ट्रॉनिक मीडिया विज्ञापन नियमावली, 2015 संशोधन प्रस्ताव को मंजूरी।
2. उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा नियमावली 2021 संशोधन को मंजूरी।
3. कोविड-19 की तीसरी लहर के तहत कार्यों के संपादन में अधिप्राप्ति नियमावली में छूट जारी रहेगी।
4. उत्तराखंड राज्य निधि विज्ञान प्रयोगशाला और राजपत्रित तकनीकी समूह ‘ख’ सेवा नियमावली-2021 को मंजूरी
5. आयकर विभाग द्वारा उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से वर्ष 2008-09 से 2014-15 तक के लिए लिए गए ब्याज सहित कर को वापस करने हेतु चार्टड अकाउन्टेंट की सेवा को मंजूरी।
6. उत्तराखंड बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण अधिनियम-2012 के अनुसार रूद्रप्रयाग एवं पौड़ी जनपद के संबंध में अधिसूचना को मंजूरी।
7. उत्तराखंड मजदूरी संहिता नियम 2021 को मंजूरी।
8. उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग में उद्यान विकास शाखा के अंतर्गत सौंदर्यीकरण योजना में राजभवन, मुख्यमंत्री आवास, उच्च न्यायालय, नैनीताल, विधानसभा एवं सचिवालय में रख-रखाव हेतु अलग शाखा को मंजूरी।
9. उत्तराखंड (उत्तर प्रदेश स्वापक औषधि नियमावली, 1986) संशोधित नियमावली-2021 को मंजूरी।
10. उत्तराखंड राज्य में ई-स्टाम्पिंग प्रणाली के अंतर्गत केन्द्रीय अभिलेख अनुरक्षण अधिकरण के रूप में कार्यरत स्टॉक होल्डिंग कापोरेशन इंडिया तथा राज्य सरकार के मध्य संपादित अनुबंध पत्र का नवीनीकरण विचलन के प्रस्ताव को मंजूरी।
11. राज्य कर्मचारियों को 3 प्रतिशत अतिरिक्त महंगाई भत्ते को मंजूरी।
12. सुंदर लाल बहुगुणा प्रकृति एवं पर्यावरण संरक्षण पुरस्कार को मंजूरी।
13. राज्य में खेल विश्वविद्यालय की स्थापना को मंजूरी।
14. कक्षा एक से आठवीं तक के छात्रों के जूता, बैग निःशुल्क डीबीटी के माध्यम से सीधे बैंक खाते में देने की मंजूरी।
15. कोटद्वार मेडिकल कॉलेज हेतु वर्तमान वित्तीय वर्ष में 5 करोड़ रुपये की मंजूरी।
16. पर्वतीय क्षेत्र में फैकल्टी की कमी को देखते हुए क्लीनिकल ट्रेड डाक्टर को 50 प्रतिशत अतिरिक्त इंसेंटिव को मंजूरी।
17. विद्युत सरचार्ज 31 मार्च 2022 तक माफ रखा जाएगा।
18. स्वास्थ्य विभाग में चतुर्थ श्रेणी के पदों को पद के सापेक्ष आउटसोर्सिंग से भरा जाएगा।
19. उपनल कर्मियों को प्रोत्साहन राशि अब हर माह देने का निर्णय।
20. दसवीं एवं बारहवीं छात्रों को डीबीटी के माध्यम से मोबाइल टेबलेट के लिए सीधे बैंक खाते में धनराशि देने का निर्णय, इस पर एक अरब 90 करोड़ 81 लाख व्यय अधिभार होगा।
21. उच्च शिक्षा में सभी छात्रों को मोबाइल टेबलेट देने का निर्णय।
22. एक से पांचवी तक के कक्षा में द्विभाषी पुस्तक (गढ़वाली, कुमाउनी, जौनसारी, गुरमुखी, बंग्ला भाषा) विकसित एवं प्रकाशित करने का निर्णय।
23. राज्य बनने के बाद पहली बार जापान अन्तर्राष्ट्रीय सहयोग एजेंसी, 526 करोड़ का निवेश उद्यान विभाग के लिए डीपीआर को मंजूरी।
24. सोप स्टोन पाउडर जीएसटी बकाये को चार वर्ष में 48 किश्तों में जमा करने को मंजूरी।
25. भारत सरकार द्वारा स्थापित स्वायत्तशासी संस्थाओं के शिक्षा बोर्ड द्वारा प्रदान की गई उपाधियों को उत्तराखंड विद्यालय शिक्षा बोर्ड रामनगर की उपाधियों से समकक्ष मानने को मंजूरी।
26. उत्तराखंड आयुर्वेदिक एवं यूनानी सेवायें विभग की ‘उत्तराखंड आयुर्वेदिक योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा सहायक सेवा नियमावली-2021 को मंजूरी।
27. प्राकृतिक आपदा प्रभावित परिवार के पुनर्वास-विस्थापन हेतु पुनर्वास नीति-2011 में संशोधन को मंजूरी।
28. नगर निगम हरिद्वार मनसा देवी रोपवे को 3 करोड़ 25 लाख वार्षिक लीज रेंट 3 रुपये प्रति टिकट सेस पर पूर्व कार्यरत संस्था उषा ब्रेको कम्पनी के माध्यम से आगामी 2 वर्ष तक संचालित करने का निर्णय।
29. सिडकुल द्वारा एम्स की स्थापना हेतु दी गई भूमि के एवज में ग्राम देवरिया में कुल 22.475 हैक्टेयर भूमि सिडकुल को आवंटित किये जाने की मंजूरी
30. उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा नियमावली-2021 को मंजूरी।
31. ऊधमसिंह नगर रुद्रपुर में प्रस्तावित यातायात नगर योजना हेतु भूमि आंवटन की मंजूरी।
32. नैनीताल रामगढ़ के गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर टॉप में विश्व भारती केंद्रीय विश्वविद्यालय के परिसर की स्थापना को मंजूरी।
33. अधीनस्थ अर्थ एवं संख्या नियमावली-2021 को मंजूरी।
34. कोस्टगार्ड ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना हेतु 0.2860 हैक्टेयर भूमि रक्षा मंत्रालय भारत सरकार को सःशुल्क आवंटित भूमि के नजराना एवं मालगुजारी की धनराशि में छूट प्रदान करते हुए निःशुल्क आवंटन को मंजूरी।
35. जनपद पिथौरागढ़, तहसील धारचूला के ग्राम गुंजी में सेना (119 इन्फेन्ट्री ब्रिज ग्रुप) के उपयोगार्थ 11.350 हैक्टेयर राज्य भूमि रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के नाम सःशुल्क हस्तांतरण करने को मंजूरी।
36. ऋषिकेश नरेंद्रनगर शिवपुरी में रेल विकास निगम लिमिटेड को खनन पेनाल्टी पर छूट देने का निर्णय।
37. राज्य में पेयजल उपभोक्ताओं के जल मूल्य एवं सीवर शुल्क की दरों का पुनरीक्षण करने हेतु गठित समिति के पुनर्गठन को मंजूरी।
38. वन भूमि हेतु लीज के नवीनीकरण तथा नई लीज की स्वीकृति हेतु नीति एवं वन भूमि मूल्य वार्षिक लीज रेंट निर्धारित करने का निर्णय।
39. उत्तराखंड अग्रिशमन एवं आपात सेवा, अग्नि निवारण और अग्नि सुरक्षा संशोधन विधेयक-2021 को मंजूरी।
40. उत्तराखंड फुटलॉच ऐरोस्पोटर्स पैराग्लाइडिंग संशोधित नियमावली-2021 को मंजूरी।
41. सत्र 2022-23 में राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा 9 से 12 तक अध्ययनरत् सामान्य व पिछड़ी जाति के छात्र-छात्राओं को भी अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के छात्र-छात्राओं के समान निःशुल्क पाठ्य पुस्तक योजना से आच्छादित कराये जाने का निर्णय। (डॉ. नवीन समाचार) अन्य नवीन समाचार पढ़ने के लिये यहाँ क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : यूपी-उत्तराखंड के बीच के 21 वर्ष पुराने विवाद समाप्त, आदेश जारी, देखें किसे क्या मिला…

नवीन समाचार, लखनऊ, 21 दिसंबर 2021। उत्तराखंड सरकार ने पिछले 21 वर्षों से लंबित यूपी से परिसंपत्तियों के मुद्दे को आखिर निपटा दिया है। पिछले दिनों दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के बीच बनी सहमति के आधार पर अब इस पर सरकारी आदेश व मुख्यमंत्रियों की बैठक का कार्यवृत्त भी जारी हो गया है।

उत्तर प्रदेश पुनर्गठन समन्वय विभाग के प्रमुख सचिव जितेंद्र कुमार की ओर से जारी सहमति के कार्यवृत्त के अनुसार उत्तर प्रदेश के पर्यटन विभाग द्वारा हरिद्वार में बनवाया गया अलकनंदा पर्यटक आवास को उत्तराखंड राज्य को दिया जाएगा। दोनों राज्यों के बीच जिन मामलों में सहमति बन गई है उससे जुड़े जो भी मामले न्यायालय में चल रहे हैं, उन्हें वापस लिया जाएगा। दोनों राज्यों के बीच देनदारियों को लेकर भी सहमति बन गई है। यूपी को करीब 300 करोड़ देना था और उत्तराखंड को 105 करोड़, इसका समायोजन हो गया है। शेष बचे 195 करोड़ रुपए यूपी उत्तराखंड को देगा। बचे मामलों का निस्तारण दोनों राज्य के मुख्य सचिव करेंगे।

इसके अलावा उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की उत्तराखंड में खाली भूमि व भवन को उत्तराखंड राज्य को हस्तांतरण पर सहमति बन गई है। सिंचाई विभाग उत्तर प्रदेश को उत्तराखंड में उपयोग के लिए जरूरी भूमि व भवन दिया जाएगा। इसके लिए यूपी और उत्तराखंड के अधिकारी संयुक्त सर्वे कर 15 दिन के अंदर रिपोर्ट देंगे।

हरिद्वार में यूपी सिंचाई विभाग की 697.567 हेक्टेयर भूमि का स्वामित्व यूपी के पास ही रहेगा। अलबत्ता इस पर कुंभ मेला व अन्य जरूरी प्रयोजन उत्तराखंड करा सकेगा। ऊधमसिंह नगर स्थित धौरा, बैगुल व नानक नगर जलाशय में पर्यटन व जल क्रीड़ा के लिए यूपी सिंचाई विभाग की अनुमति उत्तराखंड को दी जाएगी। पुरानी ऊपरी गंगा नहर में वाटर स्पोर्ट्स की अनुमति उत्तराखंड को दी जाएगी। किच्छा बस स्टैंड की जमीन उत्तराखंड को दी जाएगी। वनबसा बैराज का भी पुर्ननिर्माण कराया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भागीरथी पर्यटक आवास का लोकार्पण अगले माह करेंगे। इस कार्यक्रम के समय ही अलकनंदा पयर्टक आवास को उत्तराखंड को हस्तांतरित कर दिया जाएगा। (डॉ. नवीन समाचार) अन्य नवीन समाचार पढ़ने के लिये यहाँ क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : देवस्थानम बोर्ड, नजूल नीति सहि 23 प्रस्तावों पर धामी मंत्रिमंडल की मुहर

नवीन समाचार, देहरादून, 6 दिसंबर 2021। उत्तराखंड की धामी मंत्रिमंडल की सोमवार को हुई बैठक में देवस्थानम बोर्ड को भंग करने का निर्णय ले लिया गया है। साथ ही उत्तराखंड नजूल नीति को मंजूरी दे दी गयी है। इनके साथ बैठक में कुल 23 प्रस्तावों पर मुहर लगी है।

आज लिए गए निर्णयों में एक जनवरी 2020 से 30 जून 2021 के बीच सेवानिवृत कार्मिकों के महंगाई भत्ता को ग्रेच्यूटी एवं अवकाश नकदीकरण का भुगतान, 28 प्रतिशत के महंगाई भत्ते के साथ देने का निर्णय लिया गया। रोशनाबाद हाकी स्टेडियम का नाम वंदना कटारिया के नाम पर रखा जाएगा। राजकीय सेवा में पति-पत्नी के साथ कार्यरत होने पर दोनों में से किसी एक को ही आवास किराया भत्ता अनुमन्य होगा। उत्तराखंड निर्यात नीति 2021 को मंजूरी दे दी गई है। नैनीताल जनपद में आम्रपाली विश्वविद्यालय की स्थापना को मंजूरी दे दी गई है। परफार्मेंश गारंटी कम सिक्योरिटी डिपाजिट के दरों में कमी करने का निर्णय लिया गया। शहरी क्षेत्रों में निर्धन परिवारों को 100 रुपये में जल संयोजन दिया जाएगा। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग नीति-2015 के अन्तर्गत राज्य में स्थापित विदेशी मदिरा के बाटलिंग प्लांट तथा बियर उत्पादन वैट प्रति पूर्ति की अधिकतम सीमा का निर्धारण कर दिया गया है।

इसके अलावा उत्तराखंड पंचायती राज संशोधन विधेयक-2021 में हरिद्वार पंचायत चुनावों को छह माह आगे बढ़ाने, उत्तराखंड पशुपालन विभाग (प्रयोगशाला सहायक) सेवा नियमावली 2021, राज्य समेकित सहकारी विकास परियोजना के अन्तर्गत राष्ट्रीय सहकारी विकास द्वारा उपलब्ध ऋण की राशि पर 256 दिनों के ब्याज को सरकार द्वारा वहन करने, कार्बेट टाइगर रिजर्व में कोविड समय के दौरान पर्यटकों से प्राप्त एडवांस बुकिंग की धनराशि वापस करने, सकल घरेलू उत्पाद के समान सकल पर्यावरणीय उत्पाद का आंकलन करने, परिवहन विभाग में देहरादून, ऊधमसिंह नगर में ऑटोमेटिक वाहन फिटनेस टेस्टिंग सेंटर को निजी क्षेत्र से संचालित करने उत्तराखंड उद्यम एकल खिड़की सुगमता और अनुज्ञापन संशोधन अधिनियम 2012 के अन्तर्गत प्राधिकृत समितियों को अधिकार देने, प्रदेश के पॉलिटेक्निकों में 2018 के दौरान हटाए गए संविदा प्रवक्ता को पुनः सेवायोजित करने, उत्तराखंड जमीदारी विनाश भू-व्यवस्था नियमावली में संशोधन करने, सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में 103 औषधियों को निःशुल्क देने, राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण सीडा की नीति में परिर्वतन करने, काशीपुर में 133.8 एकड़ भूमि पर इलैक्टॉनिक पार्क के लिए उद्योग विभाग की भूमि 25 सौ करोड़ के निवेश हेतु सिडकुल को देने, परिवहन विभाग में अधीनस्थ चयन बोर्ड से चयनित 24 कार्मिकों अन्य विभागों में समायोजित करने तथा राज्य योजना के प्रचार-प्रसार के लिए एएनआई को अधीकृत करने के प्रस्तावों को भी बैठक में मंजूरी दे दी गई।

इसके अलावा तय किया गया कि उत्तराखंड चार धाम देवस्थानम अधिनियम को वापस लेने के लिए सरकार विधानसभा में विधेयक पेश करेगी। आगामी विधानसभा सत्र नौ व 10 दिसंबर को होना है। माना जा रहा है विधानसभा के शीत सत्र में देवस्थानम अधिनियम को वापस लिया जाएगा। देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड के गठन से पहले बदरीनाथ व केदारनाथ की व्यवस्था बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अधीन थी, जबकि गंगोत्री व यमुनोत्री की अपनी-अपनी मंदिर समितियां थीं। अब बोर्ड भंग होने पर यही व्यवस्था बहाल हो जाएगी। (डॉ. नवीन समाचार) अन्य नवीन समाचार पढ़ने के लिये यहाँ क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : धामी मंत्रिमंडल ने दी राज्य की नई खेल नीति सहित 28 प्रस्तावों को मंजूरी

नवीन समाचार, देहरादून, 23 नवंबर 2021। उत्तराखंड की धामी मंत्रिमंडल ने मंगलवार को नई खेल नीति पर मुहर लगा दी है। इसके साथ ही भोजनमाताओं और पीआरडी जवानों का मानदेय भी बढ़ा दिया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में राज्य सचिवालय में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में कुल 30 प्रस्ताव लाए गए, जिनमें से 28 पर मंत्रिमंडल ने मुहर लगा दी। इनमें महत्वपूर्ण खेल नीति 2021 सर्वप्रमुख है।

खेल नीति लागू होने के साथ ही प्रदेश के खिलाड़ियों को राज्य, राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का प्रोत्साहन मिलेगा। खेल नीति में एक ओर जहां हर साल प्रदेश भर के 2600 खिलाड़ियों को दो-दो हजार रुपये प्रतिमाह छात्रवृत्ति दी जाएगी तो दूसरी ओर आठ साल की उम्र से ही खिलाड़ियों की पहचान के लिए फिजिकल एंड स्पोर्ट्स एप्टीट्यूड टेस्ट लागू किया जाएगा। उच्च स्तर की प्रतियोगिताओं में पदक विजेताओं को राज्य की समूह-ख एवं समूह-ग सेवाओं में आउट आफ टर्न नियुक्ति का तोहफा मिलेगा।

मंत्रिमंडल की बैठक की जानकारी देते हुए सरकार के प्रवक्ता सुबोध उनियाल ने बताया कि राशन डीलरों के लिए अंशदान बढ़ोतरी के साथ ही अब लीज की भूमि पर भी होम स्टे योजना का लाभ लिया जा सकेगा। अब राज्य में 25 हजार से ज्यादा भोजनमाताओं को प्रतिमाह तीन हजार रुपये मानदेय मिलेगा। वहीं पीआरडी जवानों के दैनिक मानदेय में 70 रुपये की वृद्धि की गई। उन्हें 570 रुपये दैनिक मिलेंगे। एक माह में यह वृद्धि 2100 रुपये की गई है। इसके अलावा यह निर्णय भी लिए गए :

  • पार्किंग की समस्या से निजात दिलाने को मल्टी लेवल या मल्टी स्टोरीड पार्किंग, साथ में पार्किंग को केव टनल बनाने को मंजूरी, टीएचडीसी को बनाया प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंट
  • बदरीनाथ धाम में सहमति के आधार पर होगा भूमि अधिग्रहण, निजी भूमि अधिग्रहण पर सर्किल रेट की दोगुना राशि, आवास के बदले आवास देने पर सहमति, कुल 83 करोड़ राशि का दिया जाएगा मुआवजा
  • दीनदयाल होम स्टे योजना में सब्सिडी 33 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत अथवा 15 लाख राशि करने पर मुहर, लीज भूमि पर बनाए जा सकेंगे होम स्टे
  • मेगा इंडस्ट्रियल-इन्वेस्टमेंट पालिसी को 31 मार्च, 2025 तक लागू रखने को मंजूरी, अब 50 करोड़ से 400 करोड़ के प्रोजेक्ट पर अधिकतम 75 लाख तक ब्याज प्रतिपूर्ति व अन्य छूट मिलेंगी
  • मेगा टेक्सटाइल पार्क पालिसी को सहमति, इसके तहत पहले से स्थापित उद्यम को विस्तार करने पर भी पालिसी के प्रविधानों का मिलेगा लाभ
  • सरकारी मेडिकल कालेजों में इसी वर्ष से सभी एमबीबीएस के छात्रों पर लागू होगी सस्ती फीस
  • उत्तराखंड आबकारी विदेशी मदिरा के प्रीमियम रिटेल वैंड्स, शापिंग माल्स, डिपार्टमेंटल स्टोर एवं एयरपोर्ट स्थित विदेशी मदिरा की दुकानों के अनुज्ञापन नियमावली को मंजूरी।
  • विधानसभा सत्र की पुरानी तिथियां 28 व 29 नवंबर निरस्त करने का निर्णय, नई तिथियां जल्द होंगी तय
  • पर्यटन विकास परिषद में नौ पदों को सृजित करने पर सहमति।
  • अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के वर्ग-तीन व वर्ग-चार पट्टाधारकों को 3.125 एकड़ तक भूमि मुफ्त विनियमित करने को मंजूरी। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड-उत्तर प्रदेश के बीच 21 वर्ष पुराने परिसंपत्तियों के विवाद का 30 मिनट में निपटारा होने का दावा

-उत्तराखंड को मिलेंगे परिवहन व वन निगम के करीब 300 करोड़ व अलकनंदा होटल
-उत्तर प्रदेश को दी जाएगी 1700 घरों सहित बड़ी भूमि
-जीर्णशीर्ण बनबसा व किच्छा बैराजों का पुर्ननिर्माण कराएगा यूपी
– आवास विकास की देनदारियों का दोनों राज्य आधा-आधा वहन करेंगे
Imageनवीन समाचार, लखनऊ, 18 नवंबर 2021। उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में आसन्न विधानसभा चुनावों की बेला में दोनों राज्यों के बीच 21 वर्षों से चल रहा परिसंपत्तियों का विवाद सुलझ जाने का दावा किया गया है। बृहस्पतिवार को दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री आमने-सामने बैठे तो दोनों ही राज्यों के बीच परिसंपत्तियों के बंटवारे के लिए चला आ रहा विवाद करीब 30 मिनट तक चली बैठक में ही एक ही झटके में खत्म होने का दावा किया जा रहा है।

बैठक के बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि दोनों राज्यों के बीच 21 साल पुराने परिसंपत्तियों का विवाद को सुलझा लिया गया है। अपने लाव लश्कर के साथ लखनऊ पहुंचे सीएम धामी ने कहा कि यूपी-उत्तराखंड के बीच छोटे-बड़े भाई जैसा रिश्ता है और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने विवादों को निपटाने के लिए अपनी सहमति दे दी है। सहमति के अनुसार परिसंपत्तियों पर दोनों राज्यों का संयुक्त सर्वे होगा और इसके बाद 1700 घरों सहित बड़ी भूमि यूपी को दी जाएगी। हरिद्वार स्थित अलकनंदा होटल को एक माह के भीतर उत्तराखंड को सौंपा जाएगा और सीएम योगी इस मौके पर वहां रहेंगे।

इसके अलावा उत्तर प्रदेश सरकार उत्तराखंड परिवहन निगम को बकाया 205 करोड़ रुपये का भुगतान करेगी। साथ ही किच्छा बस स्टैंड की जमीन उत्तराखंड को हस्तांतरित की जाएगी तथा यूपी सरकार उत्तराखंड वन विभाग को 90 करोड़ रुपये देगी। इसके अलावा उत्तराखंड के जिन दो बैराजों (वनबसा और किच्छा) की स्थिति खराब है, उनका पुनर्निर्माण यूपी सरकार करेगी। वहीं, आवास विकास की देनदारियों का भुगतान दोनों राज्यों द्वारा 50-50 प्रतिशत वहन किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि सीएम धामी के साथ कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, मुख्य सचिव एसएस संधू और सचिव पुनर्गठन रंजीत सिन्हा भी लखनऊ पहुंचे हैं। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : सूचना अधिकार से खुला राज, उत्तराखंड में हर माह 300 करोड़ कर्ज लेकर कौन पी रहा है ‘घी’ !

-राज्य के शीर्ष आईएएस अधिकारियों जितने वेतन-भत्ते लेते हैं हर माह 300 करोड़ का कर्ज ले रहे उत्तराखंड के माननीय-सूचना के अधिकार के तहत मुख्यमंत्री कार्यालय से सूचना अधिकार कार्यकर्ता हेमंत गौनिया को प्राप्त सूचना से हुआ खुलासा

नवीन जोशी, नवीन समाचार, नैनीताल, 7 दिसंबर 2018। अक्सर हम प्रदेश के कर्मचारियों, उन्हें सातवें वेतनमान देने पर बढ़ने वाले खर्च को वहन करने के लिए हर माह करीब 300 करोड़ और बीते नवंबर माह में 600 करोड़ रुपये बाजार के ‘कर्ज लेकर घी पीने’ जैसी समाचार पढ़ते रहते हैं। लेकिन आज जो ‘नवीन समाचार’ है वह राज्यवासियों की आंखें खुली की खुली रख देगा, और इस राज का भी पर्दाफाश करेगा कि आखिर हमारे जनप्रतिनिधि समाजसेवा के नाम पर राज्य विधानसभा या संसद पहुंचने के लिए इतना जोर क्यों लगाते हैं, और साथ में यह सवाल भी आपके मन में जरूर उठेगा कि यदि इतनी आय वे प्राप्त कर ही लेते हैं तो फिर खनन के पट्टों, नौकरियों-स्थानांतरणों के लिए क्यों मोटी धनराशि की मांग करते हैं, या ऐसे आरोप उन पर लगते हैं। जनपद के सूचना अधिकार कार्यकर्ता हेमंत गौनिया को मुख्यमंत्री कार्यालय से सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त जानकारी से इस राज से काफी हद तक परदा उठ जाता है। इससे साफ हो जाता है कि वास्तव में राज्य में ‘ऋण लेकर घी’ कौन पी जा रहे हैं।

दिखाने के दांत अलग, और खाने को अलग

वैसे विधायकों के वेतन की बात करें तो यह ‘हाथी के दांत’ की तरह लगता है, यानी दिखाने के दांत अलग, और खाने को अलग। कहने को विधायकों का मासिक वेतन मात्र 30 हजार रुपये है, पर इसमें भत्तों की बात करेंगे तो असल खाने वाले दांत दिखाई देंगे। एक विधायक को हर माह डेढ़ लाख रुपये निर्वाचन क्षेत्र में मिलने आने वाली जनता के नाम पर निर्वाचन क्षेत्र भत्ता, 12 हजार रुपये प्रतिमाह चालक भत्ता, 12 हजार रुपये ही साथ में रखने के लिए सचिवीय भत्ता, दो हजार रुपए प्रतिदिन यानी 60 हजार रुपये महीना उनके द्वारा की जाने वाली ‘जनसेवा’ के लिए जनसेवा भत्ता यानी कुल करीब 2 लाख 64 हजार रुपये के भत्ते मिलते हैं। इसके अलावा प्रति वर्ष तीन लाख 55 हजार रुपये के रेलवे के कूपन भी मिलते हैं, जिनमें से विधायकों द्वारा मांग किये जाने पर 27,083 रुपये प्रतिमाह डीजल-पेट्रोल व्यय के रूप में भुगतान किया जाता है। साथ ही हर माह 6 हजार रुपये प्रतिमाह तक मोबाइल-टेलीफोन का बिल भी दिया जाता है। इसे भी मिला दें तो एक विधायक हर माह करीब 3 लाख्रुपये से अधिक की धनराशि होती है। साथ ही रेलवे कूपनों के अतिरिक्त हवाई यात्रा करने पर टिकटों की एक सीमा तक प्रतिपूर्ति भी की जाती है। इस प्रकार एक विधायक को पांच वर्ष के उनके कार्यकाल में राज्य के शीर्ष आईएएस अधिकारियों के बराबर वेतन-भत्ते मिलते हैं। इस प्रकार एक विधायक से पांच वर्ष के कार्यकाल में राज्य पर करीब 1.8 करोड़ एवं 70 विधायकों को मिलाकर देखें तो 126 करोड़ का भार केवल वेतन-भत्तों के जरिये पड़ रहा है।

अन्य सुविधाएं भी अलग
विधायकों को उपरोक्त वेतन-भत्तों के साथ ही निर्वाचन क्षेत्र तथा मुख्यालय में एक-एक टेलीफोन, एक मोबाइल सिम, स्वयं तथा परिवार के सदस्यों के लिए चिकित्सा प्रतिपूर्ति की सुविधा, कार्यकाल में एक लेपटॉप, प्रतिवर्ष 2000 पृष्ठों के छपे हुआ लेटरपैड एवं 1000 मुद्रित लिफाफे भी मिलते हैं। वहीं किसी सदस्य की पद के दौरान मृत्यु होने की दशा में उसके आश्रित को उसकी पेंशन की 50 फीसद पारिवारिक पेंशन उसके सदस्यता काल में दी जाती है, तथा कार्यकाल पूरा होने के बाद भी पेंशन दी जाती है।

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डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार
‘नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से ‘मन कही’ के रूप में जनवरी 2010 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
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