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सुखद समाचार : उत्तराखंड में कई विकास कार्यों से हटा वन भूमि का अड़ंगा

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-उत्तरकाशी, बागेश्वर, पौड़ी, अल्मोड़ा और नैनीताल में तेज होंगे कई विकास कार्य
-अपर सचिव वन सुभाष चंद्र ने वन भूमि लीज व हस्तांतरण के शासनादेश जारी किए
नवीन समाचार  17 फरवरी 2019। केंद्रीय पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने कई विकास योजनाओं के लिए वन भूमि लीज पर देने व प्रत्यावर्तित करने को मंजूरी दे दी है। केंद्र से मंजूरी के बाद अपर सचिव वन सुभाष चंद्र ने वन भूमि लीज पर देने और हस्तांतरण के शासनादेश जारी कर दिए हैं। अब तक वन भूमि के कारण अटके ये सभी कार्य तेजी से आगे बढ़ सकेंगे।उत्तरकाशी के पुरोला विकासखंड के ग्राम पौंटी गोल में दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत विद्युतीकरण के लिए 9.94 हेक्टेयर वन भूमि उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटिेड (यूपीसीएल) को 30 साल के लीज पर देने को मंजूरी मिल गई है। बागेश्वर के 33/11 केवी विद्युत सब स्टेशन से 33/11 सब स्टेशन कपकोट तक 33 केवी की विद्युत पारेषण लाइन के निर्माण के लिए 0.90 हेक्टेयर वन भूमि यूपीसीएल को 30 साल के लिए लीज पर देने को मंजूरी मिल गई है। पौड़ी जिले में मणखोली पेयजल योजना के निर्माण के लिए 0.6066 हेक्टेयर वन भूमि उत्तराखंड पेयजल संसाधन विकास एवं निर्माण निगम यानी जल निगम को 15 साल के लीज पर देने को मंजूरी मिल गई है। नैनीताल जिले में रामनगर कोसी नदी में प्रदूषण नियंतण्रके लिए 0.9488 हेक्टेयर वन भूमि जल निगम को 30 साल के लीज पर देने को मंजूरी मिल गई है। इसी तरह बागेश्वर जिले में राजकीय महाविद्याल गरुड़ के भवनों के निर्माण के लिए 0.90 हेक्टेयर वन भूमि उत्तराखंड उच्च शिक्षा विभाग को प्रत्यावर्तित करने को मंजूरी मिल गई है। अल्मोड़ा जिले में रानीखेत के तितालीखेत इको टूरिज्म संबंधी निर्माण के लिए 0.95 हेक्टेयर वन भूमि, उत्तराखंड वन संसाधन प्रबंधन परियोजना को प्रत्यावर्तित करने को मंजूरी मिल गई है। अल्मोड़ा जिले में ही ऐड़ी गधेरे में जलाशय के निर्माण के लिए 0.90 हेक्टेयर वन भूमि सिंचाई विभाग को प्रत्यावर्तित करने को मंजूरी मिल गई है। इन सभी योजनाओं से संबंधित विभागों को वन विभाग द्वारा तय भूमि में क्षतिपूरक वृक्षारोपण कर 10 साल उनकी देखरेख करनी होगी।

 

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वीन समाचार, 4 फरवरी 2019। वन विभाग ने बर्षों से लटकी प्रदेश की सड़कों को वन भूमि हस्तांतरण की मंजूरी मिल गई है। इससे संबंधित क्षेत्रों में विकास को नई गति मिलने की उम्मीद की जा सकती है। लोनिवि को वन भूमि हस्तांतरण के बदले निर्दिष्ट स्थलों पर सिविल सोयम की दोगुनी भूमि पर प्रतिपूरक वृक्षारोपण एवं साथ ही अगले 10 वर्षों तक पौधों की देखभाल भी करनी होगी।

  1. नैनीताल जिले में नाई चौड़ा से सूखा मोटरमार्ग के लिए 1.6625 हेक्टेयर वन भूमि लोनिवि को प्रत्यावर्तित, बदले में ग्राम अघौड़ा में 3.33 हेक्टेयर सिविल सोयम भूमि में करना होगा क्षतिपूरक वृक्षारोपण।
  2. कैंची मोटर मार्ग से तितोली तक के निर्माण लिए 3.33 हेक्टेयर वन भूमि लोनिवि को प्रत्यावर्तित, बदले में ग्राम जुवा में 6.66 हेक्टेयर सिविल सोयम भूमि में करना होगा क्षतिपूरक वृक्षारोपण्
  3. अल्मोड़ा जिले के भतरौजखान-भिक्यासैंण-चौखुटिया मोटर मार्ग के सिंगल लेन से डेढ़ लेन में बदलने के लिए 0.975 हेक्टेयर वन भूमि लोनिवि को प्रत्यावर्तित, बदले में सड़क के आस-पास रिक्त भूमि में करना होगा क्षतिपूरक वृक्षारोपण।
  4. नवगठित तहसील चौखुटिया के तहसील भवन तक संपर्क मार्ग के निर्माण के लिए 1.239 हेक्टेयर वन भूमि लोनिवि को प्रत्यावर्तित, बदले में ग्राम धुलधुलिया में 2.478 हेक्टेयर सिविल सोयम भूमि में करना होगा क्षतिपूरक वृक्षारोपण।
  5. ज्योली-बसर-खूंट-बसगांव-दरमाण मोटरमार्ग के निर्माण के लिए 0.972 हेक्टेयर वन भूमि लोनिवि को प्रत्यावर्तित, बदले में सड़क के आस-पास रिक्त भूमि में करना होगा क्षतिपूरक वृक्षारोपण।
  6. चंपावत जिले में पूर्णागिरि मंदिर के लिए टनकपुर से सड़क के सुरक्षात्मक निर्माण कार्यांे के लिए 0.91 हेक्टेयर वन भू्मि लोनिवि को हस्तांतरित।
  7. पिथौरागढ़ जिले के कुठेरा से सिमलकोट मोटरमार्ग के निर्माण के लिए 4.977 हेक्टेयर वन भूमि लोनिवि को प्रत्यावर्तित बदले में ग्राम सिमलकोट में 9.954 हेक्टेयर सिविल सोयम भूमि में करना होगा क्षतिपूरक पौधरोपण व देख।
  8. बेरीनाग-पुरानाथल-मुवानी रोड के किमी 13 से मुंडोली मोटर मार्ग के निर्माण लिए 2.45 हेक्टेयर वन भूमि लोनिवि को प्रत्यावर्तित, बदले में ग्राम कमडोली में 4.90 हेक्टेयर सिविल सोयम भूमि में करना होगा क्षतिपूरक पौधरोपण।
  9. बांसगढ़-पोर्थी मोटर मार्ग के निर्माण लिए 4.089 हेक्टेयर वन भूमि लोनिवि को प्रत्यावर्तित, बदले में इसी गांव में 8.178 हेक्टेयर सिविल सोयम भूमि में करना होगा क्षतिपूरक पौधरोपण।
  10. देहरादून जिले में सारनी मोटरमार्ग के निर्माण लिए 2.70 हेक्टेयर वन भूमि लोनिवि को प्रत्यावर्तित, बदले में ग्राम सारनी में 5.4 हेक्टेयर सिविल सोयम भूमि में करना होगा क्षतिपूरक वृक्षारोपण।
  11. रुद्रप्रयाग जिले में गुप्तकाशी-जखोली मोटर मार्ग के किमी 17 में सड़क के सुरक्षात्मक निर्माण कार्यों के लिए 0.405 हेक्टेयर वन भू्मि लोनिवि को हस्तांतरित।
  12. उत्तरकाशी के पुरोला ब्लॉक के हुडोली-विनगदेरा मोटर मार्ग के लिए 1.034 हेक्टेयर वन भूमि लोनिवि को हस्तांतरित, बदले में हुडोली-सिरेटी तोक में करना होगा 2.068 हेक्टेयर सिविल सोयम भूमि में क्षतिपूरक पौधरोपण।
  13. झाला व हर्षिल के बीच सियागाढ़ पर 105 मीटर स्पान का झूला पुल बनाने के लिए 0.44 हेक्टेयर वनभूमि लोनिवि को प्रत्यावर्तित, बदले में 100 वृक्षो का रोपण कर 10 साल तक करनी होगी देखभाल।
  14. पौड़ी गढ़वाल के पाणीसैंण-डबराड-बूथानगर मोटरमार्ग के निर्माण के लिए 6.930 हेक्टेयर वन भूमि लोनिवि को प्रत्यावर्तित, बदले में ग्राम छड़ियाणी-लगा डबराड़ व छड़ियाणी लगा अंदरगांव में 13.860 हेक्टेयर सिविल सोयम भूमि में करना होगा क्षतिपूरक पौधरोपण।
  15. भंडारीगांव-गढ़सेरा मोटरमार्ग के किमी 14 से देहरचौरी मोटरमार्ग के लिए 1.485 हेक्टेयर वन भूमि लोनिवि को प्रत्यावर्तित, बदले में ग्राम टिपरी में 3.420 हेक्टेयर सिविल सोयम भूमि में करना होगा क्षतिपूरक पौधरोपण।
  16. कोटद्वार विधानसभा क्षेत्र में पहले से निर्मित लालढांग-चिल्लरखाल के सिगड्डीस्रेत से चिल्लरखाल मोटरमार्ग के लिए ब्लैक टॉपिंग के लिए 0.99 हेक्टेयर वन भूमि लोनिवि को प्रत्यावर्तित, बदले में सड़क के आस-पास रिक्त भूमि में करना होगा क्षतिपूरक वृक्षारोपण।

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