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सुखद समाचार : डीएम के प्रयासों से 10 वर्ष बाद फिर जगी गांव को सड़क निर्माण की उम्मीद, विधायक के प्रयासों से पानी को मिले 50 लाख

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नवीन समाचार, नैनीताल, 14 मार्च 2020। जनसमस्याआंे के प्रति संवेदनशील जनपद के युवा जिलाधिकारी सविन बंसल के प्रयासों से जनपद के दूरस्थ बिरसिंग्या गांव के लिए एक दशक बाद सड़क बनने की आस फिर जग गई है। डीएम बंसल ने गत दिनों इस गांव के भ्रमण एवं रात्रि चौपाल लगाने के दौरान ग्रामीण वृद्धजनों द्वारा रखी गई सड़क की समस्या को समझते हुए अपने अधिकारों का प्रयोग करते हुये इस सड़क के लिए राज्य सेक्टर से निर्माण की स्वीकृति प्रदान कर दी है तथा मोटर मार्ग के सर्वे तथा डीपीआर के लिए 70 लाख की धनराशि भी स्वीकृत कर दी है।
बताया गया है कि बगडवार बैंड से दूनी-बिरसिंग्या मोटर मार्ग के लिए वर्ष 2010-11 की जिला योजना के अंतर्गत इस सड़क के लिए प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्राप्त हुई थी। लेकिन जिला योजना मे धनराशि उपलब्ध ना होने के कारण इसे जिला योजना से निरस्त कर दिया गया था। लिहाजा 10 वर्ष से इस सड़क का निर्माण लंबित था।

ज्योलीकोट की पेयजल समस्या के समाधान को स्वीकृत हुए 50 लाख
नैनीताल। नैनीताल विधानसभा के ज्योलीकोट क्षेत्र की पेयजल समस्या के समाधान के लिए अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से 50 लाख रुपए की वित्तीय एवं प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त हो गई हैं। विधायक संजीव आर्य ने बताया कि इस धनराशि से क्षेत्र के लिए कार्यदायी संस्था जल संस्थान के द्वारा नई पेयजल लाइन एवं 100 किलो लीटर क्षमता के आरसीसी टैंक का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने इस हेतु काबीना मंत्री यशपाल आर्य का आभार जताया है।

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-एडीबी के ऋणों से होगा निर्माण, पूरे शहर के सभी वार्डाें में बिछेगी सीवर लाइन, हर घर जुड़ेगा सीवर लाइन से

संजीव आर्य

नवीन समाचार, नैनीताल, 2 मार्च 2020। स्थानीय विधायक संजीव आर्य के प्रयासों से नैनीताल शहर की पेयजल आपूर्ति व्यवस्था एवं सीवर संबंधी कार्यों के लिए एचपीसी यानी मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली हाईपावर कमेटी से 21.12 मिलियन डॉलर यानी 147.85 करोड़ रुपए की योजना स्वीकृत हुई है। विधायक संजीव आर्य ने बताया कि एडीबी के ऋणों से यूयूएसडीए के द्वारा नैनीताल शहर की पेयजल आपूर्ति व्यवस्था के लिए 52.79 करोड़ एवं एवं सीवर संबंधी कार्यों के लिए 110.21 करोड़ रुपए यानी कुल 163 करोड़ रुपए की कार्ययोजना को बीते वर्ष 21 जून को टीएससी से स्वीकृति मिल गई थी।
इधर नैनीताल शहर की पेयजल आपूर्ति व्यवस्था के लिए एचपीसी से 46.29 करोड़ एवं सीवर संबंधी कार्यों के लिए 101.56 यानी कुल 147.85 करोड़ रुपए स्वीकृत हो गए हैं। इसके बाद इन योजनाओं की पूर्ण रूप से स्वीकृति महज औपचारिकता ही होगी। योजना के तहत नगर की पेयजल व्यवस्था में अगले पांच वर्ष की जरूरतों के लिए स्काडा आधारित ऑटोमेशन सिस्टम लगाया जाएगा, जबकि सीवर व्यवस्था में सुधार के लिए नगर पालिका क्षेत्र में सीवर ट्रीटमेंट प्लांट और नई लाइनें बनाने सहित अन्य कार्य किए जाएंगे। विधायक संजीव आर्य ने बताया कि योजना के तहत पूरे शहर के सभी वार्डाें में सीवर लाइनें बिछेंगी और हर घर इन सीवर लाइनों से जुड़ेगा और पूरे शहर का सीवररूसी बाइपास पर बनने वाले सीवर ट्रीटमेंट प्लांट में जाएगा, जहां सीवर को ट्रीटमेंट कर साफ पानी के रूप में नीचे नदी में छोड़ दिया जाएगा। उन्होंने साथ ही विश्वास दिलाया कि इस योजना के बाद नैनी झील में सीवर बिल्कुल भी नहीं जा पाएगी, जैसा कि वर्तमान में अक्सर बारिश के दौरान सीवर लाइनों के उफनने से होता है। साथ ही नगर के होटल व्यवसायियों के सिर से अपना एसटीपी बनाने अन्यथा होटल बंद करने की लटकी हुई तलवार भी हट जाएगी।

यह भी पढ़ें : विधायक ने किया सवा करोड़ से बनने वाली सड़क के कटान का शुभारंभ, राज्य मंत्री ने उठाई नई रेल लाइन की मांग

-विधायक ने कहा हर गांव को सड़क से जोड़ने व पानी पहुंचाने की है योजना

बेतालघाट में गड़खेत-पागकटारा सड़क कटान कार्य का शुभारंभ करते विधायक संजीव आर्य।

क्षेत्रीय विधायक संजीव आर्य ने दर्जा राज्य मंत्री अनुसूचित जाति आयोग के उपाध्यक्ष पीसी गोरखा के साथ 1.25 करोड़ की लागत से बनने वाली सडक का विधिवत शुभारंभ किया। इस मौके पर श्री आर्य ने कहा कि उनकी कोशिश अपनी विधानसभा के हर गांव को सड़क से जोड़ने और पानी पानी पहुंचाने की है।
उन्होंने कहा कि वह खलाड गांव के साथ ही सकदीना, तड़ी, जिनोली व फड़िका गांवों को भी सड़क से जोडने के लिए प्रयास कर रहे हैं। उनकी विधानसभा के हर गाँव तक पानी पहुंचाने के लिए भी वे कार्य कर रहे हैं। इसके लिए पर्याप्त धनराशि की व्यवस्था कर ली गयी हैं। वहीं अनुसूचित जाति आयोग के उपाध्यक्ष पीसी गोरखा ने कहा कि संजीव अपनी विधानसभा में जहाँ भी जाते है वहां अपना वादा पूरा करते हैं। उनके प्रयासों से बेतालघाट का चहुमुखी विकास हो रहा है। इस अवसर पर ब्लाक प्रमुख आनंदी देवी, दोनों मंडलों के मंडल अध्यक्ष प्रताप बोहरा व रमेश सुयाल, नीरज बिष्ट, जिला पंचायत सदस्य आशा देवी, अंकित साह, ग्राम प्रधान नीरू बधान, त्रिभुवन सिंह, कन्नू गोस्वामी, क्षेत्र पंचायत सदस्य पुष्कर सिंह जलाल, केशव आर्य, पंकज बिष्ट, खुशाल हालशी, विक्रम बोहरा, आनन्द बोहरा, सुरेश जोशी, नीतीश बिष्ट, नीरज रैकुनी, विनोद पांडे, प्रमोद पन्त, संदीप बधानी, गोधन बर्गली, धन सिंह बिष्ट, यशपाल आर्य, कुलदीप कुमार व शेखर आर्य आदि लोग मौजूद रहे।

दर्जा राज्य मंत्री ने उठाई रामनगर-बेतालघाट-अल्मोड़ा रेल लाइन की मांग

नैनीताल। उत्तराखंड अनुसूचित जाति आयोग के उपाध्यक्ष पीसी गोरखा ने रामनगर-बेतालघाट-अल्मोड़ा रेल लाइन की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि रामनगर-बेतालघाट-अल्मोड़ा रेल लाइन उनकी प्राथमिकता है। इस रेल लाइन के बनने से जहां विकास के नये आयाम स्थापित होंगे वहीं स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा।

यह भी पढ़ें : नैनीताल विधायक के प्रयासों से एक और सड़क को मिली केंद्रीय वन मंत्रालय से स्वीकृति

नवीन समाचार, नैनीताल, 12 फरवरी 2020। नैनीताल विधानसभा के विकासखंड बेतालघाट व रामगढ़ के अंतर्गत चमड़ियाँ-लोहाली-जौरासी-गौणा सड़क मार्ग को भारत सरकार के वन मंत्रालय से वन भूमि हस्तांतरण की विधिवत स्वीकृति मिल गई है। क्षेत्रीय विधायक संजीव आर्य ने बताया कि इस 7.30 किलोमीटर सड़क मार्ग के निर्माण में प्रति किमी 65.85 लाख यानी कुल 4 करोड़ 80 लाख 71 हजार रुपए का खर्च आएगा। जल्द ही इस मोटर मार्ग का शुभारम्भ किया जाएगा। इस मार्ग के बीच में आने वाली वन भूमि के ऐवज में 9.87 हैक्टेयर सिविल-सोयम की भूमि ग्राम गूम में देनी होगी। मार्ग का निर्माण पीएमजीएसवाई की काठगोदाम यूनिट के द्वारा उत्तराखंड ग्रामीण सड़क विकास एजेंसी के माध्यम से किया जाएगा।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड में कई विकास कार्यों से हटा वन भूमि का अड़ंगा

-उत्तरकाशी, बागेश्वर, पौड़ी, अल्मोड़ा और नैनीताल में तेज होंगे कई विकास कार्य
-अपर सचिव वन सुभाष चंद्र ने वन भूमि लीज व हस्तांतरण के शासनादेश जारी किए
नवीन समाचार  17 फरवरी 2019। केंद्रीय पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने कई विकास योजनाओं के लिए वन भूमि लीज पर देने व प्रत्यावर्तित करने को मंजूरी दे दी है। केंद्र से मंजूरी के बाद अपर सचिव वन सुभाष चंद्र ने वन भूमि लीज पर देने और हस्तांतरण के शासनादेश जारी कर दिए हैं। अब तक वन भूमि के कारण अटके ये सभी कार्य तेजी से आगे बढ़ सकेंगे।उत्तरकाशी के पुरोला विकासखंड के ग्राम पौंटी गोल में दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत विद्युतीकरण के लिए 9.94 हेक्टेयर वन भूमि उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटिेड (यूपीसीएल) को 30 साल के लीज पर देने को मंजूरी मिल गई है। बागेश्वर के 33/11 केवी विद्युत सब स्टेशन से 33/11 सब स्टेशन कपकोट तक 33 केवी की विद्युत पारेषण लाइन के निर्माण के लिए 0.90 हेक्टेयर वन भूमि यूपीसीएल को 30 साल के लिए लीज पर देने को मंजूरी मिल गई है। पौड़ी जिले में मणखोली पेयजल योजना के निर्माण के लिए 0.6066 हेक्टेयर वन भूमि उत्तराखंड पेयजल संसाधन विकास एवं निर्माण निगम यानी जल निगम को 15 साल के लीज पर देने को मंजूरी मिल गई है। नैनीताल जिले में रामनगर कोसी नदी में प्रदूषण नियंतण्रके लिए 0.9488 हेक्टेयर वन भूमि जल निगम को 30 साल के लीज पर देने को मंजूरी मिल गई है। इसी तरह बागेश्वर जिले में राजकीय महाविद्याल गरुड़ के भवनों के निर्माण के लिए 0.90 हेक्टेयर वन भूमि उत्तराखंड उच्च शिक्षा विभाग को प्रत्यावर्तित करने को मंजूरी मिल गई है। अल्मोड़ा जिले में रानीखेत के तितालीखेत इको टूरिज्म संबंधी निर्माण के लिए 0.95 हेक्टेयर वन भूमि, उत्तराखंड वन संसाधन प्रबंधन परियोजना को प्रत्यावर्तित करने को मंजूरी मिल गई है। अल्मोड़ा जिले में ही ऐड़ी गधेरे में जलाशय के निर्माण के लिए 0.90 हेक्टेयर वन भूमि सिंचाई विभाग को प्रत्यावर्तित करने को मंजूरी मिल गई है। इन सभी योजनाओं से संबंधित विभागों को वन विभाग द्वारा तय भूमि में क्षतिपूरक वृक्षारोपण कर 10 साल उनकी देखरेख करनी होगी।

 

यह भी पढ़ें : अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ की 3-3 व नैनीताल की 2 सहित उत्तराखंड में डेढ़ दर्जन सड़कों को वन भूमि हस्तांतरण की मंजूरी

वीन समाचार, 4 फरवरी 2019। वन विभाग ने बर्षों से लटकी प्रदेश की सड़कों को वन भूमि हस्तांतरण की मंजूरी मिल गई है। इससे संबंधित क्षेत्रों में विकास को नई गति मिलने की उम्मीद की जा सकती है। लोनिवि को वन भूमि हस्तांतरण के बदले निर्दिष्ट स्थलों पर सिविल सोयम की दोगुनी भूमि पर प्रतिपूरक वृक्षारोपण एवं साथ ही अगले 10 वर्षों तक पौधों की देखभाल भी करनी होगी।

  1. नैनीताल जिले में नाई चौड़ा से सूखा मोटरमार्ग के लिए 1.6625 हेक्टेयर वन भूमि लोनिवि को प्रत्यावर्तित, बदले में ग्राम अघौड़ा में 3.33 हेक्टेयर सिविल सोयम भूमि में करना होगा क्षतिपूरक वृक्षारोपण।
  2. कैंची मोटर मार्ग से तितोली तक के निर्माण लिए 3.33 हेक्टेयर वन भूमि लोनिवि को प्रत्यावर्तित, बदले में ग्राम जुवा में 6.66 हेक्टेयर सिविल सोयम भूमि में करना होगा क्षतिपूरक वृक्षारोपण्
  3. अल्मोड़ा जिले के भतरौजखान-भिक्यासैंण-चौखुटिया मोटर मार्ग के सिंगल लेन से डेढ़ लेन में बदलने के लिए 0.975 हेक्टेयर वन भूमि लोनिवि को प्रत्यावर्तित, बदले में सड़क के आस-पास रिक्त भूमि में करना होगा क्षतिपूरक वृक्षारोपण।
  4. नवगठित तहसील चौखुटिया के तहसील भवन तक संपर्क मार्ग के निर्माण के लिए 1.239 हेक्टेयर वन भूमि लोनिवि को प्रत्यावर्तित, बदले में ग्राम धुलधुलिया में 2.478 हेक्टेयर सिविल सोयम भूमि में करना होगा क्षतिपूरक वृक्षारोपण।
  5. ज्योली-बसर-खूंट-बसगांव-दरमाण मोटरमार्ग के निर्माण के लिए 0.972 हेक्टेयर वन भूमि लोनिवि को प्रत्यावर्तित, बदले में सड़क के आस-पास रिक्त भूमि में करना होगा क्षतिपूरक वृक्षारोपण।
  6. चंपावत जिले में पूर्णागिरि मंदिर के लिए टनकपुर से सड़क के सुरक्षात्मक निर्माण कार्यांे के लिए 0.91 हेक्टेयर वन भू्मि लोनिवि को हस्तांतरित।
  7. पिथौरागढ़ जिले के कुठेरा से सिमलकोट मोटरमार्ग के निर्माण के लिए 4.977 हेक्टेयर वन भूमि लोनिवि को प्रत्यावर्तित बदले में ग्राम सिमलकोट में 9.954 हेक्टेयर सिविल सोयम भूमि में करना होगा क्षतिपूरक पौधरोपण व देख।
  8. बेरीनाग-पुरानाथल-मुवानी रोड के किमी 13 से मुंडोली मोटर मार्ग के निर्माण लिए 2.45 हेक्टेयर वन भूमि लोनिवि को प्रत्यावर्तित, बदले में ग्राम कमडोली में 4.90 हेक्टेयर सिविल सोयम भूमि में करना होगा क्षतिपूरक पौधरोपण।
  9. बांसगढ़-पोर्थी मोटर मार्ग के निर्माण लिए 4.089 हेक्टेयर वन भूमि लोनिवि को प्रत्यावर्तित, बदले में इसी गांव में 8.178 हेक्टेयर सिविल सोयम भूमि में करना होगा क्षतिपूरक पौधरोपण।
  10. देहरादून जिले में सारनी मोटरमार्ग के निर्माण लिए 2.70 हेक्टेयर वन भूमि लोनिवि को प्रत्यावर्तित, बदले में ग्राम सारनी में 5.4 हेक्टेयर सिविल सोयम भूमि में करना होगा क्षतिपूरक वृक्षारोपण।
  11. रुद्रप्रयाग जिले में गुप्तकाशी-जखोली मोटर मार्ग के किमी 17 में सड़क के सुरक्षात्मक निर्माण कार्यों के लिए 0.405 हेक्टेयर वन भू्मि लोनिवि को हस्तांतरित।
  12. उत्तरकाशी के पुरोला ब्लॉक के हुडोली-विनगदेरा मोटर मार्ग के लिए 1.034 हेक्टेयर वन भूमि लोनिवि को हस्तांतरित, बदले में हुडोली-सिरेटी तोक में करना होगा 2.068 हेक्टेयर सिविल सोयम भूमि में क्षतिपूरक पौधरोपण।
  13. झाला व हर्षिल के बीच सियागाढ़ पर 105 मीटर स्पान का झूला पुल बनाने के लिए 0.44 हेक्टेयर वनभूमि लोनिवि को प्रत्यावर्तित, बदले में 100 वृक्षो का रोपण कर 10 साल तक करनी होगी देखभाल।
  14. पौड़ी गढ़वाल के पाणीसैंण-डबराड-बूथानगर मोटरमार्ग के निर्माण के लिए 6.930 हेक्टेयर वन भूमि लोनिवि को प्रत्यावर्तित, बदले में ग्राम छड़ियाणी-लगा डबराड़ व छड़ियाणी लगा अंदरगांव में 13.860 हेक्टेयर सिविल सोयम भूमि में करना होगा क्षतिपूरक पौधरोपण।
  15. भंडारीगांव-गढ़सेरा मोटरमार्ग के किमी 14 से देहरचौरी मोटरमार्ग के लिए 1.485 हेक्टेयर वन भूमि लोनिवि को प्रत्यावर्तित, बदले में ग्राम टिपरी में 3.420 हेक्टेयर सिविल सोयम भूमि में करना होगा क्षतिपूरक पौधरोपण।
  16. कोटद्वार विधानसभा क्षेत्र में पहले से निर्मित लालढांग-चिल्लरखाल के सिगड्डीस्रेत से चिल्लरखाल मोटरमार्ग के लिए ब्लैक टॉपिंग के लिए 0.99 हेक्टेयर वन भूमि लोनिवि को प्रत्यावर्तित, बदले में सड़क के आस-पास रिक्त भूमि में करना होगा क्षतिपूरक वृक्षारोपण।

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