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सौर स्वरोजगार योजना में ब्याज प्रतिपूर्ति सहायता व बच्चों की छात्रवृत्तियों में बढ़ोत्तरी के तीन नए शासनादेश जारी

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नवीन समाचार, देहरादून, 4 अक्टूबर 2021। मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के ऋण खाता धारकों को अगले 6 माह हेतु ब्याज प्रतिपूर्ति सहायता उपलब्ध करायी जायेगी। पुष्कर सिंह धामी द्वारा की गई इस घोषणा पर सोमवार को शासनादेश जारी कर दिया गया है। यह ब्याज प्रतिपूर्ति सहायता, अधिसूचना निर्गत होने की तिथि से आगामी 6 माह की अवधि के लिये मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के अन्तर्गत वर्तमान ऋण प्राप्त खाताधारकों और इस अवधि में ऋण प्राप्त करने वाले खाताधारकों को दी जाएगी।

इसके अलावा मुख्यमंत्री धामी की एक अन्य घोषणा के क्रम में डॉ. शिवानंद नौटियाल छात्रवृत्ति और श्रीदेव सुमन राज्य मेधावी छात्रवृत्ति में बढोतरी का शासनादेश भी सोमवार को जारी कर दिया गया है। अब डॉ. शिवानंद नौटियाल छात्रवृत्ति रूपए 250 प्रतिमाह से बढ़ाकर रूपए 1500 प्रति माह कर दी गयी है। साथ ही यह छात्रवृत्ति 11 बच्चों की बजाय 100 बच्चों को प्रदान की जाएगी।

इसी प्रकार श्रीदेव सुमन राज्य मेधावी छात्रवृत्ति में भी वृद्धि करते हुए इसे रूपए 150 प्रति माह से बढ़ाकर रुपए एक हजार प्रतिमाह कर दिया गया है। राज्य के सभी विकास खंडों के 5-5 यानी कुल 475 छात्र-छात्राओं को प्रतिवर्ष इस छात्रवृत्ति का लाभ दिया जाएगा। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। 

यह भी पढ़ें : तीसरी बार बढ़ाई गई वाहन या ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता

नवीन समाचार, नैनीताल, 1 अक्टूबर 2021। कोरोना काल यानी फरवरी-2020 के बाद समाप्त हुई वाहन या ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता को सरकार ने तीसरी बार, एक माह यानी 31 अक्टूबर तक बढ़ा दिया है। यह वैधता 30 सितंबर को खत्म हो रही थी, मगर बड़ी संख्या में ऐसे वाहन चालक या संचालक हैं, जिनके दस्तावेज नवीनीकृत नहीं हो पाए हैं। राज्य सरकार ने इसे देखते हुए केंद्र सरकार के आदेशों के क्रम में प्रदेश के सभी आरटीओ व एआरटीओ दफ्तरों के लिए इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष अप्रैल में कोरोना की दूसरी लहर के कारण यह वैधता पहले 30 जून तक और उसके बाद 30 सितंबर तक बढ़ाई गई थी।

What is Defensive Driving?कोरोना के कारण बीते वर्ष से ही वाहनों के दस्तावेजों की वैधता लगातार बढ़ाई जा रही है। सबसे पहले पिछले वर्ष कोरोना के कारण लागू लाकडाउन में केंद्र सरकार की ओर से वाहनों के दस्तावेजों की वैधता 30 जून तक करने का निर्णय लिया था। इसका कारण कार्यालयों में अधिक भीड़ न करना और आमजन की सुविधा बताया गया था। इसके बाद केंद्र ने वाहनों के दस्तावेजों की वैधता अवधि 31 अगस्त, 31 दिसंबर और फिर इस वर्ष 31 मार्च तक बढ़ाई।

इस वर्ष अप्रैल में कोरोना की दूसरी लहर के कारण यह वैधता 30 जून तक बढ़ा दी गई। चूंकि कोरोना संक्रमण जून-जुलाई में भी समाप्त नहीं हुआ था, लिहाजा सरकार ने दस्तावेजों की वैधता 30 सितंबर तक बढ़ा दी थी, जो गुरुवार को खत्म हो रही थी। वाहन चालक और संचालकों को राहत देने के लिए सरकार ने वैधता एक महीने और यानी 31 अक्टूबर तक बढ़ाने का निर्णय लिया है।

इस मामले में परिवहन मुख्यालय ने सभी आरटीओ व एआरटीओ दफ्तरों को पत्र भेज कहा है कि वाहनों की फिटनेस, सभी प्रकार के परमिट, ड्राइविंग लाइसेंस व रजिस्ट्रेशन के साथ ही संबंधित दस्तावेजों की वैधता 31 अक्टूबर तक मानी जाएगी। परिवहन आयुक्त दीपेंद्र चौधरी ने इसके लिए साफ्टवेयर में परिवर्तन के निर्देश दिए। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। 

यह भी पढ़ें : ई-श्रम पोर्टल पर आधार से जुडे असंगठित कामगारों को मिलेगा 2 लाख का बीमा कवर

डॉ. नवीन जोशी, नवीन समाचार, नैनीताल, 18 सितंबर 2021। नैनीताल जनपद के डीएम धीराज सिंह गर्ब्याल की अध्यक्षता में शुक्रवार को जिला स्तरीय श्रम अनुश्रवण समिति की बैठक आयोजित हुई। इस दौरान उन्होंने घरों, प्रतिष्ठानों-फैक्ट्रियों में बाल श्रमिकों को काम पर कतई न लगाने के निर्देश देते हुए कहा कि शिकायत पाये जाने पर बाल एंव किशोर श्रम कानून के तहत नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी। साथ ही उन्होंने श्रम अधिकारी को ई-श्रम पोर्टल पर जनपद के सभी श्रमिकों का शत-प्रतिशत पंजीकरण कराने और बाल श्रम रोकने हेतु नियमित प्रवर्तन कार्य करने के निर्देश दिए।

बैठक में श्रम प्रवर्तन अधिकारी मीनाक्षी कांडपाल ने बताया कि ई-श्रम पोर्टल पर आधार से जुडे असंगठित कामगारों को पीएमएसबीवाई केे तहत 2 लाख का बीमा कवर मिलेगा तथा भविष्य में असंगठित कामगारों के सभी सामाजिक सुरक्षा लाभ इस पोर्टल के माध्यम से दिए जायेंगे। बैठक में मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. धनपत कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी अनुलेखा बिष्ट, जिला प्रोवेशन अधिकारी व्योमा जैन, श्रम प्रर्वतन अधिकारी दिनेश कटियार, अपर समाज कल्याण अधिकारी मौ. चॉद, एएमए जिला पंचायत पीएस बिष्ट, सहायक निदेशक संस्कृत शिक्षा पदमाकर मिश्र आदि मौजूद रहे। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। 

यह भी पढ़ें : जिले में अधिकारियों-कर्मचारियों को ऐसे आना होगा कार्यालय, जीन्स-शर्ट पहनकर आए तो होगी कार्रवाई, डीएम ने जारी किया फरमान

India News | Maharashtra Govt Suggests Dress Code for Staff, Asks Employees  to Wear Formal Clothes | 📰 LatestLY

नवीन समाचार, बागेश्वर, 8 सितंबर 2021। बागेश्वर जनपद में अधिकारियों-कर्मचारियों को ड्रेस कोड में ही कार्यालय आना होगा। यदि वे जीन्स-टीशर्ट पहनकर आए तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। डीएम विनीत कुमार ने इस बारे में पूर्व में ही आदेश जारी किया था। इसके बावजूद अनेक कार्यालयों में कई अधिकारी और कर्मचारी जींस और टी-शर्ट पहनकर कार्यालय पहुंच रहे हैं। इस पर श्री कुमार ने कड़ी आपत्ति जताई है और भविष्य में इस तरह की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं करने की चेतावनी दी है। उन्होंने चेताया कि यदि कोई कर्मचारी और अधिकारी ड्रेस कोड में नजर नहीं आया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

डीएम ने कहा है कि अधिकारियों के समक्ष और बैठकों में जींस-टी शर्ट पहनकर हिस्सा लेना राजकीय कर्मचारी होने के नाते शोभायमान नहीं है। इससे विभाग और सरकार की छवि प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी और कर्मचारी कार्यालय अवधि में ड्रेसकोड का पालन करते हुए ही कार्यालय पहुंचें तथा जनता का काम करें। यदि कोई अधिकारी और कर्मचारी जींस, टी शर्ट पहना पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी के इस आदेश के बाद उन कर्मचारियों में हड़कंप मचा है जो ड्रेस कोड का उल्लंघन करते आ रहे हैं। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। 

यह भी पढ़ें : भूमियों के विनियमितीकरण पर गंभीर नहीं अधिकारी, डीएम नाराज, दिया अल्टीमेटम

डॉ. नवीन जोशी, नवीन समाचार, नैनीताल, 3 सितंबर 2021। नैनीताल के जिलाधिकारी धीराज सिह गर्ब्याल ने अधिकारियों से वर्ग-2, वर्ग-4, वर्ग-1ख, वर्ग-7 व अन्य वर्गों के काश्तकार की भूमि के नजूल नीति-2009 के अंतर्गत विनीयमितीकरण हेतु जारी ताजा शासनादेशानुसार कार्यवाही में तेजी लाने को कहा है। उन्होंने इस संबंध में अधिकारियों द्वारा अब तक नहीं की गई प्रभावी कार्यवाही पर नाराजगी व्यक्त करते हुये उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि वे अपने अधीनस्थों के स्तर से कार्यवाही पूर्ण कराते हुये आगामी 6 सितम्बर को जिला कार्यालय नैनीताल मे आहूत बैठक में प्रस्तुत करें। प्राप्त पत्रावलियों में कोई कार्यवाही लंबित पायी जाने पर सम्बन्धित की जिम्मेदारी तय की जायेगी।

श्री गर्ब्याल ने बताया कि शासनादेश एवं न्यायालयों के आदेशों के अनुपालन में विभिन्न श्रेणियों वर्गो की भूमि के विनीयमितीकरण हेतु पात्र लोगों के द्वारा किए गए आवेदनों के निस्तारण हेतु समिति का गठन किया गया। जिसमें अपर जिलाधिकारी, प्रभारी अधिकारी संयुक्त कार्यालय, जिला कार्यालय, जिला शासकीय अधिवक्ता राजस्व व संबंधित उपजिलाधिकारी नामित किये गये हैं। समिति 6 सितम्बर को उपजिलाधिकारियो के माध्यम से विभिन्न श्रेणियों, वर्गो की भूमि के आवेदकों की पत्रावलियां पूर्ण कराते हुये तत्काल सम्बन्धित अधिकारियों से आख्या प्राप्त कर प्रकरणो का निस्तारण करते हुये उसी दिन उनके अनुमोदन हेतु प्रस्तुत करने को कहा है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। 

यह भी पढ़ें : दो दुर्घटनाओं की मजिस्ट्रीयल जांच के आदेश

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 16 अगस्त 2021। डीएम धीराज गर्ब्याल ने गत 2 जुलाई को प्रातः 5 बजे वन क्षेत्राधिकारी कार्यालय बल्दियाखान से 200 मीटर ज्लोलीकोट की ओर वाहन संख्या यूए04डी-8595 एवं इससे पहले 11 जून को काठगोदाम-रौशिला-हैडाखान मार्ग पर काठगोदाम वन बैरियर से 5.4 किमी पर वाहन संख्या यूके04-टीए-9535एवं यूके04-टीबी-1907 के परस्पर टकराने दुर्घटनाओं की मजिस्ट्रीयल जांच के आदेश दिए हैं।

पहली घटना में एक व्यक्ति की मृत्यु तथा एक व्यक्ति घायल हो गया था, जबकि दूसरी घटना में एक व्यक्ति की मृत्यु तथा दो व्यक्ति घायल हो गये थे। दोनों दुर्घटनाओं की मजिस्ट्रीयल जांच एसडीएम नैनीताल प्रतीक जैन को सोंपी गई है। इन दुर्घटनाओं के बारे में कोई भी जानकारी या साक्ष्य 15 दिनों के अंदर एसडीएम के कार्यालय में उपस्थित होकर दिए जा सकते हैं। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। 

यह भी पढ़ें : दो वर्षों से बिना लिखित आदेश लगी थी 26 गांवों के दाखिल खारिज पर रोक, डीएम गर्ब्याल ने हटाई

नवीन समाचार, रामनगर, 28 मई 2021। डीएम धीराज गर्ब्याल ने रामनगर के फल पट्टी के 26 गांवों में पिछले दो वर्षों से बिना किसी लिखित आदेश के दाखिल खारिज पर लगी रोक को हटा दिया है। इससे इन गांवों के लोगों में खुशी होनी लाजिमी है। बताया गया है कि वर्ष 2018 में तत्कालीन डीएम ने इस फल पट्टी में फलदार पेड़ों के तेजी से कटान कर हो रही भूमि की खरीद-फरोख्त व प्लॉटिंग पर रोक लगाने के लिए दाखिल खारिज पर रोक लगाई थी। दाखिल खारिज नहीं होने से लोगों को बैंकों से ऋण जैसी सुविधाओं का लाभ भी नहीं मिल पा रहा था। रोक हटने के बाद अब उनकी समस्या का समाधान हो जाएगा।
फल पट्टी के 26 गांवों में दाखिल खारिज पर लगी रोक की जानकारी लगने पर डीएम गर्ब्याल ने गत दिनों रामनगर तहसील के अधिकारियों को जांच के आदेश दिए थे। जांच में तहसील में दाखिल खारिज पर रोक लगाने के कोई भी प्रमाण पत्र मौजूद नहीं मिले। जिसके बाद शुक्रवार को डीएम ने रामनगर के 26 गांव में लगी दाखिल खारिज पर रोक हटा दिया है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। 

यह भी पढ़ें : 20 घंटे बाद भी नहीं पहुंचा मुख्यमंत्री का आदेश, पूरे दिन रहा भ्रम…

नवीन समाचार, नैनीताल, 29 मई 2020। बृहस्पतिवार को करीब शाम आठ बजे मुख्यमंत्री के फेसबुक पेज सहित विभिन्न माध्यमों से बाजारों कें सुबह सात से शाम चार की जगह शाम सात बजे तक खुलने का निर्णय लेने की बात कही गयी थी। इस बारे में मुख्य सचिव का आदेश लोगों तक पहुंच भी गया। लेकिन करीब 20 घंटे से अधिक गुजर जाने के बावजूद इस संबंध में जिलों को कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ। इस कारण नगर के बाजारों के खुलने पर पूरे दिन कयास और चर्चाएं होती रहीं, और बाजार शाम चार बजे बंद हो गये। इस बारे में एसडीएम विनोद कुमार ने कोई आदेश प्राप्त नहीं होने की बात कही।

यह भी पढ़ें : https://navinsamachar.com/business-news/

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड सरकार ने 24 घंटे से पहले ही बदला ग्रीन जोन में दुकानें खोलने का समय, यह रहा कारण…

-अब पूरे प्रदेश में सुबह सात से शाम छह की जगह दोपहर एक बजे तक ही खुलेंगी दुकानें
नवीन समाचार, देहरादून, 26 अप्रैल 2020। उत्तराखंड सरकार ने 24 घंटे से पहले ही प्रदेश के ग्रीन जोन के रूप में चिन्हित नौ जिलों में दुकानें खोलने के लिए समय में दी गई राहत वापस ले ली है। अब पूरे प्रदेश में केंद्र सरकार की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार ही दुकानें पूर्व की भांति सुबह सात बजे से शाम 6 बजे की जगह दोपहर एक बजे तक ही खुलेंगी। रविवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में कोरोना संक्रमण की स्थिति की अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया।
बैठक में तय किया गया कि प्रदेश के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में केंद्र के दिशा-निर्देशों के अनुसार ही दुकानों को खोलने की अनुमति दी जाऐगी। इस दौरान सामाजिक दूरी व मास्क पहनने का पालन भी करना होगा, और इसका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बैठक में मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, डीजीपी अनिल कुमार रतूड़ी, प्रमुख सचिव मनीषा पंवार, सचिव अमित नेगी, सचिव नितेश कुमार झा, सचिव राधिका झा मौजूद रहे।
यह रहा कारण
बताया जा रहा है कि रविवार को एम्स ऋषिकेष में नर्सिंग ऑफीसर एवं गर्भवती महिला में बिना खास लक्षणों के अचानक कोरोना की पुष्टि होने के बाद सरकार सहम गई। और इस कारण ही सरकार को ऐहतियात के तौर पर अपने निर्णय को बदलना पड़ा। बताया जा रहा है कि इन दोनों ही नये कोरोना संक्र्रमितों में एक-दो दिन पूर्व तक कोरोना के कोई लक्षण नहीं थे, तथा उनका किसी कोरोना संक्रमित व्यक्ति से संपर्क होने का सीधा संबंध भी पता नहीं चला है। साथ ही यह आशंका भी व्यक्त की जा रही है कि चूंकि वे कोरोना की पुष्टि होने से पहले किसी तरह के क्वारन्टाइन में नहीं थे, इसलिए अपने परिवार सहित कई लोगों के संपर्क में आये होंगे, इसलिए संभवतया सरकार को लगा कि ऐसे बिना लक्षण एवं संपर्क वाले कोरोना संक्रमित कहीं और भी न हों और छूट बढ़ा दिये जाने से अब तक बरती गई ऐहतियात की मेहनत बेकार न चली जाए, इसलिए सरकार ने पूर्व की तरह नियमों का पालन कराना ही उचित समझा।

यह भी पढ़ें : मुख्यमंत्री ने दिये लॉक डाउन के दौरान राहत के निर्देश, प्रवास से लौटे लोगों के लिए भी बनी योजना

-शादी एवं रिश्तेदारी में फंसे लोगों को ग्रीन कैटेगरी के जिलों में भेजने की अनुमति देने और क्वारन्टाइन के 15वें दिन वापस भेजने को कहा
नवीन समाचार, देहरादून, 20 अप्रैल 2020। राज्य में लॉक डाउन के दौरान प्रशासन लॉक डाउन का कड़ाई से पालन कराने के साथ ही मानवीय संवेदनशीलता का ध्यान रखेगा। सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में शासन के उच्चाधिकारियों के साथ सभी जिलाधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोविड-19 के दृष्टिगत इससे संबंधित बचाव एवं राहत कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कोविड-19 के दृष्टिगत सभी जिलाधिकारियों को जनपद की परिस्थिति के अनुकूल आम आदमी की समस्याओं के समाधान में मानवीय व व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाने पर ध्यान देने को कहा है। उन्होंने कहा कि शादी विवाह में दूल्हा और दुल्हन दोनों के पक्षों की व्यावहारिकता देखें। ऐसे प्रकरण अंतर्जनपदीय भी हो सकते हैं। विवाह के लिए केंद्र सरकार के सामाजिक दूरी व अन्य निर्देशों का अनुपालन करते हुए अनुमति प्रदान की जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए हैं कि जो लोग अपनी रिश्तेदारी आदि वजह से लॉक डाउन में फंस गए हैं उनका स्वास्थ्य परीक्षण करते हुए ग्रीन कैटेगरी के जनपदों में जाने की अनुमति प्रदान की जाए। यही नहीं जिन लोगों को क्वॉरेंटाइन में रखे हुए 14 दिन पूरे हो गए हैं उन्हें 15 वें दिन स्वास्थ्य परीक्षण के बाद यथा स्थान भेजने की व्यवस्था कर दी जाए।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये हैं कि काश्तकारों के व्यापक हित में आम व लींची के सीजन के दृष्टिगत इसे क्रय करने हेतु आने वाले ठेकेदारों को भी आवश्यक चिकित्सा सुरक्षा जांच के बाद आवागमन की सुविधा प्रदान की जाए। साथ ही मटर की खेती करने वाले किसानों के हित में फ्रोजन मटर की प्रोसेसिंग करने वाले उद्योगों को भी प्रोत्साहित करने और गर्मी व सर्दी के मौसम में प्रदेश के सीमांत जनपदों उत्तरकाशी, चमोली व पिथौरागढ़ में प्रवास पर जाने वाले लोगों के आवागमन, पशुओं को चारा-पानी, गर्मी के दृष्टिगत पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों से मुख्यमंत्री राहत कोष में योगदान के लिए अधिक से अधिक लोगों को प्रोत्साहित करने की भी अपेक्षा की। इस धनराशि से जनकल्याण के कार्यों में बड़ी मदद मिल सकती है। वहीं मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने प्रवासी मजदूरों के हित में उद्योगों से समन्वय कर उनकी आवश्यकता के दृष्टिगत उन्हें रोजगार उपलब्ध कराने की व्यवस्था करने, विस्थापन शिविरों में नियमित रूप से स्वास्थ्य जांच व उनके मनोबल को बढ़ाने के भी प्रयास करने, आवश्यक सामान लेकर जाने वाले 14 दिन के लिए क्वॉरेंटाइन किए गये ट्रक ड्राइवरों को स्वास्थ्य की जांच कर जाने देने, वितरित की जा रही सामग्री की एकाउंटिंग पर भी ध्यान देने तथा कोरोना संक्रमण के कार्याें में लगाये गये वन विभाग के कर्मचारियों को वनाग्नि के बचाव कार्यों के दृष्टिगत कार्यमुक्त करने और इनके स्थान पर पीआरडी स्वयं सेवकों की तैनाती करने के निर्देश दिये। जबकि अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने भारत सरकार के निर्देशों के अनुरूप राष्ट्रीय राजमार्ग, चार धाम सड़क परियोजना, कुंभ मेले से संबंधित कार्य, पुलों, नाबार्ड, लोनिवि, राज्य योजना व जिला योजना से संबंधित 75 प्रतिशत प्रगति वाले निर्माण कार्यों का परिचालन मानकों के अनुरूप करने एवं निर्माण कार्यों के मजदूरों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा कार्य स्थल पर अथॉरिटी इंजीनियर, जे.ई. की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा।
प्रवास से लौटे लोगों के लिए भी बनी योजना
मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉक डाउन के कारण प्रदेश में हजारों लोगों ने रिवर्स माइग्रेशन किया है, लॉक डाउन के बाद भी इनकी संख्या और बढ़ सकती है इसके लिए एक प्रोफॉर्मा तैयार किया गया है जिसमें उनकी दक्षता आदि का पूरा विवरण तैयार किया जाना है। इसके लिए 30 हजार आवेदन भेजे जा चुके हैं। यह प्रक्रिया भविष्य की योजना तैयार करने में मददगार हो सकेगी। जिला अधिकारी अपने जनपदों में इसका भी ध्यान रखें।

यह भी पढ़ें : मनमाने नहीं, प्रशासन से अनुमति लेकर और घर-घर जाकर ही बांटी जा सकेगी राहत सामग्री

नवीन समाचार, नैनीताल, 8 अप्रैल 2020। जनपद में समाज सेवियों एवं संगठनों को खाद्यान्न एवं पका-पकाया भोजन वितरित करने के लिए प्रशासन से अनुमति लेनी होगी। इसके लिए उन्हें निर्धारित प्रपत्र पर आवेदन करना होगा। इसके बाद ही उन्हें नगर मजिस्टेªट या संबंधित एसडीएम से ऐसा करने की अनुमति दी जाएगी। उसके उपरान्त ही कोई समाज सेवी संगठन या गैर सरकारी संगठन खाद्य समाग्री का वितरण कर पायेंगे।
डीएम सविन बंसल ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान असंगठित श्रमिकों को विभिन्न समाज सेवी संगठनों द्वारा खाद्यान एवं भोजन वितरण में अत्यधिक जन समूह के एकत्रित होने एवं इस कारण सोशल डिस्टेसिंग यानी जरूरी सामाजिक दूरी का अनुपालन नहीं होने की शिकायतें आ रही हैं। इससे संक्रमण का खतरा भी उत्पन्न हो रहा है। इसलिए नयी व्यवस्था की जा रही है। साथ ही डीएम बंसल ने कहा कि जिस समाज सेवी संगठन अथवा गैर सरकारी संगठनों को प्रशासन द्वारा पास जारी किये गये है वे निर्धारित तिथि एवं चिन्हित स्थल में ही पुलिस बल की मौजूदगी में ही घर पर जाकर खाद्यान एवं भोजन वितरित करेंगे। इसकी मॉनिटरिंग नगर मजिस्टेªट, उपजिलाधिकरी, अपर पुलिस अधीक्षक द्वारा की जाएगी। सामाजिक दूरी के मानकों का उल्लघन करने पर उनकी वितरण की अनुमति तत्काल निरस्त करते हुयें उनके विरूद्ध दंडात्मक कार्यवाही भी की जाएगी।

यह भी पढ़ें : जमातियों को आखिरी चेतावनी, कल तक खुद को सामने न लाये तो होगा हत्या के प्रयास (धारा 307) व हत्या का मुकदमा

Blog single photoनवीन समाचार, देहरादून, 5 अप्रैल 2020। उत्तराखंड में कोरोना वायरस (कोविड 19) संक्रमण के मद्देनजर जारी लॉक डाउन के दौरान मरकज से लौटे ऐसे जमाती, जो खुद को शासन एवं प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत नहीं कर रहे हैं, उनके खिलाफ शासन कठोर कार्रवाई करेगा। ऐसे लोगों को खुद को मेडिकल जांच के लिए प्रस्तुत करने हेतु सोमवार तक का आखिरी मौका है। उसके बाद भी अगर जमाती छुपे रहे और उनकी वजह से किसी को कोरोना संक्रमण होता है तो उनके खिलाफ डिजास्टर मैनेजमेंट के साथ हत्या का प्रयास (धारा 307) और किसी की मौत होने पर हत्या (धारा 302) का मुकदमा चलाया जाएगा। यह घोषणा राज्य के पुलिस महानिदेशक अनिल रतूड़ी ने आज शाम यहां की। 
पुलिस महानिदेशक ने कहा कि देश और उत्तराखंड राज्य मौजूदा समय में कोरोना वायरस के खिलाफ एकजुट होकर लड़ रहा है। उत्तराखंड में विगत दिनों में कुछ ऐसे दृष्टांत आए हैं, जहां दिल्ली से आए हुए तब्लीगी जमात के लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हालत में प्रदेश में दाखिल हुए हैं। राज्य की खुफिया पुलिस एवं शासन-प्रशासन का तंत्र ऐसे समस्त जमातियाें का पता लगाने का प्रयास कर रहा है, जो खासतौर पर निजामुद्दीन दिल्ली में थे और उसके बाद यहां आए। आशंका है कि इनमें से कुछ कोरोना वायरस से संक्रमित हों, जिससे उनकी जान को खतरा हो सकता है। इस तरह के लोगों से प्रांत में उनके संपर्क में आने वाले दूसरे लोगों में भी इसके संक्रमण का खतरा हो सकता है। इसके दृष्टिगत हम ऐसे लोगों का पता लगा रहे हैं। रतूड़ी ने कहा कि मेरी ऐसे सभी तब्लीगियों से अपील है कि जो निजामुद्दीन मरकज गए थे या अन्य किसी तब्लीग जमात में गए थे और वापस आए हैं, वे कृपया सामने आएं और प्रशासन और पुलिस के समक्ष कल (6 अप्रैल, 2020) तक अपने आप को प्रस्तुत करें। आवश्यकता होगी तो उनकी मेडिकल जांच कराई जाएगी और उन्हें क्वॉरंटाइन कराया जाएगा। यदि कोई जानबूझकर इस चीज को छुपाता है और 6 अप्रैल, 2020 के बाद यह जानकारी में आता है कि वह जानबूझकर खुद को छुपा रहे थे, तब उनके विरुद्ध डिजास्टर मैनेजमेंट और और आईपीसी की धाराओं के तहत हत्या के प्रयास की धारा में मुकदमा दर्ज किया जायेगा। अगर उनकी वजह से हुए संक्रमण से किसी की मौत हो जाती है तो ऐसे लोगों पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया जायेगा। इसलिए अगर 06 अप्रैल तक वह सामने आ जाते हैं तो हम उनका परीक्षण कराएंगे और पूरी चिकित्सा कराएंगे।

यह भी पढ़ें : अधिग्रहीत किये गए होटलों, आवास गृहों के लिए सेक्टर मजिस्ट्रेट नियुक्त

नवीन समाचार, नैनीताल, 3 अप्रैल 2020। नगर पालिका प्रशासन द्वारा कोरोना के संक्रमण से बचाव के कार्य में इन विषम परिस्थिती में भी अपने कार्य पर डटे हुए कर्मचारियों को प्रोत्साहन स्वरूप वार्ड सर्किल वार जरूरी राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके लिए पालिका प्रशासन ने 350 से अधिक राशन के पैक बनाये हैं। इसी कड़ी में शुक्रवार को लगभग 4 से 5 सर्किल के लगभग 80 कर्मचारियों को नगर पालिका अध्यक्ष सचिन नेगी व अधिशासी अधिकारी अशोक वर्मा के हाथों सामाजिक दूरी बनाते हुए राशन उपलब्ध कराया गया। बताया गया कि प्रति दिन 3 से 4 सर्किल के कर्मचारियों को समयांतराल पर बुला कर राशन वितरित किया जाएगा। इसके लिए पूर्व में संबंाित सफाई हवलदार को सूचित किया जाएगा। इस मौके पर देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ के अध्यक्ष धर्मेश प्रसाद, महासचिव सोनू सहदेव, उपाध्यक्ष संजय भगत, उपसचिव कमल कुमार, मंगूलाल, अमित सहदेव, सहित कई कर्मचारी मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें : बिना अनुमति पका पकाया भोजन न बांटें, हो सकती है लॉक डाउन के उल्लंघन की कार्रवाई

नवीन समाचार, नैनीताल, 2 अप्रैल 2020। डीएम सविन बंसल ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान स्वयं सेवी संस्थाओं, गणमान्यों से गरीब, असहायों को पका भोजन स्वयं वितरित करने की जगह कच्चा खाद्य पदार्थ जिला प्रशासन को उपलब्ध कराने को कहा है। ताकि गरीब, असहाय, जरूरतमंदों को आवश्यकतानुसार खाद्यान्न वितरित किया जा सके। डीएम ने कहा कि लोगों द्वारा स्वयं पका हुआ भोजन वितरित करने में सोशल डिस्नटैंसिंग यानी सामाजिक दूरी का खयाल नही रखा जा रहा है, साथ ही अव्यवस्थाये भी हो रही हैं। लिहाजा उन्होंने स्वयं सेवी संस्थाओं व गणमान्यों से अपील की है कि वे गरीब, असहायों को पका भोजन वितरित ना करें।
उन्होंने कहा कि पका-पकाये भोजन के गर्मी के चलते बीमारी होने का खतरा भी बढ रहा है। इसलिए केवल भोजन वितरण हेतु पास प्राप्त स्वयंसेवी संस्थाएं ही गरीब असहाय लोगों को भोजन वितरित करेंगे। बिना प्रशासन द्वारा जारी पास के कोई भी संस्था अथवा व्यक्ति खाद्य पदार्थ वितरित करते हुये पाये जायेंगे तो उनके खिलाफ लॉक डाउन प्रतिबंध एवं आपदा अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत कडी कार्यवाही की जायेगी।

नवीन समाचार
‘नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से ‘मन कही’ के रूप में जनवरी 2010 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
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