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पिछले चार वर्षों में घट रही है नैनीताल में सैलानियों की संख्या !

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-केएमवीएन संचालित रोपवे ट्रॉली की सवारी करने वाले सैलानियों की संख्या के आधार पर आंकलन

केएमवीएन से संचालित केबल कार।

नवीन समाचार, नैनीताल, 27 सितंबर 2019। पर्वतीय पर्यटन नगरी-सरोवरनगरी नैनीताल में पिछले चार वर्षों में सैलानियों की संख्या लगातार गिर रही है। कुमाऊं मंडल विकास निगम के द्वारा संचालित, 16 मई 1985 से चल रही रोपवे ट्रॉली में सवारी करने वाले सैलानियों की संख्या के आंकड़ों से ऐसी तस्वीर उभर कर आ रही है। बल्कि स्थिति यह है कि पिछले दो वर्षों के आंकड़े तो वर्ष 2010 से भी कमतर हैं।
सूचना अधिकार कायकर्ता हेमंत गौनिया को निगम से सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2009-10 में रोपवे ट्रॉली से दो लाख 636, 2010-11 में 1.7 लाख, 2011-12 में 1.84 लाख, 2012-13 में 2.08 लाख, 2013-14 में 1.83 लाख, 2014-15 में 2.38 लाख, 2015-16 में सर्वाधिक 2.48 लाख, 2016-17 में 1.89 लाख, 2017-18 में 2.16 लाख, 2018-19 में 1.72 लाख सैलानी पहुंचे, जबकि मौजूदा 2019-20 में 31 अगस्त तक 95 हजार 223 सैलानियों ने रोपवे पर सवारी की। यह भी बताया गया है कि यात्रियों से निगम 300 व 200 रुपए बड़ों व बच्चों के लिए किराया वसूलता है, और पिछले 10 वर्षों में रोपवे के रखरखाव में 1.14 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। इन आंकड़ों का विश्लेषण करने पर दिखता है कि 2015-16 में सर्वाधिक सैलानियों के जाने के बाद सैलानियों की संख्या कम हुई है और मौजूदा वर्ष एवं पिछले वर्ष संख्या चिंताजनक स्तर तक कम हुई है। गौरतलब है कि रोपवे ट्रॉली में एक चक्कर में करीब पांच मिनट का समय लगता है। उल्लेखनीय है कि रोपवे ट्रॉली का निर्माण ऑस्ट्रेलिया की कंपनी वोएस्ट अल्पाइन लिमिटेड के द्वारा किया गया था। तब से इसमें एक भी सैलानी की दुर्घटनात्मक मृत्यु नहीं हुई है।

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रविवार को रोपवे केबल कार की केबल बदलने में जुटे निगम कर्मी।

नैनीताल, 13 मई 2018। सरोवरनगरी में पर्यटन के प्रमुख आकर्षण केएमवीएन यानी कुमाऊं मंडल विकास निगम से संचालित रोप-वे केबिल कार के सप्ताह भर में फिर से चलने की उम्मीद दिख रही है। केबल कार के प्रबंधक दिनेश उपाध्याय ने बताया कि नई केबलें मुख्यालय पहुंच गयी हैं। इसके बाद नयी केबलों को लगाने का कार्य भी प्रारंभ हो गया है। रविवार को अवकाश के दिन से पुरानी केबल में नई केबल को बांधकर पुरानी केबलों को हटाने और नई केबलों को हटाने का कार्य प्रारंभ हुआ। आगे सब कुछ ठीक रहा तो उम्मीद की जा सकती है कि सप्ताह भर में नई केबलों पर केबल कार दौड़ सकती हैं।
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व 19 अप्रैल को चार से छह वर्ष चलने वाली केबल की 42 में से छह तारें केवल 2 वर्ष से पहले ही वार्षिक अनुरक्षण के दौरान टूटी हुई पायी गयी थीं। इसके बाद सैलानियों की सुरक्षा के मद्देनजर समय रहते रोपवे केबिल कार का संचालन बंद कर दिया गया। इससे केएमवीएन को प्रतिदिन करीब करीब डेढ़ लाख एवं नई केबिल लगाने में करीब 30 से 35 लाख रुपए के नुकसान होने का अनुमान है। केबल कार के बंद होने से सैलानी तो नगर के इस प्रमुख आकर्षण वंचित रहे, वहीं इससे जुड़े केबल स्टेशन एवं स्नोभ्यू स्टेशन के पर्यटन व्यवसायियों का व्यवसाय भी बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं।

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-वार्षिक अनुरक्षण के दौरान केबिल कार को खींचने वाली केबिल के 42 में से 6 तार अलग-अलग जगहों पर टूटे, सुरक्षा के मद्देनजर समय रहते बंद किया गया संचालन

-करीब तीन सप्ताह तक बंद रह सकता है रोपवे का संचालन, रोज करीब डेढ़ लाख का होगा नुकसान, सैलानी भी सेवा से रहेंगे वंचित, पर्यटन व्यवसाय भी होगा प्रभावित

नैनीताल, 19 अप्रैल  2018। सरोवरनगरी में पर्यटन के प्रमुख आकर्षण, 1985 में स्थापना के बाद से बिना किसी समस्या के केएमवीएन यानी कुमाऊं मंडल विकास निगम से संचालित रोप-वे केबिल कार की चार से छह वर्ष चलने वाली केबल की 42 में से छह तारें केवल 2 वर्ष से पहले ही वार्षिक अनुरक्षण के दौरान टूटी हुई पायी गयीं। इसके बाद सैलानियों की सुरक्षा के मद्देनजर समय रहते रोपवे केबिल कार का संचालन बंद कर दिया गया। आगे नयी केबिल मंगाने और इसे बदलने में करीब 3 सप्ताह का समय लगने की बात की जा रही है। इससे केएमवीएन को प्रतिदिन करीब करीब डेढ़ लाख एवं नई केबिल लगाने में करीब 30 से 35 लाख रुपए के नुकसान होने का अंदेशा है। केबल कार के बंद होने से सैलानी तो नगर के इस प्रमुख आकर्षण वंचित रहेंगे ही, इससे जुड़े केबल स्टेशन एवं स्नोभ्यू स्टेशन के पर्यटन व्यवसायियों का व्यवसाय भी बुरी तरह से प्रभावित होने की संभावना है। गनीमत यह है कि केबल के पूरी तरह टूट जाने अथवा कोई दुर्घटना होने से पहले समय रहते ही केबल की कुछ तारें टूटने का पता चल गया, और 15 मई से प्रस्तावित ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन के आसपास ही केबल कार के नई केबल के साथ दुबारा से चलने की उम्मीद भी की जा सकती है। केबल के बाबत प्रबंधक दिनेश उपाध्याय ने बताया कि इसकी उम्र छह वर्ष से अधिक बताई जाती है, लेकिन निगम हर 5 वर्ष में इसे बदल देता है। जबकि इस बार यह तार मई 2016 में बदली गयी थी, और 2 वर्ष से पहले ही टूट गयी है। तार उषा मार्टिन कंपनी की थी। वहीं केएमवीएन के एमडी धीराज गर्ब्याल ने बताया कि केबल कार उपलब्ध कराने वाली कंपनी को आधे से एक तिहाई समय में ही केबल टूट जाने के कारण नोटिस भेजा जा रहा है।

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