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एनयूजे-आई ने दी सुशील को पिथौरागढ़ की कमान, बधाइयों की लगी झड़ी

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डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 20 जुलाई 2021। नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्टस-इंडिया के प्रदेश अध्यक्ष कैलाश जोशी व वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष सजंय तलवार के दिशा निर्देश पर कुमाऊं मंडल के अध्यक्ष दिनेश जोशी ने संगठन की पिथौरागढ़ जिला इकाई का मनोनयन करते हुये सुशील खत्री को जिलाध्यक्ष व दीपक कापड़ी को जिला महामंत्री के दायित्व से नवाजा है। इनके साथ ही पिथौरागढ़ जिला कार्यकारिणी हेतु संरक्षक डॉ. नरेश काण्डपाल, जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष हरगोविंद रावल, जिला उपाध्यक्ष महेश पाल, दीपक चंद्र कापड़ी, प्रमोद दिगारी, जिला उपसचिव संजू पंत, सुरेंद्र आर्या, राकेश तिवारी, पूरन पांडेय, जिला महामंत्री दीपक कापड़ी, जिला कोषाध्यक्ष प्रदीप सेक्रियाल, जिला मीडिया प्रभारी गोविंद चावला, राकेश वर्मा आदि को जिम्मेदारी दी गई है।

उनके मनोनयन पर एनयूजे-आई के उत्तराखंड प्रदेश उपाध्यक्ष प्रो. गिरीश रंजन तिवारी, काशीराम सैनी, प्रदेश महामंत्री सुशील कुमार त्यागी, प्रदेश कोषाध्यक्ष विकास झा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ब्रह्मदत्त शर्मा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राम चंद्र कनौजिया, प्रांतीय वित्तीय सलाहकार सरोज आनंद जोशी, प्रांतीय संरक्षक तारा चंद्र गुर्रानी, अविकल थापियाल, कुमाऊं मंडल के उपाध्यक्ष डॉ. नवीन जोशी, आरडी खान, कुमाऊं मंडल महामंत्री भगवान सिंह गंगोला, सचिव हरीश भट्ट, मनोज लोहनी, उपसचिव रमेश यादव, प्रवक्ता डॉ.जफर सैफी, नैनीताल जिला उपाध्यक्ष प्रवीण कपिल, महिला जिला उपाध्यक्ष खष्टी बिष्ट, महामंत्री नवीन पालीवाल, उपाध्यक्ष अजय चौहान, सचिव अनुराग वर्मा, कार्यालय सचिव गोपाल जोशी, नैनीताल नगर अध्यक्ष अफजल हुसैन फौजी, राजू पांडे, रामनगर अध्यक्ष गिरीश पांडे, महामंत्री चंद्रशेखर जोशी, सितारगंज नगर अध्यक्ष अतुल शर्मा, महामंत्री आशीष पांडे, काशीपुर महानगर अध्यक्ष दिलप्रीत सिंह सेठी, रुड़की अध्यक्ष अरुण कुमार, हल्द्वानी महानगर अध्यक्ष सैय्यद नावेद, प्रवीण चोपड़ा, अजय चौहान, मनोज कुमार पांडेय, गिरीश जोशी, सुशील शर्मा, कैलाश जोशी, शरद पांडे, त्रिलोक बिष्ट, धीरज भट्ट, लालकुआं से ओपी अग्निहोत्री, मोहन जोशी, दलीप गड़िया सहित समस्त पदाधिकारियों व सदस्यों ने उन्हें बधाई दी है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। 

यह भी पढ़ें : खान, सेठी व कुमार को मिली एनयूजे-आई में बड़ी जिम्मेदारी, बधाइयों की लगी झड़ी…

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 14 जुलाई 2021। नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट-इंडिया लगातार विस्तार पाता जा रहा है। संगठन की उत्तराखंड इकाई के प्रदेश अध्यक्ष कैलाश जोशी ने काशीपुर के वरिष्ठ पत्रकार आरडी खान को कुमाऊं मंडल का वरिष्ठ उपाध्यक्ष व पत्रकार दिलप्रीत सिंह सेठी को काशीपुर महानगर का अध्यक्ष मनोनीत किया है। इसके अलावा रुड़की के वरिष्ठ पत्रकार अरुण कुमार को रुड़की इकाई का तहसील अध्यक्ष मनोनीत किया गया है।

आरडी खान, दिलप्रीत सिंह सेठी व अरुण कुमार।

एनयूजे-आई के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष संजय तलवार, कुमाऊं मंडल अध्यक्ष दिनेश जोशी की संस्तुति पर प्रदेश अध्यक्ष श्री जोशी के द्वारा आरडी खान व दिलप्रीत सिंह को इस जिम्मेदारी से नवाजते हुये उन्हें संगठन व पत्रकार हित मे कार्य करने तथा दिलप्रीत व कुमार को शीघ्र ही अपनी कार्यकारिणी गठित करने के निर्देश दिये गए है। श्री जोशी ने बताया कि संगठन पदाधिकारियों का रुड़की पहुंचने पर पत्रकारों ने भव्य स्वागत किया, एवं संगठन का शीघ्र विस्तार करने की बात कही।

तीनों पत्रकारों को बधाई देने वालों में एनयूजे-आई के वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजय तलवार, उपाध्यक्ष डॉ. गिरीश रंजन तिवारी, काशीराम सैनी, महामंत्री सुशील कुमार त्यागी, कोषाध्यक्ष विकास झा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ब्रह्मदत्त शर्मा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राम चंद्र कनौजिया, प्रांतीय वित्तीय सलाहकार सरोज आनंद जोशी, प्रांतीय संरक्षक तारा चंद्र गुर्रानी, अविकल थपलियाल, कुमाऊं मण्डल अध्यक्ष दिनेश जोशी, मंडल उपाध्यक्ष डॉ. नवीन जोशी, मंडल महामंत्री भगवान सिंह गंगोला, सचिव हरीश भट्ट, मनोज लोहनी, उपसचिव रमेश यादव, प्रवक्ता डॉ. जफर सैफी, नैनीताल जिला उपाध्यक्ष प्रवीण कपिल, महिला उपाध्यक्ष खष्टी बिष्ट, महामंत्री नवीन पालीवाल, उपाध्यक्ष अजय चौहान, सचिव अनुराग वर्मा, कार्यालय सचिव गोपाल जोशी, नैनीताल नगर अध्यक्ष अफजल हुसैन ‘फौजी’, रामनगर अध्यक्ष गिरीश पांडे, महामंत्री चंद्रशेखर जोशी, सितारगंज नगर अध्यक्ष अतुल शर्मा, महामंत्री आशीष पांडे, हल्द्वानी महानगर अध्यक्ष सैय्यद नावेद, प्रवीण चोपड़ा, अजय चौहान, मनोज कुमार पांडे, गिरीश जोशी, सुशील शर्मा, शरद पांडे, त्रिलोक बिष्ट, धीरज भट्ट, ओपी अग्निहोत्री, मोहन जोशी व दलीप गड़िया सहित समस्त पदाधिकारियों व सदस्यों ने बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। 

यह भी पढ़ें : विज्ञापन रोके जाने पर गलत खबर दिखाने के आरोप में न्यूज चैनल के एंकर के खिलाफ मुकदमा दर्ज…

नवीन समाचार, हरिद्वार, 27 जून 2021। हरिद्वार में योग गुरु स्वामी रामदेव और पतंजलि के खिलाफ अभद्र टिप्पणी एवं ब्लैकमेल के आरोप में एक न्यूज चैनल के एंकर के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है, और मामले की जांच शुरू कर दी है।

बहादराबाद थाना प्रभारी संजीव थपलियाल से प्राप्त जानकारी के अनुसार पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट के विधि अधिकारी गणेशपुर रुड़की निवासी राजू वर्मा ने न्यायालय शिकायत देते हुए बताया कि स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण से संबंधित संस्थानों के उत्पादों के समाचार पत्रों और टीवी चैनलों में विज्ञापन दिए जाते हैं। इस क्रम में एक न्यूज चैनल को भी पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड इत्यादि संस्थानों के विज्ञापन दिए गए थे। लेकिन बाद में किन्हीं कारणों से पतंजलि की ओर से इस चैनल को विज्ञापन देने बंद कर दिए गए थे। आरोप है कि इससे न्यूज चैनल के एंकर अतुल अग्रवाल लंबे समय से स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण के प्रति दुर्भावना एवं रंजिश रखने लगे थे।

आरोप है कि दोनों को अपमानित करने के लिए छह मई को अतुल अग्रवाल ने अपने चैनल पर ‘पतंजलि के अस्पताल में बदइंतजामी ने महिला की जान ली’ खबर दिखाई थी। जबकि, अस्पताल राज्य सरकार और पतंजलि योगपीठ के संयुक्त तत्वाधान में कोविड महामारी में निःशुल्क रूप से जनसेवार्थ संचालित किया जा रहा है। इससे स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण के मान-सम्मान को ठेस पहुंची है। थाना प्रभारी संजीव थपलियाल ने बताया कि कोर्ट के आदेश के बाद राजू वर्मा की शिकायत पर अतुल अग्रवाल के खिलाफ धारा 153 और धारा 384 के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। उल्लेखनीय है कि एंकर अतुल अग्रवाल इन दिनों अपने साथ रात्रि में लूटपाट होने की झूठी कहानी गढ़ने के कारण भी सुर्खियों में हैं। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। 

यह भी पढ़ें : दिवंगत पत्रकारों की पत्नियों को भेंट किए 5-5 लाख की आर्थिक सहायता के चेक…

शिविर कार्यालय में दिवंगत पत्रकारों की पत्नियों को आर्थिक सहायता के चेक भेंट करते डीएम धीराज गर्ब्याल।

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 26 जून 2021। कोरोना काल में काल के ग्रास बने दो पत्रकारों के परिजनों को शनिवार को राज्य सरकार की ओर से पांच-पांच लाख रुपए की आर्थिक सहायता के चेक भेंट किए गए। जिलाधिकारी धीराज गर्ब्याल ने अपने शिविर कार्यालय में मान्यता प्राप्त पत्रकार स्वर्गीय प्रशांत दीक्षित की धर्मपत्नी किरन दीक्षित तथा एक अन्य पत्रकार स्वर्गीय हरीश आर्य की पत्नी बसंती आर्या को शासन से प्राप्त आर्थिक सहायता के पांच-पांच लाख की धनराशि के चेक वितरित किये। उल्लेखनीय है कि प्रशांत दीक्षित का निधन कोविड-19 के संक्रमण से ग्रस्त होने पर उपचार के दौरान एवं हरीश आर्य का निधन समाचारों की कवरेज के दौरान हो गया था।

इस अवसर पर उपस्थित पत्रकारों ने दोनों दिवंगत पत्रकारों को याद किया और उनके द्वारा पत्रकारिता के क्षेत्र में दिये गये योगदान को याद करते हुए दो मिनट का मौन रख कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान पत्रकारों के साथ ही दिवंगत पत्रकारों के परिजनों ने सूचना विभाग एवं प्रशासन तथा पत्रकार संगठन-नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स-इंडिया की नगर इकाई द्वारा दिये गये योगदान के प्रति आभार जताया। इस अवसर पर उप निदेशक सूचना योगेश मिश्रा, अपर जिला सूचना अधिकारी नदीम अहमद, वरिष्ठ पत्रकार डॉ. गिरीश रंजन तिवारी, किशोर जोशी, अफजल फौजी, डॉ. नवीन जोशी, माधव पालीवाल, राजू पांडे, गुंजन मेहरा, आकांक्षी माड़वी व संतोष बोरा आदि पत्रकार भी उपस्थित रहे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। 

यह भी पढ़ें : हिंदी पत्रकारिता दिवस पर ‘कोरोना काल में पत्रकारिता’ विषय पर आयोजित वेबीनार में शामिल हुए कोश्यारी एवं तीरथ भी…

-कुमाऊं विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर स्थित अटल पत्रकारिता एवं जनसंचार केंद्र के माध्यम से आयोजित हुई ‘कोरोना काल में पत्रकारिता’ विषय पर विचार गोष्ठी 
-नैनीताल से प्रकाशित पहले उत्तराखंड के पहले हिंदी समाचार पत्र के संस्थापक पं. विष्णु दत्त उनियाल को उनकी जन्म शताब्दी जयंती पर किया गया याद

हिंदी पत्रकारिता दिवस पर आयोजित वेबीनार में उपस्थित मुख्यमंत्री, कुमाऊं विवि के कुलपति एवं अन्य।

डॉ.नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 30 मई 2021। हिंदी पत्रकारिता दिवस पर रविवार को कुमाऊं विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर स्थित अटल पत्रकारिता एवं जनसंचार केंद्र के माध्यम से ‘कोरोना काल में पत्रकारिता’ विषय पर वर्चुअल माध्यम से विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। विचार गोष्ठी में महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी एवं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत भी शामिल हुए और उन्होंने रविवार को ही उत्तराखंड के नैनीताल से प्रकाशित प्रथम हिंदी समाचार पत्र ‘पर्वतीय’ के संस्थापक पं. विष्णु दत्त उनियाल की जन्म शताब्दी होने के नाते उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।
इस मौके पर कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एनके जोशी ने पं. उनियाल के जीवन वृत्त तथा उनके द्वारा पहले आगरा के उजाला प्रेस से पर्वतीय को प्रकाशित करने तथा बाद में नैनीताल की मॉल रोड पर प्रेम बल्लभ जोशी एवं राज्य सरकार के सहयोग से प्रेस स्थापित करने और 1986 तक पर्वतीय को लगातार प्रकाशित करने के अनजाने वृतांतों को विस्तार से रखा। पं. उनियाल की पुत्री डॉ. सीमा उनियाल मिश्रा ने भी अपने पिता के जीवन एवं उनके पत्रकारिता के प्रति समर्पण पर बात रखी। साथ ही अटल पत्रकारिता एवं जनसंचार केंद्र के हर वर्ष प्रथम आने वाले एक-एक छात्र एवं छात्रा को पं. उनियाल ट्रस्ट की ओर से 10-10 हजार रुपए की छात्रवृत्ति देने की घोषणा की। साहित्यकार लक्ष्मण सिंह बिष्ट ‘बटरोही’ एवं उद्घोषक हेमंत बिष्ट ने स्वर्गीय पं. उनियाल के साथ अपने संस्मरणों को प्रस्तुत किया। भारत-मलेशिया हिंदी समन्वय केंद्र की संयोजक डॉ. संगीता तिवारी एवं प्रो. गोविंद सिंह सहित राजस्थान विवि के अमित वर्मा ने कोविड काल में शवों एवं मौतों के चित्रों व समाचारों के साथ नकारात्मक पत्रकारिता पर चिंता जताई। पूर्व हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. नीरजा टंडन ने पत्रकारिता विभाग की स्थापना में पं. उनियाल ट्रस्ट के योगदान को रेखांकित किया। नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष रास बिहारी ने कोविड काल में छोटे समाचार पत्रों पर छाये संकट की ओर ध्यान आकृष्ट किया। डॉ. नवीन जोशी ने कोविड काल में समाचार पत्रों को सरकार द्वारा अपने हाल पर छोड़ देने का आरोप लगाते हुए विश्वास जताया कि नए डिजिटल माध्यम के साथ पत्रकारिता आगे बढ़ती रहेगी। देव संस्कृति विवि हरिद्वार के विभागाध्यक्ष प्रो. सुखनंदन सिंह ने विवि में पं. उनियाल को पाठ्यक्रम में शामिल करने की बात कही। संचालन करते हुए अटल पत्रकारिता एवं जनसंचार केंद्र के विभागाध्यक्ष प्रो. गिरीश रंजन तिवारी ने कोविड काल में फेक न्यूज की बाढ़ को कोरोना से अधिक बड़ी महामारी बताया। अटल पत्रकारिता एवं जनसंचार केंद्र की छात्रा उषा पांडे एवं पंकज कुमार ने कविता व वक्तव्य प्रस्तुत किये। गोष्ठी में डॉ. ललित तिवारी, खुशबू तिवारी, डॉ. महेंद्र राणा, हिमानी बोरा, अदिति खुराना, आकांक्षी, चंदन कुमार, अंचल पंत, हेमंत रावत, डॉ. केतकी तारा व राजेंद्र क्वीरा सहित बड़ी संख्या में लोगों ने प्रतिभाग किया।

यह भी पढ़ें : दुःखद: देश में कोरोना से अब तक 300 से अधिक पत्रकार गंवा चुके हैं जान…

नवीन समाचार, नई दिल्ली, 18 मई 2021। कोरोना विषाणु के कहर के बीच लगातार धरातल पर जाकर रिपोर्टिंग कर रहे पत्रकारों और लगातार कार्यालय जा रहे पत्रकारों को न तो प्रथम पंक्ति का कोरोना योद्धा माना गया और न ही उनको कोरोना का टीका लगाने में ही प्राथमिकता मिली। परिणाम यह हुआ कि देश के कई नामी-गिरामी पत्रकारों सहित अलग-अलग राज्यों में 300 से ज्यादा मीडियाकर्मी कोरोना की चपेट में आकर जान गंवा चुके हैं। इसे त्रासदी ही कहेंगे कि अप्रैल के महीने में हर रोज औसतन तीन पत्रकारों ने कोरोना के चलते दम तोड़ा। वहीं मई में यह औसत बढ़कर हर रोज चार का हो गया।
दिल्ली आधारित ‘इंस्टीट्यूट ऑफ परसेप्शन स्टडीज’ की एक रिपोर्ट में उन सभी पत्रकारों को शामिल किया गया है जो धरातल में खबर एकत्रित करते हुए अथवा कार्यालयों में काम करते हुए कोरोना संक्रमित हुए और उनकी जान चली गई। इनमें मीडिया संस्थानों के रिपोर्टर से लेकर, स्ट्रिंगर, फ्रीलांसर, फोटो जर्नलिस्ट और सिटिजन जर्नलिस्ट तक शामिल हैं। इंस्टीट्यूट की निदेशक डॉ कोटा नीलिमा का कहना है कि कोरोना से अभी तक 300 से ज्यादा पत्रकारों का निधन हुआ है, जिनमें से हम अभी तक 238 की पुष्टि कर पाए हैं। बाकी के बारे में जांच जारी है। उनके आंकड़ों के अनुसार उत्तर भारत में सबसे ज्यादा 37 पत्रकारों की मौत उत्तर प्रदेश में हुई जबकि दक्षिण भारत में तेलंगाना में सबसे अधिक 39 पत्रकारों की मौत कोरोना से हो चुकी है। इसके बाद दिल्ली में 30, महाराष्ट्र में 24, ओडिशा में 26, मध्य प्रदेश में 19 पत्रकारों की मौत हुई है। इनके अलावा उत्तराखंड में भी राज्य स्तरीय विज्ञापन अनुश्रवण समिति समिति के अध्यक्ष राजेंद्र जोशी, नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स-इंडिया के नैनीताल जिलाध्यक्ष व मान्यता प्राप्त पत्रकार प्रशांत दीक्षित, पिथौरागढ़ के वरिष्ठ पत्रकार डॉ. दीपक उप्रेती, अल्मोड़ा के वरिष्ठ पत्रकार दीप जोशी, हल्द्वानी के पत्रकार राहुल जोशी व कुंदन राणा सहित आधा दर्जन से अधिक पत्रकारों की कोरोना से मौत हो चुकी है।
रिपोर्ट के मुताबिक 41 से 50 साल के बीच के पत्रकार सबसे ज्यादा कोरोना के शिकार बने। कुल मौतों में इनका आंकड़ा करीब 31 फीसदी है। 31 से 40 साल के बीच के उम्र के 15 फीसदी, 51 से 60 साल के बीच के 19 फीसदी, 61 से 70 साल के 24 फीसदी और 71 साल से ऊपर वाले 9 फीसदी पत्रकारों का कोरोना से निधन हुआ है। कोरोना संक्रमण से मरने वाले पत्रकारों में करीब 55 फीसदी प्रिंट मीडिया से, 25 फीसदी टीवी और डिजिटल मीडिया से तथा 19 फीसदी फ्रीलांस पत्रकारिता से जुड़े थे। वहीं 35 फीसदी यानी 85 पत्रकार मेट्रो शहरों से हैं जबकि 64 फीसदी यानी 153 पत्रकार गैर-मेट्रो शहरों यानी जिले, कस्बे और ग्रामीण इलाके के हैं। कोरोना की दूसरी लहर में देश ने कई वरिष्ठ पत्रकारों को खो दिया। जिले, कस्बे, गांवों में काम कर रहे तमाम पत्रकार भी इस जानलेवा विषाणु के सामने हार गए। दिल्ली आधारित ‘इंस्टीट्यूट ऑफ परसेप्शन स्टडीज’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक अप्रैल 2020 से 16 मई 2021 तक कोरोना संक्रमण से कुल 238 पत्रकारों की मौत हो चुकी है। रिपोर्ट बताती है कि कोरोना की पहली लहर में अप्रैल 2020 से 31 दिसंबर 2020 तक 56 पत्रकारों की मौत हुई लेकिन दूसरी लहर ज्यादा भयावह साबित हुई। 1 अप्रैल 2021 से 16 मई की बीच 171 पत्रकारों ने दम तोड़ दिया। शेष 11 पत्रकारों का निधन जनवरी से अप्रैल के बीच हुआ। इंस्टीट्यूट के रिकॉर्ड में 82 पत्रकारों के नाम और हैं, जिनका प्रमाणन नहीं हो सका है। नेटवर्क ऑफ वुमन इन मीडिया, इंडिया के मुताबिक भी करीब 300 पत्रकारों की मौत कोरोना संक्रमण के चलते हुई है। 
बताया गया है कि मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, बिहार, तमिलनाडु, मणिपुर, पंजाब, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, कर्नाटक और केरल सहित देश की करीब 16 राज्य सरकारों ने पत्रकारों को फ्रंटलाइन वॉरियर्स घोषित कर दिया है, जिनमें ओडिशा सरकार ने पत्रकारों के निधन पर 15 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है। वहीं राजस्थान सरकार ने 50 लाख रुपये की आर्थिक मदद का ऐलान किया है। जबकि यूपी सरकार भी 5 लाख रुपये देती है। वहीं हरियाणा सरकार पत्रकारों का हेल्थ बीमा कराती है, जिसमें राज्य सरकार 5 लाख से लेकर 20 लाख रुपये तक का हेल्थ कवर देती है।

यह भी पढ़ें : धन्यवाद एलआईसी, एक घंटे में स्वीकृत हुआ पत्रकार प्रशांत दीक्षित का मृत्यु दावा

नवीन समाचार, नैनीताल, 17 मई 2021। भारतीय जीवन बीमा निगम की नैनीताल शाखा ने सोमवार को एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया। हुआ यह कि आज नगर के गत 24 अप्रैल को कोरोना की वजह से दिवंगत हुए राज्य सरकार से मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार स्वर्गीय प्रशांत दीक्षित के जीवन बीमा के मृत्यु दावे का आवेदन निगम के कार्यालय में प्राप्त हुआ। इसे शाखा कार्यालय द्वारा मात्र 1 घंटे में स्वीकृत कर दावे का भुगतान कर दिया गया। शाखा प्रबंधक जितेंद्र बृजवाल ने कहा कि निगम हर परिस्थितियों में अपने ग्राहक और उनके परिजनों का ख्याल रखती है। अभिकर्ता से लेकर अधिकारी तक अपनी सेवाओं का निर्वहन निस्वार्थ भावना से कर रहे हैं।

इधर नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स-इंडिया के नैनीताल नगर अध्यक्ष अफजल हुसैन ‘फौजी’ ने बताया कि स्वर्गीय दीक्षित के परिजनों को राज्य सरकार की ओर से सहायता उपलब्ध कराने के लिए भी ऑनलाइन आवेदन कर दिया गया है, तथा आवश्यक प्रपत्र तैयार किए जा रहे हैं।

यह भी पढ़ें : एनयूजे-आई के नैनीताल के जिलाध्यक्ष प्रशान्त दीक्षित के निधन पर शोक की लहर

नवीन समाचार, नैनीताल, 26 अप्रैल 2021। नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट-इंडिया  के  नैनीताल के जिलाध्यक्ष व देंनिक आज के वरिष्ठ सम्वाददाता प्रशान्त दीक्षित कोरोना पॉजिटिव हो जाने के कारण डॉ.सुशीला तिवारी हॉस्पिटल में गम्भीरवस्था में उपचाराधीन थे जिनका शनिवार की दोपहर निधन हो गया। नैनीताल निवासी स्व. दीक्षित के निधन पर पत्रकारो ने गहरा दुख व्यक्त किया है। स्व. दीक्षित के निधन पर एएनयूजे-आई के उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष कैलाश जोशी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजय तलवार, उपाध्यक्ष गिरीश रंजन तिवारी, काशीराम सैनी, प्रदेश महामंत्री सुशील कुमार त्यागी, प्रदेश कोषाध्यक्ष विकास झा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ब्रह्मदत्त शर्मा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राम चंद्र कनौजिया, प्रांतीय वित्तीय सलाहकार सरोज आनंद जोशी, प्रांतीय संरक्षक तारा चन्द्र गुर्रानी, अविकल थापियाल, कुमायूँ मण्डल अध्यक्ष दिनेश जोशी, मंडल उपाध्यक्ष डॉ. नवीन जोशी, कुमाऊं मंडल महामंत्री भगवान सिंह गंगोला, कुमायूँ मण्डल सचिव हरीश भट्ट, मनोज लोहनी, कुमाऊं मण्डल प्रवक्ता डॉ.ज़फर सैफ़ी, महिला जिला उपाध्यक्ष खष्टी बिष्ट, जिला महामंत्री नवीन पालीवाल, जिला उपाध्यक्ष अजय चौहान, जिला सचिव अनुराग वर्मा, जिला कार्यालय सचिव गोपाल जोशी, नैनीताल नगर अध्यक्ष अफ़ज़ल हुसैन फौजी, रामनगर अध्यक्ष गिरीश पांडे, महामंत्री चंद्रशेखर जोशी, सितारगंज नगर अध्यक्ष अतुल शर्मा, महामंत्री आशीष पांडे, हल्द्वानी से मनोज कुमार पांडेय, गिरीश जोशी, अजय चौहान, सुशील शर्मा, प्रवीण चौपड़ा, कैलाश जोशी, शरद पांडे, त्रिलोक सिंह बिष्ट, लालकुआं से ओपी अग्निहोत्री, मोहन जोशी, दलीप गाड़ियाँ, सुनील कुमार सहित समस्त पदाधिकारियों व सदस्यों सहित देंनिक आज के जीएम संजीव कृष्ण त्रिपाठी, सजंय सिंह, वीएम गुप्ता, आरके सिंह, मेहरोत्रा जी, तीरथ जी, धर्मेंद्र रस्तोगी, दिवाकर गुप्ता, भूपेंद्र सिंह रौतेला, सुनील कुमार, एफयू खान, सुशील खत्री, केवल कृष्ण बत्रा सहित समस्त पत्रकारो व देंनिक आज परिवार ने श्री दीक्षित के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है।

यह भी पढ़े : उत्तराखंड में प्रथम श्रेणी के कोरोना योद्धा माने जाएंगे पत्रकार, होगा बिना किसी प्रतिबंध के निःशुल्क टीकाकरण

 
नवीन समाचार, देहरादून, 03 अप्रैल 2021। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने पत्रकारों को फ्रंटलाइन कोरोना फाइटर्स यानी प्रथम पंक्ति के कोरोना योद्धा मानकर कोरोना वैक्सीन लगाने का अपना ऐलान दोहराया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में पत्रकारों को मुफ्त में कोरोना वैक्सीन लगाई जाएगी। उन्होंने कहा है कि पत्रकारों ने भी अन्य कोरोना योद्धाओं की तरह कोविड काल में काम किया है। कोरोना महामारी से लड़ने के दौरान पत्रकार साथियों ने सही सूचनाओं का सम्प्रेषण किया है। साथ ही जागरूकता एवं अन्य प्रचार-प्रसार के कार्यों के लिए फ्रंटलाईन वॉरियर के रूप में सहयोग दिया है। प्रदेश में पत्रकारों, मीडिया संस्थानों के प्रतिनिधियों और सूचना विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों का प्रथम श्रेणी के कोरोना योद्धाओं की भांति बिना किसी आयुसीमा के प्रतिबंध के टीकाकरण करवाने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि देहरादून सहित प्रत्येक जनपद में कुछ वैक्सिनेशन सेंटर चिन्हित किए जाएं, जहां पर मीडिया प्रतिनिधि अपना टीकाकरण करा सकें।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर महानिदेशक सूचना रणबीर सिंह चौहान ने आवश्यक कार्यवाही के लिए सचिव स्वास्थ्य को अनुरोध पत्र प्रेषित किया है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से कुंभ मेला-2021 की कवरेज करने वाले पत्रकारों का 31 मार्च को निगम सभागार में कोविड वैक्सिनेशन किया गया था।

यह भी पढ़ें : रुद्रपुर व लालकुआं में पुलिस द्वारा पत्रकार उत्पीड़न के मामले में आईजी ने दिये जांच के आदेश

नवीन समाचार, नैनीताल, 21 मार्च 2021। रुद्रपुर में पत्रकार भरत साह के साथ पुलिस कर्मियों द्वारा मारपीट एवं लालकुआं के पत्रकार बसंत पांडे का पहले नवंबर 2019 में बेवजह 10 हजार रुपए का चालान एवं बाद में सौहार्दपूर्ण माहौल में चालान निरस्त करने के आश्वासन के बावजूद अब न्यायालय से सम्मन आने के मामले में सोमवार को मुख्यालय के पत्रकार नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स इंडिया के बैनर तले आईजी अजय रौतेला से मिले। आईजी रौतेला ने पत्रकारों को दोनों मामलों में जांच कराने के आदेश दे दिए हैं।
इस मौके पर पत्रकारों ने आईजी को सोंपे ज्ञापनों में कहा कि पुलिस पत्रकारों का इस तरह उत्पीड़न कर रही है, इससे पता चलता है कि मित्र पुलिए का आम लोगों के साथ क्या रवैया रहता होगा। कहा कि बिना सत्यता जाने पत्रकारों के साथ एकतरफा कार्रवाई करने वाले संबंधित थाने के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ जांच कर उचित कार्रवाई की जाए। आईजी से मिलने वालों में एनयूजे-आई के नगर अध्यक्ष अफजल हुसैन ‘फौजी’, गौरव जोशी, नरेश कुमार, संदीप कुमार, संतोष बोरा, तेज सिंह, नीतू, सीमा, आकांक्षी, दामोदर लोहनी, सुनील बोरा शामिल रहे।

यह भी पढ़ें : एनयूजे-आई के प्रदेश अध्यक्ष हुए नैनीताल के पत्रकारों का संगठन देख गद्गद्, दूसरा संगठन छोड़ वरिष्ठ पत्रकार भी शामिल

नैनीताल में आयोजित एनयूजे की बैठक में उपस्थित पदाधिकारी।

नवीन समाचार, नैनीताल, 06 मार्च 2021। नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट-इंडिया की शनिवार को मुख्यालय में आयोजित बैठक में पहली बार प्रदेश अध्यक्ष एवं अन्य पदाधिकारियों के पहुंचने पर उनका अभिनंदन किया गया। साथ ही पत्रकार संगठन के ट्रेड यूनियन के रूप में पंजीकृत होने की औपचारिकताओं पर भी चर्चा हुई। इस दौरान प्रदेश अध्य्क्ष कैलाश जोशी, वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष संजय तलवार, प्रदेश उपाध्यक्ष प्रो. गिरीश रंजन तिवारी, कुमाऊं मंडल अध्यक्ष दिनेश जोशी, उपाध्यक्ष डॉ. नवीन जोशी, सचिव मनोज लोहनी, जिलाध्यक्ष प्रशांत दीक्षित व नगर अध्यक्ष अफजल हुसैन ‘फौजी’ आदि का फूल माला पहनाकर सम्मान किया गया। साथ ही संगठन के समस्त पदाधिकारियों को प्रेस कार्ड का वितरण हुआ। प्रदेश अध्यक्ष श्री जोशी ने कहा कि वह नैनीताल के पत्रकारों की एकता, संगठन व शक्ति को देखकर आह्लादित हैं, और उनके सहयोग से ही समस्याओं के निदान का भरोसा जताते हैं। उन्होंने संगठन का अगला प्रदेश स्तरीय चुनाव नैनीताल में होने की उम्मीद भी जताई। इस दौरान पत्रकार पेंशन योजना के सरलीकरण, सामुहिक बीमा योजना, पत्रकारों को आवास के लिए पत्रकार कालोनी सहित कई अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा की हुई। बैठक में प्रदेश, मंडल, जिले व नगर के पदाधिकारियों सहित दर्जनों पत्रकारों ने भी शिरकत की। इस दौरान दूसरा पत्रकार संगठन छोड़ने के बाद वरिष्ठ पत्रकार चंद्रेक बिष्ट के एनयूजे-आई की सदस्यता लेने की घोषणा भी की गई।

यह भी पढ़ें : वरिष्ठ पत्रकार बिष्ट ने पत्रकार संगठन से दिया इस्तीफा

नवीन समाचार, नैनीताल, 02 मार्च 2021। नगर के वरिष्ठ पत्रकार एवं पूर्व में अल्मोड़ा के जिलाध्यक्ष भी रहे चंद्रेक बिष्ट ने श्रमजीवी पत्रकार यूनियन से इस्तीफा दे दिया है। यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन लखेड़ा को भेजे पत्र में श्री बिष्ट ने कहा है कि श्रमजीवी पत्रकार यूनियन की पत्रकारों के हित में कोई भी गतिविधि नहीं है। इस कारण वह इस यूनियन से जुड़ा नहीं रहना चाहते हैं। लिहाजा यूनियन की सदस्यता से इस्तीफा दे रहे हैं। यह भी याद दिलाया है कि वह पूर्व में इस यूनियन की अल्मोड़ा शाखा के जिलाध्यक्ष भी रह चुके हैं। इस दौरान उन्होंने पत्रकार हित में कई कार्य किये, लेकिन अब लगता है कि यह यूनियन सुसुप्तावस्था में है। इसलिए उन्हें सदस्यता से मुक्त किया जाए।

यह भी पढ़ें : पत्रकार राजू पांडे ब्राह्मण उत्थान महासभा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनोनीत

नवीन समाचार, नैनीताल, 11 फरवरी 2021। नगर के पत्रकार राजू पांडे को ब्राह्मण उत्थान महासभा का प्रदेश मीडिया प्रभारी नियुक्त किया गया है। महासभा के अध्यक्ष विशाल शर्मा ने उनकी नियुक्ति की है। राजू पूर्व में टीवी पत्रकार रहे हैं, जबकि वर्तमान में ‘त्रिशूल वाणी’ समाचार वेबसाइट का संचालन करते हैं। वह नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स-इंडिया के नगर संगठन मंत्री भी हैं। महासभा के संरक्षक स्वामी संजय महंत व हरीश चंद्र पांडे, प्रांतीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष हेम भट्ट, ऊधमसिंह नगर के जिलाध्यक्ष उमेश जोशी, नैनीताल जिलाध्यक्ष राकेश जोशी व महिला प्रदेश अध्यक्ष मंजू पाठक सहित अन्य लोगों ने उन्हें मनोनयन पर बधाई व शुभकामनाएं दी हैं।

यह भी पढ़ें : एनयूजेआई नैनीताल की नगर कार्यकारणी का हुवा गठन…

नवीन समाचार, नैनीताल, 24 जनवरी 2021। पत्रकार संगठन एनयूजेआई यानी नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स-इंडिया की नगर इकाई का रविवार को पुर्नगठन किया गया। अध्यक्ष अफजल हुसैन फौजी के नेतृत्व में पुरानी कार्यकारिणी के पदाधिकारियों-उपाध्यक्ष रितेश सागर, महामंत्री गौरव जोशी, संगठन मंत्री राजू पांडे, सचिव दामोदर लोहनी व तेज सिंह नेगी व कोषाध्यक्ष मुनीब उर रहमान को उनके बेहतर कार्य को देखते हुए एक और कार्यकाल दिया गया, वहीं रिक्त हुए पदों पर भवाली के विनोद कुमार को वरिष्ठ उपाध्यक्ष, धारी के गंगा सिंह बिष्ट को उपाध्यक्ष, संतोष बोरा को उप सचिव एवं गुंजन मेहरा को महिला उपाध्यक्ष मनोनीत किया गया। वहीं इस बीच संगठन के कुमाऊं मंडल उपाध्यक्ष बने डॉ. नवीन जोशी व जिला महामंत्री बने नवीन पालीवाल को सम्मानित किया गया।
इस मौके पर मुख्य अतिथि प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. गिरीश रंजन तिवारी ने संगठन का महत्व बताते हुए कहा कि नैनीताल के पत्रकारों ने संगठित रहकर प्रेस क्लब का संघर्ष जीता है। शीघ्र प्रेस कार्ड की समस्या भी हल हो जाएगी। उन्होंने पिछले एक दशक में पत्रकारिता में तेजी से आ रहे परिवर्तनों को देखते हुए प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित करने, सामाजिक कार्यों में योगदान देने एवं पत्रकारिता की गरिमा बढ़ाने का आह्वान किया। वहीं अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ पत्रकार किशोर जोशी, डॉ. नवीन जोशी नवीन पालीवाल ने नए पत्रकारों को निरंतर पढ़ने एवं संगठन के अनुशासन में रहने की बात कही। इस दौरान दिवंगत पत्रकार दीप जोशी को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि भी अर्पित की गई। इस मौके पर जिला अध्यक्ष प्रशांत दीक्षित, भूपेंद्र मोहन रौतेला, कमेलश बिष्ट, नरेश कुमार, संदीप कुमार, गणेश कांडपाल, अजमल हुसैन, पंकज कुमार, सुनील बोरा, प्रदीप कुमार, दिनेश आर्य, शीतल तिवारी, यूएस सिजवाली, सुनील भारती व दीप्ति बोरा सहित अन्य पत्रकार भी मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें : कोरोना काल में प्रिंट पत्रकारिता हुई बुरी तरह प्रभावित, सरकार ने छोड़ा बेसहारा: डा. नवीन जोशी

नवीन समाचार, नैनीताल, 15 जनवरी 2021 भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत फील्ड आउटरीच ब्यूरो नैनीताल द्वारा शुक्रवार को कोरोना विषाणु से भारत के चुनौतीपूर्ण तरीके से निबटने के विषय पर एक बेबीनार का आयोजन किया गया, जिसमें तीन पैनल वक्ताओं समेत करीब 120 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

 

वेबीनार को संबोधित करते वरिष्ठ पत्रकार डा. नवीन जोशी।

वेबीनार में राज्य के वरिष्ठ पत्रकार ‘राष्ट्रीय सहारा’ के ब्यूरो प्रभारी और ‘नवीन समाचार’ के संपादक डॉ. नवीन जोशी ने कहा कि कोरोना महामारी प्रिंट मीडिया के लिए काफी चुनौतीपूर्ण साबित हुई है। अनेक समाचार पत्र और कई बड़े समाचार पत्रों की यूनिटें इस दौरान बंद हो गई हैं, तथा हजारों पत्रकारों और समाचार पत्रों से जुड़े कर्मियों की नौकरियां चली गई हैं। फिर भी केंद्र सरकार ने पूरे मीडिया उद्योग को भगवान भरोसे छोड़ दिया है, जबकि अन्य कमोबेश सभी सेक्टरों की कुछ न कुछ मदद जरूरी की है। दूसरी ओर उन्होंने डिजिटल-नये मीडिया के क्षेत्र में कोरोना काल में बने नए अवसरों को भी रेखांकित करते हुए बताया है कि मीडिया इस माध्यम से भी अपनी जिम्मेदारी का बखूबी निर्वाह कर रहा
इससे पूर्व वेबीनार के विषय पर भारतीय सूचना सेवा के अधिकारी राजेश सिन्हा ने कहा कि भारत सरकार ने मार्च 22 से लेकर 31 मई 2020 तक चार चरणों में जो लॉकडाउन की घोषणा की थी उससे देश के विभिन्न हिस्सों में कोरोना विषाणु के फैलने की गति काफी कम रही, जबकि 1 जून से आठ चरणों में लागू हुई अनलॉक की प्रक्रिया के साथ वैक्सीन विकसित कर लिए जाने के साथ देश चुनौतियों का सामना करने के साथ मानवता के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को लेकर भी सजग हैं। उत्तराखंड के चमोली जिला के मेडिकल ऑफिसर डॉ. पवन पाल ने आंकड़ों के साथ इस तथ्य को रखा कि अमेरिका, ग्रेट ब्रिटेन और फ्रांस जैसे देशों की तुलना में भी भारत में कोरोना वायरस का सामना बेहद सफलतापूर्वक किया गया है। वहीं डॉ. प्रदीप कुमार ने रोग प्रतिरोधक क्षमता को लेकर शरीर के साथ मन को भी मजबूत करने की नई सोच विकसित करने और बच्चों को शिक्षा के साथ स्वास्थ्य शिक्षा दिये जाने की आवश्यकता जताई। वेबीनार में गोपेश बिष्ट, आनंद बिष्ट, श्रद्धा गुरुरानी व श्रमिष्ठा बिष्ट आदि विभागीय अधिकारियों ने भी सहयोग किया।

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उप निदेशक सूचना योगेश मिश्रा।

 

नवीन समाचार, नैनीताल, 12 जनवरी 2021। सूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग द्वारा स्वर्गीय राम प्रसाद बहुगुणा राज्य स्तरीय पुरस्कारों की घोषणा की गई है। जानकारी देते हुए उप निदेशक सूचना योगेश मिश्रा ने बताया कि स्वर्गीय राम प्रसाद बहुगुणा राज्य स्तरीय पुरस्कार के लिए 31 जनवरी तक महानिदेशक सूचना द्वारा पात्र व्यक्तियों से आवेदन पत्र मांगे गये है। जिला सूचना अधिकारियों की संस्तुति सहित पात्र लोगों के आवेदन महानिदेशक सूचना को निर्धारित तिथि तक प्रेषित किये जायेंगे। उन्होंने बताया कि पुरस्कार वरिष्ठ पत्रकार, प्रौढ़ पत्रकार तथा युवा पत्रकार की श्रेणी में दिये जायेंगे।

श्री मिश्रा ने बताया कि वरिष्ठ पत्रकार श्रेणी हेतु वरिष्ठ पत्रकार की आयु कम से कम 55 वर्ष एवं पूर्णकालिक पत्रकार के रूप में कम से कम 25 वर्ष का अनुभव होना चाहिए तथा गत 15 वर्षो से उत्तराखण्ड में पत्रकारिता की हुई होनी चाहिए। वहीं प्रौढ़ पत्रकार श्रेणी हेतु पत्रकार की आयु 41 से 54 वर्ष के मध्य होनी चाहिए तथा पूर्णकालिक पत्रकार के रूप में विगत 15 वर्षों से उत्तराखण्ड में नियमित रूप से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत होना चाहिए। जबकि युवा पत्रकार की श्रेणी हेतु पत्रकार की आयु 26 से 40 वर्ष के मध्य होनी चाहिए और पूर्णकालिक पत्रकार के रूप में विगत 5 वर्षों से उत्तराखंड में नियमित रूप से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत होना चाहिए। श्री मिश्रा ने बताया कि पुरस्कार संबंधी आवेदन के प्रारूप सभी जिला सूचना कार्यालयों में उपलब्ध हैं। पात्र पत्रकार अपने आवेदन समस्त औपचारिकताऐं एवं अभिलेख पूर्ण करते हुए जिला सूचना कार्यालय नैनीताल अथवा मीडिया सेंटर में प्रस्तुत कर दें ताकि उनका परीक्षण कर निर्धारित तिथि से पूर्व सूचना निदेशालय देहरादून को प्रेषित किया जा सके।

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-गिरीश पांडे रामनगर के नगर अध्यक्ष व चंद्रशेखर जोशी नगर महामंत्री मनोनीत
नवीन समाचार हल्द्वानी 03 जनवरी 2021। ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट-इंडिया’ नैनीताल के जिलाध्यक्ष प्रशांत दीक्षित ने रामनगर की नगर कार्यकारिणी का गठन करते हुए पंजाब केसरी के वरिष्ठ पत्रकार गिरीश पांडे को अध्यक्ष एवं उत्तरांचल दीप के वरिष्ठ पत्रकार चंद्रशेखर जोशी को महामंत्री मनोनीत कर दिया है।
एनयूजे-आई के प्रदेश अध्यक्ष कैलाश जोशी, प्रांतीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजय तलवार, कुमाऊं मंडल अध्यक्ष दिनेश जोशी, जिलाध्यक्ष प्रशान्त दीक्षित ने उम्मीद जताई है कि दोनों पदाधिकारियों की काबिलियत का लाभ एनयूजे-आई को मिलेगा तथा वह शीघ्र ही नगर की कार्यकारिणी का विस्तार करेंगे। गौरतलब है कि पूर्व में श्री पांडे को उनके पूर्व बेहतरीन कार्यकाल की वजह से संगठन की दोबारा कमान सौंपी गयी है। श्री पांडे व श्री जोशी के मनोनयन पर उन्हें एनयूजे-आई के उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष कैलाश जोशी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजय तलवार, उपाध्यक्ष गिरीश रंजन तिवारी, काशीराम सैनी, प्रदेश महामंत्री सुशील कुमार त्यागी, प्रदेश कोषाध्यक्ष विकास झा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ब्रह्मदत्त शर्मा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राम चंद्र कनौजिया, प्रांतीय वित्तीय सलाहकार सरोज आनंद जोशी, संरक्षक तारा चन्द्र गुर्रानी, अविकल थपलियाल, कुमाऊं मंडल अध्यक्ष दिनेश जोशी, मंडल उपाध्यक्ष नवीन जोशी, महामंत्री भगवान सिंह गंगोला, सचिव हरीश भट्ट, मनोज लोहनी, प्रवक्ता डॉ.जफर सैफी, नैनीताल जिला अध्यक्ष प्रशांत दीक्षित, जिला महिला उपाध्यक्ष खष्टी बिष्ट, महामंत्री नवीन पालीवाल, नैनीताल नगर अध्यक्ष अफजल हुसैन फौजी सहित अरविंद मालिक, मनोज कुमार पांडेय, गिरीश जोशी, अनुराग वर्मा, अजय चौहान, ललित जोशी, सुशील शर्मा, प्रवीण चोपड़ा, शरद पांडे, सोनू पांडे, सैफ अली सिद्दीकी, ओपी अग्निहोत्री, मोहन जोशी, दलीप गड़िया सहित प्रांतीय, मंडलीय एवं समस्त पदाधिकारियों व सदस्यों ने खुशी व्यक्त करते हुए बधाई दी है।

यह भी पढ़ें : पत्रकार डा. उप्रेती की मौत के मामले में एनयूजे-आई ने मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन, कोरोना संक्रमितों के उपचार में पारदर्शिता के लिए भी उठाई मांग..

-पत्रकार के परिजनों को 10 लाख की सहायता व एक सदस्य को नौकरी के साथ कोरोना के उपचार में पारदर्शिता के लिए सीसीटीवी व पारदर्शी कक्ष व्यवस्था बनाने की उठाई मांग
कुमाऊं मंडल आयुक्त कार्यालय में ज्ञापन सोंपते एनयूजे-आई के पदाधिकारी।

 

नवीन समाचार, नैनीताल, 16 दिसम्बर 2020। पिथौरागढ़ जनपद के वरिष्ठ पत्रकार डा. दीपक उप्रेती की कोरोना से हुई मौत के मामले में उनके परिजनों एवं पिथौरागढ़ के पत्रकारों के बाद मंडल मुख्यालय के पत्रकारों ने बुधवार को कुमाऊं मंडल के आयुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स-इंडिया के माध्यम से कुमाऊं मंडल के उपाध्यक्ष नवीन जोशी के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में स्वर्गीय डा. उप्रेती के इलाज में हुई लापरवाही की उच्च स्तरीय जांच करने, उनके परिवार को पत्रकार कल्याण कोष से 10 लाख रुपए की अनुमन्य सहायता एवं परिवार के एक व्यक्ति को नौकरी देने की मांग की है। साथ ही कोरोना संक्रमित मरीजों के उपचार पर नजर रखने के लिए आईसीयू आदि में सीसीटीवी कैमरे लगाने, मरीजों के परिजनों को उनसे दूर से, सुरक्षित तरीके से मिलने देने, बात करने के लिए पारदर्शी केबिन तरह की व्यवस्था करने की मांग भी की गई।
ज्ञापन में कहा गया है कि स्वर्गीय उप्रेती सहित कई अन्य कोरोना मरीजों की रात्रि में मृत्यु हो रही है। क्योंकि रात्रि में ना तो चिकित्सक उपलब्ध होते हैं। और ना ही पैरामेडिकल स्टाफ। इस कारण मरीजों की उचित देखभाल नहीं हो पा रही है। इसलिए सीसीटीवी लगने एवं मरीजों का अपने परिवारजनों से संवाद जरूरी है। ज्ञापन सौंपने वालों में एनयूजे-आई के कुमाऊं मंडल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष नवीन जोशी, नगर अध्यक्ष अफजल हुसैन ‘फौजी’, संगठन मंत्री राजू पांडे, महामंत्री गौरव जोशी, उपाध्यक्ष रितेश सागर, सचिव तेज सिंह व संतोष बोरा आदि पत्रकार शामिल रहे।

यह भी पढ़ें : पत्रकार के बेटे की संदिग्ध मौत में पुलिस बिना कोई कार्रवाई अंतिम रिपोर्ट लगाने की तैयारी में !

-परिजनो ने लगाई जा रही अंतिम रिपोर्ट पर उठाये सवाल, पिता ने कहा-पुलिस की जांच रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं, करेंगे उच्चाधिकारियों से शिकायत
नवीन समाचार, हल्द्वानी, 01 दिसम्बर 2020। उत्तराखंड की मित्र पुलिस आईजी सहित अनेक उच्चाधिकारियों तक गुहार लगाने के बावजूद एक पत्रकार को उनके बेटे की मौत के मामले में न्याय दिला कर संतुष्ट नहीं कर पाई है। यहां तक कि नैनीताल पुलिस एक पत्रकार संगठन के माध्यम से आईजी से मिलने पर न्याय मिलने के आश्वासन के बावजूद पत्रकार के पुत्र की मौत के मामले में उसे टक्कर मारने वाले ऑटो चालक के खिलाफ ही कोई कार्रवाई कर पाई है, और न ही उस कार का नम्बर ही पता कर पायी है और न ही कार मालिक का, जिसे इस घटना के लिए परोक्ष तौर पर जिम्मेदार माना जा रहा है। वहीं पत्रकार गुप्ता इस मामले के पीछे अन्य कारणों का भी अंदेशा जता चुके हैं। उस बारे में भी पुलिस कुछ नहीं कह रही है।
उल्लेखनीय है कि कि गत 26 अगस्त 2020 को हल्द्वानी के पत्रकार अनुपम गुप्ता के इंटरमीडिएट में पढ़ रहे पुत्र भावेश गुप्ता की शाम 3 बजकर 51 मिनट पर घर से ट्यूशन से निकलने के बाद कथित तौर पर सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी।
इससे पूर्व भावेश के दोस्त मोहित बोरा ने भावेश को फोन कर बताया था कि उसकी स्कूटी में तेल खत्म हो गया है, उसके बाद ही भावेश घर से बाहर निकला, तभी रास्ते में एक ऑटो चालक के टक्कर मारने से भावेश गम्भीर रूप से घायल हो गया एवं अज्ञात ऑटो चालक उसे अपने ऑटो से लेकर सुशीला तिवारी अस्पताल पहुंचा था। उसके बाद भावेश के दोस्त मोहित बोरा के नम्बर से भावेश के घर फोन कर बताया गया कि भावेश सड़क दुर्घटना में घायल हो गया है वह एसटीएच में है। परिजन जब सूचना पर सुशीला तिवारी अस्पताल पहुंचे तो वहां भावेश की मौत हो चुकी थी। इधर भावेश के पिता पत्रकार अनुपम गुप्ता ने बताया कि उन्हें टीपी नगर चौकी में जांच अधिकारी संजय बोरा ने अंतिम रिपोर्ट लगने की जानकारी दी। पत्रकार अनुपम गुप्ता ने इस पर कहा कि वह पुलिस की जांच से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस अपनी रिर्पोट में भावेश द्वारा जिस कार को ओवर टेक करने की बात कर रही रही हे पुलिस न तो उस कार का नम्बर ही पता कर पायी है ओर न ही कार मालिक का। वहीं पुलिस के अनुसार जिस ऑटो चालक ने भावेश को टक्कर मारी थी उस पर भी कोई कार्यवाही नहीं की गई है। इससे भावेश के परिजनों में गहरा आक्रोश है। गुप्ता ने कहा कि पुलिस पूरी तरह से े मिलीभगत कर आरोपियों को बचाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि अगर उनके बेटे भावेश की मौत पर उन्हें न्याय नहीं मिला तो वह पुलिस के उच्चाधिकारियों से शिकायत करने के साथ ही राज्य बाल आयोग, राज्य मानवाधिकार आयोग, राष्ट्रीय बाल आयोग, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग सहित र्पदेश के मुख्यमंत्री सहित तमाम सम्बंधित लोगों से शिकायत करेंगे। वहीं जरूरत पड़ी तो वह हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटायेंगे।

 

यह भी पढ़ें : नवीन बने एनयूजे-आई के जिला महामंत्री व खष्टी महिला उपाध्यक्ष

नवीन समाचार, नैनीताल, 21 नवम्बर 2020। नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट इंडिया नैनीताल के जिलाध्यक्ष प्रशांत दीक्षित की संस्तुति पर कुमाऊं मंडल अध्यक्ष दिनेश जोशी ने नैनीताल जनपद के जिला महामंत्री के पद पर नवीन पालीवाल व महिला जिला उपाध्यक्ष के पद पर खष्टी बिष्ट को मनोनीत किया है। उन के मनोनयन पर संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष कैलाश जोशी, वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष संजय तलवार, उपाध्यक्ष गिरीश रंजन तिवारी, काशीराम सैनी, प्रदेश कोषाध्यक्ष विकास झा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ब्रह्मदत्त शर्मा,  राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राम चंद्र कनौजिया, प्रदेश महामंत्री सुशील कुमार त्यागी, कुमाऊं मंडल अध्यक्ष दिनेश जोशी, संरक्षक तारा चन्द्र गुर्रानी, अविकल थपलियाल, नवीन जोशी, गिरीश जोशी, मनोज कुमार पांडेय, अरविंद मलिक, आशुतोष कोकिला, हल्द्वानी  के निवर्तमान नगर अध्यक्ष  अनुराग वर्मा, निवर्तमान महामंत्री अजय चौहान, सुशील शर्मा,  लालकुआ के निवर्तमान अध्यक्ष ओपी अग्निहोत्री, निवर्तमान महामंत्री मोहन जोशी, दलीप गाड़ियाँ, रामनगर के निवर्तमान नगर अध्यक्ष गिरीश पांडे, प्रवीण चोपड़ा, मण्डल प्रवक्ता डॉ.ज़फर सैफ़ी, कैलाश जोशी, कमल जोशी, शरद पांडे, सोनू पांडे, सेफ अली, चंद्रशेखर जोशी  सहित अनेक पदाधिकारियों ने बधाई देते हुए उम्मीद जताई है कि वह संगठन को मजबूती प्रदान करेंगे तथा पत्रकार हितों के लिये ईमानदारी से प्रयासशील रहेंगे।

यह भी पढ़ें : फौजी दूसरी बार बने एनयूजे-आई के नैनीताल नगर अध्यक्ष

नवीन समाचार, नैनीताल, 20 नवम्बर 2020। नगर के वरिष्ठ पत्रकार अफजल हुसैन ‘फौजी’ दूसरी बार नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट इंडिया के नैनीताल के नगर अध्यक्ष बनाए गए हैं। उनकी नियुक्ति जिलाध्यक्ष प्रशांत दीक्षित की संस्तुति पर कुमाऊं मंडल दिनेश जोशी ने उनके पूर्व कार्यकाल किये गए कार्यों के आधार पर की है। उनके मनोनयन पर संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष कैलाश जोशी, वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष संजय तलवार, उपाध्यक्ष गिरीश रंजन तिवारी, काशीराम सैनी, प्रदेश कोषाध्यक्ष विकास झा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ब्रह्मदत्त शर्मा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राम चंद्र कनौजिया, प्रदेश महामंत्री सुशील कुमार त्यागी, कुमाऊं मंडल अध्यक्ष दिनेश जोशी, संरक्षक तारा चन्द्र गुर्रानी, अविकल थपलियाल, नवीन जोशी, गिरीश जोशी, मनोज कुमार पांडेय, अरविंद मलिक, आशुतोष कोकिला, हल्द्वानी के निवर्तमान नगर अध्यक्ष अनुराग वर्मा, निवर्तमान महामंत्री अजय चौहान, सुशील शर्मा, लालकुआ के निवर्तमान अध्यक्ष ओपी अग्निहोत्री, निवर्तमान महामंत्री मोहन जोशी, दलीप गाड़ियाँ, रामनगर के निवर्तमान नगर अध्यक्ष गिरीश पांडे, प्रवीण चोपड़ा, मण्डल प्रवक्ता डॉ.ज़फर सैफ़ी, कमल जोशी सहित प्रांतीय, मंडलीय सहित समस्त पदाधिकारियों ने बधाई देते हुए उम्मीद जताई है कि फौजी संगठन की कार्यकारिणी के गठन में सहयोग कर संगठन को मजबूती प्रदान करेंगे साथ ही पत्रकार हितों के लिये हमेशा ईमानदारी से प्रयासशील रहेंगे।

यह भी पढ़ें : प्रशांत दीक्षित बने एनयूजे-आई के नैनीताल जिलाध्यक्ष

नवीन समाचार, नैनीताल, 3 नवम्बर 2020। एनयूजे-आई यानी नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट इंडिया के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष संजय तलवार व कुमाऊं मंडल अध्यक्ष दिनेश जोशी की संस्तुति पर एनयूजे-आई के प्रदेशाध्यक्ष कैलाश जोशी ने जिला मुख्यालय के मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार प्रशांत दीक्षित को नैनीताल जिले का जिला अध्यक्ष मनोनित किया है। कुमाऊं मण्डल के प्रवक्ता डा. जफर सैफी ने बताया कि श्री दीक्षित को एक सप्ताह के भीतर जनपद व जनपद की नगर व ग्रामीण इकाइयों के गठन के निर्देश दिये गये हैं। श्री दीक्षित के जिला अध्यक्ष बनने पर एनयूजे-आई के राष्ट्रीय अध्यक्ष रास बिहारी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रामचन्द्र कन्नौजिया, उत्तराखंड के प्रांतीय संरक्षक तारा चंद्र गुरुरानी, अविकल थपलियाल, प्रदेश उपाध्यक्ष गिरीश रंजन तिवारी, काशीराम सैनी, प्रदेश कोषाध्यक्ष विकास झा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ब्रह्मदत्त शर्मा, नैनीताल नगर अध्यक्ष अफजल हुसैन फौजी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष नवीन जोशी, हल्द्वानी नगर अध्यक्ष अनुराग वर्मा, महामंत्री अजय चौहान, मंत्री सुशील शर्मा,  लालकुआ अध्यक्ष ओपी अग्निहोत्री, महामंत्री मोहन जोशी,  दलीप गाड़ियाँ,  रामनगर नगर अध्यक्ष गिरीश पांडे सहित वरिष्ठ पत्रकार अरविंद मलिक, गिरीश जोशी, मनोज कुमार पांडेय, प्रवीण चोपड़ा, आशुतोष कोकिला, डॉ.ज़फर सैफ़ी, कमल जोशी, शरद पांडे, सोनू पाण्डे सहित संगठन के समस्त पदाधिकारियों व सदस्यों ने बधाई देते हुये उम्मीद जताई है कि वह संगठन को मजबूती प्रदान करेंगे तथा पत्रकार हितों के लिये हमेशा ईमानदारी से प्रयासशील रहेंगे।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड में पत्रकार सामूहिक बीमा योजना की उम्मीद जगी…

-मुख्यमंत्री रावत ने आनंद राणा के पत्र पर आवश्यक कार्यवाही का दिया निर्देश
-एनयूजे इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष रास बिहारी ने आनंद राणा के प्रयासों को सराहनीय बताया
-उत्तराखंड एनयूजे के मुख्य संरक्षक ब्रह्मदत्त शर्मा एवं अध्यक्ष कैलाश जोशी ने जताया आभार
नवीन समाचार, नैनीताल, 2 नवम्बर 2020। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने राज्य के पत्रकारों हेतु सामूहिक बीमा योजना लागू करने हेतु संबंधित विभाग को आवश्यक कार्यवाही करने का निर्देश दिया है। प्रेस कॉउंसिल ऑफ इंडिया के सदस्य आनंद प्रकाश राणा ने गत एक सितंबर को श्री रावत को पत्र लिखकर उत्तराखंड में पत्रकारों हेतु सामूहिक बीमा कवर योजना लागू करने का आग्रह किया था। श्री राणा ने मुख्यमंत्री के सकारात्मक निर्देश का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि राज्य सरकार शीघ्रता से योजना लागू करेगी।
एनयूजे-इंडिया के अध्यक्ष रास बिहारी ने पीसीआई सदस्य आनंद राणा द्वारा की गई पहल को सराहनीय बताया है। उन्होंने कहा कि नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स-इंडिया के राष्ट्रीय संगठन सचिव आनंद राणा प्रेस कॉउंसिल ऑफ इंडिया के सदस्य के तौर पर लगातार पत्रकारों की समस्याओं और मांगों पर आवाज बुलंद कर रहे हैं।
उत्तराखंड एनयूजे के मुख्य संरक्षक ब्रह्म दत्त शर्मा, एनयूजे के उपाध्यक्ष रामचंद्र कन्नौजिया, उत्तराखंड एनयूजे के अध्यक्ष कैलाश जोशी, उपाध्यक्ष संजय तलवार, महामंत्री सुशील त्यागी, कुमाऊं मंडल अध्यक्ष दिनेश जोशी एवं गढ़वाल मंडल अध्यक्ष सोनू सिंह ने पीसीआई सदस्य आनंद राणा का धन्यवाद करते हुए कहा है कि राज्य के पत्रकारों हेतु सामूहिक बीमा कवर की अत्यंत आवश्यकता है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के सकारात्मक कदम की प्रशंसा करते हुए एनयूजे उत्तराखंड इकाई ने धन्यवाद व्यक्त किया है।

यह भी पढ़ें : एनयूजेआई-नैनीताल ने प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. तिवारी का किया अभिनंदन, भावी योजनाओं का खींचा खाका

नवीन समाचार, नैनीताल, 11 अक्टूबर 2020। नेशनल यूनियन आफ जर्नलिस्ट इंडिया (एनयूजेआई)की नैनीताल इकाई की रविवार को हुई बैठक में एनयूजेआई के नव नियुक्त प्रदेश उपाध्यक्ष प्रो.गिरीश रंजन तिवारी का अभिनंदन किया गया। इसके अलावा पत्रकारों की सामाजिक सहभागिता व संकट के समय पत्रकारों को आर्थिक मदद मुहैया कराए जाने पर भी चर्चा हुई।
बैठक में एनयूजेआई के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रो.तिवारी ने कहा कि उनका प्रयास रहेगा कि पत्रकारों को समय-समय पर मीडिया से जुड़ी विभिन्न नई जानकारियां कार्यशालाओं के माध्यम से मिल सकें इसके लिए विषय-विशेषज्ञों को आमंत्रित किया जाएगा। बैठक में पत्रकार व समाज को एक सूत्र में पिरोने के विषय में चर्चा करते हुए आम सहमति बनी कि आगामी दिनों में  एनयूजेआई कई सामाजिक कार्यो में अपनी अहम भूमिका निभाएगी जिसके तहत रक्तदान शिविर, नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर, गरीबों की मदद, मेधावी व निर्धन छात्र-छात्राओं को मदद जैसे कई समाजोपयोगी कार्यक्रम चलाएगी। इसके अलावा युवा पत्रकारों को प्रोत्साहित करने के लिए उन्हें विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में भागीदारी का मौका दिया जाएगा इसके लिए जल्द ही युवा पत्रकार खिलाडिय़ों की टीम गठित की जाएगी। बैठक में तय किया गया कि संकट के समय पत्रकारों को आर्थिक मदद मुहैया करायी जाएगी इसके लिए पत्रकार स्वयं आर्थिक मदद जुटाऐंगे। बैठक की अध्यक्षता एनयूजेआई के नगर अध्यक्ष अफजल हुसैन फौजी ने की जबकि विशिष्ट अतिथि  एनयूजेआई के जिला महामंत्री प्रशांत दीक्षित तथा वरिष्ठ पत्रकार चंद्रेश पांडे रहें। बैठक में गौरव जोशी, किशोर जोशी, दामोदर लोहनी, नरेश कुमार, रमेश चंद्रा, भूपेंद्र मोहन रौतेला, तेज सिंह नेगी, नवीन पालीवाल, सुनील बोरा, सुनील बोरा, वीरेंद्र बिष्ट, मुनीब उर रहमान, दीपक कुमार, पंकज कुमार, सुरेश कांडपाल, कांता पाल, प्रवीण कपिल, कमलेश बिष्ट, संतोष बोरा, संदीप कुमार, शीतल तिवारी, कंचन वर्मा, हिमानी रौतेला, नीतू आर्या, खुशबू तिवारी, गुंजन मेहरा, दीप्ति बोरा, अंचल पंत, अजमल हुसैन समेत कई पत्रकार मौजूद थे। संचालन रितेश सागर व राजू पांडे ने किया।

यह भी पढ़ें ; महिला पत्रकार ने कहा-‘तुम जैसे गुंडे पुलिसवालों से नहीं डरती हूं…पाकिस्तानियों से भी भिड़ चुकी हूं

नवीन समाचार, नैनीताल, 04 अक्टूबर 2020। नगर में सैलानियों की बढ़ी आवक के साथ सैलानियों और पुलिस कर्मियों के बीच भिड़ने व अभद्रता की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। रविवार को प्रतिष्ठित एबीपी न्यूज की महिला पत्रकार और पुलिस के अधिकारियों-कर्मचारियों के बीच मल्लीताल मस्जिद के पास डीएसए पार्किंग में वाहन खड़ा करने को लेकर विवाद हो गई। इस दौरान पुलिस कर्मियों के द्वारा महिला पत्रकार के साथ कार में मौजूद उनके दिव्यांग पुत्र को लेकर कथित तौर पर टिप्पणी की गई कि वह दिव्यांग बच्चे को साथ क्यों लाईं। इस पर महिला पत्रकार ने मल्लीताल कोतवाली की महिला उप निरीक्षक से अभद्रता की। उसने कथित तौर पर पुलिस कर्मियों से कहा, ‘तुम जैसे गुंडे पुलिसवालों से नहीं डरती हूं…पाकिस्तानियों से भी भिड़ चुकी हूं, तो तुम क्या हो…’ इस दौरान चाभी की छीनाझपटी में महिला उप निरीक्षक एवं पत्रकार के हाथों से खून भी निकल आया। बाद में पुलिस ने महिला पत्रकार की कार डीएसए पार्किंग में खड़ी करने दे दी, लेकिन जब वह नयना देवी मंदिर की ओर गई, तब तक उनकी कार के पहिए पर जैमर लगा दिए। इस बारे में मल्लीताल कोतवाली के उप निरीक्षक अशोक कुमार सिंह ने स्वीकारा कि महिला उप निरीक्षक से अभद्रता की गई। उन्हें समझाने की कोशिश की जा रही थी कि उनकी वजह से जाम लग रहा है, पर उनका ‘अहं’ आढ़े आ रहा था। उनके साथ कार में छोटे-छोटे बच्चे भी थे। उनका नाम-पता भी अपूर्ण था। बच्चों के मन-मस्तिष्क में पुलिस के प्रति बुरी छवि न बने, इसलिए फिलहाल कोई कार्रवाई नहीं की गई। वहीं महिला पत्रकार ने कहा कि उन्होंने एसपी से मामले की शिकायत की। इसके बाद पुलिस ने बिना कोई कार्रवाई किए उनकी कार से जैमर हटाया।

यह भी पढ़ें : दिवंगत पत्रकार के परिजनों को एनयूजेआई ने उपलब्ध कराई 50 हजार से अधिक की आर्थिक मदद

नवीन समाचार, नैनीताल, 15 सितंबर 2020। विगत 9 सितंबर की रात्रि हृदयाघात से नगर के पत्रकार हरीश चंद्र का असामयिक निधन हो गया था। वह घर के इकलौते कमाऊ सदस्य थे। वह अपने पीछे पत्नी, दो बहनें व मां को रोता-बिलखता छोड़ गए। इधर मंगलवार को नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट की नैनीताल इकाई के द्वारा हरीश के घर जाकर उनके परिजनों को 50 हजार 200 रुपए की सहयोग राशि प्रदान की गई तो हरीश के परिजन अत्यधिक भावुक हो उठे। उन्होंने एनयूजेआई के सभी सदस्यों का आभार जताया। एनयूजेआई के सदस्यों ने हरीश के परिवार को आर्थिक मदद के लिए मुहिम शुरू की और नगर में पत्रकारों की सीमित संख्या के बावजूद सम्मानजनक राशि एकत्र किए। आज हरीश के परिवार को यह आर्थिक मदद पहुंचाने वालों में की एनयूजेआई के नगर अध्यक्ष अफजल हुसैन फौजी, जिला महामंत्री प्रशांत दीक्षित, वरिष्ठ उपाध्यक्ष नवीन जोशी, महामंत्री गौरव जोशी, संगठन मंत्री राजू पांडे, सचिव तेज सिंह नेगी, उपाध्यक्ष रितेश सागर व सुनील बोरा के साथ ही पंकज कुमार, दीप्ति बोरा शामिल रहे।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 05 सितंबर 2020। नैनीताल में एनयूजे-इंडिया का कारवां लगातार बढ़ता जा रहा है नैनीताल सहित आसपास के इलाकों से भी बड़ी संख्या में पत्रकार यूनियन की सदस्यता लेकर शामिल हो रहे है। इसी कड़ी में आज नैनीताल के वरिष्ठ पत्रकार डॉ गिरीश रंजन तिवारी जी ने भी यूनियन के प्रति आस्था जताते हुवे सदस्यता ग्रहण की है। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया है कि सभी पत्रकार मिल-जुलकर जनपक्षीय पत्रकारिता के जरिये सामाजिक मुद्दों को उठाने के साथ ही अपने हितों की रक्षा को संकल्पबद्ध होंगे।
इसके अलावा आज भीमताल, भवाली, धारी, मुक्तेश्वर व ज्योलीकोट के पत्रकारों ने भी यूनियन की सदस्यता ली और भरोसा दिलाया कि वो यूनियन की रीति-नीति पर चलंगे। इसी कड़ी में आज भीमताल मेंएनयूजे इंडिया के नैनीताल नगर अध्यक्ष अफजल हुसैन फौजी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में बतौर मुख्य अतिथि वरिष्ठ पत्रकार संजीव भगत व विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला महामंत्री प्रशांत दीक्षित शामिल हुए। संगठन मंत्री राजू पाण्डे व वीरेंद्र सिंह बिष्ट के संचालन में आयोजित बैठक में पत्रकारों से जुड़े तमाम अहम बिंदुओं पर मंथन किया गया और समस्त नव आगंतुकों को यूनियन की सदस्यता दिलाकर स्वागत किया गया। यूनियन की सदस्यता लेने वालों में वरिष्ठ पत्रकार कैलाश जोशी,खष्टी बिष्ट, यूएस सिजवाली, पूरन पालीवाल, प्रवीण कपिल, दिनेश आर्या, प्रदीप कुमार, विकास थापा, हरीश पाण्डे, कुलदीप कुमार, नीरज जोशी व लता नेगी शामिल हुए।

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-एनयूजे-आई की नैनीताल कार्यकारिणी का हुआ विस्तार, मिली जिम्मेदारी

नवीन समाचार, नैनीताल, 3 सितंबर 2020। एनयूजे-आई यानी नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) की नैनीताल नगर इकाई का बृहस्पतिवार को विस्तार किया गया। यूनियन का नवीन जोशी को वरिष्ठ उपाध्यक्ष, रितेश सागर और विनोद कुमार को उपाध्यक्ष, कंचन वर्मा को महिला उपाध्यक्ष, गौरव जोशी को महासचिव, दामोदर लोहनी और तेज सिंह नेगी को सचिव, राजू पांडे को संगठन मंत्री, मुनीब उर रहमान को कोषाध्यक्ष तथा ललित जोशी को प्रचार प्रसार सचिव मनोनीत किया गया।

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एनयूजे-आई की नैनीताल कार्यकारिणी के नवनियुक्त पदाधिकारी।

नगर अध्यक्ष अफजल फौजी ने कुमाऊं मंडल अध्यक्ष कैलाश जोशी और जिलाध्यक्ष दिनेश जोशी की संस्तुति पर नव मनोनीत पदाधिकारियों की घोषणा करते हुए उनसे आशा जताई कि वे संगठन को मजबूती प्रदान करेंगे। इस मौका पर वरिष्ठ पत्रकार डॉ. गिरीश रंजन तिवारी, संगठन के जिला महामंत्री प्रशांत दीक्षित, किशोर जोशी, रमेश चंद्रा, रवि पांडे, वीरेंद्र बिष्ट, भूपेंद्र मोहन रौतेला, नवीन पालीवाल, सुनील बोहरा, नरेश कुमार, कांता पाल, अजमल हुसैन, पंकज कुमार, मुनीब रहमान, शीतल तिवारी, नवीन तिवारी, संतोष बोहरा, मोहित कुमार, दीपक कुमार, सुरेश कांडपाल, दिव्यांश साह, नीतू आर्य, गुंजन मेहरा व दीप्ति बोरा आदि पत्रकार मौजूद रहे।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 31 अगस्त 2020। जिला-मंडल में वर्ष 2011 में तत्कालीन नैनीताल विकास प्राधिकरण द्वारा बनाए गए ‘न्यू ब्रिज कम बाइपास’ में कुमाऊं प्रेस क्लब को एक 15 गुणा 20 वर्ग फिट का भवन आरक्षित हुआ था, किंतु बाद में यह परिसर नगर पालिका को आवंटित हो गया। और नगर पालिका ने कुमाऊं प्रेस क्लब को आरक्षित कक्ष आवंटित नहीं किया। इस मामले को लेकर सोमवार को नगर के पत्रकारों का एक शिष्टमंडल नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट इंडिया के नवनियुक्त अध्यक्ष अफजल हुसैन फौजी की अगुवाई में कुमाऊं मंडल के आयुक्त एवं प्राधिकरण के अध्यक्ष अरविंद सिंह ह्यांकी से मिले। श्री ह्यांकी ने इस मामले में पत्रकारों के साथ नगर पालिका द्वारा किये गये ‘अन्याय’ को स्वीकार करते हुए पालिका के अधिशासी अधिकारी अशोक कुमार वर्मा को एक सप्ताह के भीतर आरक्षित भवन कुमाऊं प्रेस क्लब को आवंटित करने तथा इस संबंध में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिये।
इसके उपरांत पत्रकारों का शिष्टमंडल अधिशासी अधिकारी श्री वर्मा से मिला। श्री वर्मा ने दो दिन में इस संबंध में कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। शिष्टमंडल में एनयूजे-आई के नवनियुक्त जिला महामंत्री प्रशांत दीक्षित, नवीन जोशी, गौरव जोशी, वीरेंद्र बिष्ट, रमेश चंद्रा, तेज सिंह नेगी, रितेश सागर व राजू पांडे आदि पत्रकार शामिल रहे।

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-नैनीताल में नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट इंडिया की पहली बैठक, मंडलायुक्त से मिलना तय
नवीन समाचार, नैनीताल, अगस्त 2020। सरोवर नगरी नैनीताल में रविवार को नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट इंडिया की पहली बैठक आयोजित हुई। नगर पालिका सभागार में आयोजित हुई बैठक में संगठन के नवनियुक्त अध्यक्ष अफजल हुसैन फौजी व जिला महामंत्री प्रशांत दीक्षित ने संगठन की जानकारी दी। पत्रकारों ने उनका फूल मालाओं से स्वागत किया। साथ ही भवाली के पत्रकार कमलेश जोशी के भाई हरीश जोशी के कोरोना से असामयिक निधन पर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि भी दी गई। वहीं अन्य वक्ताओं ने नगर के पत्रकारों की हमेशा से रही एकता को आगे भी बरकरार रखते हुए संगठित रहने का संकल्प दोहराया। वक्ताओं ने यह भी कहा कि यदि कोई संगठन उनकी उपेक्षा करता है तो वह उसे एक साथ छोड़ने से भी संकोच नहीं करेंगे। वहीँ अध्यक्ष फौजी ने नगर के पत्रकारों के मूल संगठन ‘कुमाऊं प्रेस क्लब’ के क्रियाकलापों को भी आगे बढ़ाने का संकल्प जताया। इस दौरान कुमाऊं प्रेस क्लब को पूर्व में प्राधिकरण से स्वीकृत भवन के नगर पालिका से अब तक आवंटित न होने पर नाराजगी जताई गई तथा तय किया गया कि सोमवार को इस संबंध में पत्रकारों का एक सात सदस्यीय शिष्टमंडल मंडलायुक्त से मिलेगा।
बैठक में वरिष्ठ पत्रकार राजीव लोचन साह, वरिष्ठ पत्रकार किशोर जोशी, नवीन जोशी, गौरव जोशी, भूपेंद्र मोहन रौतेला, वीरेंद्र बिष्ट, रमेश चंद्रा, अजमल हुसैन, तेज सिंह नेगी, कांता पाल, दीपक कुमार, नरेश कुमार, सुनील बोरा, नवीन पालीवाल, संतोष बोरा, मुनीब उर रहमान, विनोद कुमार, पंकज कुमार, नवीन तिवारी, संदीप कुमार, दीप्ति बोरा व गुंजन मेहरा आदि पत्रकार मौजूद रहे। संचालन रितेश सागर व राजू पांडे ने किया।

यह भी पढ़ें : नैनीताल के वरिष्ठ पत्रकार प्रशांत दीक्षित बने एनयूजे-आई के जिला महामंत्री

नवीन समाचार, नैनीताल, 29 अगस्त 2020। नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट इंडिया नैनीताल के जिलाध्यक्ष दिनेश जोशी ने जिला कार्यकारिणी का विस्तार करते हुए नैनीताल के वरिष्ठ एवं मान्यता प्राप्त पत्रकार प्रशांत दीक्षित को जिला महामंत्री नियुक्त किया है। श्री दीक्षित के जिला महामंत्री बनने पर उत्तराखंड के प्रांतीय अध्यक्ष ब्रह्मदत्त शर्मा, उपाध्यक्ष संजय तलवार, प्रदेश महामंत्री राम चंद्र कनौजिया, कुमाऊं मंडल अध्यक्ष कैलाश जोशी, संरक्षक तारा चन्द्र गुर्रानी, उपाध्यक्ष गिरीश जोशी, महामंत्री मनोज कुमार पांडेय, अरविंद मलिक, आशुतोष कोकिला, अनुराग वर्मा, अजय चौहान, सुशील शर्मा, ओपी अग्निहोत्री, मोहन जोशी, दलीप गड़िया, प्रवीण चोपड़ा, कमल जोशी के साथ ही नैनीताल के पत्रकार डा. गिरीश रंजन तिवारी, अफजल हुसैन फौजी, नवीन जोशी, ललित जोशी, रितेश सागर, वीरेंद्र बिष्ट, दीपक आर्य, राजू पांडे, नरेश कुमार, विनोद कुमार, नवीन तिवारी, पंकज, मुनीब उर रहमार, तेज सिंह नेगी, कंचन वर्मा, रवि पांडे, नीरज जोशी, अजमल हुसैन, नवीन पालीवाल, माधव पालीवाल, रमेश चंद्रा, कमल जगाती आदि ने शुभकामनाएं एवं बधाई दी है।

यह भी पढ़ें : नंदा-सुनंदा महोत्सव की प्रेस कवरेज न किये जाने पर पत्रकारों ने किया प्रदर्शन..

नवीन समाचार, नैनीताल, 27 अगस्त 2020। नैना देवी मंदिर में आयोजित हो रहे श्री माता नंदा-सुनंदा महोत्सव की आम जन के साथ ही पत्रकारों को भी बीती शाम पंच आरती की कवरेज नहीं करने दी गई। इस पर आक्रोशित नगर के पत्रकारों ने बृहस्पतिवार को मंदिर के गेट के बाहर हाथों में पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया। पोस्टरों पर ‘पत्रकारों से बदसलूकी बंद करो, पत्रकार उत्पीड़न बंद करो, पत्रकारों के लिए क्या गाइड लाइन है’ आदि संदेश लिखे हुए थे। प्रदर्शन में वरिष्ठ पत्रकार माधव पालीवाल, प्रशांत दीक्षित, भूपेंद्र मोहन रौतेला, अफजल हुसैन फौजी, वीरेंद्र बिष्ट, सुरेश कांडपाल, तेज सिंह नेगी, नरेश कुमार, विनोद कुमार, गौरव जोशी, अजमल हुसैन, दीप्ति बोरा, पंकज कुमार, रितेश सागर, राजू पांडे, सुनील बोरा, मुनीब उर रहमान, समीर साह, दीपक कुमार, कांता पाल व संतोष बोरा आदि पत्रकार शामिल रहे। बाद में सूचना विभाग के अधिकारियों ने नगर के पत्रकारों की लिस्ट प्रशासन को सोंपी एवं प्रशासन ने पत्रकारों के मंदिर में प्रवेश पर कोई रोक न होने, एक-दो के समूह में पत्रकारों के मंदिर में प्रवेश की बात कही। प्रशासन की ओर से बताया गया कि मंदिर प्रशासन की ओर से मंदिर में प्रवेश पर रोक लगाई गई है।

यह भी पढ़ें : वरिष्ठ पत्रकार फौजी बने नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट के नगर अध्यक्ष

नवीन समाचार, नैनीताल, 25 अगस्त 2020। जिला-मंडल मुख्यालय के मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार अफजल हुसैन ‘फौजी’ को नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट इंडिया नैनीताल का नगर अध्यक्ष मनोनीत किया गया है। यूनियन के जिलाध्यक्ष दिनेश जोशी की संस्तुति पर जिला नैनीताल की कार्यकारिणी के विस्तार के क्रम में फौजी की नियुक्ति की गई है। उल्लेखनीय है कि फौजी पूर्व में भी नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट-एनयूजे के नगर महामंत्री रह चुके हैं। उनकी नियुक्ति पर यूनियन के प्रांतीय अध्यक्ष ब्रह्मदत्त शर्मा, उपाध्यक्ष संजय तलवार, महामंत्री राम चंद्र कनौजिया कुमाऊं मंडल अध्यक्ष कैलाश जोशी, संरक्षक तारा चंद्र गुरुरानी, मंडलीय उपाध्यक्ष गिरीश जोशी, अरविंद मलिक, जिला सचिव आशुतोष कोकिला, मनोज कुमार पांडे, नगर अध्यक्ष अनुराग वर्मा महामंत्री अजय चौहान, मंत्री सुशील शर्मा, लालकुआ अध्यक्ष ओपी अग्निहोत्री महामंत्री मोहन जोशी, दलीप गड़िया, प्रवीण चोपड़ा, कमल जोशी सहित प्रांतीय, मंडलीय एवं समस्त पदाधिकारियों एवं जिला-मंडल मुख्यालय के डा. गिरीश रंजन तिवारी, माधव पालीवाल, नवीन जोशी, किशोर जोशी, ललित जोशी, प्रशांत दीक्षित, कमल जगाती, गौरव जोशी, वीरेंद्र बिष्ट, राजू पांडे, सुरेश कांडपाल, रमेश चंद्रा, संदीप गुसाई, तेज सिंह नेगी, संदीप कुमार, नरेश कुमार, अजमल हुसैन, रितेश सागर, कंचन वर्मा, नवीन तिवारी, लीला बिष्ट, शीतल तिवारी, नीरज जोशी, दीपक आर्य, मुनीब रहमान आदि ने बधाई प्रेषित की है। वहीं श्री हुसैन का कहना है कि वह सभी को साथ लेकर उन्हें मिली जिम्मेदारी के तहत नगर में संगठन का विस्तार करेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई है कि उन्हें सभी का मार्गदर्शन, प्यार व सहयोग पूर्व की तरह मिलता रहेगा।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 18 मई 2020। बीती रात्रि नगर के मान्यता प्राप्त पत्रकार ललित जोशी व उनके पुत्र हर्षित जोशी के साथ दो युवकों ने उनके घर पर शराब पीकर अभद्रता कर दी। जोशी ने इसकी शिकायत मल्लीताल कोतवाली में दी। जोशी का कहना था कि वह टीचर्स क्वार्टर ब्रेसाइड में अपने पुत्र व पुत्री के साथ रहते हैं। बीती रात्रि रविशंकर आर्य उर्फ सूरज व राजेश टम्टा नाम के दो अपरिचित युवक शराब पीकर उनके घर के पास आये और गाली-गलौज करने लगे। उन्होंन जान से मारने की धमकी भी दी। कोतवाली में नगर के अन्य पत्रकार भी पहुंचे। यहां आरोपितों द्वारा दो अन्य गवाहों की मौजूदगी में लिखित माफी मांग लिये जाने पर समझौता हो गया। लेकिन इस बीच मल्लीताल बाजार निवासी एक व्यक्ति शराब पीकर वहां पहुंचे पत्रकारों से अभद्रता करने लगा। कोतवाली पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस मामले में पुलिस महेश साह नाम के व्यक्ति का मेडिकल कर चालान करने जा रही है।

यह भी पढ़ें : लॉक डाउन में मस्ती, टोकने पर महिला पत्रकार के साथ अभद्रता

नवीन समाचार, नैनीताल, 2 मई 2020। बीती रात्रि नगर में एक परिवार के लोगों के द्वारा लॉक डाउन के उल्लंघन एवं टोकने पर महिला पत्रकार के साथ अभद्रता किये जाने का मामला प्रकाश में आया है। मल्लीताल कोतवाली पुलिस ने इस मामले में महिला पत्रकार की तहरीर पर आरोपित मल्लीताल जय लाल साह बाजार निवासी विनोद जोशी एवं उनकी पत्नी के विरुद्ध लॉक डाउन के उल्लंघ के आरोप में भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत मुकदमा पंजीकृत कर दिया है।
आवाज24X7उत्तराखंड की पत्रकार कंचन वर्मा के अनुसार बीती रात्रि उनके आवास जय लाल साह बाजार में लॉक डाउन का उल्लंघन करते हुए एक परिवार के बच्चे और मां स्कूटी पर खूब चक्कर लगा रहे थे। कंचन को किसी ने बताया तो वह वह समझाने पहंुची। उन्होंने कुछ दिन पहले ही यहां रात को भीड़ के एकत्र होकर खेलने और बाजार में भीड़ लगाने का सचार भी बनाया था। इस पर उन लोगो ने उल्टा पत्रकार से ही अभद्रता शुरू कर दी। कंचन ने इस मामले में रात्रि में ही पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई। अलबत्ता पुलिस ने इस मामले में उनसे अभद्रता पर नहीं, अलबत्ता लॉक डाउन के आरोप में मुकदमा पंजीकृत कर लिया है। एएसआई सत्येंद्र गंगोला ने मुकदमा दर्ज होने की पुष्टि की है।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 14 अप्रैल 2020। पत्रकारिता जगत से बेहद चिंताजनक समाचार है। खुद के लिए ‘अखबार मतलब अमर उजाला’ कहने वाले प्रतिष्ठित समाचार पत्र के पत्रकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘सप्तपदी’ में वेतन न काटने की खबर छापने की तैयारी कर रहे होंगे, वहीं ‘पर उपदेश कुशल बहुतेरे’ की तर्ज पर उनका प्रतिष्ठान अपनी सभी यूनिटों में उनका आधा वेतन काट चुका है। अमर उजाला ने सीनियर सब एडिटर से ऊपर के संपादकीय कर्मियों का वेतन आधा कर दिया है। बताया गया है कि लखनऊ कानपुर, नोएडा में कई सीनियर सब एडीटर 30 से 45 हजार रुपए प्रति माह के बीच लेते हैं, जबकि चीफ सब एडिटर और डीएनए 30 से 35 हजार के बीच में लेते है। ऐसे में वेतन में कटौती की मार सीनियर सब से कम सैलरी पाने वाले चीफ सब, डीएनई एनई को खूब खल रही है।

पत्रकारों की लाचारगी देखिये, वे किसी भी अन्य कार्मिक के वेतन-सुविधाओं में एक दिन की भी कटौती की खबरें तो प्रमुखता से प्रकाशित करते हैं, लेकिन अपना आधा वेतन कटने के बावजूद खुल कर बोलने की स्थिति में नहीं हैं। यह तब है, जबकि पत्रकार कोरोना विषाणु की वैश्विक महामारी के बावजूद खुद की जान जोखिम में डालकर अपनी सेवाएं बिना कोई अवकाश लिये देते रहे हैं। वे न खुद ‘लॉक डाउन’ हुए और ना ही ‘वर्क फ्रॉम होम’ कर कार्यालय जाने से ही परहेज किया। फिर भी उन्हें यह दंड किसलिए मिला है, वह यह सवाल करने का साहस करने की स्थिति में भी नहीं हैं। न ही कोई और उनकी आवाज ही उठाने वाला है। उनकी लाचारगी समाचार पत्रों के भविष्य पर जताई जा रही चिंता के बीच पूरे प्रिंट पत्रकारिता जगत के लिए भी चिंताजनक है। इससे समाचार पत्रों के भविष्य पर जताई जा रही चिंताओं को और बल भी मिल सकता है।

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धारी में तहसीलदार नितेश डागर को पीएम राहत कोष का चेक भेंट करते धारी के पत्रकार।

दान सिंह लोधियाल @ नवीन समाचार, धानाचूली, 13 अप्रैल 2020। कोरोना विषाणु कोविद-19 की महामारी से लड़ने में अपना योगदान देने में पत्रकार कोरोना वॉरियर्स के रूप में तो योगदान दे ही रहे हैं, लेकिन शायद यह अपनी तरह का पहला उदाहरण होगा, जहां पत्रकार प्रधानमंत्री राहत कोष-पीएम केयर्स में आर्थिक मदद देने में भी आगे आये हैं। जनपद के छोटे से कस्बे धारी तहसील मुख्यालय के पत्रकारों ने बड़ा दिल दिखाते हुए धारी की तहसीलदार नितेश डागर को ढाई हजार का चेक सौंपते हुए प्रधानमंत्री राहत कोष में सहायता राशि भेजी। तहसीलदार ने सभी पत्रकारों को इस विश्वव्यापी महामारी में पीएम केयर्स फंड में यह धनराशि भेजने पर बधाई दी व आभार जताया। इस मौके पर नायब तहसीलदार तान्या रजवार, एनयूजे धारी इकाई के पत्रकार मोहन सिंह कार्की, मनोज जोशी, प्रदीप कुमार, दानसिंह लोधियाल, दिनेश चंद्र आर्या, दीपक बिष्ट, जितेन्द्र रैक्वाल, पंकज बिष्ट, आरके हेम जोशी ,उपनिरीक्षक ललित मोहन सिंह जैड़ा आदि मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें : पत्रकारिता के छात्रों के लिए 10 अप्रैल का दिन खास

-आकाशवाणी के समाचार संपादक हरीश जैन अनुवाद की महत्ता पर होंगे ‘फेसबुक लाइव’

नवीन समाचार, नैनीताल, 8 अप्रैल 2020। 10 अप्रैल का दिन पत्रकारिता के छात्रों के लिए खास हो सकता है। इस दिन आकाशवाणी के समाचार संपादक एवं भारतीय संसद में अनुवादक के पद पर कार्यरत हरीश जैन शाम साह बजे पत्रकारिता के छात्रों के लिए इस लिंक (https://www.facebook.com/apjakdsbku/) पर ‘फेसबुक लाइव’ होंगे और ‘पत्रकारिता एवं संचार के छात्रों के लिए अनुवाद की महत्ता’ पर व्याख्यान देंगे। कुमाऊं विश्वविद्यालय के अटल पत्रकारिता एवं जनसंचार अध्ययन केंद्र के द्वारा यह आयोजन किया गया है। कुमाऊं विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर नैनीताल के पत्रकारिता विभाग के अध्यक्ष प्रो. गिरीश रंजन तिवारी ने कहा कि यह व्याख्यान पत्रकारिता के छात्रों के लिए काफी लाभप्रद होने वाला है। कोई भी इस फेसबुक के लिंक से जुड़ सकता है। साथ ही उन्होंने बताया कि लॉक डाउन लागू होने के बाद से ही विभाग के द्वारा पत्रकारिता के छात्र-छात्राओं को वीडियो लेक्चर सहित अन्य तरीकों से ऑनलाइन पाठ्य सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है ताकि इस दौरान अध्ययन प्रभावित न हो। आगे स्थितियां बेहतर न होने पर छात्र-छात्राओं को ‘जूम’ ऐप के जरिये ऑनलाइन पढ़ाने की भी तैयारी की जा रही है।

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नवीन समाचार, देहरादून, 23 फरवरी 2020।उत्तराखंड के सबसे ज्यादा पढ़े जाने वाले अखबार’ के पत्रकार महेन्द्र सिंह के विरुद्ध धमकी देकर रुपये मांगने व जान से मारने की धमकी देने के आरोप में न्यायालय के आदेश से कोतवाली ऋषिकेश में मुकदमा पंजीकृत किया गया है। 22 दिसंबर को ऋषिकेश निवासी शिकायतकर्ता के प्रार्थना पत्र पर न्यायालय पंचम अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट देहरादून के आदेश पर अमर उजाला के पत्रकार महेन्द्र सिंह के द्वारा धमकी देकर रुपये मांगने व रुपये न देने पर गाली गलौच व जान से मारने की धमकी देने के सम्बन्ध में मुकदमा पंजीकृत किया गया है।

बता दें कि, ऋषिकेश के एक ठेकेदार ने न्यायालय देहरादून में पत्रकार के खिलाफ शिकायत की थी। जिसमें उन्होंने बताया कि, मेरा निजी व्यवसाय है, मैं ठेकेदारी भी करता हूँ तथा आजकल मेरा काम सांईघाट के सामने चल रहा है। इसी निर्माण कार्य को लेकर अमर उजाला ऋषिकेश का पत्रकार महेन्द्र सिंह मुझे काफी समय से परेशान कर रहा था तथा धमकी दे रहा था कि, जिस भवन का निर्माण तुम करा रहे हो उसकी शिकायत मैं सीधा प्राधिकरण से कर दूंगा। क्योंकि तुम्हारा निर्माण कार्य नक्शे के अनुसार नहीं हो रहा है। इसके ऐवज में महेन्द्र सिंह मुझसे एक लाख रूपये मांग रहा था अन्यथा अपने अखबार अमर उजाला में सूचना प्रकाशित करने को कह रहा था। पत्रकार महेन्द्र सिंह को मुह मांगे रूपये न देने पर उसके द्वारा मुझे जान से मारने की धमकी भी दी जा रही थी। शिकायतकर्ता द्वारा माननीय न्यायालय देहरादून में धारा 156 (3) द0प्र0सं0 में प्रार्थनापत्र दिया गया था, जिस पर दिनांक- 22/02/20 को माननीय न्यायालय द्वारा कोतवाली ऋषिकेश को पत्रकार महेन्द्र सिंह के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत करने के आदेश दिये गये। जिस पर दिनांक- 22/02/20 को पत्रकार महेन्द्र सिंह के खिलाफ उचित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया गया है। जिसकी विवेचना की जा रही है।

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शिव प्रसाद सेमवाल

नवीन समाचार, नैनीताल, 15 जनवरी 2020। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने पिछले एक माह से जेल में बंद पर्वत जन समाचार पोर्टल के सम्पादक एवं वरिष्ठ पत्रकार शिव प्रसाद सेमवाल की जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद जमानत मंजूर कर ली है। जमानत याचिका की सुनवाई न्यायमूर्ति नारायण सिंह धानिक की एकलपीठ में हुई। उल्लेखनीय है कि गत 27 अक्टूबर 2019 को कथित पूर्व दर्जा राज्य मंत्री नीरज राजपूत की शिकायत पर सेमवाल व अमित पाल के खिलाफ सहसपुर देहरादून थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था।

सुनवाई के दौरान सेमवाल के अधिवक्ता द्वारा कोर्ट को अवगत कराया गया कि सेमवाल को साजिशन फंसाया गया है न ही उन्होंने कभी किसी को ब्लैकमेल किया न ही कभी रंगदारी वसूल की उन्होंने तो निष्पक्ष पत्रकारिता की। निष्पक्ष पत्रकारिता करने की वजह से उनको यह सजा दी मिली। पुलिस ने अधिवक्ता की इस दलील पर जमानत स्वीकार कर ली। सेमवाल को जमानत से निष्पक्ष पत्रकारिता करने वाले पत्रकारों में हर्ष की लहर है।

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-दूसरे मामले में पत्रकार की गलत तरीके से गिरफ्तारी करने वाला थानेदार लाइन हाजिर, क्या कुदरत से मिली सजा !
नवीन समाचार, देहरादून, 1 दिसंबर। आखिर प्रदेश के प्रतिष्ठित पत्रकार शिव प्रसाद सेमवाल की गिरफ्तारी के मामले में वेब पत्रकारों के दबाव का असर होता दिख रहा है। प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने देहरादून के एसएसपी से तत्काल बताने को कहा है कि पर्वतजन समाचार पोर्टल के संपादक शिव प्रसाद सेमवाल की गिरफ्तारी किन परिस्थितियों में की गई है। साथ ही इस मामले में मुख्यमंत्री कार्यालय के दबाव में दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से यह कार्रवाई किये जाने की उनके संज्ञान में आ रही बात के आलोक में मामले में मुख्यमंत्री कार्यालय अथवा अन्य किसी के दबाव से की गई पत्रकार सेमवाल की गई कार्रवाई की मुख्यमंत्री के निजी सचिव को गोपनीय आख्या प्रस्तुत करने को कहा है। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने शिव प्रसाद सेमवाल के विरुद्ध पंजीकृत मुकदमे की निष्पक्ष जांच कराने तथा कृत कार्रवाई की आख्या भी मुख्यमंत्री के निजी सचिव को उपलब्ध कराने को कहा गया है।
किंतु इससे इतर, इस मामले में जांच शुरू करते हुए जनपद के एसएसपी ने उत्तराखंड वेब मीडिया एसोसिएशन के महासचिव आलोक शर्मा को पत्र लिखकर कहा है कि शर्मा के 24 नवंबर 2019 मंे अंकित तथ्य ‘पर्वतजन के संपादक शिव प्रसाद सेमवाल की अनुचित, अनैतिक व अमानवीय गिरफ्तारी के संबंध में’ उनके द्वारा जांच की जा रही है। जिसमें महासचिव व संगठन के समस्त पदाधिकारी व सदस्यों के बयान दो दिसंबर को अंकित होने हैं। यानी एसएसपी यह नहीं बता रहे कि जांच मुख्यमंत्री के आदेशों पर हो रही है, बल्कि जांच उत्तराखंड वेब मीडिया एसोसिएशन के महासचिव के पत्र पर हो रही है।
यह भी उल्लेखनीय है कि मामले में सहसपुर थाने के थानाध्यक्ष पीडी भट्ट को शनिवार की रात्रि हिरासत में एक युवक द्वारा आत्महत्या कर लिये जाने के बाद लाइन हाजिर कर दिया गया है। इस पर लोग कह रहे हैं कि थानाध्यक्ष को कुदरत से पत्रकार की गलत तरीके से की गई गिरफ्तारी के मामले में कुदरत से यह सजा तो नहीं मिली है।

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नवीन समाचार, देहरादून, 30 नवंबर 2019। राजधानी के थाना सहसपुर पुलिस ने जिस कथित राज्य मंत्री नेता की शिकायत पर प्रदेश के एक प्रतिष्ठित पत्रकार को बिना किसी सर्च वारंट के घर में घुसकर और कथित तौर पर 24 घंटे से भी अधिक समय तक अपनी हिरासत में रखा, उस सहसपुर थाने में उसी शिकायतकर्ता का राज स्थापित है। यह बात हम नहीं, वरन उस व्यक्ति ने कही है, जिसे कथित नेता अपना साथी बताता है।

शनिवार को देहरादून के आदर्श विहार हरबर्टपुर, विकासनगर निवासी अजय पवार ने जनपद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के कार्यालय में एक पत्र प्राप्त करवाया है। इस पत्र में अजय का कहना है कि वह एक बेरोजगार युवक है। तीन वर्ष पूर्व उसकी मुलाकात तत्कालीन हरीश रावत सरकार में स्वयं को राज्यमंत्री बताने वाले नीरज कुमार कश्यप उर्फ नीरज राजपूत से हुई थी। नीरज ने अजय से पंचायती राज विभाग में 5 लाख रुपए का ठेका दिलाने की बात कही और इसके ऐवज में 1.4 लाख रुपए की दलाली मांगी। नवंबर 2016 में अजय ने नीरज को यह धनराशि दी। इस पर नीरज उसे सचिवालय ले गया और वहां इंद्रजीत सिंह कराकोटी से उसकी मुलाकात करवाते हुए बताया कि ठेके इन्हीं के माध्यम से मिलते हैं। लेकिन रुपए लेकर कोई ठेका नहीं दिया और रुपए भी नहीं लौटाए। अजय तीन वर्ष से रुपए वापस लेने के लिए नीरज के घर के चक्कर लगाता रहा। इसी दौरान उसे पता चला कि नीरज ने सोने छेती, पुनीत जायसवाल व हिमांशु पुंडीर के साथ मिलकर एक गैंग बनाया था और उसकी भांति ही क्षेत्र की संदीपा तोमर, जगबीर सिंह, कार्तिक बगासी, नवीन रावत व त्रिलोक सिंह आदि लोगों से भी इसी तरह धनराशि ली थी। बाद में दबाव बनाने व पुलिस में शिकायत करने की बात करने पर नीरज ने कुछ रुपए लौटाए, परंतु शेष रुपए मांगने पर अभद्र व्यवहार किया व जान से मारने की धमकी भी दी।
पत्र में यह भी कहा गया है कि इधर 24 जनवरी की शाम नीरज के साथी हिमांशु पुंडीर ने कहा कि जो भी नीरज के खिलाफ खड़ा होगा, उसे जेल भेज दिया जाएगा। हिमांशु की बातों से यह भी स्पष्ट था कि थाना सहसपुर में नीरज का राज स्थापित है, और वे किसी को भी जेल भिजवा सकते हैं। उल्लेखनीय है कि इसी सहसपुर थाने की कार्रवाई से नीरज की शिकायत पर पत्रकार शिव प्रसाद सेमवाल को जेल भेजा गया है। आगे पत्र में पीड़ित ने नीरज, हिमांशु व पुनीत के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।

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नवीन समाचार, देहरादून, 29 नवंबर 2019। गत 22 नवंबर 2019 को उत्तराखंड के वरिष्ठ पत्रकार शिव प्रसाद सेमवाल को सहसपुर के थानेदार पीडी भट्ट द्वारा जिन परिस्थितियों में गिरफ्तार किया गया, वह पहले दिन से ही संदेहास्पद लग रहा है। पुलिस की कार्यप्रणाली पर इसलिए गंभीर सवाल खड़े हो रहे थे, क्योंकि शिव प्रसाद सेमवाल वर्षों से निर्भीकता से सरकार में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर करने वाले चुनिंदा पत्रकारों में जाने जाते हैं वहीं मामले में मुख्य आरोपित तो खुले में बाहर है, जबकि एक निर्दोष पत्रकार को जेल भेज दिया गया।

सुनें ऑडियो :

बहरहाल, शिव प्रसाद सेमवाल की गिरफ्तारी उन पर लगाई गई गंभीर धाराओं के बाद प्रकाश में आया एक ऑडियो खाकी पर कलंक लगाने वाले प्रतीत हो रहा है। माना जा रहा है इस ऑडियो क्लिप को मामले की विवेचना में शामिल करने पर पुलिस द्वारा बनाई गई पूरी कहानी पलट सकती है। प्रकाश में आई ऑडियो क्लिप में शिकायतकर्ता नीरज राजपूत और अमित पाल ‘टाइबो’ व उनके मध्यस्थ हिमांशु पंुडीर बात करते बताये जा रहे हैं। क्लिप में पूरे मामले से अनभिज्ञ लोग भी पूरे माजरे को थोड़ा सा ध्यान से सुनने पर समझ सकते हैं।
क्लिक में यह बात साफ हो जाती है कि पत्रकार शिव प्रसाद सेमवाल को साजिशन फंसाया गया है। ऑडियो क्लिप के आखिरी हिस्से में नीरज व हिमांशु अमित सेे एक ऐसी फर्जी वीडियो बनाने को कह रहे हैं जिसमें वह कहे कि उसने किसी अन्य के बहकावे में आकर पूर्व में एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में डाली थी। उल्लेखनीय है कि मामले में पत्रकार सेमवाल पर ऐसा ही कुछ आरोप है कि उन्होंने ही नीरज व अमित के आपसी लेनदारी के विवाद में किसी तरह के उकसावे की भूमिका निभाई थी। वहीं ऑडियो में नीरज एक तरह से यह स्वीकार कर रहा है कि उसने अमित के करीब दो लाख 20 हजार रुपए दबाये थे और वह उन्हें वापस लौटाने का वादा कर रहा है।
शिकायतकर्ता नीरज राजपूत साजिश को अंजाम दे रहा है और अमित पाल ‘टाइबो’ नीरज राजपूत और उसके साथी हिमांशु पुंडीर के सामने फोन पर रो रहा है, और अपने पैसे वापस लेने के लिए गिड़गिड़ा रहा है। साथ ही बता रहा है कि नीरज द्वारा एक वर्ष से उसके 10 फीसद तक कर्ज पर लिये हुए रुपए न लौटाने पर उसने स्वयं ही एक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर डाली। वह किसी अन्य की भूमिका वाला वीडियो बनाने के नीरज के उकसावे पर भी ऐसा करने से साफ तौर पर इंकार कर रहा है। आगे देखने वाली बात होगी कि इस सबूत के बाद अब सेमवाल को फंसाने वाले लोग कानून को कैसे गुमराह करते हैं।

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-क्योंकि ‘शिव’ तो सत्ता का विषपान करते ही रहते हैं….नवीन जोशी, नैनीताल। स्वर्ग का अमृत पान करने के लिए किये गए समुद्र मंथन के दौरान निकले विष को सत्यम्-सुंदरम शिव को पीना पड़ा था। भारतीय पत्रकारिता में भी एक नहीं अनेकों बार ऐसा हुआ है जब सत्य के साथी पत्रकारों को सत्ता के कोपभाजन का विष पीना पड़ा है। वरन यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगा कि भारत में पत्रकारिता की शुरुआत ही ‘शिवों’ के विषपान से हुई और यह सिलसिला अब भी जारी है। कारण, सत्य के साथी ‘शिव’ किसी की परवाह नहीं करते। सत्य के लिए तांडव तक कर डालते हैं।
पत्रकारिता के विद्यार्थी जानते हैं कि भारत में पत्रकारिता की शुरुआत 28 जनवरी 1780 को जेम्स ऑगस्टस हिकी के ‘हिकी‘ज बंगाल गजट-कोलकाता जनरल एडवर्टाइजर’ के जरिये होने से भी 18 वर्ष पहले 1762 में ईस्ट इंडिया के एक भूतपूर्व अधिकारी विलियम बोल्ट्स के द्वारा देश का पहला समाचार पत्र स्थापित करने का प्रयास करने के साथ हुई थी। बोल्ट्स पहले व्यक्ति थे जो कंपनी व सरकार के समाचार फैलाते थे। लेकिन उनका यह प्रयास तत्कालीन ‘कंपनी सरकार’ को इतना नागवार गुजरा कि उन्होंने बोल्ट्स को जबर्दस्ती जहाज में लादकर यूरोप भेज दिया। 
फिर हिकी के साथ भी यही हुआ। कंपनी सरकार ने पहले तो 1780 में ही हिकी‘ज बंगाल गजट में सरकार पर उठाये जाने वाले सवालों के जवाब देने के लिए तुरत-फुरत ही ‘इंडिया गजट’ नाम का अपना ‘मुखपत्र’ निकाल दिया, और दूसरी और हिकी पर पहले 500 और फिर 5000 रुपए के जुर्माने लगाकर उन्हें एक साल के लिए ऐसे जेल में ठूंस दिया कि उसका अखबार सिर्फ दो साल दो माह दो दिन की उम्र में 30 मार्च 1782 को बंद हो गया। बावजूद कंपनी सरकार अपने खिलाफ आवाज उठाने वालों से ऐसी भयाक्रांत हुई कि सर बेलेजली 1799 में पहला प्रेस सेंसरशिप एक्ट ही ले आए, ताकि ‘शिवों’ की आवाज को नियंत्रण में रखा जा सके।
लेकिन पत्रकारिता के ‘शिव’ भी कहां चुप रहने वाले थे। 1818 में ‘कलकत्ता जनरल’ का प्रकाशन करने वाले जेम्स सिल्क बकिंघम, जिनके अनुसार ‘संपादक के कार्य सरकार को उसकी भूलें बताकर कर्तव्य की ओर प्रेरित करना और इस आशय से कुछ अरुचिकर सत्य कहना भी अनिवार्य’ था, उन्हें 1823 में गवर्नर जनरल जॉन एडम द्वारा भारतीय भाषाई समाचार पत्रों के लिए लाये गये प्रेस एक्ट के तहत गिरफ्तार कर और भारत से निर्वासित कर इंग्लेंड वापस भेज दिया गया। कलकत्ता जनरल के दूसरे संपादक सैंडी आरनॉट व बंगाल जर्नल के संपादक विलियम डुएन सहित अनेक अन्य अंग्रेज संपादकों को भी इसी तरह भारत से निर्वासित कर वापस इंग्लेंड भेजा गया।
यह तो हुआ अंग्रेजी सरकार मंे अंग्रेज ‘शिवों’ के साथ। अब भारतीय ‘शिवों’ की बात। जॉन एडम के 1823 के प्रेस एक्ट की भेंट भारतीय भाषाई पत्रकारिता के जनक कहे जाने वाले राजा राम मोहन राय का 1822 में शुरू हुआ अखबार ‘मिरातुल अखबार’ भी एक वर्ष में ही चढ़ गया। हिंदी भाषा के पहले समाचार पत्र उदंत मार्तंड (30 मई 1826-दिसंबर 1827) को भी सरकारी उपेक्षा से केवल 18 माह में 79 अंक निकालकर ही दम तोड़ना पड़ा। आगे आपातकाल के दौर में अपनी-अपने देश की सरकार ने तो ‘शिवों’ का गला ही दबा दिया। उत्तराखंड की पत्रकारिता में भी श्रीदेव सुमन जैसे ‘शिव’ भी रहे जिनकी आवाज से अपने ही सूबे की ‘टिहरी रियासत’ की सरकार इतनी भयाक्रांत रही कि उसने मात्र 29 साल के सुमन को 84 दिन के ऐतिहासिक आमरण अनशन के दौरान ही जल समाधि दे कुचल डाला।
ऐसे में यदि उत्तराखंड में सरकार एक ऐसे हास्यास्पद मामले में, जिसमें मुख्य आरोपित तो बाहर मजे में है, पत्रकारिता की अन्य स्थापित धाराओं के सामने भी सिर उठा रही वेब पत्रकारिता के अगुवा ‘शिव’ शायद तब तक के लिए अंदर कर दिये गए हैं, जब तक उनके ‘कस-बल’ ढीले न पड़ जाएं। जब तक उन्हें सरकार की ताकत का अहसास न हो जाए। तो इसमें आश्चर्य की कोई बात नहीं है। ‘शिव’ अपना और ‘सरकार’ अपना किरदार ही निभा रहे हैं। आश्चर्य है तो सिर्फ इतना कि स्वयं को अलग कार्य-संस्कृति की ध्वजवाहक बताने वाले और स्वयं आपातकाल के शिकार बने लोग भी सत्ता में आकर ‘सरकार’ की कार्य संस्कृति ही अपनाते नजर आ रहे हैं। यह भारतीय राजनीति के लिए शुभ संकेत नहीं हैं। वहीं यह ‘स्वयं भू’ चौथे स्तंभ से स्वयं को चौथी सत्ता मानने के भ्रम में मस्त भारतीय पत्रकारिता के उस वर्ग के लिए भी सोचनीय प्रश्न होना चाहिए, जो एक पत्रकार की गिरफ्तारी में अपनी भड़ास निकालने का मौका देख इस खबर को खबर को आधे-आधे पृष्ठ में छाप रहे हैं।
 
आखिर में सभी के लिए एक कहानी:
एक चूहा एक कसाई के घर में बिल बना कर रहता था। घर में एक कबूतर, एक मुर्गा व एक बकरा भी रहते थे। एक दिन चूहे ने देखा कि कसाई और उसकी पत्नी एक थैले से कुछ लेकर आए हैं। चूहे ने सोचा कि शायद कुछ खाने का सामान है। उत्सुकतावश देखने पर उसने पाया कि वो एक चूहेदानी थी। खतरा भाँपने पर उस ने अंदर जा कर कबूतर को यह बात बताई कि घर में चूहेदानी आ गयी है। उससे बचने का कुछ उपाय बताओ। कबूतर ने मजाक उड़ाते हुए कहा कि मुझे क्या ? मुझे कौन सा उस में फँसना है ? निराश चूहा ये बात मुर्गे को बताने गया। मुर्गे ने भी खिल्ली उड़ाते हुए कहा-‘जा भाई, ये मेरी समस्या नहीं है।’ हताश चूहे ने बाड़े में जा कर बकरे को ये बात बताई, तो बकरा भी हँसने लगा। उसी रात चूहेदानी से खटाक की आवाज आई, जिस में एक जहरीला साँप फँस गया था। अँधेरे में उसकी पूँछ को चूहा समझ कर कसाई की पत्नी ने उसे निकाला तो साँप ने उसे डस लिया। तबीयत बिगड़ने पर उस व्यक्ति ने हकीम को बुलवाया। हकीम ने उसे कबूतर का सूप पिलाने की सलाह दी। फलस्वरूप घर का चहेता कबूतर अब पतीले में उबल रहा था। खबर सुनकर उस कसाई के कई रिश्तेदार मिलने आ पहुँचे जिनके भोजन का प्रबंध करने हेतु अगले दिन उसी मुर्गे को काटा गया। कुछ दिनों बाद उस कसाई की पत्नी स्वस्थ हो गयी, तो खुशी में उस कसाई ने कुछ अपने शुभचिंतकों के लिए एक दावत रखी तो बकरे को काटा गया। उधर, चूहा उस खतरे को भांपकर घर से पहले ही दूर जा चुका था, और बच गया था।
सीख यह कि खतरा केवल उस पर नहीं होता, जिस पर दिखता है। समाज के एक अंग पर दिख रहा खतरा वास्तव में पूरे समाज-पूरे देश पर होता है। इस सत्य को पहचाने जाने की जरूरत है।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 11 जनवरी 2020। जिला व मंडल मुख्यालय के पत्रकारों ने एक बार पुत्र एकजुट होने का संकल्प जताया है। शनिवार को नगर पालिका सभागार में वरिष्ठ पत्रकार डा. गिरीश रंजन तिवारी की अध्यक्षता में आयोजित हुई बैठक में तय हुआ आगामी 30 जनवरी को अगली बैठक में संगठन के विधिवत गठन के लिए आगे की रणनीति तय की जाएगी। तब तक पांच पत्रकारों-डा. तिवारी, नवीन जोशी, कमल जगाती, विनोद कुमार व नीरज जोशी की कमेटी संगठन का संविधान तैयार करेंगे। वहीं इससे पूर्व आगामी सोमवार को पत्रकारों का एक प्रतिनिधिमंडल प्रेस क्लब के भवन को हस्तांतरित करने के लिए नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी से मिलेंगे।

वहीं अगली बैठक के लिए आज बैठक में उपस्थित न हो पाये पत्रकारों के साथ ही जनपद के भवाली एवं भीमताल सहित जनपद के पर्वतीय क्षेत्र के अन्य पत्रकारों को भी आमंत्रित किया जाएगा। संगठन में पदाधिकारियों के साथ ही वरिष्ठ सदस्यों की कोर कमेटी का गठन भी किया जाएगा। संचालन अफजल हुसैन फौजी ने किया। बैठक में प्रशांत दीक्षित, गौरव जोशी, कांता पाल, वीरेंद्र बिष्ट, संदीप गुसांई, सुनील बोरा, दीपक कुमार, राजू पांडे, नवीन तिवारी आदि ने विचार रखे, जबकि संतोष बोरा, मुनीब रहमान, पंकज कुमार, संदीप कुमार, दीवान बिष्ट, समीर साह, नरेश कुमार, मोहित कुमार, संदीप कन्नौजिया, नवीन पालीवाल, अजमल हुसैन व रितेश सागर सहित अन्य पत्रकार मौजूद रहे।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 9 दिसंबर 2019। हरिद्वार में लापता हुए दिल्ली के वरिष्ठ पत्रकार अनुज कुमार गुप्ता का शव पथरी पवार हाउस गंग नहर से पुलिस ने बरामद कर लिया है। उनके हाथों की कलाइयांे में भी कटे के निशान मिले हैं। इस आधार पर पुलिस इसे प्रथमदृष्टया आत्महत्या का मामला मान रही है क्योंकि जिस गेस्ट हाउस में अनुज कुमार गुप्ता रुके थे उनके रूम से खून के निशान बेड तकिए और बाथरूम में थे मगर अनुज कुमार गुप्ता रूम में मौजूद नहीं थे।

पुलिस को इस मामले की पड़ताल के दौरान पत्रकार अनुज गुप्ता सीसीटीवी में बाहर जाते हुए नजर आए, वहीं सिंहद्वार चौक पर पूछताछ करने पर स्थानीय लोगों द्वारा परसों देर रात एक व्यक्ति के गंगा में कूदने की बात बताई गई। इसको लेकर पुलिस ने आज गंग नहर में सर्च अभियान चलाया तो पथरी पावर हाउस से अजय कुमार गुप्ता का शव बरामद हो गया। उनके परिजनों ने शव की शिनाख्त कर ली है। एक वरिष्ठ पत्रकार के इस तरह दुःखद अंत पर पत्रकारिता जगह भी स्तब्ध रह गया है कि यदि उन्होंने आत्महत्या की है तो इसके पीछे कौन से कारण जिम्मेदार हैं।

यह भी पढ़ें : अजब पहेली: घर-होटल से गायब हुए वरिष्ठ पत्रकार, कमरे में मिला खून ही खून..

नवीन समाचार, हरिद्वार, 9 दिसंबर 2019। दिल्ली के एक वरिष्ठ पत्रकार के शहर के एक गेस्ट हाउस से अचानक गायब होने और कमरे में बिस्तर आदि में खून फैला मिलने से हड़कंप मच गया है। हालाकि घटना में एक अन्य कोण यह भी है कि पत्रकार दिल्ली में अपने घर से एक दिन पूर्व बिन बताए हरिद्वार के होटल में रह रहे थे और होटल से सुरक्षित बाहर जाते भी सीसीटीवी में दिख रहे हैं। परंतु कमरे में खून किसका है, और पत्रकार क्यों घर व होटल से गायब हुए, यह यक्ष प्रश्न बने हुए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार दिल्ली के वरिष्ठ पत्रकार अनुज कुमार गुप्ता एक दिन पूर्व अपने दिल्ली स्थित घर से बिना बताए आकर हरिद्वार के जीएसए गेस्ट हाउस से रह रहे थे। सोमवार सुबह जब होटल कर्मियों ने चेक आउट का समय गुजर जाने पर उन्हें कमरे में फोन किया तो वह कमरे से गायब मिले। इसके बाद होटल प्रबंधन ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने जब कमरे का दरवाजा खुलवाया तो अंदर बिस्तर चादर और तकिए सहित बाथरूम में खून ही खून पड़ा था मगर अनुज कुमार गुप्ता रूम में मौजूद नहीं थे। इस पर पुलिस ने सीसीटीवी कैमरा खंगाला तो गुप्ता देर रात करीब साढ़े 12 बजे गेस्ट हाउस से जाते हुए तो नजर आए मगर उस वक्त उनके शरीर पर कोई चोट के निशान नहीं थे। गेस्ट हाउस मैनेजर मनोज कुमार सक्सेना का कहना है कि उन्होंने कल 6 बजे के करीब कमरा लिया था। यह बात भी प्रकाश में आई है कि उनके परिवार द्वारा कल दिल्ली में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। अब दिल्ली पुलिस भी इस मामले में जांच करने हरिद्वार आ रही है। आगे देखना होगा कि जांच के बाद इस मामले में क्या निकल कर आता है।

यह भी पढ़ें : नाराज हुए राज्य के पत्रकार, दी राज्य स्थापना दिवस पर भीख मांगकर आक्रोश प्रकट करने की धमकी

नवीन समाचार, देहरादून, 4 नवंबर 2019। राज्य के प्रिंट व वेब मीडिया के पत्रकार एक बार पुनः आंदोलित हो गए हैं। उन्होंने अपनी पुरानी मांग पर 6 नवम्बर तक सूचना विभाग से मुहर न लगने पर 7 नवंबर से उग्र आंदोलन करने की धमकी दे डाली है। यह भी कहा है कि संयुक्त पत्रकार समूह राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर भीख मांगकर अपना आक्रोश प्रकट करेंगें।
सोमवार 4 नवम्बर को प्रदेश भर के अलग अलग संगठनों के पत्रकार सूचना विभाग के मुख्यालय के बाहर एकत्र हुए। उन्होंने एकजुटता का परिचय देते हुए कहा कि पत्रकारों के साथ हो रहे उत्पीडन के खिलाप सभी प्रिंट व वेब मीडिया के पत्रकार एक साथ और एक मंच पर हैं। इस मौके पर निर्णय लिया गया कि उनकी पूर्व की मांगे यदि 6 नवम्बर तक सूचना विभाग द्वारा नही मानी जाती हैं तो वे 7 नवम्बर से उग्र आंदोलन करेंगें। उनकी मांगों में वेब पोर्टलों की निविदा प्रक्रिया के आधार पर जारी क, ख, एवं ग श्रेणियों के सभी पोर्टलों को राज्य स्थापना दिवस का विज्ञापन जारी किया जाए। स्पष्ट किया कि वेब पोर्टलों को सूचीबद्ध किये जाने की निविदा में स्पष्ट उल्लेख था कि इस निविदा प्रक्रिया के शुरू होते ही पूर्व की प्रक्रिया निरस्त समझी जाएगी। बावजूद नये सूचीबद्ध वेब पोर्टलों की जगह केवल पुराने पोर्टलों को ही विज्ञापन जारी कर पत्रकारों में विघटन की कोशिश की जा रही है।
बैठक में अरुण प्रताप सिंह, गिरीश पंत, राजेन्द्र भट्ट, राजेश शर्मा, प्रदीप चौधरी, विकास गर्ग, गिरीश गैरोला, स्वप्निल सिंह, सोमपाल सिंह, जगमोहन सिंह मौर्य, आशीष नेगी, दयाशंकर पांडेय, अमित सिंह नेगी, बृजेश कुमार, जीसी जोशी, संदीप जंडोरी, हरप्रीत सिंह, हरीश शर्मा, डा. वीडी शर्मा, अरुण कुमार मोंगा, अनिल शाह, अफरोज खां, अमित अमोली, आलोक शर्मा, मनोज इष्टवाल, संजीव पंत, दीपक धीमान, शिव प्रसाद सेमवाल, मनीष नैथानी, पवन नैथानी, भगवान सिंह चौहान, आशीष भट्ट, मोहम्द आसिफ व हरीश मैखुरी आदि पत्रकार सम्मलित हुए।

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-सोनाली, अभिषेक, हिमानी व संदीप चुने गए मिस व मिस्टर फ्रेशर व फेयरवेल

 

शनिवार को अटल पत्रकारिता एवं जनसंचार अध्ययन केंद्र में मिस व मिस्टर फ्रेशर व फेयरवेल चुने गए छात्र-छात्राएं।नवीन समाचार, नैनीताल, 12 अक्टूबर 2019। कुमाऊं विवि के डीएसबी परिसर स्थित अटल पत्रकारिता एवं जनसंचार अध्ययन केंद्र में शनिवार को फ्रेशर एवं फेयरवेल पार्टी का आयोजन किया गया। इस मौके पर सोनाली मिश्रा को मिस फ्रेशर व डीएसबी परिसर के छात्र संघ अध्यक्ष रहे अभिषेक मेहरा को मिस्टर फ्रेशर तथा हिमानी बोरा को मिस्टर फेयरवेल व संदीप कन्नौजिया को मिस्टर फेयरवेल चुना गया। इस मौके पर भावी पत्रकारों ने अपनी कलात्मक प्रतिभाओं का दिल खोलकर प्रदर्शन किया और वे कवि, गीतकार, गायक, रैपर, संगीतकार व अच्छे नर्तक के रूप में भी नजर आये।
इस मौके पर पत्रकारिता विभाग की छात्रा स्वर्णिका ने अपने यूट्यूब चैनल से अपनी लिखी कविताएं-मेरे हमसफर व पिता के साथ कुमाउनी गीत ‘तेरी मेरी माया सुवा’ सुनाकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। वहीं संगीता बुधलाकोटी ने कैटवॉक, उषा पांडे व अंकुश गुप्ता ने नृत्य, दिनेश सिंह व ज्योति आर्या ने कविताए, करन नेगी ने गिटार वादन, सुरेश व पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष पंकज भट्ट ने गीत आदि प्रस्तुत किये। मिस व मिस्टर फ्रेशर तथा फेयरवेल का चुनाव उनसे पूछे गए त्वरित प्रश्नों एवं उन्हें दी गई क्रियाओं पर उनके प्रदर्शन के आधार पर किया गया। कार्यक्रम में परिसर की प्रॉक्टर प्रो. नीता बोरा शर्मा, पत्रकारिता विभागाध्यक्ष प्रो. गिरीश रंजन तिवारी के साथ अरुण कुमार साह, गुंजन मेहरा, नीतू, गौरव बिष्ट, गंगोत्री, रोहित पंत, गणेश खत्री, ललित बोरा, पंकज कुमार सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। संचालन दिनेश सिंह, तनुज पंाडे व मो. नदीम ने किया।

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संगीता बुधलाकोटी मिस फ्रेशर एवं मोहम्मद सुहेल मिस्टर फ्रेशर चुने गए

डीएसबी परिसर के पत्रकारिता विभाग में आयोजित कार्यक्रम में मंचासीन परिसर निदेशक, डीएसडब्लू व अन्य।

पूर्व में कुमाऊँ विवि के पत्रकारिता विभाग के मिस फ्रेशर-2018 के पुरस्कार के साथ संगीता बुधलाकोटी

नैनीताल, 6 अक्टूबर। कुमाऊं विवि के मुख्यालय स्थित सर्वप्रमुख डीएसबी परिसर में शनिवार को पत्रकारिता एवं जनसंपर्क विभाग की स्थापना के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर ‘फ्रेशर्स पार्टी’ के रूप में उत्सव मनाया गया। इस मौके के लिए दूसरे वर्ष यानी तीसरे सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं ने अपने जेब खर्च से धनराशि एकत्र पर पत्रकारिता विभाग को सुंदर तरीके से सजाया एवं गीत, संगीत एवं नृत्य के साथ ही अपनी रचनात्मक प्रतिभा का सुंदर प्रस्तुतीकरण दिया। कार्यक्रमों में प्रस्तुति के आधार पर 2017 में मिसेज इंडिया की  द्वितीय रनर अप रही संगीता बुधलाकोटी मिस फ्रेशर एवं मोहम्मद सुहेल मिस्टर फ्रेशर चुने गए। उषा पांडे को सर्वश्रेष्ठ नृत्य के लिये पुरस्कृत किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ परिसर निदेशक प्रो. एलएम जोशी ने अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. पद्म सिंह बिष्ट, विभाग की संस्थापक प्रो. नीरजा टंडन एवं विभागाध्यक्ष डा. गिरीश रंजन तिवारी के साथ दीप प्रज्वलित करके किया, तथा छात्र-छात्राओं को भावी पत्रकार बताते हुए शुभकामनाएं दीं। उनसे पत्रकारिता के चौथे स्तंभ की भूमिका को और अधिक समृद्ध करने का आह्वान भी किया गया। इस मौके पर हिमानी, नीतू, गुंजन, प्रियंका, रश्मि, संगीता, आसमां, नेहा के साथ ही छात्र संघ उपसचिव सोनी कनवाल आदि छात्राओं तथा पंकज, संदीप, रोहित, गणेश, पूर्व छात्र संघ उपाध्यक्ष प्रकाश जोशी व चंदन कुमार आदि ने विभिन्न कार्यक्रमों, उनके संचालन एवं अन्य व्यवस्थाओं में योगदान दिया।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 16 अगस्त 2019। उत्तराखंड उच्च न्यायालय में कार्यरत अधिवक्ता एवं अमर उजाला समाचार पत्र की विधिक संवाददाता लता नेगी के साथ स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त की रात्रि कार के टायर चोरी की जैसी घटना सामने आयी है, वैसी शायद किसी ने सुनी भी न हो। वहीं नैनीताल पुलिस के लिए भी यह घटना बड़ी चुनौती की तरह है। लता नेगी ने अपनी अल्टो 100 कार संख्या यूके04यू-8783 स्वतंत्रता दिवस की रात्रि 9 बजे अपने आवास-ओल्ड ग्रोव के पास बिड़ला रोड पर खड़ी की थी। लेकिन शुक्रवार की सुबह देखा तो कार का पिछला पहिया रिम सहित गायब मिला। उन्होने थाना तल्लीताल में मामले की प्राथमिकी दे दी है। पुलिस ने मौका मुआयना कर लिया है, किंतु चुनौती देने वाले चोर अभी पुलिस की पहुंच से दूर हैं।

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-उत्तराखंड सरकार भी गूगल पर दिख रही है मेहरबान, इसीलिए यहां खूब चल रहा है ‘गूगल को ऐड-वेरी बैड, वेरी बैड’ नारा  
-उत्तराखंड वेब एसोसिएशन ने स्वास्थ्य सचिव को दिया ज्ञापन, स्वास्थ्य विभाग के विज्ञापन गूगल को देने के बजाय सीधे न्यूज पोर्टल को दिए जाने की उठाई मांग
नवीन समाचार, देहरादून, 08 अगस्त 2019। अपनी जवानी, पानी और वाणी को बाहर जाने से रोकने में विफल उत्तराखंड सरकार अपने पैंसे को बेवजह डॉलर बनाकर अमेरिका भेजने और इस कड़ी में देश के रुपए को भी कमजोर करने का काम कर रही है। राज्य में सैकड़ों की संख्या में समाचार पोर्टल हैं। सरकार उन्हें सीधे विज्ञापन देने की जगह गूगल के माध्यम से विज्ञापन दे रही है, जो कि अन्ततः राज्य के समाचार पोर्टलों व वेबसाइटों में ही राज्य सरकार के विज्ञापन चलाता है। बताया जा रहा है कि गूगल को डॉलर में भुगतान करना पड़ता है। इसीलिए यहां ‘गूगल को ऐड-वेरी बैड, वेरी बैड’ नारा भी खूब चल रहा है।
इसी मुद्दे पर उत्तराखंड वेब मीडिया एसोसिएशन ने सचिवालय में प्रदेश के स्वास्थ्य सचिव डा. पंकज कुमार पांडे से मुलाकात करके उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में एसोसिएशन ने मांग की कि स्वास्थ्य विभाग के विज्ञापन सीधे गूगल को देने के बजाय उत्तराखंड के न्यूज पोर्टलों को दिये जाएं। इस पर डा. पांडे ने अपनी सहमति जताई, तथा शिकायत का शीघ्र निस्तारण करने का आश्वासन दिया। उन्होंने माना कि किसी भी विभाग को सीधे तो विज्ञापन देना ही नहीं चाहिए, इसके लिए सूचना विभाग बना हुआ है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग को चाहिए कि वह जो भी विज्ञापन जारी करें उन्हें सूचना एवं लोक संपर्क विभाग को सौंप दें और उसके बाद सूचना एवं लोक संपर्क विभाग उस पर निर्णय कर सकता है। गौरतलब है कि स्वास्थ्य विभाग अपने विज्ञापन सीधे गूगल को जारी कर देता है तथा गूगल उन विज्ञापनों को उत्तराखंड के न्यूज पोर्टल की साइट पर चला रहा है। इससे सरकार तथा न्यूज पोर्टल दोनों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। साथ ही ऐसा करना न्यूज पोर्टल विज्ञापन नियमावली का भी उल्लंघन है। उल्लेखनीय है कि स्वास्थ्य सचिव डा. पांडे इससे पहले सूचना एवं लोक संपर्क विभाग के महानिदेशक भी रह चुके हैं। विज्ञापनों की रीति-नीति के विषय में उन्हें पूरी जानकारी है। उल्लेखनीय है कि चंद दिनों पहले ही उत्तराखंड वेब मीडिया एसोसिएशन ने सूचना निदेशालय पर इसी तरह की मांगों को लेकर लंबा आंदोलन किया था। आखिरकार सूचना निदेशालय ने भी माना था कि गूगल को कोई विज्ञापन नहीं दिया जाएगा। न्यूज पोर्टल एसोसिएशन की पहली आपत्ति है कि जब उत्तराखंड के सुदूर इलाकों तक की स्वास्थ्य समस्याओं को पत्रकार अपने न्यूज पोर्टल के माध्यम से जनता और सरकार के सामने रखते हैं तो फिर विज्ञापन गूगल को क्यों दिए जाते हैं ? सीधे न्यूज पोर्टल को क्यों नहीं दिए जाते ? दूसरी आपत्ति यह भी है कि जब न्यूज पोर्टल के लिए बनी विज्ञापन नियमावली में यह साफ लिखा है कि न्यूज पोर्टल पर सूचना विभाग द्वारा जारी की गई दरों से कम दर पर विज्ञापन नहीं चलाया जाएगा तो फिर गूगल उनके न्यूज पोर्टल पर बेहद कम दरों पर विज्ञापन कैसे चला सकता है ? एसोसिएशन की तीसरी आपत्ति यह है कि जब स्पष्ट नियमावली बनी हुई है कि कोई भी विभाग सीधे विज्ञापन नहीं जारी करेगा और सभी विभाग केवल सूचना विभाग के माध्यम से ही अपने विज्ञापन जारी करेंगे तो फिर स्वास्थ्य विभाग कैसे सीधे गूगल को विज्ञापन दे रहा है ? ज्ञापन देने वालों में उत्तराखंड वेब मीडिया एसोसिएशन के अध्यक्ष शिव प्रसाद सेमवाल, महासचिव संजीव पंत सहित विनोद कोठियाल, मनीष व्यास, मामचंद शाह आदि प्रमुख रहे।

पिछले वर्ष ही पत्रकारों के 4.7 अरब डॉलर खा चुका है गूगल

गूगल समाचार पत्रों व स्थानीय समाचार पोर्टलों की आय हजम कर जाने का माध्यम बन गया है। 2000 से भी अधिक अखबारों का प्रतिनिधित्व करने वाली संस्था न्यूज मीडिया अलायंस-एनएमए की 10 जून 2019 को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2018 में गूगल ने गूगल न्यूज व गूगल सर्च के माध्यम से 4.7 अरब डॉलर की कमाई की है। इस आय में गूगल की उस आय का मूल्य नहीं जोड़ा गया है जो उसे किसी उपभोक्ता के किसी एक लेख को पसंद करने या क्लिक करने से होती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि गूगल ने यह कमाई पत्रकारों के काम से प्राप्त की है। इससे मीडिया घरानों की आय के प्रमुख स्रोत-ऑनलाइन विज्ञापनों से होने वाली कमाई में भारी कटौती हुई है। इसके चलते कई मीडिया घरानांे का परिचालन सीमित हुआ है, या वे बंद हो गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार गूगल के कारोबार में समाचारों का अहम योगदान है। न्यूयार्क टाइम्स ने एनएमए के अध्यक्ष एवं सीईओ के अध्यक्ष डोविड शेवर्न के हवाले से कहा है कि जिन पत्रकारों ने यह लेख एवं वीडियो तैचार किये हैं, उन्हें इस 4.7 अरब डॉलर का कुछ हिस्सा मिलना चाहिए। ऐसे परिदृश्य में उत्तराखंड के पत्रकारों को गूगल को विज्ञापन न देने की मांग पर राज्य सरकार के खिलाफ किये गये सप्ताह भर के आंदोलन के बाद सरकार को 2 अगस्त 2019 को आगे से गूगल को विज्ञापन न देने का आश्वासन देना पड़ा है।

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-राज्य के पत्रकारों की एकता से झुका उत्तराखंड का सत्ता प्रतिष्ठान 

नवीन समाचार, देहरादून, 2 अगस्त 2019। उत्तराखंड के पत्रकारों ने उत्तराखंड में गूगल के बढ़ते कदमों को थामने जैसी बड़ी सफलता अर्जित की है। वहीं कलयुग में सबसे बड़ी कही गयी अपनी ‘संघे शक्ति’ से राज्य के सूचना विभाग मुख्यालय को भी झुका दिया है। उनकी सभी 11 मांगें मान ली गयी हैं, और उन पर एक माह के भीतर कार्रवाई पूरी करने का आश्वासन मिला है। जबकि कुछ मांगों पर आज से ही कार्रवाई शुरू होती भी नजर आ रही है। वहीं आंदोलन की बड़ी उपलब्धि इस रूप में भी सामने आई है कि राज्य में वेब पोर्टलों के लिए रास्ते सरल होने जा रहे हैं। करीब दो वर्ष बाद उन्हें इम्पैनल करने की राह खोल दी गयी है, और वेब पत्रकारों को मान्यता देने के लिए भी राज्य सरकार ने सकारात्मक रुख दिखाया है। साथ ही राज्य सरकार ने वेब पत्रकारों की मांग पर गूगल को आगे से कोई विद्यापन न देने बल्कि वेब पोर्टलों को विज्ञापन देने पर सहमति जताई है। निश्चित ही इसमें बड़ा हिस्सा राज्य के समाचार पोर्टलों का होगा। उल्लेखनीय है कि अब तक राज्य सरकार के विज्ञापन गूगल के माध्यम से राज्य में प्रसारित समाचार पोर्टलों में प्रकाशित होते थे, परंतु उन्हें इसका लाभ नहीं मिलता था। इस प्रकार आज के दिन को राज्य के सभी एवं खासकर वेब पत्रकारिता के लिए ‘बड़ा दिन’ कहना गलत न होगा। इस आंदोलन से राज्य के पत्रकारों को वरिष्ठ पत्रकार शिव प्रसाद सेमवाल के रूप में सफल नेतृत्व भी मिला है। यह स्वीकारने में भी किसी को गुरेज नहीं होना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि अपनी 11 सूत्रीय मांगों पर राज्य के पत्रकारों ने राज्य बनने के बाद पहली राज्य सूचना विभाग के खिलाफ खुली जंग का एलान करते हुए पिछले करीब एक सप्ताह से राज्य मुख्यालय में वरिष्ठ वेब पत्रकार शिव प्रसाद सेमवाल की अगुवाई में उत्तराखंड पत्रकार संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और वेब मीडिया के पत्रकारों ने आंदोलन छेड़ा हुआ था। शुरू में धरना-प्रदर्शन एवं फिर सूचना निदेशालय में तालाबंदी व मशाल जुलूस के साथ शुक्रवार 2 अगस्त को वरिष्ठ पत्रकार संजीव पंत के आमरण अनशन और वरिष्ठ पत्रकार जीतमणि पैन्यूली के क्रमिक अनशन तथा मौन व्रत पर बैठने की हद तक पहुंचे आंदोलन ने राज्य के सत्ता प्रतिष्ठान को ऐसा हिलाया कि उन्हें
पत्रकारों की सभी मांगें माननी पड़ी हैं।
शुक्रवार को दिन में लगभग डेढ़ बजे उत्तराखंड सूचना एवं लोक संपर्क विभाग के संयुक्त निदेशक अनिल चंदोला तथा अपर निदेशक राजेश कुमार पत्रकारों के धरना स्थल पर आए तथा संयुक्त संघर्ष मोर्चा के पत्रकारों को आश्वस्त कराया और डा. चंदोला ने ज्ञापन में लिखी एक-एक मांग पत्रकारों के सामने पढ़कर सुनाते हुए प्रत्येक पर अपनी सहमति व्यक्त की। साथ ही कहा कि इनमें से अधिकांश पर आज सुबह से ही कार्यवाही भी शुरू कर दी गई है। उन्होंने सबसे पहले अमर शहीद श्रीदेव सुमन की जयंती के अवसर पर श्रद्धांजलि व्यक्त करने वाला विज्ञापन स्थानीय लघु समाचार पत्रों को न दिए जाने पर खेद व्यक्त किया और इसे एक चूक मानते हुए इसकी प्रतिपूर्ति शीघ्र कराने का आश्वासन दिया। साथ ही आश्वस्त किया कि पत्रकारों के सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जाएगा तथा पत्रकारों को विश्वास में लिए बिना नियमावली में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। आश्वस्त किया कि नई नियमावली को भी फिलहाल रोक दिया गया है। डा. चंदोला ने बताया कि न्यूज पोर्टलों की पिछले करीब दो वर्ष से रुकी एंपैनलमेंट की कार्यवाही तत्काल प्रभाव से शुरू कर दी गई है, तथा आज ही एंपैनलमेंट के लिए अखबारों में विज्ञापन दिए जा रहे हैं। इस के अलावा उन्होंने यह भी बताया कि वेब पोर्टलों के पत्रकारों को भी मान्यता की दायरे में लाने के लिए फाइल चला दी गई है। साथ ही सबसे बड़ी बात, उन्होंने इस बात पर भी सहमति व्यक्त की कि गूगल को कोई विज्ञापन नहीं दिए जाएंगे, बलिक केवल वेब पोर्टलों को ही विज्ञापन जारी किए जाएंगे। साथ ही यह भी जानकारी दी कि कल ही पत्रकारों के लंबित पेंशन प्रकरणों और कल्याण योजनाओं पर कार्यवाही शुरू कर दी गई है। कहा कि 1 महीने के अंदर अंदर सभी मांगें मूर्त रूप धारण कर लेंगी। मांगे मान लिए जाने पर राज्य के पत्रकारों ने खुशी जताई है और सूचना विभाग के अधिकारियों का आभार व्यक्त किया है। साथ ही कहा है कि 1 महीने बाद इन मांगों पर हुए कार्यों का विश्लेषण किया जाएगा और उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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नवीन समाचार, देहरादून, 22 जून 2019। भाजपा के खानपुर विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन को पार्टी ने तीन महीने के लिए प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया है। वे विधानमंडल दल और पार्टी की बैठकों में भाग नहीं ले पाएंगे। पत्रकार को गोली मारने की धमकी देने पर अनुशासनहीनता को लेकर चैंपियन पर ये गाज गिरी है। यह निर्णय प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने तात्कालिक तौर पर लिया है। प्रदेश महामंत्री नरेश बंसल ने इसकी जानकारी दी।
पार्टी ने अपने ‘बेकाबू’ माने जाने वाले विधायक चैंपियन पर यह ‘चाबुक’ चलाने जैसी कार्रवाई कुछ दिन पूर्व एक मीडियाकर्मी को धमकी देने के मामले में की है। पहले से ही अनुशासनहीनता की जांच में फंसे चैंपियन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें वे एक मीडियाकर्मी को धमका रहे थे। इस वीडियो के वायरल होने के बाद भाजपा के अनुशासन को लेकर भी कई तरह के प्रश्न खड़े हुए थे।
चैंपियन के प्रकरण पर चर्चा हुई
ऋषिकेश के परमार्थ निकेतन में भाजपा की प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक में चैंपियन के प्रकरण पर भी चर्चा हुई। शीर्ष नेतृत्व ने अब तक आए तथ्यों के आलोक में चैंपियन के आचरण को अनुशासनहीनता के दायरे में मानते हुए उनकी प्राथमिक सदस्यता को तीन महीने के लिए निलंबित कर दिया है। आचरण में सुधार न आने पर पार्टी और सख्त फैसला ले सकती है।

मैं पार्टी का अनुशासित सिपाही हूं। पार्टी का निर्णय सिर माथे पर है। कोई दिक्कत नहीं है। अवसर मिलेगा तो मैं भी अपना पक्ष रखूंगा।
– कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन, भाजपा विधायक

यह भी पढ़ें : अवैध खनन की खबरों पर बागेश्वर के एक चैनल व समाचार पत्र के पत्रकारों के खिलाफ डीएम से की गयी है शिकायत

नवीन समाचार, बागेश्वर, 17 जून 2019। बागेश्वर जनपद में खनन संबंधी समाचारों पर नवीन परिहार, रमेश चंद्र सिंह गढ़िया व विक्रम सिंह शाह ने सोमवार को डीएम को एक शिकायती पत्र सोंपकर दो पत्रकारों पर आरोप लगाए हैं। शिकायती पत्र में कहा गया है कि वे जनपद में रीवर ट्रेनिंग के कार्य हेतु स्वीकृत लॉटों के सफल निविदादाता हैं, और पूर्ण रॉयल्टी जमा करने के उपरांत प्रस्तावित स्थलों में विभाग के निर्देशों पर विधिवत चैनलाइज करने का कार्य कर रहे हैं। किंतु समाचार प्लस चैनल के स्थानीय संवाददाता और दैनिक जागरण के स्थानीय संपादक के द्वारा अवैध खनन के समाचार प्रकाशित किये जा रहे हैं, और सोशल मीडिया में भी अफवाह फैलाई जा रही है। इससे सफल निविदादाताओं एवं प्रशासन की छवि धूमिल हो रही है और जनहित के कार्यों में व्यवधान उत्पन्न हो रहा है। लिहाजा डीएम से स्थलीय निरीक्षण कर ऐसे गलत समाचारों पर अंकुश लगाने व असामाजिक तत्वों की हरकतों पर अंकुश लगाते हुए आवश्यक कदम उठाने की मांग की गयी है।
इधर बताया गया है कि उपरोक्त चैनल एवं समाचार पत्र ने संबंधित ग्रामीणों की शिकायत के आधार पर अवैध खनन के समाचार प्रसारित प्रकाशित किये थे। परंतु संभवतया समाचार के साथ संबंधित अधिकारी का पक्ष नहीं लिया गया था। वहीं जनपद में ग्रामीणों में खनन के प्रति नाराजगी की खबरें आने का सिलसिला जारी है। जनपद के कपकोट क्षेत्र की ग्राम पंचायत खर्ककानातोली से भी आयी है। यहां के दरपान सिंह व बचे सिंह आदि ग्रामीणों ने गांव केा भूकंप एवं भूस्खलनक के दृष्टिकोण से जोन-5 का बताते हुए यहां खीरगंगा में जेसीबी मशीनों से अवैध खनन होने का आरोप लगाते हुए इससे गांव को खतरा बताया है और तत्काल प्रभाव से अवैध खनन पर रोक लगाने की मांग की है, तथा ऐसा न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी है। वहीं एसडीएम प्रमोद कुमार के हवाले से बताया गया है कि प्रकरण की जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

यह भी पढ़ें : पत्रकार नवीन पालीवाल को युवा प्रतिभा सम्मान

नवीन समाचार, नैनीताल, 14 जून 2019। निकटवर्ती भवाली स्थित पंचामृतम धाम में आयोजित साहित्यिक तथा धार्मिक कार्यक्रम में नगर के युवा पत्रकार नवीन पालीवाल को प्रख्यात साहित्यकार डॉ. कमला पांडेय तथा पंचामृतम धाम के प्रबंधक महेश चंद्र पांडेय के हाथों बेहतर पत्रकारिता के लिए युवा प्रतिभा सम्मान से सम्मानित किया गया है। पुरस्कार स्वरूप आयोजकों ने उन्हें शॉल भेंट कर स्मृति चिन्ह प्रदान किया। उल्लेखनीय है कि कार्यक्रम के तहत आयोजित तीन दिवसीय साहित्य संगोष्ठी तथा साहित्य पर मंथन के दौरान सयाजीराव विश्वविद्यालय की सहायक प्रोफेसर डॉ. स्मृति बाघेल के निर्देशन में भरतनाट्यम कलाकारों ने मनोहारी प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में संस्कृत साहित्य की विद्वान प्रो. कमला पांडेय की बीते दिनो प्रकाशित कृति ‘बांसुरी: अनहद से बहती रसधार’ की समालोचना कई विद्वानों ने की।

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पत्रकारिता दिवस पर कार्यक्रम न कर पाने की जानकारी देते समिति के संयोजक।

नवीन समाचार, नैनीताल, 29 मई 2019 । जिला व मंडल मुख्यालय में हिंदी पत्रकारिता दिवस 30 मई को 1988 से 2018 तक यानी 32 वर्षों से उर्दू पत्रकार एवं कलमकार समिति द्वारा लगातार जारी कार्यक्रम इस वर्ष से नहीं होगा। बुधवार को समिति के केंद्रीय संयोजक सैयद आबाद जाफरी ने पत्रकार वार्ता में इसकी घोषणा की। बिना कोई कारण बताये उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम को आगे जारी रखने में स्वयं को असहाय पा रहे हैं। इसलिये इसे आगे जारी रखना संभव नहीं है। वहीं सह संयोजक सैयद कासिफ जाफरी ने बताया कि आर्थिक कारणों से कार्यक्रम को आगे जारी रखना संभव नहीं है।
नगर के एक रेस्टोरेंट में आयोजित पत्रकार वार्ता में श्री जाफरी ने बताया कि इस कार्यकम के तहत पत्रकारिता, संस्कृति, साहित्य, संसदीय प्रणाली, राष्ट्रीय एकता, पंत जयंती, एकात्म मानववाद आदि पर गोष्ठी, संगोष्ठी, कवि सम्मेलन व मुशायरा आदि के 45 कार्यक्रम आयोजित किये गये। साथ ही इस दौरान शिक्षा व पत्रकारिता के क्षेत्र में 16-16, समाज सेवा में 45, संस्कृति के क्षेत्र में 8 तथा पर्यावरण में एक सहित कुल 86 हस्तियों को सम्मानित किया गया।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 25 अप्रैल 2019। हल्द्वानी में बीती 26 मार्च को ‘द संडे पोस्ट’ साप्ताहिक समाचार पत्र के पत्रकार मनोज बोरा पर पता पूछने के बहाने आये दो मोटरसाइकिल सवार युवकों ने जानलेवा हमला करते हुए गोली चला दी थी। हालांकि मनोज इस घटना में गोली उनके पैर में लगी थी। वहीं घटना के बाद गिरफ्तार होने के बाद से जेल में बंद दो आरोपितों में से एक नीरज जोशी निवासी बमनपुरी सितारगंज ने इधर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र दत्त की अदालत में जमानत अर्जी दी थी। जिला शासकीय अधिवक्ता-फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने बताया कि आरोपित की निशानदेही पर गोलीबारी की घटना में प्रयुक्त पिस्टल को बरामद किया गया था, तथा उसकी शिनाख्त-पहचान भी हो चुकी है। हमला के समय बोरा अपनेे मित्र दिव्य प्रकाश रावत की स्कॉर्पियो गाड़ी से उतरे थे, लिहाजा रावत के धोखे में रावत को जान से मारने की नीयत से पुरानी रंजिश के तहत बोरा पर हमला किया गया था। इसलिए उसे जमानत दिया जाना उचित नहीं होगा, इस पर न्यायालय ने उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी।

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पुलिस की गिरफ्त में पत्रकार के हमलावर

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 26 मार्च 2019। बीते पांच दिनों में हल्द्वानी में दो पत्रकारों पर गोली चलने की घटना हुई थी। पहली घटना में दो बदमाशों ने हाइडिल गेट पर पत्रकार मोहन भट्ट पर तमंचा तानकर अभद्रता की थी और इसके बाद एक होटल कारोबारी हिमांशु तिवाड़ी से पैर छूने को कहा था और ऐसा न करने पर उस पर दो गोलियां चला दी थीं। मामला मुख्यमंत्री व डीजीपी तक पहुंचने के बाद एसएसपी ने दोनों हिस्ट्रीशीटर बदमाशों आरटीओ रोड निवासी वीरेंद्र बोरा व गायत्री कॉलोनी निवासी भारत भूषण उर्फ भानु पर एक-एक हजार रुपये के ईनाम की घोषणा भी की थी। दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।
वहीं पुलिस के हाथ दूसरी बड़ी कामयाबी सोमवार को ‘द संडे पोस्ट’ साप्ताहिक समाचार पत्र के पत्रकार मनोज बोरा पर हुई गोली चलाने की घटना के मामले में भी मिली है। पुलिस ने इस मामले में दोनों हमलावरों-राहुल श्रीवास्तव (29) निवासी वार्ड नंबर 1 मीना बाजार बिज्टी सितारगंज व नीरज जोशी (22) निवासी बमनपुरी सितारगंज को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त पिस्टल, दो जिंदा कारतूस व मोटरसाइकिल संख्या यूके06एएस-0061 भी बरामद कर लिये गये हैं। हमलावरों के अनुसार वे भतरौंजखान निवासी सतीश नैनवाल के लिए काम करते हैं, जिससे गत दिवस पत्रकार मनोज बोरा व उसके साथी दिव्य प्रकाश रावत का विवाद हल्द्वानी थाने तक भी पहुंचा था। राहुल के खिलाफ पहले से आधा दर्जन मामले होने की बात भी प्रकाश में आई है। वहीं पुलिस मामले में खनन को लेकर विवाद की बात भी कह रही है।

पूर्व समाचार : हल्द्वानी में पत्रकार को दिन दहाड़े गोली मारी, हालत गंभीर, चार दिनों में अपनी तरह की दूसरी घटना

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 25 मार्च 2019। हल्द्वानी के बिठौरिया नंबर एक क्षेत्र की शिव विहार कॉलोनी में रहने वाले चर्चित ‘संडे पोस्ट’ साप्ताहिक समाचार पत्र के पत्रकार मनोज बोरा को उनके घर से बाहर बहाने से बुलाकर गोली मार दी गयी। गनीमत रही कि गोली मनोज को पांव को पांव में लगे, जिसके बाद वे मूर्छित होकर गिर पड़े। उन्हें हल्द्वानी के निजी-कृष्णा अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बोरा का कहना है कि बाइक पर आये दो युवकों ने उन्हें कॉलोनी में किराये के लिए खाली कमरे बताने का झांसा देकर घर से बाहर बुलाया, और इधर-उधर की बात करते हुए एक युवक ने गोली मार दी। बोरा का कहना है कि वह गोली मारने वाले युवकों को जानते नहीं हैं, लेकिन सामने आने पर पहचान लेंगे। फिलहाल यह पता नहीं चल पाया है कि गोली पत्रकारिता के संदर्भ में किसी रिपोर्ट को छापने को लेकर मारी गयी अथवा किसी अन्य कारण। सर्वाधिक चिंता का विषय यह भी है कि लोक सभा चुनाव की आचार संहिता के दौरान चुनाव से केवल एक पखवाड़े पूर्व यह घटना हुई है। जबकि इस दौरान पुलिस लाइसेंसी हथियारों को भी जब्त कराने की बात करती हैै।
इस घटना से पत्रकारों में पुलिस की सुरक्षा व कानून व्यवस्था को लेकर गहरा आक्रोश है। आम लोग भी पूछ रहे हैं कि जब समाज में पत्रकार ही सुरक्षित नहीं हैं तो आम लोगों की सुरक्षा भगवान भरोसे ही है। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व हल्द्वानी में होली के दिन हिंदुस्तान समाचार पत्र के पत्रकार मोहन भट्ट पर भी हवाई फायर करते हुए हमला किये जाने की घटना हुई थी और उधर अल्मोड़ा में एक समाचार पोर्टल के पत्रकार को स्वयं जिले के एसएसपी द्वारा बुलाकर प्रताड़ित किये जाने से भी पत्रकार पहले ही आक्रोशित हैं। हल्द्वानी प्रेस क्लब के अध्यक्ष संजय तलवाड़ ने ऐसी घटनाओं की निंदा करते हुए शीघ्र उच्चाधिकारियों से मिलकर पुलिस-प्रशासन से हमलावरों की गिरफ्तारी करने की बात कही है। नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट के प्रदेश अध्यक्ष त्रिलोक चंद्र भट्ट व महासचिव सुरेश पाठक सहित अन्य पत्रकारों ने घायल पत्रकार से अस्पताल में मुलाकात करने के बाद घटना को मीडिया पर हमला बताते हुए उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।
उधर पुलिस के द्वारा अब सांप के निकल जाने के बाद लकीर पीटने की तर्ज पर आसपास के सीसीटीवी कैमरों की जांच करने की बात कही जा रही है।

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डा. विपिन चन्द्रा

 

नवीन समाचार, नैनीताल, 22 फरवरी 2019। वरिष्ठ पत्रकार डा. विपिन चन्द्रा को पत्रकार कल्याण कोष का सदस्य नियुक्त किया गया है। सूचना विभाग देहरादून से से  जारी पत्र के अनुसार प्रदेश के चार पत्रकारों-कुमाऊँ से एकमात्र उत्तराखंड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के नैनीताल जिला अध्यक्ष डा. विपिन चन्द्रा, देवभूमि पत्रकार यूनियन देहरादून के डा. डीवी शर्मा, उत्तराखंड पत्रकार यूनियन देहरादून से चेतन गुरूंग व राष्ट्रीय पत्रकार यूनियन देहरादून से नरेश मनोचा को जिम्मेदारी सौंपते हुए पत्रकार कल्याण कोष का सदस्य बनाया गया है। बता दें कि सूचना विभाग के द्वारा पत्रकार कल्याण कोष में उत्तराखंड बयोवृद्ध पत्रकार पेंशन योजना के लिए पत्रकार संगठनों के सदस्यों को गैर सरकारी सदस्य के रूप में नामित किया गया है, और मुख्यमंत्री के आदेश के बाद ही इनकी नियुिक्त होती है।

 
कुमाऊं से पहले पत्रकार कल्याण कोष के बने सदस्य
गौरतलब है कि डा. विपिन चन्द्रा लम्बे समय से हल्द्वानी में सहारा समय न्यूज चैनल के संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं, और लंबे समय से पत्रकारिता से जुड़े हैं। उनकी गिनती एक जुझारू कलमकार के रूप में होती है। पत्रकार कल्याण कोष में सदस्य बनने वाले डा. चन्द्रा कुमाऊं से एक मात्र पत्रकार हैं। डा. चन्द्रा ने पत्रकार कल्याण कोष का सदस्य बनाये जाने पर सीएम त्रिवेन्द्र सिंह रावत,  सूचना विभाग और यूनियन का धन्यवाद ज्ञापित किया है। उन्होंने कहा कि यहां तक पहुंचने में यूनियन के प्रदेश महामंत्री प्रयाग पाण्डे और राष्ट्रीय सहारा के कुमाऊं ब्यूरो चीफ गणेश पाठक का बड़ा सहयोग रहा। उन्होंने कहा कि वह पत्रकारों की पेंशन संबंधित समस्याओं को सुलझाने सहित पत्रकारों की हरसंभव मदद करने सहित पत्रकारों के हितों के लिए कार्य करेंगे।
 
डा. चन्द्रा को मिल चुकी है डॉक्टरेट की उपाधि
इससे पहले सहारा समय चैनल के वरिष्ठ पत्रकार और उत्तराखंड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के जिला अध्यक्ष डा. विपिन चंद्रा को राज्यपाल बेबी रानी मौर्य और उच्च शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने पत्रकारिता के क्षेत्र में पीएचडी करने के उपरांत उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के चौथे दीक्षांत समारोह में डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया जा चुका है। वह कुमाऊं से पत्रकारिता में पीएचडी की उपाधि पाने वाले पहले पत्रकार बने हैं।

यह भी पढ़ें : वरिष्ठ पत्रकार अनूप गैरोला का असामयिक निधन, पार्थिव देह पहुंची दून, अंतिम संस्कार कल

देहरादून 17  नवम्बर 2018 । उत्तरांचल प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ पत्रकार अनूप गैराला का दिल्ली के फोर्टिस अस्पताल में उपचार के दौरान निधन हो गया। मृत्यु का कारण हृदयाघात बताया जा रहा है। अनूप गैरोला के असामयिक निधन से उत्तराखंड का पत्रकारिता जगत स्तब्ध है। अनूप गैरोला के साथ कुछ दिनों पूर्व दुर्घटना हो गयी थी, इसमें उनके पांवों में चोट लगी थी। इस दुर्घटना के बाद उनके पांवों में गैंगरीन का संक्रमण हो गया था। इसका देहरादून में काफी इलाज कराया गया और संक्रमण रोकने के लिए उनका पांव भी काटना पड़ा था। इसके बाद उनकी स्थिति में सुधार हुआ था।

बताया जा रहा है कि दो दिनों पूर्व उनकी स्थिति फिर बिगड़ी और परिवारजन उन्हें दिल्ली ले गए। दिल्ली में उनका उपचार चल रहा था लेकिन डाक्टर उन्हें बचा नहीं पाए। अनूप गैरोला उत्तराखंड के वरिष्ठ एवं हरफनमौला पत्रकार थे। वे दैनिक जागरण, अमर उजाला, राष्ट्रीय सहारा और दैनिक भाष्कर जैसे समाचार पत्रों के साथ ही टाइम टीवी, समाचार प्लस और साधना प्लस जैसे टीवी चैनलों को अपनी सेवाएं को अपनी सेवाएं दे चुके थे। वे अपने सरल और सहृदयी स्वभाव से सभी के प्रिय थे। वे अपने पीछे अपना भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके परिवार में उनकी मां, पत्नी और दो बच्चे हैं। उनकी पत्नी शिक्षिका हैं।

यह भी पढ़ें : जाते-जाते पत्रकारों के लिए बड़े आदेश दे गये न्यायूर्ति राजीव शर्मा

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p style=”text-align: justify;”>नैनीताल, 12 नवंबर 2018। उत्तराखण्ड हाई कोर्ट से सोमवार को स्थानांतरित होकर गये वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजीव शर्मा जाते-जाते राज्य के पत्रकारों को भी बड़ा तोहफा दे गये हैं। सोमवार को न्यायमूर्ति राजीव शर्मा व न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा की खंडपीठ ने नैनीताल के वरिष्ठ पत्रकार रवींद्र देवलियाल के एक पत्र पर जनहित याचिका के रूप में लेते हुए राज्य सरकार को राज्य के श्रमजीवी पत्रकारो को आंध्र प्रदेश व उड़ीसा आदि राज्यों की तरह की सुविधाए दिए जाने के आदेश दिए हैं। साथ ही पत्रकारो को दी जा रही 5 हजार रुपया प्रतिमाह की पेंशन में बढ़ोतरी करने के आडेश दिए है।
उल्लेखनीय है कि वरिष्ठ पत्रकार रवींद्र देवलियाल ने इसी माह हाई कोर्ट के तत्कालीन कार्यवाहक मुख्य न्यायधीश राजीव शर्मा को पत्र लिखकर पत्रकारों की खराब आर्थिक स्थिति व उनकी सेवानिवृत्ति के बाद सामाजिक सुुरक्षा न होने की जानकारी दी थी। उन्होंने अपने पत्र में यह भी कहा था कई राज्यो में पत्रकारो को सामाजिक आर्थिक सुरक्षा दी जा रही हैं। इस पत्र का स्वतः संज्ञान लेते हुए खंडपीठ ने सोमवार को राज्य सरकार को निर्देश दिए है कि पत्रकारो को दी जा रही पेंशन में बढ़ोतरी करें और पत्रकारो के कल्याण के लिए आंध्र प्रदेश व उड़ीसा राज्यों की तरह ‘वेलफेयर फंड्स रूल्स’ बनायें। साथ ही खंडपीठ ने पत्रकारों की पेंशन व स्वाथ्य योजना को राज्य के अपर मुख्य सचिव तथा लोक सूचना व जन सम्पर्क विभाग के निदेशक से उत्तर प्रदेश सरकार की भांति तैयार कराने, सरकार की हाउसिंग योजना में पत्रकारो के लिए कुछ हाउसिंग प्लाट व फ्लैट आरक्षित रखने को भी कहा। सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से खंडपीठ को अवगत कराया गया कि पत्रकारों के हितो को देखते हुए सरकार कई योजनाएं चला रही है, और पत्रकारों के हितों के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

नैनीताल में (केवल या सिर्फ नहीं)‘सात’ पत्रकारों ने दी शहीद पत्रकार अच्युतानंद साहू को श्रद्धांजलि

जिला सूचना कार्यालय में दिवंगत पत्रकार अच्युतानंद साहू को मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित करते पत्रकार।

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p style=”text-align: justify;”>नैनीताल, 2 नवंबर 2018। गत दिवस छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में विधानसभा चुनाव की कवरेज के दौरान माओवादी नक्सलियों के हमले में हमले में शहीद हुए डीडी न्यूज के पत्रकार अच्युतानंद साहू को शुक्रवार को मुख्यालय में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गयी। जिला सूचना कार्यालय में सुबह 11 बजे आयोजित हुई शोक सभा में वरिष्ठ पत्रकार डा. गिरीश रंजन तिवारी, नवीन जोशी, कमल जगाती, तेज सिंह बिष्ट, नवीन तिवारी, सुनील बोरा व कांता पाल यानी (केवल या सिर्फ नहीं) सात पत्रकार मौजूद रहे।
Image result for अच्युतानंद साहूइस अवसर पर डा. तिवारी ने देश के ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ यानी कारोबार करने के मामले में नित ऊपर चढ़ने और पत्रकारों पर होने वाले हमलों के मामले में नित नीचे गिरने की स्थितियों पर चिंता जताई, एवं दिवंगत पत्रकार साहू को ‘शहीद’ का दर्जा एवं उनके परिवार को सभी अनुमन्य सुविधाएं देने की मांग की। कहा, यह स्थितियां भी तब हैं जब पत्रकार स्वयं भी लिखने में सावधानी बरतते हैं। नवीन जोशी ने कहा कि पत्रकारों पर हुए हमले में भी संवेदना का बंटना पत्रकारिता जगत के लिए शुभ संकेत नहीं है। कमल जगाती ने पर्वतीय क्षेत्रों में हिसक वन्य जीवों से संबंधित कवरेज के दौरान पत्रकारों पर खतरे को रेखांकित किया।

उल्लेखनीय है कि नैनीताल ही वह नगर है, जहां से 1868 में ‘समय विनोद’ के जरिये उत्तराखंड में ‘भाषाई पत्रकारिता’ की शुरुआत हुई थी, और यहीं से प्रदेश का पहला हिंदी दैनिक समाचार पत्र ‘पर्वतीय’ 1953 से निकला था। सूचना विभाग की सूची के अनुसार वर्तमान में मुख्यालय में 34 पत्रकारिता के एवं 18 इलेक्ट्रानिक मीडिया के, यानी कुल मिलाकर 52 हैं, और इतने ही पत्रकार नगर के पत्रकारों के सबसे बड़े, दुःख-सुख बांटने के लिए बने ह्वाट्सएप ग्रुप-‘नैनीताल पत्रकार संघ’ में भी हैं। यह संयोग ही है कि आज उपरोक्त प्रिंट पत्रकारिता के 34 एवं कुल 52 पत्रकारों की दोनों संख्याओं 3 व 4 तथा 5 व 2 का जोड़ भी सात ही होता है, और इतने ही पत्रकार इस शोक सभा में उपस्थित रहे। ऐसे एक तरह से सभी पत्रकारों का प्रतिनिधित्व भी रहा। अलबत्ता, ‘कुछ’ अन्य पत्रकारों ने भी इस शोक से स्वयं को संबद्ध बताया। अन्य अपनी व्यस्तताओं के कारण नहीं पहुंच पाये।

12 नवंबर को छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। 30 अक्टूबर को वहां दूरदर्शन के एक कैमरामैन की मौत हो गई। अच्युतानंद साहू माओवादी हमले में मारे गए। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो शेयर करने वाले लिख रहे हैं कि मरने से कुछ मिनट पहले साहू ने ये वीडियो रिकॉर्ड किया था। सुनें : अच्युतानंद साहू के शहादत स्थल से उनके साथी छायाकार मोर मुकुट शर्मा के मार्मिक शब्द-‘मौत से डर नहीं लग रहा है…’

इस विडिओ में शर्मा कह रहे हैं : आतंकवादी हमला हो गया है. हम दंतेवाड़ा में आए थे इलेक्शन कवरेज पर. एक रास्ते से जा रहे थे. आर्मी हमारे साथ थी. अचानक घेर लिया है नक्सलियों ने. मम्मी, अगर मैं जीवित बचा तो गनीमत है. मम्मी मैं तुझे बहुत प्यार करता हूं. हो सकता है इस हमले में मैं मारा जाऊं. परिस्थिति सही नहीं है. पता नहीं क्यों, मौत को सामने देखते हुए डर नहीं लग रहा है. बचना मुश्किल है यहां पर. छह-सात जवान हैं साथ में. चारों तरफ से घेर लिए हैं. फिर भी मैं यही कहूंगा…

उल्लेखनीय है कि दूरदर्शन की एक टीम नक्सल प्रभावित इलाकों में हुए विकास कार्यों की रिपोर्ट बनाने गई थी. इसमें अच्युतानंद, धीरज और असिस्टेंट कैमरामैन मोर मुकुट शर्मा थे. यहां के नीलावया इलाके में सुरक्षाबलों की टीम सर्च ऑपरेशन कर रही थी. नक्सलियों ने सिक्यॉरिटी फोर्सेज़ को निशाना बनाने के लिए घात लगाया. दूरदर्शन की टीम फंस गई. मोर मुकुट ने इस घटना के बारे में बताया- जिस जगह से हमें एक गांव में घुसना था, वहां हमें पांच बाइक्स दी गईं. तीन बाइक के पीछे हम तीन पत्रकार (मोर मुकुट, अच्युतानंद और धीरज) बैठ गए. बाइक चला रहे थे जवान. बाकी की दो बाइक्स पर फोर्स के जवान थे. कुल मिलाकर हम 10 लोग उस गांव में जा रहे थे. रास्ते में हम सड़क के आस-पास लगे पोस्टर्स की रिकॉर्डिंग लेने लगे. रास्ता बहुत खतरनाक था. सड़क की बाईं तरफ एक खेत था. उसमें फसल लगी थी. हमने बाइक रोककर वहां वीडियो शूट किया. फिर जैसे ही हम लोग बाइक पर वापस बैठे, खेत में छुपे नक्सलियों ने गोलीबारी शुरू कर दी. कैमरामैन अच्युतानंद साहू की बाइक सबसे आगे थी. नक्सलियों के हमले से उनकी बाइक गिर गई. फिर गोलीबारी और तेज हो गई. हम लोग किसी तरह सड़क के दाहिनी तरफ एक खड्ड में चले गए. अब नक्सलियों और हमारे बीच 25-30 फुट की एक सड़क थी.

मोर मुकुट ने आगे बताया: वीडियो बनाने से पहले मुझे बहुत प्यास लग रही थी. मैंने साथ के लोगों से पानी मांगा. उन्होंने कहा, अभी कुछ नहीं मिलेगा. मेरा गला बुरी तरह सूख रहा था. लग रहा था मौत बिल्कुल सामने है. कैमरामैन अच्युतानंद मारे जा चुके थे. मैंने सोचा, मेरे पास बहुत कम वक्त बचा है. जितना बचा है, उसे कैमरे में कैद कर लूं. यही सोचकर मैं मोबाइल पर वीडियो शूट करने लगा. मुझे मां याद आ रही थी. मैं ईश्वर को याद कर रहा था. मैं जहां लेटा था, वहां लाल चींटियों का झुंड था. वो मेरे शरीर पर रेंगने लगी. इसीलिए मुझे अचानक बीच में ही वीडियो बंद करना पड़ा. अगर चींटियों से बचने के लिए मैं हिलता-डुलता, तो नक्सली गोली चला देते. जिस पेड़ के नीचे हम लेटे थे, वो नक्सलियों की गोली से छलनी हो चुका था. मोर मुकुट ने बताया कि करीब 40 मिनट तक फायरिंग होती रही. पूरा जंगल गोलियों की आवाज से गूंज रहा था. जो फोर्स गांव की मुख्य सड़क तक साथ आई थी, वो मौके पर पहुंची. उन्होंने मोर्चा संभाला. इसके बाद नक्सली वहां से भाग गए.

यह भी पढ़ें : नैनीताल में पत्रकार-छायाकार हुए सम्मानित

शुक्रवार को देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ की बैठक में सम्मानित होते पत्रकार।

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p style=”text-align: justify;”>नैनीताल, 20 जुलाई 2018। देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ की नवनिर्वाचित शाखा कार्यकारिणी ने शुक्रवार को जिला व मंडल मुख्यालय सरोवरनगरी में कार्यरत पत्रकारों-छायाकारों को सम्मानित किया। इस मौके पर नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी रोहिताश शर्मा व लेखाधिकारी राहुल सिंह के साथ ही संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष ओम प्रकाश चौटाला, प्रदेश सचिव दिनेश कटियार, प्रदेश सदस्य महेंद्र लाल, प्रदेश महासचिव गोविंद टांक आदि के हाथों नवीन जोशी, अफजल हुसैन फौजी, भूपेंद्र मोहन रौतेला, नवीन पालीवाल, सुमित जोशी, रितेश सागर, दामोदर लोहनी, कमल बिष्ट व दीपक कुमार आदि को माला पहनाकर तथा प्रतीक चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया।
नगर पालिका के सभागार में आयोजित हुए सम्मान समारोह में संघ की ओर से दिनेश कटियार ने मुख्यालय में सफाई कर्मचारियों के तमाम पद खाली होने तथा उन पर काम का भारी दबाव होने जैसी समस्याओं का उल्लेख करते हुए पत्रकारों से सफाई कर्मचारियों के हितों तथा नगर हित के माल रोड के शाम को अधिक घंटों के लिए बिना किसी लिखित आदेशों के बंद होने व नैनी झील की सफाई जैसे मुद्दों को अधिक प्रखरता से उठाने की अपील की। इस मौके पर संघ के शाखा अध्यक्ष महेश कुमार व उपाध्यक्ष धीरज कटियार, महासचिव सोनू सहदेव, उपसचिव कमल कुमार सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें : नैनीताल के पत्रकारों ने पेश की अनूठी मिसाल

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p style=”text-align: justify;”>नैनीताल। जिला व मंडल मुख्यालय के पत्रकारों ने सोमवार को अनूठी मिसाल पेश की। यह मिसाल थी अद्भुत एकता के साथ ही एक-दूसरे को यथोचित सम्मान देने की। यहां नगर पालिका सभागार की लंबी परवलयाकार मेज के एक सिरे पर वरिष्ठतम (उम्र व अनुभव के आधार पर) सदस्यों को आमंत्रित कर बैठाया गया तो दूसरे छोर तक स्वतः ही कनिष्ठतम सदस्य बैठते चले गए। यहां हर कोई बोला और करीब-करीब एक सुर में बोला। कनिष्ठों ने जहां शासन-प्रशासन से मिल रही उपेक्षा पर व्यथा सुनाई, वहीं वरिष्ठों ने नसीहत देते हुए कि पत्रकार भी अपनी सीमाओं को समझें, भरोसा दिया कि यदि समाज के इस बुद्धिजीवी वर्ग की कहीं उपेक्षा होती है तो फिर बर्दास्त नहीं किया जाएगा।
यह मिसाल अनूठी इसलिए भी थी कि जहां एक छोटे से परिवार में भी मतभिन्नता देखी जाती है, हर वर्ग के अनेक संगठन होते हैं। यहां भी कतिपय पत्रकार कुछ संगठनों द्वारा अपने साथ जोड़ लिए गए हैं। बावजूद नगर के पत्रकारों ने ‘संघे शक्तिः’ पर बल दिया, और एक स्वर में तय किया कि वे हमेशा एक इकाई के रूप में रहे हैं और आगे भी रहेंगे।बैठक में उपस्थित पत्रकार :

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नगर के समस्त पत्रकार सोमवार को मुख्यालय में लंबे समय के बाद एकजुट हुए, और आपस में एकता का परिचय देते हुए शासन-प्रशासन की ओर से हालिया समय में पत्रकारों के बाबत बरती जा रही उपेक्षा पर गहरी नाराजगी व्यक्त की गयी। नगर पालिका के सभागार में हुई बैठक में राज्य अतिथि गृह में पत्रकारों के लिए कक्ष आरक्षण हेतु सूचना निदेशालय के जरिये आवेदन करने की व्यवस्था एवं खासकर नैनीताल पुलिस के द्वारा हालिया दौर में नये पत्रकारों के साथ किये गए उपेक्षापूर्ण रवैये के प्रति नाराजगी व्यक्त की गयी। इस संबंध में शीघ्र ही पत्रकार एसएसपी से भी मिलेंगे। इसके अलावा पूर्व में प्रेस क्लब को नये ब्रिज-बाइपास में आवंटित कक्ष का प्रेस क्लब को हस्तांतरण किये जाने आदि पर नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी से मिलने सहित अन्य सभी बिंदुओं पर आगे बढ़ने व सगठन को मजबूत बनाये जाने पर बल दिया गया। पत्रकारों ने एक राय होकर तय किया कि किसी भी पत्रकार के ऊपर हो रहे उत्पीड़न को किसी भी कीमत में बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। बैठक की अध्यक्षता जगदीश जोशी ने की। बैठक में डा. गिरीश रंजन तिवारी, नवीन जोशी, कमल जगाती, किशोर जोशी, रविन्द्र देवलियाल, ललित जोशी, कांता पाल, हेमंत रावत, सुनील बोरा, अफजल फौजी, विनोद कुमार, राजू पांडेय, रवि पांडे, आँचल पंत, कंचन वर्मा, प्रशांत दीक्षित, भूपेंद्र मोहन रौतेला, विनीत उपाध्याय, नवीन पालीवाल, समीर साह, अजमल हुसैन, नीरज जोशी, सुरेश कांडपाल, नवीन तिवारी, कांता पाल, विनोद कुमार, रितेश सागर, दामोदर लोहनी, एसएम इमाम, मुनीर आलम, दीपक आर्या व सुमित जोशी सहित बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे। संचालन गौरव जोशी व वीरेंद्र बिष्ट ने सयुक्त रूप से किया।

नवीन समाचार
‘नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से ‘मन कही’ के रूप में जनवरी 2010 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
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