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अस्पताल के जवाब देने के बाद श्मशान घाट में चलने लगीं युवक की सांसें-नब्ज, लाना पड़ा वापस, लेकिन….

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-पूरी रात चिकित्सालय में उपचार के बाद दूसरे दिन मौत
नवीन समाचार, नैनीताल, 26 मार्च 2020। एक 40 वर्षीय युवक को मृत्यु के बाद श्मशान घाट से जीवित मिलने पर वापस घर लाये जाने का मामला प्रकाश में आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर के पुराना राजभवन, स्नोव्यू निवासी देबू नाम का युवक मस्तिष्क की बीमारी से ग्रस्त था। उसका हल्द्वानी के विवेकानंद हॉस्पिटल में वेंटीलेटर पर उपचार चल रहा था। परिजनों के अनुसार मस्तिष्क के ऑपरेशन में करीब दो लाख रुपए खर्च के बाद भी उसकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ। बुधवार को उन्हें चिकित्सकों ने जवाब दे दिया।
इस पर उसे घर ले आये। उसकी अंतिम यात्रा के लिए लॉक डाउन की वजह से बकायदा एसडीएम से 20 लोगों के लिए अनुमति लेकर उसे पाइंस स्थित श्मशान घाट ले जाया गया। वहां उसे अंतिम संस्कार से पूर्व नहलाया जा रहा था, तभी किसी को अहसास हुआ कि उसकी सांसें चल रही थीं। जांच करने पर उसकी नब्ज भी चलती हुई मिलीं। इस पर परिजन उसे श्मशान घाट से वापस बीडी पांडे जिला चिकित्सालय लेकर आये। यहां डा. हाशिम अली ने उसके जीवित होने की पुष्टि की और उपचार के लिए हल्द्वानी रेफर कर दिया। इस पर परिजन उसे पुनः उसे विवेकानंद अस्पताल ले गये। वहां बुधवार की रात्रि वह भर्ती रहा लेकिन गुरुवार सुबह उसे चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद बृहस्पतिवार सुबह परिजन उसे पुनः मुख्यालय लाये और उसका पाइंस स्थित श्मशान घाट में अंतिम संस्कार कर दिया गया। बताया गया है कि चिकित्सकों ने उसकी स्थिति नाजुक होने की वजह से उसके उपचार से हाथ खड़े करते हुए घर ले जाने को कहा था, लेकिन परिजनों ने समझ लिया कि चिकित्सकों ने उसकी मृत्यु बता दी है। जबकि वास्तव में उसकी मृत्यु नहीं हुई थी।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड : वाह ! महिला ने दिया 4 जुड़वा बच्चों को जन्म

नवीन समाचार, ऋषिकेश, 8 फ़रवरी 2020। एम्स ऋषिकेश में एक महिला द्वारा 4 स्वस्थ जुड़वा बच्चों को जन्म देने का रोचक व सुखद समाचार है। खास बात यह भी है कि ऑपरेशन से पैदा हुए बच्चों में खास बात ये रही कि शिशुओं को आईसीयू में भी रखने की जरूरत नहीं पड़ी।
यहां भर्ती उत्तरकाशी जिले के खनेड़ा गांव की ललिता ने शनिवार दोपहर एक साथ चार बच्चों को जन्म दिया। चिकित्सकों की निगरानी में जच्चा और बच्चे सुरक्षित हैं। हालांकि मामले को चिकित्सकों ने हाइ रिस्क पर रखा था। बताया गया है कि प्रसूता उत्तरकाशी जिला अस्पताल में भर्ती थी। प्रसव पीड़ा होने पर उसे दून अस्पताल रेफर किया गया। यहां गर्भ में 4 बच्चे होने का पता चलने पर प्रसूता को रविवार को दून अस्पताल से एम्स ऋषिकेश भेजा गया। वहां स्त्री रोग विभाग की डा. अनुपमा बहादुर ने बताया कि प्रसूता का हिमोग्लोबिन भी काफी कम था। फिर भी प्रसव सुरक्षित करा लिया गया।

यह भी पढ़ें : बदलता वक्त: बेटे ने वीडियो कॉल से पिता के अंतिम दर्शन किये और बेटी ने किया अंतिम संस्कार

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 22 जनवरी 2020। बदलता वक्त में सुविधाएं और समस्याएं एक साथ आ खड़ी हुई हैं। दो बच्चों और बच्चों के भी प्रगति के लिए देशों की सीमाएं फांदने के दौर में माता-पिता के अंतिम दर्शन और अंतिम संस्कार में भी समस्या आ रही है। लेकिन सुविधाओं ने समस्याओं के साथ समाधान भी उपलब्ध कराए हैं। अलबत्ता यह अलग प्रश्न है कि उपलब्ध समाधान कितने कारगर हैं। 

शहर में सीबीसीआईडी में तैनात 59 वर्षीय इंस्पेक्टर नवीन चन्द्र जोशी का बुधवार सुबह हृदयाघात से असामयिक देहांत हो गया। उनका बेटा आस्ट्रेलिया में है। इतनी जल्दी बेटे का पिता के अंमित दर्शनों व अंतिम संस्कार करने के लिए वहां से आना संभव नहीं था। पुराना वक्त होता तो शायद उसे पिता की मृत्यु की सूचना भी नहीं मिल पाती। लेकिन वक्त ने समाधान प्रस्तुत किया। बेटे ने वीडियो कॉल के जरिये पिता के अंतिम दर्शन किये और यहां मौजूद शिक्षिका के तौर पर कार्यरत बहन ने सामाजिक वर्जनाएं तोड़कर पिता का अंतिम संस्कार किया। बताया गया कि स्वर्गीय जोशी की मंगलवार को अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें शहर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान बुधवार तड़के उनकी मौत हो गई। इसके बाद चित्रशिला घाट पर उनके संस्कार के वक्त आस्ट्रेलिया में रह रहे बेटे ने वीडियो कॉल के जरिए अंतिम दर्शन किए तो बेटी ने पिता को मुखाग्नि दी। यह मंजर देखकर मौके पर मौजूद लोग भी भावुक हो गए। स्वर्गीय जोशी मूल रूप से ग्राम गुनाकोट पोस्ट दाड़िम ठौक बागेश्वर के निवासी थे और यहां मैत्री विहार कॉलोनी लोहरियासाल मल्ला में रहते थे। उनके अंतिम संस्कार के दौरान उन्हें अंतिम सलामी भी दी गई।

यह भी पढ़ें : काशीपुर में अजब मामला: कुत्ते को अपनी वफादारी साबित करने को शनिवार को देना होगा अनोखा ‘खूंटा’ टेस्ट’

-लेब्राडोर नस्ल के लिए दो मालिक पहुंच गए कोतवाली, अब पुलिस इस टेस्ट से पता लगाएगी असली मालिक का

सांकेतिक तस्वीर

नवीन समाचार, काशीपुर, 17 जनवरी 2020। वफादारी के लिए मशहूर कुत्ते को अपनी वफादारी साबित करनी पड़ेगी। इसके लिए उसे पुलिस द्वारा शनिवार को कराये जाने वाले ‘खूंटा’ टेस्ट से गुजरना होगा। इस टेस्ट के तहत शनिवार को कुत्ते को दोनों ही पक्षों के घरों के मध्य स्थित एक मॉल के पास छोड़ा जाएगा। कुत्ता जिस पक्ष की तरफ जाएगा, उसी का मालिकाना हक माना जाएगा।

असल में शहर में लेब्राडोर नस्ल के एक कुत्ते पर दो पक्षों के हक जताने के बाद मामला कोतवाली में पहुंचा है। बताया गया है कि शहर के मोहल्ला शिव नगर निवासी निर्मल सिंह वर्मा का लेब्राडोर नस्ल का कुत्ता टाइगर गत 26 दिसंबर को लापता हो गया था। निर्मल ने कटोराताल पुलिस चौकी में कुत्ते के खो जाने की तहरीर दी। इधर, 12 जनवरी को स्टेशन रोड स्थित पंत पार्क के पास रहने वाले अमित ने अपने फेसबुक पर एक कुत्ते की फोटो शेयर करते हुए लिखा था कि रेलवे क्रॉसिंग के पास मिला यह कुत्ता जिसका हो, वह संपर्क कर सकता है। यह फोटो निर्मल सिंह के बेटे आनंद ने देखी तो अपने भाई को साथ लेकर वह अमित की दुकान पर जा पहुंचा। पुरानी फोटो पहचान के रूप में दिखाकर वे कुत्ते को अपने घर ले आए। मामले में नया मोड़ तब आया, जब नगर के आवास विकास के शुभ विहार निवासी डॉ. अनुराग चौहान भी अमित के पास पहुंचे। उन्होंने बताया कि जिस कुत्ते की फोटो शेयर की है, वह उनका पालतू ब्रूनी है, जो बुधवार सुबह से घर से गायब है। उन्होंने फोटो भी दिखाई, जो शेयर की गई फोटो से मैच कर रही थी। कुत्ते को आनंद वर्मा को दिए जाने की जानकारी पर वह शिवनगर निवासी निर्मल सिंह के घर पहुंच गए और कुत्ता वापस करने को कहा। इस पर दोनों पक्ष में मालिकाना हक पर विवाद बढ़ा तो मामला एएसपी के संज्ञान में भी आया और मामला कोतवाली भी पहुंचा गया। कोतवाली में दोनों पक्ष कुत्ते के साथ पहुंच गए और वरिष्ठ उप निरीक्षक द्वितीय एसके कापड़ी से समाधान न हुआ तो मामला कटोराताल चौकी इंचार्ज एनके बिष्ट के पास पहुंचा।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड के एक विधायक का साथियों ने ही फाड़ डाला कुर्ता और…

नवीन समाचार, रुड़की, 24 नवंबर 2019। उत्तराखंड के झबरेड़ा से भाजपा विधायक देशराज कर्णवाल हमेशा अलग-अलग कारणों से सुर्खियों में रहते हैं। पूर्व में उनसे अधिक चर्चित रहने वाले विधायक कुंवर प्रणव चैंपियन से भिड़ने वाले कर्णवाल, चैंपियन के भाजपा से निकाले जाने के बाद बरती जा रही चुप्पी के बाद लगता है अब चर्चा में रहने के मामले में चैंपियन की जगह लेने जा रहे हैं। रविवार को सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो चर्चा में है, जिसमें कर्णवाल रुड़की के वार्ड नंबर 14 से भाजपा प्रत्याशी हेमा बिष्ट के जीतने पर ‘चैत की चैत्वाला’ गीत पर पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ नृत्य करते बताये जा रहे हैं।

देखें विधायक का कुर्ता फाड़ डांस :

नृत्य के दौरान उनके एक करीबी पार्टी कार्यकर्ता को न जाने क्या सूझती है कि वह उनका कुर्ता फाड़ लेते हैं। लेकिन यह क्या ? विधायक कर्णवाल उनका जरा भी बुरा नहीं मानते और फिर से नृत्य करने लगते हैं। इस वीडियो को लोग विधायक का कुर्ता फाड़ डांस बताते हुए खूब शेयर कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें : दिलचस्प व सबक लेने योग्य भी : अगुवा हुए एक 6 साल के बच्चे ने लगाई गजब की अकल, खुद के साथ बचाई दूसरे बच्चे की भी जान

नवीन समाचार, रुद्रपुर, 26 अक्तूबर 2019। रुद्रपुर के अगुवा हुए एक बच्चे ने गजब की बुद्धिमानी का परिचय देकर खुद के साथ अपहृत हुए एक और बच्चे को बचा लिया। हुआ यह कि रुद्रपुर के भदईपुरा इलाके में घर के बाहर खेल रहे दो बच्चे लापता हो गए। इसका पता चलते ही परिजनों में हड़कंप मच गया। उन्होंने अपहरण की आशंका जताते हुए पुलिस को सूचना दी। सूचना पर महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस बच्चों की तलाश में तुरंत सक्रिय हो गई। इसी बीच एक बच्चे की मां को फोन पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। हैलो करने से उसका बच्चा बोला और फोन कट गया। बस इसी एक कॉल ने पुलिस को दोनों बच्चों के अपहर्ता तक पहंुचा दिया, और दोनों बच्चों की जान बच गई और वे अपने परिजनों तक वापस पहुंच गये।
हुआ यह कि रुद्रपुर के वार्ड 14, भदईपुरा निवासी हरी शंकर गंगवार का छह साल का बेटा योगराज और पड़ोस में रहने वाले सुनील गिरी का छह साल का पुत्र शिवा गुरुवार शाम को घर के बाहर खेल रहे थे। रात होने पर दोनों बच्चे घर नहीं आए। इस पर परिजन बाहर आए और उनकी तलाश करने लगे। आसपास योगराज और शिवा नहीं मिले तो परिजनों में हड़कंप मच गया। इस पर बच्चों के अपहरण की आशंका जताते हुए उन्होंने पुलिस को सूचना दी। सूचना पर कोतवाल कैलाश भट्ट, रम्पुरा चौकी इंचार्ज सतीश कापड़ी पुलिस कर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे और जानकारी ली। कुछ देर बाद शिवा का फोन उसकी मां के पास आया। उसने हेलो ही किया था कि फोन कट गया। पुलिस ने फोन की लोकेशन ट्रेस की तो पता चला कि कॉल बहेड़ी से आई थी। जिसके बाद पुलिस टीम बहेड़ी पहुंची। वहां पता चला कि फोन नंबर टिक्की का ठेला लगाने वाले का है। उससे पूछताछ की गई तो, उसने बताया कि एक युवक दो बच्चों के साथ यहां टिक्की खाने आया था। तभी बच्चे ने मुझसे चुपके से फोन मांगकर कॉल किया था, लेकिन जैसे ही फोन रिसीव हुआ, युवक ने बच्चे से फोन छीनकर मुझे लौटा दिया। पुलिस ने ठेले वाले के साथ तलाश कर आरोपित युवक और दोनों बच्चों को बरामद कर लिया। आरोपित युवक ओमवीर उम्र 24 साल, पुत्र संजीव कुमार भदईपुरा का ही रहने वाला है। पुलिस बच्चों और आरोपित को अपने साथ ले आई। फिलहाल बच्चों को परिजनों का सौंप दिया गया है और आरोपित से अपहरण के कारणों के बारे में पुलिस पूछताछ कर रही है।

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