Oops! It appears that you have disabled your Javascript. In order for you to see this page as it is meant to appear, we ask that you please re-enable your Javascript!

फिल्म ‘केदारनाथ’ के निर्मात्री प्रेरणा अरोड़ा गिरफ्तार, जानें क्यों ?

Spread the love

नवीन समाचार, नैनीताल, 9 दिसंबर 2018। फिल्म ‘केदारनाथ’ प्रोड्यूसर प्रेरणा अरोड़ा एक बार फिर मुसीबत में फंस गई हैं. मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने शनिवार को उन्हें गिरफ्तार किया है। उन पर 16 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का आरोप है। ये मामला सुशांत सिंह राजपूत और सारा अली खान की फिल्म केदारनाथ से जुड़ा हुआ है। प्रेरणा क्रिअर्ज एंटरटेनमेंट प्रोड्क्शन हाउस की ओनर हैं। यह प्रोडक्शन हाउस रुस्तम, टॉयलेट, पैडमैन और परी जैसी फिल्में प्रोड्यूस कर चुका है।

मिड-डे की एक रिपोर्ट में निर्देशक अभिषेक कपूर ने बताया कि एंटरटेनमेंट की प्रेरणा अरोड़ा ने गैरकानूनी ढंग से फिल्म ‘केदारनाथ’ के इंडियन थिएट्रिकल राइट्स वाशु भगनानी को बेच दिए हैं. इसलिए अब उनके खिलाफ पुलिस में उन्होंने शिकायत दर्ज करवाई है। जब क्रिअर्ज एंटरटेनमेंट ने फिल्म केदारनाथ के राइट्स रोनी स्क्रूवाला को बेच दिए थे, तब जून 2018 को फिल्म डिस्ट्रीब्यूटर वासु भगनानी ने प्रेरणा और क्रि अर्ज के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी. भगनानी का आरोप है कि गैर कानूनी तरीके से रोनी स्क्रूवाला को राइट्स बेचे जाने से उन्हें 16 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है. भगनानी ने प्रेरणा के अलावा प्रतिमा अरोड़ा और अर्जुन कपूर के खिलाफ मुंबई के आर्थिक अपराध शाखा में एफआईआर दर्ज कराई थी. भगनानी ने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की. उन्होंने कहा था कि पुलिस उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं ले रही है, जिसके बाद कोर्ट ने मुंबई पुलिस कमिश्नर को नोटिस भेजा था. भगनानी ने मांग की थी कि कोर्ट मुंबई पुलिस कमिश्नर और आर्थिक अपराध शाखा के संयुक्त पुलिस कमिश्नर को इस मामले में एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दे।

केदारनाथ फिल्म पर याचिकाकर्ता स्वामी का दावा, सरकार लगाएगी राज्य के मंदिरों पर बनने वाली फिल्मों पर रोक

-कहा, देश भर में केदारनाथ फिल्म पर रोक के लिए सर्वोच्च न्यायालय से लेकर प्रधानमंत्री व सभी राज्यों के मंत्रियों से लगाएंगे गुहार

नवीन समाचार, नैनीताल, 7 दिसंबर 2018। उत्तराखंड में केदारनाथ फिल्म के रिलीज को रोकने के लिए जनहित याचिका दायर करने वाले स्वामी दर्शन भारती ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि उत्तराखंड के बाद देशभर में फिल्म के बैन के लिए दिल्ली में ही कुछ होगा। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने उन्हें जल्द ही विधानसभा में विधेयक लाकर उत्तराखंड के मंदिरों पर बनने वाली इस प्रकार की फिल्मों पर रोक लगाने की बात कही है।
शुक्रवार को नगर में पत्रकारों से वार्ता करते हुए भारती ने कहा कि केदारनाथ फिल्म को उत्तराखंड सरकार द्वारा रोके जाने से वे बहुत संतुष्ट हैं। उन्होंने अब इस पर राष्ट्रव्यापी प्रतिबंध लगाने की मांग शुरू कर दी है। उन्होंने इसके लिए अब सर्वोच्च न्यायालय के दरवाजे खटखटाने का विचार बनाया है। उन्होंने यह भी कहा है कि वे सर्वोच्च न्यायालय से फिल्म के नाम को बदलने की मांग करेंगे और देश के सभी मुख्यमंत्रियों सहित प्रधानमंत्री से भी इस पर रोक लगाने की मांग करते हुए मुलाकात करेंगे। उन्होंने कहा है कि अगर फिल्म रिलीज हो गई है तो भी उसे आगे रोक जा सकता है। कहा कि उत्तराखंड सरकार ने जिस तरह इसको रोकने का साहस दिखाया ह,ै उसी तरह देश हिंदुत्व और केदारनाथ के साथ इसे रोकने के लिए खड़ा हो जाए। यह भी कहा कि प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने उन्हें फोन कर बताया कि वह विधानसभा में विधेयक लाकर उत्तराखंड के मंदिरों पर बनने वाली इस प्रकार की फिल्मों पर रोक लगाएंगे।

नैनीताल, ऊधमसिंह नगर व पौड़ी जिलों में नहीं दिखाई जाएगी फिल्म केदारनाथ, डीएम ने लगाई रोक

नवीन समाचार, नैनीताल, 5 दिसंबर 2018। अपने विषय व फिल्मांकन के कारण अपने टीजर से ही विवादों में आ चुकी, और 7 दिसंबर को देश भर में रिलीज़ हो रही विवादित फिल्म केदारनाथ नैनीताल, ऊधमसिंह नगर व पौड़ी जनपदों में नहीं दिखाई जाएगी। इस संबंध में नैनीताल जिले के डीएम विनोद कुमार सुमन, के साथ ही देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, पौड़ी, टिहरी और अल्मोड़ा जिलों में प्रतिबंध लगाया गया है। जिलों के डीएम ने स्थानीय अभिसूचना इकाई एवं अन्य माध्यमों से कई संगठनों व लोगों के द्वारा फिल्म के प्रबल विरोध को देखते हुए स्वयं में निहित शक्तियों का उपयोग करते हुए, जनपद में कानून एवं शांति व्यवस्था की स्थिति को बनाये रखने के लिए उत्तराखंड में भी लागू उत्तर प्रदेश सिनेमा विनियमन अधिनियम 1955 की धारा 6 के तहत जिले के सभी मल्टी प्लेक्स एवं एकल परदे के सिनेमा घरों में केदारनाथ फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगा दी है।

इससे पूर्व आज ही नैनीताल हाईकोर्ट ने अभिनेता सुशांत राजपूत व सारा अली खान की फिल्म केदारनाथ पर रिलीज पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। साथ ही याचिका खारिज कर दी थी। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को फिल्म के खिलाफ जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग को भी प्रत्यावेदन देने को कहा था। इससे पूर्व उल्लेखनीय है कि इसके अलावा फ़िल्म के उत्तराखंड में रिलीज पर निर्णय लेने के लिए राज्य सरकार ने कमेटी गठित की थी, जिसने संबंधित डीएम पर फ़िल्म को लेकर निर्णय छोड़ दिया था।

इससे पूर्व 5 दिसंबर 2018 को हिंदू जागरण मंच द्वारा केदारनाथ पर रिलीज हो रही फिल्म पर आपत्ति दर्ज करते हुए संपूर्ण प्रदेश में किए गए धरने प्रदर्शन तथा कुछ भाजपा नेताओं द्वारा केदारनाथ फिल्म के कुछ दृश्यों को धार्मिक आस्था पर कुठाराघात बताने और नैनीताल हाईकोर्ट में फिल्म को लेकर एक याचिका दायर होने के बाद प्रदेश सरकार ने केदारनाथ फिल्म पर की जा रही आपत्तियों की समीक्षा करने के लिए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज की अध्यक्षता में समिति गठित कर दी है। सचिव गृह नितेश झा, सचिव सूचना दिलीप जावलकर व डीजीपी अनिल रतूङी समिति के सदस्य होंगे। समिति केदारनाथ फिल्म को लेकर की जा रही आपत्तियों के संदर्भ में फिल्म का परीक्षण करेगी और अपनी रिपोर्ट देगी। इस रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार उत्तराखंड में इस फिल्म के प्रदर्शन को लेकर समुचित फैसला लेगी। बता दें कि इस मसले को सबसे पहले भाजपा नेता अजेंद्र अजय ने उठाया था और उन्होंने फिल्म के आपत्तिजनक दृश्यों को न हटाये जाने पर फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग की थी।

पूर्व समाचार : आज (6 दिसंबर को) होगी उत्तराखंड हाईकोर्ट में फिल्म केदारनाथ पर रोक लगाने से संबंधित याचिका पर सुनवाई

नवीन समाचार, नैनीताल, 5 दिसंबर 2018। इसी सप्ताह आगामी सात दिसंबर को रिलीज होने जा रही फिल्म अभिनेता सैफ अली खान की फिल्मों में डेब्यू कर रही पुत्री सारा अली खान और महेंद्र सिंह धौनी फेम अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की फिल्म केदारनाथ बड़े विवाद का कारण बन गयी है। जैसा कि आपके पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार पोर्टल ‘नवीन समाचार’ ने 2 दिन पूर्व 3 दिसंबर को ही जानकारी दे दी थी, फ़िल्म के विरुद्ध 4 दिसंबर को याचिका दायर कर दी गयी, और अब इस पर आज 6 दिसंबर को सुनवाई होगी। इस मामले में सुदर्शन भारती और बदरीनाथ धाम के हरिकिशन किमोठी ने उच्च न्यायालय मेंं याचिका दायर कर फिल्म निर्माता पर केदारनाथ धाम व हिंदुओं की आस्था पर ठेस पहुंचाने का आरोप लगाते हुए इसकी रिलीज पर रोक लगाने की मांग की गई है।  फिल्म निर्माता पर आरोप लगाया है कि भगवान केदारनाथ का अपमान करते हुए विदेशी मदद से यह फिल्म बनाई गई है। यह फिल्म हिंदुओं व पहाड़ की आस्था के साथ भद्दा मजाक है। फिल्म में दिखाया गया है कि केदारनाथ में सैकड़ों साल से मुस्लिम रहते हैं और मंदिर में नमाज पढ़ रहे हैं, जबकि मंदिर या उसके आसपास एक भी मुस्लिम परिवार या व्यक्ति नहीं रहता है। निर्माता ने केदारनाथ जलप्रलय को लव जिहाद से जोड़कर आस्था व विश्वास से कुठाराघात किया है। फिल्म में नायक को मुस्लिम व नायिका को उच्चकुलीन हिंदू दर्शाया गया है। लड़की का परिवार प्रलय आने पर भी शादी नहीं करने की बात करता है, मगर लड़की मंदिर में जाकर प्रलय की प्रार्थना करती है, जिसे फिर 2013 की आपदा से जोड़ दिया गया है। याचिकाकर्ता के अनुसार बाबा केदार मोक्ष के भगवान हैं। आदि शंकराचार्य ने पूरे देश में मठों की स्थापना कर केदारनाथ में देह त्यागी। पांडव भी इसी रास्ते मोक्ष प्राप्ति को निकले थे। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री, सेंसर बोर्ड चेयरमैन, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, मुख्यमंत्री सहित मंत्रियों को ज्ञापन सौंप दिया गया है। उन्होंने कहा कि यदि केदारनाथ पर फिल्म बनाई जाए तो वास्तविक तथ्यों पर। अन्यथा इस फिल्म पर पाबंदी लगाई जाए।

उल्लेखनीय है कि पहले ही केदारघाटी के लोगों, पंडितों ने फिल्म के 1 मिनट 40 सेकंड के टीजर को देखकर ही ‘लव जिहाद’ को बढ़ावा देने का गंभीर लगाया गया था। केदारनाथ की त्रासदी पर बनी बतायी जा रही फिल्म के टीजर में एक ओर केदारनाथ धाम तबाह होता नजर आ रहा है तो दूसरी ओर मुस्लिम किरदार मंसूर का निभा रहे सुशांत को केदारनाथ में नमाज पढ़ते और हिंदू लड़की मुक्कू का किरदार निभा रही सारा के साथ बोल्ड तरीके से किस करते हुए दिख रहे हैं।फिल्म में खासकर बोल्ड किसिंग सीन को लेकर तीर्थ पुरोहित और स्थानीय लोग भड़क गए हैं। कहा जा रहा है कि फिल्म के दृश्यों से बाबा के भक्तों की भावनाएं आहत हुई हैं। टीजर में भगवान भोलेनाथ की मूर्ति, घंटे-घड़ियाल आदि दृश्यों के साथ स्क्रीन पर लिखा आ रहा कि-इस साल करेंगे सामना प्रकृति के क्रोध का और साथ होगा सिर्फ प्यार। इस पर फिल्म को बैन करने की मांग भी उठ चुकी है। धमकी दी गई है कि अगर सरकार ने फिल्म पर प्रतिबंध नहीं लगाया तो इस का कड़ा विरोध किया जाएगा। कहा जा रहा है कि दो अलग अलग धर्मों के लोगों के बीच प्यार दिखा कर लोगों के धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई जा रही है। इसके बाद केदारघाटी के पुरोहितों के अलावा हिंदू संगठनों ने सीबीएफसी के प्रमुख प्रसून जोशी को पत्र लिखकर कहा कि यह फिल्म हिंदुओं की भावनाओं का मजाक बनाती है। इस पर सेंसर बोर्ड ने इसे 2 कट लगाने के बाद इसे यू-ए सर्टिफिकेट देकर रिलीज करने की इजाजत दे दी है। लेकिन इसके बाद भी विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है।

यह भी पढ़िए : 

यह भी पढ़ें : ब्रह्मांड सुंदरी सुष्मिता सेन की नैनीताल के रोहमन से करीबी, विवाह की चर्चाओं पर सुष्मिता ने ‘फिलहाल’ लगाये ब्रेक…

सुष्मिता द्वारा दिवाली पर डाली गयी तस्वीर

नैनीताल, 13 नवंबर 2018। बॉलीवुड की खूबसूरत अभिनेत्री व पूर्व ब्रह्मांड सुंदरी सुष्मिता सेन इन दिनों खुद से 15 वर्ष छोटे जिस रोहमन शॉल नाम के सुपर मॉडल के साथ संबंधों को लेकर चर्चा में हैं, वह नैनीताल में पला-बढ़ा और पढ़ा है। रोहमन का परिवार मूलतः कश्मीरी है, लेकिन इधर करीब डेढ़ दशक से नैनीताल के तल्लीताल क्षेत्र में चिड़ियाघर के पास कपूर लॉज क्षेत्र में रहता है। उनके पिता की पूर्व में मॉल रोड पर कश्मीरी शॉलों की दुकान होती थी, जबकि अब मल्लीताल रोपवे स्टेंड के पास कैंटीन चलाते है। रोहमन की पढ़ाई नगर के सनवाल स्कूल और अम्तुल्स पब्लिक स्कूल से हुई है। पिछले दिनों रोहमन और सुष्मिता आगरा में ताजमहल देखने पहुँचे थे और फिर मुंबई में दोनों ने दीवाली एक साथ मनाई थी। इसकी तस्वीरें स्वयं सुष्मिता ने इंस्टाग्राम पर शेयर की थीं। रोहमन की सुष्मिता से नजदीकी को उनके परिवार वाले भी जल्द दोनों के विवाह बंधन में बंधने के तौर पर देख रहे हैं, हालांकि दो दिन पूर्व सुष्मिता ने इंस्टाग्राम पर ‘नॉट गेटिंग मैरीड (येट) रोहमन’ लिखकर चर्चाओं को फिलहाल विराम देने की कोशिश की है।
उल्लेखनीय है कि सुष्मिता 43 वर्ष की हैं। उनकी जन्मतिथि 19 नवंबर 1975 की है। महज 19 साल की उम्र में उन्होंने 1994 में भारत सुंदरी और ब्रह्मांड सुंदरी यानी मिस इंडिया और मिस यूनिवर्स के खिताब जीतकर भारत का नाम रोशन किया था। मिस इंडिया प्रतियोगिता में उन्होंने ऐश्वर्या राय को हराया था। और इसके बाद 1996 की फिल्म दस्तक से बॉलीवुड में अभिनेत्री के रूप में शुरुआत करते हुए आगे बीवी नंबर 1, मैं हूं न व मैंने प्यार क्यों किया जैसी सुपरहिट फिल्में भी की हैं। वर्ष 2000 में आई नैनीताल में फिल्माई गयी संजय कपूर की फिल्म ‘सिर्फ तुम’ में भी वे नजर आयी थीं, हालांकि इसकी नैनीताल में हुई शूटिंग के हिस्से में वे वहीं थीं। उम्र के चार दशक पूरे करने पर कुंवारी रही सुष्मिता की दो बेटियां 18 साल की रैने (रिनी) और 10 वर्ष की असिलाह हैं, जिन्हें उन्होंने बहुत छोटे से गोद लेकर पाला है।

देखें सुष्मिता की शादी से फिलहाल इनकार करने वाली पोस्ट :

इधर हाल ही में दिवाली के मौके पर सुष्मिता ने रोहमन के साथ एक तस्वीर शेयर की थी। इस तस्वीर में सुष्मिता रोहमन की बाहों में नजर आ रही हैं। उनके साथ उन सुष्मिता की दोनों बेटियां भी मौजूद हैं। दोनों के रिलेशनशिप की खबरें तो लंबे समय से चर्चा में थीं लेकिन इस तस्वीर के बाद लोग अंदाजा लगाने लगे कि दोनों जल्द ही शादी कर सकते हैं। इन खबरों पर पहली बार सुष्मिता सेन ने जवाब दिया है। सुष्मिता सेन ने एक वीडियो शेयर किया है जिसमें वो एक्सरसाइज करती नजर आ रही हैं। वीडियो के साथ सुष्मिता ने कैप्शन लिखा है-‘जब दुनिया अनुमान लगाती है, मैं ट्रेन होती हूं। यब सब गॉसिप फालतू हैं, अभी शादी का इरादा नहीं है। लाइफ का रोमांस चल रहा है। पर्याप्त कह चुकी हूं। अपना सच बयान कर रही हूं। सभी को प्यार’।

रोहमन के माता-पिता।

इधर नैनीताल में रोहमन के पिता रियाज शॉल का कहना है कि 28 वर्षीय रोहमन बचपन से काफी सक्रिय रहा है। नैनीताल में पढ़ाई के दौरान वह स्कूल कैप्टन तथा फुटबॉल और क्रिकेट का बहुत अच्छा खिलाड़ी रहा, और उसने नैनीताल के सनवाल स्कूल से 2012 में इंटर और फिर देहरादून के डीआईटी से स्नातक किया। 2015 में वह मुंबई चला गया, और मॉडलिंग शुरू की। इसी दौरान दोनों एक फोटोशूट से करीब आये, और करीबी बढ़कर घर तक व साथ त्योहार मनाने तक पहुंच गयी है। शॉल परिवार मूलतः कश्मीर के श्रीनगर से है। परिवार दोनों की नजदीकी की खबरों से खुश है और आगे दोनों की शादी का बेसब्री से इंतजार कर रहा है। सब कुछ ठीक रहा तो अगले वर्ष की सर्दियों तक दोनों विवाह के बंधन में बंध सकते हैं।

  •  

यह भी पढ़िए : अब फिल्म ‘बत्ती गुल मीटर चालू’ के प्रमोशन इंटरव्यू में कुमाउनी में बोलकर शाहिद कपूर ने दूर की सारी शिकायत, जब पूछा ‘कि है रईं दाज्यू हालचाल’ तो बोले, ‘अरे माज है रईं बल’, देखें वीडियो :

फिल्म ‘बत्ती गुल मीटर चालू’ में ‘ठैरा’ व ‘बल’ शब्दों के अत्यधिक प्रयोग पर आखिर निर्देशक ने दी यह सफाई

नैनीताल, 18 सितंबर 2018। जल्द रिलीज होने जा रही उत्तराखंड में फिल्मायी गयी बॉलीवुड फिल्म ‘बत्ती गुल मीटर चालू’ में ‘ठैरा’ व ‘बल’ शब्दों का अत्यधिक प्रयोग करने पर फिल्म के निर्देशक नारायण सिंह को स्पष्टीकरण देना पड़ा है। उल्लेखनीय है कि आपके प्रिय समाचार पोर्टल ‘नवीन समाचार’ ने सर्वप्रथम 10 अगस्त को फिल्म का पहला ट्रेलर रिलीज होने के दिन ही इस बात को प्रमुखता से उठाया था कि 3 मिनट के ट्रेलर में 15 बार ‘ठैरा’ और 12 बार ‘बल’ शब्दों का अनावश्यक व उत्तराखंडी भाषा का मजाक उड़ाते हुए प्रयोग किया है।
सोशल मीडिया पर इस तथा इसके बाद आयी अन्य खबरों के वायरल होने के बाद और इधर फिल्म की रिलीज तिथि करीब आने पर सहमे फिल्म के निर्देशक नारायण सिंह ने सफाई देते हुए कहा है कि फिल्म में ‘ठैरा’ व ‘बल’ शब्दों का प्रयोग उन्होंने लोगों का मनोरंजन करने के लिए किया है। उनका मकसद किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का बिल्कुल नहीं है। उन्होंने दावा किया कि आज तक बॉलीवुड में कभी भी ‘ठैरा’ व ‘बल’ शब्दों का प्रयोग नहीं हुआ है। हम साफ कर दें कि इस बात पर वह पूरी तरह से गलत हैं। इससे पूर्व नैनीताल, भीमताल क्षेत्र में फिल्माई गयी फिल्म ‘बाज- अ बर्ड इन डेंजर’ में नैनीताल के मेयर बने जैकी श्रॉफ कई मौकों पर ‘ठैरा’ शब्द को प्रयोग किया था। और भी कुछ फिल्मों में ऐसे दृष्टांत खोजने पर मिल सकते हैं।

मृणाल पन्त

अलबत्ता सिंह ने आगे कहा कि यदि हम फिल्म में बिल्कुल गढ़वाली या कुमाऊंनी बोली का प्रयोग करते तो दर्शक उसे आसानी से समझ नहीं पाते। इसलिए हमने ‘ठैरा’ व ‘बल’ शब्दों का प्रयोग इस तरह किया ताकि लोग इसे आसानी से समझें, एंटरटेन हो और कनेक्ट भी करें।

यह पूर्व समाचार भी पढ़ें : कहीं ट्रेलर से ही न हो जाये ‘बत्ती गुल मीटर चालू’, भाषा, साहित्य व संस्कृति से जुड़़े लोग नाराज, जनांदोलन की है तैयारी…

-फिल्म के 3 मिनट के ट्रेलर में 15 बार ‘ठैरा’ और 12 बार ‘बल’ शब्द के प्रयोग को बताया जा रहा है उत्तराखंडी भाषा का मजाक
-राज्य की विद्युत व्यवस्था पर भी उठाए गए हैं आपत्तिजनक सवाल

नवीन जोशी, नैनीताल (10 अगस्त, 2018) । उत्तराखंड में फिल्मों की शूटिंग को बढ़ावा देने के प्रयासों की कड़ी में गत 10 अगस्त को राज्य के मुख्यमंत्री की मौजूदगी में भीमताल में जिस समय ‘डेस्टिनेशन उत्तराखंड इन्वेस्टर्स समिट 2018’ आयोजित हो रही थी, कमोबेश उसी समय उत्तराखंड में फिल्माई गयी बॉलीवुड फिल्म ‘बत्ती गुल मीटर चालू’ का ट्रेलर लांच हुआ। तीन मिनट के इस ट्रेलर में 15 बार ‘ठैरा’ और 12 बार ‘बल’ शब्द का प्रयोग किया गया। इनमें एक बार तो ठैरा शब्द का अतिशय प्रयोग करने की जिद जैसी स्थित में ‘ठैरूंगा’ शब्द का भी प्रयोग किया गया है। इसे प्रदेश के भाषा, साहित्य एवं संस्कृति से जुड़े लोग उत्तराखंडी भाषा का मजाक बता रहे हैं, और खासे नाराज हैं।

कुछ प्रतिक्रियाएं :

नवीन जोशी : इससे पहले जैकी श्रॉफ, सुनील शेट्टी, डिनो मोरिया, करिश्मा कपूर आदि बड़े कलाकारों की बड़ी फ़िल्म-‘बाज़ अ बर्ड इन डेंजर’ नैनीताल, घोड़ाखाल के आसपास फिल्माई गई थी। इसमे नैनीताल के मेयर बने जैकी अक्सर ठैरा शब्द का प्रयोग करते थे, लेकिन इस तरह नहीं। इस बार कुछ ज्यादा ही हो गया।

गिरीश चंद्र जोशी : Aim sirf psissa kamana he chahe kisika majak ho ya kuch bhi ho.Har sentence men aisa koi nahi karta aur fir majority thera bul ka pryog bilkul nahi karte .

अभिषेक भंडारी विक्की : Bhai ji bade scale ki movie shoot hui hai pr iska matlab ye to ni ki bina research k shoot kr de…….boli- bhasa ki dhang se research krni chaiye thi…..Ye to humari boli- bhasa ka mazak udana jaisa hai……Aap bataye agr aap ya aapke parivar wale garhwali me baat krte hain to kya is tarah prayog krte hai bal or tehra ka…..Trailer me aise bakwass tarike se dikhaya gaya hai to fir movie mein to patani kya hoga………Mai ye nahi kh raha hu ki hum log controversy create kare but kam se kam tarike se virodh kare taki director aur actor ko ye samajh aa sake ki unhone kya galtiyan ki hai…….Or isme itna kush b kya hona ki movie shoot hui hai……Sb thik raha to bhavishya me aise aneko avsar aaenge……..but jo galti inhone ki hai wo dusre na kare wo batana to hamara hi farz hai…….Han ye purn roop se garhwal me shoot hui hai but isse phle b anko movie uttrakhand me shoot ho chuki hai bhale hi kuch part shoot hua ho…..

भुवन कोहली : बिलकुल सही कहा। इसमे हमारी भाषा का मजाक बना रखा है। जनांदोलन होना चाहिये।

हरीश तिवारी : शहिद इतने अच्छे कलाकार हैं लेकिन ठैरा और बल शब्द का इतना ज्यादा प्रयोग कर ये खुद की बत्ती गुल ना कर बैठें….” … Ye jaruri bhi tha. Ho sakta hai movie achchi ho lekin aise dialogs ke karan flop hona tai hai.

दिनेश महतोलिया : विरोध होना ही चाहिए… बगैर किसी ठोस रिसर्च के उत्तराखंड की बोली को एक प्रकार से फूहड़ता के साथ प्रस्तुत किया गया है।
 
मोहन सिंह रावत : Yah Uttarakhand ke bhashayi pahchan ke sath ek bada khiwad hai. Is film ke uttarakhand me pradarshan per rok ke liye ek bada janandolan khada karne ke jaroorat hai taki bhavishya me koi aur is tarah ke kutsit koshish na kar sake.
भुवन चंद्र पांडे : कुछ सीन देखी। होइ यौ सही छू, हमरि भाषा और बुलाणक तरीकक भौत मजाक बड़ै राखी यौ पिक्चर में। भर्तस्ना करण लैक छू।
गिरीश जोशी : Bilkul sahe bat ha /thara aur bal etne bar to koi bhe garhwali nahe bolta /majak jaisa lag raha ha humna trelar dekha bijli ka BIL lakar office ma nayak bol raha ke apna Etna ka BIL diya bal /jab BIL hath ma ha to bal kaha sa laga raha /bal wastav ma hum sune huye bat par lagata ha /dusri bat thara har bat par mail nahe khata /thara matlab ruk jawo jee tab bolta ha thara /ate seyokti kar rakhe ha /jay uttrakhand
संजय रावत : Mujhe ni lagta isme kuch galat h ki thera ya bal shabd ka prayog jyada baar kiya h
Kyun ki in shabdon se he hamari pachaan h
Please don’t make it controversial
Movie aane wali h aarm se dkho or enjoy karo
Or waise b pahli baar aisa hua h ki koi bade scale ki movi ban rahi h humare gadwall kumaon m to use chale do please
जयप्रकाश पंवार : Kuch so called bhashavid har kaam mai nuks dhudne lagte hai, iss bahane unko v film ke saath limelight mil jata hai… Isse bhasha ka prachaar prasaar hota hai… Bina film dekhe is par negative likhna atmprachaar se jyada kuch nahi…

उत्तराखंड की कुमाउनी-गढ़वाली सहित सभी लोकभाषाओं को एक मंच पर लाने व प्रदेश की लोकभाषाओं के मानकीकरण के कार्य में जुटे पीतांबर दत्त बड़थ्वाल पुरस्कार से सम्मानित ‘कुमगढ़’ पत्रिका के संपादक एवं कई पुस्तकों के लेखक दामोदर जोशी ‘देवांशु’ का कहना है कि ठैरा, बल व परसों जैसे शब्द उत्तराखंडियों की पहचान बनाते हैं। फिल्म में यदि इन शब्दों का कहीं प्रयोग होता है तो यह गलत नहीं है। किंतु यदि तीन मिनट के फिल्म के ट्रेलर में 30 बार इन शब्दों का प्रयोग होता है, तो जरूर फिल्म के लेखक, निर्माता, निर्देशक आदि की मंशा पर शंका उत्पन्न होती है, कि वे इन शब्दों के जरिये उत्तराखंड की पहचान का प्रसार करना चाहते हैं, अथवा उसका मजाक उड़ाना चाहते हैं। इससे पूर्व भी नैनीताल-भीमताल में फिल्माई गयी बॉलीवुड फिल्म ‘बाज-ए बर्ड इन डेंजर’ में नैनीताल शहर के मेयर बने अभिनेता जैकी श्राफ भी ‘ठैरा’ शब्द का प्रयोग करते हैं। लेकिन इस शब्द के प्रयोग पर तब किसी को बुरा नहीं लगा था। क्योंकि तब यह शब्द आंचलिकता को प्रदर्शित करने के लिए प्रयोग किया गया था। महादेवी वर्मा सृजन पीठ के शोध अधिकारी मोहन सिंह रावत का कहना है कि यह उत्तराखंड की भाषाई पहचान के साथ एक बड़ा खिलवाड़ है। इस फिल्म के उत्तराखंड में प्रदर्शन पर रोक के लिए एक बड़ा जनांदोलन खड़ा करने की जरूरत है ताकि भविष्य में कोई और इस तरह कुत्सित कोशिश ना कर सके। वहीं हिंदी भाषा में पीएचडी डा. अनिल कार्की के इस बारे में अपनी फेसबुक वॉल पर लिखा है, ‘इस फिल्म के ट्रेलर को देख कर लग रहा है कि यह हमारी जुबान का भद्दा मजाक है। जुबान हमारी पहचान है। यह जुबान हमारे प्रतिरोध और आंदोलनों की जुबान भी है। इस जुबान में आम पहाड़ी जनों के मोहिले आत्मीय संवादों की आभा भी है। वैसे भी किसी जुबान को प्रोडक्ट बनाकर उसे सस्ते मनोरंजन का माध्यम बनाना गलत है। शेष टिप्पणी पूरी फिल्म देख कर करेंगे।’ उन्होंने राज्य के युवाओं का आह्वान भी किया है कि ‘खुद को देख जाने के बाजारी चश्मे के विरुद्ध अपने विवेक की आंख वाली बत्ती गुल न होने दें।’ राइंका खैरना में शिक्षक एवं रंगकर्मी हिमांशु पांडे ‘मित्र’ ने भी इसे चिंताजनक बताया है।

यह है ‘ठैरा’ एवं ‘बल’ शब्दों का मतलब

नैनीताल। पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड के संख्या के लिए ‘ठो’ शब्द की तरह कुछ शब्द किसी क्षेत्र विशेष में तकिया कलाम की तरह दैनिक वार्तालाप में प्रयुक्त किये जाते हैं। उत्तराखंड में ‘ठैरा’ एवं ‘बल’ शब्द भी इसी तरह प्रयोग किये जाते है। ठैरा शब्द ठहरा शब्द से बना हुआ लगता है, और ‘ऐसा हुआ’ अथवा ऐसा होने वाला हुआ’ के अर्थ में प्रयुक्त किया जाता है। इसी तरह ‘बल’ शब्द ‘ऐसा सुना’ कहने के लिए प्रयोग किया जाता है। इधर उत्तराखंड में फिल्माई गयी फिल्म ‘बत्ती गुल मीटर चालू’ के ट्रेलर में इन शब्दों का अत्यधिक प्रयोग करने के साथ ही जिस तरह बिजली विभाग की बुरी छवि प्रस्तुत की गयी है, उससे उत्तराखंड की ‘ऊर्जा प्रदेश’ की छवि को भी नुकसान पहुंचने की आशंका व्यक्त की जा रही है।

यह भी पढ़ें : झकझोर कर रख देगी हॉट अभिनेत्री सनी लियोनी की यह अनकही कहानी

एक्ट्रेस सनी लियोनी की बहुप्रतीक्षित बायोपिक ‘करनजीत कौर: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ सनी लियोनी’ का ट्रेलर रिलीज हो गया है। इस ट्रेलर में सनी की पूरी जिंदगी को दिखाया गया है कि कैसे वो एडल्ट स्टार से बॉलीवुड एक्ट्रेस बनीं। इसमें ये भी दिखाया गया कि आखिर क्यों सनी ने एडल्ट इंडस्ट्री में कदम रखा।

जून 2018 में रामनगर में स्पिट्सविला टीवी शो की शूटिंग के दौरान पुलिस कर्मियों के साथ पोज देतीं सनी लियोनी।

ट्रेलर की शुरुआत होती है सनी लियोनी के एक इंटरव्यू से। सनी का परिचय एक ऐसी अभिनेत्री के तौर पर होता है जिसे भारत में जितना प्यार किया जाता है उतना ही घृणा की दृष्टि से भी देखा जाता है। फिर सनी के बचपन व उनके शुरुआती जीवन के बारे में दिखाया गया है। ट्रेलर में दिखाया गया है कि कैसे विदेश में बचपन में सनी को बॉडी शेम का शिकार होना पड़ता था। घर में पैसे की कमी की वजह से उनके घर-घर अखबार बांटने से लेकर एडल्ट स्टार बनने तक की पूरी कहानी इस बायोपिक में देखने को मिलेगी। सनी लियोनी की यह बायोपिक 16 जुलाई को वेब प्लेटफॉर्म ZEE5 पर प्रसारित की जाएगी। 

यह भी पढ़ें : कैंसर से जूझ रहीं सोनाली बेंद्रे ने कही यह बेहद भावुक बात

एक्ट्रेस सोनाली बेंद्रे को हाई ग्रेड कैंसर हुआ है। सोनाली ने खुद इस बात की जानकारी सोशल मीडिया पर दी थी। अभी न्यूयॉर्क में उनका इलाज चल रहा है। बॉलीवुड सेलेब्स भी इस खबर से काफी दुखी हैं और सोनम की अच्छी सेहत के लिए दुआएं कर रहे हैं। सोनाली ने लिखा, ‘कभी-कभी जब आप जिंदगी से कम से कम की उम्मीद करते हैं तो जीवन आपको एक कर्वबॉल फेंक देता है। मुझे हाल ही में हाई ग्रेड कैंसर हुआ है, जिसे हम पहले स्पष्ट रूप से नहीं देख रहे थे। एक अजीब से दर्द के बाद एक टेस्ट में इस बीमारी का खुलासा हुआ है। मेरा परिवार और करीबी दोस्त मेरे चारों ओर हैं, जो मुझे बेस्ट सपोर्ट दे रहे हैं।

हालांकि बीमारी के बीच भी सोनाली सोशल मीडिया पर एक्टिव हैं और सबके मैसेज का जवाब दे रही हैं।

बॉलीवुड के इन हस्तियों ने भी लड़ी कैंसर से जंग

सोनाली बेंद्रे से पहले अभिनेता इरफान को लेकर बुरी खबर सामने आई थी। उन्हें ब्रेन की बीमारी है। वो इस वक्त लंदन में इलाज करवा रहे हैं। बताते चलें कि कई सितारे इस बीमारी से जंग लड़कर मिसाल बन चुके हैं। मनीषा कोइराला, लीजा रे और युवराज सिंह ने कैंसर से कामयाब जंग लड़ी। बॉलीवुड सेलिब्रिटीज ने सोनाली के हेल्थ को लेकर चिंता जताई और उन्हें बीमारी से कामयाब जंग की शुभकामनाएं दी हैं।

एलियन जैसा डांस कर वायरल हुई यह अभिनेत्री

इन दिनों एक विडियो बहुत वायरल हो रहा है, जिसमें एक एलियन जैसा कैरक्टर ‘दामे तु कोसीता’ गाने पर डांस करता दिख रहा है। सोशल मीडिया पर इसी से जुड़ा एक चैलेंज काफी पॉप्युलर हो रहा है, जिसमें लोग इसी एलियन की तरह डांस करने की कोशिश करते दिख रहे हैं। टीवी अभिनेत्री दिव्यांका त्रिपाठी ने भी इस डांस में हाथ आजमाया और इसका विडियो अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किया। यह विडियो देखते ही देखते वायरल हो गया। दिव्यांका ने 8 घंटे पहले इस विडियो को पोस्ट किया था, जिसे अब तक करीब 19 लाख बार देखा जा चुका है। देखें विडियो-

सबसे पहले पूरा मलियाली गाना :

प्रिया के गाने पर बने मजेदार मीम : 

नैनीताल में फिल्म मधुमती की शूटिंग के दौरान दिलीप कुमार
Loading...

नवीन समाचार

मेरा जन्म 26 नवंबर 1972 को हुआ था। मैं नैनीताल, भारत में मूलतः एक पत्रकार हूँ। वर्तमान में मार्च 2010 से राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक समाचार पत्र-राष्ट्रीय सहारा में ब्यूरो चीफ के रूप में कार्य कर रहा हूँ। इससे पहले मैं पांच साल के लिए दैनिक जागरण के लिए काम कर चुका हूँ। कुमाऊँ विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग से ‘नए मीडिया’ विषय पर शोधरत हूँ। फोटोग्राफ़ी मेरा शौक है। मैं NIKON COOLPIX P530 और अडोब फोटोशॉप 7.0 के साथ फोटोग्राफी कर रहा हूँ। फोटोग्राफी मेरे लिए दुनियां की खूबसूरती को अपनी ओर से चिरस्थाई बनाने का बहुत छोटा सा प्रयास है। एक फोटो पत्रकार के रूप में मेरी तस्वीरों को नैनीताल राजभवन सहित विभिन्न प्रदर्शनियों में प्रस्तुत किया गया, तथा उत्तराखंड की राज्यपाल श्रीमती मार्गरेट अलवा द्वारा सम्मानित किया गया है। कुछ चित्रों को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हो चुके हैं। गूगल अर्थ पर चित्र उपलब्ध कराने वाली पैनोरामियो साइट पर मेरी प्रोफाइल को 18.85 Lacs से भी अधिक हिट्स प्राप्त हैं।पत्रकारिता और फोटोग्राफी के अलावा मुझे कवितायेँ लिखना पसंद है। काव्य क्षेत्र में मैंने नवीन जोशी “नवेन्दु” के रूप में अपनी पहचान बनाई है। मैंने बहुत सी कुमाउनी कवितायेँ लिखी हैं, कुमाउनी भाषा में मेरा काव्य संकलन उघड़ी आंखोंक स्वींड़ प्रकाशित हो चुका है, जो कि पुस्तक के के साथ ही डिजिटल (PDF) फार्मेट पर भी उपलब्ध होने वाली कुमाउनी की पहली पुस्तक है। मेरी यह पुस्तक गूगल एप्स पर भी उपलब्ध है। ’ यहां है एक पत्रकार, लेखक, कवि एवं छाया चित्रकार के रूप में मेरी रचनात्मकता, लेख, आलेख, छायाचित्र, कविताएं, हिंदी-कुमाउनी के ब्लॉग आदि कार्यों का पूरा समग्र। मेरी कोशिश है कि यहां नैनीताल, कुमाऊं, उत्तराखंड और वृहद संदर्भ में देश की विरासत, संस्कृति, इतिहास और वर्तमान को समग्र रूप में संग्रहीत करने की….। मेरे दिल में बसता है, मेरा नैनीताल, मेरा कुमाऊं और मेरा उत्तराखंड

One thought on “फिल्म ‘केदारनाथ’ के निर्मात्री प्रेरणा अरोड़ा गिरफ्तार, जानें क्यों ?

Leave a Reply