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तल्लीताल व्यापार मंडल चुनाव के लिए प्रचार शुरू…

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नवीन समाचार, नैनीताल, 24 नवम्बर 2020। तल्लीताल व्यापार मंडल के चुनाव में नामांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रत्याशियों ने चुनाव प्रचार शुरू कर दिया है। प्रत्याशी व्यक्तिगत एवं अपने समर्थकों के साथ चुनाव प्रचार में जुट गए हैं। साथ ही बाजार में आपस में बातचीत का मुद्दा भी चुनाव ही बने हुए हैं। समर्थक बातचीत में भी अपने प्रत्याशी के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। अलबत्ता आम व्यवसायियों में प्रत्याशियों को उनके पूर्व के पदाधिकारी रहते अथवा न रहते भी उनके हितों के लिए किए गए कार्यों की कसौटी पर कसा जा रहा है और अपने हितों के लिए काम करने वाले प्रत्याशियों के लिए मन बनाने की कवायद शुरू हो रही है। अलबत्ता, आम तौर पर यह बात जरूर कही जा रही है कि जो व्यवसायियों के हितों के लिए कार्य करने का ठोस वादा करेगा, उसे ही वोट देंगे।

चुनाव प्रचार करते प्रत्याशी और समर्थक।


उल्लेखनीय है कि अध्यक्ष पद पर दो प्रत्याशी-मनोज साह व मारुति नंदन साह, उपाध्यक्ष पुरुष के पद पर चार प्रत्याशी-राजेंद्र मनराल, नासिर खान, विक्रम सिंह राठौर ‘विक्की’ व सुमित साह ‘शेखर’, महिला उपाध्यक्ष पद के लिए दो प्रत्याशी-ममता जोशी व आरती बिष्ट, महासचिव पद के लिए दो प्रत्याशी-अमनदीप सिंह ‘सनी’ व हेमंत रूबाली, उप सचिव पद के लिए चार प्रत्याशी-कनक साह, जयंत उप्रेती ‘शैलू’, मो. रेहान व पंकज राठौर तथा कोषाध्यक्ष के लिए तीन प्रत्याशी-सुरेश चंद्र सिंह, हरीश लाल आर्या व मयंक लाल साह मैदान में बच गए हैं। आगे 28 को तल्लीताल बाजार में आम सभा और 29 नवम्बर को सुबह साढ़े नौ बजे से साढ़े तीन बजे तक मतदान एवं मतदान के उपरांत उसी दिन शाम 5 बजे परिणाम घोषित किए जाएंगे। चुनाव में 431 सदस्य मतदान करेंगे।

यह भी पढ़ें : भीमताल व्यापार मंडल के चुनाव परिणाम घोषित.. दूसरी बार जीते प्रत्याशी

-दूसरी बार सौरभ रौतेला बने अध्यक्ष व हिमांशु रौतेला उपाध्यक्ष,
नवीन समाचार, भीमताल, 23 नवम्बर 2020। भीमताल प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल की कार्यकारिणी के लिये सोमवार को रामलीला मैदान में मतदान हुआ। पुलिस सुरक्षा के मध्य हुए मतदान में सौरभ रौतेला ने दोबारा अध्यक्ष पद पर बाजी मारी। उन्होंने अपने निकटतम उम्मीदवार मनोज दुर्गापाल को 113 मतों से पराजित किया। सौरभ रौतेला को 385 मत मिले जब कि मनोज दुर्गापाल को 272 मतों से संतुष्ट होना पड़ा। वहीं इसी पद पर अखिलेश सेमवाल अक्की को 44 मत मिले। उपाध्यक्ष पद पर हिमांशु रौतेला दूसरी बार जीत गए। उन्होंने अपने निकटतम उम्मीदवार को ललित पोखरिया 127 मतों के अंतर से पराजित किया। हिमांशु को 391और ललित पोखरिया 264 मत मिले। जबकि तीसरे उम्मीदवार पदम सिंह कुल्याल को 35 मतों पर संतुष्ट होना पड़ा। उपसचिव पद पर कांटे की टक्कर रही। इस पद पर मनीष कुमार विजयी हुए। मनीष कुमार ने अपने निकटतम उम्मीदवार आशीष पाठक को 18 मतों के अंतर से पराजित किया। मनीष को 348 और आशीष पाठक 330 मत मिले। महिला उपाध्यक्ष पद पर मुक्ता खड़का महामंत्री पद पर पवन जोशी और कोषाध्यक्ष पद पर मोहित श्रीवास्तव पूर्व में ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं। चुनाव कराने करने के लिये जिला निर्वाचन अधिकारी रवेल सिंह आनंद, मुख्य चुनाव अधिकारी राम पाल सिंह गंगोला ,सहायक चुनाव अधिकारी पंकज जोशी, मुख्य चुनाव संयोजक प्रवीण पटवाल, उप संयोजक पंकज उप्रेती, मुख्य व्यवस्थापक चंदन नौगाई, चुनाव संरक्षक कुर्बान अली जाफरी व नवीन चंद्र आर्य, नीरज रैकुनी, थानाध्यक्ष कैलाश चंद्र जोशी आदि उपस्थित रहे।

यह भी पढ़ें : तल्लीताल व्यापार मंडल चुनाव में अध्यक्ष, महिला उपाध्यक्ष व महासचिव पद पर सीधा मुकाबला तय

-अध्यक्ष पद के एक प्रत्याशी के नाम वापस लेने के बाद 6 पदों के लिए कुल 17 प्रत्याशी मैदान में बचे

नवीन समाचार, नैनीताल, 22 नवम्बर 2020। व्यापार मंडल तल्लीताल के आगामी 29 नंवबर को प्रस्तावित चुनाव के लिए सोमवार को नामांकन पत्रों की जांच एवं नाम वापसी के उपरांत 6 पदों के लिए कुल 17 प्रत्याशी मैदान में बचे रह गए हैं। आज अध्यक्ष पद के एक प्रत्याशी राजेंद्र मेहरा ने नाम वापस ले लिया। इसके बाद चुनाव में अध्यक्ष सहित महिला उपाध्यक्ष व महासचिव के पदों पर केवल दो-दो प्रत्याशी बच गए हैं और उनके बीच सीधा मुकाबला तय हो गया है।
रविवार को साफ हुई स्थिति के बाद अध्यक्ष पद पर दो प्रत्याशी-मनोज साह व मारुति नंदन साह, उपाध्यक्ष पुरुष के पद पर चार प्रत्याशी-राजेंद्र मनराल, नासिर खान, विक्रम सिंह राठौर ‘विक्की’ व सुमित साह ‘शेखर’, महिला उपाध्यक्ष पद के लिए दो प्रत्याशी-ममता जोशी व आरती बिष्ट, महासचिव पद के लिए दो प्रत्याशी-अमनदीप सिंह ‘सनी’ व हेमंत रूबाली, उप सचिव पद के लिए चार प्रत्याशी-कनक साह, जयंत उप्रेती ‘शैलू’ मो. रेहान व पंकज राठौर तथा कोषाध्यक्ष के लिए तीन प्रत्याशी-सुरेश चंद्र सिंह, हरीश लाल आर्या व मयंक लाल साह मैदान में बच गए हैं।
आगे 28 को तल्लीताल बाजार में आम सभा और 29 नवम्बर को सुबह साढ़े नौ बजे से साढ़े तीन बजे तक मतदान एवं मतदान के उपरांत उसी दिन शाम 5 बजे परिणाम घोषित किए जाएंगे। चुनाव में 431 सदस्य मतदान करेंगे। चुनाव प्रक्रिया में चुनाव संचालन समिति के विपिन कांडपाल, सहायक चुनाव प्रभारी मो.युनूस सलमानी, विक्की लांबा, राकेश लांबा व प्रकाश बिष्ट जुटे हुए हैं।

यह भी पढ़ें : नामांकनों, संभावनाओं से तल्लीताल व्यापार मंडल के चुनाव हो रहे रोचक

नवीन समाचार, नैनीताल, 21 नवम्बर 2020। नैनीताल के तल्लीताल व्यापार मंडल के चुनावों की प्रक्रिया शनिवार को भी जारी रही। शनिवार को दूसरे दिन महासचिव पद के लिए अमनदीप सिंह (सनी), उपाध्यक्ष पद के लिए नासिर खान, महिला उपाध्यक्ष पद के लिए आरती बिष्ट तथा कोषाध्यक्ष पद के लिए सुरेंश चंद्र सिंह ने नामांकन किया। चुनाव प्रक्रिया में सह चुनाव अधिकारी विक्की लांबा, राकेश लांबा, मो.युनुस, प्रकाश बिष्ट योगदान दे रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि अध्यक्ष पद पर पहले मनोज साह के निर्विरोध निर्वाचन की संभावनाओं के इतर दो अन्य दावेदारों-पूर्व व्यापार मंडल अध्यक्ष रहे मारुति साह और तल्लीताल के प्रमुख व्यवसाइयों में से एक राजेंद्र मेहरा ने नामांकन पत्र लेकर अध्यक्ष पद पर चुनाव को रोमांचक बना दिया है। भाजपा नेता पूरन मेहरा के भी चुनाव लड़ने की संभावना जताई जा रही है। रविवार को कुछ और नामांकन होने से स्थिति साफ हो सकती है। गौरतलब है कि वर्तमान अध्यक्ष भुवन लाल साह के चुनाव न लड़ने की संभावना बताई जा रही है। आगे रविवार 22 नवंबर को दिन में एक बजे से तीन बजे तक नामांकन पत्रों की बिक्री व नामांकन के साथ ही नाम वापसी व नामांकन पत्रों की जांच भी होगी। जबकि 28 नवंबर को तल्लीताल बाजार में आम सभा और 29 की सुबह 9.30 बजे से अपराह्न 3.30 बजे तक मतदान होगा। तथा शाम 5 बजे मतगणना के बाद चुनाव परिणाम की घोषणा की जाएगी।

यह भी पढ़ें : राज्यपाल की फ्लीट के दौरान पुलिस कर्मी द्वारा व्यापारी से अभद्रता..

नवीन समाचार, नैनीताल, 30 अक्टूबर 2020। शुक्रवार को नैनीताल राजभवन प्रवास पर पहुंची प्रदेश की राज्यपाल की फ्लीट के दौरान ‘मित्र पुलिस’ का एक पुलिस कर्मी नगर के एक व्यवसायी के साथ बिना कारण अभद्रता, गाली-गलौच पर उतर आया। इससे व्यवसायियों में पुलिस कर्मी के प्रति आक्रोश व्याप्त हो गया। इस पर पुलिस कर्मियों एवं व्यापारियों के बीच तीखी झड़प हो गई। तल्लीताल थाना प्रभारी विजय मेहता ने मौके पर पहुंचकर किसी तरह व्यवसायियों को मनाया।
नगर के तल्लीताल के व्यवसायी घनश्याम बेलवाल ने बताया कि सुबह 11 बजे के करीब वह अपनी मोटरसाइकिल से अपने प्रतिष्ठान पर आ रहे थे। इस दौरान पुलिस के द्वारा राज्यपाल की फ्लीट के लिए यातायात को रोका गया था। इस पर उन्होंने भी स्वयं ही अपनी मोटरसाइकिल तल्लीताल लेक ब्रिज चुंगी के पास सड़क के बहुत किनारे खड़ी की और पैदल ही अपने प्रतिष्ठान की ओर जाने लगे। इस पर एक पुलिस पुलिस ने बिना किसी बात के, सीधे ही गाली से बात शुरू करते हुए उनसे मोटरसाइकिल हटाने को कहा। इस पर उन्हें बहुत बुरा लगा। इसलिए उन्होंने व्यापार मंडल के सदस्यों को बुला लिया। इस पर तल्लीताल व्यापार मंडल अध्यक्ष भुवन लाल साह, रवैल सिंह आनंद, सुखदीप आनंद, कमल कुमार व विक्की राठौर आदि व्यवसायी मौके पर पहुंचे और पुलिस कर्मियों के साथ तीखी झड़प हो गई। काफी देर तक हुई झड़प के बीच तल्लीताल थाना प्रभारी विजय मेहता पहुंचे और किसी तरह आक्रोशित व्यवसायियों को समझा-बुझा कर शांत किया। उधर तल्लीताल के थाना प्रभारी विजय मेहता ने बताया कि व्यापारियों से हल्की कहासुनी हुई थी। मौके पर पहुंचकर आक्रोश शांत करा दिया गया।

यह भी पढ़ें : नैनीताल सब्जी मंडी में सब्जियों पर बनी बात… ढाई किलो से कम भी मिल सकेंगी सब्जियां

नवीन समाचार, नैनीताल, 15 अक्टूबर 2020। पिछले कुछ दिनों से नगर की मल्लीताल स्थित सब्जी मंडी में आढ़ितयों ने स्थानीयों जनता को ढाई किलो से कम सब्जियां देने से इंकार कर दिया था। इस कारण नगर की जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इस समस्या का बृहस्पतिवार को समाधान हो गया है। समस्या का संज्ञान लेते हुए जिला, नगर और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने बृहस्पतिवार को मल्लीताल सब्जी मंडी पहुंच कर आढ़तियों के साथ वार्ता की और उन्हें निर्देशित किया था कि वे गरीब जनता की परेशानी का ध्यान रखते हुए कम मात्रा में भी सब्जियां बेचें। इसके साथ ही आज सभी आढ़तियों ने एसडीएम विनोद कुमार से भी वार्ता की। आढ़तियों ने कहा कि कम सब्जियां न देने के निर्णय से उनका कोई लेना-देना नहीं है। उन्हें कम मात्रा में सब्जियां देने में कोई समस्या नहीं है। एसडीएम कुमार ने बताया कि आढ़तियों ने कम मात्रा में भी ग्राहकों को सब्जियां बेचने पर अपनी सहमति जता दी है। अब मंडी में ग्राहकों को परेशानियों का सामना नही करना पड़ेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि फुटपाथ पर अतिक्रमण के संबंध मंे नगर पालिका अपना काम करेगी। नगर पालिका को पहले ही निर्देशित किया गया है।

यह भी पढ़ें : आढ़तियों पर उल्टा पड़ा ढाई किलो से अधिक सब्जी खरीदने का फरमान, अब 3 दिन का अल्टीमेटम..

नवीन समाचार, नैनीताल, 12 अक्टूबर 2020। नगर के मल्लीताल बाजार के आढ़तियों ने सामाजिक दूरी बनाने की आढ़ में रविवार से आम लोगों के लिए कम से कम ढाई किलो सब्जी, हरी सब्जी, धनिया या पालक की कम से कम 10 गड्डियां और अदरक, लहसुन जैसी सामग्री कम से कम एक किलो खरीदने का स्वयं एकतरफा नियम बनाकर लागू कर दिया था। यह नियम बनाना आढ़तियों पर भारी पड़ा है। इस मामले में शिकायत मिलने पर एसडीएम विनोद कुमार ने तहसीलदार, पूर्ति निरीक्षक और पालिका के ईओ की तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर दी थी। अब जांच टीम की जांच में अनेक आढ़ती ऐसे निकले, जिनका नगर पालिका में पंजीकरण ही नहीं है। यानी वे खुद नियमों का पालन किये बिना सड़क पर अतिक्रमण कर सब्जियां बेच रहे थे और दूसरों को परेशान करने के लिए ऊल-जुलूल नियम बना रहे थे। अब प्रशासन ने उन्हें तीन दिन के भीतर नगर पालिका में अपना पंजीकरण कराने की चेतावनी दी है। अन्यथा व सब्जियां ही नहीं बेच पाएंगे। खासकर फुटपाथ पर सब्जियां नहीं बेची जाएंगी।
उल्लेखनीय है कि नगर की सब्जी मंडी में सस्ती सब्जियां बेचना कभी भी नगर के खासकर सब्जी विक्रेताओं को नहीं भाता है। क्योंकि इससे लोग उनकी दुकानों पर सब्जियां खरीदने के लिए डेढ़ से दोगुनी दरों पर लुटने नहीं जा पाते हैं। नगर की सब्जी की दुकानों पर यह आरोप भी आमतौर पर लगते हैं कि वे सब्जियां बासी होने पर भी सब्जियां गरीबों के लिए भी सस्ती करते। अलबत्ता, सड़ जाने पर सड़क पर फेंक देते हैं।

यह भी पढ़ें : वाणिज्य कर विभाग के अधिकारियों पर 10 हजार करोड़ रुपए की कर चोरी का आरोप लगाने वाले याचिका पर हाईकोर्ट ने लगाया 1 लाख का जुर्माना, याचिका खारिज

नवीन समाचार, नैनीताल, 19 अगस्त 2020। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने वाणिज्य कर विभाग के अधिकारियों द्वारा करोड़ों रुपये की कर चोरी करने की जांच सीबीआई से कराने की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका को खारिज करते हुए याचिका में गलत तथ्य पेश करने पर याचिकाकर्ता पर एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2018 में भी याचिकाकर्ता से न्यायालय ने एक लाख रुपए जमा करवाए थे।
मामले के अनुसार वर्ष 2017 में रुड़की निवासी धर्मेंद्र सिंह ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि वाणिज्य कर विभाग के अधिकारियों द्वारा बड़े उद्योगपतियों के साथ सांठ-गांठ कर सालाना दस हजार करोड़ की कर चोरी की जा रही है। इस मामले की शिकायत करने पर राज्य कर आयुक्त ने कुछ अधिकारियों को नोटिस भेजे। लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की गई। याचिका में वित्त सचिव अमित नेगी व कई वरिष्ठ अधिकारियों सहित कुल 47 पक्षकार बनाये गये थे। बुधवार को इस याचिका की वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रवि मलिमथ व न्यायमूर्ति एनएस धानिक की खण्डपीठ में सुनवाई हुई। खण्डपीठ ने याचिका को तथ्यहीन मानते हुए उसे खारिज करते हुए याचिका कर्ता पर एक लाख का जुर्माना भी लगाया।

यह भी पढ़ें : बेरोजगारी के खतरे पर होटल एसोसिएशन व तल्लीताल व्यापार मंडल ने विधायक से मिलकर लगाई मदद की गुहार..

नवीन समाचार, नैनीताल, 06 अगस्त 2020। बृहस्पतिवार को नैनीताल होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसीएशन व व्यापार मंडल तल्लीताल ने नैनीताल ने विधायक संजीव आर्या से मुलाकात कर उन्हें पर्यटन व्यवसायियों एवं व्यवसायियों की समस्याओं से अवगत कराया। एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश साह ने इस मौके पर कहा कि सरकार के अव्यवहारिक दिशा-निर्देशों के चलते पर्यटन व्यवसाय में पूर्ण रूप से विराम लग गया है। इससे भविष्य में बेरोजगारी का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने इस समस्या के निदान के लिए प्रदेश में आने वाले पर्यटकों की राज्य की सीमा पर ही करोना की जाँच-रैपिड ऐंटिजेन टेस्ट के द्वारा करने की गुजारिश की। साथ ही आने वाले पर्यटकों को नियमो में ढील देते हुए क्वॉरंटीन व्यवस्था को भी 7 दिनो से 3 दिन करवाने की मांग की। वार्ता करने वालो में दिग्विजय बिष्ट, वेद साह, आलोक साह व प्रवीण शर्मा भी मौजूद रहे।
उधर तल्लीताल व्यापार मंडल के अध्यक्ष भुवन लाल साह व महामंत्री हेमंत रूवाली ने तल्लीताल के गिरते व्यापार का जिक्र करते हुए तल्लीताल बाजार में पार्किंग की समस्या का निस्तारण करने की मांग की। साथ ही हल्द्वानी रोड की पार्किंग को एक मंजिला और बढ़ाने व अन्यत्र पार्किंग बनाने को भी कहा। इसके अलावा तल्लीताल में पर्यटन को बढ़ावा देते हुए तल्लीताल से जू के लिए रोपवे का प्रस्ताव बनाने, इस हेतु पूर्व में पर्यटन विभाग द्वारा बनाये गये प्रोजक्ट को चर्चा कर अमल में लाने का निवेदन भी किया। विधायक ने सभी मुद्दों पर संज्ञान लेने का आश्वासन देते हुए प्रशासन के साथ वार्ता करने की बात कही। इस मौके पर व्यापार मंडल के उपाध्यक्ष विक्की राठौर, महिला उपाध्यक्ष ममता जोशी, उपसचिव कनक शाह, कोषाध्यक्ष भइयू सती, सुखदीप आनंद, हनी छाबड़ा, जसपाल सिंह, सभासद मोहन नेगी, प्रेमा अधिकारी, भाजपा मंडल अध्यक्ष आनंद बिष्ट, केएमवीएन के निदेशक कुंदन बिष्ट, दयाकृष्ण पोखरिया, अरविंद पडियार, नीरज जोशी, अजय सोनकर, मोहित साह, विश्वकेतु वैद्य, दिनेश कर्नाटक ‘पप्पू’, राजेंद्र मनराल, यूनुस सलमानी, मोहम्मद शमशाद, विधायक के पीआरओ भुवन आर्य व मनीष पांडे सहित कई अन्य व्यापारी मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें : भवाली के व्यापार मंडल अध्यक्ष 6 माह के लिए जिला बदर

नवीन समाचार, भवाली, 29 जुलाई 2020। भवाली नगर के व्यापार मंडल अध्यक्ष नरेश पांडे को कुमाऊँ मंडल के आयुक्त अरविंद सिंह ह्यांकी के द्वारा 6 माह के लिए जिला बदर कर दिया गया है। बताया गया है कि यह कार्रवाई उनके खिलाफ पूर्व में दर्ज कई मामलों के तहत की गई है। इस आदेश के बाद भवाली के कोतवाल आशुतोष कुमार सिंह ने नगर के कहलक्वीरा निवासी नरेश पांडे को नैनीताल जनपद से बाहर अल्मोड़ा जिले की सीमा पर क्वारब तक छोड़ दिया गया।
बताया गया है कि व्यापार मंडल अध्यक्ष नरेश पांडे के खिलाफ पूर्व से कई मामले भवाली कोतवाली में दर्ज थे, जिनके खिलाफ पांडे ने न्यायालय में अपील की थी। इधर 8 जुलाई को भी भवाली कोतवाली में पांडे के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 323, 504 व 506 के तहत मुकदमा दर्ज हुआ। इस पर उनकी अपराधिक प्रवृत्ति को देखते हुए कुमाऊँ मंडल के आयुक्त ने उन्हें 6 माह के लिए जिला बदर कर दिया है। कोतवाल आशुतोष कुमार ने बताया कि कुमाउं कमिश्नर ने अनुपालन में नरेश पाण्डे को 6 माह के लिए जिला बदर किया गया हैं।

यह भी पढ़ें : सप्ताहांत के लॉक डाउन के खिलाफ आन्दोलन को बढ़ा समर्थन

-मल्लीताल व्यापार मंडल के आन्दोलन में तल्लीताल व्यापार मंडल भी आया साथ

नवीन समाचार, नैनीताल, 28 जुलाई 2020। मल्लीताल व्यापार मंडल द्वारा सोमवार से सप्ताहांत के लॉक डाउन के खिलाफ चलाए जा रहे अंादोलन में तल्लीताल व्यापार मंडल भी मंगलवार को साथ आ गया और पूर्ण समर्थन व्यक्त किया। इस मौके पर उपस्थित व्यापारियों ने कहा कि नगर में सप्ताहांत पर ही थोड़ा-बहुत कारोबार होता है। इस दौरान बंदी से खासकर रेस्टोरेंट जैसे प्रतिष्ठान चला पाने संभव नहीं हैं, और रेस्टारेंटों से किराना से लेकर सब्जी तक कई तक के क्रियाकलाप प्रभावित हो रहे हैं, और भविष्य में रेस्टोरेंट बंद होने के साथ कई लोगांे का रोजगार भी जा सकता है। प्रदर्शन में मल्लीताल व्यापार मंडल के अध्यक्ष किशन नेगी तल्लीताल व्यापार मंडल अध्यक्ष भुवन लाल साह, जीत सिंह आनंद, विक्रम राठौर, कनक साह, हेमंत रुबाली, पुनीत टंडन, अनुज साह, पंकज टंडन, तरुण कांडपाल, कमलेश ढोंढियाल, त्रिभुवन फर्त्याल, रुचिर साह, राजेश वर्मा, कैलाश मिश्रा, साकिर अली आदि मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें : लगे ‘चाय पियो छुपके-शराब पियों खुलके’ के नारे

-मल्लीताल व्यापार मंडल ने सरकार पर तंज कसते हुए खोला मोर्चा
-मल्लीताल व्यापार मंडल ने किया विरोध प्रदर्शन, रैली निकाली, कहा-तीन दिन करते रहेंगे प्रदर्शन
नवीन समाचार, नैनीताल, 27 जुलाई 2020। मल्लीताल व्यापार मंडल ने एक बार पुनः राज्य सरकार के सप्ताहांत के दो दिवसीय लॉक डाउन एवं इस दौरान खासकर शराब की दुकानों को खोले जाने को लेकर राज्य सरकार को निशाने पर लिया। सोमवार को व्यापार मंडल ने सरकार के विरोध में मल्लीताल रामलीला मैदान में विरोध प्रदर्शन किया और मल्लीताल बाजार में रैली निकाली। इस दौरान व्यापारी नेता ‘चाय पियो छुपके-शराब पियो खुलके’, ‘लाचार व्यापारियों को सरकार क्यों मार रही लात’ और ‘व्यापारियों का शोषण बंद करो’ के नारे लिखे पोस्टर हाथों में लिये हुए थे। इन पोस्टरों के साथ उन्होंने मल्लीताल बाजार में रैली भी निकाली। आगे उन्होंने यह विरोध प्रदर्शन तीन दिन तक जारी रखने तथा चौथे दिन पूरे शहर में रैली निकालने की बात कही।

इस दौरान व्यापारी नेताओं का कहना था कि नैनीताल जैसे पर्यटन से जुड़े शहरों में सप्ताहांत पर ही कारोबार होता है। लॉक डाउन के दौरान उनका चौपट हुआ कारोबार अनलॉक की प्रक्रिया के बाद किसी तरह पटरी पर लौट रहा था, लेकिन सरकार के सप्ताहांत को लॉक डाउन घोषित की घोषणा से उनका कारोबार फिर चौपट हो गया है। सरकार जब शराब की दुकानें खोल सकती है, तो उन्हें चाय की दुकानें खोलने से क्या गुरेज हैं। प्रदर्शन में व्यापार मंडल अध्यक्ष, उपाध्यक्ष कमलेश ढोंढियाल, कैलाश मिश्रा, त्रिभुवन फर्त्याल, विवेक वर्मा, शाकिर अली, राजेश वर्मा, रुचिर साह, दिलशाद हुसैन, नब्बू खान, सुमित खन्ना, फिरोज सिद्द्ीकी आदि शामिल रहे।
उल्लेखनीय है कि मल्लीताल व्यापार मंडल ने राज्य सरकार द्वारा सप्ताहांत पर दो दिवसीय लॉक डाउन की घोषणा करने पर दूसरे सप्ताहांत लॉक डाउन का विरोध करने-अपने प्रतिष्ठान खोलने की घोषणा की थी, लेकिन दूसरे सप्ताहांत यानी शनिवार और रविवार को ऐसा कोई विरोध प्रदर्शन देखने को नहीं मिला। अलबत्ता सोमवार को वे पुनः विरोध की राह पर उतर आए।

यह भी पढ़ें : नैनीताल के व्यापारियों ने किया प्रशासन के खिलाफ खुली जंग का ऐलान

-नैनीताल के संयुक्त व्यापार मंडल ने की हर सप्ताहांत के लॉक डाउन के विरोध की घोषणा
-कहा-अगले शनिवार-रविवार रोज की तरह खोलेंगे प्रतिष्ठान, किसी भी बाधा का मिलकर करेंगे सामना
नवीन समाचार, नैनीताल, 20 जुलाई 2020। दो दिन पूर्व राज्य सरकार की सप्ताह में दो दिन-सप्ताहांत पर लॉक डाउन की घोषणा का विरोध करने वाले नैनीताल के व्यापारियों ने अब इस मामले में सरकार के समक्ष दो टूक बगावत का ऐलान करते हुए एक स्वर में कहा है कि यदि अगले सप्ताहांत भी लॉक डाउन लागू किया जाता है तो वह इसका विरोध करेंगे। कहा है कि शनिवार और रविवार को नगर के सम्पूर्ण व्यावसायिक प्रतिष्ठान अपना कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए रोज की तरह निर्धारित समयानुसार खुलेंगे और इसकी जानकारी बाकायदा प्रदेश शासन और नैनीताल जिला प्रशासन के अधिकारियों को लिखित रूप में अवगत करायेंगे।
अपनी दो दिन पूर्व की गयी घोषणा के अनुरूप सोमवार को नगर के मल्लीताल और तल्लीताल व्यापार मंडल नैनीताल की संयुक्त आम सभा में यह फैसला किया गया। व्यापारियों ने यह ऐलान करने के साथ ही कहा कि प्रशासन से हर सप्ताहांत दो दिन के लॉक डाउन के आदेश को तुरंत बदलाव करने और धीरे धीरे व्यापार को रास्ते में आने में अपना सहयोग देने की का अनुरोध भी करेंगे। यह भी कहा कि किसी भी प्रतिष्ठान को शनिवार और रविवार को खोलने में यदि किसी प्रकार की परेशानी आती है तो संयुक्त व्यापार मंडल एकजुटता से साथ इसके विरोध में खड़े हांेगे। उन्होंने लॉक डाउन में शराब की दुकानें खुली होने और राशन की दुकानें बंद होने के सरकार के आदेश पर भी गहरे तंज कसे। उन्होंने इस बात को भी उठाया कि मुख्यमंत्री ने केवल पिछले सप्ताहांत ही लॉक डाउन की बात पत्रकार वार्ता में कही थी, जबकि नैनीताल जिला प्रशासन ने 17 जुलाई के आदेश में हर सप्ताहांत लॉकडाउन के आदेश जारी किये हैं। इसके साथ ही प्रतिष्ठानों के बिजली के बिलों मे फिक्स चार्ज को पूर्णता माफ करने और मीटर चार्ज जुलाई माह के अंत तक घरेलू दरो के आधार पर लेने की मांग भी की गई। आम सभा में व्यापार मंडल अध्यक्ष किशन नेगी उपाध्यक्ष कमलेश ढोंढियाल, त्रिभुवन फर्त्याल, पुनीत टंडन, जीत सिंह आनंद, रुचिर साह, तल्लीताल व्यापार मंडल के सचिव हेमंत रुवाली, विक्की राठौड़, ममता जोशी व कनक साह आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें : शराब की दुकानों के अलावा बाजार रहे बंद, व्यवसायियों ने औचित्यहीन बताकर दी आंदोलन की चेतावनी

-पुलिस द्वारा किराना व राशन की दुकानें भी बंद करने से उखड़े, कहा दो दिन का लॉक डाउन केंद्र सरकार के अनलॉक 1 व 2 के निर्देशों के विरु

ग्राहकों के बिना सूनी पड़ी शराब की दुकान।

द्ध एवं व्यवसायियों में तनाव बढ़ाने वाला
नवीन समाचार, नैनीताल, 18 जुलाई 2020। प्रदेश सरकार द्वारा शनिवार व रविवार को घोषित दो दिन के लॉक डाउन का मुख्यालय में काफी असर रहा। सुबह जिला प्रशासन की ओर से देर से आदेश आने एवं लोगों को इसके बारे में जानकारी न होने की वजह से काफी असमंजसपूर्ण स्थिति रही। लेकिन बाद में राशन की दुकानें भी बंद करा दी गईं, अलबत्ता शराब की दुकानें नियमानुसार खुली रहीं। लेकिन शराब की दुकानों पर भी खरीददार न आने से सरकार द्वारा सभी दुकानें बंद करने व केवल शराब की दुकानें खोलने की मंशा पर सवाल उठे।
इधर मल्लीताल व्यापार मंडल के अध्यक्ष किशन नेगी, उपाध्यक्ष कमलेश ढोंढियाल सहित तरुण कांडपाल, जूनैद अहमद, पुनीत टंडन, रुचिर साह, सुमित खन्ना, सुमित साह, चंदन बिष्ट आदि ने प्रेस को विज्ञप्ति जारी कर सरकार द्वारा लागू किये गये दो दिन के लॉकडाउन को औचित्यहीन करार दिया। कहा कि इसका कोई आधार नहीं है, और ना ही यह समाज के हित में और सकारात्मक ही है। युवा व्यवसायी पुनीत टंडन ने कहा कि बमुश्किल व्यवसाय पटरी पर लौट रहा था। खासकर सप्ताहांत पर व्यवसायियों को अच्छे व्यवसाय की उम्मीद होती है, लेकिन सरकार ने बिना यह सुनिश्चित किये कि दो दिन के लॉक डाउन में जांच में तेजी लाकर आगे कोरोना के मामलों में रोकथान सुनिश्चित करने का कोई प्रयास किया है। वहीं व्यवसायियों ने कहा कि यह बंद सिर्फ और सिर्फ समाज को आघात और व्यापारियों के अहित में तथा गरीबों के खिलाफ तथा पूर्ण रूप से पर्यटन को भारी नुकसान पहुंचाने वाला है, साथ ही केंद्र सरकार के अनलॉक 1 और 2 के दिशानिर्देशों पर भी पानी फेरने वाला है। यह व्यापारियों में मानसिक तनाव बढ़ाने के साथ उनके व्यवसायों को पटरी पर लाने में गतिरोध उत्पन्न करने वाला भी है, और इसका कोई लाभ नजर नहीं आ रहा है। लिहाजा करोना की लड़ाई के लिए भी इस व्यर्थ, तथा तथ्यहीन लॉकडाउन एवं इस दौरान पुलिस के द्वारा आज किराना स्टोर व आटा-चावल की दुकानों को बंद कराने के निर्णय का व्यापारी पुरजोर विरोध करते हैं। इस संबंध में आगे व्यवसायियों ने 20 जुलाई को रामसेवक सभा में बैठक भी बुलाई है ताकि आपस में विचार-विमर्श के बाद विरोध को आंदोलन का रूप दिया जा सके।

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नवीन समाचार, भीमताल, 15 जून 2020। सोमवार को सप्ताह का पहला दिन भीमताल के व्यापारियों और नगरवासियों पर भारी बीता। नगर के प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल ने बीती रात्रि शहर में मुनादी कराई कि व्यापार मंडल सोमवार को जिला प्रशासन के सहयोग से नगर की बाजारों में सुबह 10 बजे से सैनिटाइज करायेगा। इस हेतु व्यापारियों से सहयोग मांगा गया। कोरोना से साथ मिलकर लड़ने की भावना से प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के साथ दूसरे व्यापारी संगठन देवभूमि उद्योग व्यापार मंडल से जुड़े व्यापारियों ने भी इस आह्वान पर सोमवार को सुबह 10 बजे से बाजार बंद रखे, और पूरे दिन सैनिटाइजेशन का इंतजार करते रहे, लेकिन पूरे दिन सैनिटाइजेशन नहीं हो पाया। इस कारण नगर के व्यापारियों के साथ ही उपभोक्ताओं और विभिन्न संगठनों में भी खासा रोश देखा गया। इस पर कई लोग प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के साथ नगर पंचायत एवं जिला प्रशासन से भी सैनिटाइजेशन न कराने की शिकायत के साथ नाराज दिखे।
इस बारे में देवभूमि उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष संदीप पांडे ने कहा कि कोरोना से बचाव के लिए दूसरे व्यापार मंडल का भी साथ दिया, किंतु दूसरे संगठन ने सबको परेशानी में डाला। राज्य आंदोलनकारी चंदन बिष्ट ने कहा कि आज व्यापार मंडल के आह्वान पर नगर में अभूतपूर्व बंद रहा। सभी व्यापारियों व उपभोक्ताओं ने भी कोरोना से लड़ने के लिए पूर्ण सहयोग किया। लेकिन सैनिटाइज न होने से आज सभी के साथ क्रूर मजाक हुआ। वहीं नगर पंचायत अध्यक्ष देवेंद्र चनौतिया ने कहा कि बाजार बंद करने का आह्वान करने वालों ने उनसे कोई बात ही नहीं की थी। इसलिये आज बाजारों में सैनिटाइजेशन कराने की कोई योजना नहीं थी। अलबत्ता नगर पंचायत पिछले एक माह से नगर के विभिन्न क्षेत्रों में सैनिटाइजेशन करा रहा है। आज भी नौकुचियाताल से डांठ तक तीन वार्डों में सैनिटाइजेशन कराया गया। आगे सभी वार्डों में जनता एवं व्यापारियों की सुविधा के अनुसार बिना बाजार बंद किये भी सैनिटाइजेशन करा लिया जाएगा। वहीं एसडीएम विनोद कुमार ने कहा कि नगर पंचायत के अध्यक्ष व ईओ ने दो बजे से सैनिटाइजेशन कराकर पूरा कर लेने की बात कही थी। उनसे सैनिटाइजेशन न कराने का कारण पूछा जा रहा है। कहा कि अब नैनीताल से बड़ी गाड़ी भेजकर शाम को बाजारों में कराया जाएगा। इस बारे में प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष सौरभ रौतेला का पक्ष प्राप्त नहीं हो पाया।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 9 जून 2020। आखिर नैनीताल जिला रेड जोन से हट गया है। राज्य के मुख्य सचिव की ओर से बीती रात्रि जारी जारी आदेशों के क्रम में नैनीताल के जिलाधिकारी सविन बंसल ने भी इस बारे में घोषणा कर दी है। उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार की गाईडलाइन व उत्तराखण्ड शासन के निर्देशानुसार जोन निर्धारण की व्यवस्था को समाप्त करते हुए जनपद नैनीताल को रेड जोन से हटा दिया गया है। अब जनपद में बाजार प्रातः 7 बजें से सायं 7 बजें तक खोले जायेंगे, तथा जनपद में सभी प्रकार सार्वजनिक आवागमन के साधन दिशा-निर्देशों में तय प्रतिबन्धों के अनुसार 50 प्रतिशत सवारी के साथ चल सकेंगे।
डीएम श्री बंसल ने बताया है कि मुख्य सचिव के प्राप्त आदेशांे के क्रम मे जनपद नैनीताल में होटल,रैटस्टोरंेट तथा धार्मिक स्थल शासन द्वारा जारी गाईडलाइन के अनुसार खोले दिये गये हैे। राज्य आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण ने केन्द्र के दिशा निर्देशों के अनुसार जनपद के सभी होटल, सेवा क्षेत्र, रैस्टोरेंट, शापिंग मॉल, धार्मिक स्थल और पूजा घरों को खोलने की गाईडलाइन जारी की है। सभी व्यवसायिक प्रतिष्ठानों मे थर्मल स्क्रीनिंग व सेनिटाइजेशन अनिवार्य रूप से किया जायेगा। कर्मचारी एवं ग्राहक सभी अनिवार्य रूप से मास्क पहनेंगे। लेकिन जनपद में जिम ,बार, सिनेमाहाल, कोचिंग सेंटर, मनोरंजन पार्क, विद्यालय एवं शैक्षणिक संस्थायें पूर्णतया बन्द रहेंगे।

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-अलबत्ता केंद्र एवं राज्य सरकार के आदेशों के तहत होटल, सेवा क्षेत्र, रेस्टोरेंट, शॉपिंग मॉल्स, धार्मिक एवं पूजा स्थल खुल सकेंगे
नवीन समाचार, नैनीताल, 8 जून 2020। राज्य सरकार के देहरादून जनपद एवं कंटेनमेंटर जोन्स को छोड़कर अन्य जिलों में होटल, सेवा क्षेत्र, रेस्टोरेंट, शॉपिंग मॉल्स, धार्मिक एवं पूजा स्थल खोलने के रविवार रात्रि जारी हुए आदेशों के बाद पूर्व से रेड जोन घोषित नैनीताल जनपद में रेड जोन हटने और बाजारों के शाम चार की जगह सात बजे तक खुलने की काफी चर्चाएं रहीं। इधर सोमवार को एडीएस एसएस जंगपांगी की ओर से नैनीताल जिले में केंद्र एवं राज्य सरकार के आदेशों के तहत होटल, सेवा क्षेत्र, रेस्टोरेंट, शॉपिंग मॉल्स, धार्मिक एवं पूजा स्थल खोलने के आदेश भी जारी हो गये हैं। किंतु जिलाधिकारी सविन बंसल ने साफ कर दिया हैं कि जनपद में बाजार शाम सात नहीं शाम चार बजे तक ही खुलेंगे। उन्होंने यह भी साफ किया कि नैनीताल जनपद रेड जोन में जारी है। रेड जोन को हटाने के बारे में शासन से ही आदेश जारी होंगे। तभी रेड जोन हटेगा।
इधर पर्यटन एवं सर्वधर्म की नगरी नैनीताल में केंद्र, राज्य एवं जनपद की ओर से होटल, सेवा क्षेत्र, रेस्टोरेंट, शॉपिंग मॉल्स, धार्मिक एवं पूजा स्थल खोलने के आदेश का कोई असर देखने को नहीं मिला। मुख्यालय में किसी भी होटल एवं धार्मिक स्थल के खुलने का समाचार नहीं है।

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नवीन समाचार, नैनीताल़, 29 मई 2020। जी हां, अब बाजारों के सुबह सात से शाम सात बजे तक खुलने पर कोई संशय नहीं रह गया है। शनिवार से जनपद एवं राज्य में बाजार सुबह सात से शाम सात बजे तक पूरे 12 घंटे खुल सकेंगे। इस बारे में आज शाम चार बजे तक भी आदेश न आने के कारण संशयपूर्ण स्थिति रही, जिस कारण नैनीताल सहित प्रदेश में अनेक स्थानों पर बाजार रोज की तरह शाम चार बजे ही बंद हो गये थे। लेकिन इधर प्रदेश के मुख्य सचिव के द्वारा इस संबंध में जारी आदेश जिलों में पहुंच गया है, और जिलों के द्वारा इस संबंध में अपनी ओर से भी आदेश जारी किये जा रहे हैं। नैनीताल जनपद के लिए भी एडीएम एसएस जंगपांगी ने मुख्य सचिव एवं उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के शासनादेश के क्रम में नैनीताल जनपद में ‘समस्त व्यवसायिक व वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों‘ के सुबह सात से शाम सात बजे तक खुलने के आदेश जारी कर दिये हैं। अलबत्ता, यह भी साफ किया है कि इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्रालय के पूर्व में जारी दिशा-निर्देश भी यथावत रहेंगे।

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नवीन समाचार, देहरादून, 28 मई 2020। उत्तराखंड में बाजारों के खुलने के समय में बदलाव हो गया है। अब राज्य में बाजार सुबह सात से शाम चार की जगह शाम सात बजे तक यानी पूरे 12 घंटे खुल सकेंगे। बृहस्पतिवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कोरोना विषाणु कोविद-19 की महामारी के संबंध में उच्चाधिकारियों के साथ बैठक कर उन्हें प्रदेश में कोरोना के बढ़ते मामलों को रोकने एवं क्वॉरेंटाइन सेंटरों की व्यवस्थाओं को लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। बैठक में प्रदेश में बाजार खुलने के समय को सुबह 7 से सायं 7 बजे तक करने का निर्णय भी लिया गया। माना जा रहा है आदेश की प्रति आने के बाद शुक्रवार से बाजार सुबह सात से शाम सात बजे तक खुल सकेंगे।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 27 मई 2020। लॉक डाउन के दौरान जहां कोरोना विषाणु के संक्रमण की अफवाहों के बीच देश में खासकर चिकन के दाम 10-20 रुपए प्रति किलो तक हो जाने एवं कई पॉल्ट्री फार्म स्वामियों के द्वारा मुर्गी के बच्चे मारने या जंगल में छोड़े जाने की भी खबरें आ रही थीं, वहीं अब चिकन व मटन के दामों में बेतहाशा बढ़ोत्तरी हो गई हैं। सरोवरनगरी में बुधवार को चिकन रिकॉर्ड 280 एवं मटन 600 रुपए प्रति किग्रा के भाव बेचा गया। नगर के चिकन व्यवसायी मनीष कुमार ने बताया कि लॉक डाउन के दौरान मुर्गी के बच्चों को मार दिये जाने जैसे कारणों से अब चिकन उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। ऐसे में आपूर्ति कम हो गई है, और खपत बढ़ गई है। जिस कारण कीमतें बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि मुख्यालय में 22 मार्च के आसपास चिकन 140 रुपये प्रति किग्रा के भाव तक बेचा गया, लेकिन अब, अब तक के सर्वाधिक 280 रुपए प्रति किग्रा के भाव पर पहुंच गया है। अलबत्ता अंडा अभी सामान्य दरों पर ही है। 120 रुपए में 30 अंडों की क्रेट उपलब्ध है।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 26 मई 2020। जहां व्यापारियों में दुकानें खोलने का समय बढ़ाने को लेकर उत्सुकता देखी जा रही है, और कच्ची व आवश्यक वस्तुओं के नाम पर व्यापारी साप्ताहिक बंदी के नियमों व श्रम कानूनों की खुलेआम उपेक्षा करते हैं, के कालाढुंगी व्यापार मंडल ने कोरोना से जंग में अपना योगदान देने के लिए हर सप्ताह मंगलवार को साप्ताहिक बंदी करने का निर्णय लिया है। कालाढुंगी में अब बाजार हर मंगलवार को बंद रहेंगे।
वहीं व्यापारी नेता नीरज तिवारी ने बताया कि कोराना विषाणु के फैलते प्रकोप को देखते हुए प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल की कालाढुंगी इकाई के अध्यक्ष मयंक मेहरा की अगुवाई में यह निर्णय एक दिन पूर्व ही सोमवार को लिया गया, और मंगलवार को बाजार बंदी का स्वैच्छिक आधार पर अच्छा प्रभाव देखा गया। कच्चा कारोबार बताने वाले मिठाई, सब्जी से लेकर आवश्यक वस्तुओं की श्रेणी में आने वाले राशन विक्रेताओं और बारबर आदि की अधिकांश दुकानें भी आज बंद रहीं। इस पहल में जनक राज उप्पल, भगवत बिष्ट, नीरज तिवारी, नंद राम टम्टा, मो. राजा, डा. सीमा जोशी मिश्रा, रवि यादव, मो. मेहताब, कुशल खाती, विपिन पांडे, विपुल, दीपक राणा के साथ ही रमेश गुप्ता, दीपक सैनी, संदीप, भुवन सैनी, मो. रजा आदि का भी सहयोग रहा।

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नवीन समाचार, लालकुआं, 12 मई 2020। कबाड़ का कारोबार करने वाले एक व्यापारी को महिला पुलिसकर्मी द्वारा कथित तौर पर पीटे जाने के खिलाफ व्यापारी नेताओं ने पीड़ित व्यापारी का मेडिकल करवाकर उच्च अधिकारियों से कार्रवाई करने की मांग की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार लालकुआं ट्रान्सपोर्ट नगर के पास कबाड़ का कारोबार करने वाले रामकिशोर अग्रवाल ने बताया कि गत दिवस वह शिव मंदिर के सामने स्थित एक दुकानदार से गत्ता खरीद रहे थे। इसी दौरान वहां से गुजर रही महिला पुलिसकर्मी ने उनसे कबाड से भरा टुक-टुक रिक्शा हटाने के लिए कहा। व्यापारी ने कुछ देर बाद हटाने की बात कही तो महिला पुलिसकर्मी ने उसकी कथित तौर पर डंडे से पिटाई शुरू कर दी जिसके बाद व्यापारी का हाथ बुरी तरह से सूज गया। मामला व्यापार मंडल अध्यक्ष दीवान सिंह बिष्ट के सामने आया तो उन्होंने तुरंत पीड़ित व्यापारी को प्राथमिक चिकित्सा केंद्र ले जा कर उसका मेडिकल करवाया तथा कोतवाल सुधीर कुमार के माध्यम से उच्च अधिकारियों को शिकायत पत्र के माध्यम से उक्त महिला पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। कोतवाल सुधीर कुमार ने व्यापारी नेताओं को समझा-बुझाकर जांच करने का आश्वासन दिया।

यह भी पढ़ें : लॉक डाउन में छूट को लूटने बाजारों में लोग पड़े टूट, बदल सकती है व्यवस्था..

नवीन समाचार, नैनीताल, 4 मई 2020। केंद्र-राज्य सरकार के द्वारा लॉक डाउन के तीसरे चरण में बाजारों के खुलने में छूट दिये जाने से सोमवार को बाजारों में जबर्दस्त भीड़भाड़ रही। कपड़े, हार्डवेयर सहित कई दुकानें 20 मार्च के पूरे डेढ़ माह बाद खुलीं तो कई लोग भी डेढ़ माह बाद ही घर से निकले। ऐसा लगा मानो बाजारों में कोई लूट मची हो और लोग बंद बाड़ों में से छूट को लूटने टूट पड़े हों। हर ओर भीड़भाड़ दिखाई दी। लोग वाहनों पर भी अधिक संख्या में निकले। ऐसे में सोशल डिस्टेंसिंग रहनी संभव ही नहीं रही। गनीमत रही कि नगर में शराब की दुकानें आज नहीं खुल पायीं, अन्यथा स्थिति और भी अधिक भयावह होती।

लागू हो सकता है एक ओर की दुकान एक दिन, दूसरी ओर की दुकान के दूसरे दिन का फॉर्मूला
नैनीताल। नगर कोतवाल अशोक कुमार सिंह ने माना कि बाजार में काफी भीड़ भाड़ रही। ऐसे में उन्होंने कहा कि प्रशासन बाजारों में एक ओर की दुकान एक दिन, ओर दूसरी ओर की दुकान के दूसरे दिन खुलने का फॉर्मूला लागू कर सकता है।

शराब की दुकानें नहीं खुलीं, सस्ती बियर से काम चलाया
नैनीताल। नगर में पहले दिन सरकार के आदेशों के बावजूद मल्लीताल व तल्लीताल कहीं की भी शराब की दुकानें नहीं खुल पायीं। बताया गया कि दुकान स्वामी नया वित्तीय वर्ष शुरू होने की वजह से पुराने ठेकेदारों के साथ स्टॉक का मिलान कर रहे हैं। ऐसे में केवल मल्लीताल स्थित एकमात्र बियर की दुकान खुली। यहां पुराना स्टॉक होने के कारण बियर पुरानी दरों से भी करीब 30 रुपये बोतल सस्ती बिकी बताई गई। दुकान पर पुलिस का व्यवस्थाएं बनाने के लिए पहरा रहा। जिनके लिये संभव था, ऐसे लोगों ने शराब की जगह बियर की खरीददारी की। बताया गया है कि इस दौरान 36 पेटी बियर एवं महिलाओं द्वारा प्रयोग की जाने वाली ब्रीजर बिकीं। बियर लेने के लिए पुलिस ने शारीरिक दूरी बनाते हुए लाइन लगाई, जो बियर की दुकान से करीब डीआईजी कार्यालय तक लगी। इधर बताया जा रहा है कि तल्लीताल की दुकान मंगलवार से खुल जायेगी, जबकि मल्लीताल की दुकान के बारे में बताया जा रहा है कि दुकान अधिक महंगा राजस्व होने के कारण लॉटरी से यह दुकान प्राप्त करने वाले अनुज्ञापी न्यायालय की शरण लेकर दुकान चलाने से इंकार कर सकते हैं। ऐसे में यह दुकान नहीं भी खुल सकती है।

नहीं खुली तिब्बती मार्केट, 31 तक रह सकती है बंद
नैनीताल। तिब्बती मार्केट व माला बाजार नहीं खुले। तिब्बती शरणार्थी फाउंडेशन व तिब्बती मार्केट के अध्यक्ष पेमा गिकल शिथर ने बताया कि कोरोना की भयावहता की वजह से अभी कम से कम 17 मार्च तक तिब्बती मार्केट बंद ही रहेगी। जरूरत पड़ेगी तो 31 मई तक भी बंद रख सकते हैं। उन्होंने कहा कि अभी लापरवाही बरतने से अब तक की मेहनत बेकार जा सकती है।

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-नैनीताल जनपद की चार पर्वतीय तहसीलों में भी मिलेंगी केंद्र सरकार द्वारा दी गई छूटें, लॉक डाउन में छूट पर जिला प्रशासन ने साफ की स्थिति

नवीन समाचार, नैनीताल, 26 अप्रैल 2020। केंद्र एवं राज्य सरकार के रविवार से लॉक डाउन में छूट के बाबत जारी दिशा-निर्देशों और इसके बाद नैनीताल जिला प्रशासन द्वारा जनपद के रेड जोन में होने के बावजूद कुछ छूट देने के बावजूद बाजारों-दुकानों के खुलने पर स्थिति साफ नहीं हो पा रही है। जिला प्रशासन ने जनपद की आठ में से चार मैदानी तहसीलों-हल्द्वानी, रामनगर, लालकुआं व कालाढुंगी को छोड़कर शेष पर्वतीय तहसीलों-नैनीताल, धारी, ओखलकांडा व कोश्यां कुटौली में भी ग्रीन जोन की तरह छूटें अनुमन्य कर दी हैं। इसके बाद साफ स्थिति यह है कि राज्य के देहरादून, हरिद्वार व ऊधमसिंह नगर जिलों तथा नैनीताल जिले की चार मैदानी तहसीलों को छोड़कर शेष प्रदेश में ग्रीन जोन के तहत रविवार से कुछ छूटें लागू हो गयी हैं। इन छूटों के तहत नगर पालिका, नगर निगम या नगर पंचायत क्षेत्रों के बाहर आवश्यक वस्तुओं के साथ ही शराब व नाई तथा अन्य प्रतिबंधित श्रेणी की दुकानों को छोड़कर शेष दुकानें खुल सकेंगी। इसका अर्थ यह हुआ कि नैनीताल, भवाली, भीमताल, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, बागेश्वर आदि नगर नगर निकाय क्षेत्रों में आज की छूटों का कोई प्रभाव नहीं होगा। बल्कि इन नगर निकायों के इतर गैर निकाय क्षेत्रों, यथा-छोटे कस्बों व ग्रामीण क्षेत्रों में अब प्रतिबंधित श्रेणी की दुकानों को छोड़कर अन्य दुकानें सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक खुल सकेंगी। डीएम सविन बंसल ने साफ किया कि गरमपानी, खैरना, बेतालघाट, खुर्पाताल जैसे छोटे स्थानों पर रेस्टोरेंट-ढाबों आदि व प्रतिबंधित श्रेणी की दुकानों को छोड़कर एकल दुकानें खुल सकेंगी। बाजार में जहां कई दुकानें साथ होती हैं, वे नहीं खुलेंगी।अलबत्ता इन दुकानों में 50 फीसद ही कर्मचारी कार्य कर सकेंगे तथा लोगों को आवश्यक रूप से सामाजिक दूरी एवं मास्क पहनने होंगे। लोग केवल आवश्यक कार्य से ही इन दुकानों में खरीददारी करने के लिए आ सकेंगे। वहीं रेड जोन के क्षेत्रों में प्रतिबंध पूर्व की तरह लागू रहेगा।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 25 अप्रैल 2020। कोरोना विषाणु के संक्रमण को रोकने के लिए देश में 3 मई तक लागू लॉकडाउन के बीच आज 25 अप्रैल से गैर अत्यावश्यक वस्तुओं की दुकानें भी कुछ शर्तों के साथ खुल सकेंगी। इसके साथ लॉक डाउन के बाद देश की व्यवस्थाएं धीरे-धीरे पटरी पर लौटाने की राह भी बनती नजर आ रही है। अलबत्ता, देखने वाली बात होगी कि राज्य सरकार कैसे इन दुकानों को खोलती है। एसडीएम विनोद कुमार ने कहा कि इस बारे में राज्य सरकार की ओर से दुकानों को खोलने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देशों की प्रतीक्षा की जा रही है।
अलबत्ता, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शुक्रवार देर रात्रि जारी अपने आदेश में अपने पुराने 15 अप्रैल को जारी आदेश में संशोधन करते हुए शनिवार से जरूरी चीजों के साथ ही गैर-जरूरी चीजों की दुकानें खोलने की भी इजाजत दे दी है। आदेश के अनुसार लॉकडाउन के दौरान देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में दुकानें और स्थापना अधिनियम के तहत पंजीकृत और नगर निगम और नगर पालिका क्षेत्रों में मौजूद आवासीय परिसरों व निकट पड़ोस (गली मोहल्ले) की दुकानों के साथ ही एकल दुकानें खोलने की अनुमति होगी। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि इन दुकानों में 50 फीसद कर्मचारी ही काम करेंगे। उन्हें शारीरिक दूरी बनाए रखते हुए मास्क पहनना होगा और लॉकडाउन की शर्तो का पालन करना होगा। 24 मार्च से बंद गली मोहल्लों की दुकानें सरकार के इस फैसले से खुल जाएंगी और जिससे लाखों लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। मंत्रालय ने भी साफ कर दिया है कि हॉटस्पॉट और कंटेनमेंट जोन में किसी तरह की छूट नहीं दी गई है। एकल एवं बहु ब्रांड के मॉल इत्यादि भी फिलहाल नहीं खुलेंगे। नगर निगम क्षेत्र में आस-पड़ोस की दुकानें खोलने की अनुमति होगी। लेकिन निगम क्षेत्र में बाजार परिसर में मौजूद दुकानें तीन मई तक बंद रहेंगी। गौरतलब है कि पहले लॉकडाउन की वजह से सभी तरह के प्रतिष्ठान बंद कर दिए गए थे और सिर्फ जरूरी सामान जैसे सब्जी, फल, दवाई और किराना की दुकानों को ही खोलने की इजाजत दी गई थी।

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-हिंदू जागरण मंच ने लगाया आरोप, लाने वाले एवं दुकान लगाने वालों की जांच व मेडिकल जांच कराने की मांग पर डीएम को भेजा ज्ञापन
नवीन समाचार, नैनीताल, 11 अप्रैल 2020। हिंदू जागरण मंच ने डीएम को पत्र लिखकर शहर में बाहर से आने वाली वस्तुओं की जांच एवं लोगों की मेडिकल जांच करने की मांग की है। मंच की ओर से प्रदेश प्रचार प्रमुख हरीश राणा ने बताया कि नैनीताल शहर में अखबार लाने वाले लोगों, शहर में अलीगढ़ से आ रहे एक ब्रांड का दूध तथा फल-सब्जियां, ब्रेड एवं अन्य खाद्य सामग्री लाने वाले लोगों, वाहन चालकों की मेडिकल जांच करने की मांग की गई है। साथ ही शहर में लॉक डाउन खुलने के दौरान अति आवश्यकीय सेवा न होने के बावजूद कई दुकानों के खुलने एवं कई दुकानदारों द्वारा अपना पूर्व का व्यवसाय बदल कर दैनिक उपयोग की वस्तुएं बिना अनुमति के बेचने एवं शाम को लॉक डाउन के दौरान अत्यधिक संख्या में लोगों के आस-पास के जंगलों में जाने पर भी संज्ञान लेने को कहा गया है। उन्होंने एक घर में क्वारंटाइन किये गये व्यक्ति के पिता द्वारा भी अन्य वस्तुओं की दुकान में राशन बेचे जाने का आरोप भी लगाया है। उन्होंने नगर में सेनिटाइजेशन चैंबर स्थापित किये जाने की माग भी उठाई।

मुख्यालय में सब्जियां महंगी बेचे जाने के आरोप भी
नैनीताल। प्रशासन के द्वारा जहां हल्द्वानी, लालकुआं व अन्य स्थानों के लिए सब्जियांे की दरें तय की हैं, वहीं नैनीताल मुख्यालय के लिए ऐसी कोई दरें तय नहीं की गई हैं। ऐसे में यहां प्रशासन की देखरेख के बावजूद हल्द्वानी के मुकाबले डेढ़ गुना तक अधिक दरों पर सब्जियां बेची जा रही हैं। यहां तक कि यहां डीएसए मैदान में लग रही सब्जी मंडी में भी हरी सब्जियां भी 10 रुपए की एक अथवा 20 की तीन गड्डी तथा भिंडी 70, टमाटर 50-60, लौकी-गोभी, बैगन 30-40, कागजी नींबू 160, संतरे 50-60 रुपए प्रति किग्रा एवं केले 50 रुपए दर्जन के भाव बेची जा रही हैं। इसके साथ ही नगर में सब्जियां यूपी के रामपुर, स्वार, दड़ियाल से बिना सब्जी लाने वालों की कोई जांच किये लाये जाने तथा गैर आढ़तियों द्वारा भी आढ़त में सब्जियां बेचने एवं कम उपलब्धता वाली सब्जियों को मनमाने दामों में बेचे जाने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। वहीं बाजार में इन दिनों अन्य कामकाज करने वाले लोगांे द्वारा भी अत्यधिक संख्या में सब्जी-दूध आदि बेचे जाने की सूचनाएं आ रही हैं।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 3 अप्रैल 2020। नगर में शुक्रवार को सब्जियां काफी सस्ते दामों पर बिकी। हालात यह है कि लॉकडाउन से पूर्व तक जहां लोगों की भीड़ को 10 बजे तक आढ़त से हटाना पड़ता था। वहीं इन दिनों सब्जियों के लिए लाइनें बिल्कुल भी नहीं लग रही हैं और आखिर में भी आढ़तियों को सब्जियां वापस ले जानी पड़ रही हैं। अलबत्ता सब्जियों के दाम स्थिर बने हुुए हैं। हरी सब्जियां कम मिल पा रही हैं। जबकि फल महंगे हैं। केले 50 रुपए दर्जन से नीचे नहीं मिल रहे हैं। अलबत्ता आलू 20 रुपया किलो, प्याज 25 रुपया किलो तथा 10 से 20 रुपया किलो टमाटर, 20 रुपया किलो बीन, 20 रुपया किलो कद्दू, 20 रुपया किलो लौकी आदि बिक रही हैं। वहीं बाजारों में सब्जियों की दुकानों में डीएसए मैदान से डेढ़ से दो गुने तक दाम बने हुए हैं। वहीं राशन की दुकानों में भी कोई भीड़ नजर नहीं आ रही है। यहां तक कि सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों में भी खास भीड़ नहीं है। लोग सामाजिक दूरी बनाते हुए खरीददारी कर रहे हैं। नैनीताल क्लब के पास की दुकान पर जरूर अधिक राशन कार्ड जुड़ने से लाइन लग रही है। इसका कारण यह बताया जा रहा है कि लोग पहले ही इकट्ठे सब्जियों की खरीददारी कर चुके हैं। इधर शुक्रवार को प्रधानमंत्री जनधन योजना के खातों में सरकार से धनराशि जमा होने के बाद भीड़ होने की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन ऐसी उल्लेखनीय भीड़ नगर के बैंकों में नजर नहीं आई। अलबत्ता, सुबह एक बजे तक मिली छूट के दौरान कुछ लोग सामाजिक दूरी बरतने में जरूर लापरवाह नजर आ रहे हैं।

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-सोमवार को राशन व पशु चारा भी बेचने का प्रबंध कर सकता है प्रशासन

डीएसए मैदान में प्रशासन द्वारा लगाई गई दुकान में बिना लाइन सामाजिक दूरी बनाते हुए खरीददारी करते लोग।

नवीन समाचार, नैनीताल, 29 मार्च 2020। कोरोना (कोविड -19) महामारी से लड़ने के लिये लॉक डाउन लगने के बाद से सरोवरनगरी में सब्जियां लेने को लेकर मची मारामारी समाप्त हो गई है। यहां सब्जियां के लिए अचानक लोगों की भीड़ लगने पर सब्जी मंडी को पहले डीएसए मैदान में स्थानांतरित करना पड़ा था। डीएसए मैदान में भी शुरुआती दो दिन सब्जियां लेने के लिए अफरातफरी का माहौल रहा, और लोगों को लंबी लाइनों में लगकर सब्जियां खरीदनी पड़ीं। लेकिन शनिवार को लाइनों में आई कमी के बाद रविवार को लाइन लगनी बंद हो गई। ऐसे में यहां लोगों ने आराम से सोशल डिस्टेंसिंग यानी सामाजिक दूरी बनाते हुए खरीददारी की। इस कार्य में एसडीएम विनोद कुमार, तहसीलदार भगवान सिंह चौहान, नगर कोतवाल अशोक कुमार, नगर पालिका अध्यक्ष सचिन नेगी तथा पुलिस एवं नगर पालिका के कर्मी उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं। आगे प्रशासन की ओर से राशन एवं पशु चारा भी मंगवाकर बेचने की तैयारी है।
उल्लेखनीय है कि डीएसए मैदान में सब्जी आढ़तियों के साथ ही पुलिस-प्रशासन ने भी अपने खर्च पर सब्जियां खरीदकर खरीद की दरों पर ही सस्ती सब्जियां बेचने के लिए स्टॉल लगाया हुआ है। यहां आलू 130 एवं प्याज 150 रुपए का पांच किलो तथा मटर 35 रुपए प्रति किग्रा के भाव से बेची गई। सब्जियां बेचने में भाजपा के पूर्व नगर अध्यक्ष मनोज जोशी, भाजयुमो नगर अध्यक्ष विकास जोशी, पूर्व अध्यक्ष मोहित साह आदि स्वयं सेवी योगदान दे रहे हैं। इससे अन्य दुकानों में भी सब्जियां कमोबेश ऐसी ही सस्ती दरों पर उपलब्ध हुईं। अलबत्ता नगर में कुछ लोगों के द्वारा मटर 80 रुपए प्रति किग्रा के भाव तक बेचे जाने की भी चर्चा हो रही है।

राशन बेचने पर व्यापार मंडल में दो फाड़ ! चालान के बाद भी प्रशासन का दे रहे साथ

नैनीताल। नगर में सब्जियां की व्यवस्था तो सुधर गई है, किंतु राशन के मामले में ऐसा नहीं है। मल्लीताल व्यापार मंडल के गत दिनों पुलिस प्रशासन से नाराजगी के बाद बाजार बंद कराने के बाद बाजार में राशन जैसे आवश्यकीय सेवाओं की केवल प्रभु दयाल हरबंश लाल, गर्ग एंड कंपनी व श्याम संुदर पंसारी की दुकानें ही खुल रही थीं। इस पर प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल को भी हस्तक्षेप कर दुकानें खोलने को कहना पड़ा है। इसके बाद प्रभु दयाल हरबंश लाल, गर्ग एंड कंपनी व श्याम संुदर पंसारी के साथ ही गिरीश लाल साह, भुवन चंद्र जोशी, वाहिद, खालिक, सुरेश बवाड़ी एंड कंपनी व पतंजलि स्टोर आदि की दुकानें भी खुलने लगी हैं। लेकिन शेष बाजार बंद ही रह रही है। प्रभु दयाल हरबंश लाल फर्म के सुमित खन्ना ने बताया कि प्रशासन ने गत दिवस गलतफहमी में उनकी दुकानों का चालान भी कर दिया था, बावजूद वे इस नाजुक समय में प्रशासन के साथ हैं, और व्यापार मंडल के रुख से अलग होकर न केवल दुकान खोलकर सामान न्यूनतम दरों में बेच रहे हैं, वरन गरीबों एवं जरूरतमंदों की भरपूर मदद भी कर रहे हैं।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 27 मार्च 2020। महंगी सब्जी बेचने के आरोप में तल्लीताल थाना पुलिस ने तल्लीताल बाजार के सब्जी विक्रेता आदित्य साह के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत अभियोग पंजीकृत कर दिया है। तल्लीताल थाना प्रभारी विजय मेहता ने बताया कि जिला पूर्ति निरीक्षक राहुल डांगी की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई है। श्री डांगी ने पुलिस को सूचना दी थी कि सब्जी विक्रेता आदित्य साह के द्वारा तल्लीताल बाजार में फल व सब्जियों को बाजार भाव से अत्यधिक ऊंचे दाम पर बेचा जा रहा है, जो कि आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत अपराध है।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 26 मार्च 2020। बृहस्पतिवार सुबह पुलिस व व्यवसायियों के बीच हुए तनाव से प्रशासन द्वारा नगर के बड़े डीएसए फ्लैट्स मैदान में सब्जी बेचने के लिए की गई व्यवस्था पर पलीता लग गया। यहां सब्जियों की गाड़ियां आई भीं, लेकिन व्यवसायियों-आढ़तियों ने इन्हें खरीदकर बेचने से इंकार कर दिया। इस पर अजीबो-गरीब स्थितियां उत्पन्न हो गईं। लंबी लाइनों में खड़े लोग भी इस पर आक्रोशित हो गए। उन्होंने व्यापार मंडल अध्यक्ष से भी बात की, लेकिन वे बिना समाधान किए चले गए। इसके बाद पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारियों ने स्वयं पैंसे मिलाकर गाड़ियों में रखी सब्जियां खरीदीं और नगर के स्वयं सेवी युवाओं के माध्यम से आम जनता को उपलब्ध कराईं। इस दौरान केवल आलू, प्याज, मटर व हरी धनिया ही उपलब्ध कराई जा सकीं। सब्जियों की कम उपलब्धता के कारण लोगों के लिए लाइन में दूर खड़े होने के लिए बनाई गई व्यवस्था ध्वस्त हो गई, और लोग एक दूसरे से सटकर खरीददारी करते देखे गए। फिर भी सुबह नौ बजे तक ही सारी सब्जियां बिक गईं, कई मौजूद लोगों को सब्जियां नहीं मिल पाईं। ऐसे में अनेक लोगों को बिना सब्जियां लिए लौटना पड़ा। ऐसे में कई लोग मल्लीताल बाजार स्थित सब्जी की दुकानों पर आ गये। यहां भी सब्जियां खरीदने के लिए भारी जमावड़ा दिखा। वहीं राशन आदि की बेहद सीमित दुकानें ही खुलीं, और उन्होंने बाहर से खाद्यान्न न आने की बात कह सामान समाप्त होने की बात कही।
खाद्यान्न-सब्जियां लाने वाले वाहनों पर कोई रोक नहीं, आगे होम डिलीवरी की तैयारी
नैनीताल। इधर एसडीएम विनोद कुमार ने साफ किया कि खाद्यान्न एवं सब्जियां लाने वाले वाहनों पर कभी भी रोक नहीं है। एसडीएम विनोद कुमार ने सब्जी आढ़तियों, स्वयं सेवियों से कई बैठकें कीं और शुक्रवार से व्यवस्थाएं बेहतर होने का विश्वास जताया। कहा कि सब्जियों की दरें भी सार्वजनिक की जाएंगी। वहीं मल्लीताल व्यापार मंडल अध्यक्ष किशन सिंह नेगी ने मल्लीताल कोतवाल अशोक कुमार सिंह पर दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने बीती रात्रि बेवजह एक आढ़ती को उसके घर के पास पीटा। वे बाजार में अन्य लोगों से भी बेवजह बदतमीजी कर रहे हैं। इसलिए उनके द्वारा माफी मांगने की मांग रखी गई है। वहीं यह पूछने पर कि व्यापारी ऐसे नाजुक समय में अपनी दुकानें बंद कर अपनी जिम्मेदारी का निर्वाह नहीं कर रहे हैं, उन्होंने कहा कि बाहर से आपूर्ति में समस्या है। अलबत्ता उन्होंने कहा कि शुक्रवार को सात नंबर एवं शनिवार को सूखाताल में वाहनों से सब्जियांे की आपूर्ति की जाएगी। इसी तरह आगे अन्य इलाकों में भी सब्जियां पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।

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-डीएसए मैदान में लगेगी सब्जी मंडी, आदेश जारी

Cricket Match in Flats Nainital -1899

नवीन समाचार, नैनीताल, 25 मार्च 2020। कोरोना विषाणु के संक्रमण को देखते हुए मुख्यालय में सब्जी मंडी का संचालन अगले आदेशों तक मल्लीताल सब्जी मंडी वर्तमान रामलीला मैदान के स्थान पर नगर के ऐतिहासिक डीएसए-फ्लैट्स मैदान में लगेगी। एसडीएम विनोद कुमार ने बुधवार को नोवल कोरोना विषाणु के संक्रमण की रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु आढ़तियों एवं उपभोक्ताओं की भीड़भाड़ को देखते डीएसए मैदान का अधिग्रहण कर आदेश जारी कर दिए हैं। इसके साथ ही तल्लीताल की मंडी तल्लीताल डांठ पर लगेगी। उल्लेखनीय है कि कोरोना के संक्रमण बढ़ने के बाद मौजूदा मंडी स्थल में उपभोक्तओं एवं विक्रेताओं की भीढ़ बढ़ने के कारण ‘सोशल डिस्टेंसिंग’ के प्रयास निष्प्रभावी हो रहे थे। इसी कारण मंडी का स्थल बदला गया है। एसडीएम विनोद कुमार ने कहा कि आगे सब्जियों की नगर में आपूर्ति सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही भीड़भाड़ रोकने के दृष्टिकोण से प्रमुख खाद्यान्नों की बिक्री का प्रबंध भी डीएसए मैदान में करने पर भी विचार किया जा रहा है।

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सिर्फ तीन घंटे की छूट पड़ सकती है कोरोना पर भारी, भीड़ में लोग नहीं रख पा रहे सोशल डिस्टेंसिंग का खयाल
नवीन समाचार, नैनीताल, 25 मार्च 2020। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर देश 21 दिन के ‘लॉक डाउन’ पर है। संकल्प मजबूत है-कोरोना को हराना है, किसी भी हाल में रोड पर नहीं जाना है। लेकिन प्रशासनिक व्यवस्थाओं की कमी से इस अभियान की सफलता पर पूरा विश्वास नहीं हो रहा। लॉक डाउन के दूसरे दिन ही, सुबह के एक घंटे में ही जिला-मंडल मुख्यालय नैनीताल की मंडी से सब्जी गायब हो गयी है। नौ बजे तो पूरी मंडी ही उठ चुकी थी। बताया गया कि प्रधानमंत्री के संबोधन के बाद अति सक्रिय हुई पुलिस की सख्ती की वजह से आज केवल हल्द्वानी व गांवों से एक-एक पिकप सब्जी ही आई और कुछ ही देर में बिक गई।
इसके अलावा भी बाजार में चीनी नहीं है। 45-60 रुपए से सस्ता चावल उपलब्ध नहीं है। आटा भी खत्म होने को है। साथ ही दुकानों में पहले से मौजूद अन्य खाद्य सामग्री भी खत्म हो रही है, और दुकानदार कह रहे हैं आगे कोई सामान आने की उम्मीद भी नहीं है। पुलिस का खौफ सुबह 7 से 10 बजे की अनुमन्य समय सीमा के दौरान भी दुकानदारों पर दिख रहा है। आवश्यक सामग्री के दुकानदार भी दुकानें नहीं खोल रहे या दुकान का छोटा हिस्सा की खोलकर सामान दे रहे हैं। इससे राशन ही नहीं दवाइयों की दुकानों पर भी भारी भीड़ इकट्ठा हो रही है, और प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के आह्वान तथा कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए जरूरी ‘सोशल डिस्टेंसिंग’ को पलीता लगा रही है। इस बारे में पूछे जाने पर जिला पूर्ति अधिकारी मनोज वर्मन ने कहा कि अप्रैल माह में सार्वजनिक वितरण प्रणाली की यानी सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों में खाद्यान्न की आपूर्ति सुचारू की जा रही है। इसके साथ ही बाजारों की दुकानों में भी आपूर्ति सुचारू करने के प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आपूर्ति में व्यवधान पहुंचाने एवं आगे सामग्री न आने की अफवाह फैलाने वाले दुकानदारों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 23 मार्च 2020। नैनीताल शहर में मेडिकल स्टोर दिन में पूरे 24 घंटे जबकि आवश्यक वस्तुओं यानी राशन आदि की दुकानें एवं मल्लीताल स्थित सब्जी मंडी सुबह सात बजे से सुबह 10 बजे तक खुलेगी। इनके अलावा कोई भी दुकानें, रेस्टोरेंट आदि किसी भी स्थिति में नहीं खोले जाएंगे। सोमवार को पुलिस-प्रशासन एवं नगर के व्यापार मंडल अध्यक्षों के बीच हुई वार्ता के बाद यह निर्णय लिया गया है। 
यह भी तय किया गया कि दूध अधिकृत विक्रेताओं के द्वारा ही बेचा जाएगा। सभी दुकानदारों को मास्क एवं सैनिटाइजर का अनिवार्य रूप से प्रयोग करना होगा तथ आवश्यक वस्तुएं, खाद्यान्न एवं सब्जी आदि निर्धारित मूल्य पर हीे बेचेंगे। निर्धारित से अधिक मूल्य पर बिक्री करने पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी व्यक्ति आवश्यक वस्तुओं के नाम पर अन्य वस्तुओं की बिक्री नहीं करेंगे। अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। बैठक में एसडीएम विनोद कुमार, एएसपी राजीव मोहन, सीओ विजय थापा, तल्लीताल थानाध्यक्ष विजय मेहता, मल्लीताल व्यापार मंडल किशन नेगी व तल्लीताल व्यापार मंडल अध्यक्ष भुवन लाल साह मौजूद रहे।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 21 मार्च 2020। नगर के मल्लीताल व्यापार मंडल ने रविवार 22 मार्च से 25 तक नगर की बाजारों को स्वैच्छिक रूप से बंद करने का ऐलान कर दिया है। इस बारे में शनिवार दोपहर से बाजारों में मुनादी भी करवा दी गई है। व्यापार मंडल के उपाध्यक्ष कमलेश ढोंढियाल ने बताया कि 22 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर सभी प्रतिष्ठान ‘जनता कर्फ्यू’ के तहत बंद रहेंगे, जबकि 23 से 25 तक आवश्यक वस्तुओं के अंतर्गत सब्जी व राशन की दुकानों तथा मेडिकल स्टोरों को बंद से छूट देने की बात कही गयी है। वहीं अध्यक्ष किशन नेगी ने कहा कि बंदी स्वैच्छिक आधार पर रहेगी। दुकानें बंद करने के लिए किसी तरह की जबर्दस्ती नहीं की जाएगी। वहीं तल्लीताल व्यापार मंडल के अंतर्गत दुकानों को 22 मार्च को पूर्णतया बंद रखने का निर्णय लिया गया है।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 20 मार्च 2020। नगर के तल्लीताल बाजार में एक प्रतिष्ठान में शुक्रवार शाम एक ग्राहक द्वारा की गई बदजुबानी पर नगर के व्यापारियों में उबाल आ गया। व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए। रात्रि में काफी देर तक हंगामा चला। व्यापारियों ने आगे ग्राहक के मांफी मांगने तक बाजार बंद रखने, और उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश व रजिस्ट्रार जनरल से शिकायत करने की बात कही है।
नगर के तल्लीताल क्रांति चौक स्थित आयुष्मान नाम के प्रतिष्ठान के स्वामी ने बताया कि शुक्रवार देर शाम एक बच्चा उनके प्रतिष्ठान पर आकर 348 रुपए में सेनिटाइजर ले गया और बाद में पसंद नहीं आया कहकर उसे वापस कर गया। उसे खुले न होने के कारण 350 रुपए लौटाए गए। इसके कुछ देर बाद ही एक व्यक्ति प्रतिष्ठान में आए और आते ही गाली-गलौज करने लगे। उनका कहना था कि इसी सेनिटाइजर की ऑनलाइन कीमत कम है। उन्होंने बिल दिखाने को कहा और बिल देखने से पहले ही उन्होंने पुलिस को फोन कर दिया कि इन्हें गिरफ्तार करो। लेकिन जब उन्हें बिल दिखाया गया तो वे चले गए। जीएसटी युक्त बिल में सेनिटाइजर की एमआरपी 348 रुपए ही अंकित थी। उनके जाने के बाद पुलिस आ गई और उधर तल्लीताल व्यापार मंडल के सारे व्यापारी भी बाजार बंद कर एकत्र हो गए। पुलिस के अधिकारियों को भी वस्तुस्थिति से अवगत कराया गया। व्यापारियों ने कहा कि आरोप लगाने वाले व्यक्ति जब तक अपने आरोप वापस नहीं लेंगे और अपनी बदजुबानी पर मांफी नहीं मांगेंगे, तब तक वे बाजार बंद रखेंगे। इस पर पूर्व व्यापार मंडल अध्यक्ष मारुति नंदन साह ने कहा कि इस मुद्दे पर नगर के तल्लीताल व मल्लीताल व्यापार मंडल तथा नैनीताल होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन एक साथ हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश व रजिस्ट्रार जनरल से शिकायत की जाएगी।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 20 मार्च 2020। नगर पालिका नैनीताल ने शुक्रवार को नगर में पर्यटन से जुड़े घोड़ों व नावों का संचालन बंद कर दिया है। इसके साथ ही चार्ट पार्क व भोटिया मार्केट बंद करने की मुनादी भी करवा दी गई है। वहीं नगर के तिब्बती शरणार्थी समुदाय के लोगों ने स्वयं ही अपनी संकरी व नगर की खरीददारी के लिए प्रसिद्ध तिब्बती मार्केट को बंद कर दिया है। नगर पालिका की कर अधीक्षक लता आर्य ने अधिशासी अधिकारी अशोक कुमार वर्मा के हवाले से बताया कि नगर के कोरोना संक्रमण के विभिन्न संभावित क्षेत्रों-तल्लीताल, मल्लीताल बाजार व बारापत्थर घोड़ा स्टेंड एवं शौचालयों में संक्रमण रोधी दवा का छिड़काव कर दिया गया है। पूछे जाने पर बताया कि समस्त पर्यावरण मित्रों को सेनिटाइजर, ग्लब्स व मास्क भी दे दिये गए हैं।
इधर शुक्रवार को डीएम सविन बंसल ने कोरोना के दृष्टिगत जनपद के सभी मंदिर, मस्जिद, गुरूद्वारों व चर्च आदि के धर्मगुरूओं से शुक्रवार सुबह अपील की थी कि कोरोना विषाणु के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए भीड़-भाड़ या किसी भी जमावड़े को टालें या सम्भव हो सके तो स्थगित करें। इसका कुछ असर भी हुआ। बताया गया कि नगर की मुख्य जामा मस्जिद में अन्य दिनों के मुकाबले काफी कम लोग जुमे की नमाज अदा करने पहुंचे और उनमें से कई से मास्क भी लगाए हुए थे। इधर नगर की आराध्य देवी माता नयना के प्रसिद्ध मंदिर को लोगों को कोरोना से बचाने के उद्देश्य से शनिवार सुबह से बंद करने की घोषणा कर दी गई है। मंदिर के मुख्य ट्रस्टी राजीव लोचन साह ने बताया कि आज कार्यकारिणी की बैठक में इस बारे में निर्णय लिया जा जा रहा है।

‘पैनिक खरीददारी’ के दृष्टिगत प्रशासन ने की बाजारों में छापेमारी

नैनीताल। नगर के बाजारों व सब्जी मंडी में कोरोना विषाणु के भय के दृष्टिगत लोगों द्वारा बड़ी मात्रा में की जा रही ‘पैनिक खरीददारी’ की सूचना पर एसडीएम विनोद कुमार व सीओ विजय थापा ने डीएसओ मनोज वर्धन के साथ मिलकर मल्लीताल बाजार में छापेमारी की। इस दौरान उन्होंने दुकानदारों एवं व्यापार मंडल से अधिक खरीददारी कर रहे लोगों को अधिक सामान न देने तथा किसी तरह की कालाबाजारी न करने की हिदायत दी। इस हेतु दुकानों के बाहर सामान की दरें प्रदर्शित करने को भी कहा। मंडी के लिए व्यवस्था दी कि यहां केवल नगर के पुराने सब्जी विक्रेता ही सब्जी बेचंेगे। बाहरी सब्जी विक्रेताओं को सब्जी बेचने की इजाजत नहीं होगी। दुकानों में कोरोना विषाणु का संक्रमण रोकने के दृष्टिगत मास्क एवं हैंड सेनिटाइजर का प्रयोग करने की हिदायत भी दी गई।

यह भी पढ़ें :कोरोना पर बाजार बंद की अफवाह से खाली हो गया बाजार से राशन

नवीन समाचार, नैनीताल, 19 मार्च 2020। कोरोना के दृष्टिगत बृहस्पतिवार को सरोवरनगरी के बाजारों-खासकर मल्लीताल बाजार में बृहस्पतिवार को कल से बाजार बंद होने की अफवाह फैल गई। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग नगर के बाजारों में उमड़ आए और आवश्यकता से अधिक ‘पैनिक खरीददारी’ की। फलस्वरूप बाजार में आटा, चीनी जैसे उत्पाद पूरी तरह से बिक गए और बाजार इन उत्पादों से खाली हो गए। प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के पूर्व जिला उपाध्यक्ष जगदीश बवाड़ी ने बताया कि लोग एक मुश्त तीन माह तक का राशन ले गए हैं। जिन्हें सामान नहीं मिला वे अपनी पहले से तय दुकानों पर अगले तीन माह के राशन की एकमुश्त बुकिंग कर गए हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि डरने की कोई वजह नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बाजारों के बंद न होने पर बात साफ की है। आगे भी बाजारों में सामान पर्याप्त मात्रा में मिलता रहेगा।

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-मल्लीताल व्यापार मंडल ने किया जिला उद्योग व्यापार मंडल द्वारा घोषित चुनाव कार्यक्रम का बहिस्तार
-अपना स्वयं पंजीकरण कराकर चुनाव कराने का किया ऐलान

मल्लीताल व्यापार मंडल की बैठक में मौजूद पदाधिकारी।

नवीन समाचार, नैनीताल, 4 मार्च 2020। नगर के मल्लीताल व्यापार मंडल ने प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल की जिला इकाई द्वारा मंगलवार को घोषित चुनाव कार्यक्रम का बहिस्कार करने तथा अपनी स्वतंत्र इकाई का अलग से पंजीकरण कराकर चुनाव कराने का ऐलान कर दिया है। आरोप लगाया कि प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल नगर के व्यापारियांे के दुःख-दर्द में शामिल नहीं होता है, तथा उसने चुनाव कार्यक्रम की घोषणा बिना विश्वास में लिये की है। यहां तक कि चुनाव कराने के लिए घोषित मुख्य चुनाव अधिकारी अमित साह और बनाई गई चुनाव संचालन समिति में रखे गए पदाधिकारियों से तक सहमति नहीं ली गई। दिलचस्प बात यह भी रही कि व्यापारियों ने सर्वसम्मति से प्रांतीय व्यापार मंडल द्वारा घोषित मुख्य चुनाव अधिकारी अमित साह को ही अपनी संस्था के पंजीकरण, आम सभा बुलाने, सदस्यता अभियान चलाने एवं चुनाव कराने की जिम्मेदारी दे दी।
बुधवार को मल्लीताल व्यापार मंडल की आर्य समाज मंदिर में अध्यक्ष किशन सिंह नेगी की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में सर्वानुमति से प्रांतीय उद्योग व्यापार द्वारा घोषित चुनाव कार्यक्रम का बहिस्कार करने एवं अपनी स्वतंत्र इकाई का पंजीकरण, सदस्यता अभियान चलाने व चुनाव कराने की जिम्मेदारी अमित साह को सोंपी गई। बैठक में व्यापार मंडल के उपाध्यक्ष कमलेश ढोंढियाल, देवेंद्र मेहरा पारस, संजय बिष्ट, नरेंद्र लाल साह, राजेश वर्मा, प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल द्वारा घोषित चुनाव संचालन समिति में शामिल गए रुचिर साह, पुनीत टंडन, त्रिभुवन फर्त्याल, विवेक साह, आनंद खम्पा, पप्पू कर्नाटक व धीरेंद्र बिष्ट सहित अन्य पदाधिकारी शामिल रहे।

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नवीन समाचार, देहरादून, 3 मार्च 2020। प्रांतीय उद्योग व्यपार मंडल की जिला इकाई ने एक बार पुनः नगर के मल्लीताल व्यापार मंडल के चुनावों की घोषणा कर दी है। लेकिन इसके बावजूद सवाल उठ रहा है, सवाल हो पाएंगे क्या ? ऐसा इसलिए कि मल्लीताल व्यापार मंडल में पिछले 12 वर्षों में कई बार चुनावों की घोषणा हो चुकी है, किंतु चुनाव हो नहीं पाए हैं।
बहरहाल, इधर मंगलवार को प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिला महामंत्री हर्षवर्धन पांडे ने बताया कि चुनाव के लिए चार से 12 मार्च तक सदस्यता अभियान चलाया जाएगा। इसके बाद 13 से 17 मार्च तक सदस्यता पर आपत्तियों का निवारण, नामांकन, नामांकन पत्रों की जांच, नाम वापसी और चुनाव चिन्ह आवंटन तथा 18 मार्च को मतदान एवं इसी दिन शाम को चुनाव परिणाम की घोषणा की जाएगी। चुनाव के लिए जिलाध्यक्ष विपिन गुप्ता ने कार्यकारी जिलाध्यक्ष रामपाल गंगोला, जीत सिंह आनंद, रवैल सिंह, मारुति नंदन साह, रईस खान, अमित गुप्ता के नेतृत्व में चुनाव संचालन समिति की घोषणा कर दी है। अमित साह को मुख्य चुनाव अधिकारी व सैयद नदीम मून को कानूनी सलाहकार मनोनीत किया गया है। चुनाव संचालन समिति में महेश नैनवाल, गुरविंदर सिंह, पवन शर्मा, पुनीत टंडन, देव कंसल, हिमांशु जोशी, बांगदी, रुचिर साह, विकास जायसवाल व हारून खान पम्मी को शामिल किया गया है।
उल्लेखनीय है कि जिला इकाई पूर्व वर्षों में भी चुनाव की घोषणा करती आई है लेकिन एक दशक से अधिक लंबे समय से मल्लीताल व्यापार मंडल के चुनाव नहीं हो पाए हैं।

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-टैक्स की दरों से लेकर स्लैब तक जीएसटी में बड़े बदलाव की तैयारी, लग सकता है झटका
नवीन समाचार, नई दिल्ली, 7 दिसंबर 2019। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को लागू हुए ढाई वर्ष के करीब हो रहे हैं। इस बीच जीएसटी काउंसिल ने टैक्स ढांचे से लेकर, टैक्स रेट तक कई बदलाव किए और अब कहा जा रहा है कि यह 5 फीसद के मौजूदा बेस टैक्स स्लैब को बढ़ाकर 9 से 10 फीसद तक करने पर विचार कर सकती है। टैक्स रेवेन्यू बढ़ाने को प्रयासरत जीएसटी काउंसिल मौजूदा 12ः का टैक्स स्लैब खत्म करते हुए इसके दायरे में आने वाले सभी 243 प्रॉडक्ट्स को 18ः के टैक्स स्लैब में धकेलने पर भी मंथन कर सकती है।
अगर ये अनुमान सही होते हैं और इसी अनुसार जीएसटी स्ट्रक्चर में बदलाव किया गया तो ग्राहकों की जेबें तो ढीली होंगी, लेकिन सरकार के खजाने में 1 लाख करोड़ रुपये ज्यादा आने लगेंगे। अनुमान है कि टैक्स दरों में प्रस्तावित बदलाव के अलावा अब उन वस्तुओं पर भी टैक्स लगाया जा सकता है जो अभी टैक्स फ्री हैं। अभी श्महंगेश् निजी अस्पतालों में इलाज से लेकर होटलो में प्रति रात 1 हजार रुपये तक के किराए वाले कमरों में रहने पर बिल के भुगतान के वक्त टैक्स नहीं देना पड़ता है। शीर्ष सूत्रों की मानें तो ये सभी कर मुक्त वस्तुएं एवं सेवाएं जीएसटी के दायरे में आ सकती हैं। कहा जा रहा है कि जीएसटी काउंसिल के पास कार जैसे उत्पादों पर लेवी बढ़ाने की गुंजाइश नहीं के बराबर है। 1 जुलाई, 2017 को जीएसटी लागू होने के बाद से सैकड़ों वस्तुओं पर टैक्स रेट में कटौती हुई जिससे प्रभावी टैक्स रेट 14.4ः से घटकर 11.6ः पर पहुंच चुका है। इससे टैक्स से प्राप्त रकम में सालाना करीब दो लाख करोड़ रुपये की कमी आई है। अगर पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यन की अध्यक्षता वाली समिति की सिफारिश के मुताबिक, 15.3ः की रेवेन्यू न्यूट्रल टैक्स रेट पर विचार किया जाए तो यह घाटा बढ़कर 2.5 लाख करोड़ रुपये हो जाता है। देश में गहरा रही आर्थिक सुस्ती ने टैक्स रेवेन्यू में गिरावट की समस्या बढ़ा दी है। चूंकि केंद्र सरकार ने जीएसटी लागू होने के पहले चार वर्षों तक राज्यों के कर संग्रह में 14ः से कम वृद्धि होने की सूरत में अपने खाते से भरपाई करने का वादा किया है, इसलिए कम कर संग्रह के कारण अब उसे हर महीने करीब 13,750 करोड़ रुपये राज्यों को बतौर मुआवजा देना पड़ रहा है। एक आधिकारिक आकलन के मुताबिक, अगले वर्ष तक यह रकम बढ़कर 20 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। इसमें कोई संदेह नहीं कि दरों में परिवर्तन से कीमतें बढ़ेंगी। ऐसे में पिछले कुछ वर्षों से महंगाई पर लगी लगाम ढीली पड़ सकती है। इसी के मद्देनजर कहा जा रहा है कि जीएसटी काउंसिल संभवतः टैक्स फ्री वस्तुओं के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं करेगी, बल्कि न्यूनतम टैक्स स्लैब बदलकर ही ज्यादा-से-ज्यादा भरपाई करने की कोशिश होगी। सरकारी अधिकारियों का मानना है कि केंद्र सरकार अगले हफ्ते जीएसटी में प्रस्तावित बदलाव पर महामंथन करेगी। अगर प्रस्ताव स्वीकार किए जाते हैं तो टैक्स रेवेन्यू में वृद्धि तो होगी ही, जीएसटी तीन दरों तक सिमट भी जाएगी।

यह भी पढ़ें : व्यापार मंडल में दोफाड़ ! निर्विरोध अध्यक्ष के बाद अब नये अध्यक्ष व महासचिव

-मनोनीत-कालाढूंगी व्यापार मंडल की दूसरी कार्यकारिणी का गठन
नवीन समाचार, नैनीताल, 23 अप्रैल 2019। जनपद के कालाढुंगी के व्यापार मंडल में दोफाड़ की स्थिति बन गयी है। गत दिवस सिने कलाकार मयंक मेहरा को कालाढुंगी व्यापार मंडल का निर्विरोध अध्यक्ष निर्वाचित घोषित किया गया था। जबकि इधर देवभूमि व्यापार मंडल उत्तराखण्ड के प्रदेश अध्यक्ष अमरजीत सिंह चड्ढ़ा व प्रदेश महामंत्री नरेंद्र अरोरा ने आपसी सहमति से कालाढूंगी नगर इकाई का गठन करते हुवे राजेश कुमार गोयल को अध्यक्ष व शाकिर हुसैन को महासचिव मनोनीत किया। उन्होंने दोनों मनोनीत पदाधिकारियों से व्यापारी हित मे कार्य करने की आशा व्यक्त करते हुए संगठन को मजबूती प्रदान करने तथा शीघ्र नगर की पूरी टीम का गठन किए जाने को कहा। उन्होंने मनोनीत पदाधिकारियों को संगठन की मांन-मर्यादा को बरकरार रखते हुए व्यापारी हित मे कार्य करने की भी सलाह दी। इस मौके पर संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष दलजीत सिंह ‘दल्ली’, जिला अध्यक्ष पंकज कपूर व पूर्व अध्यक्ष व वरिष्ठ व्यापारी नेता फारूक सिद्दीकी आदि मौजूद रहे। बताया जा रहा है कि नैनीताल मुख्यालय सहित कुछ और व्यापार मंडलों में भी जल्द ही ऐसी ही दोफाड़ की स्थिति आ सकती है।

यह भी पढ़ें : जीएसटी वार्षिक रिटर्न भरने से पहले जरूर ले लें यह जानकारियां

सुंदर प्रकाश बड़कोटी @ नवीन समाचार, 7 दिसंबर 2018। सामान्य करदाताओं (जीएसटीआर-9) और कंपोजीशन योजना के तहत आनेवाले करदाताओं (जीएसटीआर-9ए) के लिये सालाना रिटर्न फार्म भरने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2018 है। इसलिए आज हमारे विशेषज्ञ हमारे व्यवसायी पाठकों के लिए जीएसटी के सालाना रिटर्न फार्म भरने  उपयोगी जानकारी दे रहे हैं। यदि इसके बाद भी आपके कोई प्रश्न हों तो नीचे कमेंट बॉक्स में लिखें। हम आपके प्रश्नों के उत्तर देने के प्रयास करेंगे। 
जीएसटीआर-9| GSTR-9
यह आपका वार्षिक रिटर्न (Annual Return) फॉर्म होता है। इसमें आपने कारोबारी साल में जो हर महीने यानी 12 बार फॉर्म GSTR-3B जमा किया है, उनका Details इसमें देना होता है। जो टैक्स आपने साल भर में जमा किया है, जो भी Export या Import किया है, उसका भी Detail देना होता है। उदाहरण के लिए आप जो भी कारोबार वित्तीय वर्ष 2017-18 के दौरान करेंगे, उसका Return अगले वित्तीय वर्ष में 31 दिसंबर तक जमा कर देना होगा। कारोबार वाले Financial Year के बाद अगले वित्तीय वर्ष में 31 दिसंबर तक इसे जमा करना होता है।
GSTR-9A| जीएसटीआर 9 ए
Composition स्कीम के तहत रजिस्टर्ड लोगों के लिए यह सालाना रिटर्न (Annual Return) होता है। इसमे साल भर के दौरान भरे गए चारों तिमाही रिटर्न (Quarterly Returns) का ब्योरा देना होता है। कारोबार वाले Financial Year के बाद अगले वाले Financial Year में 31 दिसंबर तक इसे जमा करना अनिवार्य होता है।
जीएसटीआर-10| GSTR-10
जो व्यक्ति अपना जीएसटी रजिस्ट्रेशन सरेंडर करता हे या जिसका Registration कैंसल हो जाता है उसे Form GSTR-10 के रूप में फाइनल रिटर्न भरकर जमा करना होता है। Registration सरेंडर या कैंसल होने के तीन महीने के भीतर इसे जमा करना होता है। उसे अपना Input tax credit और capital goods का ब्योरा देना होता है। साथ ही साथ कुल टैक्स देनदारी और कुल जमा किए गए टैक्स का भी ब्योरा भरना पडता है।
जीएसटी में ऑडिट)( GSTR-9C)
प्रत्येक पंजीकृत व्यक्ति जिसका वित्तीय वर्ष के दौरान जीएसटी ऑडिट टर्नओवर सीमा (2 करोड़ रुपये) पार कर चुकी है, का (CMA) कॉस्ट एकाउंटेंट या (CA) चार्टर्ड अकाउंटेंट  द्वारा जीएसटी लेखा-जोखा ऑडिट रिपोर्ट और सर्टिफिकेट के साथ GSTR-9C भरना है
GST Expert and Practicing Cost Accountnat, GST Solutions Ranikhet and SPB & Co.New Delhi  के प्रबंधकीय भागीदार CMA Sunder P. Budkoti ने कहा ‘वार्षिक कर रिटर्न एक प्रकार से किसी कारोबारी द्वारा भरे जाने वाले मासिक रिटर्न का ही एकीकृत रूप है और इससे राजस्व विभाग के समक्ष आपका पूरा लेनदेन सामने आ जाता है। इस फार्म में अतिरिक्त इनपुट क्रेडिट का दावा करने की कोई गुंजाइश नहीं है।’
उन्होंने कहा कि विभाग के पास व्यापार और उद्योग के काफी आंकड़े उपलब्ध होंगे और विभाग के लिये इसमें इनपुट टैक्स क्रेडिट दावा में विसंगतियों का पता लगाना और अंतिम कर भुगतान का पता लगाना काफी आसान होगा। 

प्रधानमंत्री मोदी जी को वोट देने वाले एक मतदाता का खुला ख़त

प्रधानमंत्री जी,
मैं आपसे अपनी कोई भी बात कहूँ या सवाल करूँ, उससे पहले स्पष्ट करना चाहता हूँ कि संभवतः इस देश के सबसे आखिरी नागरिकों में शुमार होने के कारण मैं आपसे कुछ भी कहने या पूछने का अधिकारी हूँ ही नहीं। मैं हाथ जोड़कर यह भी साफ कर देना चाहता हूँ कि मेरी मंशा सिर्फ अपनी फिक्र को आप तक पहुँचाने की है। क्योंकि मेरे वचन प्रतिकूल होते ही आपकी सरकार, पार्टी और समर्थन में खड़े लोग राष्ट्र के प्रति मेरी आस्था पर सवाल खड़े करने में बिल्कुल देर नहीं करेंगे। यह भी बता दूँ कि मैं किसी अफजल गैंग, सेक्युलर जमात या तुष्टिकरण मंडली का न कभी सदस्य रहा हूँ न ही समर्थक। बल्कि पिछले लोकसभा और विधानसभा चुनाव में आपके संबोधन-वचन से प्रभावित होकर मैंने आपको ही अपना वोट दिया था। जी हाँ ! मैंने भाजपा को नहीं, आपको अपना वोट दिया था। यह सोचकर कि दशकों से तमाम परेशानियों और साजिशों के बावजूद किसी प्रकार घिसड़ रहे देश को यदि आपका साहसिक मार्गदर्शन मिला तो स्थितियां निश्चित ही सुधर जाएँगी। हालांकि सच कहूँ तो पहले की अपेक्षा आज स्थितियां और अधिक बिगड़ी हुई मालूम हो रही हैं। संभव है कि मैं गलत हूँ पर मेरी आशंकाओं और अवसाद को तृप्ति नहीं मिल पाने के कारण ही आपसे शंकाओं का निवारण चाहता हूँ।
 
विपत्ति तब और भयावह हो जाती है, जब उसके आसन्न होने का कारण स्पष्ट न हो। क्योंकि, सही-सही कारण पता चले बिना विपत्ति से निदान प्राप्त करना असंभव है। विपत्ति की छोटी सी चिंगारी पर लगातार बह रही आशंकाओं की हवा अवसाद को दावानल बना रही है। यह मेरी निजी राय नहीं है बल्कि लगातार मंदी की चपेट में आता बाजार इसकी गवाही दे रहा है। मुझे बताइए कि क्या यह मंदी किसी साजिश का परिणाम है ? यह षड्यंत्र कौन रच रहा है ? सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या उसकी नजर में देश का बहुसंख्यक व्यापारी वर्ग बेईमान है या इतने बड़े देश की अर्थव्यवस्था को मंदी के दलदल में धकेलने की ताकत मुट्ठी भर बेईमान कारोबारियों ने जुटा रखी है।
 
चूंकि मैं एक गैर राजनीतिक व्यक्ति हूँ तो सीधे-सीधे अपनी आशंका के कारणों पर प्रकाश डालता हूँ। ऐसे भी आपके पास ऐसी फिजूल बातों के लिए वक्त नहीं है और होना भी नहीं चाहिए। आप मेरी बातों से ज्यादा चिंतित न हों क्योंकि सोशल मीडिया से लेकर प्रिंट तक लगभग 90 फीसद भारतीय इतने लंबे लेख को पढ़ने की जहमत नहीं उठाएंगे। इस लेख में संतृप्त मसाला है न तो आधुनिक रैप। इसमें गोमूत्र का समर्थन-विरोध है न अफजल-कसाब का।
 
प्रधानमंत्री जी! सोशल मीडिया पर आपके विरोधी कभी टेंट हाउस पर टैक्स का विरोध रट रहे हैं तो कभी रेस्टोरेंट और होटल पर। कोई बिस्कुट पर टैक्स की दरों का रोना रोता है तो कहीं कफन के कपड़े पर टैक्स के लिए सीना पीटा जा रहा है। हालांकि मैं जानता हूँ कि यह समस्त विलाप फर्जी हैं। टेंट हाउस, टैक्सी कैब जैसी सेवाएं 2004 में तत्कालीन वित्तमंत्री पी. चिदंबरम द्वारा सेवाकर लगाए जाने के समय से ही कर योग्य हैं। पहले सेवाकर का दायरा चार लाख के कारोबार पर था, जिसे आपने 10 और 20 लाख तक करके व्यापारियों को राहत ही दी है।
मेरा दर्द कुछ और है, जिसे आपके अन्धविरोधी (जिन्हें मैं आपका एजेंट मानता हूँ) कभी उजागर नहीं करेंगे। मुझे उपभोक्ता वस्तुओं के विक्रय पर 20 लाख रुपए के कारोबार के कारण व्यापारी को GST के दायरे में लाए जाने की वजह समझ नहीं आ रही है। सभी जानते हैं कि जनरल स्टोर के कारोबार में अधिकतम 10-12 फीसद का लाभ शामिल होता है। औसतन यह लाभ 9-10 प्रतिशत से अधिक कभी नहीं होता। इसका अर्थ हुआ कि साल में 25 लाख रुपए का माल बेचने वाले व्यापारी की सालाना सकल आय लगभग ₹ 2.5 लाख होती है। इसमें दुकान का किराया, बिजली, माल भाड़ा आदि खर्च घटाने के बाद शुद्ध लाभ अधिकतम ₹ 1.7 लाख होता है। मतलब मासिक आय ₹ 13 हजार से भी कम बैठती है। उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में GST का दायरा ₹ 10 लाख है। अतः कुल ₹ 6500 प्रतिमाह कमाने वाले को भी रिटर्न भरना होगा। आप ही बताइए कि यह कितना तार्किक और न्यायसम्मत है? मैं मानता हूँ कि ऊपर के स्तर पर चोरी रोकने के लिए आपने नीचे से टैक्स की व्यवस्था दी है। मगर, क्या आप जानते हैं कि एक अशिक्षित, गरीब और पिछड़े समाज के व्यक्ति के लिए बिलिंग और रिटर्न कितना सरल या कठिन शब्द है? क्या आपको मालूम है कि टैक्स वकील और सीए आज जीएसटी रिटर्न भरने के लिए प्रति तिमाही ₹ 5000 मांग रहे हैं। मतलब मासिक ₹ 6500 कमाने वाला व्यक्ति ₹ 1667 सिर्फ इसलिए खर्चे, क्योंकि सरकार बड़े चोरों को पकड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।
नहीं! आपने ऐसा कतई नहीं सोचा होगा। आप इतने मामूली से काम के लिए छोटे व्यापारियों को कभी परेशान नहीं कर सकते।
 
वजह कुछ और ही होगी। क्योंकि आपने जीएसटी की नई व्यवस्था में एक और विकल्प दिया है, एक प्रतिशत पर सकल सेटलमेंट का विकल्प। प्रथमतः तो यह बहुत सहज लगता है। मुझे भी लगा। मगर, जब मुझे मालूम चला कि एफएमसीजी क्षेत्र की सभी कंपनियां बिना जीएसटी रजिस्ट्रेशन के दैनिक उपभोग से संबंधित माल के विक्रेताओं को उत्पाद नहीं देने के लिए विवश हैं, तो मेरा माथा ठनका। मुझे ₹ 75 लाख पर एक फीसद समायोजन की याद आई। सामान्य समझ वाला व्यक्ति भी यह जनता है कि लाख-दो लाख रुपए सकल पूंजी वाला व्यापारी इसके बारे में सोचेगा भी नहीं। यह पूंजी से मजबूत व्यक्ति का साधन है। या उस व्यक्ति का, जिसका माल उच्च टैक्स स्लैब (18, 28) में हो। व्यवहार में होगा यह कि सबल वर्ग अपने परिवार के 4-6 सदस्यों के नाम पर एक फीसद समायोजन में रजिस्ट्रेशन कराएगा। दूसरी तरफ एजेंसी से माल मिलना बंद होने पर छोटे-मंझोले किराना व्यापारी इन एक फीसद समायोजन वाले कारोबारियों से माल खरीदने के लिए मजबूर हो जाएंगे क्योंकि इन्हें एजेंसी/डिस्ट्रीब्यूटर से माल मिलेगा ही नहीं। वहीं रिटेलर खोने से परेशान थोक विक्रेता भी एक प्रतिशत समायोजन वाले को खुशी-खुशी माल बेच देगा। मतलब यह हुआ कि थोक और फुटकर विक्रेता के बीच एक बिचौलिया आ गया। यह बिचौलिया नकद छूट के साथ ही कंपनी से आने वाले सभी प्रकार के विक्रय वृद्धि संबंधी स्कीम तो गटकेगा ही, मार्जिन से भी कर के रूप में एक-दो प्रतिशत लाभ भी पचा लेगा। नतीजतन, फुटकर विक्रेता के लिए कीमतें इतनी कसी हुई होंगी कि वह अपने ग्राहक को छूट का लाभ देने में पूर्णतः असमर्थ हो जाएगा। मगर, इससे आपका क्या लेना-देना है? मैने भी शुरुआत में यही सोचा था।
फिर मुझे लगा कि आपकी सरकार तो बाजार से बिचौलिए हटाकर कीमतें दुरुस्त करने के वादे पर आई थी। आपकी सूक्ष्म दृष्टि को भी मैं खूब पहचानता हूँ। मुझे याद है, देश के सोशल मीडिया वीरों को विकलांग और दिव्यांग की बहस में उलझाकर आपने कैसे देश भर के बैंकों में सीढ़ी के साथ रैम्प बनवाए थे। जबकि उन रैम्प का इस्तेमाल नोटबंदी के वक़्त होना था, जिसकी किसी को भनक तक नहीं थी। कहीं ऐसा ही कोई खेल इस नई कर प्रणाली में भी तो नहीं छिपा है?
मैं यह नहीं कह रहा कि आपने या आपकी सरकार ने बिग बाजार सरीखे मल्टी ब्रांड स्टोर से सुपारी लेकर देश भर की गलियों-मोहल्लों में जारी छोटे-छोटे रिटेल स्टोर को बंद कराने की योजना बनाई है। लेकिन मैं उस वक्त भयभीत हो गया, जब मुझे मालूम हुआ कि मुकेश अम्बानी जी रिलायंस जियो के माध्यम से देश का सबसे बड़ा रिटेल चैनल खोलने की तैयारी कर रहे हैं। पहले चरण में ही 11000 आउटलेट खोले जाने हैं, जो इस वर्ष दिसंबर तक संचालित भी होने लगेंगे। ठीक उसी समय जीएसटी अपने पूरे शबाब पर आएगा और छोटे-छोटे दुकानदार बिचौलिए से महंगा माल खरीदने को मजबूर हो चुके होंगे। ऐसे में रिलायंस जियो का सस्ता और ब्रांडेड स्टोर कुछ अलग ही चमक बिखेर रहा होगा।
मुझे देशभर में रिलायंस जियो का रिटेल स्टोर खुलने से कोई परेशानी नहीं है। प्रतियोगिता बढ़ेगी तो ग्राहक का लाभ स्वाभाविक है। इससे अर्थव्यवस्था भी मजबूत होती है। मगर, खेल के नियम सभी खिलाड़ियों के लिए एक समान होने चाहिए। देश को चलाने में यदि प्रशासन और न्यायालय ही सक्षम होते तो नगर पालिका और प्रधानी से लेकर केंद्र तक में सरकार की क्या आवश्यकता थी? मुझे लगता है कि सरकार की उपयोगिता समाज में उपस्थित व्यवहारिक समस्याओं का निदान ढूंढने से ही है। कमजोर को संबल देना और मजबूत से अधिकतम कर प्राप्ति भी इसी का उदाहरण है। लेकिन यहाँ तो खेल के नियम ही पलटे जा रहे हैं। कहीं यह सब किसी सुनियोजित अनिष्ट की दस्तक तो नहीं है? कहीं अच्छे दिन की आस लगाए बैठे देशभर के छोटे-छोटे दुकानदार कल को किसी मल्टीब्रांड स्टोर के नौकर बनने के लिए मजबूर तो नहीं हो जाएंगे? फिलहाल तो आप मुझे बस इतना ही बता दीजिए कि ₹ 10 लाख का सालाना कारोबार करने वाले अनपढ़-अधकचरा जागरूकताविहीन, गरीब और पिछड़े व्यापारी को शामिल करने का क्या औचित्य है? क्या उत्पाद के आखिरी दस फीसद मूल्य पर 5, 12 या 18 फीसद टैक्स की वसूली सीधा थोक विक्रेता से नहीं की जा सकती थी? 90 प्रतिशत रकम पर टैक्स चुकाकर माल खरीदने वाला खुदरा व्यापारी महज एक फीसद की चोरी करके किस प्रकार का और कितनी मात्रा में कालाधन उत्सर्जित कर सकेगा???
#अनिल ‘क़ामिल’

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नवीन समाचार

‘नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से ‘मन कही’ के रूप में जनवरी 2010 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
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