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जाते-जाते पत्रकारों के लिए बड़े आदेश दे गये न्यायूर्ति राजीव शर्मा

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नैनीताल, 12 नवंबर 2018। उत्तराखण्ड हाई कोर्ट से सोमवार को स्थानांतरित होकर गये वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजीव शर्मा जाते-जाते राज्य के पत्रकारों को भी बड़ा तोहफा दे गये हैं। सोमवार को न्यायमूर्ति राजीव शर्मा व न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा की खंडपीठ ने नैनीताल के वरिष्ठ पत्रकार रवींद्र देवलियाल के एक पत्र पर जनहित याचिका के रूप में लेते हुए राज्य सरकार को राज्य के श्रमजीवी पत्रकारो को आंध्र प्रदेश व उड़ीसा आदि राज्यों की तरह की सुविधाए दिए जाने के आदेश दिए हैं। साथ ही पत्रकारो को दी जा रही 5 हजार रुपया प्रतिमाह की पेंशन में बढ़ोतरी करने के आडेश दिए है।
उल्लेखनीय है कि वरिष्ठ पत्रकार रवींद्र देवलियाल ने इसी माह हाई कोर्ट के तत्कालीन कार्यवाहक मुख्य न्यायधीश राजीव शर्मा को पत्र लिखकर पत्रकारों की खराब आर्थिक स्थिति व उनकी सेवानिवृत्ति के बाद सामाजिक सुुरक्षा न होने की जानकारी दी थी। उन्होंने अपने पत्र में यह भी कहा था कई राज्यो में पत्रकारो को सामाजिक आर्थिक सुरक्षा दी जा रही हैं। इस पत्र का स्वतः संज्ञान लेते हुए खंडपीठ ने सोमवार को राज्य सरकार को निर्देश दिए है कि पत्रकारो को दी जा रही पेंशन में बढ़ोतरी करें और पत्रकारो के कल्याण के लिए आंध्र प्रदेश व उड़ीसा राज्यों की तरह ‘वेलफेयर फंड्स रूल्स’ बनायें। साथ ही खंडपीठ ने पत्रकारों की पेंशन व स्वाथ्य योजना को राज्य के अपर मुख्य सचिव तथा लोक सूचना व जन सम्पर्क विभाग के निदेशक से उत्तर प्रदेश सरकार की भांति तैयार कराने, सरकार की हाउसिंग योजना में पत्रकारो के लिए कुछ हाउसिंग प्लाट व फ्लैट आरक्षित रखने को भी कहा। सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से खंडपीठ को अवगत कराया गया कि पत्रकारों के हितो को देखते हुए सरकार कई योजनाएं चला रही है, और पत्रकारों के हितों के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

नैनीताल में (केवल या सिर्फ नहीं)‘सात’ पत्रकारों ने दी शहीद पत्रकार अच्युतानंद साहू को श्रद्धांजलि

जिला सूचना कार्यालय में दिवंगत पत्रकार अच्युतानंद साहू को मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित करते पत्रकार।

नैनीताल, 2 नवंबर 2018। गत दिवस छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में विधानसभा चुनाव की कवरेज के दौरान माओवादी नक्सलियों के हमले में हमले में शहीद हुए डीडी न्यूज के पत्रकार अच्युतानंद साहू को शुक्रवार को मुख्यालय में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गयी। जिला सूचना कार्यालय में सुबह 11 बजे आयोजित हुई शोक सभा में वरिष्ठ पत्रकार डा. गिरीश रंजन तिवारी, नवीन जोशी, कमल जगाती, तेज सिंह बिष्ट, नवीन तिवारी, सुनील बोरा व कांता पाल यानी (केवल या सिर्फ नहीं) सात पत्रकार मौजूद रहे।
Image result for अच्युतानंद साहूइस अवसर पर डा. तिवारी ने देश के ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ यानी कारोबार करने के मामले में नित ऊपर चढ़ने और पत्रकारों पर होने वाले हमलों के मामले में नित नीचे गिरने की स्थितियों पर चिंता जताई, एवं दिवंगत पत्रकार साहू को ‘शहीद’ का दर्जा एवं उनके परिवार को सभी अनुमन्य सुविधाएं देने की मांग की। कहा, यह स्थितियां भी तब हैं जब पत्रकार स्वयं भी लिखने में सावधानी बरतते हैं। नवीन जोशी ने कहा कि पत्रकारों पर हुए हमले में भी संवेदना का बंटना पत्रकारिता जगत के लिए शुभ संकेत नहीं है। कमल जगाती ने पर्वतीय क्षेत्रों में हिसक वन्य जीवों से संबंधित कवरेज के दौरान पत्रकारों पर खतरे को रेखांकित किया।

उल्लेखनीय है कि नैनीताल ही वह नगर है, जहां से 1868 में ‘समय विनोद’ के जरिये उत्तराखंड में ‘भाषाई पत्रकारिता’ की शुरुआत हुई थी, और यहीं से प्रदेश का पहला हिंदी दैनिक समाचार पत्र ‘पर्वतीय’ 1953 से निकला था। सूचना विभाग की सूची के अनुसार वर्तमान में मुख्यालय में 34 पत्रकारिता के एवं 18 इलेक्ट्रानिक मीडिया के, यानी कुल मिलाकर 52 हैं, और इतने ही पत्रकार नगर के पत्रकारों के सबसे बड़े, दुःख-सुख बांटने के लिए बने ह्वाट्सएप ग्रुप-‘नैनीताल पत्रकार संघ’ में भी हैं। यह संयोग ही है कि आज उपरोक्त प्रिंट पत्रकारिता के 34 एवं कुल 52 पत्रकारों की दोनों संख्याओं 3 व 4 तथा 5 व 2 का जोड़ भी सात ही होता है, और इतने ही पत्रकार इस शोक सभा में उपस्थित रहे। ऐसे एक तरह से सभी पत्रकारों का प्रतिनिधित्व भी रहा। अलबत्ता, ‘कुछ’ अन्य पत्रकारों ने भी इस शोक से स्वयं को संबद्ध बताया। अन्य अपनी व्यस्तताओं के कारण नहीं पहुंच पाये।

12 नवंबर को छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। 30 अक्टूबर को वहां दूरदर्शन के एक कैमरामैन की मौत हो गई। अच्युतानंद साहू माओवादी हमले में मारे गए। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो शेयर करने वाले लिख रहे हैं कि मरने से कुछ मिनट पहले साहू ने ये वीडियो रिकॉर्ड किया था। सुनें : अच्युतानंद साहू के शहादत स्थल से उनके साथी छायाकार मोर मुकुट शर्मा के मार्मिक शब्द-‘मौत से डर नहीं लग रहा है…’

इस विडिओ में शर्मा कह रहे हैं : आतंकवादी हमला हो गया है. हम दंतेवाड़ा में आए थे इलेक्शन कवरेज पर. एक रास्ते से जा रहे थे. आर्मी हमारे साथ थी. अचानक घेर लिया है नक्सलियों ने. मम्मी, अगर मैं जीवित बचा तो गनीमत है. मम्मी मैं तुझे बहुत प्यार करता हूं. हो सकता है इस हमले में मैं मारा जाऊं. परिस्थिति सही नहीं है. पता नहीं क्यों, मौत को सामने देखते हुए डर नहीं लग रहा है. बचना मुश्किल है यहां पर. छह-सात जवान हैं साथ में. चारों तरफ से घेर लिए हैं. फिर भी मैं यही कहूंगा…

उल्लेखनीय है कि दूरदर्शन की एक टीम नक्सल प्रभावित इलाकों में हुए विकास कार्यों की रिपोर्ट बनाने गई थी. इसमें अच्युतानंद, धीरज और असिस्टेंट कैमरामैन मोर मुकुट शर्मा थे. यहां के नीलावया इलाके में सुरक्षाबलों की टीम सर्च ऑपरेशन कर रही थी. नक्सलियों ने सिक्यॉरिटी फोर्सेज़ को निशाना बनाने के लिए घात लगाया. दूरदर्शन की टीम फंस गई. मोर मुकुट ने इस घटना के बारे में बताया- जिस जगह से हमें एक गांव में घुसना था, वहां हमें पांच बाइक्स दी गईं. तीन बाइक के पीछे हम तीन पत्रकार (मोर मुकुट, अच्युतानंद और धीरज) बैठ गए. बाइक चला रहे थे जवान. बाकी की दो बाइक्स पर फोर्स के जवान थे. कुल मिलाकर हम 10 लोग उस गांव में जा रहे थे. रास्ते में हम सड़क के आस-पास लगे पोस्टर्स की रिकॉर्डिंग लेने लगे. रास्ता बहुत खतरनाक था. सड़क की बाईं तरफ एक खेत था. उसमें फसल लगी थी. हमने बाइक रोककर वहां वीडियो शूट किया. फिर जैसे ही हम लोग बाइक पर वापस बैठे, खेत में छुपे नक्सलियों ने गोलीबारी शुरू कर दी. कैमरामैन अच्युतानंद साहू की बाइक सबसे आगे थी. नक्सलियों के हमले से उनकी बाइक गिर गई. फिर गोलीबारी और तेज हो गई. हम लोग किसी तरह सड़क के दाहिनी तरफ एक खड्ड में चले गए. अब नक्सलियों और हमारे बीच 25-30 फुट की एक सड़क थी.

मोर मुकुट ने आगे बताया: वीडियो बनाने से पहले मुझे बहुत प्यास लग रही थी. मैंने साथ के लोगों से पानी मांगा. उन्होंने कहा, अभी कुछ नहीं मिलेगा. मेरा गला बुरी तरह सूख रहा था. लग रहा था मौत बिल्कुल सामने है. कैमरामैन अच्युतानंद मारे जा चुके थे. मैंने सोचा, मेरे पास बहुत कम वक्त बचा है. जितना बचा है, उसे कैमरे में कैद कर लूं. यही सोचकर मैं मोबाइल पर वीडियो शूट करने लगा. मुझे मां याद आ रही थी. मैं ईश्वर को याद कर रहा था. मैं जहां लेटा था, वहां लाल चींटियों का झुंड था. वो मेरे शरीर पर रेंगने लगी. इसीलिए मुझे अचानक बीच में ही वीडियो बंद करना पड़ा. अगर चींटियों से बचने के लिए मैं हिलता-डुलता, तो नक्सली गोली चला देते. जिस पेड़ के नीचे हम लेटे थे, वो नक्सलियों की गोली से छलनी हो चुका था. मोर मुकुट ने बताया कि करीब 40 मिनट तक फायरिंग होती रही. पूरा जंगल गोलियों की आवाज से गूंज रहा था. जो फोर्स गांव की मुख्य सड़क तक साथ आई थी, वो मौके पर पहुंची. उन्होंने मोर्चा संभाला. इसके बाद नक्सली वहां से भाग गए.

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शुक्रवार को देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ की बैठक में सम्मानित होते पत्रकार।

नैनीताल, 20 जुलाई 2018। देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ की नवनिर्वाचित शाखा कार्यकारिणी ने शुक्रवार को जिला व मंडल मुख्यालय सरोवरनगरी में कार्यरत पत्रकारों-छायाकारों को सम्मानित किया। इस मौके पर नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी रोहिताश शर्मा व लेखाधिकारी राहुल सिंह के साथ ही संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष ओम प्रकाश चौटाला, प्रदेश सचिव दिनेश कटियार, प्रदेश सदस्य महेंद्र लाल, प्रदेश महासचिव गोविंद टांक आदि के हाथों नवीन जोशी, अफजल हुसैन फौजी, भूपेंद्र मोहन रौतेला, नवीन पालीवाल, सुमित जोशी, रितेश सागर, दामोदर लोहनी, कमल बिष्ट व दीपक कुमार आदि को माला पहनाकर तथा प्रतीक चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया।
नगर पालिका के सभागार में आयोजित हुए सम्मान समारोह में संघ की ओर से दिनेश कटियार ने मुख्यालय में सफाई कर्मचारियों के तमाम पद खाली होने तथा उन पर काम का भारी दबाव होने जैसी समस्याओं का उल्लेख करते हुए पत्रकारों से सफाई कर्मचारियों के हितों तथा नगर हित के माल रोड के शाम को अधिक घंटों के लिए बिना किसी लिखित आदेशों के बंद होने व नैनी झील की सफाई जैसे मुद्दों को अधिक प्रखरता से उठाने की अपील की। इस मौके पर संघ के शाखा अध्यक्ष महेश कुमार व उपाध्यक्ष धीरज कटियार, महासचिव सोनू सहदेव, उपसचिव कमल कुमार सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें : नैनीताल के पत्रकारों ने पेश की अनूठी मिसाल

नैनीताल। जिला व मंडल मुख्यालय के पत्रकारों ने सोमवार को अनूठी मिसाल पेश की। यह मिसाल थी अद्भुत एकता के साथ ही एक-दूसरे को यथोचित सम्मान देने की। यहां नगर पालिका सभागार की लंबी परवलयाकार मेज के एक सिरे पर वरिष्ठतम (उम्र व अनुभव के आधार पर) सदस्यों को आमंत्रित कर बैठाया गया तो दूसरे छोर तक स्वतः ही कनिष्ठतम सदस्य बैठते चले गए। यहां हर कोई बोला और करीब-करीब एक सुर में बोला। कनिष्ठों ने जहां शासन-प्रशासन से मिल रही उपेक्षा पर व्यथा सुनाई, वहीं वरिष्ठों ने नसीहत देते हुए कि पत्रकार भी अपनी सीमाओं को समझें, भरोसा दिया कि यदि समाज के इस बुद्धिजीवी वर्ग की कहीं उपेक्षा होती है तो फिर बर्दास्त नहीं किया जाएगा।
यह मिसाल अनूठी इसलिए भी थी कि जहां एक छोटे से परिवार में भी मतभिन्नता देखी जाती है, हर वर्ग के अनेक संगठन होते हैं। यहां भी कतिपय पत्रकार कुछ संगठनों द्वारा अपने साथ जोड़ लिए गए हैं। बावजूद नगर के पत्रकारों ने ‘संघे शक्तिः’ पर बल दिया, और एक स्वर में तय किया कि वे हमेशा एक इकाई के रूप में रहे हैं और आगे भी रहेंगे।बैठक में उपस्थित पत्रकार :

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नगर के समस्त पत्रकार सोमवार को मुख्यालय में लंबे समय के बाद एकजुट हुए, और आपस में एकता का परिचय देते हुए शासन-प्रशासन की ओर से हालिया समय में पत्रकारों के बाबत बरती जा रही उपेक्षा पर गहरी नाराजगी व्यक्त की गयी। नगर पालिका के सभागार में हुई बैठक में राज्य अतिथि गृह में पत्रकारों के लिए कक्ष आरक्षण हेतु सूचना निदेशालय के जरिये आवेदन करने की व्यवस्था एवं खासकर नैनीताल पुलिस के द्वारा हालिया दौर में नये पत्रकारों के साथ किये गए उपेक्षापूर्ण रवैये के प्रति नाराजगी व्यक्त की गयी। इस संबंध में शीघ्र ही पत्रकार एसएसपी से भी मिलेंगे। इसके अलावा पूर्व में प्रेस क्लब को नये ब्रिज-बाइपास में आवंटित कक्ष का प्रेस क्लब को हस्तांतरण किये जाने आदि पर नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी से मिलने सहित अन्य सभी बिंदुओं पर आगे बढ़ने व सगठन को मजबूत बनाये जाने पर बल दिया गया। पत्रकारों ने एक राय होकर तय किया कि किसी भी पत्रकार के ऊपर हो रहे उत्पीड़न को किसी भी कीमत में बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। बैठक की अध्यक्षता जगदीश जोशी ने की। बैठक में डा. गिरीश रंजन तिवारी, नवीन जोशी, कमल जगाती, किशोर जोशी, रविन्द्र देवलियाल, ललित जोशी, कांता पाल, हेमंत रावत, सुनील बोरा, अफजल फौजी, विनोद कुमार, राजू पांडेय, रवि पांडे, आँचल पंत, कंचन वर्मा, प्रशांत दीक्षित, भूपेंद्र मोहन रौतेला, विनीत उपाध्याय, नवीन पालीवाल, समीर साह, अजमल हुसैन, नीरज जोशी, सुरेश कांडपाल, नवीन तिवारी, कांता पाल, विनोद कुमार, रितेश सागर, दामोदर लोहनी, एसएम इमाम, मुनीर आलम, दीपक आर्या व सुमित जोशी सहित बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे। संचालन गौरव जोशी व वीरेंद्र बिष्ट ने सयुक्त रूप से किया।

यह भी पढ़ें : डीएसबी के पत्रकारिता विभाग ने फ्रेशर्स पार्टी के रूप में मनाया 12 वर्ष पूरे होने का उत्सव

संगीता बुधलाकोटी मिस फ्रेशर एवं मोहम्मद सुहेल मिस्टर फ्रेशर चुने गए

डीएसबी परिसर के पत्रकारिता विभाग में आयोजित कार्यक्रम में मंचासीन परिसर निदेशक, डीएसडब्लू व अन्य।

नैनीताल, 6 अक्टूबर। कुमाऊं विवि के मुख्यालय स्थित सर्वप्रमुख डीएसबी परिसर में शनिवार को पत्रकारिता एवं जनसंपर्क विभाग की स्थापना के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर ‘फ्रेशर्स पार्टी’ के रूप में उत्सव मनाया गया। इस मौके के लिए दूसरे वर्ष यानी तीसरे सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं ने अपने जेब खर्च से धनराशि एकत्र पर पत्रकारिता विभाग को सुंदर तरीके से सजाया एवं गीत, संगीत एवं नृत्य के साथ ही अपनी रचनात्मक प्रतिभा का सुंदर प्रस्तुतीकरण दिया। कार्यक्रमों में प्रस्तुति के आधार पर 2017 में मिसेज इंडिया की  द्वितीय रनर अप रही संगीता बुधलाकोटी मिस फ्रेशर एवं मोहम्मद सुहेल मिस्टर फ्रेशर चुने गए। उषा पांडे को सर्वश्रेष्ठ नृत्य के लिये पुरस्कृत किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ परिसर निदेशक प्रो. एलएम जोशी ने अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. पद्म सिंह बिष्ट, विभाग की संस्थापक प्रो. नीरजा टंडन एवं विभागाध्यक्ष डा. गिरीश रंजन तिवारी के साथ दीप प्रज्वलित करके किया, तथा छात्र-छात्राओं को भावी पत्रकार बताते हुए शुभकामनाएं दीं। उनसे पत्रकारिता के चौथे स्तंभ की भूमिका को और अधिक समृद्ध करने का आह्वान भी किया गया। इस मौके पर हिमानी, नीतू, गुंजन, प्रियंका, रश्मि, संगीता, आसमां, नेहा के साथ ही छात्र संघ उपसचिव सोनी कनवाल आदि छात्राओं तथा पंकज, संदीप, रोहित, गणेश, पूर्व छात्र संघ उपाध्यक्ष प्रकाश जोशी व चंदन कुमार आदि ने विभिन्न कार्यक्रमों, उनके संचालन एवं अन्य व्यवस्थाओं में योगदान दिया।

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मेरा जन्म 26 नवंबर 1972 को हुआ था। मैं नैनीताल, भारत में मूलतः एक पत्रकार हूँ। वर्तमान में मार्च 2010 से राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक समाचार पत्र-राष्ट्रीय सहारा में ब्यूरो चीफ के रूप में कार्य कर रहा हूँ। इससे पहले मैं पांच साल के लिए दैनिक जागरण के लिए काम कर चुका हूँ। कुमाऊँ विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग से ‘नए मीडिया’ विषय पर शोधरत हूँ। फोटोग्राफ़ी मेरा शौक है। मैं NIKON COOLPIX P530 और अडोब फोटोशॉप 7.0 के साथ फोटोग्राफी कर रहा हूँ। फोटोग्राफी मेरे लिए दुनियां की खूबसूरती को अपनी ओर से चिरस्थाई बनाने का बहुत छोटा सा प्रयास है। एक फोटो पत्रकार के रूप में मेरी तस्वीरों को नैनीताल राजभवन सहित विभिन्न प्रदर्शनियों में प्रस्तुत किया गया, तथा उत्तराखंड की राज्यपाल श्रीमती मार्गरेट अलवा द्वारा सम्मानित किया गया है। कुछ चित्रों को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हो चुके हैं। गूगल अर्थ पर चित्र उपलब्ध कराने वाली पैनोरामियो साइट पर मेरी प्रोफाइल को 18.85 Lacs से भी अधिक हिट्स प्राप्त हैं।पत्रकारिता और फोटोग्राफी के अलावा मुझे कवितायेँ लिखना पसंद है। काव्य क्षेत्र में मैंने नवीन जोशी “नवेन्दु” के रूप में अपनी पहचान बनाई है। मैंने बहुत सी कुमाउनी कवितायेँ लिखी हैं, कुमाउनी भाषा में मेरा काव्य संकलन उघड़ी आंखोंक स्वींड़ प्रकाशित हो चुका है, जो कि पुस्तक के के साथ ही डिजिटल (PDF) फार्मेट पर भी उपलब्ध होने वाली कुमाउनी की पहली पुस्तक है। मेरी यह पुस्तक गूगल एप्स पर भी उपलब्ध है। ’ यहां है एक पत्रकार, लेखक, कवि एवं छाया चित्रकार के रूप में मेरी रचनात्मकता, लेख, आलेख, छायाचित्र, कविताएं, हिंदी-कुमाउनी के ब्लॉग आदि कार्यों का पूरा समग्र। मेरी कोशिश है कि यहां नैनीताल, कुमाऊं, उत्तराखंड और वृहद संदर्भ में देश की विरासत, संस्कृति, इतिहास और वर्तमान को समग्र रूप में संग्रहीत करने की….। मेरे दिल में बसता है, मेरा नैनीताल, मेरा कुमाऊं और मेरा उत्तराखंड

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