News

जनपद में अब तीसरे क्वारन्टाइन सेंटर में निकला सांप, रह रहे सात लोगों ने लगाई घर भेजे जाने की गुहार

यहाँ से दोस्तों को भी शेयर करके पढ़ाइये
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

जिले में एकमुस्त आये 8 नये कोरोना संक्रमित, हड़कंप

नवीन समाचार, नैनीताल, 25 मई 2020। पहले जनपद के भीमताल विकास खंड के राजकीय प्राथमिक विद्यालय घोडिया में सांप के निकलने, फिर राजकीय प्राथमिक विद्यालय तल्ली सेठी में सांप के काटने से छह वर्षीया बच्ची की मौत और अब बेतालघाट के ही राजकीय प्राथमिक विद्यालय उलगौर में सांप निकलने की घटना हुई है। इसके बाद किसी तरह की अनहोनी से आशंकित यहां क्वारन्टाइन यानी एकांतवास में रह रहे सात लोगों ने अपनी सुरक्षा के लिए घर पर ही एकांतवास में भेजे जाने की गुहार लगाई है।
राजकीय प्राथमिक विद्यालय उलगौर में एकांतवास में रह रहे भुवनेश्वर सिंह, यशवंत सिंह, किरन, कंचन, चांदनी, नंदी देवी व संजय नेगी ने क्षेत्रीय ग्राम प्रधान को पत्र सोंपकर कहा है कि वह यहां पिछले 12 दिनों से रह रहे हैं। यहां सांप-बिच्छू आदि से बचाव का कोई प्रबंध नहीं है। इधर यहां सांप देखा गया। इससे विद्यालय के शिक्षक को भी अवगत किया गया है। अब उन्होंने एकांतवास की अवधि के शेष समय के उनके घर पर ही शारीरिक दूरी के सिद्धांत का पालन करते हुए रहने की इच्छा जताई है।

यह भी पढ़ें : हाल एक क्वारन्टाइन सेंटर का : निकल रहे सांप, पानी की टंकी में कीड़े, ग्राम प्रधान मदद नहीं कर रहे…

नवीन समाचार, नैनीताल, 25 मई 2020। गांवों में बने क्वारन्टाइन केंद्रों की व्यवस्थाएं संभालना ग्राम प्रधानो के बूते नजर नहीं आ रहा है। चुनावों में लाखों रुपए उड़ा देने वाले और खुद को समाज सेवी कहने वाले ग्राम प्रधानों में से कुछ कोरोना की इस मुसीबत की घड़ी में अपने ही ग्राम वासियों की मदद को आगे आना दूर अपनी जिम्मेदारियों का पालन भी नहीं कर रहे हैं। ऐसा ही एक मामला जनपद के नैनीताल तहसील के विकासखंड भीमताल अंतर्गत ग्राम सभा हैड़ाखान तिलवाड़ी से सामने आया है।

यहां प्राथमिक विद्यालय घोड़िया को क्वारन्टाइन सेंटर बनाया गया है, लेकिन यहां दिल्ली से आकर रह रहे महेश चंद्रा ने बताया कि विद्यालय में शौचालय की शीट गंदगी से अटी पड़ी है। शौचालय में दरवाजा भी बंद नहीं होता, आसपास झाड़ियां हैं। पानी की टंकी में कीड़े पड़े हैं। कल यहां सांप भी निकल आया। उनका दावा है कि ग्राम प्रधान मुन्नी पलड़िया ने किसी भी तरह की मदद करने से इंकार कर दिया है। उनका कथित तौर पर कहना है, वह अपने घर से कोई मदद नहीं कर सकतीं। ऐसे में यहां रह रहे विनोद कुमार, उनकी पत्नी पिंकी, बड़े भाई दीवान चंद्र तथा डेढ़ माह व तीन वर्ष के बच्चे परेशानियों से परेशान होकर अपने घर के पास चले गये हैं। अन्य नौ लोग भी पहले अपने घर जा चुके हैं। अब वर्तमान में यहां तीन महिलाओं व चार बच्चों सहित 11 लोग रह रहे हैं। घर से चादर और खाना मंगाकर रह रहे हैं। कोरोना के संक्रमण के भय से कोई उन्हें छूने, रुपये लेकर सुविधाएं देने तक को तैयार नहीं है। उन्होंने शासन-प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। इस बारे में सूचना दिये जाने पर एसडीएम विनोद कुमार ने कहा कि व्यवस्थाएं तो ग्रामीणों को स्वयं ही करनी हैं। फिर भी वे क्षेत्रीय राजस्व निरीक्षक से मामले की जानकारी लेंगे।

हल्द्वानी से 3 दिन पहले लौटी महिला की क्वारन्टाइन में मौत

यह भी पढ़ें : ‘लॉक आउट’ प्रभाव : काम पर नहीं पहुंच पा रहे आवश्यक सेवाओं के कर्मी, केबल भी बंद

नवीन समाचार, नैनीताल, 23 मार्च 2020। देश-दुनिया में फैले कोरोना के संक्रमण के कारण उत्तराखंड में सोमवार सुबह से लागू ‘लॉक आउट’ के कारण कुछ समस्याएं भी नजर आ रही हैं। हालांकि सरकारी कर्मचारियों से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने कार्यस्थल पर ही रहें। फिर भी जिला मुख्यालय में आवासीय समस्याओं के कारण अनेक सरकारी कर्मचारी हल्द्वानी से आते हैं। सोमवार को लॉक आउट होने के कारण बसें न चलने की वजह से कई कर्मचारी समय पर अपने कार्य पर नहीं आ पाए। इनमें बीडी पांडे जिला चिकित्सालय में कार्यरत अतिआवश्यकीय सेवाओं से जुड़े कर्मचारी भी शामिल हैं। बताया गया है कि टैक्सी वाले मनमाना, हल्द्वानी से नैनीताल का 300-400 रुपये तक किराया मांग रहे हैं। इस बारे में अधिकारियों को सूचना दिये जाने की कोशिश की गई, किंतु किसी ने फोन नहीं उठाए।

इसके अलावा भी शहर में रविवार के ‘जनता कर्फ्यू’ जैसा ही माहौल नजर आ रहा है। लोग पैदल एवं निजी वाहनों पर भी घरों से बाहर नहीं नजर आ रहे हैं। अनेक लोगों को सुबह का अखबार भी नहीं मिल पाया है। इधर नगर के पॉपुलर कंपाउंड एवं इससे लगे सहित अनेक क्षेत्रों में केबल सेवा भी रविवार शाम से बंद है। इस बारे में नगर के एक केबल संचालक शाद खान ने बताया कि वे तथा उनके कर्मचारी भी लॉक आउट की वजह से अपने ऑपरेशन रूम नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिस कारण से केवल सेवा प्रभावित हो रही है। इधर शहर में प्रशासन की ओर से 5 से अधिक व्यक्तियों के एक स्थान पर खड़े ना होने तथा शहर में आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति सुचारू होने की मुनादी की जा रही है बावजूद कुछ मोहल्लों में लोग इससे बेफिक्र एक साथ खड़े नजर आ रहे हैं। इधर नगर में राशन की दुकानें भी बंद करा दी गई हैं। एसडीएम विनोद कुमार ने बताया कि कुछ देर में लॉक आउट पर दिशा-निर्देश साफ कर दिए जाएंगे।

यह भी पढ़ें : उफ ऐसा विकास ! मिट्टी से गड्ढे पाटकर किया केंद्रीय मंत्री व मुख्यमंत्री का स्वागत

नवीन समाचार, नैनीताल, 27 फरवरी 2020। उत्तराखंड सरकार डबल इंजन की सरकार में विकास के बड़े दावे तो कर रही है, लेकिन राज्य की अधिकांश सड़कों पर पड़े गड़े सरकार के विकास की सच्चाई की चुगली कर रहे हैं। हल्द्वानी से नैनीताल को जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग 109 तो ऐतिहासिक तौर पर सर्वाधिक गड्ढों से पटा हुआ है ही, मुख्यालय की सड़कों पर भी गड्ढे ही गड्ढे हैं। सामान्यतया मुख्यमंत्री के आगमन पर पिछले वर्षों में ऐसे गड्ढों को आनन-फानन में कोलतार से भरने की परंपरा दिखती रही है, लेकिन इधर संभवतया पहली बार मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत एवं केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के मुख्यालय आगमन पर उनके मार्ग के गड्ढों को पाटने के लिए संबंधित विभाग को शायद कोलतार भी नहीं मिला, और गड्ढों को महज मिट्टी भरकर पाटा गया।

यह भी पढ़ें : चौड़ीकरण के लिए बंद हुआ रानीबाग-नैनीताल एनएच, गड्ढे भी दिखवा लें साहब

-ज्योलीकोट से बल्दियाखान के बीच अत्यधिक गड्ढों से भरी हुई है सड़क

नैनीताल एनएच पर पड़े गड्ढों की स्थिति।

नवीन समाचार, नैनीताल, 22 फरवरी 2020। नैनीताल मुख्यालय को मैदानी क्षेत्रों से जोड़ने वाला प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 87ई, नया नाम 109 रानीबाग से नैनीताल के बीच शनिवार को अगले 15 दिनों तक सुबह 10 से शाम चार बजे तक के लिए बंद हो गया है। इसे दोगांव के पास भेड़िया पखांण नाम के स्थान पर चौड़ा किया जा रहा है। इसके बाद शनिवार को नैनीताल एवं रानीबाग से इस मार्ग पर सुबह वाहनों का आवागमन रोक दिया गया और वाहनों को भीमताल, भवाली के रास्ते भेजा गया। इस हेतु सड़क पर भवाली के मस्जिद तिराहा, रानीबाग तिराहा व नैनीताल डांठ पर पुलिस ने वाहनों को रोकने की व्यवस्था की।
गौरतलब है कि इस मार्ग पर खासकर ज्योलीकोट से बल्दियाखान के बीच की सड़क अपने इतिहास में सबसे बुरे दौर में है। सड़क काफी गड्ढों से तो पटी हुई है ही, पूर्व में गड्ढों पर लगाए गए पैबंद भी उखड़ कर नई आफत बन गए हैं। इस कारण नैनीताल आने वाले वाहनों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर कई दोपहिया वाहन तो अचानक दिखने पर गड्ढों में गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं। आगे जल्द ही ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन की शुरुआत भी होने जा रही है। तब यह गड्ढे नैनीताल के साथ ही राज्य की विकास की छवि को भी देश-दुनिया में प्रभावित करेंगे। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि इस अवधि में जब मार्ग पर वाहनों का आवागमन रुका रहेगा, प्रशासन इन गड्ढों की भी मरम्मत करा लेगा। इस पर भीमताल विकास खंड के ज्येष्ठ प्रमुख एवं कांग्रेस नेता हिमांशु पांडे ने स्वीकारा कि यह सड़क राज्य में डबल इंजन की सरकार होने के बावजूद इतिहास में सर्वाधिक बुरे दौर में है। सोमवार को सड़क की मरम्मत के लिए डीएम को ज्ञापन सोंपा जाएगा।

यह भी पढ़ें : ठंडी सड़क का गेट तोड़ा, अब दौड़ा रहे कार, जिम्मेदार सोये

शुक्रवार दोपहर बारिश के बीच ठंडी सड़क पर गुजरती कार।

नवीन समाचार, नैनीताल, 22 फरवरी 2020। नगर के प्रसिद्ध पैदल पथ-ठंडी सड़क पर वाहनों के आवागमन को रोकने के लिए लगाए गए एक गेट को असामाजिक तत्वों ने तोड़ डाला है। इसके बाद इस पैदल मार्ग पर धड़ल्ले से साइकिल व दोपहिया के वाहनों के साथ कारें भी घूम रही हैं। इससे क्षेत्रवासियों में आक्रोश है। उल्लेखनीय है कि पूर्व में तत्कालीन झील विकास प्राधिकरण ने एक दशक पूर्व ठंडी सड़क का लाखों रुपए खर्च कर जीर्णोद्धार व सौंदयीकरण कार्य करने के बाद इसके दोनों ओर लोहे के गेट लगाए थे। इसके बाद केवल जरूरत पड़ने पर पुलिस या नगर पालिका के वाहन ही इस मार्ग पर जाते रहे हैं। गेट की चाबी पुलिस के पास रहती है। लेकिन अब ना ही गेट तोड़ने पर किसी को कोई जानकारी है और ना ही वाहनों के चलने पर। वाहनों को रोकने पर भी जिम्मेदार विभाग कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। क्षेत्रीय सभासद मनोज साह जगाती ने भी इस मार्ग पर शुक्रवार को कार को गुजरते देखने पर कड़ी नाराजगी जताई है।

यह भी पढ़ें : 40 माह से चल रही अस्थायी व्यवस्था, अब सप्ताह भर बंद रहेगा एनएच-87ई, वजह चिंताजनक…

बीरभट्टी पुल पर अग्निकांड 25 सितम्बर 2020
बीरभट्टी पुल पर अग्निकांड 25 सितम्बर 2020
बीरभट्टी पुल पर अग्निकांड 25 सितम्बर 2020
बीरभट्टी पुल पर अग्निकांड 25 सितम्बर 2020

नवीन समाचार, नैनीताल, 2 फरवरी 2020। राष्ट्रीय राजमार्ग 87-विस्तार पर आगामी 5 फरवरी से 11 फरवरी तक वाहनों का आवागमन बंद रहेगा। इस मार्ग पर बीरभट्टी के पास बलियानाले पर बने वैली ब्रिज के रूटीन मेन्टीनेंस यानी सामयिक अनुरक्षण के लिए डीएम सविन बंसल ने इस मार्ग पर ज्योलीकोट के नंबर-1 बैंड से भवाली सेनिटोरियम के पास मस्जिद तिराहा बैंड से वाहनों का आवागमन बंद रखने के आदेश जारी किये हैं। अलबत्ता आदेश में यह साफ नहीं है कि इस दौरान ज्योलीकोट के नंबर-1 बैंड से मस्जिद तिराहा बैंड के बीच के आधा दर्जन से अधिक गांवों के ग्रामीणों का आवागमन इस दौरान कैसे होगा।
उल्लेखनीय है कि 25 सितंबर 2017 को बीरभट्टी में अंग्रेजी दौर में बना 100 से अधिक वर्ष पुराना मूल लोहे के गार्डर युक्त पुल इसमें से गुजरते घरेलू गैस सिलंेडर लेकर जा रहे ट्रक मं विष्फोट हो जाने के कारण क्षतिग्रस्त हो गया था। बाद में कई दिन तक वाहनों का आवागमन बंद रहने के बाद यहां अस्थायी वैली ब्रिज बनाया गया, और 40 माह बीतने तक भी इसी अस्थायी पुल से काम चलाया जा रहा है। बीच में जून 2019 में इसकी जगह दो लेन का स्टील गार्डर का स्थायी मजबूत पुल बनाने के लिए 4.62 करोड़ रुपए शासन से जारी होने की बात कही गई थी, किंतु अब तक पुल के निर्माण की बात धरातल पर नजर नहीं आ रही है। बल्कि पुराने अस्थायी पुल की मरम्मत करने की बात कही गई है।

यह भी पढ़ें : इस बार बमुश्किल हुआ ‘नवीन समाचार’ की खबर का असर: युवाओं के जोर देने पर जागा प्रशासन..

नवीन समाचार, नैनीताल, 22 जनवरी 2020। सामान्यतया मीडिया प्रतिष्ठान अपनी खबर का असर होने पर गर्व से समाचार प्रकाशित करते हैं, लेकिन आज हम अपनी खबर का बमुश्किल असर होने पर समाचार प्रकाशित कर रहे हैं। प्रशासन भी मीडिया में आए समाचारों को गंभीरता से लेता रहा है, लेकिन बदलते वक्त में अब प्रशासन मीडिया को कितना गंभीरता से ले रहा है। यह समाचार इसकी बानगी है।

हमने गत 18 जनवरी को ‘नवीन समाचार’ में ‘कारस्तानी : नैनीताल में श्मशान घाट के पास सड़क किनारे धरती फाड़ कर ऊपर आ रहीं शराब की सैकड़ों बोतलें !’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। इस समाचार के लिए प्रशासन से भी बात की गई थी। समाचार प्रकाशित होने के बाद इस समाचार को काफी अच्छी व्यूअरशिप मिली। अनेक लोग इसे पढ़कर उद्वेलित भी हुए, लेकिन प्रशासन के कानों में जूं भी नहीं रैंगी। उल्लेखनीय है कि प्रशासन के द्वारा ही यह अवैध रूप से बेची जाने के कारण पकड़ी गई शराब की बोतलें असंवेदनशीलता दिखाते हुए स्वयं तोड़कर श्मशान घाट के ठीक ऊपर, सड़क किनारे डाली गई थीं। जब इन्हें यहां डाला गया था, तब भी नगर के लोगों ने इस पर ऐतराज जताया था, बावजूद प्रशासन का कार्रवाई न करना प्रशासन की कार्यप्रणाली को बेपर्दा कर गया है।

अलबत्ता, इधर नगर में साफ-सफाई के कार्यों में सक्रिय संस्था ‘ग्रीन आर्मी’ के युवा सदस्य भी इस समाचार से उद्वेलित एवं समाचार प्रकाशित होने के बावजूद कार्रवाई न होने से आक्रोशित हुए और उन्होंने बुधवार को संबंधित समस्या से स्वयं जनपद के एडीएम एसएस पांगती से मिलकर उनका ध्यान इस ओर आकृष्ट कराया। इस पर श्री पांगती ने नगर पालिका के अधिकारियों को सड़क पर उभर आई कांच की बोतलों को हटाने के लिए निर्देशित किया। इसके बाद ग्रीन आर्मी के सदस्यों की मौजूदगी में नगर पालिका के कर्मियों ने सड़क किनारे तोड़ी गई शराब की बोतलों को मौके से हटवाया। कार्रवाई के दौरान नगर पालिका के एसआई कुलदीप कुमार व उनकी टीम तथा ग्रीन आर्मी के गोविंद प्रसाद, जय जोशी, भास्कर आर्य, अजय कुमार, विमल चंद्र, विक्की आर्य व सुनील चंद्र आदि सदस्य मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें : कारस्तानी : नैनीताल में श्मशान घाट के पास सड़क किनारे धरती फाड़ कर ऊपर आ रहीं शराब की सैकड़ों बोतलें !

सड़क पर उभरी शराब की बोतलें

नवीन समाचार, नैनीताल, 18 जनवरी 2020। प्रशासन ने पिछले दिनों अवैध रूप से विपणन की जा रही शराब की सैकड़ों बोतलें भवाली रोड पर पाइंस श्मशान घाट के पास सड़क किनारे तोड़ दी थीं। तब स्थानीय लोगों ने इस पर आपत्ति भी की थी। लोगों को आशंका थी कि इन टूटी शराब की बोतलों का कांच बहकर श्मशान घाट की ओर जाएगा एवं वहां नंगे पैर शव दाह करने वाले लोगों के पैर में गढ़ सकता है। इस पर प्रशासन की ओर से आश्वस्त किया गया था कि शराब की बोतलें नियमानुसार ही यहां निस्तारित की जा रही हैं। इन्हें जेसीबी की मदद से जमीन में गहरे में दबाया जाएगा। लेकिन प्रशासन की आश्वस्ति के बावजूद इधर शराब की टूटी-अधटूटी बोतलें सड़क की सतह पर उभर आई हैं। इससे लोगों में प्रशासन के खिलाफ नाराजगी नजर आ रही है। नैनीताल टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष नीरज जोशी ने बताया कि उन्हें 500 शराब की बोतलों को न्यायालय के आदेश पर तोड़ने की जानकारी दी गई थी, तथा आश्वस्त किया गया था कि इन्हें जमीन में गाढ़ा जाएगा, किंतु ऐसा नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि श्मशान घाट से आगे व कॉजवे से पहले यह बोतलें सड़क पर उभर आई हैं। एसडीएम विनोद कुमार ने मामले का संज्ञान लेकर बोतलों का कांच हटवाने की बात कही।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड परिवहन निगम की वेबसाइट पर सार्वजनिक हो रही ऑनलाइन बुकिंग करने वालों की जानकारी

नवीन समाचार, नैनीताल, 5 जनवरी 2020। उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में  करने पर ऑनलाइन बुकिंग करने वाले सभी  यात्रियों के क्रेडिट कार्ड व डेबिट कार्ड की पूरी जानकारी  दिखाई दे रही है। इससे पहले बुकिंग कर चुके सभी यात्रियों के नाम, उनके बैंक कार्ड के नंबर, यहां तक कि कार्ड की एक्सपायरी डेट भी सबको सार्वजनिक तौर पर दिखाई दे रही है। नगर के अधिवक्ता पंकज कुलौरा ने कहा कि इस तरह उत्तराखंड परिवहन निगम हैकरों को उनकी वेबसाइट प्रयोक्ताओं के बैंक कार्डों को हैक करने का आमंत्रण दे रहा है। उन्होंने बताया कि अपने छोटे भाई  पवन कुलौरा की हल्द्वानी से  दिल्ली के लिए बुकिंग करते हुए सबके बैंक कार्डों की जानकारी दिखी।
नवीन समाचार
मेरा जन्म 26 नवंबर 1972 को हुआ था। मैं नैनीताल, भारत में मूलतः एक पत्रकार हूँ। वर्तमान में मार्च 2010 से राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक समाचार पत्र-राष्ट्रीय सहारा में ब्यूरो चीफ के रूप में कार्य कर रहा हूँ। इससे पहले मैं पांच साल के लिए दैनिक जागरण के लिए काम कर चुका हूँ। कुमाऊँ विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग से ‘नए मीडिया’ विषय पर शोधरत हूँ। फोटोग्राफ़ी मेरा शौक है। मैं NIKON COOLPIX P530 और अडोब फोटोशॉप 7.0 के साथ फोटोग्राफी कर रहा हूँ। फोटोग्राफी मेरे लिए दुनियां की खूबसूरती को अपनी ओर से चिरस्थाई बनाने का बहुत छोटा सा प्रयास है। एक फोटो पत्रकार के रूप में मेरी तस्वीरों को नैनीताल राजभवन सहित विभिन्न प्रदर्शनियों में प्रस्तुत किया गया, तथा उत्तराखंड की राज्यपाल श्रीमती मार्गरेट अलवा द्वारा सम्मानित किया गया है। कुछ चित्रों को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हो चुके हैं। गूगल अर्थ पर चित्र उपलब्ध कराने वाली पैनोरामियो साइट पर मेरी प्रोफाइल को 18.85 Lacs से भी अधिक हिट्स प्राप्त हैं।पत्रकारिता और फोटोग्राफी के अलावा मुझे कवितायेँ लिखना पसंद है। काव्य क्षेत्र में मैंने नवीन जोशी “नवेन्दु” के रूप में अपनी पहचान बनाई है। मैंने बहुत सी कुमाउनी कवितायेँ लिखी हैं, कुमाउनी भाषा में मेरा काव्य संकलन उघड़ी आंखोंक स्वींड़ प्रकाशित हो चुका है, जो कि पुस्तक के के साथ ही डिजिटल (PDF) फार्मेट पर भी उपलब्ध होने वाली कुमाउनी की पहली पुस्तक है। मेरी यह पुस्तक गूगल एप्स पर भी उपलब्ध है। ’ यहां है एक पत्रकार, लेखक, कवि एवं छाया चित्रकार के रूप में मेरी रचनात्मकता, लेख, आलेख, छायाचित्र, कविताएं, हिंदी-कुमाउनी के ब्लॉग आदि कार्यों का पूरा समग्र। मेरी कोशिश है कि यहां नैनीताल, कुमाऊं, उत्तराखंड और वृहद संदर्भ में देश की विरासत, संस्कृति, इतिहास और वर्तमान को समग्र रूप में संग्रहीत करने की….। मेरे दिल में बसता है, मेरा नैनीताल, मेरा कुमाऊं और मेरा उत्तराखंड
https://navinsamachar.com

Leave a Reply

loading...