Oops! It appears that you have disabled your Javascript. In order for you to see this page as it is meant to appear, we ask that you please re-enable your Javascript!

ठीक 1 माह बाद नई तारों पर चल पड़ी केबल कार

Spread the love
राष्ट्रीय सहारा, 19 मई 201

सप्ताह भर में नैनीताल में फिर शुरू हो सकती है सैलानियों के लिये यह सेवा

रविवार को रोपवे केबल कार की केबल बदलने में जुटे निगम कर्मी।

नैनीताल, 13 मई 2018। सरोवरनगरी में पर्यटन के प्रमुख आकर्षण केएमवीएन यानी कुमाऊं मंडल विकास निगम से संचालित रोप-वे केबिल कार के सप्ताह भर में फिर से चलने की उम्मीद दिख रही है। केबल कार के प्रबंधक दिनेश उपाध्याय ने बताया कि नई केबलें मुख्यालय पहुंच गयी हैं। इसके बाद नयी केबलों को लगाने का कार्य भी प्रारंभ हो गया है। रविवार को अवकाश के दिन से पुरानी केबल में नई केबल को बांधकर पुरानी केबलों को हटाने और नई केबलों को हटाने का कार्य प्रारंभ हुआ। आगे सब कुछ ठीक रहा तो उम्मीद की जा सकती है कि सप्ताह भर में नई केबलों पर केबल कार दौड़ सकती हैं।
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व 19 अप्रैल को चार से छह वर्ष चलने वाली केबल की 42 में से छह तारें केवल 2 वर्ष से पहले ही वार्षिक अनुरक्षण के दौरान टूटी हुई पायी गयी थीं। इसके बाद सैलानियों की सुरक्षा के मद्देनजर समय रहते रोपवे केबिल कार का संचालन बंद कर दिया गया। इससे केएमवीएन को प्रतिदिन करीब करीब डेढ़ लाख एवं नई केबिल लगाने में करीब 30 से 35 लाख रुपए के नुकसान होने का अनुमान है। केबल कार के बंद होने से सैलानी तो नगर के इस प्रमुख आकर्षण वंचित रहे, वहीं इससे जुड़े केबल स्टेशन एवं स्नोभ्यू स्टेशन के पर्यटन व्यवसायियों का व्यवसाय भी बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं।

यह भी पढ़ें : तिहाई समय में ही टूट गई रोप-वे की डोर, रोपवे बंद, कार्रवाई होगी

-वार्षिक अनुरक्षण के दौरान केबिल कार को खींचने वाली केबिल के 42 में से 6 तार अलग-अलग जगहों पर टूटे, सुरक्षा के मद्देनजर समय रहते बंद किया गया संचालन

-करीब तीन सप्ताह तक बंद रह सकता है रोपवे का संचालन, रोज करीब डेढ़ लाख का होगा नुकसान, सैलानी भी सेवा से रहेंगे वंचित, पर्यटन व्यवसाय भी होगा प्रभावित

नैनीताल, 19 अप्रैल  2018। सरोवरनगरी में पर्यटन के प्रमुख आकर्षण, 1985 में स्थापना के बाद से बिना किसी समस्या के केएमवीएन यानी कुमाऊं मंडल विकास निगम से संचालित रोप-वे केबिल कार की चार से छह वर्ष चलने वाली केबल की 42 में से छह तारें केवल 2 वर्ष से पहले ही वार्षिक अनुरक्षण के दौरान टूटी हुई पायी गयीं। इसके बाद सैलानियों की सुरक्षा के मद्देनजर समय रहते रोपवे केबिल कार का संचालन बंद कर दिया गया। आगे नयी केबिल मंगाने और इसे बदलने में करीब 3 सप्ताह का समय लगने की बात की जा रही है। इससे केएमवीएन को प्रतिदिन करीब करीब डेढ़ लाख एवं नई केबिल लगाने में करीब 30 से 35 लाख रुपए के नुकसान होने का अंदेशा है। केबल कार के बंद होने से सैलानी तो नगर के इस प्रमुख आकर्षण वंचित रहेंगे ही, इससे जुड़े केबल स्टेशन एवं स्नोभ्यू स्टेशन के पर्यटन व्यवसायियों का व्यवसाय भी बुरी तरह से प्रभावित होने की संभावना है। गनीमत यह है कि केबल के पूरी तरह टूट जाने अथवा कोई दुर्घटना होने से पहले समय रहते ही केबल की कुछ तारें टूटने का पता चल गया, और 15 मई से प्रस्तावित ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन के आसपास ही केबल कार के नई केबल के साथ दुबारा से चलने की उम्मीद भी की जा सकती है।

केबल के बाबत प्रबंधक दिनेश उपाध्याय ने बताया कि इसकी उम्र छह वर्ष से अधिक बताई जाती है, लेकिन निगम हर 5 वर्ष में इसे बदल देता है। जबकि इस बार यह तार मई 2016 में बदली गयी थी, और 2 वर्ष से पहले ही टूट गयी है। तार उषा मार्टिन कंपनी की थी। वहीं केएमवीएन के एमडी धीराज गर्ब्याल ने बताया कि केबल कार उपलब्ध कराने वाली कंपनी को आधे से एक तिहाई समय में ही केबल टूट जाने के कारण नोटिस भेजा जा रहा है।

Loading...

नवीन समाचार

मेरा जन्म 26 नवंबर 1972 को हुआ था। मैं नैनीताल, भारत में मूलतः एक पत्रकार हूँ। वर्तमान में मार्च 2010 से राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक समाचार पत्र-राष्ट्रीय सहारा में ब्यूरो चीफ के रूप में कार्य कर रहा हूँ। इससे पहले मैं पांच साल के लिए दैनिक जागरण के लिए काम कर चुका हूँ। कुमाऊँ विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग से ‘नए मीडिया’ विषय पर शोधरत हूँ। फोटोग्राफ़ी मेरा शौक है। मैं NIKON COOLPIX P530 और अडोब फोटोशॉप 7.0 के साथ फोटोग्राफी कर रहा हूँ। फोटोग्राफी मेरे लिए दुनियां की खूबसूरती को अपनी ओर से चिरस्थाई बनाने का बहुत छोटा सा प्रयास है। एक फोटो पत्रकार के रूप में मेरी तस्वीरों को नैनीताल राजभवन सहित विभिन्न प्रदर्शनियों में प्रस्तुत किया गया, तथा उत्तराखंड की राज्यपाल श्रीमती मार्गरेट अलवा द्वारा सम्मानित किया गया है। कुछ चित्रों को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हो चुके हैं। गूगल अर्थ पर चित्र उपलब्ध कराने वाली पैनोरामियो साइट पर मेरी प्रोफाइल को 18.85 Lacs से भी अधिक हिट्स प्राप्त हैं।पत्रकारिता और फोटोग्राफी के अलावा मुझे कवितायेँ लिखना पसंद है। काव्य क्षेत्र में मैंने नवीन जोशी “नवेन्दु” के रूप में अपनी पहचान बनाई है। मैंने बहुत सी कुमाउनी कवितायेँ लिखी हैं, कुमाउनी भाषा में मेरा काव्य संकलन उघड़ी आंखोंक स्वींड़ प्रकाशित हो चुका है, जो कि पुस्तक के के साथ ही डिजिटल (PDF) फार्मेट पर भी उपलब्ध होने वाली कुमाउनी की पहली पुस्तक है। मेरी यह पुस्तक गूगल एप्स पर भी उपलब्ध है। ’ यहां है एक पत्रकार, लेखक, कवि एवं छाया चित्रकार के रूप में मेरी रचनात्मकता, लेख, आलेख, छायाचित्र, कविताएं, हिंदी-कुमाउनी के ब्लॉग आदि कार्यों का पूरा समग्र। मेरी कोशिश है कि यहां नैनीताल, कुमाऊं, उत्तराखंड और वृहद संदर्भ में देश की विरासत, संस्कृति, इतिहास और वर्तमान को समग्र रूप में संग्रहीत करने की….। मेरे दिल में बसता है, मेरा नैनीताल, मेरा कुमाऊं और मेरा उत्तराखंड

Leave a Reply