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काशीपुर में महिला ने 7 मिनट में तीन बच्चों को दिया जन्म

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नवीन समाचार, काशीपुऱ, 13 जुलाई 2021। शहर के एक मुरादाबाद रोड स्थित आयुष्मान अस्पताल में निकटवर्ती ग्राम बाबरखेड़ा निवासी एक महिला द्वारा एक ही प्रसव में 7 मिनट के दौरान तीन बच्चों को जन्म दिया है। चिकित्सालय के एमडी डॉ. विकास गहलौत के अनुसार जज्जा-बच्चा सभी स्वस्थ हैं, अलबत्ता बच्चों का वजन कम होने के वजह से एनआईसीयू में विशेष चिकित्सकीय देखभाल में में आयुष्मान योजना के अंतर्गत निःशुल्क किया जा रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार 24 वर्षीय आंचल पत्नी मनोज को यहां प्रसव पीड़ा होने पर भर्ती किया गया था। इस दौरान उसने एक साथ तीन बच्चों-दो बेटियों और एक बेटे को जन्म दिया है। तीनों बच्चे दो से पांच मिनट के अंतराल पर पैदा हुए। डॉ.गहलोत के अनुसार एक बच्चा एक किलो 800 ग्राम का है। दूसरी बेटी एक किलो 500 ग्राम और तीसरी बेटी एक किलो 600 ग्राम वजन की है। महिला और उसके तीनों बच्चे पूरी तरह से स्वस्थ्य हैं। स्वास्थ्यकर्मी और नर्स यह देखकर काफी हैरान हैं। सभी की देखभाल और उनका इलाज तीनों बच्चों का जन्म सफल रहा है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : डीएम के बेटे को कोरोना काल में प्रतिबंधित पार्क में जाने से रोका तो डीएम ने कर दिया 3 वर्ष के लिए निलंबित !

नवीन समाचार, चमोली, 09 जुलाई 2021। शुरुआती दौर में अपनी सादगी के लिए चर्चाओं में रहीं उत्तराखंड के चमोली जिले की डीएम स्वाति भदौरिया अब एक होमगार्ड को सस्पेंड करने को लेकर चर्चाओं में हैं। खबरों के अनुसार डीएम ने होमगार्ड के जवान को इसलिए सस्पेंड कर दिया क्योंकि उसने कोरोना गाइडलाइन का पालन करवाते हुए डीएम के बच्चे को कोरोना काल में पार्कों में जाने पर लगी रोक के कारण पार्क में जाने से रोक दिया था। उल्लेखनीय है कि इससे पहले डीएम साहिबा एक आपदा प्रभावित महिला को डांटने के लिए भी चर्चाओं में रही थीं।

SWati Bhadauriya Archives - Kafal Treeघटनाक्रम के अनुसार अप्रैल माह में जब सार्वजनिक पार्कों में कोरोना की गाइडलाइन के कारण प्रवेश वर्जित किया गया था, उस समय डीएम आवास के ठीक सामने बने शहीद पार्क में कोई प्रवेश न कर पाए, यह सुनिश्चित करने के लिए एक होमगार्ड सुरेंद्र लाल की तैनाती पार्क के बाहर की गई थी। इस दौरान अपनी ड्यूटी करते हुए होमगार्ड ने डीएम के बच्चे को भी पार्क में जाने से रोक दिया था। इस कारण डीएम की ओर से पत्र जारी कर उस होमगार्ड को 3 साल तक ड्यूटी पर लिए जाने से रोक लगा दी गई है। इस कारण नौकरी जाने से होमगार्ड का जवान दफ्तरों की चौखट पर अपनी बहाली की गुहार लगा रहा है। पीड़ित का कहना है कि उसे निष्ठा से अपनी ड्यूटी करने की सजा मिली है। अगर उसे पता होता कि डीएम के बच्चे को पार्क में जाने से रोकने पर डीएम उसे नौकरी से हटा देंगी तो वह कभी भी ऐसा नहीं करता। उसे पता भी नहीं था कि जिसे वह रोक रहा है वह डीएम का बेटा था। ड्यूटी पर नहीं होने के कारण उसे घर चलाने के लिए रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। गौरतलब है कि शहीद पार्क पर सुरेंद्र लाल को हटाये जान के बाद ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड के दूसरे जवान बुद्धि लाल का कहना है कि उन्हें सख्त आदेश दिया गया है कि पार्क में किसी को प्रवेश न करने दिया जाए। इसलिए पार्क में ताला भी लगाया गया है।

इस मामले पर होमगार्ड के सहायक जिला कमांडेंट दीपक भट्ट का कहना है कि हटाये गए होमगार्ड सुरेंद्र लाल की ड्यूटी डीएम आवास के सामने बने शहीद पार्क में लगाई गई थी, ताकि कोरोना संक्रमण के दौरान कोई पार्क में प्रवेश न कर सके। होमगार्ड जवान के द्वारा डीएम के बेटे को पार्क में जाने से रोका गया। जिसके बाद डीएम कार्यालय की ओर से जिला कमांडेंट के कार्यालय को एक पत्र जारी किया गया। जिसमें होमगार्ड सुरेंद्र लाल द्वारा पार्क में आने जाने वाले बच्चों और अभिभावको से अभद्रता करने का हवाला देते हुए जवान को 3 साल के लिए ड्यूटी से मुक्त रखने के आदेश दिए गए हैं। गौरतलब है कि यदि पत्र में यही भाषा लिखी गई है तो डीएम पर लग रहे आरोपों की एक तरह से पुष्टि हो जाती है। जब पार्क में जाने पर रोक स्वयं डीएम के आदेशों से लगी हुई थी तो किन अभिभावकों के बच्चों से होमगार्ड ने अभद्रता की। यह अभद्रता उन्हीं से की गई होगी तो डीएम के आदेश को न मानते हुए पार्क में बच्चों को ले जाने की जिद कर रहे होंगे। ऐसे में आदेश का पालन कराने वाले को कैसे सजा दी जा सकती है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : युवक ने जिला जज की नाम पट्टिका सहित शहर में जगह-जगह लिख दिया ‘नाम में क्या रखा है’

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 05 जुलाई 2021। सरोवरनगरी में पिछले कई दिनों से एक युवक शाम ढलते शहर के अलग-अलग क्षेत्रों और रोड पर स्प्रे पेंट से ‘डब्लूआईएन’ लिख रहा है। बताया जा रहा है कि पिछले लगभग 10 दिनों से इस युवक ने नगर के छावनी बोर्ड क्षेत्र के साथ ही जिला एवं सत्र न्यायाधीश के आवास के गेट पर नाम पट्टिका के पास स्प्रे पेंट से एक विशिष्ट तरीके से ‘डब्लूआईएन’ लिख दिया। इस पर पुलिस एवं प्रशासनिक मशीनरी किसी अवांछित गतिविधि का संदेह करते हुए हरकत में आ गई और छानबीन शुरू कर की।

जांच में आगे बढ़ने पर बमुश्किल पुलिस को छावनी परिषद क्षेत्र में चेहरे को हुड आदि से छुपाकर पेंटिंग करता हुआ युवक दिखाई दिया, लेकिन पड़ताल करने पर उसके बारे में कुछ भी पता नहीं चल पा रहा था। अलबत्ता, सोमवार को रूसी बाईपास पर ड्यूटी के दौरान पुलिस एक ताजा पेंटिंग देखने के बाद पेंटिंग करते हुए करीब 20-21 वर्षीय युवक पुलिस की गिरफ्त में आ गया। पूछताछ में युवक की पहचान हरिनगर निवासी आयुष नाम के युवक के रूप में हुई। पूछताछ में पता चला कि युवक पूना में रहकर टैटू बनाने का काम करता था और अभी कुछ दिन पहले ही नैनीताल आया है। युवक का कहना है कि वह नशे के बचाव को लेकर युवाओं को जागरूक करने का प्रयास कर रहा है, इसी के चलते वह जगह-जगह पेंट से लिख रहा है। उसका मकसद सिर्फ युवाओं को नशे के खिलाफ जागरूक करना था। हालांकि पुलिस के अनुसार वह स्वयं भी मानसिक तौर पर भटका हुआ सा लग रहा था। तल्लीताल थाना प्रभारी ने बताया कि पेंटर अपने संदेश के साथ अपना कुछ अलग सा ‘टैग नाम’ भी लिखते हैं। इसी तरह यह युवक ‘डब्लूआईएन’ लिखता है, जिसका अर्थ है ‘ह्व्ट‘स इन नेम’ यानी ‘नाम में क्या रखा है’। उन्होंने युवक को 81 पुलिस एक्ट के तहत चालान कर और हिदायत देकर छोड़ दिया है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : चेतन और उनके बनाए गहत के पराठे साबित हुए नए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के लिए लकी चार्म

चेतन सिंह असवाल
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और उनके चेतन सिंह असवाल

नवीन समाचार, देहरादून, 04 जुलाई 2021। चेतन सिंह असवाल और उनके बनाए गहत के पराठे नए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के लिए लकी चार्म साबित हुए हैं। केवल तीन दिन पहले चेतन ने धामी के घर पर सहायक के तौर पर काम संभाला है। तब वे केवल एक सामान्य विधायक के सहयोगी बने थे, और अब वह मुख्यमंत्री के सहयोगी बन गए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ केवल तीन दिन में उनकी किस्मत भी बदल गई है। चेतन ने शनिवार सुबह धामी को उनके पसंदीदा गहत के पराठे खिलाकर भेजा था। और शाम तक खबर आई कि धामी मुख्यमंत्री बन रहे हैं।
मूलतः पौड़ी जनपद के यमकेश्वर के खेड़ा गांव के निवासी चेतन कुछ समय पहले तक नेहरूग्राम में अपना रेस्त्रां चलाते थे। कोरोना और उसके बाद लॉकडाउन के कारण उनका काम ठप हो गया तो उन्हें रेस्त्रां बंद करना पड़ा। करीब दो माह खाली रहने के बाद उन्होंने नौकरी की तलाश की। किसी परिचित की मदद से वो धामी के पास पहुंचे और काम देने का अनुरोध किया। धामी ने उन्हें अपने यमुना कॉलोनी स्थित सिंचाई विभाग की कॉलोनी वाले आवास पर घर की देखरेख करने और खाना इत्यादि बनाने के लिए काम पर रख लिया। पिछले तीन दिन से धामी के साथ सिर्फ चेतन ही रहे। उन्होंने बताया कि उनका परिवार नेहरू ग्राम में रहता है। वो शादीशुदा हैं और उनका एक बेटा है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : गजब: पड़ोसन पर तांक-झांक करने वाले पति से परेशान महिला ने की खुदकुशी की कोशिश, इससे पहले ही कुर्सी से गिरी, आईसीयू में भर्ती..

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 29 जून 2021। ‘आसमान से गिरना और खजूर पे अटकना’, ‘गए थे हरि भजन को-ओटन लगे कपास’ और ‘गए थे रोजे छुड़ाने-नमाज गले पड़ी’ पता नहीं इनमें से कौन सी कहावत इस पूरी घटना के सबसे करीब बैठती है। घटना हल्द्वानी की है। यहां एक महिला से पड़ोसी महिला ने शिकायत की कि उसका पति उसे यानी पड़ोसन से तांक-झांक करता है। महिला ने अपने पति से इसकी शिकायत की तो दोनों में विवाद हो गया। उल्टे पति ही उस पर चढ़ने लगा। इससे आहत होकर महिला ने अपनी जीवन लीला समाप्त करने की ठान ली और अपनी चुन्नी लेकर कुर्सी पर चढ़ गई, ताकि चुन्नी को पंखे में लटकाकर खुद भी उस पर लटक जाए। लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था। ऐसा करते हुए महिला के लटकने से पहले कुर्सी पलट गयी, और महिला असंतुलित होकर धड़ाम से फर्श पर जा गिरी। ऐसी चोटें लगीं कि आईसीयू में भर्ती कराना पड़ा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार महिला सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज में वार्ड आया के पद पर कार्य करती है। उसका पति भी यहीं संविदा पर वार्ड ब्वॉय का काम करता है, और पति-पत्नी अस्पताल की आवासीय कॉलोनी में रहते हैं। बताया गया है कि गत दिवस पड़ोस में ही रहने वाली एक अन्य नर्स ने महिला के पति पर ताक-झांक का आरोप लगाकर मेडिकल अधीक्षक से शिकायत की थी। इस पर महिला के पति का अधीक्षक ने ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया था। नोटिस मिलने के बाद आरोपित की पत्नी को जब मामले की जानकारी हुई तो वह पति लड़ पड़ी। पति अपनी गलती मानने की जगह उससे ही लड़ने लगा तो महिला ने आत्महत्या करने की ठान ली। इस पर सोमवार शाम करीब चार बजे वह अस्पताल के आवास में वार्ड आया पंखे से लटकने के लिए कुर्सी पर चढ़ कर खड़ी हुई, तभी पंखे की ऊंचाई अधिक होने की वजह से वह चुन्नी लटकाते हुए असंतुलित होकर गिर पड़ी। इससे उसे काफी चोटें आईं। सुशीला तिवारी अस्पताल के अधीक्षक डा. अरुण जोशी ने बताया कि वार्ड आया ने आत्महत्या का प्रयास किया था, जिसके बाद उसे आइसीयू में भर्ती किया गया। उसकी हालत बेहतर हो रही है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : गजब, जब विलेन हीरोइन से शादी कर उसके बच्चों का पिता बन चुका, तब पहुंच पाई पुलिस…

नवीन समाचार, रुद्रपुर, 06 जून 2021। अक्सर पुरानी बॉलीवुड फिल्मों में पुलिस तब आती थी, जब हीरो विलेन को मार लेता है और हीरोइन से शादी करने या मिलने के फिल्म के अंतिम दृश्य के करीब होता है। लेकिन यहां एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसमें पुलिस तब पहुंची जब एक नाबालिग किशोरी को जबरन भगाने वाला आरोपित विलेन न केवल हीरो बन कर हीरोइन से शादी कर चुका है, वरन हीरोइन के बच्चों का पिता भी बन चुका है।
स्पेशल टास्क फोर्स के एसएसपी अजय सिंह के हवाले से आई जानकारी के अनुसार वर्ष 2012 में 16 मार्च को रुद्रपुर निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि राजस्थान के अलवर जिले के बिदरका गांव निवासी अंशु राजपूत व चंदन उसकी 15 साल की पुत्री को अगवा कर ले गए हैं। इस पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी थी। लेकिन वे दोनों पुलिस के हाथ नहीं लगे। इस पर पुलिस ने उन पर ढाई-ढाई हजार का इनाम रख दिया। लेकिन अब इस बीच मुखबिर से एसटीएफ को जानकारी मिली कि चंदन नौ साल बाद अपने गांव बिदरका आया है। इस पर एसटीएफ देहरादून की टीम राजस्थान के लिए रवाना हुई और चंदन को गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद उससे पूछताछ की गई तो उसने बताया कि अंशु भी उसके संपर्क में है और वह ऊधमसिंह नगर जिले के रुद्रपुर में है। इस पर कार्रावाई करते हुए एसटीएफ ने अंशु राजपूत को भी रुद्रपुर से गिरफ्तार कर लिया। उन्हें किशोरी को अगुवा करने के जुर्म में अदालत में पेश करने के लिए भेजे जाने की तैयारी के दौरान जब एसटीएफ ने पकड़े गए आरोपियों से बात की, तो पता चला कि आरोपी चंदन ने उसी युवती से विवाह कर लिया है और अब उनके बच्चे भी हैं। इस प्रकार यह मामला देर से मिलने वाले न्याय के अन्याय के बराबर होने की कहानी को सही साबित करने वाला मामला बन गया है। अब यदि आरोपियों को यदि सजा मिलती भी है तो उससे पीड़ित पक्ष को भी परेशानी होगी। हालांकि आगे कानूनी प्रक्रिया में क्या होता है, यह देखने वाली बात होगी।

यह भी पढ़ें : हल्द्वानी में दो महिलाओं से शादी करने के लिए चर्चित हुई कृष्णा की अविश्वसनीय कहानी आएगी फिल्मी परदे पर, अभिनेत्री स्वरा भास्कर के भाई बना रहे फिल्म…

डॉ.नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 30 मई 2021। पुरुष बनकर दो महिलाओं से न केवल शादी रचाने बल्कि करीब चार वर्ष तक पति-पत्नी की तरह शादीशुदा संबंध भी बरकरार रहने वाली वर्ष 2019 में चर्चा में आई कृष्णा सेन की कहानी जल्द बॉलीवुड फिल्म के रूप में सामने आ सकती है। प्राप्त जानकारी के अनुसार बॉलीवुड की चर्चित अभिनेत्री स्वरा भास्कर के भाई ईशान भास्कर के निर्देशन में कृष्णा सेन पर फिल्म बनने वाली है। इस हेतु कृष्णा सेन से उन्हें उच्च न्यायालय से जमानत दिलाने वाले अधिवक्ता सिंधु आकाश के माध्यम से अनुबंध हो चुका है। कृष्णा को इस अनुबंध के ऐवज में 5 लाख रुपए मिले हैं। साथ ही स्वरा भास्कर और ईशान पूरी कृष्णा की पूरी कहानी को विस्तार से जानने और लोकेशन को समझने के लिए टीम के साथ हल्द्वानी, नैनीताल भी आ चुके हैं। बताया गया है कि जल्द ही फिल्म का निर्माण शुरू होने वाला है।

अपनी पहली शादी के अवसर पर दूल्हे के रूप में कृष्णा सेन।

गौरतलब है कि कृष्णा की कहानी बॉलीवुड की किसी भी मसाला फिल्म की कहानी से अधिक मसालेदार, रोचक, दिलचस्प, हैरतअंगेज व विश्वसनीय है। इस कहानी का यदि क्लाइमैक्स व अंत भी बता दिया जाये तो भी कौन खुद को यह फिल्म देखने से रोक पाएगा। कृष्णा एक ऐसी लड़की है, जिसने न केवल पुरुष बनकर एक नहीं बल्कि दो लड़कियों से शादी की, वरन उनसे कथित शारीरिक संबंध भी बनाए और उसकी पत्नियों को यह अहसास भी नहीं हुआ कि उनका पति एक पुरुष नहीं बल्कि महिला है। उसने अपनी पत्नियों का उत्पीड़न भी किया और उन्हें आर्थिक रूप से लूटा भी, और पत्नियों की शिकायत पर जब पुलिस उसे गिरफ्तार करने पहुंची तो पुलिस को यह कहकर चौंका दिया कि पुलिस के पुरुष कर्मी उसे गिरफ्तार नहीं कर सकते, क्योंकि वह पुरुष नहीं बल्कि एक महिला है। मामला तब और अधिक दिलचस्प हो गया जब वाकई पुलिस द्वारा मेडिकल कराने पर उसके महिला होने की पुष्टि हुई। उस पर हल्द्वानी कोतवाली में भारतीय दंड संहिता की धारा 417, 419, 467, 468, 469, 471, 323, 504 के तहत मुकदमा दर्ज हुआ और उसे जेल जाना पड़ा। उसके कृत्य को देखते हुए निचली अदालतों ने उसे जमानत नहीं दी। बाद में उच्च न्यायालय के आदेश से वह जमानत पर रिहा हुई और अब उस पर बॉलीवुड में फिल्म बनने जा रही है।

यह भी पढ़ें : नैनीताल में ‘टॉयलेट-एक प्रेम कथा’, घर में शौचालय व पानी न होने पर मायके गई पत्नी…

-पति ने मायके पहुंचकर किया विवाद तो थाने पहुंचा मामला
नवीन समाचार, नैनीताल, 14 मार्च 2021। नगर में हिंदी फीचर फिल्म ‘टॉयलेट-एक प्रेम कथा’ जैसा मामला प्रकाश में आया है। यहां घर में शौचालय और पानी का संयोजन न होने पर पत्नी अपनी 18 वर्ष की शादीशुदा जिंदगी को खतरे में डालकर अपने 12 व 15 वर्षीय बेटा-बेटी को लेकर पति का घर छोड़कर मायके चली गई है। पत्नी का कहना है कि वह पति पर शौचालय बनाने व पानी का संयोजन लगाने का दबाव बनाने के लिए मायके गई है। पुलिस ने भी उसे फिलहाल इसकी इजाजत दे दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कोतवाली पुलिस को रविवार को नगर के मल्लीताल चार्टन लॉज क्षेत्र में एक व्यक्ति द्वारा ससुराल में पत्नी व साली से मारपीट करने की सूचना मिली थी। इस पर पुलिस पति-पत्नी दोनों को थाने ले आई। यहां पत्नी का कहना था कि बच्चे बड़े हो रहे हैं। घर में शौचालय नहीं है। इस कारण काफी परेशानी होती है। पति पुताई का काम करता है। अधिक कमा नहीं पाता है, और उसे भी काम नहीं करने देता है। इस पर परेशान होकर वह मायके चार्टन लॉज आ गई। इधर शनिवार रात उसका पति भी मायके पहुंच गया और घर चलने की बात पर उसने पत्नी व साली से मारपीट कर दी। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस दोनों को थाने ले आई। थाने में भी दोनों आपस में काफी देर तक झगड़ते रहे। एसआई सोनू बाफिला ने बताया कि पत्नी शौचालय बनाने व पेयजल का संयोजन लगाने के लिए पति पर दबाव बनाने पर मायके में रहना चाहती है। इस पर दोनों को समझा-बुझा कर भेज दिया गया है।

यह भी पढ़ें : वाह री व्यवस्था ! बड़े प्रतिष्ठान से 7 लोगों ने की मात्र 6000 की लूट, 2 वर्ष से जेल में, जमानत लेने को HC आना पड़ा..

नवीन समाचार, नैनीताल, 07 मार्च 2021। वर्ष 2019 में नैनीताल जिले के हल्द्वानी में हुई एक कथित डकैती इन दिनों चर्चा में है। इस डकैती में 7 लोगों पर आरोप है कि उन्होंने दिनदहाड़े होलसेल के बड़े कारोबारी से एक आधार कार्ड और 6000 रुपए की लूट की है। 2019 से जेल में बंद रहने के बाद अब जाकर आरोपितों को हाईकोर्ट से जमानत मिली है।
मामले के अनुसार 14 नवम्बर 2019 को हल्द्वानी के कारोबारी अर्चित सिंघानिया ने हल्द्वानी कोतवाली में शिकायती पत्र देकर प्राथमिकी दर्ज करवाई थी कि कुछ लोग उनकी दुकान में आए और रजनीगंधा देने की मांग करने लगे। दुकानदार ने कहा कि यह थोक की दुकान है। यहां गुटका नहीं मिलता है। इस पर उन लोगों ने दुकान से जबरन एक आधार कार्ड और 6000 रुपए लूट लिए। इस शिकायती पत्र पर कोतवाली पुलिस ने डकैती समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया, और इसके अगले ही दिन पुलिस ने सभी 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया और उनसे 5000 रुपये की बरामदगी दिखाई। मामले में 2020 में निचली अदालत ने सभी की जमानत याचिका खारिज कर दी।इसके बाद ब्रजेश कुमार, घनश्याम, राम अवतार और कल्लू नाम के 4 आरोपितों ने उत्तराखंड हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में माना कि इन डकैतों से कोई रिकवरी नहीं हुई। सिर्फ वाहन में बैठे होने से इनको अपराधी नहीं माना जा सकता।ऐसे में कोर्ट ने 4 आरोपियों को जमानत पर रिहा कर दिया।
हाईकोर्ट में जमानत के लिए पहुंचे एक आरोपी घनश्याम ने कोर्ट में बताया कि अर्चित सिंघानिया से उनके साथी राजेन्द्र का कारोबारी लेन-देन था। लेकिन जब वो अपना पैसा लेने उसके पास गया तो अर्चित सिंघानिया ने झूठा मुकदमा दर्ज करवा दिया। साथ ही उनकी गाड़ी का नम्बर पुलिस को दे दिया जिस पर अगले दिन पुलिस ने सभी लोगों को गिरफ्तार कर लिया। हाईकोर्ट में इस केस की सुनवाई करने वाले आरोपियों के वकील दुष्यंत मैनाली कहते हैं कि दर्ज कराया गया मुकदमा फिल्मी कहानी सरीखा प्रतीत होता है। इतने बड़े प्रतिष्ठान से दिनदहाड़े जगह-जगह सीसीटीवी की मौजूदगी के बावजूद गाड़ी में आये 7 लोगों पर मात्र 6000 की लूट का आरोप हास्यास्पद है.। जबकि आरोपियों में से एक का कारोबारी से लेनदेन का पुराना मामला था।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड का ऐसा प्राकृतिक आकर्षण ! यूपी की चार छात्राएं घर से रुपए चुराकर बिन बताए आ गईं, पता लगाने वाली पुलिस टीम को 25 हजार का ईनाम

नवीन समाचार, लखीमपुर, यूपी, 25 फरवरी 2021। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों के प्राकृतिक सौंदर्य का आकर्षण ही कुछ ऐसा है कि कोई भी इसके आकर्षण में बंध जाए। ताजा मामला यूपी के लखीमपुर का है। यहां के आर्य गर्ल्स इंटर कालेज की चार छात्राएं दो दिन पहले गायब हो गई थीं। इससे शहर में हड़कंप मच गया था, और पुलिस की कई टीमें उनकी तलाश में जुटी हुई थीं। अब इन चारों छात्राओं को उत्तराखंड की वादियों से सकुशल बरामद कर लिया गया है। खास बात यह भी है कि लखीमपुर के एसपी विजय ढुल ने इन छात्राओं को ढूंढ निकालने वाली टीम को 25,000 रुपए का नकद पुरस्कार देने की घोषणा भी की है। छात्राओं का कहना है कि वह उत्तराखंड की वादियों के प्राकृतिक सौंदर्य की सैर के लिए निकल गई थीं।
एसपी लखीमपुर ने पत्रकारों को बताया कि घर से फरार होने वाली चार छात्राओं में तीन छात्राएं दसवीं कक्षा की और एक इंटरमीडिएट की छात्रा है। उन्होंने उत्तराखंड घूमने का प्लान बनाया और अपने घरों से पैसे चुराए। सोमवार को तीनों अपने घर से स्कूल जाने को निकली, लेकिन आधे रास्ते से ही फरार हो गई। उन्हें उनकी मोबाइल लोकेशन के आधार पर उत्तराखंड से सकुशल बरामद कर लिया गया है, और वापस लाकर परिजनों को सोंपा जा रहा है।

यह भी पढ़ें : इंटरनेट पर गोपनीय बातें सार्वजनिक करने वाली ‘श्वेता’ को ‘पंडित’ ने दिया जवाब अपने पहाड़ के RJ पंकज जीना के जरिये..

नवीन समाचार, नैनीताल, 20 फरवरी 2021। सोशल मीडिया भी अजीब है। यहां कभी ‘सोनम गुप्ता बेवफा है’ जैसी सामान्य सी बात वायरल हुई थी तो कभी कमेंट में मात्र ‘बिनोद’ लिखना। और अब वायरल हुआ है श्वेता नाम की लड़की का जूम एप पर अनजाने में पंडित नाम के लड़के द्वारा उसे बताई गोपनीय बातों को अनजाने में माइक ऑन कर सार्वजनिक करना।
देखें श्वेता का वह वीडियो :

अब सोशल मीडिया पर इस मामले में तरह-तरह के मीम्स बन रहे हैं। वहीं अब श्वेता को उस कथित ‘पंडित’ की ओर से अपने पहाड़, अपने नैनीताल के रेडियो जॉकी पंकज जीना ने रोचक तरीके से जवाब दिया है। आप भी देखें पंडित का जवाब :

यह भी पढ़ें : एक बिल्ली की तलाश में दंपति ने खर्च कर दिए ढाई लाख रुपए

नवीन समाचार, नैनीताल, 27 जनवरी 2021। जनपद में चार माह पहले खोई एक पालतू बिल्ली के खोने पर उसे तलाशन के लिए एक परिवार के दो लाख रुपए खर्च कर बेंगलुरू से नैनीताल आने का अनूठा मामला प्रकाश में आया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बेंगलुरु के रहने वाले हर्ष कपूर पिछले वर्ष 1 अक्टूबर 2020 को अपनी पत्नी भव्या कपूर तथा दो पालतू बिल्लियों-लियो व कोको के साथ तीन दिन के लिए नैनीताल घूमने आए थे। इस दौरान वह हल्द्वानी रोड पर भुजियाघाट के समीप सूर्यागांव में बने बलौट रिजॉर्ट में रुके। इस दौरान ही जब कपूर दंपत्ति ने अपनी दोनों बिल्लियों को भी रिजॉर्ट के लॉन में स्वच्छंद तरीके से घूमने के लिए छोड़ा, तभी लियो नाम की एक बिल्ली गायब हो गई। इस पर परेशान कपूर दंपति ने अपनी छुट्टियां तीन और बढ़ाकर लियो की आसपास के जंगल में भी तलाश की। यहां तक कि उन्होंने बिल्ली के ढूंढने वाले या पता बताने वाले को पांच हजार रुपए का ईमान देने की भी घोषणा की। लेकिन तमाम गांव वालों और रिजॉर्ट के कर्मियों के प्रयासों के बावजूद लियो नहीं मिल पाई। इस पर दंपति मायूस होकर 10 अक्टूबर को बेंगलुरू लौट गए।

बिल्ली को पाकर खुश कपूर दंपति।

लेकिन इस बीच वह लगातार रिजॉर्ट संचालक से जुड़े लोगों से संपर्क में रहे। इधर 21 जनवरी को किसी ग्रामीण को बिल्ली दिखाई दी। इसकी सूचना कपूर दंपत्ति को दी गई। कपूर दंपत्ति 25 जनवरी को बेंगलुरु से फ्लाइट पकड़कर भुजियाघाट पहुंचे, जहां दो दिन की कड़ी मेहनत के बाद उन्हें आखिरकार 26 जनवरी की रात उनकी बिल्ली लियो जंगल से लगे एक खंडहरनुमा मकान में मिल गई है। इससे उन्होंने राहत की सांस ली है। लियो को फिर से पाकर कपूर दंपत्ति खासे खुश हैं। हर्ष कपूर का कहना है कि वैसे तो लियो और कोको सामान्य बिल्ली हैं। लेकिन दोनों बिल्लियां उन्हीं के घर में पैदा हुईं। इस कारण उनका उनसे गहरा पारिवारिक लगाव है। वो जहां भी जाते हैं बिल्लियां भी उनके साथ जाती हैं। लियो के गायब होने से वह बेहद परेशान थे। बताया गया है कि कपूर दंपत्ति के बिल्ली लियो की खोजबीन में फ्लाइट, टैक्सी, होटल और खाने-पीने से लेकर तकरीब ढ़ाई लाख रुपये खर्च हो गए हैं।

यह भी पढ़ें : इधर पिता को 6 गोलियां लगीं, उधर घर में गूंजीं किलकारियां…

नवीन समाचार, रुद्रपुर, 13 अक्टूबर 2020। सोमवार को दिनदहाड़े शहर के भदईपुरा वार्ड के भाजपा पार्षद प्रकाश सिंह धामी के सिर, गले और सीने में कार में सवार होकर आए बदमाशों ने घर से बाहर बुलाकर 6 गोलियां मार दी थीं। इससे उनकी मृत्यु हो गई। वहीं इसके कुछ ही घंटों के बाद सोमवार को ही देर रात्रि उनके घर में किलकारियां गूंजी हैं। उनकी पत्नी ने रात्रि में एक फूल सी बच्ची को जन्म दिया है। बच्ची की फोटो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रही है, और लोग जन्म से कुछ घंटे पहले ही अपने पिता को खोने वाली इस मासूम के प्रति सांत्वना व्यक्त कर रहे हैं एवं शुभकामनाएं दे रहे हैं।

यह भी पढ़ें : जुर्माना नहीं, यहां सभासद मास्क न पहनने वालों की कर रहे ‘खिदमत’

नवीन समाचार, नैनीताल, 14 जून 2020। उत्तराखंड सरकार ने जहां कोरोना का संक्रमण फैलने से रोकने के लिए सार्वजनिक स्थानों पर मास्क न पहनने एवं शारीरिक दूरी बरतने के लिए अधिकतम 6 माह की जेल एवं पांच हजार रुपये तक जुर्माने की सजा का प्राविधान कर दिया है, वहीं हमेशा से ही दूसरों से हटकर कुछ करने वाले नैनीताल में अयारपाटा वार्ड के सभासद मनोज साह जगाती अपने वार्ड मंे बिना मास्क पहनने वाले लोगांे के साथ कुछ अच्छा करके अलग तरह से लोगों को कोरोना की भयावहता के प्रति जागरूक कर रहे हैं। जगाती अपने वार्ड में बिना मास्क पहने और बिना किसी काम के घूमने वाले लोगों का खुद तापमान जांच रहे हैं, और उन्हें बिच्छू घास, पुदीना, मुलेठी, कागजी नींबू व अदरक वाली आयुर्वेदिक चाय पिला रहे हैं, और आगे से मास्क पहनने व बेकार न घूमने की सलाह देते हुए कानूनी कारवाई की चेतावनी भी दे रहे हैं।

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नवीन समाचार, देहरादून, 24 मई 2020। भगवा पार्टी कही जाने वाली भाजपा के राज में यह दिलचस्प संयोग है कि कुछ और परंतु आज उत्तराखंड के सभी जनपद भगवा से ही नजर आने वाले नारंगी रंग से रंग गये हैं। प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग ने रविवार 24 मई को अपराह्न दो बजे राज्य में कोरोना संक्रमितों की संख्या एवं स्थिति के तय मानकों के अनुसार जिलों के जोनों का पुर्ननिर्धारण किया है। इसमें राज्य के ग्रीन जोन में शामिल, अब तक कोरोना से अछूते पर्वतीय जनपदों को भी ऑरेंज जोन में शामिल कर दिया गया है, जबकि रेड जोन में किसी जिले को नहीं रखा गया है। इसके साथ राज्य के सभी जनपद ऑरेंज जोन में आ गये हैं।

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-पूरी रात चिकित्सालय में उपचार के बाद दूसरे दिन मौत
नवीन समाचार, नैनीताल, 26 मार्च 2020। एक 40 वर्षीय युवक को मृत्यु के बाद श्मशान घाट से जीवित मिलने पर वापस घर लाये जाने का मामला प्रकाश में आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर के पुराना राजभवन, स्नोव्यू निवासी देबू नाम का युवक मस्तिष्क की बीमारी से ग्रस्त था। उसका हल्द्वानी के विवेकानंद हॉस्पिटल में वेंटीलेटर पर उपचार चल रहा था। परिजनों के अनुसार मस्तिष्क के ऑपरेशन में करीब दो लाख रुपए खर्च के बाद भी उसकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ। बुधवार को उन्हें चिकित्सकों ने जवाब दे दिया।
इस पर उसे घर ले आये। उसकी अंतिम यात्रा के लिए लॉक डाउन की वजह से बकायदा एसडीएम से 20 लोगों के लिए अनुमति लेकर उसे पाइंस स्थित श्मशान घाट ले जाया गया। वहां उसे अंतिम संस्कार से पूर्व नहलाया जा रहा था, तभी किसी को अहसास हुआ कि उसकी सांसें चल रही थीं। जांच करने पर उसकी नब्ज भी चलती हुई मिलीं। इस पर परिजन उसे श्मशान घाट से वापस बीडी पांडे जिला चिकित्सालय लेकर आये। यहां डा. हाशिम अली ने उसके जीवित होने की पुष्टि की और उपचार के लिए हल्द्वानी रेफर कर दिया। इस पर परिजन उसे पुनः उसे विवेकानंद अस्पताल ले गये। वहां बुधवार की रात्रि वह भर्ती रहा लेकिन गुरुवार सुबह उसे चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद बृहस्पतिवार सुबह परिजन उसे पुनः मुख्यालय लाये और उसका पाइंस स्थित श्मशान घाट में अंतिम संस्कार कर दिया गया। बताया गया है कि चिकित्सकों ने उसकी स्थिति नाजुक होने की वजह से उसके उपचार से हाथ खड़े करते हुए घर ले जाने को कहा था, लेकिन परिजनों ने समझ लिया कि चिकित्सकों ने उसकी मृत्यु बता दी है। जबकि वास्तव में उसकी मृत्यु नहीं हुई थी।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड : वाह ! महिला ने दिया 4 जुड़वा बच्चों को जन्म

नवीन समाचार, ऋषिकेश, 8 फ़रवरी 2020। एम्स ऋषिकेश में एक महिला द्वारा 4 स्वस्थ जुड़वा बच्चों को जन्म देने का रोचक व सुखद समाचार है। खास बात यह भी है कि ऑपरेशन से पैदा हुए बच्चों में खास बात ये रही कि शिशुओं को आईसीयू में भी रखने की जरूरत नहीं पड़ी।
यहां भर्ती उत्तरकाशी जिले के खनेड़ा गांव की ललिता ने शनिवार दोपहर एक साथ चार बच्चों को जन्म दिया। चिकित्सकों की निगरानी में जच्चा और बच्चे सुरक्षित हैं। हालांकि मामले को चिकित्सकों ने हाइ रिस्क पर रखा था। बताया गया है कि प्रसूता उत्तरकाशी जिला अस्पताल में भर्ती थी। प्रसव पीड़ा होने पर उसे दून अस्पताल रेफर किया गया। यहां गर्भ में 4 बच्चे होने का पता चलने पर प्रसूता को रविवार को दून अस्पताल से एम्स ऋषिकेश भेजा गया। वहां स्त्री रोग विभाग की डा. अनुपमा बहादुर ने बताया कि प्रसूता का हिमोग्लोबिन भी काफी कम था। फिर भी प्रसव सुरक्षित करा लिया गया।

यह भी पढ़ें : बदलता वक्त: बेटे ने वीडियो कॉल से पिता के अंतिम दर्शन किये और बेटी ने किया अंतिम संस्कार

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 22 जनवरी 2020। बदलता वक्त में सुविधाएं और समस्याएं एक साथ आ खड़ी हुई हैं। दो बच्चों और बच्चों के भी प्रगति के लिए देशों की सीमाएं फांदने के दौर में माता-पिता के अंतिम दर्शन और अंतिम संस्कार में भी समस्या आ रही है। लेकिन सुविधाओं ने समस्याओं के साथ समाधान भी उपलब्ध कराए हैं। अलबत्ता यह अलग प्रश्न है कि उपलब्ध समाधान कितने कारगर हैं। 

शहर में सीबीसीआईडी में तैनात 59 वर्षीय इंस्पेक्टर नवीन चन्द्र जोशी का बुधवार सुबह हृदयाघात से असामयिक देहांत हो गया। उनका बेटा आस्ट्रेलिया में है। इतनी जल्दी बेटे का पिता के अंमित दर्शनों व अंतिम संस्कार करने के लिए वहां से आना संभव नहीं था। पुराना वक्त होता तो शायद उसे पिता की मृत्यु की सूचना भी नहीं मिल पाती। लेकिन वक्त ने समाधान प्रस्तुत किया। बेटे ने वीडियो कॉल के जरिये पिता के अंतिम दर्शन किये और यहां मौजूद शिक्षिका के तौर पर कार्यरत बहन ने सामाजिक वर्जनाएं तोड़कर पिता का अंतिम संस्कार किया। बताया गया कि स्वर्गीय जोशी की मंगलवार को अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें शहर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान बुधवार तड़के उनकी मौत हो गई। इसके बाद चित्रशिला घाट पर उनके संस्कार के वक्त आस्ट्रेलिया में रह रहे बेटे ने वीडियो कॉल के जरिए अंतिम दर्शन किए तो बेटी ने पिता को मुखाग्नि दी। यह मंजर देखकर मौके पर मौजूद लोग भी भावुक हो गए। स्वर्गीय जोशी मूल रूप से ग्राम गुनाकोट पोस्ट दाड़िम ठौक बागेश्वर के निवासी थे और यहां मैत्री विहार कॉलोनी लोहरियासाल मल्ला में रहते थे। उनके अंतिम संस्कार के दौरान उन्हें अंतिम सलामी भी दी गई।

यह भी पढ़ें : काशीपुर में अजब मामला: कुत्ते को अपनी वफादारी साबित करने को शनिवार को देना होगा अनोखा ‘खूंटा’ टेस्ट’

-लेब्राडोर नस्ल के लिए दो मालिक पहुंच गए कोतवाली, अब पुलिस इस टेस्ट से पता लगाएगी असली मालिक का

सांकेतिक तस्वीर

नवीन समाचार, काशीपुर, 17 जनवरी 2020। वफादारी के लिए मशहूर कुत्ते को अपनी वफादारी साबित करनी पड़ेगी। इसके लिए उसे पुलिस द्वारा शनिवार को कराये जाने वाले ‘खूंटा’ टेस्ट से गुजरना होगा। इस टेस्ट के तहत शनिवार को कुत्ते को दोनों ही पक्षों के घरों के मध्य स्थित एक मॉल के पास छोड़ा जाएगा। कुत्ता जिस पक्ष की तरफ जाएगा, उसी का मालिकाना हक माना जाएगा।

असल में शहर में लेब्राडोर नस्ल के एक कुत्ते पर दो पक्षों के हक जताने के बाद मामला कोतवाली में पहुंचा है। बताया गया है कि शहर के मोहल्ला शिव नगर निवासी निर्मल सिंह वर्मा का लेब्राडोर नस्ल का कुत्ता टाइगर गत 26 दिसंबर को लापता हो गया था। निर्मल ने कटोराताल पुलिस चौकी में कुत्ते के खो जाने की तहरीर दी। इधर, 12 जनवरी को स्टेशन रोड स्थित पंत पार्क के पास रहने वाले अमित ने अपने फेसबुक पर एक कुत्ते की फोटो शेयर करते हुए लिखा था कि रेलवे क्रॉसिंग के पास मिला यह कुत्ता जिसका हो, वह संपर्क कर सकता है। यह फोटो निर्मल सिंह के बेटे आनंद ने देखी तो अपने भाई को साथ लेकर वह अमित की दुकान पर जा पहुंचा। पुरानी फोटो पहचान के रूप में दिखाकर वे कुत्ते को अपने घर ले आए। मामले में नया मोड़ तब आया, जब नगर के आवास विकास के शुभ विहार निवासी डॉ. अनुराग चौहान भी अमित के पास पहुंचे। उन्होंने बताया कि जिस कुत्ते की फोटो शेयर की है, वह उनका पालतू ब्रूनी है, जो बुधवार सुबह से घर से गायब है। उन्होंने फोटो भी दिखाई, जो शेयर की गई फोटो से मैच कर रही थी। कुत्ते को आनंद वर्मा को दिए जाने की जानकारी पर वह शिवनगर निवासी निर्मल सिंह के घर पहुंच गए और कुत्ता वापस करने को कहा। इस पर दोनों पक्ष में मालिकाना हक पर विवाद बढ़ा तो मामला एएसपी के संज्ञान में भी आया और मामला कोतवाली भी पहुंचा गया। कोतवाली में दोनों पक्ष कुत्ते के साथ पहुंच गए और वरिष्ठ उप निरीक्षक द्वितीय एसके कापड़ी से समाधान न हुआ तो मामला कटोराताल चौकी इंचार्ज एनके बिष्ट के पास पहुंचा।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड के एक विधायक का साथियों ने ही फाड़ डाला कुर्ता और…

नवीन समाचार, रुड़की, 24 नवंबर 2019। उत्तराखंड के झबरेड़ा से भाजपा विधायक देशराज कर्णवाल हमेशा अलग-अलग कारणों से सुर्खियों में रहते हैं। पूर्व में उनसे अधिक चर्चित रहने वाले विधायक कुंवर प्रणव चैंपियन से भिड़ने वाले कर्णवाल, चैंपियन के भाजपा से निकाले जाने के बाद बरती जा रही चुप्पी के बाद लगता है अब चर्चा में रहने के मामले में चैंपियन की जगह लेने जा रहे हैं। रविवार को सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो चर्चा में है, जिसमें कर्णवाल रुड़की के वार्ड नंबर 14 से भाजपा प्रत्याशी हेमा बिष्ट के जीतने पर ‘चैत की चैत्वाला’ गीत पर पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ नृत्य करते बताये जा रहे हैं।

देखें विधायक का कुर्ता फाड़ डांस :

नृत्य के दौरान उनके एक करीबी पार्टी कार्यकर्ता को न जाने क्या सूझती है कि वह उनका कुर्ता फाड़ लेते हैं। लेकिन यह क्या ? विधायक कर्णवाल उनका जरा भी बुरा नहीं मानते और फिर से नृत्य करने लगते हैं। इस वीडियो को लोग विधायक का कुर्ता फाड़ डांस बताते हुए खूब शेयर कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें : दिलचस्प व सबक लेने योग्य भी : अगुवा हुए एक 6 साल के बच्चे ने लगाई गजब की अकल, खुद के साथ बचाई दूसरे बच्चे की भी जान

नवीन समाचार, रुद्रपुर, 26 अक्तूबर 2019। रुद्रपुर के अगुवा हुए एक बच्चे ने गजब की बुद्धिमानी का परिचय देकर खुद के साथ अपहृत हुए एक और बच्चे को बचा लिया। हुआ यह कि रुद्रपुर के भदईपुरा इलाके में घर के बाहर खेल रहे दो बच्चे लापता हो गए। इसका पता चलते ही परिजनों में हड़कंप मच गया। उन्होंने अपहरण की आशंका जताते हुए पुलिस को सूचना दी। सूचना पर महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस बच्चों की तलाश में तुरंत सक्रिय हो गई। इसी बीच एक बच्चे की मां को फोन पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। हैलो करने से उसका बच्चा बोला और फोन कट गया। बस इसी एक कॉल ने पुलिस को दोनों बच्चों के अपहर्ता तक पहंुचा दिया, और दोनों बच्चों की जान बच गई और वे अपने परिजनों तक वापस पहुंच गये।
हुआ यह कि रुद्रपुर के वार्ड 14, भदईपुरा निवासी हरी शंकर गंगवार का छह साल का बेटा योगराज और पड़ोस में रहने वाले सुनील गिरी का छह साल का पुत्र शिवा गुरुवार शाम को घर के बाहर खेल रहे थे। रात होने पर दोनों बच्चे घर नहीं आए। इस पर परिजन बाहर आए और उनकी तलाश करने लगे। आसपास योगराज और शिवा नहीं मिले तो परिजनों में हड़कंप मच गया। इस पर बच्चों के अपहरण की आशंका जताते हुए उन्होंने पुलिस को सूचना दी। सूचना पर कोतवाल कैलाश भट्ट, रम्पुरा चौकी इंचार्ज सतीश कापड़ी पुलिस कर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे और जानकारी ली। कुछ देर बाद शिवा का फोन उसकी मां के पास आया। उसने हेलो ही किया था कि फोन कट गया। पुलिस ने फोन की लोकेशन ट्रेस की तो पता चला कि कॉल बहेड़ी से आई थी। जिसके बाद पुलिस टीम बहेड़ी पहुंची। वहां पता चला कि फोन नंबर टिक्की का ठेला लगाने वाले का है। उससे पूछताछ की गई तो, उसने बताया कि एक युवक दो बच्चों के साथ यहां टिक्की खाने आया था। तभी बच्चे ने मुझसे चुपके से फोन मांगकर कॉल किया था, लेकिन जैसे ही फोन रिसीव हुआ, युवक ने बच्चे से फोन छीनकर मुझे लौटा दिया। पुलिस ने ठेले वाले के साथ तलाश कर आरोपित युवक और दोनों बच्चों को बरामद कर लिया। आरोपित युवक ओमवीर उम्र 24 साल, पुत्र संजीव कुमार भदईपुरा का ही रहने वाला है। पुलिस बच्चों और आरोपित को अपने साथ ले आई। फिलहाल बच्चों को परिजनों का सौंप दिया गया है और आरोपित से अपहरण के कारणों के बारे में पुलिस पूछताछ कर रही है।

नवीन समाचार
‘नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से ‘मन कही’ के रूप में जनवरी 2010 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
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