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March 3, 2024

(Updated : Nainital Mausam) नैनीताल में वर्ष की पहली बारिश, मौसम की पहली बर्फबारी….

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Nainital Mausam

Meteorological Department issued Alert

नवीन समाचार, नैनीताल, 1 फरवरी 2024 (Nainital Mausam) । पहाड़ों पर आखिर एक पूरा माह सूखा रहने के बाद नये वर्ष में पहली बार शीतकालीन वर्षा और इस मौसम की पहली बर्फबारी हुई है। नये वर्ष के दूसरे माह के पहले दिन हो रही वर्षा से पहाड़ों को सूखी ठंड से निजात के साथ तरावट भी लौट आयी है।

अलबत्ता नगर क्षेत्र में न सही, नगर की सबसे 2611 मीटर की ऊंचाई वाली नैना पीक चोटी पर हल्की बर्फबारी हुई है और वहां बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है। पेड़ों पर भी बर्फ टिकी नजर आ रही है। जनपद के मुक्तेश्वर, मानघेर, देवस्थल व खबराड़ की चोटियों में भी बुधवार रात्रि व गुरुवार सुबह हल्का हिमपात हुआ है देखें आज की बारिश :

Snowfall in Nainital: इंतजार हो गया खत्म, नैनीताल में हुई सीजन की पहली बर्फबारी; सफेद हुई नैना पीक
गुरुवार सुबह नैना पीक चोटी पर हुई हल्की बर्फबारी।

इसे मानव स्वास्थ्य के साथ पहाड़ की खेती और बागवानी के लिये बहुत छोटे स्तर पर ही सही राहत देने वाला माना जा रहा है। क्योंकि बारिश बेहद कम मात्रा में हुई है। जबकि पूरे जनपद में पूरे दिन रुक-रुककर हल्की बारिश-बूंदाबांदी हुई है। जबकि नगर में बारिश का सिलसिला जारी है।

झील नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार भले रात्रि से ही बारिश शुरू हो गई थी, लेकिन सुबह आठ बजे तक केवल 1 मिमी बारिश ही हुई है। जबकि इससे पहले नये वर्ष का पहला जनवरी का महीना पूरी तरह सूखा गया है। और इससे पहले भी अक्टूबर 2023 में 13.5, नवंबर में मात्र 1.5 और दिसंबर माह में 13 मिमी यानी नां के बराबर बारिश हुई है।

मौसम विभाग के अनुसार नगर में तापमान इकाई के अंकों में आ गया है और पिछले 24 घंटों में अधिकतम 8 व न्यूनतम 4 डिग्री सेल्सियस के बीच आ गया है। आगे अगले कुछ दिनों में भी बारिश की संभावना और तापमान के 1-2 डिग्री और गिरने की संभावना जतायी गयी है। ऐसे में नगर में बर्फबारी की संभावना भी जतायी जा रही है।

यह भी है कि आज से नगर में नगर पालिका द्वारा संचालित नर्सरी विद्यालय सहित कई सरकारी विद्यालय खुल रहे हैं। ऐसे में बच्चों का मासूम प्रश्न है, पूरी सर्दियों की छुट्टियों में न होने के बाद आज उनके स्कूल खुलने पर ही बारिश क्यों हो रही है ? बच्चे आगे बोर्ड की परीक्षाओं के दौरान भी बारिश व बर्फबारी होने को लेकर आशंकित हैं।

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यहां भी हुई बर्फबारी

देवभूमि उत्तराखंड में पिछले कई महीनों से लोग बर्फबारी का इंतजार कर रहे थे। अब लोगों का इंतजार खत्म हो गया है। उत्तराखंड के चकराता, धनोल्टी, पिथौरागढ़ के ऊंचाई वाले इलाकों के साथ ही चारधाम में जमकर बर्फबारी हुई है। इससे स्थानीय लोगों के साथ ही व्यवसायियों के चेहरे भी खिले हुए हैं। उत्तराखंड में बर्फबारी के बाद पर्यटकों ने पहाड़ों की ओर रुख करना शुरू कर दिया है। इससे काश्तकार भी बारिश से खुश दिखाई दे रहे हैं।

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पहाड़ों के लिये बारिश के कई मायने होते हैं जनाब, यह हाड़ कंपाती है, और कई बूढ़ी हड्डियों को तो लकड़ी की तरह अकड़ा भी देती है। लोगों को घरों के अंदर सिमटा देती है। उनके लिये यह सजा जैसी भी होती है। लेकिन यह सूखे बीजों में जीवन भी भरती है। हरीतिमा लाती है। बाहरी लोग इसे महसूस करने आते हैं तो इसका मजा लेने के लिये हजारों लुटा भी देते हैं।

इससे पहाड़ वालों को रोटी मिलती है। और बच्चे, बच्चे तो मासूम ठैरे, वे बारिश में चिड़ियों से चहकते-फुदकते हैं। पर अक्सर पूछते हैं, हमारे स्कूल खुलने, घर आने के दौरान ही क्यों पड़ती है… फिर आग तापते हैं, जीवन में ऊष्मा-ऊर्जा भरते हैं। पर कुल मिलाकर जनाब पहाड़ों की बारिश लाजवाब होती है।

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यह भी पढ़ें : Nainital Mausam : पहाड़ों पर आज रेनी-डे, जानें कैसे हैं पहाड़ों पर हालात

नवीन समाचार, नैनीताल, 11 जुलाई 2023। (Nainital Mausam) नैनीताल जिला मुख्यालय सहित पहाड़ों पर आज ‘रेनी डे’ है। बीती रात्रि से ही, और पूरी रात्रि बारिश हो रही है। हालांकि बारिश की गति धीमी है।

झील नियंत्रण कक्ष के प्रभारी रमेश गैड़ा से प्राप्त जानकारी के अनुसार सुबह 8 बजे तक, बीते 24 घंटों में केवल 13 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। इसके साथ इस वर्ष जनवरी माह से अब तक 1021 मिमी बारिश ही हुई है, जोकि अपेक्षाकृत काफी कम है। अलबत्ता बारिश के बरसात के मौसम से पहले भी होते रहने से झील का जल स्तर 6 फिट 9 इंच के बेहतर स्तर पर है। अलबत्ता खतरे के निशान के सापेक्ष करीब आधे के स्तर पर है।

उधर जिला प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार बीते 24 घंटों में नैनीताल जनपद में सर्वाधिक वर्षा 25 मिमी धारी में और 16 मिमी कालाढुंगी में हुई है। जबकि अन्य क्षेत्रों में वर्षा 5 मिमी से कम जबकि बेतालघाट व रामनगर में शून्य मिमी हुई है। बारिश की वजह से एक राज्य मार्ग नैनीताल-किलबरी तथा 8 ग्रामीण मार्ग बंद हैं। हालांकि आगे बारिश के बाद अन्य मार्गों पर भी मलबा आने का भय बना हुआ है। फिलहाल नैनीताल को जोड़ने वाले सभी मार्ग खुले हुए हैं।

धारी-रामगढ़ में दो दर्जन परिवारों पर खतरा, हल्द्वानी रोड पर पेड़ गिरा

उधर नैनीताल जनपद के रामगढ में नाले के बहाव से 4 मकानों को खतरा उत्पन्न होने की सूचना है। ग्राम प्रधान सुरेश मेर ने सभी को अपने घर में शिफ्ट कर दिया है और प्रशासन ने लोगों की मदद करने की अपील की है। प्रधान मेर ने कहा है कि यहां 2021 जैसे हालात बनते नजर आ रहे हैं। बताया कि तक पिछली आपदा की सड़कों को ही ठीक नहीं किया जा सका है। वहीं धारी तहसील के पोखराड़ गांव और गांव के 40 परिवारों को खतरा बताया जा रहा है।

इधर नगर के निकट नैनीताल-हल्द्वानी राजमार्ग चार किलोमीटर दूर ताकुला के पास सुबह एक पेड़ गिरने से यातायात बाधित रहा। पर्यटकों के साथ स्थानीय लोग भी रास्ते में फंस गये। यात्रियों ने गाड़ी की मदद से पेड़ को सड़क से हटाया। जिसके बाद यातायात को सूचारु किया गया। (डॉ. नवीन जोशी) आज के अन्य एवं अधिक पढ़े जा रहे ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। यदि आपको लगता है कि ‘नवीन समाचार’ अच्छा कार्य कर रहा है तो हमें सहयोग करें..यहां क्लिक कर हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें, यहां क्लिक कर हमें गूगल न्यूज पर फॉलो करें। यहां क्लिक कर हमारे टेलीग्राम पेज से जुड़ें और यहां क्लिक कर हमारे फेसबुक ग्रुप में जुड़ें।

यह भी पढ़ें : Nainital Mausam : मौसम विभाग की चेतावनी और ऐतिहासिक अवकाशों के बाद जानें कैसा है नैनीताल में मौसम..

नवीन समाचार, नैनीताल, 10 जुलाई 2023। (Nainital Mausam) मौसम विभाग की रेड लेवल की चेतावनी के बाद नैनीताल जिला प्रशासन ने इतिहास में पहली बार बारिश की वजह से एकमुश्त 10 से 13 जुलाई तक चार दिन की छुट्टी घोषित कर दी है। लेकिन मजाक में ही सही, ऐसा लगता है कि जैसे मौसम, मौसम विभाग की इस चेतावनी और छुट्टियों की घोषणा से डर गया है। शायद इसीलिए जिला मुख्यालय में आसमान सुबह से खुलता नजर आ रहा है और कुछ इलाकों में धूप के भी दर्शन हो रहे हैं। देखें वीडियो:

ऐसे में यह विचारणीय है कि हो क्या रहा है, और जो हो रहा है, उसे कैसे बेहतर किया जा सकता है। छुट्टियां हर किसी को अच्छी लगती हैं लेकिन वह जरूरत के समय मिलें तो ही उपयोगी होती हैं। मान लें कि घोषित अवकाशों के दिनों मंे तो इतनी तेज बारिश नहीं होती हैं लेकिन उसके बाद हो जाती हैं तो क्या फिर से छुट्टियों की घोषणा की जाएगी। इससे बच्चों की पढ़ाई का कितना नुकसान होगा ?

बरसात के मौसम में बारिश होना सामान्य बात है। अनपढ़ व सामान्य ज्ञान के आम लोग भी यह बात जानते हैं। यह भी है कि बरसात के मौसम में कुछ विशेष दिनों को छोड़कर सामान्यतया खंड वृष्टि होती है यानी एक क्षेत्र में बारिश होती है और दूसरे क्षेत्र में नहीं। मौसम विभाग से इस क्षेत्र में विशेषज्ञता के साथ सही पूर्वानुमान की अपेक्षा की जाती है। लेकिन इस वर्ष मौसम विभाग जहां अगले तीन या चार घंटों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी भी जारी करता रहा है, लेकिन उसकी भविष्यवाणियां सही साबित नहीं हुई हैं।

इधर शुक्रवार 7 जुलाई को जिला मुख्यालय में सुबह के समय भारी बारिश हुई थी और बच्चे भीेगकर विद्यालय पहुंचे थे, लेकिन तब न मौसम विभाग ऐसी कोई भविष्यवाणी कर पाया था और न जिला प्रशासन अवकाश घोषित कर पाया था। इससे इतर रविवार को हल्की बारिश के बीच आई मौसम विभाग की चेतावनी के बाद नैनीताल जिला प्रशासन से चार दिनों के लिए इतिहास में पहली बार सर्वाधिक लंबे अवकाश घोषित कर दिये। लेकिन सोमवार को नगर में आसमान खुलने के साथ धूप खिलती नजर आ रही है, और मौसम विभाग व जिला प्रशासन के निर्णय पर हास्यास्पद स्थिति नजर आ रही है और खिल्ली उड़ रही है।

निस्संदेह ऐसा भी हो सकता है कि जनपद के हर क्षेत्र में ऐसी स्थिति न हो, कहीं बारिश भी हो रही हो। क्या बेहतर न होता कि ऐसी स्थितियों से बचने के लिए कोई बेहतर तरीका अपनाया जाता। जैसे, बारिश के मौसम में स्कूल जाने-न जाने का अधिकार बच्चों को, या छुट्टी करने का अधिकार विद्यालयों को दिया जाता। विद्यालय सुबह मौसम देखकर भी छुट्टी घोषित कर पाते। आज के बेहतर संचार के दौर में छुट्टी की सूचना सुबह कुछ घंटों पूर्व भी बच्चों को दी जा सकती है।

दूसरे, यदि बच्चों या उनके अभिभावकों को बारिश के मौसम में विद्यालय आने या न आने की छूट दे दी जाए और विद्यालय में कुछ बच्चों के आने की स्थिति में भी विद्यालय न आए बच्चों को हुए पढ़ाई के नुकसान की भरपाई विद्यालय करा दें तो इस समस्या का बेहतर समाधान हो सकता है।

घोषित अवकाशों का एक पक्ष यह भी है कि बच्चों के लिए तो अवकाश घोषित किए जाते हैं, परंतु शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए नहीं। जबकि उनकी जान भी उतनी की अमूल्य होती है। बिना बच्चों के चार दिन के अवकाश में विद्यालय पहुंचकर क्या करेंगे ? यह भी बताये जाने या इस समस्या का भी समाधान निकाले जाने की आवश्यकता है। अवकाश के दौरान बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था भी की जा सकती है। 

इसके अलावा पूरे जनपद में अवकाश घोषित करने की जगह जिस इलाके में अधिक बारिश हो रही हो और खतरे की संभावना हो, केवल वहीं विद्यालय बंद किए जा सकते हैं। इसके लिए एसडीएम, तहसीलदार, राजस्व उप निरीक्षक या थाना स्तर पर छुट्टी घोषित करने की व्यवस्था भी क्या हो सकती है, इस पर विचार किया जा सकता है।

गौरतलब है कि मौसम विभाग की भी पूरे प्रदेश या जनपदों के लिए की जा रही मौसम की डराने वाली भविष्यवाणियों से आम लोगों का जनजीवन भी प्रभावित हो रहा है। लोग कहीं भी आने-जाने से डर रहे हैं। इससे लोगों का कारोबार भी प्रभावित हो रहा है। इसकी जगह स्थानीय स्तर पर संचार तंत्र को बेहतर कर मौसम की अधिक सटीक तात्कालिक सूचनाएं प्रसारित की जाएं।

(डॉ. नवीन जोशी) आज के अन्य एवं अधिक पढ़े जा रहे ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। यदि आपको लगता है कि ‘नवीन समाचार’ अच्छा कार्य कर रहा है तो हमें सहयोग करें..यहां क्लिक कर हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें, यहां क्लिक कर हमें गूगल न्यूज पर फॉलो करें। यहां क्लिक कर हमारे टेलीग्राम पेज से जुड़ें और यहां क्लिक कर हमारे फेसबुक ग्रुप में जुड़ें।

यह भी पढ़ें : Nainital Mausam: लगातार दूसरे दिन बारिश, गरमपानी में आवासीय घर पर गिरा मलबा, ऊंचाकोट में गैस सिलेंडरों से लदा ट्रक फंसा

नवीन समाचार, नैनीताल, 7 जुलाई 2023। (Nainital Mausam) नैनीताल जनपद में सक्रिय हुए मानसून से शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन भी बारिश हो रही है। इसके दुष्परिणाम भी देखने को मिल रहे हैं। जनपद में बीते 24 घंटों में औसतन 41.8 मिमी बारिश हुई है। वहीं 23 सड़कें बंद हो गई हैं। सर्वाधिक वर्षा नैनीताल में 84 मिमी, कोश्यां कुटौली में 69.1 मिमी, बेतालघाट में 42, हल्द्वानी में 30 जबकि रामनगर, कालाढुंगी व मुक्तेश्वर में 25 से 27 मिमी तब वर्षा हुई है।

वहीं बारिश के दौरान मलबा आने से नैनीताल किलबरी, राजभवन रैमजे रोड, तल्ला रामनगड़ रातीघाट, पानकटारा खलाड़, सिमलखा सकदीना, पटाड़ी, पटोड़ी जोशीखोला, कांडा डॉन परेवा, कांडा डौमास, कौंता हरीशताल, मोरनौला भीड़ापानी, खुजेठी भौनरा, देवलीधार सुई, सिरसा, रातीघाट बुधलाकोट, हरतपा हली, नौना ब्यासी, एचएमटी ब्रेवरी, देवीपुरा सौड़, भंडारपानी पाटकोट, डाबर डडोली, बलना मटियाल व चांफी अलचौना बंद हो गई हैं।

घर पर गिरा मलबा-बोल्डर

प्राप्त जानकारी के अनुसार गुरुवार रात्रि करीब साढ़े 10 बजे जनपद मुख्यालय से करीब 30 किमी दूर अल्मोड़ा राजमार्ग पर स्थित गरमपानी मुख्य बाजार के ठीक सामने शिप्रा नदी पार स्थित ग्रामीण कुंदन सिंह के आवासीय मकान के ठीक ऊपर पहाड़ी से भारी भूस्खलन हो गया। भारी मलबा व पत्थर कुंदन के घर तक पहुंच गए।

भूस्खलन की आवाज इतनी जोर की थी कि नदी बार बाजार के लोग भी इसे सुन कर घरों से बाहर निकल आए। हालांकि इस दौरान कोई जनहानि नहीं हुई। एकाएक हुए भूस्खलन से हड़कंप मच गया। गनीमत रही की कुंदन की मां व दो बच्चे चपेट में आने से बच गए। प्रशासन को भी इसकी सूचना दी गई है। लगातार दरक रही पहाड़ी से खतरा बढ़ गया है।

बरसाती नाले में फंसा ट्रक

उधर रातीघाट बेतालघाट मोटर मार्ग पर ऊंचाकोट क्षेत्र के समीप घरेलू गैस के भरे सिलिंडरों से लदा एक ट्रक उफान में आए बरसाती नाले में फंस गया। राजस्व व लोनिवि कर्मियों ने लोडर मशीन की मदद से वाहन को घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद नाले से बाहर निकाला। बताया गया है कि बेतालघाट निवासी दयाल गैस गोदाम बेतालघाट से गरमपानी व आसपास के क्षेत्रों को रसोई गैस की आपूर्ति को लगभग 150 सिलिंडर लेकर जा रहा था। तभी ट्रक का एक टायर नाले के गड्ढे में फंस गया।

सूचना मुख्यालय भेजी गई। गैस गोदाम प्रबंधक राहुल प्रसाद, लोनिवि कर्मी महेश जोशी लोडर मशीन के साथ मौके पर पहुंचे। राजस्व कर्मी दिनेश बिष्ट तथा कमल कांडपाल व वाहन चालक की मदद से नाले में फंसे वाहन को निकालने का प्रयास शुरु किया गया। लगातार नाले का उफान बढ़ने से काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई घंटे मशक्कत के बाद वाहन को बमुश्किल बाहर निकाला जा सका।

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यह भी पढ़ें : Nainital Mausam: पहाड़ों पर अतिवृष्टि जैसे हालात, नैनीताल की राजभवन रोड पर बड़ा भूस्खलन, कई अन्य सड़कें भी बंद

नवीन समाचार, नैनीताल, 6 जुलाई 2023। (Nainital Mausam) गुरुवार को पहाड़ों पर अचानक मौसम बदल गया है। नैनीताल में अतिवृष्टि जैसे हालात हैं। कुछ ही घंटों की बारिश में नगर के राजभवन मार्ग पर सुबह 8 बजे के करीब कुमाऊँ विश्वविद्यालय के आवासों के पास करीब 30 मीटर लंबे व करीब 3 मीटर चौड़े हिस्से में बड़ा भूस्खलन हो गया है और भूस्खलन जारी है। साथ ही इससे नीचे लंघम छात्रावास और रॉक हाउस क्षेत्र में पत्थर-बोल्डर गिरने का भय उत्पन्न हो गया है।

लोनिवि प्रांतीय खंड के सहायक अभियंता पीसी उप्रेती ने बताया कि मार्ग पर चार पहिया वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित कर दिया गया है। ठेकेदार को मौसम ठीक होने पर तत्काल मार्ग की मरम्मत करने के निर्देश दे दिए गए हैं। तिरपाल डालकर आगे पानी जाने व भूस्खलन रोकने के प्रबंध कर दिए गए हैं।

Nainital Mausamनगर की सभी सड़कें नाला बन गई हैं, जबकि नाले उफन पड़े हैं। सुबह बच्चे भीगकर स्कूल पहुंचे हैं। आम जनजीवन भी प्रभावित हुआ है। लोगों के घरों-दुकानों में भी पानी घुस गया है।

इतनी हुई बारिश

मौसम विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार सुबह 8 बजे तक बीते 24 घंटों में नैनीताल मुख्यालय में 54.3, कोश्यां कुटौली-कैंची धाम में 26.3, हल्द्वानी में 28, धारी में 60, बेतालघाट में 41, कालाढुंगी में 25, रामनगर में 13.4 व मुक्तेश्वर में सर्वाधिक 60.3 मिमी बारिश हुई हैं

यह सड़कें बंद

नैनीताल जनपद में 5 राज्य माग, 1 जिला मार्ग एवं 14 ग्रामीण मार्गों सहित कुल 20 सड़कें बारिश के दौरान मलबा आने से बंद हो गए हैं। इनमें नैनीताल-किलबरी, भुजान-बेतालघाट, बेतालघाट-रामनगर, रामनगर-भंडारपानी, गर्जिया-बेतालघाट, कांडा डॉन-परेवा, देवीपुरा-सौड़, कांडा-डौमास, कौंता-हरीश ताल, मोरनौला-भीड़ापानी, रातीघाट-बुधलाकोट, हरतपा-हली, नौना-ब्यासी, भंडारपानी-पाटकोट, भीमताल-ढुंगशिल, पतलोट-ल्वाड़ डोबा, डाबर-डडोली, ल्वाड़ डोबा-गौनियारो, श्यामखेत-कूड़ व हरिनगर-चंदादेवी शामिल हैं। विद्युत व पेयजल आपूर्ति फिलहाल सामान्य बताई गई है।

आपदा-आपातकाल में इन नंबरों पर दें सूचना

नैनीताल पुलिस के दौरान इस दौरान सावधानी बरतने तथा कोई आपात स्थिति होने पर ‘डायल 112’ तथा 9411112979 पर सूचना देने को और जिला प्रशासन ने जिला आपदा प्रबंधन कक्ष के 05942-231178 व 231179 नंबर पर सूचना देने को कहा है।

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Nainital Mausam: अचानक बदला मौसम, हुई डरावनी बारिश व ओलावृष्टि

नवीन समाचार, नैनीताल, 15 मई 2023। नगर में सोमवार को अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। दिन तक अच्छी खासी खिली धूप के बीच अपराह्न 4 बजे के बाद अचानक आसमान बादलों से घिर गया और गरज-चमक के साथ बारिश होने लगी। हालांकि करीब आधे घंटे बाद बारिश का सिलसिला रुका, लेकिन करीब एक घंटे बाद फिर शुरू हो गयां इस दौरान डरावने अंदाज में गरज- चमक के साथ बारिश और ओलावृष्टि हुई। यह भी पढ़ें : हद हो गई, चार महिलाओं ने किया एक महिला का ही अप्राकृतिक तरीके से यौन उत्पीड़न… 50 हजार का मामला.. देखें वीडियोः

इस दौरान घरों की छतों में ओलों की मोटी परत छा गई और कई लोगों के घरों में भी पानी आ गया। कम समय के लिए हुई बारिश के बावजूद नैनी झील में एक बार फिर भारी मात्रा में गंदगी समा गई है। गौरतलब है कि पिछले दिनों उच्च न्यायालय के संज्ञान लेने के बाद नगर पालिका-प्रशासन ने झील को काफी साफ किया था लेकिन कैच पिटों की व्यवस्था को ठीक न करने के करण बारिश आगे भी इसी तरह हल्की बारिश में भी गंदी होती रहेगी, इसकी पूरी संभावना है। यह भी पढ़ें : नाबालिग से 4 माह में 15 से अधिक बार दुष्कर्म…

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