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रक्तदान कर तीन रोगियों की जान बचाई..

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नवीन समाचार, 19 मई 2020। लॉक डाउन की वजह से इन दिनों मुख्यालय स्थित बीडी पांडे जिला चिकित्सालय के रक्तकोष में रक्त की कमी हो गयी है। मंगलवार को यहां भर्ती सुनीता को ओ पॉजिटिव तथा शैलजा व गोपाल को ए पॉजिटिव रक्त नहीं मिल पा रहा था। ऐसे में एक कदम अच्छाई की ओर संस्था के अभिषेक मुल्तानिय, रक्तदाता प्रेरक क्लब की डा. सरस्वती खेतवाल व सभासद मनोज साह जगाती के प्रयासों से ललित पंत, विनोद, प्रमोद कुमार व मल्लीताल कोतवाली के दरोगा हरीश सिंह ने पांच यूनिट रक्तदान कर चिकित्सालय में रक्त की कमी पूरी कर दी। रक्तकोष प्रभारी रजनीश मिश्रा ने बताया कि आगे बुधवार को भी जिला चिकित्सालय मे ंप्रदेश के शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे के जन्मदिन पर स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित किया जा रहा है। इससे चिकित्सालय में रक्त की कमी पूरी होने की उम्मीद है।

यह भी पढ़ें : जन्मदिन पर रक्तदान कर पेश किया अनुकरणीय उपदाहरण

नवीन समाचार, चंपावत, 15 मई 2020। कुमाऊँ विश्वविद्यालय के कर्मी देवेंद्र कुमार ने शुक्रवार को अपने जन्म दिवस के उपलक्ष्य में रक्त दान किया। देवेंद्र ने कहा कि अपने जन्म दिन पर उन्होंने बीडी पांडे जिला चिकित्सालय में रक्तदान किया, इससे उन्होंने काफी अच्छा महसूस किया। इससे उनका जन्मदिन यादगार भी बन गया। जिला चिकित्सालय के रक्तकोष प्रभारी रजनीश मिश्रा एवं नगर पालिका के सभासद मनोज साह जगाती ने कहा कि उन्होंने जन्मदिन पर रक्तदान कर अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है।

यह भी पढ़ें : रक्तदान हेतु पुलिस परिवार की मदद को आगे आए नैनीताल के प्रथम नागरिक

नवीन समाचार, नैनीताल, 5 मई 2020। मंगलवार को नैनीताल नगर के प्रथम नागरिक यानी नगर पालिका अध्यक्ष सचिन नेगी नैनीताल पुलिस परिवार कीे मदद को आगे आये। हुआ यह कि नैनीताल पुलिस परिवार से संबंधित लीला बिष्ट निवासी ग्राम-सूची तहसील धारी को प्रसव पीड़ा होने के कारण बीडी पांडे जिला चिकित्सालय नैनीताल में भर्ती किया गया था। इस दौरान अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उन्हें तत्काल रक्त चढ़ाए जाने के लिए चिकित्सकों के द्वारा सलाह दी गई। राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के दौरान आपातकाल स्थिति में अतिशीघ्र रक्त की व्यवस्था करना एक कठिन समस्या थी। जब यह सूचना नगर पालिका अध्यक्ष सचिन नेगी को मिली। तब वह बिना देरी किए जिला चिकित्सालय में जाकर लीला बिष्ट की ना केवल बी पॉजिटिव रक्त समूह का रक्त दान करके महिला की जान बचाई। साथ ही उन्होंने आज की युवा पीढ़ी को नशे की प्रवृत्ति को छोड़कर रक्तदान करने के लिए भी प्रेरित किया। नैनीताल पुलिस परिवार ने पालिकाध्यक्ष सचिन नेगी वर्तमान का इस हेतु आभार जताया है।

यह भी पढ़ें : जिला चिकित्सालय के रक्तकोष में रक्त खत्म, रक्त कोष को करना पड़ा प्रसूता के लिए रक्तदान

नवीन समाचार, नैनीताल, 23 अप्रैल 2020। जी हां, कभी रक्त से भरे रहने वाले मुख्यालय स्थित बीडी पांडे जिला चिकित्सालय के रक्तकोष में इन दिनों कोरोना के संक्रमण और लॉक डाउन के कारण रक्त की भारी कमी हो गयी है। इतनी कमी कि रक्तकोष के प्रभारी रजनीश मिश्र को स्वयं एक प्रसूता को अत्यधिक रक्तस्राव होने पर स्वयं रक्तदान करना पड़ा है। ऐसे में उन्होंने लोगों से स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आने की अपील की है।
रक्तकोष के प्रभारी रजनीश मिश्र ने बताया कि इन दिनों लोग लॉक डाउन की वजह से स्वैच्छिक रक्तदान के लिए नहीं आ पा रहे हैं। साथ ही इस दौरान रक्तदान शिविर आयोजित करना भी संभव नहीं हो रहा है। इस कारण रक्तकोष में रक्त की भारी कमी हो गयी है। इस कारण गत 6 अप्रैल को उन्हें स्वयं मुक्तेश्वर निवासी भावना नाम की प्रसूता को अत्यधिक रक्तस्राव होने पर उसकी जान बचाने के लिए स्वयं रक्तदान करना पड़ा। उन्होंने कहा कि 18 से 60 वर्ष की उम्र के स्वस्थ व्यक्तियों से रक्तदान करने की अपील की जा रही है।

यह भी पढ़ें : नैनीताल: 18वें जन्म दिन पर महादान कर दिया युवाओं को संदेश

अपने 18वें जन्मदिन पर स्वैच्छिक रक्तदान करती पोर्शिया मलिक

नवीन समाचार, नैनीताल, 9 मार्च 2020। राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय से स्नातक नगर के रंगकर्मी इदरीस मलिक व अधिवक्ता कंवल मलिक की पुत्री पोर्शिया मलिक ने सोमवार केा अपने 18वें जन्मदिवस पर महादान कहा जाने वाला रक्तदान कर मिसाल पेश की। पोर्शिया अपने जन्मदिन पर सुबह बीडी पांडे जिला चिकित्सालय पहुंचीं और पहली बार रक्तदान किया। उन्होंने कहा कि ऐसा करके वे युवाओं को अपने जन्मदिन जैसे यादगार मौकों को और भी अधिक यादगार-चिरस्मरणीय बनाने के लिए परोपकार के ऐसे कार्य करने का संदेश देना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि दूसरोें का जीवन बचाने के लिए सभी रक्तदान करने कि आदत डालें और दूसरों को जीवनदान देने जैसा पुण्य अर्जित करें। इससे स्वयं को भी स्वास्थ्य लाभ के साथ मानसिक शांति मिलती है।

यह भी पढ़ें : जो बागेश्वर से हल्द्वानी तक नहीं मिला, पुलिस ने कर दिया महादान..

-रक्तदान कर बागेश्वर पुलिस के एक जवान ने निभाया मानवता का फर्ज
हिमानी रौतेला @ नवीन समाचार, बागेश्वर, 2 फरवरी 2020। जिला चिकित्सालय बागेश्वर में भर्ती 10 वर्षीया बालिका कुमारी दिव्या पुत्री बिमल सिंह निवासी ग्राम पोथिंग, कपकोट, बागेश्वर को उपचार हेतु ‘ओ निगेटिव’ रक्त की आवश्यकता पड़ने पर बच्ची के परिजनों द्वारा बहुत प्रयास किये गये, परन्तु ओ निगेटिव रक्त नहीं मिल पाया। रक्त नहीं मिल पाने से परिजन काफी हताश व निराश हो गये तथा एक आस लेकर पुलिस कन्ट्रोल रूम बागेश्वर में आये व पुलिस विभाग में कोई भी ओ निगेटिव रक्त वाले पुलिस कर्मी हों तो पुत्री के इलाज हेतु रक्त दान करने का आग्रह करते हुए परिजनों द्वारा पुत्री दिव्या की व्यथा बताते हुए कहा कि 24-01-2020 को बस से उतरते समय कार से टक्कर होने पर दिव्या का बांया पांव फैक्चर हो गया था, जिसका उपचार जिला चिकित्सालय बागेश्वर में चल रहा है तथा उपचार हेतु आज 02-02-2020 को ओ निगेटिव रक्त की आवश्यकता होने पर हमारे द्वारा बहुत प्रयास किये गये परन्तु हमें हल्द्वानी तक रक्त नहीं मिल पाया। इस पर पुलिस कंट्रोल रूम द्वारा सूचना जनपद के समस्त पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को बतायी गयी व साथ ही बागेश्वर पुलिस के फेसबुक पेज पर प्रियंका घस्याल द्वारा भी यह सूचना भेजी गयी। साथ ही व्हाट्सएप ग्रुपों के माध्यम से भी सूचना बागेश्वर पुलिस को दी गयी। सूचना मिलने पर उपनिरीक्षक पंकज जोशी प्रभारी एसओजी बागेश्वर शीघ्र ही जिला चिकित्सालय बागेश्वर पहुंचे तथा बच्ची के इलाज हेतु एक युनिट ओ निगेटिव रक्त का महादान किया गया। इस पर परिजनों ने बागेश्वर पुलिस द्वारा किये गये मानवीय कार्य की प्रशंसा करते हुए उपनिरीक्षक पंकज जोशी के दीर्घायु की कामना की गई।

यह भी पढ़ें : स्थापना दिवस पर रक्तदान कर चले ‘एक कदम अच्छाई की ओर’

नवीन समाचार, नैनीताल, 16 जनवरी 2020। नगर के युवाओं की संस्था ‘एक कदम अच्छाई की ओर’ के सदस्यों से बृहस्पतिवार को संस्था के प्रथम स्थापना दिवस पर रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष अभिषेक मुल्तानिया की अगुवाई में संस्था के सदस्यों ने बीडी पांडे जिला चिकत्सालय स्थित रक्त कोष में रक्तदान किया। केक काटा और चिकित्सालय मंे भर्ती रोगियों को जूस और बिस्किट भेंट किये। आयोजन में संस्था से जुड़े डा. सरस्वती खेतवाल, अंकित टम्टा, रवि कुमार, गौरव आर्या, चेतन कुमार, सूरज कुमार, मो. उस्मान उर्फ हनी, वैभव जोशी, संजय कुमार आदि सदस्य तथा जिला चिकित्सालय के प्रभारी पीएमएस डा. केएस धामी, डा. प्रियांशु श्रीवास्तव, डा. ममता पांगती, रजनीश मिश्रा, कमल बिष्ट, डा. अनिरुद्ध गंगोला, डा. अजय नैथानी, शशि पांडे व अन्य लोग शामिल रहे।

यह भी पढ़ें : जन्म दिन पर 10वीं बार रक्तदान कर पेश की मिसाल…

नवीन समाचार, नैनीताल, 21 दिसंबर 2019। नगर के एक युवक अभिषेक मुल्तानिया ने शनिवार को अपने जन्मदिन पर रक्तदान करके अनुकरणीय मिसाल पेश की। उल्लेखनीय है कि अभिषेक ‘एक कदम अच्छाई की ओर’ संस्था के अध्यक्ष हैं, और अक्सर स्वयं व अपनी संस्था के सदस्यों के जरिये स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित कर रक्तदान करते रहते हैं। शनिवार को उन्होंने अपने जन्मदिन पर बीडी पांडे जिला चिकित्सालय में रक्तदान किया। उन्होंने बताया कि यह उनका 10वां रक्तदान था। वे स्वयं रक्तदान करके अन्य लोगों को भी रक्तदान के लिए प्रेरित करते रहते हैं। इस अवसर पर जिला चिकित्सालय की पीएमएस डा. तारा आर्या, डा. केएस धामी, कमल बिष्ट के साथ उनकी संस्था के सचिव मुबिशिरा, डा. सरस्वती खेतवाल, रवि कुमार, संजय कुमार, मो. उस्मान, अंकित कुमार, गौरव आर्य, भाष्कर तथा दिव्या पांडे आदि भी उनके जन्मदिन की खुशी में शामिल हुए।
यह भी पढ़ें : पालिकाध्यक्ष सचिन नेगी ने रक्तदान कर बचाई महिला की जान
नवीन समाचार, नैनीताल, 16 दिसंबर 2019। कहते है रक्तदान महादान होता है क्योंकि इससे कई लोगो को जीवनदान मिल जाता है इसलिए शायद इससे बड़ा और कोई दान नही हो सकता है सरोवर नगरी के लोग भी ऐसे दान पुण्य करने में हमेशा आगे रहते हैं और समय-समय पर लोग रक्तदान करते रहते हैं। सोमवार को बीड़ी पांडे जिला चिकित्सालय में पीलिया और टाइफाइड की पीड़ित महिला माधवी देवी को रक्त की जरूरत थी जिसके लिए पालिकाध्यक्ष सचिन नेगी ने रक्तदान किया। इस दौरान समाजसेवी सरस्वती खतेवाल, डा. प्रियांशु श्रीवास्तव, रजनीश मिश्रा, कमल बिष्ट, सिद्धार्थ, सभासद भगवत रावत व शिवम बजाज आदि लोग मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें : प्रो. तिवारी की पहल पर 15 दृष्टिबाधित बच्चे देख सकेंगे दुनिया

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 6 जनवरी 2019। नैब यानी नेशनल एसोसिएशन फ़ॉर द ब्लाइंड्स के 15 दृष्टिबाधित बच्चों को नेत्र ज्योति मिल जाएगी और वे दुनिया को देखने के साथ ही स्वतंत्र रूप से जीवन यापन कर सकेंगे। रविवार को इन बच्चों के प्रारंभिक परीक्षण में चयन के बाद अब इनका दिल्ली में प्रख्यात नेत्र सर्जन ऑपरेशन करेंगे।
कुमाऊं विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग के अध्यक्ष प्रो. गिरीश रंजन तिवारी की पहल पर नयना ज्योति समिति तथा एलबी कृष्णा फाउंडेशन दिल्ली के सहयोग से नैब में वरिष्ठ चिकित्सक डा. वीके तिवारी, एम्स के पूर्व सीनियर रेजिडेंट डा. रुचिर तिवारी तथा बलरामपुर अस्पताल लखनऊ के सर्जन डा. संजय श्रीवास्तव ने कुल 95 बच्चों का परीक्षण किया। चिकत्सकों ने विश्वास जताया कि इनमें से 15 बच्चों को ऑपेरशन के बाद आंख की पूरी रोशनी मिल जाएगी। इसके अलावा 7 बच्चों को हाई पावर लेंस के चश्मे से लिखने-पढ़ने लायक ज्योति मिल जाएगी। चयनित 15 बच्चों का  इसी माह से नोएडा,  दिल्ली स्थित हाईटेक अस्पताल में ऑपेरशन किया जाएगा। नैब के संचालक श्याम धानिक ने बताया कि बच्चों का ऑपेरशन डा. तिवारी की टीम ने नि:शुल्क करने का आश्वासन दिया है जबकि लेंस व अन्य डिस्पोजेबल का खर्च प्रो. गिरीश रंजन तिवारी उपलब्ध करवाएंगे। इस हेतु उन्होंने इस शिविर के आयोजन तथा ऑपेरशन में सहयोग के लिए प्रो तिवारी, डा तिवारी की टीम का आभार जताते हुए कहा कि इस उपचार के बाद बच्चे आत्मनिर्भर बन कर जीवन जी सकेंगे। वहीं नैब में परीक्षण के दौरान बच्चों में नेत्र ज्योति पा कर अपने सपने पूरे करने को लेकर भारी उत्साह है। इस अवसर पर प्रो. तिवारी, कुसुम तिवारी, नयना ज्योति संस्था के अरुण रौतेला, योगेश साह, सुरेश खोलिया, गुलशन, नागेश दुबे, विजय पाल व अंकुर आदि उपस्थित रहे।

यह भी पढ़ें : यहाँ छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़ कर किया ‘सबसे बड़ा दान’

डीएसबी परिसर में स्वैच्छिक रक्तदान करते छात्र।

नैनीताल। शनिवार 10 मार्च को मुख्यालय स्थित डीएसबी परिसर में छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़ कर ‘सबसे बड़ा दान’ यानी रक्तदान किया। ‘बंदे मातरम् सेवा संस्थान’ के सहयोग से ओर छात्र संघ के उपाध्यक्ष ऋषभ जोशी की अगुवाई में आयोजित किये गये इस रक्तदान शिविर में 70 से 80 छात्र-छात्राओं ने रक्तदान किया। बड़ी बात यह रही कि इनमें 30 से अधिक छात्राएं भी शामिल रहीं, और खासकर छात्राओं में पहली बार रक्तदान करते हुए खासा जोश व उत्साह देखा गया। रक्तदान करने वालों में कुमाऊं विवि छात्र महासंघ के अध्यक्ष पुष्कर नैनवाल, नवीन भट्ट, सूरज पांडे, रवि बिष्ट, सौरभ रावत, नेहा कुरिया, शिखा, आरसी परवीन, सोनी जोशी आदि प्रमुख रहे।



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-रक्त मे 90 दिन पूर्व से हो रही केवल पांच बीमारियों की जांच ही है संभव
-स्वयं का अथवा नियमित स्वैच्छिक रक्तदाताओं से रक्त लेना ही सर्वाधिक सुरक्षित
-स्वैच्छिक रक्तदान ही नहीं हर 90 दिन में नियमित स्वैच्छिक रक्तदान है जरूरी
नवीन जोशी, नैनीताल। जी हां, मनुष्य को बेहद जरूरी होने पर ही किसी दूसरे का रक्त चढ़ाना चाहिए। देश-प्रदेश में अभी तक चढ़ाए जाने वाले रक्त में 90 दिन से पुरानी और केवल पांच बीमारियों की ही जांच की व्यवस्था उपलब्ध है। यानी यदि रक्तदान करने वाले व्यक्ति को यदि 90 दिन से कम अवधि में किसी बीमारी का संक्रमण हुआ है तो रोगी को चढ़ाए जाने वाला रक्त भी उस बीमारी से संक्रमित हो सकता है। इस समस्या से बचाव के दो तरीके हैं। यदि संभव हो तो रक्त चढ़ाने की किसी संभावित स्थिति का पहले से पता हो तो स्वयं का रक्त भी 15 दिन पूर्व रक्त बैंक में जमा कराया जा सकता है। दूसरा तरीका नियमित रूप से स्वैच्छिक रक्तदाताओं के रक्त को लेना है। इसके लिए लोगों को नियमित रूप से रक्तदान के लिए प्रेरित किया जा रहा है। राज्य में कहीं-कहीं अब 15 दिन पुरानी बीमारियों का भी पता लगाने की व्यवस्था भी की जा रही है। लेकिन यह व्यवस्था भी केवल पांच बीमारियों-एचआईवी, हेपेटाइटिस बी, हेपेटाइटिस सी, मलेरिया तथा यौन गुप्त रोग संबंधी सिपलिस बीमारियों के लिए ही है।



सुरक्षित एवं असुरक्षित रक्त की इस पहेली को समझने से पहले जान लें कि रक्तदाता पांच तरह के होते हैं। पहला, व्यवसायिक तौर पर रक्तदान जो कि 1999 से प्रतिबंधित है। दूसरा, रोगी के परिजनों के द्वारा। इसे सुरक्षित नहीं माना जाता। क्योंकि अधिकांशतया अपने परिजनों को बचाने के लिए लोग अपनी बीमारियों व अन्य समस्याओं को छुपाकर रक्तदान कर देते हैं। तीसरे, स्वयं रक्तदाता। ऐसे सीमित रक्तदाता कई बार अपने एक माह बाद होने वाली किसी ऑपरेशन जैसी स्थितियों के लिए 15 दिन पहले ही स्वयं का रक्त, रक्तबैंक में सुरक्षित रखवा सकते हैं। यह तरीका रक्त लेने का सबसे सुरक्षित तरीका बताया जाता है। इसके अलावा जो स्वैच्छिक रक्तदाताओं वाले पांचवे तरीके का सर्वाधिक प्रचार-प्रसार किया जाता है, इस वर्ग के रक्तदाताओं के भी पहले रक्तदान से मिले रक्त को चढ़ाने में भी कभी बड़ी समस्या आ सकती है। उत्तराखंड रक्त संचरण परिषद के राज्य नोडल प्रभारी एवं एनएसएस के पूर्व राज्य संपर्क अधिकारी डा. आनंद सिंह उनियाल ने बताया कि देश-प्रदेश में अब तक 90 दिन से (कुछ गिने-चुने केंद्रों में 15 दिन) पुरानी पांच बीमारियों- एचआईवी, हेपेटाइटिस बी, हेपेटाइटिस सी, मलेरिया तथा यौन गुप्त रोग संबंधी सिपलिस के टेस्ट ही उपलब्ध हैं। हमारे रक्त में मौजूद लाल रक्त कणिकाओं (आरबीसी) की उम्र 120 दिन की ही होती है। यानी हर 120 दिन में हमारे शरीर की आरबीसी मरती जाती हैं, और नया खून भी साथ-साथ बनता चला जाता है। इसीलिए हर व्यक्ति को 90 दिन में रक्तदान की सलाह दी जाती है। हर रक्तदान के दौरान रक्त की उपरोक्त पांच बीमारियों के लिए आवश्यक रूप से जांच होती है, लिहाजा पहली बार किसी व्यक्ति द्वारा दिए जाने वाले रक्त से बेशक उसकी नई बीमारियों का पता न चल पाए, लेकिन नियमित रूप से हर 90 दिन में रक्तदान करते जाने से उस व्यक्ति के इन बीमारियों से रहित होने की संभावना बढ़ जाती है। डा. उनियाल ने कहा कि इसीलिए अब स्वैच्छिक रक्तदान की जगह नियमित स्वैच्छिक रक्तदान करने का आह्वान किया जा रहा है। लिए लोगों को रक्तदान के प्रति ज्ञान देकर इस स्लोगन के साथ जागरूक किया जा रहा है कि रक्तदान से पहले रक्त का ज्ञान जरूरी है। यदि लोग रक्त व रक्तदान के प्रति ज्ञान रखने लगें तो इस समस्या का समाधान हो सकता है।

रक्त लेने में खतरे ही खतरे, रक्त देने में लाभ ही लाभ

नैनीताल। किसी अन्य का रक्त लेने में भले अनेक खतरे हों, लेकिन 18 से 65 वर्ष के लोगों द्वारा रक्तदान किए जाने के अनेकों लाभ हैं। हर 90 दिन के नियमित अंतराल में रक्तदान करने से व्यक्ति की मुफ्त में नियमित जांच हो जाती है, तथा कोई रोग होने पर जल्द पता लग जाता है। चूंकि आरबीसी की उम्र 120 दिन ही होती है, इसलिए रक्त का दान करना किसी तरह भी शरीर के लिए नुकसानदेह नहीं होता। रक्तदान के बाद शरीर में नया खून बनता है, जिससे शरीर में ताजगी आती है, हृदयाघात के खतरे नहीं रहते, और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ जाती है। हमेशा नए युवा रक्त का संचार होता रहता है, इसलिए बुढ़ापा भी देरी से आता है। दूसरों को दान करने से मस्तिष्क में सकारात्मकता एवं धनात्मक ऊर्जा आती है, तथा स्मरण शक्ति बढ़ जाती है।

नवीन समाचार
‘नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से ‘मन कही’ के रूप में जनवरी 2010 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
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