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नैनीताल से स्थानांतरित ईओ शर्मा का दावा-नगर पालिका को करोड़ों देकर जा रहे हैं…

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नवीन समाचार, नैनीताल, 15 जुलाई 2019। नैनीताल नगर पालिका के सभासदों के 13 दिन लंबे आंदोलन के बाद स्थानांतरित अधिशासी अधिकारी रोहिताश शर्मा ने सोमवार को कार्यभार छोड़ने से पूर्व दावा किया कि दूसरे कार्यकाल में जब 6 वर्ष पूर्व वे यहां आये थे, नगर पालिका की आर्थिक स्थिति बेहद खस्ता थी। लेकिन वे पालिका की आर्थिक स्थिति काफी मजबूत करके व करोड़ों रुपए देकर जा रहे हैं। बताया कि नगर पालिका में करीब 5 करोड़ रुपए विभिन्न मदों में विकास कार्यों के लिए तथा ढाई से तीन करोड़ रुपए 14वें राज्य वित्त आयोग की मद से बचे हैं। कहा कि उन्होंने नगर पालिका को पहली बार जियो कंपनी से अंडरग्राउंड केबलें डालने के ऐवज में 1.8 करोड़ रुपए दिलाए। इससे पूर्व यह धनराशि लोनिवि द्वारा ली जाती थी। इस धनराशि में से केवल करीब 25 लाख रुपए सड़कों की मरम्मत पर खर्च हुए। अलबत्ता संबंधित पटल के प्रभारी एक करोड़ से अधिक खर्च करने की बात कह रहे थे। नगर की पार्किंग में एसयूवी जैसे वाहनों से अधिक दर वसूले जाने एवं चेक आउट समय पीछे किये जाने के प्रश्न पर कहा कि पालिका के उपनियमों में इस बाबत कोई नियम नहीं हैं। नगर पालिका बोर्ड ने जरूर कुछ प्राविधान किये हैं। नगर पालिका का कर अनुभाग इस बारे में स्थिति स्पष्ट कर सकता है।
इधर नये अधिशासी अधिकारी अशोक कुमार वर्मा के मंगलवार को कार्यभार संभालने की उम्मीद है।

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-ईओ को डीएम की अवहेलना-अनुशासनहीरता पड़ी भारी 
नवीन समाचार, नैनीताल, 14 जुलाई 2019। नगर पालिका के विवादित अधिशासी अधिकारी रोहिताश शर्मा के स्थानांतरण पर सभासदों के आमरण अनशन तक पहुंचे आंदोलन के साथ ही अन्य अनेक वर्ग के लोग भी प्रयासरत थे। उल्लेखनीय है कि पूर्व में उच्च न्यायालय के न्यायाधीश भी उनके स्थानांतरण के लिए आदेश दे चुके थे। पूछा था कि इतने (करीब नौ वर्षों से) कोई अधिकारी कैसे एक स्थान पर रह सकता है। नगर के व्यापारी और नगर भाजपा के नेता भी उनके तबादले के लिए वर्षों पूर्व से प्रयासरत थे। इधर आज उनके स्थानांतरण आदेश के बाद प्रकाश में आया है कि जनपद के डीएम सविन बंसल के आदेशों की अवहेलना भी उन्हें इस बार भारी पड़ी। 

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नैनीताल नगर पालिका का एक और बड़ा घोटाला : पार्किंगों में भी खेल कर गये हैं स्थानांतरित ईओ शर्मा !

प्रशासनिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि डीएम सविन बंसल की शासन को प्रेषित रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुये शासन द्वारा शर्मा का स्थानान्तरण प्रभारी उप नगर आयुक्त नगर निगम देहरादून के पद पर कर दिया गया है, और उनके स्थान पर नगर पालिका परिषद बाजपुर के अधिशासी अधिकारी अशोक वर्मा को नैनीताल भेजा गया है। बताया गया है कि श्री शर्मा के संबंध मे डीएम श्री बंसल द्वारा 10 जुलाई को सचिव शहरी विकास को आख्या प्रेषित की थी। प्रेषित आख्या मे डीएम ने शासन को अवगत कराया था कि श्री शर्मा बिना अवकाश स्वीकृति कराये चिकित्सा अवकाश पर चले गये। अवकाश आवेदन मे उन्होने सक्षम चिकित्साधिकारी का प्रमाण पत्र भी संलग्न नही किया, जबकि मुख्यालय छोडने से पहले किसी भी अधिकारी-कर्मचारी को डीएम से सहमति अथवा अनुमति अनिवार्य होती है। वहीं 25 जून को श्री शर्मा को कई बिंदुओ पर स्थिति स्पष्ट करने के लिए बुलाया गया था परंतु ज्ञात हुआ कि वह बिना सक्षम स्तर से अनुमति लिये बिना बैठक मे चले गये। इस संबंध मे जब ईओ से जवाब तलब किया गया तब इसका जवाब भी उन्होने दाखिल नही किया। इसके अलावा भी शर्मा से नगर पालिका ईको ड्राईव पावर सोलूशन से अनुबध की प्रतिलिपि तथा राज्य वित्त आयोग से पिछले वर्ष तथा इस वित्तीय वर्ष में प्राप्त धनराशि एवं उसके सापेक्ष व्यय विवरण मांगा गया उसके साथ ही कार्यरत सफाई दरोगा, पर्यावरण परिवेक्षकांे की सूची व अन्य विवरण मांगे गये जो कि उनके द्वारा उपलब्ध नही कराये गये।

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p style=”text-align: justify;”>-पालिका ईओ के समर्थन में वाहन चालकों ने की हड़ताल, सभासदों पर लगाया हठधर्मिता का आरोप
नवीन समाचार, नैनीताल, 5 जुलाई 2019। ऐसा कम ही होता है कि किसी अधिकारी के समर्थन में कर्मचारी हड़ताल पर चले जाते हैं और व्यवस्थाएं ठप कर देते हैं। नैनीताल नगर पालिका में ऐसा ही हो रहा है। नगर के 15 में से 13 जनता से निर्वाचित सभासद पालिका के अधिशासी अधिकारी के खिलाफ बीते पांच दिन से धरने पर बैठे हैं, तो इधर अधिशासी अधिकारी के समर्थन में नारे लगाते हुए ‘एसडब्लूएम सेल’ से जुड़े पालिका के कूड़ा निस्तारण करने वाले आउटसोर्सिंग पर कार्य कर रहे वाहनों के चालक शुक्रवार से हड़ताल पर चले गये हैं। उनके कार्य न करने से नगर में आज कूड़े का निस्तारण प्रभावित हुआ है। आंदोलित कर्मचारियों ने एक दिन पूर्व आंदोलित सभासदों पर हठधर्मिता अपनाने और उनके चार दिन पुराने आंदोलन की वजह से कर्मियों को दो माह से वेतन न मिलने का आरोप लगाया था, जबकि आज आंदोलन पर जाते हुए उन्होंने नया आरोप लगाया कि सभासदों ने उन पर वाहनों का तेल चोरी करने का आरोप लगाया है। जब तक वे अपने आरोपों को सिद्ध नहीं करते हैं, तब तक आंदोलन जारी रखेंगे।

अब सात नहीं आठ जुलाई से भूख हड़ताल करेंगे सभासद

नैनीताल। उधर बीती एक जुलाई से तल्लीताल डांठ पर आंदोलन के तहत धरना-प्रदर्शन कर रहे सभासदों ने सात जुलाई रविवार की जगह आठ जुलाई सोमवार से भूख हड़ताल करने का ऐलान किया है। साथ ही बताया कि आज पूर्व सभासद श्याम सिंह तथा सूचना अधिकार कार्यकर्ता उदय कुमार ने उनके धरने को समर्थन दिया। वहीं आज जिलाधिकारी को भेजे ज्ञापन में सभासदों ने कहा कि 6 माह से पालिका में कई पत्र देने के बावजूद कोई कार्य नहीं हो रहे हैं। वहीं गत 25 जून को सभासदों के पत्र को अधिशासी अधिकारी के मौखिक आदेश से काउंटर से लेने से मना कर दिया गया। इससे उनके सम्मान को ठेस पहुंची है। कुमाऊं मंडलायुक्त व मुख्यमंत्री के सचिव को अधिशासी अधिकारी के खिलाफ जांच करने व उनका स्थानांतरण करने का आवेदन पत्र दे चुके हैं। पत्र में आठ जुलाई से आमरण अनशन करने की बात भी कही गयी है।

भाजपाइयों ने कमिश्नर से कहा-सभासदों के धरने का निस्तारण कराएं

नैनीताल। नगर के भाजपा कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को कुमाऊं मंडल के आयुक्त एवं मुख्यमंत्री के सचिव राजीव रौतेला से देर शाम मुलाकात कर सभासदों द्वारा पांच दिनों से किये जा रहे धरना-प्रदर्शन का निस्तारण करने की मांग की। जोशी का कहना था कि नगर हित में सभासदों का धरना ठीक नहीं है। इसके अलावा उन्होंने नगर के राजकीय इंटर कॉलेज को आपदा के दृष्टिगत अलग-अलग विद्यालयों में विस्थापित करने की जगह जीजीआईसी और तल्लीताल के ही अन्य विद्यालयों में स्थानांतरित करने और नगर में आने वाले गैस वाहनों को पूर्व की तरह शहर में आने देने की मांग भी रखी। भाजपा के प्रतिनिधिमंडल में अरविंद पडियार, मोहित रौतेला, कुंदन बिष्ट व विमल बिष्ट आदि कार्यकर्ता भी शामिल रहे।

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-सभासदों ने कहा-वित्तीय अधिकार अध्यक्ष एवं ईओ के पास, जल्द जारी करें सफाई कर्मियों का वेतन
-नगर पालिका ईओ के स्थानांतरण की मांग पर आंदोलित सभासदों ने प्रधानमंत्री को भेजा ज्ञापन
नवीन समाचार, नैनीताल, 4 जुलाई 2019। नैनीताल नगर पालिका के ठोस कूड़ा अपशिष्ट निवारण सेल में कार्यरत कर्मियों एवं वाहन चालकों ने आज नगर पालिका अध्यक्ष को ज्ञापन देकर सभासदों पर ‘हठधर्मिता’ का आरोप लगाते हुए बिना एक भी दिन का समय दिये आज से ही कार्य बहिष्कार पर जाने का ऐलान कर दिया। इस पर तमाम सवाल भी उठ रहे हैं। सभासद तो केवल चार दिन से धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं, और कर्मचारियों को वेतन देने के वित्तीय अधिकार नगर पालिका के अध्यक्ष एवं अधिशासी अधिकारी को होते हैं तो उन्हें दो माह से वेतन न मिलने में सभासदों के धरना प्रदर्शन की क्या भूमिका है।
सफाई कर्मचारियों ने नगर पालिका अध्यक्ष को ज्ञापन देकर आरोप लगाया है कि सभासदों के आंदोलन के कारण उन्हें दो माह से वेतन नहीं मिल पा रहा है। इधर पूछे जाने पर नगर पालिका के एक अधिकारी ने बताया कि पूर्व में एटुजेड संस्था के जाने पर एसडब्लूएम सेल में रखे गये ये कर्मचारी अब पालिका के आउटसोर्स कर्मचारी हैं। उन्हें वेतन न मिलने में सभासदों की कोई भूमिका नहीं है। इधर सभासदों ने कहा है कि वित्तीय अधिकार अध्यक्ष एवं ईओ के पास हैं। पालिका जल्द सफाई कर्मियों का वेतन जारी करे।

आंदोलित सभासदों को मिलने लगा जन समर्थन

उधर, नगर पालिका नैनीताल के अधिशासी अधिकारी रोहिताश शर्मा के स्थानांतरण की मांग पर अड़े नगर के 15 में से 13 सभासदों का तल्लीताल डांठ पर गांधी मूर्ति के नीचे धरना-प्रदर्शन बृहस्पतिवार को लगातार चौथे दिन भी जारी रहा। इस दौरान आंदोलित सभासदों ने बताया कि वे अब हर रोज प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजेंगे, जिसमें पालिका ईओ के खिलाफ लगाये जा रहे आरोपों की जांच करने एवं जांच से पूर्व उन्हें पद से हटाने की मांग की गयी है, ताकि पूर्व की जांचों की तरह वे जांचों को प्रभावित न कर पाएं। वहीं इस दौरान पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष अरविंद पडियार व सुंदर सिंह मेहरा व अमित बोहरा के साथ ही पूर्व दर्जा राज्य मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता रईश भाई, पूर्व सभासद तुलसी कठायत कैलाश अधिकारी, पूरन मेहरा, अनिल तिवाड़ी, कृष्ण साह व आम आदमी पार्टी के प्रदीप दुम्का आदि ने भी धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलन को समर्थन दिया। आम आदमी पार्टी वहीं अरविंद पडियार ने नगर वासियों से भी अपील की कि शहर हित में चलाये जा रहे प्रदर्शन को अपना समर्थन व सहयोग दें। इस मौके पर सभासद मोहन नेगी, सपना बिष्ट, मनोज साह जगाती, भगवत रावत, सुरेश चंद्रा, निर्मला चंद्रा, रेखा आर्या, पुष्कर बोरा, सागर आर्या, दीपक बर्गली, प्रेमा अधिकारी, कैलाश रौतेला व दया सुयाल आदि धरना स्थल पर मौजूद रहे।

निवारण समिति ने शुरू किया सफाई का कार्य

नैनीताल। बीते सोमवार को नगर में घर से कूड़ा उठाने का कार्य शुरू करने वाली निवारण संस्था ने बृहस्पतिवार से सफाई का कार्य प्रारंभ कर दिया है। वहीं नगर पालिका के स्वास्थ्य निरीक्षक कुलदीप कुमार ने दावा किया कि नगर के मल्लीताल वार्ड में करीब 95 घरों में कूड़े के डिब्बे बांटकर घर से कूड़ा उठाने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। इसके बाद अन्य वार्ड में कार्य शुरू किया जाएगा।

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p style=”text-align: justify;”>-पालिकाध्यक्ष ने कहा, ईओ के स्थानांतरण के लिए शासन को पत्र लिखेंगे, सभासदों को अन्य वर्गों से भी मिला समर्थन
-सभासदों ने कहा, स्थानांतरण आदेश आने तक आंदोलन पर जमे रहे 15 में से 13 सभासद

नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी के स्थानांतरण की मांग पर धरने पर बैठे पालिका सभासद।

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p style=”text-align: justify;”>नवीन समाचार, नैनीताल, 3 जुलाई 2019। नगर पालिका नैनीताल के अधिशासी अधिकारी रोहिताश शर्मा के स्थानांतरण की मांग पर अड़े नगर के 15 में से 13 सभासदों का तल्लीताल डांठ पर गांधी मूर्ति के नीचे धरना-प्रदर्शन बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। वहीं शाम को नगर पालिका अध्यक्ष सचिन नेगी ने आंदोलित सभासदों को वार्ता के लिए आमंत्रित किया। इसके बाद नगर पालिका के कार्यालय में सभासदों एवं अध्यक्ष श्री नेगी के बीच वार्ता हुई। वार्ता में अध्यक्ष ने सभासदों को आश्वासन दिया कि वे अधिशासी अधिकारी रोहिताश शर्मा को हटाने के लिए शासन को पत्र लिखेंगे। स्थानांतरण होना न होना शासन का विषय है। साथ ही उन्होंने सभासदों को पालिका की विभिन्न समितियों की बैठकें करने को कहा ताकि जनता के कार्य बाधित न हों। इस पर सभासदों ने कहा कि शर्मा का स्थानांतरण आदेश आने तक वे आंदोलन पर जमे रहेंगे। वहीं सभासद मनोज साह जगाती ने कहा कि पालिका में दाखिल खारिज की कम से कम दो फाइलें गायब हैं। इनके गायब होने की पुलिस में प्राथमिकी दर्ज की जाए। इसके 10 दिन के बाद ही वे दाखिल खारिज से संबंधित समिति की बैठक लेंगे।
वहीं धरने के दौरान सभासदों को तल्लीताल व्यापार मंडल के उपाध्यक्ष, सचिव व उपसचिव के साथ ही पूर्व सभासद मनोज अधिकारी, कैलाश अधिकारी व मोहित साह के साथ ही यूथ कांग्रेस के विधानसभा अध्यक्ष पवन जाटव आदि का भी समर्थन प्राप्त हुआ। इस दौरान आंदोलित सभासदों ने अपने आंदोलन के समर्थन के लिए पोस्ट कार्ड अभियान शुरू किया, जिसके तहत आम लोगों को पोस्ट कार्ड उपलब्ध कराये गये, जिनके जरिये आम लोग कुमाऊं मंडल के आयुक्त तक अपनी राय पहुंचा सकते हैं। आंदोलन के बाद जारी विज्ञप्ति में नगर के 15 में से 13, मोहन नेगी, सपना बिष्ट, मनोज साह जगाती, भगवत रावत, सुरेश चंद्रा, निर्मला चंद्रा, रेखा आर्या, पुष्कर बोरा, सागर आर्या, दीपक बर्गली, प्रेमा अधिकारी, कैलाश रौतेला व दया सुयाल के हस्ताक्षर मौजूद रहे।

शहर की छवि धूमिल करने संबंधी पालिकाध्यक्ष के बयान पर पूछे सवाल

नैनीताल। सभासदों ने बताया कि बुधवार को नगर पालिकाध्यक्ष ने पत्र के जरिये कुछ सभासदों पर शहर की छवि धूमिल करने का आरोप लगाया है। उन्होंने इस पर पूछा है कि जब नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी के द्वारा सभासदों के पत्रों को प्राप्त करने से काउंटर पर मना कर सभासदों का अपमान किया गया, क्या तब शहर की छवि धूमिल नहीं हुई। तब पालिकाध्यक्ष के द्वारा क्या कार्रवाई की गयी। सभासदों के द्वारा अधिशासी अधिकारी के स्थानांतरण की मांग करने से ही कैसे शहर की छवि धूमिल हो रही है।

ईओ के बयान को घोड़ा चालक सेवा समिति अध्यक्ष ने बताया झूठा

नैनीताल। गत दिवस नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी के हवाले से समाचार पत्रों में सभासदों द्वारा घोड़े वालों से रुपए ऐंठने संबंधी बयान प्रकाशित हुआ था। इस पर आज सभासदों की ओर से घोड़ा चालक सेवा समिति के अध्यक्ष लियाकत अली का नगर पालिका अध्यक्ष को लिखा पत्र सार्वजनिक किया गया, जिसमें अधिशासी अधिकारी के बयान को ‘सरासर झूठा’ करार दिया गया। अली ने पत्र में कहा है कि उनसे सभासदों के द्वारा पैसों की कोई मांग नहीं की गयी है। घोड़ा चालकों को भी बदनाम किया जा रहा है। मामले में नगर पालिका अध्यक्ष से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गयी है।

यह भी पढ़ें : खुशखबरी: नैनीताल में शुरू हुई घर से कूड़ा उठाने की शुरुआत, पर पालिका सभासदों ने क्यों बताया काला दिन ?

-नगर पालिका अध्यक्ष ने किया शुभारंभ, निवारण सेवा समिति के माध्यम से चलेगी योजना

ठोस कूड़ा अपशिष्ट निवारण योजना का शुभारंभ करते पालिकाध्यक्ष सचिन नेगी।

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p style=”text-align: justify;”>नवीन समाचार, नैनीताल, 1 जुलाई 2019। जिला व मंडल मुख्यालय में करीब 5 वर्ष के अंतराल के बाद एक बार फिर से घर से कूड़ा उठाने की ‘ठोस कूड़ा अपशिष्ट निवारण’ योजना शुरू हो गयी है। नगर पालिका अध्यक्ष सचिन नेगी ने सोमवार को पालिका कार्यालय के पास से निवारण सेवा समिति के माध्यम से संचालित होने वाली योजना का शुभारंभ किया। योजना के तहत संस्था के कर्मचारी नगर के सभी, प्रतिदिन 100 किग्रा से कम कूड़ा उत्पादित करने वाले कच्चे-पक्के घरों, होटलों, दुकानों, संस्थाओं आदि से गीला व सूखा कूड़ा अलग-अलग एकत्र करेंगे। इस हेतु सभी को हरे व नीले रंग के डिब्बे दिये जाएंगे।
नगर पालिका के स्वास्थ्य निरीक्षक कुलदीप कुमार ने बताया कि अभी नगर के मल्लीताल बाजार से योजना की शुरुआत की गयी है। आगे मंगलवार से नगर के वार्ड नंबर 1 स्टाफ हाउस से शुरू करके नगर के सभी 15 वार्डों में योजना शुरू की जाएगी। उम्मीद है कि अगले 15 दिन से एक माह के भीतर सभी घरों से कूड़ा उठाने की योजना लागू हो जाएगी। अभी घर से कूड़ा उठाने का कोई शुल्क निर्धारित नहीं है। आगे बोर्ड की बैठक में दरें तय की जाएंगी। शुभारंभ के मौके पर प्रभारी ईओ लता आर्या व राहुल सिंह के साथ ही 15 में से 4 सभासद दीपक बर्गली, राजू टांक, गजाला कमाल व मोहन नेगी तथा निवारण सेवा समिति के अध्यक्ष अनिल मिश्रा व अन्य लोग मौजूद रहे।

पालिका सभासदों ने बताया काला दिन

नैनीताल। नगर पालिका सभासद मनोज साह जगाती ने सोमवार को पालिका द्वारा घर से कूड़ा उठाने की ठोस कूड़ा अपशिष्ट निवारण योजना के शुभारंभ के मौके पर न बुलाये जाने का आरोप लगाते हुए आज के दिन को काला दिन बताया। दावा किया कि आज 15 में से 13 सभासद बारिश के बावजूद तल्लीताल डांठ पर नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को हटाये जाने की मांग पर धरने पर बैठे थे। ऐसे में पालिका द्वारा योजना की शुरुआत करना हिटलरशाही है। उल्लेखनीय है कि योजना के शुभारंभ के मौके पर नगर के 15 मंे से 4 सभासद मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें : नैनीताल नगर पालिका सभासदों ने पालिका ईओ के स्थानांतरण के लिए आंदोलन किया शुरू..

नवीन समाचार, नैनीताल, 28 जून 2019। नैनीताल नगर पालिका के सभासदों ने पालिका के वर्तमान अधिशासी अधिकारी के खिलाफ उनके स्थानांतरण की मांग पर निर्णायक आंदोलन शुरू कर दिया है, एवं आगे आंदोलन की प्रविधि का भी ऐलान कर दिया है। सभासदों ने शुक्रवार से काला फीता बांधकर अपना विरोध प्रदर्शन शुरू भी कर दिया है। वहीं आगे वे आगामी एक से तल्लीताल गांधी चौक पर दोपहर 12 बजे से दो दिवसीय धरना देंगे। इसके बाद तीन से छह जुलाई तक 10 से पांच बजे तक धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। सभासदों की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार आगे सात जुलाई से कुछ सभासद भूख हड़ताल करेंगे। भूख हड़ताल में महिला सभासद भी शामिल हो सकती हैं। इसके बाद भी उनकी मांगों पर अमल न होने पर नगर के विभिन्न संगठनों व नागरिकों को भी आंदोलन में जोड़ने की बात कही गयी है। आंदोलन में नगर के 15 में से 13 सभासदों के शामिल होने की बात कही गयी है। अलबत्ता पत्र में सागर आर्या, निर्मला चंद्रा, दया सुयाल, भगवत सिंह, कैलाश रौतेला, प्रेमा अधिकारी, पुष्कर बोरा, रेखा आर्या व मनोज साह जगाती यानी नौ सभासदों के हस्ताक्षर हैं।

यह भी पढ़ें : नैनीताल नगर पालिका के 15 में से 13 सभासदों ने मंडलायुक्त को सोंपा ईओ पर भ्रष्टाचार के आरोपों का पुलिंदा, तुरंत हटाने की मांग

नवीन समाचार, नैनीताल, 26 जून 2019। नैनीताल नगर पालिका के 15 में से सात सभासदों ने बुधवार को कुमाऊं मंडल के आयुक्त एवं मुख्यमंत्री के सचिव राजीव रौतेला को नगर पालिका के वर्तमान अधिशासी अधिकारी के विरुद्ध आरोपों का एक पुलिंदा सोंपा है। उनका दावा है कि 15 में से 13 सभासद अधिशासी अधिकारी के खिलाफ हैं।

पत्र में अधिशासी अधिकारी पर वर्तमान बोर्ड के आरंभ से ही अपनी मनमानी, हिटलरशाही व भ्रष्टाचार किये जाने का आरोप लगाते हुए बताया है कि पालिका में 6 हजार रुपए की कूड़ा गाड़ी 9500 रुपए में, सफाई के दौरान पहने जाने वाले 30 रुपए के मास्क 90 रुपए में, 85 रुपए के दस्ताने 300 रुपए में खरीदने, 2018 में 2500 कुंतल चूना खरीदने के बाद फिर उसी दिन 10 कुंतल चूना खरीदने, डीएसए खेल के मैदान में हमेशा गुटके व पान मसाले का विज्ञापन लगाने, बलियानाला क्षेत्र में एक ओर हरीनगर वार्ड में मकान खाली कराने और दूसरी ओर वहीं भारी भरकम स्लॉटर हाउस का निर्माण कराने के साथ ही नगर पालिका की गाड़ियों में भराये जा रहे तेल के नाम पर भारी भरकम भ्रष्टाचार करने, डीएसए पार्किंग में बिना बोर्ड को विश्वास में लिये ठेकेदार का लाखों रुपया माफ करने व उनके इशारे पर ही डीएसए पार्किंग में बाइकों से 20 की जगह 50 व 100 की जगह 200 रुपए पार्किंग शुल्क वसूले जाने, बीडी पांडे अस्पताल की पार्किंग के साथ दो नई पार्किंग बिना बोर्ड की अनुमति के व सभासदों को विश्वास में लिये मिलीभगत से अपने लोगों को देकर पालिका के कोष को कम से कम 20 लाख का नुकसान पहुंचाने तथा मेट्रोपोल पार्किंग व सूखाताल पार्किंग बिना शौचालय के लिए चलाकर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाये गये हैं। साथ ही वर्ष 2017 में एक प्राइवेट कंपनी को 10 वर्ष के लिए पूरे शहर की स्ट्रीट लाइट को लगाने व देखरेख का जिम्मा देने पर भी आरोप लगाये गये हैं। लिहाजा सभी प्रकरणों की जांच कराये जाने की मांग की गयी है। इसके अलावा पूर्व में पहले से ब्लैक लिस्टेड कंपनी को घर-घर से कूड़ा उठाने का ठेका देने, बेकरी कंपाउंड की पालिका की दो संपत्तियों को नजूल दर्शाकर और फर्जी कागजातों से कब्जा दिखाकर दो व्यक्तियों को फ्रीहोल्ड करने के मामलो की भी जांच करने का अनुरोध किया है। साथ ही अधिशासी अधिकारी पर मौखिक आदेश से सभासदों के कोई भी शिकायती पत्र नगर पालिका कार्यालय में न लिये जाने के आदेश का हवाला देते हुए कहा है कि अधिशासी अधिकारी के साथ कार्य करना संभव नहीं है। इसलिए उनका तुरंत स्थानांतरण किया जाए और ऐसा न होने पर सोमवार से सभासद कमिश्नरी कार्यालय में धरना देंगे और इसके उपरांत काला फीता बांधकर विरोध दर्ज करेंगे। पत्र की प्रतियां प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री एवं शहरी विकास विभाग के सचिव को भी भेजी गयी हैं। इस बाबत पूछे जाने पर अधिशासी अधिकारी रोहिताश शर्मा ने कहा कि मामले जांच के अधीन हैं। इसलिए कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। पत्र में मनोज साह जगाती, निर्मला चंद्रा, प्रेमा अधिकारी, कैलाश रौतेला, रेखा आर्या, सुरेश चंद्र व सागर अर्या आदि 13 मंे से 7 सभासदों के भी हस्ताक्षर हैं।

यह भी पढ़ें : खुशखबरी : नैनीताल में घर से कूड़ा उठाने का प्रबंध होने की बनी उम्मीद

नवीन समाचार, नैनीताल, 21 जून 2019। नगर में डोर टू डोर कूड़ा उठान का ठेका निवारण सेवा समिति हल्द्वानी के नाम पर छूटा। पालिका संस्था को 70 हजार रुपये प्रतिवार्ड प्रतिमाह की दर से भुगतान करेगी। नगर के 15 वार्ड के अनुसार यह धनराशि 10 लाख 50 हजार रुपये हैं, जबकि लाइफ जैकेट के लिए एकमात्र निविदा मिलने से इसको फिर से निरस्त कर दिया है। बता दें कि पालिका की ओर से जारी निविदा के क्रम में शुक्रवार शाम पालिकाध्यक्ष सचिन नेगी की मौजूदगी में निविदाएं खोली गई। पहले डोर टू डोर कूड़ा उठान की निविदा खोली गई। इसमें ऑनलाइन भरी तीन निविदाओं में से स्वच्छ सुलभ फाउंडेशन की निविदा तकनीकी बिट में फेल हो गई, जबकि निवारण सेवा समिति और जीरो वेस्ट टिहरी की संस्था की तकनीकी बिट पास हुई। फाइनेंशियल बिट में न्यूनतम निविदा के आधार पर निवारण सेवा समिति को ठेका दिया गया। संस्था घर-घर कूड़ा उठान, पृथक्करण और पालिका वाहनों से मेट्रोपोल तक ले जाने का कार्य करेगी। लाइफ जैकेट में एकमात्र निविदा पड़ने के कारण इसे स्थगित कर दिया। इस मौके पर टीओ मामूर जहां, ईओ रोहिताश शर्मा, एसआई कुलदीप सिंह, लेखाधिकारी राहुल आदि मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें : आरोप : हाईकोर्ट में याचिका दायर की तो नैनीताल पालिका ने रोक दिये सभासद के वार्ड के कार्य !

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p style=”text-align: justify;”>-अयारपाटा वार्ड में कार्य न होने पर सभासद ने सीएम को भेजा शिकायती पत्र
नवीन समाचार, नैनीताल, 20 जून 2019।
नगर के अयारपाटा वार्ड के सभासद मनोज साह जगाती ने मुख्यमंत्री के सचिव मंडलायुक्त कार्यालय के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजकर उनके वार्ड में जनहित के कार्य न किये जाने का आरोप लगाया है। उनका कहना हे कि उन्होंने उच्च न्यायालय में स्ट्रीट लाइटें न जलने को लेकर जनहित याचिका दायर की है। इस कारण ही उनके वार्ड में नगर पालिका द्वारा कोई कार्य नहीं किये जा रहे हैं। यहां तक कि स्ट्रीट लाइटें ठीक नहीं की जा रही हैं, और किरलानी कंपाउंड के टूटे मार्ग को भी सही नहीं किया जा रहा है। साथ ही जनहित याचिका वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा हैं। पत्र में स्ट्रीट लाइटों की खरीद की उच्च स्तरीय जांच कराने की भी मांग की गयी है। पत्र की प्रति राज्यपाल को भी भेजी गयी है।

यह भी पढ़ें : नैनीताल नगर पालिका के एक सभासद इस समस्या को लेकर पालिका के खिलाफ ही पहुंचे हाईकोर्ट, कोर्ट ने पालिका से मांगा जवाब

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p style=”text-align: justify;”>नैनीताल नगर पालिका के एक सभासद इस समस्या को लेकर पालिका के खिलाफ ही पहुंचे हाईकोर्ट, कोर्ट ने पालिका से मांगा जवाब
-स्ट्रीट लाइटों की समस्या
नवीन समाचार, नैनीताल, 20 मई 2019। आखिर नैनीताल की स्ट्रीट लाइटों की समस्या उत्तराखंड उच्च न्यायालय के दरबार तक पहुंच गयी है। इस संबंध में नैनीताल नगर पालिका के ही एक सभासद मनोज साह जगाती की ओर से नैनीताल नगर पालिका के खिलाफ ही उत्तराखंड उच्च न्यायालय में अधिवक्ता प्रदीप उप्रेती के माध्यम से दायर एक जनहित याचिका पर उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति एनएस धामिक की खंडपीठ ने नगर पालिका परिषद नैनीताल को दो सप्ताह में रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिये हैं। आदेश में पूछा गया है कि नगर में कितनी स्ट्रीट लाइटें पूर्ण रूप से कार्य कर रही हैं। याचिका में याची जगाती का कहना है कि शहर के कई वार्डों में स्ट्रीट लाइटों की समस्या भयावह है। इस कारण कई हादसे भी हो चुके हैं। समस्या के खिलाफ नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी एवं नगर पालिका की बोर्ड बैठक में उठाई, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं किया गया है।

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p style=”text-align: justify;”>यह भी पढ़ें:-नगर पालिका व ठेकेदार पर लगाया चुनाव आचार संहिता के नाम पर कामचोरी का आरोप
नवीन समाचार, नैनीताल, 19 अप्रैल 2019। नगर के पालिका सभासदों के एक वर्ग की कई बार धरना-प्रदर्शन करने के बाद भी एक ही समस्या का नगर पालिका के द्वारा समाधान नहीं हो पा रहा है। अन्ततः पालिका के तीन सभासदों ने जिला निर्वाचन अधिकारी के तौर पर नैनीताल के डीएम को पत्र लिखकर आगामी 23 अप्रैल को नगर पालिका के सम्मुख धरना-प्रदर्शन व 25 से अनशन करने की अनुमति मांगी है।
पालिका सभासद कैलाश रौतेला द्वारा भेजे गये पत्र में कहा गया है कि उनके क्षेत्रों में लंबे समय से स्ट्रीट लाइटों की समस्या चली आ रही है। जिस जनता ने उन्हें उनकी समस्याओं के समाधान के लिए चुना, उसे अंधेरे में रहना पड़ रहा है। इस समस्या के लिए उन्हें जनता का कोपभाजन बनना पड़ रहा है। इस बाबत कई पत्र पालिका प्रशासन को दिये गये। इधर मौखिक तौर पर भी कहा, किंतु इधर पालिका प्रशसन व ठेकेदार आचार संहिता की बात कहते हुए अपने उत्तरदायित्वों से भागते दिख रहे हैं। उन्होंने पालिका व ठेकेदार पर आचार संहिता के नाम पर कामचोरी के आरोप लगाते हुए इसकी कटु आलोचना की है, तथा इसके खिलाफ आगामी 23 अप्रैल को पालिका कार्यालय के सम्मुख 11 से 1 बजे तक दो घंटे का सांकेतिक धरना-प्रदर्शन एवं 25 अप्रैल से अनशन करने की अनुमति मांगी है। दो अन्य सभासद मनोज साह जगाती व भगवत रौतेला ने भी अपने वार्डों में यही समस्या बताते हुए प्रदर्शन एवं अनशन में शामिल रहने की बात कही है। वहीं पालिका ईओ रोहिताश शर्मा ने इस बारे में जानकारी से इंकार करते हुए कोई टिप्पणी करने से इंकार कर दिया।

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नगर पालिका अध्यक्ष से पालिका सभासदों की शिकायत करने पहुंचे कर्मचारी नेता।

नवीन समाचार, नैनीताल, 15 फरवरी 2019। नगर पालिका के सभासदों की स्ट्रीट लाइटों में आ रही समस्या पर नाराजगी लंबे समय से चर्चा में है। इसी बात को लेकर बृहस्पतिवार को सभासदों का नगर पालिका के ईओ रोहिताश शर्मा से ठेकेदार की उपस्थिति में विवाद भी हुआ था, और इसे लेकर ही कर्मियों ने कार्य बहिस्कार कर दिया था। सभासद मनोज साह जगाती व कैलाश रौतेला के नेतृत्व में सभासद इस पर पालिका के खिलाफ आंदोलन भी कर चुके हैं। इस बारे में पूछे जाने पर नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी रोहिताश शर्मा ने स्ट्रीट लाइट ठेकेदार का बचाव करते हुए कहा कि नगर की स्ट्रीट लाइट की लाइनों में ‘अर्थ’ की व्यवस्था न होने की वजह से समस्या आ रही है। अर्थ न होने की वजह से एलईडी स्ट्रीट लाइटें ट्रिप हो जा रही हैं, जिसे ठेकेदार द्वारा सुधारा जा रहा है। साथ ही लाइनों के तार एल्युमिनिमय की होने के कारण बारिश के बाद कार्बन आने से भी समस्या आ रही है। वहीं इस बारे में विद्युत वितरण खंड नैनीताल के अधिशासी अभियंता एसएस उस्मान ने शर्मा के आरोपों को पूरी तरह से खारिज करते हुए बताया कि पूर्व में भी आई इस शिकायत की संयुक्त मजिस्ट्रेट के स्तर पर जांच कराई जा चुकी है, और शिकायत आधारहीन पायी गयी है। उन्होंने साफ तौर पर ठेकेदार द्वारा लगाई गयी एलईडी लाइटों में ही समस्या बताई। दावा किया कि मरम्मत करने के बाद स्ट्रीट लाइटों में समस्या नहीं आ रही है। हालांकि ईओ शर्मा ने पुनः इस दावे को गलत बताया है।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 6 फरवरी 2019। इधर नगर पालिका के आधा दर्जन सभासदों ने खासकर स्ट्रीट लाइटों के न जलने के मुद्दे पर नगर पालिका के खिलाफ आंदोलन शुरू किया, उधर नगर पालिका के कर्मचारी संगठन सभासदों के खिलाफ मुखर हो गये हैं। हालांकि कर्मचारी संगठनों की ओर से सभासदों के खिलाफ नाराजगी कुछ और है। निकाय कर्मचारी महासंघ व देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ के कर्मचारी नेताओं ने नगर पालिका अध्यक्ष सचिन नेगी से मिलकर सभासदों के प्रति अपनी नाराजगी को व्यक्त किया है। उनका कहना है कि सभासदों के द्वारा बेवजह अपनी सीमा से बाहर जाकर कर्मचारियों पर उनके कार्य की जानकारी मांगी जा रही है और इस तरह उन पर दबाव बनाया जा रहा है। पालिकाध्यक्ष सचिन नेगी ने उन्हें संबंधित सभासदों से वार्ता कर समस्या का समाधान करने की बात कही। कहा कि पालिका के सभासद अथवा कर्मी जिसे भी कोई समस्या या शिकायत हो, वह पहले उन्हें समस्या बतायें। टीम भावना से कार्य करके ही पालिका को आगे बढ़ाया जा सकता है। पालिकाध्यक्ष से मिलने वालों में नगर निकाय कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष खीम सिंह राणा सहित गोपाल नेगी, अमर सिंह राणा, कार्यालय अधीक्षक प्रमोद कुमार, देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ के अध्यक्ष महेश कुमार, सोने सहदेव व कमल कुमार आदि शामिल रहे।

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p style=”text-align: justify;”>नवीन समाचार, नैनीताल, 5 फरवरी 2019। दिसंबर माह में कार्यभार संभालने वाले नगर पालिका सभासद एक डेढ़ माह में ही अपनी ही नगर पालिका की कार्यप्रणाली से त्रस्त होकर धरने पर बैठ गये हैं। नगर के अयारपाटा वार्ड के सभासद मनोज साह जगाती के साथ ही श्रीकृष्णापुर वार्ड के सभासद कैलाश अधिकारी, नारायण नगर के भगवत रावत, आवागढ़ के राजू टांक, स्टाफ हाउस के सागर आर्या व स्नोव्यू के पुष्कर बोरा आदि सभासद मंगलवार को अपनी पूर्व घोषणा के अनुसार नगर पालिका के खिलाफ पालिका के गेट के पास बिना कुछ बिछाये ही जमीन पर धरने पर बैठ गये। आगे उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिन के भीतर यह मामला बोर्ड बैठक में रखकर नया टेंडर न किया गया तो उग्र धरना प्रदर्शन, भूख हड़ताल एवं मंत्री सचिव आदि को पत्र लिखने को बाध्य होंगे।
उल्लेखनीय है कि बीती 18 जनवरी को नगर की स्ट्रीट लाइटों की व्यवस्था संभालने वाली कंपनी की कार्यप्रणाली के खिलाफ सभासदों ने आंदोलन की धमकी दी थी और इधर 29 जनवरी को उन्होंने नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी व पालिका अध्यक्ष को पत्र लिखकर संबंधित कंपनी का अनुबंध तोड़कर नयी व्यवस्था के लिए पालिका की बोर्ड बैठक में प्रस्ताव लाने की मांग की थी। वहीं इधर सभासद जगाती नेे सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखकर स्थितियां न सुधरने पर सभासद पद से इस्तीफा देने की धमकी भी दे डाली है। उनका कहना है कि स्ट्रीट लाइट का ठेका प्राप्त करने वाली कंपनी को अपने अनुबंध के अनुसार लाइटों को शिकायत के तीन दिन के भीतर अपने कर्मचारियों से ठीक करना है, लेकिन न ही उसके पास कर्मचारी हैं, और उसकी लाइटों की गुणवत्ता भी ठीक नहीं है। कंपनी को नगर पालिका के कुछ खास लोगों का संरक्षण भी मिला हुआ है। बताया कि उनके धरने को कई अन्य सभासदों का भी समर्थन है किंतु वे आज नगर में न होने के कारण प्रदर्शन में शामिल नहीं हो पाये हैं।

आज की ही एक और खबर : पालिका के एक अन्य सभासद ने भी दी आंदोलन की धमकी

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p style=”text-align: justify;”>-कहा पालिका आवासों पर रह रहे लोगों के मुद्दे पर बोर्ड बैठक में की जाये चर्चा
नवीन समाचार, नैनीताल, 5 फरवरी 2019। नगर पालिका के करीब आधा दर्जन स्ट्रीट लाइटों के मुद्दे पर आंदोलित हैं, वहीं अब एक अन्य सभासद ने भी आंदोलन की धमकी दे दी है। मल्लीताल बाजार वार्ड के सभासद मोहन सिंह नेगी ने नगर पालिका के अध्यक्ष एवं अधिशासी अधिकारी को लिखे पत्र में पालिका पर अपने आवासों में रह रहे लोगों को समाचार पत्रों मंे उन रिपोर्टों के माध्यम से भयभीत करने का आरोप लगाया है, जिनमें आवासों में रह रहे लोगों को अवैध कब्जेदार बताकर पूरा किराया वसूलने की बात कही गयी है।
नेगी का कहना है कि पालिका आवासों में लोगों के रहने के लिए स्वयं पालिका प्रशासन ही दोषी है। आवासों में रह रहे लोग पालिका के ही पूर्व कर्मी हैं। नियमानुसार उन्हें सेवानिवृत्ति के छः माह के भीतर ही उनके फंडों का भुगतान करना एवं आवास छोड़ने का नोटिस दिया जाना चाहिए था। किंतु न ही कर्मियों को सेवानिवृत्ति के बाद फंडों का भुगतान किया गया, न ही नोटिस दिये गये। यही नहीं वर्ष 2015 तक उनसे किराया भी वसूला गया, लिहाजा वे अवैध कब्जेदार नहीं वरन पालिका के किरायेदार हैं। इस कारण ही उन्होंने वे अपने घर भी नहीं बना सके। इधर वर्ष 2015 से पालिका ने अचानक उनसे किराया लेना बंद कर दिया। अब जबकि पालिका नियमानुसार तीन वर्ष से अधिक किराया नहीं वसूल सकती, ऐसे में पालिका को अपने पूर्व कर्मियों को भयभीत नहीं करना चाहिए। लिहाजा पालिका इस मामले को बोर्ड बैठक में लाकर विस्तृत चर्चा करे, अन्यथा वे जनता के साथ मिलकर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।

पूर्व समाचार : दो माह के कार्यकाल में ही समस्याओं से हार मानने की स्थिति में आये सभासद ! दी इस्तीफे की धमकी, कई सभासद सोमवार से देंगे पालिका के खिलाफ धरना

सभासद मनोज साह जगाती की नगर पालिका के अध्यक्ष को शिकायतें व सुझाव भेजने के लिए बनाये ग्रुप पर इस्तीफे की धमकी देने वाली पोस्ट।

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p style=”text-align: justify;”>नवीन समाचार, नैनीताल, 2 फरवरी 2019। दिसंबर माह में कार्यभार संभालने वाले नगर पालिका सभासद एक डेढ़ माह में  ही नगर पालिका की कार्यप्रणाली से आजिज आकर हार मानने की स्थिति में आ गये लगते हैं। नगर के अयारपाटा वार्ड के सभासद मनोज साह जगाती ने नगर की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था के मुद्दे पर जल्द सभासद पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी है, वहीं जगाती सहित भगवत रावत, कैलाश अधिकारी, राजू टांक, सागर आर्या, पुष्कर बोरा व निर्मला चंद्रा आदि सभासदों ने भी इसी मुद्दे पर सोमवार से नगर पालिका के खिलाफ धरना देने का ऐलान कर दिया है। इस आशय का पत्र पालिका के अध्यक्ष व सभासद को भेजा गया है।
उल्लेखनीय है किबीती 18 जनवरी को नगर की स्ट्रीट लाइटों की व्यवस्था संभालने वाली कंपनी की कार्यप्रणाली के खिलाफ सभासदों ने आंदोलन की धमकी दी गई थी और इधर 29 जनवरी को उन्होंने नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी व पालिका अध्यक्ष को पत्र लिखकर संबंधित कंपनी का अनुबंध तोड़कर नयी व्यवस्था के लिए पालिका की बोर्ड बैठक में प्रस्ताव लाने की मांग की थी, जबकि इधर जगाती से सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखकर फिर अपने तीखे तेवर प्रदर्शित किये हैं।

जगाती ने कहा है, ‘वह नगर की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को ठीक न कर पाने के लिए नगर के नागरिकों से माफी मांगते हैं। कहा है कि इसकी जिम्मेदारी उनके साथ ही सभी सभासदों की भी है। स्ट्रीट लाइट का ठेका बाहरी कंपनी को मिला है, जिसे कथित तौर पर नगर पालिका के कुछ खास लोगों का संरक्षण मिला हुआ है। अगर यही हालात रहे तो वह जल्द ही अपने पद से त्याग पत्र दे देंगे किंतु गलत के भागीदार नहीं बनेंगे।’

पूर्व समाचार : नगर पालिका नैनीताल के आधे से अधिक सभासद आये पालिका की इस व्यवस्था के खिलाफ

नवीन समाचार, नैनीताल, 29 जनवरी 2019। सरोवरनगरी में स्ट्रीट लाइटों को जलाने का कार्य बीते वर्ष गाजियाबाद की कंपनी ईको ड्राइव पावर सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी को पीपीपी मोड में दिया गया था। इधर नगर पालिका के 15 में से 8 यानी आधे से अधिक सभासद इस कंपनी के विरोध में खड़े हो गये हैं। भाजपा के टिकट पर चुनाव जीते एकमात्र सभास सभासद कैलाश रौतेला सहित मनोज साह जगाती, राजू टांक, गजाला कमाल, भगवत रावत, निर्मला चंद्रा व दया सुयाल ने इस संबंध में मंगलवार को नगर पालिका के अध्यक्ष एवं अधिशासी अधिकारी को शिकायती पत्र सोंपा है। पत्र में कहा गया है कि अनुबंध के अनुसार पालिका क्षेत्र में कहीं भी लाइट न जलने की शिकायत आने पर कंपनी को तीन दिन के भीतर शिकायत दूर करनी थी और पूरे कार्य में अपने कर्मचारी लगाने थे ताकि पूर्व से इस कार्य मंे लगे पालिका कर्मी अन्य कार्य कर सकें। परंतु कंपनी तय मापदंडों पर खरी नहीं उतर रही है, जिस कारण नजर की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था चरमरा गयी है। इसलिये इस कंपनी से अनुबंध तोड़कर कोई अन्य व्यवस्था की जाये तथा इसे एक प्रस्ताव के रूप में नगर पालिका की अगली बोर्ड बैठक में रखा जाये।

पूर्व समाचार : नगर पालिका के सभासद अब पालिका के खिलाफ ही हुए लाल

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p style=”text-align: justify;”>p style=”text-align: justify;”>-जल्द व्यवस्थाएं न सुधरने पर करेंगे कंपनी की निविदा निरस्त कराने को आंदोलन
नवीन समाचार, नैनीताल, 18 जनवरी 2019। नगर पालिका के नवनिर्वाचित सभासदों को पालिका की कार्यप्रणाली रास नहीं आ रही है। ऐसे में कुछ पालिका सभासदों ने अपनी ही पालिका के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी में हैं। इस संबंध में उनकी नगर पालिकाध्यक्ष सचिन नेगी से भी वार्ता हो चुकी है। सभासद इस मामले में नगर की स्ट्रीट लाइटों की व्यवस्था संभाल रही बाहरी एजेंसी द्वारा व्यवस्थाएं न संभालने पर उसकी निविदा निरस्त करने के लिए दबाव बनाने की रणनीति बनाकर चल रहे हैं।
नगर पालिका के अयारपाटा वार्ड के सभासद मनोज साह जगाती ने बताया कि नगर में उनके सहित कमोबेश सभी वार्डों में स्ट्रीट लाइटें नहीं जल रही हैं, और सूचना दिये जाने के बावजूद उनकी मरम्मत नहीं की जा रही है। इस बारे में पालिका प्रशासन को ज्ञापन दिया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि कृष्णापुर के सभासद कैलाश रौतेला व आवागढ़ के राजू टांक सहित पिछले दिनों जल संस्थान के खिलाफ किये गये उनके आंदोलन में शामिल निर्मला चंद्रा, भगवत रावत, सागर आर्या, सुरेश चंद्रा, गजाला कमाल, रेखा आर्या व दया सुयाल आदि इस मुद्दे पर भी उनके साथ हैं। कोई आंदोलनात्मक कदम उठाने से पहले कंपनी को एक मौका दिया जा रहा है।

‘नवीन समाचार’ ने सबसे पहले उठाया था मामला

नैनीताल। उल्लेखनीय है कि ‘नवीन समाचार’ ने ही गत दिनों यह मामला उठाया था। बताया था कि नगर में अमृत योजना के तहत पीपीपी मोड में 2.5-2.5 वाट के 18 बल्बों युक्त 40 वाट की 2500 स्ट्रीट लाइटें लगाने के लिए गाजियाबाद की ईको ड्राइव पावर सॉल्यूशन कंपनी के साथ नगर पालिका ने अनुबंध किया था। अनुबंध की शर्तों के अनुसार कंपनी को अगले 10 वर्षों तक बिना कोई शुल्क लिये यह लाइटें लगानी और शिकायत आने पर 24 घंटे के भीतर मरम्मत करनी है। इन लाइटों को लगाने में हर वर्ष बिजली के बिल में जो भी बचत होगी उसका 20 फीसद भी नगर पालिका को मिलेगा। कंपनी नगर पालिका के वाहनों का प्रयोग करने पर उनमें ईधन भी खुद भरवाएगी। बकौल नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी अनुबंध की शर्तों में यह भी साफ अंकित किया गया है कि यदि कंपनी अपने कार्यों में कोई कोताही बरतती है तो उससे कार्य वापस ले लिया जाएगा तथा उसकी धरोहर राशि भी जब्त कर ली जाएगी।

पूर्व समाचार : एलईडी स्ट्रीट लाइटों से जगमगाने लगा नैनीताल

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p style=”text-align: justify;”>p style=”text-align: justify;”>-इस सप्ताह से एलईडी लाइटें लगाने का कार्य प्रारंभ, मार्च मध्य तक 2500 लाइटें लगाने का कार्य पूरा करने की है समय सीमा
नैनीताल। सरोवरनगरी अमृत योजना के तहत एलईडी लाइटों से जगमगानी प्रारंभ हो गयी है। नगर में इसी सप्ताह से पीपीपी मोड में 40 वाट की एलईडी लाइटें लगाने का कार्य प्रारंभ हो गया है। बताया गया है कि अब तक करीब 80 लाइटें लग गयी हैं, और 500 लाइटें पहुंच चुकी हैं, और हर रोज 20-30 लग रही हैं। उल्लेखनीय है कि नगर में योजना के तहत 2500 स्ट्रीट लाइटें करीब मार्च माह के मध्य तक लगाई जानी हैं।

नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी रोहिताश शर्मा ने बताया कि अमृत योजना के अंतर्गत आने वाले नगर निकायों को पीपीपी मोड में एलईडी लाइटें लगाकर बिजली व ऊर्जा की बचत करती है। लिहाजा बीते नवंबर माह में गाजियाबाद की ईको ड्राइव पावर सॉल्यूशन कंपनी के साथ अनुबंध किया गया है, जो बिना कोई शुल्क लिये 2.5-2.5 वाट के 18 बल्बों युक्त उच्च गुणवत्ता के एलईडी लाइटें लगा रहे हैं। आगे अनुबंध के अनुसार यह लाइटें लगाने से पालिका के मौजूदा करीब ढाई-तीन लाख के विद्युत बिल में जो भी बचत होगी, उसका 20 फीसद भी पालिका को मिलेगा। साथ ही कंपनी नगर पालिका के वाहनों का प्रयोग करने पर उनमें ईधन भी खुद भरवाएगी, और अगले 10 वर्षों तक शिकायत आने पर 24 घंटे के भीतर लाइटों की मरम्मत भी करेगी, और इस हेतु अपने कर्मचारी भी रखेगी। इसमें कोताही बरतने पर कंपनी से कार्य वापस लिया और उसकी धरोहर राशि जब्त की जा सकती है। बताया कि इस पहल से न केवल नगर पालिका स्ट्रीट लाइटें जलाने की जिम्मेदारी से काफी हद तक मुक्त होगी, बल्कि नई लाइटें मुफ्त में लगेंगी, बिजली के बिल में 20 फीसद की कमी आएगी और इस कार्य में लगने वाले कर्मचारी यहां से हटाकर अन्य कार्य में लगाए जा सकेंगे। बताया गया है कि एलईडी लाइटें लगाने से करीब 60 फीसद तक बिजली बचेगी।

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p style=”text-align: justify;”>गणतंत्र दिवस पर कम रोशनी के बल्ब लगाकर बचाई जाएगी बिजली
नैनीताल। बिजली व ऊर्जा बचाने की मुहिम इस वर्ष राष्ट्रीय पर्व गणतन्त्र दिवस के अवसर पर भी दिखाई देगी। बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय पर्व के कार्यक्रमों की तैयारी के सिलसिले में सीडीओ प्रकाश चंद्र द्वारा ली गयी बैठक में खास तौर पर कहा गया कि इस दौरान हर वर्ष की तरह जनपद के सभी सरकारी, अर्धसरकारी भवन 25 जनवरी की शाम से ही कम वोल्टेज के बल्ब लगाकर प्रकाशमान किये जायेंगे, ताकि बिजली-ऊर्जा बचाई जा सके।

यह भी पढ़ें : आखिर क्यों सभासद ने स्ट्रीट लाइटों में जलाई केरोसीन की ढिबरियां

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p style=”text-align: justify;”>p style=”text-align: justify;”>नवीन समाचार, नैनीताल, 16 मार्च 2019। वैश्विक पहचान रखने वाली, जिला व मंडल मुख्यालय, पर्यटननगरी, उत्तराखंड की हाईकोर्ट की नगरी, सरोवरनगरी के स्नोव्यू वार्ड में शनिवार रात्रि स्थानीय सभासद पुष्कर बोहरा ने स्थानीय बच्चों की मदद से स्ट्रीट लाइटों पर केरोसीन की ढिबरियां जलाईं। उनका कहना था कि बोर्ड की परीक्षाएं चल रही हैं। होली का त्योहार आ रहा है, लेकिन नगर के अनेक वार्डों की तरह उनके वार्ड में भी स्ट्रीट लाइटें नहीं जल रही हैं। वन क्षेत्र होने के कारण वन्य जीवों का भी खतरा बना हुआ है। इसलिए स्ट्रीट लाइटों पर लैंप जलाये जा रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों एक अन्य, अयारपाटा वार्ड के सभासद मनोज साह जगाती स्ट्रीट लाइटों के मुद्दे पर ही एक अनूठा विज्ञापन देकर चर्चा में रहे थे।

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मनोज जगाती की वाइरल पोस्ट

नवीन समाचार, नैनीताल, 23 फरवरी 2019। लंबे समय से अपने वार्ड में स्ट्रीट लाइटों के न जलने पर मुखर रूप से आंदोलित अयारपाटा वार्ड के सभासद मनोज साह जगाती ने सोशल मीडिया पर एक विज्ञापन सरीखा संदेश डाला है, जो कि वायरल हो गया है। अपने संदेश में जगाती ने ऐसे युवाओं की आवश्यकता जताई है जो पेड़ पर चढ़ना जानते हों। बकौल जगाती, उनके क्षेत्र में स्ट्रीट लाइटें नहीं जल रही हैं, और वन क्षेत्र होने के कारण गुलदारों का भी खतना बना हुआ है, इसलिये इन युवाओं को पेड़ों पर चढ़कर राहगीरों को टॉर्च से रोशनी दिखानी होगी। उन्हें वेतन चंदा इकट्ठा करके दिया जाएगा। जगाती का कहना है कि वह जनवरी माह से अपने वार्ड की खराब पड़ी स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत करने के लिए नगर पालिका से अनुरोध कर रहे हैं किंतु लाइटें अब तक ठीक नहीं हो पाई हैं। जबकि संबंधित ठेकेदार को अनुबंध के अनुसार शिकायत के 36 घंटे के भीतर लाइटें सही करनी हैं। ऐसे में उन्हें इस तरह का प्रयोग करना पड़ा है।

यह भी पढ़ें : पार्किंग विवाद: व्यापारियों ने पालिकाध्यक्ष की पेशकश ठुकराई, अब पालिका भी कानूनी कार्रवाई के रास्ते पर

अंडा मार्केट कार पार्किंग पर नगर पालिका के खिलाफ प्रदर्शन करते मल्लीताल के व्यापारी।

नवीन समाचार, नैनीताल, 2 अप्रैल 2019। नगर के मल्लीताल के व्यापारियों ने अंडा मार्केट के पास नगर पालिका द्वारा ठेके पर दी गयी पार्किंग पर व्यापारियों ने नगर पालिकाध्यक्ष सचिन नेगी द्वारा 10 दिन तक मोहलत देने की पेशकश ठुकरा दी है। मंगलवार को भी व्यापारियों ने नैनीताल नागरिक मंच के बैनर तले पार्किंग स्थल पर अपना धरना-प्रदर्शन जारी रखा और कहा कि आचार संहिता लागू होने के दृष्टिगत फिलहाल चुनाव तक इसी तरह रोज प्रदर्शन किया जाएगा, और आगे उग्र आंदोलन की रणनीति बनायी जाएगी। मल्लीताल व्यापार मंडल अध्यक्ष ने फिर दोहराया कि पालिका द्वारा पार्किंग का ठेका दिया जाना अवैध है। व्यापारी बरसों से यहां अपने वाहन निःशुल्क खड़े करते आये हैं और आगे भी करते रहेंगे। साथ ही किसी बाहरी वाहन को यहां खड़े होने नहीं दिया जाएगा।

यह भी पढ़ें : नगर पालिका बोर्ड की पहली बैठक से सभी को  तोहफे ही तोहफे 

  • नगर पालिका बोर्ड से अनियमित कर्मियों को सेवा विस्तार व मानदेय वृद्धि का तोहफा
  • एक वर्ष के लिए सभी आठ समितियों का गठन भी हुआ, सभी आठ प्रस्ताव सर्वानुमति से हुए पास
नगर पालिका बोर्ड की बैठक में उपस्थित पालिकाध्यक्ष, अधिकारी एवं सभासदगण।

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p style=”text-align: justify;”>नवीन समाचार, नैनीताल, 7 जनवरी 2019।नैनीताल नगर पालिका की औपचारिक तौर पर दूसरी एवं कामकाज के लिहाज से पहली बोर्ड बैठक में पालिका के विभिन्न अनुभागों में कार्य कर रहे निचले दर्जे के संविदा, दैनिक वेतन, एवं आउटसोर्सिंग पर कार्यरत कर्मचारियों को आगामी 31 अप्रैल तक का सेवा विस्तार दे दिया गया है, साथ ही आगे उन्हें इसके बाद कुछ माह के बजाय 1-1 वर्ष के लिए सेवा विस्तार देने पर भी पालिका बोर्ड ने सहमति जताई है। इन कार्मिकों का कार्यकाल 31 अक्तूबर 2018 को ही समाप्त हो गया था। वहीं करीब 1 दशक से केवल 200 रुपये दैनिक मानदेय पर कार्य करने को मजबूर नर्सरी विद्यालय की शिक्षिकाओं का मानदेय बढ़ाकर 300 रुपये जबकि कम्प्यूटर ऑपरेटरों का मानदेय 8 हजार प्रति माह से बढ़ाकर लोनिवि के शेड्यूल रेट के आधार पर 11,700 मासिक कर दिया गया।
सोमवार को नगर पालिका अध्यक्ष सचिन नेगी की अध्यक्षता एवं कार्यालय अधीक्षक प्रमोद कुमार के संचालन में नगर पालिका सभागार में आयोजित हुई पालिका बोर्ड की बैठक में इसके अलावा 1 वर्ष के लिये पालिका की विभिन्न समितियों का गठन भी कर दिया गया है। वित्त समिति नगर पालिका अध्यक्ष सचिन नेगी ने अपने पास रखी है, जबकि स्वास्थ्य समिति प्रेमा अधिकारी को, पुस्तकालय समिति दया सुयाल, कर निर्धारण समिति मनोज साह जगाती, निर्माण समिति कैलाश रौतेला, शिक्षा समिति गजाला कमाल, हाट फड़ खोखा समिति राजू टांक व फ्लैट समिति भगवत रावत की अध्यक्षता में गठित की गई है। खास बात यह भी रही सभी प्रस्ताव सर्वसम्मति से बिना किसी विवाद के पारित किए गए। अध्यक्ष सचिन नेगी ने पहली बार सभी सभासदों को पालिका के उपनयन उप नियमों की प्रति उपलब्ध कराने की बात कही है। पालिका बोर्ड ने अमृत योजना के तहत नगर के विभिन्न क्षेत्रों में सीवर लाइन डालने सहित सभी 8 प्रस्ताव को भी स्वीकार कर लिया है। बैठक में नगर पालिका की कर अधीक्षक लता आर्य, अकाउंटेंट राहुल कुमार सिंह, नगर स्वास्थ्य अधिकारी जीएस धर्मसत्तू, अवर अभियंता डीएस मेहरा मेहरा, स्वास्थ्य निरीक्षक कुलदीप कुमार, सभासद सपना बिष्ट, दीपक बर्गली, पुष्कर बोरा, सुरेश चंद्र, मोहन सिंह नेगी, रेखा आर्य व सागर आर्य सहित सभी सभासद मौजूद रहे।
यह भी पढ़ें : पहली बार नैनीताल में आधा दर्जन से अधिक सभासद बैठे धरने पर

  • सीवर लाइनों के चोक होने का मामला उठाया, धरने के बाद सक्रिय हुए जल संस्थान ने कई स्थानों पर सीवर लाइनें ठीक करने का किया दावा
  • शासन को बड़ी समस्याओं के लिए प्रस्ताव करने की बात भी कही
नगर पालिका कार्यालय के पास धरने पर बैठे नगर पालिका के सभासद।

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p style=”text-align: justify;”>नवीन समाचार, नैनीताल, 29 दिसंबर 2018। मुख्यालय में शनिवार को आधा दर्जन से अधिक सभासद नगर पालिका कार्यालय में ही स्थित जल संस्थान कार्यालय की समस्याओं, खासकर पेयजल व सीवर लाइनों की लीकेज के मुद्दे पर धरने पर बैठ गये। बताया गया है कि देश की प्राचीनतम 1845 में बनी नैनीताल नगर पालिका में यह अपनी तरह का पहला मामला है। सभासदों के धरने के बाद सक्रिय हुए जल संस्थान ने उनकी मांगों के अनुरूप कई स्थानों पर सीवर लाइनें ठीक करने का दावा किया। लेकिन सभासद जल संस्थान के किसी अधिकारी के धरना स्थल पर न आने की वजह से पूरे दिन धरने पर ही बैठे। आखिर शाम करीब चार बजे के करीब अधिशासी अभियंता से अवर अभियंता को मौके पर वार्ता के लिए भेजा, जिसके बाद धरना समाप्त हुआ।
जल संस्थान के खिलाफ धरने का यह कार्यक्रम कृष्णापुर के सभासद कैलाश रौतेला द्वारा अपने क्षेत्र में बिष्ट भवन के पास चोक सीवर लाइन को खोलने के लिए तीन दिन पूर्व दी गयी धरने की चेतावनी के बाद बना। शनिवार को इसमें ओकवुड स्कूल के पास पानी की लीकेज और शेरवानी लॉज एवं मस्जिद तिराहे के पास की चोक सीवर लाइनों का मामला भी जुड़ा, और मनोज साह जगाती, राजू टांक, सागर आर्या, निर्मला चंद्रा, भगवत रावत, दया सुयाल, सुरेश चंद्र व रेखा आर्या भी जुड़ गये। इधर जल संस्थान के अधिशासी अभियंता ने बताया कि अधिकांश चोक लाइनों को सुबह से ही खोल दिया गया। मस्जिद तिराहे की लाइन को खोलने एवं बड़ी समस्याओं के लिए शासन से उपकरण एवं धनराशि के प्रस्ताव भेजे गये हैं।

पूर्व समाचार : नवनिर्वाचित अध्यक्ष सचिन ने भाजपा उम्मीदवार के साथ पहले किया कुछ ऐसा और फिर कही यह बड़ी बात

मल्लीताल बाजार में एक-दूसरे के गले मिलते भाजपा व कांग्रेस प्रत्याशी।
नैनीताल के नवनिर्वाचित नगर पालिका अध्यक्ष सचिन नेगी का घोषणा पत्र, ताकि सनद रहे…

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p style=”text-align: justify;”>नैनीताल, 21 नवंबर 2018। नैनीताल नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष पद के लिये निर्वार्चित अध्यक्ष, कांग्रेस पार्टी से प्रत्याशी रहे सचिन नेगी ने बुधवार को अपने प्रतिद्वंद्वी व चुनाव में तीसरे स्थान पर रहे भाजपा उम्मीदवार अरविंद पडियार को गले लगा लिया। इस दौरान दोनों के बीच कुछ क्षणों के लिए एक-दूसरे के कान में कुछ गुफ्तगू भी हुई। दोनों की यह मुलाकात चुनाव में दूसरे स्थान पर रहे निर्दलीय प्रत्याशी किसन नेगी के प्रतिष्ठान के सामने हुई। अलबत्ता इस दौरान किसन नेगी वहां नहीं दिखे। इसके बाद अपने पहले संबोधन में सचिन ने मंच से कहा कि वे चुनाव में उनके समक्ष लड़े प्रत्याशियों सहित सभी को साथ लेकर नगर की बेहतरी के लिए कार्य करने के पक्षधर हैं। अपने संक्षिप्त संबोधन में नेगी ने जीत के लिए सभी का आभार जताया तथा चुनाव में पराजित हुए उम्मीदवारों सहित सभी के साथ मिलकर काम करने का संकल्प जताया। कहा कि सभी मिलकर कार्य करेंगे तो प्रकृति का स्वर्ग कही जाने वाली सरोवरनगरी को वास्तव में धरती का स्वर्ग बना देंगे।
उल्लेखनीय है कि इस दौरान अध्यक्ष पद के प्रथम तीन स्थानों पर रहे तीनों प्रत्याशी मल्लीताल बाजार में नगर वासियों का आभार जताते भी दिखे।

निर्दलीय प्रत्याशी ने पेश की मिसाल

सड़क पर झाड़ू लगाती निर्दलीय प्रत्याशी नलिनी नेगी।
सड़क पर झाड़ू लगाती निर्दलीय प्रत्याशी नलिनी नेगी।

नैनीताल, एसएनबी। निर्दलीय प्रत्याशी नलिनी नेगी हालांकि चुनाव प्रचार में पीछे रही हैं, लेकिन चुनाव प्रचार के दौरान पहले गत दिनों आयोजित प्रश्न मंच में पहुंचकर जनता के सवालों के जवाब देने के बाद शनिवार को उन्होंने नगर की सड़कों पर झाड़ू चलाकर मिसाल पेश की। उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को चुनाव प्रचार के आखिरी दिन प्रत्याशियों के समर्थकों ने जुलूस के दौरान जमकर चुनाव के परचे उड़ाकर नगर की बाजरों व माल रोड आदि में गंदगी फैलाई थी। इस पर सोशल मीडिया के अनेक मंचों से प्रत्याशियों का आह्वान किया था कि वे नैतिकता और नगर के प्रति अपनी जिम्मेदारी को दर्शाने के लिए सड़कों की सफाई करें। इस आह्वान पर केवल एक प्रत्याशी नलिनी नेगी ही कुछ देर के लिए सड़क पर झाड़ू लगाती नजर आयीं। उल्लेखनीय हैं कि नलिनी प्रदेश के पूर्व महाधिवक्ता वीबीएस नेगी की धर्मपत्नी हैं।

81 फीसद मतदान केंद्र संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील, यानी इतने केंद्रों पर है कड़ा मुकाबला

नैनीताल। जितना छोटा चुनाव, चुनाव में संवेदनशीलता उतनी ही बढ़ जाती है। बताया कि नैनीताल जिले के 149 मतदान केंद्रों में से 54 केंद्र संवेदनशील एवं 66 अतिसंवेदनशील हैं, जबकि केवल 29 यानी करीब 19.46 फीसद मतदान केंद्र ही सामान्य हैं। इसी तरह मतदेय स्थलों-बूथों की बात करें तो 366 में से 127 संवेदनशील एवं 172 अतिसंवेदनशील एवं शेष केवल 67 ही सामान्य हैं। बताया कि बूथों या केंद्रों पर प्रत्याशियों के बीच संघर्ष जितना कड़ा होता है, उतनी ही संवेदनशीलता भी अधिक होती है। इस तरह कहा जा सकता है कि प्रशासन जिले के 81 फीसद मतदान केंद्रों पर प्रत्याशियों के बीच कड़ा मुकाबला मानता है।

सात निकायों में अध्यक्ष-महापौर एवं 125 वार्डों में अध्यक्ष-सभासदों के लिए तीन लाख से अधिक मतदाता देंगे वोट

नैनीताल। आगामी 15 नवंबर को होने वाले निकाय चुनावों के लिए नैनीताल जनपद में एक नगर निगम हल्द्वानी, तीन नगर पालिका-नैनीताल, भवाली व रामनगर तथा तीन नगर पंचायत-भीमताल, कालाढुंगी एवं लालकुआं के लिए मतदान किया जाएगा। इस प्रकार इन चुनावों में कुल सात अध्यक्ष-महापौर एवं 125 सभासद-पार्षद प्रत्याशियों का निर्वाचन किया जाएगा। हल्द्वानी-काठगोदाम नगर निगम में महापौर एवं 60 वार्डों के सभासद पदों के लिए होने वाले चुनाव में 1 लाख 4003 महिलाएं एवं एक लाल 9178 पुरुष यानी कुल दो लाख 13 हजार 181 मतदाता, रामनगर नगर पालिका में अध्यक्ष एवं 20 सभासद पदों के लिए 17 हजार 97 महिला व 18 हजार 94 पुरुष सहित कुल 35 हजार 191 मतदाता, नैनीताल पालिका में अध्यक्ष एवं 15 सभासद पदों के लिए 13 हजार 828 महिला व 14 हजार 337 महिलाओं सहित कुल 28 हजार 165 मतदाता, भवाली नगर पालिका में अध्यक्ष व 7 सभासद पदों के लिए 2 हजार 812 महिला व 2 हजार 935 पुरुष सहित कुल 5 हजार 747 मतदाता, भीमताल नगर पंचायत के लिए अध्यक्ष व 9 सभासद पदों के लिए 4 हजार 123 महिला व 4290 महिलाओं सहित कुल 8413 मतदाता, लालकुआ में अध्यक्ष व 7 सभासद पदों के लिए 2421 महिला व 2786 पुरुषों सहित कुल 5207 मतदाता व कालाढुंगी में अध्यक्ष व 7 सभासद पदों के लिए 2870 महिला व 3032 पुरुषों सहित कुल 5902 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।

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-भाजपा से त्रिवेंद्र रावत तो कांग्रेस से हरीश रावत चुनाव प्रचार कर लगाएंगे नैनीताल के मुकाबले में तड़का

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p style=”text-align: justify;”>नैनीताल, 10 नवंबर 2018। देश ही तीसरी ऐतिहासिक नैनीताल नगर पालिका के सियासी घमासान में प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, पूर्व काबीना मंत्री डा. इंदिरा हृदयेश, राष्ट्रीय सचिव प्रकाश जोशी व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह की प्रतिष्ठा भी दांव पर होगी, साथ ही यह मुकाबले को दमदार भी बनाएंगे।
शनिवार को इस चुनाव में पहली बार कांग्रेस की ओर से प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने पार्टी प्रत्याशी सचिन नेगी की ओर से चुनाव प्रचार कर प्रचार अभियान में तेजी भरी। इससे नगर में अब तक सभी पार्टियों व प्रत्याशियों के सुस्त चल रहे प्रचार में आगे कुछ तेजी दिखने की उम्मीद की जा रही है। इस मौके पर हालांकिन मुख्यालय के बजाय राज्य के मुद्दे को आगे बढ़ाते हुए प्रीतम ने कहा कि राज्य में भाजपा की सरकार को करीब दो साल होने वाले हैं, और अब तक ‘डबल इंजन’ स्टार्ट भी नहीं हो पाया है। इसकी काट के लिए आगे भाजपा प्रत्याशी अरविंद पडियार के समर्थन में आगामी 14 नवंबर को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के मुख्यालय पहुंचने की संभावना है, जबकि कांग्रेस इसके बाद भी 15 व 16 नवंबर को पूर्व सीएम हरीश रावत, पूर्व काबीना मंत्री डा. इंदिरा हृदयेश व राष्ट्रीय सचिव प्रकाश जोशी को मुख्यालय बुलाने की कोशिश में है।

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p style=”text-align: justify;”>नैनीताल, 4 नवंबर 2018। निकाय चुनाव में चुनाव आयोग व उसके अधीन कार्यरत जिला प्रशासन की ओर से बड़ी चूक सामने आयी है। निकाय चुनाव के लिये जिन अधिकारियों की ड्यूटी लगायी गयी है, उनमें नगर के सीआरएसटी इंटर कॉलेज के प्रवक्ता कमलेश चंद्र पांडेय भी शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि पांडेय चिन्हित राज्य आंदोलनकारी एवं उत्तराखंड क्रांति दल के जिला प्रवक्ता भी हैं। साथ ही एक अन्य चिन्हित राज्य आदोलनकारी एवं उक्रांद के शिक्षक प्रकोष्ठ के प्रवक्ता अनुपम उपाध्याय को मतदान अधिकारी की जिम्मेदारी दी गयी है। दोनों शिक्षक राजनीतिक दल के पदाधिकारी होने के साथ ही पार्टी की प्रचार समिति के सदस्य भी हैं। इससे आगामी निकाय चुनाव की सुचिता एवं पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गये हैं।
उल्लेखनीय है कि यह मामला पिछले विधानसभा चुनाव में भी सामने आया था। तब तत्कालीन मुख्य निर्वाचन आयुक्त राधा रतूड़ी तक मामला पहुंचने के बाद इन्हें तत्काल चुनाव ड्यूटी से से हटा दिया गया था। इधर दोनों प्रवक्ताओं ने उन्हें चुनाव ड्यूटी पर लगाये जाने की पुष्टि की है।

भाजपा प्रत्याशी पडियार की राह से सभी अंदरूनी बाधायें हुईं दूर…

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p style=”text-align: justify;”>-सीएम व अन्य वरिष्ठ नेताओं से मिल गिले-शिकवे दूर कर प्रचार में जुटे भाजपा के 6 दावेदार
नैनीताल, 2 नवंबर 2018। नगर पालिका चुनाव में अध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा को नयी संजीवनी मिल गयी है। बृहस्पतिवार को देहरादून में पूर्व मंत्री बंशीधर भगत के नेतृत्व में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, राष्ट्रीय महामंत्री संगठन संजय व प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट आदि के समक्ष अपने दिलों का गुबार निकालने के बाद पिछले दिनों अध्यक्ष पद के लिए नामांकन कराने वाले छह कार्यकर्ता गोपाल रावत, पूरन मेहरा, भानु पंत, दया किशन पोखरिया, राकेश कुमार व रोहित भाटिया शुक्रवार को पार्टी कार्यालय पहुंचे और पार्टी प्रत्याशी अरविंद सिंह पडियार को पूर्ण समर्थन की घोषणा करते हुए पूरी शक्ति से उनके प्रचार में जुटने की बात कही। प्रतिनिधिमंडल में शामिल रहे भानु पंत ने बताया कि सरकार व संगठन के प्रतिनिधियों ने दून में उनकी बात पूरी गंभीरता से सुनी और टिप्पणी की कि उन्होंने जो बातें उठायीं हैं, वह गलत नहीं हैं। इसके बाद उनके मन में पार्टी या प्रत्याशी के प्रति किसी तरह का विद्वेष नहीं है। और सभी लोग पूरी ताकत से पार्टी प्रत्याशी पडियार की जीत के लिए जुटेंगे।

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p style=”text-align: justify;”>-पालिका से सीढ़ी चढ़ विधायक-मंत्री बने सनवाल, तड़ागी, चंद व सरिता
नवीन जोशी, नैनीताल, 1 नवंबर 2018। 1841 में अपनी बसासत के चार वर्ष के भीतर ही 1845 में देश की तीसरी नगर पालिका का दर्जा हासिल करने वाली 163 वर्ष पुरानी नैनीताल नगर पालिका कई राजनेताओं के लिए राजनीति की पाठशाला के साथ ही राजनीतिक कॅरियर की सीढ़ी भी साबित हुई है। नगर के तीसरे पालिकाध्यक्ष रहे बाल कृष्ण सनवाल, चौथे अध्यक्ष किशन सिंह तड़ागी व सातवीं अध्यक्ष सरिता आर्य आगे चलकर विधायक बने। जबकि यहां सभासद रहे श्रीचंद ने यूपी में दो मुख्यमंत्रियों के कार्यकाल में वन एवं राजस्व विभाग के काबीना मंत्री रहने का गौरव हासिल किया। गौरतलब है कि पूर्व में नगर के प्रथम पालिकाध्यक्ष रायबहादुर जसौत सिंह बिष्ट के नाम दो बार (1941 से 1947 और 1947 से 1953 तक) पालिकाध्यक्ष रहने का रिकार्ड दर्ज है। वहीं इस बार एक पूर्व सभासद, दो अधिवक्ता, तीन महिलाएं, व्यापारी, एक पूर्व खेल प्रशासक और समाजसेवी नैनीताल पालिकाध्यक्ष की हॉट सीट पर बैठने की कोशिश में हैं।
नैनीताल नगर पालिका से राजनीतिक अनुभव का ककहरा सीखकर पालिका के भीतर ही पदोन्नति प्राप्त करने वालों की बात की जाए तो पहला नाम नगर के आठवें पालिकाध्यक्ष मुकेश जोशी का आता है, जो पूर्व में सरिता आर्या की अध्यक्षता वाली बोर्ड में सभासद रहे, और आगे पालिकाध्यक्ष बने। अब वर्तमान चुनावों में भी करीब एक दर्जन पूर्व सभासद पालिका के भीतर ऐसी ही ऊंची उड़ान भरने की कोशिश में हैं, जो उनके पालिका चलाने के अनुभव का मापदंड भी साबित हो रही है। इस कड़ी में पहला नाम निर्दलीय प्रत्याशी राजेंद्र परगाई का आता है, जो वर्ष 2007 से 2012 तक नैनीताल पालिका के सभासद रहे हैं। और अब अध्यक्ष पद प्राप्त करने की कोशिश में चुनाव मैदान में हैं। परगाई के अलावा मौजूदा सभासद सपना बिष्ट, जितेंद्र बिष्ट, नीतू बोहरा व डीएन भट्ट एवं पूर्व सभासद दीप नारायण व मनोहर सिंह कार्की फिर से सभासद पद के लिए चुनाव मैदान में हैं। वहीं पूर्व सभासद मनोज अधिकारी व पवन बिष्ट ने अपनी पत्नियों को इस बार सभासद पद के लिए चुनाव मैदान में उतारा है।यह सभी प्रत्याशी स्वयं को पालिका की सेवाओं के लिए अनुभवी बताकर प्रत्याशियों से चुनाव जिताने की अपील कर रहे हैं।

दो रायबहादुर, चार अधिवक्ता रहे हैं नैनीताल के पालिकाध्यक्ष

नैनीताल। 1843-44 में अंग्रेजों ने प्रेसीडेंसी एक्ट आफ 1842 के तहत वर्ष 1845 में नैनीताल पालिका का गठन किया था। इससे पूर्व मद्रास में पहली तथा मंसूरी में दूसरी पालिका गठित हो चुकी थी। नैनीताल नगर पालिका के 163 वर्षों में जिन आठ के सिर पर अध्यक्ष का ताज सजा, उनमें दो राय बहादुर, चार अधिवक्ता, एक पूर्व सभासद और एक महिला है। प्रख्यात अंतरराष्ट्रीय शिकारी जिम कार्बेट भी नैनीताल पालिका के म्युनिसिपल कमिश्नर (सभासद) रह चुके हैं। पालिका बनने के बाद ब्रिट्शि हुक्मरान ही यहां अध्यक्ष रहे। आजादी से पूर्व वर्ष 1941 में रायबहादुर जसौद सिंह बिष्ट को ब्रिटिशों ने पालिकाध्यक्ष बनाया। वह 1953 तक चेयरमैन रहे। 1953 में पहली बार जनता ने मतदान से अध्यक्ष चुना। राय बहादुर मनोहर लाल साह पहले निर्वाचित चेयरमैन बने। इसके बाद पेशे से अधिवक्ता रहे बीके सनवाल, केएस तड़ागी, आरएस रावत तथा संजय कुमार संजू को जनता ने पालिकाध्यक्ष की कुर्सी में बिठाया। वर्ष 2002 में वर्तमान विधायक सरिता आर्या को पहली महिला पालिकाध्यक्ष होने का गौरव मिला। 1977 में आपातकाल की वजह से चुनाव नहीं हुए, इसलिए 1977 से लेकर 1988 और फिर 1994 से 1997 तक यह कुर्सी प्रशासक के पास रही।

तीन विधायकों की प्रतिष्ठा भी दांव पर

नैनीताल। नगर पालिका के चुनावों में इस बार अध्यक्ष पद के लिए भाजपा विधायक संजीव आर्य, महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सरिता आर्य व उक्रांद के पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष डॉ. नारायण सिंह जंतवाल की प्रतिष्ठा दांव पर है। तीनों के समक्ष अपने प्रत्याशियों को जिताने की चुनौती है।

कौन क्या रहे क्या बने

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p style=”text-align: justify;”>बाल कृष्ण सनवाल पालिकाध्यक्ष विधायक
किशन सिंह तड़ागी पालिकाध्यक्ष विधायक
सरिता आर्या पालिकाध्यक्ष विधायक
श्रीचंद सभासद यूपी के वन व न्याय मंत्री
मुकेश जोशी सभासद पालिकाध्यक्ष

इस चुनाव में यह पूर्व पालिका अध्यक्ष व सभासद प्रत्याशी भी हैं मैदान में

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p style=”text-align: justify;”>कौन                     क्या थे    दावेदार
राजेंद्र परगाई        सभासद  पालिकाध्यक्ष
सपना बिष्ट          सभासद   सभासद
डीएन भट्ट              सभासद   सभासद
नीतू बोहरा             सभासद   सभासद
जीतेंद्र बिष्ट           सभासद   सभासद
दीप नारायण          सभासद   सभासद
मनोहर कार्की         सभासद   सभासद

अब तक के पालिकाध्यक्ष

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p style=”text-align: justify;”>1941 से 1953  रायबहादुर जसौद सिंह बिष्ट
1953 से 1964  रायबहादुर मनोहर लाल साह
1964 से 1971  बाल कृष्ण सनवाल (अधिवक्ता)
1971 से 1977  किशन सिंह तड़ागी (अधिवक्ता)
1977 से 1988 प्रशासक
1988 से 1994  राम सिंह रावत (अधिवक्ता)
1994 से 1997  प्रशासक
1997 से 2002  संजय कुमार संजू (अधिवक्ता)
2002 से 2008  सरिता आर्या (प्रथम महिला पालिकाध्यक्ष)
2008 से 2013  मुकेश जोशी (पूर्व पालिका सभासद)
2013 से 2018   श्याम नारायण (पूर्व शिक्षक)

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सफाई व्यवस्था सुनियोजित करने को बंगाल प्रेसीडेंसी एक्ट के तहत 1845 में हुआ था गठन
नवीन जोशी नैनीताल। जी हां, देश ही नहीं दुनिया में नैनीताल ऐसा अनूठा व इकलौता शहर होगा जिसे बसने के चार वर्ष के अंदर ही नगर पालिका का दर्जा मिल गया था। दूर की सोच रखने वाले इस शहर के अंग्रेज नियंताओं ने शहर के बसते ही इसकी साफ-सफाई को सुनियोजित करने के लिए बंगाल प्रेसीडेंसी एक्ट-1842 के तहत इसे 1845 में नगर पालिका का दर्जा दे दिया गया था।
विदित है कि नैनीताल नगर को वर्तमान स्वरूप में बसाने का श्रेय अंग्रेज व्यवसायी पीटर बैरन को जाता है, जो 18 नवम्बर 1841 को यहां आया लेकिन कम ही लोग जानते हैं कि इसके तीन वर्ष के उपरांत 1843-44 में ही, जब नगर की जनसंख्या कुछ सौ ही रही होगी, नगर की साफ-सफाई के कार्य को सुनियोजित करने के लिए इसे नगर पालिका बनाने का प्रस्ताव नगर के तत्कालीन नागरिकों ने कर दिया था। अंग्रेज लेखक टिंकर की पुस्तक “लोकल सेल्फ गवर्नमेंट इन इंडिया, पाकिस्तान एंड वर्मा” के पेज 28-29 में नैनीताल के देश की दूसरी नगर पालिका बनने का रोचक जिक्र किया गया है। पुस्तक के अनुसार उस दौर में किसी शहर की व्यवस्थाओं को सुनियोजित करने के लिए तत्कालीन नार्थ-वेस्ट प्रोविंस में कोई प्राविधान ही नहीं थे। लिहाजा 1842 में बंगाल प्रेसीडेंसी के लिए बने बंगाल प्रेसीडेंसी अधिनियम-1842 के आधार पर इस नए नगर को नगर पालिका का दर्जा दे दिया गया। इससे पूर्व केवल मसूरी को (1842 में) नगर पालिका का दर्जा हासिल था, इस प्रकार नैनीताल को देश की दूसरी नगर पालिका होने का सौभाग्य मिल गया। अधिनियम के तहत 7 जून 1845 को नगर की व्यवस्थाएं देखने के लिए कुमाऊं के दूसरे कमिश्नर मेजर लूसिंग्टन की अध्यक्षता में मेजर जनरल सर डब्लू रिचर्ड्स, मेजर एचएच आरवॉड, कैप्टेन वाईपी पोंग व पी वैरन की पांच सदस्यीय समिति  गठित कर दी गयी।  आगे 1850 में म्युनिसिपल एक्ट आने के बाद तीन अक्टूबर 1850 को यहां विधिवत नगर पालिका बोर्ड का गठन हुआ। नगर के बुजुर्ग नागरिक व म्युनिसिपल कमिश्नर (सभासद) रहे गंगा प्रसाद साह बताते हैं कि उस दौर में नियमों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जाता था। सेनिटरी इंस्पेक्टर घोड़े पर सवार होकर रोज एक-एक नाले का निरीक्षण करते थे। माल रोड पर यातायात को हतोत्साहित करने के लिए चुंगी का प्राविधान किया गया था। गवर्नर को चुंगी से छूट थी। एक बार अंग्रेज लेडी गवर्नर बिना चुंगी दिए माल रोड से गुजरने का प्रयास करने लगीं, जिस पर तत्कालीन पालिकाध्यक्ष राय बहादुर जसौत सिंह बिष्ट ने लेडी गवर्नर का 10 रुपये का चालान कर दिया था।

नैनीताल नगर पालिका की विकास यात्रा

पूर्व पालिकाध्यक्ष रायबहादुर मनोहर लाल साह
पूर्व पालिकाध्यक्ष बालकृष्ण सनवाल
    • 1841 में पहला भवन पीटर बैरन का पिलग्रिम हाउस बनना शुरू ।
    • तल्लीताल गोरखा लाइन से हुई बसासत की शुरूआत।
    • 1845 में मेजर लूसिंग्टन, 1870 में जे मैकडोनाल्ड व 1845 में एलएच रॉबर्टस बने पदेन अध्यक्ष।
    • 1891 तक कुमाऊं कमिश्नर होते थे छह सदस्यीय पालिका बोर्ड के पदेन अध्यक्ष व असिस्टेंट कमिश्नर उपाध्यक्ष।
    • 1891 के बाद डिप्टी कमिश्नर (डीसी) ही होने लगे अध्यक्ष।
    • 1900 से वैतनिक सचिव होने लगे नियुक्त, बोर्ड में होने लगे पांच निर्वाचित एवं छह मनोनीत सदस्य।
    • 1921 से छह व 1927 से आठ सदस्य होने लगे निर्वाचित।
    • 1934 में आरई बुशर बने पहले सरकार से मनोनीत गैर अधिकारी अध्यक्ष (तब तक अधिकारी-डीसी ही होते थे अध्यक्ष)।
    • 1941 में पहली बार रायबहादुर जसौत सिंह बिष्ट जनता से चुन कर बने पालिकाध्यक्ष।
    • 1953 से राय बहादुर मनोहर लाल साह रहे पालिकाध्यक्ष।
    • 1964 से बाल कृष्ण सनवाल रहे पालिकाध्यक्ष।
    • 1971 से किशन सिंह तड़ागी रहे पालिकाध्यक्ष।
    • 1977 से 1988 तक डीएम के हाथ में रही सत्ता।
    • 1977 तक बोर्ड सदस्य कहे जाते थे म्युनिसिपल कमिश्नर, जिम कार्बेट भी 1919 में रहे म्युनिसिपल कमिश्नर।
    • 1988 में अधिवक्ता राम सिंह बिष्ट बने पालिकाध्यक्ष।
    • 1994 से 1997 तक पुन: डीएम के हाथ में रही सत्ता।
  • 1997 में संजय कुमार :संजू”, 2003 में सरिता आर्या व 2008 में मुकेश जोशी बने अध्यक्ष।

निकाय चुनाव: नैनीताल में घंटी, नारियल, गैस सिलेंडर और कमल पसंद में सबसे आगे

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p style=”text-align: justify;”>नैनीताल, 29 अक्तूबर 2018। चौंकिये नहीं, हम जनता की नहीं बल्कि प्रत्याशियों में इन चुनाव चिन्हों के बारे में पसंदगी के बारे में बात कर रहे हैं। सोमवार को निकाय चुनावों के लिए प्रत्याशियों को चुनाव चिन्हों का वितरण कर दिया गया है। ऐसे में नगर पालिका नैनीताल के 13 अध्यक्ष एवं 13 वार्डों से 69 सभासद प्रत्याशियों को मिले उनके पसंदीदा चुनाव चिन्हों की बात की जाये तो घंटी चुनाव चिन्ह सर्वाधिक 10 प्रत्याशियों का पसंदीदा चिन्ह साबित हुआ है। वहीं गैस सिलेंडर 8, नारियल 7, भाजपा का कमल अध्यक्ष सहित 6 प्रत्याशियों को जबकि मोमबत्ती, गुड़िया, बाल्टी, व अलमारी चुनाव चिन्ह 5 प्रत्याशियों की पसंद रहा है।
अध्यक्ष पद की बात करें तो राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों को उनके चुनाव चिन्ह यानी भाजपा प्रत्याशी अरविंद पडियार को कमल, बसपा के रईस अंसारी को हाथी, कांग्रेस के सचिन नेगी को हाथ व उक्रांद के प्रकाश पांडे को कप प्लेट मिले हैं। वहीं निर्दलीय प्रत्याशियों में से अजय साह को बल्ला, किशन नेगी को उनके पिछले चुनाव की ही केतली, खजान सिंह डंगवाल को बल्लेबाज, दीपा मिश्रा को बंगला, नलिनी नेगी को नारियल, उत्तराखंड लोक वाहिनी समर्थित नीरज जोशी को अलमारी, पूर्व सभासद राजेंद्र परगाई (राजू) को मोमबत्ती, सरस्वती खेतवाल को गैस सिलेंडर व संजय साह को कुल्हाड़ी चुनाव चिन्ह मिला है।

अध्यक्ष पद पर खजान ने अजय को थमाया बल्ला और खुद चुना बल्लेबाज

नैनीताल। अध्यक्ष पद पर दो निर्दलीय प्रत्याशी खजान सिंह डंगवाल व अजय साह ने बल्ला चुनाव चिन्ह को अपनी पहली प्राथमिकता बताया था। इसलिये दोनों के बीच बल्ला चुनाव चिन्ह पर टाई हो गया। ऐसे में निर्वाचन अधिकारी के समय दोनों के बीच लॉटरी निकाली गयी। लॉटरी में डंगवाल को बल्ला चुनाव चिन्ह मिल गया, किंतु उन्होंने बड़ा दिल दिखाते हुए अजय साह को बल्ला चुनाव चिन्ह दे दिया और खुद बल्लेबाज चुनाव चिन्ह ले लिया। उल्लेखनीय है कि अजय साह डीएसए के महासचिव और नगर के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में शुमार रहे हैं, जबकि डंगवाल ने बताया कि वे भी बचपन से क्रिकेट के शौकीन और बल्लेबाज रहे हैं। इसलिये उन्होंने खेल भावना का परिचय देते हुए साह को बल्ला चुनाव चिन्ह दे दिया।

अभी यह है अध्यक्ष प्रत्याशियों की स्थिति, दलों के लिए अभी भी दलदल कम नहीं

-भाजपा के बागी माने तो सही पर दिल की गांठें नहीं खुलीं

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p style=”text-align: justify;”>-वैचारिक तौर पर कई कांग्रेसी अब भी चुनाव मैदान में
-उक्रांद के लिए निवर्तमान पालिकाध्यक्ष की असफलता छुपाना आसान नहीं
-अधिक प्रत्याशियों के कारण अपने सीमित क्षेत्र से वोट प्राप्त कर जीतने की उम्मीद लगा रहे निर्दलीयों की भी कठिन हुई राह
नवीन जोशी, नैनीताल, 28 अक्टूबर 2018। जनपद में सर्वाधिक 13 अध्यक्ष पद प्रत्याशियों के साथ अपनी प्रतिष्ठा को स्वयं इंगित कर रही नैनीताल नगर पालिका के चुनाव में राजनीतिक दलों के लिए परेशानियां कई प्रत्याशियों के नाम वापस लेने के बावजूद कम नहीं हुई हैं। हालांकि सभी दल स्वयं के लिए नामांकन वापसी के बाद सुखद स्थिति बता रहे हैं। सत्तारूढ़ भाजपा इस बात पर संतोष जता रही है कि उसके सभी सात बागी चुनाव मैदान से हट गये हैं। कांग्रेस इस बात से खुश है कि इसके एक ही दावेदार ने नामांकन कराया था और वह भी चुनाव से हट गये हैं। बावजूद सभी दलों के साथ ही निर्दलीयों के लिए भी स्थितियां आसान नहीं है। ऐसे में आज की तिथि में किसी भी दल या प्रत्याशी की जीत तो छोड़िये, शीर्ष 2-3 में आने के बारे में भी दावे के साथ टिप्पणी नहीं की जा सकती है।
दलवार अध्यक्ष पद पर चिंताओं की बात करें तो भाजपा से भले ही नामांकन कराने वाले एक दावेदार नामांकन खारिज होने और शेष छह ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत व प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट तक अपनी बात पहुंचाने के बाद पूर्व मंत्री बंशीधर भगत व वर्तमान मंत्री प्रकाश पंत के समझाने पर ‘पार्टी के सम्मान’ के लिए चुनाव मैदान से खुद को अलग कर लिया हो, परंतु यह भी सच्चाई है कि एक को छोड़कर शेष पांच ने पार्टी प्रत्याशी की जीत के लिए कार्य करने का फिलवक्त तक कोई वादा भी नहीं किया है। यानी उनके दिलों में गांठें अभी भी बनी हुई हैं। वहीं कांग्रेस की बात करें तो पार्टी के नगर में चुनाव प्रबंधन के सबसे बड़े स्तंभ नगर अध्यक्ष मारुति नंदन साह हर स्तर से मनाने के बावजूद साफ कह दिया है कि ‘वे चुनाव तक राजनीति से दूर हैं’। साथ ही पार्टी से वैचारिक तौर पर जुड़े परिवारों से आने वाले किशन नेगी, दीपा मिश्रा, नलिनी नेगी आदि ने उन्हें मनाने गये नेताओं को ’दो टूक’ कह दिया, ‘वे चुनाव लड़ने पर अडिग हैं। उन्होंने टिकट ही नहीं मांगा तो उन्हें मनाने की कोई तुक नहीं है।’ तीसरे दल उक्रांद की बात करें तो वर्ष 2008 के चुनाव में केवल 116 मतों से इस बार कांग्रेस से नामांकन कराने के बाद नाम वापस लेने वाले मुकेश जोशी से हारे प्रकाश पांडे को अपनी अच्छी छवि के बावजूद इस सवाल का जवाब देना मुश्किल पड़ रहा है कि क्यों उनकी पार्टी के निवर्तमान पालिकाध्यक्ष 2013 के चुनावा में सबसे अच्छी छवि की वजह से ही चुनाव जीतने के बाद असफल साबित हुए। वहीं बसपा उम्मीदवार रईश अहमद अंसारी की बात करें तो अन्य निर्दलीय उम्मीदवारों की तरह उनके समक्ष भी आठ उम्मीदवारों के मैदान से हटने के कारण चुनौती बढ़ गयी है। स्थिति यह है कि चुनाव मैदान में बचे 13 में से दो-तीन प्रत्याशियों को छोड़कर शेष प्रत्याशी नामांकन कराने वाले 21 प्रत्याशियों में से स्वयं का किसी एक क्षेत्र विशेष में अच्छा प्रभाव मानकर वहां के 60-70 फीसद वोट मिलने से ही स्वयं की जीत को सुनिश्चित बता रहे थे। किंतु अब आठ प्रत्याशियों के मैदान से हटने के बाद उन्हें भी आभाष हो गया है कि अब केवल इतने भर से काम नहीं चलने वाला है और उनके लिए 1 हजार वोटों का आंकड़ा भी छूना मुश्किल होने वाला है।

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p style=”text-align: justify;”>[poll id=”2″]नैनीताल से सर्वाधिक 13, रामनगर से मात्र तीन उम्मीदवार मैदान में
नैनीताल। नैनीताल जनपद में सर्वाधिक 13 उम्मीदवार नैनीताल से मैदान में रह गये हैं, जबकि रामनगर से सबसे कम तीन प्रत्याशी ही मैदान में हैं। वहीं नगर निगम हल्द्वानी-काठगोदाम के मेयर पद के लिए 9, नगर पंचायत भीमताल के लिए 8, लालकुआ व कालाढुंगी के लिए 6-6 तथा भवाली के लिए 5 प्रत्याशी मैदान में हैं।

भाजपा-कांग्रेस के आधा दर्जन से अधिक बागी निकाय चुनाव मैदान से हटे

नैनीताल, 26 अक्तूबर 2018। जी हां, भाजपा-कांग्रेस के आधा दर्जन से अधिक बागी निकाय चुनाव मैदान से हट गए हैं।

नाम वापस लेते भाजपा के 5 बागी प्रत्याशी

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p style=”text-align: justify;”>शनिवार का दिन नगर पालिका चुनावों के प्रत्याशियों के लिए नाम वापसी का दिन खासकर भाजपा और साथ ही कांग्रेस पार्टी के लिए कड़ी मशक्कत के बाद ही सही सुखद परिणामों वाला साबित हुआ। भाजपा और कांग्रेस के आधा दर्जन से अधिक बागी निकाय चुनाव मैदान से अध्यक्ष पद के लिए हट गए हैं। सुबह सबसे पहले कांग्रेस पार्टी नेता पूर्व पालिकाध्यक्ष मुकेश जोशी ने कांग्रेस प्रत्याशी सचिन नेगी के समर्थन में नाम वापसी की घोषणा की। वहीं दिन में भाजपा से बागी हुए प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य गोपाल रावत, वरिष्ठ नेता पूरन मेहरा, दोनों नगर महामंत्री कुंदन बिष्ट व भानु पंत, पूर्व जिला महामंत्री दया किशन पोखरिया व राकेश कुमार ने पार्टी के बड़े नेताओं के कई दौर तक चली वार्ताओं के बाद पार्टी के लिए अपना नाम वापस लेने की घोषणा की।
शनिवार सुबह कांग्रेस प्रत्याशी सचिन नेगी के तल्लीताल स्थित पायल होटल में आयोजित पत्रकार वार्ता में प्रदेश उपाध्यक्ष डा. रमेश पांडे, विधायक सरिता आर्य, बुजुर्ग नेता किशन लाल साह कोनी व प्रत्याशी नेगी आदि की उपस्थिति में पूर्व पालिकाध्यक्ष मुकेश जोशी ने प्रत्याशी के समर्थन में नाम वापसी की घोषणा की, साथ ही अपने सभी समर्थकों के मत एवं समर्थन प्रत्याशी को दिलाने की बात कही। इस दौरान पार्टी से जुड़े किशन नेगी, दीपा मिश्रा सहित कुछ अन्य प्रत्याशियों के मैदान में अब भी बने होने पर पांडे ने कहा कि कांग्रेस बड़ा दल है, और निकाय चुनाव छोटा चुनाव है। आगामी लोक सभा चुनाव में सभी लोग फिर से साथ होंगे।
वहीं भाजपाई खेमे की बात करें तो यहां काबीना मंत्री प्रकाश पंत सुबह से ही भाजपा के एक समूह बनाकर चुनाव लड़ने जा रहे पांच प्रत्याशियों पूरन मेहरा, गोपाल रावत, भानु पंत, दया किशन पोखरिया व राकेश कुमार को मनाने रावत के घर पर पहुंचे और लंबी जद्दोजहद के बाद करीब दोपहर एक बजे सभी का समर्थन मिलने का दावा किया। वार्ता में देरी होने की वजह से पार्टी का सुबह साढ़े 11 बजे प्रस्तावित चुनाव कार्यालय का उद्घाटन भी श्री पंत के हाथों एक बजे के बाद ही हो पाया। इस दौरान नामांकन कर चुके पार्टी के एक अन्य नगर महामंत्री कुंदन बिष्ट ने पार्टी प्रत्याशी के समर्थन में नामांकन वापस लेने की घोषणा की। इधर अपराह्न पौने तीन बजे के करीब भाजपा के पांच प्रत्याशियों पूरन मेहरा, गोपाल रावत, भानु पंत, दया किशन पोखरिया व राकेश कुमार एक साथ तहसील स्थित नामांकन प्रक्रिया स्थल पहुंचे और नाम वापसी की घोषण की। इसके थोड़ी देर बाद अन्य प्रत्याशी कुंदन बिष्ट ने भी नाम वापस ले लिया। गौरतलब है कि कांग्रेस से जुड़े मुकेश जोशी ने पहले ही नाम वापस ले लिया था। इस प्रकार शुरू में 21 प्रत्याशियों के नामांकन कराने, एक प्रत्याशी रोहित भाटिया का नामांकन कम उम्र के कारण खारिज होने और अब 7 प्रत्याशियों के नाम वापस लेने के बाद 13 प्रत्याशी मैदान में बच गये हैं।

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p style=”text-align: justify;”>नैनीताल, 25 अक्तूबर 2018। नैनीताल नगर पालिका के लिए नामांकन कराने वाले 21 उम्मीदवारों में से एक रोहित भाटिया का नामांकन पत्र खारिज होने के बाद 20 प्रत्याशी मैदान में बचे हैं। इन 20 उम्मीदवारों में निर्दलीय प्रत्याशी डा. सरस्वती खेतवाल सबसे अधिक पढ़ी-लिखी होने के साथ ही सबसे धनी उम्मीदवार भी हैं। वहीं बसपा के प्रत्याशी रईस अहमद अंसारी मात्र साक्षर हैं।
डा. खेतवाल की बात करें तो वह संस्कृत विषय से पीएचडी हैं। उनके पास एक-एक मारुति अल्टो व इग्निश कारें, 10 तोला स्वयं एवं 10 तोला सिचाई विभाग के सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता कुमाऊं रहे हैं, और अभी हाल ही में सेवानिवृत्त हुए हैं। लिहाजा उनके पास हल्द्वानी में करीब 14 लाख मूल्य की दो बीघा जमीन, मुक्तेश्वर के गांव में 14 नाली भूमि की पैतृक संपत्ति में एक तिहाई हिस्सा, तल्लीताल में स्वयं व पति के नाम से एक-एक आवासीय भवन व दुकान हैं। वहीं भाजपा प्रत्याशी अरविंद पडियार के पास एक अल्टो कार, एक दो हजार रुपए की अंगूठी, पत्नी के पास करीब 60 हजार रुपए मूल्य के दो तोले वजनी सोने के आभूषण, ग्राम पतलिया में 20 नाली भूमि, हल्द्वानी के कटघरिया में 1800 वर्ग फिट में आवासीय भवन है, तथा वे एमकॉम तक पढ़े हैं। इसी तरह कांग्रेस प्रत्याशी सचिन नेगी के पास एक मारुति कार, दो तोले स्वयं एवं पत्नी के पास 15 तोला सोने के आभूषण, छोटी हल्द्वानी व मल्ली बमौरी हल्द्वानी में करीब 8 लाख रुपये मूल्य की भूमि है, तथा वह भी एम कॉम तक पढ़े हैं। वहीं उक्रांद प्रत्याशी प्रकाश पांडे के पास करीब 1.8 लाख रुपए मूल्य का 60 ग्राम सोना तथा पत्नी के पास करीब 2.7 लाख रुपए मूल्य के स्वर्णाभूषण एवं आई-20 कार है, जबकि घर नहीं है।

नैनीताल में पालिका अध्यक्ष पद के नामांकन में दिखा ऐसा नजारा, जैसा शायद न कभी और कहीं दिखा होगा-न दिखेगा

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p style=”text-align: justify;”>-भाजपा के छह नेताओं  ने एक साथ पहुंचकर कराये नामांकन, एक नेता कल भी करा चुके हैं नामांकन
-आज भाजपा-कांग्रेस प्रत्याशियों, आठ बागियों सहित 15 ने कराये नामांकन
-कांग्रेस के पांच बागियों ने भी कराये हैं नामांकन, कुल 21 प्रत्याशी करा चुके हैं नामांकन

नैनीताल, 23 अक्टूबर 2018। नगर निकाय चुनाव के लिए मंगलवार को नामांकन के आखिरी दिन अध्यक्ष पद के लिए भाजपा के अरविंद पडियार व कांग्रेस के सचिन नेगी सहित कुल 15 प्रत्याशियों ने नामांकन कराये। इनमें कांग्रेस से टिकट की दावेदारी करने वाले मुकेश जोशी और अजय साह तथा कांग्रेस से वैचारिक तौर पर लंबे समय से जुड़ी रही पूर्व सभासद मिश्रा के साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के करीबी माने जाने वाले पूर्व महाधिवक्ता वीबीएस नेगी की पत्नी नलिनी नेगी सहित सीधे और परोक्ष तौर पर दो व तीन अर्थात कुल पांच बागी शामिल हैं। जबकि भाजपा की ओर से पार्टी के छह नेताओं-प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य गोपाल रावत, पूर्व नगर अध्यक्ष पूरन मेहरा, नगर महामंत्री भानु पंत, पूर्व जिला महामंत्री दया किशन पोखरिया पूर्व में अध्यक्ष का चुनाव लड़ चुके राकेश कुमार व रोहित भाटिया ने एक साथ नामांकन कराकर अपनी तरह का अनूठा दृश्य प्रस्तुत किया। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व भाजपा के नगर महामंत्री कुंदन बिष्ट भी निर्दलीय के रूप में नामांकन करा चुके हैं। साथ ही आज कराये गये नामांकनों के साथ नैनीताल नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए कुल 21 प्रत्याशी नामांकन करा चुके हैं।[poll id=”2″]

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मंगलवार सुबह सबसे पहले निर्दलीय संजय साह ने, फिर उत्तराखंड लोक वाहिनी के नीरज जोशी, निर्दलीय नलिनी नेगी पत्नी पूर्व महाधिवक्ता वीबीएस नेगी, कांग्रेस से दावा कर चुके पूर्व डीएसए महासचिव अजय साह, फिर भाजपा प्रत्याशी अरविंद पडियार, फिर कांग्रेस से दावेदारी कर चुके पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष मुकेश जोशी, पूर्व सभासद राजेंद्र परगाई व दीपा मिश्रा, उनके बाद कांग्रेस प्रत्याशी सचिन नेगी एवं आखिर में कमोबेश एक भाजपा के छह पदाधिकारियों, क्रमशः गोपाल रावत, दया किशन पोखरिया, भानु पंत, पूरन मेहरा, राकेश कुमार व रोहित भाटिया ने बतौर निर्दलीय नामांकन कराये। इस प्रकार आज कुल 15 नामांकन हुए, जबकि इससे पूर्व सोमवार को छह प्रत्याशियों उक्रांद के प्रकाश पांडे, बसपा के रईश अंसारी, भाजपा के नगर महामंत्री कुंदन बिष्ट के साथ ही सामाजिक कार्यकत्री डा. सरस्वती खेतवाल, खजान सिंह डंगवाल, किसन नेगी ने निर्दलीय यानी कुल छह प्रत्याशियों ने नामांकन कराये। नेगी ने दो सेटों में नामांकन कराया है। नामांकन की प्रक्रिया संयुक्त मजिस्ट्रेट अभिषेक रूहेला के नेतृत्व में संपन्न करायी गयी।

एक साथ नामांकन करने वाले छह भाजपा नेताओं ने कहा अमित शाह तक करेंगे शिकायत

एक साथ नामांकन कराने पहुंचे छह भाजपा नेता।

नैनीताल, एसएनबी। नैनीताल नगर पालिका चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए एक साथ नामांकन कराकर अपनी तरह का अनूठा दृश्य व स्थिति उत्पन्न करने वाले भाजपा नेताओं- प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य गोपाल रावत, पूर्व नगर अध्यक्ष पूरन मेहरा, नगर महामंत्री भानु पंत, पूर्व जिला महामंत्री दया किशन पोखरिया पूर्व में अध्यक्ष का चुनाव लड़ चुके राकेश कुमार व रोहित भाटिया ने कहा कि भाजपा को कुछ लोग उसकी व्यवस्थाओं से इतर चला रहे हैं। वे पार्टी के दावेदार थे किंतु उनसे ही अध्यक्ष पद के लिए टिकट देते हुए सर्वानुमति नहीं बनायी गयी। जबकि पूर्व में पार्टी के सभी फैसले एक साथ होते थे। जबकि इधर स्थिति यह है कि उनसे बात करने की कोशिश भी नहीं की गयी है। जिलाध्यक्ष भी उनकी बात नहीं सुन रहे हैं। इसकी शिकायत पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष अमित शाह तक पहुंचाई जाएगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अन्याय सहन न करने की बात से प्रेरित होकर अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने के लिये यह कदम उठाया है। दोहराया कि वे ही असली भाजपा हैं। प्रदेश नेतृत्व प्रत्याशी बदले और किसी वरिष्ठ को टिकट दे।

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p style=”text-align: justify;”>नैनीताल नगर पालिका के लिए ये हैं अध्यक्ष प्रत्याशी :
भाजपा: 
अरविंद पडियार।
कांग्रेसः 
सचिन नेगी।
उत्तराखंड क्रांति दल: प्रकाश पांडे।
बसपा: 
रईश अहमद अंसारी।

उत्तराखंड लोक वाहिनी : नीरज जोशी।

निर्दलीय: डा. सरस्वती खेतवाल, राजेंद्र परगाई, कुंदन बिष्ट, गोपाल रावत, पूरन मेहरा, भानु पंत, दया किशन पोखरिया, राकेश कुमार, अजय साह, खजान सिंह डंगवाल,  दीपा मिश्रा, संजय साह, नलिनी नेगी, रोहित भाटिया, किसन नेगी आदि।

भाजपा-कांग्रेस दोनों में प्रत्याशी एक ओर, और पार्टी दूसरी ओर…

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p style=”text-align: justify;”>-भाजपा के चार दावेदारों सहित दर्जनों असंतुष्टों ने अलग बैठक कर कहा-वे वास्तविक भाजपा
-कांग्रेस में नगर अध्यक्ष सहित अनेक कार्यकर्ताओं ने पद छोड़े, प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह पर संगठन की न सुनने का लगाया आरोप, पूर्व विधायक को भी सुनाई खरी-खोटी

बैठक करते असंतुष्ट भाजपा नेता।

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p style=”text-align: justify;”>नैनीताल, 22 अक्तूबर 2018। टिकटों की घोषणा के बाद जिला व मंडल मुख्यालय नैनीताल में भाजपा-कांग्रेस दोनों पार्टियों में कमोबेश एक जैसी स्थिति नजर आ रही है। दोनों पार्टियों में पार्टी उम्मीदवार सहित गिने-चुने कार्यकर्ता ही एक ओर दिखाई दे रहे हैं, और पूरी पार्टी दूसरी ओर। यहां तक कि भाजपा के चार दावेदारों सहित असंतुष्टों ने खुद को असली भाजपा करार दिया है, तथा नगर अध्यक्ष को छः वर्ष के लिए पार्टी से निष्कासित करने तथा प्रत्याशी के नाम पर पुर्नविचार करने और किसी वरिष्ठ कार्यकर्ता को टिकट देने की मांग की गयी। आगे मंगलवार को असंतुष्टों में कुछ लोग नामांकन करा सकते हैं, जबकि पार्टी के एक नगर महामंत्री कुंदन बिष्ट ने आज निर्दलीय के रूप में नामांकन करा दिया है। वहीं कांग्रेस में नगर अध्यक्ष सहित अनेक पदाधिकारियों ने पार्टी से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी है। 
सोमवार को भाजपा के असंतुष्टों की बैठक पूर्व नगर अध्यक्ष सहित अनेक पदों पर रहे व दावेदार पूरन मेहरा के आवास पर हुई। इस बैठक में तीन अन्य दावेदार-प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य गोपाल रावत, नगर महामंत्री भानु पंत, पूर्व जिला महामंत्री दयाकिशन पोखरिया व पूर्व पालिकाध्यक्ष संजय कुमार संजू सहित दर्जनों भाजपा, आरएसएस, भाजयुमो व अभाविप आदि संगठनों के कार्यकर्ता मौजूद रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी ने टिकट पार्टी की परंपराओं के विपरीत बिना संगठन व दावेदारों को विश्वास में लिये दिया है। पूर्व में कई चरणों की बैठक में सर्वानुमति से टिकट दिये जाते थे। वर्तमान में पार्टी में नये आये लोगों एवं निष्काशित कार्यकर्ताओं की राय पर टिकट दिये गये हैं। साथ ही नगर अध्यक्ष से लेकर जिलाध्यक्ष, विधायक व सांसद कोई जवाब देने को तैयार नहीं है। उन्होंने असंतुष्टों का संयुक्त प्रत्याशी लड़ाने की भी घोषणा की। इस मौके पर विधायक के करीबी माने जाने वाले सोनू बिष्ट, सीपी धूसिया, छात्र संघ चुनाव में अध्यक्ष प्रत्याशी रही पूनम बवाड़ी, पूर्व अध्यक्ष अभिषेक रौतेला, अभाविप के नवीन भट्ट, रुचिर साह, दीपक मेलकानी, भास्कर साह, प्रेम सागर, पंकज कुलौरा, नगर उपाध्यक्ष राजेंद्र बजेठा व दिग्विजय बिष्ट सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे।

बैठक करते असंतुष्ट कांग्रेस नेता।

उधर नगर कांग्रेस अध्यक्ष मारुति नंदन साह के आवास पर हुई पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक में पार्टी के आजादी के दौर के बुजुर्ग से लेकर युवा एवं व्यापार मंडल व महिला कांग्रेस से जुड़े अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस दौरान साह ने सीधे तौर पर प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह पर संगठन की न सुनने के आरोप लगाये। तथा नगर अध्यक्ष के पद से अन्य पदाधिकारियों के साथ इस्तीफा देने की घोषणा करते हुए कहा कि चुनाव में कार्य नहीं करेंगे। टिकट खुद दिया है तो दून से संगठन आये और अपने प्रत्याशी को लड़ाये। अलबत्ता यह साफ नहीं हो पाया कि कितने पदाधिकारियों ने इस्तीफे दिये हैं। बैठक में पार्टी के आजादी के दौर में जिलाध्यक्ष रहे बुजुर्ग किशन लाल साह कोनी, जेके शर्मा, मुन्नी तिवारी, मुकेश जोशी, मो. यूनुस, ईशा साह, कैलाश मिश्रा, मो. आफाक, ममता जोशी, राजेंद्र मनराल सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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p style=”text-align: justify;”>महिला कांग्रेस से एक भी महिला को टिकट नहीं दिला पायीं सरिता आर्य
नैनीताल। मारुति साह एवं अन्य कार्यकर्ताओं ने बैठक में मौजूद पूर्व विधायक व महिला कांग्रेस की अध्यक्ष सरिता आर्य को संगठन तक बात न पहुंचा पाने को लेकर जमकर खरी-खोटी भी सुनाई। यहां तक कह डाला कि यदि वे अपने लोगों के लिए कुछ नहीं कर पायीं तो किस बात की नेता हैं। वहीं सरिता आर्य ने स्वीकारा कि वे नैनीताल व भवाली ही नहीं बागेश्वर की सिटिंग पालिकाध्यक्ष व कोटद्वार में प्रबल प्रत्याशी जिलाध्यक्ष सहित महिला कांग्रेस की एक भी पदाधिकारी को टिकट नहीं दिला पायीं।

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p style=”text-align: justify;”>छात्र संघ के चुनाव में जिन्होंने संगठन के फैसले के इतर निर्दलीयों को लड़ाया, उन्हें मिले पार्टी से टिकट
नैनीताल। नैनीताल में भाजपा-कांग्रेस दोनों के अब असंतुष्ट हुए कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि अभी दो माह पूर्व डीएसबी परिसर छात्र संघ के चुनाव में एबीवीपी व एनएसयूआई के घोषित कार्यकर्ताओं के खिलाफ अपने निर्दलीय प्रत्याशी खड़े करने वाले कार्यकर्ताओं को किसी तरह की अनुशासनिक कार्रवाई के बजाय इस चुनाव में ईनाम के तौर पर नगर पालिका अध्यक्ष पद का टिकट दिया गया है। इससे दोनों ही पार्टियों की छात्र इकाइयां भी प्रत्याशियों के समर्थन में नहीं हैं।

जनांदोलनों से जुड़ा यह दल भी कूदा नैनीताल नगर पालिका के चुनाव में

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p style=”text-align: justify;”>-उत्तराखंड लोक वाहिनी नेे नीरज जोशी को ‘संघर्ष की मशाल’ सोंप बनाया उम्मीदवार
-संविधान के 74वें संशोधन के अनुसार निकाय एक्ट बनाने के लिए करेंगे संघर्ष, देहरादून के मेयर के लिए मेंहदीरत्ता को समर्थन की घोषणा की
नैनीताल, 21 अक्तूबर 2018। जनांदोलनों से जुड़ी उत्तराखंड लोक वाहिनी भी नैनीताल नगर पालिका के चुनाव में पहली बार शामिल हो गयी है। नीरज जोशी नैनीताल नगरपालिका अध्यक्ष पद के लिये उत्तराखंड लोक वाहिनी के आधिकारिक उम्मीदवार होंगे। वे 23 अक्टूबर को अपना नामांकन करेंगे। रविवार को वाहिनी के कार्यवाहक अध्यक्ष राजीव लोचन साह ने पत्रकार वार्ता में उनके नाम की घोषणा की। श्री साह ने बताया कि मूल रूप से अल्मोड़ा जिले की सालम पट्टी के बक्सवाड़ गाँव के निवासी 41 वर्षीय नीरज का बचपन संघर्षों में बीता है। नगरपालिका में काम करने वाले पिता की असमय मृत्यु के कारण छः लोगों का परिवार पालने के लिए उन्हें नैनीताल की मॉल रोड पर भुट्टे और वाटरबॉल तक बेचने पड़े, और इन परिस्थितियों के बावजूद बीकॉम की अधूरी पढ़ाई करने के बाद वे टैक्सी चलाने लगे और आजीविका के संघर्ष के साथ नैनीताल नगर और नगरवासियों की समस्याओं को लेकर भी मुखर रहे हैं। उनकी सबसे बड़ी विशेषता उनका जुझारूपन और निडरता है। अपनी सामान्य पृष्ठभूमि के कारण वे नैनीताल की जन समस्याओं से गहराई से परिचित हैं और अधिकारियों के समक्ष उन्हें दृढ़ता मगर विनम्रता से उठाते रहे हैं।

नीरज जोशी को अध्यक्ष पद का दावेदार घोषित करते उत्तराखंड लोक वाहिनी के कार्यवाहक अध्यक्ष राजीव लोचन साह व अन्य।

साथ ही उनमें एक अच्छे प्रशासक के सभी गुण हैं और वे नैनीताल के चेयरमैन पद की गरिमा वापस लाने तथा नगरपालिका की नष्ट हो रही बहुमूल्य परिसंपत्तियों के समुचित उपयोग के लिये लोक वाहिनी युवा पीढ़ी को ‘संघर्षों की मशाल’ आगे बढ़ाने के लिए उन्हें अध्यक्ष पद का प्रत्याशी घोषित करती है। देहरादून में संयुक्त मोर्चा उम्मीदवार जगमोहन मेंहदीरत्ता को उलोवा का समर्थन रहेगा। वे उलोवा की नीति के अनुरूप संविधान के 74वें संशोधन के अनुसार निकाय एक्ट बनाने के लिए प्रदेश के अध्यक्षों को लेकर संघर्ष करेंगे। वहीं नीरज जोशी ने इस मौके पर उम्मीद जताई कि उलोवा के प्रबुद्ध वर्ग का आशीर्वाद मिलने के साथ ही यदि जनता का समर्थन मिला तो न झुकेंगे, न डिगेंगे, तथा नगर पालिका के उपनियमों एवं अध्यक्ष की शक्तियों को वापस लाते हुए किसी एक वर्ग नहीं वरन संपूर्ण नगर की जनता के भले के लिए नगर पालिका से लेकर शासन संघर्ष करेंगे। इस मौके पर विनोद पांडे व अरुण रौतेला आदि उलोवा नेता भी मौजूद रहे।

नैनीताल नगर पालिका के दो पूर्व अध्यक्ष प्रत्याशियों सहित 10 लोग नहीं लड़ पायेंगे नगर पालिका चुनाव

नैनीताल, 20 अक्टूबर 2018। नैनीताल नगर पालिका के पिछले चुनाव लड़े 10 प्रत्याशी यह चुनाव नहीं लड़ पाऐंगे। इनमें पिछले चुनाव के दो अध्यक्ष प्रत्याशी राकेश उर्फ शम्भू व दीपक कुमार उर्फ भोलू भी शामिल हैं, जो कि पूर्व में नगर पालिका के सभासद भी रह चुके हैं। दरअसल सभी 10 लोगों को ‘अधिकतम निर्वाचन व्यय और उसकी लेखा आदेश-2003’ में उल्लिखित प्राविधानों के अनुसार छह वर्ष के लिए चुनाव लड़ने के अयोग्य घोषित किया गया है, किंतु यह आदेश 17 मार्च 2003 में जारी हुए हैं। इस प्रकार वे मौजूदा तथा अगले करीब तीन वर्षों तक कोई भी चुनाव नहीं लड़ पायेंगे। चुनाव लड़ने से अनर्ह घोषित किये गये अन्य सभासद प्रत्याशी आरती कुमारी व कंचन निवासी धोबीघाट, महेश साह निवासी गार्डन हाउस मल्लीताल, जीवंती व आनंद मेहता निवासी स्टोनले कंपाउंड, सुजीत कुमार कीर्ति निवासी शिल्पी हैलो कंपाउंड, कंचन वर्मा निवासी जय लाल साह बाजार मल्लीताल व पुष्पा साह निवासी बड़ा बाजार मल्लीताल शामिल हैं।

पूर्व समाचार : नैनीताल नगर पालिका चुनावः चौंका सकते हैं कांग्रेस के यह अध्यक्ष प्रत्याशी

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p style=”text-align: justify;”>-पूर्व पालिकाध्यक्ष मुकेश जोशी ने ठोंका प्रबल एवं जिताऊ दावेदार के तौर पर दावा, विरोधियों ने लगाई दून-दिल्ली की दौड़
-श्रीराम सेवक सभा एवं ब्लड डोनर्स एसोसिएशन से भी रहा है जुड़ाव, वर्ष 2007 में निर्दलीय के तौर पर दर्ज की थी जीत

मुकेश जोशी ‘मंटू’

नैनीताल। प्रदेश में नगर निकाय चुनावों की राह साफ होने के साथ देश की प्रतिष्ठित-मसूरी के बाद दूसरी नैनीताल नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष पद के लिए टिकट पाने की जोर-आजमाइश दिलचस्प स्थिति में पहुंच गयी है। उत्तराखंड क्रांति दल की ओर से पूर्व में वर्ष 2007 में प्रत्याशी रहे अधिवक्ता प्रकाश पांडे का नाम कमोबेश तय है, जबकि उस चुनाव में प्रकाश पांडे की प्रबल संभावनाओं के बावजूद चुनाव जीते निर्दलीय प्रत्याशी मुकेश जोशी ‘मंटू’ ने भी अध्यक्ष पद के लिए ताल ठोंक दी है। खास बात यह है कि अनपेक्षित तौर पर मंटू इस बार कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी घोषित होकर चौंका सकते हैं। बताया जा रहा है कि महिला कांग्रेस की अध्यक्ष के रूप में नैनीताल पालिका अध्यक्ष पद के लिए अपनी पसंद को टिकट दिला सकने की क्षमता वाली पूर्व विधायक एवं पालिकाध्यक्ष सरिता आर्य मंटू के पक्ष में हैं। मंटू उनके विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस पार्टी में शामिल भी हो चुके हैं, और उन्होंने कांग्रेस पार्टी से अपनी दावेदारी ठोंक भी दी है। मंटू को टिकट मिलना इतना प्रबल माना जा रहा है कि कई पुराने कांग्रेसी दावेदारों ने देहरादून व दिल्ली की दौड़ लगा दी है।

राष्ट्रीय सहारा, 28 मई 2018

उल्लेखनीय है कि मंटू का जुड़ाव नगर की सबसे प्रतिष्ठित धार्मिक-सामाजिक संस्था श्रीराम सेवक सभा में इसके महासचिव व अध्यक्ष पद पर रहने के साथ ही ब्लड डोनर एसोसिएशन से भी रहा है। बताया जाता है कि उन्होंने रिकार्ड बार रक्तदान किया है। 2007 के चुनाव में उनकी पहचान केवल ब्लड डोनर के रूप में थी, और केवल इसी छवि से वे पूर्व विधायक डा. नारायण सिंह जंतवाल के गढ़ में उनके प्रत्याशी प्रकाश पांडे सहित करीब दो दर्जन उम्मीदवारों को पीछे छोड़ चुनाव जीत गए थे। वहीं कांग्रेस की बात करें तो उस पर हालिया लोकसभा चुनाव हारने के साथ ही बीते दो कार्यकाल यानी 10 वर्ष से नगर पालिका में अपना अध्यक्ष न होने की कमी को पाटने की गंभीर चुनौती है। इस मायने में अब तक कभी भी अपना पालिका अध्यक्ष न बना पायी भाजपा से भी अधिक दबाव कांग्रेस पर है। ऐसे में कद, अनुभव एवं संभावनाओं के मद्देनजर मंटू को टिकट मिलना तय माना जा रहा है। पूछे जाने पर श्रीमती आर्य ने भी कहा कि मंटू उनकी पसंद हैं, अलबत्ता टिकट पर निर्णय हाईकमान को ही करना है। वहीं मंटू ने पहली बार ‘राष्ट्रीय सहारा’ के समक्ष स्वीकारा कि उन्होंने कांग्रेस पार्टी से दावेदारी की है, और वे कांग्रेस पार्टी में शामिल भी हो चुके हैं। पालिका कर्मचारियों सहित विभिन्न वर्गों एवं कांग्रेस के कैडर के साथ उनकी जीत सुनिश्चित है।

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p style=”text-align: justify;”>नवीन जोशी, नैनीताल। बुधवार को मौजूदा नगर पालिका बोर्ड अपना 5 वर्ष का कार्यकाल पूरा कर रही है, और आज से नगर पालिका प्रशासक के हवाले हो जाएगी। इस बोर्ड की कार्यप्रणाली को उपलब्धियों-नाकामियों के आधार पर देखें तो इसके कार्यकाल में नगर पालिका के हाथ से साउथ मॉल रोड की फांसी गधेरा स्थित एवं बारापत्थर स्थित दो चुंगियां हाथ से गयीं, जिनसे प्रति वर्ष पालिका को करीब एक करोड़ रुपए की आय का नुकसान हुआ। साथ ही एक सदी से भी अधिक पुरानी, 1890 से चली आ रही शरदोत्सव की परंपरा इसी पालिका बोर्ड के कार्यकाल में 2015 में न केवल एक वर्ष टूटी, वरन 2016 से यह आयोजन पालिका के हाथ से ही चला गया, और अब विंटर कार्निवाल के रूप में नैनीताल महोत्सव समिति इसका आयोजन कर रही है। वहीं उपलब्धियों की बात करें तो नगर पालिका ने उच्च न्यायालय के आदेशों पर 1926 से नगर में नंदा देवी महोत्सव आयोजित कर रही धार्मिक-सामाजिक संस्था श्रीराम सेवक सभा से महोत्सव के मेले वाला यानी व्यवसायिक हिस्सा अपने हाथ में लेने की सफलता पायी। इसके अलावा बोर्ड के सदस्य पालिका की कमजोर आर्थिक स्थिति के बावजूद पांच वर्षों में कर्मचारियों की एक भी हड़ताल न होने को भी अपनी उपलब्धि बता रहे हैं। हालांकि दबी जुबान यह भी स्वीकार रहे हैं कि इसके लिए बोर्ड से अधिक पालिका प्रशासन-अधिशासी अधिकारी की बड़ी भूमिका रही।
वहीं सरसरी तौर पर मौजूदा नगर पालिका बोर्ड के कार्यकाल का सिंहावलोकन करें तो इसकी पहली बोर्ड बैठक पत्रकारों के लिए भी द्वार बंद करने के साथ शुरू हुई थी तो बीते माह आखिरी, नगर से बाहर महेश खान के जंगल में प्रस्तावित बैठक हो ही नहीं पायी। आगे भी बोर्ड की बैठक में पत्रकारों के आते ही कुछ सभासद हाथ-अंगुलियां उठाकर हंगामा करने को उद्यत हो जाते थे। वहीं बुधवार को आखिरी दिन भी जहां कई विधायक अपने बचे कार्य निपटाने की आपाधापी में दिखे तो अपनी आदत के अनुरूप पालिका के अध्यक्ष श्याम नारायण कार्यालय ही नहीं आए। वहीं कार्यों की बात करें तो इस दौरान पालिका की संपत्ति में लीज समाप्त होने के कारण लंबे समय से बंद चल रहा एक सिनेमा हॉल-कैपिटॉल फिर से शुरू हुआ, तो दूसरे में बहुमंजिला पार्किंग बनने का प्रस्ताव है। पालिका के ऐतिहासिक भवन व दुर्गा लाल साह पालिका पुस्तकालय के करीब एक सदी बाद एडीबी के माध्यम से जीर्णोद्धार के कार्य प्रारंभ हुए हैं। बीते करीब एक-दो वर्षों से बरसों से अतिक्रमण कर बैठे फड़ वालों व पालिका कर्मियों के बीच फड़ लगाने-हटाने को लेकर चले ‘चूहे-बिल्ली’ के खेल के बाद इधर कई माह से फड़ लगने बंद हुए हैं, अलबत्ता उनके लिए वेंडर जोन गठित करने, नगर में ई-रिक्शे चलाने के वर्षों पूर्व पारित प्रस्ताव के बावजूद चलने पर अभी भी मंजिल दूर नजर आती है।

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p style=”text-align: justify;”>कार्यकाल बहुत सफल नहीं: पालिकाध्यक्ष
नैनीताल। स्वयं नगर पालिका अध्यक्ष श्याम नारायण ने कहा कि वे अपने कार्यकाल को बहुत सफल नहीं मानते। कार्यों में शासन-प्रशासन चुस्त-दुरुस्त नहीं रहा, सो उसका सहयोग नहीं मिला। जो भी कार्य हुए वे उच्च न्यायालय के दबाव में ही हो पाये।

₹ 24 लाख का बिल न चुकाने से गुल हो गयी नैनीताल की स्ट्रीट लाइटें

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p style=”text-align: justify;”>नैनीताल, 15 मार्च 2018। जिला व मंडल मुख्यालय तथा पर्यटन नगरी नैनीताल की स्ट्रीट लाइटों की बिजली विद्युत विभाग ने काट दी है। इसका कारण नगर पालिका द्वारा स्ट्रीट लाइटों का भारी भरकम बिल शेष होना है। विद्युत वितरण खंड नैनीताल के अधिशासी अभियंता मो. उस्मान ने बताया कि नगर पालिका पर पूर्व का पूरा मिलाकर करीब दो करोड़ एवं इधर बीते वित्तीय वर्ष का करीब ₹ 24 लाख रुपए का बिल बकाया है। जुलाई 2017 में आये एक शासनादेश के अनुसार 1 अप्रैल 2017 के बाद का बिल नगर पालिका को ही भरना है, जबकि 31 मार्च से पूर्व का भुगतान शासन स्तर पर होना है। नगर पालिका की ओर से फिलहाल तीन लाख रुपए का भुगतान करने की कोशिश की जा रही है, और विद्युत विभाग से बिजली जोड़ने का अनुरोध किया गया है।
इधर नगर पालिका में भी बृहस्पतिवार को स्ट्रीट लाइटों की बिजली कटने का मामला सभासदों के बीच चर्चा में बना रहा। सभासदों का कहना था कि विद्युत विभाग के बिजली के पोल एवं ट्रांसफार्मर नगर पालिका की भूमि पर लगे हैं। इसका भू उपयोग शुल्क का भारी भरकम बिल विद्युत विभाग पर बनता है। नगर पालिका के उपनियमों के अनुसार शीघ्र बिल भिजवाया जाएगा। वहीं इस प्रश्न पर अधिशासी अभियंता मो. उस्मान का कहना है कि शासन के आदेशों के अनुसार नगर पालिका बिजली विभाग से इस तरह का कोई शुल्क नहीं वसूल सकती है।

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p style=”text-align: justify;”>60 हजार उपभोक्ताओं पर बिजली विभाग के ₹ 2 करोड़ बकाया
नैनीताल। अधिशासी अभियंता मो. उस्मान ने बताया कि 15 फरवरी तक के आंकड़ों के अनुसार नैनीताल 60 हजार उपभोक्ताओं पर ₹ 500 रुपए से अधिक की राशि तथा कुल मिलाकर बिजली विभाग के ₹ 2 करोड़ बकाया है। इसमें सरकारी विभागों का बकाया करीब 70 लाख का है, जिसमें से शिक्षा विभाग पर ₹ 33 लाख एवं पुलिस पर ₹ 20 लाख का बकाया है। शेष ₹ 1.3 करोड़ शेष उपभोक्ताओं के हैं।

यह भी पढ़ें : नैनीताल में खुले में शौच पर ₹ 5000 तक दंड का प्राविधान

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p style=”text-align: justify;”>-संपत्तियों के नामांतरण पर भी शुल्क लगेगा, गजट नोटिफिकेशन
– कालाढुंगी रोड की ओर से नगर में आने वाले वाहनों के लिए सरिताताल में शुल्क लेने के लिए बनेगा बूथ
-मौजूदा नगर पालिका बोर्ड की कमोबेश आखिरी बैठक में पारित हुए 30 से अधिक प्रस्ताव
नैनीताल। नैनीताल नगर पालिका क्षेत्र में खुले में शौच करने पर मौके पर ही संबंधित व्यक्ति पर ₹ पांच हजार रुपए तक जुर्माना लगाया जा सकता है। पहले इस हेतु ₹ 200 रुपए का प्राविधान था। यह दीगर बात है कि अब तक इतना जुर्माना भी किसी से नहीं लिया गया है। इसके अलावा नगर में अब संपत्तियों के नामांतरण पर भी शुल्क लगेगा। शुल्क की दर संपत्ति के कीमत के एक फीसद से कम ही है। इस बारे में पूर्व में पालिका के अधिनियम में संपत्ति हस्तांतरण शुल्क का प्राविधान है, जबकि संपत्तियों के दाखिल-खारिज के लिए किसी शुल्क का प्राविधान नहीं है। इसके अलावा कालाढुंगी रोड की ओर से नगर में आने वाले वाहनों के लिए सरिताताल में शुल्क लेने के लिए बूथ स्थापित किया जाएगा। इन मामलों में नगर पालिका गजट नोटिफिकेशन करवाएगी।

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p style=”text-align: justify;”>बृहस्पतिवर (1 फरवरी 2018) को हुई मौजूदा नगर पालिका नैनीताल की बोर्ड बैठक में इसके साथ की 26 पूर्व निर्धारित एवं अध्यक्ष की अनुमति से कुछ नये प्रस्तावों पर चर्चा हुई, एवं उपरोक्त दोनों सहित अनेक प्रस्तावों को कई बार गर्मा-गर्म बहस के साथ स्वीकार कर लिया। खुले में शौच संबंधी प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सूखाताल के सभासद भूपाल कार्की ने उनके क्षेत्र में अभी भी बड़े पैमाने पर लोगों के द्वारा खुले में शौच किये जाने की बात कही। बताया कि 2014-15 में बने सार्वजनिक शौचालय में जल संयोजन न होने जैसे कारण इसके पीछे हैं। वहीं नामांतरण शुल्क व सरिताताल में चुंगी के प्रस्तावों पर सभासद जितेंद्र बिष्ट ने अधिक शुल्क का प्राविधान किये जाने पर नाराजगी जताई।
इसके अलावा पालिकाध्यक्ष श्याम नारायण की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में स्ट्रीट लाइट, सड़क, पानी, सफाई व्यवस्था व अतिक्रमण के मुद्दों पर खास तौर पर चर्चा की गई। बैठक में संविदा व आउटसोर्स कर्मियों का मानदेय ₹ 235 से बढ़ाकर ₹ 285 करने को भी मंजूरी दे दी गयी, अनेक कर्मचारियों के आवासों की मरम्मत तथा पालिका निधि, विधायक-सांसद निधि व दैवीय आपदा तथा 14वें वित्त आयोग से अनेक निर्माण कार्यों एवं बीते वित्तीय वर्ष की तीसरी तिमाही के बजट को मंजूरी दे दी गयी, जबकि केवल ₹ 6000 रुपए नियत वेतन पर कार्य कर रही नर्सरी स्कूल की शिक्षिकाओं का वेतन ढांचे में पद समाप्त हो जाने का हवाला देते हुए सभासद अजय बिष्ट के विशेष प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया। बैठक में ईओ रोहिताश शर्मा समेत सभी सभासद मौजूद रहे।

विधायक के 10 लाख से 100 मीटर ऊंचा राष्ट्रीय ध्वज लगाने पर कलह

नैनीताल। गत दिवस नगर पालिका कर्मचारी संघ के शपथ ग्रहण समारोह में पालिका ईओ के अनुरोध को स्वीकारते हुए विधायक संजीव आर्य ने विधायक निधि से कैपिटॉल सिनेमा के सामने के चिल्ड्रन पार्क में 100 मीटर ऊंचा राष्ट्रीय ध्वज लगाने के लिए 10 लाख रुपए नगर पालिका को देने की घोषणा की है। पालिका सभासद डीएन भट्ट ने सदन को इसकी जानकारी दी। इस पर राष्ट्रीय ध्वज को देश की आन-बान व शान का प्रतीक बताने के बावजूद कई सभासद कलह करने से नहीं चूके। हालत यह रही कि पूरी बोर्ड बैठक में सर्वाधिक हो-हल्ला इसी मुद्दे पर हुआ। शिव सेना से जुड़े सभासद भूपाल कार्की ने कहा कि झंडा कहां लगेगा, यह विधायक नहीं पालिका बोर्ड तय करेगी। यह जामा मस्जिद के सामने लगे। वहीं कांग्रेस से जुड़े सभासद कैलाश अधिकारी ने झंडे की सुरक्षा की आढ़ लेते हुए कैपिटॉल के सामने इसे लगाने पर विरोध जताया। सभासद जितेंद्र बिष्ट इसके पक्ष में अढ़े। आखिर ईओ ने आश्वस्त कराया कि अमृत योजना के तहत 17 लाख रुपए से विकसित किये जा रहे चिल्ड्रन पार्क में इसकी सुरक्षा सुनिश्चित होगी। इस पर बोर्ड ने राष्ट्रीय ध्वज लगाने को मंजूरी दे दी।

नैनीताल नगरपालिका के हाथ से रिक्शे भी ‘जायेंगे’, तभी ई-रिक्शा आयेंगे

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p style=”text-align: justify;”>-पूर्व में शरदोत्सव का आयोजन, फांसी गधेरा और बारापत्थर की चुंगी भी जा चुकी है हाथ से, होगा आर्थिक नुकसान
नवीन जोशी, नैनीताल। नगरवासियों, यहां आने वाले सैलानियों के लिये यह खबर अच्छी है कि नगर में मौजूदा तीन पहिया रिक्शों की जगह बैटरी से चलने वाले ईको-फ्रेंडली ई-रिक्शा चलेंगे। इनमें अपेक्षाकृत तेज गति से एक साथ दो की जगह चार से अधिक सवारियां एक से दूसरे स्थान पर पहुंच पायेंगे, वहीं कुछ हद तक यात्रियों को महंगी टैक्सियों की जगह सस्ता और प्रदूषण मुक्त यातायात का साधन भी उपलब्ध होगा। लेकिन देश की दूसरी प्राचीनतम नगर पालिका नैनीताल के लिये यह खबर इतनी अच्छी शायद न हो। उसके हाथ से रिक्शों का नियंत्रण, लाइसेंस, नियमों का पालन न करने पर चालान आदि करने का अधिकार चला जायेगा। यह खबर इसलिये भी महत्वपूर्ण है कि यह सरकार के आय बढ़ाने की उलाहनाओं और 74वें संविधान संसोधन के जरिये पालिकाओं को अधिक स्वतंत्र व मजबूत बनाने के संकल्प के विपरीत होगा। साथ ही पूर्व में वन, स्वास्थ्य, शिक्षा, विद्युत व पेयजल आदि विभागों और हालिया दौर में फांसी गधेरा और बारापत्थर की चुंगियों व शरदोत्सव के आयोजन को खोने के बाद पालिका वर्तमान में नगर में चलने वाले 82 पंजीकृत रिक्शों के संचालन का अधिकार भी खो देगी।

Rashtriya Sahara 4th Feb 2015उल्लेखनीय है कि सोमवार को डीएम की अध्यक्षता वाली डीटीए यानी जिला परिवहन प्राधिकरण की बैठक में नगर में 56 ई-रिक्शा संचालित किये जाने, तथा इनके लाइसेंस नगर में संचालित 82 रिक्शों को संचालित करने वाले 112 रिक्शा मालिकों में दो को एक परमिट दिये जाने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा तय हुआ कि नगरपालिका के पीछे स्थित पूर्व का घोड़ा स्टैंड, जिसे इधर कई बार तोड़ते व बनाते हुये वर्तमान में हाईकोर्ट के आदेशों पर पार्क का स्वरूप दिया गया है, ई-रिक्शा का पार्किंग स्थल होगा। ई-रिक्शा के टिकट का निर्धारण एसटीए द्वारा किया जायेगा, जबकि इसकी परमिट व लाइसेंस व्यवस्था निश्चित तौर पर इसके मोटर वाहन होने की वजह से आरटीओ के द्वारा की जायेगी। लिहाजा साफ है कि इनके संचालन में नगर पालिका का कोई हस्तक्षेप नहीं होगा।

यह खाशियतें हैं ई-रिक्शा में

E Rickshawनैनीताल। नगर में प्रस्तावित लोहिया ऑटो इंडस्ट्रीज के ई-रिक्शा के बारे में कंपनी के जोनल हेड सुनित अवस्थी ने बताया कि मोटर और कंट्रोलर को छोड़कर यह पूरी तरह भारत में एक प्रदेश के ही काशीपुर में स्थित फैक्ट्री में बना है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मेक इन इंडिया” का बेहतरीन नमूना भी बताया गया है। ई-रिक्शा की बैटरी करीब सात-आठ घंटे में सात-आठ यूनिट बिजली की खपत के साथ पूरी चार्ज होती है, यह चार सवारियों को लेकर अधिकतम 25 किमी प्रति घंटा की गति से अधिकतम करीब 90 किमी चलती है। बैटरी को करीब 20-25 फीसद शेष बचने पर दुबारा पूरा चार्ज करना होगा। इसमें मोटरसाइकिल के तीलियों युक्त पहिये लगे हैं और बैक गियर में चलने की सुविधा भी है। इसमें ब्रेक लगाने पर ऑटोमैटिक एक्सीलरेटर ऑफ हो जाता है। आशंका व्यक्त की जा रही है कि जिस तरह रिक्शे वाले मदिरा पान करके भी रिक्शे चला लेते हैं, यदि इन्हें भी वैसे ही चलायेंगे तो दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ी रहेगी। यह अधिकतम चार डिग्री की ऊंचाई पर ही चढ़ने योग्य है।

यह आयेगा खर्चा

नैनीताल। लोहिया ऑटो इंडस्ट्रीज के हल्द्वानी डीलर नैनी मोटर्स के भुवन पांडे के अनुसार आज प्रस्तुत किये गये ई-रिक्शा की कीमत 1.25 लाख है। इसके अलावा इसके तीन वर्ष के रोड परमिट पर 400 रुपये, पंजीकरण पर 2,930 रुपये एवं चार सवारियों के 25-25 हजार एवं चालक के एक लाख के बीमा की वार्षिक किस्त के रूप में 5,560 रुपये देने होंगे। इसके अलावा नगर पालिका कमर्शियल वाहन के रूप में माल रोड पर चलने के लिये लेक ब्रिज चुंगी पास निर्धारित 1,525 रुपये में बनायेगी। इसके अलावा पार्किंग शुल्क भी लिया जा सकता है।

शीघ्र 350 सीसी की ई-बाइक होगी लॉंच

नैनीताल। लोहिया ऑटो इंडस्ट्रीज के जोनल हेड सुनित अवस्थी ने बताया कि कंपनी शीघ्र ही बुलेट के मुकाबला की 350 सीसी की ई-बाइक भी लॉंच करने जा रही है। छह माह के भीतर यह पर्यावरण मित्र ई-बाइक बाजार में होगी। वहीं कंपनी की स्कूटी की तरह के दो पहिया वाहन पहले से बाजार में हैं। यह भी एक बार में बैटरी चार्ज करने के बाद करीब 90 किमी चल सकते हैं। इन पर केंद्र सरकार 7,500 रुपये का अनुदान देती है, जिसके बाद यह 30 से 37 हजार रुपये में उपलब्ध है।

नगर में 1858 से रिक्शे चलने का इतिहास, पूर्व विधायक ने भी चलाये रिक्शे, रिक्शे वालों का चलता था अपना ‘सिक्का’

hath-rickshawनैनीताल। यूं रिक्शे देश में हर शहर में चलते हैं, किंतु नैनीताल के रिक्शों की बात ही अलग है। इसकी महत्ता इस तरह भी समझ सकते हैं कि मुख्यमंत्री हरीश रावत अपने पिछले नैनीताल दौरे पर नाव से यहां आये थे और रिक्शे से लौटे थे। पाल नौकाओं की तरह रिक्शे भी कमोबेश नैनीताल की पहचान से जुड़े हैं। नैनीताल में माल रोड के पास से गुजरते हुये तल्ली से मल्लीताल के बीच रिक्शे पर बैठना दूरी तय करने की एक सवारी से इतर शान की सवारी माना जाता है। नैनीताल शायद इकलौता शहर भी हो जहां रिक्शों पर बैठने के लिये लोग घंटे भर भी लाइन में खड़े होकर टिकट लेने को उतावले रहते हैं। यहां के रिक्शों का इतिहास भी डेढ़ सदी पुराना है। यहां 1858 में हाथ के रिक्शे चलने प्रारंभ हुए। बाद में नगर के अल्का होटल के स्वामी स्व. बांके लाल साह को 1948 के बाद पहली बार नगर में तिपहिया रिक्शों की की शुरुआत करने का श्रेय दिया जाता है। उन्होंने छत व अच्छी गद्दी युक्त दो लग्जरी रिक्शे खरीदे थे, जिन्हें आज के संभ्रांत लोगों की कार चलाने वाले शोफरों की तरह काले ब्लेजर की वर्दी पहने चालक चलाते थे, और अंग्रेज ही इन रिक्शों में बैठ पाते थे। बाद में टायर पंक्चर जोड़ने जैसी सुविधा भी न होने की वजह से यह बंद हो गए, तथा आजादी के बाद मौजूदा तरह के सामान्य साइकिल रिक्शे चले। कहा जाता है कि शुरुआत में बाद में विधायक बने स्वर्गीय बिहारी लाल ने भी ऐसे रिक्शे चलाये थे। एक दौर में यहां रिक्शे वालों का अपना ‘सिक्का” भी चला करता है। जब रिक्शों का किराया आठ रुपये सवारी था, तब रिक्शे वालों ने दो रुपये का अपना सिक्का चला दिया था, जिसे वे 10 का नोट देने पर लौटाते थे, तथा अगली बार किराये में ले लेते थे। यह भी उल्लेखनीय है कि 1969 में तल्ली-मल्ली का किराया 25 पैंसे था, जो क्रमश: 30, 40 व 50 पैंसे के बाद एक, दो, तीन, चार, पांच, आठ होते हुये अब 10 रुपये है।

पालिकाध्यक्ष देखेंगे, विरोध के स्वर भी उठने शुरू

नैनीताल। इस बाबत पूछे जाने पर पालिकाध्यक्ष श्याम नारायण ने कहा कि वह कल की बैठक का लिखित मसौदा आने पर ही कोई प्रतिक्रिया करेंगे। नगरवासियों के हित में ई-रिक्शा संचालन पर जरूरत पड़ेगी तो पालिका बोर्ड में प्रस्ताव भी लायेंगे। माना भी अब तक वसूले जाने वाले रिक्शों के लाइसेंस शुल्क, चालान आदि से प्राप्त होने वाली आय का नुकसान होगा। वहीं वरिष्ठ पत्रकार एवं राज्य आंदोलनकारी राजीव लोचन साह ने कहा कि सरकार को 74वें संविधान संसोधन के लिये नगर पालिका को और अधिकार देकर उसके हाथ मजबूत करने चाहिये थे, लेकिन यहां लगातार छीना जा रहा है, जो चिंताजनक है। वहीं नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी रोहिताश शर्मा ने उम्मीद जगाई कि ई-रिक्शा से माल रोड पर संचालन के लिये नगर पालिका लेकब्रिज चुंगी वसूलेगी, जिससे उसे होने वाले आय के नुकसान की भरपाई हो जायेगी।

पालिका को प्रति वर्ष 67600 से अधिक का होगा आर्थिक नुक्सान

नगर पालिका को वर्तमान में 82 रिक्शों के लाइसेंस से प्रति वर्ष प्रति रिक्शे 1200 की दर से 98,400 रुपये प्राप्त होते हैं, जबकि अब लेक ब्रिज चुंगी से प्रति स्थानीय वाहन 550 की दर से केवल 30,800 रुपये ही मिलेंगे, यानी सीधे 67600 का नुक्सान होगा। वहीँ चालान-जुर्माने आदि का नुक्सान अलग से होगा। जनता ई-रिक्शा चालकों द्वारा की जाने वाली किसी मनमानी की शिकायत स्थानीय स्तर पर पालिका या किसी और से नहीं कर पायेगी।

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मेरा जन्म 26 नवंबर 1972 को हुआ था। मैं नैनीताल, भारत में मूलतः एक पत्रकार हूँ। वर्तमान में मार्च 2010 से राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक समाचार पत्र-राष्ट्रीय सहारा में ब्यूरो चीफ के रूप में कार्य कर रहा हूँ। इससे पहले मैं पांच साल के लिए दैनिक जागरण के लिए काम कर चुका हूँ। कुमाऊँ विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग से ‘नए मीडिया’ विषय पर शोधरत हूँ। फोटोग्राफ़ी मेरा शौक है। मैं NIKON COOLPIX P530 और अडोब फोटोशॉप 7.0 के साथ फोटोग्राफी कर रहा हूँ। फोटोग्राफी मेरे लिए दुनियां की खूबसूरती को अपनी ओर से चिरस्थाई बनाने का बहुत छोटा सा प्रयास है। एक फोटो पत्रकार के रूप में मेरी तस्वीरों को नैनीताल राजभवन सहित विभिन्न प्रदर्शनियों में प्रस्तुत किया गया, तथा उत्तराखंड की राज्यपाल श्रीमती मार्गरेट अलवा द्वारा सम्मानित किया गया है। कुछ चित्रों को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हो चुके हैं। गूगल अर्थ पर चित्र उपलब्ध कराने वाली पैनोरामियो साइट पर मेरी प्रोफाइल को 18.85 Lacs से भी अधिक हिट्स प्राप्त हैं।पत्रकारिता और फोटोग्राफी के अलावा मुझे कवितायेँ लिखना पसंद है। काव्य क्षेत्र में मैंने नवीन जोशी “नवेन्दु” के रूप में अपनी पहचान बनाई है। मैंने बहुत सी कुमाउनी कवितायेँ लिखी हैं, कुमाउनी भाषा में मेरा काव्य संकलन उघड़ी आंखोंक स्वींड़ प्रकाशित हो चुका है, जो कि पुस्तक के के साथ ही डिजिटल (PDF) फार्मेट पर भी उपलब्ध होने वाली कुमाउनी की पहली पुस्तक है। मेरी यह पुस्तक गूगल एप्स पर भी उपलब्ध है। ’ यहां है एक पत्रकार, लेखक, कवि एवं छाया चित्रकार के रूप में मेरी रचनात्मकता, लेख, आलेख, छायाचित्र, कविताएं, हिंदी-कुमाउनी के ब्लॉग आदि कार्यों का पूरा समग्र। मेरी कोशिश है कि यहां नैनीताल, कुमाऊं, उत्तराखंड और वृहद संदर्भ में देश की विरासत, संस्कृति, इतिहास और वर्तमान को समग्र रूप में संग्रहीत करने की….।मेरे दिल में बसता है, मेरा नैनीताल, मेरा कुमाऊं और मेरा उत्तराखंड

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