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हल्द्वानी के व्यवसायियों से 6 लाख से अधिक का सामान उधार लेकर भागा व्यवसायी नोएडा से गिरफ्तार

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नवीन समाचार, अल्मोड़ा, 4 अक्टूबर 2021। नैनीताल की हल्द्वानी पुलिस ने गत पांच सितंबर को एक व्यवसायी के प्रतिष्ठान से 6.12 लाख रुपए के माल को लेकर फरार होने वाले आरोपित को नोएडा से गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। पकड़ा गया आरोपित माल को बेच चुका था, अलबत्ता उसके पास से पुलिस ने 5.51 लाख रुपए की नगदी बरामद कर ली है।

पुलिस ने 6.12 लाख रुपये में से 5.51 लाख रुपये बरामद कर आरोपित को कोर्ट में पेश किया।हल्द्वानी पुलिस ने सोमवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि गत पांच सितंबर को व्यवसायी अंकुर गुप्ता पुत्र गजानंद गुप्ता निवासी भोलानाथ गार्डन हल्द्वानी ने पुलिस में प्रार्थना पत्र दिया था कि सचिन कुमार पुत्र मुकेश कुमार निवासी कृष्णा नॉवल्टीज नवाबी रोड हल्द्वानी ने उससे व अन्य लोगों से करीब 6 लाख 12 हजार रुपए का माल उधार लिया और फरार हो गया। इस मामले में पुलिस ने आरोपित के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 420 के तहत मामला पंजीकृत किया और मामले की विवेचना उप निरीक्षक प्रकाश पोखरियाल के सुपुर्द की।

इस मामले में एसएसपी द्वारा गठित पुलिस टीम ने आरोपित सचिन अग्रवाल को सोमवार को मुखबिर की सूचना पर नोएडा सेक्टर 106 के एमकेएम अपार्टमेन्ट से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपित सचिन अग्रवाल ने बताया कि वह गिफ्ट एवं खिलौनों का व्यापार करता है। कुछ समय पहले उसकी नवाबी रोड हल्द्वानी में कृष्णा नॉवल्टीज के नाम से फर्म थी। उस व्यापार में उसको बहुत कर्जा हो गया था। इस कारण उसने अंकुर गुप्ता व अन्य व्यापारियों से लगभग 6 लाख 12 हजार रुपये की स्टेशनरी व गिफ्ट का सामान उधार लिया और जयपुर भाग गया। वहाँ पर उसने यह माल सस्ते रेटों पर बेच दिया।

पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली हल्द्वानी अरुण कुमार सैनी, उप निरीक्षक प्रकाश पोखरियाल तथा आरक्षी ललित कुमार व संजय नेगी शामिल रहे। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। 

यह भी पढ़ें : महिला से 74 लाख की धोखाधड़ी के मामले में असिस्टेंट प्रोफेसर को जेल भेजा

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 18 जुलाई 2021। हल्द्वानी के मुखानी थाना क्षेत्र में दर्ज 74 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में फरार चल रहे एमबी पीजी डिग्री कॉलेज के एक प्रोफेसर ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया है। इसके बाद उसे न्यायालय के आदेशों पर जेल भेज दिया गया।

मुखानी एसओ सुशील कुमार की ओर से बताया गया है कि मूल रूप से बिहार और वर्तमान में अमरावती कॉलोनी, फेज-1, मल्ली बमौरी, हरिनगर बस्ती, हल्द्वानी निवासी समाजशास्त्र विभाग के असिस्टेंट अशोक कुमार ने 10 मई से 23 अगस्त 2019 तक अलग-अलग समय में शिवपुरी भवानीगंज निवासी पल्लवी गोयल से पहले विभिन्न कामों के लिए 63 लाख और बाद में एक भवन बेचने के नाम पर 11 लाख और इस तरह कुल 74 लाख रुपये लेकर धोखाधड़ी की थी।

इस पर पल्लवी गोयल ने 2019 में उसके खिलाफ पुलिस को तहरीर सौंपी थी। इस पर उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। तब से फरार चल रहे आरोपित ने अब पुलिस की ओर से गिरफ्तारी का दबाव बढ़ने के बाद न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। 

यह भी पढ़ें : वृद्ध-दिव्यांग अकेली महिला से करीब एक करोड़ की ठगी, बैंक खाता ही खाली कर गया शातिर किराएदार..

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 9 जनवरी 2021। शहर के एक दिव्यांग वृद्धा से करीब 1 करोड़ रुपये की ठगी कर वृद्धा का पूरा बैंक खाता ही खाली करने का मामला प्रकाश में आया है। वृद्ध महिला के घर में किराएदार के रूप में रहने वाले व्यक्ति ने इस ठगी को अंजाम दिया है। पहले उसने महिला से ₹8 लाख उधार मांगे, और उसके बाद यह रुपए वापस करने तो दूर, वृद्ध महिला को एक मकान दिलाने का भरोसा दिलाकर पहले करीब 75 रुपये ले लिए और उसके बाद ब्लैंक चेक में हस्ताक्षर करवा कर उसका पूरा बैंक खाता ही खाली करवा दिया। मामले का खुलासा तब हुआ जब शातिर किराएदार महिला की एक रिश्तेदार के पास भी रुपए लेने के लिए चला गया। शक होने पर महिला रिश्तेदार ने बुजुर्ग महिला के खातों की जांच की तो खाते खाली मिले। इसके बाद वृद्ध महिला ने हल्द्वानी कोतवाली पुलिस से आरोपित के खिलाफ गुहार लगाई। कोतवाली पुलिस ने वृद्ध महिला की शिकायत पर किराएदार के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार शहर की निशांत विहार गली नंबर 2 मुखानी में अकेले रहने वाली ऊषा रानी पुत्री स्व. उमराव सिंह ने तहरीर में बताया कि वह चलने फिरने में असमर्थ हैं। उसके पिता की जनवरी 2018 में मौत हो गई थी। बुजुर्ग महिला के मकान में दुर्गापालपुर परमा बेरीपड़ाव निवासी किराएदार विक्रम सिंह भाकुनी उर्फ विक्की रहने आया, और उसने बुजुर्ग महिला से नजदीकियां स्थापित करने के बाद अपनी मजबूरियां बताकर आठ मार्च 2018 को चार लाख रुपये लिखित में 24 मार्च 2018 तक लौटाने का वादा करके ले लिए। लेकिन रकम नहीं लौटाई। बल्कि उसने नया पैतरा चलते हुए बुजुर्ग महिला को नया मकान खरीदने के लिए तैयार कर अपने पिता का पुराना मकान 50 लाख दिलाने की बात कही। इस मकान की एवज में उसने वृद्धा से 12 लाख रुपये नकद तत्काल रख लिए और 38 लाख रुपये का ड्राफ्ट बनवाकर बैंक मेें जमा करा लिए। इसके बाद भी नए मकान खरीदने के नाम पर 25 लाख रुपये बुजुर्ग से और ले लिए। यही नहीं , इसके अलावा भी उसने रिक्त चेकों पर दस्तखत कराकर रख लिए।

मामला तब खुला जब विक्रम सिंह भाकुनी बुजुर्ग महिला की बहन आशा पंत के पास ढाई लाख रुपये मांगने के लिए अल्मोड़ा पहुंचा। बताया कि उसकी किडनी खराब है। पैसे की जरूरत है। शक होने पर बहन और उसके पति ने हल्द्वानी आकर ऊषा रानी के बैंक खाते के बारे में जानकारी जुटाई। पता चला कि किराएदार ने पूरे पैसे निकाल लिए। इस मामले में बुजुर्ग महिला ने विक्रम से पूछताछ की तो उसने एक करोड़ रुपये देने का भरोसा दिया। आरोप है कि बाद में किराएदार ने जुबान बंद नहीं करने पर बुजुर्ग को मारने की धमकी भी दी। एसएसआई मंगल सिंह ने बताया कि बुजुर्ग की तहरीर पर किराएदार विक्रम सिंह भाकुनी के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

यह भी पढ़ें : फेसबुक पर विदेशी महिला बनकर विदेश से गिफ्ट भेजने के नाम पर एक करोड़ 12 लाख से अधिक की ठगी

नवीन समाचार, नैनीताल, 25 दिसम्बर 2020। राजधानी देहरादून के निवासी एक व्यक्ति से एक कथित विदेशी महिला के द्वारा फेसबुक पर दोस्ती करके उपहार भेजने के नाम पर झांसा देकर एक करोड़ 12 लाख 63 हजार 945 रुपये ठगने का मामला प्रकाश में आया है। अलबत्ता उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) एवं साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए इस मामले में विदेशी महिला बनकर दोस्ती कर धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। ये तीनों नाइजीरियन विदेशी मूल के व्यक्ति हैं, जो दिल्ली-एनसीआर से सोशल मीडिया पर महिला बनकर लोगों को फंसाते थे। आरोपियों से चार मोबाइल व आठ सिम कार्ड आदि सामान बरामद किया गया है।

सीओ अंकुश मिश्रा ने बताया कि वारदात में शामिल लोग नाइजीरियन विदेशी मूल के व्यक्ति हैं। वह फेसबुक पर विदेशी महिला बनकर विभिन्न लोगों को दोस्ती का प्रस्ताव भेजकर विदेश से पैसे या गिफ्ट आदि भेजने के नाम पर धोखाधड़ी करते हैं। वे फर्जी सिमकार्ड, वॉलेट, पेटीएम मर्चेंट और बैंक खाते उपलब्ध कराए। आरोपी फर्जी आईडी पर प्रीएक्टीवेडेट सिम का प्रयोग करते हैं। वहीं एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि देहरादून निवासी एक व्यक्ति ने शिकायती पत्र देकर बताया कि कुछ समय पहले फेसबुक पर उनकी दोस्ती एक कथित विदेशी महिला से हुई। महिला ने विदेश से उपहार के रूप में 17 लाख रुपये भेजने की बात कही। इसके बाद साइबर अपराधियों ने शिकायतकर्ता को पार्सल ओवरवेट होने के बदले पहले 15 हजार 560 रुपये भेजे और इसके बाद भी रकम मांगते रहे। झांसे में आकर शिकायतकर्ता ने अलग-अलग अवधि में एक करोड़ 12 लाख 63 हजार 945 रुपये की धनराशि विभिन्न बैंक खातों में जमा कराई। मामले में मुकदमा दर्ज कर विवेचना इंस्पेक्टर मनोहर सिंह दसौनी ने की। बताया गया है कि पुलिस टीम पहले भी इस मामले में एक विदेशी नागरिक (नाइजीरियन मूल) सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। प्रकरण में 16 बैंक खातों को फ्रीज कराया गया।

यह भी पढ़ें : नैनीताल : जीवित व्यक्ति को मृत दिखाकर बेच दी पैतृक जमीन, मुकदमा दर्ज होने के बाद जांच शुरू …

नवीन समाचार, नैनीताल, 19 दिसम्बर 2020। तहसील कोश्या कुटोली के अंतर्गत आने वाले जिला मुख्यालय के निकटवर्ती गांव पंगूट में जिंदा व्यक्ति को मृत दर्शा कर उनकी पैतृक भूमि बेचने के मामले में थाना भवाली में विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पंगूट गांव निवासी हरि कृष्ण पुत्र लक्ष्मी दत्त ने एसडीएम प्रतीक जैन तथा चौकी खैरना को शिकायती पत्र देकर कहा था कि वह वर्तमान में कालाढूंगी तहसील के कमोला गांव में रहते हैं। उनकी पैतृक संपत्ति पंगूट में है। बीते दिनों जब उन्होंने व्यक्तिगत कार्य के लिए जमीन के दस्तावेज निकाले तो अभिलेखों में उन्हें मृत दर्शाया गया था। साथ ही उनकी जमीन भी किसी और के नाम व कब्जे में दर्शाई गई थी यह देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। पंगूट मुख्य बाजार में स्थित जमीन पर जाकर देखा तो वहां पर किसी व्यक्ति ने पार्किंग का निर्माण कर डाला है। साथ ही कोई अन्य व्यक्ति जमीन पर अपना कब्जा बता रहा था। परेशान होकर वह बीते दिनो अपना जीवित प्रमाण पत्र लेकर तहसील पहुंचे। दर-दर भटकने के बाद हल्द्वानी कैंप कार्यालय में एसएसपी सुनील कुमार मीणा से मुलाकात करने के बाद बीते नौ दिसंबर को भवाली कोतवाली में बुधलाकोट निवासी पदमा दत्त, सतीश चंद्र तथा कालाढूंगी निवासी कांति बल्लभ एवं कुछ अन्य सह खातेदारों पर मिलीभगत के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की जांच भवाली कोतवाली के एसआई विमल मिश्रा को सौंपी गई। जांच अधिकारी विमल मिश्रा के अनुसार मामले के खुलासे को जांच टीम ने पहले चरण में मुकदमा दर्ज कराने वाले हरि कृष्ण के बयान दर्ज कर लिए हैं। जांच टीम अब तहसील कोश्या कुटोली पहुंच मामले से जुड़े अहम अभिलेख भी जुटाऐगी ताकि जल्द मामले का पर्दाफाश हो सके।

यह भी पढ़ें : सनसनीखेज मामला: ओटीपी भी नहीं मांगा, लिंक पर क्लिक करने को नहीं कहा, फिर भी खाते से उड़ा लिये पौने 28 लाख रुपए

नवीन समाचार, काशीपुर (ऊधमसिंह नगर), 16 दिसंबर 2020। काशीपुर में साइबर ठगी का बेहद ही सनसनीखेज एवं चिंताजनक मामला प्रकाश में आया है। यहां ठगों ने ओटीपी नहीं मांगा, किसी लिंक पर क्लिक करने को नहीं कहा, फिर भी खाते से पौने 28 लाख रुपए उड़ा लिये।
मामला आयोनेक्स केमिकल फर्म से जुड़ा है। कुंडेश्वरी स्थित आयोनेक्स कैमिकल एंड इंजीनीयरिंग फर्म के प्रोपराइटर अनूप सिंह के द्वारा पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार उनका चालू खाता बाजपुर रोड स्थित आईसीआईसीआई बैंक में है। इसमें उसका मोबाइल नंबर दर्ज है। गत 20 नवंबर 2020 की शाम करीब चार बजे उनके मोबाइल के सिग्नल गायब हो गये। 21 नवंबर की सुबह करीब चार बजे उसने नेट से अपने एकाउंट की डिटेल चेक की तो खाते से 20 नवंबर को पांच लाख रुपये रूमा नाम की एक महिला के खाते में, 11.50 लाख रुपये दिनेश और 11.25 लाख रुपये सुखदेव के खाते में डाले गए मिले। इस तरह साइबर ठगों ने उसके खाते से 27.75 लाख रुपये उड़ा लिये। अब जांच में पता चला है कि यह सभी खाते पश्चिमी बंगाल के हैं। जब उनके मोबाइल पर सिग्नल नहीं आ रहे थे, तब ठगों ने उनका बैंक खाते से जुड़ा मोबाइल नंबर बंद कराकर उसकी जगह नया सिम ले लिया था और ओटीपी खुद प्राप्त कर लिया था। इस मामले में कुंडेश्वरी चौकी पुलिस ने मामला साइबर सेल रुद्रपुर को ट्रांसफर किया था। साइबर सेल को जांच में पता चला कि ठगों ने रूमा नाम की महिला, दिनेश और सुखदेव के खातों में पैसा ट्रांसफर किया है। यह सभी खाते पश्चिम बंगाल के लोगों के नाम पर हैं। इधर, स्थानीय पुलिस आरोपितों तक पहुंचने का प्रयास कर रही थी कि इसी बीच आइसीआइसीआइ बैंक ने पुलिस को सूचना दी पश्चिम बंगाल के जिला चौबीस परगना के गांव वशीरहाट में श्यामूलीदास नाम की महिला ने एक स्थानीय निवासी के खिलाफ केस दर्ज कराया है। इस पर वहां की पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया। श्यामूलीदास नाम की महिला के खाते में केमिकल फर्म के खाते से उड़ाया गया पैसा भी ट्रांसफर हुआ है। इसलिए पुलिस को यकीन है कि पश्चिम बंगाल में गिरफ्तार आरोपित केमिकल फर्म के खाते से पैसा उड़ाने में शामिल है। जल्द ही पुलिस आरोपित से पूछताछ करने के लिए पश्चिम बंगाल के लिए रवाना होगी। साथ ही उसे बी वारंट पर कोतवाली लाने का प्रयास किया जाएगा।

यह भी पढ़ें : विदेश भेजने और व्यवसाय के लिए दूसरे देशों की नागरिकता दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी..

नवीन समाचार, बाजपुर (ऊधमसिंह नगर), 15 दिसंबर 2020। विदेश भेजने और व्यवसाय के लिए दूसरे देशों की नागरिकता दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने का मामला प्रकाश में आया है। पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर एनआरआई सहित सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती रामपुर जिले की स्वार तहसील के अंतर्गत ग्राम शेखूपुरा निवासी जगतार सिंह ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि ग्राम कनौरा बाजपुर स्थित उसकी जमीन पर शेखूपुरा निवासी तहेरा भाई बलकार सिंह खेती और खेती का हिसाब-किताब करता था। चेक पर वह उनके व मां के हस्ताक्षर करवा लेता था और फसल की आय बैंक के खातों में जमा करवाता था। बलकार सिंह ने खातों की गतिविधि की जानकारी रखने के लिए अपने पिता गुरदेव सिंह का मोबाइल नंबर बैंक में रजिस्टर्ड करवा दिया था। साथ ही उसे यानी जगतार को विश्वास में लेकर दो बैंकों की चेक बुक से बलकार सिंह समय-समय पर जरूरत के अनुसार उनके हस्ताक्षर करवाकर पैसा निकाल लेता था। वहीं इस बीच बलकार ने जगतार को व्यावसायिक गतिविधि के लिए इंग्लैंड भेजने और वहीं की नागरिकता दिलवाने का झांसा देकर कनौरा स्थित भूमि को कागजातों में बिना पैसा दिए कई लोगों को बेच दिया। बलकार जमीन की बिक्री से मिली इस रकम को इंग्लैंड में दिखाकर बिजनेस में लगवाने का दावा करता था। धोखाधड़ी का अहसास होने पर जगतार ने बलकार सिंह, बलकार की पत्नी रजविंदर कौर, दलजीत सिंह पुत्र संतोष सिंह निवासी शेखूपुरा स्वार रामपुर (उप्र), करमजीत सिंह उर्फ पाल यूके निवासी बाजपुर, बलवीर राय व उसकी पत्नी किरनदीप, गुरप्रीत सिंह, निवासीगण ग्राम इकघरा बाजपुर आदि के खिलाफ शिकायत करते हुुुए कोर्ट में इश्तगासा दायर किया था। इसमें धोखाधड़ी से जमीन की खरीद-फरोख्त करने और खातों से पैसों की निकासी करने का आरोप लगाया गया। पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर आईपीसी की धारा 420, 406, 467, 468, 471, 504, 506 के तहत मामला दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी है।

यह भी पढ़ें : बागेश्वर की दो लड़कियां जयपुर से करती थीं नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी, मलेशिया-सिंगापुर जाकर करती थीं ऐश… पकड़ी गईं….

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 13 दिसम्बर 2020। बागेश्वर जिले की दो लड़कियां दीपा और किरन जयपुर राजस्थान में रहकर ठग गिरोह के साथ काम करती थी। गिरोह के सदस्यों के अनुसार वह अब तक युवाओं को नौकरी दिलाने का झांसा देकर 60-70 लाख रुपए ठग चुके हैं। इतने अधिक रुपए ठगने के बाद आरोपी इन रुपयों से विदेश घूमते थे और ऐश करते थे। फंसाने के लिए किरन फेसबुक पर लोगों से चैट करते हुए पहले पता करती थी कि बात करने वाले के घर में कोई बेरोजगार तो नहीं है। फिर बेरोजगार को नौकरी दिलाने के नाम पर झांसा देती थी। बाद में जयपुर निवासी रजत भुटानी और उसकी पत्नी दीपा ग्राहकों से डील करते थे और रुपए ले लेते थे। ठगी करने के बाद तीनों दुबई और मलेशिया भाग जाते थे। अभी तीनों ने सिंगापुर जाने की योजना बनाई थी, लेकिन वह तीनों इससे पहले ही शुक्रवार को जयपुर से पकड़े गए। उनका एक साथ अंशु मौर्या पहले ही पकड़ा जा चुका था। नैनीताल पुलिस ने दोनों लड़कियों दीपा व किरन तथा रजत को पकड़ने के लिए इनाम भी घोषित किया था। पुलिस ने उनके पास से एक-एक पासपोर्ट, यूएई की नागरिकता के कागज, तीन मोबाइल बरामद किए हैं।
उल्लेखनीय है कि पुरानी हल्द्वानी के आईटीआई रोड निवासी करन सिंह ने ठग गिरोह के खिलाफ पांच जनवरी 2020 को मुकदमा दर्ज कराया था कि उसके भाई को कस्टम विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर नौ लाख रुपये ठग लिए गए थे। गिरोह ने नियुक्ति पत्र भी दिया था लेकिन कस्टम विभाग से पता चला कि नियुक्ति पत्र फर्जी है। इस मुकदमे की विवेचना उपनिरीक्षक संजीत सिंह राठौर को सौंपी गई। जांच के दौरान पुलिस ने एक आरोपी अंशु मौर्या को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो पता चला कि गिरोह का मास्टर माइंड राजस्थान के प्रतापनगर जयपुर निवासी रजत भुटानी है। उसने बागेश्वर की दीपा से प्रेम विवाह किया था। साथ ही बागेश्वर के जाड़ापानी कौसानी निवासी किरन आर्या को अपने साथ सहयोगी के रूप में काम पर रखा था। दीपा अपने पति रजत भुटानी के साथ हल्दूचौड़ आती जाती थी। दीपा ने किरन को बचपन से पाला है। इसलिए वह उनके लिए काम करती थी। एसएसपी सुनील कुमार मीणा ने तीनों को गिरफ्तार करने के लिए रजत पर ढाई हजार, दीपा और किरन पर 1500-1500 रुपये का इनाम घोषित किया था। सीओ का कहना है कि कुमाऊं में भी कई लोगों से तीनों ठगी कर चुके हैं लेकिन किसी ने मुकदमा दर्ज नहीं कराया। हो सकता है कि अब पीड़ित लोग सामने आए। कोतवाल संजय कुमार ने कहा कि तीनों आरोपी दिल्ली मेें भी कई लोगों को ठग चुके हैं। तीनों का आपराधिक इतिहास पता करने के लिए दिल्ली और राजस्थान पुलिस को पत्र भेजा जाएगा।

यह भी पढ़ें : छात्र-छात्राओं से ठगे 9.34 लाख, रिपोर्ट दर्ज हुई तो लगाई अग्रिम जमानत की अर्जी, कोर्ट ने नहीं दिखाई मुरौबत

-जोधपुर इंस्टीट्यूट से बीएड-पीएचडी कराने के नाम पर वसूली थी धनराशि
नवीन समाचार, नैनीताल, 24 नवम्बर 2020। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत ने छात्र-छात्राओं को बीएड व पीएचडी कराने का झांसा देकर 9.35 लाख रुपए से अधिक हड़पने के आरोपित की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी है। मंगलवार को मामले में आरोपित मोहाली पंजाब निवासी संजय कुमार शर्मा पुत्र मीर चंद्र की अग्रिम अमानत अर्जी का विरोध करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता-फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने बताया कि आरोपित के खिलाफ गत 31 अगस्त 2020 को मुकेश सिंह फर्त्याल पुत्र खड़क सिंह फर्त्याल निवासी ग्लोबल करियर सर्विस, दुर्गा सिटी सेंटर हल्द्वानी की तहरीर पर भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 504 व 506 के तहत मुकदमा दर्ज है। उस पर आरोप है कि उसने हल्द्वानी से प्रकाशित एक समाचार पत्र में जोधपुर इस्टीट्यूट में प्रवेश दिलाकर बीएड व पीएचडी कराने का विज्ञापन दिया था, और 24 छात्र-छात्राओं से 60 हजार प्रति छात्र की दर से 16.55 लाख रुपए एकत्र किए और इनमें से 12 छात्र-छात्राओं को प्रवेश नहीं दिलाया और उनकी 9.35 लाख की फीस वापस देने को भी डालता रहा। वास्तव में उसका जोधपुर इंस्टीट्यूट से कोई संबंध नहीं था, बल्कि उसने धनराशि अपने खाते में जमा करवाई थी। इस आधार पर न्यायालय ने उसे अग्रिम जमानत देने से इंकार कर दिया।

यह भी पढ़ें : 78 वर्षीय वृद्धा से धर्म के नाम पर लाखों के जेवहरात ठगे, कोर्ट ने दिखाया कड़ा रुख..

-पुलिस बड़ी मुश्किल से करीब डेढ़ माह से भी अधिक समय बाद पहुंच पाई आरोपितों तक, दिन के भीतर ही लगाई जमानत अर्जी
नैनीताल, एसएनबी। विगत माह 14 सितंबर को थाना रामनगर क्षेत्र अंतर्गत रानीखेत रोड रामनगर निवासी 78 वर्षीय वृद्धा को दो व्यक्तियों ने धर्म के नाम पर झांसा देकर उसे नशीला पदार्थ सुंघाकर उसके गले का हार, कान के कुंडल व रुपए ठग लिए थे। इस मामले में पुलिस की एक माह से भी अधिक समय तक चली कड़ी छानबीन के बाद आरोपी 23 अक्टूबर को पकड़े गए। इधर एक माह से पहले ही आरोपी ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत में जमानत अर्जी लगा दी। अभियोजन पक्ष की कड़ी पैरवी के बाद अदालत ने आरोपित की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
जिला शासकीय अधिवक्ता-फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने आरोपित दिलशाद पुत्र अब्दुल सलाम निवासी मौ. अहमदनगर जिला अमरोहा यूपी की जमानत अर्जी का विरोध करते हुए अदालत को बताया कि पीड़िता के पुत्र की शिकायत पर रामनगर पुलिस ने कई सीसीटीवी फुटेज खंगालकर पहले आरोपितों द्वारा प्रयुक्त वाहन संख्या डीएल3एफएबी-0034 की पहचान की। यह वाहन कई लोगों को एक के बाद एक बेचा गया था। उन सभी तक पहुंचते हुए किसी तरह पुलिस ने आरोपितों को दबोचा।

यह भी पढ़ें : फर्जी कागजातों से दूसरे की करोड़ों की 50 एकड़ भूमि बेच दी, नहीं मिली अग्रिम जमानत..

नवीन समाचार, नैनीताल, 19 नवम्बर 2020। प्रथम अपर जिला न्यायाधीश एवं प्रभारी जिला न्यायाधीश विनोद कुमार की अदालत ने दूसरे की भूमि बिना भूमि मालिक की जानकारी के बेचने के एक आरोपित की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
जिला शासकीय अधिवक्ता-फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने बृहस्पतिवार को आरोपित चंद्र बल्लभ टम्टा पुत्र भवानी राम टम्टा निवासी डीडीए फ्लैट सेक्टर 22 द्वारिका नई दिल्ली की अग्रिम जमानत अर्जी का विरोध करते हुए न्यायालय को बताया कि तीन आरोपितों चंद्र बल्लभ टम्टा, चंद्रशेखर टम्टा व पवन अग्रवाल ने अपने रिश्तेदारों हयात राम, दीपक कुमार, कुंदन लाल, ख्याली राम व प्रदीप कुमार के साथ मिलकर रामनगर के बलबीर गार्डन में करीब 20 हैक्टेयर जमीन खरीदी और बाद में इस भूमि सहित 50 एकड़ भूमि को 22 लाख रुपए प्रति एकड़ के भाव से अर्पण अग्रवाल पुत्र राजीव अग्रवाल निवासी मोहल्ला ज्वाला लाइन से फर्जी इकरारनामे से कर दिया। इसकी जानकारी मिलने पर भूमि की वास्तविक मालकिन जानकी देवी पत्नी महेश चंद्र आगरी निवासी इंद्रपुरी नई दिल्ली ने गत 16 अक्टूबर को थाना रामनगर में धारा 427, 420 व 406 के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई है। शर्मा ने अदालत में दलील की पीड़िता ने कभी भी इस भूमि को बेचने का सौदा नहीं किया था, फिर भी आरोपित ने इसके बदले 75 लाख रुपए की धनराशि प्राप्त कर ली है। इस आधार पर न्यायालय ने आरोपित की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी है।

यह भी पढ़ें : विदेश भेजने के नाम पर मां-बेटे से सवा दो लाख रुपए ठगने के आरोपित से 8 माह बाद भी Court ने नहीं दिखाई कोई मुरौबत..

नवीन समाचार, नैनीताल, 18 नवम्बर 2020। प्रथम अपर जिला न्यायाधीश एवं प्रभारी जिला न्यायाधीश विनोद कुमार की अदालत ने विदेश भेजने के नाम पर मां-बेटे से सवा दो लाख रुपए की ठगी करने के आरोपित की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। आरोपित 18 मार्च को गिरफ्तार होने के बाद से जेल में बंद है। इस प्रकार आरोपित को 8 माह जेल में रहने के बाद भी जमानत नहीं मिल पाई है।
जिला शासकीय अधिवक्ता-फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने आरोपित का विरोध करते हुए न्यायालय को बताया कि आरोपित मो. सरफराज पुत्र मुमताज हुसैन उर्फ मुन्ने खां निवासी निवासी भोजपुरा मुरादाबाद, हाल न्यू फ्रेंडस कॉलोनी नई दिल्ली ने अपने साथी आबिद पुत्र अनोखे निवासी मिस्रीनगर तहसील सदर रामपुर यूपी शिकायतकर्ता ललित मोहन पांडे पुत्र चंद्रशेखर पांडे निवासी इंदार कॉलोनी रामनगर के घर एक जुलाई 2020 को आए और बेटे को दुबई में नौकरी के लिए भेजने के फर्जी कागजात बनाकर सवा दो लाख रुपए ठग लिए। वह बेरोजगारों के साथ छलकपट करते हैं। इसलिए वह जमानत प्राप्त करने के अधिकारी नहीं हैं। इस पर न्यायालय ने आरोपित सरफराज की जमानत अर्जी खारिज कर दी। उल्लेखनीय है कि इस मामले में सह आरोपित आबिद की अग्रिम जमानत अर्जी न्यायालय पूर्व में 16 अक्टूबर को खारिज कर चुकी है।

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नवीन समाचार, हल्द्वानी, 15 अक्टूबर 2020। युवतियों को मॉडलिंग के सपने दिखाकर हजारों की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। हल्द्वानी कोतवाली पुलिस ने इस मामले में एक व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। उस पर आरोप है कि उसने फोटो शूट और जॉब दिलाने के नाम पर 27 से अधिक युवतियों से हजारों रुपये लिए और भाग गया।
सीओ शांतनु पाराशर के पास शिकायत लेकर पहुंची युवतियों का कहना है कि भोटिया पड़ाव स्थित बिग ड्रीम सर्विस का संचालक अंकित उर्फ कपिल ने सब्जबाग दिखाए कि वह युवतियों को मॉडलिंग सिखाने का काम करता है। यहां से युवतियों को तत्काल नौकरी मिल जाएगी। आरोप है कि झांसा देकर उसने 27 युवतियों से 1500-1500 रुपये फीस लेकर फार्म भरवाया और कार्यालय में जॉब देने के लिए 500-500 रुपए अतिरिक्त लिये। एक सप्ताह तक उसकी गतिविधियां संदेहास्पद देखकर युवतियों ने पैसा लौटाने के लिए दबाव बनाया लेकिन वह टालमटोल करता रहा। आरोप है कि अब वह भाग गया है। पुरानी आईटीआई की रहने वाली युुवती ने कोतवाली पुलिस को तहरीर दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अंकित उर्फ कपिल के खिलाफ धारा 420 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अंकित उर्फ कपिल की तलाश कर रही है। पता चला है कि अंकित ऊधमसिंह नगर जिले का रहने वाला है।

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