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साक्षात्कार : गांव के ‘हिंदी मीडियम’ औसत दर्जे के छात्र की सिविल जज बनने की कहानी-उनकी ही जुबानी…

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नवीन समाचार, नैनीताल,4 जनवरी 2021। नैनीताल के छोटे से गांव भूमियाधार में एक मध्यम वर्गीय परिवार के श्री आनंद सिंह बिष्ट व श्रीमती शारदा बिष्ट के घर में जन्मे नवल सिंह बिष्ट ने औसत दर्जे के छात्र होने के बावजूद वर्ष 2019 की पीसीएस-जे की परीक्षा पास की और बन गये हैं युवाओं के प्रेरणास्रोत सिविल जज नवल सिंह बिष्ट। नवल अपनी दो बहनों रंजीता व दीपिका में सबसे छोटे हैं। नवल के पिताजी गांव में ही एक दुकान चलाते हैं, जबकि माता गृहणी हैं। हिंदी माध्यम के छात्र रहे नवल ने प्रारम्भिक व माध्यमिक शिक्षा भवाली में ग्रहण की। उसके पश्चात डीएसबी कॉलेज से बीए में स्नातक किया तथा एसएसजे परिसर अल्मोड़ा से एल.एल बी. किया। श्री नवल सिंह बिष्ट से ख़ास बातचीत की हमारे संवाददाता मो. खुर्शीद हुसैन (आज़ाद ) ने :-

आज़ाद सवाल (01) :- क्या बचपन से ही आपका जज बनने का सपना था?

नवल बिष्ट

जवाब सिविल जज :- जी, बिल्कुल बचपन से ही सपना था लेकिन हाँ वकालत की पढ़ाई के बाद ज्युडिशियल परीक्षा पास करना तो लक्ष्य ही बन गया…

आज़ाद सवाल (02) :- तो किस तरह से आपने ज्यूडिशियल परीक्षा की तैयारी की और क्या – क्या मुश्किलें आपके सामने आयीं?

जवाब सिविल जज :- जैसा कि मेरी हिंदी माध्यम में ही शिक्षा – दीक्षा हुई, इस कारण इंग्लिश लॉ बुक्स पढ़ने में समझने में बहुत ज़्यादा परेशानियों का सामना किया, दिल्ली जाने के पश्चात् ही मैंने राहुल्स आईएएस में जाकर इंग्लिश माध्यम से लॉ को पढ़ा, जिसमें राहुल सर और राहुल्स की टीम ने मुझे तराशा और लंबे समय तक पूरे-पूरे दिन, बिना रुके-बिना थके, कड़ी मेहनत मेहनत की। परिणाम आप सबके सामने है…

आज़ाद सवाल (03) :- एक मध्यम वर्गीय परिवार के लिये दिल्ली में कोचिंग लेना आसान नहीं होता, आपने किस तरह मैनेज किया?

जवाब सिविल जज :- जी, एक मध्यमवर्गीय परिवार के लिये कोचिंग लेना बजट से बाहर हो जाता है, लेकिन जब इरादे बुलंद हो तो हर मुश्किल आसान होने लगती है, यही मेरे भी साथ हुआ, यार – दोस्त परिवार सबने मिलकर मेरा सहयोग किया…

आज़ाद सवाल (04) :- तो क्या न्यायिक परीक्षा पास करने के लिये सिर्फ़ कोचिंग ही पर्याप्त होती है?

जवाब सिविल जज :- नहीं, केवल कोचिंग के सहारे तो नहीं कहा जा सकता, मुझे यहाँ डिस्ट्रिक्ट कोर्ट नैनीताल में प्रैक्टिस करने का बड़ा लाभ परीक्षा में मिला…थ्यौरी के साथ प्रैक्टिकल नॉलेज बहुत मायने रखती है…

आज़ाद सवाल (05):- अपनी सफ़लता का श्रेय किसे देना चाहते हैं?

मित्रों एवं प्रेरणादाई अधिवक्ताओं के साथ नवल बिष्ट।

जवाब सिविल जज :- अपनी सफ़लता का श्रेय सबसे पहले मेरे माता – पिता, राहुल्स कोचिंग सेंटर दिल्ली के राहुल सर को जिन्होंने हर क़दम मेरा हौसला बढ़ाया उनके साथ ही नैनीताल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के अधिवक्ता पंकज बिष्ट, भरत भट्ट, अखिलेश साह, बलवंत सिंह भौर्याल, पंकज चौहान, राजेश रौतेला, सिद्धार्थ सिंह के साथ कई अन्य अधिवक्ता मित्रों ने मेरा साथ दिया, जिसके लिये मैं उन सबका शुक्रगुज़ार हूं…

आज़ाद सवाल (06):- न्यायिक परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों के लिये क्या संदेश देना चाहेंगे?

जवाब सिविल जज:- संदेश यही है कि कभी भी किसी भी प्रकार की असफ़लता से न डरें, निराश न हों, गिरें, फिर उठें और एक नयी ऊर्जा के साथ आगे बढ़ें, कामयाबी आपको ज़रूर मिलेगी, मेहनत करते रहें, अथक परिश्रम ही सफ़लता की कुंजी है…

नवीन समाचार
‘नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से ‘मन कही’ के रूप में जनवरी 2010 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
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