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निकाय चुनाव में हार के बाद उभरा छात्र संघ चुनाव का जिन्न, अभाविप नेताओं को संगठन मंत्री के नाम से जान से मारने की धमकी

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नैनीताल, 26 नवंबर 2018। निकाय चुनाव में भाजपा प्रत्याशी की हार के बाद पार्टी में जमकर हड़कंप मचा हुआ है। हर कोई एक-दूसरे पर आरोप लगाता दिख रहा है। प्रत्याशी के पक्ष में कार्य करने वालों का एक वर्ग जहां पूर्व में नामांकन कराने वाले कार्यकर्ताओं पर प्रत्याशी के बजाय विरोधियों के लिये कार्य करने का आरोप लगाते हुए इसे हार का कारण बता रहे हैं, वहीं प्रत्याशी के लिए कार्य कर रहे कई खास लोगों पर भी भितरघात के आरोप छन-छन कर बाहर आ रहे हैं। नाम ले-लेकर पूछ जा रहा है कि अमुख कार्यकर्ता पिछले चुनाव में पार्टी के साथ थे, तो इस बार क्यों नहीं ?
वहीं पार्टी के विचार परिवार के आनुशांगिक छात्र संगठन-अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में आरोप-प्रत्यारोप पुलिस में तहरीर से होते हुए मुख्यमंत्री तक पहुंच गये हैं। बताया गया है कि परिषद के दो एवं एक सभासद प्रत्याशी को बीती 22 नवंबर की रात्रि परिषद के ही संगठन मंत्री के नाम से आयी फोन कॉल पर जान से मारने की धमकी दी गयी तथा संगठन के लिए भी अपशब्द एवं गाली-गलौच की गयी। इस फोन कॉल की रिकॉर्डिंग भी मौजूद है, और फोन में आवाज नगर के ही एक अन्य पार्टी के कार्यकर्ता की बतायी जा रही है। वहीं फोन करने वाले ने अगले दिन आईजी एवं कुछ पुलिस के अधिकारियों को तीन दिन पूर्व अपना सिम खोने की बात कही है। सोमवार को मुख्यालय आगमन पर यह मामला मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के संज्ञान में भी आ गया है, और उन्होंने पुलिस को दी गयी तहरीर की प्रति भी कथित तौर पर मंगवा ली है। वहीं पत्रकारों द्वारा पूछे जाने पर इसे घर का मामला कहते हुए टालने का प्रयास किया है। वहीं परिषद के संगठन मंत्री का मामले में नाम आने से संगठन भी मामले को गंभीरता से ले रहा है, जबकि इधर पुलिस के स्तर से मामले में दोनों पक्षों को बुलाकर सुहल कराने के प्रयास भी शुरू हो गये बताये गये हैं। मंगलवार को कोई समझौता हो भी सकता है।
उल्लेखनीय है कि निकाय चुनावों में पार्टी प्रत्याशी के चुनाव को डीएसबी परिसर के छात्र संघ चुनावों से भी जोड़कर देखा जा रहा है। उस चुनाव में अभाविप प्रत्याशी हारी, और जो बागी प्रत्याशी जीता, उसे पार्टी में शामिल कर लिया गया है।

पूर्व समाचार : नवनिर्वाचित अध्यक्ष सचिन ने भाजपा उम्मीदवार के साथ पहले किया कुछ ऐसा और फिर कही यह बड़ी बात

मल्लीताल बाजार में एक-दूसरे के गले मिलते भाजपा व कांग्रेस प्रत्याशी।
नैनीताल के नवनिर्वाचित नगर पालिका अध्यक्ष सचिन नेगी का घोषणा पत्र, ताकि सनद रहे…

नैनीताल, 21 नवंबर 2018। नैनीताल नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष पद के लिये निर्वार्चित अध्यक्ष, कांग्रेस पार्टी से प्रत्याशी रहे सचिन नेगी ने बुधवार को अपने प्रतिद्वंद्वी व चुनाव में तीसरे स्थान पर रहे भाजपा उम्मीदवार अरविंद पडियार को गले लगा लिया। इस दौरान दोनों के बीच कुछ क्षणों के लिए एक-दूसरे के कान में कुछ गुफ्तगू भी हुई। दोनों की यह मुलाकात चुनाव में दूसरे स्थान पर रहे निर्दलीय प्रत्याशी किसन नेगी के प्रतिष्ठान के सामने हुई। अलबत्ता इस दौरान किसन नेगी वहां नहीं दिखे। इसके बाद अपने पहले संबोधन में सचिन ने मंच से कहा कि वे चुनाव में उनके समक्ष लड़े प्रत्याशियों सहित सभी को साथ लेकर नगर की बेहतरी के लिए कार्य करने के पक्षधर हैं। अपने संक्षिप्त संबोधन में नेगी ने जीत के लिए सभी का आभार जताया तथा चुनाव में पराजित हुए उम्मीदवारों सहित सभी के साथ मिलकर काम करने का संकल्प जताया। कहा कि सभी मिलकर कार्य करेंगे तो प्रकृति का स्वर्ग कही जाने वाली सरोवरनगरी को वास्तव में धरती का स्वर्ग बना देंगे।
उल्लेखनीय है कि इस दौरान अध्यक्ष पद के प्रथम तीन स्थानों पर रहे तीनों प्रत्याशी मल्लीताल बाजार में नगर वासियों का आभार जताते भी दिखे।

निकाय चुनाव को सेमीफाइनल बता, लोस का फाइनल जीतने का जताया संकल्प

-नवनिर्वाचित अध्यक्ष ने पराजित प्रत्याशियों सहित सबके साथ मिलकर काम करने का जताया संकल्प
नैनीताल। नैनीताल नगर पालिका से अध्यक्ष पद पर कांग्रेस प्रत्याशी सचिन नेगी की जीत से उत्साहित कांग्रेस कार्यकर्ताआंे ने निकाय चुनाव को सेमीफाइनल बताते हुए आगे लोक सभा का फाइनल जीतने का संकल्प जताया है। बुधवार को महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष सरिता आर्य के द्वारा अध्यक्ष बनने के उपलक्ष्य में आहूत ‘अभिवादन रैली’ में पूर्व दायित्वधारी रईश भाई सहित कई वक्ताओं ने यह बात कही। युवाओं को जीत का मुख्य श्रेय देते हुए वक्ताओं ने कहा कि जिस तरह नैनीताल नगर पालिका का चुनाव जीता गया है, ऐसे ही लोक सभा चुनाव में भी मिल जुलकर कार्य करके जो भी पार्टी का सांसद प्रत्याशी होगा, उसे जिताएंगे।
इस दौरान सचिन को वाल्मीकि सभा के सरपंच महेश पंवार व राम प्रसाद ने वाल्मीकि समुदाय की परंपरागत पगड़ी पहना अभिनंदन किया। साथ ही कार्यकर्ताओं ने माल्यार्पण भी किया। इस दौरान चुनाव में प्रत्याशी का समर्थन न करने वाले कांग्रेस कार्यकर्ताओं की मंच पर मौजूदगी व संबोधन भी कार्यकर्ताओं में चर्चा के केंद्र में रहे। इस मौके पर पूर्व दायित्वधारी डा. रमेश पांडे, सरिता आर्या, मुकेश जोशी, गोपाल बिष्ट, डा. हरीश बिष्ट, जेके शर्मा व त्रिभुवन फर्त्याल सहित कई अन्य ने विचार रखे, साथ ही हेम आर्या, मंजू बिष्ट, हिमांशु पांडे, सुनील मेहरा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

निकाय चुनाव : मतपत्रों पर मतदान ने ध्वस्त कर दिये कई मतदाताओं के मतदान के अरमान

-प्रक्रिया में देरी व पर्याप्त प्रबंधों की कमी की वजह से बिना मतदान किये लौटे कई मतदाता
-शाम चार बजे के बाद ठंड बढ़ने तक भी लाइन से मतदान का नंबर न आने से लौटने को मजबूर हुए कई मतदाता
नैनीताल, 18 नवंबर 2018। ईवीएम यानी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों के दौर में निकाय चुनाव में मतपत्रों के प्रयोग से कई मतदाताओं के वोट देकर अगले पांच वर्षों के लिए अपनी पसंद का मतदाता चुनने के अरमानों को ठंडा कर दिया। मुख्यालय में बूथों पर सुबह आठ बजे से ही मतदाताओं की कतारें लग गयी थीं, जो कि दिन चढ़ने के साथ घटने के बजाय बढ़ती चली गयीं। क्योंकि बूथों में मतदान की प्रक्रिया काफी धीमी थी। हर एक मतदाता के वोट देने में ही करीब 1 मिनट से अधिक का समय लग रहा था। ऐसे में अनेक मतदाता मतपत्रों से मतदान की प्रक्रिया में लग रही देरी एवं मतदान के लिए अधिक बूथ बनाने या टेबल लगाने जैसे पर्याप्त प्रबंध न होने की वजह से घंटों लाइन में खड़े होने की परेशानी से बचने के लिये या तो लाइनों में खड़े ही नहीं हुए और वापस लौट गये, अथवा घंटों लाइन में खड़े होने के बाद भी नंबर न आने की वजह से बीच में ही लाइन छोड़कर बिना वोट दिये लौट गये। शाम चार बजे के बाद ठंड बढ़ने के कारण भी तब तक नंबर न आने से कई मतदाता बिना मतदान किये लौटे। वहीं अनेक मतदाता मतदान केंद्रों पर आने के बाद मतदाता सूची में अपना नाम ही न होने की वजह से भी मतदान से वंचित रहे। इससे प्रत्याशियों के जीतने के समीकरणों पर भी प्रभाव पड़ सकता है। इसके बावजूद बूथों पर लंबी-लंबी लाइनें लगी रहीं, और मतदान काफी धीमी गति से हुआ।ऐसे में लोग ईवीएम से मतदान को बेहतर बताते दिखे। शाम पांच बजे के बाद भी बूथों पर लंबी-लंबी लाइनें देखी गयीं।

देखें नैनीताल में मतदान की झलकियां:

सीआरएसटी व जीमखाना में सर्वाधिक तेजी शैले हॉल में सबसे धीमा हुआ मतदान

नैनीताल, 18 नवंबर 2018। नगर पलिका के चुनावों के लिए रविवार को मतदान के दौरान नगर के मल्लीताल जीमखाना कक्ष संख्या एक और सीआरएसटी कक्ष संख्या में मतदान की गति सबसे तेज रही, जबकि दुर्गापुर में मतदान की गति सबसे धीमी रही। जीमखाना कक्ष एक में सुबह 10 बजे तक 11.03, 12 बजे तक 23.75, 2 बजे तक 41.93 व 4 बजे तक 62.61 फीसद, सीआरएसटी कक्ष एक में 10 बजे तक 11, 12 बजे तक 28.5, 2 बजे तक 47.68 व 4 बजे तक 62..2 फीसद तक मतदान हो चुका था। जबकि इसके उलट शैले हॉल नैनीताल क्लब के कक्ष 1 में शाम चार बजे तक 39.75 फीसद, प्रांतीय खंड लोनिवि कक्ष 1 में मात्र 40.46 फीसद, प्राथमिक विद्यालय दुर्गापुर कक्ष में 41.3 फीसद, कन्या इंटर कॉलेज मल्लीताल के कक्ष 1 में 42.46 फीसद, नर्सरी स्कूल के कक्ष 2 में 42.85 फीसद, प्राथमिक पाठशाला मल्लीताल के कक्ष 1 में 43.17 फीसद, प्राथमिक पाठशाला ल्योनार्ड विला में 44.81 फीसद व सीआरएसटी के कक्ष 3 में शाम 4 बजे तक केवल 46.97 फीसद मतदान हुआ था।

भवाली, भीमताल से धीमी रही नैनीताल में मतदान की गति

नैनीताल। नैनीताल नगर के औसत मतदान की बात करें तो सुबह 10 बजे तक मात्र 9.79 फीसद, भीमताल में 11.39 फीसद व भवाली में 11.15 फीसद, 12 बजे तक नैनीताल में 22.57 फीसद, भीमताल में 24.48 फीसद व भवाली में 25.44 फीसद और शाम चार बजे तक नैनीताल में 52.09 फीसद, भीमताल में 53.98 फीसद व भवाली में 57.4 फीसद मतदान हो चुका था।
जबकि अपराह्न दो बजे तक नैनीताल में 36.78 फीसद, भीमताल में 39.47 फीसद व भवाली में 40.8 फीसद मतदान हुआ था।

एक प्रत्याशी व प्रत्याशी के प्रस्तावकों का मतदान से रोकने का आरोप

नैनीताल। अध्यक्ष पद की निर्दलीय प्रत्याशी नलिनी नेगी, कांग्रेस प्रत्याशी सचिन नेगी के प्रस्तावक कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष डा. रमेश पांडे और कांग्रेस नेता व पूर्व पालिकाध्यक्ष मुकेश जोशी ने बताया कि उन्हें वोट नहीं देने दिया गया। उन्हें बताया गया कि उनके नाम के आगे गोला बना है। यानी उनका वोट पहले ही दे दिया गया है। इस पर उन्होंने मतदान कर्मियों से काफी बहस की। प्रत्याशी नलिनी नेगी ने बताया कि वे वेभरली कंपाउंड के बूथ पर सुबह तड़के ही मतदान शुरू होते ही आठ बजकर करीब 5 मिनट पर पहुंच गयी थीं। उन्हें बताया गया कि उनका वोट पड़ चुका है। नाम पर गोला लगा हुआ है। उन्होंने कहा कि इतनी जल्दी कोई कैसे वोट डाल सकता है। इसी बूथ पर इसी दौरान कांग्रेस नेता डा. रमेश पंाडे को भी यही बताकर वोट देने से रोका गया। इस पर पांडे ने बूथ के कक्ष बंद कर मतदान ही रुकवा दिया। इस पर काफी होहल्ले के बाद करीब सवा नौ बजे उन्हें मतदान करने दिया गया और इसके बाद ही मतदान सुचारू हो पाया। इसी तरह की शिकायत पूर्व पालिकाध्यक्ष मुकेश जोशी ने भी की। अलबत्ता, आरओ संयुक्त मजिस्ट्रेट अभिषेक रुहेला ने ऐसे किसी घटनाक्रम की जानकारी से इंकार किया। साथ ही बताया कि उनकी प्रत्याशी नलिनी नेगी से मुलाकात भी हुई, किंतु उनसे ऐसी कोई शिकायत प्रत्याशी की ओर से भी नहीं की गयी।

वृद्धों-विकलांगों में भी दिखा जोश, महिलाएं रहीं मतदान में आगे

नैनीताल। नगर पालिका के चुनाव में मतदान करने के लिए विकलांगों एवं वृद्धों में भी खासा जोश दिखाई दिया। कई बूथों पर वृद्ध एवं विकलांग मतदाता किसी की मदद से पहुंचते दिखे। उन्हें मतदान करने के लिये वरीयता दी गयी। वहीं कमोबेश हर बूथ पर महिलाओं की लंबी लाइनें लगी रहीं। महिलाएं मेले की तरह सज-संवर कर मतदान के लिए बूथों पर पहुंचीं एवं घंटों लाइन में लगकर भी मतदान किया।
मतदान की तस्वीरें:

 

चुनाव के लिये रणनीति को आखिरी दांव लगाने में जुटे प्रत्याशी, जानें आज प्रत्याशियों ने क्या किया

-भाजपा ने की बैठक, कांग्रेस ने मजार शरीफ में लगाई हाजिरी
नैनीताल, 18 नवंबर 2018। नगर पलिका के चुनावों के लिए रविवार को होने वाले मतदान के कुछ घंटे शेष रहते भी प्रत्याशी अपनी रणनीति को परिस्थितियों के अनुरूप बदलने और आखिरी जोर लगाने में जुटे रहे। वहीं मतदाता भी अपना वोट देने के लिए मन पक्का करने में जुट गये हैं। चुनाव प्रचार के एक दिन शेष बचते अब इस बात पर सर्वाधिक चर्चाएं हो रही हैं कि कौन प्रत्याशी दौड़ में सबसे आगे हैं। प्रत्याशियों के साथ ही मतदाता भी यह जान लेना चाहते हैं ताकि जीत रहे प्रत्याशी को ही अपना वोट दिया जाए, अथवा अपने प्रत्याशी के बहुत खास होने पर और जोर लगाने को कहा जाए। इस कड़ी में भाजपा जहां शाम तक अलग-अलग वर्गों के कार्यकर्ताओं के बीच रणनीति बनाने, वार्डवार कुछ पुरानी रणनीति को बदलने आदि में लगी रही। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी सचिन नेगी ने मजार शरीफ में जाकर दुवा मांगी।
साथ ही इस बाबत आंकलन भी तेज हो गया है कि किन क्षेत्रों में कौन प्रत्याशी मजबूत हैं। अलबत्ता अब भी यह लग रहा है कि अधिकांश प्रत्याशी कुछ हिस्सों-वार्डों में ही मजबूत हैं। इसके साथ ही प्रत्याशी व उनके समर्थक सभी बूथों पर अपने कार्यकर्ताओं-एजेंटों को तैनात करने की जद्दोजहद में नजर आ रहे हैं। बावजूद सत्ता संघर्ष तीन राजनीतिक दलों और करीब इतने ही निर्दलीय प्रत्याशियों में सिमट गया बताया जा रहा है। मुस्लिम व अनुसूचित जाति के तथा सात नंबर क्षेत्र के वोटों को निर्णायक बताया जा रहा है।

निर्दलीय प्रत्याशी ने पेश की मिसाल

सड़क पर झाड़ू लगाती निर्दलीय प्रत्याशी नलिनी नेगी।
सड़क पर झाड़ू लगाती निर्दलीय प्रत्याशी नलिनी नेगी।

नैनीताल, एसएनबी। निर्दलीय प्रत्याशी नलिनी नेगी हालांकि चुनाव प्रचार में पीछे रही हैं, लेकिन चुनाव प्रचार के दौरान पहले गत दिनों आयोजित प्रश्न मंच में पहुंचकर जनता के सवालों के जवाब देने के बाद शनिवार को उन्होंने नगर की सड़कों पर झाड़ू चलाकर मिसाल पेश की। उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को चुनाव प्रचार के आखिरी दिन प्रत्याशियों के समर्थकों ने जुलूस के दौरान जमकर चुनाव के परचे उड़ाकर नगर की बाजरों व माल रोड आदि में गंदगी फैलाई थी। इस पर सोशल मीडिया के अनेक मंचों से प्रत्याशियों का आह्वान किया था कि वे नैतिकता और नगर के प्रति अपनी जिम्मेदारी को दर्शाने के लिए सड़कों की सफाई करें। इस आह्वान पर केवल एक प्रत्याशी नलिनी नेगी ही कुछ देर के लिए सड़क पर झाड़ू लगाती नजर आयीं। उल्लेखनीय हैं कि नलिनी प्रदेश के पूर्व महाधिवक्ता वीबीएस नेगी की धर्मपत्नी हैं।

प्रचार के आखिरी दिन इस तरह प्रत्याशियों ने लगाया जोर, इनका जोर रहा आगे

-जुलूसों के जरिये शक्ति प्रदर्शन कर खामोश हुआ चुनाव प्रचार

नैनीताल, 16 नवंबर 2018। नगर पालिका चुनाव के लिये करीब 36 घंटे ही शेष रहते मुख्यालय में चुनावी कान-फोड़ू भौंपुओं का शोर थम गया है। अलबत्ता इससे पहले चुनाव प्रचार के आखिरी दिन कमोबेश सभी प्रत्याशियों ने जुलूस निकालकर शक्ति प्रदर्शन किया, और एक-दूसरे से आगे दिखने का प्रयास किया। खासकर भाजपा व कांग्रेस के प्रत्याशियों में अपनी भीड़ को दूसरे से अधिक दिखाने में काफी प्रतिस्पर्धा देखी गयी। भाजपा प्रत्याशी अरविंद पडियार के जुलूस में विधायक संजीव आर्य व पूर्व जिलाध्यक्ष मनोज साह सहित अब तक सुशुप्तावस्था में बताये जा रहे कार्यकर्ता भी देखे गये। वहीं कांग्रेस के जुलूस की कमान महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष सरिता आर्य संभाले रहीं। साथ ही निर्दलीय प्रत्याशी खजान सिंह डंगवाल व राजेंद्र परगांई ने भी अपने जुलूसों के जरिये अपनी उपस्थिति दर्ज करायी। वहीं उक्रांद प्रत्याशी प्रकाश पांडे ने मल्लीताल रामलीला मैदान में जनसभा कर समर्थकों में जोश भरा, जबकि उत्तराखंड लोक वाहिनी समर्थक निर्दलीय प्रत्याशी नीरज जोशी, डा. सरस्वती खेतवाल व किशन नेगी ने भी आखिरी जोर लगाया। इससे पूर्व निर्दलीय प्रत्याशी अजय साह दो दिन पूर्व ही अपने जुलूस से अपनी ताकत दिखा चुके थे। उनके सहित कई अन्य प्रत्याशियों ने क्षेत्र में जनता के बीच पहुंचकर खुद को मजबूत करने में दिन लगाया। इसके बाद ठीक शाम पांच बजे चुनावी शोर थम गया। इसके बाद प्रत्याशी घर-घर जाकर मतदाताओं से अपने पक्ष में मतदान करने की गुहार लगाते देखे गये।

आचार संहिता एवं स्वच्छ भारत अभियान की उड़ीं धज्जियां

शुक्रवार को चुनाव प्रचार के आखिरी दिन प्रत्याशियों के परचों से पटी सड़कें व लगे ढेर।

नैनीताल। चुनाव प्रचार के आखिरी दिन आदर्श चुनाव आचार संहिता एवं स्वच्छ भारत अभियान की धज्जियां भी खुलकर उड़ती दिखाई दीं। कमोबेश सभी एवं खासकर एक राष्ट्रीय दल के समर्थकों ने जुलूस के दौरान जमकर हजारों की संख्या में अपने परचे उड़ाये। इससे पूरा मल्लीताल बाजार, मल्लीताल पंत पार्क के पास का क्षेत्र और माल रोड सहित तल्लीताल तक क्षेत्र पट गया। इससे शहर व देश-प्रदेश में चल रहे स्वच्छ भारत अभियान के प्रति राजनीतिक दलों की जागरूकता पर भी सवाल उठे ही, वहीं आगे इन परचों की सफाई भी नगर पालिका कर्मियों के लिए बड़ा सिरदर्द साबित होने वाला है। चुनाव आयोग के पर्यवेक्षकों के लिए यह जांच का विषय हो सकता है कि जितनी संख्या में परचे उड़ाये गये हैं, क्या उतनी संख्या में परचे चुनाव खर्च में दिखाये गये हैं। वहीं शाम पांच बजने के बाद भी खासकर मोहल्लों में चुनावी शोर काफी देर तक सुनाई देता रहा।
भाजपा आखिरी दो दिन इस रणनीति से लगाएगी आखिरी जोर, बढ़ी विरोधियों की धड़कनें

-भाजपा के चुनाव अभियान को गति देने प्रदेश अध्यक्ष ने संभाली कमान, यशपाल भी आएंगे
नैनीताल, 14 नवंबर 2018। निकाय चुनावों के प्रचार के लिए आखिरी बचे दो दिनों में भाजपा चुनाव प्रचार पर पूरी ताकत झोंकने वाली है। उल्लेखनीय है चाहे निर्दलीय प्रत्याशी चुनाव में जितना भी जोर लगा रहे हों, किंतु वे भी भाजपा द्वारा लगाये जाने वाले इसी आखिरी जोर से आशंकित हैं। आशंका बेकार भी नहीं है। भाजपा नैनीताल नगर पालिका से अब तक कोई चुनाव नहीं जीत पायी है। यही बात भाजपा के लिये कमजोरी के साथ ही इस बार ताकत भी बन रही है। भाजपा अभी प्रदेश के साथ देश में भी सत्ता में है, इसलिए पार्टी कार्यकर्ता ‘अभी नहीं तो कभी नहीं’ मानकर प्रत्याशी की जीत के लिए कार्य कर रहे हैं। पार्टी पहले ही अपने बागियों को मनाकर अपने प्रचार में शामिल कर चुकी हैं। साथ ही विरोधियों की पूर्व में बागी रुख अख्तियार करने वाले भाजपा नेताओं द्वारा भाजपा प्रत्याशी का नुकसान करने की आशंका भी निराधार साबित हो रही है, क्योंकि कोई भी व्यक्ति चुनाव न लड़ने की स्थिति और खासकर साफ तौर पर विरोध में न उतरकर अपने पार्टी प्रत्याशी का चाहकर भी वैसा नुकसान नहीं कर पाता है, जैसा वह स्वयं चुनाव लड़कर कर सकता है। ऐसे में भाजपा प्रत्याशी अपने कैडर के पूरे वोट ला रहे हैं, जबकि दूसरी ओर चुनाव में अन्य जितने भी प्रत्याशी मजबूत बताये जा रहे हैं, वे दूसरों के वोट काट रहे हैं, या उनके वोटों को दूसरे प्रत्याशी काट रहे हैं।
इस कड़ी है बुधवार शाम को पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने मुख्यालय में चुनाव प्रचार की कमान संभाल ली है। भट्ट बुधवार देर शाम मुख्यालय पहुंचे और पत्रकारों एवं पार्टी कार्यकर्ताओं से वार्ता करके रणनीति को अंतिम रूप दिया। मुख्यालय में ही रात्रि विश्राम करके आगे उनका बृहस्पतिवार सुबह साढ़े नौ बजे सात नंबर क्षेत्र के रामलीला स्टेज में जनसभा को संबोधित करेंगे। वहीं बृहस्पतिवार को ही मुख्यालय में अच्छा प्रभाव रखने वाले काबीना मंत्री यशपाल आर्य भी मुख्यालय पहुंच सकते हैं। माना जा रहा है कि वे विधायक संजीव आर्य के साथ पार्टी के लिहाज से कमजोर परंतु उनके खुद के मजबूत गढ़ों-नारायणनगर, हरिनगर, कृष्णापुर जैसे क्षेत्रों में पार्टी को मजबूत करने की रणनीति पर कार्य करेंगे। इसके पीछे कारण यह भी है कि यह विधायक एवं मंत्री पुत्र के लिए पहली अग्निपरीक्षा है।

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दावा-पहले के मुकाबले चौथाई समय में निपट जाएगी मतगणना
नैनीताल, 12 नवंबर 2018। डीएम विनोद कुमार सुमन ने बताया कि इस बार निकाय चुनाव में मतगणना के लिए पिछले बार के मुकाबले करीब तीन से चार गुनी टेबलें लगायी जाएंगी, जिनके साथ मतगणना पिछली बार के बार के मुकाबले तिहाई से चौथाई समय में निपट जाएगी। मतगणना हेतु हल्द्वानी में 56, रामनगर में 14, नैनीताल में 11, भवाली, लालकुआ व कालाढुंगी में 4-4 तथा भीमताल में 3 टेबलें लगाई जाएंगी। उम्मीद की जा रही है कि 3 से 5 चरणों में मतगणना पूरी कर ली जाएगी। इतनी अधिक संख्या में टेबलें लगने के कारण प्रत्याशियों को टेबलों की संख्या से एक अधिक एजेंट की सूची, उनके आधार कार्ड, फोटो आदि के साथ चुनाव से पूर्व 16 नवंबर तक देनी होगी, ताकि सभी एजेंटों के समय पर पहचान पत्र भी बनाये जा सकेंगे। बताया कि चुनाव में करीब 4 हजार मतदान कार्मिक एवं करीब 2 हजार पुलिस एवं पीएसी के सुरक्षा कर्मी लगाये जाएंगे।
श्री सुमन ने मंगलवार को जिला सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता में जिले के निकाय चुनावों से संबंधित आंकड़े पेश किये। बताया कि हर मतदेय स्थल पर पांच-पांच कार्मिकों के अलावा जोनल व सेक्टर मजिस्ट्रेट, सभी अतिसंवेदनशील केंद्रों पर एक उप निरीक्षक एवं चार सशस्त्र आरक्षी तथा संवेदनशील केंद्रों पर एक आरक्षी या दो हेड कांस्टेबल व दो सशस्त्र आरक्षी तथा एक कंपनी व तीन प्लाटून पीएसी की तैनाती की जाएगी। चुनाव को शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए जिले में 775 लोगों को पाबंद तथा 5 को जिला बदर किया जा चुका है। 426 हिस्ट्रीशीटरों में से सक्रियों की रोज संबंधित थाने में हाजरी लगवाई जा रही है। साथ ही आचार संहिता के उल्लंघन के तीन मुकदमे दर्ज किये जा चुके हैं। अध्यक्ष एवं सभासदों दोनों के चुनाव में नोटा को वोट देने का विकल्प भी रहेगा, अलबत्ता नोटा को सर्वाधिक वोट पड़ने की स्थिति में भी चुनाव परिणाम प्रभावित नहीं होगा। सर्वाधिक वोट प्राप्त करने वाले प्रत्याशी ही विजयी घोषित किये जाएंगे। इस मौके पर एसएसपी जनमेजय खंडूड़ी एवं उपनिदेशक सूचना योगेश मिश्रा ने भी कई संबंधित जानकारियां दीं।

81 फीसद मतदान केंद्र संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील, यानी इतने केंद्रों पर है कड़ा मुकाबला

नैनीताल। जितना छोटा चुनाव, चुनाव में संवेदनशीलता उतनी ही बढ़ जाती है। बताया कि नैनीताल जिले के 149 मतदान केंद्रों में से 54 केंद्र संवेदनशील एवं 66 अतिसंवेदनशील हैं, जबकि केवल 29 यानी करीब 19.46 फीसद मतदान केंद्र ही सामान्य हैं। इसी तरह मतदेय स्थलों-बूथों की बात करें तो 366 में से 127 संवेदनशील एवं 172 अतिसंवेदनशील एवं शेष केवल 67 ही सामान्य हैं। बताया कि बूथों या केंद्रों पर प्रत्याशियों के बीच संघर्ष जितना कड़ा होता है, उतनी ही संवेदनशीलता भी अधिक होती है। इस तरह कहा जा सकता है कि प्रशासन जिले के 81 फीसद मतदान केंद्रों पर प्रत्याशियों के बीच कड़ा मुकाबला मानता है।

महिला कार्मिकों के लिए खास रियायतें

नैनीताल। जिला निर्वाचन अधिकारी डीएम विनोद कुमार सुमन ने बताया कि निकाय चुनाव में महिला कार्मिकों की ड्यूटी नजदीकी निकाय में लगायी गयी है। 17 को पोलिंग पार्टियों के साथ ही महिला कार्मिक भी ड्यूटी पर रवाना होंगी, लेकिन उन्हें यह रियायत दी गयी है कि यदि वे चाहें तो शाम को काम निपटाकर अपने घर जा सकती हैं, या चाहें तो वहीं रह सकती हैं। अलबत्ता उन्हें 18 को मतदान की सुबह साढ़े पांच बजे अपनी ड्यूटी पर हाजिर होना होगा।

मतदान-मतगणना में मोबाइल व वाहनों का आवागमन रहेगा प्रबंधन

नैनीताल। जिला निर्वाचन अधिकारी डीएम विनोद कुमार सुमन ने बताया कि निकाय चुनाव के दौरान मतदान एवं मतगणना के मौके पर मोबाइल एवं वाहनों का प्रयोग प्रतिबंधित रहेगा। उन्होंने मतदाताओं से भी अपील की कि वे मतदान के लिए मोबाइल फोन लेकर न आएं। अलबत्ता चुनाव के दिन दूध एवं अखबार की गाड़ियों सहित आवश्यक वस्तुओं के आवागमन को छूट दी गयी है।

सात निकायों में अध्यक्ष-महापौर एवं 125 वार्डों में अध्यक्ष-सभासदों के लिए तीन लाख से अधिक मतदाता देंगे वोट

नैनीताल। आगामी 15 नवंबर को होने वाले निकाय चुनावों के लिए नैनीताल जनपद में एक नगर निगम हल्द्वानी, तीन नगर पालिका-नैनीताल, भवाली व रामनगर तथा तीन नगर पंचायत-भीमताल, कालाढुंगी एवं लालकुआं के लिए मतदान किया जाएगा। इस प्रकार इन चुनावों में कुल सात अध्यक्ष-महापौर एवं 125 सभासद-पार्षद प्रत्याशियों का निर्वाचन किया जाएगा। हल्द्वानी-काठगोदाम नगर निगम में महापौर एवं 60 वार्डों के सभासद पदों के लिए होने वाले चुनाव में 1 लाख 4003 महिलाएं एवं एक लाल 9178 पुरुष यानी कुल दो लाख 13 हजार 181 मतदाता, रामनगर नगर पालिका में अध्यक्ष एवं 20 सभासद पदों के लिए 17 हजार 97 महिला व 18 हजार 94 पुरुष सहित कुल 35 हजार 191 मतदाता, नैनीताल पालिका में अध्यक्ष एवं 15 सभासद पदों के लिए 13 हजार 828 महिला व 14 हजार 337 महिलाओं सहित कुल 28 हजार 165 मतदाता, भवाली नगर पालिका में अध्यक्ष व 7 सभासद पदों के लिए 2 हजार 812 महिला व 2 हजार 935 पुरुष सहित कुल 5 हजार 747 मतदाता, भीमताल नगर पंचायत के लिए अध्यक्ष व 9 सभासद पदों के लिए 4 हजार 123 महिला व 4290 महिलाओं सहित कुल 8413 मतदाता, लालकुआ में अध्यक्ष व 7 सभासद पदों के लिए 2421 महिला व 2786 पुरुषों सहित कुल 5207 मतदाता व कालाढुंगी में अध्यक्ष व 7 सभासद पदों के लिए 2870 महिला व 3032 पुरुषों सहित कुल 5902 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।

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-भाजपा से त्रिवेंद्र रावत तो कांग्रेस से हरीश रावत चुनाव प्रचार कर लगाएंगे नैनीताल के मुकाबले में तड़का

नैनीताल, 10 नवंबर 2018। देश ही तीसरी ऐतिहासिक नैनीताल नगर पालिका के सियासी घमासान में प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, पूर्व काबीना मंत्री डा. इंदिरा हृदयेश, राष्ट्रीय सचिव प्रकाश जोशी व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह की प्रतिष्ठा भी दांव पर होगी, साथ ही यह मुकाबले को दमदार भी बनाएंगे।
शनिवार को इस चुनाव में पहली बार कांग्रेस की ओर से प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने पार्टी प्रत्याशी सचिन नेगी की ओर से चुनाव प्रचार कर प्रचार अभियान में तेजी भरी। इससे नगर में अब तक सभी पार्टियों व प्रत्याशियों के सुस्त चल रहे प्रचार में आगे कुछ तेजी दिखने की उम्मीद की जा रही है। इस मौके पर हालांकिन मुख्यालय के बजाय राज्य के मुद्दे को आगे बढ़ाते हुए प्रीतम ने कहा कि राज्य में भाजपा की सरकार को करीब दो साल होने वाले हैं, और अब तक ‘डबल इंजन’ स्टार्ट भी नहीं हो पाया है। इसकी काट के लिए आगे भाजपा प्रत्याशी अरविंद पडियार के समर्थन में आगामी 14 नवंबर को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के मुख्यालय पहुंचने की संभावना है, जबकि कांग्रेस इसके बाद भी 15 व 16 नवंबर को पूर्व सीएम हरीश रावत, पूर्व काबीना मंत्री डा. इंदिरा हृदयेश व राष्ट्रीय सचिव प्रकाश जोशी को मुख्यालय बुलाने की कोशिश में है।

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नैनीताल, 8 नवंबर 2018। कांग्रेस कार्यकर्ताओं को बृहस्पतिवार को महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष सरिता आर्य की अगुवाई में बिना अनुमति लिये भाजपा का पुतला फूंकना महंगा पढ़ने वाला है। जिला निर्वाचन अधिकारी डीएम विनोद कुमार सुमन ने बताया कि पुतला दहन की सूचना मिलने के बाद संज्ञान में आया कि पुतला दहन बिना अनुमति के किया गया था। आदर्श चुनाव आचार संहिता के तहत लगी धारा 144 के दौरान बिना अनुमति के ऐसा सार्वजनिक कार्यक्रम नहीं किया जा सकता है। इस पर रिटर्निंग ऑफीसर से रिपोर्ट मांगी गयी है।
उल्लेखनीय है कि एक महिला द्वारा आरोप लगाये जाने के बाद भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन के पद से हटा दिये गये संजय कुमार के मुद्दे पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बृहस्पतिवार दोपहर को तल्लीताल डांठ पर कांग्रेस की महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष सरिता आर्य के नेतृत्व में भाजपा का पुतला फूंका था। कांग्रेसियों ने इस मौके पर संजय कुमार के बहाने भाजपा के चाल-चरित्र पर तंज कसे और पुतला फूंका। इस मौके पर सूरज पांडे, गौरव, करण, हिमांशु पांडे, दक्ष दास, सचिन, संजय, हरीश बिष्ट, सुमित कुमार, पंकज बिष्ट, सैयद रियाज, सौरभ रावत, शिवम बजाज, शान अख्तर, मंजू बिष्ट व वंदना नेगी आदि लोग मौजूद रहे।

चुनाव खर्च के ब्यौरे न देने पर अध्यक्ष पद के 3 सहित 21 प्रत्याशियों को नोटिस

नैनीताल, 5 नवंबर 2018। पिछले निकाय चुनाव में खर्च के ब्यौरे समय पर न देने पर नगर के दर्जन भर तथा राज्य के सैकड़ों प्रत्याशी इस बार चुनाव नहीं लड़ पा रहे हैं, बावजूद प्रत्याशी खर्च के ब्यौरे समय पर देने की गंभीरता को शायद समझ नहीं पा रहे हैं। नैनीताल नगर पालिका का चुनाव लड़ रहे 13 अध्यक्ष एवं 69 सभासद यानी कुल 82 प्रत्याशियों में से 21 ने अपने खर्च के ब्यौरे निर्धारित 2 व तीन अक्तूबर की तिथि को रिटर्निंग ऑफीसर को नहीं दिये हैं। इस पर रिटर्निंग ऑफीसर ने उन्हें नोटिस भेज दिये हैं, और 8, 9, 10 नवंबर की तिथियों में यथाशीघ्र खर्च के ब्यौरे देने को कहा है। जिन्हें नोटिस भेजे गये हैं उनमें अध्यक्ष प्रत्याशी दीपा मिश्रा, खजान सिंह डंगवाल, अरविंद पडियार तथा सभासद प्रत्याशी रमेश प्रसाद, अजय आर्या, अमरजीत सिंह, सुरेश चंद्र, विद्या देवी, दीपा आर्या, कमला, अतुल कुमार, सचिन कुमार, शिरीश चंद्र, विजय लक्ष्मी थापा, रवि जोशी, पूरन सिंह बिष्ट, सपना बिष्ट, कैलाश रौतेला, दया सुयाल, हेमा बिष्ट व गायत्री बिष्ट शामिल हैं।

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नैनीताल, 4 नवंबर 2018। निकाय चुनाव में चुनाव आयोग व उसके अधीन कार्यरत जिला प्रशासन की ओर से बड़ी चूक सामने आयी है। निकाय चुनाव के लिये जिन अधिकारियों की ड्यूटी लगायी गयी है, उनमें नगर के सीआरएसटी इंटर कॉलेज के प्रवक्ता कमलेश चंद्र पांडेय भी शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि पांडेय चिन्हित राज्य आंदोलनकारी एवं उत्तराखंड क्रांति दल के जिला प्रवक्ता भी हैं। साथ ही एक अन्य चिन्हित राज्य आदोलनकारी एवं उक्रांद के शिक्षक प्रकोष्ठ के प्रवक्ता अनुपम उपाध्याय को मतदान अधिकारी की जिम्मेदारी दी गयी है। दोनों शिक्षक राजनीतिक दल के पदाधिकारी होने के साथ ही पार्टी की प्रचार समिति के सदस्य भी हैं। इससे आगामी निकाय चुनाव की सुचिता एवं पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गये हैं।
उल्लेखनीय है कि यह मामला पिछले विधानसभा चुनाव में भी सामने आया था। तब तत्कालीन मुख्य निर्वाचन आयुक्त राधा रतूड़ी तक मामला पहुंचने के बाद इन्हें तत्काल चुनाव ड्यूटी से से हटा दिया गया था। इधर दोनों प्रवक्ताओं ने उन्हें चुनाव ड्यूटी पर लगाये जाने की पुष्टि की है।

भाजपा प्रत्याशी पडियार की राह से सभी अंदरूनी बाधायें हुईं दूर…

-सीएम व अन्य वरिष्ठ नेताओं से मिल गिले-शिकवे दूर कर प्रचार में जुटे भाजपा के 6 दावेदार
नैनीताल, 2 नवंबर 2018। नगर पालिका चुनाव में अध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा को नयी संजीवनी मिल गयी है। बृहस्पतिवार को देहरादून में पूर्व मंत्री बंशीधर भगत के नेतृत्व में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, राष्ट्रीय महामंत्री संगठन संजय व प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट आदि के समक्ष अपने दिलों का गुबार निकालने के बाद पिछले दिनों अध्यक्ष पद के लिए नामांकन कराने वाले छह कार्यकर्ता गोपाल रावत, पूरन मेहरा, भानु पंत, दया किशन पोखरिया, राकेश कुमार व रोहित भाटिया शुक्रवार को पार्टी कार्यालय पहुंचे और पार्टी प्रत्याशी अरविंद सिंह पडियार को पूर्ण समर्थन की घोषणा करते हुए पूरी शक्ति से उनके प्रचार में जुटने की बात कही। ‘राष्ट्रीय सहारा’ से बात करते हुए प्रतिनिधिमंडल में शामिल रहे भानु पंत ने बताया कि सरकार व संगठन के प्रतिनिधियों ने दून में उनकी बात पूरी गंभीरता से सुनी और टिप्पणी की कि उन्होंने जो बातें उठायीं हैं, वह गलत नहीं हैं। इसके बाद उनके मन में पार्टी या प्रत्याशी के प्रति किसी तरह का विद्वेष नहीं है। और सभी लोग पूरी ताकत से पार्टी प्रत्याशी पडियार की जीत के लिए जुटेंगे।

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-पालिका से सीढ़ी चढ़ विधायक-मंत्री बने सनवाल, तड़ागी, चंद व सरिता
नवीन जोशी, नैनीताल, 1 नवंबर 2018। 1841 में अपनी बसासत के चार वर्ष के भीतर ही 1845 में देश की तीसरी नगर पालिका का दर्जा हासिल करने वाली 163 वर्ष पुरानी नैनीताल नगर पालिका कई राजनेताओं के लिए राजनीति की पाठशाला के साथ ही राजनीतिक कॅरियर की सीढ़ी भी साबित हुई है। नगर के तीसरे पालिकाध्यक्ष रहे बाल कृष्ण सनवाल, चौथे अध्यक्ष किशन सिंह तड़ागी व सातवीं अध्यक्ष सरिता आर्य आगे चलकर विधायक बने। जबकि यहां सभासद रहे श्रीचंद ने यूपी में दो मुख्यमंत्रियों के कार्यकाल में वन एवं राजस्व विभाग के काबीना मंत्री रहने का गौरव हासिल किया। गौरतलब है कि पूर्व में नगर के प्रथम पालिकाध्यक्ष रायबहादुर जसौत सिंह बिष्ट के नाम दो बार (1941 से 1947 और 1947 से 1953 तक) पालिकाध्यक्ष रहने का रिकार्ड दर्ज है। वहीं इस बार एक पूर्व सभासद, दो अधिवक्ता, तीन महिलाएं, व्यापारी, एक पूर्व खेल प्रशासक और समाजसेवी नैनीताल पालिकाध्यक्ष की हॉट सीट पर बैठने की कोशिश में हैं।
नैनीताल नगर पालिका से राजनीतिक अनुभव का ककहरा सीखकर पालिका के भीतर ही पदोन्नति प्राप्त करने वालों की बात की जाए तो पहला नाम नगर के आठवें पालिकाध्यक्ष मुकेश जोशी का आता है, जो पूर्व में सरिता आर्या की अध्यक्षता वाली बोर्ड में सभासद रहे, और आगे पालिकाध्यक्ष बने। अब वर्तमान चुनावों में भी करीब एक दर्जन पूर्व सभासद पालिका के भीतर ऐसी ही ऊंची उड़ान भरने की कोशिश में हैं, जो उनके पालिका चलाने के अनुभव का मापदंड भी साबित हो रही है। इस कड़ी में पहला नाम निर्दलीय प्रत्याशी राजेंद्र परगाई का आता है, जो वर्ष 2007 से 2012 तक नैनीताल पालिका के सभासद रहे हैं। और अब अध्यक्ष पद प्राप्त करने की कोशिश में चुनाव मैदान में हैं। परगाई के अलावा मौजूदा सभासद सपना बिष्ट, जितेंद्र बिष्ट, नीतू बोहरा व डीएन भट्ट एवं पूर्व सभासद दीप नारायण व मनोहर सिंह कार्की फिर से सभासद पद के लिए चुनाव मैदान में हैं। वहीं पूर्व सभासद मनोज अधिकारी व पवन बिष्ट ने अपनी पत्नियों को इस बार सभासद पद के लिए चुनाव मैदान में उतारा है।यह सभी प्रत्याशी स्वयं को पालिका की सेवाओं के लिए अनुभवी बताकर प्रत्याशियों से चुनाव जिताने की अपील कर रहे हैं।

दो रायबहादुर, चार अधिवक्ता रहे हैं नैनीताल के पालिकाध्यक्ष

नैनीताल। 1843-44 में अंग्रेजों ने प्रेसीडेंसी एक्ट आफ 1842 के तहत वर्ष 1845 में नैनीताल पालिका का गठन किया था। इससे पूर्व मद्रास में पहली तथा मंसूरी में दूसरी पालिका गठित हो चुकी थी। नैनीताल नगर पालिका के 163 वर्षों में जिन आठ के सिर पर अध्यक्ष का ताज सजा, उनमें दो राय बहादुर, चार अधिवक्ता, एक पूर्व सभासद और एक महिला है। प्रख्यात अंतरराष्ट्रीय शिकारी जिम कार्बेट भी नैनीताल पालिका के म्युनिसिपल कमिश्नर (सभासद) रह चुके हैं। पालिका बनने के बाद ब्रिट्शि हुक्मरान ही यहां अध्यक्ष रहे। आजादी से पूर्व वर्ष 1941 में रायबहादुर जसौद सिंह बिष्ट को ब्रिटिशों ने पालिकाध्यक्ष बनाया। वह 1953 तक चेयरमैन रहे। 1953 में पहली बार जनता ने मतदान से अध्यक्ष चुना। राय बहादुर मनोहर लाल साह पहले निर्वाचित चेयरमैन बने। इसके बाद पेशे से अधिवक्ता रहे बीके सनवाल, केएस तड़ागी, आरएस रावत तथा संजय कुमार संजू को जनता ने पालिकाध्यक्ष की कुर्सी में बिठाया। वर्ष 2002 में वर्तमान विधायक सरिता आर्या को पहली महिला पालिकाध्यक्ष होने का गौरव मिला। 1977 में आपातकाल की वजह से चुनाव नहीं हुए, इसलिए 1977 से लेकर 1988 और फिर 1994 से 1997 तक यह कुर्सी प्रशासक के पास रही।

तीन विधायकों की प्रतिष्ठा भी दांव पर

नैनीताल। नगर पालिका के चुनावों में इस बार अध्यक्ष पद के लिए भाजपा विधायक संजीव आर्य, महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सरिता आर्य व उक्रांद के पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष डॉ. नारायण सिंह जंतवाल की प्रतिष्ठा दांव पर है। तीनों के समक्ष अपने प्रत्याशियों को जिताने की चुनौती है।

कौन क्या रहे क्या बने

बाल कृष्ण सनवाल पालिकाध्यक्ष विधायक
किशन सिंह तड़ागी पालिकाध्यक्ष विधायक
सरिता आर्या पालिकाध्यक्ष विधायक
श्रीचंद सभासद यूपी के वन व न्याय मंत्री
मुकेश जोशी सभासद पालिकाध्यक्ष

इस चुनाव में यह पूर्व पालिका अध्यक्ष व सभासद प्रत्याशी भी हैं मैदान में

कौन                     क्या थे    दावेदार
राजेंद्र परगाई        सभासद  पालिकाध्यक्ष
सपना बिष्ट          सभासद   सभासद
डीएन भट्ट              सभासद   सभासद
नीतू बोहरा             सभासद   सभासद
जीतेंद्र बिष्ट           सभासद   सभासद
दीप नारायण          सभासद   सभासद
मनोहर कार्की         सभासद   सभासद

अब तक के पालिकाध्यक्ष

1941 से 1953  रायबहादुर जसौद सिंह बिष्ट
1953 से 1964  रायबहादुर मनोहर लाल साह
1964 से 1971  बाल कृष्ण सनवाल (अधिवक्ता)
1971 से 1977  किशन सिंह तड़ागी (अधिवक्ता)
1977 से 1988 प्रशासक
1988 से 1994  राम सिंह रावत (अधिवक्ता)
1994 से 1997  प्रशासक
1997 से 2002  संजय कुमार संजू (अधिवक्ता)
2002 से 2008  सरिता आर्या (प्रथम महिला पालिकाध्यक्ष)
2008 से 2013  मुकेश जोशी (पूर्व पालिका सभासद)
2013 से 2018   श्याम नारायण (पूर्व शिक्षक)

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सफाई व्यवस्था सुनियोजित करने को बंगाल प्रेसीडेंसी एक्ट के तहत 1845 में हुआ था गठन
नवीन जोशी नैनीताल। जी हां, देश ही नहीं दुनिया में नैनीताल ऐसा अनूठा व इकलौता शहर होगा जिसे बसने के चार वर्ष के अंदर ही नगर पालिका का दर्जा मिल गया था। दूर की सोच रखने वाले इस शहर के अंग्रेज नियंताओं ने शहर के बसते ही इसकी साफ-सफाई को सुनियोजित करने के लिए बंगाल प्रेसीडेंसी एक्ट-1842 के तहत इसे 1845 में नगर पालिका का दर्जा दे दिया गया था।
विदित है कि नैनीताल नगर को वर्तमान स्वरूप में बसाने का श्रेय अंग्रेज व्यवसायी पीटर बैरन को जाता है, जो 18 नवम्बर 1841 को यहां आया लेकिन कम ही लोग जानते हैं कि इसके तीन वर्ष के उपरांत 1843-44 में ही, जब नगर की जनसंख्या कुछ सौ ही रही होगी, नगर की साफ-सफाई के कार्य को सुनियोजित करने के लिए इसे नगर पालिका बनाने का प्रस्ताव नगर के तत्कालीन नागरिकों ने कर दिया था। अंग्रेज लेखक टिंकर की पुस्तक “लोकल सेल्फ गवर्नमेंट इन इंडिया, पाकिस्तान एंड वर्मा” के पेज 28-29 में नैनीताल के देश की दूसरी नगर पालिका बनने का रोचक जिक्र किया गया है। पुस्तक के अनुसार उस दौर में किसी शहर की व्यवस्थाओं को सुनियोजित करने के लिए तत्कालीन नार्थ-वेस्ट प्रोविंस में कोई प्राविधान ही नहीं थे। लिहाजा 1842 में बंगाल प्रेसीडेंसी के लिए बने बंगाल प्रेसीडेंसी अधिनियम-1842 के आधार पर इस नए नगर को नगर पालिका का दर्जा दे दिया गया। इससे पूर्व केवल मसूरी को (1842 में) नगर पालिका का दर्जा हासिल था, इस प्रकार नैनीताल को देश की दूसरी नगर पालिका होने का सौभाग्य मिल गया। अधिनियम के तहत 7 जून 1845 को नगर की व्यवस्थाएं देखने के लिए कुमाऊं के दूसरे कमिश्नर मेजर लूसिंग्टन की अध्यक्षता में मेजर जनरल सर डब्लू रिचर्ड्स, मेजर एचएच आरवॉड, कैप्टेन वाईपी पोंग व पी वैरन की पांच सदस्यीय समिति  गठित कर दी गयी।  आगे 1850 में म्युनिसिपल एक्ट आने के बाद तीन अक्टूबर 1850 को यहां विधिवत नगर पालिका बोर्ड का गठन हुआ। नगर के बुजुर्ग नागरिक व म्युनिसिपल कमिश्नर (सभासद) रहे गंगा प्रसाद साह बताते हैं कि उस दौर में नियमों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जाता था। सेनिटरी इंस्पेक्टर घोड़े पर सवार होकर रोज एक-एक नाले का निरीक्षण करते थे। माल रोड पर यातायात को हतोत्साहित करने के लिए चुंगी का प्राविधान किया गया था। गवर्नर को चुंगी से छूट थी। एक बार अंग्रेज लेडी गवर्नर बिना चुंगी दिए माल रोड से गुजरने का प्रयास करने लगीं, जिस पर तत्कालीन पालिकाध्यक्ष राय बहादुर जसौत सिंह बिष्ट ने लेडी गवर्नर का 10 रुपये का चालान कर दिया था।

नैनीताल नगर पालिका की विकास यात्रा

पूर्व पालिकाध्यक्ष रायबहादुर मनोहर लाल साह
पूर्व पालिकाध्यक्ष बालकृष्ण सनवाल
  • 1841 में पहला भवन पीटर बैरन का पिलग्रिम हाउस बनना शुरू ।
  • तल्लीताल गोरखा लाइन से हुई बसासत की शुरूआत।
  • 1845 में मेजर लूसिंग्टन, 1870 में जे मैकडोनाल्ड व 1845 में एलएच रॉबर्टस बने पदेन अध्यक्ष।
  • 1891 तक कुमाऊं कमिश्नर होते थे छह सदस्यीय पालिका बोर्ड के पदेन अध्यक्ष व असिस्टेंट कमिश्नर उपाध्यक्ष।
  • 1891 के बाद डिप्टी कमिश्नर (डीसी) ही होने लगे अध्यक्ष।
  • 1900 से वैतनिक सचिव होने लगे नियुक्त, बोर्ड में होने लगे पांच निर्वाचित एवं छह मनोनीत सदस्य।
  • 1921 से छह व 1927 से आठ सदस्य होने लगे निर्वाचित।
  • 1934 में आरई बुशर बने पहले सरकार से मनोनीत गैर अधिकारी अध्यक्ष (तब तक अधिकारी-डीसी ही होते थे अध्यक्ष)।
  • 1941 में पहली बार रायबहादुर जसौत सिंह बिष्ट जनता से चुन कर बने पालिकाध्यक्ष।
  • 1953 से राय बहादुर मनोहर लाल साह रहे पालिकाध्यक्ष।
  • 1964 से बाल कृष्ण सनवाल रहे पालिकाध्यक्ष।
  • 1971 से किशन सिंह तड़ागी रहे पालिकाध्यक्ष।
  • 1977 से 1988 तक डीएम के हाथ में रही सत्ता।
  • 1977 तक बोर्ड सदस्य कहे जाते थे म्युनिसिपल कमिश्नर, जिम कार्बेट भी 1919 में रहे म्युनिसिपल कमिश्नर।
  • 1988 में अधिवक्ता राम सिंह बिष्ट बने पालिकाध्यक्ष।
  • 1994 से 1997 तक पुन: डीएम के हाथ में रही सत्ता।
  • 1997 में संजय कुमार :संजू”, 2003 में सरिता आर्या व 2008 में मुकेश जोशी बने अध्यक्ष।

निकाय चुनाव: नैनीताल में घंटी, नारियल, गैस सिलेंडर और कमल पसंद में सबसे आगे

नैनीताल, 29 अक्तूबर 2018। चौंकिये नहीं, हम जनता की नहीं बल्कि प्रत्याशियों में इन चुनाव चिन्हों के बारे में पसंदगी के बारे में बात कर रहे हैं। सोमवार को निकाय चुनावों के लिए प्रत्याशियों को चुनाव चिन्हों का वितरण कर दिया गया है। ऐसे में नगर पालिका नैनीताल के 13 अध्यक्ष एवं 13 वार्डों से 69 सभासद प्रत्याशियों को मिले उनके पसंदीदा चुनाव चिन्हों की बात की जाये तो घंटी चुनाव चिन्ह सर्वाधिक 10 प्रत्याशियों का पसंदीदा चिन्ह साबित हुआ है। वहीं गैस सिलेंडर 8, नारियल 7, भाजपा का कमल अध्यक्ष सहित 6 प्रत्याशियों को जबकि मोमबत्ती, गुड़िया, बाल्टी, व अलमारी चुनाव चिन्ह 5 प्रत्याशियों की पसंद रहा है।
अध्यक्ष पद की बात करें तो राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों को उनके चुनाव चिन्ह यानी भाजपा प्रत्याशी अरविंद पडियार को कमल, बसपा के रईस अंसारी को हाथी, कांग्रेस के सचिन नेगी को हाथ व उक्रांद के प्रकाश पांडे को कप प्लेट मिले हैं। वहीं निर्दलीय प्रत्याशियों में से अजय साह को बल्ला, किशन नेगी को उनके पिछले चुनाव की ही केतली, खजान सिंह डंगवाल को बल्लेबाज, दीपा मिश्रा को बंगला, नलिनी नेगी को नारियल, उत्तराखंड लोक वाहिनी समर्थित नीरज जोशी को अलमारी, पूर्व सभासद राजेंद्र परगाई (राजू) को मोमबत्ती, सरस्वती खेतवाल को गैस सिलेंडर व संजय साह को कुल्हाड़ी चुनाव चिन्ह मिला है।
वहीं वार्डवार सभासद प्रत्याशियों की बात करें तो वार्ड 1 स्टाफ हाउस से कमल कुमार को मोमबत्ती, तरुण कुमार (मोन्टी) को टार्च, रमेश प्रसाद को घंटी, रोहित कुमार को गैस सिलेंडर, सविता को नारियल व सागर आर्या को गुड़िया, वार्ड 2 शेर का डांडा से अजय कुमार आर्या को अलमारी, अमरजीत सिंह को बल्ला, शशांक कुमार (गुड्डू) को नारियल व सुरेश चंद्र को गुड़िया, वार्ड 3 राजभवन से दीपा आर्या को गैस का चूल्हा, निर्मला चंद्रा को गैस सिलेंडर व विद्या देवी को बाल्टी, वार्ड 4 हरीनगर वार्ड से कमला को घंटी व रेखा आर्या को गैस का चूल्हा, वार्ड 5 स्नोव्यू से चंपा रेखाड़ी को गैस का चूल्हा, जीतेंद्र कुमार पांडे (जीनू) को बाल्टी, नारायण सिंह कार्की को घंटी, नीरज डालाकोटी को गुड़िया, पुष्कर बोरा को गुब्बारा, प्रशांत दीक्षित (गुड्डू) को नारियल व विरेंद्र सिंह बिष्ट को टार्च, वार्ड 6 नारायण नगर से भाजपा प्रत्याशी सुधा साह को कमल, अतुल कुमार को अलमारी, नरेंद्र पपोला (नैन) को कोट, नरेंद्र बिष्ट को गुब्बारा, भगवत रावत को ईंट, मेहराज अहमद को केतली, शिरीश चंद्र को गैस सिलेंडर व सचिन कुमार को वायुयान, वार्ड 7 सूखाताल से भाजपा की विजय लक्ष्मी थापा को कमल, गजाला कमाल को फ्रॉक व नसरीन को नारियल, वार्ड 8 अयारपाटा से भाजपा जितेंद्र सिंह को कमल, मनोज साह जगाती को घंटी व रवि जोशी को बल्ला, वार्ड 9 अपर माल से भाजपा की नीतू बोहरा को कमल, दीपक बरगली को घंटी, पूरन सिंह बिष्ट (पूरन भाई) को गैस सिलेंडर, दूसरे पूरन सिंह बिष्ट को बल्ला व मनोहर सिंह कार्की को मोमबत्ती, वार्ड 10 नैनीताल से क्लब कुंदन नेगी को नारियल, कैलाश आगरी को केतली, राजेश वर्मा को गैस सिलेंडर, विक्रम रावत (विक्की) को अलमारी, शैलेश बिष्ट को गुब्बारा, भाजपा समर्थित सपना बिष्ट को बाल्टी व संदीप कुमार को घंटी, वार्ड 11 श्री कृष्णापुर से भाजपा प्रत्याशी कैलाश रौतेला को कमल, पूर्व सभासद दीप नारायण को गैस सिलेंडर व निवर्तमान सभासद डीएन भट्ट को केतली, वार्ड 12 सैनिक स्कूल से भाजपा की नीमा अधिकारी को कमल व दया सुयाल को घंटी, वार्ड 13 आवागढ़ से अजय बिष्ट को घंटी, जितेंद्र सिंह (जीतू) को गैस सिलेंडर, पवन व्यास को मोमबत्ती व राजू टांक को गुड़िया, वार्ड 14 मल्लीताल बाजार से उक्रांद के मनोज साह को कप प्लेट, मनीष साह (मिक्की) को घंटी, मोहन नेगी को बाल्टी, ललित मोहन सिंह को गुब्बारा, विजय साह को मोमबत्ती, दिनेश जोशी को गुड़िया और व्यापारी नेता विवके वर्मा को बंगला तथा वार्ड 15 तल्लीताल बाजार से किरन साह को वायुयान, गायत्री बिष्ट को टार्च, प्रेमा अधिकारी को बाल्टी, फरहा नाज को नारियल व हेमा बिष्ट को घंटी चुनाव चिन्ह मिले हैं।

अध्यक्ष पद पर खजान ने अजय को थमाया बल्ला और खुद चुना बल्लेबाज

नैनीताल। अध्यक्ष पद पर दो निर्दलीय प्रत्याशी खजान सिंह डंगवाल व अजय साह ने बल्ला चुनाव चिन्ह को अपनी पहली प्राथमिकता बताया था। इसलिये दोनों के बीच बल्ला चुनाव चिन्ह पर टाई हो गया। ऐसे में निर्वाचन अधिकारी के समय दोनों के बीच लॉटरी निकाली गयी। लॉटरी में डंगवाल को बल्ला चुनाव चिन्ह मिल गया, किंतु उन्होंने बड़ा दिल दिखाते हुए अजय साह को बल्ला चुनाव चिन्ह दे दिया और खुद बल्लेबाज चुनाव चिन्ह ले लिया। उल्लेखनीय है कि अजय साह डीएसए के महासचिव और नगर के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में शुमार रहे हैं, जबकि डंगवाल ने बताया कि वे भी बचपन से क्रिकेट के शौकीन और बल्लेबाज रहे हैं। इसलिये उन्होंने खेल भावना का परिचय देते हुए साह को बल्ला चुनाव चिन्ह दे दिया।

अभी यह है अध्यक्ष प्रत्याशियों की स्थिति, दलों के लिए अभी भी दलदल कम नहीं

-भाजपा के बागी माने तो सही पर दिल की गांठें नहीं खुलीं

-वैचारिक तौर पर कई कांग्रेसी अब भी चुनाव मैदान में
-उक्रांद के लिए निवर्तमान पालिकाध्यक्ष की असफलता छुपाना आसान नहीं
-अधिक प्रत्याशियों के कारण अपने सीमित क्षेत्र से वोट प्राप्त कर जीतने की उम्मीद लगा रहे निर्दलीयों की भी कठिन हुई राह
नवीन जोशी, नैनीताल, 28 अक्टूबर 2018। जनपद में सर्वाधिक 13 अध्यक्ष पद प्रत्याशियों के साथ अपनी प्रतिष्ठा को स्वयं इंगित कर रही नैनीताल नगर पालिका के चुनाव में राजनीतिक दलों के लिए परेशानियां कई प्रत्याशियों के नाम वापस लेने के बावजूद कम नहीं हुई हैं। हालांकि सभी दल स्वयं के लिए नामांकन वापसी के बाद सुखद स्थिति बता रहे हैं। सत्तारूढ़ भाजपा इस बात पर संतोष जता रही है कि उसके सभी सात बागी चुनाव मैदान से हट गये हैं। कांग्रेस इस बात से खुश है कि इसके एक ही दावेदार ने नामांकन कराया था और वह भी चुनाव से हट गये हैं। बावजूद सभी दलों के साथ ही निर्दलीयों के लिए भी स्थितियां आसान नहीं है। ऐसे में आज की तिथि में किसी भी दल या प्रत्याशी की जीत तो छोड़िये, शीर्ष 2-3 में आने के बारे में भी दावे के साथ टिप्पणी नहीं की जा सकती है।
दलवार अध्यक्ष पद पर चिंताओं की बात करें तो भाजपा से भले ही नामांकन कराने वाले एक दावेदार नामांकन खारिज होने और शेष छह ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत व प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट तक अपनी बात पहुंचाने के बाद पूर्व मंत्री बंशीधर भगत व वर्तमान मंत्री प्रकाश पंत के समझाने पर ‘पार्टी के सम्मान’ के लिए चुनाव मैदान से खुद को अलग कर लिया हो, परंतु यह भी सच्चाई है कि एक को छोड़कर शेष पांच ने पार्टी प्रत्याशी की जीत के लिए कार्य करने का फिलवक्त तक कोई वादा भी नहीं किया है। यानी उनके दिलों में गांठें अभी भी बनी हुई हैं। वहीं कांग्रेस की बात करें तो पार्टी के नगर में चुनाव प्रबंधन के सबसे बड़े स्तंभ नगर अध्यक्ष मारुति नंदन साह हर स्तर से मनाने के बावजूद साफ कह दिया है कि ‘वे चुनाव तक राजनीति से दूर हैं’। साथ ही पार्टी से वैचारिक तौर पर जुड़े परिवारों से आने वाले किशन नेगी, दीपा मिश्रा, नलिनी नेगी आदि ने उन्हें मनाने गये नेताओं को ’दो टूक’ कह दिया, ‘वे चुनाव लड़ने पर अडिग हैं। उन्होंने टिकट ही नहीं मांगा तो उन्हें मनाने की कोई तुक नहीं है।’ तीसरे दल उक्रांद की बात करें तो वर्ष 2008 के चुनाव में केवल 116 मतों से इस बार कांग्रेस से नामांकन कराने के बाद नाम वापस लेने वाले मुकेश जोशी से हारे प्रकाश पांडे को अपनी अच्छी छवि के बावजूद इस सवाल का जवाब देना मुश्किल पड़ रहा है कि क्यों उनकी पार्टी के निवर्तमान पालिकाध्यक्ष 2013 के चुनावा में सबसे अच्छी छवि की वजह से ही चुनाव जीतने के बाद असफल साबित हुए। वहीं बसपा उम्मीदवार रईश अहमद अंसारी की बात करें तो अन्य निर्दलीय उम्मीदवारों की तरह उनके समक्ष भी आठ उम्मीदवारों के मैदान से हटने के कारण चुनौती बढ़ गयी है। स्थिति यह है कि चुनाव मैदान में बचे 13 में से दो-तीन प्रत्याशियों को छोड़कर शेष प्रत्याशी नामांकन कराने वाले 21 प्रत्याशियों में से स्वयं का किसी एक क्षेत्र विशेष में अच्छा प्रभाव मानकर वहां के 60-70 फीसद वोट मिलने से ही स्वयं की जीत को सुनिश्चित बता रहे थे। किंतु अब आठ प्रत्याशियों के मैदान से हटने के बाद उन्हें भी आभाष हो गया है कि अब केवल इतने भर से काम नहीं चलने वाला है और उनके लिए 1 हजार वोटों का आंकड़ा भी छूना मुश्किल होने वाला है।

[poll id=”2″]नैनीताल से सर्वाधिक 13, रामनगर से मात्र तीन उम्मीदवार मैदान में
नैनीताल। नैनीताल जनपद में सर्वाधिक 13 उम्मीदवार नैनीताल से मैदान में रह गये हैं, जबकि रामनगर से सबसे कम तीन प्रत्याशी ही मैदान में हैं। वहीं नगर निगम हल्द्वानी-काठगोदाम के मेयर पद के लिए 9, नगर पंचायत भीमताल के लिए 8, लालकुआ व कालाढुंगी के लिए 6-6 तथा भवाली के लिए 5 प्रत्याशी मैदान में हैं।

भाजपा-कांग्रेस के आधा दर्जन से अधिक बागी निकाय चुनाव मैदान से हटे

नैनीताल, 26 अक्तूबर 2018। जी हां, भाजपा-कांग्रेस के आधा दर्जन से अधिक बागी निकाय चुनाव मैदान से हट गए हैं।

नाम वापस लेते भाजपा के 5 बागी प्रत्याशी

शनिवार का दिन नगर पालिका चुनावों के प्रत्याशियों के लिए नाम वापसी का दिन खासकर भाजपा और साथ ही कांग्रेस पार्टी के लिए कड़ी मशक्कत के बाद ही सही सुखद परिणामों वाला साबित हुआ। भाजपा और कांग्रेस के आधा दर्जन से अधिक बागी निकाय चुनाव मैदान से अध्यक्ष पद के लिए हट गए हैं। सुबह सबसे पहले कांग्रेस पार्टी नेता पूर्व पालिकाध्यक्ष मुकेश जोशी ने कांग्रेस प्रत्याशी सचिन नेगी के समर्थन में नाम वापसी की घोषणा की। वहीं दिन में भाजपा से बागी हुए प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य गोपाल रावत, वरिष्ठ नेता पूरन मेहरा, दोनों नगर महामंत्री कुंदन बिष्ट व भानु पंत, पूर्व जिला महामंत्री दया किशन पोखरिया व राकेश कुमार ने पार्टी के बड़े नेताओं के कई दौर तक चली वार्ताओं के बाद पार्टी के लिए अपना नाम वापस लेने की घोषणा की।
शनिवार सुबह कांग्रेस प्रत्याशी सचिन नेगी के तल्लीताल स्थित पायल होटल में आयोजित पत्रकार वार्ता में प्रदेश उपाध्यक्ष डा. रमेश पांडे, विधायक सरिता आर्य, बुजुर्ग नेता किशन लाल साह कोनी व प्रत्याशी नेगी आदि की उपस्थिति में पूर्व पालिकाध्यक्ष मुकेश जोशी ने प्रत्याशी के समर्थन में नाम वापसी की घोषणा की, साथ ही अपने सभी समर्थकों के मत एवं समर्थन प्रत्याशी को दिलाने की बात कही। इस दौरान पार्टी से जुड़े किशन नेगी, दीपा मिश्रा सहित कुछ अन्य प्रत्याशियों के मैदान में अब भी बने होने पर पांडे ने कहा कि कांग्रेस बड़ा दल है, और निकाय चुनाव छोटा चुनाव है। आगामी लोक सभा चुनाव में सभी लोग फिर से साथ होंगे।
वहीं भाजपाई खेमे की बात करें तो यहां काबीना मंत्री प्रकाश पंत सुबह से ही भाजपा के एक समूह बनाकर चुनाव लड़ने जा रहे पांच प्रत्याशियों पूरन मेहरा, गोपाल रावत, भानु पंत, दया किशन पोखरिया व राकेश कुमार को मनाने रावत के घर पर पहुंचे और लंबी जद्दोजहद के बाद करीब दोपहर एक बजे सभी का समर्थन मिलने का दावा किया। वार्ता में देरी होने की वजह से पार्टी का सुबह साढ़े 11 बजे प्रस्तावित चुनाव कार्यालय का उद्घाटन भी श्री पंत के हाथों एक बजे के बाद ही हो पाया। इस दौरान नामांकन कर चुके पार्टी के एक अन्य नगर महामंत्री कुंदन बिष्ट ने पार्टी प्रत्याशी के समर्थन में नामांकन वापस लेने की घोषणा की। इधर अपराह्न पौने तीन बजे के करीब भाजपा के पांच प्रत्याशियों पूरन मेहरा, गोपाल रावत, भानु पंत, दया किशन पोखरिया व राकेश कुमार एक साथ तहसील स्थित नामांकन प्रक्रिया स्थल पहुंचे और नाम वापसी की घोषण की। इसके थोड़ी देर बाद अन्य प्रत्याशी कुंदन बिष्ट ने भी नाम वापस ले लिया। गौरतलब है कि कांग्रेस से जुड़े मुकेश जोशी ने पहले ही नाम वापस ले लिया था। इस प्रकार शुरू में 21 प्रत्याशियों के नामांकन कराने, एक प्रत्याशी रोहित भाटिया का नामांकन कम उम्र के कारण खारिज होने और अब 7 प्रत्याशियों के नाम वापस लेने के बाद 13 प्रत्याशी मैदान में बच गये हैं।

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नैनीताल, 25 अक्तूबर 2018। नैनीताल नगर पालिका के लिए नामांकन कराने वाले 21 उम्मीदवारों में से एक रोहित भाटिया का नामांकन पत्र खारिज होने के बाद 20 प्रत्याशी मैदान में बचे हैं। इन 20 उम्मीदवारों में निर्दलीय प्रत्याशी डा. सरस्वती खेतवाल सबसे अधिक पढ़ी-लिखी होने के साथ ही सबसे धनी उम्मीदवार भी हैं। वहीं बसपा के प्रत्याशी रईस अहमद अंसारी मात्र साक्षर हैं।
डा. खेतवाल की बात करें तो वह संस्कृत विषय से पीएचडी हैं। उनके पास एक-एक मारुति अल्टो व इग्निश कारें, 10 तोला स्वयं एवं 10 तोला सिचाई विभाग के सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता कुमाऊं रहे हैं, और अभी हाल ही में सेवानिवृत्त हुए हैं। लिहाजा उनके पास हल्द्वानी में करीब 14 लाख मूल्य की दो बीघा जमीन, मुक्तेश्वर के गांव में 14 नाली भूमि की पैतृक संपत्ति में एक तिहाई हिस्सा, तल्लीताल में स्वयं व पति के नाम से एक-एक आवासीय भवन व दुकान हैं। वहीं भाजपा प्रत्याशी अरविंद पडियार के पास एक अल्टो कार, एक दो हजार रुपए की अंगूठी, पत्नी के पास करीब 60 हजार रुपए मूल्य के दो तोले वजनी सोने के आभूषण, ग्राम पतलिया में 20 नाली भूमि, हल्द्वानी के कटघरिया में 1800 वर्ग फिट में आवासीय भवन है, तथा वे एमकॉम तक पढ़े हैं। इसी तरह कांग्रेस प्रत्याशी सचिन नेगी के पास एक मारुति कार, दो तोले स्वयं एवं पत्नी के पास 15 तोला सोने के आभूषण, छोटी हल्द्वानी व मल्ली बमौरी हल्द्वानी में करीब 8 लाख रुपये मूल्य की भूमि है, तथा वह भी एम कॉम तक पढ़े हैं। वहीं उक्रांद प्रत्याशी प्रकाश पांडे के पास करीब 1.8 लाख रुपए मूल्य का 60 ग्राम सोना तथा पत्नी के पास करीब 2.7 लाख रुपए मूल्य के स्वर्णाभूषण एवं आई-20 कार है, जबकि घर नहीं है।

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नैनीताल, 25 अक्तूबर 2018। नैनीताल नगर पालिका के भाजपा के एक बागी अध्यक्ष पद के प्रत्याशी रोहित भाटिया का नामांकन खारिज हो गया है। निर्वाचन अधिकारी अभिषेक रुहेला ने बताया कि रोहित का नामांकन निर्धारित 30 वर्ष की उम्र पूरी न करने के कारण खारिज हुआ है। रोहित की उम्र मात्र 25 वर्ष है।
वहीं, भाजपा के पूर्व जिला महामंत्री रहे व नगर पालिका अध्यक्ष के प्रत्याशी दयाकिशन पोखरिया ने डीएम सुमन से मिलकर शिकायत की है कि उन्हें फेसबुक पर एक अज्ञात व्यक्ति के द्वारा लंबे समय से पांच नामों से फर्जी आईडी बनाकर अशोभनीय व अभद्र टिप्पणियां की जा रही हैं। इसके खिलाफ उन्होंने तल्लीताल थाने में भी दो बार लिखित तहरीर दी है। पूव्र में मई माह में निकाय चुनाव होने की संभावनाओं के दौर में जब पर्यवेक्षकों के समक्ष उन्होंने अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी की, तब राहुल सिंह, प्रेम वर्मा व संदीप चंद्र मिश्रा के नाम से अभद्र टिप्पणियां की गयी थीं। इसकी शिकायत उन्होंने 16 मई 2018 को तल्लीताल थाने में लिखित तौर पर की थी और एसएसपी से भी शिकायत की थी, और एसएसपी से भी मिले थे। एसएसपी ने एसओजी से जांच करवाई थी, और एसओजी ने फेसबुक के कैलीफोर्निया स्थित मुख्यालय से संपर्क कर तीन मोबाइल नंबर भी प्राप्त किये थे, पर कोई कार्रवाई नहीं की गयी। इधर उनके द्वारा नामांकन किये जाने के दौर से फिर से अरुण शर्मा व ललित पवार के नाम से अभद्र टिप्पणियां की गयी हैं। इसकी पुनः उन्होंने शिकायत तल्लीताल थाने में कराई है। आशंका जतायी कि उनकी बढ़ती राजनीतिक लोकप्रियता से घबराकर भाजपा से जुड़े लोग ही इसके पीछे हो सकते हैं। डीएम से मिलने वालों में भाजपा से जुड़े अध्यक्ष प्रत्याशी गोपाल रावत, पूरन मेहरा, भानु पंत, राकेश कुमार आदि भी साथ रहे। तल्लीताल थाना प्रभारी राहुल राठी ने बताया कि एसओजी से जांच कराकर आरोपितों के खिलाफ शीघ्र कार्रवाई की जाएगी।

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बाल्मीकि मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित लोगों में राजनीतिक लोग व पालिकाध्यक्ष प्रत्याशी आदि।

नैनीताल, 24 अक्तूबर 2018। बुधवार को नगर के अधिकांश नगर पालिका अध्यक्ष पद के प्रत्याशी एक ऐसी जगह हाजिरी लगाते नजर आये, जहां शायद ही वे पहले कभी आये हों। यह स्थान था नगर का तल्लीताल स्थित बाल्मीकि मंदिर और यहां से महर्षि बाल्मीकि की जयंती के मौके पर निकाली गयी महर्षि बाल्मीकि की शोभायात्रा। इस कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष एवं सभासद पद के प्रत्याशियों का जमावड़ा लगा रहा। कार्यक्रम में विधायक संजीव आर्य व पूर्व विधायक सरिता आर्य के साथ ही नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए भाजपा प्रत्याशी अरविंद पडियार, कांग्रेस के सचिन नेगी के साथ ही डा. सरस्वती खेतवाल, मुकेश जोशी, कुंदन बिष्ट, नीरज जोशी, पूरन मेहरा, दया किशन पोखरिया, किशन नेगी आदि प्रमुखता से नजर आये, जबकि कई अन्य प्रत्याशी भी मौजूद बताये गये।

नैनीताल में पालिका अध्यक्ष पद के नामांकन में दिखा ऐसा नजारा, जैसा शायद न कभी और कहीं दिखा होगा-न दिखेगा

-भाजपा के छह नेताओं  ने एक साथ पहुंचकर कराये नामांकन, एक नेता कल भी करा चुके हैं नामांकन
-आज भाजपा-कांग्रेस प्रत्याशियों, आठ बागियों सहित 15 ने कराये नामांकन
-कांग्रेस के पांच बागियों ने भी कराये हैं नामांकन, कुल 21 प्रत्याशी करा चुके हैं नामांकन

नैनीताल, 23 अक्टूबर 2018। नगर निकाय चुनाव के लिए मंगलवार को नामांकन के आखिरी दिन अध्यक्ष पद के लिए भाजपा के अरविंद पडियार व कांग्रेस के सचिन नेगी सहित कुल 15 प्रत्याशियों ने नामांकन कराये। इनमें कांग्रेस से टिकट की दावेदारी करने वाले मुकेश जोशी और अजय साह तथा कांग्रेस से वैचारिक तौर पर लंबे समय से जुड़ी रही पूर्व सभासद मिश्रा के साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के करीबी माने जाने वाले पूर्व महाधिवक्ता वीबीएस नेगी की पत्नी नलिनी नेगी सहित सीधे और परोक्ष तौर पर दो व तीन अर्थात कुल पांच बागी शामिल हैं। जबकि भाजपा की ओर से पार्टी के छह नेताओं-प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य गोपाल रावत, पूर्व नगर अध्यक्ष पूरन मेहरा, नगर महामंत्री भानु पंत, पूर्व जिला महामंत्री दया किशन पोखरिया पूर्व में अध्यक्ष का चुनाव लड़ चुके राकेश कुमार व रोहित भाटिया ने एक साथ नामांकन कराकर अपनी तरह का अनूठा दृश्य प्रस्तुत किया। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व भाजपा के नगर महामंत्री कुंदन बिष्ट भी निर्दलीय के रूप में नामांकन करा चुके हैं। साथ ही आज कराये गये नामांकनों के साथ नैनीताल नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए कुल 21 प्रत्याशी नामांकन करा चुके हैं।[poll id=”2″]

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मंगलवार सुबह सबसे पहले निर्दलीय संजय साह ने, फिर उत्तराखंड लोक वाहिनी के नीरज जोशी, निर्दलीय नलिनी नेगी पत्नी पूर्व महाधिवक्ता वीबीएस नेगी, कांग्रेस से दावा कर चुके पूर्व डीएसए महासचिव अजय साह, फिर भाजपा प्रत्याशी अरविंद पडियार, फिर कांग्रेस से दावेदारी कर चुके पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष मुकेश जोशी, पूर्व सभासद राजेंद्र परगाई व दीपा मिश्रा, उनके बाद कांग्रेस प्रत्याशी सचिन नेगी एवं आखिर में कमोबेश एक भाजपा के छह पदाधिकारियों, क्रमशः गोपाल रावत, दया किशन पोखरिया, भानु पंत, पूरन मेहरा, राकेश कुमार व रोहित भाटिया ने बतौर निर्दलीय नामांकन कराये। इस प्रकार आज कुल 15 नामांकन हुए, जबकि इससे पूर्व सोमवार को छह प्रत्याशियों उक्रांद के प्रकाश पांडे, बसपा के रईश अंसारी, भाजपा के नगर महामंत्री कुंदन बिष्ट के साथ ही सामाजिक कार्यकत्री डा. सरस्वती खेतवाल, खजान सिंह डंगवाल, किसन नेगी ने निर्दलीय यानी कुल छह प्रत्याशियों ने नामांकन कराये। नेगी ने दो सेटों में नामांकन कराया है। नामांकन की प्रक्रिया संयुक्त मजिस्ट्रेट अभिषेक रूहेला के नेतृत्व में संपन्न करायी गयी।

एक साथ नामांकन करने वाले छह भाजपा नेताओं ने कहा अमित शाह तक करेंगे शिकायत

एक साथ नामांकन कराने पहुंचे छह भाजपा नेता।

नैनीताल, एसएनबी। नैनीताल नगर पालिका चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए एक साथ नामांकन कराकर अपनी तरह का अनूठा दृश्य व स्थिति उत्पन्न करने वाले भाजपा नेताओं- प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य गोपाल रावत, पूर्व नगर अध्यक्ष पूरन मेहरा, नगर महामंत्री भानु पंत, पूर्व जिला महामंत्री दया किशन पोखरिया पूर्व में अध्यक्ष का चुनाव लड़ चुके राकेश कुमार व रोहित भाटिया ने कहा कि भाजपा को कुछ लोग उसकी व्यवस्थाओं से इतर चला रहे हैं। वे पार्टी के दावेदार थे किंतु उनसे ही अध्यक्ष पद के लिए टिकट देते हुए सर्वानुमति नहीं बनायी गयी। जबकि पूर्व में पार्टी के सभी फैसले एक साथ होते थे। जबकि इधर स्थिति यह है कि उनसे बात करने की कोशिश भी नहीं की गयी है। जिलाध्यक्ष भी उनकी बात नहीं सुन रहे हैं। इसकी शिकायत पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष अमित शाह तक पहुंचाई जाएगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अन्याय सहन न करने की बात से प्रेरित होकर अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने के लिये यह कदम उठाया है। दोहराया कि वे ही असली भाजपा हैं। प्रदेश नेतृत्व प्रत्याशी बदले और किसी वरिष्ठ को टिकट दे।

नैनीताल नगर पालिका के लिए ये हैं अध्यक्ष प्रत्याशी :
भाजपा: 
अरविंद पडियार।
कांग्रेसः 
सचिन नेगी।
उत्तराखंड क्रांति दल: प्रकाश पांडे।
बसपा: 
रईश अहमद अंसारी।

उत्तराखंड लोक वाहिनी : नीरज जोशी।

निर्दलीय: डा. सरस्वती खेतवाल, राजेंद्र परगाई, कुंदन बिष्ट, गोपाल रावत, पूरन मेहरा, भानु पंत, दया किशन पोखरिया, राकेश कुमार, अजय साह, खजान सिंह डंगवाल,  दीपा मिश्रा, संजय साह, नलिनी नेगी, रोहित भाटिया, किसन नेगी आदि।

भाजपा-कांग्रेस दोनों में प्रत्याशी एक ओर, और पार्टी दूसरी ओर…

-भाजपा के चार दावेदारों सहित दर्जनों असंतुष्टों ने अलग बैठक कर कहा-वे वास्तविक भाजपा
-कांग्रेस में नगर अध्यक्ष सहित अनेक कार्यकर्ताओं ने पद छोड़े, प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह पर संगठन की न सुनने का लगाया आरोप, पूर्व विधायक को भी सुनाई खरी-खोटी

बैठक करते असंतुष्ट भाजपा नेता।

नैनीताल, 22 अक्तूबर 2018। टिकटों की घोषणा के बाद जिला व मंडल मुख्यालय नैनीताल में भाजपा-कांग्रेस दोनों पार्टियों में कमोबेश एक जैसी स्थिति नजर आ रही है। दोनों पार्टियों में पार्टी उम्मीदवार सहित गिने-चुने कार्यकर्ता ही एक ओर दिखाई दे रहे हैं, और पूरी पार्टी दूसरी ओर। यहां तक कि भाजपा के चार दावेदारों सहित असंतुष्टों ने खुद को असली भाजपा करार दिया है, तथा नगर अध्यक्ष को छः वर्ष के लिए पार्टी से निष्कासित करने तथा प्रत्याशी के नाम पर पुर्नविचार करने और किसी वरिष्ठ कार्यकर्ता को टिकट देने की मांग की गयी। आगे मंगलवार को असंतुष्टों में कुछ लोग नामांकन करा सकते हैं, जबकि पार्टी के एक नगर महामंत्री कुंदन बिष्ट ने आज निर्दलीय के रूप में नामांकन करा दिया है। वहीं कांग्रेस में नगर अध्यक्ष सहित अनेक पदाधिकारियों ने पार्टी से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी है। 
सोमवार को भाजपा के असंतुष्टों की बैठक पूर्व नगर अध्यक्ष सहित अनेक पदों पर रहे व दावेदार पूरन मेहरा के आवास पर हुई। इस बैठक में तीन अन्य दावेदार-प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य गोपाल रावत, नगर महामंत्री भानु पंत, पूर्व जिला महामंत्री दयाकिशन पोखरिया व पूर्व पालिकाध्यक्ष संजय कुमार संजू सहित दर्जनों भाजपा, आरएसएस, भाजयुमो व अभाविप आदि संगठनों के कार्यकर्ता मौजूद रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी ने टिकट पार्टी की परंपराओं के विपरीत बिना संगठन व दावेदारों को विश्वास में लिये दिया है। पूर्व में कई चरणों की बैठक में सर्वानुमति से टिकट दिये जाते थे। वर्तमान में पार्टी में नये आये लोगों एवं निष्काशित कार्यकर्ताओं की राय पर टिकट दिये गये हैं। साथ ही नगर अध्यक्ष से लेकर जिलाध्यक्ष, विधायक व सांसद कोई जवाब देने को तैयार नहीं है। उन्होंने असंतुष्टों का संयुक्त प्रत्याशी लड़ाने की भी घोषणा की। इस मौके पर विधायक के करीबी माने जाने वाले सोनू बिष्ट, सीपी धूसिया, छात्र संघ चुनाव में अध्यक्ष प्रत्याशी रही पूनम बवाड़ी, पूर्व अध्यक्ष अभिषेक रौतेला, अभाविप के नवीन भट्ट, रुचिर साह, दीपक मेलकानी, भास्कर साह, प्रेम सागर, पंकज कुलौरा, नगर उपाध्यक्ष राजेंद्र बजेठा व दिग्विजय बिष्ट सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे।

बैठक करते असंतुष्ट कांग्रेस नेता।

उधर नगर कांग्रेस अध्यक्ष मारुति नंदन साह के आवास पर हुई पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक में पार्टी के आजादी के दौर के बुजुर्ग से लेकर युवा एवं व्यापार मंडल व महिला कांग्रेस से जुड़े अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस दौरान साह ने सीधे तौर पर प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह पर संगठन की न सुनने के आरोप लगाये। तथा नगर अध्यक्ष के पद से अन्य पदाधिकारियों के साथ इस्तीफा देने की घोषणा करते हुए कहा कि चुनाव में कार्य नहीं करेंगे। टिकट खुद दिया है तो दून से संगठन आये और अपने प्रत्याशी को लड़ाये। अलबत्ता यह साफ नहीं हो पाया कि कितने पदाधिकारियों ने इस्तीफे दिये हैं। बैठक में पार्टी के आजादी के दौर में जिलाध्यक्ष रहे बुजुर्ग किशन लाल साह कोनी, जेके शर्मा, मुन्नी तिवारी, मुकेश जोशी, मो. यूनुस, ईशा साह, कैलाश मिश्रा, मो. आफाक, ममता जोशी, राजेंद्र मनराल सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

महिला कांग्रेस से एक भी महिला को टिकट नहीं दिला पायीं सरिता आर्य
नैनीताल। मारुति साह एवं अन्य कार्यकर्ताओं ने बैठक में मौजूद पूर्व विधायक व महिला कांग्रेस की अध्यक्ष सरिता आर्य को संगठन तक बात न पहुंचा पाने को लेकर जमकर खरी-खोटी भी सुनाई। यहां तक कह डाला कि यदि वे अपने लोगों के लिए कुछ नहीं कर पायीं तो किस बात की नेता हैं। वहीं सरिता आर्य ने स्वीकारा कि वे नैनीताल व भवाली ही नहीं बागेश्वर की सिटिंग पालिकाध्यक्ष व कोटद्वार में प्रबल प्रत्याशी जिलाध्यक्ष सहित महिला कांग्रेस की एक भी पदाधिकारी को टिकट नहीं दिला पायीं।

नगर पालिका में जिन्होंने संगठन के फैसले के इतर निर्दलीयों को लड़ाया, उन्हें मिले पार्टी से टिकट
नैनीताल। नैनीताल में भाजपा-कांग्रेस दोनों के अब असंतुष्ट हुए कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि अभी दो माह पूर्व डीएसबी परिसर छात्र संघ के चुनाव में एबीवीपी व एनएसयूआई के घोषित कार्यकर्ताओं के खिलाफ अपने निर्दलीय प्रत्याशी खड़े करने वाले कार्यकर्ताओं को किसी तरह की अनुशासनिक कार्रवाई के बजाय इस चुनाव में ईनाम के तौर पर नगर पालिका अध्यक्ष पद का टिकट दिया गया है। इससे दोनों ही पार्टियों की छात्र इकाइयां भी प्रत्याशियों के समर्थन में नहीं हैं।

साजिशन मतदाता सूची से नाम काटने का आरोप
नैनीताल। भाजपा के दावेदार व प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य गोपाल रावत ने आरोप लगाया कि छः माह पूर्व से ही मजबूत दावेदारों के खिलाफ साजिश की जा रही थी। नैनीताल में उनका और भवाली में खजान भट्ट के परिवार सहित नाम मतदाता सूची से साजिशन हटवाए गये। अलबत्ता, उन्हें समय पर इसकी जानकारी लग गयी और उन्होंने नाम जुड़वा लिया। जबकि खजान भट्ट को हाईकोर्ट की शरण में जाना पड़ा है।

उक्रांद के पांडे, बसपा के रईश, भाजपा के बागी कुंदन, सरस्वती सहित 6 ने कराया नामांकन

नैनीताल, 22 अक्तूबर 2018। नगर निकाय चुनाव के लिए सोमवार को नामांकन के दूसरे दिन अध्यक्ष पद के लिए उत्तराखंड क्रांति दल व बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशियों सहित कुल छह प्रत्याशियों ने अपने नामांकन कराये। सबसे पहले उक्रांद प्रत्याशी प्रकाश पांडे ने जुलूस के साथ जिला कलक्ट्रेट स्थित तहसील कार्यालय परिसर पहुंचकर पूर्व विधायक डा. नारायण सिंह जंतवाल के साथ नामांकन कराया। खास बात यह रही कि उनके साथ उक्रांद से ही निवर्तमान नगर पालिकाध्यक्ष रहे श्याम नारायण नहीं दिखाई दिये। उनके बाद निर्दलीय के तौर पर भाजपा के नगर महामंत्री कुंदन बिष्ट अपनी पत्नी निर्वतमान सभासद सपना बिष्ट के साथ नामांकन कराने पहुंचे और उन्होंने अध्यक्ष पद के लिए एवं उनकी पत्नी ने नैनीताल क्लब वार्ड से सभासद पद के लिये नामांकन कराया। उन्होंने स्वयं को भाजपा के असंतुष्ट गुट के साथ बताया। कहा कि पार्टी के घोषित प्रत्याशी के अलावा अन्य सभी दावेदार साथ हैं।

उनके पश्चात सामाजिक कार्यकत्री ब्लड डोनर्स एसोसिएशन एवं जिला रेडक्रॉस सोसायटी से जुड़ी डा. सावित्री खेतवाल ने निर्दलीय के रूप में तथा बसपा के नगर अध्यक्ष रईश अहमद अंसारी ने भी नामांकन कराये। इनके अतिरिक्त भारतीय जीवन बीमा निगम के नगर के शीर्ष अभिकर्ता खजान सिंह डंगवाल और मल्लीताल व्यापार मंडल अध्यक्ष किसन नेगी और ने भी निर्दलीय के रूप में नामांकन कराये। नामांकन की प्रक्रिया मंगलवार को भी जारी रहेगी।

जनांदोलनों से जुड़ा यह दल भी कूदा नैनीताल नगर पालिका के चुनाव में

-उत्तराखंड लोक वाहिनी नेे नीरज जोशी को ‘संघर्ष की मशाल’ सोंप बनाया उम्मीदवार
-संविधान के 74वें संशोधन के अनुसार निकाय एक्ट बनाने के लिए करेंगे संघर्ष, देहरादून के मेयर के लिए मेंहदीरत्ता को समर्थन की घोषणा की
नैनीताल, 21 अक्तूबर 2018। जनांदोलनों से जुड़ी उत्तराखंड लोक वाहिनी भी नैनीताल नगर पालिका के चुनाव में पहली बार शामिल हो गयी है। नीरज जोशी नैनीताल नगरपालिका अध्यक्ष पद के लिये उत्तराखंड लोक वाहिनी के आधिकारिक उम्मीदवार होंगे। वे 23 अक्टूबर को अपना नामांकन करेंगे। रविवार को वाहिनी के कार्यवाहक अध्यक्ष राजीव लोचन साह ने पत्रकार वार्ता में उनके नाम की घोषणा की। श्री साह ने बताया कि मूल रूप से अल्मोड़ा जिले की सालम पट्टी के बक्सवाड़ गाँव के निवासी 41 वर्षीय नीरज का बचपन संघर्षों में बीता है। नगरपालिका में काम करने वाले पिता की असमय मृत्यु के कारण छः लोगों का परिवार पालने के लिए उन्हें नैनीताल की मॉल रोड पर भुट्टे और वाटरबॉल तक बेचने पड़े, और इन परिस्थितियों के बावजूद बीकॉम की अधूरी पढ़ाई करने के बाद वे टैक्सी चलाने लगे और आजीविका के संघर्ष के साथ नैनीताल नगर और नगरवासियों की समस्याओं को लेकर भी मुखर रहे हैं। उनकी सबसे बड़ी विशेषता उनका जुझारूपन और निडरता है। अपनी सामान्य पृष्ठभूमि के कारण वे नैनीताल की जन समस्याओं से गहराई से परिचित हैं और अधिकारियों के समक्ष उन्हें दृढ़ता मगर विनम्रता से उठाते रहे हैं।

नीरज जोशी को अध्यक्ष पद का दावेदार घोषित करते उत्तराखंड लोक वाहिनी के कार्यवाहक अध्यक्ष राजीव लोचन साह व अन्य।

साथ ही उनमें एक अच्छे प्रशासक के सभी गुण हैं और वे नैनीताल के चेयरमैन पद की गरिमा वापस लाने तथा नगरपालिका की नष्ट हो रही बहुमूल्य परिसंपत्तियों के समुचित उपयोग के लिये लोक वाहिनी युवा पीढ़ी को ‘संघर्षों की मशाल’ आगे बढ़ाने के लिए उन्हें अध्यक्ष पद का प्रत्याशी घोषित करती है। देहरादून में संयुक्त मोर्चा उम्मीदवार जगमोहन मेंहदीरत्ता को उलोवा का समर्थन रहेगा। वे उलोवा की नीति के अनुरूप संविधान के 74वें संशोधन के अनुसार निकाय एक्ट बनाने के लिए प्रदेश के अध्यक्षों को लेकर संघर्ष करेंगे। वहीं नीरज जोशी ने इस मौके पर उम्मीद जताई कि उलोवा के प्रबुद्ध वर्ग का आशीर्वाद मिलने के साथ ही यदि जनता का समर्थन मिला तो न झुकेंगे, न डिगेंगे, तथा नगर पालिका के उपनियमों एवं अध्यक्ष की शक्तियों को वापस लाते हुए किसी एक वर्ग नहीं वरन संपूर्ण नगर की जनता के भले के लिए नगर पालिका से लेकर शासन संघर्ष करेंगे। इस मौके पर विनोद पांडे व अरुण रौतेला आदि उलोवा नेता भी मौजूद रहे।

नैनीताल नगर पालिका के दो पूर्व अध्यक्ष प्रत्याशियों सहित 10 लोग नहीं लड़ पायेंगे नगर पालिका चुनाव

नैनीताल, 20 अक्टूबर 2018। नैनीताल नगर पालिका के पिछले चुनाव लड़े 10 प्रत्याशी यह चुनाव नहीं लड़ पाऐंगे। इनमें पिछले चुनाव के दो अध्यक्ष प्रत्याशी राकेश उर्फ शम्भू व दीपक कुमार उर्फ भोलू भी शामिल हैं, जो कि पूर्व में नगर पालिका के सभासद भी रह चुके हैं। दरअसल सभी 10 लोगों को ‘अधिकतम निर्वाचन व्यय और उसकी लेखा आदेश-2003’ में उल्लिखित प्राविधानों के अनुसार छह वर्ष के लिए चुनाव लड़ने के अयोग्य घोषित किया गया है, किंतु यह आदेश 17 मार्च 2003 में जारी हुए हैं। इस प्रकार वे मौजूदा तथा अगले करीब तीन वर्षों तक कोई भी चुनाव नहीं लड़ पायेंगे। चुनाव लड़ने से अनर्ह घोषित किये गये अन्य सभासद प्रत्याशी आरती कुमारी व कंचन निवासी धोबीघाट, महेश साह निवासी गार्डन हाउस मल्लीताल, जीवंती व आनंद मेहता निवासी स्टोनले कंपाउंड, सुजीत कुमार कीर्ति निवासी शिल्पी हैलो कंपाउंड, कंचन वर्मा निवासी जय लाल साह बाजार मल्लीताल व पुष्पा साह निवासी बड़ा बाजार मल्लीताल शामिल हैं।

यह भी पढ़ें : टिकट न मिलने पर भाजपा-कांग्रेस के कुछ दावेदार निर्दलीय उतरकर कर सकते हैं चुनौती खड़ी

नवीन जोशी, नैनीताल, 16 अक्टूबर 2018। प्रदेश में निकायों यानी ‘छोटी सरकार’ के चुनाव की कमोबेश अप्रत्याशित सी स्थिति में अचानक रणभेरी बजने के बाद दावेदारों की फौज फिर से तंबुओं से बाहर निकल उमड़ आई है। देश की प्रतिष्ठित-मसूरी के बाद दूसरी, जिला व मंडल मुख्यालय की प्रतिष्ठित नैनीताल नगर पालिका सीट की बात करें तो इस सामान्य सीट भाजपा-कांग्रेस के प्रत्याशियों में टिकट के लिए सर्वाधिक मारामारी दिखाई दे रही है, जबकि टिकट न मिलने के बाद भी खासकर कांग्रेस के कम से कम दो दावेदार निर्दलीय चुनाव लड़ने के लिए भी घोषणा का इंतजार भर कर रहे हैं। वहीं भाजपा में सर्वाधिक दावेदार हैं, बल्कि ऐसा लग रहा है कि पार्टी के नगर स्तर के छोटे-बड़े हर नेता ही स्वयं को दावेदार बताने से गुरेज नहीं कर रहे हैं। अलबत्ता दोनों दल अपने दावेदारों की लंबी सूची को दो-तीन दावेदारों तक सीमित कर चुके हैं। वहीं अन्य दलों उक्रांद, आप व बसपा में प्रत्याशियों के नाम करीब तय हो गये हैं। जबकि आधा दर्जन से अधिक निर्दलीय उम्मीदवारों का चुनाव मैदान में होना भी तय माना जा रहा है।

निकाय चुनाव का दो दिन पूर्व आरक्षण एवं एक दिन पूर्व चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद अचानक सोशल मीडिया पर प्रत्याशियों के प्रचार के पोस्टर शेयर होने लगे हैं, अलबत्ता कम ही प्रत्याशी हैं, जिनके पोस्टरों को उनके समर्थकों के द्वारा ‘फॉरवर्ड’ किया जा रहा हो। यानी प्रत्याशी अकेले-अकेले ही अपने प्रचार को आगे बढ़ा रहे हैं। आरक्षण की अंतिम स्थिति के तहत नैनीताल नगर पालिका के अध्यक्ष पद की सीट एक कार्यकाल के बाद फिर से सामान्य होने के बाद सभी के लिए मौके खुले हैं। लेकिन चुनाव के पूर्व में तय समय पर होने की बजाय बीच में करीब सात माह का अंतराल हो जाने के बाद कुछ दावेदारों के हौंसले अंदर से पस्त भी हुए हैं। लेकिन कुछ दूसरों को हराने के संकल्प के साथ मैदान से हटने को तैयार नहीं हैं।

पूर्व समाचार : नैनीताल नगर पालिका चुनावः चौंका सकते हैं कांग्रेस के यह अध्यक्ष प्रत्याशी

-पूर्व पालिकाध्यक्ष मुकेश जोशी ने ठोंका प्रबल एवं जिताऊ दावेदार के तौर पर दावा, विरोधियों ने लगाई दून-दिल्ली की दौड़
-श्रीराम सेवक सभा एवं ब्लड डोनर्स एसोसिएशन से भी रहा है जुड़ाव, वर्ष 2007 में निर्दलीय के तौर पर दर्ज की थी जीत

मुकेश जोशी ‘मंटू’

नैनीताल। प्रदेश में नगर निकाय चुनावों की राह साफ होने के साथ देश की प्रतिष्ठित-मसूरी के बाद दूसरी नैनीताल नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष पद के लिए टिकट पाने की जोर-आजमाइश दिलचस्प स्थिति में पहुंच गयी है। उत्तराखंड क्रांति दल की ओर से पूर्व में वर्ष 2007 में प्रत्याशी रहे अधिवक्ता प्रकाश पांडे का नाम कमोबेश तय है, जबकि उस चुनाव में प्रकाश पांडे की प्रबल संभावनाओं के बावजूद चुनाव जीते निर्दलीय प्रत्याशी मुकेश जोशी ‘मंटू’ ने भी अध्यक्ष पद के लिए ताल ठोंक दी है। खास बात यह है कि अनपेक्षित तौर पर मंटू इस बार कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी घोषित होकर चौंका सकते हैं। बताया जा रहा है कि महिला कांग्रेस की अध्यक्ष के रूप में नैनीताल पालिका अध्यक्ष पद के लिए अपनी पसंद को टिकट दिला सकने की क्षमता वाली पूर्व विधायक एवं पालिकाध्यक्ष सरिता आर्य मंटू के पक्ष में हैं। मंटू उनके विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस पार्टी में शामिल भी हो चुके हैं, और उन्होंने कांग्रेस पार्टी से अपनी दावेदारी ठोंक भी दी है। मंटू को टिकट मिलना इतना प्रबल माना जा रहा है कि कई पुराने कांग्रेसी दावेदारों ने देहरादून व दिल्ली की दौड़ लगा दी है।

राष्ट्रीय सहारा, 28 मई 2018

उल्लेखनीय है कि मंटू का जुड़ाव नगर की सबसे प्रतिष्ठित धार्मिक-सामाजिक संस्था श्रीराम सेवक सभा में इसके महासचिव व अध्यक्ष पद पर रहने के साथ ही ब्लड डोनर एसोसिएशन से भी रहा है। बताया जाता है कि उन्होंने रिकार्ड बार रक्तदान किया है। 2007 के चुनाव में उनकी पहचान केवल ब्लड डोनर के रूप में थी, और केवल इसी छवि से वे पूर्व विधायक डा. नारायण सिंह जंतवाल के गढ़ में उनके प्रत्याशी प्रकाश पांडे सहित करीब दो दर्जन उम्मीदवारों को पीछे छोड़ चुनाव जीत गए थे। वहीं कांग्रेस की बात करें तो उस पर हालिया लोकसभा चुनाव हारने के साथ ही बीते दो कार्यकाल यानी 10 वर्ष से नगर पालिका में अपना अध्यक्ष न होने की कमी को पाटने की गंभीर चुनौती है। इस मायने में अब तक कभी भी अपना पालिका अध्यक्ष न बना पायी भाजपा से भी अधिक दबाव कांग्रेस पर है। ऐसे में कद, अनुभव एवं संभावनाओं के मद्देनजर मंटू को टिकट मिलना तय माना जा रहा है। पूछे जाने पर श्रीमती आर्य ने भी कहा कि मंटू उनकी पसंद हैं, अलबत्ता टिकट पर निर्णय हाईकमान को ही करना है। वहीं मंटू ने पहली बार ‘राष्ट्रीय सहारा’ के समक्ष स्वीकारा कि उन्होंने कांग्रेस पार्टी से दावेदारी की है, और वे कांग्रेस पार्टी में शामिल भी हो चुके हैं। पालिका कर्मचारियों सहित विभिन्न वर्गों एवं कांग्रेस के कैडर के साथ उनकी जीत सुनिश्चित है।

यह भी पढ़ें : कार्यकाल पूरा कर रही नैनीताल नगर पालिका बोर्ड का लेखा-जोखा : एक करोड़ की चुंगी, शरदोत्सव गंवाए, नंदा देवी मेला हथियाया

नवीन जोशी, नैनीताल। बुधवार को मौजूदा नगर पालिका बोर्ड अपना 5 वर्ष का कार्यकाल पूरा कर रही है, और आज से नगर पालिका प्रशासक के हवाले हो जाएगी। इस बोर्ड की कार्यप्रणाली को उपलब्धियों-नाकामियों के आधार पर देखें तो इसके कार्यकाल में नगर पालिका के हाथ से साउथ मॉल रोड की फांसी गधेरा स्थित एवं बारापत्थर स्थित दो चुंगियां हाथ से गयीं, जिनसे प्रति वर्ष पालिका को करीब एक करोड़ रुपए की आय का नुकसान हुआ। साथ ही एक सदी से भी अधिक पुरानी, 1890 से चली आ रही शरदोत्सव की परंपरा इसी पालिका बोर्ड के कार्यकाल में 2015 में न केवल एक वर्ष टूटी, वरन 2016 से यह आयोजन पालिका के हाथ से ही चला गया, और अब विंटर कार्निवाल के रूप में नैनीताल महोत्सव समिति इसका आयोजन कर रही है। वहीं उपलब्धियों की बात करें तो नगर पालिका ने उच्च न्यायालय के आदेशों पर 1926 से नगर में नंदा देवी महोत्सव आयोजित कर रही धार्मिक-सामाजिक संस्था श्रीराम सेवक सभा से महोत्सव के मेले वाला यानी व्यवसायिक हिस्सा अपने हाथ में लेने की सफलता पायी। इसके अलावा बोर्ड के सदस्य पालिका की कमजोर आर्थिक स्थिति के बावजूद पांच वर्षों में कर्मचारियों की एक भी हड़ताल न होने को भी अपनी उपलब्धि बता रहे हैं। हालांकि दबी जुबान यह भी स्वीकार रहे हैं कि इसके लिए बोर्ड से अधिक पालिका प्रशासन-अधिशासी अधिकारी की बड़ी भूमिका रही।
वहीं सरसरी तौर पर मौजूदा नगर पालिका बोर्ड के कार्यकाल का सिंहावलोकन करें तो इसकी पहली बोर्ड बैठक पत्रकारों के लिए भी द्वार बंद करने के साथ शुरू हुई थी तो बीते माह आखिरी, नगर से बाहर महेश खान के जंगल में प्रस्तावित बैठक हो ही नहीं पायी। आगे भी बोर्ड की बैठक में पत्रकारों के आते ही कुछ सभासद हाथ-अंगुलियां उठाकर हंगामा करने को उद्यत हो जाते थे। वहीं बुधवार को आखिरी दिन भी जहां कई विधायक अपने बचे कार्य निपटाने की आपाधापी में दिखे तो अपनी आदत के अनुरूप पालिका के अध्यक्ष श्याम नारायण कार्यालय ही नहीं आए। वहीं कार्यों की बात करें तो इस दौरान पालिका की संपत्ति में लीज समाप्त होने के कारण लंबे समय से बंद चल रहा एक सिनेमा हॉल-कैपिटॉल फिर से शुरू हुआ, तो दूसरे में बहुमंजिला पार्किंग बनने का प्रस्ताव है। पालिका के ऐतिहासिक भवन व दुर्गा लाल साह पालिका पुस्तकालय के करीब एक सदी बाद एडीबी के माध्यम से जीर्णोद्धार के कार्य प्रारंभ हुए हैं। बीते करीब एक-दो वर्षों से बरसों से अतिक्रमण कर बैठे फड़ वालों व पालिका कर्मियों के बीच फड़ लगाने-हटाने को लेकर चले ‘चूहे-बिल्ली’ के खेल के बाद इधर कई माह से फड़ लगने बंद हुए हैं, अलबत्ता उनके लिए वेंडर जोन गठित करने, नगर में ई-रिक्शे चलाने के वर्षों पूर्व पारित प्रस्ताव के बावजूद चलने पर अभी भी मंजिल दूर नजर आती है।

कार्यकाल बहुत सफल नहीं: पालिकाध्यक्ष
नैनीताल। स्वयं नगर पालिका अध्यक्ष श्याम नारायण ने कहा कि वे अपने कार्यकाल को बहुत सफल नहीं मानते। कार्यों में शासन-प्रशासन चुस्त-दुरुस्त नहीं रहा, सो उसका सहयोग नहीं मिला। जो भी कार्य हुए वे उच्च न्यायालय के दबाव में ही हो पाये।

₹ 24 लाख का बिल न चुकाने से गुल हो गयी नैनीताल की स्ट्रीट लाइटें

नैनीताल, 15 मार्च 2018। जिला व मंडल मुख्यालय तथा पर्यटन नगरी नैनीताल की स्ट्रीट लाइटों की बिजली विद्युत विभाग ने काट दी है। इसका कारण नगर पालिका द्वारा स्ट्रीट लाइटों का भारी भरकम बिल शेष होना है। विद्युत वितरण खंड नैनीताल के अधिशासी अभियंता मो. उस्मान ने बताया कि नगर पालिका पर पूर्व का पूरा मिलाकर करीब दो करोड़ एवं इधर बीते वित्तीय वर्ष का करीब ₹ 24 लाख रुपए का बिल बकाया है। जुलाई 2017 में आये एक शासनादेश के अनुसार 1 अप्रैल 2017 के बाद का बिल नगर पालिका को ही भरना है, जबकि 31 मार्च से पूर्व का भुगतान शासन स्तर पर होना है। नगर पालिका की ओर से फिलहाल तीन लाख रुपए का भुगतान करने की कोशिश की जा रही है, और विद्युत विभाग से बिजली जोड़ने का अनुरोध किया गया है।
इधर नगर पालिका में भी बृहस्पतिवार को स्ट्रीट लाइटों की बिजली कटने का मामला सभासदों के बीच चर्चा में बना रहा। सभासदों का कहना था कि विद्युत विभाग के बिजली के पोल एवं ट्रांसफार्मर नगर पालिका की भूमि पर लगे हैं। इसका भू उपयोग शुल्क का भारी भरकम बिल विद्युत विभाग पर बनता है। नगर पालिका के उपनियमों के अनुसार शीघ्र बिल भिजवाया जाएगा। वहीं इस प्रश्न पर अधिशासी अभियंता मो. उस्मान का कहना है कि शासन के आदेशों के अनुसार नगर पालिका बिजली विभाग से इस तरह का कोई शुल्क नहीं वसूल सकती है।

60 हजार उपभोक्ताओं पर बिजली विभाग के ₹ 2 करोड़ बकाया
नैनीताल। अधिशासी अभियंता मो. उस्मान ने बताया कि 15 फरवरी तक के आंकड़ों के अनुसार नैनीताल 60 हजार उपभोक्ताओं पर ₹ 500 रुपए से अधिक की राशि तथा कुल मिलाकर बिजली विभाग के ₹ 2 करोड़ बकाया है। इसमें सरकारी विभागों का बकाया करीब 70 लाख का है, जिसमें से शिक्षा विभाग पर ₹ 33 लाख एवं पुलिस पर ₹ 20 लाख का बकाया है। शेष ₹ 1.3 करोड़ शेष उपभोक्ताओं के हैं।

यह भी पढ़ें : नैनीताल में खुले में शौच पर ₹ 5000 तक दंड का प्राविधान

-संपत्तियों के नामांतरण पर भी शुल्क लगेगा, गजट नोटिफिकेशन
– कालाढुंगी रोड की ओर से नगर में आने वाले वाहनों के लिए सरिताताल में शुल्क लेने के लिए बनेगा बूथ
-मौजूदा नगर पालिका बोर्ड की कमोबेश आखिरी बैठक में पारित हुए 30 से अधिक प्रस्ताव
नैनीताल। नैनीताल नगर पालिका क्षेत्र में खुले में शौच करने पर मौके पर ही संबंधित व्यक्ति पर ₹ पांच हजार रुपए तक जुर्माना लगाया जा सकता है। पहले इस हेतु ₹ 200 रुपए का प्राविधान था। यह दीगर बात है कि अब तक इतना जुर्माना भी किसी से नहीं लिया गया है। इसके अलावा नगर में अब संपत्तियों के नामांतरण पर भी शुल्क लगेगा। शुल्क की दर संपत्ति के कीमत के एक फीसद से कम ही है। इस बारे में पूर्व में पालिका के अधिनियम में संपत्ति हस्तांतरण शुल्क का प्राविधान है, जबकि संपत्तियों के दाखिल-खारिज के लिए किसी शुल्क का प्राविधान नहीं है। इसके अलावा कालाढुंगी रोड की ओर से नगर में आने वाले वाहनों के लिए सरिताताल में शुल्क लेने के लिए बूथ स्थापित किया जाएगा। इन मामलों में नगर पालिका गजट नोटिफिकेशन करवाएगी।

बृहस्पतिवर (1 फरवरी 2018) को हुई मौजूदा नगर पालिका नैनीताल की बोर्ड बैठक में इसके साथ की 26 पूर्व निर्धारित एवं अध्यक्ष की अनुमति से कुछ नये प्रस्तावों पर चर्चा हुई, एवं उपरोक्त दोनों सहित अनेक प्रस्तावों को कई बार गर्मा-गर्म बहस के साथ स्वीकार कर लिया। खुले में शौच संबंधी प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सूखाताल के सभासद भूपाल कार्की ने उनके क्षेत्र में अभी भी बड़े पैमाने पर लोगों के द्वारा खुले में शौच किये जाने की बात कही। बताया कि 2014-15 में बने सार्वजनिक शौचालय में जल संयोजन न होने जैसे कारण इसके पीछे हैं। वहीं नामांतरण शुल्क व सरिताताल में चुंगी के प्रस्तावों पर सभासद जितेंद्र बिष्ट ने अधिक शुल्क का प्राविधान किये जाने पर नाराजगी जताई।
इसके अलावा पालिकाध्यक्ष श्याम नारायण की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में स्ट्रीट लाइट, सड़क, पानी, सफाई व्यवस्था व अतिक्रमण के मुद्दों पर खास तौर पर चर्चा की गई। बैठक में संविदा व आउटसोर्स कर्मियों का मानदेय ₹ 235 से बढ़ाकर ₹ 285 करने को भी मंजूरी दे दी गयी, अनेक कर्मचारियों के आवासों की मरम्मत तथा पालिका निधि, विधायक-सांसद निधि व दैवीय आपदा तथा 14वें वित्त आयोग से अनेक निर्माण कार्यों एवं बीते वित्तीय वर्ष की तीसरी तिमाही के बजट को मंजूरी दे दी गयी, जबकि केवल ₹ 6000 रुपए नियत वेतन पर कार्य कर रही नर्सरी स्कूल की शिक्षिकाओं का वेतन ढांचे में पद समाप्त हो जाने का हवाला देते हुए सभासद अजय बिष्ट के विशेष प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया। बैठक में ईओ रोहिताश शर्मा समेत सभी सभासद मौजूद रहे।

विधायक के 10 लाख से 100 मीटर ऊंचा राष्ट्रीय ध्वज लगाने पर कलह

नैनीताल। गत दिवस नगर पालिका कर्मचारी संघ के शपथ ग्रहण समारोह में पालिका ईओ के अनुरोध को स्वीकारते हुए विधायक संजीव आर्य ने विधायक निधि से कैपिटॉल सिनेमा के सामने के चिल्ड्रन पार्क में 100 मीटर ऊंचा राष्ट्रीय ध्वज लगाने के लिए 10 लाख रुपए नगर पालिका को देने की घोषणा की है। पालिका सभासद डीएन भट्ट ने सदन को इसकी जानकारी दी। इस पर राष्ट्रीय ध्वज को देश की आन-बान व शान का प्रतीक बताने के बावजूद कई सभासद कलह करने से नहीं चूके। हालत यह रही कि पूरी बोर्ड बैठक में सर्वाधिक हो-हल्ला इसी मुद्दे पर हुआ। शिव सेना से जुड़े सभासद भूपाल कार्की ने कहा कि झंडा कहां लगेगा, यह विधायक नहीं पालिका बोर्ड तय करेगी। यह जामा मस्जिद के सामने लगे। वहीं कांग्रेस से जुड़े सभासद कैलाश अधिकारी ने झंडे की सुरक्षा की आढ़ लेते हुए कैपिटॉल के सामने इसे लगाने पर विरोध जताया। सभासद जितेंद्र बिष्ट इसके पक्ष में अढ़े। आखिर ईओ ने आश्वस्त कराया कि अमृत योजना के तहत 17 लाख रुपए से विकसित किये जा रहे चिल्ड्रन पार्क में इसकी सुरक्षा सुनिश्चित होगी। इस पर बोर्ड ने राष्ट्रीय ध्वज लगाने को मंजूरी दे दी।

नैनीताल नगरपालिका के हाथ से रिक्शे भी ‘जायेंगे’, तभी ई-रिक्शा आयेंगे

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-पूर्व में शरदोत्सव का आयोजन, फांसी गधेरा और बारापत्थर की चुंगी भी जा चुकी है हाथ से, होगा आर्थिक नुकसान
नवीन जोशी, नैनीताल। नगरवासियों, यहां आने वाले सैलानियों के लिये यह खबर अच्छी है कि नगर में मौजूदा तीन पहिया रिक्शों की जगह बैटरी से चलने वाले ईको-फ्रेंडली ई-रिक्शा चलेंगे। इनमें अपेक्षाकृत तेज गति से एक साथ दो की जगह चार से अधिक सवारियां एक से दूसरे स्थान पर पहुंच पायेंगे, वहीं कुछ हद तक यात्रियों को महंगी टैक्सियों की जगह सस्ता और प्रदूषण मुक्त यातायात का साधन भी उपलब्ध होगा। लेकिन देश की दूसरी प्राचीनतम नगर पालिका नैनीताल के लिये यह खबर इतनी अच्छी शायद न हो। उसके हाथ से रिक्शों का नियंत्रण, लाइसेंस, नियमों का पालन न करने पर चालान आदि करने का अधिकार चला जायेगा। यह खबर इसलिये भी महत्वपूर्ण है कि यह सरकार के आय बढ़ाने की उलाहनाओं और 74वें संविधान संसोधन के जरिये पालिकाओं को अधिक स्वतंत्र व मजबूत बनाने के संकल्प के विपरीत होगा। साथ ही पूर्व में वन, स्वास्थ्य, शिक्षा, विद्युत व पेयजल आदि विभागों और हालिया दौर में फांसी गधेरा और बारापत्थर की चुंगियों व शरदोत्सव के आयोजन को खोने के बाद पालिका वर्तमान में नगर में चलने वाले 82 पंजीकृत रिक्शों के संचालन का अधिकार भी खो देगी।

Rashtriya Sahara 4th Feb 2015उल्लेखनीय है कि सोमवार को डीएम की अध्यक्षता वाली डीटीए यानी जिला परिवहन प्राधिकरण की बैठक में नगर में 56 ई-रिक्शा संचालित किये जाने, तथा इनके लाइसेंस नगर में संचालित 82 रिक्शों को संचालित करने वाले 112 रिक्शा मालिकों में दो को एक परमिट दिये जाने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा तय हुआ कि नगरपालिका के पीछे स्थित पूर्व का घोड़ा स्टैंड, जिसे इधर कई बार तोड़ते व बनाते हुये वर्तमान में हाईकोर्ट के आदेशों पर पार्क का स्वरूप दिया गया है, ई-रिक्शा का पार्किंग स्थल होगा। ई-रिक्शा के टिकट का निर्धारण एसटीए द्वारा किया जायेगा, जबकि इसकी परमिट व लाइसेंस व्यवस्था निश्चित तौर पर इसके मोटर वाहन होने की वजह से आरटीओ के द्वारा की जायेगी। लिहाजा साफ है कि इनके संचालन में नगर पालिका का कोई हस्तक्षेप नहीं होगा।

यह खाशियतें हैं ई-रिक्शा में

E Rickshawनैनीताल। नगर में प्रस्तावित लोहिया ऑटो इंडस्ट्रीज के ई-रिक्शा के बारे में कंपनी के जोनल हेड सुनित अवस्थी ने बताया कि मोटर और कंट्रोलर को छोड़कर यह पूरी तरह भारत में एक प्रदेश के ही काशीपुर में स्थित फैक्ट्री में बना है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मेक इन इंडिया” का बेहतरीन नमूना भी बताया गया है। ई-रिक्शा की बैटरी करीब सात-आठ घंटे में सात-आठ यूनिट बिजली की खपत के साथ पूरी चार्ज होती है, यह चार सवारियों को लेकर अधिकतम 25 किमी प्रति घंटा की गति से अधिकतम करीब 90 किमी चलती है। बैटरी को करीब 20-25 फीसद शेष बचने पर दुबारा पूरा चार्ज करना होगा। इसमें मोटरसाइकिल के तीलियों युक्त पहिये लगे हैं और बैक गियर में चलने की सुविधा भी है। इसमें ब्रेक लगाने पर ऑटोमैटिक एक्सीलरेटर ऑफ हो जाता है। आशंका व्यक्त की जा रही है कि जिस तरह रिक्शे वाले मदिरा पान करके भी रिक्शे चला लेते हैं, यदि इन्हें भी वैसे ही चलायेंगे तो दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ी रहेगी। यह अधिकतम चार डिग्री की ऊंचाई पर ही चढ़ने योग्य है।

यह आयेगा खर्चा

नैनीताल। लोहिया ऑटो इंडस्ट्रीज के हल्द्वानी डीलर नैनी मोटर्स के भुवन पांडे के अनुसार आज प्रस्तुत किये गये ई-रिक्शा की कीमत 1.25 लाख है। इसके अलावा इसके तीन वर्ष के रोड परमिट पर 400 रुपये, पंजीकरण पर 2,930 रुपये एवं चार सवारियों के 25-25 हजार एवं चालक के एक लाख के बीमा की वार्षिक किस्त के रूप में 5,560 रुपये देने होंगे। इसके अलावा नगर पालिका कमर्शियल वाहन के रूप में माल रोड पर चलने के लिये लेक ब्रिज चुंगी पास निर्धारित 1,525 रुपये में बनायेगी। इसके अलावा पार्किंग शुल्क भी लिया जा सकता है।

शीघ्र 350 सीसी की ई-बाइक होगी लॉंच

नैनीताल। लोहिया ऑटो इंडस्ट्रीज के जोनल हेड सुनित अवस्थी ने बताया कि कंपनी शीघ्र ही बुलेट के मुकाबला की 350 सीसी की ई-बाइक भी लॉंच करने जा रही है। छह माह के भीतर यह पर्यावरण मित्र ई-बाइक बाजार में होगी। वहीं कंपनी की स्कूटी की तरह के दो पहिया वाहन पहले से बाजार में हैं। यह भी एक बार में बैटरी चार्ज करने के बाद करीब 90 किमी चल सकते हैं। इन पर केंद्र सरकार 7,500 रुपये का अनुदान देती है, जिसके बाद यह 30 से 37 हजार रुपये में उपलब्ध है।

नगर में 1858 से रिक्शे चलने का इतिहास, पूर्व विधायक ने भी चलाये रिक्शे, रिक्शे वालों का चलता था अपना ‘सिक्का’

hath-rickshawनैनीताल। यूं रिक्शे देश में हर शहर में चलते हैं, किंतु नैनीताल के रिक्शों की बात ही अलग है। इसकी महत्ता इस तरह भी समझ सकते हैं कि मुख्यमंत्री हरीश रावत अपने पिछले नैनीताल दौरे पर नाव से यहां आये थे और रिक्शे से लौटे थे। पाल नौकाओं की तरह रिक्शे भी कमोबेश नैनीताल की पहचान से जुड़े हैं। नैनीताल में माल रोड के पास से गुजरते हुये तल्ली से मल्लीताल के बीच रिक्शे पर बैठना दूरी तय करने की एक सवारी से इतर शान की सवारी माना जाता है। नैनीताल शायद इकलौता शहर भी हो जहां रिक्शों पर बैठने के लिये लोग घंटे भर भी लाइन में खड़े होकर टिकट लेने को उतावले रहते हैं। यहां के रिक्शों का इतिहास भी डेढ़ सदी पुराना है। यहां 1858 में हाथ के रिक्शे चलने प्रारंभ हुए। बाद में नगर के अल्का होटल के स्वामी स्व. बांके लाल साह को 1948 के बाद पहली बार नगर में तिपहिया रिक्शों की की शुरुआत करने का श्रेय दिया जाता है। उन्होंने छत व अच्छी गद्दी युक्त दो लग्जरी रिक्शे खरीदे थे, जिन्हें आज के संभ्रांत लोगों की कार चलाने वाले शोफरों की तरह काले ब्लेजर की वर्दी पहने चालक चलाते थे, और अंग्रेज ही इन रिक्शों में बैठ पाते थे। बाद में टायर पंक्चर जोड़ने जैसी सुविधा भी न होने की वजह से यह बंद हो गए, तथा आजादी के बाद मौजूदा तरह के सामान्य साइकिल रिक्शे चले। कहा जाता है कि शुरुआत में बाद में विधायक बने स्वर्गीय बिहारी लाल ने भी ऐसे रिक्शे चलाये थे। एक दौर में यहां रिक्शे वालों का अपना ‘सिक्का” भी चला करता है। जब रिक्शों का किराया आठ रुपये सवारी था, तब रिक्शे वालों ने दो रुपये का अपना सिक्का चला दिया था, जिसे वे 10 का नोट देने पर लौटाते थे, तथा अगली बार किराये में ले लेते थे। यह भी उल्लेखनीय है कि 1969 में तल्ली-मल्ली का किराया 25 पैंसे था, जो क्रमश: 30, 40 व 50 पैंसे के बाद एक, दो, तीन, चार, पांच, आठ होते हुये अब 10 रुपये है।

पालिकाध्यक्ष देखेंगे, विरोध के स्वर भी उठने शुरू

नैनीताल। इस बाबत पूछे जाने पर पालिकाध्यक्ष श्याम नारायण ने कहा कि वह कल की बैठक का लिखित मसौदा आने पर ही कोई प्रतिक्रिया करेंगे। नगरवासियों के हित में ई-रिक्शा संचालन पर जरूरत पड़ेगी तो पालिका बोर्ड में प्रस्ताव भी लायेंगे। माना भी अब तक वसूले जाने वाले रिक्शों के लाइसेंस शुल्क, चालान आदि से प्राप्त होने वाली आय का नुकसान होगा। वहीं वरिष्ठ पत्रकार एवं राज्य आंदोलनकारी राजीव लोचन साह ने कहा कि सरकार को 74वें संविधान संसोधन के लिये नगर पालिका को और अधिकार देकर उसके हाथ मजबूत करने चाहिये थे, लेकिन यहां लगातार छीना जा रहा है, जो चिंताजनक है। वहीं नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी रोहिताश शर्मा ने उम्मीद जगाई कि ई-रिक्शा से माल रोड पर संचालन के लिये नगर पालिका लेकब्रिज चुंगी वसूलेगी, जिससे उसे होने वाले आय के नुकसान की भरपाई हो जायेगी।

पालिका को प्रति वर्ष 67600 से अधिक का होगा आर्थिक नुक्सान

नगर पालिका को वर्तमान में 82 रिक्शों के लाइसेंस से प्रति वर्ष प्रति रिक्शे 1200 की दर से 98,400 रुपये प्राप्त होते हैं, जबकि अब लेक ब्रिज चुंगी से प्रति स्थानीय वाहन 550 की दर से केवल 30,800 रुपये ही मिलेंगे, यानी सीधे 67600 का नुक्सान होगा। वहीँ चालान-जुर्माने आदि का नुक्सान अलग से होगा। जनता ई-रिक्शा चालकों द्वारा की जाने वाली किसी मनमानी की शिकायत स्थानीय स्तर पर पालिका या किसी और से नहीं कर पायेगी।

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मेरा जन्म 26 नवंबर 1972 को हुआ था। मैं नैनीताल, भारत में मूलतः एक पत्रकार हूँ। वर्तमान में मार्च 2010 से राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक समाचार पत्र-राष्ट्रीय सहारा में ब्यूरो चीफ के रूप में कार्य कर रहा हूँ। इससे पहले मैं पांच साल के लिए दैनिक जागरण के लिए काम कर चुका हूँ। कुमाऊँ विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग से ‘नए मीडिया’ विषय पर शोधरत हूँ। फोटोग्राफ़ी मेरा शौक है। मैं NIKON COOLPIX P530 और अडोब फोटोशॉप 7.0 के साथ फोटोग्राफी कर रहा हूँ। फोटोग्राफी मेरे लिए दुनियां की खूबसूरती को अपनी ओर से चिरस्थाई बनाने का बहुत छोटा सा प्रयास है। एक फोटो पत्रकार के रूप में मेरी तस्वीरों को नैनीताल राजभवन सहित विभिन्न प्रदर्शनियों में प्रस्तुत किया गया, तथा उत्तराखंड की राज्यपाल श्रीमती मार्गरेट अलवा द्वारा सम्मानित किया गया है। कुछ चित्रों को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हो चुके हैं। गूगल अर्थ पर चित्र उपलब्ध कराने वाली पैनोरामियो साइट पर मेरी प्रोफाइल को 18.85 Lacs से भी अधिक हिट्स प्राप्त हैं।पत्रकारिता और फोटोग्राफी के अलावा मुझे कवितायेँ लिखना पसंद है। काव्य क्षेत्र में मैंने नवीन जोशी “नवेन्दु” के रूप में अपनी पहचान बनाई है। मैंने बहुत सी कुमाउनी कवितायेँ लिखी हैं, कुमाउनी भाषा में मेरा काव्य संकलन उघड़ी आंखोंक स्वींड़ प्रकाशित हो चुका है, जो कि पुस्तक के के साथ ही डिजिटल (PDF) फार्मेट पर भी उपलब्ध होने वाली कुमाउनी की पहली पुस्तक है। मेरी यह पुस्तक गूगल एप्स पर भी उपलब्ध है। ’ यहां है एक पत्रकार, लेखक, कवि एवं छाया चित्रकार के रूप में मेरी रचनात्मकता, लेख, आलेख, छायाचित्र, कविताएं, हिंदी-कुमाउनी के ब्लॉग आदि कार्यों का पूरा समग्र। मेरी कोशिश है कि यहां नैनीताल, कुमाऊं, उत्तराखंड और वृहद संदर्भ में देश की विरासत, संस्कृति, इतिहास और वर्तमान को समग्र रूप में संग्रहीत करने की….। मेरे दिल में बसता है, मेरा नैनीताल, मेरा कुमाऊं और मेरा उत्तराखंड

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