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आखिर नगर पालिका ने अपने हाथ में लिया लेक ब्रिज चुंगी का संचालन

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Boom barrier installed in Nainital lakebridge operation difficulty - नैनीताल  लेकब्रिज में बूम बैरियर स्थापित, संचालन में दिक्कत

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 3 मई 2022। नैनीताल नगर पालिका ने मंगलवार को उच्च न्यायालय के आदेश के बाद लेक ब्रिज चुंगी में कब्जा अपने हाथ में ले लिया है। इसके लिए पालिका को संचालन की अवधि की कटौती कर ठेकेदार को 68 लाख 22 हजार 44 रुपये का भुगतान करना पड़ा। इसके साथ ठेकेदार से किए गए अनुबंध को निरस्त कर दिया गया। इसके बाद पालिका ने अपने कर्मियों से लेक ब्रिज चुंगी वसूलना प्रारंभ कर दिया है।

उल्लेखनीय है कि पूर्व में नगर पालिका की बोर्ड बैठक में लेक ब्रिज सहित सभी पार्किंग स्थलों को बिना निविदा आमंत्रित किए गत वर्ष के सापेक्ष 20 प्रतिशत बढ़ाकर एक वर्ष के लिए पुराने ठेकेदारों को देने का प्रस्ताव पास किया था। पालिका बोर्ड के इस आदेश को उच्च न्यायालय में चुनौती मिली तो उच्च न्यायालय ने पालिका को ठेका निरस्त कर चुंगी सहित सभी पार्किंग स्थलों को कब्जे में लेने के निर्देश दिए।

इस आदेश के अनुपालन में पालिका ने पूर्व में दो बार चुंगी को ठेकेदार से अपने हाथ में लेने का प्रयास किया, किंतु ठेकेदार उनके द्वारा जमा कराई गई धनराशि वापस लेने तक चुंगी का ठेका पालिका को हस्तांतरित करने से इंकार कर दिया था। नगर पालिका के ईओ अशोक कुमार वर्मा ने बताया कि ठेकेदार को शेष भुगतान कर चुंगी का स्वयं संचालन शुरू कर दिया है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

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डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 30 अप्रैल 2022। नगर की समस्याएं दूर करने की जिम्मेदारी रखने वाली नैनीताल नगर पालिका के लिए खुद की समस्याओं की कोई कमी नहीं। नगर पालिका उत्तराखंड उच्च न्यायालय के आदेशों के बावजूद दूसरे दिन भी लेक ब्रिज चुंगी का प्रबंधन ठेकेदारों से अपने हाथ में नहीं ले पाई।

पालिका के कर्मियों को अपने ही स्वामित्व वाली लेक ब्रिज चुंगी में नोटिस चिपकाकर लौटना पड़ा। इसके साथ नगर पालिका पर उत्तराखंड उच्च न्यायालय के आदेश का पालन न करने पर न्यायालय की अवमानना करने पर होने वाली कार्रवाई की तलवार भी लटक गई है।

विदित हो कि नैनीताल नगर पालिका ने बोर्ड बैठक में निर्णय लेकर कोरोना काल का हवाला देते हुए लेक ब्रिज चुंगी का ठेका बिना निविदा के पिछले ठेकेदार उमेश शर्मा को ही 20 फीसद की वृद्धि के साथ दे दिया था। इस ऐवज में ठेकेदार से इस वर्ष के ठेके के लिए धनराशि भी ले ली थी। लेकिन उच्च न्यायालय ने नगर पालिका के इस कृत्य को नियमविरुद्ध बताकर ठेका निरस्त करने के आदेश दिए।

इस आदेश पर नगर पालिका की टीम लेक ब्रिज चुंगी को अपने प्रबंधन में लेने के लिए शुक्रवार व शनिवार को गई, किंतु ठेकेदार के लोगों ने चुंगी को पालिका को हस्तगत करने से साफ इंकार कर दिया। कहा कि पहले पालिका उनके द्वारा जमा कराए गए करीब 81 लाख रुपए लौटाए, तभी वह चुंगी लौटाएंगे। इसके साथ नगर पालिका पर उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद चुंगी को ठेकेदार से वापस न लौटने पर उच्च न्यायालय में अवमानना याचिका की जद में आने का खतरा भी उत्पन्न हो गया है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

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डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 18 अप्रैल 2022। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने नैनीताल नगर पालिका बोर्ड के विभिन्न कार पार्किंग और लेक ब्रिज चुंगी का ठेका बिना निविदा निकाले पुराने ठेकेदारों को 20 प्रतिशत धनराशि बढ़ाकर देने के निर्णय पर रोक लगा दी है। साथ ही टिप्पणी की है कि पालिका बोर्ड को यह अधिकार नहीं है। इस आदेश के बाद अब नगर पालिका को डीएसए मैदान स्थित कार पार्किंग को छोड़कर अन्य पार्किंग एवं चुंगी के लिए निविदा नए सिरे से निकालनी होगी, क्योंकि डीएसए पार्किंग का मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है।

मालूम हो कि इस मामले में अमरोहा यूपी निवासी अजय कुमार द्वारा दायर की गई याचिका में कहा गया है कि नगर पालिका बोर्ड द्वारा 25 मार्च 2022 को बोर्ड बैठक में निर्णय लेकर बिना निविदा के ठेके दे देने से सरकार को राजस्व का बड़ा नुकसान हुआ है क्योंकि कई लोग 30 से 40 प्रतिशत तक बढ़ाकर निविदा में प्रतिभाग करने की पेशकश कर रहे हैं। इसका लाभ सरकार को मिलता। यह भी कहा गया कि यह उन लोगों के अधिकारों का भी हनन है, जो इसमें प्रतिभाग करना चाहते हैं।

याचिका में न्यायालय से मांग की गई है कि ठेका तत्काल पुराने ठेकेदार से वापस लिया जाए और 1 अप्रैल से 1 लाख रुपए प्रतिदिन के हिसाब से वसूला जाये। याचिका में नगर पालिका, बीड़ी पांडे पार्किंग ठेकेदार नरदेव शर्मा, डीएसए मैदान पार्किंग संचालक सचिन कुमार, लेक ब्रिज ठेकेदार उमेश मिश्रा को पक्षकार बनाया गया है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : नगर पालिका हाईकोर्ट को बता नहीं पाई कि क्यों बिना निविदा के दिए चुंगी व पार्किंग के ठेके, जानें फिर क्या हुआ…

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 12 अप्रैल 2022। उत्तरखण्ड उच्च न्यायालय में मंगलवार को नगर पालिका नैनीताल को बताना था कि उनके नगर की पार्किंगों व लेक ब्रिज चुंगी के ठेके बिना निविदा प्रक्रिया के किस नियम के तहत दे दिए। लेकिन नगर पालिका उच्च न्यायालय में आज उच्च न्यायालय के निर्देशों के बावजूद यह जवाब नहीं दे पाई। अलबत्ता, आज उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति शरदकुमार शर्मा की एकलपीठ ने संबधित याचिका पर सुनवाई के बाद नगर पालिका को 18 अप्रैल को न्यायालय में नियमावली पेश करने को कहा है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : हाईकोर्ट ने नगर पालिका से पूछा, किस नियम से दे दिया बिना निविदा के ठेका, मंगलवार तक बताएं

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 11 अप्रैल 2022। उत्तराखंड उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा की एकलपीठ ने नैनीताल में लेक ब्रिज चुंगी व विभिन्न पार्किंग का ठेका बिना निविदा निकाले पुराने ठेकेदारों को 20 प्रतिशत बढ़ाकर दिए जाने के मामले में नगर पालिका से पूछा है कि किन नियमों के तहत इस तरह ठेका दिया गया। जवाब देने के लिए नगर पालिका को सिर्फ मंगलवार तक का समय दिया गया है, जब मामले की अगली सुनवाई होगी। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : लेक ब्रिज चुंगी व कार पार्किंग पर तीन ओर से घिरी नैनीताल नगर पालिका…

-उच्च न्यायालय में याचिका दायर, विधायक के पत्र पर मंत्री ने निदेशक और निदेशक के आदेश पर डीएम ने एसडीएम से तीन दिन में जांच आख्या तलब की
डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 9 अप्रैल 2022।
नैनीताल नगरपालिका बोर्ड द्वारा लेक ब्रिज चुंगी व डीएसए कार पार्किंग के ठेके 25 मार्च 2022 को बिना निविदा के 20 प्रतिशत बढा़कर पुराने ठेकेदार को ही दे देने पर पालिका बोर्ड हर ओर से घिरती जा रही है। स्थानीय विधायक के पत्र पर प्रदेश के शहरी विकास मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने इस पर शहरी विकास विभाग के निदेशक से जवाब तलब कर दिया है।

इस पर शहरी विकास निदेशक ललित मोहन रयाल ने डीएम नैनीताल धीराज गर्ब्याल से इस मामले की सक्षम अधिकारी से जांच कराकर सहित तीन दिन के भीतर आख्या देने को कहा है, इस पर डीएम गर्ब्याल ने एसडीएम प्रतीक जैन से इस मामले में तीन दिन के भीतर रिपोर्ट देने को कहा है। तीसरी ओर इस मामले में उच्च न्यायालय में भी याचिका दायर कर ली गई है।

उत्तराखंड उच्च न्यायालय में इस मामले में दायर की गई याचिका में कहा गया है कि बिना निविदा के ठेके दे देने से सरकार को राजस्व का बड़ा हुआ है क्योंकि कई लोग 30 से 40 प्रतिशत तक बढ़ाकर निविदा में प्रतिभाग करने की पेशकश कर रहे हैं। याचिका में न्यायालय से मांग की गई है कि ठेका तत्काल पुराने ठेकेदार से वापस लिया जाए और 1 अप्रैल से 1 लाख रुपए प्रतिदिन के हिसाब से वसूला जाये। याचिका में नगर पालिका, बीड़ी पांडे पार्किंग ठेकेदार नरदेव शर्मा, डीएसए मैदान पार्किंग संचालक सचिन कुमार, लेक ब्रिज ठेकेदार उमेश मिश्रा को पक्षकार बनाया गया है।

उल्लेखनीय है कि विधायक सरिता आर्य ने गत पांच अप्रैल को शहरी विकास मंत्री को भेजे गए पत्र में कहा कि नैनीताल नगरपालिका लेकब्रिज टैक्स तथा फ्लैट पार्किंग का ठेका बिना निविदा आमंत्रित किए नियम विरुद्ध तरीके से पहले के ठेकेदार को फायदा पहुंचाने की मंशा करते हुए ठेका अवधि को बढ़ा देने से न सिर्फ सरकार को राजस्व की हानि हुई है बल्कि सरकार की पारदर्शिता की नीति पर जनता की ओर से प्रश्नचिह्न लगाए जा रहे हैं। इससे सरकार की छवि धूमिल हो रही है, और आम जनता में पालिका अधिकारियों के इस निर्णय पर आक्रोश व्याप्त है। लिहाजा उन्होंने इस मामले में सख्त कार्रवाई करने और फिर से नई निविदा आमंत्रित करने का आदेश जारी करने का आग्रह किया है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : नैनीताल : बिना निविदा पार्किंग व चुंगी के ठेके का मामला आया जांच के दायरे में

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 1 अप्रैल 2022। नगर पालिका द्वारा कथित तौर पर लेक ब्रिज चुंगी व डीएसए पार्किंग का ठेका बिना निविदा के पिछले ठेकेदार को ही दे दिए जाने पर स्थानीय विधायक सरिता आर्य ने संज्ञान लिया है और इस मामले में ‘नवीन समाचार’ में समाचार प्रकाशित होने के बाद कुमाऊं मंडलायुक्त दीपक रावत को अपेक्षित कार्रवाई करने को कहा है। साथ ही प्रदेश के शहरी विकास मंत्री प्रेम चंद्र अग्रवाल को भी मामले से अवगत कराया है।

वहीं पूछे जाने पर श्रीमती आर्य ने कहा कि पार्किंग व चुंगी का टेंडर होना चाहिए था, जिससे पारदर्शिता रहती। किसी एक को लाभ पहुंचाना ठीक नहीं है। उन्होंने इस मामले में प्रदेश के शहरी विकास मंत्री एवं मंडलायुक्त से बात की है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : पालिका ने बिना निविदा 20 फीसद की वृद्धि पर दिया ठेका, आई 30 फीसद अधिक देने की पेशकश

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 31 मार्च 2022। नगर पालिका नैनीताल ने नगर की लेक ब्रिज चुंगी एवं डीएसए मैदान स्थित कार पार्किंग का ठेका बिना निविदा प्रक्रिया के पूर्व ठेकेदारों को ही पूर्व निविदा राशि में 20 फीसद की बढ़ोत्तरी के साथ दे दिया है।

इस पर आपत्ति जताते हुए जनपद के ग्राम टांडा मल्लू पोस्ट चिल्किया रामनगर निवासी इंदर सिंह रावत पुत्र हीरा सिंह रावत ने नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को पत्र लिखा है, और कहा है कि वह निविदा राशि में 30 फीसद की वृद्धि के साथ लेने को तैयार है, इसलिए ठेका उसे दे दिया जाए। पूछे जाने पर अधिशासी अधिकारी अशोक कुमार वर्मा ने पालिका अध्यक्ष से बात करने को कहा। जबकि पालिकाध्यक्ष सचिन नेगी ने मामला संज्ञान में न होने की बात कही। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : नगर पालिका पर वादाखिलाफी का आरोप लगाकर शुरू किया धरना…

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 23 मार्च 2022। देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ ने नगर पालिका नैनीताल के अधिशासी अधिकारी के माध्यम से पालिका अध्यक्ष को पत्र भेजकर वादाखिलाफी करने का आरोप लगाते हुए बुधवार से तीन दिवसीय कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है।

अध्यक्ष धर्मेश प्रसाद व महासचिव सोनू सहदेव द्वारा भेजे गए पत्र में कहा है कि 14 मार्च को दिए गए पत्र में वर्णित उनकी मांगें नहीं मानी गई है। इस कारण उन्होंने विवश होकर उन्होंने बुधवार से तीन दिवसीय सांकेतिक धरना देते हुए धरना शुरू कर दिया है।। उन्होंने कार्यबहिष्कार के समय हुए समझौते के अनुसार एक माह की पेंशन, 3 फीसद पेंशन एरियर, आउट सोर्सिंग कर्मचारियों का वेतन न देने का आरोप भी लगाया है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : नगर पालिका के वाहन चालकों व सहायकों ने कोरोना प्रोत्साहन राशि न मिलने पर जताई नाराजगी

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 2 मार्च 2022। नगर पालिका नैनीताल के वाहन चालक एवं हेल्परों ने कोरोना काल में कार्य करने पर प्रोत्साहन राशि न दिए जाने पर नाराजगी व्यक्त की है। उन्हें नगर पालिका के अधिकारियों की ओर से बताया गया है कि केवल पर्यावरण मित्रों के लिए ही प्रोत्साहन राशि देय है। उनका कहना है कि नगर पालिका के सुपरवाइजर, पार्किंग कर्मियों, नगर पालिका के पुस्तकालय के कमचारियों को प्रोत्साहन राशि दी गई है।

उन्होंने कोरोना काल व पूरे लॉकडाउन में हल्द्वानी जाकर कूड़े का निस्तारण किया और शहर में सेनिटाइजेशन का कार्य भी किया। इसके बावजूद उन्हें यह राशि नहीं दी गई है, और नगर पालिका द्वारा साफ इंकार कर दिया गया है, इससे वह पूरी तरह से उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। यह भी बताया कि वाहन चालकों को प्रतिमाह मात्र 9500 एवं हेल्परों को 7500 रुपए प्रति माह मानदेय ही मिलता है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : नगर पालिका कर्मियों का कार्य बहिष्कार स्थगित

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 25 फरवरी 2022। वेतन को लेकर पालिका कर्मचारियों की गत 22 फरवरी से चल रही हड़ताल स्थगित हो गई है। शुक्रवार को नगर पालिकाध्यक्ष सचिन नेगी व अधिशासी अधिकारी अशोक कुमार वर्मा के साथ हुई वार्ता के बाद लिखित आश्वासन मिलने पर आंदोलित पालिका कर्मियों ने आंदोलन स्थगित करने की घोषणा की। इससे बाद नगर में पटरी से उतरी सफाई एवं अन्य व्यवस्थाएं शनिवार से सुचारू होने की उम्मीद बन गई है।

समझौता पत्र के अनुसार पालिका के स्थायी कर्मचारियों को 7वें वेतन एवं तीन प्रतिशत महंगाई भत्ते के एरियर एवं पर्यावरण मित्रों को शासन से प्रदत्त कोविड प्रोत्साहन राशि का का पूर्ण भुगतान किया जाएगा। इसके अलावा स्थायी, आउटसोर्स कर्मचारियों को 10 मार्च तक तीन माह का वेतन शासन से मिलने पर करने एवं स्थायी कर्मचारियों के वेतन भुगतान के समय ही संविदा व आउटसोर्स कार्मिकों को भी वेतन का भुगतान करने एवं किसी भी कर्मी का कार्य बहिष्कार करने के लिए शोषण नहीं किया जाएगा। इस दौरान कर्मचारियों ने प्रदर्शन भी किया।

नगर पालिकाध्यक्ष सचिन नेगी व अधिशासी अधिकारी अशोक कुमार वर्मा से मिलने वालों में महासचिव सोनू सहदेव, रवि कुमार, कमल कुमार, रितेश कपिल, हिमांशु चंद्रा, मोहन चिलवाल, हेम दत्त बहुगुणा, ईश्वरी दत्त बहुगुणा व गोपाल राम सहित अन्य पालिका कर्मी मौजूद रहे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : कल से नैनीताल नगर पालिका में सभी कार्य होंगे ठप !

-मंगलवार से नगर निकाय कर्मचारी महासंघ भी करेगा कार्य बहिष्कार
डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 21 फरवरी 2022। नगर पालिका नैनीताल के पर्यावरण मित्रों की देवभूमि सफाई मजदूर संघ के बैनर तले चल रहे कार्य बहिष्कार के बाद अब नगर निकाय कर्मचारी महासंघ ने भी मंगलवार से कार्य बहिष्कार करने का निर्णय ले लिया है। इस प्रकार नगर पालिका के अंतर्गत सफाई व्यवस्था के पहले से ठप होने के बाद अब अन्य कार्य भी ठप होने की संभावना उत्पन्न हो गई है। गौरतलब है कि नगर पालिका का स्वास्थ्य विभाग वैकल्पिक कर्मियों से नगर में सफाई की व्यवस्था बना रहा है।

सोमवार को महासंघ के पदाधिकारियों ने नगर पालिका के सभागार में बैठक की। बैठक के उपरांत पालिका अध्यक्ष को पत्र भेजकर कहा कि दिसंबर एवं जनवरी माह का वेतन नहीं मिला है। इस हेतु पूर्व में 31 जनवरीको भेजे पत्र में महासंघ ने पालिका के समस्त कर्मचारियों तथा संविदा एवं आउटसोर्स कर्मियों को दिसंबर-21 व जनवरी-22 का वेतन 5 फरवरी तक न देने पर आंदोलन करने की बात कही थी, किंतु आज तक वेतन नहीं मिला है।

इसलिए समस्त कर्मचारियों ने मंगलवार से ‘वेतन नहीं तो काम नहीं’ का नारा देते हुए 22 फरवरी से कार्य बहिष्कार करने का निर्णय ले लिया है। बैठक में महासंघ के अध्यक्ष मोहन चिलवाल, उपाध्यक्ष हिमांशु चंद्रा, सचिव रितेश कपिल, उपसचिव हंसा दत्त बहुगुणा, ईश्वरी बहुगुणा, गोविंद रावत, प्रेम बहुगुणा, नरेंद्र रावत, अमन महाजन व हेम पंत आदि कर्मचारी मौजूद रहे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : अध्यक्ष ने किया नगर पालिका को कर्ज मुक्त करने की अपनी घोषणा को पूरा करने का दावा, 294 कर्मियों के ‘कर्ज’ से हुई मुक्त !

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 9 दिसंबर 2021। नैनीताल नगर पालिका के अध्यक्ष सचिन नेगी ने नगर पालिका को कर्जमुक्त करने की अपनी घोषणा पूर्ण करने का दावा किया है। श्री नेगी ने बताया कि नैनीताल नगर पालिका के 1980 में सेवानिवृत्त हुए कुछ एवं 1992 से वर्तमान तक सेवानिवृत्त हुए अधिकांश सहित कुल 294 कर्मियों की ग्रेच्युटी का करीब साढ़े नौ करोड़ रुपया नहीं दिया गया था। इसमें से पांच करोड़ रुपए पूर्व में उनके द्वारा अनशन किए जाने के दौरान शासन से प्राप्त होने पर सेवानिवृत्त कर्मियों को दे दिए गए थे। इधर पुनः शासन से प्राप्त 11 करोड़ में से आज ग्रेच्युटी के शेष साढ़े चार करोड़ रुपए भी देकर पालिका सेवानिवृत्त कर्मियों के कर्ज से मुक्त हो गई है।

आमरण अनशन के चौथे दिन पालिकाध्यक्ष सचिन नेगी का स्वास्थ्य परीक्षण करते चिकित्सक (File Photo)।

आगे उन्होंने बताया कि सेवानिवृत्त कर्मियों के पेंशन के एरियर की गणना की जा रही है, और अगले एक-दो दिन में पेंशन के एरियर का भुगतान भी कर दिया जाएगा। इस हेतु उन्होंने पालिका परिवार की ओर से सभी सभासदों, कर्मचारियों, शहरी विकास विभाग के सचिव एवं निदेशक तथा उत्तराखंड शासन का हार्दिक आभार प्रकट किया है, और आशा की है कि भविष्य में भी उत्तराखंड शासन कर्मचारी हितों के लिए ऐसे ही मददगार बना रहेगा। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : नगर पालिका सभासद गजाला कमाल ने दी आत्मदाह की धमकी

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 30 नवंबर 2021। नगर पालिका की सूखाताल वार्ड से सभासद गजाला कमाल ने नगर पालिका प्रशासन पर उनके वार्ड में विकास कार्य न कराने को लेकर पक्षपात का आरोप लगाया और आत्मदाह की धमकी दी है।

मंगलवार को प्रेस को जारी बयान में उन्होंने कहा है कि नगर पालिका अध्यक्ष द्वारा स्वीकृति के बावजूद उनके वार्ड में निर्माण कार्यों के लिए टेंडर होना तो दूर, फाइल भी नहीं बनी है। पूर्व में उनके द्वारा धरना दिए जाने पर 10 दिन के भीतर कार्य कराने का आश्वासन दिया गया था, परंतु अब भी कार्य शुरू नहीं हुए। बल्कि नए बहाने देकर टालमटोल की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि इस सप्ताह उनके वार्ड में कार्य न किए गए तो वह आत्मदाह कर लेंगी और इसके लिए नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी व निर्माण विभाग जिम्मेदार होगा। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : नगर पालिका पर कार्य न करने के आरोप लगा भाजपा सभासद बैठी बेमियादी धरने पर

-निर्माण विभाग पर लगाया पक्षपात का आरोप
डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 7 अक्टूबर 2021। नैनीताल नगर पालिका की वर्तमान बोर्ड के सदस्यों का धरने-विरोध में बैठने का सिलसिला लंबा है। अब सत्तारूढ़ भाजपा से जुड़ी सभासद गजाला कमाल बृहस्पतिवार को पालिका के निर्माण विभाग के आगे धरने पर बैठ गईं, जबकि भाजपा से जुड़े एक अन्य सभासद सागर आर्य ने भी शुक्रवार से धरने पर बैठने की बात कही है।

सभासद गजाला कमाल ने कहा कि उनके सूखाताल वार्ड के लिए नगर पालिका अध्यक्ष सचिन नेगी ने वर्ष 2019 में कुछ कार्य स्वीकृत किए थे। इन कार्यों के लिए वह स्वयं भी उनके साथ पालिका के निर्माण विभाग में आ चुके हैं। इसके बावजूद निर्माण विभाग के लोग कई बार लिखित में कहने के बावजूद सौतेला व्यवहार करते हुए उनके वार्ड में कोई कार्य नहीं कर रहे हैं।

लंबित कार्यों में आंतरिक मार्ग तथा नाले की रेलिंग जैसे 2 से 4-5 लाख तक के करीब 4-5 छोटे-छोटे कार्य शामिल हैं। उन्होंने कहा कि जब तक निर्माण कार्य की व्यवस्था नहीं की जाएगी, उनका धरना चलता रहेगा। सभासद कैलाश रौतेला, मनोज साह जगाती व दया सुयाल ने भी उन्हें धरने में समर्थन दिया, जबकि सभासद सागर आर्य ने शुक्रवार से धरने पर बैठने की बात कही है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : नगर पालिका कर्मियों के घर वेतन नहीं, बोनस-डीए एरियर से मनेगी दिवाली

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 1 नवंबर 2021। नैनीताल नगर पालिका के कर्मचारियों को दीपावली पर गत अक्टूबर माह का वेतन नहीं मिल पा रहा है, अलबत्ता उन्हें बोनस और एक माह के डीए का एरियर मिलेगा। वहीं सेवानिवृत्त कर्मियों को 2 माह के डीए का एरियर दिया जाएगा।

नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी ने बताया कि नगर पालिका की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। नगर पालिका नैनीताल को राज्य वित्त से हर माह 1.21 करोड़ व वर्ष में 12 से 12.50 करोड़ एवं बोर्ड फंड से 5.5 से 6 करोड़ प्राप्त होते हैं, यानी पालिका की कुल 18 करोड़ की वार्षिक आय है। वहीं वेतन पर प्रति वर्ष करीब 18 करोड़ रुपए खर्च होते हैं। इसमें पथ प्रकाश-सफाई आदि पर भी बड़ी धनराशि खर्च होती है, इसलिए वेतन के लिए धनराशि पूरी नहीं हो पाती है।

फिर भी पालिका अपने कर्मियों को सितंबर माह तक के वेतन का भुगतान कर चुके हैं। वर्तमान में उपलब्ध धनराशि से अभी दीपावली पर वेतन देना संभव नहीं है। अलबत्ता उपलब्ध धनराशि से पालिका कर्मियों को बोनस और एक माह के डीए का एरियर तथा सेवानिवृत्त कर्मियों को 2 माह के डीए का एरियर दिया जाएगा। इसके बाद नगर पालिका के कार्यबहिष्कार पर गए कर्मचारियों ने मंगलवार से कार्य पर लौटने का आह्वान किया है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : सभासदों के इस्तीफे पर डीएम ने लिया स्वतः संज्ञान

-सभासदों ने दो सप्ताह के लिए इस्तीफे विलंबित किए
डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 25 सितंबर 2021। नैनीताल नगर पालिका के सभासदों के इस्तीफा देने के बाद स्वतः संज्ञान लेते हुए डीएम धीराज गर्ब्याल ने शनिवार को एसडीएम प्रतीक जैन को इस्तीफा देने वाले सभासदों की समस्याएं जानने व उनका समाधान करने के लिए भेजा। इस पर एसडीएम श्री जैन ने नगर पालिका के अध्यक्ष सचिन नेगी एवं अधिशासी अधिकारी अशोक कुमार सिंह की मौजूदगी में सभासदों से वार्ता की।

वार्ता के बाद श्री जैन ने बताया कि अधिकांश सभासदों की आपत्ति नगर पालिका में कर निरीक्षक, कर अधीक्षक व लेखाकार जैसे महत्वपूर्ण पद रिक्त होने तथा जल संस्थान व विद्युत आदि विभागों से संबंधित समस्याओं का समाधान न होने को लेकर थी।

इस पर श्री जैन ने रिक्त पदों पर तैनाती के लिए डीएम की ओर से शासन में पहल किए एवं नई तैनातियां होने तक दूसरे विभागों से वैकल्पिक व्यवस्था किए जाने का आश्वासन दिया। साथ ही अन्य विभागों से संबंधित शिकायतों या लंबित कार्यो का ब्यौरा देने को कहा, ताकि उनका निदान किया जा सके।

इस पर सभासदों ने दो सप्ताह में व्यवस्थाओं में सुधार की उम्मीद जताते हुए अपने इस्तीफे विलंबित कर दिए। गौरतलब है कि सभासदों को अपने इस्तीफे नगर पालिका अधिनियम 1916 की धारा 39 के अनुसार डीएम को देने होते हैं, जबकि नैनीताल नगर पालिका के सभासदों ने इस्तीफे मंडलायुक्त को दिए हैं, इसलिए सीधे तौर पर इस्तीफों की कोई संवैधानिक मान्यता नहीं है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : सभासदों ने मुख्यमंत्री को सुनाईं नैनीताल की समस्याएं

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 9 अगस्त 2021। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सोमवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित कैम्प कार्यालय में कुमांऊ सभासद संगठन के सदस्यों ने अध्यक्ष अनिल जोशी के नेतृत्व में भेंट की। उन्होंने सभी नगर निकायों में सभासद निधि के निर्धारण, सभासदों को मानदेय एवं दूरभाष आदि की सुविधा उपलब्ध कराये जाने का अनुरोध किया। उन्होंने इस संबंध में एक ज्ञापन भी मुख्यमंत्री को सौंपा।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी की समस्याओं से अवगत होते हुए आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन दिया। शिष्टमंडल में नैनीताल नगर पालिका परिषद के 9 सभासद भी शामिल रहे। उन्होंने नैनीताल की खासकर नगर में फैल रहे स्मैक नामक जहर से बचाने की गुहार लगाई और अन्य समस्याएं गिनाईं।

बताया गया है कि इस दौरान सभासद कैलास रौतेला ने कृष्णापुर में कूड़ा खड मार्ग की मांग उठाई। निर्मला चंद्रा जी ने अम्तुल पब्लिक स्कूल और अन्य स्कूलों से निकाले गए कर्मियों के रुके हुए पैसे आदि की समस्या से मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया। रेखा आर्य ने हरीनगर में परिवारों के विस्थापन के कारण हो रही रही समस्याओं को मुख्यमन्त्री के सामने रखा।

सागर आर्या ने नैनीताल के बंद पड़े नालों को खुलवाने व क्षतिग्रस्त नालों को जल्द ठीक करने का निवेदन किया, वहीं भगवत रावत ने नारायण नगर वार्ड में मोबाइल टावर की मांग उठाई। सभासद मनोज साह जगाती ने नैनीताल शहर की विभिन्न समस्याओं के साथ शहर में बढ़ रहे स्मैक के जहर के कारोबार पर रोक लगाने, सूखाताल झील निर्माण की गुणवत्ता की उचित जांच की मांग की क्षतिग्रस्त माल रोड की स्थित से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। शिष्टमंडल में राजू टांक, सुरेश चंद्र व गजाला कमाल आदि सभासद भी शामिल रहे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : नगर पालिका में केंद्रीयत सेवा के पद रिक्त होने पर मंत्री-सचिव को लिखा पत्र

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 9 अगस्त 2021। देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ ने प्रदेश के शहरी विकास मंत्री बंशीधर भगत एवं विभागीय सचिव को पत्र लिखकर नगर पालिका नैनीताल में रिक्त पड़े केंद्रीयत सेवा के पदों को भरने की मांग की है।

अध्यक्ष धर्मेश प्रसाद व महासचिव सोनू सहदेव द्वारा लिखे गए पत्र में कहा गया है कि गत दिनों राज्य के निकार्यों में बड़े स्तर पर हुए स्थानांतरणों के बावजूद देश की प्राचीनतम, ब्रिटिश दौर की नगर पालिका नैनीताल में लेखाकार, कर एवं राजस्व निरीक्षक, कर निरीक्षक व सहायक लेखाकार आदि महत्वपूर्ण पद रिक्त चल रहे हैं। इस कारण नगर पालिका में कर्मचारियों एवं शहरवासियों के कार्यों में व्यवधान हो रहा है, और सभी को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए इन पदों को यथाशीघ्र भरा जाए। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : नैनीताल में अब ‘शान की सवारी’ की जगह होगी ई-रिक्शों की सवारी

-संयुक्त मजिस्ट्रेट व नगर पालिकाध्यक्ष ने हरी झंडी दिखाकर ई रिक्शों का शुभारंभ
डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 08 जुलाई 2021। सरोवरनगरी में ‘शान की सवारी’ माने जाने वाले पैडल रिक्शों की जगह अब ई रिक्शे चला करेंगे। बृहस्पतिवार को संयुक्त मजिस्ट्रेट प्रतीक जैन व नगर पालिकाध्यक्ष सचिन नेगी ने पालिका के अधिशासी अधिकारी अशोक कुमार वर्मा व कई सभासदों की मौजूदगी में हरी झंडी दिखाकर ई-रिक्शों के संचालन का शुभारंभ किया। बताया गया कि अभी पांच ई-रिक्शों का संचालन प्रारंभ किया गया है, आगे धीरे-धीरे इनकी संख्या बढ़ाई जाएगी। ई-रिक्शों का तल्लीताल से मल्लीताल का किराया 10 रुपए रखा गया है।

उल्लेखनीय है नगर में रिक्शों को जाम का कारण बताते हुए इनकी जगह ई-रिक्शे चलाने की कवायद वर्ष 2015 में तत्कालीन अधिशासी अधिकारी रोहिताश शर्मा के समय में शुरू हुई थी। तब नगर के 112 पैडल रिक्शा लाइसेंसधारकों को 56 ई-रिक्शा संचालन की अनुमति देने की बात हुई थी, लेकिन अब जाकर यह पहल धरातल पर उतर आई है। इस मौके पर पालिकाध्यक्ष सचिन नेगी ने बताया कि नगर वासियों व पर्यटकों को जाम से निजात दिलाए जाने के मकसद से ई-रिक्शो का संचालन शुरू किया गया है। अभी पांच रिक्शो का संचालन किया जाएगा, आगे भविष्य में इनकी संख्या और बढ़ाई जाएगी। इनका एक ओर का किराया 10 रुपए रखा गया है। इस मौके पर सभासद गजाला कमाल, पुष्कर बोरा, रेखा आर्य, सागर आर्य, राजू टांक, भगवत बिष्ट, सपना बिष्ट, प्रेमा अधिकारी, निर्मला चंद्रा, पुुष्कर बोरा, सुरेश चंद्र व राहुल पुजारी के साथ ही तारा राणा, संजय कुमार, नैनीताल बैंक की मॉल के रोड शाखा प्रबंधक मोहन पांडे, शिवराज नेगी, रिक्शा यूनियन अध्यक्ष खुशाल सिंह, सचिव नफीस अहमद, अनिल पांडे, गिरीश जोशी, सुभाष चंद्र व भुवन चंद्र आदि लोग मौजूद रहे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

नैनीताल में 1858 से रिक्शे चलने का इतिहास, पूर्व विधायक ने भी चलाये रिक्शे, रिक्शे वालों का चलता था अपना ‘सिक्का’

नैनीताल की मॉल रोड पर हाथ रिक्शा की दुर्लभ तस्वीर

नैनीताल। यूं रिक्शे देश में हर शहर में चलते हैं, किंतु नैनीताल के रिक्शों की बात ही अलग है। पाल नौकाओं की तरह रिक्शे भी कमोबेश नैनीताल की पहचान से जुड़े हैं। नैनीताल में माल रोड के पास से गुजरते हुये तल्ली से मल्लीताल के बीच रिक्शे पर बैठना ‘शान की सवारी’ माना जाता रहा है। नैनीताल शायद इकलौता शहर भी हो जहां रिक्शों पर बैठने के लिये लोग घंटे भर भी लाइन में खड़े होकर टिकट लेने को उतावले रहते हैं। यहां के रिक्शों का इतिहास भी डेढ़ सदी पुराना है। यहां 1858 में हाथ के रिक्शे चलने प्रारंभ हुए।

वहीं पालिका के पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष डीएन भट्ट ने बताया कि 1942 द्वितीय विश्व युद्ध से पहले 1942 में बने पालिका के उपनियमों में पुलिस एवं मेडिकल सर्टिफिकेट के साथ चालकों को लाइसेंस दिये जाने का प्राविधान किया गया था। इसका अर्थ है कि 1942 में तीन पहियों वाले साइकिल रिक्शे चलते थे। आगे नगर के अल्का होटल के स्वामी स्व. बांके लाल साह ने भी 1948 के बाद नगर में तिपहिया रिक्शे चलवाए। उन्होंने छत व अच्छी गद्दी युक्त दो लग्जरी रिक्शे खरीदे थे, जिन्हें आज के संभ्रांत लोगों की कार चलाने वाले शोफरों की तरह काले ब्लेजर की वर्दी पहने चालक चलाते थे, और अंग्रेज ही इन रिक्शों में बैठ पाते थे। बाद में टायर पंक्चर जोड़ने जैसी सुविधा भी न होने की वजह से यह बंद हो गए, तथा आजादी के बाद सामान्य साइकिल रिक्शे चले। कहा जाता है कि शुरुआत में बाद में विधायक बने स्वर्गीय बिहारी लाल ने भी ऐसे रिक्शे चलाये थे। एक दौर में यहां रिक्शे वालों का अपना ‘सिक्का” भी चला करता है। जब रिक्शों का किराया आठ रुपये सवारी था, तब रिक्शे वालों ने दो रुपये का अपना सिक्का चला दिया था, जिसे वे 10 का नोट देने पर लौटाते थे, तथा अगली बार किराये में ले लेते थे। यह भी उल्लेखनीय है कि 1969 में तल्ली-मल्ली का किराया 25 पैंसे था, जो क्रमशः 30, 40 व 50 पैंसे के बाद एक, दो, तीन, चार, पांच, आठ होते हुये अब 10 रुपये है।

नैनीताल नगरपालिका के हाथ से रिक्शे भी ‘जायेंगे’, तभी ई-रिक्शा आयेंगे

-पूर्व में शरदोत्सव का आयोजन, फांसी गधेरा और बारापत्थर की चुंगी भी जा चुकी है हाथ से, होगा आर्थिक नुकसान
नवीन जोशी, नैनीताल। नगरवासियों, यहां आने वाले सैलानियों के लिये यह खबर अच्छी है कि नगर में मौजूदा तीन पहिया रिक्शों की जगह बैटरी से चलने वाले ईको-फ्रेंडली ई-रिक्शा चलेंगे। इनमें अपेक्षाकृत तेज गति से एक साथ दो की जगह चार से अधिक सवारियां एक से दूसरे स्थान पर पहुंच पायेंगे, वहीं कुछ हद तक यात्रियों को महंगी टैक्सियों की जगह सस्ता और प्रदूषण मुक्त यातायात का साधन भी उपलब्ध होगा। लेकिन देश की दूसरी प्राचीनतम नगर पालिका नैनीताल के लिये यह खबर इतनी अच्छी शायद न हो। उसके हाथ से रिक्शों का नियंत्रण, लाइसेंस, नियमों का पालन न करने पर चालान आदि करने का अधिकार चला जायेगा। यह खबर इसलिये भी महत्वपूर्ण है कि यह सरकार के आय बढ़ाने की उलाहनाओं और 74वें संविधान संसोधन के जरिये पालिकाओं को अधिक स्वतंत्र व मजबूत बनाने के संकल्प के विपरीत होगा। साथ ही पूर्व में वन, स्वास्थ्य, शिक्षा, विद्युत व पेयजल आदि विभागों और हालिया दौर में फांसी गधेरा और बारापत्थर की चुंगियों व शरदोत्सव के आयोजन को खोने के बाद पालिका वर्तमान में नगर में चलने वाले 82 पंजीकृत रिक्शों के संचालन का अधिकार भी खो देगी।

उल्लेखनीय है कि सोमवार को डीएम की अध्यक्षता वाली डीटीए यानी जिला परिवहन प्राधिकरण की बैठक में नगर में 56 ई-रिक्शा संचालित किये जाने, तथा इनके लाइसेंस नगर में संचालित 82 रिक्शों को संचालित करने वाले 112 रिक्शा मालिकों में दो को एक परमिट दिये जाने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा तय हुआ कि नगरपालिका के पीछे स्थित पूर्व का घोड़ा स्टैंड, जिसे इधर कई बार तोड़ते व बनाते हुये वर्तमान में हाईकोर्ट के आदेशों पर पार्क का स्वरूप दिया गया है, ई-रिक्शा का पार्किंग स्थल होगा। ई-रिक्शा के टिकट का निर्धारण एसटीए द्वारा किया जायेगा, जबकि इसकी परमिट व लाइसेंस व्यवस्था निश्चित तौर पर इसके मोटर वाहन होने की वजह से आरटीओ के द्वारा की जायेगी। लिहाजा साफ है कि इनके संचालन में नगर पालिका का कोई हस्तक्षेप नहीं होगा।

यह खाशियतें हैं ई-रिक्शा में

नैनीताल। नगर में प्रस्तावित लोहिया ऑटो इंडस्ट्रीज के ई-रिक्शा के बारे में कंपनी के जोनल हेड सुनित अवस्थी ने बताया कि मोटर और कंट्रोलर को छोड़कर यह पूरी तरह भारत में एक प्रदेश के ही काशीपुर में स्थित फैक्ट्री में बना है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मेक इन इंडिया” का बेहतरीन नमूना भी बताया गया है। ई-रिक्शा की बैटरी करीब सात-आठ घंटे में सात-आठ यूनिट बिजली की खपत के साथ पूरी चार्ज होती है, यह चार सवारियों को लेकर अधिकतम 25 किमी प्रति घंटा की गति से अधिकतम करीब 90 किमी चलती है। बैटरी को करीब 20-25 फीसद शेष बचने पर दुबारा पूरा चार्ज करना होगा। इसमें मोटरसाइकिल के तीलियों युक्त पहिये लगे हैं और बैक गियर में चलने की सुविधा भी है। इसमें ब्रेक लगाने पर ऑटोमैटिक एक्सीलरेटर ऑफ हो जाता है। आशंका व्यक्त की जा रही है कि जिस तरह रिक्शे वाले मदिरा पान करके भी रिक्शे चला लेते हैं, यदि इन्हें भी वैसे ही चलायेंगे तो दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ी रहेगी। यह अधिकतम चार डिग्री की ऊंचाई पर ही चढ़ने योग्य है।

यह आयेगा खर्चा

नैनीताल। लोहिया ऑटो इंडस्ट्रीज के हल्द्वानी डीलर नैनी मोटर्स के भुवन पांडे के अनुसार आज प्रस्तुत किये गये ई-रिक्शा की कीमत 1.25 लाख है। इसके अलावा इसके तीन वर्ष के रोड परमिट पर 400 रुपये, पंजीकरण पर 2,930 रुपये एवं चार सवारियों के 25-25 हजार एवं चालक के एक लाख के बीमा की वार्षिक किस्त के रूप में 5,560 रुपये देने होंगे। इसके अलावा नगर पालिका कमर्शियल वाहन के रूप में माल रोड पर चलने के लिये लेक ब्रिज चुंगी पास निर्धारित 1,525 रुपये में बनायेगी। इसके अलावा पार्किंग शुल्क भी लिया जा सकता है।

पालिकाध्यक्ष देखेंगे, विरोध के स्वर भी उठने शुरू

नैनीताल। इस बाबत पूछे जाने पर पालिकाध्यक्ष श्याम नारायण ने कहा कि वह कल की बैठक का लिखित मसौदा आने पर ही कोई प्रतिक्रिया करेंगे। नगरवासियों के हित में ई-रिक्शा संचालन पर जरूरत पड़ेगी तो पालिका बोर्ड में प्रस्ताव भी लायेंगे। माना भी अब तक वसूले जाने वाले रिक्शों के लाइसेंस शुल्क, चालान आदि से प्राप्त होने वाली आय का नुकसान होगा। वहीं वरिष्ठ पत्रकार एवं राज्य आंदोलनकारी राजीव लोचन साह ने कहा कि सरकार को 74वें संविधान संसोधन के लिये नगर पालिका को और अधिकार देकर उसके हाथ मजबूत करने चाहिये थे, लेकिन यहां लगातार छीना जा रहा है, जो चिंताजनक है। वहीं नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी रोहिताश शर्मा ने उम्मीद जगाई कि ई-रिक्शा से माल रोड पर संचालन के लिये नगर पालिका लेकब्रिज चुंगी वसूलेगी, जिससे उसे होने वाले आय के नुकसान की भरपाई हो जायेगी।

पालिका को प्रति वर्ष 67600 से अधिक का होगा आर्थिक नुक्सान

नगर पालिका को वर्तमान में 82 रिक्शों के लाइसेंस से प्रति वर्ष प्रति रिक्शे 1200 की दर से 98,400 रुपये प्राप्त होते हैं, जबकि अब लेक ब्रिज चुंगी से प्रति स्थानीय वाहन 550 की दर से केवल 30,800 रुपये ही मिलेंगे, यानी सीधे 67600 का नुक्सान होगा। वहीँ चालान-जुर्माने आदि का नुक्सान अलग से होगा। जनता ई-रिक्शा चालकों द्वारा की जाने वाली किसी मनमानी की शिकायत स्थानीय स्तर पर पालिका या किसी और से नहीं कर पायेगी।

यह भी पढ़ें : कोरोना को मात दे 2 माह बाद कार्यालय लौटे पालिकाध्यक्ष, कहा, कोरोना को हल्के में न लें

संक्रमण से जंग जीत वापस लौटे नैनीताल पालिकाध्यक्ष संजय नेगीडॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 15 जून 2021। नैनीताल नगर पालिका के अध्यक्ष सचिन नेगी मंगलवार को करीब 2 माह के बाद कोरोना को हराकर कार्यालय पहुंचे। इस पर नगर पालिका कर्मचारियों ने उन का फूलमालाओं से स्वागत किया। कोरोना संक्रमित होने के करीब दो माह बाद पालिकाध्यक्ष नेगी मंगलवार को पालिका पहुंचे। इस मौके पर श्री नेगी ने कहा कि कोरोना संक्रमित होने के बाद वह थोड़ा भयभीत हुए थे, लेकिन सभी की दुआओं और अपने हौंसले को मजबूत कर इस महामारी को मात दे पाए। उन्होंने सभी से कोरोना से संबंधित दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील करते हुए कहा कि इस महामारी को हल्के में न लें। इस दौरान उन्होंने पर्यावरण मित्रों को सुरक्षा किट भी वितरित की। इस मौके पर अधिशासी अधिकारी अशोक कुमार वर्मा, राहुल सिंह, निकाय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष मोहन चिलवाल, रितेश कपिल, हिमांशु चंद्रा, गोपाल नेगी, शिवराज नेगी, दिनेश पांडे, ईश्वरी दत्त बहुगुणा, मो. बिलाल, हंसा दत्त बहुगुणा, ललित मोहन पांडे, उत्तराखंड देवभूमि सफाई कर्मचारी संघ के अध्यक्ष धर्मेश प्रसाद, महामंत्री सोनू सहदेव, मनजीत सहदेव, महेंद्र लाल, अमन टांक, विक्की सिलेलान, मंगू लाल, रामकुमार आदि कर्मचारी मौजूद रहे। उल्लेखनीय है कि 20 अप्रैल को पालिका अध्यक्ष सचिन और उनकी पत्नी कोरोना संक्रमित पाए गए थे। कुछ दिन होम आइसोलेशन पर रहने के बाद जब उनकी हालत बिगड़ी तो उन्हें हल्द्वानी रेफर कर दिया गया। संक्रमण के चलते काफी कमजोरी आने के कारण वह बीते दो माह से पालिका नहीं आए। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : नैनी झील में महंगा होगा नौकायन, शहर के कूड़े से बनेगी बहुमूल्य ग्रैफीन…

-नगर पालिका की बोर्ड बैठक में हुआ निर्णय, मत विभाजन के जरिए अशोक टॉकीज की पार्किंग को आउटसोर्स में देने का निर्णय
नवीन समाचार, नैनीताल, 25 मार्च 2021। नैनीताल में नौकायन की दरें बढ़ सकती हैं। बृहस्पतिवार को नगर पालिकाध्यक्ष सचिन नेगी की अध्यक्षता में नगर पालिका सभागार में आयोजित हुई बोर्ड बैठक में इसके सहित 14 प्रस्तावों पर चर्चा की गई। तय हुआ कि नौकाओं की दरों एवं लाइसेंस शुल्क को 10 फीसद तक बढ़ाने के लिए नगर पालिका की उपविधि में परिवर्तन कराया जाएगा। वहीं नगर पालिका ने कुमाऊं विश्वविद्यालय के नैनो साइंस सेंटर के साथ प्लास्टिक के कूड़े को बहुमूल्य ग्रैफीन में बदलने का कार्य साथ मिलकर करने को भी मंजूरी दे दी गई। इसके अलावा अशोक टॉकीज की पार्किंग को आउट सोर्स पर देने एवं सफाई व बिजली उपकरणों की खरीद करने पर भी बोर्ड ने अपनी मुहर लगा दी।

बैठक के बाद पालिका ईओ अशोक कुमार वर्मा ने बताया कि पालिका के दैनिक, संविदा व आउट सोर्स कर्मचारियों का वेतन 285 रुपए से बढ़ाकर 318 रुपए प्रतिदिन करने पर भी विचार हुआ। तय किया गया कि नगर पालिका की आर्थिक स्थिति में सुधार होने पर मानदेय बढ़ाया जाएगा। बैठक में शहर में कहीं जमीन उपलब्ध होने पर दुकानों का निर्माण करने एवं उन्हें किराये पर देकर पालिका की आय बढ़ाने, पालिका की संपत्तियों पर हुए अवैध कब्जों को हटाने के बारे में विधिक राय लेकर कार्रवाई करने, जिला प्रशासन द्वारा तल्लीताल व मल्लीताल में कुमाउनी शैली में बनने वाले ‘फसाड’ पर पालिका द्वारा शुल्क लेने व अपने स्तर से कार्रवाई करने पर भी निर्णय लिए गए। इसके अलावा बैठक में पालिका की आय-व्यय का ब्यौरा प्रस्तुत किया गया। बोर्ड बैठक में अशोक पार्किंग को लेकर काफी देर तक बहस चलती रही, जिसके बाद एकमत नहीं होने के बाद मतदान किया गया। इसके बाद कुल 18 वोट में से 10 सभासदों ने पार्किंग को आउटसोर्सिंग पर दिए जाने के पक्ष में, जबकि 4 सभासदों ने विरोध में मतदान किया, जबकि 3 सभासदों ने मतदान नहीं किया। बैठक में नगर पालिका के अधिशासी अधिकारीे अशोक कुमार वर्मा, राजेंद्र जोशी, शिवराज नेगी, जेई डीएस मेहरा, हरीश मेलकानी के साथ ही मनोज साह जगाती, सागर आर्य, राजू टांक, भगवत सिंह, मोहन नेगी, गजाला कमाल, सपना बिष्ट सहित समस्त सभासद मौजूद रहे।

यह है नैनीताल नगर पालिका का आय एवं वेतन का गणित
नैनीताल। वार्ता के दौरान नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी अशोक वर्मा ने बताया कि नगर पालिका को हर माह राज्य वित्त से 1.21 करोड़ की दर से पिछले पूरे वर्ष में कुल 14.52 करोड़ व अपने संसाधनों यानी बोर्ड फंड से 7.74 करोड़ यानी कुल मिलाकर 22.26 करोड़ रुपए मिले हैं। इनमें से 21.71 करोड़ रुपए स्थायी एवं दैनिक, आउटसोर्स आदि समस्त कर्मचारियों के वेतन पर खर्च होने हैं। इसके अलावा सेवानिवृत्त कर्मचारियों के करीब ढाई करोड़ रुपए पेंशन आदि के दिए हैं। इस कारण कर्मचारियों का वेतन देने में समस्या आ रही है। वार्ता में निकाय कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष मोहन चिलवाल, उपाध्यक्ष हंसा दत्त बहुगुणा, ललित मोहन पांडे, दीपक पांडे, देवभूमि सफाई कर्मचारी संघ के महासचिव उपाध्यक्ष कमल कुमार, उप सचिव मंजीत सहदेव, सनी, राजन, रामकुमार, जगदीश आदि मौजूद रहे।

बिल वसूली की आखिरी तिथि करीब, 13 में से छह वार्डों के नहीं बने बिल
नैनीताल। नगर पालिका के भवन व सफाई कर के बिलों के भुगतान की आखिरी तिथि दो जनवरी 2021 तय है, फिर भी अभी तक नगर पालिका नगर के 13 में से 6 वार्डों के बिल ही नहीं बना पाए हैं। जबकि सभी बिल 15 दिसंबर तक बन जाने चाहिए। इससे नगर पालिका की वसूली के प्रति गंभीरता का अंदाजा लगता है। बताया गया है कि भवन व सफाई कर के करीब साढ़े पांच करोड़ रुपए की अपेक्षित वसूली के सापेक्ष नवंबर माह के अंत तक मात्र 35 लाख यानी 6 फीसद से कुछ ही अधिक वसूली हुई है।

अब सेवानिवृत्त कर्मचारियों के शासन पर बकाए पर उम्मीद टिकी
नैनीताल। नैनीताल नगर पालिका के वर्ष 1988 से सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पेंशन इत्यादि के सात करोड़ रुपए शासन पर लंबित हैं। अब नगर पालिका की अपने कर्मचारियों को दो माह का वेतन देने के लिए इसी धनराशि पर उम्मीद टिकी हुई है। नगर पालिका अध्यक्ष सचिन नेगी इसी धनराशि को प्राप्त करने लिए देहरादून जा रहे हैं।

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-कर्मचारी गए कार्य बहिष्कार पर, वेतन न मिलने से हैं आक्रोषित
नवीन समाचार, नैनीताल, 11 नवम्बर 2020। वेतन ना मिलने पर एक दिन पूर्व नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को कार्य बहिष्कार की धमकी दूने वाले नैनीताल नगर पालिका के कर्मचारी बुधवार को कार्य बहिष्कार पर आ गए। कर्मचारियों ने इस दौरान निकाय कर्मचारी महासंघ व देव भूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ के बैनर तले नगर पालिका कार्यालय के एक दरवाजे पर ताला जड़ कर बाहर पालिका प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। साथ ही सफाई कार्य के साथ ही दीपावली पर नगर की पथ प्रकाश व्यवस्था भी ठप रखने की घोषणा की। उनका कहना है कि यदि दिवाली पर उनके घर वेतन-बोनस न मिलने से रोशन नहीं हो पा रहे हैं तो वह शहर की रोशनी भी बंद रख अपना विरोध दर्ज कराएंगे।
इस दौरान महासंघ के अध्यक्ष मोहन सिंह चिलवाल ने कहा कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होंगी कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। देवभूमि उत्तराखंड कर्मचारी सफाई कर्मचारी संघ के अध्यक्ष धर्मेश प्रसाद ने कहा कि पालिका अध्यक्ष द्वारा सात नवंबर तक वेतन व बोनस देने का आश्वासन दिया था, लेकिन बोनस तो दूर, बजट ना होने की बात कह वेतन भी नहीं दिया है। इस मौके पर सचिव रितेश कपिल, सोनू सहदेव, शिवराज नेगी, मुकेश कुमार ओमप्रकाश चौटाला, सुनील कुमार खोलिया, राजेन्द्र कुमार, राजेन्द्र कुमार, जगदीश कुमार, खीम सिंह आदि कर्मचारी नेता मौजूद रहे। इधर नगर पालिका के कर्मयचारियों के कार्य बहिष्कार से नगर में डस्ट बिनों में इकट्ठा कूड़ा नहीं हटा तथा हल्द्वानी भी नहीं भेजा गया। बताया जा रहा है कि नगर पालिका अपने करों के करोड़ों रुपए वसूल नहीं पा रही है, और हालत यहां तक आ गई है कि अब अपने कर्मचारियों को वेतन भी नहीं दे पा रही है।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 09 अक्टूबर 2020। उत्तराखंड शासन द्वारा नगर पालिका नैनीताल बोर्ड के लिए नामित तीन सभासदों-मनोज जोशी, राहुल पुजारी व तारा राणा को शुक्रवार को नगर पालिका अध्यक्ष ने शपथ दिलाई। नगर पालिका सभागार में आयोजित शपथ ग्रहण कार्यक्रम में भाजपा नेताओं के साथ ही नगर पालिका के कर्मचारियों ने उनका फूल मालाओं से स्वागत किया।
इस मौके पर पालिकाध्यक्ष सचिन नेगी ने उम्मीद जताई कि भाजपा द्वारा नामित सभासदों के पालिका में आने से पालिका में नई ऊर्जा का संचार तो होगा ही साथ ही शासन की ओर से जारी होने वाले बजट को लेकर भी कोई दिक्कत नही होगी और सभी लोग मिल-जुलकर एक साथ पालिका हित मे कार्य करेंगे। इस मौके पर नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी अशोक कुमार वर्मा, कर अधीक्षक लता आर्या, राजेंद्र जोशी, सभासद भगवत रावत, सागर आर्य, मोहन सिंह रावत, मोहित साह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें : बड़ा समाचार: नैनीताल में हर तरह की व्यवसायिक गतिविधि के लिए अब शुल्क देकर लेना होगा लाइसेंस

-अपने आय के स्रोत बढ़ाने के लिए नगर पालिका करेगी अपने उपनियमों में प्राविधान
नवीन समाचार, नैनीताल, 18 मई 2020। नैनीताल नगर पालिका क्षेत्र के अंदर अब किसी भी तरह की व्यवसायिक गतिविधि के लिए नगर पालिका परिषद से निर्धारित शुल्क देकर लाइसेंस लेना होगा। सोमवार को नैनीताल नगर पालिका बोर्ड की अध्यक्ष सचिन नेगी की अध्यक्षता में हुई बोर्ड बैठक में सर्वसम्मति से इस बारे में प्रस्ताव पास कर दिया गया।
अध्यक्ष नेगी ने बताया कि नगर पालिका की आय बढ़ाने के उपायों के तहत यह प्राविधान किया जा रहा है। इसके तहत नगर में होटल, रेस्टोरेंट, गोदाम, व दुकान आदि हर तरह की व्यवसायिक गतिविधि चलाने के लिए पालिका से शुल्क लेकर लाइसेंस लेने का प्राविधान होगा। इस हेतु विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर उस पर आम जन से आपत्तियां मांगी जाएंगी, आपत्तियों पर विचार होगा और इस बारे में अंतिम रूप में नगर पालिका के उपनियम बनाये जाएंगे। इसके अतिरिक्त बोर्ड बैठक में कुल 10 प्रस्तावों पर चर्चा हुई। यह भी तय हुआ कि नगर में नये बने भवनों को करों के दायरे में लाया जाएगा। साथ ही पालिका के आवासों में बिना किराया रह रहे लोगों से अगले 10 दिनों के भीतर किराया वसूलने पर भी ठोस कार्य किये जाएंगे। बैठक में नगर पालिका में कार्यरत सभी संविदा, दैनिक, नियत वेतन भोगी कर्मचारियों का कार्यकाल अप्रैल 2021 तक के लिए बढ़ा दिया गया। बैठक में नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी अशोक कुमार वर्मा, अवर अभियंता डीएस मेहरा, अकाउंटेंट राहुल सिंह, कर अधीक्षक लता आर्या, स्वास्थ्य निरीक्षक कुलदीप कुमार, मुख्य सहायक राजेंद्र जोशी के साथ ही सागर आर्य, राजू टांक, मनोज साह जगाती, गजाला कमाल सहित समस्त सभासद मौजूद रहे।

पालिका कर्मियों को दो माह से वेतन नहीं, अध्यक्ष ने की ग्रांट के 5 करोड़ की मांग
नैनीताल। नैनीताल नगर पालिका गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रही है। हालत यह है कि पालिका अपने कर्मचारियों को दो माह से वेतन भी नहीं दे पायी है। इधर लॉक डाउन की वजह से पालिका की आय के प्रमुख स्रोत लेक ब्रिज चुंगी एवं पार्किंग भी न केवल बंद रहे हैं, वरन इनके ठेकेदार भी हाथ खड़े कर भाग चुके हैं। ऐसे में नगर पालिका आय के स्रोत बढ़ाने पर विचार कर रही है। नगर पालिका के अध्यक्ष सचिन नेगी ने बताया कि शासन को नैनीताल नगर पालिका के वर्ष 2016 से लागू राज्य वित्त आयोग के शुरुआती एक वर्ष का करीब पांच करोड़ रुपये शेष एरियर देना है। सरकार हल्द्वानी नगर निगम को इसी मद में 12 करोड़ रुपए का एरियर दे चुकी हैं। यदि पालिका को शासन से यह धनराशि मिल जाए तो काफी राहत मिल सकती है।
भाजपाइयों ने किया पालिका के बोर्ड सदस्यों को कोरोना योद्धाओं के रूप में अभिनंदन
नैनीताल। नगर पालिका की बोर्ड बैठक के दौरान भाजपा की महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष जीवंती भट्ट एवं विश्वकेतु वैद्य आदि कार्यकर्ताओं ने नगर पालिका के कोरोना योद्धाओं के रूप में अभिनंदन किया। इस दौरान नगर के प्रथम व्यक्ति नगर पालिका अध्यक्ष सचिन नेगी व सभी सभासदों कोरोना के मुकाबले हेतु हैंड सैनिटाइजर एवं मास्क आदि देकर उनके द्वारा किये गए कार्यो को सलाम किया गया। श्रीमती भट्ट ने कहा कि कोरोना के भयावह दौर में पालिका के लोगों ने नगर के सभी क्षेत्रों में राशन वितरण, कीटनाशक के छिड़काव एवं सैनिटाइजर द्वारा लोगों की सेवा की गई है।

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नैनीताल नगर पालिका में आपस में विचार विनिमय करते नैनीताल व ठाणे महापालिका के सदस्य।

नवीन समाचार, नैनीताल, 18 फरवरी 2020। व्यक्ति छोटा-बड़ा अपने काम नहीं विचारों से होता है। नैनीताल के एक अनाम टैक्सी वाले ने, जो सामान्यतया सैलानियों से अधिक किराया वसूलने के लिए आरोपित किये जाते हैं, 3000 करोड़ के बजट वाली महाराष्ट्र की ठाणे नगर महापालिका के सदस्यों (नगर सेवकों) के सामने सिर्फ करीब 18 करोड़ के बजट वाली नैनीताल नगर पालिका की इज्जत बढ़ा दी।
हुआ यह कि ठाणे नगर महापालिका के समाज विकास विभाग के अंतर्गत महिला एवं बाल विकास समिति के करीब 70 सदस्यों का दल समिति की अध्यक्ष जयश्री डेविड एवं विभाग की उपायुक्त वर्षा दीक्षित के नेतृत्व में अखिल भारतीय स्वराज संस्था के तत्वावधान में मंगलवार को नैनीताल पहुंचा। इनमें कुछ महिला सदस्य जिस टैक्सी से आ रहे थे, उन्होंने रास्ते में पानी पीकर पानी की बोतल बाहर फेंकने की कोशिश की, किंतु टैक्सी चालक ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया। कहा, वह पानी की खाली बोतल उसे दे दें। वह इस बोतल को सही जगह निस्तारित कर देगा। महिला सदस्य उस चालक का नाम तो नहीं पूछ पाए, किंतु मंगलवार को नैनीताल नगर पालिका कार्यालय में जब उनका यहां के अध्यक्ष सचिन नेगी एवं सदस्यों से समागम हुआ तो उन्होंने इस बात का जिक्र किया और नगर वासियों में नगर की स्वच्छता के प्रति इस जनजागरूकता की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। साथ ही स्वीकारा कि अपने शहर के करीब 135 वार्डों में, हर वार्ड में करीब एक करोड़ रुपए का बजट खर्च करने के बावजूद वे यहां जैसी सफाई नहीं रख पा रहे हैं। ठाणे के सभासद यहां कूड़े की निस्तारण की व्यवस्था जानने के प्रति भी काफी उत्सुक दिखे। उन्होंने यह भी पूछा कि नैनीताल अपनी जनसंख्या से कई गुनी संख्या में आने वाले सैलानियों को इतने कम बजट में कैसे सुविधाएं उपलब्ध करा पाता है, तथा उसकी आय के स्रोत क्या-क्या हैं। उन्होंने कहा कि नैनीताल पालिका कम बजट में अच्छा काम कर रही है। पालिकाध्यक्ष ने बताया कि गृह कर तथा लेक ब्रिज चुंगी व पार्किंग ही नैनीताल पालिका की आय के स्रोत हैं। उन्होंने इस बात की भी सराहना की कि यहां नगर पालिका के अध्यक्ष का कार्यकाल पांच वर्ष होता है, जबकि वहां केवल ढाई वर्ष। अलबत्ता, वहां सभी विभाग नगर महापालिका के अधीन हैं, जबकि यहां पालिका के कार्य केवल सफाई, सड़कों व पथ प्रकाश व्यवस्था तक सीमित हैं।
इसके अलावा उन्होंने नगर पालिका अध्यक्ष सचिन नेगी की इस बात पर भी काफी तालियां बजाई कि यहां नगर पालिका बिना किसी दलगत भेदभाव के करती है। कोई भी कार्य जो शहर हित में होता है, उसका प्रस्ताव यदि विरोधी विचारधारा के दल का सभासद भी लाता है तो उसे आपसी चर्चा कर स्वीकार किया जाता है।
इस दौरान ठाणे एवं नैनीताल पालिकाओं के सभासदों के बीच आपसी विचार विनिमय, एक-दूसरे की व्यवस्थाओं की जानकारियों का आदान-प्रदान भी किया गया। ठाणे के सदस्यों ने बताया कि उन्हें प्रतिमाह 15 हजार रुपए का मानधन मिलता है। वहां की भाजपा सभासदों ने यहां के भाजपा सभासदों से कहा कि वे प्रयास करें तो यहां भी मानधन लागू करवा सकते हैं। वे यह भी जानने को उत्सुक दिखे कि बिना किसी आय के स्रोत के यहां सभासद कैसे अपने पांच वर्ष जनसेवा को दे सकते हैं। क्या विकास कार्यों में उनकी कोई कमीशन होती है। सभासदों ने बताया, उन्हें कोई कमीशन भी नहीं मिलता, और वे ठेकेदार के तौर पर भी कोई कार्य नहीं करा सकते हैं। दल के सदस्यों ने रामनगर में जिम कार्बेट पार्क का भी भ्रमण किया और वहां नगर पालिका रामनगर द्वारा कूड़ा लाने पर भोजन कराने की व्यवस्था की भी सराहना की। आगे उन्होंने नगर में रोप-वे से स्नोव्यू का भ्रमण, नैनी झील में नौका विहार एवं नौकुचियाताल में पैराग्लाइडिंग का आनंद भी लिया। दल में अंकिता पाटिल, निशा पाटिल, राधिका पाठक, अनीता भिणे, दीपाली भगत, दर्शना मात्रे, नम्रता भरत सहित अन्य सदस्य शामिल रहे। जबकि नैनीताल पालिका की ओर से अधिशासी अधिकारी अशोक वर्मा, लेखाकार राहुल, सभासद कैलाश रौतेला, प्रेमा अधिकारी, सागर आर्या, राजू टांक, भगवत नेगी, गजाला कमाल, दया सुयाल, निर्मला चंद्रा आदि शामिल रहे।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 13 फरवरी 2020। उत्तराखंड हाईकोर्ट की खंडपीठ ने स्लाटर हाउसों के मामले में सुनवाई के दौरान बृहस्पतिवार को नगर पालिका नैनीताल के अधिवक्ता ने न्यायालय को अवगत कराया कि नैनीताल में स्लाटर हाउस बनकर तैयार हो गया है, और इसे 10 दिनों के भीतर चालू कर दिया जाएगा। इस पर खण्डपीठ ने कहा कि नगर पालिका लिखित रूप से शपथ पत्र दाखिल करे कि 10 दिनों के भीतर स्लॉटर हाउस चालू कर दिया जाएगा। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायधीश रमेश रंगनाथन व न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खण्डपीठ में हुई। नगर पालिका की न्यायालय में बताई गई डेटलाइन के बाद नगर वासियों को 10 दिन में ताजा मीट मिलने की उम्मीद की जा रही है। उल्लेखनीय है कि इन दिनों नगर में बाहर की पशुवधशालाओं से लाकर बकरे का मीट बेचा जा रहा है, जो कि महंगा होने के साथ ताजा भी नहीं होता है।
मामले के अनुसार नैनीताल निवासी महबूब कुरैसी व अन्य द्वारा उच्च न्ययालय में याचिका दायर कर कहा है कि पूर्व में उच्च न्यायालय के आदेशानुसार पशु वध खुले में न कर स्लाटर हाउस में किये जाने हेतु स्लाटर हाउस बनाये जाने के आदेश दिए गए थ,े परन्तु सरकार द्वारा अभी तक प्रदेश में स्लाटर हाउस का निर्माण नहीं किया गया है जिससे खुले में पशु वध किया जा रहा हैे और उनको आर्थिक रूप से हानि उठानी पड़ रही है। न्यायालय द्वारा पूर्व में 2 माह में स्लाटर हाउस का निर्माण किये जाने के आदेश दिए गए थे परंतु अभी तक स्लाटर हाउसो के निर्माण नही हो पाया जिसका असर मीट कारोबारियों पर पड़ रहा है।

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-दुकानों का किराया हर 5 साल में बढ़ाने, वीआईपी पास की व्यवस्था फिर से करने, 1-1 डम्पर व लिफ्टर तथा बिजली व सफाई के उपकरण खरीदने को भी पालिका बोर्ड की मंजूरी

नगर पालिका बोर्ड की बैठक में मौजूद अध्यक्ष, विधायक, सभासद एवं अधिकारी आदि।

नवीन समाचार, नैनीताल, 27 जुलाई 2019। नैनीताल नगर पालिका बोर्ड ने नगर में भवन करों की दरों को बढ़ाने, ठेकेदारों के लिए नई नियमावली, पालिका द्वारा निर्मित दुकानों का किराया हर 5 साल में बढ़ाने, वीआईपी पास की व्यवस्था फिर से करने, पालिकाध्यक्ष के लिए 14वें वित्त आयोग से प्राप्त धनराशि से एक वाहन तथा बिजली व सफाई के उपकरण एवं एक डम्पर व एक लिफ्टर खरीदने तथाा पालिका के संविदा व आउटसोर्स कर्मियों की स्वीकृति एकमुस्त मार्च 2020 तक बढ़ाने, नैनी झील में नौकायन के लिए लाइफ जैकेट खरीदने, शव दाह के लिए 3 कुंतल लकड़ी मुफ्त देने के प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है। हर वार्ड में 5-5 सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने को भी स्वीकृति दी गयी।
शनिवार को पालिका सभागार में पालिका अध्यक्ष सचिन नेगी की अध्यक्षता एवं मौजूदा बोर्ड के कार्यकाल में पहली बार विधायक संजीव आर्य एवं एक सभासद को छोड़कर शेष सभी सभासदों, नये अधिशासी अधिकारी अशोक वर्मा की उपस्थिति एवं प्रशासनिक अधिकारी राजेंद्र जोशी के संचालन में हुई बोर्ड बैठक में मार्च 2019 के अवशेष 8.09 करोड़ एवं वर्ष 2019-20 के लिए अनुमानित 42.55 करोड़ व्यय करने के बजट को मंजूरी दी गयी। साथ ही नये वित्तीय वर्ष यानी 1 अप्रैल 2020 से नगर की लेक ब्रिज चुंगी के लिए वाहनों के पास का शुल्क बढ़ाने की बात भी तय हुई। नाव, रिक्शा, घोड़ा लाइसेंसधारियों की मृत्यु पर उनके परिवार के वारिसों के नाबालिग होने की स्थिति में लाइसेंसधारी की पत्नी के साथ ही नाबालिग बच्चों को संयुक्त रूप से लाइसेंस निर्गत करने को भी मंजूरी दी गयी। वहीं मौजूदा पालिका बोर्ड की बैठक में पहली बार पहुंचे विधायक संजीव आर्य की निधि से नारायण नगर वार्ड में बड़े नाले पर पांच लाख से चेक डैम, स्टाफ हाउस में डेढ़ लाख से दीवार निर्माण व कृष्णापुर में सीसी मार्ग का निर्माण करने की मांग की गयी। भवन कर की दर ए श्रेणी के भवनों के लिए 2 रुपए से बढ़ाकर 4 रुपए प्रति वर्ग फुट प्रति माह करने, इसी तरह बी श्रेणी के लिए 1 से बढ़ाकर 3 रुपए तथा सी श्रेणी के लिए 50 पैंसे से बढ़ाकर डेढ़ रुपए करने, जुबली हॉल स्थित पुराने स्कूल को मरम्मत कर बारातघर में बदलने, ठेकेदारों की फीस वृद्धि करने के साथ ही सी श्रेणी के ठेकेदारों के लिए कार्य करने की सीमा 5 लाख तथा बी श्रेणी के ठेकेदारों की सीमा 10 लाख एवं ए श्रेणी की सीमा असीमित करने के प्राविधानों सहित नई ठेकेदार नियमावली को भी मंजूरी दे दी गयी। अयारपाटा वार्ड के सभासद मनोज साह जगाती ने अपनी पूर्व से चली आ रही क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट न जलने से संबंधित मांग पर बोर्ड बैठक का बहिष्कार किया जबकि कार्य बहिष्कार की धमकी देने वाले भाजपा सभासद कैलाश रौतेला बैठक में शामिल हुए।

विधायक ने पार्किंग, एसटीपी निर्माण में मांगा सहयोग, दिये आश्वासन

नैनीताल। स्थानीय विधायक संजीव आर्य ने बैठक में पालिका सभासदों ने नगर में पार्किंग निर्माण एवं एसटीपी की जरूरत पर वस्तुस्थिति स्पष्ट की एवं इन दोनों बड़े विषयों पर सभासदों से भी सहयोग की अपेक्षा की। साथ ही सभासदों को किसी भी कार्य के लिए सहयोग का आश्वासन दिया। वहीं करीब दो वर्ष पूर्व विधायक निधि से पालिका को दिये 16 लाख के कॅपिटॉल पार्क आदि का निर्माण न होने पर नाराजगी भी व्यक्त की। हर वार्ड में नये विद्युत पोल लगाने के सभासदों के प्रस्ताव पर याद दिलाया कि पिछली बोर्ड में स्वीकृत 1000 से अधिक पोलों की वस्तुस्थिति जान कर ही नया प्रस्ताव लायें।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 15 जुलाई 2019। नैनीताल नगर पालिका के सभासदों के 13 दिन लंबे आंदोलन के बाद स्थानांतरित अधिशासी अधिकारी रोहिताश शर्मा ने सोमवार को कार्यभार छोड़ने से पूर्व दावा किया कि दूसरे कार्यकाल में जब 6 वर्ष पूर्व वे यहां आये थे, नगर पालिका की आर्थिक स्थिति बेहद खस्ता थी। लेकिन वे पालिका की आर्थिक स्थिति काफी मजबूत करके व करोड़ों रुपए देकर जा रहे हैं। बताया कि नगर पालिका में करीब 5 करोड़ रुपए विभिन्न मदों में विकास कार्यों के लिए तथा ढाई से तीन करोड़ रुपए 14वें राज्य वित्त आयोग की मद से बचे हैं। कहा कि उन्होंने नगर पालिका को पहली बार जियो कंपनी से अंडरग्राउंड केबलें डालने के ऐवज में 1.8 करोड़ रुपए दिलाए। इससे पूर्व यह धनराशि लोनिवि द्वारा ली जाती थी। इस धनराशि में से केवल करीब 25 लाख रुपए सड़कों की मरम्मत पर खर्च हुए। अलबत्ता संबंधित पटल के प्रभारी एक करोड़ से अधिक खर्च करने की बात कह रहे थे। नगर की पार्किंग में एसयूवी जैसे वाहनों से अधिक दर वसूले जाने एवं चेक आउट समय पीछे किये जाने के प्रश्न पर कहा कि पालिका के उपनियमों में इस बाबत कोई नियम नहीं हैं। नगर पालिका बोर्ड ने जरूर कुछ प्राविधान किये हैं। नगर पालिका का कर अनुभाग इस बारे में स्थिति स्पष्ट कर सकता है।
इधर नये अधिशासी अधिकारी अशोक कुमार वर्मा के मंगलवार को कार्यभार संभालने की उम्मीद है।

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-ईओ को डीएम की अवहेलना-अनुशासनहीरता पड़ी भारी 
नवीन समाचार, नैनीताल, 14 जुलाई 2019। नगर पालिका के विवादित अधिशासी अधिकारी रोहिताश शर्मा के स्थानांतरण पर सभासदों के आमरण अनशन तक पहुंचे आंदोलन के साथ ही अन्य अनेक वर्ग के लोग भी प्रयासरत थे। उल्लेखनीय है कि पूर्व में उच्च न्यायालय के न्यायाधीश भी उनके स्थानांतरण के लिए आदेश दे चुके थे। पूछा था कि इतने (करीब नौ वर्षों से) कोई अधिकारी कैसे एक स्थान पर रह सकता है। नगर के व्यापारी और नगर भाजपा के नेता भी उनके तबादले के लिए वर्षों पूर्व से प्रयासरत थे। इधर आज उनके स्थानांतरण आदेश के बाद प्रकाश में आया है कि जनपद के डीएम सविन बंसल के आदेशों की अवहेलना भी उन्हें इस बार भारी पड़ी। 

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नैनीताल नगर पालिका का एक और बड़ा घोटाला : पार्किंगों में भी खेल कर गये हैं स्थानांतरित ईओ शर्मा !

प्रशासनिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि डीएम सविन बंसल की शासन को प्रेषित रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुये शासन द्वारा शर्मा का स्थानान्तरण प्रभारी उप नगर आयुक्त नगर निगम देहरादून के पद पर कर दिया गया है, और उनके स्थान पर नगर पालिका परिषद बाजपुर के अधिशासी अधिकारी अशोक वर्मा को नैनीताल भेजा गया है। बताया गया है कि श्री शर्मा के संबंध मे डीएम श्री बंसल द्वारा 10 जुलाई को सचिव शहरी विकास को आख्या प्रेषित की थी। प्रेषित आख्या मे डीएम ने शासन को अवगत कराया था कि श्री शर्मा बिना अवकाश स्वीकृति कराये चिकित्सा अवकाश पर चले गये। अवकाश आवेदन मे उन्होने सक्षम चिकित्साधिकारी का प्रमाण पत्र भी संलग्न नही किया, जबकि मुख्यालय छोडने से पहले किसी भी अधिकारी-कर्मचारी को डीएम से सहमति अथवा अनुमति अनिवार्य होती है। वहीं 25 जून को श्री शर्मा को कई बिंदुओ पर स्थिति स्पष्ट करने के लिए बुलाया गया था परंतु ज्ञात हुआ कि वह बिना सक्षम स्तर से अनुमति लिये बिना बैठक मे चले गये। इस संबंध मे जब ईओ से जवाब तलब किया गया तब इसका जवाब भी उन्होने दाखिल नही किया। इसके अलावा भी शर्मा से नगर पालिका ईको ड्राईव पावर सोलूशन से अनुबध की प्रतिलिपि तथा राज्य वित्त आयोग से पिछले वर्ष तथा इस वित्तीय वर्ष में प्राप्त धनराशि एवं उसके सापेक्ष व्यय विवरण मांगा गया उसके साथ ही कार्यरत सफाई दरोगा, पर्यावरण परिवेक्षकांे की सूची व अन्य विवरण मांगे गये जो कि उनके द्वारा उपलब्ध नही कराये गये।

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-नगर पालिका अध्यक्ष ने किया शुभारंभ, निवारण सेवा समिति के माध्यम से चलेगी योजना

ठोस कूड़ा अपशिष्ट निवारण योजना का शुभारंभ करते पालिकाध्यक्ष सचिन नेगी।

नवीन समाचार, नैनीताल, 1 जुलाई 2019। जिला व मंडल मुख्यालय में करीब 5 वर्ष के अंतराल के बाद एक बार फिर से घर से कूड़ा उठाने की ‘ठोस कूड़ा अपशिष्ट निवारण’ योजना शुरू हो गयी है। नगर पालिका अध्यक्ष सचिन नेगी ने सोमवार को पालिका कार्यालय के पास से निवारण सेवा समिति के माध्यम से संचालित होने वाली योजना का शुभारंभ किया। योजना के तहत संस्था के कर्मचारी नगर के सभी, प्रतिदिन 100 किग्रा से कम कूड़ा उत्पादित करने वाले कच्चे-पक्के घरों, होटलों, दुकानों, संस्थाओं आदि से गीला व सूखा कूड़ा अलग-अलग एकत्र करेंगे। इस हेतु सभी को हरे व नीले रंग के डिब्बे दिये जाएंगे।
नगर पालिका के स्वास्थ्य निरीक्षक कुलदीप कुमार ने बताया कि अभी नगर के मल्लीताल बाजार से योजना की शुरुआत की गयी है। आगे मंगलवार से नगर के वार्ड नंबर 1 स्टाफ हाउस से शुरू करके नगर के सभी 15 वार्डों में योजना शुरू की जाएगी। उम्मीद है कि अगले 15 दिन से एक माह के भीतर सभी घरों से कूड़ा उठाने की योजना लागू हो जाएगी। अभी घर से कूड़ा उठाने का कोई शुल्क निर्धारित नहीं है। आगे बोर्ड की बैठक में दरें तय की जाएंगी। शुभारंभ के मौके पर प्रभारी ईओ लता आर्या व राहुल सिंह के साथ ही 15 में से 4 सभासद दीपक बर्गली, राजू टांक, गजाला कमाल व मोहन नेगी तथा निवारण सेवा समिति के अध्यक्ष अनिल मिश्रा व अन्य लोग मौजूद रहे।

पालिका सभासदों ने बताया काला दिन

नैनीताल। नगर पालिका सभासद मनोज साह जगाती ने सोमवार को पालिका द्वारा घर से कूड़ा उठाने की ठोस कूड़ा अपशिष्ट निवारण योजना के शुभारंभ के मौके पर न बुलाये जाने का आरोप लगाते हुए आज के दिन को काला दिन बताया। दावा किया कि आज 15 में से 13 सभासद बारिश के बावजूद तल्लीताल डांठ पर नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को हटाये जाने की मांग पर धरने पर बैठे थे। ऐसे में पालिका द्वारा योजना की शुरुआत करना हिटलरशाही है। उल्लेखनीय है कि योजना के शुभारंभ के मौके पर नगर के 15 मंे से 4 सभासद मौजूद रहे।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 28 जून 2019। नैनीताल नगर पालिका के सभासदों ने पालिका के वर्तमान अधिशासी अधिकारी के खिलाफ उनके स्थानांतरण की मांग पर निर्णायक आंदोलन शुरू कर दिया है, एवं आगे आंदोलन की प्रविधि का भी ऐलान कर दिया है। सभासदों ने शुक्रवार से काला फीता बांधकर अपना विरोध प्रदर्शन शुरू भी कर दिया है। वहीं आगे वे आगामी एक से तल्लीताल गांधी चौक पर दोपहर 12 बजे से दो दिवसीय धरना देंगे। इसके बाद तीन से छह जुलाई तक 10 से पांच बजे तक धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। सभासदों की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार आगे सात जुलाई से कुछ सभासद भूख हड़ताल करेंगे। भूख हड़ताल में महिला सभासद भी शामिल हो सकती हैं। इसके बाद भी उनकी मांगों पर अमल न होने पर नगर के विभिन्न संगठनों व नागरिकों को भी आंदोलन में जोड़ने की बात कही गयी है। आंदोलन में नगर के 15 में से 13 सभासदों के शामिल होने की बात कही गयी है। अलबत्ता पत्र में सागर आर्या, निर्मला चंद्रा, दया सुयाल, भगवत सिंह, कैलाश रौतेला, प्रेमा अधिकारी, पुष्कर बोरा, रेखा आर्या व मनोज साह जगाती यानी नौ सभासदों के हस्ताक्षर हैं।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 26 जून 2019। नैनीताल नगर पालिका के 15 में से सात सभासदों ने बुधवार को कुमाऊं मंडल के आयुक्त एवं मुख्यमंत्री के सचिव राजीव रौतेला को नगर पालिका के वर्तमान अधिशासी अधिकारी के विरुद्ध आरोपों का एक पुलिंदा सोंपा है। उनका दावा है कि 15 में से 13 सभासद अधिशासी अधिकारी के खिलाफ हैं।

पत्र में अधिशासी अधिकारी पर वर्तमान बोर्ड के आरंभ से ही अपनी मनमानी, हिटलरशाही व भ्रष्टाचार किये जाने का आरोप लगाते हुए बताया है कि पालिका में 6 हजार रुपए की कूड़ा गाड़ी 9500 रुपए में, सफाई के दौरान पहने जाने वाले 30 रुपए के मास्क 90 रुपए में, 85 रुपए के दस्ताने 300 रुपए में खरीदने, 2018 में 2500 कुंतल चूना खरीदने के बाद फिर उसी दिन 10 कुंतल चूना खरीदने, डीएसए खेल के मैदान में हमेशा गुटके व पान मसाले का विज्ञापन लगाने, बलियानाला क्षेत्र में एक ओर हरीनगर वार्ड में मकान खाली कराने और दूसरी ओर वहीं भारी भरकम स्लॉटर हाउस का निर्माण कराने के साथ ही नगर पालिका की गाड़ियों में भराये जा रहे तेल के नाम पर भारी भरकम भ्रष्टाचार करने, डीएसए पार्किंग में बिना बोर्ड को विश्वास में लिये ठेकेदार का लाखों रुपया माफ करने व उनके इशारे पर ही डीएसए पार्किंग में बाइकों से 20 की जगह 50 व 100 की जगह 200 रुपए पार्किंग शुल्क वसूले जाने, बीडी पांडे अस्पताल की पार्किंग के साथ दो नई पार्किंग बिना बोर्ड की अनुमति के व सभासदों को विश्वास में लिये मिलीभगत से अपने लोगों को देकर पालिका के कोष को कम से कम 20 लाख का नुकसान पहुंचाने तथा मेट्रोपोल पार्किंग व सूखाताल पार्किंग बिना शौचालय के लिए चलाकर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाये गये हैं। साथ ही वर्ष 2017 में एक प्राइवेट कंपनी को 10 वर्ष के लिए पूरे शहर की स्ट्रीट लाइट को लगाने व देखरेख का जिम्मा देने पर भी आरोप लगाये गये हैं। लिहाजा सभी प्रकरणों की जांच कराये जाने की मांग की गयी है। इसके अलावा पूर्व में पहले से ब्लैक लिस्टेड कंपनी को घर-घर से कूड़ा उठाने का ठेका देने, बेकरी कंपाउंड की पालिका की दो संपत्तियों को नजूल दर्शाकर और फर्जी कागजातों से कब्जा दिखाकर दो व्यक्तियों को फ्रीहोल्ड करने के मामलो की भी जांच करने का अनुरोध किया है। साथ ही अधिशासी अधिकारी पर मौखिक आदेश से सभासदों के कोई भी शिकायती पत्र नगर पालिका कार्यालय में न लिये जाने के आदेश का हवाला देते हुए कहा है कि अधिशासी अधिकारी के साथ कार्य करना संभव नहीं है। इसलिए उनका तुरंत स्थानांतरण किया जाए और ऐसा न होने पर सोमवार से सभासद कमिश्नरी कार्यालय में धरना देंगे और इसके उपरांत काला फीता बांधकर विरोध दर्ज करेंगे। पत्र की प्रतियां प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री एवं शहरी विकास विभाग के सचिव को भी भेजी गयी हैं। इस बाबत पूछे जाने पर अधिशासी अधिकारी रोहिताश शर्मा ने कहा कि मामले जांच के अधीन हैं। इसलिए कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। पत्र में मनोज साह जगाती, निर्मला चंद्रा, प्रेमा अधिकारी, कैलाश रौतेला, रेखा आर्या, सुरेश चंद्र व सागर अर्या आदि 13 मंे से 7 सभासदों के भी हस्ताक्षर हैं।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 21 जून 2019। नगर में डोर टू डोर कूड़ा उठान का ठेका निवारण सेवा समिति हल्द्वानी के नाम पर छूटा। पालिका संस्था को 70 हजार रुपये प्रतिवार्ड प्रतिमाह की दर से भुगतान करेगी। नगर के 15 वार्ड के अनुसार यह धनराशि 10 लाख 50 हजार रुपये हैं, जबकि लाइफ जैकेट के लिए एकमात्र निविदा मिलने से इसको फिर से निरस्त कर दिया है। बता दें कि पालिका की ओर से जारी निविदा के क्रम में शुक्रवार शाम पालिकाध्यक्ष सचिन नेगी की मौजूदगी में निविदाएं खोली गई। पहले डोर टू डोर कूड़ा उठान की निविदा खोली गई। इसमें ऑनलाइन भरी तीन निविदाओं में से स्वच्छ सुलभ फाउंडेशन की निविदा तकनीकी बिट में फेल हो गई, जबकि निवारण सेवा समिति और जीरो वेस्ट टिहरी की संस्था की तकनीकी बिट पास हुई। फाइनेंशियल बिट में न्यूनतम निविदा के आधार पर निवारण सेवा समिति को ठेका दिया गया। संस्था घर-घर कूड़ा उठान, पृथक्करण और पालिका वाहनों से मेट्रोपोल तक ले जाने का कार्य करेगी। लाइफ जैकेट में एकमात्र निविदा पड़ने के कारण इसे स्थगित कर दिया। इस मौके पर टीओ मामूर जहां, ईओ रोहिताश शर्मा, एसआई कुलदीप सिंह, लेखाधिकारी राहुल आदि मौजूद रहे।

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-अयारपाटा वार्ड में कार्य न होने पर सभासद ने सीएम को भेजा शिकायती पत्र
नवीन समाचार, नैनीताल, 20 जून 2019।
नगर के अयारपाटा वार्ड के सभासद मनोज साह जगाती ने मुख्यमंत्री के सचिव मंडलायुक्त कार्यालय के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजकर उनके वार्ड में जनहित के कार्य न किये जाने का आरोप लगाया है। उनका कहना हे कि उन्होंने उच्च न्यायालय में स्ट्रीट लाइटें न जलने को लेकर जनहित याचिका दायर की है। इस कारण ही उनके वार्ड में नगर पालिका द्वारा कोई कार्य नहीं किये जा रहे हैं। यहां तक कि स्ट्रीट लाइटें ठीक नहीं की जा रही हैं, और किरलानी कंपाउंड के टूटे मार्ग को भी सही नहीं किया जा रहा है। साथ ही जनहित याचिका वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा हैं। पत्र में स्ट्रीट लाइटों की खरीद की उच्च स्तरीय जांच कराने की भी मांग की गयी है। पत्र की प्रति राज्यपाल को भी भेजी गयी है।

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-स्ट्रीट लाइटों की समस्या
नवीन समाचार, नैनीताल, 20 मई 2019। आखिर नैनीताल की स्ट्रीट लाइटों की समस्या उत्तराखंड उच्च न्यायालय के दरबार तक पहुंच गयी है। इस संबंध में नैनीताल नगर पालिका के ही एक सभासद मनोज साह जगाती की ओर से नैनीताल नगर पालिका के खिलाफ ही उत्तराखंड उच्च न्यायालय में अधिवक्ता प्रदीप उप्रेती के माध्यम से दायर एक जनहित याचिका पर उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति एनएस धामिक की खंडपीठ ने नगर पालिका परिषद नैनीताल को दो सप्ताह में रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिये हैं। आदेश में पूछा गया है कि नगर में कितनी स्ट्रीट लाइटें पूर्ण रूप से कार्य कर रही हैं। याचिका में याची जगाती का कहना है कि शहर के कई वार्डों में स्ट्रीट लाइटों की समस्या भयावह है। इस कारण कई हादसे भी हो चुके हैं। समस्या के खिलाफ नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी एवं नगर पालिका की बोर्ड बैठक में उठाई, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं किया गया है।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 15 फरवरी 2019। नगर पालिका के सभासदों की स्ट्रीट लाइटों में आ रही समस्या पर नाराजगी लंबे समय से चर्चा में है। इसी बात को लेकर बृहस्पतिवार को सभासदों का नगर पालिका के ईओ रोहिताश शर्मा से ठेकेदार की उपस्थिति में विवाद भी हुआ था, और इसे लेकर ही कर्मियों ने कार्य बहिस्कार कर दिया था। सभासद मनोज साह जगाती व कैलाश रौतेला के नेतृत्व में सभासद इस पर पालिका के खिलाफ आंदोलन भी कर चुके हैं। इस बारे में पूछे जाने पर नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी रोहिताश शर्मा ने स्ट्रीट लाइट ठेकेदार का बचाव करते हुए कहा कि नगर की स्ट्रीट लाइट की लाइनों में ‘अर्थ’ की व्यवस्था न होने की वजह से समस्या आ रही है। अर्थ न होने की वजह से एलईडी स्ट्रीट लाइटें ट्रिप हो जा रही हैं, जिसे ठेकेदार द्वारा सुधारा जा रहा है। साथ ही लाइनों के तार एल्युमिनिमय की होने के कारण बारिश के बाद कार्बन आने से भी समस्या आ रही है। वहीं इस बारे में विद्युत वितरण खंड नैनीताल के अधिशासी अभियंता एसएस उस्मान ने शर्मा के आरोपों को पूरी तरह से खारिज करते हुए बताया कि पूर्व में भी आई इस शिकायत की संयुक्त मजिस्ट्रेट के स्तर पर जांच कराई जा चुकी है, और शिकायत आधारहीन पायी गयी है। उन्होंने साफ तौर पर ठेकेदार द्वारा लगाई गयी एलईडी लाइटों में ही समस्या बताई। दावा किया कि मरम्मत करने के बाद स्ट्रीट लाइटों में समस्या नहीं आ रही है। हालांकि ईओ शर्मा ने पुनः इस दावे को गलत बताया है।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 5 फरवरी 2019। दिसंबर माह में कार्यभार संभालने वाले नगर पालिका सभासद एक डेढ़ माह में ही अपनी ही नगर पालिका की कार्यप्रणाली से त्रस्त होकर धरने पर बैठ गये हैं। नगर के अयारपाटा वार्ड के सभासद मनोज साह जगाती के साथ ही श्रीकृष्णापुर वार्ड के सभासद कैलाश अधिकारी, नारायण नगर के भगवत रावत, आवागढ़ के राजू टांक, स्टाफ हाउस के सागर आर्या व स्नोव्यू के पुष्कर बोरा आदि सभासद मंगलवार को अपनी पूर्व घोषणा के अनुसार नगर पालिका के खिलाफ पालिका के गेट के पास बिना कुछ बिछाये ही जमीन पर धरने पर बैठ गये। आगे उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिन के भीतर यह मामला बोर्ड बैठक में रखकर नया टेंडर न किया गया तो उग्र धरना प्रदर्शन, भूख हड़ताल एवं मंत्री सचिव आदि को पत्र लिखने को बाध्य होंगे।
उल्लेखनीय है कि बीती 18 जनवरी को नगर की स्ट्रीट लाइटों की व्यवस्था संभालने वाली कंपनी की कार्यप्रणाली के खिलाफ सभासदों ने आंदोलन की धमकी दी थी और इधर 29 जनवरी को उन्होंने नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी व पालिका अध्यक्ष को पत्र लिखकर संबंधित कंपनी का अनुबंध तोड़कर नयी व्यवस्था के लिए पालिका की बोर्ड बैठक में प्रस्ताव लाने की मांग की थी। वहीं इधर सभासद जगाती नेे सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखकर स्थितियां न सुधरने पर सभासद पद से इस्तीफा देने की धमकी भी दे डाली है। उनका कहना है कि स्ट्रीट लाइट का ठेका प्राप्त करने वाली कंपनी को अपने अनुबंध के अनुसार लाइटों को शिकायत के तीन दिन के भीतर अपने कर्मचारियों से ठीक करना है, लेकिन न ही उसके पास कर्मचारी हैं, और उसकी लाइटों की गुणवत्ता भी ठीक नहीं है। कंपनी को नगर पालिका के कुछ खास लोगों का संरक्षण भी मिला हुआ है। बताया कि उनके धरने को कई अन्य सभासदों का भी समर्थन है किंतु वे आज नगर में न होने के कारण प्रदर्शन में शामिल नहीं हो पाये हैं।

‘नवीन समाचार’ ने सबसे पहले उठाया था मामला

नैनीताल। उल्लेखनीय है कि ‘नवीन समाचार’ ने ही गत दिनों यह मामला उठाया था। बताया था कि नगर में अमृत योजना के तहत पीपीपी मोड में 2.5-2.5 वाट के 18 बल्बों युक्त 40 वाट की 2500 स्ट्रीट लाइटें लगाने के लिए गाजियाबाद की ईको ड्राइव पावर सॉल्यूशन कंपनी के साथ नगर पालिका ने अनुबंध किया था। अनुबंध की शर्तों के अनुसार कंपनी को अगले 10 वर्षों तक बिना कोई शुल्क लिये यह लाइटें लगानी और शिकायत आने पर 24 घंटे के भीतर मरम्मत करनी है। इन लाइटों को लगाने में हर वर्ष बिजली के बिल में जो भी बचत होगी उसका 20 फीसद भी नगर पालिका को मिलेगा। कंपनी नगर पालिका के वाहनों का प्रयोग करने पर उनमें ईधन भी खुद भरवाएगी। बकौल नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी अनुबंध की शर्तों में यह भी साफ अंकित किया गया है कि यदि कंपनी अपने कार्यों में कोई कोताही बरतती है तो उससे कार्य वापस ले लिया जाएगा तथा उसकी धरोहर राशि भी जब्त कर ली जाएगी।

पूर्व समाचार : एलईडी स्ट्रीट लाइटों से जगमगाने लगा नैनीताल

-इस सप्ताह से एलईडी लाइटें लगाने का कार्य प्रारंभ, मार्च मध्य तक 2500 लाइटें लगाने का कार्य पूरा करने की है समय सीमा
नैनीताल। सरोवरनगरी अमृत योजना के तहत एलईडी लाइटों से जगमगानी प्रारंभ हो गयी है। नगर में इसी सप्ताह से पीपीपी मोड में 40 वाट की एलईडी लाइटें लगाने का कार्य प्रारंभ हो गया है। बताया गया है कि अब तक करीब 80 लाइटें लग गयी हैं, और 500 लाइटें पहुंच चुकी हैं, और हर रोज 20-30 लग रही हैं। उल्लेखनीय है कि नगर में योजना के तहत 2500 स्ट्रीट लाइटें करीब मार्च माह के मध्य तक लगाई जानी हैं।

नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी रोहिताश शर्मा ने बताया कि अमृत योजना के अंतर्गत आने वाले नगर निकायों को पीपीपी मोड में एलईडी लाइटें लगाकर बिजली व ऊर्जा की बचत करती है। लिहाजा बीते नवंबर माह में गाजियाबाद की ईको ड्राइव पावर सॉल्यूशन कंपनी के साथ अनुबंध किया गया है, जो बिना कोई शुल्क लिये 2.5-2.5 वाट के 18 बल्बों युक्त उच्च गुणवत्ता के एलईडी लाइटें लगा रहे हैं। आगे अनुबंध के अनुसार यह लाइटें लगाने से पालिका के मौजूदा करीब ढाई-तीन लाख के विद्युत बिल में जो भी बचत होगी, उसका 20 फीसद भी पालिका को मिलेगा। साथ ही कंपनी नगर पालिका के वाहनों का प्रयोग करने पर उनमें ईधन भी खुद भरवाएगी, और अगले 10 वर्षों तक शिकायत आने पर 24 घंटे के भीतर लाइटों की मरम्मत भी करेगी, और इस हेतु अपने कर्मचारी भी रखेगी। इसमें कोताही बरतने पर कंपनी से कार्य वापस लिया और उसकी धरोहर राशि जब्त की जा सकती है। बताया कि इस पहल से न केवल नगर पालिका स्ट्रीट लाइटें जलाने की जिम्मेदारी से काफी हद तक मुक्त होगी, बल्कि नई लाइटें मुफ्त में लगेंगी, बिजली के बिल में 20 फीसद की कमी आएगी और इस कार्य में लगने वाले कर्मचारी यहां से हटाकर अन्य कार्य में लगाए जा सकेंगे। बताया गया है कि एलईडी लाइटें लगाने से करीब 60 फीसद तक बिजली बचेगी।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 23 फरवरी 2019। लंबे समय से अपने वार्ड में स्ट्रीट लाइटों के न जलने पर मुखर रूप से आंदोलित अयारपाटा वार्ड के सभासद मनोज साह जगाती ने सोशल मीडिया पर एक विज्ञापन सरीखा संदेश डाला है, जो कि वायरल हो गया है। अपने संदेश में जगाती ने ऐसे युवाओं की आवश्यकता जताई है जो पेड़ पर चढ़ना जानते हों। बकौल जगाती, उनके क्षेत्र में स्ट्रीट लाइटें नहीं जल रही हैं, और वन क्षेत्र होने के कारण गुलदारों का भी खतना बना हुआ है, इसलिये इन युवाओं को पेड़ों पर चढ़कर राहगीरों को टॉर्च से रोशनी दिखानी होगी। उन्हें वेतन चंदा इकट्ठा करके दिया जाएगा। जगाती का कहना है कि वह जनवरी माह से अपने वार्ड की खराब पड़ी स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत करने के लिए नगर पालिका से अनुरोध कर रहे हैं किंतु लाइटें अब तक ठीक नहीं हो पाई हैं। जबकि संबंधित ठेकेदार को अनुबंध के अनुसार शिकायत के 36 घंटे के भीतर लाइटें सही करनी हैं। ऐसे में उन्हें इस तरह का प्रयोग करना पड़ा है।

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  • नगर पालिका बोर्ड से अनियमित कर्मियों को सेवा विस्तार व मानदेय वृद्धि का तोहफा
  • एक वर्ष के लिए सभी आठ समितियों का गठन भी हुआ, सभी आठ प्रस्ताव सर्वानुमति से हुए पास
नगर पालिका बोर्ड की बैठक में उपस्थित पालिकाध्यक्ष, अधिकारी एवं सभासदगण।

नवीन समाचार, नैनीताल, 7 जनवरी 2019।नैनीताल नगर पालिका की औपचारिक तौर पर दूसरी एवं कामकाज के लिहाज से पहली बोर्ड बैठक में पालिका के विभिन्न अनुभागों में कार्य कर रहे निचले दर्जे के संविदा, दैनिक वेतन, एवं आउटसोर्सिंग पर कार्यरत कर्मचारियों को आगामी 31 अप्रैल तक का सेवा विस्तार दे दिया गया है, साथ ही आगे उन्हें इसके बाद कुछ माह के बजाय 1-1 वर्ष के लिए सेवा विस्तार देने पर भी पालिका बोर्ड ने सहमति जताई है। इन कार्मिकों का कार्यकाल 31 अक्तूबर 2018 को ही समाप्त हो गया था। वहीं करीब 1 दशक से केवल 200 रुपये दैनिक मानदेय पर कार्य करने को मजबूर नर्सरी विद्यालय की शिक्षिकाओं का मानदेय बढ़ाकर 300 रुपये जबकि कम्प्यूटर ऑपरेटरों का मानदेय 8 हजार प्रति माह से बढ़ाकर लोनिवि के शेड्यूल रेट के आधार पर 11,700 मासिक कर दिया गया।
सोमवार को नगर पालिका अध्यक्ष सचिन नेगी की अध्यक्षता एवं कार्यालय अधीक्षक प्रमोद कुमार के संचालन में नगर पालिका सभागार में आयोजित हुई पालिका बोर्ड की बैठक में इसके अलावा 1 वर्ष के लिये पालिका की विभिन्न समितियों का गठन भी कर दिया गया है। वित्त समिति नगर पालिका अध्यक्ष सचिन नेगी ने अपने पास रखी है, जबकि स्वास्थ्य समिति प्रेमा अधिकारी को, पुस्तकालय समिति दया सुयाल, कर निर्धारण समिति मनोज साह जगाती, निर्माण समिति कैलाश रौतेला, शिक्षा समिति गजाला कमाल, हाट फड़ खोखा समिति राजू टांक व फ्लैट समिति भगवत रावत की अध्यक्षता में गठित की गई है। खास बात यह भी रही सभी प्रस्ताव सर्वसम्मति से बिना किसी विवाद के पारित किए गए। अध्यक्ष सचिन नेगी ने पहली बार सभी सभासदों को पालिका के उपनयन उप नियमों की प्रति उपलब्ध कराने की बात कही है। पालिका बोर्ड ने अमृत योजना के तहत नगर के विभिन्न क्षेत्रों में सीवर लाइन डालने सहित सभी 8 प्रस्ताव को भी स्वीकार कर लिया है। बैठक में नगर पालिका की कर अधीक्षक लता आर्य, अकाउंटेंट राहुल कुमार सिंह, नगर स्वास्थ्य अधिकारी जीएस धर्मसत्तू, अवर अभियंता डीएस मेहरा मेहरा, स्वास्थ्य निरीक्षक कुलदीप कुमार, सभासद सपना बिष्ट, दीपक बर्गली, पुष्कर बोरा, सुरेश चंद्र, मोहन सिंह नेगी, रेखा आर्य व सागर आर्य सहित सभी सभासद मौजूद रहे।पूर्व समाचार : नवनिर्वाचित अध्यक्ष सचिन ने भाजपा उम्मीदवार के साथ पहले किया कुछ ऐसा और फिर कही यह बड़ी बात

मल्लीताल बाजार में एक-दूसरे के गले मिलते भाजपा व कांग्रेस प्रत्याशी।
नैनीताल के नवनिर्वाचित नगर पालिका अध्यक्ष सचिन नेगी का घोषणा पत्र, ताकि सनद रहे…

नैनीताल, 21 नवंबर 2018। नैनीताल नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष पद के लिये निर्वार्चित अध्यक्ष, कांग्रेस पार्टी से प्रत्याशी रहे सचिन नेगी ने बुधवार को अपने प्रतिद्वंद्वी व चुनाव में तीसरे स्थान पर रहे भाजपा उम्मीदवार अरविंद पडियार को गले लगा लिया। इस दौरान दोनों के बीच कुछ क्षणों के लिए एक-दूसरे के कान में कुछ गुफ्तगू भी हुई। दोनों की यह मुलाकात चुनाव में दूसरे स्थान पर रहे निर्दलीय प्रत्याशी किसन नेगी के प्रतिष्ठान के सामने हुई। अलबत्ता इस दौरान किसन नेगी वहां नहीं दिखे। इसके बाद अपने पहले संबोधन में सचिन ने मंच से कहा कि वे चुनाव में उनके समक्ष लड़े प्रत्याशियों सहित सभी को साथ लेकर नगर की बेहतरी के लिए कार्य करने के पक्षधर हैं। अपने संक्षिप्त संबोधन में नेगी ने जीत के लिए सभी का आभार जताया तथा चुनाव में पराजित हुए उम्मीदवारों सहित सभी के साथ मिलकर काम करने का संकल्प जताया। कहा कि सभी मिलकर कार्य करेंगे तो प्रकृति का स्वर्ग कही जाने वाली सरोवरनगरी को वास्तव में धरती का स्वर्ग बना देंगे।
उल्लेखनीय है कि इस दौरान अध्यक्ष पद के प्रथम तीन स्थानों पर रहे तीनों प्रत्याशी मल्लीताल बाजार में नगर वासियों का आभार जताते भी दिखे।

सात निकायों में अध्यक्ष-महापौर एवं 125 वार्डों में अध्यक्ष-सभासदों के लिए तीन लाख से अधिक मतदाता देंगे वोट

नैनीताल। आगामी 15 नवंबर को होने वाले निकाय चुनावों के लिए नैनीताल जनपद में एक नगर निगम हल्द्वानी, तीन नगर पालिका-नैनीताल, भवाली व रामनगर तथा तीन नगर पंचायत-भीमताल, कालाढुंगी एवं लालकुआं के लिए मतदान किया जाएगा। इस प्रकार इन चुनावों में कुल सात अध्यक्ष-महापौर एवं 125 सभासद-पार्षद प्रत्याशियों का निर्वाचन किया जाएगा। हल्द्वानी-काठगोदाम नगर निगम में महापौर एवं 60 वार्डों के सभासद पदों के लिए होने वाले चुनाव में 1 लाख 4003 महिलाएं एवं एक लाल 9178 पुरुष यानी कुल दो लाख 13 हजार 181 मतदाता, रामनगर नगर पालिका में अध्यक्ष एवं 20 सभासद पदों के लिए 17 हजार 97 महिला व 18 हजार 94 पुरुष सहित कुल 35 हजार 191 मतदाता, नैनीताल पालिका में अध्यक्ष एवं 15 सभासद पदों के लिए 13 हजार 828 महिला व 14 हजार 337 महिलाओं सहित कुल 28 हजार 165 मतदाता, भवाली नगर पालिका में अध्यक्ष व 7 सभासद पदों के लिए 2 हजार 812 महिला व 2 हजार 935 पुरुष सहित कुल 5 हजार 747 मतदाता, भीमताल नगर पंचायत के लिए अध्यक्ष व 9 सभासद पदों के लिए 4 हजार 123 महिला व 4290 महिलाओं सहित कुल 8413 मतदाता, लालकुआ में अध्यक्ष व 7 सभासद पदों के लिए 2421 महिला व 2786 पुरुषों सहित कुल 5207 मतदाता व कालाढुंगी में अध्यक्ष व 7 सभासद पदों के लिए 2870 महिला व 3032 पुरुषों सहित कुल 5902 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।

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-भाजपा से त्रिवेंद्र रावत तो कांग्रेस से हरीश रावत चुनाव प्रचार कर लगाएंगे नैनीताल के मुकाबले में तड़का

नैनीताल, 10 नवंबर 2018। देश ही तीसरी ऐतिहासिक नैनीताल नगर पालिका के सियासी घमासान में प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, पूर्व काबीना मंत्री डा. इंदिरा हृदयेश, राष्ट्रीय सचिव प्रकाश जोशी व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह की प्रतिष्ठा भी दांव पर होगी, साथ ही यह मुकाबले को दमदार भी बनाएंगे।
शनिवार को इस चुनाव में पहली बार कांग्रेस की ओर से प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने पार्टी प्रत्याशी सचिन नेगी की ओर से चुनाव प्रचार कर प्रचार अभियान में तेजी भरी। इससे नगर में अब तक सभी पार्टियों व प्रत्याशियों के सुस्त चल रहे प्रचार में आगे कुछ तेजी दिखने की उम्मीद की जा रही है। इस मौके पर हालांकिन मुख्यालय के बजाय राज्य के मुद्दे को आगे बढ़ाते हुए प्रीतम ने कहा कि राज्य में भाजपा की सरकार को करीब दो साल होने वाले हैं, और अब तक ‘डबल इंजन’ स्टार्ट भी नहीं हो पाया है। इसकी काट के लिए आगे भाजपा प्रत्याशी अरविंद पडियार के समर्थन में आगामी 14 नवंबर को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के मुख्यालय पहुंचने की संभावना है, जबकि कांग्रेस इसके बाद भी 15 व 16 नवंबर को पूर्व सीएम हरीश रावत, पूर्व काबीना मंत्री डा. इंदिरा हृदयेश व राष्ट्रीय सचिव प्रकाश जोशी को मुख्यालय बुलाने की कोशिश में है।

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-पालिका से सीढ़ी चढ़ विधायक-मंत्री बने सनवाल, तड़ागी, चंद व सरिता
नवीन जोशी, नैनीताल, 1 नवंबर 2018। 1841 में अपनी बसासत के चार वर्ष के भीतर ही 1845 में देश की तीसरी नगर पालिका का दर्जा हासिल करने वाली 163 वर्ष पुरानी नैनीताल नगर पालिका कई राजनेताओं के लिए राजनीति की पाठशाला के साथ ही राजनीतिक कॅरियर की सीढ़ी भी साबित हुई है। नगर के तीसरे पालिकाध्यक्ष रहे बाल कृष्ण सनवाल, चौथे अध्यक्ष किशन सिंह तड़ागी व सातवीं अध्यक्ष सरिता आर्य आगे चलकर विधायक बने। जबकि यहां सभासद रहे श्रीचंद ने यूपी में दो मुख्यमंत्रियों के कार्यकाल में वन एवं राजस्व विभाग के काबीना मंत्री रहने का गौरव हासिल किया। गौरतलब है कि पूर्व में नगर के प्रथम पालिकाध्यक्ष रायबहादुर जसौत सिंह बिष्ट के नाम दो बार (1941 से 1947 और 1947 से 1953 तक) पालिकाध्यक्ष रहने का रिकार्ड दर्ज है। वहीं इस बार एक पूर्व सभासद, दो अधिवक्ता, तीन महिलाएं, व्यापारी, एक पूर्व खेल प्रशासक और समाजसेवी नैनीताल पालिकाध्यक्ष की हॉट सीट पर बैठने की कोशिश में हैं।

नैनीताल नगर पालिका से राजनीतिक अनुभव का ककहरा सीखकर पालिका के भीतर ही पदोन्नति प्राप्त करने वालों की बात की जाए तो पहला नाम नगर के आठवें पालिकाध्यक्ष मुकेश जोशी का आता है, जो पूर्व में सरिता आर्या की अध्यक्षता वाली बोर्ड में सभासद रहे, और आगे पालिकाध्यक्ष बने। अब वर्तमान चुनावों में भी करीब एक दर्जन पूर्व सभासद पालिका के भीतर ऐसी ही ऊंची उड़ान भरने की कोशिश में हैं, जो उनके पालिका चलाने के अनुभव का मापदंड भी साबित हो रही है। इस कड़ी में पहला नाम निर्दलीय प्रत्याशी राजेंद्र परगाई का आता है, जो वर्ष 2007 से 2012 तक नैनीताल पालिका के सभासद रहे हैं। और अब अध्यक्ष पद प्राप्त करने की कोशिश में चुनाव मैदान में हैं। परगाई के अलावा मौजूदा सभासद सपना बिष्ट, जितेंद्र बिष्ट, नीतू बोहरा व डीएन भट्ट एवं पूर्व सभासद दीप नारायण व मनोहर सिंह कार्की फिर से सभासद पद के लिए चुनाव मैदान में हैं। वहीं पूर्व सभासद मनोज अधिकारी व पवन बिष्ट ने अपनी पत्नियों को इस बार सभासद पद के लिए चुनाव मैदान में उतारा है।यह सभी प्रत्याशी स्वयं को पालिका की सेवाओं के लिए अनुभवी बताकर प्रत्याशियों से चुनाव जिताने की अपील कर रहे हैं।

दो रायबहादुर, चार अधिवक्ता रहे हैं नैनीताल के पालिकाध्यक्ष

नैनीताल। 1843-44 में अंग्रेजों ने प्रेसीडेंसी एक्ट आफ 1842 के तहत वर्ष 1845 में नैनीताल पालिका का गठन किया था। इससे पूर्व मद्रास में पहली तथा मंसूरी में दूसरी पालिका गठित हो चुकी थी। नैनीताल नगर पालिका के 163 वर्षों में जिन आठ के सिर पर अध्यक्ष का ताज सजा, उनमें दो राय बहादुर, चार अधिवक्ता, एक पूर्व सभासद और एक महिला है। प्रख्यात अंतरराष्ट्रीय शिकारी जिम कार्बेट भी नैनीताल पालिका के म्युनिसिपल कमिश्नर (सभासद) रह चुके हैं। पालिका बनने के बाद ब्रिट्शि हुक्मरान ही यहां अध्यक्ष रहे। आजादी से पूर्व वर्ष 1941 में रायबहादुर जसौद सिंह बिष्ट को ब्रिटिशों ने पालिकाध्यक्ष बनाया। वह 1953 तक चेयरमैन रहे। 1953 में पहली बार जनता ने मतदान से अध्यक्ष चुना। राय बहादुर मनोहर लाल साह पहले निर्वाचित चेयरमैन बने। इसके बाद पेशे से अधिवक्ता रहे बीके सनवाल, केएस तड़ागी, आरएस रावत तथा संजय कुमार संजू को जनता ने पालिकाध्यक्ष की कुर्सी में बिठाया। वर्ष 2002 में वर्तमान विधायक सरिता आर्या को पहली महिला पालिकाध्यक्ष होने का गौरव मिला। 1977 में आपातकाल की वजह से चुनाव नहीं हुए, इसलिए 1977 से लेकर 1988 और फिर 1994 से 1997 तक यह कुर्सी प्रशासक के पास रही।

तीन विधायकों की प्रतिष्ठा भी दांव पर

नैनीताल। नगर पालिका के चुनावों में इस बार अध्यक्ष पद के लिए भाजपा विधायक संजीव आर्य, महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सरिता आर्य व उक्रांद के पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष डॉ. नारायण सिंह जंतवाल की प्रतिष्ठा दांव पर है। तीनों के समक्ष अपने प्रत्याशियों को जिताने की चुनौती है।

कौन क्या रहे क्या बने

बाल कृष्ण सनवाल पालिकाध्यक्ष विधायक
किशन सिंह तड़ागी पालिकाध्यक्ष विधायक
सरिता आर्या पालिकाध्यक्ष विधायक
श्रीचंद सभासद यूपी के वन व न्याय मंत्री
मुकेश जोशी सभासद पालिकाध्यक्ष

इस चुनाव में यह पूर्व पालिका अध्यक्ष व सभासद प्रत्याशी भी हैं मैदान में

कौन                     क्या थे    दावेदार
राजेंद्र परगाई        सभासद  पालिकाध्यक्ष
सपना बिष्ट          सभासद   सभासद
डीएन भट्ट              सभासद   सभासद
नीतू बोहरा             सभासद   सभासद
जीतेंद्र बिष्ट           सभासद   सभासद
दीप नारायण          सभासद   सभासद
मनोहर कार्की         सभासद   सभासद

अब तक के पालिकाध्यक्ष

1941 से 1953  रायबहादुर जसौद सिंह बिष्ट
1953 से 1964  रायबहादुर मनोहर लाल साह
1964 से 1971  बाल कृष्ण सनवाल (अधिवक्ता)
1971 से 1977  किशन सिंह तड़ागी (अधिवक्ता)
1977 से 1988 प्रशासक
1988 से 1994  राम सिंह रावत (अधिवक्ता)
1994 से 1997  प्रशासक
1997 से 2002  संजय कुमार संजू (अधिवक्ता)
2002 से 2008  सरिता आर्या (प्रथम महिला पालिकाध्यक्ष)
2008 से 2013  मुकेश जोशी (पूर्व पालिका सभासद)
2013 से 2018   श्याम नारायण (पूर्व शिक्षक)

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सफाई व्यवस्था सुनियोजित करने को बंगाल प्रेसीडेंसी एक्ट के तहत 1845 में हुआ था गठन

नवीन जोशी नैनीताल। जी हां, देश ही नहीं दुनिया में नैनीताल ऐसा अनूठा व इकलौता शहर होगा जिसे बसने के चार वर्ष के अंदर ही नगर पालिका का दर्जा मिल गया था। दूर की सोच रखने वाले इस शहर के अंग्रेज नियंताओं ने शहर के बसते ही इसकी साफ-सफाई को सुनियोजित करने के लिए बंगाल प्रेसीडेंसी एक्ट-1842 के तहत इसे 1845 में नगर पालिका का दर्जा दे दिया गया था।

विदित है कि नैनीताल नगर को वर्तमान स्वरूप में बसाने का श्रेय अंग्रेज व्यवसायी पीटर बैरन को जाता है, जो 18 नवम्बर 1841 को यहां आया लेकिन कम ही लोग जानते हैं कि इसके तीन वर्ष के उपरांत 1843-44 में ही, जब नगर की जनसंख्या कुछ सौ ही रही होगी, नगर की साफ-सफाई के कार्य को सुनियोजित करने के लिए इसे नगर पालिका बनाने का प्रस्ताव नगर के तत्कालीन नागरिकों ने कर दिया था। अंग्रेज लेखक टिंकर की पुस्तक “लोकल सेल्फ गवर्नमेंट इन इंडिया, पाकिस्तान एंड वर्मा” के पेज 28-29 में नैनीताल के देश की दूसरी नगर पालिका बनने का रोचक जिक्र किया गया है। पुस्तक के अनुसार उस दौर में किसी शहर की व्यवस्थाओं को सुनियोजित करने के लिए तत्कालीन नार्थ-वेस्ट प्रोविंस में कोई प्राविधान ही नहीं थे। लिहाजा 1842 में बंगाल प्रेसीडेंसी के लिए बने बंगाल प्रेसीडेंसी अधिनियम-1842 के आधार पर इस नए नगर को नगर पालिका का दर्जा दे दिया गया। इससे पूर्व केवल मसूरी को (1842 में) नगर पालिका का दर्जा हासिल था, इस प्रकार नैनीताल को देश की दूसरी नगर पालिका होने का सौभाग्य मिल गया। अधिनियम के तहत 7 जून 1845 को नगर की व्यवस्थाएं देखने के लिए कुमाऊं के दूसरे कमिश्नर मेजर लूसिंग्टन की अध्यक्षता में मेजर जनरल सर डब्लू रिचर्ड्स, मेजर एचएच आरवॉड, कैप्टेन वाईपी पोंग व पी वैरन की पांच सदस्यीय समिति  गठित कर दी गयी।  आगे 1850 में म्युनिसिपल एक्ट आने के बाद तीन अक्टूबर 1850 को यहां विधिवत नगर पालिका बोर्ड का गठन हुआ। नगर के बुजुर्ग नागरिक व म्युनिसिपल कमिश्नर (सभासद) रहे गंगा प्रसाद साह बताते हैं कि उस दौर में नियमों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जाता था। सेनिटरी इंस्पेक्टर घोड़े पर सवार होकर रोज एक-एक नाले का निरीक्षण करते थे। माल रोड पर यातायात को हतोत्साहित करने के लिए चुंगी का प्राविधान किया गया था। गवर्नर को चुंगी से छूट थी। एक बार अंग्रेज लेडी गवर्नर बिना चुंगी दिए माल रोड से गुजरने का प्रयास करने लगीं, जिस पर तत्कालीन पालिकाध्यक्ष राय बहादुर जसौत सिंह बिष्ट ने लेडी गवर्नर का 10 रुपये का चालान कर दिया था।

नैनीताल नगर पालिका की विकास यात्रा

    • 1841 में पहला भवन पीटर बैरन का पिलग्रिम हाउस बनना शुरू ।
    • तल्लीताल गोरखा लाइन से हुई बसासत की शुरूआत।
    • 1845 में मेजर लूसिंग्टन, 1870 में जे मैकडोनाल्ड व 1845 में एलएच रॉबर्टस बने पदेन अध्यक्ष।
    • 1891 तक कुमाऊं कमिश्नर होते थे छह सदस्यीय पालिका बोर्ड के पदेन अध्यक्ष व असिस्टेंट कमिश्नर उपाध्यक्ष।
    • 1891 के बाद डिप्टी कमिश्नर (डीसी) ही होने लगे अध्यक्ष।
    • 1900 से वैतनिक सचिव होने लगे नियुक्त, बोर्ड में होने लगे पांच निर्वाचित एवं छह मनोनीत सदस्य।
    • 1921 से छह व 1927 से आठ सदस्य होने लगे निर्वाचित।
    • 1934 में आरई बुशर बने पहले सरकार से मनोनीत गैर अधिकारी अध्यक्ष (तब तक अधिकारी-डीसी ही होते थे अध्यक्ष)।
    • 1941 में पहली बार रायबहादुर जसौत सिंह बिष्ट जनता से चुन कर बने पालिकाध्यक्ष।
    • 1953 से राय बहादुर मनोहर लाल साह रहे पालिकाध्यक्ष।
    • 1964 से बाल कृष्ण सनवाल रहे पालिकाध्यक्ष।
    • 1971 से किशन सिंह तड़ागी रहे पालिकाध्यक्ष।
    • 1977 से 1988 तक डीएम के हाथ में रही सत्ता।
    • 1977 तक बोर्ड सदस्य कहे जाते थे म्युनिसिपल कमिश्नर, जिम कार्बेट भी 1919 में रहे म्युनिसिपल कमिश्नर।
    • 1988 में अधिवक्ता राम सिंह बिष्ट बने पालिकाध्यक्ष।
    • 1994 से 1997 तक पुन: डीएम के हाथ में रही सत्ता।
  • 1997 में संजय कुमार :संजू”, 2003 में सरिता आर्या व 2008 में मुकेश जोशी बने अध्यक्ष।

नैनीताल नगर पालिका के दो पूर्व अध्यक्ष प्रत्याशियों सहित 10 लोग नहीं लड़ पायेंगे नगर पालिका चुनाव

नैनीताल, 20 अक्टूबर 2018। नैनीताल नगर पालिका के पिछले चुनाव लड़े 10 प्रत्याशी यह चुनाव नहीं लड़ पाऐंगे। इनमें पिछले चुनाव के दो अध्यक्ष प्रत्याशी राकेश उर्फ शम्भू व दीपक कुमार उर्फ भोलू भी शामिल हैं, जो कि पूर्व में नगर पालिका के सभासद भी रह चुके हैं। दरअसल सभी 10 लोगों को ‘अधिकतम निर्वाचन व्यय और उसकी लेखा आदेश-2003’ में उल्लिखित प्राविधानों के अनुसार छह वर्ष के लिए चुनाव लड़ने के अयोग्य घोषित किया गया है, किंतु यह आदेश 17 मार्च 2003 में जारी हुए हैं। इस प्रकार वे मौजूदा तथा अगले करीब तीन वर्षों तक कोई भी चुनाव नहीं लड़ पायेंगे। चुनाव लड़ने से अनर्ह घोषित किये गये अन्य सभासद प्रत्याशी आरती कुमारी व कंचन निवासी धोबीघाट, महेश साह निवासी गार्डन हाउस मल्लीताल, जीवंती व आनंद मेहता निवासी स्टोनले कंपाउंड, सुजीत कुमार कीर्ति निवासी शिल्पी हैलो कंपाउंड, कंचन वर्मा निवासी जय लाल साह बाजार मल्लीताल व पुष्पा साह निवासी बड़ा बाजार मल्लीताल शामिल हैं।

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-संपत्तियों के नामांतरण पर भी शुल्क लगेगा, गजट नोटिफिकेशन
– कालाढुंगी रोड की ओर से नगर में आने वाले वाहनों के लिए सरिताताल में शुल्क लेने के लिए बनेगा बूथ
-मौजूदा नगर पालिका बोर्ड की कमोबेश आखिरी बैठक में पारित हुए 30 से अधिक प्रस्ताव
नैनीताल। नैनीताल नगर पालिका क्षेत्र में खुले में शौच करने पर मौके पर ही संबंधित व्यक्ति पर ₹ पांच हजार रुपए तक जुर्माना लगाया जा सकता है। पहले इस हेतु ₹ 200 रुपए का प्राविधान था। यह दीगर बात है कि अब तक इतना जुर्माना भी किसी से नहीं लिया गया है। इसके अलावा नगर में अब संपत्तियों के नामांतरण पर भी शुल्क लगेगा। शुल्क की दर संपत्ति के कीमत के एक फीसद से कम ही है। इस बारे में पूर्व में पालिका के अधिनियम में संपत्ति हस्तांतरण शुल्क का प्राविधान है, जबकि संपत्तियों के दाखिल-खारिज के लिए किसी शुल्क का प्राविधान नहीं है। इसके अलावा कालाढुंगी रोड की ओर से नगर में आने वाले वाहनों के लिए सरिताताल में शुल्क लेने के लिए बूथ स्थापित किया जाएगा। इन मामलों में नगर पालिका गजट नोटिफिकेशन करवाएगी।

विधायक के 10 लाख से 100 मीटर ऊंचा राष्ट्रीय ध्वज लगाने पर कलह

नैनीताल। गत दिवस नगर पालिका कर्मचारी संघ के शपथ ग्रहण समारोह में पालिका ईओ के अनुरोध को स्वीकारते हुए विधायक संजीव आर्य ने विधायक निधि से कैपिटॉल सिनेमा के सामने के चिल्ड्रन पार्क में 100 मीटर ऊंचा राष्ट्रीय ध्वज लगाने के लिए 10 लाख रुपए नगर पालिका को देने की घोषणा की है। पालिका सभासद डीएन भट्ट ने सदन को इसकी जानकारी दी। इस पर राष्ट्रीय ध्वज को देश की आन-बान व शान का प्रतीक बताने के बावजूद कई सभासद कलह करने से नहीं चूके। हालत यह रही कि पूरी बोर्ड बैठक में सर्वाधिक हो-हल्ला इसी मुद्दे पर हुआ। शिव सेना से जुड़े सभासद भूपाल कार्की ने कहा कि झंडा कहां लगेगा, यह विधायक नहीं पालिका बोर्ड तय करेगी। यह जामा मस्जिद के सामने लगे। वहीं कांग्रेस से जुड़े सभासद कैलाश अधिकारी ने झंडे की सुरक्षा की आढ़ लेते हुए कैपिटॉल के सामने इसे लगाने पर विरोध जताया। सभासद जितेंद्र बिष्ट इसके पक्ष में अढ़े। आखिर ईओ ने आश्वस्त कराया कि अमृत योजना के तहत 17 लाख रुपए से विकसित किये जा रहे चिल्ड्रन पार्क में इसकी सुरक्षा सुनिश्चित होगी। इस पर बोर्ड ने राष्ट्रीय ध्वज लगाने को मंजूरी दे दी।

नवीन समाचार
‘नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से ‘मन कही’ के रूप में जनवरी 2010 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
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