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नैनीताल: तीन दिन से उफनी सीवर वाहनों से छिटककर राहगीरों को कर रही है सराबोर, अधिकारी भी गुजर रहे इसके ऊपर से

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डॉ. नवीन जोशी, नवीन समाचार, नैनीताल, 16 अक्टूबर 2021। जिला व मंडल मुख्यालय एवं उत्तराखंड की न्याय नगरी नैनीताल में हाईकोर्ट रोड पर सीवर लाइन उफनी हुई है, और इससे उफन कर बह रही सीवर की गंदगी इन दिनों उमड़ पड़े वाहनों के पहियों से उछलकर सैलानियों व आम लोगों को सराबोर कर रही है।

बताया गया है कि यहां मोहन-को चौराहे के पास सरस्वती रेस्टोरेंट के करीब सामने पिछले तीन दिनों से सीवर लाइन उफनी हुई है। सूचना दिए जाने के बावजूद जल संस्थान के द्वारा सीवर लाइन को नहीं खोला गया है। देखें यहां का ताजा नजारा:

गौरतलब है कि नगर की भौगोलिक संरचना के कारण ऐसी समस्त गंदगी नैनी झील में समाती है, जिसके पानी को ही संशोधित कर नगर में पेयजल आपूर्ति की जाती है। ऐसे में नगर में यहां या कहीं भी सीवर लाइन का उफनना बेहद चिंताजनक रहता है।

खासकर इस स्थान पर, जहां उच्च न्यायालय के न्यायिक अधिकारियों का भी आम तौर पर गुजरना रहता है, तीन दिनों से सीवर लाइन का इस तरह उफनते रहना और भी अधिक चिंताजनक व विचारणीय है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : दूध का नया प्लांट लगाने सहित अनेक मांगों पर सीएम को सोंपे गए ज्ञापन

डॉ. नवीन जोशी, नवीन समाचार, नैनीताल, 9 सितंबर 2021। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को नैनीताल आगमन पर अनेकों लोगों, संगठनों ने अपने ज्ञापन दिए। इसी कड़ी में नैनीताल दुग्ध संघ (आंचल) के अध्यक्ष मुकेश बोरा ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर लालकुआँ दुग्ध उत्पादन सहकारी संघ में नया दुग्ध प्लांट लगवाने का आग्रह किया। वहीं टैक्सी ट्रैवल एसोसिएशन के अध्यक्ष नीरज जोशी, उपाध्यक्ष कुर्बान अली जाफरी, सचिव महावीर बिष्ट, कोषाध्यक्ष ओमवीर सिंह, संजय चौहान कमल जोशी, नरेंद्र नैनवाल आदि सदस्यों ने मुख्यमंत्री को विभिन्न समस्याओं के समाधान हेतु ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में नैनीताल के लिए टैक्सी-मैक्सी के संचालन शुरू करने की मांग की गई।

इसके अलावा देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ ने बुधवार मध्य रात्रि के करीब मुख्यमंत्री को ज्ञापन सोंपकर नगर पालिका नैनीताल में लेखाकार, कर एवं राजस्व निरीक्षक, कर निरीक्षक जैसे महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्ति करने नियमितीकरण नियमावली 2013 को संशोधित कर कर्मचारी की मृत्यु के बाद उनके आश्रितों को 1974 की नियमावली का लाभ देने, कर्मचारियों के लिए सामूहिक बीमा की सुविधा को फिर से लागू करने, सफाई का कार्य कर रहे स्नातक कर्मचारियों को पदोन्नत करने आदि की मांत्र की गई। ज्ञापन देते हुए संगठन के अध्यक्ष धर्मेश प्रसाद, महासचिव सोनू सहदेव, कमल कुमार व मंजीत सहदेव आदि पदाधिकारी शामिल रहे।

यह भी पढ़ें : मुख्यमंत्री को थमाये ज्ञापनों के पुलिंदे

डॉ. नवीन जोशी, नवीन समाचार, नैनीताल, 8 सितंबर 2021। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नैनीताल आगमन पर उन्हें अनेकों संगठनों की ओर से ज्ञापनों के पुलिंदे थमाए गए। कई लोगों ने स्वयं मुख्यमंत्री के हाथों में, जबकि अन्य ने भाजपा नेताओं के माध्यम से ज्ञापन मुख्यमंत्री तक पहुंचवाए।

इसी कड़ी में देश के सबसे बड़े पत्रकारों के संगठन नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स इंडिया-एनयूजेआई के जिलाध्यक्ष डॉ. नवीन जोशी की अगुवाई में पत्रकारों ने सीएम को पुष्पगुच्छ एवं ज्ञापन सोंपकर नैनीताल में पत्रकारों के लिए विगत वर्षों में पत्रकार आवासीय कॉलोनी की घोषणा पर सकारात्मक कदम उठाने, प्रदेश भर में पत्रकारों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा, बीमा देने के लिए विशेष योजना चलाने, आयुष्मान कार्ड बनवाने, पत्रकारों को कोरोना काल में अग्रिम पंक्ति में योगदान देने के लिए कोरोना योद्धा के रूप प्रतिष्ठा व कोरोना भत्ता देने, पत्रकरो के बच्चो के लिए प्रदेश भर के सरकारी व प्राइवेट स्कूलों में निःशुल्क शिक्षा या फीस में छूट एवं उच्च शिक्षा के लिए सस्ती-शासकीय दरों पर अनुदान सहित ऋण देने की व्यवस्था करने, नैनीताल क्लब सहित राज्य के अतिथि गृहों में पत्रकारों के लिए स्थानीय स्तर पर कक्षों की उपलब्धता के लिए सूचना निदेशालय एवं राज्य संपत्ति विभाग से कक्ष आवंटन की व्यवस्था को समाप्त करने की मांग की गई। ज्ञापन सोंपने वालों में नगर अध्यक्ष अफजल हुसैन फौजी, जिला उपाध्यक्ष गौरव जोशी व कंचन भंडारी, सुरेश कांडपाल, तेज सिंह नेगी, संतोष बोरा, दीपक कुमार, मनीष कुमार, पंकज कुमार व आकांक्षी माडमी, गुंजन मेहरा, सीमा नाथ व दीप्ति बोरा सहित अनेक शामिल रहे।

इधर, डीएसबी परिसर के छात्रसंघ अध्यक्ष विशाल वर्मा, वरिष्ठ छात्र नेता हरीश राणा, मोहित रौतेला, शिवेंद्र कांडपाल आदि छात्र नेताओं के प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री से मिलकर कुमाऊं विश्वविद्यालय की समस्याओं के सम्बंध में वार्ता की। मुख्यमंत्री ने उनकी मांग पर केपी और गौरा देवी महिला छात्रावास से ठंडी रोड तक सुरक्षा दीवार के निर्माण के लिए एक करोड़ रुपए की घोषणा की और जिला प्रशासन को अतिशीघ्र कार्यवाही करने हेतु निर्देशित भी किया। इसी तरह उत्तराखंड विश्वविद्यालय कर्मचारी महासंघ एवं कुमाऊं विश्वविद्यालय शिक्षणेत्तर कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को 11 सूत्री मांग पत्र एवं 2 सूत्रीय ज्ञापन दिया। ज्ञापन देने वालों में उत्तराखंड विश्वविद्यालय कर्मचारी महासंघ के मुख्य संयोजक एवं कुमाऊं शिक्षणेत्तर कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष भूपाल सिंह करायत राज्य महासंघ के संयोजक सचिव एवं कुमाऊं विश्वविद्यालय महासंघ के महामंत्री लक्ष्मण रौतेला, कुलदीप सिंह मनोज रौतेला, राजेंद्र कुमार, नवीन जोशी, लीलाधर उपाध्याय आदि शामिल रहे।

इसके अलावा भाजपा नेता व अधिवक्ता दयाकिशन पोखरिया के नेतृत्व में सभासद कैलाश रौतेला, मोहन नेगी व राहुल पुजारी तथा गोविंद बिष्ट आदि के एक शिष्टमंडल ने सीएम को ज्ञापन सोंपकर जिला न्यायालय परिसर में चैंबर निर्माण और कृष्णापुर में सड़क की मांग की। नगर पालिका में पंजीकृत रिक्शा चालकों ने भी सीएम को ज्ञापन सोंपकर कोविड-19 की विपरीत परिस्थितियों में उन्हें भी पर्यटन से जुड़े लोगों की तरह आर्थिक मदद देने की मांग की। आंदोलित नगर निकाय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष एवं सचिव तथा उपनल कर्मचारियों की ओर से भी मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर उनकी आंदोलन में उठाई जा रही मांगों का समाधान करने की मांग की गई।

इसके अलावा नगर के भूपाल सिंह कार्की, मनोज बेदी, प्रकाश चंद्र, अमर राम, महेश चंद्र व मुन्ना लाल आदि शिव सेना कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सोंपकर राज्य की पारंपरिक आस्था के अनुरूप मंदिरों में सदियों से चली आ रही बलि प्रथा को पौराणिक मान्यताओं के अनुरूप पूर्ववत रखने की मांग की गई। कहा गया कि मंदिर परिसरों में स्लॉटर हाउस का निर्माण कर इस परंपरा को सुव्यवस्थित तरीके से किए जाने की अनुमति मिलनी चाहिए।

वहीं आशा फैसिलिटेटर एवं कार्यकर्ता संगठन की जया भट्ट, मंजू रावत, दीपा बिष्ट, कमला बिष्ट व ललिता कांडपाल आदि ने भी मुख्यमंत्री को ज्ञापन सोंपकर पूरे माह काम लेने के बावजूद केवल 20 विजिट के आधार पर मानदेय मिलने की शिकायत करते हुए निश्चित मानदेय देने, पिछला भुगतान यथाशीघ्र दिलाने आदि मांगें रखीं। इसके अलावा भूवैज्ञानिक डॉ. बीएस कोटलिया ने मुख्यमंत्री धामी से ठंडी सड़क में हो रहे भूस्खलन को लेकर चर्चा की। बताया कि नैनीताल लगातार भूस्खलनों का गढ़ बनता जा रहा है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : नैनीताल : बिन जले ही बिन कारण गिरा स्ट्रीट लाइट का स्टेंड पोस्ट

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 13 जुलाई 2021। नगर में नैनी झील के चारों ओर, ठंडी सड़क व माल रोड पर एडीबी की परियोजना के तहत पुरानी लाइटें उखाड़कर करीब एक करोड़ रुपए से ढलवा लोहे के बने मोटे स्टेेंड पोस्ट वाली लाइटें लगाई गई थीं। यह लाइटें अब तक ठीक से जल नहीं पाई हैं। पिछले दिनों इनमें पानी भर गया था, जबकि मंगलवार को एक स्टेंड पोस्ट बिना किसी आंधी-तूफान या किसी बाह्य कारण के ही जमीन पर गिर गया।

गनीमत रही इसके गिरने के दौरान कोई इसकी चपेट में नहीं आया, वरना कोई जान-माल के नुकसान की घटना भी हो गई होती। एडीबी के सपोर्ट इंजीनियर एचसी शर्मा ने बताया कि ठेकेदार को अभी इन लाइटों का भुगतान नहीं किया गया है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : गांव में तीन दिन से बिजली नहीं, रास्ते पर टूटे करेंट युक्त तार भी बने खतरा

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 11 जुलाई 2021। नैनीताल जनपद के विकास खंड ओखलकांडा की ग्राम पंचायत सुरंग के तोक बजैल खड़ीगाड में पिछले तीन दिन से बिजली नहीं है। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता टीकम खनवाल व राजेन्द्र बोहरा जी ने बताया कि विभागीय अधिकरणों को इसकी सूचना दी गई है, बावजूद विभाग द्वारा कोई कार्यवाही अभी तक नहीं की है। बताया गया है कि विकास खंड मुख्यालय से करीब 9 किमी दूर इस दूरस्थ क्षेत्र में रास्ते के किनारे बिजली की लाईन के टूटे हुए तार बिखरे पड़े हैं। इनमें दौड़ते करेंट से जानमाल होने का खतरा भी बना हुआ है। आज इस सम्बन्ध में ग्रामीणों के द्वारा के साथ ही क्षेत्रीय विधायक राम सिंह कैड़ा को भी जानकारी दी गई है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : नैनीताल में लगातार बनी हुई है जगह-जगह सीवर उफनने व गन्दगी झील में जाने की समस्या

-सीवर की गंदगी उफनकर नैनी झील में जाती है
डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 03 जुलाई 2021। जिला मुख्यालय में अनेक स्थानों पर सीवर लाइनों का अक्सर उफनते रहना आम हो गया है। जल संस्थान के कर्मी सूचना दिये जाने पर सीवर लाइनों को खोलते हैं, लेकिन यह कुछ ही दिन बाद फिर से उफनने लगती हैं। सैलानियों की आवक बढ़ने के साथ यह समस्या और अधिक बढ़ जाती है। यह भी है कि सीवर लाइनों से उफनकर बहनने वाली गंदगी नैनी झील में जाती है, जिसके पानी से ही नगर में पेयजल आपूर्ति होती है।

नगर की माल रोड पर ग्रांड होटल के पास सीवर लाइन का उफनना अक्सर सुर्खियों में रहता है, लेकिन इससे इतर भी नगर के अनेक स्थान ऐसे हैं, जहां अक्सर सीवर लाइनें उफनती रहती हैं। इनमें जल संस्थान के कार्यालय के निकट ही बीडी पांडे जिला चिकित्सालय के ऊपर वाले गेट के पास मुख्य सड़क पर व चार्टन लॉज कंपाउंड में जिला चिकित्सालय के कर्मियों के आवास व सीएससी सेंटर के पास, चीना बाबा मंदिर के निकट, अयारपाटा में डीआईजी आवास के निकट व चिड़ियाघर रोड आदि स्थान प्रमुख हैं। इस बारे में जल संस्थान के अधिकारियों का कहना है कि नगर की सीवर लाइनों पर उनकी क्षमता से अधिक बोझ है। लाइनों का नवनिर्माण कार्य लंबित है। पिछले कुछ दिनों से भी चिकित्सा कर्मियों के आवासों एवं चीना बाबा मंदिर के पास सीवर लाइन उफन कर बह रही हैं। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। 

यह भी पढ़ें : एक करोड़ से लगी लाइटें बनीं शोपीस, पानी भरा

ठंडी सड़क पर रात में बंद पड़ी स्ट्रीट लाइट।

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 28 जून 2021। नगर में नैनी झील के चारों ओर, ठंडी सड़क व माल रोड पर एडीबी की परियोजना के तहत पुरानी लाइटें उखाड़कर करीब एक करोड़ रुपए से ढलवा लोहे के बने मोटे स्टेेंड वाली लाइटें लगाई गई थीं। लेकिन यह लाइटें इन दिनों शोपीस बन कर रह गई हैं। रात्रि में जब पूरा शहर बिजली की लाइटों से जगमगा रहा होता है, यह लाइटें खुद अंधेरे में डूबी रहती हैं, और नगर की ठंडी सड़क में रोशनी के बिना अंधेरा घिरा रहता है।

यही नहीं, इन लाइटों में बल्ब के बाहर बने शीशे के आवरण में बारिश का पानी लबालब भरा हुआ नजर आ रहा है। इस पर पूछे जाने पर एडीबी के सपोर्ट इंजीनियर एचसी शर्मा ने बताया कि इन लाइटों के न जलने का संज्ञान ले लिया गया है। एक सप्ताह के भीतर लाइटों को दुरुस्त कर जला दिया जाएगा। आगे पानी न भरे इस हेतु भी प्रबंध किए जा रहे हैं। साथ ही उन्होंने बताया कि ठेकेदार को अभी इन लाइटों का भुगतान नहीं किया गया है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। 

यह भी पढ़ें : 15 परिवार नल में करंट आने से दहशत में, बिल्डर पर आरोप

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 08 जून 2021। मुख्यालय से 10 किलोमीटर दूर खुर्पाताल में पिछले 10 दिनों से पानी के नलों में करंट आने की समस्या से ग्रामीण परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में बिल्डरों के द्वारा मोटर चला कर रात में पानी की चोरी की जाती है, इसके कारण ही इस नल से पानी लेने वाले गांव के 15 परिवारों के घरों में नलों में बिजली का करंट आ रहा है। जो लोग इस नल से पानी लेते हैं, वे दहशत के माहौल में हैं। उन्हें कोई दुर्घटना होने कीभी आशंका बनी हुई है। दो दिन पूर्व एक बच्चे को भी करंट लग चुका है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि क्षेत्र में बिल्डरों के द्वारा शीशम के पेड़ की जड़ें खोद दी गई हैं।

साथ ही ग्रामीणों का 6 फीट का रास्ता बंद कर उसमें भवन निर्माण किया जा रहा है। जिला विकास प्राधिकरण को इस बात से अवगत करने के बाद भी कोई कदम नहीं उठाया गया है। इस पर पूर्व जिला पंचायत सदस्य महेश लाल, आनंद राम, गोविंद राम, नैन राम, कृष्ण कुमार, दिलीप कुमार, वीरेंद्र कुमार, ललित कुमार, पूरन कुमार, जगदीश कुमार, राजेंद्र कुमार, अजय कुमार, मनोज कुमार, महेंद्र कुमार आदि ने आंदोलन का रास्ता पकड़ने की बात कही गई है। यह भी आरोप लगाया है कि भारत सरकार के केंद्रीय आवास गृह में भी इंटर कॉलेज के टैंक से रात में मोटर चला कर पानी चुराया जा रहा है। इस बात से इंटर कॉलेज को भी अवगत कर दिया गया है परंतु कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। 

यह भी पढ़ें : ‘सरिताताल’ फिर बनी ‘सड़ियाताल’, हज़ारों ग्रामीण लीद युक्त पानी पीने को मजबूर

-गेट न खोलने के कारण बारिश में घोड़ों की लीद व मलबे से पटा ताल, दुर्गंध से झील के पास खड़े रहना मुश्किल

सरिताताल में गंदगी का नजारा, जिसे बिना शोधन संयंत्र के पीने को मजबूर हैं ग्रामीण।

नवीन समाचार, नैनीताल, 24 मई 2021। करीब 10 वर्ष पूर्व तत्कालीन सिंचाई मंत्री मातबर सिंह कंडारी ने जिला-मंडल मुख्यालय के निकट कालाढुंगी रोड पर स्थित सड़ियाताल झील का नाम, इसकी छवि को सुधारने के लिए बदलकर सरिताताल कर दिया था। इधर जुलाई 2019 में तत्कालीन डीएम सविन बंसल ने सरिताताल को कमोबेश सड़ियाताल में पाकर सिचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता का वेतन काटने और सरिताताल की दशा एक सप्ताह में सुधारने के आदेश दिए थे। लेकिन सरिताताल अपनी सड़ियाताल वाली छवि से बाहर नहीं निकल पा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार गत दिनों हुई बारिश के बाद सरिताताल में एक बार फिर बारापत्थर स्थित नगर के घोड़ा स्टेंड के घोड़ों की लीद, जलागम क्षेत्र के पॉलीटेक्निक, नारायण नगर, चारखेत आदि क्षेत्र की आबादी का कूड़ा, मलबा और कीचड़ भर गया है, और ताल का पानी इतना गंदला हो गया है कि झील के पास दुर्गंध से खड़े होना भी मुश्किल हो गया है।

दुर्भाग्य यह है कि यह पानी क्षेत्र के खुर्पाताल, जोग्यूड़ा, बजून व बेलुवाखान क्षेत्र के कुर्पाखा आदि गांवों की करीब 6-7 हजार की आबादी को बिना किसी शोधन संयत्र के पेयजल के लिए उपलब्ध कराया जाता है। खुर्पाताल के लगातार दो बार ग्राम प्रधान रहे मनमोहन कनवाल ने बताया कि पूर्व में खुर्पाताल झील ग्राम पंचायत के अधीन थी। तब हर बरसात से पहले झील के डांठ यानी गेट खोलकर गंदले पानी को खुला बहने के लिए छोड़ दिया जाता था। 2003-04 में झील के सौंदर्यीकरण के कार्य सिचाई विभाग से करवाए गए, तब से सिचाई विभाग ने मूलतः एक प्राकृतिक पेयजल स्रोत वाली इस झील को ग्राम पंचायत को वापस देने की जगह अपने कब्जे में ले लिया है, और क्षेत्रीय ग्रामीणों के विरोध के बावजूद यहां नाव, बैलून व रेस्टोरेंट आदि व्यवसायिक गतिविधियों को ठेके पर देकर विभाग प्रतिवर्ष लाखों रुपए की आय भी अर्जित करता है। वन विभाग भी इसके नीचे स्थित वॉटर फॉल से लाखों रुपए कमाता है। नीचे सरकारी-लीज की भूमि पर वैध-अवैध निर्माण कर अनेक रेस्टोरेंट भी चल रहे हैं, लेकिन मूलतः क्षेत्रीय ग्रामीणों का प्राकृतिक पेयजल स्रोत के रूप में सरिताताल की पहचान समाप्त हो गई है, जबकि झील की दुर्दशा ऐसी है कि वह अपने पुराने सड़ियाताल के स्वरूप में ही लौट आई है। श्री कनवाल ने बताया कि ऐसी स्थिति में क्षेत्रीय ग्रामीणों में किसी बीमारी, महामारी का खतरा भी उत्पन्न हो गया है। इस बारे में सिचाई विभाग के अधिशासी अभियंता से संपर्क करने का कई बार प्रयास किया गया, परंतु फोन नहीं लगा।

यह भी पढ़ें : ‘वॉकर्स पैराडाइज’ नैनीताल के पैदल पथ ‘ठंडी सड़क’ पर दौड़ रहे वाहन…

नवीन समाचार, नैनीताल, 20 दिसम्बर 2020। सरोवरनगरी नैनीताल का एक नाम व पहचान ‘वॉकर्स पैराडाइज’ यानी पैदल घूमने वालों के स्वर्ग के रूप में भी है। क्योंकि यहां वर्ष भर पैदल घूमा जा सकता है और बहुत से लोग पहाड़ों पर यातायात सुविधा के अभाव में तो अन्य सेहत बनाने तथा सैलानी नगर के प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने के लिए यहां घूमते हैं। नगर में पैदल घूमने वालों के लिए नैनी झील के किनारे-किनारे गुजरने वाली ‘ठंडी सड़क’ सबसे पसंदीदा पैदल पथ है। पैदल घूमने वालों की वजह से ही इस मार्ग को नगर के पर्यावरण प्रेमी पक्का मार्ग नहीं बनने देते हैं। इस मार्ग पर निजी वाहन पूरी तरह से प्रतिबंधित हैं। केवल नगर पालिका के कूड़ा वाहन या इसी तरह के जरूरी कार्यों के लिए वाहन ही यहां कभी-कभार चलते हैं। अधिकारी भी इस पर पैदल ही निरीक्षण करने निकलते हैं। वाहनों को रोकने के लिए ठंडी सड़क के दोनों ओर गेट भी बने हैं, लेकिन हालिया दौर में इन गेटों में लगने वाले तालों की व्यवस्था न बनी रहने से लोग यहां चार पहिया वाहन खड़े करने एवं दोपहिया वाहन दौड़ाने से बाज नहीं आ रहे हैं। स्थानीय सभासद मनोज साह जगाती ने ठंडी सड़क पर दोपहिया वाहनों के चलने पर कड़ी आपत्ति दर्ज की है।

यह भी पढ़ें : शिक्षक-प्रवक्ता बनने कुमाऊं विश्वविद्यालय में ‘जमीन’ पर अभ्यर्थी

नवीन समाचार, नैनीताल, 16 अक्टूबर 2020। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने राज्य में एलटी शिक्षक एवं प्रवक्ता के हजारों पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू की है। इस हेतु अभ्यर्थियों को अपनी डिग्रियों की आवश्यकता पड़ रही है। इसके लिए इन दिनों अभ्यर्थियों की भीड़ कुमाऊं विश्वविद्यालयके प्रशासनिक कार्यालय में उमड़ आई है। लेकिन कुमाऊं विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में इतनी संख्या में आ रहे अभ्यर्थियों के बैठने के लिए कोई प्रबंध नहीं है, इस कारण अभ्यर्थियों को जमीन पर बैठकर अपने आवश्यक प्रपत्र तैयार करने पड़ रहे हैं। इनमें कई महिला अभ्यर्थी अपने दुधमुंहे बच्चों को लेकर भी प्रशासनिक भवन पहुंची हैं। उन्हें भी बैठने का स्थान न मिलने के कारण परेशानियां का सामना करना पड़ रहा है।

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इस पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव खेमराज भट्ट का कहना है कि प्रतिदिन करीब पांच हजार अभ्यर्थी डिग्री लेने आ रहे हैं। इस पर विश्वविद्यालय के अधिकांश कर्मचारियों को डिग्रियां बनाने के कार्य में ही लगा दिया गया है। काउंटरों की संख्या बढ़ाई गई है। परीक्षा विभाग के कर्मचारी देर शाम साढ़े सात बजे तक काम कर रहे हैं। कोशिश की जा रही है कि सुबह आने वाले अभ्यर्थियों को दो-तीन घंटे में प्रोविजनल डिग्री उपलब्ध करा दी जाए। इसके अलावा डिग्री तैयार करने का कार्य भी युद्ध स्तर पर किया जा रहा है।

यह भी पढ़ें : तीन घंटे में ही ठप हो गई पेयजल आपूर्ति, जनपद की सबसे बड़ी ग्राम सभा में 15 दिन से पीने का पानी नहीं

नवीन समाचार, नैनीताल, 23 सितंबर 2020। जनपद एवं हल्द्वानी विकास खंड की सबसे बड़ी ग्राम सभा खेड़ा की करीब 15 हजार की आबादी को पिछले 15 दिनों से पेयजल की आपूर्ति नहीं हो रही है। इससे ग्रामीणों में खासा आक्रोश है। उल्लेखनीय है कि गत दिवस ट्रांसफार्मर फुंकने के कारण 10 दिन से आपूर्ति ठप होने पर जल संस्थान से दबाव बनने पर ट्रांसफार्मर बदलकर पेयजल आपूर्ति शुरू कराई, लेकिन सीमित क्षेत्र में केवल 2-3 घंटे चलने के बाद ही करीब 1500 फिट की गहराई में लगी मोटर फुंक गई। इस पर जल संस्थान के अधिशासी अधिकारी नंद किशोर ने दावा किया कि इतनी गहराई में लगे 20 फिट के 71 पाइपों एवं मोटर को बदलने का काम अगले 24 घंटों में पूरा हो जाएगा, जो संभव नहीं लगता है।

इधर यह भी बताया गया है कि ग्राम सभा में सिचाई विभाग के ट्यूबवेल भी लगे हैं, और इन ट्यूबवेलों से पेयजल की लाइनें भी जुड़ी हैं। परंतु उनके ऑपरेटर पेयजल के लिए आपूर्ति देने के लिए वेतन मांग रहे हैं। यदि जल संस्थान और सिचाई विभाग आपस में समन्वय करे तो पेयजल आपूर्ति तत्काल चालू हो सकती है, अन्यथा आपूर्ति सुचारू होने में 5-6 दिन का समय भी लग सकता है।
वहीं पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य अर्जुन बिष्ट ने बताया कि जल संस्थान को करीब 175 केवीए की मोटर व ट्रांसफार्मर की यहां आवश्यकता है। किंतु वे 100 केवीए की मोटर व ट्रांसफार्मर से काम चला रहे हैं। इस कारण वर्ष में कई बार यहां मोटर व ट्रांसफार्मर फंुकते रहते हैं। यदि अधिक क्षमता के मोटर व ट्रांसफार्मर एक बार में ही लगा दिये जाएं तो लगातार आने वाली समस्या का हमेशा के लिए समाधान किया जा सकता है। उन्होंने इन बिंदुओं पर ध्यान आकृष्ट करते हुए बुधवार को एसडीएम हल्द्वानी को ज्ञापन भी सोंपा है।

यह भी पढ़ें : नैनीताल जनपद की सबसे बड़ी ग्राम सभा में नौ दिन से पेयजल नहीं…

-दो ग्राम सभाओं की करीब 15 हजार की आबादी बूंद-बूंद पानी को तरस रही
नवीन समाचार, हल्द्वानी, 20 सितंबर 2020। प्रदेश की आर्थिक राजधानी हल्द्वानी के किनारे बरसात में पानी से भरी गौला नदी के दूसरी ओर, शहर से सटी व हल्द्वानी विकासखंड के साथ नैनीताल जनपद की सबसे बड़ी बताई जाने वाली खेड़ा ग्राम सभा और इससे लगी नवाड़खेड़ा ग्राम सभा की करीब 15 हजार की आबादी पिछले 15 दिनों से बूंद- बूंद पानी को तरस रही है। इसका कारण खेड़ा ग्राम सभा में लगे ट्यूबवेल के ट्रांसफार्मर का फुंकना बताया जा रहा है। इस फुंके 75 केवीए के ट्रांसफार्मर की जगह 100 केवीए के ट्रांसफार्मर की आवश्यकता बतायी जा रही है। और ट्रांसफार्मर बदलने पर जल संस्थान व विद्युत विभाग एक-दूसरे पर टालामटोली कर रहे हैं। फलस्वरूप बरसात के मौसम में भी ग्रामीणों को पीने को पानी उपलब्ध नहीं हो रहा है। इस पर ग्राम प्रधान लीला देवी एवं पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य अर्जुन बिष्ट का कहना है कि वह सोमवार को जनता को लेकर इस मुद्दे पर विरोध-प्रदर्शन करेंगे। उनका कहना है कि कई बार कहने के बावजूद विभागीय अधिकारी समस्या का समाधान नहीं कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि खेड़ा ग्राम सभा एवं गौलापार क्षेत्र के कई गांवों में ट्यूबवेल लगने से पूर्व कालीचौड़ मंदिर क्षेत्र से प्राकृतिक पेयजल उपलब्ध कराया जाता था। वह लाइन भी गांव तक आकर क्षतिग्रस्त हो गई है, और इसका पानी हल्द्वानी बाइपास पर सरकारी सस्ता गल्ला की दुकान के पास महीनों से सड़क पर फैल रहा है। बताया जा रहा है कि इस स्थान पर लाइन को दुरुस्त कर वैकल्पिक व फौरी तौर पर ग्राम वासियों को प्राकृतिक पेयजल उपलब्ध कराया जा सकता है। लेकिन इस बारे में भी विभागीय अधिकारी कुछ करने को तैयार नहीं हैं, और नई लाइन के लिए बजट का इंतजार बता रहे हैं। पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य अर्जुन बिष्ट ने कहा कि मुखानी के शहरी क्षेत्र में शामिल हो जाने के बाद खेड़ा हल्द्वानी विकास खंड की सबसे बड़ी ग्राम सभा है, और महानगर से सटी हुई है। इसकी ऐसी उपेक्षा सहन नहीं की जाएगी। ग्रामीण अपनी पेयजल की मूलभूत समस्या के समाधान के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। इसमें संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

यह भी पढ़ें : गौलापार की समस्याओं पर डीएम एवं सीओ को सोंपे ज्ञापन..

एडीएम को ज्ञापन सोंपते गौलापार क्षेत्र के जन प्रतिनिधि।

नवीन समाचार, नैनीताल, 19 सितंबर 2020। गौलापार क्षेत्रवासियों की ओर से डीएम एवं सीओ को ज्ञापन भेजे गए हैं। खेड़ा ग्राम सभा की प्रधान लीला देवी की अगुवाई में शनिवार को सुंदरपुर रैक्वाल की प्रधान उमा रैक्वाल, सीतापुर की प्रधान किरन, नवाड़ खेड़ा के प्रधान हीरा सिंह बिष्ट, विनीता त्रिलोक नौला, क्षेत्र पंचायत सदस्य विद्या देवी व पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य अर्जुन बिष्ट आदि के हस्ताक्षरों से एडीएम को सोंपे गए ज्ञापन में हल्द्वानी रेलवे क्रॉसिंग एवं बाइपास रोड पर अवैज्ञानिक तरीके से कूड़ा निस्तारण किये जाने से विषाणुजनित रोगों के होने की संभावना सहित अन्य उत्पन्न समस्याओं की ओर ध्यानाकर्षण किया गया है। वहीं सीओ को सोंपे गए ज्ञापन में रामलीला मोहल्ला स्थित गौलापार के ऑटो स्टेंड पर बाहरी ऑटो चालकों द्वारा की जा रही डग्गामारी का आरोप लगाते हुए अपनी छवि व व्यापार प्रभावित होने की शिकायत की गई है। ज्ञापन में क्षेत्रीय जन प्रतिनिधियों के साथ ही पनी राम, संतोष टम्टा, लीलाधर, किशोरी लाल, संतोष आर्या, रोहित आर्या व कमल भट्ट आदि ऑटो चालकों एवं ऑटो यूनियन के अध्यक्ष लक्ष्मण नाथ गोस्वामी के भी हस्ताक्षर हैं।

यह भी पढ़ें : राशन कार्ड ऑनलाइन कराने उमड़े ग्रामीण पर दूरस्थ नेट कनेक्टिविटी के कारण नहीं हो पाया काम

नवीन समाचार, नैनीताल, 11 अगस्त 2020। ‘डिजिटल भारत’ के स्वप्न की ओर चलते शहरी क्षेत्रों में ही नेट कनेक्टिविटी नहीं मिल पाती तो ग्रामीण क्षेत्रों के हालात तो और भी बुरे हैं। सोमवार को पंचायतीराज तथा पूर्ति विभाग द्वारा सोमवार को मुख्यालय से लगभग 120 किलोमीटर दूर विकास खंड ओखलकांडा की न्याय पंचायत सुनकोट (कचलाकोट) में राशन कार्ड ऑनलाइन एवं वैलिडेशन के लिए शिविर का आयोजन आयोजित हुआ। लेकिन देर शाम तक शिविर जारी रहने के बावजूद नेट कनेक्टिविटी न होने के कारण शिविर मे राशन कार्ड ऑनलाइन का कार्य नही हो पाया।
डीएम सविन बंसल के आदेशों पर लगे इस शिविर में सुनकोट न्याय पंचायत की 15 ग्राम पंचायतों के कुल 111 राशन कार्ड धारको द्वारा राशन कार्ड ऑनलाइन एवं वैलिडेशन किये जाने के लिए आवेदन करते हुए आवश्यक दस्तावेज जमा किये। बताया गया कि अपेक्षित कार्य न हो पाने की वजह से राशन कार्ड सभी दस्तावेजों के साथ हल्द्वानी के वेंडर को उपलब्ध कराये जा रहे हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि शीघ्र ही कार्ड धारक 111 परिवारों को राशन की सुचारू आपूर्ति होने लगेगी। शिविर में पूर्ति निरीक्षक सुरेंद्र बिष्ट, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी ललित कुमार, शेखर जोशी सहित सुनकोट, कचलाकोट, कैड़ागांव आदि के ग्राम प्रधान सहित कई जनप्रतिनिधि एवं क्षेत्रीय लोग उपस्थित रहे।

नैनीताल जिले का एक विद्यालय बना कोरोना का हॉट स्पॉट, फिर चार बच्चे मिले संक्रमित…

यह भी पढ़ें : जनपद में अब तीसरे क्वारन्टाइन सेंटर में निकला सांप, रह रहे सात लोगों ने लगाई घर भेजे जाने की गुहार

नवीन समाचार, नैनीताल, 25 मई 2020। पहले जनपद के भीमताल विकास खंड के राजकीय प्राथमिक विद्यालय घोडिया में सांप के निकलने, फिर राजकीय प्राथमिक विद्यालय तल्ली सेठी में सांप के काटने से छह वर्षीया बच्ची की मौत और अब बेतालघाट के ही राजकीय प्राथमिक विद्यालय उलगौर में सांप निकलने की घटना हुई है। इसके बाद किसी तरह की अनहोनी से आशंकित यहां क्वारन्टाइन यानी एकांतवास में रह रहे सात लोगों ने अपनी सुरक्षा के लिए घर पर ही एकांतवास में भेजे जाने की गुहार लगाई है।
राजकीय प्राथमिक विद्यालय उलगौर में एकांतवास में रह रहे भुवनेश्वर सिंह, यशवंत सिंह, किरन, कंचन, चांदनी, नंदी देवी व संजय नेगी ने क्षेत्रीय ग्राम प्रधान को पत्र सोंपकर कहा है कि वह यहां पिछले 12 दिनों से रह रहे हैं। यहां सांप-बिच्छू आदि से बचाव का कोई प्रबंध नहीं है। इधर यहां सांप देखा गया। इससे विद्यालय के शिक्षक को भी अवगत किया गया है। अब उन्होंने एकांतवास की अवधि के शेष समय के उनके घर पर ही शारीरिक दूरी के सिद्धांत का पालन करते हुए रहने की इच्छा जताई है।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 25 मई 2020। गांवों में बने क्वारन्टाइन केंद्रों की व्यवस्थाएं संभालना ग्राम प्रधानो के बूते नजर नहीं आ रहा है। चुनावों में लाखों रुपए उड़ा देने वाले और खुद को समाज सेवी कहने वाले ग्राम प्रधानों में से कुछ कोरोना की इस मुसीबत की घड़ी में अपने ही ग्राम वासियों की मदद को आगे आना दूर अपनी जिम्मेदारियों का पालन भी नहीं कर रहे हैं। ऐसा ही एक मामला जनपद के नैनीताल तहसील के विकासखंड भीमताल अंतर्गत ग्राम सभा हैड़ाखान तिलवाड़ी से सामने आया है।

यहां प्राथमिक विद्यालय घोड़िया को क्वारन्टाइन सेंटर बनाया गया है, लेकिन यहां दिल्ली से आकर रह रहे महेश चंद्रा ने बताया कि विद्यालय में शौचालय की शीट गंदगी से अटी पड़ी है। शौचालय में दरवाजा भी बंद नहीं होता, आसपास झाड़ियां हैं। पानी की टंकी में कीड़े पड़े हैं। कल यहां सांप भी निकल आया। उनका दावा है कि ग्राम प्रधान मुन्नी पलड़िया ने किसी भी तरह की मदद करने से इंकार कर दिया है। उनका कथित तौर पर कहना है, वह अपने घर से कोई मदद नहीं कर सकतीं। ऐसे में यहां रह रहे विनोद कुमार, उनकी पत्नी पिंकी, बड़े भाई दीवान चंद्र तथा डेढ़ माह व तीन वर्ष के बच्चे परेशानियों से परेशान होकर अपने घर के पास चले गये हैं। अन्य नौ लोग भी पहले अपने घर जा चुके हैं। अब वर्तमान में यहां तीन महिलाओं व चार बच्चों सहित 11 लोग रह रहे हैं। घर से चादर और खाना मंगाकर रह रहे हैं। कोरोना के संक्रमण के भय से कोई उन्हें छूने, रुपये लेकर सुविधाएं देने तक को तैयार नहीं है। उन्होंने शासन-प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। इस बारे में सूचना दिये जाने पर एसडीएम विनोद कुमार ने कहा कि व्यवस्थाएं तो ग्रामीणों को स्वयं ही करनी हैं। फिर भी वे क्षेत्रीय राजस्व निरीक्षक से मामले की जानकारी लेंगे।

14 दिन क्वारन्टाइन में रहने के बाद घर पहुंचा तो दूसरे दिन ही पत्नी ने मार डाला

यह भी पढ़ें : ‘लॉक आउट’ प्रभाव : काम पर नहीं पहुंच पा रहे आवश्यक सेवाओं के कर्मी, केबल भी बंद

नवीन समाचार, नैनीताल, 23 मार्च 2020। देश-दुनिया में फैले कोरोना के संक्रमण के कारण उत्तराखंड में सोमवार सुबह से लागू ‘लॉक आउट’ के कारण कुछ समस्याएं भी नजर आ रही हैं। हालांकि सरकारी कर्मचारियों से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने कार्यस्थल पर ही रहें। फिर भी जिला मुख्यालय में आवासीय समस्याओं के कारण अनेक सरकारी कर्मचारी हल्द्वानी से आते हैं। सोमवार को लॉक आउट होने के कारण बसें न चलने की वजह से कई कर्मचारी समय पर अपने कार्य पर नहीं आ पाए। इनमें बीडी पांडे जिला चिकित्सालय में कार्यरत अतिआवश्यकीय सेवाओं से जुड़े कर्मचारी भी शामिल हैं। बताया गया है कि टैक्सी वाले मनमाना, हल्द्वानी से नैनीताल का 300-400 रुपये तक किराया मांग रहे हैं। इस बारे में अधिकारियों को सूचना दिये जाने की कोशिश की गई, किंतु किसी ने फोन नहीं उठाए।

इसके अलावा भी शहर में रविवार के ‘जनता कर्फ्यू’ जैसा ही माहौल नजर आ रहा है। लोग पैदल एवं निजी वाहनों पर भी घरों से बाहर नहीं नजर आ रहे हैं। अनेक लोगों को सुबह का अखबार भी नहीं मिल पाया है। इधर नगर के पॉपुलर कंपाउंड एवं इससे लगे सहित अनेक क्षेत्रों में केबल सेवा भी रविवार शाम से बंद है। इस बारे में नगर के एक केबल संचालक शाद खान ने बताया कि वे तथा उनके कर्मचारी भी लॉक आउट की वजह से अपने ऑपरेशन रूम नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिस कारण से केवल सेवा प्रभावित हो रही है। इधर शहर में प्रशासन की ओर से 5 से अधिक व्यक्तियों के एक स्थान पर खड़े ना होने तथा शहर में आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति सुचारू होने की मुनादी की जा रही है बावजूद कुछ मोहल्लों में लोग इससे बेफिक्र एक साथ खड़े नजर आ रहे हैं। इधर नगर में राशन की दुकानें भी बंद करा दी गई हैं। एसडीएम विनोद कुमार ने बताया कि कुछ देर में लॉक आउट पर दिशा-निर्देश साफ कर दिए जाएंगे।

यह भी पढ़ें : उफ ऐसा विकास ! मिट्टी से गड्ढे पाटकर किया केंद्रीय मंत्री व मुख्यमंत्री का स्वागत

नवीन समाचार, नैनीताल, 27 फरवरी 2020। उत्तराखंड सरकार डबल इंजन की सरकार में विकास के बड़े दावे तो कर रही है, लेकिन राज्य की अधिकांश सड़कों पर पड़े गड़े सरकार के विकास की सच्चाई की चुगली कर रहे हैं। हल्द्वानी से नैनीताल को जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग 109 तो ऐतिहासिक तौर पर सर्वाधिक गड्ढों से पटा हुआ है ही, मुख्यालय की सड़कों पर भी गड्ढे ही गड्ढे हैं। सामान्यतया मुख्यमंत्री के आगमन पर पिछले वर्षों में ऐसे गड्ढों को आनन-फानन में कोलतार से भरने की परंपरा दिखती रही है, लेकिन इधर संभवतया पहली बार मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत एवं केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के मुख्यालय आगमन पर उनके मार्ग के गड्ढों को पाटने के लिए संबंधित विभाग को शायद कोलतार भी नहीं मिला, और गड्ढों को महज मिट्टी भरकर पाटा गया।

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-ज्योलीकोट से बल्दियाखान के बीच अत्यधिक गड्ढों से भरी हुई है सड़क

नैनीताल एनएच पर पड़े गड्ढों की स्थिति।

नवीन समाचार, नैनीताल, 22 फरवरी 2020। नैनीताल मुख्यालय को मैदानी क्षेत्रों से जोड़ने वाला प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 87ई, नया नाम 109 रानीबाग से नैनीताल के बीच शनिवार को अगले 15 दिनों तक सुबह 10 से शाम चार बजे तक के लिए बंद हो गया है। इसे दोगांव के पास भेड़िया पखांण नाम के स्थान पर चौड़ा किया जा रहा है। इसके बाद शनिवार को नैनीताल एवं रानीबाग से इस मार्ग पर सुबह वाहनों का आवागमन रोक दिया गया और वाहनों को भीमताल, भवाली के रास्ते भेजा गया। इस हेतु सड़क पर भवाली के मस्जिद तिराहा, रानीबाग तिराहा व नैनीताल डांठ पर पुलिस ने वाहनों को रोकने की व्यवस्था की।
गौरतलब है कि इस मार्ग पर खासकर ज्योलीकोट से बल्दियाखान के बीच की सड़क अपने इतिहास में सबसे बुरे दौर में है। सड़क काफी गड्ढों से तो पटी हुई है ही, पूर्व में गड्ढों पर लगाए गए पैबंद भी उखड़ कर नई आफत बन गए हैं। इस कारण नैनीताल आने वाले वाहनों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर कई दोपहिया वाहन तो अचानक दिखने पर गड्ढों में गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं। आगे जल्द ही ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन की शुरुआत भी होने जा रही है। तब यह गड्ढे नैनीताल के साथ ही राज्य की विकास की छवि को भी देश-दुनिया में प्रभावित करेंगे। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि इस अवधि में जब मार्ग पर वाहनों का आवागमन रुका रहेगा, प्रशासन इन गड्ढों की भी मरम्मत करा लेगा। इस पर भीमताल विकास खंड के ज्येष्ठ प्रमुख एवं कांग्रेस नेता हिमांशु पांडे ने स्वीकारा कि यह सड़क राज्य में डबल इंजन की सरकार होने के बावजूद इतिहास में सर्वाधिक बुरे दौर में है। सोमवार को सड़क की मरम्मत के लिए डीएम को ज्ञापन सोंपा जाएगा।

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शुक्रवार दोपहर बारिश के बीच ठंडी सड़क पर गुजरती कार।

नवीन समाचार, नैनीताल, 22 फरवरी 2020। नगर के प्रसिद्ध पैदल पथ-ठंडी सड़क पर वाहनों के आवागमन को रोकने के लिए लगाए गए एक गेट को असामाजिक तत्वों ने तोड़ डाला है। इसके बाद इस पैदल मार्ग पर धड़ल्ले से साइकिल व दोपहिया के वाहनों के साथ कारें भी घूम रही हैं। इससे क्षेत्रवासियों में आक्रोश है। उल्लेखनीय है कि पूर्व में तत्कालीन झील विकास प्राधिकरण ने एक दशक पूर्व ठंडी सड़क का लाखों रुपए खर्च कर जीर्णोद्धार व सौंदयीकरण कार्य करने के बाद इसके दोनों ओर लोहे के गेट लगाए थे। इसके बाद केवल जरूरत पड़ने पर पुलिस या नगर पालिका के वाहन ही इस मार्ग पर जाते रहे हैं। गेट की चाबी पुलिस के पास रहती है। लेकिन अब ना ही गेट तोड़ने पर किसी को कोई जानकारी है और ना ही वाहनों के चलने पर। वाहनों को रोकने पर भी जिम्मेदार विभाग कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। क्षेत्रीय सभासद मनोज साह जगाती ने भी इस मार्ग पर शुक्रवार को कार को गुजरते देखने पर कड़ी नाराजगी जताई है।

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बीरभट्टी पुल पर अग्निकांड 25 सितम्बर 2020
बीरभट्टी पुल पर अग्निकांड 25 सितम्बर 2020
बीरभट्टी पुल पर अग्निकांड 25 सितम्बर 2020
बीरभट्टी पुल पर अग्निकांड 25 सितम्बर 2020

नवीन समाचार, नैनीताल, 2 फरवरी 2020। राष्ट्रीय राजमार्ग 87-विस्तार पर आगामी 5 फरवरी से 11 फरवरी तक वाहनों का आवागमन बंद रहेगा। इस मार्ग पर बीरभट्टी के पास बलियानाले पर बने वैली ब्रिज के रूटीन मेन्टीनेंस यानी सामयिक अनुरक्षण के लिए डीएम सविन बंसल ने इस मार्ग पर ज्योलीकोट के नंबर-1 बैंड से भवाली सेनिटोरियम के पास मस्जिद तिराहा बैंड से वाहनों का आवागमन बंद रखने के आदेश जारी किये हैं। अलबत्ता आदेश में यह साफ नहीं है कि इस दौरान ज्योलीकोट के नंबर-1 बैंड से मस्जिद तिराहा बैंड के बीच के आधा दर्जन से अधिक गांवों के ग्रामीणों का आवागमन इस दौरान कैसे होगा।
उल्लेखनीय है कि 25 सितंबर 2017 को बीरभट्टी में अंग्रेजी दौर में बना 100 से अधिक वर्ष पुराना मूल लोहे के गार्डर युक्त पुल इसमें से गुजरते घरेलू गैस सिलंेडर लेकर जा रहे ट्रक मं विष्फोट हो जाने के कारण क्षतिग्रस्त हो गया था। बाद में कई दिन तक वाहनों का आवागमन बंद रहने के बाद यहां अस्थायी वैली ब्रिज बनाया गया, और 40 माह बीतने तक भी इसी अस्थायी पुल से काम चलाया जा रहा है। बीच में जून 2019 में इसकी जगह दो लेन का स्टील गार्डर का स्थायी मजबूत पुल बनाने के लिए 4.62 करोड़ रुपए शासन से जारी होने की बात कही गई थी, किंतु अब तक पुल के निर्माण की बात धरातल पर नजर नहीं आ रही है। बल्कि पुराने अस्थायी पुल की मरम्मत करने की बात कही गई है।

यह भी पढ़ें : इस बार बमुश्किल हुआ ‘नवीन समाचार’ की खबर का असर: युवाओं के जोर देने पर जागा प्रशासन..

नवीन समाचार, नैनीताल, 22 जनवरी 2020। सामान्यतया मीडिया प्रतिष्ठान अपनी खबर का असर होने पर गर्व से समाचार प्रकाशित करते हैं, लेकिन आज हम अपनी खबर का बमुश्किल असर होने पर समाचार प्रकाशित कर रहे हैं। प्रशासन भी मीडिया में आए समाचारों को गंभीरता से लेता रहा है, लेकिन बदलते वक्त में अब प्रशासन मीडिया को कितना गंभीरता से ले रहा है। यह समाचार इसकी बानगी है।

हमने गत 18 जनवरी को ‘नवीन समाचार’ में ‘कारस्तानी : नैनीताल में श्मशान घाट के पास सड़क किनारे धरती फाड़ कर ऊपर आ रहीं शराब की सैकड़ों बोतलें !’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। इस समाचार के लिए प्रशासन से भी बात की गई थी। समाचार प्रकाशित होने के बाद इस समाचार को काफी अच्छी व्यूअरशिप मिली। अनेक लोग इसे पढ़कर उद्वेलित भी हुए, लेकिन प्रशासन के कानों में जूं भी नहीं रैंगी। उल्लेखनीय है कि प्रशासन के द्वारा ही यह अवैध रूप से बेची जाने के कारण पकड़ी गई शराब की बोतलें असंवेदनशीलता दिखाते हुए स्वयं तोड़कर श्मशान घाट के ठीक ऊपर, सड़क किनारे डाली गई थीं। जब इन्हें यहां डाला गया था, तब भी नगर के लोगों ने इस पर ऐतराज जताया था, बावजूद प्रशासन का कार्रवाई न करना प्रशासन की कार्यप्रणाली को बेपर्दा कर गया है।

अलबत्ता, इधर नगर में साफ-सफाई के कार्यों में सक्रिय संस्था ‘ग्रीन आर्मी’ के युवा सदस्य भी इस समाचार से उद्वेलित एवं समाचार प्रकाशित होने के बावजूद कार्रवाई न होने से आक्रोशित हुए और उन्होंने बुधवार को संबंधित समस्या से स्वयं जनपद के एडीएम एसएस पांगती से मिलकर उनका ध्यान इस ओर आकृष्ट कराया। इस पर श्री पांगती ने नगर पालिका के अधिकारियों को सड़क पर उभर आई कांच की बोतलों को हटाने के लिए निर्देशित किया। इसके बाद ग्रीन आर्मी के सदस्यों की मौजूदगी में नगर पालिका के कर्मियों ने सड़क किनारे तोड़ी गई शराब की बोतलों को मौके से हटवाया। कार्रवाई के दौरान नगर पालिका के एसआई कुलदीप कुमार व उनकी टीम तथा ग्रीन आर्मी के गोविंद प्रसाद, जय जोशी, भास्कर आर्य, अजय कुमार, विमल चंद्र, विक्की आर्य व सुनील चंद्र आदि सदस्य मौजूद रहे।

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सड़क पर उभरी शराब की बोतलें

नवीन समाचार, नैनीताल, 18 जनवरी 2020। प्रशासन ने पिछले दिनों अवैध रूप से विपणन की जा रही शराब की सैकड़ों बोतलें भवाली रोड पर पाइंस श्मशान घाट के पास सड़क किनारे तोड़ दी थीं। तब स्थानीय लोगों ने इस पर आपत्ति भी की थी। लोगों को आशंका थी कि इन टूटी शराब की बोतलों का कांच बहकर श्मशान घाट की ओर जाएगा एवं वहां नंगे पैर शव दाह करने वाले लोगों के पैर में गढ़ सकता है। इस पर प्रशासन की ओर से आश्वस्त किया गया था कि शराब की बोतलें नियमानुसार ही यहां निस्तारित की जा रही हैं। इन्हें जेसीबी की मदद से जमीन में गहरे में दबाया जाएगा। लेकिन प्रशासन की आश्वस्ति के बावजूद इधर शराब की टूटी-अधटूटी बोतलें सड़क की सतह पर उभर आई हैं। इससे लोगों में प्रशासन के खिलाफ नाराजगी नजर आ रही है। नैनीताल टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष नीरज जोशी ने बताया कि उन्हें 500 शराब की बोतलों को न्यायालय के आदेश पर तोड़ने की जानकारी दी गई थी, तथा आश्वस्त किया गया था कि इन्हें जमीन में गाढ़ा जाएगा, किंतु ऐसा नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि श्मशान घाट से आगे व कॉजवे से पहले यह बोतलें सड़क पर उभर आई हैं। एसडीएम विनोद कुमार ने मामले का संज्ञान लेकर बोतलों का कांच हटवाने की बात कही।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड परिवहन निगम की वेबसाइट पर सार्वजनिक हो रही ऑनलाइन बुकिंग करने वालों की जानकारी

नवीन समाचार, नैनीताल, 5 जनवरी 2020। उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में  करने पर ऑनलाइन बुकिंग करने वाले सभी  यात्रियों के क्रेडिट कार्ड व डेबिट कार्ड की पूरी जानकारी  दिखाई दे रही है। इससे पहले बुकिंग कर चुके सभी यात्रियों के नाम, उनके बैंक कार्ड के नंबर, यहां तक कि कार्ड की एक्सपायरी डेट भी सबको सार्वजनिक तौर पर दिखाई दे रही है। नगर के अधिवक्ता पंकज कुलौरा ने कहा कि इस तरह उत्तराखंड परिवहन निगम हैकरों को उनकी वेबसाइट प्रयोक्ताओं के बैंक कार्डों को हैक करने का आमंत्रण दे रहा है। उन्होंने बताया कि अपने छोटे भाई  पवन कुलौरा की हल्द्वानी से  दिल्ली के लिए बुकिंग करते हुए सबके बैंक कार्डों की जानकारी दिखी।
नवीन समाचार
‘नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से ‘मन कही’ के रूप में जनवरी 2010 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
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